Patrakar Vandana Singh
तमिलनाडु सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। राज्य सरकार ने पत्रकार पेंशन योजना के तहत 42 जरूरतमंद और बुजुर्ग पत्रकारों को हर महीने 12,000 रुपये पेंशन देने का फैसला किया है। इसके लिए 27 नवंबर को सरकारी आदेश जारी किया गया था। सोमवार को मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान 10 पत्रकारों को प्रतीकात्मक रूप से पेंशन के आदेश पत्र सौंपे। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि बाकी पात्र पत्रकारों को भी जल्द ही पेंशन मिलनी शुरू हो जाएगी। सरकार का कहना है कि पत्रकार बारिश, बाढ़, तूफान या किसी भी आपदा के समय बिना रुके जनता तक सच्ची जानकारी पहुंचाते हैं और सरकार व जनता के बीच एक मजबूत सेतु की भूमिका निभाते हैं। पत्रकार कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू राज्य सरकार ने बताया कि पत्रकारों के इस योगदान को देखते हुए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। वर्ष 2023 में पत्रकार पेंशन को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये किया गया, जबकि फैमिली पेंशन को 5,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है। 2021 के बाद से अब तक 125 पत्रकारों को मासिक पेंशन और 27 पत्रकारों के परिवारों को फैमिली पेंशन दी जा चुकी है। इसके अलावा 59 पत्रकार परिवारों को कुल 2.09 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। चिकित्सा सहायता की राशि 2 लाख से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये की गई है और काम के दौरान निधन होने पर परिवार को मिलने वाली सहायता को लगभग दोगुना कर 1.25 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक कर दिया गया है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2021 में बनाए गए पत्रकार कल्याण बोर्ड से अब तक 3,674 पत्रकार जुड़ चुके हैं, जहां शिक्षा, शादी, मातृत्व, इलाज और अंतिम संस्कार जैसी जरूरतों के लिए भी सहायता दी जा रही है।
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सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कोर्ट में लंबित मामलों पर की जाने वाली बाहरी टिप्पणियों और नैरेटिव निर्माण पर चिंता जताते हुए सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुनवाई के दौरान जज की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जाता है और इससे अनावश्यक विवाद खड़े होते हैं। CJI ने साफ कहा— “सोचना भी नहीं, कोई मुझे डरा-धमका सकता है।” यह टिप्पणी उन्होंने पूर्व सांसद प्रज्जवल रेवन्ना की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें रेवन्ना ने अपने खिलाफ चल रहे रेप केस के ट्रायल को दूसरी जगह ट्रांसफर करने की मांग की थी। माना जा रहा है कि CJI की यह प्रतिक्रिया हाल ही में पूर्व जजों और वकीलों के उस ओपन लेटर से जुड़ी है, जिसमें रोहिंग्या मुद्दे पर उनके बयान पर आपत्ति जताई गई थी। रेवन्ना की ओर से पेश वकीलों सिद्धार्थ लूथरा और सिद्धार्थ दवे ने दलील दी कि ट्रायल के दौरान जजों द्वारा की गई कुछ टिप्पणियां आपत्तिजनक हैं और उन्हें रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने इन्हीं टिप्पणियों के आधार पर ट्रायल ट्रांसफर की मांग की। हालांकि, CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने स्पष्ट किया कि न्यायिक टिप्पणियों को पक्षपात का आधार नहीं माना जा सकता। बेंच ने कहा कि हमें ऐसा कोई कारण नहीं लगता कि जज पुराने मामलों के आधार पर प्रभावित होंगे या वर्तमान केस में सबूतों से अलग निष्कर्ष निकालेंगे।
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मध्यप्रदेश में मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विस्तृत प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, कृषि, उद्योग, महिला सुरक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में निर्णायक कदम उठाए गए। इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस का उद्देश्य जनता के सामने पारदर्शिता के साथ कामकाज की जानकारी देना और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप प्रस्तुत करना था। सीएम ने बताया कि सरकार ने 18 नई नीतियों को मंजूरी दी, जिसके परिणामस्वरूप 32 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सामने आए। इनमें से 8.57 लाख करोड़ रुपये का निवेश ज़मीन पर उतारा जा चुका है। 26 नए औद्योगिक पार्कों को मंजूरी और 33 मौजूदा क्लस्टर्स को उन्नयन मिला। इन्वेस्टर समिट में 23 लाख से अधिक रोजगार सृजन के प्रस्ताव आए। वहीं नक्सलवाद पर कठोर कार्रवाई करते हुए पिछले 42 दिनों में 42 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया और 10 की मुठभेड़ में मौत हुई। सीएम ने कहा कि नक्सल समस्या अब निर्णायक रूप से कमजोर पड़ी है। जल संसाधन क्षेत्र में केन–वेता और पार्वती–चंबल–कालिसिंध लिंक परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है, जिससे पानी की कमी और राज्यों के बीच जल विवाद दोनों कम होंगे। सिंहस्थ की तैयारियों के तहत क्षिप्रा नदी पर 29 किमी लंबे घाट निर्माण और 21 बैराजों का काम पूरा कराया गया। कृषि के क्षेत्र में सागर में खाद कारखाने के शुरू होने की तैयारी है, जबकि ऊर्जा क्षेत्र में मुरैना में देश की पहली सोलर प्लस स्टोरेज परियोजना से 2.70 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलने लगी है। सीएम ने कहा कि एमपी अब कॉटन से लेकर कपड़ा उत्पादन तक ‘वैल्यू ऐडिशन’ की दिशा में आत्मनिर्भर हो रहा है।
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गोवा के चर्चित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब आग कांड में मुख्य आरोपी सौरभ और गौरव लूथरा को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। थाई पुलिस ने दोनों को फुकेट में हिरासत में लिया और अब बैंकॉक ले जा रही है। वहां भारतीय एजेंसियां उन्हें कस्टडी में लेंगी और पासपोर्ट रद्द होने के कारण भारतीय दूतावास इमरजेंसी ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी करेगा। थाईलैंड से गोवा की सीधी उड़ान नहीं होने की वजह से दोनों को पहले दिल्ली, फिर गोवा लाया जाएगा। माना जा रहा है कि सोमवार तक दोनों दिल्ली पहुंच जाएंगे, जहां पहुंचते ही गोवा पुलिस उन्हें हिरासत में लेगी। इस बीच लूथरा ब्रदर्स के कारोबार को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वे नाइट क्लब के अलावा 42 अन्य कंपनियों से भी जुड़े हैं, जिनमें कई केवल कागजों पर मौजूद हैं। सभी कंपनियां दिल्ली के एक ही पते—2590, ग्राउंड फ्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली—पर रजिस्टर्ड मिलीं। कॉर्पोरेट रिकॉर्ड दिखाते हैं कि इन फर्जी कंपनियों और LLPs में दोनों भाई डायरेक्टर या पार्टनर के तौर पर दर्ज हैं, जिनका इस्तेमाल बेनामी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग में होने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब इस एंगल की भी जांच कर रही हैं। 6 दिसंबर को गोवा के बर्च क्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के दौरान जब फायर ब्रिगेड राहत कार्य कर रही थी, उसी समय रात 1:17 बजे लूथरा ब्रदर्स ने थाईलैंड की टिकटें बुक कीं और सुबह 5:30 बजे दिल्ली से फुकेट के लिए उड़ान भर दी। घटना के बाद इंटरपोल ने उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया था। अब गोवा पुलिस के साथ Delhi Police भी इस मामले की पड़ताल कर रही है।
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चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम में बड़ा बदलाव करते हुए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। सबसे अधिक राहत उत्तर प्रदेश को मिली है, जहां फॉर्म जमा करने की अवधि 15 दिन बढ़ाई गई है। वहीं मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान–निकोबार में 7 दिन की मोहलत दी गई है। तमिलनाडु और पुडुचेरी को 3 दिन का अतिरिक्त समय मिला है। आयोग का कहना है कि यह विस्तार इसलिए किया गया है ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए। संसोधित कार्यक्रम के अनुसार यूपी में अब ड्राफ्ट मतदाता सूची 25 दिसंबर 2025 को प्रकाशित होगी। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और अंडमान–निकोबार में गणना 18 दिसंबर तक पूरी होगी और मसौदा सूची 23 दिसंबर को जारी की जाएगी। तमिलनाडु और पुडुचेरी में 14 दिसंबर तक गणना और 19 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की जाएगी। इन सभी राज्यों में अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में जारी की जाएगी, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया अधिक सटीक और पारदर्शी हो सके।
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इंडिगो संकट गहराने के बाद अब मामला केंद्र सरकार और DGCA की गहन जांच के दायरे में आ गया है। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने साफ कहा कि यह फेलियर मामूली गलती नहीं लगता, बल्कि इसमें जानबूझकर की गई लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार यह जांच कर रही है कि ऑपरेशंस जारी होने के बावजूद हालात बिगड़े क्यों। यात्रियों को हुई भारी परेशानी के लिए मंत्री ने माफी भी मांगी और कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। CEO को हटाए जाने के सवाल पर नायडू ने कहा—जरूरत पड़ी तो कार्रवाई तय है। DGCA की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इंडिगो ने अपनी वास्तविक क्षमता से कहीं अधिक उड़ानें शेड्यूल कर लीं। कंपनी ने 403 विमान दिखाकर 6% ज्यादा विंटर स्लॉट ले लिए, जबकि अक्टूबर–नवंबर में उसके औसतन 340 विमान ही उड़ान भर सके। इससे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा और बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं। स्थिति गंभीर होते ही सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए इंडिगो की उड़ानों में 10% कटौती का आदेश दिया है। इससे रोजाना चलने वाली 2300 में से करीब 230 उड़ानें अब कम होंगी। Meanwhile, पिछले 8 दिनों में करीब 5,000 फ्लाइटें रद्द हो चुकी हैं और मामले की सुनवाई आज दिल्ली हाईकोर्ट में होनी है।
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प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) में भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई करने आई एंटी करप्शन टीम पर PDA के कुछ कर्मचारियों ने हमला बोल दिया। टीम जैसे ही राजस्व विभाग के बाबू अजय को हिरासत में लेकर बाहर निकल रही थी, कर्मचारियों ने रास्ता रोककर हंगामा किया। विरोध इतना बढ़ा कि धक्का-मुक्की और जमीन पर गिराने तक की नौबत आ गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दिख रहा है कि अधिकारी को बचाने के लिए विभागीय कर्मी सड़क पर उतर आए और एंटी करप्शन टीम से भिड़ गए। झड़प में एंटी करप्शन टीम के कुछ अधिकारी घायल हो गए, जिसके बाद पुलिस को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया। घटना के बाद PDA में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। एंटी करप्शन विभाग ने इसे सिस्टम की विफलता बताते हुए कड़े एक्शन की तैयारी शुरू कर दी है।
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सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले की सुनवाई सोमवार को तेजी से हुई। वादी पक्ष के गवाह रामचंद्र दुबे से राहुल गांधी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने गहन जिरह की। अदालत ने शेष बयान दर्ज करने के लिए अगली सुनवाई मंगलवार को तय की है। यह मामला 2018 से लंबित है और कोरोना, अधिवक्ता हड़ताल और गवाहों की अनुपस्थिति जैसी वजहों से कई बार स्थगित होता रहा। मामला 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के एक भाषण से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्रा ने उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था, alleging कि भाषण में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी। लंबे समय तक अदालत में न पेश होने पर दिसंबर 2023 में गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ था। फरवरी 2024 में राहुल गांधी ने अदालत में आत्मसमर्पण कर जमानत ली और जुलाई 2024 में अपना बयान दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया।
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रायपुर के शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति बालक छात्रावास, पेंशनबाड़ा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से उनके निवास कार्यालय में सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास की 269वीं जयंती पर आयोजित गुरु पर्व कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। इस भेंट के समय कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने बताया कि रायपुर के कालाबाड़ी, शंकर नगर, आमापारा, डी.डी.यू., कबीर, प्रयास और देवपुरी सहित अनेक छात्रावासों के विद्यार्थी इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमंत्रण स्वीकार करते हुए आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरु घासीदास जी के विचार समाज में सद्भाव, समरसता और मानव-सेवा की प्रेरणा देते हैं। ऐसे सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जुड़े कार्यक्रम छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। मुलाकात के दौरान छात्रावास के पदाधिकारी, शिक्षक और अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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ग्वालियर पुलिस ने साइबर सेल से नए साल से पहले लोगों के चेहरे पर खुशी लौटाते हुए खोए मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे दिए हैं। इस मौके पर चार जागरूक नागरिकों को भी सम्मानित किया गयाजिन्होंने रास्ते में मिले मोबाइल पुलिस को सौंपकर मिसाल पेश की। दिसंबर माह में CEIR पोर्टल की मदद से पुलिस ने 1 करोड़ 82 लाख रुपये की कीमत के 736 मोबाइल बरामद किए, जबकि पूरे वर्ष 2025 में अब तक 3 करोड़ 72 लाख रुपये मूल्य के 1503 मोबाइल खोज निकाले हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव और साइबर सेल टीम द्वारा इन मोबाइलों को उन लोगों को सौंपा गया जिनकी शिकायतें दर्ज थीं।
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पत्रकार प्रेस परिषद खटीमा इकाई की पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में हुई बैठक मेंराष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा भेजे गए आई-कार्ड वितरित किए गएबैठक में दिसंबर माह में बुलंदशहर में होने वाले राष्ट्रीय पत्रकार महासम्मेलन की जानकारी दी गई, जिसमें लगभग 1000 पत्रकार और कई केंद्रीय व प्रदेश स्तरीय मंत्री शामिल होंगे। बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष आसिफ अली तथा राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश अध्यक्ष अशोक गुलाटी के प्रति आभार व्यक्त किया गया, प्रदेश महासचिव भरत सिंह चुफाल ने बताया कि आसिफ अली द्वारा दिसंबर माह में पत्रकारों के एक भव्य महासम्मेलन की घोषणा की गई है, साथ ही राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अवगत कराया कि इस महाअधिवेशन में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा कई कैबिनेट मंत्री शामिल होंगे। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि खटीमा इकाई के जिन पत्रकारों को सम्मेलन में भाग लेना है, वे अपने आई-कार्ड और आधार कार्ड राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजें जिससे आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर उन्हें सम्मेलन में शामिल होने की अनुमति मिल सके।
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सांसद ने में जनसुनवाई कर आमजन की समस्याएँ सुनीं इस दौरान कई अधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे सांसद ने कहा कि लोकसभा सत्र से समय मिलते ही वे सीधे जनता के बीच आते हैं, और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। सिंगरौली जिले मेंसांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने बैढ़न स्थित अपने सांसद कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की जिसमें प्रभारी अपर कलेक्टर संजीव कुमार पांडे, नगर निगम के अधीक्षण यंत्री संतोष पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर शाह, विकास प्राधिकरण अध्यक्ष दिलीप शाह, नगर निगम अध्यक्ष देवेश पांडे और सांसद प्रतिनिधि संतोष वर्मा सहित अनेक अधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे जनसुनवाई में बड़ी संख्या में नागरिक अपनी समस्याएँ लेकर पहुंचे जिन पर सांसद ने तत्काल निर्देश जारी किए ।
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आगरा पहुंचे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा की असली पहचान ताजमहल, हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह और यहां के लोगों के हुनर से है। उन्होंने कहा कि इस बार आगरा ऐतिहासिक परिणाम देगा और सपा के पक्ष में माहौल साफ दिखाई दे रहा है। अखिलेश यादव ने दरगाह पर चादर चढ़ाई और दुआ मांगी। इस दौरान जया बच्चन और डिंपल यादव भी मौजूद रहीं। पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि सपा ने भी बीजेपी से सीख लिया है कि चुनावी समीकरण कैसे बनाए जाते हैं। उन्होंने घोषणा की कि टिकट अब जनता के सर्वे के आधार पर ही दिया जाएगा। जो जनता की सेवा करेगा, वही उम्मीदवार बनेगा। उन्होंने कहा कि आगरा की जनता मेट्रो और विकास कार्यों को समाजवादियों की देन मानती है, जबकि डबल इंजन सरकार आज तक आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे से बेहतर सड़क नहीं बना सकी। यमुना नदी की सफाई और गंगा परियोजनाओं पर हमला बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि आगरा में यमुना नाले जैसी दिखती है। उन्होंने बीजेपी से पूछा कि क्या यमुना वास्तव में आचमन लायक बनी है? उन्होंने कहा कि जिस तरह लखनऊ में गोमती को साफ कर रिवर फ्रंट बनाया गया, उसी तरह मथुरा से आगरा तक यमुना को भी साफ किया जाएगा। अखिलेश ने दावा किया कि इस बार “गंगा उल्टा बहेगी” और जनता बीजेपी को करारा जवाब देगी।
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सिंगरौली जिला मुख्यालय के स्टेडियम आयोजित रीवा ज़ोन सीनियर अंतर जिला कबड्डी चैंपियनशिप में छह जिलों की टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया , प्रतियोगिता के उत्कृष्ट खिलाड़ियों में से 28 खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य स्तरीय कबड्डी चैंपियनशिप के लिए किया गया है जो 11 दिसंबर 2025 को खंडवा में आयोजित होगी। राजमाता चूनकुमारी स्टेडियम वैढन में जिला ज़ोन स्तरीय कबड्डी चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ लीग आधार पर खेले गए इस मुकाबले में पहले सेमीफाइनल में सिंगरौली कॉरपोरेशन ने रीवा जिला को हराया, जबकि सीधी जिले ने दूसरे सेमीफाइनल में रीवा कॉरपोरेशन को बड़े अंतर से मात दी इस रोमांचक फाइनल मुकाबले में सिंगरौली कॉरपोरेशन की टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए सीधी जिला को हराकर जीत हासिल की वहीं सिंगरौली कॉरपोरेशन ने जिला प्रशासन जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओ को सहयोग देने पर आभार व्यक्त किया।
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देश के नौ राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के अंतिम चरण में प्रोजनी मैपिंग का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करना और अयोग्य को हटाना है। हालांकि, अनजाने में इस तकनीक ने कई बिछड़े परिवारों को फिर से मिलाने का काम किया। ब्लॉक लेवल अधिकारियों द्वारा 2003 की SIR सूची के आधार पर मतदाताओं का वंशानुगत मिलान किया जा रहा है, जिससे परिवार और रिश्तेदारों के बीच टूटे संबंध भी जुड़ सके। पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बरेली और फरीदपुर में प्रोजनी मैपिंग की मदद से कई वर्षों बाद बच्चे अपने माता-पिता से मिले। हाबरा में 26 साल बाद तरुण अपने माता-पिता से मिला, भीलवाड़ा में 45 साल बाद उदय सिंह अपनी मां से मिला, जबकि बरेली की स्नेहलता और फरीदपुर की सुलेखा भी वर्षों बाद अपने परिवारों से जुड़ सकीं। गुजरात में भी इसी प्रक्रिया ने पिता और पुत्र की कशमकश खत्म की। एसआईआर के तहत 2003 की सूची का मिलान कर अवधेश सिंह अपने पिता रामवीर सिंह से जुड़े। इस तरह प्रोजनी मैपिंग न सिर्फ मतदाता सूची को सटीक बना रही है, बल्कि समाज में बिछड़े रिश्तों को भी जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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नवंबर में इंडिगो एयरलाइन के लिए परिचालन चुनौतीपूर्ण रहा, जब 1,232 उड़ानें रद्द हुईं और कई फ्लाइटें घंटों देरी से संचालित हुईं। रोजाना 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देने वाली एयरलाइन के लिए यह स्थिति गंभीर परिचालन तनाव का कारण बनी। इससे यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा और असुविधा का सामना करना पड़ा। DGCA ने गिरते प्रदर्शन को देखते हुए इंडिगो से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। DGCA ने अब क्रू मेंबर्स से जुड़े अपने फैसले को वापस ले लिया है। एयरलाइनों से प्राप्त प्रतिनिधित्व और ऑपरेशन की निरंतरता व स्थिरता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को देखते हुए यह रिव्यू किया गया। इससे एयरलाइन को परिचालन व्यवधान कम करने और उड़ानों को सामान्य करने में मदद मिलेगी।
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राज्यसभा में अब सांसद केवल उस दिन की कार्यसूची से संबंधित मुद्दों पर ही नियम 267 के तहत नोटिस दे सकेंगे। गुरुवार को सभापति सीपी राधाकृष्णन ने स्पष्ट किया कि इस नियम का उद्देश्य पहले से सूचीबद्ध कार्यसूची को स्थगित कर तुरंत किसी अन्य मुद्दे पर चर्चा कराना नहीं है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक महत्व के मुद्दे अन्य संसदीय माध्यमों से भी उठाए जा सकते हैं और यह व्यवस्था वर्ष 2000 की रूल्स कमेटी की रिपोर्ट पर आधारित है। विपक्ष ने जताई आपत्ति विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह उनके एक मात्र संसदीय हथियार को छीनने जैसा है। उन्होंने सदन में कहा कि सरकार लगातार संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा टाल रही है और इस व्यवस्था से सांसदों की भूमिका सीमित हो जाएगी। उनका कहना था कि नियम 267 के तहत तत्काल सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा होना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस पर केंद्रीय नेता जेपी नड्डा ने जवाब दिया कि सरकार किसी भी मुद्दे पर चर्चा से नहीं भाग रही है और हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। नियम 267 के अंतर्गत स्वीकृति मिलने पर सदन में अन्य कार्य स्थगित करके संबंधित मुद्दे पर तुरंत चर्चा की जाती है और चर्चा के अंत में वोटिंग का प्रावधान भी है।
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लाल किले में हुए हालिया विस्फोट और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यात्रा को देखते हुए दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पूरे शहर में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत स्ट्रीट लेवल से लेकर एयरस्पेस तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है। SWAT टीमें, स्नाइपर्स, एंटी-टेरर यूनिट्स, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां एक-दूसरे के साथ मिनट-टू-मिनट को-ऑर्डिनेशन में काम कर रही हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत में रहेंगे और उनकी सुरक्षा के लिए विशेष प्रोटोकॉल लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, 5000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और उनकी मूवमेंट से जुड़े सभी मार्गों को पहले से सुरक्षित कर दिया गया है। पुतिन की विशेष सुरक्षा टीम भी भारतीय एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय में काम कर रही है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम सक्रिय किए जा रहे हैं और संवेदनशील इलाकों में हाई-डेफिनिशन कैमरे लगाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस भी लगातार सलाह जारी करेगी ताकि आम नागरिकों को न्यूनतम परेशानी हो। कुछ रास्तों पर अस्थायी रोक या पैदल आवाजाही पर प्रतिबंध संभव है, जिसकी जानकारी पहले से दी जाएगी। पुतिन भारत-रूस के 23वें वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए आ रहे हैं, और इस यात्रा के दौरान रक्षा, ऊर्जा और व्यापार से जुड़े कई अहम समझौते होने की संभावना है। यह दौरा उस समय हो रहा है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात कम करने का दबाव बढ़ाया है, जबकि यूक्रेन युद्ध को लेकर वैश्विक तनाव जारी है।
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अजमेर की दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। गुरुवार को आए धमकी भरे ईमेल में दरगाह परिसर में चार स्थानों पर आरडीएक्स और आईईडी लगाने का दावा किया गया था। मेल मिलते ही पुलिस ने तुरंत दरगाह को खाली कराया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया। सीआईडी-आईबी की टीम भी मौके पर पहुंची और मेटल डिटेक्टर व डॉग स्क्वॉड की मदद से गहन सर्च अभियान शुरू किया गया। धमकी को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने पूरे परिसर को हाई अलर्ट पर कर दिया है। सुरक्षा टीमों ने दरगाह के अंदर और आसपास कई दौर की जांच की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है और पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल जांच टीमें हर संदिग्ध स्थान की तलाशी में जुटी हैं। इसी बीच, अजमेर कलेक्ट्रेट को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई। जानकारी मिलते ही कलेक्ट्रेट परिसर को खाली कराया गया और चार थानों की पुलिस, सीआईडी टीम, मेटल डिटेक्टर और डॉग स्क्वॉड की मदद से बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। ग्रामीण एडिशनल एसपी दीपक शर्मा और सीओ शिवम जोशी के नेतृत्व में पूरा अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन ने इसे बेहद गंभीर खतरा मानकर जांच को तेज कर दिया है।
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चुनाव सुधार और वंदे मातरम पर चर्चा के लिए समय तय होने के बाद राज्यसभा की कार्यवाही शांतिपूर्ण शुरू हुई, लेकिन राजभवन का नाम बदलकर लोकभवन करने के मुद्दे पर हंगामा खड़ा हो गया। पश्चिम बंगाल की डोला सेन ने केंद्र पर भेदभाव का आरोप लगाया और कहा कि राज्यों की सहमति के बिना ऐसा फैसला लेना अधिकारों का हनन है। इस पर सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी। बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने सेन को विषय से भटकने का आरोप लगाते हुए उनके बयान को कार्यवाही से हटाने की मांग की, जिस पर कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नड्डा पर “बुलडोजिंग” करने का आरोप लगाया। जवाब में नड्डा ने कहा कि उन्होंने कभी “बुलडोज्ड” नहीं किया। सदन में अन्य मुद्दे भी जोरदार तरीके से उठे। राजस्थान के नीरज डांगी ने बैंक डूबने की स्थिति में जमा राशि पर मिलने वाले बीमा कवरेज को 5 लाख से बढ़ाकर 25 लाख करने की मांग रखी, ताकि खाताधारकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके। महाराष्ट्र की सांसद मेघा कुलकर्णी ने हलाल सर्टिफिकेशन के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि गैर-मांसाहारी और यहां तक कि गैर-खाद्य उत्पादों पर हलाल प्रमाणन क्यों दिया जा रहा है, जबकि देश में पहले से ही एफएसएसआई जैसी सरकारी संस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने मांग की कि यदि हलाल प्रमाणन आवश्यक है, तो इसकी व्यवस्था सरकार के अंतर्गत होनी चाहिए। दिल्ली की सड़कों और भवनों के नामों को लेकर भी बहस छिड़ी। बीजेपी के दिनेश शर्मा ने कहा कि राजधानी में अब भी मुगल शासकों और अंग्रेज वायसरायों के नाम वाली सड़कें गुलामी की मानसिकता को दर्शाती हैं और इन नामों को हटाया जाना चाहिए। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सुमित्रा बाल्मिक ने रात में महिलाओं के लिए “पिंक रिक्शा” चलाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और महिला ड्राइवर होने से यात्री महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा का एहसास होगा।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी मंगलवार को संसद में कुत्ता लेकर पहुंच गईं। इस दौरान उनकी इस हरकत पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि रेणुका को प्रिविलेज मोशन का सामना करना पड़ सकता है। सांसद ने कहा कि उन्होंने किसी नियम का उल्लंघन नहीं किया है और किसी भी सख्त कार्रवाई से डरती नहीं हैं। मीडिया के सामने दिया अनोखा जवाब संसद के बाहर मीडिया के सवालों का जवाब देते समय रेणुका चौधरी ने एक अलग अंदाज अपनाया। उन्होंने कुत्ते के भौंकने की नकल करते हुए कहा, “भौं, भौं…और क्या बोलूं?” इस अंदाज ने मीडिया और आम जनता का ध्यान खींचा। रेणुका चौधरी ने बताया कि दो दिन पहले उन्होंने संसद में अपने साथ एक आवारा पिल्ला लाया था। इस कदम को लेकर बीजेपी ने उन्हें निशाने पर लिया और कार्रवाई की मांग उठाई। वहीं, सांसद ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि उनका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं था और उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया।
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मोदी सरकार प्रशासनिक ढांचे में गहरा बदलाव ला रही है, जिसका उद्देश्य सत्ता से सेवा और अधिकार से जिम्मेदारी तय करना है। इस कड़ी में राजभवन को अब ‘लोक भवन’ कहा जाएगा और प्रधानमंत्री कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ का नाम मिलेगा। यह परिवर्तन शासन में कर्तव्य, पारदर्शिता और जनसेवा की भावना को दर्शाता है। नया नाम, नई सोच सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट में बन रहे नए पीएम कार्यालय को ‘सेवा तीर्थ’ कहा गया है। राजभवन अब ‘लोक भवन’ के नाम से जाने जाएंगे। प्रधानमंत्री के आधिकारिक घर का नाम पहले ही ‘लोक कल्याण मार्ग’ रखा जा चुका है। इन नामों का उद्देश्य पब्लिक इंस्टीट्यूशन्स में सत्ता के बजाय सेवा, अधिकार के बजाय जिम्मेदारी और प्रायोरिटी के बजाय जनकल्याण की भावना को प्रमुखता देना है। संस्कृति और नैतिकता में भी बदलाव ये परिवर्तन केवल एडमिनिस्ट्रेटिव नहीं बल्कि कल्चरल और मोरल हैं। सेंट्रल सेक्रेटेरिएट को ‘कर्तव्य भवन’ कहा गया है, जो दर्शाता है कि पब्लिक सर्विस एक कमिटमेंट है। नए नाम और प्रतीक यह संदेश देते हैं कि भारत का लोकतंत्र अब पावर के बजाय जिम्मेदारी और स्टेटस के बजाय सेवा को प्राथमिकता दे रहा है। नामों में बदलाव सोच में बदलाव की दिशा में एक प्रतीकात्मक कदम है।
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बिहार की 18वीं विधानसभा के पहले सत्र में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ग्रहण किया। इसी दौरान नवादा से जेडीयू विधायक और बाहुबली राजबल्लभ की पत्नी विभा देवी शपथ पत्र पढ़ते समय हिचकिचाती नजर आईं। वे शब्दों को समझने और बोलने में बार-बार अटक रही थीं, जिससे वे स्पष्ट रूप से घबराई हुई दिखीं। शपथ के दौरान जब विभा देवी बार-बार अटकने लगीं, तो उन्होंने अपने पास बैठीं विधायक मनोरमा देवी की ओर झुककर फुसफुसाते हुए मदद मांगी। उन्होंने कहा—“ए मनोरमा, बता ना!” जिसके बाद मनोरमा देवी ने उन्हें शब्द समझाने में सहायता की। कई नए विधायक ने ली शपथ सत्र के पहले दिन बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली। इस बीच विभा देवी का यह भावुक और असहज क्षण विधानसभा में मौजूद अन्य सदस्यों और कैमरों में कैद हो गया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।
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बीकानेर । राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत-यूके संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘अजेय वारियर-25’ रविवार को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह पंद्रह-दिवसीय प्रशिक्षण दोनों सेनाओं के बीच बढ़ते सामरिक तालमेल, पेशेवर क्षमता और संयुक्त ऑपरेशनल तैयारी का प्रभावशाली प्रमाण रहा। जन संपर्क अधिकारी (रक्षा) ले कर्नल निखिल धवन के अनुसार संयुक्त राष्ट्र द्वारा परिभाषित परिदृश्यों के अनुरूप अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित अभ्यास के आठवें संस्करण में दोनों सेनाओं के कुल 240 चयनित सैनिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस संयुक्त अभ्यास में भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट तथा यूके सेना की रॉयल गोरखा रेजिमेंट के सैनिकों ने उन्नत सामरिक युद्धाभ्यास, हेलीबोर्न ऑपरेशन, रूम-इंटरवेंशन, कॉर्डन-एंड-सर्च ड्रिल, संयुक्त योजना सत्र और ऑपरेशनल चर्चाओं में हिस्सा लिया। वेलिडेशन फेज के दौरान दोनों टुकड़ियों द्वारा प्रदर्शित उच्च स्तरीय इंटर ऑपरेबिलिटी, सटीकता और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैनिकों के सम्मान ने दोनों सेनाओं के बीच विकसित हुई सौहार्दपूर्ण भावना और आपसी विश्वास को और प्रगाढ़ किया। आत्मनिर्भर भारत की भावना को बल देते हुए स्वदेशी हथियार प्रणालियों की एक विशेष उपकरण प्रदर्शनी भी समारोह का हिस्सा रही, जिससे भारत की बढ़ती रक्षा-निर्माण क्षमता का प्रदर्शन हुआ। अजेय वारियर-25 ने भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच मजबूत और दीर्घकालीन रक्षा सहयोग को नई ऊर्जा प्रदान की है, साथ ही वैश्विक शांति, स्थिरता और सुरक्षा के लिए दोनों राष्ट्रों की साझा प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया है।
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भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर की भारत निर्वाचन आयोग ने समय सीमा बढ़ा दी है। इस संबंध में आयोग ने निर्देश भी जारी कर दिए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र संजीव कुमार झा ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 30 नवंबर को संशोधित कार्यक्रम जारी किया गया है।जारी कार्यक्रम अनुसार मध्य प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया अब 14 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके अनुसार अब 11 दिसम्बर 2025 तक एन्युमरेशन फार्म भरने का काम बीएलओ द्वारा किया जाएगा। 16 दिसंबर को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा। 16 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक दावा आपत्तियों के आवेदन लिए जाएंगे। 16 दिसंबर से 7 फरवरी 2026 तक दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को फाइनल मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने कहा कि सभी जिलों के कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए नवीन दिशा निर्देशों से अवगत कराया गया है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के संबंध में दिए गए नवीन निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। उसे अच्छी तरह से अध्ययन कर लें। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ तीन बार मतदाताओं के घर जाएंगे, यह सुनिश्चित करें। इसके साथ ही जो व्यक्ति 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहा है, वह भी मतदात सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, हटवाने के लिए फॉर्म 7 और सुधार या संशोधन के लिए मतदाता को फॉर्म 8 भरना होगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने बताया कि एन्यूमरेशन फार्म भरने में यदि कोई व्यक्ति मिथ्या घोषणा करता है तो जुर्माने या कारावास के लिए दंडनीय होगा।
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ अभिमन्यु की शादी आज उज्जैन के शिप्रा घाट पर सम्पन्न हुई....इसके साथ ही अन्य 22 जोडों ने भी फेरे लिए....इस शुभ अवसर पर योगगुरु बाबा रामदेव...बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और ज्योतिरादित्य सींधिया भी शामिल हुए...जहां वरमाला के दौरान योगगुरु ने मंत्रोच्चार कर कार्यक्रम का संचालन किया...धीरेंद्र शास्त्री और बाबा रामदेव ने सभी जोड़ों को अशीर्वाद दिया....
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भोपाल । आत्मीय संवाद और संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य आनंद संस्थान द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्रेम पूर्वक आत्मीय संवाद कार्यशाला का शुभारंभ शनिवार को दीप प्रज्जवलित कर किया। उद्घाटन सत्र में पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी अखिलेश अर्गल, निदेशक सत्यप्रकाश आर्य और प्रवोधक डॉ. श्याम कुमार की गरिमामय उपस्थिति रही।पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी अर्गल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि संवाद की असली शक्ति संवेदनशीलता, धैर्य और समझ में छिपी होती है। उन्होंने कहा कि जब हम शब्दों के साथ-साथ उनके पीछे छिपे भावों को समझते हैं, तभी संवाद प्रभावी बन पाता है। अर्गल ने प्रतिभागियों से जीवन प्रसंग साझा करवाते हुए बताया कि खुला और आत्मीय संवाद रिश्तों को मजबूत करने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है।भाव–विचार की पवित्रता ही व्यवहार को सुंदर बनाती हैकार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए निदेशक सत्यप्रकाश आर्य ने कहा कि व्यक्ति का व्यवहार उसके आंतरिक भावों और विचारों की अभिव्यक्ति होती है। उन्होंने कहा कि समाज में बढ़ते तनाव और दूरी का मूल कारण अक्सर दूसरों के व्यवहार को दोष देना है, जबकि समाधान अपने भावों को प्रेम, सहानुभूति और समझ के साथ देखने में है। आर्य ने कहा कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों को आत्म-जुड़ाव, संवाद कुशलता और आत्मीय व्यवहार की दिशा में सशक्त बनाएगी।कौशल अभ्यास से ही निखरते हैंकार्यशाला का संचालन करते हुए डॉ. श्याम कुमार ने कहा कि अध्ययन और अभ्यास दोनों जीवन कौशल के दो पंख हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि तैराकी की पुस्तकें पढ़कर कोई तैरना नहीं सीख सकता, उसके लिए पानी में उतरकर अभ्यास करना ही पड़ता है। उसी प्रकार संवाद कौशल भी निरंतर अभ्यास से ही विकसित होते हैं।70 प्रतिभागियों के साथ 8 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शुरू29 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलने वाले इस आवासीय प्रशिक्षण में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से 70 प्रतिभागी शामिल हुए हैं। इसमें मास्टर ट्रेनर और जिले के सक्रिय आनंदक इस विशेष कार्यशाला का हिस्सा बन रहे हैं।
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राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ शहर ब्यावरा थाना क्षेत्र के ग्राम बैलास में रहने वाली 40 वर्षीय महिला ने शनिवार सुबह पति को रोटी खाने के लिए कहा तो गुस्साएं पति ने महिला के सिर में प्लास्टिक की कुर्सी मार दी, जिससे गंभीर चोटें लगी साथ ही पति ने कहा कि आंइदा रोटी खाने के लिए बोला तो जान से खत्म कर दूंगा । पुलिस ने आरोपित पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की। पुलिस के अनुसार ग्राम बैलास निवासी 40 वर्षीय रईशाबाई सौंधिया ने बताया कि सुबह 9 बजे पति रोड़जी सौंधिया से कहा कि रोटी खा लो तो उसने गाली-गलौंज करते हुए पास में पड़ी प्लास्टिक की कुर्सी उठाकर सिर में मार दी, जिससे गंभीर चोट लगी और खून बहने लगा। चिल्लाने पर बेटी शिवानी आई, बीच-बचाव करने पर उसने कहा कि आइंदा रोटी खाने का बोला तो जान से खत्म कर दूंगा और मौके से भाग गया। पुलिस ने महिला की शिकायत पर आरोपित पति के खिलाफ धारा 296, 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु की।
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सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पेंच टाईगर रिजर्व में पदस्थ फारेस्ट गार्ड सुनील सलामें ने शनिवार को नियमित वन गश्ती के दौरान एक रोचक प्राकृतिक घटना को अपने कैमरे में कैद किया। जंगल क्षेत्र में उन्हें एक ओर्ब-वीवर (गोल जाल बनाने वाली) मकड़ी दिखाई दी, जिसने अपने विशिष्ट गोलाकार, पहिये जैसे सर्पिलाकार जाल में एक कीट को फँसा रखा था।देखने में आया कीट आकार व संरचना से क्रेन फ्लाई प्रतीत हो रहा था, संभवतः मार्श क्रेन फ्लाई (Tipula oleracea) जाल में फँसने के बाद मकड़ी उस कीट को रेशम में लपेट रही थी, जो उसके भोजन ग्रहण करने की प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है।ओर्ब-वीवर मकड़ियाँ अपने उत्कृष्ट जाल बुनने की कला के लिए जानी जाती हैं। वे बगीचों, खेतों और जंगलों में पाए जाने वाले कीड़ों को फँसाकर पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण शिकारी–शिकार संतुलन बनाए रखती हैं। फॉरेस्ट गार्ड द्वारा कैद किया गया यह दृश्य जैव विविधता की समृद्धता और जंगल में चल रही प्राकृतिक प्रक्रियाओं का एक सुंदर उदाहरण है।
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उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन में शुक्रवार को मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति पृथ्वीराज सिंह रूपन ने भगवान महाकालेश्वर की भोग आरती में सम्मिलित होकर दर्शन लाभ प्राप्त किया। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस. एन. सोनी एवं सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल द्वारा श्री रूपन का सम्मान किया गया।भगवान महाकालेश्वर जी का पूजन पुजारी आकाश गुरु द्वारा संपन्न कराया गया।
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भोपाल। मध्य प्रदेश में भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 28 नवंबर को 4260 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।जनसंपर्क अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने शुक्रवार को बताया कि सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23, 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 और 27 नवंबर को 4252 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
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भोपाल। मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाणा ने बुधवार शाम को पुलिस मुख्यालय से वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश भर के एडीजी, आईजी, भोपाल एवं इंदौर के पुलिस कमिश्नर, रेंज डीआईजी एवं समस्त पुलिस अधीक्षक व उपायुक्त के साथ प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस अमला प्रोफेशनल तरीका (व्यवसायिक दृष्टिकोण) अपनाकर अपने काम-काज को अंजाम दे। इससे बेहतर ढंग से कानून का पालन होगा। साथ ही पुलिस के प्रति समाज में सम्मान एवं विश्वास भी बढ़ेगा। डीजीपी मकवाणा ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी अपने अधीनस्थों का प्रभावी मार्गदर्शन करें, उन पर नियंत्रण बनाए रखें और स्वयं भी आदर्श आचरण प्रस्तुत करें। उन्होंने निर्देश दिए कि महत्वपूर्ण मामलों पर जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को तथ्यात्मक और स्पष्ट जानकारी दी जाए। गलत सूचनाओं का खंडन किया जावे। साथ ही अच्छे कार्यों को रेखांकित कर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया जाए, ताकि सकारात्मक कार्यको निरंतर बढ़ावा मिले। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। शहरों, कस्बों, बाजारों और मुख्य सड़कों पर पुलिस की उपस्थिति स्पष्ट और भरोसेमंद दिखनी चाहिए। पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक और पुलिस अधीक्षक स्वयं फील्ड पर निकलकर आकस्मिक निरीक्षण करें, ताकि कानून-व्यवस्था पर बेहतर नियंत्रण स्थापित रहे। माइक्रो बीट व्यवस्था पर विशेष ध्यान, नाकाबंदी और रात्रिकालीन चेकिंग को और प्रभावी बनाने तथा लिस्टेड गुंडों और हिस्ट्रीशीटरों की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी उन्होंनेदिए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि ट्रैफिक रेगुलेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। महत्वपूर्ण प्रकरणों की केस डायरी, आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी, थाना अमले से संवाद, नियमित परेड और फोर्स के उचित उपयोग जैसे सभी दायित्वों को गंभीरता से निभाया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्य में लापरवाही और उदासीनता पर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए। अपराधियों की जमानत रद्द कराने, जिला बदर करने और लंबित वारंटों की तामिली तेजी से कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने देशभर में पिछले दिनों हुई बड़ी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश को लगातार अलर्ट मोड पर रहना होगा। 6 दिसंबर को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फोर्स की पूरी तैयारी रखने तथा धार्मिक और जातीय संवेदनशीलता वाले मामलों में विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रिय उपस्थिति और नेतृत्व, अपराध नियंत्रण तथा सार्वजनिक सुरक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। इसलिए सभी अधिकारी फील्ड में उतरें, जनता से संवाद बढ़ाएँ, पुलिस की उपस्थिति दृश्यमान बनाएँ और यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था हर स्थिति में मजबूत और नियंत्रित बनी रहे। पुलिस महानिदेशक ने मुख्यमंत्री द्वारा की गई समीक्षा का संदर्भ देते हुए जिलों को अत्यधिक सजग और सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस की उपस्थिति हर स्तर पर महसूस होनी चाहिए। पेट्रोलिंग पूर्णतः प्रभावी हो, निरीक्षण नियमित और गंभीरता से किया जाए। धरना, प्रदर्शन, चक्काजाम और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में जनता तथा जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं औचक निरीक्षण करने, अच्छे कार्यों और सकारात्मक प्रयासों को मीडिया तथा सोशल मीडिया तक पहुँचाने और भ्रामक खबरों व गलत तथ्यों का समय रहते सटीक खंडन जारी करने पर बल दिया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, पुलिस महानिरीक्षक अंशुमान सिंह, डॉ आशीष, पुलिस उप महानिरीक्षक तरूण नायक एवं डी कल्याण चक्रवर्ती उपस्थित रहे।
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नई दिल्ली । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने समुद्र में डूबी भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका की एक बार फिर से खोज शुरू की है। इसको लेकर एएसआई के अंडरवाटर आर्कियोलॉजी विंग (यूएडब्ल्यू) ने गुजरात के द्वारका और बेट द्वारका में खुदाई शुरू की है। इस कार्य में जमीन पर और समुद्र में दोनों जगह खुदाई होगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मुताबिक एएसआई के अतिरिक्त महानिदेशक (पुरातत्व) प्रो. आलोक त्रिपाठी के नेतृत्व में छह पुरातत्वविदों की टीम ने द्वारका तट पर खोज शुरू की। अभी खुदाई 56 सीढ़ी क्षेत्र, गोमती घाट के पास शुरू की गई है। द्वारकाधीश मंदिर के आसपास जगह कम होने के कारण खुदाई फिलहाल छोटे क्षेत्र में हो रही है। इस खुदाई का मुख्य उद्देश्य द्वारका नगरी के पुरातात्विक अवशेषों को दर्ज करना और प्राचीनता का वैज्ञानिक अध्ययन करना है। एएसआई के मुताबिक फरवरी–मार्च 2025 में यूएडब्ल्यू की टीम ने द्वारका और बेट द्वारका में सर्वेक्षण किया था।उल्लेखनीय है कि साइट की महत्ता देखते हुए एएसआई ने इस काम के लिए एक साल की अनुमति दी। फरवरी 2025 में पांच सदस्यीय टीम ने गोमती क्रीक के दक्षिण में सर्वे किया और संभावित खुदाई क्षेत्रों की पहचान की। इससे पहले साल 2007 में द्वारकाधीश मंदिर के उत्तरी द्वार के पास थोड़ी खुदाई हुई थी। लगभग 10 मीटर गहरा, 26 परतों वाला क्षेत्र खोदा गया था। वहां से लोहे की चीजें, मनके, तांबे के सामान, अंगूठियां और दूसरी कलाकृतियां मिली थीं। साथ ही मिट्टी के बर्तनों का भी अध्ययन किया गया था।
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भाेपाल। मुख्यमंत्री खुद जिस विभाग के मुखिया हैं उस विभाग के अधिकारियों को शासन के मनमाने आदेश के चलते काम बंद करने पर मजबूर होना पड़ रहा हैं। शासन ने आदेश निकाला है, जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गणेश जायसवाल को जनसंपर्क विभाग में नियुक्ति किया जाता हैं | जबकि यह पद जनसंपर्क विभाग कैडर का हैं या फिर किसी आईएस अधिकारी को नियुक्ति दी जा सकती हैं | शासन के इस मनमाने आदेश का विरोध होना स्वाभाविक भी हैं और जायज भी .... सालों से जनसंपर्क विभाग के अधिकारी अपने प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, मगर सरकार सुध नहीं ले रही हैं। जनसंपर्क विभाग के अधिकारों के साथ यह दोहरा व्यवहार सालों से चल रहा हैं। मगर अब जनसंपर्क विभाग के अधिकारों का गुस्सा ज्वालामुखी बन कर फुट पड़ा हैं क्यूंकि यह उनके अधिकारों का हनन हैं। विरोध आंदोलन चरम परमध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग में असंतोष और विरोध आंदोलन अपने चरम पर पहुँच गया है। 26 नवंबर 2025 को जारी आदेश, जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी गणेश जायसवाल की विभाग में नियुक्ति की गई थी, ने पूरे विभाग में रोष पैदा कर दिया है। इस आदेश के खिलाफ प्रदेशभर के जनसंपर्क अधिकारी और कर्मचारी गुरुवार से पूर्ण कलमबंदी पर चले गए हैं। विभागीय कार्य पूरी तरह ठप• मुख्यालय, संभाग और जिलों की सभी शाखाओं में फाइल मूवमेंट, प्रेस नोट, कवरेज और फोटो रिलीज पूरी तरह बंद कर दी गई है। अधिकारियों का पक्षअधिकारियों का कहना है कि कमिश्नर का यह निर्णय विभागीय कार्यप्रवाह, अधिकार व्यवस्था और प्रशासनिक संतुलन को प्रभावित करता है।• विभागीय परंपरा और कार्यप्रणाली के अनुसार, नियुक्तियाँ और पदस्थापन संतुलन बनाए रखने के लिए होती हैं।• अचानक लिया गया यह निर्णय न केवल प्रशासनिक ढाँचे को कमजोर करता है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकार और मनोबल को भी प्रभावित करता है।• अधिकारियों का स्पष्ट मत है कि आदेश का तत्काल निरस्तीकरण आवश्यक है, ताकि विभाग की कार्यक्षमता और विश्वास बहाल हो सके।अधिकारी–कर्मचारी पूरी तरह एकजुट हैं और चेतावनी दे चुके हैं कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया, तो इसका सीधा असर मुख्यमंत्री की पब्लिक इमेज मैनेजमेंट पर पड़ेगा। विभागीय ढाँचे में ‘बाहरी हस्तक्षेप’ का विरोधजनसंपर्क विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह विभाग अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली, लेखन-कौशल, मीडिया प्रबंधन, संचार रणनीति और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर आधारित है, जिसे वर्षों से प्रशिक्षित जनसंपर्क कैडर के अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपनी मेहनत से आगे बढ़ाया है।उनके अनुसार—“यह राजस्व अथवा प्रशासनिक प्रवृत्ति वाला विभाग नहीं, बल्कि राज्य सरकार और जनता के बीच संचार सेतु का संवेदनशील और रचनात्मक मंच है। इसमें बाहरी सेवाओं के हस्तक्षेप से कार्य-प्रवाह प्रभावित होता है और विभाग की विशेषज्ञता कमजोर पड़ती है।” मुख्यमंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की अपेक्षाअधिकारियों ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, जो स्वयं जनसंपर्क विभाग के मंत्री भी हैं, को इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आदेश को वापस लेना चाहिए। उनका मत है कि विभाग की संवैधानिक और प्रशासनिक गरिमा बनाए रखने के लिए श्री गणेश जायसवाल की नियुक्ति संबंधी आदेश रद्द करना अत्यावश्यक है। प्रदेशभर में कार्य ठप होने की संभावनाहड़ताल के चलते समाचार-संकलन, प्रेस नोट, कार्यक्रम कवरेज, सरकारी विज्ञापन, योजनाओं के प्रचार-प्रसार और मीडिया संवाद जैसी गतिविधियाँ प्रभावित हो गई हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली तो प्रदेश सरकार के जनसंपर्क संबंधी कार्यों पर व्यापक असर पड़ सकता है।
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खटीमा में वन विभाग और WWF की संयुक्त पहल के तहत….ग्रामीणों को विलेज वॉलिंटियर प्रोटेक्शन फोर्स की भूमिका पर जागरूक किया गया…बैठक में बताया गया कि हर गांव से बनाए गए…वालिंटियर समूह वन्यजीव संघर्ष की शुरुआती जानकारी देने में अहम भूमिका निभाते हैं…साथ ही रेंजर महेश चंद जोशी ने कहा कि तीनों रेंज में बनाए गए..केकेएस कॉरिडोर के तहत टीमों को मजबूत बनाने और उपकरणों के बेहतर मेंटेनेंस पर चर्चा की गई... वन्यजीव-मानव संघर्ष को रोकने और ग्रामीणों को अधिक जागरूक बनाने को लेकर...वन विभाग और WWF की संयुक्त पहल पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई….जिसमें खटीमा, सुरही और खिलपुरा रेंज के स्टाफ ने विलेज वॉलिंटियर प्रोटेक्शन फोर्स की भूमिका पर चर्चा की....अधिकारियों ने बताया कि हर गांव से चुने गए ये वालंटियर जंगल के आसपास होने वाली....गतिविधियों की सबसे पहली जानकारी देते हैं..और इन्हें संघर्ष की स्थिति से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है....इसके साथ ही प्रस्ताव रखा गया कि हर घर से 10 रुपये मासिक एकत्र कर....मेंटेनेंस फंड तैयार किया जाएगा....आपकों बता दें विलेज वॉलिंटियर प्रोटेक्शन फोर्स एक ग्रामीण स्वयंसेवी व्यवस्था है....जिसे उत्तराखंड के खटीमा, सुरही और खिलपुरा रेंज में वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए शुरू किया गया है....वहीं रेंजर महेश चंद जोशी ने बताया कि तीनों रेंज में बने केकेएस कॉरिडोर के माध्यम से संघर्ष की स्थिति में रोकथाम में मदद मिल रही है...
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जिले के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में सोमवार से नियमित कक्षाएं औपचारिक रूप से शुरू हो गईं हैं…तैयार भवन और पूर्ण व्यवस्थाओं के बाद ऑफलाइन शिक्षण प्रारंभ हुआ….जिससे छात्रों में उत्साह का माहौल है…वहीं विधायक रामनिवास शाह ने कक्षाओं का शुभारंभ कर कहा कि....मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले के स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी... वर्षों की प्रतीक्षा, तैयारियों और उम्मीदों के बीच आखिरकार....शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नियमित कक्षाएं औपचारिक रूप से प्रारंभ हुआ हैं...कॉलेज भवन के पूर्ण होने और सभी व्यवस्थाओं के तैयार होने के बाद अब ऑफलाइन शिक्षण शुरू हो चुका है...जिससे उन छात्रों की खुशी दोगुनी हो गई है....जो अब तक केवल ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे....इसका शुभारंभ सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने किया....उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज को शुरू कराने में....पूर्व सांसद रीती पाठक, वर्तमान सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और पूर्व विधायक राम लल्लू वैश्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है....साथ ही निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्लासरूम, लैब और अन्य व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए...इसे जिले के लिए ऐतिहासिक कदम बताया...आपकों बता दें की कॉलेज से जुड़े 400 बेड वाले अस्पताल का निर्माण भी तेजी से जारी है...अस्पताल तैयार होने पर न केवल सिंगरौली बल्कि आसपास के जिलों को भी स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी....और मेडिकल छात्रों को बेहतरीन क्लीनिकल ट्रेनिंग का अवसर प्राप्त होगा...वहीं कार्यक्रम में डीन आर.डी. दत्त, अनिल सिंह बघेल, राजवीर सिंह चौरसिया, डॉ. गंगा वैश्य, डॉ. प्रशांत निगम,....डॉ. राकेश कुमार, संजय सिंह परिहार सहित मेडिकल कॉलेज के प्राध्यापक, स्टाफ और प्रथम बैच के छात्र बड़ी संख्या में मौजूद रहे....
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उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर उधम सिंह नगर में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा हैं..इसी कडी में सितारगंज क्षेत्र के सरकड़ा चौकी पर सीओ और कोतवाल ने वाहनों की गहन जांच की...डेढ़ घंटे चली कार्रवाई में कई संदिग्ध वाहनों को सीज कर चालान की कार्रवाई की गई...वहीं अधिकारियों ने बताया कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाते हैं... प्रदेश के इंट्री बॉर्डर्स पर सघन चेकिंग अभियान चलाए जा रहे...इसी क्रम में उधम सिंह नगर जिले के स्टेट बॉर्डर पर स्थित...सितारगंज कोतवाली क्षेत्र की सरकड़ा चौकी में...पुलिस क्षेत्राधिकारी भूपेंद्र सिंह धोनी और कोतवाल सुंदरम शर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ मिलकर लगभग डेढ़ घंटे तक चेकिंग अभियान चलाया.... जिसमें बॉर्डर पार कर रहे वाहनों की बड़े पैमाने पर जांच की गई...यह अभियान उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर चलाए जा रहें हैं....वहीं सीओ ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है....साथ ही उन्होंने बताया कि उनके सर्किल क्षेत्र किच्छा और सितारगंज में निरंतर....अवैध हथियारों, नशीले पदार्थों की बिक्री और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.... और आगे भी इसी तरह के चेकिंग अभियान लगातार जारी रहेंगे....ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से समाप्त किया जा सके...
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नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता लगातार खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसतन 353 और नोएडा सेक्टर-116 एवं 125 का क्रमशः 413 एवं 418 दर्ज किया गया। अगले सप्ताहभर तक इसमें कोई बदलाव होने की संभावना नहीं है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शाम 4 बजे पीएम-10 का स्तर औसतन 366 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर औसतन 380 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकार्ड किया गया। एनसीआर के शहरों में भी हालात चिंता बढ़ाने वाले हैं। नोएडा में एक्यूआई 373, गाजियाबाद में 349, ग्रेटर नोएडा में 364 और गुरुग्राम में 303 दर्ज किया गया। फरीदाबाद में एक्यूआई 220 रहा, जो खराब श्रेणी में है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के आसपास या उससे अधिक दर्ज हुआ है। आनंद विहार में एक्यूआई 400, अशोक विहार में 385, बवाना में 389, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में 396 और वजीरपुर में 390 के करीब स्तर रिकार्ड किया गया। पूसा, आरके पुरम, शादीपुर, सिरीफोर्ट, सोनिया विहार, श्री अरबिंदो मार्ग और विवेक विहार जैसे क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। नोएडा में स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। सेक्टर-125 और सेक्टर-116 में एक्यूआई क्रमशः 418 और 413 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-1 में 373 और सेक्टर-62 में 352 रिकार्ड हुआ। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-V में एक्यूआई 421 दर्ज किया गया, जो क्षेत्र में सबसे अधिक है। नॉलेज पार्क-III का स्तर 339 रहा। गाजियाबाद के इंदिरापुरम, लोनी, संजय नगर और वसुंधरा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक बनी हुई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बेहद खराब और गंभीर श्रेणी की हवा लंबे समय तक रहने पर सांस, आंख और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका रहती है। सीपीसीबी का अनुमान है कि अगले एक सप्ताह में मौसम में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, जिससे प्रदूषण स्तर में तत्काल सुधार की उम्मीद कम है। सीपीसीबी के मानदंडों के अनुसार, एक्यूआई 0 से 50 के बीच अच्छा, 51 से 100 के बीच संतोषजनक, 101 से 200 के बीच मध्यम, 201 से 300 के बीच खराब, 301 से 400 के बीच बेहद खराब और 401 से 500 के बीच गंभीर माना जाता है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में कुल वायु प्रदूषण में वाहनों की हिस्सेदारी 20.45 फीसदी है। पराली जलाने से 1.97 फीसदी, निर्माण एवं ध्वंस गतिविधियों से 3.10 फीसदी और आवासीय क्षेत्रों से 5.30 फीसदी तक का योगदान होता है।
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देहरादून । उत्तराखंड के प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार को शुभ मुर्हूत में अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए पूर्ण विधि विधान व स्थानीय परंपराओं के साथ बंद कर दिए गए। इस दौरान 'जय बदरीविशाल' की जयकारों से धाम गूंज उठा। कपाट बंद होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का औपचारिक समापन हो गया। इस वर्ष 51 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने चारों धामों के दर्शन किए है। कपाट बंद करने से पहले मां लक्ष्मी और भगवान बदरीनाथ को विशेष भोग अर्पित किए गए। इसके बाद मां लक्ष्मी-भगवान बदरीनाथ को घृत कंबल ओढ़ाया गया। कपाट बंद होने के बाद बुधवार को सुबह श्री कुबेर जी व उद्धव जी का पांडुकेश्वर व शंकराचार्य की गद्दी का नृसिंह मंदिर ज्योर्तिमठ के लिए प्रस्थान होगा। ज्योर्तिमठ व पांडुकेश्वर में स्वागत की विशेष तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष यात्रा चुनौतियों से भरी रही। इस यात्रा काल में ऑपरेशन सिंदूर के साथ आपदाओं से यात्रा कई बार बाधित रही, लेकिन इसके बाद भी 51 लाख श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने तीर्थ पुरोहित, पंडा समाज, धार्मिक सभाओं, जन प्रतिनिधि, प्रशासन, घोड़ा-खच्चर संचालकों का आभर व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब शीतकालीन यात्रा की तैयारी शुरू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले यात्राकाल में यात्रा को और अधिक सुगम व भव्य बनाया जाएगा। कपाट बंद होने के अवसर बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, रावल अमरनाथ नंबूदरी, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और सभी हक-हकूकधारी मौजूद रहे।
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रायसेन । मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में इंडियन सोसायटी फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज़ (आईएसबीएस) का तीन दिवसीय रजत जयंती समारोह मंगलवार को हो गया। सम्मेलन में 80 से ज्यादा शोध पत्र पढ़े गये और 150 बौद्ध दर्शन, संस्कृति और पालि भाषा के विद्वान शामिल हुए। सम्मेलन में वियतनाम से पूज्य भिक्षु थिक नॉट टू शामिल हुए। साँची विवि के कुलगुरु प्रो वैद्यनाथ लाभ पर एक अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन भी आईएसबीएस में हुआ एवं उन्हें लाइफटाइम अचिवमेंट अवॉर्ड भी दिया गया। कुलगुरु ने साँची विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में वेनेगला उपतिस्स नायका थेरो को डी लिट मानद उपाधि देने का भी फैसला किया। मुख्य अतिथि महाबोधि सोसायटी ऑफ श्रीलंका के वेनेगला उपतिस्स नायका थेरो ने हिन्दी में साँची से अपने जुड़ाव और बौद्ध धर्म की व्याख्या की पूरे मंच और दर्शकों-श्रोताओं ने सराहना की। थेरो साँची के स्कूल में पढ़े, कॉलेज एस.एस जैन विदिशा से किया और भोपाल के बरकतुल्ला विश्वविद्यालय के प्रथम बैच के छात्र रहे। उन्होंने कहा कि साँची विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय बनाए जाने के लिए वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलेंगे। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र भी लिखा है। वेनेगला उपतिस्स थैरो ने कहा कि वे प्रधानमंत्री मोदी से कहेंगे कि वह इसे और अधिक विस्तार दें, ताकि ये अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय बन जाए। साँची विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ ने कहा कि अगर साँची विश्वविद्यालय अपने अंतरराष्ट्रीय स्वरूप में आ जाएगा तो पूरे विश्व से बौद्ध और वैदिक अध्ययन के विद्यार्थी, शोधार्थी उच्च शिक्षा के लिए यहां आ सकेंगे। कुलगुरु ने बौद्ध धर्म को सभी धर्मों का निचोड़ बताया। वेनेगला थैरो ने कहा कि भारत में रहकर उन्होंने अनेकता में एकता को जीया है, सीखा है। उन्होंने कहा कि मैंने बुद्ध की शिक्षाओं के माध्यम से भारत में ही सीखा कि हम सब इंसान हैं। सबको देखो और मुस्कुरा दो। थोड़ा सिर झुका दो तो पूरा विश्व आपके साथ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि महाबोधि सोसायटी में लोगों से मुस्कुरा कर मिलने से ही वे जापान में पहला थैरवाद मंदिर स्थापित कर पाए। सभी धर्मों के प्रति उनके व्यवहार से ही सऊदी अरब में जाने वाले वो पहले बौद्ध भिक्षु बने। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का कोई स्कूल नहीं होना चाहिए बल्कि स्कूल ऐसे होने चाहिए, जिसमें सभी धर्मों के लोग मिलकर पढ़ें ताकि अपनी संस्कृतियां साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि वेटिकन के पोप जो अमेरिका के राष्ट्रपति से भी नहीं मिलते, उनसे मिलने कोलंबो में उनके महाविहार में आए थे। अपने उद्बोधन में आईएसबीएस के अध्यक्ष प्रो. एस.पी शर्मा ने कहा कि बुद्ध की शिक्षाओं का वेनेगला उपतिस्स थैरो ने पूरा ग्रहण किया है और वो संप्रदायवाद तथा क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर पूरे विश्व के कल्याण के लिए सोचने वाले मानवतावादी हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान गोपनीय होता तो नष्ट हो जाता। जितना हम ज्ञान का प्रचार करेंगे उतना ही इसका संवर्धन होगा। उन्होंने कहा कि बुद्ध के ज्ञान को आई.एस.बी.एस संवर्धित करने का प्रयास करता है। शोधार्थियों और छात्रों से प्रो. शर्मा ने कहा कि अकादमिक जगत में भाषा साहित्यिक अर्थात शिष्ट भाषा होनी चाहिए। आईएसबीएस की सचिव प्रो. शास्वती मुतसुद्दी ने तीन दिवसीय अकादमिक समारोह से जुड़ी कॉन्फ्रेंस रिपोर्ट पेश की। उन्होंने साँची विश्वविद्यालय में आई.एस.बी.एस के स्थानीय सचिव व सहायक प्राध्यापक डॉ. संतोष प्रियदर्शी को धन्यवाद ज्ञापित किया। धन्यवाद ज्ञापन में उपकुलसचिव विवेक पाण्डेय ने सभी मंचासीन के अलावा साँची विश्वविद्यालय परिवार के प्रत्येक सदस्य को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया।
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भोपाल । मध्य प्रदेश में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत प्रदेश के चयनित जिलों के लिए राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला नोडल अधिकारी, भारत सरकार द्वारा निर्धारित टैम्पलेट्स अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए अपने मार्गदर्शन में आवंटित जिलों की जिला कार्य योजना तैयार कराकर विकसित पोर्टल (Dashboard) पर अपलोड करायेंगे एवं जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से निगरानी एवं सघन अनुश्रवण करेंगे। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सोमवार को आदेश अनुसार किसान कल्याण तथा कृषि विकास संचालक अजय गुप्ता को उमरिया, वि.क.अ., सह आयुक्त सह पंजीयक, सहकारी समिति मनोज पुष्प को डिंडौरी, प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ निधि निवेदिता को अलीराजपुर, प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड सह आयुक्त मंडी कुमार पुरूषोत्तम को शहडोल, उप सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग संतोष कुमार वर्मा को सीधी, सदस्य सचिव नीति आयोग ऋषि गर्ग को निवाड़ी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गांरटी परिषद अवि प्रसाद को टीकमगढ़ और उप सचिव, नर्मदा घाटी विकास राहुल धोटे को अनूपपुर का जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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भोपाल । नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के सिपाही रहे मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के पहाड़पुर निवासी राधाकृष्ण (राधा किशन) सिंह शास्त्री का सोमवार को सुबह निधन हो गया। उन्होंने 105 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद जिले में शोक की लहर है। परिजनों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को किया जाएगा। राधाकृष्ण सिंह का जन्म 1 जनवरी 1920 को बर्मा (म्यांमार) के पेंगु जिले में हुआ था। उनके परिवार की जड़ें बिहार से जुड़ी थीं और वे अपने माता-पिता के साथ भारत-बर्मा आते-जाते रहते थे। वर्ष 1943 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के बुलावे पर राधाकृष्ण सिंह ने आज़ाद हिंद फ़ौज जॉइन की थी। सिंगापुर में भर्ती होकर उन्होंने “चनमारी” नामक सैन्य प्रशिक्षण लिया और नेताजी के नेतृत्व में इम्फाल और कोहिमा मोर्चों पर अंग्रेजी सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इस दौरान वे तीन महीने अंग्रेजों की जेल में भी रहे, जहाँ से क्रांतिकारी भोला भाई देसाई के प्रयासों से रिहा हुए। जापान के आत्मसमर्पण के बाद आज़ाद हिंद फ़ौज को पीछे हटना पड़ा और बर्मा छोड़ने से पहले नेताजी ने अपने सैनिकों से अंतिम मुलाकात की, सी समूह में राधाकृष्ण भी शामिल थे। आज़ादी के बाद उन्होंने करीब 20 साल बर्मा में संघर्षपूर्ण जीवन बिताया और अंततः लालबहादुर शास्त्री की प्रेरणा से भारत लौटे। भारत में शरणार्थी के रूप में उन्हें बैतूल जिले के पहाड़पुर गांव में 5 एकड़ भूमि दी गई। जीविका चलाने के लिए वे पाथाखेड़ा की कोयला खदान में मजदूर बने और वहीं से रिटायर हुए। उनके परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सात पहले आज़ाद हिंद फ़ौज की 75वीं वर्षगांठ पर दिल्ली में उन्हें सम्मानित किया था। जीवन के अंतिम दिनों तक वे ‘जय हिंद’ के नारे के साथ लोगों का अभिवादन करते थे और आजाद हिंद फौज की वर्दी जैसा सफेद पैंट-शर्ट पहनना उनकी आदत बन गई थी।
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भोपाल। मध्य प्रदेश में भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 22 नवंबर को 4285 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।जनसंपर्क अधिकारी लक्ष्मण सिंह ने शनिवार को बताया कि सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपये प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपये, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपये, 11 नवंबर को 4056 रुपये, 12 नवंबर को 4077 रुपये, 13 नवंबर को 4130 रुपये, 14 नवंबर को 4184 रुपये, 15 नवंबर को 4225 रुपये, 16 नवंबर को 4234 रुपये, 17 नवंबर को 4236 रुपये, 18 नवंबर को 4255 रुपये, 19 नवंबर को 4263 रुपये, 20 नवंबर को 4267 रुपये 21 नवंबर को 4271 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपये प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
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उदयपुर। उदयपुर में रॉयल वेडिंग का जश्न इन दिनों अपने चरम पर है। शहर का माहौल सितारों की चकाचौंध और मेहमानों की रौनक से खिल उठा है। शुक्रवार की शाम तो मानो बॉलीवुड की रंगीन दुनिया झीलों के इस शहर में उतर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर अपनी गर्लफ्रेंड बेटिना एंडरसन के साथ पहुंचे और बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह के साथ स्टेज पर जमकर थिरके। तीनों का यह मनमोहक डांस देखकर मेहमान तालियां बजाते रह गए। ये पावर कपल अमेरिकी बिजनेसमैन रामा राजू मंटेना की बेटी नेत्रा मंटेना की शादी में शामिल होने के लिए उदयपुर आए हैं। तेईस नवम्बर को होने वाली इस शाही शादी के प्री-वेडिंग फंक्शंस शुक्रवार को शुरू हुए और पहले ही दिन बॉलीवुड सितारों ने समां बांध दिया। वरुण धवन, कृति सेनन, जैकलीन फर्नांडीस और रणवीर सिंह ने देसी बीट्स पर धमाकेदार परफॉर्मेंस दी। दुनिया भर से आए मेहमान भी उनके साथ झूमते नजर आए। बॉलीवुड नाइट की खास बात रही प्रोड्यूसर-डायरेक्टर करण जौहर का मजेदार टॉक शो। उन्होंने दूल्हे वामसी गडिराजू और दुल्हन नेत्रा मंटेना के साथ हंसी-ठिठोली भरी बातचीत कर महफिल लूट ली। मेहमान पूरे समय ठहाके लगाते रहे और इस टॉक शो ने समारोह को और खास बना दिया। उधर, शुक्रवार देर रात उदयपुर एयरपोर्ट पर स्टार पावर और बढ़ा जब हॉलीवुड दिवा जेनिफर लोपेज शहर में पहुंचीं। लीला पैलेस में उनका पारंपरिक राजस्थानी अंदाज़ में फूल बरसाकर स्वागत किया गया। शुक्रवार को ताज लेक पैलेस में हल्दी की रस्में भी पूरे उल्लास और संगीत के साथ हुईं। मेहमान पीले परिधानों में सजे-धजे नाचते-गाते रहे। इस रॉयल वेडिंग की खास ‘हॉलीवुड नाइट’ में आज शनिवार शाम जेनिफर लोपेज के साथ पॉप स्टार जस्टिन बीबर भी परफॉर्म करेंगे। दोनों कलाकार सिटी पैलेस के भव्य माणक चौक में अपनी प्रस्तुति देंगे। जस्टिन बीबर उदयपुर पहुंचने वाले हैं। आज शाम 8 बजे सिटी पैलेस के माणक चौक में मेहंदी और डिनर का कार्यक्रम होगा। इसके बाद रात 11:30 बजे से ताज लेक पैलेस और लीला पैलेस में दो अलग-अलग आफ्टर पार्टियां रखी गई हैं, जो देर रात तक चलेंगी। इस शाही आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण बारात और फेरे रहेंगे। बारात सिटी पैलेस की बड़ी पाल से निकलकर रामेश्वर घाट तक पहुंची। वहीं, शादी का मुख्य समारोह 23 नवम्बर को पिछोला झील के बीच स्थित जगमंदिर आइलैंड पैलेस में होगा, जहां दूल्हा-दुल्हन सात फेरे लेकर जीवनसाथी बनेंगे।
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सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल ने चितरंगी उपखंड के दुर्गम पिड़रिया गांव में,... 45.56 करोड़ रुपये के CSR मद से स्वीकृत Electricity कार्यों का निरीक्षण किया,.... यह क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य है और अधिकांश बस्तियों में अब तक विद्युत प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया गया था,.... कलेक्टर ने कार्यों की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए विद्युत विभाग को जल्द काम पूरे कराने के निर्देश दिए है ,... कलेक्टर गौरव बैनल ने पिड़रिया और आसपास के टोलों में विद्युत कार्यों का अवलोकन किया,... निरीक्षण के दौरान उन्होंने contractor की धीमी गति पर कड़ी नाराजगी जताई और अप्रैल 2025 से नवंबर 2025 तक लंबित कार्यों के लिए पेनल्टी लगाने के निर्देश दिए,.... उन्होंने मार्च 2026 तक कार्य पूर्ण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया,... इसके साथ ही विद्युत विभाग के फील्ड अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और एक सप्ताह के भीतर गति Report प्रस्तुत करने के निर्देश दिए,... जो भी टोले कार्यों से छूट गए हैं, उनका अलग सर्वे कर Estimate तैयार करने को भी कहा गया,... इस अवसर पर SDM चितरंगी सौरभ मिश्रा, जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविंद डामोर और विद्युत विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे,...
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छतरपुर के हरपालपुर में एक माता-पिता के लिए 17 वर्षों की लंबी तपस्या आखिरकार खत्म हुई,,... जब उनके लापता बेटे विनीत तिवारी को पंजाब के डुगरी थाना क्षेत्र से सुरक्षित बरामद किया गया,.. 14 वर्षीय विनीत तिवारी 4 सितंबर 2008 को हरदयाल स्कूल से लापता हुआ था,.. विनीत तिवारी की बरामदगी mp पुलिस के ‘मुश्कान अभियान’ की सफलता के रूप में दर्ज की जा रही है,.. हरपालपुर थाना प्रभारी और उनकी टीम ने लगातार पड़ताल कर उसे डुगरी, लुधियाना पंजाब से सुरक्षित बरामद किया,... न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने पर विनीत ने अपने माता-पिता के साथ जाने की इच्छा जताई ,... कई सालों से बेटे की तलाश में भटक रहे पिता ने बताया कि कई बार उन्हें लगा कि शायद वह जिंदा नहीं है,... पुलिस के इस सराहनीय प्रयास के लिए SP ने 10,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है,...
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खबर सिंगरौली से है जहां ,... THDC अमिलिया कोल माइंस कंपनी की विस्थापित कॉलोनी पचौर ग्राम के तेंदूडोल टोले में बन रहा ,... विस्थापितों का स्कूल निर्माण शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में है,... स्कूल की दीवारों में कई जगह बड़े-बड़े क्रैक दिखाई दे रहे हैं,... जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर शंका उठ रही है,... बता दे की विस्थापित बच्चों के लिए बन रहा यह स्कूल निर्माण के दौरान ही जर्जर हालत में दिख रहा है,.... दीवारों में आए बड़े क्रैक साफ बताते हैं कि निर्माण मानकों की भारी अनदेखी हुई है,.. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी कमजोर इमारत में बच्चे कैसे सुरक्षित रहेंगे ..... सरपंच छोटे सिंह ने कलेक्टर गौरव बैनल से इसे गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की अपील की है,.. उनका कहना है कि स्कूल किसी भी वक्त गिर सकता है,.. इसलिए समय रहते जांच और सुधार बेहद ज़रूरी है,...
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भोपाल । ‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव, ‘हम हैं धरती के दूत’की थीम पर आधारित वन विभाग के फ्लैगशिप कार्यक्रम ‘अनुभूति’ का आयोजन 15 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 की अवधि मे परिक्षेत्र स्तर पर किया जाना प्रस्तावित है। प्रत्येक वन परिक्षेत्र के साथ राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य एवं बफर क्षेत्रों में भी विद्यार्थियों को शिविर में शामिल किया जायेगा। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 469 क्षेत्रीय एवं वन्य प्राणी वन परिक्षेत्रों में स्थित शासकीय विद्यालयों में (प्रति परिक्षेत्र 02 शिविर) 938 अनुभूति शिविरों का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक शिविर मे 126 प्रतिभागी सम्मिलित होंगे। अनुभूति कार्यक्रम में एकरूपता के लिये विगत वर्ष के प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स को एक दिन का प्रशिक्षण आयोजित किया गया।जनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने गुरुवार को बताया कि अनुभूति शिविरों में विद्यार्थियों को वन, वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाने के लिये प्रतिवर्ष ‘प्रशिक्षण सह जागरूकता’ प्रशिक्षण दिया जाता है। यह प्रदेश ही नहीं पूरे देश में आयोजित होने वाला एकमात्र कार्यक्रम है, जिसमें विद्यार्थियों एवं उनके माध्यम से परियोजनों और समाज को वन एवं वन्य जीव संरक्षण के लिये प्रेरित एवं जागरूक किया जाता है। अनुभूति शिविरों के लिये उन विद्यालयों का चयन किया जाता है, जो वन क्षेत्रों के समीप स्थित हों। कार्यक्रम के माध्यम से वन क्षेत्रों से लगे जन समुदाय को वन एवं वन्यजीव संरक्षण के लिये प्रेरित करने में वन विभाग सफल रहा है।अनुभूति कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य देश के नागरिकों को वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाकर सहभागिता के लिये प्रेरित जाता है। अनुभूति शिविरों में विद्यार्थियों को विभाग एवं विभागीय अधिकारियों के कार्यों, उत्तरदायित्वों एवं चुनौतियों से विद्यार्थियों से भी अवगत कराया जाता है।अनुभूति शिविरों के लिए 46 मास्टर ट्रेनर्स (20 अशासकीय एवं 26 शासकीय) को प्रशिक्षित किया गया। मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, श्री. व्ही. एन. अम्बाडे, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभ रंजन सेन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) पुरषोतम धीमान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) डॉ. समिता राजोरा, राज्य लघु वनोपज संघ के एमडी मनोज कुमार अग्रवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (कैम्पा) श्रीमती बिन्दु शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (उत्पादन) बसवराज अन्निगेरी, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वित्त/बजट) श्रीमती कमलिका मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (प्रशासन 2) एल कृष्णमूर्ति, म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अजय कुमार यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सतर्कता/शिकायत) हरीशंकर मोहन्ता, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंध) पुष्कर सिंह, से.नि. प्रधान मुख्य वन संरक्षक एस.एस. राजपूत, से.नि. प्रधान मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार, मुख्य वन संरक्षक, नर्मदापुरम श्रीमती राखी नंदा, क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व स्वरूप दीक्षित, म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के उप वन संरक्षक लोकप्रिय भारती, वनमंडलाधिकारी (सामान्य) वनमण्डल भोपाल म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के उप वन संरक्षक संदेश माहेश्वरी और म.प्र. ईकोपर्यटन विकास बोर्ड के सहायक महाप्रबंधक सुनील पंद्रे उपस्थित रहे।इस वर्ष 2025-26 मे अनुभूति कार्यक्रम ‘मैं भी बाघ’, ‘हम हैं बदलाव, ‘हम हैं धरती के दूत’की थीम पर आयोजित की जा रही है। थीम लोगो एवं थीम सोंग का प्रस्तुतिकरण किया गया। इसके साथ ही अनुभूति कार्यक्रम वर्ष 2024-25 की एक संकलित रिपोर्ट एवं थीम पर आधारित अनुभूति पुस्तिका 2025-26 का विमोचन अपर मुख्य सचिव वन विभाग द्वारा किया गया। अनुभूति कार्यक्रम वर्ष2024-25 की फिल्म का भी प्रस्तुतिकरण किया गया।
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रायपुर/अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में जनजातीय गौरव दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने आज सुबह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु पहुंचीं। कड़ी सुरक्षा के बीच अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में राष्ट्रपति का हेलीकाप्टर लैंड हुआ।इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मु कार्यक्रम स्थल पीजी कॉलेज मैदान पहुंचीं। जहां उन्होंने जनजातीय समाज के लोगों से कर मुलाकात की। उन्होंने छत्तीसगढ़ी और आदिवासी संस्कृति से जुड़े व्यंजन के लगे स्टाल का भी निरीक्षण किया ।इस दौरान उनके साथ राज्यपाल रेमेन डेका, मंत्री जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार जुएल ओराम, राज्यमंत्री दुर्गा दास उइके, राज्यमंत्री तोखन साहू ,मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, क़ृषि मंत्री राम विचार नेमाम सहित कई मंत्री भी मौजूद रहे।
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राजगढ़ । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बुधवार की रात राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर नरसिंहगढ़ थाना क्षेत्र में ग्राम बड़ोदियातालाब जोड़ के समीप तेज गति से जा रहे अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, हादसे में बाइक चालक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भैंसाटोल मौहल्ले में रहने वाले 35 वर्षीय युवक ने कमरे में कुंदे से रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे और मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की। पुलिस के अनुसार बुधवार की रात हाइवे स्थित ग्राम बड़ोदियातालाब जोड़ के समीप तेज गति से जा रहे अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चालक 45 वर्षीय मुकेश पुत्र गोर्वधनलाल जाटव की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। बताया गया है कि मुकेश मजूदरी कर अपने गांव लौट रहा था तभी बड़ोदियातालाब जोड़ के समीप हादसे का शिकार हो गया। पुलिस ने मृतक के बेटा राजा जाटव की रिपोर्ट पर अज्ञात चालक के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर तलाश शुरु की। वहीं ग्राम भैंसाटोल मौहल्ला निवासी इरफान (35)पुत्र अब्दुल हसन ने कमरे में कुंदे से रस्सी का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया। बताया गया है कि घटना के दौरान युवक घर में अकेला था, उसके परिजन काम पर गए थे। युवक ने किन हालातों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया, इसका वास्तविक पता नही लग सका।पुलिस ने मृतक के बड़े भाई आरिफ की रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की।
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष एक दंपत्ति अपनी छोटी बिटिया को लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस बच्ची को दुर्लभ बीमारी है। इसका इलाज नई दिल्ली के एम्स में चल रहा है। इस बच्ची की जिंदगी बचाने के लिये जरूरी दवा की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये है। हम अकेले यह खर्च नहीं कर सकतें है। कलेक्टर वर्मा ने गंभीरता से समस्या को सुना और धैर्य देते हुए कहा कि शासन-प्रशासन इस परिवार के साथ है। इलाज के लिये शासन-प्रशासन द्वारा हर संभव मदद की जायेगी। कलेक्टर वर्मा ने जिले के दान दाताओं से भी अपील की है कि वे इस बच्ची के इलाज के लिये आगे आकर सहायता करे। बच्ची का विवरण और सहायता सेवा सेतु एप में रहेगा। इस एप के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। इस बच्ची की जिंदगी के लिए सभी के सहयोग की ज़रूरत है। बच्ची के परिजनों ने बताया कि बेटी अनिका शर्मा, सिर्फ 2 साल की है और स्मा टाइप 2 (स्पाइनल मस्कुलर अट्रॉफी) नाम की दुर्लभ बीमारी से लड़ रही है। यह बीमारी धीरे-धीरे उसके पूरे शरीर को कमजोर कर रही है- लेकिन अब भी उम्मीद बाकी है। उसकी जिंदगी बचाने के लिए जरूरी दवा Zolgensma की कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये है। हम अकेले यह बोझ नहीं उठा सकते लेकिन आपका हर छोटा योगदान हमारी बेटी की साँसो में नई जान डाल सकता है। बच्ची के पिता प्रवीण शर्मा को सहयोग राशि के लिये उनके मोबाइल नम्बर 9893523017 पर संपर्क किया जा सकता है।
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छतरपुर के बागेश्वर धाम मे बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हाल मे संपन्न हुई ,सनातन हिंदू पदयात्रा को सफल बताते हुये दावा किया कि इस पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक जा रहा है। इस पदयात्रा की तीन सफलताएं तत्काल दिखाई दे रही है। पहली सफलता यह कि हिंदू एकता को इससे ताकत मिली है। दूसरी सफलता समरसता का संदेश है। रास्ते में जहां भी उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया जिन्हें लोग अछूत कहते हैं वहां उन गांवों में समरसता की चर्चा हुई। सभी ने छुआछूत मिटाकर सबके साथ एक भाव रखने का काम शुरू किया। तीसरी सफलता वृंदावन में मदिरा की खुली दुकान को बंद करने की कार्रवाई शुरू होना है।वही उन्होने यह भी खुलासा करते हुये सनसनी फैला दी कि जो हरियाणा मे जो विस्फोटक मिला था उससे आतंकवादी उनकी यात्रा मे विस्फोट करना चाहते थे ।
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सिवनी। पेंच टाइगर रिजर्व में पदस्थ फॉरेस्ट गार्ड सुरेन्द्र कुमार बामनकर ने नियमित गश्ती के दौरान एक दुर्लभ भारतीय फ्लैपशेल कछुए (Lissemys punctata) की दुर्लभ झलक कैमरे में कैद की है। यह तस्वीर ढोबरी के पास ली गई बताई गई है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। भारतीय फ्लैपशेल कछुआ दक्षिण एशिया में पाया जाने वाला एक मीठे पानी का कछुआ है। इसकी सबसे खास विशेषता इसके शरीर पर मौजूद त्वचा के फ्लैप हैं, जो तब बाहर दिखाई देते हैं जब यह कछुआ अपने अंगों को खोल के भीतर समेट लेता है। ये फ्लैप कछुए के खोल के खुले हिस्सों को ढक लेते हैं, जिससे शिकारियों द्वारा उसके नरम अंगों पर हमला करना मुश्किल हो जाता है। यही विशेषता इसे अन्य प्रजातियों से अलग बनाती है।
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भोपाल। भारतीय पुरातत्वविद् एवं प्रसिद्ध चित्रकार पद्मश्री यशोधर मठपाल को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा 19वें डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। उन्हें इस सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र, सम्मान पट्टिका और दो लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी। मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग के पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय संचालनालय द्वारा दिये जाने वाले यह राष्ट्रीय पुरस्कार किसी सक्रिय भारतीय नागरिक या संस्था को पुरातत्व के क्षेत्र में उनकी सृजनात्मक, रचनात्मक और विशिष्ट उपलब्धियों के लिए दिया जाता है। यह जानकारी सोमवार को मप्र की पुरातत्व आयुक्त उर्मिला शुक्ला ने दी। उन्होंने बताया कि बताया कि डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के योगदान को स्मरण करने के लिए, पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय निदेशालय, भोपाल 09 से 11 जनवरी, 2026 तक कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में "पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय विज्ञान के क्षेत्रों में हालिया प्रगति" पर एक राष्ट्रीय स्तर की संगोष्ठी का आयोजन कर रहा है। इसी दौरान 19वाँ डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में, पूरे भारत से प्रशासकों, नीति निर्माताओं, क्षेत्रीय पदाधिकारियों, प्रख्यात वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और छात्रों की भागीदारी होगी, जो पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालयों के क्षेत्रों में विभिन्न उभरते मुद्दों पर चर्चा करेंगे और पुरातात्विक खजानों के प्रभावी संरक्षण, प्रबंधन और विकास के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों की सिफारिश करेंगे। पुरातत्व आयुक्त उर्मिला शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्देश्य को तीन विषयों पर प्रस्तुति और चर्चा के माध्यम से संबोधित किया जाएगा। इन विषयों में पुरातत्व, नृवंश-पुरातत्व , पुरातत्वमिति, कलाकृति विश्लेषण, सांस्कृतिक संसाधन प्रबंधन आदि में नई सफलताएँ, हाइब्रिड सिस्टम सहित अभिलेखागार और रिकॉर्ड प्रबंधन में उभरती प्रौद्योगिकियाँ और मूर्त और अमूर्त विरासतों के संग्रह, भंडारण, पहुँच और संरक्षण में नवीनतम विकास और डिजिटल क्यूरेशन के रुझान शमिल है। सार-संक्षेप जमा करने की अंतिम तिथि 20 नवंबर तक बढ़ाई गई राष्ट्रीय संगोष्ठी के विषयों या संबंधित क्षेत्रों में से किसी पर भी सार-संक्षेप आमंत्रित हैं। सार-संक्षेप जमा करने की अंतिम तिथि 10 नवंबर 2025 थी, जिसे अब 20 नवंबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। स्वीकृत सार-संक्षेप के पूर्ण पर्चों का मूल्यांकन, संपादन किया जाएगा और उन्हें संगोष्ठी की कार्यवाही पुस्तक में प्रकाशित किया जाएगा। प्रत्येक विषय क्षेत्र पर सर्वश्रेष्ठ पर्चा प्रस्तुति के लिए पुरस्कार भी दिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट www.archaeology.mp.gov.in को देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर (1919-1988), जिन्हें 'हरिभाऊ' के नाम से जाना जाता है और भारतीय शैल कला (rock art) अध्ययन के "पितामह" के रूप में संदर्भित किया जाता है, एक प्रख्यात भारतीय पुरातत्वविद्, कला इतिहासकार, मुद्राशास्त्री, पुरालेखविद् और सांस्कृतिक शोधकर्ता थे। उनका जीवन और कार्य भारत के समृद्ध प्राचीन इतिहास और प्रागैतिहासिक कला को उजागर करने और संरक्षित करने के लिए समर्पित था। उन्हें जनवरी 1975 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक, पद्मश्री से सम्मानित किया गया। डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय पुरस्कार, जिसे वाकणकर सम्मान भी कहा जाता है, मध्य प्रदेश के भोपाल में पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय निदेशालय द्वारा (वर्ष के आधार पर) वार्षिक या द्विवार्षिक रूप से प्रस्तुत किया जाने वाला एक राष्ट्रीय पुरस्कार है।
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नई दिल्ली। भारत और फ्रांस की वायु सेनाओं के बीच द्विपक्षीय हवाई अभ्यास 'गरुड़' की शुरुआत हो गई है। भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 और फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष सेना के राफेल विमानों ने द्विपक्षीय हवाई अभ्यास के तहत समन्वित मिशनों की शुरुआत करते हुए उड़ान भरी। फ्रांस में 27 नवंबर तक चलने वाला यह अभ्यास दोनों वायु सेनाओं के बीच अंतर-संचालन और गहन रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा। अभ्यास गरुड़ में हिस्सा लेने के लिए भारतीय वायु सेना का एक दल फ्रांस गया है, जो 13 नवंबर को मोंट-डी-मार्सन एयर बेस पर उतरा है। इस अभ्यास में भारतीय वायु सेना के सुखोई-30 एमकेआई विमान और फ्रांसीसी वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमान एक कृत्रिम युद्ध वातावरण में भाग लेंगे, जिसमें दोनों वायु सेनाओं के कौशल और व्यावसायिकता का प्रदर्शन होगा। यह अभ्यास अंतर-संचालन क्षमता को और बढ़ाएगा, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा और दोनों वायु सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करेगा। हर दो साल में होने वाले हवाई अभ्यास 'गरुड़' का पिछला संस्करण पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर राजस्थान के जोधपुर में हुआ था, जिसमें भारत और फ़्रांस के वायु सेना प्रमुखों ने अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी थी। वायु सेना स्टेशन जोधपुर से तत्कालीन एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने फाइटर जेट राफेल और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के तत्कालीन प्रमुख जनरल स्टीफन मिल ने सुखोई-30 एमकेआई फाइटर जेट उड़ाकर संयुक्त प्रशिक्षण मिशन के हिस्से के रूप में अभ्यास में भाग लिया था। भारतीय वायु सेना और फ्रांसीसी वायु और अंतरिक्ष बल (एफएएसएफ) के बीच द्विपक्षीय हवाई अभ्यास 'गरुड़' 16 नवंबर को शुरू हुआ है, जो 27 नवंबर तक चलेगा। इस अभ्यास में फ्रांसीसी वायु सेना अपने चार राफेल लड़ाकू विमान, एक ए-330 मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट विमान और 220 कर्मियों की एक टुकड़ी के साथ भाग ले रही है। यह द्विपक्षीय अभ्यास का आठवां संस्करण है। पहला, तीसरा और पांचवां संस्करण भारतीय वायु सेना के स्टेशनों में क्रमशः 2003, 2006 और 2014 में ग्वालियर, कलाईकुंडा और जोधपुर में आयोजित किया गया था। दूसरा, चौथा और छठा संस्करण फ्रांस में 2005, 2010 और 2019 में हुआ था। यह अभ्यास एयर डिफेंस और जमीनी हमले के अभियानों में फ्रांसीसी और भारतीय चालक दल के अंतर-स्तर को बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
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बलरामपुर। बलरामपुर–रामानुजगंज जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक सहायक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मामला शासकीय प्राथमिक स्कूल मगनजोत (कोगरार) विकासखंड वाड्रफनगर का है, जहाँ विद्यालय में बच्चों को गलत अंग्रेज़ी पढ़ाने का प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद पूरे विभाग में हड़कंप मच गया।जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 15 नवंबर की देर शाम को जारी आदेश के अनुसार, सहायक शिक्षक प्रवीन टोप्पो निरीक्षण के दौरान बच्चों को गलत अंग्रेज़ी पढ़ाते एवं कक्षा में अकादमिक गतिविधियों की स्थिति अत्यंत खराब पाए गए। छात्रों ने भी अधिकारियों को बताया कि शिक्षक द्वारा गलत उच्चारण व गलत शब्द पढ़ाए जा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।विकासखंड शिक्षा अधिकारी वाड्रफनगर द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद शिक्षक की लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और कर्तव्यहीनता को गंभीर मानते हुए उनके विरुद्ध छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 तथा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिया गया।निलंबन अवधि में प्रवीन टोप्पो की पदस्थापना शासन के नियमानुसार शासकीय हाईस्कूल दुन्सरण, विकासखंड रामचन्द्रपुर में रहेगी और उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि बच्चों की शिक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी शिक्षकों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिक्षण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले सुवासरा में एक प्रॉपर्टी डीलर ने शुक्रवार को ट्रेन के सामने कूदकर सुसाइड कर लिया था। मृतक ने सुसाइड नोट में आरोप लगाया था कि भाजपा नेता अमजद पठान से परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठा रहा हूं। इसके बाद शनिवार को विभिन्न हिंदू संगठनों एवं मृतक के परिजनों ने सुवासरा चौपाटी पर शव रखकर जाम लगा दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि अमजद ने सरकारी भूमि पर अवैध मकान और बंगला बनाया है। प्रदर्शनकारियों की मांग पर प्रशासन ने अमजद के मकान को बुलडोजर से ढहा दिया। दरअसल, सुवासरा के प्रॉपर्टी डीलर मनीष व्यास ने शुक्रवार को सुसाइड कर लिया था। घटनास्थल से सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने अमजद पर 54 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। कहा कि इनके जुल्मों से मैं तंग आ गया हूं। इस घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच बात नहीं बनी। इस बीच स्थानीय विधायक हरदीप सिंह डंग ने पेट्रोल पंप के पास नारेबाजी करते हुए पहुंचे। उन्होंने प्रशासन पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। इसके बाद प्रशासन ने जेसीबी चलाकर चोमेला मार्ग पर पठान का अवैध मकान तोड़ना शुरू किया। सुवासरा तहसीलदार रामलाल मुनिया भी मौके पर पहुंचे। इसके बाद प्रदर्शनकारी 54 लाख रुपए मनीष के परिवार को दिलाने और अमजद को भाजपा से निष्कासित करने की मांग पर अड़े रहे। शाम को भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अजमद पठान को भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि विजय पाटीदार का कहना है कि अमजद पठान ने काफी अवैध संपत्ति अर्जित की है। उसको रातसात किया जाए। आपने बताया कि सुवासरा और आस पास इससे पीडित कई और लोग भी जिन-जिन लोगों को प्रताड़ित किया है उन्हें न्याय दिया जाए आपने कहा कि मनीष के परिवार को अमजद से 54 लाख रुपए दिलाए जायें। प्रॉपर्टी डीलर के बेटे भूलेश्वर, भतीजा दीपक (पिता कैलाश व्यास) और मृतक मनीष के पिता बंसीलाल व्यास ने बताया कि अमजद पठान और उसके परिवार से उनका दो साल से पैसों का लेन-देन चल रहा था। अमजद ने कोई खेत दिलाने की बात कहकर रुपए लिए थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि रुपए किस प्रकार से दिए गए, इसकी पूरी जानकारी फिलहाल उन्हें नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अमजद यहां से कई लोगों के पैसे बटोरकर चला गया है और अब मंदसौर में रहने लगा है। मामले में जिला पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने बताया कि अमजद को गिरफ्तार करने के लिए टीमें भेजी गई है उसके भाई को हिरासत में ले लिया गया था। जल्द अमजद को भी गिरफ्तार कर लिया जायेंगा।भाजपा अल्पसंख्स्यक मोर्चे का पदाधिकारी रहा अमजदआरोपी अमजद पठान भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष और कृषि उपज मंडी सुवासरा के डायरेक्टर पद काबिज बताया जाता है। सुवासरा के स्थानीय लोगों के अनुसार भाजपा के कई बड़े नेताओं का आशीर्वाद भी अमजद को प्राप्त था, हालांकि शनिवार को भाजपा ने अमजद को पार्टी से निष्कासित कर दिया।
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हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा जिले के किसानों और आम जनता के लिए इस वर्ष का कृषि सीजन निराशा और मुश्किलों भरा साबित हो रहा है। एक तरफ जहां जिले को पूर्ण सिंचित बताए जाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर किसानों की जीवनरेखा मानी जाने वाली महत्वाकांक्षी मोरन-गंजाल डैम परियोजना वर्षों से केवल स्वीकृति और लोकार्पण के बीच झूल रही है। इस बीच, बिजली विभाग की लापरवाही ने ग्रामीण जीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। टेमलवाड़ी के प्रगतिशील किसान मनोज गोदारा ने बताया कि मोरन-गंजाल डैम योजना वर्षों से लंबित है। सिर्फ घोषणाएं हो रही है। उन्होंने बताया कि हरदा जिले की सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मोरन-गंजाल डैम परियोजना की कल्पना 1972 में की गई थी और हाल के वर्षों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी इसका लोकार्पण कर चुके हैं। श्री गोदारा का आरोप है कि वर्तमान विधायक और पूर्व कृषि मंत्री जिले को पूर्ण सिंचित बता रहे हैं, जो कि ज़मीनी हकीकत से परे है। उन्होंने बताया कि परियोजना की सबसे बड़ी बाधा वन एवं पर्यावरण विभाग ने एनओसी की अनापत्ति प्रमाण पत्र है, जो अभी तक नहीं मिल पाई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, यह परियोजना 2813 करोड़ रुपये की लागत से हरदा, खंडवा, होशंगाबाद और बैतूल जिलों की 52 हज़ार हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखती है। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि स्वीकृति के इतने वर्षों बाद भी डैम के वास्तविक स्पॉट पर किसी भी तरह की कार्य योजना शुरू नहीं की गई है, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है। मोरन-गंजाल परियोजना के विरोध में स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जाने की खबरें भी सामने आई हैं, क्योंकि इससे बड़ी मात्रा में वन भूमि और अनेक गांव डूब क्षेत्र में आ रहे हैं। बिजली कटौती और ओवरलोड का दंश: किसान हलकान - कृषि कार्य का सीजन शुरू होते ही मध्य प्रदेश विद्युत बोर्ड ने ग्रामीण क्षेत्रों में ओवरलोड का बहाना बनाकर बिजली कटौती शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि 24 घंटे की बिजली आपूर्ति को घटाकर मात्र 18 घंटे कर दी गयी है। टेमलावाड़ी पावर हाउस चारुवा सब स्टेशन पर ओवरलोड की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार सब स्टेशन पर 3.5 हॉर्स पावर अतिरिक्त पत्र पीटीआर की स्वीकृति मिलने के बाद भी इसे अभी तक स्थापित नहीं किया गया है, जिसके कारण गांव की लाइट बार-बार काटी जा रही है। टेमलावाड़ी, खेड़ा, हीरापुर, जयमलपुरा, प्रतापपुरा, गोपालपुरा, जूनापानी, भवरदी, मक्तापुर, कानपुरा, डेडगांव, दामोदरपुरा और खेड़ी सहित आस-पास के सभी किसान और आम जनता इस अनियमित बिजली सप्लाई से त्रस्त हैं। बेतहाशा बिजली बिल: गरीबों पर दोहरी मार- बिजली कटौती के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू बिजली के बिल भी अत्यधिक आ रहे हैं। गरीब तबके के घरों में भी 1500 से 2500 रुपये तक के बिल आ रहे हैं, जबकि उनके पास अधिक बिजली खपत वाले कोई बड़े संसाधन नहीं हैं। गरीबी रेखा के हितग्राहियों को भी इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है।
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जगदलपुर। बस्तर जिले के पल्ली धान खरीद केंद्र में वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने धान खरीद का विधिवत् पूजा अर्चना कर समर्थन मूल्य पर धान खरीद का आज शनिवार को सत्र 2025-26 का औपचारिक शुभारंभ किया और इस दौरान किसान भाईयों को धान खरीद के शुभारंभ की शुभकामनाएं दी। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने केंद्र में किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं, तोल कांटा, भंडारण व्यवस्था, किसान पंजीयन, गुणवत्ता परीक्षण, पंजीकृत किसानों के लिए बारदाना की उपलब्धता और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को बिना किसी परेशानी के धान विक्रय की प्रक्रिया पूरी कराई जाए तथा पारदर्शिता बनाए रखी जाए। इस मौके पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन सरकार अन्नदाताओं की समृद्धि हेतु प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने किसानों को उनके धान फसल उत्पादन के विक्रय करने के टोकन की तिथि में उपस्थित होकर केंद्र में धान को बेचने की अपील की। केंद्र के संबंधित अधिकारियों को धान बेचने वाले किसानों की सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए। अधिकारी-कर्मचारी भी धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने में जुटे हैं। इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के सीईओ केएस ध्रुव सहित जिला खाद्य अधिकारी, सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे ।
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रीवा । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में एजी कॉलेज रीवा के प्राध्यापक डॉ. रघुराज किशोर तिवारी का चयन किया गया है। इसे मप्र के रीवा जिले समेत विंध्य क्षेत्र में गौरव के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि संगठन के इतिहास में पहली बार इस क्षेत्र से किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जैसे ही उनके नाम की औपचारिक घोषणा हुई, रीवा स्थित उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं।सेमरिया के कपसा गांव से राष्ट्रीय नेतृत्व तक की यात्राउल्लेखनीय है कि रीवा जिले के सेमरिया क्षेत्र के कपसा गांव के निवासी डॉ. तिवारी की जीवन यात्रा मेहनत, समर्पण और संगठन के प्रति निष्ठा की मिसाल है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मॉडल स्कूल, रीवा से प्राप्त की। छात्र जीवन के दौरान ही उन्होंने राष्ट्र निर्माण के विचार से प्रेरणा लेकर वर्ष 1987 में अभाविप से जुड़ाव स्थापित किया। एक छात्र कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई और शीघ्र ही कृषि महाविद्यालय रीवा के छात्र संघ के निर्वाचित अध्यक्ष बने। इसके बाद वे महाकौशल प्रांत के प्रदेश सचिव के रूप में कार्य करते हुए विद्यार्थी परिषद के कार्यों को ग्रामीण अंचलों तक पहुंचाने में जुटे रहे।कृषि विज्ञान में उच्च शिक्षा और अध्यापन का समर्पणडॉ. रघुराज किशोर तिवारी ने कृषि महाविद्यालय रीवा से उच्च शिक्षा प्राप्त की और बाद में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से कृषि विज्ञान में डॉक्टरेट उपाधि (पीएचडी) हासिल की। शिक्षा पूर्ण करने के बाद उन्होंने अपने ही महाविद्यालय में अध्यापन कार्य प्रारंभ किया और छात्रों को वैज्ञानिक सोच एवं अनुसंधान के प्रति प्रेरित किया। वर्तमान में वे अध्यापक के साथ ही कृषि अनुसंधान और छात्र गतिविधियों के क्षेत्र में भी एक मार्गदर्शक के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं।एक शिक्षक के रूप में डॉ. तिवारी को कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2014 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा उन्हें विश्वविद्यालय के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके बाद नेपाल के त्रिभुवन विश्वविद्यालय ने उन्हें विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार (2016) प्रदान किया। डॉ. तिवारी ने अब तक 125 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं तथा कृषि विज्ञान विषय पर तीन पुस्तकें भी लिखी हैं। उन्होंने 50 से अधिक लघु शोध परियोजनाओं का निर्देशन किया और तीन शोध विद्यार्थियों के डॉक्टरेट शोध प्रबंधों का मार्गदर्शन किया है।प्रधान अन्वेषक के रूप में उन्होंने अपने विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान, फिलीपींस में आयोजित एक संयुक्त अनुसंधान परियोजना में किया, जो उनके शैक्षणिक और वैज्ञानिक योगदान का प्रमाण है।विद्यार्थी परिषद में सक्रिय नेतृत्वअभाविप के संगठनात्मक ढांचे में डॉ. तिवारी का योगदान वर्षों से उल्लेखनीय रहा है। वे महाकौशल प्रांत अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (2006-09) जैसे पदों पर कार्य करते हुए संगठन की जमीनी मजबूती और युवाओं के वैचारिक प्रशिक्षण में सक्रिय रहे हैं। उनके नेतृत्व में परिषद ने कृषि महाविद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को जोड़ने का नया अभियान प्रारंभ किया, जिससे संगठन की पहुंच दूरस्थ अंचलों तक बढ़ी। उनका नेतृत्व सदैव संवेदनशील, व्यवहारिक और वैचारिक रूप से सशक्त माना जाता है।नई शिक्षा नीति में निभाई अहम भूमिकाडॉ. रघुराज किशोर तिवारी ने मध्यप्रदेश सरकार की ओर से गठित राष्ट्रीय शिक्षा नीति कार्यान्वयन समिति में सदस्य के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नई शिक्षा नीति के मसौदे में कृषि शिक्षा, शोध और तकनीकी नवाचार से संबंधित कई सुझाव उनके मार्गदर्शन में तैयार किए गए। उनकी टीम ने यह सुनिश्चित किया कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों की जिज्ञासा, शोध प्रवृत्ति और व्यावहारिक शिक्षा पर आधारित हो। देश में सबसे पहले नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश में हुआ, जिसमें डॉ. तिवारी की भूमिका को शिक्षा विशेषज्ञों ने विशेष रूप से सराहा। रीवा में उनके चयन की सूचना मिलते ही विद्यार्थियों और नागरिकों ने मिठाई बांटी। उनके परिवार और सहकर्मियों का कहना है कि यह सफलता डॉ. तिवारी की वर्षों की मेहनत, समर्पण और शिक्षण सेवा का परिणाम है।
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राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर के भंवरगंज मौहल्ले में रहने वाले 27 वर्षीय गजेन्द्र गोस्वामी को चयन प्रदर्शन के लिए हैदराबाद बुलाया गया, जहां राजीव गांधी स्टेडियम में 14-15 नवंबर को दो मैच खेल जाएंगे। इस दौरान हैदराबाद टीम के बोलिंग कोच वरुण आरोन खेल प्रदर्शन के आधार आईपीएल टीम के लिए फाइनल नाम तय करेंगे। इससे पहले नगर के गजेन्द्र को चयन के लिए पुणे में आयोजित सन राइजर हैदराबाद टीम के कैम्प में बुलाया गया था, जहां देश के कुुछ प्रतिभावान खिलाड़ी ही शामिल हुए थे, जिसमें से 20 खिलाड़ी ही फाइनल प्रदर्शन के लिए चयनित किए गए हैं। गजेन्द्र गोस्वामी लेफ्ट आर्म फास्ट बाॅलर है, जो इसके पूर्व कई बार आईपीएल की नेट बाॅलर के रुप में राजस्थान राॅयल और दिल्ली केपिटल की तरफ से अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ प्रैक्टिस कर चुके है। इस प्रदर्शन मैच में यदि गजेन्द्र चयनित होते है तो वह वर्ष 2026 में होने वाली लीग में टीम सनराइज हैदराबाद की तरफ से आईपीएल में नजर आ सकते हैं। गजेन्द्र गोस्वामी नगर में स्वयं की क्रिकेट एकेडमी का संचालन करते हैं, क्रिकेट में रुचि रखने वाले बच्चे और युवा एकेडमी में ज्वाॅइन होकर अपने सपने पूरे करने के प्रयास में लगे है। गजेन्द्र की इस उपलिब्ध पर उनके शुभचिंतकों ने शुभकामनाएं प्रेषित की है।
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भोपाल । मध्य प्रदेश को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनाने के लिए इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में गुरुवार को एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के अंतर्गत “एमपी जीसीसी लीडरशिप कनेक्ट राउंडटेबल” का सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर 25 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स शामिल हुए और राज्य की दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति को दिशा देने के लिए सार्थक चर्चा हुई। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने कहा कि मध्य प्रदेश को जीसीसी के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। टियर-2 शहरों में उपलब्ध सुविधाएं जीसीसी के लिए सशक्त बिजनेस इको सिस्टम बनाने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है जहां समर्पित जीसीसी नीति बनाई गई है। इसके साथ ही राज्य में ड्रोन नीति के तहत ड्रोन डाटा रिपॉजिटरी विकसित की जा रही है। प्रदेश में सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश एवं विकास को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। डाटा सेंटर नीति के तहत व्यवसायों को सब्सिडी दी जा रही है और स्पेस टेक्नोलॉजी नीति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आईआईटी इंदौर देश का एकमात्र संस्थान है जहाँ स्पेस टेक्नोलॉजी में बीटेक एवं एमटेक कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। मध्य प्रदेश स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन देने वाला अग्रणी राज्य है। देश के 10 प्रतिशत से अधिक गेमिंग आईपी क्रिएशन मध्य प्रदेश से हुए हैं, जो राज्य की तकनीकी क्षमता और टैलेंट की उपलब्धता को दर्शाते हैं। नीतिगत और प्रशासनिक सहयोग मध्य प्रदेश सरकार ने जीसीसी की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए कई नीतिगत एवं प्रशासनिक कदम उठाए हैं। संपदा पोर्टल के माध्यम से आसान रजिस्ट्री, लेबर लॉ में सरलीकरण, साइबर तहसील के माध्यम से विवाद निपटान, पेरोल सब्सिडी और पेटेंट असिस्टेंस जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। राज्य में ग्रीन एनर्जी की उपलब्धता और कार्बन क्रेडिट व्यवस्था जैसे पर्यावरणीय उपाय सकारात्मक बिजनेस इकोसिस्टम को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने साझा किये विचार वेना इंडिया सेंटर हेड गौतम यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में आईआईटी इंदौर, मैनिट भोपाल, और जीएसआईटीएस इंदौर जैसे संस्थानों की मौजूदगी से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाला टैलेंट पूल उपलब्ध है। उन्होंने जीसीसी के सशक्त विकास के लिए सीनियर लीडरशिप को आकर्षित करने का सुझाव दिया। वेना इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट पार्थ सेन गुप्ता ने कहा कि मध्य प्रदेश में वित्तीय क्षेत्र की विशेषता और संभावनाएं जीसीसी की स्थापना के लिए अत्यंत अनुकूल हैं। केपीएमजी के पार्टनर गौरव कुमार ने कहा कि मध्य प्रदेश के टियर-2 शहरों में उत्कृष्ट टैलेंट पूल उपलब्ध है और यहां के युवा राज्य में ही रहकर काम करना पसंद करते हैं, जिससे टैलेंट की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित रहती है। एनटीटी डाटा के साइबर हेड क्षितिज बंथिया ने कहा कि राज्य में कई जीसीसी पहले से सक्रिय हैं और यहां स्टार्टअप कल्चर को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है। जीसीसी में स्थानीय भर्ती को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। ई एंड वाई एलएलपी के पार्टनर आदित्य क्षेत्रपा ने कहा कि जीसीसी की स्थापना के साथ उसकी निरंतरता पर भी ध्यान देना आवश्यक है, जिससे कार्य त्वरित गति और कम लागत से हो सके। प्रदेश में सस्टेनेबिलिटी, प्रगति और विकास की दिशा में आगे बढ़ते हुए ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। इन केंद्रों का उद्देश्य न केवल तकनीकी और औद्योगिक क्षमताओं को सशक्त बनाना है, बल्कि रोजगार, नवाचार और कौशल विकास के नए अवसर भी सृजित करना है।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के राजेन्द्रग्राम के पास किरर घाट में रविवार को ऐसा एक दृश्य देखा गया, जिसे देख हर राहगीर का दिल झकझोर दिया। कहते हैं कि मां की ममता संसार की सबसे बड़ी शक्ति है, जो न जाति देखती है, न प्रजाति। एक बंदरिया अपने मृत बच्चे को सीने से लगाए घंटों तक इधर-उधर घूमती रही, मानो उसे विश्वास ही न हो कि उसका लाडला अब इस दुनिया में नहीं रहा। अपने बच्चे के प्रति उसका प्रेम देख हर कोई भावुक हो गया। जिसे गुजर रहे राहगीरों ने अपने मोबाइलों में कैद कर लिया। जिले के राजेन्द्रग्राम से पवित्र नगरी अमरकंटक मार्ग पर किरर घाट में बंदरों की भारी संख्या है। यहां से गुजरने वाले राहगीर अक्सर इन बंदरों को केले और खाने की चीजें देकर आगे बढ़ जाते हैं। रविवार को यह क्षेत्र उस वक्त भावुकता से भर गया, जब किसी अज्ञात वाहन की ठोकर से एक नन्हें बंदर की मौत हो गई। उसकी मां उस दर्दनाक हादसे से अनजान अपने मृत बच्चे को सीने से चिपकाए कभी सड़क किनारे बैठ जाती, कभी खाने की तलाश में इधर-उधर घूमती और बच्चे के मुंह तक केले का टुकड़ा ले जाकर खिलाने की कोशिश करती रही। वहां से गुजर रहे दीपक मांझी ने बताया कि वह बंदरिया कभी केले का टुकड़ा खुद खाती, तो कभी अपने बच्चे के मुंह तक ले जाकर खिलाने की कोशिश करती रही। उसका यह मातृत्व भाव देखकर हर किसी की आंखें भर आईं। जिस बच्चे ने दम तोड़ दिया था, उसे भी उसने अपने से जुदा नहीं किया। वह अपने मृत बच्चे को प्यार से सहलाती, मानो उसकी सांसें फिर लौट आएंगी। इस हृदय विदारक नजारे को देखकर वहां मौजूद लोगों ने मां शब्द की असली ताकत महसूस की। कई लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि यह तस्वीर सिर्फ एक बंदरिया और उसके बच्चे की नहीं, बल्कि मां की ममता की उस अमर कहानी की झलक है जो इंसान हो या जानवर, हर हृदय में समान रूप से बसती है। किरण घाटी का यह मंजर अब लोगों के दिलों में हमेशा के लिए अंकित हो गया है। एक मां का अटूट प्रेम, जो मृत्यु के बाद भी अपने बच्चे से जुदा नहीं हुआ।
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आगरमालवा । मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिला मुख्यालय के समीपस्थ स्थित ग्राम भ्याना में रविवार को एक पुलिया के भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेन्द्रसिंह और क्षैत्रिय विधायक मधु गहलोत के बीच में तीखी नोक-झोंक हुई। इस दौरान प्रशासन के हस्तक्षेप का बाद भूमि पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हो सका। क्षेत्रिय विधायक मधु गेहलोत सहित अन्य जनप्रतिनिधि ग्राम भ्याना में 24 लाख रूपये की लागत से बनने वाली एक पुलिया का भूमि पूजन करने के लिये पहुंचे थे, जहां भूमिपूजन कार्यक्रम चल रहा था कि इसी दौरान आगरमालवा जनपद पंचायत अध्यक्ष धरमकुंवर भाचाखेड़ा तथा उनके प्रतिनिधि जितेन्द्रसिंह भी वहां पहुंचे और आरोप लगाया कि उनके जनपद क्षैत्र के गांव में भूमिपूजन के लिए उन्हें बतौर अतिथि नहीं बुलाया गया है, इस बात को लेकर विधायक व जनपद अध्यक्ष के बीच इस बात को लेकर तीखी नोक-झोंक भी होने लगी तथा देखते-देखते माहौल गर्मा गया और बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा इकट्ठा हो गया। मामले की सूचना मिलने पर एएसपी रविन्द्र बोयट, सीएसपी मोतीलाल कुशवाह, एसडीएम मिलिन्द ढ़ोके सहित आगरमालवा व कानड़ पुलिस थाना प्रभारी अपने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में किया तथा जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि को उनके कार्यकर्ताओं के साथ आगरमालवा भेज दिया। इसके पश्चात भूमि पूजन का कार्य सम्पन्न हुआ। वही दूसरी और जनपद अध्यक्ष धरमकुंवर भांचाखेड़ा ने विधायक पर उपेक्षा और तिरस्कार का गंभीर आरोप लगाया, उन्होंने कहा कि मुझे भमिपूजन की सूचना तक नहीं दी गई। वही जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि जितेन्द्रसिंह से बताया कि उनकी बड़ी बहन आगरमालवा जनपद अध्यक्ष है और उनके जनपद क्षैत्र में भूमि पूजन का कार्य किया जा रहा था जिसमें सभी को आमंत्रित किया गया और जनपद अध्यक्ष को आमंत्रित नहीं किया गया। जब इस बात की जानकारी हमें सरपंच के माध्यम से मिली तो उन्हें पता चला कि विधायक के कहने पर उन्हें भूमिपूजन कार्य में शामिल नहीं किया गया है। इसलिये वे अपनी बहन जनपद अध्यक्ष को लेकर बिना आमंत्रण के ही ग्राम भ्याना में भूमि पूजन के लिए पहुंचे लेकिन वहां पर उन्हें भूमिपूजन नहीं करने दिया। जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है की विधायक द्वारा लगातार जनपद अध्यक्ष को प्रताड़ित किया जा रहा है एवं डराया धमकाया जाता है कि उन्हें उनके पद से हटा दिया जाएगा यह विधानसभा उनकी है उनके अनुसार ही यहां पर कार्य होंगे।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक यात्री के साथ वेंडरों द्वारा मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया। आरपीएफ ने एक वेेंडर को गिरफ्तार किया है। इस घटना से यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 15 जुलाई को वेरावल-जबलपुर सोमनाथ एक्सप्रेस में वेंडर ने यात्री को उसकी सीट पर जाकर बेरहमी से पीटा था। वहीं 17 अक्टूबर को प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर समोसा बेचने वाले वेंडर ने ट्रेन में चढ़ रहे यात्री की कलाई से घड़ी जबरन उतरवा ली थी। जानकारी के मुताबिक, प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर मुंबई-बनारस महानगरी एक्सप्रेस के रवाना होने के समय दो-तीन वेंडरों ने ट्रेन का दरवाजा जबरन खोलकर एक यात्री को बाहर निकालने की कोशिश और गाली-गलौच की। घटना उस समय शुरू हुई जब वेंडर ट्रेन के अंदर सामान बेच रहे थे और यात्री ने उन्हें देखकर चले जाने की नसीहत दी। इससे वेंडर भड़क गए और ट्रेन से उतरकर अपने साथियों को बुला लाया। इसके बाद उन्होंने मिलकर ट्रेन के दरवाजे पर ही यात्री के साथ करीब पांच मिनट तक मारपीट की। मौके पर मौजूद आरपीएफ-जीआरपी कर्मियों ने बीच-बचाव कर एक वेंडर को पकड़ लिया और थाने ले गए। उसका नाम राजीव बताया जा रहा है। जबलपुर आरपीएफ के अनुसार, पकड़े गए युवक के पास वेंडर का कोई लाइसेंस नहीं है हालांकि वह पूर्व में वेंडर रह चुका है। इतना ही नहीं इसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। इसके खिलाफ रेलवे अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर हिरासत में ले लिया गया है।
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श्योपुर । मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में माध्यमिक शाला हुल्लपुर में मध्यान्ह भोजन व्यवस्था की समीक्षा के लिए शनिवार को एसडीएम अभिषेक मिश्रा और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत पहुंचे। उन्होंने विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ बैठकर भोजन किया और भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता की जांच की। अधिकारियों ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि बच्चों को गरिमापूर्ण वातावरण में पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी जारी रहेगी। मालूम हो कि, माध्यमिक शाला हुल्लपुर में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन कागज पर परोसे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जिलाधीश अर्पित वर्मा के निर्देश पर शाला प्रभारी भोगीराम धाकड को निलंबित कर दिया गया था। साथ ही मध्यान्ह भोजन संचालित कर रहे स्व-सहायता समूह का अनुबंध भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया था। लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्तः जिलाधीश इस मामले को लेकर जिलाधीश अर्पित वर्मा द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सम्पूर्ण जिले में मध्यान्ह भोजन वितरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, बच्चों के मध्यान्ह भोजन में लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारियों पर त्वरित एवं कठोर कार्यवाही होगी। राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर शेयर की पोस्ट विकासखण्ड विजयपुर क्षेत्र के हुल्लपुर में बच्चों को कागज पर मध्यान्ह भोजन के मामले में कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए श्योपुर में सरकारी स्कूल में प्राइमरी स्कूल में कागज पर मिड डे मील परोसे जाने के मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एंट्री हो गई है। शनिवार को राहुल गांधी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा है कि भाजपा ने बच्चों की थाली तक चुरा ली है। उन्होंने कहा है कि जिनके सपनों पर देश का भविष्य टिका है, उन्हें इज्जत की थाली तक नसीब नहीं।
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जबलपुर । संस्कारधानी ही नहीं महाकौशल के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेज नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शनिवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें यूडीएस कंपनी का एक ठेका कर्मचारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को वेंटिलेटर और ऑक्सीजन लगाते हुए नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही एक बार फिर उजागर हो गई है। मरीजों के परिजनों का कहना है कि वे मेडिकल कॉलेज इसलिए आते हैं ताकि अनुभवी डॉक्टरों से इलाज मिल सके, लेकिन अब यहां मरीजों की जान डॉक्टरों नहीं बल्कि कर्मचारियों के भरोसे है। जब अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टर और नर्स मौजूद हैं,तो इलाज का जिम्मा ठेका कर्मचारियों के हाथों में क्यों है?जबलपुर मेडिकल कॉलेज में लगातार गंभीर लापरवाहियों के मामले सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले ही खून की दलाली का मामला उजागर हुआ था, और अब ठेका कर्मचारी का डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने का यह वीडियो मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वहीं इस मामले में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह का कहना है कि मीडिया के जरिए वीडियो उनके सामने आया है। इसकी जांच कराई जाएगी और यदि ये बात सही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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नागदा। उज्जैन जिले के औद्योगिक शहर नागदा में एक और जहां संचालित इंडस्ट्रीज में रोजगार का तो कोई इजाफा नहीे हो रहा, लेकिन रोजगार छिनने का क्रम जारी है। किसी जमाने में यह शहर समूच्रे प्रदेश में सभी उद्योगों मिलाकर लगभग 25 हजार श्रमिकों को रोजगार देने के नाम से जाना जाता था, लेकिन एक उद्योग भारत कॉर्मस पहले बंद हुआ बाद में देश में मशहूर ग्रेसिम उद्योग में मजदूरों को पहले वीआरएस दिया गया बाद में कोरोना काल में तकरीन 3 हजार ठेका मजदूरों की रोजी रोटी छिनी गई। अब यहां सभी उद्योगो में मिलाकर यह संख्या लगभग महज 5 हजार तक सिमट गई। इतना सब कुछ चलते हाल में अब यहा जर्मनी कंपनी द्वारा संचालित लैंक्सेस उद्योग में ठेका मजदूरों पर वीआरएस की तलवार लटक गई है। इस उद्योग में ठेका मजदूरों को वीआरएस देना शुरू कर दिया गया है, हालांकि मजदूरों के अधिकारों के लिए कार्यरत मजदूर संगठन इसे स्चेेच्छिक सेवा निवृत्ति बता रहा हैं, जबकि मजदूर वर्ग से प्राप्त जानकारी में और कुछ बाते सामने आ रही है। ठेका मजदूरों की छटनी करने की योजना बताई जा रही है। यह भी सुना जा रहा है कि बाद में स्टॉफ में भी वीआरएस लागू होगा।श्रम संगठन का कहनाइस मामले में मप्र शासन असंठित कामगार कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सुल्तानसिंह शेखावत से संपर्क किया गया तो उन्होंने लैक्सेंस यूनिट में कार्यरत भारतीय मजदूरू संध ठेका श्रमिक के नेता राजकुमार सिसौदिया से संपर्क करने का सुझाव दिया। इधर, श्रमिक नेता सिसौदिया का कहना थाकि यह एकस्वेच्दिक योजना है। मैंटीनेस विभाग और इलेक्ट्रिक विभ्ज्ञाग मेंं वर्तमान में 130 ठेका मजदूर कार्यरत है। उन में से तकरीन 25 ठेका श्रमिकों को कम किया जा रहा है। किसी भी मजदूर से जबरजस्ती नहीं होगी जो स्वेच्छा से लेना चाहे उन्हें ही वीआरएस दिया जाएगा। इन दोनों विभाग से जो भी ठेका मजदूर मर्जी से नौकरी छोडेगा उन्हें सर्विस काल की अवधि पर वीआरएस राशि का निर्धारण होगा। अधिकमतम 3 लाख 50 हजार राशि श्रमिक का प्राप्त हो सकेगी। सेवाकाल में मिलनी वाली ग्रेज्यूटी अलग से मिलेगी। इधर, औधोगिक सूत्र बता रहे हैकि कंपनी हाईकमान से अधिकमतम चार लाख की राशि देना मंजूर किया थाकि लेकिन श्रम संगठनों ने इसे कम करवा दिया।उद्योग में उत्पादन और इतिहासमिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में जो लैक्संस उद्योग चल रहा है, इसकी बिडलाग्राम नागदा में पूर्व में मेसर्स ग्वालियर केमिकल्स प्रा लिमिटेड के नाम 1978 में शुरूआत हुई थी। इस यूनिट से 1 सितंबर 2009 को 5,91 305 एमटीपीए उत्पादन क्षमता के लिए रसायनों के निर्माण के लिए एलआईपीएल द्वारा इस प्लांट का अध्रिग्र्रहण किया गया। बाद में इस उद्योग में और अधिक रसायनों के उत्पादन क्षमता की अनुमति 2018 में भारत सरकार पर्यावरण विभाग से ली गई। वर्तमारन में लैंक्सेस उद्योग में मुख्य रूप से कार्बनिक रसायन बेजाइल क्लोराइड, बैजाइल अल्कोहल, बैजलडीहाईड आदि का उत्पादन होता है।उद्योग प्रबंधक का पक्षइस बारे में उद्योग में स्थानीय स्तर पर मीडिया को वर्सन देने की कोई व्यवस्था इस यूनिट में नही है। इसलिए उद्योग प्रबंधक का पक्ष नहीं मिला है।
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नई दिल्ली । देश में मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ग्लोबल ‘एम एंड ई’ इन्वेस्टर मीट आयोजित करेगा। यह बैठक 12वीं बिग पिक्चर समिट के दौरान 1 और 2 दिसंबर को मुंबई में होगी। इससे मीडिया, फिल्म, ओटीटी, गेमिंग, एनीमेशन और लाइव एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में नए निवेश अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यक्रम वेव्स बाजार के सहयोग से आयोजित होगा। वेव्स बाजार अपने बिजनेस नेटवर्किंग और प्रोजेक्ट पिचिंग मॉडल को सीआईआई मार्केटप्लेस से जोड़ेगा, जहां भारतीय कंपनियां अपने प्रोजेक्ट्स वैश्विक निवेशकों के सामने पेश करेंगी। इस आयोजन में एलारा कैपिटल निवेश भागीदार और विट्रिना ग्लोबल फाइनेंसिंग पार्टनर रहेगा। इस साल की बिग पिक्चर समिट का विषय एआई इरा ब्रिजिंग क्रिएटिविटी एंड कॉमर्स है। इसमें सरकार, उद्योग और निवेश जगत के प्रमुख लोग शामिल होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के एमडी और सीईओ गौरव बनर्जी इस समिट की अध्यक्षता करेंगे। उनके साथ जेट सिंथेसिस के सीईओ राजन नवानी और यूट्यूब इंडिया की कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन सोनी भी शामिल होंगी। सीआईआई की यह इन्वेस्टर मीट दुनिया भर के निवेशकों को भारत की उभरती मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से जोड़ेगी। इसमें निवेशकों और भारतीय कंपनियों के बीच एक-एक करके बैठकें होंगी ताकि नए निवेश अवसरों को बढ़ावा मिल सके। सीआईआई के ग्लोबल एम एंड ई इन्वेस्टर समिट के चेयरमैन और रिलायंस एंटरटेनमेंट के ग्रुप सीईओ शिबाशीष सरकार ने कहा कि भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री अब तक निजी पूंजी और जुनून पर टिकी रही है, यह समिट उस स्थिति को बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एलारा कैपिटल के एमडी हरेंद्र कुमार ने कहा कि यह आयोजन निवेशकों और मीडिया कंपनियों को एक मंच पर लाकर दोनों क्षेत्रों में तालमेल बढ़ाने का शानदार अवसर देगा। विट्रिना के सीईओ अतुल फड़नीस ने कहा कि भारत का मीडिया और एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और हमारा उद्देश्य सही निवेशकों को सही अवसरों से जोड़ना है। उल्लेखनीय है कि सीआईआई बिग पिक्चर समिट भारत की मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का प्रमुख वार्षिक आयोजन है जिसमें नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, निवेशक और क्रिएटिव पेशेवर शामिल होते हैं। इस बार समिट में वेवएक्स और वेव्स क्रिएटोस्फीयर भी भाग लेंगे जो स्टार्टअप्स और नए प्रोजेक्ट्स को निवेश और सहयोग के अवसर प्रदान करेंगे।
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जोधपुर । रेगिस्तान की तपती रेत पर शुक्रवार को भारतीय सेना की शक्ति गरज उठी। जैसलमेर में फैले विशाल मरुस्थल में सेना ने अपने संयुक्त हथियार अभियान का शानदार प्रदर्शन किया। आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर और जमीन पर दौड़ते टैंक एक साथ दिखे -जैसे कोई जंग अभी शुरू होने वाली हो। दरअसल, भारत की तीनों सेनाएं इन दिनों पश्चिमी सीमा पर ऑपरेशन सिंदूर के बाद सबसे बड़ा युद्धाभ्यास कर रही है, जिसका नाम युद्धाभ्यास त्रिशूल दिया गया है। करीब तीस हजार सैनिक इस अभ्यास में अपना दमखम दिखाकर दुनिया को सन्देश दे रहे हैं कि हम किसी से कम नहीं। युद्धाभ्यास मेंं कमांड पोस्ट से हर यूनिट पर नजर रखी जा रही है। ड्रोन और सैटेलाइट से आई रीयल-टाइम तस्वीरें स्क्रीन पर हैं। यह सिर्फ अभ्यास नहीं, बल्कि तकनीकी तैयारी का इम्तिहान है, जहां एक गलती की गुंजाइश नहीं। सेना का कहना है कि यह अभ्यास भविष्य के युद्ध के लिए बेहद अहम है, क्योंकि आने वाले समय में युद्ध सिर्फ बंदूकों से नहीं, बल्कि नेटवर्क, सेंसर और सटीक समन्वय से लड़े जाएंगे। इस मिशन में सेना के भरोसेमंद हेलीकॉप्टर ध्रुव, रुद्र, चेतक और चीता अहम भूमिका निभा रहे है। विमानन विंग और मैकेनाइज्ड यूनिट्स ने अभूतपूर्व समन्वय का प्रदर्शन : अभ्यास के दौरान सेना के विमानन विंग और मैकेनाइज्ड यूनिट्स ने अभूतपूर्व समन्वय का प्रदर्शन किया। हवाई निगरानी, रीकॉन ओवरवॉच और विशेष हैलीबोर्न मिशन को सफलता से अंजाम दिया गया। रैपिड ट्रूप इंसर्शन और क्लोज-सपोर्ट कॉम्बैट मूव्स के जरिए हवाई और जमीनी बलों ने ऑपरेशनल तालमेल का बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अभ्यास में हेलीकॉप्टर यूनिट्स द्वारा अग्रिम पंक्तियों में सैनिकों की त्वरित तैनाती, बख्तरबंद टुकडिय़ों के साथ समन्वय और रियल-टाइम डेटा लिंक की मदद से गतिशील युद्धक्षेत्र में निर्णय लेने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। डिजिटल वॉरफेयर सपोर्ट सिस्टम्स का प्रयोग : अभ्यास त्रिशूल में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, डेटा लिंकिंग और डिजिटल वॉरफेयर सपोर्ट सिस्टम्स का प्रयोग किया गया है। यह अभ्यास केवल हथियारों या फोर्सेस के तालमेल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी और मानव संसाधन के बेहतरीन समन्वय का भी प्रतीक है। फ्यूचर बैटलस्पेस की अवधारणा को साकार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-सक्षम डेटा एनालिटिक्स, ड्रोन निगरानी और सेंसर-नेटवर्क आधारित ऑपरेशंस का भी प्रदर्शन किया गया। यह अभ्यास केवल थलसेना तक सीमित नहीं है। ट्राय-सर्विसेज फ्रेमवर्क के तहत भारतीय नौसेना और वायुसेना की भी सक्रिय भागीदारी रही। इससे संयुक्त फोर्सेज की वास्तविक युद्ध क्षमता और इंटर ऑपरेबिलिटी को नई दिशा मिली है।
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अहमदाबाद | गुजरात के लोक साहित्यकार, कथाकार, गुजरात लोककला फाउंडेशन के संस्थापक एवं संपादक पद्मश्री जोरावरसिंह जादव का 85 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने लोक संस्कृति, लोक कला और लोक साहित्य पर आधारित लगभग 90 कृतियों का संपादन और रचना की। उनके निधन से गुजराती साहित्य जगत में शोक की लहर है। जोरावरसिंह जादव का जन्म 10 जनवरी, 1940 को धंधुका तहेसिल के आकरू गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम दानुभाई हालुंभाई और माता का नाम पंबा था। वे पेशे से किसान थे। उनका बचपन आकरू गाँव में बीता और उनका पालन-पोषण उनकी सौतेली माँ गंगाबा ने किया। जोरावर सिंह ने बचपन में ही लोक साहित्य और लोक कलाओं का गहन अनुभव प्राप्त कर लिया था। उन्होंने लोक कथाओं, गीतों और लोक जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित 90 से अधिक कृतियों का संपादन और सृजन किया। उनकी प्रसिद्ध कहानियों में 'मरद कसुम्बल रंग चढ़े' और 'मरदाई माथा साटे' जैसी लोकप्रिय रचनाएँ शामिल हैं। उन्हें मेघानी सुवर्ण चंद्रक और गुजरात साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। जोरावर सिंह जाधव 1964 से सरकार साप्ताहिकी, ग्रामस्वराज और जिनमंगल मासिक पत्रिकाओं के संपादन का कार्य संभाल रहे थे। उन्होंने कला को जनता के सामने प्रस्तुत करने के लिए पत्रिकाओं के साथ-साथ रेडियो और टेलीविजन पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन और संचालन किया। उन्होंने 1978 में 'गुजरात लोक कला फाउंडेशन' नामक एक संस्था की स्थापना की जिसके माध्यम से गुजरात और राजस्थान की अशिक्षित, शोषित और खानाबदोश जातियों के लोक कलाकारों को जनता के सामने आने और अपनी अभिव्यक्ति का अवसर मिला।
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धमतरी । जिले के ग्राम रीवागहन में असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए घिनौने कृत्य से आज पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। गांव के पंचायत परिसर में स्थापित भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा पर अज्ञात व्यक्तियों ने मिट्टी फेंककर उसे ढँक दिया। इस अपमानजनक घटना से ग्रामीणों और भाजपा कार्यकर्ताओं की भावनाएं गहराई से आहत हुई हैं। जानकारी के अनुसार, यह प्रतिमा सुशासन दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत परिसर में स्थापित की गई थी। शुक्रवार की सुबह ग्रामीणों ने देखा कि किसी ने प्रतिमा पर मिट्टी फेंक दी है। सूचना मिलते ही भाजपा कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। ग्रामीणों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “देश के महान नेताओं की प्रतिमा का अपमान करना अत्यंत निंदनीय है। यह न केवल अटल जी के प्रति असम्मान है, बल्कि राष्ट्र की गरिमा पर भी आघात है। यह कार्य समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए प्रतिमा की सफाई की और पुनः श्रद्धापूर्वक सजाया। इस दौरान केशव राम, उमेश साहू, दुसराम, हिमकेश, भीष्म साहू, दुखूराम सहित अनेक ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में कुर्रा गांव में भी इसी तरह की घटना घटित हुई थी, जिससे प्रतीत होता है कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर समाज में असंतोष फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामवासियों ने प्रशासन से गांव में निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा के सख्त इंतजाम करने की मांग की है। वहीं, पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अररिया । फारबिसगंज हवाई अड्डा के मैदान में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गुरुवार को हुई चुनावी सभा में भारी संख्या में उन्हें सुनने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। फारबिसगंज हवाई अड्डा में सभा स्थल के साथ ही मैदान का चारों इलाका एनडीए के कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सराबोर रहा। सभा के लिए बनाई गई पंडाल भी भीड़ के आगे छोटी पड़ गई। चुनावी जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को देखकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उत्साहित नजर आए। प्रधानमंत्री के सभा स्थल के इर्द गिर्द एलईडी स्क्रीन लगाया गया था।बावजूद भीड़ प्रधानमंत्री को नजदीक से सुनना चाह रहे थे और इसके कारण कई बार गैलरी में अफरातफरी का माहौल रहा। कई स्थानों पर भीड़ बेरीकेडिंग को तोड़ दी।खुद संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बार बार मंच की ओर बढ़ रही भीड़ को यथावत रुक जाने की अपील करते रहे। जिसका सकारात्मक असर भी देखा गया। प्रधानमंत्री के अपील के बाद भीड़ अपने स्थान पर ही खड़े होकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुनते नजर आए। समर्थकों के भीड़ के आगे बढ़ने की कोशिश में कई आपाधापी का माहौल बन गया,जिसको नियंत्रित करने के लिए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सहित सुरक्षा में लगे कर्मी संभालते रहे। इस दौरान आगे बढ़ने की कोशिश में पंडाल में रखे सैकड़ों कुर्सियां तोड़ दी गई। वहीं कुर्सियों पर लदे भीड़ के कारण सैकड़ों कुर्सियां टूट भी गई।कई भागों में विभक्त गैलरी की बेरीकेडिंग को भी भीड़ ने तोड़ दिया। जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को यथावत रुककर ही संबोधन सुनने की अपील करना पड़ा।
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जगदलपुर । तेलंगाना के नक्सली हिंसा पीड़ितों का 30 सदस्यीय दल बस्तर पहुंचा है। आज बुधवार काे एकजुटता दिखाते हुए बस्तर आर्ट गैलरी जगदलपुर से नक्सली हिंसा के विरुद्ध संदेश दिया। नक्सली हिंसा के विरुद्ध प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि बस्तर और तेलंगाना में जो लोग शहरों में बैठकर नक्सलवाद का महिमामंडन कर रहे हैं, वही इस आग के असली जनक हैं। बस्तर पहुंचे दल का सर्वसमाज की ओर से स्वागत किया गया। दल के सदस्य वेणुगोपाल रेड्डी ने कहा कि ऐसे लोग स्वयं आरामदायक जीवन जी रहे हैं, उनके बच्चे अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, जबकि जंगलों में गुमराह युवाओं के हाथों में बंदूक थमाकर उन्हें मौत की राह पर धकेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंसा से कभी विकास नहीं आता, सिर्फ विनाश मिलता है। उन्होंने आत्मसमर्पित नक्सलियों का स्वागत करते हुए अपील की कि जो अभी भी जंगलों में हैं, वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटें। बस्तर और तेलंगाना को शांति की जरूरत है, गोलियों की नहीं। वेणुगोपाल रेड्डी ने कहा कि जो लोग नक्सलवाद के नाम पर इंटरनेट मीडिया में झूठा नैरेटिव गढ़ते हैं, वे न आदिवासी के मित्र हैं, न जनता के। उन्हाेने कहा कि तेलंगाना में गिनती के लोग हैं जो नक्सली हिंसा को क्रांति बताकर रैलियां निकालते हैं, और मारे गए नक्सलियों के पक्ष में प्रोपेगेंडा चलाते हैं। लेकिन ये शहरी समर्थक इंटरनेट के सहारे झूठी कहानियां फैलाते हैं, ताकि देश-दुनिया में नक्सलवाद की झूठी छवि बनाई जा सके। वास्तविकता यह है कि आधी सदी की हिंसा ने न आदिवासी को न्याय दिया, न जीवन की सुरक्षा। उन्होंने कहा कि दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के कुख्यात नक्सली नेता रामचंद्र रेड्डी उर्फ गुड्सा उसेंडी और के. सत्यनारायण रेड्डी उर्फ कोसा के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद उनके परिवार की याचिकाओं को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने खारिज कर दिया। बावजूद इसके, तेलंगाना में आयोजित स्मृति सभा में कुछ अर्बन नक्सली नेताओं ने मारे गए नक्सलियों का महिमामंडन करने की कोशिश की। इस कार्यक्रम में बस्तर की विवादित कार्यकर्ता सोनी सोरी भी शामिल हुईं और उन्होंने नक्सलियों के आत्मसमर्पण को सरकारी सौदेबाजी बताया। नक्सली हिंसा पीड़ितों ने सोनी सोरी के इस रवैये की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो लोग शहरी आराम में बैठकर नक्सलियों को बलिदानी बताते हैं, वे बस्तर और तेलंगाना की सच्चाई से भाग रहे हैं। अब वक्त है कि बस्तर की पहचान हिंसा की नहीं, समृद्धि की पहचान बने। छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रांताध्यक्ष राजाराम तोड़ेम ने तेलंगाना के नक्सलवादी हिंसा पीड़ितों की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि आदिवासी चाहे तेलंगाना का हो या बस्तर का, नक्सली हिंसा का दर्द सबका एक जैसा ही है। अब छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा समाप्ति की ओर है, तो इसे पोषित करने वालों को अब दर्द हो रहा है।
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रायपुर । छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में बॉलीवुड-छालीवुड से जुड़े गीत-संगीत की महफ़िल चौथे दिन बुधवार की देर रात सजी। सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड के गायक अंकित तिवारी ने रामभजन गीतों से शुभारंभ कर फिल्मी गानों को अपने अंदाज में ऐसी साज छेड़ी कि उन्हें सुनने आए दर्शको-श्रोताओं ने वाहवाही करते हुए उनके लिए तालियां बजाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने जैसे ही मंच से सुन रहा है न...गलियां तेरी-गलियां.., ये दिल सम्हल जा जरा-फिर मोहब्बत करने चला..गाया..युवाओं में जोश-उमंग-उत्साह की झलक दिखाई देने लगी। गायक अंकित की आशिकी में डूबे संगीत प्रेमियों ने कुर्सी से उठकर-अपना हाथ उठाकर-मोबाइल का फ़्लैश ऑन कर यह जताया कि वे उनके गीतों को सुनने और अंकित को देखने और मनोरंजन में सराबोर होने आए हैं। मंच पर छत्तीसगढ़ की पारम्परिक लोकसंगीत और आधुनिक गीतों का मनमोहक संगम भी देखने को मिला। छत्तीसगढ़ की परंपरागत कला और आधुनिक संगीत का यह मेल दर्शकों के लिए अविस्मरणीय बन गया। लोक संगीत की सुमधुर प्रस्तुतियों और बॉलीवुड सुरों की झंकार ने दर्शकों को देर रात तक नाचने-गुनगुनाने और तालियां बजाने मजबूर किया।कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध लोकगायिका रेखा देवार की सुमधुर छत्तीसगढ़ी गीतों से हुई। उन्होंने “मया के बंधन”, “छत्तीसगढ़ मया के धरती” और “अरपा पैरी के धार” जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। उनकी लोकगायन शैली में प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और सादगी का सुंदर समावेश देखने को मिला। उन्होंने पारंपरिक विवाह गीत, ददरिया, फाग और पंथी गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से जोड़ दिया। मंच से कला केंद्र रायपुर बैंड के कलाकार राहुल ने अपनी टीम के साथ गीतों की प्रस्तुति दीं।इसके पश्चात छालीवुड फिल्मों के सुपर स्टार प्रकाश अवस्थी एवं उनकी टीम ने लोकप्रिय गीतों को गाकर दर्शको में ऊर्जा का संचार किया। उन्होंने लोकगीतों के माध्यम से प्रदेश की परंपरा, लोकजीवन और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया और छत्तीसगढ़ महतारी के आराधना से जुड़े गीत, प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी फ़िल्म मोर छइयां-भुइयां, टूरा रिक्शा वाला..के साथ अन्य गानों की प्रस्तुति दीं।सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण रहे बॉलीवुड पार्श्वगायक अंकित तिवारी, जिन्होंने अपनी लोकप्रिय गीत प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही उन्होंने मंच से “सुन रहा है ना तू...” और “तेरी गलियां...” गीत प्रस्तुत किए, पूरा राज्योत्सव परिसर तालियों और उत्साह से गूंज उठा।अंकित तिवारी ने “तेरे बिना जी ना लगे”, “तू है कि नहीं”, और “भूलना पाया” जैसे गीतों की प्रस्तुति से उपस्थित जनसमूह को भावनाओं और सुरों की दुनिया में डुबो दिया। उनकी मधुर आवाज़ और लाइव प्रस्तुति ने राज्योत्सव की चौथी शाम को अविस्मरणीय बना दिया।राज्योत्सव की यह संध्या छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सुगंध और बॉलीवुड की चमक का ऐसा मेल साबित हुई, जिसने दर्शकों को देर रात तक संगीत की लहरों में झूमने और गुनगुनाने पर मजबूर कर दिया। उन्हें सुनने दूर दराज से आए सभी युवा दर्शकों-श्रोताओं ने छत्तीसगढ़िया अंदाज में अपनी खुशियों को जाहिर किया।
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मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के प्राचीन महादेव गढ़ मंदिर में देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर.......मोहम्मद खान नमक मुस्लिम युवक ने ....... स्वेच्छा से इस्लाम त्याग कर सनातन धर्म की शरण ली.......मोहम्मद खान का कहना है की सपने में भगवान शिव के दर्शन से प्रेरित होकर उसने 'महादेव' नाम धारण किया है ....... और वो भोलेनाथ की भक्ति में डूब गया है .......मंदिर परिसर में पंडित प्रमोद खेड़े के नेतृत्व में 10 विधि स्नान का भव्य संस्कार संपन्न हुआ.......गाय के गोबर-गोमूत्र, गंगाजल, दूध-दही, पंचामृत, तुलसी, मिट्टी और हल्दी उबटन से शुद्धिकरण के बाद मुंडन संस्कार किया गया....... पूर्व इमाम के पुत्र मुस्तफा जो मारुति नंदन बन चुके हैं.......उन्होंने गंगाजल से स्नान कराकर मोहम्मद का स्वागत किया....... जिसके बाद मंदिर के प्रांगण में महादेव का अभिषेक और आरती हुई.......आरती के बाद लोगों ने ‘जय महाकाल’, ‘आई लव महादेव’ और ‘सनातन धर्म की जय’ के नारे भी लगाए......अशोक पालीवाल ने बताया कि इस साल मंदिर में 14 युवाओं की घर वापसी हो चुकी है.......वहीं 30 से अधिक बहनों ने हिंदू युवाओं से विवाह कर सनातन अपनाया है .......
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खंडवा जिले के पैठियां स्थित एक मदरसे से 12 लाख के नकली नोटों की बरामदगी ने पूरे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को हिला कर रख दिया है..... यह मामला तब उजागर हुआ जब महाराष्ट्र पुलिस ने मालेगांव में नकली नोटों के साथ एक आरोपी जुबेर अंसारी को गिरफ्तार किया.....आरोपी से पूछताछ में पैठियां मदरसे का नाम सामने आया..... जिसके बाद खंडवा पुलिस ने करवाई करते हुए ..... मदरसे में छापा मारकर बड़ी मात्रा में नकली नोट बरामद किए है ..... इस घटना ने प्रदेश में हड़कंप मचा दिया है..... इस गंभीर मामले को लेकर अखिल भारत हिन्दू महासभा ने मुख्यमंत्री और गृह मंत्री डॉ. मोहन यादव को ईमेल के माध्यम से ज्ञापन भेजा है..... महासभा ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर हमला बताते हुए..... एनआईए से जांच कराने की मांग की है..... साथ ही राज्य के सभी मदरसों की फंडिंग, संचालन और गतिविधियों का ऑडिट कराने की भी अपील की गई है..... महासभा के जिला संगठन मंत्री पंडित जीतू दुबे ने कहा कि मदरसे से नकली नोटों की बरामदगी सिर्फ आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की गंभीर साजिश है..... उन्होंने सरकार से मांग की है कि..... प्रदेश के सभी मदरसों की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए और..... जिन संस्थानों की गतिविधियों में संदिग्धता मिले..... उन पर तुरंत प्रतिबंध लगाया जाए..... महासभा ने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले को राष्ट्रहित से जुड़ा विषय मानते हुए..... सख्त कदम उठाए..... ताकि मध्यप्रदेश की शांति, सुरक्षा और साम्प्रदायिक सौहार्द कायम रहे.....
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छतरपुर में आज बाबा बागेश्वर धाम के समर्थक सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर उतर कर .....प्रदर्शन किया है..... बाबा बागेश्वर के समर्थको कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा.... प्रदर्शनकारियों ने ग्वालियर के उस व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है....जो लगातार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ झूठे और अपमानजनक बयान दे रहा है....उनका कहना है कि इन बयानों से बाबा बागेश्वर की छवि धूमिल हो रही है....और सनातन समाज की भावनाएं आहत हुई हैं....उन्होंने बताया कि ये व्यक्ति आगामी 7 नवंबर से 16 नवंबर तक होने वाली ....हिंदू सनातन एकता पदयात्रा को लेकर भी लगातार भ्रामक बयान दे रहा है....उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए.... ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक आस्था और संत पर इस तरह की अभद्र टिप्पणी करने की हिम्मत ना कर सके....
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रीवा । थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि आत्मविश्वास, साहस, स्पष्टपता, साथ मिलकर कार्य करने तथा परिवर्तन ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलता दिलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना को खुली छूट दी और हमने आतंकवाद को समाप्त किया। सिंदूर अभियान की लड़ाई सिर्फ सेना ने नहीं बल्कि देशवासियों ने एकता के साथ लड़ी। युवा अपनी ऊर्जा उत्साह और सोच को सही दिशा में लगाकर देश को ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें। अनुशासन और मार्गदर्शन मिलने से हमारे देश की युवा शक्ति भारत को और आगे ले जाने में सहायक होगी। थल सेना अध्यक्ष जनरल द्विवेदी शनिवार को मध्य प्रदेश के 70वें स्थापना दिवस के अवसर पर रीवा के ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय में आयोजित युवा अभिप्रेरणा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए कहा कि टीआरएस कॉलेज की फुटबाल टीम को देखकर हम लोग के मन में ईर्षा होती थी। हमारे पूज्य पिता जी कृष्ण द्विवेदी ने भी इस ऐतिहासिक महाविद्यालय में अपनी पढ़ाई की थी। इस महाविद्यालय का मेरी परवरिश में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि रीवा में आपसी भाईचारा और सौहार्द बहुत है। यहां सब लोग मिलकर रहते हैं और उनमें अपनत्व बहुत है। रीवा की भूमि में अनेक वीर सपूत दिये हैं जिनमें कई वीरचक्र, शौर्यचक्र एवं अन्य सम्मान प्राप्त योद्धा शामिल हैं। जनरल द्विवेदी ने सभी को मध्य प्रदेश के स्थापना दिवस की बधाई दी। सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिएः उप मुख्यमंत्री शुक्ल मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने इस अवसर पर कहा कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार नहीं होना चाहिए। संस्कारवान व्यक्ति के संस्कार उसे बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने युवाओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आप उत्तरोत्तर प्रगति करें और उच्च पदों पर पहुंचे जिससे देश और प्रदेश में आपका नाम सम्मान से लिया जाय। शुक्ल ने कहा कि थल सेना अध्यक्ष के रीवा आगमन पर हम सब गौरवान्वित हैं। टीआरएस परिसर में उनके आगमन से उत्साह एवं उमंग का वातावरण है। ऑपरेशन सिंदूर में थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख देश में हीरों के तौर पर उभर कर आयें हैं। उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में उपस्थित जस्टिस व्ही.के. सिंह के मानस पटल पर भी रीवा की स्मृतियाँ सजीव हैं। उप मुख्यमंत्री ने स्थापना दिवस के अवसर पर महाविद्यालय द्वारा किये गये कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति हमारे देश का वर्तमान व भविष्य हैं। इस कार्यक्रम से उन्हें जीवन में अपने लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति वीके सिंह ने कहा कि विन्ध्य की विभूतियों ने कर्म से महानता अर्जित की है। थल सेना अध्यक्ष व नौसेना प्रमुख एक ही विद्यालय के एक साथ पढ़ने वाले छात्र हैं। उन्होंने कहा कि उप मुख्यमंत्री जी ने रीवा को विकास के शिखर पर पहुंचाया है। रीवा का भाईचारा यहां की विशेषता है। जो अपनापन यहां है वह अन्य जगह देखने को नहीं मिलता है। कार्यक्रम में प्राचार्य अर्पिता अवस्थी ने थल सेना अध्यक्ष का शाल, श्रीफल एवं अभिनंदन पत्र व प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मान किया। थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के प्राचार्य को के-9 बज्र की प्रतिकृति भेंट की। इससे पूर्व थल सेना अध्यक्ष ने ठाकुर रणमत सिंह, शहीद पदमधर सिंह एवं माँ सरस्वती की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र ताम्रकार, डॉ. अमित तिवारी सहित प्राध्यापक, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर अखिलेश शुक्ल ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. शिप्रा द्विवेदी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के उपरांत थल सेना अध्यक्ष ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं कैडेट्स से भेंट की।
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने रविवार को सबसे भारी 'बाहुबली' रॉकेट जीसैट-7 लॉन्च करके इतिहास रचा दिया। श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन केंद्र से अंतरिक्ष में भेजा गया यह उपग्रह भारतीय नौसेना के लिए बहुत खास है। स्वदेश में डिजाइन और विकसित इस उपग्रह से न केवल समुद्री इलाकों में संचार सुविधा मिलेगी, बल्कि अंतरिक्ष में नौसेना के लिए तीसरी आंख का काम करेगा। इसरो ने आज शाम को निर्धारित 5.26 बजे अपना अब तक का सबसे भारी सैटेलाइट सीएमएस-03 देश को जमीन से लॉन्च कर दिया। यह सैटेलाइट 4410 किलो वजन का है और इसे एलवीएम3-एम5 रॉकेट के माध्यम से गेसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) में भेजा गया है। यह भारत के लिए एक अहम उपग्रह माना जा रहा है, क्योंकि ऑपरेशन 'सिंदूर' जैसे महत्वपूर्ण अभियानों से सीखे गए सबकों को इससे मजबूती मिलेगी। इस उड़ान में भारत का सबसे भारी संचार उपग्रह सीएमएस-03 अंतरिक्ष में भेजा गया है। सीएमएस-03 एक बहु-बैंड संचार उपग्रह है, जो भारतीय भूभाग सहित एक विस्तृत महासागरीय क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करेगा। भारतीय नौसेना के मुताबिक यह भारतीय नौसेना का अब तक का सबसे उन्नत संचार उपग्रह होगा। यह उपग्रह नौसेना की अंतरिक्ष आधारित संचार और समुद्री क्षेत्र जागरुकता क्षमताओं को मजबूत करेगा। स्वदेश में डिजाइन और विकसित इस उपग्रह में कई अत्याधुनिक घटक शामिल हैं, जिन्हें विशेष रूप से भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया गया है। जटिल होती सुरक्षा चुनौतियों के इस युग में जीसैट-7आर आत्मनिर्भरता के मार्ग पर चलते हुए उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग कर राष्ट्र के समुद्री हितों की रक्षा करने के भारतीय नौसेना के अटूट संकल्प का प्रतीक है। नौसेना के मुताबिक जीसैट-7आर उपग्रह हिंद महासागर क्षेत्र में व्यापक और बेहतर दूरसंचार कवरेज प्रदान करेगा। इसके पेलोड में ऐसे उन्नत ट्रांसपोंडर लगाए गए हैं, जो विभिन्न संचार बैंडों पर ध्वनि, डेटा और वीडियो लिंक को सपोर्ट करने में सक्षम हैं। उच्च क्षमता वाली बैंडविड्थ के साथ यह उपग्रह भारतीय नौसेना के जहाजों, विमानों, पनडुब्बियों और समुद्री संचालन केंद्रों के बीच सुरक्षित, निर्बाध तथा वास्तविक समय संचार को सुनिश्चित करेगा, जिससे नौसेना की सैन्य क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। एलवीएम3 के पिछले मिशन ने चंद्रयान-3 मिशन का प्रक्षेपण किया था, जिसमें भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरने वाला पहला देश बना था।
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फलोदी/भोपाल। राजस्थान के फलोदी-बीकानेर नेशनल हाइवे-11 पर शुक्रवार देर रात सड़क किनारे खड़े टेम्पो को एक तेज रफ्तार ट्रॉले ने पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में टेम्पो सवार मध्य प्रदेश के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ड्राइवर को छोड़कर सभी मृतक और घायल मध्य प्रदेश के रतलाम के रहने वाले हैं। फलोदी के थाना प्रभारी भंवराराम ने बताया कि सभी मजदूर मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के आलमपुर ठीकरिया गांव के रहने वाले थे और फसल कटाई के लिए फलोदी के बाप तहसील स्थित ग्राम सहारणपुरा जा रहे थे। शुक्रवार देर रात फलोदी के मलार रोड पर भादू रेस्टोरेंट के सामने बीकानेर की तरफ जा रहे ट्रॉले ने टेम्पो को टक्कर मार दी। घटना के बाद आस-पास लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस के कोऑर्डिनेटर भंवरलाल कुमावत दो एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को फलोदी जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से उन्हें जोधपुर रेफर किया गया। टेम्पो में सवार मध्य प्रदेश के रहने वाले राहुल ने बताया कि गाड़ी में सवार सभी लोग मध्य प्रदेश के थे। मलार रोड पर भादू रेस्टोरेंट के पास ड्राइवर ने दुकान से कुछ सामान लेने के लिए टेम्पो को सड़क किनारे रोका था। इसी दौरान पीछे से आए ट्रॉले ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि सभी लोग उछलकर सड़क पर जा गिरे। चीख-पुकार मच गई। फलोदी जिला अस्पताल में पीएमओ डॉ.अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि देर रात सभी घायलों को जोधपुर के एमडीएम हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया गया था। सीआई भंवराराम और अन्य पुलिसकर्मी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। थाना प्रभारी भंवराराम ने बताया कि इस हादसे में टेम्पो सवार टीना (12) पुत्री राय सिंह और जगदीश (32) पुत्र रामजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पूजा (30) पत्नी जगदीश को जोधपुर रेफर किया गया था। रास्ते में ही ओसियां के पास उसने दम तोड़ दिया। इसके अलावा टेम्पो ड्राइवर गोपीलाल की जोधपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। वह मोटाई, चाखू (फलोदी) का रहने वाला था। पूजा और जगदीश पति-पत्नी थे। हादसे के बाद ट्रॉले का ड्राइवर भगवाना राम पुत्र देवाराम फरार है। वह पल्ली, मतोड़ा (फलोदी) का रहने वाला है। ट्रॉले और क्षतिग्रस्त टेम्पो को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हादसे में भोला (8), अशोक (8), रामूबाई (35), बाबूलाल (35), किंजन (14), सुगनबाई (30), रोशनी (8), ममता (30), अर्जुन (8), अमृत (59), राहुल (21), कन्हैयाबाई (60) घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।
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दमोह । मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस की रात दमोह में एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब जिले के कलेक्टर कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर अचानक शहर की सड़कों पर दिखाई दिए। रात का समय करीब तीन बजे था, जब अधिकांश लोग नींद में थे, लेकिन शहर के कलेक्टर सड़कों पर सफाई व्यवस्था का जायजा ले रहे थे। यह सब “एक दिन चकाचक” अभियान के तहत किया गया, जिसकी शुरुआत स्वयं कलेक्टर ने राज्य स्थापना दिवस (1 नवम्बर) शनिवार से की है।कलेक्टर कोचर रात में नगर के अनेक तिराहों और चौराहों पर पहुंचे और सफाईकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने उनसे पूछा कि सफाई के दौरान उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या किया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने सफाईकर्मियों का हौसला भी बढ़ाया और उनके कार्य की सराहना की।‘एक दिन चकाचक’ अभियान की अनूठी सोचदरअसल, कलेक्टर कोचर ने एक दिन पहले ही संकेत दिए थे कि वे स्वयं माह में एक दिन रात तीन बजे से सड़कों पर उतरकर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य है कि जिले की सफाई व्यवस्था को जन आंदोलन का रूप दिया जाए और लोगों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी की भावना पैदा की जाए। कलेक्टर ने बताया कि “हमने यह संकल्प लिया है कि इस बार दमोह को स्वच्छता रैंकिंग में सम्मानजनक स्थान दिलाया जाएगा। एक नवम्बर, यानी आज का दिन जो मध्यप्रदेश की स्थापना का दिन है, इसी दिन से हमने ‘एक दिन चकाचक’ अभियान की शुरुआत की है। यह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक सतत प्रयास होगा।”सभी निकायों में विशेष सफाई अभियानइसके साथ ही कलेक्टर कोचर ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी नगरीय निकायों में माह में एक दिन विशेष सफाई अभियान चलाया जाएगा। इस दिन अधिकारी और कर्मचारी मिलकर शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर साफ-सफाई करेंगे। उन्होंने कहा कि “हम जनता के सामने यह उदाहरण प्रस्तुत करना चाहते हैं कि प्रशासन स्वच्छता को लेकर कितना गंभीर है।” निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पाया कि अधिकांश स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक है, हालांकि कुछ जगहों पर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां भी कमी दिखे, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।जनता से सहयोग और अनुशासन की अपीलकलेक्टर कोचर ने कहा कि जनता हमेशा सहयोग के लिए तैयार रहती है, बस उन्हें सही दिशा में प्रेरित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हमें नागरिकों को यह बताना होगा कि साफ-सफाई केवल नगरपालिका की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। जो लोग नहीं मानते, उन्हें पहले समझाना चाहिए, और फिर भी यदि वे नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।” उन्होंने यह भी बताया कि सफाई के बाद संबंधित क्षेत्र में एक-दो सफाईकर्मी नियमित रूप से निगरानी के लिए रहेंगे, ताकि क्षेत्र दोबारा गंदा न हो।शहर में चर्चा का विषय बना कलेक्टर का दौराकलेक्टर कोचर के इस अप्रत्याशित दौरे की जानकारी जैसे ही शहर में फैली, लोगों में इसे लेकर सकारात्मक चर्चा शुरू हो गई। सुबह से ही नगर में हर तरफ “कलेक्टर रात में निकले सफाई देखने” की बात चर्चा का विषय बनी रही। लोगों ने इस पहल की सराहना की और इसे प्रशासनिक प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया। नगरवासियों का कहना है कि यदि अधिकारी खुद मैदान में उतरें, तो कर्मचारियों और नागरिकों दोनों में जिम्मेदारी की भावना और बढ़ती है।स्वच्छ दमोह की दिशा में बड़ा कदमकलेक्टर सुधीर कुमार कोचर की इस पहल को स्वच्छ भारत मिशन की भावना से जोड़ते हुए देखा जा रहा है। उनका कहना है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं होगा, बल्कि हर महीने इसे निरंतर रूप से किया जाएगा ताकि दमोह को स्वच्छ और सुंदर शहर बनाया जा सके। अभियान की शुरुआत जिस समर्पण और व्यवहारिक दृष्टिकोण के साथ हुई है, उसने दमोह में प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और भी मजबूत किया है। यह उम्मीद की जा रही है कि “एक दिन चकाचक” अभियान न केवल दमोह, बल्कि अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
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छतरपुर के किशोर सागर तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत से तालाब का पानी दूषित हो गया है......तालाब से उठती भयंकर बदबू स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों के लिए परेशानी का सबब बन गई है......नगरपालिका ने स्वच्छता निरीक्षक भेजकर सफाई शुरू कर दी है......और एक सप्ताह के भीतर तालाब को साफ करने के निर्देश दिए गए हैं...... छतरपुर के किशोर सागर तालाब में मछलियों की बड़ी संख्या में मौत से जल स्रोत दूषित हो गया है...... और तालाब से उठती जहरीली बदबू आसपास के लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर रही है...... स्थानीय रहवासियों और दुकानदारों का कहना है कि...... विगत तीन-चार दिनों में मछलियों की मौत के कारण तालाब में भयंकर गंध फैल गई है......रहवासी आरोप लगा रहे हैं...... कि तालाब में किसी ने जहरीली दवा डालकर मछलियों को मारा है...... जबकि नगरपालिका की सीएमओ ने कहा कि वार्ड पार्षद की सूचना पर स्वच्छता निरीक्षक को मौके पर भेजा गया......और आज से सफाई का काम शुरू कर दिया गया है......नगरपालिका के निर्देश पर एक सप्ताह के भीतर तालाब को पूरी तरह से स्वच्छ और साफ किया जाएगा......स्थानीय लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं......क्योंकि उन्होंने महामारी फैलने की आशंका जताई है......अब सवाल यह है कि खबर के प्रकाशन के बाद नगर प्रशासन क्या कदम उठाता है......
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भोपाल । मध्य प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण में स्वास्थ्य जागरुकता और पोषणयुक्त आहार की मांग को ध्यान में रखते हुए बड़े शहरों के आसपास देशी-सब्जियों की उन्नत किस्म के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत देशी-सब्जियों को स्थानीय जलवायु परिस्थितियों के अनुसार उत्पादन प्रोत्साहन का काम उद्यानिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है।उद्यानिकी विभाग के आयुक्त अरविन्द दुबे ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत शहरी क्षेत्र के आसपास देशी सब्जियों की नई एवं उन्नत किस्म के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है। विभाग द्वारा सभी 10 संभागों के जिलों के नगरीय क्षेत्र के आसपास परंपरागत सब्जियों की नवीन उन्नत किस्म को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसमें तोरी/गिलकी, परवल, चिचिंडा, लौकी, करेला, टिंडा, खीरा, बैंगन, मुनगा, कुंदरु, चौलाई, पालक, पोई साग, गरूणी/भाजी, कचरी, अरबी, शकरकंद, कसावड़ तथा कटुक/स्टार गूसबेरी सब्जी फसलों के उत्पादन पर अनुदान सहायता दी जा रही है। इस योजना का लाभ लेने के लिए सब्जी उत्पादकों को एमपी एफएसटीएस पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। परियोजना के तहत हितग्राहियों को प्रति हेक्टेयर निर्धारित इकाई लागत 60 हजार प्रति हेक्टेयर पर 40 प्रतिशत 24 हजार रुपए तक अनुदान दिया जाता है।आयुक्त दुबे ने बताया कि योजना से जुड़ने के लिए कृषक के पास स्वयं की भूमि और सिंचाई सुविधा होना चाहिए। योजना से जुड़े किसानों को सब्जी उत्पादन तकनीकी एवं विपणन का प्रशिक्षण उद्यानिकी विभाग द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बुधवार की रात राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में पसला के मैरटोला के पास दो पहिया वाहन खडे ट्रक से टकराने से 60 वर्षीय शिक्षक की मृत्यु हो गई। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़ित को जिला चिकित्सालय भेजते हुए ट्रक को जप्त कर कार्यवाही की। वहीं गुरूवार को शव का पोस्टमार्डम उपरांत परिनजों को सौंप दिया। जानकारी के अनुसार अनूपपुर निवासी 60 वर्षीय शंकरलाल टांडिया ग्राम पयारी नंबर में उच्च श्रेणी शिक्षक के पद पर पदस्थ रहे हैं, जो रोज की तरह अपने दो पहिया वाहन से बुधवार की रात वापस अनूपपुर आ रहें अंधेरा होने से सामने राष्ट्रीय राजमार्ग में पसला के मैरटोला के समीप मोड में बडे वाहन की तेज रोशनी की वजह से सामने खडा ट्रक दिखाई नहीं दिया, जिससे वह ट्रक क्रमांक सीजी 29 एबी 0143 से सीधे जा टकराये जिससे उनके शरीर में गंभीर चोट आई। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय राजमार्ग में खडा वाहन अंधेरे में अपने वाहन की लाईट नहीं जलाई थी जिससे शिक्षक को पता नहीं चला कि सामने वाहन खड़ा है। घटना की जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने घायल टांडिया को 108 एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेजा परीक्षण दौरान डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। गुरुवार की सुबह परिजनों की उपस्थिति में मृत शिक्षक के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्डम के बाद अंतिम संस्कार हेतु परिजनो को सौप दिया।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जैतहरी जनपद की ग्राम पंचायत वेंकटनगर में गुरुवार सुबह एक सियार कुएं में गिर गया। जिसके बाद उनके कुएं के मालिक ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन विभाग की टीम ने कमी बताते हुए मना कर दिया। इसके बाद सर्पप्रहरी ने सियार का रेस्क्यू किया। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत वेंकटनगर में एक सियार गुरूवार की सुबह सुरेश सिंह निवासी के कुएं गिर गया जिसकी सूचना वन विभाग को दी गई जिस पर वन विभाग ने संसाधनों की कमी का हवाला देते हुए कुएं में गिरे सियार को निकालने में असमर्थता जताई। इससे बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। वहीं सूचना मिलने पर सर्पप्रहरी ऋषिराज सिंह, पुष्पराज और पूनम पाठक मौके पर पहुंचे और रस्सी में लकड़ी बांधकर कड़ी मशक्कत के बाद सियार को कुएं से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद स्वतंत्र विचरण के लिए जंगल में छोड़ दिया गया। इस घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के कई ग्रामीण मौके पर जमा हो गए थे।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में बीते कई दिनों से चक्रवाती तूफान मोंथा के असर से ऐसा लग रहा हैं कि बारिश का मौसम लौट रहा हैं। रविवार से मौसम ने करवट बदली हैं तब से आज बुधवार तक रूक -रूक कर बे मौसम बारिश हो रहीं हैं। जिससे जिले भर के किसानों में चिंता बढ़ी हैं। हर जगह पानी-पानी हो गया। ऐसे में खेतों में पककर तैयार धान की फसल का क्या होगा। उन किसानों को तो और अधिक चिंता सता रही है जिनकी फसल कटकर खेत में पड़ी है। हिन्दुस्थान समचार के संवाददाता ने मौके पर पहुंच किसानों से बातचीत की जिससे उनकी परेशानी सामने आई। वहीं विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटक नगरी अमरकंटक में धुंध (कोहरा) बनी हुई है जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खेतों से पानी निकालने में जुटे किसानअनूपपुर जिला मुख्यालय से लगे हुए गांवों में किसान अपने खेतों में फावड़ा की मदद से खेतों से पानी निकाल रहें हैं। कुछ किसान खेतों में धान की कटी फसलों को खेत के मेड़ के ऊपर रख कर बचाने का प्रयास कर रहें हैं, तो कुछ खेतों में पूरी फसल पानी से लबालब हैं। जैतहरी विकासखंड के ग्राम सेंदुरी निवासी किसान छत्रशाल राठौर ने बताया कि सुबह 5 बजे से वो खेत पर पहुंचे हुए हैं। पहले फसल को उठाकर मेड़ पर रखने की कोशिश की, जब लगा कि इसमें बहुत ज्यादा समय और मेहनत लगेगी, तो फिर खेत से पानी निकालने के लिए नाली बनाना शुरू कर दिया। कुछ खेतों में फसले पूरी तरह गिर गई, समय रहते अगर पानी नहीं निकाला गया तो पूरी धान सड़ जायेंगी। गिरी फसल को उठाना मुश्किलविकासखंड पुष्पराजगढ़ ग्राम हर्रा टोला निवासी लक्ष्मी प्रसाद नेटी ने बताया कि सुबह से सिर्फ अपने फसल की सुरक्षा में डटे हुए हैं। जितने रकबे में धान की खेती की है, उससे वह पूरे वर्ष के लिए अपने खाने की व्यवस्था करते हैं, अब फसल तो तैयार है, पिछले 4 महीने से यहीं पर रहकर इसकी रखवाली की है और अब जब फसल कटकर खेत में पड़ी हुई है, तो इस बेमौसम बरसात से लगता है यह भी बर्बाद हो जाएगी। कुछ किसानों ने बेमौसम बरसात के एक दिन पूर्व ही अपनी धान की फसलों को कटवाया है। और उसके बाद इस बारिश से नहीं लगता कि सही फसल सही सलामत घर पहुंच पायेंगी। अधिया खेती, उसमें भी आसमानी आफतग्राम पिपरिया के किसान राजू पटेल ने बताया कि "सुबह से खेत में एक बार आ गये हैं खेत में आधी फसल कट चुकी हैं और अब बारिश से खेत में पानी भर गया है पानी निकलने के लिए सुबह नाली बनाई थी अब उसी को देखने जा रहे हैं कि पानी निकल गया है या अभी बचा है अगर बचा होगा तो उसे भी निकालेंगे। मेडियारास के किसान भजन पटेल ने बताया कि दूसरे की खेत पर अधिया खेती की है, इसमें सब कुछ आधा-आधा लगाना होता है मतलब जो खर्चा खेती पर आता है उसमें आधा-आधा करना पड़ता है और जो भी फसल मिलती है वह भी आधी जमीन मालिक के साथ बांटनी होती है। पहले से वो अधिया खेती कर रहे हैं इतनी लागत भी लग गई है और अब इस बेमौसम बरसात ने उन्हें चिंतित कर दिया है कि कहीं हाथ आई फसल भी न चली जाए। अमरकंटक में कोहरे की चादरविश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटक नगरी अमरकंटक में धुंध बनी हुई है अमरकंटक के नर्मदा उद्गम मंदिर का परिसर भी कोहरे की चादर से ढका नजर आ रहा है। कोहरे के कारण यहां दृश्यता काफी कम हो गई है। जिससे आवागमन में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वाहन चालकों को वाहन चालाने में काफी परेशानी हो रहीं हैं। सामने का कुछ दिखाई नहीं देने से दुर्घटना का अंदेशा बना रहता हैं। यहां आने वाले पर्यटकों और सैलानियों को अपने वाहन नियंत्रित गति से चलाने पड़ रहे हैं। इस मौसम का आनंद लेने के लिए देश के हर कोने से लोग अमरकंटक पहुंच रहे हैं। पूरा क्षेत्र कोहरे की चादर से ढका हुआ है। रुक-रुक कर हो रही बारिश इस नजारे को और भी खूबसूरत बना रही है। ऊपर पहाड़ों से नीचे मैदानी इलाकों का नजारा देखते ही बनता है।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ विकाशखंड में शिक्षकों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी पर लंबित एरियर,डीए भुगतान और क्रमोन्नति लाभ के रूपयें मांगनेका अरोप लगाते हुए बुधवार को एसडीएम पुष्पराजगढ़ शिकायप पत्र सौंपते हुए हटाने की मांग की हैं। चेतावनी दी है कि 20 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो शिक्षक संघ सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा।विकासखंड पुष्पराजगढ़ के शिक्षकों का वर्षों से लंबित एरियर, डीए भुगतान, और क्रमोन्नति लाभ के न मिलने से तंग आकर आजाद अध्यापक शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया। एसडीएम पुष्पराजगढ़ को शिकायत पत्र देते हुए शिक्षकों ने खुलकर कहा कि बीईओ सतीश तिवारी के कार्यभार संभालने के बाद से ही भ्रष्टाचार ने जड़ें जमा ली हैं। “फाइल तभी चलती है जब रुपये चलते हैं।” कार्यालय के कर्मचारी खुलेआम रिश्वत मांगते हैं, बिल जमा करने पर रसीद नहीं देते और दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। शिक्षकों का आरोप है कि कोई आवेदन हो, वेतन अद्यतन या एरियर की मंजूरी हर जगह ‘नकदी की भाषा’ ही चलती है। कभी फाइल गायब कर दी जाती है, तो कभी हस्ताक्षर के नाम पर रोका जाता है। यह ऑफिस अब “घूस और धौंस” का पर्याय बन गया है। शिक्षक सवाल उठा रहे हैं कि क्या शिक्षा विभाग अब लूट का जरिया बन गया है? शिकायप पत्र में बताया कि दो वर्षों से डीए एरियर और क्रमोन्नति लाभ का भुगतान नहीं हुआ है। शिक्षकों की सेवापुस्तिका ऑनलाइन अपडेट नहीं की जा रही, जिससे वेतनमान अटका पड़ा है। इस देरी के कारण बैंक लोन की किस्तें समय पर नहीं भर पा रहे हैं और उनका सिविल स्कोर खराब हो रहा है। यानी बीईओ की लापरवाही ने शिक्षकों को न सिर्फ मानसिक बल्कि आर्थिक झटका भी दिया है।शिक्षकों ने बीईओ सतीश तिवारी को हटाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाज़ी की। “सतीश तिवारी हटाओ, शिक्षा बचाओ” के नारों से ब्लॉक कार्यालय गूंज उठा। शिक्षकों का कहना है कि बीईओ की तानाशाही और भ्रष्टाचार ने कामकाज की रीढ़ तोड़ दी है। कई बार मौखिक शिकायतें की गईं, पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा है। इस गूंज के पीछे सिर्फ गुस्सा नहीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति टूटा हुआ भरोसा है। शिक्षकों ने गंभीर आरोप लगाया कि कि बीईओ कार्यालय में पदस्थ अधिकारी शिक्षकों को धमकाते हैं। वेतन या फाइल के नाम पर ‘ऊपर की बात’ कहकर डराने का प्रयास किया जाता है। अगर पैसे देने से इनकार किया जाए तो अगले दिन उनका काम ही गायब मिल जाता है। शिक्षक संघ ने चेतावनी देते हुए दो टूक कहा कि “अब या तो कार्रवाई होगी या आंदोलन, 20 दिनों की समयसीमा में बीईओ सतीश तिवारी और अन्य कर्मचारियों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बजरंग दल कार्यकर्ता और भाजपा नेता नीलू उर्फ नीलेश रजक की लव जिहाद रोकने को लेकर की गई हत्या के मामले में पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने फरार चल रहे दोनों मुख्य हत्यारोपियों को 'शॉर्ट एनकाउंटर' के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस शार्ट एनकाउंटर में घायल हुए दोनों आरोपियों को इलाज के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच बुधवार काे जबलपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया है, जहां उनका उपचार चल रहा है। घटना की जानकारी लगते ही बिहार में चुनाव का प्रचार कर रहे विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक तुरंत प्राइवेट जेट से वापस कटनी लौटे । उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मध्य प्रदेश को इस्लामिक स्टेट नहीं बनने देंगे। संजय पाठक अस्पताल पहुंच गए जहां कलेक्टर एसपी से मुलाकात की तथा आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर अल्टीमेटम दिया था कि जब तक गिरफ्तारी नहीं होती तब तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। हत्याकांड होने के बाद से पुलिस के सामने चुनौती खड़ी हो गयी थी। सीसीटीवी कैमरों में मिले फुटेज और फीडबैक के आधार पर आरोपित अकरम खान व प्रिंस जोसफ का नाम सामने आया था। दोनों का ही निलेश उर्फ नीलू रजक से पुराना विवाद चल रहा था। उसके बाद कटनी और जबलपुर पुलिस की संयुक्त टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों आरोपी बहोरीबंद थाना क्षेत्र के कजरवारा इलाके में छिपे हुए हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की। खुद को घिरा देखकर आरोपियों ने पुलिस को पहले चुनौती दी, इसके बाद भागने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से हुई इस कार्रवाई में दोनों आरोपियों को पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए। घायल होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों प्रिंस जोसेफ और अकरम को मौके से दबोच लिया। गंभीर रूप से घायल दोनों आरोपियों को तत्काल इलाज के लिए कटनी से जबलपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया है।मृतक नीलू उर्फ नीलेश रजक भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के मंडल अध्यक्ष की हत्या का कारण क्षेत्र में 'लव जिहाद' के एक मामले में उनका हस्तक्षेप करना बताया गया है। नीलेश रजक लव जिहाद के मामले में प्रबल विरोधी थे। एक मामले में दखल देने के कारण हत्या के आरोपियों प्रिंस जोसेफ और अकरम ने लगभग एक माह पूर्व नीलेश रजक को बीच सड़क पर गोली मारने की धमकी दी थी। इसी धमकी के परिणामस्वरूप हत्या की वारदात को अंजाम देते हुए बजरंग दल कार्यकर्ता और भाजपा नेता नीलेश रजक को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया। बताया जाता है कि डीएवीवी स्कूल की एक छात्रा ने शिकायत की थी कि कोई मुस्लिम लड़का उनके साथ छेड़खानी करता है। नीलेश रजक उसे समझाने गए थे। उस दौरान विवाद और मारपीट हुई थी। मामला थाने पहुंचा था। दोनों पक्षों पर एफआईआर हुई, काउंटर केस बना। बाद में अकरम नाम के लड़के ने बोला था कि मैं तेरे को बीच चौराहे में गोली मारूंगा। डेढ़ महीने बाद उसने वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने डीजीपी को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसको लेकर डीजीपी ने आईजी को आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने की आदेश दिए थे। इसके बाद मौके पर तत्काल आएगी प्रमोद वर्मा एवं डीआईजी अतुल सिंह पहुंच गए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर चलाए गए इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग आईजी प्रमोद वर्मा एवं डीआईजी अतुल सिंह कर रहे थे।हत्या के बाद उपजे आक्रोश को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। कैमोर में अतिरिक्त बल भेजा गया है। अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं वहीं आक्रोशित लोगों द्वारा आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की है। घटना की दहशत में हत्या के 1 घंटे बाद ही एक आरोपी के पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। कैमोर में इस समय अघोषित कर्फ्यू की स्थिति बनी रही।
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भोपाल । गुजरात राज्य के गांधीनगर एवं केवड़िया में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड-2025 में मध्य प्रदेश पुलिस के कुल 334 जवान भाग लेंगे। यह दल अदम्य उत्साह, अनुशासन और देशभक्ति की भावना के साथ राज्य का प्रतिनिधित्व करेगा।जनसंपर्क अधिकारी आशीष शर्मा ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस का कॉन्टिजेंट गांधीनगर तथा केवड़िया में रहकर प्रशिक्षण, रिहर्सल और परेड अभ्यास में संलग्न है। जवानों ने प्रतिकूल परिस्थितियां एवं गहन अभ्यास कार्यक्रमों के बावजूद अथक परिश्रम और एकजुटता के साथ अपने प्रदर्शन की तैयारी की है। दल गुजरात पहुंच गया है।उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 को आयोजित एकता दिवस परेड के दौरान मध्यप्रदेश पुलिस के कॉन्टिजेंट अपनी अनुशासित चाल, सटीक कमांड तथा उत्कृष्ट तालमेल से सभी को प्रभावित करेगा। परेड दल का नेतृत्व परेड कमाण्डर उपुअ श्रीमती अन्नपूर्णा सिरसाम तथा सहायक कमाण्डर के रूप में उपनिरीक्षक संजय चौहान एवं उपनिरीक्षक चंचल रोमड़े दायित्व संभालेंगे। इनके सहयोगार्थ उपुअ निति दण्डोत्या, उपनिरीक्षक राजवीर विक्रम और उपनिरीक्षक रितेश सिसौदिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। कॉन्टिजेंट में प्लाटून संख्या 144 एवं बैण्ड बल 72 का संयोजन रहेगा।
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खटीमा में छठ महापर्व का भव्य आयोजन देखने को मिला.....ढलते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.....36 घंटे के निर्जला व्रत के बाद महिलाओं ने सूर्य देव को अर्घ्य दिया.....घाटों पर अनुपम दृश्य देखने को मिला..... इस पावन पर्व पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छठी मैया की पूजा की..... खटीमा में इस वर्ष छठ पर्व बड़ी धूम धाम से मनाया गया ..... सूर्य देव को अर्घ्य देने हजारों श्रद्धालु घाटों और तालाबों के किनारे जुटे.....पूर्वांचल समाज के लोगों ने पूरे हर्ष और भक्ति भाव से छठी मैया की पूजा-अर्चना की.....36 घंटे निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं ने ढलते सूर्य को अर्घ्य दिया..... और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.....इस दौरान खटीमा का माहौल मानो पूर्वांचल की झलक दिखा रहा था.....बाइस पुल घाट, मझोला और बरी अंजनिया घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ आया.....छठ गीतों की गूंज और दीपों की लौ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया.....कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शिरकत की..... और श्रद्धालुओं को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं.....जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या समेत कई जनप्रतिनिधियों ने भी पूजा में भाग लिया.....
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राजनांदगांव में आज नई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने औपचारिक रूप से पदभार संभाल लिया है..... इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी....एसपी अंकिता शर्मा ने विभागीय अधिकारियों को संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं.... राजनांदगांव की नई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने आज पदभार ग्रहण किया....पदभार संभालने के बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात की.... और जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए टीमवर्क पर ज़ोर दिया....उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे....अंकिता शर्मा ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का रिश्ता मजबूत करना उनकी प्राथमिकता रहेगी....वहीं स्थानीय नागरिकों ने नई एसपी से महिला सुरक्षा और साइबर अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद जताई है....उनके कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही जिले में नई ऊर्जा और अनुशासन की उम्मीद जग गई हैं....
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रीवा जिले के बिछिया थाना प्रभारी पर रिश्वतखोरी और अवैध शराब कारोबारियों से गुप्त समझौता के गंभीर आरोप लगे हैं.......इस संबंध में वार्ड 44 के पार्षद प्रतिनिधि ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को शिकायत सौंपी है.......मिश्रा ने चेतावनी दी है कि....... यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई.......तो वो थाना परिसर और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे....... वार्ड 44 के पार्षद प्रतिनिधि अमृत लाल मिश्रा ने आरोप लगाया है कि....... बिछिया थाना प्रभारी अवैध शराब कारोबारियों से खुलेआम रुपए वसूलती हैं....... उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी और आबकारी विभाग के संरक्षण में बिछिया थाना क्षेत्र के कई गांवों.......जैसे लालपा, हीरौल, लक्ष्मणपुर, कोठी, जोरी, गंगापुर और अन्य इलाकों में .......अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से चल रही है.......मिश्रा का कहना है कि शिकायत करने पर पुलिस ग्रामीणों को धमकाती है या....... गुंडों के जरिए भयभीत कराती है.......उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आरती सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है....... कि थाना प्रभारी और आबकारी अधिकारियों को तत्काल हटाया जाए.......अन्यथा बड़ा आंदोलन किया जाएगा.......वहीं एडिशनल एसपी आरती सिंह ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है.......जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.......आप सुन सकते हैं कि दोनों पक्षों ने इस पर क्या कहा.......
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रीवा दवा विक्रेता संघ ने आज अपने व्यापार को बंद रखते हुए...... हड़ताल की है......दवा विक्रेताओं का आरोप है कि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उन्हें आए दिन परेशान कर रहे हैं......जिसका उनके व्यापार पर पड़ रहा है ...... रीवा के दवा विक्रेताओं ने आरोप लगाया है कि ......वो नियमों के तहत अपना व्यापार कर रहे हैं......इसके बावजूद प्रशासन लगातार दबाव बना रहा है...... उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से छोटे व्यापारियों का कारोबार ठप हो रहा है......और रोज़मर्रा की दवा सप्लाई पर भी असर पड़ सकता है...... दवा विक्रेताओं ने चेतावनी दी है कि...... यदि प्रशासन ने उनकी समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया......तो वो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं......जब इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के CMHO संजीव शुक्ला से बात की गई......तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “हम इस मामले में कोई व्यक्तिगत बयान नहीं दे सकते...... यह निर्णय कलेक्टर के आदेश पर लिया गया है...... आपको बता दें कि यह पूरा मामला छिंदवाड़ा जिले की उस घटना से जुड़ा है......जहाँ कथित रूप से एक नकली दवा के कारण कई मासूम बच्चों की मौत हो गई थी...... उसी घटना के बाद से राज्यभर में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने दवा विक्रेताओं की दुकानों की जांच तेज़ कर दी है...... इसी क्रम में रीवा जिले के कई मेडिकल स्टोर्स पर भी कार्रवाई की जा रही है......जिसके विरोध में आज यह दुकान बंद हड़ताल की गई है...... फिलहाल प्रशासन और दवा विक्रेता संघ के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है......देखना होगा कि क्या आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच कोई समाधान निकल पाता है या नहीं......
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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में छठ महापर्व की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे संस्कृति, प्रकृति और समाज के बीच की गहरी एकता का प्रतीक बताया। 'मन की बात' के 127वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि छठ के घाटों पर समाज का हर वर्ग एक साथ खड़ा होता है, जो भारत की सामाजिक एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि यदि अवसर मिले तो इस पर्व में जरूर भाग लें। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय समाज की एकता और समरसता का भी प्रतीक है।
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जगदलपुर । नक्सली संगठन के केंद्रीय समिति के नक्सली नेता सोनू ने आत्मसमर्पण किया फिर नक्सलियाें के हार्डकोर कमांडर रुपेश ने हथियार डाले। लगातार बड़े नक्सलियों के आत्मसमर्पण से नक्सली गुटों में खलबली मची हुई है। सरकार अपनी सफलता पर खुश है, वहीं बचे-खुचे हथियार बंद नक्सली अपने साथियों के आत्मसमर्पण से दहशत और गुस्से में हैं। नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी ने इस कदम को “गद्दारी” करार देते हुए बयान जारी किया। इसके बाद रविवार काे सीपीआई (माओवादी) के आत्मसमर्पित केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश द्वारा जारी एक वीडियो बयान प्राप्त हुआ है। अपने इस बयान में रूपेश ने दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति के नॉर्थ सब-जाेनल ब्यूरो के माओवादी कैडरों के सामूहिक आत्मसमर्पण के निर्णय की प्रक्रिया और उसके पीछे के कारणों का विस्तार से उल्लेख किया है। आत्मसमर्पित नक्सली लीडर रुपेश ने खुलासा किया कि कई नक्सली आज भी आत्मसमर्पण करना चाहते हैं, लेकिन संगठन के भय और प्रतिशोध की आशंका से पीछे हट जाते हैं। शासन से हमारी अपील है कि जो साथी अब भी जंगल में हैं, उन्हें विश्वास दिलाया जाए कि सरकार उन्हें सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन देगी। आत्मसमर्पित रूपेश उर्फ सतीश द्वारा जारी वीडियो बयान के संदेश से यह स्पष्ट होता है कि 210 साथियों के साथ हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय अधिकांश माओवादी कैडरों का एक सामूहिक और सोच-समझकर लिया गया फैसला था, जो शांति, प्रगति और सम्मानजनक जीवन में उनके विश्वास को दर्शाता है। केवल कुछ सीमित कैडर ही इस निर्णय से असहमत या उससे अलग हैं। यह भी प्रतीत होता है कि कुछ स्वार्थपूर्ण कारणों और व्यक्तिगत हितों के चलते पोलित ब्यूरो सदस्य देवजी, केंद्रीय समिति सदस्य संग्राम और हिडमा तथा वरिष्ठ माओवादी कैडर जैसे बरसे देवा और पप्पा राव आदि ने सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने के इस सामूहिक निर्णय की जानकारी निचले स्तर के कैडरों तक नहीं पहुंचाई है। आत्मसमर्पण करने वाला नक्सली कमांडर रुपेश न केवल दंतेवाड़ा-बीजापुर डिवीजन कमेटी का प्रमुख था, बल्कि कई वर्षों तक दक्षिण बस्तर के नक्सली नेटवर्क का रणनीतिकार भी रह चुका है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बताते हैं कि बीते कुछ वर्षों में नक्सली आंदोलन की जड़ें कमजोर हुई हैं, क्योंकि युवाओं को अब यह समझ में आने लगा है, कि हथियार उठाने से न तो न्याय मिलेगा और न विकास। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कमांडर बताते हैं कि हमने क्रांति के नाम पर कई निर्दोषों की जान ली, लेकिन अब हमें एहसास हुआ कि असली बदलाव बंदूक से नहीं, संवाद से आता है। आत्मसमर्पण कर चुके नक्सली कमांडर रुपेश ने इस बात को स्वीकार किया है। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ नक्सली द्वारा अपने संगठन की लाइन से हटने पर संगठन ने उसे गद्दार घोषित किया हो, बड़े नक्सली नेताओं के आत्मसमर्पण के इतिहास को पलटे तो मिलेगा कि, नक्सल आंदोलन के शुरुआती दिनों में कानू सान्याल ने हिंसा की राह छोड़ने की बात की थी, तब भी उन्हें क्रांति विरोधी ठहराया गया था। इसी तरह सीतारमैय्या सहित कई अन्य नक्सली नेताओं ने विचारधारा से अलग रास्ता अपनाया तो उन्हें भी गद्दार बताया गया। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने उल्लेख किया कि सरकार की मंशा के अनुरूप, बस्तर की जनता का कल्याण और सुरक्षा बस्तर पुलिस तथा यहां तैनात सुरक्षा बलों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आज शेष माओवादी कैडरों के सामने केवल एक ही विकल्प शेष है, हिंसा और विनाश के मार्ग को त्यागकर शांति और विकास के मार्ग को अपनाना। जो लोग अब भी इस विवेकपूर्ण आह्वान की अवहेलना करेंगे, उन्हें इसके अनिवार्य परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
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भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष कांत देव सिंह का जोरदार स्वागत किया गया......मैहर माता मंदिर दर्शन के बाद सिंगरौली पहुंचे...... कांत देव सिंह का तीनों विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों, जिला अध्यक्ष और हजारों कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ अभिनंदन किया......समर्थकों ने काफिले का स्वागत गाजे-बाजे और हजारों गाड़ियों के साथ किया...... नवनियुक्त प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष कांत देव सिंह मैहर माता मंदिर के दर्शन के बाद सिंगरौली पहुंचे...... उनके स्वागत के लिए सिंगरौली, देवसर और रीवा-सीधी के विधायक रामनिवास शाह, राजेंद्र मेश्राम, भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर शाह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह परमार सहित कई पार्टी पदाधिकारी और हजारों कार्यकर्ता मौजूद थे...... स्वागत समारोह में उन्हें फूल मालाओं से अभिनंदन किया गया...... और जगह-जगह ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी......कांत देव सिंह का काफिला हजारों गाड़ियों के साथ शहर में पहुंचा......जिससे कई जगह जाम की स्थिति बनी...... हालांकि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी और किसी तरह की घटना नहीं हुई......कार्यकर्ताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था...... इस दौरान कांत देव सिंह ने कहा कि इस अभूतपूर्व स्वागत से वे अभिभूत हैं...... और प्रदेश नेतृत्व द्वारा दी गई जिम्मेदारी को बिना किसी भेदभाव के पूरे निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे......
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हिसार । जिले के गांव पेटवाड़ में जन्मे जस्टिस सूर्यकांत देश के 53वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) होंगे। वे वर्तमान मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई के आगामी 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद संभालेंगे और 9 फरवरी 2027 तक इस पद पर रहेंगे। प्रदेश को ऐसा मान पहली बार मिलने वाला है। इसको लेकर पूरे गांव में खुशी की लहर है। दिवाली के बाद एक और दिवाली इस गांव में देखने को मिलेगी। दिवाली से एक दिन पहले ही जस्टिस सूर्यकांत अपने पैतृक गांव पेटवाड़ में बचपन की सभी यादें ताजा करके गए हैं। वह अपने पैतृक घर में भी पहुंचे, जिसमें उनका बचपन गुजरा था। उनका जन्म भी इसी घर में हुआ था। जिस स्कूल में उन्होंने प्राथमिक शिक्षा ग्रहण की थी उस स्कूल में भी जाकर काफी पल बिताए। जिस कमरे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करते थे उस कमरे को काफी देर देखा। गांव के सरपंच सतबीर सिंह ने बताया कि वो जब भी गांव में पहुंचते हैं तो ग्रामीणों से खुले मन से बातचीत करते हैं। जस्टिस सूर्यकांत के बड़े भाई मास्टर ऋषिकांत ने बताया कि उनके चीफ जस्टिस बनने पर पूरे प्रदेश का नाम रोशन होगा। वह शुरू से ही पढ़ाई लिखाई करने में होशियार थे। वह जब भी गांव में आते हैं तो सभी ग्रामीणों से मिलकर हाल-चाल पूछते है। जस्टिस सूर्यकांत के पिता मदन लाल शास्त्री अध्यापक थे। उन्होंने 14 पुस्तक लिखी, जिनमें हरियाणवी भाषा में रामायण भी शामिल है। इसके लिए उनको हरियाणा साहित्य अकादमी की तरफ से सूरदास पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। जस्टिस सूर्यकांत 10 फ़रवरी 1962 को एक मध्यमवर्गीय परिवार में पैदा हुए। उन्होंने गांव के प्राइमरी स्कूल में प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की और उसके बाद दसवीं कक्षा भी गांव के ही सरकारी स्कूल में पास की। वर्ष 1981 में राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हिसार से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1984 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक से विधि स्नातक की उपाधि प्राप्त की। 1984 में हिसार ज़िला न्यायालय में वकालत शुरू की। 1985 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में वकालत करने के लिए चंडीगढ़ चले गए। 7 जुलाई 2000 को हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता नियुक्त होने का गौरव प्राप्त किया। इसके बाद मार्च 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया। 09 जनवरी 2004 को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के स्थायी न्यायाधीश बने। 5 अक्टूबर 2018 से 23 मई 2019 तक हिमाचल प्रदेश के मुख्य न्यायाधीश पद पर रहे। 24 मई, 2019 को उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
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(प्रवीण कक्कड़) जीवन अवसरों और चुनौतियों का अनवरत सिलसिला है, और इनके बीच सबसे निर्णायक सेतु है—निर्णय। हम अक्सर किसी चौराहे पर खड़े होते हैं: ‘हाँ’ कहें या ‘ना’, सुरक्षित मार्ग चुनें या जोखिम लें, कदम आगे बढ़ाएँ या यथास्थिति बनाए रखें। यह क्षणिक ठहराव—यदि लंबा खिंच जाए—धीरे-धीरे जीवन की गति और ऊर्जा को सोख लेता है। अनिर्णय व्यक्ति को निष्क्रियता की ओर धकेलता है और निष्क्रियता अंततः ठहराव का कारण बनती है। एक पूर्व पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक जिम्मेदारियाँ निभा चुका व्यक्ति होने के नाते मेरा अनुभव यही कहता है: निर्णय लेना ही नहीं, सही समय पर सही निर्णय लेना सफलता का सबसे बड़ा तत्व है। इतिहास साक्षी है कि समयबद्ध और साहसिक निर्णयों ने व्यक्तियों, संस्थाओं और राष्ट्रों की दिशा बदल दी। निर्णय: अस्तित्व का आधार और प्रेरणा की धुरी निर्णय केवल विकल्प चुनना नहीं, भविष्य की रूपरेखा तय करना है। जिस क्षण हम साहसिक निर्णय लेते हैं, उसी क्षण हम अपने आने वाले अवसरों की दिशा भी चुन लेते हैं। – स्वामी विवेकानंद ने शिकागो में बोलने का निर्णय लिया—भारतीय अध्यात्म की आवाज़ विश्व मंच पर अजर-अमर हो गई। – महात्मा गांधी ने चंपारण में उतरने का निर्णय लिया—स्वाधीनता संग्राम की धारा ही बदल गई। – असंख्य युवाओं ने सुरक्षित नौकरी छोड़कर स्टार्टअप का निर्णय लिया—अपना भविष्य गढ़ा और हज़ारों के लिए रोज़गार के द्वार खोले। हर बड़ा परिवर्तन—व्यक्तिगत हो या राष्ट्रीय—एक निर्णायक कदम से ही शुरू होता है। सही निर्णय: विवेक और दूरदृष्टि का संगम निर्णय लेना एक बात है; सही निर्णय लेना एक कला है। यह तीन बातों पर आधारित होता है— - स्थिति का यथार्थपरक विश्लेषण, - विकल्पों का संतुलित मूल्यांकन, - दीर्घकालिक प्रभाव को समझना। सफलता की गारंटी केवल मेहनत नहीं, बल्कि सही दिशा में लिया गया विवेकपूर्ण निर्णय होती है। मेहनत इंजन है, दिशा निर्णय तय करता है। समय पर निर्णय: अवसरों को थामने की कुंजी अवसर दरवाज़ा खटखटाते हैं, पर इंतज़ार नहीं करते। जो “सोचते” रह गए, वे पीछे छूट गए; जो “निर्णय” ले बैठे, वही आगे बढ़े। देरी की तीन कीमतें होती हैं— (1) अवसर का पलायन, (2) प्रतिस्पर्धा की बढ़त, (3) आत्मविश्वास का क्षय। यही कारण है कि समय पर लिया गया साधारण निर्णय भी देरी से लिए गए श्रेष्ठ निर्णय से अधिक प्रभावशाली सिद्ध होता है। जीवन के हर मोर्चे पर निर्णय की भूमिका विद्यार्थी के लिए कुछ अतिरिक्त घंटे पढ़ने या सही करियर-विषय चुनने का निर्णय भविष्य के दरवाजे खोलता है। उद्यमी या व्यापारी के लिए बाजार को समझकर नई साझेदारी का त्वरित निर्णय (जैसे किसी सक्षम भागीदार से टाई-अप या रणनीतिक निवेश) मंदी में भी विकास का इंजन बन सकता है। पेशेवर जीवन में प्राथमिकताएँ तय करने और समय प्रबंधन के निर्णय से न केवल उत्पादकता बढ़ती है बल्कि आत्मविश्वास भी। गृहस्थ जीवन में शिक्षा, पोषण और बचत को लेकर सही निर्णय पूरे परिवार को सुरक्षित आधार देता है। सामाजिक जीवन में गलत के खिलाफ़ आवाज़ उठाने का निर्णय एक सजग नागरिक गढ़ता है। राष्ट्र की शक्ति उसके नागरिकों के छोटे-बड़े, समयबद्ध निर्णयों में ही निहित होती है। नेतृत्व का शिखर: जब एक निर्णय लाखों को प्रभावित करता है नेतृत्व का बड़ा दायित्व निर्णय लेना है—अपने लिए और उन सबके लिए जो उस पर निर्भर हैं। चाहे जनप्रतिनिधि का जनहित में साहसिक कदम हो या किसी प्रशासनिक अधिकारी का नीतिगत निर्णय—एक पल की अनिर्णय स्थिति लाखों जीवनों को प्रभावित कर सकती है। निर्णय में देरी से नीतियाँ अटकती हैं, योजनाएँ ठहरती हैं और सपने अधूरे रह जाते हैं। गलत निर्णय से डरना नहीं, उससे सीखना ज़रूरी है निर्णय गलत हो सकते हैं—पर निर्णय न लेना सबसे बड़ी भूल है। गलत निर्णय सुधारे जा सकते हैं; अनिर्णय की स्थिति नहीं। जो गिरकर भी उठते हैं, गलतियों से सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं—वही विजेता बनते हैं। जीतने और हारने वालों में फर्क यही होता है। अपना निर्णय स्वयं लेकर अपना भाग्य लिखिए जीवन में निर्णय से कोई नहीं बच सकता। या तो परिस्थितियाँ आपके लिए निर्णय लेंगी, या आप अपने विवेक और साहस से अपना भाग्य स्वयं लिखेंगे। सही निर्णय, समय पर निर्णय और साहसिक निर्णय—यही जीवन को दिशा और मंज़िल देते हैं। ‘कल’ की दिशा हमेशा ‘आज’ लिए गए एक निर्णायक कदम से तय होती है। उठिए, सोचिए, और एक स्पष्ट निर्णय के साथ अपने जीवन की नई दिशा तय कीजिए।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के अमरकंटक में मां नर्मदा उद्गम के रामघाट के दक्षिणी तट पर शुक्रवार की सुबह एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता झूला पुल के पास लोगों ने देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए अमरकंटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, अमरकंटक में नर्मदा उद्गम के रामघाट के दक्षिणी तट पर एक व्यक्ति का शव पानी में तैरता झूला पुल के पास लोगों ने देखा और कर पुलिस को सूचना दी। अमरकंटक थाना प्रभारी लाल बहादुर तिवारी ने बताया कि सुबह करीब 11 सूचना मिली। पानी में शव का केवल सिर दिखाई दे रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकाल कर पोस्टमॉर्टम के भेज दिया है। फिलहाल शव की पहचान नहीं हो पाई है। शव के पास से कोई भी पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं।
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धमतरी । दीपावली त्योहार के चलते धमतरी की श्यामतराई स्थित थोक सब्जी मंडी चार दिनों से पूरी तरह बंद थी। इसके चलते कारण शहर में सब्जियों की सप्लाई थम गई और बाजार में भाव आसमान छूने लगे। शुक्रवार को थोक सब्जी मंडी चार दिन बाद खुली। सब्जियां खरीदने चिल्लर विक्रेताओं की भीड़ बाजार में लगी रही।दीपावली त्योहार के चलते शहर के प्रमुख बाजारों में ताजे हरे सब्जियों की भारी कमी रही। स्थिति यह रही कि कुछ व्यापारी रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव और गुंडरदेही से ट्रक और मिनी वाहन के जरिए सब्जियां मंगाकर बेचने पहुंचे, लेकिन सीमित मात्रा और ज्यादा खर्च की वजह से दरें सामान्य से दोगुनी-तीन गुनी रहीं। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि बाजार में भिंडी 80 रुपये प्रति किलो, मूली और गाजर 50 रुपये किलो, टमाटर 40 से 50 रुपये किलो तथा पत्ता गोभी 60 रुपये किलो, गोभी 120 रुपये, अदरक 120 रुपये किलो, करेला और बरबटी 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। सब्जियों के दामों में हुई इस तेज बढ़ोतरी ने आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। लगातार चार दिन की बंदी ने बाजार की पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। फुटकर विक्रेताओं का कहना है कि बाहर से सब्जी मंगवाने से मालभाड़ा ज्यादा लगता है।सब्जी विक्रेता सोहन सोनकर ने बताया कि उन्होंने गुंडरदेही से सब्जियां मंगवाई हैं, लेकिन ट्रांसपोर्ट और लोडिंग का खर्च अधिक पड़ने के कारण उन्हें महंगे दाम पर बेचना पड़ा। थोक सब्जी विक्रेता विनोद चुगानी ने कहा कि मंडी बंद होने से स्थानीय आपूर्ति ठप पड़ जाती है। आवक बढ़ने पर ही कीमत कम होती है। शुक्रवार को मंडी खुलने के बाद धमतरी के रामबाग, गोलबाजार और इतवारी बाजार क्षेत्र में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ लगी। चार दिन बाद बाजार में सब्जियों की रेट में कमी दिखी। थोक सब्जी विक्रेता संघ अध्यक्ष कैलाश यादव ने बताया कि त्योहार के कारण मंडी बंद थी। शुक्रवार को थोक सब्जी मंडी खुली। आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है। स्थानीय किसानों से ताजी सब्जियों की आवक शुरू होते ही दामों में और कमी आएगी।
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नई दिल्ली । मशहूर विज्ञापन गुरु पीयूष पांडे का शुक्रवार को 70 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सुहेल सेठ ने अपने एक्स अकाउंट पर उनके निधन की जानकारी साझा की है। भारतीय विज्ञापन जगत का चेहरा बदलने वाले पीयूष पांडे ने 'मिले सुर मेरा तुम्हारा' गाने के साथ भारतीय जनता पार्टी के लिए यादगार नारा गढ़ा था- अबकी बार मोदी सरकार और अच्छे दिन आने वाले हैं। सुहेल सेठ ने अपने एक्स एकाउंट पर शोक जताते हुए लिखा, 'सबसे प्यारे दोस्त पीयूष पांडे जैसे प्रतिभाशाली व्यक्ति के निधन से बेहद दुखी और स्तब्ध हूं। भारत ने एक महान विज्ञापन जगत की हस्ती नहीं, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बेहतरीन सज्जन को खोया है। पीयूष पांडे का जन्म 1955 में जयपुर में हुआ था और उनके परिवार में नौ बच्चे थे-सात बेटियाँ और दो बेटे। उनके भाई-बहनों में फिल्म निर्देशक प्रसून पांडे और गायिका-अभिनेत्री इला अरुण शामिल हैं। साल 1982 में वे ओगिल्वी में शामिल हुए। 27 साल की उम्र में उन्होंने विज्ञापन जगत में कदम रखा।एशियन पेंट्स ("हर खुशी में रंग लाए"), कैडबरी ("कुछ खास है"), फेविकोल और हच जैसे ब्रांडों में आवाज देकर विज्ञापनों की दुनिया में एक अलग मिसाल पेश की।
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जबलपुर। मप्र के जबलपुर शहर के दीक्षितपुरा क्षेत्र के तिराहे पास बुधवार की सुबह स्मार्ट बिजली मीटर में शार्ट सर्किट होने से आग लग गई, जो थोड़ी ही देर में फैल गई और आसपास के कुछ सामानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। घटना को लेकर पीड़ित शुभम सोनी ने बताया कि कुछ समय पूर्व बिजली कंपनी वाले नया स्मार्ट मीटर लगाकर गये थे, जिसमें बुधवार अचानक शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। इसके तुरंत बाद उन्होंने इसकी सूचना बिजली विभाग और फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन फायर ब्रिगेड वाले नहीं आए। वहीं बिजली कंपनी के कर्मचारी छह घण्टे बाद पहुंचे। बढ़ती आग को घर के सदस्यों ने बड़ी मशक्कत के बाद काबू में किया, लेकिन तब तक एक मोटर साईकिल सहित लगभग 2 लाख मूल्य का अन्य सामान जल गया।
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जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है ... सुरई रेंज के अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा ऊंची महुवट में एक अजगर सीधे एक घर में घुस गया ... जिससे घर में हड़कंप मच गया .. वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया .. खटीमा के ग्राम ऊंची महुवट में दीपक सामंत के घर में लगभग 15 फीट लंबा अजगर घुस गया ,.... अजगर को देखकर घर में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने वन विभाग को सूचना दी ,... सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और अजगर को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर रेस्क्यू किया ,... रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने बताया कि ,... वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से अजगर को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ दिया गया ,... इस कार्रवाई में महेंद्र सिंह, वन आरक्षित दीपक कश्यप, जीवन सिंह चौपाल, प्रवीण सिंह और राजेंद्र सिंह मनराल की टीम मौजूद रही ,... यह घटना सुरई रेंज में जंगली जानवरों की बढ़ती गतिविधियों को दर्शाती है ,... जिससे स्थानीय लोग चिंतित हैं लेकिन वन विभाग की मुस्तैदी ने सभी को राहत दी
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सिंगरौली में सड़क सुरक्षा और जन जागरूकता को लेकर परिवहन विभाग लगातार सक्रिय है ,.... आरटीओ विक्रम सिंह राठौर के निर्देशन में चेक पॉइंट प्रभारी विभा उईके की टीम ने ,.... शहर के विभिन्न इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया ,.... इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई ,.... वहीं लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया गया ,... सिंगरौली में परिवहन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सड़क सुरक्षा एवं जनजागरूकता अभियान के तहत ,.... विभा उईके के नेतृत्व में रोड सेफ्टी इंफोर्समेंट टीम ने अलग-अलग चेक पॉइंटों पर कार्रवाई की ,... इस दौरान बिना परमिट, फिटनेस और टैक्स वाले वाहनों पर जुर्माना लगाते हुए सात लाख बयालीस हजार तीन सौ रुपये का राजस्व वसूला गया ,... अभियान में समाजसेवी संस्थाओं, पत्रकारों और नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही ,... आरटीओ विक्रम सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा ,... और नियम विरुद्ध बसों, टैक्सियों व मालवाहक गाड़ियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ,... अभियान अगले आदेश तक निरंतर जारी रहेगा ,...चेकिंग के दौरान जनता को कए मुख्य संदेश भी दिए गए ,,,,जैसे सड़क सुरक्षा है जीवन रक्षा,नियम तोड़ेंगे तो हादसों को न्योता देंगे,शराब पीकर वाहन न चलाएं,ब्रेक और टायर रहेंगे फिट, तो आप रहेंगे हिट जैसे कई सुझाव दिए गए ,.....
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नई दिल्ली । दिवाली की छुट्टी के बाद आज बलि प्रतिपदा के अवसर पर भी घरेलू शेयर बाजार में छुट्टी है। इस छुट्टी के कारण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज एनएसई लगातार दूसरे दिन बंद है और आज किसी तरह की कोई ट्रेडिंग नहीं हो रही है। यानी आज शेयर बाजार में पूरी तरह से छुट्टी है। आज बलि प्रतिपदा और गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही हिन्दू परंपरा के मुताबिक आज से कारोबारी नव वर्ष की शुरुआत होती है। दिवाली की छुट्टी के मौके पर कल शेयर बाजार में परंपरागत मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया गया था। दोपहर 1:45 से 2ः45 बजे तक यह पूजा हुई। 1 घंटे की ट्रेडिंग में बीएसई का सेंसेक्स 0.07 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था। इसी तरह एनएसई के निफ्टी ने 0.10 प्रतिशत कुशल कर मूर्ति ट्रेडिंग का अंत किया था। शेयर बाजार में दिवाली के दिन परंपरागत रूप से मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाता है। इसे कारोबारी हिंदू वर्ष के दौरान होने वाले कारोबार के शुरुआती संकेत का प्रतीक माना जाता है। स्टॉक एक्सचेंज की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार आज बीएसई में इक्विटी सेगमेंट और इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट समेत एसएलबी सेगमेंट, करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट्स, एनडीएस-आरएसटी, ट्राई पार्टी रेपो, कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट, इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीप्ट्स (ईजीआर) सेगमेंट सभी के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे है। एनएसई में भी आज इक्विटीज, इक्विटी डेरिवेटिव्स, कमोडिटीज डेरिवेटिव्स, कॉरपोरेट बॉन्ड्स, न्यू डेट सेगमेंट्स, निगोशिएटेड ट्रेड रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म, म्यूचुअल फंड्स, सिक्योरिटी लेंडिंग एंड बॉरोइंग स्कीम्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंट्रेस्ट रेट डेरिवेटिव्स सभी सेगमेंट्स में छुट्टी रहेगी। इसके अलावा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में भी बलि प्रतिपदा के मौके पर आज छुट्टी रहेगी। दिवाली के बाद बलि प्रतिपदा की छुट्टी होने के कारण निवेशकों और कारोबारियों को लगातार 2 दिन का कारोबारी अवकाश मिल गया है। अब शेयर बाजार में कल यानी 23 अक्टूबर से सामान्य कामकाज की शुरुआत हो जाएगी। दिवाली के इस सप्ताह में शेयर बाजार में कुल 4 दिनों की छुट्टी रहने वाली है। इनमें दिवाली और बलि प्रतिपदा की छुट्टियों के अलावा शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश भी शामिल है। शेयर बाजार के सामान्य कारोबार की बात करें, तो इस सप्ताह सोमवार को सामान्य कारोबार हुआ था। इसके बाद अब गुरुवार और शुक्रवार को दो दिन सामान्य कारोबार होगा। दिवाली और बलि प्रतिपदा के बाद बाकी बचे हुए साल 2025 में शनिवार-रविवार के अलावा शेयर बाजार में नवंबर की 5 तारीख को गुरु पूरब की छुट्टी होगी, जबकि 25 दिसंबर को क्रिसमस के मौके पर स्टॉक मार्केट बंद रहेगा। इन छुट्टियों के अलावा करेंसी डेरिवेटिव सेगमेंट में 5 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की भी छुट्टी रहेगी।
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अनूपपुर । दीपावली के दूसरे दिन बुधवार को मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले सहित आसपास के नगरों और गांवों में गोवर्धन पूजा का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने गोमाता का पूजन किया और मंदिरों में अन्नकूट उत्सव का आयोजन कर भगवान को भोग लगाकर प्रसाद का वितरण किया गया। जिले भर में गोवर्धन पूजा का पर्व बड़ी श्रद्धा से मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग लगा कर लोगो में वितरण किया गया। गौपालक घरों की महिलाओं ने सुबह से ही अपने घरों के सामने गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाई। पारंपरिक विधि-विधान से इसकी पूजा-अर्चना की गई। महिलाओं ने पारंपरिक परिधान धारण कर गोवर्धन पर्वत के प्रतीक की पूजा की गई। वहीं अनूपपुर की रामजानकी मंदिर में विधि विधान से भ्रवान श्रीकृष्ण के गिरधारी स्वरूप का पूजन के बाद अन्नकूट प्रसादी के रूप में विभिन्न प्रकार के तैयार व्यंजनों वितरण किया गया। इस दौरान मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। इसके अलावा अमरकंटक, राजेन्द्रग्राम, कोतमा, जैतहरी, भालूमाड़ा, बिजुरी सहित पूरेक्षेत्र की मंदिरों में अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाया गया। पौराणिक कथा के अनुसार इस दिन गाय और बछड़ों की पूजा का विधान है। गोवर्धन पूजा पर भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी है। मान्यता है कि श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव के प्रकोप से गोकुल वासियों को बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था। इससे सभी गोकुलवासियों की रक्षा हुई थी और इंद्रदेव का घमंड टूट गया थी। तभी से इस दिन को गोवर्धन के रूप में मनाने की परंपरा है। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि और धन की वृद्धि होती है। गोवर्धन पूजा पर केवल एक सरल उपाय गौसेवा या गोवर्धन पर्वत की पूजा से आप अपने घर में स्थायी लक्ष्मी का वास कर सकते हैं और सुख-समृद्धि की वर्षा पा सकते हैं। इस दिन सबसे शुभ उपाय है गाय की सेवा, गुड़, चारा और रोटी खिलाएं, ऐसा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है और घर में धन-धान्य का स्थायी वास होता है। यदि घर में गाय न हो तो गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाएं उस पर फूल, दीपक, रोली, चावल और मिठाई अर्पित कर भगवान श्रीकृष्ण, इंद्रदेव और गौमाता का पूजन करें। मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से गोवर्धन पूजा करता है, उसके जीवन से दरिद्रता दूर होती है और घर में अन्न व संपत्ति की कभी कमी नहीं रहती। यह पूजा प्रकृति, गाय और गोवर्धन पर्वत के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। दिनभर मौनी उपवास रखकर जंगल में बिताया दिन, शाम को गौ माता की पूजा कर तोड़ा व्रतजिले के ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली का पर्व एवं गौ माता की पूजा का विशेष महत्व है। ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली के बाद मौनी व्रत रखते हुए शाम को पूजा अर्चना की जाती है। इसके बाद तक गौवंशों की पूजा कर व्रत तोड़ा जाता है। दीपावली से एकादशी पर्व तक यादव परिवार के लोग गांव में घर-घर जाकर के देवारी नाच करते हैं, जिसके बदले में प्रत्येक घर से नाच गाने कर रहे व्यक्तियों को अनाज कार्यक्रम की समाप्ति पर दिया जाता है। बछड़े के नीचे से निकल कर दूर करते हैं दोषपुष्पराजगढ़ विकासखंड के ग्राम भेजरी निवासी अर्जुन सिंह ने बताया कि दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा पर गांव के सभी लोग उस स्थान जहां पर गांव की सभी गाय एकत्रित होती है वहां पर गाय के बछड़े के नीचे से तीन बार निकलते हुए अपने सभी रोग दोष से मुक्ति पाते हैं। ग्रामीण मनराज सिंह धुर्वे ने बताया कि मौनी उपवास रखकर दिनभर जंगलों में गाय को चराते हैं। शाम को घर पहुंचने पर पूजा अर्चना के बाद यह व्रत समाप्त होता है। ग्रामीण ने बताया कि 12 वर्ष तक मौनी उपवास ग्रामीण रखते हैं।
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नई दिल्ली । नवी मुंबई में गुरुवार को होने वाले अहम मुकाबले में भारत और न्यूज़ीलैंड की टीमें सेमीफाइनल की उम्मीदों के लिए मैदान में उतरेंगी। टूर्नामेंट में लगातार तीन हार झेल चुकी भारतीय टीम पर काफी दबाव है। पांच मैचों के बाद भी टीम संयोजन तय न कर पाने के कारण भारत की आलोचना बढ़ गई है। हालांकि, टीम अब नवी मुंबई लौट रही है, जहां के मैदान में कई खिलाड़ी टी20 अंतरराष्ट्रीय और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में खेल चुके हैं और जहां उन्हें सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए बस एक जीत चाहिए। दूसरी ओर न्यूज़ीलैंड की स्थिति भी आसान नहीं है। बारिश के कारण उनके पिछले दो मुकाबले रद्द हो गए, और अब उन्हें सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत और इंग्लैंड, दोनों के खिलाफ जीत दर्ज करनी होगी। यह मुश्किल जरूर है लेकिन नामुमकिन नहीं, खासकर जब वे अपने टी20 विश्व कप खिताब की पहली वर्षगांठ मना रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि उस विश्व कप में उन्होंने उद्घाटन मैच में भारत को हराया था। कुल 57 वनडे में से न्यूज़ीलैंड ने 34 मुकाबले जीते हैं और 2022 के बाद से भारत के खिलाफ पिछले 9 में से 6 में बाज़ी मारी है। टीम इंडिया की चिंता – अस्थिर संयोजन और नाकाम बल्लेबाज़ी भारत ने हर मैच में अलग-अलग योगदान देखा है, लेकिन कोई स्थायी संयोजन नहीं बन पाया। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में टीम ने पांच गेंदबाज़ों के बजाय एक अतिरिक्त गेंदबाज़ को शामिल करने के लिए जेमिमा रोड्रिग्ज़ को बाहर किया था। गेंदबाज़ों ने इंग्लैंड को 288 रन पर रोकने में अच्छा काम किया, लेकिन बल्लेबाज़ी दबाव में एक बार फिर लड़खड़ा गई। यह समस्या अब टीम के लिए सबसे बड़ी चिंता बन चुकी है। बारिश फिर बिगाड़ सकती है खेल कोलंबो में लगातार दो मैच धुल जाने पर न्यूज़ीलैंड की कप्तान सोफी डिवाइन ने इसे “निराशाजनक” कहा था। नवी मुंबई में भी मौसम की भविष्यवाणी अच्छी नहीं है। मैच से दो दिन पहले ही तेज बारिश के कारण भारतीय टीम का ट्रेनिंग सेशन रद्द करना पड़ा। अगर मैच धुल जाता है तो भारत के लिए फायदा होगा, क्योंकि न्यूज़ीलैंड को इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम से भी भिड़ना है। क्रांति गौड़ पर नज़रें भारत की युवा तेज़ गेंदबाज़ क्रांति गौड़ ने शानदार शुरुआत के बाद डेथ ओवरों में रन लुटाए हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने शुरुआती ओवरों में 1/19 का आंकड़ा दिखाया था, लेकिन अंतिम ओवरों में 40 रन दे बैठीं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ भी उनका प्रदर्शन कमजोर रहा। बैटिंग-फ्रेंडली पिच पर उन्हें जल्दी लय पकड़नी होगी। न्यूज़ीलैंड की ओपनिंग जोड़ी पर दबाव सुज़ी बेट्स और जॉर्जिया प्लिमर का बल्ला इस टूर्नामेंट में खामोश रहा है। दोनों की साझेदारी का औसत 10.66 है, जो टूर्नामेंट में दूसरा सबसे कम है। डी वाई पाटिल स्टेडियम की पिच बल्लेबाज़ों के अनुकूल मानी जाती है, और न्यूज़ीलैंड को एक ठोस शुरुआत की दरकार होगी। संभावित प्लेइंग XI भारत: स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, रेनुका सिंह/जेमिमा रोड्रिग्ज़, क्रांति गौड़, श्री चरनी। न्यूज़ीलैंड: सूज़ी बेट्स, जॉर्जिया प्लिमर, अमेलिया केर, सोफी डिवाइन (कप्तान), ब्रूक हॉलिडे, मैडी ग्रीन, इसाबेला गेज़ (विकेटकीपर), जेस केर, रोज़मेरी मैयर, ईडन कार्सन, ली ताहूहू।
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बलरामपुर। छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमा पर बहने वाली जीवनदायिनी कन्हर नदी एक बार फिर लोक आस्था के सबसे बड़े पर्व छठ महापर्व की तैयारियों से सराबोर हो गई है। श्रद्धा, भक्ति और स्वच्छता के संगम से सरहदी क्षेत्र के घाटों पर उत्साह का वातावरण बन गया है। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सरहदी इलाके में बहने वाली कन्हर नदी में इस वर्ष भी छठ महापर्व की धूम मचने लगी है। यह वही नदी है जो छत्तीसगढ़ और झारखंड की सीमाओं को जोड़ती है, और हर साल यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र होकर सूर्य उपासना करते हैं। नदी किनारे बसे गांवों में इस पर्व को लेकर उल्लास और तैयारी दोनों चरम पर हैं। नदी तट पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर घाट पर इस समय सफाई अभियान तेज हो गया है। ग्रामीण, महिलाएं और युवा मिलकर अपने-अपने घाटों की साफ-सफाई में जुटे हैं। झाड़ू के सहारे घाटों को चमकाया जा रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं ने बताया कि, छठ पर्व हमारी आस्था का प्रतीक है। हम अपने घर-परिवार की सुख-समृद्धि और समाज की खुशहाली के लिए सूर्य देव की पूजा करते हैं। कन्हर नदी का पानी पवित्र माना जाता है, इसलिए यहां हर साल भारी भीड़ उमड़ती है। प्रशासन की ओर से भी घाटों पर सुरक्षा और स्वच्छता के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे, पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन भी कमर कस ली है। बिजली व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और एंबुलेंस की तैनाती को लेकर अधिकारी सक्रिय हैं। दीपोत्सव गुजर जाने के बाद अब हर ओर भक्ति संगीत की गूंज सुनाई दे रही है। महिलाएं छठ गीतों की धुन पर थाल सजाने में जुटी हैं। सरहदी गांवों में यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिकता का भी प्रतीक बन चुका है। इस प्रकार कन्हर नदी तट पर छठ महापर्व के आगमन ने पूरे इलाके को आस्था और उल्लास के रंग में रंग दिया है। श्रद्धा, स्वच्छता और संस्कृति का यह संगम क्षेत्र की पहचान बनता जा रहा है।
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दतिया । भाई दौज पर मध्य प्रदेश के दतिया स्थित माँ रतनगढ़ माता मंदिर पर लगने वाले मेले में सर्पदश की मुक्ति के लिए लोग अभी से पहुचंने लगे हैं। इस बार दीपावली के दो दिन बाद दौज का त्यौहार पढेगा इस बजह से शुक्रवार को कम लोगों के पहुंचे परन्तु रात में संख्या बढ़ सकती है। प्रशासन की ओर से पूरी तैयारियां है। अधिकारी और सुरक्षा व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सुरक्षा की दृष्टि के मद्देनजर कई चीजों पर प्रतिबंधत लगया है। जिला मजिस्ट्रेट एंव कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया है कि जिले में माता रतनगढ़ मंदिर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दीपावली की दौज पर विशाल मेले का आयोजन किया गया है।
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में दीपावली पर्व की रौनक के बीच शहर के ऐतिहासिक राजवाड़ा क्षेत्र में सोमवार को एक विशेष दृश्य देखने को मिला। कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के साथ राजवाड़ा पहुंचे और फुटपाथ पर दुकान लगाकर बैठे छोटे-छोटे दुकानदारों से दीये एवं दीपावली की अन्य सामग्रियां खरीदीं। इस अवसर पर उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया और डिजिटल भुगतान के माध्यम से दुकानदारों को प्रोत्साहित किया। उनका यह कदम छोटे व्यवसायियों के प्रति संवेदनशीलता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय पहल के रूप में रहा है। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि छोटे व्यापारियों से खरीददारी कर हम न केवल अपनी परंपरा को जीवित रखते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। इस दौरान कलेक्टर वर्मा के साथ एडीएम रोशन राय तथा एसडीएम प्रदीप सोनी भी मौजूद थे। इस दौरान लोगों में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला और कई नागरिकों ने भी स्वदेशी दीये खरीदने का संकल्प दोहराया। दीपावली पर इस तरह का प्रेरणादायी संदेश पूरे शहर में ‘स्थानीय से वैश्विक’ की भावना को मजबूत कर रहा है। बच्चों संग दीपावली… खुशियों संग संवेदना दीपावली का पर्व रोशनी, उम्मीद और आपसी अपनत्व का प्रतीक है। इस भावना को साकार करते हुए इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने दीपावली का पर्व विशेष रूप से मनाया। सोमवार को वे राजकीय बाल संरक्षण आश्रम पहुंचे और बच्चों के साथ दीपावली मनाई। यहां उन्होंने बच्चों से आत्मीय मुलाकात की, उनके साथ दीपक जलाए, पटाखे फोड़े, मिठाई बांटी और उपहार वितरित किए। बच्चों के चेहरों पर आई खुशी और उत्साह ने माहौल को और भी उल्लासमय बना दिया। इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि राजकीय बाल संरक्षण आश्रम में बच्चों के संग दीपावली मनाकर एक अलग तरह की खुशी और आनंद की अनुभूति हो रही है। इन मासूम चेहरों पर मुस्कान देखकर मन गदगद हो उठा। मैंने बच्चों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और उन्हें दीपावली पर्व का महत्व भी समझाया। उन्होंने इंदौर के नागरिकों को दीपावली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह त्यौहार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और प्रकाश लेकर आए। कर्मचारियों के साथ भी मनाई दीपावली राजकीय बाल संरक्षण आश्रम में बच्चों संग दिवाली मनाने के बाद वे आकस्मिक रूप से कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मिठाई बांटकर और आत्मीयता से बातचीत कर त्यौहार की खुशियों में सभी को शामिल किया। कलेक्टर की यह अनूठी पहल न केवल सामाजिक संवेदनशीलता का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि दीपावली का असली अर्थ दूसरों के जीवन में खुशियों के दीप जलाना है।
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रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका से आज रविवार को राजभवन में छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने सौजन्य भेंट कर दीपावली की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के वन विभाग के अंतर्गत गठित स्टेट टाइगर फोर्स के उप वन संरक्षक (भारतीय वन सेवा के अधिकारी) रितेश सरोठिया को वन एवं वन्य-जीव अपराध की रोकथाम के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिये यूनाइटेड नेशन द्वारा 'द एशिया एनवायरमेंटल इन्फोर्समेंट रिकगनिशन ऑफ एक्सीलेंस अवॉर्ड 2024-25 प्रदान किया गया है। यह अवॉर्ड यूएनईपी द्वारा 17 अक्टूबर को बैंकाक (थाईलेंड) में हुए वर्चुअल समारोह में दिया गया। यह जानकारी शनिवार को जनसम्पर्क अधिकारी केके जोशी ने दी। उन्होंने बताया कि यूनाइटेड नेशन द्वारा उक्त अवॉर्ड उन व्यक्तियों, सरकारी संस्थाओं को प्रदान किया जाता है जो देश से सीमापार अपराध अन्वेषण में राष्ट्रीय कानूनों के प्रवर्तन में उत्कृष्ट नेतृत्व का प्रदर्शन करते हैं। इसमें वन्य-जीव और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार, खनिजों और रेत का अवैध व्यापार परिवहन, अपशिष्ट रसायनों, कीटनाशक का अवैध व्यापार, ओजोन क्षयकारी पदार्थ और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन के अवैध व्यापार की रोकथाम के लिये दिया जाता है। अवॉर्ड चयन के लिये अंतरराष्ट्रीय स्तर की ज्यूरी, जिसमें प्रतिष्ठित संस्थाओं में यूएनईपी, इंटरपोल, यूएनओडीसी, वर्ल्ड बैंक, एसआईटीईएस और यूएनडीपी के प्रतिनिधि द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद दिया जाता है। जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष के अवॉर्ड में वन्य-जीवों के अवैध व्यापार पर प्रभावी रूप से नियंत्रण के लिये उत्कृष्ट कार्य करने वाले भारत चीन, इंडोनेशिया और सिंगापुर की कुल 7 कानून प्रवर्तन संस्था/अधिकारियों को विभिन्न श्रेणी में सम्मानित किया गया है। मध्य प्रदेश के स्टेट टाइगर फोर्स के प्रभारी रितेश सरोठिया ने अंतरराष्ट्रीय वन्य-जीव संगठित गिरोहों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही की, जिनका नेटवर्क भारत, चीन, नेपाल, भूटान और म्यांमार में फैला है। उन्होंने कई कानून प्रवर्तन संस्थाओं से समन्वय स्थापित कर वन अपराधों में लिप्त सरगनाओं को गिरफ्तार किया। सरोठिया ने सरगनाओं के विरुद्ध दर्ज प्रकरण का वैज्ञानिक अन्वेषण कर उन्हें सजा दिलाने का महत्वपूर्ण कार्य किया। सरोठिया को वन, वन्य-जीव कानून प्रवर्तन में अहम भूमिका निभाने के लिये सम्मानित किया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन बल प्रमुख एवं वन संरक्षक वन्य-जीव के सतत मार्गदर्शन में कार्य करते हुए मध्य प्रदेश स्टेट टाइगर फोर्स द्वारा श्री सरोठिया के नेतृत्व में विगत कुछ वर्षों में वन एवं वन्य-जीव अपराधों में लिप्त राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर लगभग 1500 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस इकाई द्वारा किये गये वन्य-प्राणी संरक्षण कार्य की सराहना न केवल प्रदेश, देश बल्कि देश के बाहर भी की गयी है। इंटरपोल द्वारा चार बार मध्य प्रदेश एसटीएफ की प्रशंसा की गयी। इससे पूर्व भी सरोठिया को तीन बार अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं।
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बनिहाल। जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा गुरुवार रात को ढह गया, जिससे वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक शुभम यादव ने शुक्रवार को बताया कि पिछली दीवार का 40 मीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। उससे सटी सावनी पंचायत संपर्क सड़क धंस गई है। उन्होंने कहा कि चार लेन वाले राजमार्ग की एक ट्यूब बंद कर दी गई है। कटाव का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित ट्यूब को जल्द से जल्द यातायात योग्य बनाने के लिए मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में यातायात को एक ही चालू ट्यूब के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे इस हिस्से पर आवाजाही धीमी हो गई है। उन्होंने बताया कि इसके ढहने से सावनी पंचायत संपर्क सड़क का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे संपर्क प्रभावित हुआ है। एनएचएआई जिला प्रशासन और यातायात विभाग के अधिकारी मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं, ताकि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले रणनीतिक राजमार्ग पर यातायात सुचारू किया जा सके।
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नई दिल्ली । देश ने विमानन और रक्षा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में शुक्रवार काे एक मील का पत्थर पार किया जब लंबे इंतजार के बाद लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) मार्क-1ए ने महाराष्ट्र के नासिक में पहली उड़ान भरी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की मौजूदगी में स्वदेशी विमान को 'वाटर सैल्यूट' देकर भारत की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद रक्षा मंत्री ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की नासिक यूनिट में एलसीए मार्क 1ए की तीसरी लाइन और एचटीटी-40 की दूसरी लाइन का उद्घाटन किया। इससे इन विमानों के उत्पादन में तेजी आएगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर कहा कि एचएएल की नासिक यूनिट में एलसीए मार्क-1ए तेजस और एचटीटी 40 विमान का उत्पादन होता है। दोनों विमानों के निर्माण में तेजी लाने के लिए आज एलसीए तेजस बनाने वाली तीसरी उत्पादन लाइन और एचटीटी 40 विमान की दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन हो रहा है। उन्होंने कहा, "नासिक एक ऐतिहासिक भूमि है, जहां भगवान शिव त्र्यंबक के रूप में निवास करते हैं। नासिक आस्था, भक्ति, आत्मनिर्भरता और क्षमता का प्रतीक बन गया है। यहां एचएएल देश की रक्षा शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। जब मैंने आज सुखोई-30, एलसीए तेजस और एचटीटी-40 को एक साथ उड़ान भरते देखा, तो मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया।" रक्षा मंत्रालय ने 25 सितंबर को नई दिल्ली में 97 एलसीए एमके-1ए विमानों और संबंधित उपकरणों के लिए एचएएल के साथ 62,370 करोड़ रुपये के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले 83 तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट के सौदे पर 03 फरवरी, 2021 को बेंगलुरु में एयरो इंडिया के दौरान एचएएल के साथ हस्ताक्षर हुए थे। इस तरह अब कुल 180 विमानों का उत्पादन किया जाना है। एचएएल ने 83 विमानों का पहला ऑर्डर मिलने पर प्रति वर्ष 16 जेट तैयार करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 97 विमानों का और ऑर्डर मिलने पर प्रति वर्ष 32 जेट का उत्पादन करने की तैयारी है। इसलिए रक्षा मंत्री ने आज एलसीए तेजस बनाने वाली तीसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन किया है। एचएएल के मुताबिक एलसीए तेजस मार्क-1ए फाइटर जेट में एवियॉनिक्स, हथियार और रखरखाव में 43 तरह के सुधार किये गए हैं। अब इसमें अत्याधुनिक एईएसए रडार होगा, जो तेजस मार्क-1 के इजराइली ईएल/एम-2032 रडार से बेहतर होगा। पहले बैच में इजराइली ईएल/एम-2052 रडार होगा, जबकि बाकी में स्वदेशी 'उत्तम' रडार होगा। तेजस मार्क-1ए में इजराइली ईएलएल-8222 जैमर पॉड होगा, जो बीवीआर या एसएएम मिसाइलों के रडार सिग्नल को बाधित करेगा। आधुनिक वायु युद्ध के लिहाज से यह सुधार काफी महत्वपूर्ण है। तेजस मार्क-1ए में युद्ध के लिए नजदीकी, बीवीआर और लंबी दूरी की बीवीआर बेहतर मिसाइलें होंगी। इसमें हवा से जमीन पर हमला करने के लिए 500 किलोग्राम एलजीबी और बिना गाइड वाले बम भी होंगे।
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नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेटरों अभिषेक शर्मा और स्मृति मंधाना ने सितंबर 2025 के लिए आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ का पुरस्कार जीता है। अभिषेक को पुरुष वर्ग में, जबकि मंधाना को महिला वर्ग में यह सम्मान मिला।अभिषेक शर्मा ने एशिया कप टी20आई टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने सात मैचों में 44.85 की औसत और 200 के स्ट्राइक रेट से 314 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर वे प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने और आईसीसी पुरुष टी20आई बल्लेबाज़ी रैंकिंग में अब तक के सबसे अधिक 931 रेटिंग पॉइंट्स हासिल किए। अभिषेक ने टीममेट कुलदीप यादव और ज़िम्बाब्वे के ब्रायन बेनेट को पछाड़कर यह अवॉर्ड जीता।अभिषेक ने कहा, “यह पुरस्कार जीतना शानदार एहसास है। मैं खुश हूं कि टीम के लिए अहम मैचों में अच्छा योगदान दे पाया। हमारी टीम की मानसिकता और टीम संस्कृति कमाल की है, जिससे हम मुश्किल हालात में भी जीत दर्ज करते हैं। मैं टीम मैनेजमेंट और अपने सभी साथियों का आभारी हूं।”दूसरी ओर, भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने तीन पारियों में क्रमशः 58, 117 और 125 रन बनाए और सीरीज़ में कुल 308 रन 77 की औसत और 135.68 के स्ट्राइक रेट से बनाए। तीसरे वनडे में उन्होंने सिर्फ 50 गेंदों में शतक लगाकर भारत की ओर से सबसे तेज़ शतक का रिकॉर्ड बनाया। मंधाना ने दक्षिण अफ्रीका की ताज़मिन ब्रिट्स और पाकिस्तान की सिदरा अमीन को पछाड़कर यह पुरस्कार जीता।स्मृति मंधाना ने कहा, “आईसीसी महिला प्लेयर ऑफ द मंथ पुरस्कार प्राप्त करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह मुझे और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है। यह टीम के सामूहिक प्रयास और विश्वास का नतीजा है। मेरा लक्ष्य हमेशा से टीम के लिए प्रदर्शन कर भारत को जीत दिलाना रहा है।”आईसीसी ने इन दोनों खिलाड़ियों को वैश्विक फैंस और विशेषज्ञ पैनल के वोटों के आधार पर विजेता घोषित किया। इस पैनल में पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर और मीडिया प्रतिनिधि शामिल थे।
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बेंगलुरु । सीरियल उद्यमी एवं भारतीय माइक्रोब्लॉगिंग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कू के सह-संस्थापक मयंक बिदावतका की स्थापित बिलियन हार्ट्स सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजीज़ ने गुरुवार को बेंगलुरु में दुनिया का पहला एआई-संचालित म्यूचुअल फोटो शेयरिंग ऐप पिकसी(पिकसी) लॉन्च किया है। पिकसी को प्राइवेसी-फर्स्ट एप्रोच के साथ बनाया गया है और यह दुनिया के सबसे सुरक्षित फोटो ऐप्स में से एक है पिकसी के संस्थापक मयंक बिदावतका ने बताया कि जुलाई के मध्य में एक सफल सॉफ्ट लॉन्च किया था, जिसके बाद अब पिकसी के 27 देशों और 160 से अधिक शहरों में उपयोगकर्ता हैं और यह यह अपने पब्लिक बीटा के साथ आधिकारिक रूप से लॉन्च किया गया है। उन्होंने कहा कि हर साल खरबों तस्वीरें खींची जाती हैं और भुला दी जाती हैं। दोस्तों की गैलरी में छिपी ये यादें अक्सर उन लोगों तक वापस नहीं पहुंचतीं, जिनकी वे तस्वीरें हैं। पिकसी एक अनोखे ‘देकर पाओ’ फोटो एक्सचेंज मॉडल के ज़रिए इस समस्या को सुलझाता है, जहाँ यूज़र्स को उनकी खुद की अनदेखी तस्वीरें तुरंत मिल जाती हैं, जो उनके दोस्तों ने कभी खींची थीं। सॉफ्ट लॉन्च के बाद सिर्फ तीन महीनों में पिकसी के यूज़र्स की संख्या 75 गुना बढ़ गई है। यह पूरी ग्रोथ यूज़र्स द्वारा अपने दोस्तों को आमंत्रित करने से आई है। अब तक 1.5 लाख से अधिक तस्वीरें शेयर की जा चुकी हैं। दिलचस्प बात यह है कि 30 फीसदी यूज़र्स के पास पिकसी पर अपनी खुद की गैलरी से ज़्यादा तस्वीरें हैं। पिकसी भविष्य में फोटो शेयरिंग का बदल देगा तरीका पिकसी के संस्थापक बिदावतका ने कहा कि दुनिया में 15 ट्रिलियन से ज़्यादा तस्वीरें हैं और हर साल 2 ट्रिलियन नई क्लिक होती हैं, फिर भी इनका बड़ा हिस्सा कभी शेयर नहीं होता। लोग भूल जाते हैं या फिर उन्हें कोई वजह नहीं दिखती, क्योंकि उन्हें कुछ वापस नहीं मिलता। पिकसी इस समस्या का सबसे सुंदर समाधान है। यह दुनिया का पहला म्यूचुअल फोटो शेयरिंग ऐप है। यह एक ऐसा जादुई तरीका है, जिससे आप अपने दोस्तों से हजारों तस्वीरें पा सकते हैं, वह भी बिल्कुल सुरक्षित रूप से और बिना बार-बार याद दिलाए। व्हॉट्सऐप या पारंपरिक ऐप्स के विपरीत, इसमें आपको फोटो या लोगों को मैन्युअली चुनने की ज़रूरत नहीं है। पिकसी खुद-ब-खुद आपके दोस्तों को पहचानता है और शेयर करने के लिए फोटो तैयार करता है। यूज़र्स को 24 घंटे की रिव्यू विंडो भी मिलती है। उन्होंने कहा कि पिकसी दुनिया के सबसे व्यापक वास्तविक उपभोक्ता एआई अनुप्रयोगों में से एक है। करीब 4.8 अरब स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के इस युग में हर कोई फोटोग्राफर है और हर कोई अपनी कई तस्वीरों से वंचित है, जो दोस्तों ने खींची हैं। यह समस्या तकनीक की कमी नहीं, बल्कि मोटिवेशन की कमी की है। उन्होंने बताया कि हमारी फेशियल रिकग्निशन तकनीक पूरी गोपनीयता बनाए रखते हुए किसी भी फोन पर आपकी तस्वीरें ढूँढ सकती है। तस्वीरें फोन पर ही रहती हैं और ट्रांसफर के दौरान एन्क्रिप्ट की जाती हैं। पिकसी उन्हें देख या स्टोर नहीं कर सकता। तस्वीरें हमारी यादें हैं। तस्वीरें इस बात का सबूत हैं कि हमने अपने प्रियजनों के साथ कुछ विशेष पल जीए। हर कोई उन यादों को पाना चाहता है और हम वही खुशी लौटाने आए हैं। पिकसी कैसे काम करता है - बिदावतका ने बताया कि पिकसी अपनी विशेष फेशियल रिकग्निशन तकनीक से यूज़र की गैलरी स्कैन करता है, दोस्तों को पहचानता है और एक पर्सनलाइज्ड इनवाइट भेजता है। जब दोस्त इनवाइट स्वीकार करते हैं, तो वे अपने फोन से उन तस्वीरों को शेयर करते हैं, जो उन्होंने पहले ली थीं। इस तरह एक स्मार्ट, सुरक्षित और म्यूचुअल एक्सचेंज बनता है। दोनों को 24 घंटे की समीक्षा अवधि मिलती है, जिसमें वे कोई भी तस्वीर शेयर होने से पहले हटा सकते हैं। यह पेटेंट-पेंडिंग सिस्टम सुनिश्चित करता है कि दोनों पक्षों को एक-दूसरे की तस्वीरें मिलें, वह भी बिना किसी मैन्युअल मेहनत और बिना गोपनीयता के समझौते के। पिकसी किसी इवेंट या क्यूआर कोड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी पूरी गैलरी और दुनिया के किसी भी दोस्त के साथ काम करता है। प्राइवेसी-फर्स्ट ऐप - पिकसी की नींव गोपनीयता और सुरक्षा पर रखी गई है। ऐप कभी-भी तस्वीरों को अपने सर्वर पर सेव नहीं करता, सभी फोटोज़ यूज़र के डिवाइस पर ही रहती हैं और ट्रांसफर के दौरान एन्क्रिप्टेड होती हैं, ताकि कोई भी यहाँ तक कि पिकसी के कर्मचारी भी उन्हें देख न सकें। मुख्य गोपनीयता सुरक्षा के बिंदु - -पिकसी सर्वर पर कोई फोटो स्टोर नहीं होती। -ऐप में स्क्रीनशॉट्स की अनुमति नहीं। -आउटगोइंग फोटो के लिए 24 घंटे की समीक्षा अवधि। -साझा की गई तस्वीरों को कभी-भी वापस लेने का विकल्प। ये सभी फीचर्स पिकसी को दुनिया के सबसे सुरक्षित और प्राइवेसी-सम्मानित फोटो प्लेटफॉर्म्स में से एक बनाते हैं।
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गुवाहाटी । प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग की मृत्यु के मामले में पांच आरोपितों को बाक्सा जेल भेजे जाने के बाद बुधवार को उत्पन्न कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पूरे बाक्सा जिले में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। हाल की परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के गृह विभाग ने यह निर्णय लिया है। सभी मोबाइल सेवा प्रदाताओं को इंटरनेट सेवा और मोबाइल डेटा सेवा बंद करने का निर्देश दिया गया है। अगले आदेश तक यह निर्देश लागू रहेगा। इस दौरान वॉइस कॉल और ब्रॉडबैंड कनेक्शन की टेलीफोन लाइन चालू रहेगी। राज्य सरकार के गृह और राजनीतिक विभाग ने यह निर्देश जारी किया है। जुबिन की मृत्यु के मामले में 5 आरोपितों को बाक्सा जेल भेजने के बाद जेल परिसर के बाहर भारी तनाव पैदा हो गया। पांच आरोपितों क्रमशः श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा, संदीपन गर्ग, परेश वैश्य और नंदेश्वर बोर को 14 दिन की सीआईडी की रिमांड समाप्त होने के बाद बुधवार को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेजा गया। गुवाहाटी सेंट्रल जेल की बजाय 5 आरोपितों को बाक्सा जेल भेजा गया। लेकिन 5 आरोपितों को बाक्सा जेल भेजते ही लाेग भड़क गए और विरोध प्रदर्शन शुरु हाे गया। पुलिस ने विरोध के बीच सभी आरोपितों को बाक्सा जेल में दाखिल कराया। लेकिन उसके बाद जेल के बाहर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। जेल के बाहर गुस्साए प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गयी। दूसरी ओर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, हल्का बल प्रयोग किया तथा हवा में फायरिंग की। इस घटना में दीपक मेधी नामक युवक की पीठ पर गोली लगने से वह घायल हाे गया। इसके बाद चांगसारी स्थित एम्स में दीपक को भर्ती कराया गया, जहां पर ऑपरेशन किया गया। बाक्सा में पुलिस की गोली से घायल दीपक मेधी की हालत स्थिर बताई जा रही है। बावजूद इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन ने बाक्सा जेल के चारों और बीएनएस की धारा 163 लागू करते हुए तीन से अधिक लोगों के एकत्र होने पर पाबंदी लगा दी है।
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सिंगरौली जिले के मोरवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में भव्य पथ संचलन का आयोजन किया गया......इस कार्यक्रम में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में शामिल हुए...... और लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया...... मोरवा के सरस्वती शिशु मंदिर से शुरू हुए...... इस पथ संचलन में नगर संघचालक योगेंद्र बहादुर सिंह, सामाजिक समरता प्रमुख कृष्ण कुमार जायसवाल और जिले के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे......पथ संचलन थाना रोड, सर्किट हाउस रोड, गायत्री मंदिर रोड और एलआईजी चौक से होकर मुख्य बाजार होते हुए.....वापस शिशु मंदिर पर समाप्त हुआ......कार्यक्रम में संघ कार्यकर्ताओं ने अपने पूर्ण गणवेश में हिस्सा लिया और विभिन्न जगहों पर स्थानीय लोगों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया......इस आयोजन का उद्देश्य संघ की शताब्दी वर्ष को यादगार बनाना...... और सामाजिक एकता एवं जागरूकता को बढ़ावा देना बताया गया......
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उज्जैन । मध्यप्रदेश के उज्जैन में बुधवार को संसदीय राजभाषा समिति (तीसरी उपसमिति) के संयोजक श्रीरंग आप्पा बारणे (सांसद, लोकसभा) के नेतृत्व में उपसमिति के सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती में सम्मिलित होकर भगवान महाकालेश्वर जी के दर्शन किए।उपसमिति के प्रमुख सदस्यों में —श्रीरंग आप्पा बारणे (सांसद, लोकसभा, संयोजक),ओमप्रकाश राजेनिंबालकर (सांसद, लोकसभा),ईरण्णा कड़ाड़ी (सांसद, राज्यसभा), नीरज डांगी (सांसद, राज्यसभा),तथा संगीता यादव (सदस्य, राज्यसभा) सहित अन्य सदस्य एवं प्रशासनिक अधिकारी सम्मिलित रहे।इस अवसर पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस. एन. सोनी द्वारा संसदीय राजभाषा समिति (तीसरी उपसमिति) के सभी माननीय सदस्यों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया।
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सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुए चर्चित हवाला कांड में गिरफ्तार डीएसपी पूजा पांडे सहित कुल 10 पुलिस कर्मचारियों को बुधवार को जिला न्यायालय सिवनी के समक्ष पेश किया गया, जहां सभी को 17 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड में लिया गया है। वहीं एक आरोपित की तलाश पुलिस कर रही है। गौरतलब है कि बीते दिवस 8 अक्टूबर की रात लखनवाड़ा थाना क्षेत्र में हुए हवाला कांड में डीएसीपी पूजा पांडे व बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित कुल 11 आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 310(2) डकैती, 126(2) ग़लत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षड्यंत्र के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जहां पुलिस ने 10 आरोपितों में डीएसपी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, आरक्षक योगेंद्र चौरसिया, नीरज राजपूत और आरक्षक जगदीश यादव, केदार बघेल, माखन इनवाती, सुभाष सदाफल, रविंद्र उईके, चालक रितेश को गिरफ्तार किया है वही एक आरोपित आरक्षक राजेश जंघेला की गिरफ्तारी होना बाकी है। गिरफ्तार किए गए सभी 10 आरोपितों को बुधवार को जिला न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 02 दिनों की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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मनोरंजन जगत से एक और दुखद खबर सामने आई है। हिंदी सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और बेहतरीन शास्त्रीय नृत्यांगना मधुमती का 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने नींद में ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनकी मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन उनके निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। मधुमती भारतीय सिनेमा की उन अदाकाराओं में से थीं, जिन्होंने अपनी अदाकारी और डांस से 1950 और 60 के दशक में दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने अपने करियर में कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा में क्लासिकल डांस को नई पहचान दी। अक्षय कुमार ने जताया शोक अभिनेता अक्षय कुमार ने मधुमती के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेरी पहली और हमेशा के लिए गुरू। डांस के बारे में मैंने जो सीखा, वो आपके चरणों में सीखा है, मधुमती जी। हर अदा, हर एक्सप्रेशन में आपकी याद हमेशा साथ रहेगी। ओम शांति।" अक्षय कुमार का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, और उनके फैंस भी इस पोस्ट पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। मधुमती के निधन की खबर के कुछ घंटे पहले ही टीवी के मशहूर अभिनेता पंकज धीर के निधन की सूचना आई थी, जिससे मनोरंजन जगत में दोहरी मायूसी छा गई है। सोशल मीडिया पर तमाम सितारे मधुमती को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं। सिनेमा में मधुमती का योगदान मधुमती उन कलाकारों में से थीं जिन्होंने अपने समय में डांस को मुख्यधारा सिनेमा का हिस्सा बनाया। उन्होंने ना सिर्फ फिल्मों में नृत्य को नए स्तर पर पहुंचाया बल्कि अभिनय में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी अदाएं, मुस्कान और भावनात्मक अभिव्यक्ति ने उन्हें सिनेमा प्रेमियों के दिलों में अमर बना दिया।
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अहमदाबाद | दोहा से हांगकांग जा रहे कतर एयरवेज के विमान की मंगलवार को अहमदाबाद हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग हुई। इसके बाद हवाईअड्डा प्रशासन ने तुरंत विमान सेवा में तकनीकी खराबी जानकारी अग्निशमन विभाग को दी। यह विमान अहमदाबाद हवाई अड्डे पर दोपहर बाद 2:30 बजे उतरा। अहमदाबाद हवाई अड्डे के सूत्रों के मुताबिक दोहा (डीओएच) से हांगकांग (एचकेजी) जा रहे विमान में तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार 14 अक्टूबर, 2025 को दोपहर 1:12 बजे अहमदाबाद हवाईअड्डे पर आपात स्थिति घोषित की गई। ताकि उड़ान उतर सके। इसके लिए चांदखेड़ा अग्निशमन केंद्र से तीन वाहनों को उच्च अधिकारियों के साथ स्टैंडबाय के लिए हवाई अड्डे पर भेजा गया था। यह उड़ान दोपहर 2:32 बजे अहमदाबाद हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतरी और 2:38 बजे आपात स्थिति हटा ली गई। इससे हवाईअड्डे के संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। तकनीकी खराबी को दूर करने के बाद इस विमान ने हांगकांग के लिए फिर से उड़ान भरी और गंतव्य को रवाना हो गया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर अमरपाटन में संघ के स्वयंसेवकों ने विशाल पथ संचलन निकाला..... यह पथ संचलन बाल भारती स्कूल से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए..... संदीपनी विद्यालय में संपन्न हुआ..... कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा.... अमरपाटन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर..... स्वयंसेवकों ने विशाल पथ संचलन का आयोजन किया ..... बाल भारती स्कूल से शुरू हुआ..... यह संचलन नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए..... संदीपनी विद्यालय में खत्म हुआ..... इस दौरान स्वयंसेवकों ने अनुशासन, एकता और देशभक्ति का संदेश दिया..... पथ संचलन में सैकड़ों स्वयंसेवक RSS का गणवेश सफेद शर्ट और खाकी पैंट में पारंपरिक अंदाज़ में शामिल हुए..... पुरे शहर में जगह-जगह नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया..... संचलन के दौरान भारत माता की जय और जय श्रीराम के नारे लगाए गए .....कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ अधिकारियों ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा और संगठन के राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला....
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टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-0 से जीतकर..... ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में धमाकेदार शुरुआत की है..... शुभमन गिल की कप्तानी में भारत ने पहली ही सीरीज़ जीतकर..... अपने इरादे साफ कर दिए हैं.....इस जीत से भारत की पोजीशन टेबल में भले ना बदली हो.....लेकिन टीम के प्वाइंट्स में बढ़ोतरी हुई है.....जिससे आने वाले मुकाबलों में फायदा मिलेगा..... भारत के गेंदबाजों ने जहां शानदार प्रदर्शन किया है ..... वहीं बल्लेबाजों ने भी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया.....यह वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का चौथा सीजन है......इस बार टीम इंडिया का लक्ष्य साफ है...... टेस्ट चैंपियनशिप की ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचना...... वहीं मौजूदा पॉइंट्स टेबल में ऑस्ट्रेलिया पहले स्थान पर कायम है......जबकि भारत मजबूती से दूसरे नंबर पर है......और उसके अंक लगातार बढ़ रहे हैं......वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत ने भारत को टेस्ट क्रिकेट में नई ऊर्जा दी है.....और फैंस को उम्मीद है..... कि शुभमन गिल की कप्तानी में टीम इंडिया इस बार.....ICC टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम करेगी.....
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सिंगरौली जिले के वार्ड क्रमांक 36 में जनसेवा की मिसाल पेश करते हुए.....पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने NTPC विंध्यनगर के पास बने खतरनाक गड्ढे को अपने निजी खर्चे..... और वार्ड वासियों के सहयोग से भरवाया.....महीनों से प्रशासन और NTPC की लापरवाही के चलते हादसों का खतरा बना हुआ था.....पार्षद के इस कदम की पूरे जिले में सराहना हो रही है..... सिंगरौली जिले के नगर पालिका निगम के वार्ड क्रमांक 36 के पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने जनता की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए .....एक अनोखी मिसाल कायम की है .....थाना विंध्यनगर और NTPC कॉलोनी गेट के पास बने..... पुल पर लंबे समय से एक गहरा गड्ढा लोगों की जान के लिए खतरा बना हुआ था.....इस समस्या को लेकर पार्षद ने NTPC प्रबंधन से कई बार शिकायत की .......लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई....... हालात इतने खराब थे कि रोजाना स्कूली बच्चे, मजदूर और राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे थे.......आखिर कार पार्षद प्रेम सागर मिश्रा ने बिना प्रशासन की सहायता के अपने निजी खर्चे .......और स्थानीय लोगों के सहयोग से इस गड्ढे को भरवाया.......इस कदम से लोगों को बड़ी राहत मिली है....... और पूरे क्षेत्र में पार्षद के इस मानवीय प्रयास की प्रशंसा हो रही .......
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महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा पहली बार लखनऊ पहुंचीं..... जहा से वे अपनी पहली फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर की शूटिंग के लिए जाएंगी..... इस दौरान मोनालिसा के साथ मुंबई से अभिनेता अमित राव, अभिषेक त्रिपाठी और फिल्म के लेखक-निर्देशक सनोज मिश्र भी मौजूद रहे..... मोनालिसा ने लखनऊ को खास बताया और निर्देशक सनोज मिश्र के संघर्ष और जेल से लौटकर फिल्म निर्माण की कहानी साझा की..... महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा अपनी पहली फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के लिए पहली बार लखनऊ पहुंचीं.....उनके साथ मुंबई से पूरी फिल्म टीम आई थी..... जिसमें अभिनेता अमित राव, अभिषेक त्रिपाठी और फिल्म के लेखक-निर्देशक सनोज मिश्र शामिल थे.....पत्रकारों से बातचीत में मोनालिसा ने लखनऊ को खास बताया.....क्योंकि निर्देशक सनोज मिश्र लखनऊ से हैं..... और उन्होंने ही उनकी जिंदगी बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है .....हालांकि इस सफर में कई कठिनाइयां भी आईं है.....और निर्देशक सनोज मिश्र को झूठे आरोपों के चलते जेल भी जाना पड़ा था .....उन्होंने बताया कि वसीम रिजवी ने अपने अपराध छुपाने के लिए उन्हें फंसाया था ..... लेकिन जेल में रहते हुए भी उन्होंने फिल्म की पटकथा पर काम किया है ..... और बाहर आने के बाद फिल्म निर्माण शुरू किया है .....फिल्म की आधी शूटिंग पूरी हो चुकी है..... और अगले साल फरवरी तक इसे रिलीज़ के लिए तैयार किया जाएगा.....
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ग्वालियर डीआरपी लाइन में पुलिस की मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी.....ताकि 15 अक्टूबर को संभावित प्रदर्शन और बलवाइयों को नियंत्रित करने की तैयारी की जा सके..... इस दौरान टियर गैस का एक गोला जवान के सिर में लग गई .....और वो घायल हो गए .....घायल पुलिसकर्मी को तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया..... ग्वालियर में पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल आयोजित की गई.....जिसका उद्देश्य आगामी 15 अक्टूबर को होने वाले..... संभावित विरोध प्रदर्शन की तैयारी करना..... और बलवाइयों को नियंत्रित करना था..... इस दौरान प्रदर्शन के दौरान टियर गैस का एक गोला परेड में शामिल जवान के सिर में लग गई .....जिससे वह घायल हो.....घायल पुलिसकर्मी को तुरंत एसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया.....दरअसल समाज के विभिन्न वर्गों में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल हो रही हैं..... और इसके खिलाफ कुछ लोगों ने प्रदर्शन की योजना बनाई है..... पुलिस ने इस पर नजर बनाए रखी..... और 50 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किए है .....एसपी ने बताया कि पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं..... और कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की गई है, ताकि कानून व्यवस्था को बनाए रखा जा सके..
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रायपुर । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि, साय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद किसानों की मांग एक नवंबर से धान खरीद को नजर अंदाज करते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा किया कि इस वर्ष धान खरीद 15 नवंबर से 3100 रुपये क्विंटल से होगी, इस वर्ष का खरीद का लक्ष्य भी 160 लाख मीट्रिक टन उन्होंने बताया। जिस प्रकार से समर्थन मूल्य दो सालों में बढ़ा है 117 रुपये और 69 रुपये धान खरीद 3286 रुपये प्रति क्विंटल में होनी चाहिए़। सरकार 3100 रुपये में धान खरीदने जा रही प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीद होगी। इससे किसानों का प्रति एकड़ 21 क्विंटल गुणीत 186 रुपये = 3906 रुपये का नुकसान होगा। कुल 160 लाख मीट्रिक टन की खरीद में लगभग 2900 करोड़ रुपये सरकार किसानों का दबा लेगी।प्रदेश में नकली कफ सिरप धड़ल्ले से बिक रहादीपक बैज ने कहा कि, नकली कफ सिरप और दवाइयां धड़ल्ले से बिक रही। सरकार के पास गुणवत्ता जांचने की सुविधा ही नहीं। सिरप और दवाओं में केमिकल जांचने वाली मशीन दो माह से बंद पड़ी है। स्वास्थ्य मंत्री झूठ बोल रहे कि प्रदेश में नकली कफ सिरप नहीं बिक रहा। जब आप जांच ही नहीं पा रहे कि बाजार में बिकने वाली दवा सही है या गलत फिर दावा कैसे कर सकते है? स्वास्थ्य मंत्री गलत बयानी कर लोगों की जान से खेल रहे। स्वास्थ्य मंत्री की लापरवाही कही राज्य के लोगों पर भारी न पड़ जाए।रीपा बंद करने का दुष्प्रभाव दिखने लगा महिलाएं आंदोलन कर रही दीपक बैज ने कहा कि, कांग्रेस सरकार के समय ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार देने के लिए रीपा (रुरल इंडस्ट्रियल पार्क) की स्थापना की गई थी, जहां महिलाओं और स्वसहायता समूह को रोजगार देने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जाती थी। रीपा के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजी-रोटी मिलती थी। भाजपा की सरकार बनने के बाद विद्वेषपूर्वक उनको बंद कर दिया गया। महिलाएं बेरोजगार हो गई। परसो ही बालोद के अरमुरकसा गांव की महिलाएं बड़ी संख्या में कलेक्टर का घेराव करने पहुंची थी ताकि उनके गांव का रीपा फिर चालू किया जाए। गोठान बंद होने के कारण गायों की भूख से मौत हो रही, रीपा बंद करने से महिलाएं बेरोजगार हो गई। यह सरकार की अदूरदर्शिता है। हमारी मांग है सरकार ग्रामीण क्षेत्र की योजनाएं फिर शुरू करे।बिजली कटौती और मंहगी बिजली बड़ी समस्या बन गई है दीपक बैज ने कहा कि, सरकार की नाकामी लापरवाही और मुनाफाखोरी वाली नीति के कारण प्रदेश के लोगों के लिए बिजली कटौती और मंहगी बिजली बड़ी समस्या बन गई है। राज्य बनने के बाद प्रदेश में बिजली के दाम सबसे ज्यादा वर्तमान समय में है। रकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया जिससे लोगों के बिजली के बिल दुगुना से भी अधिक आ रहा। महंगी बिजली के बाद भी सरकार जनता को चौबीस घंटे बिजली नहीं उपलब्ध करवा पा रही। ग्रामीण क्षेत्र में आठ-नौ घंटे तक हो रही बिजली कटौती से जनता परेशान हो रही, लोग बिजली कटौती के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर है। कल ही आरंग में रसनी गांव के ग्रामीणों बिजली कटौती के विरोध में नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। यह बताता है कि सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है।
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सोचिए : अगर आपके खाने का तरीका ही आपकी सेहत बदल दे तो : आजकल बहुत से लोग विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी, फैटी लिवर और पेट की परेशानियों से जूझ रहे हैं और इसके पीछे सीधे-सीधे आपका खानपान जिम्मेदार है : लेकिन सिर्फ क्या खाया, कितनी मात्रा में खाया, ये नहीं बल्कि कैसे खाया, किस तरीके से खाया, ये भी उतना ही मायने रखता है : दही और चावल, ये तो आम तौर पर पेट के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन अगर इन्हें फर्मेंट किया जाए, रातभर रखा जाए, तो इनके अंदर के गुड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है और आपका शरीर विटामिन बी12 की कमी को भी खुद पूरा करने लगता है : और ये आसान भी है, घर में ही, मिट्टी के बर्तन में : पहले पके हुए चावल लें : उसमें थोड़ा पानी डालें और रातभर के लिए ढक कर रख दें : अगले दिन इसमें ब्लैंड किया हुआ दही डालें, लंबा कटा प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा हरा धनिया : फिर एक पैन में घी गर्म करें, जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता, कटी हरी मिर्च और छोटा प्याज डाल कर हल्का भून लें, और इस तड़के को दही-चावल में मिलाएं, ऊपर से काला नमक छिड़क दें : बस आपका हेल्दी और टेस्टी फर्मेंटेड दही-चावल तैयार है : सोचिए, एक ही डिश में पेट की सेहत, विटामिन बी12 की कमी की पूर्ति और स्वाद का आनंद, सब एक साथ : ऐसे छोटे-छोटे बदलाव आपके खाने में बड़ा फर्क ला सकते हैं
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भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ......GST बचत उत्सव में भाग लेने ग्वालियर पहुंचे..... जहा उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए.... बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के अनुसार 22 सितंबर से 12 और 28 प्रतिशत GST स्लैब को खत्म कर दिया गया है ......और 5 से 18 प्रतिशत के नए स्लैब लागू किए गए हैं...... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के तहत देशभर में GST दरों में बड़ा बदलाव लागू किया गया है.....इसी को लेकर भाजपा प्रदेश भर में GST बचत उत्सव मना रही है.....इसी क्रम में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य ग्वालियर पहुंचे...... उन्होंने कहा कि अब 12 और 28 प्रतिशत वाले स्लैब खत्म होकर 5 से 18 प्रतिशत की नई दरें लागू की गई है.....जिससे गरीब, किसान, महिलाएं और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी.....उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर जोर दिया है.....स्वदेशी वैक्सीन बनाकर भारत ने करोड़ों लोगों की जान बचाई है ..... डिजिटल इंडिया और योग के माध्यम से देश ने विश्व में अपनी अलग पहचान बनाई है..... तेजस और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल भारत की स्वदेशी ताकत का प्रमाण हैं..... आर्य ने कहा कि यह कदम ना केवल आर्थिक सुधार है..... बल्कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा परिवर्तन भी है.....
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने समीर वानखेड़े की मानहानि याचिका पर सुनवाई करते हुए....... शाहरुख खान और गौरी खान की प्रोडक्शन कंपनी रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को समन जारी किया है.......यह मामला NCB मुंबई के पूर्व ज़ोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े के मानहानि मुकदमे से जुड़ा है.......वानखेड़े का आरोप है कि नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड....... जिसका निर्देशन शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान ने किया है.......सीरीज में उनके खिलाफ आपत्तिजनक और..... उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला चित्रण किया गया है.......अदालत ने रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और OTT प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को सात दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है....... और वानखेड़े को याचिका की एक कॉपी समिट कराने के निर्देश भी दिए हैं....... इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को होगी...... याचिका में वानखेड़े ने मानहानि के एवज में 2 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की है...... जिसे उन्होंने कैंसर रोगियों के इलाज के लिए टाटा मेमोरियल कैंसर अस्पताल को दान करने का अनुरोध किया है...... .इस मामले ने बॉलीवुड और OTT जगत में हलचल मचा दी है...... और सभी की नजरें अब 30 अक्टूबर को होने वाली की सुनवाई पर टिकी हैं......
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आंखें : हमारे शरीर का सबसे अनमोल हिस्सा : जिनसे हम इस खूबसूरत दुनिया को देखते हैं : पर यही आंखें आज सबसे ज़्यादा थक चुकी हैं :स्क्रीन टाइम, प्रदूषण और नींद की कमी से : लेकिन थोड़ी-सी केयर इन्हें फिर से चमका सकती है : सबसे पहले बात करें पोषण की : विटामिन A, C, E, D और B1: ये हैं आंखों के असली रक्षक : गाजर, हरी सब्ज़ियाँ, खट्टे फल, मछली, अंडे और बादाम : ये सब आपकी नज़र को तेज़ और साफ बनाए रखते हैं : अब बात करें एक्सरसाइज़ की : हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर देखें : यही है 20-20-20 रूल : स्क्रीन पर काम करते वक्त पलकें झपकाना मत भूलें : और दिन में कुछ मिनट आंखें बंद कर धीरे-धीरे पुतलियाँ घुमाएँ : बाहर निकलें तो धूप का चश्मा लगाएँ : और रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद लें :: क्योंकि आंखें सिर्फ देखने का ज़रिया नहीं : ये हमारी दुनिया की असली खूबसूरती हैं : इनकी देखभाल कीजिए : क्योंकि जब आंखें रहेंगी स्वस्थ : तभी ज़िंदगी सच में रोशन लगेगी
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सोशल मीडिया स्टार और बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव एक बार फिर चर्चा में हैं ..... लेकिन इस बार वजह न कोई विवाद है, न कोई नया शो .... इस बार उनकी चर्चाओं का कारण बना है उनकी एक मुलाकात ... दरअसल एल्विश हाल ही में वृंदावन पहुंचे जहां उन्होंने पूज्य प्रेमानंद जी महाराज से आशीर्वाद लिया .... और उनके सामने एक बड़ा वादा किया ... क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं ... आपको बता दे की वृंदावन के आश्रम में एल्विश यादव ने संत प्रेमानंद जी महाराज से मुलाकात की ... मुलाकात के दौरान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है... इस दौरान एल्विश विनम्रता से महाराज के सामने बैठकर उनकी बातें सुनते नजर आए ... उन्होंने संत से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी पूछा.... जिस पर महाराज ने बड़ी सहजता से कहा... अब शरीर कितना भी संभाल लो जाना तो सबको ही है ... उनकी इस बात पर एल्विश भावुक हो गए और बोले कि वो अपने जीवन में संतों के मार्गदर्शन पर चलना चाहते हैं....प्रेमानंद जी महाराज ने एल्विश को एक जरूरी बात भी समझाई ... उन्होंने कहा अगर आप हाथ में शराब लेकर वीडियो बनाओगे ... तो लाखों लोग तुमसे वही सीखेंगे .. लेकिन अगर तुम भक्ति करोगे तो वही लोग राधा नाम जपना शुरू करेंगे ... इस पर एल्विश ने कहा कि वह अब से अपनी छवि और कर्म दोनों पर ध्यान देंगे .... ताकि उनके प्रशंसक सही दिशा में प्रेरित हों ...
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शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.......जिसमें एक शिक्षक को स्कूल में बच्चों के सामने महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया.......वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की.......जांच पूरी होने के बाद शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है....... देवास जिले के बागली तहसील के शासकीय प्राथमिक विद्यालय झिरी मोहल्ला में शिक्षक विक्रम कदम बच्चों के सामने महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए.......मामला तब उजागर हुआ जब वही स्कूल पढ़ने वाले बच्चों ने इसका वीडियो बना लिया....... और सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया.......वीडियो वायरल होते ही शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया.......इस घटना की जांच बीईओ एनपी सिंह को सौंपी .......और जिसके बाद एनपी सिंह अपनी रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी हरिसिंह भाटी को सौंपी....... रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक विक्रम कदम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है....... जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि यह कदम शिक्षा संस्थानों की गरिमा बनाए रखने और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है.......मामले की निगरानी की जा रही है....... और आगे की कार्रवाई जारी है.......
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हेलमेट तो सब लगाते हैं : लेकिन हर हेलमेट की अपनी पहचान होती है : सिर्फ रंग से पता चल जाता है : कौन क्या काम करता है : हेलमेट का रंग बताता है : कौन क्या जिम्मेदारी निभा रहा है : सफेद हेलमेट दिखे : तो समझिए सामने इंजीनियर या साइट मैनेजर खड़ा है : पीला हेलमेट : वो मेहनती लेबर या वर्कर है : जो असली नींव डालता है इस देश की : नीला हेलमेट मतलब: वो एलेक्ट्रीशियन की जिम्मेदारी निभा रहा है : लाल हेलमेट : मतलब फायर ब्रिगेड टीम ले लोग : जो सबकी सुरक्षा पर नज़र रखे हुए है : हरा हेलमेट : सेफ्टी अफसर के लिए : ताकि पहचान में रहें और गाइड किए जा सकें : और काला हेलमेट : पहनते है आम आदमी : तो आप कौन सा हेलमेट पहनते है जरूर बताये इस वीडियो को शेयर करे और इस तरह की रोचक जानकारी के वीडियो देखने के लिए अभी फॉलो करे दखल न्यूज़
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कभी सोचा है : रोज़ की थाली में रखी रोटी आखिर हमारी सेहत के लिए कितनी मायने रखती है : रोटी हर घर में बनती है : कभी सादी, कभी घी लगी, कभी गर्मागर्म तवा से उतरते ही प्लेट में : पर आज सवाल ये है कि रोटी के लिए : गेहूं का सादा आटा या मल्टीग्रेन आटा : किसमें ज़्यादा दम है : तो समझिये इसे : हर शरीर की ज़रूरत अलग होती है : अगर आपकी डाइट बैलेंस्ड है, पाचन दुरुस्त है, तो साधा गेहूं का आटा ही काफी है : इसमें वो सब है जो शरीर को चाहिए : कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स : लेकिन अगर खानपान गड़बड़ है, या आप मोटापा, शुगर या हार्ट डिजीज जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं : तो मल्टीग्रेन आटा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है : बस डॉक्टर की सलाह के साथ : हाँ : एक बात याद रखिए : मार्केट में मिलने वाले “मल्टीग्रेन” आटे में ज़्यादातर सिर्फ 5 से 15% ही दूसरे अनाज मिलते हैं : यानि नाम बड़ा, पर काम उतना नहीं : और अगर आपका पाचन कमजोर है या बुज़ुर्ग हैं घर में : तो बहुत ज़्यादा फाइबर वाला आटा उल्टा नुकसान भी कर सकता है : तो सीधी बात ये है : सभी के लिए एक ही आटा सही नहीं होता : जिसे ताकत चाहिए, उसे गेहूं का आटा काफी है : और संतुलित नियंत्रण चाहिए तो समझदारी से मल्टीग्रेन आटा का इस्तेमाल कर सकते हैं : तो रोटी वही खाइए जो शरीर को सुकून दे, सिर्फ ट्रेंड को नहीं
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ग्वालियर में बदमाशों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं......इसका एक और सनसनीखेज मामला सामने आ गया है......जहां मामूली सड़क विवाद के बाद बाइक सवार बदमाशों ने ......एक स्कूली छात्र के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी...... फायरिंग कि पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है......जिसके आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है...... ग्वालियर शहर के माधौगंज थाना क्षेत्र के गुढ़ा गुड़ी नाके पर.......स्कूली छात्र मिथुन गुर्जर की बाइक कार के गेट से टकरा गई.......जिसके बाद कार सवारों और छात्र के बीच कहासुनी हो गई.......और विवाद के बाद कार सवार युवक वहां से चले गए.......लेकिन कुछ देर बाद सोनू धानुक और नंदू रजक नामक दोनों युवक बाइक पर लौटे....... और छात्र के घर पर फायरिंग कर दी.......गोली चलने से घर में अफरा-तफरी मच गई....... परिजनों ने हमलावरों का पीछा भी किया....... लेकिन वो फरार हो गए....... पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है....... और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें लगा दी हैं.......और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई जारी है.......
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपने बेबाक अंदाज और दमदार छवि के लिए मशहूर….. रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया एक बार फिर सुर्खियों में हैं…..सोशल मीडिया पर उनका एक बयान तेजी से वायरल हो रहा है…..जिसमें वो मज़ाकिया अंदाज़ में हम दो, हमारे दो के सिद्धांत पर नहीं चलने की बात और आशीर्वाद को सशर्त बता रहे है ….. उनका ये मजाकिया अंदाज लोगो के बिच चर्चाओं विषय बना गया है…..राजा भैया जो प्रतापगढ़ की कुंडा सीट से कई बार निर्दलीय विधायक रह चुके हैं….. हमेशा अपने अलग अंदाज और जनता से जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं…..उनका ये वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है…..
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है..... जिसमें समाजवादी पार्टी के नेता आजम अंसारी बेखौफ अंदाज में पिस्टल लहराते..... और फायरिंग करते नजर आ रहे हैं.....इस वीडियो को देखकर लोग हैरान हैं..... और हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है.....
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सिंगरौली में जिले के नवागत कलेक्टर गौरव बैनल ने पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से पहली मुलाकात की.......मीडिया ने उनकी प्राथमिकताओं के बारे में सवाल पूछा.......जिस पर कलेक्टर ने कहा कि उनका मुख्य फोकस जिले के विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधार और जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा....... सिंगरौली जिले के नवागत कलेक्टर गौरव बैनल ने अपना पद संभाल लिया है .......और इसके बाद मीडिया कर्मियों से मुलाकात की.......स दौरान जब उनसे उनकी पहली प्राथमिकताओं के बारे में पूछा गया.......तो उन्होंने बताया कि उनका मुख्य ध्यान जिले के विकास कार्यों और प्रशासनिक सुधारों पर रहेगा....... उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी....... इसके अलावा कलेक्टर ने कहा कि सरकार द्वारा चल रही सभी योजनाओं को समय पर जनता तक पहुंचाना....... और उनका सही तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है....... गौरव बैनल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं के लाभ को सीधे जनता तक पहुँचाने के प्रयास करें....... और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखें.......उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सिंगरौली प्रशासन हर नागरिक की समस्याओं को गंभीरता से सुनेगा और उनका समाधान सुनिश्चित करेगा.......
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चंद्रवेश पांडे भारतीय संगीत परंपरा में कुछ ऐसे स्वरपुरुष हुए हैं जिनकी तान से न केवल श्रोता अभिभूत होते हैं, बल्कि उनके माध्यम से पूरी सांस्कृतिक धरोहर जीवंत हो उठती है। बनारस की माटी में जन्मे और उसी की गंगा-जमुनी तहज़ीब में पले-बढ़े पंडित छन्नूलाल मिश्र उन्हीं विरल हस्तियों में गिने जाते हैं। वे केवल गायक नहीं थे, बल्कि लोकजीवन, अध्यात्म और शास्त्र की सम्मिलित ध्वनि थे, जिनके सुर सुनकर लगता था मानो गंगा की लहरें ही गा रही हों। वाराणसी घराने की परंपरा से जुड़े पंडित मिश्र ने ख़ासकर ठुमरी, दादरा, चैती, कजरी और होरी को जिस गहनता और भाव-प्रवणता से प्रस्तुत किया, वह उन्हें अपने समकालीनों से अलग करता है। उनके गायन में बनारस की चौक-चौराहों पर गूंजने वाले लोकगीतों की मिठास भी थी और मंदिरों की आरती का अलौकिक कंपन भी। जब वे राग में आलाप करते तो लगता कि सुर किसी तपस्वी की साधना की तरह धीरे-धीरे खुल रहे हैं और श्रोताओं के भीतर तक उतरते चले जा रहे हैं। पंडित छन्नूलाल मिश्र ने शास्त्रीयता को लोकजीवन से अलग नहीं किया, बल्कि दोनों को ऐसे पिरोया कि वह एक सांगीतिक महायज्ञ का रूप ले लेता। उनकी ठुमरी में श्रृंगार का रस था, किंतु उसमें अध्यात्म का स्पर्श भी झलकता। दादरा और कजरी में वे बनारसी बोली की मस्ती घोल देते और होरी गाते समय लगता जैसे पूरे ब्रज का रंग बरस रहा हो। उनकी आवाज़ में अदभुत रूहानियत थी- वह साधारण से साधारण श्रोता को भी भीतर से झकझोर देती थी। उन्होंने केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक अपने कला-संसार को सीमित नहीं रखा। वे गायक के साथ-साथ एक संवेदनशील सांस्कृतिक दूत भी थे, जो भारतीय संगीत की परंपरा को विश्वपटल पर ले गए। उन्होंने भारतीय राग-संगीत की गूंज देश दुनिया में पहुँचाई। उनकी गायकी सुनकर विदेशी श्रोता भी भारतीय संस्कृति की गहराई का अनुभव करते थे। पंडित मिश्र का जीवन भारतीय संगीत की उस सनातन धारा का उदाहरण था जिसमें कला केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि साधना और साधना से भी आगे जाकर भक्ति बन जाती है। वे स्वयं कबीर और तुलसी की काव्यधारा को उतनी ही सहजता से गा सकते थे जितनी सहजता से किसी ठुमरी का आलाप। यही कारण है कि उन्हें सुनना केवल संगीत-संवाद नहीं, बल्कि जीवन-संवाद जैसा लगता था। संगीत जगत में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित किया। परंतु पंडित छन्नूलाल मिश्र का असली सम्मान उनके श्रोताओं के हृदयों में था- जहाँ उनकी आवाज़ एक अमिट छाप छोड़ चुकी है। मध्यप्रदेश की धरती कई दफा उनके सुरों से सिक्त हुई है, ग्वालियर का तानसेन समारोह हो या कोई और आयोजन वे कई दफा अपनी गायकी का चुंबकीय असर छोड़कर गए। उनके निधन के साथ भारतीय संगीत ने अपने समय के एक जीवित पुराण को खो दिया है। वे अब मंच पर नहीं गाएंगे, किंतु उनकी रचनाएँ, उनकी ठुमरियाँ, उनकी गायी हुई भजनों की गूंज, और उनकी स्मित मुस्कान हमेशा याद दिलाती रहेगी कि संगीत केवल ध्वनि नहीं, बल्कि आत्मा की भाषा है। पंडित छन्नूलाल मिश्र का जाना गंगा की एक लहर के थम जाने जैसा है, किंतु उनकी स्मृति उस अविरल धारा की तरह बहती रहेगी जो आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगी कि संगीत जीवन का उत्सव है, ईश्वर तक पहुँचने का सेतु है और मनुष्य को मनुष्य से जोड़ने वाला सबसे सुरीला माध्यम है।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में माँ नर्मदा की गोद मे बसे संगमरमरी सौंदर्य के लिए मशहूर पर्यटन स्थल भेड़ाघाट में नर्मदा महोत्सव का आयोजन 5 और 6 अक्टूबर को होगा। जबलपुर पुरातत्व पर्यटन एवं संस्कृति परिषद द्वारा जिला प्रशासन, जिला पंचायत, नगर निगम जबलपुर, नगर परिषद भेड़ाघाट एवं जबलपुर विकास प्राधिकरण के सहयोग से शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किए जा रहे इस खास दो दिवसीय आयोजन में भजनों की सरिता बहेगी। जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सीईओ पीयूष दुबे ने शुक्रवार को बताया कि नर्मदा महोत्सव का यह लगातार 22वें वर्ष आयोजन होगा। पूर्व के वर्षों की तरह नर्मदा महोत्सव का इस बार का आयोजन भी धुआंधार जलप्रपात के समीप मुक्ताकाशी मंच पर होगा। नर्मदा महोत्सव के पहले दिन 5 अक्टूबर की सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण "हर हर शंभु" फेम पूरी की अभिलिप्सा पांडा के भजन होंगे वहीं दूसरे दिन 6 अक्टूबर की सांस्कृतिक संध्या में मधुबनी की मैथिली ठाकुर और पँजाब के लखवीर सिंह लक्खा अपनी सुरीली और खनकती आवाज में भजनों का गायन कर भक्ति रस की सरिता बहाएंगे। नर्मदा महोत्सव के पहले दिन का आकर्षण- उन्होंने बताया कि नर्मदा महोत्सव के पहले दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत शाम 7 बजे माँ नर्मदा की पूजा अर्चना से शुरू होगी। पहले दिन के कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीक करेंगी। राज्य सभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा, विधायकगण अजय विश्नोई, नीरज सिंह,लखन घनघोरिया, सुशील तिवारी इंदु, संतोष वरकड़े एवं जिला पंचायत अध्यक्ष आशा गोंटिया को कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। नर्मदा महोत्सव के पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत शाम 7.30 बजे कटनी के युवराज सिंह के शास्त्रीय गायन से होगी। शाम 7.45 बजे जबलपुर की कामना नायक एवं उनके समूह के कलाकारों द्वारा भरतनाट्यम एवं रात 8 बजे से राजस्थान के जवाहरनाथ एवं समूह द्वारा कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति दी जायेगी। पुरी की अभिलिप्सा पांडा द्वारा भजनों का गायन रात 8.15 बजे से प्रारंभ होगा। मैथिली ठाकुर और लखवीर सिंह लक्खा के भजन होंगे दूसरे दिन का आकर्षण- नर्मदा महोत्सव के दूसरे और समापन दिवस 6 अक्टूबर को भी शाम 7 बजे नर्मदा पूजन, अतिथियों के स्वागत व दीप प्रज्जवलन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रारंभ होंगे। दूसरे दिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह होंगे। प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद आशीष दुबे, विधायक नीरज सिंह एवं डॉ अभिलाष पांडे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नु एवं भेडाघाट नगर परिषद के अध्यक्ष चतुर सिंह विशिष्ट के रूप में मौजूद रहेंगे। दूसरे दिन की सांस्कृतिक संध्या में शाम 7.30 बजे संस्कार भारती जबलपुर की ओर से कमलेश यादव एवं उनके समूह द्वारा वीरांगना रानी दुर्गावती पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जायेगी। शाम 7.45 बजे राजस्थान के जवाहर नाथ ग्रुप द्वारा चरी और घूमर नृत्य की प्रस्तुत किये जाएंगे। रात 8.05 बजे से मधुबनी की मैथिली ठाकुर तथा रात 9 बजे से पंजाब के लखवीर सिंह लक्खा द्वारा भजनों का गायन होगा। नर्मदा महोत्सव के अवसर पर हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन स्थल पर व्यंजन मेला का आयोजन किया जायेगा तथा हस्तशिल्प सामग्री की प्रदर्शनी लगाई जायेगी। शरद पूर्णिमा पर भेडाघाट में धुआंधार जलप्रपात के समीप बने मुक्ताकाशी मंच पर दोनों दिन शाम 7 बजे से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आमजनों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा। "माँ नर्मदा के प्राकृतिक सौंदर्य" पर होगी फोटोग्राफी प्रतियोगिता- सौंदर्य की नदी माँ नर्मदा के किनारे विश्व प्रसिद्ध धुआंधार जलप्रपात के समीप भेड़ाघाट की संगमरमरी वादी में आयोजित नर्मदा महोत्सव का एक आकर्षण फोटोग्राफी प्रतियोगिता भी होगी। फोटोग्राफी प्रतियोगिता के प्रतिभागी माँ नर्मदा के प्राकृतिक सौंदर्य को अपने कैमरे में कैद कर 11 हजार रुपये का प्रथम पुरस्कार जीत सकते हैं। फोटोग्राफी प्रतियोगिता में प्रतिभागी माँ नर्मदा के नयनाभिराम दृश्यों को छायाचित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे। प्रतियोगिता का विषय "माँ नर्मदा का प्राकृतिक सौंदर्य" होगा। जबलपुर पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के सीईओ पीयूष दुबे के अनुसार यह प्रतियोगिता रचनात्मकता और नवाचार का एक अनूठा मंच है। फोटोग्राफर्स अपने कैमरे की तीसरी नजर से माँ नर्मदा के अनुपम सौंदर्य को कैद कर पुरस्कार जीत सकते हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिये प्रतिभागियों को नगर परिषद भेड़ाघाट में उपस्थित होकर या मोबाइल नंबर 7415212554 पर संपर्क कर पंजीयन कराना होगा। फोटग्राफर्स को अंतिम तिथि 4 अक्टूबर की शाम 5 बजे तक फोटोग्राफ जमा करने होंगे।
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भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को के विभिन्न घाटों पर मां दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हो गया है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विराजित दुर्गा प्रतिमाओं को लेकर सुबह से ही श्रद्धालु विसर्जन स्थलों पर पहुंच रहे हैं। श्रद्धा, भक्ति और शांति के साथ छोटे आकार की प्रतिमाओं को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घाटों पर बनाए गए विशेष कुंडों में विसर्जित किया जा रहा है, जबकि बड़ी प्रतिमाओं को क्रेन की मदद से जल में प्रवाहित किया जा रहा है। शुक्रवार शाम को शहर में श्री हिंदू उत्सव समिति द्वारा आयोजित मुख्य दुर्गा चल समारोह निकाला जा रहा है, जिसमें छोटी-बड़ी मिलाकर 300 से अधिक प्रतिमाएं शामिल हैं। यह चल समारोह भोपाल ही नहीं, बल्कि विदिशा और गंजबासौदा जैसे आसपास के जिलों से आई दुर्गा प्रतिमाओं के साथ और भी भव्य बन गया है। श्री दुर्गा चल समारोह की शुरुआत सेंट्रल लाइब्रेरी से हुई, जो इतवारा, जैन मंदिर रोड, मंगलवारा चौराहा, हनुमानगंज छोटा भैया कॉर्नर, जनकपुरी, सिंधी मार्केट, भवानी चौक सोमवारा होते हुए कमलापति घाट, प्रेमपुरा घाट और खटलापुरा घाट की ओर बढ़ा। भव्य झांकियों, बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ निकले इस शोभायात्रा ने शहर के माहौल को भक्तिमय कर दिया। भोपाल के खटलापुरा, प्रेमपुरा, शाहपुरा, बैरागढ़, हथाईखेड़ा, ईटखेड़ी, मालीखेड़ी, नरोन्हा सांकल समेत 11 प्रमुख घाटों पर विसर्जन का सिलसिला जारी है। प्रशासन के अनुसार, कुल 7 हजार से अधिक प्रतिमाओं का विसर्जन तीन दिनों में होगा। छोटी प्रतिमाएं विशेष कुंडों में विसर्जित की जा रही हैं, जबकि बड़ी मूर्तियों के लिए क्रेन और जेसीबी की मदद ली जा रही है। रानी कमलापति घाट पर आज देर रात तक मूर्तियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। घाटों पर सुरक्षा, सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए 5000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। बेरिकेडिंग, गोताखोर, क्रेन, लाइफ जैकेट और कंट्रोल रूम की व्यवस्था के साथ-साथ हर मूर्ति की सुरक्षित विसर्जन की निगरानी की जा रही है। प्रशासन के मुताबिक, बड़ी मूर्तियों के लिए अलग पॉइंट तय किए गए हैं। यदि कोई मूर्ति बहुत विशाल है तो उसे प्रेमपुरा घाट भेजा जा रहा है। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के चलते भारत टॉकीज, इतवारा, जुमेराती, पीरगेट, मोती मस्जिद, रेतघाट और कमलापति घाट की ओर जाने वाले मार्गों पर विशेष ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। ट्रैफिक पुलिस ने 4 अक्टूबर शाम 5 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों के उपयोग की अपील की गई है।
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आनंद नगर दशहरा मैदान में रावण दहन के भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे......लेकिन इसी दौरान ऐसा कुछ हुआ कि लोग अचंभित रह गए......रावण का पुतला बिना किसी आग लगाए......अपने आप जलकर राख हो गया......जबकि कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले सुरक्षित खड़े रहे......कई लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं......यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए रोमांचक और श्रद्धापूर्ण अनुभव बन गया है ...... भोपाल के आनंद नगर दशहरा मैदान में दशहरे का भव्य आयोजन हुआ था ......दशहरा उत्सव के दौरान रामलीला के पात्र रामायण के प्रसंगों का मंचन कर रहे थे......कई वरिष्ठ लोग और धर्मगुरु मंच पर मौजूद थे ...... जैसे ही श्री राम की आरती पूरी हुई......और रावण का पुतला अचानक खुद ही जलने लगा......जिसे देखकर वह खड़े सभी लोग अचंभित हो गए ...... रावण के पुतले का अपने आप जलना स्थानीय लोगों के लिए चमत्कार की तरह था......लेकिन इस दौरान कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले सुरक्षित रहे ......रावण के पुतले में आग लगने का कारण अज्ञात है ......लेकिन इस चमत्कार ने दशहरे के महापर्व को और भी उत्साही और यादगार बना दिया है......
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दूध को एक कंप्लीट फूड माना जाता है और यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है : खासकर रात को सोने से पहले : आपने अक्सर देखा होगा लोग सोने से पहले दूध पीते हैं ; दूध न केवल शरीर को जरूरी पोषण देता है बल्कि बॉडी को भी रिलैक्स करता है और नींद में सुधार लाता है : अब सवाल उठता है, रात को सोने से पहले गाय का दूध पीना चाहिए या भैंस का : हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि गाय और भैंस दोनों ही पौष्टिक हैं, लेकिन इनके बीच बड़ा अंतर है : गाय का दूध हल्का और पचने में आसान होता है : इसमें ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन मौजूद होते हैं जो गहरी और आरामदायक नींद को बढ़ावा देते हैं : वहीं, भैंस का दूध गाढ़ा होता है और प्रोटीन व फैट की मात्रा अधिक होने की वजह से पाचन में दिक्कत और नींद में खलल डाल सकता है : इसलिए रात को सोने से 1-2 घंटे पहले हमेशा गर्म या हल्का गुनगुना गाय का दूध पीना सबसे बेहतर है : कोशिश करें कि रात के खाने के 2 घंटे बाद ही दूध लें और ठंडा दूध बिल्कुल न पिएं क्योंकि यह पचने में मुश्किल और गले या सर्दी-जुकाम की समस्या पैदा कर सकता है : गर्म दूध पीने से शरीर आराम करता है, मन शांत होता है और नींद अच्छी आती है
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नई दिल्ली । पद्मभूषण से सम्मानित शास्त्रीय गायक पंडित छन्नूलाल मिश्र का 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया।लंबी बीमारी से जूझ रहे पंडित छन्नूलाल मिश्र ने मिर्जापुर में गुरुवार तड़के सवा चार बजे आखिरी सांस ली। वे सेप्टीसीमिया नामक बीमारी से जूझ रहे थे। जानकारी के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में होगा। हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के बनारस घराने और विशेष रूप से ख्याल और 'पूरब अंग'- ठुमरी के प्रतिपादक पंडित छन्नूूलाल मिश्र ने संगीत यात्रा में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। ठुमरी, दादरा, चैती और भजन गायन से भारतीय संगीत को समृद्ध करने वाले छन्नूलाल मिश्र ने शास्त्रीय संगीत को आमजन तक पहुंचाया। 3 अगस्त 1936 को आजमगढ़ में जन्मे पंडित छन्नूलाल मिश्रा वाराणसी को अपनी कर्मभूमि के तौर पर चुना। उन्हें साल 2020 में पद्म विभूषण, साल 2010 में पद्मभूषण, साल 2000 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। साल 2010 में उन्हें यश भारती पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। छन्नूलाल मिश्र ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन में शीर्ष ग्रेड कलाकार रह चुके हैं। वे संस्कृति मंत्रालय (उत्तर-केंद्रीय) सरकार के सदस्य भी रहे। जब साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जब नरेन्द्र मोदी ने पहली बार वाराणसी सीट से चुनाव लड़ने का फैसला लिया, तब छन्नूलाल मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे।
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गुजरात, कानपुर के बाद अब मैहर जिले में आई लव मोहम्मद के बैनर ने शहर में भारी विवाद खड़ा कर दिया है.......अमरपाटन के काली माता पंडाल के पास लगे.......इस बैनर को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आपत्ति जताई .......जिसके बाद तुरंत इस बैनर को हटा दिया गया.......प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय को बुलाकर स्थिति को नियंत्रित किया.......और भविष्य में ऐसी हरकत न करने की चेतावनी दी....... मैहर जिले के अमरपाटन में एक बार फिर आई लव मोहम्मद के बैनर ने विवाद को जन्म दिया है ....... अमरपाटन के आजाद चौक के पास काली माता पंडाल के पास ....... कोरिया मोहल्ले में यह बैनर देखा गया....... इसके बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे.......और अमरपाटन थाना पुलिस की सहायता से मुस्लिम समुदाय के लोगों को बुलाकर बैनर को हटा दिया गया....... प्रशासन ने सभी को सख्त हिदायत दी है ....... कि भविष्य में इस तरह के पोस्टर या बैनर शहर में ना लगाए जाएँ.......कानपुर और गुजरात के बाद अब ये विवाद मध्य प्रदेश तक फैल गया है.......सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर .......इस मुद्दे पर जमकर बहस हो रही है.......वहीं विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक दल भी अपनी नाराजगी जता रहे हैं.......प्रशासन ने शहर में सतर्कता बढ़ा दी है.......और स्थिति को नियंत्रित रखने की कोशिश की जा रही है.......
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भारत की एशिया कप जीत के बाद टीम इंडिया के सेलिब्रेशन वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं.....इन्हीं में से एक वीडियो में तेज़ गेंदबाज अर्शदीप सिंह बस में चढ़ने से पहले कैमरे के सामने मज़ाकिया अंदाज़ में डांस करते नजर आ रहे हैं..... उनका ये मस्ती भरा स्टाइल फैंस को खूब भा रहा है.....और लोग इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं.....जिससे ये सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है.....
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राजगढ़। ब्यावरा शहर में देवी मां की झांकी देखने गए 35 वर्षीय युवक की गांव लौटने के दौरान सुठालिया रोड़ पर अचानक तबीयत बिगड़ गई, बेसुध हालत में दोस्त उसे सिविल अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा और मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की। पुलिस के अनुसार बीती रात ग्राम नेठाठारी थाना सुठालिया निवासी 35 वर्षीय देवपाल पुत्र विक्रमसिंह राजपूत की सुठालिया रोड़ पर ढ़ाबा के समीप अचानक तबीयत बिगड़ गई, गंभीर हालत में दोस्त उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बताया गया है कि युवक विवाहित है और उसके दो बच्चे है, जो गांव के रवि पुत्र रामदयाल वर्मा और माखन प्रजापति के साथ बाइक से ब्यावरा नगर में देवी मां की झांकियां देखने पहुंचे थे तभी लौटने के दौरान सुठालिया रोड़ स्थित ढ़ाबा के समीप वह चक्कर और उल्टी आने से वह बेसुध हो गया, जिसकी अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि कुछ साल पहले उसके सीने में दर्द उठा था, लेकिन फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ था। युवक की मौत किन हालातों के चलते हुई, इसका वास्तविक पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद लग सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की।
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नई दिल्ली । कमजोर ग्लोबल संकेतों, स्टॉक मार्केट में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की मांग में तेजी आने का असर आज भारत के मुद्रा बाजार में साफ नजर आया। मुद्रा बाजार में बने नकारात्मक माहौल के कारण रुपया आज डॉलर की तुलना में मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। भारतीय मुद्रा आज डॉलर की तुलना में 4 पैसे फिसल कर 88.76 (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुई। इसके पहले पिछले सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय मुद्रा 88.72 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई थी। रुपये ने आज के कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ की थी। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में भारतीय मुद्रा ने आज सुबह डॉलर के मुकाबले 6 पैसे की बढ़त के साथ 88.66 रुपये के स्तर से कारोबार की शुरुआत की थी। आज का कारोबार शुरू होने के बाद डॉलर की मांग में तेजी आने के कारण रुपये पर दबाव बढ़ता गया, जिसकी वजह से रुपया ओपनिंग लेवल से 11 पैसे फिसल कर 5 पैसे की कमजोरी के साथ 88.77 के स्तर तक पहुंच गया। पूरे दिन के कारोबार के बाद डॉलर की तुलना में रुपये ने 4 पैसे की गिरावट के साथ 88.76 के स्तर पर आज के कारोबार का अंत किया। मुद्रा बाजार के आज के कारोबार में रुपये ने डॉलर के साथ ही ज्यादातर दूसरी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले भी कमजोर प्रदर्शन किया। आज ब्रिटिश पौंड (जीबीपी) की तुलना में रुपया 76.63 पैसे की कमजोरी के साथ 119.21 (अनंतिम) के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह यूरो की तुलना में रुपया आज 41.65 पैसे की गिरावट के साथ 104.01 (अनंतिम) के स्तर पर पहुंच कर बंद हुआ।
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आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में तनाव नया नहीं : रोज़ का हिस्सा बन चुका है : काम का बोझ : पारिवारिक जिम्मेदारियां या सफलता की दौड़ : ये सब सीधा असर डालते हैं हमारे दिल और दिमाग पर :यही स्ट्रेस धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा देता है : लेकिन छोटी-छोटी आदतें इस तनाव को हल्का कर सकती हैं : सुबह की शुरुआत कुछ मिनट ध्यान और मेडिटेशन से कीजिए : दिमाग शांत होगा : नेगेटिव विचार दूर होंगे : जब भी बेचैनी हो, बस पाँच मिनट गहरी सांस लीजिए और छोड़िए : ये साधारण सी आदत नसों का दबाव कम करती है और दिल को ज्यादा ऑक्सीजन देती है : हर दिन आधा घंटा हल्की एक्सरसाइज : जैसे योग, वॉकिंग या स्विमिंग : दिल को फिट रखती है : और हाँ, नींद बिल्कुल मत छोड़िए समय पर नींद, स्ट्रेस को आधा कर देती है : सबसे आसान इलाज है हंसी : दोस्तों से बातें कीजिए : पॉजिटिव लोगों के साथ समय बिताइए, और खुलकर हंसिए : हंसी से निकलने वाला हैप्पी हार्मोन दिल और दिमाग दोनों को हल्का कर देता है : याद रखिए, स्ट्रेस से भागना नहीं है : उसे सही आदतों से मैनेज करना है : क्योंकि जब दिल स्वस्थ है : तो ज़िंदगी सुकूनभरी लगती है
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दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में आज इतिहास रचने वाला है : क्योंकि आज है एशिया कप 2025 का फाइनल : भारत बनाम पाकिस्तान : और सबसे खास बात : एशिया कप के 41 साल के इतिहास में यह पहली बार है जब दोनों टीमें सीधे फाइनल में आमने-सामने होंगी : टीम इंडिया का इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन शानदार रहा है : ग्रुप स्टेज से लेकर सुपर-4 तक : एक भी मैच में हार नहीं : पलड़ा भारी और आत्मविश्वास उच्चतम स्तर पर : वहीं पाकिस्तान को भी ध्यान देना होगा : ग्रुप स्टेज और सुपर-4 में भारत ने उन्हें मात दी थी : यानी खिताबी मुकाबले में मनोवैज्ञानिक बढ़त भी टीम इंडिया के साथ है : अगर इतिहास देखें तो एशिया कप में अब तक भारत-पाकिस्तान हेड टू हेड रिकॉर्ड काफी करीब है : कुल 24 मैचों में भारत ने 12 मैच जीते, पाकिस्तान ने 10, और 2 मैच ड्रॉ रहे : टी20 इंटरनेशनल में भारत का दबदबा और भी ज़्यादा है : 15 मैचों में से पाकिस्तान सिर्फ 3 जीत पाया : एशिया कप की ट्रॉफी की बात करें तो भारत ने अब तक 8 बार इसे अपने नाम किया है : 7 बार वनडे फॉर्मेट में और 1 बार टी20 फॉर्मेट में : अब नजरें 9वीं बार जीत पर टिक गई हैं : वहीं पाकिस्तान ने सिर्फ 2 बार ट्रॉफी उठाई है : आखिरी बार 2012 में : तो तैयार हो जाइए आज के रोमांच के लिए : जब एशिया कप की ट्रॉफी के लिए भारत पाकिस्तान भिड़ेंगे : लेकिन याद रखिए : भारत मजबूत है, आत्मविश्वासी है, और पूरी तैयारी के साथ मैदान पर है, जबकि पाकिस्तान डरता हुआ नजर आ रहा है
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हर साल 28 सितंबर को दुनिया भर में रेबीज डे मनाया जाता है : ताकि लोगों को इस घातक बीमारी के बारे में जागरूक किया जा सके : रेबीज की वैक्सीन सबसे पहले वैज्ञानिक लुई पाश्चर ने बनाई थी : यही वैक्सीन समय पर लग जाए तो जान बच सकती है : लेकिन देर हुई, तो मौत तय है : ज्यादातर लोग सोचते हैं कि रेबीज सिर्फ कुत्ते के काटने से फैलता है : लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा खतरनाक है : बिल्ली, खरगोश, बंदर, सियार : यहां तक कि चमगादड़, रकून, स्कंक, गिलहरी और लोमड़ी भी रेबीज फैला सकती हैं : यानी सिर्फ कुत्ता ही नहीं, कई और जानवर इस वायरस के वाहक हैं : अब सवाल है इसकी पहचान कैसे करें : तो अगर किसी जानवर के काटने के बाद आपको बुखार, सिरदर्द, थकान, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश या उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखें : तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं :याद रखिए : रेबीज का कोई इलाज नहीं है, बचाव ही एकमात्र उपाय है : और बचाव का सबसे पक्का तरीका है : समय पर वैक्सीन लगवाना : तो इस विश्व रेबीज डे पर अपना और अपने परिवार का ख्याल रखिए : और जागरूकता फैलाइए
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कन्या राशि वालों के लिए अक्टूबर 2025 नए अवसर और नई सफलताएं लेकर आया है : अक्टूबर के महीने में आपके करियर में बदलाव के संकेत हैं : हो सकता है कि आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी या ऊँचा पद मिलने वाला है : अगर कन्या राशि वाले बेरोजगार हैं : नौकरी की तलाश में हैं तो आपकी मेहनत रंग लाएगी और मनचाहा रोजगार आपको मिलेगा : धन की स्थिति भी मजबूत होगी : नए आय के स्रोत खुलेंगे : विदेश व्यापार से जुड़े लोग भी इस समय खूब लाभ प्राप्त कर सकते हैं : प्रेम और पारिवारिक जीवन की बात करें तो : अविवाहित कन्या राशि वालों के लिए विवाह के योग बन रहे हैं : किसी मांगलिक अवसर में भाग लेने का भी मौका मिलेगा : मगर कन्या राशि वालों को ध्यान रहे महीने के बीच में आपके और आपके प्रियजन के बीच छोटी-सी गलतफहमी हो सकती है : इस दौरान अपने गुस्से और शब्दों पर पूरी तरह नियंत्रण रखें : खट्टी-मीठी नोकझोंक के बावजूद, आपका दांपत्य जीवन खुशियों से भरा रहेगा : तो अक्टूबर महीने में कन्या राशि वाले अपने अवसरों को पहचानें, सकारात्मक सोच रखें और हर काम में आगे बढ़ें : अक्टूबर 2025 कन्या राशि के लिए नए अवसर, सफलता और संतुलन का महीना है
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इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के बीच लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी स्टेडियम में चल रहे..... अनऑफिशियल टेस्ट के चौथे दिन केएल राहुल ने कमाल कर दिया है...... 412 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए...... केएल राहुल ने 138 गेंदों में शानदार शतक बनाया है......खास बात यह रही कि राहुल ने ये शतक तेज बुखार के बावजूद मैदान पर खेलते हुए पूरा किया है ......तीसरे दिन जब उनकी तबीयत बिगड़ी थी......तब उन्होंने 74 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर जाना पड़ा था......लेकिन चौथे दिन टीम की जरूरत के वक्त वो..... दोबारा क्रीज पर लौटे और अपना शतक पूरा किया......इस पारी में राहुल ने 12 चौके लगाए...... यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का 22वां शतक है......जो वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले टीम के लिए राहत...... और वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के लिए चेतावनी का संदेश है......इससे पहले इंग्लैंड दौरे पर राहुल ने 5 टेस्ट मैचों में 2 शतक और 532 रन बनाए थे......अब 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम राहुल से इसी तरह की धमाकेदार पारियों की उम्मीद रखेगी......
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दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए.......एशिया कप 2025 के सुपर-4 चरण के आखिरी मुकाबले ने क्रिकेट फैंस को रोमांचक थ्रिलर का तोहफा दिया है .......भारत और श्रीलंका दोनों ने 20 ओवर में 202-202 रन बनाए....... और मैच टाई हो गया.......जिसका फैसला सुपर ओवर से हुआ.......जहां भारत ने बाजी मार ली.......अर्शदीप सिंह ने घातक गेंदबाजी करते हुए.......श्रीलंका के 2 बल्लेबाजों को आउट कर दिया....... और सिर्फ 2 रन ही दिए.......भारत को जीत के लिए 3 रन चाहिए थे.......जिसे भारतीय कप्तान ने 1 ही बॉल में हासिल कर लिया.......मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए......अभिषेक शर्मा ने 31 गेंदों पर 61 रन की आतिशी पारी खेली......जबकि तिलक वर्मा 49 रन पर नाबाद रहे......संजू सैमसन ने 39 और अक्षर पटेल ने नाबाद 21 रन जोड़कर...... भारत का स्कोर 202 तक पहुँचाया......श्रीलंका के लिए पथुम निसांका ने शानदार 107 रन ठोके और कुसल परेरा ने 58 रन की पारी खेली......दोनों की 127 रन की साझेदारी ने मैच को सुपर ओवर तक खींचा..... सुपर ओवर के हाई-वोल्टेज ड्रामे में भारत ने जीत दर्ज की..... टीम इंडिया पहले ही एशिया कप के फाइनल में पहुंच चुकी है ......जहां उसका मुकाबला 28 सितंबर को पाकिस्तान से होगा......
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भारत की रक्षा शक्ति को नई उड़ान मिली है.....पहली बार चलती ट्रेन से अग्नि-प्राइम मिसाइल ने सफलतापूर्वक बंगाल की खाड़ी में अपना निशाना साधा है..... ओडिशा के चांदीपुर से रेल मोबाइल लॉन्चर के जरिए लॉन्च की गई....इस मिसाइल की रेंज करीब 2 हजार किलोमीटर है....यानी पूरा पाकिस्तान इसकी जद में आता है....इस ऐतिहासिक सफलता की जानकारी खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साझा करते हुए....DRDO को बधाई दी है.... खास बात यह है कि रेल बेस्ड लॉन्चर से मिसाइल दागे जाने के कारण दुश्मन को इसकी लोकेशन ट्रैक करना बेहद मुश्किल होगा....इससे पहले भारत ने अग्नि-5 का सफल परीक्षण किया था.... जिसकी मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर तक है.... और उस समय चीन से लेकर यूरोप तक कई देशों में टेंशन बढ़ गई थी। अब अग्नि-प्राइम के इस परीक्षण ने साफ कर दिया है ....कि भारत हर परिस्थिति में अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है....यह केवल एक सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती हुई सामरिक क्षमता और आत्मनिर्भरता का मजबूत संदेश है....
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हरदा के रहटगांव से एक गंभीर मामला सामने आया है.... जहाँ ग्राम पंचायत भटगांव के सहायक सचिव भूर्मल सोलंकी के खिलाफ .... छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ है,.... बता दे की थाना रहटगांव में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार ...... फरियादी ने बताया कि 9 से 18 सितंबर 2025 के बीच आरोपी भूर्मल सोलंकी लगातार उसका पीछा करता रहा और उसके साथ छेड़छाड़ की .... और विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी .... पुलिस ने आरोपी भूर्मल सोलंकी निवासी सुहागपुर के खिलाफ ...... अपराध क्रमांक 283/2025 धारा 78, 296 और 351(3) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है..... और मामले की गहराई से छानबीन उपनिरीक्षक मनोज दुबे कर रहे हैं ...
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सोचिए : अगर आपके खाने का तरीका ही आपकी सेहत बदल दे तो : आजकल बहुत से लोग विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी, फैटी लिवर और पेट की परेशानियों से जूझ रहे हैं और इसके पीछे सीधे-सीधे आपका खानपान जिम्मेदार है : लेकिन सिर्फ क्या खाया, कितनी मात्रा में खाया, ये नहीं बल्कि कैसे खाया, किस तरीके से खाया, ये भी उतना ही मायने रखता है : दही और चावल, ये तो आम तौर पर पेट के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन अगर इन्हें फर्मेंट किया जाए, रातभर रखा जाए, तो इनके अंदर के गुड बैक्टीरिया की संख्या बढ़ जाती है और आपका शरीर विटामिन बी12 की कमी को भी खुद पूरा करने लगता है : और ये आसान भी है, घर में ही, मिट्टी के बर्तन में : पहले पके हुए चावल लें : उसमें थोड़ा पानी डालें और रातभर के लिए ढक कर रख दें : अगले दिन इसमें ब्लैंड किया हुआ दही डालें, लंबा कटा प्याज, हरी मिर्च और थोड़ा हरा धनिया : फिर एक पैन में घी गर्म करें, जीरा, हींग, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ता, कटी हरी मिर्च और छोटा प्याज डाल कर हल्का भून लें, और इस तड़के को दही-चावल में मिलाएं, ऊपर से काला नमक छिड़क दें : बस आपका हेल्दी और टेस्टी फर्मेंटेड दही-चावल तैयार है : सोचिए, एक ही डिश में पेट की सेहत, विटामिन बी12 की कमी की पूर्ति और स्वाद का आनंद, सब एक साथ : ऐसे छोटे-छोटे बदलाव आपके खाने में बड़ा फर्क ला सकते हैं
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खंडवा के बड़े कब्रिस्तान में कब्रों के खोदे जाने और शवों के साथ छेड़छाड़ के मामले में .....पुलिस को अहम सुराग मिले हैं.....पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध पर शक जताया है.....जो अप्रैल में हत्या के मामले में जेल से बाहर आया था.....पुलिस उसकी तलाश कर रही है..... खंडवा के बड़े कब्रिस्तान में दो कब्रों के खोदे जाने और शवों के साथ छेड़छाड़ के मामले में पुलिस के हाथ सुराग लगा है......पुलिस एक सन्धिक व्यक्ति पर शक हुआ है...... पता चला है कि यह वही व्यक्ति है...... जो अप्रैल में हत्या के मामले में जेल से छूटकर आया था......पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए दिन में धर्मशाला, शक्कर तालाब, जावर इलाके और रात में हरसूद तक उसकी तलाश की ......21 सितंबर को एक महिला और पुरुष की कब्रों के साथ छेड़छाड़ की गई थी ...... सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध कैद हुआ था......पुलिस ने पूरे इलाके में तलाशी अभियान तेज कर दिया है...... और जल्द ही मामले का खुलासा करने का दावा किया है......
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स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए लोग अक्सर व्यायाम करते हैं......और कई लोग खेलों में भी हिस्सा लेते हैं......जैसे क्रिकेट, टेबल टेनिस और बैडमिंटन...... बैडमिंटन को हृदय को मजबूत बनाने वाला खेल माना जाता है......लेकिन अगर बैडमिंटन खेलते - खेलते ही किसी की मोत हो जाये तो हैं......ऐसा ही एक मामला छतरपुर से सामने आया है......जहाँ एक व्यापारी की सुबह बैडमिंटन खेलते समय अचानक हार्ट अटैक आ गया ...... छतरपुर में 53 वर्षीय व्यापारी भोले साहू की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई......व्यापारी रोजाना की तरह सुबह अपने दोस्तों के साथ बैडमिंटन खेलने गया था ......जहाँ एक गेम पूरा होते ही कुर्सी पर बैठकर जैसे ही उसने पानी पिया ......तभी उनकी सांसें उखड़ने लगीं और वो अचेत होकर नीचे गिर पड़ा ...... मौके पर मौजूद दोस्तों ने फौरन सीपीआर देकर ...... उसे होश में लाने की कोशिश की और वाहन बुलाकर जिला अस्पताल पहुंचाया ......लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद व्यापारी को मृत घोषित कर दिया ...... बाईट-
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वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर क्रिकेट की दुनिया में धमाका कर दिया है..... ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज के दूसरे मैच में ब्रिस्बेन के इयान हीली ओवल मैदान पर..... 14 साल के इस बल्लेबाज ने महज 68 गेंदों पर 70 रन बना दिए.....इस धुआंधार पारी में उन्होंने 5 चौके और 6 छक्के लगाए.....खास बात यह है कि इसी पारी के दम पर वैभव ने..... यूथ वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.....उन्होंने अंडर-19 के पूर्व कप्तान उन्मुक्त चंद का रिकॉर्ड तोड़ दिया है..... वैभव सूर्यवंशी ने सिर्फ 10 पारियों में 41 छक्के लगाए हैं.....जबकि उन्मुक्त चंद ने 21 पारियों में 38 छक्के लगाए थे.....इस रिकॉर्ड से यह स्पष्ट हो गया है..... कि वैभव सिर्फ अपनी उम्र के लिए ही नहीं.....बल्कि क्रिकेट की प्रतिभा के मामले में भी शानदार हैं.....इस मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शानदार शुरुआत की.....और वैभव ने अपनी तूफानी पारी से सभी का ध्यान खींच लिया..... उनका यह प्रदर्शन आने वाले खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा है....
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सोचिए : आप करोड़ों की कमाई कर रहे हैं : इंटरनेशनल क्रिकेट में नाम कमा रहे हैं : लेकिन फिर भी अपने पैशन और सपनों के लिए सब कुछ छोड़ दें : बहुत मुश्किल है न ऐसा करना : पर ऐसा किया है इंग्लैंड की तेज गेंदबाज फ्रेया डेविस ने : 15 साल का शानदार क्रिकेट करियर, 35 इंटरनेशनल मैच, 33 विकेट, घरेलू टूर्नामेंट में धमाकेदार प्रदर्शन : लेकिन अब वह क्रिकेट को अलविदा कहकर वकील बनने जा रही हैं :: सोचिए : जहाँ हर खिलाड़ी करोड़ों में खेलता है, वहीं फ्रेया ने पैसा, शोहरत को पीछे छोड़कर एक नया रास्ता चुना है : उनका कहना है : मैं अपने क्रिकेट सफर को मजबूती के साथ खत्म कर रही हूँ और अब अपने नए पेशे में पूरी ताकत से आगे बढ़ूँगी : यह कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं : बल्कि सपनों के लिए साहस और जुनून का परिचय है : फ्रेया डेविस अब करोड़ों की चमक छोड़, कोर्ट रूम में नई उड़ान भरने जा रही हैं।
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क्या आप जानते हैं कि आपकी किचन में एक ऐसा नमक है : जो सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आपकी सेहत का भी ख्याल रखता है : हाँ, हम बात कर रहे हैं काले नमक की : ये साधारण सा दिखने वाला नमक आपके सलाद, रायते और चाट का स्वाद चार गुना बढ़ा देता है : लेकिन इसका जादू सिर्फ खाने तक सीमित नहीं है : अगर आपका वजन बढ़ा हुआ है और आप इसे कम करना चाहते हैं : तो सुबह उठकर एक गिलास पानी में थोड़ा काला नमक मिलाकर पीना शुरू कर दें : इसमें मौजूद एंटी-ओबेसिटी गुण आपका वजन धीरे-धीरे नियंत्रित करेंगे : अगर पेट में भारीपन या जलन रहती है : तो काला नमक आपके लिए वरदान है : इसमें मौजूद आयरन पेट की जलन और हाजमे की दिक्कत को तुरंत कम कर देते हैं : काले नमक के लैक्सेटिव गुण आपके पेट की गैस और कब्ज को आराम पहुँचाते हैं : सिर्फ थोड़ा सा इसका सेवन ही आपके हाजमे को बेहतर बना सकता है : डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काला नमक खास है : यह शुगर के लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है और सामान्य नमक की जगह इसका इस्तेमाल ब्लड शुगर कंट्रोल में रखता है : काले नमक में सोडियम कम होता है, इसलिए यह ब्लड प्रेशर को सुरक्षित बनाए रखता है : अगर आपका कोलेस्ट्रॉल हाई है, तो काले नमक से आपको फायदा मिलेगा : यह बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करके दिल की रक्षा करता है : तो देखा आपने? एक छोटा सा नमक का बड़ा असर : काला नमक सिर्फ स्वाद नहीं, आपकी सेहत का भी साथी है
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दोस्तों, इन दिनों कई राज्यों में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं : ये बीमारी सिर्फ़ बुखार नहीं, बल्कि बदन दर्द, थकान, उल्टी और कभी-कभी जानलेवा तक साबित हो सकती है : ऐसे में सही खानपान ही आपकी सबसे बड़ी दवा बन सकता है : डेंगू में सबसे पहले ध्यान रखें : पपीता ज़रूर खाएं : ये प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करता है : लेकिन इसे कभी रात में न खाएं : डेंगू में कमज़ोरी से परेशान हैं : तो हल्के भोजन के साथ दिन में दही लें, ये ताक़त देगा, लेकिन याद रहे रात को दही बिल्कुल नहीं खाये : अंडा खा सकते हैं, लेकिन उसका पीला हिस्सा निकाल दें : क्योंकि ये भारी होता है और पचने में दिक़्क़त कर सकता है : एक और खास चीज़ : बकरी का दूध : इसमें विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं और ये आसानी से पच जाता है : नारियल का पानी डेंगू का नेचुरल टॉनिक है : ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स भरता है और ब्लड सेल्स को बढ़ाता है : इसलिए इसे जितना हो सके उतना पिएं : अब जान लीजिए क्या नहीं खाना चाहिए : डेंगू में मसालेदार, तला हुआ और तेल से भरा खाना बिल्कुल छोड़ दें : ये आपके पाचन को बिगाड़ देगा : कैफीन और शराब से दूरी बनाए रखें, क्योंकि ये शरीर को और ज़्यादा डिहाइड्रेट कर सकते हैं : याद रखिए : डेंगू का इलाज सिर्फ़ दवाओं से नहीं, बल्कि सही डाइट से भी होता है : सही खानपान अपनाइए और तेज़ी से रिकवरी कीजिए
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हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को दूसरी शादी कर ली है : विक्रमादित्य सिंह ने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर डॉ. अमृत कौर के साथ विवाह किया है : ये शादी चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित गुरुद्वारे में बेहद सादगी और निजी माहौल में सम्पन्न हुई : परिवार और कुछ करीबी रिश्तेदार ही इसमें शामिल रहे : शादी के बाद शिमला में रिसेप्शन रखा गया जो उनके आवास होली लॉज में हुआ : बता दें कि यह मंत्री विक्रमादित्य सिंह की दूसरी शादी है : इससे पहले उन्होंने 2019 में राजस्थान की आमेट रियासत से आने वाली सुदर्शना चूंडावत से विवाह किया था : लेकिन मनमुटाव के कारण हाल ही में दोनों का तलाक हो गया था : अमृत कौर और विक्रमादित्य सिंह की जान-पहचान करीब 8-9 साल पुरानी है : चंडीगढ़ आते-जाते उनकी दोस्ती गहरी होती चली गई और अब ये रिश्ता विवाह में बदल गया है : विक्रमादित्य सिंह, हिमाचल के छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह और उनकी दूसरी पत्नी प्रतिभा सिंह के बेटे हैं : अभी वह शिमला ग्रामीण से विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री हैं : लोकसभा चुनाव 2024 में भी विक्रमादित्य सुर्खियों में रहे थे, जब मंडी सीट से उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार कंगना रनौत के सामने हार का सामना करना पड़ा : अब विक्रमादित्य सिंह की इस शादी ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों के केंद्र में ला दिया है
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दुबई में एशिया कप 2025 के सुपर-4 मुकाबले में भारत और पाकिस्तान के बीच रोमांचक मैच देखने को मिला....... जिसमें टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की....... लेकिन खेल के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है....... इस वीडियो में देखा जा सकता है....... कि मैच खत्म होते ही भारतीय टीम सीधे ड्रेसिंग रूम की ओर जाती है....... लेकिन कोच गौतम गंभीर उन्हें वापस मैदान पर बुलाते हैं.......और केवल अंपायरों से हाथ मिलाने के लिए कहते हैं.......भारतीय टीम ने इस बार भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया......नजरअंदाज करने का ये सिलसिला मुकाबले में टॉस से ही शुरू हो गया था.......जब भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली से हाथ नहीं मिलाया था....... वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है....... कि गंभीर अपने खिलाड़ियों को ड्रेसिंग रूम से बाहर बुलाकर अंपायरों के साथ सम्मान दिखाने के लिए कहा....... लेकिन पाकिस्तान टीम को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया.......इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी हलचल मचा दी है.......और दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन गई है.......
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लालू प्रसाद यादव की बेटी और राजद नेता रोहिणी आचार्य : अब सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह पार्टी की मजबूती नहीं, बल्कि उससे उनकी दूरी है : कभी अपने पिता लालू, मां राबड़ी और भाई तेजस्वी यादव के साथ प्राउडली तस्वीरें दिखाने वाली रोहिणी : अब सोशल मीडिया पर बिल्कुल अलग नज़र आ रही हैं : प्रोफाइल फोटो से लेकर टाइमलाइन तक : सब बदल चुका है : तस्वीरों में अब कोई परिवार नहीं : बस उनकी अकेली पहचान है : इतना ही नहीं, रोहिणी ने अपने X अकाउंट से राजद समेत कुल 58 नेताओं को अनफॉलो कर दिया : पहले फॉलोइंग लिस्ट में 61 नाम थे, आज सिर्फ 3 बचे हैं : और वो भी राजनीति से जुड़े नहीं : असल में, पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 18 सितंबर को रोहिणी ने एक पोस्ट डाली : उस पोस्ट में उन्होंने सीधे-सीधे तेजस्वी यादव के सबसे करीबी और राज्यसभा सांसद संजय यादव पर वार किया : उन्हें "सबस्टैंडर्ड" कह डाला : हंगामा मचा, दबाव बढ़ा : तो रोहिणी ने पोस्ट डिलीट कर दी : लेकिन उसके बाद उनका रुख और सख्त नज़र आया : पहले सोशल मीडिया अकाउंट प्राइवेट किया : फिर सबकुछ बदल डाला : परिवार की तस्वीरें, न पार्टी से जुड़ाव : साफ है कि रोहिणी आचार्य अब पार्टी और परिवार, दोनों से दूरी बनाती दिख रही हैं : बड़ा सवाल यही है : क्या ये दूरी सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित है, या फिर रोहिणी अब सचमुच राजनीति से अलग होने का मन बना चुकी हैं : या राजनीत का असली खेल होना अभी बाकि है
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हर साल आश्विन महीने में आने वाले नवरात्रि के नौ दिन सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि आपके बॉडी और माइंड को डिटॉक्स करने के लिए भी सबसे उपयुक्त समय है : आयुर्वेद कहता है कि व्रत और सात्विक आहार से शरीर मजबूत होता है : विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है : साथ ही, मन शांत रहता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है : नवरात्रि में हल्का, पौष्टिक और सात्विक भोजन जैसे फल, दूध, कुट्टू का आटा, साबुदाना आदि लेने से आपके पाचन तंत्र की शक्ति बढ़ती है ; शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और आपकी त्वचा निखरती है : लगातार ऐसा आहार लेने से मेटाबॉलिस्म फास्ट होता है, वजन नियंत्रित रहता है और मोटापे से जुड़ी बीमारियों से भी बचाव होता है : व्रत के दौरान पूजा, साधना और ध्यान से आत्मिक शुद्धि भी होती है : आपकी इंद्रियां नियंत्रित होती हैं, मन की एकाग्रता बढ़ती है और सोचने की क्षमता तेज होती है : फल और हल्का भोजन शरीर को हाइड्रेटेड और जीवंत रखते हैं, जिससे कोशिकाओं को नई ऊर्जा मिलती है और शरीर के सभी विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं : नवरात्रि में मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन जैसे तामसिक भोजन से दूरी रखकर केवल सात्विक आहार लेने से शरीर और मन दोनों शुद्ध होते हैं : अंदर से साकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और माइंड-बॉडी डिटॉक्स पूरा होता है : इस प्रकार, नवरात्रि के नौ दिन केवल व्रत ही नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, तेज़ मन और संतुलित जीवन पाने का अवसर हैं
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विवादों में घिरे ट्रैफिक पुलिस कॉन्स्टेबल और इंदौर के मशहूर डांसिंग कॉप रंजीत सिंह का एक कथित ऑडियो वायरल हो रहा है.......इस ऑडियो में ट्रैफिक हवलदार एक महिला से पैसों की मांग करते सुनाई दे रहे हैं.......जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है.......
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ओंकारेश्वर जाने वाले फोरलेन मार्ग पर स्थित ...... ग्राम पंचायत कोठी की पुलिया अब खूनी पुलिया के नाम से जानी जाने लगी है .... करोड़ों की लागत से बन रही सड़क पर खतरनाक मोड़ .... स्थानीय लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है ... लेकिन सरकार और प्रशासन इस गंभीर मसले को नजरअंदाज कर रहे हैं ... बता दे की 123 करोड़ की लागत से बन रहा ... .. मोरटक्का-ओंकारेश्वर फोरलेन मार्ग का काम धीमी गति से चल रहा है ... स्थानीय जनप्रतिनिधियों को कार्य की जानकारी नहीं दी जा रही .... और ग्रामीणों की शिकायतों को नजरअंदाज किया जा रहा है .... कोठी ग्राम पंचायत की खतरनाक पुलिया को सुधारने की मांग लंबे समय से हो रही है . .. जिसे लेकर खंडवा जनसुनवाई में भी आवेदन दिया गया था ....... लेकिन अब तक सिर्फ खानापूर्ति ही हुई है ... और आगे काम धीमी गति से की जा रही है ...... खाना पूर्ति के पूर्व सरपंच रोशन सिंह और ग्रामीणों का कहना है कि .....अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई ..... तो यह आंदोलन बड़े स्तर पर उग्र रूप ले सकता है ....मामले को लेकर क्षेत्र के सांसद और विधायक भी चुप्पी साधे बैठे हैं ..... बिना गुणवत्ता के करोड रुपए भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं.....
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एशिया कप 2025 में टीम इंडिया का जलवा हर किसी के सिर चढ़कर बोल रहा है : सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने ग्रुप स्टेज के तीनों मैचों में एकतरफा जीत हासिल की और सुपर-4 में एंट्री भी बेहद धमाकेदार अंदाज़ में की : अबू धाबी के मैदान पर ओमान के खिलाफ खेले गए आखिरी ग्रुप मैच में भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बड़ा बदलाव देखने को मिला : ओपनिंग जोड़ी रही अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की, उसके बाद नंबर-3 पर उतरे संजू सैमसन : इसके बाद हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल, शिवम दुबे, तिलक वर्मा, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव तक को बल्लेबाजी का मौका मिला : दिलचस्प बात ये रही कि भारत के 8 विकेट गिर चुके थे : डगआउट में कप्तान सूर्या पूरी तरह तैयार बैठे थे : लेकिन वह बल्लेबाजी करने उतरे ही नहीं : मैच के बाद जब उनसे इस पर सवाल पूछा गया तो सूर्या ने हंसते हुए जवाब दिया : अगले मैच से कोशिश करूंगा कि 11वें नंबर तक इंतज़ार न करना पड़े : उधर, ओमान की टीम ने भी इस मैच में गजब का प्रदर्शन किया : उनकी तरफ से आमिर कलीम ने 46 गेंदों पर ताबड़तोड़ 64 रन बनाए और हमाद मिर्ज़ा ने 33 गेंदों में शानदार 51 रनों की पारी खेली : उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय गेंदबाज़ों को काफी मेहनत कराई : एक तरफ टीम इंडिया का लगातार शानदार प्रदर्शन, दूसरी तरफ ओमान की जुझारू बल्लेबाजी और फिर कप्तान सूर्या का मजाकिया अंदाज़ : इन सबने मिलकर इस मुकाबले को यादगार बना दिया
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असम के मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग कल यानि ...... 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में स्कूबा डाइविंग करते वकत ..... हादसे का शिकार हो गए...... हादसे के तुरंत बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया .... लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद भी ...... उनकी जान नहीं बच सकी .......जिसके बाद देश ने कल अपना एक और हिरा खो दिया ....... उनके निधन के बाद से असम सहित पूरा देश शोक में डूब गया है ..... आपको बता दे की जुबीन ने ,,,या अली,,दिल तू ही बता,,,,,जिया रे और दिलरुबा जैसे गीतों से लाखों दिलों में जगह बनाई थी ..... उन्होंने हिंदी, असमिया, बंगाली सहित करीब 40 भाषाओं में गाने गाए है ..... उनके निधन पर असम सरकार ने तीन दिन के ..... राजकीय शोक की घोषणा की है .... मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ..... वह खुद जुबीन के पार्थिव शरीर को लाने दिल्ली जाएंगे ..... जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को असम लाया जाएगा .... आपको बता दे की जुबीन का पार्थिव शरीर कल सुबह 6 बजे तक सिंगापुर से असम पहुंच सकता है........
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर देश और पूरी दुनिया ने उन्हें शुभकामनाएं दीं......इस खास मौके पर दुबई में दुनिया की सबसे ऊँची इमारत बुर्ज खलीफा भी पीएम मोदी के सम्मान में रोशन हो उठी......बुर्ज खलीफा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें दिखाते हुए......हैप्पी बर्थडे मोदी का संदेश जगमगाया .....जैसे ही यह नजारा दिखाई दिया.... हर कोई इस क्षण को अपने कैमरे में कैद करता नजर आया.....
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इंडिया-पाकिस्तान मैच तो खत्म हो गया, लेकिन पाकिस्तान की बेइज्जती वहीं से शुरू हो गई : मैच से पहले ही पाकिस्तानी ढोल-नगाड़े बजा रहे थे : कि ये करेंगे, वो करेंगे : पर मैदान में सूर्यकुमार यादव ने छक्का मारकर पाकिस्तान का सारा घमंड चूर-चूर कर दिया : और जब हाथ मिलाने की बारी आई ; तो टीम इंडिया ने साफ कह दिया : देश की इज़्ज़त पहले है : पाकिस्तानियों से हाथ नहीं मिलायेंगे : पाकिस्तानी खिलाड़ी हाथ बढ़ाते रह गए और भारत के खिलाडियों ने सीधे ड्रेसिंग रूम में जाकर दरवाज़ा बंद कर लिया : अब ज़रा सुनिए… इसके बाद पाकिस्तान ने नया तमाशा खड़ा कर दिया : ICC से शिकायत की… रेफरी बदलो वरना UAE के खिलाफ मैच नहीं खेलेंगे : वैसे भी पाकिस्तान खेलता कम हैं, रोता ज़्यादा हैं : लेकिन जब ICC ने साफ कह दिया कि रेफरी निर्दोष है और हटाया नहीं जायेगा : तो पाकिस्तान की हवा निकल गई : पहले बोले नहीं खेलनग : फिर खुद ही बोल पड़े ठीक है, खेल लेंगे : यानी पूरी दुनिया के सामने अपना मज़ाक बनवा लिया : ये है पाकिस्तान क्रिकेट की असली हालत : मैदान पर हार, मैदान के बाहर नाटक : और अंत में… इंटरनेशनल लेवल पर बेइज्जती ही बेइज्जती : कहावत सही है – पाकिस्तान, ड्रामा और बेइज़्ज़ती … तीनो का पुराना रिश्ता है!
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इंदौर के चर्चित ट्रैफिक हवलदार रंजीत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं.....लेकिन इस बार उनकी चर्चा होने की वजह उनका डांस नहीं है.....बल्कि वजह है सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो.....जिसमे राधिका नामक लड़की ने उन पर दोस्ती के लिए दबाव बनाने और होटल में बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं..... इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही डांसिंग कॉप रंजीत को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा .....लेकिन अब खुद रंजीत सिंह ने सामने आकर इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है.....और इसे प्रसिद्धि पाने का एक हथकंडा बताया है.....हवलदार ने साफ कहा कि उनकी इज्जत और पेशेवर छवि को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है.....और यह मामला केवल सोशल मीडिया ड्रामा का हिस्सा है.....लेकिन इस विवाद ने सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा पैदा कर दी है.....और लोग लगातार इस पर अपनी राय दे रहे हैं.....
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जगदलपुर । प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने एक कथित पर्चे में दावा किया है कि वह अस्थायी तौर पर अपना सशस्त्र संघर्ष रोकने के लिए तैयार है। नक्सलियों की केंद्रीय कमेटी सीपीआई (माओवादी) के प्रवक्ता अभय द्वारा हस्ताक्षरित इस कथित नोट में कहा गया है कि उनकी पार्टी फिलहाल अस्थायी तौर पर हथियारबंद संघर्ष को रोकने और शांति वार्ता के लिए तैयार है। नक्सली नेता अभय का यह पत्र 15 अगस्त का है, जो साेसल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि इस पर बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा है कि इस पत्र की जांच की जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि नक्सलियों के इस पर्चे की जांच कर रहे हैं। जब हम पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएंगे, उसके बाद ही कुछ प्रतिक्रिया दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पर्चे में जिस नक्सली की तस्वीर है वह नक्सली लीडर अभय है। बस्तर आईजी ने कहा कि यह फिर से स्पष्ट किया जाता है कि सीपीआई (माओवादी) के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या संवाद पर निर्णय के संबंध में सरकार फैसला लेगी। माओवादी संगठन ने पर्चे में कहा कि वे सरकार से गंभीर और ईमानदार पहल की उम्मीद कर रहे हैं। नक्सली नेता अभय ने कहा कि उसने 2024 से चल रहे अभियान में पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ों का सामना किया है, जिसमें दोनों ओर से नुकसान हुआ है। इसी पृष्ठभूमि में पार्टी ने यह निर्णय लिया है कि एक महीने तक सरकार से संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए और जेल में कैद माओवादी नेताओं को भी वार्ता में शामिल करने का अवसर दिया जाए। अगर सरकार वास्तव में वार्ता चाहती है, तो केंद्र सरकार से हमारा अनुरोध है कि देशभर से अलग-अलग राज्यों में काम कर रहे और जेल में बंद साथियों से सलाह मशविरा करने के लिए हमें एक माह का समय दें। नक्सली लीडर ने कहा कि इस विषय पर प्राथमिक रूप से सरकार के साथ वीडियो कॉल के जरिए विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए भी हम तैयार हैं। नक्सली लीडर अभय ने कहा कि हथियारबंद संघर्ष को अस्थाई रूप से विराम घोषित करने का निर्णय लिया है। हम यह स्पष्ट कर रहे हैं कि भविष्य में हम जन समस्याओं पर तमाम राजनीतिक पार्टियों एवं संघर्षरत संस्थाओं से जहां तक संभव हो कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे। इस विषय पर वार्ता के लिए हम तैयार हैं लेकिन हमारे इस बदले हुए विचार से पार्टी को अवगत कराना पड़ेगा, यह हमारा दायित्व है। बाद में पार्टी के अंदर इस पर सहमति जताने वाले साथियों में से एक प्रतिनिधिमंडल तैयार कर शांतिवार्ता में शिरकत करेंगे। वर्तमान में हमारे संपर्क में समिति कैडर और कुछ नेतृत्वकारी साथी संपूर्ण सहमति जता रहे हैं।
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पीएम मोदी अपने 75वे जन्मदिन पर मध्यप्रदेश में है और पूरी तैयारी सुपर-स्पेशल है : लेकिन मोदी जी के मंच पर आने से पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया एक वीडियो : जिसमे प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, माइक हाथ में लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को मास्टर क्लास दे रहे हैं : कह रहे हैं जैसे ही मोदी जी मंच पर आए तो पांच मिनट तक ताली बजना चाहिए : और मोदी मोदी के नारे भी लगाना : जी हाँ,अब ताली बजाना और नारे लगाना भी… एक ट्रेनिंग का हिस्सा बन गया है ; आप भी देखीये ये वीडियो
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सोशल मीडिया पर जैश कमांडर मसूद इल्यास का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है....... जिसमें वो भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुई..... तबाही को लेकर खुलकर बात करता नजर आ रहा है....... वीडियो में मसूद इल्यास स्वीकार कर रहा है....... कि 7 मई को मौलाना मसूद अज़र का परिवार ऑपरेशन में टुकड़े-टुकड़े हो गए था....... यह सीधे तौर पर पाकिस्तान सरकार के उन दावे को खारिज करता है....... जिसमें वो ऑपरेशन सिंदूर से उनका कोई नुकसान नहीं हुआ की बात करते है .......
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जबलपुर । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में मंगलवार को नौवें दिन भी शैक्षणेत्तर कर्मचारियों की हड़ताल में उग्र प्रदर्शन हुआ। विश्वविद्यालय खुलते ही कर्मचारियाें की गतिविधियां तेज हो गई। इस दौरान एकत्र हुए कर्मचारियों ने मांगों को लेकर नारेबाजी की। इसके बाद आक्रोशित कर्मचारियों ने अचानक आडिट विभाग में घुसकर नारेबाजी शुरू कर दी। उस समय वहां पर कुलगुरु प्रो.राजेश वर्मा और कुलसचिव बैठक कर रहे थे। उत्तेजक नारेबाजी एवं आक्रोश के चलते माहौल बिगड़ता देख कुछ कर्मचारियों ने आगे आकर कुलगुरु एवं कुल सचिव दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।इनको बाहर निकालने के बाद भी कर्मचारियों का आक्रोश शांत नहीं हुआ। आक्रोशित कर्मचारी कुलगुरु कार्यालय तक पीछे-पीछे नारेबाजी करते पहुंच गए। इस दौरान कई कर्मचारी अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इस संपूर्ण घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लगातार जारी हड़ताल से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है। मंगलवार को भी बाहरी जिलों से आए कई छात्र-छात्राओं को कामकाज ठप होने के चलते वापस लौटना पड़ा। शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ का आरोप है कि श्रमसाध्य भत्ता केवल कर्मचारियों के एक वर्ग को दिया जा रहा है,जबकि अन्य कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। इसे लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक कर्मचारियों और पेंशनर्स की जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।
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भारतीय टीम ने एशिया कप 2025 की शुरुआत शानदार अंदाज में की है...... जहां भारतीय टीम ने लगातार दो जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में बढ़त बनाई है .... आपको बता दे की 14 सितंबर को खेले गए ..... भारत-पाकिस्तान महामुकाबले में .... भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से मात दी ... लेकिन मैच के बाद खिलाड़ियों के बीच हैंडशेक विवाद ने खेल से ज्यादा सुर्खियां बटोरीं है ..... मैच ख़तम होने के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने .... पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिलाया..... जिस पर पीसीबी ने एशियन क्रिकेट काउंसिल में शिकायत दर्ज कर नाराज़गी जताई है ..... अब इस पर जवाब देते हुए बीसीसीआई ने साफ किया कि ..... हाथ मिलाना कोई नियम नहीं बल्कि सिर्फ एक परंपरा और गुड जेस्चर है .... जिसके लिए खिलाड़ी बाध्य नहीं हैं... खासकर ऐसे हालात में जब दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो ... भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी इस स्टैंड का समर्थन करते हुए कहा कि .... टीम का फोकस सिर्फ खेल और जीत पर है ....
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क्रिकेट के इतिहास में पहली बार ऐसा दृश्य देखने को मिला है..... जहा एक टीम दूसरी टीम से हाथ मिलाये बिना .....पवेलियन को लौट गई .....टीम सिर्फ वापस लोटी ही नहीं विपक्षी टीम जब ग्राउंड पर उनका इंतज़ार कर रही थी..... तो उनके मुँह पर दरवाजा भी बाद कर दिया..इस घटना को लोगों ने सायलेंट बॉयकॉट का नाम दिया है.....ये सायलेंट बॉयकॉट किसी और ने नहीं बल्कि इण्डिया ने किया है..... पाकिस्तान के खिलाफ.....इस गुस्से का कारण है.... पहलगाम हुआ आतंकी हमला है ..... जिसमे पाक ने ना-पाक हरकत की थी ....जिसका जवाब जंग के मैदान ने हमारी भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर से तो दिया ही है....लेकिन अब हमारी भारतीय क्रिकेट टीम ने भी पाकिस्तान को खेल के मैदान में सिर्फ हरा कर नहीं ....बल्कि उनका सायलेंट बॉयकॉट करके दिया है .... जिसकी शुरुआत भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय पाकिस्तानी कैप्टेन सलमान अली से हाथ नहीं मिला कर की थी ..... और फिर भारतीय टीम ने पाकिस्तान को बुरी तरह से हराया ....जिसमे पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारतीय टीम का गुस्सा साफ दिख रहा था....जिसने पाक को उनकी ओकात दिखा दी .... इतना ही नहीं इंडियन टीम ने पाकिस्तानियों के मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया .... पाकिस्तान पर ये जीत भारतीय कप्तान ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए ....हमारे हिंदुस्तानी भाइयों को समर्पित की .....वही प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान की बातो से साफ हो गया है की .... भारतीयों को गुस्सा अभी भी शांत नहीं हुआ है.....
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नेपाल में हालिया हिंसक प्रदर्शनों और अस्थिरता के बाद....... अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होती दिख रही है .... देश को उसकी पहली महिला प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के रूप में नया नेतृत्व मिल चुका है .... उन्होंने 12 सितंबर को राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल की मौजूदगी में पद की शपथ ली ... इस ऐतिहासिक क्षण पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं ... सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए पीएम मोदी ने लिखा कि..... भारत और नेपाल के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है.... खास बात यह रही कि मोदी ने अपने संदेश में सुशीला कार्की के नाम के आगे “RIGHT” शब्द का इस्तेमाल किया ...जो सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा का विषय बन गया है.....
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असम के नागांव से दिल छू लेने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है......जिसमें भूकंप के दौरान दो नर्सों की बहादुरी और इंसानियत की मिसाल देखने को मिली है .....जब भूकंप के झटकों से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई ......और लोग अपनी जान बचाने के लिए भागने लगे......तब इन नर्सों ने अपनी जान की परवाह किए बिना...... नवजात शिशुओं की जान बचाई ...... ये घटना CCTV में कैद हो गई ...... और अब पूरा देश इन नर्सों को असली हीरो कह रहा है......इनकी हिम्मत की लाखों लोगों तारीफ कर रहे है ......
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सोशल मीडिया पर Ghibli और 3D मॉडल के बाद बेहद खूबसूरत ट्रेंड वायरल हो रहा है........जिसका नाम है विंटेज साड़ी लुक जिसमें लोग अपनी सिंपल तस्वीरों को रेट्रो फिल्मी लुक में बदल सकते हैं........ इंस्टाग्राम पर ये ट्रेंड काफी लोकप्रिय हो रहा है........जहां महिलाएं लाल साड़ी, गजरा, बिंदी और सॉफ्ट लाइटिंग के साथ गोल्डन एरा की हीरोइनों जैसी नजर आ रही हैं........ये तस्वीरें 90 के दशक की फिल्मों की याद दिलाती हैं........जिनमें हर फ्रेम में एक खास एहसास होता था........अगर अभी तक आपने ये ट्रेंड ट्राय नहीं किया है ........ तो अब आप भी इस ट्रेंड का हिस्सा बन सकते हैं........ और अपनी तस्वीरों को विंटेज लुक में तैयार कर सकते हैं........इसके लिए आपको बस Gemini ऐप डाउनलोड करना है........ फिर अपने गूगल अकाउंट से लॉगिन करके अपनी पसंदीदा तस्वीर अपलोड करें........ इसके बाद आप चाहें तो ऐप में दिए गए सैंपल प्रॉम्प्ट को इस्तेमाल करें या फिर खुद का क्रिएटिव प्रॉम्प्ट लिखें........ सेंड बटन दबाएं ........और कुछ ही सेकेंड में आपको अपनी एक क्लासिक लुक वाली एडिटेड फोटो मिल जाएगी........जिसे आप इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर शेयर कर सकते हैं........इस ट्रेंड की खास बात यह है........ ये हर फोटो को खास और यादगार बना देता हैं........
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हाल ही में किए गए...... प्रशासनिक फेरबदल में 2010 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सक्सेना को.... जबलपुर कलेक्टर के पद से आयुक्त जनसंपर्क भोपाल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है...... गुरुवार को दीपक सक्सेना ने मुख्यमंत्री से समत्व भवन में सौजन्य भेंट कर जनसंपर्क संचालनालय में कार्यभार ग्रहण किया.... जबलपुर में 2024 से अपने कार्यकाल के दौरान दीपक सक्सेना ने शिक्षा, खाद्य वितरण, और राजस्व जैसे क्षेत्रों में पारदर्शिता लाते हुए कई उल्लेखनीय कदम उठाए ...... जिनमें निजी स्कूलों की मनमानी रोकना, फर्टिलाइजर वितरण के लिए टोकन प्रणाली लागू करना .... और धान खरीदी और वेयरहाउस घोटालों पर सख्त कार्रवाई भी शामिल हैं .... इन प्रयासों से प्रशासनिक कामकाज में सुधार हुआ और आम नागरिकों को राहत मिली.... उनकी खाद्य वितरण प्रणाली को मुख्यमंत्री ने अन्य कलेक्टरों के लिए अनुकरणीय बताया... जनसंपर्क आयुक्त के रूप में सक्सेना सरकार और जनता के बीच संवाद का सेतु मजबूत करने के लिए........ अपनी जन-केंद्रित सोच के साथ कार्य करेंगे ......
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एक महिला ने ख़ुशी-खुशी नई थार ली.....लेकिन थार की पहली राइड ने उसे अस्पताल पंहुचा दिया..... दिल्ली के निर्माण विहार में महिला ने नई महिंद्रा थार खरीदी..... और शोरूम में ही उसकी पूजा शुरू कर दी.....महिला ने परंपरा निभाते हुए जैसे ही नींबू पर पहिया चढ़ाने की कोशिश की .....बस उसी वक्त उससे गलती से एक्सीलेरेटर ज़ोर से दब गया.....और थार सीधे पहली मंजिल का कांच तोड़ते हुए 15 फीट नीचे सड़क पर जा गिरी.....गनीमत रही कि एयरबैग्स समय पर खुल गए और बड़ा हादसा टल गया..... महिला को हल्की चोटें आईं.....लेकिन ये घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.....
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एशिया कप में टीम इंडिया की शुरुआत धमाकेदार अंदाज़ से हुए है.......दुबई में खेले गए अपने पहले ही मुकाबले में भारत ने UAE को करारी शिकस्त दी है ....... और वो भी इतनी जोरदार कि मुकाबला सिर्फ 27 गेंदों में खत्म हो गया.......कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया.......और भारतीय गेंदबाजों ने इसे पूरी तरह सही साबित कर दिया.......कुलदीप यादव ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट चटकाए.......और वही कुलदीप का साथ देते हुए शिवम दुबे ने भी 3 विकेट लिए.......जिससे UAE की पूरी पारी ही सिर्फ 57 रन में सिमट गई ....... जिसके बाद भारत की बैटिंग आई....... तो भारतीय ओपनर्स ने तूफानी शुरुआत करते हुए....... अभिषेक ने 30 रन और शुभमन गिल ने 20 रन बनाकर महज़ 4.3 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया....... भारत ने 9 विकेट से ये मैच जीतकर एशिया कप में अपना पहला ही कदम बड़ी मज़बूती से रखा है....... अब हर क्रिकेट प्रेमी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाले महामुकाबले पर हैं.......जिसमे भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे .......
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जबलपुर । सोशल मीडिया पर एक विधायक का तलवार से केक काटने वाला वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में जबलपुर की बरगी विधानसभा के भाजपा विधायक नीरज सिंह दिखाई दे रहे हैं जो कि अपने समर्थकों के साथ तलवार से केक काट रहे हैं। जन्मदिन समारोह में मौजूद बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक नारेबाजी करते हुए उन्हें बधाई दे रहे थे। यह वीडियो कुछ भाजपा के नेताओं ने भी शेयर किया है। वीडियो में नीरज सिंह न केवल म्यान से तलवार निकालते और हवा में लहराते दिख रहे हैं, बल्कि उसी तलवार से केक काटते भी नजर आ रहे हैं।इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बुधवार काे भाजपा तिलवारा मंडल अध्यक्ष मनीष शुक्ला ने स्वयं सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद यह वीडियो फेसबुक,व्हाट्सएप और अन्य प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया। अब इस वीडियो को लेकर जबलपुर की राजनीति में हलचल मच गई है और लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स इसे परंपरागत या रॉयल स्टाइल मानकर समर्थन कर रहे हैं,जबकि कई लोग इसकी आलोचना भी कर रहे हैं।आम नागरिकों का कहना है कि जब छोटे-छोटे मामलों में आम लोगों पर कार्रवाई की जाती है तो जनप्रतिनिधियों को भी नियमों का पालन करना चाहिए। दूसरी ओर विधायक समर्थकों का तर्क है कि यह महज एक प्रतीकात्मक और पारंपरिक तरीका था, जिसमें किसी तरह की अवैधानिक गतिविधि नहीं हुई। फिलहाल,इस मामले पर प्रशासन या पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के चलते यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
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ग्वालियर सेंट्रल जेल में हत्या के मामले में बंद आरोपी का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही है,.... जिस में वो पुलिस अभिरक्षा में रहते हुए हथकड़ी पहन धमकी भरे अंदाज में गाना लगाते हुए नजर आ रहा है..... आरोपी की ऐसी रील सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े होते है .... मामला 29 जुलाई 2024 को हुए अनीता हत्याकांड से जुड़ा है...... जहाँ प्रीतम विहार कॉलोनी में दिन दहाड़े लूट की नीयत से आए बदमाशों ने गोली चला दी थी...... जिसमें युवक जय गुप्ता को टारगेट किया था..... लेकिन गोली युवक को ना लगकर उसकी माँ अनीता गुप्ता को जा लगी और उनकी मृत्यु हो गई थी....... तब से हत्या का मुख्य आरोपी आकाश जादौन जेल में बंद है.... जिसकी अब सोशल मीडिया पर एक रील वायरल हो रही है ..... जिसमें वो धमकी भरे अंदाज़ में गाना गा रहा है....वहीं इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने फरियादी पक्ष का समर्थन करते हुए पुलिस जाँच की मांग की है,..... आम आदमी पार्टी प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता का कहना है कि ग्वालियर शहर क्राइम सिटी बन गया है....... आए दिन हत्या, लूट जैसे मामले हो रहे है...... ऐसे में पुलिस अभिरक्षा में आरोपी का वीडियो वायरल होना ...... इस बात को दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले बुलंद है..... आप प्रदेश उपाध्यक्ष रोहित गुप्ता ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए परिवार की सुरक्षा बढ़ाने , वीडियो डालने वाले युवक और आरोपी युवक पर एफआईआर की मांग के साथ ..... जेल सुरक्षा में हुई चूक पर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है.....
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एशिया कप टी20 टूर्नामेंट का आगाज आज से होने जा रहा है जो इस बार टी20 फॉर्मेट में खेला जाएगा....28 सितंबर तक टी20 प्रारूप में चलने वाले इस टूर्नामेंट का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे थे...... और यह इंतजार आज खत्म होने वाला है...... खासतौर पर फैंस भारत और पाकिस्तान के बीच 14 सितंबर को होने वाले हाईवोल्टेज मुकाबले का इंतज़ार कर रहे है........ हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि भारतीय टीम यह मैच खेलेगी या नहीं .... वहीं भारत अपना पहला मैच 10 सितंबर को UAE के खिलाफ खेलेगा .... बता दे की बीसीसीआई मूल रूप से इस टूर्नामेंट की मेजबानी करने वाले थे .... लेकिन भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े राजनीतिक रिश्तों और .... एक-दूसरे की सरजमीं पर क्रिकेट खेलने से इनकार की वजह से आयोजन की जगहें बदलनी पड़ी ..... इसी कारण टूर्नामेंट का आयोजन अब UAE में होगा .... और बाकी के सभी मुकाबले दुबई और अबू धाबी में खेले जाएंगे .....एशिया कप 2025 के लिए इस बार भारतीय खिलाडी सूर्यकुमार यादव,शुभमन गिल,अभिषेक शर्मा,तिलक वर्मा,हार्दिक पंड्या,शिवम दुबे,अक्षर पटेल,और जितेश शर्मा सहित अन्य खिलाड़ियों को चुना गया है..... इस बार टीम के कप्तान के तौर पर सूर्यकुमार यादव को चुना गया तो वही शुभमन गिल को उपकप्तान के तौर पर चुना गया है ......
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भारत की फुटबॉल टीम ने कमाल कर दिखाया है...... पहली बार खेले गए CAFA नेशंस कप में टीम इंडिया ने ओमान को हराकर ब्रॉन्ज मेडल जीता है ......ताजिकिस्तान के हिसोर सेंट्रल स्टेडियम में खेले गए ......तीसरे प्लेऑफ में मुकाबला 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ......जिसके बाद जीत का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ......जिसमें भारत ने 3-2 से जीत दर्ज की......ओमान की फीफा रैंकिंग 79 है...... जबकि भारत 133वें पायदान पर है......ऐसे में ये जीत और भी खास बन गई है......मैच के दौरान 55वें मिनट में ओमान ने बढ़त ली थी ...... लेकिन 80वें मिनट में उदांता सिंह ने हेडर से बराबरी दिला दी......जिसके बाद समय-सीमा में भी गोल नहीं हुआ...... और खेल शूटआउट तक पहुंच गया ......भारत के लिए छांगते, राहुल भेके और जितिन एमएस ने गोल किए......जबकि कप्तान गुरप्रीत सिंह संधू ने विपक्षी का निर्णायक शॉट रोककर ये ऐतिहासिक जीत दिलाई......यह पहली बार है जब भारत ने ओमान को हराया है ...... और इस उपलब्धि ने करोड़ों भारतीय फुटबॉल प्रेमियों को खुश कर दिया है......
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एप्पल के फैंस का इंतज़ार अब लगभग खत्म होने को है......हर साल की तरह इस बार भी एप्पल एक भव्य इवेंट के ज़रिए अपनी नई iPhone 17 सीरीज को लॉन्च करने जा रहा है.....जो अब तक का सबसे पतला और स्टाइलिश iPhone होगा.....बताया जा रहा है कि इस बार आईफोन प्लस मॉडल को छोड़ कर....... सीधे iPhone 17 Air लेकर आ रहा है.....ये फ़ोन हल्का पतला और परफॉर्मेंस में दमदार है .....इसके साथ नई Apple Watch और AirPods भी लॉन्च होंगे .....जिनमें हेल्थ और AI फीचर्स का नया लेवल देखने को मिल सकता है.....इस इवेंट की शुरुआत हमेशा की तरह Apple CEO टिम कुक करेंगे .....और फिर एक-एक करके बड़े अनाउंसमेंट्स होंगे..... भारतीय समय के अनुसार इवेंट आज रात 10:30 बजे शुरू होगा..... जिसे आप Apple के YouTube चैनल, X और वेबसाइट पर लाइव देख सकते हैं.....
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खंडवा । मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में जावर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भकराड़ा में रविवार की शाम तालाब में डूबने से दो सगी बहनों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि चार बहनें जंगल में बने तालाब पर कपड़े धोने गई थीं, इनमें से दो बड़ी बहनें डूब गईं। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से दोनों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, ग्राम भकराड़ा में रविवार शाम चार बजे चार बहनें जंगल में बने तालाब पर कपड़े धोने गई थीं, इनमें से दो बड़ी बहनें डूब गईं। बहनों को डूबता देख दो मासूमों ने घर जाकर परिजन को जानकार दी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण वहां पहुंचे। पुलिस को भी सूचना दी गई। एक घंटे सर्चिंग के बाद शाम पांच बजे दोनों के शव बरामद कर लिए गए। भकराड़ा के जनपद सदस्य बृजेंद्रसिंह पंवार ने बताया कि दोनों बहनें आदिवासी भिलाला समाज की हैं। उनके घर से कुछ ही दूरी पर जंगल में वन विभाग का तालाब बना हुआ है। जहां वो अक्सर कपड़े धोने जाती थी। रविवार को शिवानी (8) और सपना (12) अपनी 3 और 4 साल की दो छोटी बहनें के साथ तालाब पर गई थी। इन बहनों के अलावा वहां और कोई मौजूद नहीं था। थाना प्रभारी राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि परिवार में पिता के साथ चार बहनें रहती थी। बच्चियों की मां नहीं हैं, तीन साल पहले उनका निधन हो चुका है। पिता मजदूरी करने जाते तो चारों बहनें घर संभालती थीं। उनके घर के सामने ही छोटा तालाब बना हुआ है। यहीं वे नहाने के साथ कपड़े धोती थीं।
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ख़बर जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा से है...... जहां खटीमा के बागुलिया गांव में देवाशीष सरकार के बेटे हरकेश कुमार के आवास में सुबह लगभग 9 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लग गई..... जिसमें घर का सारा सामान जल गया.... जब पड़ोसी ने देखा की घर में आग लग गई तब उन्होंने इसकी सुचना गांववालों दी ..... जिसके बाद गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास किया.... हालांकि, किसी की जान नहीं गई, लेकिन घर में रखा सारा सामान, फर्नीचर और जरूरी सरकारी दस्तावेज जलकर खाक हो गए .... पीड़ित परिवार ने सरकार से मदद की गुहार लगाई है ... वहीं, तहसीलदार खटीमा वीरेंद्र सिंह सजवान ने मीडिया को बताया कि आग की घटना में लगभग 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है..... यह दैवीय आपदा की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मामले को राजस्व उप निरीक्षक द्वारा किए गए सर्वे के आधार पर उप जिलाधिकारी को भेजा जाएगा .....
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दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा जेल में एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है...... रेवन्ना को जेल में लाइब्रेरी क्लर्क की जिम्मेदारी सौंपी गई है..... जेल अधिकारियों के मुताबिक, उनका काम अन्य कैदियों को किताबें जारी करना और उधार ली गई किताबों का रिकॉर्ड रखना है..... नियमों के अनुसार उम्रकैद की सजा काट रहे कैदियों को कुछ न कुछ काम करना होता है जो उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार दिया जाता है..... बता दें कि प्रज्वल को हर दिन के काम के लिए 522 रुपये दिए जाएंगे ... अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में रुचि दिखाई थी लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें लाइब्रेरी में तैनात करने का फैसला किया .... हाल ही में एक रेप मामले में ट्रायल कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी ....
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सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है......जहा युवक ने फेसबुक पर नाबालिग लड़की को अपने प्रेम जाल में फंसा कर ......उसके साथ 3 साल तक दुष्कर्म किया.....यह घटना न सिर्फ नाबालिग के साथ हुए ......दुष्कर्म को उजागर करती है......बल्कि बच्चों के बिच बढ़ते सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी सवाल उठती है..... अमरपाटन में सोशल मीडिया के इस्तेमाल ने एक नाबालिग लड़की की जिंदगी ख़राब कर दी......फेसबुक पर नाबालिग की दोस्ती रीवा के रहने वाले एक युवक से हुई...... दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई.....आरोपी ने शादी का झांसा देकर तीन साल तक नाबालिग का शारीरिक शोषण किया.....बाद में वो अपने शादी के वादे से मुकर गया.....और नाबालिग के फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगने लगा.....उसने पीड़िता के पिता को जान से मारने की धमकी भी दी.....जिसके बाद पीड़िता ने हिम्मत दिखाकर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है ..... पुलिस ने बलात्कार और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है....
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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर अपनी फैमिली के साथ मध्य प्रदेश के महेश्वर घूमने पहुंचे.......सचिन अपनी पत्नी अंजली, बेटी सारा और बेटे अर्जुन की मंगेतर यानी होने वाली बहू सानिया चंडोक के साथ महेश्वर पहुंचे....... जहां उन्होंने नर्मदा नदी में बोटिंग का आनंद लिया....... और ऐतिहासिक अहिल्या फोर्ट भी देखा....... सचिन ने अपनी इस ट्रिप की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए.......महेश्वर और मध्य प्रदेश की संस्कृति, इतिहास और विरासत की खुलकर तारीफ की.......उन्होंने लिखा महेश्वर वो जगह है.....जो बताती है कि क्यों मध्य प्रदेश को भारत का दिल कहा जाता है.......यहां संस्कृति, इतिहास, विरासत और आतिथ्य सब कुछ एक साथ है....... इस फैमिली ट्रिप की खास बात यह रही कि पहली बार सानिया चंडोक को पूरे तेंदुलकर परिवार के साथ एक खास यात्रा में देखा गया....... हालांकि अर्जुन इस दौरान नजर नहीं आए.......सचिन की यह पारिवारिक यात्रा सोशल मीडिया पर छाई हुई है....... और फैंस उनके इस सादगी भरे अंदाज और मध्य प्रदेश की खूबसूरती की तारीफ करते नहीं थक रहे.......
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आज देश दुनिया में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व मनाया जा रहा है : ये वही दिन है : जब लगभग पंद्रह सौ साल पहले इस्लाम धर्म के पैगंबर, हजरत मोहम्मद साहब का जन्म मक्का की धरती पर हुआ था : इतिहास कहता है कि उस समय समाज अंधकार में डूबा हुआ था, बुराइयों और अन्याय का बोलबाला था : और तब इंसाफ, सच्चाई और बराबरी का पैगाम लेकर आए थे पैगंबर मोहम्मद : माना जाता है कि उनका जन्म ही इसलिए हुआ था : ताकि इंसानियत को सही राह दिखाई जा सके : ताकि लोग बुराई से दूर होकर नेक रास्ते पर चलें और पूरी दुनिया में मोहब्बत और इंसाफ कायम हो : रबी-उल-अव्वल महीने की बारहवीं तारीख को आने वाला यह दिन सिर्फ एक त्योहार नहीं : बल्कि एक आध्यात्मिक संदेश का प्रतीक है : ईद-ए-मिलाद-उन-नबी हमें याद दिलाती है कि इंसाफ और दया का रास्ता ही असली इंसानियत का रास्ता है : मोहम्मद साहब ने हमेशा यह सिखाया कि अमीरी-गरीबी, ऊँच-नीच या जात-पात के भेदभाव से ऊपर उठकर हर इंसान बराबर है : इस साल ईद-ए-मिलाद-उन-नबी और भी खास हो गई है : क्योंकि यह पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्म के पंद्रह सौ साल पूरे होने का अवसर भी है : यानी आज का दिन सिर्फ जश्न का दिन नहीं है : बल्कि उनके बताए गए रास्तों को याद करने और उन्हें अपनी जिंदगी में उतारने का दिन है : आज जब हर तरफ जुलूस निकल रहे हैं, मिलाद की महफ़िलें सज रही हैं, रोशनी से गलियां जगमगा रही हैं, तो इसका असली संदेश यही है कि मोहब्बत, दया और बराबरी की रोशनी हर दिल तक पहुँचे
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आज 5 सितंबर है : और पूरा भारत आज के दिन शिक्षक दिवस मना रहा है : ये दिन खास है : क्योंकि ये दिन समर्पित है उस महान व्यक्तित्व को जिनका पूरा जीवन शिक्षा और ज्ञान की रोशनी फैलाने में गुज़रा : भारत रत्न, दार्शनिक, लेखक और सबसे बढ़कर एक आदर्श शिक्षक : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन : वह भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति बने : डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन बहुत संघर्षों से भरा था : साधारण परिवार में जन्मे राधाकृष्णन ने अपने घर का खर्च चलाने के लिए घर-घर जाकर ट्यूशन पढ़ाया : पिता रिटायर हो चुके थे : परिवार बड़ा था : लेकिन उन्होंने कभी शिक्षा से समझौता नहीं किया : पढ़ाने के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि मुश्किलों के बावजूद उन्होंने कभी अपने कर्तव्य से मुंह नहीं मोड़ा : जब 1962 में डॉ.राधाकृष्णन राष्ट्रपति बने तो उनके कुछ पूर्व छात्रों और मित्रों ने उनके जन्मदिन को भव्य रूप से मनाने का प्रस्ताव रखा : राधाकृष्णन कुछ पल शांत रहे, फिर मुस्कुराकर बोले : मुझे खुशी होगी अगर आप मेरे जन्मदिन को मनाने की जगह इस दिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाएँ : और यहीं से शुरू हुई परंपरा, जो आज भी पूरे देश में जारी है : राधाकृष्णन मानते थे कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है : उनका कहना था कि सच्चा शिक्षक वही है : जो छात्रों को सोचने की स्वतंत्रता दे : उनके भीतर सवाल करने और सीखने की आग जगाए : यही वजह है कि वे सिर्फ राष्ट्रपति या उपराष्ट्रपति के तौर पर नहीं : बल्कि हमेशा एक शिक्षक के रूप में ही याद किए जाते हैं : आज जब हम शिक्षक दिवस मना रहे हैं, तो ये सिर्फ राधाकृष्णन को याद करने का दिन नहीं, बल्कि हर उस गुरु को प्रणाम करने का दिन है, जो हमें गढ़ता है, हमें रास्ता दिखाता है और हमें इंसान बनाता है : क्योंकि सच तो यही है कि बिना शिक्षक के ज्ञान अधूरा है और बिना शिक्षा के जीवन अधूरा : तो आइए, आज हम सब मिलकर उन सभी शिक्षकों को धन्यवाद दें, जिन्होंने हमें सिर्फ पढ़ाया ही नहीं, बल्कि हमें जीवन जीना भी सिखाया : हैप्पी टीचर्स डे
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अगर आप ट्रेन में सफर कर रहे हैं.....और आपके साथ आपके बच्चे हैं..... तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है.....क्योंकि बरेली में एक ऐसा मामला सामने आया है.....जो आप को परेशान कर सकता है.....जहां परिवार के साथ यात्रा कर रही..... साढ़े पांच साल की बच्ची को एक महिला उठाकर ले गई..... हरिद्वार का रहने वाला मुनीश अपनी साढ़े पांच साल की बच्ची ऋषिका को दवाई दिलाने बरेली आया था.....28 अगस्त की रात जब वह पत्नी के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहा था.....तभी थकान के चलते प्लेटफार्म पर ही चादर बिछाकर सो गया.....इसी बीच उसकी पत्नी किसी काम से प्लेटफार्म से बाहर चली गई.....बस इसी मौके का फायदा उठाते हुए कुसुम नाम की महिला बच्ची के पास पहुंची.....पहले उसे बहलाया-फुसलाया और फिर उसे गोद में उठाकर वहां से फरार हो गई.....पूरी घटना बरेली जंक्शन पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.....मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी ने तुरंत जांच शुरू की.....लगातार प्रयासों के बाद जीआरपी ने 6 दिन के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया.....अपहरणकर्ता कुसुम और उसके पति ननुआ को भी गिरफ्तार कर लिया गया.....पूछताछ में आरोपी महिला ने स्वीकार किया कि वह बच्ची को बेचने के इरादे से ले गई थी..... माता-पिता को उनकी बेटी सुरक्षित लौटा दी गई....
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सुबह उठते ही अगर हर वक्त थकान रहती है : कमजोरी जाती ही नही : तो ये सिर्फ नींद या डाइट की कमी नहीं, बल्कि विटामिन D की कमी का साफ संकेत हो सकता है : ये वही विटामिन है, जो हमारी हड्डियों को मजबूत बनाता है, दांतों और मांसपेशियों को ताकत देता है और सबसे ज़रूरी : हमारी इम्यूनिटी को दुरुस्त रखता है : अगर शरीर में इसकी कमी हो जाए तो कैल्शियम अब्ज़ॉर्ब ही नहीं हो पाता, और नतीजा होता है : हड्डियों में दर्द, पीठ का भारीपन, चोट या घाव का देर से भरना, बार-बार डिप्रेशन फील होना और यहां तक कि ज़्यादा बाल झड़ना भी : धूप में थोड़ी देर बैठना इसका सबसे अच्छा इलाज है : लेकिन सिर्फ धूप ही नहीं आपकी थाली में भी इसके सोर्स होने चाहिए : अंडा खाइए उसमें प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन D भी होता है : ताज़ा संतरे का जूस पीजिए, पैक्ड नहीं बल्कि घर का बना : जिससे शरीर तरोताजा भी रहेगा और विटामिन D भी मिलेगा : अगर दूध पसंद है तो गाय का फुल क्रीम दूध पीजिए, जिससे कैल्शियम और विटामिन D दोनों साथ में मिलेंगे और अगर दूध नहीं पीते तो रोज़ दही खाइए या छाछ, लस्सी का मज़ा लीजिए : इससे पेट भी सही रहेगा और शरीर में विटामिन D की कमी भी दूर हो जाएगी : तो अगर अगली बार बिना वजह थकान, कमजोरी या बाल झड़ने की परेशानी हो, तो समझ लीजिए : ये आपके शरीर का इशारा है कि उसे धूप और विटामिन D की ज़रूरत है : सुबह की गुनगुनी धूप में खुलकर सांस लीजिए और अपनी डाइट में ये चीजें शामिल कीजिए : क्योंकि सेहत की असली चमक धूप से ही आती है
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शिक्षक दिवस पर विशेष (प्रवीण कक्कड़) “सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें खुद के लिए सोचना सिखाते हैं।” – डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन हमारे जीवन की पहली नींव माता-पिता रखते हैं, और उसे मजबूत आकार देने का कार्य शिक्षक करते हैं। शिक्षक केवल पढ़ाई नहीं कराते, वे मिट्टी को गढ़कर सुंदर मूर्ति बनाते हैं। साधारण से साधारण छात्र को भी वे इस प्रकार तराशते हैं कि वह असाधारण बन सके। बच्चों के जीवन में शिक्षक का स्थान केवल गाइड या इंस्ट्रक्टर का नहीं होता, बल्कि वे पथप्रदर्शक, मार्गदर्शक और जीवन-निर्माता होते हैं। वे आत्मविश्वास जगाते हैं, ज्ञान का दीप जलाते हैं और कठिन राहों पर चलने की शक्ति प्रदान करते हैं। शिक्षक होना आसान नहीं है। पसीने को स्याही बनाकर पेन में भरना पड़ता है, तभी बच्चों की किस्मत लिखी जाती है। कभी सिलेबस बदल जाता है तो कभी तकनीक, लेकिन शिक्षक पहले खुद सीखता है, फिर बच्चों को सिखाता है। शिक्षक बच्चों की उम्र से उम्र मिलाकर दौड़ना पड़ता है, अगर शिक्षक धीमा पड़ जाए तो छात्र तेज़ कैसे भागेंगे? शिक्षक की जिंदगी का गणित चाहे कितना भी उलझा हो, पर वह बच्चों के सवालों को हमेशा सुलझाता है। जिस प्रकार शिल्पकार पत्थर को तराशकर उत्कृष्ट कलाकृति बनाता है, उसी प्रकार शिक्षक विद्यार्थियों के दोष दूर कर उन्हें काबिल बनाता है। जैसे एक मजबूत भवन के लिए पक्की नींव आवश्यक होती है, वैसे ही बेहतर जीवन के लिए शिक्षक का सानिध्य और मार्गदर्शन जरूरी है। शिक्षक ही वह शख्सियत है जो छात्रों के जीवन को केवल ज्ञानवान नहीं, बल्कि मूल्यवान बनाते हैं। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति भारत में प्रतिवर्ष 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की स्मृति में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। वे महान दार्शनिक, मेधावी शिक्षक और शिक्षा-प्रेमी थे। 40 वर्षों तक शिक्षक के रूप में कार्य किया और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। बाद में वे भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति बने। इतने ऊँचे पदों पर पहुँचने के बाद भी उनकी सादगी और शिक्षा के प्रति समर्पण अद्भुत था। उनका मानना था कि “एक देश की ताकत वास्तव में उसके युवा लोगों में निहित होती है, जिन्हें उनके शिक्षक सही दिशा प्रदान करते हैं।” यही कारण है कि आज भी उनका जीवन और विचार हर शिक्षक के लिए आदर्श बने हुए हैं। बीते समय की झलक लगभग 20–25 साल पहले शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते थे, बल्कि वे छात्रों को नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और जीवन जीने की कला भी सिखाते थे। वे बताते थे कि बड़ों का सम्मान कैसे करना है, समाज में व्यवहार कैसा रखना चाहिए और कठिनाइयों में संयम कैसे बनाए रखना है। तब शिक्षा कक्षा तक सीमित नहीं थी, बल्कि जीवन के हर पहलू को गढ़ने का माध्यम थी। आज की स्थिति पर चिंता आज के आधुनिक युग में जब कंप्यूटर, मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रभाव बढ़ रहा है, शिक्षा का स्वरूप भी बदल गया है। अब पढ़ाई अधिक तकनीकी और परीक्षा-केंद्रित हो गई है। शिक्षकों और छात्रों के बीच व्यक्तिगत रिश्ता पहले जैसा गहरा नहीं रह गया है। संस्कार, नैतिक मूल्य और सामाजिक सीख देने की परंपरा कहीं कम होती जा रही है। यह चिंता का विषय है, क्योंकि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जीवन को गढ़ने वाली होनी चाहिए। शिक्षक आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने पहले थे। फर्क सिर्फ इतना है कि अब उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, सामाजिक संस्कार और मानवता की रोशनी बच्चों के जीवन में भरनी होगी। शिक्षक ही राष्ट्र के सच्चे निर्माता हैं। यदि वे बच्चों में केवल ज्ञान नहीं, बल्कि संस्कार और आत्मविश्वास भी भरें, तो समाज को योग्य, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक मिलेंगे—और यही एक शिक्षक की सबसे बड़ी सफलता होगी।
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खबर गौरिहार थाने क्षेत्र की है जहां स्कूल में 2 शराबी घुस गए और शिक्षकों से पैसे मांगे ... जब शिक्षकों ने पैसे देने से मना किया तो उन्होंने स्कूल में जमकर हंगामा मचाया ......... घटना गौरिहार थाने क्षेत्र अंतर्गत कितपुरा स्कूल के मवईघाट विद्यालय की है... जहाँ शिक्षा के मंदिर में उस समय अफरा तफरी मच गई जब दो नशे में धुत शराबी विनोद पटेल और अखिलेश पटेल स्कूल में घुस आए .... आरोप है कि उन्होंने शिक्षकों से जबरन पैसे की मांग की और जब शिक्षक वैभव कुमार साहू सहित अन्य ने मना किया .... तो दोनों ने स्कूल परिसर में जमकर उत्पात मचाया ... और छात्रों के सामने गाली-गलौज कर तोड़फोड़ की..... स्थिति बिगड़ती देख महिला कर्मचारियों और स्थानीय महिलाओं ने हिम्मत दिखाते हुए ... बीच-बचाव किया और शराबियों को पकड़कर शांत कराने की कोशिश की.... शिक्षक वैभव कुमार साहू ने इस पूरे मामले की लिखित शिकायत अपने विभाग को सौंपी है ....
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सिंगरौली जिले में ईओडब्ल्यू और जीएसटी रीवा की संयुक्त टीम ने जिले के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की है......ये कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और जीएसटी चोरी की शिकायतों के बाद की गई है....... सिंगरौली जिले में ईओडब्ल्यू और जीएसटी रीवा की संयुक्त टीम ने जिले में छापेमारी की है...... कालेज मोड़, बरगवां, सरई, और मोरवा जैसे प्रमुख इलाकों में कोल ट्रांसपोर्टरों के कार्यालयों पर छापेमारी की गई ......यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति और जीएसटी चोरी की शिकायतों के आधार पर की गई है......बताया जा रहा है की एके टैक्स एंड एसोसिएट्स के संचालक अनिल कुमार शाह सहित कई फर्मों के दस्तावेजों की गहन जांच की जा रही है......छापेमारी की खबर फैलते ही कई संचालक अपने कार्यालय छोड़कर फरार हो गए है......जिससे जिले में हड़कंप मच गया है...... ईओडब्ल्यू रीवा के पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में यह ऑपरेशन पूरी गोपनीयता के साथ चलाया गया.....
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सीमांत क्षेत्र खटीमा में मानसून की भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है..... नगर पालिका क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है..... प्रशासन ने राहत बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, और नागरिकों से संयम बरतने की अपील की जा रही है..... तीन दिन से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण खटीमा में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं... तो वही राजीव नगर, अमाऊ, पकड़िया बंगाली कॉलोनी, प्रतापपुर, मयूर विहार समेत कई इलाकों में पानी भर गया है..... नौसर ग्राम के 20 परिवारों को राहत शिविर में शिफ्ट किया गया है ... वहीं नागरिक चिकित्सालय पूरी तरह जलमग्न हो चुका है ... प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है..... तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान और विधायक भुवन कापड़ी स्वयं स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं...... जबकि नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी भी राहत कार्यों में जुटे हुए हैं..... वहीं प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे संयम और धैर्य से काम लें ...
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खबर देवास से है जहां भाजपा नेता पोपेंदर सिंह बग्गा मोरटक्का पुल से नर्मदा नदी में गिर गए .... पानी का बहाव इतना तेज़ था की बग्गा लहरों के साथ बह गए .....हालांकि लोगों ने मिलकर उन्हें बचा लिया...... वहां मौजूद लोगों का कहना है कि भाजपा नेता पोपेंदर सिंह बग्गा खुद ही पानी में छलांग लगाई .... और पानी का बहाब इतना तेज़ था की वो लगभग 10 किलोमीटर तक बहते चले गए .....जिसके बाद पोपेंद्र सिंह ने मदद की गुहार लगाई ..... तभी पास ही मौजूद कुछ युवकों ने बिना देर किए अपनी जान जोखिम में डालकर बग्गा को बचाया... वही घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें थाने ले गई .... शुरुआती पूछताछ में बग्गा ने कहा कि पैर फिसलने से वे नदी में गिर गए थे ....
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खबर देवास से है जहाँ : जहाँ एक आयशर ट्रक गहरी खाई में गिर गया है : जिसके बाद घायलों को चार सौ फीट नीचे से रस्सी और स्ट्रेचर के सहारे से ऊपर लाया गया आष्टा कन्नौद मार्ग पर सिया घाट सोमवार सुबह दुर्घटना में एक आयशर ट्रक खाई में गिरने की सूचना कन्नौद थाने को मिली : जिसके बाद तत्काल थाना प्रभारी तहजीब काजी अपने दल के साथ घटना स्थल पहुंचे : और तड़प रहे दो घायलों को तत्काल रस्सी के सहारे बाहर निकाला : घायलों को पुलिस वाहनों के माध्यम से कन्नौद चिकित्सालय लाया गया है : जहां प्राथमिक उपचार चल रहा है : घायलों के परिजनों को सूचना दे दी गई है
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इंदौर में आसमान से बरसी बारिश ने ऐसा तांडव मचाया कि बप्पा का पंडाल ही सैलाब में बह गया : ये तस्वीर देखिए शहर के प्रजापत नगर में पानी का बहाव इतना खतरनाक है कि देखते ही देखते गणेश जी का पंडाल पानी की लहरों में गायब हो गया :आंखों के सामने ये नज़ारा देखकर वहां मौजूद लोग भी सन्न रह गए और वीडियो बनाने लगे : इंदौर की दूसरी तस्वीर भी डराने वाली है : बारिश ने सड़कों को तालाब बना दिया : गाड़ियाँ बीच पानी में फंसी हुई है : नजारा खजराना मंदिर सर्विस रोड का है : सड़कों पर ट्रैफिक थम गया और काफी देर तक लोग अपनी गाड़ियों के साथ ऐसे ही पानी के बीच फंसे रहे : इंदौर का ये मंजर बता रहा है कि ये सिर्फ बारिश नहीं : बल्कि एक कहर है : गणेश पंडाल तक अगर सुरक्षित नहीं है : सड़को का हाल बेहाल है तो सोचिए शहर के बाकी हालात कैसे होंगे : इन तस्वीरों ने सिस्टम की पोल भी खोल दी है : अब लोग सिर्फ यही पूछ रहे हैं : ये इंदौर है : या फिर सैलाब का शहर
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तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा होते होते टला गया ..... चक्रतीर्थ घाट पर तीन लोग डूब रहे थे लेकिन स्थानीय युवक कुलदीप केवट ने अपनी जान की परवाह किए बगैर पानी में कूद गया और सभी को बचा लिया .....बता दे की ओंकारेश्वर के चक्रतीर्थ घाट पर जयपुर निवासी संदीप उम्र 38 वर्ष, एक वृद्ध व्यक्ति उम्र करीब 65 वर्ष और एक किशोर जिसकी उम्र लगभग 18 वर्ष बताई जा रही है..... ये सभी नहाते नहाते गहरे पानी में चले गए थे और अचानक डूबने लगे..... इस दौरान मौके पर मौजूद कुलदीप केवट निवासी ओंकारेश्वर ने साहस दिखाते हुए अपनी जान जोखिम में डालकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला ... कुलदीप ने बताया की चक्रतीर्थ घाट पर सुरक्षा की कोई उचित व्यवस्था नहीं है.....गहरे पानी में जाने से यह हादसा हुआ ... यदि समय रहते मदद न मिलती तो तीनों की जान भी जा सकती थी ... स्थानीय लोगों ने कुलदीप के साहस और तत्परता की सराहना की है और प्रशासन से मांग की है कि घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं .... ताकि आगे से ऐसा कोई हादसा ना हो ....
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सोचिये जब आपके घर में सांप जैसा जहरीला जीव घुस जाता है तब आप मदद के लिए वन विभाग और सर्पमित्र को बुलाते है.... लेकिन छतरपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है ..... जहां वन विभाग के डीएफओ के बंगले में एक 5 फीट लंबा और काला कोबरा सांप घुस गया ..... छतरपुर के वन विभाग के डीएफओ के बंगले में कोबरा के घुसने से हड़कंप मच गया ......और तत्काल सर्पमित्र को बुलाया गया जिन्होंने बिना किसी नुकसान के सांप का रेस्क्यू करके उसे सुरक्षित पकड़ लिया .....बता दे की यह घटना DFO बंगले में तब हुई जब वन रक्षक ने सांप को देखा और तुरंत इसकी सूचना डीएफओ दी .... स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सर्प मित्र ने काफी मशक्कत के बाद कोबरा सांप को कुशलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया ... इस सफल बचाव कार्य से सभी ने राहत की साँस ली और सर्पमित्र ने बताया कि यह एक विषैला कोबरा था, जिसे पकड़ने में पूरी सावधानी बरती गई... रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित स्थान पर जंगल में छोड़ दिया गया.....
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आज निवाड़ी में एक बेहद विवादित और नियमों के खिलाफ जाने वाला दृश्य सामने आया.....जहा लड़के और लड़कियों के बीच कबड्डी का मैच आयोजित किया गया.....और सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात तो ये रही की..... इस मैच में देश के वरिष्ठ सांसद और केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार खटीक, निवाड़ी के जिला कलेक्टर और एसपी जैसे उच्च अधिकारी भी वहां मौजूद थे.....लेकिन किसी ने भी इस नियम विरुद्ध आयोजन को रोकने का प्रयास नहीं किया.....सभी लोग इस खेल का आनंद लेते रहे.....मानो जैसे कुछ गलत हो ही नहीं रहा हो...यह बेहद शर्मनाक है.....क्योंकि साफ नियम है..... कि इस तरह की शारीरिक प्रतियोगिताएं लड़कों और लड़कियों के बीच एक साथ नहीं करवाई जा सकतीं..... इस पूरी घटना पर सवाल ये उठता है..... कि जब ऐसे जिम्मेदार लोग खुद नियमों के उल्लंघन पर आंख मूंद लें.....तो आम जनता से कानून पालन की उम्मीद कैसे की जा सकती है.....इस पूरी घटना पर आप की क्या राय है..... क्या ऐसे आयोजन होना चाहिए ये सही है..... या गलत हमें कमेंट करके जरूर बताये.....
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बीते दिनों बरेली के जिला महिला अस्पताल में एक युवक की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी......युवक की पत्नी डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती थी......लेकिन इस दौरान उसकी बाइक चोरी हो गई......और जब उसने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से मदद मांगी तो कोई सुनवाई नहीं हुई......जिससे परेशान होकर युवक ने हंगामा खड़ा कर दिया था.....युवक अस्पताल परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया...... थाना किला क्षेत्र के बाकरगंज निवासी अरविंद अपनी गर्भवती पत्नी को जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराने आए था.....जिस दौरान देर रात अस्पताल परिसर से उनकी मोटरसाइकिल चोरी हो गई......अरविंद ने अस्पताल प्रशासन से CCTV फुटेज दिखाने...... और पुलिस से कार्रवाई की मांग की......लेकिन किसी ने उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया......जिससे नाराज होकर अरविंद अस्पताल परिसर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गया...... और हंगामा करने लगा......मौके पर अस्पताल स्टाफ और मरीजों के परिजन जमा हो गए......वहीं सूचना मिलने पर शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची...... और काफी मशक्कत के बाद युवक को नीचे उतारा ......पीड़ित और उसके परिजनों का आरोप है...... कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें यह कदम उठाना पड़ा......
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ट्राई सीरीज के पहले मुकाबले में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान को 39 रनों से हरा : लेकिन मैच की सबसे बड़ी खबर बनी शाहीन शाह अफरीदी की गेंदबाजी :अफरीदी ने चार ओवर में 21 रन देकर दो विकेट झटके और इसी के साथ शाहीन अफरीदी ने भारत के जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ दिया है : अब अफरीदी के नाम टी20 क्रिकेट में 314 विकेट हैं जबकि बुमराह के नाम 313 : यानी शाहीन अफरीदी बन गए हैं टी20 क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज उन्होंने अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान और मुजीब उर रहमान को आउट किया : पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 182 रन बनाये थे जवाब में अफगानिस्तान की टीम 143 रन पर ही सिमट गई : जीत पाकिस्तान के खाते में गई और शाहीन अफरीदी ने बुमराह को पछाड़कर टी20 क्रिकेट में नया इतिहास लिख दिया
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खिवनी अभ्यारण्य के प्रभावित गांवों से आए आदिवासियों से चर्चा करने पहुंचे......वन विभाग की करवाई में तोड़े गए मकानों को लेकर आदिवासियों में भारी नाराजगी थी......दिग्विजय सिंह ने मंच से डीएफओ से फोन पर बात कराई...... और विस्थापन नहीं होने का भरोसा दिलाया......कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण शामिल हुए...... देवास जिले के कन्नौद में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह खिवनी अभ्यारण्य के 15 गांवों से आए आदिवासियों से मिलने पहुंचे......वन विभाग द्वारा मकान तोड़े जाने से आक्रोशित आदिवासी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए...... सिंह ने मंच पर पहुंचते ही सबसे पहले आदिवासियों की समस्याएं सुनीं...... और मंच से नेताओं को नीचे बैठा दिया......फ्लेक्स हटवा दिए ताकि कार्यक्रम गैर-राजनीतिक नजर आए......वन विभाग के अधिकारी कार्यक्रम में नहीं पहुंचे...... लेकिन डीएफओ वीरेंद्र पटेल ने फोन पर बातचीत की...... जिसे लाउडस्पीकर से सभी ग्रामीणों को सुनाया गया...... डीएफओ ने भरोसा दिलाया कि किसी भी गांव को विस्थापित नहीं किया जाएगा ...... और लिखित आश्वासन देने की भी हामी भरी...... दिग्विजय सिंह ने कहा मेंकोई नेता नहीं हु, मुझे भी आदिवासी मान लो ...... मंच पर उनकी पत्नी अमृता सिंह और पूर्व विधायक की पत्नी बैठीं...... और दिग्विजय सिंह पूरे समय खड़े रहे......
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चार सौ बीस’… ये नाम तो आपने फिल्मों, गानों और आम ज़िंदगी में अनगिनत बार सुना होगा : किसी को धोखेबाज़ कहना हो तो लोग कहते हैं : ये आदमी बड़ा 420 है : लेकिन ज़रा ध्यान रहे : अब क़ानून का खेल बदल चुका है : IPC की जगह अब देश में BNS है यानी भारतीय न्याय संहिता : और मशहूर धारा IPC 420… अब बन चुकी है BNS धारा 318 : मतलब, धोखाधड़ी और चीटिंग के मामले अब इसी धारा में दर्ज हो रहे हैं : किसी ने आपको फर्जी डॉक्यूमेंट दिखाए : नकली वादा करके पैसा हड़प लिया : बिजनेस डील में फ्रॉड किया : या ऑनलाइन ठगी कर ली : तो समझ लीजिए : यही धारा 318 लगेगी : और सजा? 7 साल तक की जेल… और ऊपर से जुर्माना अलग : मज़ेदार बात ये है कि 420 कभी सिर्फ़ धारा का नंबर था : धीरे-धीरे ये शब्द ही चीटर की पहचान बन गया था लोग मज़ाक में भी एक दूसरे को कहते हैं : बड़ा 420 है तू : लेकिन अब वक्त बदल गया है : अब वही धोखेबाज़ 420 नहीं बल्कि BNS 318 कहला रहा है : पर याद रखिए : कानून का नाम बदला है : नंबर बदला है : लेकिन धोखाधड़ी की सजा वही है : कड़ी और सख़्त : क्योंकि चाहे जमाना कोई भी हो : ठगी करने वालों को बख्शा कभी नहीं जायेगा
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सुबह की अच्छी शुरुआत पूरे दिन को पॉज़िटिव बना देती है : अक्सर लोग गुनगुना पानी या डिटॉक्स वॉटर से दिन की शुरुआत करते हैं : लेकिन अगर आप अपने दिन की शुरुआत हल्दी पानी से करते हैं : तो यकीन मानिए आपके शरीर को कई अद्भुत फायदे मिलेंगे : खाली पेट हल्दी पानी का असर सबसे ज़्यादा होता है और जब इसमें मिलाई जाए चुटकीभर काली मिर्च तो इसका जादू और बढ़ जाता है : ये छोटा सा ड्रिंक आपकी इम्यूनिटी को बूस्ट करता है पाचन को बेहतर बनाता है, और शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है : हल्दी पानी आपकी ऊर्जा को फिर से जगाता है : पेट फूलना, एसिडिटी या अपच : सुबह का ये हेल्दी ड्रिंक इन सब समस्याओं को कम कर सकता है : इतना ही नहीं हल्दी के एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी त्वचा को भी भीतर से साफ़ और हेल्दी बनाते हैं यानी चेहरे की चमक भी प्राकृतिक रूप से बढ़ती है : वज़न कम करने वालों के लिए भी ये बेहद फायदेमंद है : क्योंकि ये मेटाबॉलिज़्म को एक्टिव रखता है और भूख को कंट्रोल करता है : इसे बनाना भी बहुत आसान है : बस एक गिलास गुनगुना पानी लीजिए : आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालिए : चुटकीभर काली मर्च और चाहें तो नींबू या शहद भी मिला सकते हैं : और बस सुबह खाली पेट इसे पी लीजिए : तो क्यों न कल से ही अपने दिन की शुरुआत हल्दी पानी के साथ की जाए : एक छोटी सी आदत : जो आपके स्वास्थ्य आपकी इम्यूनिटी और आपकी त्वचा : तीनों को बदल सकती है
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सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले से नागपुर जाने वाले मार्ग पर आने वाले कुरई विकासखण्ड की प्राथमिक शाला अर्जुनी में शिक्षक महेश चौधरी द्वारा छात्र की अमानवीय पिटाई की घटना पर जनजातीय कार्य विभाग सिवनी के सहायक आयुक्त ने शिक्षक को गुरूवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सिवनी के सहायक आयुक्त द्वारा जारी आदेश अनुसार जनशिक्षक, जनशिक्षा केन्द्र खवासा, शास.उ.मा.वि. खवासा एवं प्रभारी मण्डल संयोजक कुरई. वि.ख. कुरई के द्वारा 28 अगस्त 25 को शा.प्रा.शा. अर्जुनी वि.ख. कुरई में वायरल वीडियो की जांच की गई जिसके जांच प्रतिवेदन में प्रतिवेदन किया गया कि शा.प्रा.शा. अर्जुनी, संकुल केन्द्र, शास.उ.मा.वि. टुरिया, वि.ख. कुरई में पदस्थ महेश चौधरी प्रा.शि. द्वारा संस्था में अध्ययनरत छात्र विजय रामराज भलावी, के साथ अमानवीय तरीके से मारपीट किया। जिससे प्रतीत होता है कि महेश चौधरी प्राथ. शिक्षक, शास.प्रा. शाला अर्जुनी, वि.ख. कुरई द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही की जाकर स्वेच्छाचारिता बरतना पाया गया है। जारी आदेश अनुसार महेश चौधरी, प्राथमिक शिक्षक, प्रा.शा. अर्जुनी, वि.ख. कुरई का उक्त कृत्य म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 (1) सामान्य मान्य (एक) (दो) (तीन) के प्रतिकुल होकर कदाचरण की श्रेणी में आता है अतः म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम-9 के प्रावधान अंतर्गत श्री महेश चौधरी, प्राथमिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
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किचन की छोटी-सी डिब्बी में रखा हींग असल में आपकी हेल्थ का बड़ा साथी है : ज्यादातर लोग इसे सिर्फ़ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं : लेकिन इसके फायदे आपकी सोच से कहीं ज़्यादा हैं : आप सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग डालकर पीजिए : फिर देखिए कैसे धीरे-धीरे कब्ज और पेट फूलने की दिक्कत गायब होने लगती है : पाचन बेहतर होता है, पेट हल्का लगता है और दिनभर एनर्जी बनी रहती है : हींग शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालने में भी मदद करती है : जिससे थकान और कमजोरी कम होती है ; यही नहीं, सर्दी-खांसी से लेकर पेट दर्द तक : हींग कई छोटी-छोटी परेशानियों को आसानी से दूर कर सकती है : और अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो ये नुस्खा आपकी वेट लॉस जर्नी को भी आसान बना सकता है : यानी एक मसाला और इतनी सारी खूबियाँ : इसलिए हींग को कहते है हेल्थ का साइलेंट हीरो
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आईपीएल 2025 की चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की आखिरकार सोशल मीडिया पर वापसी हुई है..... उन्होंने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ पर अपनी चुप्पी तोड़ है....टीम ने एक आधिकारिक संदेश जारी कर साफ किया है कि उनकी चुप्पी को अनुपस्थिति न समझा जाए... आरसीबी ने लिखा प्रिय 12th मैन आर्मी .. करीब तीन महीने हो गए हैं जब हमने यहां आखिरी बार कुछ पोस्ट किया था... हमारी चुप्पी अनुपस्थिति नहीं थी बल्कि उन लोगों के प्रति शोक था जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गवा दी ..... यह मंच कभी ऊर्जा, यादों और उन पलों से भरा रहता था जिसका आपने सबसे ज्यादा आनंद लिया है … लेकिन चार जून ने सब कुछ बदल दिया ... उस दिन जो हुआ वो कभी भुला नहीं जा सकता हमारी चुप्पी हमारे लिए शोक व्यक्त करने का तरीका था....फ्रेंचाइजी ने स्पष्ट किया कि ऐसे कठिन समय में उनका उद्देश्य सोशल मीडिया पर हल्के-फुल्के पोस्ट करने के बजाय गंभीरता और संवेदनशीलता बनाए रखना था... टीम ने बेंगलुरु में हुई भगदड़ की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताया...... RCB फ्रेंचाइजी ने अपने पोस्ट में आगे कहा की फैन्स केवल दर्शक नहीं बल्कि आरसीबी परिवार का अहम हिस्सा हैं.... और उनकी सुरक्षा टीम की सर्वोच्च प्राथमिकता है.... ... उन्होंने कहा कि क्लब भविष्य में सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाएगा, ताकि इस तरह की कोई घटना दोबारा न हो ..
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एक पुलिस पर महिला के साथ मारपीट और अभद्रता का गंभीर आरोप लगा है......इस घटना ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं......इस घटना के विरोध में हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने आकाशवाणी तिराहे पर प्रदर्शन करते हुए.....चक्का जाम कर दिया......जिससे आम लोगो को काफी परेशानी उठानी पड़ी....पीड़ित परिवार ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई की मांग की है...... पुलिस की प्रताड़ना से नाराज़ परिजनों और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने छतरपुर के आकाशवाणी तिराहे पर चक्का जाम कर दिया...... जिसके चलते आम लोगो को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.....मामला प्रकाश बम्हौरी थाना क्षेत्र का है......जहा दो पक्षों के बीच विवाद हो गया..... जिसकी शिकायत के दौरान पुलिस ने एक महिला के साथ अभद्रता और मारपीट भी की......पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवाद पिता-पुत्र और पड़ोसी के बीच हुआ था......लेकिन पुलिस ने महिला को भी निशाना बनाया......इस घटना के बाद सीएसपी को ज्ञापन सौंपकर......पीड़ितों ने थाना प्रभारी सहित दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है......
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16 साल, 221 मैच, 187 विकेट, और अनगिनत यादों के साथ आज भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने आईपीएल को भी अलविदा कह दिया है.....2009 में चेन्नई सुपर किंग्स से डेब्यू करने वाले अश्विन ने आईपीएल में CSK, राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स, पंजाब किंग्स, दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स जैसी पांच टीमों के तरफ से मैच खेले है.....दिसंबर 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद.....अब IPL 2025 में चेन्नई के लिए अंतिम सीजन खेल कर ..... उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा की है..... अश्विन ने लिखा हर अंत की एक नई शुरुआत होती है.....एक आईपीएल क्रिकेटर के रूप में मेरा सफर आज खत्म हो रहा है.....लेकिन अब मैं दुनियाभर की लीग्स में बतौर एक्सप्लोरर नई शुरुआत करूंगा.....आप को बता दे की IPL 2025 में CSK ने उन्हें 9.75 करोड़ में खरीदा था.....जिसमें उन्होंने 9 मैचों में 7 विकेट लिए .....अपने करियर में अश्विन ने 30.22 की औसत से 187 विकेट लिए है ..... उन्होंने 833 रन भी बनाए.....जिसमें एक अर्धशतक शामिल है.....अश्विन ने सभी फ्रेंचाइजी और BCCI का आभार जताते हुए..... कहा कि अब वह अगले अध्याय का आनंद लेने को तैयार हैं.....
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यानी सेहत और स्वाद का अनोखा संगम : आमतौर पर इसे ऐसे ही खाया जाता है : लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर खजूर को पानी में भिगोकर खाया जाए और उसका पानी पिया जाए, तो उसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं: खजूर को जब रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है, तो उसके भीतर मौजूद विटामिन, मिनरल्स और नेचुरल शुगर पानी में घुलकर शरीर के लिए बेहद असरदार हो जाते हैं ; सुबह खाली पेट इस पानी का सेवन तुरंत और लगातार ऊर्जा प्रदान करता है : इसमें मौजूद ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज शरीर को दिनभर एक्टिव बनाए रखते हैं: पाचन तंत्र के लिए भी यह किसी औषधि से कम नहीं है : इसमें पाया जाने वाला फाइबर कब्ज से राहत दिलाता है और आंतों को साफ रखने में मदद करता है : हड्डियों की मजबूती के लिए भी यह रामबाण है ; खजूर के पानी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में सहायक हैं : इसके साथ ही इसमें मौजूद पोटैशियम हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट शरीर में सूजन को कम करते हैं और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव करते हैं : इसके सेवन का तरीका बेहद आसान है : रात को चार से छह खजूर पानी में डालकर रख दीजिए और सुबह उसी पानी को अलग करके पी लीजिए साथ ही खजूर को भी खा लीजिए : नियमित रूप से इस आदत को अपनाने से शरीर को न सिर्फ तुरंत ऊर्जा मिलेगी बल्कि लंबे समय तक स्वास्थ्य भी दुरुस्त रहेगा
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रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने जापान प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आगामी यात्रा और ओसाका में आयोजित वर्ल्ड एक्सपो 2025 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता पर मंंगलवार काे कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत जल्द जापान आ रहे हैं। भारत और जापान की मित्रता ऐतिहासिक और गहरी है। उनके इस दौरे से यह संबंध और भी मजबूत होंगे और हमारे देश को अनेक लाभ प्राप्त होंगे।मुख्यमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री की यात्रा भारत और जापान के बीच तकनीकी, औद्योगिक और सांस्कृतिक सहयोग को और प्रगाढ़ बनाएगी। इससे दोनों देशों की जनता को लाभ होगा और साझा समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होगा। ओसाका में वर्ल्ड एक्सपो 2025 के संदर्भ में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कल हमने छत्तीसगढ़ को समर्पित सप्ताह का शुभारंभ किया है। यह वर्ल्ड एक्सपो भारत की संस्कृति को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का एक बड़ा प्रयास है। छत्तीसगढ़ का सप्ताह न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के लिए लाभकारी रहेगा।साय ने कहा कि इस आयोजन से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और औद्योगिक प्रगति को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे निवेश और सहयोग के अवसर भी बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान यात्रा और ओसाका एक्सपो में छत्तीसगढ़ की सक्रिय भागीदारी प्रदेश और देश दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आएगी।
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मुरैना । मध्य प्रदेश के श्योपुर कूनो नेशनल पार्क से ज्वाला चीता अपने तीन शावकों से साथ मुरैना जिले के रगजाधर के पुरा के जंगल में पहुंच गई है। चीता को देखकर चरावाहों के होश उड़ गए। श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से चीता के भागने का मामला सामने आया है। ज्वाला नामक चीता को अपने 3 शावकों के साथ मुरैना जिले के सबलगढ़ टेंटरा में देखा गया है। जंगल में पशु चराने निकले काशीराम कड़ेरा चीता को देख पत्थरों में इधर-उधर भागे । जिससे कहीं पैर में तो कही सिर में चोट लगी। काशीराम की दो बकरियों को भी चीतों ने भोजन बना लिया। ज्वाला चीता भैरों बाबा मंदिर के पास जंगल में मौजूद है। जो कि नेशनल पार्क से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। ग्राम पंचायत टेंटरा क्षेत्र में 4 चीता के पहुंचने की खबर सुनकर स्थानीय लोगों में डर के माहौल बना हुआ है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है : काशीराम ने कहा कि सुबह बकरी लेकर जंगल की ओर निकल रहा था, तभी भैरो बाबा के पास के जंगल में चीता नजर आया मैं अचानक से देखकर चौंक गया। इसकी सूचना फौरन वन विभाग और कूनो सेंचुरी को देते हुए बताया कि कूनो सेंचुरी से भागकर 2 नर और 2 मादा चीता शनिवार की सुबह टेंटरा जंगल में पहुंच गए। ग्रामीण लोकेश त्यागी का कहना कूनों सेंचुरी से यह चीता बार-बार इस क्षेत्र में वातावरण अनुकूल होने के कारण यहां आ जाते हैं।अपनी मर्जी के अनुसार यहां रहते हैं । कूनों सेंचुरी एवं वन विभाग की टीम को बार-बार आना पड़ता है। यहां के जंगल में उनके लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं वन विभाग करनी जानी चाहिए। जिससे ग्रामीण जनों को खतरा कम हो सकता है। वन विभाग एसडीओ कुलदीप राजोरिया का कहना कूनो सेंचुरी एवं वन विभाग की टीम चीतों का अभी भी रेस्क्यू करने में जुटी है, 2 दिन से टैंटरा एवं रामपहाड़ी क्षेत्र में ही लोकेशन मिल रही है। किसी भी ग्रामीण जन को कोई नुकसान नहीं पहुंचे इसके ध्यान रखा जा रहा है। अभी उनके जाने के बारे में कुछ नहीं कह सकते।
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भले ही लोग लौकी का नाम सुनते ही मुंह बना लें, लेकिन यही लौकी शरीर की सेहत का खजाना है : साल भर आसानी से मिलने वाली ये हरी सब्ज़ी, आयुर्वेद में भी खास जगह रखती है : लौकी को कई बीमारियों का रामबाण इलाज माना जाता है : डॉक्टरों का कहना है कि लौकी सुपाच्य सब्ज़ी है : बीमार पड़ने पर सबसे पहले मरीज को लौकी खाने की सलाह दी जाती है : दरअसल लौकी का सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे एसिडिटी, अपच और कब्ज़ दूर हो जाते हैं : लौकी दिल के मरीजों के लिए भी फायदेमंद है : विशेषज्ञ बताते हैं कि रोज़ाना लौकी का रस पीने से दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है : डायबिटीज़ के मरीज अगर लौकी की सब्ज़ी या इसके जूस का सेवन करें तो ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है : इतना ही नहीं, लौकी वजन घटाने में भी मददगार है : इसमें भरपूर फाइबर और पानी होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और कैलोरी भी बेहद कम मिलती है : यही वजह है कि लौकी को वेट लॉस डाइट में सबसे अहम सब्ज़ी माना जाता है : ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी लौकी किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इसमें पोटेशियम पाया जाता है जो बीपी को संतुलित रखता है : भारत में लौकी की दो किस्में पाई जाती हैं : गोल लौकी और लंबी लौकी : विशेषज्ञ मानते हैं कि दोनों ही सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन स्वाद के मामले में गोल लौकी थोड़ी आगे है : कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि लौकी सिर्फ़ एक सब्ज़ी नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है : इसलिए इसे नज़रअंदाज़ न करें और रोज़ाना की डाइट में ज़रूर शामिल करें
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सिंगरौली जिले से एक बेहद शर्मनाक और मन विचलित करने वाला वीडियो सामने आया है...... जहा एक बीमार आदिवासी युवक को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने पर......ग्रामीणों ने कुर्सी को ही एंबुलेंस बना लिया......कीचड़ भरे रास्तों से होते हुए मरीज को कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया गया ..... सिंगरौली में करोड़ों रुपए सीएसआर और डीएमएफ फंड में आने के बावजूद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही हैं......विधायक, सांसद और अधिकारी सिंगरौली को सिंगापुर बनाने के दावे तो करते हैं......लेकिन असलियत तो ये है की गांव में बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तक नहीं है......लोगो को मरीज की जान बचाने के लिए कुर्सी का सहारा लेना पड़ रहा है......और जब इस अमानवीय घटना पर जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई ......तो उन्होंने फोन उठाना तक जरूरी नहीं समझा......
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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है : जिसने हर किसी को अंदर तक हिला दिया है : यह वीडियो किसी गली-मोहल्ले का है : जहां एक सपेरा अपने जहरीले सांपों का खेल दिखा रहा था : लोग कौतूहल से घिरे खड़े थे, बीन की धुन बज रही थी, और कोबरा लहरा रहा था : लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि ये तमाशा त्रासदी में बदल गया ; सपेरे के छोटे-छोटे बच्चे भी इस खेल में शामिल थे :मासूम बच्चे बिना किसी डर के सांप को छू रहे थे : एक बच्चा तो सांप को रस्सी की तरह गले में डाल लेता है : लोग भी तमाशा देखते रहते है : लेकिन अगले ही पल माहौल सन्नाटे में बदल जाता है : कोबरा पलटता है और छोटे बच्चे को डस लेता है : वीडियो में साफ दिखता है कि बच्चा अचानक दर्द से चीख उठता है और छटपटाने लगता है : सपेरा घबराकर दौड़ता है, सांप को अलग करता है : इसके बाद वीडियो अचानक खत्म हो जाता है : यह वीडियो अब तक लाखों बार देखा जा चुका है : कुछ लोग कह रहे हैं कि सपेरे अक्सर सांपों के जहरीले दांत तोड़ देते हैं, इसलिए खतरा कम होता है : लेकिन ज्यादातर लोगों ने इस खतरनाक खेल की कड़ी निंदा की है : सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं : क्या बच्चों की जान के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी कीमत पर सही है : कुछ यूजर्स ने इसे हल्के में लेते हुए मज़ाक उड़ाया, तो कुछ ने गुस्से में लिखा : ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए, जो जानबूझकर मौत से खेलते हैं : यह वीडियो सिर्फ एक तमाशा नहीं, बल्कि चेतावनी है कि मनोरंजन के नाम पर जोखिम कब त्रासदी में बदल जाए, कोई नहीं जानता
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गुना में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अलग अंदाज देखने को मिला है...... सिंधिया कलोरा गांव में बाढ़ प्रभावित लोगों से मिलने के लिए ख़ुद ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे...... और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की...... सिंधिया ने गांव वालों से मुलाकात कर कलोरा डैम का निरीक्षण किया...... गुना में पिछले दिनों आई बाढ़ से कलोरा डैम की वेस्ट वियर क्षतिग्रस्त हो गई थी...... जिसके कारण कई गांव बाढ़ के पानी की चपेट में आ गए ......सिंधिया के इस संवेदनशील कदम ने बाढ़ पीड़ितों को नई ताकत दी......
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ग्वालियर के चेतकपुरी इलाके में विवेकानंद चौराहे के पास एक बार फिर बारिश के कारण सड़क धसक गई......जिससे बड़ा हादसा होते-होते टल गया.....पेवर ब्लॉक से भरा एक भारी ट्रक अचानक धंसी सड़क में फंस गया.....ट्रक के चारों पहिए जमीन में धंस गए..... और वाहन पूरी तरह असंतुलित हो गया.....गनीमत रही कि ट्रक पलटा नहीं और आसपास लोग मौजूद नहीं थे ..... जिससे जानमाल की हानि नहीं हुई.....
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भारतीय क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने 24 अगस्त को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से अचानक संन्यास ले लिया है....पुजारा ने अपने संन्यास की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से फैंस को दी है....राहुल द्रविड़ के बाद टेस्ट क्रिकेट में भारतीय बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले पुजारा ने X पर एक भावुक पोस्ट लिखा की....भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और हर बार मैदान पर कदम रखते हुए....अपनी पूरी कोशिश करना इसका असली मतलब शब्दों में बयां करना नामुमकिन है....लेकिन जैसा कि कहते हैं.... कि हर अच्छी चीज का अंत होना ही होता है....और अपार कृतज्ञता के साथ मैंने भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास लेने का फैसला किया है....आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद....
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खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के करही शहर में शुक्रवार शाम काे एक 10 वर्षीय मासूम बच्ची पर कुत्ताें ने हमला कर दिया। बच्ची किराना दुकान से सामान लेकर घर लौट रही थी, उस पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया। डर के मारे बच्ची भागने लगी, लेकिन हमले के दौरान वह नीचे गिर पड़ी। हालांकि गनीमत रही कि आसपास मौजूद राहगीरों और दुकानदारों ने तुरंत दौड़कर कुत्तों को भगाकर बच्ची की जान बचाई। यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो शनिवार काे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, जिले के करही में शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे 10 वर्षीय बच्ची पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्ची डरकर भागी और सड़क पर गिर गई। इस दौरान लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर बच्ची की जान बचाई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसके बाद इलाके में लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। गुस्साए लोग प्रशासन से आवारा कुत्तों का टीकाकरण करने और उनकी बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, और प्रशासन को इस समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। बता दें कि खरगोन जिले में आवारा कुत्तों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते दिनों शहरी क्षेत्र में दो बड़ी घटनाओं में एक बच्ची की मौत हो चुकी है और 15 लोग घायल हो चुके हैं।
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उत्तराखंड के चमोली जिले के टूनरी गदेरा क्षेत्र में देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई.....तेज बारिश और बादल फटने से आई आपदा ने थराली बाजार, कोटदीप, चेपड़ों और सागवाड़ा सहित कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है......एसडीएम आवास सहित कई मकान मलबे में दब गए हैं......जबकि कुछ दुकानों के बहने की खबर सामने आई है...... तहसील परिसर में खड़ी कई गाड़ियां मलबे में दब गईं और सड़कें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं......राड़ीबगड़ में गदेरा उफान पर आने से हालात और बिगड़े गए है......एक 20 वर्षीय युवती और एक बुजुर्ग व्यक्ति लापता बताए जा रहे हैं......एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं......मलबा घरों और दुकानों में घुस गया है......जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है......थराली-सागवाड़ा और थराली-ग्वालदम मार्ग भी बंद हो गया हैं......प्रशासन ने थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉकों के सभी स्कूलों में आज छुट्टी घोषित कर दी है.....
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अनिल अंबानी की मुश्किलें अब और बढ़ती नजर आ रही है......17 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में ED की पूछताछ के बाद अब CBI अनिल अंबानी से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है......आज सुबह करीब 8 बजे सीबीआई की 7 से 8 अधिकारियों की टीम ने मुंबई के कफ परेड स्थित अनिल अंबानी के आवास पर छापेमारी शुरू की......छापेमारी के वक्त अनिल अंबानी अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे......इस मामले में पहले ईडी ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी करीब 50 कंपनियों और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापे मारे थे......ईडी की जांच के बाद अब सीबीआई भी सक्रिय हो गई है...... और दो एफआईआर दर्ज करने के बाद तलाशी अभियान चला रही है......बताया जा रहा है कि 2017 से 2019 के बीच अनिल अंबानी की कंपनियों को यस बैंक से लोन देने में भारी गड़बड़ी हुई थी......और उस दौरान बैंक के प्रमोटर्स को मोटी रकम ट्रांसफर की गई थी......इसी कड़ी में जांच हो रही है...... सीबीआई अब आरकॉम और उससे जुड़े परिसरों की भी तलाशी ले रही है......इस घोटाले से भारतीय स्टेट बैंक को भारी नुकसान हुआ है...... मामला अब तेजी से तूल पकड़ता जा रहा है......
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महिला बाल विकास विभाग की भर्ती प्रक्रिया में बड़ा खुलासा हुआ है..... ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं......बागली में कम्प्यूटर ऑपरेटर ने एक आवेदिका से दो लाख रुपये की मांग का ऑडियो सामने आया है......मामले की शिकायत एमडीएम शिवम यादव को मिलते ही...... उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच के निर्देश दिए हैं...... देवास जिले के बागली ब्लॉक में ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के 45 पदों के लिए करीब 1350 आवेदन आए थे......भ्रष्टाचार से बचने के लिए पूरी प्रक्रिया को शासन ने ऑनलाइन रखा था......लेकिन इसके बावजूद अब इसमें गड़बड़ियों की खबर सामने आई हैं......परियोजना कार्यालय बागली में संविदा पर पदस्थ कम्प्यूटर ऑपरेटर आकाश चौहान ने एक आवेदिका से भर्ती के बदले दो लाख रुपये की मांग का ऑडियो सामने आया है......बताया जा रहा है कि यह राशि वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के नाम पर मांगी गई थी......इस पूरे मामले में परियोजना अधिकारी रामप्रकाश तिवारी का नाम भी सामने आया है..... मामले की लिखित शिकायत एमडीएम शिवम यादव को की गई......जिन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए ...... तत्काल जांच शुरू कर दी है......वहीं परियोजना अधिकारी रामप्रकाश तिवारी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है...... और ऑपरेटर को पद से हटाने की बात कही है......हालांकि, ऑडियो में आकाश चौहान स्पष्ट रूप से यह कहते सुने जा सकते हैं...... कि भर्ती केवल रुपये देने वालों को ही मिलेगी......इस खुलासे के बाद पूरी भर्ती प्रक्रिया संदेह के घेरे में आ गई है......
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कोसमी मंदिर के पास ट्रक ड्राइवर और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है......सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ड्राइवर यूनियन की शिकायत के बाद अब परासिया SDM शुभम यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है......उन्होंने साफ किया है कि जिस रॉयल्टी की बात सोशल मीडिया पर की जा रही है...... वह पूरी नहीं थी......बल्कि डंपर में तय मात्रा से अधिक गिट्टी भरी हुई थी...... कोसमी मंदिर के पास एक डंपर की जांच के दौरान नायब तहसीलदार और ट्रक ड्राइवर के बीच मारपीट का मामला सामने आया था......यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई थी......घटना के बाद ड्राइवर ने परासिया थाने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी......मामले को गंभीरता से लेते हुए ......ट्रक ड्राइवर यूनियन ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपा...... इस पूरे विवाद पर आज परासिया एसडीएम शुभम यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए...... निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और कहा कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी......
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महिला एशिया कप 2025 के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम का ऐलान हो गया है......और इस बार भी मिडफील्ड की धाकड़ खिलाड़ी सलीमा टेटे को टीम की कमान सौंपी गई है......टूर्नामेंट 5 से 14 सितंबर तक चीन के हांगझोउ में खेला जाएगा.....जहां जीतने वाली टीम को सीधा 2026 एफआईएच महिला हॉकी वर्ल्ड कप का टिकट मिलेगा..... भारत को पूल-बी में रखा गया है..... जिसमें उसका मुकाबला जापान, थाईलैंड और सिंगापुर से होगा..... भारतीय टीम 5 सितंबर को थाईलैंड, 6 सितंबर को जापान, और 8 सितंबर को सिंगापुर से भिड़ेगी..... टीम में युवा जोश और अनुभव का जबरदस्त तालमेल है.....गोलकीपिंग की जिम्मेदारी बंसरी सोलंकी और बिचु देवी खरिबाम को सौंपी गई है..... डिफेंस में निक्की प्रधान , उदिता , मनीषा चौहान , ज्योति , सुमन देवी थौदम और ईशिका चौधरी जैसी खिलाड़ी हैं..... मिडफील्ड में नेहा , वैष्णवी विट्ठल फाल्के, कप्तान सलीमा,शर्मिला ,लालरेमसियामी और सुनेलिटा टोप्पो कमान संभालेंगी..... वहीं फॉरवर्ड लाइन में नवनीत कौर,रुतजा पिसल, ब्यूटी डुंगडुंग, मुमताज खान, दीपिका और संगीता कुमारी अपने खेल का कमाल दिखाने को तैयार हैं.....
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ग्वालियर से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.....जहां एक रिटायर्ड बैंक क्लर्क से करीब 8 लाख 79 हजार रुपए की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई है..... पीड़ित कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया के रिश्तेदार हैं.....खास बात यह है कि यह पूरा फ्रॉड PNB One App के नाम पर किया गया... जिसकी FIR क्राइम ब्रांच ने एक महीने बाद दर्ज की है....ग्वालियर के न्यू जीवाजी नगर में रहने वाले सत्य प्रकाश.....जो पीएनबी बैंक से क्लर्क के पद से रिटायर हुए हैं.....वो 15 जुलाई को फेसबुक पर PNB One App का एक विज्ञापन देखते हैं..... बैंकिंग से जुड़ी जानकारी लेने के लिए जैसे ही उन्होंने लिंक से ऐप डाउनलोड किया.....कुछ घंटों बाद उन्हें एक फोन कॉल आया.....कॉल पर राहुल कुमार नामक ठग ने खुद को PNB हेड ऑफिस का अधिकारी बताया और वीडियो कॉल पर उनसे फॉर्म भरवाया.....देखते ही देखते सत्य प्रकाश के खाते से रुपए डेबिट होने लगते हैं.....जब उन्होंने इसका विरोध किया.....तो ठग ने आश्वासन दिया कि 24 घंटे में पैसे वापस आ जाएंगे.....लेकिन तब तक तीन खातों से 8 लाख 79 हजार रुपए उड़ चुके थे.....पीड़ित ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.....और अब करीब एक महीने बाद क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज कर..... आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.....पुलिस का दावा है कि जल्द ही साइबर ठगों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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नगर निगम और ठेकेदार की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है... और इस बार इसकी कीमत एक मासूम युवक को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी...पुल निर्माण कार्य के लिए बीते तीन माह से खोदे गए गहरे गड्ढे को न तो समय पर भरा गया और ना ही वहाँ कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया ..... इसी लापरवाही के चलते एक युवक की जान चली गई.... पीड़ित परिवार ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर नगर निगम के इंजीनियर और ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराते हुए ... थाना सिटी कोतवाली में FIR दर्ज करने की मांग की है..... अब सवाल यह उठता है कि आखिर कब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और जिम्मेदार अधिकारी व ठेकेदार बचते रहेंगे ... घटना कन्हारपुरी वार्ड क्रमांक 34 के तिरंगा चौक की है ..... जहां पुल निर्माण कार्य के लिए बीते तीन माह से गहरा गड्ढा खोदा गया था.... लेकिन न तो कार्य समय पर पूरा हुआ और ना ही उस स्थान पर कोई सुरक्षा व्यवस्था या चेतावनी बोर्ड लगाए गए....जिसके कारण गड्ढे में गिरने से आकाश साहू नामक युवक की मौत हो गई ....मृतक के बड़े भाई देवेन्द्र कुमार साहू ने थाना सिटी कोतवाली प्रभारी को आवेदन देकर बताया कि उनके छोटे भाई आकाश साहू की मौत इसी गहरे गड्ढे में गिरने से हुई... आवेदक ने कहा कि यह घटना ठेकेदार और नगर निगम इंजीनियर की सीधी लापरवाही का परिणाम है..... देवेन्द्र साहू ने पुलिस से ठेकेदार और नगर निगम इंजीनियर पर तत्काल FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है.... उनका आरोप है कि अगर जगहें पर चेतावनी संकेत या सुरक्षा उपाय किए गए होते तो उनके भाई की जान नहीं जाती ..
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आम जनजीवन से जुड़ने का एक अनोखा तरीका अपनाया है.......उन्होंने एक स्थानीय चाय की दुकान पर खुद चाय बनाकर लोगों को चौंका दिया.......सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे विडियो में सीएम धामी एक दुकान पर चाय बनाते..... नजर आ रहे हैं.....उन्होंने इस क्षण को लोगों के जीवन से जुड़ने का एक विशेष अवसर बताया .....और आम जनता से सीधे संवाद करने का सरल लेकिन प्रभावी तरीका अपनाया हैं.....
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कभी–कभी इंसानियत अपराध से भी बड़ी हो जाती है......यह घटना देवास जिले के कन्नौद की है ......जहां एक चोर गिरोह का पर्दाफाश हुआ...... लेकिन इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है...... एक पुलिस अधिकारी की जिसने कानून का पालन करने के साथ-साथ मानवीय संवेदना का ऐसा उदाहरण पेश किया......जिसकी गूंज पूरे प्रदेश में सुनाई दे रही है......जिसका वीडियो शोसल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं...... कन्नौद में पुलिस और नागरिकों की सतर्कता से एक अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ......ऋद्धि-सिद्धि कॉलोनी में बीती रात चोरी करने घुसे...... बदमाशों को पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर पकड़ने की कोशिश की......लेकिन फरार होते समय गिरोह का सरगना शंकर नर्मदा कॉलोनी में खेत की बिजली के तारों की चपेट में आ गया......जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई......शंकर धार का रहने वाला था...... उसका साथी राजू करंट लगने से घायल हो गया......जिसे कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी ने मानवीयता का परिचय देते हुए...... करीब एक किलोमीटर तक कंधे पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया......और अस्पताल में भर्ती कराया....जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा......पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह ना सिर्फ मध्य प्रदेश के देवास, कन्नौद, खातेगांव और हाटपिपल्या में सक्रिय था, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना में भी चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है......फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है......
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मरीज के साथ आये नशे में धुत तीन युवकों ने हॉस्पिटल में जम कर हंगामा मचा दिया......बताया जा रहा है कि उन्होंने हॉस्पिटल के सुरक्षा गार्डों के साथ जमकर मारपीट की......जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है......वीडियो में साफ देखा जा सकता है..... कि कुछ युवक नशे में धुत होकर कैसे हंगामा कर रहे हैं...... छतरपुर अस्पताल में एक मरीज के साथ आए तीन युवकों ने शराब के नशे में जमकर हंगामा मचाया...... और सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट की......जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया......वीडियो में साफ दिख रहा है.... कि पुलिस की मौजूदगी में इन युवकों ने सुरक्षा गार्डों को गालियां दीं......धमकियां दीं और गार्डो पर लात-घूंसों से हमला किया......जिसमें एक गार्ड पर डंडे से प्रहार भी किया गया...... घटना की वजह मरीज का बिना OPD पर्ची के इलाज कराने जिद थी ......ऐसा करने से गार्डों ने जब मना किया तो विवाद शुरू हुआ......सुरक्षा गार्डों की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है......
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भोपाल की सड़कों पर खुलेआम घूमता नजर आया टाइगर.....इंटरनेट पर काफी वायरल हो रहा है.....इस वीडियो में टाइगर बिना किसी डर के सड़क पर टहलता नजर आ रहा है..... कार में सवार युवकों ने इस हैरान कर देने वाले पल को कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया ..... जो अब तेजी से वायरल हो रहा है .....राजधानी में बाघ की मौजूदगी लोगो में उत्साह बड़ा रही है.....
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बारहसिंघा आरक्षित वन क्षेत्र से भटक कर लालकुआँ रेलवे स्टेशन परिसर में घुस गया..... जिससे स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया.....जीआरपी और वन विभाग की टीम ने बड़ी मशक्कत से करीब 5 घंटे के बाद बारहसिंघा सुरक्षित पकड़कर .....जंगल में वापस छोड़ दिया .....एक बारहसिंघा को लालकुआँ रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में देखा गया ..... जीआरपी के जवानों ने तत्काल गोला रेंज के वन कर्मियों को सूचना दी.....जिसके बाद मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने बारहसिंघा को पहले जाल लगाकर पकड़ने की कोशिश की..... लेकिन बारहसिंघा जाल से बचकर निकल गया.....इसके बाद तराई केंद्रीय वन प्रभाग टांडा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी रूप नारायण गौतम.....चिकित्सकों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे.....और करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद बारहसिंघा को ट्रैंकुलाइज़ कर सुरक्षित रूप से पकड़ कर..... टांडा रेंज के घने जंगल में छोड़ दिया गया....
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देश को उसकी नई मिस यूनिवर्स इंडिया 2025 मिल गई है......इस बार ये ख़िताब राजस्थान के गंगानगर की रहने वाली मनिका विश्वकर्मा के सिर पर सजा है...... मनिका ने जयपुर में हुए इस भव्य ब्यूटी पेजेंट में जीत हासिल कर सबका दिल जीत लिया है......अब वो इस साल के अंत में थाईलैंड में होने वाले 74 वें मिस यूनिवर्स कॉन्टेस्ट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी...... मिस यूनिवर्स राजस्थान 2024 जीतने के बाद दिल्ली में मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखने वाली मनिका आज मॉडलिंग के साथ-साथ पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन भी कर रही हैं...... उनके आत्मविश्वास.,लगन और कला के प्रति प्रेम ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है.....
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भोपाल के मशहूर Ivory Club से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है.... जहाँ भारतीय रुपये को पैरों तले रौंदा जा रहा है ...वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि शराब और धुएं के इस माहौल में कुछ लोग खुलकर न सिर्फ नाच रहे हैं ... बल्कि नोटों को ज़मीन पर बिछाकर उन पर डांस कर रहे हैं .... ये वही भारतीय मुद्रा है जिसे भारतीय संविधान में सम्मान देने की बात कही गई है....देर रात तक चलने वाली ऐसी पार्टियों से न सिर्फ़ नशे का खुलेआम प्रदर्शन होता है बल्कि लव जिहाद और ड्रग्स जिहाद जैसे गंभीर मुद्दों को भी बढ़ावा मिलता है,....
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क्या आपने कभी टेडी बियर वाला डोसा खाया है : ऐसा हम इसलिए पूछ रहे हैं क्योंकि इन दिनों एक शानदार वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है : जिसमें एक स्ट्रीट वैंडर ने डोसे के साथ ऐसी कलाकारी की है जिसे देखकर लोग हैरान हो रहे हैं और उसकी खूब तारीफ भी कर रहे हैं : वायरल वीडियो में ठेले वाला डोसा बनाते वक़्त उसमे आंख, नाक, कान डिजाइन कर देता है : और डोसा टेडी बियर की शक्ल ले लेता है : जो दिखने में भी काफी खूबसूरत भी लगता है : डोसा सेकने के बाद भी वो रुकता नहीं है बल्कि वो डोसा में बनाया पेट काटता है और उसे कटोरी शेप देकर उसके अंदर चटनी की कटोरी रख देता है : इसे वीडियो के सामने आने के बाद तो विदेशी शेफ्स भी इस कलाकारी के फैन हो रहे हैं : जहां कुछ लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं वहीं कुछ लोगों ने इसे इंडियन क्लासिक खाने के साथ खिलवाड़ बता दिया है : और डोसा के साथ छेड़छाड़ न करने की सलाह भी दी है
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भारत का स्वतंत्र दिवस सिर्फ देश में ही नहीं,बल्कि विदेश में भी बड़े उत्साह के साथ मनाया गया..... जिसका का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है......वीडियो में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन भारतीय गाने पर जमकर डांस करते नजर आ रहे हैं ......ये वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है......इसकी अहम वजह यह है कि ये डांस भारत के स्वतंत्रता दिवस पर किया गया है.......
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भारतीय टी-20 क्रिकेट टीम के 34 वर्षीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है। अब वे 9 सितंबर से शुरू हो रहे एशिया कप में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी करेंगे। सूर्यकुमार मुंबई में चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर के साथ मिलकर 15 सदस्यों वाली भारतीय टीम का सिलेक्शन करेंगे। सूर्यकुमार यादव ने जून 2025 में जर्मनी के म्यूनिख में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी करवाई थी। इसके बाद उन्होंने बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अपना रिहैब पूरा किया और अब उन्हें पूरी तरह फिट घोषित कर दिया गया है। उन्होंने सर्जरी के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा था- 'लाइफ अपडेट, निचले-दाएं पेट में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी हुई। सर्जरी सुचारू रही और मैं रिकवरी की राह पर हूं। जल्द ही मैदान पर वापसी की उम्मीद है।' सूर्यकुमार यादव ने IPL 2025 में मुंबई इंडियंस के लिए शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सीजन में 717 रन बनाए और मुंबई इंडियंस के लिए एक सीजन में 600 से ज्यादा रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे बल्लेबाज बने। पूरे टूर्नामेंट में वे दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे, केवल गुजरात टाइटंस के साई सुदर्शन 759 रन बना कर उनसे आगे रहे।
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- जीवन की कसौटी पर गीता और मेरे अनुभव - जन्माष्टमी पर विशेष (प्रवीण कक्कड़) जन्माष्टमी का पर्व केवल उपवास, उत्सव और झाँकियों तक सीमित नहीं है। यह अपने भीतर उस चेतना को जगाने का दिन है, जो हमें श्रीकृष्ण के विराट व्यक्तित्व से जोड़ती है। यह उस ज्ञान को आत्मसात करने का अवसर है, जिसने अर्जुन को ही नहीं, बल्कि युगों-युगों से मानवता को निराशा के अंधकार से निकालकर कर्म के प्रकाश की ओर अग्रसर किया है। एक पुलिस अधिकारी की खाकी वर्दी के अनुशासन से लेकर मंत्रालय की ज़िम्मेदारियों तक, जीवन ने मुझे अनेक भूमिकाओं में परखा। इन उतार-चढ़ावों की पाठशाला में, जब भी मैं किसी दोराहे पर खड़ा हुआ, मुझे श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी गीता में ही अपने हर प्रश्न का उत्तर मिला। यह लेख उन्हीं अनुभवों का सार है, जो गीता के ज्ञान और श्रीकृष्ण की प्रेरणा से सिंचित हैं। जिन हाथों ने चुराया माखन उन्हीं ने हांका रथ श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि व्यक्तित्व किसी एक भूमिका में सीमित नहीं होता। एक ओर वे माखन चुराते, गोपियों संग रास रचाते और अपनी चंचलता से सबका मन मोह लेते हैं, तो दूसरी ओर कुरुक्षेत्र के मैदान में एक गंभीर सारथी, कुशल रणनीतिकार और विराट दार्शनिक के रूप में खड़े होते हैं। हर माँ आज भी अपने बच्चे में उसी 'कान्हा' की छवि देखती है, क्योंकि कृष्ण सरलता, प्रेम और निस्वार्थता का सबसे जीवंत प्रतीक हैं। लेकिन उनका असली स्वरूप तब प्रकट होता है, जब वे मोह और दुविधा में डूबे अर्जुन को उसके 'स्वधर्म' का बोध कराते हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि परिस्थितियाँ कैसी भी हों, अपनी भूमिका को पूरी निष्ठा और प्रामाणिकता से निभाना ही जीवन का सबसे बड़ा यज्ञ है। गीता: जब कर्म ही पूजा बन जाए श्रीकृष्ण का सबसे बड़ा उपहार है भगवद्गीता, और उसका हृदय है कर्मयोग का सिद्धांत "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" (तुम्हारा अधिकार केवल कर्म करने में है, उसके फल पर कभी नहीं।) यह मात्र एक श्लोक नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन का सबसे बड़ा सूत्र है। पुलिस और प्रशासनिक जिम्मेदारियों में कई बार ऐसा हुआ जब मुझे इसी वाक्य ने संभाला। इसने सिखाया कि मेरी शक्ति और मेरा धर्म केवल अपना सर्वश्रेष्ठ देना है। परिणाम मेरे हाथ में नहीं है, और उसकी चिंता मुझे मेरे पथ से डिगा नहीं सकती। कर्म यदि निस्वार्थ और सच्ची नीयत से किया जाए, तो वह स्वयं में एक पुरस्कार है। परिवर्तन: इस सत्य को मैंने जिया है मेरा करियर कभी सीधी रेखा में नहीं चला। एक दिन खाकी वर्दी का अनुशासन था, तो अगले दिन मंत्रालय के गलियारों की कूटनीति। पद बदले, चुनौतियाँ बदलीं, माहौल बदला। कई लोग ऐसे परिवर्तनों से घबरा जाते हैं, लेकिन मैंने श्रीकृष्ण के जीवन से सीखा कि परिवर्तन अंत नहीं, बल्कि नए अध्याय की शुरुआत है। जो यमुना किनारे बांसुरी बजाता था, वही द्वारिका का राजा बना। जो ग्वाला था, वही सबसे बड़ा रणनीतिकार और मार्गदर्शक बना। श्रीकृष्ण ने कभी किसी भूमिका को छोटा या बड़ा नहीं माना, बल्कि हर परिस्थिति में स्वयं को ढाला। यह सीख आज के अनिश्चित समय में संजीवनी की तरह है - जो व्यक्ति परिवर्तन को अवसर मानता है, वह कभी पराजित नहीं हो सकता। सेवा का भाव: जब दूसरों की पीड़ा अपनी लगे श्रीकृष्ण के जीवन का एक और प्रेरक पहलू है—निस्वार्थ सेवा। उन्होंने सुदामा की दरिद्रता दूर की, द्रौपदी की लाज बचाई और पांडवों का हर संकट में साथ दिया। उन्होंने सिखाया कि सच्ची मानवता दूसरों की पीड़ा को महसूस करने और बिना किसी अपेक्षा के मदद का हाथ बढ़ाने में है। अपने कार्यकाल में मुझे अनगिनत लोगों से मिलने का अवसर मिला, किसी की आँखों में न्याय की उम्मीद, किसी की आवाज़ में मदद की गुहार। जब भी मैं अपनी क्षमता से किसी की मदद कर पाया, तो उसकी आँखों में जो कृतज्ञता और संतोष का भाव देखा, वह किसी भी पद या पुरस्कार से कहीं बड़ा था। यही वे क्षण थे जब मैंने महसूस किया कि अपने कर्तव्य के माध्यम से मैं ईश्वर की ही सेवा कर रहा हूँ, यही कृष्ण की सच्ची भक्ति है। आज के युग में गीता की प्रासंगिकता आज हम तनाव, प्रतिस्पर्धा और भविष्य की अनिश्चितता से घिरे हैं। ऐसे में गीता का संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। वर्तमान में जिएँ: अतीत के पछतावे और भविष्य की चिंता से मुक्त होकर आज के कर्म पर ध्यान दें। निष्काम कर्म: परिणाम की आसक्ति के बिना अपना शत-प्रतिशत दें। संतुलित मन: सुख-दुःख, लाभ-हानि, जय-पराजय में समभाव बनाए रखें। सद्भाव और सहयोग: व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर समाज के हित में कार्य करें। जन्माष्टमी का संकल्प जन्माष्टमी हमें यह याद दिलाती है कि श्रीकृष्ण हमारे भीतर की वह चेतना हैं जो हमें सही मार्ग दिखाती है। गीता कोई केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की अद्भुत कला है। आइए, इस पावन अवसर पर हम संकल्प लें कि हम अपने जीवन में कर्म को सर्वोपरि रखेंगे, हर परिवर्तन का साहस से स्वागत करेंगे और सेवा भाव को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाएंगे। जब हम ऐसा करेंगे, तो हर दिन जन्माष्टमी होगी, और हमारा हर कर्म मुरली की धुन की तरह मधुर और पवित्र बन जाएगा। जय श्रीकृष्ण !
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मशहूर यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी के विनर एल्विश यादव के गुरुग्राम वाले घर पर सुबह-सुबह कुछ अंजान बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग की......बदमाशों ने सुबह 5:30 बजे एल्विश यादव के घर पर 24 राउंड गोलियां चलाईं......जब फायरिंग हुई तब एल्विश यादव घर पर मौजूद नहीं थे ......उस वक्त घर में उनकी मां और एक केयरटेकर मौजूद थे......गोली चलते ही केयरटेकर ने फौरन पुलिस और एल्विश के पिता को जानकारी दी ......घर की दीवारों पर गोलियों के निशान साफ दिख रहे हैं......और CCTV में बदमाश कैद हो चुके हैं ......पुलिस ने DVR जब्त कर जांच शुरू कर दी है ...... पुलिस को शक है कि इस फायरिंग के पीछे किसी गैंग का हाथ हो सकता है ......लेकिन अभी जांच जारी है......
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दुनिया में ताकत का मतलब हमेशा आकार नहीं होता : वैसे तो जंगल का कानून कहता है कि जो बड़ा है : वही ज्यादा सक्षम है लेकिन जब बात अपने इलाके की हो तो हालात बदल जाते हैं : सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में भी यही देखने को मिल रहा है : एक छोटे से तालाब में तैर रही बत्तख के पास एक टाइगर पहुंचता है : टाइगर बत्तख को अपना शिकार बनाने की कोशिश करता है ; लेकिन पानी में माहिर बत्तख उसे बार बार चकमा दे देती है : जैसे ही टाइगर झपटता है : बत्तख डुबकी लगाकर दूसरी तरफ निकल जाती है : ये क्रम कई बार दोहराया जाता है और हर बार टाइगर खाली हाथ रह जाता है : पानी बत्तख का इलाका है और वहां टाइगर भी उसके सामने असहाय नज़र आ रहा है : अब इस वायरल वीडियो को लोग काफी पसंद कर रहे हैं
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बॉलीवुड अभिनेत्री और मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने 15 अगस्त के उपलक्ष पर एक वीडियो शेयर करते हुए लोगों से गुजारिश की है कि .... वह स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हर घर तिरंगा मुहिम में हिस्सा लें.... बता दे की हेमा मालिनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना एक वीडियो शेयर किया है... वीडियो में उन्होंने स्वतंत्रता दिवस की अहमियत के बारे में बताया ... और स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानी को भी याद किया ... अभिनेत्री ने आगे कहा की स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम सब हर घर तिरंगा अभियान में भाग लेते हुए राष्ट्रवाद का जश्न मनाएं और भारत को विश्व में सबसे आगे ले जाने के अपने संकल्प को दोहराएं ...
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क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहलाने वाले सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है.... अर्जुन तेंदुलकर जो पिता की तरह ही पेशे से क्रिकेटर हैं.... लेकिन फिलहाल वो सगाई को लेकर शरूखियों में छाए हुए हैं....कल शाम से सोशल मीडिया पर खबर फैली हुए है की अर्जुन तेंदुलकर ने मुंबई के मशहूर बिजनेसमैन रवि घई की पोती सानिया चंडोक से सगाई की है .......रिपोर्ट की मानें तो अर्जुन और सानिया की सगाई एक निजी कार्यक्रम में हुई जिसमें करीबी दोस्त और दोनों परिवार के सदस्य शामिल हुए.... हालांकि अभी तक तेंदुलकर और घई परिवार की तरफ से सगाई की आधिकारिक घोषणा या कोई बयान जारी नहीं किया गया है...
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रुड़की के सैन्य क्षेत्र में मंगलवार को दो हाथी गेट तोड़ते हुए इलाके के अंदर घुस गए थे. ...... जिसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा हो गया.... खबर मिलते ही मौके पर भारी संख्या में वन विभाग के अधिकारी और पुलिस कर्मी पहुंचे...और वन विभाग के कर्मचारी हाथियों को वहां से निकाल कर जंगल की ओर भेजने का प्रयास कर रहे थे... बताया गया है कि मंगलवार देर रात रेलवे लाइन ट्रैक के पास हाथियों को लाने में वन विभाग की टीम कामयाब हुई लेकिन ट्रेन आने के बाद हाथी वापस से सैन्य क्षेत्र में लौट गए... वहीं बुधवार शाम सैन्य क्षेत्र से निकले हाथी सेना अस्पताल की ओर गए और उसके बाद उनकी चहलकदमी लाल कुर्ती बाजार की ओर हुई.... आनन फानन में व्यापारियों ने दुकान बंद की और घरों से लोग सड़कों पर निकल आए.... इसके साथ ही वन विभाग के अधिकारी और पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए... वहीं सेना के लोग भी डंडे लेकर हाथियों से बचाव के लिए सतर्क नजर आए... और लोग भी हाथों में डंडे लेकर सड़कों पर खड़े दिखाई दिए...
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भोपाल से आई इस तस्वीर को देखिए…किताबों की जगह हाथ… और कॉपी की जगह किसी के पैर....ये है गांधी नगर का सरकारी स्कूल, महात्मा गांधी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ..स्कूल के नाम में गांधी है … पर हालात आपके सामने हैं...यहाँ मासूम छात्र पढ़ाई नहीं कर रहा…बल्कि अपनी मैडम अनीता श्रीवास्तव के पैर दबा रहा है...ये वीडियो वायरल होने के मैडम का तर्क भी सामने आया है ...अनीता श्रीवास्तव का कहना है कि मेरे पैर में रॉड है....दर्द हो रहा था तो बच्चा प्रेम भाव से पैर दबा रहा था ....अरे मैडम! प्रेम से था… या मजबूरी से? और ये स्कूल है… या फिर सरकारी मालिश सेंटर? सरकार कहती है बेटा पढ़, आगे बढ़ पर यहाँ तो हो रहा है बेटा, पैर दबा…दर्द घटा ...क्या यही है नई शिक्षा नीति? क्लासरूम में नॉलेज नहीं, नाजायज़ हुक्म चल रहा है और अफसरों से भी सवाल है आप बस फाइलें पलटते रहेंगे…या इस आराम-प्रिय शिक्षिका पर बड़ा एक्शन भी लेंगे? क्योंकि अगर आज अगर शिक्षा व्यवस्था को नहीं सुधारा गया तो कल… इन बच्चो का भविष्य किताबों में नहीं…किसी के पैरों के नीचे ही बीतेगा और उसके जिम्मेदार होंगे इस तरह के शिक्षक शिक्षिकाएं, लचर व्यवस्था, खोखले वादे और गहरी नींद में सोते अधिकारी
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इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा ये वीडियो चर्चा का विषय बन गया है : इस वीडियो में एक विशाल अजगर को ठीक उसी तरह मुंह खोलते देखा जा सकता है जैसे इंसान जम्हाई लेते हैं : यह नजारा सोशल मीडिया पर लाखों लोगों को हैरान कर रहा है : इंस्टाग्राम पर शेयर हुए इस वीडियो को अब तक 34 हज़ार से ज़्यादा लोग लाइक कर चुके हैं और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है : कमेंट सेक्शन में लोग उत्सुकता और आश्चर्य से भरे सवाल पूछ रहे हैं : किसी ने लिखा ओह तेरी… सांप भी उबासी लेते हैं : तो किसी ने कहा ‘पहली बार कुछ ऐसा देख रहा हूं : वहीं कुछ यूजर्स ने इस वीडियो की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए पूछा कि : कहीं ये आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का कमाल तो नहीं है : हालांकि, विशेषज्ञों के मुताबिक यह जम्हाई नहीं बल्कि सांप का जबड़ों का अलाइनमेंट ठीक करने का तरीका है : जो अक्सर भोजन के बाद किया जाता है : दरअसल ये उनके जबड़ों को आराम देने और उन्हें दोबारा सेट करने की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है : इस वायरल वीडियो को लेकर आपका क्या कहना है ज़रूर बतायें Add reaction
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अमरपाटन के मैहर रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में देर रात अचानक इमरजेंसी सायरन बजने से इलाके में हड़कंप मच गया… पुलिस मौके पर पहुंची और..... जांच में मामला तकनीकी खराबी का निकला… अमरपाटन थाना क्षेत्र के रीवा रोड स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में देर रात करीब 2 बजे अचानक इमरजेंसी सायरन बज उठा… जिसकी तेज आवाज से आसपास के लोग डरकर बाहर निकल आए… सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बैंक व आसपास के इलाके का निरीक्षण किया… बैंक स्टाफ और दुकानदारों से पूछताछ में पता चला कि यह महज एक तकनीकी खराबी है, …जिसके चलते दिन में भी कई बार सायरन बज चुका था… फिलहाल स्थिति सामान्य है और जनता ने राहत की सांस ली…
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घुस्सीपुरा गांव में मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया, जब दो पक्षों में लाठी-डंडों से जमकर मारपीट हो गई.... चौराहे पर दिनदहाड़े खुलेआम कानून को ताक पर रखकर दोनों तरफ से तांडव मचा.... इस दौरान वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए .... और अफरा-तफरी फैल गई.... घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.... इस झगड़े में एक महिला की सक्रिय भूमिका भी नजर आई, .... जो बीच-बीच में हमले में शामिल हुई.... झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए, .... जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया.... मामला पथरी थाना क्षेत्र का है,.... जहां पुलिस ने वीडियो और चश्मदीदों के आधार पर जांच शुरू कर दी है.... फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात है....
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ग्वालियर में रक्षाबंधन का त्योहार खास अंदाज़ में मनाया गया… जेल में बंद कैदियों की कलाई पर भी बहनों ने राखी बांधकर प्यार और अपनापन जताया… ग्वालियर में रक्षाबंधन का त्योहार इस बार जेल की दीवारों के भीतर भी मनाया गया, … जहां बहनें सुरक्षा जांच के बाद मुलाकात कक्ष में पहुंचीं और अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर मिठाई खिलाई… उन्होंने सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की दुआ दी,… जबकि भाइयों के चेहरों पर अपनों से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी… सलाखों के बीच भी भाई-बहन के रिश्ते की डोर उतनी ही मजबूत और अटूट नजर आई…
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आस्था और प्रकृति के अद्भुत संगम की एक खबर आ रही है छतरपुर जिले से। एक छोटे से गांव में एक पुराने पेड़ ने पूरी बस्ती की किस्मत बदल दी है। पेड़ के तने पर उभरी एक रहस्यमयी आकृति ने लोगों को हैरान कर दिया है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का धावड़ गांव। जहां एक पुराना पेड़ अब सिर्फ पेड़ नहीं रहा, बल्कि आस्था का केंद्र बन गया है। इस पेड़ के तने पर भगवान गणेश की आकृति उभर आई है। पेड़ पर साफ-साफ एक सूंड और माथे का आकार दिखाई दे रहा है, जिसे लोग गणेश का स्वरूप मान रहे हैं। जैसे ही यह खबर आस-पास के गांवों में फैली, लोगों का हुजूम इस पेड़ को देखने के लिए उमड़ पड़ा। हर कोई इस अद्भुत आकृति को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लेना चाहता है। कुछ लोग इसे श्रद्धा से देख रहे हैं, तो कुछ लोग जिज्ञासा से।
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राजधानी भोपाल में एक बेहद अनोखी और सराहनीय पहल देखने को मिली है...जहाँ एकता वेलफेयर फाउंडेशन ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक अनूठा तरीका अपनाया है...फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा बग्गा ने यातायात नियमो को तोड़ने वालों को राखी बांधकर नियमों का पालन करने की अपील है रक्षाबंधन के अवसर पर एकता वेलफेयर फाउंडेशन ने रोड सेफ्टी अवेयरनेस अभियान चलाया है...अभियान का नाम एक रक्षा सूत्र सुरक्षा के नाम रखा गया है...अभियान के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, गति सीमा का पालन करना और ट्रैफिक नियमों को गंभीरता से लेना अपनी आदत बनाएं... एकता वेलफेयर फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा बग्गा ने व्यापम चौराहें में यातायात नियम तोड़ने वालों को राखी बांधकर जागरूकता का सन्देश दिया और बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों तय सीमा से अधिक सवारी बिठाने वाले रिक्शा चालकों को रोककर उन्हें राखी बांधकर अपनी और दूसरों की सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की.... इस अनोखी पहल के जरिये उन्होंने लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा का ध्यान को बढ़ावा देने का सन्देश दिया...फाउंडेशन की ओर से लोगों को प्रतीकात्मक राखियाँ, सुरक्षा-संदेश वाले स्टीकर और ट्रैफिक नियमों से संबंधित जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई...इस अभियान में स्थानीय नागरिकों, युवाओं और ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया...फाउंडेशन की अध्यक्ष नेहा बग्गा ने कहा कि जब कोई व्यक्ति सड़क पर निकलता है तो उसके पीछे कोई उसका इंतज़ार करता है.. माँ, बहन, जीवनसाथी या बच्चे..इस रक्षाबंधन पर हम यह संकल्प लें कि हम खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के लिए हर नियम का पालन करेंगे
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रुड़की के पाडली गुर्जर गांव में कुछ लोगों ने 15 फीट लंबे विशालकाय अजगर को बेरहमी से पत्थरों से पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया....... इतना ही नहीं मरे हुए अजगर को फैक्ट्री के पीछे दफना दिया ...लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया .... वायरल वीडियो देखने के बाद वन विभाग की टीम गांव में पहुंची...और आरोपियों पर कार्रवाई कर रही है... बता दे की चार दिन पहले पाडली गुर्जर गांव में एक विशालकाय अजगर दिखाई दिया था... जिसके बाद कुछ लोगों ने उसकी पत्थरों से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी ... और अजगर के शव को फैक्ट्री के पीछे गड्ढा खोदकर दफना दिया था.... लेकिन कुछ लोगों ने मृत अजगर का वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर दाल दिया .... जिससे वन विभाग की टीम को मामले की जानकारी मिली... और वन विभाग की टीम तुरंत गांव में पहुंच गई... गांव में पहुंचने के बाद टीम ने अजगर के शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ... वन विभाग के एसडीओ सुनील बलोनी ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है.... और जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा
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डिजिटल दुनिया में लाइक्स और व्यूज के पीछे दीवाने होते जा रहे...... लोगों की हदें अब खतरनाक मोड़ लेने लगी हैं......ऐसा की एक मामला रुड़की के सोलानी पार्क से सामने आया ......जहा एक महिला ने जान जोखिम में डालकर रील शूट करते दिखी....... जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ जुट गई......महिला की इस खतरनाक हरकत की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची....... और उसे हिरासत में लेकर उसका चालान भी काटा....... रुड़की के सोलानी पार्क के पास गंगनहर में एक महिला ने रील बनाने के लिए .....अपनी जान को जोखिम में डालते हुए पानी में उतरकर डांस किया......महिला की इस हरकत को देखकर मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई...... जिनमें से कई ने इस घटना का वीडियो भी बना लिया......ये वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है...... इसकी सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची...... और महिला को हिरासत में लेकर उसका चालान काटा ...... SP देहात शेखर चंद्र सुयाल ने साफ कहा है कि ...... इस तरह की हरकत करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई की जाएगी......पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर रील बनाना अपराध नहीं हैं ......लेकिन कानून और सुरक्षा को ताक पर रखकर की गई कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी......
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भाेपाल । राष्ट्रगान जन गण मन के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 'गुरुदेव'रवींद्रनाथ टैगोर और मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबूलाल जैन की आज (गुरुवार काे) पुण्यतिथि है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डाॅ. यादव ने रवींद्रनाथ टैगोर काे पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपने संदेश में कहा साहित्य की बहु-विधाओं के मर्मज्ञ, भारतीय राष्ट्रगान के रचयिता एवं नोबेल पुरस्कार से सम्मानित 'गुरुदेव' रवींद्रनाथ टैगोर जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। अपनी उत्कृष्ट लेखनी के माध्यम से स्वसंस्कृति, परंपरा और राष्ट्रवाद की चेतना का संचार कर उन्होंने जन-जन में स्वतंत्रता का प्रेरणा दीप प्रज्ज्वलित किया। आपका सम्पूर्ण जीवन हमारे लिए पथ प्रदर्शक है। एक अन्य संदेश के माध्यम से सीएम डाॅ. यादव ने मप्र के पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल जैन काे पुण्यतिथि पर याद करते हुए कहा जनसंघ के समय से भाजपा परिवार के वरिष्ठ सदस्य, मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री श्री बाबूलाल जैन जी की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि। उन्होंने अपने जीवन का क्षण-क्षण देश और समाज की सेवा में समर्पित कर दिया। उनका व्यक्तित्व व कृतित्व कार्यकर्ताओं को सदा प्रेरित करता रहेगा। उल्लेखनीय है कि वरिष्ठ भाजपा नेता बाबूलाल जैन का 7 अगस्त 2021 काे 88 वर्ष की उम्र में निधन हाे गया था। वे उज्जैन उत्तर सीट से चार बार विधायक चुने गए थे। इसके अलावा तीन बार वे महिदपुर सीट से भी विधायक चुने गए थे। सीएम ने डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन काे जयंती पर किया नमन इसके अलावा भारत की हरित क्रांति के जनक के रूप में प्रसिद्ध प्रो. एम.एस. स्वामीनाथन की आज जन्म जयंती है। मुख्यमंत्री डाॅ. माेहन यादव ने इस अवसर पर उन्हें याद करते हुए कहा महान कृषि वैज्ञानिक, हरित क्रांति के जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन जी की जयंती पर सादर नमन करता हूँ। अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता से भारत में कृषि के उत्थान एवं अन्नदाताओं की समृद्धि व खुशहाली हेतु आपका योगदान अविस्मरणीय है।
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उज्जैन । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में विक्रम विश्वविद्यालय का प्रांगण गुरुवार को संस्कृत की स्वर लहरियों से गूंज उठा, यहां विद्यालयीन विद्यार्थियों ने संस्कृत दिवस का सम्पूर्ण आयोजन संस्कृत भाषा में मनाया। खास विशेषता यह थी कि विज्ञान विषय के विद्वान विक्रम विश्वविद्यालय के कुलगुरू प्रो. अर्पण भारद्वाज ने भाषण भी संस्कृत में दिया और विद्यार्थियों से संवाद भी संस्कृत में किया। उन्होंने संस्कृत भाषा को वैज्ञानिक भाषा के रूप में स्वीकार करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि नवीन शोध पर भी संस्कृत को स्वीकार करना चाहिए।विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की संस्कृत वेद एवं ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला द्वारा उज्जैन के विद्यालयों में अध्ययनरत संस्कृत भाषा के विद्यार्थियों के लिए सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय की शलाका दीर्घा में संस्कृत दिवस का आयोजन किया गया। इस सारस्वत आयोजन की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो भारद्वाज ने की। विशिष्ट वक्ता प्रसिद्ध संस्कृत विद्वान प्रोफेसर केदार नारायण जोशी थे।अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलगुरु प्रो भारद्वाज द्वारा संस्कृत भाषा में उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संस्कृत भाषा को वैज्ञानिक भाषा के रूप में स्वीकार करने पर जोर दिया गया तथा नवीन शोध पर भी संस्कृत को स्वीकार करना चाहिए ऐसा उन्होंने अपना मत व्यक्त किया। कुलगुरु ने आगंतुक छात्रों को भी संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए प्रोत्साहित किया और विश्वविद्यालय के बारे में विश्वविद्यालय के विशेषताओं से अवगत कराया।विशिष्ट वक्ता संस्कृत विद्वान प्रोफेसर केदार नारायण जोशी ने संबोधित करते हुए कहा कि विश्व की समस्त भाषाओं का उद्गम संस्कृत भाषा से ही होता है। उन्होंने वर्तमान नई पीढ़ी को संस्कृत भाषा का महत्व बताते हुए संस्कृत के प्रति मार्गदर्शन एवं छात्रों को प्रोत्साहित किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. अनिल कुमार शर्मा एवं विशेष अतिथि के रूप में उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या डॉ. विभा शर्मा उपस्थित रही। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. शर्मा ने कहा कि आज इस आयोजन से विद्यार्थी निश्चित रूप से संस्कृत के प्रति जागृत होंगे तथा भविष्य में संस्कृत के अच्छे अध्येता सिद्ध होंगे।इस सारस्वत आयोजन के प्रारंभ में स्वागत भाषण संस्कृत वेद एवं ज्योतिर्विज्ञान अध्ययनशाला के विभागाध्यक्ष प्रो.बी.के. अंजना द्वारा दिया गया । कार्यक्रम परिचय संकाय सदस्य डॉ. महेंद्र पंड्या द्वारा दिया गया। इस कार्यक्रम में डॉ. रश्मि मिश्रा, डॉ. सर्वेश्वर शर्मा, डॉ. रुक्मणी भदोरिया, डॉ. अजय शर्मा, डॉ. शैलेंद्र वर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस आयोजन की विशेषता यह रही कि सभी ने अपना वक्तव्य संस्कृत भाषा में ही दिया।
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भांडेर नगर में प्रशासन के अतिक्रमण विरोधी अभियान में जमकर हंगामा मच गया....... जेसीबी से अस्थाई गुमटियों, टीन शेड और ठेलों को हटाए जाने पर .......युवक ने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की......जिसे पुलिस ने तुरंत रोक लिया...... भांडेर नगर में प्रशासन का अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान जेसीबी लेकर पहुंची ..... टीम ने पटेल चौराहे से बस स्टैंड तक की सड़क पर अस्थाई गुमटियां और ठेले हटाया और ...... 48 लोगों को नोटिस भी दिया ......इस बीच भानु साहू नामक युवक ने अपनी गुमटी हटाए जाने के विरोध में पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की......लेकिन पुलिस ने उसे बचा लिया......इस घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए तनाव रहा...... लेकिन प्रशासन ने शांति से अभियान को आगे बढ़ाया......SDM सोनाली राजपूत ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अवैध अतिक्रमण के खिलाफ है......और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा......
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रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल के निरंतर प्रयासों का बड़ा परिणाम सामने आया है। केंद्र सरकार ने कुम्हारी टोल प्लाजा को जून 2026 से पूर्ण रूप से बंद करने की स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्वयं पत्र लिखकर अग्रवाल को जानकारी दी है।बृजमोहन अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला छत्तीसगढ़वासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। इससे लोगों का समय, ईंधन और पैसा तीनों की बचत होगी। जून 2026 तक पूर्ण होगा आरंग-रायपुर-दुर्ग बाईपाससांसद बृजमाेहन अग्रवाल ने बुधवार देर शाम काे विज्ञप्ति जारी कर बताया कि भारतमाला परियोजना के तहत 92 किलोमीटर लंबे आरंग-रायपुर-दुर्ग बाईपास का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है, जिसे जून 2026 तक पूरा किया जाएगा। इसके पूरा होते ही कुम्हारी टोल प्लाजा की उपयोगिता समाप्त हो जाएगी और इसे बंद कर दिया जाएगा। यह नया 6 लेन एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग दुर्ग, रायपुर और आरंग को जोड़ेगा, जिससे न केवल आवागमन सुगम होगा बल्कि शहरों के बीच यातायात का दबाव भी कम होगा।केंद्र सरकार ने 15 अगस्त 2025 से फास्टैग उपयोगकर्ताओं के लिए वार्षिक पास योजना लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके अंतर्गत ₹3,000 में 200 यात्राएं (या 1 वर्ष तक) की जा सकेंगी। इससे निजी वाहन मालिकों को प्रति यात्रा मात्र ₹15 का खर्च पड़ेगा। यह योजना कार, जीप और वैन जैसे गैर-व्यावसायिक वाहनों पर लागू होगी।देश का नौंवा बैरियर-रहित टोल प्लाजा बनेगा कुम्हारीदेशभर में फास्टैग-आधारित प्रणाली के अंतर्गत बिना रुके टोल वसूली प्रणाली को लागू किया जा रहा है। देश के आठ टोल प्लाजा पहले से ही इस प्रणाली से जुड़े हैं, और अब कुम्हारी देश का नौंवा टोल प्लाजा बनेगा, जहां मल्टी-लेन फ्री फ्लो प्रणाली लागू की जाएगी।बृजमोहन अग्रवाल कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करती है। इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और सड़कों पर जाम की स्थिति में भी कमी आएगी।
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छतरपुर जिले के गौरिहार क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है .... जहां शिक्षा का स्तर सवालों के घेरे में है.... जब छात्र कक्षा में बैठे पढ़ाई में डूबे हुए थे...... तब विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज पाल नींद में लीन थे.... खबर छतरपुर जिले के गौरिहार क्षेत्र की मवई घाट माध्यमिक शाला स्कूल की है ..... जहां दोपहर के करीब 12 बजे पांचवी कक्षा के छात्र पढ़ाई में जुटे हुए थे.... लेकिन प्रधानाध्यापक महोदय गहरी नींद में झूम रहे थे ... नींद के खर्राटे इतने तेज़ थे की क्लास के बाहर तक सुनाई दे रहा था ... जब पूछा गया तो उन्होंने बताया की तबीयत खराब है, इसलिए ज़रा से झपकी लग गई ... सवाल उठता है कि जब जिम्मेदारी का भार उठाने वाला प्रधानाध्यापक ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ ले, तो बाकी शिक्षा व्यवस्था की नींव कितनी मज़बूत रह पाएगी ... बीआरसी गौरिहार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित शिक्षक पर कार्यवाही की बात कही है ........ लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसे नींद से भरे सिस्टम में बच्चों का भविष्य कभी जाग पाएगा
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2024 के लूट कांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.......विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने लूट की वारदात में शामिल बदमाश को मुंबई से गिरफ्तार किया है.......आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर पुलिस टीम ग्वालियर लौट रही है....... इस लूट कांड में कुल चार आरोपी शामिल थे....... जिनमें से एक को पुलिस ने पहले ही पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया था ....... जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं.......पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है....... और जल्द ही उन्हें भी पकड़ने का दावा कर रही है....... ग्वालियर में नगर निगम के ठेकेदार से पांच लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है.......जहां एक और आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है.......यह वारदात 25 नवंबर 2024 को उस वक्त हुई थी .......जब ठेकेदार विनय आनंद रिटायर्ड इंजीनियर सतीश कुमार के साथ SBI बैंक से कैश निकालकर लौट रहे था ....... तभी बाइक सवार दो बदमाश बैग छीनकर फरार हो गए थे.......जांच में पता चला कि लूट में पश्चिम बंगाल के लुटेरे शामिल थे.......पहले एक आरोपी को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया....... जिसने पूछताछ में मनोज उर्फ सिंटू ग्वाला का नाम बताया.......जो महाराष्ट्र में छिपा था.......पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की और आखिरकार उसे मुंबई से गिरफ्तार किया ....... CSP हिना खान ने बताया कि यह गैंग देशभर में वारदातों को अंजाम देता रहा है....... और इसके अन्य सदस्य अब भी फरार हैं.......फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए सतत प्रयास कर रही है.......
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ग्वालियर जिले की पुलिस एक्शन मोड में नजर आ रही है ..... जहां जिले के सभी थानों में गुंडों और बदमाशों को तलब कर उनकी जमकर क्लास लगाई गई..... और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में दोबारा किसी भी तरह की गुंडागर्दी में लिप्त पाए गए......तो सीधे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.....यह कदम अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में ग्वालियर पुलिस की बड़ी पहल मानी जा रही है..... ग्वालियर पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर जिले में सक्रिय बदमाशों और गुंडों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान चलाया.....जिसके तहत शहर और देहात के सभी थानों में चिन्हित बदमाशों को थाने बुलाकर उनकी पूरी कुंडली तैयार की गई.....इस दौरान पुलिस ने उनका सत्यापन किया, वर्तमान गतिविधियों की जानकारी जुटाई और डोजियर फॉर्म भरवाया गया..... आदतन अपराधियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि अगर भविष्य में वो किसी भी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए गए.....तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी..... पुरे जिले में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य थाना स्तर पर बदमाशों की स्पष्ट पहचान करना..... और यह संदेश देना है कि पुलिस की उन पर लगातार नजर बनी हुई है..... ASP के अनुसार यह परेड बदमाशों के मन में कानून का डर पैदा करने के साथ-साथ भविष्य में अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है.....
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शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में मंगलवार को लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर्यवेक्षक अनीता श्रीवास्तव एक युवती को आंगनवाड़ी सहायिका की नौकरी दिलवाने के बदले 1.80 लाख रुपए की मांग कर रही थी। तय राशि में से 20 हजार रुपए लेते ही लोकायुक्त टीम ने उसे धर दबोचा। जानकारी के अनुसार, अटा वीरपुर निवासी शिशुपाल जाटव की बहन ने अपने गांव में खाली पड़े आंगनवाड़ी सहायिका के पद के लिए आवेदन किया था। कुछ दिन बाद महिला पर्यवेक्षक अनीता श्रीवास्तव ने फोन कर शिशुपाल की बहन को बताया कि उसका नाम चयन सूची में दूसरे नंबर पर है, लेकिन यदि वह कुछ पैसा दे देती है तो उसकी नौकरी पक्की कर दी जाएगी। इसके बाद शिशुपाल जाटव अनीता श्रीवास्तव से व्यक्तिगत रूप से मिला। यहां महिला पर्यवेक्षक ने खुलकर 1.80 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। काफी बातचीत के बाद सौदा डेढ़ लाख रुपए में तय हुआ। शिशुपाल ने पूरी बातचीत का ऑडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और इसे लेकर लोकायुक्त ग्वालियर के दफ्तर में शिकायत की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत को गंभीरता से लिया और योजना बनाकर मंगलवार को कार्रवाई की। जैसे ही शिशुपाल ने महिला पर्यवेक्षक को 20 हजार रुपए थमाए, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर अनीता श्रीवास्तव को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की रकम उसके हाथ से बरामद की गई है।नियुक्ति सूची में छेड़छाड़ का भी आरोप -शिकायतकर्ता शिशुपाल जाटव का कहना है कि चयन सूची में भले ही कोई प्रथम स्थान पर क्यों न हो, लेकिन दस्तावेजों में गड़बड़ी दिखाकर हटाने की कोशिश की जाती है। आंगनवाड़ी की भर्ती प्रक्रिया में खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और लाखों रुपए की अवैध वसूली की जा रही है।लोकायुक्त टीम ने रिश्वतखोर महिला पर्यवेक्षक अनीता श्रीवास्तव के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। टीम अब उससे पूछताछ कर रही है कि वह यह रकम किसके लिए ले रही थी और इसमें और कौन-कौन शामिल हैं यह एक गहन जांच का विषय है।
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में शराब का अवैध रूप से क्रय-विक्रय, परिवहन तथा भंडारण करने वालों के विरूद्ध कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में आबकारी विभाग द्वारा अभियान चलाकर लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में आबकारी विभाग के विशेष दल द्वारा सोमवार देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए देशी शराब की बोतलों पर चिपकाए जाने वाले हजारों नकली लेबल जब्त किये गए। सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी ने मंगलवार को बताया कि आबकारी विभाग के दल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए देशी शराब की बोतलों पर चिपकाए जाने वाले हजारों नकली लेबल जब्त किए हैं। यह कार्रवाई अवैध शराब के कारोबार के विरूद्ध महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से जिले में नकली शराब की बिक्री को लेकर खबरें संज्ञान में आ रही थीं, जिसे आबकारी विभाग ने बेहद गंभीरता से लिया। इसके बाद एक विशेष मुखबिर दल का गठन किया गया, जिसकी निगरानी आबकारी कंट्रोलर देवेश चतुर्वेदी, उड़नदस्ता प्रभारी प्रीति चौबे और डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल कर रहे थे। आबकारी विभाग की इस टीम में उप निरीक्षक महेश पटेल और सुनील मालवीय भी शामिल थे। होटल बुंदेलखंड के पास से बड़ी बरामदगी उन्होंने बताया कि टीम को मिली गुप्त सूचना के आधार पर स्कीम नंबर 114 स्थित होटल बुंदेलखंड के पास दबिश दी गई। इस दौरान शैलेन्द्र नामक व्यक्ति के गृहस्थी के सामान में से हजारों की संख्या में देशी मदिरा के पावों पर लगने वाले नकली लेबल बरामद किए गए। ये लेबल असली लेबल की हूबहू नकल थे, जिन्हें देखकर पहचान करना मुश्किल था। इस बरामदगी ने नकली शराब के उत्पादन और वितरण की बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। गैंग के शामिल होने की आशंका, गहन जांच जारी आबकारी विभाग का मानना है कि यह केवल एक व्यक्ति का काम नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है। विभाग अब इस मामले की गहनता से जांच कर रहा है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को उजागर किया जा सके और इसमें शामिल सभी दोषियों को कानून के शिकंजे में लाया जा सके।
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देश की सबसे बड़ी पेशेवर आर्म रेसलिंग लीग प्रो पंजा लीग सीजन 2 का आगाज़ अब प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर से होने जा रहा है....... जीवाजी क्लब में हुए भव्य लॉन्च इवेंट में लीग के सह-संस्थापक परवीन डबास और एक्ट्रेस प्रीति झंगियानी ने इस लीग की घोषणा की ....... खास बात ये रही कि इस मौके पर एमपी हथौड़ास नाम की छठी नई फ्रेंचाइजी को भी पेश किया गया.......इस सीजन में छह टीमें आमने - सामने होगी....... प्रो पंजा लीग (पीपीएल) सीज़न 2 की मेज़बानी इस बार मध्य प्रदेश के ग्वालियर को मिली है....... इस आयोजन में लीग के सह-संस्थापक परवीन डबास और प्रीति झंगियानी ने न केवल टूर्नामेंट की घोषणा की, बल्कि एमपी हथौड़ास नाम की नई छठी टीम को भी पेश किया है .......जिससे लीग का दायरा और प्रभाव इस क्षेत्र में और मजबूत हुआ है.......मुंबई मसल, जयपुर वीर, किर्राक हैदराबाद, शेर-ए-लुधियाना, रोहतक राउडीज़ और अब एमपी हथौड़ास ये छह टीमें खिताब के लिए एक-दूसरे से भिड़ेंगी.......लीग के 70 किलो भार वर्ग में दो बड़े मुकाबले पहले ही घोषित हो चुके हैं....... टूर्नामेंट में पुरुष, महिला और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए विशेष वर्ग शामिल हैं.......और इसका आयोजन पूरी तरह से लीग फॉर्मेट में होगा.......जिसमें अंत में प्लेऑफ़ और फ़ाइनल खेला जाएगा....... लोग इस लीग को सोनी स्पोर्ट्स 3, डीडी स्पोर्ट्स, FanCode और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर SportVot जैसे प्लैटफ़ॉर्म पर देख सकते है.......
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह करीब 12 बजे लैंडिंग के बाद इंडिगो के विमान का टायर क्षतिग्रस्त हो गया। घटना उस वक्त हुई, जब विमान को यात्रियों को उतारने के बाद एप्रन में खड़ा करने के लिए ले जाया जा रहा था। घटना में किसी को कोई चोट नहीं आयी। शाम को दिल्ली से जबलपुर आने वाली फ्लाइट से नया टायर मंगवाया गया, जिसके बाद पुराने टायर को बदलकर नया टायर लगाया गया है। एयरपोर्ट निदेशक राजीव रतन पांडे ने बताया कि यह प्लेन में आने वाली रूटीन गड़बड़ी है, न कि इमरजेंसी लेडिंग। वहीं, इंडिगो एयरलाइन्स ने एक बयान जारी कर कहा कि विमान में एक तकनीकी खराबी आई है, जिसकी मरम्मत की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को सुबह करीब सवा दस बजे मुंबई से इंडिगो की उड़ान संख्या 6ई-791 जबलपुर के डुमना हवाई अड्डे पर उतरी। यहां विमान के लैंडिंग के बाद उसमें सवार सभी यात्री उतर गए। इसके पश्चात पायलट इस एयरबस ए-320 विमान को एप्रन में खड़ा करने के लिए ले जाने लगे, तभी विमान का पिछला टायर पंचर हो गया। पायलट ने इसकी जानकारी तुरंत दिल्ली मुख्यालय में दी। इसके बाद जबलपुर से वापस मुंबई जाने वाली फ्लाइट को रद्द किया गया। दिल्ली से जबलपुर आने वाली उड़ान से विमान का नया टायर दोपहर तीन बजकर 15 मिनट पर जबलपुर पहुंचा, जिसे कि विमान में लगाया गया। एयरपोर्ट डायरेक्टर राजीव रतन पांडे ने उन अटकलों को खारिज किया विमान की इमरजेंसी लैंडिंग हुई है। उन्होंने कहा कि विमान का टायर खराब हो गया है, जिसके कारण विमान उड़ान नहीं भर पाया। शाम करीब साढ़े पांच बजे जबलपुर-मुंबई फ्लाइट की रवानगी तय की गयी है। पांडे के मुताबिक दोपहर को मुंबई जाने वाले यात्रियों को दिल्ली और बेंगलुरु की उड़ानों से भेजा गया है। करीब 50 यात्री बच गए थे, उन्हें शाम को इसी विमान की उड़ान से रवाना किया जाएगा।
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आज उस आवाज का जन्मदिन है... जो सिर्फ सुनाई नहीं देती , बल्कि दिलों में उतर जाती है .....जी हां आज किशोर कुमार की 96वीं बर्थ एनिवर्सरी है.....4 अगस्त 1929 को मध्यप्रदेश के खंडवा में जन्मे किशोर दा सिर्फ एक गायक नहीं थे.....बल्कि एक बहुआयामी कलाकार थे..... गायक, अभिनेता, निर्देशक, लेखक और कभी-कभी खुद में एक फिल्म.....उनकी आवाज ने कई पीढ़ियों को दीवाना बनाया है ..... लेकिन क्या आप जानते हैं..... कि इतने शानदार करियर के बावजूद किशोर कुमार को एक भी नेशनल अवॉर्ड नहीं मिला .....एक बार तो अवार्ड की घोषणा तक हो गई थी..... लेकिन अंतिम समय में फैसला बदल गया..... हालांकि किशोर दा को कभी इसकी परवाह नहीं थी.....क्योंकि उन्हें जनता का प्यार चाहिए था.....और वो उन्हें भरपूर मिला..... उनके गानों में दर्द ..... मस्ती और पागलपन है ..... ठीक उनकी शख्सियत की तरह..... वो मंच पर जितने गंभीर दिखते थे .....असल ज़िंदगी में उतने ही चुलबुले और उसूलों वाले थे..... किशोर दा ने सिखाया कि कला को अगर दिल से निभाया जाए..... तो वो अमर हो जाती है.....आज भी उनकी आवाज़ जिंदा है..... हमारे दिलों में, हमारी यादों में.....हैप्पी बर्थडे किशोर दा.....
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बागेश्वर धाम को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नज़र आ रहा है.....बीते दिनों लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि कान्त ने सोशल मीडिया पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री पर की गई..... विवादित टिप्पणी ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है.....प्रोफेसर ने पोस्ट में आरोप लगाया था कि धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहे हैं..... इस गंभीर आरोप को लेकर बागेश्वर धाम समिति ने कड़ी आपत्ति जताई है.....और प्रोफ़ेसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कराया गया है..... छतरपुर के लवकुशनगर थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक एम्बुलेंस को रोके जाने के बाद बड़ा खुलासा हुआ था .....उसमें सवार महिलाओं से पूछताछ में पता चला कि वो अपनी पहचान छुपाकर बागेश्वर धाम में रह रही थीं..... और अनैतिक गतिविधियों में शामिल थीं..... इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर वायरल हुआ था .....जिसे लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि कान्त ने साझा करते हुए..... बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री पर गंभीर आरोप लगाए थे..... प्रोफेसर ने लिखा था कि नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेन्द्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है..... इस विवादित टिप्पणी को लेकर बागेश्वर धाम समिति के सदस्य धीरेंद्र कुमार गौर ने बमीठा थाने में प्रोफेसर रविकांत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 353(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कराया है.....समिति का कहना है कि इस बयान से हिंदू धर्म अनुयायियों की भावनाएं आहत हुई हैं .....और धार्मिक सौहार्द पर आंच आई है..... वहीं धीरेन्द्र शास्त्री ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम बाहर रहते हैं तो उपद्रव होते रहते हैं..... और इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया.....
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मैहर से अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह की दरियादिली की तस्वीर सामने आई है......जिसे देखकर हर कोई कलेक्टर की सराहना कर रहा है..... दरअसल अपर कलेक्टर शैलेंद्र सिंह रीवा से मैहर की ओर आ रहे थे......तभी अमरपाटन के नेशनल हाईवे 30 ग्राम पढहा के पास..... तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी......बिना समय गंवाए अपर कलेक्टर ने दोनों घायलों को अपने निजी वाहन से सिविल अस्पताल पहुंचाया ......और डॉक्टरों को इलाज के निर्देश दिए...... हादसे में पिता की इलाज के दौरान मौत हो गई...... जबकि बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है...... हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया.... जिसकी तलाश पुलिस कर रही है...... लेकिन इस घटना में कलेक्टर की दरियादिली ने लोगों के दिल जीत लिए हैं......
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खटीमा में मगरमच्छ के आतंक से दहशत में जी रहे..... लोग अब राहत की सांस ले रहे हैं......स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए...... विशाल मगरमच्छ को पकड़कर वन विभाग को सौंप दिया हैं......पिछले कई दिनों से ये मगरमच्छ स्थानीय लोगों के लिए भय का कारण बना हुआ था..... उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र के भूड़ महोलिया के वार्ड 12 में पिछले कई दिनों से मगरमच्छ के आतंक ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया था......बच्चों को घरों में कैद रहना पड़ रहा था......वहीं लोगों के कई पालतू जानवर भी मगरमच्छ का शिकार बन चुके थे...... डर और दहशत के माहौल में जी रहे .....स्थानीय निवासियों ने आखिरकार हिम्मत दिखाते हुए......खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने में सफलता हासिल की है ...... लोगो ने पानी से भरे खेत में फंसे मगरमच्छ को जाल और रस्सियों की मदद से बाहर निकाला ......और वन विभाग को सूचना दी......दरोगा धन सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ कर ...... सुरक्षित सूखी नहर में छोड़ दिया है ......
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कोतवाली थाना क्षेत्र से सनसनीखेज मामला सामने आया है.... जहां दो सगी बहनों ने महीनों से परेशान कर रहे मनचले मुस्लिम युवक को पहले सबक सिखाया फिर पुलिस के हवाले कर दिया.... घटना PNB बैंक के पास की बताई जा रही है बताया जा रहा है कि आरोपी युवक मोहम्मद रफी कई महीनों से दोनों बहनों को लगातार परेशान कर रहा था.... जब उसने फिर से छेड़छाड़ की कोशिश की तो बहनों ने पहले उस मनचले को मुर्गा बनाया और जमकर चप्पलों से पीटा फिर मौके पर पहुंची पुलिस को सौंप दिया.. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है .. पुलिस ने पहले दर्ज एफआईआर का भी संज्ञान लेते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है....
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देहरादून में भारतीय वन सेवा 2023 बैच के अधिकारियों का दीक्षांत समारोह भोपाल। भारतीय वन सेवा के 2023 बैच के अधिकारियों की परीवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर देहरादून स्थित प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी वन अकादमी में बुधवार को दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी के पुत्र अथर्व तिवारी को परीवीक्षा अविधि पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र और पदक प्रदान किया गया। अथर्व तिवारी को AGMUT (अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश) कैडर आवंटित हुआ है। इस खास मौके पर अथर्व के माता-पिता श्रीराम तिवारी और डॉ. मंजू तिवारी भी उपस्थित रहे। अथर्व ने बचपन से ही देश सेवा का सपना संजोया था। UPSC परीक्षा में सफलता पाने से पहले उन्होंने एमपी पीएससी परीक्षा भी क्लीयर कर ली थी। उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरव की अनुभूति हुई है।
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( 1 अगस्त पुण्यतिथि पर विशेष) –सुरेन्द्र शर्मा भारतीय स्वाधीनता के आंदोलन का जब भी स्मरण किया जाएगा उसमें भारतीय स्वराज एवं स्वधर्म के प्रति स्वाभिमान का जागरण करने के लिए बाल गंगाधर तिलक उपाख्य लोकमान्य तिलक को सर्वप्रथम स्मरण किया जायेगा। वह भारत के प्रमुख नेता, समाज सुधारक ,स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और लोकप्रिय नेता थे उनके नाम के आगे लोकमान्य लगाया जाता है यह वह उपनाम है जो उन्होंने अपने कर्तत्व से जनता के दिलों में स्थान बनाकर प्राप्त किया था। लोकमान्य तिलक ने ही सबसे पहले ब्रिटिश राज के दौरान "पूर्ण स्वराज "की मांग उठाई थी इसके लिए उन्हें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का जनक भी कहा जाता है "स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा" का नारा देने वाले भी लोकमान्य तिलक ही थे भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायक लोकमान्य तिलक हैं । बाल गंगाधर तिलक सिर्फ एक लोकप्रिय नेता ही नहीं बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृत ,हिंदू धर्म गणित और खगोल विज्ञान जैसे विषयों के विद्वान थे उनका पूरा जीवन एक आदर्श है और भारत के स्वर्णिम इतिहास का प्रतीक है । बाल गंगाधर तिलक का जन्म 23 जुलाई 1856 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में हुआ था तिलक के पिताजी का नाम गंगाधर रामचंद्र तिलक था वह संस्कृत के प्रकांड विद्वान और प्रख्यात शिक्षक थे उनकी माता जी का नाम पार्वतीबाई गंगाधर था वह एक वह एक विदुषी महिला और आदर्श ग्रहणी थी तिलक के पिता अपने समय के अत्यंत लोकप्रिय शिक्षक थे उन्होंने त्रिकोणमिति और व्याकरण पर पुस्तक लिखी जो प्रकाशित हुई तथापि वह अपने पुत्र की शिक्षा पूरी करने के लिए अधिक समय तक जीवित नहीं रहे 1872 में श्री गंगाधर रामचंद्र तिलक का निधन हो गया बाल गंगाधर तिलक अपने पिता की मृत्यु के कारण मात्र 16 वर्ष की अवस्था में अनाथ हो गए उन्होंने तब भी बिना विचलित हुए अपनी शिक्षा जारी रखी और पिता की मृत्यु के 4 महीने के अंदर ही आयोजित मैट्रिक परीक्षा पास कर ली । वे डेक्कन कॉलेज में भर्ती हो गए फिर उन्होंने 1876 में बी ए ऑनर्स की परीक्षा वहीं से पास की सन 1879 में उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय के सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री पूर्ण की ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक निजी विद्यालय में अध्यापन का कार्य भी किया उसके बाद उन्होंने पत्रकारिता का मार्ग चुना। बालगंगाधर तिलक 1890 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुये लेकिन कभी भी कांग्रेस का नेतृत्व करने का अवसर उन्हे नहीं दिया गया क्योंकि वह समझौता वादी नहीं सामर्थ्यवान नेता थे इतिहासकार उन्हे उग्रवादी विचारों का नेता कहते हैं वह कांग्रेस में लाला लाजपत राय विपिन चंद्र पाल के साथी थे इस तिकड़ी को लाल–बाल–पाल की उग्रवादी तिकड़ी कहा जाता है।। सन 1897 में महाराष्ट्र में प्लेग, अकाल और भूकंप का संकट एक साथ आ गया लेकिन दुष्ट अंग्रेजों ने ऐसे में जबरन लगान की वसूली जारी रखी इससे तिलक का मन उद्वेलित हो गया तिलक ने "महामारी अधिनियम 1897 "के प्रावधानों के खिलाफ लेख लिखा और जनता को संगठित कर आंदोलन छोड़ दिया। अपने लेख में तिलक ने कमिश्नर वाल्टर और चार्ल्स रेंड को निशाना बनाया तिलक के लेख से प्रभावित होकर महाराष्ट्र के दो युवा चाफेकर बंधुओं ने रेंड की हत्या कर दी ब्रिटिश सरकार ने तिलक को हत्या के लिए उकसाने और राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया इस मामले की सुनवाई और सजा से उन्हें लोकमान्य की उपाधि मिली तिलक को 18 महीने की सजा सुनाई गई जहां उन्होंने पहली बार स्वराज के विचारों को विकसित किया।। तिलक जी ने जेल में अध्ययन का क्रम जारी रखा और बाहर आकर फिर से आन्दोलन में कूद गये। तिलक जी एक अच्छे पत्रकार भी थे,उन्होंने अंग्रेजी में ‘मराठा’तथा मराठी में ‘केसरी’ साप्ताहिक अखबार निकाला। इसमें प्रकाशित होने वाले विचारों से पूरे महाराष्ट्र और फिर देश भर में स्वतन्त्रता और स्वदेशी की ज्वाला भभक उठी। युवक वर्ग तो तिलक जी का दीवाना बन गया। लोगों को हर सप्ताह केसरी की प्रतीक्षा रहती थी। अंग्रेज इसके स्पष्टवादी सम्पादकीय आलखों से तिलमिला उठे। बंग-भंग के विरुद्ध हो रहे आन्दोलन के पक्ष में तिलक जी ने खूब लेख छापे। 30 अप्रैल 1908 को खुदीराम बोस और प्रफुल्ला चंद्र चाकी ने जज किंग्सफोर्ड को अपना निशाना बनाते हुए एक बम विस्फोट किया था इसमें दो ब्रिटिश महिलाओं की मृत्यु हो गई थी अंग्रेजों ने खुदीराम बोस पर मुकदमा चलाया इस गिरफ्तारी के खिलाफ लोकमान्य तिलक ने अपने अखबार "केसरी" में लिखा उनके इस लेख ने अंग्रेजों के होश उड़ा दिए 3 जुलाई 1908 को अंग्रेजों ने तिलक को गिरफ्तार कर लिया और 23 जुलाई 1908 को उन्हें अदालत ने 6 साल की सजा सुनाई उन्हें बर्मा की मंडाले जेल में रखा गया सृजन धर्मी तिलक ने यहां 400 पेज का गीता रहस्य नामक ग्रंथ लिखा । जो आज भी गीता पर एक श्रेष्ठ टीका मानी जाती है। इसके माध्यम से उन्होंने देश को कर्मयोग की प्रेरणा दी। बालगंगाधर तिलक दादा भाई नौरोजी को अपना राजनैतिक गुरु मानते थे जबकि वह अपना अध्यात्मिक तथा वैचारिक पथ प्रदर्शक गणेश वासुदेव जोशी को मानते थे जिन्होंने पूना सार्वजनिक सभा की स्थापना की थी।। तिलक जी समाज सुधारक भी थे। वे बाल-विवाह के विरोधी तथा विधवा-विवाह के समर्थक थे। धार्मिक तथा सामाजिक कार्यों में वे सरकारी हस्तक्षेप को पसन्द नहीं करते थे। उन्होंने जनजागृति के लिए महाराष्ट्र में गणेशोत्सव व शिवाजी उत्सव की परम्परा शुरू की, जो आज विराट रूप ले चुकी है। स्वतन्त्रता आन्दोलन में उग्रवाद के प्रणेता तिलक जी का मानना था कि स्वतन्त्रता भीख की तरह माँगने से नहीं मिलेगी वर्ष 1916 में उन्होंने नारा दिया - "स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और में उसे लेकर ही रहूंगा" वे वृद्ध होने पर भी स्वतन्त्रता के लिए भागदौड़ में लगे रहे। जेल की यातनाओं तथा मधुमेह से उनका शरीर जर्जर हो चुका था। मुम्बई में अचानक वे निमोनिया बुखार से पीड़ित हो गये। अच्छे से अच्छे इलाज के बाद भी वे सँभल नहीं सके और एक अगस्त, 1920 को मुम्बई में ही उन्होंने अन्तिम साँस ली। महात्मा गांधी ने उन्हे आधुनिक भारत का निर्माता कहा था। उन्होंने आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिये डेक्कन एजुकेशन सोसायटी और फर्गुसन कॉलेज की भी स्थापना की थी। बाल गंगाधर तिलक एक महान राष्ट्रवादी,समाज सुधारक और जन नेता थे जिन्होंने अपने मत और विचारों से अनेक पीढ़ियों को प्रभावित किया उनका राष्ट्रवाद स्वामी विवेकानंद की भांति पुनुरूत्थान वादी था वह चाहते थे कि भारत एक शक्ति शाली राष्ट्र के रूप में संगठित हो,एक हो और एक प्रचंड एकीकृत और केंद्रीय शक्ति के रूप में एक ही धारा में वहे। तिलक जी कहते थे जीतने से ज्यादा जरूरी है लड़ना,एक कायर व्यक्ति के लड़ने पर भी जीत संभव है लेकिन असली जीत तब है जब हार निश्चित होने के बावजूद भी लड़ा जाये। तिलक के लिये स्वराज्य का अर्थ केवल राजनीतिक अर्थ अर्थात स्वशासन ही नहीं था बल्कि इसका नैतिक अर्थ भी था अर्थात आत्मनियंत्रण और आंतरिक स्वतंत्रता उन्होंने स्वराज का वर्णन इन शब्दों में किया है"यह स्वयं पर केंद्रित और स्वयं पर निर्भर जीवन है" इस दुनिया में भी और परलोक में भी। तिलक कहते थे "आलसी व्यक्तियों के लिए भगवान अवतार नहीं लेते, वह मेहनती व्यक्तियों के लिए ही अवतरित होते हैं, इसलिए कार्य करना आरम्भ करें।” "मानव स्वभाव ही ऐसा है कि हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते, उत्सव प्रिय होना मानव स्वभाव है। हमारे त्यौहार होने ही चाहिए।” "आप मुश्किल समय में खतरों और असफलताओं के डर से बचने का प्रयास मत कीजिये। वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग में आयेंगे ही।” स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है क्योंकि मुझे अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का निर्वाहन करना है।। ऐसे महामना को पुण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन राष्ट्र के उत्थान हेतु समर्पित उनका सम्पूर्ण जीवन हम सभी के मन में "राष्ट्र प्रथम" की भावना का सदैव संचार करता रहेगा।।(लेखक सुरेन्द्र शर्मा भाजपा मध्य प्रदेश के कार्य समिति सदस्य हैं)
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उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल के जन्म-दिवस 3 अगस्त पर विशेष राजनीति में नैतिकता, जनसेवा और नवाचार के अद्वितीय संयोजक : श्री राजेन्द्र शुक्ल •ताहिर अली कुछ व्यक्तित्व केवल अपने क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं करते, वे एक विचार बन जाते हैं। राजनीति, प्रशासन, विकास और जन-भावनाओं के मध्य जब संतुलन की आवश्यकता होती है, तब कुछ ही लोग होते हैं जो इस संतुलन को दृढ़ता, संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ निभा पाते हैं। ऐसे ही एक कर्मठ नेता हैं— श्री राजेन्द्र शुक्ल। रीवा की धरती से राष्ट्रीय दृष्टिकोण तक की यात्रा उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल का जीवन एक अभ्यास है — उन मूल्यों का जो राजनीति को सत्ता का साधन नहीं, सेवा और संवेदना का पथ बनाते हैं। रीवा की सांस्कृतिक भूमि पर पले-बढ़े शुक्ल जी की संगठन क्षमता और जन-भावना को समझने की उनकी क्षमता ने उन्हें प्रारंभ से ही विशिष्ट बना दिया। आज वे पाँच बार से लगातार विधानसभा सदस्य हैं, यह कोई आकस्मिक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, यह जनता द्वारा उस ईमानदार नेतृत्व को बार-बार चुने जाने की स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। विनम्रता, स्पष्टवादिता और संवादशीलता: न कभी बात घुमाते हैं, न टालते हैं श्री शुक्ल जी का व्यक्तित्व सतही राजनैतिक भाषणों से इतर, गंभीर, परिपक्व और सन्नद्ध विचारशीलता का है। वे जिस आत्मीयता से जन-सामान्य से संवाद करते हैं, वह केवल एक राजनेता की शैली नहीं, बल्कि एक जन-सेवक की सहज प्रवृत्ति है। स्पष्टता उनके व्यक्तित्व की रीढ़ है, चाहे वह किसी प्रशासनिक निर्णय पर हो, या किसी सामाजिक विषय पर; वे न कभी बात घुमाते हैं, न टालते हैं।उनका यह स्वभाव उन्हें लोकप्रियता से परे जाकर विश्वसनीयता प्रदान करता है। कार्यकर्ताओं के लिए वे ‘राजेन्द्र भैया’ हैं और अफसरों के लिए एक ‘न्यायप्रिय, अनुशासित और विचारवान मार्गदर्शक’। यह दुर्लभ संतुलन उन्हें मध्यप्रदेश के प्रशासनिक ढाँचे का एक आधार स्तंभ बनाता है। राजनीतिक जीवन के प्रारंभिक वर्षों से ही उन्होंने संगठनात्मक अनुशासन, विचारधारात्मक प्रतिबद्धता और विकासोन्मुख सोच के साथ सार्वजनिक कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाई। जन-सेवक के रूप में उन्होंने शासन की विभिन्न जिम्मेदारियाँ संभालते हुए आवास, पर्यावरण, वन, जैव-विविधता, ऊर्जा, खनिज, उद्योग, जनसम्पर्क, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जैसे जटिल विभागों का नेतृत्व न केवल जिम्मेदारी से किया, बल्कि प्रत्येक क्षेत्र में दीर्घकालिक नीतिगत परिवर्तन लाने का कार्य किया। ऊर्जा विभाग में कार्य करते हुए उन्होंने राज्य को 24 घंटे बिजली देने के सपने को अटल ज्योति योजना के माध्यम से यथार्थ में बदल दिया। उनका विश्वास था कि सशक्त ऊर्जा व्यवस्था के बिना औद्योगिक विकास और ग्रामीण सशक्तिकरण अधूरा है। नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में रीवा का ऐशिया का सबसे बड़ा सोलर पॉवर प्लांट विकास और पर्यावरण संतुलन की अद्वितीय मिसाल है। स्थानीय भावनाओं के साथ विकास की एकात्मता उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने यह भली-भांति समझा कि विकास का अर्थ केवल भौतिक नहीं है, बल्कि जन-भावनाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों के साथ उसका समन्वय भी जरूरी है। यही कारण रहा कि उन्होंने स्थानीय गौरव सफेद बाघ को उसके प्राकृतिक आवास में पुनः लाकर लोगों की भावनाओं का सम्मान किया। यह निर्णय मात्र वन्य संरक्षण का नहीं, बल्कि उस सांस्कृतिक अस्मिता का था, जिसे जनता दशकों से जीवंत देखना चाहती थी।पर्यावरण संरक्षण उनके चिंतन का स्थायी हिस्सा रहा है।गौ-संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, बड़े पुलों और सड़कों के निर्माण, मंदिरों एवं तीर्थ-स्थलों के संरक्षण और रिंग रोड जैसी परियोजनाओं के माध्यम से उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि विकास केवल आँकड़ों में नहीं, बल्कि आम जन-जीवन के अनुभवों में परिलक्षित हो। जन-स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, शिक्षा, एयरपोर्ट, हवाई सेवाओं का विस्तार और शहरी अधोसंरचना जैसे विषयों पर उनकी सोच स्थायित्व और समावेशिता पर केन्द्रित रही। उन्होंने पेयजल योजनाओं, सिंचाई विस्तार, स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार और चिकित्सकों की नियुक्ति जैसे कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। श्री शुक्ल का विश्वास रहा है कि शासन केवल निर्देश देने का माध्यम नहीं, बल्कि जन-सामान्य की भागीदारी से संचालित सामाजिक अनुबंध है। उन्होंने खाली पड़ी शासकीय भूमि को हरित बगीचों और उद्यानों में बदलकर शहरी सौंदर्य में वृद्धि की। युवाओं के लिए खेल अधोसंरचना तैयार कर उन्हें स्वाभिमान और राष्ट्रीयता के साथ जोड़ा। गौ-सेवा के प्रति उनका समर्पण उनके संवेदनशील नेतृत्व की झलक देता है। उन्होंने गौ-सेवा को आर्थिक रूप से व्यवहार्य एवं सामाजिक रूप से समावेशी बनाकर एक मॉडल प्रस्तुत किया। गौ-अभयारण्य और गौ-प्रबंधन के नवाचारों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण अर्थ-व्यवस्था में एक स्थायी आय स्रोत की कल्पना साकार की। शिक्षा और संस्कृति के प्रति दीर्घदृष्टि उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल के चिंतन का महत्वपूर्ण स्तम्भ शिक्षा रहा है। संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना, नवीन महाविद्यालयों की संरचना और छात्रावासों के निर्माण में उन्होंने निरंतर नेतृत्व प्रदान किया। संस्कृति के संरक्षण को उन्होंने केवल आयोजनों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे शिक्षा, अधोसंरचना और नेतृत्व विकास का आधार बनाया। विकास के प्रति उनकी सोच: गहराई और समरसता उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल विकास को मात्र योजनाओं की श्रृंखला नहीं मानते। उनके लिए यह एक बहु-आयामी प्रक्रिया है, जो शासन की संवेदनशीलता, समाज की भागीदारी, और भविष्य की परिकल्पना के साथ मिलकर पूर्ण होती है।उनके भाषणों और संवादों में अक्सर यह बात उभर कर आती है कि "हर योजना को बनाने से पहले उसके अंतिम लाभार्थी की आवश्यकता, सामर्थ्य और परिस्थिति को समझना चाहिए।" यही सोच उन्हें योजनाओं के मूल्यांकन, संशोधन और समावेशी पुनर्रचना की ओर प्रेरित करती है। संघर्षशीलता और संवादशीलता: नेतृत्व की दो धाराएँ श्री शुक्ल का राजनीतिक जीवन वैचारिक स्पष्टता और व्यक्तिगत ईमानदारी का समन्वय है। उन्होंने कभी भी संघर्ष से कतराने की प्रवृत्ति नहीं अपनाई, चाहे वह जमीनी मुद्दों को शासन तक पहुँचाना हो या संकट की घड़ी में जनता के बीच खड़े रहना।वहीं दूसरी ओर, वे संवाद के पक्षधर हैं। उन्होंने प्रशासन और जनता के बीच सेतु बनकर भरोसे और पारदर्शिता की संस्कृति को मजबूत किया है।श्री शुक्ल केवल एक जन-प्रतिनिधि नहीं हैं। वे मूल्य-आधारित राजनीति के जीवंत प्रतीक हैं। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि यदि नेतृत्व ईमानदार, दृष्टि-संपन्न और संवेदनशील हो, तो कोई भी क्षेत्र पिछड़ा नहीं रह सकता, कोई भी समाज दिशाहीन नहीं होता।उनके नेतृत्व में स्थानीय आकांक्षाओं को गति मिली है, क्षेत्र को सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सतत विकास की दिशा प्राप्त हुई है। सोच जो सामान्य से असामान्य की ओर ले जाती है यदि श्री शुक्ल जी की कार्यशैली को एक शब्द में बांधना हो, तो वह है ‘समस्याओं को अवसर में बदलने की दृष्टि’। नीति निर्धारण में भावनाओं और संभावनाओं का समावेश।वे यह मानते हैं कि विकास तब संपूर्ण होगा, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे, चाहे वह किसी जन-जातीय अंचल में हो या किसी शहरी झुग्गी में।श्री शुक्ल मानते हैं कि आज की राजनीति में यदि सबसे बड़ी ज़रूरत किसी चीज़ की है, तो वह है, आत्मावलोकन और उत्तरदायित्व का भाव। उनका मानना है कि नेतृत्व केवल मंच पर भाषण देने का नाम नहीं, अदृश्य श्रम और सुलभ संवाद का निरंतर अभ्यास है। वे युवाओं को सलाह देते हैं: जोश को होश से जोड़िए। विचारशील बनिए, केवल प्रतिक्रियाशील नहीं। अपने भीतर उस नागरिक को खोजिए, जो केवल अधिकार नहीं माँगता, बल्कि कर्तव्यों की भी चिंता करता है। उनकी यह सलाह केवल भाषण का अंश नहीं, उनकी पूरी कार्यशैली की आत्मा है। राजनीति सिर्फ सत्ता की होड़ नहीं होती, बल्कि यह समाज की दिशा, उम्मीदों का निर्माण और साझा ज़िम्मेदारी का माध्यम होती है। ऐसे नेता कम ही होते हैं जो सत्ता को साधन मान कर, सिद्धांत, सेवा और संवेदना को लक्ष्य मानते हैं। श्री राजेन्द्र शुक्ल ऐसे ही दुर्लभ नेताओं में से एक हैं।श्री शुक्ल का जीवन-दर्शन स्पष्ट है: सत्ता तो क्षणिक होती है, पर सिद्धांत स्थायी। ज्ञान और नैतिकता के बिना कोई समाज सशक्त नहीं रह सकता।मंत्री पद पर रहते हुए वे कभी अकेले निर्णय नहीं लेते। लोकहित, प्रभावशाली क्रियान्वयन एवं प्रशासन का समन्वय उनके निर्णय की मूल आधारशिला हैं।उनकी सबसे बड़ी विशेषता है संवाद के माध्यम से नीति निर्माण।जनता की सुनवाई करते हैं, केवल समस्या नहीं, बल्कि माँग को समझते हैं।अधिकारियों से बातचीत करते हैं, लेकिन उन्हें मानव-सम्मान और दृष्टिकोण से जोड़ते हैं।हर निर्णय को केवल तकनीकी नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से देखते हैं।वे नीतियों को केवल कागज़ी दस्तावेज़ नहीं मानते, बल्कि मानवतावादी प्रक्रियाएँ बनाते हैं।उनकी यह प्रक्रिया केवल शासन-पद्धति नहीं, बल्कि एक मानव-केंद्रित दर्शन पेश करती है। नैतिकता और संयम: राजनीति का संतुलित पथ आम राजनीतिक हलचलों में जहाँ कटुता, ध्रुवीकरण, स्वार्थ की राजनीति और जोर ज़रूरी हो जाता है, वहाँ श्री शुक्ल जी ने अपनी कर्मठता, सादगी, संयम, सत्यनिष्ठा को अपनाया। उनका मानना है किबहस को संवाद तक सीमित रखिए, विवेकहीन आलोचना की जगह सृजनात्मक सुझाव दीजिए, जनहित को स्वयं से ऊपर रखिए।इस दृष्टिकोण ने उन्हें एक ऐसी स्थिति दी, जहाँ राजनीति धर्म, नैतिकता, और लोक-संगठन का अंग बन गई। राजनेता के साथ-साथ एक व्यक्तिगत जीवन भी होता है, जिसे श्री शुक्ल ने सादगी, प्रेम और नैतिकता से निभाया।परिवार में वे शांत, विचारशील और समय देने वाले सदस्य हैं।मित्रों में वे भरोसेमंद, संघर्षशील और सकारात्मक्ता से परिपूर्ण हैं।श्री शुक्ल सहकर्मियों और ऑफिस स्टॉफ के प्रति सदैव संवेदनशील रहते हैं।अपने व्यवहार में वे सरल और संवादप्रिय हैं। अपने पिता विंध्य की पहचान, समाजसेवी स्व. श्री भैयालाल शुक्ल के चरित्र की विशेषताओं और जनसेवा के भाव को शिरोधार्य कर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल उनकी विरासत को सहेजने और आगे ले जाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी मीठी वाणी, विनम्रता और विचारों का सहज आदान-प्रदान करने की प्रवृत्ति सबको आकर्षित करती है। इन व्यक्तिगत अभिव्यक्तियों ने उन्हें जनता के दिलों में और मन में सरल, सशक्त और स्नेहमयी तस्वीर दी है। (ताहिर अली) सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक, जनसम्पर्क संचालनालय, मध्यप्रदेश शासन, भोपाल
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मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के मझिगवां के कुएं में मगरमच्छ दिखाई देने से हड़कंप मच गया...... ग्रामीणों के मुताबिक ये मगरमच्छ बाणसागर जलाशय से बहकर यहां पहुंचा...... जैसे ही खबर फैली गांव में डर का माहौल बन गया...... लेकिन ग्रामीणों ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए वन विभाग को सूचना दी...... मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी की एम टीम और वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची...... और करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया......इसके बाद उसे फिर से बाणसागर जलाशय में मार्कण्डेय घाट के पास छोड़ दिया गया......
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भारतीय वन सेवा बैच 2023 के अधिकारियों की... परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर देहरादून के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी वन अकादमी में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया ....जिसमें सभी अधिकारियों को पदक और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया .... दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार श्रीराम तिवारी के बेटे अथर्व तिवारी को .... परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने पर प्रमाण पत्र और पदक से सम्मानित किया गया ... बता दे की अथर्व तिवारी को AGMUT कैडर आवंटित हुआ है ... इस खास मौके पर अथर्व के माता-पिता भी उपस्थित रहे... अथर्व बचपन से ही देश की सेवा करने का सपना देखते थे ... उन्होंने UPSC परीक्षा में सफलता पाने से पहले MPPSC परीक्षा भी क्लियर की थी .. उनकी इस उपलब्धि से न केवल परिवार, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश को गौरव की अनुभूति हुई है...
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नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है..... लगातार हो रही बारिश और बरगी डैम के 12 गेट खोले जाने से हालात चिंताजनक हो गए है ... प्रशासन ने नेमावर की निचली बस्तियों और नर्मदा किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है .... नेमावर और नर्मदा नदी के ऊपरी क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बरगी बांध के 12 गेट खोल दिए गए हैं.....जिसके चलते नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से महज दो फीट नीचे बह रहा है ....और धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ता जा रहा है .... बाढ़ के हालात निर्मित करने वाली सहायक नदी जामनेर भी उफान पर आ गई... जिसके चलते प्रशासन ने नेमावर की निचली बस्तियों और नर्मदा किनारे बसे गांव में अलर्ट जारी कर दिया है .....हालात को देखते हुए प्रशासन ने नेमावर के घाटों से प्रसादी की दुकानों को हटवा दिया है और धर्मशालाओं को भी अलर्ट कर दिया है.. ताकि नाइसली बस्तियों में पानी घुसने पर लोगों को इन धर्मशाला में ठहराया जा सके .... और सुरक्षा के लिहाज़ से होमगार्ड के जवान, गोताखोर, लाइफ जैकेट, टॉर्च, एयरबैग और रस्सियों समेत सभी जरूरी उपकरण घाटों पर तैनात कर दिए गए हैं ...
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नर्मदापुरम । भगवान भोलेनाथ की नगरी पचमढ़ी में पद्मशेष नागदेवता के दर्शन करने के लिए साल में एक बार की जाने वाली नागद्वारी यात्रा 19 जुलाई से निरंतर जारी है। आज (मंगलवार को) नागपंचमी के अवसर इस यात्रा का समापन होगा। प्रारंभिक तिथि से नागपंचमी तक अनुमानित पांच लाख श्रद्धालु नाग देवता के दर्शन कर चुके हैं। अंतिम दिवस भी श्रद्धालुओ का अनवरत रेला लगा हुआ है। इस 10 दिवसीय नागद्वारी मेले का आज संध्या आरती के उपरांत समापन किया जाएगा। मेला अवधि के दौरान इन 10 दिनों में प्रशासनिक अमला अपनी पूरी निष्ठा एवं तत्परता के साथ मेले के सफल संचालन हेतु दिन-रात तैनात रहा। पूरे मेले के दौरान पुलिस एवं होमगार्ड के जवानों द्वारा श्रद्धालुओं को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई गई, जिससे उनकी यह यात्रा सफल एवं मंगलदायक हो सके। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा भी नियमित रूप से निरंतर समस्त सेक्टर पॉइंट्स का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुगम बनाया। नागद्वारी मेले में आने वाले भक्त नागद्वार गुफा में विराजित भगवान पद्मशेष के दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। भक्तों की मान्यता है कि पद्मशेष भगवान मन्नतों के देवता हैं। यही कारण है कि सात पहाड़ों को पार कर लगभग 20 किमी से अधिक की कठिन यात्रा कर श्रद्धालु नागद्वार गुफा तक पहुंचते हैं। नागद्वारी को लेकर कई रहस्यमयी कहानियां भी प्रचलित हैं। कई लोग इस गुफा को पाताल लोक का प्रवेश द्वार कहते हैं तो कई ऐसे भी श्रद्धालु हैं जो इसे भगवान शंकर के गले में विराजित नाग देवता का घर मानते हैं। सदियों पुराना है नागद्वारी यात्रा का इतिहास नागद्वारी गुफा का इतिहास आदिकाल से प्रचलित है। नागद्वार स्वामी सेवा ट्रस्ट मंडल के अध्यक्ष उमाकांत झाडे बताते हैं कि "कई वर्षों से यह यात्रा अनवरत जारी है। भगवान महादेव ने भस्मासुर से बचने के लिए अपने गले के नाग को यहां छोड़ा था। उसी समय से यह नाग देवता पदम् शेष का स्थान रहा है। मुगल कालीन लेखों से लेकर अंग्रेज अफसर केप्टन जेम्स फॉरसिथ की बुक Higlands Of Central India सभी में नागद्वारी यात्रा का स्पष्ट उल्लेख मिलता है। पचमढी के वृद्धजनों द्वारा भी बताया जाता है कि सन 1800 में अंग्रेजों के साथ राजा भभूत सिंह की सेना का युद्ध हुआ था। तब अंग्रेजी सेना पर हमला करने के बाद राजा भभूत सिंह और उनकी सेना ने नागद्वारी के आसपास स्थित गुफाओं और कंदराओं को विश्राम करने के लिए उपयोग किया जाता था। इन्हीं गुफाओं में अंग्रेजों से लड़ने की गुप्त रणनीति बनाई जाती थी। राजा भभूत सिंह का साथ देने के लिए आदिवासी और मराठा नाग देवता के दर्शन करने के लिए पैदल चलकर नागद्वारी आते थे। गुफा के पास काजरी क्षेत्र में आज भी शहीद सैनिकों की अनेकों समाधियां स्थित हैं। मराठा और आदिवासी परिवार उसी दौर से यहां यात्राएं कर रहे हैं। उसके बाद नागद्वारी गुफा में शिवलिंग स्थापित किया गया, महज पांच फीट चौड़ी और 100 फीट लंबी गुफा में नाग देवता की प्रतिमा का पूजन लोग करते हैं। धार्मिक महत्व की कहानियां प्रचलित पुजारी उमाकांत झाडे बताते हैं कि 'लगभग 200 वर्ष पहले महाराष्ट्र के राजा हेवत चंद और उसकी पत्नी मैनारानी ने नागदेवता से संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी मन्नत पूरी होने पर नागद्वारी पहुंचकर नाग देवता की आंख में काजल लगाने का वचन दिया था। पुत्र के थोड़ा बड़े होने के बाद भी मैना रानी नागद्वारी नहीं गई। कई लोगों के समझाने के बाद रानी नागद्वारी यात्रा पर निकली। नाग देवता पहले बाल स्वरूप में मैना रानी के समक्ष आंख में काजल लगाने के लिए आए, लेकिन रानी ने काजल नहीं लगाया इसके बाद नाग देवता विशाल रूप में प्रकट हो गए। यह देख मैना रानी बेहोश हो गई। नाग देवता ने आक्रोशित होकर उनके पुत्र श्रवण कुमार को डस लिया। श्रवण कुमार की समाधि भी काजरी क्षेत्र में बनी है।" हर साल लाखों की संख्या में पहुंचते हैं श्रद्धालु वर्ष में केवल एक बार 10 दिनों के लिए खुलने वाले नागद्वारी मंदिर के पुजारी के अनुसार नाग देवता से संतान की मन्नत मांगने लाखों लोग आते हैं और उनकी मुराद भी पूरी होती है। मन्नत पूरी होने पर लोग दोबारा भगवान को चढ़ावा चढ़ाने के लिए आते हैं। नाग पंचमी पर पदम्शेष भगवान के दर्शन और पूजन करने से तथा सर्पाकार पगडंडियों पर चलकर भगवान के दर्शन करने से कालसर्प दोष दूर होता है, इस कारण बड़ी संख्या में यहां लोग कालसर्प दोष दूर करने के लिए आते हैं। पदमशेष (वासुकी नाग) का परिवार श्रद्धालुओं की मान्यता है कि पदमशेष वासूकी नाग अपनी देवियों चित्रशाला एवं चिंतामणी के साथ निवास करते थे। जो कि मुख्य मंदिर से पहले से प्रतिष्ठित हैं, यहां पर पूजा के रूप में हलवा एवं नारियल चढाया जाता है तथा अग्नी द्वार एवं स्वर्गद्वार में नींबू की भेट दी जाती है। भक्तों का कहना है कि यहाँ मांगी गई हर मान्यता पूर्ण होती है। साल में बस एक बार मिलती है यात्रा की अनुमति सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का जंगल होने के कारण नाग पंचमी के मौके पर सिर्फ 10 दिनों के लिए मार्ग खोला जाता है। अन्य दिनों में प्रवेश वर्जित होता है। श्रद्धालुओं को साल में सिर्फ एक बार ही नागद्वारी की यात्रा और दर्शन का सौभाग्य मिलता है। यहां हर साल नागपंचमी के मौके पर एक मेला लगता है। जिसमें लोग पचमढी से जलगली, नागफनी, कालाझाड, चिंतामन, पश्चिमद्वार होते हुए कई किलोमीटर पैदल चलकर नागद्वार पहुंचते हैं। जिसमें अधिकतर संख्या महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के भक्तों की रहती है। कहा जाता है कि अमरनाथ यात्रा के समान ही नागद्वारी यात्रा भी दुर्गम रास्तों को पार कर भगवान के मंदिर तक पहुंचने वाली धर्मिक यात्रा है। इसलिए इस यात्रा को मध्य प्रदेश की अमरनाथ यात्रा भी कहा जाता है।
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बरेली के रमाडा एनकोर होटल में एक बेकाबू कार सीधे होटल के रिसेप्शन में जा घुसी..... कार एक महिला वकील चला रही थी.....गनीमत रही की हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ..... लेकिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है .....बरेली के गांधी उद्यान स्थित रमाडा एनकोर होटल में एक महिला वकील की बेकाबू कार होटल के कांच का दरवाजा तोड़ते हुए..... सीधे रिसेप्शन एरिया में जा घुसी.....महिला अपने डॉक्टर पति के साथ डिनर के लिए होटल आई थीं..... और गाड़ी बैक गियर में थी.....तभी गलती से एक्सेलेरेटर दब गया जिससे यह हादसा हुआ..... होटल के गेट और बाहर खड़े चार लोगों ने किसी तरह दौड़कर अपनी जान बचाई..... सौभाग्य से इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ.....पूरी घटना होटल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया.....जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और शहर में चर्चा का विषय बन गया.....सूचना पर बारादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो जाने के कारण कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई..... होटल प्रबंधन और दंपति ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया.....
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सीहोर के प्राचीन गणेश मंदिर के पुजारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया है ..... जिसमें एक व्यक्ति धारदार हथियार से पुजारी और कार्यकर्ताओं को धमकाता नजर आ रहा है.....पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है..... सीहोर जिले के नगरीय क्षेत्र में स्थित प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर में एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर मंदिर परिसर में घुस गया..... और हंगामा शुरू कर दिया..... जिसका वीडियो पुजारी जय दुबे ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है...... वीडियो में साफ देखा जा सकता है..... कि यह व्यक्ति हथियार लहराते हुए पुजारी जय दुबे और मंदिर के कार्यकर्ता लोकेश सोनी को धमकियां दे रहा है..... बताया जा रहा है की आरोपी मंदिर में पहुंचा और दावा किया कि उसने मंदिर से जुड़े एक केस में पुजारी के पक्ष में भारी मात्रा में पैसे खर्च किए हैं.....उसने 24 घंटे के भीतर पैसे वापस करने की मांग की.....और पैसे नहीं मिले तो और बड़ा हमला करने की धमकी दी..... सीएसपी अभिनंदना शर्मा ने बताया कि आरोपी महेश यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है..... और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.....
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खबर सिंगरौली से है .... जहां आज सुबह डीजल टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया.... हादसे के दौरान टैंकर में लोड डीजल फैलने की आशंका से क्षेत्र में हड़कंप मच गया... तो वही डीजल भरने ग्रामीणों का ताता भी लग गया मामला जयंत चौकी क्षेत्र का है .... जहां आज सुबह मोरवा से जयंत की ओर जा रहा ... डीजल टैंकर मुड़वानी डैम के पास अनियंत्रित होकर पलट गया.... हादसे के दौरान टैंकर में लोड डीजल फैलने की आशंका से.... क्षेत्र में हड़कंप मच गया... घटना की सूचना मिलते ही जयंत चौकी प्रभारी सुधाकर सिंह परिहार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे .... और स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया .. वहीं, डीजल टैंकर के पलटते ही ख़बर सुनते ही आसपास के छोटे-बड़े कई वाहन ,बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं अपने अपने गैलन , डिब्बा के साथ डीजल भरने मौके पर पहुंचे .... इस पूरी घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं....
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दर्शकों पैसा के आगे...रुपया... नोट... दौलत के आगे दुनिया अंधी हो जाती है...अच्छे अच्छे लोगों का ईमान डगमगा जाता है पर जापान के एक व्यापारी ने करोडो की दौलत ठुकरा दी है और अब वो भगवान शिव की भक्ति में लीन हो गया है...मैं बात कर रहा हूँ 41 साल के होशी ताकायुकी की जो जापान में 15 ब्यूटी प्रोडक्ट के मालिक थे करोडो करोड़ो की दौलत उनके पास थी पर महादेव की भक्ति का रंग होशी ताकायुकी पर ऐसा चढ़ा है कि वो सारी दौलत छोड़कर जापान से भारत आ गए है और अब होशी ताकायुकी बाला कुंभ गुरुमुनि बन चुके हैं...और अब होशी ताकायुकी कोट पेन्ट टाई बेल्ट नहीं है... बल्कि पारम्परिक भगवा वस्त्र पहन रहे हैं...और उत्तराखंड में आत्म खोज की यात्रा में निकले हैं...इतना ही नहीं कांवड़ यात्रा के दौरान उन्हें 20 जापनी अनुयायियों के साथ पवित्र गंगाजल लेकर नंगे पाँव चलते हुए देखा गया था... उन्होंने कांवड़ यात्रियों को भोजन भी करवाया था..होशी ताकायुकी का टोक्यो का जो आलीशान घर था उसे उन्होंने शिव मंदिर बना दिया है और जापान में एक नया मंदिर बनवाया है और अब होशी ताकायुकी पुडुचेरी में भी एक विशाल शिव मंदिर बनवाने जा रहे है और जल्द ही वो उत्तराखंड में भी एक आश्रम खोलेंगे..
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मैहर जिले से बेहद हैरान और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है.... जहां एक मासूम बच्ची को कुछ अज्ञात लोग ने बहला-फुसलाकर शराब पिला दिया ..... घटना अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम किरहाई का है ..... जब तीन साल की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी.. तभी कुछ अज्ञात लोग ने उसे बहला-फुसलाकर शराब पिला दिया ..... जिसके बाद बच्ची को उल्टियाँ होने लगीं और वह बेहोश हो गई ...... जैसे ही परिजनों को इस बात की जानकारी मिली ... वे बच्ची को तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुँचे ..... इस अमानवीय हरकत के बाद पूरे गाँव में आक्रोश का माहौल है..... और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी ... और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं .. पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है .. आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है ....
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ओढ़की टोल प्लाजा एक बार फिर से विवादों में घिर गया है..... जहां गाड़ी निकालने को लेकर मारपीट और ऑफिस में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है ... जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है मामला मैहर जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के ओढ़की टोल प्लाजा का है ..... जहां विवाद उस समय शुरू हुआ.... जब कुछ लोग अपनी गाड़ी मुफ्त में टोल से निकालने की जिद पर अड़ गए..... जब टोल कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देकर मना किया तो ..... आरोपियों ने, न सिर्फ गाली-गलौज की.... बल्कि टोल प्लाजा के दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों से मारपीट भी की ..... इस घटना में विक्रम सिंह नामक व्यक्ति पर मुख्य आरोपी होने का आरोप लगा है ... बताया जा रहा है कि विक्रम सिंह अपने साथियों के साथ जबरदस्ती गाड़ी निकालने की कोशिश कर रहे थे.... इस घटना का पूरा वीडियो सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है.... जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.... पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच शुरू कर दी है.... और फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है.....
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अस्पताल में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई ... जब एक नाराज़ युवक ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर हमला करने की कोशिश की ... गनीमत रही कि सुरक्षा गार्ड ने समय रहते हालात को काबू में कर लिया ... और डॉक्टर को किसी तरह की चोट नहीं आई..... घटना अमरपाटन के सिविल अस्पताल की है...... जहाँ सड़क दुर्घटना में घायल हुए मरीज के परिजनों ने आरोप लगाया है की .... उन्होंने दुर्घटना के बाद मरीज़ को अस्पताल पहुंचने के लिए .... 108 एम्बुलेंस पर फ़ोन किया था ... लेकिन एम्बुलेंस देरी से पहुँची ...जिस कारण घायल युवक आक्रोशित हो गया .... और युवक ने इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर हिमांशु पांडेय पर कैंची से हमला करने की कोशिश की..... गनीमत रही की अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए.... युवक को पकड़ लिया ... और डॉक्टर को किसी भी तरह की शारीरिक हानि नहीं हुई .... पूरी घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.. जिसकी शिकायत डॉक्टर्स ने थाने में की है .... पुलिस ने मामला दर्ज़ कर आरोपी की तलाश शरू कर दी है ....
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नई दिल्ली । केन्द्र सरकार ने अश्लील सामग्री प्रसारित करने वाले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 23 जुलाई को अश्लील और पोर्नोग्राफ़िक सामग्री वाले 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की वेबसाइटों और ऐप्स को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है। निर्देश पत्र के अनुसार यह कार्रवाई गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, विधि मामलों के विभाग, उद्योग निकायों फिक्की और सीआईआई, तथा महिला अधिकारों और बाल अधिकारों के क्षेत्र के विशेषज्ञों के परामर्श से की गयी। ब्लॉक किए गए ओटीटी प्लेटफार्म में बिग शॉट एप, देसीफिलिक्स, बूमेक्स, न्योनएक्स, नवरास लाइट, गुलाब एप, कंगन एप, बुल एप, शो हिट, जलवा एप, वाओ इंटरटेनमेंट, लुक इंटरटेनमेंट, हिट प्राइम, फुगी, फेनो, शो एक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, अल्ट, हॉट वीआईपी, हलचल एप, मूड एक्स, ट्रीफिलिक्स, उल्लू, मोजफिलिक्स शामिल है। मंत्रालय के मुताबिक सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए विभिन्न मध्यस्थों को अधिसूचनाएं जारी की गयी हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित वेबसाइटों और ऐप्स तक पहुंच अक्षम कर दी गयी है।
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सिंगरौली जिले के माड़ा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते पूरा कस्बा जलमग्न हो गया है... पानी भरने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है ... और बड़ी मात्रा में लोगों के धन-संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है .. स्थानीय जनपद सदस्य रणधीर सिंह मौके पर पहुंचकर प्रशासन से ... रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की अपील कर रहे हैं.. जिला प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए एसडीआरएफ की टीमें भेजने की तैयारी शुरू कर दी है .. सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की पुष्टि की है ... वहीं माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर.. जेसीबी के माध्यम से सड़क खुदवाकर पानी की निकासी शुरू करवा चुके हैं .. कुछ घरों में अभी भी पानी भरा है ... जिसे जल्द ही बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है .. फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है..
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चाय के डब्बे पर दो पुलिसकर्मी का आपस मे लड़ते हुए वीडियो ... सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है ... वीडियो मे पुलिस की वर्दी में नज़र आए दोनों पुलिसकर्मी ... अवैध कट्टा छुड़ाने को लेकर आपस मे लड़ते हुए दिख रहे है ... दोनों पुलिसकर्मी आरक्षक चालक रमाकांत लड़ियां और आरक्षक भूरे मिर्जा ... पुलिस लाइन छतरपुर में कार्यरत है ... घटना के बाद एस पी अगम जैन ने मामले को गंभीरता से लिया ... और तत्काल कार्यवाही करते हुए दोनों आरक्षकों को निलंबित कर दिया ...
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हरदा । जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर अबगांव कलॉ में सी.एम.राइज स्कूल खोल दिया है। अंतरराष्ट्रीय स्कूल की तर्ज पर संचालित स्कूल में भौतिक संसाधनों की व्यवस्था की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शाला भवन निर्माण युद्धस्तर पर चालू है। दीपावली तक शाला भवन का लोकार्पण होने की तैयारी है। पुराने हायर सेकेंडरी भवन में सी.एम.राइज संचालित है। 2 किलोमीटर तक मार्ग इतना अधिक खराब है कि वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल चलना मुश्किल है। स्कूल के बच्चे जो सायकल से आते हैं वे कीचड़ में गिर जाते हैं और मजबूर होकर वापस लौटकर दूसरे कपड़े पहनकर स्कूल आते हैं। बरसात में ऐसी स्थिति विद्यमान है। जिसे देख सुनकर विभागीय अधिकारी और जिम्मेदार जवाबदेह अधिकारी कोई पहल नहीं कर रहे हैं। ठेकेदार के बड़े वाहनों के आने-जाने से मार्ग की हालत और खराब हो गई है। मार्ग की घोर अनदेखी - वाष्ट किसान नेता रामजीवन वाष्ट ने बताया कि ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव, सहायक सचिव, पंच आदि स्कूल पहुंच मार्ग की घोर अनदेखी कर रहे हैं। इस संबंध में किसी प्रकार की कोई पहल नहीं कर रहे हैं। मार्ग और कीचड़ न हो इसको ध्यान में रखते हुए कोई पहल नहीं कर रहे हैं। नर्सरी आने-जाने में हो रही परेशानी - स्कूल पहुंच मार्ग से नर्सरी भी जुड़ी हुई है। 25 एकड़ भूमि पर हार्टिकल्चर नर्सरी संचालित है। नये पौधे तैयार कर उपलब्ध कराये जाते हैं। मार्ग की खराब हालत के कारण जिले के कोने-कोने से आने-जाने वाले वाहनों को आने-जाने में दिक्कत होती है। नर्सरी में आने-जाने वाले अधिकारी-कर्मचारी मजदूर आदि परेशान हैं। कीचड़ युक्त मार्ग पर सायकल व अन्य वाहनों से चलना जोखिम पूर्ण है। जिसे देखने सुनने के बाद भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शीघ्र चालू होगा लॉ कॉलेज - सी.एम.राइज स्कूल पहुंच मार्ग से लॉ कालेज के प्रोफेसरों और विद्यार्थियों का आना-जाना होगा। लॉ कॉलेज का निर्माण भी युद्धस्तर पर चल रहा है। जो शीघ्र ही पूर्ण होने वाला है। लॉ कालेज के शुरू होने से इस मार्ग पर आवागमन और बढ़ेगा। नर्सरी, सी.एम.राइज और लॉ कालेज़ जैसे महत्वपूर्ण संस्थान होने के बाद भी मार्ग की घोर अनदेखी की जा रही है। 2 किलोमीटर मार्ग को डामरीकरण करा दिया जाये तो नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्कूल आने-जाने में हो रही दिक्कत दूर हो जायेगी। करोडों की लागत से बन रहे सी.एम.राइज और लॉ कालेज की अहमियत बढ़ेगी। दूर-दराज आने वाले को परेशानी नहीं होगी और इससे कॉलेज स्कूल की शोभा को चार चांद लग जायेगा। पंचायत द्वारा मार्ग निर्माण नहीं करने का आरोप - पंचायत द्वारा अबगांव कलॉ में स्कूल पहुंच मार्ग बनाने में रुचि नहीं ली जा रही है। ग्राम सभा का प्रस्ताव बनाकर जनपद जिला पंचायत को भेजा गया होता तो निश्चित रूप से मार्ग को मंजूरी मिल गई होती। इसके अलावा मनरेगा से भी स्कूल पहुंच मार्ग में मुरूम बोलडर आदि बिछवा दिया जाता तो बरसात में कीचड़ की जो समस्या है वह दूर हो जाती है। स्कूल पहुंच मार्ग को बनवाने में रुचि नहीं दिखाई जा रही है। जिसके कारण शिक्षक, बच्चे और पालक परेशान है। कीचड़ के कारण कपड़ा, साइकिल, अन्य वाहन जल्दी खराब हो जाते हैं।
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भोपाल । सावन के पावन माह में भगवान शिव की भक्ति के बीच मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र में एक अनूठा, श्रद्धा, सेवा और परिवार के गहरे संबंध की प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। यहां तीन भाइयों ने अपने बुजुर्ग माता-पिता को खाट पर बिठाकर करीब 20 किलोमीटर पैदल यात्रा पूरी की और भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक कराया। इस दृश्य ने सभी के दिलों को छू लिया और श्रवण कुमार जैसी श्रद्धा की याद दिलाई। यह यात्रा सोमवार शाम को कोसमारा से लांजी तक हुई, जिसमें श्रद्धा और सेवा की मिसाल पेश करते हुए तीन भाइयों भीमराज, अनोत और दुर्गेश नेताम ने अपने माता-पिता जयलाल और सुगन बाई नेताम को कांवड़ यात्रा के रूप में धाम तक पहुंचाया। उनके साथ परिवार के अन्य सदस्य भी थे। भीमराज नेताम ने बताया कि यह संकल्प उन्होंने दो साल पहले लिया था कि वे अपने माता-पिता को कांवड़ में लेकर जाकर भगवान कोटेश्वर का जलाभिषेक कराएंगे। गांव में शिव मंदिर तो बन चुका था, लेकिन धाम तक ले जाने की इच्छा अधूरी थी। इस सावन तीनों भाइयों ने मिलकर यह मनोकामना पूरी की। रास्ते में पड़ने वाले गांवों के लोग उनकी इस सेवा और भक्ति को देखकर उनका उत्साह बढ़ाते रहे, उन्हें जल पिलाया और विश्राम की सुविधा दी। सभी जगह उन्हें श्रद्धा से देखा गया और उन्हें 'श्रवण कुमार' की उपाधि दी। कोटेश्वर धाम पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद वे अपने माता-पिता को वापस कोसमारा लेकर आए। इस दृश्य ने श्रवण कुमार की कहानी को याद दिलाया, जिन्होंने अपने माता-पिता की सेवा और श्रद्धा को सर्वोपरि रखा था। ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि श्रद्धा और भक्ति के साथ जब सेवा होती है, तो वह एक अविस्मरणीय अनुभव बन जाती है, जो न केवल व्यक्ति, बल्कि समाज को भी एक नई दिशा दिखाती है।
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3 जुलाई को शुरू हुई अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी....... जिसको शुरू हुए 19 दिन हो चुके है......... 19 दिनों में लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किये ......अधिकारियों ने बताया कि यात्रा सुचारू और शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है.......इस यात्रा में तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन का समय लगता है ........वहीं, छोटे बालटाल मार्ग से गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है......... और दर्शन करने के बाद उसी दिन आधार शिविर पर लौटना पड़ता है........ अमरनाथ यात्रा को लेकर भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है .......
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भारत का जादू एक बार फिर दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है..... देश की बेटी ने फिर से अपने देश का नाम रौशन करते हुए बड़ी उपलब्धि हाशिल की है ... बता दे की इटली में आयोजित FISM वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ मैजिक 2025 में..... भारत की सुहानी शाह को जादू की दुनिया का सर्वोच्च सम्मान मिला है .. सुहानी शाह के इस उपलब्धि ने भारत को वैश्विक जादू के मंच पर एक नई पहचान दिलाई है... साथ ही इस सम्मान से दुनिया भर में भारतीय जादूगरों की साख बढ़ी हैं.... सुहानी शाह का जादू मनोविज्ञान पर आधारित है ... जो लोगों के मन में चल रही बातों को पढ़ने का दावा करती हैं.... और वे अक्सर लोगों को उनके विचारों और भावनाओं के बारे में बताकर हैरान कर देती है ...... सुहानी शाह ने 7 साल की उम्र से ही जादू करना शरू कर दिया था .. और वो अब तक 5000 से ज्यादा लाइव परफॉर्मेंस शो कर चुकी हैं....
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उत्तराखण्ड ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है .... स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में लालकुआँ नगर पंचायत ने राज्य में प्रथम और देशभर की 2 हज़ार 35 नगर पंचायतों में 54वां स्थान हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है..... दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लालकुआं नगर पंचायत को उत्कृष्ट कूड़ा निस्तारण और स्वच्छता के लिए सम्मानित किया है ... यह उपलब्धि नगर पंचायत को उनके शानदार प्रयासों के लिए दिया गया है .... स्वच्छता सर्वेक्षण का पुरस्कार लेने लालकुआं नगर पंचायत के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह लोटन, एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अधिकारी राहुल कुमार सिंह और उनकी टीम पहुंची थी.....
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मैहर से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है..... जहां मुस्लिम युवक ने गाय और उसके बछड़े को जमकर पीटा..... इससे भी जब उसका पेट नहीं भरा.... तो उसने गाय की आंख में लोहे का सरिया डालकर..... गाय की आंख फोड़ डाली.....मामला गौ रक्षा समिति और बजरंग दल के संज्ञान ने आते ही उन्होंने थाने का घेराव कर मुस्लिम युवक की गिरफ्तारी की मांग की ..... घटना अमरपाटन की पुरानी बस्ती की है .....जहां कोरियान मोहल्ले में गाय अपने बछड़े के साथ घूम रही थी..... इसी दौरान मुस्लिम युवक मोहम्मद जमील ने पहले गाय और उसके बछड़े को लाठी डंडों से जमकर पीटा .....इसके बावजूद भी जब उसका पेट नहीं भरा तो उसने बेजुबान गाय की आंखों में बोरा सिलने वाला नुकीला सूजा डाल दिया .....जिससे गाय की आंख फूट गई....जब स्थानीय लोगों ने उसे रोकने की कोशिश की तो.... वो घर के अंदर भाग गया....जैसे ही इस घटना की जानकारी गोरक्षा समिति ,विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को मिली....वैसे ही वो मौके पर पहुंचे..... तो मोहम्मद जमील मौके से फरार हो गया..... गुस्साए बजरंग दल और गोरक्षा समिति के लोग अमरपाटन थाने पहुंचे और आरोपी के गिरफ्तारी की मांग की....
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देशभर से आये दिन आत्महत्या से जुड़ी खबरे सामने आती है ....... लेकिन आज जो घटना सामने आयी है........ उसने सभी को हैरान कर दिया है .........जब एक ही रस्सी से फांसी लगाकर दो मासूमों ने आत्महत्या कर ली .........घटना सिंगरौली के खेखड़ा ग्राम की है......जहा घटना के बाद दोनों ही परिवारों में गमों का पहाड़ टूट पड़ा है.........घटना की जानकारी मिलते ही बरगवां थाना प्रभारी राकेश राका साहू व........ उनकी पुलिस टीम मौके पर घटनास्थल पर पहुंची........ और मामले की जांच शुरू कर दी.......फ़िलहाल इस दर्दनाक घटना के पीछे की वजह साफ़ नहीं हो पायी है..........परिवारजन गहरे सदमे मे है.....और इस घटना के बारे मे कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं है..........
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कलेक्टर कार्यालय के सामने हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला है.... जहा बार-बार शिकायतों के बावजूद भी महिला को न्याय नहीं मिला.... तो उसने कलेक्टर कार्यालय की छत से कूद कर आत्महत्या करने की कोशिश की ..... मध्य प्रदेश के देवास जिले में जनसुनवाई के दौरान हड़कंप मच गया. ......... जब महिला ने कलेक्ट्रेट भवन की छत से कूदकर.........अपनी जान देने की कोशिश की.....उन्होंने बताया कि उनकी पट्टे की ज़मीन.......किसी और को फर्जी तरीके से आवंटित कर दी गई है.....परिजनों का आरोप है कि उनकी ज़मीन से जुड़ा विवाद वर्षों से लंबित है.......वे कई महीनों से न्याय के लिए दर -दर भटक रहे हैं........ जनसुनवाई की आस से वे कार्यालय पहुंचे थे........लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के कारण ........वह परेशान होकर ऐसा कदम उठाने पर मजबूर हो गई.....हालांकि मौके पर मौजूद कर्मियों ने समय रहते उन्हें ऐसा करने से रोक दिया.......जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया.....वंही पीड़ित परिवार नें अधिकारियो पर भी गंभीर आरोप लगाए है.....साथ ही कलेक्टर का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है.....
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सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है.... जहां बच्चे तो समय पर स्कूल पहुंचते हैं.... लेकिन टीचर्स गायब है..... कई घंटे तक मासूम छात्र-छात्राओं को स्कूल के बाहर खड़ा रहना पड़ता है.... जिससे बच्चो की पढाई प्रभावित हो रहा है....अब अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित स्थानीय लोगों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है... ये मामला सिंगरौली जिले के कथुरा ग्राम के सरकारी स्कूल का है..... जहा टीचर्स और प्राचार्य समय पर स्कूल नहीं पहुंचते....जिसके चलते छात्र-छात्राओं को स्कूल के बाहर दो-दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है....जिसका सीधा असर उनके पढाई पर पड़ रहा है.....बच्चो के माता पिता को उनके भविष्य की चिंता होने लगी है.....लेकिन टीचर इस बात से बेखबर है.... अब इससे परेशान हो कर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है.... अपनी जिम्मेदारियों से बेपरवाह ऐसे प्राचार्य को तत्काल निलंबित किया जाये ....ताकि स्कूल की व्यवस्था सुधरे और बच्चों को समय पर शिक्षा मिल सके.... ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की अपील की है....ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो
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आख़िर कब तक देश में मंत्रियों और विधायकों के बच्चें पिता की ताकत का गलत फयदा उठाते रहेंगे .... कब तक यूही अपनी तेज़ रफ़्तार गाड़ी से देश के रूल को कुचलते रहेंगे .... घटना अलीराजपुर बस स्टैंड के मुख्य चौराहे की बताई जा रही है...... जहां तेज रफ्तार कार ने पुलिस को कुचलने की कोशिश की ..... पुलिसकर्मियों को कुचलने का आरोप जोबट कांग्रेस के विधायक सेना पटेल के बेटे पुष्पराज सिंह पर लगा है...... सीसीटीवी कैमरे में कैद इन तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि........ बिना नंबर प्लेट की तेज़ रफ़्तार कार ने पुलिसकर्मियों को देखने के बाद भी.... चालक ने कार नहीं रोकी और स्पीड बढ़ाकर पुलिसकर्मियों को कुचलने की कोशिश की ....जिसमें एक पुलिस वाला गंभीर रूप से घायल हुआ है .... उसने बतया की गाड़ी विधायक का बेटा चला रहा था ...... घायल पुलिस आरक्षक की सूचना के बाद अलीराजपुर कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ..... बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है
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सावन के पहला सोमवार को पूरा देश भोलेनाथ की भक्ति में डूबा हुआ था .....पर नोएडा में एक घटना ने सबको चौंका दिया .....मामला नोएडा के थाना-142 क्षेत्र का है ..... जहां वैभव शर्मा ने व्रत था... , जिसे खोलने के लिए उसने शाम को मशरूम पनीर वेज बिरयानी मंगाई..... लेकिन जब उसने पैकेट खोला तो उसे वेज बिरयानी के जगहें नॉनवेज बिरयानी दिखी ..... जिसके बाद बिना देरी के गौरव ने पुलिस और फूड विभाग को कॉल करके इसकी शिकायत की ..... बिरयानी सेक्टर 144 के ‘Thalairaj Biryani’ रेस्टोरेंट से स्विगी के ज़रिए मंगाई गई थी...... जानकारी मिलने के बाद रेस्टोरेंट मालिक ने माफी मांगी और बताया कि दो ऑर्डर तैयार हो रहे थे और गलती से पैकिंग बदल गई .... .
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यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को दी जाने वाली फांसी की सजा पर अब रोक लगा दी गई है...... निमिषा के वकील ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है...... हालांकि, अभी नई तारीख नहीं बताई गई है......यमन की अदालत ने नर्स निमिषा को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है..........बता दे की 2017 में उनके यमनी बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी के साथ पैसों को लेकर विवाद हुआ था.......विवादों में उनका पासपोर्ट महदी ने जब्त कर लिया। ....निमिषा पर आरोप थे कि उसने महदी के पास जमा अपना पासपोर्ट पाने के लिए उसे बेहोशी के इंजेक्शन दिए....... लेकिन ओवरडोज होने से महदी की मौत हो गई थी...अब फांसी की सजा पर रोक से उनके परिवार और समर्थकों के लिए यह राहत की खबर है........
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश का अनूपपुर जिला इन दिनों टमाटर की पैदावार को लेकर सुर्खियों में आया है, यहां का टमाटर देश के कई प्रदेशों में लोगों की सब्जी का जायका बढ़ा रहा है। पिछले तीन वर्षों के दौरान जिले ने 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उद्यानिकी फसलों का विस्तार किया है। टमाटर के साथ-साथ प्याज एवं नाशपाती की खेती में भी वृद्धि हुई है। जिससे किसानों को लागत कम और उत्पादन बेहतर हो रहा है। सामने आया है कि पचमढ़ी की तर्ज पर अनूपपुर जिले में टमाटर की खेती संभव हो सकी है, जो कृषि तकनीक एवं प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। इस संबंध में सहायक संचालक उद्यान सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देशन में किसानों की आय वृद्धि के उद्देश्य से स्थानीय स्तर पर विपणन सुविधा भी उद्यानिकी विभाग द्वारा विकसित की जा रही है, जिससे किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में सुगमता हो रही है। एक हेक्टेयर में टमाटर की खेती पर 50 से 60 हजार रुपए की लागत आती है, जबकि किसानों को 1.50 से 2 लाख रुपए तक का मुनाफा प्राप्त हो रहा है। प्रति एकड़ के हिसाब से यह मुनाफा 1 लाख रुपए तक पहुंच रहा है जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। वे बताते हैं कि गत वर्ष जिले में 5408 हेक्टेयर क्षेत्र में टमाटर की खेती कर 140608 मैट्रिक टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है, जिसकी औसत उत्पादकता 260 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रही। अनूपपुर जिले का टमाटर मध्यप्रदेश के शहडोल, रीवा, सतना सहित छत्तीसगढ़ (रायपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर) और महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों तक निर्यात किया जा रहा है जिससे किसानों को बाजार की उपलब्धता के साथ-साथ बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है। सुभाष चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जिले के तीन क्लस्टर जैतहरी, अनूपपुर एवं पुष्पराजगढ़ में टमाटर की खेती व्यापक रूप से की जा रही है, जिससे लगभग 15500 किसान प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। जिले में हाइब्रिड एवं स्थानीय किस्मों की खेती की जा रही है। सरकार द्वारा 50 प्रतिशत में अनुदान बीज पर एवं 50 प्रतिशत अनुदान ड्रिप एवं स्प्रिंकलर कोसिंचाई पद्धति प्रदान किया जा रहा है, जिससे किसानों को लागत कम और उत्पादन बेहतर हो रहा है। पचमढ़ी की तर्ज पर अनूपपुर जिले में टमाटर की खेती संभव हो सकी है, जो कृषि तकनीक एवं प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि विगत तीन वर्षों में जिले में 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में उद्यानिकी फसलों का विस्तार हुआ है। टमाटर के साथ-साथ प्याज एवं नाशपाती की खेती में भी वृद्धि हुई है। यह सफलता अन्नदाता किसानों की मेहनत, प्रशासनिक समर्पण तथा शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रतिफल है, जो आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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देहरादून । उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन कालनेमि’ अब साेशल मीडिया का विषय बन गया है। धार्मिक चोंगा पहनकर आम लोगों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले फर्जी बाबाओं और ढोंगियों के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान को सोमवार को सोशल मीडिया पर जबरदस्त समर्थन मिला। ऑपरेशन कालनेमि ट्विटर (अब एक्स) पर ट्रेंड करता रहा और हजारों यूज़र्स ने इस मुहिम को सनातन धर्म की रक्षा का सशक्त कदम बताया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांच दिन पूर्व इस विशेष अभियान की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य था उत्तराखंड में सक्रिय ऐसे लोगों की पहचान और गिरफ्तारी, जो साधु-संत का वेष धारण कर धार्मिक स्थलों पर ठगी या अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। इस अभियान के तहत अब तक पूरे उत्तराखंड में 200 से अधिक ढोंगियों को जेल भेजा जा चुका है।लोगों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री धामी की निडरता और त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। कई यूजर्स ने उन्हें "सनातन धर्म का प्रहरी", "धर्म और श्रद्धा का रक्षक" तक कह डाला। वहीं, कई राज्यों के लोगों ने भी इस तरह की कार्रवाई की अपने राज्यों में भी मांग की है, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि इस ऑपरेशन ने देश के जनमानस में गहरी छाप छोड़ी है।सोमवार को जैसे ही यह ट्रेंड शुरू हुआ, घंटों तक ऑपरेशन कालनेमि टॉप ट्रेंडिंग में बना रहा। इससे पहले भी मुख्यमंत्री धामी धर्म और सनातन की रक्षा के लिए थूक, लव, लैंड जिहाद पर कार्रवाई के साथ ही धर्मांतरण करने वालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई कर चुके हैं। जिससे पूरे देश में उनकी धर्मरक्षक की छवि बनकर ऊभरी है।
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सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव का एक बयान तेज़ी से वायरल हो रहा है.....जिसमें उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा हम सूत्र को मूत्र समझते हैं.....ये कोई साधारण जुबान फिसलना नहीं.....बल्कि प्रेस के प्रति एक अशोभनीय और अपमानजनक टिप्पणी है..... सोचने वाली बात ये है कि क्या एक जिम्मेदार नेता जो एक प्रतिष्ठित पद पर बैठा है..... और जनता के कल्याण की बात करता है..... उसे ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना शोभा देता है..... जब नेता खुद मंच से ऐसी भाषा बोलेंगे.....तो देश में संवाद का स्तर कहां पहुंचेगा..... ये सिर्फ प्रेस का नहीं.....लोकतंत्र की गरिमा का अपमान है.....
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भोपाल । मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय में नृत्य, गायन एवं वादन पर केंद्रित गतिविधि "संभावना" का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को इंन्दरसिंह निगवाल एवं साथी, धार द्वारा भील जनजातीय भगोरिया नृत्य एवं दीपेश पाण्डेय एवं साथी, सागर द्वारा बधाई नृत्य की प्रस्तुति दी गई।गतिविधि में इंन्दरसिंह निगवाल एवं साथी, धार द्वारा भील जनजातीय भगोरिया नृत्य की प्रस्तुति दी गई। मध्यप्रदेश के झाबुआ और अलीराजपुर क्षेत्र में निवास करने वाली भील जनजाति का भगोरिया नृत्य, भगोरिया हाट में होली तथा अन्य अवसरों पर भील युवक-युवतियों द्वारा किया जाता है। फागुन के मौसम में होली से पूर्व भगोरिया हाटों का आयोजन होता है। भगोरिया नृत्य में विविध पदचाप समूहन पाली, चक्रीपाली तथा पिरामिड नृत्य मुद्राएं आकर्षण की केन्द्र होती हैं। रंग-बिरंगी वेशभूषा में सजी-धजी युवतियों का श्रृंगार और हाथ में तीरकमान लिये नाचना ठेठ पारम्परिक व अलौकिक सरंचना है।वहीं, दीपेश पाण्डेय एवं साथी, सागर द्वारा बधाई नृत्य प्रस्तुत किया गया। बुन्देलखण्ड अंचल में जन्म विवाह और तीज-त्यौहारों पर बधाई नृत्य किया जाता है। मनौती पूरी हो जाने पर देवी-देवताओं के द्वार पर बधाई नृत्य होता है। इस नृत्य में स्त्रियां और पुरुष दोनों ही उमंग से भरकर नृत्य करते हैं। बूढ़ी स्त्रियां कुटुम्ब में नाती-पोतों के जन्म पर अपने वंश की वृद्घि के हर्ष से भरकर घर के आंगन में बधाई नाचने लगते हैं। नेग-न्यौछावर बांटती हैं। मंच पर जब बधाई नृत्य समूह के रूप में प्रस्तुत होता है, तो इसमें गीत भी गाये जाते हैं। बधाई के नर्तक, चेहरे के उल्लास, पद संचालन, देह की लचक और रंगारंग वेशभूषा से दर्शकों का मन मोह लेते हैं। इस नृत्य में ढपला, टिमकी, रमतूला और बांसुरी आदि वाद्य प्रयुक्त होते हैं।मध्य प्रदेश जनजातीय संग्रहालय परिसर में प्रत्येक रविवार दोपहर 02 बजे से आयोजित होने वाली गतिविधि में प्रदेश के पांच लोकांचलों एवं सात प्रमुख जनजातियों की बहुविध कला परंपराओं की प्रस्तुति दी जाती है। साथ ही देश के अन्य राज्यों के कलारूपों का भी प्रदर्शन होता है।
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लगातार हो रही मोबाइल चोरी के ख़िलाफ़ पुलिस ने टेक्नोलॉजी का बेहतरीन का इस्तमाल करते हुए .... लगभग 90 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए है .... मामला राजनांद गांव का है .... जहां पुलिस ने बड़ी करवाई करते हुए लगभग 90 गुमशुदा मोबाइल को बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिया है .... इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये बताई जा रही है .... पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग के निर्देश पर जिले के सभी थानों और चौकियों ने CEIR पोर्टल की मदद से मोबाइलों को ढूंढा है ....और मोबाइल को लौटाने के लिए पुलिस ने कार्यक्रम का आयोजन किया ..इस समारोह में पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग ने मोबाइल लौटने के बाद कहा कि आज के डिजिटल युग में मोबाइल केवल संचार का साधन नहीं बल्कि व्यक्तिगत जानकारी का केंद्र बन चुका है..... उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा की मोबाइल गुम हो जाने पर तुरंत सिम बंद कराए ..... और Find My Device’ जैसे सुरक्षा ऐप्स का इस्तेमाल करें ....
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मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम बिगोड़ी से सनसनीखेज मामला सामने आया है .... जहां पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की दिनदहाड़े गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी गई.... मृतक की पहचान शिवनारायण के रूप में हुई है,.... जो किसी विवाद के चलते आरोपी साहिल से भिड़ गया था.... देखते ही देखते कहासुनी हिंसक झगड़े में बदल गई और आरोपी ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से शिवनारायण के गले पर हमला कर दिया.... लहूलुहान हालत में घायल को अस्पताल ले जाया गया,.... लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.... वारदात की खबर मिलते ही ताला थाना पुलिस मौके पर पहुंची .... फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है .... और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है .... आरोपी साहिल मौके से फरार है,.... जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है.... घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है .... और लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं....
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भारत विकास परिषद शाखा द्वारा अनोखा पहल किया गया है.... जिसमें उन्होंने 'युद्ध नशे के विरुद्ध' कार्यक्रम आयोजित किया गया...कार्यक्रम में युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज को सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया... राजकीय इंटर कॉलेज लालकुआँ में भारत विकास परिषद शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नशे के बढ़ते खतरे पर गंभीर चिंता जताई गई...वक्ताओं ने बताया कि आज युवाओं में नशे की प्रवृत्ति खतरनाक रूप से बढ़ रही है,... खासकर युवतियों में भी इसका प्रचलन बढ़ा है... कार्यक्रम में बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति को, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है...साथ ही साइबर अपराधों में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई गई...कार्यकर्ताओं ने युवाओं से अपील की कि यदि आसपास कहीं नशे का अवैध व्यापार हो रहा है तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें... अंत में सभी ने अपराध और नशे से दूर रहने की शपथ ली।
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साल का पवित्र महीना सावन शुरू हो गया है ... सावन के शरू होते ही शिव भक्त अपने आराध्य का दर्शन करने ओंकारेश्वर निकल पड़े है .... सावन मास के शुरू होते ही ओंकारेश्वर में भक्तों की संख्या बढ़ने लगी है... .. दूर-दूर से भक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाने और दर्शन करने पहुंच रहे है ...जिस से भक्तों की संख्या बढ़ रही है ..मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए.... यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम कर रहे है ..... साथ ही शीघ्र दर्शन और सामान्य दर्शन में अधिक समय ना लगे इसके लिए भी तैयारियां की गई है.....
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भोपाल । वर्षा ऋतु में होने वाली जलजनित बीमारियों के दृष्टिगत स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और दूषित जल से होने वाले रोगों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुद्ध जल का उपयोग करने एवं जलजनित रोगों से सुरक्षा के लिए सलाह दी गई है। दूषित पानी के सेवन से उल्टी-दस्त, पेचिश, हैजा, पीलिया और टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारियाँ होने की संभावना बढ़ जाती है। एडवाइजरी में कहा गया है कि रोगों से बचने के लिए सावधानियाँ और सुरक्षा उपाय अपनाकर स्वयं एवं परिवार को सुरक्षित करें।जनसंपर्क अधिकारी अंकुश मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि स्वास्थ्य विभाग एडवाइजरी में कहा है कि खानपान के लिए सदैव स्वच्छ एवं सुरक्षित उबला अथवा फिल्टर जल का ही प्रयोग करें। यदि पानी की शुद्धता संदिग्ध हो, तो उसे पहले उबालें, साफ कपड़े से छानें अथवा क्लोरीन की गोली डालें और कम से कम एक घंटे के बाद उसका सेवन करें। खाना बनाने, परोसने और खाने से पहले तथा शौच के बाद हाथों को साबुन और स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना अत्यंत आवश्यक है। यह सरल आदत कई रोगों से बचाव में सहायक होती है।स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि सदैव ताजा पका हुआ भोजन एवं स्वच्छ खाद्य वस्तुओं का ही सेवन करें। अधिक समय पहले बना हुआ यात्री बासी भोजन न खाएं। भोजन एवं खाद्य सामग्री को पूरी तरह ढंककर रखें जिससे उन्हें मक्खियों, धूल अथवा अन्य गंदगी से दूषित होने से बचाया जा सके। बाजार में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों, कटे हुए फलों और ठंडे पेयों का सेवन न करें ये अक्सर संक्रमण के वाहक होते हैं। फल एवं सब्जियाँ स्वच्छ पानी से धोने के बाद ही उपयोग में लाएं और उन्हें काटने के लिये स्वच्छ, ढंका हुआ चाकू प्रयोग करें। शौचालय को सदैव स्वच्छ रखें और घर एवं आस-पास के वातावरण की सफाई पर विशेष ध्यान दें।
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जबलपुर । गढ़ा थाना क्षेत्र स्थित आमनपुर में शुक्रवार दोपहर 57 वर्षीय प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल की उनके घर में संदिग्ध परिस्थितियों में लाश मिलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल के घर उनकी मेड जब काम करने के लिए पहुंची तो उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। कई बार कोशिश करने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला, तो उसने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दरवाजा तोड़ा और जब घर के अंदर दाखिल हुई तो प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल को मृत अवस्था में पाया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर मर्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजकर घटना की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि प्रोफेसर घर पर अकेली रहती थीं। मृतका प्रोफेसर प्रज्ञा अग्रवाल जिले के होम साइंस कॉलेज में वनस्पति शास्त्र पढ़ाया करती थीं। हाल ही में उनका ट्रांसफर जबलपुर से दमोह हुआ था। मृतका प्रज्ञा अग्रवाल अविवाहित थीं। उनके छोटे भाई भोपाल में रहते हैं। प्रज्ञा अग्रवाल की हत्या की गई है या उन्होंने आत्महत्या की है, यह पुलिस के लिए अब भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। जिस स्थान पर उनका शव मिला, वहां पास में एक चाकू भी पड़ा था। पुलिस की पूछताछ में मेड ने बताया कि वह कई सालों से उनके घर पर काम कर रही है। प्रज्ञा ने उसे घर की एक चाबी भी दे रखी थी, जिससे वह दिन में दो से तीन बार आकर काम करती और चली जाती थी। एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि प्रज्ञा अग्रवाल होम साइंस कॉलेज में पढ़ाया करती थीं। कुछ दिनों पहले ही उनका ट्रांसफर दमोह हो गया था, इस कारण वे अभी कॉलेज नहीं जा रही थीं। मृतका के गले और हाथ में चाकू से कटने के निशान मिले हैं। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए मौके पर एफएसएल की टीम को भी बुलाया गया है।
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इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि विद्यार्थी मन लगाकर पढ़ें और सिर्फ अपनी पढ़ाई की ही चिंता करें। विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य के लिए बहुत सी योजनाएं प्रारंभ की हैं। सरकार की योजनाओं की मदद से गरीब से गरीब विद्यार्थी भी अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकता है। वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने तक की सुविधा प्रदेश सरकार ने उपलब्ध कराई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात शुक्रवार को इंदौर के बास्केटबॉल कॉप्लेक्स परिसर में "हिंद रक्षक संगठन" द्वारा आयोजित "पुण्योदय प्रकल्प" कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए आयोजित पुस्तिका वितरण कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों से कही। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक उषा ठाकुर, विधायक मालिनी गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों को पुस्तिकाएं वितरित की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हायर सेकेंडरी परीक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले हजारों मेधावी विद्यार्थियों को सरकार हर साल लैपटॉप वितरित कर रही है। स्कूल में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली विद्यार्थियों को स्कूटी वाहन वितरित किए जा रहे हैं। गांव के बच्चों को स्कूल जाने के लिए निशुल्क साइकिलें वितरित की जा रही हैं। हर साल लगभग पांच लाख साइकिलें विद्यार्थियों को निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क गणवेश और निशुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की योजना भी सरकार ने शुरू की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल पांच मेडिकल कॉलेज ही थे, जो कि अब बढ़कर 37 हो चुके हैं। मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के लिए गरीब मेधावी विद्यार्थियों की फीस सरकार भर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार ने सर्व सुविधा युक्त सांदीपनि स्कूल शुरू किए हैं, जिनमें विद्यार्थियों को उत्कृष्ट स्तर की शिक्षा उपलब्ध हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश सक्षम, सशक्त और सबल बना है। वर्ष 2047 तक भारत विश्व में सर्वाधिक विकसित देश बने, इसके लिए हम सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर पूर्व मंत्री स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ का स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने अपने जीवनकाल में समाज सेवा के क्षेत्र में बहुत से उल्लेखनीय कार्य किये। विद्यार्थियों को निशुल्क कॉपियां वितरण का कार्य भी उन्हीं में से एक है। उन्होंने कहा कि इंदौर में हर वर्ष रंगपंचमी मनाने का अपना अलग आनंद होता है। इस आयोजन की शुरुआत भी पूर्व मंत्री स्व. लक्ष्मण सिंह गोंड ने ही की थी। इससे पूर्व कार्यक्रम के आयोजक "हिंद रक्षक संगठन" के संयोजक एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड ने अपने स्वागत उद्बोधन में "पुण्योदय प्रकल्प" के बारे में बताते हुए कहा कि वर्ष 2003 से इंदौर शहर के लगभग 300 समाजसेवी परिवार मिलकर हर वर्ष साढे तीन लाख से अधिक कॉपियां विद्यार्थियों को मात्र एक रुपए के सांकेतिक शुल्क पर वितरित करते हैं। उन्होंने इस कार्य में भागीदारी करने वाले सभी परिवारों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों को कॉपी वितरण का यह कार्य हर वर्ष 11 जुलाई से 11 अगस्त तक एक माह तक जारी रहता है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से अपील की कि निशुल्क वितरित की गई सभी कॉपियों का भरपूर सदुपयोग करें और कॉपियों का एक भी पेज व्यर्थ न जाए यह प्रयास करें।
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भारतीय महिला टीम ने इंग्लैंड में इतिहास रचा दिया है.... टीम ने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में पहली बार इंग्लैंड को... उसी के घर में मात देते हुए जीत हासिल की है...चौथे मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए वुमन टीम ने इंग्लैंड को 6 विकेट से हराया .. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 126 रन बनाए .. जिसे भारत ने 17 ओवर में बना कर जीत अपने नाम कर ली
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गातार हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है.....इसी बीच एक बाइक सवार युवक को नदी पार करना भारी पड़ गया........ छतरपुर जिले से हैरान करने वाली घटना सामने आयी है ...... जहा एक युवक ने बहते पुल को पार करने की कोशिश की ..... और ये कोशिश उस पर भारी पड़ गयी...... मामला नौगांव थाना क्षेत्र के बेलाताल मार्ग का है .. जहा लोगो ने उसे पुल पार करने से रोका भी था। ..... लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी.......और बाइक लेकर बेहते पुल को पार करने लगा........पानी का बहाव तेज़ होने के कारण युवक बाइक सहित बह गया........गनीमत रही की वह तैरकर जान बचाने मे कामयाब हो गया........घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है..
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जंगली कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है .. चंदवना के रस्ते पर कुत्तों ने बुरी तरह से 3 साल के हिरन को नोच कर जख़्मी कर दिया ... और इलाज़ के दौरान उसकी जान चली गई चंदवाना के रस्ते पर एक हिरण घायल पड़ा हुआ था ..जिसकी सुचना वन जीव प्रेमि जगदीश बिश्नोई और उसके साथियों को मिली..... वो लोग मौके पर पहुंचकर घायल हिरण को इलाज के लिए पशु चिकित्सालय ले गए ..... जहां डॉ जेपी यादव ने घायल हिरण का इलाज शुरू किया.. डॉक्टर ने बताया की हिरन की उम्र लगभग 3 साल थी ..... और उस पर जंगली कुत्तों के हमला किया था.... .जिस कारण हिरण का बहुत खून बह चुका था ....और इलाज के दौरान हिरण ने दम तोड़ दिया... मृतक हिरण का अंतिम संस्कार वन कर्मियों की मौजूदगी में किया गया
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जनसुनवाई में अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है....जहां पानी निकासी बंद होने से परेशान लोग....डिब्बे में जहरीले कीड़े लेकर जनसुनवाई पहुंच गए..... छतरपुर के देरी रोड बीड़ी कॉलोनी के वार्डवासी जनसुनवाई पहुंचे.....उनका आरोप है कि इलाके का नाला अतिक्रमण के कारण बंद हो गया है..... जिससे बारिश का पानी उनके घरों में आ रहा है..... और जलभराव के कारण जहरीले कीड़े भी घरों में घुस रहे हैं..... जिसके चलते उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा रहा है.... और जान को खतरा बना हुआ है..... जिसके विरोध में वार्डवासी उन कीड़ो ले कर जनसुनवाई पहुंचे.....और एसडीएम अखिल राठौर को ज्ञापन सौंप.... जल्द कार्रवाई की मांग की है...
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लगातार हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर है ..... जिसके चलते दो नदियों के बीच बने टापू मे चार ग्रामीण फ़स गए .... जहा लगातार बारिश का दौर चल रहा है वही आये दिन कही न कही बाढ़ जैसी कई घटनाए घटित हो रही है...... वही छतरपुर जिले से एक राहत की खबर सामने आयी है........... जहा दो नदियों के बीच बने टापू में फंसे चार ग्रामीणों को .... एनडीआरएफ और प्रशासन की टीम ने सफलतापूर्वक १० घंटो के बचाव कार्य के बाद ... सुरक्षित बाहर निकाल लिया ....... ये घटना जिले के बड़ामलहरा क्षेत्र की है जहा ग्रामीण खेत मे काम करने गए हुए थे..... भारी बारिश के कारण पानी का स्तर बढ़ने से ये वहाँ फस गए थे। .......
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ये वीडियो आगरा के अजीजपुर का है.... जहां लोग जलभराव से परेशान हैं .... इस हालात को उजागर करने के लिए आगरा के बाल योगी मौके पर पहुँचे .... और बच्चों के साथ पानी भरे इलाके में खाट पर बैठकर वीडियो शूट किया .... इस वीडियो में बाल योगी ने मजाकिया अंदाज़ में जनप्रतिनिधियों पर तंज कसते नजर आये .... उनका ये व्यंग्यात्मक अंदाज सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है ....
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एक तरफ जहां हमारा देश अंतरिक्ष तक पहुंच गया है...वही दूसरी तरफ लोग अभी तक अंधविश्वास पर ही अटके है... एक ऐसा ही मामला अमरपाटन सिविल अस्पताल देखने को मिला है ... जहा अस्पताल से झाड़फूक की घटना सामने आई है अस्पतालों के अंदर डॉक्टरो के स्थान पर ओझा-सोखा को बुलाकर झाड़फूक कराया जा रहा है ..... ये घटना अमरपाटन सिविल अस्पताल से सामने आई है .... ऐसी घटनाओ को सुनकर मन मे एक ही विचार आता है की क्या सच मे हम आगे बढ़ रहे है....... जहा बीमार युवती के परिजनों द्वारा इलाज के लिए डॉक्टरों के स्थान पर ओझा-सोखा को बुलाया गया..... इस घटना के अस्पताल के अंदर होने से न केवल यहाँ के नियमो का उल्लंघन हुआ ... बल्कि स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी लापरवाही भी नज़र आ रही है .. इसे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही कही जाये या सुरक्षा व्यवस्था की कमी....
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सतना से एक चौका देने वाली खबर सामने आयी है , जहा ज़मीन को लेकर दो भाइयो के बीच विवाद हो गया , जिसके चलते देवर भाभी ने एक दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम बजवाहि मे दो भाइयो के बीच ज़मीन को लेकर विवाद इतना बढ़ गया की दोनों भाई मार पीट पर उतर आये....ज़मीन के विवाद ने परिवार के रिश्तो को भी हिंसा मे बदल दिया। ... इस बीच देवर ,भाभी ने एक दूसरे पर डंडो से जानलेवा हमला कर दिया , जिससे दोनों के सिर पर गंभीर चोटे आयी है। .... दोनों पक्षों ने एक दुसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। .... दोनों घायलों को इलाज ले लिए अस्पताल पहुंचाया गया। ...... पुलिस मामले की जांच कर रही है..... .
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मैहर के दधीच टोला गांव में देर रात एक 8 फीट लंबा मगरमच्छ रिहायशी इलाके में दिखाई दिया … यह मगरमच्छ एक घर के बरामदे के बाहर था.... जिसे देखकर ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई… ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी…सूचना मिलते ही वन टीम मौके पर पहुंची और करीब 7 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ा… बताया जा रहा है की बारिश के कारण बाणसागर डैम का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ गांव में घुस गया गया था… रेस्क्यू के बाद मगरमच्छ को डैम के जलाशय में छोड़ दिया गया है…
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रतलाम । जिले के सैलाना में मोहर्रम के जुलूस के दौरान रविवार रात को हिंदू राष्ट्र का बैनर जलाने का मामला मुद्दा बना गया। इसके बाद इलाके में तनाव का माहौल है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव करके पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। सैलाना में सोमवार को बाजार बंद हो गए और पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात है। बताते है मोहर्रम के जुलूस के दौरान मुंह से आग निकालने का करतब कर रहे लोग हिंदू राष्ट्र लिखे एक बैनर के नीचे खड़े दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद एक व्यक्ति मुंह से ऊपर से बैनर की ओर आग निकालता है। यह आग बैनर के निचले हिस्से में लगी। वहां मौजूद बाकी लोग इसे देखते रहे, किसी ने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। इसका वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने तीव्र नाराजगी जताई है। वही हिंदू संगठनों ने जले हुए बैनर के नीचे सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। संगठनों का आरोप है कि यह कृत्य जानबूझकर किया गया। यह भगवा ध्वज व हिंदू राष्ट्र के प्रतीक का अपमान है। इसको लेकर स्थानीय हिंदू समाज में आक्रोश व्याप्त है। हिंदू संगठनों द्वारा सोमवार सुबह सैलाना थाने का घेराव कर नारेबाजी की गई। उनका कहना है कि यह कृत्य धर्म विशेष के कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से किया गया है, जिससे शांति और सौहार्द को ठेस पहुंची है। उन्होंने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना जानबूझकर की गई या अनजाने में हुई। पुलिस के आला अधिकारी सैलाना पंहुच गये है.उन्होंने आश्वासन दिया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। वही प्रशासन द्वारा सभी समुदायों से संयम बरतने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है। अफवाहों से बचने और पुलिस जांच का इंतजार करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तारी की है लेकिन अभी पुष्टि नही की है।
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राजगढ़ । रुठियाई- मक्सी रेल रुट पर शहर ब्यावरा थाना क्षेत्र में सिंदूरिया केबिन के समीप सोमवार दोपहर 30 वर्षीय युवक ने बीना-नागदा पैसेंजर ट्रेन के सामने कूदकर खुदकशी कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा और मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरु की।जांच अधिकारी एसआई जगदीश गोयल अनुसार ग्राम सिंदूरिया केबिन के समीप 30 वर्षीय युवक का क्षत-विक्षप्त हालत में शव मिला, जिसकी पहचान बबलू पुत्र विजयसिंह बंजारा निवासी कटारियाखेड़ी के रुप में हुई। बताया गया है कि युवक गंभीर बीमारी से ग्रस्त था,संभवतःउसने बीमारी से तंग आकर बीना-नागदा पैसेंजर के समाने कूदकर खुदकुशी कर ली। मौके से युवक का मोबाइल मिला, जिसके आधार पर ही उसकी पहचान हो सकी। युवक ने किन हालातों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया, इसका वास्तविक पता नही लग सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की।
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(प्रवीण कक्कड़) नया स्कूल सत्र शुरू हो चुका है, और एक बार फिर स्कूल के गलियारों में बच्चों की हंसी गूँज रही है। यह केवल एक नया अकादमिक वर्ष नहीं, बल्कि लाखों उम्मीदों और सपनों का आगाज़ है। शिक्षा वह सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिससे हम दुनिया को बदल सकते हैं। यह हर बच्चे का अधिकार है, और हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस अधिकार को हकीकत में बदलें। शिक्षा एक बच्चे के भविष्य की नींव होती है। यह उसे ज्ञान, कौशल और सोचने-समझने की शक्ति देती है। यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन प्लस (UDISE+) 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, भारत के स्कूलों में कुल 24.8 करोड़ छात्र नामांकित हैं। यह जानकर खुशी होती है कि शिक्षा तक पहुंच में काफी वृद्धि हुई है। 6-14 आयु वर्ग के बच्चों के लिए समग्र स्कूल नामांकन दर लगभग 20 वर्षों से 95% से अधिक बनी हुई है, और 2024 में यह 98.1% थी। हालांकि, अभी भी एक लंबी दूरी तय करनी है। UDISE+ 2023-24 के आंकड़ों के अनुसार, 6-17 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 4.74 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं। यह संख्या बताती है कि बड़ी संख्या में बच्चे या तो कभी स्कूल में नामांकित नहीं हुए, या बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी। प्राथमिक स्तर पर स्कूल छोड़ने की दर 1.9% है, जबकि उच्च प्राथमिक में यह 5.2% और माध्यमिक स्तर पर 14.1% तक पहुँच जाती है। यह आँकड़ा हम सभी के लिए चिंता का विषय होना चाहिए। शिक्षा का अधिकार अधिनियम एक महत्वपूर्ण कदम है जो यह सुनिश्चित करता है कि 6 से 14 साल के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा मिले। इसका मतलब है कि किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित रखना कानूनी रूप से गलत है। सरकारी स्कूलों में तो शिक्षा, किताबें, ड्रेस और मध्याह्न भोजन मुफ्त मिलता ही है, साथ ही निजी स्कूलों में भी 25% सीटें आरटीई (RTE) के तहत आरक्षित हैं। यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि हर बच्चा, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से हो, स्कूल की दहलीज तक पहुंचे और अपनी पढ़ाई पूरी करे। हमें अपने समाज के उन बच्चों पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। अक्सर हम अपने आस-पास काम करने वाले लोगों, जैसे चौकीदार, माली, कामवाली बाई या रसोइया के बच्चों की शिक्षा के बारे में नहीं सोचते। यह हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है कि हम उनके बच्चों को स्कूल पहुंचाने में मदद करें। आप उनसे बात करें, उन्हें आरटीई के तहत निजी स्कूलों में मिलने वाले मुफ्त प्रवेश के बारे में जानकारी दें, और यदि संभव न हो तो सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाने में सहायता करें। यदि उन्हें किताबें, कॉपियाँ, स्कूल ड्रेस या स्टेशनरी खरीदने में आर्थिक मदद की जरूरत है, तो इसमें भी उनका सहयोग करें। आपका यह छोटा सा प्रयास देश के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखेगा। हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना सिर्फ सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का साझा लक्ष्य होना चाहिए। जब हर बच्चा स्कूल जाएगा, तभी एक शिक्षित और सशक्त समाज का निर्माण होगा। बच्चों को स्कूल भेजना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है कि उन्हें वहां बेहतर माहौल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। आज भी कई स्कूलों में बेहतर व्यवस्थाओं की कमी है। यह चिंताजनक है कि प्रदेश के 21,077 स्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, और शिक्षकों के 87,630 पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डालता है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे स्कूल सिर्फ इमारतें न हों, बल्कि ज्ञान और नवाचार के केंद्र बनें। शिक्षकों की पर्याप्त संख्या हो, उन्हें उचित प्रशिक्षण मिले और उन्हें ऐसे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं जिससे वे बच्चों को बेहतर तरीके से पढ़ा सकें। स्कूलों में शौचालय, पीने का पानी और सुरक्षित वातावरण जैसी बुनियादी सुविधाओं का होना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब स्कूलों की स्थिति बेहतर होगी, तभी बच्चे न केवल स्कूल आने के लिए प्रेरित होंगे, बल्कि वहां रहकर कुछ नया सीख भी पाएंगे। शिक्षा : सबकी साझा जिम्मेदारी समाज क्या करे: अपने आस-पड़ोस में स्कूल न जाने वाले बच्चों की पहचान करें और उन्हें दाखिला लेने में मदद करें। अभिभावक क्या करें: बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में रुचि जगाएं। बच्चों को समझाएं कि शिक्षा के माध्यम से ही सशक्तिकरण की राह तक पहुंचा जा सकता है। बच्चे क्या करें: मन लगाकर पढ़ाई करें, स्कूल के नियमों का पालन करें और शिक्षकों का सम्मान करें। शिक्षक क्या करें: बच्चों को प्यार और लगन से पढ़ाएं, उनकी समस्याओं को समझें और उन्हें प्रेरित करें। प्रशासन क्या करे: स्कूलों में पर्याप्त सुविधाएं और शिक्षक उपलब्ध कराएं, शिक्षा की गुणवत्ता पर निगरानी रखें और बाल श्रम पर कड़ा कदम लेकर हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाए। शिक्षा सिर्फ एक डिग्री प्राप्त करना नहीं है, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सके। रचनात्मक सोच, समस्या-समाधान की क्षमता, सहानुभूति और नैतिकता जैसे गुणों का विकास ही सच्ची शिक्षा है। हमारा स्कूली बस्ता सिर्फ भौतिक वस्तु नहीं, बल्कि एक ऐसा प्रतीक है जो हमें याद दिलाता है कि शिक्षा एक निरंतर यात्रा है, जो न सिर्फ व्यक्ति बल्कि पूरे समाज को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाती है। आइए, हम सब मिलकर बच्चों के इस "सपनों के पिटारे" को और अधिक समृद्ध बनाएं और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा शिक्षा के प्रकाश से वंचित न रहे।
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बर्मिंघम टेस्ट में शुभमन गिल ने वो कर दिखाया जो अब तक कोई भारतीय प्लेयर नहीं कर सका....शुभमन ने टेस्ट की पहली पारी में 269 और दूसरी में 161 रन बनाये.... इसी के साथ वो एक टेस्ट में 400+ रन बनाने वाले पहले भारतीय और दुनिया के पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं...गिल 430 रनों के साथ ऐसा करने वाले पहले भारतीय कप्तान भी बन गए है .....गिल ने विराट कोहली और सुनील गावस्कर जैसे दिग्गजों को भी पीछे छोड़ दिया है..... खास बात ये रही कि उन्होंने एक पारी में शतक और दूसरी में दोहरा शतक लगाया है.... शुभमन गिल की इस पारी ने उनके फैंस का दिल जीत लिया है
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मध्य भारत के जानेमाने वरिष्ठ TV पत्रकार गोविंद गुर्जर ने टाइम्स नाउ से इस्तीफा दे दिया है..!अब अपनी नई पारी उन्होंने एमपी के प्रतिष्ठित पीपुल्स मीडिया कॉलेज में प्रिंसिपल के साथ साथ कंसल्टिंग एडिटर के रूप में शुरू की है। 2018 में जब गोविंद गुर्जर ने स्टेट ब्यूरो चीफ के रूप में टाइम्स नाउ में ज्वाइनिंग ली थी,एमपी में चैनल का न्यूज नेटवर्क एक दम छिन्न भिन्न था. गोविंद गुर्जर ने अपनी बेजोड़ काबिलियत से, ना सिर्फ चैनल के लिए खबरों का नया नेटवर्क तैयार किया बल्कि खबरों में कुशलता को लेकर टाइम्स नेटवर्क के HOD से लेकर ग्रुप एडिटर और HR हेड से लेकर CEO ने भी बकायदा गोविंद गुर्जर की ब्रेक की हुई नेशनल लेवल की खबरों की प्रशंसा की..! 18 साल के मीडिया करियर में गोविंद गुर्जर ने दिल्ली और भोपाल में टोटल टीव्ही और न्यूज़ 24 से लेकर टाइम्स नाउ में अपनी प्रभावी सेवाएं दीं..!आपको बता दें गोविंद गुर्जर का शुरुआती करियर शिक्षण कार्य से ही जुड़ा हुआ है उन्होंने यूपी में अपने शिक्षण संस्थान 'Mission Smart' की 4 शाखाएँ खोलीं और साल 2002 से 2007 तक चारों संस्थानों के डायरेक्टर रहे. अब 18 साल बाद, एक बार फिर शिक्षण कार्य के लिए गोविंद गुर्जर की वापसी हुई है,पीपल्स ग्रुप में वो मीडिया कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ साथ पीपल्स न्यूज सेक्शन के कंसल्टिंग एडिटर के तौर पर नई जिम्मेदारी संभालेंगे. साथ ही आगे नामी गिरामी हस्तियों के साथ पॉडकास्ट करते हुए भी गोविंद गुर्जर को देखा जाएगा.
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जबलपुर । मोहर्रम के उपलक्ष में जबलपुर के बीच चौराहे पर फिलिस्तीन समर्थन का बड़ा बैनर लगा रहा, इस दौरान वहां लंगर बटता रहा। मालवीय चौक स्थित कुछ लोगों द्वारा एक बड़ा सा डीजे लगाकर लंगर वितरण का कार्यक्रम चल रहा था। लंगर बांटने वालों द्वारा खुलेआम फिलिस्तीन समर्थन का बैनर लगा रखा था और यह बैनर भी कोई छोटा-मोटा नहीं बल्कि बड़े साइज का था । इस बैनर में फिलिस्तीन के झंडे के ऊपर "प्रेय फॉर फिलिस्तीन" लिखा हुआ था।दोपहर से चालू लंगर रात तक चलता रहा। शहर का हृदय स्थल कहलाने वाला सबसे महत्वपूर्ण चौराहा होने के बाद भी इस पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। रात्रि में जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय के संज्ञान में बात आने पर उसे तत्काल अलग करवाया गया। एसपी संपत उपाध्याय के अनुसार जैसे ही उक्त बात संज्ञान में आई तुरंत संबंधित थाने के सीएसपी को कार्रवाई के लिए बोला गया एवं जिम्मेदारों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कारवाई की गई।विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सहमंत्री प्रदीप गुप्ता के अनुसार महत्वपूर्ण विषय यह है कि मोहर्रम पर्व के दौरान प्रशासन अलर्ट मोड में रहने के साथ पुलिस का सूचना तंत्र भी सक्रिय रहता है। परंतु दोपहर से शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे पर यह बैनर लग रहा जिस पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं गई। जबकि देश के अन्य जगहों पर फिलिस्तीन के झंडा या उससे समर्थित बैनर को लेकर कार्रवाई की जा रही है। सवाल यह उठता है क्या जबलपुर में भी फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर अंदर ही अंदर लोगों की सक्रियता बड़ रही है। शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहे पर खुलेआम फिलिस्तीन के समर्थन में बैनर लगाना वह भी निश्चिन्तता के साथ कहीं प्रशासन को चुनौती तो नहीं। मामले कि संवेदनशीलता को समझते हुए प्रशासन को समय रहते इस ओर ध्यानाकर्षण करना चाहिए।
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भोपाल । भाेपाल रेलवे स्टेशन की सुरक्षा में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर युवक कार और स्कूटर दौड़ाते नजर आ रहे हैं। यह घटना शनिवार तड़के की बताई जा रही है। स्टेशन पर माैजूद यात्रियाें ने इसका वीडियाे बना लिया जाे अब साेशल मीडिया पर वायरल हाे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सवार एक युवक शनिवार तड़के तेज गति से कार लेकर सीधे प्लेटफॉर्म नंबर-6 की ओर आया और ट्रैक किनारे काफी आगे तक कार लेकर दाैड़ात रहा। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई ट्रेन नहीं थी, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। इतना ही नहीं, एक अन्य युवक को प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर स्कूटर चलाते देखा गया। दाेनाें ही युवकाें की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी। यह दोनों ही घटनाएं वहां मौजूद यात्रियों ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर ली जाे अब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरपीएफ भोपाल पोस्ट प्रभारी मनीष शर्मा ने बताया, "हमें दो वीडियो मिले हैं। दोनों की जांच की जा रही है। फिलहाल इस मामले में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है, जांच के बाद कुछ कहा जा सकेगा। बता दें कि प्लेटफॉर्म नंबर-6 की ओर पार्सल कार्यालय के सामने से वाहन अंदर दाखिल हो सकते हैं। यही रास्ता स्टेशन की सुरक्षा में सबसे बड़ी कमजोरी बन चुका है। इसी मार्ग से कोई भी व्यक्ति बिना रोकटोक के प्लेटफॉर्म नंबर 6, 5 और 4 तक सीधे वाहन लेकर पहुंच सकता है। इस गेट पर ना तो कोई बैरिकेड है, न ही स्थायी सुरक्षा जांच की व्यवस्था।
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जबलपुर । मशहूर फिल्म अभिनेत्री शर्मिला टैगोर, उनके बेटे फिल्म अभिनेता सैफ अली खान सहित पटौदी परिवार को पुश्तैनी संपत्ति के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की पीठ भोपाल रियासत के अंतिम नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान की संपत्ति के उत्तराधिकार के संबंध में ट्रायल कोर्ट को नए सिरे से पुनः सुनवाई के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने शुक्रवार को पारित अपने आदेश में कहा है कि ट्रायल कोर्ट एक साल की निर्धारित समय अवधि ने प्रकरण की सुनवाई करे। एकलपीठ ने उक्त आदेश के साथ ट्रायल कोर्ट द्वारा 14 फरवरी 2000 में पटौदी परिवार के पक्ष में पारित आदेश को निरस्त कर दिया है और एक साल के भीतर मामले का निपटारा करने के निर्देश दिए। यह विवाद भोपाल के अंतिम नवाब, हमीदुल्ला खान की संपत्ति से जुड़ा है, जिसकी कानूनी उत्तराधिकार की लड़ाई उनके वंशजों के बीच लंबे समय से चली आ रही है। भोपाल रियासत के वंशज का दावा करते हुए बेगम सुरैया रशीद, बेगम मेहर ताज नवाब साजिदा सुल्तान, नवाबजादी कमर ताज राबिया सुल्तान, नवाब मेहर ताज साजिदा सुल्तान एवं अन्य ने भोपाल जिला न्यायालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में साल 2000 में दो अपील दायर की गई थीं। अपील में कहा गया था कि भोपाल रियासत का भारत संघ में विलय 30 अप्रैल 1949 में हुआ था। लिखित समझौते के अनुसार विलय के बाद नवाब के विशेष अधिकार जारी रहेंगे और निजी संपत्ति के पूर्ण स्वामित्व के उत्तराधिकार भोपाल सिंहासन उत्तराधिकार अधिनियम 1947 के तहत होंगे। नवाब की मृत्यु के बाद साजिदा सुल्तान को नवाब घोषित किया गया था। भारत सरकार ने 10 जनवरी 1962 को पत्र जारी की संविधान के अनुच्छेद 366 (22) के तहत व्यक्तिगत संपत्ति का उल्लेख निजी संपत्ति के रूप में किया था। नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान की मृत्यु के पश्चात उनकी निजी संपत्ति का बंटवारा मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार वादीगण और प्रतिवादियों के बीच होना चाहिए था। भोपाल जिला न्यायालय में संपत्ति उत्तराधिकारी की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। जिला न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय पारित निर्णय के आधार पर उनका आवेदन खारिज कर दिया था। एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि ट्रायल कोर्ट ने मामले के अन्य पहलुओं पर विचार किए बिना इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार प्रकरण को खारिज कर दिया था। ट्रायल कोर्ट इस तथ्य पर विचार करने में विफल रहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा विलय करने पर सिंहासन उत्तराधिकार अधिनियम को खारिज कर दिया गया था। विचाराधीन मामला विरासत के विभाजन का है, इसलिए सीपीसी के 14 नियम 23 ए के प्रावधान के मद्देनजर मेरी राय है कि इन मामलों को नए सिरे से तय करने के लिए ट्रायल कोर्ट में वापस भेजा जाता है। ट्रायल कोर्ट बदली हुई कानूनी स्थिति के मद्देनजर पक्षों को सबूत पेश करने की अनुमति दे सकता है। दायर अपील में नवाब मंसूर अली खान पटौदी, उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर, बेटा सैफ अली खान सहित दोनों बेटियों को अनावेदक बनाया गया था। अरबों की है संपत्ति विवादित संपत्ति का मूल्य अरबों में आंका गया है, जिसमें हजारों एकड़ ज़मीन और अहमदाबाद स्थित एक पैलेस भी शामिल है। इस फैसले से सैफ अली खान और उनके परिवार के लिए कानूनी चुनौतियाँ अगले एक साल तक बढ़ सकती हैं। भोपाल के अंतिम नवाब हाफिज सर हमीदुल्ला खान, जिनका निधन 1956 में हुआ, ने दो शादियाँ की थीं। उनकी बड़ी बेगम की बेटी साजिदा सुल्तान को 1961 में भारत सरकार ने कानूनी उत्तराधिकारी घोषित किया था। साजिदा, सैफ अली खान की परदादी थीं। उन्होंने पटौदी रियासत के नवाब इफ्तिखार अली खान से विवाह किया था। उनके बेटे मंसूर अली खान पटौदी और फिर सैफ अली खान इस पुश्तैनी विरासत के संभावित वारिस माने गए।
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दिव्यांग जनो के लिए एक सुनहरी पहल करते हुए.... अटल बिहारी वाजपेयी व्हीलचेयर रग्बी कप 2025 का भव्य आयोजन किया जा रहा है.... ये आयोजन 5 और 6 जुलाई को ग्वालियर में होगा ग्वालियर व्हील चेयर रग्बी एसोसिएशन ऑफ मध्य प्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी व्हीलचेयर रग्बी कप 2025 का आयोजन किया जाएगा ... इस टूर्नामेंट में देशभर से छ राज्यों की टीमें भाग लेने आ रही हैं... जिसमें मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और दिल्ली की टीमें शामिल है ... संस्था के अध्यक्ष ओमप्रकाश दीक्षित ने बताया कि प्रतियोगिता सुबह 11 बजे से शुरू होगी ...और इस प्रतियोगिता में 8 मैच खेले जाएंगे ..... इस में ग्वालियर के सांसद भारत सिंह कुशवाह और जिला पंचायत के सीईओ विवेक कुमार भी शामिल होंगे
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है..... जिसमें करीब 100 फुट ऊंची जर्जर पानी की टंकी जमीन पर भरभराकर गिरती नजर आ रही है..... यह वीडियो छतरपुर के बकस्वाहा नगर परिषद क्षेत्र का है.....जहां कई सालों से इस्तेमाल में नहीं आ रही ....इस टंकी की हालत काफी खराब हो चुकी थी..... स्थानीय लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए और बरसात के मौसम में हादसे से बचने के लिए नगर परिषद ने इस जर्जर टंकी को जमींदोज कर दिया....
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बलरामपुर। बलरामपुर जिले में एक बार फिर शिक्षक की छवि दागदार हुई है। नशे में धुत क्लास के बच्चियों के साथ थिरकते हुए शिक्षक का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ है। वायरल वीडियाे का संज्ञान लेते हुए डीईओ ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपित शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरा मामला वाड्रफनगर विकासखंड का है। प्राप्त जानकारी अनुसार, बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर विकासखंड के पशुपतिपुर प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक लक्ष्मीनारायण सिंह का नशे में धुत होकर स्कूल के बच्चियों के साथ डांस करते वीडियो गुरूवार काे सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हुआ। जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने बीते देर शाम आदेश जारी करते हुए आरोपित शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
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गुवाहाटी । गुवाहाटी पुलिस ने कामाख्या मंदिर को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले में मृतक राजा रघुवंशी की बहन श्रृष्टि रघुवंशी और एक टीवी एंकर को नया समन जारी किया है। पहले जारी नोटिस के बावजूद दोनों आरोपित पूछताछ के लिए पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे।यह मामला क्राइम ब्रांच में केस संख्या 04/2025 के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा 196(2)/299/302 के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। आरोप है कि एक टीवी इंटरव्यू के दौरान श्रृष्टि रघुवंशी की ओर से कामाख्या देवी मंदिर के संबंध में भ्रामक और अपमानजनक बयान दिए गए थे।संयुक्त पुलिस आयुक्त अंकुर जैन के अनुसार, जांच अधिकारी ने 13 जून को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजा था, जिसमें 23 और 24 जून को क्राइम ब्रांच थाना में उपस्थित होने को कहा गया था। लेकिन एफआईआर में नामित न्यूज़ चैनल की एंकर और इंदौर निवासी श्रृष्टि रघुवंशी अब तक जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए हैं।दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब प्रसारित इंटरव्यू में एंकर ने कथित रूप से मां कामाख्या मंदिर को लेकर "असत्यापित और अत्यधिक आपत्तिजनक" बयान दिए। जबकि श्रृष्टि रघुवंशी ने एंकर के इन बयानों का समर्थन किया। इन टिप्पणियों से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और समाज में शांति व सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका है। दोनों के बयान असम के हिंदू समुदाय की आस्था के प्रतीक मां कामाख्या मंदिर के खिलाफ हैं, जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।बहरहाल, पहले समन की अवहेलना के बाद पुलिस अब कानूनी रूप से और सख्त विकल्पों पर विचार कर रही है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
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जबलपुर । लोक व्यवहार में अपना संयम खो रहे शिक्षकों के नए-नए कारनामे सामने आ रहे हैं। एक निजी कॉलेज के शिक्षक द्वारा आज परीक्षा के दौरान छात्र की उत्तर पुस्तिका फाड़ दी गई। मामला है बनखेड़ी पाटन रोड़ स्थित लक्ष्मी बाई साहू कॉलेज का जहां बी फार्मा के छात्र की एग्जाम के दौरान आंसरशीट फाड़े जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया। उत्तर पुस्तिका फाड़े जाने से छात्र विचलित हो गया उसने जब इस बावत विरोध किया तो उसका आरोप है की शिक्षक ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।बी फार्मा चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र नितिन सिंह राजपूत ने बताया कि उनके एग्जाम चल रहे हैं। परीक्षा के बाद कालेज की एक महिला शिक्षका ने उसके साथ विवाद करते हुए जमा की गई आंसरशीट को पूरी क्लास के सामने फाड़ दिया गया। वहीं एक अन्य शिक्षक से जब उसने शिकायत की तो उन्होंने भी उनके साथ अभद्रता करते हुए उसे भगा दिया। छात्र के समर्थन में काॅलेज पहुंचे एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आंसरशीट फाड़ने वाले टीचर्स पर कार्यवाही की मांग करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कॉलेज परिसर में अफरा तफरी मची रही। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई पुलिस की मौजूदगी में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से चर्चा करने प्रिंसिपल सारांश जैन सामने आए। उन्होंने ने आंसरशीट फाड़े जाने की बात को स्वीकार करते हुए शिक्षकों के व्यवहार को अनुचित बताया। कहा कि दोषी दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। प्रिंसिपल के अनुसार संबंधित छात्र एग्जाम सेंटर में दुबारा मोबाइल फोन लेकर आया था। इसी बात पर विवाद हुआ था।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश में भोपाल रियासत के अंतिम नवाब मोहम्मद हमीदुल्ला खान की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़े उत्तराधिकार विवाद में हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा 14 फरवरी, 2000 को दिए गए फैसले को दोषपूर्ण करार देकर रद्द कर दिया है। नवाब हमीदुल्ला खान के वंशज यसीर सुल्तान और फैजा सुल्तान द्वारा दायर याचिका पर पूरे मामले को नए सिरे से सुनवाई के लिए ट्रायल कोर्ट को भेज दिया है। याचिकाकर्ता यसीर और फैजा का दावा है कि नवाब की निजी संपत्ति पर सभी वैध वारिसों का अधिकार है। याचिकाकर्ता यसीर और फैजा सुल्तान दोनों नासिर मिर्जा की संतान है, जो नवाब हमीदुल्लाह खान की छोटी बेगम के बेटे थे। कोर्ट में तर्क दिया कि भारत सरकार द्वारा नवाब साजिदा सुल्तान को सम्पूर्ण संपत्ति का एकमात्र उत्तराधिकारी घोषित करना गलत था। यह संपत्ति केवल सिंहासन की नहीं, बल्कि नवाब हमीदुल्ला खान की व्यक्तिगत संपत्ति थी। इस पर सभी वारिसों का उत्तराधिकार मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार होना चाहिए था। जबकि भारत सरकार ने 10 जनवरी, 1962 को एक अधिसूचना जारी कर नवाब की बेटी साजिदा सुल्तान को इस संपत्ति का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। साजिदा सुल्तान को भारत सरकार द्वारा अधिकृत रूप से अगला शासक घोषित किया गया था। नवाब हमीदुल्लाह खान की बड़ी बेगम साजिदा सुल्तान के बेटे नवाब मंसूर अली पटौदी थे। इसलिए संपत्ति पर उनका और उनके उत्तराधिकारियों का अधिकार वैध है। ट्रायल कोर्ट ने 14 फरवरी, 2000 को याचिका खारिज करते हुए एक पुराने फैसले (1997) को आधार बनाया था। लेकिन हाई कोर्ट ने पाया कि "तलत फातिमा हसन बनाम नवाब सैयद मुर्तजा अली खान" मामले के आदेश को बाद में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2020 में पलट दिया गया था। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकल पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने कानून की अद्यतन स्थिति पर विचार किए बिना ही वाद खारिज कर दिया और इसलिए उस फैसले को बनाए नहीं रखा जा सकता।प्रतिवादियों, यानी शर्मिला टैगोर, सैफ अली खान, सोहा अली खान और सबा सुल्तान की ओर से कोर्ट में तर्क रखा गया कि भोपाल रियासत के भारत में विलय के समय जो समझौता हुआ था, उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि नवाब की संपत्तियां अगली शासक को हस्तांतरित होंगी।दोनों वादों को नए सिरे से सुनवाई के लिए ट्रायल कोर्ट को भेजा गया। वहां यह तय होगा कि नवाब हमीदुल्ला खान की संपत्तियों पर केवल साजिदा सुल्तान और उनके वंशजों का अधिकार है, या फिर मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत अन्य वारिसों का भी दावा बनता है। इस ऐतिहासिक रियासत संपत्ति विवाद में आने वाले दिनों में कानूनी रूप से बड़ा मोड़ आ सकता है। ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया गया कि वह एक वर्ष के भीतर इस मामले का निपटारा करे।
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जबलपुर । मध्यप्रदेश में दिव्यांग बच्चों के नाम पर"मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना" में करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई गई है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) जबलपुर कार्यालय में एक संविदा अधिकारी, सुभाष शुक्ला पर इसमें बड़े पैमाने पर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप है।शैलेंद्र बारी और सत्येंद्र कुमार यादव ने सूचना के अधिकार के तहत जुटाई जानकारी के बाद इस घोटाले की शिकायत की थी, परन्तु उक्त शिकायत के वावजूद सुभाष शुक्ला पर कोई कार्यवाही नहीं कि गयी। इसके बाद जनहित याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट का रुख किया गया। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस गंभीर प्रकरण पर संज्ञान लिया है।ये है मामलामुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना के तहत, सरकार कॉक्लियर इंप्लांट्स और उसके बाद होने वाले फॉलो-अप चेकअप का खर्च उठाती है, ताकि सुनने में अक्षम बच्चे सामान्य जीवन जी सकें। लेकिन सुभाष शुक्ला पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर दिव्यांग बच्चों के “फॉलो-अप चेकअप” और “कॉक्लियर इंप्लांट्स” के नाम पर ऐसी संस्थाओं को लाखों-करोड़ों रुपये का भुगतान करा दिया, जहाँ वास्तव में कोई भी उपचार या फॉलो-अप सेवा प्रदान की ही नहीं गई। बच्चों के माता-पिता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उनके बच्चों को सरकार द्वारा कोई फॉलो-अप नहीं मिला और दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर जाली थे। इस फर्जीवाड़े में भोपाल स्थित दिव्या एडवांस ईएनटी संस्था जैसी कुछ इकाइयां भी शामिल पाई गईं। मामले को किसने छिपायादरअसल यह घोटाला उस समय ही सामने आ जाता जब नियंत्रक महालेखा परीक्षक ने 2019 में अपनी ऑडिट रिपोर्ट में इसका जिक्र कर इसका विस्तृत खुलासा किया था। इस रिपोर्ट में स्पष्ट बताया गया था कि अकेले दिव्या एडवांस ईएनटी संस्था को बिना किसी वास्तविक सेवा के 2.27 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को सीधा नुकसान हुआ। लेकिन भ्रष्टाचार को पोसने वालों ने CAG की इस गम्भीर रिपोर्ट के बावजूद, इस मामले को 2019 से लेकर अब तक पूरी तरह दबाकर रखा। सुभाष शुक्ला पर सिर्फ इस योजना में ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ऑडियो सिस्टम के लिए आवंटित धन के गबन और फर्जी अनुभव प्रमाण पत्रों के आधार पर अपनी नौकरी हासिल करने जैसे अन्य गंभीर आरोप भी हैं।
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क्लीन बोल्ड होकर भला किस प्लेयर को अच्छा लगता है? लेकिन इस बार श्रेयस अय्यर मुस्कुरा रहे हैं… क्योंकि उन्हें आउट किया है उनकी मां ने! पंजाब किंग्स ने अय्यर और उनकी मां का एक बेहद प्यारा वीडियो शेयर किया है, जिसमें दोनों घर की गैलरी में क्रिकेट खेलते नजर आ रहे हैं। अय्यर बैटिंग कर रहे हैं और उनकी मां गेंदबाज बनी हुई हैं। पहली गेंद पर अय्यर शॉट खेल लेते हैं, लेकिन दूसरी बॉल पर मां का जादू चल जाता है — गेंद सीधे दीवार से टकराकर ‘स्टंप’ बना देती है और अय्यर क्लीन बोल्ड! मां का जोश देखिए... दोनों हाथ हवा में उठा कर, खुशी से चिल्लाती हैं – "आउट!" फैंस भी कमाल के कॉमेंट कर रहे हैं – किसी ने लिखा, “मां का निशाना कभी नहीं चूकता, बॉल हो या चप्पल।” तो किसी ने सिद्धू स्टाइल में कहा, “गुरु! बॉल ने जो बदला लिया है, उसका कोई जवाब नहीं!” अरे भई, जब मां बॉलर हों, तो बल्लेबाज़ को आउट होना भी स्पेशल लगता है!
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सतपुड़ा नेशनल पार्क में एक अद्भुत दृश्य देखने को मिला है... जहा मढ़ई के तवा तालाब के किनारे एक साथ बाघों का पूरा परिवार नजर आया ..... बाघ, बाघिन और उनके नन्हे शावक पानी में खेलते और आराम करते इस नज़र आये... यह नज़ारे को देखकर पर्यटक बस देखते ही रह गए... जंगल सफारी के दौरान ऐसा दुर्लभ दृश्य देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं
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पंजाब के फिरोजपुर में एक दर्दनाक हादसे का वीडियो सामने आया है....जहाँ क्रिकेट खेलते वक्त एक युवक ने शानदार सिक्स मारा और खुशी-खुशी अपने साथी से हाथ मिलाने जा ही रहा था.... कि अचानक उसे हार्ट अटैक आया.... और वह पिच पर ही मुंह के बल गिर पड़ा....साथी खिलाड़ी ने तुरंत उसे संभालने की कोशिश की...लेकिन युवक को होश नहीं आया....खेल का जश्न पल भर में मातम में बदल गया.... और मैदान पर ही उसकी मौत हो गई....
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कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था… जिसमें कुछ युवक रास्ता रोकते और लूटपाट करते नजर आ रहे थे… वीडियो सामने आते ही पुलिस ने बिना किसी शिकायत के खुद संज्ञान लेते हुए… वीडियो में दिख रहे सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया… यह वीडियो 29 मई को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था… जिसमें सिंगरौली के पुरानी देवसर इलाके में चार युवक सड़क पर वाहनों को रोकते दिखाई दे रहे थे… वीडियो सामने आने के बाद सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक को दी… एसपी के निर्देश पर वीडियो में दिख रहे चारों युवकों की पहचान कर... उन्हें हिरासत में लिया गया है… पूछताछ में सामने आया कि चारों युवक शराब के नशे में थे… और आपस में झगड़ते हुए सड़क पर उत्पात मचा रहे थे… हालांकि पुलिस को किसी भी वाहन चालक से लूट की कोई शिकायत नहीं मिली थी… लेकिन पुलिस ने खुद ही संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें गिरफ्तार किया है…
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ओंकारेश्वर दर्शन के लिए निकली एक महिला श्रद्धालु की तीर्थ यात्रा दर्दनाक हादसे में बदल गई......खंडवा-इंदौर हाईवे पर बड़वाह के पास सड़क पार करते वक्त तेज रफ्तार कार ने महिला को कुचल दिया...... हादसे के बाद पूरे परिवार और साथ चल रहे तीर्थयात्रियों में शोक की लहर है...... गुजरात के बनासकांठा जिले के वाव गांव से ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन को निकली...... 40 वर्षीय जहूंबेन राठौर की बड़वाह के मधुराम होटल के सामने एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई...... बस से उतरकर सड़क पार करते वक्त उसे एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी...... कार चालक बिना रुके महिला को घसीटता हुआ फरार हो गया...... यह पूरा हादसा होटल के सीसीटीवी में कैद हो गया है...... परिजन बताते हैं कि यह जहूंबेन की पहली तीर्थ यात्रा थी...... परिजनों ने पुलिस से कार चालक की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है......
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जब पूरा देश इस बात का जश्न मना रहा था कि हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने पड़ोसी दुश्मन के हमलों को नाकाम कर दिया, उसी वक्त एक डिजिटल मीडिया कंपनी के 350 से अधिक कर्मचारियों पर छंटनी की ‘मिसाइल’ गिर गई। मीडिया कानून जी हाँ, डेलीहंट (पैरेंट कंपनी: वर्से इनोवेशन) के हिंदी, अंग्रेज़ी एडिटोरियल सहित कई अन्य विभागों के कर्मचारियों को एक फोन कॉल पर सूचित कर दिया गया कि अब आपकी सेवाओं की आवश्यकता नहीं है। मुझे अच्छी तरह याद है—मैं उस वक्त “अमृतसर के स्वर्ण मंदिर और अन्य शहरों पर संभावित हमलों को हमारे एयर डिफेंस सिस्टम ने कैसे रोका” इस विषय पर स्टोरी तैयार कर रहा था। इसी बीच यह खबर आई, और न जाने मेरे जैसे कितने साथियों की EMI, दैनिक खर्च और मासिक बजट की व्यवस्थाएं डगमगाने लगीं। ऐसा लगा जैसे सबके निजी आर्थिक ‘रडार’ फेल हो गए। हालांकि, कंपनी ने तीन महीने का सेवरेंस पे देने की घोषणा की है, और इस छंटनी को ‘AI इनोवेशन’ का नाम दिया गया है। चर्चा है कि कंपनी IPO की तैयारी में है—जहाँ ‘लाभ’ और ‘इनोवेशन’ जैसे कीवर्ड्स का खास महत्व होता है। मीडिया और कॉरपोरेट सेक्टर में बीते वर्षों से जारी मंदी की लहर में, ‘अपनों’ के अलावा भला कौन किसी को एडजस्ट करता है?मीडिया कानून “ईश्वर ने पेट दिया है तो भोजन भी देगा…” यही कहकर साथी एक-दूसरे को कॉल और मैसेज कर रहे हैं—और फिर किसी नई कुर्सी, मेज़ और कीबोर्ड की तलाश में लग जाते हैं। हम कामना करते हैं कि इस छंटनी से प्रभावित सभी साथियों के जल्द अच्छे दिन लौटें। ‘भड़ास’ से भी उम्मीद है कि वह इस कठिन समय में पत्रकारिता से जुड़े इन पीड़ित साथियों को नया रास्ता दिखाने और नई नौकरियाँ दिलवाने में मदद करेगा।
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शेफाली जरीवाला के बारे में खबर आ रही है कि वो anti aging pills ले रही थीं। उन्हें कम उम्र दिखना था, युवा दिखना था!! पर आख़िर क्यों? उम्र को पकने से क्यों रोकना? पकती हुई उम्र में भी एक ग्रेस होती है। पकी उम्र का अपना ही सौंदर्य होता है। गुलज़ार लिख गए हैं- “बाद मुद्दत के मिली हो! ये जो थोड़ी सी भर गई दो!! ये वज़न तुम पर अच्छा लगता है!!!” गुरूदत्त की फ़िल्म ‘प्यासा’ की वहीदा रहमान एक पकी हुई उम्र की अंतिम दहलीज़ पर खड़ी होकर भी अगर वसंत की सप्तपर्णी छांव सी सुमधुर और संगीतमय नज़र आती हैं तो ये भी एक ढलती हुई उम्र का ही ग्रेस है। शास्त्रीय नृत्यांगना सोनल मानसिंह अगर 80 की दहलीज़ पारकर भी शाश्वत सौंदर्य के अनहद नाद सी पलकें झपकाती हैं तो ये भी उतरती हुई उम्र की सदावत्सल अमृत छाया का अक्षत आभामंडल है। उम्र बढ़ने से सौंदर्य कम नहीं होता बल्कि अनुभूति और जिजीविषा की अमूल्य मथनी में मथकर वो और भी गाढ़ा हो जाता है। पकती हुई उम्र एक आशीर्वाद की तरह होती है जो अनुभव के आभामंडल से घिरे हुए चेहरे को आँगन में उगी तुलसी सा पवित्र बनाती है। आत्मिक कलुष से रिक्त बनाती है। कैशोर्य की सीपियों पर गिरती स्वाति नक्षत्र की बूँदों सा सिक्त बनाती है!! काश शेफाली ये समझ पातीं!!!!!
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कन्नप्पा का जादू सिनेमाघरों में चल गया है....मल्टीस्टार कास्ट से सजी इस फिल्म ने रिलीज के महज 3 दिनों में लगभग 19 करोड़ का शानदार कलेक्शन कर डाला है....विष्णु मांचू की ये फिल्म जिसमें अक्षय भगवान शिव के रूप में नजर आ रहे हैं....दर्शकों को खूब भा रही है....कन्नप्पा रिलीज के तीसरे दिन ही 20 करोड़ क्लब में शामिल होने के बेहद करीब है.... प्रभास, मोहनलाल, काजल अग्रवाल समेत कई दिग्गज सितारों से सजी ये फिल्म तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज हुई है....और हर भाषा में फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है.... भगवान शिव के रूप में अक्षय को दोबारा पर्दे पर देखना फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं.... फैंस का कहना है....की ये माइथोलॉजिकल ब्लॉकबस्टर किसी को मिस नहीं करनी चाहिए...
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चीन के गुइझोऊ प्रांत में एक बड़ा हादसा सामने आया है। रोंगजियांग काउंटी के सबसे बड़े शॉपिंग मॉल में अचानक बाढ़ का पानी घुस गया। मॉल के अंदर का पूरा नज़ारा पानी से लबालब था। जिस विकास मॉडल की दुनिया तारीफ करती है, वही अब सवालों के घेरे में है। चमचमाते मॉल की दीवारें पानी नहीं रोक पाईं।लोगों ने सोशल मीडिया पर तंज कसा – अगर चीन के मॉल में पानी घुस सकता है, तो भारत की ट्रेन की छत से पानी टपकना कोई बड़ी बात नहीं। इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया कि असली विकास केवल इमारतों से नहीं, मजबूत आधार से होता है।
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THR प्लांट में सड़े-गले अनाज से आंगनबाड़ी बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बन रहा भोजन। वीडियो वायरल होने पर कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश। मध्यप्रदेश के रीवा ज़िले में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां पहाड़िया में संचालित टेक होम राशन प्लांट में सड़े-गले अनाज को पैरों से रौंदकर पोषण आहार बनाया जा रहा है। इसी भोजन को आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए गर्भवती महिलाओं और बच्चों तक पहुंचाया जाता है।वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने सीईओ को मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।
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सोचिए आप गहरी नींद में सो रहे हों....और आंख खुले सामने शेर खड़ा हो.....गुजरात से एक ऐसा ही चौंका देने वाला वीडियो सामने आया है.....जहां एक अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग में दो शेर आराम से घूमते नजर आ रहे हैं..... हैरानी की बात ये है कि शेर एक सेकंड में दो मंजिल ऊंची बिल्डिंग पर चढ़ गया..... वो भी एक ही छलांग में.....जैसे ही शेर ने व्यक्ति की ओर झपट्टा मारा.....वो डर के मारे अपनी जान बचाकर वहां से भाग गया.....इस विडियो ने पुरे सोशल मीडिया का ध्यान अपनी तरफ कर लिया है...
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तेलंगाना के शंकरपल्ली से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है....जहाँ एक महिला शराब पीकर रेलवे ट्रैक पर कार दौड़ाती नजर आई.... रेलवे स्टाफ ने कई बार रोकने की कोशिश की, लेकिन महिला नहीं रुकी और वो तो तेज रफ्तार में ट्रैक पर आगे बढ़ती रही.... इस घटना के बाद बेंगलुरु-हैदराबाद रूट की कई ट्रेनें रोक दी गई.... जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया.... यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है....
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टोल को लेकर हुए विवाद में करीब दो दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने टोल प्लाज़ा पर जमकर हंगामा मचाया....बदमाशों ने टोल कर्मचारियों के साथ मारपीट और तोड़फोड़ की...पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.... पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.... रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में कार सवार ने टोल टैक्स देने से इनकार किया....जिसको लेकर उनकी कर्मचारियों बहसबाजी हुई.... कुछ देर बाद 15 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर करीब 25 नकाबपोश बदमाश टोल प्लाज़ा पहुंचे....उन्होंने टोल स्टाफ पर हमला कर दिया... और केबिन, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को तोड़ दिया.... कर्मचारी जान बचाकर इधर-उधर भाग रहे थे....लेकिन गुंडों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा...आधे घंटे तक चला यह तांडव सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया....टोल मैनेजर जितेंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर.... कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली है.... जो त्योंधरी और अहिरगांव के बताए जा रहे हैं.... पुलिस आगे की जांच कर रही हैं....
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ये वायरल वीडियो सूरत का है..... जहाँ मानसून की पहली ही बारिश ने शहर की प्रमुख साड़ी कपड़ा मार्केट को तालाब में बदल दिया है..... दुकानों में रखा करोड़ों का माल पानी में भीग कर बर्बाद हो गया है..... व्यापारियों की मेहनत और पूंजी दोनों पानी में बह गईं.....बारिश का पानी दुकानों में घुस गया और चारों ओर अफरा-तफरी मची है व्यापारी परेशान हैं.....लेकिन सवाल ये है कि अगर मानसून की शुरुआत में ही सूरत का ये हाल है.....तो आने वाले दिनों में क्या हालात होंगे.....
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ये वीडियो ओंकारेश्वर तीर्थ नगरी का है....जहां श्रद्धालु तो रोज आते हैं......लेकिन सुविधाएं नहीं है...... एक ओर सरकार ने एकात्म धाम के लिए 2100 करोड़ रुपये का बजट पारित किया है...... वहीं दूसरी ओर दंडी आश्रम से कुबेर भंडारी पार्किंग तक की मुख्य सड़क पिछले तीन वर्षों से टूटी पड़ी है.. श्रद्धालुओं को कीचड़, धूल और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है......जिससे ओंकारेश्वर की धार्मिक छवि पर सीधा असर पड़ रहा है......हर दिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं......लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उन्हें कष्ट सहना पड़ता है...... नेता अपने जन्मदिन पर लाखों के पोस्टर लगवा लेते हैं...... मगर जनता के इस दर्द पर कोई ध्यान नहीं देता......तीर्थ स्थलों की असली गरिमा तो श्रद्धालुओं को मिलने वाली सुविधा में होती है...... जो यहां नदारद है......
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धार जिले के सरकारी स्कूल में महिला टीचर की शर्मनाक हरकत का वीडियो सामने आया है.....जिसमें टीचर नशे की हालत में स्कूल परिसर में हंगामा करती नजर आ रही है..... शराब के नशे में धुत यह टीचर स्कूल स्टाफ और मजदूरों से लड़खड़ाती जुबान में बहस कर रही है..... और कह रही है.....ये स्कूल मेरा है ज्यादा बोले तो 12 बजा दूंगी..... सवाल ये उठता है कि क्या इस तरह की गैरजिम्मेदाराना हरकत करने वालों को बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी सौंपना सही है..... अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है.....
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छतरपुर अपहरण कांड पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बड़ा खुलासा किया है ....पुलिस ने बताया कि अपहरण की वजह संजय राजपूत और महिला के बीच का प्रेम प्रसंग था....इसीलिए आरोपी महिला को अपने साथ ले गया था...लेकिन महिला ने पुलिस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए... कहा की आरोपी उसे जबरदस्ती ले गया था....उनका कोई प्रेम प्रसंग नहीं है... छतरपुर के महिला और बच्चों के अपहरण मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय राजपूत सहित 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है ....अपहृत महिला और बच्चों को हरियाणा के भिवानी से बरामद किया है .... एसपी अगम जैन ने बताया कि संजय राजपूत का महिला के साथ प्रेम प्रसंग था....जिसके चलते उसने इस अपहरण की साजिश रची थी... लेकिन महिला का कहना है... कि उनका और आरोपी के बीच कोई प्रेम प्रसंग नहीं है.... वह जबरदस्ती ले जाई गई थी... और अगर ससुराल में अच्छा व्यवहार करे....तो वह पति के साथ रहने को तैयार है.... पुलिस मामले की जांच कर रही है....
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देवास जिले के नेमावर में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया...एक यात्री बस और कंटेनर के बीच सीधी भिड़ंत हो गई ....टक्कर इतनी तेज थी की कंटेनर चालक की मौके पर ही मौत हो गई.....इस भीषण दुर्घटना में बस के दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए है .... देवास जिले के नेमावर में इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे 59A पर रामनगर गांव के पास एक भीषण सड़क हादसा हुआ... जहां मीनाक्षी बस सर्विस की सतवास से हरदा जा रही.... यात्री बस और इंदौर से पुणे जा रहे कंटेनर की सीधी टक्कर हो गई.... हादसे में कंटेनर चालक मुस्ताक की मौके पर ही मौत हो गई.... दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची.... और कन्नौद टीआई तहजीब काजी ने बड़ी मशक्कत के बाद कंटेनर के चालक के शव को स्टेरिंग से बाहर निकाला... हादसे में बस के दो दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए है.... जिन्हें खातेगांव के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है .... दो यात्रियों की गंभीर हालत के चलते उन्हें इंदौर रेफर किया गया है.... पुलिस मामले की जांच कर रही है....
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ऋषभ पंत ने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिख दिया है....इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में शतक जड़ दिए है ....और पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए है.... जिसने टेस्ट की दोनों पारियों में सेंचुरी लगाई हो.... इतना ही नहीं, पंत अब दुनिया के पहले ऐसे विकेटकीपर बल्लेबाज़ बन गए हैं.... जिन्होंने विदेशी ज़मीन पर ये कारनामा किया है.... इससे पहले सिर्फ एक बार 2001 में जिम्बाब्वे के एंडी फ्लावर ने घर पर दो सेंचुरी मारी थीं.... पंत की इस तूफानी बल्लेबाज़ी के बाद ये मुकाबला रिकॉर्ड्स का संग्राम बन गया है .... और ऋषभ पंत एक बार फिर अपनी काबिलियत को साबित किया है
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लीड्स के हेडिंग्ले में भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट के तीसरे दिन एक रोमांचक घटना ने सबका ध्यान खींचा लिया.... भारतीय उप-कप्तान ऋषभ पंत अंपायर से भिड़ गए.... इंग्लैंड की पारी के 63 वें ओवर में पंत ड्यूक्स गेंद की खराब हालत से नाराज दिखे.... और उन्होंने अंपायर से बॉल बदलने की मांग की.... अंपायर ने गेज से बॉल की जांच की....लेकिन उसे बदलने से इनकार कर दिया.... इससे गुस्साए पंत ने बॉल फेंक दी.... और यह पूरा वाकया अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है....जिसका फैंस काफी लुत्फ उठा रहे है....उस समय बेन स्टोक्स और हैरी ब्रूक क्रीज पर थे....गेंद बदलने की मांग क्रिकेट में आम है.... लेकिन पंत की यह हरकत और अंपायर से बहस ने मैच में ड्रामा जोड़ दिया....
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अलीराजपुर में दिनदहाड़े बाजार में 17 वर्षीय किशोरी को तीन बदमाशों ने अगवा करने की कोशिश की..... जिसका चौंकाने वाला वीडियो अब वायरल हो रहा है.....दोपहर में किशोरी अपनी बहन के साथ बाजार गई थी..... तभी तीन युवक बाइक पर आए और धारदार हथियार दिखाकर उसे जबरन बाइक पर बैठाने लगे..... पीड़िता की बहन ने विरोध किया.....लेकिन भीड़ में से किसी ने मदद नहीं की.....बदमाश किशोरी को ले जा रहे थे..... लेकिन रास्ते में जाम में फंस गए.....मौके का फायदा उठाकर किशोरी बाइक से कूदकर भाग निकली और भीड़ में छिपकर अपनी जान बचाई..... पुलिस ने वीडियो के आधार पर संज्ञान लिया है..... और तीनों आरोपियों तलाश कर रही है.....
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है है...जिसमें एक LPG सिलेंडर विस्फोट से दो जिंदगियां बाल-बाल बच गई.... वीडियो में आप देख सकते है कि एक महिला लीक हो रहे सिलिंडर को देखकर पहले तो दूर चली गई.... लेकिन फिर किसी वजह से दोबारा उसके पास लौट आई.... तभी एक आदमी वहां पहुंचा और शायद रेगुलेटर बंद करने की कोशिश करने लगा....उसी पल अचानक जोरदार धमाका हुआ....गनीमत रही कि दरवाजे-खिड़कियां खुली थीं.... और गैस पहले ही फैल चुकी थी.... जिससे बड़ा हादसा होते -होते टल गया....महिला और पुरुष मौत के मुंह से बाहर आए....
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नोएडा में 65 करोड़ के ब्लैकमेल और रंगदारी मांगने के मामले में आरोपी न्यूज एंकर्स आदर्श झा की जमानत याचिका खारिज होने के बाद आज नोएडा कोर्ट द्वारा दूसरी आरोपी एंकर शाजिया निसार की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। अब दोनों को फिलहाल जेल में ही रहना पड़ेगा। गौरतलब है कि भारत24 के शीर्ष प्रबंधन और कुछ कार्मिकों के खिलाफ यौन शोषण और मानसिक प्रताड़ना का झूठा आरोप लगाने की धमकी देने वाली एंकर शाजिया निसार और उसके बॉयफ्रेंड तथा लिव-इन-रीलेशनशिप में साथ रहने वाले एंकर आदर्श झा को 65 करोड़ की ब्लैकमेलिंग और रंगदारी मांगने के आरोप में नोएडा पुलिस द्वारा 12 दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बता दें किइस मामले में भारत24 की ओर से तीन FIR और 8 परिवाद दर्ज करवाए गए थे। नोएडा के जूनियर डिवीजन फर्स्ट मजिस्ट्रेट आकृति के समक्ष, शाजिया की तरफ से अधिवक्ता खुर्शीद हैदर जैदी, वहीं भारत24 की तरफ से एडवोकेट दीपक चौहान ने अपना अपना पक्ष रखा था। सूत्रों के अनुसार 65 करोड़ की रंगदारी मांगने वाली बँटी–बबली की यह ब्लैकमैलर जोड़ी रंगदारी मिलने के बाद लंदन और दुबई में घर खरीद कर वहीं बसने की योजना बना रही थी लेकिन अब गिरफ्तारी के बाद दोनों की जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब सब कुछ चौपट हो गया।
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चेन्नई। सन टीवी नेटवर्क (Sun TV Network Limited) ने शुक्रवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज किया, जिनमें कंपनी के प्रमोटर कलानिधि मारन और उनके भाई, डीएमके सांसद दयानिधि मारन के बीच कानूनी टकराव का जिक्र किया गया था। यह बयान ऐसे समय में आया है जब एक मीडिया रिपोर्ट के चलते कंपनी के शेयरों में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई। Sun TV ने साफ किया है कि यह विवाद कोई नया नहीं है, बल्कि करीब 22 साल पुराना है, जब कंपनी एक निजी लिमिटेड फर्म के तौर पर काम कर रही थी। कंपनी ने मीडिया में चल रही खबरों को “तथ्यहीन, भ्रामक और मानहानिकारक” बताया है और कहा कि इनमें लगाए गए आरोपों का कोई कानूनी या तथ्यात्मक आधार नहीं है। बयान में कहा गया है, “हमारी सभी गतिविधियां पूरी तरह विधिक दायरे में रही हैं। सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले सभी जरूरी मंजूरियों और नियामकीय जांचों से कंपनी गुजर चुकी है। यह विवाद पूर्णतः पारिवारिक और निजी प्रकृति का है, जिसका Sun TV Network के कारोबारी संचालन से कोई संबंध नहीं है।” कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उसे प्रमोटर परिवार के बीच किसी सुलह या समझौते की कोई जानकारी नहीं है और न ही ऐसी कोई सूचना है, जिसे लिस्टिंग नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को बताना जरूरी हो। यह स्पष्टीकरण उस नोटिस के जवाब में जारी किया गया है जिसे NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) ने 20 जून को जारी किया था। NSE ने ‘The Hindu’ में प्रकाशित उस रिपोर्ट का हवाला दिया था जिसमें कहा गया था कि दयानिधि मारन ने अपने भाई कलानिधि मारन को Sun TV की शेयरधारिता को लेकर कानूनी नोटिस भेजा, जिसके बाद शेयरों में गिरावट देखी गई। Sun TV Network ने अंत में दोहराया कि कंपनी का संचालन पूरी तरह सामान्य है और कारोबार पहले की तरह ही सुचारू रूप से जारी है।
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रायपुर- पत्रकारिता जगत से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें पत्रकार रवि साहू ने एशियन न्यूज़ चैनल प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना, बकाया वेतन रोके जाने और बिना पूर्व सूचना के सेवा समाप्त करने जैसे आरोप लगाए हैं। रवि साहू, जो लगभग डेढ़ वर्ष से चैनल में कार्यरत थे, ने बताया कि उन्हें 22 मई 2025 को एक ईमेल के माध्यम से सूचित किया गया कि उन्हें 30 मई तक आईडी कार्ड और अन्य संस्थागत सामग्री जमा करनी होगी, और उसी दिन से उनकी सेवाएं समाप्त मानी जाएंगी। यह कदम बिना किसी पूर्व नोटिस के उठाया गया, जबकि श्रम कानूनों के अनुसार कर्मचारियों को 30 दिन का नोटिस पीरियड दिया जाना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि 13 जून को अन्य कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर दिया गया, लेकिन उनकी सैलरी रोक दी गई। कई बार संपर्क करने के बाद सिर्फ ₹21,967 का भुगतान किया गया जबकि कुल बकाया ₹25,000 था। शेष ₹4,133 की रकम के लिए उन्हें कई बार एचआर और चैनल के सीएमडी श्री सुबोध सिंघानिया से संपर्क करना पड़ा। रवि साहू का दावा है कि उन्हें लगातार आश्वासन और फिर धमकियां दी गईं, जिसकी रिकॉर्डिंग्स उनके पास मौजूद हैं। रवि ने आगे बताया कि जब उन्होंने श्रम आयुक्त को शिकायत देने की बात कही, तब शेष बकाया राशि का भुगतान किया गया, लेकिन उसके बाद भी उन्हें फोन कॉल पर धमकाया गया। उनका कहना है कि यह सिर्फ उनके साथ नहीं हुआ, बल्कि चैनल में अन्य कर्मचारियों के साथ भी इसी तरह का शोषण हो रहा है — बिना कारण और बिना पूर्ण भुगतान के बाहर निकाल देना, जो कि श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। रवि साहू ने अपनी शिकायत विभिन्न सबूतों के साथ संबंधित मीडिया संस्थानों को भेजी है और अपील की है कि इस मामले को उजागर कर शोषित कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाए।
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उत्तराखंड की सड़कों पर यूपी के कुछ मनचले खुलेआम कार से युवती को अश्लील इशारे और छेड़खानी करते नजर आये.... लेकिन इस बार बहादुर युवती ने हिम्मत दिखाई....और इनकी हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.... इस युवती ने न सिर्फ इन गुंडों को सबक सिखाया.... बल्कि सभी बेटियों को चुप नहीं रहेंगी हिदायत दी....
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रुद्रप्रयाग (उत्तराखंड) । केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के ऊखीमठ रेंज के ऊपरी क्षेत्रों में हिम तेंदुआ की गतिविधियां ट्रैप कैमरा में कैद हुई हैं। बर्फ से घिरे हिमखंडों के बीच यहां हिम तेंदुआ नजर आया है। साथ ही पीले गले वाला नेवला और लाल लोमड़ी सहित कई दुर्लभ पक्षी प्रजातियां भी क्षेत्र में मौजूद हैं। डीएफओ तरुण एस की निगरानी में इन कैमरों का आकलन किया जा रहा है, जिसमें कई वन्य जीवन नजर आ रहे हैं। यह हिम तेंदुआ ऊखीमठ रेंज के हिमालय से लगे क्षेत्र में नजर आया है। काफी बड़े क्षेत्र में यह दुर्लभ वन्य जीव विचरण कर रहा है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय बाद हिम तेंदुआ दिखाई दिया है। इस क्षेत्र में कस्तूरी मृग, भूरा भालू, भौंकने वाले हिरण, पीले गले वाला नेवला, लाल लोमड़ी भी अच्छी संख्या में मिले हैं। साथ ही पक्षी प्रजातियों की संख्या बढ़ रही है। मोनाल के साथ ही तीतर की कई प्रजातियां उच्च हिमालय क्षेत्र में पाई गई है। साथ ही यहां गुलदार, भालू, सांभ, घुरल, काखड, हिमालयन थार भी पूरे प्रभागीय क्षेत्र में पाए गए हैं। डीएफओ केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग गोपेश्वर तरुण एस ने बताया कि ट्रैप कैमरा का निरीक्षण किया जा रहा है। हिम तेंदुआ का नजर आना सुखद है। हिमालय क्षेत्र में पाए जाने वाले कई दुर्लभ जीव अपने कुनबे के साथ विचरण करते नजर आ रहे हैं। यह प्रकृति और पर्यावरण के लिए अच्छा है। जुलाई के दूसरे सप्ताह तक सभी ट्रैप कैमरा का निरीक्षण कार्य पूरा हो जाएगा। इसके बाद, प्रभागीय क्षेत्र में वन्य जीव व पक्षी प्रजातियों की सही संख्या का पता लग सकेगा। 975.20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग में केदारनाथ, द्वितीय केदार तुंगनाथ और तृतीय केदार तुंगनाथ के साथ ही कई रमणीक स्थल मौजूद हैं। इस पूरे वन क्षेत्र में दुर्लभ वन्य जीव निवास करते हैं। इन जीवों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए प्रभागीय स्तर पर निरंतर गश्त की जाती है। साथ ही जगह-जगह पर 200 ट्रैप कैमरा लगाए गए हैं, जिससे वन्य जीवों की गतिविधियों का पता लग सके।
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बिजली विभाग के एक कर्मचारी को सरेआम ठेकेदार ने थप्पड़ मारने का विडियो .... अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है....बताया जा रहा है कि कर्मचारी को ठेकेदार और उसके सहयोगियों ने गाली-गलौज करते हुए ....मारपीट की और जान से मारने की धमकी तक दी है.... इस घटना से कर्मचारी वर्ग में भारी आक्रोश है.... वायरल वीडियो साल्हेवारा बिजली विभाग के कंट्रोल रूम के बाहर का है ....जहां बिजली विभाग के कर्मचारी हरीश राजपूत जो विद्युत वितरण कंपनी में काम करता हैं....आरोप है कि ठेकेदार ने अपनी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए.... हरीश को पहले तमाचा मारा और फिर लात-घूंसों से जमकर पीट दिया ....इतना ही नहीं कर्मचारी को जान से मारने की धमकियां भी दी....जिसके बाद हरीश राजपूत ने साल्हेवारा थाने में मामला दर्ज कराया है....पुलिस ने आरोपियों पर गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है.... और मामले की जांच कर रही है....
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गांधीनगर । अहमदाबाद विमान हादसे में 242 लोगों में अविश्वसनीय रूप से जिंदा बचे इकलौते यात्री रमेश विश्वास कुमार बुधवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिए गए। हादसे में घायल विश्वास दुर्घटना के बाद से अस्पताल में भर्ती थे। डिस्चार्ज होने के बाद वे आज अपने बड़े भाई अजय की अंतिम यात्रा में शामिल हुए, जिनकी विमान हादसे में जान चली गई थी।अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले एयर इंडिया के प्लेन क्रैश में क्रू मेंबर समेत 241 लोगों की मौत हो गई। हादसे में सिर्फ एक यात्री विश्वास रमेश कुमार की जान बच पाई। आज अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रमेश विश्वास, अपने भाई के ताबूत को देख कर टूट गए और बुरी तरह से बिलख पड़े। अत्यंत भारी मन से उन्होंने भाई की अर्थी को कंधा दिया।ब्रिटिश नागरिक 40 वर्षीय रमेश कुमार विश्वास और उनके बड़े भाई अजय एकसाथ लंदन जाने के लिए एयर इंडिया के विमान में सवार हुए थे। हादसे में विश्वास रमेश बच गए थे लेकिन उनके भाई की मौत हो गई।दीव में विश्वास और अजय की गार्मेंट की दुकान थी लेकिन कोरोना काल में उसके बंद हो जाने के बाद उन्होंने फिशिंग बोट खरीद ली थी। दोनों भाई सर्दी से गर्मी के मौसम तक दीव के अपने पैतृक घर रह कर यह कारोबार संभालते और मानसून की शुरुआत में लंदन लौट जाते थे। दोनों भाई हर साल आमतौर पर 6-7 महीने दीव और चार-पांच महीने लंदन में रहते थे।
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर में हुए अनोखी शादी ने सबको हैरान कर दिया....जहां न बैंड-बाजा था, न बारात, न कोई तामझाम, फिर भी यह शादी चर्चा का विषय बन गई....अरविंद बिंद नाम के एक पति ने अपनी पत्नी रीता की शादी उसके प्रेमी सौरभ से करवा दी.... रीता ने शादी से पहले सौरभ के साथ भागने की कोशिश की थी... शादी के बाद भी उनका प्रेम-प्रसंग जारी रहा.... हाल ही में मेरठ,इंदौर और औरैया में हुई हत्याओं के डर से अरविंद ने एक बड़ा कदम उठाया.... और अपनी पत्नी और उसके प्रेमी की शादी करवा दी...
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एक जगह जहा भारत में भ्रूण लिंग परीक्षण सख्त अपराध है....वही रीवा के निजी अस्पताल पर भ्रूण परीक्षण के गंभीर आरोप लगे हैं... मामला सामने आने के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं... रीवा जिले में एक निजी अस्पताल पर भ्रूण हत्या के आरोप लगे है ... जिसका खुलासा एक ऑडियो क्लिप के वायरल होने से हुआ है.... जिसमे गुड़िया नाम की नर्स भ्रूण परीक्षण की बात करती हुई सुनाई दे रही है... क्लिप के वायरल होने के बाद इस मामले ने अब तूल पकड़ ली है.... रीवा कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं...स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में कई सालो से ऐसे काम हो रहे थे...लेकिन अब ऑडियो सामने आया है... तो उम्मीद है कि दोषियों पर कार्रवाई होगी...
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नई दिल्ली । विदेश मंत्रालय का कहना है कि सुरक्षा कारणों से ईरान की राजधानी तेहरान से भारतीय छात्रों को शहर से बाहर ले जाया जा रहा है और अन्य भारतीयों को भी शहर से बाहर जाने की सलाह दी गई है। इजरायल लगातार ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर निशाना बना रहा है। इसके जवाब में ईरान भी इजरायल पर मिसाइल हमले कर रहा है।विदेश मंत्रालय और ईरान का भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर अपडेट जारी कर रहा है। इस संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा है कि परिवहन के मामले में आत्मनिर्भर अन्य निवासियों को भी विकसित हो रही स्थिति को देखते हुए शहर से बाहर जाने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, कुछ भारतीयों को आर्मेनिया की सीमा के माध्यम से ईरान छोड़ने में मदद की गई है। दूतावास सभी संभव सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से समुदाय के साथ लगातार संपर्क में है।मंत्रालय का कहना है कि स्थिति अभी भी अस्थिर और नाजुक है, इसे देखते हुए आगे भी परामर्श जारी किए जा सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।इज़राइल और ईरान में तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत सरकार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए व्यापक कदम उठा रही है। इजरायल की राजधानी तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास वहां मौजूद कामगार, छात्र, पर्यटक, व्यवसायी और देखभाल कर्मियों के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक उपाय कर रहा है।भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सख्त सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में 24x7 नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है, जिससे सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके संपर्क विवरण इस प्रकार हैं:फोन – 1800118797 (टोल फ्री), +91-11-23012113, +91-11-23014104, +91-11-23017905व्हाट्सएप – +91-9968291988 ईमेल – situationroom@mea.gov.inतेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भी आपातकालीन हेल्पलाइन शुरू की है। ईरान में कॉल के लिए नंबर हैं: +98 9128109115, +98 9128109109। व्हाट्सएप पर सहायता के लिए: +98 901044557, +98 9015993320, +91 8086871709। बंदर अब्बास: +98 9177699036, ज़ाहेदान: +98 9396356649।ईमेल – cons.tehran@mea.gov.inवहीं भारतीय दूतावास, तेल अवीव की हेल्पलाइन: +972 54-7520711, +972 54-3278392ईमेल – cons1.telaviv@mea.gov.in
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खंडवा के बॉम्बे बाजार रोड पर एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.... वीडियो में एक फल विक्रेता गंदी नाली से गिरे हुए.... आम उठाकर अपने ठेले पर रखता दिख रहा है.... यह घटना अग्रवाल धर्मशाला की गली में हुई.... जहां नगर निगम की अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान भागते वक्त विक्रेता के आम नाली में गिर गए.... वीडियो में देखा जा सकता है.... कि फलवाला और उसके दो साथी बिना परवाह किए नाली के आमों को ठेले पर रखकर बेचने के लिए तैयार हैं... जिसका वीडियो बनाकर एक व्यक्ति ने वायरल कर दिया....इसके बाद तो सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया....लोग कह रहे हैं कि उपवास और रोजमर्रा में फल खाना अब जोखिम भरा हो सकता है....कुछ यूजर्स ने तो प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है....ताकि ऐसी लापरवाही पर रोक लगे....
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अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले बाबा पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री .... इस समय ऑस्ट्रेलिया मे पहने चश्मे और जैकेट की वजह से खुब जमकर ट्रोल हो रहे है....लेकिन लगातार टोल होने के बाद...अब उन्होंने अपने ही ठेठ अंदाज में ट्रोलर्स को जवाब दिया है.... बाबा बागेश्वर इन दिनो विदेश कथा करने गये है....लेकिन उनकी एक रील भारत में जमकर वायरल हो रही है....लोग उन्हें ट्रोल कर रहे है....जिस पर अब बाबा ने जवाब दिया है....बाबा ने कहा कि जिसने यह वीडियो डाला है.... वह नकटा सुन ले तुझे मेरे जेकेट और चश्मे से परेशानी है.... यह मेरा नहीं है यह उनके शिष्यों ने गिफ्ट किया है... उन्होने कहां कि वह कथा करने की जो दक्षिणा लेते है....वह दक्षिणा वो गरीब कन्याओं पर खर्च करते है.... कथा के दौरान जो रुपये मिलते है.... उससे वह हिंदुओं के कैंसर अस्पताल बनाने में खर्च करते है....
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इन दिनों चीन में एक अनोखे ट्रेंड ने खूब जोर पकड़ा हुआ है....यहां लड़कियां खुद को तनाव मुक्त करने के लिए मैन मम्स की मदद ले रही हैं....जो उन्हें गले लगने के बदले में चार्ज करते हैं.... आपको जानकर हैरानी होगी कि गले लगाने वाली इस सर्विस की यहां खूब डिमांड है..एक रिपोर्ट के अनुसार काम का तनाव, पढ़ाई का बोझ या पर्सनल परेशानियों से जूझ रही युवतियां इससे उबरने के लिए मैन मम्स को हायर करती हैं.... एक बार हग करने के लिए मैन मम्स उनसे 20 से 50 युआन यानी 250 रुपये से 600 तक चार्ज करते हैं.... और गले लगाने का समय आमतौर पर 5 मिनट का होता है....
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कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढिकाला जोन में पर्यटन सीजन के आखिरी दिन एक जिप्सी सर्पदुली के पास जामुन स्रोत में अचानक पानी बढ़ने के कारण बरसाती नाले में फंस गई....जिससे कई अन्य पर्यटकों को घंटों इंतजार करना पड़ा....नाइट स्टे से लौट रही इस जिप्सी में सवार पर्यटकों को तो सुरक्षित निकाल लिया गया है ....लेकिन जिप्सी घंटों पानी में फंसी रही....पानी का स्तर कम होने के बाद ही जिप्सी को नाले से निकाला जा सका....जिसके चलते पर्यटकों और वाहनों की आवाजाही में काफी देरी हुई....
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मेलबोर्न क्रिकेट क्लब ने बाउंड्री पर कैच पकड़ने के नियमों में बदलाव किए हैं। ये बाउंड्री से बाहर जाकर बॉल उछालने पर लिए जाने वाले कैच से संबंधित हैं। यह बदलाव मेलबर्न क्रिकेट क्लब अक्टूबर 2026 से शामिल करेगा, जबकि ICC अगले महीने से इस नियम को शामिल कर लेगा। 17 जून से श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच होने वाले टेस्ट से यह नियम लागू हो जाएगा। पहले कई मौकों पर बाउंड्री पर खड़े खिलाड़ी हवा में जा रही गेंद को एक बार बाउंड्री के अंदर रहते हुए उछाल देते थे, फिर बाउंड्री पार करके हवा में उछाल देते थे और बाउंड्री के अंदर आकर कैच ले लेते थे। अब इसे कैच नहीं माना जाएगा और बल्लेबाज को रन मिलेगा। किसी खिलाड़ी ने बाउंड्री के बाहर जाकर हवा में उछलकर बॉल अंदर फेंकी, फिर दूसरे खिलाड़ी ने कैच किया तो यह तभी मान्य होगा जब बॉल उछालने वाला खिलाड़ी भी बाउंड्री के अंदर हो। 2023 में बिग बैश लीग में माइकल नेसेर ने बाउंड्री पर एक कैच पकड़ा था, जिस पर सवाल उठे थे। इसके बाद ही ICC ने मेलबर्न क्रिकेट क्लब को कैच के नियमों की समीक्षा करने के लिए कहा था।
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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में अनूपशहर के प्राचीन भूतेश्वर महादेव मंदिर के ढहने का विडियो सामने आया है....मां चामुंडा मंदिर परिसर में वंदन योजना के तहत चल रहे.... सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान अत्यधिक खुदाई से यह प्राचीन मंदिर भरभरा कर गिर पड़ा....एक स्थानीय व्यक्ति ने इस हादसे का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया....जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया....और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे...और मंदिर के पुनर्निर्माण का आश्वासन दिया है....
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अरुणाचल प्रदेश की हिलंग याजिक ने इतिहास रच दिया है.... भूटान में आयोजित 15वीं साउथ एशियन बॉडीबिल्डिंग एंड फिजिक स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत पदक अपने नाम किए है.... इस प्रतियोगिता में उन्होंने महिला मॉडल फिजिक 155 से.मी. वर्ग में याजिक न केवल भारत के लिए यह सम्मान लेकर आईं....बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने वाली.... अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला फिजिक स्पोर्ट्स एथलीट बन गईं है ....उनकी इस उपलब्धि ने पूरे देश को गर्व से भर दिया है Add reaction
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थाईलैंड में बम की सूचना के बाद एयर इंडिया फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई.... ये विमान फुकेट से दिल्ली आ रहा था.....इस फ्लाइट में 156 यात्री सवार थे.... फ्लाइट से सभी यात्रियों को विमान से बाहर निकाल कर...गाइडलाइन के मुताबिक पूरी जांच की गई
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अहमदाबाद विमान हादसे में हुए एक चमत्कार देख सभी को हैरान रह गये है.... हादसे में जहां हर चीज़ जलकर राख हो गई...वहीं भगवद गीता की प्रतिमा बिना किसी नुकसान के सुरक्षित मिली है.... वायरल हो रहे वीडियो में एक शख्स इसे हाथ में लिए पन्ने पलटते हुए दिख रहा है.... न कोई पन्ना जला न एक कोना फटा.... यह दृश्य सोशल मीडिया पर आस्था और चमत्कार की मिसाल बन गया है....
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साउथ सुपरस्टार राम चरण की आने वाली फिल्म द इंडिया हाउस के सेट पर एक बड़ा हादसा हो गया ...जिसकी वजह से फिल्म की शूटिंग अचानक रोकनी पड़ी...शूटिंग के दौरान एक पानी की टंकी फटने के कारण भारी बाढ़ जैसे हालात बन गए....जिससे सेट पर मौजूद क्रू मेंबर्स घायल हो गए...पानी कितना तेज बह रहा है... आप वीडियो में देख सकते है
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- शिवप्रकाश प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी संकल्प से सिद्धि अभियान चला रही है | संपूर्ण देश में मोदी सरकार की सफलता पर प्रेस वार्ताएं, प्रदर्शनी, विचार संगोष्ठी, जनसभाएं एवं ग्राम स्तर पर चौपाल कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है | सोशल मीडिया द्वारा योजनाओं की जानकारी एवं अनेक प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन भी हो रहा है | गरीब कल्याण, ढांचागत विकास,अन्तर्वाह्य सुरक्षा, आर्थिक प्रगति, सांस्कृतिक उत्थान एवं विदेशों में बढ़ता भारतीय सम्मान सभी क्षेत्रों में ऐतिहासिक उपलब्धियां 11 वर्ष में प्रगति की गवाह है| भारत सहित विश्व की अनेक संस्थाओं एवं प्रमुख व्यक्तियों ने इस ऐतिहासिक सफलता की प्रशंसा की है | रक्षा क्षेत्र में भी इसी प्रकार की उपलब्धियां ऐतिहासिक है | चाणक्यनीति में कहा कि “शस्त्रेण रक्षिते राष्ट्रे शास्त्र चिंता प्रवर्तते” शास्त्रों की चर्चा भी तभी संभव है जब राष्ट्र सभी प्रकार से सुरक्षित हो | सिद्धांत कितना भी श्रेष्ठ हो उसकी सफलता उस सिद्धांत का अनुसरण करने वालों की शक्ति पर ही निर्भर करती है | इसी कारण विद्वानों ने शक्ति को ही शांति का आधार बताया है| राष्ट्रकवि श्री रामधारी सिंह दिनकर अपनी कविता "क्षमा शोभती उस भुजंग को, जिसके पास गरल हो" इस सिद्धांत को ही प्रतिपादित करते हैं | भारतीय जनसंघ ने अपने 1964के पटना अधिवेशन में प्रस्ताव पारित करते हुए मांग की थी कि भारत को परमाणु बम बनाने के सभी प्रयत्न करने चाहिएँ | “सिद्धांत एवं नीतियां” नामक दस्तावेज में भी परमाणु अस्त्रों का निर्माण करने की बात की थी | प्रस्ताव प्रतिपादन करते समय कहा गया था कि हमारे आराध्य सभी देवी-देवता धर्म संस्थापना के लिये शस्त्रधारी है | इसलिए भारत माता भीपरमाणु बम धारी होनी चाहिए | इसी नीति का अनुसरण करते हुए श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने 1999 में पोखरण परमाणु विस्फोट कर विश्व में भारत के सम्मान को बढ़ाने का कार्य किया था| 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश अपने हितों की सुरक्षा करने में समर्थ बने इस प्रकार की नीति पर चला |आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीतिइसी का उदाहरण है| जहाँ कांग्रेस सरकार में आतंकियों के लिए जी जैसे सम्मानपूर्वक शब्दों का उपयोग एवं बिरयानी खिलाना जैसे उपक्रम चल रहे थे वहीं मोदी सरकार में सेना और सुरक्षा बलों को आतंक से लड़ने के लिए छूट एवं सुरक्षा बलों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाये गए | रक्षा क्षेत्र का बजट 2013-14 में 2.53 लाख करोड़ था अब 2025-26 के लिए वह बढ़कर 6.81 लाख करोड़ अर्थात तीन गुना से अधिक हो गया है | 2015 कैग रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना के पास केवल 20 दिन का गोलाबारूद उपलब्ध था | व्यक्तिगत सैनिक स्तर पर, सैनिकों को अब स्वदेशी रूप से निर्मित उच्च गुणवत्ता वाली बुलेटप्रूफ जैकेट, उन्नत हेलमेट , नई बैटल ड्रेस यूनिफॉर्म (NBDU), नाइट विजन डिवाइस (NVDs) और थर्मल इमेजर उपलब्ध करायी गई |मोदी सरकार के आने के बाद सेना के समन्वय के लिएलंबित मांग सीडीएस की नियुक्ति का निर्णय हुआ | ऑपरेशन सिन्दूर में तीनों सेनाओं के समन्वय में हमने इस निर्णय की भूमिका को अनुभव किया है | शस्त्रोंकी खरीद के लंबे समय से लंबित निर्णयों का भी शीघ्र निस्तारण होते हुए हम देख चुकेहैं | फ्रांस से आने वाले राफेल की खरीद इसी प्रक्रिया का परिणाम है |एस -400 , सुखोई -30 , इजराईल से ड्रोन , हैमर मिसाईल , चिनूक हेलिकॉप्टर, LCH प्रचंड (लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर) , Tejas Fighter Jet ( पूर्ण स्वदेशी विमान ) , पिनाका राकेट सिस्टम ( Multi Barrel Rocket launcher ) , वरुणास्त्र ( Anti Submarine Missile ) आदि की उपलब्धता के कारण भारतीय सेना विश्व की श्रेष्ठतम सेनाओं में गिनी जाती है | ऑपरेशन सिन्दूर में निर्धारित लक्ष्य पर मार एवं शत्रु के ड्रोन एवं मिसाईल को मार गिराने में हम सक्षम हुए है | 11 वर्ष के सफलतम कालखंड में केवल विदेशों से शस्त्र खरीद ही नहीं हमने स्वयं के आत्मनिर्भर होने के मंत्र को भी पहचाना है | अब हम भारत में उन्नत एवं आधुनिक स्वदेशी शस्त्रों का निर्माण भी कर रहे हैं | स्वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत का निर्माण, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, रुस्तम यूएवी ड्रोनसका डीआरडीओ द्वारा लखनऊ में निर्माण, रूस के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल,टाटा -डसाल्ट के साथ राफेल के मुख्य भाग का हैदराबाद में हम निर्माण करने वाले हैं | रक्षा उत्पादन में पिछले 10 वर्षों में 174% की वृद्धि हुई है | रक्षा उत्पादन 2014-15 में 46529 करोड़ की तुलना में 2023-24 में 127265करोड़ हुआ है| रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी - 17 नवंबर 2021 (“Rashtra Raksha Samarpan Parv”, झांसी में) के अपने संबोधन में कहाँ कि :- “भारत अपनी रणनीतिक व सुरक्षा आवश्यकताएँ अन्य देशों पर निर्भर होकर पूरा नहीं कर सकता ... सरकार निरंतर ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में प्रयासरत है।“ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नीति के कारण अब हम खरीदने अर्थात आयात करने वाले देश नहीं हम बेचने वाले अर्थात निर्यात करने वाले देश बन गए हैं| 2004 से 2014 अर्थात 10 वर्षों में हमने 4312 करोड़ का निर्यात किया था | 2014 से 24 में 88,319 करोड़ का हुआ है | 2024 - 25 में केवल एक वर्ष में ही हमने 23622 करोड़ का निर्यात किया है | आयात में 21% की कमी करके 11 वर्षों में निर्यात में 34% की वृद्धि करने में देर सक्षम हुआ है| आज हम लगभग 80 से अधिक देशों में रक्षा उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं | ऑपरेशन सिंदूर में हमारे स्वदेशी शस्त्रों की सफलता को देखकर विश्व में हमारे शस्त्रों की मांग भी बढ़ गयी है | देश को नक्सल मुक्त करने के मोदी सरकार के संकल्प ने देश के सामान्य नागरिको में सरकार के प्रति विश्वास जगाया है | नक्सली हिंसा में लिप्त आतंकी अपनी अंतिम सांस गिन रहे हैं | 2014 में नक्सल आतंकवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 126 थी | 11 वर्षों बाद 2025 में वह संख्या मात्र 6 रह गई है | बड़े-बड़े इनामी नक्सली आतंकी मुठभेड़ में मारे गए हैं | सरकार के नक्सलमुक्त देश के संकल्प से लगता है कि भावी पीढ़ी नक्सलवाद नाम ही भूल जाएगी| प्रत्येक प्रकार की गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 2 सितंबर 2022 को कोच्चि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय नौसेना के नए ध्वज का अनावरण किया, जिसमें औपनिवेशिक 'सेंट जॉर्ज क्रॉस' को हटाकर छत्रपति शिवाजी महाराज की राजमुद्रा से प्रेरित अष्टकोणीय प्रतीक को स्थान दिया गया।इसमें अशोक स्तंभ, लंगर और नौसेना का आदर्श वाक्य “शं नो वरुणः”अंकित है, जो भारत की समुद्री विरासत और आत्मगौरव का प्रतीक है।नए भारत का संकल्प- घर में घुसकर आतंकियों को मारेंगे केवल कहना मात्र नहीं, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक एवं ऑपरेशन सिंदूर में हमने यह करके दिखाया है | खून एवं पानी एक साथ नहीं बहेगा सिंधु नदी समझौता रद्द कर हमने आतंक के प्रति अपने दृष्टिकोण को विश्व के सामने स्पष्ट किया है | पूर्व सैनिको के कल्याण, अग्नि वीर योजना,विजयदशमी पर राफेल जैसे शस्त्रों का पूजन एवं दीपावली त्योहार में सैनिको के मध्य प्रधानमंत्री जी की उपस्थिति, सीमावर्ती सैनिक चौकियों पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह जी का प्रवास यह सभी उपक्रम हमारे सुरक्षित भारत के संकल्प को प्रकट करते हैं | ऑपरेशन सिंदूर के बाद की स्थिति, पाकिस्तान के आतंकी चेहरे को बेनकाब करने, आतंकवाद के प्रति भारत के दृष्टिकोण को विश्व के सम्मुख रखने के लिए सर्वदलीय प्रतिनिधिमण्डल देश की एकजुटता को प्रकट करने का कूटनीतिक सराहनीय प्रयास है | भारत को सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के यह प्रयास देश की जनता में यह विश्वास जगाने में सफल हुए हैं कि मोदी के नेतृत्व में देश सुरक्षित हाथों में है | लेखक- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री हैं|
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विजय मनोहर तिवारी कृपा करके, नौकरियों के ऊंचे अवसर छोड़कर अनिश्चितताओं से भरे मीडिया में अपने कॅरिअर बनाने आ रही नई पीढ़ी के संजीदा युवाओं के बारे में सोचिए। एक के बाद एक ऐसे बेहूदा बेलगाम कवरेज देखकर मीडिया से उनके मोहभंग हो रहे हैं। उनके लिए चैनलों का यह दृश्य बेहद निराशाजनक है। वे समाज में अपनी सकारात्मक भूमिका के लिए पत्रकार बनना चाहते हैं, मदारी नहीं... ------- कट टू कट। सिंदूर की बंपर कवरेज के बाद परदे पर आई सुपरहिट सोनम। टीवी चैनलों के लिए ब्लॉक बस्टर मूवी टाइप लॉटरी। मजे की बात यह है कि मूवी मेकर्स को तो स्टोरी, स्टार कास्ट, लोकेशन, सेट्स, म्युजिक, स्पेशल इफेक्ट, वीएफएक्स और डायरेक्शन से लेकर प्रोडक्शन की ढेर सारी खर्चीली प्रक्रियाओं से गुजरना होता है तब कहीं जाकर एक ब्लॉक बस्टर दे पाते हैं। नोएडा के स्टुडियोज में विराजित एंकर और एंकरियों के लिए सिंदूर हो या सोनम, हर्र लगे न फिटकरी टाइप मामला है। दो पैसे खर्च किए बिना चौबीस घंटे चलने वाले शो के लिए मूवी तैयार है। मीडिया के नीति नियामक अगर होश-हवास में हैं तो उन्हें स्वत: संज्ञान लेकर आगे आना चाहिए। यह अति है। एक शक्तिशाली समाचार माध्यम को बंदर के हाथ में उस्तरा बनने से रोकिए। सूचना प्रसारण की कोई मर्यादाएँ अगर नहीं हैं तो बनाइए। कठोर आचार संहिताएँ तय कीजिए। इनकी चौबीस घंटा निगरानी कीजिए। नोटिस दीजिए। जरूरत पड़े और कानून इजाजत देता हो तो दो-चार के प्रसारण रोकिए। कानून इजाजत न देता हो तो कानून बनवाइए। हाथी पागल हो रहा है, अंकुश जरूरी है। भारत में चौबीस घंटे के सैटेलाइट न्यूज चैनलों को पच्चीस साल से ऊपर हो चुके हैं। अनुभव के इस अंतराल में आकर एक गधा भी घोड़ा बन जाता है। मगर चैनलों का बचपना गया नहीं है। बल्कि वे बचपने में भी नहीं है। बढ़ती उम्र के साथ बुद्धि का विकास न हो तो वह स्पेशल चाइल्ड होता है। मुझे लगता है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ यह त्रासदी घट गई है और जब ऐसे बच्चे की पहचान हो जाए कि वह स्पेशल है तो उस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत हो जाती है। भारत में मीडिया के नीति नियामकों को सब काम छोड़कर (मुझे पता नहीं उनके पास और क्या-क्या काम हैं) इस स्पेशल चाइल्ड के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सिंदूर को उन्होंने दिन-रात इतना घिसा कि उसके चटख रंग उड़ा दिए। सोनम के हाथ लगते ही न्यूम रूम बैठकों में ईद-दिवाली एक साथ आ गई। इस क्राइम स्टोरी में वह सब था जो नेत्रहीन को आंख की तरह बौद्धिक रूप से दिवालिया हो चुके चैनलों को चाहिए था। किरदारों के नाम ठीकठाक थ- राजा और सोनम। हनीमून पर शिलांग की लोकेशन भी बढ़िया मिली। जब क्राइम का राजफाश हुआ तो मुख्य विलेन का नाम आया-राज। यह भी सोने पर सुहागा। अब मध्यप्रदेश के सबसे बड़े मिनी मुंबई कहलाने वाले इंदौर से स्टोरी जुड़ी और शिलांग होकर गाजीपुर का ढाबा भी आ गया। चैनलों के डायरेक्टर-प्रोड्यूसर अलबर्ट आइंस्टीन के जीवन के उस क्षण की भावदशा अनुभूति को उपलब्ध हुए होंगे जब उन्होंने ईबराबरएमसीस्क्वेयर खोज लिया था। उसके बाद भारत का शक्तिशाली इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ऑपरेशन सिंदूर से शिफ्ट होकर अपने हाथों अपना ही सिंदूर उजाड़ने वाली सोनम के कृतित्व को समर्पित हो गया। एक समय गाँव-कस्बों में मदारी आया करते थे। तब टीवी चैनल नहीं थे। मनोरंजन की स्थानीय परंपराओं में मदारी और सर्कस ही आकर्षण हुआ करते थे। मदारी एक लो बजट मनोरंजन था। एक बदहाल सा आदमी, सहायक के रूप में उसके साथ एक बेटी या बेटा, एक बंदर या रीछ। वह जोर-जोर से अपने संवाद बोलता हुआ बीच-बीच में एक हाथ से डमरू पीटता था। वह बैकग्राउंड म्युजिक था। -"साहेबान…कदरदान…।' डमरू की आवाज के साथ इन दो शब्दों से वह शो का आगाज करता था, "हमारे बंदर भाई शहर से पढ़कर आ गए हैं और अब शादी की जिद पर अड़े हैं…बच्चे लोग दूर हो जाएँ…आप सब गोल घेरा बना लें…बंदर भाई बहुत गुस्से में हैं…आज सुबह से जिद पर अड़े हैं कि शादी करूंगा तो हेमा मालिनी से करूंगा….साहेबान-कदरदान…।' सिखाए हुए बंदर से डमरू की ताल पर कुछ कलाबाजियाँ हर उम्र के दर्शकों को पसंद आती थीं। आधेक घंटे के मनोरंजन के बाद उसके बेटे-बेटी दर्शकों से मिली दस-पाँच पैसे की चिल्लर जमा कर रहे होते थे। लेकिन वह मेहनत की कमाई थी। दुनिया बदल गई है। पुराने पोस्टर उतर गए हैं। अब अनगिनत चौराहों पर अनगिनत मदारी, बंदर और बंदरियाँ सजे हैं। समाज उन्हें मसाला दे रहा है। कभी वे राजनीति से किसी बयान की कोई चिंदी उठा लाएंगे तो कभी सरकार का कोई कदम उन्हें तेल-मिर्च-मसाला मुहैया करा देगा और जब कुछ नहीं होगा तो एक सौ चालीस करोड़ के देश में क्राइम की क्या कमी है? सोनम तो मिल ही जाएगी। टीवी चैनलों ने क्राइम को भी सेलिब्रिटी स्टेटस दे दिया है। अगर राजा-सोनम की स्टोरी में इंदौर की जगह खाईखेड़ा नाम का गाँव और शिलांग की जगह सूखी सेवनिया होता। सोनम की जगह कलावती बाई और राजा की जगह श्रीमान् सड्डू आदिवासी होते तो इसी कहानी को कोई भाव नहीं मिलते। जरा सोचिए इतने चमकदार लिपे-पुते चेहरों वाले एंकर-एंकरियों के मुंह से ये नाम कैसे निकलते। तब यह एक ड्राई और डाउन मार्केट स्टोरी होती। एक मिनट का पैकेज भी नहीं बनता। दिन भर के शो को तो गोली मारिए। अभी तो कारोबार कितना दूर तक चला गया-इंदौर से लेकर गाजीपुर के ढाबे तक कैमरे-माइक लिए हमारे मीडिया वीर डमरू की पुरानी भूली-बिसरी यादों को ताजा करते हुए दिखाई दिए-"साहेबान-कदरदान…सोनम ने ढाबे पर जाने के पहले इसी दुकान पर चाय पी थी और मैं अपने कैमरामेन से कहूँगा कि वे इस जगह को दिखाएं…सोनम यहीं... ठीक इसी जगह पर टैक्सी से उतरी थी…।' एक दूसरी टीम इंदौर में रघुवंशी परिवार के घर को घेरे खड़ी थी और देश को बताया जा रहा था कि सोनम के भाई राजा के घर पहुंच चुके हैं। वे राजा की मां से गले लगकर फूट-फूटकर रो रहे हैं। इतने बड़े देश में दिखाने के लिए क्या कोई ढंग के विषय नहीं बचे? क्या चंद ऐसे लोग भी नहीं हैं जो कुछ ऐसा कर रहे हों, जिसे देखकर बाकी लोगों को दिशा और प्रेरणा मिले। सरकार ने कुछ कर दिया, समाज में कुछ उल्टा-सीधा हो गया तो क्या ही आपको दिखाना है? आपका अपना दिमाग कहीं गिरवी रखा गया है क्या? यह क्या कवरेज है? आप टीवी के डाकिए की भूमिका में हैं तो यहाँ-वहाँ की डाक उठाकर स्क्रीन के जरिए लोगों के पास फैंके जा रहे हैं। शहरों में कूड़ा बीनने वाले देखे होंगे। वे सुबह से एक बोरा उठाए सड़कों पर पन्नी, डिब्बे, ढक्कन, बोतल, टीन, टुकड़े बटोरते हैं और कहीं ले जाकर उसे जमा करते हैं। मुझे लगता है कि हमारे माइक और कैमराधारी परमवीरों से तो वे कूड़ा बीनने वाले बेहतर हैं। ये तो समाज का सब तरह का कूड़ा बटोरकर हमारे घरों में हमारे दिमागों में ठेल रहे हैं। कवरेज के नाम पर यह अपराध है। 2047 का बलशाली भारत मीडिया के मदारी नहीं बनाएँगे… (लेखक एमसीयू के कुलगुरु हैं)
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रांची के कटहल मोड़ पर ऑटो चालकों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है....वीडियो में देखा जा सकता है कि दो ट्रैफिक पुलिसकर्मी एक ऑटो चालक को पकड़कर ला रहे हैं...तभी वहां मौजूद अन्य ऑटो ड्राइवर इकट्ठा होकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर देते हैं.... देखते ही देखते कटहल मोड़ रणक्षेत्र में बदल जाता है....
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नवाबों के शहर लखनऊ से शर्मसार करने वाली घटना सामने आया है.... यहां मॉडल चाय वाली सिमरन गुप्ता के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार और मारपीट की है..... जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है..... वीडियो में आप देख सकते की पुलिस मॉडल चाय वाली के स्टॉल पर मारपीट करते नजर आ रही है
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27 जून को आषाढ़ पूर्णिमा के दिन निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा से पहले अहमदाबाद में भगवान जगन्नाथ की भव्य जल यात्रा निकाली गई....इस यात्रा में संतों, स्थानीय लोगों और कई राजनीतिक नेताओं ने भी भाग लिया....सदियों पुरानी इस परंपरा में भक्तों ने उत्साह से भाग लिया .....हर तरफ सिर्फ जय जगन्नाथ जयकारे गूंज रहे थे....
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खजुराहो एयरपोर्ट पर एक बड़ा हादसा होने से टला.....पायलट ट्रेनिंग के दौरान एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट रनवे पर फिसल गया.....इस घटना में एयरक्राफ्ट को काफी नुकसान हुआ है.....लेकिन समय रहते बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई कर पायलट और ट्रेनी को सुरक्षित बचा लिया...मौके पर एयरपोर्ट कर्मचारी, एसडीएम, तहसीलदार और फायर ब्रिगेड की टीमें मौजूद थीं.....
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धार्मिक स्थल पर भक्तों को लूटने का धंधा शुरू हो गया है....पर आश्चर्य की बात तो ये कि मंदिर के पंडित भी इस धंधे में शामिल हो चुके है.... एक ऐसा ही मामला का खुलासा ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर से हुआ है..... जहा वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है... ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में इस धंधे का भंडाफोड़ तो तब हुवा..... जब जिला प्रशासन की एक टीम दर्शनार्थियों के रूप में मंदिर पहुंची....जहां पंडित रिद्धि चंद शर्मा ने प्रति जोड़े 1500 रुपये और पंडित देवेंद्र मुद्दगल ने दक्षिणा के नाम पर 500 रुपये की मांग की....होमगार्ड जवान नागेंद्र शर्मा ने भी वीआईपी दर्शन के लिए प्रोटोकॉल का दुरुपयोग करता नजर आया ..... जांच के बाद नागेंद्र शर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया गया..... जबकि दोनों पंडितों को बीएनएसएस की धारा 170, 126, और 135 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया....एसडीएम पुनासा शिवम प्रजापति ने बताया कि ऐसी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.....
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बैलगाड़ी दौड़ को देखने एक बड़ा जनसैलाब उमड़ पड़ा....करीब 25 हजार लोगों ने इस पारंपरिक ग्रामीण खेल का भरपूर आनंद लिया....और कई राज्यों से 100 से ज्यादा बैलगाड़ियों ने इस दौड़ में हिस्सा लिया.... देवास जिले के सतवास तहसील मुख्यालय पर आयोजित बैलगाड़ी दौड़ में 25 हजार से ज्यादा लोगों का उत्साह देखने को मिला....जहा बैतूल, छिंदवाड़ा, हरदा, खंडवा, इंदौर और महाराष्ट्र से आईं....100 से अधिक बैलगाड़ियों ने इस पारंपरिक खेल में हिस्सा लिया....दो दिन तक चली इस रोमांचक प्रतियोगिता में विजेताओं को मोटरसाइकिल, स्कूटी और फ्रिज जैसे शानदार इनाम दिए गए...खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने भी आयोजन में शिरकत की और इसकी जमकर तारीफ की....आयोजक चंदू पटेल और जीतू गुर्जर ने बताया कि प्रतियोगिता पूरी पारदर्शिता के साथ हुई और युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला....
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भोपाल । राजधानी भोपाल के कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में विशेषज्ञों की देखरेख से दो माह पूर्व जन्मे चार प्रीमेच्योर शिशुओं को नया जीवन मिला है। शिशु पूरी तरह स्वस्थ हैं और बच्चों सहित मां को सोमवार को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे ने बताया कि ज्योति ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। यह डिलीवरी नौ अप्रैल को हुई। विवाह के पाँच वर्षों बाद ज्योति को यह खुशी मिली थी। प्रसव प्री-टर्म (समयपूर्व) था और चारों नवजात शिशुओं का वजन अत्यंत कम था। इनमें से एक शिशु का वजन एक किलोग्राम से भी कम था, जबकि अन्य तीन का वजन लगभग एक किलोग्राम के आसपास था। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम द्वारा सभी शिशुओं को सी-पैप पर रखा गया और सर्फेक्टेंट थेरेपी दी गई, जो सामान्यतः निजी अस्पतालों में अत्यंत महंगी होती है। कैलाशनाथ काटजू चिकित्सालय में यह संपूर्ण चिकित्सा सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई गई। चारों नवजातों को लगभग 60 दिनों तक चिकित्सालय में रखकर समुचित देखभाल प्रदान की गई। डॉ. रचना दुबे ने बताया कि चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की सतत निगरानी और प्रयासों के फलस्वरूप चारों नवजात शिशु पूर्णतः स्वस्थ हैं और 9 जून को माँ ज्योति को अस्पताल से विधिवत डिस्चार्ज कर दिया गया। नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के मार्गदर्शन में यह चिकित्सकीय प्रक्रिया की गई। चारों नवजात की देखभाल में प्रमुख रूप से डॉ. सुजाता जनवदे, डॉ. स्मिता सक्सेना, डॉ. ममता वर्मा, डॉ. प्रतिभा रैकवार सहित डॉ. अमित, डॉ. लोकनाथ, डॉ. निर्मला, डॉ. गरिमा, डॉ. राकेश और अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने अत्यंत समर्पण और मानवीय संवेदना के साथ योगदान दिया।
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गुवाहाटी । भूपेन हजारिका की जन्मशती के अवसर पर राज्य सरकार अनेक सांस्कृतिक और शैक्षणिक पहलें कर रही है।साेमवार काे असम विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक भूपेन हजारिका की स्मृति में एक विशेष मुद्रा जारी करेगा। इसके साथ ही, उनके जीवन पर आधारित एक पुस्तक का प्रकाशन भी किया गया है। इसे वरिष्ठ पत्रकार और लेखिका अनुराधा शर्मा पुजारी ने लिखा है। यह पुस्तक भारत की 23 भाषाओं में अनुवादित की जाएगी और देशभर की पुस्तकालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, असम के हर घर तक 10-12 लाख पुस्तकों की आपूर्ति का लक्ष्य रखा गया है ताकि, नई पीढ़ी भूपेन हजारिका के जीवन और कृतित्व को जान सके। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में उनकी लोक संगीत पर शोध के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।
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रीवा के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर टीपी गुर्दवान का एक वीडियो वायरल हो रहा है..... जिसमे वो अधिकारी लेन-देन कर मामले को रफा-दफा करने की बात करते नजर आ रहे है..... रीवा के ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-1 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर टीपी गुर्दवान वीडियो में वे अपनी फर्जी एएमआईई डिग्री मामले को दबाने की बात कहते नजर आ रहे हैं..... वीडियो में आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी से बातचीत में अधिकारियों के साथ लेन-देन कर मामले को रफा-दफा करने को कहा है..... और आरटीआई दस्तावेजों को सार्वजनिक नहीं करने की बात कही.....
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गड़हरा को राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 के लिए नामांकित किया गया था...जल शक्ति मंत्रालय और भारत सरकार के डिप्टी डायरेक्टर धीरज कुमार ने गड़हरा का दौरा किया ..... और जिला पंचायत के जल संरक्षण के लिए किये गए कामों का जायजा लिया.... जिसके बाद उन्होंने जिला पंचायत के काम की जमकर सराहना की.... सिंगरौली जिले की ग्राम पंचायत गड़हरा राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 की दौड़ में शामिल हो चुकी है....जल शक्ति मंत्रालय और भारत सरकार के डिप्टी डायरेक्टर धीरज कुमार ने गड़हरा में जल संरक्षण के काम का निरीक्षण किया....कंचन नदी जो पहले पूरी तरह सूख चुकी थी.... अब जिला पंचायत के प्रयासों से फिर से जीवंत हो उठी है.... नदी के पानी को रोकने और जल संरक्षण के लिए किए गए कार्यों की डिप्टी डायरेक्टर ने सराहना की.... जिला पंचायत के कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह नागेश ने बताया कि गड़हरा को बेस्ट जल पुरस्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है.... और जल आयोग को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है.... ग्रामीणों का कहना है कि इन कार्यों से न केवल उनकी खेती को बल्कि पूरे पर्यावरण को नया जीवन मिला है.... सिंगरौली जिला अब राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की ओर अग्रसर है....
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मध्यप्रदेश तेजी से निवेश का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है.... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य में निवेश लाने के लिए व्यापक रणनीति पर काम कर रहे हैं.... और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रहे हैं.... सरकार मध्य प्रदेश के औद्योगिक रूप से सक्षम बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही हैं....मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की खुशबू देशभर में फैल रही है .....प्रदेश में विकास का क्रम जारी है .....इस विकास यात्रा में सभी राज्यों के उद्योगपतियों का स्वागत है ....जहां जनप्रतिनिधि, उद्योगपति, अधिकारी साथ में मिलकर प्रदेश के औद्योगिक विकास में अपना योगदान दे रहे हैं .....उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के फरवरी में आयोजन के बाद पूरे देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मध्यप्रदेश को निवेश प्रस्ताव प्राप्त हो रहे हैं .....यह प्रदेश के लिए गौरव की बात है कि जीआईएस में 65 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे ..... मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 15 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों को आवंटन आदेश और आशय पत्र वितरित किये ..... उन्होंने कहा कि बदलती तकनीक के दौर में हमें टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाना होगा ..... प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मेड इन इंडिया का दौर चल रहा है .....और हम वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मना रहे हैं.....
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वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सहयोगी और दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति एलन मस्क व्हाइट हाउस का मोह नहीं छोड़ पा रहे। वह अपनी खुद की नई राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर सकते हैं। इस समय दोनों के संबंधों में इतनी खटास आ गई है कि वह एक-दूसरे को फूटी आंखों सुहा नहीं रहे।सीबीएस न्यूज के अनुसार, एलन मस्क ने ट्रंप से अलग होने के बाद गुरुवार को अपनी नई पार्टी बनाने का विचार देश के सामने रखा। ट्रंप के तीखे कटाक्षों के बीच मस्क ने अपने 220 मिलियन फॉलोवर्स का मत जानने के लिए एक्स को पोल पोस्ट किया। इसमें उन्होंने लिखा कि क्या अमेरिका में नई राजनीतिक पार्टी बनाने का समय आ गया है। मस्क ने शुक्रवार को कहा कि पोल में 80 फीसद फॉलोवर्स ने उनके विचार का समर्थन किया। मस्क ने शाम को लिखा कि यह उनका भाग्य है।इसके बाद मस्क ने एक प्रशंसक के सुझाव का समर्थन किया कि वह इसका नाम अमेरिका पार्टी रखें। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि मस्क रिपब्लिकन पार्टी से अलग होने को लेकर कितने गंभीर हैं। बावजूद इसके वह ट्रंप के प्रभाव को चुनौती देने का प्रयास कर सकते हैं।
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क्रांतिदीप अलूने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सौर ऊर्जीकरण अंतर्गत वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट के लक्ष्य को हासिल करने संबंधी स्वप्न को साकार करने में अपना योगदान देने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में निरंतर सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिये एक के बाद एक संयंत्र लगाये जा रहे हैं। इनसे प्रदेश की ऊर्जा उत्पादन क्षमता में सौर ऊर्जा की भागीदारी निरंतर बढ़ती जा रही है। कृषकों की ऊर्जा आवश्यकताओं, मुख्य रूप से सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए, उनके करीब सौर ऊर्जा का उत्पादन कर, आय के अवसर उपलब्ध करवाते हुए, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम) योजना लागू की गयी है। पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में ग्रिड संबंद्ध सिंचाई पम्पस् को ऊर्जीकृत करने के लिये कृषि फ़ीडर का सोलराइजेशन किया जाना है। योजना में सोलर संयंत्र स्थापना के लिये रु. 1.05 करोड़ प्रति मेगावाट केन्द्रीय सहायता राशि का प्रावधान है। परियोजना के विकासकों एवं अन्य स्टेक होल्डर्स को निगम द्वारा इस निविदा, वित्तीय प्रबंधन, तकनीकी जानकारी देने के लिये "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना समिट" 10 जून को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित होगी। सौर ऊर्जा का एक महत्वपूर्ण पक्ष उपयोग करने के स्थान (बिंदु) पर इसके उत्पादन के साथ उपयोग करना भी है। सौर ऊर्जा के व्यापक उपयोग के लिये इन परियोजनाओं को विकेंद्रीकृत रूप से स्थापित किया जा सकता है। सरकार कृषि को लाभ का धंधा बनाने के लिए किसानों के हित में सिंचाई के लिये ऊर्जा की 10 घंटे आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगभग 8000 समर्पित कृषि फीडर स्थापित किए गए हैं। इनका निरंतर विस्तार प्रक्रियाधीन है। प्रदेश में 33/11 किलो वोल्ट विद्युत उप केन्द्रों पर सौर ऊर्जा परियोजना की स्थापना के समग्र लाभ को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में पीएम-कुसुम योजना के घटक कुसुम-सी में प्रदत्त लक्ष्य तक सीमित न रखते हुए और योजना को तकनीकी रूप से अधिक उपयोगी बनाते हुए कृषि फ़ीडर सोलराइजेशन को विस्तार दिया जा रहा है। इसके विस्तारीकरण के लिये ही ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना क्रियान्वित की जा रही है। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना के प्रमुख उद्देश्य म.प्र. पॉवर मैनेज़मेंट कंपनी लिमिटेड को कम दर पर विद्युत उपलब्ध कराना है। सीधे विद्युत खपत स्थल पर ऊर्जा प्रदाय कर पारेषण हानि को कम करना, कृषि लोड का दिन में प्रबंध करना, किसान को सिंचाई के लिये दिन में बिजली उपलब्ध कराना भी इसका उद्दइेश्य है ताकि कृषकों की जीवन शैली को बेहतर बनाया जा सके। इसका उद्देश्य 33/11 किलो वोल्ट विद्युत वितरण उप केन्द्रों पर स्थापित पॉवर ट्राँसफार्मर पर ओवर-लोडिंग के परिणाम स्वरूप लो-वोल्टेज एवं पॉवर कट की समस्या को कम करना भी है। इन परियोजनाओं की स्थापना से विद्युत उपकेन्द्रों के उन्नयन पर आने वाले वित्तीय भार से बचा जा सकेगा। साथ ही बिना किसी निवेश के ग्रिड स्टेबिलिटी प्रबंधन किया जा सकेगा। ‘’सूर्य-मित्र कृषि फीडर” योजना में 100 प्रतिशत क्षमता तक विद्युत् सब-स्टेशन की सौर परियोजनाओं की स्थापना की जा सकेगी। इन परियोजनाओं के विकासकों के चयन के लिये म.प्र. ऊर्जा विकास निगम द्वारा निविदा जारी की गयी है। इसमें शासन के साथ 25 वर्षों तक विद्युत क्रय अनुबंध किया जाएगा। निविदा में 1900 से अधिक सब-स्टेशन पर 14 हजार 500 मेगावाट क्षमता परियोजनाओं के चयन के लिये अवसर उपलब्ध हैं। परियोजनाओं की स्थापना में पीएम कुसुम योजनान्तर्गत अनुदान प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध होगा। परियोजनाओं को एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड से 7 वर्षों तक 3 प्रतिशत्त ब्याज में छूट का प्रावधान भी किया गया है। वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय उद्यमियों के लिए निवेश एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
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ग्वालियर चंबल संभाग के जयारोग्य अस्पताल में कोरोना ने दस्तक दी है.... JAH अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है.... जिसके बाद दोनों को होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है.... इस घटना से साथ ग्वालियर जिले में कोरोना मरीजों की संख्या अब तीन हो गई है.... स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच शुरू कर दी है.... और मरीजों के संपर्क में आए लोगों की ट्रेनिंग की जा रही है....स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और मास्क पहनने की अपील कर रहा है....
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शराबी को सबक सिखाने की कोशिश महिला पर ही भारी पड़ गई.... शराबी की पत्नी ने बीच सड़क पर महिला के साथ जमकर मारपीट की....जिसकी शिकायत पीड़िता ने महिला थाने में की.... लेकिन थाने में सुनवाई नहीं होने पर वो अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची..... ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में सुधा सक्सेना एक किराए के मकान में रहती हैं.....जहा पड़ोसी शराबी दीपू तोमर ने सुधा को गालियां दीं..... जिसके बाद सुधा ने उसकी पिटाई कर दी....इस बात से गुस्साई शराबी की पत्नी नीलम ने सुधा को बीच सड़क पर लात-घूंसों से जमकर पीटा...यह पूरी घटना पास के सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई.... सुधा ने थाने में शराबी और उसकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई...लेकिन पुलिस ने सिर्फ आवेदन लेकर मामले को टाल दिया....जिसके बाद सुधा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत की....एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि थाना प्रभारी को फुटेज के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं....
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निचरोली गांव के जंगल में लकड़ी तस्करों को पकड़ने पहुंची वन विभाग की टीम पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी....और जंगल में आग भी लगा दी..... आग लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थी... वन कर्मीयो को अपनी जान बचाकर के लिए वहा से भागन पड़ा.... खैर की लकड़ी की तस्करी की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम निचरोली गांव के जंगल में पहुंची.... जहा जंगल में टीम को लकड़ी से भरा ट्रक मिला....लेकिन तभी तस्करों ने 20 से 25 राउंड फायरिंग शुरू कर दी.... वन कर्मी अपनी जान बचाकर वह से भागे और पुलिस को सूचना दी....अंधेरा होने के कारण पुलिस जंगल के बाहर ही रुक गई....इस बीच तस्करों ने सबूत छिपाने के लिए लकड़ी में आग लगा दी....जिसकी लपटें दूर तक दिखाई दे रही थी...सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले दर्ज कर.... आगे की जांच शुरू कर दी है..
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कोलकाता । ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद विवादों में घिरीं सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और लॉ स्टूडेंट शर्मिष्ठा पानोली को कलकत्ता हाई कोर्ट ने बुधवार को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी। शर्मिष्ठा को गुरुग्राम से 30 मई को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ कोलकाता के गार्डनरिच थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। अदालत में न्यायमूर्ति राजा बसु की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि शर्मिष्ठा को 10 हजार रुपये की जमानत राशि जमा करनी होगी। इसके साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह बिना मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अनुमति के देश से बाहर यात्रा नहीं कर सकतीं। यदि पढ़ाई के सिलसिले में उन्हें पुणे जाना हो तो इसके लिए भी अदालत की पूर्व अनुमति आवश्यक होगी। अदालत ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई जाए। कोलकाता के आनंदपुर की निवासी शर्मिष्ठा ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसे बाद में उन्होंने हटा दिया और माफी भी मांगी। आरोप है कि उस वीडियो में उन्होंने समुदाय विशेष की भावनाओं को चोट पहुंचाई थी। उनके इस पोस्ट को लेकर गार्डनरिच थाने में शिकायत दर्ज हुई थी, जिसके बाद उन्हें हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया था।
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हरिद्वार । गंगा दशहरा स्नान पर्व गुरुवार को श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था। इस मौके पर हरिद्वार में गंगा स्नान करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी हुई है। हजारों की संख्या में श्रद्धालु हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर पुण्य की डुबकी लगा सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। स्नान पर्व पर भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। गंगा दशहरा के मौके पर हरिद्वार में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की गंगा के विभिन्न घाटों पर भारी भीड़ लगी हुई है। तड़के से ही यहां पर स्नान करने के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। बड़ी संख्या में लोग हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड और अन्य घाटों में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि गंगा स्नान करने से सभी दुःख दूर होते हैं और पापों से मुक्ति मिलकर मोक्ष की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान मौन रहकर करना चाहिए। इस दिन स्नान करने से व्यक्ति को दस प्रकार के दोष, चार प्रकार के शारीरिक, तीन प्रकार के मानसिक और तीन प्रकार के वाचिक अर्थात मुंह से बोलने वाले दोषों का शमन होता है ऐसा माना जाता है कि मां गंगा ने आज के दिन ही धरती पर अवतरित होकर राजा भागीरथ के पुरखों का उद्धार किया था। इसलिए आज के दिन हरकी पैड़ी पर ब्रह्मकुंड में गंगा स्नान करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से 10 तरह के पापों से मुक्ति मिलती है। इस दिन गंगा स्नान करके दान करने और जल का दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन दस वस्तुओं का दान करने का महत्व भी बताया गया है। गंगा दशहरा पर्व पर देश के कई राज्यों से आए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण राजमार्ग पर भीड़ बनी हुई है। वाहनों के दवाब के कारण राजमार्ग पर वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। चारों ओर लोगों भी भारी भीड़ है। पुलिस ने गंगा दशहरा स्नान के मद्देनजर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की है। शहर में सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल का कहना है कि गंगा दशहरा को लेकर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को 2 सुपर जोन, 11 जोन व 27 सेक्टर में विभाजित किया गया है। इसी के अनुसार पुलिस अधिकारियों के साथ ही सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक को लेकर भी खास प्रबंध किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना ना करना पड़े।
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नई दिल्ली । रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने 18 साल के इंतजार को खत्म करते हुए अपना पहला इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीत लिया है। आईपीएल 2025 के फाइनल में टीम ने पंजाब किंग्स को 6 रनों से हराकर पहली बार ट्रॉफी अपने नाम की। जीत के बाद विराट कोहली ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर ट्रॉफी के साथ कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए इमोशनल पोस्ट लिखा- इस टीम ने सपने को संभव बनाया, एक ऐसा सीजन जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगा। हमने पिछले 2.5 महीनों में इस सफर का भरपूर आनंद लिया है। यह आरसीबी के प्रशंसकों के लिए है जिन्होंने सबसे बुरे समय में भी हमारा साथ नहीं छोड़ा। यह उन सभी वर्षों के दिल टूटने और निराशा के लिए है। यह इस टीम के लिए मैदान पर खेलने के लिए किए गए हर प्रयास के लिए है। कोहली ने आगे लिखा कि जहां तक आईपीएल ट्रॉफी का सवाल है- आपने मुझे आपको उठाने और जश्न मनाने के लिए 18 साल इंतजार करवाया है, मेरे दोस्त, लेकिन यह इंतजार बिल्कुल सार्थक रहा। कोहली हुए भावुक इस जीत के बाद टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली बहुत भावुक हो गए थे। विराट 2008 से आरसीबी का हिस्सा हैं, लेकिन अब जाकर ट्रॉफी जीतने का उनका सपना साकार हुआ है। उनकी टीम इससे पहले तीन बार फाइनल में पहुंची थी, लेकिन खिताब नहीं जीत सकी थी। अब जब उनकी टीम इतने लंबे इंतजार के बाद आईपीएल ट्रॉफी उठाने में कामयाब हुई तो कोहली अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और मैदान पर ही उनकी आखों में आंसू आ गए। उन्होंने इस ऐतिहासिक पल का जमकर जश्न मनाया।
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बरेली से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है....साइकिल चला रही मासूम बच्ची को एक तेज रफ्तार फोर व्हीलर ने कुचल दिया.... हादसे का विडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है....बच्ची की हालत गंभीर है...और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है.... बरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर में एक बच्ची आइसक्रीम लेकर साइकिल से घर लौट रही थी.... तभी एक तेज रफ्तार गाड़ी ने बच्ची को कुचल दिया.... स्थानीय लोगों ने गाड़ी को रोक कर बच्ची को गाड़ी के नीचे से निकाला और अस्पताल पहुंचाया...गाड़ी टीचर पूनम पाल का बेटा अक्षय चला रहा था....दोनों माँ - बेटे कैंची धाम मंदिर से घूमकर घर लौट थे....
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चंडीगढ़ । पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल (एसएसओसी) एसएएस नगर ने पाकिस्तान की इंटर- सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए जासूसी करने के आरोप में एक यूट्यूब इनफलूऐंसर को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को आरोपित को कोर्ट में पेश कर 3 दिन की रिमांड पर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बुधवार को बताया कि गिरफ़्तार आरोपित की पहचान जसबीर सिंह उर्फ जान माहल (41) निवासी गांव माहलां रूपनगर के तौर पर हुई है। जसबीर 11 लाख से अधिक सब्सक्राइबर वाला एक सोशल मीडिया इनफलूऐंसर है, जो ‘‘जान माहल वीडियो’ नाम का यूट्यूब चैनल चला रहा था। वह यात्रा और खाना पकाने सम्बन्धी ब्लॉग पोस्ट करता था। डीजीपी यादव ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपित जसबीर सिंह पाकिस्तानी इंटेलिजेंस आपरेटिव (पीआईओ) शाकिर उर्फ जट्ट रंधावा के साथ जुड़ा हुआ है, जो कि एक आतंकवादी- समर्थित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा है। वह यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा के भी संपर्क में था। ज्योति को हरियाणा पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। उन्होंने बताया कि जसबीर के पाकिस्तानी नागरिक और पाकिस्तानी हाई कमीशन से निकाले गए अधिकारी एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के साथ भी सीधे संपर्क थे। जांच से पता लगा है कि दानिश के निमंत्रण पर जसबीर दिल्ली में पाकिस्तान राष्ट्रीय दिवस समागम में शामिल हुआ था, जहां वह पाकिस्तानी फ़ौज के अधिकारियों और व्लॉगरों से मिला था। उन्होेंने बताया कि आरोपित जसबीर वर्ष 2020, 2021 और 2024 तीन बार पाकिस्तान भी गया था और आईएसआई अधिकारियों के सीधे संपर्क में आया था, जिन्होंने बाद में उसको भारत में जासूसी गतिविधियों करने के लिए भर्ती किया। डीजीपी ने बताया कि ज्योति मल्होत्रा की गिरफ़्तारी के बाद जसबीर ने पकड़े जाने से बचने के लिए इन पीआईओज़ के साथ अपने संचार के सभी सबूत मिटाने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा कि व्यापक जासूसी-आतंकवादी नेटवर्क को ख़त्म करने और सभी सहयोगियों की पहचान करने के लिए अभी जांच चल रही है। आपरेशन का विवरण साझा करते हुए सहायक इंस्पेक्टर जनरल आफ पुलिस (एआईजी) एसएसओसी एसएएस नगर डाॅ. रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि पुलिस को विश्वस्तसूत्रों से सूचना मिली थी कि जसबीर सिंह उर्फ जान माहल पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के एजेंटों समेत कई पाकिस्तानी संस्थाओं के संपर्क में है और भारतीय फ़ौज की तैनाती और देश की अन्य आंतरिक गतिविधियों के बारे संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान को दे रहा है। उन्होंने बताया कि इस सूचना पर एसएसओसी एसएएस नगर की टीमों ने इंटेलिजेंस आधारित कार्यवाही शुरू की। इसके बाद आरोपित जसबीर सिंह को उसके मोबाइल डिवाइस के साथ गिरफ़्तार कर लिया गया। एआईजी ने बताया कि गिरफ़्तार आरोपित के मोबाइल फ़ोन की शुरुआती फोरेंसिक जांच से लगभग 150 पाकिस्तानी संपर्क मिले हैं, जिनमें पाकिस्तानी आईएसआई एजेंटों, पाकिस्तान हाई कमीशन के अधिकारियों और अन्य पाकिस्तानी संस्थाओं के मोबाइल नंबर शामिल हैं। एआईजी ने बताया कि आरोपित ने छिपाने की कोशिश में अपने मोबाइल फ़ोन से चैट, संपर्क रिकार्ड और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया हैंडलरों के साथ आदान-प्रदान किये गए दस्तावेज़ों समेत महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिटा दिए। उन्होंने यह भी कहा कि उसकी तरफ से मिटाया गया डाटा और लीक की जानकारी को फिर प्राप्त करने के लिए तकनीकी रिकवरी और फोरेंसिक जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच से पता लगा है कि आरोपित जसबीर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग भारतीय फ़ौज की गतिविधियों और तैनाती के बारे संवेदनशील जानकारी पाकिस्तानी हैंडलरों के साथ साझा करने के लिए किया था। एआईजी ने बताया कि आरोपित जसबीर की वर्ष 2024 में पाकिस्तान दूतावास के समागम कार्यक्रम में पाकिस्तान दूतावास के अधिकारियों और ज्योति मल्होत्रा से जान-पहचान हुई थी।
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नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने मतदान रुझानों की समय से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अपनी प्रक्रिया को तकनीकी और त्वरित बनाने का निर्णय लिया है। इससे पुराने मैनुअल तरीके की तुलना में देरी कम होगी और मतदान प्रतिशत से जुड़ी जानकारी समय पर मिल सकेगी। इससे पहले मतदान प्रतिशत का आंकड़ा क्षेत्रीय अधिकारी फोन, संदेश या एसएमएस से भेजता था। जानकारी देर रात या अगले दिन तक अपडेट होती रहती थी। इससे असल आंकड़े जारी होने में 4 से 5 घंटे की देरी होती थी और कई बार इससे गलत धारणाएं बनती थीं। आयोग का कहना है कि नई प्रक्रिया से यह समस्या समाप्त होगी। चुनाव संचालन नियम 1961 के नियम 49एस के अंतर्गत, प्रत्येक मतदान केंद्र के ‘प्रेसाइडिंग ऑफिसर’ को मतदान समाप्ति के बाद ‘फॉर्म 17सी’ मतदान एजेंटों को देना आवश्यक है। यह कानूनी प्रावधान यथावत रहेगा। इसके साथ ही ‘वोटर टर्नाआउट’(वीटीआर) ऐप को अब एक नया रूप दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य आंकड़ों को तेजी से अपडेट करना है। नया ‘वीटीआर ऐप’ अब ‘ईसीआईनेट’ का हिस्सा बनेगा और बिहार चुनाव से पहले पूरी तरह लागू किया जाएगा। चुनाव आयोग के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार लगातार समय से जानकारी हितधारकों तक पहुंचाने पर जोर देते रहे हैं। अब नए सिस्टम में हर ‘प्रेसाइडिंग ऑफिसर’ मतदान के दिन हर दो घंटे में सीधे ‘ईसीआईनेट’ ऐप पर मतदान प्रतिशत दर्ज करेगा। यह आंकड़े स्वतः निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर एकत्र होंगे। मतदान प्रतिशत हर दो घंटे में पहले की तरह प्रकाशित होते रहेंगे। वहीं, मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतदान केंद्र छोड़ने से पहले ‘प्रेसाइडिंग ऑफिसर’ ईसीआईनेट ऐप में आंकड़े दर्ज करेगा। नेटवर्क उपलब्ध न होने की स्थिति में जानकारी ऑफलाइन दर्ज की जा सकेगी और नेटवर्क उपलब्ध होते ही सिंक हो जाएगी।
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ग्वालियर में कुत्ते के भौंकने पर बदमाशों ने कुत्ते के मालिक को गोली मार दी... गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया....जिसके बाद पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज एक आरोपी को गिरफ्तार किया है....जबकि वारदात में शामिल दो आरोपी अभी फरार है..... ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में मांढरे की माता मंदिर के पास देर रात भू-माफियाओं ने सचिन यादव नामक युवक को गोली मार दी...सचिन अपने भाई संजय के साथ घर के बाहर टहल रहा था.....तभी रिंकू राजपूत अपने साथियो के साथ वहां पहुंचा और दोनों भाइयों से गाली-गलौज शुरू कर दी....लड़ाई कुत्ते के भौंकने को लेकर हुई थी....जिस पर पहले भी विवाद हो चुका था....विवाद इतना बड़ गया की आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी..... और अचानक गोली चला दी....जिसमें गोली सचिन के पेट में लगी ... सचिन के परिजनों ने बताया की आरोपी वन विभाग की जमीन पर कब्जा कर प्लाटिंग कर रहे थे....जिसकी शिकायत सचिन ने प्रशासन से की थी.... इसी रंजिश में बदमाशों ने गोली मारी है...पुलिस ने एक आरोपी रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है ....जबकि दो आरोपियों की तलाश कर रही है....
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ग्वालियर में राहुल राठौर ने सोशल मीडिया के जरिए एक युवती से दोस्ती की.... और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया...पीड़िता को बाद में पता चला कि राहुल पहले से शादीशुदा है..... पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है..... डबरा की एक 28 वर्षीय युवती ने राहुल राठौर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है....पीड़िता ने बताया की सोशल मीडिया पर मिस कॉल से शुरू हुई दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई ... राहुल ने शादी का वादा कर 21 मई को युवती को होटल रामा उत्सव में बुलाया...और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया... बाद में युवती को पता चला कि राहुल पहले से शादीशुदा है... युवती की महिला थाना में शिकायत की....जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है... अब आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है.....
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भोपाल । भोपाल के ईटखेड़ी में रविवार रात एक रेस्टोरेंट में बर्थ डे पार्टी करने के बाद बाहर निकाले युवक काे कार ने टक्कर मार दी। युवक काे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां साेमवार तड़के इलाज के दाैरान उसकी माैत हाे गई। एक युवक की हालत गंभीर है। साेमवार दाेपहर काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें काे साैंप दिया गया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक राजेश अहिरवार (25) एकता नगर लांबाखेड़ा में रहते थे। राजेश भाेपाल के एक प्राइवेट कॉलेज के डिप्टी रजिस्ट्रार थे। मृतक के भांजे करण ने बताया कि मामा के साथ घटना के समय मैं मौजूद था। 30 मई को उनका बर्थ डे था। लेकिन दोस्तों को पार्टी नहीं दे सके थे। मामा और मेरा दोस्ताना रिश्ता था। हम चार लोग रविवार रात पार्टी करने ईटखेड़ी के यादव ढाबा एण्ड रेस्टोरेंट पर पहुंचे थे। यहां केक कटिंग की, खाना खाया और बाहर आ गए। यहां मामा अपनी बाइक पर बैठे और मैं और दोस्त दूसरी बाइक पर बैठे आपस में बातें कर रहे थे। तभी पीछे से आई कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार ड्राइवर भाग निकला। घबराहट में कोई भी कार का नंबर नोट नहीं कर सका। हादसे में मामा और दोस्त घायल हो गए। तत्काल राहगीरों की मदद से राजेश और उनके साथी को दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान सोमवार सुबह 4 बजे उनकी मौत हो गई। हमीदिया हॉस्पिटल की मर्चुरी में पाेस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
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भोपाल । राजधानी भाेपाल के करीब सलकनपुर मंदिर से अपने दाेस्ताें के साथ दर्शन कर लाैट रही छात्रा सड़क हादसे का शिकार हाे गई। साेमवार सुबह इलाज के दाैरान उसकी माैत हाे गई, जबकि उसका दाेस्त गंभीर रूप से घायल है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार सोनम प्रजापति (21) पुत्री अमान सिंह प्रजापति मूल रूप से विदिशा की रहने वाली थी। भोपाल के करोंद इलाके में किराए का कमरा लेकर रह रही थी और यहीं एक प्राइवेट कॉलेज से बीएचएमएस सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। रविवार काे कॉलेज के दोस्तों के साथ अलग-अलग बाइकों पर सवार होकर सोमन का कॉलेज ग्रुप सलकनपुर मंदिर गया था। वहां से लौटते समय सभी ने रास्ते में एक ढाबे पर खाना खाया और भोपाल के लिए सभी रवाना हुए। सोमन अपने राजू नाम के दोस्त की बाइक पर बैठी थी। इस दाैरान नर्मदापुरम रोड ओबेदुल्लागंज में बाइक एक ट्रैक्टर से टकरा गई। हादसे में युवती और उसका दोस्त गंभीर रूप से जख्मी हो गए। दोनों को इलाज के लिए नर्मदा अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की सुबह इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई। ओबेदुल्लागंज पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सतना एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया...सतना जिले को पहली बार हवाई सेवा की सौगात मिली...उद्घाटन के साथ ही यहां से हवाई यात्रा की शुरुआत हो गई...कार्यक्रम के पहले दिन छह आदिवासी महिलाओं को सतना से रीवा और वापस सतना तक की हवाई यात्रा कराई गई...हवाई चप्पल पहनने वाली ये महिलाएं जब हवा में उड़ीं तो उनके चेहरों की खुशी देखने लायक थी...यात्रा के दौरान उन्होंने गीत गाए और सभी ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया...उड़ान भरने वाली कैप्टन मोहिंदर कौर ने बताया कि आदिवासी महिलाओं के साथ उड़ान भरने से गर्व महसूस हुआ...महिलाओं ने उड़ान भरते समय गीत गाए...साथ ही भारत माता और पीएम नरेंद्र मोदी के लिए जयकारे लगाए....
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10 रुपए की सिगरेट के पैसे मांगने पर फायरिंग करने वाले मुख्य आरोपी छोटू भदौरिया को ग्वालियर पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है.... पुलिस ने आरोपी को मौका मुआयना कराने के लिए घटनास्थल तक लायी..... जहां लोगों की भीड़जमा हो गई.... पुलिस इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है..... ग्वालियर के शनिचरा रोड पर सिगरेट के 10 रुपए मांगने पर किराना दुकान संचालक और छोटू भदौरिया के बीच में विवाद हो गया था....जिसके बाद बदमाशों ने देर रात दुकान पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई थी...इस घटना के बाद मुख्य आरोपी छोटू भदौरिया और उसके साथी फरार हो गए थे.... मुख्य आरोपी को पुलिस ने राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया है.....एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मामूली विवाद को लेकर दहशत फैलाने वाली इस घटना को पुलिस ने गंभीरता से लिया है... अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तारी किया है और शेष की तलाश जारी है....
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कटनी में सीएसपी ख्याति मिश्रा के सरकारी आवास पर जबरन घुसकर प्रभारी तहसीलदार शैलेन्द्र शर्मा ने हंगामे और मारपीट की.....घर का सामान पैक कर रहे मजदूरों को भी धमकाकर भगा दिया....जिसके बाद नौबत यहां तक आ गई कि महिला अधिकारी को जान बचाने के लिए एक परिचित महिला के घर शरण लेनी पड़ी.... पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए कटनी पुलिस महिला अधिकारी के आवास से आरोपी पति और उसके परिजनों को हटाया.... कटनी में महिला सीएसपी के सरकारी आवास पर तहसीलदार पति ने परिजनों के साथ मिल कर जमकर हंगामा किया...सीएसपी ख्याति मिश्रा को उनके पति शैलेन्द्र शर्मा ने उनके ही घर से जबरन बाहर निकालने की कोशिश की.... विवाद इतना बढ़ा कि महिला अधिकारी को पुलिस की निगरानी में सुरक्षित स्थान पर ले जाना पड़ा.... इस दौरान शैलेन्द्र शर्मा ने पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और मीडिया के सामने बवाल किया... और वही महिला अधिकारी ने अपने शिकायती पत्र में पति, जेठ और चाचा ससुर पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए.... वहीं शैलेन्द्र शर्मा ने कटनी के पुलिस अधीक्षक पर भी उनकी हत्या करवाने के लिए पुलिस भेजने जैसे गैरजिम्मेदाराना आरोप भी लगाए..... और मौके पर तैनात अधिकारी से भी भिड़ गए..... उन पर भी पीटने और हत्या करने का आरोप लगाते रहे.....
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देवी अहिल्या माता की जयंती के अवसर पर धनगर समाज ने विशाल बाइक रैली निकाली.... रैली मैं बड़ी संख्या में युवा देवी अहिल्या माता की जय के नारे लगाते नजर आये.... और रास्तो पर रैली का पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया गया ... इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस भी शामिल हुई … नेमावर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत माँ नर्मदा की पूजा, भारत माता और देवी अहिल्या के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई .....पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस कार्यक्रम में शामिल हुई ..... उन्होंने कहा कि देवी अहिल्या का जीवन आदर्श शासन का प्रतीक रहा है.... और नेमावर उनके ऐतिहासिक राज्य का हिस्सा रहा है... क्योंकि होलकर स्टेट में नेमावर जिला हुआ करता था.... कार्यक्रम के दौरान विशेष अतिथियों को देवी अहिल्या माता का चित्र भेंट कर सम्मानित किया गया....और विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि जल्द ही नेमावर में देवी अहिल्या माता की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी...
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खटीमा में हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों ने एकजुट होकर विचार गोष्ठी का आयोजन किया... इस दौरान वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए और पत्रकारों को आ रही विभिन्न समस्याओं पर विचार किया गया... हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्य में खटीमा में विचार गोष्ठी आयोजित हुई...कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बरेली से पधारे शम्भु नाथ बाजपेई तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉक्टर बिपिन चंद्रा शामिल हुए...मुख्य तथा विशिष्ट अतिथि सहित कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने विचार रखे...इस मौके पर पत्रकारों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर गहन चर्चा हुई... कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष हरि नारायण अग्रवाल, विजय कुमार गुप्ता, जितेंद्र पारुथि समेत अनेक पत्रकार उपस्थित रहे...
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बस स्टैंड पर सवारियों को लेकर जबरदस्त हंगामा हो गया... दो बसों के स्टाफ ने एक -दूसरे पर जमकर लात-घूंसे चलाए....इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.... कोतवाली थाना क्षेत्र के बस स्टैंड पर सवारियां भरने को लेकर दो बस चालकों के बीच शुरू हुआ... विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया.... वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है.... कि कैसे एक युवक ने दूसरे युवक को बेल्ट से मर रहा है.... इस पूरे घटनाक्रम के दौरान न तो कोई पुलिसकर्मी मौके पर नजर आया और न ही कोई ट्रैफिक पुलिस....
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भोपाल । मध्य प्रदेश में अधिकारी-कर्मचारियों के तबादले अब 10 जून तक हो सकेंगे। मंत्रियों की मांग पर सरकार ने तबादला अवधि को 10 दिन बढ़ा दिया है। इसमें प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर तबादले किए जा सकेंगे, लेकिन संवर्गवार जो संख्या निर्धारित की गई है उसका पालन करना होगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा शुक्रवार को आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि राज्य एवं जिला स्तर पर अधिकारियों-कर्मचारियों की स्थानांतरण नीति द्वारा एक मई से 30 मई 2025 तक की अवधि के लिये स्थानांतरण पर प्रतिबंध शिथिल किया गया था। राज्य शासन ने स्थानांतरण पर प्रतिबंध से शिथिलता अवधि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्थानांतरण पर प्रतिबंध से शिथिलता अवधि को बढ़ाकर 10 जून 2025 किया गया है। दरअसल, पिछली कैबिनेट बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह सहित अन्य मंत्रियों ने तबादला अवधि बढ़ाए जाने की बात रखी थी। मंत्रियों का कहना था कि जिलों से अभी प्रस्ताव ही नहीं आए हैं, ऐसे में तबादला आदेश जारी नहीं हो सके हैं। मुख्यमंत्री ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अवधि बढ़ाई जाने पर सहमति जताई थी। अब राज्य शासन ने स्थानांतरण पर प्रतिबंध की अवधि को शिथिल करते हुए अब 10 जून अंतिम तिथि निर्धारित कर दी है, साथ ही सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित अवधि में प्रशासनिक और स्वैच्छिक आधार पर किए जाने वाले तबादलों को अंतिम रूप दे दिया जाए।
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सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में सुकतरा रनवे (हवाई पट्टी) पर शुक्रवार सुबह लैंडिंग के दौरान एक ट्रेनी एयरक्राफ्ट क्रैश होने से बच गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, सुकतरा हवाई पट्टी पर लैंडिंग करते समय एक प्रशिक्षु विमान अचानक फिसलकर पलट गया। बताया गया कि संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। घटना में विमान उड़ा रहा ट्रेनी पायलट बाल-बाल बच गया। गनीमत रही कि इस हादसे में प्लेन में आग नहीं लगी। इससे ट्रेनी पायलट बच गए। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है। उल्लेखनीय है कि कतरा हवाई पट्टी पर रेड बर्ड एविएशन का पायलट ट्रेनिंग स्कूल संचालित होता है। बताया जा रहा है कि विमान रेड बर्ड एविएशन प्राइवेट लिमिटेड का था, जिसे ट्रेनी पायलट उड़ा रहा था। लैंडिंग के समय संतुलन बिगड़ने से प्लेन हवाई पट्टी पर पलट गया। हादसे के बाद रेड बर्ड के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विमान को पॉलीथिन से ढंक दिया। विमान में केवल ट्रेनी पायलट ही मौजूद था। सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन ने इस संबंध में बताया कि लैंडिंग के दौरान कुछ तकनीकी समस्या आई थी, लेकिन इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। रेड बर्ड के एडमिन हेड संतोष सनोडिया ने कहा कि ट्रेनी पायलट सुरक्षित है और कंपनी के अधिकारी हादसे की वजह का पता लगा रहे हैं. सुकतरा हवाई पट्टी पर करीब 200 बच्चे पायलट की ट्रेनिंग ले रहे हैं।
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ग्वालियर की पुरानी छावनी थाना पुलिस ने नशे में धुत्त हाईवे पर कार दौड़ा रहे शहरी बदमाश गोलू तोमर को गिरफ्तार किया है. आरोपी के खिलाफ पुरानी छावनी सहित शहर के अन्य थानों में कई अपराध दर्ज हैं। थाना प्रभारी क्षमा राजोरिया ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि निरावली बाईपास के पास एक कार संदिग्ध रूप से हाईवे पर देखी गई है...पुलिस ने पीछा कर जब कार को रोका तो चालक नशे की हालत में मिला, पकड़े गए आरोपी का नाम गोलू तोमर है...जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है...पुलिस ने तत्काल आरोपी को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा और उसकी कार जब्त करते हुए...उसे न्यायालय में पेश किया गया...
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क्या आप खड़े होकर भी आसमान में उड़ सकते हैं...चौंकिए मत इसका मतलब है कि क्या आप खड़े खड़े फ्लाइट में सफर कर सकते हैं... जी हां...कहा जा रहा है कि हवा में उड़ने का अहसास दिलाने वाले हवाई जहाज अब आपको जल्द ही हवा में खड़े होने का अहसास कराएंगे...इन सीट्स को Skyrider 2.0 नाम दिया गया है और सुरक्षा मापदंडों पर सही मानते हुए पास कर दिया गया है... मुमकिन है कि अगले साल से जब आप हवाई जहाज में सफर करेंगे तो आपको इतनी छोटी सीट पर ही बैठना पड़े. हो सकता है आपके कंधे आपकी सहयात्री से टकराएं. लेकिन 2 घंटे का सफर आप ऐसे ही पूरा करेंगे. अधिकतम दो घंटे के सफर में ऐसी सीट का इस्तेमाल किया जाएगा. अच्छी बात ये है कि आप ऐसी मुश्किल सीट पर बैठेंगे तो आपको टिकट के पैसे भी कम चुकाने पड़ेंगे
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हरदा में अमावस्या पर नर्मदा स्नान करने गए तीन युवकों की डूबकर मौत हो गई...होमगार्ड की टीम ने उनके शव बाहर निकाले... और पोस्टमार्टम के लिए टिमरनी भेजे... ग्राम लछोरा के नर्मदा नदी पर बने नींबू घाट पर देवेंद्र उर्फ देवू जाट , करण सिरोही और मोहित जाट नदी में नहाने उतरे थे..वे तैरते-तैरते ज्यादा गहराई वाली तरफ चले गए और डूबने लगे...उन्हें डूबते देखकर घाट पर मौजूद रामदास ने नदी में छलांग लगाई और मोहित को बाहर निकाल लिया...लेकिन जब वह देवेंद्र और करण को बचाने दोबारा नदी में कूदा तो खुद भी डूब गया...
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ग्वालियर के रुबी होटल के बाहर देर रात आधा दर्जन से ज्यादा लड़कों ने पत्थरों से बाहर तोड़ फोड़ कर दी...जिससे होटल के बाहर रखे तंदूर और अन्य सामान टूट गए... ग्वालियर में इंदरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नई सड़क स्थित रूबी होटल के बाहर तोड़फोड़ की गई...घटना की जानकारी लगते ही होटल मालिक मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी... पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे चेक कर पूरी घटना देखी...वहीं मामले में होटल मालिक ने इंदरगंज थाने पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई...पुलिस ने मामले में दो युवकों पर एफआईआर दर्ज की है...तोड़फोड़ करने वाले युवकों की तलाश जारी है...
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लगभग एक महीने पहले बस में हुई 27 लाख 50 हजार की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया...देवास जिले के खातेगांव थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में बालाजी और वैष्णवी ज्वेलर्स के पार्सल से नकदी और कीमती गहने चोरी हुए थे...पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरा माल बरामद कर लिया है... 24 अप्रैल को बरेली से इंदौर जा रही जेएल मालवीय बस में दो संदिग्ध युवक सवार हुए... खातेगांव के पास रात 2:15 बजे बस रुकते ही वे पार्सल से 24.10 लाख के गहने और 3.40 लाख नकद चोरी कर फरार हो गए। पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत 450 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर की सूचना पर मंगल उर्फ मंगू और राजा को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी शातिर चोर हैं और उनके खिलाफ अलग-अलग जिलों में कुल 26 केस दर्ज हैं। माल की पूरी बरामदगी के बाद देवास एसपी ने पुलिस टीम को सम्मानित किया...
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ग्वालियर में भगवान परशुराम पालकी चल समारोह का आयोजन किया गया... आयोजन में शहर में एक दर्जन से अधिक राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने पालकी निकली... समारोह की शुरुआत अचलेश्वर महादेव मंदिर से हुई.... यहां भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन किया गया.... भगवान परशुराम की पालकी चल समारोह में युवाओं ने भगवा झंडे लेकर जय परशुराम के जयकारे लगाए.... महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर पारंपरिक रूप से कलश यात्रा निकाली ... और जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर पालकी का स्वागत किया....परशुराम चल समारोह समिति के सदस्य पुनीत शर्मा ने बताया कि यह आयोजन मूल रूप से 29 अप्रैल को परशुराम जयंती पर होना था....लेकिन प्रशासनिक अनुमति न मिलने के कारण इसे अब आयोजित किया गया....
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प्रदेश में आए दिन सांडों की आवारागर्दी देखने मिल रही है...कभी ये सांड किसी की गाड़ी चलाने लगते हैं तो कभी किसी पर हमला कर देते हैं...एसी ही एक घटना कोतवाली थाने के बड़ी कुजरेंटी इलाके से सामने आई है...यहां उस समय हड़कंप मच गया जब एक आवारा सांड ने गली में खड़े बुजुर्ग को अचानक सींगों पर उठा कर जोर से पटक दिया...ये पूरा मंजर पास लगे सीसीटीवी में कैद हो गया...वीडियो में साफ देखा जा सकता है किस तरह ये सांड बुजुर्ग के भगाने पर वहां से आगे बढ़ जाता है और फिर पलट कर जोर से बुजुर्ग को सींगों से उचकाकर धड़ाम से जमीन पर पटककर मुजरिमों की तरह मौके से भाग जाता है...घटना में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं...यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसपर लोगों के तरह-तरह के रिएक्शन सामने आ रहे हैं...
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सागर में लोकायुक्त पुलिस ने एक पटवारी को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा...पटवारी को पकड़ने पहुंची लोकायुक्त की टीम को देखकर पटवारी के पिता ने सबूत मिटाने की नियत से रिश्वत के पैसों को चबाकर खा गए...जिसके बाद मामले में पटवारी के साथ उनके पिता को भी आरोपी बनाया गया है...मामले में पूछताछ जारी है... सागर में लोकायुक्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए… पटवारी पंकज दुबे को पाँच हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा...बिजली दफ्तर के पास स्थित पंकज के निज निवास पर हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया...पटवारी ने नौगांव तहसील के नेगुंवा गांव में सीमांकन के बदले किसान दयाराम राजपूत से रिश्वत माँगी थी...लोकायुक्त टीम के देखते ही पटवारी के पिता रिश्वत की रकम को चबाकर खा गए, जिससे सबूत मिटाया जा सके...टीम ने मौके से सीसीटीवी के DVR सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए...मामले में पटवारी और उसके पिता दोनों को आरोपी बनाया गया है… पूछताछ जारी है...।
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मध्य प्रदेश के देवास जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया...नेमावर थाना क्षेत्र के रामनगर गांव में एक पति ने आपसी कहासुनी के बाद अपनी पत्नी की नाक काट दी...महिला की हालत गंभीर है...पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है देवास जिले के रामनगर गांव में एक मामूली घरेलू विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया... पति-पत्नी के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर पति ने अपनी पत्नी की नाक काट दी...जिससे महिला गंभीर रूप से घायल हो गई...जिसे पहले खातेगांव के सरकारी अस्पताल और फिर वहां से इंदौर रेफर किया गया...सूचना मिलते ही 100 डायल की टीम मौके पर पहुंची और घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया...पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश जारी है...प्रारंभिक जांच में घटना घरेलू विवाद से जुड़ी बताई जा रही है...
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हरिद्वार । रविवार से नौतपा शुरू हो गया है। अगले 9 दिन भीषण गर्मी पड़ने वाली है। नौतपा ना केवल भौगोलिक घटना है, बल्कि इसका धार्मिक महत्व भी है। ज्योतिष गणना के अनुसार लगभग 80 साल बाद ऐसे योग बन रहे हैं। यह योग बता रहे हैं कि इस बार मानसून में अच्छी खासी बारिश देश में होने वाली है। इस संबंध में ज्योतिषाचार्य प्रदीप जोशी ने बताया कि 25 मई की सुबह 3.15 से नौपता की शुरुआत हो गई है और समाप्ति 3 जून को होगी। हालांकि सूर्य 8 जून तक इसी नक्षत्र में रहेंगे, लेकिन भीषण गर्मी 3 जून तक लोगों को महसूस होगी। उन्होंने बताया कि 8 जून के दिन सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इस 9 दिन के अंतराल में पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब रहती है और सूर्य की किरण सीधे पृथ्वी पर पड़ती है और ऐसे में धरती का तापमान अत्यधिक बढ़ जाता है। धार्मिक महत्व से अगर देखा जाए तो इस दौरान सूर्य देवता की उपासना व आराधना करना शुभ माना गया है। शरबत, ठंडी तासीर की चीजों का दान करना भी लाभकारी बताया गया है। उल्लेखनीय है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा शुरू होता है। नौतपा में 25 मई से लेकर 3 जून तक भीषण गर्मी देखने को मिलेगी। इस दौरान गर्मी की वजह से लोगों को अपना विशेष ध्यान रखते हुए खाने पीने से लेकर बाहर निकलने तक सावधानी बरतनी होगी।
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गोपेश्वर । सिख धर्म की आस्था के प्रमुख केंद्र और पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब और लोकपाल के कपाट रविवार को विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। रविवार को गुरुअरदास, शबद कीर्तन और गुरुवाणी हेमकुंड साहिब के कपाट खोल दिए गये हैं। कपाट खुलने की प्रक्रिया के तहत शनिवार को गोविन्दघाट गुरुद्वारा से ’पंच प्यारों’ की अगुवाई में सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था भारी पुलिस सुरक्षा, बैंड-बाजों की धुन और पवित्र निशान साहिब के साथ हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ था। इस जत्थे ने रात्रि विश्राम घांघरिया गुरुद्वारे में किया। रविवार को जत्था “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल“ के जयकारों के साथ हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ। इसके बाद शुभ मुहूर्त में श्री हेमकुंड साहिब के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। सिख आस्था के इस प्रमुख स्थल के साथ ही हिंदुओं की आस्था के प्रतीक लोकपाल मंदिर (लक्ष्मण मंदिर) के कपाट भी विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। गौरतलब है कि श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा प्रतिवर्ष मई-जून माह में प्रारंभ होकर अक्टूबर तक चलती है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शीश नवाने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए जनपद चमोली पुलिस की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ावों पर विशेष रूप से एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं। इस अवसर पर हेमकुंड ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्र बिंद्रा ने यात्रा व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए थानाध्यक्ष विनोद रावत और चौकी प्रभारी घांघरिया अमनदीप सिंह को सम्मानित किया गया।
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दिल्ली में रविवार सुबह आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश होने से मिंटो रोड, मोती बाग और दिल्ली एयरपोर्ट टर्मिनल-1 की सड़कों पर पानी भर गया...जिससे 100 से ज्यादा फ्लाइट्स प्रभावित हुईं...दिल्ली एयरपोर्ट ने बताया कि रात 11:30 बजे से सुबह 4:00 बजे तक 49 फ्लाइट्स डायवर्ट की गईं... अब हालात सामान्य हैं...उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कल रात आई आंधी-बारिश के चलते ACP ऑफिस में बने कमरे की छत गिर गई...जिसमें सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र कुमार मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए...और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई...मानसून देश में दस्तक दे चुका है...यह अपने तय समय से 8 दिन पहले केरल पहुंचा...वहीं, आज से नौतपा की भी शुरुआत हो रही है, जो 2 जून तक रहेगा। इस दौरान भीषण गर्मी होती है...लेकिन मौसम विभाग ने आज देश के 21 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है...इसके अलावा उत्तराखंड में ओले गिरने और राजस्थान में धूल भरी आंधी-हीटवेव की चेतावनी दी है...वहीं मध्यप्रदेश में नौतपा में इस बार आंधी-बारिश वाला मौसम रहेगा...मौसम विभाग ने 28 मई तक राज्य में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है...
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रीवा में हत्या का आरोपी वैभव ठाकुर पुलिस कस्टडी में मोबाइल से रील बनाता नजर आया और वह भी अस्पताल परिसर में...पुलिस की मौजूदगी और सीसीटीवी कैमरों के बीच... क्या यह पुलिस की महज लापरवाही है, या फिर किसी गहरी साठगांठ का नतीजा? वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा...ये मामला अब जांच के घेरे में है...सवाल ये है कि क्या रीवा पुलिस अपनी साख बचा पाएगी? वैभव ठाकुर पर 2018 में टीआरएस कॉलेज में छात्र नितिन सिंह गहरवार की दिनदहाड़े हत्या का आरोप है...नितिन परीक्षा देने कॉलेज आया था, लेकिन लौट नहीं सका...वैभव ने 9 एमएम की पिस्टल से उसे गोली मारी थी...और अब, यही आरोपी पुलिस हिरासत में मोबाइल से रील बनाता दिखा है...यह वीडियो संजय गांधी अस्पताल परिसर का है, जहां आरोपी को मेडिकल के लिए लाया गया था...अब सवाल यह है कि कड़ी निगरानी में भी मोबाइल आरोपी तक कैसे पहुंचा? क्या पुलिस की मिलीभगत है? या महज लापरवाही? रीवा एसपी ने मामले पर जांच के आदेश दिए हैं....
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बल्लेबाज शुभमन गिल भारतीय टेस्ट टीम के नए कप्तान बनाए गए हैं। ऋषभ पंत उप-कप्तान चुने गए हैं। BCCI ने शनिवार को मुंबई में हुई मीटिंग में इसका ऐलान किया। साथ ही इंग्लैंड दौरे के लिए 18 सदस्यीय टीम की घोषणा भी की ... 20 जून से शुरू हो रहे इंग्लैंड दौरे में भारत को 5 टेस्ट खेलने हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा के रिटायरमेंट के बाद टीम में साई सुदर्शन और करुण नायर को जगह मिली है। वहीं शार्दुल ठाकुर की टीम में वापसी हुई है।25 साल और 258 दिन की उम्र में गिल टेस्ट में भारत की कप्तानी करने वाले पांचवें सबसे युवा क्रिकेटर बन गए हैं। उनसे पहले मंसूर अली खान पटौदी 21 साल, 77 दिन, सचिन तेंदुलकर 23 साल, 169 दिन, कपिल देव 24 साल, 48 दिन और रवि शास्त्री 25 साल, 229 दिन की उम्र में कप्तान बने ... 33 साल के करुण नायर 8 साल बाद टेस्ट मैच खेलेंगे। उन्होंने 2017 में आखिरी टेस्ट खेला था। डोमेस्टिक क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत नायर ने टीम में जगह बनाई है। तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को भारतीय टीम में जगह नहीं मिली है। बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल और सरफराज खान बाहर कर दिए गए हैं। ये दोनों भारत के पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम का हिस्सा थे।
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साल्हेवारा में बाढ़ पीड़ितों को 6 महीने बाद भी मुआवजा राशि नहीं मिली जिसके बाद पीड़ितों ने कलेक्टर से गुहार लगाई है... साल्हेवारा मे पिछले साल ज्यादा बारिश के कारण लोगों के घरो मे पानी घुस जाने से कई गरीब लोगो के मकान ढह गये थे..प्रशासनिक टीम ने पहुंच कर राहत कार्य शुरु किया था किन्तु बाढ़ पीड़ितों को आज तक मुआवजा नहीं मिला...बाढ़ पीड़ित परिवार झोपड़ी बनाकर अपना गुजारा कर रहे हैं जिन्हें मानसून मे फ़िर काफ़ी दिक्कतों का सामना करना पडेगा जिसको लेकर बाढ़ पीड़ित परिवार के लोग कलेक्टरेट आफ़िस पहुचे और अपर कलेक्टर से मिलकर मुआवजे की मांग की...
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लखनऊ- उत्तर प्रदेश के राज्य सूचना आयुक्त गिरजेश चौधरी जी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है। राज्य सूचना आयुक्त श्री राजेंद्र सिंह के अनुसार गुरुवार को सूचना आयुक्त राकेश कुमार जी के कक्ष में आयोजित जलपान में श्री चौधरी भी सम्मिलित हुए थे। इसके बाद वह बस्ती में एक समारोह में शामिल होने चले गये, वहीं बीती रात उन्हें दिल का दौरा पड़ा। पहले बस्ती जिला अस्पताल और फिर लखनऊ में लारी इंस्टिट्यूट लाया गया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। हंसमुख स्वभाव और शानदार व्यक्तित्व के धनी गिरजेश जी का निधन उनके परिवार, सूचना आयोग परिवार और उनके चाहने वालों के लिए कभी न पूरी होने वाली क्षति है। वह लगभग 62 वर्ष के थे। मूल रूप से संत कबीर नगर (पूर्व में बस्ती) जिले के सेमरियावां विकासखंड के चंगेरा मंगेरा गांव के मूल निवासी थे। लखनऊ में उनका आवास मुंशी पुलिया के पास मानस विहार में है।
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जबलपुर। शहर के शिव नगर जैन मंदिर में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और पत्रकारिता संगठनों ने वरिष्ठ पत्रकार श्री प्रदीप कौशल “पुन्नु” के निधन पर शोकसभा का आयोजन किया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य लोगों ने उनकी पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालिक और उल्लेखनीय सेवाओं को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदीप कौशल, जिन्हें प्यार से “पुन्नु भाई” कहा जाता था, ने अपने पत्रकारीय जीवन में निष्पक्षता, साहस और समर्पण के साथ समाज के विभिन्न मुद्दों को उजागर किया। उन्होंने देशबंधु, हरिभूमि, सिटी केबल, स्वतंत्र मत, और डीपली न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में संपादकीय दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी लेखनी में सामाजिक सरोकारों और जनहित के प्रति गहरी प्रतिबद्धता झलकती थी, जिसने उन्हें पत्रकारिता जगत में एक सम्मानित स्थान दिलाया। शोकसभा में उपस्थित वक्ताओं ने प्रदीप कौशल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रह्लाद साहू ने कहा, “पुन्नु भाई ने अपनी निर्भीक पत्रकारिता से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया। उनकी कमी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।” इसी तरह, पत्रकार दिनेश प्रीत ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए कहा कि प्रदीप कौशल न केवल एक कुशल पत्रकार थे, बल्कि एक सहृदय इंसान भी थे, जो हमेशा दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहते थे। कार्यक्रम में ज्ञानी रजक, विनय कनौजिया, संजीव श्रीवास्तव और सादिक खान ने भी प्रदीप कौशल के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि पुन्नु भाई ने अपनी लेखनी के माध्यम से न केवल स्थानीय समस्याओं को उठाया, बल्कि क्षेत्रीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर भी गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. नीलेश जैन ने उनके सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदीप कौशल ने पत्रकारिता को समाज सेवा का माध्यम बनाया। शिव नगर जैन मंदिर सभा, मढियाजी जैन सभा, लॉर्डगंज जैन मंदिर और त्रिमूर्ति जैन मंदिर के पदाधिकारियों ने भी प्रदीप कौशल के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अमित पड़रिया ने उनके साथ अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि पुन्नु भाई का हंसमुख स्वभाव और सकारात्मक दृष्टिकोण सभी के लिए प्रेरणादायक था। शोकसभा में उपस्थित लोगों ने प्रदीप कौशल के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उनके द्वारा स्थापित पत्रकारीय मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। प्रदीप कौशल “पुन्नु” का निधन न केवल पत्रकारिता जगत के लिए, बल्कि पूरे जबलपुर शहर के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी स्मृति को जीवित रखने के लिए पत्रकारिता और सामाजिक संगठनों ने उनके आदर्शों को अपनाने और उनके द्वारा शुरू किए गए कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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निधि कुलपति ने 1991 में टीवी पत्रकारिता की शुरुआत की थी। उस समय हम लोग कॉलेज में थे। 2003 में जब NDTV आईं तब टीवी की दुनिया अलग थी। उनके जैसे एंकरों के पढ़ने की शैली से टीवी जाना जाता था। बाद में बहुत कुछ बदला लेकिन निधि, निधि ही रहीं। बहुत ही सुंदर सहयोगी रहीं। सुंदरता की बात का यहाँ संबंध उनके सहयोग से है और सुंदर सहयोगी का मतलब यह कि उनके साथ व्यवहार में अहंकार का कभी अहसास नहीं हुआ। उन्हें देख कर हमेशा अच्छा लगा। मिल कर और पूछ कर भी। कभी टोका तो बुरा भी नहीं माना। उन्होंने कभी जताया नहीं और कभी थोपा नहीं। मैं ये हूं कि जगह इसी तरह पेश आती रहीं जैसे मैं कुछ भी नहीं। लेकिन अपनी गरिमा का खूंटा इतनी मजबूती से गाड़े रखा कि बात करने का सलीका अपने आप आ जाता था। हाँ उनके साथ हंसी मज़ाक भी चला और यह सवाल भी कि निधि आपके पास कितनी साड़ियाँ हैं! कभी जवाब नहीं मिला। यह पोस्ट एक बेस्ट सहयोगी और सीनियर के लिए है। उनसे मिले स्नेह के लिए है। उन्हें दिए गए आदर के बदले मिली ख़ुशी के लिए है। यह सब बातें लगती साधारण हैं मगर इन्हीं सबके कारण अच्छी यादें बनती हैं। हम सब इस दुनिया में किरायेदार हैं। सफलता असफलता मायने रखती हैं लेकिन यादों का मोल अलग होता है। उनके सहेज कर रखे जाने का बक्सा अलग होता है। उसी बक्से का हिस्सा समझिए इस पोस्ट को। आज उन्होंने कहा कि NDTV में आख़िरी दिन है। शुभकामनाएँ। सुशील मोहापात्रा- 13 दिसंबर 2024 की ये फोटो है। तब मैं एनडीटीवी से रिजाइन कर दिया था लेकिन ऑफिस में किसी को बताया नहीं था। लगा निधि जी के साथ ऑफिस के न्यूजरूम से एक आखिरी फोटो खींच लेते हैं। 23 साल के बाद निधि जी आज एनडीटीवी से रिटायर्ड हुईं। किसी चैनल में 58 की उम्र तक काम करना बड़ी बात है। निधि जी अपनी सरलता, सादगी और शालीनता के लिए जानी जाती है। मेरे 17 साल की एनडीटीवी के करियर में कभी निधि जी को ड्रेस पहनकर एंकरिंग करते हुए नहीं देखा। निधि जी हमेशा साड़ी पहनकर एंकरिंग करती थी। ये तब संभव हो जब किसी के अंदर गजब की डेडीकेशन हो। निधि जी जब भी न्यूज रूम में मिलती थी तो प्यार से मुस्कुराकर बोलती थी… सुशील। एक बार निधि जी के साथ करमवीर के घर करनाल जा रहे थे। निधि जी बहुत सारा खाना बना के साथ ले गई थीं। थोड़ी देर के बाद निकालती, मुझे और सौरभ को खाने के लिए देती थीं। इसी व्यवहार के लिए निधि जी से सब प्यार करते थे।
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दी कपिल शर्मा शो के फेमस एसोसिएट फोटोग्राफर दास दादा अब इस दुनिया में नहीं रहे..... कपिल शर्मा शो की टीम ने इमोशनल नोट शेयर कर इसकी जानकारी दी और उन्हें श्रद्धांजलि भी दी है... टीम ने एक इमोशनल कर देने वाली वीडियो शेयर किया है.... जिसमें दास दादा शो में आए गेस्ट के साथ डांस करते नजर आ रहे हैं..... इस वीडियो के साथ भावुक कर देने वाला मैसेज भी लिया गया है....उन्होंने लिखा आज दिल बहुत भारी है...हमने दास दादा को खो दिया है....
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ओंकारेश्वर में जिला कलेक्टर ऋषभ गुप्ता के आदेश के तहत 1 अप्रैल से सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया गया है.... लेकिन नगर के कुछ व्यापारी सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग कर रहे है...जिसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में नगर परिषद की टीम ने उन पर कार्रवाई करते हुए दुकानों से सिंगल यूज प्लास्टिक जब्त किया... और सभी व्यापारियों पर 53,800 रुपये की चालानी कार्रवाई की....जिसके बाद व्यापारियों ने उनसे ज्यादा जुर्माना वसूलने का आरोप लगाया है.... व्यापारियों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं... यदि कोई पैक सामान आता है... तो उसमें हम क्या कर सकते हैं.... 500 ml से कम कोल्ड ड्रिंक अभी जब्त किए गए है... लेकिन कार्रवाई के दौरान हमें कोई रसीद नहीं दी गई और बिना पूर्व चेतावनी 20,000 रुपये तक का जुर्माना वसूला गया... . जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है....व्यापारियों का ये भी कहना है कि पहली बार पर 500 रुपये का जुर्माना तय था.... लेकिन उन पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है... जो सरासर अन्याय है...
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ग्वालियर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है... जहाँ खुद को पत्रकार बताने वाले एक शख्स ने प्रेस कोटे से फ्लैट दिलाने के नाम पर करीब 13 लाख रुपए की ठगी कर डाली... आरोपी ने लोगों को झांसे में लेकर उन्हें नकली पत्रकार आईडी कार्ड तक बनवा दिए है... और उन्हें पीएम आवास योजना के तहत मकान दिलाने के भी झूठे वादे किये थे..... लेकिन जब महीनों बाद भी कुछ नहीं मिला... तो पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की मांग की है.... ग्वालियर के चावड़ी बाजार निवासी मोहम्मद शाहिद मंसूरी अपनी फरियाद लेकर एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे... जहा उसने बताया की युनूस खान नाम का व्यक्ति जो जनकगंज क्षेत्र का निवासी है.... अक्सर उनकी दुकान पर आता था... और खुद को पत्रकार बताता था.... धर्म और समुदाय की समानता के चलते दोनों में अच्छी जान-पहचान हो गई...युनूस ने साहिद उससे कहा था कि पत्रकार कोटे से पीएम आवास योजना के तहत उन्हें फ्लैट दिलवाएगा... इस झांसे में आकर साहिद ने पहले दो लाख साठ हजार रुपए दिए और बाद में बाकी रकम देने का वादा किया... इसके बदले में यूनुस ने उसे खुशबू समाचार पत्र की मानसेवी पत्रकार की नकली पत्रकार आईडी कार्ड भी बना कर दिया ... यही नहीं, उसने और भी पांच लोगों से इसी तरह ठगी कर कुल 13 लाख रुपए हड़प लिए...जब समय बीत गया और फ्लैट नहीं मिला.... तो सभी को ठगी का एहसास हुआ...इस मामले की शिकायत के बाद ASP गजेंद्र वर्धमान ने कोतवाली और जनकगंज थाना प्रभारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं....
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इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार देर रात इंदौर के विश्वप्रसिद्ध सराफा बाजार का दौरा किया और यहां के चटपटे व्यंजनों का स्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ मंत्रिमंडल के सहयोगी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाजार में घूमकर जनता से संवाद भी किया और स्थानीय लोगों से इंदौर की स्वच्छता और व्यंजन संस्कृति को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि सराफा बाजार न सिर्फ स्वाद का केंद्र है, बल्कि इंदौर की पहचान भी है। रात करीब 11.15 बजे मुख्यमंत्री अपने काफिले के साथ सराफा पहुँचे। यहाँ उन्होंने भुट्टे का किस, गराडू,दही बड़ा, पानीपुरी,कुल्फी का स्वाद लिया और इंदौरी कुल्हड़ की चाय पी। मंत्रिमंडल के सहयोगियों ने पोहे, भुट्टे का कीस, गराडू, रबड़ी-जलेबी जैसे पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। आरम्भ में स्थानीय दुकानदारों और युवाओं ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने इंदौर की सफाई और व्यंजन संस्कृति को पूरे देश में प्रेरणास्रोत बताया और व्यापारियों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। बता दें कि आज मंगलवार को इंदौर के 200 साल पुराने ऐतिहासिक राजबाड़ा में कैबिनेट की बैठक होना है। बैठक में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रीगण सोमवार शाम को ही इंदौर पहुंच गए थे।
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ग्वालियर जिले में राजस्व विभाग की टीम सीमांकन करने पहुंची...तभी जमीन सीमांकन को लेकर दो पक्षों में जमकर विवाद हो गया....जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी... दरअसल ग्वालियर के देहात घाटीगांव थाना क्षेत्र के पार गांव में ठाठी इमलिया स्थित जमीन पर सीमांकन के लिए राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी...इस दौरान लायक राम बंजारा और लखपत सिंह किरार दोनों पक्ष मौजूद थे...सीमांकन के समय दोनों पक्षों में जमीन कम-ज्यादा होने को लेकर विवाद हो गया...राजस्व अधिकारियों के समझाने के बाद भी दोनों पक्ष नहीं माने और एक दूसरे से भिड़ गए....और देखते ही देखते लाठी डंडे चलने लगे...मामला बिगड़ता देख राजस्व विभाग की टीम वहां से निकल गई और सीमांकन का मामला अटक गया...विवाद के बाद दोनों पक्षों ने घाटीगांव थाने में शिकायत की...पुलिस ने शिकायत के आधार पर दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है....
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छतरपुर के नौगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है...पुलिस ने छात्रा का अपहरण करने वाले दो इनामी आरोपी गिरफ्तार कर लिया है...छात्रा का कुछ दिनों पहले आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल मे कट्टे की नोक पर अपहरण किया था.... तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश में थी.... पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए.... कुछ दिनों पहले अपनी बहन के साथ पेपर देकर घर लौट रही...एक छात्रा का चार आरोपियों ने फिल्मी स्टाइल में कट्टे की नोक पर अपहरण कर लिया था...लेकिन 24 घंटे में आरोपी छात्रा को छोड़कर भाग गए...तभी से पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी...एसपी ने आरोपियों पर दस हजार का इनाम रखा था...पुलिस ने चार में से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है...और दो फरार आरोपियों की तलाश कर रही है....
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खातेगांव में आधार सेंटर की कमी से आम लोगों को को खाफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है...पहले जहां चार आधार केंद्र संचालित होते थे, अब मात्र एक केंद्र पर ही काम हो रहा है...जिससे लंबी कतारों में लगकर कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है...खासतौर पर बुजुर्ग, महिलाएं, विकलांग और गर्भवती महिलाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है... खातेगांव में आधार कार्ड बनवाने या अपडेट करवाने के लिए अब चार में से सिर्फ एक ही केंद्र रह गया है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी हो रही है...पहले यहां चार आधार सेंटर चलते थे, लेकिन अब सिर्फ एक सेंटर पर बहुत भीड़ लग रही है...बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं घंटों कतार में खड़ी रहती हैं, और कई बार दो से तीन दिन तक इंतजार करना पड़ता है। लोक सेवा केंद्र की आधार ID बंद होने के कारण लोग परेशान हो गए...नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पुराने आधार सेंटर फिर से शुरू किए जाएं, ताकि उन्हें समय पर आवश्यक सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सके...
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मैंहर जिले में लापरवाही का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसे देखकर किसी का भी सर चकरा जाए...यहां एक निर्माणाधीन डामरीकृत सड़क के बीचों बीच हैंडपंप को जैसा का तैसा छोड़ दिया गया जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है.... पूरा मामला रामनगर के जिगना के भैसरहा मार्ग का है जहां Mprdc की निगरानी में काम कर रही ठेका कम्पनी शिवशक्ति कंस्ट्रक्शन ने सड़क तो बना दी लेकिन सड़क के बीच मौजूद हैण्डपम्प न तो हटाया और न ही शिफ्ट किया...यहां रामनगर से गोविंदगढ़ के बीच 168 करोड़ रुपए की लागत से सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा था अब सड़क के बीचोंबीच ये हेंडपंप दुर्घटना को दावत देता नजर आ रहा है...वहीं पूरे गांव में मात्र यही एक हैंडपंप था जो गर्मी के दिनों में ग्रामीणों का सहारा था सड़क बन जाने के चलते अब लोग 2 किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं....
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एकतरफा प्यार करने वाले एक सनकी युवक ने एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल का अपहरण कर लिया... उसे जबरन जंगल में ले जाकर शादी रचा ली...इस मामले में पीड़िता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं...कि शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई...पुलिस के इस रवैये से नाराज़ पीड़िता और उसके समर्थन में कांग्रेस के कार्यकर्ताओ को में ले कर एसपी कार्यालय पहुंचे... जिसके बाद पुलिस ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिया है.... राजनांदगांव डोंगरगांव थाना क्षेत्र की एक 27 वर्षीय निजी स्कूल की प्रिंसिपल का एक सरफिरे आशिक़ ने अपहरण कर किया...और फिर उसके ऊपर पेट्रोल डालकर जान से मारने की धमकी दी... इतना ही नहीं युवक ने जंगल में ले जाकर उसे जबरदस्ती शादी भी कर ली...पीड़िता की मां का आरोप है कि आरोपी पहले भी युवती को परेशान करता था... और उन्होंने इसकी शिकायतों दर्ज करवाई थी.... पर पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई थी...जिससे परेशा हो कर पीड़िता कांग्रेस कारकर्ताओ के साथ एसपी के कार्यालय पहुंची...और एसपी राहुल देव शर्मा से पूरी घटनाक्रम को अवगत कराया... जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है
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मंत्री विजय शाह और जगदीश देवड़ा के विवादित बयानों का मामला थमा भी नहीं था.... की बीजेपी के एक और नेता का विवादित बयान सामने आया है.... भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति ने दावा किया कि भारत ने यूनाइटेड नेशंस के आदेश के चलते सीजफायर किया था...जिस पर विवाद होने के बाद बीजेपी नेता अपनी कही बात पर पर्दा डालने के लिए मीडिया पर इल्जाम लगते नगर आये... रीवा जिले के मनगवां क्षेत्र से भाजपा विधायक नरेंद्र प्रजापति तिरंगा यात्रा के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे...इस दौरान उन्होंने सभा में दावा किया कि भारत ने UN के कहने पर सीजफायर किया था... नेता की इस गलत दावे पर विवाद हो गया....अब विधायक नरेंद्र प्रजापति के इस बयान से उनकी ही सरकार पर सवाल उठ रहे हैं.... तो विधायक प्रजापति के वीडियो के जरिया अपनी कही बात की सफाई दी है.... और अपनी गलत बात का इल्जाम मीडिया पर लगा दिया... नरेंद्र प्रजापति ने कहा की ये बात मेने भावावेश में कही है... और इसे मीडिया के द्वारा तोड़ मरोड़ के पेश किया जा रहा है....
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राजनांदगांव जिले के अमलीडीह स्थित एबीस कंपनी के प्लांट में एक दर्दनाक हादसा हो गया....जहाँ काम के दौरान एक मजदूर की मौत हो गई... इस घटना के बाद मृतक के परिजन और साथी मजदूरों ने आक्रोश में प्रदर्शन शुरू कर दिया... हमाल संघ और छात्र नेता के नेतृत्व में कंपनी के खिलाफ डोंगरगांव राजकीय मार्ग पर चक्का जाम कर दिया... एबीस कंपनी के प्लांट में मजदूर की मौत के बाद हंगामा हो गया.... मृतक छबिलाल पटेल के परिजनों और हमाल संघ समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने चक्का जाम कर दिया...आंदोलन में भारी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही....जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया..... सामाजिक कार्यकर्ता महेंद्र सिंह ठाकुर ने प्रशासन और कंपनी प्रबंधन से कुछ मांगों पर बातचीत की.... जिनमें मजदूरों का बीमा, सुरक्षा, पहचान पत्र और काम के घंटे के और भी आठ मांगे शामिल थी.... कंपनी ने सभी मांगें 3 महीने में पूरी करने का आश्वासन दिया और मृतक के परिजनों को 12 लाख 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता राशि भी प्रदान की....
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण फैसले ले रहे हैं... यादव ने प्रदेश के समस्त निर्मित और निर्माणाधीन सीएम राइज स्कूलों का नाम अब सांदीपनि विद्यालय कर दिया है...गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए ये निर्णय मोहन सरकार ने लिया है... सांदीपनि विद्यालय परियोजना मध्यप्रदेश शासन की एक महत्वाकांक्षी पहल है जो गरीब वर्ग के विद्यार्थियों को भी विश्व स्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के विज़न के साथ शुरू की गई है...सांदीपनि विद्यालयों में सर्व संसाधन युक्त अधोसंरचना विकसित की गई है.... इन विद्यालयों में पूर्ण विकसित स्टीम प्रयोगशाला, वोकेशनल प्रयोगशाला, आईसीटी. प्रयोगशाला, केफेटेरिया, मल्टी परपस कोर्टस, एनसीसी., स्काउट कक्ष, डान्स कक्ष, म्यूजिक कक्ष, स्मार्ट अध्यापन कक्ष, सर्व सुविधायुक्त पुस्तकालय, इनडोर जिम्नेशियम, प्री प्राइमरी कक्षाओं के लिए विशेष प्रकार के कक्ष, फर्नीचर और समस्त प्रकार की खेलकूद की सामग्री आदि की सुविधा प्रदान की गई है...इस विद्यालय में 1 कि.मी. से 15 कि.मी. दूरी से आने वाले बच्चों के लिए परिवहन सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है.... विद्यार्थियों के समग्र विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विषयवार शिक्षकों के साथ-साथ संगीत शिक्षक, नृत्य शिक्षक, कम्प्यूटर शिक्षक, खेल शिक्षक, मनोवैज्ञानिक, करियर काउंसलर आदि भी नियुक्त किये गये है....
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जहां चोरों ने बैंक के एटीएम को निशाना बनाते हुए चोरी का प्रयास किया, लेकिन चौकीदार और पुलिस की सतर्कता के चलते वो अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है और पुलिस ने इस मामले में 36 घंटे के भीतर ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के सतना रोड स्थित HDFC बैंक के एटीएम बूथ में, देर रात तीन नकाबपोश चोर घुसे और एटीएम को तोड़ने की कोशिश में जुट गए, जिन्हें चोरी करते चौकीदार ने देखा और पुलिस को सूचना दी।पुलिस को आता देख तीनो चोर ग्रैंडर मशीन, पिलास और हथौड़ी का झोला छोड़ भाग गए, भागते हुए चोरो को पुलिस ने पकड़ने कोशिश की लेकिन चोर भाग गए। यह पूरी घटना एटीएम बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। .... . आरोपियों को साइबर सेल की मदद से गिरफ्तार किया गया। ... इसके साथ ही घटना में लिप्त अन्य दो आरोपियों के भी नाम सामने आ गए फिलहाल पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है वही 1 अन्य आरोपी अभी भी फरार है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
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बाबा बागेश्वर यानी पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह बनी है उनकी चूल्हे पर बनी चाय।जबलपुर लौटते वक्त बाबा खजुराहो एयरपोर्ट के पास त्रिलोखर धाम मंदिर रुके, जहाँ उन्होंने कुछ ऐसा किया जिसने सभी को हैरान कर दिया। पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जबलपुर लौट रहे थे। रास्ते में वे त्रिलोखर धाम मंदिर रुके और अपने साथियों के साथ लकड़ियाँ जमा कर चूल्हा जलाकर चाय बनाने लगे। यह सब देख मंदिर के पुजारी आए और गैस पर चाय बनाने की बात कहने लगे तो बाबा मुस्कराते कहने लगे “गैस वाली चाय में स्वाद नहीं आता… बाबा की ये सादगी देखकर सभी हैरान रह गए। जो लोग वहाँ मौजूद थे, उन्होंने इसका वीडियो बना लिया।यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
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बरेली के आवला कस्बे से हैवानियत की दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। एक पति ने अपनी पत्नी को छत से उल्टा लटका कर जान लेने की कोशिश की। पड़ोसियों की सूझबूझ से महिला की जान बची, वहीं वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बरेली के थाना आंवला क्षेत्र से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक पति ने घरेलू विवाद के चलते अपनी ही पत्नी को छत से उल्टा लटका दिया और जान से मारने की कोशिश की। घटना आवला कस्बे के लठैता मोहल्ले की है, जहाँ नितिन सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के साथ बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। पीड़िता के भाई रघुनाथ के अनुसार, दो दिन पहले रात में नितिन ने अपनी पत्नी डॉली के साथ पहले मारपीट की और फिर छत से उल्टा लटकाकर उसे नीचे फेंकने की कोशिश की। पड़ोसियों ने समय रहते हस्तक्षेप किया और महिला की जान बचाई। घटना का वीडियो मौके पर मौजूद लोगों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिससे पुलिस तक मामला पहुंचा। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, इस मामले में नितिन सिंह के साथ चार ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस तलाश में जुटी हुई है ।
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सुकमा । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में तैनात सीआरपीएफ की 228 वीं बटालियन के जवानों ने अपने बहादुर डॉग के-9 दस्ते की सदस्य ‘रोलो’ को शुक्रवार काे पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। दो वर्षीय रोलो की मौत 27 अप्रैल 2025 को एनेफिलैक्टिक शॉक के कारण हुई, जो लगभग 200 मधुमक्खियों के डंक मारने से आया था। सीआरपीएफ के जवानों ने बहादुर डॉग रोलो को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए अंतिम संस्कार कर दिया है। उक्त जानकरी सीआरपीएफ की 228 वीं बटालियन ने आज शुक्रवार काे तस्वीर एवं वीडियो के माध्यम से दी है।सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह ने कहा कि के-9 रोलो अब भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, निष्ठा और बलिदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा। वह न केवल एक खोजी कुत्ता था, बल्कि एक सच्चा सैनिक और वफादार साथी भी था। उन्हाेंने उसे मरणोपरांत सम्मानित किए जाने की घोषणा की है। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ी में नक्सलियों के विरूत्द्ध अब तक के सबसे लंबी अवधि 24 दिनाें तक चलाये गये नक्सल विराेधी अभियन से बहादुर डॉग रोलो अपनी ड्यूटी खत्म करके एक जवान के साथ घर वापस लौट रहा था। इसी दाैरान मधुमक्खियों ने जवान और रोलो पर हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले के बावजूद, उसके हैंडलर ने उसे बचाने की कोशिश की, परंतु रोलो को बचाया नहीं जा सका। मधुमक्खियों के डंक का शिकार रोलो ने एनाफिलेक्टिक शॉक के कारण दम तोड़ दिया, जिसे 27 अप्रैल को मृत घोषित कर दिया गया था। रोलो ने अपनी सेवा के दौरान कई बार जवानों के साथ नक्सल विराेधी अभियान में भाग लिया था। उसकी बहादुरी और सेवा को याद करते हुए, सीआरपरएफ जवानों द्वारा सैल्यूट के साथ सीआरपीएफ की 228 वीं बटालियन के कैंप मे ही अंतिम संस्कार किया गया।
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केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर कृषि पद्धतियों का जायजा ले रहे हैं... फिलहाल कृषि मंत्री अपने तीन दिवसीय पूर्वोत्तर राज्यों के दौरे पर हैं...जहां उन्होंने असम के सुरम्य बोकाखाट स्थित हाटीखुली टी एस्टेट में चाय के बगानों का जायजा लिया...और बगानों में काम करने वाली महिलाओं से मिले...साथ ही उन्होंने खुद चाय की पत्तियां तोड़ीं... केन्द्रीय कृषि मंत्री ने असम के सुरम्य बोकाखाट स्थित हटीखुली टी एस्टेट का दौरा किया...और वहां काम करने वाली महिलाओं से बातचीत की... इस दौरान कृषि मंत्री ने वहां का परिधान पहन कर काम करने वाली महिलाओं के साथ खुद चाय की पत्तियां तोड़ने का काम किया...यहां काम करके कृषि मंत्री को काफी आनंद का अनुभव हुआ...यहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी को सारी बहनों से मिलवाया... कृषि मंत्री ने कहा दुनिया में चाय पीने वालो सुबह सुबह तुम्हें इन बहनों की मेहनत की वजह से चाय मिलती है लेकिन इनकी जिंदगी कैसी है ये जानने आज मैं इन बहनों के बीच चाय बागान में आया..और इनसे बातचीत की...चाय का व्यापार कैसे आगे बढ़े और इन बहनों की आमदनी बढ़े इस पर और विचार करेंगे...इस मौके पर असम के कृषि मंत्री मौके पर मौजूद रहे...अपने दौरे के बाद कृषि मंत्री ने ट्वीट करके अपना अनुभव साझा किया और बहनो के काम की सराहना की
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रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 7 और 12 मई को टेस्ट से संन्यास ले लिया। उनके रिटायरमेंट से टीम में लीडरशिप की आ गई ... ऐसे में क्या बुमराह कप्तान बनेंगे ... जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 2 टेस्ट में कप्तानी की। पर्थ में टीम को जीत मिली, लेकिन सिडनी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया ने जीत लिया। मुकाबले की पहली पारी में ही बुमराह इंजर्ड हो गए, उन्हें बैक स्पास्म की शिकायत हुई। बुमराह अक्सर फिटनेस से जूझते नजर आए हैं, 2022 में आखिरी बार इंजर्ड होने के बाद वह करीब 15 महीने तक क्रिकेट से दूर रहे थे। इसलिए उनका परमानेंट कप्तान बनना मुश्किल है। फिर भी अगर बुमराह कप्तान बने तो टीम को 1 या 2 उप कप्तान बनाने होंगे, जो बुमराह की गैरमौजूदगी में जिम्मेदारी संभालते रहें। हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुमराह ने फिटनेस का हवाला देते हुए कप्तानी करने से मना कर दिया है। उनका इंग्लैंड में सभी मैच खेलना भी मुश्किल है।
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कोलकाता । पुलवामा हमले के ठीक अगले दिन गलती से पाकिस्तान सीमा में चले गए पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिषड़ा निवासी बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव को पाक रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था। अब 22 दिनों की बंदी के बाद जब वे वापस लौटे हैं, तब उन्होंने पाकिस्तानी सेना की हिरासत में अपने साथ हुई अमानवीय यातनाओं का जो ब्योरा दिया है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की सेना ने जवान को मानसिक रूप से तोड़ने की हरसंभव कोशिश की। पूर्णम ने बताया कि उनकी आंखों पर हमेशा काले कपड़े से पट्टी बांध दी जाती थी, और 22 दिनों तक उन्हें पल भर के लिए भी आंखें बंद कर सोने नहीं दिया गया। इसके साथ ही उन्हें लगातार गालियां दी जाती थीं और अपमानित किया जाता था। सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने जवान से बीएसएफ की तैनाती और अन्य गोपनीय जानकारियां उगलवाने की कोशिश की। उनसे अधिकारियों के व्यक्तिगत विवरण और संपर्क नंबर जानने का प्रयास किया गया, लेकिन पूर्णम के पास मोबाइल न होने के कारण पाकिस्तानी रेंजर्स को ज्यादा जानकारी नहीं मिल सकी। जवान को तीन अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। उनमें से एक स्थान एयरबेस जैसा था, जहां हवाई जहाजों की आवाजें साफ सुनाई देती थीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें एक गारद में भी रखा गया था, लेकिन किसी प्रकार की शारीरिक यातना नहीं दी गई। फिर भी, जो मानसिक प्रताड़ना उन्हें दी गई, वह किसी यातना से कम नहीं थी। पाक सेना के चंगुल से छूटने के बाद पूर्णम कुमार को पहले चिकित्सकीय जांच से गुजरना पड़ा और फिर बीएसएफ अधिकारियों ने उनसे पूछताछ की। इस पूछताछ में ही यह चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं।
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हल्द्वानी उपजिलाधिकारी न्यायिक रेखा कोहली ने संबंधित अधिकारियों के साथ लालकुआँ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया...जिससे जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का मूल्यांकन कर संभावित उपायों पर संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जा सके… उन्होंने विभिन्न कॉलोनियों का स्थलीय निरीक्षण करते हुए नालों और जलभराव की स्थिति से प्रभावित स्थानों का निरीक्षण किया... लालकुआं में निरीक्षण दौरान उपजिलाधिकारी ने जलभराव की गंभीर समस्या को ध्यान में रखते हुए जल निकासी व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने नालों की सफाई कार्य में तेजी लाने और जलभराव की पुनरावृत्ति रोकने स्थाई समाधान की योजना बनाने के निर्देश दिए...उन्होंने कहा कि निरीक्षण यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रभावित नागरिकों को शीघ्र राहत पहुंचाई जा सके और भविष्य में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो...संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने साथ ही नालों के ऊपर अतिक्रमण करने वालो के विरूद्ध नोटिस जारी करने के निर्देश दे दिए गए हैं...
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अशोकनगर । शहर के सराफा व्यवसायी दो सगे भाईयों ने गुरुवार दोपहर ट्रेन के आगे आकर खुदकुशी कर ली। खुदकुशी का प्रथम दृष्टिया कारण परिवार का कर्ज से परेशान होना बताया जा रहा है, देहात पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। मृतक रामेश्वर सोनी (45),नन्दकिशोर सोनी(40) पुत्र बद्रीप्रसाद सोनी सगे भाई संयुक्त परिवार के रूप में बोहरे कालोनी में निवासी करते थे। जानकारी अनुसार दोनों भाई सराफा बाजार में संयुक्त रूप से सराफे का व्यवसाय करते थे। बताया गया कि दोनों भाई कर्ज से परेशान थे। जिनके द्वारा गुरुवार दोपहर अशोकनगर-हिनोतिया रेलवे स्टेशन के बीच ट्रेन के आगे आकर खुदकुशी कर ली। जानकारी लगने पर देहात पुलिस द्वारा दोनों भाईयों का क्षत-विक्षित शव एकत्रित कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। देहात थाना प्रभारी आरपीएस चौहान का कहना है कि मामले को लेकर मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। वहीं बताया गया कि मृतकों के पास से सुसाईट नोट पुलिस ने जप्त किया किया है, जिसमें मृतकों द्वारा खुदकुशी करने का कारण कर्ज से परेशान होना प्रतीत हो रहा है।
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भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मातृ मृत्युदर और शिशु मृत्युदर में सुधार के लिए समाज और सरकार दोनों के साझा प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार पर्याप्त नहीं है, स्वास्थ्य के प्रति सामाजिक चेतना को संस्कार के रूप में विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिये जन-सामान्य को प्रेरित करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ किशोरी ही भविष्य में स्वस्थ माँ बनती है। किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य की नियमित जाँच, गर्भावस्था से पूर्व की तैयारियाँ, गर्भकालीन निगरानी और प्रसव पश्चात देखरेख अत्यंत आवश्यक है।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को यूनिसेफ भोपाल कार्यालय में प्रदेश में स्वास्थ्य एवं पोषण विषयक पहलों की समीक्षा की और सुझाव प्राप्त किए। शुक्ल ने कहा कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में व्यापक सुधार तभी संभव है जब जनमानस में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जागे और यह सामाजिक संस्कृति का रूप ले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण हो रहा है और लगभग 60 प्रतिशत महिलाएं नियमित एएनसी (एंटी-नेटल केयर) सेवाएं ले रही हैं। यह आँकड़े चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि शत-प्रतिशत पंजीकरण और देखरेख को हम सामाजिक आदत और उत्तरदायित्व के रूप में विकसित करना चाहते हैं। इसके लिए हमें यह एक जन-संस्कृति बनानी होगी।शुक्ल ने कहा कि इस दिशा में राज्य सरकार ने ‘मातृ-शिशु संजीवन मिशन’ और ‘अनमोल 2.0 पोर्टल’ पहल प्रारंभ की हैं, जो सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और निगरानी सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध हो रही हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, आशा, एएनएम, मैदानी स्वास्थ्य कर्ताओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।यूनिसेफ विशेषज्ञों ने बताया कि गंभीर कुपोषण (एसएएम) के प्रभावी समाधान से 6 माह से 5 वर्ष तक की आयु में होने वाली 68 प्रतिशत मृत्यु को रोका जा सकता है। नवजात देखरेख को सुदृढ़ करने से 70 प्रतिशत शिशु मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण आवश्यक है, इससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान और उपचार समय पर किया जा सके। इन सुझावों पर सहमति व्यक्त करते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय कर एकीकृत अंतर्विभागीय रणनीति के माध्यम से कुपोषण, मातृ और शिशु मृत्यु दर की चुनौती का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि समर्पित प्रयासों से मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाएगा।उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में संसाधनों की कमी नहीं है। स्वास्थ्य अधोसंरचना का विस्तार निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें केवल सुविधाएं नहीं देनी हैं, बल्कि उपयोग के प्रति नागरिकों को प्रेरित भी करना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी संबंधित विभागों के साथ मिलकर एक संगठित और समर्पित रणनीति पर कार्य किया जा रहा है, जिसमें जन-भागीदारी को विशेष महत्व दिया जा रहा है। बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल उपस्थित रहे। यूनिसेफ के ऑफिस इंचार्ज डॉ. अनिल गुलाटी एवं हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ. प्रशांत कुमार ने राज्य में स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।
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दमाेह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पिता ने मंगलवार काे अपनी तीन बेटियाें के साथ कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। इन चारों को गंभीर हालत में हटा सिविल अस्पताल लाया गया, जहां चारों की मौत हो गई। वह सुबह समोसा खिलाने की बात कहकर बेटियों को अपने साथ बाजार ले गया था। उसके बाद में उन्हें जहर दे दिया। पड़ोस के एक युवक ने उन्हें तालाब किनारे तड़पते देखा तो उनके घरवालों को सूचना दी। घटना का कारण अज्ञात है। इस घटना के बाद गांव में मातम पसरा है। मृतक के ससुराल वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना गैसाबाद थाना क्षेत्र के मुहरई गांव की है। हरियाणा निवासी विनोद जाट (कंसोरिया) की शादी दमोह जिले के हटा ब्लॉक में आने वाले मोहरई गांव में हुई थी। उसकी तीन बच्चियां भी थीं। पत्नी जूली ने बताया कि उसके मायके में शादी थी, इसलिए पिछले महीने 25 अप्रैल को वह लोग बच्चों के साथ गांव आए थे। मंगलवार सुबह पति विनोद अपनी तीनों बेटियों को समोसा खिलाने ले गया। कुछ देर बाद गांव के एक व्यक्ति ने आकर बताया कि दामाद और तीनों बच्चियां तालाब के पास बेहोश पड़े हैं। परिजन तालाब के पास पहुंचे, तो उनके मुंह से झाग निकल रहा था। चारों को इलाज के लिए हटा सिविल अस्पताल लाया गया। डॉक्टर आरपी कोरी, डॉक्टर अमन श्रीवास्तव और डॉक्टर मनीष ने हरियाणा निवासी विनोद जाट (कंसोरिया), बेटी महक (2 वर्ष), खुशबू (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। 7 वर्षीय बेटी खुशी की हालत गंभीर होने पर उसे दमोह जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तीन बेटियों की मां जूली अहिरवाल ने बताया कि वह हरियाणा के भिवानी जिले के बिडोला गांव में रहती है। वहां उसकी ससुराल है। 5 मई को भाई की शादी थी, इसलिए तीनों बेटियों के साथ 11अप्रैल को अपने मायके मुहरई गांव आए थे। मेरे पति 25 अप्रैल को आए थे। बारात के दिन उन्होंने शराब पीकर झगड़ा किया, इसलिए मैंने उन्हें बारात में नहीं जाने दिया। इसके बाद दो-तीन दिन उन्होंने और शराब पी। परिवार के लोगों के समझाने पर कुछ दिन तो वह ठीक रहे। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे रोज की तरह बेटियों को लेकर बाजार में समोसा खिलाने पड़ोसी गजेंद्र की बाइक लेकर गए थे। इस बारे में मृत बच्चियों की नानी दसोदा बाई ने बताया कि दामाद बहुत शराब पीते थे। शराब पीकर काफी विवाद भी करते थे। उन्हें कई बार समझाया, लेकिन वह नहीं माने। आज कोई बात ही नहीं थी। रोज की तरह बेटियों को बाजार लेकर गए और फिर तालाब पर ले जाकर उन्हें कुछ खिला दिया। उन्होंने खुद भी खा लिया। समझ में नहीं आ रहा उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस संबंध में सीएसपी अभिषेक तिवारी ने बताया कि पिता ने अपनी तीन बेटियों को जहर खिलाया और खुद भी जहर खा लिया। चारों की मौत हो गई है। अभी इस घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है। मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। उसके बाद मामले की विवेचना की जाएगी। परिजनों के बयान लिए जाएंगे, ताकि इस पूरे घटनाक्रम का सही कारण पता चल सके। उन्होंने कहा कि पति और तीनों बेटियों की मौत के बाद पत्नी कुछ बोलने की हालत में नहीं है। हटा में तीनों के शव को रखा गया है। दमोह में मृत हुई बेटी के शव को भी हटा भेजा गया है, जहां चारों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने यूट्यूब चैनल 4पीएम को ब्लॉक करने का आदेश वापस ले लिया है। आज इस बात की सूचना 4पीएम की ओर पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच को दी।सिब्बल ने कहा कि इस याचिका को भी उन याचिकाओं के साथ टैग कर दिया जाए जिनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रुल्स के रुल 16 को निरस्त करने की मांग की गई है। उसके बाद कोर्ट ने दूसरी याचिकाओं के साथ भी इस याचिका को टैग करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई को केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।याचिका यूट्यूबर चैनल चलाने वाले पत्रकार संजय शर्मा ने दायर की है। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने यूट्यूब चैनल को ब्लॉक करने के आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। याचिका में मांग की गई थी कि केंद्र सरकार उसके चैनल को ब्लॉक करने के आदेश और उसकी वजह बताए। सिब्बल ने कहा था कि यूट्यूब चैनल को ब्लॉक करने की वजह बताए बिना ही ब्लॉक कर दिया गया। ऐसा करना मनमाना और पूरे तरीके से असंवैधानिक है। याचिका में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रुल्स के रुल 16 को निरस्त करने की मांग की गई थी।
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नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनके परिवार को ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इसे निंदनीय बताया है।रहाटकर ने सोमवार को एक बयान में कहा कि विदेश सचिव विक्रम मिस्री के परिवार, विशेष रूप से उनकी बेटी के खिलाफ किए गए निंदनीय ऑनलाइन दुर्व्यवहार की राष्ट्रीय महिला आयोग कड़े शब्दों में निंदा करता है। विदेश सचिव की बेटी की व्यक्तिगत संपर्क जानकारी साझा करना गंभीर रूप से गैर-जिम्मेदाराना काम है। यह गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन है, जो उनकी सुरक्षा को खतरे में डालता है। उन्होंने कहा कि विक्रम मिस्री जैसे देश के वरिष्ठतम सिविल सेवकों के परिवार के सदस्यों पर इस तरह के व्यक्तिगत हमले न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि नैतिक रूप से भी अक्षम्य हैं। उन्होंने अपील की कि लोग शालीनता, सभ्यता और संयमित व्यवहार करें।
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लखनऊ । वरिष्ठ पत्रकार एवं इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के.विक्रम राव का आज प्रातः लखनऊ के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। उन्हों सांस संबंधी तकलीफ के कारण आज सुबह अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली। डॉ. राव पत्रकारिता में दशकों से सक्रिय रहे और उन्होंने श्रमजीवी पत्रकारों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाया। उनका जीवन संघर्षशील पत्रकारिता, सिद्धांतनिष्ठ विचारों और निर्भीक लेखनी का पर्याय रहा। उनके पार्थिव शरीर को 703, पैलेस कोर्ट अपार्टमेंट, निकट कांग्रेस कार्यालय, मॉल एवेन्यू, लखनऊ में अंतिम दर्शनार्थ रखा गया है।
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नई दिल्ली । 24 मई को बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में प्रस्तावित नीरज चोपड़ा क्लासिक 2025 को मौजूदा भारत-पाकिस्तान तनाव के मद्देनजर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। आयोजकों ने शुक्रवार को यह घोषणा की। खिलाड़ियों और समुदाय की सुरक्षा सर्वोपरि आयोजन समिति ने बताया कि यह निर्णय विचार-विमर्श और सभी पक्षों से बातचीत के बाद लिया गया है। खिलाड़ियों, साझेदारों और व्यापक समुदाय की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। 'राष्ट्र सर्वोपरि, खेलों की एकता की शक्ति पर विश्वास' नीरज चोपड़ा क्लासिक की आयोजन समिति ने अपने बयान में कहा, "हम खेल की एकता की शक्ति में विश्वास रखते हैं, लेकिन इस नाजुक समय में राष्ट्र के साथ खड़े रहना ज्यादा ज़रूरी है। हमारी पूरी श्रद्धा और भावनाएं इस समय हमारे सशस्त्र बलों के साथ हैं, जो देश की रक्षा में अग्रिम पंक्ति में डटे हुए हैं।" नई तारीख जल्द होगी घोषित यह प्रतियोगिता वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल मीट का हिस्सा है। आयोजन समिति ने बताया कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की नई तारीख की घोषणा जल्द की जाएगी।
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जोधपुर । पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच हुए तनाव के बाद जोधपुर रेड अलर्ट मोड़ पर है। तीन दिन से शहर में रात्रिकालीन ब्लैक आउट घोषित हो रखा है। शुरूआत में पंद्रह मिनट के ब्लैक आउट के बाद लगातार अल सुबह पांच बजे तक ब्लैक आउट चल रहा है। इसी के मद्देनजर शनिवार सुबह जोधपुर में अचानक से प्रशासन ने आदेश जारी कर जोधपुर को रेड अलर्ट जोन में ला दिया। तत्काल प्रभाव से शहर की दुकानें, प्रतिष्ठान आदि बंद होने शुरू हो गए। एक घंटे के अंदर पूरे शहर में मानो कर्फ्यू जैसा माहाैल हाे गया। जिला प्रशासन ने लोगों को अपने अपने घरों में सुरक्षित रहने की अपील करने के साथ ज्यादा भीड़भाड़ वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। जिला कलेक्टर एवं निंयत्रक (नागरिक सुरक्षा) गौरव अग्रवाल ने आज शनिवार को सुबह कहा कि जिला प्रशासन और जिला पुलिस आमजनों से अपील करती है कि वर्तमान परिपेक्ष्य को मध्य नजर रखते हुए अपने घरों में रहें और बाहर नहीं निकलें। कही भी समूह में एकत्र नहीं हों। प्रशासन की घाेषणा के बाद लोग अपने अपने घरों को लौटने लगे, जिससे एकाएक सडक़ों पर वीरानी नजर आने लगी। पुलिस की गाडिय़ां घूम- घूम कर प्रतिष्ठानों और दुकानों को बंद करवाने की अपील करने में जुट गईं। साथ ही जो लोग बाहर घूम रहे थे उन्हें घरों को लौटने की हिदायत दी गई। मंगलवार की रात्रि के समय ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत पाक के बीच बढ़ते जा रहे तनाव के चलते आज चौथे दिन राजस्थान के सीमावर्ती जैसलमेैर बाड़मेर, बीकानेर में सुबह से ही प्रशासन सतर्क और सजग हो गया। रेड अलर्ट जारी कर बाजार बंद करने के साथ ही आमजन को घरों को जाने के लिए समझाया गया। आयोजनों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध : जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के मुताबिक सभी प्रकार के समारोह आयोजनो पर पूर्ण प्रतिबंध है। सभी व्यापारीगण अपनी दुकानों और प्रतिष्ठानों को अग्रिम आदेश तक बंद रखें । सभी लोग जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सुरक्षा इंतजामत में सहयोग करें। पेट्रोल पंप पर उमड़े लोग : शहर में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद करके घर जाने के आदेश के बाद लोगों का हुजूम पेट्रोल पंपों की ओर उमड़ पड़ा और शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लम्बी लम्बी कतारें लगनी शुरू हो गईं। जबकि मंगलवार रात को हुए हमले के बाद भी शहरवासी पुलिस प्रशासन के समझाने को हलके में लेते रहे। आज जब बाजार बंद कराने के लिये मुनादी और घोषणा हुई तो शहर वासी किराना की दुकानों पर भी उमड़ पड़े। बाजार हुए तत्काल बंद : सुबह घंटाघर, त्रिपोलिया बाजार, कंदोई बाजार, खांडाफलसा और बाद में शहर के बाहरी इलाकों सरदारपुरा शास्त्रीनगर , चौपासनी हाऊसिंग बोर्ड, कुड़ी हाऊसिंग बोर्ड, प्रतापनगर सूरसागर और अन्य क्षेत्रो में भी बाजार बंद कराने शुरू कर दिए। शहर के बाहरी इलाकों महामंदिर, नागौरी गेट, मंडोर, बनाड़ रोड़ और एयरफोर्स क्षेत्र में भी बाजारों को बंद करवाने के लिये पुलिस और प्रशासन द्वारा अपील की गई। बजने लगे सायरन : शनिवार को दोपहर बारह बजे के करीब शहर में सायरन भी बजने लगे, जिसके चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सूचना दी गई है। ड्रोन हमले में मुंह की खाने के बाद आशंका है कि पाकस्तिान हमला कर सकता है। इसके चलते जोधपुर शहर में आवाजाही को सीमित करने के आदेश जारी किये गये हैं। बसों की छतों पर यात्री निकले : प्रशान की अपील के बाद रोडवेज, प्राइवेट बसों की तरफ ग्रामीण लोग उमड़ पड़े। बसों की छतों पर भी बैठकर घरों को निकल गए। एकाएक हुई घोषण से बसों एवं ट्रेनों में भी भीड़भाड़ बढऩे लग गई। ऑटो रिक्शा चालक उतरे मनमानी पर : शहर के कई ऑटो चालक किराए को लेकर अपनी मनमानी पर उतर आए। यात्रियों की मजबूरियों का फायदा उठाकर मनमाने ढंग से किराया वसूलने लगे। आवागमन पूर्ण तरह से बंद होने पर कई यात्रियों को पैदल ही अपने गंतव्य स्थानों की तरफ जाना पड़ा।
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भोपाल । भारत-पाकिस्तान तनाव के बीच शनिवार काे पाकिस्तानी साइबर हैकर्स ने मध्य प्रदेश भाजपा की आधिकारिक वेबसाइट को निशाना बनाया है। हैकर्स ने एमपी बीजेपी की वेबसाइट को हैक कर लिया है। साथ ही राष्ट्रीय भाजपा की वेबसाइट को निशाना बनाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि वेबसाइट खोलने पर यू हैव बीन हैक्ड पीएफए साइबर फोर्स और ऑपरेशन बुनयान-अल-मरसूस लिखा हुआ था। हालांकि, एमपी बीजेपी के आईटी सैल ने वेबसाइट को रिकवर लिया है। जानकारी के मुताबिक, सुबह जब यूजर्स ने वेबसाइड खोल तो होमपेज पर यू हैव बीन हैक्ड पीएफए साइबर फोर्स लिखा था। जबकि हैक की गई वेबसाइट पर ऑपरेशन बुनयान-अल-मरसूस का जिक्र किया गया था। इस ऑपरेशन का नाम अरबी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ है 'शीशे से बनी मजबूत दीवार'। इस ऑपरेशन के बारे में पाकिस्तान की तरफ से भी बयान सामने आया था। हालांकि, रिकवरी के बाद वेबसाइट पर भारतीय जनता पार्टी और 404 लिखा हुआ आ रहा है। हालांकि यह अभी तक साफ नहीं हुआ है कि वेबसाइट किसने हैक की है। आशंका जताई जा रही है कि पाकिस्तान के हैकर्स ने वेबसाइट हैक किया है। फिलहाल, इसकी जांच की जा रही है। बीजेपी आईटी सेल को वेबसाइट हैक होने की जानकारी जैसे ही मिली, टीम ने इसे ठीक करने का काम शुरू कर दिया। बीजेपी प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने बताया कि सुबह वेबसाइट हैक होने की जानकारी मिली थी। टीम ने जानकारी मिलते ही इसे रिस्टोर कर लिया है। हालांकि अग्रवाल ने पार्टी की राष्ट्रीय वेबसाइट हैक होने की बात से इनकार किया। बीजेपी सूत्रों ने बताया कि हैकर्स ने एमपी के साथ ही बीजेपी की राष्ट्रीय वेबसाइट भी हैक करने की कोशिश की थी। हालांकि बीजेपी की तरफ से इसे लेकर अब तक ऑफिशियल जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं वर्तमान में जब गूगल पर बीजेपी की https://www.bjp.org/ वेबसाइट पर जाने की कोशिश की जा रही है तो प्लीज ट्राय अगेन 404 लिखा हुआ आ रहा है। गाैरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट को मार्च 2019 में भी हैक किया गया था। तब हैकर ने वेबसाइट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक मीम शेयर करके कई अपशब्द भी लिखे थे।
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नोएडा : नोएडा मीडिया क्लब के चुनाव निर्विरोध सम्पन्न हो गए हैं। क्लब का चुनाव जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की निगरानी में, चुनाव अधिकारी श्री अभय सिंह और संचालन समिति से वरिष्ठ पत्रकार श्री संजीव यादव के नेतृत्व में पूरी पारदर्शिता के साथ सम्पन्न हुआ। नोएडा मीडिया क्लब के चुनाव में वरिष्ठ पत्रकार आलोक द्विवेदी को अध्यक्ष चुना गया है। महासचिव के पद पर जय प्रकाश सिंह चुने गए। उपाध्यक्ष के पद पर अमित चौधरी को चुना गया है। नोएडा मीडिया क्लब के चुनाव अधिकारी श्री अभय सिंह ने नवनियुक्त सभी पदाधिकारी की घोषणा करते हुए उनको बधाई दी। गुरुवार को सेक्टर-29 स्थित गंगा शॉपिंग कांप्लेक्स स्थित नोएडा मीडिया क्लब में चुनाव अधिकारी ने सभी चयनित पदाधिकारियों की घोषणा कर दी। इस चुनाव में कोषाध्यक्ष के पद पर मनोज वत्स निर्विरोध विजयी हुए। वहीं सचिव पद पर जगदीश शर्मा तथा कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर प्रमोद शर्मा तथा आंचल यादव निर्विरोध चुने गए। नोएडा मीडिया क्लब के चुनाव के लिए विभिन्न पदों पर 15 लोगों ने नामांकन किए थे। इसमें से आठ लोगों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष पद पर आलोक द्विवेदी के अलावा वीरेंद्र मलिक तथा कुणाल जायसवाल ने पर्चा भरा था। वहीं महामंत्री के पद पर जेपी सिंह तथा देवेंद्र प्रभात ने भी नामांकन किया था। उपाध्यक्ष पद पर अमित चौधरी और हर्ष पांडे ने नामांकन किया थे, जिसमें हर्ष पांडे का पर्चा पैसा ना जमा करने के कारण निरस्त कर दिया गया था। कोषाध्यक्ष के पद पर हिमांशु सिंह, शिव त्यागी तथा मनोज वत्स ने नामांकन किया था, जिसमें शिव त्यागी और हिमांशु सिंह ने नामांकन पत्र वापस ले लिया,सचिव के पद पर जगदीश शर्मा तथा गजेंद्र यादव ने नामांकन दाखिल किया था जिसमें गजेंद्र यादव ने नामांकन पत्र वापस ले लिया। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर प्रमोद शर्मा, आंचल यादव और प्रिया राणा ने पर्चा दाखिल किया था, जिसमें प्रिया राणा द्वारा पर्चा वापस ले लिया गया।
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ऑपरेशन सिंदूर का नाम अपने लिए ट्रेडमार्क कराने की याचिका रिलायंस ने वापस ले ली है। और यह सब हुआ देशभर के लोगों द्वारा विरोध जताने के बाद। कल जैसे ही यह खबर सामने आई इंटरनेट विरोध से भर गया। नतीजतन रिलायंस को अपने कदम वापस खींचने पड़े… विक्रम- कौन कहता है कि लिखने से कोई फर्क नहीं पड़ता है? लिखने के बाद ही रिलायंस ने अपनी याचिका वापिस ली है। हालांकि, इससे ज्यादा बेशर्मी की बात क्या होगी कि जिस दिन भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर किया उसी दिन रिलायंस इंडस्ट्री में इसका ट्रेड मार्क रजिस्टर करवाने के लिए याचिका दी थी।
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फिलहाल दोनों तरफ से शांति है। इधर जम्मू उधर बहावलनगर में ज़रूर थोड़ी हलचल है। पाकिस्तान ने दर्जनभर से ज़्यादा भारतीय यूट्यूब चैनलों को बंद कर दिया है। बत्तीस वेबसाइट्स हैं। पाकिस्तानी शेयर बाज़ार में आज की गिरावट के बाद घबराहट है। वहीं हमारे दोस्त रूस के घर पाकिस्तान के दोस्त चीन की मेहमाननवाज़ी चल रही है। पुतिन और ज़िनपिंग दुनिया भर के मुद्दों पर बात कर रहे हैं, मुझे अभी कहीं नहीं मिला कि भारत-पाक का ज़िक्र हुआ हो। हां दुनिया नए बने पोप पर बात कर रही है। वो अमेरिकी हैं।
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सागर । कलेक्टर संदीप जी आर की उपस्थिति में बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) आगासौद, बीना में मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिसमें आपदा प्रबंधन और सुरक्षा संबंधी तैयारियों की मॉक ड्रिल की गई। यहां आपदाओं और ऐसी परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया। मॉक एक्सरसाइज (ME) का उद्देश्य जिले में आपदा प्रबंधन हेतु की गई तैयारियों का परिक्षण करना तथा कमियों को चिन्हित कर उन्हें दूर करने के उपाय करना है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विवेक के वी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव उइके, बीपीसीएल के मैनेजर अजय प्रकाश शर्मा, कार्यकारी निदेशक एवं एम जोश, जनरल मैनेजर अनिल मेडे, मैनेजर फायर सेफ्टी, एसडीएम विजय डेहरिया, नीतीश पटेल सहित बीपीसीएल के अन्य अधिकारी मौजूद थे। मॉक एक्सरसाइज में उद्योग द्वारा रासायनिक औद्योगिक दुर्घटना की चेतावनी सायरन बजाकर अथवा अन्य साधनों से दी गई, घटना के पश्चात् उद्योग परिसर के संसाधनों जैसे स्क्रवर्स, वाटर स्प्रे, केमिकल स्प्रे, प्रशिक्षित कामगार, अग्नि शमन यंत्र, फर्स्ट एड (प्राथमिक उपचार), मेडिकल एम्बुलेन्स आदि का उपयोग कर घटना के नियंत्रण हेतु कार्यवाही करना का अभ्यास किया गया, उद्योगों के समस्त संसाधनों के उपयोग के बावजूद रसायन के रिसाव/अग्नि दुर्घटना में कमी न आने की परिस्थिति में (काल्पनिक) उद्योग प्रबंधन इंसिडेंट कमांडर (Incident Commander) को सूचित करेंगे तथा विस्तृत में घटना, रसायन के प्रभाव, रसायन के रिसाव को रोकने हेतु आवश्यक उपाय, रिसाव के समय होने वाली कठिनाइयों एवं उद्योग परिसर में हुई जन-धन की हानि इत्यादि के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया इंसीडेंट कमांडर द्वारा रसायन रिसाव का लोगों एवं पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव का आंकलन औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड विभाग के अधिकारीयों से जानकारी प्राप्त कर, आपदा प्रबंधन की आगामी रणनीति का निर्धारण किया गया।
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अनूपपुर । जिले के रामनगर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात्रि ग्राम झिरिया टोला के पास जियो फाइबर कंपनी के 38 वर्षीय कर्मचारी गोविंद केवट की मृत्यु हो गई। जानकारी अनुसार गोविंद जियो की तार लाइन की मरम्मत कर रहे थे। उसी समय वहां गैस पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। अचानक पाइपलाइन गोविंद के सीने और सिर पर गिर गई जिससे मृत्यु हो गई। घटना के बाद शव को कोतमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां आज पोस्टमार्टम के लिए कर परिजनों को सौप दिया जायेगा। कोतमा थाना प्रभारी सुंदरेश मरावी ने बताया कि बिजुरी से रामनगर तक गैस पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। पुलिस ने मामले में जीरो पर मर्ग कायम कर लिया है। बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। इसके बाद पुलिस मामले की विस्तृत जांच करेगी।
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हैदराबाद । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 के प्लेऑफ की दौड़ से सनराइजर्स हैदराबाद की उम्मीदें सोमवार को आधिकारिक रूप से खत्म हो गईं। हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ उसका मुकाबला लगातार बारिश और गीले मैदान के कारण पूरा नहीं हो सका। ऐसे में दोनों टीमों को एक-एक अंक देकर मुकाबला रद्द घोषित किया गया।इस ड्रॉ के साथ ही हैदराबाद के 11 मैचों में कुल 7 अंक हुए, जिससे वे अब अंक तालिका में टॉप-4 में पहुंचने की गणितीय संभावना खो चुका है। सनराइजर्स हैदराबाद इस सीजन प्लेऑफ की दौड़ से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन गई है।बारिश से प्रभावित इस मैच में हालांकि पहले दिल्ली कैपिटल्स की पारी पूरी हुई। मैच में हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस की अगुवाई में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। दिल्ली को पहले बल्लेबाजी करने का न्योता मिला और टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। सिर्फ 7.1 ओवर में दिल्ली ने अपने 5 विकेट 29 रन पर गंवा दिए।पैट कमिंस ने पहले ही ओवर में करुण नायर को बाहर की ओर जाती गेंद पर ललचाकर आउट किया। फिर अगले ओवर में फाफ डु प्लेसिस को पुल शॉट पर विकेट के पीछे कैच कराया। अभिषेक पोरेल भी कमिंस की गेंद पर फ्लिक शॉट खेलते हुए आउट हुए। इसके बाद हर्षल पटेल और जयदेव उनादकट ने अक्षर पटेल और केएल राहुल को पवेलियन भेजा।बाद में ट्रिस्टन स्टब्स (नाबाद 41 रन, 36 गेंद) और इम्पैक्ट प्लेयर आशुतोष शर्मा (41 रन, 26 गेंद) ने दिल्ली की पारी को संभाला। दोनों के बीच 66 रन की साझेदारी हुई, जिसके दम पर दिल्ली का स्कोर 7 विकेट के नुकसान पर 133 तक पहुंच सका। लेकिन बारिश ने आगे का खेल नहीं होने दिया और अंततः मुकाबला बिना नतीजे के समाप्त हो गया।
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छतरपुर कलेक्टर प्रशासन के अधिकारियो के साथ चिरोला गांव पीड़ितों से मिलने पहुंचे... उन्होंने आगजनी से प्रभावित ग्राम का निरीक्षण किया... ग्रामीणों से मुलाक़ात की....और पीड़ितों को शासन से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया...आगजनी में जिंदा जली बुजुर्ग महिला के परिजनों को चार लाख रूपये की आर्थिक मदद की... और चेक भी सौंपा बीते दिन शाम को तेज आंधी के चलने से खेत में लगी नरवाई की आग ने चिरोला गांव को चपेट में ले लिया था...जिससे ग्रामीणों के घर गृहस्थी का सामान अनाज कपड़े सब जलकर खाक हो गए थे...और एक 65 वर्षीय महिला की आग में जिंदा जलने से मौत हो गई थी...छतरपुर कलेक्टर इस दुःखात घटना के पीड़ितों से मिलने पहुंचे...और प्रभावितो का हाल जाना...तथा उन्हें हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया...
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर महाराज दिल्ली, चेन्नई और बेंगलुरु की 10 दिवसीय यात्रा पूरी कर बागेश्वर धाम वापसी आये है... और वो 11 मई तक धाम पर रहेंगे...उन्होंने 5 दिवसीय हनुमंत साधना शुरू की है...जो 8 मई तक चलेगी... इस साधना के दौरान वे प्रतिदिन 10 घंटे एकांत में कठिन तप करेंगे... जिसमें तेज गर्मी और कड़ी धूप में पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री सिर्फ एक गिलास दूध ही पियोगे... बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम पर 5 दिवसीय हनुमंत साधना शुरू की...जिसके पहले दिन बागेश्वर महाराज ने सन्यासी बाबा की साधना लेने वाले भक्तों से मुलाकात की...उन्होंने भक्तों के साथ उनके अनुभव साझा किए और साधना से उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों पर चर्चा की...और दूसरे दिन पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बागेश्वर धाम में स्थित बागेश्वर बालाजी भगवान के मंदिर में दर्शन किए... और विशेष पूजा-अर्चना की... इस दौरान उन्होंने भक्तों की उपस्थिति में हनुमान जी की आराधना की और साधना के उद्देश्यों को स्पष्ट किया... उन्होंने कहा साधना का मुख्य उद्देश्य भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है ...बागेश्वर धाम में प्रस्तावित कैंसर अस्पताल के निर्माण को निर्विघ्न करना है...और हिंदू समुदाय में एकता व संगठन को बढ़ावा देना है....
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प्रदेश में मौसम ने अचानक बदलाव देखने को मिला है...जिसके कई जगह पर हल्की बारिश हुई है...और कई जगह आंधी तूफान आया है...छतरपुर में तेज आंधी तूफान आने से एक पेड़ गिर गया..जिससे दो लोगों की मौत हो गई... वहीं एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया... छतरपुर के बमनौरा थाना पुलिस चौकी रामटौरिया के ग्राम गुन्जौरा में आंधी तूफान आने से एक पेड़ गिर गया...जिसमें दो लोगों की मौत हो गई...और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है...घटना की जानकारी लगते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा...और जेसीबी से पेड़ को हटा कर तीनों लोगों को बाहर निकाल कर...इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र रामटौरिया भेजा गया...जहां डॉक्टर ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया...एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है... जिसका इलाज चल रहा है...और दोनों मृतकों की बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए बड़ामलहरा भेजा गया....
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छतरपुर जिले में अचानक मौसम बिगड़ने से तेज आंधी तूफान के कारण एक बीएसएनएल का टावर टूट गया... राहत की बात ये है कि जब आंधी के कारण टावर टूटा टावर के आसपास कोई मौजूद नहीं था... वरना बड़ा हादसा हो सकता था.... ग्रामीणों ने बताया कि बीएसएनएल कंपनी का टावर है...जो कई दिनों से बंद पड़ा हुआ है... और जर्जर हालत में था... तेज आंधी आने की वजह से वह टूट गया है.... टावर टूटने का लाइव वीडियो भी सामने आया है...
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छतरपुर से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है...खेत में नरवाई जलाने से लगी आग ने देखते ही देखते पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया...आग ने अपनी चपेट में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला को भी ले लिया...बुजुर्ग महिला की जिंदा जलने से मौत हो गई...और कई ग्रामीणों के घर और गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया... छतरपुर के भगंवा थाना के घुवारा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रामटोरिया के मजरा चिरोला गांव में खेतों में नरवाई जल रही थी... तभी अचानक तेज आंधी चलने लगी जिससे आग फैल गई....आग इतनी भीषण थी कि ग्रामीणों के मकान आग की चपेट में आ गए....इस हादसे में गुलाब रानी यादव नामक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला घर में फंस गई और उसकी जिंदा जल कर मौत हो गई...घटना में कई ग्रामीण भी घायल हुए है...घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर तहसीलदार घुवारा डॉक्टर्स और राजस्व अमले की टीम के साथ पहुंच गए है....
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के विरोध में रामनगर के मुस्लिम समुदाय ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया... समुदाय ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की...और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा...जिसमे आतंकवाद के खिलाफ कठोर नीति अपनाने की मांग की... रामनगर में जुमे की नमाज़ के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए...और आतंकवाद के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया...सभी लोगों ने हाथों पर काली पट्टियां बांधकर आतंक के खिलाफ नारे लगाए... और शहीद को श्रद्धांजलि दी...मुख्य चौक पर मौन रखकर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दुआ की....प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाने की मांग की...ज्ञापन में कहा गया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता और मुस्लिम समुदाय हर प्रकार के आतंक की कड़ी निंदा करता है...
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एक एसी चोरी जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी...जी हां हैरान कर देने वाली चोरी की घटना...हालाकि इस घटना को मनोरंजक भी कह सकते हैं....स्कूटी चोर सांड की वायरल वीडियो...सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी फुटेज तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद आप भी स्कूटी बाहर खड़ी करने से पहले सौ बार सोचेंगे...इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया...इसमें एक सांड अपने आगे के दो पांव को स्कूटी पर रखकर उसे सड़क पर दौड़ा रहा है...वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि सांड सड़क पर इधर-उधर टहल रहा है....तभी उसे सड़क किनारे खड़ी एक स्कूटी नजर आती है...पहले वह उसे अच्छे से देखता है, फिर जब उसे वह स्कूटी पसंद आ जाती है, तो अपनी आगे की टांगे उसपर रखकर स्कूटी दौड़ा देता है....
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छतरपुर में एक महिला ने समीर खान नाम के युवक के खिलाफ लव जिहाद का मामला दर्ज किया है...महिला का आरोप है कि समीर ने उससे धर्म बदलकर शादी की...और अब उसके साथ मारपीट करता है...उसे जान से मारने की धमकी भी दी है... छतरपुर के मातगुवां थाना में एक महिला ने लव जिहाद के मामले दर्ज करवाया है... महिला ने समीर खान पर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए है... पुलिस ने आरोपी समीर खान को गिरफ्तार कर लिया है... आरोपी के खिलाफ मारपीट जान से मारने की धमकी दहेज प्रथा सहित धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा के तहत मामला किया दर्ज कर लिया है
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नई दिल्ली । मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में गुरुवार को विराट कोहली और साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ते हुए ऑरेंज कैप हासिल कर लिया। सूर्यकुमार यादव ने गुरुवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 23 गेंदों में नाबाद 48 रन की पारी खेलते हुए इस सीज़न में अपने रन 475 तक पहुँचा दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विराट कोहली (443 रन) और गुजरात टाइटंस (जीटी) के बी साई सुदर्शन (456 रन) को पीछे छोड़ते हुए ऑरेंज कैप की दौड़ में पहला स्थान हासिल कर लिया है। हालांकि सूर्यकुमार ने 11 मैच खेले हैं, वहीं सुदर्शन ने 9 और कोहली ने 10 मुकाबलों में ये रन बनाए हैं। यशस्वी जयसवाल चौथे स्थान पर कायम राजस्थान रॉयल्स के यशस्वी जयसवाल ने इस मैच में सिर्फ 11 रन बनाए और अब भी 439 रनों के साथ चौथे स्थान पर बने हुए हैं। जीटी के जोस बटलर (406 रन) और लखनऊ सुपर जायंट्स के निकोलस पूरन (404 रन) भी 400 रनों का आंकड़ा पार करने वाले खिलाड़ियों में शामिल हैं। पर्पल कैप की दौड़ में हेज़लवुड सबसे आगे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के जोश हेज़लवुड 18 विकेट के साथ पर्पल कैप की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि गुजरात टाइटंस के प्रसिद्ध कृष्णा 17 विकेट लेकर दूसरे स्थान पर हैं। ट्रेंट बोल्ट की जबरदस्त छलांग मुंबई इंडियंस के तेज़ गेंदबाज़ ट्रेंट बोल्ट ने गुरुवार को तीन विकेट झटके और अब 11 मैचों में 16 विकेट लेकर पर्पल कैप तालिका में तीसरे नंबर पर पहुँच गए हैं। उनके ठीक नीचे चेन्नई सुपर किंग्स के नूर अहमद हैं, जिनके नाम 10 मैचों में 15 विकेट दर्ज हैं।
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एक शराबी ने नशे की हालात में हाथ में पटाखा रखकर चलाने का स्टंट किया ...नशे में की गई इस हरकत से शराबी की एक ऊँगली अलग हो गई ... अब ये महाशय कह रहे हैं शराब पीकर ऐसा नहीं करना चाहिए ... छतरपुर मे एक शराबी ने नशे मे अपने हाथ की अंगुली गवा दी ,घटना सरवई मे उस समय घटित हुई जब हमीरपुर थाना क्षेत्र के मुस्कुरा निवासी विजय बहादुर सिंह राजपूत शादी समारोह मे शामिल होने आये और जमकर शराब पी ली ... जब शराब हलक के अंदर गई तो शराब का नशा पहाड़ चढ़कर बोलने लगा ,और बरात मे लोगो को पटाखे चलाते देख इन महाशय ने हथेली मे पटाखा रख के जलाया वैसे ही पटाखे मे विस्फोट हो गया और विस्फोट से अंगुली उड़ गई ,अब ये महाशय बता रहे है कि शराब के नशे मे कभी इस तरह की हरकत नही करना चाहिए।
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मैहर पुलिस ने फ़र्ज़ी फाइनेंस गिरोह का भंडाफोड़ किया ... बहन और भाई मिलकर लोगों को चुना लगा रहे थे ... शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस ने भाई को गिरफ्तार कर लिया है और बहन मौके से फरार हो गई है ... मैहर पुलिस ने चौकाने वाले मामले का खुलासा किया है ... फाइनेंस के नाम पर भाई और बहन मिलकर आदिवासियों के नाम पर खेल कर रहे थे ... पुलिस ने इस मामले में लिप्त एक अरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है ... वही फ्राड करने वाली इनकीं बहन पूजा मिश्रा की तलाश जारी है। मैहर के ग्राम धौरहरा निवासी पूजा मिश्रा अपने भाई विपिन तिवारी और विवेक तिवारी के साथ मिलकर मासूम आदिवासियों के नाम पर फ़र्ज़ी तरीके से गुमराह कर वाहन और लोन फाइनेंस करवाते थे और रकम डकार जाते थे ... इस बात का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित संजय साकेत के घर गाड़ी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी 4 माह बाद किश्त लेने पहुचे ... किश्त का नाम सुन संजय चौक गया संजय पेशे से ऑटो चालक हैं और इन फ्राड आरोपियों ने उसके नाम पर तकरीबन 15 लाख की कार फाइनेंस करवन रखी थी ... इस पूरे मामले पर पीड़ित संजय ने पुलिस से शिकायत की जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी विवेक तिवारी को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय पेश किया बाकी अन्य की तलाश जारी है।
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मैहर जिले के मानसपीठ खजुरीताल आश्रम में चल रहे पाटोत्सव कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायिका शहनाज अख्तर प्रस्तुति देने पहुची...शहनाज अख्तर ने आश्रम के प्रांगण में स्थित हनुमान मंदिर दर्शन कर चरणामृत पान किया... जिसके बाद अपने भजनों की प्रस्तुति की... मशहूर भजन गायिका शहनाज अख्तर मैहर के मानस पीठ खजुरीताल आश्रम पहुची...आश्रम में पाटोत्सव कार्यक्रम के अंतिम दिन भजन संध्या में शाहनाज अख्तर ने प्रस्तुति दी... अपनी प्रस्तुति से पहले उन्होंने हनुमान मंदिर में दर्शन कर चरणामृत पान किया...और श्री मानस पीठाधीश्वर जगद्गुरू रामानन्दाचार्य स्वामी श्री रामललाचार्य जी महाराज के चरणों मे प्रणाम कर आशीर्वाद प्राप्त किया... शहनाज अख्तर के भजनों की प्रस्तुति ने लोगों को घंटों बांध रखा...और कार्यक्रम के माहौल को भक्तिमय बना दिया...
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अमरपाटन से चोरी की हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है...यहाँ जब एक परिवार के लोग शादी में गए थे...तभी मौके फायदा उठा कर...अज्ञात चोर एक सूने घर से लक्ष्मी, रानी हेमा सहित 24 सहेलियों को उठा ले गए...घटना की शिकायत के बाद पुलिस चोरों की तलाश कर रही है... अमरपाटन के कुंजीलाल यादव ने ताला थाना में एफआईआर दर्ज कराई...उसने बताया कि वो अपने पूरे परिवार के साथ शादी में गया था..इस दौरान रानी ,लक्ष्मी हेमा और मुन्नी सहित कुल 24 बकरियां घर मे बंधी हुई थीं ..सूने घर का फायदा उठाते हुए अज्ञात चोर बकरियों को चुरा ले गए... जिसके बाद अब पुलिस बकरियों की तलाश कर रही है...
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ग्वालियर के तिघरा थाना क्षेत्र में दंपती के साथ लूट की वारदात करने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है...पकड़े गए बदमाशों से पुलिस ने दो कट्टे,कारतूस और लूटे गए रुपए और सामान बरामद किया है...लुटेरों का एक साथी अभी फरार है...पुलिस उसकी तलाश कर रही है... नारायण सिंह कुशवाह अपने परिवार के साथ शादी से लौट रहे थे...तभी रस्ते में तीन बाइक सवार बदमाशों ने उनके बेटे पर कट्टा तान कर उसकी पत्नी के गहने लूट लिए ... इस घटना की शिकायत उन्होंने थाने में दर्ज करवाई थी...घटना के पांच दिन बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा....पकड़े गए बदमाश जोगेंद्र गुर्जर तिघरा और राजवीर गुर्जर बिजौली इलाके के रहने वाला है...पुलिस उनके एक साथी तलाश कर रही है... सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया कि पकड़े गए बदमाशों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और पुलिस फिलहाल इनसे पूछताछ कर रही है...
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पटना । इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास में सबसे कम उम्र (14 साल) में शतक लगाने वाले खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फाेन पर बात की उन्हें बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने वैभव काे बिहार सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की सम्मान राशि देेने की घाेषणा की। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी काे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फाेन पर बात की और उन्हें बधाई व शुभकामनाएं दीं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बलबूते भारतीय क्रिकेट की एक नई उम्मीद बन गए हैं। सभी को उनपर गर्व है। मेरी शुभकामना है कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय टीम के लिए नये कीर्तिमान रचें और देश का नामराेशन करें। इस माैके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वैभव सूर्यवंशी काे राज्य सरकार की तरफ से 10 लाख रुपये की सम्मान राशि देने का भी ऐलान किया। उल्लेखनीय है कि क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी ने 12 दिसंबर 2024 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनके आवास 1 अणे मार्ग पर मुलाकात की थी। तब मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की थी।
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भोपाल । मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत 30 अप्रैल (परशुराम जयंती) को बिल भुगतान केन्द्र सामान्य कार्य दिवसों की तरह कार्य करते रहेंगे। भोपाल शहर वृत्त के अंतर्गत चारों शहर संभाग यथा पश्चिम, पूर्व, दक्षिण तथा उत्तर संभाग के अंतर्गत सभी जोनल कार्यालय और दानिश नगर, मिसरोद, मण्डीदीप में बिल भुगतान केन्द्र उक्त अवकाश के दिन भी सामान्य कार्य दिवस की तरह खुले रहेंगे।जनसंपर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने मंगलवार को बताया कि विद्युत कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राजधानी के जोनल आफिस में पीओएस मशीन से कैश के जरिए बिल भुगतान तथा ऑनलाइन माध्यम से भी बिल भुगतान कर सकते हैं। कंपनी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि कंपनी कार्यक्षेत्र के सभी 16 जिलों में बिजली वितरण केन्द्र/बिल भुगतान केन्द्र अवकाश के दिनों में खुले रहेंगे। इसके लिए सभी मैदानी महाप्रबंधकों को निर्देशित किया गया है।ऑनलाइन भुगतान करें और पाएं छूटमध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निम्नदाब घरेलू उपभोक्ताओं को ऑनलाइन भुगतान करने पर उनके कुल बकाया बिल पर 0.50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। साथ ही अधिकतम छूट के लिए कोई सीमा बंधन नहीं है। इसी प्रकार उच्चदाब उपभोक्ताओं को प्रति बिल कैशलेस भुगतान पर 100 रूपये से 1000 रुपये तक की छूट दी जा रही है।मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने उपभोक्ताओं से बिजली का बिल ऑनलाइन भुगतान करने की अपील की है। कंपनी ने कहा है कि उपभोक्ताओं को एम.पी.ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, कंपनी पोर्टल portal.mpcz.in (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।
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भोपाल । नगर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने सीएम हेल्पलाईन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निवारण तथा निगम की नियमित कार्यवाही के तहत शहर के अनेक क्षेत्रों के साथ एम.पी. नगर जोन-1 डी.बी.माल के सामने बड़ी कार्यवाही करते हुए पांच ट्रक सामान तथा अन्य स्थानों से भी विभिन्न प्रकार की सामग्री जप्त की। निगम अमले ने मंगलवार को अर्जुन नगर क्षेत्र में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के कार्यों में बाधक 18 झुग्गियां भी हटाई और जिला प्रशासन की कार्यवाही में सहयोग करते हुए रोशनपुरा क्षेत्र से एक मकान का सामान हटवाया तथा रेल कोच फैक्ट्री द्वारका नगर में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए 25 पक्के पिलर एवं बाउंड्रीवाल भी तोड़ी। निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन के निर्देश पर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते के दलों ने मंगलवार को जोन क्र. 12 के अंतर्गत वार्ड क्र. 43 के एम.पी.नगर जोन-1 डी.बी.माल के सामने, करोंद चैराहा, अशोका गार्डन, अयोध्या नगर, भोपाल टाकीज, इण्डस टाउन, होशंगाबाद रोड, रंग महल, न्यू मार्केट, टीन शेड, लिंक रोड नंबर 02, रोशनपुरा, बापू की कुटिया, बोट क्लब, मैदा मिल अर्जुन नगर, द्वारका नगर, नारियलखेड़ा, आनन्द नगर, हथाईखेड़ा, अयोध्या बायपास, नई अदालत, कोलार डी-मार्ट, संस्कार गार्डन, फाईन एवेन्यु फेस-2, समरधा, 11मील, एल.बी.एस हास्पिटल, रायल मार्केट, काला दरवाजा, घोड़ा नक्कास आदि क्षेत्रों में अतिक्रमणों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए एम.पी. नगर जोन-1 डी.बी. माॅल के सामने से विभिन्न अतिक्रमणों को हटाया और 05 ट्रक सामान जप्त किया। निगम अमले ने अयोध्या नगर क्षेत्र में अवैध रूप से 01 मकान के सामने बनाए गए चबूतरा हटाया साथ ही कोलार रोड क्षेत्र में घरों के बाहर अतिक्रमण कर लगाई गई जालियां आदि भी हटवाई। निगम अमले ने शहर के अन्य क्षेत्रों में सड़कों, फुटपाथों, सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण कर लगाई गई दुकानों एवं दुकानों के बाहर रखा सामान ठेले, गुमठी, नेट, काउंटर, बेंच, स्टूल, कुर्सी, लोहे के स्टैंड, स्टैंड बोर्ड, पाईप, गमले, पन्नी, लोहे के फ्रेम, फ्लेक्स बोर्ड आदि सामान भी जप्त किया। निगम अमले ने जिला प्रशासन की कार्यवाही में सहयोग करते हुए रोशनपुरा क्षेत्र से एक मकान का सामान हटवाया तथा रेल कोच फैक्ट्री द्वारका नगर में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए 25 पक्के पिलर एवं बाउंड्रीवाल भी तोड़ी। निगम अमले ने दोबारा अतिक्रमण न करने की समझाइश दी और चेतावनी भी दी यदि पुनः अतिक्रमण किया पाया जाता है तो और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
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नई दिल्ली। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान आधारित 16 यूट्यूब न्यूज चैनलों पर प्रतिबंध लगा दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि ये चैनल भारतीय सेना, सुरक्षा एजेंसियों और देश की अखंडता के खिलाफ भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट फैला रहे थे। भारत का मीडिया इस खबर को इस तरह छाप रहा है जैसे मोदी सरकार ने पता न कौन सा झुमाकर भाला फेंक दिया हो। खैर, सवाल यह उठ रहा है कि जब भारत ने सीमा पार से आने वाले प्रोपेगंडा पर कड़ा एक्शन लिया है, तो फिर भारतीय मीडिया में हो रही ‘पाकिस्तानी चोंचबाज़ी’ पर चुप्पी क्यों साध रखी है? कई बड़े भारतीय चैनलों पर आज भी पाकिस्तान के नेताओं, विश्लेषकों और पूर्व सैन्य अधिकारियों को घंटों बिठाकर बहस कराई जाती है। ये वही लोग हैं, जो अक्सर भारत विरोधी बयानबाज़ी करते हैं या पाकिस्तानी सेना के रुख को सही ठहराते हैं। ऐसे में आम दर्शक सवाल उठा रहे हैं कि जब दुश्मन के प्रोपेगंडा को यूट्यूब से हटाया जा सकता है, तो टीवी डिबेट्स में उन्हें मंच क्यों दिया जा रहा है? विशेषज्ञों का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल डिजिटल बैन से नहीं, बल्कि हर स्तर पर सूचना युद्ध से लड़ने से ही सुनिश्चित की जा सकती है। “अगर दुश्मन की आवाज भारतीय प्लेटफॉर्म्स पर गूंजती रही, तो बैन का असर आधा-अधूरा ही रहेगा,” एक मीडिया विशेषज्ञ ने नाम न छापने की शर्त पर कहा। अब निगाहें इस पर हैं कि क्या सरकार भारतीय टीवी चैनलों पर हो रही इस ‘चोंचबाज़ी’ पर भी कोई सख्त कदम उठाएगी या फिर यह मुद्दा केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहेगा? सुप्रिया श्रीनेत- सरकार ने पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल बैन किए- बहुत बढ़िया! अब सरकार हमारे न्यूज़ चैनल पर आ रहे पाकिस्तानियों पर भी तुरंत बैन लगाए सस्ती TRP के चक्कर में जितने भी मीडिया चैनल पाकिस्तानियों को बुला कर हमारे वतन के ख़िलाफ़ बोलने के लिए मंच देते हैं। वो देशद्रोह है।
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भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने 2018 से 2024 के बीच 250 से ज्यादा सैटेलाइट टीवी लाइसेंस रद्द कर दिए या प्रसारकों ने खुद ही लाइसेंस सरेंडर कर दिए। अब टीवी इंडस्ट्री फालतू बढ़त छोड़कर एक ऐसे दौर में जा रही है, जहां टिकाऊ और नियमों का पालन करने वाले चैनल ही टिक पाएंगे। मुख्य कारण: निष्क्रिय चैनल- जो चैनल 90 दिन से ज्यादा समय तक बिना प्रसारण के बंद रहे, उनके लाइसेंस अपने आप रद्द कर दिए गए। उदाहरण:- Peace TV Urdu (सुरक्षा कारणों से) कई छोटे भोजपुरी चैनल भी बंद हो गए। छोटे चैनलों का खुद से लाइसेंस छोड़ना– कुछ प्रसारकों ने खुद ही लाइसेंस सरेंडर कर दिया, क्योंकि बिजनेस में फायदा नहीं था। उदाहरण:- Harvest TV — राजनीतिक झगड़े और दिक्कतों के कारण बंद। Real TV — ऑपरेशन बंद कर दिया और लाइसेंस लौटाया। फाउंडर इंडिया नामक वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, कई छोटे धार्मिक चैनल अब यूट्यूब पर शिफ्ट हो गए। सुरक्षा और स्वामित्व के मुद्दे– कुछ चैनलों का लाइसेंस सुरक्षा मंजूरी न मिलने या अवैध तरीके से मालिक बदलने के कारण रद्द हुआ। उदाहरण:- Peace TV (जाकिर नाइक से जुड़ा) — सुरक्षा कारणों से बंद। टीवी चैनल क्यों टिक नहीं पाए? A. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का बढ़ना– अब कई चैनल टीवी से हटकर यूट्यूब या ऐप्स पर आ गए हैं। उदाहरण:- Harvest TV की टीम अब डिजिटल पर काम कर रही है। ABP गंगा भी अब डिजिटल-only ब्रांड बन गया है। B. बड़े नेटवर्क्स का दबदबा– बड़े ग्रुप जैसे Zee, Network18 छोटे चैनलों को मिलाकर काम कर रहे हैं। C. टेलिशॉपिंग और ज्योतिष चैनलों का घट जाना- ऐसे चैनल कमाई न होने पर खुद ही बंद हो रहे हैं। इंडस्ट्री पर असर: अब चैनलों की संख्या से ज्यादा कंटेंट की गुणवत्ता पर जोर है। OTT प्लेटफॉर्म (जैसे JioCinema, YouTube) ने सैटेलाइट टीवी को कड़ी टक्कर दी है। छोटे कस्बों और गांवों में लोग अब मोबाइल पर वीडियो देखना पसंद कर रहे हैं।
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ग्वालियर के ररुआ गांव में खेतों में खड़ी नरवाई में आग लग गई...आंधी और तूफानी के बीच आग इतनी तेजी से फैली की देखते- देखते पूरा गांव आग की लपटों में आ गया...करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई है...आग की सूचना मिलने के बावजूद भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तीन घंटे देरी से पहुंचीं... खेतों में तेज आंधी और तूफानी हवाओं के बीच खड़ी नरवाई में आग लग गई...आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गांव आग की चपेट में आ गया...आग की सूचना मिलने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तीन घंटे देरी से पहुंचीं...इससे आग ने और बड़ गई... चार ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए और करोड़ों की संपत्ति जलकर खाक हो गई...आग चपेट में कई भूसे के ढेर,कच्चे-पक्के मकान और मोटरसाइकिल भी आ गए...आग में घायल हुए ग्रामीणों को अस्पताल पहुंचाया गया....आग इतनी बड़ गई थी की उसे बुझाने के लिए डबरा भितरवार ,ग्वालियर से दमकल गाड़ियों और बीएसएफ टेकनपुर की भी मदद ली गई...आगजनी की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौर भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को सांत्वना दी... और उनसे बातचीत की....
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न्यूज़ इंडिया 24 ×7 के डायरेक्टर के बीच झगड़े की खबर से पूरा न्यूज़ रूम सकते में है। विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से खबर है न्यूज़ इंडिया की पूर्व एमडी दीक्षा शर्मा और मौजूदा एमडी शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के बीच झगड़ा हो गया है. इसके बाद शैलेंद्र शर्मा ने एमडी दीक्षा शर्मा के सारे एम्पलाइयों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जिसमें HR दीपक कुमार शामिल है। इसी ने कुछ दिन पहले सारे पूर्व कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था। इससे पहले एक दूसरे के फैसले बदले जा रहे है। बंद पड़े चैनल में काम कर रहे चंद कर्मचारी परेशान हैं। न्यूज़ इंडिया चैनल का मालिक बलबीर सिंह तोमर है। खबर है कि उन्होंने चैनल को लीज पर दिया है। शैलेंद्र शर्मा नए एमडी बनाकर चैनल को देख रहे हैं। यह वर्चस्व की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी पढ़िए प्रबंधन का पक्ष- इसमें किसी प्रकार का झगड़ा नहीं हुआ है। दीक्षा शर्मा पूर्व में चैनल की एमडी रही है। वह वर्तमान में चैनल में किसी भी पद पर पदस्थ नहीं है। शैलेन्द्र शर्मा उर्फ शालू पंडित चैनल के एमडी नहीं चेयरमैन है। श्री बलबीर सिंह तोमर और श्री शैलेन्द्र शर्मा उर्फ शालू पंडित में चैनल की ऑनरशिप ट्रांसफर हुई है किसी प्रकार की लीज अथवा अन्य बातें मात्र अफवाह है। दीक्षा शर्मा वर्तमान में किसी भी पद पर नहीं है। चैनल बंद नहीं हुआ है। सेक्टर 16 स्थित कार्यालय से सेक्टर 63 स्थित कार्यालय में शिफ्ट किया जा रहा है। इस दौरान शिफ्टिंग की वजह से चैनल को रिकॉर्डेड मोड पर चलाया जा रहा है। चैनल एयरटेल और टाटा स्काई व अन्य सभी प्लेटफॉर्म पर चल रहा है। डिजिटल टीम कार्यालय में कार्यरत है। अन्य कर्मचारियों को पूर्व में दिए गए कार्यभार का आंकलन कर उनकी कार्यक्षमता के अनुसार उनको कार्यभार दिया जा रहा है। जो कर्मचारी असक्षम अथवा नई टीम के साथ काम करने में सुविधापूर्ण महसूस नहीं कर रहे है उनके लिए दरवाजे खुले है। किसी भी व्यक्ति को विशेष तौर पर केंद्रित कर किसी कर्मचारी को चैनल से बाहर नहीं किया गया है। इनपुट आउटपुट डिजिटल पीसीआर एमसीआर व अन्य विभागों के सभी कर्मचारी सेक्टर 63 स्थित कार्यालय प्रतिदिन आ रहे है।
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हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के आए परिणामों में रुचिका झा ने 51वां रैंक हासिल किया। रुचिका इस परीक्षा को पास करने का श्रेय अपनी पत्रकारिता के बैकग्राउंड और न्यूजरूम में काम करने से मिले अनुभवों को देती हैं। पांचवें प्रयास में टफ परीक्षा पास करने वाली रुचिका एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर भी हैं। उन्होंने बताया कि समाचार एजेंसी पीटीआई में काम करने के दौरान उनमें देश सेवा करने की ललक पैदा हुई। पत्रकारिता की नौकरी और पढ़ाई के बीच सामंजस्य बनाना एक कठिन काम था, लेकिन झा ने खाली समय और वीकली पढ़ाई करके यह संतुलन स्थापित किया। रुचिका पीटीआई में बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत थीं। उन्होंने आईआईएमसी से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और फिर मीडिया इंडस्ट्री में काम करने लगी। पीटीआई में काम करते हुए उन्होंने सिविल परीक्षा की तैयारी शुरू की। झा ने पीटीआई से हुई खास बातचीत में कहा कि- मीडिया पृष्ठभूमि ने परीक्षा की तैयारी में उनकी मदद की और समाचारों की दुनिया में रहने की वजह से करंट अफेयर्स पर उनकी पकड़ बढ़ी। उन्होंने कहा कि हर दिन मुझे समाचारों को पढ़ना, संपादित करना और पब्लिश करना पड़ता था, जिससे करंट अफेयर्स और कई महत्वपूर्ण विषयों की मेरी समझ में सुधार हुआ। इसने गहराई से पढ़ने और सोचने की आदत विकसित करने में मदद दी। पीटीआई ने मेरा पूरा साथ दिया, खासकर जब मैंने पढ़ाई पर अधिक ध्यान देने के लिए छुट्टी मांगी। दिल्ली में जन्मीं और पली बढ़ीं रुचिका का परिवार बिहार से है। उनके पिता रसायन विज्ञान के टीचर हैं। और मां एक गृहिणी, जो इस पूरी यात्रा में एक भावनात्मक सहारा रहीं। रुचिका जामिया मिलिया इस्लामिया की आवासीय कोचिंग अकादमी के 32 उम्मीदवारों में से हैं, जिन्होंने देश की सर्वाधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की है। बता दें कि यह परीक्षा 16 जून 2024 को आयोजित की गई थी, जिसमें 9,92,599 लोगों ने आवेदन किया था। इसमें 5,83,213 लोग उपस्थित हुए थे। इस वर्ष यूपीएससी ने विभिन्न सेवाओं के लिए 1009 उम्मीदवारों- जिसमें 725 पुरुष और 284 महिलाओं का चयन किया है।
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पहलगाम हमले के बाद भारतीय टीवी न्यूज चैनलों में चल रही उछलकूद पर केंद्र सरकार ने देर सही लेकिन उचित समय ध्यान दिया है। टीवी चैनलों पर बगैर युद्ध ही भारत पाकिस्तान के बीच मुंह से चल रहे गोला, बम, बारूद पर पाबंदी लगाई गई है। जिसके तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सख्त हिदायत जारी की है… सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी भारतीय TV चैनलों के लिए दिशा निर्देश जारी किया। किसी भी सैन्य ऑपरेशन की लाइव कवरेज न करने से लेकर रिपोर्टिंग में तमाम तरह के एहतियात बरतने के निर्देश दिए…
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राजगढ़ । खिलचीपुर क्षेत्र के ग्राम झरन्या और बिसलाई में बाल विवाह की सूचना पर शनिवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, अहिंसा वेलफेयर सोसायटी और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और बाल विवाह रुकवाए साथ ही परिजनों को सख्त चेतावनी दी गई। जानकरी के अनुसार बिसलाई गांव में चार दिन बाद 16 वर्षीय किशोर का विवाह होना था, सूचना पर पहुंची टीम ने परिजनों से चर्चा कर बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधान और दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी। परिजनों को चेतावनी देते हुए कहा गया कि बाल विवाह किया तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर ग्राम झरन्या निवासी 12 वर्षीय बालक का विवाह सेमलापुरा गांव में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में होना तय हुआ था। संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक के परिजन और ग्रामीणजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। टीम ने कानूनी प्रावधान बताते हुए कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें छह माह से दो साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। कार्रवाई के दौरान परियोजना अधिकारी प्रतिभा साहू, सुपरवाइजर संतोष चैहान, सोसायटी से मनीष दांगी, रजनी प्रजापति, नरेन्द्र व्यास सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
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अनूपपुर । ग्रीष्मकालीन के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की होने वाली अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुये उन्हें कंफ़र्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन दुर्ग-लालकुआँ-दुर्ग के मध्य 18 फेरों के लिए समर स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। एक मई से प्रत्येक गुरूवार को दुर्ग से लालकुआँ वाया निज़ामुद्दीन जायेगी। इसी तरह वापसी प्रत्येक शुक्रवार होगी, जो अनूपपुर शनिवार को पहुंचेगी। गाड़ी संख्या 08771 दुर्ग-लालकुआँ साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन दुर्ग से 01, 08, 15, 22, 29, मई व 05, 12, 19, 26 जून 2025 को (09 फेरा) प्रत्येक गुरुवार को चलेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08772 लालकुआँ-दुर्ग साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन लालकुआँ से 02, 09, 16, 23, 30 मई व 06, 13, 20, 27 जून को (09 फेरा) प्रत्येक शुक्रवार को चलेगी। इस गाड़ी का ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के दुर्ग, रायपुर, उस्लापुर, पेंड्रारोड, अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया स्टेशनों में दिया गया है। समय सारिणी08771 दुर्ग-लालकुआँ साप्ताहिक समर स्पेशल दुर्ग से प्रत्येक गुरुवार को 10.45 बजे रवाना होगी तथा रायपुर आगमन 11.20 बजे, प्रस्थान 11.25 बजे, उस्लापुर आगमन 13.20 बजे, प्रस्थान 13.30 बजे, पेंड्रारोड आगमन 14.55 बजे, प्रस्थान 14.57 बजे, अनूपपुर आगमन 15.40 बजे, प्रस्थान 15.45 बजे, शहडोल आगमन 16.20 बजे, प्रस्थान 16.22 बजे एवं उमरिया आगमन 17.14 बजे, प्रस्थान 17.16 बजे तथा मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुये होते हुये दूसरे दिन शुक्रवार को 17.50 बजे लालकुआँ पहुंचेगी। इसी प्रकार 08772 लालकुआँ-दुर्ग साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेन लालकुआँ से प्रत्येक शुक्रवार को 20.20 बजे रवाना होगी तथा तथा मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुये दूसरे दिन उमरिया आगमन 19.46 बजे, प्रस्थान 19.48 बजे, शहडोल आगमन 21.20 बजे, प्रस्थान 21.22 बजे, अनूपपुर आगमन 22.05 बजे, प्रस्थान 22.10 बजे, पेंड्रारोड आगमन 23.00 बजे, प्रस्थान 23.02 बजे, तीसरे दिन उस्लापुर आगमन 01.15 बजे, प्रस्थान 01.25 बजे, रायपुर आगमन 03.00 बजे, प्रस्थान 03.05 बजे तथा रविवार को 04.00 बजे दुर्ग पहुंचेगी। इसमें 02 एसएलआरडी, 03 जनरल, 15 स्लीपर, 02 एसी-III सहित कुल 22 कोच की सुविधा रहेगी।
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शहडोल। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के चंदिया के बर्तन अपनी गुणवत्ता, टिकाऊपन और सौंदर्य के लिए जाने जाते हैं। इन बर्तनों में कुल्हड़, हांडी, सुराही, दीया और अन्य पारंपरिक घरेलू वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें प्राकृतिक मिट्टी से तैयार किया जाता है। इनकी मांग न केवल मध्य प्रदेश में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों में भी तेजी से बढ़ रही है। चंदिया के मिट्टी के बर्तन प्रदेश और देश में प्रसिद्ध है। गर्मी के मौसम में देशी फ्रिज के नाम से मशहूर इन बर्तनों की जमकर बिक्री हो रही है। यहां के मिट्टी के बर्तन छत्तीसगढ, उडीसा सहित बिहार और गुजरात के साथ विदेशी पर्यटक अपने साथ अपने देश लेकर जाते हैं। चंदिया की मिट्टी के बर्तन मे पानी ठंडा रहता है। और प्राकृतिक तरीके से ठंडा होता है। जिला प्रशासन ने कलाकार कुम्हारों को प्रशिक्षण भी दिया। जिससे कुम्हारों ने मटका, सुराही और मिट्टी की बोतल भी बनाने लगे हैं। मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कलाकार मोती ने बताया कि ये हमारा पुराना काम है। पहले हम मटका सुराही बनाकर आसपास बेचते थे, लेकिन अब हमारे पास दूर दूर के साथ दूसरे प्रदेशो से आर्डर आते हैं। और हम आर्डर पुरा करने के साथ स्वयं भी मटका सुराही भोपाल, छत्तीसगढ़ जाते हैं। पहले हम मटका और सुराही बनाते थे। हमको जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण दिलवाया तो हम डिजाइन वाली सुराही, बॉटल भी बनाने के साथ मिट्टी के कढ़ाई,गमला,करछी,गुल्लक भी बना कर बेचते हैं। शासन की मदद और हमारी मेहनत से हमारी आय बढ़ी है। हम लगातार व्यापर को बढ़ा रहे हैं। मटका, सुराही, बॉटल और मिट्टी से बनने वाले सामान देखने में जितने सुंदर लगते हैं, बनाना उतना ही कठिन है। कलाकार नंदकिशोर ने बताया कि हम पहले मिट्टी लाते हैं उसके बाद उसे सुखाकर कुटाई करते हैं फिर उसको साफ़ करने के बाद मिट्टी को गीला करने के बाद चक्के में रखते हैं। चक्का पहले हाथ से चलाया जाता था। लेकिन अब मशीन से चलता है। फिर बर्तन तैयार करने के बाद कलर किया जाता है। उसको आग में पकाया जाता है।
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लवजिहाद शब्द सुनकर ही गुस्सा फूट पड़ता हैं .... राजधानी भोपाल के तीन थानों में लवजिहाद का ऐसा मामला दर्ज हुआ हैं जिसमे से एक बड़ी साजिश की बू आ रही हैं .... भोपाल में एक ही कॉलेज की 3 छात्राओं को पहले लवजिहाद में फंसाया फिर रेप किया ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की .... धर्म बदलकर शादी करने का दबाव भी लगातार बना रहे थे .... आरोपियों ने सही नाम , पहचान छुपाकर हिन्दू नाम बताकर लड़कियों से दोस्ती की थी .... राजधानी भोपाल में तीन सहेलियों से लव जिहाद का गंभीर मामला सामने आया है .... फरहान खान, साहिल खान और अली खान नाम के तीन युवकों ने नाम बदलकर दोस्ती की .... सोहेल नाम के युवक ने राहुल शर्मा नाम से इंस्टाग्राम पर अपनी आईडी बनाई और एक हिंदू लड़की से दोस्ती कर ली .... नजदीकियां बढ़ने के बाद उसने अपना मूल नाम व धर्म छिपाते हुए युवती को मंदिर ले जाकर मांग में सिंदूर भरा और शादी का भरोसा दिया .... इसके पूर्व घुमाने ले जाने के बहाने उसने युवती के साथ दुष्कर्म भी कई बार किया जिसका वीडियो भी बनाया और ब्लैकमेल कर पैसों की मांग की .... इतना ही नहीं धर्म बदलकर शादी करने का दबाव भी बनाया .... पीड़िताओं में एक नाबालिग है, इसलिए पॉक्सो एक्ट की धराये भी लगाई गई है .... फरहान और साहिल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अली खान की तलाश जारी है .... चूँकि मामला धर्म बदलकर शादी करने का दवाब बनाने व अपना धर्म छुपकर दोस्ती करने का हैं .... इसलिए तीनों पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है .... मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने एसआईटी की टीम बनाई है, जिसमें तीन एसीपी शामिल किये गए हैं .... लड़की के परिजनों के सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने बताया कि वह विदिशा का है और उसका नाम सोहेल खान है .... परिजनों ने बजरंग दल पदाधिकारियों को सूचना दी .... वे युवक को थाने लेकर पहुंचे .... पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है .... पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है .... डीसीपी युवती मूलतः छत्तीसगढ़ की रहने वाली है .... यहां पर वह कटारा हिल्स इलाके में रहती है .... करीब तीन माह पूर्व युवती की दोस्ती इंस्टाग्राम पर राहुल शर्मा नामक युवक से हुई .... दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया .... युवक विदिशा से भोपाल आ गया .... वह नादरा बस स्टैंड के पास किराए का कमरा लेकर रह रहा था और पुताई का काम करने लगा था .... कुछ दिन पूर्व युवक ने युवती पर शादी का दबाव बनाया .... युवती ने मना किया तो उसने चैटिंग वायरल करने की धमकी दी .... इससे डरी युवती उसकी बातों में आ गई .... तीन दिन पहले कटारा हिल्स के एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली .... शादी के बाद युवती को पता चला कि लड़का अपना धर्म छिपाकर ऐसा कर रहा है तब युवती के परिजनों ने आरोपी से दस्तावेज मांगे, तब जाकर लव जिहाद का खुलासा हुआ .... पुलिस अधीक्षक संजय अग्रवाल ने बताया .... पीड़िताओं की रिपोर्ट में संबंधित थानों में मामला दर्ज किया गया .... पुलिस कमिश्नर के द्वारा SIT गठित की गई जो पूरे मामले की जाँच कर रहा है .... इस पूरे मामले पर जो मुख्य आरोपी है उसे बागसेवानिया पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है .... अन्य आरोपियों को भी अलग अलग थानों में गिरफ़्तार कर लिया गया है .... जो आरोपी फ़रार हैं उसकी गिरफ़्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे .... जो चीजे इनके पास मिली है उसको देखते हुए धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम लगाया गया हैं .... सभी आरोपियों के मोबाइल जाँच के लिए सायबर फॉरेंसिक के लिए भेज दिया गया है,, बागसेवनिया थाने में जीरो पर की गई कार्रवाई,, ऐशबाग, जहांगीराबाद और अशोका गार्डन में केस डायरी भेजी गई हैं ....
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खटीमा में एक स्कूल बस के चालक और परिचालक को हाईटेंशन लाइन के नीचे बस खड़ी करना भारी पड़ गया...यहां करंट लगने से तीन लोग बुरी तरह झुलस गए...तीनों घायलों को प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया...जिनका इलाज जारी है... खटीमा में एक स्कूल के बाहर बस खड़ी करने जगह न मिलने पर बस को 33 हजार केवी की हाइटेंशन लाइन के नीचे खड़ा करना पड़ा जिससे बड़ा हादसा हो गया...जंगली बंदरों के कारण यहां तार लटक रहे थे, जिसे हटाने की कोशिश में बल चालक और परिचालक करंट की चपेट में आ गए और बुरी तरह झुलस गए...हालत गंभीर होने पर घायलों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया...वहीं जब इस लापरवाही को लेकर बिजली विभाग के अधिकारियों से सवाल किए गए, तो कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था...एक अधिकारी छुट्टी पर निकले, तो दूसरे फील्ड में व्यस्तता का हवाला देते रहे...
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बरेली में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है...जहां फोन पे जैसा नकली ऐप बनाकर दुकानदारों को ठगने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है...आरोपी नकली ट्रांजैक्शन स्क्रीन दिखाकर दुकानदारों को चूना लगाते थे...मामले में तीसरा आरोपी फरार है...जिसकी तलाश पुलिस कर रही है... महज 19 साल के दो युवक...लेकिन दिमाग इतना शातिर की उन्होंने फोन पे जैसा हूबहू नकली ऐप बनाकर दुकानदारों को लूटना शुरू कर दिया...ये आरोपी दुकान से सामान खरीदते, क्यूआर कोड स्कैन करते और फर्जी ऐप से पेमेंट की नकली स्क्रीन दिखा देते...दुकानदार को लगता कि पेमेंट हो गया, लेकिन असल में कोई ट्रांजेक्शन होता ही नहीं था....शक होने पर जब एक केमिस्ट शॉप वाले ने शिकायत दर्ज कराई तो आरोपियों का भंडाफोड़ हुआ...पूछताछ में उन्होंने कई दुकानों से इसी तरह ठगी करना कबूल किया...पुलिस ने मोबाइल और डिजिटल सबूत कब्जे में लेकर तीसरे आरोपी सीटू ठाकुर की तलाश कर रही है...
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मंदिर की जमीन को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने पहुंचे एसडीएम और नायब तहसीलदार के साथ दबंगों ने मारपीट की...अधिकारियों और दबंगों के बीच बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है...पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया है...पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है....और पूरे मामले की जांच कर रही है.... छतरपुर के बारी गांव कुछ अपराधी तत्वों ने रामराजा सरकार के मंदिर और उसकी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया था...ग्रामीणों ने मंदिर पर हुए इस कब्जे की शिकायत केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार की जन चौपाल में की...शिकायत पर छतरपुर के एसडीएम अखिल राठौर और नायब तहसीलदार इंदु सिंह मंदिर पहुंचे...जहा कुछ दबंगों ने एसडीएम और नायब तहसीलदार के साथ हाथापाई की...दबंगों और एसडीएम के बीच हुई इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है...पुलिस ने मामले दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है...उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है...फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है...
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तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में जानवरों की चर्बी युक्त तेल और घी मिलावट मामले में सीबीआई की स्पेशल टीम दो दिन से ग्वालियर आई है... सीबीआई की चार सदस्यीय टीम ने तेल और घी के कारोबारियों को समन भेजा...कुछ व्यापारी सीबीआई के बुलाने पर भी नहीं आए तो...पुलिस की मदद से उन्हें थाने लाकर पूछताछ की गई... तिरुपति बालाजी प्रसाद मामले में सीबीआई की एसआईटी जांच टीम ग्वालियर पहुंची है... टीम ने पहले दिन कुछ व्यापारियों को नोटिस देकर तलब किया था...लेकिन व्यापारी डर के चलते नहीं पहुंचे...और अपने प्रतिष्ठान से गायब हो गए...इस पर ग्वालियर के इंदरगंज सर्कल के सीएसपी रोबिन जैन और कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी मिश्रा ने इन व्यापारियों को सीबीआई के सामने पेश किया...सीबीआई टीम ग्वालियर में करीब दो से तीन दिन और रहेगी...सीबीआई कुछ लोगों को पूछताछ के लिए अपने साथ भी ले जा सकती है...
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छतरपुर जिला अस्पताल में पदस्थ डॉक्टर राजेश मिश्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है...जिसमें वे एक बुजुर्ग मरीज के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं... इस अमानवीय घटना का वीडियो वायरल होते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया....और डॉक्टर राजेश मिश्रा और उनके सहयोगी राघवेंद्र खरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई... छतरपुर जिला अस्पताल के डॉक्टर की गुंडागर्दी का वीडीओ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है....वीडियो में डॉ राजेश मिश्रा नौगांव से इलाज कराने आए बुजुर्ग के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं..दरअसल डॉक्टर और एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी... जिसके बाद डॉक्टर राजेश मिश्रा और रेड क्रॉस कर्मचारी राघवेंद्र खरे ने मिलकर न सिर्फ बुजुर्ग के साथ बदसलूकी की बल्कि उन्हें घसीटते हुए अस्पताल परिसर से बाहर तक फेंक दिया..बुजुर्ग की शिकायत के बाद सिविल सर्जन ने डॉक्टर को क्लीन चिट दे दी थी...लेकिन जब वीडियो वायरल हुआ तो...कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अखिल राठौर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच की....टीम ने डॉक्टर राजेश मिश्रा और रेड क्रॉस कर्मचारी राघवेंद्र खरे को तत्काल नौकरी से हटाने का प्रतिवेदन कलेक्टर को भेजा साथ ही इस अमानवीय हरकत पर दोनों के खिलाफ FIR दर्ज कराइ....
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दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर रविवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। यहां मलैया मिल रेलवे फाटक के पास एक खाली पार्सल ट्रेन पटरी से नीचे उतर गई। गाड़ी के दो डिब्बे ट्रैक से नीचे आ गए और ट्रेन विद्युत पोल से टकरा गई। इससे थर्ड लाइन और दमोह सागर अप ट्रैक बाधित हो गया। इसके कारण यात्री सेवा प्रभावित हुई है। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं। घटना रविवार दोपहर करीब 3:00 बजे की है। बताया गया कि कटनी से बीना जा रही एक खाली पार्सल ट्रेन की तीन बोगियों के पहिए पटरी से उतर गए। ट्रैक से नीचे उतरी ट्रेन की ये बोगियां विद्युत पोल से टकरा गई, जिससे विद्युत पोल बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन खाली होने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि मालगाड़ी ट्रेन थर्ड लाइन से अप ट्रैक की तरफ शिफ्ट हो रही थी। इस दौरान हादसा हो गया। इस हादसे से थर्ड लाइन और दमोह सागर अप ट्रैक बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही रेल विभाग के टेक्निकल प्रभारी प्रवीण कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। कलेक्टर सुधीर कोचर के निर्देश पर तहसीलदार मोहित जैन भी स्थिति का जायजा लेने रेलवे स्टेशन पहुंचे। हादसे के कारण यात्री सुविधा प्रभावित हुई है। कटनी से आ रही गोंडवाना एक्सप्रेस और बीना मेमू ट्रेन को रोकना पड़ा। रेल अधिकारियों ने बताया कि ट्रैक क्लियर होने के बाद ही इन ट्रेनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए कटनी से विशेष उपकरणों से लैस एक स्पेशल ट्रेन भेजी गई है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही रेल यातायात सामान्य हो जाएगा।
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चंडीगढ़ । चंडीगढ़ के महराजा यदविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में रविवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 सीजन का 37वां मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया। मुकाबले में बेंगलुरु की टीम ने पंजाब की टीम को सात विकेट से हरा दिया। मैच में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में छह विकेट पर 157 रन बनाए। जवाब में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 18.5 ओवर में 3 विकेट पर 159 रन बनाते हुए जीत दर्ज कर ली। विराट कोहली 73 रन बनाकर नाबाद रहे। देवदत्त पडिक्कल ने 61 रन की पारी खेली। इस जीत के साथ आरसीबी के आठ मैचों में पांच जीत और तीन हार के साथ 10 अंक हो गए हैं। टीम अंक तालिका में तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। पंजाब की टीम के भी आठ मैचों में पांच जीत और तीन हार के साथ 10 अंक हैं, लेकिन नेट रनरेट में आरसीबी से पीछे होने के कारण वह चौथे नंबर पर है। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बेंगलुरु का फिल सॉल्ट के रूप में पहला विकेट गिरा। सॉल्ट एक रन बनाकर आउट हुए। सॉल्ट का विकेट जल्दी गंवाने के बाद विराट कोहली और देवदत्त पडिक्कल ने पारी को आगे बढ़ाया। दोनों ने अच्छी बल्लेबाजी की और पावरप्ले के छह ओवर में एक विकेट पर टीम का स्कोर 54 रन पहुंचा दिया। मैच में पडिक्कल ने ताबड़तोड़ अंदाज में बल्लेबाजी और 30 गेंदों पर आईपीएल करियर का अपना 10वां अर्धशतक लगा दिया। पडिक्कल 13वें ओवर में बड़ा शॉट मारने के दौरान कैच आउट हुए। उन्होंने 35 गेंदों में पांच चौके और चार छक्कों की मदद से 61 रन की पारी खेली। उन्होंने विराट के साथ 103 रन की साझेदारी की। पडिक्कल के जाने के बाद विराट ने मोर्चा संभाल लिया और अपना एक और अर्धशतक जड़ दिया। विराट कोहली ने आईपीएल करियर का 59वां अर्धशतक लगाया। फिर 143 के स्कोर पर बेंगलुरु को तीसरा झटका लगा। कप्तान रजत पाटीदार कैच आउट हो गए। वह 12 रन बना सके। इसके बाद विराट कोहली और जितेश शर्मा ने 18वें ओवर में जीत सुनिश्चित की। विराट 54 गेंदों पर 73 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने अपनी पाकी में 7 चौके औक एक छक्का लगाया। जितेश शर्मा 11 रन बनाकर नाबाद रहे। पंजाब की ओर से अर्शदीप सिंह, हरप्रीत बरार, युजवेंद्र चहल ने एक-एक विकेट लिया। इससे पहले पंजाब किंग्स ने 20 ओवर में छह विकेट के नुकसान पर 157 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब को सलामी युवा जोड़ी प्रियांश आर्या और प्रभसिमरन सिंह ने अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती चार ओवर में 41 रन जोड़ दिए। टीम का पहला विकेट पांचवें ओवर में गिरा। प्रियांश 15 गेंदों पर 22 रन बनाकर आउट हुए। फिर सातवें ओवर में प्रभसिमरन सिह भी पवेलियन लौट गए। प्रभसिमरन 17 गेंद में पांच चौके और एक छक्के की मदद से 33 रन बना सके। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर भी जल्दी आउट हो गए। श्रेयस ने 10 गेंद में छह रन बनाए। नेहल वढेरा रन आउट हो गए। वह पांच रन बना सके। पंजाब का पांचवां विकेट जोश इंगलिस के रूप में गिरा। इंगलिस ने 17 गेंद में 29 रन बनाए। फिर मार्कस स्टोइनिस क्लीन बोल्ड हुए। स्टोइनिस मात्र एक रन बना सके। आखिर में मार्को जानसेन और शशांक सिंह ने कुछ अच्छे शॉट खेले और पंजाब को 157 रन तक पहुंचाया। जानसेन 20 गेंद में 25 रन और शशांक 33 गेंदों में 31 रन बनाकर नाबाद रहे। आरसीबी की ओर से क्रुणाल पांड्या और सुयश शर्मा ने दो-दो विकेट लिए। रोमारियो शेफर्ड को एक विकेट मिला।
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नई दिल्ली । ब्राह्मण रक्षा मंच ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'फुले' में ब्राह्मण विरोधी नफरत फैलाने वाले दृश्यों को तुरंत हटाने की मांग की है। रविवार को मंच के प्रमुख सदस्यों ने एकत्र होकर इस फिल्म का पुरजोर विरोध किया और कहा कि जब तक ये दृश्य हटाए नहीं जाते या फिल्म का प्रसारण रोका नहीं जाता, तब तक ब्राह्मण समाज चैन से नहीं बैठेगा। दिल्ली के प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंच के महन्त सतीश दास जी महाराज, महन्त भोला गिरि जी महाराज, और अन्य सदस्यों ने फिल्म पर आपत्ति जताते हुए बताया कि इस फिल्म को ज्योतिबा फुले के नाम पर ब्राह्मण समाज के गौरवशाली इतिहास को धूमिल करने की साजिश के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को ज्ञापन देकर फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है। वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मण समाज ने हमेशा समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाने का कार्य किया है और यह अपमान केवल ब्राह्मण समुदाय ही नहीं, बल्कि संपूर्ण सनातन संस्कृति के लिए स्वीकार्य नहीं है। उनका कहना था कि फिल्म में ब्राह्मणों को गलत तरीके से प्रस्तुत करके दर्शाया गया है कि वे महिलाओं को शिक्षा से वंचित रखने का प्रयास कर रहे हैं, जो पूरी तरह से गलत है। वक्ताओं ने कहा, “ब्राह्मणों ने ज्योतिबा फुले को 20 स्कूल खोलने में मदद की थी और वे खुश थे। जब फुले ने सत्य शोधक समाज खोला तो ब्राह्मण वर्ग ही इसके स्तंभ थे।” ब्राह्मण रक्षा मंच ने स्पष्ट किया कि सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ने वाली फिल्मों पर रोक लगनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस फिल्म के माध्यम से नफरत और सामाजिक कुप्रथाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है, जो समाज के लिए हानिकारक है। मंच ने फिल्म के खिलाफ अपने आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया है।
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जबलपुर । गोरखपुर थाना अंतर्गत गोल्ड जिम में एकसरसाइज करते वक्त एक व्यक्ति की मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह की है, बताया जा रहा है कि यतीश सिंघई जिनकी उम्र 52 वर्ष थी वह प्रतिदिन व्यायाम करते थे। तथा क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यापारी थे। रोज की तरह आज शुक्रवार को यतीश एक्ससाइज करने पहुंचे थे। कुछ देर एक्सरसाइज करने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। जिसके चलते उनके साथी उन्हें नजदीकी डॉक्टर भंडारी जो की हृदय रोग विशेषज्ञ हैं के अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें परीक्षण करने के उपरांत मृत घोषित कर दिया। इस घटना से यतीश के साथियों में शोक की लहर दौड़ गई। डॉक्टर के मुताबिक यतीश को हार्ट अटैक हुआ था। डॉक्टर के अनुसार गर्मी के समय लोगों को एक्सरसाइज हल्की करना चाहिए इसके अलावा व्यक्ति की तासीर पर भी निर्भर होता है। व्यक्ति का देर रात जागना सुबह जल्दी उठना ढंग से भोजन न करना नशा करना आदि कारण भी हार्ट अटैक के लिए जिम्मेदार माने गए हैं। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि ज्यादा हैवी एक्सरसाइज ना करें।
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अशोकनगर । अशोकनगर जिले के शाढौरा थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक अंधी रफ्तार से दाैड़ रहे डंपर ने बाइकर सवार दंपत्ति काे टक्कर मार दी। हादसे में महिला की माैत हाे गई, जबकि पति बाल-बाल बच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार हादसा मथनेर गांव के पास बंजरिया रोड पर हुआ। बाइक सवार दंपति अपने घर मदागन से शाढौरा की ओर जा रहे थे। तभी तेज गति से दाैड़ा रहे डंपर चालक ने लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाते हुए बाइक काे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला उछलकर डंपर की चपेट में आ गई। हादसे में 40 वर्षीय बतीबाई अहिरवार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति परमाल सिंह अहिरवार बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद डंपर मौके पर ही रुक गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शाढौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मार्ग पर एक दुकान में आग लग गई...आग शॉर्ट सर्किट के कारण से लगी...आग इतनी बड़ी थी की पास की दो दुकान भी पूरी तरह जलकर खाक हो गई..फायर ब्रिगेड के आने पर आग पर काबू पाया गया... तीर्थ नगरी में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मार्ग पर बिजली के शॉर्ट सर्किट से एक दुकान में आग लग गई.... दुकान के मालिक जुगनू वर्मा ने बताया की वह दुकान बंद कर घर गया था की कुछ समय बाद ही आसपास के लोगों ने फोन आया... कि तुम्हारी दुकान में आग लग गई है...लोगों ने पानी डालकर आग पर बुझाने का प्रयास किया... लेकिन आग इतनी बाद चुकी थी की....फायर ग्रेट के आने तक उसकी और पास की दो दुकान भी पूरी तरह जलकर खाक हो गई ...फायर ब्रिगेड के आने पर आप पर काबू पाया गया...तहसीलदार राजन सस्तीय भी अपनी टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे... दुकानों में हुए नुकसान का निरीक्षण किया और जायजा लिया
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इंदौर : मध्य प्रदेश के स्टेट प्रेस क्लब द्वारा आयोजित 17वां भारतीय पत्रकारिता महोत्सव इंदौर के जाल सभागृह में शुरू हुआ। 12 से 14 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने प्रेरक संबोधन में श्री राय ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती भूमिका और इसके समाज, रोजगार और भविष्य पर प्रभाव को लेकर सरल शब्दों में विचार रखे। उपेन्द्र राय ने कहा कि AI को डरने की चीज नहीं, बल्कि एक बड़े अवसर के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि, “लोगों को ये लग रहा कि AI के आने से उनकी नौकरियां चली जाएंगी तो ऐसा नहीं होगा AI से भले ही 80 करोड़ नौकरियां कम हों, लेकिन इससे 95 करोड़ नई नौकरियां भी बनेंगी। यानी कुल मिलाकर 15 करोड़ नौकरियों में बढ़ोतरी होगी”। इंसान और मशीन में फर्क उन्होंने कहा कि AI कभी भी मानव बुद्धि की बराबरी नहीं कर सकता। इसके लिए उन्होंने महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का उदाहरण दिया, जिनकी प्रतिभा ने ऑक्सफोर्ड के बड़े विद्वानों को भी हैरान कर दिया था। रामानुजन की एक घटना का जिक्र करते हुए श्री राय ने बताया, “जब रामानुजन जी से कोई सवाल पूछा जाता, रामानुजन जी का जवाब पहले से तैयार रहता था। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मानव रचनात्मकता की ऐसी शक्ति है, जिसे AI दोहरा नहीं सकता”। AI से नौकरियों के खत्म होने की चिंता पर सीएमडी राय ने कहा, “जो लोग अपने काम में मौलिकता और गहराई लाते हैं—जैसे लेखक और वक्ता—उनका कोई विकल्प नहीं। AI उनके काम की नकल कर सकता है, लेकिन उनकी आत्मा को नहीं छू सकता।” उन्होंने शतरंज के खिलाड़ी ली सिडोल का उदाहरण दिया, जिन्हें AI ने उनकी चालों का अध्ययन करके 8 मिनट में 8 बार हराया था। लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि, “मशीन से मुकाबला करना बेकार है, क्योंकि मशीन वही करती है, जो उसे बताया जाता है”। वैज्ञानिक सोच की जरूरत सीएमडी उपेन्द्र राय ने भारत में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपनी संस्कृति और फिल्मों के जरिए दुनिया में प्रभाव जमाया, जबकि भारत में “पैसा मोह-माया है” जैसे विचारों ने वैज्ञानिक सोच को पीछे धकेला। उन्होंने चिंता जताई कि हमारे युवा जिम्मेदारियों से भागकर जल्दी संन्यासी बनना चाहते हैं। उन्होंने बताया, “1986 में भारत और चीन की अर्थव्यवस्था बराबर थी, लेकिन आज चीन 20 ट्रिलियन डॉलर पर है और भारत केवल 4 ट्रिलियन पर”। सीएमडी उपेन्द्र राय ने प्रकृति के 5 प्रतिशत सिद्धांत का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “युद्ध के समय चीन ने 5% साउथ कोरियाई सैनिकों को अलग किया, क्योंकि वही बवाल कर सकते थे। बाकी 95% शांत रहे। ठीक उसी तरह, समाज में भी कुछ लोग बदलाव लाते हैं। और हमें आधुनिकता का समर्थन करना चाहिए। ना कि उसको नकारना चाहिए, आनेवाला वक्त AI का ही है।“
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भारतीय मूल के खगोल भौतिक विज्ञानी डॉ. निक्कू मधुसूदन और उनकी टीम ने पृथ्वी से 120 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक्सोप्लैनेट K2-18b के वातावरण में जीवन के संभावित संकेत खोजे हैं, जो अब तक का सबसे ठोस प्रमाण माना जा रहा है। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मधुसूदन ने नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) के डेटा का विश्लेषण कर इस ग्रह की वायुमंडलीय संरचना में मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और डाइमेथिल सल्फाइड (DMS) जैसे अणुओं की उपस्थिति का पता लगाया है। DMS पृथ्वी पर केवल समुद्री प्लवक जैसे जीवित जीवों द्वारा उत्पन्न होता है, जिससे यह जीवन के लिए एक महत्वपूर्ण बायोसिग्नेचर बन जाता है । K2-18b एक ‘हाइसीन’ ग्रह हो सकता है, जिसका अर्थ है कि यह हाइड्रोजन-समृद्ध वातावरण और महासागरों से युक्त हो सकता है, जो जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ प्रदान करता है । हालांकि, इस खोज की पुष्टि के लिए अभी और शोध की आवश्यकता है, क्योंकि वर्तमान में यह ‘तीन सिग्मा’ स्तर पर है, जबकि वैज्ञानिक प्रमाण के लिए ‘पांच सिग्मा’ स्तर की आवश्यकता होती है । यदि यह खोज पुष्टि पाती है, तो यह न केवल खगोल विज्ञान में एक क्रांतिकारी मोड़ होगा, बल्कि यह संकेत देगा कि ब्रह्मांड में जीवन आम हो सकता है, जिससे हमारी ब्रह्मांडीय समझ में गहरा परिवर्तन आएगा। प्रोफेसर निक्कू मधुसूदन ब्रह्मांड में जीवन की संभावनाओं पर अब तक जो अनुमान लगते रहे, वे अब एक ठोस वैज्ञानिक खोज की ओर मुड़ते दिख रहे हैं। अंतरिक्ष में मौजूद संभावित जीवन के संकेतों को लेकर हाल ही में जो निष्कर्ष सामने आए हैं, वे न सिर्फ वैज्ञानिक समुदाय के लिए उत्सुकता का विषय हैं, बल्कि इस दिशा में अब तक की सबसे अहम उपलब्धियों में से एक माने जा रहे हैं। इस खोज का श्रेय जाता है भारत के वाराणसी स्थित बीएचयू-आईआईटी से पढ़े और वर्तमान में यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत निक्कू मधुसूदन को। उन्होंने अपनी टीम के साथ मिलकर जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) की मदद से जो डेटा इकट्ठा किया है, उसने एक्सोप्लैनेट रिसर्च को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। के2-18बी: एक दूरस्थ मगर रहस्यमय दुनिया इस शोध का केंद्र बना है धरती से करीब 124 प्रकाशवर्ष दूर स्थित एक ग्रह—के2-18बी। यह ग्रह एक रेड ड्वार्फ स्टार यानी लाल तारे की परिक्रमा करता है, जिसे के2-18 कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रह धरती की तुलना में लगभग ढाई से तीन गुना बड़ा है, लेकिन इसका घनत्व अपेक्षाकृत कम है। यह संकेत देता है कि वहां की बनावट पृथ्वी जैसी चट्टानी नहीं, बल्कि गैसीय या तरल-प्रधान हो सकती है। इस ग्रह की एक खास बात यह है कि यह अपने तारे के हैबिटेबल ज़ोन यानी जीवन-संभाव्य क्षेत्र में स्थित है—एक ऐसा क्षेत्र जहाँ तापमान इतना संतुलित होता है कि पानी द्रव रूप में रह सकता है। वैज्ञानिकों ने के2-18बी का औसत सतही तापमान 23 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच आंका है, जो जीवन के लिए अनुकूल माना जाता है। जैविक संकेत: जीवन की ओर इशारा या कोई और रासायनिक प्रक्रिया? मधुसूदन और उनकी टीम ने इस ग्रह के वातावरण में कुछ ऐसी गैसों की मौजूदगी दर्ज की है, जो पृथ्वी पर जैविक गतिविधियों से जुड़ी होती हैं। इनमें प्रमुख हैं डाई मिथाइल सल्फाइड (DMS) और डाई मिथाइल डाई सल्फाइड (DMDS)। ये गैसें पृथ्वी पर आम तौर पर समुद्री वनस्पतियों—विशेष रूप से फाइटोप्लैंक्टन—द्वारा उत्सर्जित होती हैं। इस वजह से इनका जुड़ाव जीवन की संभावनाओं से किया जा रहा है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन गैसों का स्तर के2-18बी पर पृथ्वी की तुलना में हजार गुना अधिक हो सकता है। यदि यह दावा और भी वैज्ञानिक संस्थाओं द्वारा दोहराया जाता है, तो यह खोज धरती से बाहर जीवन की उपस्थिति के लिए सबसे मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण बन सकती है। हालांकि, हर जैविक संकेत जैविक जीवन का प्रमाण नहीं होता यहां यह समझना भी जरूरी है कि DMS और DMDS जैसी गैसें अजैविक प्रक्रियाओं से भी उत्पन्न हो सकती हैं—जैसे कि समुद्र तल के नीचे मौजूद हॉट स्प्रिंग्स या ज्वालामुखीय गतिविधियों के परिणामस्वरूप। इसलिए, इन संकेतों को अंतिम प्रमाण मानने से पहले और विस्तृत शोध की आवश्यकता है। असल में, वैज्ञानिक अभी तक मिथाइल क्लोराइड और ब्रोमाइड जैसी विशिष्ट गैसों की तलाश में हैं, जिनकी अजैविक उत्पत्ति अब तक धरती पर देखी नहीं गई है। ‘हाइशन’ ग्रह: भविष्य की खोज का फोकस निक्कू मधुसूदन ने इस तरह के ग्रहों के लिए एक नई श्रेणी भी प्रस्तावित की है—हाइशन (Hycean) ग्रह। यह शब्द “हाइड्रोजन” और “ओशन” को जोड़कर बना है। ऐसे ग्रह जो भारी हों, जिनका वातावरण मुख्य रूप से हाइड्रोजन से बना हो, और जहां तरल महासागर मौजूद हों—वे ‘हाइशन’ कहे जा सकते हैं। के2-18बी इसी श्रेणी का एक आदर्श उदाहरण हो सकता है। इसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति इतनी अधिक है कि यह हाइड्रोजन जैसे हल्के गैसों को भी लंबे समय तक अपने वातावरण में रोके रख सकता है। इसका मतलब है कि इस ग्रह पर एक अलग तरह की रसायनशास्त्र हो सकती है, जिसे हम अभी पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं। क्यों खास हैं लाल तारे और उनके आसपास के ग्रह? हमारी आकाशगंगा में रेड ड्वार्फ तारे—जैसे कि के2-18—की संख्या अत्यधिक है। ये तारे लंबे समय तक जीवित रहते हैं और अपने इर्दगिर्द ग्रहों को स्थिरता प्रदान करते हैं। इसके अलावा, उनकी कम चमक के कारण उनके आसपास घूमते ग्रहों के वातावरण का अध्ययन करना अपेक्षाकृत आसान होता है। इसी कारण वैज्ञानिक अब जीवन की संभावनाओं की तलाश में ऐसे ही सितारों और उनके ग्रहों की ओर खास ध्यान दे रहे हैं। आगे क्या? निक्कू मधुसूदन के नेतृत्व में हुआ यह अध्ययन अभी एक शुरुआती कदम है। लेकिन यह कदम आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष अनुसंधान और जीवन की उत्पत्ति से जुड़े सवालों पर नया दृष्टिकोण दे सकता है। अगर अगली वेधशालाएं, जैसे कि यूरोपियन एक्सट्रीमली लार्ज टेलीस्कोप या नासा की आने वाली मिशनें इस खोज की पुष्टि करती हैं, तो यह इतिहास में वह मोड़ बन सकता है, जहां हमने पहली बार यह समझा कि जीवन सिर्फ पृथ्वी तक सीमित नहीं है।
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“ऐ बाहर निकालो इसे…” अचानक अखिलेश के इतना कहते ही अमर उजाला संवाद का कार्यक्रम कुछ पल के लिए तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में अखिलेश ने ही माहौल को बराबर भी किया। नीचे वीडियो देखें… अमर उजाला संवाद कार्यक्रम चल रहा था उसमें एक व्यक्ति ने माहौल खराब करने की कोशिश की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत कहा यह आदमी भाजपा का है इसे बाहर निकालो। जब खोजबीन की गई तो पता लगा वह आदमी वास्तव में भाजपा का ही आदमी था और अमित शाह का करीबी भी लग रहा है, इससे आप समझ सकते हो कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव की नजर कितनी पैनी है। ऐसी पैनी नजर का व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बनेगा दो देश की तस्वीर और तकदीर दोनों बदल जाए। विनीत कुमार- अमर उजाला संवाद का कार्यक्रम चल रहा था। मंच पर थे अखिलेश यादव। कोई करणी सेना का समर्थक बार बार कूद रहा था। फिर अखिलेश जी ने इसारा भर किया जब बिल्कुल परेशान हो गये तो। बेचारा पिटते पिटते बचा। बचाया भी अखिलेश जी ने।
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हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई...चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी...जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल हो गया, जबकि अन्य मौके से फरार हो गए...पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है... हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में पुलिस जब एक संदिग्ध कार को रोकने की कोशिश कर रही थी, तभी कार सवार बदमाशों ने अचानक पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी...गोलियां सीधे पुलिस की सरकारी गाड़ी पर जा लगीं, जिससे वाहन का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया...पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में फायरिंग की, जिसमें एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया...घायल बदमाश को मौके पर ही दबोच लिया गया...जिसे इलाज के लिए रुड़की अस्पताल भेजा गया...उसकी पहचान विशाल उर्फ काकू के रूप में हुई...जो हत्या के प्रयास और कई गंभीर मामलों में पहले से ही वांछित था...बाकी बदमाश मौके से फरार हो गए...जिनकी तलाश में पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है...वहीं घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी भी मौके के लिए रवाना हुए
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रुड़की में बाप-बेटों ने अपनी ही बेटी की ससुराल पहुंच कर दबंगई दिखाई... हमलावरों ने घर में जमकर तोड़फोड़ मचाई....बीमार मां और नाबालिग भाई के साथ भी की मारपीट..... जाते-जाते CCTV कैमरों के सबूत भी मिटा दिए... रुड़की के गुल मोहम्मद खान ने आरोप लगाया है कि उनके चाचा जो उनके ससुर भी हैं.... अपने बेटों के साथ उनके घर में जबरन घुस आए... और तीनों ने घर में मौजूद बीमार मां और नाबालिग भाई के साथ गाली-गलौज और मारपीट की.... हमलावरों ने घर और दफ्तर में जमकर तोड़फोड़ की और CCTV कैमरे की DVR तक उखाड़ ले गए.... ताकि कोई सबूत ना बचे.... पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है.... पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है..... और आगे की जांच कर रही है...
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छतरपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के फ़ुब्बारा चौक पर बाबूलाल फूल डेकोरेशन की दुकान पर एक कर्मचारी के साथ शराबी ने मारपीट कर दी...जिसके बाद घायल युवक के साथियों ने शराबी को पीटा...पुलिस मामले की जांच कर रही है... दरअसल छतरपुर में एक फूल डेकोरेशन की दुकान के एक कर्मचारी ऋतिक सेन के साथ शराबी बृजेंद्र गोस्वामी ने मारपीट की और गाड़ी का रिंच निकालकर सिर में वार कर उसे घायल कर दिया...मारपीट के बाद घायल युवक के साथ आए हुए लोगों ने शराबी बृजेंद्र गोस्वामी को जमकर पीटा...मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस शराबी को थाने ले गई...वहीं घायल को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया...
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पुलिस ने शातिर अंतरराज्यीय ठग सौरभ जैन को गिरफ्तार किया...सौरभ खुद को सरकारी ठेकेदार बताकर... 6 जिलों में ठगी कर चुका है....पुलिस ने आरोपी से करीब 5 से 6 लाख का माल बरामद किया है... देवास जिले की सतवास थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय ठग सौरभ जैन को गिरफ्तार किया... आरोपी 6 अलग-अलग जिलों में फर्नीचर, इलेक्ट्रिक वायर, पंखे और अन्य सामान की ठगी कर चुका है....सतवास में आरोपी ने एक फर्नीचर दुकानदार से करीब 50 हजार रुपए का माल खरीदा दुकानदार को फर्जी चेक थमाया और फरार हो गया... जिसके बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया... थाना प्रभारी बी.डी. बीरा ने बताया कि – आरोपी सौरभ जैन इंदौर का रहने वाला है और अलग-अलग जगह पर ठगी करता है... अब तक 6 मामलों का खुलासा हो चुका है और करीब 5 से 6 लाख का माल बरामद हुआ है...पुलिस मामले की जांच कर रही है...आरोपी से पूछताछ जारी है....
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ग्वालियर । शहर के पृथ्वी तालाब का जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य दो करोड़ 66 लाख रुपये की लागत से किया जायेगा। पृथ्वी तालाब को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का कार्य नगर निगम द्वारा किया जाएगा। मंगलवार को तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य का शुभारंभ क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह एवं महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने भूमिपूजन कर किया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष ग्रामीण प्रेम सिंह राजूपत, वार्ड-61 के पार्षद एवं एमआईसी मेम्बर नाथूराम ठेकेदार, वार्ड-62 की पार्षद गौरा अशोक सिंह, मण्डल अध्यक्ष सुधाकर पाठक, अपर आयुक्त नगर निगम मुनीष सिकरवार सहित ग्रामीणजन एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। क्षेत्रीय सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान का संचालन किया जा रहा है। सम्पूर्ण प्रदेश की भाँति ग्वालियर जिले में भी जल संरचनाओं के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के वार्ड-61 में स्थित पृथ्वी तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य हाथ में लिया गया है। उन्होंने कहा कि जल संरचनाओं को संरक्षित करना हम सबकी जवाबदारी है। वायु परिवर्तन आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है। इस चुनौती का हम सबको मिलकर ही सामना करना है। जल संरचनाओं का संरक्षण करने के साथ-साथ वृहद स्तर पर वृक्षारोपण के कार्य को भी हाथ में लेना होगा। सांसद कुशवाह ने कहा कि केन्द्र सरकार के ग्रीन कार्ड कार्यक्रम के तहत भी जिलेभर में कार्ययोजना तैयार कर कार्य किए जायेंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिये समाज के सभी वर्गों का सहयोग लेकर अपने जिले को हरा-भरा बनाने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि पृथ्वी तालाब के लिये अमृत योजना के तहत 3 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त हुई है। जिसके माध्यम से तालाब के सौंदर्यीकरण और वृक्षारोपण के माध्यम से तालाब को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने कहा कि नगर निगम के माध्यम से पृथ्वी तालाब के सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के लिये कार्य हाथ में लिया गया है। शासन-प्रशासन के प्रयासों के साथ-साथ आम जनों को भी जल संरचनाओं के संरक्षण और वृक्षारोपण के कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी करना आवश्यक है। वृक्षारोपण करने के साथ-साथ लगाए गए पेड़ों को सुरक्षित रखने की जवाबदारी भी हम सबको ही लेनी होगी। महापौर ने कहा कि नगर निगम के ग्रामीण क्षेत्र के वार्डों में वृहद वृक्षारोपण के लिये अनेक स्थान उपलब्ध हैं। इन स्थानों पर सभी के प्रयासों से नीम, बरगद, आम, जामुन आदि के वृहद वृक्षारोपण कार्य को करना होगा, तभी हम अपने शहर के पर्यावरण को और अच्छा बना सकते हैं। पृथ्वी तालाब के जीर्णोद्धार से आसपास के नागरिकों को एक बेहतर स्थान उपलब्ध होगा। सांसद एवं महापौर ने श्रमदान कर तालाब जीर्णोद्धार कार्य का किया शुभारंभ पृथ्वी ताल के जीर्णोद्धार कार्य के भूमिपूजन के उपरांत सांसद कुशवाह एवं महापौर डॉ. सिकरवार के साथ ही जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ गणमान्य नागरिकों ने भी तालाब के जीर्णोद्धार कार्य में योगदान दिया। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे तालाब के सौंदर्यीकरण और जीर्णोद्धार कार्य में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें।
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भोपाल । उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा उनके निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर ही उपलब्ध कराने के लिए उप स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टेलीमेडिसिन सेवाओं का प्रभावी उपयोग किया जाए। जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों में विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा सुलभ हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंगलवार को मंत्रालय में विभिन्न विभागीय विषयों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।पीएम-अभीम योजनांतर्गत कार्यों को समय-सीमा में करें पूर्णउप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण किए जाएं, इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार शीघ्र संभव हो।मातृ शिशु संजीवन मिशन एवं अनमोल 2.0 की समीक्षाउप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और एएनसी जांच सुनिश्चित की जाए। हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान समय पर हो जिससे सुरक्षित प्रसव और नवजात शिशु की बेहतर निगरानी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने निर्देशित किया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मातृ शिशु संजीवन मिशन एवं अनमोल 2.0 की समीक्षा की।उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में "यू कोट वी पे " मॉडल पर रेडियोलॉजिस्ट की सेवाएं के लिये प्रस्ताव तैयार करने और शव वाहन संचालन में किसी भी प्रकार की विलंब की स्थिति न बने, इसके लिए शीघ्र कार्यवाही की जाए। उन्होंने नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती के लिए नियम संशोधन कर कैबिनेट अनुमोदन के लिए प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के भी निर्देश दिये। मुख्यमंत्री शुक्ल ने आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि हितग्राहियों को सरलता से उच्च गुणवत्ता की चिकित्सकीय सेवाएं प्राप्त हों, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने आयुष्मान एम्पेनलमेंट की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने के लिए कहा।इस दौरान लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि कई बार नागरिकों को यह ज्ञात नहीं होता कि आयुष्मान एम्पेनल्ड अस्पताल कौन-कौन सी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी एम्पेनल्ड हॉस्पिटल्स द्वारा संबंधित सेवाओं की स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित की जाए, जिससे नागरिकों को कोई असुविधा न हो। इस अवसर पर प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, स्वास्थ्य आयुक्त तरुण राठी, एनएचएम की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना, आयुष्मान योजना के सीईओ डॉ. योगेश भरसट सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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अवैध हथियारों के साथ रील बनाना एक युवक को भारी पड़ गया...रील इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड होने के बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया...युवक का रील बनाने का उद्देश्य दहशत फैलाना था... छतरपुर में एक युवक ने अवैध हथियारों के साथ रील बना कर उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट कर दी...और कैप्शन में लिखा छतरपुर का नया डॉन मोंटी माफिया....रील बनाने से युवक का उद्देश्य दहशत फैलाना था...रील में युवक के हाथों में सिगरेट,अवैध हथियार और तलवार के साथ लगभग आधा दर्जन अवैध हथियार थे....पुलिस ने मोंटी को अवैध कट्टा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है....पुलिस मामले की जांच कर रही है...
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तेज आंधी तूफान के चलते एक भारी भरकम होर्डिंग बाइक सवार शिक्षक और शिक्षिका पर आकर गिर गया...हादसे में शिक्षक राकेश रजक की इलाज के दौरान मौत हो गई,जबकि शिक्षिका प्रतिभा मिश्रा की हालत गंभीर बनी हुई है सिंगरौली जिले के नवजीवन विहार इंदिरा चौक पर आंधी तूफान में एक बड़ा हादसा हो गया...38 वर्षीय राकेश रजक, जो लालचंद आईटीआई में शिक्षक थे...अपनी परिचित...शिक्षिका प्रतिभा मिश्रा के साथ बाइक से जा रहे थे...तभी तेज हवाओं के कारण एक बड़ा होर्डिंग दोनों पर गिर पड़ा...हादसे के बाद दोनों को जिला अस्पताल लाया गया,जहां इलाज के दौरान राकेश की मौत हो गई जबकि प्रतिभा मिश्रा की हालत गंभीर बनी हुई है...प्रतिभा, भोपाल से गर्मी की छुट्टियों में घर आई थीं और हाल ही में उनकी शादी हुई थी...वहीं प्रशासन की ओर से मदद ना मिलने पर ग़ुस्साए परिजनों ने सुबह इंदिरा चौक पर चकाजाम कर दिया...काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है...मृतक के परिजन को नगर निगम में नौकरी देने और अंतिम संस्कार के लिए दस हजार रुपये की सहायता दी गई है...
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ग्वालियर में पुलिस ने एक होटल में संचालित हो रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया…मौके से पुलिस ने आधा दर्जन से अधिक युवती को हिरासत में लेकर होटल में मैनेजर के पद पर पदस्थ नेपाली युवती और दो ग्राहकों को गिरफ्तार कर होटल संचालित करने वाले युवक की तलाश शुरू कर दी… ग्वालियर में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए होटल स्मार्ट हवेली इन में छापा मारा...जहां पुलिस को आधा दर्जन युवती और दो कमरों में युवक-युवती आपत्तिजनक हालत में मिले...वहीं छानबीन के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की...पूछताछ में महिला मैनेजर ने बताया की होटल दीपक शर्मा का है...जो अभी कहीं बाहर है...पुलिस ने गिरफ्तार लोगों पर मामला दर्ज कर दीपक शर्मा की तलाश शुरू कर दी है...
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वरिष्ठ पत्रकार कुशल कोठियाल को सूचना आयुक्त के नए दायित्व के लिए बहुत बहुत बधाई और शुभकामनाएं! जनाब वसीम बरेलवी की ये पंक्तियां आपके लिए बहुत सटीक हैं- जहाँ रहेगा वहीं रौशनी लुटाएगा किसी चराग़ का अपना मकाँ नहीं होता कुशल कोठियाल अभी दैनिक जागरण देहरादून के संपादक के रूप में कार्यरत थे। वे लंबे समय से दैनिक जागरण में हैं। उन्हें उत्तराखंड के अच्छे पत्रकारों में शुमार किया जाता है।
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लखनऊ | इंदिरा गाँधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित ‘सरस सलिल भोजपुरी सिने अवार्ड्स 2025’ में सुप्रसिद्ध लेखक मनोज भावुक को वर्ष 2024 में प्रकाशित उनकी भोजपुरी किताब ”भोजपुरी सिनेमा के संसार” के लिए ‘बेस्ट राइटर अवार्ड ‘ से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक। इस दौरान मनोज भावुक ने अपने भाषण में कहा कि यह किताब 30 वर्षों की तपस्या का प्रतिफल है। इस पुस्तक में 1931 से लेकर अब तक के इतिहास को सहेजा गया है। अमिताभ बच्चन, सुजीत कुमार, राकेश पांडेय, कुणाल सिंह, रवि किशन और मनोज तिवारी जैसी सिने-हस्तियों के साक्षात्कार शामिल हैं, भोजपुरी सिनेमा की चुनौतियों, संभावनाओं, बिजनेस और भविष्य पर खुलकर लिखा गया है। साथ ही ओटीटी, भोजपुरी वेबसिरिज, टेलीफिल्म, सीरियल पर भी प्रकाश डाला गया है। यह भोजपुरी सिनेमा पर भोजपुरी भाषा में पहली किताब है। इससे पहले भी मनोज भावुक को फिल्मफेयर व फेमिना द्वारा सम्मानित किया गया है।
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पत्रकार गिरिजेश वशिष्ठ के यूट्यूब चैनल ‘नॉकिंग न्यूज़’ को यूट्यूब ने अपने प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया है! इसके विरोध में की गई अपील को ख़ारिज करते हुए यूट्यूब ने कहा है कि इस चैनल को बहाल नहीं किया जाएगा क्योंकि इस पर प्रस्तुत सामग्री “नुक्सानदेह और ख़तरनाक” है! जिन्होंने भी गिरिजेश जी के कार्यक्रम देखे होंगे वे जानते हैं कि उनकी प्रस्तुतियाँ शालीन और तथ्यपरक होती थीं। आप उनके कुछ मतों से असहमत हो सकते हैं लेकिन सस्ती लोकप्रियता पाने के लटके झटके और हवाई दावों आदि का इस्तेमाल वे नहीं करते थे। हालाँकि उनका चैनल कुछ सबसे अधिक देखे जाने वाले यूट्यूब समाचार चैनलों में से था। उसमें ख़तरनाक और नुकसानदेह एक ही बात थी – वे लगातार, सुसंगत ढंग से मोदी सरकार और संघ की नफ़रती और देशघाती परियोजना का विरोध करते थे और उनके झूठों की कलई खोलते थे। ऐसे में समझना मुश्किल नहीं है कि ‘नॉकिंग न्यूज़’ को रिपोर्ट करने और ऊपर से दबाव डालकर बंद कराने के पीछे कौन-से कायरों की जमात है। इस प्रकरण ने फिर एक बार साबित किया है कि जनता का वैकल्पिक मीडिया खड़ा करने में साम्राज्यवादी पूँजी से चलने वाले प्लेटफ़ार्मों का इस्तेमाल एक हद तक ही किया जा सकता है। जनता तक अपनी बात पहुँचाने के लिए लोगों से जुटाए संसाधनों के दम पर चलने वाले उपक्रम संगठित करने का कोई विकल्प नहीं है। यह रास्ता लंबा और श्रमसाध्य है लेकिन इस पर चलना ही होगा…
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क धागा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई... जिससे पांच गैस सिलेंडरों में जोरदार विस्फोट हुआ...हादसे में दो फायर कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं...आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है... इस आग की चपेट में छह फ्लैट भी आ गए .. ग्वालियर के खासगी बाजार के एक अपार्टमेंट में स्थित धागा फैक्ट्री में अचानक आग लग गई ... जिसके बाद नगर निगम की दमकल और एयरफोर्स की फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबु पाया .... आग बुझाने के दौरान पांच गैस सिलेंडरों में जोरदार विस्फोट हुआ.... जिसमें दो फायर कर्मी घायल हो गए... घटना के दौरान अपार्टमेंट के 6 फ्लैट आग की चपेट में आ गए....स्थानीय लोगों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से फैक्ट्री में आग लगी...लेकिन आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं है
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने गृह नगर खटीमा पहुंचे, जहाँ उन्होंने अपने पिता स्वर्गीय सूबेदार शेर सिंह धामी की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित सैनिक सम्मान समारोह में भाग लिया...इस दौरान उन्होंने अपने पिता के साथ प्रदेश के वीर जवान शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया... अपने पिता की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में थे जहाँ उन्होंने सेवा संकल्प धारिणी फाउंडेशन के सैनिक सम्मान समारोह में हिस्सा लिया...कार्यक्रम की शुरुआत 213 फीट ऊंचे तिरंगे के भूमि पूजन से हुई...जिसका मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ शिलान्यास किया...इसके बाद सीएम ने तराई बीज विकास निगम मैदान में अपनी मां विष्णा देवी के साथ शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की... मुख्यमंत्री ने पूर्व सैनिकों और वीर शहीदों के परिजनों को सम्मानित करते हुए धामी भावुक नजर आए उन्होंने कहा कि सैनिकों के बीच होना मुझे अपने पिता के सानिध्य जैसा अनुभव कराता है...इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन भी मौजूद रहे...
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IPL-18 के 24वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने चौथी जीत दर्ज करते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। RCB के 164 रन के जवाब में DC ने केएल राहुल के नाबाद 93 रन की बदौलत 4 विकेट खोकर 169 रन बनाए और 13 बॉल रहते जीत हासिल कर ली। चिन्नास्वामी स्टेडियम में रोचक लम्हे देखने को मिले। मिचेल स्टार्क के डाइविंग कैच से विराट कोहली आउट हुए। रजत पाटीदार ने राहुल का कैच छोड़ा। उन्होंने सिक्स लगाकर मैच जिताया। बेंगलुरु ने IPL में अपनी दूसरी सबसे तेज फिफ्टी बनाई। चौथे ओवर की पांचवीं बॉल पर फिल सॉल्ट रनआउट हुए। अक्षर पटेल के ओवर की पांचवीं बॉल पर सॉल्ट ने शॉर्ट कवर पर शॉट खेला और रन के लिए भागे, लेकिन विराट कोहली ने मना कर दिया। यहां खड़े विपराज निगम ने विकीटकीपर केएल राहुल के पास थ्रो किया और उन्होंने सॉल्ट को 37 रन पर आउट कर दिया। बेंगलुरु की पारी के 7वें ओवर में विराट कोहली कैच आउट हुए। 18वें ओवर की आखिरी बॉल पर केएल राहुल ने सिक्स लगाकर मैच दिल्ली के नाम कर दिया। यश दयाल ने ओवर की पांचवीं बॉल फुल टॉस फेंकी। राहुल ने फ्लिक शॉट खेला और बॉल डीप फाइन लेग के ऊपर से सिक्स के लिए चली गई।
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डॉ. सत्यवान सौरभसूचना और संचार की इस तीव्र गति वाली दुनिया में मीडिया का प्रभाव जितना व्यापक हुआ है, उतना ही गहरा भी। आज किसी घटना की रिपोर्टिंग केवल सूचना देने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह एक नैरेटिव, एक छवि और कभी-कभी एक पूर्वग्रह को भी जन्म देती है। जब स्त्री से जुड़ी घटनाओं की बात आती है, खासकर तब जब वह विवादास्पद हों-जैसे धोखाधड़ी, झूठे आरोप या ब्लैकमेलिंग,तो मीडिया का रुख कहीं अधिक सनसनीखेज और पक्षपाती हो जाता है। यह चिंता का विषय है।पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी घटनाएं देखी गईं जहां महिलाओं पर पुरुषों को झूठे मामलों में फंसाने के आरोप लगे। कुछ मामलों में ये आरोप सही भी साबित हुए। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इन गिने-चुने मामलों के आधार पर 'हर औरत भरोसे के लायक नहीं' जैसी सोच विकसित करना जायज है? क्या यह सही है कि मीडिया इन घटनाओं को इस तरह प्रस्तुत करे कि पूरा समाज स्त्रियों की नीयत पर शक करने लगे? वास्तव में यह सोच एक लंबे समय से पनप रही उस मानसिकता का हिस्सा है जो स्त्री को या तो देवी के रूप में पूजती है या खलनायिका के रूप में ठुकराती है। बीच का कोई स्थान बचा ही नहीं।अखबार की सुर्खियां देखें या न्यूज चैनलों की हेडलाइन सुने, तो एक बात स्पष्ट नजर आती है-स्त्री से जुड़ी घटनाओं को ज्यादा उत्तेजक, भावनात्मक और आकर्षक तरीके से पेश किया जाता है। उदाहरण के लिए- प्रेमिका निकली सौतन की हत्यारिन, महिला टीचर ने छात्र से बनाए शारीरिक संबंध, बीवी ने पति को प्रेमी संग मिलकर मरवाया। ऐसी खबरें समाज में एक खास सोच को मजबूत करती हैं कि स्त्रियां कपटी, चालाक और अवसरवादी होती हैं। जबकि हकीकत यह है कि पुरुषों द्वारा किए गए अपराधों को इतनी सनसनी के साथ नहीं दिखाया जाता। वहां 'मानसिक तनाव', 'पारिवारिक दबाव' या 'सामाजिक अस्वीकृति' जैसे कारण खोज लिए जाते हैं।मीडिया अकसर स्त्री को या तो पूरी तरह पीड़ित के रूप में दिखाता है, या फिर पूरी तरह अपराधिनी के रूप में। लेकिन हकीकत इससे कहीं अधिक जटिल है। हर महिला जो धोखा देती है, वह स्वाभाविक रूप से 'बुरी' नहीं होती, और हर महिला जो पीड़ित है, वह स्वाभाविक रूप से 'पवित्र' नहीं होती। इंसानी व्यवहार कई सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक कारकों से बनता है। जब मीडिया इन पहलुओं की उपेक्षा करके केवल एक सनसनीखेज चेहरा दिखाता है, तो वह सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश करता है।हाल के वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए जिन्होंने इस विषय को और जटिल बना दिया। जैसे- फर्जी यौन उत्पीड़न के आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग का मामला महिला द्वारा पति को फंसाकर तलाक और संपत्ति हथियाने की कोशिश। सोशल मीडिया पर 'फेमिनिज्म ' का इस्तेमाल करके जनभावनाओं का दोहन। इन घटनाओं का मीडिया में खूब प्रचार हुआ, लेकिन इनसे जुड़ी कानूनी प्रक्रिया, जांच के निष्कर्ष, या महिला के पक्ष की गहराई से पड़ताल शायद ही कभी दिखाई गई।यह बात माननी भी गलत होगा कि पुरुष वर्ग सदैव पीड़ित होता है। सैकड़ों-हजारों महिलाएं आज भी घरेलू हिंसा, बलात्कार, यौन उत्पीड़न और मानसिक शोषण की शिकार हैं। हर साल महिला सुरक्षा से जुड़े आंकड़े भयावह तस्वीर पेश करते हैं। ऐसे में यदि कुछ मामलों में महिलाएं दोषी पाई जाती हैं, तो उससे पूरे स्त्री वर्ग को कठघरे में खड़ा कर देना न केवल अन्याय है, बल्कि सामाजिक संतुलन के लिए भी खतरनाक है।मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है, लेकिन जब यह स्तंभ टीआरपी की दौड़ में नैतिकता भूल जाए, तो समाज की नींव डगमगाने लगती है। पत्रकारिता का काम सूचना देना है, विचार बनाना नहीं। लेकिन आज मीडिया अक्सर 'मूड' बनाता है, 'मत' गढ़ता है और 'फैसला' सुनाता है। यह प्रवृत्ति न्याय व्यवस्था से भी आगे निकलने का दावा करती है-जिसे हम मीडिया ट्रायल कहते हैं।जहां मुख्यधारा मीडिया की सीमाएं हैं, वहीं सोशल मीडिया ने तो हर किसी को जज बना दिया है। व्हाट्सऐप, फॉरवर्ड, ट्विटर ट्रेंड और इंस्टाग्राम रील्स-हर जगह स्त्री के चरित्र और नीयत पर सवाल उठाए जा रहे हैं। 'हर औरत गोल्ड डिगर है', 'औरतें सिर्फ फायदे के लिए प्यार करती हैं'- जैसे जुमले सोशल मीडिया पर सामान्य हो चुके हैं। यह माहौल केवल स्त्रियों के लिए नहीं, बल्कि युवा पुरुषों के लिए भी हानिकारक है जो रिश्तों में भरोसे की जगह शक लेकर आते हैं।हमारे समाज की सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि हम एक घटना से पूरे वर्ग के लिए निष्कर्ष निकाल लेते हैं। किसी महिला ने धोखा दिया, इसका अर्थ यह नहीं कि हर महिला अविश्वसनीय है। उसी तरह एक पुरुष बलात्कारी निकला तो हर पुरुष को संदेह की नजर से नहीं देखा जा सकता। हमें घटना और व्यक्ति को उनके सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ में देखने की आदत डालनी होगी। आज जब मीडिया समाज की सोच को तय कर रहा है, तब पत्रकारों, संपादकों और न्यूज रूम की जिम्मेदारी कहीं अधिक है। उन्हें यह तय करना होगा कि वे 'सच दिखा रहे हैं' या 'सच बेच रहे हैं'। साथ ही, हमें (दर्शकों, पाठकों और नागरिकों) यह जिम्मेदारी लेनी होगी कि हम हर खबर पर आंख मूंदकर विश्वास न करें। समाज तब ही संतुलित रहेगा जब हम स्त्री और पुरुष दोनों को गुण, दोष, भावना और सीमाओं के साथ इंसान समझें। मीडिया अगर इस संतुलन को नहीं समझेगा तो वह सूचना का वाहक नहीं, बल्कि पूर्वग्रह का प्रसारक बन जाएगा।
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केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली राजग सरकार ने संशोधित वक्फ बोर्ड बिल पास कर दिया और राष्ट्रपति ने उसको मंजूरी भी दे दी। अब केंद्र सरकार जब चाहे इस बिल को देशभर में लागू कर सकती है। इस बिल के क्या फायदे होंगे क्या नुकसान होगा यह बात इतर है ,लेकिन इस ऐतिहासिक कदम के बाद उन मुस्लिम रहनुमाओं को अपने गिरेबां में झांकना होगा कि आखिर केंद्र सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा? वक्फ बोर्ड की भूमि की बंदरबाट, भ्रष्टाचार और कुछेक परिवारों का कब्जा इसकी प्रमुख है। आज वक्फ बोर्ड की हजारों एकड़ जमीन अदालती झमेलों में फंसी है। आखिर ऐसा क्यों हुआ? इस विकट स्थिति के लिए आखिरकार कौन जिम्मेदार है। अब यह सवाल तो उठेगा ही और रहनुमाओं को जवाब देना चाहिए।संशोधित बिल पास होने के बाद जहां सुप्रीम कोर्ट में धड़ाधड़ याचिकाएं डाली जा रही हैं, वही एक हारे हुए जुआरी की तरह मुस्लिम रहनुमा भी केवल और केवल खोखली बयानबाजी कर रहे हैं। साथ ही कथित तौर पर उनके रहनुमा कहे जाने वाले राजनीतिक दलों के नेता क्यों चुप्पी साधे हुए हैं। यह सवाल भी देश पूछ रहा है।इस बिल का क्या असर होगा? क्या आम मुसलमान को इसका लाभ मिल पाएगा ? अभी हम इस बहस पर नहीं जाना चाहते लेकिन हमारा मानना है कि मुसलमान वक्फ प्रॉपर्टी के केयरटेकरों को इस पर गंभीरता से सोचना होगा। पिछले सैकड़ों सालों के दौरान वक्फ संपत्ति के साथ ये लोग कितना इंसाफ कर पाए हैं? यह किसी से छुपा नहीं है। उनके बुजुर्गों ने समाज लिए जो जमीन और अपनी कीमती संपत्ति वक्फ की थी, उनका क्या मकसद था ? क्या इन केयरटेकरों ने उनके मकसद के हिसाब से आम लोगों को या आम मुसलमान को उनका हक देने की कभी कोशिश की या फिर माफिया या बड़े पैसे वालों को वक्फ की संपत्ति चंद पैसों में लेकर सौंप देने का काम किया? अब सरकार ने एक कदम उठाया तो ये लोग क्यों लोग बिलबिला रहे हैं। क्या इन लोगों को पहले नहीं सोचना चाहिए था कि आखिर वक्फ की संपत्ति की बंदरबांट क्यों हो रही है? मुसलमान की शिक्षा और बेरोजगारी की समस्या को दूर करने के लिए आखिर इन लोगों ने काम क्यों नहीं किया किया। वक्फ संपत्ति का बंदरबाट करना या फिर अपने परिवार के लोगों का लालन-पोषण करना ही इनका मकसद रह गया था? यह बहुत बड़ा सवाल है। इस सवाल का जवाब आज समुदाय की जनता को इन लोगों को देना होगा। आखिर क्यों इस्लामी सिद्धांतों के मुताबिक यह लोग यह इंसाफ नहीं कर पाए। यह बेहद गंभीर मामला है । आगे इस तरह के मसले ना हों तो मुस्लिम रहनुमाओं को अब इस पर पहल करनी होगी। गंभीरता दिखानी होगी और गंभीर मंथन करना होगा। हूबहू इस्लाम में जो मकसद इस तरह के मामलों में दिया गया ,उसके अनुरूप काम करना होगा। यदि यह लोग ऐसा करते तो शायद वक्फ संशोधन बिल की आवश्यकता नहीं पड़ती।हम यह नहीं कहते कि इसको लेकर सरकार की मंशा अच्छी है या बुरी। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन कहीं ना कहीं तो गड़बड़, भ्रष्टाचार और घोटाले थे और इस गड़बड़ी के विरोध में आज तक कोई भी रहनुमा क्यों नहीं आगेआया । सबसे बड़ा सवाल यही है।आम मुसलमानों को भी इस पर पैनी नजर रखनी होगी। उन्हें रहनुमाओं से सवाल करने होंगे। न कि इस्लाम के नाम पर उनके समर्थन में हां में हां मिलानी होगी। आम लोगों को इस पर सवाल करना चाहिए कि आखिर इसकी नौबत क्यों आई ? आगे उनकी क्या मंशा है?
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IPL-18 के 22वें मैच में पंजाब किंग्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 18 रन से हरा दिया। मुल्लांपुर स्टेडियम में 220 रन चेज कर रही चेन्नई की टीम 20 ओवर में 5 विकेट पर 201 रन ही बना सकी। एमएस धोनी ने 12 बॉल पर 27 रन बनाए। मंगलवार को प्रियांश को पहले ओवर में जीवनदान मिला, यहां विजय शंकर आगे की तरफ दौड़कर आए लेकिन कैच नहीं पकड़ सके। हालांकि, स्टोयनिस इसी ओवर आखिरी बॉल पर 4 रन बनाकर आउट हो गए। प्रियांश को जीवनदान इसी ओवर की चौथी बॉल पर मिला। खलील की वाइड लेंथ बॉल पर आर्या ने ड्राइव शॉट खेला। यहां कवर पर खड़े विजय शंकर के हाथों के बीच से बॉल चौके के लिए चली गई। प्रियांश इस समय 35 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। प्रियांश आर्या ने 13वें ओवर में लगातार 4 बाउंड्री लगाकर मात्र 39 बॉल पर अपना शतक पूरा किया। मथीश पथिराना के ओवर की शुरूआती 3 बॉल पर प्रियांश ने तीन छक्के लगाए। इसके बाद अगली ही बॉल पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया। हालांकि, 14वें ओवर में शतक के बाद उनका कैच नूर अहमद की बॉल पर विजय शंकर ने ही पकड़ा।
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पुलिस की तमाम कोशिशें के बावजूद ग्वालियर में युवा स्टंट बाजी कर अपनी जान खतरे में डाल रहे है...इस बीच कुछ कार सवार युवक खुलेआम ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आए...जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है...पुलिस कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर इन युवकों की पहचान कर रही है... दरअसल एक सफेद रंग की अर्टिगा कार में सवार युवक सड़क पर स्टंट कर रहे थे...घटना के दौरान आसपास से कई वाहन गुजर रहे थे...पीछे आ रही एक कार में सवार लोगों ने इन युवकों का वीडियो बना लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया... जिसके बाद वीडियो पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया...अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने कहा कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने और खुद के साथ दूसरों की जान जोखिम में डालने वाले युवकों की पहचान कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर की जा रही है। जल्द उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी....
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पूर्णागिरि में चल रहे प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले के दौरान विवाद सामने आया है…यहां भक्तों से पार्किंग शुल्क के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है...पार्किंग ठेकेदार निर्धारित शुल्क से ज्यादा पैसे ले रहा है...जिससे भक्त परेशान हो रहे हैं... जिला पंचायत ने ठेकेदार पर कार्रवाई की चेतावनी दी है... चंपावत जिले में जारी पूर्णागिरि मेले के दौरान भक्तों की संख्या बढ़ रही है...इसी बीच पार्किंग की सुविधा देने वाले ठेकेदार निर्धारित शुल्क के बजाय अधिक पैसे वसूल रहा हैं, जिसके कारण कई भक्तों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है...बूम पार्किंग से भैरव मंदिर पार्किंग तक ₹100 की निर्धारित राशि के बावजूद ठेकेदार ₹200 की पर्ची काट रहे हैं। मेला नोडल अधिकारी तेज सिंह ने कहा कि उनके पास मामले की जानकारी पहुंची है और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी....
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ग्वालियर से हैरान करने वाला मामला सामने आया। कुश्ती के मुकाबले में दो पहलवानों के बीच लंबी और रोमांचक जंग चली। जिसमें एक खिलाडी ने दूसरे को हराकर जीत दर्ज की। इस हार को दूसरे खिलाड़ी ने अपनी बेइज्जती मान लिया। ओर हारे हुए खिलाड़ी ने जीते हुए खिलाड़ी से बदला लेने की योजना बनाई। इसके बाद उसने विजेता खिलाड़ी को घर लौटते समय रास्ते में घेर लिया। उन्होंने उसके साथ जमकर मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी ... कुश्ती के एक लम्बे मुकाबले में भानू यादव ने जीत दर्ज की ... मुकाबले में हार से पहलवान इंद्रजीत गुर्जर बुरा मान गया और उसने घर लौटते समय विजेता पहलवान को अपने साथियों के साथ मारा .. जब भानू ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद, पीड़ित पहलवान भानु यादव ने थाने में जाकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। ग्वालियर के पिंटो पार्क इलाके के में एक कुश्ती प्रतियोगिता थी ... जिसमें महलगांव के पहलवान भानु यादव ने भी भाग लिया। इस कुश्ती प्रतियोगिता में उनका मुकाबला पहलवान इंद्रजीत गुर्जर से हुआ। आयोजकों ने खेल भावना के चलते पहले पहलवान भानु यादव और इंद्रजीत गुर्जर का हाथ मिलवाया। दोनों के बीच लंबी और रोमांचक जंग चली, जिसमें भानु यादव ने इंद्रजीत गुर्जर को हराकर जीत दर्ज की। हालांकि हार के बाद इंद्रजीत गुर्जर ने इसे अपनी बेइज्जती मान लिया। साथ ही बदला लेने की प्लानिंग की। जब भानु यादव घर लौट रहा था। तभी आरोपियों ने उसे रास्ते में घेर लिया। इसके बाद बेरहमी से मारपीट की। अब पुलिस ने आरोपी इंद्रजीत गुर्जर, गुलाब गुर्जर, सौरव गुर्जर, और सौरव सोनी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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जबलपुर । सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने फैजान पठान को हिन्दू संगठनों की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है। अपने इंस्टाग्राम पर हनुमानताल थाना क्षेत्र निवासी फैजान पठान पर आरोप है कि उसने ‘नवाब अली’ के नाम से बनाए अपने इंस्टाग्राम आईडी पर भगवान श्री राम को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। इस घटना के सामने आते ही क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गोहलपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई।हिन्दू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने तुरंत साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। तकनीकी जांच के बाद पुष्टि हुई कि आपत्तिजनक कमेंट फैजान पठान की इंस्टाग्राम आईडी से किया गया है। जिस पर पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए फैजान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है मामले में आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है और पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की धार्मिक टिप्पणी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एडिशनल एसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साइबर सेल के माध्यम से ऐसे मामलों की बारीकी से निगरानी की जा रही है।
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भोपाल । कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि अधिकारी अपने कार्यालय को ई-ऑफिस सेटअप तैयार कर लें। एक मई 2025 से कलेक्टर कार्यालय द्वारा ई-ऑफिस के अंतर्गत कार्य संचालित किया जाएगा। कोई भी फाईल की हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, पटाखों की दुकान एवं अन्य संस्थानों का फायर ऑडिट सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिले में समग्र आईडी को आधार से लिंक कराने के कार्य में गति लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राजस्व अभियान अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री आरओआर लिंकिंग के कार्य को शीघ्र अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर सिंह ने सभी एसडीएम को अवैध माईनिंग एवं अवैध कॉलोनियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी एडीएम को एसडीएम कोर्ट एवं एसडीएम को तहसीलदार कोर्ट का निरीक्षण करने आदेशित किया गया।टीएल बैठक में कलेक्टर सिंह ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए नाराजगी व्यक्त करते हुए 50 दिवस से अधिक लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा कर शिकायतों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत जनभागीदारी के माध्यम से जिले की नदी, तालाब, जल संरचनाओं का संरक्षण एवं संवर्धन को गंभीरतापूर्वक लेते हुए समस्त संबंधित विभागों की आगामी एक महीने का प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम सिद्धार्थ जैन, सीईओ जिला पंचायत इला तिवारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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शिवपुरी । शिवपुरी जिले के मगरौनी निवासी प्रीति कुशवाह द्वारा सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के लिए एक विवादास्पद वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर डाल दिया। इस मामले में संबंधित महिला प्रीति कुशवाह ने ग्वालियर के किले पर जैन प्रतिमाओं के आगे खड़े होकर विवादास्पद वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर चर्चित होने के लिए इस वीडियो को अपने प्रोफाइल पर अपलोड कर दिया। वीडियो को लेकर जैन समाज में आक्रोश है और जैन समाज ने ज्ञापन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की। जैन समाज के मैदान में आने के बाद अब संबंधित महिला और उसके सहयोगी ने क्षमा और माफी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर जारी किया है।प्रतिमाओं के आगे बैठकर बनाया विवादास्पद वीडियो-महिला का यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से बहुप्रसारित हुआ । जिसमें वह ग्वालियर किले पर जैन प्रतिमाओं पर बैठकर आपत्तिजनक वीडियो बनाती हुई दिखाई दे रही हैं। इस वीडियो को लेकर आक्रोशित जैन समाज ने बीते रोज तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर महिला पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद अब महिला भी बैकफुट पर आ गई है।माफी मांगने का वीडियो जारी किया-महिला ने वीडियो जारी कर माफी मांगते हुए कहा कि उसे नहीं पता था कि यह प्रतिमाएं जैन धर्म से जुड़ी हैं। वीडियो में उसका सहयोगी भी साथ में मौजूद दिखाई दे रहा है। प्रीति कुशवाह ने वीडियो में कहा था कि आप सबने प्लास्टिक और लकड़ी के पुतले देखे होंगे, ये पत्थर का पुतला है। इस दौरान वह प्रतिमाओं पर जूते-चप्पल पहनकर बैठी हुई भी दिखाई दे रही थीं। इस मामले के तूल पकड़ने पर प्रीति कुशवाह एवं उनके सहयोगी को बकायदा वीडियो बनाकर माफी मांगना पड़ी है। इस वीडियो को उनके द्वारा इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया गया है।
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रीवा में एक पुलिस वाले की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है ... इस पुलिस वाले ने ऑनलाइन काम करने वाले एक कारोबारी को धमकाया और उसके साथ मारपीट भी की ... इसके बाद पीड़ित युवक एसपी के पास न्याय की गुहार लगाने पहुंचा,, खुद का पुलिसकर्मी बता रहा व्यक्ति ऑनलाइन संचालक के साथ पिछले कई दिनों से मारपीट और गाली गलौच कर प्रताड़ित कर रहा है ... शहर के कालेज चौराहे के पास अभिषेक नामदेव एक्सपर्ट ऑनलाइन नाम से काम करता है .. उसका आरोपों है पुलिसकर्मी विवेक सिंह केंद्रीय विद्यालय में अपने बच्चे के एडमिशन के संबंध में पहुंच कर ऑनलाइन फॉर्म भरवाया था ... किसी कारण वह फार्म रिजेक्ट हो गया जिसके बाद पुलिस कर्मी का गुस्सा ऑनलाइन संचालक पर टूट पड़ा और उस पर गलती करने का आरोप लगाते हुए लगातार उसके साथ मारपीट गाली गलौच करते हुए उसे प्रताड़ित कर रहा है,,, पीड़ित ने बताया की आरोपी पुलिसकर्मी द्वारा 28 मार्च को फोन पर गाली दी उसके बाद दुकान पहुंच उसे अपने साथ ले गया और मारपीट की इसके बाद 3 और 5 अप्रैल का भी गाली गलौच करते हुए मारपीट की ... यहां तक की दुकान में घुस कर गाली गलौच और मारपीट की ... सीसीटीवी वीडियो में साफ सुना जा सकता हैं कि आरोपी व्यक्ति खुद को पुलिस कर्मी बताते हुए गाली गलौच कर रहा है और धमकी देते हुए कह रहा है की मेरे लिए कलेक्टर फोन करता है ... तू मेरा स्टैंडर्ड समझ ले ... फिलहाल युवक एसपी ऑफिस पहुंच कर शिकायत दर्ज कराई है और न्याया की गुहार लगा रहा है ..
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उत्तराखण्ड बेरोजगार संगठन ने सेंचुरी पेपर मिल के द्वारा पूर्व में प्रदूषित नाले के लिखित आश्वासन का पालन करने और अन्य संस्था को हस्तांतरित प्रक्रिया को निरस्त किये जाने की मांग को लेकर लालकुआँ उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा ... इस दौरान उत्तराखंड बेरोजगार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश उत्तराखण्डी ने कहा कि सेंचुरी पेपर मिल द्वारा विगत लम्बे समय से बिन्दुखत्ता के रिहायशी क्षेत्र घोड़ानाला से रासायनिक अपशिष्ट युक्त जल का प्रवाह किया जा रहा है ... इसके विरोध में पूर्व में जन आंदोलन, आमरण अनशन एवं नाला रोको जीवन बचाओ जैसे अभियानों के माध्यम से निरंतर संघर्ष किया गया है ... इसके साथ ही 18 अगस्त 1993 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी शकुंतला गौतम द्वारा वाद दायर किया गया था जिससे स्पस्ट होता है कि ये समस्या कोई नई नही है।
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नेपाल से तस्करी कर के हल्द्वानी लाइ जा रही आम की लकड़ी से भरा ट्रक वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है ... वन विभाग की टीम को देख तस्कर ट्रक छोड़ कर भाग गए ... तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी के खटीमा क्षेत्र के नेपाल बॉर्डर वन मोहलिया मेला घाट क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक आम की लकड़ी से भरा ट्रक पकड़ा है .. आशंका जताई जा रही है कि आम की लकड़ी तस्करी कर के नेपाल से लाई जा रही थी ... गौर करने वाली बात यह है की भारत नेपाल बॉर्डर में फोर्स होने के बावजूद बड़ी संख्या में लकड़ी की तस्करी हो रही है ... उपप्रभागीय वनाधिकारी संचिता वर्मा ने बताया कि वन विभाग को सूचना मिली कि नेपाल बॉर्डर से आम की लकड़ी से भरे ट्रक आ रहा है . वन विभाग ने तत्परता दिखाकर मौके पर जाकर आम से भरे हुए ट्रक को पकड़ कर अपने कब्जे में ले लिया .. SDO वन विभाग संचिता वर्मा का कहना था कि मुलजिम ट्रक छोड़कर भाग गए हैं .. जिनकी तलाश की जा रही है ...
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मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले के गडरा गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई..जब एक ही घर में तीन शव पड़े मिले...सूचना मिलने पर फॉरेंसिक टीम और अतिरिक्त पुलिस बल को रीवा से बुलाया गया है... ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके... वहीं सूचना की जानकारी लगते ही मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के साथ कलेक्टर और एसपी भी पहुंच गए और हालात का जायजा लिया जब एक घर से तेज बदबू आने लगी पड़ोसियों को शक हुआ तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी... जब पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर घर के अंदर दाखिल हुई.... तो वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था.. एक पुरुष और दो मासूम बच्चों के शव पड़े थे... यह घर औसेरी साकेत का है जिसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी थी...वह अपनी बेटी मीनाक्षी और बेटे अमन के साथ यहां रहता था...वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है
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ग्वालियर के शीतला माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी एक टेंपो गुढ़ा गुढ़ी नाका पर पलट गया .... हादसे में टेंपो सवार सभी श्रद्धालु घायल हो गए.... इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है... घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया...वहीं सीएसपी रॉबिन जैन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है.... बताया गया है कि हादसा उस वक्त हुआ जब श्रद्धालुओं को लेकर जा रहे टेम्पो के सामने गुढ़ा गुढ़ी का नाका क्षेत्र मे अचानक एक बस आ गई.... संकरी सड़क पर टेंपो चालक ने बस से बचाने की कोशिश की... लेकिन तेज रफ्तार के चलते उसका संतुलन बिगड़ गया और टेंपो पलट गई.... इस घटना के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई... आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी... पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को जेएएच के ट्रॉमा सेंटर भिजवाया...वहीं घायलों में तीन लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है...
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छतरपुर में फिल्मी स्टाइल में कार से आए नकाबपोश बदमाशों ने एक युवक के साथ सरेआम मारपीट की घटना को अंजाम दिया.... मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया मे वायरल हो गया है...पूरे घटना का संज्ञान लेते हुए पुलिस ने 7 लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है...और आरोपियों की तलाश में जुट गई है छतरपुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब सरेआम वो गुंडागर्दी पर उतर आए हैं...ऐसी ही एक घटना नेशनल हाईवे की है...जहां युवक के साथ आधा दर्जन नकाबपोश बदमाशों ने लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट कर दी...पूरा मामला पुरानी रंजिश को लेकर बताया जा रहा है....पुलिस ने आरोपी मयूर वाधवानी सहित 7 लोगों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है...
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ग्वालियर के स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल एण्ड मल्टीस्पेशलिटी ट्रामा सेंटर में अवैध गर्भपात का मामला सामने आया है...जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सचिन श्रीवास्तव के नेतृत्व में कार्रवाई की गई...आगे मामले की जांच की जा रही है... ग्वालियर के कम्पू क्षेत्र स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल एण्ड मल्टीस्पेशलिटी ट्रामा सेंटर में अवैध गर्भपात का मामला सामने आया है...जानकारी के अनुसार, यह गर्भपात जिला चिकित्सालय मुरैना में पदस्थ डॉ. नेहा नागौरी करा रही थी...पुलिस ने डॉ. नेहा नागौरी, अस्पताल की स्टाफ नर्स,गर्भपात करा रही महिला, महिला की सास और परिवार के अन्य सदस्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है...मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी...
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ग्वालियर के मोहना थाना क्षेत्र में मजाक में हुए विवाद पर भाइयों ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक पुजारी की जमकर मारपीट कर दी...जिससे पुजारी के सिर, हाथ व पैर में गंभीर चोट आई और कपड़े फट गए...पुलिस ने 6 लोगों पर मामला दर्ज कर तीन को गिरफ्तार कर लिया जबकि अन्य की तलाश जारी है... पुजारी महेश शर्मा ने पुलिस को बताया कि वह मोहना कस्बा के पास बड़ागांव में माता मंदिर में पुजारी है...वह जब अपने घर की ओर जा रहा था तभी चंद्रपाल धाकड़ ने उससे मजाक करते हुए गाली दी तो उसने भी उससे मजाक किया और फिर सामान लेने के लिए मोहना चला गया...जब वह सामान लेकर लौट रहा था तभी चंद्रपाल सिंह धाकड़ व उसके भाई रामौतार धाकड़ ने उस पर हमला कर दिया...दोनों ने बेल्ट व लाठियों से हमला कर मारपीट कर दी...इसी दौरान प्रिंस धाकड़ भी अपने साथियों के साथ वहां पहुंच गया और मारपीट की...घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया...पुलिस ने पुजारी की रिपोर्ट पर 6 हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया...जबकि अन्य तीन फरार हैं पुलिस जिनकी तलाश में जुट गई है...
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परिसर में जल एवं आहार की व्यवस्था करवाई जा रही है.... छतरपुर जिले में प्रतिवर्ष सभी पुलिस कार्यालय, थानों, चौकी सभी शाखाओं के परिसर में जल एवं आहार के लिए दाने का प्रबंध कर प्रथक प्रथक स्थान में सकोरे लगाए जाते हैं...इस कार्य में खुद एसपी ,एडिशनल एसपी सहयोग प्रदान करते हैं....और पुलिस बल के साथ पक्षियों के लिए पानी, भोजन और आश्रय का प्रबन्ध कर मानवता की एक छोटी-सी कोशिश की जाती है... जिससे गर्मी के कारण होने वाली परेशानियों से पक्षियों को राहत मिल सके
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चैत्र नवरात्रि को देखते हुए नगर पालिका खटीमा ने बड़ा कदम उठाया है...नगरपालिका ने नवरात्रि के दौरान सभी मीट मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाया दिया है....इसी को लेकर नगर पालिका ने मीट शॉप पर छापेमारी की.....और मीट दुकानें खुली मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी नवरात्र के चलते किसी की भी धार्मिक भावनाएं न भड़के इस के लिए खटीमा प्रशासन सजग दिखाई पड़ रहा है...जिसको लेकर अधिशासी अधिकारी दीपक शुक्ला ने बताया कि नवरात्रि के चलते सभी मीट बेचने वाले संस्थानों पर प्रतिबंध लगाया गया है... वहीं इस समय पूर्णागिरि मेला चल रहा है जिसको लेकर खटीमा से होकर श्रद्धालु गुजरते हैं.... किसी की धार्मिक भावना पर आहत न पहुंचे इसके लिए मीट मांस की दुकान नवरात्रि के दौरान बंद रहेंगी....वहीं यदि किसी की दुकान खुली मिली तो उन पर चालान या विधिक कार्रवाई की जाएगी
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सिंगरौली जिले के बेलगांव पंचायत में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर छापामार कार्रवाई में भारी अनियमितताएं उजागर हुई हैं…. प्रशासनिक जांच दल ने मौके से 95 बोरी गेहूं-चावल के साथ कोटेदार को रंगे हाथों पकड़ा जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया बेलगांव पंचायत में संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान पर हुई छापामार कार्रवाई में तहसीलदार,थाना प्रभारी,पटवारी,समिति सेवक,खाद्य निरीक्षक और सरपंच मौजूद रहे... शुरुआती जांच में सामने आया कि कोटेदार बीजेपी का नाम लेकर गरीबों का हक छीन रहा था और लोगों पर अत्याचार कर रहा था.... यह घटना न केवल सरकारी योजनाओं की धज्जियां उड़ाने का प्रमाण है... बल्कि सत्ताधारी दल की छवि को भी धूमिल करती है...अब सवाल यह उठता है कि जांच के बाद जो भी आरोपी पाया जाता है उस पर कब तक कार्रवाई होती है
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रीवा से दो ख़बरें सामने आई हैं ... पुलिस अधीक्षक ने एक वीडियो वायरल होने के बाद रिश्वतखोरी के आरोपी कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है ... वहीँ एक पत्रकार के साथ बदत्तमीजी करने वाले आबकारी अधिकारी के खिलाफ भी मामला पुलिस तक पहुंचा है .. पुलिस अधीक्षक विवेक सिंह ने हेड कांस्टेबल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया है ... अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनकर ने बताया कि हेड कांस्टेबल सुखलाल चौधरी वर्तमान में मनगवा थाने में पदस्थ है जिसका वीडियो वायरल हुआ है। वीडियो में पैसों के लेन-देन की चर्चा हो रही है। इस वीडियो को देखने के बाद हेड कांस्टेबल सुखलाल चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। बताया गया कि सुखलाल पहले भी इसी तरह का व्यवहार करते पाए गए थे ...
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पुलिस की सख्ती के बावजूद नशे का कारोबार बदस्तूर जारी है ... सिंगरौली पुलिस ने हेरोइन बेचने वालों को रंगेहाथों पकड़ा और उनके पास से तीन लाख से ज्यादा की हेरोइन बरामद की ... विन्ध्यनगर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक व्यक्ति मादक पदार्थ हेरोईन की बिक्री करने ग्रीन हट कालोनी के पास अपने साथी के साथ बाइक पर आ रहा है ... जहाँ पुलिस ने टीम बनाकर दबिश दी तो आरोपी कार्तिक वर्मा के साथ एक नाबालिग भी पकड़ में आया ... जिनके पास से तीन लाख छत्तीस हजार नौ सौ पच्चीस रुपये की हेरोईन जब्त हुई ... पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ... उक्त वारदात में प्रयुक्त हीरो बाइक को भी जब्त किया गया है ...
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हार्ट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे हैं .. कार्डियक अटैक से पीड़ित एक युवक सड़क पर गिर कर बेहोश हो गया तो एक सब इन्स्पेक्टर ने तत्काल उसे सीपीआर देकर उसकी जान बचाई ... पड़ाव इलाके में पेट्रोल पंप के नजदीक एक स्कूटर सवार अचानक कार्डियक अटैक के कारण, जमीन पर गिर पड़ा ... उसकी हार्टबीट बिल्कुल स्लो हो गई, वो बेहोशी की हालत में सड़क पर पड़ा था ... इस दौरान वहां से थाटीपुर थाना में पदस्थ सब इन्स्पेक्टर राजकुमार बौद्ध वहां से गुजर रहे थे ... जब उन्होंने यह नजारा देखा तो वह तत्काल युवक के नजदीक पहुंचे ... सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने उसे तत्काल सीपीआर दिया। उसके बाद उसे होश आया। इस दौरान उन्होंने तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था की और युवक को अस्पताल पहुंचाया, सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध का एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें भी हार्ट अटैक से पीड़ित युवक को सीपीआर देते हुए दिखाई दे रहे हैं। सब इंस्पेक्टर के युवक की जान बचाने का यह वीडियो जिसने भी देखा उसने सब इंस्पेक्टर की जमकर तारीफ की है। वर्दी के साथ इस तरह का सामाजिक सरोकार का काम मध्य प्रदेश पुलिस का भी सर गर्व से ऊंचा कर रहा है। पीड़ित युवक की उम्र 40 वर्ष के आसपास थी ... युवक की पहचान घनश्याम गौर के रूप में हुई है वह बहोड़ापुर इलाके का रहने वाला है।
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रीवा में बाइक और हाईवा ट्रक की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। ईद की नमाज अदा करने के बाद ये लोग एक ही बाइक पर सवार होकर मोहनिया टनल घूमने गए थे। वहां से लौटते समय हादसा हो गया। टक्कर के बाद पल्सर के बाइक के टुकड़े हो गए ... हादसे में सत्यम साकेत, मोहम्मद जुम्मन, मोहम्मद अफरीद मंसूरी और मोहम्मद शादाब की मौत हो गई। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने गुढ़ पुलिस को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने हाइवा को जप्त कर लिया है। मृतक के युवक के रिश्तेदारों ने बताया कि हादसा ट्रक चालक की लापरवाही से हुआ है ट्रक काफी रफ्तार में था। घटना के बाद चालक ट्रक को मौके पर ही खड़ा करके फरार हो गया। परिजनों ने आरोपी ड्राइवर को गिरफ्तार करने की मांग की है।
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सिंगरौली के ग्रामीण सामान्य सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं ... कुछ इलाके अभ्यरण क्षेत्र के पास हैं इसलिए यहाँ अपनी जमीन भी नहीं बेच सकते हैं .. इन परेशान लोगों ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह को अपनी परेशानियां बताईं ... जिला पंचायत उपाध्यक्ष अर्चना सिंह ने कोरावल क्षेत्र मे भ्रमण किया तो कोरावल विकास मंच संगठन ने विभिन्न समस्याओं शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल आपूर्ति को लेकर उनसे चर्चा की .. कोरावल क्षेत्र के लोगों की मांग थी कि , उनका इलाका पिछड़ा है उनके क्षेत्र में अभयारण्य होने की वजह से जमीनों की रजिस्ट्री पर क्रय विक्रय कि रोक लगी है ... लोग शादी ब्याह और स्वास्थ्य तक के लिए जमीन बेचकर पैसा इकट्ठा नहीं कर सकते हैं ... लोगों की समस्या सुनकर अर्चना सिंह ने लोगों का आश्वासन दिया कि आप लोगों की समस्या को हम उचित फोरम में ले जाकर समाधान करने की कोशिश करेंगे ...
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ऐसा लगता है छतरपुर में गुंडाराज कायम है ... कहीं प्रभात फेरी में में मारपीट की गई तो कहीं जमकर चाकू चले तो कहीं मामूली बात पर फायरिंग कर दी गई ... इन सभी मामलों में पुलिस कार्यवाही कर रही है ... प्रभात फेरी में हुई मारपीट का वीडियो वायरल जो रहा है ... भीड़ ने भी हमला करने वाले लोगो पर जमकर हाथ साफ किये ... इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है ... यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के सीताराम कालोनी के बर्फ फैक्ट्री के पास हुई ...
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कुछ बदमाशों ने एक व्यक्ति के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया ... जब पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो आरोपी फरियादी को धमकाने पहुँच गए ... परेशान फरियादी अब पुलिस की शरण में है ... रायपुर कर्चुलियान थाना के कोष्टा गांव में राजीव तिवारी अपने घर जा रहे थे तभी रास्ते मे कोस्टा के दो तीन लोगो ने उसकी गाडी रोकने का इशारा किया जैसे ही उन्होंने गाडी रोक पूछना चाहा की क्या बात है ... तब कांच खुलते ही आरोपी राममणी कोरी वा खजुहा कोरी ने उनके गले से सोने की चैन छीन ली और कलर पकड़कर गाडी से उतारने का प्रयास करने लगे .. तभी मौका पाकर वह गाडी स्टार्ट कर भाग गए ... उन्होंने घटना की जानकारी 100 डायल को दी ... उन्होंने थाने में घटना की जानकारी दी लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया ... इसके बाद आरोपी डंडा हॉकी तलवार लेकर फरियादी के घर पहुंच गए ... इसके बाद फरियादी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई
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कुमाऊं के लोगों को एक बड़ी सौगात मिली है ... टनकपुर से राजस्थान के दौराई तक यात्री रेल सेवा टनकपुर-दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस का शुभारंभ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर किया ... टनकपुर-दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस के शुभारंभ समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्चुअली जुड़े ,,, मुख्यमंत्री धामी ने कहा, "यह एक ऐतिहासिक पल है। कुमाऊँ क्षेत्र के लोगों को अब लंबी दूरी तक बेहतर ट्रेन सेवाओं का लाभ मिलेगा। इससे स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, पर्यटन को नया आयाम मिलेगा और माँ पूर्णागिरि धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यात्रा सुगम होगी ... समारोह में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा आज हिंदू नव वर्ष के शुभारंभ के साथ ही इस ऐतिहासिक रेल सेवा की शुरुआत हो रही है, जो लोगों को लंबी दूरी की सुगम यात्रा का अवसर प्रदान करेगी। टनकपुर रेलवे स्टेशन को नई पहचान और प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र का विकास तेज़ी से होगा।हम पर्वतीय इलाकों तक ट्रेन सेवाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध हैं। टनकपुर से बागेश्वर और रामनगर-चौकुटिया रेल लाइन का सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में पहाड़ी क्षेत्रों में भी रेल सुविधा का विस्तार होगा .. साथ ही, ऑल वेदर रोड परियोजना को और मजबूती दी जाएगी ... जिससे सड़क संपर्क बेहतर हो ...
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कहते हैं पुरानी शराब ज्यादा मजा देती है ... लेकिन आबकारी विभाग ऐसा नहीं मानता ... उसने एक्सपायरी डेट वाली दो करोड़ रुपये कीमती शराब की बोतलों पर बुलडोजर चलवा दिया ... नशे की बोतलो पर आबकारी विभाग ने बुल्डोजर चलवा दिया ... लगभग दो करोड़ की शराब को यहाँ नष्ट किया गया ... एक्सपायरी डेट और ब्रांड बंद होनै पर शराब को लेकर यह कार्यवाही की गई ... बुल्डोजर ,कलेक्टर द्वारा गठित समिति ने एसडीएम की उपस्थिति मे आबकारी विभाग ने महोबा रोड़ स्थित वेयर हाऊस के मैदान मे चलाया गया ...
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करणी सेना ने समाजवादी पार्टी के नेता सांसद रामजीलाल सुमन का पुतला जलाया और उन्हें चेतावनी दी कि वे जब भी भविष्य में बोलें तो बोलने से पहले उस पर विचार कर लें ... अन्यथा उन्हें करणी सेना का सामना करना पडेगा ... समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा महाराणा सांगा के बारे में दिए गए विवादित बयान गद्दार को लेकर सिंगरौली करणी सेना विप्र सेना व सर्व समाज द्वारा आज रामजीलाल सुमन का पुतला दहन किया गया और सर्व समाज के नेताओं ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व रामजीलाल सुमन के बारे में कहा कि ऐसे लोगों को इतिहास के बारे में जानकारी नहीं है ... ऐसे लोग हमारे महापुरुषों के बारे में उटपटांग बयांन देते हैं यदि ऐसे लोग अपने बयान पर माफी नहीं मांगे तो आगे भी इनके खिलाफ ऐसे ही प्रदर्शन किया जाएगा ...
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छतरपुर में एक चबूतरे को लेकर विवाद हो गया ... विवाद के बाद इस मामले में राजीनामे को लेकर हुए झगडे में जमकर फायरिंग हुई ... जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई ... महाराजपुर थाना के खिरवा गांव में आपसी रंजिश में हुई फाईरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई और आधा दर्जन लोग घायल हो गए ... घायलो को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया है ... घटना की जानकारी लगते ही देर रात काग्रेस के पूर्व विधायक नीरज दीक्षित भी अस्पताल पहुंचे ... घायल पक्ष ने बताया हैं 307 के मामले मे मृतक पक्ष पर आरोपी पक्ष बना राजीनामा का दबाब बना रहा था .. जब राजीनामा नहीं हुआ तो आधा दर्जन लोगो ने फाईरिंग कर दी ... दोपहर में चबूतरे को लेकर दोनों पक्षों में मामूली विवाद हुआ था ... इस घटना में भुज्जन पाल की मौत हो गई ...
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देवास पुलिस की बड़ी कार्यवाही करते हुए ... पिछले 7 साल से फरार चल रहे धोखेबाज पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है ... इन लोगों ने ठगी की दृष्टि से एक कंपनी बनाकर ग्राहकों के साथ करोड़ों धोखाधड़ी की थी ... कोतवाली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है ... पुलिस ने पिछले 7 वर्षों से धोखाधड़ी व अन्य मामलों में फरार पति-पत्नी को वडोदरा से गिरफ्तार किया है। .. आरोपियों पर देवास इंदौर उज्जैन महाराष्ट्र भोपाल शाहजहांपुर सहित अन्य जिलों में कइ मामले दर्ज है अब पति और पत्नी को गिरफ्तार किया है पति स्थाई वारंटी था और पत्नी फरार वारंटी थी इन दोनों ने करीब 8 करोड रुपए की धोखाधड़ी की है ... इन्होने एक कंपनी बनाकर 15 लाख यूजर्स को जोड़ा और फिर उनके साथ धोखाधड़ी की ...
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छतरपुर के बिजावर में एक ही रात में चार दुकानों पर चोरों का कहर टूट पड़ा ... छतरपुर जिले के बिजावर में चोरों ने एक रात में चार दुकानों को निशाना बनाया .... सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई हैं की सामने आई हैं .... चोर लड़कियों के कपड़े पहनकर चोरी की वारदात को अंजाम देते सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं .... लड़की के कपडे पहन कर चोरी करते चार चोरो ने छतरपुर के बिजावर में गुलगंज रोड पर चार दुकानों के ताले तोड़े .... ये दुकाने अमृत दूध डेयरी, श्री बालाजी बोरवेल, सृजन एनजीओ और महाकाल मेट्रो एवं होम हैं .... चोरों ने इन दुकानों के ताले तोड़कर दुकानों से इंडक्शन, बैटरियां और नकदी जैसे सामान चुरा लिए .... मामले में पीड़ित दुकानदारों ने बिजावर थाने में शिकायत दर्ज कराई है .... पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है .... पीड़ित दुकानदार दीनदयाल विश्वकर्मा ने बताया कि चोरों ने उनकी दुकान में सेंध लगाकर जरूरी सामान और नकदी साफ कर दी ....
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ग्वालियर के माधव कॉलेज में एलएलबी छात्रों ने फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रदर्शन किया .... प्राचार्य के परिसर में धरना देते हुए छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं .... साथ ही फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की .... ग्वालियर के माधव कॉलेज में एलएलबी के छात्रों का कहना है कि .... बिना किसी ठोस कारण के फीस बढ़ाई गई है, जिससे वे आर्थिक रूप से परेशान हैं .... उन्होंने प्रशासन से तुरंत फीस वृद्धि वापस लेने की मांग की है .... छात्रों का यह प्रदर्शन केवल माधव कॉलेज तक सीमित नहीं है .... ऐसी ही समस्याएँ कई अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी देखी जा रही हैं .... अब देखना होगा कि प्रशासन छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाता है ... वहीँ छात्रों का कहना हैं की हमारे जैसे आम छात्रों के लिए फीस में यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी परेशानी है .... प्रशासन को हमारी स्थिति समझनी चाहिए .... हम सिर्फ अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं .... हमें उम्मीद है कि हमारा प्रदर्शन असर करेगा .... कॉलेज प्रिंसिपल का कहना हैं की हम छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं .... फीस वृद्धि पर चर्चा के लिए हम बैठक आयोजित करेंगे ....
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उज्जैन लोकायुक्त पुलिस ने सोनकच्छ बिजली विभाग के कार्यपालन यंत्री आनंद कुमार अहिरवार का पीछा कर 25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा...आरोपी अधिकारी ने एक वाहन मालिक से 70 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी... लोकायुक्त इंस्पेक्टर राजेन्द्र वर्मा ने बताया कि शिकायतकर्ता आउटसोर्स एमपीईबी कार्यालय में काम करते हैं...जिनकी बोलेरो यहां पहले से अटैच थी...गाड़ी अधिक रेट में अटैच हो जाए, इसके लिए वे कार्यपालन यंत्री आंनद से मिले...आनंद ने फरियादी से 70 हजार की रिश्वत मांगी...जिसमें से आनंद ने देवास-भोपाल मार्ग हाइवे पर 25 हजार रूपये लिए जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी का पीछा कर उसे टोल नाके पर पकड़ा
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रीवा के अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में इस समय परीक्षाओं का दौर जारी है...यहां एलएलबी के बच्चों को प्रवेश पत्र में परीक्षा का समय 3:00 बजे का दिया गया था लेकिन जब बच्चे परीक्षा देने नियत समय पर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि पेपर 1:00 बजे से था इसलिए उन्हें परीक्षा नहीं देने दी जाएगी इस पर लॉ के छात्र भड़क गए और वीसी के चेंबर में पहुंचकर उन्होंने जमकर नारेबाजी की.... जैसे ही विश्वविद्यालय प्रबंधन को इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने अपनी गलती मानते हुए बच्चों की परीक्षा दोबारा कराने का निर्णय लिया...विश्वविद्यालय के कुल गुरु ने कहा कि हम दोबारा परीक्षा कराएंगे...किसी भी बच्चे का भविष्य खराब नहीं होगा...यह सारी गलती टाइपिंग की वजह से हो गई...विश्वविद्यालय के रजिस्टर पूरे मामले को देख रहे हैं...उन्होंने बच्चों से कहा है कि उनकी परीक्षा अलग से डेट निकल कर ले लेंगे...किसी भी बच्चे का भविष्य नहीं खराब होगा....
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कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह की साधु-संतों के खिलाफ की गई टिप्पणी पर अब भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा का बयान सामने आया है...उन्होंने कहा कि राजेंद्र सिंह हमेशा सौम्य और सरल व्यक्ति माने जाते थे, लेकिन हो सकता है कि कांग्रेस में उनकी उपेक्षा के कारण उन्होंने इस तरह की विवादित टिप्पणी की हो....उन्होंने कहा कि साधु समाज के अनेकों लोग अनेकों तरह के बयान देते हैं कभी हमारे समर्थन में होता है कभी हमारे विरोध में भी होता है... लेकिन हमने कभी उनका अपमान नहीं किया... भा.ज.पा. विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि साधु समाज हमेशा पूजनीय और वंदनीय है और वे समय-समय पर उनका सम्मान करते हैं...साथ ही उन्होंने राजेंद्र सिंह से सवाल किया कि जब दिग्विजय सिंह के साथ साधु समाज की बड़ी संगत थी, तो क्या वह संतों का अपमान करते थे...उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस सांड की पूजा भी भूल गई, गौ माता की पूजा भी भूल गई, गंगा में नहाना भी भूल गई, राम मंदिर जाना भी भूल गई और कांग्रेस अब हिंदुओं की बात करना भी भूल गई...वह जूठी बिरयानी में इतनी मस्त है कि उसके वयोवृद्ध नेता भी बुढ़ापे में आकर सटिया रहे हैं
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दो परिवारों के बीच का मामूली बिबाद इतना बढ़ गया की दबंगों ने एक ही परिवार के तीन लोगों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया .... घायलों की हालत नाजुक बनी हुई हैं .... पुलिस घटना की पूरी जानकारी लेकर जाँच में जुटी हैं .... रुड़की की गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के माधोपुर गांव में बीते 15 मार्च में दो पक्षों में मामूली बात को लेकर विवाद हुआ .... एक दबंग परिवार ने दूसरे परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया .... जिससे एक ही पक्ष के तीन लोग गंभीर रूप से घायल है .... जिनमें से दो लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है .... वहीं पीड़ित पक्ष ने पुलिस को आरोपियों के खिलाफ आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की हैं .... जिसमे पुलिस ने सबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्यवाही शुरू कर दी है .... कार्यवाही से पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है .... इस वजह से दबंग लोगो से उन्हें जान का खतरा बना हुआ है .... वहीं पुलिस का कहना है कि घायल लोगो के मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ धाराए बढ़ाकर वैधानिक कार्यवाही अमल में लाइ जाएगी .....वहीं एक यूवक के सर में गहरी चोट है .... ओर दूसरे युवक की एक आँख पूरी तरीके से चोटिल है जिनका इलाज अभी भी अस्पताल में चल रहा है...
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नौगांव नगरपालिका के सीएमओ नीतू सिंह के खिलाफ पूरी परिषद लामबंद हो गई है... नगरपालिका अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, और बीजेपी, सपा, कांग्रेस के कुल 13 पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए सीएमओ को हटाने की मांग की है नौगांव नगरपालिका की सीएमओ नीतू सिंह के खिलाफ नगर पालिका परिषद का विरोध तेज हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के नेतृत्व में बीजेपी, सपा, कांग्रेस के पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और सीएमओ को हटाने की मांग की। उनका आरोप है कि सीएमओ के अडियल रवैये के कारण नगरपालिका के कार्यों में रुकावटें आ रही हैं अब, परिषद का कहना है कि अगर शासन ने इस मुद्दे पर तुरंत कोई कदम नहीं उठाया, तो वे एक अप्रैल से सीएमओ को हटाने के लिए अनशन करेंगे।
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छतरपुर के खजुराहो में एक अलग ही नजारा देखने को मिला जब 17 सदस्यीय विदेशी पर्यटकों का दल खजुराहो के मुख्य मार्गों पर ध्वज कलश और ढोल नगाड़ों के साथ निकले.... लोग इन पर्यटकों को देखकर अचंभित रह गए....ये पर्यटक कलश यात्रा लेकर प्राचीन बगराजन माता मंदिर पहुंचे.... अक्सर देखा गया है कि भारतीय संस्कृति इतनी प्रभावशाली है कि विदेशी पर्यटक भारत में आकर यहां की संस्कृति में घुल-मिल जाते हैं....खजुराहो में भी ऐसा देखने मिला...यहाँ रूस घूमने आये 17 विदेशी पर्यटकों के दल ने एक निजी होटल से कलश यात्रा निकाली जो हाथ में ध्वज...सर पर कलश और ढ़ोल नगाड़ों के साथ खजुराहो के प्राचीन बगराजन माता मंदिर पहुंचे... जहाँ उन्होंने मंदिर में स्थापित देवी देवताओं का अभिषेक किया,साथ ही राधे कृष्णा के नाम का संकीर्तन भी किया...विदेशी पर्यटकों ने मंदिर के पुजारी के साथ मिलकर हवन पूजन भी किया...
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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को अपने जन्म दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में जनसंपर्क विभाग द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का लोकार्पण किया। इस ऐप से प्रदेशवासियों को सरकार की नीतियों, योजनाओं और महत्वपूर्ण समाचारों की त्वरित व सटीक जानकारी सीधे मोबाइल पर ही प्राप्त हो सकेगी। मोबाइल ऐप पर समाचार, फोटो गैलरी, वीडियो गैलरी, मंत्री परिषद के निर्णय, आलेख, विभिन्न विभागों की वेबसाइट के लिंक, जिलों के समाचार तथा मंत्रिमंडल के सदस्यों, कमिश्नर और कलेक्टर की सूची आसानी से प्राप्त हो सकेगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े, संचालक जनसम्पर्क श्री अंशुल गुप्ता तथा सोशल मीडिया विशेषज्ञ उपस्थित थे।जनसम्पर्क आयुक्त डॉ. खाड़े ने बताया कि जनसम्पर्क विभाग के पोर्टल mpinfo.org का Android Based मोबाइल ऐप तैयार किया गया है। मोबाइल ऐप में मुख्यमंत्री के लाइव कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण देखा जा सकेगा। मुख्यमंत्री एवं मंत्रीगण से जुड़े समाचार सिंगल क्लिक पर ऐप में उपलब्ध होंगे। ऐप पर स्क्रीन रीडर की भी सुविधा दी गई है, जिससे यूजर आसानी से समाचार सुन सकेंगे। उन्होंने बताया कि ऐप में वॉइस सर्च की सुविधा दी गई हे, जिससे यूजर आसानी से आवश्यकता अनुसार कंटेंट सर्च कर सकते हैं। ऐप पर व्हाट्सऐप एवं अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर करने की लिंक भी दी गई है, इससे सुगमता से कंटेट को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर किया जा सकेगा। मोबाइल ऐप पर पुश नोटिफिकेशन की सुविधा भी दी गई है, इसके माध्यम से समाचार को सभी यूजर्स तक पुश किया जा सकता है।
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रीवा में डॉग शो का आयोजन किया गया…जिसमें अलग-अलग प्रकार के डॉग्स देखने को मिले...इस दौरान तीन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई...जिसमें फैंसी डॉग प्रतियोगिता, ओबेडिएंट डॉग प्रतियोगिता और रिंग प्रतियोगिता शामिल रही...जिले भर से डॉग्स के शौकीन लोग अपने अलग-अलग वैरायटी के डॉग्स लेकर यहां पहुंचे... रीवा में पहली बार डॉग्स को लेकर इस तरह के प्रोग्राम का आयोजित किया गया...इस दौरान कॉर्पोरेट पर डॉग्स का कैटवॉक भी हुआ...डॉग्स की डाइट और देखरेख को लेकर चर्चा के लिए स्टॉल भी लगाए गए...डॉग शो में 100 से ज्यादा लोगों ने अपने डॉग्स का रजिस्ट्रेशन कराया...यहां जर्मन शेफर्ड पग डॉग, बीगल, लैब्राडोर रिट्रीवर, गोल्डन रिट्रीवर, फ्रेंच बुलडॉग सहित 50 से अधिक वैरायटी की कई फेमस डॉग देखने मिले....
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सिद्धि ज्योतिष केंद्र - ओंकार पीठ, का अष्टादश दीक्षांत समारोह में कहा गया कि ज्योतिष परोपकार का माध्यय, कमाई का जारिया नहीं ... इस अवसर पर तीस प्रशिक्षणार्थीओं को न्योतिष श्री की उपाधि दी गई ...VOदीक्षांत समारोह आयोग्य भारती के केंद्रीय कार्यलय में हुआ .. समोराह में मुख्य अतिथि स्वामी रामप्रवेश महाराज, आचार्य रमेश त्रिपाठी, और विशिष्ट अतिथि आशीष पांड्या पं. रमेश शर्मा .. इस संस्थान की शुरुआत 1995 में श्री प्रहलाद पांड्या द्वारा की गई थी, जिसमें ज्योतिष का पठन-पाठन कार्य शुरू किया गया। संस्था का ये अठारहवां दीक्षांत समारोह था ... समारोह में स्वामी रामप्रवेश महाराज ने ज्योतिष को भगवान के नेत्रों के समान बताया और कहा कि सनातन परंपरा में जन्मों के कर्मफल का विचार किया जाता है ... ज्योतिष परोपकार का माध्यय, कमाई का जारिया नहीं ... प्रक्षिणार्थी सुषमा दुरापे ने बताया कि राजेश मिश्र के नेतृत्व में ज्योतिष केंद्र ने ज्योतिष को घर-घर तक पहुंचाया है। यहां छात्रों ने पंचांग देखना, ग्रहप्रवेश, भाव, राशियां, दशा, महादशा, सूक्ष्मदशा और रत्नों के बारे में जानकारी प्राप्त की ... इस अवसर पर दीक्षांत समारोह में हितेंद्र शर्मा ,हेमंत प्रजापति सहित 30 प्रशिक्षणार्थियों को ज्योतिष श्री की उपाधि प्रदान की गई ... आचार्य रमेश त्रिपाठी ने कहा कि ज्योतिष में कई सिद्धांत हैं, और यह साक्षात वेद का नेत्र है, वेदांग है, और प्रत्यक्ष विद्या है ... यह विज्ञान कई अन्य विज्ञानों का जनक है ...
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चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने मुंबई इंडियंस की टीम को 4 विकेट से हरा दिया है...इस मैच में चेन्नई की टीम के लिए गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया...मुंबई ने पहले बैटिंग करते हुए 156 रनों का टारगेट खड़ा किया।.. जिसे CSK ने आसानी ने हासिल कर लिया...मैच में जैसे ही महेंद्र सिंह धोनी बल्लेबाजी करने के लिए उतरे...तो फैंस ने ग्राउंड में खूब शोर किया और स्टेडियम में मौजूद सभी क्रिकेट फैंस उत्साहित नजर आए...मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने दो गेंदें खेली और लेकिन वह एक भी रन नहीं बना सके.... वहीं जब मैच के बाद चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के प्लेयर्स एक दूसरे से हाथ मिला रहे थे।....तब धोनी ने दीपक चाहर के आने का इंतजार किया...इसके बाद उन्होंने दीपक को मजाकिया अंदाज में बल्ला मारा ...इस पर वह हंसते हुए नजर आए...अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है ...आपको बता दें कि दीपक चाहर पहले चेन्नई सुपर किंग्स का हिस्सा थे और महेंद्र सिंह धोनी को उनसे कई बार मजाक करते हुए देखा गया है। ... दीपक ने सात सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए क्रिकेट खेला है और अपने दम पर सीएसके की टीम को कई मैचों में जीत दिलाई है....दीपक ने CSK के लिए आईपीएल में कुल 76 विकेट हासिल किए थे
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क्या सांप से आपको डर लगता है... लगता है तो कोई बात नहीं सांप सामने आ जाये अच्छे अच्छे खौफ में आ जाते पर... आज मैं आपको एक ऐसे लड़के के बारे में बताता हूँ जो सांप को अपने हाथो से एक झटके में पकड़ लेता है... बिना डरे बिना घबराये और वो भी ऐसा वैसा सांप नहीं बल्की किंग कोबरा... सोशल मीडिया वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर उस शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है.... जिसमें वह एक सांप को अपने हाथों से एक झटके में पकड़ लेता है। ...वह कोबरा पर ऐसे झपटता है कि कोबरा सांप को यह समझने का मौका ही नहीं मिलता कि उसके साथ आखिर क्या हो रहा है.... वीडियो में दिख रहा है कि एक किंग कोबरा सांप बाहर निकल आया है.... जिसे पकड़ने के लिए एक शख्स उसके पास खड़ा दिख रहा है.... वहीं दूसरा व्यक्ति डर के मारे पीछे दुबका हुआ है....शख्स सांप को पकड़ने के लिए अपनी योजना बनाता है...वह सबसे पहले तो सांप को अपना एक पैर दिखाकर उसे उलझा देता है और फिर वह धीरे धीरे अपने हाथ को सांप की ओर बढ़ाता है और एक झटके में उसकी गर्दन दबोच लेता है... कोबरा सांप कुछ समझ भी नहीं पाता... सांप को पकड़ने के बाद वह शख्स हंसते हुए दिखता है ... वहीं पीछे खड़ा शख्स सांप की पूंछ पकड़ लेता है... वीडियो को देखने से लगता है कि ये नजारा किसी कॉलेज का है और सांप को पकड़ने वाले लोग भी कॉलेज के छात्र हैं....वीडियो के कैप्शन में बताया गया है कि सांप को पकड़ने वाला यह नजारा थाईलैंड का है....
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एमपी के जर्जर भवनों में विद्यालय संचालित करने का खामियाजा बच्चों और स्कूल शिक्षकों को भुगतना पड़ रहा है... मैहर के शासकीय प्राथमिक शाला करइया बिजुरिया में स्कूल का जर्जर छज्जा गिरने से एक महिला शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मदद से अस्पताल ले जाया गया. घायल शिक्षिका का नाम शशिकला तिवारी है जो प्रधानाध्यापिका के तौर पर विद्यालय में पदस्थ है... यह हादसा उस वक्त हुआ जब शिक्षिका विद्यालय में शासकीय काम कर रही थी...और बच्चे छज्जे के नीचे खेल रहे थे...जैसे ही शिक्षिका ने बच्चों को वहां से हटने के लिए कहा और बच्चे वहां से हटे, वैसे स्कूल का जर्जर छज्जा भरभरा कर उसके ऊपर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई...शशिकला लगातार विद्यालय भवन की जर्जर स्थिति की सूचना जिम्मेदार अधिकारियों को दे रही थीं वह पिछले 6 महीने से विद्यालय भवन के मेंटेनेंस के लिए पत्राचार कर रही थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया जिसकी वजह से ये हादसा हुआ...फिलहाल अध्यापिका का इलाज जारी है...
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आणन्द । माधवराव सप्रे समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान भोपाल के संस्थापक-संयोजक एवं 'पद्मश्री' सम्मान विभूषित विजयदत्त श्रीधर को हिन्दी जगत के सर्वोच्च सम्मान 'साहित्य वाचस्पति' से सम्मानित किया गया। यहां वल्लभ विद्यानगर स्थित सरदार पटेल विश्वविद्यालय सभागार में आयोजित हिन्दी साहित्य सम्मेलन के 76वें अधिवेशन में हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग की तरफ से उन्हें यह सम्मान दिया गया। विजयदत्त श्रीधर के साथ संस्कृत विद्वान पूर्व कुलपति 'अभिराज' राजेन्द्र मिश्र और सरदार पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति निरंजन कुमार पूरनचंद पटेल को भी यह सम्मान प्रदान किया गया। उक्त सम्मान हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति आचार्य सूर्यप्रसाद दीक्षित और सम्मेलन के प्रधानमंत्री कुंतक मिश्र ने प्रदान किया। सम्मान के पूर्व श्रीधर की प्रशस्ति पढ़ी गयी। जिसमें पत्रकारिता और साहित्य में उनके योगदान का जिक्र हुआ। इस अवसर पर श्रीधर ने कहा कि सम्मेलन के जिस मंच पर खड़ा होना सौभाग्य का विषय हुआ करता है, वहां सम्मानित होना गौरव की बात है। उन्होंने महत्वपूर्ण संगठनों में समय रहते युवा नेतृत्व को सामने लाने की जरूरत बताई। श्रीधर को अधिवेशन के राष्ट्रभाषा परिषद् के सभापति का भी दायित्व दिया गया। उल्लेखनीय है कि सम्मेलन के सभापति का दायित्व निभाने वालों में डॉ. राजेन्द्र प्रसाद भी शामिल रहे हैं। इसी तरह साहित्य वाचस्पति की मानद उपाधि ग्रहण करने वालों में महात्मा गांधी, मदनमोहन मालवीय, माधवराव सप्रे और कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी जैसी विभूतियां शामिल रहीं हैं।
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विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जा रहा है। ज्ञानपीठ की बड़ी उपलब्धि है।1971 में पहली कविता ‘अभिषेक जय हिंद’ प्रकाशित हुई, ‘नौकर की कमीज’ पर बनी है फिल्म। कायदे से वे भी सत्तर दशक के रचनाकार हैं।यानि हमारे समकालीन। हमारे लिए यह खुशी का समाचार है। छत्तीसगढ़ के रायपुर के रहने वाले हिंदी के शीर्ष कवि-कथाकार विनोद कुमार शुक्ल को इस साल का ज्ञानपीठ पुरस्कार दिया जाएगा। इसकी घोषणा आज नई दिल्ली में ज्ञानपीठ चयन समिति ने की है। विनोद शुक्ल के उपन्यास नौकर की कमीज, खिलेगा तो देखेंगे, दीवार में एक खिड़की रहती थी हिंदी के श्रेष्ठ उपन्यासों में शुमार हैं। दरअसल, 1 जनवरी 1937 को राजनांदगांव में जन्मे विनोद कुमार शुक्ल पिछले 50 साल से लेखन कर रहे हैं। विनोद कुमार शुक्ल की पहली कविता संग्रह ‘अभिषेक जय हिंद’ 1971 में प्रकाशित हुई थी। उनकी कहानी संग्रह पेड़ पर कमरा और महाविद्यालय भी बहुचर्चित है। हिंदीवालों को राजनांदगांव याद होना चाहिए। महाकवि गजानन माधव मुक्तिबोध का राजनांदगांव। नागपुर और भिलाई के बीच। विनोद जी को बहुत बहुत बधाई।
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खबर छतरपुर से है...जहां महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु के एक बयान से बवाल मच गया है...कुलगुरु शुभा तिवारी ने ओरछा धाम में एक कार्यक्रम के दौरान मां सीता पर विवादित टिपण्णी की...जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया तेजी से वायरल हो रहा है...वहीं कुलगुरु शुभा तिवारी के बयान के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध जताया है...एबीवीपी ने विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए कुलगुरु से इस्तीफे की मांग की है छतरपुर जिले के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु शुभा तिवारी विवादों में गई हैं...बीते दिनों शुभा तिवारी ने ओरछा में आयोजित एक कार्यक्रम में वाल्मीकि रामायण और तुलसीदास कृत रामचरितमानस पर लिखी बातों का जिक्र किया था...इस दौरान कुलगुरु ने माता सीता पर विवादित टिप्पणी की... कुलगुरु शुभा तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि रावण मोटा काला और बदसूरत था... इसलिए भगवती सीता ने उसे नकार दिया था..कुलगुरु ने यह भी कहा कि यदि रावण सुंदर होता तो भगवती सीता भगवान राम को छोड़कर रावण को पसंद कर लेती...कुलगुरु शुबहा तिवारी के इस बयां पर बवाल बढ़ता ही जा रहा है...कुलगुरु शुभा तिवारी के बयान के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध जताया...तो हिन्दू संगठनों ने भी सड़क पर उतर कर अपना विरोध जताया...एबीवीपी ने यूनिवर्सिटी के बाहर प्रदर्शन करते हुए कुलगुरु से इस्तीफे की मांग की... AVBP की छात्र नेता स्वक्षता पाठक ने कहा... कुलगुरु ने जो वक्तव्य दिया है....वह निंदनीय है...उन्हें अपने शब्द वापस लेने चाहिए और सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए कुलगुरु शुभा तिवारीने माता सीता को फेमिनिस्ट बताया था और विवादित टिपण्णी दी थी...जिसके बाद से उनके खिलाफ आक्रोश पैदा हुआ वहीं कुलगुरु ने अब अपने बयां पर सफाई देते हुए कहा है कि ...मेरे व्याख्यान का गलत अर्थ निकाला गया है...मेरे बयान को तोड़-मरोड़ के पेश किया गया है... बढ़ते विवाद को देखते हुए कुलगुरु शुभा तिवारी ने माफ़ी भी मांग ली है...शुभा तिवारी ने कहा है कि...अगर किसी की भावनाएं आहत हुई है तो मैं माफी मांगती हूं...मेरा उद्देश्य किसी भी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था....मैंने तो माता सीता को एक सशक्त महिला बताया था और आधुनिक युग में लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए माता सीता जैसे मनोबल की आवश्यकता है
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खबर रीवा से हैं ...जहां से एक युवती के साथ अभद्रता का वीडियो सामने आया है...वीडियो में एक युवक युवती को लगातार थप्पड़ मार रहा है...वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है घटना का वीडियो शहर के ढेकहा स्थित बीजेपी कार्यालय के पास बनी चौपाटी का बताय जा रहा है वीडियो में एक युवक युवती को लगातार थप्पड़ मार रहा है बाल पकड़ कर उसे घसीट रहा है और कह रहा है तूने गाली कैसे दी चल थाने आसपास खड़े लोग भी युवति की मदद नहीं कर रहे हैं। ...घटना कब की है अब तक इसका खुलासा नहीं हुआ है और न ही युवक युवती का पता चल सका है वीडियो सामने आने के बाद...एसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं...सिविल लाइन थाना पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है
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छतरपुर । छतरपुर के गढ़ीमलहरा गांव में शुक्रवार तड़के एक व्यक्ति की अपनी ही कार से नीचे कुचला कर मौत हो गई। वह अपनी पत्नी के इलाज के लिए डॉक्टर के पास गया था। इसी दौरान ढलान में कार लुढ़क गई और वह उसकी चपेट में आ गया। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गढ़ीमलहरा गांव के वार्ड नंबर 8 निवासी राघवेंद्र सिंह सेंगर (40) अपनी पत्नी ज्योति सेंगर को पेट दर्द की शिकायत पर शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे टवेरा कार से लुगासी रोड स्थित एक प्राइवेट डॉक्टर के पास ले गए थे। डॉक्टर को बुलाने के लिए उन्होंने कार चालू छोड़कर क्लीनिक का दरवाजा खटखटाया। कार ढलान पर खड़ी थी और उसमें उनकी पत्नी बैठी थीं। इसी दौरान कार लुढ़कने लगी। राघवेंद्र ने दौड़कर कार को रोकने की कोशिश की, लेकिन उनका पैर फिसल गया और वे कार के पहिए के नीचे आ गए। कार का पहिया उनके सीने के ऊपर से निकल गया। परिजन तुरंत राघवेंद्र को जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। थाना प्रभारी सुरभि शर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच की जाएगी।
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राजगढ़ । राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम रावतपुरा में रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी ने कमरे में कुंदे से दुपट्टा का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा और मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की। पुलिस के अनुसार बीती रात ग्राम रावतपुरा निवासी 15 वर्षीय करीना राजपूत ने कमरे में कुंदे से दुपट्टा फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया गया है कि घटना के दौरान उसके परिजन खेत पर गए हुए थे, लौटकर देखा तो बच्ची लटकी हुई मिली, परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बालिका ने किन हालातों के चलते यह आत्मघाती कदम उठाया, इसका वास्तविक कारण पता नही लग सका। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले में जांच शुरु की।
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सोशल मीडिया पर प्यार के कसीदे पढ़ने वाले सितारे कब एक दूजे से अलग हो जाएं...इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता प्यार में पड़ना, शादी करना और फिर कुछ सालों बाद तलाक ले लेना...ये सब अब बड़े सितारों के लिए गुड्डे गुड़िया के खेल की तरह हो गया है...इसका ताजा उदाहरण है धनश्री वर्मा और युजवेंद्र चहल...जिनके तलाक केस पर फैसला भी आ गया है...आधिकारिक रूप से अब युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा पति पत्नी नहीं है...दोनों ने आपसी मंजूरी से अलग होने का फैसला किया है...युजवेंद्र चहल ने शर्तों के अनुसार धनश्री वर्मा को 4 करोड़ 75 लाख रुपये का स्थायी गुजारा भत्ता देने पर सहमति जताई और वो इसमें से 2 करोड़ 37 लाख रुपये की धनराशि पहले ही दे चुके हैं...चहल और धनश्री की ये शादी पांच साल के भीतर ही खत्म हो गई... इनकी शादी की खबरों ने सोशल मीडिया पर बाढ़ ला दी थी...दोनों की साथ में तस्वीरें आये दिन सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती थीं...इन्हें देखकर हर कोई यही कहता था...प्यार हो तो ऐसा...लेकिन वो कहते है न प्यार प्यार ना रहा...चहल और धनश्री के भी प्यार का अंत तलाक के साथ यहीं पर होता है...
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सुबह सुबह एक अच्छी अदरक की चाय मिल जाए तो सर्दी, जुकाम और गले को राहत मिलती है....यूँ तो चाय से लेकर सब्जी और दाल में भी अदरक का इस्तेमाल किया जाता है... पर रोजाना सुबह अदरक का पानी पीने से भी कई फायदे होते हैं... अगर आप लगातार एक हफ्ते तक अदरक का पानी पीते हैं तो आपकी कई बीमारियां शरीर से दूर भाग जाएंगी...जैसे कि अदरक में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं...जिससे शरीर में आई सूजन को कम करने में मदद मिलती है.... कई बार शरीर में अंदरूनी सूजन भी आ जाती है...ऐसे में लगातार 1 सप्ताह तक अदरक का पानी पीने से शरीर के किसी भी हिस्से में आई सूजन को कम किया जा सकता है...अदरक डायबिटीज के मरीज के लिए भी बहुत फायदेमंद है...अदरक का पानी पीने से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है.... शुगर के मरीज सुबह अदरक का पानी पी सकते हैं...लेकिन ध्यान रखें सीमित समय के लिए ही इसका इस्तेमाल करें...जो लोग अपने बढ़े हुए वजन से परेशान हैं उनके लिए अदरक का पानी एक अच्छा विकल्प है.... क्योंकि रोजाना अदरक का पानी पीने से वजन को कम करने में मदद मिलती है.... सुबह खाली पेट अदरक का पानी पीने से फैट कम होता है...अदरक में विटामिन सी पाया जाता है ऐसे में इसके सेवन से इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद मिलेगी... अदरक खाने से सर्दी, खांसी और जुकाम को कम किया जा सकता है...तो बहुत ज़रूरी आप सभी अपनी सेहत का ख्याल रखें...
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मैहर में एक युवक ने बिजली के खंभे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली...जिसके बाद प्रशासन का अमानवीय चेहरा भी देखने को मिला... मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए कचरा वाहन में ले जाया गया मैहर में मानसिक रूप से विक्षिप्त 40 साल के गुड्डू कोल ने बिजली के खंभे पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली...मृतक अबेर जिला सतना का रहने वाला था...परिजनों के मुताबिक मृतक पिछले कई महीने से मानसिक रूप से विक्षिप्त था...मृतक मजदूरी का काम करता था...इस दौरान अमानवीय तस्वीर भी सामने आई...जब चौकी प्रभारी की मौजूदगी में मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए कचरा वाहन में ले जाया गया और वाहन से कचरा भी नहीं हटाया गया...इससे जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है
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छतरपुर में नशे के खिलाफ कार्रवाई जारी है...इसी कड़ी में छतरपुर पुलिस ने अफीम की खेती कर रहे एक किसान को गिरफ्तार किया है...किसान के खेत से लगभग 2800 अफीम के पेड़ जब्त किए गए... छतरपुर के चंदला थाना क्षेत्र के ग्राम पंचपुर में किसान चंद्रभान गुप्ता अपने खेत में अफीम की खेती कर रहा था...पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किसान के खेत से 2800 अफीम के पेड़ जब्त किए जिनकी कीमत लगभग 40 लाख रुपए है...ज्यादा फायदा कमाने के चक्कर में किसान अवैध अफीम की खेती करता था...पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है...
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आईपीएल 2025 का आगाज 22 मार्च से होने जा रहा है...पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डेंस में केकेआर और आरसीबी के बीच खेला जाएगा... इसी बीच अचानक से आईपीएल के एक मैच को लेकर पेंच फंस गया है और बीसीसीआई भी अब टेंशन में हैं...दरअसल आईपीएल शेड्यूल के मुताबिक 6 अप्रैल को कोलकाता के ईडन गार्डेंस में कोलकाता नाइट राइडर्स और एलएसजी के बीच मुकाबला होना है.... और इसी दिन यानी 6 अप्रैल को ही रामनवमी का भी त्योहार है....ऐसे में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने बीसीसीआई से इस मैच में बदलाव की बात कही गई है... कोलकाता पुलिस ने सीएबी के अधिकारियों को बताया है कि 6 अप्रैल को रामनवमी का बड़ा त्योहार है इसलिए उस दिन मैच के दौरान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नहीं हो पाएंगे...वहीं इस बारे में बीसीसीआई का कहना है कि आईपीएल का शेड्यूल का काफी व्यस्त है....इसलिए बहुत ज्यादा बदलाव तो संभव नहीं हैं....लेकिन इस बारे में जरूर विचार किया जा सकता है कि इस मैच के वेन्यू में कुछ बदलाव किया जाए.. जल्द ही कोई ना कोई समाधान निकाला जाएगा
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अगर आपको भी सुबह बिस्तर से उठते ही कमर और पीठ में तेज दर्द होता है तो आपको इसे हलके में बिलकुल नहीं लेना चाहिए...क्योंकि रीढ़ की हड्डी का सीधा संबंध दिमाग से भी है...ऐसे में कमर का दर्द शारीरिक और मानसिक समस्याएं पैदा कर सकता है...रीढ़ की हड्डी का दर्द दूर करने के लिए आप कुछ घेरलू नुस्खे जरूर अपना सकते है...अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा कैल्शियम रिच फूड को शामिल करें ...कैल्शियम की कमी को पूरा करने के लिए दूध, दही, पनीर जैसे डेयरी उत्पाद शामिल करें.... दूध में भरपूर कैल्शियम होता है जो हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और साथ ही कमर दर्द, पीठ दर्द और रीढ़ की हड्डी के दर्द को भी दूर करता है....रीढ़ की हड्डी में दर्द होने पर आप मेथी का इस्तेमाल भी कर सकते हैं...मेथी के दाने विटामिन ए, विटामिन सी, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं.... मेथी में फाइबर अच्छी मात्रा में होता है....रात में 1 गिलास पानी में 1 चम्मच मेथी भिगो दें.. सुबह इस पानी को गुनगुना करके पी लें .... रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से राहत पानी के लिए खाने में विटामिन सी से भरपूर चीजें शामिल करना चाहिये...आप आंवला, नींबू, टमाटर, संतरा, अंगूर, अमरूद, सेब, केला जैसे फल शामिल कर सकते हैं
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इजराइल ने गाजा में फिर से हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइल डिफेंस फोर्सेस के मुताबिक वायुसेना ने गाजा में हमास के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है। टाइम्स ऑफ इजराइल की ख़बरों के मुताबिक इन हमलों में अब तक 232 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 300 से ज्यादा घायल हैं। 19 जनवरी को इजराइल-हमास में शुरू हुए सीजफायर के बाद इजराइल का गाजा में यह सबसे बड़ा हमला है। इजराइली सेना का कहना है कि वह हमले की योजना बना रहे आतंकवादियों को निशाना बना रही थी। इजराइल ने पिछले दो हफ्तों से गाजा में भोजन, दवाइयों, ईंधन और अन्य सप्लाई को रोक दिया है और मांग की है कि हमास संघर्ष विराम समझौते में बदलाव स्वीकार करे। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह हमले इसलिए कराए क्योंकि सीजफायर पर हो रही बातचीत आगे नहीं बढ़ रही थी। नेतन्याहू कई बार फिर से जंग शुरू करने की धमकी दे चुके हैं। वहीं, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने चेतावनी दी है कि अगर बंधकों को रिहा नहीं किया तो गाजा में नरक के दरवाजे खोल देंगे।
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न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ 5 मैचों की टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टीम ने दूसरे मुकाबले में पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया। डुनेडिन में मंगलवार को खेले गए मुकाबले में मेजबान न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। कीवियों ने पाकिस्तान की टीम को 15 ओवर में 9 विकेट पर 135 रन पर रोक दिया। फिर 13.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर जीत के लिए जरूरी रन बना लिए। बारिश के कारण इस मुकाबले को 15-15 ओवर का कर दिया गया था। न्यूजीलैंड के टिम साईफर्ट प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए ... 135 रन का टारगेट चेज करने उतरे न्यूजीलैंड के ओपनर्स ने तेजी से रन बनाए। टिम साईफर्ट और फिन एलेन की जोड़ी ने 28 बॉल पर 66 रनों की ओपनिंग साझेदारी की। यहां से अगले 31 रन बनाने में टीम ने 4 विकेट गंवा दिए। साईफर्ट ने 45 और एलेन ने 38 रन बनाए। मार्क चैपमैन ने एक और डेरिल मिचेल ने 14 रनों का योगदान दिया। आखिर में मिचेल हेय ने नाबाद 21 रन बनाकर टीम को जीत तक पहुंचा दिया। हारिस रऊफ को 2 विकेट मिले।
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अंतरिक्ष में फंसे एस्ट्रोनॉट सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर 9 महीने 13 दिन बाद पृथ्वी पर लौट रहे हैं। उनके साथ इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में मौजूद क्रू-9 के दो और एस्ट्रोनॉट निक हेग और अलेक्सांद्र गोरबुनोव भी आज, 18 मार्च को स्पेस स्टेशन से रवाना हुए। चारों एस्ट्रोनॉट के ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट में सवार होने के बाद सुबह 08:35 बजे इस स्पेसक्राफ्ट का हैच यानी, दरवाजा बंद हुआ और 10:35 बजे स्पेसक्राफ्ट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन से अलग हुआ। यह 19 मार्च को सुबह लगभग 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर लैंड होगा। इस सफर में करीब 17 घंटे लगेंगे। नासा की ओर से इस इवेंट का एक अनुमानित शेड्यूल जारी किया गया है ... नासा के अनुसार 19 मार्च को सुबह 2:41 बजे डीऑर्बिट बर्न शुरू होगा। यानी, कक्षा से उल्टी दिशा में स्पेसक्राफ्ट का इंजन फायर किया जाएगा। इसके बाद स्पेसक्राफ्ट की पृथ्वी के वातावरण में एंट्री होगी और सुबह फ्लोरिडा के तट पर पानी में लैडिंग होगी।
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बरेली में डिप्टी एसपी इंटेलिजेंस यशपाल सिंह का सरकारी आवास जलकर खाक हो गया। बताया जा रहा है। जिस वक्त उनके बंगले में आग लगी उस वक्त यशपाल सिंह होली के त्यौहार को लेकर इलाके मे गए हुए थे। इस घटना में बंगले में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। इस घटनाक्रम में आवास के पास खड़ी हुई एक गाड़ी भी चलकर खाक हो गई ... डिप्टी एसपी इंटेलिजेंस यशपाल सिंह शहर कोतवाली थाना इलाके के जेल रोड स्थित सरकारी आवास पर रहते है। डिप्टी एसपी इंटेलिजेंस होली को लेकर वो क्षेत्र के भ्रमण पर थे। इस दौरान उनके बंगले में आग लग गई। इस बात की जानकारी आवास पर रहने वाले लोगों ने उन्हें फोन पर दी ... कुछ ही समय बाद फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और जैसे तैसे आग पर काबू पाया लेकिन तब तक घर में रखा हुआ सारा सामान जल के राख हो गया .. अनुमान लगाया जा रहा है की शॉर्टकट की वजह से यह आग लगी होगी। फिलहाल जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि आग किस वजह से लगी ...
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आईपीएल 2025 की शुरुआत 22 मार्च हो रही है और दिल्ली की टीम अपना पहला मुकाबला 24 मार्च को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ खेलेगी...आईपीएल शुरू होने से पहले ही दिल्ली की टीम ने अक्षर पटेल को कप्तान बनाया था...अब दिल्ली ने बड़ा फैसला लेते हुए फॉफ डु प्लेसिस को टीम का उप कप्तान बनाने का ऐलान किया है...आपको बता दें कि फॉफ डु प्लेसिस आईपीएल में कप्तानी भी कर चुके हैं... उन्होंने आरसीबी की टीम के लिए तीन सीजन कप्तानी की थी... फॉफ की कप्तानी में आरसीबी ने 42 मैच खेले थे जिसमें टीम ने 21 में जीत दर्ज की थी और 21 मैच हारे थे...फॉफ डु प्लेसिस साल 2012 से ही आईपीएल खेल रहे हैं और वो चेन्नई सुपर किंग्स, आरसीबी, राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स के लिए खेल चुके हैं...फॉफ डु प्लेसिस ने अब तक आईपीएल के 145 मैचों में कुल 4571 रन बनाए हैं...इस दौरान उनके बल्ले से 37 अर्धशतक निकले हैं
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यूँ तो हींग का इस्तेमाल खाने के स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है...पर क्या आप जानते हैं हींग के सेवन से कई बीमारियों से छुटकारा भी मिल सकता है...हींग में मौजूद औषधीय गुण अपच की समस्या में बहुत फायदेमंद होते हैं...खाली पेट एक चुटकी हींग खाने से आपको पेट से जुड़ी परेशानियों में फायदा मिलेगा...हींग का सेवन पेट के लिए बेहद असरदार साबित हुआ है। हींग में मौजूद गुण ब्लोटिंग और पेट में गैस की समस्या को चुटकियों में दूर करते हैं...हींग शरीर में ब्लड क्लॉट को भी रोकता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है...रोजाना सुबह के समय हींग का पानी पीने से ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने में फायदा मिलता है...वहीं अगर आप सिरदर्द से परेशान हैं तो हींग का खाली पेट सेवन आपके बहुत फायदेमंद होगा...हींग में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सिरदर्द की समस्या को छू मंतर कर देती है
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हेल्दी हार्ट के लिए वॉक क्यों है ज़रूरी और एक दिन में कितना चलना चाहिए...जानते हैं इस वीडियो में...आपका हर कदम दिल की सेहत के साथ साथ कई गंभीर परेशानियों को दूर करता है...अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के मुताबिक वॉक करने से बैड कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर का स्तर कम होता है...जिससे हार्ट की हेल्थ मजबूत होती है और साथ ही आप अंदरूनी रूप से फिट होते हैं और वजन भी कम होता है...एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर आप एक दिन में 45 मिनट तक बिना थके वॉक करते हैं तो इसका मतलब है कि आपके दिल की सेहत बेहतरीन है....वहीं अगर चलते समय 15 से 20 मिनट में ही साँस फूलने लगती है या हांफने लगते हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए...हालांकि अगर आपने चलने की शुरुआत की है तो जल्दी थकना लाज़मी है लेकिन अगर आप नियमित रूप से वॉक करने लगेंगे तो यह समस्या भी खत्म हो जाएगी...अगर कोई 35 साल का व्यक्ति 1 घंटे में 4 से 5 किलो मीटर चल रहा है तो इसका मतलब है कि उनक हार्ट हेल्दी है...वहीं अगर कोई 75 साल का व्यक्ति एक घंटे में 2 से 3 किलो मीटर चल रहा है तो उनका भी हार्ट हेल्दी है... यानी आपके हार्ट की हेल्थ आपके उम्र और जेंडर पर भी निर्भर करती है
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खबर अमरपाटन से है जहां दो बच्चों समेत तीन लोगों की तालाब में डूबने से मौत हो गई है... दोनों बच्चे तालाब में नहाने के लिए गए हुए थे..तभी वो गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे...डूबते बच्चों को बचाने के लिए एक युवक भी तालाब में कूद पड़ा और उसकी भी डूबने से मौत हो गई अमरपाटन के ग्राम खडमसेड़ा में तीन लोगो की मौत तालाब में डूबने से हो गई है...जानकारी के मुताबिक सुबह करीब साढ़े 11 बजे भागवत केवट उम्र 9 साल और शिवांशु केवट उम्र 13 साल तालाब में नहाने गए थे.. नहाते-नहाते दोनों बच्चे तालाब की गहराई में चले गए.... जिसके चलते दोनों बच्चे डूबने लगे.... इस दौरान बच्चों ने मदद के लिए आवाज लगाई..जिसे सुनकर 28 साल के दिलीप द्विवेदी ने बच्चों की जान बचाने तालाब में छलांग लगा दी.... लेकिन बच्चों को बचाने की कोशिश में दिलीप भी गहरे पानी में चला गया और डूब गया... घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची...और ग्रामीणों की सहायता से तीनों के शव तालाब से निकालकर सिविल अस्पताल ले जाया गया...जहां डॉक्टर ने मौत की पुष्टि की
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भारतीय टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि...शायद अब उनके पास ऑस्ट्रेलिया का दूसरा दौरा करने के लिए समय नहीं बचा है....कोहली ने कहा कि पिछली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में जो कुछ भी हुआ... उससे वह संतुष्ट हैं...आपको बता दें बॉर्डर -गावस्कर सीरीज 2024-25 में कोहली का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। ...उस सीरीज में भारत को ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा था... कोहली ने सीरीज के पहले मैच में शतक के बावजूद 5 टेस्ट मैचों में सिर्फ 190 रन बनाए थे...अब कोहली ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वो खुद के प्रदर्शन से बहुत निराश थे.... इतना बुरा 2014 में इंग्लैंड दौरे के बाद भी नहीं लगा था... कोहली ने आगे कहा वो बाहरी बातों पर ज्यादा ध्यान देने लगे थे.... वो सोचने लगा था कि दौरे के 2-3 दिन ही बचे हैं... उन्हें परफॉर्म करना ही होगा... इसी सोच ने उनपर और भी ज्यादा दबाव बना दिया और उनका प्रदर्शन बिगड़ते ही चले गया
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एएसपी लालकुआं कोतवाली का वार्षिक निरीक्षण करने पहुंचे जहाँ उन्होंने कोतवाली कार्यालय, महिला हेल्प डेस्क, बैरक, मालखाने, भोजनालय, सीसीटीएनएस कार्यालय का बारीकी से निरीक्षण करते हुए अभिलेखों को चेक किया...वहीं पुलिस आवासीय भवनों के अलावा लावारिस वाहनों का निस्तारण किये जाने के लिए जरुरी निर्देश दिए ... एसपी सिटी प्रकाश चन्द्र ने बताया कि कोतवाली के जर्जर भवनों को लेकर शासन को पहले प्रस्ताव भेजा गया था...फिर से एलआईयू कार्यालय भवन निर्माण के लिये प्रस्ताव भेजा जाएगा साथ ही नव निर्माण के लिए प्रभारी निरीक्षक को प्रस्ताव बनाकर भेजने को निर्देशित किया है...उन्होंने निरीक्षण में रजिस्टर, असलहों आदि का रखरखाव अच्छी तरह से किये जाने पर कोतवाली के इंस्पेक्टर व पुलिस कर्मियों की प्रशंसा की...
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खराब लाइफस्टाइल और अनहेल्दी डाइट प्लान को फॉलो करने की वजह से डायबिटीज के मामले बढ़ते जा रहे हैं...अगर आपको भी डायबिटीज है तो कच्चा पपीता आपकी सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है.... हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक शुगर के मरीजों को सही मात्रा में और सही तरीके से कच्चे पपीते को जरूर कंज्यूम करना चाहिए...कच्चे पपीते में मौजूद पपेन नामक एंजाइम आपकी बॉडी में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में कारगर साबित हो सकता है...कच्चे पपीते को सेहत के साथ साथ त्वचा और बालों के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है...अगर आप अपनी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाना चाहते हैं तो आपको कच्चे पपीते को अपने डाइट प्लान का हिस्सा जरूर बना लेना चाहिए... फाइबर रिच कच्चा पपीता आपकी बॉडी के मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने में मददगार साबित हो सकता है...इसके अलावा कच्चा पपीता खाकर आपका पेट भी लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कर पाता है
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अमरपाटन मैं है एक ऐसा मंदिर है जहाँ प्रसाद चढाने के लिए भगवान दस से पंद्रह साल इन्तजार करवाते हैं ... लम्बी प्रतीक्षा के बाद भक्त भगवान को कर प्रसाद चढ़ा पाते हैं ... अमरपाटन से ३५ किलोमीटर दूर ग्राम मुकुंद पुर में प्राचीन भगवान जगनाथ जी स्वामी का अदभुत मंदिर है ... जहा होली के ही दिन अटका की महाप्रसादी का आयोजन भगवान जगनाथ स्वामी सेवा समिति द्वारा रखा जाता है ... यहाँ प्रसादी मै चावल और कढ़ी बाटी जाती है जिसे अटका प्रसाद कहा जाता है ... हर साल दूर दूर से लोग यह प्रसाद लेने आते हैं .. मंदिर की ख़ास बात ये है कि यहाँ प्रसाद चढाने का अवसर हर किसी को नहीं मिलता ...यहाँ प्रसाद के लिए पहले से अर्जी लगाना पड़ती है ... अर्जी पर विचार होने के बाद ही प्रसाद चढ़ाने का अवसर मिलता है ... प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रामखेलावन पटेल को होली के दिन के अटके की महाप्रसादी के लिए दस साल का इन्तजार करना पड़ा ... तब जाकर उनकी मनोकामना पूरी हुई ... अगर आप अभी अर्जी लगाएं तो आपको भी दस से पंद्रह साल इन्तजार करना पडेगा ...
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आयुर्वेद में ऐसे कई पेड़ पौधे हैं जिनका इस्तेमाल दवा के रूप में किया जाता है...इन पौधों में अनगिनत औषधीय गुण पाए जाते हैं...ऐसा ही एक चमत्कारी पौधा है ...जो पथरी में दवा का काम करता है...किडनी में पथरी होने पर पत्थरचट्टा का इस्तेमाल करने से स्टोन निकलने की संभावना रहती ही...जैसा कि पौधे का नाम है पत्थर चट्टा...यानि पत्थर को चाटने वाला...इस पौधे की पत्तियां चबाकर खाने से पथरी को खत्म किया जा सकता है...योग गुरु स्वामी रामदेव का मानना है कि अगर किसी को पथरी की समस्या हो जाए तो पथरचट्टा के पत्तों का इस्तेमाल कर सकता है...पत्थर चट्टा के पत्तों को चबाकर खाने से आपको पथरी से राहत मिल सकती है...खास बात ये है भी कि इससे जीवन में कभी भी आपको पथरी की समस्या नहीं होगी...पत्थरचट्टा के पत्तों को कच्चा चबाकर या इन्हें पीसकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है
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यूँ तो पनीर में पाए जाने वाले पोषक तत्व सेहत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं.... लेकिन कुछ लोगों को पनीर खाने से परहेज ज़रूर करना चाहिए वरना उन्हें सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है...इसलिए हम आपको पनीर खाने के कुछ नुक्सान बता देते है...लो ब्लड प्रेशर में अक्सर पनीर खाने की सलाह दी जाती है...लेकिन अगर आपका ब्लड प्रेशर हाई रहता है तो आपको पनीर नहीं खाना चाहिए वरना आपकी ये समस्या और बढ़ सकती है...अगर आप फूड पॉइजनिंग की समस्या से जूझ रहे हैं तो भी आपको पनीर को अपने डाइट प्लान में शामिल करने से बचना चाहिए...दरअसल फूड पॉइजनिंग में लाइट वेट खाने पीने की सलाह दी जाती है और प्रोटीन रिच पनीर फूड पॉइजनिंग की समस्या को बढ़ा सकता है.... वहीँ अक्सर ज्यादा कच्चा पनीर खाने से कभी कभी इंफेक्शन की संभावना भी बढ़ सकती है...ऐसे में इंफेक्शन की समस्या से बचने के लिए आपको पनीर की क्वॉलिटी की जांच किए बिना पनीर नहीं खाना चाहिए...वहीँ फैट युक्त पनीर को ज्यादा मात्रा में कंज्यूम करने से दिल से जुड़ी गंभीर और जानलेवा बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है
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आजकल बड़ी संख्या में लोग क्रेडिट कार्ड का यूज करते हैं.... ई कॉमर्स वेबसाइट्स पर आकर्षक डिस्कांट्स के चलते भी क्रेडिट कार्ड का चलन काफी बढ़ा है...लेकिन अगर आपने क्रेडिट कार्ड का सही से यूज नहीं किया तो आप कर्ज के जाल में भी फंस सकते हैं...आजकल कई ऐसे थर्ड पार्टी ऐप्स आ गए हैं जिनके जरिए लोग हाउस रेंट, मेंटेनेंस फीस या एजुकेशन फीस के नाम पर खुद को ही पैसा ट्रांसफर कर देते हैं...हालांकि यह क्रेडिट कार्ड का एक बेकार यूज है.... लगातार क्रेडिट कार्ड से बड़ी खरीदारी और कैश खुद को ही ट्रांसफर करने की आदत कर्ज बढ़ा देती है....कई बार लोगों को पर्सनल लोन लेकर क्रेडिट कार्ड के बिल चुकाने पड़ते हैं...यह सब ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर को खराब करता है...अगर आप क्रेडिट कार्ड का बहुत ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर सकता है...आदर्श स्थिति में आपको क्रेडिट कार्ड लिमिट का 10 से 15 फीसदी ही इस्तेमाल करना चाहिए... लिमिट का 30 फीसदी से अधिक खर्च करने पर आपका क्रेडिट स्कोर स्टेबल या खराब हो सकता है
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सिंगरौली जिले के मोरवा शहर में होली की धूम है, यहाँ पूर्व पार्षद और समाजसेवी प्रवीण तिवारी ने होली मिलन समारोह आयोजित किया जिसमें सैकड़ों महिलाएं एकत्रित हुईं...महिलाओं मोरवा के एलआईजी सामुदायिक भवन में आयोजित होली मिलन समारोह में रंगों और खुशियों का माहौल रहा...सैकड़ों महिलाएं एकत्रित हुईं, जिन्होंने रंग गुलाल के साथ होली का आनंद लिया...पूर्व पार्षद सीमा तिवारी ने महिलाओं का गले मिलकर अभिनंदन किया...इस मौके पर आयोजक प्रवीण तिवारी ने महिलाओं के लिए स्वल्पाहार की व्यवस्था की...महिलाओं ने बताया कि यह कार्यक्रम उनके लिए एक सुनहरा अवसर है, जहां वे एक-दूसरे के साथ मिलकर होली का आनंद लेती हैं....
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जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला की सकारात्मक पहल सामने आई... तारा साकेत नाम की एक छात्रा ने महाविद्यालय में प्रवेश और परीक्षा शुल्क की राशि की समस्या को लेकर कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई थी जिसके बाद कलेक्टर ने छात्रा को तुरंत 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की... सिंगरौली जिले के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने एक गरीब छात्रा की सहायता की...बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा तारा आवेदन लेकर पहुंची कि अपने माता-पिता के निधन के बाद वह वित्तीय संकट से जूझ रही है...उसके पास महाविद्यालय में प्रवेश एवं परीक्षा शुल्क जमा करने लिए राशि नहीं हैं... कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने उसकी समस्या को समझते हुए तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की...साथ ही छात्रा को आश्वासन दिया कि उसकी पढ़ाई के लिए आगे भी हर संभव मदद दी जाएगी...
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खातेगांव थाना परिसर में होली,रंग पंचमी और ईद को लेकर शांति समिति की बैठक हुई...जिसमें आगामी पर्वों को शांतिपूर्वक भाईचारे के साथ मनाने की अपील की गई...इस दौरान एसडीओपी आदित्य तिवारी ने कहा कि होली में हुड़दंग करने वालों की अब खैर नहीं होगी... बैठक में एसडीओपी आदित्य ने कहा कि शांति व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी...ट्रॉफिक रूल्स तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी...और तेज आवाज में डीजे भी नहीं बजेगा...बैठक में तहसीलदार,थाना प्रभारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्य और नागरिक गण मौजूद रहे...
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खबर खटीमा से है जहां पर लगातार खनन माफिया अवैध मिट्टी खनन कर रहे है...साथ ही अवैध खनन का खुलासा करने वाले पत्रकारों डराया धमकाया भी जा रहा है उधम सिंह नगर के सीमांत खटीमा के भारत नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगातार खनन माफिया अवैध रूप से मिट्टी खनन के कार्य को अंजाम दे रहे हैं...अवैध खनन का खुलासा करने वाले पत्रकारों को खनन माफिया डरा धमका भी रहे है तो साथ ही झूठे मुकदमे भी दर्ज करवा रहे है... जिसको लेकर पत्रकार प्रेस परिषद खटीमा इकाई के बैनर तले पत्रकारों ने संगठित होकर खटीमा उप जिला अधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट को ज्ञापन सौपकर कार्रवाई की मांग की...उप जिला अधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट ने सख्त कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है
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नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन हल्द्वानी में आयोजित किया गया जिसमें पहले दिन नैनीताल जिला इकाई का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया...जिसमें धर्मानन्द खोलिया जिलाध्यक्ष और ईश्वरी दत्त भट्ट महामंत्री समेत जिला कार्यकारिणी को एसडीएम ने शपथ दिलाई.... शपथ के बाद प्रदेश अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें वरिष्ठ पत्रकार दया जोशी को निर्विरोध रूप से प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया...जिनका पुष्पगुच्छ अर्पित करते हुए स्वागत हुआ...इसके साथ ही प्रदेश अधिवेशन के दूसरे दिन राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, हल्द्वानी मेयर गजराज बिष्ट, लालकुआँ विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट, राज्यमंत्री दिनेश आर्या ने उपस्थित होकर नवनिर्वाचित प्रदेश कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं...वहीं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकार व समाजसेवियों का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया...इस दौरान कलांजना डांस ग्रुप की टीम और अल्मोड़ा से आई सांस्कृतिक टीम ने कुमाउँनी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए...
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लालकुआं में उत्तराखंड वन विकास निगम कर्मचारी संघ की बैठक आयोजित की गई... बैठक में सेवारत, सेवानिवृत्त एवं बाह्य सेवा स्रोत से सेवा कर रहे कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण पर विचार-विमर्श किया गया...इस दौरान वन विकास निगम के प्रबंध तंत्र पर कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण न किये जाने का आरोप लगाया गया... बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष टी एस बिष्ट ने कहा कि वन विकास निगम प्रबंधन तंत्र वन विकास निगम के कार्यों को पूंजीपतियों के हाथों सौंपना चाह रहा है, जिससे उत्तराखंड के बेरोजगारों और पर्यावरण की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है...वहीं कुमाऊँ क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा ने कहा कि यदि वन विकास निगम प्रबंध तंत्र 12 फरवरी 2025 को माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल से वन विकास निगम कर्मचारियों के हित में हुए निर्णयानुसार कर्मचारियों के देयकों का भुगतान यथासमय नहीं करता है और बाह्य स्रोत, उपनल के माध्यम से कार्य कर रहे साथियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होता है तो वन निगम कर्मचारी संघ शीघ्र ही आन्दोलन करेगा...
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हल्द्वानी में जजी कोर्ट के बाहर नैनीताल रोड पर एक युवक को गोली मार दी गई ... गोली युवक के सिर में लगकर पार हो गई गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत ही निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया...पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है.... घायल युवक का नाम हनी प्रजापति है जो बेलेजली लॉज का रहने वाला है... बताया जा रहा है कि आपसी कहासुनी के दौरान सुमित बिष्ट नाम के युवक ने हनी को गोली मार दी...घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया...सूचना मिलते ही एसपी सिटी सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है...एसपी सिटी प्रकाश चन्द्र ने बताया कि गोली मारने वाले हमलावर की तलाश की जा रही है जिसके लिए कई टीमें चेकिंग अभियान चला रही हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा...
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सिंगरौली में एनसीएल के सीएसआर के तहत पिपरा झाँपी मंदिर का भूमि पूजन किया गया...इस परियोजना में पर्यटन विकास और पिपरा झाँपी पहाड़ से देवी मंदिर तक पीसीसी सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा...कार्यक्रम में सिंगरौली कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला, देवसर विधायक राजेंद्र मेश्राम उपस्थित रहे... पिपराझांपी मंदिर के भूमि पूजन कार्यक्रम में कलेक्टर ने स्थानीय जनता को संबोधित करते हुए कहा कि इस कार्य को पूरी गुणवत्ता के साथ जल्दी पूरा किया जाएगा...निर्माण एजेंसी को निर्देश दे दिए गए हैं कि कार्य में किसी भी प्रकार की कमी न हो...वहीं, विधायक राजेंद्र मेश्राम ने कहा कि स्थानीय निवासी लंबे समय से इस परियोजना की मांग कर रहे थे अब इसे एनसीएल के सीएसआर के तहत प्राथमिकता से पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाएगा....
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नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स का प्रदेश स्तरीय महाधिवेशन हल्द्वानी में आयोजित किया गया जिसमें पहले दिन नैनीताल जिला इकाई का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया...जिसमें धर्मानन्द खोलिया जिलाध्यक्ष और ईश्वरी दत्त भट्ट महामंत्री समेत जिला कार्यकारिणी को एसडीएम ने शपथ दिलाई.... शपथ के बाद प्रदेश अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया शुरू की गई जिसमें वरिष्ठ पत्रकार दया जोशी को निर्विरोध रूप से प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किया गया...जिनका पुष्पगुच्छ अर्पित करते हुए स्वागत हुआ...इसके साथ ही प्रदेश अधिवेशन के दूसरे दिन राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, हल्द्वानी मेयर गजराज बिष्ट, लालकुआँ विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट, राज्यमंत्री दिनेश आर्या ने उपस्थित होकर नवनिर्वाचित प्रदेश कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं...वहीं समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकार व समाजसेवियों का शॉल ओढ़ाकर व स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया...इस दौरान कलांजना डांस ग्रुप की टीम और अल्मोड़ा से आई सांस्कृतिक टीम ने कुमाउँनी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए...
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भोपाल । राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने ऑर्गन डोनेशन कार रैली को हरी झंडी दिखाकर राजभवन से रवाना किया। रैली का आयोजन जीएमसी एल्यूमनी एसोसिएशन और किरण फाऊंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। राज्यपाल पटेल ने राजभवन में अंगदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया। इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने राजभवन के गेट नंबर एक से वाहन रैली को रवाना किया। उन्होंने देहदानी डॉ. एस.आर. मोघे, देहदानी, नेत्रदानी मीरा गोहिया, नेत्रदानी गणेश कुमार पटेल, नेत्रदानी, देहदानी राम कृपाल सिंह, नेत्रदानी आशा देवी लोकवानी, नेत्रदानी चंद्र भूषण सिंह और नेत्रदानी, देहदानी राधेश्याम पटेल के परिजनों को सम्मानित किया।
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सोशल मीडिया पर खुद को बदमाश बताने वाला युवक पुलिस के हत्थे चढ़ते ही गिड़गिड़ाने लगा...23 साल का युवक अफजल वीडियो में खुद को शूटर बताते हुए लोगों को धमका रहा था.. लेकिन पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद वो हाथ जोड़कर कहने लगा ...पुलिस हमारी बाप है... गुंडागर्दी करना पाप है देवास के खातेगांव का रहने वाला अफ़ज़ल खान भी बदमाश बनकर सोशल मीडिया में चर्चित होने का सपना पाले हुए था...वायरल हुए वीडियो में अर्बन लाला उर्फ अफ़ज़ल खुद को शूटर बता रहा है और कह रहा है खातेगांव में मेरा नाम चलता है...जिसके बाद पुलिस ने वीडियो को संज्ञान में लेते हुए अफ़ज़ल खान को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है... पुलिस के हत्थे चढ़ते ही अफ़ज़ल खान कहने लगा ...पुलिस हमारी बाप है...और गुंडागर्दी करना पाप है ...
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खबर देवास से है...जहां पुलिस की टीम ने 13 फर्जी कॉल सेंटर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है... 13 फ़र्ज़ी कॉल सेंटर में दबिश देकर पुलिस ने 60 मोबाइल, 40 कंप्यूटर, 40 सीपीयू, 04 लेपटॉप जब्त किए है...इन फर्जी कॉल सेंटर से आम लोगो को गुमराह करके ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था देवास में पलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है...जो लोगों को लालच देकर और गुमराह करके ठगी कर रहे थे...पुलिस ने 13 कॉल सेंटर पर दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है...एसपी पुनीत गेहलोद ने बताया कि फ़र्ज़ी कॉल सेंटर से 60 मोबाइल, 40 कंप्यूटर, 40 सीपीयू, 04 लेपटॉप जब्त किये गए है...आने वाले समय में और भी फ़र्ज़ी कॉल सेंटर पर कार्रवाई होगी... एसपी पुनीत गेहलोद ने अपील की है कि लोग इन फ़र्ज़ी कॉल सेंटर के किसी लोभ लालच में ना आएं
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इंदौर । मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार की रात दलाल बाग में देवी अहिल्या होलकर अंतरराष्ट्रीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें देश-विदेश की 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में आठ देशों की महिला पहलवानों ने परंपरागत और आधुनिक दांव-पेंच लगाएं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भी देर रात दलाल बाग इंदौर में आयोजित अंतराष्ट्रीय महिला कुश्ती प्रतियोगिता में पहुंचकर महिला पहलवानों का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, आकाश विजयवर्गीय तथा अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे। उन्होंने सभी महिला कुश्ती खिलाड़ियों को बधाई दी। इस मौके पर ओलिम्पिक पदक विजेता साक्षी मलिक विशेष रूप से मौजूद रहीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का महिलाओं ने स्वागत किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबका सौभाग्य है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन हुआ है। मैंने योजना बनाई है कि जैसे बाबा महाकाल का धाम है वैसे ही ओंकारेश्वर धाम जगमगाए, ऐसी हम योजना बना रहे हैं। मेरा ओंकारेश्वर जाने का कार्यक्रम बना। इससे पहले आकाश विजयवर्गीय से बात हुई। उन्होंने कहा कि आप यहां आओ, कुश्ती का बड़ा अच्छा कार्यक्रम है। सच में मुझे यहां आकर बड़ा अच्छा लगा। किसी खेल में पदक मिले न मिले, कुश्ती में मिलना पक्का मुख्यमंत्री ने कहा कि ओलिम्पिक एशियाड और अन्य प्रतियोगिताओं में किसी अन्य खेलों में पुरस्कार मिले न मिले, लेकिन कुश्ती में पदक मिलेगा यह पक्का है। आज हमारी बहन साक्षी मलिक हमारे बीच है। उन्होंने दो-दो ओलिम्पिक मेडल लाईं। आज की यह कुश्ती मील का पत्थर साबित होगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं नीमच में भानपुरा के प्रवास पर था। मुझे पता चला कि मुख्यमंत्री जी आ रहे हैं। मैंने गाड़ी भगाई और यहां आ गया। मुख्यमंत्री खुद कुश्ती के शौकीन है। वे मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं। कुश्ती प्रतियोगिता में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, मंगोलिया और नेपाल के अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, महू, खातेगांव के अलावा दूसरे शहरों से महिला पहलवानों ने भाग लिया। कुश्ती की 27 प्रतियोगिताओं में कुल 54 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में इंदौर की 15 महिला पहलवान शामिल हुईं। पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह कार्यक्रम मातृ शक्ति को समर्पित है। हमें इस कार्यक्रम के माध्यम से महिला स्वास्थ के प्रति जागरूकता को फैलाना है। किसी भी परिवार के बेहतर स्वास्थ का ख्याल रसोई से रखा जाता है और रसोई पर हमारी मातृ शक्ति का नियंत्रण रहता है इसलिए हमारा पहला लक्ष्य यह होना चाहिए कि हमारी माता, बहनें और बेटियां स्वस्थ रहें। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश नारी शक्ति के स्वास्थ को बेहतर करना है। हम विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 1 को ब्रेस्ट कैंसर से मुक्त करने के लिए एक अभियान चलाएंगे। विधानसभा 1 लोकसभा में सर्वाधिक मतों से जीत दिलाने वाला क्षेत्र रहा,सदस्यता अभियान में भी हम नंबर 1 रहे, समर्पण निधि संग्रह में भी हम नंबर वन रहे हैं। नारी शक्ति ने किया पराक्रम का प्रदर्शन कार्यक्रम का शुभारंभ मातृ शक्ति ने शक्ति का आव्हान करते हुए दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके पश्चात थब बार विश्व कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हनुमंत ध्वज पथक की ढोल-ताशों से सुसज्जित टीम ने भव्य संगीतमय प्रस्तुति दी। इस टीम में कुल 350 सदस्य हैं, जो देशभर में प्रस्तुति देने के लिए जाते हैं।
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भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज केएल राहुल ने कप्तान रोहित शर्मा और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के फिटनेस पर अपडेट दिया है। राहुल ने शुक्रवार को प्रेस कॉफ्रेंस में कहा, रोहित और शमी न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के आखिरी चैंपियंस ट्रॉफी ग्रुप मैच में खेलने के लिए उपलब्ध होंगे। भारत का अगला मैच रविवार (2 मार्च) को दुबई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला जाएगा। पाकिस्तान के खिलाफ मैच के दौरान शमी मुश्किल में दिखे थे और कुछ समय के लिए मैदान से बाहर गए थे। वहीं, रोहित को भी हैमस्ट्रिंग में समस्या महसूस हुई थी, वे भी कुछ समय के लिए फिल्ड से बाहर गए थे।राहुल ने कहा, मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन इतना पता है कि हर कोई ठीक है। मुझे जहां तक पता है किसी के भी मैच मिस करने की चिंता नहीं है। टीम इंडिया ने शुक्रवार रात को ICC अकादमी में प्रैक्टिस की। इसमें रोहित ने नेट्स में जमकर बैटिंग की। इससे पहले रोहित बुधवार को प्रैक्टिस सेशन में मैदान में आए थे लेकिन, प्रैक्टिस नहीं की थी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा था कि वे शायद अगला मैच ना खेले, लेकिन राहुल ने अब इसे भी साफ कर दिया था।
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उत्तराखंड में मौसम बदला हुआ है ... बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी चल रही है ... खटीमा में हवाओं ने जाहिं पेड़ गिरा दिए तो कहीं टीन शेड ... सुबह बारिश के साथ आई आंधी से खटीमा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 गोटिया में मोहम्मद रफीक के घर का टीन शेड गिर गया ... जिसमें मोहम्मद रफीक का परिवार दब गया था उनकी चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों ने मौके पर आकर उनको बाहर निकाला वहीं ... पीड़ित का कहना है कि वह गरीब आदमी है एकमात्र लड़का उनका कमाने वाला है उन्होंने सरकार से गुहार लगाई है कि प्रशासन उनकी मदद करें ... वार्ड नंबर 4 के सभासद प्रतिनिधि के द्वारा उनके घर पर जाकर घटनाक्रम का निरीक्षण किया और सरकार से मदद की गुहार लगाई गई ...
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छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह के एक सहायक ने पत्रकारों के साथ दादागिरी करते हुए बदसलूकी की ... इस घटना की सभी ने आलोचना की .. पत्रकार भी रमन सिंह के सहयोगी के इस व्यवहार से नाराज हैं ... राजनांदगांव के दिग्विजय महाविद्यालय में चल रही वार्षिकोत्सव एवं पदक वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को आये हुए थे ... समारोह में आमंत्रित पत्रकारों के साथ डॉ रमन सिंह के एक पीएसओ ने बदसलूकी की और पत्रकारों को धक्का दिया ... इसके बाद रमन सिंह का सहायक गुंडागर्दी पर उतर आया ... इस के बाद मीडिया कर्मी भड़क गए ... ऐसे में भाजपा कार्यकर्ता और महाविद्यालय के शिक्षक मीडिया कर्मियों को शांत करवाया डॉ रमन सिंह का pso जो कि NSG कमांडों है उनका यह कृत्य अनैतिकता को प्रदर्शित करता है ... इस मामले को कांग्रेस के निखिल द्विवेदी ने कार्यक्रम को राजनीतिक आयोजन बताते हुए भाजपा को घेरा और कहा यह लोकतंत्र को दबाने की कोशिश है ...
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सुकमा । छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में पीएलजीए बटालियन नंबर 01 में सक्रिय एक नक्सली दम्पति सहित सात हार्डकोर 32 लाख के इनामी नक्सलियों ने शुक्रवार काे सुकमा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। इनमें 2 पुरुष एवं 01 महिला नक्सली पर 08-08 लाख, 01 महिला एवं 03 पुरुष पर 02 लाख, कुल 32 लाख रुपये का इनाम घोषित था। नक्सलियों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित कराने में नक्सल सेल सुकमा टीम, थाना दोरापाल एवं सीआरपीएफ 131, 241 वाहिनी की अहम भूमिका रही। आत्मसमर्पित नक्सलियों में से एक नक्सल दंपति महिला रव्वा मूके उर्फ भीमे और पुरुष हेमला हिड़मा ने नक्सल संगठन में सक्रिय रहकर एक-दूसरे से प्रेम-प्रसंग होने पर विवाह किया था। छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और सुकमा पुलिस के चलाये जा रहे "नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सली हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय दाे महिला सहित सात नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सलियों में आठ-आठ लाख के इनामी हेमला हिड़मा उर्फ वागा , 38 वर्षीय सीसीएम माड़वी हिड़मा गार्ड कमाण्डर पीपीसीएम, निवासी थाना पामेड़ जिला बीजापुर, 36 वर्षीय महिला नक्सली रव्वा मूके उर्फ भीमे पति हिड़मा हेमला ,पीएलजीए बटालियन नम्बर 01 प्लाटून नं0 02 सेक्शन “बी” पीपीसीएम, निवासी फुलबगड़ी थाना केरलापाल जिला सुकमा, 24 वर्षीय बारसे सोना दक्षिण सब जोनल ब्युरो मोपोस टीम इंचार्ज, बटालियन नंबर 01 का राजनीति इंचार्ज, एसजेडसीएम सन्नू दादा का गार्ड, पीपीसीएम -निवासी टेकलगुड़ा बर्रेपारा थाना जगरगुण्ड़ा जिला सुकमा शामिल हैं। इन्हीं के साथ दो-दो लाख के इनामी नक्सलियों 22 वर्षीय उईका लालू प्लाटून नंबर 10 का पार्टी सदस्य, पूर्व में पश्चिम बस्तर डिवीजन अन्तर्गत कम्पनी नंबर 02 का इंचार्ज, एसजेडसीएम, निवासी थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा, 27 वर्षीय महिला माड़वी कोसी, एरिया कमेटी कृषि शाखा सदस्या ,निवासी मड़कमगुड़ा थाना चिंतलनार जिला सुकमा, 30 वर्षीय मड़कम हुंगा आरपीसी सीएनएम अध्यक्ष, निवासी मोरपल्ली थाना चिंतलनार जिला सुकमा, 40 वर्षीय मुचाकी बुधरा पूवर्ती आरपीसी मिलिशिया कमाण्डर, निवासी पूवर्ती थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा के द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है ।इस माैके पर सुकमा एसपी किरण चव्हाण, सीआरपीएफ डीआईजी ऑफिस के द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश कुमार पायल, सीआरपीएफ 131 वाहिनी द्वितीय कमान अधिकारी अमित प्रकाश एएसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी नक्सल ऑप्स मनीष रात्रे, सीआरपीएफ 241 वाहिनी उपनिरीक्षक रवि कुमार रतवाया उपस्थित रहे। उक्त सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को “छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" के तहत सहायता राशि 25-25 हजार रुपये के मान से प्रत्येक को प्रोत्साहन राशि व कपड़े प्रदान किया गया और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।
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भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मध्य प्रदेश राज्य वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी, बोट क्लब (बड़ी झील) पर 3 मार्च से 7 मार्च तक 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 3 मार्च को प्रतियोगिता का शुभारंभ करेंगे। चैंपियनशिप में 25 राज्यों से लगभग 500 प्रतिभागी भाग लेंगे। जिसमें रोइंग के कुल 14 इवेंट होंगे। यह चैंपियनशिप देश के शीर्ष रोवर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करेगी। यह जानकारी शुक्रवार को खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी। उन्होंने बताया कि भोपाल के बड़े तालाब पर प्रतियोगिता के उद्घाटन अवसर पर मध्य प्रदेश राज्य वॉटर स्पोर्ट्स अकादमी के खिलाड़ी रोइंग, क्याकिंग-केनोइंग, सेलिंग और स्लालम खेलों की विशेष प्रस्तुति देंगे। इस अवसर पर खेल प्रेमियों को जल क्रीड़ा का अद्भुत नज़ारा देखने को मिलेगा। खेल मंत्री सारंग ने शुक्रवार को खेल एवं युवा कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि खिलाड़ियों और कोच के ठहरने, भोजन, सुरक्षा और अन्य सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही, प्रतियोगिता का सजीव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बोट क्लब सहित शहर के प्रमुख चौराहों पर किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक खेल प्रेमी इस रोमांचक मुकाबले का आनंद ले सकें। बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक रवि कुमार गुप्ता, संयुक्त संचालक बीएल यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इन कैटेगरी में होगी प्रतियोगिताएं- मंत्री सारंग ने बताया कि 42वीं नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में सीनियर पुरूष, सीनियर महिला और पैरा रोइंग स्पर्धाओं के अंतर्गत विभिन्न प्रतिस्पर्धाएँ आयोजित की जाएँगी। सभी स्पर्धाएं 2000 मीटर की दूरी पर आयोजित की जाएँगी। सीनियर मेन्स वर्ग में सिंगल स्कल्स (M1X), डबल स्कल्स (M2X), कॉक्सलेस पेयर्स (M2-), कॉक्सलेस फोर्स (M4-), लाइटवेट मेन डबल स्कल्स (LM2X), ओपन डबल स्कल्स (M2X - सिविलियन), कॉक्सलेस फोर्स (M4- - सिविलियन), क्वाड्रपल स्कल्स (M4X) और कॉक्स्ड ईट्स (M8+) शामिल हैं। सीनियर महिला वर्ग में सिंगल स्कल्स (W1X), डबल स्कल्स (W2X), कॉक्सलेस पेयर्स (W2-), कॉक्सलेस फोर्स (W4-), लाइटवेट वुमन डबल स्कल्स (LW2X), क्वाड्रपल स्कल्स (W4X) और कॉक्स्ड ईट्स (W8+) की स्पर्धाएं होंगी। पैरा रोइंग स्पर्धाओं में पैरा मेन सिंगल स्कल (PR3M1X) और पैरा वुमन सिंगल स्कल (PR3W1X) प्रतियोगिताएँ होंगी।
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सिंगरौली में नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुख्यालय पर जबलपुर सीबीआई की टीम ने छापेमारी की...टीम ने भर्ती घोटाले के संबंध में दो वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की...मामला 2020-21 में हुई ऑपरेटर पदों की भर्ती से जुड़ा है... शिकायतकर्ता के अनुसार, एनसीएल के अधिकारियों ने 88 ऐसे लोगों को ऑपरेटर पद पर नियुक्त किया जो दसवीं की परीक्षा भी ठीक से पास नहीं कर पाए थे...और उन्हें भर्ती परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक दिए गए...आरोप है कि अधिकारियों ने प्रति उम्मीदवार 20 से 25 लाख रुपए की रिश्वत लेकर नियुक्तियां की हैं...इस मामले में सीबीआई ने एनसीएल के तत्कालीन महाप्रबंधक चार्ल्स जूस्टर और प्रबंधक कार्मिक भर्ती हर्षवर्धन मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया...टीम ने भर्ती से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण फाइलें भी जब्त की हैं...फिलहाल एनसीएल और सीबीआई दोनों ने ही इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया...
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गनियारी प्रीमियर लीग ओपन क्रिकेट टूर्नामेंट सीजन 2025 का समापन हो गया...टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पी सी सी पचखोरा और सिंगरौली स्पोर्ट्स टीम ने मैच खेला जिसमें सिंगरौली टीम विजेता रही.... सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह ने विजेता सिंगरौली टीम को 51हजार रुपए,विजेता ट्रॉफी और उपविजेता पी सी सी पचखोरा टीम को 31 हजार रुपए भेंट की राशि भेंट की...विधायक रामनिवास शाह ने कहा आयोजन बहुत सफल रहा... ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए...सिंगरौली के गनियारी व देवर के बीच एक दूसरा स्टेडियम जल्द ही बनाया जाएगा... नगर निगम अध्यक्ष और नगर निगम आयुक्त ने भी इस पर सहमत जताई है...हम लोगों ने इसका प्रस्ताव बनाकर नगर निगम को दे दिया है...
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चैंपियंस ट्रॉफी के 8वें मैच में अफगानिस्तान ने इंग्लैंड को 8 रन से हरा दिया। लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में इब्राहिम जादरान के 177 रन और अजमतुल्लाह ओमरजई के 5 विकेट के दम पर टीम ने इंग्लिश टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। अफगानी टीम के 325 रन के जवाब में इंग्लैंड 317 रन पर ऑलआउट हो गया ...जादरान ने शतक लगाकर नमस्ते सेलिब्रेशन किया। इब्राहिम अफगानी टीम और चैंपियंस ट्रॉफी के हाईएस्ट इंडिविजुअल वनडे स्कोरर बने ... अफगानी पारी का 5वां ओवर डाल रहे जोफ्रा आर्चर ने एक ओवर में दो विकेट झटके। उन्होंने पहली बॉल पर रहमानुल्लाह गुरबाज (6 रन) को बोल्ड किया, जबकि 5वीं बॉल पर सेदिकुल्लाह अटल को LBW आउट किया। मार्क वुड अपनी ही बॉलिंग में फील्डिंग करते समय चोटिल हो गए। यहां ओवर की चौथी बॉल उन्होंने इब्राहिम जादरान को फेंकी। जादरान ने सामने की तरफ शॉट खेला और फील्डिंग करते समय वुड अपने दाहिने घुटने को चोटिल कर बैठे।23वें ओवर में अफगानी कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी रन लेते समय अंपायर से टकरा गए। लिविंगस्टन के ओवर की तीसरी बॉल पर शहीदी ने मिड ऑन की तरफ शॉट खेला और रन के लिए भागे। यहां अपनी पोजिशन की तरफ मूव कर रहे अंपायर रॉड टकर उनके रास्ते में आ गए और दोनों आपस में भिड़ गए, बाद में अंपायर ने उनसे माफी मांगी।
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श्री श्याम कृपा परिवार ने होली पर्व के आगमन पर भव्य निशान यात्रा निकाली जिसमें हजारों श्रद्धालुओं भाग लिया... श्रद्धालुओं ने श्री श्याम के जयकारों से यात्रा का माहौल भक्तिमय कर दिया... आयोजक मंडल के सदस्य राहुल मित्तल ने बताया कि लालकुआँ शहर में भव्य निशान यात्रा निकाली गई...जो पूरा नगर भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल ग्रीन पार्क में संपन्न हुई... इसके बाद बाबा श्याम का दरबार सजाया गया...जहाँ भव्य फागोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया...जिसमें दिल्ली से आये भजन प्रवाहक राहुल सांवरा, प्रवाहिका ट्विंकल शर्मा और रुद्रपुर के शुभम सक्सेना ने देर रात तक चली भव्य भजन संध्या में भजन गाए....
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नई दिल्ली: टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की नई सिफारिशों को एसोसिएशन ऑफ रेडियो ऑपरेटर्स फॉर इंडिया (AROI) ने निजी एफएम रेडियो प्रसारकों के लिए “गेम-चेंजर” करार दिया है। TRAI ने 21 फरवरी 2025 को टेलीकम्युनिकेशंस अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के लिए सेवा अधिकरण ढांचे से जुड़ी सिफारिशें जारी कीं। यह अधिनियम 1885 के टेलीग्राफ अधिनियम की जगह ले रहा है। अब एफएम रेडियो पर खबरें और लाइव स्पोर्ट्स TRAI की नई सिफारिशों के तहत निजी एफएम रेडियो स्टेशनों को अब प्रति घंटे 10 मिनट तक समाचार और समसामयिक घटनाओं के प्रसारण की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा, वे राष्ट्रीय खेल आयोजनों की लाइव कवरेज भी कर सकेंगे। यह बदलाव वर्षों पुरानी पाबंदियों के हटने का संकेत है और रेडियो प्रसारण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। डिजिटल स्ट्रीमिंग की भी मंजूरी निजी रेडियो प्रसारकों को अब अपने एफएम कंटेंट को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी स्ट्रीम करने की अनुमति होगी, जिससे वे डिजिटल श्रोताओं तक पहुंच बना सकेंगे। यह बदलाव रेडियो उद्योग की बढ़ती डिजिटल मांग को देखते हुए किया गया है। नया टेक्नोलॉजी-न्यूट्रल फ्रेमवर्क AROI ने TRAI की तकनीक-निरपेक्ष (Technology-Neutral) नीति की सराहना की, जिससे एफएम प्रसारकों को डिजिटल ट्रांसमिशन तकनीकों को अपनाने की स्वतंत्रता मिलेगी। साथ ही, सेवा अनुमति (Service Authorisation) को स्पेक्ट्रम नीलामी से अलग करने के फैसले को भी पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम बताया गया। रेडियो ऑपरेटर्स को मिलेगा अधिक लचीलापन FM स्टेशनों के लिए अनिवार्य को-लोकेशन नियम समाप्त: इससे ऑपरेटर्स अपने खर्चों में कटौती कर सकेंगे और इंफ्रास्ट्रक्चर का बेहतर उपयोग कर पाएंगे। टेलीकॉम कंपनियों के साथ स्वैच्छिक इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरिंग की अनुमति दी गई। लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 10 साल होगी और इसके लिए 4% समायोजित सकल राजस्व (AGR) शुल्क देना होगा। कुछ बिंदुओं पर उद्योग को आपत्ति AROI ने कुछ सिफारिशों पर सवाल भी उठाए, जिनमें प्रमुख हैं: 2030 तक अनिवार्य रूप से नए ढांचे में माइग्रेशन का प्रस्ताव, जिस पर और चर्चा की जरूरत है। जिलावार एफएम आवृत्ति आवंटन का सुझाव, जिस पर रेडियो उद्योग को और स्पष्टता चाहिए। हालांकि, मौजूदा लाइसेंसधारकों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के नए सिस्टम में जाने का विकल्प दिया गया है, जिससे बदलाव को आसान बनाया जा सके। अब मंत्रालय की बारी TRAI ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से शहर-वार एफएम फ्रीक्वेंसी आवंटन की समीक्षा करने और रेडियो कवरेज को ग्रामीण जिलों तक विस्तारित करने का आग्रह किया है। इसके अलावा, रेडियो प्रसारण के लिए अलग कार्यक्रम और विज्ञापन संहिता (Programme & Advertisement Codes) बनाने का सुझाव भी दिया गया है, जिससे इसे अन्य मीडिया नियमन से अलग किया जा सके। रेडियो उद्योग के लिए बड़ा अवसर AROI के एक प्रतिनिधि ने कहा कि ये सिफारिशें रेडियो उद्योग के लिए स्वागत योग्य कदम हैं, लेकिन कुछ प्रावधानों पर अभी और विचार-विमर्श जरूरी है। उन्होंने कहा कि डिजिटल भविष्य को देखते हुए रेडियो क्षेत्र को अधिक लचीली और समकालीन नीतियों की जरूरत है।
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नई दिल्ली: टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड ने मंगलवार को घोषणा की कि उसकी स्पेशल कमेटी ऑफ डायरेक्टर्स ने 25 फरवरी 2025 को हुई बैठक में इश्क एफएम से जुड़े अपने एफएम रेडियो प्रसारण व्यवसाय की बिक्री से संबंधित प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत कंपनी ने क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन (MOU) को अधिकृत किया है। इस सौदे के तहत मुंबई, दिल्ली और कोलकाता में 104.8 एफएम पर संचालित तीन रेडियो स्टेशनों की बिक्री प्रस्तावित है। 20 करोड़ रुपये में तय हुई डील कुल 20 करोड़ रुपये की इस डील में 10 करोड़ रुपये का भुगतान MOU के निष्पादन पर किया जाएगा, जबकि शेष 10 करोड़ रुपये सौदा पूरा होने पर दिए जाएंगे। हालांकि, यह सौदा सूचना और प्रसारण मंत्रालय सहित अन्य नियामक मंजूरियों और अनुपालनों (compliances) के अधीन होगा। टीवी टुडे नेटवर्क यह बिक्री सीधे कर सकता है या अपनी सहायक कंपनी विबग्योर ब्रॉडकास्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से भी इसे पूरा किया जा सकता है। सौदे के 31 जनवरी 2026 तक पूरा होने की संभावना है। रेडियो बिजनेस घाटे में, इसलिए लिया गया फैसला वित्त वर्ष 2023-24 में टीवी टुडे के रेडियो व्यवसाय का कुल टर्नओवर 16.18 करोड़ रुपये था, जो कंपनी के कुल कारोबार का 1.7% था। हालांकि, रेडियो कारोबार से कोई शुद्ध लाभ (net worth contribution) नहीं हुआ, क्योंकि यह घाटे में था। क्रिएटिव चैनल को रेडियो स्टेशनों का एडवर्टाइजिंग सेल्स राइट भी मिला टीवी टुडे ने इस बिक्री के साथ-साथ क्रिएटिव चैनल के साथ एक एडवर्टाइजिंग सेल्स एग्रीमेंट को भी मंजूरी दी है। इस समझौते के तहत क्रिएटिव चैनल को इन तीन रेडियो स्टेशनों का एयरटाइम बेचने का अधिकार दिया गया है, जिसके लिए उसे एक पेशेवर शुल्क (professional fee) मिलेगा। गौरतलब है कि क्रिएटिव चैनल एडवरटाइजिंग एंड मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 26 अप्रैल 1991 को हुई थी। इसकी अधिकृत पूंजी 5.6 करोड़ रुपये और चुकता पूंजी (paid-up capital) 5.23 करोड़ रुपये है। बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने जनवरी में ही कर लिया था बंद करने का फैसला टीवी टुडे नेटवर्क के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 9 जनवरी 2025 को एक प्रस्ताव पारित कर रेडियो व्यवसाय को बंद करने का फैसला किया था। बाद में, जब संभावित खरीदारों की रुचि सामने आई, तो 11 फरवरी 2025 को बिक्री को मंजूरी दी गई। अगर यह सौदा सीधे किया जाता है तो यह रिलेटेड-पार्टी ट्रांजैक्शन (Related-Party Transaction) नहीं होगा। लेकिन यदि इसे किसी सहायक कंपनी के माध्यम से पूरा किया जाता है, तो भी यह आर्म्स-लेंथ ट्रांजैक्शन (arms-length transaction) के तहत निष्पादित किया जाएगा।
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नई दिल्ली । चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के ग्रुप बी में सेमीफाइनल की जंग अब अपने चरम पर पहुंच गई है। हर टीम के लिए आगे का सफर जीत और नेट रन रेट (इन) पर निर्भर करता है, जिससे मुकाबले और भी रोमांचक हो गए हैं। दक्षिण अफ्रीका की स्थिति मजबूत, लेकिन सावधानी जरूरी दक्षिण अफ्रीका यदि इंग्लैंड को मात दे देता है, तो वह सीधे सेमीफाइनल में जगह बना सकता है और ग्रुप टॉप भी कर सकता है, बशर्ते उनका एनआरआर ऑस्ट्रेलिया से बेहतर रहे। हालांकि, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों अपने मैच जीतते हैं तो दक्षिण अफ्रीका के लिए इंग्लैंड से हार खतरनाक साबित हो सकती है। ऑस्ट्रेलिया – जीत के साथ पक्की होगी सेमीफाइनल की टिकट ऑस्ट्रेलिया ने अब तक शानदार खेल दिखाया है। यदि वे अफगानिस्तान को हरा देते हैं, तो सेमीफाइनल में उनकी जगह पक्की हो जाएगी। लेकिन हार की स्थिति में उन्हें इंग्लैंड के मुकाबलों के नतीजों पर निर्भर रहना होगा। इंग्लैंड – हर हाल में चाहिए दो जीत! इंग्लैंड के पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है – सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए उन्हें अपने दोनों बचे हुए मैच जीतने होंगे। अच्छी खबर यह है कि उनके मुकाबलों में मौसम बाधा डालने की संभावना नहीं है, जिससे उन्हें पूरा मौका मिलेगा अपनी किस्मत बदलने का। अफगानिस्तान – उम्मीदें बरकरार, लेकिन चुनौती बड़ी अफगानिस्तान के लिए स्थिति मुश्किल जरूर है, लेकिन उम्मीदें अब भी जिंदा हैं। उन्हें क्वालीफाई करने के लिए इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया दोनों को हराना होगा। यदि इंग्लैंड को हराने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका मैच बारिश से धुल जाता है, तो भी सेमीफाइनल की उम्मीद बनी रहेगी, लेकिन फिर एनआरआर अहम भूमिका निभाएगा। क्या कहता है समीकरण? • दक्षिण अफ्रीका को सेमीफाइनल में जाने के लिए कम से कम एक जीत जरूरी। • ऑस्ट्रेलिया की राह आसान – बस अफगानिस्तान को हराना होगा। • इंग्लैंड और अफगानिस्तान दोनों के लिए 'करो या मरो' की स्थिति। • नेट रन रेट हर टीम के लिए बेहद अहम होने वाला है। सेमीफाइनल की रेस अब जबरदस्त मोड़ पर है। क्या दक्षिण अफ्रीका अपनी बढ़त बनाए रखेगा? क्या इंग्लैंड धमाकेदार वापसी करेगा? या फिर अफगानिस्तान चमत्कार कर सेमीफाइनल में एंट्री लेगा? इस हाई-वोल्टेज क्रिकेट ड्रामे का रोमांच अपने चरम पर है!
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छिंदवाड़ा। छिन्दवाड़ा प्रेस एसोसिएशन ने संरक्षकों के मार्गदर्शन में पत्रकार हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने 70 सदस्यों के लिए क़रीब 7 करोड़ रुपए का दुर्घटना बीमा कराया है। यह पॉलिसी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से ली गई है, जिससे एसोसिएशन से जुड़े पत्रकारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। पत्रकार हित संगठन की प्राथमिकता छिंदवाड़ा प्रेस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि हमारा संगठन पत्रकारों के हितों के लिए समय-समय पर लगातार काम करता है यह बीमा योजना पत्रकारों के कल्याण के लिए शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक सदस्य को एक निश्चित बीमा कवरेज मिलेगा, जो किसी भी अप्रत्याशित दुर्घटना पर स्वयं और उनके परिवार के लिए सहायक होगा। पत्रकारों के लिए एक बड़ी पहल यह पहल जिले के पत्रकारों के लिए एक बड़ी राहत है, क्योंकि पत्रकारों को अधिकतर मैदानी स्तर पर कई बार जोखिम भरी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। बीमा पॉलिसी का उद्देश्य पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करना और उनके परिवारों को आर्थिक रूप से सुरक्षित रखना है। संस्था के प्रत्येक सदस्य का कराया गया बीमा एसोसिएशन अध्यक्ष महेंद्र राय ने बताया कि आमतौर देखा जाता है कि मैदानी स्तर पर ख़बर कवरेज करने वाले सदस्यों को ही पत्रकार समझा जाता है लेकिन जनता तक पुख्ता ख़बर परोसने में दफ्तर में काम करने वाले प्रत्येक सदस्य की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए एसोसिएशन ने संस्था के सभी सदस्यों का ख्याल रखते हुए पियून, कंप्यूटर ऑपरेटर, मार्केटिंग टीम से लेकर संपादक तक सभी का बीमा करवाया है। एसोसिएशन के सदस्यों ने इस कदम का स्वागत किया और इसे पत्रकार हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
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नई दिल्ली । रावलपिंडी में न्यूजीलैंड की बांग्लादेश पर पांच विकेट से जीत के साथ ही भारत ने सोमवार को आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के सेमीफाइनल में अपना स्थान पक्का कर लिया है, भारत के साथ ही न्यूजीलैंड भी अंतिम चार में पहुंच गया है, जबकि मेजबान पाकिस्तान और बांग्लादेश बाहर हो गए हैं। 2 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत का आखिरी ग्रुप-स्टेज गेम यह निर्धारित करेगा कि कौन सी टीम ग्रुप ए में शीर्ष पर होगी। मैच का विजेता सेमीफाइनल में ग्रुप बी में दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से खेलेगा। यह छठा संस्करण है जहां मेन इन ब्लू ने सेमीफाइनल में जगह बनाई है। वे 1998, 2000, 2002, 2013 और 2017 में अंतिम चार में पहुंचे। न्यूजीलैंड के लिए, यह चौथा सेमीफाइनल होगा और 2009 के बाद यह पहला होगा।
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नई दिल्ली। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन एलुमनी एसोसिएशन (IIMCAA) ने रविवार, 23 फरवरी को इम्का अवॉर्ड्स 2025 के विजेताओं की घोषणा की। दिल्ली में आयोजित इस भव्य समारोह में बीबीसी की वरिष्ठ पत्रकार सर्वप्रिया सांगवान को ‘जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें यह पुरस्कार ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और 1.5 लाख रुपये की इनाम राशि के साथ प्रदान किया गया। ‘द लास्ट मैन’ सीरीज को मिली बड़ी पहचान सर्वप्रिया सांगवान को यह सम्मान उनके वर्ष 2024 के बेहतरीन पत्रकारिता कार्यों के लिए दिया गया। खासकर, उनकी ‘द लास्ट मैन’ नामक डॉक्यूमेंट्री सीरीज ने व्यापक चर्चा बटोरी। आठ एपिसोड की इस सीरीज में उन्होंने जमीनी हकीकत को प्रभावी और सरल अंदाज में प्रस्तुत किया, जिससे दर्शकों ने इसे खूब सराहा। रामनाथ गोयनका पुरस्कार से भी हो चुकी हैं सम्मानित सर्वप्रिया सांगवान इससे पहले 2020 में प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। उन्हें यह सम्मान झारखंड के जादूगोड़ा में यूरेनियम प्रदूषण से प्रभावित लोगों की वास्तविकता को उजागर करने वाली स्टोरी के लिए दिया गया था। उनकी इस रिपोर्ट में सवाल उठाया गया था कि क्या जादूगोड़ा भारत के न्यूक्लियर सपनों की भारी कीमत चुका रहा है? इस रिपोर्ट के लिए उन्हें पर्यावरण और विज्ञान श्रेणी में ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया था। अन्य विजेताओं को भी मिला सम्मान इम्का अवॉर्ड्स 2025 में अन्य श्रेणियों के विजेताओं को भी ट्रॉफी, सर्टिफिकेट और 50-50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। इम्का अवॉर्ड्स हर साल पत्रकारिता जगत के बेहतरीन कार्यों को मान्यता देने के लिए आयोजित किए जाते हैं। इस बार भी यह आयोजन कई उल्लेखनीय पत्रकारों को सम्मानित करने के लिए खास रहा।
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भोपाल । राजधानी भोपाल में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 के पहले दिन सोमवार को देश-विदेश से आए डेलीगेट्स ने सत्र ग्लोबल साउथ-रीजनल इन ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट को-ऑपरेशन में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश भारत के प्रगतिशील राज्यों में से एक है। यहां कृषि, पर्यटन, खनिज और फार्मास्युटिकल्स में निवेश की असीम संभावनाएं हैं।सीआईआई पश्चिमी क्षेत्र की अध्यक्ष स्वाति सालगांवकर ने कहा कि ग्लोबल साउथ देशों के साथ भारत आर्थिक, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिये लगातार कार्य कर रहा है। मध्यप्रदेश भी इन देशों के साथ सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध बढ़ाने के लिये अग्रणी भूमिका निभा रहा है। दक्षिण अफ्रीका के फर्स्ट सेकेट्ररी पॉलिटिकल खाटूटशेलो इ. थगवाना ने कहा कि भोपाल में आयोजित यह समिट निवेश के साथ संबंधों को समृद्ध करने में भी बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। हम मिलकर कार्य करेंगे और निवेश के विभिन्न क्षेत्रों को एक्सप्लोर करेंगे। रवांडा की हाई कमिश्नर जैकलिन मुकानगिरा ने कहा कि भोपाल की मेरी यह पहली यात्रा है। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शानदार आयोजन के लिये बधाई देती हूं। उन्होंने कहा कि हमारे देश में भारत सबसे बड़ा इन्वेस्टर्स है। मध्यप्रदेश में ऐसे बहुत से क्षेत्र हैं जहां निवेश हो सकता है। वेनेजुएला के मिनिस्टर काउंसलर जुआन गोल्डनिक ने कहा कि मध्यप्रदेश इन्वेस्टमेंट के लिये बेहतर डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि यह समिट बिजनेस और निवेश के लिये उपयोगी सिद्ध होगी। यूएई के डायरेक्टर ऑफ यूएई इंडिया सीईपीए काउंसिल अहमद मोहम्मद मुबारक अलज़नेबी ने कहा कि निवेश के विभिन्न पहलुओं पर दोनों देश कार्य कर रहे हैं।मध्य प्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी निवेशकों के लिये उपयोगीवियतनाम के फर्स्ट सेक्रेटरी हांग थियेन ने कहा कि मध्य प्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी निवेशकों के लिये बहुत उपयोगी है। मुझे पूरी उम्मीद है कि निवेशक इसका पूरा लाभ उठायेंगे। माली के एम्बेसडर फेलिक्स डिआलो, थाईलैंड के काउंसिल जनरल मुंबई डोनाविट पूलसाबट और मेक्सिको के ट्रेड कमिश्नर डेनियल डेलगाडो ने भी मध्य प्रदेश की इन्वेस्टमेंट पॉलिसी की सराहना की। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से मध्यप्रदेश द्वारा किये जा रहे प्रयासों से इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा। कृषि, माइनिंग और अधोसंरचना के क्षेत्र में बेहतर सहयोग की संभावनाएं हैं।पनामा के यानिट जेल दौरते गैरीबाल्डो ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे। फिजी के हाई कमिश्नर जगन्नाथ सामी ने कहा कि भारत का ही ग्रांडसन (पोता) हूं। भारत और फिजी के बीच में बहुत गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। बुर्किनाफॉसो के राजदूत डॉ. डिजायर बोनिफेस सम ने कहा कि दोनों देशों के बीच नारियल, सोना, कृषि उत्पादों और निर्माण सामग्री का आयात-निर्यात बहुत पहले से हो रहा है। फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में सहयोग हमारे देश के लिये उपयोगी होगा। मोरक्को के राजदूत मोहम्मद मलिकी ने कहा कि हमारे देश में फास्फोरस का प्रचुर उत्पादन होता है। मध्यप्रदेश में विभिन्न उद्योगों में इसका उपयोग किया जा सकता है।नेपाल के राजदूत डॉ. शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि नवकरणीय ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ट्रेड और इन्वेस्टमेंट के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। जिम्बाब्वे के वित्तीय मिनिस्टर ऑफ इंडस्ट्री एंड कॉमर्स राज मोदी और जिम्बाब्वे की राजदूत स्टेला नकोमो ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट निवेश की संभावनाओं को एक्सप्लोर करने के लिये बेहतर प्लेटफार्म है। एमपीआईडीसी के ईसीईओ सुविध शाह ने सभी डेलीगेट्स के द्वारा दिये गये सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश का यही सही समय है। उन्होंने डेलीगेट्स की शंकाओं का समाधान भी किया। रविकांत तिवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का विजन स्पष्ट है। उन्होंने जीआईएस के पहले आरआईसी कर प्रदेश के हर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को तलाशा।
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चैंपियंस ट्रॉफी के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से हरा दिया। दुबई स्टेडियम में 242 रन के टारगेट को विराट कोहली के शतक की मदद से भारत ने 45 बॉल बाकी रहते एकतरफा अंदाज में हासिल कर लिया। रविवार को रिकॉर्ड्स का दिन रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम रहा। कोहली ने वनडे क्रिकेट में फास्टेस्ट 14 हजार रन बनाए। उनके इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा कैच भी हो गए। रोहित ने वनडे में बतौर ओपनर फास्टेस्ट 9 हजार रन बनाए। भारतीय टीम ने वनडे में लगातार 12वां टॉस गंवाया। कुलदीप यादव ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 300 विकेट हासिल कर लिए। उन्होंने सलमान आगा को रवींद्र जडेजा के हाथों कैच कराकर यह उपलब्धि हासिल की। कुलदीप पाकिस्तान के खिलाफ खेले 6 मैचों में 15 विकेट ले चुके हैं। हार्दिक पंड्या के इंटरनेशनल क्रिकेट में 200 विकेट पूरे हुए। हार्दिक ने सऊद शकील को आउट करके ये रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने 2 विकेट लिए। हार्दिक ने बाबर आजम को भी आउट किया। विराट कोहली ने इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा कैच लेने के मामले में राहुल द्रविड़ की बराबरी कर ली है। दोनों के अब 333 कैच हो गए हैं। दूसरे नंबर पर 261 कैच के साथ मोहम्मद अजहरुद्दीन हैं।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में, आईटी ,सेमीकंडक्टर और डिजिटल नवाचार के क्षेत्र में मध्यप्रदेश हर दिन नए आयाम स्थापित कर रहा है ...ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में इस सैक्टर में बड़ी चर्चा के साथ निवेश के नए द्वार खुल रहे हैं ... देश के कई बड़े निवेशक इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए उत्सुक नजर आये ... मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा इन क्षेत्रों में निवेश के जरिये बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं ... मुख्यमंत्री मोहन यादव प्रदेश को तमाम तकनीकों में दक्ष कर रहे हैं ... मध्यप्रदेश में दूरदर्शी "आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम निवेश प्रोत्साहन नीति बनाई है ... मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पॉलिसी में निवेशकों को वित्तीय और गैरवित्तीय सहायता प्रदान करने के प्रावधान करवाए हैं ... सभी वित्तीय सहायता, आवश्यक अनुमतियाँ, अनुमोदनों, आवेदनों और किसी भी अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए पूर्ण रूप से डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम भी बनाया गया है। राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिये प्रोत्साहित करने और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए नै स्टार्ट-अप नीति लागू की गई है ... राज्य में एवीजीसी नीति भी लागू की गई है, जिससे एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स क्षेत्र में नई संभावनाओं का द्वार खुला है ... वर्तमान में एमपी में 2 हजार से अधिक आईटी/आईटीईएस एवं ईएसडीएम इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें एमपीएसईडीसी में पंजीकृत 650 इकाइयां हैं, जिन्हें राज्य की नीतियों का लाभ मिला है। इन इकाइयों का टर्न ओवर 10 हजार करोड़ रुपए प्रतिवर्ष से अधिक है। देश की 50 से अधिक बड़ी आईटी एवं आईटीईएस इकाइयां मध्यप्रदेश में स्थापित हैं। प्रदेश से हर वर्ष 500 मिलियन डॉलर का निर्यात आईटी से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से होता है। बेंगलुरु में आयोजित इंटरएक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट के दौरान, एमपीएसईडीसी ने भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर संघ,, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एसोसिएशन ऑफ जिओस्पेशल इंडस्ट्रीज और टाई ग्लोबल जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उद्योग संघों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए ... यूके-जर्मनी से एसआरएएम-एमआरएएम ग्रुप द्वारा 25000 करोड़ रूपये निवेश से सेमी कंडक्टर और साइंस टेक्नोलॉजी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव प्राप्त हुआ ...
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सोशल मीडिया लोगों के बीच बातचीत के ऐसे माध्यम को संदर्भित करता है, जिसके ज़रिए वे वर्चुअल समुदायों और नेटवर्क में जानकारी और विचारों का निर्माण, साझा और / या आदान-प्रदान करते हैं। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ऐसे कानून पेश करने की घोषणा की है, जो 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने से रोकेगा। यह स्पष्ट है कि हमें बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन बेहतर तरीके से सुरक्षित रखने की ज़रूरत है। ऑस्ट्रेलियाई मानवाधिकार आयोग का मानना है कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाना सही नहीं है। ऐसे प्रतिबंधात्मक विकल्प उपलब्ध हैं, जो बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन नुकसान से बचाने के उद्देश्य को प्राप्त कर सकते हैं। सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही बढ़ाने और सभी के लिए ऑनलाइन सुरक्षा में सुधार का तरीका निकाला जा सकता है। सोशल मीडिया बच्चों और युवाओं को साइबरबुलिंग, हानिकारक सामग्री और ऑनलाइन शिकारियों सहित कई संभावित जोखिमों के संपर्क में लाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग स्वस्थ मस्तिष्क विकास, नींद और शैक्षणिक प्रदर्शन में बाधा डाल सकता है। प्रस्तावित कानून एक सुरक्षित विकासात्मक वातावरण का समर्थन करता है। सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म उपयोगकर्ताओं से बड़ी मात्रा में व्यक्तिगत डेटा एकत्र करते हैं और बच्चे पूरी तरह से समझ नहीं पाते हैं कि उनका डेटा कैसे एकत्र किया जाता है, उपयोग किया जाता है या उसका मुद्रीकरण किया जाता है। युवा उपयोगकर्ताओं के लिए पहुँच पर प्रतिबंध लगाने से गोपनीयता के उल्लंघन और बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों द्वारा व्यक्तिगत डेटा के शोषण को कम करने में मदद मिल सकती है।पहुँच को प्रतिबंधित करने से माता-पिता और अभिभावकों को अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों को बेहतर ढंग से निर्देशित करने और यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि वे पर्यवेक्षित तरीके से तकनीक से जुड़ें। हमें बच्चों और युवाओं को ऑनलाइन स्पेस को बेहतर तरीके से नेविगेट करने में मदद करने की भी आवश्यकता है, यह सुनिश्चित करके कि राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में डिजिटल साक्षरता और ऑनलाइन सुरक्षा सिखाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। युवाओं को इस बारे में गंभीरता से सोचना सिखाया जाना चाहिए कि वे ऑनलाइन क्या देखते हैं और वे सोशल मीडिया से कैसे जुड़ते हैं। माता-पिता और शिक्षकों को उचित मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने में मदद करने के लिए बेहतर उपकरणों और संसाधनों की भी आवश्यकता है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स व्यक्तियों और संगठनों को पारंपरिक प्रचार या शैक्षणिक तरीकों से बेजोड़ गति से जानकारी साझा करने और आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाती हैं। सोशल मीडिया ने लोगों के बीच जानकारी साझा करने के तरीके को बदल दिया है। नतीजतन, यह निर्णय लेने में नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करके सुशासन को बढ़ावा देने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सोशल मीडिया के फायदों में से एक यह है कि यह सशक्तिकरण के लिए एक शक्तिशाली उपकरण के रूप में उभरा है। सोशल मीडिया ने नागरिकों और उनकी चुनी हुई सरकार और राजनेताओं के बीच की खाई को कम किया है, जिससे लोकतंत्र में अधिक भागीदारी हुई है।गलत सूचना के प्रसार का मुद्दा सोशल मीडिया का सबसे बड़ा नुकसान बनकर उभरा है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग मस्तिष्क के उन हिस्सों को बदल सकता है जो भावनाओं और सीखने से सम्बंधित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021. सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को शिकायत निवारण और अनुपालन तंत्र स्थापित करने के लिए कहा गया है, जिसमें एक शिकायत अधिकारी, मुख्य अनुपालन अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति की नियुक्ति शामिल है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन प्लेटफॉर्म को उपयोगकर्ताओं से प्राप्त शिकायतों और की गई कार्यवाही पर मासिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा है। इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप को संदेश के पहले स्रोत को ट्रैक करने के लिए प्रावधान करना होगा।धारा 79 में कहा गया है कि किसी भी मध्यस्थ को उसके प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध या होस्ट की गई किसी भी तीसरे पक्ष की जानकारी, डेटा या संचार लिंक के लिए कानूनी रूप से या अन्यथा उत्तरदायी नहीं ठहराया जाएगा। यदि मध्यस्थ, सरकार या उसकी एजेंसियों द्वारा सूचित या अधिसूचित किए जाने के बावजूद, प्रश्नगत सामग्री तक पहुँच को तुरंत अक्षम नहीं करता है, तो सुरक्षा प्रदान नहीं की जाती है। एक व्यापक पारदर्शिता कानून की आवश्यकता है जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म द्वारा प्रासंगिक खुलासे को अनिवार्य बनाता है। इसके अतिरिक्त, सामग्री मॉडरेशन और सम्बंधित कार्य जैसे मानक सेटिंग, तथ्य-जांच और डी-प्लेटफ़ॉर्मिंग को शामिल किया जाना चाहिए। किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के सम्बंध में माता-पिता को अपने बच्चों को डिजिटल उपकरणों तक पहुँच प्रदान करते समय बहुत सावधान रहना चाहिए तथा उनके साथ स्वस्थ उपयोग के बारे में चर्चा करनी चाहिए।
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ICC चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का महामुकाबले में आज दो बड़ी विरोधी टीमों भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। मुकाबला दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में हैं ... दोनों टीमें अब केवल ICC और ACC टूर्नामेंट में एक-दूसरे का सामना करती हैं। ऐसे में टीमें 259 दिन बाद आमने-सामने होंगी। पिछली बार 9 जून 2024 को टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान सामना हुआ था ... वहीं, वनडे फॉर्मेट में 14 अक्टूबर 2023 को वनडे वर्ल्ड कप के दौरान दोनों आखिरी बार भिड़ी थीं। दोनों ही मैच भारत ने जीते थे ... भारतीय टीम ने 2007-08 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। 2008 में मुंबई पर आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से मना कर दिया। तब से दोनों टीमें ICC और ACC के टूर्नामेंट में ही खेलती हैं ... 2013 के बाद से दोनों टीमें 11 वनडे और 8 टी-20 मैच खेल चुकी हैं। पाकिस्तान में 2009 के दौरान श्रीलंका टीम पर भी आतंकी हमला हो चुका है। भारत ने ICC टूर्नामेंट्स में पाकिस्तान पर दबदबा बनाया है। वनडे वर्ल्ड कप में तीन दशकों के मुकाबलों के बावजूद पाकिस्तान अभी तक भारत को हरा नहीं सका है। भारत टी-20 वर्ल्ड कप में भी बढ़त बनाए हुए हैं, इसमें टीम ने आठ में से 7 मैच जीते हैं। भारत को सबसे यादगार जीत 2007 में मिली थी, जब फाइनल में टीम ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान ने अपने पांच मुकाबलों में से तीन में जीत हासिल की है। इसमें 2017 के फाइनल में उनकी शानदार जीत भी शामिल है।
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रायपुर । नीति आयोग की ताजा जारी रिपोर्ट के मुताबिक छत्तीसगढ़ ने स्वास्थ्य सूचकांक के मामले में ऊंची छलांग लगाई है। बेहतर स्वास्थ्य सूचकांक के शीर्ष राज्यों में छत्तीसगढ़ दूसरे पायदान पर आया है। यह राज्य की मजबूत वित्तीय नीतियों और स्थिर आर्थिक प्रबंधन को दर्शाता है। राजकोषीय स्वास्थ्य मूल्यांकन कर नीति आयोग ने जारी ताजा अध्ययन रिपोर्ट में छत्तीसगढ़ 2022-23 की रैंकिंग में देश में दूसरे नंबर पर आया है। पांच अलग-अलग सूचकांकों के आधार पर जारी रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने 55.2 अंक प्राप्त किए। भारत में राज्यों के राजकोषीय स्वास्थ्य के बारे में समझ विकसित करने के लिए नीति आयोग ने यह पहल की है। उल्लेखनीय बात यह है कि छत्तीसगढ़ लगातार तीसरे साल देश में दूसरे नंबर पर रहा। नीति आयोग की रैंकिंग में देश के 18 प्रमुख राज्यों को शामिल किया गया। ये राज्य भारत की जीडीपी, छत्तीसगढ़ का खनिज से राजस्व जुटाने में लगातार अच्छा प्रदर्शन, जनसांख्यिकी, कुल सार्वजनिक व्यय, राजस्व और समग्र राजकोषीय स्थिरता में उनके योगदान के संदर्भ में भारतीय अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाते हैं। चूंकि राज्य लगभग दो-तिहाई सार्वजनिक व्यय और कुल राजस्व के एक-तिहाई के लिए जिम्मेदार है, इसलिए उनका राजकोषीय प्रदर्शन देश की समग्र आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण माना गया। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के डेटा का उपयोग इस रैंकिग के लिए किया गया। जिन पांच उप-सूचकांकों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है, उसमें व्यय की गुणवत्ता, राजस्व जुटाना, राजकोषीय विवेक, ऋण सूचकांक और ऋण स्थिरता शामिल हैं। इसके अलावा, पांच प्रमुख उप-सूचकांकों राज्य-विशिष्ट राजकोषीय स्वास्थ्य मुद्दों को सामने लाने के लिए एक व्यापक राज्यवार विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की गई। रैंकिग में शीर्ष पांच उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्य ओडिशा, छत्तीसगढ़, गोवा, झारखंड और गुजरात हैं। जबकि आकांक्षी पाँच राज्य हरियाणा, केरल, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और पंजाब हैं। हालाँकि, पाँच उप-श्रेणियों में राज्यों का प्रदर्शन अलग-अलग है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश और बिहार का व्यय की गुणवत्ता के तहत अच्छा स्कोर है, लेकिन वे राजस्व जुटाने के मामले में निचले स्थान पर हैं। छत्तीसगढ़ ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ा- रैंकिंग में छत्तीसगढ़ ने गुजरात, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश जैसे कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। 2022-23 की रैंकिंग में छत्तीसगढ़ को 55.2 अंक प्राप्त हुए। इसमें व्यय की गुणवत्ता सूचकांक में 55.1, राजस्व जुटाना में 56.5, राजकोषीय विवेक में 56.0, ऋण सूचकांक में 79.6 और ऋण स्थिरता में 29.0 अंक मिले। छत्तीसगढ़ व्यय की गुणवत्ता में एचीवर श्रेणी में रहा जबकि राजस्व जुटाने में फ्रंट रनर की श्रेणी में रहा। छत्तीसगढ़ 2020-21 से 2022-23 तक लगातार दूसरे नंबर पर बना हुआ है।
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हमारा भारत देश संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत का जीता जागता अनुभव है। इसके इतिहास को सरल शब्दों में व्यक्त करना अत्यंत कठिन है। इससे भी अधिक कठिन है पांच हजार से अधिक वर्षों की सभ्यता के इतिहास को दस्तावेज के रूप में व्यक्त करना, जो देश की स्वतंत्रता के समय एक नए स्वतंत्र हुए राष्ट्र के भाग्य का मार्गदर्शन करने वाला हो। लेकिन आचार्य नंदलाल बोस केवल कलाकार नहीं थे और भारत के संविधान पर चित्रण उनके लिये केवल एक और कार्य नहीं था। संविधान में चित्रण के लिए उनकी दृष्टि हड़प्पा सभ्यता के समय से लेकर स्वतंत्रता प्राप्ति के समय तक भारत की यात्रा का वर्णन करती है।यह सभी चित्रण संविधान के अंतिम पृष्ठ पर सूचीबद्ध हैं और उन्हें बारह ऐतिहासिक काल में वर्गीकृत किया गया है: मोहनजोदड़ो काल, वैदिक काल, महाकाव्य काल, महाजनपद और नंद काल, मौर्य काल, गुप्त काल, मध्यकालीन काल, मुस्लिम काल, ब्रिटिश काल, भारत का स्वतंत्रता आंदोलन, स्वतंत्रता के लिए क्रांतिकारी आंदोलन और प्राकृतिक विशेषताएँ।संविधान की शुरुआत हमारे राष्ट्रीय प्रतीक के चित्रण से होती है। नंदलाल बोस इस बात को लेकर बहुत स्पष्ट थे कि प्रतीक में शेर बिल्कुल असली शेरों की तरह दिखें, उनकी चाल और चेहरे के हाव-भाव सही हों और आयु के हिसाब से उनमें बदलाव हो। राष्ट्रीय प्रतीक के डिजाइनर दीनानाथ भार्गव, जो उस समय कला भवन में एक युवा छात्र थे, इस कलाकृति को चित्रित करने से पहले शेरों के हाव-भाव, शारीरिक भाषा और तौर-तरीकों का अध्ययन करने के लिए महीनों तक कोलकाता चिड़ियाघर गए। प्रस्तावना पृष्ठ और कई अन्य पृष्ठों को बेहर राममनोहर सिन्हा ने डिजाइन किया था। नंदलाल बोस ने बिना किसी बदलाव के प्रस्तावना हेतु सिन्हा जी की बनाई कलाकृति का समर्थन किया। इस पृष्ठ पर निचले दाएं कोने में देवनागरी में सिन्हा का संक्षिप्त हस्ताक्षर राम है।संविधान की प्रस्तावना एक हाथ से लिखा हुआ लेख है जो आयताकार बॉर्डर से घिरा हुआ है। बॉर्डर के चार कोनों में चार पशुओं को दर्शाया गया है। दर्शाए गए चार जानवर भारत के राष्ट्रीय प्रतीक के आधार से लिए गए हैं। बॉर्डर की कलाकृति में कमल की आकृति प्रमुखता से दिखाई देती है। कमल की आकृति बॉर्डर कलाकृति में प्रमुखता से दिखाई देती है।संविधान का प्रत्येक भाग एक चित्र से आरंभ होता है और अलग-अलग पृष्ठों पर अलग-अलग बॉर्डर डिज़ाइन दर्शाए गए हैं। कलाकारों के हस्ताक्षर चित्र पर और बॉर्डर के पास दिखाई देते हैं जो इस प्रोजेक्ट में सभी के सहयोग को दर्शाता है। अनेक पृष्ठों पर कई हस्ताक्षर हैं जो बंगाली, हिंदी, तमिल और अंग्रेजी में दिखाई देते हैं। भारत के संविधान के भाग 19 में विविध विषयों से संबंधित एक चित्र है जिसमें नेताजी सैन्य पोशाक में अपने सैनिकों से घिरे हुए सलामी दे रहे हैं। नंदलाल बोस के हस्ताक्षर चित्रण पर दिखाई देते हैं और ए. पेरुमल के हस्ताक्षर पृष्ठ के बाएं निचले कोने पर दिखाई देते हैं। वे कला को लोगों तक ले जाने वाले कलाकार के रूप में प्रसिद्ध हुए। वे शांतिनिकेतन के गाँवों में जाते और संथाल घरों की दीवारों को जानवरों, पक्षियों और पेड़ों वाली प्रकृति की थीम से सजाते। वे शांतिनिकेतन के कला भवन में चार दशकों से अधिक समय तक नंदलाल बोस जैसे महान कलाकारों के साथ रहे और काम किया, उन्हें स्नेह से 'पेरुमलदा' कहा जाता था।संविधान का भाग VI, जो प्रथम अनुसूची के भाग A में राज्यों से संबंधित है, वह ध्यान में बैठे भगवान महावीर की समृद्ध रंगीन चित्र से शुरू होता है, जिसमें वे अपनी आँखें बंद करके और हथेलियाँ एक दूसरे पर टिकाकर बैठे हुए हैं। भगवान महावीर के दोनों ओर एक-एक पेड़ हैं और फ्रेम में एक मोर भी दिखाई दे रहा है जो प्रकृति में सामंजस्यपूर्ण सह-अस्तित्व को दर्शाता है। यह मूल संविधान के कुछ रंगीन चित्रों में से एक है। रंगीन चित्रों में जमुना सेन और नंदलाल बोस के हस्ताक्षर हैं। इस पृष्ठ पर बॉर्डर डिज़ाइन में राजनीति नामक कलाकार के हस्ताक्षर भी हैं।भारतीय संविधान का भाग 15 चुनावों पर केंद्रित है। इस पृष्ठ पर दिए गए चित्रों में भारत के दो वीर सपूत छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह को दिखाया गया है। इस पृष्ठ पर दिए गए चित्र धीरेंद्र कृष्ण देब बर्मन द्वारा बनाए गए हैं, जो त्रिपुरा राजघराने के सदस्य थे और रवींद्रनाथ टैगोर और नंदलाल बोस के साथ उनके घनिष्ठ संबंध थे। बॉर्डर डिज़ाइन पर कृपाल सिंह शेखावत के हस्ताक्षर हैं, जो भारत के एक प्रसिद्ध कलाकार और मिट्टी के बर्तन बनाने वाले थे, जिन्हें जयपुर की प्रतिष्ठित ब्लू पॉटरी की कला को पुनर्जीवित करने के लिए जाना जाता है।शांतिनिकेतन में ललित कला संस्थान कला भवन ने भारत और दुनिया के सभी कोनों से छात्रों और कलाकारों को आकर्षित किया, इस प्रकार विभिन्न प्रभावों को समाहित करते हुए उत्कृष्टता की निरंतर खोज करते हुए एक इकोसिस्टम निर्मित किया और अंत में, एक अनूठी भारतीय शैली और कला निर्मित की। इस पर काम करने वाले कई कलाकारों ने अपने करियर में महान ऊंचाइयों को हासिल किया, लेकिन इस परियोजना के समय शांतिनिकेतन के छात्र और सहयोगी ही थे जो अपने श्रद्धेय ‘मास्टर मोशाय’ नंदलाल बोस के सपने को जीवंत करने के लिए प्रयत्नशील थे।संविधान में चित्रों की प्रेरणा भारत के विशाल इतिहास, भौतिक परिदृश्य, पौराणिक चित्र और स्वतंत्रता संग्राम में निहित है। भारत के संविधान का भाग 13 ‘भारतीय क्षेत्र में व्यापार, वाणिज्य और उनके परस्पर संबंधो’ से संबंधित है। इस पृष्ठ पर दिया गया चित्रण महाबिलापुरम में स्मारकों के समूह का हिस्सा है जो यूनेस्को द्वारा अंकित विश्व धरोहर स्थल है। ‘गंगा का अवतरण’ एक बड़ी, खुली हवा में बनी चट्टान की नक्काशी वाली मूर्ति है जो स्वर्ग से धरती पर गंगा नदी के उतरने के कथा को पत्थर में दर्शाती है। नंदलाल बोस के हस्ताक्षर चित्र पर दिखाई देते हैं और जमुना सेन का नाम बॉर्डर के बाएं निचले कोने पर दिखाई देता है।भाग 3 जो मौलिक अधिकारों से संबंधित है, उसमें रामायण का एक दृश्य दिखाया गया है। इस पृष्ठ के बॉर्डर पर जमुना सेन के हस्ताक्षर हैं। भाग 4 जो राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों से संबंधित है, उसमें महाभारत का एक दृश्य दिखाया गया है। बानी पटेल और नंदलाल बोस के नाम दाईं ओर नीचे दिए गए चित्रण पर दिखाई देते हैं और विनायक शिवराम मसोजी का नाम बॉर्डर के बाएं कोने पर दिखाई देता है।संविधान का भाग 7 ‘पहली अनुसूची के भाग बी में शामिल राज्यों’ से संबंधित है। इस खंड की शुरुआत में दिए गए चित्रण में सम्राट अशोक द्वारा बौद्ध धर्म के प्रसार को दर्शाया गया है। उन्हें हाथी पर सवार दिखाया गया है, जो सभी तरह के साज-सज्जा से सुसज्जित है और बौद्ध भिक्षुओं से घिरा हुआ है। यह चित्रण अजंता की शैली में है, जिसमें भिक्षुओं को शरीर के ऊपरी हिस्से को बिना वस्त्रों और आभूषणों के साथ दिखाया गया है। यह चित्रण नंदलाल बोस द्वारा किया गया था, जिनका काम अजंता भित्तिचित्रों में पाई जाने वाली कलात्मक परंपराओं से बहुत प्रभावित था। चित्रण के निचले बाएँ भाग पर ए. पेरुमल का नाम भी दिखाई देता है। बॉर्डर डिज़ाइन में ब्योहर राममनोहर सिन्हा के हस्ताक्षर हैं, जिन्होंने प्रस्तावना और कई अन्य पृष्ठों को भी डिज़ाइन किया था। यहाँ उन्होंने हिंदी में राममनोहर के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। यह संविधान के उन कुछ पन्नों में से एक है, जिस पर नंदलाल बोस और उनके सबसे वरिष्ठ छात्र ब्योहर राममनोहर सिन्हा दोनों के नाम हैं।भारत का संविधान इस मायने में अनूठा है कि यह मूल रूप से एक हस्तलिखित दस्तावेज़ था। इसे अंग्रेजी में प्रेम बिहारी रायज़ादा और हिंदी में वसंत के. वैद्य ने सुलेखित किया था। रायज़ादा ने प्रवाहपूर्ण इटैलिक शैली का इस्तेमाल किया और सुलेख की कला अपने दादा से सीखी। संविधान हॉल (जिसे अब कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया के नाम से जाना जाता है) के एक कमरे में काम करते हुए, उन्होंने छह महीने के दौरान दस्तावेज़ तैयार किया। उन्होंने इसे लिखते समय सैकड़ों पेन निब का इस्तेमाल किया। भारत के संविधान के अंग्रेजी संस्करण के सुलेखक प्रेम बिहारी नारायण रायज़ादा (प्रेम) के हस्ताक्षर दस्तावेज़ के हर पृष्ठ पर दिखाई देते हैं। राष्ट्रीय महत्व की इस परियोजना को शुरू करने के लिए उन्होंने यही एकमात्र अनुरोध किया था।भारत का संविधान एक मौलिक कला ग्रंथ है जो समय की कसौटी पर खरा उतरा है। भारतीय संविधान में कलात्मकता भारत के बहुस्तरीय इतिहास को दर्शाती है और सामाजिक सांस्कृतिक, पौराणिक, क्षेत्रीय, आध्यात्मिक, भौतिक परिदृश्य तथा अन्य कारकों के प्रति श्रद्धांजलि है जो भारत को एक अद्वितीय और जीवंत अनुभव बनाते हैं। यह एक ऐसे राष्ट्र की वास्तविकता को दर्शाता है जो अपने प्राचीन अतीत को स्वीकार करता है, विविधता में एकता का उत्सव मनाता है और भविष्य की ओर देखता है।
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नई दिल्ली । केंद्र सरकार के उपभोक्ता मामलों के विभाग (डीओसीए) ने शिक्षा क्षेत्र में 600 से अधिक उम्मीदवारों और छात्रों के लिए ₹1.56 करोड़ की राशि का रिफंड सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। सिविल सेवा, इंजीनियरिंग कोर्स और अन्य कार्यक्रमों के लिए कोचिंग सेंटरों में नामांकित इन छात्रों को पहले कोचिंग संस्थानों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करने के बावजूद उचित रिफंड से वंचित किया गया था।केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अनुसार यह राहत छात्रों द्वारा राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) के माध्यम से दर्ज की गई शिकायतों के माध्यम से संभव हुई, जिसने विवाद समाधान के लिए एक सुव्यवस्थित प्रक्रिया की सुविधा प्रदान की। विभाग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई ने छात्रों को अधूरी सेवाओं, देरी से कक्षाओं या रद्द किए गए पाठ्यक्रमों के लिए मुआवजा प्राप्त करने में मदद की है।अपने निर्णायक निर्देश में उपभोक्ता मामलों के विभाग ने सभी कोचिंग सेंटरों को छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने का निर्देश दिया है, जिसमें छात्रों के वित्तीय हितों की रक्षा के लिए स्पष्ट, पारदर्शी रिफंड नीतियों को अनिवार्य किया गया है। विभाग ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वैध रिफंड दावों को अस्वीकार करने की अन्यायपूर्ण प्रथा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, शैक्षिक संस्थानों से उपभोक्ता अधिकारों को बनाए रखने का आग्रह किया है।उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अपने सक्रिय प्रयासों के माध्यम से शिकायत निवारण तंत्र को मजबूत करने और छात्रों को उनके उपभोक्ता अधिकारों के बारे में शिक्षित करने, अनुचित व्यवहार के मामले में कार्रवाई करने के लिए उन्हें सशक्त बनाने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई है।राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन छात्रों और न्याय की तलाश में उम्मीदवारों को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण संसाधन साबित हुई है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यक्ति बिना किसी लंबी कानूनी लड़ाई के मुद्दों को हल करने में सक्षम थे, जिससे समय और ऊर्जा की बचत हुई और साथ ही निष्पक्ष परिणाम सुनिश्चित हुए। मुकदमेबाजी से पहले की अवस्था में शिकायतों का समाधान करके एनसीएच ने विवादों को बढ़ने से रोकने में मदद की है और औपचारिक कानूनी कार्यवाही के लिए एक प्रभावी और सुलभ विकल्प प्रदान किया है। यह सेवा विशेष रूप से छात्रों के लिए फायदेमंद साबित हुई है, जिनके पास अब अपने हितों की रक्षा करने के लिए एक भरोसेमंद रास्ता है।इस पहल के हिस्से के रूप में डीओसीए छात्र अधिकारों की वकालत करना जारी रखता है और समान मुद्दों का सामना करने वाले सभी छात्रों को त्वरित समाधान के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। विभाग कोचिंग सेंटरों से पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र-अनुकूल दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करने का भी आग्रह करता है।
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अनूपपुर । 21 फरवरी की दोपहर अनूपपुर जैतपुर मुख्य मार्ग के मध्य ग्राम पोड़ी के छुहाईटोला में अनूपपुर से विद्यालय के बच्चों को घर छोड़ने जा रही स्कूल की बस एम,पी,65जेडबी 1983 को एक बड़े ट्रेलर सीजी 04पीसी 7764 ने पीछे से ठोकर मार दी जिससे बस में बैठे 4 बच्चों को चोट आई, इस दौरान ग्रामीणों द्वारा आक्रोश व्यक्त करते हुए। घटना की जानकारी पर अनूपपुर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसरार मंसूरी,तहसीलदार अनूपपुर अनुपम पांडेय पुलिस दल के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, वहीं 108 एंबुलेंस से घायल बच्चों को उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेजा गया जहां सभी बच्चे सुरक्षित बताए गए हैं। इसी बीच मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई जिस पर यातायात निरीक्षक ज्योति दुबे द्वारा यातायात प्रारंभ कराया गया।
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भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और उनकी पत्नी धनश्री वर्मा का तलाक हो गया है। कानूनी कार्यवाही पूरी करने के बाद दोनों ने आधिकारिक तौर पर अलग होने का फैसला किया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, मामले से परिचित एक वकील ने बताया बांद्रा फैमिली कोर्ट में अंतिम सुनवाई और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हुईं ... सुनवाई के दौरान जज ने इस कपल को काउंसलिंग सेशन में शामिल होने का निर्देश दिया, जो करीब 45 मिनट तक चला। जज के पूछे जाने पर चहल और धनश्री दोनों ने पुष्टि की कि वे आपसी सहमति से तलाक चाहते हैं। बांद्रा फैमिली कोर्ट में चर्चा के बाद जज ने आधिकारिक तौर पर तलाक को मंजूरी दे दी। युजवेंद्र और धनश्री की शादी 11 दिसंबर 2020 को हुई थी। यह फैसला लेने से पहले दोनों पिछले 18 महीनों से अलग रह रहे थे। चहल और उनकी पत्नी धनश्री के तलाक की अफवाहें काफी समय से सोशल मीडिया पर चल रही थीं। हालांकि चहल और धनश्री का अभी तक ऑफिशियल बयान सामने नहीं आया है।
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चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे मैच में भारत ने बांग्लादेश को 6 विकेट से हरा दिया। दुबई स्टेडियम में मोहम्मद शमी के 5 विकेट के चलते भारत ने बांग्लादेश की पारी 228 रन पर समेट दी। जवाब में शुभमन गिल की सेंचुरी के दम पर भारत ने 46.3 ओवर में टारगेट हासिल कर लिया। गुरुवार को रिकॉर्ड्स का दिन रोहित शर्मा और मोहम्मद शमी के नाम रहा। रोहित 11 हजार वनडे रन बनाने वाले सेकेंड फास्टेस्ट प्लेयर बने। शुभमन ने 51 इनिंग में 8 वनडे शतक लगाए। बॉल के हिसाब से शमी सबसे तेज 200 वनडे विकेट लेने वाले बॉलर बन गए हैं। कोहली ने वनडे में अपने 156 कैच पूरे किए। भारतीय टीम वर्ल्ड कप 2023 फाइनल से लगातार 11 टॉस हार चुकी है। इस मामले में उन्होंने नीदरलैंड की बराबरी कर ली। टीम ने मार्च 2011 से अगस्त 2013 तक 11 टॉस हारे थे।तौहीद हृदोय पहले बांग्लादेशी बन गए हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में शतक लगाया। ओवरऑल वे छठे प्लेयर हैं, जिन्होंने भारत के खिलाफ चैंपियंस ट्रॉफी में सेंचुरी लगाई। मोहम्मद शमी भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी में पांच विकेट लेने वाले दूसरे बॉलर हैं। उनसे पहले रवींद्र जडेजा ने 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ यह कारनामा किया था।
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बड़वानी । नगर सहित पाटी विकासखंड में बिना डिग्री वाले फर्जी चिकित्सक मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे है। इसके बाद भी प्रशासन और जिम्मेदार मेडिकल महकमा फर्जी चिकित्सकों पर कार्रवाई से बच रहा है। बड़वानी शहर सहित सहित पाटी, चेरवी, बोकराटा, गंधावल, सिलावद, आदि क्षेत्रों में सैकड़ों झोलाछाप चिकित्सक बिना अनुमति अवैध क्लीनिक का संचालन कर रहे है। नर्सिंग एक्ट को ठेंगा दिखाकर कथित डॉक्टर अपनी दुकान चला रहे हैं। वे अपनी कमाई के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य महकमे सहित प्रशासन को अवैध क्लीनिक संचालन की जानकारी तो है, लेकिन वे कार्रवाई से बचते हैं। नर्मदा बचाओ आंदोलन से जुड़े राहुल यादव ने बताया कि बड़वानी और पाटी विकासखंड के हर गांव में फर्जी डॉक्टर अपनी क्लीनिक खुलेआम चला रहे है। शहरी क्षेत्रों में भी बिना लाइसेंस के कई क्लिनिक संचालित हो रहे हैं। यहां तक की फर्जी डिग्री या बिना डिग्री के आधार पर भी लोगों का उपचार किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों को जांच करने तक की फुर्सत नहीं है। अवैध रूप से संचालित किए जाने वाले अस्पतालों में इंजेक्शन और सलाइन लगाने के साथ ही गंभीर बीमारियों तक का इलाज किया जा रहा है। इस पूरे खेल में मेडिकल एसोसिएशन भी चिकित्सकों के भरोसे लाखों रुपयों की दवाई खपा अपनी कमाई करने में लगी है। मेडिकल माफिया इतना सक्रिय है कि दवाइयों मरीजों को देते समय परिणामों की चिंता नहीं की जा रही है। क्षेत्र में इन दिनों फर्जी डॉक्टरों की बाढ़ सी आ गई है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कई चिकित्सक ऐसे है जिन्होंने पढ़ाई तो बीएचएमएस या अन्य पेथी में की है, लेकिन वे मरीजों का इलाज एलोपेथिक दवाइयों से कर रहे है। इनके पास मेडिकल की डिग्री तो हो सकती है, लेकिन इनके द्वारा अन्य पेथी में इलाज किया जा रहा है। शहर के कई क्षेत्रों में खुले क्लीनिक हर छोटी और बड़ी बीमारी का इलाज कर रहे हैं। कुछ चिकित्सक तो अपने यहां लोगों को भर्ती कर इलाज भी कर रहे है। इन झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा गरीब बीमार लोगों से मनमाने रुपए ऐंठे जा रहे हैं और इनके द्वारा इंजेक्शन बोतल लगाकर गोली दवाई दी जा रही है इसकी वजह से गांव में कई लोगों को शारीरिक नुकसान भी हो रहा है। इन क्लीनिकों पर जाकर देखा तो पता चला कि उक्त झोलाछाप डॉक्टरों के पास ना तो किसी तरह की कोई डिग्री है और ना ही लाइसेंस है जब उनसे इलाज करने की डिग्री एवं लाइसेंस के संबंध में जानकारी ली तो वह कहने लगे कि उसके पास कुछ नहीं है इस प्रकार से उक्त झोलाछाप डॉक्टर लोगों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। एसडीएम भूपेंद्र रावत ने बताया कि बिना डिग्री इलाज करने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित करेंगे। वहीं डॉ मुकेश बंडोड पीएसी बोकराटा ने बताया कि हमने अभी कुछ दिन पहले ही क्लिनिको को चेक किया था और समय-समय पर हमारे द्वारा लगातार चेक किया जाता है। कुछ क्लीनिकों में अनियमितताएं पाई गई थी जिन्हें हमने बंद करने के निर्देश दिए थे मगर आपके द्वारा फिर से मामला संज्ञान में लाया गया है। हम फिर से इन क्लीनिक की जांच करेंगे। इन लोगों के पास जो डिग्री है उसके अनुसार इन लोगों को सलाइन चढ़ाने की अनुमति नहीं है।
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न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी के ओपनिंग मैच में 60 रन से हरा दिया। कराची के नेशनल स्टेडियम में पाकिस्तान ने बॉलिंग चुनी। न्यूजीलैंड ने 5 विकेट खोकर 320 रन बनाए। जवाब में पाकिस्तान टीम 47.2 ओवर में 260 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। रन चेज में बाबर आजम और फखर जमान की धीमी बल्लेबाजी पाकिस्तान की हार का बड़ा कारण बनी। न्यूजीलैंड से टॉम लैथम ने 118, विल यंग ने 107 और ग्लेन फिलिप्स ने 61 रन बनाए। विलियम ओरूर्क और कप्तान मिचेल सैंटनर ने 3-3 विकेट लिए। पाकिस्तान से खुशदिल शाह ने 69 और बाबर आजम ने 64 रन बनाए। नसीम शाह और हारिस रउफ को 2-2 विकेट मिले ... 73 रन पर 3 विकेट गिर जाने के बाद न्यूजीलैंड से विकेटकीपर टॉम लैथम बैटिंग करने उतरे। उन्होंने विल यंग और ग्लेन फिलिप्स के साथ 2 सेंचुरी पार्टनरशिप कीं। लैथम ने 118 रन बनाए और टीम का स्कोर 320 रन तक पहुंचा दिया। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला।
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मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विशेष श्रम कल्याण शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना आरम्भ की ... इस योजना में मजदूरों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जा रही है ... मध्य प्रदेश श्रम कल्याण शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजना का मकसद मजदूरों के बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति देना है। इस योजना के तहत 5वीं कक्षा से लेकर आगे तक की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति दी जा रही है । अब राज्य के छात्रों को पढ़ाई के लिए आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा क्योंकि उनकी पढ़ाई का खर्च मोहन यादव सरकार उठाएगी ... इस योजना से राज्य में बेरोजगारी कम करने में भी मदद मिलेगी। साथ ही, इस योजना से सभी बच्चों तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने में भी मदद मिल रही है ... अब राज्य के छात्रों को अपनी पढ़ाई के खर्च के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहना पड़े रहा है ... यह योजना केवल मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों के लिए है, जिनके माता-पिता श्रम कल्याण कोष अधिनियम, 1982 के अंतर्गत किसी कारखाने या संस्थान में कार्यरत हैं। एक परिवार के केवल 2 बच्चों को इसका लाभ दिया जा रहा है ... यह छात्रवृत्ति 5वीं से 12वीं, स्नातक, स्नातकोत्तर, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, PGDCA, DCA, B.E., MBBS के छात्रों को प्रदान की जा रही है ... आवेदकों को छात्र श्रम कल्याण बोर्ड के आधिकारिक छात्रवृत्ति पोर्टल पर जा कर शैक्षणिक छात्रवृत्ति आवेदन पत्र की प्रविष्टियाँ ऑनलाइन भरना हैं ...
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मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (MRUC) ने मंगलवार को इंडियन रीडरशिप सर्वे (IRS) पर एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपनी तकनीकी समिति को सर्वे के प्रश्नावली की समीक्षा करने और एक एजेंसी को शॉर्टलिस्ट करने का निर्देश दिया। हालांकि, किसी निश्चित समयसीमा के अभाव ने मीडिया और विज्ञापन उद्योग में सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे छह साल से रुके हुए अगले IRS सर्वे की समय-सीमा को लेकर संदेह बढ़ गया है। पद्म भूषण से सम्मानित होर्मुसजी एन. कामा, जो MRUC के पूर्व अध्यक्ष और मुंबई समाचार के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, ने कहा, "MRUC ने IRS को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। तकनीकी समिति को अनुसंधान के लिए प्रश्नों का मूल्यांकन करने और सर्वेक्षण करने वाली एजेंसी को शॉर्टलिस्ट करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि, इस कार्य को पूरा करने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।" इससे पहले एक्सचेंज4मीडिया ने रिपोर्ट किया था कि मीडिया मालिकों ने आगामी IRS के लिए उसी कॉस्ट-शेयरिंग फॉर्मूले को लागू करने पर सहमति जताई है, जो 2019 के सर्वेक्षण में इस्तेमाल किया गया था। 2019 में कॉस्ट का बंटवारा प्रिंट सर्कुलेशन के आधार पर तय किया गया था। लागत से जुड़ी चिंताएं आगामी सर्वे की लागत 2019 में खर्च किए गए 20 करोड़ रुपये से अधिक रहने की संभावना है, जबकि अंतिम आंकड़ा बोली प्रक्रिया के बाद तय किया जाएगा। यह वित्तीय बाधा सर्वे के लॉन्च में एक बड़ी अड़चन मानी जा रही है, खासकर तब जब आर्थिक अनिश्चितता ने अधिकांश हितधारकों को प्रभावित किया है। MRUC ने अभी तक मीडिया मालिकों के लिए उनके योगदान जमा करने की कोई समयसीमा तय नहीं की है। "भले ही धनराशि एकत्र कर ली जाए, MRUC को सर्वेक्षण एजेंसी को अंतिम रूप देने में कम से कम छह महीने लगेंगे। इसका मतलब है कि IRS वर्ष के अंत तक संभव नहीं दिखता," एक काउंसिल सदस्य ने कहा।
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भारतीय डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स अब ब्रांडेड कंटेंट को होस्ट करने के लिए नई रणनीतियां तलाश रहे हैं। यह कदम Google की मार्च 2024 की "कोर अपडेट्स और नई स्पैम पॉलिसी" के बाद उठाया जा रहा है, जिसमें सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन (SEO) रैंकिंग में पेड कंटेंट, प्रोडक्ट रिव्यू और कूपन पेजों को प्रतिबंधित कर दिया गया है। Google की नई नीति के अनुपालन में पब्लिशर्स ने पूरी तरह से कूपन पोस्ट करना बंद कर दिया है। इसके अलावा, कई उपाय किए जा रहे हैं, जैसे कि नई URL बनाना और वेबसाइट पर अलग से डील प्लेटफॉर्म तैयार करना। एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक के डिजिटल हेड ने e4m को बताया, "Google की नीति में बदलाव से पब्लिशर्स को बड़ा झटका लगा है, जिससे हमारे विज्ञापन-आधारित राजस्व मॉडल को खतरा पैदा हो गया है। हमने एक नई URL रजिस्टर की है और जल्द ही एक नई वेबसाइट लॉन्च करेंगे, जिसका डोमेन हमारे मौजूदा डोमेन से मिलता-जुलता होगा। यह विशेष रूप से सभी स्पॉन्सर्ड कंटेंट को होस्ट करने के लिए बनाई गई है।" कई न्यूज पब्लिशर्स पहले ही नई URL रजिस्टर कर चुके हैं और अपने "ब्रांड वेबसाइट्स" लॉन्च करने की प्रक्रिया में हैं, जिससे उनका एडवरटोरियल बिजनेस प्रभावित न हो, जो उनकी कुल आय का एक तिहाई हिस्सा बनाता है। एक डिजिटल पब्लिशर ने कहा, "हमने स्पॉन्सर्ड कंटेंट के लिए 'नो फॉलो, नो इंडेक्सिंग' अप्रोच अपनाई है। ब्रांडेड स्टोरीज के लिए अलग URL बनाना इस नई SEO नीति से हुए नुकसान की भरपाई करने की दिशा में हमारा पहला कदम है।" कुछ पब्लिशर्स, जैसे कि Hindustan Times, ने अपने यूजर जर्नी को फिर से डिज़ाइन किया है और अलग-अलग URL से हटकर अपने ब्रांडेड कंटेंट पर पूरा नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति अपनाई है। HT डिजिटल के सीईओ पुनीत जैन ने कहा, "हमने ब्रांड्स के साथ साझेदारी की है, जिससे हमारे रजिस्टर्ड यूजर्स को सीधे हमारी वेबसाइट पर डील्स और ब्रांडेड कंटेंट ऑफर किया जा सके। हम इस प्रोडक्ट पर लंबे समय से काम कर रहे थे और इन-हाउस ट्रांजैक्शन टेक्नोलॉजी स्टैक को भी विकसित कर रहे हैं।" Google की नई नीति e4m ने मंगलवार को रिपोर्ट किया कि भारत और वैश्विक स्तर पर डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स Google की सर्च इंडेक्सिंग नीतियों के कड़े नियमों का सामना कर रहे हैं, जिससे विज्ञापन-आधारित राजस्व मॉडल पर और खतरा मंडराने लगा है। 5 मार्च 2024 को Google ने Core Update और Spam Policies लॉन्च की, जो उसकी अब तक की सबसे लंबी और बड़ी कोर अपडेट मानी जा रही है। यह अपडेट 52 दिनों तक चली और 19 अप्रैल को समाप्त हुई। इस दौरान Google ने उन वेबसाइट्स की रैंकिंग को काफी हद तक कम कर दिया, जो SEO ऑप्टिमाइजेशन पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही थीं, बजाय इसके कि वे पाठकों को वास्तविक मूल्यवान सामग्री प्रदान करें। इसके बाद, Forbes, Wall Street Journal और CNN जैसे प्रमुख डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स की सर्च विजिबिलिटी में हाल के महीनों में भारी गिरावट आई। उद्योग के नेताओं का कहना है, "न्यूज पब्लिशर्स को निर्देश दिया गया था कि वे सभी पेड कंटेंट को हटा दें। जिन्होंने ऐसा नहीं किया, उनका कंटेंट Google द्वारा हटा दिया गया।" भारतीय न्यूज पब्लिशर्स को भी इस अपडेट के कारण बीते छह महीनों में 25-30% ट्रैफिक में गिरावट देखने को मिली है। यह खोया हुआ ट्रैफिक वैश्विक स्तर पर न्यूज पब्लिशर्स के लिए लगभग $7.5 मिलियन (लगभग 62.5 करोड़ रुपये) के बराबर है, जैसा कि Sistrix के सर्च विजिबिलिटी एनालिटिक्स में पाया गया है। यह झटका तब लगा है जब पब्लिशर्स पहले से ही AI ओवरव्यू के कारण ट्रैफिक में गिरावट से जूझ रहे थे, जिसे सर्च इंजन द्वारा प्रदान किया जाता है। हालांकि, Google के एक प्रवक्ता ने दावा किया, "मार्च 2024 कोर अपडेट और हमारी नई स्पैम पॉलिसी स्पैम की समस्या को हल करने और उपयोगकर्ताओं को बेहतरीन सर्च अनुभव प्रदान करने के हमारे निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं। हमारी नीति यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि सर्च से किसी साइट पर आने वाले यूजर्स को वही कंटेंट मिले, जिसकी उन्हें उम्मीद थी। इस नीति अपडेट ने सबसे उपयोगी सर्च रिजल्ट्स को सतह पर लाने में मदद की है और यह सुनिश्चित किया है कि सभी साइट्स को उनके कंटेंट की गुणवत्ता के आधार पर रैंक करने का समान अवसर मिले। हम प्रकाशकों के साथ मिलकर उनके दर्शकों की वृद्धि को सक्षम करने के लिए काम कर रहे हैं। GNI Indian Languages Program के तहत, पिछले दो वर्षों में 9 भाषाओं में 500+ पब्लिशर्स को सहायता प्रदान की गई, जिससे उन्होंने 32% पेज व्यूज़ और 39% डिजिटल विज्ञापन राजस्व में वृद्धि देखी।
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अपनी बेबाक पत्रकारिता के लिए मशहूर टीवी पत्रकार दीप्ति सचदेवा ने ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के अंग्रेजी न्यूज चैनल ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पिछले साल फरवरी में यहां बतौर कंसल्टिंग एडिटर जॉइन किया था। वह यहां शाम सात बजे ‘Nation Wants to Know’ शो होस्ट करती थीं। समाचार4मीडिया से बातचीत में दीप्ति सचदेवा ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगी, तब इसके बारे में बताएंगी। बता दें दि ‘टाइम्स नाउ’ से पहले दीप्ति सचदेवा लंबे समय से 'रिपब्लिक टीवी' (Republic TV) से जुड़ी हुई थीं और बतौर सीनियर एंकर/सीनियर न्यूज एडिटर अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। 'रिपब्लिक टीवी' के साथ उनकी यह दूसरी पारी थी। दीप्ति सचदेवा पूर्व में भी लगभग तीन साल तक ‘रिपब्लिक टीवी’ से जुड़ी रही थीं। वह 'रिपब्लिक टीवी' की फाउंडिंग टीम मेंबर भी रही हैं। दीप्ति सचदेवा को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। वहीं, 'टाइम्स नाउ' के साथ भी उनकी यह दूसरी पारी थी। 'रिपब्लिक टीवी' से पहले बतौर सीनियर एंकर वह करीब पांच साल तक 'टाइम्स नाउ' के साथ काम कर चुकी थीं। इसके अलावा करीब साढ़े छह साल तक वह 'एनडीटीवी' (NDTV) में एंकर/स्पेशल करेसपॉन्डेंट और करीब सवा दो साल तक 'जी न्यूज' (Zee News) में एंकर/करेसपॉन्डेंट के पद पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान दीप्ति ने Times Now की ‘इलेक्शन यात्रा’ का नेतृत्व किया, जिसमें उन्होंने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे प्रमुख राज्यों में 4500 किलोमीटर की सड़क यात्रा कर चुनावी माहौल को नजदीक से कवर किया। इस यात्रा ने भारत के राजनीतिक परिदृश्य को दर्शकों तक प्रभावी और रोचक तरीके से पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपने करियर के दौरान उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, राजनीतिक विश्लेषण और खोजी पत्रकारिता में अपनी खास पहचान बनाई है। दीप्ति सचदेवा ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) के तहत यंग प्रोफेशनल ऑफ द ईयर का खिताब भी जीत चुकी हैं। इसके अलावा भी उन्हें तमाम पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDPA) के मसौदा नियमों पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया (पब्लिक फीडबैक) की अवधि 2 मार्च 2025 तक बढ़ा दी है। पहले यह अंतिम तिथि 18 फरवरी तय की गई थी, लेकिन इंडस्ट्री जगत के हितधारकों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इस परामर्श अवधि को बढ़ाया गया है। MeitY ने 3 जनवरी को इस बहुप्रतीक्षित डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के मसौदा नियमों का अनावरण किया। यह कदम अगस्त 2023 में अधिनियम की प्रारंभिक अधिसूचना के 16 महीने बाद आया है, जो देश में व्यापक डेटा गोपनीयता कानून की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट, 2023, व्यक्तियों के अधिकारों और व्यक्तिगत डेटा को संभालने वाले व्यवसायों की जिम्मेदारियों को परिभाषित करता है। यह अधिनियम व्यक्तियों को उनके व्यक्तिगत डेटा तक पहुंचने, उसे संशोधित करने या हटाने का अधिकार देता है, जबकि व्यवसायों को डेटा प्रोसेसिंग के लिए स्पष्ट सहमति प्राप्त करनी होगी और मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे। यह अधिनियम सीमा-पार डेटा ट्रांसफर पर भी प्रतिबंध लगाता है, जिससे अनधिकृत पहुंच से डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कानून को लागू करने और शिकायतों के समाधान के लिए एक समर्पित डेटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी (DPA) स्थापित की गई है। इस अधिनियम का पालन न करने पर कंपनियों को भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि कंपनियों, ब्रांडों और विज्ञापनदाताओं को उपभोक्ताओं के डेटा तक व्यापक पहुंच प्राप्त होती है, इसलिए यह कानून डेटा गोपनीयता की सुरक्षा और वैध डेटा प्रोसेसिंग के बीच संतुलन बनाने का प्रयास करता है। यह आने वाले वर्षों में भारत के डिजिटल परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मसौदा नियमों का सबसे उल्लेखनीय पहलू चरणबद्ध कार्यान्वयन दृष्टिकोण है। डेटा प्रोटेक्शन बोर्ड (DPB) के चयन और कार्यप्रणाली से संबंधित पांच नियम तुरंत लागू होंगे, जबकि अन्य नियम बाद की तारीख में प्रभावी होंगे। यह चरणबद्ध दृष्टिकोण संगठनों को नए नियमों के अनुरूप धीरे-धीरे समायोजित करने की अनुमति देगा।
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जी मीडिया (Zee Media) ने अपनी सीनियर मैनेजमेंट टीम में दो नई नियुक्तियां की हैं। हर्ष मित्तल और संदीप जिंदल को सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल की कैटेगरी में शामिल किया गया है। हर्ष मित्तल, जो कि वर्तमान में फाइनेंस और अकाउंट्स के सीनियर मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, उन्हें अब सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल की कैटेगरी में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति रिपोर्टिंग में बदलाव के चलते की गई है। उनकी नियुक्ति 11 फरवरी 2025 से प्रभावी है। हर्ष मित्तल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और उनके पास आठ वर्षों का प्रोफेशनल अनुभव है। उन्होंने सीसीएस यूनिवर्सिटी से स्नातक किया है। इसके अलावा, संदीप जिंदल, जो वर्तमान में कॉमर्शियल हेड के पद पर कार्यरत हैं, को भी सीनियर मैनेजमेंट पर्सनल की श्रेणी में शामिल किया गया है। यह नियुक्ति भी रिपोर्टिंग में बदलाव के कारण की गई है। संदीप जिंदल की नियुक्ति 11 फरवरी 2025 से प्रभावी है। वह सप्लाई चेन मैनेजमेंट के अनुभवी पेशेवर हैं और मीडिया एंटरटेनमेंट, एफएमसीजी, आईटी एवं ब्रॉडकास्टिंग, ऑटोमोटिव, मैन्युफैक्चरिंग, पावर सेक्टर, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल तथा प्रोसेस और एनवायरनमेंट बिजनेस सहित कई क्षेत्रों में 30 वर्षों का अनुभव रखते हैं। उन्होंने नागपुर यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में स्नातक किया है और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। कंपनी ने इन नियुक्तियों को अपनी पॉलिसी के अनुरूप बताया है।
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जाने-माने टीवी पत्रकार और एंकर आशुतोष चतुर्वेदी के बारे में खबर है कि वह जल्द ही ‘एनडीटीवी’ (NDTV) समूह के साथ अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो यहां वह प्राइम टाइम एंकर के साथ ही एडिटर के पद पर अपनी भूमिका संभालेंगे। हालांकि, अभी इस खबर पर आधिकारिक रूप से मुहर लगना बाकी है। इस खबर की आधिकारिक रूप से पुष्टि के लिए समाचार4मीडिया की टीम ने ‘एनडीटीवी’ के प्रबंधन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी। बता दें कि आशुतोष चतुर्वेदी ने हाल ही में टीवी टुडे नेटवर्क से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने हिंदी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक भारत’ (Republic Bharta) को अलविदा कहकर जून 2021 में ‘आजतक’ में बतौर एसोसिएट एडिटर/एंकर जॉइन किया था।
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बहुप्रतीक्षित पिच मैडिसन ऐडवर्टाइजिंग रिपोर्ट (PMAR) 2025 आज, 12 फरवरी को मुंबई में जारी की जाएगी। इस व्यापक रिपोर्ट के 23वें संस्करण में मीडिया और ऐडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में विज्ञापन (ऐडवर्टाइजमेंट) खर्च की भविष्यवाणियों को उजागर किया जाएगा। रिपोर्ट में प्रमुख रुझानों का विश्लेषण किया जाएगा, सेक्टर-वार विकास पर प्रकाश डाला जाएगा और डिजिटल, टेलीविजन, प्रिंट और आउटडोर मीडिया सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन खर्च की भविष्यवाणी की जाएगी। PMAR को Pitch द्वारा Madison World के सहयोग से जारी किया जाता है।
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टीवी पत्रकार महिमा कटारिया ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV) को बाय बोल दिया है। वह जुलाई 2022 से इस मीडिया समूह के साथ जुड़ी हुई थीं और बतौर सीनियर करेसपॉन्डेंट इस समूह के न्यूज चैनल्स इंडिया न्यूज/न्यूजएक्स में अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। यहां पीएमओ जैसी महत्वपूर्ण बीट भी उन्हीं के पास थी। महिमा कटारिया ने अब मीडिया में अपने नए सफर की शुरुआत हिंदी न्यूज चैनल ’इंडिया डेली 24*7’ (India Daily 24*7) से की है। यहां भी बतौर सीनियर करेसपॉन्डेंट वह पीएमओ कवर करेंगी। बता दें कि महिमा कटारिया को मीडिया में काम करने का करीब दस साल का अनुभव है। इस दौरान वह विभिन्न न्यूज चैनल्स में तमाम स्टोरीज ब्रेक करने के साथ कई प्रमुख हस्तियों का इंटरव्यू भी कर चुकी हैं। इसके साथ ही राजनीतिक मामलों पर भी उनकी अच्छी पकड़ है। ‘आईटीवी नेटवर्क’ से पहले वह करीब एक साल तक ‘जी न्यूज’ (Zee News) में अपनी भूमिका निभा चुकी हैं। वहीं, इससे पहले वह ‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) में भी करीब साढ़े तीन साल तक पॉलिटिक्स कवर चुकी हैं। यही नहीं, करीब दो साल तक वह ‘Newzstreet/R Plus’ का हिस्सा भी रही हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो महिमा ने ‘दिल्ली यूनिवर्सिटी’ से सोशियोलॉजी में ऑनर्स किया है। नोएडा स्थित ‘एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज’ से सोशल वर्क्स में पोस्ट ग्रेजुएट महिमा ने ‘इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्टडीज’ (ISOMES) से टीवी प्रॉडक्शन और डायरेक्शन में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके अलावा उन्होंने हरियाणा में हिसार स्थित ‘गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है। इसके साथ ही वह मीडिया हिंदी पत्रकारिता 40अंडर40 की विजेता भी रह चुकी हैं। मीडिया की ओर से महिमा कटारिया को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
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फेसबुक की पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) ने नए AI-संचालित विज्ञापन टूल्स की एक सीरीज की घोषणा की है, जो कैंपेन प्रदर्शन को बेहतर बनाने और विज्ञापनदाताओं को अधिक व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। ये इनोवेटिव कैंपेन सेटअप प्रक्रिया को सरल बनाने, AI ऑप्टिमाइजेशन के दायरे का विस्तार करने और डेटा-संचालित अंतर्दृष्टि प्रदान करने के उद्देश्य से किए गए हैं। इन विकासों के केंद्र में एक नया सुव्यवस्थित Advantage+ कैंपेन सेटअप है, जो वर्तमान में परीक्षण में है। यह फीचर अधिक कैपेंस को उन AI ऑप्टिमाइजेशंस से लाभान्वित करने की अनुमति देता है, जिन्होंने Advantage+ शॉपिंग और ऐप कैपेंस के लिए सफलता प्राप्त की है। यह सरलीकृत सेटअप मार्केटर्स को मैन्युअल और Advantage+ शॉपिंग कैपेंस (ASC+) के बीच चयन करने की आवश्यकता को समाप्त करता है, क्योंकि अब सभी बिक्री, ऐप और लीड कैपेंस में उन्नत AI ऑप्टिमाइजेशन का लाभ उठाया जा सकता है। इन ऑप्टिमाइजेशंस के सक्रिय होने को उजागर करने के लिए, Meta Advantage+ 'ऑन' लेबल पेश कर रहा है, जो उन कैपेंस में दिखाई देगा जो Advantage+ ऑडियंस, प्लेसमेंट और कैंपेन बजट सुविधाओं का उपयोग करते हैं। प्रारंभिक परीक्षणों से संकेत मिलता है कि इस लेबल वाले कैंपेन, पिछली ASC+ कैपेंस की तुलना में समान Cost Per Action प्रदान कर रहे हैं। Meta अपने AI प्रसाद का विस्तार कर रहा है और Advantage+ लीड कैपेंस की शुरुआत कर रहा है। यह नई सुविधा पूर्ण कैंपेन स्वचालन लागू करती है ताकि AI का उपयोग करके उच्च गुणवत्ता वाले लीड्स को प्रभावी ढंग से पहचाना जा सके। प्रारंभिक परीक्षणों से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिनमें Advantage+ 'ऑन' लीड कैपेंस ने उन कैपेंस की तुलना में औसतन 10% कम लागत प्रति योग्य लीड प्रदान की है जिनमें यह सुविधा नहीं है। कंपनी Advantage+ शॉपिंग कैपेंस का नाम बदलकर Advantage+ सेल्स कैंपेन कर रही है, ताकि उन विभिन्न विज्ञापनदाताओं को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित किया जा सके जो इस प्रॉडक्ट से लाभान्वित हो सकते हैं। यह परिवर्तन ऐसे समय में आया है जब ASC+ ने 2024 की चौथी तिमाही में वर्ष-दर-वर्ष 70% वृद्धि दर्ज की है। Meta की AI प्रगति ने विज्ञापन गुणवत्ता में भी सुधार किया है। Meta Andromeda की शुरुआत के बाद से, कंपनी ने विज्ञापन गुणवत्ता में 8% सुधार देखा है, जिससे Advantage+ कैपेंस से दिखाए जाने वाले विज्ञापनों का अधिक व्यक्तिगतकरण संभव हुआ है। विज्ञापनदाताओं को उनके कैंपेन प्रदर्शन को अधिकतम करने में सहायता करने के लिए, Meta अपने अपॉर्च्युनिटी स्कोर टूल (Opportunity Score Tool) की उपलब्धता Ads Manager में बढ़ा रहा है। यह सुविधा प्रत्येक विज्ञापनदाता के लिए 0-100 अंक का एक अनूठा स्कोर प्रदान करती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उनका कैंपेन इष्टतम प्रदर्शन के लिए कितना अच्छी तरह सेट किया गया है। इस स्कोर के साथ प्रदर्शन सुधारने के लिए लगभग वास्तविक समय में सिफारिशें दी जाती हैं, जिनमें Meta के AI-सक्षम Advantage+ सुइट का उपयोग करने के सुझाव शामिल हैं। अवसर स्कोर टूल के प्रारंभिक परीक्षणों ने आशाजनक परिणाम दिखाए हैं। जिन विज्ञापनदाताओं ने सिफारिशों को अपनाया, उन्होंने अपने प्रति परिणाम लागत में 5% की औसत कमी देखी। Meta अब इस परीक्षण का विस्तार अधिक व्यवसायों तक कर रहा है, जिसमें प्रारंभिक सेट की कैंपेन सिफारिशें शामिल हैं जो शोध के माध्यम से प्रदर्शन बढ़ाने में प्रभावी साबित हुई हैं। आने वाले हफ्तों में, परीक्षण समूह के कुछ विज्ञापनदाताओं को अवसर स्कोर सिफारिशें Meta Advantage+ सेटअप के साथ दिखाई देंगी। इस संयोजन का उद्देश्य मार्केटर्स को उनके कैपेंस को बनाने, प्रबंधित करने और संचालित करने के लिए एक अधिक शक्तिशाली आधार प्रदान करना है। ये नए टूल और सुविधाएं Meta के विज्ञापन में AI के उपयोग को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा हैं। कंपनी के सबसे उन्नत AI समाधान उद्योग मानक बन गए हैं, जो मार्केटर्स को कैंपेन प्रदर्शन को अधिकतम करने में मदद कर रहे हैं, जिससे विज्ञापनों को उन लोगों तक पहुंचाया जा सके जो सबसे अधिक क्रिया करने की संभावना रखते हैं और वह भी सबसे कुशल मूल्य पर। जैसे-जैसे Meta AI-संचालित विज्ञापन क्षेत्र में नवाचार करता रहेगा, ये नई सुविधाएं और टूल विज्ञापनदाताओं को अपने लक्षित दर्शकों तक अधिक कुशल और प्रभावी तरीकों से पहुंचने और अपने मार्केटिंग लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करेंगे। Meta AI ऑप्टिमाइजेशन तक आसान पहुंच को अधिक व्यक्तिगत कैंपेन सिफारिशों के साथ जोड़कर, विज्ञापनदाताओं को अपने कैपेंस से बेहतर परिणाम प्राप्त करने के लिए सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता है। इन नए AI-संचालित विज्ञापन टूल्स की शुरुआत, कैंपेन प्रदर्शन में सुधार लाने और बेहतर परिणाम देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता की शक्ति का उपयोग करने के Meta के समर्पण को दर्शाती है। जैसे-जैसे ये सुविधाएं अधिक विज्ञापनदाताओं के लिए उपलब्ध होंगी, डिजिटल विज्ञापन परिदृश्य में अधिक AI-संचालित, व्यक्तिगत और कुशल कैंपेन प्रबंधन रणनीतियों की ओर बदलाव देखने को मिलेगा।
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डीडी फ्री डिश (DD Free Dish) से प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स के बाहर निकलने की अटकलों के बीच, सोमवार को MPEG-2 ई-नीलामी के पहले ही दिन कई जनरल एंटरटेनमेंट चैनल्स (GECs) ने फ्री-टू-एयर (FTA) प्लेटफॉर्म पर अपने स्लॉट सुरक्षित कर लिए। JioStar के Colors Rishtey, Zee Entertainment के Zee Anmol, Sony के Sony Pal और Sun TV के Sun Neo ने इस नीलामी में स्लॉट हासिल किए। Zee Anmol, Sony Pal और Colors Rishtey ने DD Free Dish पर एक-एक स्लॉट लिया है। हाल ही में जारी नए RIOs (Reference Interconnect Offer) में इन चैनल्स को "पे चैनल" के रूप में वर्गीकृत किया गया था। सूत्रों के अनुसार, सार्वजनिक सेवा प्रसारक प्रसार भारती ने Bucket A+ कैटेगरी के स्लॉट की बिक्री से पहले दिन ही 50 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की है। इस कैटेगरी में हिंदी/उर्दू GEC चैनल शामिल हैं। ये स्लॉट 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 की अवधि के लिए आवंटित किए गए हैं, जिसके लिए प्रसार भारती ने जनवरी में आवेदन आमंत्रित किए थे। नीलामी मंगलवार को भी जारी रही और पहले दिन की कमाई पिछले साल की पहली-दिन की कमाई से अधिक रही। सूत्रों के अनुसार, Sony Pal ने 18.55 करोड़ रुपये, Colors Rishtey ने 18.35 करोड़ रुपये और Sun Neo ने 18.5 करोड़ रुपये में स्लॉट हासिल किए। Zee Entertainment ने Zee Anmol के लिए 18.55 करोड़ रुपये का भुगतान किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल की शुरुआती स्लॉट नीलामी ने पिछले साल की तुलना में 20% अधिक प्रीमियम हासिल किया, जबकि बेस प्राइस 15 करोड़ रुपये रखा गया था। Bucket A+ में हिंदी और उर्दू के GEC चैनल शामिल होते हैं, जबकि Bucket A में इन्हीं भाषाओं के मूवी चैनल होते हैं। Bucket B में हिंदी और उर्दू के म्यूजिक और स्पोर्ट्स चैनल, भोजपुरी भाषा के चैनल और वे अन्य हिंदी/उर्दू चैनल शामिल होते हैं जो अन्य कैटेगरीज में नहीं आते। Bucket C में हिंदी और उर्दू के न्यूज और करंट अफेयर्स चैनल आते हैं। Bucket D में धार्मिक, आध्यात्मिक या आयुष चैनल, मराठी और पंजाबी चैनल, अंग्रेजी न्यूज और करंट अफेयर्स चैनल, और वे क्षेत्रीय भाषा के चैनल शामिल होते हैं (हिंदी, उर्दू, मराठी और पंजाबी को छोड़कर) जो नए लॉन्च किए गए हैं या दोबारा लॉन्च किए गए हैं और विशिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं। Bucket R में हिंदी, उर्दू, मराठी और पंजाबी के अलावा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल शामिल होते हैं, बशर्ते वे परिचालन और प्लेटफॉर्म पात्रता आवश्यकताओं को पूरा करते हों। इस वर्गीकरण का उद्देश्य विभिन्न जॉनर्स और भाषाई समूहों में चैनल्स के लिए संतुलित और व्यवस्थित आवंटन सुनिश्चित करना है। पहले ऐसी अटकलें थीं कि Star, Sony और Colors जैसे प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स DD Free Dish से अपने चैनल हटाने की योजना बना रहे थे। इसका कारण TRAI के नए टैरिफ नियमों को लेकर विवाद था। TRAI के 8 जुलाई के नियम के अनुसार, यदि कोई पे-टीवी चैनल DD Free Dish जैसे फ्री प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है, तो उसे सभी प्लेटफॉर्म्स पर फ्री-टू-एयर (FTA) बनना होगा। ब्रॉडकास्टर्स ने इस नियम को चुनौती दी थी, लेकिन TDSAT ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिससे इस नियम का पालन अनिवार्य हो गया।
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एफएम चैनल 'रेडियो मिर्ची' (Radio Mirchi) की संचालन कंपनी एंटरटेनमेंट नेटवर्क इंडिया लिमिटेड (ENIL) ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 158.89 करोड़ रुपये का समेकित राजस्व (consolidated revenue) दर्ज किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही के 160.60 करोड़ रुपये के मुकाबले 4.7% कम है। कंपनी के शुद्ध लाभ में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो सालाना आधार पर 61% घटकर 9.26 करोड़ रुपये रह गया। वित्त वर्ष 2023-24 की समान तिमाही में यह आंकड़ा 23.94 करोड़ रुपये था। हालांकि, कंपनी ने पिछली तिमाही (Q2) में 4 करोड़ रुपये के नुकसान के बाद इस तिमाही (Q3) में मुनाफा कमाने में सफलता हासिल की है। ENIL के अनुसार, "कंपनी का डिजिटल बिजनेस, जिसमें Gaana भी शामिल है, मजबूत प्रदर्शन कर रहा है। Q3FY25 में डिजिटल से 15.4 करोड़ रुपये की आय हुई, जो रेडियो से होने वाले कुल राजस्व का 26% है। यह Q3FY24 में 13.4% था, जो दर्शाता है कि नए Gaana प्रोडक्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है।" ENIL के CEO, यतीश महर्षि ने कहा, "Q3FY25 रेडियो इंडस्ट्री के लिए चुनौतीपूर्ण रहा, जिससे रेडियो विज्ञापन से होने वाली आय प्रभावित हुई। हालांकि, हमें Gaana के नए वर्जन की शानदार प्रतिक्रिया मिली, जिससे डिजिटल राजस्व में तेजी से वृद्धि हुई। इसके अलावा, हमारी एक्सपीरियंस आधारित सेवाओं की लोकप्रियता और ब्रैंड पार्टनर्स के साथ बेहतरीन सॉल्यूशंस ने हमारे एक्सपीरिएंशियल बिजनेस में 21% की वृद्धि की है।" उन्होंने आगे कहा, "Gaana के उन्नत प्रोडक्ट एक्सपीरियंस और रणनीतिक प्राइसिंग की बदौलत ग्राहक तेजी से इसे अपना रहे हैं। इससे हमें डिजिटल स्पेस में अपनी मजबूती बढ़ाने का भरोसा मिला है। हम इनोवेशन, विस्तार और स्थायी वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध हैं और रेडियो, डिजिटल और नॉन-एफसीटी सेगमेंट में अपने अनुभव का लाभ उठाकर दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करेंगे।"
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क्विंट डिजिटल लिमिटेड (Quint Digital Limited) ने अपनी हिंदी वेबसाइट 'क्विंट हिंदी' (Quint Hindi) और इसका YouTube चैनल बेच दिया है, जिसमें स्थायी कंटेंट लाइसेंस और अन्य मान्यता प्राप्त संपत्तियां भी शामिल हैं। कंपनी द्वारा स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी के मुताबिक, सेबी ने इस डील पर विचार करते हुए अपनी मंजूरी दे दी है। Quint के हिंदी YouTube चैनल को Shvaas Creations Private Limited को 39.5 लाख रुपये (सटीक राशि 39,52,326 रुपये) में बेचा गया है, जिसमें लागू टैक्स अलग से जोड़े जाएंगे। दिसंबर 2024 में कंपनी ने एक्सचेंजो को जानकारी दी थी कि Quint Hindi को लेकर जो भी एक्टिविटीज हैं, वे 31 मार्च 2025 तक पूरी तरह क्लोज कर दी जाएंगी। Shvaas Creations को 17 दिसंबर 2024 को वानी बिष्ट और शैलेश चतुर्वेदी द्वारा पंजीकृत किया गया था। यह कंपनी 'Kisan India' ब्रैंड नाम के तहत एक ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की योजना बना रही है। डील की शर्तों के अनुसार, Quint Digital Limited, Shvaas में 77.5% हिस्सेदारी भी खरीदेगा। इस कारण Shvaas, Quint Digital की सहायक कंपनी बन जाएगी। हाल ही में, Quint Digital ने एक अमेरिकी कंपनी Lee Enterprises में 8.4% की हिस्सेदारी खरीदी है। यह निवेश 5.49 मिलियन अमेरिकी डॉलर में किया गया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, Quint Digital ने कुल 5,13,000 शेयर खरीदे हैं। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में, Quint Digital की बैलेंस शीट में कुल राजस्व 85.12 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो कि पिछले वर्ष की समान तिमाही के 157.65 करोड़ रुपये से 46% की गिरावट को दर्शाता है। डिजिटल पब्लिकेशन का कुल आय का आंकड़ा 159.78 करोड़ रुपये पर पहुंचा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के 220.31 करोड़ रुपये से 27% की गिरावट दर्शाता है। वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में कंपनी का कुल घाटा 31.54 करोड़ रुपये रहा। यह घाटा पिछली तिमाही के मुकाबले बढ़ गया है, क्योंकि 30 सितंबर 2024 को समाप्त तिमाही में कंपनी को 7.9 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
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टेक दिग्गज 'मेटा' आज 10 फरवरी को अपने कार्यबल के 5% यानी अनुमानित 3,000 एम्प्लॉयीज की छंटनी करने की तैयारी में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेटा की ह्यूमन रिसोर्सेज (HR) की वाइस प्रेजिडेंट जेनेल गेल ने इस बारे में कंपनी के इंटर्नल पोर्टल पर जानकारी साझा की है। मेमो के अनुसार, प्रभावित एम्प्लॉयीज को ईमेल के जरिए उनकी नौकरी की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा। सूचना मिलने के एक घंटे के भीतर उनकी कंपनी की सिस्टम्स तक पहुंच बंद कर दी जाएगी। गेल ने सेवरेंस पैकेज (छंटनी के बाद मिलने वाले लाभ) से जुड़ी जानकारी भी साझा की है। इनमें से कुछ पद भविष्य में दोबारा भरे जाएंगे, लेकिन इसके लिए कोई स्पष्ट समयसीमा नहीं बताई गई है। जिन एम्प्लॉयीज के मैनेजर्स की छंटनी होगी, उन्हें नए रिपोर्टिंग हेड्स असाइन किए जाएंगे। मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग पहले ही परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड्स का हवाला देते हुए संभावित छंटनी के संकेत दे चुके थे।
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जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (Zee Media Corporation Limited) में चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CTO) विजयंत कुमार के बारे में कुछ समय से मीडिया इंडस्ट्री में चर्चाएं थीं कि वह यहां से अपनी ढाई दशक से ज्यादा पुरानी पारी को विराम देकर जल्द ही ‘इंडिया टुडे’ (India Today) समूह जॉइन करने जा रहे हैं। हालांकि, मीडिया इंडस्ट्री में चल रही इस तरह की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। दरअसल, इंडिया टुडे समूह की ओर से ‘बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज’ (BSE) और ‘नेशनल स्टॉक एक्सचेंज’ (NSE) को एक फरवरी 2025 को भेजे गए पत्र में सूचित किया गया है कि विजयंत कुमार उनके समूह से जुड़ने नहीं जा रहे हैं। ‘टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड’ (T.V. Today Network Limited) के ग्रुप हेड ( सेक्रेटेरियल और कंपनी सेक्रेटरी) आशिष सभरवाल की ओर से इस संबंध में पत्र भेजा गया है। वहीं, विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो इसके पीछे की वजह यह है कि ‘जी मीडिया’ ने विजयंत कुमार को समूह स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देने यानी जी टेलीफिल्म्स में भी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर बनाने की पेशकश की है। हालांकि, इस बारे में किसी भी तरह की पुष्टि नहीं हुई है। समाचार4मीडिया ने इस संबंध में विजयंत कुमार से वास्तविक स्थिति जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। बता दें कि विजयंत कुमार 25 साल से ज्यादा समय से ‘जी मीडिया’ के साथ जुड़े हुए हैं। वह यहां करीब छह साल से चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व में वह यहां पर वाइस प्रेजिडेंट (टेक्नोलॉजी), हेड (आईटी सर्विस) जैसे प्रमुख पदों पर भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। ‘महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी’ से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट विजयंत कुमार ‘जी मीडिया’ से पहले ‘टीम कंप्यूटर्स’ (Team Computers) में सीनियर मैनेजर (टेक्निकल सपोर्ट) के पद पर भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।
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गायत्री यादव ने रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में ग्रुप चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) और स्ट्रैटजिक इनिशिएटिव्स की एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (EVP) के रूप में पदभार संभाल लिया है। वह इस भूमिका में चेयरमैन ऑफिस से जुड़ी हैं और अपने साथ तीन दशकों से अधिक का मार्केटिंग, ब्रैंड मैनेजमेंट और कंज्युमर स्ट्रैटजी का अनुभव लेकर आई हैं। इस भूमिका में वह मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, ईशा अंबानी, आकाश अंबानी, अनंत अंबानी और कार्यकारी समिति (EC) के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर काम करेंगी, ताकि ब्रांड प्रभाव को बढ़ाया जा सके, इनोवेशन को प्रोत्साहित किया जा सके और कंज्युमर्स के साथ संबंधों को और गहरा किया जा सके। रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़ने से पहले, गायत्री यादव Peak XV Partners (पहले Sequoia Capital India & SEA) में चीफ मार्केटिंग ऑफिसर के रूप में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने फर्म की ब्रैंड और कम्युनिकेशन स्ट्रैटजी को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे पहले, वह Sequoia Capital India & SEA में CMO थीं, जहां उन्होंने स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए ब्रैंड पोजिशनिंग और थॉट लीडरशिप को आगे बढ़ाया। गायत्री यादव ने अपने नई भूमिका की घोषणा एक लिंक्डइन पोस्ट के माध्यम से की। उनके विस्तृत करियर में स्टार टीवी नेटवर्क में आठ वर्षों की महत्वपूर्ण भूमिका भी शामिल है, जहां उन्होंने कंज्युमर स्ट्रैटजी और इनोवेशन की प्रेजिडेंट और मार्केटिंग व कम्युनिकेशंस की ईवीपी जैसी महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाईं। इसके अलावा, उन्होंने जनरल मिल्स और प्रॉक्टर&गैम्बल में भी सीनियर मार्केटिंग भूमिकाओं में कार्य किया है। कॉर्पोरेट यात्रा से परे, गायत्री यादव सामाजिक प्रभाव से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं। वह पानी फाउंडेशन, यूनाइटेड वे मुंबई और PRS लेजिस्लेटिव रिसर्च के बोर्ड में अपनी सेवाएं दे रही हैं। अपनी नई भूमिका के बारे में यादव ने लिंक्डइन पर लिखा, "रिलायंस की फिलॉसफी है- 'ग्रोथ इज लाइफ', जो सभी प्रगति का मूल आधार है। जीवन में हर चीज को विकास की प्रवृत्ति से जोड़ा जा सकता है– व्यक्तिगत, आध्यात्मिक, आर्थिक, सामाजिक और पारलौकिक। मुझे इस अवसर के लिए विनम्रता और उत्साह महसूस हो रहा है कि मैं अपने देश के लिए विकास और प्रभाव बढ़ाने में योगदान दे सकूं। भारत के लिए जो अच्छा है, वही रिलायंस के लिए भी अच्छा है। मैं सभी स्टेकहोल्डर्स, पार्टनर्स और पूरी टीम के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर विकास और प्रभाव लाने के लिए तत्पर हूं।"
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) के साथ मिलकर 'ट्रुथटेल हैकाथॉन' चैलेंज की घोषणा की है। यह हैकाथॉन, वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) 2025 के क्रिएट इन इंडिया चैलेंज (CIC) के सीजन 1 का हिस्सा है। यह चैलेंज लाइव ब्रॉडकास्टिंग में गलत सूचना से निपटने के लिए एआई-संचालित समाधान विकसित करने के उद्देश्य से अग्रणी पहल है। धोखाधड़ी को हैक करना आज के तेज-तर्रार मीडिया परिवेश में, खास तौर पर लाइव प्रसारण के दौरान गलत सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। वास्तविक समय में झूठी सूचना का पता लगाना प्रसारकों, पत्रकारों और दर्शकों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण चुनौती है। 10 लाख रुपए के पुरस्कार पूल के साथ, हैकाथॉन डेवलपर्स, डेटा वैज्ञानिकों और मीडिया पेशेवरों से वास्तविक समय में गलत सूचना का पता लगाने और तथ्य सत्यापन के लिए एआई-संचालित उपकरण बनाने का आह्वान करता है। जीतने वाली टीमों को प्रमुख तकनीकी पेशेवरों से नकद पुरस्कार, मेंटरशिप के अवसर और इनक्यूबेशन सहायता मिलेगी। वैसे बता दें कि अब तक हैकाथॉन में जबरदस्त रुचि देखी गई है, विश्व स्तर पर 5,600 से अधिक पंजीकरण हुए हैं, जिनमें 36% भागीदारी महिलाओं की है। मुख्य उद्देश्य: ० लाइव प्रसारण में सूचना का वास्तविक समय पर पता लगाने और सत्यापन के लिए एआई-संचालित उपकरण विकसित करना। ० मीडिया परिदृश्य में विश्वास और पारदर्शिता बढ़ाना। ० समाचार रिपोर्टिंग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक उपयोग को बढ़ावा देना। हैकाथॉन चरण और प्रमुख तिथियां: ० प्रोटोटाइप जमा करने की अंतिम तिथि: 21 फरवरी 2025 ० अंतिम प्रस्तुतियाँ: मार्च 2025 के अंत में ० विजेताओं का प्रदर्शन: वेव्स शिखर सम्मेलन 2025 अधिक जानकारी और पंजीकरण के लिए, इस लिंक पर क्लिक करें: https://icea.org.in/truthtell/
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BARC (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, 28 दिसंबर 2024 से 24 जनवरी 2025 तक के 4 हफ्तों के रोलिंग एवरेज में भारतीय न्यूज़ चैनलों की रिलेटिव शेयर रेटिंग्स में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इन आंकड़ों में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि News Nation चैनल, जो कभी नंबर वन का दावेदार हुआ करता था, अब नंबर टेन यानी नीचे से पहले स्थान पर पहुंच गया है। News18 India ने 14.1% रिलेटिव शेयर के साथ अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। Aaj Tak 12.7% के साथ दूसरे स्थान पर कायम है। Republic Bharat ने 0.1% की बढ़त के साथ अपना शेयर 10.6% कर लिया है, जबकि India TV 0.1% की गिरावट के साथ 10.6% पर पहुंच गया है। TV9 Bharatvarsh ने भी 0.1% की बढ़त दर्ज की है और अब इसका शेयर 10.2% हो गया है। News Nation चैनल ने 0.1% की गिरावट के साथ अपना शेयर 4.9% कर लिया है, जो इसे नीचे से पहले स्थान (नंबर टेन) पर पहुंचा देता है। NDTV India ने भी 0.1% की मामूली बढ़त दर्ज की है और अब इसका शेयर 2.0% है। एनसीसीएस एबी मेल 22+ (टार्गेट ग्रुप) के लिए रेटिंग्स: News18 India ने 0.2% की बढ़त के साथ अपना शेयर 13.9% कर लिया है। Aaj Tak 12.9% और Republic Bharat 11.4% के साथ आगे बढ़े हैं। India TV ने 0.2% की गिरावट के साथ अपना शेयर 10.9% कर लिया है। Times Now Navbharat ने 0.2% की गिरावट दर्ज की है, जबकि ABP News ने 0.1% की बढ़त के साथ अपना शेयर 6.2% कर लिया है। News Nation चैनल ने 0.1% की गिरावट के साथ अपना शेयर 4.7% कर लिया है, जो इसे इस टार्गेट ग्रुप में भी निचले स्थानों पर पहुंचा देता है। निष्कर्ष:न्यूज़ चैनलों की टीआरपी रेस में News18 India और Aaj Tak जैसे चैनलों का दबदबा बना हुआ है, जबकि Republic Bharat और TV9 Bharatvarsh जैसे चैनलों ने अपनी पकड़ मजबूत की है। वहीं, News Nation चैनल का पतन चिंताजनक है, जो कभी नंबर वन का दावेदार हुआ करता था, अब नंबर टेन पर पहुंच गया है। स्रोत: BARC, HSM, TG: NCCS 15+, TB: 0600Hrs to 2400Hrs, Screen: TV, Wk 03’2025 (28th Dec’24 to 24th Jan’25)। देखें पूरा डेटा- 4 Week rolling average Relative Share: Source: BARC, HSM, TG:NCCS 15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs,Screen : TV, Wk 03’2025 (28th Dec’24 to 24th Jan’25) News18 India 14.1 sameAaj Tak 12.7 sameRepublic Bharat 10.6 up 0.1India TV 10.6 dn 0.1TV9 Bharatvarsh 10.2 up 0.1Zee News 9.3 dn 0.1Times Now Navbharat 8.3 dn 0.1ABP News 6.2 dn 0.1Good News Today 6.1 up 0.1News 24 4.9 sameNews Nation 4.9 dn 0.1NDTV India 2.0 up 0.1 TG: NCCS AB Male 22+News18 India 13.9 up 0.2Aaj Tak 12.9 up 0.1Republic Bharat 11.4 up 0.1India TV 10.9 dn 0.2TV9 Bharatvarsh 10.5 up 0.1Zee News 9.7 sameTimes Now Navbharat 8.4 dn 0.2ABP News 6.2 up 0.1News 24 4.8 dn 0.1News Nation 4.7 dn 0.1Good News Today 4.6 dn 0.1NDTV India 2.0 same
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न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने आजतक, इंडिया टुडे और न्यूज18 इंडिया के कुछ कार्यक्रमों पर सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें अपने कंटेंट में संवेदनशीलता और निष्पक्षता बनाए रखने का निर्देश दिया है। अथॉरिटी ने इन चैनलों के कार्यक्रमों में एलजीबीटीक्यू+ समुदाय और अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग को लेकर की गई टिप्पणियों को अनुचित पाया है और संबंधित प्रसारणों के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का आदेश दिया है। आजतक और इंडिया टुडे के सुधीर चौधरी को मिली चेतावनी NBDSA ने आजतक और इंडिया टुडे चैनल के तीन कार्यक्रमों में एंकर सुधीर चौधरी की टिप्पणियों को गंभीरता से लिया। इन कार्यक्रमों में शामिल हैं: ब्लैक एंड वाइट (19 अप्रैल, 2023): इस एपिसोड में सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह पर चल रही सुनवाई के दौरान एंकर की टिप्पणियों को समुदाय की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला पाया गया। सीधी बात (22 अप्रैल, 2023): इस यूट्यूब कार्यक्रम में तत्कालीन कानून मंत्री किरेन रिजिजू के साथ बातचीत के दौरान एंकर ने कुछ न्यायिक टिप्पणियों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और “यह देश किसी के बाप का नहीं है” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इंडिया टुडे कर्नाटक राउंडटेबल: इस कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह के साथ चर्चा के दौरान समलैंगिक विवाह पर विवादास्पद टिप्पणियां की गईं। NBDSA ने चैनल को सात दिनों के भीतर इन कार्यक्रमों के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का निर्देश दिया है और एंकर को भविष्य में अधिक जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करने की सलाह दी है। न्यूज18 इंडिया की एंकर रुबिका लियाकत को भी निर्देश NBDSA ने न्यूज18 इंडिया की एंकर रुबिका लियाकत द्वारा संचालित 28 मार्च, 2023 की एक बहस को लेकर भी आपत्ति जताई। यह बहस दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के एक सप्ताह बाद प्रसारित हुई थी। अथॉरिटी के अनुसार, इस बहस के दौरान अदालती कार्यवाही की रिपोर्टिंग के तय मानकों का उल्लंघन हुआ। NBDSA ने पाया कि बहस में लियाकत ने केजरीवाल को दोषी ठहरा दिया, जबकि मामला अदालत में विचाराधीन था। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री का बचाव करते समय संयम नहीं बरता और पैनलिस्ट के साथ तर्क-वितर्क किया। शिकायतकर्ता, पुणे स्थित तकनीकी विशेषज्ञ और कार्यकर्ता इंद्रजीत घोरपड़े ने चैनल पर पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि बहस के दौरान भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के इस दावे का समर्थन किया गया कि “अदालत ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को दोषी पाया है, इसलिए उन्हें जमानत नहीं दी गई।” जबकि यह बयान भ्रामक था। NBDSA ने न्यूज18 इंडिया को भी सात दिनों के भीतर इस बहस के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने का आदेश दिया और एंकर को भविष्य में अधिक पेशेवर व निष्पक्ष रहने की हिदायत दी। NBDSA का सख्त संदेश NBDSA के चेयरपर्सन और रिटायर्ड जस्टिस ए.के. सीकरी ने कहा कि पत्रकारों और एंकरों को कानूनी प्रक्रियाओं और संवेदनशील मुद्दों की रिपोर्टिंग में संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाना और अदालती कार्यवाही की गलत व्याख्या करना पत्रकारिता की मूल भावना के खिलाफ है। इस फैसले से स्पष्ट संकेत मिलता है कि न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग में निष्पक्षता, तटस्थता और जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। न्यूज18 राजस्थान को भी हटाने होंगे वीडियो एनबीडीएसए ने न्यूज़18 राजस्थान को तिरुपति विवाद से जुड़ा वीडियो हटाने का आदेश दिया है। यह वीडियो सितंबर 2024 में प्रसारित हुआ था, जिसमें स्वामी दीपांकर ने दावा किया था कि तिरुपति प्रसाद में कांग्रेस द्वारा गौमांस मिलाया गया। एनबीडीएसए ने पाया कि इंटरव्यू मुद्दे से भटकाने वाला था और सनातन धर्म की मनमुताबिक व्याख्या का मंच बना। पुणे के एक्टिविस्ट इंद्रजीत घोरपड़े की शिकायत पर 28 जनवरी 2025 को यह आदेश जारी हुआ। संस्था ने ब्रॉडकास्टर्स को भविष्य में दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी और स्पष्ट किया कि तथ्य, मत और टिप्पणी को अलग रखा जाए। न्यूज़18 राजस्थान द्वारा किए गए बदलावों को असंतोषजनक मानते हुए सभी प्लेटफॉर्म से 7 दिनों में वीडियो हटाने के निर्देश दिए गए।
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दैनिक भास्कर डिजिटल को लोकल डेस्क पर अंग्रेजी पत्रकारों की तलाश है. कामकाज का लोकेशन अहमदाबाद रहेगा. पत्रकारिता/मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएट होने के साथ 2 साल से ज्यादा का अनुभव होना जरूरी है. कैंडिडेट में न्यूज सेंस हो, प्रूफ रीडिंग गुजराती भाषा से अंग्रेजी में ट्रांसलेट करने का हुनर हो. इच्छुक उम्मीदवार sajal.jain@dbdigital.in पर बायोडाटा भेजकर अप्लाई कर सकते हैं. देखें विज्ञापन..
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द संडे गार्जियन फांउडेशन की चेयरपर्सन डॉक्टर ऐश्वर्या पंडित शर्मा ने एक किताब संपादित की है जिसका नाम है- 'इंडियन रेनेसां, द मोदी डिकेड' ('Indian Renaissance: The Modi Decade') इस किताब का विमोचन दिल्ली के एनडीएमसी सेंटर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल भी मौजूद रहे। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने पीएम मोदी के किए कामों की तारीफ की। गृह मंत्री ने कहा कि मोदी राज में नए भारत की नई तस्वीर सामने आई है। अमित शाह ने आगे कहा कि जब 2014 में पीएम मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने तो उसी समय देश को अंग्रेजियत से आजादी मिली। इन 10 वर्षों में कई सेक्टरों में सुधार हुए। जब पूरी दुनिया कोरोना की मार झेल रही थी तो भारत में सबसे अच्छा प्रबंधन हुआ। जो लोग ताली और थाली पर निशाना साध रहे थे उन पर गृह मंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि ताली और थाली से बजाने से ही देश एकजुट हुआ। ये पीएम मोदी की अपील का असर था कि लोग अपने घरों में ही रहे। इसके बाद गृह मंत्री शाह ने इस बात पर जोर दिया कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा और युवाशक्ति के दम पर भारत दुनिया का नंबर एक राष्ट्र बनेगा। इसके लिए विकास के साथ साथ विरासत को भी केंद्र में लाएंगे।
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एमेजॉन एमएक्स प्लेयर स्ट्रीमनेक्स्ट 2025 (Amazon MX Player Streamnext 2025) इवेंट में WPP के फाउंडर और एस4 कैपिटल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन मार्टिन सोरेल ने कहा कि डिजिटल परिदृश्य जटिल होने के बजाय अब सरल हो गया है। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाली तीन प्रमुख भू-राजनीतिक घटनाओं को रेखांकित किया। सोरेल ने भविष्यवाणी की कि अमेरिका और चीन के संबंध और अधिक टूटते रहेंगे, क्योंकि चीन BRICS देशों और ग्लोबल साउथ के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ा रहा है। दूसरी बात, उन्होंने इस संदेह को जताया कि रूस-यूक्रेन संघर्ष में कोई समझौता व्लादिमीर पुतिन की व्यापक रणनीति को बदलेगा। उनका मानना है कि पूर्वी यूरोप दबाव में बना रहेगा। तीसरी बात, उन्होंने मध्य पूर्व को लेकर सतर्क आशावाद व्यक्त किया और कहा कि अगर गाजा और वेस्ट बैंक में शासन से जुड़े मुद्दों का हल निकलता है, तो इजरायल और सऊदी अरब के बीच संबंध बेहतर हो सकते हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, सोरेल ने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास मजबूत बना हुआ है, हालांकि इसकी गति धीमी है। खासतौर पर भारत की स्थिति अलग है, जहां आर्थिक विकास दर 6-8% रहने की संभावना है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह लगभग 3% बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति उम्मीद से अधिक जटिल साबित हो रही है, जिससे ब्याज दरें अनुमान से अधिक समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने कथित तौर पर संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी पर संसदीय स्थायी समिति को सूचित किया है कि वह प्रमुख मीडिया कानूनों में संशोधन के लिए एक मसौदा प्रस्ताव अगले 15 दिनों में पेश करेगा।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जानकारी MIB ने शुक्रवार को हुई एक बैठक के दौरान ने निशिकांत दुबे की अगुवाई वाली समिति को दी।अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों का उद्देश्य मीडिया नियमन को सख्त बनाना है, जिसमें फेक न्यूज, पेड न्यूज, मीडिया में सनसनीखेज रिपोर्टिंग और पत्रकारों द्वारा झेली जा रही चुनौतियों जैसी चिंताओं को दूर करने पर ध्यान दिया जाएगा।इस सत्र के दौरान, समिति ने मीडिया से संबंधित विभिन्न कानूनों के प्रवर्तन की समीक्षा की, जिनमें प्रेस और रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स (PRP) अधिनियम 2023, सिनेमैटोग्राफ (संशोधन) अधिनियम 2023, केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम 1995 और प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम 1990 शामिल हैं।
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HT Digital में फैज रहमान को वाइस प्रेजिडेंट व ऐड रेवेन्यू का हेड नियुक्त किया गया है। उन्होंने पिछले साल दिसंबर में इस पद का कार्यभार संभाला। इस नियुक्ति की जानकारी रहमान ने खुद LinkedIn पोस्ट के जरिए साझा की। अपने पोस्ट में रहमान ने लिखा, "HT Digital में वाइस प्रेजिडेंट व ऐड रेवेन्यू के हेड के रूप में मेरा ध्यान डिजिटल ऐड सेल्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर केंद्रित है। हमारी टीम अपने सामूहिक अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करके राजस्व लक्ष्यों को लगातार पार करने का प्रयास करेगी।" उन्होंने आगे कहा, "हमारी रणनीति का मुख्य आधार बिक्री और नए व्यवसाय विकास के लिए एक परामर्शात्मक दृष्टिकोण है, जिससे प्रत्येक अभियान हमारे ग्राहकों के लिए मूल्य प्रदान करे और उपभोक्ताओं को प्रभावित करे। इससे भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र में HT Digital की निरंतर बढ़त सुनिश्चित होगी।" इससे पहले, फैज रहमान Paytm Ads में वाइस प्रेजिडेंट व सेल्स हेड के रूप में कार्यरत थे। अपने करियर में उन्होंने Hotstar और ICICI Bank के साथ भी काम किया है।
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नोएडा स्थित फिल्म सिटी से करीब तीन साल पहले शुरू हुए हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज इंडिया’ (News India) को लेकर इन दिनों मीडिया गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। इन चर्चाओं का कारण है, इस चैनल के बेचे जाने की खबरें। इंडस्ट्री से जुड़े अंदरखाने के सूत्रों के अनुसार, ‘न्यूज इंडिया’ चैनल को बेचे जाने की डील फाइनल हो गई है। बताया जा रहा है कि इस डील की अनुमानित कीमत 18 करोड़ रुपये है। हालांकि, अब तक इस बारे में किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह कहना मुश्किल है कि चैनल पूरी तरह बिक गया है या इसे लीज पर दिया गया है। सूत्रों का दावा है कि नए मैनेजमेंट ने चैनल का कामकाज संभालना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही, कुछ पुराने कर्मचारियों ने इस्तीफा भी सौंप दिया है। हालांकि, नाम न छापने की शर्त पर संस्थान से जुड़े उच्च स्तरीय सूत्रों ने इस तरह की खबरों से इनकार किया है। फिलहाल, इस डील से जुड़े सभी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है। लेकिन इतना तय है कि आने वाले समय में ‘न्यूज इंडिया’ चैनल में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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मीडिया ग्रुप (media Group) ने 29 जनवरी को मुंबई में 11वें इंडियन मार्केटिंग अवॉर्ड्स (IMA) का आयोजन किया। इस भव्य अवॉर्ड समारोह में Titan Company Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर सीके वेंकटरमण को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और इंडस्ट्री में बहुमूल्य योगदान के लिए दिया गया। इस कार्यक्रम में विज्ञापन और मार्केटिंग जगत के टॉप इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने हिस्सा लिया। Titan के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले सीके वेंकटरमण करीब तीन दशकों के करियर में सीके वेंकटरमण ने Titan को सभी सेगमेंट्स में एक मजबूत ब्रांड के रूप में स्थापित किया।उनके नेतृत्व में कंपनी ने सेल्स ग्रोथ और मार्केटिंग इनोवेशन में कई उपलब्धियां हासिल कीं।उनकी रणनीतिक दूरदृष्टि और ग्राहक-केंद्रित सोच ने न केवल Titan की बाजार हिस्सेदारी को मजबूत किया, बल्कि इंडस्ट्री के मानकों को भी पुनर्परिभाषित किया। शिक्षा और करियर की शुरुआत सीके वेंकटरमण का जन्म तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ। उन्होंने गणित में स्नातक (Bachelors in Mathematics) की डिग्री प्राप्त की। कुछ सालों तक काम करने के बाद, 1985 में उन्होंने IIM अहमदाबाद से PGDM किया। उसके बाद, उन्होंने 5 साल तक MAA और Mudra Communications में विज्ञापन उद्योग में काम किया। Titan कंपनी में उनका सफर 1990 में उन्होंने Titan कंपनी में एडवरटाइजिंग मैनेजर के रूप में जॉइन किया। Titan की वॉच डिवीजन में 14 साल तक मार्केटिंग, सेल्स और रिटेलिंग में काम किया। 2005 में उन्होंने ज्वेलरी डिवीजन की जिम्मेदारी संभाली और 14 साल तक इस विभाग का नेतृत्व किया। अक्टूबर 2019 में वे Titan कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर बने। उन्हें मिले अन्य प्रतिष्ठित सम्मान इकोनॉमिक टाइम्स (ET) द्वारा "बिजनेसमैन ऑफ द ईयर" का सम्मान। Forbes India ने उन्हें "CEO ऑफ द ईयर" के खिताब से नवाजा। Titan कंपनी को Business Standard द्वारा "Company of the Year" का अवॉर्ड भी मिला। सीके वेंकटरमण का दूरदर्शी नेतृत्व और नवाचारों की दिशा में उनका योगदान न केवल Titan को नई ऊंचाइयों पर ले गया, बल्कि इंडस्ट्री में भी एक मिसाल कायम की।
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (Sony Pictures Networks India) ने परिंदा सिंह को हिंदी मूवी क्लस्टर व 'सोनी मराठी' (Sony Marathi) का मार्केटिंग हेड नियुक्त किया है। परिंदा सिंह के पास मार्केटिंग और मीडिया इंडस्ट्री में व्यापक अनुभव है, जो अब Sony Pictures (SPNI) को और मजबूती प्रदान करेगा। परिंदा सिंह लगभग 6 वर्षों तक एक फ्रीलांस मार्केटिंग कंसल्टेंट के रूप में काम कर चुकी हैं। इसके साथ ही उन्होंने Amazon Prime Video के साथ भी कंसल्टिंग सर्विस प्रदान की थीं। उन्होंने BCCL (बेननेट, कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड) में कंसल्टिंग सर्विस दीं और वहां मार्केटिंग की वाइस प्रेजिडेंट की भूमिका निभाई। इसके अलावा, परिंदा ने Star Utsav के लिए मार्केटिंग हेड का पद संभाला और लगभग 7 वर्षों तक Star TV Network के साथ जुड़ी रहीं। मार्केटिंग और ब्रैंडिंग में अपने अनुभव को और समृद्ध करने के लिए परिंदा ने FCB Ulka, Mudra Communications और Lowe Lintas जैसी प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों के साथ भी काम किया। Sony Pictures Networks में उनकी नियुक्ति से कंपनी को उनकी गहरी समझ और व्यापक अनुभव का लाभ मिलेगा, जिससे हिंदी मूवी क्लस्टर और Sony Marathi की मार्केटिंग रणनीतियों को नई दिशा मिलेगी।
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फेसबुक की पैरेंट कंपनी 'मेटा' (Meta) ने अपनी तेजी से बढ़ती माइक्रोब्लॉगिंग सर्विस 'थ्रेड्स' (Threads) पर विज्ञापन शुरू करने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। अमेरिका और जापान में चुनिंदा विज्ञापनदाता इस नई सुविधा के टेस्टिंग चरण का हिस्सा होंगे। एक ब्लॉग पोस्ट में Meta ने बताया कि यह फीचर ब्रैंड्स को Threads के 300 मिलियन मंथली एक्टिव यूजर्स तक पहुंचने और अपने कैपेंस का विस्तार करने में मदद करेगा। Meta ने कहा, "अब से, कुछ विज्ञापनदाता Threads पर विज्ञापनों का परीक्षण करेंगे, ताकि अपने कैपेंस को तेज़ी से बढ़ते Threads समुदाय तक पहुंचा सकें।" सरल और प्रभावी विज्ञापन प्रबंधन Threads पर विज्ञापन चलाने के लिए व्यवसायों को अलग से क्रिएटिव सामग्री या अतिरिक्त संसाधन की आवश्यकता नहीं होगी। Meta के Ads Manager में बस एक विकल्प चुनने से ही व्यवसाय अपने मौजूदा कैपेंस का विस्तार कर सकते हैं। इससे ब्रैंड्स को Meta के अन्य प्लेटफ़ॉर्म्स—Facebook, Instagram और WhatsApp—के साथ Threads पर भी अपने यूजर्स तक पहुंचने में मदद मिलेगी। विज्ञापन Threads के होम फीड में सामग्री के बीच इमेज-आधारित होंगे। Meta ने कहा कि इस शुरुआती परीक्षण से विज्ञापन की प्रभावशीलता को परखा जाएगा और बड़े पैमाने पर विस्तार से पहले अनुभव को बेहतर बनाया जाएगा। ब्रैंड और यूजर्स के बीच कनेक्शन मजबूत करना Meta का उद्देश्य Threads पर विज्ञापनों के जरिए यूजर्स को उनकी रुचियों के अनुसार ब्रैंड्स और व्यवसायों से जोड़ना है। मंच की पर्सनलाइज्ड विज्ञापन प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि विज्ञापन यूजर्स के लिए प्रासंगिक हों। Meta ने बताया कि Threads पर तीन में से चार उपयोगकर्ता कम से कम एक व्यवसाय को फॉलो करते हैं। यह विज्ञापनदाताओं के लिए एक बड़ा अवसर है कि वे अपने लक्षित दर्शकों तक प्रभावी तरीके से पहुंचें और अपने ब्रैंड की दृश्यता बढ़ाएं। पोस्ट एनालिटिक्स: ब्रैंड रणनीति को नई दिशा Meta ने Threads पर पोस्ट एनालिटिक्स का शुभारंभ भी किया है, जो विज्ञापनदाताओं और व्यवसायों को उनके कंटेंट परफॉर्मेंस का विश्लेषण करने की सुविधा देगा। उपयोगकर्ता अब views, likes, और replies जैसे मेट्रिक्स को ट्रैक कर सकते हैं। यह फीचर मोबाइल और वेब दोनों पर उपलब्ध है। मोबाइल पर उपयोगकर्ता अपने प्रोफाइल में insights आइकन पर टैप कर सकते हैं, जबकि वेब पर यह डेटा Insights सेक्शन के माध्यम से उपलब्ध है। इस डेटा-संचालित दृष्टिकोण से ब्रैंड्स को यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन-सा कंटेंट उनके दर्शकों को अधिक आकर्षित कर रहा है। विज्ञापन की कीमत और ब्रैंड सुरक्षा हालांकि Meta ने Threads पर विज्ञापनों की सटीक कीमत का खुलासा नहीं किया, लेकिन Instagram और WhatsApp जैसे प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापनों की कीमतों को ध्यान में रखते हुए एक प्रतिस्पर्धी मूल्य मॉडल की उम्मीद की जा सकती है। Meta ने ब्रैंड सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए Threads पर AI-संचालित Inventory Filters पेश किए हैं। इससे विज्ञापनदाताओं को यह नियंत्रित करने में मदद मिलेगी कि उनके विज्ञापन किस प्रकार की सामग्री के साथ दिखाए जाएं। उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम Meta की यह पहल ब्रैंड्स को एक नई और एक्टिव यूजर्स कम्युनिटी से जुड़ने का अनूठा अवसर देती है। पर्सनलाइज्ड विज्ञापन अनुभव, गहन विश्लेषण और Meta के मौजूदा विज्ञापन तंत्र के साथ सहज एकीकरण के कारण Threads विज्ञापनदाताओं के लिए एक आवश्यक टूल बनता जा रहा है। Meta ने कहा है कि परीक्षण के नतीजों के आधार पर इस सुविधा को और विकसित किया जाएगा।
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OpenAI को कॉपीराइट कंटेंट के उपयोग को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि भारत की प्रमुख डिजिटल न्यूज इकाई इस विवाद में शामिल होने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हिन्दुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी की डिजिटल विंग्स और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने ANI के साथ इस मामले में हस्तक्षेप का अनुरोध किया है। ANI इस मामले में सबसे पहले मुकदमा दायर करने वाली एजेंसी थी। नेटवर्क18, जी न्यूज और इंडिया टुडे ग्रुप समेत सभी DNPA सदस्य भी इस कानूनी कार्रवाई में शामिल हो गए हैं। हालांकि, DNPA का एक अन्य सदस्य टाइम्स ग्रुप ने इस मुकदमे में भाग लेने से इनकार कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मीडिया संस्थानों ने OpenAI पर उनकी कॉपीराइट कंटेंट का उपयोग करने का आरोप लगाया है। एक मीडिया एजेंसी द्वारा एक्सेस किए गए मुकदमे के दस्तावेज में OpenAI पर "जानबूझकर कंटेंट को स्क्रैप करने और उसे अनुकूलित करने" का आरोप लगाया गया है। पिछले साल ANI ने दिल्ली की एक अदालत में OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ANI ने आरोप लगाया था कि OpenAI ने उसके प्रकाशित कंटेंट का बिना अनुमति उपयोग किया और उस कंटेंट का इस्तेमाल चैटबॉट को ट्रेन करने के लिए किया गया। पिछले साल एक मीडिया हाउस ने बताया कि OpenAI के एक प्रवक्ता ने कंपनी की कानूनी प्रक्रिया के पालन की बात कही थी। उन्होंने कहा था, "हम अपने AI मॉडल को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा का उपयोग करके तैयार करते हैं, जो फेयर यूज और संबंधित सिद्धांतों द्वारा संरक्षित है और लंबे समय से स्वीकृत कानूनी मिसालों का समर्थन करता है।"
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सिंगरौली जिले के भरुहा में गणतंत्र दिवस के अवसर पर कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह चौहान ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। प्रवीण सिंह ने इस महत्वपूर्ण दिन पर भारतीय संविधान की अहमियत को बच्चों को बताया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, जो देश के लोकतांत्रिक ढांचे का आधार है। साथ ही, उन्होंने 1930 में कांग्रेस द्वारा घोषित पूर्ण स्वराज का जिक्र भी किया, जिसे आज़ादी की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। प्रवीण सिंह चौहान ने देश के विकास की प्रक्रिया को रेखांकित करते हुए कहा कि पहले भारत में अधिकांश चीज़ें विदेशों से आती थीं, लेकिन अब हम हेलीकॉप्टर और अन्य तकनीकी सामान भी विदेशों को निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के योगदान को भी सराहा, जिनकी दूरदर्शिता और नेतृत्व ने भारत को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर किया। प्रवीण सिंह ने इस अवसर पर देश के विकास और समृद्धि की कामना की और सभी को संविधान के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी का एहसास दिलाया।
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NDTV ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के परिणाम घोषित किए हैं। कंपनी ने पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में राजस्व में 34% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है और पिछली तिमाही की तुलना में 20% की बढ़ोतरी हुई है। विज्ञापन राजस्व और डिजिटल पहल ने दी मजबूती कंपनी का मजबूत राजस्व प्रदर्शन मुख्य रूप से बढ़ते विज्ञापन राजस्व, उच्च-प्रोफ़ाइल इवेंट्स और डिजिटल पहलों की सफलता से प्रेरित रहा। प्रमुख इवेंट्स और कवरेज इस तिमाही में NDTV ने महाराष्ट्र चुनाव, अमेरिकी चुनाव और देशभर में कई प्रतिष्ठित NDTV इवेंट्स की हाई-इम्पैक्ट कवरेज की। इनमें NDTV इंडियन ऑफ द ईयर, NDTV ऑटो कॉन्क्लेव, इमर्जिंग बिजनेस कॉन्क्लेव और रियल एस्टेट कॉन्क्लेव जैसे कार्यक्रम शामिल थे। BARC सिस्टम में वापसी इस तिमाही की एक प्रमुख उपलब्धि NDTV की दो साल से अधिक के अंतराल के बाद ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (BARC) मापन प्रणाली में वापसी रही। भविष्य की योजना और दृष्टिकोण NDTV के कार्यकारी निदेशक और एडिटर इन चीफ, संजय पुगलिया ने कहा, "Q3 NDTV के लिए एक महत्वपूर्ण तिमाही रही, क्योंकि हमने NDTV वर्ल्ड समिट और NDTV वर्ल्ड के लॉन्च जैसे प्रयासों के साथ अपनी वैश्विक उपस्थिति का विस्तार जारी रखा। हालांकि अल्पकालिक लाभ पर रणनीतिक निवेशों का प्रभाव पड़ा, लेकिन हमें विश्वास है कि ये प्रयास भविष्य में महत्वपूर्ण वृद्धि को प्रोत्साहित करेंगे।" NDTV ने अपनी डिजिटल इनिशिएटिव्स और बड़े इवेंट्स के माध्यम से तीसरी तिमाही में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। कंपनी का BARC सिस्टम में लौटना और वैश्विक विस्तार की योजनाएं इसे आगे बढ़ने की दिशा में मजबूती प्रदान करेंगी।
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अमेरिकी मीडिया मीजरमेंट एजेंसी 'कॉमस्कोर' (Comscore) ने भारत में पहली बार Connected TV (CTV) व्युअरशिप को मापने के लिए एक सर्वे शुरू करने की योजना बनाई थी। यह सर्वे सितंबर 2024 तक शुरू होने की उम्मीद थी। हालांकि, यह योजना अब तक शुरू नहीं हुआ है और इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है, या यूं कहें कि रुक सी गई है। प्रगति में देरी और प्रायोजकों की कमी इस परियोजना में देरी का कारण ब्रॉडकास्टर्स की सीमित भागीदारी है। अब तक केवल चार ब्रॉडकास्टर्स ने इस पहल में भाग लिया है, जबकि प्रगति के लिए कम से कम दस प्रायोजकों की आवश्यकता है। सूत्रों ने बताया कि यह कमी आर्थिक बाधाओं के चलते हुई है, क्योंकि प्रत्येक प्रायोजक को सर्वे के लिए ₹10 लाख का योगदान देना होता है। कॉमस्कोर के वाइस प्रेसिडेंट की योजना कॉमस्कोर के इंटरनेशनल मार्केट्स के वाइस प्रेजिडेंट एलेजांद्रो फॉस्क (Alejandro Fosk) ने मई 2024 में e4m को दिए इंटरव्यू में बताया था कि सर्वे के पहले चरण में 4,000 से अधिक उपभोक्ताओं का इंटरव्यू किया जाएगा, जिससे भारत के CTV परिदृश्य के महत्वपूर्ण इनसाइट्स मिलेंगे। परिणाम नवंबर-दिसंबर 2024 तक अपेक्षित थे, जिसके आधार पर 2025 में एक व्यापक मीजरमेंट प्रणाली शुरू करने की योजना थी। CTV अपनाने में भारत का तेजी से विकास भारत कनेक्टेड टीवी को तेजी से अपनाने वाले बाजारों में से एक है। 2020 में 5 मिलियन से बढ़कर 2025 तक 40 मिलियन उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने की उम्मीद है। बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, सस्ते स्मार्ट टीवी, किफायती कंटेंट और बदलती दर्शक आदतें इसके पीछे प्रमुख कारण हैं। CTV मीजरमेंट क्यों है जरूरी? CTV अब 32 मिलियन से अधिक भारतीय घरों तक पहुंच चुका है, जो ब्रैंडस को समृद्ध दर्शकों के साथ जुड़ने का अनूठा अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, CTV विज्ञापन पर व्यय 2023 में $85 मिलियन से बढ़कर 2027 तक $395 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 47% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) का प्रतिनिधित्व करता है। उच्च जुड़ाव दर और अन्य आंकड़े ग्लोबल मार्केटिंग इंटेलिजेंस फर्म MiQ के 2024 के सर्वे के अनुसार, भारत में 82% दर्शक टीवी पर विज्ञापन के साथ इंटरैक्ट करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर सबसे उच्चतम जुड़ाव दरों में से एक है। इसके साथ ही, 56% दर्शक टीवी देखते समय एक दूसरा स्क्रीन (जैसे मोबाइल) का उपयोग करते हैं, जो मोबाइल री-टार्गेटिंग और प्रतिस्पर्धी रणनीति को ब्रांड की मीडिया योजना में महत्वपूर्ण बनाता है। BARC की पहल भी रुकी हुई BARC ने भी दो साल पहले CTV मीजरमेंट शुरू करने की योजना बनाई थी, पैनल्स ऑर्डर किए गए थे और घरों की पहचान की गई थी, लेकिन यह प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो पाई है। भविष्य की संभावनाएं ओमडिया की नवीनतम रिपोर्ट "कनेक्टेड युग में वैकल्पिक राजस्व धाराएं" के अनुसार, 2029 तक CTV वैश्विक टीवी स्क्रीन विज्ञापन राजस्व का 40% से अधिक हिस्सा ले लेगा, जो पारंपरिक ब्रॉडकास्ट को पीछे छोड़ देगा। कॉमस्कोर की योजना को आगे बढ़ाने के लिए ब्रॉडकास्टर्स और विज्ञापनदाताओं का समर्थन आवश्यक है। यदि यह योजना सफल होती है, तो यह भारत में CTV मीजरमेंट को नई ऊंचाईयों पर ले जा सकती है।
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प्रसार भारती ने अपने ओवर-द-टॉप (OTT) प्लेटफॉर्म WAVES पर विज्ञापन देने के लिए विज्ञापन और दृश्य नीति निदेशालय (DAVP) के साथ समझौता करने वाली सभी एजेंसियों को आमंत्रित किया है। प्रसार भारती ने नोटिस में कहा कि WAVES प्लेटफॉर्म विभिन्न और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा। यह प्लेटफॉर्म अभिनव और आकर्षक डिजिटल विज्ञापन समाधान के माध्यम से एजेंसियों को फायदा पहुंचाएगा। नई एजेंसियों को ऑनबोर्ड करने की प्रक्रिया के तहत, हर एजेंसी को अपने विज्ञापन सर्वर के प्रबंधन और योजना बनाने की आवश्यकता होगी। विज्ञापन सर्वर के उपयोग से जुड़े सभी खर्चों की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होगी। प्रसार भारती ने यह भी स्पष्ट किया कि एजेंसी द्वारा लाए गए कुल व्यवसाय पर उन्हें 20% की छूट दी जाएगी। साथ ही, तकनीकी एकीकरण से जुड़े सभी खर्च एजेंसी को ही उठाने होंगे। तकनीकी एकीकरण के संदर्भ में, नए एजेंसी द्वारा लाए गए विज्ञापन सर्वर की तकनीकी व्यवहार्यता की जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वह मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ संगत है। इसमें वर्तमान सेटअप के साथ संगतता का मूल्यांकन, डेटा आदान-प्रदान की सुगमता सुनिश्चित करना और प्लेटफॉर्म्स पर प्रदर्शन मानकों को बनाए रखना शामिल होगा। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए एक समग्र मूल्यांकन आवश्यक होगा कि एकीकरण प्रभावी ढंग से किया जा सके और मौजूदा संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।यह पहल डिजिटल विज्ञापन में नवाचार लाने और व्यापक दर्शकों तक पहुंचने के लिए एक बड़ा कदम है। WAVES प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देने के लिए इच्छुक एजेंसियों को अपनी रणनीति और तकनीकी समाधान तैयार रखने होंगे।
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जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) में कई पदों पर वैकेंसी है। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, यहां कंटेंट राइटिंग के लिए वेब स्टोरीज (अंग्रेजी/हिंदी), ऑटो सब एडिटर (अंग्रेजी/हिंदी), एजुकेशन सब एडिटर (अंग्रेजी) और बिजनेस सब एडिटर (हिंदी) की जरूरत है। इसके लिए इच्छुक व योग्य आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। ये नियुक्तियां नोएडा के लिए होनी हैं। इन पदों पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बीट पर काम करने का कम से कम एक साल का अनुभव होना चाहिए। आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार अपना अपडेटेड रिज्युमे namra.fatima@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं। जिस पद/बीट के लिए अप्लाई कर रहे हैं, ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में उसका नाम अवश्य लिखें। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं।
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देश की प्रमुख न्यूज एजेंसियों में शुमार ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (PTI) में नौकरी का मौका है। दरअसल, यहां सीनियर प्रड्यूसर (Bilingual) के पद पर वैकेंसी है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, यह पद दिल्ली के लिए है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदक को स्क्रिप्ट राइटिंग का अनुभव होना चाहिए। वीडियो प्रॉडक्शन की अच्छी जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा कम्युनिकेशन स्किल्स बढ़िया होने चाहिए। फिलहाल यह नियुक्ति दो महीने के लिए होगी, लेकिन परफॉर्मेंस और संस्थान की भविष्य की जरूरतों के आधार पर इस अवधि को बढ़ाया जा सकता है। इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे jobs@pti.in पर भेज सकते हैं।
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केंद्र सरकार ने 76वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर शनिवार को वर्ष 2025 के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इस बार 139 लोगों को पद्म पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है। इसमें सात विशिष्ट लोगों को पद्म विभूषण और 19 लोगों को पद्म भूषण सम्मान दिया जाएगा। वहीं, 113 लोगों को उनके विशिष्ट योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा।पद्म भूषण पुरस्कार पाने वालों की लिस्ट में ‘प्रसार भारती’ के पूर्व चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश का नाम भी शामिल है। कर्नाटक के ए. सूर्यप्रकाश को साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता के क्षेत्र में पद्म भूषण से सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा यूपी से आने वाले वरिष्ठ पत्रकार और ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र’ के अध्यक्ष रामबहादुर राय को भी साहित्य और शिक्षा-पत्रकारिता के क्षेत्र में पद्म भूषण पुरस्कार दिया जाएगा। बता दें कि पद्म पुरस्कारों की घोषणा हर साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। देश के राष्ट्रपति द्वारा हर साल मार्च/अप्रैल के आसपास राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले औपचारिक समारोहों में ये पुरस्कार प्रदान किए जाते हैं। ये पुरस्कार कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान और इंजीनियरिंग, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल, सिविल सेवा आदि जैसे विभिन्न विषयों और क्षेत्रों में दिए जाते हैं। इसके तहत असाधारण और विशिष्ट सेवा के लिए 'पद्म विभूषण' , उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा के लिए 'पद्म भूषण' और किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए 'पद्मश्री' दिया जाता है।
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मल्टीनेशनल केबल न्यूज नेटवर्क ‘सीएनएन’ (CNN) अपने यहां छंटनी करने जा रहा है। नेटवर्क का कहना है कि वह अपने वर्कफोर्स में छह प्रतिशत की कमी करेगा। ‘CNN’ के इस फैसले से यहां कार्यरत करीब 200 एंप्लॉयीज प्रभावित होंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम नेटवर्क की पुनर्गठन योजना का हिस्सा है, जिसे बदलते मीडिया उपभोग पैटर्न (media consumption patterns) के अनुकूल बनाने के लिए उठाया जा रहा है। रिपोर्ट्स में ‘सीएनएन’ के सीईओ मार्क थॉम्पसन (Mark Thompson) के हवाले से कहा गया है कि यह छंटनी नेटवर्क को दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार करने के लिए आवश्यक हो गई है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ (New York Times) की एक रिपोर्ट के अनुसार, थॉम्पसन ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘यह ऐसा समय है जब डिजिटल स्टोरी अस्तित्व का सवाल बन गई है। अगर हम दर्शकों के साथ नए प्लेटफॉर्म्स पर पूरे आत्मविश्वास और बड़े पैमाने पर नहीं पहुंचे, तो हमारा भविष्य उज्ज्वल नहीं होगा।’ इसके साथ ही थॉम्पसन ने यह भी बताया कि CNN इस साल की पहली छमाही में उतनी ही संख्या में नई डिजिटल भूमिकाएं जैसे- डेटा साइंटिस्ट्स और प्रॉडक्ट इंजीनियर्स के लिए भर्ती करेगा।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने सभी प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों से आग्रह किया है कि वे 25 और 26 जनवरी, 2025 को गणतंत्र दिवस से जुड़े कार्यक्रमों और राष्ट्रपति के संदेश को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करें। इस संबंध में मंत्रालय ने एक आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र में बताया गया है कि 25 जनवरी को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर भारत के राष्ट्रपति का संदेश 'डीडी भारती' और 'डीडी न्यूज' पर शाम 7:00 बजे से 7:30 बजे तक प्रसारित किया जाएगा। यह संदेश सांकेतिक भाषा में व्याख्या के साथ होगा, ताकि इसे सभी वर्गों के लोगों तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही, 26 जनवरी को सुबह 9:00 बजे से गणतंत्र दिवस परेड की कवरेज भी सांकेतिक व्याख्या और क्लोज्ड कैप्शन के साथ प्रसारित की जाएगी। मीडिया की अहम भूमिका मंत्रालय ने इस बात को रेखांकित किया है कि राष्ट्रीय एकता और समाज के विविध वर्गों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मीडिया के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने की शक्ति पर भी जोर दिया गया है। फ्री-टू-एयर कवरेज का प्रावधान डीडी भारती और डीडी न्यूज के फ्री-टू-एयर प्लेटफॉर्म पर इन कार्यक्रमों को उपलब्ध कराया जाएगा। मंत्रालय ने सभी टीवी चैनलों से अनुरोध किया है कि वे इन सिग्नल्स का उपयोग कर राष्ट्रपति के संदेश और गणतंत्र दिवस परेड को हिंदी व अंग्रेजी क्लोज्ड कैप्शन के साथ प्रसारित करें। यह पहल खासतौर पर उन दिव्यांग लोगों के लिए की जा रही है, जिन्हें इन कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से समझने के लिए सांकेतिक भाषा की व्याख्या और क्लोज्ड कैप्शन की जरूरत पड़ती है। राष्ट्रीय गौरव का उत्सव मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि इस कदम से अधिक से अधिक लोग गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय महत्व से जुड़ सकेंगे। साथ ही, यह समाज में समानता और समावेशन की भावना को भी बढ़ावा देगा। इस दिशा में उठाए गए कदम मीडिया और सरकार के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण हैं, जो देश के नागरिकों को गणतंत्र दिवस के गौरवमयी क्षणों से जोड़ने में मदद करेंगे।
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने लंदन कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन (LCIA) में चल रहे विवाद के तहत 'स्टार इंडिया' (अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का हिस्सा) के खिलाफ $8.06 मिलियन और उस पर लागू ब्याज का काउंटरक्लेम दायर किया है। कंपनी का बयान: ZEEL ने एक नियामक फाइलिंग में बताया, "कंपनी ने आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के समक्ष डिफेंस स्टेटमेंट और $8.06 मिलियन की काउंटरक्लेम राशि और उस पर ब्याज के लिए आवेदन किया है। प्रबंधन, कानूनी राय और आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर, इस नतीजे पर पहुंचा है कि कंपनी एलायंस एग्रीमेंट का उल्लंघन नहीं कर रही है और स्टार द्वारा लगाए गए दावे निराधार और कानूनी रूप से अस्वीकार्य हैं। कंपनी के पास मजबूत और वैध आधार हैं इन दावों को खारिज करने के लिए।" विवाद का मूल कारण: यह विवाद इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के पुरुषों के वैश्विक टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकारों से संबंधित एक असफल समझौते से उत्पन्न हुआ है। स्टार ने पहले $940 मिलियन का हर्जाने का दावा किया था, जिसमें समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया गया था। ZEEL ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वह समझौते का उल्लंघन नहीं कर रही है और स्टार के दावे कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं हैं। घटनाक्रम का विवरण: 23 दिसंबर 2024: ZEEL ने स्टार इंडिया द्वारा लगाए गए सभी दावों को खारिज करते हुए अपनी डिफेंस स्टेटमेंट जमा की। यह मामला तीन-सदस्यीय आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के तहत चल रहा है, जिसे लंदन कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन ने नियुक्त किया है। विवाद ICC पुरुषों के वैश्विक टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकारों से संबंधित है। स्टार का दावा और जी का प्रतिरोध: स्टार इंडिया, जो अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के स्वामित्व में है, ने ICC मीडिया अधिकारों को $3 बिलियन में हासिल किया, जब ZEEL इस समझौते से बाहर हो गई। स्टार का आरोप है कि ZEEL ने $203.56 मिलियन (1,693 करोड़ रुपये) का भुगतान नहीं किया और बैंक गारंटी और डिपॉजिट ब्याज पर अतिरिक्त 17 करोड़ रुपये की देनदारी बनाई। मार्च 2024 में स्टार ने समझौते को लागू करने या हर्जाने के लिए मध्यस्थता शुरू की। 20 जून 2024 को स्टार ने अनुबंध का उल्लंघन बताते हुए समझौते को समाप्त कर दिया और हर्जाने की वसूली पर ध्यान केंद्रित किया। इसके जवाब में ZEEL ने 69 करोड़ रुपये की वापसी की मांग की, यह तर्क देते हुए कि स्टार की जिम्मेदारियों के अधूरे होने के कारण यह समझौता शून्य हो गया। समझौते का इतिहास: यह समझौता 26 अगस्त 2022 को किया गया था, जिसमें ZEEL को 2024-27 के लिए ICC पुरुष टूर्नामेंट्स, जिसमें टी20 और ODI विश्व कप शामिल हैं, के लिए सब-लाइसेंसिंग अधिकार प्रदान किए गए थे। वर्तमान स्थिति: मामला अभी लंदन कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन में चल रहा है। ZEEL और स्टार इंडिया दोनों अपने-अपने दावों पर अड़े हुए हैं
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सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क ने वर्ल्ड पिकलबॉल लीग (डब्ल्यूपीबीएल) के टेलीविजन प्रसारण अधिकार हासिल कर लिए हैं। अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व भारतीय टेनिस आइकन गौरव नाटेकर और भारत की पूर्व नंबर 1 आरती पोनप्पा नाटेकर द्वारा परिकल्पित, लीग 24 जनवरी, 2025 को अपनी शुरुआत करने के लिए पूरी तरह तैयार है, जिसमें सोनी स्पोर्ट्स टेन 2 चैनलों पर रोमांचक मैचों के साथ नॉन-स्टॉप खेल मनोरंजन का वादा किया गया है। प्रशंसक छह टीमों - दिल्ली दिलवाले, पुणे यूनाइटेड, मुंबई पिकल पावर, बेंगलुरु जवान्स, चेन्नई सुपर चैंप्स और हैदराबाद सुपरस्टार्स के बीच लाइव एक्शन का आनंद ले सकते हैं, जो दस दिवसीय टूर्नामेंट में 14 देशों के 48 शीर्ष अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ 18 मैचों में भाग लेंगे। भारत की शीर्ष पिकलबॉल प्रतिभाओं में वृषाली ठाकरे, मयूर पाटिल, वंशिक कपाड़िया, सोनू विश्वकर्मा, ईशा लखानी और कुलदीप महाजन शामिल हैं। राजेश कौल, मुख्य राजस्व अधिकारी - वितरण और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तथा प्रमुख - खेल व्यापार, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया:"पिकलबॉल ने न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर लोकप्रियता में जबरदस्त उछाल का अनुभव किया है। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क में, हमने हमेशा अपने दर्शकों के लिए सर्वश्रेष्ठ और सबसे विविध खेल सामग्री लाने का प्रयास किया है और वर्ल्ड पिकलबॉल लीग को शामिल करना हमारे प्रयासों की पुष्टि करता है। हम अपने दर्शकों के लिए वर्ल्ड पिकलबॉल लीग के उद्घाटन संस्करण को दिखाने और एक ऐसा मंच प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं जो इस गतिशील खेल की पहुंच का विस्तार करने में मदद करेगा।" गौरव नाटेकर, सह-संस्थापक और सीईओ - वर्ल्ड पिकलबॉल लीग: "हम सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क को वर्ल्ड पिकलबॉल लीग के आधिकारिक प्रसारक के रूप में पाकर बहुत खुश हैं। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ मेरे पिछले जुड़ाव को देखते हुए, मेरे दिल में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के लिए एक खास जगह है। भारत और दुनिया भर में खेल आयोजनों की व्यापक कवरेज के साथ दर्शकों को लुभाने का उनका असाधारण ट्रैक रिकॉर्ड वाकई सराहनीय है। ब्रांड की वर्ल्ड पिकलबॉल लीग के साथ गहरी साझेदारी है और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क का इसमें शामिल होना वर्ल्ड पिकलबॉल लीग में उनकी प्रतिबद्धता और भरोसे का प्रमाण है। प्रशंसकों की सहभागिता और विभिन्न खेलों के प्रति उत्साह पैदा करने की उनकी क्षमता हमारे पहले सीज़न के उत्साह को और बढ़ा देती है।"
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (जी) के निदेशक मंडल ने आज आयोजित बैठक में नामांकन और पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों के आधार पर मीडिया और मनोरंजन उद्योग की दिग्गज दिव्या करणी को स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी। करणी के पास भारत, दक्षिण एशिया, यूके और एशिया प्रशांत क्षेत्र की कुछ सबसे बड़ी विज्ञापन और मीडिया एजेंसियों का नेतृत्व करने का चार दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। इससे पहले, उन्होंने दक्षिण एशिया में डेंटसु मीडिया के सीईओ के रूप में कार्य किया, इस क्षेत्र में एक प्रमुख मीडिया एजेंसी नेटवर्क के रूप में 12 वर्षों से अधिक समय तक एजेंसी का नेतृत्व किया। करणी वर्तमान में कुल्फी कलेक्टिव के बोर्ड में कार्यरत हैं, जो एक आधुनिक मीडिया नेटवर्क है जो ब्रांड और स्टूडियो बनाता है जो सामग्री, वाणिज्य और संस्कृति के चौराहे पर काम करते हैं, इसके अध्यक्ष और कार्यकारी निदेशक के रूप में। वह 2019 से जागरण प्रकाशन के बोर्ड में एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में सेवा कर रही हैं। उन्होंने एमआरयूसी रेडियो समिति की अध्यक्ष के रूप में रेडियो के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल के बोर्ड में भी काम किया है। उनकी नियुक्ति बोर्ड द्वारा प्रबंधन टीम को नियमित आधार पर दिए जा रहे रणनीतिक मार्गदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए उठाया गया एक दृढ़ कदम है। मीडिया और विज्ञापन परिदृश्य में उनका विशाल अनुभव और ज्ञान कंपनी को एक मजबूत भविष्य के लिए अपनी लक्षित आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए अपनी क्षमताओं को मजबूत करने में सक्षम बनाएगा, कंपनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा। नियुक्ति पर बोलते हुए, ZEE एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चेयरमैन आर गोपालन ने कहा, "हमें कंपनी के बोर्ड में सुश्री दिव्या करणी का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। मीडिया क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता के साथ-साथ ग्राहक-केंद्रित व्यावसायिक समाधान सफलतापूर्वक देने का एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड, कंपनी को अपने लक्षित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने में सक्षम बनाएगा। मुझे बोर्ड में उद्योग के विशेषज्ञों के मजबूत मिश्रण को देखकर खुशी हुई, जो तेजी से विकसित हो रहे मीडिया परिदृश्य में प्रबंधन टीम को सलाह देने की हमारी क्षमताओं को और मजबूत करता है। बोर्ड द्वारा उठाए जा रहे कदम एक मजबूत कॉर्पोरेट प्रशासन ढांचे के निर्माण और आगे बढ़ते हुए शेयरधारक मूल्य को अधिकतम करने की दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।" इस विकास पर टिप्पणी करते हुए, ZEE एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के सीईओ पुनीत गोयनका ने कहा, "हमें कंपनी के बोर्ड में एक सम्मानित सदस्य के रूप में सुश्री दिव्या करणी का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। भारतीय मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिससे राजकोषीय विवेक और लाभप्रदता के लेंस के साथ अभिनव व्यावसायिक समाधान तैयार करना उचित हो गया है। हमारा मानना है कि विज्ञापन और बड़े पैमाने की एजेंसियों का नेतृत्व करने में सुश्री करणी का गहन डोमेन ज्ञान हमें व्यापक आर्थिक वातावरण को प्रभावी ढंग से नेविगेट करने और व्यवसाय के लिए राजस्व वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए ब्रांडों के लिए मूल्य-वर्धक पेशकश बनाने में सक्षम करेगा।" ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की स्वतंत्र निदेशक दिव्या करणी ने कहा, "मुझे ज़ी के बोर्ड में शामिल होने पर गर्व है, एक ऐसी कंपनी जिसने तीन दशकों से अधिक समय से मनोरंजन पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से परिभाषित किया है और एक अभिनव भावना के साथ एक समृद्ध विरासत को संजोए हुए है। जैसे-जैसे कंपनी विकास के अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है, मेरा मानना है कि यह कंटेंट, प्रौद्योगिकी और रचनात्मकता के चौराहे पर और अधिक मजबूत होकर और अधिक दिलों को जीतने के लिए तैयार है। मैं अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठाकर और बोर्ड और प्रबंधन टीम के साथ मिलकर काम करके इस अग्रणी कंपनी की मजबूत विकास कहानी का हिस्सा बनने के लिए तत्पर हूं ताकि दीर्घकालिक सफलता हासिल की जा सके।" ZEE के बोर्ड में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गजों की एक मजबूत संरचना शामिल है, जो कंपनी को इसकी समग्र नीतियों और प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए कई पहलुओं पर समग्र मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। बोर्ड का सामूहिक ज्ञान और अनुभव, आर्थिक और वित्तीय प्रशासन में समृद्ध अनुभव वाले अध्यक्ष श्री गोपालन की उपस्थिति से समृद्ध हुआ है; सुश्री दीपू बंसल, स्वतंत्र निदेशक, जिनके पास अनुपालन, आंतरिक लेखा परीक्षा, जोखिम प्रबंधन और शासन में विशेषज्ञता है; श्री सौरव अधिकारी, गैर-कार्यकारी निदेशक, जिनके पास प्रौद्योगिकी, FMCG और उपभोक्ता टिकाऊ उद्योगों में गहन डोमेन विशेषज्ञता है; श्री शिशिर बाबूभाई देसाई, स्वतंत्र निदेशक और कानून और वित्तीय मामलों के विशेषज्ञ; श्री उत्तम प्रकाश अग्रवाल, स्वतंत्र निदेशक, जिनके पास कराधान, वित्त और वैधानिक लेखा परीक्षा में व्यापक अनुभव है; और श्री पीवी रमण मूर्ति, स्वतंत्र निदेशक, और एक वकील, लेखक और मानव संसाधन और संगठन विकास में अकादमिक व्यवसायी हैं
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चना-प्रसारण मंत्रालय ने केंद्रीय मीडिया मान्यता समिति (central media accreditation committee) का पुनर्गठन कर दिया है। यह समिति मुख्य रूप से पत्रकारों और अन्य संबंधित व्यक्तियों को मान्यता देने के लिए काम करती है। यह पुनर्गठन 2025-27 की अवधि के लिए किया गया है। समिति की संरचना इस पुनर्गठित समिति में प्रमुख डीजी (प्रेस सूचना ब्यूरो) को अध्यक्ष के रूप में शामिल किया गया है। समिति में कुल 25 सदस्य होंगे, जिनमें विभिन्न मीडिया संस्थानों और पत्रकार संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
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यूपी के बाराबंकी में एक पत्रकार समेत दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है. इन पर महाकुंभ और हिंदू-देवी देवताओं पर सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक कमेंट करने का आरोप लगा है. गिरफ्तार दो लोगों में एक पत्रकार कामरान अल्वी बताया जा रहा है. जिसे बाराबंकी जिले से हिरासत में लिया गया है. कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि कामरान अल्वी को महाकुंभ से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करने और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. क्योंकि इससे कुछ लोगों को ठेस पहुंची थी. कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस एक्ट की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. कोतवाली इंस्पेक्टर आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि कामरान अल्वी को महाकुंभ से संबंधित एक वीडियो पोस्ट करने और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. क्योंकि इससे कुछ लोगों को ठेस पहुंची थी. कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस एक्ट की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत मुकदमा दर्ज किया है.
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अगर आप शिक्षा से जुड़ी खबरों में रुचि रखते हैं और डिजिटल कंटेंट तैयार करने का अनुभव है तो ‘नवभारत टाइम्स’ की डिजिटल टीम (navbharattimes.com) से जुड़ने का आपके पास काफी अच्छा मौका है। दरअसल, ‘नवभारत टाइम्स’ को अपनी डिजिटल टीम में एजुकेशन बीट पर हिंदी राइटर की जरूरत है। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, पद का नाम सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर है और यह नियुक्ति नोएडा के लिए होनी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास छह से सात साल का अनुभव होना चाहिए। इन पदों पर नौकरी के इच्छुक आवेदक यहां क्लिक कर अप्लाई कर सकते हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किए गए विज्ञापन को आप यहां देख सकते हैं।
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यदि आप पत्रकार हैं और नई नौकरी तलाश रहे हैं तो देश के प्रमुख ग्लोबल न्यूज चैनल से जुड़ने का आपके पास शानदार मौका है। दरअसल, देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के अंग्रेजी न्यूज चैनल 'विऑन' (WION) में पत्रकारों के लिए विभिन्न पदों पर वैकेंसी है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर जारी विज्ञापन के अनुसार, यहां असिस्टेंट/एसोसिएट प्रड्यूसर (न्यूज डेस्क), असिस्टेंट प्रड्यूसर (प्रॉडक्शन), असिस्टेंट/एसोसिएट प्रड्यूसर (टेक), असिस्टेंट/एसोसिएट प्रड्यूसर (बिजनेस डेस्क) और वीडियो एडिटर के पद पर वैकेंसी है। इन पदों पर नौकरी के इच्छुक आवेदक यहां क्लिक कर अप्लाई कर सकते हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर किए गए विज्ञापन को आप यहां देख सकते हैं।
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संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड जे ट्रम्प का दूसरा शपथ ग्रहण राजनीतिक दृष्टि से एक मास्टरक्लास था। जबकि समारोह आमतौर पर खुले में आयोजित किया जाता है, वाशिंगटन डीसी में खराब मौसम के कारण इसे अंदर ही आयोजित करना पड़ा। जब सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण हुआ, तो कैमरों ने दर्शकों की भीड़ पर ध्यान केंद्रित किया, जो वर्तमान में अतीत और भविष्य दोनों को प्रदर्शित कर रहा था। निवर्तमान राष्ट्रपति जोसेफ आर बिडेन के पीछे, उनके परिवार के अलावा, पुराने गार्ड, प्रतिष्ठान बैठे थे, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति ओबामा, बुश और क्लिंटन, उनके पति-पत्नी, साथ ही सीनेटर और लंबे समय तक सरकारी अधिकारी शामिल थे। ट्रंप और उनके विस्तारित परिवार के पीछे उनकी सरकार के नए ज़ार और चीयरलीडर बैठे थे, जिनमें एलोन मस्क जैसे धनिक और उनके DOGE (सरकारी दक्षता विभाग) के सह-अध्यक्ष विवेक रामास्वामी से लेकर बड़े तकनीकी नेता शामिल थे, जिनमें दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी कंपनी अल्फाबेट के सुंदर पिचाई भी शामिल थे, जो दुनिया के सबसे अमीर आदमी के ठीक बगल में बैठे थे। और ट्रंप का दिन अभी शुरू ही हुआ था। शपथ ग्रहण समारोह से, 45वें और अब 47वें राष्ट्रपति सीधे ओवल ऑफिस गए और कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर करने की झड़ी लगा दी, जिनमें से पहला था यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा TikTok पर प्रतिबंध लगाने के 75 दिनों के स्थगन का आदेश, एक ऐसा कदम जिसे पहले दोनों दलों का समर्थन मिला था (ट्रंप का भी), इससे पहले TikTok के सीईओ शू ज़ी च्यू उद्घाटन से पहले के दिनों में ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसॉर्ट गए, जहाँ उन्होंने अंगूठी चूमी। उद्घाटन समारोह में च्यू भी मौजूद थे, दर्शकों के बीच प्रमुखता से बैठे थे, जिसमें जेफ़ बेजोस, मार्क ज़करबर्ग और अन्य टेक्नोक्रेट शामिल थे, जो सभी ट्रम्प के साथ मंच पर बैठे थे। अन्य आदेशों के अलावा, ट्रम्प ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमेरिका को हटा लिया, 1 फरवरी से पड़ोसी मेक्सिको और कनाडा से आयातित वस्तुओं पर 25% टैरिफ लगाने का वादा किया, 6 जनवरी के सभी दंगाइयों (उनमें से लगभग 1500) को माफ़ कर दिया, कुछ शर्तों के तहत 150 साल पुरानी जन्मसिद्ध नागरिकता को समाप्त कर दिया, सरकार के न्याय और आव्रजन विभागों से कैरियर प्रशासकों को निकाल दिया, मेक्सिको की खाड़ी को अमेरिका की खाड़ी में बदलने सहित भौगोलिक स्थलों का नाम बदल दिया और बिडेन प्रेसीडेंसी में नई व्यापक जांच शुरू की। कई अन्य मुद्दों के अलावा, प्रौद्योगिकी और मीडिया ट्रम्प 2.0 की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक होंगे, खासकर इसलिए क्योंकि राष्ट्रपति के प्रेस के साथ खराब रिश्ते हैं और साथ ही उनके सबसे करीबी सलाहकारों के बड़े प्रौद्योगिकी, सोशल मीडिया और एआई के साथ गहरे संबंध हैं। समर्थक और आलोचक दोनों ही प्रौद्योगिकी के उपयोग, सामग्री सेंसरशिप, मीडिया रिपोर्टिंग और अन्य संबंधित मुद्दों पर आधारित आगे के कार्यकारी आदेशों की उम्मीद कर रहे हैं।
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Instagram के नए डिज़ाइन ने मचाई हलचल, क्लासिक ग्रिड की जगह आया वर्टिकल प्रोफाइल लेआउट Instagram का नया डिजाइन उसके यूजर्स के बीच चर्चा का विषय बन गया है। ऐप की पहचान माने जाने वाले क्लासिक स्क्वायर ग्रिड को हटाकर अब वर्टिकल प्रोफाइल लेआउट लाया गया है, जिससे कई यूजर नए बदलाव के साथ सामंजस्य बैठाने की कोशिश कर रहे हैं, तो कई ने नाराजगी जतायी है। जनवरी 2025 से हुआ रोलआउट यह अपडेट जनवरी 2025 में व्यापक रूप से रोलआउट होना शुरू हुआ। इसमें प्रोफाइल ग्रिड्स के लिए आयताकार (rectangular) आस्पेक्ट रेशियो शामिल किया गया है। यह पूरी तरह नया नहीं है—Instagram 2022 से इस बदलाव के संकेत दे रहा था और 2024 में इसके परीक्षण शुरू हुए थे। एडम मोसेरी ने दी जानकारी Instagram के हेड एडम मोसेरी ने इस बदलाव के पीछे की वजह समझाई। उन्होंने कहा, “स्क्वायर फॉर्मेट उस समय से है जब आप केवल स्क्वायर फोटोज़ अपलोड कर सकते थे। आज Instagram पर अपलोड होने वाली सामग्री का बड़ा हिस्सा वर्टिकल है। उसे स्क्वायर में काटना काफी कठिन होता है। यह अपडेट इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि आजकल कंटेंट कैसे बनाया जाता है।” यह बदलाव Instagram के वीडियो और शॉर्ट-फॉर्म वर्टिकल कंटेंट पर फोकस को दर्शाता है, जो खासतौर पर उसके Reels फीचर में देखा गया है। TikTok के डिसरप्शन के बीच "Edits" ऐप लॉन्च रविवार को Instagram ने "Edits" नामक एक नया वीडियो एडिटिंग ऐप भी लॉन्च किया। यह लॉन्च TikTok के अमेरिका में सेवा बाधित होने के दौरान हुआ। एक वीडियो घोषणा में एडम मोसेरी ने बताया कि यह ऐप वीडियो क्रिएटर्स के लिए उन्नत क्रिएटिव टूल्स प्रदान करता है, जिन्हें विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर उपयोग किया जा सकता है। यूजर्स की नाराजगी जो यूजर अपने प्रोफाइल को एक खास एस्थेटिक लुक देने के लिए मेहनत करते थे, उनके लिए यह अपडेट मुश्किल साबित हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, जैसे X (पहले Twitter), पर शिकायतों की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा, “Instagram TikTok बनने की इतनी कोशिश क्यों कर रहा है? ये नए ग्रिड लेआउट को बर्बाद कर रहे हैं!” हालांकि, कुछ लोग इसे कंटेंट ट्रेंड्स के साथ तालमेल बैठाने के लिए जरूरी बदलाव मानते हैं, तो कुछ इसे यूजर्स की पसंद की अनदेखी का उदाहरण मानते हैं। Instagram के वर्टिकल ग्रिड से कैसे तालमेल बिठाएं यदि यह बदलाव आपको परेशान कर रहा है, तो अपने फीड की एस्थेटिक को बनाए रखने के लिए यहां कुछ सुझाव दिए गए हैं: अपनी कंटेंट स्ट्रैटेजी को बदलें: 4:3 या 9:16 रेशियो में वर्टिकल कंटेंट बनाएं ताकि आपकी पोस्ट नए ग्रिड फॉर्मेट में सही दिखें। कोलाज टूल्स का उपयोग करें: Canva या Adobe Express जैसे टूल्स से आयताकार कोलाज बनाएं, जिससे आपकी प्रोफाइल का सामंजस्य बना रहे। लेआउट को प्रीव्यू करें: Planoly या Preview जैसे ऐप्स से पोस्ट करने से पहले अपना प्रोफाइल लेआउट डिजाइन करें। क्या इंस्टाग्राम के लिए होगा Snapchat का इतिहास दोहराना? यह बदलाव यूजर्स को अलग-थलग कर सकता है। Snapchat का 2018 का डिजाइन इसका उदाहरण है, जब यूजर्स की नाराजगी ने प्लेटफॉर्म को लाखों यूजर्स का नुकसान कराया और उसकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई। अब सवाल यह है कि Instagram का यह नया वर्टिकल ग्रिड लेआउट लंबे समय तक टिकेगा या यूजर्स के दबाव के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा।
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डिज्नी+ हॉटस्टार (Disney+ Hotstar) के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) साजिथ शिवानंदन को अब जियो प्लेटफॉर्म्स में जियो मोबाइल डिजिटल सर्विसेज का प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया है। जनवरी 2025 में शुरू की नई भूमिका साजिथ शिवानंदन ने जनवरी 2025 में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली। जियो प्लेटफॉर्म्स में अपनी नई भूमिका के तहत, वह जियो मोबाइल के लिए एआई (AI) आधारित डिजिटल सेवाओं का एक व्यापक पैकेज विकसित करेंगे। Disney+ Hotstar में 2 वर्षों का अनुभव इससे पहले, साजिथ शिवानंदन Disney+ Hotstar के CEO के तौर पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने दो वर्षों तक कंपनी की रणनीति, विकास, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और प्रॉफिट-एंड-लॉस (P&L) की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, उन्होंने एक क्रॉस-फंक्शनल संगठन का नेतृत्व किया, जिसमें ऐड सेल्स, ग्रोथ, पार्टनरशिप, एनालिटिक्स, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग, यूएक्स, मार्केटिंग, कंटेंट, क्लाइंट सर्विसेज, ह्यूमन रिसोर्सेज, लीगल और पॉलिसी जैसे विभाग शामिल थे। Google में 15 वर्षों का अनुभव Disney+ Hotstar से पहले, साजिथ शिवानंदन ने 15 वर्षों तक Google में विभिन्न महत्वपूर्ण भूमिकाओं में काम किया। उनकी आखिरी भूमिका थी एशिया पैसिफिक क्षेत्र में "मैनेजिंग डायरेक्टर और बिजनेस हेड, Google Pay और नेक्स्ट बिलियन यूजर इनिशिएटिव्स"। नई नियुक्ति के प्रभाव साजिथ शिवानंदन की इस नियुक्ति से जियो प्लेटफॉर्म्स के डिजिटल और एआई आधारित सेवाओं के क्षेत्र में नई दिशा मिल सकती है, जिससे कंपनी की सेवाओं में और अधिक नवाचार और विस्तार की संभावना है।
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डीबी कॉर्प लिमिटेड (डीबीसीएल), जो दैनिक भास्कर, दिव्य भास्कर, दिव्य मराठी और सौराष्ट्र समाचार का संचालन करता है, ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की। कंपनी ने पिछले तीन वर्षों में विज्ञापन राजस्व में 20% की CAGR वृद्धि दर्ज की, जो वित्त वर्ष 21 में 1,008.4 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 1,752.4 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही, कंपनी ने कर पश्चात लाभ (PAT) में भी 44% की CAGR वृद्धि देखी, जो वित्त वर्ष 21 में 141.4 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 425.5 करोड़ रुपये हो गई। डीबी कॉर्प ने इस वित्तीय वर्ष में नौ महीने का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया, जिसमें 1,854.4 करोड़ रुपये का राजस्व और 318.7 करोड़ रुपये का PAT हासिल किया। इस दौरान विज्ञापन राजस्व, EBITDA और PAT में साल दर साल वृद्धि हुई, जो कंपनी की मजबूत स्थिति को दर्शाता है। कंपनी ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान विज्ञापन खर्च में वृद्धि देखी गई, हालांकि इसके बाद कुछ ठंडापन आया, फिर भी समग्र भावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं। इसके अलावा, न्यूजप्रिंट की कीमतों में कमी और कुशल लागत प्रबंधन के कारण EBITDA में 4% की वार्षिक वृद्धि हुई। तीसरी तिमाही में, डीबी कॉर्प का कुल राजस्व 655.6 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के 664.8 करोड़ रुपये से थोड़ा कम है, लेकिन यह चुनाव-प्रेरित उच्च आधार के कारण था। इस दौरान विज्ञापन राजस्व 476.7 करोड़ रुपये और सर्कुलेशन राजस्व 119.5 करोड़ रुपये रहे। रेडियो व्यवसाय में 6% की वृद्धि के साथ विज्ञापन राजस्व 49.2 करोड़ रुपये और EBITDA 18.7 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने कहा कि न्यूजप्रिंट की कीमतें नरम बनीं, जिससे लागत में 14% की कमी आई, और भविष्य में भी कीमतों में गिरावट की संभावना है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के जियो प्लेटफॉर्म्स ने 31 दिसंबर, 2024 को समाप्त तिमाही के लिए 38,750 करोड़ रुपये का तिमाही राजस्व घोषित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.2% अधिक है। इस तिमाही में जियो प्लेटफॉर्म्स का कर पश्चात लाभ 6,861 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 26% अधिक है। कंपनी ने यह भी कहा कि दिसंबर 2024 तक जियो प्लेटफॉर्म का कुल ग्राहक आधार 482 मिलियन हो गया है, जिसमें 2.4% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, कंपनी ने तीसरी तिमाही में 3.3 मिलियन की शुद्ध ग्राहक वृद्धि और मासिक मंथन में 2.0% की कमी की रिपोर्ट की। रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक, मुकेश डी. अंबानी ने कंपनी के तिमाही परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि रिलायंस का प्रदर्शन तेजी से आगे बढ़ रहा है और यह नए मानकों की स्थापना कर रहा है। उन्होंने डिजिटल सेवा व्यवसाय में मजबूत वृद्धि की सराहना की, जो निरंतर ग्राहक वृद्धि और ग्राहक जुड़ाव में सुधार के कारण संभव हो पाई। जियो के 5G नेटवर्क और होम ब्रॉडबैंड सेवाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे जियो ने भारतीय डिजिटल अनुभव को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आकाश एम अंबानी, रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन, ने कहा कि जियो ने भारत में डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले साल में 5G नेटवर्क और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की तेजी से वृद्धि ने डिजिटल इंडिया मिशन को मजबूती दी। आकाश अंबानी ने यह भी बताया कि जियो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की शक्ति का पूरा उपयोग करके एक कनेक्टेड, बुद्धिमान भविष्य बनाने के लिए प्रौद्योगिकी नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाएगा। इसका उद्देश्य अगले कई वर्षों तक निरंतर मूल्य सृजन को बढ़ावा देना है।
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया अपनी नई सीरीज़ आमी डाकिनी के साथ सस्पेंस और हॉरर की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविज़न और सोनी लिव पर जल्द ही प्रसारित होने वाली यह हॉरर-थ्रिलर एक रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी और अस्थिर आधार के साथ दर्शकों को लुभाने का वादा करती है। उम्मीद है कि यह श्रृंखला दर्शकों को बांधे रखेगी, क्योंकि इसका टीजर एक अलौकिक मोड़ और एक ऐसी कहानी की ओर इशारा करता है जो भयावह और रहस्यमयी है। टैगलाइन "लौट रहा है डर, डुगना होके" (डर लौटता है, दोगुना) माहौल तैयार करती है, जबकि रहस्यमय टीज़र एक अलौकिक मोड़ की ओर संकेत करता है- "प्यार में एक जिंदा लाश है, ना जाने उसे किसकी तलाश है?" (प्यार में तो जिंदा लाश होती है, न जाने किसकी तलाश है)। इस शैली के प्रशंसक प्रतिष्ठित आहट की सराहना भी करेंगे , जो हॉरर एंथोलॉजी श्रृंखला है जिसने वर्षों तक दर्शकों को मोहित किया, और भारतीय हॉरर विरासत के साथ आमी डाकिनी के जुड़ाव को मजबूत किया। इस गति को आगे बढ़ाते हुए, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने पहले भी एक लोकप्रिय सीरीज सीआईडी को पुनर्जीवित किया था, जो दर्शकों की भावना और पुरानी यादों को ताजा करने वाली, आकर्षक सामग्री की मांग को दर्शाता है। दो दशकों के बाद सीआईडी की वापसी , साथ ही आमी डाकिनी की वापसी , सम्मोहक और विविध मनोरंजन की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश करने के लिए नेटवर्क की प्रतिबद्धता को मजबूत करती है।
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हिंदी अखबार दैनिक भास्कर के डिजिटल प्लेटफार्म डीबी डिजिटल को राजस्थान और मध्य प्रदेश में रिपोर्टस की जरूरत है. आवेदक के पास रिपोर्टिंग में तीन वर्ष से ज्यादा का अनुभव होना जरूरी है. राजस्थान और मध्य प्रदेश के जिन शहरों के लिए वैकेंसी है उनमें- जयपुर, जोधपुर, इंदौर और भोपाल शामिल हैं. जिन शहरों के लिए वैकेंसी है वहां के लोकल युवक को प्राथमिकता दी जाएगी. अन्य डिटेल व अप्लाई करने के लिए विज्ञापन में दिए बार कोड को स्कैन करें…
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सिमरन सिंह को स्पॉटिफाई (Spotify) में ई-कॉमर्स और रिटेल के लिए सेल्स डायरेक्टर के पद पर प्रमोट किया गया है। इस खबर की जानकारी सिंह ने एक लिंक्डइन अपडेट के जरिए साझा की। इससे पहले सिमरन सिंह स्पॉटिफाई में सेल्स डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थीं।सिमरन सिंह ने सितंबर 2023 में स्पॉटिफाई जॉइन किया था। स्पॉटिफाई से पहले, वह सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया में SonyLiv के लिए ऐड सेल्स की रीजनल हेड के पद पर कार्यरत थीं। सिमरन सिंह ने ByteDance, टाइम्स इंटरनेट और Viacom18 जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में भी कार्य कि
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 में संशोधन करते हुए लोकल केबल ऑपरेटर (एलसीओ) पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का फैसला किया है। शुक्रवार, 17 जनवरी 2025 से यह संशोधित नियम लागू हो गए हैं, जिनके तहत एलसीओ पंजीकरण अब पूरी तरह ऑनलाइन होगा और मंत्रालय स्वयं उनका पंजीकरण प्राधिकारी होगा। ऑनलाइन पंजीकरण और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया आवेदकों के विवरण, जैसे आधार, पैन, कंपनी पहचान संख्या (CIN), डायरेक्टर पहचान संख्या (DIN) आदि का सफल सत्यापन होने पर पंजीकरण प्रमाण पत्र रियल-टाइम में जारी किया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण या नवीनीकरण के इनकार के खिलाफ अपील की सुविधा भी प्रदान की गई है। पहले की प्रक्रिया पहले एलसीओ पंजीकरण प्रक्रिया संबंधित क्षेत्र के स्थानीय मुख्य डाकघर में ऑफलाइन की जाती थी, जिसमें हेड पोस्टमास्टर पंजीकरण प्राधिकरण के रूप में कार्य करते थे। यह प्रक्रिया समय-साध्य और जटिल थी। साथ ही, पंजीकरण के बाद संचालन क्षेत्र केवल विशेष इलाकों तक सीमित रहता था।
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हिंदी लैंग्वेज के नेशनल न्यूज चैनल्स की पहले सप्ताह की टीआरपी लिस्ट आ गई है. नए वर्ष के पहले सप्ताह की टीआरपी का यह आंकड़ा है. क्या कुछ बदलाव हुआ है- देखें लिस्ट News18 India 13.9 dn 0.1Aaj Tak 12.8 up 0.2India TV 11 up 0.2Republic Bharat 10.3 up 0.2TV9 Bharatvarsh 10.1 dn 0.5Zee News 9.5 up 0.1Times Now Navbharat 8.6 dn 0.1ABP News 6.3 dn 0.1Good News Today 5.6 up 0.1News Nation 5.1 sameNews 24 4.8 sameNDTV India 1.8 up 0.1 TG: NCCS AB Male 22+News18 India 13.5 dn 0.2Aaj Tak 13.1 sameIndia TV 11.5 up 0.3Republic Bharat 11.3 up 0.3TV9 Bharatvarsh 10.4 dn 0.5Zee News 9.7 up 0.2Times Now Navbharat 8.7 dn 0.1ABP News 6.1 sameNews Nation 4.8 dn 0.1News 24 4.7 sameGood News Today 4.4 up 0.1NDTV India 1.8 same
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यह हाल के महीनों में कंपनी में नौकरियों में कटौती का दूसरा राउंड है। इससे पहले, अक्टूबर 2024 में कंपनी ने 50 एम्प्लॉयीज को बाहर किया था। वहीं, जुलाई 2024 में कंपनी ने 200 अनुबंधित लेखकों (कॉन्ट्रैक्चुअल राइटर्स) को भी नौकरी से निकाल दिया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित एम्प्लॉयीज की अंतिम संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी जारी है। इस बार नौकरी कटौती में टेक्नोलॉजी वर्टिकल पर विशेष रूप से असर पड़ा है। 2018 में रोहन नायक, प्रतीक दीक्षित और निशांत श्रीनिवास द्वारा स्थापित Pocket FM प्लेटफॉर्म पर रोमांस, ड्रामा, थ्रिलर, फैंटेसी और साइंस फिक्शन जैसे विभिन्न जॉनर की 75,000 से अधिक ऑडियो सीरीज उपलब्ध हैं। यह प्लेटफॉर्म एक विविध दर्शक वर्ग को ध्यान में रखते हुए कंटेंट प्रदान करती है, जो अंग्रेजी और हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, बंगाली, कन्नड़ और मराठी सहित कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। नौकरियों में ये कटौती Pocket FM के सामने आने वाली परिचालन चुनौतियों को उजागर करती है, क्योंकि कंपनी एक प्रतिस्पर्धी मार्केट में अपनी स्थिति बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
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प्रसार भारती ने श्री अधिकारी ब्रदर्स डिजिटल नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक महत्वपूर्ण साझेदारी की है, जिसके तहत Waves OTT प्लेटफॉर्म और इसके टेलीविजन चैनलों पर कंटेंट का विस्तार किया जाएगा। यह सहयोग पारंपरिक और आधुनिक कार्यक्रमों का मिश्रण पेश करेगा, जो विभिन्न दर्शक वर्गों की पसंद को पूरा करने का प्रयास है। यह साझेदारी अधिकारी ब्रदर्स के लिए एक तरह से उनकी जड़ों की ओर लौटने जैसा है, क्योंकि उन्होंने अपना मीडिया करियर दूरदर्शन से शुरू किया था, जो प्रसार भारती का पूर्ववर्ती हैं। इस सहयोग पर विचार करते हुए, श्री अधिकारी ब्रदर्स के चेयरमैन एमेरिटस मार्कंड अधिकारी ने कहा, “गौतम (मेरे भाई) और मैंने अपने करियर की शुरुआत दूरदर्शन से की थी। आज अधिकारी ब्रदर्स जो कुछ भी है, वह दूरदर्शन की व्यापक पहुंच की वजह से है। यह एक घर वापसी जैसा लगता है, और हमें विश्वास है कि हम फिर से गुणवत्तापूर्ण मनोरंजन प्रदान करेंगे।” इस समझौते के तहत मस्ती, दबंग और माईबोली जैसे लोकप्रिय चैनल अब Waves पर दिखाए जाएंगे। इन चैनलों के माध्यम से रीजनल हिट, पारिवारिक ड्रामा और युवाओं के लिए केंद्रित कार्यक्रम Waves के संग्रह में शामिल होंगे। साझेदारी में दर्शकों की मौजूदा पसंद को ध्यान में रखते हुए, सांस्कृतिक और सामाजिक प्रासंगिकता को बनाए रखते हुए नए और इनोवेटिव शो को सह-विकसित करने की योजनाएं भी शामिल हैं।
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कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन का उद्घाटन कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने किया। इस मौके पर राहुल गांधी ने कहा कि यदि आप यह समझ रहे हैं कि हम भाजपा और आरएसएस जैसे राजनीतिक संगठनों से लड़ रहे हैं तो यह गलत है। हम इंडियन स्टेट से भी लड़ रहे हैं। राहुल गांधी अपने इस बयान को लेकर अब आलोचना का शिकार भी हो रहे हैं। एक टीवी डिबेट में वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने उनके इस बयान को अनुचित बताया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, राहुल गांधी को जरा सी भी शर्म है तो उन्हें अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए, उनका बयान लोकतंत्र, संविधान और देश विरोधी है। आपको बता दें, भाजपा की ओर से राहुल गांधी से माफी की मांग की जा रही है तो वहीं कांग्रेस के नेता बचाव में उतर आए हैं। सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से पेश किया जा रहा है। उनके बयान को समग्रता से देखना चाहिए।
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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई (TRAI) ने भू-आधारित ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक मजबूत विनियामक ढांचा बनाने के उद्देश्य से व्यापक सिफारिशों का सेट जारी किया है। इन सिफारिशों का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, उपभोक्ता विकल्पों में सुधार करना और प्रसारण क्षेत्र में निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। चैनल्स की à la carte सुविधा अनिवार्य सिफारिशों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि ब्रॉडकास्टर्स को अपने चैनल डायरेक्ट-टू-होम (DTH) ऑपरेटर्स और केबल सेवा प्रदाताओं को à la carte (अलग-अलग चैनल चुनने की सुविधा) आधार पर उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सशक्त बनाना है ताकि वे केवल वही चैनल चुन सकें और उनके लिए भुगतान करें, जो वे देखना चाहते हैं। अब उन्हें चैनल्स के बंडल पैकेज खरीदने के लिए बाध्य नहीं होना पड़ेगा। प्रत्येक चैनल के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य तय करना अनिवार्य इस ढांचे के तहत ब्रॉडकास्टर्स को à la carte चैनल्स के लिए अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) निर्धारित करना अनिवार्य होगा। यह मूल्य निर्धारण नियम मनमानी मूल्य नीति को रोकने और उपभोक्ताओं के लिए कीमतों को किफायती और स्पष्ट बनाने के लिए लागू किया गया है। पते योग्य सिस्टम को अपनाने पर जोर इन बदलावों का समर्थन करने के लिए, TRAI ने सेवा प्रदाताओं द्वारा एड्रेसेबल सिस्टम (addressable systems) अपनाने पर जोर दिया है। यह तकनीक à la carte चैनल्स की सुविधा को लागू करने के लिए जरूरी है, जिससे उपभोक्ता अपनी पसंद को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें और समग्र संतुष्टि में सुधार हो। वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रयास TRAI की ये सिफारिशें भारत के प्रसारण क्षेत्र को वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं के अनुरूप बनाने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा हैं। यह उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने, प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और दर्शकों की विविध जरूरतों को पूरा करने पर केंद्रित है, जिससे वे केवल वही सामग्री देखें और उसके लिए भुगतान करें जो वे चाहते हैं। उपभोक्ताओं के अनुभव में सुधार की उम्मीद इन उपायों को लागू करने से एक अधिक न्यायसंगत और पारदर्शी प्रसारण वातावरण तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही, यह पूरे देश में उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'शेयरचैट' (ShareChat) ने कथित तौर पर अपने वर्कफोर्स का 5% यानी 20-30 एम्प्लॉयीज को हटाने का फैसला किया है। यह छंटनी विभिन्न विभागों से की जाएगी और पिछले छह महीनों में कंपनी की दूसरी बड़ी छंटनी होगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कदम वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के बाद उठाया गया है। शेयरचैट' के पास वर्तमान में करीब 530-550 एम्प्लॉयीज हैं। कंपनी ने अपने वार्षिक मूल्यांकन चक्र के हिस्से के रूप में यह प्रक्रिया शुरू की। एक प्रवक्ता के हवाले से कहा गया, "प्रत्येक प्रदर्शन चक्र में, लगभग 3-4% एम्प्लॉयीज को प्रदर्शन के आधार पर पिरामिड के निचले स्तर पर आंका जाता है। इन एम्प्लॉयीज को कंपनी छोड़ने के लिए कहा जाता है।" इससे पहले कंपनी ने अगस्त 2024 में अपने मध्य-वर्ष प्रदर्शन चक्र के दौरान भी 5% एम्प्लॉयीज को हटाया था। वहीं, 2023 में कंपनी ने लागत कम करने के उपायों के तहत 700 एम्प्लॉयीज की छंटनी की थी। छंटनी के इस सिलसिले से यह स्पष्ट है कि 'शेयरचैट' अपनी संचालन क्षमता को बेहतर बनाने और प्रदर्शन-आधारित ढांचे को अपनाने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, बार-बार हो रही छंटनियों ने एम्प्लॉयीज के बीच अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।
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इंडिया टुडे में सीनियर एंकर के तौर पर कार्यरत नबिला जमाल ने पांच वर्षों के बाद संगठन को अलविदा कह दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, अब वह न्यूज9 (TV9 नेटवर्क का हिस्सा) में एग्जिक्यूटिव एडिटर और एंकर की नई भूमिका निभाती नजर आएंगी। 'न्यूज9' भारत का पहला पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केंद्रित अंग्रेजी न्यूज ब्रैंड है। न्यूज9, अपनी अत्याधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के लिए जाना जाता है, कई प्लेटॉर्म्स के माध्यम से काम करता है, जिसमें प्रकाशन प्लेटफॉर्म www.news9live.com ओटीटी प्लेटफॉर्म News9 Plus और 24 घंटे की वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस शामिल है, जो कनेक्टेड टीवी और सोशल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। यह कदम नबिला जमाल के गतिशील करियर को रेखांकित करता है, क्योंकि वह भारत के बदलते डिजिटल न्यूज क्षेत्र में एक प्रमुख नेतृत्व भूमिका निभाने जा रही हैं।नबिला जमाल को पत्रकारिता में एक दशक से अधिक का व्यापक अनुभव है, जिसमें उन्होंने अपराध, राजनीति और पर्यावरणीय मुद्दों पर गहरी और प्रभावशाली कवरेज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान हासिल की है।वह सेंट जोसेफ कॉलेज, बेंगलुरु की पूर्व छात्रा हैं और अर्थशास्त्र और राजनीतिक विज्ञान में स्नातक डिग्री तथा मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री रखती हैं
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नेटवर्क18 (Network18) ने मंगलवार को कंपनी का वित्तीय विवरण जारी किया, जिसके अनुसार वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में न्यूज बिजनेस की आय में मामूली वृद्धि दर्ज की है, जबकि विज्ञापन के माहौल में कोई विशेष सुधार नहीं देखा गया। कंपनी ने बताया कि त्योहारों के दौरान उपभोक्ता मांग में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई, जिससे ब्रैंड्स ने विज्ञापन खर्च कम कर दिए।कंपनी के मुताबिक, टीवी न्यूज इंडस्ट्री में विज्ञापन वॉल्यूम तिमाही आधार पर मामूली रूप से बढ़ा है, लेकिन वार्षिक आधार पर इसमें 11% की गिरावट आई, जिससे राजस्व वृद्धि पर दबाव पड़ा। डिजिटल क्षेत्र में विज्ञापन आय बढ़ी, लेकिन यह वृद्धि कम आधार पर थी। कंपनी की कुल आय वित्त वर्ष 2024 की तीसरी तिमाही के ₹1,930 करोड़ से घटकर वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में ₹1,443 करोड़ रही। वहीं, वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में कंपनी का नुकसान बढ़कर ₹1,401 करोड़ हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में ₹102 करोड़ था। ऐसा इसकी सहायक कंपनियों की मान्यता समाप्त होने के कारण हुआ, जिसका लेखा-जोखा तिमाही के दौरान अनंतिम आधार पर किया गया है।तिमाही के दौरान ऑपरेटिंग खर्च में 4% की वृद्धि हुई, जिससे EBITDA कम हो गया। वित्त वर्ष 2025 की पहली नौ महीनों में EBITDA में सुधार हुआ, क्योंकि राजस्व 7% बढ़ा, जबकि खर्च में 4% की वृद्धि हुई। तिमाही में परिचालन आय ₹476 करोड़ रही, जो वार्षिक आधार पर 2% अधिक है।
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टेक कंपनी 'मेटा' (Meta) ने 3600 एम्प्लॉयीज की छंटनी करने की योजना बनाई है, जो कंपनी के कुल वर्कफोर्स का 5% है। इन छंटनियों के तहत "लो परफॉर्मर्स" को टारगेट किया जाएगा और उनकी जगह नए नियुक्तियां की जाएंगी। यह जानकारी ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट में सामने आई है। जुकरबर्गकाफोकस: परफॉर्मेंसऔरनईप्रतिभा Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इस कदम को परफॉर्मेंस मैनेजमेंट को मजबूत करने और "सबसे बेहतर टैलेंट" को बनाए रखने की दिशा में उठाया गया कदम बताया है। जुकरबर्ग ने कहा, "मैंने परफॉर्मेंस मैनेजमेंट का स्तर ऊंचा करने और लो परफॉर्मर्स को तेजी से हटाने का फैसला किया है। हम आमतौर पर परफॉर्मेंस में कमी वाले लोगों को एक साल के अंदर मैनेज करते हैं, लेकिन इस बार हम व्यापक प्रदर्शन-आधारित छंटनियां करेंगे।" उन्होंने आगे कहा कि कंपनी का उद्देश्य 2025 में इन भूमिकाओं के लिए नई भर्तियां करना है। प्रभावित एम्प्लॉयीज को फरवरी 10, 2025 या अमेरिका के बाहर के एम्प्लॉयीज के मामले में बाद में सूचित किया जाएगा। जुकरबर्ग ने आश्वासन दिया कि छंटनी के दौरान प्रभावित एम्प्लॉयीज को पहले की तरह "जेनरस सेवरेंस" पैकेज दिया जाएगा।
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मैहर, 14 जनवरी 2025: पलक गुप्ता ने मिस मध्य प्रदेश 2025 का खिताब जीतकर अपने जिले का नाम रोशन किया है। इंदौर के जार्डिन होटल में आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पलक ने अपनी खूबसूरती, आत्मविश्वास और प्रतिभा से सभी का दिल जीत लिया। पलक की इस सफलता से मैहर जिले में खुशी का माहौल है और लोग उनके परिजनों के साथ मिलकर इस उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं। पलक की सफलता का राजमैहर के रामनगर की निवासी पलक गुप्ता ने इस प्रतियोगिता में अपनी अविश्वसनीय सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास को प्रमुख कारण बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच एलेसिया राउत और अंजलि राउत से प्रशिक्षण प्राप्त किया था। पलक, रामनगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी महेंद्र गुप्ता की बेटी हैं। पलक ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा, "यह मेरे लिए एक सपने के सच होने जैसा है। मैंने बहुत मेहनत की और इस दौरान मुझे हर कदम पर मेरे परिवार, कोच और आयोजकों का भरपूर समर्थन मिला। यह खिताब मैं अपने माता-पिता, कोच, भाई-बहन और दोस्तों को समर्पित करती हूं।" पलक की इस उपलब्धि ने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे मैहर जिले को गर्व महसूस कराया है।
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शिवना प्रकाशन ने अपने प्रतिष्ठित सम्मानों की घोषणा करते हुए, लेखक प्रवीण कक्कड़ को उनके कार्य के लिए 'शिवना कृति सम्मान' देने का निर्णय लिया है। कक्कड़ को यह सम्मान उनकी पुस्तक ‘‘दंड से न्याय तक’’ के लिए मिला है, जो भारतीय कानून पर आधारित एक महत्वपूर्ण और सामयिक लेखन है। प्रवीण कक्कड़ की पुस्तक की मिली व्यापक सराहना लेखक प्रवीण कक्कड़ की पुस्तक ‘‘दंड से न्याय तक’’ ने बहुत कम समय में देशभर में अपनी पहचान बनाई है। यह पुस्तक भारतीय दंड संहिता (IPC) और बीएनएसएस (BNS) जैसे जटिल कानूनी मामलों को सामान्य और सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। इसे न केवल कानूनी छात्रों द्वारा पढ़ा जा रहा है, बल्कि अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी, और आम नागरिक भी इसकी समझ से लाभ उठा रहे हैं। इस पुस्तक की बिक्री ने ऑनलाइन पोर्टल्स पर भी कीर्तिमान स्थापित किए हैं, और यह बहुत ही तेज़ी से लोगों के बीच लोकप्रिय हो रही है। इसकी सरल और प्रभावी शैली ने इसे एक बेस्टसेलर बना दिया है। प्रवीण कक्कड़ का लेखन और समाज में योगदान प्रवीण कक्कड़ का लेखन क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बना चुका है। उनकी पहले प्रकाशित पुस्तक ‘‘मैन ऑफ़ मैनेजमेंट’’ भी काफी चर्चित रही है। इसके अलावा, कक्कड़ के लेख विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते रहते हैं। वे सोशल मीडिया पर ‘‘पीके का फंडा’’ के माध्यम से युवाओं को प्रेरित करने का कार्य भी करते हैं। कक्कड़ का यह सम्मान उनके अद्वितीय योगदान का प्रतीक है, जो न केवल कानूनी क्षेत्र में, बल्कि समाज के विभिन्न पहलुओं में सुधार और जागरूकता का काम करता है। समाज में बदलाव की दिशा में योगदान लेखक प्रवीण कक्कड़ का यह काम समाज में कानूनी समझ बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है। ‘‘दंड से न्याय तक’’ जैसी पुस्तकें न केवल कानूनी पेशेवरों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह आम लोगों के लिए भी उपयोगी साबित हो रही हैं, जो कानून और न्याय के बारे में अधिक जानना चाहते हैं। शिवना कृति सम्मान के साथ, कक्कड़ का यह योगदान न केवल उनके लेखन को बल्कि समाज में कानूनी जागरूकता और न्याय की प्रक्रिया को समझने में एक नया आयाम जोड़ता है।
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वैश्विक शराब की दिग्गज कंपनी 'डियाजियो' (Diageo) घोषणा की है कि भारतीय शाखा 'यूनाइटेड स्पिरिट्स' ने 1 मार्च 2024 से प्रभावी रूप से प्रवीण सोमेश्वर को अपना चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर- डेजिगनेट (CEO Designate) नियुक्त किया है। प्रवीण सोमेश्वर, हिना नागराजन की जगह लेंगे, जो मैनेजिंग डायरेक्टर व CEO के रूप चार साल तक सफलतापूर्वक कंपनी का नेतृत्व कर रही हैं। फिलहाल वह अब डियाजियो की ग्लोबल एग्जिक्यूटिव कमेटी में शामिल होंगी। यूनाइटेड स्पिरिट्स' द्वारा सोमवार को शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि हिना नागराजन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वह 31 मार्च, 2025 तक कंपनी की एमडी व सीईओ रहेंगी और 1 अप्रैल, 2025 से प्रवीण सोमेश्वर को कंपनी का एमडी और सीईओ नियुक्त किया गया है।
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जियोस्टार ने विकास कुंडू को एजेंसी पार्टनरशिप के हेड के रूप में नियुक्त किया है, जो जनवरी 2025 से प्रभावी होगी। वे पहले वायकॉम18 मीडिया से जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने 17 वर्षों तक विभिन्न नेतृत्व भूमिकाओं में कार्य किया। हाल ही में, उन्होंने सीनियर वाइस प्रेजिडेंट और रेवेन्यू हेड (रीजनल एंटरटेनमेंट) के रूप में 14 क्षेत्रीय चैनलों के राजस्व संचालन की जिम्मेदारी संभाली। इसके अलावा, उन्होंने वायकॉम18 के किड्स क्लस्टर के सेल्स और सिंडिकेशन का भी नेतृत्व किया। विकास के पास मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में 23 वर्षों का समृद्ध अनुभव है और वे सहारा वन मीडिया, यूटीवी-डिज़्नी, सत्याम इंफोवे, इंडिया.कॉम और बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में काम कर चुके हैं। विकास कुंडू की शैक्षिक पृष्ठभूमि में टाइम्स स्कूल ऑफ मार्केटिंग से मार्केटिंग मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर डिग्री और दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक की डिग्री शामिल है। जियोस्टार में उनकी नियुक्ति कंपनी के विकास और एजेंसी पार्टनरशिप को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उनके पास जो नेतृत्व और विशेषज्ञता है, वह जियोस्टार को भविष्य की चुनौतियों से निपटने और नए अवसरों को पहचानने में मदद करेगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज़ेरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामथ के साथ अपने पहले पॉडकास्ट में कई मुद्दों पर खुलकर बात की। सोशल मीडिया पर उनका यह पॉडकास्ट चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बीच पत्रकार और एंकर गौरव शर्मा ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, पीएम मोदी का पॉडकास्ट पूरा सुना और समय निकाल कर आप भी सुनिए। देश समाज या अपने लिए भी कुछ अच्छा और बड़ा करना चाहते हैं तो इसमें आपको बहुत सारे मंत्र और टिप्स मिलेंगे। मोदी जो कह रहे हैं वो प्रभावित इसलिए करता है क्योंकि उस में कुछ बनावटी नहीं लगता, और अपने लिए उपयोगी इसलिए महसूस होता है क्योंकि मोदी की उपलब्धियाँ उसका प्रमाण हैं। आपको बता दें, पीएम मोदी ने कहा कि तीसरे टर्म में मेरी सोच बदल गई है। मेरा मनोबल ऊंचा है। मैं विकसित भारत के लिए 2047 तक सभी समस्याओं का समाधान चाहता हूं। सरकारी योजनाओं की 100% डिलीवरी होनी चाहिए। यही वास्तविक सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता है। इसके पीछे प्रेरक शक्ति है - AI- 'एस्पिरेशनल इंडिया'।
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नई नौकरी की तलाश में जुटे पत्रकारों के लिए देश के प्रमुख पब्लिकेशंस में शुमार ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) में नौकरी पाने का अच्छा मौका है। दरअसल, दैनिक भास्कर अखबार को इंदौर के लिए सिटी इंचार्ज की जरूरत है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, इस पद पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास लोकल में रिपोर्टिंग करने का कम से कम पांच साल का अनुभव होना चाहिए। कम्युनिकेशंस स्किल अच्छा होना चाहिए। हिंदी और अंग्रेजी पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। स्थानीय स्तर पर संपर्कों को बनाने और उन्हें मजबूती प्रदान करने में सक्षम होना चाहिए। इस पद पर काम करने के इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे tshraddha1999@gmail.com पर भेज सकते हैं। इस वैकेंसी के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं।
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प्रसार भारती ने अपने डीटीएच प्लेटफॉर्म डीडी फ्रीडिश के खाली MPEG-2 स्लॉट्स के आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया की घोषणा की है, जो 10 फरवरी 2025 को ऑनलाइन आयोजित की जाएगी। यह नीलामी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक की वैधता अवधि वाले स्लॉट्स के लिए होगी, और इसमें भाग लेने के लिए 4 फरवरी 2025 तक आवेदन किए जा सकते हैं। प्रसार भारती ने अपनी संशोधित नीलामी नीति में बताया कि केवल वे चैनल जिनके पास सूचना और प्रसारण मंत्रालय से अनुमति और लाइसेंस है, वे इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। चैनलों को अपनी श्रेणी और भाषा के अनुसार 75% कंटेंट प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा, और बिना ठोस प्रमाण के आवेदन खारिज कर दिए जाएंगे। नीलामी में भाग लेने वाले चैनल विभिन्न बकेट्स में बांटे गए हैं, जैसे बकेट A+ (हिंदी और उर्दू में GEC चैनल), बकेट A (हिंदी और उर्दू में मूवी चैनल), बकेट R (क्षेत्रीय भाषाओं के चैनल), और अन्य बकेट्स में संगीत, खेल, समाचार और धार्मिक चैनल शामिल हैं। नीलामी के लिए आरक्षित मूल्य ₹3 करोड़ से ₹15 करोड़ तक रखा गया है, और भाग लेने वाले चैनलों को ₹1.5 करोड़ का भागीदारी शुल्क और ₹25,000 का प्रोसेसिंग शुल्क देना होगा। प्रसार भारती ने अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक प्रसारकों को भी आमंत्रित किया है, जिनके पास मंत्रालय से लाइसेंस है, ताकि वे भी इस नीलामी में हिस्सा ले सकें।
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वरिष्ठ पत्रकार थॉमस के थॉमस को 'द हिंदू बिजनेस लाइन' में मैनेजिंग एडिटर के पद पर प्रमोट किया गया है। इससे पहले वह इस प्रकाशन में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने 2004 में 'बिजनेस स्टैंडर्ड' से 'द हिंदू बिजनेस लाइन' में बतौर स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट जॉइन किया था। उस समय वह टेलीकॉम और फार्मा सेक्टर को कवर करते थे। थॉमस विभिन्न क्षेत्रों को कवर करने वाले अनुभवी पत्रकारों के ब्यूरो को मैनेज कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर टेक्नोलॉजी सेक्टर का नेतृत्व किया, जिसमें समाचार प्रवाह को समन्वित करना और 'बिजनेस लाइन' के प्रमुख शहरों में स्थित ब्यूरो के माध्यम से विशेष खबरों को परिकल्पित करना शामिल था। थॉमस कई विचारशील नेताओं और सी-सूट अधिकारियों का इंटरव्यू कर चुके हैं। इनमें टेक जगत के कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं, जैसे फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग, एमेजॉन के फाउंडर जेफ बेजोस, ऐप्पल के सीईओ टिम कुक, नेटफ्लिक्स के को-फाउंडर व सीईओ रीड हेस्टिंग्स, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला, वॉट्सऐप के को-फाउंडर ब्रायन एक्टन, शाओमी के फाउंडर लेई जून, वनप्लस के को-फाउंडर पीट लाउ, महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला, एयरटेल के फाउंडर सुनील भारती मित्तल, पूर्व आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन और फिनलैंड के राष्ट्रपति साउली निनिस्तो शामिल हैं। थॉमस के इस प्रमोशन से 'द हिंदू बिजनेस लाइन' के संपादकीय नेतृत्व को और अधिक सशक्त और समृद्ध होने की उम्मीद है।
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एचटी मीडिया’ (HT Media) ने समीर सिंह को ग्रुप सीईओ के पद पर नियुक्त किया है। वह प्रवीण सोमेश्वर की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे, जिन्होंने मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर के पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी द्वारा नियामक संस्थाओं को दी गई जानकारी के मुताबिक यह परिवर्तन 28 फरवरी से लागू होगा। समीर सिंह इससे पहले शॉर्ट वीडियो ऐप ‘टिकटॉक’ (TikTok) में नॉर्थ अमेरिका के ऐड सेल्स हेड के पद पर कार्यरत थे, जहां से उन्होंने कुछ समय पहले इस्तीफा दे दिया था। समीर सिंह ने टिकटॉक से इस्तीफा ऐसे समय पर दिया है जब 19 जनवरी से अमेरिका में इस प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लागू होने जा रहा है। समीर सिंह वर्ष 2019 में ‘टिकटॉक’ की पैरेंट कंपनी ‘बाइटडांस’ (ByteDance) से जुड़े और एशिया-प्रशांत (APAC) में ग्लोबल बिजनेस सॉल्यूशंस के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाला। ‘टिकटॉक’ में अपनी भूमिका से पहले वह ‘ग्रुपएम’ (GroupM) के दक्षिण एशिया के सीईओ के रूप में कार्यरत थे। समीर सिंह को इंडस्ट्री में काम करने का काफी अनुभव है। पूर्व में वह ‘Google’, ‘MullenLowe Lintas Group’ और ‘Procter & Gamble’ जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं।
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नई नौकरी की तलाश में जुटे पत्रकारों के लिए जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) की अंग्रेजी टीम में काम करने का अच्छा मौका है।दरअसल, यहां सीनियर सब एडिटर (अंग्रेजी न्यूज) और टेक व ऑटो बीट पर सब एडिटर की जरूरत है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए संस्थान की ओर से योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। ये नियुक्तियां नोएडा के लिए होनी हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, इन पदों पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बीट पर काम करने का कम से कम दो साल का अनुभव होना चाहिए। आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार अपना अपडेटेड रिज्युमे namra.fatima@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं। जिस पद/बीट के लिए अप्लाई कर रहे हैं, ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में उसका नाम अवश्य लिखें। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं।
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नई नौकरी की तलाश में जुटे पत्रकारों के लिए जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) की अंग्रेजी टीम में काम करने का अच्छा मौका है।दरअसल, यहां सीनियर सब एडिटर (अंग्रेजी न्यूज) और टेक व ऑटो बीट पर सब एडिटर की जरूरत है। इन पदों पर नियुक्ति के लिए संस्थान की ओर से योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। ये नियुक्तियां नोएडा के लिए होनी हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, इन पदों पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ ही संबंधित बीट पर काम करने का कम से कम दो साल का अनुभव होना चाहिए। आवेदन के इच्छुक उम्मीदवार अपना अपडेटेड रिज्युमे namra.fatima@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं। जिस पद/बीट के लिए अप्लाई कर रहे हैं, ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में उसका नाम अवश्य लिखें। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं।
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2025 में भारतीय मीडिया एक महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां दूरदर्शी CEOs न्यूज ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री को बदलने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। ये लीडर्स देश के सबसे प्रभावशाली नेटवर्क्स को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए बेहतरीन इनोवेशन, साहसिक डिजिटल इनिशिएटिव्स और नए पत्रकारिता मानकों के साथ काम कर रहे हैं। चाहे पारंपरिक मीडिया संस्थानों को नई ऊर्जा देना हो या आधुनिक कंटेंट रणनीतियों को अपनाना, इन CEOs का नेतृत्व तेजी से बदलते भारतीय मीडिया परिदृश्य में नए मानदंड स्थापित कर रहा है। आइए, इनमें से कुछ प्रमुख नामों पर नजर डालते हैं: सुमंता दत्ता, CEO, ABP नेटवर्क ABP नेटवर्क ने नवंबर 2024 में अपने नए सीईओ के रूप में सुमंता दत्ता की नियुक्ति की घोषणा की, जो अविनाश पांडे के पद छोड़ने के पांच महीने बाद हुई। दत्ता का नेतृत्व ABP नेटवर्क में इनोवेशन को बढ़ावा देने और भारत के तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में समूह को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने की उम्मीद है। उनके विविध क्षेत्रों में व्यापक अनुभव का उपयोग करते हुए, नेटवर्क की पहुंच और प्रभाव को बढ़ाने का लक्ष्य है। सुमंता दत्ता अपने साथ 30 वर्षों से अधिक का अनुभव लेकर आए हैं, जिसमें उन्होंने कंज्यूमर गुड्स, ड्यूरेबल और एजुकेशन जैसे इंडस्ट्री में प्रमुख कमर्शियल ऑपरेशंस, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का नेतृत्व किया है। संजय पुगलिया, होलटाइम डायरेक्टर, NDTV संजय पुगलिया एक प्रसिद्ध राजनीतिक और बिजनेस पत्रकार हैं। उनके पास डिजिटल, टेलीविजन और प्रिंट मीडिया में व्यापक अनुभव है। उन्होंने भारत में कई अग्रणी मीडिया प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनकर उन्हें शुरू किया है और 12 वर्षों तक CNBC आवाज का नेतृत्व किया।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और पीएम मोदी को प्रयागराज कुंभ मेले में आने का निमंत्रण दिया है। महाकुंभ में इस साल 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। वरिष्ठ पत्रकार दीपक चौरसिया ने भी इस आयोजन को अपने आप में भव्य आयोजन बताया है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल से एक पोस्ट कर लिखा, महाकुंभ संस्कृति और सनातन परंपराओं की अनमोल झलक है। 2025 का प्रयागराज महाकुंभ कई मायनों में खास है। इसकी भव्यता कई रिकॉर्ड तोड़ने वाली है। इस बार महाकुंभ में जहां करीब 45 करोड़ श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लगभग 3,00,000 से 4,00,000 इंटरनेशनल टूरिस्ट्स कुंभ मेले में आ सकते हैं। इस महापर्व में दुनिया की कुल आबादी के 5% के बराबर लोग एक ही शहर में इकट्ठा हो रहे हैं। महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या पाकिस्तान की कुल जनसंख्या का दोगुनी होगी, जबकि रूस की आबादी की तीन गुना आदमी प्रयागराज पहुंच रहा है। कुंभ में आईपीएल से भी 10 गुना ज्यादा कमाई हो रही है। एक देश की सुरक्षा जितनी व्यवस्था एक शहर में देखने को मिलेगी। सनातनी श्रद्धा का महाकुंभ अपने आप में गजब का भव्य आयोजन है। आपको बता दें, इससे पहले सीएम योगी ने 30 दिसंबर 2024 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर प्रयागराज कुंभ मेले में आने का निमंत्रण दिया था।
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2024 की पहली तीन तिमाहियों में रेडियो विज्ञापनों में लगातार वृद्धि देखी गई। जनवरी से सितंबर 2024 के दौरान, टॉप 10 सेक्टर्स ने सामूहिक रूप से कुल विज्ञापन का 89% हिस्सा दर्ज किया। इन सेक्टर्स में सर्विसेज (30%), ऑटो (10%), बैंकिंग/फाइनेंस/इन्वेस्टमेंट (9%), रिटेल (9%), फूड व बेवरेजेस (8%), एजुकेशन (8%), पर्सनल ऐसेसीरीज (7%), बिल्डिंग, इंडस्ट्रियल व लैंड मैटेरियल/इक्वीपमेंट्स (3%), पर्सनल हेल्थकेयर (3%) और ड्यूरेबल्स (2%) शामिल हैं। सर्विसेज और ऑटो अपनी टॉप कैटेगरीज की सूची में अपनी स्थिति बनाए हुए हैं, जबकि BFSI (बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और बीमा) जनवरी-सितंबर 2023 में 5वें स्थान से उछलकर 2024 में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। रेडियो विज्ञापन में टॉप 10 कैटेगरीज का 51% विज्ञापन हिस्सेदारी पर कब्जा है। इनमें शामिल हैं: प्रॉपर्टीज/रियल एस्टेट (16%), हॉस्पिटल/क्लीनिक्स (7%), कारें (7%), रीटेल आउटलेट्स- ज्वैलर्स (6%), रीटेल आउटलेट- इलेक्ट्रॉनिक्स/ड्यूरेबल्स (3%), रीटेल आउटलेट - क्लॉथ/टेक्सटाइल/फैशन (3%), लाइफ इंश्योरेंस (3%), मल्टीपल कोर्सेज (3%), स्कूल्स (1%) और कोचिंग/कम्पटैटिव एग्जाम सेंटर (1%), जैसा कि इन सेक्टर्स में देखा गया, टॉप 2 कैटेगरीज ने जनवरी-सितंबर 2023 की तुलना में जनवरी-सितंबर 2024 में अपनी स्थिति बनाए रखी। जनवरी से सितंबर 2024 के दौरान रेडियो विज्ञापन में टॉप 10 विज्ञापनदाताओं ने कुल ऐड वॉल्यूम का 12% हिस्सा लिया। इन विज्ञापनदाताओं में LIC ऑफ इंडिया ने अपनी शीर्ष स्थिति बनाए रखी। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन, हुंडई मोटर इंडिया, और रेनॉल्ट इंडिया नए नाम थे, जो जनवरी-सितंबर 2023 की सूची में नहीं थे। अन्य प्रमुख विज्ञापनदाताओं में मारुति सुजुकी इंडिया, एसबीएस बायोटेक, LIC हाउसिंग फाइनेंस, टाटा मोटर्स, रिलायंस रिटेल और विष्णु पैकेजिंग शामिल हैं। इस अवधि में रेडियो पर 5000 से अधिक विशेष विज्ञापनदाता भी मौजूद थे, जो 2023 की तुलना में उल्लेखनीय है। जनवरी-सितंबर 2024 में रेडियो पर टॉप 10 ब्रैंड्स में LIC हाउसिंग फाइनेंस, विमल पान मसाला, LIC जीवन उत्सव, मारुति सुजुकी एरीना, मणप्पुरम लोन अगेंस्ट गोल्ड, Acco जनरल ऑटो इंश्योरेंस, मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स, अलीशान, LIC और निसान मैग्नाइट शामिल थे। इन टॉप 10 ब्रैंड्स में से 3 ब्रैंड्स LIC ऑफ इंडिया से संबंधित थे, और 2023 की इसी अवधि की तुलना में 5 ब्रैंड्स इस सूची में नए शामिल हुए। जनवरी से सितंबर 2024 के दौरान कारों की कैटेगरी में विज्ञापन सेकंडेज (ad secondages) में सबसे अधिक 60% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद रिटेल आउटलेट्स - ज्वैलर्स ने 50% की वृद्धि दर्ज की, जो 2023 की इसी अवधि की तुलना में उल्लेखनीय है। गुजरात और महाराष्ट्र ने अपने पहले और दूसरे स्थान को बनाए रखा, जिनका ऐड वॉल्यूम में हिस्सा क्रमशः 18% और 16% था। टॉप शहरों में जयपुर, नई दिल्ली, नागपुर, सूरत, अहमदाबाद, हैदराबाद, इंदौर, पुणे, बैंगलोर और वडोदरा शामिल थे। इन शहरों ने मिलकर ऐड वॉल्यूम का 62% हिस्सा जोड़ा। जयपुर ने अपनी शीर्ष स्थिति बनाए रखी, जिसमें जनवरी-सितंबर 2024 के दौरान ऐड वॉल्यूम का 8% हिस्सा था। शाम का समय रेडियो पर विज्ञापन के लिए सबसे अधिक पसंद किया गया समय था, उसके बाद सुबह और दोपहर का समय था। शाम और सुबह के समय ने मिलकर ऐड वॉल्यूम का 69% हिस्सा जोड़ा। 20-40 सेकंड वाले विज्ञापन रेडियो पर जनवरी-सितंबर 2023 और 2024 में सबसे अधिक पसंद किए गए। 20-40 सेकंड और 20 सेकंड से कम अवधि के विज्ञापनों ने मिलकर रेडियो पर कुल ऐड वॉल्यूम का 95% योगदान दिया।
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‘टीवी टुडे नेटवर्क’ (TV Today Network) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। इस खबर के अनुसार, टीवी टुडे नेटवर्क अपना रेडियो बिजनेस बंद करने जा रहा है। बता दें कि नौ जनवरी को हुई बोर्ड बैठक में टीवी टुडे नेटवर्क को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से अपना रेडियो बिजनेस बंद करने की मंजूरी मिल गई है। नेटवर्क के पास मुंबई, दिल्ली और कोलकाता में 104.8 एफएम की फ्रीक्वेंसी के तहत तीन एफएम रेडियो स्टेशन हैं। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया है कि उसका रेडियो बिजनेस अगले एक से छह महीनों के भीतर बंद किया जा सकता है। इस फैसले के पीछे कारण बताते हुए कंपनी ने कहा, ‘इंडस्ट्री की वर्तमान स्थिति, इसके कामकाज और एफएम रेडियो ब्रॉडकास्टिंग बिजनेस के विकास को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी के हित में इसे जारी रखने के बजाय बंद करना उचित समझा है।’ कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 में रेडियो बिजनेस का टर्नओवर 16.18 करोड़ रुपये रहा। यह टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड के कुल कारोबार का 1.70 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2023-24 में कंपनी के रेडियो बिजनेस ने 19.53 करोड़ रुपये का नुकसान भी दर्ज किया है।
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आज विश्व हिंदी दिवस है। हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है, जो हिंदी भाषा के महत्व और इसके वैश्विक प्रसार को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। यह दिन पहली बार 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह द्वारा घोषित किया गया था। इस अवसर पर देश और विदेश में हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कब और क्यों मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस? विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2006 में हुई, जब इसे हिंदी के वैश्विक प्रचार और सम्मान को बढ़ाने के उद्देश्य से मनाने का निर्णय लिया गया। इस दिन के माध्यम से भारतीय संस्कृति और भाषा की वैश्विक पहचान को मजबूती देने की कोशिश की जाती है। उद्देश्य और महत्व विश्व हिंदी दिवस का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिष्ठित करना है। इसे शिक्षा, साहित्य, और कला के माध्यम से अन्य देशों में लोकप्रिय बनाने का प्रयास किया जाता है। यह दिन हिंदी बोलने वालों को उनकी भाषा के प्रति गर्व और सम्मान महसूस कराता है। विशेष कार्यक्रम और आयोजन इस दिन पर देश और विदेशों में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें हिंदी साहित्य सम्मेलन, सेमिनार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भाषण प्रतियोगिताएं और लेखन कार्यशालाएं शामिल होती हैं। सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष प्रयास करती हैं। हिंदी को बढ़ावा देने में योगदान हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में भारत सरकार, हिंदी साहित्यकारों, और कूटनीतिक प्रयासों का बड़ा योगदान रहा है। हिंदी को संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में संवाद की भाषा के रूप में पहचान दिलाने की दिशा में कई प्रयास किए गए हैं। हिंदी का वैश्विक महत्व दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं में से एक हिंदी न केवल भारत में, बल्कि अन्य देशों में भी अपनी पहचान बना रही है। विश्व हिंदी दिवस इस भाषा के महत्व को रेखांकित करने और इसे वैश्विक मंच पर सम्मानजनक स्थान दिलाने की दिशा में एक अहम भूमिका निभाता है।
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आरपी संजीव गोयनका ग्रुप (RP Sanjiv Goenka Group) की 'मैनिफेस्ट' (Manifest) मैगजीन की एडिटर चैती नरूला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। चैती नरूला इससे पहले करीब छह साल से ‘इंडिया टुडे टीवी’ (India Today TV) में एंकर व एडिटर के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं, जहां से उन्होंने अगस्त 2023 में अपनी पारी को विराम दे दिया था। मीडिया से बात करते हुए नरूला ने RPSG लाइफस्टाइल मीडिया में बिताए अपने समय पर आभार व्यक्त किया, जहां उन्होंने एक लग्जरी मैगजीन 'मैनिफेस्ट' की फाउंडिंग एडिटर के रूप में अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, "मैंने आरपीएसजी लाइफस्टाइल मीडिया में मैनिफेस्ट की एडिटर की भूमिका से आगे बढ़ने का फैसला किया है। इस प्रतिष्ठित मैगजीन की फाउंडिंग एडिटर के रूप में सेवा देना मेरे लिए एक सम्मान की बात रही है। मैं अवर्ना जैन और जमाल शेख का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया और इस मैगजीन का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी।" आगे की योजना साझा करते हुए नरूला ने बताया कि वह 'फ्रेंच प्रेस ग्लोबल' (French Press Global) में एडिटोरियल डायरेक्टर के रूप में अपनी नई भूमिका निभाने जा रही हैं। इस भूमिका के तहत वह अपना समय दिल्ली और दुबई के बीच बांटेंगी। उन्होंने कहा, "मेरी कुछ ऐसी योजनाएं हैं जो मेरे दीर्घकालिक करियर लक्ष्यों के अधिक करीब हैं। फ्रेंच प्रेस ग्लोबल में एडिटोरियल डायरेक्टर के रूप में मैं पब्लिकेशन्स, इवेंट्स और बड़े पैमाने पर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज़ पर काम करूंगी। जल्द ही इस बारे में और विवरण साझा करूंगी।" 16 वर्षों के प्रिंट, डिजिटल और टेलीविजन मीडिया अनुभव के साथ, चैती नरूला ने अपना करियर 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' से शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने 'डेली न्यूज एंड एनालिसिस' (DNA) में रिपोर्टिंग की। टेलीविजन में उन्होंने CNBC, CNN न्यूज18 और ET नाउ जैसे प्रमुख नेटवर्क्स में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिससे वह एक प्रमुख चेहरा बन गईं।
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मेटा ने अपने प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स) पर कंटेंट मॉडरेशन के तरीकों को पुनर्परिभाषित करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह अमेरिका में अपने थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम को समाप्त कर रही है और इसकी जगह कंपनी यूजर द्वारा संचालित ‘कम्युनिटी नोट्स’ प्रणाली को अपनाएगी, जहां यूजर्स कंटेंट को रेट और संदर्भ प्रदान कर सकेंगे। ये बदलाव मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग द्वारा जॉर्जटाउन में दिए गए भाषण में किए गए फ्री एक्सप्रेशन के वादे को निभाने की दिशा में एक प्रयास हैं। जुकरबर्ग ने कहा, "हम इस बिंदु पर पहुंच गए हैं जहां बहुत अधिक गलतियां और बहुत अधिक सेंसरशिप हो रही है। अगर हम गलती से सिर्फ 1% पोस्ट को सेंसर कर देते हैं, तो यह भी लाखों लोगों पर असर डालता है।" नई नीति बदलाव के मुख्य बिंदु: फैक्ट-चेकर्स की जगह कम्युनिटी नोट्स: मेटा अपने फैक्ट-चेकर्स को धीरे-धीरे खत्म कर एक समुदाय-चालित प्रणाली 'कम्युनिटी नोट्स' को पेश करेगा। यह कदम पारंपरिक फैक्ट-चेकिंग तंत्रों पर बढ़ते अविश्वास के जवाब में उठाया गया है, जिन्हें मेटा ने स्वीकार किया कि ये पहले राजनीतिक रूप से पक्षपाती रहे हैं। जुकरबर्ग ने कहा, "फैक्ट-चेकर्स बहुत अधिक राजनीतिक पक्षपाती हो गए हैं और उन्होंने विश्वास बनाने के बजाय उसे नष्ट कर दिया है, तो, आने वाले कुछ महीनों में, हम एक अधिक व्यापक कम्युनिटी नोट्स प्रणाली लागू करेंगे।" कंटेंट पॉलिसियों का सरलीकरण: मेटा अपनी कंटेंट पॉलिसियों को सरल बनाएगा और इमिग्रेशन और जेंडर जैसे संवेदनशील विषयों पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाएगा। कंपनी का मानना है कि ये प्रतिबंध मुख्यधारा की चर्चा से अलग और बहुत अधिक सख्त हो गए थे। जुकरबर्ग ने कहा, "जो समावेशिता बढ़ाने के लिए शुरू हुआ था, वह अब अलग-अलग विचारों वाले लोगों की राय बंद करने और उन्हें अलग करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। लिहाजा हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि लोग हमारे प्लेटफॉर्म्स पर अपने विश्वास और अनुभव साझा कर सकें।" कंटेंट मॉडरेशन फिल्टर का समायोजन: मेटा अनावश्यक सेंसरशिप को कम करने के लिए अपने मॉडरेशन फिल्टर्स को हल्के उल्लंघनों के मामलों में ढील देगा। अब, कार्रवाई करने से पहले यूजर्स की रिपोर्ट्स पर भरोसा किया जाएगा। यह बदलाव सही पोस्ट्स को गलती से हटाए जाने की घटनाओं को कम करने के लिए किया गया है। जुकरबर्ग ने समझाया, "पहले हमारे पास ऐसे फिल्टर थे जो किसी भी नीति उल्लंघन के लिए स्कैन करते थे। अब हम इन फिल्टर्स को केवल अवैध और गंभीर उल्लंघनों पर केंद्रित करेंगे और इन्हें कम करके, हम अपने प्लेटफॉर्म्स पर सेंसरशिप को काफी हद तक घटाने जा रहे हैं।" सिविक कंटेंट की पुनः शुरुआत: यूजर्स के तनाव को कम करने के लिए राजनीतिक पोस्ट को सीमित करने के बाद, मेटा ने सिविक और राजनीतिक कंटेंट को वापस लाने का निर्णय लिया है। यह उन यूजर्स की प्रतिक्रिया के जवाब में किया गया है जो फिर से राजनीतिक चर्चाओं में भाग लेना चाहते हैं। जुकरबर्ग ने कहा, "ऐसा लगता है कि अब हम एक नए दौर में हैं, और हमें यूजर्स से यह प्रतिक्रिया मिल रही है कि वे फिर से इस प्रकार का कंटेंट देखना चाहते हैं। हम इसे फेसबुक, इंस्टाग्राम और थ्रेड्स में धीरे-धीरे शामिल करना शुरू करेंगे, जबकि क्म्युनिटीज को दोस्ताना और सकारात्मक बनाए रखने के लिए काम करेंगे।" ट्रस्ट और सेफ्टी टीमों का स्थानांतरण: मेटा अपनी ट्रस्ट और सेफ्टी और कंटेंट मॉडरेशन टीमों को कैलिफोर्निया से टेक्सास स्थानांतरित करेगा। यह कदम कंटेंट समीक्षा और मॉडरेशन के लिए एक ऐसा नया वातावरण बनाने की दिशा में उठाया गया है जो कंपनी के अपडेटेड दृष्टिकोण के साथ बेहतर मेल खाता हो। जुकरबर्ग ने कहा, "अमेरिका में हमारी कंटेंट समीक्षा टीम अब टेक्सास में आधारित होगी। यह बदलाव हमारे संचालन को सरल बनाने और पूरी प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करेगा।"
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केबल इंडस्ट्री ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) से अनुरोध किया है कि वह पे टीवी चैनल्स पर विज्ञापन-मुक्त प्रोग्रामिंग (ad-free programming) लागू करे। इंडस्ट्री का तर्क है कि सर्विस का भुगतान करने के बावजूद ग्राहकों का 25% से 35% समय विज्ञापनों के कारण खराब होता है। इंडस्ट्री से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारतीय पे टीवी सब्सक्राइबर्स औसतन प्रत्येक लोकप्रिय चैनल के लिए प्रति माह ₹19 (करों के अतिरिक्त) तक भुगतान करते हैं। इसके बावजूद, उनके देखने के अनुभव पर अत्यधिक विज्ञापन हावी रहते हैं। सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट 'एक्सचेंज4मीडिया' को बताया, “दर्शकों को अक्सर प्रति घंटे 15-20 मिनट तक विज्ञापन देखने को मजबूर होना पड़ता है। इसका मतलब है कि तीन घंटे की फिल्म चार घंटे की हो जाती है। इससे दर्शक कुल समय का 25%-35% विज्ञापन देखने में व्यतीत करते हैं।” सूत्रों ने कहा कि यह प्रथा केबल टेलीविजन नेटवर्क नियम, 1994 के नियम 7(11) का उल्लंघन करती है, जो प्रति घंटे 12 मिनट (10 मिनट व्यावसायिक विज्ञापनों और 2 मिनट चैनल के प्रचार) तक सीमित है। हालांकि, इस नियम को न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन ने 2013 में चुनौती दी थी, लेकिन मामला अभी भी दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित है। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि यदि यह समस्या जारी रही तो पे टीवी प्रासंगिकता खो सकता है, क्योंकि OTT प्लेटफॉर्म जैसे विज्ञापन-मुक्त कंटेंट प्रदान करने वाले विकल्प कस्टमर्स को छीन रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पे टीवी चैनल्स पर विज्ञापन हटाने से दर्शकों की संतुष्टि बढ़ेगी, पे टीवी मॉडल में विश्वास बहाल होगा और OTT सेवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा में मदद मिलेगी। इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपर्ट ने कहा, “आज, दर्शक न केवल हाई क्वॉलिटी का कंटेंट चाहते हैं, बल्कि इसे बिना किसी बाधा के देखने की आजादी भी चाहते हैं। इस बदलती प्राथमिकता के साथ, पे टीवी को प्रासंगिक बने रहने के लिए अपने बिजनेस मॉडल का पुनर्मूल्यांकन और नए युग के मनोरंजन की मांगों के अनुसार खुद को ढालना होगा,” हाल ही में, OTT प्लेटफॉर्म्स ने विश्व स्तर पर विज्ञापन और कंटेंट के प्रति दर्शकों के रिश्ते को बदल दिया है। नेटफ्लिक्स और एमेजॉन प्राइम वीडियो जैसी सब्सक्रिप्शन सेवाओं ने विज्ञापन-मुक्त कंटेंट का चलन शुरू किया है। “यहां तक कि यूट्यूब, जो मुख्य रूप से विज्ञापन-समर्थित मॉडल पर चलता है, अपने प्रीमियम सब्सक्राइबर्स को एक सब्सक्रिप्शन शुल्क के बदले विज्ञापन-मुक्त अनुभव प्रदान करता है। इन प्लेटफॉर्म्स का संचालन सिद्धांत यह है कि यदि उपभोक्ता कंटेंट के लिए भुगतान कर रहे हैं, तो उन्हें निर्बाध अनुभव मिलना चाहिए। यह मॉडल वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय हो गया है, जैसे कि अमेरिका, ब्रिटेन और जापान में OTT सेवाएं अब मानक बन चुकी हैं। “भारत में, मोबाइल उपकरणों के माध्यम से इंटरनेट सेवाओं की गहरी पहुंच ने इन प्लेटफॉर्म्स को लाखों लोगों के लिए सुलभ बना दिया है। इससे उपभोक्ता खुद से सवाल करने लगे हैं कि जब मैं ऑनलाइन शोज मुफ्त (विज्ञापनों के साथ) या समान/कम सब्सक्रिप्शन लागत पर (बिना विज्ञापन) देख सकता हूं, तो केबल/डीटीएच ऑपरेटर्स को पैसे क्यों दूं?” केबल इंडस्ट्री ने TRAI को सुझाव दिया कि पे टीवी चैनल्स को विज्ञापन-मुक्त बनाना न केवल दर्शकों को निर्बाध अनुभव प्रदान करेगा, बल्कि अधिक मूल्य भी देगा। उन्होंने कहा, “दर्शकों की संतुष्टि बढ़ाने के अलावा, यह पे टीवी मॉडल में विश्वास बहाल करेगा। इसके अलावा, विज्ञापन-मुक्त पे टीवी चैनल OTT प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और एंटरटेनमेंट मार्केट में अपनी खोई हुई जमीन वापस पा सकेंगे। यदि अभी भी कोई बदलाव नहीं किया गया तो पे टीवी सब्सक्राइबर्स डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म्स पर और तेजी से शिफ्ट हो जाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में पे टीवी चैनल अभी भी अपने कंटेंट का अत्यधिक विज्ञापनों के माध्यम से मुद्रीकरण कर रहे हैं, जो उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है। “यह दोहरे राजस्व मॉडल – यानी सब्सक्रिप्शन शुल्क और विज्ञापन से कमाई – न केवल उपभोक्ताओं के लिए अन्यायपूर्ण है, बल्कि शोषणकारी भी है। TRAI की हालिया टैरिफ विनियमनों में ब्रॉडकास्टर्स को मूल्य निर्धारण में स्वतंत्रता देने से स्थिति और खराब हो गई है। परिणामस्वरूप, 2018 में 180 मिलियन पे टीवी सब्सक्राइबर्स की संख्या घटकर 2024 में 120 मिलियन रह गई है।” इंडस्ट्री के सूत्रों ने कहा कि अब भारतीय उपभोक्ता अपने मनोरंजन अनुभव में अधिक मूल्य, पारदर्शिता और नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। “एमेजॉन प्राइम वीडियो, एमएक्स प्लेयर और यूट्यूब प्रीमियम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को ‘विज्ञापन-समर्थित मुफ्त सामग्री’ और ‘विज्ञापन-मुक्त भुगतान सामग्री’ के बीच विकल्प दे रहे हैं। साथ ही, जियो सिनेमा, एक्सस्ट्रीम प्ले और डिस्कवरी+ जैसे प्लेटफॉर्म कुछ कंटेंट मुफ्त में और अतिरिक्त कंटेंट सब्सक्रिप्शन के माध्यम से उपलब्ध करा रहे हैं। केबल ऑपरेटर्स ने कहा, "इसलिए, जब भारतीय उपभोक्ता प्रति चैनल ₹19 प्रति माह (करों के अतिरिक्त) का भुगतान करते हैं, तो वे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोग्रामिंग की उम्मीद करते हैं, जिसमें विज्ञापनों का हस्तक्षेप न हो। हालांकि, वर्तमान स्वरूप में, पे टीवी इस मानक को पूरा करने में असमर्थ है।" उपभोक्ता-हितैषी दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए, नियामकों को पे टीवी चैनलों से विज्ञापनों को हटाने के लिए कड़े कदम उठाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह कदम भारतीय प्रसारण प्रथाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाएगा, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करेगा और सभी कंटेंट प्रोवाइडर्स के लिए समान अवसर का निर्माण करेगा। "भारतीय पे टीवी इंडस्ट्री एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है। नियामक निगरानी को आधुनिक दर्शकों की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिससे यह सुनिश्चित हो कि पे टीवी डिजिटल कंटेंट के युग में प्रासंगिक और प्रतिस्पर्धी बना रहे। यह तभी संभव है जब भुगतान करने वाले सब्सक्राइबर्स के लिए विज्ञापनों को हटाया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि विज्ञापन का राजस्व केवल फ्री टू एयर (FTA) चैनलों के माध्यम से अर्जित हो। उन्होंने कहा, "इस उपभोक्ता-केंद्रित ढांचे को अपनाने से न केवल पे टीवी इंडस्ट्री अपनी प्रासंगिकता वापस पा सकेगा, बल्कि बदलते मनोरंजन परिदृश्य में फल-फूल भी सकेगा।" वैसे बता दें कि ब्रॉडकास्टर्स और केबल ऑपरेटर्स के बीच चैनल की कीमतों को लेकर लंबे समय से विवाद बना हुआ है। हाल ही में, ब्रॉडकास्टर्स ने संशोधित रिफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर्स (RIOs) जारी किए हैं, जो मूल्य निर्धारण में मिले-जुले रुझान दर्शाते हैं। जियोस्टार (JioStar) ने सबसे अधिक बुके की कीमतें पेश कीं, जिसमें 18% की बढ़ोतरी हुई। इसका स्टार वैल्यू पैक (SVP) हिंदी और हिंदी बेसिक SD पैक अब ₹110 में उपलब्ध हैं, जो पहले ₹60 और ₹34 थे। जियोस्टार ने 83 चैनल पैक पेश किए हैं, जिनमें 134 चैनल शामिल हैं, जैसे कि SD, HD, और FTA विकल्प, साथ ही रीजनल भाषा के बुके। लोकप्रिय चैनल जैसे स्टार प्लस और कलर्स हिंदी अभी भी ₹19 प्रति चैनल (à la carte) पर उपलब्ध हैं, जबकि स्टार भारत ₹12 से ₹15 और स्टार प्लस HD ₹22 से ₹25 तक बढ़ गए हैं। वहीं, कुछ कीमतें कम भी हुईं, जैसे कि कलर्स सिनेप्लेक्स, जो ₹19 से ₹15 पर आ गया। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI, अब Culver Max) ने भी अपनी कीमतों में बदलाव किया है, जिसमें बुके की कीमतें 12% तक बढ़ गई हैं। जी का ऑल-इन-वन हिंदी SD पैक अब ₹53 में उपलब्ध है, जो पहले ₹47 था, जबकि SPNI का हैप्पी इंडिया स्मार्ट हिंदी पैक ₹48 से बढ़कर ₹54 हो गया। à la carte मूल्य निर्धारण में प्रमुख बदलावों में सोनी पल की कीमत ₹0.50 से ₹1 तक दोगुनी हो गई, जबकि ज़ी कैफे ₹10 से घटकर ₹3 पर आ गया। ये मूल्य वृद्धि TRAI के NTO 3.0 के कारण हुई है, जिसने बुके में अधिकतम चैनल कीमतों को ₹19 तक बढ़ाने की अनुमति दी। हालांकि, TRAI ने आगामी लोकसभा चुनावों के दौरान स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए जून 2024 तक और मूल्य वृद्धि स्थगित कर दी है।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 के शेड्यूल का ऐलान किया जा चुका है। चुनाव आयोग ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग के साथ ही चुनाव परिणाम की तारीख भी बता दी है। चुनाव आयोग के मुताबिक, दिल्ली विधानसभा चुनाव के वोटिंग 5 फरवरी को होगी और परिणाम 8 फरवरी यानी चुनाव के 3 दिन बाद जारी कर दिए जाएंगे। इसी मसले पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने एक टीवी डिबेट में अपने विचार व्यक्त किये। उन्होंने कहा, दिल्ली वालों के लिए 'भ्रम' वाला पहला चुनाव हैं। शीला दीक्षित जी की 13 एसी के लिए केजरीवाल कड़ी आलोचना करते थे लेकिन अभी 'शीशमहल' में कितने एसी लगाए है? शिक्षा और स्वास्थ्य की उन्होंने सिर्फ बात ही की लेकिन असल में केजरीवाल से निराशा ही हाथ लगी। आपको बता दें, चुनाव आयोग की ओर से जारी की गई मतदाताओं की अंतिम सूची के मुताबिक, केंद्रशासित प्रदेश दिल्ली में कुल 1 करोड़ 55 लाख 24 हजार 858 रजिस्टर्ड वोटर हैं। वहीं, इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 84 लाख 49 हजार 645 और महिला मतदाताओं की संख्या 71 लाख 73 हजार 952 है। दिल्ली में इस बार युवा वोटरों की संख्या 25.89 लाख है। वहीं, पहली बार वोट डालने के लिए पात्र लोगों की संख्या 2.08 लाख है।
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अयोध्या/फैजाबाद में ‘आजतक’ के वरिष्ठ संवाददाता बलबीर सिंह का निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बलबीर सिंह सुबह अपने बिस्तर पर गिरे हुए मिले। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन पर पत्रकार और एंकर चित्रा त्रिपाठी ने शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, मेरे पुराने चैनल के साथी, अयोध्या के रिपोर्टर बनवीर सिंह नहीं रहे। पता चला है कि रात को आराम से सोने गए और सुबह जगे ही नहीं। अयोध्या से जुड़ी कोई भी जानकारी हो बस एक फोन पर आपसे मिल जाती थी। ईश्वर आपकी आत्मा को शांति दें और परिवार वालों को ये दुख सहने की शक्ति दे। आपको बता दें, बलबीर सिंह के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। तमाम जानने वालों और शुभचिंतकों ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और उनके परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
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प्रसार भारती ने आकाशवाणी के देहरादून केंद्र में गढ़वाल और कुमाऊंनी समाचार वाचक/अनुवादक एवं हिंदी समाचार संपादक के संविदा आधारित पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया है। इन पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन मांगे गए हैं। यह नियुक्तियां प्रसार भारती के समाचार सेवा प्रभाग के तहत की जाएंगी। रिक्त पद और योग्यता: गढ़वाली समाचार वाचक/अनुवादक (गढ़वाली न्यूज रीडर/ ट्रांसलेटर) - शैक्षिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक। अनुभव: रेडियो/टीवी पर समाचार वाचन/अनुवाद में अनुभव। अन्य योग्यताएं: संबंधित भाषा में प्रवीणता और हिंदी व अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान। आवेदन शुल्क: सामान्य वर्ग के लिए ₹300 और आरक्षित वर्ग के लिए ₹225। आयु सीमा: 10 जनवरी 2023 को 21 से 50 वर्ष। कुमाऊंनी समाचार वाचक/अनुवादक (कुमाऊंनी न्यूज रीडर/ ट्रांसलेटर) - शैक्षिक योग्यता: मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक। अनुभव: रेडियो/टीवी पर समाचार वाचन/अनुवाद में अनुभव। अन्य योग्यताएं: संबंधित भाषा में प्रवीणता और हिंदी व अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान। आवेदन शुल्क: सामान्य वर्ग के लिए ₹300 और आरक्षित वर्ग के लिए ₹225। आयु सीमा: 10 जनवरी 2023 को 21 से 50 वर्ष। हिंदी समाचार संपादक/रिपोर्टर (हिंदी न्यूज एडिटर/ रिपोर्टर) - शैक्षिक योग्यता: पत्रकारिता/मीडिया में स्नातक और डिजिटल मीडिया/समाचार संपादन का अनुभव। अनुभव: कम से कम 5 वर्षों का। अन्य योग्यताएं: हिंदी में दक्षता। आवेदन शुल्क: सामान्य वर्ग के लिए ₹300 और आरक्षित वर्ग के लिए ₹225। आयु सीमा: 20 जनवरी 2025 को 21 से 50 वर्ष। महत्वपूर्ण निर्देश: - आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 जनवरी 2025 है। - उम्मीदवार देहरादून नगर निगम क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। - प्रत्येक पद के लिए अलग-अलग आवेदन करना होगा। - आवेदन शुल्क डीडीओ, आकाशवाणी, देहरादून के खाते में जमा किया जाना चाहिए। आवेदन प्रक्रिया: आवेदन डाक के माध्यम से कंसल्टेंट, आकाशवाणी, निकट रिस्पना पुल, हरिद्वार बाईपास रोड, देहरादून-248001 पर भेजा जाना है। आवेदन प्रक्रिया और अन्य शर्तों के लिए विस्तृत जानकारी प्रसार भारती की आधिकारिक वेबसाइट (https://prasarbharati.gov.in/pbvacancies/) पर उपलब्ध है।
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सूचना के इस युग में जहां हर ओर प्रतिस्पर्धी नैरेटिव्स और जानकारी का अंबार है, जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को आकार देने में मीडिया संगठनों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है। ऐसे दौर में ‘आईटीवी फाउंडेशन’ (ITV Foundation) की चेयरपर्सन डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा अपने गहन अकादमिक अनुभव और व्यावहारिक नेतृत्व शैली के माध्यम से इस मीडिया परिदृश्य को एक अनोखा दृष्टिकोण प्रदान करती हैं। समाचार4मीडिया के साथ पिछले दिनों एक खास बातचीत में डॉ. ऐश्वर्या पंडित शर्मा ने प्रामाणिक पत्रकारिता को बढ़ावा देने, व्युअर्स के साथ विश्वास बनाने और कम्युनिटी को सशक्त करने से जुड़े अपने दृष्टिकोण पर विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के चुनिंदा अंश: न्यूजरूम संचालित करने में आपके यहां कौन से प्रमुख तत्वों पर फोकस रहता है? हमारी कार्यशैली पूरी तरह कंटेंट पर केंद्रित है। इसके अलावा, हम न्यूजरूम के भीतर मजबूत रिश्तों पर विश्वास करते हैं। न्यूजरूम में मैं व्यक्तिगत रूप से सभी के साथ संपर्क में रहने को प्राथमिकता देती हूं, चाहे वह PCR टीम हो, IT विभाग हो या संपादकीय टीम। मेरा मानना है कि हर किसी के लिए मेरी पहुंच और मेरी प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण है। कोई भी मुझसे संपर्क कर सकता है और मैं तुरंत समाधान देने की कोशिश करती हूं। हम हमेशा भरोसा बनाने और यह सुनिश्चित करने पर जोर देते हैं कि हर व्यक्ति की बात सुनी जाए। इस भूमिका को संभालने से पहले अपने संपादकों के साथ मजबूत जुड़ाव मेरे लिए अमूल्य है। मैं उनके अनुभव और विशेषज्ञता को पहचानने और उसका सम्मान करने में विश्वास करती हूं। उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत और अपने हुनर के दम पर अपनी जगह बनाई है। न्यूजरूम में हम एक सहयोगात्मक माहौल बनाने की कोशिश करते हैं, जहां फैसले सामूहिक रूप से किए जाते हैं। मेरा मानना है कि सभी के अनुभव और स्वाभाविक समझ को महत्व देना बेहद जरूरी है। आप रेटिंग्स से अलग हटकर अपने न्यूज प्रोग्राम्स की सफलता को कैसे मापती हैं और ऑडियंस से गहरा व सार्थक जुड़ाव किस तरह सुनिश्चित करती हैं? आज के दौर में मीडिया पर भरोसे में गिरावट देखी जा रही है, यह काफी निराशाजनक है। किसी भी न्यूज नेटवर्क के लिए यह जरूरी है कि वह भरोसा बनाए रखे। हम हमेशा बिना किसी फिल्टर के प्रामाणिक खबरें पेश करने की कोशिश करते हैं और यही हमारे काम में झलकता है। चाहे वह NewsX हो, Sunday Guardian हो या India News, हमारी प्रतिबद्धता गुणवत्ता और अलग अंदाज में कंटेंट पेश करने की है। हम रेटिंग्स की दौड़ में यकीन नहीं रखते। हमारे लिए ऑडियंस को सटीक खबरें देना प्राथमिकता है, न कि किसी मनमाने आंकड़े को हासिल करना। फेक न्यूज और सनसनीखेज़ खबरों के दौर में तथ्यात्मक और निष्पक्ष पत्रकारिता को आप कैसे सुनिश्चित करती हैं? हमने स्पष्ट गाइडलाइन बना रखी है कि किसी भी वायरल खबर को प्रसारित या प्रकाशित करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच की जाती है। हमारा मकसद सिर्फ तथ्य प्रस्तुत करना है न कि व्यूज या रेटिंग्स के लिए खबरों को सनसनीखेज बनाना। मेरा मानना है कि ऑडियंस को तथ्य प्रदान करने चाहिए ताकि वे खुद अपने निष्कर्ष निकाल सकें, न कि ‘ब्रेकिंग’ या ‘एक्सक्लूसिव’ जैसे टैग देकर खबरों को आगे बढ़ावा जाए। परंपरागत मीडिया संस्थान टेक्नोलॉजी का उपयोग करके ऐसा प्रभावी और तथ्यात्मक कंटेंट कैसे दे सकते हैं, जो शोरशराबे वाली पत्रकारिता के बीच भी दर्शकों तक पहुंचे? मीडिया का परिदृश्य लगातार बदल रहा है। हमें डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। इस दिशा में हाइपरलोकल कंटेंट पर ध्यान देना और तकनीक का इस्तेमाल करते हुए दक्षता और लागत-प्रभावशीलता बढ़ाना अहम है। आज के दौर में व्युअर्स के पास सूचनाओं की भरमार है, ऐसे में हमें ऐसा आकर्षक और तथ्यात्मक कंटेंट देना होगा जो उन्हें जोड़े रखे और बार-बार हमारे प्लेटफॉर्म पर वापस आने के लिए प्रेरित करे। मेरी शैक्षिक पृष्ठभूमि, खासकर इतिहास के अध्ययन ने, मुझे गहन शोध और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण की अहमियत सिखाई है। यह दृष्टिकोण हमारी रिपोर्टिंग में विस्तार पर ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा देता है, जहां हमारे रिपोर्टर गहन शोध करते हैं, विस्तृत साक्षात्कार करते हैं और अपनी स्टोरीज में मानवीय दृष्टिकोण शामिल करते हैं। आपके नए पॉडकास्ट ‘Historically Speaking’ में इतिहास से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करने और इमरजेंसी जैसे अहम मुद्दों को सामने लाने की प्रेरणा कैसे मिली? यह प्रेरणा कई कारणों से मिली। खासकर, इतिहास से जुड़ी गलत जानकारी और खराब स्रोतों से आई खबरों के प्रसार को देखकर मैंने महसूस किया कि प्रामाणिक और मूल कंटेंट की जरूरत है। ‘Historically Speaking’ का उद्देश्य उन ऐतिहासिक घटनाओं पर गहराई से चर्चा करना है, जिनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। हमने इमरजेंसी पर बात की क्योंकि यह भारतीय लोकतंत्र और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के लिए एक अहम सबक है। जो रोगन जैसे लोकप्रिय पॉडकास्ट अपनी प्रामाणिकता के कारण सफल होते हैं। Historically Speaking’ इसी मॉडल का अनुसरण करता है, जहां विषयों, पुस्तकों और प्रत्यक्षदर्शियों के दृष्टिकोण को बिना किसी फिल्टर और पूरी मौलिकता के साथ प्रस्तुत किया जाता है। मैंने ऐतिहासिक घटनाओं, जैसे भारत में आपातकाल, पर गहराई से चर्चा के लिए एक ऐसा मंच प्रदान करने का प्रयास किया है, जो नई पीढ़ी को इन घटनाओं के महत्व और उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता एवं नागरिक अधिकारों पर पड़े प्रभाव को बेहतर ढंग से समझने में मदद करे। इस पॉडकास्ट सीरीज को किस तरह की प्रतिक्रिया मिल रही है? इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। कुछ प्लेटफ़ॉर्म्स पर हमें तेजी से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, जबकि अन्य पर धीरे-धीरे ग्रोथ हो रही है। मैं ऑर्गेनिक ग्रोथ में यकीन रखती हूं। शुरुआत में हमने अलग-अलग विषयों पर प्रयोग किया क्योंकि सफलता का कोई तयशुदा फॉर्मूला नहीं है।हालांकि, हाल के विषयों को ऐतिहासिक संदर्भ में प्रस्तुत करने पर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। जैसे, मेरी संजय बारू के साथ भारत की पावर एलीट पर चर्चा को काफी सराहा गया। ITV फाउंडेशन की चेयरपर्सन के रूप में आप किन प्रमुख पहलों पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं? ITV फाउंडेशन हमारी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का जरिया है। हमने गोरखपुर, हरियाणा और पंजाब जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें महिलाओं की सेहत और इंसेफेलाइटिस जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया। हमने डेटॉल के साथ मिलकर इस ओर जागरूकता भी बढ़ाई। हमने ‘फेस्टिवल ऑफ आइडियाज’ का आयोजन किया, जिससे छोटे शहरों के नए लेखकों को अपनी कृतियों को प्रदर्शित करने और पब्लिशर्स से जुड़ने का मौका मिला। ‘We Women Want’ पहल के तहत आप महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कौन-कौन से मुद्दे उठाती हैं? ‘We Women Want’ के जरिए हम महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों जैसे बांझपन, तलाक, मानसिक स्वास्थ्य और विवाह में शोषण पर खुली चर्चा करते हैं। हम कानूनी मदद भी उपलब्ध कराते हैं, खासकर छोटे शहरों में जहां भरोसेमंद वकील मिलना मुश्किल होता है। इसके अलावा, महिलाओं के लिए वसीयत की अहमियत पर भी जोर दिया जाता है, ताकि वे अपने संपत्ति अधिकारों पर खुद निर्णय ले सकें। शक्ति अवॉर्ड्स की अवधारणा क्या थी और इसे शुरू करने के पीछे क्या प्रेरणा रही? शक्ति अवॉर्ड्स के पीछे की प्रेरणा मेरी सास शक्ति रानी शर्मा हैं और यह उन्हीं को समर्पित है, जो एक ऐसी महिला हैं, जिन्होंने अपने पूरे जीवन में तमाम भूमिकाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वह एक कुशल गृहिणी, सफल व्यवसायी, अंबाला की मेयर रही हैं और वर्तमान में विधायक हैं। ये अवॉर्ड्स उन महिलाओं का सम्मान करते हैं और उन्हें नई पहचान देते हैं, जो तमाम भूमिकाएँ निभाती हैं और अद्वितीय बहु-कौशल क्षमता का प्रदर्शन करती हैं। ये विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा दिए गए विविध योगदानों को नई पहचान देते हैं।
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अमर उजाला’ की डिजिटल टीम (अमर उजाला वेब सर्विसेज) को नोएडा स्थित कार्यालय के लिए जूनियर और मिड लेवल पर हिंदी कंटेंट राइटर्स की जरूरत है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, चुने गए आवेदकों को विभिन्न कंटेंट प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा। इन पदों पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदक निर्धारित फॉर्मेट में अपना अपडेटेड रिज्यूमे hiring@auw.co.in पर भेज सकते हैं।
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जानी-मानी न्यूज एजेंसी 'आईएएनएस' (IANS) ने अपने यहां विभिन्न विभागों में तमाम पदों पर वैकेंसी निकाली हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए एजेंसी की ओर से योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सोशल मीडिया पर जारी विज्ञापन के अनुसार, यहां न्यूज प्रड्यूसर (मल्टीमीडिया प्रड्यूसर) के पद पर वैकेंसी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास न्यूज अथवा मल्टीमीडिया प्रॉडक्शन में दो साल से ज्यादा का अनुभव होना चाहिए। हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। मल्टीमीडिया टूल्स और न्यूज प्रॉडक्शन प्रक्रिया के बारे में अच्छी समझ होनी चाहिए। स्टोरीटैलिंग और एडिटोरियल पक्ष मजबूत होना चाहिए। न्यूज ब्रॉडकास्टिंग सॉफ्टवेयर और वीडियो एडिटिंग टूल्स की जानकारी हो तो बहुत ही अच्छी बात है। इसके अलावा यहां, वीडियो एडिटर के पद पर वैकेंसी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास वीडियो एडिटिंग का कम से कम तीन से पांच साल का अनुभव होना चाहिए। एडोब प्रीमियर प्रो पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। एडोब फोटोशॉप की जानकारी होनी चाहिए। टीम के साथ मिलकर काम करना आना चाहिए और कम्युनिकेशंस स्किल्स अच्छी होनी चाहिए। इसके साथ ही, यहां पर फोटो कैप्शन राइटर के पद पर भी वैंकेसी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास एक से दो साल का अनुभव होना चाहिए। ऐसे फ्रेशर्स भी इस पद के लिए अप्लाई कर सकते हैं, जिन्हें न्यूज की अच्छी समझ है और उनका लेखन अच्छा है। ये सभी नियुक्तियां नोएडा के लिए होनी हैं। इन पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे careers@ians.in पर भेज सकते हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी आप नीचे दिए गए विज्ञापनों से ले सकते हैं।
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विक्रम चंदे को ZEE5 में डिजिटल का नेशनल सेल्स हेड नियुक्त किया गया है। उन्होंने अपनी इस नई भूमिका की जानकारी लिंक्डइन पर साझा की है। अपने लिंक्डइन पोस्ट पर लिखा, “मैं यह बताते हुए खुश हूं कि मैंने ZEE5 में नेशनल सेल्स हेड - डिजिटल के रूप में नई भूमिका शुरू की है,” ससे पहले, विक्रम चंदे सैमसंग एड्स में जनरल मैनेजर और सेल्स लीड (इंडिया) के रूप में 3 साल से अधिक समय तक कार्यरत थे। चंदे एक अनुभवी बिजनेस लीडर हैं, जिन्होंने राजस्व और मानव संसाधन रणनीतियों के माध्यम से विकास और परिवर्तन प्रदान किया है। उनके पास प्रोग्रामेटिक ऐडवर्टाइजिंग और परफॉर्मेंस मार्केटिंग में 17 से अधिक वर्षों का डिजिटल मीडिया का व्यापक अनुभव है। वह उभरती तकनीकों, उत्पादों और उपभोक्ता विभेदन के कट्टर समर्थक हैं। अपने पिछले कार्यकालों में, विक्रम चंदे ने Adobe, GroupM, dentsu international, और Logicserve Digital सहित अन्य कंपनियों के साथ काम किया है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और डिज्नी स्टार (Disney Star) के नए जॉइंट वेंचर 'जियोस्टार' (JioStar) ने अपना अपडेटेड रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) जारी किया है। इस ब्रॉडकास्टर ने 83 चैनल पैक्स पेश किए हैं, जिसमें कुल 134 चैनल्स शामिल हैं। इनमें से 85 स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD), 44 हाई डेफिनिशन (HD) और 5 फ्री-टू-एयर (FTA) चैनल्स के विकल्प शामिल हैं। RIO के अनुसार, 'जियोस्टार' (JioStar) का स्टार वैल्यू पैक (SVP) हिंदी और SVP हिंदी बेसिक पैक (SD चैनलों के लिए) का मूल्य ₹110 प्रति पैक रखा गया है। इन बुके में जनरल एंटरटेनमेंट, मूवी, इंफोटेनमेंट, किड्स और स्पोर्ट्स जैसे विभिन्न जॉनर के चैनल शामिल हैं। इसके अलावा, क्षेत्रीय भाषाओं जैसे मराठी, गुजराती, बांग्ला, उड़िया, कन्नड़, तेलुगू, तमिल और मलयालम के लिए भी विशेष पैकेज तैयार किए गए हैं। सबसे महंगे पैक SPP मराठी लाइट हिंदी HD और SPP बांग्ला लाइट हिंदी HD हैं, जिनकी कीमत ₹240 प्रति पैक है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (कल्वर मैक्स) और जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने भी अपने चैनलों की कीमतें घोषित कर दी हैं, जो 1 फरवरी, 2025 से लागू होंगी। नए RIO के अनुसार, SPNI के सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (SET), सोनी मैक्स 2 और इसके पांच स्पोर्ट्स चैनल्स की कीमत ₹19 प्रति चैनल है। SPNI इस साल अप्रैल में एक और मूवी चैनल 'सोनी मैक्स 1' भी लॉन्च कर रहा है। SPNI का हैप्पी इंडिया स्मार्ट हिंदी पैक की कीमत अब ₹48 से बढ़कर ₹54 हो गई है। इसी तरह, Zee का ऑल इन वन पैक हिंदी SD, जिसमें अब इंग्लिश एंटरटेनमेंट चैनल Zee Café भी शामिल है, की कीमत ₹47 से बढ़कर ₹53 हो गई है। इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपर्ट के अनुसार, DPOs (डिस्ट्रिब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स) इन कीमतों का अध्ययन कर रहे हैं और जल्द ही अपने सुझाव साझा करेंगे। JioStar प्रमुख क्रिकेट आयोजनों, जैसे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) और भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) द्वारा आयोजित टूर्नामेंट्स के प्रसारण अधिकार रखता है।
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‘जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) में चीफ रेवेन्यू ऑफिसर पद से कुछ महीने पहले इस्तीफा देने के बाद मोना जैन ने नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल’ (BrandPulse Global) की नई चीफ ग्रोथ ऑफिसर के रूप में अपना पदभार संभाल लिया है। वह नोएडा स्थित कंपनी के कार्यालय से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। मोना कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ, स्ट्रीमिंग ऑपरेशंस को सुव्यवस्थित करने और लाभप्रदता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगी। बता दें कि ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल’ के पास भारत में सबसे बड़ा प्राइमरी रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर है, जो 3,300 से अधिक शहरी कस्बों, 5,90,000 गांवों को कवर करता है और 22 क्षेत्रीय भाषाओं में संवाद करने वाले 3.5 लाख से अधिक लोगों से जुड़ा हुआ है। यह मजबूत नेटवर्क कंपनी को कंज्यूमर बिहेवियर और मार्केट ट्रेंड्स के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करने में सक्षम बनाता है। मोना जैन को मीडिया इंडस्ट्री में तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल’ में शामिल होने से पहले मोना जैन ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ और ‘एबीपी नेटवर्क’ में चीफ रेवेन्यू ऑफिसर के रूप में कार्यरत थीं, जहां उन्होंने राजस्व वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह ‘Vivaki Exchange’ की सीईओ और ‘Cheil Communications’ में एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर भी रह चुकी हैं। उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट ऐडवरटाइजिंग और मुद्रा कम्युनिकेशंस में भी काम किया है, जहां वह क्रमशः मीडिया ग्रुप हेड व मीडिया डायरेक्टर के पदों पर कार्यरत थीं और विभिन्न ब्रैंड्स के लिए मीडिया सेटअप की जिम्मेदारी निभाई थी। इतने वर्षों में मोना जैन देश के पेप्सी, व्हर्लपूल, पुदीन हरा, हॉर्लिक्स बिस्किट्स, हीरो पुच, नेस्ले चॉकलेट्स, किटकैट, मैगी, सैमसंग, मैकडॉनल्ड्स, हुंडई और माइक्रोमैक्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल’ में अपनी नई भूमिका के बारे में मोना जैन का कहना है, ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल से जुड़ना काफी शानदार और रोमांचक अवसर है। भविष्य डेटा, एनालिटिक्स और अंतर्दृष्टि की निरंतर विकसित हो रही दुनिया में निहित है, जो श्रेणियों और भौगोलिक क्षेत्रों से परे है। न केवल एक चुनौती के रूप में, बल्कि इस परिवर्तनकारी परिदृश्य को नेविगेट करने के अवसर के रूप में इस नई पारी को अपनाने के लिए मैं बेहद उत्साहित हूं। मैं कंपनी के विकास में योगदान देने और क्लाइंट्स के लिए मूल्य बढ़ाने के नए तरीके तलाशने के लिए तत्पर हूं।’ वहीं, इस बारे में ‘ब्रैंडपल्स ग्लोबल’ के फाउंडर, सीईओ और प्रमुख निवेशक पंकज कृष्णा ने कहा, ‘हम मोना का स्वागत करते हैं। उनके व्यापक अनुभव के साथ मुझे विश्वास है कि वह ब्रैंडपल्स ग्लोबल को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। हम उन्हें इस नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं देते हैं।’
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‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ (PCI) और ‘इंडियन वीमेंस प्रेस कॉर्प्स’ (IWPC) ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में फ्रीलांस पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि मुकेश चंद्राकर एक जनवरी से लापता थे। वह ‘बस्तर जंक्शन’ नामक यूट्यूब चैनल चलाते थे और भ्रष्टाचार, आदिवासी अधिकारों और बस्तर क्षेत्र की हिंसा से संबंधित मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते थे। पुलिस ने उनका शव तीन जनवरी को एक निजी ठेकेदार के परिसर में बने सेप्टिक टैंक से बरामद किया था। ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया’ ने इस हत्या को न केवल पत्रकारों पर हमला माना है, बल्कि इसे बस्तर क्षेत्र में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं का हिस्सा बताया है। संस्था ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और राज्य सरकार से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने स्थानीय पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून की लंबे समय से चली आ रही मांग पर तुरंत ध्यान देने की अपील की है। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के प्रेजिडेंट गौतम लाहिरी और महासचिव नीरज ठाकुर की ओर से जारी एक स्टेटमेंट में बताया गया है कि अगले सप्ताह प्रेस क्लब के परिसर में इस घटना को लेकर शोक सभा और विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। सभी पत्रकार, विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र को कवर करने वालो को इस बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है।
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भारत के पे-डीटीएच सेक्टर ने अपने एक्टिव सब्सक्राइबर बेस (सक्रिय ग्राहकों की संख्या) में गिरावट दर्ज की है, जो जून 2024 में 62.17 मिलियन से घटकर सितंबर 2024 में 59.91 मिलियन रह गया है। यह जानकारी भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में दी गई। यह आंकड़ा दूरदर्शन द्वारा प्रदान की जाने वाली मुफ्त डीटीएच सेवा डीडी फ्री डिश का उपयोग करने वाले सब्सक्राइबर्स को छोड़कर है। यह बदलाव भारत में टेलीविजन उपभोग के बदलते रुझानों को दर्शाता है। TRAI की टेलीकॉम सर्विसेज परफॉर्मेंस इंडिकेटर रिपोर्ट में कहा गया, “पे डीटीएच का कुल एक्टिव सब्सक्राइबर बेस लगभग 59.91 मिलियन है। इसमें डीडी फ्री डिश के सब्सक्राइबर्स शामिल नहीं हैं। कुल एक्टिव सब्सक्राइबर बेस जून 2024 के 62.17 मिलियन से घटकर सितंबर 2024 में 59.91 मिलियन हो गया है।'' रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2023 में समाप्त तिमाही में कुल पे डीटीएच सब्सक्राइबर बेस 64.18 मिलियन था। इसके बाद से इसमें हर तिमाही गिरावट देखी गई है। हालांकि, मार्च 2024 से जून 2024 के बीच यह आंकड़ा दो लाख सब्सक्राइबर्स की मामूली बढ़त के साथ बढ़ा था। वर्तमान में देश में चार प्रमुख पे डीटीएच प्रोवाइडर्स हैं- डिश टीवी, टाटा प्ले, भारती टेलीमीडिया और सन डायरेक्ट। डीडी फ्री डिश प्रसार भारती की निःशुल्क डीटीएच सेवा है। TRAI के अनुसार, बाजार में टाटा प्ले की हिस्सेदारी 31.99%, भारती टेलीमीडिया की 29.38%, डिश टीवी की 19.53% और सन डायरेक्ट की 19.10% है। रिपोर्ट के अनुसार, कुल मिलाकर 912 निजी सैटेलाइट टीवी चैनल्स को सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा केवल अपलिंकिंग/केवल डाउनलिंकिंग/दोनों के लिए अनुमति दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया, “3 मार्च 2017 के टैरिफ आदेश के तहत प्रसारकों द्वारा की गई रिपोर्टिंग के अनुसार, भारत में डाउनलिंकिंग के लिए उपलब्ध 902 स्वीकृत सैटेलाइट टीवी चैनलों में से 30 सितंबर 2024 तक 362 पे टीवी चैनल हैं। इनमें 258 एसडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल और 104 एचडी सैटेलाइट पे टीवी चैनल शामिल हैं। वहीं, 540 फ्री-टू-एयर (एफटीए) चैनल हैं।” 362 सैटेलाइट पे टीवी चैनलों में से 205 चैनल शीर्ष पांच प्रसारकों के हैं – स्टार इंडिया (64 चैनल), जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (49), वायाकॉम 18 मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (39), सन टीवी नेटवर्क लिमिटेड (31) और कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (22)। इसके अलावा, यह भी बताया गया कि डिजिटल एड्रेसेबल सिस्टम (DAS) के माध्यम से केबल टीवी सेवाएं प्रदान करने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा स्थायी पंजीकरण (10 साल) प्राप्त मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) की संख्या जून 2024 में 880 से घटकर सितंबर 2024 में 845 हो गई। एमएसओ में, सितंबर 2024 तक GTPL हैथवे ने 89.74 लाख सब्सक्राइबर्स के साथ शीर्ष स्थान प्राप्त किया, इसके बाद हैथवे डिजिटल के 51.74 लाख और सिटी नेटवर्क्स के 48.10 लाख सब्सक्राइबर बेस रहे।
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‘इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल’ (ICC) ने यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ETPL) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह नया वार्षिक फ्रेंचाइज़ आधारित टी20 टूर्नामेंट 15 जुलाई से 3 अगस्त 2025 के बीच शुरू होने जा रहा है। बता दें कि ‘ETPL’ आयरलैंड, स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के बीच एक जॉइंट वेंचर है, जो इन तीन क्रिकेट बोर्डों के बीच एक महत्वपूर्ण सहयोग को दर्शाती है। यह टूर्नामेंट निजी स्वामित्व वाला है और इसका उद्देश्य यूरोप में क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ाना है। इसके विकास चरण के दौरान एक अंतरिम कार्य समूह का गठन किया गया था, जिसमें भाग लेने वाले बोर्डों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसके अलावा, एक स्ट्रैटेजिक पार्टनर ‘रूल्स स्पोर्ट टेक’ (Rules Sport Tech) को वित्तीय सहायता, निर्णय प्रक्रिया को आसान बनाने और इस आयोजन की देखरेख के लिए एक प्रशासनिक निकाय बनाने में मदद करने के लिए नियुक्त किया गया था। अंतरिम कार्य समूह के अध्यक्ष वॉरेन ड्यूट्रम (Warren Deutrom) ने इस मौके पर खुशी जताते हुए कहा, ‘हमें ईटीपीएल की आईसीसी से मंजूरी की पुष्टि करते हुए खुशी हो रही है और जॉइंट वेंचर पार्टनर्स के बीच अब समझौते हो गए हैं। यह आयोजन के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इससे तीन प्रमुख क्षेत्रों - फ्रेंचाइज़ स्वामित्व, प्रसारण और खिलाड़ी ड्राफ्ट-पर काम शुरू हो गया है।’ उन्होंने बताया कि ‘ETPL’ का उद्देश्य शीर्ष स्तरीय क्रिकेट प्रतिभाओं को आकर्षित करना और यूरोप में क्रिकेट का एक नया केंद्र स्थापित करना है। फ्रेंचाइज़ संचालन और खिलाड़ी चयन से जुड़ी अधिक जानकारी आने वाले महीनों में शेयर की जाएगी।
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भारत ने वॉशिंगटन पोस्ट की दो हालिया रिपोर्टों को सख्ती से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह से आधारहीन और भारत-विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया है। इन रिपोर्टों में एक ओर जहां भारत को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग की कथित साजिश से जोड़ा गया था, वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान में भारतीय एजेंटों द्वारा आतंकवादी तत्वों को खत्म करने के प्रयास का आरोप लगाया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन रिपोर्ट्स को नकारते हुए कहा, "ऐसा प्रतीत होता है कि वॉशिंगटन पोस्ट और उसके रिपोर्टर भारत के प्रति एक बाध्यकारी शत्रुता रखते हैं। उनकी गतिविधियों में एक तय पैटर्न है। इन खबरों की विश्वसनीयता का फैसला मीडिया जगत पर छोड़ते हैं, लेकिन हमारी ओर से यह स्पष्ट है कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है।" मालदीव पर आरोप: मालदीव पर रिपोर्ट में वॉशिंगटन पोस्ट ने दावा किया था कि ‘डेमोक्रेटिक रिन्यूअल इनिशिएटिव’ नामक एक दस्तावेज के आधार पर मुइज्जू के खिलाफ महाभियोग लाने की कोशिश की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने 40 सांसदों को रिश्वत देकर महाभियोग के लिए समर्थन जुटाने की योजना बनाई थी। जायसवाल ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान पर आरोप: पाकिस्तान में भारत के कथित छद्म अभियानों पर वॉशिंगटन पोस्ट ने अनाम पाकिस्तानी और पश्चिमी अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ ने 2021 से अब तक पाकिस्तान में कम से कम आधा दर्जन लोगों को खत्म करने के लिए कार्यक्रम चलाया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जायसवाल ने पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन की टिप्पणी का हवाला दिया, "आप अपने पिछवाड़े में सांप नहीं पाल सकते और यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वे सिर्फ आपके पड़ोसियों को काटेंगे।" भारत का स्पष्ट रुख: भारत ने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट्स न केवल आधारहीन हैं, बल्कि भारत के खिलाफ एक सोची-समझी रणनीति के तहत बनाई गई हैं। प्रवक्ता ने कहा कि इस तरह के झूठे आरोपों से भारत की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन सच्चाई खुद सामने आएगी।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4342.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जैसा कि 18 दिसंबर 2024 को लोकसभा और राज्यसभा में पेश किए गए 2024-25 के अनुदान की मांगों ( Demands for Grant) में बताया गया है। यह आवंटन प्रस्तावित 5017.64 करोड़ रुपये से 675.64 करोड़ रुपये कम है। 2024-25 के लिए बजट का विभाजन इस प्रकार है: केंद्र के संस्थान व्यय (Establishment Expenditure) के लिए 566.41 करोड़ रुपये (प्रस्तावित 640.80 करोड़ रुपये के मुकाबले), केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के लिए 1004.31 करोड़ रुपये (प्रस्तावित 1576.24 करोड़ रुपये के मुकाबले), और अन्य केंद्रीय व्यय (जिसमें सीपीएसई और स्वायत्त निकाय शामिल हैं) के लिए 2771.83 करोड़ रुपये (प्रस्तावित 2800.60 करोड़ रुपये के मुकाबले) शामिल हैं। इस बजट आवंटन में कटौती वित्तीय अनुशासन की दिशा में सरकार के रुख को दर्शाती है। इसके साथ ही, सरकार ने मीडिया और प्रसारण क्षेत्र के लिए अपने बजट प्राथमिकताओं को पुनः निर्धारित किया है, जैसा कि पिछले चार वर्षों में मंत्रालय के बजट अनुमानों और वास्तविक खर्चों में देखा गया है। बजट आवंटन और वास्तविक व्यय (BE - बजट अनुमान, RE - संशोधित अनुमान, और AE - वास्तविक व्यय) का विवरण, उपरोक्त तीन श्रेणियों के अंतर्गत, पिछले चार वर्षों के दौरान और 2024-25 के लिए बजट अनुमानों के रूप में, निम्नलिखित है- मंत्रालय से 2023-24 के दौरान किसी भी निधि के कम उपयोग के कारण पूछे गए, विशेष रूप से केंद्र के संस्थान व्यय (जिसमें मुख्य सचिवालय और संलग्न/अधीनस्थ कार्यालयों का व्यय शामिल है) और केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं में। जवाब में, मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निधियों का इष्टतम उपयोग किया गया, जहां 2023-24 के लिए बजट अनुमान (BE) का लगभग 97.94% केंद्र के संस्थान व्यय में उपयोग हुआ। इसी तरह, केंद्रीय क्षेत्र योजनाओं के लिए 2023-24 के संशोधित अनुमान (RE) का 100.95% उपयोग किया गया। इसके अलावा, मंत्रालय ने कहा कि फिल्म, सूचना और प्रसारण क्षेत्रों में वास्तविक व्यय का प्रतिशत क्रमशः 92.97%, 117.10%, और 92.96% था, जो निधियों के इष्टतम उपयोग को दर्शाता है। 2024-25 के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय के बजट अनुमान (BE) में 2023-24 की तुलना में कमी पर, मंत्रालय ने लगभग 300 करोड़ रुपये की कमी को स्वीकार किया। मंत्रालय ने कहा कि इस कमी के बावजूद, मौजूदा योजनाओं या किसी नई घोषित योजना के कार्यान्वयन पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया, “यह देखा जा सकता है कि संस्थान श्रेणी के तहत बजट में कोई कमी नहीं है। हालांकि, केंद्रीय क्षेत्र योजना यानी प्रसारण बुनियादी ढांचा और नेटवर्क विकास (BIND) योजना के तहत 100.69 करोड़ रुपये की कमी हुई। इसके अलावा, अन्य केंद्रीय व्यय बजट में 279.67 करोड़ रुपये की कमी हुई, जो प्रसार भारती में प्रतिनियुक्ति पर सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के कारण वेतन, भत्तों और सेवानिवृत्ति लाभों की मांग में कमी से संबंधित है।” रिपोर्ट ने यह भी बताया कि 2024-25 के दौरान मांग में कमी के कारणों में शामिल हैं: - नए प्रोजेक्ट्स जैसे विजुअल-रेडियो की विशिष्टताओं को तय करने में लगने वाला समय, जो अपनी तरह का पहला प्रोजेक्ट था। - तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों के कारण टावर कार्यों का निर्माण। - इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की खरीद के लिए 'मेक इन इंडिया' (एमआईआई) छूट की प्रक्रिया। - आदिवासी, दूरस्थ और वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) क्षेत्रों में वितरण के लिए 1,20,000 डीटीएच सेट की निविदा खरीद के लिए कई प्रयास। मंत्रालय अब डीडी फ्री डिश के लिए सेट-टॉप बॉक्स (STB) वितरण हेतु डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) मोड अपनाने पर विचार कर रहा है, जिसके लिए गृह मंत्रालय और लंबित मुकदमों के साथ परामर्श में कार्यप्रणाली तय की जा रही है।
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लालू यादव बहुत दिनों के बाद बोले। थोड़ा बोले। लेकिन उनके एक बयान ने बिहार की राजनीति में सबको कन्फ्यूज कर दिया। लालू यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए उनके दरवाजे खुले हैं, नीतीश कुमार को भी अपने दरवाजे खुले रखने चाहिए। लालू ने कहा कि उन्होंने नीतीश के सारे गुनाह माफ कर दिए हैं, पुरानी बातों को पीछे छोड़ दिया है। अब नीतीश अगर साथ आते हैं, तो उनके साथ काम करने में कोई दिक्कत नहीं है। लालू के इस बयान ने सबको चौंका दिया क्योंकि दो दिन पहले ही तेजस्वी यादव ने कहा था कि नीतीश के साथ अब समझौते की कोई गुंजाइश नहीं हैं, उनके लिए RJD के दरवाजे बंद हैं। लेकिन लालू यादव ने बिल्कुल उल्टी बात कह दी। इसीलिए बिहार की राजनीति में हलचल हुई। हालांकि JDU के नेताओं ने लालू यादव की बात को शिगूफा कहकर खारिज कर दिया लेकिन नीतीश कुमार ने कुछ नहीं कहा। सिर्फ मुस्कुरा कर निकल गए। नीतीश की चुप्पी ने अटकलों को और हवा दे दी। अब RJD, JD-U, BJP और कांग्रेस, सभी पार्टियों के नेता कन्फ्यूज़्ड हैं। किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर चल क्या रहा है? लालू और नीतीश कुमार के दिल में क्या है? RJD और JD-U की रणनीति क्या है? गुरुवार को तेजस्वी यादव और नीतीश कुमार एक दूसरे से पटना राज भवन में मिले। मौका था, नये राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के शपथ समारोह का। नीतीश ने तेजस्वी की पीठ थपथाई। इस तस्वीर ने आग में घी का काम किया। अब सवाल ये है कि क्या लालू का बयान RJD का स्टैंड है या फिर तेजस्वी की बात सही है? या लालू और तेजस्वी के विरोधाभासी बयान नीतीश कुमार को घेरने का मिलाजुला खेल है? लालू यादव ने नीतीश को दोस्ती का न्योता चलते-फिरते हल्के-फुल्के अंदाज़ में नहीं दिया। बाकायदा इंटरव्यू अरेंज किया। गाड़ी में बैठकर इत्मीनान से पूरी बात कही। साफ-साफ लफ्ज़ों में कही। इसलिए ये तो तय है कि लालू ने जो कहा वो सोच-समझ कर कहा। उनके बयान से कन्फ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि तेजस्वी यादव लगातार कह रहे हैं कि नीतीश के साथ दोबारा दोस्ती का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। तीन दिन पहले तेजस्वी यादव ने सीतामढ़ी में साफ कहा था कि नीतीश कुमार के साथ सरकार चलाना अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मारने जैसा है। नीतीश के लिए RJD के दरवाजे पूरी तरह बंद हैं, महागठबंधन में उनकी एंट्री बिल्कुल भी नहीं हो सकती। तेजस्वी ने बुधवार को फिर कहा कि बिहार से नीतीश की विदाई अब तय है, पुराने बीज बार-बार डालने से खेत की पैदावार कम हो जाती है, नीतीश कुमार को बीस साल हो गए, इसलिए बिहार में अब नए बीज की जरूरत है। राज भवन में जब नीतीश कुमार से लालू यादव के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो नीतीश ने कुछ कहा नहीं। सिर्फ हैरानी जताई और मुस्कुराकर चले गए। JD-U के नेता केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि “लालू यादव ने क्या कहा, क्यों कहा, ये वही जानें। रही बात नीतीश कुमार के कहीं और आने-जाने की, तो ये फिजूल की बात है”। बीजेपी नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महागठबंधन की जो हालत हुई उसके बाद लालू यादव घबरा गए हैं, इसलिए वो ऐसी बातें कह रहे हैं, नीतीश यादव लालू को अच्छी तरह जानते हैं, वो ऐसी बातों में आने वाले नहीं हैं। मजे की बात ये है कि लालू के बयान से कांग्रेस उत्साहित है। बिहार में कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने नीतीश कुमार की तारीफ की। कहा, नीतीश कुमार विचार से गांधीवादी हैं, लेकिन गोडसेवादियों के साथ हैं, साथ बदल सकता है, लेकिन विचार तो नहीं बदलते। शकील अहमद खान ने कहा कि नीतीश कुमार को लेकर लालू यादव ने अगर कुछ कहा है तो उसका मतलब है, कौन जाने भविष्य में क्या होगा? शाम को तेजस्वी सामने आए। तेजस्वी ने कहा कि लालू जी ने जो कह दिया, उसका कोई मतलब नहीं निकालना चाहिए। लालू यादव ने जो कहा वो पूरी तरह planned था, सोच-समझकर छोड़ा गया शिगूफा था। लालू अपने जीते जी तेजस्वी को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर देखना चाहते हैं। वह जानते हैं कि बिहार में जातियों के वोट किस तरह बंटे हुए हैं, वह ये भी जानते हैं कि तेजस्वी केवल कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के भरोसे बहुमत हासिल नहीं कर सकते। आज नीतीश के पास जिस तरह का गठबंधन है, उसमें नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर आसानी से जीत सकते हैं। फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं। हालांकि तेजस्वी को भरोसा है कि नीतीश कुमार थके हुए, पुराने हो चुके हैं। तेजस्वी को इसमें अवसर दिखाई देता है। वह अपने दिलोदिमाग में बिलकुल साफ हैं कि अब नीतीश चाचा के साथ नहीं जाएंगे। नीतीश भी कह चुके हैं कि दो बार गलती हो गई, अब कहीं नहीं जाएंगे। बीजेपी ऐलान कर चुकी है कि नीतीश को फिर से सीएम बनाने में उसे कोई समस्या नहीं है लेकिन फिर भी लालू यादव ने ये सियासी शरारत क्यों की? लालू राजनीति के चतुर खिलाड़ी हैं। कन्फ्यूज़न क्रिएट करने के मास्टर हैं। नीतीश का आने-जाने का रिकॉर्ड खराब है। लालू ने इसी का फायदा उठाने के चक्कर में ये बयानबाजी की। लेकिन इसका नुकसान ये हो गया कि पहली बार RJD में लालू और तेजस्वी एक दूसरे की बात को काटते हुए दिखाई दिए। एक दूसरे से असहमत दिखाई दिए। अब कन्फ़्यूज़न आरजेडी में है। ( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL), इसके मैनेजिंग डायरेक्टर पुनीत गोयनका और एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा द्वारा दायर किए गए निपटान आवेदन (सेटलमेंट एप्लिकेशन) को खारिज कर दिया है। SEBI (सेटलमेंट प्रोसीडिंग्स) रेगुलेशंस, 2018 के तहत, कोई भी इकाई जिसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है या की जानी है, वह शुल्क का भुगतान करके और/या गैर-आर्थिक शर्तों का पालन करके कार्रवाई को निपटाने के लिए आवेदन कर सकती है। गुरुवार को SEBI द्वारा जारी किए गए निर्णय में कहा गया है कि ZEEL, सुभाष चंद्रा और पुनीत गोयनका को एक नया शो-कॉज नोटिस (SCN) जारी किया जाएगा। इस नोटिस में पिछले शो-कॉज नोटिस के निष्कर्षों और आगे की जांच से प्राप्त अतिरिक्त निष्कर्षों को शामिल किया जाएगा। आदेश में कहा गया, "नोटिसी 1 (ZEEL) और नोटिसी 3 (पुनीत गोयनका) ने अधिनिर्णय प्रक्रिया को निपटाने के लिए सेटलमेंट एप्लिकेशन दाखिल की थी। SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल ने इन सेटलमेंट एप्लिकेशन को खारिज कर दिया और मामले को आगे की जांच के लिए SEBI को सौंप दिया।" आदेश में यह भी कहा गया, "इस संबंध में, यह देखा गया है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद, सक्षम प्राधिकरण ने SEBI अधिनियम, 1992 की धारा 11B के तहत नोटिसियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।" SEBI ने 6 जुलाई 2022 को तीनों इकाइयों को एक शो-कॉज नोटिस (SCN) जारी किया था। इस नोटिस में लिस्टिंग ऑब्लिगेशन और डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स (LODR) रेगुलेशंस के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद, ZEEL और पुनीत गोयनका ने अधिनिर्णय प्रक्रिया को निपटाने के लिए आवेदन किया। हालांकि, SEBI के पूर्णकालिक सदस्यों के पैनल ने इन एप्लिकेशनों को खारिज कर दिया और मामले को आगे की जांच के लिए भेज दिया। SEBI ने कहा, "6 जुलाई 2022 का शो-कॉज नोटिस जिन्हें जारी किया गया उनसे वापस ले लिया गया है और तत्काल कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।"
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दूरदर्शन (डीडी) के चैनल्स देखने वाले दर्शकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 2024 (सितंबर तक) में यह संख्या 656.4 मिलियन पर आ गई, जो 2022 में 724 मिलियन थी। यह आंकड़े एक संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में सामने आए हैं। दर्शकों के अनुभव को बेहतर बनाने और ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए उठाए गए कई इनिशिएटिव्स के बावजूद, भारत के सार्वजनिक प्रसारक को अपने खोए हुए दर्शकों को वापस पाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। 2021 में दूरदर्शन की दर्शक संख्या 680 मिलियन थी, जो 2022 में बढ़कर 724 मिलियन हो गई। हालांकि, 2024 में इसमें बड़ी गिरावट दर्ज की गई। 18 दिसंबर, 2024 को जारी 'संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी' पर संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में खुलासा किए गए डेटा में न केवल दूरदर्शन की दर्शकों की संख्या में गिरावट बल्कि प्रसारक के भीतर रिक्त पदों में तेज वृद्धि को भी दर्शाया गया है। संसदीय रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 23 में रिक्त पदों की संख्या 12,420 से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 13,708 हो गई, जो नेटवर्क को पुनर्जीवित करने के प्रयासों के बीच स्टाफिंग चुनौतियों को रेखांकित करता है। सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि दूरदर्शन के पास 35 सैटेलाइट टीवी चैनल (7 अखिल भारतीय चैनल और 28 क्षेत्रीय/राज्य चैनल) हैं। मंत्रालय ने कहा, "डीडी ने प्रोग्रामिंग परिदृश्य को जीवंत करने के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए हैं। इन प्रयासों में दर्शकों के अनुभव को समृद्ध करने और प्रसारण क्षेत्र में चैनल की स्थिति को ऊपर उठाने के उद्देश्य से कई पहल शामिल हैं।" 2022 में, प्रसार भारती ने (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के अनुसार) बताया कि 2022 के लिए सब्सक्राइब किए गए दूरदर्शन (डीडी) चैनलों का दर्शक डेटा 724.3 मिलियन था। 2021 में, दर्शकों की संख्या 680 मिलियन से अधिक थी। संसदीय स्थायी समिति की रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि आकाशवाणी (आल इंडिया रेडियो) में रिक्त पदों की संख्या 13,966 (वित्त वर्ष 23 में) से बढ़कर 15,864 (वित्त वर्ष 24 में) हो गई है। वहीं, डीडी में रिक्त पदों की संख्या 12,420 (वित्त वर्ष 23 में) से बढ़कर 13,708 (वित्त वर्ष 24 में) हो गई है। डीडी का स्वीकृत स्टाफिंग स्ट्रेंथ 19,662 है, लेकिन वर्तमान में केवल 5,954 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं।
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निखिल कुमार को TIME मैगजीन में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर नियुक्त किया गया है। यह TIME के साथ उनका दूसरा कार्यकाल है। इससे पहले, वह TIME के साउथ एशिया ब्यूरो चीफ थे और अंतरराष्ट्रीय कवरेज पर काम करने वाले सीनियर एडिटर के रूप में कार्यरत थे। TIME के एडिटर-इन-चीफ सैम जैकब्स ने एक आंतरिक संदेश में कहा, "निखिल कुमार हमारे एआई, जलवायु और स्वास्थ्य टीमों का नेतृत्व करेंगे और इन प्रमुख क्षेत्रों में हमारी कवरेज का विस्तार करेंगे। साथ ही इन क्षेत्रों में प्रमुखता से काम करने वाले लीडर्स के साथ काम करेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "निखिल के पास अंतरराष्ट्रीय और व्यावसायिक पत्रकारिता का अनुभव है, जिसका उपयोग वह यह सुनिश्चित करने के लिए करेंगे कि हमारी एआई, जलवायु और स्वास्थ्य संबंधी कवरेज वैश्विक दर्शकों और इन क्षेत्रों को आकार देने वाले व्यवसायों को आकर्षित करती रहे। वह सीनियर एडिटर्स मैंडी ओकलैंडर (Mandy Oaklander), कायला मंडेल ( Kyla Mandel) और डायना सार्किसोवा (Dayana Sarkisova) और उनकी रिपोर्टिंग टीम का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा, वे हमारी सभी टीमों के साथ सहयोग करेंगे ताकि हमारी पत्रकारिता को और भी महत्वाकांक्षी बनाया जा सके।"
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रीवा नगर निगम में हाल ही में घटित घटनाओं ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। एक साल के अंतराल में दो पार्षदों की आकस्मिक मृत्यु और वर्तमान में एक पार्षद के सड़क हादसे में घायल होने के बाद से नगर निगम भवन में कोई न कोई गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे पर बीजेपी के पार्षद स्वतंत्र शर्मा ने महापौर और नगर निगम अध्यक्ष से एक अनुष्ठान करने की मांग की है, ताकि इस वास्तुदोष को दूर किया जा सके। वास्तुदोष की आशंका रीवा नगर निगम के वॉर्ड 26 से बीजेपी के पार्षद स्वतंत्र शर्मा ने सोशल मीडिया के माध्यम से नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय और महापौर अजय मिश्रा से एक महत्वपूर्ण अपील की। उनका कहना है कि नगर निगम के नवीन परिषद भवन में कोई वास्तुदोष हो सकता है, क्योंकि पिछले एक साल में दो पार्षदों की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है, और वर्तमान में एक पार्षद सड़क हादसे में घायल हो गए हैं और वह अब भी अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। उन्होंने इस प्रकार की घटनाओं को लेकर चिंता जताई और कहा कि नवीन परिषद भवन के निर्माण के बाद से लगातार ऐसी घटनाएँ हो रही हैं, जो इस स्थान में कोई नकारात्मक शक्ति या वास्तुदोष के होने का संकेत देती हैं। पार्षद का सुझाव स्वतंत्र शर्मा ने कहा कि इस समस्या को दूर करने के लिए अनुष्ठान या पूजा-पाठ करवाना आवश्यक है। उनका मानना है कि यह कदम नगर निगम के कार्यों में होने वाली बाधाओं को समाप्त कर सकता है और इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। नगर निगम अध्यक्ष की प्रतिक्रिया नगर निगम अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय ने पार्षद की इस अपील पर सहमति जताते हुए कहा कि यह घटना दुखद है। उन्होंने बताया कि नवीन परिषद भवन के उद्घाटन को दो साल हो चुके हैं और इस दौरान दो पार्षदों का आकस्मिक निधन हो चुका है, जबकि एक पार्षद वेंटिलेटर पर हैं। इसके अलावा, एक महिला पार्षद भी अस्वस्थ हैं। पाण्डेय ने कहा कि पार्षद के सुझाव के अनुसार, वह जल्द ही इस मामले पर कार्रवाई करेंगे और पूजा-पाठ और अनुष्ठान करवाने का निर्णय लिया जाएगा। महापौर का दृष्टिकोण महापौर अजय मिश्रा ने भी पार्षद स्वतंत्र शर्मा के सुझाव को उचित माना और कहा कि पार्षद द्वारा उठाई गई चिंता सही है। उन्होंने बताया कि यह नया भवन है और संभव है कि इसमें वास्तुदोष हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस भवन का भूमिपूजन मंगलवार के दिन किया गया था, जो वास्तु शास्त्र के अनुसार सही नहीं माना जाता है। सामान्यत: मंगलवार को भूमि पूजन करना अनुचित माना जाता है क्योंकि इस दिन जमीन की रजिस्ट्री, खरीद और बिक्री नहीं होती। उन्होंने इस मुद्दे पर पूजा-पाठ करवाने पर विचार करने का संकेत दिया। वास्तुदोष का इतिहास आपको बता दें कि इससे पहले मध्यप्रदेश विधानसभा भवन में भी वास्तुदोष की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय, वहां भी पूजा-पाठ कराए गए थे, क्योंकि विधानसभा से जुड़े तकरीबन 10 विधायकों की आकस्मिक मृत्यु हो गई थी। इसके बाद वहां भी वास्तुदोष को दूर करने के लिए पूजा और अनुष्ठान करवाए गए थे। रीवा नगर निगम के नवीन परिषद भवन में घटित घटनाओं के मद्देनज़र, पार्षदों द्वारा उठाए गए इस मुद्दे ने नगर निगम के भविष्य में होने वाली घटनाओं और प्रशासन की प्रतिक्रिया को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।
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1994 में, बंबई (अब मुंबई) एक परिवर्तनशील शहर था। यहां मिल मजदूर सेवा-उन्मुख अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहे थे, बॉलीवुड बड़े-बड़े सपनों को पर्दे पर उतार रहा था और महानगरीय संस्कृति के प्रति एक बढ़ती रुचि दिखाई दे रही थी। शहर उदारीकरण को अपनाने लगा था, नए मॉल, फास्ट-फूड आउटलेट्स और अंतरराष्ट्रीय ब्रैंड्स यहां पदार्पण कर रहे थे। फिर भी, यह अपनी लोकल ट्रेनों, चॉल्स और स्ट्रीट वेंडर्स की अनोखी छवि को बनाए हुए था, जहां परंपरा और आधुनिकता का संगम दिखता था। इसी समय पर 'बॉम्बे टाइम्स' (Bombay Times) ने कदम रखा, इस बदलाव की भावना को कैद करते हुए और एक ऐसे शहर की कहानी कहते हुए जो बदलाव की दहलीज पर खड़ा था। 20 दिसंबर 2024 को 'बॉम्बे टाइम्स' ने अपनी 30वीं वर्षगांठ मनाई, जो भारत में लाइफस्टाइल और एंटरटेनमेंट पत्रकारिता को नए आयाम देने वाले तीन दशकों को चिह्नित करता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के एक परिशिष्ट के रूप में स्थापित 'बॉम्बे टाइम्स' मुंबई के मनोरंजन, फैशन, और सांस्कृतिक दृश्यों की जीवंत धड़कन को पकड़ने का पर्याय बन गया। फाउंडिंग एडिटर बाची करकरिया (Bachi Karkaria) के नेतृत्व में 'बॉम्बे टाइम्स' ने भारतीय मीडिया में लाइफस्टाइल सप्लीमेंट्स की अवधारणा की शुरुआत की। करकरिया की दूरदर्शी दृष्टि ने हार्ड न्यूज को बॉलीवुड, उच्च समाज और शहरी जीवनशैली की प्रेरणादायक कहानियों के साथ जोड़ा, जिससे यह एक निर्णायक सांस्कृतिक आवाज बन गया।
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नए साल का सबसे पहला और सबके बड़ा आयोजन पूर्ण महाकुंभ होगा। 144 साल के बाद ये अवसर आया है। 40 करोड़ लोग गंगा में डुबकी लगाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाकुंभ की तैयारियों का जायज़ा लेने मंगलवार को खुद प्रयागराज पहुंचे। ज्यादातर काम पूरे हो चुके हैं। अखाड़ों की धर्मध्वजा स्थापित हो चुकी है। गंगा और यमुना का जल स्वच्छ हो गया है। संगम का पानी सिर्फ स्नान के लिए नहीं, बल्कि पीने के लायक है। अब सिर्फ 13 जनवरी का इंतजार है जब पहले स्नान पर्व के साथ पूर्ण महाकुंभ की शुरुआत होगी। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार पूरी दुनिया भारत की भव्य विरासत की ताकत को देखेगी। पूर्ण महाकुंभ के लिए गंगा पर पीपे के तीस पुल बनाए गए हैं। 28 पुलों का काम पूरा हो गया है। श्रद्धालुओं को गंगा स्नान में दिक्कत न हो इसके लिए 12 नए पक्के घाट बनाए गए हैं। करीब साढ़े बारह किलोमीटर में नदी के आसपास रिवर फ्रंट डेवलप किया गया है। साढे पांच सौ वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में चेकर्ड प्लेटें बिछाई गई हैं ताकि श्रद्धालुओं को कीचड़ में न चलना पड़े। संगम नगरी में एक नया शहर बस गया है जिसे 25 अलग अलग सेक्टरों में बांटा गया है। करीब साढ़े सौ किलोमीटर लम्बी 92 नई सड़कें बनाई गई हैं। 67,000 LED लाइट्स और 2,000 सोलर लाइट्स से संगम नगरी जगमगा रही है। संगम से दो किलोमीटर की दूरी पर बीस हजार से ज्यादा गाड़ियों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। डेढ़ लाख टेंट बनाए गए हैं। इनमें स्विस कॉटेज से लेकर डोम सिटी तक सब बनकर तैयार हैं। डोम सिटी एक तरह का फ्लोटिंग कॉटेज है। इसमें ठहरने वालों को संगम का 360 डिग्री व्यू मिलेगा। संगम क्षेत्र में डेढ़ लाख ग्रीन टॉयलेट लगाए जा रहे हैं, पन्द्रह हजार सफाई कर्मियों की तैनाती की गई है। साढ़े बारह सौ किलोमीटर की पाइप लाइन डाली गई है। पचास हजार से ज्यादा नलों के कनेक्शन दिए गए हैं। एक 100 बैड का और दो 20 बीस बैड के दो अस्पताल बनकर तैयार हैं। आखिरी शाही स्नान 26 फरवरी को होगा। अनुमान है कि उस दिन आठ करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचेंगे। महाकुंभ में 50 हजार से ज्यादा पुलिस और पैरा मिलिट्री के लोग तैनात किए जाएंगे। 218 IPS अफसरों की तैनाती होगी। आसमान से ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। महाकुंभ में पहली बार अंडरवाटर ड्रोंस का इस्तेमाल किया जाएगा। ये ड्रोन पानी में 100 मीटर की गहराई तक जाकर मॉनीटरिंग कर सकते हैं। 2,700 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। चार सेंट्रल कमांड और कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जहां 350 एक्सपर्ट लगातार भीड़भाड़ वाले इलाकों पर निगरानी रख सकेंगे। कुंभ में पहली बार फेसियल रिकॉगनिशन टेक्नालॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। वैसे तो कुंभ हर बारह साल के बाद होता है लेकिन इस बार महाकुंभ विशेष है। बारह-बारह साल के बाद बारह महाकुंभ का चरण पूरा होता है तो 144 साल के बाद पूर्ण महाकुंभ का योग बनता है। इसलिए प्रयागराज में होने वाले इस कुंभ को पूर्ण महाकुंभ का दर्जा दिया गया है। ज्योतिषाचार्यों ने इस महाकुंभ को खास माना है और योगी आदित्यनाथ की सरकार भी इस महाकुंभ को भव्य और दिव्य बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। नरेंद्र मोदी कुम्भ के आयोजन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कुम्भ की विरासत को डिजिटल टेक्नालॉजी से जोड़ने की सलाह दी है। अध्यात्म को नई पीढ़ी से जोड़ने का निर्देश दिया है। भारत की आस्था और भक्ति का संदेश कुम्भ के माध्यम से पूरी दुनिया में पहुंचाने को कहा है। ये संयोग, ये प्रयोग अद्भुत होगा। ( यह लेखक के निजी विचार हैं )
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मीडिया व एंटरटेनमेंट कंपनी 'वायकॉम18 मीडिया' अब रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की प्रत्यक्ष सहायक कंपनी (डायरेक्ट सब्सिडियरी कंपनी) बन गई है। यह बदलाव 24.61 करोड़ से अधिक अनिवार्य रूप से कंवर्टिबल प्रेफरेंस शेयरों (CCPS) को समान संख्या में इक्विटी शेयरों में बदलने के बाद हुआ। 30 दिसंबर को रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 24,61,33,682 CCPS को समान संख्या में इक्विटी शेयरों में बदल दिया, जिसे पहले नेटवर्क18 के शेयरधारकों की मंजूरी मिली थी। 'वायकॉम18 मीडिया' इससे पहले, नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड की एक प्रमुख सहायक कंपनी थी, जो खुद रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी थी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपने रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा, “इस प्रकार, वायकॉम18 ने 30 दिसंबर, 2024 से कंपनी की सहायक कंपनी का दर्जा प्राप्त कर लिया है और नेटवर्क18 की सहायक कंपनी नहीं रही। कंपनी को वायकॉम18 से इक्विटी शेयरों के आवंटन की सूचना 30 दिसंबर, 2024 को मिली।” इससे पहले, रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास वायकॉम18 मीडिया में में पूर्णतः विनिवेश के आधार (fully diluted basis) पर 70.49 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। फाइलिंग में बताया गया कि इसमें 5,57,27,821 इक्विटी शेयर और 24,61,33,682 CCPS शामिल थे। उस समय वायकॉम18, नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड की प्रमुख सहायक कंपनी थी। परिवर्तन के बाद, RIL ने बताया कि अब नेटवर्क18 का वायकॉम18 पर नियंत्रण समाप्त हो गया है। RIL ने कहा, “इस परिवर्तन के बाद, कंपनी के पास वायकॉम18 की कुल इक्विटी शेयर पूंजी का 83.88 प्रतिशत है और पूर्णतः विनिवेश के आधार पर यह 70.49 प्रतिशत हिस्सेदारी बनाए रखता है।” मार्च 2024 में, RIL ने वायकॉम18 में पैरामाउंट ग्लोबल की 13.01 प्रतिशत हिस्सेदारी 4,286 करोड़ रुपये में अधिग्रहित की थी, जिससे उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 70.49 प्रतिशत हो गई। 14 नवंबर, 2024 को, RIL ने वॉल्ट डिज़्नी के भारतीय व्यवसाय के साथ अपने मीडिया साम्राज्य का विलय पूरा किया। यह संयुक्त उद्यम 70,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का था, जिसमें वायकॉम18 के मीडिया और जियोसिनेमाज बिजनेस को स्टार इंडिया के साथ जोड़ा गया। इस विलय के तहत, संपत्तियों और नकद के बदले वायकॉम18 और RIL को शेयर आवंटित किए गए।
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प्रसार भारती ने 'डीडी न्यूज' और 'डीडी इंडिया' के लिए कैमरा असिस्टेंट पद पर अनुबंध आधारित नियुक्ति हेतु आवेदन मांगे हैं। यह भर्ती नई दिल्ली स्थित दूरदर्शन भवन में एक वर्ष के पूर्णकालिक अनुबंध पर की जाएगी। पद का विवरण पद का नाम: कैमरा असिस्टेंट पदों की संख्या: 14 (संभावित) कार्यस्थल: दूरदर्शन भवन, डीडी न्यूज और डीडी इंडिया, नई दिल्ली अवधि: एक वर्ष (आवश्यकता और प्रदर्शन के आधार पर बढ़ाई जा सकती है) आयु सीमा: अधिसूचना जारी होने की तिथि पर अधिकतम 40 वर्ष वेतन: ₹35,000 प्रति माह (समेकित) योग्यता और अनुभव शैक्षिक योग्यता: मान्यता प्राप्त स्कूल/संस्थान से 10+2 उत्तीर्ण। अनुभव: संबंधित क्षेत्र में कम से कम 5 वर्ष का कार्य अनुभव। विशेष रूप से जिमी जिब (Jimmy Jib) का संचालन और प्रोडक्शन हाउस के अन्य प्रासंगिक कार्यों का अनुभव। वांछनीय योग्यता: कैमरा असिस्टेंट के रूप में अतिरिक्त प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन। कर्तव्य और जिम्मेदारियां जिमी जिब (Jimmy Jib) का संचालन और फ्लोर असिस्टेंट के रूप में कार्य करना। अधिकारियों द्वारा सौंपे गए अन्य कार्यों को निष्पादित करना। नियुक्ति की शर्तें - यह सेवा पूरी तरह से अनुबंध आधारित होगी। इसे नियमित नियुक्ति में परिवर्तित नहीं किया जाएगा। - अनुबंध अवधि के दौरान किसी अन्य कार्य में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। - अनुबंध को दोनों पक्षों द्वारा एक महीने के नोटिस पर समाप्त किया जा सकता है। - पेंशन संबंधी कोई लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा। - पदों की संख्या प्रसार भारती के विवेक के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकती है। - चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा या साक्षात्कार शामिल होगा। इसमें कोई टीए/डीए प्रदान नहीं किया जाएगा। - आयु, अनुभव और शिक्षा की गणना अधिसूचना की तिथि तक की जाएगी। - केवल शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को ईमेल द्वारा संपर्क किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक और योग्य उम्मीदवार प्रसार भारती की आधिकारिक वेबसाइट (https://applications.prasarbharati.org) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि अधिसूचना जारी होने की तारीख (18/12/2024) से 15 दिनों के भीतर है। यदि आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी भी समस्या का सामना करना पड़े, तो उम्मीदवार hrcell413@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा है, जो मीडिया और प्रोडक्शन क्षेत्र में अपने अनुभव का उपयोग करके देश की प्रतिष्ठित प्रसार संस्था का हिस्सा बनना चाहते हैं। योग्य उम्मीदवार जल्द से जल्द आवेदन करें। अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें- https://prasarbharati.gov.in/wp-content/uploads/2024/12/NIA-Camera-Assistant.pdf
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भारतीय मीडिया जगत के लिए वर्ष 2024 कई मायनों में विशेष रहा। यह साल न केवल राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित रहा, बल्कि मीडिया के कंटेंट और उसके नैरेटिव पर भी सवाल खड़े हुए। वर्ष 2024 को ‘सुधार का वर्ष’ कहा जा सकता है। लोकसभा चुनावों में ‘400 पार का नारा’ मीडिया के लिए एक सीख बन गया। 2024 का लोकसभा चुनाव एक ऐसी घटना थी, जिसमें अधिकांश मीडिया चैनलों ने ‘400 का आंकड़ा’ हासिल करने वाले नैरेटिव को बढ़ावा दिया। ऐसा लगा जैसे चुनावी बहस के बजाय ओपिनियन पोल और अनुमान खबरों का केंद्र बन गए। इसका असर यह हुआ कि चुनावी परिणामों के बाद मीडिया की साख पर सवाल उठने लगे। मीडिया ने जैसे ही यह महसूस किया कि उनकी भ्रामक रिपोर्टिंग से साख पर आंच आई है, तब जाकर उन्होंने अपने कंटेंट में सुधार की ओर कदम बढ़ाया। मीडिया के सामने क्रेडिबिलिटी का सवाल: भारतीय मीडिया का एक बड़ा वर्ग कथित तौर पर सत्ताधारी दल के समर्थन में रहा, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म, खासकर यूट्यूब, विरोधी नैरेटिव का केंद्र बन गया। इस विभाजन ने दोनों पक्षों की साख पर असर डाला। जब आप किसी एक नैरेटिव के पक्ष में खड़े होते हैं, तो आपकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। ऐसे में क्रेडिबिलिटी का टेस्ट मीडिया के लिए अनिवार्य हो जाता है। मीडिया में सुधार और पाठकों की अपेक्षाएं: वर्ष 2024 की घटनाओं ने मीडिया को यह सीख दी कि संतुलन और विश्वसनीयता बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। मीडिया और उसके दर्शकों के बीच का रिश्ता अब ‘साख के परीक्षण’ पर आधारित हो गया है। दर्शक खबरें सुनते और देखते हैं, लेकिन अंततः वे अपने निष्कर्ष खुद निकालते हैं। 2025 की ओर नजरें: आने वाले वर्ष 2025 में भारतीय मीडिया को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। तकनीकी क्रांति और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (AI) के बढ़ते उपयोग के साथ, खबरों की सत्यता और नैतिकता सुनिश्चित करना और भी कठिन हो जाएगा। हालांकि, 2024 के अनुभव मीडिया जगत के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम करेंगे। मीडिया में सुधार और बिगड़ाव का चक्र चलता रहता है। लेकिन यह दर्शकों की जागरूकता और उनकी अपेक्षाओं पर निर्भर करता है कि मीडिया की साख कितनी बनी रह पाती है। 2024 भारतीय मीडिया के लिए आत्ममंथन का वर्ष साबित हुआ: भारतीय मीडिया एक महत्वपूर्ण मुकाम पर खड़ी है। मौजूदा दौर में ऐसा प्रतीत होता है कि मुख्यधारा के तमाम टीवी चैनलों और अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर निष्पक्षता और तथ्यात्मक रिपोर्टिंग का स्थान धीरे-धीरे खो रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि भारतीय मीडिया एक ध्रुवीकृत (polarized) स्थिति में पहुंच गई है। इससे सबसे बड़ा नुकसान वास्तविकता को होता है। आम जनता और सरकार से जुड़े मुद्दों पर न तो न्यूट्रल बहस होती है और न ही तथ्य आधारित रिपोर्टिंग। मीडिया एक ऐसा मंच होना चाहिए जो समाज के दबावों और असहमति को सहेजकर सिस्टम के लिए सुधार का रास्ता तैयार करे। यह एक प्रेशर कुकर की तरह है, जो दबाव को नियंत्रित करता है। लेकिन जब मीडिया अपने तर्कों और विमर्श से हटकर केवल ध्रुवीय विचारों (polarized opinions) को बढ़ावा देती है, तो इसका नुकसान समाज और लोकतंत्र को होता है। 2024 भारतीय मीडिया के लिए आत्ममंथन का वर्ष साबित हुआ। वर्ष 2025 में मीडिया को अपने नैरेटिव और साख के बीच संतुलन बनाकर काम करना होगा। अगर मीडिया इस चुनौती को स्वीकार करता है तो यह न केवल उसकी साख को मजबूत करेगा बल्कि पाठकों और दर्शकों के साथ उसके संबंधों को भी बेहतर बनाएगा। उम्मीद का दामन थामे रहना होगा : सभी चुनौतियों के बावजूद, उम्मीद ही वह तत्व है जो हमें आगे बढ़ने की ताकत देता है। लेकिन उम्मीद को व्यावहारिक बनाना और संवाद के जरिए समाधान निकालना सबसे जरूरी है। मुझे विश्वास है कि आत्ममंथन, सुधार और संवाद की प्रक्रिया से गुजरकर भारतीय मीडिया एक बेहतर और संतुलित भविष्य की ओर कदम बढ़ाएगी। (ये लेखक के निजी विचार हैं)
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"हम अब केवल जानकारी के युग से आगे बढ़ चुके हैं; आज यह बुद्धिमत्ता का युग है, जहां गहराई और विवेक की कीमत साधारण तथ्यों से अधिक है।" साल 2024 भारतीय मीडिया के लिए एक परिवर्तनकारी दौर साबित हुआ। डिजिटल और पारंपरिक मीडिया के बीच प्रतिस्पर्धा पहले से कहीं ज्यादा तीव्र हो गई है। तकनीकी प्रगति ने खबरों को प्रस्तुत करने, प्रसारित करने और उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स ने सटीकता बढ़ाने और उपभोक्ताओं की पसंद को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, इन सबके बीच मीडिया की विश्वसनीयता को लेकर सवाल बार-बार उठे हैं। फेक न्यूज और गलत जानकारी के बढ़ते खतरे ने इंडस्ट्री को आत्ममंथन करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया है। भारत की डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री ने 2024 में 15% की प्रभावशाली वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की, जबकि टेलीविजन और प्रिंट मीडिया ने क्रमशः 7% और 4% की मध्यम वृद्धि दर हासिल की। मोबाइल डिवाइस और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच ने डिजिटल मीडिया को देश के सबसे दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचा दिया है। 450 मिलियन से अधिक सक्रिय यूजर्स मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ रहे थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि दर्शक तेज, सुलभ और अपनी सुविधा के अनुसार खबरें चाहते हैं। हालांकि, इस तेज दौड़ में, खबरों की गहराई और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण अक्सर पीछे छूट गया है। 2024, जो एक चुनावी साल था। इस साल न्यूज चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने पूरे देश में नागरिकों को रियल-टाइम अपडेट प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, इस दौरान ध्रुवीकृत सामग्री और प्रचार-प्रेरित कथाओं को लेकर चिंताएं भी सामने आईं। दर्शक अब केवल सनसनीखेज सुर्खियों से संतुष्ट नहीं हैं, वे गहन रिपोर्टिंग और सूक्ष्म विश्लेषण की मांग करते हैं, जिसे पारंपरिक मीडिया को प्रासंगिक बने रहने के लिए प्राथमिकता देनी होगी। 2025 में, मीडिया इंडस्ट्री से अपनी विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने की दिशा में अधिक मजबूत कदम उठाने की उम्मीद की जाती है। तथ्यों पर आधारित और सभी दृष्टिकोणों को निष्पक्ष रूप से प्रस्तुत करने वाली गुणवत्ता पत्रकारिता समय की आवश्यकता होगी। हालांकि डिजिटल मीडिया का वर्चस्व जारी रहेगा, लेकिन टेलीविजन और प्रिंट जैसे पारंपरिक प्रारूप भी अपनी अहमियत बनाए रखेंगे, खासकर उन दर्शकों के लिए जो व्यापक और विस्तृत कवरेज चाहते हैं। 2025 में स्मार्ट टेक्नोलॉजी और इसका नैतिक उपयोग ही मीडिया के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर गलत जानकारी के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी मॉडरेशन सिस्टम और आत्म-नियमन तंत्र बेहद महत्वपूर्ण होंगे। साथ ही, समाचार प्रस्तुति में विविधता को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री को प्रोत्साहित करना मीडिया की पहुंच को और अधिक व्यापक बनाएगा। मीडिया का भविष्य केवल खबरों का स्रोत बनने में नहीं, बल्कि समाज का दर्पण बनने में है। इस सत्य, निष्पक्षता और जवाबदेही को अपने मूल सिद्धांतों में शामिल करना होगा। दर्शकों और पाठकों का विश्वास जीतना सबसे बड़ी चुनौती रहेगा और सफलता की कुंजी भी। 2025 में प्रवेश करते हुए, मीडिया को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की जिम्मेदारी को पूरी तरह से अपनाना होगा। इसकी भूमिका सिर्फ खबरें देने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को दिशा दिखाने और सार्वजनिक संवाद को सशक्त बनाने तक विस्तारित है। नई सोच, नए दृष्टिकोण और नवीन तकनीकों के साथ, मीडिया आने वाले वर्षों में अपनी प्रासंगिकता और प्रभाव को और मजबूत कर सकता है।
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न्यूज एंकर आहना पुंज ने मीडिया में अपने नए सफर की शुरुआत की है। मीडिया से बातचीत में आहना पुंज ने बताया कि उन्होंने अब रायपुर (छत्तीसगढ़) में ‘एशियन न्यूज’ (Asian News) चैनल में बतौर एंकर हेड/सीनियर प्रड्यूसर जॉइन किया है। बता दें कि मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली आहना को मीडिया में काम करने का करीब दस साल का अनुभव है। आहना ने वर्ष 2014 में ‘जी बिजनेस’(Zee Business) से मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की थी। तब से वह लगातार इस मीडिया संस्थान में विभिन्न रीजनल चैनल्स में अपनी जिम्मेदारी निभा रही थीं। कुछ समय पूर्व उन्होंने यहां अपनी पारी को विराम दे दिया था। आहना पुंज ने अपनी पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से ही की है। ‘गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी’ से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन करने के साथ ही उन्होंने हरियाणा के हिसार में स्थित ‘गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी’ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। समाचार4मीडिया की ओर से आहना पुंज को नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
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'बिजनेस टुडे' (Business Today) के एडिटर के पद से हाल ही में इस्तीफा देने वाले सौरव मजूमदार को लेकर अब एक बड़ी खबर आयी है। दरअसल, अब वह 'फॉर्च्यून इंडिया' (Fortune India) के एडिटर-इन-चीफ के रूप में शामिल हो गए हैं। बता दें कि यह उनके लिए इस प्रकाशन के साथ दूसरी पारी होगी। सौरव मजूमदार ने लिंक्डइन पर लिखा, "Fortune India में वापस आकर मुझे खुशी हो रही है और मैं इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए तैयार हूं।" सौरव मजूमदार का करियर वित्तीय पत्रकारिता में तीन दशकों से अधिक का है और उन्होंने प्रमुख प्रकाशनों में वरिष्ठ संपादकीय भूमिकाएं निभाई हैं। वह वर्तमान में Business Today के संपादक थे, लेकिन पहले वह Fortune India और Forbes India के संपादक रहे हैं, जहां उन्होंने बिजनेस खबरों को गहरी समझ के साथ आकार दिया, विशेष रूप से कॉर्पोरेट और वित्तीय बाजारों पर।
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साल 2024 के आगमन में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है, लेकिन हर बार गुजरता हुआ साल कुछ ऐसी भी यादें भी दे जाता है, जो किसी के करियर के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। कुछ ऐसी ही यादें मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की भी हैं, जिनमें से कई के करियर ग्राफ ने एक नए मुकाम को छुआ है और कई नए मंजिल की तलाश में संस्थान से अलग हो गए। आइए, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ीं यहां ऐसी ही कुछ बड़ी शख्सियतों के बारे में जानते हैं। केविन वज़ नवंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और डिज्नी के मेगा मर्जर के बाद, केविन वज़ को जियोस्टार में एंटरटेनमेंट के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया। इससे पहले, 2023 से वायाकॉम18 में ब्रॉडकास्ट एंटरटेनमेंट के सीईओ के रूप में, उन्होंने कलर्स और एमटीवी जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स का नेतृत्व किया। केविन वज़ ने द वॉल्ट डिज्नी कंपनी इंडिया में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और इसके मल्टी-प्लेटफॉर्म विकास में योगदान दिया। जियोस्टार में अपनी नई भूमिका के अलावा, वज़ को इस महीने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) का अध्यक्ष और जनवरी में FICCI मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया। किरण मणि किरण मणि, जिन्होंने 2023 में वायाकॉम18 जॉइन किया था, अब जियोस्टार में डिजिटल के सीईओ बने हैं। मणि के पास तकनीकी और मीडिया क्षेत्रों में तीन दशकों का अनुभव है। इससे पहले, उन्होंने गूगल में एक प्रमुख भूमिका निभाई और डिजिटल बिजनेस रणनीतियों को आकार दिया। गूगल के साथ 13 साल के कार्यकाल के बाद मणि पिछले साल 'वायकॉम18' में शामिल हुए थे। एनपी सिंह 2024 में एक महत्वपूर्ण बदलाव एनपी सिंह का 25 वर्षों तक सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के सीईओ के रूप में कार्यकाल का अंत था। एनपी सिंह ने अपने संदेश में कहा था, ‘ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया और इसकी सफलता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता मजबूत बनी हुई है। यहां मेरे कार्यकाल के दौरान हमने इंडस्ट्री में कई मानक स्थापित किए, अपनी पहुंच का विस्तार किया और कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि सफलता की हमारी विरासत नए नेतृत्व के तहत जारी रहे और आगे बढ़ती रहे।’ इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि अपनी टीम के साथ कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के बाद मैं अब सामाजिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने और परिचालन भूमिकाओं से हटकर सलाहकार भूमिकाओं में बदलाव के लिए तैयार हूं। गौरव बनर्जी एनपी सिंह का सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के सीईओ के रूप में कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी जगह अगस्त में गौरव बनर्जी ने ली। बनर्जी ने सोनी टीवी की कंटेंट स्ट्रैटजी को फिर से तैयार किया और 2023-2031 तक के लिए विशेष ACC मीडिया अधिकार हासिल किए। बनर्जी ने स्टार इंडिया में 16 वर्षों तक काम किया और हिंदी एंटरटेनमेंट के लिए कंटेंट हेड और स्टार भारत के बिजनेस हेड के रूप में अपनी भूमिका निभाई। बनर्जी ने 2004 में प्राइम-टाइम एंकर और सीनियर प्रड्यूसर के रूप में 'स्टार न्यूज' में शामिल होने से पहले 'आजतक' में अपना करियर शुरू किया था। 2005 में, उन्होंने बंगाली न्यूज चैनल 'स्टार आनंद' को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2008 में वह नेटवर्क के रीजनल एंटरटेनमेंट चैनलों के लिए कंटेंट स्ट्रैटजी का नेतृत्व करने के लिए 'स्टार इंडिया' में चले गए। इससे कंपनी को बंगाल में 'स्टार जलसा' और महाराष्ट्र में 'स्टार प्रवाह' के लॉन्च के साथ नए बाजारों में विस्तार करने में मदद मिली। 2009 में 'स्टार प्लस' के लिए कंटेंट स्ट्रैटेजी के प्रमुख नियुक्त किए गए। बनर्जी के आने के बाद 'दीया और बाती हम' और 'ससुराल गेंदा फूल' जैसे हिट शो से चैनल को 2010 में अपनी लीडरशिप पोजीशन फिर से हासिल करने में मदद मिली। 2013 में उन्हें जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोट किया गया और 2015 में उन्होंने कंटेंट स्टूडियो की लीडरशिप संभाली। गौरव बनर्जी के पास दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशंस रिसर्च सेंटर से फिल्म निर्माण और टीवी प्रोडक्शन में मास्टर डिग्री है। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। नीरज व्यास सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के बिजनेस हेड नीरज व्यास ने अगस्त में अपने पद से इस्तीफा दिया था। तीन दशकों के लंबे करियर के बाद, उन्होंने उद्यमशीलता के नए अवसर तलाशने का फैसला किया। ‘SPNI’ में उनकी शुरुआत सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन में सेल्स डिपार्टमेंट में हुई थी और वह अपनी काबिलियत के दम पर तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए वर्ष 2005 में चैनल के नेशनल सेल्स हेड की पोजीशन पर आ गए थे। पांच साल के अंदर ही उन्हें नेटवर्क के हिंदी म्यूजिक चैनल ‘सोनी मिक्स’ के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2011 में नीरज को सोनी मैक्स और फिर वर्ष 2017 में सोनी सब व सोनी पल और 2023 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रवि आहूजा अक्टूबर में, सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन और सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट (SPE) ने घोषणा की कि SPE के चेयरमैन व CEO टोनी विंसिक्वेरा अपने पद से इस्तीफा देंगे। उनकी जगह रवि आहूजा, जो वर्तमान में SPE के ग्लोबल टेलीविजन स्टूडियोज के चेयरमैन व COO हैं, 2 जनवरी 2025 से SPE के नए चेयरमैन व CEO के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। वहीं, विंसिक्वेरा 2025 के अंत तक सलाहकार के रूप में नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाते रहेंगे। रवि आहूजा सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व CEO केनिचिरो योशिदा (Kenichiro Yoshida) और प्रेसिडेंट व COO हीरोकि टोटोकि (Hiroki Totoki) को रिपोर्ट करेंगे। रवि आहूजा ने 2021 में SPE में शामिल होकर कई प्रमुख टीवी शोज और प्रोडक्शन कंपनियों की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले, वह वॉल्ट डिज्नी टेलीविजन और फॉक्स नेटवर्क्स ग्रुप में भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। के. माधवन अक्टूबर में, डिज्नी स्टार के कंट्री मैनेजर और प्रेजिडेंट के. माधवन ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कंपनी की रणनीति को आकार देने व इसके विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और डिज्नी स्टार को भारत में टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स दोनों को अग्रणी बनाया। उन्होंने जनरल एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स, डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर सर्विसेज और स्टूडियो के प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी की रणनीति और विकास का नेतृत्व किया। माधवन के कार्यकाल के दौरान, डिज़्नी स्टार ने सालाना 20,000 घंटे से अधिक का मूल कंटेंट तैयार किया, जो 70+ चैनलों के जरिए नौ भाषाओं में प्रसारित होता है और हर महीने लगभग 70 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है। संजोग गुप्ता नवंबर में संजोग गुप्ता को जियोस्टार में स्पोर्ट्स के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने इससे पहले स्टार इंडिया में स्पोर्ट्स विभाग का नेतृत्व किया और IPL और ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों को 200 देशों तक पहुंचाया। उन्होंने प्रो. कबड्डी लीग और इंडियन सुपर लीग जैसी घरेलू खेल लीग्स के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साजिथ शिवनंदन डिज्नी+ हॉटस्टार के प्रमुख साजित शिवनंदन ने इस साल अक्टूबर में इस्तीफा दे दिया था। शिवानंदन के इस्तीफे की घोषणा आंतरिक रूप से 24 अक्टूबर को की गई थी। यह खबर ऐसे समय आई थी जब डिज्नी+ हॉटस्टार प्लेटफॉर्म पर सभी लाइव स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग को एकीकृत करने का निर्णय लिया गया था। शिवनंदन अक्टूबर 2022 में डिज्नी+ हॉटस्टार के सीईओ के रूप में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्होंने गूगल में 15 वर्षों तक विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्य किया, जिसमें एशिया पैसिफिक के लिए गूगल पे और नेक्स्ट बिलियन यूजर इनिशिएटिव्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में उनकी भूमिका शामिल थी। देविका प्रभु इस साल नवंबर में डिज्नी+ हॉटस्टार ‘डिज्नी स्टार’ (Disney Star) की बिजनेस हेड (Kids and Infotainment) देविका प्रभु ने कंपनी को अलविदा कह दिया था। देविका प्रभु ने वर्ष 2008 में इस कंपनी में किड्स चैनल के लिए एसोसिएट डायरेक्टर (Programming and Acquisitions) के पद पर जॉइन किया था। इस कंपनी में अपने अब तक के सफर में उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया था। खासकर बच्चों के कंटेंट कैटेगरी में उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और कंपनी की सफलता में अहम योगदान दिया था। ‘डिज्नी स्टार’ से पहले देविका प्रभु ‘सोनी’ (SONY) इंडिया से जुड़ी हुई थीं। जहां उन्होंने असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और रिसर्च) के रूप में काम किया। यहां से उन्होंने अपने करियर की मजबूत नींव रखी, जिसे डिज्नी स्टार में उन्होंने और अधिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। पुनीत गोयनका नवंबर में ही जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के एमडी पुनीत गोयनका ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कंपनी में उन्हें चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर नियुक्त किया गया। दरअसल, यह निर्णय बोर्ड और नामांकन व वेतन समिति की 15 नवंबर 2024 की बैठक में लिया गया था। कंपनी ने 18 नवंबर 2024 को कारोबार समाप्त होने के बाद उनके इस्तीफे को मंजूरी दी और उसी दिन सीईओ के तौर पर उनकी नियुक्ति की थी। पुनीत गोयनका ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को अपनी भूमिका छोड़ने और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के रूप में परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने की पेशकश की थी। हालांकि इसके बाद, ZEEL बोर्ड ने 18 अक्टूबर, 2024 को गोयनका के पुनर्नियुक्ति की सिफारिश की थी, जो 1 जनवरी, 2025 से पांच साल के कार्यकाल के लिए थी। लेकिन पुनीत गोयनका ने पुनर्नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया था। अविनाश पांडे व पारुल कामरा एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे ने इस साल जून में लगभग दो दशकों के लंबे कार्यकाल के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अविनाश पांडे 2005 में 'एबीपी नेटवर्क' से जुड़े थे और कई वर्षों तक महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जिससे यह ब्रैंड देश के सबसे सफल और सम्मानित ब्रॉडकास्टर्स में से एक बन गया। जनवरी 2019 में, अविनाश पांडे को एबीपी नेटवर्क के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था और उनके नेतृत्व में ही, एबीपी नेटवर्क ने ब्रॉडकास्ट और डिजिटल स्पेस में तेजी से आगे बढ़ता गया। अविनाश पांडे के पास रीजनल और डिजिटल होने की क्षमता को पहचानने की दूरदर्शिता थी, लिहाजा उन्होंने भारतीय दर्शकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रीमियर कंटेंट बनाने पर जोर दिया। पारुल कामरा इसके अलावा, ABP नेटवर्क की वाइस प्रेजिडेंट और नेशनल सेल्स की डायरेक्टर पारुल कामरा ने 12 दिसंबर को नेटवर्क को अलविदा कह दिया। पारुल कामरा अपने पद पर रहते हुए ABP न्यूज और ABP अस्मिता के लिए पूरे भारत में रेवेन्यू ग्रोथ की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। फिलहाल वह अपने करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं और अब दुबई में रहेंगी। पारुल कामरा अगस्त 2007 में ABP नेटवर्क से जुड़ी थीं और उन्होंने विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्य किया। 17 वर्षों के करियर में उन्होंने संगठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई उपलब्धियां हासिल की।
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‘बीएजी नेटवर्क’ (BAG Network) के हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज24’ (News24) को अपनी डिजिटल टीम के लिए वीडियो एडिटर की जरूरत है। संस्थान की ओर से इस पद पर नियुक्ति के लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर जानकारी के अनुसार, इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों को FCP 10 की जानकारी होनी चाहिए। इसके साथ ही एक से तीन साल का अनुभव होना चाहिए। इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे rimjhim.jethani@bagnetwork.in पर भेज सकते हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं। News 24 की Digital Team को एक Video Editor की जरूरत है ◆उम्मीदवार को FCP 10 की जानकारी और 1 से 3 सालों तक का अनुभव होना अनिवार्य है ◆ इच्छुक उम्मीदवार अपना CV इस ID पर मेल करें - rimjhim.jethani@bagnetwork.i
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देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूहों में शुमार ‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ अरुण पुरी का आज 80वां जन्मदिन है। देश के पत्रकारिता जगत में जाने-माने नाम अरुण पुरी ने देश में न्यूज, मीडिया और स्टोरीटैलिंग के तरीके को नए सिरे से परिभाषित किया है। व्यवसायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार में जन्मे अरुण पुरी ने ऐसी राह चुनी, जिसमें उद्यमिता की प्रवृत्ति को प्रभावशाली पत्रकारिता के प्रति जुनून से जोड़ा। लंदन विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री और लंदन बिजनेस स्कूल से बिजनेस मैनेजमेंट में डिग्री हासिल करने के बाद, पुरी ने 1975 में इंडिया टुडे मैगजीन की लॉन्चिंग के साथ पब्लिकेशन की दुनिया में कदम रखा। यह मैगजीन, जो राजनीति, अर्थव्यवस्था और संस्कृति पर केंद्रित एक मासिक के रूप में शुरू हुई, जल्दी ही उच्च-गुणवत्ता वाली पत्रकारिता का प्रतीक बन गई, जिसने सटीकता, गहराई और प्रस्तुति के मानक स्थापित किए। पुरी के दूरदर्शी नेतृत्व में, इंडिया टुडे ग्रुप ने अपनी पेशकश को टेलीविजन चैनल, रेडियो, डिजिटल प्लेटफार्म और इवेंट्स तक विस्तार किया। इंडिया टुडे मैगजीन आज घर-घर में पहचानी जाती है, जबकि ‘आजतक’ (AajTak) और ‘इंडिया टुडे टीवी’ (India Today TV) जैसे चैनल भारतीय प्रसारण क्षेत्र में अपनी प्रमुखता बनाए हुए हैं। पुरी का प्रभाव केवल एक मीडिया साम्राज्य बनाने तक सीमित नहीं है, वे पत्रकारिता में नवाचार और ईमानदारी के पैरोकार रहे हैं। मीडिया के बदलते परिदृश्य के अनुरूप रुझानों को पहचानने और उन्हें अपनाने की उनकी क्षमता ने यह सुनिश्चित किया कि इंडिया टुडे ग्रुप डिजिटल युग में भी प्रासंगिक और सम्मानित बना रहे। पत्रकारिता में उनके योगदान के लिए उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिसमें 2001 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म भूषण' शामिल है। वह पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और नैतिक रिपोर्टिंग की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए भी व्यापक रूप से पहचाने जाते हैं| उनकी यात्रा दूरदर्शी नेतृत्व, सत्य के प्रति प्रतिबद्धता और दर्शकों की जरूरतों को गहरे से समझने की शक्ति का उदाहरण है। जन्मदिन मुबारक हो!
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प्रसार भारती के OTT प्लेटफॉर्म 'Waves' ने अपनी लॉन्चिंग के बाद पहले ही महीने में 1 मिलियन से अधिक डाउनलोड का रिकॉर्ड बनाया है। चना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस उपलब्धि की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा, "WAVES OTT ऐप ने 1 मिलियन डाउनलोड का महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार कर लिया है।" test गोवा में लॉन्च हुआ था प्लेटफॉर्म 'Waves' का शुभारंभ 20 नवंबर 2024 को गोवा में आयोजित 55वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) के दौरान किया गया था। इसे गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू की उपस्थिति में लॉन्च किया था। क्या है खास 'Waves' में? इस प्लेटफॉर्म पर एंटरटेनमेंट व न्यूज चैनल्स का बेहतरीन कलेक्शन उपलब्ध है। 38 लाइव चैनल्स: एंटरटेनमेंट के लिए B4U, ABZY, SAB Group, और 9X Media जैसे चैनल शामिल हैं। न्यूज चैनल्स: India Today, News Nation, Republic, ABP News, News24 और NDTV India जैसे प्रमुख न्यूज चैनल्स भी इस प्लेटफॉर्म पर मौजूद हैं। सरकारी चैनल्स: 'Waves' पर सभी दूरदर्शन और आकाशवाणी चैनल भी उपलब्ध हैं। प्रसार भारती की डिजिटल पहल यह उपलब्धि प्रसार भारती के लिए एक बड़ी सफलता है, जो डिजिटल युग में अपने कंटेंट को दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। Waves OTT ऐप की बढ़ती लोकप्रियता इस बात का प्रमाण है कि प्रसार भारती के कार्यक्रम देशभर में बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं।
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सैम कोंस्टस वाले मामले पर स्टार स्पोर्ट्स जिस तरह सुबह से कोहली को डिफेंड कर रहा था, उसे देखकर मुझे तरस आ रहा है। दिनभर इस बात की चर्चा करने का क्या तुक बनता है कि ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने कोहली का मज़ाक क्यों बनाया? 10-20 साल पहले के उदाहरण देकर ये बात establish करने का क्या सेंस है कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी भी तो ऐसा करते थे? अरे भाई, ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी ऐसा करते थे, तो क्या इस बात के लिए दुनिया उनकी इज्ज़त करती थी? नहीं, बिल्कुल नहीं। ऑस्ट्रेलियन प्लेयर्स की इसी रवैए की वजह से उनके खिलाड़ी पूरी दुनिया में बदनाम भी थे। रही बात ऑस्ट्रेलियन मीडिया की कोहली को लेकर हार्श होने की, तो भाई, ऑस्ट्रेलियन मीडिया क्या अपने खिलाड़ियों को लेकर हार्श नहीं होता? जिस तरह पर्थ में पहला टेस्ट हारने पर ऑस्ट्रेलिया के टीवी और प्रिंट मीडिया ने अपनी टीम की खिंचाई की, आप वैसी आलोचना की भारत में कल्पना भी नहीं कर सकते। चर्चा तो इस बात पर होनी चाहिए थी कि 36 साल के विराट कोहली को क्या ज़रूरत पड़ी थी कि वो 19 साल के यंग प्लेयर के साथ इस तरह फिज़िकल हो जाएं। वो भी उस खिलाड़ी के साथ जो उन्हें अपना आदर्श मानता है। अगर कोई यंग प्लेयर आपको अपने खेल से परेशान कर रहा है, तो आप उसके खिलाफ एग्रेसिव रणनीति बनाएं, उसके खिलाफ प्लान बी या प्लान सी लेकर आएं—न कि अपने दौर का सबसे महानतम खिलाड़ी उसके साथ गली के गुंडों की तरह धक्का-मुक्की करने लगें। बहुत सारे लोग कहेंगे कि कोहली का तो यही स्टाइल है। वो तो शुरू से ही ऐसे ही एग्रेसिव रहे हैं। उन्हें भिड़ने में मज़ा आता है। उन्हें इस बात में मज़ा आता है कि दूसरी टीमें या मीडिया उन्हें गाली दें और वो उन्हें गलत साबित करें। धीरे-धीरे कोहली की छवि क्रिकेट के ऐसे एंग्री यंग मैन की बन गई, जो हर चीज़ को head-on लेता है। गेंदबाज़ ऑफ स्टम्प के बाहर पिच करेगा, तो कोहली ड्राइव करेंगे ही करेंगे। वो शॉर्ट डालेगा, तो कोहली पुल करेंगे। गेंदबाज़ आंखें दिखाएगा, तो कोहली ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। पर हुआ यह कि धीरे-धीरे कोहली अपनी ही इस छवि में इतना उलझ गए कि उन्हें पता ही नहीं चला कि गाड़ी को किसी और गियर में भी चलाया जा सकता है। जब तक आपकी फॉर्म चल रही है, आप युवा हैं, तब तक सब ठीक है। तब तक वो लोग भी आपके खिलाफ नहीं बोलते जो उस वक्त भी आपके उन तरीकों को पसंद नहीं कर रहे होते। मगर दिक्कत तब आई जब कोहकी फॉर्म ऊपर-नीचे हुई और तब भी वो अपनी उस एग्रेसिव छवि को छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुए। यह उन्हें अपने ego के खिलाफ लगा। आज की पारी से पहले उनका यही रवैया था कि बॉल पांचवें स्टम्प पर आएगी, तो मारूंगा ही मारूंगा, फिर चाहे पिछले पांच पारियों में यह करते हुए ही क्यों न आउट हुआ हूं। अगर मुझे दूसरों से लड़कर ऊर्जा मिलती है, तो वो ऊर्जा पाने के लिए मैं वहां भी लड़ जाऊंगा, जहां उसकी ज़रूरत भी नहीं होगी। अपनी ही इस एग्रेसिव छवि से समझौता न करने की कोहली की इस ज़िद ने ही उन पर एक्सट्रा प्रेशर डाल दिया है। जिसके चलते वो एक ही गलती को बार-बार दोहरा रहे हैं—मीडिया से भिड़ रहे हैं, खुद को हूट करने वाले दर्शकों से भिड़ने जा रहे हैं। और अपने ज़हन में क्रिकेट के अलावा भी ऐसी लड़ाईयां लड़ रहे हैं जिसका खेल से कोई लेना-देना नहीं। मुझे लगता है कि कोहली अब भी अगर थोड़े विनम्र हो जाएं, तो अपने लिए चीज़ें आसान कर लेंगे। जब सब कुछ आपके पक्ष में चलता है तो बहुत मुमकिन है कि आपको लगने लगे कि मैंने जीवन को साध लिया है। मैंने सफलता का सूत्र ढूंढ लिया है। मैं इतनी और ऐसी मेहनत करूंगा, तो मुझे कामयाब होने से कोई नहीं रोक पाएगा। लेकिन जीवन सिर्फ गणित नहीं है। ये कविता भी है, दर्शन भी और रहस्य भी। अगर सिर्फ आपकी मेहनत से आप सफल होते हों, तो ये फॉर्मूला दुनिया के हर कामयाब इंसान में गुरूर पैदा कर देगा। और जब आप ऐसा सोचते हैं तो आपके जश्न में, अपनी सफलताओं के बखान में, अहंकार नहीं, संयम झलता है। वो संयम जो ईश्वर को नाराज़ करने के डर की वजह से आता है। वक्त के साथ जीवन आपको सिखाता है कि मेहनत तो ज़रूरी है कि लेकिन उससे भी ज़्यादा ज़रूरी है ये समझना कि ‘जैसे मैं वहां था, तो मेरी जगह कोई और भी हो सकता था सकता’। ऐसा कोई और जो मुझसे भी ज़्यादा काबिल था लेकिन वो गलत जगह पर था। हो सकता है आपमें सचिन तेंदुलकर से ज़्यादा प्रतिभा हो लेकिन 5 साल की उम्र में आपकी प्रतिभा पहचानने के लिए आपके पास अजित तेंदुलकर जैसा भाई न हो। हो सकता है आपके पास अजित जैसा भाई भी हो लेकिन आपके हुनर को निखारने के लिए वहां कोई रमाकांत आचरेकर जैसा गुरू न हो। ऐसी सोच इंसान को कृतज्ञता से भरती है और कामयाबी को पचाने में मदद करती है। लेकिन जब आप अपनी सफलता के लिए खुद को ही इकलौती वजह मानते हैं, तो असफलता में भी आप खुद को पूरी तरह अकेला पाते हैं। आपको लगता है कि आपकी प्रार्थना सुनने वाला कोई नहीं। फिर एक वक्त आता है जब आप भी वही होते हैं, आपमें प्रतिभा भी वैसी होती है मगर वैसे नतीजे आना बंद हो जाते हैं। जैसे हालात जितने मुश्किल होते हैं, आपको उतना ही शांत रहना होता है। उसी तरह, अगर प्लेयर अच्छे फॉर्म में नहीं है, तो उसके लिए बहुत ज़रूरी है कि वह अपने ज़ोन में रहे। अपनी सारी एनर्जी अपने खेल पर लगाए। अपना खेल खेलते वक्त उसके दिमाग में किसी को गलत या सही साबित करने की बातें न चल रही हों। लेकिन जब कोई खिलाड़ी खुद कहता रहा हो कि उसे ऐसी लड़ाईयों से ऊर्जा मिलती है, तो ये भी तय है कि ऐसी लड़ाईयों में मिली हार उसकी ऊर्जा चूस भी रही होगी। उसे भटका भी रही होगी। उस पर दबाव भी डाल रही होगी। उसे विचलित कर रही होगी। इतने सालों तक क्रिकेट देखने और खेल की थोड़ी-बहुत समझ होने के कारण मैं यह दावे से कह सकता हूं कि कोहली के साथ तकनीक की तो कोई प्रॉब्लम ही नहीं है। उनके साथ सारी दिक्कत अपनी ही बनाई छवि में उलझ जाने की है। कोहली को यहां से तीन-चार साल और बेहतरीन क्रिकेट खेलना है, तो उन्हें इस एग्रेसिव कोहली की छवि को तिलांजली देकर अपने ज़ोन में जाना होगा। जहां उन्हें न किसी को नीचा दिखाना है, न अपना लोहा मनवाना है। बस योगियों की तरह ध्यान मुद्रा में जाकर ऐसे खेलना है, जैसे उस क्षण, सामने से आती गेंद और उनके बल्ले के अलावा दुनिया में और कुछ भी नहीं।
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क्रिसमस के मौके पर आम आदमी पार्टी की तरफ से एक AI जनरेटेड वीडियो जारी किया गया जिसमें केजरीवाल को सेंटा बनाया गया, जो दिल्ली में घूम-घूम कर लोगों को क्रिसमस के तोहफे बांट रहे हैं। चूंकि आम आदमी पार्टी ने चुनाव के बाद महिलाओं को हर महीने 2100 रुपये देने का वादा किया है, इसलिए इस वीडियो में केजरीवाल महिलाओं को 2100 रुपये का गिफ्ट देते हुए दिख रहे हैं। लेकिन केजरीवाल को लेने के देने पड़ गए। दिल्ली सरकार ने महिलाओं को 2100 रुपये देने और 60 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज वाले स्कीम को पूरी तरह फर्जी बता दिया। इस स्कीम के लिए जो कार्ड बनवाए जा रहें हैं, फॉर्म भरवाए जा रहे हैं, उसे फ्रॉड बताया है। असल में केजरीवाल और मुख्यमंत्री आतिशी सिंह गली-गली में घूम कर जिस महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के फॉर्म भरवा रहे थे, कार्ड बना रहे थे, उन्हीं योजनाओं को दिल्ली सरकार ने फर्जी बता दिया। आम आदमी पार्टी सरकार के महिला एवं बाल कल्याण विभाग ने दिल्ली के सभी अखबारों में एक नोटिस जारी करके लोगों से इस तरह की धोखाधड़ी से सावधान रहने की अपील की। लोगों से कहा है कि ये पब्लिक का डेटा इक्कठा करने की कोशिश है, सरकार ने ऐसी किसी योजना को मंजूरी नहीं दी है, इसलिए इस तरह के झांसे में न आएं, कोई फॉर्म न भरें, वरना मुश्किल में पड़ सकते हैं। आपके दस्तावेजों और पर्सनल जानकारी का दुरूपयोग हो सकता है। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने भी एक विज्ञापन जारी किया और साठ साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए मुफ्त इलाज के दावों को फर्जी करार दिया। दोनों विज्ञापनों में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने इस तरह की कोई योजनाएं शुरु नहीं की हैं, जब इस तरह का फैसला होगा, कोई स्कीम शुरू होगी, तब बाकायदा नोटिफिकेशन आएगा, लोगों को इसकी जानकारी दी जाएगी, लेकिन अभी इस योजना के नाम पर जो कैंप लगाए जा रहे हैं, जो पर्नसल डेटा लिये जा रहे हैं, वो गलत है, गैरकानूनी और फ्रॉड है। जैसे ही दिल्ली सरकार के विज्ञापन सामने आए, तो बीजेपी को मौका मिला। बीजेपी के नेताओं ने केजरीवाल और उनकी सरकार पर हमले किए। विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अब तो आम आदमी पार्टी की सरकार ही कह रही है कि केजरीवाल लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं, लोगों का पर्सनल और फाइनेंशियल डेटा इक्कठे कर रहे हैं, इसलिए इस मामले की जांच वैसे ही होनी चाहिए जैसे किसी आर्थिक अपराध या धोखाधड़ी की होती है। इस मामले में केजरीवाल बैकफुट पर आ गए। अगर जनता उनके वादे पर भरोसा करके रजिस्ट्रेशन करवा रही है तो इसमें गलत क्या है। बड़ी बात ये है कि सीएम आतिशी खुद केजरीवाल के साथ घूम घूम कर योजनाओं के फॉर्म भरवा रही हैं और उनकी ही सरकार के दो विभाग इन योजनाओं के तहत रजिस्ट्रेशन को फ्रॉड बता रहे हैं। इसलिए आतिशी सिंह ने सफाई दी और कहा कि ये सब बीजेपी की चाल है, बीजेपी ने अफसरों पर दबाव डाल कर इस तरह का विज्ञापन जारी करवाया है। वह दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करेंगी। कांग्रेस भी मैदान में आई। कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि केजरीवाल और बीजेपी में कोई फर्क नहीं हैं, दोनों पार्टियां दिल्ली के लोगों को धोखा दे रही हैं। कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ श्वेत पत्र जारी किया। अजय माकन ने कहा कि केजरीवाल एक नंबर के झूठे हैं, उनकी कोई विचारधारा नहीं हैं, वह सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं। केजरीवाल के 2100 रुपये के वादे का मामला दिलचस्प है। केजरीवाल महिलाओं और बुजुर्गों से वादा कर रहे हैं, फॉर्म भरवा रहे हैं, लेकिन उनकी पार्टी की ही सरकार ने इन योजनाओं को फर्जी करार दे दिया। ये कैसे हुआ, ये समझने की बात है। दिल्ली की अफसरशाही उपराज्यपाल के अधीन है। केजरीवाल ने सबको बायपास करके योजनाओं का ऐलान किया। उपराज्यपाल ने गुगली फेंक दी, अखबारों में इस स्कीम को फर्जी बताने वाले विज्ञापन छपवा दिए। दूसरी तरफ केजरीवाल को पूरा भरोसा है कि महाराष्ट्र के चुनाव में लाडली बहन योजना ने बीजेपी को जिता दिया, मोदी की आयुष्मान योजना से बीजेपी को लाभ मिला, इसीलिए दिल्ली में उन्होंने ये कार्ड चला। केजरीवाल का ये फॉर्मूला गुजरात में काम कर गया था। केजरीवाल ने गुजरात के चुनाव से पहले महिलाओं को हर महीने दो हजार रुपये देने का वादा किया था। इसी तरह कैंप लगाकर फॉर्म भरवाए थे। गुजरात में आम आदमी पार्टी को 14 प्रतिशत वोट मिले थे। आम आदमी पार्टी का दावा है कि दिल्ली में महिला सम्मान योजना के लिए 22 लाख महिलाएं और संजीवनी योजना के लिए करीब दो लाख बुजुर्ग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। इस बात को लेकर बीजेपी को टेंशन हो गई। बीजेपी को महिलाओं के वोट खिसकने का डर होने लगा। इसका एक सबूत बुधवार को ही मिल गया। बीजेपी नेता प्रवेश वर्मा ने महिलाओं को घर बुला कर 11-11 सौ रुपये बांटे। प्रवेश वर्मा नई दिल्ली से अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे, इसीलिए उन्होंने महिलाओं के वोट के लिए केजरीवाल का फॉर्मूला अपनाया। प्रवेश वर्मा के 20, विंडसर पैलेस वाले बंगले पर सुबह महिलाओं की भीड़ लग गई। वे अपना वोटर कार्ड लेकर पहुंच गईं। इंडिया टीवी संवाददाता ऐसी कई महिलाओं से मिले, उन्होंने कहा कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने यहां आने को कहा था। जो महिलाएं निकलीं, उनके हाथ में एक फोल्डर था, जिसमें लाडली योजना का कार्ड और एक लिफाफा था। लिफाफे में 1100 रुपये थे। इन महिलाओं ने कहा कि प्रवेश वर्मा ने कहा है कि अभी तो सिर्फ 1100 रुपये दे रहे हैं, अगर दिल्ली में बीजेपी की सरकार आई तो लाडली बहना योजना के तहत हर महीने खाते में 2500 रुपये आएंगे। सीएम आतिशी सिंह ने आरोप लगाया कि प्रवेश वर्मा के घर अब भी करोड़ों रुपये पड़े हैं और ED या CBI को उनके घर पर छापा मारना चाहिए, उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। प्रवेश वर्मा ने सफाई देते हुए कहा कि उनके पिता पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा ने एक NGO बनाया था, उस NGO की और से वह गरीब और जरूरतमंदों की मदद कर रहे थे। सबसे आखिर में अरविन्द केजरीवाल अपने तुनाव क्षेत्र में महिला वोटरों से मिलने पहुंच गए, उन्हें समझाया कि दूसरी पार्टी वाले 1100 रुपये दे रहे हैं, उनसे नोट ले लेना लेकिन वोट मत देना। महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के मुद्दे पर केजरीवाल अपने ही जाल में फंस गए थे। उनके पास अपनी ही सरकार के विज्ञापन पर कोई जवाब नहीं था लेकिन प्रवेश वर्मा ने महिलाओं को 1100 रुपये के लिफ़ाफ़े बांट कर केजरीवाल को escape route दे दिया। महिलाओं और बुजुर्गों से फॉर्म भरवा कर केजरीवाल ने वोटर्स को लालच देने की कोशिश की और प्रवेश वर्मा ने भी वही काम किया। केजरीवाल से ज्यादा खुल्लमखुल्ला तरीके से किया। महिलाओं के वोट केजरीवाल को भी चाहिए और प्रवेश वर्मा को भी। लेकिन केजरीवाल पुराने खिलाड़ी हैं। उन्होंने सीधे पैसे नहीं दिए, पैसों का वादा किया और प्रवेश वर्मा ने सीधे लिफाफा पकड़ा दिया। चुनावों के वक्त ज्यादातर नेता ये काम करते हैं, लेकिन कहते हैं, चोर वही होता है जो पकड़ा जाए और प्रवेश वर्मा पकड़े गए। उनकी सफाई थोड़ी कमजोर है।
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भारत के सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के नए खिलाड़ी सैम कोन्स्टास के बीच चौथे टेस्ट मैच के पहले सत्र में पिच के बीच में बहस हो गई। यह घटना सुबह 10वें ओवर के बाद घटी जब पिच पर घूमते समय कोहली और कोन्स्टास के कंधे टकरा गए। अगर आईसीसी को पता चलता है कि कोहली जानबूझकर कॉन्स्टास से टकराए थे तो उन्हें मैच प्रतिबंध का सामना करना पड़ सकता है। इस मामले पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, विराट बनाम कोन्स्टास शोल्डर बम्प पर टिप्पणी करने से खुद को नहीं रोक सकता। बस एक शब्द 'अनावश्यक', विराट एक महान खिलाड़ी हैं, यही वजह है कि उनके जैसे कद के किसी खिलाड़ी को किसी के साथ किसी भी तरह के शारीरिक विवाद में पड़ने की जरूरत नहीं है, खासकर 19 साल के नवोदित खिलाड़ी के साथ। लेकिन ध्यान दें, ऑस्ट्रेलियाई दिमागी खेल खेलने के लिए कुख्यात हैं। विराट पर जुर्माना लगाना ठीक है, लेकिन उन्हें किसी खेल से प्रतिबंधित करने की बात का कोई मतलब नहीं है। बता दें, आईसीसी नियमों के अनुसार, किसी भी प्रकार का अनुचित संपर्क अनुच्छेद 2.12 का उल्लंघन होगा, जिसके परिणामस्वरूप प्रतिबंध लगाया जाएगा।
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया है। उन्होंने 92 साल की आयु में दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। रात में ही उनका पार्थिव शरीर दिल्ली स्थित आवास पर लाया गया था। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर उनसे जुड़ा एक किस्सा याद किया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, प्रधानमंत्री कार्यालय में डॉ मनमोहन सिंह के साथ काम कर चुके एक नेता टीवी न्यूज़ चैनलों को लेकर उनका एक क़िस्सा सुनाते हैं। यह उस समय की बात है जब यूपीए 2 में आए दिन मंत्रियों पर कोई न कोई भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। तब कुछ एंकर्स चीख-चीख कर इन आरोपों को दोहराते थे। टीवी न्यूज़ चैनलों पर केवल यही खबरें चला करती थीं। प्रधानमंत्री कार्यालय में डॉ मनमोहन सिंह के कक्ष में लगे टेलीविजनों पर ये न्यूज चैनल चलते रहते थे।वे नेता बताते हैं कि तब उनके कमरे में जाते ही हम ये टीवी बंद कर देते थे क्योंकि संवेदनशील डॉ मनमोहन सिंह इन आरोपों और कवरेज को देख कर परेशान हो जाते थे। कई मंत्रियों के इस्तीफ़े इसी तरह के कवरेज को देख कर ले लिए गए थे। आपको बता दें, केंद्र सरकार ने पूर्व पीएम के निधन पर सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे गए पत्र में गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा और राष्ट्रीय शोक के दौरान कोई आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम नहीं होगा।
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भारत में आर्थिक सुधार के निर्माता कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन हो गया। वे 92 साल के थे। योजना आयोग और रिजर्व बैंक से लेकर वित्त मंत्री के पद पर रहे डॉक्टर मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे। उनके निधन पर पत्रकार मीनाक्षी कंडवाल ने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जितनी मीडिया में आलोचना हुई वो इसके हक़दार नहीं थे। उन्होंने एक्स पर लिखा, डॉ मनमोहन सिंह, मीडिया ने जितनी आलोचना और जिस अंदाज में आपकी आलोचना की है आप उसके इकलौते हकदार नहीं थे। लेकिन जिसके आप वाकई हकदार थे यानी वो रिफॉर्म्स जो आपकी लीडरशिप में हुए, भारत का इतिहास (लिखने और याद रखने वाले) उसके साथ न्याय करें। इस प्रार्थना के साथ आपको श्रद्धांजलि। आज की कटु और उग्र राजनीति के दौर में आपको विनम्रता, शालीनता और कर्मठता के लिए याद किया जाएगा। आपको बता दें, बतौर वित्त मंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने 1991 में वैश्वीकरण और उदारीकरण की शुरुआत की थी। सरकार को जवाबदेह बनाने के लिए मनमोहन सिंह के नेतृत्व में जून 2005 में सूचना का अधिकार ( आरटीआई ) कानून लागू किया गया।
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मातृभूमि ग्रुप (Mathrubhumi Group) पिछले एक सदी से केरल के सामाजिक ढांचे का अभिन्न हिस्सा रहा है। लंबे समय तक एम.पी. वीरेंद्र कुमार और एम.वी. श्रेयम्स कुमार इस संस्था के मार्गदर्शक स्तंभ रहे, जिन्होंने इसकी विरासत को आकार दिया। अब यह ग्रुप एक नए युग में प्रवेश कर रहा है, जहां अगली पीढ़ी की लीडर मयूरा एम.एस. और देविका एम.एस. लीडरशिप की बागडोर संभाल रहीं हैं। मयूरा और देविका एम.एस. कुमार परिवार की तीसरी पीढ़ी की लीडर हैं, जिन्होंने 1970 के दशक के अंत में एम.पी. वीरेंद्र कुमार के बोर्ड में शामिल होने के बाद से समूह को दिशा दी। मातृभूमि ग्रुप के लिए लीडरशिप की जिम्मेदारी सौंपना कोई नई बात नहीं है, लेकिन हर पीढ़ी अपनी अनोखी सोच और दृष्टिकोण लेकर आती है। इसी कारण, परिवर्तन की लहर लगातार नई सोच और नवाचारों के माध्यम से विकसित होती रही है। मातृभूमि की पहली प्रति 1923 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें गहन देशभक्ति की भावना थी और असमानता, विभाजन और विकृतियों से मुक्त वास्तविक स्वतंत्रता की आवश्यकता पर जोर दिया गया था। आज, यह समूह अपने मूल्यों के प्रति अडिग रहते हुए, मीडिया व्यवसायों में विविधता लाकर प्रतिस्पर्धा से आगे बढ़ने के प्रयास कर रहा है कुमार परिवार की हर पीढ़ी ने 100 साल पुराने इस संस्थान को आधुनिक बनाने में योगदान दिया है। एम.वी. श्रेयम्स कुमार, जो Mathrubhumi Group के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, ने मल्टीमीडिया फॉर्मेट्स को शुरू करने और उनका विस्तार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब मयूरा एम.एस. (डायरेक्टर - डिजिटल बिजनेस) और देविका एम.एस. (डायरेक्टर - ऑपरेशन्स) इस ग्रुप के डिजिटल बिजनेस को अगले स्तर तक ले जाने के लिए कदम बढ़ा रही हैं, ताकि कंपनी समय के साथ तालमेल बनाए रख सके। एम.वी. श्रेयम्स कुमार, जिन्होंने अपने पिता से व्यापार का प्रशिक्षण लिया, अब खुद को एक समान स्थिति में पाते हैं। वे ईमानदारी से स्वीकार करते हैं,"मैं अपनी बेटियों को वही प्रशिक्षण नहीं दे सकता जो मुझे मिला था और मैं यह भी नहीं कह सकता कि 15 साल पहले मैंने किसी समस्या को कैसे हल किया था। उनकी समस्याएं अलग हैं, और उनके समाधान के लिए एक नई दृष्टि की आवश्यकता है।" सूक्ष्म प्रबंधन (Micromanagement) से बचते हुए, वह अपनी बेटियों को बढ़ने के लिए जरूरी स्वतंत्रता देने की कोशिश करते हैं, जैसा कि उनके पिता ने उनके साथ किया था। वह कहते हैं, "मैं उन्हें यह ऐहसास करने और सुधारने की जगह देता हूं, बजाय इसके कि मैं उन्हें कोई सुधार करने के लिए मजबूर करूं। वे अक्सर मुझे अपनी दृष्टि और नए समाधान के साथ आश्चर्यचकित कर देती हैं।" मातृभूमि में अपने शुरुआती अनुभवों को साझा करते हुए, वह उस दबाव को याद करते हैं जो उन्होंने अपनी भूमिका को संभालते समय महसूस किया था। वह कहते हैं, "मातृभूमि में सभी लोग मेरे पिता पर भरोसा करते थे। जब मैंने पदभार संभाला, तो मेरी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करने की थी कि जो अच्छा था, वह बना रहे और मैं इसे आगे बढ़ाते हुए कंपनी को लोगों के साथ आगे ले जा सकूं। इस प्रक्रिया में, मैं एक सख्त व्यक्ति बन गया, जिसे 'आतंक' के रूप में जाना जाता था!" उन्हें कभी भी अपने पिता की बिल्कुल नकल करने के लिए प्रेरित नहीं किया गया। बल्कि, उन्हें अपना व्यक्तित्व बनाने और अपनी जगह खोजने के लिए कहा गया। यही वह अपनी बेटियों को भी सिखा रहे हैं। वह कहते हैं, "मेरी बेटियां मेरे समय से अलग चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्हें कुछ ऐसी सुविधाएं भी मिली हैं, जिनके लिए मुझे संघर्ष करना पड़ा। अब, उन्हें खुद को साबित करना होगा। उन्हें इंडस्ट्री में अपनी जगह खुद बनानी होगी। वे मेरे काम और नाम के सहारे नहीं चल सकतीं।" परिवार की विरासत से परे, इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने की चुनौती पर चर्चा करते हुए देविका कहती हैं, "भरोसा कायम करना और अपनी विश्वसनीयता स्थापित करना, खासकर इंडस्ट्री के इस उथल-पुथल भरे दौर में, एक कठिन कार्य रहा है। हालांकि, हम इन चुनौतियों को रचनात्मक सोचने और संभावनाओं की सीमाओं को आगे बढ़ाने के अवसर के रूप में देखते हैं।" मयूरा और देविका ने कंपनी में अपने करियर की शुरुआत सबसे निचले स्तर के कार्यकारी के रूप में की, जहां उन्होंने हर चीज को चरणबद्ध तरीके से सीखा और अपनी वर्तमान भूमिकाओं तक पहुंचीं। श्रेयम्स कुमार के अनुसार, मयूरा में एक रचनात्मक दिमाग है और संगीत में गहरी रुचि है, जो उन्हें क्रिएटिव टीमों का नेतृत्व करने के लिए उपयुक्त बनाता है। दूसरी ओर, देविका प्रक्रियाओं पर अधिक ध्यान देती हैं और हर चीज की गहराई से जांच करती हैं, जो उन्हें संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति बनाती है। उनकी नेतृत्व भूमिकाओं में पदोन्नति महामारी और बड़े पैमाने पर आई बाढ़ जैसे चुनौतीपूर्ण समय के दौरान हुई। लगभग पहले दिन से ही, उनका ध्यान संचालन को स्थिर करने पर रहा, जिससे उन्हें समस्याओं को हल करने के लिए पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचने और रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली। लीडरशिप में देविका की भूमिका मुख्य रूप से संचालन और राजस्व पर केंद्रित है। वह कहती हैं, "मेरी भूमिका बहुआयामी है, जो हमारे व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को समेटे हुए है।" इसके साथ ही, उन्हें इवेंट मैनेजमेंट का भी शौक है, जहां वह रणनीतिक सोच और रचनात्मक दृष्टि को जोड़कर टीम के विचारों और दृष्टिकोण को जीवन में बदलती हैं। मयूरा, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत रेडियो से की थी, कंपनी की डिजिटल उपस्थिति को बढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसके अलावा, वह क्लब एफएम, कप्पा कल्ट्र और मातृभूमि बुक्स को विकसित करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। मयूरा कहती हैं, "मैं विविधता में विश्वास करती हूं और हमेशा यह देखने की कोशिश करती हूं कि हमारी कंपनी को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में खोज करने के लिए नए तरीके क्या हो सकते हैं।" दोनों बहनें समूह में नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने और संस्थान को बदलते समय के साथ अनुकूल बनाने के लिए काम कर रही हैं। मयूरा कहती हैं, "चाहे वह नीतियों में बदलाव हो या संचालन प्रक्रियाओं को सुचारू बनाना, एक स्थापित संगठन में बदलाव लाने के लिए सावधानीपूर्वक योजना, प्रभावी संवाद और एक सुचारू बदलाव सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता की आवश्यकता होती है।" देविका ने अपने पिता से सीखे गए सबक के बारे में बताते हुए कहा, "उन्होंने हम सभी को हमेशा यह सिखाया है कि ज्ञान की शक्ति कितनी महत्वपूर्ण है। अगर आपके तथ्य सही हैं और आप जिस क्षेत्र में काम कर रहे हैं उसे गहराई से समझते हैं, तो यह आपको बहुत आगे ले जाएगा।" इसके साथ ही, उन्होंने निरंतर सीखने और मजबूत कार्य नैतिकता को जीवन में मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में सूचीबद्ध किया। मयूरा ने अपनी सीख साझा करते हुए कहा, "चुनौतियों का सामना करना आवश्यक है क्योंकि ये आपके विकास का कारण बनती हैं। आराम आपको सीमित कर सकता है, इसलिए कभी भी छोटे-छोटे विवरणों को नज़रअंदाज न करें। आपके पास जो कुछ है, उसका अधिकतम उपयोग करें बजाय इसके कि आप उस पर ध्यान दें जो आपके पास नहीं है।" वह आगे कहती हैं, "काम के दौरान खुश रहने के लिए जुनून और ऊर्जा बहुत महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इसे जितना संभव हो, बनाए रखें।" जैसे-जैसे मयूरा और देविका मातृभूमि समूह को आगे बढ़ाने के लिए नेतृत्व कर रही हैं, नई पीढ़ी के बदलावों की शुरुआत हो रही है। एमवी श्रेयम्स कुमार कहते हैं, "हालांकि अंतिम निर्णय मुझ पर होता है, मैं कभी भी दैनिक संचालन में भाग नहीं लेता।" वह आगे कहते हैं कि वह यह देखने के लिए उत्साहित हैं कि दोनों बहनें संस्थान को कुशलता से कैसे संभालती हैं और हर मोड़ पर उन्हें बेहतर बनने की चुनौती देती हैं।
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दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में घोषणा की थी कि दिल्ली में फिर से उनकी सरकार बनी तो महिलाओं को 2100 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे लेकिन दिल्ली सरकार के दो विभागों ने अखबारों में विज्ञापन छपवाकर कहा कि राज्य में महिला सम्मान और संजीवनी जैसी कोई योजना नहीं है। इस मसले पर पत्रकार और एंकर सुशांत सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम 2100 रुपए वाले कार्ड बनाते घूम रहे हैं और इधर दिल्ली सरकार के विभाग ऐड देकर बता रहे हैं कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है। ये तो लोकसभा चुनाव में घूमा 1 लाख रुपए का खटाखट वाला फॉर्म हो गया फिर तो। पब्लिक किस पर भरोसा करेगी वही निर्णायक होगा दिल्ली चुनाव में। आपको बता दें, इन योजनाओं के लिए आम आदमी पार्टी की ओर से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के स्वास्थ्य और परिवार-कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन योजनाओं से ख़ुद को अलग कर लिया है।
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‘इंडिया टुडे’ (India Today) ग्रुप ने सिद्धार्थ जराबी का 'कद' बढ़ाते हुए उन्हें ‘बिजनेस टुडे’ (Business Today) का एडिटर नियुक्त करने की घोषणा की है।अपनी नई भूमिका में वह प्रिंट, डिजिटल और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर इस ब्रैंड की संपादकीय की कमान संभालेंगे। बता दें कि सिद्धार्थ जराबी देश के सबसे प्रसिद्ध पत्रकारों में से एक है, जिन्हें 27 साल से भी ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘ब्लूमबर्ग टीवी‘ (Bloomberg TV India),‘सीएनबीसी टीवी18‘ (CNBC TV18),‘हिंदुस्तान टाइम्स‘ (Hindustan Times),‘द फाइनेंसियल एक्सप्रेस‘ (The Financial Express) और ‘बिजनेस स्टैंडर्ड‘ (Business Standard) में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। जराबी ने वर्ष 2021 में ‘बिजनेस टुडे’ में मैनेजिंग एडिटर के रूप में कार्यभार संभाला था और तब से उन्होंने इस ब्रैंड के एडिटोरियल विजन को मूर्त रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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साल 2024 के आगमन में कुछ दिन ही शेष रह गए हैं। पूरी दुनिया नए साल का बेसब्री से इंतजार कर रही है, लेकिन हर बार गुजरता हुआ साल कुछ ऐसी भी यादें भी दे जाता है, जो किसी के करियर के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होती हैं। कुछ ऐसी ही यादें मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की भी हैं, जिनमें से कई के करियर ग्राफ ने एक नए मुकाम को छुआ है और कई नए मंजिल की तलाश में संस्थान से अलग हो गए। आइए, टेलीविजन और ओटीटी इंडस्ट्री से जुड़ीं यहां ऐसी ही कुछ बड़ी शख्सियतों के बारे में जानते हैं। केविन वज़ नवंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और डिज्नी के मेगा मर्जर के बाद, केविन वज़ को जियोस्टार में एंटरटेनमेंट के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया। इससे पहले, 2023 से वायाकॉम18 में ब्रॉडकास्ट एंटरटेनमेंट के सीईओ के रूप में, उन्होंने कलर्स और एमटीवी जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स का नेतृत्व किया। केविन वज़ ने द वॉल्ट डिज्नी कंपनी इंडिया में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और इसके मल्टी-प्लेटफॉर्म विकास में योगदान दिया। जियोस्टार में अपनी नई भूमिका के अलावा, वज़ को इस महीने इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) का अध्यक्ष और जनवरी में FICCI मीडिया एंड एंटरटेनमेंट कमेटी के अध्यक्ष के रूप में भी नियुक्त किया गया। किरण मणि किरण मणि, जिन्होंने 2023 में वायाकॉम18 जॉइन किया था, अब जियोस्टार में डिजिटल के सीईओ बने हैं। मणि के पास तकनीकी और मीडिया क्षेत्रों में तीन दशकों का अनुभव है। इससे पहले, उन्होंने गूगल में एक प्रमुख भूमिका निभाई और डिजिटल बिजनेस रणनीतियों को आकार दिया। गूगल के साथ 13 साल के कार्यकाल के बाद मणि पिछले साल 'वायकॉम18' में शामिल हुए थे। एनपी सिंह 2024 में एक महत्वपूर्ण बदलाव एनपी सिंह का 25 वर्षों तक सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के सीईओ के रूप में कार्यकाल का अंत था। एनपी सिंह ने अपने संदेश में कहा था, ‘ सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया और इसकी सफलता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता मजबूत बनी हुई है। यहां मेरे कार्यकाल के दौरान हमने इंडस्ट्री में कई मानक स्थापित किए, अपनी पहुंच का विस्तार किया और कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की। मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि सफलता की हमारी विरासत नए नेतृत्व के तहत जारी रहे और आगे बढ़ती रहे।’ इस दौरान उन्होंने यह भी कहा था कि अपनी टीम के साथ कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के बाद मैं अब सामाजिक परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करने और परिचालन भूमिकाओं से हटकर सलाहकार भूमिकाओं में बदलाव के लिए तैयार हूं। गौरव बनर्जी एनपी सिंह का सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के सीईओ के रूप में कार्यकाल खत्म होने के बाद उनकी जगह अगस्त में गौरव बनर्जी ने ली। बनर्जी ने सोनी टीवी की कंटेंट स्ट्रैटजी को फिर से तैयार किया और 2023-2031 तक के लिए विशेष ACC मीडिया अधिकार हासिल किए। बनर्जी ने स्टार इंडिया में 16 वर्षों तक काम किया और हिंदी एंटरटेनमेंट के लिए कंटेंट हेड और स्टार भारत के बिजनेस हेड के रूप में अपनी भूमिका निभाई। बनर्जी ने 2004 में प्राइम-टाइम एंकर और सीनियर प्रड्यूसर के रूप में 'स्टार न्यूज' में शामिल होने से पहले 'आजतक' में अपना करियर शुरू किया था। 2005 में, उन्होंने बंगाली न्यूज चैनल 'स्टार आनंद' को लॉन्च करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2008 में वह नेटवर्क के रीजनल एंटरटेनमेंट चैनलों के लिए कंटेंट स्ट्रैटजी का नेतृत्व करने के लिए 'स्टार इंडिया' में चले गए। इससे कंपनी को बंगाल में 'स्टार जलसा' और महाराष्ट्र में 'स्टार प्रवाह' के लॉन्च के साथ नए बाजारों में विस्तार करने में मदद मिली। 2009 में 'स्टार प्लस' के लिए कंटेंट स्ट्रैटेजी के प्रमुख नियुक्त किए गए। बनर्जी के आने के बाद 'दीया और बाती हम' और 'ससुराल गेंदा फूल' जैसे हिट शो से चैनल को 2010 में अपनी लीडरशिप पोजीशन फिर से हासिल करने में मदद मिली। 2013 में उन्हें जनरल मैनेजर के पद पर प्रमोट किया गया और 2015 में उन्होंने कंटेंट स्टूडियो की लीडरशिप संभाली। गौरव बनर्जी के पास दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के मास कम्युनिकेशंस रिसर्च सेंटर से फिल्म निर्माण और टीवी प्रोडक्शन में मास्टर डिग्री है। उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। नीरज व्यास सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के बिजनेस हेड नीरज व्यास ने अगस्त में अपने पद से इस्तीफा दिया था। तीन दशकों के लंबे करियर के बाद, उन्होंने उद्यमशीलता के नए अवसर तलाशने का फैसला किया। ‘SPNI’ में उनकी शुरुआत सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन में सेल्स डिपार्टमेंट में हुई थी और वह अपनी काबिलियत के दम पर तेजी से सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए वर्ष 2005 में चैनल के नेशनल सेल्स हेड की पोजीशन पर आ गए थे। पांच साल के अंदर ही उन्हें नेटवर्क के हिंदी म्यूजिक चैनल ‘सोनी मिक्स’ के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2011 में नीरज को सोनी मैक्स और फिर वर्ष 2017 में सोनी सब व सोनी पल और 2023 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलिविजन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। रवि आहूजा अक्टूबर में, सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन और सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट (SPE) ने घोषणा की कि SPE के चेयरमैन व CEO टोनी विंसिक्वेरा अपने पद से इस्तीफा देंगे। उनकी जगह रवि आहूजा, जो वर्तमान में SPE के ग्लोबल टेलीविजन स्टूडियोज के चेयरमैन व COO हैं, 2 जनवरी 2025 से SPE के नए चेयरमैन व CEO के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। वहीं, विंसिक्वेरा 2025 के अंत तक सलाहकार के रूप में नॉन-एग्जिक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाते रहेंगे। रवि आहूजा सोनी ग्रुप कॉर्पोरेशन के चेयरमैन व CEO केनिचिरो योशिदा (Kenichiro Yoshida) और प्रेसिडेंट व COO हीरोकि टोटोकि (Hiroki Totoki) को रिपोर्ट करेंगे। रवि आहूजा ने 2021 में SPE में शामिल होकर कई प्रमुख टीवी शोज और प्रोडक्शन कंपनियों की जिम्मेदारी संभाली। इससे पहले, वह वॉल्ट डिज्नी टेलीविजन और फॉक्स नेटवर्क्स ग्रुप में भी महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। के. माधवन अक्टूबर में, डिज्नी स्टार के कंट्री मैनेजर और प्रेजिडेंट के. माधवन ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कंपनी की रणनीति को आकार देने व इसके विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और डिज्नी स्टार को भारत में टीवी और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स दोनों को अग्रणी बनाया। उन्होंने जनरल एंटरटेनमेंट, स्पोर्ट्स, डायरेक्ट-टू-कंज़्यूमर सर्विसेज और स्टूडियो के प्रमुख क्षेत्रों में कंपनी की रणनीति और विकास का नेतृत्व किया। माधवन के कार्यकाल के दौरान, डिज़्नी स्टार ने सालाना 20,000 घंटे से अधिक का मूल कंटेंट तैयार किया, जो 70+ चैनलों के जरिए नौ भाषाओं में प्रसारित होता है और हर महीने लगभग 70 करोड़ दर्शकों तक पहुंचता है। संजोग गुप्ता नवंबर में संजोग गुप्ता को जियोस्टार में स्पोर्ट्स के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया। उन्होंने इससे पहले स्टार इंडिया में स्पोर्ट्स विभाग का नेतृत्व किया और IPL और ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे बड़े आयोजनों को 200 देशों तक पहुंचाया। उन्होंने प्रो. कबड्डी लीग और इंडियन सुपर लीग जैसी घरेलू खेल लीग्स के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साजिथ शिवनंदन डिज्नी+ हॉटस्टार के प्रमुख साजित शिवनंदन ने इस साल अक्टूबर में इस्तीफा दे दिया था। शिवानंदन के इस्तीफे की घोषणा आंतरिक रूप से 24 अक्टूबर को की गई थी। यह खबर ऐसे समय आई थी जब डिज्नी+ हॉटस्टार प्लेटफॉर्म पर सभी लाइव स्पोर्ट्स स्ट्रीमिंग को एकीकृत करने का निर्णय लिया गया था। शिवनंदन अक्टूबर 2022 में डिज्नी+ हॉटस्टार के सीईओ के रूप में शामिल हुए थे। इससे पहले उन्होंने गूगल में 15 वर्षों तक विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्य किया, जिसमें एशिया पैसिफिक के लिए गूगल पे और नेक्स्ट बिलियन यूजर इनिशिएटिव्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में उनकी भूमिका शामिल थी। देविका प्रभु इस साल नवंबर में डिज्नी+ हॉटस्टार ‘डिज्नी स्टार’ (Disney Star) की बिजनेस हेड (Kids and Infotainment) देविका प्रभु ने कंपनी को अलविदा कह दिया था। देविका प्रभु ने वर्ष 2008 में इस कंपनी में किड्स चैनल के लिए एसोसिएट डायरेक्टर (Programming and Acquisitions) के पद पर जॉइन किया था। इस कंपनी में अपने अब तक के सफर में उन्होंने विभिन्न पदों पर काम किया था। खासकर बच्चों के कंटेंट कैटेगरी में उन्होंने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं और कंपनी की सफलता में अहम योगदान दिया था। ‘डिज्नी स्टार’ से पहले देविका प्रभु ‘सोनी’ (SONY) इंडिया से जुड़ी हुई थीं। जहां उन्होंने असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (स्ट्रैटेजिक प्लानिंग और रिसर्च) के रूप में काम किया। यहां से उन्होंने अपने करियर की मजबूत नींव रखी, जिसे डिज्नी स्टार में उन्होंने और अधिक ऊंचाइयों पर पहुंचाया। पुनीत गोयनका नवंबर में ही जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के एमडी पुनीत गोयनका ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कंपनी में उन्हें चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के तौर पर नियुक्त किया गया। दरअसल, यह निर्णय बोर्ड और नामांकन व वेतन समिति की 15 नवंबर 2024 की बैठक में लिया गया था। कंपनी ने 18 नवंबर 2024 को कारोबार समाप्त होने के बाद उनके इस्तीफे को मंजूरी दी और उसी दिन सीईओ के तौर पर उनकी नियुक्ति की थी। पुनीत गोयनका ने बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को अपनी भूमिका छोड़ने और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के रूप में परिचालन संबंधी जिम्मेदारियों पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित करने की पेशकश की थी। हालांकि इसके बाद, ZEEL बोर्ड ने 18 अक्टूबर, 2024 को गोयनका के पुनर्नियुक्ति की सिफारिश की थी, जो 1 जनवरी, 2025 से पांच साल के कार्यकाल के लिए थी। लेकिन पुनीत गोयनका ने पुनर्नियुक्ति को अस्वीकार कर दिया था। अविनाश पांडे व पारुल कामरा एबीपी नेटवर्क के सीईओ अविनाश पांडे ने इस साल जून में लगभग दो दशकों के लंबे कार्यकाल के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अविनाश पांडे 2005 में 'एबीपी नेटवर्क' से जुड़े थे और कई वर्षों तक महत्वपूर्ण पदों पर रहे, जिससे यह ब्रैंड देश के सबसे सफल और सम्मानित ब्रॉडकास्टर्स में से एक बन गया। जनवरी 2019 में, अविनाश पांडे को एबीपी नेटवर्क के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था और उनके नेतृत्व में ही, एबीपी नेटवर्क ने ब्रॉडकास्ट और डिजिटल स्पेस में तेजी से आगे बढ़ता गया। अविनाश पांडे के पास रीजनल और डिजिटल होने की क्षमता को पहचानने की दूरदर्शिता थी, लिहाजा उन्होंने भारतीय दर्शकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रीमियर कंटेंट बनाने पर जोर दिया। पारुल कामरा इसके अलावा, ABP नेटवर्क की वाइस प्रेजिडेंट और नेशनल सेल्स की डायरेक्टर पारुल कामरा ने 12 दिसंबर को नेटवर्क को अलविदा कह दिया। पारुल कामरा अपने पद पर रहते हुए ABP न्यूज और ABP अस्मिता के लिए पूरे भारत में रेवेन्यू ग्रोथ की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। फिलहाल वह अपने करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत कर रही हैं और अब दुबई में रहेंगी। पारुल कामरा अगस्त 2007 में ABP नेटवर्क से जुड़ी थीं और उन्होंने विभिन्न नेतृत्व पदों पर कार्य किया। 17 वर्षों के करियर में उन्होंने संगठन में महत्वपूर्ण योगदान दिया और कई उपलब्धियां हासिल की। यह वर्ष भारतीय मीडिया और ओटीटी इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण नेतृत्व परिवर्तनों और रणनीतिक दिशा में बदलावों का साक्षी रहा है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत दौरे के दूसरे दिन सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से यह सम्मान हासिल किया। इससे पहले 19 देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं। इस मामले पर पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, दुनिया के बड़े-बडे मुस्लिम मुल्कों के अगुवा, पीएम नरेंद्र मोदी का न सिर्फ़ एहतराम कर रहे हैं बल्कि उनकी सोच और दृष्टिकोण आगे ले जाने में उनके संग चल पड़े हैं। दुर्भाग्य है कि अपने ही मुल्क के बड़े-बडे मुस्लिम नेता और उलेमा सिवाए मुसलमानों को मोदी से डराने के कुछ और कर ही नहीं पाए हैं। कब तक डर पर खेलेंगे? कब तक? इस झूठ को परोसने से नुक़सान सिर्फ़ क़ौम का होगा। आपको बता दें, भारत और कुवैत के बीच अच्छे संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार दिया गया है। 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' मित्रता के संकेत के रूप में राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी संप्रभुओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है।
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सबके अटल जी, अटल जी होते तो आज सौ बरस के होते। अटल भारतीय राजनीति का एक समदर्शी विचार हैं। नेहरू के आलोचक हैं और प्रशंसक भी। लोहिया के सखा हैं और विरोधी भी। इंदिरा से सहमत भी हैं और असहमत भी। अटल राजनीति में कट्टरता से दूर उदारता के निकट खड़े हैं। भारत आजाद होते ही हिंसात्मक और कड़वी राजनीति के मुहाने पर था। जिन नेताओं ने देश की राजनीति को मनुजता की तरफ लौटाया उसमें एक नाम अटल बिहारी का भी है, जिनकी हस्ती में अपने दल से ज्यादा बल है। नब्बे के दशक में धर्म, जाति, पंथ, संप्रदाय में फंसी राजनीति में भी अटल प्यार की पगडंडी बनाने की कोशिश करते हैं। काजल की कोठरी से साफ-सुथरे निकले हैं। जो विचारधारा से जुड़े हैं अटल उनके लिए भरोसा हैं। जो विचारधारा से दूर हैं उनके लिए उम्मीद। भारतीय राजनीति में अटल से दूर होता रास्ता आपको कटुता की तरफ ले जाएगा। अटल आदर्श भारतीय राजनेता का मानक कहे गए। वे सर्वसमावेशी राजनीति के शिखर पुरूष कहे जा सकते हैं। उनका मानना था कि बोलने के लिए वाणी चाहिए और चुप रहने के लिए वाणी और विवेक दोनों। अटल जी सोलह साल लखनऊ के सांसद रहे और उस दौरान मैं जनसत्ता का राज्य संवाददाता। तब जनसत्ता खूब पढ़ा जाने वाला अखबार था। देश में उसका असर और रसूख था। अटल जी लखनऊ में होते थे तो मुझसे जरूर बात होती थी। मैं उनका मुंहलगा था। कहीं बैठकी हुई तो किसी ने मजाकिया अंदाज में वही कहा जो अक्सर कहा जाता था। ’अटल जी आदमी अच्छे हैं लेकिन गलत पार्टी में हैं‘। कहने वाले नेताजी विरोधी पार्टी के थे। वाजपेयी जी कहते है- “अगर मैं अच्छा आदमी हूं तो गलत पार्टी में कैसे रह सकता हूं और अगर गलत पार्टी में हूं तो अच्छा आदमी कैसे हो सकता हूं। अगर फल अच्छा है तो पेड़ खराब नहीं हो सकता”। मैंने अटल जी के मिजाज के कई रंग देखे और उन्हें हर रंग में बेजोड़ पाया। ये बात 1999 की है। तब कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और अटल जी देश के प्रधानमंत्री। कल्याण सिंह ने किन्हीं विशेष कारणों से पार्टी नेतृत्व के खिलाफ झंडा उठा लिया था। वे अटल जी के भी खिलाफ हो गए। बाद में उन्हें मुख्यमंत्री पद भी छोड़ना पड़ा और रामप्रकाश गुप्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। जब यह विवाद चरम पर था, वाजपेयी जी लखनऊ आए। वे राजभवन में रुके। दोनों में आपसी कटुता इस हद तक बढ़ चुकी थी कि लखनऊ के अखबारों में उस रोज ये कयास भरी खबरें भी छपीं थी कि कल्याण सिंह राजभवन में प्रधानमंत्री से मिलने जाएंगे या नहीं। अपनी पिछली यात्रा में अटल जी ने मेरी नन्ही बिटिया से मिलने की इच्छा जताई थी। मैं अपनी बेटी को अटल जी से मिलवाने राजभवन पहुंचा। मुलाकात के इंतजार के दौरान ही मैंने देखा कल्याण सिंह अटल जी मिलकर बाहर आ रहे हैं। मेरे लिए ये ‘स्कूप’ था। मैने सोचा कि अब अटल जी मिलूंगा तो खबर पता चलेगी। जैसे ही मैं उनके कमरे में दाखिल हुआ, अटल जी ईशानी को देखकर खुश हो गए। वे उसके साथ खेलने लगे। मैंने उनसे पूछा कल्याण सिंह आए थे। उन्होंने सिर हिलाकर ‘हां’ कहा। क्या बात हुई? मेरे सवाल को उन्होंने अनसुना कर दिया। मैंने दुबारा पूछा अटल जी ने फिर अनसुना किया। दाहिने कान से उन्हें सुनने में कुछ परेशानी थी। वे ‘हियरिंग एड’ लगाते थे। मैंने दूसरी तरफ जाकर जोर देकर पूछा क्या बात हुई, कल्याण सिंह से? आपसे क्या शिकायत है उन्हें? अटल जी ने अपनी सदरी की जेब में हाथ डाला और ‘हियरिंग एड’ निकाल कर मुझे दिखाते हुए बोले- “मैंने तो कुछ सुना ही नहीं। मेरी मशीन जेब में थी।“ अप्रिय बात न सुनने की यह भी एक अटल शैली थी। अटल जी कभी कभी ऐसी बातें कर जाते थे जो राजनेताओं के लिए हमेशा से अकल्पनीय रही हैं। ये उस वक्त की बात है जब लखनऊ से फिल्मकार मुजफ्फर अली, अटल जी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे थे। उनके लिए कई फिल्मी हस्तियां प्रचार कर रही थीं। खूब जनता जुटती थी। भीड़ को देखकर अटल जी के कैंप में चिंता की लकीरें उठने लगी थी। मैंने इस बीच एक रिपोर्ट लिखी। रिपोर्ट में साल 1950 में हुए लखनऊ के मेयर चुनाव का हवाला दिया गया था। उस वक्त लखनऊ के मशहूर हकीम शमशुद्दीन मेयर पद के प्रत्याशी थे। उनका बड़ा रसूख था। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए कुछ मजा लेने वाले तत्वों ने जिनमें कुछ समाजवादी भी थे, उनके खिलाफ दिलरूबा नाम की एक तवायफ को खड़ा कर दिया। प्रचार में ठुमके लगने लगे। युवाओं की भीड़ उमड़ने लगी। लगा हकीम साहब चुनाव हार जाएंगे। तभी लखनऊ के प्रमुख शहरियों ने अमृत लाल नागर के नेतृत्व में नारा दिया ‘दिल दीजिए दिलरूबा को वोट शमशुद्दीन को’। मामला पलटा, हकीम साहब चुनाव जीत गए। मेरे जमीनी सोर्स लगातार मुझे रिपोर्ट दे रहे थे कि कुछ ऐसी ही स्थितियां अटल जी के सामने भी थीं। खबर पढ़कर अटल जी ने मुझे फोन किया। कहने लगे- “गजब, आपने यह कहानी ढूंढकर हमारे कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा दिया है। जो भीड़ से परेशान हो रहे थे। बहुत धन्यवाद।“ मैंने कहा- अटल जी इसमें धन्यवाद कैसा? जो पाया, वही लिखा। इसके बाद मैंने एक और रिपोर्ट लिखी जिसमें तमाम समीकरणों और जमीनी स्थितियों के मद्देनजर अटल जी की जीत को पक्की बताया गया था। एक रोज अटल जी ने मुझे बुलाया और कहा- “दिल्ली में आपकी विश्वनीयता बहुत है। कहीं ऐसा ना हो मेरे पक्ष में छपने वाली इन रिपोर्ट से आपकी निष्पक्षता खतरे में पड़े। आप उसका ध्यान रखें। चुनाव आते-जाते रहेंगे। मैं आपमें बहुत संभावना देखता हूं। आपकी खबरों में मेरी बहुततरफदारी नहीं होनी चाहिए”। मैं सन्न और आवाक था। पहली बार कोई राजनेता ऐसा मिला जो कह रहा है आप मेरे हक में ज्यादा न लिखें। आज तो किसी के खिलाफ लिखें तो सामने वाला दुश्मनी मान लेता है। अटल जी के भीतर भवितव्यता का अनुमान कर लेने वाली सहज बुद्धि मौजूद थी। इसका भी मुझे परिचय मिला। यह बात जुलाई 1995 की है। भाजपा में इस बात को लेकर पशोपेश था कि अटल जी के नेतृत्व में चुनाव हो या आडवाणी को आगे कर। पुणे में हुई कार्यसमिति की बैठक में अटल जी पार्टी के अध्यक्ष तो चुने गए। पर पार्टी किसके चेहरे पर चुनाव लड़े इस बात पर भीतर भीतर बहस चल रही थी। अटल जी को इस बहस का अहसास था कि कुछ लोग आडवाणी को नेता बनाना चाहते हैं। तब तक आडवाणी मंदिर आंदोलन के हीरो हो चुके थे। उसी दिन शाम की रेसकोर्स की सार्वजनिक सभा में वाजयेपी अपने चुंबकीय व्यक्तित्व के साथ मंच पर थे। उनकी आवाज का संगीत सभा पर छाया था। आरोह-अवरोह। दो शब्दों के बीचनाटकीय विराम के साथ आंख मूंदना और फिर चीरने वाली नजरों से देखना। शायद इन्हीं वजहों से वाजपेयी जी का भाषण सुना नहीं, देखा जाता था। एक झटके में वाजपेयी ने कहा “कुछ लोगों को लग रहा है मैं थक गया हूं। कुछ समझते हैं कि मैं रिटायर हूंगा। मैं ना ‘टायर्ड’ हूं ना ‘रिटायर’ होने जा रहा हूं। चलिए आडवाणी जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। हम आगे बढ़ेगे”। यह अटल जी का अपनी बात कहने का अंदाज था। विवाद खत्म हो चुका था। मगर असर ये था कि शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आडवाणी जी को कहना पड़ा कि चुनाव अटल जी के नेतृत्व में होगा। 1996 में चुनाव अटल जी के नेतृत्व में हुआ। अटल जी प्रधानमंत्री बने। एक और किस्सा याद आ रहा है । बात 1993 की है। उस रोज़ लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सनसनी फैल गई थी। लखनऊ से दिल्ली के लिए उड़ान भर रहे इंडियन एयरलाइन्स के प्लेन को हाईजैक कर लिया गया था। तारीख थी 22 जनवरी 1993 की। लखनऊ से हवाई जहाज अभी उड़ा ही था कि 15 मिनट के बाद ही अफरातफरी की स्थिति हो गई। एक आदमी हाथ में कपड़ा लपेटे हुए चेतावनी भरे लहजे में कह रहा था, 'मेरे हाथ में केमिकल बम है। इस प्लेन को फौरन लखनऊ वापस ले चलो, वरना अंजाम बेहद भयानक होगा।' यात्रियों की जान सूख चुकी थी। आनन-फानन में लखनऊ स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल को प्लेन के हाइजैक होने की खबर दी गई। विमान में 48 यात्री थे। अब तक जहाज़ लखनऊ के हवाई अड्डे पर वापस लैंडिंग कर रहा था। जब हाइजैक की वजह मालूम चली तो अधिकारी सन्न रह गए। हाइजैकर अटल बिहारी वाजपेयी को बुलाने की मांग कर रहा था, वरना जहाज उड़ा देने की धमकी दे रहा था। लखनऊ के उस वक्त के डीएम अशोक प्रियदर्शी थे। वे भागे भागे अटल बिहारी वाजपेयी के पास राज्य अतिथि गृह पहुंचे। अटल जी खाना खाने की तैयारी में थे। वे खाना छोड़कर मौके पर पहुंचे। एटीसी की लाइन पर हाइजैकर से बात कराई गई। मगर वह फिर भी नही माना। वह उन्हें बुलाने पर अड़ा हुआ था। अटल जी ने कहा मुझे जाने दो। अब डीएम, लालजी टंडन और अटल बिहारी वाजपेयी एक जीप में बैठकर प्लेन तक पहुंचे। हाइजैकर बाहर से बात करने पर नही माना, सो उन्हें भीतर जाना पडा। पहले डीएम अशोक प्रियदर्शी भीतर घुसे, फिर लालजी टंडन प्लेन में घुसे।तब तक वो समझ चुके थे कि अपहर्ता चाहता क्या है। टण्डन जी ने अटल जी को जहाज़ में बुलाया। अब अटल जी उसके सामने थे। उनके सिक्योरिटी गार्ड भी अंदर घुस चुके थे। लालजी टंडन ने हाइजैकर को समझाया कि अटल जी तुम्हारे सामने हैं। तुम पहले उनका पैर छुओ। फिर अपनी बात कहो। हाइजैकर मान गया। वह जैसे ही झुका, गार्ड्स ने उसकी गर्दन दबोच ली। केमिकल बम की बात गलत निकली। पुलिस उसे पकड़कर ले गई। जनता अटल बिहारी की जय जय के नारे लगा रही थी। सारा हंगामा थम चुका था। अब लालजी टंडन ने प्लेन में नजर घुमाई। कांग्रेस के तब के कोषाध्यक्ष सीताराम केसरी उसी प्लेन में चुपचाप कोने में दुबके पड़े थे। उस रात यात्रियों का लखनऊ में ही ठहरने का इंतजाम किया गया। अगले दिन उसी फ्लाइट से सारे यात्री दिल्ली गए। फ्लाइट में उनके साथ अटल बिहारी वाजपेयी और लालजी टंडन भी थे। इसी साल की एक और कहानी सुना देता हूं । 1993 में हिमाचल प्रदेश में चुनाव थे। कानपुर के जेके सिंघानिया कंपनी के एक छोटे जहाज से वाजपेयी जी का दौरा था। साथ में बलबीर पुंज और एकाध लोग और थे। जहाज को धर्मशाला पहुंचना था। वाजपेयी जी जहाज में बैठते ही सो जाते थे। तभी विमान के को-पायलट कॉकपिट से बाहर निकले और पुंज जी से पूछा- “क्या आप पहले धर्मशाला आए हैं”। बलबीर पुंज ने पूछा लेकिन आप यह सब क्यों पूछ रहे हैं। पायलट ने थोड़ी लाचारी बताते हुए कहाकि हमारे पास दूसरे विश्वयुद्ध का नक्शा है। ए.टी.सी से संपर्क नहीं हो पा रहा है और धर्मशाला ऊपर से दिख नहीं रहा है। पुंज जी घबरा गए, कहा- ध्यान रखिए कहीं गलती से हम चीन की सीमा में ना पहुंच जाएं। तभी वाजपेयी जी की नींद खुली, पूछा- “सभा का समय हो रहा है। हम कब उतरेंगे? सहयोगी ने तात्कालिक समस्या बताई। वाजपेयी जी ने चुटकी ली। यह तो बहुत बढ़िया रहेगा। खबर छपेगी। ‘वाजपेयी डेड’। गन कैरेज में जाएंगे। हालांकि उनकी इच्छा के अनुसार उनकी अंतिम यात्रा ‘गनकैरेज’ में ही हुई। घबराए पुंज जी बोले, “आपके लिए तो ठीक है मेरा क्या होगा”। वाजपेयी जी ने मजे लेते हुए कहा “यहां तक आए हैं तो वहां भी साथ चलेंगे”। माहौल को हल्का करने के लिए वे फिर बोले जागते हुए अगर ‘क्रैश’ हुआ तो बहुत तकलीफ होगी। इतना कह कर वे दुबारा सो गए। सभी साथी सदमे में थे। बाद में एक दूसरे जहाज से संपर्क हुआ। और अटल जी का जहाज जहाज सकुशल कुल्लू में उतरा। हाजिरजवाबी में वाजपेयी जी का कोई सानी नहीं था। कई बार मुश्किल से मुश्किल सवाल को वे अपनी वाकपटुता से उड़ा देते थे। संसद के अंदर हो या बाहर उनकी वाकपटुता की रपटीली राह पर न जाने कितने फिसल कर गिरे। भारतीय जनता पार्टी में हमेशा वाजपेयी को उदार चेहरा माना जाता था। मंदिर आंदोलन को लेकर पार्टी में दो धड़े थे। मंदिर को लेकर तो सहमति थी पर आंदोलन के तरीके को लेकर दो राय थी। इसी मुद्दे पर वाजपेयी जी से एक बार यह सवाल पूछा गया कि भाजपा में एक नरम दल है और एक गरम दल। एक के नेता आप हैं दूसरे के आडवाणी जी। वाजपेयी जी ने फौरन जवाब दिया- मैं किसी दलदल में नहीं हूं। मैं तो औरों के दलदल में अपना कमल खिलाऊंगा। सवाल हवा में उड़ गया। मुश्किल मुद्दों के ऐसे जाने कितने अवसर आए जब वाजपेयी जी अपनी हाजिरजवाबी से उससे निकल लिए। शादी न करने पर वाजपेयी जी का जवाब बड़ा चर्चित है। उन्होंने एक बार कहा मैं अविवाहित जरूर हूं पर (पॉज़ लेकर) कुवांरा नहीं हूं। एक महिला पत्रकार उनके कुंवारे रहने के रहस्य को लेकर बेहद उत्सुक थीं। कई बार के प्रयास के बाद उन्होंने अटल जी से सीधा सवाल पूछ ही लिया- “वाजपेयी जी, आप अब तक कुंवारे क्यों हैं”? वाजपेयी जी रूके, उन्हें घूरा। फिर बोले... “आदर्श पत्नी की खोज में।” महिला पत्रकार वहीं नहीं रूकीं। उन्होंने दुबारा सवाल किया, क्या वह मिलीं? वाजपेयी ने अपने अंदाज में फिर थोड़ा रूककर जवाब दिया- “मिली तो थीं पर उन्हें भी आदर्श पति की तलाश थी”। असहज करने वाला यह सवाल ठहाकों की बलि चढ़ गया। अटल जी से जुड़ी यादें, किस्से सब जीवन दर्शन की तरह हैं। राजनीति में रहते हुए भी इतना सुलभ, सरल और सहज रह पाना उनके ही जीवन शिल्प का हिस्सा था। अपने सिद्धांतों पर अड़िग रहना और फिर भी कटु न होना, द्वेष न पालना, प्रतिद्वंदिता के युद्ध न करना, ये सब उनकी ही विरासत के अवशेष हैं जो उनके बाद अब दुर्लभ हो चले हैं। उनकी हाज़िर जवाबी गुदगुदाती थी। बांध लेती थी। जो एक बार उनसे मिलता था, उनका होकर रह जाता था। वे रिश्ते कमाते थे। मानवीय सम्बन्धों का अर्जन करते थे। इन नातों का कोई ओर छोर नही था। जितने अपनी विचारधारा के संगी साथ थे, उतने ही गैर सोच वाले भी हमराह थे। अटल जी अपने आप मे एक विलक्षण राजनीतिक संस्कृति थे। ऐसी संस्कृति समय के पटल पर हमेशा अविस्मरणीय रहेगी। (वरिष्ठ पत्रकार और ‘टीवी9’ में न्यूज डायरेक्टर हेमंत शर्मा की फेसबुक वॉल से साभार)
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वरिष्ठ पत्रकार, स्तंभकार, कवि और सुप्रसिद्ध फिल्म समीक्षक प्रदीप सरदाना को हिंदी अकादमी मुंबई ने अपने प्रतिष्ठित 'राष्ट्रीय गौरव सम्मान' से सम्मानित किया। प्रदीप सरदाना को यह सम्मान उनकी राष्ट्रीय चेतना, सारस्वत साधना, प्रेरक दृष्टिकोण, शिक्षा, समाज तथा काव्य-साहित्य क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किया गया है। मुंबई में आयोजित इस विशेष समारोह में सरदाना को यह सम्मान वरिष्ठ गीतकार, कवि डॉ धनंजय सिंह, आकाशवाणी के सहायक निदेशक राम अवतार बैरवा, सरदार पटेल विश्वविद्यालय गुजरात के प्रोफेसर और हिंदी विभाग प्रमुख डॉ दिलीप मेहरा एवं हिंदी अकादमी मुंबई के अध्यक्ष डॉ प्रमोद पाण्डेय ने मिलकर प्रदान किया। समारोह में प्रदीप सरदाना ने अपनी कविताओं का भी पाठ किया। उनकी कविता 'जग की रीत' को सुन पूरा समारोह तालियों से गूंज उठा। उल्लेखनीय है प्रदीप सरदाना ने मात्र 13 वर्ष की आयु में अपने लेखन, पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की थी। अभी तक अनेक राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित सरदाना के नाम अपने क्षेत्र में किए गए असाधारण कार्यों और विभिन्न उपलब्धियों के कई रिकॉड दर्ज हैं। जिनमें देश के सबसे कम उम्र के संपादक, भारत में टीवी पत्रकारिता की शुरुआत करने के साथ राष्ट्रीय न्यूज चैनल्स पर 4 दिन में 52 घंटे लाइव रहने के रिकॉर्ड प्रमुख हैं। पत्रकारिता के तीनों प्रमुख माध्यम प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल से जुड़े प्रदीप सरदाना लेखकों, पत्रकारों और कलाकारों की पुरानी संस्था 'आधारशिला' के अध्यक्ष भी हैं।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कुवैत दौरे के दूसरे दिन सर्वोच्च सम्मान 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' से सम्मानित किया गया। पीएम मोदी ने कुवैत के अमीर शेख मेशल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा से यह सम्मान हासिल किया। इससे पहले 19 देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित कर चुके हैं। इस मामले पर पत्रकार और एंकर रुबिका लियाकत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने लिखा, दुनिया के बड़े-बडे मुस्लिम मुल्कों के अगुवा, पीएम नरेंद्र मोदी का न सिर्फ़ एहतराम कर रहे हैं बल्कि उनकी सोच और दृष्टिकोण आगे ले जाने में उनके संग चल पड़े हैं। दुर्भाग्य है कि अपने ही मुल्क के बड़े-बडे मुस्लिम नेता और उलेमा सिवाए मुसलमानों को मोदी से डराने के कुछ और कर ही नहीं पाए हैं। कब तक डर पर खेलेंगे? कब तक? इस झूठ को परोसने से नुक़सान सिर्फ़ क़ौम का होगा। आपको बता दें, भारत और कुवैत के बीच अच्छे संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार दिया गया है। 'द ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर' मित्रता के संकेत के रूप में राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी संप्रभुओं और विदेशी शाही परिवारों के सदस्यों को प्रदान किया जाता है।
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मंदिर-मस्जिद विवाद पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का दिया बयान अब विवाद का रूप ले रहा हैं। टीवी 9 भारतवर्ष के एंकर गौरव अग्रवाल से बातचीत करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मोहन भागवत को हिंदू धर्म की जानकारी नहीं है। दरअसल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य आजकल सरसंघचालक मोहन भागवत से काफी नाराज हैं। गौरव अग्रवाल से बात करते हुए उन्होंने मोहन भागवत पर तुष्टीकरण से प्रभावित होने का आरोप लगाया। अपने इस विस्फोटक इंटरव्यू में उन्होंने गौरव अग्रवाल से कहा कि मोहन भागवत हिंदू धर्म के अनुशासक नहीं है। हम हिंदू धर्म के आचार्य अनुशासक हैं और हम ही अनुशासन देंगे। उन्होंने कहा 21वीं शताब्दी हिंदुओं की है और जहां-जहां भी हमारा अधिकार होगा हम लेंगे। भूलकर भी हम किसी को छेड़ेंगे नहीं लेकिन कोई अगर छेड़ेगा तो उसको छोड़ेंगे नहीं। संघ की राम मंदिर निर्माण में कोई भूमिका नहीं रही और संघ प्रमुख को केवल Z सिक्योरिटी चाहिए। वह केवल राजनीति कर रहे हैं। रामभद्राचार्य ने राम मंदिर को लेकर कहा, उनकी (आरएसएस ) राम मंदिर आंदोलन में कोई भूमिका नहीं। इतिहास इस बात का साक्षी है। गवाही हमने दी, 1984 से संघर्ष हमने किया, संघ की इसमें कोई भूमिका नहीं थी।
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"सत्यं ब्रूयात, प्रियं ब्रूयात, न ब्रूयात सत्यं अप्रियम।" मीडिया का यही आदर्श वाक्य होना चाहिए, लेकिन 2024 ने इस आदर्श को कई बार कठिन चुनौती के रूप में देखा। डिजिटल युग में सत्य और प्रियता का संगम बनाना जितना जरूरी है, उतना ही कठिन भी। 2024 में मीडिया ने जहां तकनीक के नए आसमान छुए, वहीं कई बार फेक न्यूज़ और गैर-जिम्मेदार पत्रकारिता की दलदल में भी फंस गया। 2024: मीडिया का डिजिटल सफर 2024 भारतीय मीडिया के लिए डिजिटल युग का एक और मील का पत्थर रहा। स्मार्टफोन और इंटरनेट की आसान पहुंच ने दर्शकों और पाठकों को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की ओर खींचा। लेकिन सवाल यह है कि इस तेज रफ्तार मीडिया हाईवे पर सत्य कहां खड़ा है? सोशल मीडिया ने हर किसी को "रिपोर्टर" बना दिया। हर व्यक्ति अब एक "स्टोरी" का सूत्रधार है, लेकिन यह सूत्रधार कई बार सत्य से कोसों दूर रहता है। फेक न्यूज ने 2024 में सूचना को दुष्प्रचार का शिकार बनाया। इसी बीच, कुछ मीडिया संस्थानों ने उम्मीद की किरण भी दिखाई। "सत्य हमेशा प्रासंगिक रहेगा" - यह सोचकर कई मीडिया हाउस ने फैक्ट-चेकिंग को प्राथमिकता दी। ऐसे प्रयास इस बात का संकेत हैं कि मीडिया अभी भी अपनी जिम्मेदारी को समझता है। 2025: भविष्य के आयाम "जो सत्य है वही सुंदर है, और वही टिकेगा।" 2025 का मीडिया इस दर्शन पर चले, तो वह न केवल नई ऊंचाइयों को छुएगा, बल्कि समाज के प्रति अपनी भूमिका को भी सार्थक करेगा। 1. तकनीक और जिम्मेदारी का मेल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसे उपकरण मीडिया के हर क्षेत्र को नया आकार देंगे। लेकिन तकनीक के साथ नैतिकता और विश्वसनीयता का संतुलन जरूरी होगा। 2.लोकल का ग्लोबल कनेक्शन: 2024 ने दिखाया कि क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट का उभार अभूतपूर्व है। 2025 में यह उभार और बढ़ेगा। "लोकल इज ग्लोबल" की धारणा मीडिया को नए दर्शकों से जोड़ेगी। 3. पॉडकास्ट और वॉइस कंटेंट: 2025 का मीडिया शायद "कानों का खेल" बन जाए। लोग अब लंबी खबरों के बजाय पॉडकास्ट और वॉइस-नरेटिव्स सुनना पसंद कर रहे हैं। आखिरी बात: भरोसे की नई इबारत "पत्रकारिता केवल सूचनाओं का संग्रहण नहीं, बल्कि समाज का दर्पण है।" 2025 में मीडिया को यह दर्पण और स्पष्ट बनाना होगा। सत्य, प्रामाणिकता और समाज की आवाज़ को प्राथमिकता देकर भारतीय मीडिया न केवल खुद को पुनर्परिभाषित करेगा, बल्कि दुनिया में एक नई पहचान भी बनाएगा। तो आइए, 2025 का स्वागत करें और इस उम्मीद के साथ आगे बढ़ें कि यह नया साल मीडिया को "माध्यम" से "मार्गदर्शक" बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।
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हाल ही में मुंबई के इंडिया गेट के पास फेरी हादसा हुआ। ये दुखद घटना थी। इस घटना के साथ ही स्मरण हो आया कुछ समय पहले की मुंबई से फेरी से एलिफेंटा की यात्रा। मुंबई के अपोलो बंदर, जो अब गेटवे ऑफ इंडिया के नाम से ज्यादा जाना जाता है, से अरब सागर स्थित एलिफेंटा द्वीप तक की यात्रा। जहां लोग फेरी से आते-जाते हैं। मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा तक जाने में करीब घंटे भर का समय लगता है। अरब सागर की लहरों पर हिचकोले खाती फेरियों में सावधानी से बैठे रहना पड़ता है। जब फेरी एलिफेंटा तक पहुंचती है तो ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। पुर्तगालियों ने इस द्वीप का नाम एलिफेंटा दिया। इस द्वीप पर हाथी की एक विशालकाय प्रतिमा थी जो अब मुंबई के माता जीजाबाई उद्यान में रखी गई है। एलिफेंटा द्वीप पर पहुंचने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण का एक बोर्ड दिखता है जिसपर लिखा है कि एलिफेंटा द्वीप मूलत घारापुरी के नाम से जाना जाता है। एलिफेंटा का नाम यहां से प्राप्त शैलकृत एक विशाल हाथी के कारण रखा गया है। इस बोर्ड से ही ये ज्ञात हुआ कि आर्कियोलाजी सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई)द्वारा इन गुफाओं को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक अधिसूचना क्रमांक -2704-अ-दिनांक 26.5.1909 द्वारा घोषित किया गया है। तत्पश्चात यूनेस्को द्वारा विश्वदाय स्मारकों की सूची में एलिफेंटा गुफाओं को 1987 में शामिल किया गया है। ये गुफाएं औरर यहां मौजूद मूर्तियां इतनी महत्वपूर्ण है कि इसको वर्ल्ड हैरिटेज साइट माना गया। अब जरा इस द्वीप की ऐतिहासिकता और यहां प्रदर्शित कला के बारे में जान लेते हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कहा जाता है कि 1579 में इस द्वीप पर जे एच वान नाम का एक यूरोपियन आया था जिसने अपनी पुस्तक डिस्कोर्स ऑफ वायजेज में इस द्वीप का उल्लेक पोरी के तौर पर किया गया है। इसके आधार पर भारतीय इतिहासकार ये मानते हैं कि सोलहवीं शती में इस द्वीप को पुरी के नाम से जाना जाता होगा। इस द्वीप के नाम को लेकर इतिहासकारों में कई तरह की राय है। एलिफेंटा में पुरातात्विक खोज के दौरान एक ताम्र घट मिला था। उस घट पर जोगेश्वरी देवी के श्रीपुरी में बना, ऐसा उत्कीर्ण है। इसके आधार पर कुछ लोगों का मत है कि इस द्वीप को श्रीपुरी के नाम से जाना जाता होगा। जोगेश्वरी मुंबई महानगर में एक स्थान है। स्थानीय लोग इसको घारापुरी कहते हैं और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बोर्ड पर भी ऐसा ही लिखा है। घारा को कुछ लोग शैव मंदिरों के पुजारी से भी जोड़ते हैं। क्योंकि शिव मंदिर के पुजारियों को घारी कहा जाता था। इस द्वीप की गुफाओं में शिव के कई स्वरूप की मूर्तियां हैं।संभव है कि वहां पुजारियों की संख्या काफी रही होगी जिसके आधार पर घारापुरी नाम से जाना जाता होगा। घारापुरी की गुफाओं में स्थित जिस एक मूर्ति के बारे में चर्चा करना आवश्यक लगता है उसको त्रिमूर्ति कहते हैं। यह अद्भुत मूर्ति है। इसमें शिव के तीन दिशाओं में तीन सर और चेहरा हैं। इस मूर्ति में जटा का विन्यास इस तरह से किया गया है कि वो भव्य मुकुट का आभास देता है। सामने शिव का जो चेहरा है वो बेहद गंभीर मुद्रा में है और उसके होठ बहुत मोटे और लटके हुए हैं। आमतौर पर इस तरह के होठ वाली मूर्तियां कम मिलती हैं। इतिहासकार राधाकमल मुखर्जी के अनुसार इस मूर्ति के बीच का मुख निरपेक्ष और पारलौकिक तत्पुरुष सदाशिव का है। दायां चेहरा उग्र, भृकुटि ताने हुए और विनाश व वैराग्य की भावना वाले अघोरभैरव का है और बांयी ओर पार्वती का चेहरा है। मुखर्जी ने अपने लेख प्रतीक और प्रतिमान में लिखा है कि यह त्रिमूर्ति-स्वरूप एक समय भारत तथा गांधार, तुर्किस्तान और कंबोडिया में सुपरिचित था। चीन की युन-थाल गुफा में इसको पाया गया है तथा जापान की दाई इतोक यही है। यह शिव त्रिमूर्ति भारतीय संस्कृति की विशिष्ट विषय वस्तु का अद्वितीय और व्याक प्रतीक है। कुछ लोग इस त्रिमूर्ति को ब्रह्मा, विष्णु और शिव की तरह देखते हैं लेकिन ऐसे लोगों की संख्या बहुत कम है। अधिकतर लोग मुखर्जी से सहमत हैं। जहां शिव की ये त्रिमूर्ति स्थित है उस कक्ष के बाहर दो द्वारपाल की मूर्तियां भी हैं। इस त्रिमूर्ति के अलावा घारापुरी में कई अन्य मूर्तियां भी हैं जो भारतीय कला की श्रेष्ठता को सिद्ध करती हैं। इन मूर्तियों में अर्धनारीश्वर शिव की भी एक मूर्ति है। मंडप के सम्मुख गर्भगृह में पूर्वी द्वार की ओर एक बड़ा सा शिवलिंग है। इन मूर्तियों की खास बात है कि इनको पहाड़ियों को काटकर बनाया गया है। एक शिवलिंग को छोड़कर सभी मूर्तियां पहाड़ी को काटकर बनाई गई है। शिवलिंग का पत्थर अलग प्रतीत होता है । ऐसा लगता है कि इसको कहीं बाहर से लाकर वहां प्रतिष्टइत किया गया होगा। इतने विस्तार में घारापुरी स्थित मूर्तियों का विवरण इस कारण से दिया ताकि इस बात का अनुमान हो सके कि देश के विभिन्न हिस्सों में कितनी ऐसी चीजें हैं जो ना केवल ऐतिहासिक हैं बल्कि भारतीय कला का उत्कृष्ट उदाहरण भी हैं। जो लोग भारतीय कला को नेपथ्य में रखकर फ्रांसीसी, पुर्तगाली और मुगलकालीन कला पर लहालोट होते रहते हैं उनको घारापुरी की कलाकृतियों को देखकर उसपर विस्तार से चर्चा करनी चाहिए। एक और बात जिस ओर ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है वो इन विरासत का संरक्षण। यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल घारापुरी की इन गुफाओं की उचित देखभाल नहीं हो रही है। यहां पहुंचने वाले पर्यटक आसानी से इन प्रतिमाओं तक पहुंच जाते हैं। ना केवल वहां खड़े होकर फोटो खींचते हैं बल्कि चाक आदि से दीवारों पर कुछ लिख भी देते हैं। नागरिकों को अपने कर्तव्य समझने चाहिए। विरासत को संरक्षित करने रखने में सहयोग करना चाहिए। दूसरी तरफ एएसआई को भी ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि पर्यटक इन कलाकृतियों को दूर से देखें। कुछ मूर्तियों को घेरा गया है लेकिन वो नाकाफी है। इसके अलावा परिसर का रखरखाव भी एएसआई की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह खड़े करता है। वहां उपस्थितत कर्मचारी या गार्ड इन कलाकृतियों को लेकर संवेदनहीन दिखे। उनको इस बात का एहसास ही नहीं था कि उनपर वैश्विक धरोहर के रखरखाव का दायित्व है। कलाकृतियां भी रखरखाव की बाट जोहती प्रतीत हो रही थीं। पहले भी इस स्तंभ में कोणार्क मंदिर और त्रिपुरा के उनकोटि परिसर के रखरखाव में लापरवाही को लेकर लिखा जा चुका है। हमारे ये धरोहर उपेक्षा का शिकार होकर नष्ट होने की ओर बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी निरंतर अपनी विरासत के संरक्षण की बातों पर जोर दे रहे हैं लेकिन संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत आनेवाली संस्था एएसआई अन्यान्य कारणों से संरक्षण में पिछड़ जा रही है। देश में एक ऐसी संस्कृति नीति की आवश्यकता है जिसमें धरोहरों के संरक्षण को प्रमुखता दी जाए। अधिकारियों का एक अखिल भारतीय काडर बने जो कला संस्कृति और धरोहरों को लेकर विशेष रूप से प्रशिक्षित हों। औपनिवेशक काल की व्यवस्था से बाहर निकलना होगा। आज संस्कृति मंत्रालय का दायित्व वन से लेकर डाक सेवा के अधिकारियों पर है। वन, डाक, रेल और राजस्व की तरह ही कला संस्कृति को नहीं चलाया जा सकता है।
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने कथित तौर पर जापानी मीडिया समूह सोनी से अपने 10 मिलियन डॉलर के विलय को पुनर्जीवित करने के लिए संपर्क किया है, जो मई 2024 में रद्द हो गया था। सोनी ने "समझौते की शर्तों का पालन न करने" का हवाला देते हुए यह डील खत्म कर दी थी। खबरों के मुताबिक, भारतीय मीडिया दिग्गज जी ने सोनी से समझौते की समाप्ति पर पुनर्विचार करने और इस मुद्दे पर बातचीत शुरू करने का अनुरोध किया है। बताया जा रहा है कि सोनी जी के इस प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। सितंबर 2021 में इस विलय की घोषणा की गई थी, जिसका उद्देश्य 14,851 करोड़ रुपये की कंपनी बनाना था। इस विलय के बाद बनने वाली संयुक्त इकाई भारत की चौथी सबसे बड़ी मीडिया कंपनी होती, जो गूगल, मेटा और डिज्नी-स्टार के बाद आती
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बॉलीवुड में ऐसे बहुत से एक्टर और एक्ट्रेस हैं, जिन्होंने बहुत संघर्ष के बाद दर्शकों के बीच अपना नाम बनाया है। इंडस्ट्री में ऐसे जाने कितने ही कलाकार हैं, जिन्होंने फिल्मों में आने से पहले पर्दे के पीछे काम किया और फिर बहुत संघर्ष के बाद अपना नाम बनाया। इसमें किसी ने असिस्टेंट डायरेक्टर तो किसी ने बैकग्राउंड डांसर के तरह पर्दे के पीछे काम किया । करण जौहर, वरुण धवन, सिद्धार्थ मल्होत्रा, रणबीर कपूर, शनाया कपूर,अर्जुन कपूर ने असिस्टेंट डायरेक्टर, तो शाहिद कपूर और दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने बैकग्राउंड डांसर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की इंडस्ट्री में ऐसा ही एक और कलाकार है, जिसने बॉलीवुड में बहुत सी हिट फिल्मों में काम किया है और इसने अपने करियर की शुरुआत बतौर बैकग्राउंड डांसर की। सोशल मीडिया पर इस एक्टर की तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें एक्टर जितेंद्र की फिल्म में बैकग्राउंड डांसर के तौर पर नजर आ रहे हैं। क्या आपने इस एक्टर को पहचाना? संजय दत्त के साथ जमी थी जोड़ी फोटो में जितेंद्र संग नजर आ रहे ये एक्टर कोई और नहीं बल्कि मुन्नाभाई एमबीबीएस के 'सर्किट' यानी अरशद वारसी हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर में अरशद को काले और चमकदार कपड़ों में बैकग्राउंड डांसर के रूप में देखा जा सकता है। लेकिन, इस दौरान अरशद इतने अलग लगते थे कि आज सिर्फ इस तस्वीर के माध्यम से उन्हें पहचान पाना लगभग नामुमकिन है। अरशद वारसी का कोई डाय हार्ड फैन ही होगा, जो उन्हें 'HElp Me' सॉन्ग में स्पॉट कर पाए। जितेंद्र की फिल्म के गाने में बतौर बैकग्राउंड डांसर काम किया फोटो में अरशद के सामने एक्टर जितेंद्र को दिख रहे हैं। इस फिल्म का नाम 'आग से खेलेंगे' जो साल 1989 में आई। इसी फिल्म के गाने 'हेल्प मी' में अरशद वारसी ने जितेंद्र के साथ बतौर बैकग्राउंड डांसर काम किया था। इस फिल्म के डायरेक्टर सुभाष घई हैं। अरशद वारसी ने बॉलीवुड में आने से पहले खूब संघर्ष किया था। मुन्नाभाई एमबीबीएस से मिली पहचान अरशद ने फिल्मों में आने से पहले छोटे-छोटे काम कर अपना गुजारा किया। गरीबी की वजह से ना तो वो अपनी पढ़ाई पूरी कर सके और ना ही घर चला पा रहे थे, ऐसे में उन्होंने फिल्मी दुनिया का रुख किया। अरशद ने संघर्ष के दिनों में फिल्मों में काम करना शुरू किया। इसके अलावा वह छोटी-मोटी जगहों पर डांस किया करते थे और फिर धीरे-धीरे वो फिल्मों में बैकग्राउंड डांसर कि तरह काम करने लगे। अरशद को 2003 में तब पहचान मिली जब उन्होंने राजकुमार हिरानी फिल्म मुन्ना भाई एमबीबीएस में मुन्ना भाई (संजय दत्त) के 'सर्किट' के रूप में अभिनय किया , जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हुई।
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जानी-मानी पत्रकार व ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की नेशनल पॉलिटिकल एडिटर व तिहाड़ जेल के पूर्व अधिकारी सुनील गुप्ता द्वारा लिखी गई किताब ‘Black Warrant: Confessions of a Tihar Jailer’ पर नेटफ्लिक्स इंडिया नए साल पर एक सीरीज शुरू करने जा रहा है। इस सीरीज का नाम भी ब्लैक वारंट’ रखा गया है। यह सीरीज 10 जनवरी को प्रीमियर होगी। इसे विक्रमादित्य मोटवानी और सत्यांशु सिंह ने निर्देशित किया है। यह सीरीज 1980 के दशक की पृष्ठभूमि पर आधारित है और तिहाड़ जेल की वास्तविक घटनाओं का एक काल्पनिक प्रस्तुतीकरण है। इसमें जेल के अंदर के राजनीतिक संघर्ष, हाई-प्रोफाइल केस और जेल के भीतर की कड़वी सच्चाइयों को दिखाया जाएगा। प्रोडक्शन में अप्लॉज एंटरटेनमेंट और एंडोलन प्रोडक्शंस भी शामिल हैं। बता दें कि ‘ब्लैक वारंट’ किताब तिहाड़ जेल में सुनील गुप्ता के 35 वर्षों के अनुभवों का लेखा-जोखा है। अपने सुधारवादी दृष्टिकोण और कर्तव्यपरायणता के लिए पहचाने जाने वाले तिहाड़ जेल के पूर्व जेलर सुनील गुप्ता ने जेल के अंदर की स्थितियों और सरकारी सिस्टम की खामियों को भी उजागर किया है। किताब में चार्ल्स शोभराज और अफजल गुरु जैसे हाई-प्रोफाइल कैदियों की स्टोरीज भी हैं, जो अपराध और सजा के पहलुओं को दर्शाती हैं। नेटफ्लिक्स द्वारा तैयार सीरीज में कहानी के केंद्र में सुनील कुमार गुप्ता को रखा गया है, जिनकी भूमिका जहान कपूर निभा रहे हैं। इसके अलावा राहुल भट्ट, परमवीर सिंह चीमा, अनुराग ठाकुर और सिद्धांत गुप्ता जैसे प्रमुख कलाकार भी इस सीरीज में नजर आएंगे। बताया जा रहा है कि ‘ब्लैक वारंट’ केवल एक जेल ड्रामा नहीं है, बल्कि यह भारतीय जेलों में मौजूद भ्रष्टाचार, शक्ति संतुलन और सामाजिक असमानताओं को भी उजागर करेगी। इसके साथ ही यह सीरीज दर्शकों को अपराध और सजा के अपने विचारों पर पुनर्विचार करने को मजबूर करेगी।
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देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शामिल ‘जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी, 2025 तक लगने जा रहे कुंभ मेले की व्यापक कवरेज और इस आध्यात्मिक आयोजन की भव्यता का डिजिटल अनुभव प्रदान करने के लिए ‘जी कुंभ’ (Zee Kumbh) नाम से यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है। ‘जी मीडिया’ के अनुसार, यह ऐतिहासिक पहल पहली बार इस पवित्र महोत्सव को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास है। इस चैनल के माध्यम से दर्शक महाकुंभ के समृद्ध अनुष्ठानों, सांस्कृतिक परंपराओं और गहन आध्यात्मिकता का अनुभव कई भारतीय भाषाओं में कर सकेंगे। इस क्रम में ‘जी कुंभ’ चैनल एक अद्वितीय डिजिटल अनुभव प्रदान करेगा, जिसमें शाही स्नान जैसे प्रमुख हिंदू अनुष्ठानों की लाइव स्ट्रीमिंग होगी। इसके अलावा, चैनल पर सांस्कृतिक पहलुओं की गहन खोज, प्रसिद्ध संतों के आध्यात्मिक प्रवचन और तीर्थयात्रियों की भक्ति से भरी कहानियां भी दिखाई जाएंगी। इसके साथ ही, महाकुंभ के दौरान जुलूसों, मुख्य आयोजनों और उत्सवों की ताजा जानकारी भी मिलेगी। इस विविध और समृद्ध कंटेंट के माध्यम से, यह चैनल महाकुंभ की आध्यात्मिक ऊर्जा को दुनिया भर में साझा करेगा और इस पवित्र आयोजन से गहरी जुड़ाव की भावना पैदा करेगा। इस बारे में ‘जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड’ के सीईओ करण अभिषेक का कहना है, ‘एक अग्रणी मीडिया संगठन के रूप में जी मीडिया के लिए यह गर्व की बात है कि वह महाकुंभ को भारत और दुनिया भर के दर्शकों के करीब ला रहा है। व्यापक कवरेज और डिजिटल-फर्स्ट विजन के माध्यम से, हम इस आयोजन की पवित्रता को संरक्षित करते हुए दर्शकों को इस महोत्सव का समृद्ध अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’ वहीं, ‘जी न्यूज’ के मैनेजिंग एडिटर राहुल सिन्हा का कहना है, ‘महाकुंभ एक गहन आध्यात्मिक आयोजन है, जो समय और सीमाओं को पार कर लाखों लोगों को आस्था, भक्ति और परंपरा में एक साथ लाता है। अच्छी स्टोरीटैलिंग, उन्नत टेक्नोलॉजी और उत्कृष्ट कंटेंट के माध्यम से हम महाकुंभ की पवित्रता, विशालता और भावना को दर्शकों को परोसने का प्रयास कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर दर्शक, चाहे वह घर पर हों या विदेश में, इस पवित्र यात्रा के सार से गहराई से जुड़ाव महसूस करें।’ बता दें कि हर 12 साल में एक बार आयोजित होने वाला महाकुंभ, दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन है। यह हिंदू पौराणिक कथाओं में निहित है और आस्था व एकता की गहन अभिव्यक्ति है। यह आयोजन संन्यासियों, साधुओं, साध्वियों, कल्पवासियों और लाखों तीर्थयात्रियों को एक साथ लाता है।
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‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ (SPNI) के नए मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) व चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) गौरव बनर्जी ने पदभार संभालने के बाद करीब तीन महीने में ही कई बड़े और अहम फैसले लिए हैं। इस दौरान सोनी टीवी की कंटेंट स्ट्रैटेजी में बदलाव करके व्युअरशिप (दर्शकों की संख्या) बढ़ाने से लेकर 2024-2031 के लिए ‘एशियन क्रिकेट काउंसिल’ (एसीसी) के मीडिया राइट्स हासिल करने तक उन्होंने कई साहसिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं। ‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया’ का नेतृत्व संभालने के बाद मीडिया' को दिए अपने पहले इंटरव्यू में गौरव बनर्जी ने एसीसी डील और नेटवर्क की भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश: सबसे पहले तो तीन महीने के सफल कार्यकाल के लिए आपको बधाई। आपके लिए इस सफर में क्या खास बिंदु रहे? बहुत-बहुत धन्यवाद! यह अनुभव काफी रोमांचक रहा। शुरुआती कुछ हफ्ते मैंने अपनी टीम के साथ समय बिताकर उनकी बातें सुनीं कि क्या चीज़ उन्हें भविष्य को लेकर उत्साहित करती है और किन चीजों को लेकर उनकी चिंताएं हैं। उसके बाद हमने यह तय करना शुरू किया कि हमें आगे कहां जाना है। हमने कुछ शुरुआती सफलता भी हासिल की है, जो हमारे आत्मविश्वास को और बढ़ाती है। आपने हाल ही में 2024 से 2031 तक के सभी एसीसी टूर्नामेंट्स के एक्सक्लूसिव मीडिया राइट्स हासिल किए हैं। यह स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। भारत में सोनी अपने खेल प्रसारण को कैसे विविध बनाएगा और इस विस्तार के दीर्घकालिक लक्ष्य क्या हैं? सोनी ने भारत की स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में हमेशा मजबूत भूमिका निभाई है। हम सोनी की मुख्य क्षमताओं को बरकरार रखते हुए चुनिंदा और समझदारी भरे निवेश करेंगे। हमारा उद्देश्य उन खेलों में निवेश करना है, जिन्हें हम इनोवेटिव प्रोडक्ट्स के जरिए विकसित कर सकते हैं, जो प्रशंसकों के लिए आकर्षक हों। सोनी ने ‘एक्स्ट्रा इनिंग्स’ जैसे इनोवेटिव कॉन्सेप्ट्स की शुरुआत की, जो हमारी ब्रैंड आइडेंटिटी का अभिन्न हिस्सा हैं। 360-डिग्री कवरेज, प्रीमियम कंटेंट और प्रभावी मार्केटिंग में हमारे स्ट्रैटेजिक निवेश हमारी सफलता के मुख्य कारण रहे हैं। हमारा लक्ष्य इन सिद्धांतों को हर खेल में लागू करना है। खासकर क्रिकेट, जो प्रमुख इवेंट्स के जरिए कई रोमांचक अवसर प्रदान करता है। आगामी भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज़ और T20 एशिया कप हमें सोनी की एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स क्षमताओं को दिखाने का शानदार मौका देंगे। सोनी द्वारा एसीसी के मीडिया राइट्स हासिल करने में भारी निवेश किया गया है। इन प्रॉपर्टीज से अधिकतम लाभ उठाने, प्रीमियम ब्रैंड्स को आकर्षित करने और निवेश पर मजबूत रिटर्न सुनिश्चित करने के लिए क्या स्ट्रैटेजी है? हम इस पहल को लेकर बड़ी योजनाएं बना रहे हैं, लेकिन यह कई कारकों पर निर्भर करता है। मुख्य प्रश्न यह है कि हम एक व्यापक पैकेज कैसे तैयार कर सकते हैं, जो ब्रैंड्स को हमारे साथ साझेदारी के लिए प्रेरित करे। इसके लिए हमें इनोवेशन से भरपूर दृष्टिकोण अपनाना होगा और अगले कुछ महीनों में इसे ध्यानपूर्वक तैयार करना होगा। सौभाग्य से, हमारे पास समय है। अगर हम इसे सही तरीके से लागू करते हैं, तो यह पहल हमारे टॉप लाइन में बड़ा योगदान दे सकती है। इन निवेशों के पीछे हमारा विश्वास है कि ब्रैंडिंग और स्पोर्ट्स में अपने अनुभव के साथ हम बहुत ज्यादा व्यूअरशिप नंबर हासिल कर सकते हैं। क्रिकेट का दायरा सही तरीके से पेश करने पर खास होता है, और हम इसे पूरी क्षमता से इस्तेमाल करना चाहते हैं। ACC के मीडिया राइट्स में भारत-पाकिस्तान मैच जैसे हाई-प्रोफाइल मुकाबले शामिल हैं। इन खास मैचों से व्युअरशिप, लोगों का जुड़ाव और ज्यादा से ज्यादा ऐडवर्टाइजिंग रेवेन्यू जुटाने के लिए सोनी की योजना क्या है? पिछले दो वर्षों के आंकड़ों को देखें तो भारत-पाकिस्तान मैचों के अलावा सबसे ज्यादा रेटिंग्स भारत के ग्लोबल टूर्नामेंट फाइनल्स से आती हैं। उपभोक्ता दृष्टिकोण से देखें तो इन मैचों की मांग शानदार है और डेटा से इसे आसानी से समझा जा सकता है। हमारी ज़िम्मेदारी है कि प्रशंसकों को इन आयोजनों के बारे में पूरी तरह से जागरूक किया जाए और उनका उत्साह बढ़ाया जाए। इसके अलावा, नए खिलाड़ियों का उदय और मैच-अप्स दर्शकों को जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। उदाहरण के लिए, यह पहली बार हो सकता है कि यशस्वी जयसवाल जैसे नए सितारे शाहीन अफरीदी के खिलाफ खेलें। इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता की यही खूबी है। एक क्रिकेट प्रशंसक के रूप में, मेरी सबसे अच्छी यादें कुछ ऐतिहासिक मुकाबलों से जुड़ी हैं। जैसे, सचिन तेंदुलकर बनाम वसीम अकरम और वकार यूनिस, सुनील गावस्कर बनाम इमरान खान और हाल ही में विराट कोहली बनाम हारिस रऊफ। ऐसे मैच-अप्स प्रशंसकों को सबसे ज्यादा रोमांचित करते हैं। सही खिलाड़ियों और मुकाबलों की पहचान करना दर्शकों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हम थोड़े समय के अंतराल के बाद एलीट क्रिकेट प्रसारण में लौट रहे हैं, जिससे सोनी की पूरी टीम बेहद उत्साहित है। व्यक्तिगत रूप से, यह मेरे लिए भी पहला मौका है। मैं आशावादी हूं कि हम कुछ नए और इनोवेटिव विचार लेकर आएंगे, जो प्रशंसकों के अनुभव को बढ़ाएंगे और इसे अविस्मरणीय बनाएंगे। यह डील 2031 तक जारी रहेगी। एसीसी डील के साथ सोनी के दीर्घकालिक लक्ष्य और लाभ क्या हैं? हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हम अपने पार्टनर्स और दर्शकों को यह दिखा सकें कि क्रिकेट हमारे टेलीविजन और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों का अभिन्न हिस्सा है। इस डील के जरिए हम इसे पूरी मजबूती के साथ साबित कर सकते हैं। हमने अब इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड, श्रीलंका और एसीसी के क्रिकेट राइट्स हासिल किए हैं, जिससे हम अगले आठ वर्षों तक भारतीय टीम के बड़े क्रिकेट इवेंट्स का प्रसारण कर सकते हैं। यह निरंतरता इस डील की एक बड़ी उपलब्धि है, और हम इससे बेहद संतुष्ट हैं। हमारा लक्ष्य ऐसा नेटवर्क बनना है, जहां क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित और रोमांचक पल बनते और दिखाए जाते हैं। भारत-पाकिस्तान मैच एक बड़ी खासियत है, लेकिन हम अन्य प्रतिद्वंद्विताओं को लेकर भी उत्साहित हैं, जैसे बांग्लादेश और उभरती हुई पावरहाउस टीम अफगानिस्तान। ये मैच और खिलाड़ी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहद आकर्षक हैं और हम इन रोमांचक क्षणों को जीवंत बनाने का प्रयास करेंगे। क्या क्रिकेट के अलावा अन्य स्पोर्ट्स कैटेगरी में विस्तार की योजना है? क्रिकेट के अलावा हमारा यूरोपीय फुटबॉल में मजबूत स्थान है। हमने हाल ही में यूरो चैंपियनशिप का आयोजन किया था। इसके साथ ही, हम तीन ग्रैंड स्लैम टेनिस टूर्नामेंट्स का भी सफलतापूर्वक प्रसारण करते हैं। ये क्षेत्र पहले से ही हमारी ताकत हैं और हम भविष्य में अपने खेल पोर्टफोलियो को और बढ़ाने के अवसर तलाशते रहेंगे। एसीसी डील से जुड़ी सोनी के खेल पहल की चर्चा हो रही है। इसके अलावा नेटवर्क एंटरटेनमेंट पर कैसे ध्यान दे रहा है? सोनी के एंटरटेनमेंट पोर्टफोलियो को आकार देने वाले प्रमुख विकास या पहल कौन सी हैं? पिछले चार-पांच महीनों में हमने अपने चैनल की ग्रोथ 60 प्रतिशत से अधिक दर्ज की है। मुझे विश्वास है कि हम इस ग्रोथ को और बढ़ा सकते हैं। इसका एक प्रमुख कारण है सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन का मुख्य पहचान पर कायम रहना। यह चैनल अपने अलग तरह के कंटेंट और देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित नॉन-फिक्शन ब्रैंड्स के लिए जाना जाता है। इस साल की सफलता में कौन बनेगा करोड़पति (KBC) और इंडियन आइडल का बड़ा योगदान रहा है। इंडियन आइडल ने 1.5 TVR के साथ डेब्यू किया और उस हफ्ते हिंदी का नंबर वन नॉन-फिक्शन शो बन गया। इस सीज़न का प्रदर्शन पिछले सीज़न की तुलना में काफी बेहतर है। इस बार हमारा ध्यान केवल उच्च गुणवत्ता वाली गायन प्रतिभा को सामने लाने पर रहा। इस दृष्टिकोण को दर्शकों ने काफी पसंद किया है और मुझे व्यक्तिगत रूप से इस दिशा में उठाए गए कदमों पर गर्व है। इस सफलता का श्रेय हमारी टीम और पार्टनर्स को जाता है, जिन्होंने शानदार काम किया है। मेरी यही गुजारिश होगी कि आप इंडियन आइडल और हमारे एंटरटेनमेंट पोर्टफोलियो में हो रहे व्यापक विकास पर नजर बनाए रखें। ‘सीआईडी’ (CID) शो की वापसी को लेकर काफी चर्चा है। इसे वापस लाने को लेकर आप कितने उत्साहित हैं? यह हमारे लिए बेहद गर्व का विषय है, खासकर जब यह छह साल के अंतराल के बाद वापस आ रहा है। पहले और दूसरे प्रोमो को लेकर मिली प्रतिक्रिया जबरदस्त रही है। जब हमारे प्रतिष्ठित निर्माता बीपी सिंह ने पहला शॉट लिया तो हर किसी को रोंगटे खड़े हो गए। यह रिवाइवल खास है, क्योंकि इसमें ओरिजिनल क्रिएटर्स और कास्ट वापस आ रहे हैं। यह एक ऐसा प्रोजेक्ट है जिसे लेकर हम बेहद उत्साहित हैं और इसे दर्शकों तक पहुंचाने का हमें बेसब्री से इंतजार है। तीन महीनों में आपने सोनी की रेटिंग्स में सुधार के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। अगले साल के लिए आपकी मुख्य प्राथमिकताएं क्या होंगी? हमारे पास आगे बढ़ने का लंबा रास्ता है, और हमें भविष्य को लेकर काफी उत्साह है। हम अपने हर बिजनेस क्षेत्र में क्रिएटिविटी का उपयोग करना चाहते हैं। सोनी एक शक्तिशाली ब्रैंड है और इसे नवाचार का नेतृत्व करना चाहिए। हम भारत की आज की कहानी को दर्शाने वाली दमदार कहानियां सुनाना चाहते हैं। यह रचनात्मक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से हमारे सभी पार्टनर्स के लिए एक रोमांचक स्थान होगा।
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दिल्ली पुलिस ने संसद परिसर धक्का-मुक्की केस क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ 6 धाराओं में FIR हुई थी। गुरुवार सुबह संसद परिसर में मकर द्वार पर इंडिया ब्लॉक और भाजपा सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की हुई। अब वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर एक सवाल पूछा है ! उन्होंने एक्स पर लिखा, ऐसी दुनिया में जहां कैमरे से छिपने के लिए वस्तुतः कोई जगह नहीं है, मुख्य संसद द्वार पर जो कुछ हुआ उसका कोई वीडियो या सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक डोमेन में क्यों नहीं डाला गया, खासकर तब जब दिल्ली पुलिस ने तुरंत एफआईआर दर्ज की है। कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष पर गंभीर आरोप है। दूध का दूध, पानी का पानी वीडियो से हो जायेगा। या फिर एक बार समाचार की जगह शोर ले लेगा? आपको बता दें, लोकसभा सत्र की शुरूआत के साथ ही कांग्रेस मकर द्वार के पास अलग-अलग तरीकों से विरोध प्रदर्शन कर रही थी, लेकिन कल हुई घटना के बाद अब यहां विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
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बॉम्बे हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वह एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) को म्यूचुअल फंड्स के विज्ञापनों की अनुमति वापस ले। यह याचिका एक चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा दायर की गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने 18 दिसंबर को याचिका स्वीकार करते हुए SEBI और AMFI को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि AMFI बिना किसी ठोस आधार के "म्यूचुअल फंड्स सही हैं" का प्रचार कर रही है। याचिका में कहा गया है कि ये विज्ञापन “पूरी तरह भ्रामक हैं और केवल सकारात्मक पहलुओं पर चयनात्मक और विकृत जोर देते हैं।” मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, याचिका में कहा गया है, “AMFI द्वारा प्रसारित किए जा रहे विज्ञापनों में निवेशकों को शिक्षित करने या जागरूक करने का कोई तत्व नहीं है। इन विज्ञापनों में म्यूचुअल फंड्स की विशेषताओं, उनकी सीमाओं और बाधाओं का उल्लेख नहीं किया गया है। बल्कि, केवल ‘म्यूचुअल फंड्स सही हैं (सही है)’ का जोरदार प्रचार किया जा रहा है, और वह भी एक छोटे से अस्पष्ट डिस्क्लेमर के साथ।” याचिकाकर्ता ने आगे कहा है कि इस प्रकार के प्रचार व्यावसायिक प्रकृति के हैं और केवल AMFI के सदस्यों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। इसमें निवेशकों की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा SEBI और AMFI को नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले पर अगली सुनवाई का इंतजार है। इस याचिका ने म्यूचुअल फंड्स के प्रचार और निवेशकों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
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पिछले सप्ताह प्रमुख मीडिया कंपनियों के शेयरों में महत्वपूर्ण अस्थिरता देखने को मिली, जो बाजार की बदलती भावनाओं और कंपनी-विशिष्ट घटनाओं का परिणाम था। कुछ कंपनियों के शेयरों ने सप्ताह के अंत तक सुधार किया, जबकि अन्य में तेज गिरावट दर्ज की गई। यह अस्थिरता मीडिया उद्योग की विविधता और गतिशीलता को उजागर करती है। नेटवर्क18 नेटवर्क18 के शेयरों ने सप्ताह में स्थिरता दिखाई। यह ₹75.21 पर खुला और अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद, गुरुवार तक ₹70.10 तक गिर गया। हालांकि, शुक्रवार को शेयरों ने मजबूत वापसी की और ₹73.49 तक पहुंच गए, अंततः सप्ताह का समापन ₹74.10 पर हुआ। ZEEL जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने सप्ताह की शुरुआत सकारात्मक रूप से की। इसके शेयर ₹135.80 पर खुले और सोमवार को ₹137.74 तक पहुंच गए। हालांकि, पूरे सप्ताह में लगातार गिरावट आई और शुक्रवार को शेयर ₹125 के स्तर पर बंद हुए। यह गिरावट निवेशकों के मनोबल में बदलाव या उद्योग में संभावित परिवर्तनों का संकेत हो सकती है। ZMCL जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ZMCL) के शेयरों में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव रहा। यह ₹19.77 पर खुला और मंगलवार को ₹19.80 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। हालांकि, शुक्रवार तक यह ₹18.22 के निम्नतम स्तर पर गिर गया, और समापन ₹18.70 पर हुआ। यह मामूली सुधार बाजार में धीमी गति को दर्शाता है। टीवी टुडे टीवी टुडे के शेयर ₹206.21 पर खुले और मंगलवार को ₹213.14 के उच्चतम स्तर पर पहुंचे। हालांकि, उसी दिन यह ₹206.40 पर वापस आ गए। गुरुवार को शेयर ₹203.06 के निम्नतम स्तर तक गिरने के बाद, सप्ताह का समापन ₹206.99 पर हुआ, जो मध्य-सप्ताह की अस्थिरता के बाद स्थिरता की ओर इशारा करता है। NDTV NDTV के शेयरों में लगातार गिरावट आई। यह ₹172.14 पर खुले और सोमवार को ₹173.45 तक पहुंचे, लेकिन इसके बाद गिरावट जारी रही और शुक्रवार को ₹162.80 पर बंद हुए। यह गिरावट निवेशकों के बीच सतर्कता या कंपनी पर बाहरी दबाव का संकेत हो सकती है। जागरण प्रकाशन जागरण प्रकाशन के शेयर ₹86.94 पर खुले और सोमवार को ₹87.21 के उच्चतम स्तर पर पहुंचे। हालांकि, गुरुवार तक यह ₹83.50 तक गिर गए। फिर भी, यह गिरावट सीमित रही, जिससे सप्ताह की कुल अस्थिरता कम रही। HT मीडिया HT मीडिया के शेयर ₹24.53 पर खुले और सप्ताह के मध्य में ₹25.61 तक पहुंचे। हालांकि, शुक्रवार को शेयर ₹23.29 पर बंद हुए, जो मध्य-सप्ताह की बढ़त के बावजूद अस्थिरता को दर्शाता है। इस सप्ताह की अस्थिरता न केवल इन मीडिया कंपनियों के संचालन पर निवेशकों की भावनाओं को दर्शाती है, बल्कि यह उद्योग में व्यापक परिवर्तनों की ओर भी संकेत करती है।
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दूरसंचार विवाद निपटान और अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने उन ब्रॉडकास्टर्स को राहत देने से इनकार कर दिया है, जिन्होंने दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के डीडी फ्री डिश पर पेड चैनलों से संबंधित टैरिफ नियम को चुनौती दी थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, TDSAT ने ब्रॉडकास्टर्स को दो हफ्तों के भीतर नया रेफरेंस इंटरकनेक्ट ऑफर (RIO) दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह आदेश TDSAT की एक पीठ द्वारा दिया गया, जिसमें अध्यक्ष न्यायमूर्ति डी. एन. पटेल और सदस्य सुबोध कुमार गुप्ता शामिल थे। इस मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी 2025 को निर्धारित की गई है। इस मामले में याचिका इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन (IBDF) द्वारा दायर की गई थी। इसके साथ ही डायरेक्ट-टू-होम (DTH) ऑपरेटर जैसे टाटा प्ले, भारती टेलीमीडिया व डिश टीवी और ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (AIDCF) भी इस मामले में पक्षकार बन गए हैं। TRAI के जिस नियम को लेकर विवाद है, उसके अनुसार प्रसार भारती के फ्री डीटीएच प्लेटफॉर्म डीडी फ्री डिश पर दिखाए जाने वाले फ्री-टू-एयर (FTA) चैनलों को हैथवे केबल और टाटा प्ले जैसे प्लेटफॉर्म पर पेड चैनल नहीं घोषित किया जा सकता। IBDF ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि डीडी फ्री डिश को अन्य डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स (DPOs) के समकक्ष नहीं रखा जा सकता, क्योंकि इसके लिए किसी सब्सक्रिप्शन शुल्क की आवश्यकता नहीं होती। याचिका में यह भी कहा गया है कि TRAI का यह नियम चैनलों की पहुंच को सीमित कर सकता है।
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देश में टेलिविजन ब्रॉडकास्टर्स और डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के प्रतिनिधित्व वाले प्रमुख संगठन ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन‘ (IBDF) की 25वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 20 दिसंबर को नई दिल्ली में हुई। हाल ही में फाउंडेशन के प्रेजिडेंट के. माधवन द्वारा इस्तीफा देने के बाद बैठक की अध्यक्षता ‘इंडिया टीवी’ (India TV) के चेयरमैन और IBDF के वाइस प्रेजिडेंट रजत शर्मा ने की। वार्षिक आम बैठक के दौरान गौरव द्विवेदी (प्रसार भारती), अरुण पुरी (इंडिया टुडे) और जयंत एम मैथ्यू (एमएमटीवी) को भी इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन के बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की गई। इनके अलावा रजत शर्मा (इंडिया टीवी), आई. वेंकट (ईनाडु टीवी), केविन वज (जियोस्टार), आर. महेश कुमार (सन नेटवर्क), गौरव बैनर्जी (कल्वर मैक्स), नचिकेत पंतवैद्य (बांग्ला एंटरटेनमेंट), पुनीत गोयनका (जी मीडिया) और आशीष सहगल (जी एंटरटेनमेंट) को बोर्ड मेंबर्स के तौर पर शामिल किया गया है। वार्षिक आम बैठक के बाद IBDF के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुमंतो बोस (जियोस्टार) और जॉन ब्रिटास (कायराली टीवी) को बोर्ड में शामिल किया गया। इसके साथ ही बोर्ड ने नए पदाधिकारियों का चुनाव भी किया, जिनमें केविन वज को प्रेजिडेंट, रजत शर्मा, गौरव बैनर्जी व आर. महेश कुमार को वाइस प्रेजिडेंट और आई. वेंकट को कोषाध्यक्ष चुना गया।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा के खिलाफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के माध्यम से तैयार की गए सभी कंटेंट को हटाने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अमित बंसल द्वारा पारित किया गया। अंतरिम आदेश पर अदालत का फैसला यह अंतरिम आदेश रजत शर्मा द्वारा दायर एक याचिका पर आधारित है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ज्ञात और अज्ञात व्यक्ति उनके नाम, छवि, फोटो, वीडियो और अन्य पहचान व प्रचार अधिकारों का दुरुपयोग और उल्लंघन कर रहे हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि इस मामले में उनके पंजीकृत ट्रेडमार्क का भी उल्लंघन किया जा रहा है। याचिका में लगाए गए आरोप याचिका में रजत शर्मा ने कहा कि विवादित कंटेंट को प्रचारित किया जा रहा है ताकि मधुमेह, प्रोस्टेट की समस्या और जोड़ों के दर्द के लिए कथित दवाओं को बढ़ावा दिया जा सके। इन दवाओं को कुछ प्रतिष्ठित डॉक्टरों द्वारा तैयार किया गया बताया गया है या इसे सरकार द्वारा प्रमाणित दावा किया गया है। इसके साथ ही, यह सामग्री शर्मा के स्वास्थ्य सुझावों के रूप में प्रचारित की जा रही है, जिसमें अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व जैसे अमिताभ बच्चन और डॉ. नरेश त्रेहन के नाम भी जोड़े गए हैं। यह सब उनके व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव का डर रजत शर्मा ने कहा कि उनके नाम और छवि का इस तरह दुरुपयोग लोगों को गलत स्वास्थ्य संबंधी दावों की ओर प्रेरित कर सकता है, जिससे कई व्यक्तियों की सेहत और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। यह झूठे दावों को बढ़ावा देकर गंभीर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है। स्थायी रोक की मांग रजत शर्मा की याचिका में उनके व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों के उल्लंघन को रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश फर्जी सामग्री और झूठे दावों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत देता है, जो डिजिटल युग में पहचान और प्रचार अधिकारों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
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संसद में 'भारत के संविधान की 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चली चर्चा पर जवाब देने के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भीमराव आंबेडकर पर की गई एक टिप्पणी को कांग्रेस ने बड़ा मुद्दा बना दिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन्हें बर्खास्त करने की मांग की। इस मसले पर वरिष्ठ पत्रकार सौरव शर्मा ने भी अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, गृह मंत्री अमित शाह ने अंबेडकर पर कुछ भी ग़लत नहीं कहा,अपमान की बात तो दूर है।कांग्रेस के नेताओं को भी कल जब अमित शाह भाषण दे रहे थे तब कुछ ग़लत दिखायी नहीं दिया, खड़गे जी तो ख़ुद सामने बैठ कर ही सुन रहे थे, कोई प्रोटेस्ट नहीं हुआ उस वक्त, ये तो बाद में उन्हें समझ आया की अरे इस भाषण को तो ऐसे भी घुमाया जा सकता है। राजनीति के हथकंडे हैं और कुछ नहीं। आपको बता दें, कांग्रेस ने जो कुछ सेकंड की क्लिप निकालकर अमित शाह पर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया है, उसमें उन्हें कहते हुए सुना जा सकता है, अभी एक फैशन हो गया है, आंबेडकर, आंबेडकर। इतना नाम अगर भगवान का लेते तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता। वहीं बीजेपी ने साफ किया है कि कांग्रेस ने वीडियो के एक हिस्से को काटकर बयान को तोड़ा-मरोड़ा है, जबकि पूरे भाषण में उस टिप्पणी का मतलब यह नहीं था।
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केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मीडिया को बताया कि ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म को विनियमित करना सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है। उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दूरसंचार विभाग (DoT) दूरसंचार ऑपरेटर्स के अनुरोधों की जांच कर रहा है, जिन्होंने मंत्रालय से अपील की है कि वह OTT प्लेटफॉर्म्स को उनके साथ बुनियादी ढांचे की लागत साझा करने के लिए बाध्य करें। केंद्रीय संचार मंत्री ने कहा कि उनके द्वारा गठित छह सलाहकार समूहों में से एक ने इस मुद्दे को उठाया है, जिसमें दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) के दृष्टिकोण से चिंताओं को उजागर किया गया है।वही, ऑपरेटर्स का कहना है कि डेटा खपत की वृद्धि के मुकाबले दूरसंचार बुनियादी ढांचे का विस्तार अपेक्षित गति से नहीं हुआ है। इन प्लेटफॉर्म्स ने इस थोपे गए नियम का विरोध किया है और कहा है कि टेलीकॉम सेक्टर के लिए बनाए गए ऐसे नियम OTT में इनोवेशन को बाधित करेंगे और उन्हें उपभोक्ताओं से उन सेवाओं के लिए शुल्क लेने पर मजबूर कर देंगे, जो पहले मुफ्त में उपलब्ध थीं। सिंधिया ने एक समर्पित मैन्युफैक्चरिंग जोन स्थापित करने का समर्थन भी किया है, जहां दूरसंचार उपकरण बनाए जा सकें। उन्होंने कहा कि BSNL को पुनर्जीवित करने और 4G के विस्तार को बढ़ावा देने के बाद यह DoT की प्राथमिकता होगी।
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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के विधि सलाहकार आसिफ नजरुल ने विजय दिवस (16 दिसंबर 1971) के उपलक्ष्य में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट की निंदा करते हुए कहा कि भारत इस जीत में केवल एक सहयोगी था, इससे ज्यादा कुछ नहीं। इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर इस रवैये पर हैरानी जताई। उन्होंने एक्स पर लिखा, इतिहास कैसे तोड़ा-मरोड़ा जाता है यह 16 दिसंबर को मनाए गए विजय दिवस से पता चलता है।बांग्लादेश की अंतरिम सरकार 1971 की जीत में भारत के योगदान को झुठला रही है। यह तो हाल का इतिहास है। जरा सोचिए ! जो घटना घटित होते पूरी दुनिया ने देखी उसे ही सिरे से नकारा जा रहा है, तो फिर हमारे एक हज़ार साल के इतिहास को कैसे तहस-नहस किया गया होगा। आपको बता दें, 1971 में पाकिस्तानी सेना द्वारा भारतीय सेना के समक्ष आत्मसमर्पण किए जाने की याद में प्रत्येक वर्ष 16 दिसंबर को विजय दिवस मनाया जाता है। पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक जीत में भारतीय सैनिकों के योगदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक पोस्ट की थी।
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जैसे-जैसे अखबारों और पत्रिकाओं की भौतिक प्रतियों के पाठकों की संख्या घटती जा रही है, वैसे-वैसे दुनिया भर के प्रकाशनों को अपने व्यवसाय मॉडल में बदलाव करना पड़ रहा है, क्योंकि डिजिटल और वीडियो ने सुर्खियाँ बटोरी हैं। अब जब उपभोक्ता ऑडियो की ओर आकर्षित हो रहे हैं, तो चेन्नई स्थित मीडिया हाउस विकटन ने हाल ही में विकटन ऐप पर विकटन प्ले लॉन्च करके पॉडकास्ट का रास्ता अपनाया है। इस पहल का उद्देश्य उन दर्शकों को आकर्षित करना था जिनके पास पढ़ने के लिए समय नहीं था, लेकिन वे पॉडकास्ट सुन रहे थे। विकटन ग्रुप के प्रबंध निदेशक श्रीनिवासन बी कहते हैं, "विकटन प्ले का जन्म सुविधा और प्रौद्योगिकी के मेल से हुआ है। ऑडियो प्रारूप पिछले कुछ समय से मेरे लिए एक आकर्षक विषय रहा है, और हम लिखित शब्द को ऑडियो प्रारूप में लाने पर काम कर रहे हैं।" हालाँकि, यह कहना जितना आसान था, करना उतना ही मुश्किल था। पत्रिका को पेशेवर रूप से पढ़वाना एक महंगा प्रस्ताव था और Google टेक्स्ट टू स्पीच का उपयोग करने से स्वचालित आवाज़ आती थी जो सुखद अनुभव नहीं था। इन प्रयोगों के बाद, विकटन की तकनीकी टीम ने एक AI सक्षम आवाज़ को संश्लेषित करने का एक तरीका खोजा जो पत्रिका को पढ़ सकती थी और इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। श्रीनिवासन कहते हैं, "हमें आदर्श रूप से विकटन प्ले को पत्रिका के लिए Spotify बनाना चाहिए जहाँ प्लेलिस्ट को क्यूरेट किया जा सके। उपयोगकर्ताओं को भी अपनी खुद की प्लेलिस्ट बनानी चाहिए जिसे फिर उनके सोशल प्लेटफ़ॉर्म पर साझा किया जा सके। हम तब अपने दर्शकों के साथ सामाजिक रूप से बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं। हालाँकि, यह अभी भी प्रगति पर है।" 98 वर्षों की समृद्ध विरासत के साथ, विकटन विभिन्न विधाओं में सात पत्रिकाएँ प्रकाशित करता है। इस संग्रह ने इसकी अभिलेखीय सामग्री में गहराई से उतरने का अवसर प्रदान किया। शुरुआत करते हुए, विकटन ने अपनी लोकप्रिय पत्रिका श्रृंखला, कोट्टईपुरथु वीडू को एक ऑडियो श्रृंखला में बदल दिया। श्रीनिवासन कहते हैं, "हमने कुछ मौलिक सामग्री, संश्लेषित सामग्री पेश की है और फिर हमारे पास हमारे अभिलेखागार हैं जो मुझे लगता है कि चीजों को आगे बढ़ाएँगे। हम दर्शकों से एक भावना जानने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे पूछ रहे हैं कि वे क्या सुनना पसंद करेंगे।" वे आगे कहते हैं, "हमारा मानना है कि हम उस चरण में हैं जहाँ हम प्रिंट फ़र्स्ट प्लेयर से ऑडियो फ़र्स्ट प्लेयर बनना चाहते हैं। हम वीडियो से एक कदम पीछे हट रहे हैं, इसका कारण यह है कि जब आप सुनते हैं, तो आपकी कल्पनाएँ जंगली हो सकती हैं, ठीक वैसे ही जैसे जब आप पढ़ते हैं। हमारा मानना है कि यह आपकी इंद्रियों को उड़ा सकता है। हम उस क्षेत्र में रहना चाहेंगे।" शुरुआती प्रतिक्रिया "बेहद उत्साहजनक" रही है, और लॉन्च के बाद से पिछले तीन हफ़्तों में विकटन प्ले को करीब 100,000 लोगों ने सुना है। वर्तमान में, हर बार सुनने में औसतन 3:00 से 3:30 का समय लगता है, जबकि औसत उपयोगकर्ता महीने में लगभग 4 से 5 बार वापस आता है। चूंकि अभी शुरुआती दिन हैं, इसलिए विकटन अभी भी मुख्य डेटा बिंदुओं को ठीक करने और समझने की प्रक्रिया में है, जैसे कि दर्शक कौन सी सामग्री सुन रहे हैं, कब, कितना और कितनी बार आदि। विकटन ने अपने पाठकों को विकटन प्ले का नमूना देने के लिए भी संदेश देना शुरू कर दिया है। वे कहते हैं, “अगर हमें यह उछाल मिलता है, तो यह किसी बड़ी चीज़ की शुरुआत है। कुछ मिलियन तमिलों तक पहुँचने के बजाय, जो अपना समय पढ़ने में बिताते हैं, मैं अपने 70 मिलियन तमिलों के पूरे दर्शकों तक क्यों नहीं पहुँच सकता जो सुन सकते हैं। एनआरआई भी हमारे लिए बहुत बड़ा आकर्षण हैं।” विकटन सिर्फ़ तमिल दर्शकों को ही नहीं देख रहा है, बल्कि इसे और आगे बढ़ाने की भी योजना बना रहा है। हालाँकि शुरुआती योजना विकटन की इन-हाउस सामग्री पर ध्यान केंद्रित करने की है, अगला कदम तमिल में विभिन्न शैलियों में सामग्री को एकत्रित करना है, उसके बाद कई भाषाओं में सामग्री को शामिल करना है। वे कहते हैं, “हम इसे दर्शकों और भाषा से आगे बढ़ने के लिए एक मंच के रूप में उपयोग करना चाहते हैं। हम इसे एक ऐसा मंच बनाने की कोशिश कर रहे हैं जहाँ आप अच्छी, क्यूरेटेड, गुणवत्तापूर्ण सामग्री सुन सकें जो अच्छी तरह से पढ़ी और निर्मित हो।” मुद्रीकरण की बात करें तो, शुरुआती फोकस सैंपलिंग की ओर ले जाने वाले उत्साह को पैदा करने पर है और फिर AVOD मार्ग पर चलते हुए SVOD को एक अंतर्निहित अवसर के रूप में बनाए रखना है। ब्रांड और विज्ञापनदाताओं के ऑडियो कंटेंट की ओर आकर्षित होने के साथ, विकटन ने पहले महीने में ही कुछ विज्ञापनदाताओं के साथ रुचि देखी है। श्रीनिवासन कहते हैं, "हम ऑडियो के शुरुआती खिलाड़ियों में से हैं और हमें विश्वास है कि हम पर्याप्त विज्ञापन प्राप्त करने में सक्षम होंगे। अभी, हमने इस प्रायोगिक चरण में विज्ञापनदाताओं को प्रतिबंधित कर रखा है और विज्ञापनदाताओं को इसमें शामिल नहीं करना चाहते हैं। हम अपने दर्शकों, उनके व्यवहार और मैट्रिक्स को समझने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ विज्ञापनदाता इस यात्रा का हिस्सा बनने के इच्छुक हैं और इसमें शामिल हो गए हैं। हम उनके लिए विशेष रूप से कंटेंट बना रहे हैं और इसे विकटन प्ले पर होस्ट कर रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अभी मैं विकटन के हर एक उपयोगकर्ता को देखना चाहता हूँ जो कि लगभग 9 से 10 मिलियन मासिक सक्रिय यूनिक हैं, वे विकटन प्ले को उतना ही सुनें जितना वे विकटन पढ़ते हैं। मैं प्रति सुनने का समय और सुनने की संख्या बढ़ाना चाहता हूँ। हम लगभग 100,000 श्रोताओं पर हैं। मैं चाहता हूँ कि यह 100 मिलियन श्रोताओं तक पहुँच जाए, लेकिन 100,000 से 1 मिलियन, 1 मिलियन से 10 मिलियन और 10 मिलियन से 100 मिलियन तक का सफ़र इस मामले में बिल्कुल अलग होगा कि हमें इस पर कैसे काम करना है और इसे सही तरीके से कैसे करना है।” अन्य व्यवसायों पर बात करते हुए, श्रीनिवासन कहते हैं कि 2024 "पूर्ण त्वरण का वर्ष रहा है क्योंकि हम कई मोर्चों पर हरे अंकुर देख रहे हैं।" उत्पादन शाखा को देखें तो, विकटन टेलीविस्टास सबसे सफल तमिल प्रोडक्शन हाउस में से एक रहा है, लेकिन हिंदी सामग्री की बात आने पर यह एक मिश्रित बैग था। 2009 में, विकटन ने अपने सबसे सफल धारावाहिकों में से एक, ' थिरुमति सेल्वम ' को बालाजी टेलीफिल्म्स को लाइसेंस दिया, जो ज़ी टीवी पर बहुत लोकप्रिय 'पवित्र रिश्ता' बन गया । इसके बाद, यूटीवी के साथ एक संयुक्त उद्यम में, एक अन्य लोकप्रिय तमिल धारावाहिक, कोलांगल को स्टार प्लस पर ' मायेके से बंधी डोर' के रूप में रूपांतरित किया गया, जिसने उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया। एक दशक से अधिक समय के बाद, विकटन एक बार फिर हिंदी बाजार की ओर देख रहा है, इस बार रोलिंग टेल्स प्रोडक्शन के रूप में - इसका पहला शो, 'उड़ने की आशा' - जो कि बहुत लोकप्रिय तमिल धारावाहिक 'सिरागडिक्का आसाई' का रीमेक है, मार्च 2024 में स्टार प्लस पर प्रसारित होना शुरू हुआ और श्रीनिवासन गर्व से कहते हैं कि यह धारावाहिक आज स्टार प्लस और पूरे भारत में नंबर वन कार्यक्रम है। कंपनी ने अपने एक और लोकप्रिय तमिल शो 'देवीमागल' को भी कलर्स को पेश किया है, जिसके अगले साल जनवरी में प्रसारित होने की उम्मीद है। इसके अलावा, स्टार प्लस के लिए एक और शो पेश किया जा रहा है। विकटन के इवेंट वर्टिकल ने अपने चार प्रमुख पुरस्कारों, आनंद विकटन सिनेमा अवार्ड्स, नाम्बिकई अवार्ड्स 2024, अवल अवार्ड्स और नान्याम विकटन अवार्ड्स के अलावा, 2024 में विकटन टीवी अवार्ड्स लॉन्च किए। अब जल्द ही खेल पुरस्कार शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। अंत में श्रीनिवासन कहते हैं, "प्रिंट हमारा आधार और नींव है। प्रिंट ही वह सब कुछ है जिसके लिए हम मूल्य प्रणालियों, सामग्री, क्यूरेशन, आउटरीच और समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने के मामले में खड़े हैं। हम जो कुछ भी बनाते हैं, उसे प्रिंट के आधार पर बनाते हैं। हम जल्द ही अपने 100वें वर्ष में पहुँच जाएँगे और मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि हमारा आधार मजबूत है। हम बढ़ रहे हैं और हरियाली दिखाई दे रही है। हम यह समझने के लिए भी बातचीत करते हैं कि हमारे दर्शक कहाँ खड़े हैं। उन बातचीत से परे, हम समझते हैं कि दर्शक क्या चाहते हैं। हमारे लिए प्रासंगिक बने रहने का एकमात्र तरीका यह सुनिश्चित करना है कि हम उनके जीवन में मूल्य जोड़ें।"
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अगर 2023 वह साल था जब ने भारत में अपनी धाक जमानी शुरू की, तो 2024 में इसने कुछ गंभीर ताकत दिखाई- और वाणिज्य मीडिया भी पीछे नहीं रहा। ई-कॉमर्स दिग्गजों, डेटा परिष्कार और विज्ञापनदाताओं की ROI-संचालित अभियानों के लिए बढ़ती भूख से प्रेरित डिजिटल विज्ञापन के दोहरे पावरहाउस ने भारतीय मीडिया मिश्रण में एक दुर्जेय स्थान बना लिया है। लेकिन इससे पहले कि हम इस मामले के सार में उतरें, आइए कुछ पल के लिए साधारण बैनर विज्ञापनों और स्थिर छापों की लुप्त होती प्रासंगिकता पर शोक व्यक्त करें जो अब विपणक या दर्शकों को प्रेरित नहीं करते हैं। जैसे-जैसे उपभोक्ता तेजी से विभिन्न प्लेटफ़ॉर्म पर खरीदारी (और स्क्रॉल) कर रहे हैं, विज्ञापनों के लिए रियल एस्टेट केवल खुदरा विक्रेता के होमपेज तक सीमित नहीं है। यह हर जगह है। फ्लिपकार्ट कार्ट स्क्रीन से लेकर कॉमर्स डेटा द्वारा संचालित YouTube पर मिड-स्क्रॉल वीडियो तक - यदि आपने एक बार जूते खोजे हैं, तो आपको वे जूते ऐसी जगहों पर दिखेंगे, जिनके बारे में आपको पता भी नहीं था कि वे विज्ञापन होस्ट कर सकते हैं। अमेज़न, फ्लिपकार्ट और रिलायंस रिटेल की बढ़ती डिजिटल शाखा जैसी कंपनियों के नेतृत्व में खुदरा मीडिया ने भारत के विज्ञापन चर्चा में अपना दबदबा बनाए रखा। अमेज़न इंडिया के विज्ञापन राजस्व ने कथित तौर पर इस साल 6,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है - 2023 की तुलना में 25% की वृद्धि - प्रायोजित उत्पादों, प्रदर्शन विज्ञापनों और पीक फेस्टिव सीजन के दौरान प्रमुख स्थान पाने के लिए ब्रांडों की होड़ के कारण। फ्लिपकार्ट विज्ञापन, हालांकि बहुत पीछे नहीं है, इसने विज्ञापन राजस्व में साल-दर-साल 30% की वृद्धि की घोषणा की, जो लगभग 5,000 करोड़ रुपये (4972 करोड़ रुपये) के मील के पत्थर को छू रहा है, क्योंकि ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म ने ब्रांडों के डिजिटल बजट पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। लेकिन 2024 में खुदरा मीडिया और वाणिज्य मीडिया के बीच की रेखाएँ धुंधली हो गई हैं। कॉमर्स मीडिया, एक व्यापक क्षेत्र है जो लेन-देन संबंधी डेटा द्वारा संचालित गैर-खुदरा प्लेटफ़ॉर्म पर विज्ञापन प्लेसमेंट को शामिल करता है, ने इस वर्ष गंभीर प्रगति की है। इनमोबी और क्रिटियो जैसी कंपनियों ने इस दिशा में पहल की है, उन्होंने ऐसे समाधान पेश किए हैं जो विज्ञापनदाताओं को ई-कॉमर्स ऐप की सीमाओं से परे खरीदारी के लिए तैयार उपभोक्ताओं को लक्षित करने की अनुमति देते हैं। भारत में वाणिज्य मीडिया पर खर्च 2024 में 40% से अधिक बढ़ गया, क्योंकि ब्रांडों को एहसास हुआ कि उपभोक्ता अब खरीदारी करते समय या खरीदारी करने का निर्णय लेते समय किसी एक प्लेटफ़ॉर्म से बंधे नहीं रहते हैं। यह वास्तव में एक सरल तर्क है: जब आप YouTube, Instagram और समाचार पोर्टल पर वही विज्ञापन दिखा सकते हैं, तो खुद को Amazon विज्ञापनों तक सीमित क्यों रखें, जो उन खरीदारों के डेटा पर आधारित हैं, जिन्होंने आपका उत्पाद लगभग खरीद लिया था, लेकिन एक बिल्ली के वीडियो से विचलित हो गए? दक्षता, मापनीयता और उच्च रूपांतरणों का वादा ही वह कारण है जिसके कारण विपणक अपने बजट का कुछ हिस्सा वाणिज्य मीडिया पर स्थानांतरित कर रहे हैं, भले ही खुदरा मीडिया निचले-फ़नल प्रदर्शन के लिए आधार रेखा बना हुआ है। उत्सव का उत्साह और बढ़ती प्रतिस्पर्धा भारत का त्यौहारी सीजन हमेशा से ही विज्ञापनदाताओं के लिए एक अग्निपरीक्षा रहा है और 2024 भी इससे अलग नहीं रहा। रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ई-कॉमर्स सेक्टर ने 2024 के त्यौहारी सीजन के दौरान, जो 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक फैला हुआ है, साल-दर-साल 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जिसका सकल माल मूल्य (GMV) लगभग 14 बिलियन डॉलर है। अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट ने कस्टम विज्ञापन समाधानों के साथ कथा पर अपना दबदबा कायम रखा, जबकि रिलायंस रिटेल ने अपने जियोमार्ट विज्ञापन की पेशकश को बढ़ाना जारी रखा, जिससे छोटे व्यवसायों और राष्ट्रीय ब्रांडों दोनों को आकर्षित किया गया। लेकिन बड़ी कहानी वाणिज्य मीडिया के व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र की थी। उदाहरण के लिए, इनमोबी ने नए एकीकरण शुरू किए, जिससे विज्ञापनदाताओं को खुदरा संकेतों को वीडियो और सोशल विज्ञापन सूची से जोड़ने की अनुमति मिली, जिससे खरीदारी के लिए निर्बाध मार्ग बने। इस बीच, क्रिटियो ने भारतीय खुदरा विक्रेताओं और प्रकाशकों के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया, जिससे लेनदेन संबंधी डेटा प्रोग्रामेटिक अभियानों का मुख्य आधार बन गया। जैसा कि अपेक्षित था, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और FMCG जैसे डिजिटल-फर्स्ट सेक्टर रिटेल और कॉमर्स मीडिया दोनों में सबसे ज़्यादा खर्च करने वाले थे, लेकिन इस साल कुछ आश्चर्यजनक भी हुए। ऑटो ब्रांड, जो पारंपरिक रूप से सर्च और सोशल पर निर्भर थे, ने कॉमर्स मीडिया के साथ काफ़ी प्रयोग किया, रिसर्च मोड में खरीदारों को लक्षित करने के लिए शॉपिंग डेटा का इस्तेमाल किया। इसी तरह, घरेलू D2C ब्रांड, जो 2024 में तेज़ी से बढ़े, ने पाया कि कॉमर्स मीडिया Instagram और Google Ads से आगे बढ़ने के लिए एक किफ़ायती चैनल है। एडटेक विकसित हुआ, रिटेल की जीत हुई बेशक, खुदरा और वाणिज्य मीडिया का विकास अलग-थलग नहीं रहा है। भारत के डिजिटल विज्ञापन परिदृश्य में बड़े रुझानों ने इस बदलाव को प्रभावित किया है और इससे प्रभावित भी हुए हैं। शुरुआत के लिए, प्रोग्रामेटिक विज्ञापन , जो अब भारत में सभी डिजिटल विज्ञापन खर्च का लगभग 70% हिस्सा है, ने वाणिज्य मीडिया की डेटा-संचालित सटीकता के साथ अच्छी तरह से तालमेल बिठाया है। जैसे-जैसे खुदरा मीडिया प्लेटफ़ॉर्म प्रोग्रामेटिक एक्सचेंजों के साथ एकीकृत होते हैं, इरादे और डिलीवरी के बीच का अंतर कम होता जाता है। फिर एआई क्रांति है। प्लेटफ़ॉर्म वास्तविक समय में उत्पाद विज्ञापनों को अनुकूलित करने के लिए एआई का उपयोग कर रहे हैं, न केवल यह अनुमान लगाते हुए कि उपभोक्ता क्या खरीदने की संभावना रखते हैं बल्कि यह भी कि वे इसे कब खरीदने की संभावना रखते हैं। अमेज़ॅन के मशीन-लर्निंग-संचालित विज्ञापन प्लेसमेंट ने कथित तौर पर इस साल ब्रांडों के लिए 30% अधिक आरओएएस (विज्ञापन खर्च पर रिटर्न) दिया। समानांतर रूप से, भारत में छोटे एडटेक खिलाड़ी ब्रांडों को वाणिज्य डेटा का विश्लेषण करने और खुदरा और ओपन-वेब प्लेटफ़ॉर्म पर गतिशील रूप से बजट आवंटित करने में मदद करने के लिए एआई का लाभ उठा रहे हैं। यह बात तो स्पष्ट है कि खुदरा और वाणिज्य मीडिया अब हाशिये के चैनल नहीं रह गए हैं; वे भारत की डिजिटल विज्ञापन पुस्तिका के केंद्र में हैं। जैसे-जैसे साल खत्म हो रहा है, एक सच्चाई सामने आ रही है: भारत में खुदरा और वाणिज्य मीडिया की वृद्धि उसके खरीदारों का प्रतिबिंब है। खंडित लेकिन अति-जुड़े हुए, समझदार लेकिन आवेगी, वे अपने इरादे से मेल खाने वाले विज्ञापनों की मांग करते हैं, चाहे वे कहीं भी हों। चाहे वह फ्लिपकार्ट का बैनर हो, अमेज़ॅन का कैरोसेल हो, या न्यूज़ ऐप पर डूमस्क्रॉल करते समय वाणिज्य-संचालित वीडियो विज्ञापन हो, भारत के 2024 के उपभोक्ता ने अपनी बात कह दी है - और ब्रांड सुन रहे हैं।
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बुधवार को भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) द्वारा आयोजित ओपन हाउस चर्चा (ओएचडी) के दौरान कुछ हितधारकों द्वारा व्यक्त की गई सबसे बड़ी चिंताओं में से एक यह थी कि प्रसारण सेवाओं को दूरसंचार अधिनियम के अंतर्गत लाने से दूरसंचार और प्रसारण की भूमिकाओं के बीच की रेखाएं धुंधली हो जाएंगी। OHD, TRAI के परामर्श पत्र पर था, जिसका शीर्षक था दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के प्रावधान के लिए सेवा प्राधिकरणों का ढांचा , जिसकी काफी आलोचना हुई है, कई प्रसारकों ने इसे "अनावश्यक" और TRAI के अधिकार क्षेत्र से बाहर माना है। चर्चा के दौरान की गई सबसे महत्वपूर्ण टिप्पणियों में से एक भारतीय प्रसारण और डिजिटल फाउंडेशन (आईबीडीएफ) का प्रतिनिधित्व करने वाले सिबोनी सागर द्वारा की गई, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामग्री विनियमन, जो प्रसारण के लिए केंद्रीय है, को दूरसंचार अधिनियम में शामिल करने के बजाय सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) के दायरे में रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे प्रसारण के रचनात्मक और संवैधानिक पहलुओं को नुकसान पहुंच सकता है, क्योंकि इसे दूरसंचार की तरह महज एक उपयोगिता सेवा माना जाएगा, जिससे प्रसारण की विशिष्ट पहचान और सुरक्षा को नुकसान पहुंच सकता है। प्रसारण सेवाओं को दूरसंचार अधिनियम के दायरे में लाने के सुझाव से उद्योग पर इसके प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई है। इस दस्तावेज में बताया गया है कि विभिन्न प्रसारण प्लेटफॉर्म, जैसे डायरेक्ट-टू-होम (डीटीएच) सेवाएं, एचआईटीएस, आईपीटीवी, एफएम रेडियो आदि को वर्तमान में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) से लाइसेंस और अनुमति प्राप्त होती है। एमआईबी ने ट्राई से इन प्रसारण सेवाओं के लिए शुल्क सहित नियम और शर्तें सुझाने का अनुरोध किया था। इसका लक्ष्य विनियमों को मानकीकृत करना और उन्हें नए दूरसंचार अधिनियम के साथ संरेखित करना है। इस पत्र का उद्देश्य प्रसारण सेवाओं से संबंधित सेवा प्राधिकरणों के लिए एक नया ढांचा स्थापित करना है। सागर ने कहा, "हम विनम्रतापूर्वक यह कहते हैं कि दूरसंचार अधिनियम के तहत प्रसारण लाइसेंसिंग ढांचा पेश करना अनुचित होगा , क्योंकि यह अधिनियम प्रसारण के बड़े हिस्से को शामिल नहीं करता है, जो कि सामग्री विनियमन है। हमने और भी विस्तार से प्रस्तुत किया है, लेकिन इस अवसर पर हम दोहराना चाहते हैं कि प्रसारण और दूरसंचार के बीच अंतर को पहचानने की आवश्यकता है।" ओएचडी में हितधारकों का स्वागत करते हुए, ट्राई के अध्यक्ष ए.के. लाहोटी ने कहा कि 30 अक्टूबर 2024 को जारी किया गया यह परामर्श पत्र 25 जुलाई 2024 को सूचना और प्रसारण मंत्रालय से प्राप्त संदर्भ पर आधारित है। मंत्रालय ने बताया कि वर्तमान में डीटीएच, एचआईटीएस, टेलीपोर्ट्स, डीएसएनजी, एसएनजी, टीवी चैनलों की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग, एफएम रेडियो प्रसारण, सामुदायिक रेडियो स्टेशन और आईपीटीवी जैसी सेवाओं के लिए विभिन्न लाइसेंस, अनुमति और पंजीकरण भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 की धारा 4 के तहत दिए जाते हैं। "हालांकि, दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 60 की अधिसूचना के साथ, भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 नियत तिथि से निरस्त हो जाएगा। नतीजतन, पात्र संस्थाओं को दूरसंचार अधिनियम, 2023 की धारा 3.1 के तहत प्रसारण सेवाओं से प्राधिकरण प्राप्त करना आवश्यक होगा, जब इसे अधिसूचित किया जाएगा। तदनुसार, प्रसारण सेवाओं के नीति दिशानिर्देशों की सीमा को दूरसंचार अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के साथ संरेखित करना अनिवार्य है," लाहोटी ने कहा। चर्चा के दौरान, टाइम्स नेटवर्क के उपाध्यक्ष और एनबीडीए का प्रतिनिधित्व कर रहे संजय अग्रवाल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रसारण सेवाएं दूरसंचार से अलग हैं, जहां प्रसारण सामग्री निर्माण और अभिव्यक्ति पर केंद्रित होता है, जबकि दूरसंचार केवल संचार के लिए एक बुनियादी ढांचे के रूप में कार्य करता है। उन्होंने तर्क दिया कि तकनीकी प्रगति के बावजूद दूरसंचार अवसंरचना के माध्यम से प्रसारण की अनुमति है, लेकिन दोनों को एक साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने प्रसारण की विशिष्ट पहचान को बनाए रखने के लिए सामग्री और कैरिज को अलग रखने के महत्व पर जोर दिया और प्रसारण को दूरसंचार अधिनियम में एकीकृत करने का विरोध किया, क्योंकि यह अप्रत्यक्ष रूप से सामग्री को विनियमित करेगा, जिससे प्रसारण के लिए स्थापित ढांचे को कमजोर किया जाएगा। भारती एयरटेल के मुख्य नियामक अधिकारी राहुल वत्स ने कई महत्वपूर्ण बिंदु रखे, जिसमें निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए नियामक ढांचे में ओटीटी प्लेटफार्मों को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया, क्योंकि वे वर्तमान में डीटीएच और केबल जैसी विनियमित सेवाओं के विपरीत बिना किसी दायित्व के काम करते हैं। उन्होंने डीटीएच और प्रसारण जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए अलग-अलग शर्तों के साथ एक अनुकूलित विनियामक दृष्टिकोण का भी आह्वान किया, ताकि उनकी विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। वत्स ने नए प्राधिकरण ढांचे में स्वैच्छिक प्रवास का समर्थन किया, जिससे मौजूदा ऑपरेटरों के लिए स्थिरता सुनिश्चित हो सके। उन्होंने डीडी फ्रीडिश को निजी डीटीएच ऑपरेटरों के समान विनियामक ढांचे में शामिल करने, निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए वर्तमान डीटीएच शुल्क को बनाए रखने और व्यावसायिक दक्षता में सुधार के लिए टेलीपोर्ट के लिए अनुमोदन प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की वकालत की।
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प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी ने राहुल गांधी से एक बड़ी मांग की है। पूर्व पीएम नेहरू ने कई महान हस्तियों को तत्कालीन समय के दौरान कई लेटर लिखे थे। 2008 में ये दस्तावेज 51 गत्ते में भरकर सोनिया गांधी के पास पहुंचाए गए थे। अब राहुल गांधी से पत्र के जरिए इन दस्तावेजों का वापस देने की मांग की गई है। इस जानकारी के सामने आने के बाद वरिष्ठ पत्रकार अमिश देवगन ने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, पंडित जवाहर लाल नेहरू की चिट्ठियां देश की हैं और देश को ये जानने का हक है कि उनकी जयप्रकाश नारायण से क्या बातें हुई? एडविना माउंटबेटन ने नेहरू जी को क्या कहा? इसलिए जनहित और देशहित में पंडित नेहरू की चिट्ठियां प्रधानमंत्री म्यूज़ियम वापस पहुंचनी चाहिए। आपको बता दें, इतिहासकार, लेखक और प्रधानमंत्री म्यूजियम और लाइब्रेरी के सदस्य रिजवान कादरी ने कहा, बाबू जगजीवन राम, जय प्रकाश नारायण, एडविना माउंटबेटन और इतिहास से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण पत्रों सहित कई जरूरी पत्र उसमें मौजूद हैं। साथ ही पंडिट नेहरू और लेडी माउंटबेटन के बीच जरूरी पत्राचार, साथ ही जेपी नाराणा और अन्य के लिखे पत्र उसमें शामिल हैं।
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वर्तमान युग में मीडिया इंडस्ट्री तीव्र गति से परिवर्तन के दौर से गुजर रही है। तकनीकी प्रगति और उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव के चलते, मीडिया और मनोरंजन के पारंपरिक स्वरूप में काफी परिवर्तन हुआ है। वर्ष 2024 ने इस बदलाव को और गति दी है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव के कारण। वर्ष 2025 की ओर देखते हुए, यह स्पष्ट है कि एआई, डिजिटल मीडिया और नई तकनीकों का प्रभाव मीडिया इंडस्ट्री की दिशा को और अधिक प्रभावित करेगा। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के योगदान से मीडिया में क्रांति आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) ने मीडिया इंडस्ट्री में न केवल कार्यप्रणाली को सरल बनाया है, बल्कि नई संभावनाओं के द्वार भी खोले हैं। एआई के माध्यम से सामग्री निर्माण, उपभोक्ता डेटा का विश्लेषण और दर्शकों की पसंद का सटीक अनुमान लगाना अब आसान हो गया है। उदाहरणस्वरूप: - सामग्री निर्माण और संपादन: एआई-संचालित उपकरण जैसे GPT मॉडल्स, डीपफेक टेक्नोलॉजी और इमेज जनरेशन प्लेटफॉर्म कंटेंट क्रिएटर्स के लिए समय और लागत बचाते हैं। न्यूज़ चैनल्स अब रियल-टाइम न्यूज़ अपडेट्स और अनुकूलित समाचार प्रस्तुति के लिए एआई-सक्षम वर्चुअल एंकर का उपयोग कर रहे हैं। - डिजिटल विज्ञापन: एआई एल्गोरिदम उपभोक्ताओं की सर्च और ब्राउज़िंग आदतों का विश्लेषण करके व्यक्तिगत विज्ञापन तैयार करते हैं। इससे न केवल विज्ञापनदाता, बल्कि उपभोक्ता भी लाभान्वित होते हैं, क्योंकि उन्हें अपनी पसंद का ही कंटेंट देखने को मिलता है। - ऑडियंस इंगेजमेंट: चैटबॉट्स और वर्चुअल असिस्टेंट दर्शकों के सवालों का जवाब देकर और उनकी पसंद के कंटेंट का सुझाव देकर मीडिया कंपनियों की पहुंच और प्रभाव को बढ़ा रहे हैं। एआई से जुड़ी चुनौतियां हालांकि एआई ने मीडिया इंडस्ट्री में असंख्य अवसर प्रदान किए हैं, लेकिन यह नई चुनौतियां भी लेकर आया है। - नैतिकता और पारदर्शिता: एआई आधारित फेक न्यूज़ और डीपफेक टेक्नोलॉजी की वजह से गलत सूचनाओं का प्रसार बढ़ सकता है। - मानव संसाधन का विस्थापन: पारंपरिक कार्यबल को एआई द्वारा रिप्लेस किए जाने का खतरा बना हुआ है। - डेटा गोपनीयता: एआई को प्रशिक्षित करने के लिए आवश्यक डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा है। भारत और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का बाजार भारत, विश्व में एआई के विकास और उपयोग के मामले में अग्रणी देशों में शामिल हो रहा है। वर्ष 2024 में भारत का एआई बाजार लगभग $7 बिलियन तक पहुंच चुका है। अनुमान है कि 2025 तक यह $12 बिलियन तक बढ़ जाएगा। भारतीय एआई क्षेत्र में वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 20-25% के आसपास है। वर्ष 2024 में, भारत में एआई के क्षेत्र में लगभग 4 लाख पेशेवर काम कर रहे हैं। सरकार और निजी कंपनियां मिलकर एआई स्टार्टअप्स और अनुसंधान में भारी निवेश कर रही हैं। 2025 तक, एआई आधारित नौकरियों की संख्या में 30% तक वृद्धि की उम्मीद है। भारतीय मीडिया कंपनियां एआई-संचालित ट्रेंड एनालिसिस, कंटेंट पर्सनलाइजेशन और विज्ञापन ऑप्टिमाइज़ेशन पर भारी ध्यान केंद्रित कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर रिलायंस जियो और टाटा जैसे बड़े कॉर्पोरेट्स मीडिया और एआई के समागम के लिए बड़े स्तर पर निवेश कर रहे हैं। भारत में डिजिटल मीडिया का बढ़ता प्रभाव भारत में डिजिटल मीडिया का प्रभाव पारंपरिक मीडिया की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में, भारत में लगभग 700 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता हैं, जिनमें से अधिकांश स्मार्टफोन के माध्यम से डिजिटल सामग्री का उपभोग कर रहे हैं। नेटफ्लिक्स, एमेजॉन प्राइम, डिज़्नी+ हॉटस्टार जैसे ओटीटी प्लेटफॉर्म्स भारत में मनोरंजन का नया केंद्र बन गए हैं। फेसबुक, इंस्टाग्राम, और यूट्यूब पर स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में सामग्री का उपभोग बढ़ रहा है। डिजिटल न्यूज़ पोर्टल्स जैसे इनशॉर्ट्स और स्क्रॉल ने पारंपरिक न्यूज़ चैनल्स की जगह लेनी शुरू कर दी है। वर्ष 2024 में, भारत में डिजिटल विज्ञापन का आकार लगभग $4.5 बिलियन था। 2025 तक, यह $6.8 बिलियन तक पहुँचने की संभावना है। डिजिटल मीडिया में पर्सनलाइज्ड विज्ञापन और इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग एक नया ट्रेंड बन चुका है। भारत में 70% इंटरनेट उपयोगकर्ता ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं। सरकार की डिजिटल इंडिया पहल और सस्ती डेटा सेवाओं के कारण ग्रामीण भारत में डिजिटल कंटेंट का उपभोग तेजी से बढ़ रहा है। 2025 की उम्मीदें: मीडिया इंडस्ट्री का भविष्य - तकनीकी प्रगति का तेज़ी से उपयोग: वर्ष 2025 में एआई और मशीन लर्निंग के उपयोग से मीडिया इंडस्ट्री में और अधिक नवाचार की उम्मीद है। दर्शक लाइव पोल्स, क्विज़ और अन्य इंटरैक्टिव माध्यमों के ज़रिए कंटेंट के साथ जुड़ेंगे। वर्चुअल रियलिटी और ऑग्मेंटेड रियलिटी आधारित कंटेंट मीडिया इंडस्ट्री का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। - स्थानीय और क्षेत्रीय कंटेंट का विस्तार: स्थानीय भाषाओं में कंटेंट की माँग बढ़ेगी, जिससे क्षेत्रीय मीडिया कंपनियों को नए अवसर मिलेंगे। 2025 तक, 60% से अधिक डिजिटल कंटेंट स्थानीय भाषाओं में होगा। - नियामक और नैतिकता पर ज़ोर: एआई और डिजिटल मीडिया के बढ़ते उपयोग को ध्यान में रखते हुए सरकार डेटा सुरक्षा और फेक न्यूज़ की रोकथाम के लिए सख्त नियम लागू कर सकती है। "मीडिया ट्रांसपेरेंसी" के लिए नए मानक स्थापित होंगे। - उपभोक्ता-केंद्रित दृष्टिकोण: मीडिया इंडस्ट्री उपभोक्ताओं के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए व्यक्तिगत और अनुकूलित सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर फ्री-टू-व्यू और पे-पर-व्यू जैसे मॉडल और प्रचलित होंगे। कुल मिलाकर वर्ष 2024 का वर्ष भारतीय मीडिया इंडस्ट्री के लिए नवाचार और चुनौतियों का संगम रहा है। एआई और डिजिटल मीडिया ने पारंपरिक मीडिया के स्वरूप को बदलते हुए उपभोक्ताओं की नई पीढ़ी की जरूरतों को पूरा किया है। वर्ष 2025 में, तकनीकी प्रगति और क्षेत्रीय कंटेंट के विस्तार के साथ, भारतीय मीडिया इंडस्ट्री विश्व स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करेगी। हालांकि, नैतिकता, डेटा सुरक्षा, और फेक न्यूज़ जैसे मुद्दों से निपटना महत्वपूर्ण होगा। अतः यह कहना गलत नहीं होगा कि आने वाले वर्ष मीडिया इंडस्ट्री के लिए अनंत संभावनाओं का दौर होगा। (ये लेखक के निजी विचार हैं)
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बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि किसी भी अधिवक्ता को फुल-टाइम या पार्ट-टाइम आधार पर पत्रकारिता करने की अनुमति नहीं है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने बीसीआई के इस रुख को रिकॉर्ड पर लिया, जिसमें बीसीआई ने अपने नियम 49 का हवाला दिया। पीठ ने कहा, “हमने बीसीआई के वकील को सुना, जिन्होंने कहा कि बीसीआई के नियमों के अनुसार किसी अधिवक्ता को पार्ट-टाइम या फुल-टाइम पत्रकारिता करने की अनुमति नहीं है। याचिकाकर्ता ने हलफनामा दायर कर कहा है कि वह अब पत्रकार के रूप में कार्य नहीं करेंगे और केवल अधिवक्ता के रूप में ही अभ्यास करेंगे।” मामले की पृष्ठभूमि यह मामला मोहम्मद कामरान द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिन्होंने खुद को अधिवक्ता और स्वतंत्र पत्रकार के रूप में पहचाना था। बीसीआई ने अपने हलफनामे में स्पष्ट किया कि फुल-टाइम पत्रकारिता तो अधिवक्ताओं के लिए पूरी तरह निषिद्ध है, साथ ही पार्ट-टाइम पत्रकारिता भी आमतौर पर वर्जित है।हालांकि, बीसीआई ने कहा कि “यदि पार्ट-टाइम पत्रकारिता में केवल विद्वतापूर्ण लेख, कानूनी विषयों पर राय या संपादकीय योगदान शामिल हो, जो विधि व्यवसाय से ‘सार्थक संबंध’ रखता हो, तभी इसे अनुमति दी जा सकती है।” लेकिन इसके बावजूद, यह अधिवक्ता के विधि अभ्यास पर प्रतिबंध के रूप में कार्य करेगा। बीसीआई ने बताई शर्तें बीसीआई ने कहा कि किसी भी अधिवक्ता की पत्रकारिता गतिविधि उनके प्राथमिक पेशेवर कर्तव्यों के विपरीत नहीं होनी चाहिए और न ही यह उनके कानूनी पेशे की गरिमा व स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती है। बीसीआई ने यह भी कहा कि अधिवक्ताओं के लिए दोहरे पेशे को अपनाना पूरी तरह प्रतिबंधित है बीसीआई नियम 51 में अधिवक्ताओं को कुछ हद तक पत्रकारिता करने की छूट दी गई है, लेकिन यह केवल उन्हीं योगदानों तक सीमित होना चाहिए जो कानूनी अभ्यास और समझ से सीधे जुड़े हों। सुप्रीम कोर्ट का फैसला और अगली सुनवाई न्यायालय ने मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कामरान के उस हलफनामे को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा कि वह अब पत्रकार के रूप में कार्य नहीं करेंगे और केवल अधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं देंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी, 2025 को होगी। मामला कैसे शुरू हुआ? यह याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही को खारिज कर दिया गया था। दरअसल, सितंबर 2022 में बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखे थे, जिनमें कामरान को “षड्यंत्रकारी और चोर” बताया गया था। ये पत्र सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में भी प्रसारित हुए, जिसके बाद कामरान ने मानहानि का आरोप लगाते हुए सिंह के खिलाफ कार्यवाही को बहाल करने की मांग की। यह भी उल्लेखनीय है कि बृजभूषण शरण सिंह एक अन्य मामले में यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना कर रहे हैं, जो छह भारतीय पहलवानों द्वारा लगाए गए थे। बीसीआई के इस रुख से साफ हो गया है कि अधिवक्ता को पत्रकारिता जैसे अन्य पेशे को अपनाने की अनुमति नहीं है। इससे संबंधित कानूनी स्थिति को और स्पष्ट करने के लिए मामले की सुनवाई अगले वर्ष फरवरी में होगी
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अगर आप स्पोर्ट्स से जुड़ी खबरों में रुचि रखते हैं और डिजिटल कंटेंट तैयार करने का अनुभव है, तो ‘टाइम्स इंटरनेट’ (Times Internet) में आपके लिए नौकरी का शानदार अवसर है। दरअसल, ‘नवभारत टाइम्स’ की डिजिटल टीम (navbharattimes.com) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रड्यूसर (हिंदी स्पोर्ट्स डेस्क) के पद पर वैकेंसी है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, यह नियुक्ति नोएडा के लिए होनी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास पांच से आठ साल का अनुभव होना चाहिए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तर पर बड़े खेल आयोजनों, टीमों, लीग और प्लेयर्स की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।
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सरकार द्वारा मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) इंडस्ट्री पर सख्त कार्रवाई के चलते पंजीकृत ऑपरेटर्स की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। नवंबर 2024 तक केवल 843 MSOs ही परिचालन में हैं, जो पिछले साल के 998 पंजीकृत ऑपरेटर्स की तुलना में काफी कम है। 10 वर्षों में 1,000 से अधिक पंजीकरण रद्द या सरेंडर सूचना-प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी सूची के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में 1,000 से अधिक MSOs के पंजीकरण या तो रद्द कर दिए गए हैं या ऑपरेटर्स ने खुद उन्हें सरेंडर कर दिया है। मंत्रालय ने पंजीकरण रद्द करने के पीछे अनुपालन न करना और संचालन में न रहना जैसे प्रमुख कारण बताए हैं। इसके अलावा, पिछले एक दशक में 114 MSOs के पंजीकरण आवेदन खारिज किए गए हैं। 843 पर सिमटी संख्या अगस्त 2024 तक पंजीकृत MSOs की संख्या 850 थी, लेकिन मंत्रालय ने इसके बाद 7 और ऑपरेटर्स के लाइसेंस रद्द कर दिए, जिससे यह संख्या घटकर 843 रह गई। सख्त नियमों का असर एक्सपर्ट्स का मानना है कि MSOs की संख्या में यह गिरावट सरकार के सख्त नियामक रवैये का परिणाम है। इस सख्ती का उद्देश्य इंडस्ट्री को सुव्यवस्थित करना और उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाना है। यह प्रवृत्ति जारी रहने की उम्मीद है, जिससे MSO इंडस्ट्री का परिदृश्य पूरी तरह बदल सकता है। बड़े खिलाड़ी अब भी मजबूत हालांकि MSOs की संख्या घटी है, लेकिन कुछ बड़े ऑपरेटर्स अब भी बाजार में अपना दबदबा बनाए हुए हैं। 31 दिसंबर 2023 तक, 11 MSOs और 1 HITS ऑपरेटर के पास 1 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स थे। GTPL Hathway ने 8 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स के साथ शीर्ष स्थान पर अपनी स्थिति मजबूत रखी। छोटे ऑपरेटर्स के लिए चुनौती, बड़े खिलाड़ियों को फायदा सरकार की कंसोलिडेशन पॉलिसी और कड़े नियम छोटे ऑपरेटर्स के लिए मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। वहीं, बड़े ऑपरेटर्स को बढ़ते बाजार हिस्सेदारी और आर्थिक पैमाने का लाभ मिलने की उम्मीद है। इंडस्ट्री के भविष्य पर प्रभाव सरकार की इस सख्ती और नियामकीय सुधारों से यह स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में MSO इंडस्ट्री एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है। यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने और इंडस्ट्री को पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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यदि आप पत्रकार हैं और नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं तो प्रतिष्ठित हिंदी अखबार ‘प्रभात खबर’ (Prabhat Khabar) की डिजिटल टीम से जुड़ने का आपके पास काफी अच्छा मौका है। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, प्रभात खबर की डिजिटल टीम में बिहार हेड, वीडियो प्रड्यूसर, सीनियर कंटेंट राइटर और जूनियर कंटेंट राइटर समेत कई पदों पर वैकेंसी है। यही नहीं, पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए भी यहां पेड इंटर्नशिप/ऑन जॉब ट्रेनिंग का शानदार मौका है। इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे vacancies.hr@prabhatkhabar.in पर भेज सकते हैं। पदों की संख्या व किस पद के लिए क्या योग्यता/अनुभव चाहिए और नौकरी की लोकेशन क्या रहेगी, इस बारे में ज्यादा जानकारी आप नीचे दिए गए विज्ञापन से ले सकते हैं।
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हॉकी इंडिया लीग (HIL) 2024-25 के व्यापक प्रसारण के लिए सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क को शामिल किया गया है। प्रशंसक सोनी स्पोर्ट्स टेन 1 (अंग्रेजी), सोनी स्पोर्ट्स टेन 3 (हिंदी) और सोनी स्पोर्ट्स टेन 4 (तमिल और तेलुगु) चैनलों पर स्टैंडर्ड डेफ़िनेशन (SD) और हाई डेफ़िनेशन (HD) दोनों में सभी एक्शन को लाइव देख सकेंगे। एचआईएल 2024-25 की शुरुआत 28 दिसंबर 2024 को होने वाली है, सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क की मल्टी-चैनल, बहुभाषी प्रसारण रणनीति अंग्रेजी, हिंदी, तमिल और तेलुगु में कमेंट्री की पेशकश करेगी, एसएसएन का लक्ष्य विभिन्न क्षेत्रों के प्रशंसकों को जोड़ना और खेल को अधिक समावेशी बनाना है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के मुख्य राजस्व अधिकारी - वितरण एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार तथा खेल व्यापार प्रमुख राजेश कौल ने कहा: "हॉकी ने भारत में उल्लेखनीय लोकप्रियता हासिल की है, जिसमें भारतीय टीम की लगातार ओलंपिक में सफलता ने पुनरुत्थान में योगदान दिया है। सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क में, हम हमेशा भारतीय प्रशंसकों के लिए विविध खेल पोर्टफोलियो के साथ खेल प्रशंसकों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं। हमारी पेशकशों में दुनिया की प्रमुख फ्रैंचाइज़-आधारित हॉकी लीगों में से एक को शामिल करने से निस्संदेह प्रशंसक खेल के और करीब आएंगे। हम इस तीन सीज़न की साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं और इसे 'हॉकी के घर' के रूप में खुद को स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखते हैं, जैसा कि हमने अपने पोर्टफोलियो में अन्य प्रमुख खेलों के साथ किया है।" हॉकी इंडिया लीग (HIL) गवर्निंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. दिलीप तिर्की ने कहा, "हम HIL 2024-25 के प्रसारण के लिए सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ साझेदारी करके रोमांचित हैं। कई चैनलों और भाषाओं में उनका व्यापक कवरेज यह सुनिश्चित करेगा कि देश के सभी कोनों से प्रशंसक लीग का आनंद ले सकें। यह सीज़न बड़ा, बेहतर और बोल्ड होने वाला है और हमें विश्वास है कि सोनी की बेजोड़ प्रसारण क्षमताएँ भारतीय हॉकी के उत्साह को नई ऊँचाइयों पर ले जाने में मदद करेंगी।" हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) की गवर्निंग कमेटी के सदस्य भोला नाथ सिंह ने कहा, "हमारा ध्यान हमेशा हॉकी को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने पर रहा है और सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के साथ यह साझेदारी हमें ऐसा करने का मौका देती है। उनकी बहुभाषी प्रसारण योजना के साथ, हम खेल को बड़े दर्शकों तक पहुँचा रहे हैं, उन्हें खेल के करीब ला रहे हैं। हमारा मानना है कि यह सीज़न दर्शकों की संख्या और प्रशंसकों की सहभागिता के मामले में एक नया मानक स्थापित करेगा।"
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पहले हरियाणा में हार को जीत में बदल कर तीसरी बार सरकार बनाने और फिर महाराष्ट्र में आशा के विपरीत एकतरफा तूफानी बहुमत हासिल करके भारतीय जनता पार्टी और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन एनडीए ने लोकसभा चुनावों में मिले खासे झटके के सदमे को नए हौसले में बदल दिया है। हालांकि, इसी दौर में जम्मू कश्मीर और झारखंड में विपक्षी इंडिया गठबंधन की भी जीत हुई है, लेकिन हरियाणा और महाराष्ट्र की जीत के जश्न और शोर में इन दोनों राज्यों में भाजपा की नाकामयाबी की चर्चा दब गई है। भाजपा की इस जीत का श्रेय यूं तो हर बार की तरह पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति को दे रही है, लेकिन दूसरी तरफ इन दोनों राज्यों की सफलता को भाजपा के मातृ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने हजारों स्वयंसेवकों की मेहनत का नतीजा बताया है। आमतौर पर संघ पर्दे के पीछे रहकर ही काम करता है और चुनावी सफलता का श्रेय संघ कभी सीधे नहीं लेता है, लेकिन पहली बार उसने खुलकर इसका श्रेय अपने स्वयंसेवकों को दिया है। इसके साथ ही संघ अब मोदी युग के बाद भाजपा के नेतृत्व को गढ़ने में जुट गया है। संघ के इस रुख के कई संकेत हैं। पहला ये कि लोकसभा चुनावों में जब भाजपा के 370 और एनडीए के चार सौ पार के नारे की हवा निकली और भाजपा बमुश्किल 240 सीटें ही जीत पाई और तीसरी बार उसे अपनी सरकार बनाने के लिए सहयोगी दलों के समर्थन पर निर्भर होना पड़ा है। तब संघ की तरफ से यह संदेश दिया गया कि ऐसा इसलिए हुआ कि लोकसभा चुनावों में आरएसएस के स्वयंसेवक उदासीन हो गए और संघ ने इन चुनावों को पूरी तरह मोदी शाह और भाजपा के भरोसे छोड़ दिया था। नतीजा ये कि भाजपा को अपने बलबूते बहुमत के आंकड़े के भी लाले पड़ गए।यह एक तरह से चुनावों के बीच में एक अखबार को दिए गए इंटरव्यू में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के बयान कि भाजपा अब अपने पैरों पर खडी हो गई है और उसे अब संघ के सहारे की जरूरत नहीं है,का संघ की तरफ से दिया गया जवाब भी माना जा सकता है। लोकसभा चुनावों के झटके के बाद भाजपा ने हरियाणा महाराष्ट्र और झारखंड के चुनावों के लिए संघ की तरफ देखा और संघ ने इस मौके को हाथ से जाने नहीं दिया। संघ के हजारों स्वयंसेवक इन राज्यों में फैल गए। बताया जाता है कि अकेले हरियाणा में संघ ने छोटी बड़ी सब मिलाकर करीब बीस हजार बैठकें कीं। यह संख्या महाराष्ट्र में और भी ज्यादा थी। इन विधानसभा चुनावों के पूरे सियासी विमर्श को संघ ने ही गढ़ा। सबसे पहले उत्तर प्रदेश में संघ के चहेते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नया नारा दिया बटेंगे तो कटेंगे जो लोकसभा चुनावों में विपक्ष द्वारा सामाजिक न्याय के नाम पर किए गए जातीय ध्रुवीकरण की काट के तौर पर दिया गया था। योगी के इस नारे पर संघ प्रमुख सर संघ चालक मोहन भागवत ने मुहर लगाई और फिर नारा विधानसभा चुनावों में भाजपा का चुनावी नारा बन गया। महाराष्ट्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे थोड़ा परिष्कृत करके कहा एक हैं तो सेफ हैं। इन दोनों नारों का संदेश साफ था कि हिंदुओं जातियों में न बंट कर एकजुट होकर भाजपा के लिए मतदान करो। हरियाणा में जहां इस नारे के जरिए जाटों के वर्चस्व के जवाब में गैर जाटों का भाजपा के पक्ष में ध्रुवीकरण किया गया वहीं महाराष्ट्र में विपक्ष के मुस्लिम और जातीय ध्रुवीकरण के जवाब में यह नारा हिंदू ध्रुवीकरण का मंत्र बन गया। कोशिश झारखंड में भी की गई लेकिन वहां हेमंत सोरेन के आदिवासी ध्रुवीकरण ने बटेंगे तो कटेंगे को बेअसर कर दिया। इस नारे से बने चुनावी विमर्श और उससे आए महाराष्ट्र के नतीजों ने भाजपा पर संघ की पकड़ को फिर से मजबूत कर दिया है, जो 2019 के बाद धीरे धीरे कमजोर हो चली थी। इसका सबसे बड़ा परीक्षण महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के चयन सामने आया जब करीब दो सप्ताह तक चली भारी कशमकश के बाद आखिरकार देवेंद्र फडणनवीस के नाम पर ही पार्टी ने मुहर लगाई। हालांकि, लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भाजपा को मिली करारी हार से देवेंद्र फडणनवीस के करिश्मे पर भी ग्रहण लग गया था और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी लेते हुए उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के पेशकश भी की थी, लेकिन उसे नामंजूर करते हुए पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनावों के लिए जुट जाने को कहा और देवेंद्र फडणनवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में भाजपा नीत महायुति गठबंधन की जीत के लिए रणनीति बनाने से लेकर प्रत्याशी चयन,सीटों के बंटवारे और प्रचार अभियान का नेतृत्व करते हुए जी तोड़ मेहनत की और महायुति की महाजीत का श्रेय भी सबसे ज्यादा उन्हें ही मिला। इसलिए जब मुख्यमंत्री के नाम पर अटकलें लगीं तो सबसे ऊपर उनका ही नाम था। इसके बावजूद करीब 13 दिनों तक भाजपा उनके नाम की घोषणा इसलिए नहीं कर सकी, क्योंकि पार्टी में ही एक धड़ा उनका विरोध कर रहा था और फडणनवीस के विरोधियों ने निवर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तक को भी इसके लिए इस्तेमाल किया कि फडणनवीस का रास्ता रोका जा सके, लेकिन आखिरकार विरोधी नाकाम हुए और संघ के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन ने देवेंद्र फडणनवीस को फिर से महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री पद सौंप दिया। लोकसभा चुनावों के बाद घटे इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम ने भाजपा की राजनीति में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को फिर सत्ता के एक निर्णायक केंद्र की भूमिका में ला दिया है। संघ का अगला मिशन भाजपा के संगठन को फिर अपने प्रभाव में लेने का है, जो पिछले कुछ वर्षों में उसके हाथ से काफी हद तक फिसल गया था। इसके लिए अब संघ भाजपा अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता को बिठाने की कवायद में है जो संघ निष्ठ होने के साथ साथ पार्टी संगठन को भी संघ के विचारों संस्कारों और कार्यशैली में ढाल सके। हालांकि, अपनी इस कवायद में संघ अपने परिवार के सबसे लोकप्रिय चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नाराज और अनदेखा नहीं कर सकता है, इसलिए उसकी कोशिश है कि अध्यक्ष पद पर किसी ऐसे नेता के नाम को आगे बढ़ाया जाए जिस पर मोदी को भी कोई खास एतराज न हो, लेकिन साथ ही संघ की कोशिश है कि अध्यक्ष भले ही प्रधानमंत्री के साथ तालमेल बिठाकर चले लेकिन वह पूरी तरह सरकार और उसके सत्ता केंद्रों के आगे नतमस्तक भी नहीं होना चाहिए। संघ अब भारतीय जनता पार्टी में मोदी के आगे के युग की तैयारी में जुट गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी भाजपा के सर्वोच्च नेता हैं और जब तक वह प्रधानमंत्री हैं वही सर्वोच्च रहेंगे, लेकिन उनकेक पंक्ति संघ तैयार कर रहा है। इन नेताओं में प्रमुख रूप से गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ ही अब नया नाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणनवीस का भी जुड़ गया है। जहां तक रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की भूमिका का सवाल है तो संघ के मुताबिक ये मोदी युग के ही महारथी हैं। संघ को 2029 के लोकसभा चुनावों और उसके बाद की राजनीति के लिए भाजपा नेतृत्व विकसित करना है। ऐसे में भाजपा अध्यक्ष की भूमिका खासी अहम होगी और जो भी नया अध्यक्ष होगा उसे भी भाजपा की अगली पंक्ति के नेता के रूप में देखा जाएगा और उसकी जिम्मेदारी होगी कि वह पार्टी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर सके। संघ वैसी गलती दोहराना नहीं चाहती है जैसी कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार जाने के बाद हुई और पार्टी लाल कृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी जैसे पुराने दिग्गजों के भरोसे ही ही रही और दस साल तक उसे केंद्रीय सत्ता से वंचित रहना पड़ा।
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देश के प्रमुख हिंदी न्यूज चैनलों में से एक ‘न्यूज नेशन’ में इन दिनों हालात ठीक नहीं चल रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चैनल में बड़े स्तर पर छंटनी की गई है, जिसमें टीवी, डिजिटल और नेशनल टीम के कई पत्रकारों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।खबर है कि कुछ समय पहले चैनल में छंटनी हुई थी, हालांकि बीच में यह रुक गई थी और पिछले महीने इंक्रीमेंट भी हुए थे, लेकिन 13 दिसंबर को अचानक से कई पत्रकारों को मेल कर, फोन कर और बुलाकर नौकरी से हटाने की सूचना दी गई। इनमें आउटपुट, इनपुट, रिसर्च, टेक्निकल, कैमरा, एंकर्स की भी नौकरी गई। नाम न छापने की शर्त पर दखल से बातचीत में कई पत्रकारों ने बताया कि मैनेजमेंट ने मौखिक रूप से कई एंप्लॉयीज को इस्तीफा देने के लिए कहा और कुछ मामलों में उनसे जबरन इस्तीफा भी ले लिया गया। हालांकि, इस मुद्दे पर अब तक मैनेजमेंट की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह छंटनी चैनल के आंतरिक संकट और लागत को कम करने की योजना का हिस्सा है। यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में छंटनी का यह सिलसिला और तेज हो सकता है, जिससे कई और एंप्लॉयीज पर गाज गिरने की आशंका है। चैनल को बेचे जाने की चर्चाओं ने पकड़ा जोर: इंडस्ट्री में इस तरह की चर्चाएं भी तेजी से चल रही हैं कि ‘न्यूज नेशन’ नेटवर्क को बेचने की तैयारी है। इसको लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए चैनल प्रबंधन द्वारा बड़े पैमाने पर कॉस्ट कटिंग की जा रही है। ऐसे में वर्कफोर्स को कम करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत छंटनी की जा रही है और इसकी चपेट में टीवी, डिजिटल और अन्य टीमों के कई पत्रकार आए हैं, जबकि कई पर अभी नौकरी जाने की तलवार लटकी हुई है। पत्रकारों में चिंता और असुरक्षा का माहौल: छंटनी की इस लहर के चलते न्यूज़ नेशन के एंप्लॉयीज में असुरक्षा और भय का माहौल बन गया है। कई पत्रकार जो लंबे समय से चैनल से जुड़े हुए थे, उन्हें अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इससे इंडस्ट्री में भी हलचल मच गई है और लोग इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रबंधन से संपर्क का प्रयास जारी: इस पूरे मामले पर दख़ल द्वारा न्यूज नेशन के मैनेजमेंट से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। हालांकि, संस्थान से जुड़े उच्च स्तरीय सूत्रों का कहना है कि कॉस्ट कटिंग की जा रही है और इसलिए वर्कफोर्स को कम किया जा रहा है। वहीं, चैनल को बेचे जाने की चर्चाओं को उन्होंने महज अफवाह करार दिया है। ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ की ओर से कुछ एंप्लॉयीज को भेजे गए मेल का स्क्रीन शॉट (विश्वसनीय सूत्रों द्वारा समाचार4मीडिया को उपलब्ध कराई गई कॉपी) आप यहां देख सकते हैं।
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पिछले सप्ताह (9-13 दिसंबर) के दौरान प्रमुख मीडिया व एंटरटेनमेंट कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र में कमजोर निवेशक भावना का संकेत है। आइए देखते हैं कि इन कंपनियों का प्रदर्शन शेयर मार्केट में कैसा रहा- जी एंटरटेनमेंट (Zee Entertainment) पिछले पांच दिनों में जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के शेयर में 6.39% की गिरावट आई। 9 दिसंबर को यह 142.03 रुपये के उच्चतम स्तर पर था, जो 13 दिसंबर को 132.95 रुपये पर आ गया। यह स्थिर गिरावट निवेशकों की सतर्कता और मंदी के रुझान को दर्शाती है, जो संभवतः कंपनी से जुड़ी समस्याओं या व्यापक बाजार प्रवृत्तियों के कारण हो सकता है। 12,760 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण और 114.30 रुपये से 293.20 रुपये के 52-सप्ताह के दायरे के साथ, इसका मूल्य अब अपने वार्षिक निचले स्तर के करीब पहुंच गया है। टीवी टुडे नेटवर्क (TV Today Network) टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड के शेयर पिछले पांच दिनों में 5.60% गिर गए। 13 दिसंबर को यह 203.54 रुपये पर बंद हुआ। इस अवधि में इसका उच्चतम स्तर 204.50 रुपये और न्यूनतम स्तर 201 रुपये रहा। लगातार गिरावट कमजोर निवेशक भावना को दर्शाती है। एनडीटीवी (NDTV) एनडीटीवी का शेयर सप्ताह की शुरुआत 175.20 रुपये पर हुआ। गुरुवार को यह 177.65 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंचा, लेकिन शुक्रवार को 170 रुपये तक गिर गया, जो इसका सबसे निचला स्तर था। सप्ताहांत में यह 171.25 रुपये पर बंद हुआ। यह हल्की गिरावट बेचने के दबाव को दर्शाती है। नेटवर्क18 (Network18) नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने सप्ताह की शुरुआत मजबूती से 80.01 रुपये पर की, लेकिन मध्य सप्ताह में इसमें भारी गिरावट देखी गई। शुक्रवार को यह 73.84 रुपये तक गिर गया और 74.57 रुपये पर बंद हुआ। यह गिरावट और अस्थिरता के साथ मंदी के रुझान को दर्शाती है। जी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (ZMCL) जी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड (ZMCL) का शेयर सोमवार को 20.80 रुपये पर खुला और 20.90 रुपये तक बढ़ा, लेकिन फिर लगातार गिरावट दर्ज करते हुए शुक्रवार को 19.40 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। यह सप्ताहांत में हल्के सुधार के साथ 19.55 रुपये पर बंद हुआ, लेकिन गिरावट का रुझान स्थिर बना रहा। जागरण प्रकाशन (Jagran Prakashan) जागरण प्रकाशन लिमिटेड का शेयर सोमवार को 88.90 रुपये पर खुला और 90 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, लेकिन सप्ताहभर धीरे-धीरे गिरावट दर्ज करते हुए शुक्रवार को 86.50 रुपये पर बंद हुआ, जो इसका साप्ताहिक निम्नतम स्तर था। एचटी मीडिया (HT Media) एचटी मीडिया का शेयर सोमवार को 24.94 रुपये पर खुला और मंगलवार को 25.25 रुपये के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। इसके बाद सप्ताहभर इसमें गिरावट देखी गई और शुक्रवार को यह 24.05 रुपये पर बंद हुआ, जो सप्ताह का सबसे निचला स्तर था। यह निवेशकों की कमजोर भावना को स्पष्ट करता है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मीडिया व एंटरटेनमेंट सेक्टर में हाल के दिनों में मंदी का दौर चल रहा है और निवेशक इन कंपनियों के प्रदर्शन को लेकर सतर्क हैं।
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बिजनेस टुडे' (Business Today) के एडिटर के पद से हाल ही में इस्तीफा देने वाले सौरव मजूमदार को लेकर अब एक बड़ी खबर आयी है। दरअसल, अब वह 'फॉर्च्यून इंडिया' (Fortune India) के एडिटर-इन-चीफ के रूप में शामिल हो गए हैं। बता दें कि यह उनके लिए इस प्रकाशन के साथ दूसरी पारी होगी। सौरव मजूमदार ने लिंक्डइन पर लिखा, "Fortune India में वापस आकर मुझे खुशी हो रही है और मैं इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए तैयार हूं।" सौरव मजूमदार का करियर वित्तीय पत्रकारिता में तीन दशकों से अधिक का है और उन्होंने प्रमुख प्रकाशनों में वरिष्ठ संपादकीय भूमिकाएं निभाई हैं। वह वर्तमान में Business Today के संपादक थे, लेकिन पहले वह Fortune India और Forbes India के संपादक रहे हैं, जहां उन्होंने बिजनेस खबरों को गहरी समझ के साथ आकार दिया, विशेष रूप से कॉर्पोरेट और वित्तीय बाजारों पर।
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पीआर और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन इंडस्ट्री एक तेजी से बदलता और गतिशील क्षेत्र है, जहां नए और क्रिएटिव विचारों से भरी आउट-ऑफ-द-बॉक्स कैंपेन इस इंडस्ट्री को आगे बढ़ाते हैं। इन कैंपेंस के पीछे के प्रोफेशनल अपने नवीन दृष्टिकोण और नई ऊर्जा से इस क्षेत्र के परिदृश्य को बदलने का प्रयास करते हैं। इसी कड़ी में एक्सचेंज4मीडिया (e4m) एक बार फिर पीआर और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के सबसे बड़े इवेंट PR & Corp Comm IPRCCA के साथ लौट आया है, जोकि इसका 15वां संस्करण है। यदि आपके पास कोई प्रभावशाली, रचनात्मक और असरदार पीआर या कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन कैंपेन है, तो इसे IPRCCA 2024 में नामांकित करने का शानदार मौका है। कौन कर सकता है नामांकन? नामांकन पीआर एजेंसियां, क्रिएटिव एजेंसियां, संगठन, विज्ञापनदाता/कॉर्पोरेट ब्रैंड्स या अन्य इच्छुक व्यक्ति और संगठन (PR Agencies, Creative Agencies, Organizations, Advertisers/Corporate Brands, or other interested individuals or organizations) द्वारा किया जा सकता है, बशर्ते वे किसी ग्रुप कैटेगरी या इंडिविजुअल कैटेगरी के लिए पात्र हों। - प्रस्तुत किए जाने वाले सभी कार्य 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच पहली बार क्रियान्वित किए गए होने चाहिए। - सभी कैटेगरीज में प्रविष्टियां अंग्रेजी सहित सभी भारतीय भाषाओं के लिए खुली हैं। नामांकन प्रक्रिया, प्रविष्टि जमा करने का शुल्क व अन्य नियमों की अधिक जानकारी के लिए यहां क्लिक करें-
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राष्ट्रीय प्रसारक दूरदर्शन ने हॉकी को एक राष्ट्रव्यापी उत्सव में बदलने और हॉकी खिलाड़ियों को देशभर में जाना-पहचाना नाम बनाने के लिए हॉकी इंडिया लीग के साथ साझेदारी की है। 28 दिसंबर 2024 को शुरू होने वाली हॉकी इंडिया लीग (HIL) के लिए यह साल ऐतिहासिक है, क्योंकि इस बहुप्रतीक्षित पुरुष प्रतियोगिता के साथ-साथ महिला हॉकी इंडिया लीग का आगाज भी हो रहा है। यह ऐतिहासिक लीग 28 दिसंबर 2024 से शुरू होगा। पुरुष और महिला टीमें करेंगी मुकाबला इस लीग में 8 पुरुष टीमें और 4 महिला टीमें हिस्सा लेंगी, जो राउरकेला और रांची में मुकाबला करेंगी। भारत और दुनिया भर के शीर्ष खिलाड़ी इस टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। महिला लीग का आयोजन हॉकी इंडिया की लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। दूरदर्शन की व्यापक पहुंच दूरदर्शन, भारतीय खेलों को बढ़ावा देने की अपनी परंपरा के तहत, HIL के रोमांचक मैचों को देशभर के करोड़ों दर्शकों तक पहुंचाएगा। हॉकी इंडिया लीग (HIL) संचालन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, "दूरदर्शन की पहुंच और खेलों के प्रति प्रतिबद्धता हॉकी को हर कोने तक ले जाने के हमारे विजन से मेल खाती है। महिला लीग का शुभारंभ खेल में समानता और समावेशिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।" महिला खिलाड़ियों के लिए बड़ा मंच संचालन समिति के सदस्य भोला नाथ सिंह ने कहा कि हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि देश की एकता और गौरव का प्रतीक है। महिला HIL का आयोजन महिला खिलाड़ियों के लिए समानता और सम्मान सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने कहा, "यह साझेदारी हॉकी की भावना को शहरों और गांवों तक पहुंचाने का हमारा प्रयास है। महिला HIL के ऐतिहासिक पदार्पण सहित, हमारा लक्ष्य हॉकी के खेल को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान देना है।" सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप पर कवरेज दूरदर्शन अब न केवल हॉकी इंडिया लीग बल्कि सभी हॉकी इंडिया राष्ट्रीय चैंपियनशिप और भारत में आयोजित हॉकी के अन्य आयोजनों का भी प्रसारण करेगा। यह साझेदारी भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास है। अब, भारत के कोने-कोने में हॉकी प्रेमी दूरदर्शन पर HIL का सीधा प्रसारण देख सकेंगे, जिससे राष्ट्रीय खेल का उत्साह हर घर तक पहुंचेगा।
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NBF ने अपने बयान में कहा, “इस घृणित हिंसा ने पत्रकार रंजीत कुमार को गंभीर चोटें पहुंचाई हैं और यह घटना पत्रकारों को उनके कर्तव्यों के दौरान आने वाले खतरों की स्पष्ट याद दिलाती है। इस तरह के हमले न केवल व्यक्तियों पर हमला हैं बल्कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जनता के सूचना के अधिकार पर भी प्रहार करते हैं।” फेडरेशन ने इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस हमले की पूरी जांच और दोषी पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। NBF ने यह भी कहा, “हम उन पुलिस अधिकारियों से भी जवाबदेही की मांग करते हैं, जो घटना स्थल पर मौजूद थे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। यह घटना पत्रकार सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए तत्काल सुधारों की आवश्यकता को उजागर करती है।” ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए, NBF ने पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता पर जोर दिया है। “इस कानून में पत्रकारों के खिलाफ हिंसा, धमकी या उत्पीड़न के सभी रूपों को अपराध घोषित किया जाना चाहिए। साथ ही उन सार्वजनिक अधिकारियों और कानून प्रवर्तन कर्मियों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए जो ऐसी घटनाओं के सामने निष्क्रिय रहते हैं। इसके अलावा, पत्रकारों को बिना किसी डर के अपने कार्य करने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल और दिशा-निर्देश अनिवार्य किए जाने चाहिए। NBF ने नागरिकों, सार्वजनिक हस्तियों और कानून प्रवर्तन से अपील की है कि वे समाज में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका का सम्मान करें। फेडरेशन ने कहा, “सार्वजनिक चर्चाएं और असहमति सम्मानजनक तरीके से होनी चाहिए, जिसमें डराने-धमकाने या हिंसा का सहारा न लिया जाए।” तेलुगू अभिनेता मोहन बाबू के खिलाफ एक पत्रकार पर हमले का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को जानकारी दी कि मोहन बाबू और उनके दोनों बेटों विष्णु एवं मनोज के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 के तहत संभावित रूप से शांति भंग होने को लेकर 11 दिसंबर को रचकोंडा पुलिस आयुक्त के समक्ष उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया गया, जिसके बाद मनोज पुलिस आयुक्त के समक्ष पेश हुए। इस मामले में आरोप है कि मोहन बाबू ने एक वीडियो पत्रकार पर हमला किया, जब वह उनके परिवार के विवाद को कवर करने के लिए उनके आवास पर पहुंचे थे। पत्रकार की शिकायत के मुताबिक, वह 10 दिसंबर को उजलपल्ली स्थित मोहन बाबू के घर पहुंचे, जब उन्होंने अभिनेता और उनके छोटे बेटे मनोज के बीच विवाद को कवर करने की कोशिश की, तो अभिनेता ने उन पर हमला कर दिया। पत्रकार का आरोप है कि मोहन बाबू ने उनका माइक्रोफोन छीन लिया, अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और उन पर शारीरिक हमला किया, जिससे उनके सिर में चोट आई। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने पहाड़ीशरीफ थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118 (1) के तहत मामला दर्ज किया है। इस घटना की निंदा करते हुए मीडियाकर्मियों ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन भी किया और मोहन बाबू से माफी की मांग की। वहीं, मोहन बाबू के बड़े बेटे विष्णु ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह पारिवारिक मुद्दों पर टिप्पणी नहीं करेंगे और उम्मीद जताई कि मामला शांति से हल हो जाएगा। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया और कहा कि यह जानबूझकर नहीं हुआ। मनोज ने भी पत्रकारों से माफी मांगी और कहा कि यह घटना उनके पिता और बड़े भाई की ओर से नहीं की गई थी। उन्होंने मीडिया से आग्रह किया कि वह इसे सनसनीखेज न बनाएं। इस बीच, मोहन बाबू को स्वास्थ्य समस्या के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मोहन बाबू के परिवार के भीतर मतभेद 9 दिसंबर को तब सार्वजनिक हो गए जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई कि मनोज और उनकी पत्नी ने उनके घर पर कब्जा करने की योजना बनाई है। हालांकि, मनोज ने स्पष्ट किया कि उनका यह संघर्ष संपत्ति को लेकर नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और अपनी पत्नी व बच्चों की सुरक्षा के लिए था। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही अपने परिवार के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी।
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ZEE5 से खबर है कि श्रेष्ठ गुप्ता को यहां इंडिया व ग्लोबल स्तर पर मार्केटिंग (SVOD) के वाइस प्रेसिडेंट के पद पर प्रमोट किया गया है। अगस्त 2020 में ZEE5 से जुड़े श्रेष्ठ गुप्ता अब हिंदी, बंगाली और मराठी में ओरिजिनल सीरीज और फिल्मों के लॉन्च व प्रमोशन का नेतृत्व करेंगे, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सब्सक्रिप्शन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। रणनीतिक योजना और ब्रैंड निर्माण में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले श्रेष्ठ गुप्ता ने सन टीवी नेटवर्क, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज और रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क में लीडरशिप की भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने प्रभावशाली कैंपेंस का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया है, जिनमें Zindagi और &Prive HD की लॉन्चिंग शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने ईस्टर्न मार्केट्स में सन बांग्ला को इंट्रोड्यूज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और ZEE5 के प्रमुख लॉन्च जैसे 'ताज: डिवाइडेड बाय ब्लड', 'सिर्फ एक बंदा काफी है' और 'ग्यारह-ग्यारह' के लिए उत्कृष्ट कैंपेंस को संभाला। डिजिटल मार्केटिंग, स्टोरीटेलिंग और उपभोक्ता अंतर्दृष्टि में अपनी विशेषज्ञता के लिए व्यापक रूप से पहचाने जाने वाले श्रेष्ठ ने हमेशा ऐसे कैंपेंस प्रस्तुत किए हैं जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ते हैं। उन्होंने MICA से कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और राजस्थान विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।उनका यह प्रमोशन ZEE5 की अपनी मार्केटिंग रणनीति को मजबूत करने और SVOD सेवाओं को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो इसे भारत के प्रमुख डिजिटल एंटरटेनमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में मजबूती प्रदान करती है।
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9 दिसम्बर को सोनिया गांधी का जन्मदिन था। उसी दिन बीजेपी ने संसद में सोनिया गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया। बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा ने राज्यसभा में आरोप लगाया कि सोनिया गांधी के अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस के संगठन से करीबी रिश्ते हैं। नड्डा ने कहा कि कारोबारी जॉर्ज सोरोस कांग्रेस के साथ मिलकर खुलेआम भारत विरोधी एजेंडा चलाते हैं, सोरोस कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते। वह मोदी सरकार को हटाने और भारत में अस्थिरता पैदा करने का काम करते हैं सवाल ये है कि आखिर जॉर्ज सोरोस के नाम से कांग्रेस के नेता इतने परेशान क्यों हो गए? जॉर्ज सोरोस अरबपति अमेरिकी कारोबारी हैं, दुनिया के सौ से ज्यादा देशों में उनका संगठन काम करता है। फोरम फॉर डेमोक्रेडिट लीडर्स फाउंडेशन को जॉर्ज सोरोस से फंडिग मिलती है। इस संगठन के चार सह-अध्यक्ष हैं जिनमें राजीव गांधी फाउंडेशन की अध्यक्ष के तौर पर सोनिया गांधी भी एक हैं। फोरम फॉर डेमोक्रेटिक लीडर्स फाउंडेशन का एजेंडा भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक रहा है। बीजेपी प्रवक्ता सुधाशुं त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कि जॉर्ज सोरोस के संगठन से जुड़े लोग राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में भी शामिल थे। अब कांग्रेस को साफ करना पड़ेगा कि क्या सोनिया गांधी और राहुल गांधी भारत में जॉर्ज सोरोस के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। जॉर्ज सोरोस कश्मीर में जनमतसंग्रह की मांग का समर्थन करते हैं, वह कश्मीर को भारत का हिस्सा नहीं मानते, नरेन्द्र मोदी को तानाशाह बताते हैं, इसीलिए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ऐसे व्यक्ति के संगठन के साथ सोनिया गांधी के रिश्तों पर कांग्रेस को सफाई देनी पड़ेगी क्योंकि ये रिश्ता देशद्रोह जैसा है। राहुल का नया इल्जाम ये है कि सोरोस और उसके संगठनों ने अडानी को एक्सपोज किया और मोदी अडानी का बचाव कर रहे हैं। लेकिन इस पूरे मामले में जॉर्ज सोरोस का रोल बहुत दिलचस्प है। लंदन के आखबार 'फायनेंशियल टाइम्स' से जॉर्ज सोरोस का कनेक्शन है, चार साल पहले 2020 में 'फाइनेंशियल टाइम्स' ने लिखा अगर मोदी को कमजोर करना है तो गौतम अडानी को टारगेट करना होगा राहुल गांधी बिलकुल इसी राह पर चलते हैं और इसकी कई मिसाल हैं- G20 समिट से पहले राहुल ने अडानी का नाम लेकर मोदी पर हमला किया। उसके बाद चाहे हिंडनबर्ग रिपोर्ट हो या अमेरिका में अडानी के खिलाफ जांच की खबर, सोरोस खबर बनाते हैं और राहुल मोदी के खिलाफ उसका पूरा पूरा इस्तेमाल करते हैं।
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डिजिटल और सोशल में मीडिया में लंबे समय से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं अनुभा त्रिपाठी ने ‘टीवी9’ (TV9) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अब ‘इंडिया टीवी’ (India TV) के साथ अपनी नई पारी शुरु की है, जहां वह सीनियर सोशल मीडिया मैनेजर की भूमिका निभाएंगी। अनुभा त्रिपाठी ‘आजतक’ (AajTak) समेत कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में रह चुकी हैं। अनुभा त्रिपाठी वर्ष 2017 में ‘आजतक’ की सोशल मीडिया टीम का हिस्सा बनीं। यहां पर उन्होंने करीब पांच साल तक अहम जिम्मेदारी निभाई। दिसंबर 2022 में अनुभा त्रिपाठी ने ‘आजतक’ में अपनी पारी को विराम दिया और बतौर सोशल मीडिया मैनेजर उन्होंने ‘टीवी9’ के डिजिटल नेटवर्क को जॉइन किया। करीब दो साल के कार्यकाल के बाद अनुभा त्रिपाठी ने पिछले महीने ‘टीवी9’ से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद अब 9 दिसंबर 2024 को उन्होने ‘इंडिया टीवी’ जॉइन कर लिया है, जहां पर वह सोशल मीडिया टीम को लीड करेंगी। अनुभा ने ‘नेटवर्क18’ (Network18) में भी करीब दो साल काम किया, जहां वह ‘न्यूज18 इंडिया’ (News18 India) की सोशल मीडिया टीम में थीं। वर्ष 2014 में अनुभा ‘न्यूज 24’ (News24) की डिजिटल टीम का हिस्सा भी रही हैं। कानपुर की रहने वाली अनुभा त्रिपाठी कॉमर्स ग्रेजुएट हैं, लेकिन लेखन और पत्रकारिता में रुचि के चलते उन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद जर्नलिज्म को ही अपना करियर बना लिया। दख़ल डॉट नेट की ओर से अनुभा त्रिपाठी को उनके नए सफर के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने भारत के 13 प्रमुख शहरों में डिजिटल FM रेडियो प्रसारण शुरू करने की योजना बनाई है। यह कदम रेडियो इंडस्ट्री को आधुनिक बनाने और स्पेक्ट्रम दक्षता (spectrum efficiency) को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। डिजिटल प्रसारण की इस पहल से रेडियो प्रसारण की गुणवत्ता बेहतर होगी और रेडियो इंडस्ट्री के विकास को बढ़ावा मिलेगा। मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने बताया कि आगामी FM रेडियो स्पेक्ट्रम नीलामी में भाग लेने के लिए 20 कंपनियों ने रुचि दिखाई है। ये नीलामी हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत 254 कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को कवर करेगी। नीलामी अगले महीने से शुरू होने वाली है। एक इंडस्ट्री कार्यक्रम में, जिसे इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (ICEA) और एसोसिएशन ऑफ रेडियो ऑपरेटर्स फॉर इंडिया (AROI) ने आयोजित किया था, जाजू ने संभावित बोलीदाताओं से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "अगले महीने हम नीलामी प्रक्रिया शुरू करेंगे और मैं सभी 20 कंपनियों से अनुरोध करता हूं कि वे इन अप्रयुक्त क्षेत्रों में विस्तार करने के इस शानदार अवसर का उपयोग करें।"सूचना और प्रसारण मंत्रालय डिजिटल रेडियो में बदलाव को आसान बनाने के लिए चार वैश्विक डिजिटल रेडियो तकनीकों पर विचार कर रहा है। इस बदलाव में प्रसारकों की मदद के लिए "सिमुलकास्ट" तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जो एक ही समय पर एनालॉग और डिजिटल दोनों प्रसारण करने की सुविधा देगा। इसका उद्देश्य यह है कि प्रसारणकर्ता डिजिटल फॉर्मेट में बदलाव के दौरान अपनी आय को बनाए रख सकें। निजी ऑपरेटर्स की फीस को लेकर चिंताओं का समाधान करते हुए मंत्रालय ने नॉन-रिफंडेबल फीस (non-refundable fee) और 2.5% वार्षिक लाइसेंस शुल्क को हटा दिया है। मंत्रालय ने इन शर्तों को वर्तमान नीलामी प्रक्रिया से हटाकर इसे सरल बना दिया है। अब यह प्रक्रिया पूरी तरह से प्रसारकों की टॉप-लाइन आय (revenue) पर निर्भर होगी। सचिव संजय जाजू ने बताया कि सरकार का "लाइट-टच" रेगुलेशन का दृष्टिकोण व्यवसायों को आसान बनाने पर केंद्रित है।प्रसारकों की राजस्व स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए जाजू ने निजी एफएम स्टेशनों पर विज्ञापनों के बेस रेट (base rates) में 40% की वृद्धि की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय इंडस्ट्री की अन्य चुनौतियों का समाधान करने और नई विकास संभावनाओं को खोलने के लिए काम कर रहा है। डिजिटल एफएम रेडियो के रोलआउट के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड और तकनीकी उन्नति की आवश्यकता होगी। फ्रीक्वेंसी प्लानिंग कमेटी ने पहले चरण के डिजिटल लॉन्च के लिए आवश्यक चैनलों की पहचान कर ली है। संजय जाजू ने कहा, "हमारा लक्ष्य अगले कुछ महीनों में इस प्रक्रिया को पूरा करना है और इन शहरों में डिजिटल रेडियो प्रसारण शुरू करना है।" यह घोषणा सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के बीच निजी ऑपरेटर्स के लिए एक समग्र डिजिटल रेडियो प्रसारण नीति पर जारी बातचीत के बीच हुई है। जाजू ने यह भी कहा कि डिजिटल रेडियो की क्षमता, जो मौजूदा फ्रीक्वेंसी पर कई चैनल्स को समायोजित कर सकती है, यह प्रसारकों और श्रोताओं दोनों के लिए फायदेमंद होगी। उन्होंने बताया, "डिजिटल रेडियो भविष्य की दिशा है। यह मौजूदा स्पेक्ट्रम पर कई चैनल्स को अनुमति देता है, जिससे ऑपरेटर अपनी आय को अनुकूलित कर सकते हैं और श्रोताओं को अधिकतम मूल्य प्रदान कर सकते हैं।" इसके अतिरिक्त, सरकार का उद्देश्य प्रॉपर्टरी तकनीकों पर निर्भरता को कम करना और खुले मानकों को प्रोत्साहित करना है, ताकि डिजिटल संक्रमण सहज हो सके। जाजू ने प्रसारकों को आश्वस्त करते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि संक्रमण सुचारू रूप से हो और इसे आधुनिक तकनीकी सहायता प्राप्त हो।"इन रणनीतिक पहलों के साथ, मंत्रालय का उद्देश्य भारत के एफएम रेडियो परिदृश्य को पुनर्जीवित करना और पहले से अनसेवा क्षेत्रों में प्रसारण सेवाओं का विस्तार करना है, जिससे उद्योग में विकास और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
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प्रसार भारती ने दूरदर्शन के जयपुर केंद्र की रीजनल न्यूज यूनिट (आरएनयू) में स्ट्रिंगर पैनल के पुनर्गठन के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं, जिसमें शामिल होने के लिए अब आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा अब बढ़ा दी गई है। राजस्थान के 10 जिलों में स्ट्रिंगर के पैनल के लिए आवेदन की अंतिम तिथि अब 23 दिसंबर 2024 कर दी गई है। यह नियुक्तियां राजस्थान के विभिन्न जिलों जैसे अजमेर, कोटा, राजसमंद, जैसलमेर, जालौर, अनूपगढ़, प्रतापगढ़, ब्यावर, सांचोर और अलवर के लिए हैं। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 8 नवंबर 2024 से तीस दिनों के भीतर निर्धारित की गई थी। यह निर्णय सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद लिया गया है। आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के पास अब और समय है ताकि वे अपने दस्तावेज़ तैयार कर रीजनल न्यूज यूनिट, डीडीके, जयपुर में अपना आवेदन जमा कर सकें।
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वरिष्ठ टीवी पत्रकार डॉ. संदीप सेठ ने ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के साथ मीडिया में अपने नए सफर की शुरुआत की है। उन्होंने इस समूह के हिंदी न्यूज चैनल ‘जी न्यूज’ (Zee News) में बतौर इनपुट एडिटर जॉइन किया है। डॉ. संदीप सेठ को मीडिया में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है। ‘जी न्यूज’ जॉइन करने से पहले वह ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) में नेशनल एडिटर (असाइनमेंट) के पद पर कार्यरत थे। पूर्व में वह ‘आजतक’, ‘रिपब्लिक नेटवर्क’ और ‘इंडिया टीवी’ में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। ‘रिपब्लिक भारत’ और ‘टीवी9 भारतवर्ष’ की लॉन्चिंग टीम में भी वह शामिल रहे हैं। डॉ. संदीप सेठ की इंटरनेशनल अफेयर्स (खासकर-पाकिस्तान, बांग्लादेश औऱ भारत से संबंधित दूसरे देशों) पर अच्छी पकड़ है। डॉ. संदीप सेठ की पढ़ाई-लिखाई दिल्ली से हुई है। ‘दिल्ली विश्वविद्यालय’ से उन्होंने इतिहास में ग्रेजुएशन व पोस्टग्रेजुशन करने के बाद यहां से पत्रकारिता में दो साल का पीजी डिप्लोमा किया है। इसके बाद उन्होंने हरियाणा में हिसार स्थित ‘गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी’ से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। इसके साथ ही उन्होंने पत्रकारिता में पीएचडी की हुई है। समाचार4मीडिया की ओर से डॉ. संदीप सेठ को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई और शुभकामनाएं।
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बेंगलुरु में एक AI इंजीनियर के सुसाइड का मामला सामने आया है। 34 साल के अतुल सुभाष ने अपनी पत्नी और सास पर पैसों के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए सुसाइड कर लिया। अतुल ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर की एक जज पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।इस मसले पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर अपना रोष प्रकट किया और कहा कि भारत की न्यायिक व्यवस्था सड़ गल रही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, अतुल हार गया। न्यायिक सिस्टम जीत गया। उन पर तो कत्ल का इल्ज़ाम भी नहीं। लेकिन उनके उत्पीड़न भरे न्यायिक आदेशों की पालना में अतुल सुभाष ने आत्महत्या कर ली। भारत की न्यायिक व्यवस्था सड़ गल रही है। दुर्गंध से युक्त है। सब इसके पीड़ित हैं। कुछ एक को छोड़कर जिन्हें इंसाफ की जगह जज साहब ने कुछ और थमा दिया। अतुल को आत्महत्या के लिए बेबस किया गया। वो मरने को मजबूर किया गया। क्योंकि उनकी आंखों में सिक्कों की खनक और अमीन जायदाद पर अपना कब्जा चाहिए था। जब तक जिंदा हो अपने ही मरने का इंतजाम भी करते रहे मेंटिनेंस के नाम पर।भारतीय कानून ऐसे मामलों स्पष्टता के साथ न्याय दिलाने में सक्षम नहीं है। मध्यस्थता केनाम पर दलाली होती है। रेट लगते हैं। जो ऊंचे मनोबल के है वो ठीक है। जो कमजोर है उनके लिए मौत बाहर बाहें फैलाए खड़ी है। समाज समग्रता से सोचे और इसका मुक्कमल हल निकाले वरना अतुल मरते रहेंगे और रीता वशिष्ठ जैसे जज वही करती रहेंगी जो अब तक करती आई है। किसी ने क्या बिगाड़ लिया उनका। बता दें, मूल रूप से बिहार के अतुल सुभाष का शव बेंगलुरु के मंजूनाथ लेआउट में उनके फ्लैट से बरामद हुआ। पड़ोसियों ने उनके घर का दरवाजा तोड़ा तो उनकी बॉडी फंदे पर लटकी मिली। कमरे में ‘जस्टिस इज ड्यू’ यानी ‘न्याय बाकी है’ लिखी एक तख्ती मिली।
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शेयरचैट (ShareChat) ने नितिन जैन को अपना नया चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर (Chief Technology Officer) नियुक्त किया है। इस भूमिका में नितिन, शेयरचैट और इसके शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म 'मोज' (Moj) पर तकनीक के विकास और अनुप्रयोग की जिम्मेदारी संभालेंगे। नितिन जैन एक अनुभवी तकनीकी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने विज्ञापन, ई-कॉमर्स, फिनटेक और उन्नत डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में कई बदलावकारी परियोजनाओं का नेतृत्व किया है। उन्होंने शुरुआती विचारों को विकसित कर प्रभावशाली वैश्विक मंचों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अपने करियर में नितिन ने Tokopedia, Gojek और हाल ही में TikTok जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में काम किया है। उन्होंने शून्य से तकनीकी व्यवसायों को खड़ा करने और उन्हें तेजी से बढ़ाने का अनुभव हासिल किया है। उनकी विशेषज्ञता कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बिग डेटा, क्लाउड कंप्यूटिंग, ब्लॉकचेन और आधुनिक देवऑप्स प्रथाओं जैसे अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में है। नितिन के स्वागत में शेयरचैट और मोज के सीईओ व को-फाउंडर अंकुश सचदेवा ने कहा, “नितिन एक वैश्विक तकनीकी लीडर हैं, जिनके पास विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक क्षेत्रों में काम करने का दो दशकों से अधिक का अनुभव है। शेयरचैट और मोज में विकास के अगले अध्याय की शुरुआत के लिए नितिन का अनुभव और तकनीकी व्यवसायों को स्केल करने की उनकी सिद्ध क्षमता गेम-चेंजर साबित होगी। उनके टीम में शामिल होने और हमारे तकनीकी संगठन का नेतृत्व करने को लेकर मैं बेहद उत्साहित हूं।” अपनी नियुक्ति पर नितिन जैन ने कहा, “मैं ग्राहक-केंद्रित उत्पादों को विकसित करने के लिए अत्यधिक जुनूनी हूं, जो नवाचार और तकनीकी अनुप्रयोगों के माध्यम से वास्तविक मूल्य प्रदान करते हैं। शेयरचैट के साथ काम करने और इतने प्रतिभाशाली टीम से सीखने का अवसर मेरे लिए बेहद रोमांचक है। मैं अपने अनुभव का उपयोग करके हमारे बढ़ते उपयोगकर्ताओं और क्रिएटर्स समुदाय को एक अत्यधिक व्यक्तिगत सामाजिक अनुभव प्रदान करने के लिए तत्पर हूं
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पंजाब केसरी’ (Punjab Kesari) समूह के हिंदी अखबार 'नवोदय टाइम्स' के कार्यकारी संपादक अकु श्रीवास्तव की नई किताब 'मोदी 3.0 और आगे: पटरी पर साख' ने मार्केट में दस्तक दे दी है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद डॉ.सुधांशु त्रिवेदी के मुख्य आतिथ्य में दिल्ली स्थित ‘कॉन्स्टीट्यूशन क्लब’ के डिप्टी स्पीकर हॉल में नौ दिसंबर, 2024 को आयोजित एक कार्यक्रम में इस पुस्तक का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार व ‘सी वोटर’ के संस्थापक यशवंत देशमुख और ‘डीडी न्यूज’ में वरिष्ठ सलाहकार संपादक अशोक श्रीवास्तव बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए, वहीं ‘प्रभात प्रकाशन’ के प्रभात कुमार और पीयूष कुमार ने भी मंच की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी का कहना था कि 16 मई 2014 में नरेंद्र मोदी पहली बार देश के प्रधानमंत्री बने। उस समय एक सरकार परिवर्तन की शुरुआत हुई। 2019 में फिर से नरेंद्र मोदी पीएम बने, इस बार लोगों ने व्यवस्था परिवर्तन होते देखा और मोदी-3 में लोगों की सोच में बदलाव स्पष्ट झलक रहा है। आलम यह है कि विश्व भी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मान रहा है कि भारत वर्ल्ड का ग्रोथ इंजन भी बनेगा। उन्होंने बौद्धिक वर्ग की खास बिरादरी का तमगा ओढ़े रहने वाले सफेदपोश अथवा राजनीतिक दल से जुड़े वर्ग पर निशाना साधते हुए कहा कि दरअसल किताब में जो विषय और नाम दिया गया है, वास्तव में पटरी पर तो साख उन लोगों और उस विपक्षी दलों की है, जो स्वयंभू बौद्धिक जगत के सिरमौर बने हुए हैं। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तमाम राजनीतिक भविष्यवाणी के बीच तीसरी बार नरेंद्र मोदी का प्रधानमंत्री बनने के साथ कई तरह के समीकरण और फेक नैरेटिव भी इस बार देश के सामने आए। खासतौर पर चुनाव के परिणाम के बाद कुछ फेक नैरेटिव गढऩे की पुरजोर तरीके से कोशिशें की गईं। लेकिन सब को धता बताते हुए मोदी-3 कार्यकाल आरंभ हो चुका है। उन्होंने कहा कि वासतव में जिस तरह के चुनावी परिणाम सामने आए हैं, चाहें बात लोकसभा चुनाव की हो या फिर हरियाणा अथवा महाराष्ट्र के परिणाम की, सभी में महिला वोटरों का योगदान और उनका प्रभाव भी गौर करने लायक है। उन्होंने कहा कि मोदी ने पीएम बनने के बाद पहले भाषण में स्वच्छता और बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ का जो नारा देते हुए अभियान शुरु किया था, उसका परिणाम सभी के सामने है। भाजपा सांसद ने कहा कि एक भी ऐसा मुस्लिम देश नहीं है, जहां लेफ्ट जमात को बैन न किया हुआ हो और एक भी ऐसी लेफ्ट पार्टी की सरकार वाला देश नहीं, जहां मुस्लिमों की मस्जिद को न तोड़ा गया हो। चीन से लेकर चेक रिपब्लिक तक इसमें शामिल हैं। लेकिन दोनों ही एक दूसरे के तारीफ का नैरेटिव गढ़ते हैं और लेफ्ट लिबरल की बात की जाती है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के कार्य का ही असर है कि आज चार मुस्लिम देश जिसमें फिलिस्तीन जैसा मुल्क भी है, वहां मोदी को देश का सर्वोच्च सम्मान दिया गया है। राम मंदिर अगर अयोध्या में बना है तो आबू धाबी में भी मंदिर बना है। यह मोदी शासन के तीसरे कार्यकाल में लोगों की सोच में हुए परिवर्तन को दर्शाता है। ‘सी वोटर’ के संस्थापक यशवंत देशमुख ने कहा कि नरेंद्र मोदी की इस जीत में महिलाओं का योगदान काफी अहम है। मुस्लिम वर्ग की महिलाओं ने भी खुलकर मोदी के समर्थन में वोट किया है। उन्होंने कहा कि 2009 में मनमोहन सिंह की सरकार के गठन में सबसे बड़ा योगदान नैरेटिव का था, उस समय जब मनमोहन सिंह पर कई तरह के आरोप लगाए जा रहे थे, तब लोगों में उनकी ईमानदार और बेदाग छवि अहम साबित हुई। लेकिन 2014 के आते-आते लोगों ने माना कि ईमानदार व्यक्ति अगर भ्रष्ट सरकार में है तो कोई लाभ नहीं। यशवंत देशमुख ने मुफ्त की रेवड़ी को लेकर मचे घमासान पर कहा कि निश्चित रूप से चुनाव में फ्री का सब्जबाग और सुविधाओं का खेल नया नहीं है। लेकिन महिलाओं को फ्री मिलने वाला लाभ न केवल उनके लिए फायदेमंद होता है,बल्कि उनके परिवार और आर्थिक भरण-पोषण में भी महत्वपूर्ण होता है। इसलिए बदलते समय के साथ मंडल, कमंडल के बाद अब नया आभामंडल तैयार हो रहा है और महिलाओं को मुफ्त में दी जाने वाली सुविधाओं को रेवड़ी अथवा चुनाव के दौरान फ्री के सुविधाओं से जोडऩा उचित नहीं। वहीं, अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि देश में मोदी सरकार के गठन और 2024 के चुनावी परिणाम के बाद फेक नैरेटिव गढऩे की प्रक्रिया काफी बढ़ी है। लेकिन लोग फेक नैरेटिव को समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 2024 का चुनावी परिणाम के बाद मोदी 3 पुस्तक प्रकाशित होने के साथ ही कई बातें चुनावी परिणाम को समझने में मददगार साबित होंगे। ऐसी उम्मीद है। पुस्तक के लेखक अकु श्रीवास्तव ने कहा कि दरअसल जिस तरह से लोकसभा के चुनाव परिणाम आए और हरियाणा, महाराष्ट्र के परिणाम आए, इस कारण पुस्तक में कई तरह के बदलाव लेखन और तथ्य एवं विश्लेषण की दृष्टि से करने पड़े। इसलिए पुस्तक के आने में कुछ विलंब हुआ। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से सामयिक विषय पर लिखी गई पुस्तक में कई बातें रह जाना स्वाभाविक है, जैसा कुछ लोग पुस्तक को पढऩे के बाद अपने विचारों के जरिये व्यक्त भी करेंगे, लेकिन यह तय है कि मोदी-2 के बाद मोदी-3 में कई महत्वपूर्ण विश्लेषण बदलती राजनीतिक परिवेश को लेकर किया गया है, जिससे लोगों को भी समझने में सहायता मिलेगी, ऐसी उम्मीद है। पुस्तक विमोचन के मौके पर अकु श्रीवास्तव की पत्नी ज्योति श्रीवास्तव एवं परिवार के अन्य सदस्यों के साथ-साथ कई वरिष्ठ पत्रकार और साहित्य जगत एवं राजनीतिक क्षेत्र की दिग्गज हस्तियां शामिल रहीं।
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एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने 2025 से प्रेम भाटिया पत्रकारिता पुरस्कारों की जिम्मेदारी संभालने का निर्णय लिया है। ये पुरस्कार दो श्रेणियों में दिए जाते हैं— राजनीतिक पत्रकारिता में उत्कृष्टता और पर्यावरण पत्रकारिता में उत्कृष्टता। इस फैसले के तहत, एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया हर साल 'प्रेम भाटिया मेमोरियल लेक्चर' का आयोजन भी करेगा। यह पुरस्कार और व्याख्यान 1995 में दिवंगत प्रेम भाटिया की स्मृति में शुरू किए गए थे, जो 'द ट्रिब्यून' के पूर्व संपादक रहे थे। एडिटर्स गिल्ड ने प्रेम भाटिया मेमोरियल ट्रस्ट के साथ एक समझौते के तहत इन दोनों जिम्मेदारियों को अपने हाथ में लिया है। इस समझौते के तहत, प्रेम भाटिया मेमोरियल ट्रस्ट ने अपनी पूरी निधि एडिटर्स गिल्ड को दान कर दी है, जिससे गिल्ड इन दोनों पुरस्कारों और वार्षिक व्याख्यान को अगले साल से आयोजित कर सकेगा। पिछले कुछ वर्षों में, ये वार्षिक पुरस्कार और स्मारक व्याख्यान भारतीय पत्रकारिता में अत्यधिक प्रतिष्ठित आयोजन बन चुके हैं। एडिटर्स गिल्ड ने इन परंपराओं को भविष्य में भी उसी गरिमा और प्रतिष्ठा के साथ बनाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है। इन दोनों पुरस्कारों के पूर्व विजेताओं में पीपल्स आर्काइव ऑफ इंडिया (PARI), राजदीप सरदेसाई, नीरजा चौधरी, आकार पटेल, जोसी जोसेफ और दैनिक भास्कर जैसे नाम शामिल हैं। वहीं, स्मारक व्याख्यान देने वाले प्रमुख व्यक्तियों में डॉ. करन सिंह, डॉ. एमएस स्वामीनाथन, ज़ोया हसन, सोली सोराबजी, प्रताप भानु मेहता, श्याम सरन, इंदर मल्होत्रा और टीएन निनन शामिल हैं। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि वह इन परंपराओं को उसी गरिमा और सम्मान के साथ निभाते हुए पत्रकारिता को और मजबूती प्रदान करेगा।
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कांग्रेस सहित कई राजनैतिक पार्टियां किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी, मुआवजे , मुफ्त बिजली इत्यादि की मांगों को लेकर नया तूफान खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों को उनके खेतों की उपज का उचित मूल्य मिलना निश्चित रूप से जरुरी है लेकिन देश की आवश्यकता के अनुसार अनाज , तिलहन के उत्पादन की प्राथमिकताएं तय होने पर ही सही दाम मिल सकते हैं। इसी तरह भारत के फल, सब्जी का निर्यात करने के लिए सड़क , रेल, हवाई सुविधाओं और आर्थिक संसाधन सरकार और प्राइवेट क्षेत्र को बड़े इंतजाम करने होंगे। मांगों और अपेक्षाओं की फेहरिस्त लगातार बढ़ सकती है। एक बार फिर संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) एवं किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसानों ने 6 दिसंबर को अपनी मांगों के समर्थन में दिल्ली कूच आंदोलन तेज कर दिया। वे समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अलावा, किसान कृषि कर्ज माफी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी न करने, पुलिस मामलों की वापसी और 2021 लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए ‘न्याय’ की मांग कर रहे हैं। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 की बहाली और 2020-21 में पिछले आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा देना भी उनकी मांगें हैं। इस बार किसानों के दिल्ली कूच में वह मरजीवड़ा जत्था है, जो शख्स किसी मकसद के लिए खुद को कुर्बान कर देता है। बताया जाता है कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब ने मरजीवड़ा जत्था (दल) बनाया था और इसमें भाई मतीदास, सतीदास और भाई दयाला को भी शामिल किया था। मतलब राजनीति के साथ धार्मिक भावना जोड़ दी है। 101 किसानों का यह जत्था निहत्थे और पैदल ही चलेगा। जत्थे में शामिल किसानों से सहमति फॉर्म भी भरवाया गया है। किसानों का जो आंदोलन हो रहा है, उसके पीछे संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा है। किसान 26 अक्टूबर को सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और समय पर धान खरीद सहित अपनी कई मांगों पर दबाव डालने के लिए संगरूर जिले के बदरुखा में बड़ी संख्या में जुटे हुए थे। शंभू बॉर्डर पर किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मोर्चे को चलते 297 दिन हो गए है और खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन 11वें दिन में प्रवेश कर गया। शंभु बॉर्डर पर किसान करीब 300 दिनों से धरने पर बैठे हुए हैं। दूसरी तरफ संसद में कांग्रेस और अन्य प्रतिपक्षी दल हमलावर हुए हैं। संगरूर के खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने किसानों की मांगों को लेकर उपराष्ट्रपति धनखड़ को चिट्ठी भी लिखी। इस पर श्री धनकड़ इतने भावुक और उत्तेजित हो गए कि मुंबई में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् के शताब्दी समारोह में कृषि मंत्री शिवराज सिंह को कहने लगे, एक-एक पल आपका भारी है। कृपया करके मुझे बताइये कि किसानों से क्या वादा किया गया था? उनसे किया गया वादा क्यों नहीं निभाया गया? वादा निभाने के लिए हम क्या कर रहे हैं? गत वर्ष भी आंदोलन था, इस वर्ष भी आंदोलन हो रहा है. कालचक्र घूम रहा है, हम कुछ कर नहीं रहे हैं। पहली बार मैंने भारत को बदलते हुए देखा है। पहली बार मैं महसूस कर रहा हूं कि विकसित भारत हमारा सपना नहीं लक्ष्य है। दुनिया में भारत कभी इतनी बुलंदी पर नहीं था। जब ऐसा हो रहा है तो मेरा किसान परेशान और पीड़ित क्यों है? किसान अकेला है जो असहाय है। उप राष्ट्रपति ने अपने पद का उल्लेख करते हुए शिवराज सिंह चौहान पर सवालों की बौछार कर दी। बाद में शायद उन्हें इस रुख का अहसास हुआ या ध्यान दिलाया गया कि सरकार दो दिन पहले भी संसद में विस्तार से बता चुकी है कि सरकार कितना लाभ और फसल का अधिकाधिक मूल्य किसानों को दे रही है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि सभी कृषि उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा, यह मोदी सरकार की गारंटी है। कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। बातचीत के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। किसानों के साथ अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 साल में किसान कल्याण के लिए कई बड़े फैसले किए हैं। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ढाई गुना और 3 गुना एमएसपी बढ़ाया है तो नरेंद्र मोदी जी की सरकार ने बढ़ाया है और जब उधर (विपक्ष) की सरकार थी तो ये खरीदते नहीं थे। केवल एमएसपी घोषित करते थे। इन्होंने दलहन की खरीदी 6 लाख 29 हजार मीट्रिक टन की थी। पिछले साल करीब 250 मिलियन क्विंटल निर्यात से करीब 776 मिलियन डॉलर की आमदनी भारत को हुई है लेकिन असली समस्या किसानों के नेतृत्व की है। चौधरी चरण सिंह या चौधरी देवीलाल के किसान नेता होने पर कोई प्रश्न चिन्ह नहीं लगा पाया। हम, जैसे पत्रकार तो उनके उपप्रधान मंत्री रहते हुए सरकारी बंगले में गाय भैंस रखे जाने की खबर बना देते थे। जार्ज फर्नांडीज या मधु लिमये या दत्तोपंत ठेंगड़ी किसी भी राज्य में मजदूरों के लिए उनके साथ आंदोलन करने , जेल जाने लाठियां खाने में आगे रहते थे। नम्बूदरीपाद ,ज्योति बसु या भूपेश गुप्त और हरकिशनसिंह सुरजीत सही अर्थों में कम्युनिस्ट विचारों और कार्यकर्ताओं के बल पर प्रभावशाली रहते थे। ऐसे सभी नेताओं को किराये पर भीड़ जुटाने की जरुरत नहीं होती थी। इस पृष्ठभूमि में सवाल उठता है कि गरीब किसान और मजदूरों का नेतृत्व क्या कोई एक या दो नेता इस समय बताया जा सकता है। देश भर में पार्टियों, जातियों ,देशी विदेशी चंदे से चलने वाले संगठनों के अनेकानेक नेता हैं। तभी तो भारत सरकार दो महीने से किसानों के दावेदार नेताओं कई बैठक कर चुकी है और आज भी बातचीत को तैयार है। सिंधु बॉर्डर पर पुलिस से थोड़े टकराव के बाद प्रर्दशनकारी नेताओं ने तात्कालिक स्थगन कहकर बातचीत के लिए सहमति अवश्य दिखाई है ,लेकिन मांगों की लम्बी सूची होने के कारण क्या जल्दी समझौता संभव होगा या राजनीतिक दांव पेंच चलते रहेंगे?
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भारत में उपभोक्ता (consumers) की सोच, पसंद और व्यवहार में तेजी से बदलाव आ रहा है। परंपरा और आधुनिकता के मेल के कारण उपभोक्ता अब पर्यावरण के अनुकूल (sustainability), नैतिक मूल्यों (ethical practices), स्वास्थ्य (health), और तकनीक (technology) को अधिक महत्व दे रहे हैं। इस बदलाव ने बाजार की स्थिति को पूरी तरह से नया रूप दिया है, जिससे कंपनियों को नए अवसरों का लाभ उठाने और नई चुनौतियों का सामना करने का मौका मिल रहा है। यह उभरती हुई मानसिकता बाजार की गतिशीलता को फिर से परिभाषित कर रही है, व्यवसायों को नए अवसर और चुनौतियां प्रदान कर रही है। इन परिवर्तनों को समझने और तेजी से बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल में आगे रहने के लिए नए भारतीय उपभोक्ता मानसिकता को समझना आवश्यक है। जैसे-जैसे उपभोक्ता अधिक समझदार और जागरूक होते जा रहे हैं, वे जिम्मेदारी से तैयार किए गए, व्यक्तिगत और नवीन (innovative) उत्पादों की मांग कर रहे हैं। व्यवसायों को बदलती प्राथमिकताओं के साथ खुद को अनुकूलित करना होगा, ताकि वे इस बदलते और प्रतिस्पर्धी बाजार में टिके रह सकें पर्यावरणीय स्थिरता (sustainability) भारतीय उपभोक्ताओं के व्यवहार में एक महत्वपूर्ण कारक के रूप में उभर कर सामने आई है। NielsenIQ (2024) के अनुसार, 57% भारतीय उपभोक्ता पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों के लिए अधिक पैसे देने को तैयार हैं, जो यह दर्शाता है कि पर्यावरणीय मुद्दों के प्रति जागरूकता बढ़ रही है। हालांकि, कीमतों को लेकर संवेदनशील वाली इस मार्केट में, किफायती (affordable) उत्पादों की कमी अब भी कई लोगों के लिए एक बड़ी चिंता बनी हुई है। इस अंतर को पाटने के लिए कुछ नवाचारी उपायों की जरूरत है, जैसे कि टिकाऊ वस्तुओं पर सरकारी सब्सिडी देना, उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाकर लागत घटाना और व्यवसायों द्वारा पारदर्शी कार्बन लेबलिंग अपनाना ताकि उपभोक्ता सूचित विकल्प ले सकें। ये उपाय पर्यावरण-अनुकूल उत्पादों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचा सकते हैं, वह भी गुणवत्ता से समझौता किए बिना। स्वास्थ्य व कल्याण ने भी उपभोक्ता मूल्यों को आकार देने में प्रमुख स्थान प्राप्त कर लिया है। FSSAI (2024) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 72% भारतीय उपभोक्ता सक्रिय रूप से जैविक (ऑर्गेनिक) या प्राकृतिक खाद्य विकल्पों की तलाश करते हैं, जो पोषण संबंधी लाभों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। इस बदलाव के कारण लेबलिंग में स्पष्टता और दावों की प्रामाणिकता (authenticity) की मांग बढ़ गई है। इसे हल करने के लिए, नियामक संस्थाएं कड़े लेबलिंग मानकों को लागू कर सकती हैं और भ्रामक दावों पर दंड लगा सकती हैं। साथ ही, ब्रैंड्स शैक्षिक अभियानों की शुरुआत कर सकते हैं, जो उपभोक्ताओं को स्वस्थ विकल्पों के लाभों के बारे में ज्ञान प्रदान करें और उन्हें सूचित निर्णय लेने में सक्षम बनाएं, जिससे उनकी समग्र भलाई में सुधार हो सके। भारत में डिजिटल क्रांति ने उपभोक्ता की अपेक्षाओं को नया रूप दिया है, जिसमें शहरी आबादी ने प्रौद्योगिकी-आधारित अनुभवों को अपनाया है। KPMG (2024) के अनुसार, 80% शहरी भारतीय उपभोक्ता ब्रैंड्स के साथ व्यक्तिगत डिजिटल इंटरएक्शन को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, इस डिजिटल परिवर्तन के साथ डेटा गोपनीयता और नैतिक प्रथाओं को लेकर परेशानियां भी जुड़ी हुई हैं। व्यवसायों को भरोसा बनाने के लिए मजबूत डेटा सुरक्षा उपायों को लागू करना चाहिए और उपभोक्ताओं को उनकी जानकारी पर पारदर्शिता और नियंत्रण प्रदान करना चाहिए। यूजर्स को डेटा डैशबोर्ड और स्पष्ट गोपनीयता नीतियों के माध्यम से सशक्त बनाना एक बढ़ते हुए जुड़े हुए बाजार में विश्वास और निष्ठा को बढ़ा सकता है। नैतिक प्रथाएं, विशेष रूप से श्रमिक स्थितियों और समावेशन से संबंधित, भारतीय उपभोक्ता मूल्यों का अभिन्न हिस्सा बनती जा रही हैं। मिलेनियल्स और जनरेशन Z, जो उपभोक्ता आधार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, वे न्याय और समानता की अपनी अपेक्षाओं को लेकर मुखर हैं। LocalCircles (2024) की रिपोर्ट के अनुसार, 60% से अधिक भारतीय मिलेनियल्स ने अमानवीय श्रमिक प्रथाओं या पारदर्शिता की कमी के कारण ब्रैंड्स का बहिष्कार किया है। इन दृष्टिकोणों के अनुरूप आने के लिए, व्यवसायों को उचित वेतन, मानवाधिकारों की श्रमिक स्थितियाँ और हायरिंग में विविधता को प्राथमिकता देनी चाहिए। इन प्रयासों के बारे में वास्तविक कथाएं सोशल मीडिया या प्रत्यक्ष संचार के माध्यम से साझा करना ब्रैंड्स और उनके उपभोक्ताओं के बीच भावनात्मक संबंध को मजबूत कर सकता है। हालांकि, उपभोक्ताओं की आकांक्षाओं और वास्तविकता के बीच तालमेल बैठाने में चुनौतियां बनी हुई हैं। विभिन्न क्षेत्रों और आय समूहों में आर्थिक विषमताओं के कारण सभी उपभोक्ता प्रीमियम स्थिरता या नैतिक उत्पादों को वहन नहीं कर सकते हैं। नीति निर्माता और व्यवसायों को मिलकर ऐसे उत्पादों को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराने के लिए सहयोग करना चाहिए। स्थिर उत्पादन विधियों को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना और स्थानीय निर्माण को बढ़ावा देना लागत को कम करने में मदद कर सकता है।सरकारी पहल जैसे स्थिरता व्यवसायों के लिए कर लाभ और जन जागरूकता अभियान भी उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों को जिम्मेदार प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं। एक और चुनौती भारत में उपभोक्ताओं की पसंद और प्राथमिकताओं की विविधता को संबोधित करने में है। ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता अक्सर अलग-अलग दृष्टिकोण और मूल्यों का प्रदर्शन करते हैं। जबकि शहरी उपभोक्ता तकनीकी और नवाचार को प्राथमिकता देते हैं, ग्रामीण बाजार अधिकतर किफायती और उपयोगिता पर जोर देते हैं। डेटा एनालिटिक्स व्यवसायों को इन विभिन्नताओं की पहचान करने में मदद कर सकता है, जिससे वे प्रत्येक खंड के लिए अनुकूलित रणनीतियाँ डिज़ाइन कर सकें। उदाहरण स्वरूप, ग्रामीण उत्पादों के लिए किफायती कीमतों पर पर्यावरणीय पैकेजिंग पेश करना या ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम बनाना बाजार की पहुंच को बढ़ा सकता है, साथ ही विशिष्ट जरूरतों को भी पूरा कर सकता है। भारत की सांस्कृतिक समृद्धि उपभोक्ता मूल्यों को आकार देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पारंपरिक त्यौहार, रीति-रिवाज और समुदाय केंद्रित जीवनशैली खरीद निर्णयों को प्रभावित करती हैं। जो ब्रैंड इन सांस्कृतिक कथाओं के साथ मेल खाते हैं, वे उपभोक्ताओं के साथ गहरे संबंध बना सकते हैं। उदाहरण के लिए, त्यौहारों के दौरान पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देना या त्योहारों के मौसम में स्थानीय कारीगरी को बढ़ावा देना सार्थक संबंध बना सकता है। साथ ही, कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे सांस्कृतिक गलतियां न करें, इसके लिए उन्हें स्थानीय समुदायों और विशेषज्ञों के साथ जुड़कर मार्केटिंग कैंपेंस की रचना करनी चाहिए। नवाचार उपभोक्ताओं के बदलते दृष्टिकोणों को संबोधित करने के लिए एक प्रभावशाली उपकरण बना हुआ है। ब्लॉकचेन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी प्रौद्योगिकियां पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने की अपार क्षमता प्रदान करती हैं। उदाहरण के लिए, ब्लॉकचेन उत्पादों के स्रोत का पता लगा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को नैतिक रूप से स्रोत प्राप्त और स्थिर प्रथाओं के बारे में सत्यापित जानकारी मिल सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपभोक्ता व्यवहार का विश्लेषण करके पेशकशों को व्यक्तिगत बना सकता है, जिससे प्रासंगिकता सुनिश्चित होती है, जबकि गोपनीयता बनी रहती है। ये उन्नति व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बाजार में आगे रहने में मदद कर सकती हैं, जबकि उपभोक्ताओं की बढ़ती जिम्मेदारी की मांग को पूरा करती हैं। भारत में, स्थिरता, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य और नैतिक विचार उपभोक्ताओं के दृष्टिकोण और मूल्यों को आकार देते रहेंगे। जैसे-जैसे ये बदलाव स्पष्ट होते जाएंगे, व्यवसायों को लचीला और प्रतिक्रियाशील बने रहना चाहिए, और इन बदलती प्राथमिकताओं के साथ मेल खाने वाली रणनीतियां बनानी चाहिए। सरकार, निजी क्षेत्र और उपभोक्ताओं के बीच सहयोग चुनौतियों को पार करने और एक ऐसे बाजार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण होगा जो आधुनिक भारतीय समाज की आकांक्षाओं से मेल खाता हो। इन रुझानों को पहचानकर और व्यावहारिक समाधान लागू करके, व्यवसाय न केवल आर्थिक सफलता के लिए बल्कि सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में अपनी स्थिति बना सकते हैं, और एक ऐसा भविष्य बना सकते हैं जहां उपभोक्ता मूल्य स्थिर और नैतिक प्रथाओं के साथ मेल खाते हों, जिससे एक स्वस्थ और अधिक समान दुनिया में योगदान हो सके।
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इरोज इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड (Eros International Media Ltd.) ने हाल ही में अपने निदेशक मंडल में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नामांकन और पारिश्रमिक समिति की सिफारिश पर, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने अरुण पांडुरंग पवार को अतिरिक्त गैर-कार्यकारी स्वतंत्र निदेशक ( Additional Non-Executive Independent Director) के रूप में नियुक्त किया। यह नियुक्ति 5 दिसंबर 2024 से प्रभावी हो गई है. अरुण पी. पवार का कार्यकाल पांच वर्षों के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, इसे आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना अनिवार्य होगा। इरोज इंटरनेशनल ने इस नियुक्ति से संबंधित जानकारी शेयर मार्केट को दी है। बता दें कि 74 वर्षीय अरुण पवार विज्ञान (वनस्पति विज्ञान) में पुणे विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने 1975 में भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की परीक्षा पास की और 1976 में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में शामिल हुए। अपने 34 साल के सेवाकाल (1976-2010) के दौरान उन्होंने आयकर विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया, जिसमें आयकर अधिकारी, सहायक आयुक्त, आयकर आयुक्त और मुख्य आयकर आयुक्त शामिल हैं। उन्होंने विभिन्न राज्यों में अलग-अलग पदों पर काम किया, जैसे महाराष्ट्र (ठाणे और मुंबई), कर्नाटक (बैंगलोर), तमिलनाडु (मदुरै और कोयंबटूर), आंध्र प्रदेश (हैदराबाद)। 1996 से 2001 तक, भारत सरकार ने उन्हें नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA) में एयर इंडिया के कर सलाहकार (Advisor -Tax) के रूप में प्रतिनियुक्त किया। इस दौरान उन्होंने कर संबंधी जटिल मुद्दों को हल करने और कर योजना उपायों को लागू करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सेवानिवृत्ति के बाद गतिविधियां- 2010 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद अरुण पी. पवार ने कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें शामिल हैं: पुणे में भारत फोर्ज ग्रुप की एक 'कंपनी कल्याणी स्टील्स लिमिटेड' में स्वतंत्र निदेशक। फोनिक्स पार्क इन (Phoenix Park Inn) में स्वतंत्र निदेशक। YBC Chavan Pratisthan, मुंबई के कर सलाहकार। नेहरू सेंटर, मुंबई के सलाहकार। Vikhe Patil Group, श्रीरामपुर, अहमदनगर के सलाहकार। MIT Group ग्रुप, पुणे के सलाहकार। अरुण पी. पवार की विशेषज्ञता और अनुभव को देखते हुए, यह नियुक्ति कंपनी के लिए सकारात्मक कदम साबित हो सकती है। इरोज इंटरनेशनल मीडिया लिमिटेड ने शेयरधारकों और हितधारकों से इस फैसले को समर्थन देने की उम्मीद जताई है।
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विज्ञापन होल्डिंग कंपनी इंटरपब्लिक ग्रुप ने कथित तौर पर मुंबई स्थित रिटेल एनालिटिक्स फर्म इंटेलिजेंस नोड का अधिग्रहण कर लिया है, जिसकी कीमत लगभग 100 मिलियन डॉलर आंकी गई है, जिसमें एकीकरण लागत भी शामिल है। समूह ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहा, "यह रणनीतिक कदम इंटरपब्लिक की वाणिज्य क्षमताओं को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है, ग्राहकों को दुकानदारों के रुझान को समझने, बिक्री में वृद्धि करने और गतिशील डिजिटल बाजार में प्रदर्शन को अनुकूलित करने के लिए वास्तविक समय उत्पाद और बाजार की जानकारी प्रदान करता है।" यह 34 वैश्विक बाज़ारों में 1,900 से अधिक खुदरा श्रेणियों में अरबों डेटा बिंदुओं को एकत्रित करने और उनका विश्लेषण करने के लिए AI का लाभ उठाता है। अधिग्रहण के साथ, समूह ग्राहकों को रियल-टाइम मार्केट एजिलिटी, प्रेसिजन रिटेल मीडिया ऑप्टिमाइजेशन और डिजिटल कंटेंट एवं सर्च ऑप्टिमाइजेशन की पेशकश कर सकेगा। इंटरपब्लिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी फिलिप क्राकोव्स्की ने कहा, "चूंकि वाणिज्य और खुदरा मीडिया तेजी से एक दूसरे के करीब आ रहे हैं, इसलिए ब्रांड के प्रदर्शन को अधिकतम करने के लिए कार्रवाई योग्य डेटा बहुत महत्वपूर्ण है।" "इंटेलिजेंस नोड का मजबूत प्लेटफॉर्म वास्तविक समय में बाजार-व्यापी संकेत प्रदान करता है, जिसकी ब्रांड को खुदरा मीडिया अभियानों, वाणिज्य रणनीतियों को अनुकूलित करने और अंततः आज के अत्यधिक प्रतिस्पर्धी डिजिटल परिदृश्य में प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए आवश्यकता होती है।" इंटेलिजेंस नोड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव सुलारिया ने कहा, "इंटरपब्लिक के साथ मिलकर काम करने से हमें आज के वाणिज्य परिदृश्य की जटिलताओं से जूझ रही कंपनियों को सर्वश्रेष्ठ संयुक्त समाधान प्रदान करने में मदद मिलेगी।" "एक साथ मिलकर, हम बाजार में हिस्सेदारी हासिल करने और सतत विकास को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक व्यापक डेटा, उन्नत विश्लेषण और रणनीतिक विशेषज्ञता प्रदान कर सकते हैं।"
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टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड में विशेष परियोजनाओं की प्रबंध संपादक अंजना ओम कश्यप को इम्पैक्ट की 2024 की शीर्ष 50 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया है। टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड में स्पेशल प्रोजेक्ट्स की मैनेजिंग एडिटर अंजना ओम कश्यप को 2024 की IMPACT टॉप 50 सबसे प्रभावशाली महिलाओं की सूची में शामिल किया गया है। अपनी तीखी पत्रकारिता और निडर दृष्टिकोण के लिए जानी जाने वाली कश्यप के स्वीकृति भाषण में महिला सशक्तिकरण के प्रति आभार और गहरी प्रतिबद्धता दोनों झलकती है। कश्यप ने मजाकिया अंदाज में कहा, "यह जानते हुए कि किसी न्यूज़ एंकर को माइक देना हमेशा बहुत खतरनाक होता है, उन्होंने इसे मुझे दे दिया, इसलिए आपको यह सुनना होगा। इस सम्मान के लिए इम्पैक्ट मैगज़ीन और श्री अनुराग बत्रा, और पूरे जूरी और मंच पर मौजूद आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद," कश्यप ने अपने प्रेरणादायक शब्दों के लिए स्वर निर्धारित करते हुए मज़ाकिया अंदाज़ में कहा। कश्यप ने न केवल अपनी यात्रा को मान्यता दी, बल्कि रोजमर्रा की भूमिकाओं में अनगिनत महिलाओं के योगदान को भी मान्यता दी। उन्होंने कहा, "हर लड़की, हर महिला जो इस समय आजतक या इंडिया टुडे ग्रुप ऑफिस में काम कर रही है, वह भी उतनी ही इसकी हकदार है जितनी मैं हूं। हर महिला जो इस समय मेट्रो या लोकल ट्रेन से घर वापस जा रही है, वह भी इसकी उतनी ही हकदार है।" साहस के महत्व पर जोर देते हुए कश्यप ने महिलाओं को साहसिक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। "पहला कदम साहस है, और वहां से अनुभव के साथ आत्मविश्वास आता है," उन्होंने मिगुएल गेन को उद्धृत करते हुए कहा: "नहीं, चुप रहो तुम सुंदर नहीं हो। जब आप संघर्ष करते हैं, जब आप अपने लिए लड़ते हैं और आपके शब्द चुभते हैं तो आप खूबसूरत लगते हैं।" कश्यप ने श्रोताओं को यह याद दिलाते हुए समापन किया कि समानता के लिए लड़ाई जारी है। उन्होंने सभी पृष्ठभूमियों की महिलाओं के लिए एकजुटता और सशक्तिकरण का आग्रह करते हुए कहा, "हमें अपनी लड़कियों को यह सिखाना होगा कि यह लड़ाई उनकी है।" अंत में, उन्होंने अपनी बेटी और परिवार को उन्हें प्रेरित करने तथा उनकी ताकत का स्तम्भ बनने के लिए धन्यवाद दिया।
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ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ज़ी) और यामाहा मोटर्स, इंडिया ने लंबे समय से चल रहे संगीत रियलिटी शो सा रे गा मा पा के प्रतियोगियों के साथ सहयोग के माध्यम से यामाहा के प्रतिष्ठित 'द कॉल ऑफ द ब्लू' अभियान में नई जान फूंकने के लिए हाथ मिलाया है। यह साझेदारी एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतीक है, जहां नवोदित संगीत प्रतिभाओं द्वारा गान को फिर से तैयार किया गया है, जिससे एक शक्तिशाली और भावनात्मक रूप से गूंजने वाला अनुभव तैयार हुआ है, जो ज़ी टीवी, ज़ी तमिल और ज़ी तेलुगु सहित ज़ी के विशाल नेटवर्क पर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देता है। सा रे गा मा पा , जो लगभग तीन दशकों से एक सांस्कृतिक घटना रही है, अब अपनी तरह के पहले एकीकरण के लिए कैनवास बन गई है, जहाँ भारत भर के प्रतियोगी अपनी अनूठी शैली को यामाहा गान में लाते हैं। यह पहल पारंपरिक मार्केटिंग से आगे बढ़ती है, जिससे यामाहा की भावना को संगीत और कहानी कहने के माध्यम से एक अभिनव, ताज़ा तरीके से प्रतिध्वनित किया जा सकता है। सा रे गा मा पा पर पहली बार , प्रतियोगियों ने एक ब्रांड गान की अपनी खुद की प्रस्तुति बनाई और प्रस्तुत की, यह एक ऐसा कदम है जो जितना अनूठा है उतना ही प्रभावशाली भी है। यह सहयोग संगीत की सार्वभौमिक शक्ति के दिल पर प्रहार करता है जो लोगों को जोड़ता है, प्रेरित करता है और स्थायी यादें बनाता है। जैसे-जैसे प्रतियोगियों ने यामाहा के गान में अपने जुनून, ऊर्जा और व्यक्तिगत रचनात्मकता को शामिल किया, परिणाम एक विद्युतीय मिश्रण था जो ब्रांड के मूल मूल्यों जैसे साहस, स्वतंत्रता और भाईचारे को दर्शाता था। यह साझेदारी महज प्रचार से परे है - यह रचनात्मकता, कलात्मकता और व्यक्तित्व का उत्सव है। इस अभियान ने ZEE के प्लैटफ़ॉर्म पर लगभग 25 मिलियन दर्शकों तक अपनी पहुँच बनाई, जिससे यामाहा के रोमांच और जुनून के संदेश को बढ़ावा मिला और इसे संगीत प्रेमियों, खासकर युवाओं के साथ जोड़ा गया। इस सहयोग के ज़रिए, यामाहा और ZEE ने अपने दर्शकों के साथ एक सार्थक संबंध स्थापित किया है, जिससे एक बार फिर साबित हुआ है कि संगीत और कहानी सुनाना सामान्य से परे जाकर असाधारण अनुभव पैदा कर सकता है। ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड के चीफ ग्रोथ ऑफिसर – डिजिटल और ब्रॉडकास्ट रेवेन्यू, आशीष सहगल ने कहा, “ज़ी हमेशा से ही ऐसे अभिनव एकीकरणों में सबसे आगे रहा है जो ब्रांड को उनके दर्शकों के करीब लाते हैं। यामाहा के साथ हमारी साझेदारी उस दर्शन का आदर्श उदाहरण है। यामाहा की साहसिक भावना और सा रे गा मा पा प्रतियोगियों की रचनात्मक ऊर्जा के बीच तालमेल ने एक रोमांचक और प्रभावशाली सहयोग को जन्म दिया है जिसने न केवल यामाहा के मूल संदेश को बढ़ाया है बल्कि एक वाकई यादगार अनुभव भी बनाया है। यह अभियान दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ा है, जिसने ब्रांड के मूल्यों को इस तरह से जीवंत किया है जो आकर्षक और प्रेरणादायक दोनों है। यह एक आदर्श उदाहरण है कि कैसे संगीत और कहानी कहने का तरीका एक साथ मिलकर कुछ उल्लेखनीय बना सकता है।” यामाहा मोटर इंडिया के मार्केटिंग महाप्रबंधक विजय कौल ने कहा, "मोटरसाइकिल और संगीत दुनिया भर से जुड़ने के दो बेहतरीन तरीके हैं। इस सहयोग के ज़रिए, हम युवा संगीत प्रेमियों से ज़्यादा आंतरिक स्तर पर जुड़ने और आज़ादी, जुनून और आत्म-अभिव्यक्ति के साझा मूल्यों का जश्न मनाने के लिए तत्पर हैं। खुली सड़क का रोमांच संगीत की लय को दर्शाता है, जो ऐसे अनुभव पैदा करता है जो प्रेरित और ऊर्जावान करते हैं। सा रे गा मा पा पर पहली बार, प्रतियोगियों ने एक ब्रांड एंथम की अपनी अनूठी प्रस्तुति तैयार की है, जिसका हर टुकड़ा आज़ादी, व्यक्तित्व और सवारी के आनंद का सार दर्शाता है।" मोटिवेटर इंडिया के मुख्य विकास अधिकारी और प्रबंध भागीदार अमन कोचर ने कहा, "सा रे गा मा पा के साथ तीन ज़ी नेटवर्क चैनलों पर हमारा सहयोग असाधारण था। मंच पर प्रतिभाशाली प्रतियोगियों ने ब्रांड की आवश्यकताओं को समझने और उन्हें स्टाइल के साथ पेश करने में अपार क्षमता दिखाई। कॉल ऑफ़ द ब्लू एंथम को उनके अनूठे अंदाज़ में फिर से प्रस्तुत करने से हमें युवा दर्शकों से जुड़ने में मदद मिली, जिससे ब्रांड को खुले तौर पर ब्रांड प्लेसमेंट का उपयोग करने के बजाय ताज़ा, जीवंत ऊर्जा के साथ कंटेंट में सहजता से एकीकृत किया जा सका।" जैसा कि द कॉल ऑफ़ द ब्लू एंथम ने पूरे देश में दर्शकों के दिलों में जगह बना ली है, यामाहा और ज़ी ने रचनात्मक सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की है। यह सहयोग सिर्फ़ एक शुरुआत है जो एक स्थायी साझेदारी होने का वादा करती है जो संगीत, कहानी कहने और ब्रांड मूल्यों को मिलाकर प्रभावशाली, अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है
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अमृतसर में एक बड़ी अनहोनी टल गई। पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को जान से मारने की कोशिश हुई लेकिन सुरक्षा कर्मियों की मुस्तैदी की वजह से बादल बाल-बाल बच गए। सुखबीर बादल श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्म के मुताबिक स्वर्ण मंदिर के द्वार पर चौकीदारी कर रहे थे। चूंकि बादल के पैर में फ्रैक्चर है, इसलिए वह व्हीलचेयर पर बैठकर दरबान की ड्यूटी दे रहे थे। इसी दौरान एक शख़्स श्रद्धालु के भेष में स्वर्ण मंदिर के गेट पर आया। वह सुखबीर बादल के क़रीब पहुंचा और उसने पिस्तौल निकालकर गोली चलाने की कोशिश की लेकिन सादे लिबास में तैनात एक सुरक्षकर्मी ASI जसबीर सिंह हमलावर को पिस्तौल निकालते हुए देखते ही उस पर टूट पड़ा। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को वहीं दबोच लिया। नारायण सिंह चौड़ा, गुरदासपुर ज़िले के डेरा बाबा नानक का रहने वाला है। उसके खालिस्तानी संगठनों से पुराने रिश्ते रहे हैं। नारायण सिंह चौड़ा खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और अकाल फेडरेशन के साथ जुड़ा हुआ था। सुखबीर बादल पर हमले की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। दरबार साहिब में, भगवान के घर में, सेवा करते व्यक्ति पर गोली चलाना गंभीर जुर्म है, पाप है। हमला करने वाले ने सिर्फ इस बात का फायदा उठाया कि दरबार साहिब की मर्यादा के मुताबिक वहां जाने वालों की चेकिंग नहीं की जाती। अगर सुखबीर के सिक्योरिटी वाले सावधान न होते, तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। जहां तक इस मामले में राजनीति का सवाल है, यह तो अपेक्षित था कि अकाली दल के नेता सीएम भगवंत सिंह मान को दोषी ठहराएंगे और कांग्रेस पर भी आरोप लगाएंगे। कांग्रेस से भी यही उम्मीद थी कि वो पंजाब सरकार को जिम्मेदार बताएगी। लेकिन अकाली दल के नेता विक्रमजीत सिंह मजीठिया ने इस हमले के पीछे कांग्रेस का हाथ बताया और कहा कि हमलावर कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का करीबी है। बीजेपी ने इस घटना के पीछे खालिस्तानियों का हाथ बताया। अब जिम्मेदारी पंजाब पुलिस की है कि वह इस मामले की तह तक जाए, अपराधी के पीछे कौन है इसका पता लगाए और जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बाकी पार्टियां इधर-उधर की बयानबाज़ी न करें तो बेहतर होगा।
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नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी के "इंडियन ऑफ द ईयर अवॉर्ड्स 2024" कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शिरकत की और भारत के बदलते वैश्विक रुतबे पर बात की। उन्होंने कहा कि आजादी के करीब 8 दशक बाद भारतीय लोकतंत्र के असली फल देखने को मिल रहे हैं, और भारत का रुतबा दुनिया में बढ़ा है। विदेश मंत्री ने यह भी बताया कि आज किसी भी बड़े मसले पर भारत से सलाह किए बिना निर्णय नहीं लिया जाता। एस जयशंकर ने यह भी कहा कि भारत के बारे में दुनिया का नजरिया बदल चुका है, और यह बदलाव सिर्फ भारत के विकास से जुड़ा नहीं, बल्कि इसके वैश्विक प्रभाव से भी संबंधित है। विदेश मंत्री ने आगे कहा कि आज भारतीय लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संतुष्ट हैं, जो पहले पिछली सरकारों के दौरान संभव नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने न केवल गवर्नेंस में सुधार किया, बल्कि यह लोगों के लिए विकास के नए रास्ते भी खोलने में मददगार साबित हुआ है। जयशंकर ने सवाल उठाया कि कैसे हालात इतने बदल गए, और यह बदलाव किस तरह भारत के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है।
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02 दिसंबर से 06 दिसंबर, 2024 के हफ्ते में भारत के मीडिया सेक्टर के प्रमुख खिलाड़ियों के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखा गया। एनडीटीवी, टीवी टुडे, नेटवर्क18, ZEEL, ZMCL, HT मीडिया और जागरण प्रकाशन जैसी कंपनियों के स्टॉक्स में कुछ ने अच्छा मुनाफा कमाया, जबकि अन्य में मामूली वृद्धि देखी गई। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड का स्टॉक 10% से अधिक चढ़ा, जिससे निवेशकों का मजबूत भरोसा झलका। सोमवार को स्टॉक 130.20 रुपये पर खुला और शुक्रवार को 143.75 रुपये पर बंद हुआ, जो हफ्ते का उच्चतम स्तर 143.91 रुपये था। टीवी टुडे (TV Today) टीवी टुडे ने भी इस हफ्ते उल्लेखनीय मुनाफा कमाया। सोमवार को इसका स्टॉक 200.65 रुपये पर खुला, जो हफ्ते का न्यूनतम स्तर था और शुक्रवार को 214.99 रुपये पर बंद हुआ। इसने 7.5% की वृद्धि दर्ज की। यह वृद्धि निवेशकों के सकारात्मक रुझान और संभावित रूप से कंपनी से जुड़े वित्तीय घोषणाओं का परिणाम हो सकती है। जागरण प्रकाशन (Jagran Prakashan) जागरण प्रकाशन के स्टॉक में 5.6% की बढ़त देखी गई। सोमवार को इसका स्टॉक 84.24 रुपये पर खुला और शुक्रवार को 89 रुपये पर बंद हुआ। हफ्ते के दौरान इसका उच्चतम स्तर 89.59 रुपये रहा। नेटवर्क18 (Netwok18) नेटवर्क18 का स्टॉक सोमवार को 78.80 रुपये पर खुला, जो हफ्ते का न्यूनतम स्तर था और शुक्रवार को 79.75 रुपये पर बंद हुआ। इसका उच्चतम स्तर 80.78 रुपये था। हालांकि, इसमें ज्यादा स्थिरता नहीं देखी गई। एनडीटीवी (NDTV) एनडीटीवी के स्टॉक में मामूली गिरावट आई। सोमवार को यह 176.23 रुपये पर खुला और शुक्रवार को 175.50 रुपये पर बंद हुआ। हफ्ते के दौरान इसका उच्चतम स्तर 179.59 रुपये रहा, लेकिन यह स्थिरता बनाए रखने में असफल रहा। जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (ZMCL) जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सोमवार को 19.87 रुपये के न्यूनतम स्तर पर शुरुआत की। इसके बाद स्टॉक में धीरे-धीरे बढ़त आई और शुक्रवार को यह 21.42 रुपये पर बंद हुआ। हफ्ते का उच्चतम स्तर 21.94 रुपये था, जो कंपनी के प्रति निवेशकों के सकारात्मक रुझान को दर्शाता है। एचटी मीडिया (HT Media) एचटी मीडिया का स्टॉक सोमवार को 23.76 रुपये पर खुला और हफ्ते के उच्चतम स्तर 24.90 रुपये तक पहुंचा। शुक्रवार को यह 24.58 रुपये पर बंद हुआ, जो 3.5% की स्थिर वृद्धि को दर्शाता है। इससे कंपनी की बाजार स्थिति और निवेशकों का विश्वास झलकता है।
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दूरसंचार (प्रसारण और केबल) सेवा अंतरसंयोजन विनियमों के लेखापरीक्षा प्रावधानों पर ट्राई के परामर्श पत्र पर एक महत्वपूर्ण खुली चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख हितधारकों ने लेखापरीक्षा प्रक्रियाओं और बुनियादी ढांचे के साझाकरण के भविष्य पर अपने मजबूत विचार व्यक्त किए। इस चर्चा के दौरान, डिजिटल प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों (डीपीओ) द्वारा की जा रही विलंबित ऑडिट और अधूरी रिपोर्टों पर चिंता जताई गई। इससे क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता को लेकर सभी ने एकमत होकर सहमति जताई, ताकि अनुपालन और प्रसारण क्षेत्र की उभरती गतिशीलता के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। विचाराधीन मुख्य मुद्दा इंटरकनेक्शन विनियमन, 2017 का खंड 15(1) था, जो डीपीओ के लिए ऑडिट की आवश्यकता से संबंधित है। इस प्रावधान के तहत, डीपीओ को अपने सिस्टम का वार्षिक ऑडिट करना अनिवार्य है, जिसे ट्राई-सूचीबद्ध ऑडिटर द्वारा किया जाना चाहिए। राधाकृष्णन नायर की टिप्पणियांभारतीय प्रसारण और डिजिटल फाउंडेशन (आईबीडीएफ) के सचिव राधाकृष्णन नायर ने कहा कि ग्राहक डेटा रिपोर्टिंग में पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए कड़े ऑडिट तंत्र की आवश्यकता है। उन्होंने डीपीओ द्वारा अधूरे या विलंबित ऑडिट पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे न केवल राजस्व सृजन पर असर पड़ता है, बल्कि सिस्टम की अखंडता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। नायर ने यह सुझाव दिया कि ब्रॉडकास्टरों को डीपीओ का ऑडिट करने का प्राथमिक अधिकार होना चाहिए, जिससे सब्सक्राइबर संख्या, डेटा और सिस्टम की अखंडता का समय पर और सटीक सत्यापन किया जा सके। इससे छोटे डीपीओ को ऑडिट के वित्तीय बोझ से राहत मिल सकेगी। अजय सिंह का दृष्टिकोणहालांकि, हैथवे डिजिटल लिमिटेड के गैर-कार्यकारी निदेशक अजय सिंह ने खंड 15(1) का समर्थन किया और कहा कि यह प्रावधान "बहुत अच्छा" काम कर रहा है। सिंह के अनुसार, इस ऑडिट से संबंधित ब्रॉडकास्टर और डीपीओ के बीच होने वाले कानूनी विवादों में कमी आई है। उनका कहना था, "अगर डीपीओ अपना ऑडिट नहीं कर रहे हैं, तो ब्रॉडकास्टर उन्हें सिग्नल क्यों दे रहे हैं? अगर वे ऑडिट नहीं कर रहे हैं, तो उन्हें सिग्नल न दें।" मनोज छंगानी की रायऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन (एआईडीसीएफ) के महासचिव मनोज छंगानी ने खंड 15(1) को बिना संशोधन के बनाए रखने का समर्थन किया। हालांकि, उन्होंने सुझाव दिया कि इस खंड की प्रभावकारिता को बढ़ाने के लिए कुछ सुधार किए जाने चाहिए, जैसे कि ब्रॉडकास्टर को उन एमएसओ की सूची साझा करनी चाहिए जो समय पर ऑडिट नहीं कर रहे हैं। साथ ही, ट्राई को अपनी वेबसाइट पर गैर-अनुपालन करने वाले एमएसओ की मासिक रिपोर्ट जारी करनी चाहिए। संशोधन और नियामक अनुपालन की आवश्यकताइस चर्चा का उद्देश्य डीपीओ के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना था, ताकि नियामक निरीक्षण और निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
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कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने बुधवार को केरल के कई लोकसभा सदस्यों के साथ गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और वायनाड में भूस्खलन प्रभावित लोगों की मदद का आग्रह किया। यह मुलाकात संसद भवन परिसर स्थित शाह के कार्यालय में हुई। वरिष्ठ पत्रकार सुशांत सिन्हा ने इस मुलाकात के सियासी मायने को लेकर अपनी राय व्यक्त की और इसे लेकर एक पोस्ट किया। सुशांत सिन्हा ने लिखा, "बहन प्रियंका ही राहुल गांधी के लिए बड़ी सियासी चुनौती साबित होने वाली हैं। कल उस वक्त इसका संकेत मिला जब प्रियंका गांधी अपने संसदीय क्षेत्र के काम के लिए टीम के साथ सीधे गृहमंत्री अमित शाह के पास चली गईं। राहुल गांधी से ऐसी उम्मीद भी करना मुश्किल है।" उन्होंने यह भी कहा कि प्रियंका गांधी ने यह साबित कर दिया है कि वह अपने संसदीय क्षेत्र के काम के लिए व्यक्तिगत अहंकार को बीच में नहीं लातीं, जो राहुल गांधी की इगोइस्टिक छवि से बिलकुल उलट है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों में राहुल गांधी को उनके खुद के लोग भी नकारने न लग जाएं, क्योंकि उनके गठबंधन साथी पहले ही उन्हें नकार चुके हैं। सुशांत सिन्हा ने यह भी कहा कि गांधी परिवार की तरफ से केंद्र सरकार के किसी मंत्री, विशेष रूप से गृह मंत्री से इस तरह की मुलाकातें दुर्लभ रही हैं, और यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रियंका गांधी ने इसे एक सियासी संदेश के रूप में पेश किया है।
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महाराष्ट्र में हाल ही में देवेंद्र फडणवीस ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, और उनके साथ एकनाथ शिंदे तथा अजित पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, एकनाथ शिंदे के इस पद में शामिल होने को लेकर पहले ही काफ़ी सस्पेंस था। इस पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट के ज़रिए अपनी प्रतिक्रिया दी और अपनी राय व्यक्त की। हर्षवर्धन त्रिपाठी ने ट्वीट किया, "यह वही हुआ था, जैसा मैं लगातार कह रहा था। भाजपा और शिवसेना दोनों के लिए यही सबसे बेहतर था कि एकनाथ शिंदे खुद उप मुख्यमंत्री बनें। हालांकि, शिंदे जी ने यह बात देर से समझी, लेकिन अच्छा हुआ कि समझ में आ ही गया। हालांकि, उन्होंने अनावश्यक रूप से रहस्य बनाए रखकर अपना ही नुकसान किया। अब उन्हें आगे अपरिपक्व और बचकाना व्यवहार से बचने की ज़रूरत है।" राजनीति के जानकारों का कहना है कि एकनाथ शिंदे के पास इससे बेहतर विकल्प नहीं था। शिवसेना के लिए यह बेहद ज़रूरी था कि वे सत्ता में बने रहें, और इसके लिए उन्हें भाजपा के साथ समंजस्य बनाकर ही चलना था। खासतौर पर इस स्थिति में, बीजेपी के पास सबसे ज्यादा विधायकों की संख्या थी, जिससे शिंदे को उनके कहे अनुसार ही कदम उठाने थे। इस पोस्ट के जरिए त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि शिंदे को अपनी राजनीतिक यात्रा में और परिपक्वता दिखानी चाहिए, ताकि वे भविष्य में राजनीतिक फैसले और व्यवहार में बेहतर दिशा में बढ़ सकें।
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दिसंबर 2024— इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर बताया कि वह डीपफेक का शिकार हो रहे हैं। उनके वीडियो और आवाज का इस्तेमाल करके लोग नकली दवाइयां बेच रहे हैं। रजत शर्मा ने एक्स पर लिखा, "आजकल नकली दवाईयां बेचने वाले मेरे कई फेक वीडियो पोस्ट करते हैं। ये डीपफेक हैं, फ़र्ज़ी हैं। ये लोग मेरे वीडियो इस्तेमाल करते हैं, उन पर AI से मेरी जैसी आवाज़ लगाते हैं, पर वो आवाज़ मेरी नहीं है। मैं कोई दवाई नहीं बेचता। किसी शुगर की दवा को, किसी वजन घटाने की दवा को, किसी घुटनों के दर्द की दवा को प्रचारित नहीं करता। ये सारे वीडियो झूठे हैं। इन पर विश्वास न करें।" शिकायतें और कानूनी कदम रजत शर्मा ने बताया कि उन्होंने साइबर क्राइम सेल में शिकायतें की हैं और पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, हाई कोर्ट में भी केस किया है, लेकिन एक वीडियो हटवाने पर दूसरा आ जाता है। उन्होंने कहा, "कभी अमिताभ बच्चन के साथ, तो कभी डॉ नरेश त्रेहन के साथ। ये सारे फेक हैं, फ़र्ज़ी हैं।" जनता से अपील रजत शर्मा ने जनता से अपील की है कि वे इन फर्जी वीडियो को एक्सपोज करने में उनकी मदद करें। अगर आपको कहीं ऐसे फर्जी वीडियो दिखाई दें, तो तुरंत 9350593505 पर सूचित करें।
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दिसंबर 2024— किसान आंदोलन को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीधे केंद्र सरकार से सवाल उठाए हैं। उन्होंने मंगलवार को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सीधा सवाल पूछा कि आखिर किसानों से जो लिखित में वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ। उनके इस बयान पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट कर अपनी राय दी। उपराष्ट्रपति का गंभीर सवाल उपराष्ट्रपति ने गंभीरता से सरकार से किसानों की समस्याओं के निवारण और उनकी मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, "दुनिया में भारत कभी इतनी बुलंदी पर नहीं था। जब ऐसा हो रहा है तो मेरा किसान परेशान और पीड़ित क्यों है? किसान अकेला है जो असहाय है। मान कर चलिए अपने रास्ता भटक गए हैं। हम उस रास्ते पर गए हैं जो खतरनाक है।" वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार की प्रतिक्रिया वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार ने एक्स पर लिखा, "उपराष्ट्रपति ने बातें काफ़ी गंभीरता से सामने रखते हुए, सरकार से किसानों की समस्याओं के निवारण और किसानों की मदद की गुहार लगाई है। पद पर रहते किसी उपराष्ट्रपति ने शायद, अपनी सरकार से पहली बार इतने कड़े सवाल पूछे और कृषि मंत्री से मंच पर ही समस्या के निदान के लिए आग्रह किया।" पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का बयान पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने पद से हटने के बाद किसानों के मुद्दे पर सरकार पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा, "किसानों की समस्या वास्तविक है। ये किसी एक सरकार की वजह से नहीं है। लेकिन समस्या का समाधान निकालने वाली तो कोई एक सरकार ही होगी, तो मौजूदा सरकार क्यों नहीं?"
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दिसंबर 2024— कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) एक शानदार अवसर लेकर आई है। अंग्रेजी टीम के लिए कंटेंट राइटर्स की जरूरत है और इसके लिए इच्छुक व योग्य आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। ये नियुक्तियां नोएडा के लिए हैं। पदों की जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, निम्नलिखित पदों पर वैकेंसी है: स्कूल सेक्शन कंटेंट राइटर एजुकेशन न्यूज कंटेंट राइटर एग्जाम प्रेप कंटेंट राइटर जनरल नॉलेज कंटेंट राइटर आवश्यक योग्यताएं इन पदों पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास अंग्रेजी में लेखन कौशल होना चाहिए। साथ ही, 1 से 3 साल का अनुभव भी आवश्यक है। इसके अलावा, कंटेंट लेखन में रुचि के साथ-साथ नवाचार के साथ काम करने की क्षमता होनी चाहिए। आवेदन कैसे करें इच्छुक उम्मीदवार अपना अपडेटेड रिज्युमे hiba.khan@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं। जिस पद के लिए आवेदन कर रहे हैं, ईमेल की सब्जेक्ट लाइन में उसका नाम अवश्य लिखें। साथ ही, मेल में अपने अनुभव, वर्तमान सैलरी (Current CTC), अपेक्षित सैलरी (Expected CTC) और नोटिस अवधि (Notice Period) की जानकारी भी दें। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए विज्ञापन को आप यहाँ देख सकते हैं और अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह अवसर उन युवाओं के लिए है जो कंटेंट राइटिंग के फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं और उनके पास आवश्यक योग्यता और अनुभव है।
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डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए यह खबर काफी काम की है। दरअसल, देश का प्रमुख पब्लिशिंग हाउस ‘आउटलुक पब्लिशिंग इंडिया प्रा. लि’ (Outlook Publishing (India) Pvt. Ltd.) अपनी ऑनलाइन टीम के लिए योग्य और खबरों की समझ रखने वाले पत्रकारों की तलाश कर रहा है। इसके तहत सब एडिटर और सुपरवाइजरी भूमिकाएं के लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर जारी विज्ञापन के अनुसार, सब एडिटर पद पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास डिजिटल न्यूज डेस्क पर काम करने का एक से तीन साल का अनुभव होना चाहिए। वहीं, सुपरवाइजरी रोल के लिए पांच से आठ वर्षों का अनुभव होना चाहिए और आवेदकों के पास न्यूज पब्लिशिंग टीम का नेतृत्व करने की क्षमता होनी चाहिए। अन्य योग्यताओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय समाचारों की अच्छी समझ होनी चाहिए। अंग्रेजी भाषा का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। ऑनलाइन पत्रकारिता के लिए डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल का अनुभव होना चाहिए। और सुपरवाइजरी रोल के लिए नेतृत्व क्षमता होनी चाहिए। शैक्षिक योग्यता की बात करें तो किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से पत्रकारिता में डिग्री को प्राथमिकता दी जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन careers@outlookindia.com पर भेज सकते हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी नीचे दिए गए विज्ञापन से ले सकते हैं।
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बांग्लादेश में हिंदुओं और इस्कॉन पुजारियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा को देखते हुए इस्कॉन कोलकाता ने हिंदुओं और पुजारियों को एक सलाह दी है कि वे तिलक मिटा दें और तुलसी की माला छिपा लें, अपना सिर ढक लें और भगवा पहनने से बचें। जानकारी के मुताबिक हिंदुओं पर हमले बढ़ते ही जा रहे हैं। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार अमिश देवगन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी बात रखी है। उन्होंने एक्स पर लिखा, बांग्लादेश में जो लोग प्रताड़ित हो रहे हैं वो हिंदू हैं और हिंदुओं के लिए दुनिया में 56 या 57 देश नहीं हैं। उनके लिए सिर्फ भारत हैं। उनकी उम्मीदें सिर्फ भारत पर टिकी है। ऐसे में भारत को बांग्लादेशी हिंदुओं के लिए अब जल्द से जल्द खड़ा हो जाना चाहिए, क्योंकि हिंदुओं की जान की भी कीमत है। आपको बता दें, बांग्लादेशी हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की चुप्पी निंदनीय है। तख्ता पलट के बाद से नई सरकार हिंदुओं पर अत्याचार रोकने पर पूरी तरह से नाकाम रही है। बांग्लादेश में चिन्मय दास प्रभु समेत कई पुजारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राधारमण दास ने ये भी दावा किया कि चिन्मय दास के वकील रमण रॉय को इतना पीटा गया कि वह आईसीयू में जिंदगी मौत की जंग लड़ रहे हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार, जाने माने लेखक और डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म ‘मनीकंट्रोल’ (moneycontrol.com) में मैनेजिंग एडिटर डॉ. नलिन मेहता ने हाल ही में मीडिया से खास बातचीत की। इस बातचीत के दौरान नलिन मेहता ने ‘मनीकंट्रोल’ को लेकर उनके विजन और मीडिया से जुड़े तमाम अहम मुद्दों पर विस्तार से अपने विचार रखे। इसके अलावा डॉ. नलिन मेहता ने आज के डिजिटल दौर में फाइनेंसियल न्यूज के बदलते परिदृश्य के बारे में व्यापक जानकारी दी। यही नहीं, उन्होंने विश्वनीयता बनाए रखने की चुनौतियों, डेटा आधारित फैसलों के महत्व और कंटेंट व ग्रोथ में इस प्लेटफॉर्म द्वारा अपनाई जा रहीं नई पहलों के बारे में भी चर्चा की। फाइनेंसियल न्यूज यानी फाइनेंस की दुनिया से जुड़ी खबरों की बात करें तो ऑडियंस के व्यवहार और कंटेंट के उपभोग (consumption) में बड़ा बदलाव आया है। उदाहरण के लिए, मनीकंट्रोल के पास अब हर महीने 100 मिलियन यूनिक विजिटर्स हैं। यह न केवल मनीकंट्रोल के लिए बल्कि पूरे फाइनेंसियल न्यूज परिदृश्य के लिए एक मानदंड है। अगर आप पारंपरिक बिजनेस अखबारों की संख्या देखें तो वे इस आंकड़े से काफी दूर हैं। इसका मतलब है कि ऑडियंस पूरी तरह या बड़े पैमाने पर डिजिटल की ओर बढ़ चुके हैं। इससे हमारी कार्यप्रणाली बदल गई है। इस देश में बिजनेस के बारे में जानने की लोगों में काफी इच्छा है। ऐसे में जैसे-जैसे अधिक लोग औपचारिक अर्थव्यवस्था में प्रवेश कर रहे हैं, इन अवधारणाओं को समझने की मांग बढ़ रही है। लेकिन यह सब डिजिटल पर हो रहा है। जो लोग डिजिटल मार्केट पर अपनी अच्छी पकड़ बनाए हुए हैं, वही आज इस खेल में आगे हैं। इस साल की ही बात करें तो पिछले 10 महीनों में मनीकंट्रोल ने अपने ऑडियंस की संख्या काफी बढ़ा ली है। इन 10 महीनों में हमने न केवल अपने मंथली व्युअर्स बल्कि पेड सबस्क्रिप्शंस की संख्या भी दोगुनी कर दी है। इस पैमाने पर यह बदलाव अभूतपूर्व है। इससे पता चलता है कि विकास की प्रकृति कैसी है और परिवर्तन कितनी तेजी से हो रहा है। मूल रूप से, भारत में निवेशकों के लिए उपयोगी जानकारी की बड़ी मांग है क्योंकि इक्विटी संस्कृति तेजी से फैल रही है और लोग विश्वसनीय जानकारी के स्रोत खोज रहे हैं। जो लोग यह जानकारी प्रदान कर सकते हैं, वही ऑडियंस को आकर्षित कर रहे हैं। यही कारण है कि लोग हमारे प्लेटफॉर्म को पसंद करते हैं, क्योंकि वे निवेश से जुड़े अपने निर्णयों के लिए विश्वसनीय और भरोसेमंद जानकारी की तलाश करते हैं। इसके लिए एक अभूतपूर्व पैमाने पर विश्वसनीयता और गति दोनों की आवश्यकता होती है। हमने MC Pro के लिए एक मिलियन पेड सबस्क्राइबर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। इन आंकड़ों को देखने पर आपको पता चलेगा कि बाकी मीडिया के लिए स्थितियां कितनी कठिन हैं। ज्यादातर प्लेटफॉर्म्स के दर्शकों की संख्या घट रही है। मीडिया के लिए इस कठिन माहौल में हमारे सबस्क्राइबर्स की संख्या दुनिया भर में टॉप 15 में शामिल है। यह हमें फाइनेंशियल टाइम्स, अमेरिकी मीडिया समूह ‘Barron’ और चाइनीज मीडिया समूह ‘Caixin’ जैसे प्लेटफॉर्म्स के समकक्ष लाता है। इसलिए, अवसर बहुत बड़ा है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि इस हिसाब से काम और जिम्मेदारी भी उतनी ही बढ़ जाती है क्योंकि भारतीय पाठक उतनी ही सूझबूझ वाले और जागरूक हैं, जितने कि भारतीय मतदाता। जैसे भारतीय मतदाता अपने वोट के प्रति गंभीरता से सोचता है और सही विकल्प चुनने के लिए सावधान रहता है, वैसे ही भारतीय पाठक भी अपने कंटेंट के लिए गुणवत्तापूर्ण और प्रासंगिक सामग्री का चयन करने में सतर्क रहता है। डेटा हमारी हर गतिविधि का मूल आधार है। यही कारण है कि हमने सबस्क्रिप्शन के मामले में रिकॉर्ड तोड़े हैं। एक मिलियन सबस्क्राइबर्स के साथ हम न केवल दुनिया के शीर्ष 15 में शामिल हैं, बल्कि भारत में किसी भी अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म की तुलना में न्यूज सबस्क्रिप्शन में कहीं आगे हैं। मनीकंट्रोल ने सामान्य निवेशकों के लिए वह सूचना उपलब्ध कराई है, जो पहले केवल संस्थागत निवेशकों के लिए ही सुलभ थी। जो जानकारी पहले केवल बड़े निवेशकों को ही मिलती थी, अब वह कॉमन यूजर्स और रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए बहुत कम कीमत पर उपलब्ध है। मनीकंट्रोल यही काम करता है। हमारे डेटा और डेटाबेस टूल इस प्रक्रिया का मुख्य हिस्सा हैं। यह डेटा का एक प्रमुख उपयोग है। हम जो कंटेंट तैयार करते हैं, उसमें डेटा केंद्रीयकृत भूमिका में रहता है। दूसरा, हम नियमित रूप से अपने यूजर्स के व्यवहार को ट्रैक करते हैं और देखते हैं कि वे हमारे द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे कंटेंट पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यानी हम लगातार अपने पाठकों से जुड़े रहते हैं, उनकी प्रतिक्रिया लेते हैं और यह जानने की कोशिश करते रहते हैं कि वे किस तरह का कंटेंट चाहते हैं और उसी के अनुसार अपनी सेवाओं को मार्केट की आवश्यकताओं के मुताबिक़ ढालते हैं। मैं खुद व्यक्तिगत रूप से डेटा का विश्लेषण करने में काफी समय लगाता हूं। मुख्य रूप से, हम ट्रैफ़िक और यूजर्स की बदलती आदतों को लगातार ट्रैक करते हैं और उसी के अनुसार अपने कंटेंट को तैयार करते हैं। आज के दौर की बात करें तो मुझे नहीं लगता कि कोई भी एडिटर ट्रैफ़िक के पैटर्न को देखे बिना और यह समझे बिना कि उनका कंटेंट ऑडियंस/पाठकों तक पहुंच रहा है या नहीं, काम अच्छे से कर सकता है। मेरी नजर में अगर आपके कंटेंट को ऑडियंस नहीं मिल रहे हैं तो उस कंटेंट को तैयार करने का कोई मतलब नहीं है। विश्वसनीयता सुनिश्चित करने, बेहतरीन कंटेंट तैयार करने और टैलेंट को अपने साथ बनाए रखने के लिए आप किस तरह के कदम उठाते हैं? सबसे पहली बात तो यह है कि अच्छी क्वालिटी यानी गुणवत्ता का कोई विकल्प नहीं है। आखिरकार पाठक गुणवत्ता की ही तलाश करते हैं। यदि आपके कंटेंट में अच्छी क्वालिटी नहीं है, तो कोई भी आपके पास नहीं आएगा। उदाहरण के लिए, कई प्लेटफॉर्म्स पाठकों को ऑफर्स देकर भ्रमित करने और अपने साथ जोड़े रखने की कोशिश करते हैं: जैसे- ‘यह लें और इसके साथ 10 और चीजें फ्री में पाएं।‘ लेकिन मेरा मानना है कि इस तरह आप पाठकों को एक बार तो धोखा दे सकते हैं, लेकिन दूसरी बार अथवा बार-बार नहीं। क्योंकि जब कोई पाठक अपने सबस्क्रिप्शन का नवीनीकरण करता है तो यह आसान नहीं होता, खासकर भारत जैसे मूल्य-संवेदनशील बाज़ार में। लोग केवल उसी चीज के लिए पैसे देंगे, जिसे वे वास्तव में महत्व देते हैं, विशेष रूप से जब वे इसे दोबारा खरीदते हैं, इसलिए आपका कंटेंट उच्च गुणवत्ता का होना चाहिए। इसलिए, हम मानते हैं कि इतनी बड़ी संख्या में हमारे भारतीय पाठक मनीकंट्रोल का सबस्क्रिप्शन ले रहे हैं और उसे जारी रख रहे हैं, तो इसका यही कारण है कि हमारे कंटेंट की गुणवत्ता पर उन्हें पूरा भरोसा है। आप आप पूछेंगे कि हम यह कैसे करते हैं? तो हम लगातार ऐसे उन्नत प्रॉडक्ट बनाते हैं, जो हमारे पाठकों को बाज़ार की गहरी जानकारी प्रदान करते हैं। हमारा मुख्य उद्देश्य है कि हम लोगों को उनके पैसे को और अधिक स्मार्ट तरीके से निवेश करने में कैसे मदद कर सकते हैं? हमारा हर कंटेंट इसी सोच के साथ तैयार किया जाता है। उदाहरण के लिए, हमारे पाठकों में अनुभवी निवेशक और संस्थागत निवेशक, ट्रेडर्स और ब्रोकर्स समेत ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पहली बार पैसा कमा रहे हैं और शेयर बाज़ार में निवेश करना चाहते हैं। इसीलिए, हमारे पास प्रॉडक्ट्स की एक विस्तृत श्रृंखला है। उदाहरण के लिए, हमारे पास ‘Expert Edge’ है, जहां हम दैनिक ट्रेडिंग कॉल और साप्ताहिक निवेश के सुझाव प्रदान करते हैं। हमारे पास ‘Trade Like a Pro’ है, जहां हम तकनीकी जानकारी, रेटिंग्स और ट्रेंड्स प्रदान करते हैं। ‘Spot the Winners’ में लगभग 200 प्रभावशाली स्टॉक स्कैनर्स हैं। ‘Deep Dive’ में क्वांट-आधारित विश्लेषण उपलब्ध है। इसके अलावा, आप मार्केट के प्रमुख खिलाड़ियों के पोर्टफोलियो को ट्रैक कर सकते हैं। इस तरह की कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन सबके केंद्र में हमारी एक मजबूत रिसर्च टीम है, जिसमें शोध विश्लेषक शामिल हैं जो 25 अलग-अलग क्षेत्रों की 270 प्रमुख भारतीय कंपनियों पर गहन जानकारी प्रदान करते हैं। हमारे सभी शोध विश्लेषक ‘सेबी’ (SEBI) द्वारा प्रमाणित हैं। यह एक ऐसा क्षेत्र है, जिसके लिए विशेष कौशल और प्रमाणन की आवश्यकता होती है, और हमारी रिसर्च टीम इसी पृष्ठभूमि से आती है। हमारी रिसर्च टीम निवेशकों के लिए विषयगत पोर्टफोलियो भी तैयार करती है, जो अक्सर बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन करते हैं। इन सब से मिलकर यूजर्स का विश्वास बनता है। हमारा मानना है कि यूजर तभी आपकी ओर देखेगा और आपके प्लेटफॉर्म पर आएगा, जब उसे लगेगा कि आपकी दी गई जानकारी उनके जीवन में मूल्य जोड़ रही है और उनके लिए काम की साबित हो रही है। यदि आप इसमें गलती करते हैं, तो पाठक दोबारा आपके पास नहीं आएगा। इसके अलावा, अब हम फिनटेक क्षेत्र में अपनी पहुंच का विस्तार कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, हमारे प्लेटफॉर्म पर पाठक अब अपने बैंक खाते ट्रैक कर सकते हैं, अपनी रेटिंग्स देख सकते हैं, ऋण ले सकते हैं, फिक्स्ड डिपॉजिट कर सकते हैं और अपना क्रेडिट स्कोर जांच सकते हैं। इस प्रकार, आप तमाम सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब हम देश का सबसे बड़ा फाइनेंसियल प्लेटफॉर्म हैं। कोई अन्य प्लेटफॉर्म हमारे आसपास भी नहीं है। हम न्यूज, बिजनेस इंटेलिजेंस, मार्केट इंटेलिजेंस और निवेश के लिए उपयोगी टूल्स जैसी कई सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
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देश के जाने-माने टीवी पत्रकार शरद शर्मा ने 17 साल के बाद एनडीटीवी को अलविदा कह दिया है। उन्होंने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिये दी। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि पत्रकारिता की पढ़ाई के दिनों से ही एनडीटीवी में काम करने का सपना था और 2007 में यह सपना पूरा हुआ। शरद शर्मा ने 17 साल तक एनडीटीवी में काम किया। उन्होंने अपने जीवन में एनडीटीवी के अलावा किसी और चैनल में काम करने के बारे में कभी सोचा ही नहीं। चाहे हालात कैसे भी रहे, लेकिन पिछले दो सालों से वह एक अजीब सी कशमकश में थे। दिल और दिमाग के बीच के लंबे वैचारिक संघर्ष के बाद उन्होंने अपने दिल की बात सुनने का फैसला किया। आखिरकार शरद शर्मा ने एनडीटीवी छोड़ दिया है। वह अब स्वतंत्र हो गए हैं और खुले मैदान में आ गए हैं। उन्होंने थोड़ा आसान और आराम वाला जीवन छोड़कर संघर्ष का रास्ता चुन लिया है। शरद शर्मा ने 'The Swatantra' के नाम से अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू किया है, जिसमें उन्होंने लोगों से सहयोग नहीं बल्कि भागीदारी की अपील की है। शरद शर्मा ने टीवी पत्रकारिता को छोड़कर अब अपना खुद का डिजिटल चैनल शुरू कर दिया है। उनके इस निर्णय ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है और लोग उन्हें उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं दे रहे हैं। उनके फैंस और शुभचिंतक इस नए चैनल के जरिए उनसे जुड़ने के लिए उत्साहित हैं और उनके द्वारा प्रदान की जाने वाली सामग्री का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस नए चैनल के माध्यम से शरद शर्मा अपने स्वतंत्र विचार और पत्रकारिता के प्रति अपने दृष्टिकोण को और भी बेहतर तरीके से प्रस्तुत कर पाएंगे।
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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। शेख हसीना के सत्ता में आने के बाद से देश में अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदुओं पर हमले और उत्पीड़न की खबरें आ रही हैं। हाल ही में, एक भारतीय नागरिक सयान घोष ने बांग्लादेश में अपनी यात्रा के दौरान हुए एक दर्दनाक अनुभव को साझा किया है, जिसने एक बार फिर इस मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। 23 नवंबर को अपने दोस्त से मिलने ढाका गए सयान घोष को 26 नवंबर को भारत लौटते समय हिंदू होने के कारण हिंसक हमले का सामना करना पड़ा। हमलावरों ने उन पर चाकू से हमला किया और साथ ही उनकी यात्रा साथी प्रतिमा दास को भी परेशान किया। इस घटना के बाद दोनों सदमे में वापस भारत लौटे। घोष और दास का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदुओं को जातीय सफाए का निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्थानीय अधिकारियों और चिकित्सा सेवाओं ने उनकी मदद करने के बजाय उन पर ही आरोप लगाए। किसी भी पुलिस स्टेशन ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की। वरिष्ठ पत्रकार राहुल शिवशंकर ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में एक ऐसा इकोसिस्टम है जो हिंदू नरसंहार को कम आंकता है। उन्होंने कहा कि घोष और दास की कहानियों को सुनना और उन्हें दुनिया के सामने लाना बहुत जरूरी है। यह घटना एक बार फिर इस बात की ओर इशारा करती है कि बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक कितने असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हिंसा और उत्पीड़न की इन घटनाओं ने भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों को भी प्रभावित किया है। यह मामला एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की ओर खींचता है। यह आवश्यक है कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी इस मुद्दे पर आवाज उठानी चाहिए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाना चाहिए कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों का सम्मान करे।
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मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के प्रसिद्ध नाम राज नायक पिछले पांच वर्षों से एक सफल उद्यमी और हाउस ऑफ चीयर्स नेटवर्क्स के मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। अपने व्यापक अनुभव और व्यवसायिक कौशल से उन्होंने मीडिया इंडस्ट्री में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपनी कंपनी 'हैपटेक' (HappTech) के माध्यम से उन्होंने बिजनेस, सेल्स, मार्केटिंग और बिजनेस स्ट्रैटजी लीडरशिप में उत्कृष्ट कार्य किया है। राज नायक ने न केवल व्यवसाय को रूपांतरित किया है बल्कि कुछ नए लीडर्स को मार्गदर्शन देकर उन्हें आगे बढ़ने में मदद की है। राज नायक ने आठ साल से अधिक समय तक 'वायाकॉम18' से जुड़े रहते हुए, 2011 से 2019 तक चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दीं। उद्यमी बनने से पहले वे वायाकॉम18 में कार्यरत थे, जहां उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। राज नायक ने अपने साढ़े तीन दशकों से अधिक के अनुभव में कई सी-सूट (C-suite) लीडर्स को तैयार किया और प्रशिक्षित किया। उनके मार्गदर्शन में इंडस्ट्री ने कई प्रभावशाली लीडर्स पाए हैं, जो आज तमाम संगठनों का नेतृत्व कर रहे हैं और नई पहल शुरू कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में प्रोफेशनल और व्यक्तिगत करियर के सफर में राज नायक एक महत्वपूर्ण कड़ी रहे हैं। राज नायक ने अप्रैल 2010 में 'Aidem Ventures' की स्थापना की, जो मीडिया सेल्स, मार्केटिंग और कंसल्टिंग की सबसे बड़ी स्वतंत्र कंपनियों में से एक है। इस कंपनी ने लोगों को अपने नेटवर्क, शोध और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके अपनी संपत्तियों का मुद्रीकरण (monetization) करने, अपने विज्ञापनों को स्वचालित (automate) करने और अपने बाजार का विस्तार करने में मदद की है। यानी यह कंपनी लोगों और कंपनियों को अपने मौजूदा संसाधनों का उपयोग कर अधिक लाभ कमाने और अपने बिजनेस का विकास करने में सक्षम बनाती है। राज नायक की नेतृत्व क्षमता और उद्यमिता कौशल ने उन्हें मीडिया इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण व्यक्तित्व बना दिया है। उनकी नेतृत्व में कंपनियों ने न केवल व्यवसायिक सफलता प्राप्त की है बल्कि उन्होंने कई लोगों को मार्गदर्शन देकर उन्हें भी सफलता की राह पर अग्रसर किया है। राज नायक का योगदान मीडिया इंडस्ट्री के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है और उनकी कहानी नई पीढ़ी के उद्यमियों के लिए प्रेरणा स्त्रोत है।
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बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जम कर हिंसा हुई। बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े शहर चटगांव में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने ख़ूब उत्पात मचाया। जुमे की नमाज़ के बाद हिज़्बुत तहरीर, हिफ़ाज़ते इस्लाम और जमाते इस्लामी के कार्यकर्ता चटगांव के हिन्दू बहुल ठाकुरगांव, कोतवाली और टाइगर पास मुहल्लों में घुस गए।कट्टरपंथियों ने पहले इस्कॉन के ख़िलाफ़ जमकर नारेबाज़ी की, इसके बाद इस्लामिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिंदुओं की दुकानों और घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। हिंदुओं के साथ मार-पीट शुरू कर दी। तीन बड़े मंदिरों में तोड़फोड़ की। मौक़े पर पुलिस मौजूद थी लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया। पुलिस तमाशा देखती रही। इसके बाद जब हालात बेक़ाबू हो गए तो, चटगांव में फौज को तैनात कर दिया गया। राजधानी ढाका में इस्कॉन के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए। ढाका की बैतुल मुकर्रम मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद, हिफ़ाज़ते इस्लाम संगठन के हज़ारों कार्यकर्ताओं ने इस्कॉन के ख़िलाफ़ मार्च किया। इस्कॉन पर पाबंदी लगाने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस्कॉन एक आतंकवादी हिंदू संगठन है, उस पर बैन लगना चाहिए और इस्कॉन के कार्यकर्ताओं को जेल में डाल देना चाहिए। बांग्लादेश सरकार ने इस्कॉन के 17 सदस्यों के बैंक खाते 30 दिन तक फ्रीज़ कर दिए हैं। इनमें इस्कॉन के गिरफ़्तार चिन्मय दास का भी बैंक खाता है। कोलकाता में इस्कॉन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने कहा कि खाते फ्रीज़ होने से इस्कॉन के सदस्यों के भूखों मरने की नौबत आ जाएगी।बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ कोलकाता में प्रदर्शन हुए। इंडियन सेक्यूलर फ्रंट के वर्कर्स ने बांग्लादेश के डिप्टी हाई कमिशन के बाहर प्रोटेस्ट किया। इंडियन सेक्यूलर फ्रंट, फुरफुरा शरीफ़ के मौलाना अब्बास सिद्दीक़ी की पार्टी है। विश्व हिंदू परिषद के सदस्यों ने भी बंगाल में प्रदर्शन किया। ब्रिटेन की संसद में कंज़रवेटिव पार्टी के सांसद, बॉब ब्लैकमैन ने सरकार से इस मामले में दख़ल देने की मांग की।बॉब ब्लैकमैन ने कहा कि इस्कॉन जैसे शांतिप्रिय संगठन को आतंकवादी संगठन बताकर लोगों को मारा जा रहा है, हिन्दुओं पर अत्याचार हो रहा है, उनकी जायदाद लूटी जा रही है। लोकसभा में विदेश मंत्री जयशंकर ने एक लिखित उत्तर में बताया कि भारत सरकार ने हिन्दुओं की स्थिति पर बांग्लादेश की सरकार से बात की है और हिंदुओं को पूरी सुरक्षा देने को कहा है। जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं के जान-माल की हिफ़ाज़त की ज़िम्मेदारी वहां की अंतरिम सरकार की है और सरकार को उम्मीद है कि बांग्लादेश की सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाएगी।शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने एक बयान में भारत सरकार से अपील की कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों को रोकने के लिए विश्व जनमत बनाना शुरू कर दे। होसबाले ने इस्कॉन के गिरफ्तार साधु चिन्मय दास को जेल से तुरंत रिहा करने की मांग की।ये बात सही है कि बांग्लादेश में हिंदुओं के हालात पर भारत सरकार चिंतित है। गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर की बैठक हुई। लेकिन मामला पड़ोसी मुल्क का है। इसलिए सिर्फ डिप्लोमेटिक चैनल्स का सहारा लिया जा सकता है। सिर्फ बांग्लादेश की सरकार पर दबाव बनाया जा सकता है।समस्या यह है कि बांग्लादेश में मोहम्मद युनूस की अंतरिम सरकार कट्टरपंथियों के दबाव में है, उनसे डरती है। जिस तरह से हिंसा पर उतारू भीड़ ने शेख हसीना को हटाया, उसके बाद सब भीड़ से डरते हैं। अब सरकार पर नियंत्रण होने के बाद जमात-ए-इस्लामी और हिफाज़त-ए-इस्लाम जैसे संगठन हिंसा पर उतारू हैं। उन्हें न पुलिस का डर है, न फौज का, न ही उन्हें बांग्लादेश की छवि की परवाह है। इसलिए बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे जुल्म को रोकने में वक्त लगेगा।
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जियोस्टार (JioStar) ने इंग्लिश प्रीमियर लीग (EPL) के मीडिया राइट्स के लिए तीन साल का करार किया है। बता दें कि बता दें कि यह डील 65 मिलियन डॉलर की बतायी जा रही है, जोकि 2025-26 सत्र के लिए है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 65 मिलियन डॉलर में से 54 मिलियन डॉलर की फीस मीडिया राइट्स के लिए हैं और 11 मिलियन डॉलर भारत में EPL इवेंट को बढ़ावा देने को लेकर मार्केटिंग के लिए हैं। इस साल नवंबर में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वायकॉम18 मीडिया और वॉल्ट डिज्नी कंपनी ने एक जॉइंट वेंचर बनाया, जिससे 'जियोस्टार' की स्थापना हुई है।जियोस्टार के वाइस प्रेजिडेंट उदय शंकर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि यह जॉइंट वेंचर अगले आईसीसी अधिकार चक्र के लिए बोली लगाने की संभावना नहीं रखता है।
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दूरदर्शन (डीडी) ने हॉकी इंडिया लीग (HIL) के साथ साझेदारी की है, जिससे 2024-25 सीजन के मैचों का सीधा प्रसारण देशभर के दर्शकों तक पहुंचेगा। यह सीजन 28 दिसंबर 2024 से शुरू होगा, जिसमें आठ पुरुष और चार महिला टीमें हिस्सा लेंगी। मैच राउरकेला और रांची में खेले जाएंगे। इस सीजन की खास बात यह है कि इस इस लीग में पहली बार महिला हॉकी टीम भी शामिल होगी। प्रसार भारती के चेयरमैन नवीन सहगल ने इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए कहा, “प्रसार भारती के लिए यह गर्व की बात है कि हम हॉकी इंडिया लीग के साथ जुड़ रहे हैं। यह मंच हमारे राष्ट्रीय खेल का उत्सव है जो विभिन्न वर्गों के लोगों को एकजुट करता है। हमारे व्यापक प्रसारण के माध्यम से, हम HIL में महिला हॉकी के ऐतिहासिक आगाज को पूरे देश में ले जाने का प्रयास करेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच के अंतर को कम किया जा सके।” प्रसार भारती के सीईओ गौरव द्विवेदी ने कहा, “टोक्यो और पेरिस ओलंपिक में लगातार पदक जीतने के बाद, भारतीय खेल प्रेमी इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि भारतीय हॉकी एक सुनहरे युग में प्रवेश कर रही है। सार्वजनिक प्रसारक के रूप में, दूरदर्शन इस दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहित है। हम हॉकी के प्रसारण और प्रोडक्शन को वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखते हैं। अब, खेल प्रेमी डीडी स्पोर्ट्स और हमारे नए ओटीटी प्लेटफॉर्म, वेव्स, पर पुरुष और महिला दोनों हॉकी लीग का आनंद ले सकते हैं। प्रसारण 28 दिसंबर 2024 से शुरू होगा।” हॉकी इंडिया लीग गवर्निंग कमेटी के चेयरपर्सन डॉ. दिलीप टिर्की ने कहा, “डीडी के साथ आधिकारिक प्रसारण साझेदार के रूप में जुड़ना हमारे लिए बेहद खुशी की बात है। इस साल महिला एचआईएल की शुरुआत के साथ, यह सीजन विशेष रूप से खास है, जो महिला हॉकी को बढ़ावा देने का एक बड़ा कदम है। दूरदर्शन की अनोखी पहुंच और खेलों के प्रति समर्पण हमारी दृष्टि के साथ पूरी तरह मेल खाता है। हमारा लक्ष्य है कि हॉकी को भारत के हर कोने तक पहुंचाया जाए और एचआईएल को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जाए।” हॉकी इंडिया लीग का यह सीजन न केवल भारतीय हॉकी को बढ़ावा देगा बल्कि महिला हॉकी के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा। दूरदर्शन और हॉकी इंडिया लीग की यह साझेदारी भारतीय खेलों के विकास में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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हाल ही में नेशनल न्यूज चैनल भारत24 ने वोमेन एंपॉवरमेंट को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर भारत24 के एडिटर इन चीफ और सीईओ जगदीश चंद्रा ने उपराष्ट्रपति धनखड़ को वोमेन एंपॉवरमेंट का सबसे बड़ा ब्रांड एम्बेस्डर बताया। चंद्रा ने कहा कि धनखड़ हर कार्य में अपनी पत्नी को आगे रखते हैं, इसलिए वे इस अभियान के सबसे बड़े ब्रांड एम्बेस्डर हैं। कार्यक्रम के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया और कहा कि महिलाएं समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनकी भूमिका को सशक्त करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करना महत्वपूर्ण है। धनखड़ ने कहा कि महिलाओं को हर क्षेत्र में अवसर मिलना चाहिए और उन्हें अपनी पहचान बनाने का पूरा हक है। कार्यक्रम में जगदीश चंद्रा ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, "मैं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को 50 सालों से जानता हूं। यह हर साल जवान होते जा रहे हैं। देश के कुछ अरबपति जो अपनी उम्र को कंट्रोल करने की चाहत रखते हैं, उन्हें इन्हें अपना गुरु बना लेना चाहिए। जगदीश चंद्रा जानते हैं कि उम्र को कैसे नियंत्रण में रखा जाए।" चंद्रा ने मजाकिया अंदाज में कहा कि धनखड़ एक प्रेरणा स्रोत हैं और उनसे बहुत कुछ सीखा जा सकता है। चंद्रा ने यह भी बताया कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ उनकी मित्रता कितनी पुरानी है। उन्होंने कहा कि उनके साथ बातचीत करने के लिए सबसे अच्छी जगह उनका निवास है, जहां वे जयपुर स्थित निवास के पीछे वाले गार्डन में बैठा करते थे। इस गार्डन में बैठकर वे विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते थे और कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कार्यक्रम में महिलाओं की उन्नति और सशक्तिकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। जगदीश चंद्रा ने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं का महत्व कितना अधिक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें शिक्षा के अवसर प्रदान करने चाहिए और रोजगार के लिए उन्हें हर संभव सहायता देनी चाहिए। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने उद्बोधन में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए समाज के हर वर्ग को जागरूक करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अधिकार मिलना चाहिए और उन्हें किसी भी प्रकार की भेदभाव का सामना नहीं करना चाहिए। धनखड़ ने यह भी कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना जरूरी है ताकि वे अपने अधिकारों का सही उपयोग कर सकें। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण व्यक्तियों ने भाग लिया और महिलाओं के सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को यह संदेश दिया कि महिलाओं का सशक्तिकरण समाज की उन्नति के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति धनखड़ ने महिलाओं की विभिन्न उपलब्धियों को सराहा और कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को प्रेरित करना चाहिए ताकि वे अपने सपनों को पूरा कर सकें और समाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। कार्यक्रम के अंत में उपराष्ट्रपति ने सभी महिलाओं को बधाई दी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं को समान अवसर प्रदान करने चाहिए ताकि वे अपनी क्षमता को पहचान सकें और समाज में अपनी जगह बना सकें। इस प्रकार, भारत24 द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न केवल महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता फैलाने का एक प्रयास था, बल्कि समाज के हर वर्ग को महिलाओं के अधिकारों और उनके महत्व के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण कदम था। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और जगदीश चंद्रा जैसे प्रमुख व्यक्तियों की भागीदारी ने इस कार्यक्रम को और भी महत्वपूर्ण बना दिया और इसे समाज में एक महत्वपूर्ण संदेश देने में सफल बनाया।
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भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने गूगल के खिलाफ एक महत्वपूर्ण जांच का आदेश दिया है, जिसमें प्ले स्टोर पर असली पैसे वाले गेम की लिस्टिंग के संबंध में कथित अनुचित व्यापार की जांच की जाएगी। यह आदेश विंजो नामक एक कंपनी की शिकायत पर आधारित है। विंजो ने गूगल पर आरोप लगाया है कि वह अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर रहा है और कुछ विशेष गेमिंग श्रेणियों में अनुचित प्राथमिकता देकर प्रतिस्पर्धा में हस्तक्षेप कर रहा है। सीसीआई ने अपने आदेश में कहा कि आयोग ने महा निदेशक को इस मामले की जांच करने का निर्देश दिया है और इस जांच को साठ दिनों के भीतर पूरा करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है। विंजो ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि गूगल अपने प्ले स्टोर पर डेली फेंटेसी स्पोर्ट्स (डीएफएस) और रम्मी जैसे गेमिंग ऐप्स को विशेष रूप से प्रमोट कर रहा है, जिससे इन ऐप्स को अन्य गेमिंग ऐप्स के मुकाबले अतिरिक्त फायदा मिलता है। गूगल के इस प्रकार के कदम से अन्य रियल मनी गेमिंग ऐप्स (आरएमजी) को नुकसान हो सकता है, क्योंकि इन्हें वही प्रमोशन और एक्सपोजर नहीं मिलता जो डीएफएस और रम्मी ऐप्स को मिलता है। सीसीआई ने गूगल द्वारा साइडलोडिंग के दौरान दिए जाने वाले चेतावनी संदेशों पर भी चिंता जताई है। विंजो ने आरोप लगाया कि ये चेतावनियां उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाती हैं और यह यूजर्स को उनकी ऐप तक पहुंचने से हतोत्साहित करती हैं। विंजो ने यह भी कहा कि साइडलोडिंग और भुगतान पर दी गई चेतावनियां केवल यूजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामान्य उपाय हैं, लेकिन गूगल इनका दुरुपयोग कर रहा है। सीसीआई ने यह भी पाया कि गूगल के पायलट कार्यक्रम और विज्ञापन नीतियां पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं और उनमें सुसंगतता की कमी है। इसका परिणाम यह हो रहा है कि जिन ऐप्स को गूगल द्वारा चुना गया है, उन्हें लंबे समय तक फायदा मिल रहा है, जबकि अन्य ऐप्स को यह लाभ नहीं मिल पाता है। सीसीआई ने गूगल से इस मुद्दे पर स्पष्टता और पारदर्शिता की उम्मीद जताई है। इस प्रकार की जांचें महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये यह सुनिश्चित करती हैं कि बाजार में सभी खिलाड़ियों के लिए एक समान अवसर हो और किसी भी कंपनी को अपनी स्थिति का दुरुपयोग करने का मौका न मिले। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की इस कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि प्रतिस्पर्धा आयोग किसी भी प्रकार की अनुचित व्यापार प्रथाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा और बाजार में सही प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस जांच के परिणाम क्या होते हैं और गूगल इस मामले में क्या कदम उठाता है। गूगल के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वह अपनी नीतियों और प्रथाओं को स्पष्ट और पारदर्शी बनाए, ताकि वह प्रतिस्पर्धा में निष्पक्षता बनाए रख सके और ग्राहकों की विश्वास को बनाए रख सके। गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियों के लिए यह जरूरी है कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझें और सुनिश्चित करें कि वे बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने में मदद करें। सीसीआई की यह जांच इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि भविष्य में ऐसी कोई भी अनुचित व्यापार प्रथाएं नहीं हो। आखिरकार, इस प्रकार की जांचें और कार्रवाइयां उपभोक्ताओं के हित में होती हैं, क्योंकि ये सुनिश्चित करती हैं कि उन्हें विभिन्न विकल्पों में से चयन करने का अवसर मिले और वे सबसे बेहतर सेवाओं का उपयोग कर सकें। यहां उम्मीद की जा सकती है कि इस जांच के परिणाम जल्द ही सामने आएंगे और इससे गूगल के लिए एक उदाहरण स्थापित होगा कि वह अपनी नीतियों और प्रथाओं को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की इस कार्रवाई से बाजार में प्रतिस्पर्धा को बनाए रखने में मदद मिलेगी और यह सुनिश्चित करेगा कि सभी कंपनियों को समान अवसर मिलें।
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विमानन उद्योग इस समय अभूतपूर्व ऊंचाइयों का अनुभव कर रहा है, विशेष रूप से भारतीय यात्रियों के बीच तेजी से बढ़ती राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के चलते। इस तेजी ने प्रासंगिक और क्षेत्रीय सामग्री की महत्वपूर्ण मांग को भी बढ़ा दिया है। इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट (IFE) प्रदान करने वाली वैश्विक अग्रणी कंपनी शेमारू कंटेंटिनो ने इस प्रवृत्ति का कुशलतापूर्वक लाभ उठाया है और खुद को भारतीय कंटेंट बाजार में प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित किया है। शेमारू कंटेंटिनो, शेमारू एंटरटेनमेंट की एक सहायक कंपनी है, जो छह दशकों से अधिक समय से भारतीय मीडिया और मनोरंजन उद्योग में एक विश्वसनीय नाम है। कंपनी ने अपने विशाल और विविध कंटेंट की एक विस्तृत लाइब्रेरी के साथ, दुनिया भर के यात्रियों के लिए इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट अनुभव में क्रांति ला दी है। शेमारू कंटेंटिनो 15 से अधिक भाषाओं में 3,000 से अधिक फिल्में, 25,000 से अधिक टीवी एपिसोड और 1,500 से अधिक संगीत ट्रैक, वेब सीरीज प्रदान करता है। सूची में सबसे लोकप्रिय हालिया ब्लॉकबस्टर फिल्मों में पठान, महाराजा, प्रेमलु, नच गा घुमा, जट्ट एंड जूलियट 3, तूफान, झमकुड़ी और कई अन्य शामिल हैं। 130 से ज्यादा एयरलाइन्स में अपनी वैश्विक उपस्थिति के साथ, शेमारू कंटेंटिनो दुनिया भर की एयरलाइन्स के लिए एक भरोसेमंद भागीदार बन गया है। इसमें एयर इंडिया, एमिरेट्स, कतर एयरवेज, सिंगापुर एयरलाइंस और एतिहाद एयरवेज जैसी प्रमुख एयरलाइन्स शामिल हैं। भारतीय प्रवासियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सेवा देने वाली एयरलाइन्स के लिए, शेमारू कंटेंटिनो की विशाल कंटेंट कैटलॉग इसे विविध भाषाई पृष्ठभूमि वाले यात्रियों की सेवा करने वाली एयरलाइन्स के लिए एक आदर्श समाधान बनाती है। शेमारू कंटेंटिनो की पेशकशों की विविधता और गुणवत्ता एक प्रमुख कारण है कि दुनिया भर की एयरलाइन्स अपने यात्रियों की मनोरंजन मांगों को पूरा करने के लिए कंपनी की ओर रुख कर रही हैं। जीवन को जीवन में लाने के अपने सिद्धांत पर कायम रहते हुए, शेमारू कंटेंटिनो ने इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट को एक नया आयाम दिया है। कंपनी का उद्देश्य है कि वह अपने दर्शकों को हर समय ताजा और रोचक सामग्री प्रदान करे। इसके लिए शेमारू कंटेंटिनो विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय प्रोडक्शन हाउसेस के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि वह अपनी कंटेंट लाइब्रेरी को और भी अधिक समृद्ध बना सके। शेमारू कंटेंटिनो ने इन-फ्लाइट एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में अपनी पहचान बना ली है और खुद को एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया है। कंपनी की विविध और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री ने इसे दुनिया भर की एयरलाइन्स के बीच एक भरोसेमंद भागीदार बना दिया है। भारतीय यात्रियों के लिए विशेष ध्यान और उनकी मनोरंजन मांगों को पूरा करने के लिए शेमारू कंटेंटिनो ने अपनी सामग्री की पेशकश को और भी अधिक रोचक और आकर्षक बना दिया है। भविष्य में भी कंपनी अपनी कंटेंट लाइब्रेरी को और भी विस्तृत और विविध बनाने की योजना बना रही है, ताकि वह अपने दर्शकों को हर समय ताजा और रोचक सामग्री प्रदान कर सके।
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25 नवंबर से 29 नवंबर 2024 के सप्ताह के दौरान शेयर बाजार में कई मीडिया कंपनियों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखा गया। इन कंपनियों में एनडीटीवी (NDTV), टीवी टुडे, नेटवर्क18, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL), जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (ZMCL), एचटी मीडिया और जागरण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों के शेयरों में बदलाव न केवल बाजार की स्थिति को दर्शाते हैं, बल्कि यह भी बताते हैं कि किस तरह निवेशकों की भावना और बाहरी कारकों ने इन कंपनियों के प्रदर्शन को प्रभावित किया। इस सप्ताह के दौरान विभिन्न कंपनियों के शेयरों का उतार-चढ़ाव विशेष रूप से मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण था, क्योंकि यह उस सेक्टर की मौजूदा स्थिति को उजागर करता है। एनडीटीवी (NDTV) के लिए यह सप्ताह अपेक्षाकृत अप्रत्याशित रहा। सोमवार को इसका स्टॉक ₹170.31 प्रति शेयर पर खुला, जो एक स्थिर शुरुआत को दर्शाता था। हालांकि, मंगलवार को यह गिरकर ₹165 तक पहुंच गया, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार में कुछ अस्थिरता आ सकती है। इस गिरावट के बावजूद, एनडीटीवी ने अगले दो दिनों में तेज वृद्धि दर्ज की और गुरुवार तक यह ₹184.8 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया, जो सप्ताह का शिखर था। शुक्रवार को स्टॉक ₹177 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जिससे निवेशकों को यह संदेश मिला कि कंपनी के प्रदर्शन में सुधार हुआ है, हालांकि अस्थिरता अभी भी बनी हुई थी। सप्ताह के दौरान इसका सबसे निचला स्तर ₹164.5 था, जो इस बात का संकेत था कि बाजार में कुछ बाहरी दबाव और अनिश्चितता थी। एनडीटीवी के प्रदर्शन में यह उतार-चढ़ाव निवेशकों के मनोबल और अनिश्चितता को दर्शाता है, जो बाजार की स्थिति और बाहरी कारकों के प्रभाव से उत्पन्न हुई थी। टीवी टुडे (TV Today), इसके विपरीत, पूरे सप्ताह स्थिरता और सकारात्मक रुख दिखाने में सफल रहा। सोमवार को ₹195 प्रति शेयर पर खुलने के बाद, शुरुआती दिनों में इसमें थोड़ी अस्थिरता देखने को मिली। हालांकि, बाद में यह शेयर मजबूत हुआ और शुक्रवार तक ₹203.92 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जहां पर यह ₹202.50 पर बंद हुआ। सप्ताह का सबसे निचला स्तर ₹195 था, जिस पर यह खुला था। टीवी टुडे के प्रदर्शन ने स्पष्ट रूप से निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और यह संकेत दिया कि कंपनी का प्रदर्शन और उसकी मार्केट पोजिशन सकारात्मक है। यह प्रदर्शन दर्शाता है कि निवेशकों ने कंपनी के स्थिर और सकारात्मक रुख को स्वीकार किया और इससे कंपनी के शेयर में विश्वास का निर्माण हुआ। नेटवर्क18 (Network18) का प्रदर्शन भी इस सप्ताह अपेक्षाकृत स्थिर रहा। सोमवार को इसका स्टॉक ₹78.76 पर खुला और इसी दिन यह मामूली बढ़कर ₹81.30 तक पहुंच गया, जो सप्ताह का उच्चतम स्तर था। हालांकि, सप्ताह के अंत तक यह ₹78.90 पर बंद हुआ, जो शुरुआत के ₹78.76 से थोड़ा कम था। सप्ताह का सबसे निचला स्तर ₹77.85 था, जो सोमवार को ही दर्ज हुआ। नेटवर्क18 का प्रदर्शन बहुत कम अस्थिरता दर्शाता है, और इसके स्थिर प्रदर्शन ने इसे एक भरोसेमंद निवेश विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। निवेशकों ने इस कंपनी के बारे में आत्मविश्वास दिखाया और इसके शेयर में उतार-चढ़ाव बहुत कम था, जो दर्शाता है कि इस कंपनी की मार्केट पोजिशन मजबूत थी और निवेशकों को इसमें कोई बड़ा जोखिम नहीं दिखाई दे रहा था। जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) ने सप्ताह की शुरुआत में गिरावट का सामना किया। इसका स्टॉक सोमवार को ₹120.67 पर खुला, लेकिन कुछ समय बाद ₹118.60 पर बंद हुआ, जो सप्ताह का सबसे निचला स्तर था। यह गिरावट निवेशकों के लिए चिंताजनक हो सकती थी, लेकिन सप्ताह के दौरान स्टॉक में सुधार हुआ और शुक्रवार तक यह ₹130.75 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। अंत में यह ₹129.10 पर बंद हुआ, जो यह दर्शाता है कि सप्ताह के अंत तक निवेशकों का भरोसा लौट आया। ZEEL का प्रदर्शन यह दिखाता है कि कभी-कभी कंपनी के प्रदर्शन में शुरुआती गिरावट के बावजूद बाजार में सुधार हो सकता है, और निवेशक समय के साथ अपनी स्थिति को सुधारने में सक्षम होते हैं। जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड (ZMCL) में इस सप्ताह मामूली उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सोमवार को इसका स्टॉक ₹18.66 पर खुला और ₹18.25 पर बंद हुआ, जो थोड़ा गिरावट दिखाता था। सप्ताह के दौरान इसका सबसे निचला स्तर ₹17.68 था, जो चिंता का कारण हो सकता था, लेकिन शुक्रवार को यह ₹19.05 के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया और ₹18.96 पर बंद हुआ, जो दर्शाता है कि सप्ताह के अंत में इसमें हल्का सुधार हुआ। ZMCL का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि जब एक कंपनी में उतार-चढ़ाव होते हैं, तो भी सुधार की संभावना बनी रहती है और बाजार में निवेशकों का विश्वास कभी-कभी इन उतार-चढ़ावों के बाद वापस लौटता है। एचटी मीडिया (HT Media) का स्टॉक भी इस सप्ताह थोड़ी अस्थिरता का सामना कर रहा था। सोमवार को इसका स्टॉक ₹23.06 पर खुला, लेकिन इसमें गिरावट आई और यह ₹22.44 पर बंद हुआ, जो सप्ताह का सबसे निचला स्तर था। इसके बावजूद, सप्ताह के दौरान इसमें सुधार हुआ और शुक्रवार को यह ₹23.82 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। अंत में, यह ₹23.77 पर बंद हुआ। इन उतार-चढ़ावों ने निवेशकों की सतर्क आशावादिता को दर्शाया, जो यह दर्शाता है कि एचटी मीडिया के शेयर में सुधार की संभावना बनी हुई है, हालांकि यह गिरावट से बाहर निकलने में कुछ समय ले सकता है। जागरण प्रकाशन प्राइवेट लिमिटेड को इस सप्ताह चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसका स्टॉक ₹85.39 पर खुला, लेकिन सप्ताह के दौरान यह धीरे-धीरे गिरता गया। सप्ताह का सबसे निचला स्तर ₹82.99 था, जो कि एक चिंता का विषय हो सकता था। हालांकि, शुक्रवार को यह थोड़ा सुधरकर ₹84.45 पर बंद हुआ। इस सप्ताह के समग्र प्रदर्शन ने निवेशकों के विश्वास में गिरावट को दर्शाया, और इसने यह संकेत दिया कि जागरण प्रकाशन को बाजार में कुछ सुधार की आवश्यकता हो सकती है। कुल मिलाकर, 25 नवंबर से 29 नवंबर 2024 के सप्ताह में विभिन्न मीडिया कंपनियों के प्रदर्शन ने यह स्पष्ट किया कि निवेशकों का रुख और बाहरी कारक, जैसे कि वैश्विक और स्थानीय आर्थिक स्थितियां, इन कंपनियों के शेयरों के उतार-चढ़ाव को प्रभावित कर रहे हैं। इस सप्ताह के दौरान कुछ कंपनियों ने अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि कुछ को चुनौतियों का सामना करना पड़ा। लेकिन इन उतार-चढ़ावों के बावजूद, यह निश्चित रूप से दिखाता है कि मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में निवेशकों का विश्वास मजबूत है, और बाजार में कुछ अस्थिरता के बावजूद, कंपनियां अपने प्रदर्शन में सुधार करने की कोशिश कर रही हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार पाणिनि आनंद ने ‘टीवी9 नेटवर्क’ में अपनी पारी को समाप्त कर दिया है। पाणिनि आनंद ने मार्च 2023 में ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (डिजिटल) में ग्रुप एडिटर के रूप में जॉइन किया था, जहां उन्होंने डिजिटल से जुड़े समस्त कार्यों की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, पाणिनि आनंद ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। पाणिनि आनंद इससे पहले ‘इंडिया टुडे’ समूह में कार्यरत थे, जहां वह बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर ‘आजतक’ (डिजिटल) में अपनी भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इस समूह में करीब सात साल बिताए थे, जहां उन्हें पहले डिप्टी एडिटर (डिजिटल) के तौर पर जॉइन किया गया था और बाद में उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर प्रमोट किया गया था। इससे पहले पाणिनि आनंद ‘कैच न्यूज’ में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम कर चुके थे और इसके पहले वे राज्यसभा टीवी में न्यू मीडिया डिपार्टमेंट के हेड थे। पाणिनि आनंद का पत्रकारिता करियर करीब दो दशकों पुराना है और वह एक अनुभवी लेखक भी हैं। उनका जन्म रायबरेली में हुआ था और उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत प्रतिष्ठित संस्थान ‘बीबीसी’ से की थी। दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेश (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के दौरान पाणिनि ने ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘जनसत्ता’ जैसे प्रमुख अखबारों के लिए लेखन किया। ‘बीबीसी’ से जुड़ने से पहले पाणिनि आनंद ने 2002-2004 तक दो टैब्लॉयड्स के संपादन का कार्य किया और फिर 2004-2006 तक बीबीसी के साथ कंट्रीब्यूटर के रूप में जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने 2006-2010 तक बीबीसी हिंदी में कॉरेस्पॉन्डेंट/प्रड्यूसर के तौर पर कार्य किया। 2010 में पाणिनि आनंद सहारा मीडिया से जुड़ गए, जहां उन्होंने सहारा की वेब डिवीजन के एडिटोरियल हेड के रूप में कार्य किया। एक साल के बाद, उन्होंने 2011 में सीएसडीएस की फेलोशिप प्राप्त की और फिर 2012 में आउटलुक (अंग्रेजी) मैगजीन के साथ बतौर प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट जुड़ गए। पत्रकारिता के अलावा, पाणिनि आनंद एक कवि, ब्लॉगर और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। वे समय-समय पर अपनी कला और विचारों को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत करते रहते हैं। इसके साथ ही, पाणिनि आनंद डॉक्यूमेंट्री मेकिंग से भी जुड़े रहे हैं, जो उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है। पाणिनि आनंद की पत्रकारिता में एक लंबी और प्रेरणादायक यात्रा रही है, और उनके इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर मीडिया जगत में कई सवाल उठ रहे हैं। यह देखना अब दिलचस्प होगा कि वे आगे किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और उनके द्वारा किए गए योगदानों को मीडिया उद्योग किस रूप में याद करता है।
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वरिष्ठ पत्रकार पाणिनि आनंद ने ‘टीवी9 नेटवर्क’ में अपनी पारी को समाप्त कर दिया है। पाणिनि आनंद ने मार्च 2023 में ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (डिजिटल) में ग्रुप एडिटर के रूप में जॉइन किया था, जहां उन्होंने डिजिटल से जुड़े समस्त कार्यों की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, पाणिनि आनंद ने इस्तीफा क्यों दिया और उनका अगला कदम क्या होगा, इस बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। पाणिनि आनंद इससे पहले ‘इंडिया टुडे’ समूह में कार्यरत थे, जहां वह बतौर एग्जिक्यूटिव एडिटर ‘आजतक’ (डिजिटल) में अपनी भूमिका निभा रहे थे। उन्होंने इस समूह में करीब सात साल बिताए थे, जहां उन्हें पहले डिप्टी एडिटर (डिजिटल) के तौर पर जॉइन किया गया था और बाद में उनकी मेहनत को देखते हुए उन्हें एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद पर प्रमोट किया गया था। इससे पहले पाणिनि आनंद ‘कैच न्यूज’ में सीनियर असिस्टेंट एडिटर के रूप में काम कर चुके थे और इसके पहले वे राज्यसभा टीवी में न्यू मीडिया डिपार्टमेंट के हेड थे। पाणिनि आनंद का पत्रकारिता करियर करीब दो दशकों पुराना है और वह एक अनुभवी लेखक भी हैं। उनका जन्म रायबरेली में हुआ था और उन्होंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत प्रतिष्ठित संस्थान ‘बीबीसी’ से की थी। दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेश (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के दौरान पाणिनि ने ‘नवभारत टाइम्स’, ‘हिन्दुस्तान’ और ‘जनसत्ता’ जैसे प्रमुख अखबारों के लिए लेखन किया। ‘बीबीसी’ से जुड़ने से पहले पाणिनि आनंद ने 2002-2004 तक दो टैब्लॉयड्स के संपादन का कार्य किया और फिर 2004-2006 तक बीबीसी के साथ कंट्रीब्यूटर के रूप में जुड़े रहे। इसके बाद उन्होंने 2006-2010 तक बीबीसी हिंदी में कॉरेस्पॉन्डेंट/प्रड्यूसर के तौर पर कार्य किया। 2010 में पाणिनि आनंद सहारा मीडिया से जुड़ गए, जहां उन्होंने सहारा की वेब डिवीजन के एडिटोरियल हेड के रूप में कार्य किया। एक साल के बाद, उन्होंने 2011 में सीएसडीएस की फेलोशिप प्राप्त की और फिर 2012 में आउटलुक (अंग्रेजी) मैगजीन के साथ बतौर प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट जुड़ गए। पत्रकारिता के अलावा, पाणिनि आनंद एक कवि, ब्लॉगर और थिएटर आर्टिस्ट भी हैं। वे समय-समय पर अपनी कला और विचारों को विभिन्न रूपों में प्रस्तुत करते रहते हैं। इसके साथ ही, पाणिनि आनंद डॉक्यूमेंट्री मेकिंग से भी जुड़े रहे हैं, जो उनकी बहुआयामी प्रतिभा को दर्शाता है। पाणिनि आनंद की पत्रकारिता में एक लंबी और प्रेरणादायक यात्रा रही है, और उनके इस्तीफे के बाद उनके अगले कदम को लेकर मीडिया जगत में कई सवाल उठ रहे हैं। यह देखना अब दिलचस्प होगा कि वे आगे किस दिशा में कदम बढ़ाते हैं और उनके द्वारा किए गए योगदानों को मीडिया उद्योग किस रूप में याद करता है।
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गुरुग्राम की पॉक्सो अदालत ने एबीपी न्यूज़ की वरिष्ठ पत्रकार और वाइस प्रेसिडेंट चित्रा त्रिपाठी की जमानत अर्जी को फिर से खारिज कर दिया है। अदालत के अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश, अश्विनी कुमार मेहता ने आदेश दिया कि चित्रा त्रिपाठी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। यह मामला 11 नवंबर 2024 को तब सामने आया, जब अदालत ने चित्रा त्रिपाठी को सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया था। उनके वकील ने पेशी से छूट की मांग करते हुए तर्क दिया कि चित्रा महाराष्ट्र चुनाव में अजीत पवार का इंटरव्यू कर रही थीं। अदालत ने यह तर्क अस्वीकार करते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी और गिरफ्तारी वारंट जारी किया। हालांकि अदालत का आदेश स्पष्ट था, लेकिन गुरुग्राम पुलिस अब तक चित्रा त्रिपाठी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इसके विपरीत, वह विभिन्न मीडिया डिबेट्स में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, जो पुलिस की निष्क्रियता और प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रति कानून के रवैये पर सवाल उठाती है। यह मामला सिर्फ कानूनी पहलुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज और न्याय तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है। क्या कानून सभी के लिए समान है, या फिर प्रभावशाली लोगों के लिए अलग मापदंड अपनाए जाते हैं? चित्रा त्रिपाठी का यह मामला मीडिया की निष्पक्षता, न्याय व्यवस्था में समानता और प्रभावशाली व्यक्तियों के प्रति कानून के अलग रवैये पर गंभीर चर्चा को जन्म दे रहा है। अब यह देखना होगा कि पुलिस कोर्ट के आदेश का पालन करती है या नहीं। इस मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर भी निगाहें बनी हुई हैं। यह प्रकरण देशभर में कानून और मीडिया की स्वतंत्रता के महत्व पर गहरी बहस शुरू कर रहा है।
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भारत की प्रमुख समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) ने अपनी दिल्ली स्थित दफ्तर में एसोसिएट प्रोड्यूसर के पद के लिए वैकेंसी निकाली है। यह एक शानदार अवसर है उन कैंडिडेट्स के लिए जो मीडिया और जर्नलिज़म के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इस पद के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां और आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं, जिन्हें पूरी तरह से समझना महत्वपूर्ण है। कामकाजी स्थान और कार्य की जिम्मेदारी एसोसिएट प्रोड्यूसर का कामकाजी स्थान PTI का दिल्ली दफ्तर होगा, जहां उम्मीदवार को एजेंसी के देशभर में फैले रिपोर्टर्स के साथ डेली प्लानिंग करनी होगी। उन्हें हर दिन वायरल, ट्रेंडिंग और फीचर स्टोरीज़ की पहचान करनी होगी, और संबंधित रिपोर्टर्स को इन स्टोरीज़ पर काम करने के लिए निर्देशित करना होगा। इसके अलावा, उम्मीदवार को स्टोरीज़ के फॉलो-अप पर भी नज़र रखनी होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी रिपोर्ट्स समय पर और सही जानकारी के साथ सामने आ रही हैं। आवश्यक योग्यताएं इस पद के लिए आवेदकों के पास कुछ विशेष योग्यताएं होनी चाहिए: मजबूत स्टोरी प्लानिंग: उम्मीदवार को स्टोरी प्लानिंग में दक्षता होनी चाहिए ताकि वह महत्वपूर्ण समाचार और फीचर्स को सही समय पर कवर कर सके। इसके साथ ही, ट्रेंडिंग और वायरल खबरों की पहचान भी महत्वपूर्ण है। मल्टी-टास्किंग क्षमता: इस भूमिका में एक ही समय में कई कार्यों को प्राथमिकता देनी होती है, इसलिए उम्मीदवार को मल्टी-टास्किंग में सक्षम होना चाहिए। समय प्रबंधन: समय के भीतर कार्यों को निपटाने की क्षमता भी आवश्यक है, ताकि सभी कार्य नियत समय पर पूरे हो सकें और समाचार एजेंसी के संचालन में कोई रुकावट न आए। अंग्रेजी भाषा में कुशलता: एसोसिएट प्रोड्यूसर को अंग्रेजी भाषा पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए, क्योंकि अधिकांश रिपोर्टिंग और कम्युनिकेशन अंग्रेजी में होती है। इसके अलावा, उम्मीदवार को बेहतरीन संवाद कौशल (Communication Skills) का भी होना जरूरी है। कवरेज और रिपोर्टिंग एसोसिएट प्रोड्यूसर को नियमित रूप से सभी अपडेट्स को फॉलो करना होगा। उन्हें रिपोर्टर्स से काम के निष्पादन पर फीडबैक भी लेना होगा, ताकि खबरें जल्दी और सटीक रूप से तैयार हो सकें। इस पद में उम्मीदवार को समय-समय पर उच्च गुणवत्ता वाली रिपोर्ट और स्टोरीज को तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी, ताकि PTI की समाचार एजेंसी हमेशा अपडेटेड और विश्वसनीय बनी रहे। आवेदन प्रक्रिया इच्छुक और योग्य कैंडिडेट्स अपना कवर लेटर और अनुभव के साथ आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र shuja.thakur@pti.in पर भेजा जा सकता है।
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज के सीईओ पुनीत गोयनका को कंपनी के बोर्ड में निदेशक के रूप में बने रहने के लिए आवश्यक शेयरधारकों की मंजूरी नहीं मिली. गुरुवार को शेयरधारक वोट के दौरान प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया. इस पूरे धटनाक्रम के बावजूद, गोयनका जी एंटरटेनमेंट के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) बने रहेंगे. कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि जी एंटरटेनमेंट में पुनीत गोयनका को निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया, 50.4% शेयरधारकों ने इसके खिलाफ और 49.5% ने इसके पक्ष में मतदान किया. इन परिणामों के साथ, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइज के बोर्ड पर पुनीत गोयनका का दीर्घकालिक कार्यकाल समाप्त हो गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 1992 में सुभाष चंद्रा द्वारा कंपनी की स्थापना के बाद यह पहली बार है जब उनके परिवार के किसी भी सदस्य को जी की चार सूचीबद्ध संस्थाओं में से किसी के बोर्ड में प्रतिनिधित्व नहीं किया गया है. 18 अक्तूबर को, जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने निदेशक के रूप में पुनीत गोयनका की पुनर्नियुक्ति का समर्थन किया था. हालांकि, ठीक एक महीने बाद, गोयनका ने सीईओ के रूप में अपनी भूमिका पर ध्यान केंद्रित करने को प्राथमिकता देते हुए प्रबंध निदेशक के पद से इस्तीफा दे दिया था.
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‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) ने सौरव अधिकारी को अपने बोर्ड में नॉन एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर कैटेगरी में एडिशनल डायरेक्टर के रूप में शामिल किया है। उनकी नियुक्ति कंपनी की कॉर्पोरेट गवर्नेंस को और सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस पद पर उनकी नियुक्ति ‘जी’ के बिजनेस ऑपरेशंस और दीर्घकालिक स्ट्रैटेजी को मजबूती प्रदान करेगी। सौरव अधिकारी के पास कॉर्पोरेट जगत में काम करने का करीब चार दशक का अनुभव है। वह टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और बिजनेस डेवलपमेंट के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं।एचसीएल में वर्ष 2000 से 2019 के दौरान अपने लगभग दो दशक के सफर में उन्होंने कई लीडरशिप भूमिकाएं निभाईं और एचसीएल की स्टार्टअप एंटरप्राइज नेटवर्किंग फर्म के संस्थापक अध्यक्ष (Founding President) के रूप में कार्य किया। उनके पास यूनिलीवर में कई वरिष्ठ ग्लोबल लीडरशिप और कार्यकारी भूमिकाओं का अनुभव है। उन्होंने पेप्सिको में वाइस प्रेजिडेंट और ग्रुप SEB में सीईओ (इंडिया बिजनेस) के रूप में भी काम किया है।‘Indus Tech Edge Fund’ के फाउंडर और सीनियर पार्टनर के अलावा वह भारत में सूचीबद्ध कंपनियों ‘Goodricke Group Limited’ और ‘Accelya Solutions India Limited’ के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित यूके की कंपनी ‘Bridgeweave Limited’ के बोर्ड मेंबर में भी हैं।
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डिजिटल केबल टेलीविजन ऑपरेटर्स की शीर्ष संस्था ‘ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन’ (AIDCF) ने केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस देने वाली कंपनी ‘डेन नेटवर्क्स’ (Den Networks) के सीईओ एसएन शर्मा को अपना नया प्रेजिडेंट नियुक्त किया है। वह मई 2024 से ‘AIDCF’ में कार्यवाहक प्रेजिडेंट के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। एसएन शर्मा को ‘Fastway Transmission Private Limited’ के सीईओ पीयूष महाजन की जगह नियुक्त किया गया है, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों से इस पद से इस्तीफा दे दिया था। इस नियुक्ति के बारे में एसएन शर्मा का कहना है, ‘मैं पीयूष महाजन का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किए, जिससे केबल टीवी इंडस्ट्री को काफी लाभ हुआ। मैं AIDCF के सभी सदस्यों का भी आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताया। प्रेजिडेंट के रूप में मैं फेडरेशन की पहलों को आगे बढ़ाने, उभरती चुनौतियों का समाधान करने और इंडस्ट्री में स्थायी विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’
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प्रसार भारती ने हाल ही में ओटीटी प्लेटफॉर्म 'वेब्स' (Waves) लॉन्च किया है, जिसने केबल और डीटीएच ऑपरेटर्स के बीच गंभीर चिंता पैदा कर दी है। यह प्लेटफॉर्म वर्तमान में 60 से अधिक लीनियर टीवी चैनल्स की मेजबानी करता है, जिनमें प्रमुख न्यूज नेटवर्क भी शामिल हैं और इसे बिना किसी सब्सक्रिप्शन के मुफ्त में उपलब्ध कराया गया है। हालांकि इसमें अभी तक शीर्ष चार ब्रॉडकास्टर्स के एंटरटेनमेंट चैनल शामिल नहीं हैं, फिर भी इसने केबल इंडस्ट्री में अशांति पैदा कर दी है। 'वेब्स' (Waves) पर लीनियर टीवी चैनल्स की उपलब्धता ने मौजूदा व्यवस्था को हिला दिया है। इस कदम से पारंपरिक टीवी ऑपरेटर्स ने आपत्ति जताई है, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह उनकी व्यावसायिक रणनीति को कमजोर करेगा और उनके बाजार हिस्से को और अधिक घटाएगा। media ने एक्सपर्ट्स की उन चिंताओं की रिपोर्ट दी है, जो Waves द्वारा लीनियर टीवी चैनल्स मुफ्त में उपलब्ध कराने को लेकर हैं। "सब्सक्राइबर्स का बदलता रुझान केबल और डीटीएच ऑपरेटर्स की चिंताओं की जड़ में पहले से ही प्रसार भारती के 'डीडी फ्री डिश' का दबाव है, जो मुफ्त सैटेलाइट टीवी सेवाएं प्रदान करता है और तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। नाम न बताने की शर्त पर एक ब्रॉडकास्ट एक्सपर्ट ने कहा, 'अधिकांश दर्शक अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स की ओर रुख कर रहे हैं, जो ऑन-डिमांड कंटेंट और अधिक लचीलापन चाहते हैं और ऐसे में पारंपरिक टीवी ऑपरेटर्स ने सब्सक्रिप्शंस में गिरावट देखी है। Waves पर टीवी चैनल्स की उपलब्धता इन चुनौतियों को और बढ़ा सकती है, क्योंकि यह उन सब्सक्राइबर्स को भी अपनी ओर खींच सकती है, जो पहले से ही डिजिटल और स्ट्रीमिंग विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं।' प्रसार भारती का ओटीटी प्लेटफॉर्म Waves अब लीनियर और ऑन-डिमांड कंटेंट का मिश्रण पेश कर रहा है, ऐसे में ऑपरेटर्स को चिंता है कि इससे ओटीटी की ओर बदलाव और तेज़ हो जाएगा, जिससे अंततः उनके सब्सक्राइबर बेस और मुनाफ़े में कमी आएगी। केबल टीवी ऑपरेटर्स का कहना है कि ब्रॉडकास्टर्स के टीवी चैनल्स का उपयोग करके प्रसार भारती सूचना-प्रसारण मंत्रालय द्वारा निर्धारित डाउनलिंकिंग दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है। इंडस्ट्री के एक एक्सपर्ट ने कहा कि यह कदम मौजूदा नियमों के विपरीत है, जिसमें कहा गया है कि सैटेलाइट टीवी चैनल रिसेप्शन डिकोडर केवल केबल ऑपरेटर्स को ही दिए जाने चाहिए। एक्सपर्ट ने कहा, "ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लीनियर चैनल पेश करना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। यह न केवल अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करता है, बल्कि केबल ऑपरेटर्स के सामने आने वाली चुनौतियों को भी बढ़ाता है, जो पहले से ही हर साल ग्राहकों की संख्या में भारी कमी का सामना कर रहे हैं।" नियमों के उल्लंघन को लेकर चिंता इससे पहले, ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन ने सूचना-प्रसारण मंत्रालय को एक पत्र में कहा है कि प्रसार भारती ने अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लीनियर टीवी चैनल्स को शामिल करने के लिए आवेदन आमंत्रित करते समय, 2022 की अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग गाइडलाइंस के क्लॉज 11(3)(f) का उल्लंघन किया है। क्लॉज 11(3)(f) के अनुसार टीवी चैनल सिग्नल रिसेप्शन डिकोडर्स केवल निम्नलिखित संस्थाओं को ही दिए जा सकते हैं: - एमएसओ/केबल ऑपरेटर्स: जो केबल टेलीविजन नेटवर्क (रेगुलेशन) एक्ट 1995 के तहत पंजीकृत हैं। - डीटीएच ऑपरेटर्स: जो भारत सरकार द्वारा जारी डीटीएच गाइडलाइंस के तहत पंजीकृत हैं। - आईपीटीवी सेवा प्रदाता: जो मौजूदा टेलीकॉम लाइसेंस के तहत अधिकृत हैं या जिन्हें दूरसंचार विभाग द्वारा स्वीकृति मिली हुई है। - एचआईटीएस ऑपरेटर्स: जिन्हें एचआईटीएस ऑपरेटरों के लिए मंत्रालय द्वारा जारी नीति दिशा-निर्देशों के तहत स्वीकृति दी गई है। सितंबर में लिखे गए एक पत्र में, केबल इंडस्ट्री ने कहा था कि डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री ने पिछले 6 वर्षों में अपने सब्सक्राइबर संख्या में भारी उथल-पुथल देखी है, जिसमें 2018 में, केबल टीवी और डीटीएच इंडस्ट्री का संयुक्त सब्सक्राइबर बेस लगभग 180 मिलियन था, जो 2024 में काफी कम होकर 120 मिलियन रह गया है, जो कुल सब्सक्राइबर बेस का 33% कम है। केबल टीवी ऑपरेटर, जैसे कि सिटी, हैथवे, डेन और जीटीपीएल, ने सूचना-प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह प्रसार भारती को अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर निजी टीवी चैनलों को शामिल करने से रोकें। प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म Waves पर फिलहाल लगभग 71 लीनियर चैनल उपलब्ध हैं। इस मुद्दे पर एक वरिष्ठ ब्रॉडकास्ट एक्सपर्स ने कहा, "प्रसार भारती 'प्रसार भारती एक्ट' के तहत कार्य करता है, इसलिए प्रसारक (ब्रॉडकास्टर्स) को अपने सैटेलाइट टीवी चैनल प्रसार भारती के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर प्रदान करने की अनुमति है।" What’s on offer? Prasar Bharati's much-anticipated OTT platform, Waves, was officially launched on Wednesday, marking the broadcaster's foray into the competitive streaming market. Waves was launched at the 55th International Film Festival of India (IFFI) in Goa by Chief Minister Pramod Sawant, in the presence of Sanjay Jaju, Secretary, I&B Ministry. The app has stories embracing Indian culture with an international outlook, in 12+ Languages - Hindi, English, Bengali, Marathi, Kannada, Malayalam, Telugu, Tamil, Gujarati, Punjabi, Assamese. It will be spread across 10+ Genres of Infotainment. It will provide Video on demand, free-to-play gaming, Radio streaming, Live TV streaming, 71 live Channels, several App in App integrations for video and gaming content, and online shopping through Open Network for Digital Commerce (ONDC) supported e-commerce platform. The platform features a lineup of live channels, including entertainment networks like B4U, ABZY, SAB Group, and 9X Media, alongside major news channels such as India Today, News Nation, Republic, ABP News, News24, and NDTV India. It also offers all Doordarshan and Akashvani channels, according to sources. However, some prominent broadcasters' channels are currently absent from the service. क्या है खास? प्रसार भारती के बहुप्रतीक्षित ओटीटी प्लेटफॉर्म Waves का आधिकारिक लॉन्च बुधवार को हुआ, जिससे प्रसार भारती ने प्रतिस्पर्धी स्ट्रीमिंग बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। Waves का उद्घाटन गोवा में आयोजित 55वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) में गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू की उपस्थिति में किया। इस ऐप में भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करने वाली कहानियां शामिल हैं। यह 12+ भाषाओं (हिंदी, अंग्रेजी, बांग्ला, मराठी, कन्नड़, मलयालम, तेलुगु, तमिल, गुजराती, पंजाबी, असमिया) में उपलब्ध है। यह 10+ शैलियों (Genres) में इन्फोटेनमेंट कंटेंट प्रदान करता है। Waves पर मिलने वाली सेवाएं: वीडियो ऑन डिमांड। फ्री-टू-प्ले गेमिंग। रेडियो स्ट्रीमिंग। लाइव टीवी स्ट्रीमिंग। 71 लाइव चैनल। वीडियो और गेमिंग सामग्री के लिए "ऐप इन ऐप" इंटीग्रेशन। ONDC समर्थित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन शॉपिंग। प्लेटफॉर्म में लाइव चैनल्स की सूची भी शामिल है, जिनमें एंटरटेनमेंट चैनल जैसे B4U, ABZY, SAB ग्रुप और 9X मीडिया हैं। प्रमुख न्यूज चैनल जैसे इंडिया टुडे, न्यूज नेशन, रिपब्लिक, एबीपी न्यूज, न्यूज24 और एनडीटीवी इंडिया भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा, इसमें सभी दूरदर्शन और आकाशवाणी चैनल शामिल हैं। हालांकि, कुछ प्रमुख ब्रॉडकास्टर्स के चैनल वर्तमान में इस सेवा में शामिल नहीं हैं। 'लिमिटेड ऑफर' अपने लॉन्च को लेकर उत्साह के बावजूद इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स सतर्क हैं और शहरी दर्शकों के बीच इसके तात्कालिक प्रभाव को सीमित मान रहे हैं। एक सीनियर ओटीटी एक्सपर्ट ने कहा, "यह प्लेटफॉर्म, न्यूज से जुड़े कुछ वर्गों को छोड़कर, सीमित पहुंच रखने वाला है।" इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य पुराने जमाने की यादों को फिर से ताजा करना है, साथ ही आधुनिक डिजिटल रुझानों को अपनाते हुए क्लासिक और समकालीन कार्यक्रमों का समृद्ध मिश्रण प्रदान करना है।इसकी लाइब्रेरी में रामायण, महाभारत, शक्तिमान और हम लोग जैसे सदाबहार शोज शामिल हैं, जो उन दर्शकों को आकर्षित करते हैं जो भारत के सांस्कृतिक और भावनात्मक अतीत से जुड़ाव चाहते हैं। इसके अलावा, यह न्यू, डॉक्यूमेंट्री और रीजनल कंटेंट भी प्रदान करता है, जो समावेशिता और विविधता के प्रति इसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। लॉन्च के बाद मंत्रालय ने कहा था, "दूरदर्शन का ओटीटी प्लेटफॉर्म परंपरागत टीवी और आधुनिक स्ट्रीमिंग के बीच की खाई को पाटता है और अपनी दशकों पुरानी विरासत व राष्ट्रीय विश्वास का उपयोग करते हुए तकनीक-प्रेमी युवाओं और बुजुर्ग पीढ़ी दोनों तक पहुंच बनाता है।" पहले, सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने पुष्टि की थी कि प्लेटफॉर्म का एक छोटा हिस्सा सब्सक्रिप्शन-आधारित होगा, जबकि बाकी कंटेंट देखने के लिए मुफ्त होगा। अगस्त में, प्रसार भारती ने टीवी चैनल्स को अपने नए ओटीटी प्लेटफॉर्म से जुड़ने का निमंत्रण दिया। यह कदम उसकी डिजिटल उपस्थिति को बढ़ाने और एक ऐसा राजस्व-साझाकरण मॉडल पेश करने का प्रतीक था, जो बाजार में विशिष्ट है। इस मॉडल के तहत ब्रॉडकास्टर्स को विज्ञापन राजस्व का 65% मिलेगा, जबकि प्रसार भारती 35% रखेगा। सितंबर में, एक्सचेंज4मीडिया को सूत्रों से पता चला कि प्रमुख चार टीवी नेटवर्क ने प्रसार भारती के आगामी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपने लिनियर चैनल को स्ट्रीम नहीं करने का निर्णय लिया है। हालांकि सरकार ने आकर्षक राजस्व-साझाकरण मॉडल की पेशकश की थी, इन नेटवर्क्स ने शायद इसलिए भाग नहीं लिया क्योंकि उनकी पहले से ही अपने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर मजबूत उपस्थिति है। इन शीर्ष नेटवर्क्स के आवेदन न करने के बावजूद, मामले से परिचित सूत्रों ने एक्सचेंज4मीडिया को बताया कि प्रसार भारती को विभिन्न शैलियों के 106 चैनल्स से आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 44 चैनल्स का चयन किया गया और 40 चैनल्स प्लेटफॉर्म से जुड़ने के लिए सहमत हुए।
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सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में एफएम रेडियो स्टेशनों के विस्तार और मौजूदा स्थिति पर लोकसभा में जानकारी दी। रेल, सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिकी व सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस संबंध में पूछे गए सवालों का उत्तर देते हुए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। केंद्रीय मंत्री ने अश्विनी वैष्णव बताया कि भारत में रिले स्टेशनों सहित कुल 625 आकाशवाणी एफएम ट्रांसमीटर और 388 प्राइवेट एफएम स्टेशन संचालित हैं। इसके अलावा, देश में 521 सामुदायिक रेडियो स्टेशन (सीआरएस) भी कार्यरत हैं, जो विभिन्न क्षेत्रों में सूचना और मनोरंजन का प्रसार कर रहे हैं। प्रसार भारती के तहत एफएम नेटवर्क को बढ़ाने के लिए प्रसार भारती की प्रसारण अवसंरचना ऑडियंस रिसर्च और नेटवर्क विकास योजना (BIND) के तहत आकाशवाणी नेटवर्क का आधुनिकीकरण और विस्तार किया जा रहा है। नए एफएम ट्रांसमीटर को स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रीमंडल ने तमिलनाडु के 11 शहरों सहित 234 नए अछूते शहरों में 730 प्राइवेट एफएम चैनलों की ई-नीलामी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सूचना-प्रसारण मंत्री ने कहा कि इस कदम से विविध और स्थानीय सामग्री तक पहुंच बढ़ेगी, जिससे सृजनात्मकता को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय भाषा के साथ-साथ संस्कृतियों का भी संवर्धन होगा।लोकसभा में चर्चा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि एफएम रेडियो का महत्व न केवल मनोरंजन के लिए, बल्कि आपातकालीन स्थितियों में सूचना के आदान-प्रदान के लिए भी है। इसके विस्तार से ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में संचार को और सशक्त बनाया जा सकेगा। सरकार एफएम रेडियो नेटवर्क को मजबूत करने और नई तकनीकों के माध्यम से इसे और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस कदम से न केवल शहरी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी एफएम रेडियो की पहुंच में वृद्धि होगी।एफएम रेडियो स्टेशनों का विस्तार भारत में सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के लिए एक सकारात्मक कदम है। सरकार की नई योजनाओं और तकनीकी नवाचारों से एफएम रेडियो का भविष्य और भी उज्जवल दिखता है।
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लंबे समय से ‘अमर उजाला’ से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार श्यामाकांत दुबे का मंगलवार को आकस्मिक निधन हो गया है। मीडिया में करीब 40 साल से सक्रिय श्यामाकांत दुबे लगभग 60 वर्ष के थे। दुबे ने अमर उजाला में एसोसिएट एडिटर के पद पर रहते हुए 2022 में सेवानिवृत्ति ली थी। फिलहाल वह एक्सटेंशन के तौर पर इस अखबार में नोएडा में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अमर उजाला, नोएडा से पहले उन्होंने जयपुर, भोपाल, मेरठ और चंडीगढ़ जैसे स्थानों पर लंबे समय तक कार्य किया था। श्यामाकांत दुबे अपने पीछे पत्नी, बेटा-बेटी और बड़ा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। तमाम पत्रकारों ने श्यामाकांत दुबे के निधन पर शोक जताते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है और शोक संतप्त परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
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एनडीटीवी ने अपने ब्रैंडेड कंटेंट यूनिट को नया नाम देकर 'एनडीटीवी ब्रैंड स्टूडियो' के रूप में पुनः लॉन्च किया है और इसे नया रूप दिया है। यह इकाई ब्रैंड्स को उनके विभिन्न जरूरतों के लिए अनुकूलित और व्यापक कंटेंट समाधान प्रदान करेगी। 'एनडीटीवी ब्रैंड स्टूडियो' का उद्देश्य है वैल्यू चेन के हर पहलू को कवर करते हुए ब्रैंड्स के लिए कंटेंट की परिकल्पना, निर्माण और उसकी रीच बढ़ाने तक की सेवाएं प्रदान करना। इसके तहत, बाजार की विशेष जरूरतों को ध्यान में रखते हुए फोकस्ड और प्रभावशाली कंटेंट प्रोजेक्ट्स तैयार किए जाएंगे। इस अवसर पर एनडीटीवी ब्रैंड स्टूडियो के रेवेन्यू हेड गौरव दिवानी ने कहा, "डिजिटल-फर्स्ट दुनिया में ब्रैंड्स को ऐसे पार्टनर की जरूरत होती है जो उनके लिए अनोखी और प्रभावशाली कहानियां तैयार कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि "एनडीटीवी ब्रैंड स्टूडियो के साथ, हम एक ऐसा रचनात्मक मंच (क्रिएटिव हब) प्रदान करने को लेकर उत्साहित हैं, जहां ब्रैंड्स एनडीटीवी की पत्रकारिता की उत्कृष्टता का उपयोग करके सटीक और प्रभावशाली संदेश तैयार कर सकते हैं और दर्शकों को गहराई तक जोड़ने वाले प्रभावशाली ब्रांडेड कंटेंट अनुभव प्रदान कर सकते हैं।"स्टूडियो को ब्रैंडेड कंटेंट विशेषज्ञों और अनुभवी पत्रकारों की एक टीम द्वारा संचालित किया गया है, जिनकी एनडीटीवी की सामाजिक अभियानों और उच्च प्रभाव वाली पहलों की विरासत में गहरी जड़ें हैं।
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नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने अपने बोर्ड में शुवा मंडल को अतिरिक्त स्वतंत्र निदेशक के रूप में नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 नवंबर 2029 तक प्रभावी रहेगी, और शुवा मंडल इस पद पर पांच वर्षों तक कार्य करेंगे। शुवा मंडल एक अनुभवी कानूनी विशेषज्ञ हैं, जिनके पास कानून के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का गहरा अनुभव है। उन्होंने भारत की प्रमुख कानूनी फर्मों और टाटा ग्रुप के साथ काम किया है। उनकी विशेषज्ञता मर्जर्स और एक्विजिशन्स, सिक्योरिटीज लॉ, शेयरहोल्डर्स गवर्नेंस, प्राइवेट इक्विटी निवेश और कॉर्पोरेट लिटिगेशन में है। इसके अतिरिक्त, वह कई क्षेत्रों में कार्य कर चुके हैं, जैसे कि कमोडिटीज, ऑटोमोटिव, रिटेल, फाइनेंशियल सर्विसेज, हेल्थकेयर, एविएशन, डिफेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर। नेटवर्क18 के बोर्ड में शुवा मंडल ने ध्रुव सुबोध काजी की जगह ली है, जिन्होंने कंपनी के अतिरिक्त निदेशक के रूप में दो कार्यकालों तक अपनी सेवाएं दी थीं। शुवा मंडल की नियुक्ति से कंपनी को अपने कानूनी और रणनीतिक निर्णयों में एक और मजबूत हाथ मिला है। शुवा मंडल ने अपनी कानूनी यात्रा की शुरुआत भारत की शीर्ष कानूनी फर्मों में की थी, और बाद में उन्होंने टाटा सन्स, जो टाटा ग्रुप की प्रमुख निवेश होल्डिंग कंपनी है, में ग्रुप जनरल काउंसल के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके पहले, उन्होंने शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी और AZB एंड पार्टनर्स जैसी प्रतिष्ठित फर्मों में सीनियर पार्टनर के रूप में भी कार्य किया। उनकी प्रतिष्ठित कानूनी और रणनीतिक विशेषज्ञता, विशेष रूप से कंपनी कानून, निवेश, और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में, नेटवर्क18 को दीर्घकालिक रणनीतिक विकास के लिए मजबूती प्रदान करेगी। शुवा मंडल का योगदान कंपनी की आगामी योजनाओं और कानूनी निर्णयों में अहम भूमिका निभाएगा, जिससे नेटवर्क18 को अपने व्यवसाय और वित्तीय मामलों में अधिक पारदर्शिता और दक्षता की उम्मीद है। शुवा मंडल के नेतृत्व में, नेटवर्क18 मीडिया एंड इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड अपने नए कानूनी और रणनीतिक दिशा की ओर अग्रसर होगा, जो कि कंपनी की स्थिरता और विकास को सुनिश्चित करेगा।
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उत्तर प्रदेश के संभल में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस की मौजूदगी में मुगलों के समय की मस्जिद का सर्वेक्षण हो रहा था। इस दौरान कई लोग सर्वेक्षण का विरोध करने आ गए और पुलिसकर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई। इस झड़प में चार लोगों की मौत हुई और करीब 20 सुरक्षाकर्मियों सहित कई अन्य घायल हो गए। इस विवाद पर वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट की और अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने एक्स पर लिखा, संभल में 4 लोगों की मौत दुःखद है। अगर प्रशासन ने सावधानी बरती होती, तो इतनी भीड़ इकट्ठा नहीं होती और भीड़ को मज़हब के नाम पर भड़काया न गया होता, तो वो पुलिस पर हमला नहीं करते। मेरा तो ये कहना है कि मंदिर, मस्जिद के नाम पर रोज़-रोज़ के ये झगड़े बंद होने चाहिए। टकराव से कभी किसी का भला नहीं हुआ। जब भी रास्ता निकला है तो आपसी बातचीत से निकला है। अगर किसी को लड़ना ही है तो अदालत में जाकर लड़े।आपको बता दें, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि हालिया विधानसभा उपचुनावों में हुई ‘धांधली और लूट’ को छिपाने के लिए यह घटना कराई गई है।
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एबीपी नेटवर्क (ABP Network) ने सुमांता दत्ता को अपना नया चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर (CEO) नियुक्त करने की घोषणा की है। सुमांता दत्ता एक अनुभवी इंसडस्ट्री एक्सपर्ट हैं, जिनके पास 30 से अधिक वर्षों का अनुभव है। उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों जैसे कंज्यूमर गुड्स, ड्यूरेबल और एजुकेशन इंडस्ट्री में बड़े बहुराष्ट्रीय संगठनों के साथ काम किया है। सुमांता ने अपने करियर का एक बड़ा हिस्सा कोका-कोला में बिताया, जहां उन्होंने अपने नेतृत्व और प्रबंधन कौशल का प्रदर्शन किया। इसके बाद, उन्होंने लॉजिटेक में क्लस्टर हेड और मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) के रूप में कार्य किया। हाल ही में वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस में एमडी के पद पर कार्यरत थे। इन भूमिकाओं में उन्होंने बिजनेस ऑपरेशंस, मार्केटिंग व डिस्ट्रीब्यूशन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। सुमांता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मुंबई के प्रतिष्ठित कैथेड्रल एंड जॉन कॉनन स्कूल से पूरी की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका के फ्रैंकलिन एंड मार्शल कॉलेज से स्नातक किया और फिर रटगर्स यूनिवर्सिटी, न्यू जर्सी से एमबीए की डिग्री प्राप्त की। सुमांता अपने परिवार के साथ एक खुशहाल जीवन जीते हैं। वे एक प्यारे पति और दो बच्चों के स्नेही पिता हैं। सुमांता की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है, जब एबीपी नेटवर्क डिजिटल और टेलीविजन मीडिया के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है। इस नई जिम्मेदारी को संभालते हुए सुमांता का लक्ष्य कंपनी को प्रौद्योगिकी और कंटेंट के क्षेत्र में अग्रणी बनाना होगा। यह नियुक्ति दर्शाती है कि एबीपी नेटवर्क अपने लीडरशिप को सशक्त बनाने और मीडिया इंडस्ट्री में अपनी स्थिति को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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जी मीडिया (Zee Media) से खबर है कि कंपनी के नॉन एग्जिक्यूटिव नॉन इंडिपेंडेंट (Non-Executive Non-Independent) डायरेक्टर पुरुषोत्तम वैष्णव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जी मीडिया ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी है। कंपनी के मुताबिक, पुरुषोत्तम वैष्णव ने 25 नवंबर 2024 से कार्य समाप्ति समय के बाद अपनी पद से इस्तीफा दे दिया है। कंपनी की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पुरुषोत्तम वैष्णव ने निजी कारणों और अन्य अनिवार्य परिस्थितियों के कारण इस्तीफा दिया है। हालांकि, बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस्तीफे के पीछे कोई अन्य महत्वपूर्ण कारण नहीं है, सिवाय व्यक्तिगत कारणों के जो इस्तीफा पत्र में दिया गया है। बता दें कि कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की ओर से वैष्णव की नियुक्ति दिसंबर 2022 में नॉन एग्जिक्यूटिव नॉन इंडिपेंडेंट (Non-Executive Non-Independent) डायरेक्टर की कैटेगरी में की गई थी। अजमेर की महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी से कॉमर्स में पोस्ट ग्रेजुएट पुरुषोत्तम वैष्णव को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का दो दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। पूर्व में वह ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ में क्लस्टर-2 चैनल्स के सीईओ रह चुके हैं, जिसके तहत हिंदी और अन्य रीजनल न्यूज चैनल्स आते थे।
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एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) ने घोषणा की है कि सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (एसपीएनआई) (कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड) ने 2024 से 2031 तक सभी एसीसी टूर्नामेंटों के लिए विशेष मीडिया अधिकार हासिल कर लिए हैं। यह ऐतिहासिक सौदा पिछले मीडिया अधिकार चक्र की तुलना में 70% से अधिक की वृद्धि दर्शाता है, जो एसीसी एशिया कप टूर्नामेंटों के लिए बढ़ते वैश्विक कद और रुचि को उजागर करता है। इस सौदे में पुरुष और महिला एशिया कप, पुरुष और महिला अंडर-19 एशिया कप और पुरुष और महिला इमर्जिंग टीम एशिया कप के सभी संस्करण शामिल हैं। यह साझेदारी टेलीविजन, डिजिटल और ऑडियो प्लेटफार्मों पर एशियाई क्रिकेट के प्रमुख टूर्नामेंटों की व्यापक और अभिनव कवरेज सुनिश्चित करती है।एशिया में क्रिकेट के लिए ACC का दृष्टिकोण समावेशी और अग्रगामी है। SPNI के साथ यह महत्वपूर्ण साझेदारी न केवल ACC के प्रमुख टूर्नामेंटों के लिए उच्च-गुणवत्ता वाली कवरेज सुनिश्चित करती है, बल्कि सभी सदस्य देशों में विकास कार्यक्रमों को चलाने के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन भी प्रदान करती है।SPNI की व्यापक प्रसारण विशेषज्ञता और खेल को बढ़ाने के लिए ACC की प्रतिबद्धता के साथ, यह साझेदारी एशिया और उससे आगे क्रिकेट केलिए नए मानक स्थापित करने के लिए तैयार है। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के साथ हमारे नए मीडिया पार्टनर के रूप में, हम विश्व स्तरीय कवरेज और दुनिया भर के प्रशंसकों के लिए एक इमर्सिव व्यूइंग एक्सपीरियंस देने की उनकी क्षमता में आश्वस्त हैं।प्रसारण उद्योग में सोनी की व्यापक विशेषज्ञता के साथ, हम इस नई साझेदारी को शुरू करने के लिए उत्साहित हैं। सोनी की विशेषज्ञता और अभिनव दृष्टिकोण एशियाई क्रिकेट के कवरेज में एक नया दृष्टिकोण लाने, नए दर्शकों तक पहुँचने और नए मानक स्थापित करने का वादा करता है।अधिकारों के मूल्य में पर्याप्त वृद्धि ACC को जमीनी स्तर के कार्यक्रमों, बुनियादी ढाँचे के विकास और प्रतिभा मार्गों, विशेष रूप से सहयोगी देशों के लिए महत्वपूर्ण संसाधनों को चैनल करने में सक्षम बनाएगी। यह सहयोग पूरे एशिया में क्रिकेट के निरंतर विकास को बढ़ावा देगा और इसके जीवंत भविष्य को सुनिश्चित करेगा।एसपीएनआई द्वारा एसीसी टूर्नामेंट (2024-2031) के मीडिया अधिकार अपने नाम करने पर, एसपीएनआई के एमडी और सीईओ गौरव बनर्जी ने कहा: "एसीसी टूर्नामेंट के अधिकारों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी बोली प्रक्रिया आयोजित करने के लिए एसीसी को बधाई! हम इन एक्शन से भरपूर टूर्नामेंटों को अपने दर्शकों के लिए अगले 8 वर्षों तक लाने में प्रसन्न हैं, जिसमें भारत और पाकिस्तान के मैच भी शामिल होंगे। एसीसी टूर्नामेंटों ने अविस्मरणीय क्षण बनाए हैं और सबसे तीव्र एशियाई क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता के लिए मंच तैयार किया है। हम इन मैचों के रोमांच और भावना को क्रिकेट प्रशंसकों के साथ साझा करने के लिए उत्सुक हैं।"
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18 नवंबर से 22 नवंबर तक के कारोबारी सप्ताह में मंगलवार से गुरुवार के दौरान मीडिया कंपनियों में अचानक गिरावट देखी गई, तथा कारोबारी सप्ताह के अंत तक यह थोड़ी कम दर पर बंद हुई। यहां इन मीडिया एवं मनोरंजन कंपनियों में से प्रत्येक का बाजार में प्रदर्शन कैसा रहा, इसका सारांश दिया गया है। नेटवर्क18 ने सप्ताह की शुरुआत 83.28 रुपये से की, लेकिन धीरे-धीरे गिरावट के साथ 79.44 रुपये पर बंद हुआ। मंगलवार को शेयर 86.78 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, लेकिन जल्दी ही इसकी गति कम हो गई और सप्ताह के अंत तक यह 79.49 रुपये के निचले स्तर पर पहुंच गया। शेयर में 4.60% की गिरावट आई, जो मुनाफावसूली या नकारात्मक भावना का संकेत है, जिससे यह सप्ताह के लिए कमजोर प्रदर्शन करने वाला शेयर बन गया। टीवी टुडे टीवी टुडे ने स्थिरता दिखाई, सप्ताह के दौरान 0.07% की मामूली वृद्धि के साथ, जो स्थिरता को दर्शाता है। यह 188.55 रुपये पर खुला और 188.69 रुपये पर थोड़ा ऊपर बंद हुआ। शेयर का 192.30 रुपये का उच्चतम स्तर सकारात्मक निवेशक रुचि का संकेत देता है, लेकिन 184.34 रुपये का निचला स्तर इंट्राडे अस्थिरता को दर्शाता है। कुल मिलाकर, इसने न्यूनतम साप्ताहिक लाभ के साथ एक संतुलित प्रक्षेपवक्र बनाए रखा। एनडीटीवी एनडीटीवी ने मजबूती दिखाई, 167.61 रुपये पर खुला और 169.10 रुपये पर बंद हुआ। 171.99 रुपये का उच्चतम स्तर आशावाद को दर्शाता है, लेकिन गुरुवार को 150.76 रुपये पर तेज गिरावट अचानक नकारात्मक दबाव को दर्शाती है। रिकवरी के बावजूद, अस्थिरता के कारण सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। शेयर में 0.89% की बढ़त हुई, जो मध्यम वृद्धि दर्शाता है। ज़ेडएमसीएल ZMCL ने 18.58 रुपये पर शुरुआत की और 18.40 रुपये पर बंद हुआ, पूरे सप्ताह में सीमित उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा। मंगलवार को 19.43 रुपये के उच्च स्तर ने थोड़े समय के लिए सकारात्मक भावना को दर्शाया, लेकिन समापन मूल्य में थोड़ी मंदी दिखी, जो 0.97% की मामूली गिरावट को दर्शाता है। ज़ील ZEEL अपेक्षाकृत स्थिर रहा, जिसमें 0.92% की मामूली वृद्धि देखी गई और मध्यम आशावाद का संकेत मिला। यह 115.88 रुपये पर खुला और 116.95 रुपये पर थोड़ा ऊपर बंद हुआ। सप्ताह का उच्चतम स्तर 125.42 रुपये सकारात्मक दृष्टिकोण का संकेत देता है, हालांकि 115.25 रुपये का न्यूनतम स्तर सतर्क व्यापार का संकेत देता है। यह मामूली वृद्धि क्षमता के साथ मध्यम प्रदर्शन करने वाला बना हुआ है। एचटी मीडिया एचटी मीडिया, जो 3.04% तक गिर गया, मंदी की गतिविधि का संकेत देते हुए, मामूली नुकसान का सामना कर रहा था, 23.00 रुपये पर खुला और 22.30 रुपये पर बंद हुआ। मंगलवार को 23.58 रुपये के उच्च स्तर ने कुछ शुरुआती आशावाद को दर्शाया, लेकिन गिरावट ने निवेशकों के आत्मविश्वास में कमी और सतर्क दृष्टिकोण का संकेत दिया। जागरण प्रकाशन जागरण प्रकाशन ने सप्ताह की शुरुआत 85.30 रुपये पर मजबूती के साथ की, लेकिन 83.66 रुपये पर गिरावट के साथ बंद हुआ। गुरुवार को इसका साप्ताहिक निचला स्तर 82.31 रुपये था, जो सप्ताह के अंत में मंदी की भावना को दर्शाता है, जो इसे थोड़ा कम प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बताता है। सप्ताह के दौरान स्टॉक में 1.93% की गिरावट आई, जो हल्की गिरावट का संकेत है।
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एक बार फिर गौतम अडानी राजनीति का मुद्दा बन गए। राहुल गांधी ने एक बार फिर गौतम अडानी का नाम लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला किया। राहुल गांधी ने इस बार बहाना बनाया अमेरिका के कोर्ट में गौतम अडानी पर लगे इल्जाम का। अमेरिका की एक कोर्ट में FBI ने आरोप लगाया है कि गौतम अडानी ने भारत में सौर बिजली के वितरण का ठेका दिलवाने के लिए एक अमेरिकन कंपनी से की राज्य सरकारों के अफसरों को रिश्वत दिलवाने की कोशिश की। छत्तीसगढ़, आन्ध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओड़िशा के अफसरों को दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की रिश्वत ऑफर करवाई। FBI का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिका में बॉन्ड्स के जरिए लोगों से पूंजी ली, लेकिन रिश्वत की बात निवेशकों से छुपाई। फेडरल कोर्ट ने इसे निवेशकों के साथ धोखा मानकर इसकी जांच का आदेश दिया। इस आधार पर गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी और कंपनी के डायरेक्टर विनीत जैन समेत सात लोगों पर आपराधिक मुकदमा चलाया जाएगा। अमेरिका में देर रात ये हुआ और सुबह सूरज निकलने से पहले विपक्ष के नेता सक्रिय हो गए। राहुल गांधी ने राशन पानी लेकर नरेन्द्र मोदी पर हमला बोल दिया। इसके बाद अखिलेश यादव, संजय राउत, फारुक़ अब्दुल्ला समेत तमाम नेताओं ने मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि वो लिखकर दे सकते हैं कि गौतम अडानी गिरफ्तार नहीं होंगे क्योंकि अडानी बीजेपी की फंडिग का स्रोत हैं, नरेन्द्र मोदी अडानी के कब्जे में हैं। न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में FBI ने ये आरोप लगाया है कि 2020 से 2024 के बीच गौतम अडानी और उनकी कंपनी के अधिकारियों ने सोलर एनर्जी का प्लांट लगाने और प्लांट में बनी बिजली को बेचने के ठेकों के लिए सरकारी अफसरों को 2029 करोड़ रुपये की रिश्वत की पेशकश की। FBI का कहना है कि गौतम अडानी ने अमेरिकी निवेशकों से करीब पौने दो हजार करोड़ रुपये इन्वेस्ट कराए , लेकिन इस रिश्वत की जानकारी निवेशकों को नहीं दी। इसलिए ये धोखाधड़ी का मामला बनता है। FBI ने अदालत में दावा किया कि अडानी ने जो ठेका हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को घूस ऑफर की, उस कॉन्ट्रैक्ट से अडानी ग्रुप को अगले 20 साल में करीब 17 हजार करोड़ रुपये का मुनाफ़ा होने वाला था। इसके बाद अमेरिका के सिक्योरिटीज़ ऐंड एक्सचेंज कमीशन ने भी गौतम अडानी, उनके भतीजे सागर अडानी के अलावा सीरिल कैबनीज़ के ख़िलाफ़ सिविल सूट दाख़िल किया। अमेरिका में अडानी के खिलाफ इल्जाम लगे। पहला असर शेयर बाज़ार पर हुआ। अडानी ग्रुप के शेयर्स में 10 से 20 परसेंट तक की गिरावट आई, जिसके कारण निवेशकों के करीब ढाई लाख करोड़ रुपये डूब गए। दूसरा असर ये हुआ कि अडानी ग्रीन कंपनी ने अमेरिका में शेयर मार्केट से पैसे जुटाने के लिए 60 करोड़ डॉलर का जो बॉन्ड जारी किया था, उसको वापस ले लिया गया। अडानी ग्रुप ने अपने बयान में ग्रुप पर लगाए गए सारे इल्ज़ामात को ग़लत और बेबुनियाद बताया। बयान में कहा गया कि अडानी ग्रुप क़ानून का पालन करता है, जो आरोप लगाए गए हैं, उनका जवाब कानूनन दिया जाएगा। अडानी के मामले के दो पहलू हैं। एक राजनीतिक, दूसरा वित्तीय। राहुल गांधी पिछले 10 साल से गौतम अडानी को नरेन्द्र मोदी पर हमला करने का हथियार बनाए हुए हैं। अडानी बहाना, मोदी निशाना, लेकिन राहुल इसमें ज्यादा कामयाब नहीं हो पाए। आज भी जिन राज्यों में अफसरों को रिश्वत देने का इल्जाम लगा, उनमें कहीं बीजेपी की सरकार नहीं है। इसमें कोई मोदी कनेक्शन नहीं मिला। इसीलिए मोदी की इमेज पर तो चोट नहीं पहुंची लेकिन शेयर मार्केट में अडानी के शेयरों में पैसे लगाने वालों को भारी नुकसान हुआ। ये भी एक पैटर्न है। केस उस वक्त आया जब अमेरिका में अडानी की कंपनी का 600 मिलियन डॉलर का बॉन्ड मार्केट में था। इस खबर के बाद अडानी को बॉन्ड वापस लेना पड़ा। मार्केट में अडानी के शेयर बहुत बुरी तरह गिरे। पिछली बार जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी, उस वक्त भी अडानी 20 हजार करोड़ का FPO लाने वाले थे। उस वक्त भी उन्हें शेयर मार्केट में नुकसान हुआ था। तो क्या ये महज संयोग है? पिछली बार जब हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई थी। उस वक्त संसद का सत्र शुरू होने वाला था और पूरा सत्र हिंडनबर्ग की रिपोर्ट पर हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस बार भी जब अमेरिका से अडानी के खिलाफ चार्जशीट की खबर आई तो तीन दिन बाद संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है और आज राहुल गांधी ने ऐलान कर दिया कि विपक्ष अडानी के मुद्दे पर सरकार को घेरेगी, यानी फिर संसद में हंगामा होगा। क्या ये भी एक संयोग है? या सोचा समझा प्रयोग है?
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राजस्थान सरकार ने अपनी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने की योजना बनाई है। इस रणनीति के तहत, अब राज्य सरकार का आधिकारिक यूट्यूब चैनल 24 घंटे सक्रिय रहेगा, जो मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं की लाइव स्ट्रीमिंग और प्रचार सुनिश्चित करेगा। 10 करोड़ का टेंडर जारी राज्य के सूचना और जनसंपर्क विभाग (DIPR) ने यूट्यूब चैनल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मैनेज करने के लिए 10 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया है। इच्छुक एजेंसियों के लिए बिडिंग की अंतिम तिथि 27 नवंबर तय की गई है। फॉलोअर बढ़ाने का टारगेट और जुर्माने का नियम चयनित एजेंसी को हर तीन महीने में DIPR के सोशल मीडिया हैंडल्स पर कम से कम 5% फॉलोअर बढ़ाने होंगे। यदि एजेंसी यह लक्ष्य पूरा करने में विफल रहती है, तो उसे जुर्माना भरना पड़ेगा। इस प्रक्रिया से सोशल मीडिया पर सरकार की पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को गति मिलेगी। 204 सोशल मीडिया हैंडल्स की देखरेख टेंडर की शर्तों के मुताबिक, चयनित एजेंसी को DIPR के 204 सोशल मीडिया हैंडल्स का प्रबंधन करना होगा। इनमें शामिल हैं: राज्य स्तर पर: यूट्यूब चैनल, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और इंस्टाग्राम के आधिकारिक अकाउंट। जिला स्तर पर: 50 यूट्यूब चैनल्स, 50 फेसबुक अकाउंट्स, 50 एक्स हैंडल्स, 50 इंस्टाग्राम अकाउंट्स। एजेंसी का कार्य केवल अकाउंट्स को अपडेट करना नहीं होगा, बल्कि उनकी रीच, सब्सक्राइबर्स और फॉलोअर्स बढ़ाने पर भी ध्यान देना होगा। 24 घंटे ऑपरेशन और कंटेंट निर्माण सरकार के इस नए डिजिटल प्रयास के तहत, यूट्यूब चैनल को 24 घंटे सक्रिय मोड में ऑपरेट किया जाएगा। इसके लिए विशेष वीडियो और कंटेंट तैयार किए जाएंगे, जो मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों और सरकारी योजनाओं को प्रचारित करेंगे। सोशल मीडिया इंटीग्रेशन: यूट्यूब पर अपलोड किए गए कंटेंट को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया जाएगा ताकि व्यापक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। हर विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनिधि की नियुक्ति राज्य के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक प्रतिनिधि नियुक्त किया जाएगा। ये प्रतिनिधि: सरकार के कार्यक्रमों की कवरेज करेंगे। वीडियो सामग्री तैयार करेंगे। इसके अलावा, संभाग और राज्य स्तर पर भी सोशल मीडिया मैनेजमेंट के लिए अलग-अलग टीमें तैनात की जाएंगी। मुख्यमंत्री कार्यक्रमों की लाइव स्ट्रीमिंग अनिवार्य मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रमों की लाइव स्ट्रीमिंग यूट्यूब चैनल पर अनिवार्य रूप से की जाएगी। लाइव स्ट्रीमिंग की सामग्री को तुरंत सोशल मीडिया पर साझा किया जाएगा। इसके लिए एजेंसी को अलग-अलग स्तर के प्रोफेशनल्स की एक मजबूत टीम बनानी होगी। राजस्थान सरकार का डिजिटल प्रचार: एक नया आयाम DIPR पहले से ही राज्य और जिला स्तर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और यूट्यूब चैनल्स का संचालन कर रहा है। अब इस पहल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चैनलों को निरंतर अपडेट और व्यापक स्तर पर प्रचारित करने की योजना बनाई गई है। उद्देश्य और लाभ योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी जनता तक तेजी से पहुंचाना: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए राज्य सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी अब अधिक तेजी से और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचेगी। जनता को सरकार की नीतियों और योजनाओं से जोड़ना: डिजिटल माध्यमों के द्वारा जनता को सरकारी योजनाओं और नीतियों के बारे में जागरूक किया जाएगा। जनता की भागीदारी को प्रोत्साहित करना: यह पहल जनता को सरकारी निर्णयों और कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी। राजस्थान सरकार की यह डिजिटल पहल न केवल सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि जनता के साथ संवाद स्थापित करने का भी नया मंच प्रदान करेगी। डिजिटल युग में यह एक आधुनिक और प्रभावी प्रयास है, जो राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने में सहायक साबित होगा।By: Sumit Giri
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जर्मनी के स्टटगार्ट शहर में तीन दिवसीय News9 Global Summit 2024 का आगाज हो गया है। यह प्रतिष्ठित शिखर सम्मेलन 21-23 नवंबर तक चलेगा और इसे भारत के प्रमुख मीडिया हाउस TV9 Network द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस मेगा इवेंट का मुख्य उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और स्थायी विकास के लिए साझेदारी के नए आयाम तलाशना है। जर्मनी के औद्योगिक शहर के स्टटगार्ट के फुटबॉल मैदान MHP एरिना में News9 ग्लोबल समिट के शुभारंभ पर TV9 नेटवर्क के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ बरुण दास ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सबसे बड़े न्यूज नेटवर्क को स्टटगार्ट में आमंत्रित करने के लिए हम जर्मनी के आभारी हैं। यह हमारे लिए और हमारे को होस्ट Fau ef B स्टटगार्ट के लिए ऐतिहासिक क्षण है।" बरुण दास ने अपनी जुड़ाव की भावना साझा करते हुए कहा, "मैंने अक्सर अपने परिवार और दोस्तों से कहा है किअगर मुझे रहने के लिए भारत के अलावा किसी और देश को चुनने का मौका मिले, तो वह जर्मनी होगा।" उन्होंने भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का उल्लेख करते हुए बताया कि मैं नोबेल पुरस्कार विजेता रवीन्द्रनाथ टैगोर की धरती से हूं। टैगोर ने 1921, 1926 और 1930 में जर्मनी का दौरा किया था और यहां उनके साहित्य को व्यापक सराहना मिली थी। टैगोर के विचार और जर्मनी के साथ उनका जुड़ाव आज भी भारत और जर्मनी के सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि टैगोर की रचनाओं का अनुवाद जर्मन लेखक मार्टिन काम्पचेन ने किया है। टैगोर के बारे में मार्टिन ने कहा है कि वह जहां भी बोले हॉल खचाखच भरे थे, जिन्हें हॉल में एंट्री देने से मना कर दिया जाता था वह हाथापाई और झगड़े पर उतर आते थे, समाचार पत्रों में ऐसी कई खबरें प्रकाशित हुई हैं। जर्मनी के मीडिया ने भारतीय कवि की ‘पूरब के बुद्धिमान व्यक्ति’ और एक ‘रहस्यवादी और मसीहा’ के रूप में सराहना की है। यह लगभग एक सदी पहले की बात है। बरुण दास ने संस्कृत और जर्मन भाषा के बीच अद्वितीय संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि "संस्कृत और जर्मन के बीच का ऐतिहासिक जुड़ाव दोनों देशों को एक खास सांस्कृतिक DNA से जोड़ता है। जर्मनी के कई शीर्ष विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जाती है और यह भाषा हमारे सांस्कृतिक संवाद का आधार है।" TV9 नेटवर्क के MD व CEO बरुण दास ने कहा कि यह एक संयोग ही है कि आज आप सभी का स्वागत करने के लिए मैं यहां आपके सामने खड़ा हूं। एक न्यूज मीडिया के शिखर सम्मेलन में जो एक वैश्विक स्थल पर हो रहा है और वह जर्मनी का स्टटगार्ट शहर है। उन्होंने कहा कि इनोवेशन की राजधानी में एक नया मीडिया टेम्पलेट तैयार करना, विकास को बढ़ावा देना और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में योगदान देने का एक अलग ही एहसास है। भारत और जर्मनी के राष्ट्रगान को एक साथ गाना, एक ऐसा क्षण है जिसे मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। बरुण दास ने कहा कि टैगोर से जुड़ाव के अलावा मैं भारत की सबसे पुरानी भाषा संस्कृत और जर्मन के बीच लैंग्वेज बॉन्ड से भी आश्चर्यचकित हूं।हेनरिक रोथ पहले ऐसे जर्मन थे जिन्होंने संस्कृत में मास्टर्स किया था। उन्होंने भारत की यात्रा की और भारतीय संस्कृति के रहस्यों से मंत्रमुग्ध हो गए। फ्रेडरिक श्लेगल और ऑगस्ट श्लेगल ने संस्कृत भाषा के पीछे की विशिष्टताओं पर गहराई से शोध किया। अब जर्मनी के शीर्ष विश्वविद्यालयों में संस्कृत पढ़ाई जा रही है। यह ऐसा मूल डीएनए है, जो भारत और जर्मनी को जोड़ता है। बरुण दास ने कहा कि मुझे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पास इस न्यूज9 ग्लोबल शिखर सम्मेलन में जर्मनी और भारत के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए रोडमैप पर चर्चा करने वाले कई नेता यहां उपस्थित हैं। मैं अत्यंत आभारी हूं रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और संचार और उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का जो भारत से लंबा सफर तय कर इस महत्वपूर्ण आयोजन में हिस्सा लेने आए हैं। हम सौभाग्यशाली हैं कि जर्मनी के दो वरिष्ठ नीति निर्माता फेडरल मिनिस्टर केम ओजडेमिर और बाडेन-वुर्टेमबर्ग के मंत्री विल्फ्रेंड क्रेश्चमैन अगले दो दिन में हमारे साथ जुड़ेंगे।
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दैनिक जागरण के डिजिटल प्लेटफॉर्म जागरण न्यूज मीडिया को सब एडिटर्स की तलाश है. कामकाज का लोकेशन नोएडा सेक्टर 16 स्थित दफ्तर रहेगा. यह पद हेल्थ बीट पर काम करने के लिए निकाले गए हैं. इस बीट पर काम करने का अनुभव 6 माह भी चलेगा. हिंदी लिखना और हिंदी में टाइप करना आना चाहिए.
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जागरण न्यू मीडिया ने अपने डिजिटल परिवार का विस्तार करते हुए गुजराती जागरण ऐप लॉन्च किया है। यह नया ऐप बिल्कुल मुफ्त है और इसे खासतौर पर गुजराती भाषा में खबरें और जानकारी देने के लिए डिजाइन किया गया है। इस ऐप के जरिए अब पाठकों को अपनी स्थानीय भाषा में विश्वसनीय और ताजा समाचार आसानी से मिल सकेंगे। यह ऐप गुजराती भाषा में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, व्यापार, मनोरंजन, स्वास्थ्य और जीवनशैली जैसी विभिन्न श्रेणियों में समाचार प्रदान करता है। ऐप को आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए इस तरह डिजाइन किया गया है कि पाठक आसानी से नेविगेट कर सकें और अपनी पसंद की खबरें पढ़ सकें। इसमें डार्क और लाइट मोड का ऑप्शन भी दिया गया है, जिससे यूजर्स अपनी सुविधा के अनुसार इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। जागरण न्यू मीडिया के प्रधान संपादक राजेश उपाध्याय ने इस मौके पर कहा, कि गुजराती जागरण ऐप का लॉन्च हमारी चल रही इंडिक भाषा विस्तार रणनीति में एक अच्छा कदम है। प्रौद्योगिकी का फायदा उठाते हुए सिर्फ एक क्लिक करने पर विश्वसनीय और नए अपडेट देता है। हमारा मिशन यही है कि आप तक आसान तरीके से भरोसेमंद समाचार पहुंचाया जाए, वो भी नए गुजराती ऐप के जरिए। यह लॉन्च स्थानीय और वैश्विक स्तर पर गुजराती भाषा समुदाय के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वे सूचित रहें और अपनी जड़ों से जुड़े रहें। प्रौद्योगिकी और डिजाइन के एवीपी प्रदीप सिंह रावत ने कहा कि हम गुजराती जागरण ऐप लॉन्च करके बहुत खुश हैं, जिसे बहुत ही खूबसूरत तरीके से डिजाइन किया गया है। इसमें कई कैटेगरी को बनाया गया है जैसे शहर-विशिष्ट, यूआई/यूएक्स आदि। इसे गुजराती समाचार, जीवनशैली, ट्रेंडिंग सामग्री आप तक बहुत ही आसानी से पहुंचेंगी। हमारा लक्ष्य भी यही है कि हम इस ऐप के जरिए आप तक सही समाचार पहुंचाएं और गुजराती लोगों से तकनीक का रिश्ता जोड़ें। ऐप का इंटरफेस यूजर्स के लिए बेहद आसान और आकर्षक है। किसी भी खबर का अपडेट वास्तविक समय में मिलता है। यह ऐप आईओएस और एंड्रॉइड दोनों प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध है। इसे आप मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।हालांकि, जागरण न्यू मीडिया पहले ही अंग्रेजी, हिंदी, पंजाबी, मराठी, तमिल आदि कई भाषाओं में प्लेटफॉर्म के जरिए खबरें प्रदान करता आ रहा है। मगर अब रीडर्स गुजराती जागरण ऐप के जरिए गुजराती भाषा में खबरों को जानेंगे। बता दें जागरण न्यू मीडिया ने साल 2022 में गुजराती जागरण.कॉम लॉन्च किया था और यह तब से अंतरराष्ट्रीय पाठकों और भारत में गुजराती भाषा आबादी के बीच लोकप्रिय है।
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भारतीय अंतररष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (IFFI) का 55वां संस्करण 20 नवंबर 2024 को गोवा में भव्य उद्घाटन समारोह के साथ शुरू हुआ। केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो संदेश के माध्यम से उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि IFFI भारतीय फिल्म उद्योग के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बन गया है। उन्होंने कहा, "भारत एक जीवंत और तेजी से बढ़ती सामग्री सृजन अर्थव्यवस्था विकसित करने पर केंद्रित है।"केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत कंटेंट क्रिएटर्स की अर्थव्यस्था को बढ़ावा देने पर फोकस कर रहा है, जिससे देश की समृद्ध धरोहर, संस्कृति, भाषाओं और साहित्यिक विविधता को वैश्विक स्तर पर दिखाया जा सके। एक वीडियो संदेश के जरिए वैष्णव ने कहा कि भारत तकनीकी और कंटेंट क्रिएटर्स के पारिस्थितिकीतंत्र के विकास के साथ मीडिया और मनोरंजन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मंत्री ने भारत के रचनात्मक क्षेत्र को आर्थिक विकास में योगदान देने वाली एक गतिशील शक्ति बताया, जो देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा, "लोग भारत की विविध संस्कृतियों, व्यंजनों, समृद्ध विरासत और साहित्य एवं भाषाओं के रत्नों को रोचक और रचनात्मक तरीकों से प्रस्तुत करने वाली नवीन सामग्रियां बना रहे हैं।" अश्विनी वैष्णव ने कंटेंट क्रिएटर्स से आह्वान किया कि वे अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करके ऐसी कहानियां रचें, जो वैश्विक दर्शकों के साथ जुड़ सकें और भारत की अनूठी पहचान को प्रतिबिंबित करें। उन्होंने कहा, "तकनीक के एकीकरण और एक सुदृढ़ सृजनात्मक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास के साथ, हमें विश्वास है कि भारत का रचनात्मक क्षेत्र लगातार प्रगति करेगा।"मंत्री ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था की प्रगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र अब 30 अरब डॉलर का हो चुका है, जो भारत की जीडीपी में 2.5% का योगदान देता है और देश की 8% कार्यबल को आजीविका प्रदान करता है। प्रभावशाली विपणन क्षेत्र (इन्फ्लूएंसर मार्केटिंग) की कीमत 3,375 करोड़ रुपये है, जिसमें 2 लाख से अधिक पूर्णकालिक कंटेंट क्रिएटर्स शामिल हैं।उन्होंने यह भी बताया कि गुवाहाटी, कोच्चि और इंदौर जैसे शहर रचनात्मक हब के रूप में उभर रहे हैं, जो देश में विकेंद्रीकृत सृजनात्मक क्रांति को गति दे रहे हैं। अश्विनी वैष्णव ने भारतीय रचनात्मक उद्योगों के वैश्विक प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि बॉलीवुड, क्षेत्रीय सिनेमा और अन्य सांस्कृतिक उत्पादों के माध्यम से भारत की वैश्विक सॉफ्ट पावर को भी मजबूत कर रहा है।सरकार की पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ल्ड ऑडियो विजुअल एंड एंटरटेनमेंट समिट (WAVES) भारत को सामग्री सृजन और नवाचार में एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने का एक ऐतिहासिक कदम है। केंद्रीय मंत्री ने फिल्म प्रेमियों, फिल्म निर्माताओं और IFFI के प्रतिनिधियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि यह महोत्सव रचनात्मक दिमागों के लिए नए साझेदारी और सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवा रचनाकारों को यहां मार्गदर्शन और परामर्श मिलेगा, जिससे उद्योग की दिशा तय होगी।IFFI का यह नौ दिवसीय महोत्सव 28 नवंबर 2024 तक चलेगा, जो फिल्म निर्माताओं और कलाकारों को सिनेमा की खुशी को साझा करने और मनाने का मंच प्रदान करता है।
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प्रसार भारती ने 20 नवंबर, 2024 को गोवा में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में अपने खुद के स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को लॉन्च किया। इस प्लेटफॉर्म का उद्घाटन सूचना-प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा किया गया। यह नया प्लेटफॉर्म दूरदर्शन और आकाशवाणी सहित प्रसार भारती के सभी आर्काइव्स (अभिलेख) को होस्ट करेगा। प्लेटफॉर्म के लॉन्च की जानकारी हाल ही में प्रसार भारती के अध्यक्ष नवनीत कुमार सहगल ने दी। प्लेटफॉर्म की विशेषताएं मल्टी-डिवाइस उपलब्धता: यह प्लेटफॉर्म एंड्रॉयड प्ले स्टोर, iOS ऐप स्टोर और एक वेबसाइट के रूप में एक साथ लॉन्च होगा, जिससे यूजर्स को विभिन्न उपकरणों पर सेवा प्राप्त होगी। तकनीकी पार्टनर्स: प्लेटफॉर्म को 'रेलटेल' द्वारा विकसित किया गया है, जबकि AWS (एमेजॉन वेब सर्विसेज) इसके कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क (CDN) और क्लाउड सेवा प्रदाता के रूप में काम करेगा। स्टोरेज और क्षमता: प्लेटफॉर्म की प्रारंभिक स्टोरेज क्षमता 500 TB होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 1 PB (1,000 TB) तक किया जा सकेगा। प्लेटफॉर्म को 10 मिलियन यूजर्स के लिए सेवा देने के लिए तैयार किया गया है, और यह 100 मिलियन तक स्केलेबल होगा। कंटेंट क्वालिटी: यह प्लेटफॉर्म स्टैंडर्ड डेफिनिशन (SD), हाई डेफिनिशन (HD) और 4K जैसी उच्च गुणवत्ता वाली कंटेंट प्रदान करेगा। साफ-सुथरा और पारिवारिक कंटेंट: प्लेटफॉर्म का मुख्य फोकस परिवारों के लिए "साफ-सुथरा" और सुरक्षित कंटेंट प्रदान करना है। अद्वितीय विशेषताएं किड्स गेमिंग और ऑनलाइन शॉपिंग: प्लेटफॉर्म में "ऐप-इन-ऐप" फीचर के तहत बच्चों के लिए गेम्स और ONDC (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) के जरिए ई-कॉमर्स की सुविधा होगी। लाइव स्पोर्ट्स और एक्सक्लूसिव कंटेंट: यह लाइव टीवी, खेल, और विशेष रूप से प्लेटफॉर्म के लिए तैयार की गई सामग्री भी स्ट्रीम करेगा। भाषाई समर्थन: प्लेटफॉर्म अंग्रेजी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी, बंगाली, पंजाबी और गुजराती जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। AI और सबटाइटल: प्लेटफॉर्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके भाषाओं का अनुवाद किया जाएगा और सबटाइटल सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। राजस्व मॉडल और अन्य फीचर्स राजस्व मॉडल: यह प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से मुफ्त रहेगा और विज्ञापनों के माध्यम से राजस्व अर्जित करेगा। हालांकि, प्रीमियम प्लान भी उपलब्ध होंगे। विज्ञापन यूजर्स की प्रोफाइल, सामग्री प्रकार और भूगोल के आधार पर पर्सनलाइज्ड होंगे। प्रोग्रामेटिक ऐड: विज्ञापनदाताओं को उनके विज्ञापन के प्रदर्शन का विस्तृत डेटा मिलेगा। एप्लिकेशन-इन-एप्लिकेशन इंटीग्रेशन: Eros Now और Lionsgate जैसे प्रोड्यूसर्स के कंटेंट को राजस्व साझाकरण मॉडल पर पेश किया जाएगा। अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से मुकाबला यह प्लेटफॉर्म Netflix और Amazon Prime जैसे अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से प्रतिस्पर्धा करेगा, लेकिन इसका खास फोकस "साफ-सुथरे पारिवारिक कंटेंट" पर रहेगा। प्रसार भारती का यह प्रयास डिजिटल युग में एक सशक्त कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीय दर्शकों को एक नया और सुरक्षित विकल्प प्रदान करेगा। इस स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ प्रसार भारती ने डिजिटल मनोरंजन क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है, जो आने वाले समय में भारतीय ओटीटी बाजार में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
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गोवा सरकार ने अपने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स के लिए एक नई पॉलिसी लॉन्च की है, जिसके तहत वे ऑडियो-विजुअल कंटेंट बनाने के लिए 50,000 रुपये तक की कमाई कर सकते हैं। इस पॉलिसी का उद्देश्य गोवा की सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों, जैसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI), का प्रमोशन करना है। कमाई के अवसर इंफ्लुएंसर की कमाई उनके सोशल मीडिया पर फॉलोअर्स की संख्या पर निर्भर करेगी। पॉलिसी के अनुसार, इंफ्लुएंसर को निम्नलिखित ग्रेड के आधार पर भुगतान किया जाएगा: ग्रेड A (1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स): इन इंफ्लुएंसर को सबसे अधिक भुगतान मिलेगा। ग्रेड D (10,000-25,000 फॉलोअर्स): इन इंफ्लुएंसर को कम दर पर भुगतान होगा। कंटेंट के प्रकार के आधार पर, इंफ्लुएंसर ₹2,000 से ₹50,000 तक की कमाई कर सकते हैं। इस पॉलिसी से जुड़ी अन्य शर्तों के अनुसार, केवल गोवा के निवासी सोशल मीडिया पर कम से कम एक साल से सक्रिय इंफ्लुएंसर ही इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें हर छह महीने में कम से कम 60 पोस्ट करने की आवश्यकता होगी। नियम और शर्तें गोवा का निवासी होना आवश्यक: केवल गोवा में रहने वाले इंफ्लुएंसर इस पॉलिसी का लाभ उठा सकते हैं। एक साल की सक्रियता: सोशल मीडिया पर कम से कम एक साल से सक्रिय रहना जरूरी है। 60 पोस्ट का शर्त: हर छह महीने में कम से कम 60 पोस्ट करना अनिवार्य है। सरकारी मंजूरी: सभी कंटेंट को पोस्ट करने से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी। बजट और विवाद गोवा सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बजट तो निर्धारित किया है, लेकिन खर्च अपेक्षाओं से कम रहा है। इस पॉलिसी को तैयार करते समय स्थानीय क्रिएटर्स या विभागों से राय नहीं ली गई, जिससे कुछ सवाल उठ रहे हैं। अन्य राज्यों में समान पहल यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्य ने इस तरह की पॉलिसी लागू की है। उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों में पहले ही सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों के लिए ऐसी नीतियां लागू हैं। वहीं, महाराष्ट्र जैसे राज्य भी बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए इस तरह के मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रहे हैं। गोवा सरकार की यह नई पॉलिसी सोशल मीडिया पर सक्रिय इंफ्लुएंसरों के लिए एक अवसर बन सकती है, लेकिन इसके साथ ही कुछ सवाल भी उठ रहे हैं कि यह नीति स्थानीय क्रिएटर्स के लिए कितनी फायदेमंद साबित होगी। By: Sumit Giri
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दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यूज एजेंसी ANI की शिकायत पर OpenAI को समन जारी किया है, जिसमें ANI ने आरोप लगाया है कि OpenAI ने ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए उसकी सामग्री का उपयोग किया है, जो भारतीय कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन है। ANI का कहना है कि OpenAI ने उसके प्रकाशित समाचार लेखों का इस्तेमाल बिना अनुमति के किया, जो कि कानूनन अवैध है। यह मामला सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में पहली बार सुनवाई के लिए आया। कोर्ट ने OpenAI को ANI के आरोपों का विस्तृत जवाब देने का आदेश दिया, हालांकि, कोर्ट ने इस मामले में OpenAI के खिलाफ कोई अंतरिम आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। ANI ने दावा किया कि ChatGPT ने उसके समाचार लेखों को शब्दशः (verbatim) इस्तेमाल किया, जिससे कॉपीराइट उल्लंघन हुआ है। ANI का कहना है कि इसके समाचार लेख भारतीय कॉपीराइट कानून के तहत संरक्षित हैं और किसी भी बाहरी संस्थान को इन्हें बिना अनुमति के उपयोग करने का अधिकार नहीं है। ANI ने यह भी तर्क दिया कि सिर्फ इसलिए कि इसका कंटेंट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, इसका मतलब यह नहीं है कि कोई भी इसे कॉपी कर सकता है या अपने उपयोग के लिए इसे इस्तेमाल कर सकता है। OpenAI की ओर से एक बयान में कहा गया कि वे अपने AI मॉडल को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध डेटा के आधार पर प्रशिक्षित करते हैं, जो "फेयर यूज" और अन्य कानूनी सिद्धांतों के तहत आता है। OpenAI के प्रवक्ता ने कहा, "हमारे द्वारा इस्तेमाल किए गए कानूनी आधार लंबे समय से मान्यता प्राप्त हैं और व्यापक रूप से स्वीकार किए गए हैं।" ANI ने इस तर्क को खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सामग्री का मतलब यह नहीं है कि कोई भी इसे अपनी इच्छानुसार इस्तेमाल कर सकता है। ANI का यह आरोप है कि OpenAI ने उसका कंटेंट बिना किसी अनुमति के अपने AI मॉडल में इस्तेमाल किया, जिससे उसकी मेहनत और बौद्धिक संपदा का उल्लंघन हुआ है। यह मामला भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कॉपीराइट कानूनों के बीच बढ़ती जटिलताओं को उजागर करता है। जैसे-जैसे AI और मशीन लर्निंग तकनीकों का विस्तार हो रहा है, वैसे-वैसे इस तरह के कानूनी विवाद भी बढ़ सकते हैं। इस मामले से संबंधित और अपडेट्स सामने आने के बाद यह देखने योग्य होगा कि अदालत इस विवाद को किस दिशा में ले जाती है। अब तक के फैसले के अनुसार, कोर्ट ने OpenAI को ANI के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने का आदेश दिया है। हालांकि, इस मामले में कोई अंतरिम आदेश नहीं दिया गया है, लेकिन यह मामला एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है कि कैसे वैश्विक तकनीकी कंपनियों और स्थानीय कानूनों के बीच विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।By: Sumit Giri
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एनडीटीवी समूह ने हाल ही में अपने कर्मचारियों के लिए एक अनूठी और परिवार-केंद्रित पहल की शुरुआत की है। कंपनी ने अपने कार्यस्थल पर 'इनहाउस डेकेयर सुविधा' प्रदान करने का फैसला किया है, जो न केवल कर्मचारियों के बच्चों की देखभाल को आसान बनाएगी, बल्कि माता-पिता को अपने बच्चों के साथ अधिक समय बिताने का अवसर भी प्रदान करेगी। यह कदम कंपनी की कर्मचारी भलाई को प्राथमिकता देने वाली नीतियों का हिस्सा है और कॉर्पोरेट जगत में वर्क-लाइफ बैलेंस को प्रोत्साहित करने के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है। क्या है एनडीटीवी की इनहाउस डेकेयर सुविधा? इनहाउस डेकेयर या क्रेच सुविधा का मतलब है कि कंपनी अपने कार्यालय परिसर के भीतर बच्चों के लिए एक देखभाल केंद्र स्थापित करती है, जहां कर्मचारी अपने बच्चों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से छोड़ सकते हैं। एनडीटीवी की यह पहल विशेष रूप से कर्मचारियों के परिवारों की जरूरतों का ध्यान रखते हुए डिज़ाइन की गई है। एनडीटीवी के अनुसार, इस सुविधा के तहत कर्मचारी अपने 14 साल तक के बच्चों को ऑफिस में लेकर आ सकते हैं और वे डेकेयर की सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। इससे न केवल बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुसार देखभाल, भोजन और मनोरंजन मिलेगा, बल्कि उन्हें अपने माता-पिता के कार्यस्थल का अनुभव भी प्राप्त होगा, जो उनके विकास में मदद कर सकता है। यह पहल कर्मचारियों को यह सुनिश्चित करने की सुविधा देती है कि वे अपने बच्चों के साथ रहकर कार्य कर सकते हैं, जिससे उनका मानसिक तनाव कम होता है और वे अपने काम में पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। कर्मचारियों के लिए इसके लाभ इस इनहाउस डेकेयर सेवा से कर्मचारियों को कई तरह के लाभ हो सकते हैं, जो उनके कामकाजी जीवन और व्यक्तिगत जीवन को संतुलित करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं उन प्रमुख लाभों के बारे में, जो एनडीटीवी की इस नई पहल से कर्मचारियों को प्राप्त हो सकते हैं। 1. सुविधाजनक और तनावमुक्त देखभाल बच्चों की देखभाल एक बड़ा चुनौतीपूर्ण कार्य हो सकता है, खासकर जब माता-पिता दोनों कामकाजी होते हैं। एनडीटीवी की इस पहल से कर्मचारियों को बच्चों की देखभाल के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने बच्चों को अपने पास ऑफिस लेकर आ सकते हैं और उन्हें एक सुरक्षित, सुविधा संपन्न वातावरण में देख सकते हैं। इससे कर्मचारियों को मानसिक शांति मिलती है और वे काम के दौरान पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। 2. वर्क-लाइफ बैलेंस में सुधार वर्क-लाइफ बैलेंस अब किसी भी कंपनी के लिए एक अहम पहलू बन चुका है। कर्मचारियों के निजी जीवन और कार्य जीवन के बीच संतुलन बनाना न केवल उनकी मानसिक भलाई के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह उनकी उत्पादकता और कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक असर डालता है। इनहाउस डेकेयर सेवा के माध्यम से एनडीटीवी अपने कर्मचारियों को एक बेहतर संतुलन बनाने का अवसर प्रदान कर रहा है। वे बिना किसी चिंता के काम पर ध्यान दे सकते हैं, क्योंकि उनके बच्चे पास ही हैं और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी का भार भी हल्का हो जाता है। 3. बच्चों को कार्यस्थल का अनुभव यह सुविधा बच्चों को उनके माता-पिता के कार्यस्थल का पहला अनुभव प्रदान करती है। छोटे बच्चों के लिए यह अनुभव उनके भविष्य की समझ को गहरा करने में मदद कर सकता है। वे देख सकते हैं कि उनके माता-पिता का कार्यस्थल कैसा होता है, उनकी दिनचर्या कैसी होती है, और काम करने के क्या मायने होते हैं। यह अनुभव उन्हें भविष्य में उनके करियर के बारे में विचार करने में मदद कर सकता है। 4. एम्प्लॉयीज की उत्पादकता में वृद्धि एक बड़ा लाभ यह है कि कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। जब माता-पिता को यह विश्वास होता है कि उनके बच्चे सुरक्षित और अच्छे हाथों में हैं, तो वे अपने कार्य में अधिक ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। इस प्रकार, कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार होता है और वे अपने काम को अधिक प्रभावी ढंग से पूरा कर सकते हैं। 5. सकारात्मक कार्यस्थल संस्कृति का निर्माण यह पहल एनडीटीवी के कार्यस्थल में एक सकारात्मक और परिवार-केंद्रित संस्कृति को बढ़ावा देती है। जब कर्मचारियों को लगता है कि कंपनी उनके व्यक्तिगत जीवन को समझती है और उन्हें परिवार के सदस्यों के साथ संतुलन बनाने का मौका देती है, तो उनकी निष्ठा और योगदान कंपनी के प्रति बढ़ता है। इससे कर्मचारियों में एक अच्छा संबंध स्थापित होता है और उनकी मेहनत और वफादारी में इजाफा होता है। अन्य कंपनियों के लिए प्रेरणा एनडीटीवी की इस पहल का संदेश स्पष्ट है: कर्मचारियों का भला करना न केवल उनके जीवन को बेहतर बनाता है, बल्कि यह कंपनी के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। यह पहल उन कंपनियों के लिए एक प्रेरणा का स्रोत हो सकती है, जो अपने कर्मचारियों के कामकाजी और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नए उपायों पर विचार कर रही हैं। वर्कप्लेस में कर्मचारियों की भलाई को लेकर लगातार बढ़ती जागरूकता के साथ, अब कई कंपनियां इस दिशा में कदम उठा रही हैं। एनडीटीवी की इनहाउस डेकेयर सेवा एक उदाहरण प्रस्तुत करती है कि कैसे एक कंपनी अपने कर्मचारियों की व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों का सम्मान करती है और उन्हें काम और परिवार दोनों के बीच संतुलन बनाने में मदद करती है। By: Sumit Giri
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आने वाले समय में यूट्यूब पर काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। हाल ही में यूट्यूब ने अपनी नीतियों में कुछ बदलाव की घोषणा की है, जिनके चलते न्यूज़ कैटेगरी से जुड़े क्रिएटर्स और रिपोर्टर्स के लिए मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, फेसबुक जैसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स ने पहले ही न्यूज कैटेगरी के कंटेंट पर पैसे देने में कमी कर दी है और उनकी रीच को भी घटा दिया है। यूट्यूब ने भी अब 3 मिनट तक के वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो कि क्रिएटर्स के लिए एक नया सिरदर्द बन सकता है। यूट्यूब के नियमों में आने वाले बदलावों का सबसे बड़ा असर उन क्रिएटर्स पर पड़ने वाला है जो न्यूज या छोटी-छोटी जानकारियों को लेकर वीडियो बनाते थे। पहले, 3 मिनट तक के वीडियो को लंबे फॉर्मेट में कैटेगरी में रखा जाता था और उन पर अच्छा खासा पैसा मिल जाता था। लेकिन अब यूट्यूब ने 3 मिनट तक के वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में डालने का फैसला किया है, जिससे इन वीडियो की कमाई में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। शॉर्ट्स वीडियो को लेकर पहले से ही यूट्यूब के अंदर और बाहर दोनों ही जगह विवाद रहा है। चूंकि शॉर्ट्स वीडियो का मुख्य उद्देश्य तेजी से उपभोक्ताओं को ध्यान में लाना और उन्हें संक्षिप्त कंटेंट दिखाना होता है, इसलिए इन पर मिलने वाली कमाई और दर्शकों की संख्या में भी उतनी बड़ी वृद्धि नहीं होती, जैसा लंबे वीडियो में देखने को मिलता था। अब, यदि एक वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में डाला जाता है, तो उसके व्यूज पर मिलने वाली कमाई बहुत कम हो जाएगी। उदाहरण के लिए, 1 लाख से डेढ़ लाख व्यूज पर एक वीडियो को लगभग 1 डॉलर (लगभग 80-90 रुपये) ही मिलेगा। यह आंकड़ा सुनकर किसी भी क्रिएटर के लिए यह समझना मुश्किल नहीं होगा कि अब बड़े पैमाने पर वेरिफाइड जानकारी और न्यूज़ से जुड़े कंटेंट के लिए यह एक मुश्किल दौर हो सकता है। न्यूज़ क्रिएटर्स के लिए हालात पहले से ही कठिन हो चुके हैं। फेसबुक ने पहले ही न्यूज़ कैटेगरी में पैसे देने वाली स्कीमों को लगभग समाप्त कर दिया है। न केवल पैसे कम हो गए हैं, बल्कि रीच भी घटा दी गई है। इसका असर उन छोटे और मझले क्रिएटर्स पर ज्यादा पड़ा है, जो न्यूज़ कंटेंट पर आधारित चैनल चलाते थे। अब यूट्यूब की नई नीतियों से यह स्थिति और भी विकट होने वाली है। यूट्यूब के प्लेटफार्म पर न्यूज आधारित वीडियो पर दर्शकों का ध्यान आकर्षित करना पहले भी कठिन था, और अब ये और भी मुश्किल हो जाएगा। शॉर्ट्स कैटेगरी में वीडियो डालने से न केवल कमाई कम होगी, बल्कि इन वीडियो के व्यूज पर भी असर पड़ेगा। यदि वीडियो 3 मिनट से ज्यादा का होता है, तो फिर भी उसे दर्शकों से पर्याप्त वॉच टाइम चाहिए होगा, तब जाकर वह वीडियो अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। लेकिन यदि कंटेंट कमजोर हुआ, तो दर्शक जल्दी ही वीडियो छोड़ देंगे और क्रिएटर की मेहनत बेकार चली जाएगी। नए नियमों के चलते यह साफ हो गया है कि अब बिना तैयारी के किसी भी वीडियो को बनाना और अपलोड करना संभव नहीं होगा। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दर्शक अब पहले से कहीं ज्यादा समझदार हो चुके हैं। उन्हें किसी भी वीडियो के सिर्फ शीर्षक या थंबनेल देखकर आकर्षित करना अब उतना आसान नहीं रहेगा। अब दर्शक गुणवत्तापूर्ण और ज्ञानवर्धक कंटेंट की तलाश में रहेंगे। किसी भी वीडियो को वायरल करने के लिए अब आपको मेहनत करनी होगी, पढ़ाई करनी होगी और पूरी तरह से कंटेंट पर शोध करना होगा। खासकर न्यूज़ कैटेगरी में काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए यह एक बडी चुनौती हो सकती है। आपको पहले से जानकारी जुटानी होगी और फिर उसके बाद उस जानकारी को अपने वीडियो में अच्छे तरीके से प्रस्तुत करना होगा। केवल 8-10 मिनट के वीडियो से ही अब ज्यादा कमाई होने की संभावना है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि वीडियो में दर्शक का ध्यान लंबे समय तक बना रहे। यूट्यूब पर कमाई बढ़ाने के लिए अब सिर्फ वीडियो का लंबा होना जरूरी नहीं है। इसका मुख्य कारण है 'वॉच टाइम'। अगर वीडियो लंबा है, लेकिन दर्शक पूरी तरह से उसे नहीं देखते हैं, तो उसे कोई फायदा नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 8-10 मिनट का वीडियो बनाते हैं, लेकिन दर्शक केवल 2-3 मिनट ही देखते हैं, तो यूट्यूब आपके वीडियो को प्रमोट नहीं करेगा और न ही आपको ज्यादा कमाई मिलेगी। वहीं, छोटे वीडियो जो शॉर्ट्स कैटेगरी में आते हैं, अगर उनकी गुणवत्ता अच्छी होगी और दर्शक उन्हें अंत तक देखेंगे, तो उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि अब क्रिएटर्स को न सिर्फ वीडियो की लंबाई पर ध्यान देना होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वीडियो में दिलचस्पी बनाए रखी जाए। कुल मिलाकर, यूट्यूब पर न्यूज़ और अन्य कैटेगरी में काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए यह समय बदलाव का है। पहले जो आसान तरीका था—छोटे और बिना तैयारी के वीडियो बनाकर तुरंत पैसे कमाने का—अब वह तरीका नहीं चलेगा। अब सफलता पाने के लिए आपको कंटेंट में गुणवत्ता लानी होगी, दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना होगा और सबसे महत्वपूर्ण, मेहनत करनी होगी। यूट्यूब का नया अपडेट यह संकेत देता है कि अब मार्केट में एक तरह का करेक्शन आ चुका है। अब सिर्फ मनोरंजन या हल्की-फुल्की बातें करने से काम नहीं चलेगा। न्यूज कैटेगरी में जो भी कंटेंट चलेगा, उसे पूरी तरह से सोचा-समझा और तैयार किया गया होना चाहिए। केवल इस प्रकार की तैयारी के बाद ही क्रिएटर्स अपना अच्छा भविष्य बना सकते हैं। By Sumit Giri
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आने वाले समय में यूट्यूब पर काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। हाल ही में यूट्यूब ने अपनी नीतियों में कुछ बदलाव की घोषणा की है, जिनके चलते न्यूज़ कैटेगरी से जुड़े क्रिएटर्स और रिपोर्टर्स के लिए मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही, फेसबुक जैसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स ने पहले ही न्यूज कैटेगरी के कंटेंट पर पैसे देने में कमी कर दी है और उनकी रीच को भी घटा दिया है। यूट्यूब ने भी अब 3 मिनट तक के वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में शामिल करने का निर्णय लिया है, जो कि क्रिएटर्स के लिए एक नया सिरदर्द बन सकता है। यूट्यूब के नियमों में आने वाले बदलावों का सबसे बड़ा असर उन क्रिएटर्स पर पड़ने वाला है जो न्यूज या छोटी-छोटी जानकारियों को लेकर वीडियो बनाते थे। पहले, 3 मिनट तक के वीडियो को लंबे फॉर्मेट में कैटेगरी में रखा जाता था और उन पर अच्छा खासा पैसा मिल जाता था। लेकिन अब यूट्यूब ने 3 मिनट तक के वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में डालने का फैसला किया है, जिससे इन वीडियो की कमाई में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है। शॉर्ट्स वीडियो को लेकर पहले से ही यूट्यूब के अंदर और बाहर दोनों ही जगह विवाद रहा है। चूंकि शॉर्ट्स वीडियो का मुख्य उद्देश्य तेजी से उपभोक्ताओं को ध्यान में लाना और उन्हें संक्षिप्त कंटेंट दिखाना होता है, इसलिए इन पर मिलने वाली कमाई और दर्शकों की संख्या में भी उतनी बड़ी वृद्धि नहीं होती, जैसा लंबे वीडियो में देखने को मिलता था। अब, यदि एक वीडियो को शॉर्ट्स कैटेगरी में डाला जाता है, तो उसके व्यूज पर मिलने वाली कमाई बहुत कम हो जाएगी। उदाहरण के लिए, 1 लाख से डेढ़ लाख व्यूज पर एक वीडियो को लगभग 1 डॉलर (लगभग 80-90 रुपये) ही मिलेगा। यह आंकड़ा सुनकर किसी भी क्रिएटर के लिए यह समझना मुश्किल नहीं होगा कि अब बड़े पैमाने पर वेरिफाइड जानकारी और न्यूज़ से जुड़े कंटेंट के लिए यह एक मुश्किल दौर हो सकता है। न्यूज़ क्रिएटर्स के लिए हालात पहले से ही कठिन हो चुके हैं। फेसबुक ने पहले ही न्यूज़ कैटेगरी में पैसे देने वाली स्कीमों को लगभग समाप्त कर दिया है। न केवल पैसे कम हो गए हैं, बल्कि रीच भी घटा दी गई है। इसका असर उन छोटे और मझले क्रिएटर्स पर ज्यादा पड़ा है, जो न्यूज़ कंटेंट पर आधारित चैनल चलाते थे। अब यूट्यूब की नई नीतियों से यह स्थिति और भी विकट होने वाली है। यूट्यूब के प्लेटफार्म पर न्यूज आधारित वीडियो पर दर्शकों का ध्यान आकर्षित करना पहले भी कठिन था, और अब ये और भी मुश्किल हो जाएगा। शॉर्ट्स कैटेगरी में वीडियो डालने से न केवल कमाई कम होगी, बल्कि इन वीडियो के व्यूज पर भी असर पड़ेगा। यदि वीडियो 3 मिनट से ज्यादा का होता है, तो फिर भी उसे दर्शकों से पर्याप्त वॉच टाइम चाहिए होगा, तब जाकर वह वीडियो अच्छा प्रदर्शन कर सकता है। लेकिन यदि कंटेंट कमजोर हुआ, तो दर्शक जल्दी ही वीडियो छोड़ देंगे और क्रिएटर की मेहनत बेकार चली जाएगी। नए नियमों के चलते यह साफ हो गया है कि अब बिना तैयारी के किसी भी वीडियो को बनाना और अपलोड करना संभव नहीं होगा। यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के दर्शक अब पहले से कहीं ज्यादा समझदार हो चुके हैं। उन्हें किसी भी वीडियो के सिर्फ शीर्षक या थंबनेल देखकर आकर्षित करना अब उतना आसान नहीं रहेगा। अब दर्शक गुणवत्तापूर्ण और ज्ञानवर्धक कंटेंट की तलाश में रहेंगे। किसी भी वीडियो को वायरल करने के लिए अब आपको मेहनत करनी होगी, पढ़ाई करनी होगी और पूरी तरह से कंटेंट पर शोध करना होगा। खासकर न्यूज़ कैटेगरी में काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए यह एक बडी चुनौती हो सकती है। आपको पहले से जानकारी जुटानी होगी और फिर उसके बाद उस जानकारी को अपने वीडियो में अच्छे तरीके से प्रस्तुत करना होगा। केवल 8-10 मिनट के वीडियो से ही अब ज्यादा कमाई होने की संभावना है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि वीडियो में दर्शक का ध्यान लंबे समय तक बना रहे। यूट्यूब पर कमाई बढ़ाने के लिए अब सिर्फ वीडियो का लंबा होना जरूरी नहीं है। इसका मुख्य कारण है 'वॉच टाइम'। अगर वीडियो लंबा है, लेकिन दर्शक पूरी तरह से उसे नहीं देखते हैं, तो उसे कोई फायदा नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर आप 8-10 मिनट का वीडियो बनाते हैं, लेकिन दर्शक केवल 2-3 मिनट ही देखते हैं, तो यूट्यूब आपके वीडियो को प्रमोट नहीं करेगा और न ही आपको ज्यादा कमाई मिलेगी। वहीं, छोटे वीडियो जो शॉर्ट्स कैटेगरी में आते हैं, अगर उनकी गुणवत्ता अच्छी होगी और दर्शक उन्हें अंत तक देखेंगे, तो उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि अब क्रिएटर्स को न सिर्फ वीडियो की लंबाई पर ध्यान देना होगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वीडियो में दिलचस्पी बनाए रखी जाए। कुल मिलाकर, यूट्यूब पर न्यूज़ और अन्य कैटेगरी में काम करने वाले क्रिएटर्स के लिए यह समय बदलाव का है। पहले जो आसान तरीका था—छोटे और बिना तैयारी के वीडियो बनाकर तुरंत पैसे कमाने का—अब वह तरीका नहीं चलेगा। अब सफलता पाने के लिए आपको कंटेंट में गुणवत्ता लानी होगी, दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए नई तकनीकों को अपनाना होगा और सबसे महत्वपूर्ण, मेहनत करनी होगी। यूट्यूब का नया अपडेट यह संकेत देता है कि अब मार्केट में एक तरह का करेक्शन आ चुका है। अब सिर्फ मनोरंजन या हल्की-फुल्की बातें करने से काम नहीं चलेगा। न्यूज कैटेगरी में जो भी कंटेंट चलेगा, उसे पूरी तरह से सोचा-समझा और तैयार किया गया होना चाहिए। केवल इस प्रकार की तैयारी के बाद ही क्रिएटर्स अपना अच्छा भविष्य बना सकते हैं।
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हिमाबिंदु चिट्टा, जो एक इनसाइट्स और स्ट्रैटेजी प्रोफेशनल हैं, को जियोस्टार के दक्षिणी बाजारों के लिए डिजिटल ग्रोथ स्ट्रैटेजी की हेड नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वायकॉम18 मीडिया और द वॉल्ट डिज्नी कंपनी के बीच संयुक्त उद्यम की सफलता के बाद हुई है। इससे पहले, चिट्टा डिज्नी+ हॉटस्टार में तेलुगु, तमिल और मलयालम के लिए स्ट्रैटेजी और ऑपरेशंस की जिम्मेदारी संभालती थीं। यहां उन्होंने कंटेंट, मार्केटिंग, कॉमर्शियल, फाइनेंस और टेक्नोलॉजी टीमों के साथ मिलकर काम किया। उनका काम कंटेंट स्ट्रैटेजी, हॉटस्टार स्पेशल्स के लिए कंटेंट डिवेलपमेंट, मूवी अधिग्रहण और लॉन्च कैलेंडर सुनिश्चित करना था। डिज्नी स्टार में उन्होंने 15 वर्षों तक विभिन्न भूमिकाएं निभाईं। 2009 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में शुरुआत करते हुए उन्होंने अब तक विभिन्न पदों पर काम किया। 2017 से 2020 तक, चिट्टा स्टार इंडिया के साथ 'स्टार विजय' के लिए स्ट्रैटेजी हेड के रूप में तीन वर्षों तक जुड़ी रहीं। हिमाबिंदु चिट्टा ने मार्केटिंग, मार्केट रिसर्च और मीडिया मैनेजमेंट में MICA से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGDM) प्राप्त किया है। रिलायंस, जिसके पास 56% बहुमत हिस्सेदारी है, ने इस संयुक्त उद्यम के तहत वायकॉम18, जियोसिनेमा और स्टार इंडिया की मीडिया संपत्तियों को मिलाकर एक विशाल मीडिया समूह तैयार किया है। इस समूह का मूल्य लगभग 70,352 करोड़ रुपये (8.5 अरब अमेरिकी डॉलर) है। रिलायंस ने इसमें 11,500 करोड़ रुपये (1.4 अरब अमेरिकी डॉलर) का निवेश किया है। यह नया उद्यम 100 टीवी चैनलों का संचालन करेगा, हर साल 30,000 घंटे से अधिक कंटेंट तैयार करेगा और 50 मिलियन से अधिक डिजिटल सब्सक्राइबर तक पहुंचेगा।
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वरिष्ठ पत्रकार और लेखक राजदीप सरदेसाई ‘2024: द इलेक्शन दैट सरप्राइज्ड इंडिया’ नाम से एक नई किताब लेकर वापस आए हैं। यह किताब हार्पर कॉलिन्स द्वारा प्रकाशित की गई है। 2014 और 2019 चुनावों पर आधारित उनकी बेस्टसेलर किताबों की सफलता के बाद, सरदेसाई की यह नई किताब भारत के अब तक के सबसे अप्रत्याशित और विभाजनकारी चुनावों पर प्रकाश डालती है। प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध यह किताब भारत के 2024 के आम चुनाव की जटिल राजनीतिक तस्वीर को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए एक जरूरी किताब है। ‘द इलेक्शन दैट सरप्राइज्ड इंडिया’ में राजदीप सरदेसाई ने इस ऐतिहासिक चुनाव को आकार देने वाली ताकतों पर विस्तार से चर्चा की है। इस किताब में पर्दे के पीछे की राजनीति, हर मोड़ और घटनाक्रम का गहराई से विश्लेषण किया गया है। कोविड लॉकडाउन से लेकर अनुच्छेद 370 पर विवाद तक। हिंदुत्व के उदय से लेकर किसान आंदोलनों तक। सरदेसाई ने इस किताब में ऐसी ही कई घटनाओं का विश्लेषण किया है, जिन्होंने हाल के इतिहास में भारत के सबसे विवादास्पद चुनावों में से एक को प्रभावित किया। बड़े सवालों का सामना इस किताब में सरदेसाई ने कई बड़े सवालों का जवाब देने की कोशिश की है, जैसे- - बीजेपी का आत्मविश्वास भरा नारा “चार सौ पार” आखिर क्यों वोटों में नहीं बदल सका? - राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने उम्मीदों को धता बताते हुए वापसी कैसे की? - प्रवर्तन एजेंसियों और गौतम अडानी जैसे शक्तिशाली व्यक्तित्वों की इस राजनीतिक नाटक में क्या भूमिका रही? मोदी-शाह की जोड़ी और मीडिया की भूमिका पर चर्चा किताब में मोदी-शाह की जोड़ी, जिसे अब "जोडी नंबर वन" कहा जाता है, के राजनीतिक प्रभाव पर गहराई से चर्चा की गई है। साथ ही, मुख्यधारा मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं, जिसमें चुनाव चक्र के दौरान उभरे एकतरफा नैरेटिव की समीक्षा की गई है। यह किताब महज राजनीतिक विश्लेषण से आगे बढ़ते हुए उन महत्वपूर्ण राज्यों को भी कवर करती है जहां अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिले। साथ ही, यह सवाल भी उठाती है कि क्या चुनावी प्रक्रिया उतनी स्वतंत्र और निष्पक्ष थी जितनी होनी चाहिए? सरदेसाई की ‘2024: द इलेक्शन दैट सरप्राइज्ड इंडिया’ भारत की इस राजनीतिक यात्रा को बारीकी से समझाती है। पहले दो बेस्टसेलर की तरह, यह किताब भी अंदरूनी कहानियों और चौंकाने वाले किस्सों से भरी हुई है। यह भारतीय लोकतंत्र की राजनीति और ताकत के समीकरण का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत करती है। बता दें कि यह किताब अब एमेजॉन और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है।
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जागरण समूह की डिजिटल कंपनी 'जागरण न्यू मीडिया' (Jagran New Media) को हेल्थ बीट पर हिंदी में काम करने के लिए सब एडिटर्स की जरूरत है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं। ये नियुक्तियां कंपनी के नोएडा में सेक्टर-16 स्थित कार्यालय के लिए होनी हैं। सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, इस पद पर काम करने के इच्छुक आवेदकों के पास ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। हेल्थ बीट पर काम करने का कम से कम छह महीने का अनुभव होना चाहिए। हिंदी टाइपिंग और हिंदी कंटेंट लेखन आना चाहिए। इच्छुक आवेदक अपना अपडेट रिज्युमे namra.fatima@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं। इस बारे में जारी विज्ञापन आप यहां देख सकते हैं।
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आज देश राष्ट्रीय प्रेस दिवस मना रहा है। यह भारत में मनाए जाने वाले राष्ट्रीय दिवसों में से एक है। यह दिन एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी का प्रतीक है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस (National Press Day) प्रत्येक वर्ष '16 नवंबर' को मनाया जाता है। विश्व में अब लगभग 50 देशों में प्रेस परिषद या मीडिया परिषद है। भारत में प्रेस को 'वॉचडॉग' एवं प्रेस परिषद इंडिया को 'मोरल वॉचडॉग' कहा गया है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस, प्रेस की स्वतंत्रता एवं जिम्मेदारियों की ओर हमारा ध्यान आकृष्ट करता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। साथ ही यह दिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने और उसका सम्मान करने की प्रतिबद्धता की बात करता है। प्रेस की आजादी के महत्व के लिए दुनिया को आगाह करने वाला ये दिन बताता है कि लोकतंत्र के मूल्यों की सुरक्षा और उसे बहाल करने में मीडिया अहम भूमिका निभाता है। वैसे भारत में प्रेस की स्वतंत्रता भारतीय संविधान के अनुच्छेद-19 में भारतीयों को दिए गए ‘अभिव्यक्ति की आजादी’ (Right to Expression) के मूल अधिकार से सुनिश्चित होती है। दरअसल, प्रथम प्रेस आयोग ने भारत में प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा एवं पत्रकारिता में उच्च आदर्श कायम करने के उद्देश्य से एक प्रेस परिषद की कल्पना की थी। परिणाम स्वरूप 4 जुलाई, 1966 को भारत में प्रेस परिषद की स्थापना की गई, जिसने 16 नवंबर, 1966 से अपना विधिवत कार्य शुरू किया। तब से प्रतिवर्ष 16 नवंबर को 'राष्ट्रीय प्रेस दिवस' के रूप में मनाया जाता है। 'राष्ट्रीय प्रेस दिवस' पत्रकारों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्वयं को फिर से समर्पित करने का अवसर प्रदान करता है।
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आज (16 नवंबर) भारत में राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाया जा रहा है, जो भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। इस दिन भारतीय प्रेस परिषद (Press Council of India) का गठन 1966 में हुआ था, जिसका उद्देश्य देश में पत्रकारिता की स्वतंत्रता को बनाए रखना और इसकी नैतिकता और जिम्मेदारी को बढ़ावा देना है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पत्रकारिता समाज को सशक्त बनाने, सच्चाई को उजागर करने और लोकतंत्र को मजबूत करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। साथ ही, यह पत्रकारों को उनके कर्तव्यों और नैतिक जिम्मेदारियों की याद दिलाने का भी अवसर है। राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के अध्यक्ष गौतम लाहिरी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और नैतिक पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। 'समाचार4मीडिया' से बातचीत में उन्होंने कहा, "हम स्वतंत्र, निष्पक्ष और नैतिक पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं।" इस मौके पर लाहिरी ने मीडिया के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य न केवल जनता तक सटीक और प्रासंगिक जानकारी पहुंचाना है, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में इसे मजबूत बनाना भी है।
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भारत के न्यूज टीवी इंडस्ट्री के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जुलाई से सितंबर के बीच कुछ चैनलों के ऑपरेटिंग राजस्व में अप्रैल-जून की तुलना में औसतन 30-40% की गिरावट आई, जबकि कुछ चैनलों ने इस दौरान अच्छी बढ़त हासिल की। इस गिरावट का कारण चुनावों के बाद का कूलिंग-ऑफ पीरियड (मतलब चुनावों के बाद का ठहराव) और न्यूज टीवी के राजस्व का चक्रीय स्वभाव (एक निश्चित चक्र में आने वाली उतार-चढ़ाव) है। जिन चैनलों ने अपनी कमाई में बढ़त दर्ज की, उनके लिए यह वृद्धि मुख्य रूप से डिजिटल विज्ञापनों में इजाफा, फेस्टिवल सीजन की शुरुआत, बेहतर कंटेंट स्ट्रैटेजी और नई डिजिटल पहलों के कारण हुई। नाम न बताने की शर्त पर एक इंडस्ट्री एक्सपर्ट ने बताया कि चुनावों के बाद न्यूज चैनल्स की कमाई में गिरावट आम बात है, क्योंकि चुनावों के दौरान राजनीतिक दल और उनसे जुड़े समूह न्यूज चैनल्स पर ज्यादा खर्च करते हैं ताकि वे मतदाताओं से जुड़ सकें। लेकिन चुनाव समाप्त होते ही यह खर्च कम हो जाता है, जिससे चैनलों के विज्ञापन राजस्व पर असर पड़ता है। चुनावों के बाद न्यूज चैनल्स के राजस्व पर पड़ा असर क्वार्टर-ऑन-क्वार्टर (QoQ) प्रदर्शन: Network18 के न्यूज पोर्टफोलियो में सितंबर की तिमाही में 1.6% की गिरावट आई, जिससे इसका राजस्व ₹445 करोड़ पर पहुंच गया। TV Today Network (जो आज तक और इंडिया टुडे जैसे प्रमुख चैनल चलाता है) ने 33% की गिरावट दर्ज की। पहली तिमाही में इसका राजस्व ₹311.79 करोड़ था, जो दूसरी तिमाही में घटकर ₹206.77 करोड़ रह गया। Zee Media (ZMCL) ने दूसरी तिमाही में 25% की गिरावट दर्ज की। एक्सपर्ट का मानना है कि जुलाई-सितंबर अवधि में विज्ञापनदाता अपनी प्राथमिकता त्योहारों और छुट्टियों से जुड़े कैंपेन पर अधिक केंद्रित कर लेते हैं, जिससे न्यूज चैनल्स को मिलने वाले विज्ञापनों का हिस्सा कम हो जाता है। चुनावों के बाद दर्शकों की राजनीतिक कवरेज में रुचि कम हो जाती है, जिससे दर्शकों की संलग्नता (एंगेजमेंट) और विज्ञापन राजस्व पर असर पड़ता है। कंपनियों के राजस्व में उछाल इसके विपरीत, NDTV ने 18.5% की वृद्धि दर्ज की। पहली तिमाही में इसका संयुक्त राजस्व ₹93.9 करोड़ था, जो दूसरी तिमाही में बढ़कर ₹111.32 करोड़ हो गया। कंपनी के अनुसार, यह बेहतरीन प्रदर्शन NDTV की बेहतर कंटेंट रणनीति, नए इन्टेलेक्चुअल प्रॉपर्टीज (IPs) के विस्तार और डिजिटल योजनाओं के कारण हुआ है।साल-दर-साल के आधार पर न्यूज चैनल्स के राजस्व में मामूली गिरावट साल-दर-साल के आधार पर भी अधिकांश न्यूज चैनल्स के राजस्व में हल्की गिरावट देखी गई। जी मीडिया का राजस्व Q2 2023 में ₹151.59 करोड़ से घटकर Q2 2024 में ₹130.70 करोड़ पर आ गया। NDTV का राजस्व Q2 2023 में ₹61.90 करोड़ से घटकर ₹59.8 करोड़ पर आ गया, यानी 3.4% की कमी। वहीं, TV Today Network का राजस्व भी 3.3% कम हो गया, जो 2023 की समान तिमाही में ₹213.86 करोड़ था और 2024 की दूसरी तिमाही में घटकर ₹206.77 करोड़ हो गया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, Network18 ने 6% की वृद्धि दर्ज की, जो पिछले वर्ष ₹420.31 करोड़ से बढ़कर ₹445.27 करोड़ हो गया। कंपनी के अनुसार, यह वृद्धि डिजिटल विज्ञापनों के बढ़ते राजस्व के कारण हुई। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि साल-दर-साल राजस्व में गिरावट का कारण आर्थिक चुनौतियां हो सकती हैं, जैसे कि महंगाई और वित्तीय अनिश्चितताएं। इसके अलावा, कई विज्ञापनदाता Q3 के त्योहारी सीजन (जैसे दिवाली, क्रिसमस, और नववर्ष) के लिए अपने बजट को बचाकर रखते हैं। इससे दूसरी तिमाही में विज्ञापन खर्च में कमी होती है। मार्केटिंग और प्रचार खर्च में वृद्धि: भले ही राजस्व में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन न्यूज चैनल्स का मार्केटिंग और प्रचार खर्च में वृद्धि देखने को मिली है। Network18 का खर्च पिछले वर्ष ₹97.6 करोड़ से बढ़कर ₹106.5 करोड़ हो गया, जो लगभग 9% की वृद्धि है। NDTV ने भी अपने मार्केटिंग खर्च में बड़ी वृद्धि दर्ज की, जो जुलाई-सितंबर 2023 के ₹157.4 करोड़ से बढ़कर 2024 में ₹335.7 करोड़ हो गया, यानी 113% की वृद्धि। यह वृद्धि इस ओर इशारा करती है कि न्यूज चैनल ब्रैंड की पहचान को मजबूत करने और दर्शकों को आकर्षित करने के लिए डिजिटल मीडिया से प्रतिस्पर्धा करते हुए अपने विज्ञापन और प्रचार पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। भविष्य की संभावनाएं कुल मिलाकर, चुनाव के बाद राजस्व में गिरावट के बावजूद, भारत का न्यूज टेलीविजन सेक्टर स्थिर बना हुआ है। कई प्रसारण कंपनियों के लिए अब चुनौती अपने कंटेंट को विविधता देना और डिजिटल ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाना है ताकि वे दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रख सकें और विज्ञापन से अधिक राजस्व कमा सकें। इंडस्ट्री अब धीरे-धीरे डिजिटल प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रही है, जहां कई प्रसारण कंपनियां अपने ऑनलाइन उपस्थिति को मजबूत कर रही हैं ताकि युवा दर्शकों तक पहुंचा जा सके और अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया जा सके। यह बदलाव भविष्य में भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि पारंपरिक टीवी कंपनियां तेजी से डिजिटल-प्रथम (डिजिटल-फर्स्ट) बन रही दुनिया में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। Network18 ने अपने मीडिया रिलीज में कहा, "जैसे-जैसे उपभोक्ता और विज्ञापनदाता अपने जीवन के विभिन्न पहलुओं में ओमनी-चैनल अनुभवों की ओर बढ़ते जा रहे हैं, टीवी और डिजिटल मीडिया में गहरी और एकीकृत उपस्थिति होना Network18 और उसके अन्य साझेदारों को अपने उपभोक्ताओं और विज्ञापनदाताओं की सेवा करने में और अधिक सक्षम बनाएगा।" इंडस्ट्री के एक स्रोत ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे मोबाइल ऐप्स और सब्सक्रिप्शन सेवाओं का विकास नए राजस्व साधनों को खोल सकता है। विशेष कंटेंट, जैसे एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स और बिहाइंड-द-सीन फुटेज, लॉयल क्लाइंट्स को आकर्षित कर सकता है। इसके अलावा, इंडस्ट्री अवॉर्ड, एक्सपर्ट्स पैनल और लाइफस्टाइल इवेंट्स जैसे आयोजनों से स्पॉन्सरशिप और टिकट बिक्री से भी राजस्व कमाया जा सकता है। शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव : - Network18 के शेयर की कीमत अप्रैल में लगभग ₹90.40 थी, जो अगस्त में ₹99.92 के उच्चतम स्तर पर पहुंची और सितंबर के अंत में ₹81.97 पर बंद हुई। इसकी सबसे कम कीमत जून में ₹75.60 रही, लेकिन दूसरी तिमाही के अंत तक रिकवरी के संकेत दिखे। - ZMCL का नया वित्तीय वर्ष अप्रैल में ₹11.55 के साथ शुरू हुआ और मई में इसका न्यूनतम मूल्य ₹10.55 पर था। सितंबर के अंत में, यह बढ़कर ₹22.82 पर पहुंच गया, जो कि सितंबर के अंतिम सप्ताह में निवेशकों की बढ़ती रुचि का परिणाम है। - TV Today का वित्तीय वर्ष 2024-25 की शुरुआत ₹219.55 के साथ हुई, जो जून में ₹207.25 तक गिर गया। अगस्त की शुरुआत में यह ₹287 तक पहुंचा और H1 के अंतिम दिन ₹234.05 पर बंद हुआ, जो बाजार में सकारात्मक रुचि को दर्शाता है। - NDTV का नया वित्तीय वर्ष ₹222.65 के साथ शुरू हुआ और सितंबर के अंत में ₹187.34 तक गिर गया, जबकि जून की शुरुआत में इसका उच्चतम मूल्य ₹263.40 पर था। इस गिरावट से यह संकेत मिलता है कि व्यापक उद्योग परिवर्तनों के बीच बाज़ार पुनः मूल्यांकन कर रहा है। इस प्रदर्शन से साफ है कि न्यूज टीवी इंडस्ट्री में चुनौतियां तो हैं, लेकिन डिजिटल मंचों और रणनीतिक योजना के माध्यम से यह इंडस्ट्री अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए तैयार है।
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रिलायंस इंडस्ट्रीज' (Reliance Industries) की 'वायकॉम18' (Viacom18) और डिज्नी (Disney) की 'स्टार इंडिया' (Star India) के बीच विलय की औपचारिक घोषणा के साथ ही मीडिया क्षेत्र के अनुभवी व्यक्तित्व के धनी उदय शंकर को नए $8.5 बिलियन मूल्य की नए इकाई 'जियोस्टार' (Jiostar) का वाइस चेयरपर्सन बनाया गया है। घोषणा के तुरंत बाद 'फाइनेंशियल टाइम्स' (Financial Times) को दिए एक इंटरव्यू में उदय शंकर ने टेलीविजन माध्यम में अपने विश्वास को व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ड्रामा से लेकर डेली सोप्स तक के इनोवेटिव कंटेंट में नए निवेश के कारण पारंपरिक टेलीविजन राजस्व आने वाले वर्षों में "महत्वपूर्ण दो अंकों की वृद्धि" देख सकता है। 'जियोस्टार' (Jiostar) के वाइस चेयरपर्सन उदय शंकर, जिनकी कंपनी का विलय गुरुवार को पूरा हुआ, ने इंटरव्यू में कहा, “ऐसा एक नैरेटिव है कि टीवी खत्म हो रहा है और सब कुछ स्ट्रीमिंग की ओर जा रहा है। लेकिन मेरा मानना है कि इस देश में टीवी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।” उदय शंकर ने मजबूत लीनियर पे-टीवी इंडस्ट्री पर भी बात की और कहा कि हर साल बड़ी संख्या में लोग आर्थिक मुख्यधारा में आ रहे हैं और उनके लिए टेलीविजन एक ऐसा उपभोक्ता उत्पाद है जिसे वे हासिल करना चाहते हैं। Disney और Reliance के इस बड़े विलय पर प्रतिक्रिया देते हुए उदय शंकर ने इसे एक “मॉनेस्टर मर्जर” (monster merger) कहा। उन्होंने आगे कहा, “इसलिए कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है... हमें इस बाजार को फिर से बनाना और इसे बहुत बड़ा करना होगा।” इसके अलावा, शंकर ने कहा कि स्पोर्ट्स में प्रभुत्व को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है और Disney व Reliance के स्पोर्ट्स राइट्स पर आलोचना “कुछ हद तक गलत तथ्यों पर आधारित है” क्योंकि भारत में स्पोर्ट्स राइट्स की अवधि बहुत छोटी होती है, जो तीन से पांच साल तक सीमित होती है। यानी, उनका कहना था कि स्पोर्ट्स में किसी का प्रभुत्व लंबे समय तक नहीं रहता, क्योंकि स्पोर्ट्स राइट्स को बहुत कम समय के लिए दिया जाता है, इसलिए इसके बारे में आलोचना करना उचित नहीं है।
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देश के प्रमुख मीडिया नेटवर्क्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (ITV Network) ने डॉ. अमित आर्य को सीनियर कंसल्टिंग एडिटर के पद पर नियुक्त किया है। इसके साथ-साथ डॉ. अमित आर्य को इंडिया न्यूज (हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर) की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। मूल रूप से हरियाणा से ताल्लुक रखने वाले अमित आर्य ने दिल्ली और चंडीगढ़ के साथ-साथ हिमाचल व हरियाणा में करीब बीस वर्ष तक पत्रकारिता में अपनी सेवाएं दीं हैं। अमित आर्य हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं और छात्र आंदोलन से जुड़े रहे हैं। वह हिमाचल यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ के सचिव रहे हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व में वर्ष 2014 से लेकर 2019 तक अमित आर्य मनोहर लाल खट्टर के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं। इस दौरान चंडीगढ़ में उन्होंने पांच साल तक अपने पद और दायित्व का निर्वहन किया। इसके बाद करीब चार साल तक अमित आर्य दिल्ली और चंडीगढ़ दोनों जगह मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार का दायित्व निभा चुके हैं। पिछले साल केंद्र सरकार ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देते हुए वरिष्ठ मीडिया कंसलटेंट के पद पर नियुक्त किया था। उन्हें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर आदि का कार्यभार दिया गया था। यहां अपने एक साल के कार्यकाल के दौरान वह केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार के साथ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को सुझाव देने का कामकाम भी संभाल रहे थे। अमित आर्य को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का लंबा अनुभव है। आर्य ने वर्ष 1994 में पत्रकारिता में अपने करियर का आगाज किया। कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में करीब दो दशक तक आर्य ने पत्रकारिता में अपनी सेवाएं दीं व अपनी एक अलग पहचान कायम की। वह कई चैनलों और मीडिया हाउस की लॉन्चिग टीम का भी हिस्सा रहे। अमित आर्य ने अपने करियर की शुरुआत ‘बी.ए.जी फिल्म्स’ से की थी। फिर ‘दैनिक भास्कर’, शिमला के स्टाफ रिपोर्टर और ‘दैनिक भास्कर’ चंडीगढ़ में हिमाचल पेज के प्रभारी के रूप में काम किया। इसके बाद वह दोबारा ‘बी.ए.जी’ के साथ जुड़ गए और कई वर्षों तक वहां अपनी सेवाएं दीं। यहां उन्होंने लोकप्रिय कार्यक्रम 'रूबरू' में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर अपनी भूमिका निभाई। अमित आर्य ‘इंडिया टी.वी’ में असाइनमेंट के शिफ्ट इंचार्ज भी रह चुके हैं। वह ‘इंडिया न्यूज’ की लॉन्चिंग टीम का हिस्सा रहे और उन्होंने एडिटर (इनपुट) सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। इसके बाद वह कुछ समय ‘लाइव इंडिया’ में भी रहे। कुछ समय तक उन्होंने ‘पी7’ न्यूज चैनल में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली थी। ‘इंडिया न्यूज’ की दूसरी पारी के दौरान कई अहम जिम्मेदारियां संभालते हुए उन्होंने बतौर हेड ‘इंडिया न्यूज’ हरियाणा की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व भी किया था। इसके अलावा वह ’एम.एच1’ न्यूज की लांचिंग टीम का हिस्सा भी रहे। यहां उन्होंने संपादक (इनपुट) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाली।
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IWMBuzz 14 नवंबर 2024 को कोलकाता के फेयरफील्ड बाय मैरियट (Fairfield by Marriott) में अपने बहुप्रतीक्षित मीडिया समिट का आयोजन करने जा रहा है। इस वर्ष की शुरुआत में "बंगाल का सबसे स्टाइलिश" (Bengal’s Most Stylish) पुरस्कार समारोह की सफलता के बाद, IWMBuzz एक बार फिर मीडिया, एंटरटेनमेंट और कंटेंट इंडस्ट्री के लीडर्स और इनोवेटर्स को चर्चाओं और नेटवर्किंग के लिए एकजुट कर रहा है। समिट में प्रसिद्ध वक्ताओं का शानदार लाइनअप: समिट में कई प्रतिष्ठित वक्ता, जैसे CEO, CMO, मीडिया कंटेंट लीडर्स, टॉप इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल क्षेत्र के अग्रणी लोग शामिल होंगे। प्रमुख संगठनों जैसे ITC, Emami, The Viral Fever, Hoichoi, BW Businessworld, Ultratech, Havas Media Network, Colors Bangla, Dollar Industries, Concreto Cement, Wow Momo, Ei Samay, Zee Media, White Frames Technology, Workmates Core2Cloud और NDTV से प्रमुख व्यक्ति इस समिट में भाग लेंगे। विचारोत्तेजक पैनल चर्चाएं और व्यक्तिगत सत्र: मीडिया समिट में टेलीविजन का भविष्य, डिजिटल मीडिया, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, ब्रैंडेड कंटेंट, मीडिया में AI और अन्य विषयों पर विचारोत्तेजक पैनल चर्चाएं और व्यक्तिगत सत्र होंगे। एक महत्वपूर्ण विषय यह होगा कि क्या टीवी विज्ञापन प्रासंगिक बने रहेंगे या डिजिटल मीडिया कंटेंट खपत और मार्केटिंग के प्रमुख माध्यम के रूप में आगे बढ़ता रहेगा। नेटवर्किंग और नए दृष्टिकोण: यह समिट प्रोफेशनल्स, मार्केटर्स, क्रिएटर्स और बिजनेस लीडर्स के लिए एक बेहतरीन नेटवर्किंग का अवसर है। प्रतिभागी यह जान सकेंगे कि मीडिया इंडस्ट्री को इस प्रतिस्पर्धात्मक व्यवसाय में कैसे अपनाना, बढ़ाना और सफल बनाना संभव है। IWMBuzz के फाउंडर व एडिटर सिद्धार्थ लाइक कहते हैं, "हम IWMBuzz में हमेशा ऐसे मंच बनाने में विश्वास करते हैं जो सार्थक बातचीत को बढ़ावा दे सके और मीडिया व मनोरंजन की दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लीडर्स को एक साथ लाएं। मीडिया समिट कंटेंट और कॉमर्स के भविष्य को समझने, हमारे गतिशील इंडस्ट्री में चुनौतियों और अवसरों का सामना करने और इनोवेशन को प्रेरित करने वाले पायनियर्स का सम्मान करने का एक अनूठा अवसर है। हमें कोलकाता में इस आकर्षक आयोजन की मेजबानी करने और ऐसे चर्चाओं को प्रोत्साहित करने की खुशी है जो भारत में मीडिया के भविष्य को आकार देंगे।'' मीडिया इंडस्ट्री के सबसे बेहतरीन लीडर्स के साथ जुड़ने का मौका न चूकें। लिहाजा, IWMBuzz मीडिया समिट के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर अभी पंजीकरण करें: https://www.mediasummit.in
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अगर आपके पास वीडियो एडिटिंग में अनुभव, टेक्नोलॉजी का अच्छा ज्ञान एवं स्टोरीटैलिंग की क्षमता है तो अपनी रचनात्मकता को निखारने और अमर उजाला की डिजिटल टीम का हिस्सा बनने का आपके पास यह एक बेहतरीन मौका है।दरअसल, ‘अमर उजाला’ की डिजिटल टीम (अमर उजाला वेब सर्विसेज) को नोएडा स्थित कार्यालय के लिए वीडियो एडिटर की तलाश है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे गए हैं।सोशल मीडिया पर शेयर विज्ञापन के अनुसार, इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों के पास वीडियो एडिटिंग (खासकर पत्रकारिता अथवा मीडिया के क्षेत्र में) में एक से तीन साल का अनुभव होना चाहिए। एडोब प्रीमियर में निपुणता होनी चाहिए। इंस्टाग्राम कवर फोटो और यूट्यूब थंबनेल बनाने का हुनर होना चाहिए। कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया के साथ वीडियो पब्लिशिंग और ऑप्टिमाइजेशन में कुशल चाहिए। आफ्टर इफेक्ट्स और फोटोशॉप की जानकारी है तो उसे अतिरिक्त योग्यता में गिना जाएगा, जिसका लाभ भी आवेदक को मिलेगा।शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो जिन आवेदकों के पास पत्रकारिता, कम्युनिकेशंस, फिल्म स्टडीज या संबंधित क्षेत्र में स्नातक की डिग्री होगी, उन्हें वरीयता दी जाएगी।अगर आपके पास उपरोक्त योग्यताएं हैं और आप इस पद के लिए खुद को उपयुक्त मानते हैं तो अपना अपडेटेड रिज्यमे और कवर लेटर hiring@auw.co.in पर भेज सकते हैं। इस बारे में ज्यादा जानकारी नीचे दिए गए विज्ञापन से ले सकते हैं।
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पत्रकार चंद्र गौरव को लेकर खबर आ रही कि उन्होंने भारत एक्सप्रेस न्यूज चैनल ज्वाइन किया है. संस्थान में उन्हें बतौर ब्यूरो चीफ, कानपुर नियुक्त किया गया है. वर्ष 2004 में अमर उजाला, कानपुर से करियर शुरू करने वाले चंद्र गौरव 2010 में अमर उजाला नोएडा में ब्यूरो चीफ रहे. 2012 में अमर उजाला कॉम्पैक्ट के एडिटोरियल हेड रहे. अमर उजाला के बाद कुछ वर्ष दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी कार्यरत रहे. प्रिंट मीडिया के अलावा उन्होंने डिजिटल में लोकल हेडिंग, हिन्द न्यूज और न्यूज जंगल के जरिए हाथ आजमाया और अब भारत एक्सप्रेस के जरिए टीवी की तरफ रुख किया है.
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ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर बैन लगाने का फ़ैसला किया है। थनी अल्बनीस की सरकार इस बारे में एक क़ानून इसी महीने ऑस्ट्रेलिया की संसद में पेश करने जा रही है। स नए क़ानून का एलान करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कहा कि बच्चों पर सोशल मीडिया का बहुत बुरा असर पड़ रहा है और उन्होंने बहुत से माता-पिताओं, अभिभावकों, विशेषज्ञों और बच्चों से बात करने के बाद ये फैसला किया है। इस नए कानून के तहत, सोशल मीडिया को 16 साल तक के बच्चों के लिए बैन लागू करने की जिम्मेदारी सोशल मीडिया कंपनियों की होगी। 16 साल तक के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने वाला ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला देश होगा। अल्बनीस ने कहा कि 'सोशल मीडिया हमारे बच्चों को बहुत नुक़सान पहुंचा रहा है और अब मैं इसको बंद करने जा रहा हूं। मैंने हजारों अभिभावकों से बात की है। मेरी तरह वो भी ऑनलाइन दुनिया में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं, और मैं ऑस्ट्रेलिया के अभिभावकों और परिवारों को ये बताना चाहता हूं कि अब सरकार उनके साथ है। अब अभिभावक अपने बच्चों से कह सकेंगे कि सोशल मीडिया उनके लिए नहीं है। कानून उनको इसकी इजाज़त नहीं देता।' पूरी दुनिया में इस बात को लेकर चिंता है कि मोबाइल फोन के इस्तेमाल से, डिजिटल मीडिया से बच्चों का कितना नुकसान होता है और ये चिंता जायज़ है लेकिन हमें ये याद रखना चाहिए कि नुकसान तो बड़ों का भी होता है, दूरियां तो मां-बाप में भी बनती हैं और बच्चे इसी से सीखते हैं। घर में एक कमरे में चार लोग बैठे होते हैं, आपस में बात करने की बजाय सब फोन देखने और मैसेज भेजने में लगे रहते हैं। इसीलिए कानून बनाने से कुछ नहीं होगा। अगर बच्चों को इस त्रासदी से बचाना है तो मां-बाप को अपने ऊपर भी पाबंदी लगानी होगी, उन्हें अपने मोबाइल और डिजिटल मीडिया के इस्तेमाल पर कंट्रोल करना होगा। तभी वो बच्चों को समझा पाएंगे। आजकल तो जब बच्चा रोता है, तो मां-बाप उसे चुप कराने के लिए प्यार करने की बजाय उसके हाथ में मोबाइल फोन पकड़ा देते हैं। जबतक हम ऐसी आदतों से बाज नहीं आएंगे तब तक बच्चों को मोबाइल फोन के इस्तेमाल से नहीं रोक पाएंगे।
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प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (पीसीआई) के रविवार को हुए चुनाव में वरिष्ठ पत्रकार गौतम लाहिरी एक बार फिर अध्यक्ष चुने गए हैं। गौतम लाहिरी पैनल ने सभी पदों पर शानदार जीत दर्ज की और इस चुनाव में अपने दबदबे को बरकरार रखा। इस बार अध्यक्ष पद पर गौतम लाहिरी ने सबसे अधिक 1045 मत प्राप्त किए, जबकि महासचिव के तौर पर नीरज ठाकुर ने 913 मत हासिल किए। 'द वायर' की संगीता बरुआ पिशारोटी उपाध्यक्ष चुनी गईं, जिन्हें 927 वोट मिले। 'न्यूज़ नेशन' के मोहित दुबे को कोषाध्यक्ष चुना गया, जिनके पक्ष में 782 वोट आए, जबकि 'नवभारत' के अफ़ज़ल इमाम संयुक्त सचिव पद पर निर्वाचित हुए। प्रबंधन समिति के 16 सदस्यों के लिए 28 प्रत्याशी मैदान में थे। सदस्यों में एनडीटीवी की अदिति राजपूत को सबसे अधिक 985 वोट मिले, जबकि 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की मेघना धूलिया 905 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। अन्य निर्वाचित सदस्यों में सुरभि कांग, प्रज्ञा सिंह, नलिनी रंजन महांती और सुनील नेगी शामिल हैं, जो विभिन्न मीडिया संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। अध्यक्ष पद पर परचम लहराने के बाद गौतम लाहिरी ने कहा कि मीडिया की आजादी को बरकरार रखने के साथ-साथ मीडिया संस्थानों की स्वायत्तता बनाये रखने के लिए हमारी टीम निरंतर कोशिश करती रही है और आगे भी करती रहेगी। स्वतंत्र मीडिया स्वस्थ लोकतंत्र की बुनियाद है और इसे सुरक्षित करना हमारा दायित्व है। पत्रकारों की समस्याओं को आने वाले दिनों में भी मुखरता से उठाते रहेंगे।
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भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी को दक्षिण एशियाई दूरसंचार विनियामक परिषद (एसएटीआरसी) का नया अध्यक्ष चुना गया है। लाहोटी इससे पहले एसएटीआरसी के उपाध्यक्ष थे। लाहोटी बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग (बीटीआरसी) के अध्यक्ष मोहम्मद मोहिउद्दीन अहमद का स्थान लेंगे। नियुक्तियों की घोषणा 11 से 13 नवंबर तक नई दिल्ली में आयोजित एसएटीआरसी की 25वीं बैठक के दौरान की गई। SATRC के सदस्य नौ दक्षिण एशियाई देशों के विनियामक निकायों के प्रमुख हैं, अर्थात् अफ़गानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, ईरान, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका। इन देशों के संबद्ध सदस्य भी SATRC की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।
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डिज़नी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और वॉल्ट डिज़नी की स्टार इंडिया की विलयित इकाई से अलग, लगभग 200 कर्मचारियों को बनाए रखेगी। इनमें से कुछ कर्मचारी, जिनमें डिज्नी स्टार के पूर्व स्टूडियो प्रमुख बिक्रम दुग्गल भी शामिल हैं , सीधे डिज्नी के लिए काम करेंगे। दुग्गल जहां भारत के बाजार पर ध्यान केंद्रित करेंगे, वहीं इस समूह के अन्य लोग भारत और अन्य क्षेत्रों दोनों को पूरा कर सकते हैं। बिक्रम दुग्गल ने विलय की गई इकाई से बाहर निकलने का विकल्प चुना है, लेकिन वह अभी भी डिज्नी के साथ बने रहेंगे।जैसा कि पहले बताया गया है, दोनों मीडिया घरानों ने अपने क्रिकेट अधिकारों के लिए टेलीविजन और ओटीटी विज्ञापन स्लॉट बिक्री को बंडल नहीं करने पर सहमति व्यक्त की है - जिसमें आईपीएल, आईसीसी और बीसीसीआई शामिल हैं - अपने मौजूदा अधिकारों की शेष अवधि के लिए। जबकि उद्योग जगत में इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि नेतृत्व संरचना किस तरह विकसित होगी, विलय के बाद बनी इकाई अपने पुनर्गठित नेतृत्व की घोषणा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। जहाँ कुछ अधिकारियों के उन्नत पदों पर आने की उम्मीद है, वहीं अन्य पूरी तरह से सिस्टम से बाहर हो सकते हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सूर्यबलि सिंह को लेकर सूचना है कि उन्हें छत्तीसगढ़ के राज्य स्थापना दिवस समारोह में मधुकर खेर पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मूलरूप से वाराणसी के रहने वाले सुरेंद्र ने छत्तीसगढ़ का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त कर अपने जनपद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार छत्तीसगढ़ राज्य के 24वें स्थापना दिवस के अवसर पर, दिनांक 6 नवंबर को, नवा रायपुर में आयोजित राज्योत्सव-2024 के समापन समारोह के दौरान प्रदान किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर भारत के माननीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के कर-कमलों द्वारा यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, सभी वरिष्ठ मंत्रीगण, विधायकगण, छत्तीसगढ़ प्रशासन के शीर्ष अधिकारीगण और छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुकेश एस सिंह, जो वर्तमान में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित द हितवाद समाचार पत्र में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं, वह पिछले 28 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र मैं कार्यरत हैं। उन्होंने इस सम्मान को वाराणसी की माटी, अपने माता-पिता, परिवार, सहयोगियों और मार्गदर्शकों को समर्पित किया है। गौरतलब है कि द हितवाद मध्य भारत का अग्रणी अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र है, नागपुर, विदर्भ, रायपुर, भोपाल और जबलपुर से एकसाथ प्रकाशित होता है और इसकी व्यापक पाठक संख्या इसे इस क्षेत्र का सबसे विश्वसनीय समाचार स्रोत बनाती है।
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उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित रानी घाट पर गंगा किनारे अवैध तरीके से बनाए जा रहे होटल का निर्माण वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र चड्ढा के नाम पर किया जा रहा था। इस होटल की मरम्मत और पुनर्निर्माण की अनुमति को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) ने निरस्त कर दिया है। इस निर्णय का मुख्य कारण गलत सूचनाओं के आधार पर स्वीकृति प्राप्त करना और शासनादेश का उल्लंघन है।आपको बता दें कि राघवेंद्र चड्ढा दैनिक जागरण कानपुर में समाचार संपादक के अलावा वाराणसी, हल्द्वानी इत्यादि यूनिटों में संपादक रह चुके हैं. भवन संख्या ए-11/4-ए-5-ए, मोहल्ला नया महादेव, वार्ड-आदमपुर, वाराणसी, को मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए अनुज्ञा- 1 जनवरी, 2024 को जारी की गई थी। यह अनुमति वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र चड्ढा के नाम पर ली गई थी। परंतु उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में इस पर पुनः जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि गुमराह करने वाली सूचनाओं के आधार पर अनुमति प्राप्त की गई थी और गंगा के 200 मीटर के भीतर निर्माण पर शासनादेश का उल्लंघन भी किया गया था। शिकायत के आधार पर, वीडीए ने इस भवन के विभिन्न वर्षों के उपग्रह चित्रों का अध्ययन किया और पाया कि गूगल अर्थ और अन्य स्रोतों से लिए गए चित्रों में भवन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई। आवेदक द्वारा प्रस्तुत किए गए फोटोग्राफ्स भी अस्पष्ट पाए गए, जिससे भवन की वास्तविक स्थिति संदेह के घेरे में आ गई। शासनादेश के अनुसार, गंगा के किनारे स्थित किसी भी पुराने निर्माण का पुनर्निर्माण तभी किया जा सकता है जब भवन की वास्तविक स्थिति मौजूद हो और आवश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत किए गए हों। इन मानकों के अनुरूप दस्तावेज़ न होने के कारण समिति की सिफारिशों पर वाराणसी विकास प्राधिकरण ने 6 नवंबर 2024 को इस अनुमति को निरस्त कर दिया है।
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डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। कमला हैरिस को बड़े मार्जिन से हराया। अमेरिका में 132 साल बाद ऐसा हुआ है जब एक बार चुनाव हारने के बाद कोई पूर्व राष्ट्रपति दोबारा राष्ट्रपति चुनाव जीता हो। ये कारनामा करने वाले ट्रंप अमेरिकी इतिहास में दूसरे राष्ट्रपति हैं। बड़ी बात ये है कि स्विंग स्टेटस में भी ट्रंप को एकतरफा जीत मिली। नतीजे आने के बाद ट्रंप ने निर्वाचित उपराष्ट्रपति जे डी वेंस और परिवार के सदस्यों के साथ समर्थकों को संबोधित किया।ट्रंप ने कहा, वो अगले चार साल तक बिना रुके, बिना थके अमेरिका की बेहतरी के लिए काम करेंगे। ट्रंप ने कहा कि आने वाले चार साल अमेरिका के लिए स्वर्णिम होंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले सोशल मीडिया पर ट्रम्प को बधाई दी और उसके बाद टेलीफोन पर ट्रंप को जीत की बधाई दी। सूत्रों के मुताबिक, फोन पर बातचीत के दौरान ट्रम्प ने भारत को “एक शानदार देश” और मोदी को “एक शानदार नेता” बताया, “जिन्हें दुनिया भर के लोग प्यार करते हैं।” सवाल ये है कि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन से हमारे देश और हमारे पड़ोसी देशों पर क्या असर होगा ? क्या मोदी और ट्रंप की अंतरंग मित्रता दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने में काम आएगी? ट्रंप व्यापारी हैं और एक ज़बरदस्त सौदेबाज़ हैं। क्या ट्रंप के आने से भारत के व्यापार पर असर पड़ेगा? ट्रंप अमेरिका में प्रवेश करने वालों के बारे में सख्त नीति बनाए जाने के हिमायती हैं। क्या इसका असर अमेरिका जाने वाले भारतीयों पर पड़ेगा? ट्रंप की सत्ता में वापसी को अमेरिका के राजनीतिक इतिहास की सबसे ज़बरदस्त वापसी में रूप में देखा जा रहा है। 2020 में जो बाइडेन से चुनाव हारने के बाद ट्रंप ने एक के बाद एक कई मुश्किलों का सामना किया। समर्थकों ने, रिपब्लिकन पार्टी के बड़े नेताओं ने ट्रंप का साथ छोड़ दिया था, लेकिन ट्रंप ने हार नहीं मानी और वो एक बार फिर से अमेरिका के बिग बॉस बन गए। पिछले चार साल में ट्रंप ने तमाम राजनीतिक और अदालती चुनौतियों का सामना किया। आखिर में सभी चुनौतियों को मात देकर उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस जीत ने अमेरिका को एक मजबूत स्थिति में ला दिया है। अब वहां सरकार को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं है।ट्रंप की जीत का असर पूरी विश्व व्यवस्था पर दिखाई देगा। ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने की कोशिश करेंगे। इसमें भारत की भूमिका अहम हो सकती है। नरेंद्र मोदी पिछले कुछ महीनों में तीन बार पुतिन से और दो बार जेलेंस्की से मिलकर शांति का रास्ता निकालने की कोशिश कर चुके हैं। ट्रंप की जीत का असर अरब जगत और इजरायल के रिश्तों पर भी पड़ेगा। भारत के संदर्भ में ट्रंप की जीत को दो तरीके से देखा जा सकता है। एक तो ट्रंप और मोदी के रिश्ते के लिहाज से। जाहिर है कि कमला हैरिस के मुकाबले ट्रंप से मोदी के रिश्ते ज्यादा व्यक्तिगत हैं, पुराने हैं। दोनों एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते और समझते हैं। ट्रंप की कूटनीति का अंदाज व्यक्ति आधारित है। व्यक्तिगत रिश्तों पर वो जोर देते हैं और ट्रंप ये कह चुके हैं कि नरेंद्र मोदी उनके दोस्त हैं और एक मजबूत नेता हैं। इस सोच का फायदा भारत को मिलेगा। दूसरा पैमाना है, भारत की कूटनीतिक जरूरतें। भारत को चीन हमेशा चुनौती देता रहा है। अब ट्रंप और मोदी की दोस्ती का असर यहां दिखाई देगा। कनाडा में जस्टिन ट्रूडो भारत के लिए नई मुसीबत बन गए हैं। वो खालिस्तानियों का समर्थन करते हैं। बायडेन प्रशासन कनाडा का समर्थन करता हुआ दिखाई दे रहा था। अब ये समीकरण भी बदलेंगे और इस मामले में भारत और ज्यादा मजबूत होगा। इन सबसे ऊपर, ट्रंप का ये कहना कि मैं इंडिया का फैन हूं और हिंदुओं का फैन हूं। अगर मेरी जीत होती है, व्हाइट हाउस में हिंदुओं का एक सच्चा दोस्त होगा। किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पिछले 200 साल में इस तरह की बात नहीं कही और इसका असर नजर आएगा। ट्रंप ने बयान दिया था, जिसमें कहा था, “मैं हिंदुओं का बहुत बड़ा फ़ैन हूं और मैं भारत का भी बहुत बड़ा फ़ैन हूं। मैं सीधे सीधे ये बात कहते हुए शुरुआत करना चाहता हूं कि अगर मैं राष्ट्रपति चुना जाता हूं तो व्हाइट हाउस में भारतीय समुदाय और हिंदुओं का एक सच्चा दोस्त होगा। मैं इसकी गारंटी देता हूं।” ट्रंप ने इसी तरह का जज्बा हिंसा के शिकार बांग्लादेश के हिन्दुओं के लिए भी दिखाया था। इसीलिए इस बात में कोई शक नहीं है कि अमेरिका में ट्रंप की जीत का असर भारत के पड़ोसी पाकिस्तान और बांग्लादेश पर भी असर होगा। कुछ-कुछ असर तो आज ही दिखने लगा। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने ट्रंप को जीत की बधाई दी। शेख हसीना इस वक्त दिल्ली में हैं। उन्होंने कहा कि वो ट्रंप के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं। अवामी लीग की अध्यक्ष के नाते शेख हसीना के इस बयान के बड़े मतलब हैं। क्योंकि बांग्लादेश में इस वक़्त मुहम्मद यूनुस की अन्तरिम सरकार है। यूनुस क्लिंटन परिवार के करीबी हैं। बाइडेन प्रशासन की मदद से उन्होंने बांग्लादेश में तख्ता पलट करवाया, अन्तरिम सरकार के मुखिया बने। लेकिन, बांग्लादेश को लेकर ट्रंप का रुख़ बिल्कुल साफ़ है। ट्रंप ने दिवाली के दिन ट्वीट करके, बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले की कड़ी निंदा की थी। ट्रंप ने लिखा था कि जो बाइडेन और कमला हैरिस ने दुनिया भर के हिंदुओं की अनदेखी की, लेकिन वो ऐसा नहीं होने देंगे। ट्रंप ने वादा किया कि राष्ट्रपति बनने पर वो हिंदुओं की हिफ़ाज़त के लिए काम करेंगे, जबरन धर्म परिवर्तन रोकेंगे। इसीलिए, ट्रंप की जीत से बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के लिए ख़तरे की घंटी बज गई है। इसी पृष्ठभूमि में शेख हसीना के बयान को समझने की जरूरत है।
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प्रसिद्ध अभिनेता प्रभास ने लेखकों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से एक नई वेबसाइट "द स्क्रिप्ट क्राफ्ट" लॉन्च की है। यह वेबसाइट लेखकों को अपने कहानी विचारों को साझा करने और अपनी रचनात्मकता को दिखाने के लिए एक बेहतरीन मंच प्रदान करती है। प्रभास, जो कहानियों से गहरा लगाव रखते हैं, ने इस पहल का समर्थन किया है ताकि लेखकों को एक व्यापक दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिल सके। इस बारे में जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। जानिए, क्या है 'द स्क्रिप्ट क्राफ्ट' इस वेबसाइट पर लेखक 250 शब्दों में अपनी कहानी का सारांश प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके बाद, दर्शक इन प्रस्तुतियों को पढ़ सकते हैं और उन्हें रेट कर सकते हैं। सबसे अधिक रेटिंग पाने वाली कहानियां शीर्ष पर पहुंचेंगी। खास बात यह है कि फीडबैक सिस्टम में टिप्पणियों के बजाय रेटिंग पर जोर दिया गया है, जिससे लेखकों को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल मिलता है और वे अपनी कहानियों पर आत्मविश्वास बढ़ा सकते हैं। विशेष प्रतियोगिता लॉन्च के अवसर पर, "द स्क्रिप्ट क्राफ्ट" ने एक विशेष प्रतियोगिता भी शुरू की है जिसका नाम है "इमेजिन योर फेवरेट हीरो विद सुपरपावर्स!" इसमें लेखकों को 3,500 शब्दों तक की कहानी प्रस्तुत करने का मौका मिलता है, जिसमें वे एक हीरो को सुपरपावर के साथ कल्पना में उकेर सकते हैं। इस प्रतियोगिता में दर्शकों की प्रतिक्रिया के आधार पर एक लेखक को चुना जाएगा, जिसे एक असली प्रोजेक्ट में सहायक लेखक या सहायक निर्देशक के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। यह एक अनूठा अनुभव होगा जो उभरते हुए लेखकों को अपनी प्रतिभा को निखारने का मौका देगा। ऑडियोबुक्स का विस्तार "द स्क्रिप्ट क्राफ्ट" में आगे चलकर ऑडियोबुक्स का फीचर जोड़ने की योजना है, जिससे लेखक अपनी कहानियों को ऑडियो अनुभव में बदल सकेंगे। इस विकास से लेखकों को ऐसे दर्शक भी मिल सकेंगे जो सुनने में अधिक रुचि रखते हैं और जो ऑडियो कहानियों को पसंद करते हैं। प्रभास द्वारा समर्थित और थाला वैष्णव और प्रमोद उप्पलापति द्वारा स्थापित "द स्क्रिप्ट क्राफ्ट" नए लेखकों के लिए एक अद्भुत अवसर प्रस्तुत करता है, जहां वे अपनी रचनात्मकता को दुनिया के सामने ला सकते हैं और अपनी कहानी कहने की क्षमता को निखार सकते हैं।
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टाइम्स नेटवर्क ने इंटर्नशिप के लिए आवेदन मांगे हैं, जिसमें खेल और सोशल मीडिया में रुचि रखने वाले उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन अवसर है। यह इंटर्नशिप नोएडा लोकेशन के लिए है और इसमें पिकलबॉल जैसे खेल से जुड़े कंटेंट और सोशल मीडिया पर इसकी पहल को संभालने की जिम्मेदारी होगी। आवश्यकताएं: 1. पिकलबॉल से संबंधित कंटेंट और सोशल मीडिया गतिविधियों का प्रबंधन करना। 2. सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम की अच्छी समझ होना। 3. खेल के प्रति जुनून रखने वाले व्यक्ति होना चाहिए। उम्मीदवार इस इंटर्नशिप के लिए दिए गए QR कोड को स्कैन कर आवेदन कर सकते हैं। यह इंटर्नशिप उनके लिए खास मौका है जो खेल और सोशल मीडिया दोनों में रुचि रखते हैं और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं।
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सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया (SPNI) ने सिबाजी बिस्वास को अपना नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। वह जनवरी 2025 से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे। इस भूमिका में सिबाजी SPNI की वित्तीय रणनीति, कॉर्पोरेट फाइनेंस और प्लानिंग का नेतृत्व करेंगे, जिसमें कंपनी की परिचालन दक्षता को बढ़ाने और चैनलों एवं डिजिटल प्लेटफार्मों के विविध पोर्टफोलियो में विस्तार में सहयोग करने पर ध्यान दिया जाएगा। सिबाजी बिस्वास को वित्तीय नेतृत्व और रणनीतिक परिवर्तन में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इससे पहले, वह Syngene International (बायोकॉन ग्रुप की सहायक कंपनी) में CFO और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने कंपनी के राजस्व को दोगुना करने और बाजार पूंजीकरण को तीन गुना करने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में सप्लाई चेन और डिजिटल परिवर्तन के कार्य सफलतापूर्वक किए गए, जिससे कंपनी को दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार किया गया। अपने करियर के शुरुआती दौर में, सिबाजी ने वोडाफोन में 12 साल बिताए, जहां उन्होंने विभिन्न नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं। वे वोडाफोन रोमानिया के CFO, कॉर्पोरेट डेवलपमेंट के EVP, और हेड ऑफ प्रोक्योरमेंट जैसे पदों पर रहे। उन्होंने भारत सहित अन्य बाजारों में कंपनी के रणनीतिक विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने हचिसन इंडिया में हेड ऑफ कॉर्पोरेट फाइनेंस के रूप में भी कार्य किया, जहां कंपनी की वित्तीय रणनीतियों को मजबूत करने में योगदान दिया। सोनी पिक्चर्स नेटवर्क इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO, गौरव बनर्जी ने सिबाजी के इस नियुक्ति का स्वागत किया और कहा, "सिबाजी की वित्तीय विशेषज्ञता और रणनीतिक दृष्टिकोण SPNI के नेतृत्व टीम के लिए महत्वपूर्ण होंगे। उनका अनुभव परिचालन दक्षता को बढ़ाने और जटिल वित्तीय क्षेत्रों में मार्गदर्शन करने में सहायक होगा, जिससे हम अपने ब्रैंड को मजबूत कर सकते हैं और दर्शकों के अनुभव को और भी बेहतर बना सकते हैं। हमें उनके योगदान का बेसब्री से इंतजार है, क्योंकि हम विकास के इस नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं।"
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बहुप्रतिष्ठित बिजनेस पत्रिका 'बिजनेस टुडे' के संपादक सौरव मजूमदार ने इस प्रतिष्ठित प्रकाशन को अलविदा कह दिया है। मजूमदार ने अपने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी टीम का आभार जताया और पिछले तीन सालों में बनी “अनमोल” यादों को साझा किया। सौरव मजूमदार ने लिंक्डइन पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि बिजनेस टुडे में अपने आखिरी दिनों में वह टीम और सहकर्मियों द्वारा मिले प्यार और सम्मान से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि बिजनेस टुडे के संपादक के रूप में काम करना और ब्रांड को BT मल्टीवर्स में बदलने की रोमांचक यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए एक सौभाग्य की बात रही है। यहां बिताए गए तीन से अधिक वर्षों की यादें हमेशा उनके दिल में रहेंगी और उनके लिए यह अनमोल हैं। तीन दशकों के समृद्ध करियर वाले सौरव मजूमदार का नाम वित्तीय पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रमुखता से लिया जाता है। 'बिजनेस टुडे' के संपादक के रूप में, उन्होंने कॉर्पोरेट और वित्तीय बाजारों पर गहरी जानकारी के साथ बिजनेस न्यूज को एक नई दिशा दी। इसके पहले, वह 'फॉर्च्यून इंडिया' और 'फोर्ब्स इंडिया' के संपादक भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने बिजनेस पत्रकारिता में अपनी खास पहचान बनाई। 'फाइनेंशियल एक्सप्रेस' में उन्होंने प्रमुख संपादकीय पहल का नेतृत्व किया और 'बिजनेस स्टैंडर्ड' कोलकाता के रेजिडेंट एडिटर के रूप में भी कई महत्वपूर्ण कॉर्पोरेट घटनाओं को कवर किया। प्रिंट, डिजिटल, वीडियो और ऑनलाइन पत्रकारिता में महारत रखने वाले सौरव मजूमदार ने भारत के मीडिया क्षेत्र में अपनी विशेष जगह बनाई है।
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प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का निधन हो गया है। वे दिल्ली एम्स में भर्ती थीं। सोमवार की शाम गंभीर स्थिति में उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। उनके निधन पर पत्रकार चित्रा त्रिपाठी ने भी शोक व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, शारदा सिन्हा जी का निधन हम सभी के लिये अपूरणीय क्षति हैं। बरसों पुराना रिश्ता रहा आपसे। सालों पहले पटना वाले आपके घर पर जाकर मैंने “बेटियाँ” कार्यक्रम आपके साथ रिकॉर्ड किया था। ना जाने कितने अनगिनत गाने आपने मुझे सुनाये थे उस दिन। माँ सरस्वती का साक्षात आशीर्वाद था आपको। हरा पान खाने की आप ख़ूब शौकीन थीं। मुझसे बातचीत में कहा कि चित्रा यही एक बुराई है जो मुझसे नहीं छूटती। मैंने प्यार किया फ़िल्म में जब आपने गाना गया - कहे तोसे सजना” इसके बाद आपको फ़िल्म इंडस्ट्री से तमाम ऑफ़र आये। सबने कहा कि बिहार छोड़कर मुंबई में बस जाओ, लेकिन आपने बिहार को नहीं छोड़ा। शारदा जी आप हमारे बीच में नहीं हैं, लेकिन यकीन मानिये पटना में जब आज आप पंचतत्व में विलीन हो रही होंगी तो ठीक उसी समय वो तमाम छठ व्रती जो देश और दुनिया के किसी भी कोने में होंगे वो आपके गाये हुए छठ गीत को सुनकर आपको अंतिम विदाई दे रहे होंगे।
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प्राइम वीडियो ने हिंदी ओरिजिनल फिल्मों के हेड के तौर पर चेतन झावर को नियुक्त किया है। चेतन झावर इससे पहले नेटफ्लिक्स इंडिया में इंटरनेशनल ओरिजिनल फिल्मों का प्रबंधन संभाल रहे थे। चेतन झावर ने लगभग 6 साल नेटफ्लिक्स में काम किया। उन्होंने नेटफ्लिक्स के इंटरनेशनल ओरिजिनल फिल्म सेक्शन में क्रिएटिव हेड के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई और अपनी रचनात्मक दृष्टि से इस क्षेत्र में कई योगदान दिए। नेटफ्लिक्स से पहले, झावर AltBalaji से जुड़े हुए थे, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा से डिजिटल कंटेंट की दुनिया में एक मजबूत पहचान बनाई। इसके अलावा, झावर स्टार टीवी नेटवर्क के साथ भी काम कर चुके हैं और वहां भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। प्राइम वीडियो में उनकी नई भूमिका के साथ, उम्मीद की जा रही है कि वह हिंदी ओरिजिनल फिल्मों में नए और रोमांचक कंटेंट को दर्शकों तक पहुंचाने में मदद करेंगे।
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माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) ने वाइस चांसलर (कुलगुरु) के रिक्त पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह विज्ञापन 30 अक्टूबर, 2024 को जारी किया गया है। विश्वविद्यालय में चयन हेतु निर्धारित योग्यताएं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय अधिनियम, 1990 के तहत निर्धारित की गई हैं, जिसका विस्तृत विवरण विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट (http://www.mcu.ac.in) पर उपलब्ध है। इच्छुक उम्मीदवार सभी आवश्यक योग्यताओं और प्रमाणित अनुभवों के साथ अपना आवेदन 14 नवंबर, 2024 तक शाम 5 बजे तक MCU के रजिस्ट्रार कार्यालय, भोपाल में जमा कर सकते हैं। आवेदन पत्र डाक द्वारा भी भेजा जा सकता है या ईमेल (registrar@mcu.ac.in) पर सबमिट किया जा सकता है। बता दें कि अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिए गए विवरणों को देख सकते हैं या MCU के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। डाक द्वारा आवेदन पत्र भेजने का पता: माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, माखनपुरम, शूटिंग एकेडमी के सामने, बिशनखेड़ी, भोपाल, मध्य प्रदेश (462044)
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केबल टीवी, डिजिटल टीवी और इंटरनेट के आने से पहले दूरदर्शन हर भारतीय घर का अभिन्न हिस्सा था। उस समय दूरदर्शन के न्यूजरीडर्स और एंकर्स बिना किसी सनसनी के, सरल और निष्पक्ष तरीके से खबरें प्रस्तुत करते थे। इन्हीं में से एक थे शम्मी नारंग, जो जाने-माने न्यूज एंकर और वॉयस ओवर आर्टिस्ट रहे हैं। इस बार 3 नवंबर को 'डीडी न्यूज' के स्थापना दिवस पर शम्मी नारंग विशेष रूप से फिर से 'डीडी न्यूज' के मंच पर लौटे। दूरदर्शन का यह न्यूज चैनल, जो 24 घंटे खबरें प्रसारित करता है, 2003 में शुरू हुआ था रविवार को शम्मी नारंग ने दर्शकों के लिए एक “विशेष सरप्राइज” के रूप में बुलेटिन पढ़ा। वीडियो में वे कहते हैं, “यह ऐसा है जैसे दुल्हन अपने मायके लौट रही हो।” उन्होंने इस अनुभव को अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा करते हुए लिखा, “लगभग 23 साल बाद, मैंने @DDNewslive के स्थापना दिवस पर बुलेटिन पढ़ा, जो मेरे लिए भी एक खास अनुभव था।” इस वीडियो को 16,000 से अधिक व्यूज मिल चुके हैं और इसे देखकर लोग अपने पुराने दिनों की यादों में खो गए। एक यूज़र ने लिखा, “बहुत सुंदर और भावुक कर देने वाला अनुभव। ये हमें उन दिनों में वापस ले गया जब न्यूज देखना एक खास आयोजन होता था। आपकी आवाज सुनना बहुत भावुक कर गया, ईश्वर आपका भला करे।” एक और यूज़र ने टिप्पणी की, “वो अच्छे दिन थे जब आप, सलमा सुल्तान, मीना तलवार और सरला एम न्यूज़ एंकर हुआ करती थीं। असली खबरें होती थीं, बिना शोर-शराबे के, बिना व्यक्तिगत राय के और बिना किसी बहस के।” एक तीसरे यूज़र ने लिखा, “अच्छा लगा ये देखना और उन दिनों को याद करना जब मैं 8:40 बजे का समाचार अपने माता-पिता के साथ देखता था।” बता दें कि 'डीडी न्यूज' हिंदी, अंग्रेज़ी, उर्दू और संस्कृत में रोजाना खबरें प्रसारित करता है। चैनल पर रोजाना 17 घंटे से अधिक का लाइव प्रसारण और 30 से अधिक न्यूज़ बुलेटिन प्रसारित किए जाते हैं, जो दर्शकों को हर भाषा में खबरों से जोड़ने का काम करते हैं।
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BARC इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, 'एनडीटीवी इंडिया' ने हिंदी न्यूज HSM कैटेगरी में 2% बाजार हिस्सेदारी दर्ज की है। मार्च 2022 में, एनडीटीवी ने BARC सिस्टम से बाहर निकलने का निर्णय लिया था। उन्होंने इसके पीछे कई कारण बताए थे, जैसे कि मीटरों की कमी, सिस्टम में कमजोरियां, पारदर्शिता का अभाव और भ्रष्टाचार की धारणा। एनडीटीवी ने तब कहा था, "एनडीटीवी ने बार-बार इस ओर इशारा किया है कि यदि बार्क एक ऐसी मापन प्रणाली (measurement process) सुनिश्चित करने के लिए गंभीर है, जिसमें हेराफेरी या छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है, तो एक बड़े सैंपल साइज (मीटर) की आवश्यकता है।‘ उनका कहना था कि रेटिंग में गड़बड़ी उजागर होने से वर्षों पहले से एनडीटीवी इस सिस्टम की तमाम कमजोरियों की ओर इशारा कर रहा है। दुर्भाग्य से, टीआरपी की रिपोर्टिंग फिर से शुरू करने के लिए बार्क जो बदलाव पेश कर रहा है, वे चिंताजनक रूप से अपर्याप्त हैं। ‘एनडीटीवी’ ग्रुप की प्रेजिडेंट सुपर्णा सिंह ने कहा था, "दुर्भाग्यवश, BARC द्वारा TRP रिपोर्टिंग फिर से शुरू करने पर जो बदलाव किए जा रहे हैं वे बेहद अपर्याप्त हैं।" इसके साथ ही सुपर्णा सिंह का यह भी कहना था कि ब्रॉडकास्टर को बार्क इंडिया की रेटिंग प्रणाली को फिर से शुरू किए जाने पर तक इसे सबस्क्राइब करना सुसंगत नहीं लगता, जब तक कि इसमें आवश्यक सुधार नहीं हो जाते। उन्होंने कहा था कि बार्क को ज्यादा मीटर लगाने और अधिक पारदर्शी बनाने की जरूरत है। अब एनडीटीवी का वापस आना दर्शाता है कि वे अपने दर्शकों और बाजार में अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहते हैं।
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भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव की तारीख बढ़ाने की मांग की और चुनाव आयोग ने कल इसकी घोषणा कर दी। ऐसा ही हरियाणा में हुआ था और वहां अप्रत्याशित चुनाव परिणाम आये थे। अब उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव की तारीख बढ़ाने की मांग पूरी कर दी गई है। खबर बड़ी है लेकिन वैसे छपी नहीं है। अंग्रेजी अखबारों में सिर्फ द हिन्दू में सेकेंड लीड है। कई अखबारों में यह पहले पन्ने पर नहीं है या छोटी सी है। अमर उजाला में यह दो कॉलम में है। खबर के अनुसार, अब 13 नवंबर को इन सीटों पर वोट नहीं डाले जाएंगे। नए शेड्यूल के मुताबिक इन सभी सीटों पर 20 नवंबर को वोटिंग होगी। विपक्षी दलों ने इस पर सवाल उठाया है और कहा है कि चुनाव टालने से योगी आदित्यनाथ सरकार की अगुआई वाली भाजपा अपनी हार नहीं टाल सकती। दूसरी ओर, इस निर्णय़ को उचित ठहराने के लिए दलील दी गई है कि 13 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा है। गंगा स्नान के चलते बीजेपी और रालोद ने चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग की थी। अमर उजाला की खबर, “तीन राज्यों की 14 सीटों पर अब 20 को मतदान” में कहा गया है, यूपी में भाजपा, बसपा और रालोद ने कहा था कि कार्तिक पूर्णिमा 15 नवंबर को है। कांग्रेस ने कहा था कि केरल की पलक्कड़ विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में मतदाता 13 से 15 नवंबर तक कल्पती रथोत्सवम का त्योहार मनाएंगे। पार्टी ने कहा था कि पंजाब में 15 नवंबर को श्री गुरु नानक देव के 555वां प्रकाश पर्व है। इसके लिए अखंड पाठ 13 नवंबर से शुरू हो जाएगा। इस लिहाज से अगर यह मान लिया जाये कि चुनाव की तारीख बढ़ाना बिल्कुल जायज है तो सवाल पैदा होता है कि पहले की तारीखें घोषित करने से पहले इन बातों का ख्याल क्यों नहीं रखा गया? अगर 13 तारीख को मतदान वाले कुछ चुनाव क्षेत्रों में लोगों और उम्मीदवारों को राहत दी जा रही है तो सबको क्यों नहीं? त्यौहार का कारण अपनी जगह है लेकिन चुनाव प्रचार और उसके लिए समय भी कोई चीज है। किसी चुनाव क्षेत्र में उम्मीदवारों और मतदाताओं को कम या ज्यादा समय क्यों? चुनाव की तारीख तय करना और समय पर चुनाव कराना – चुनाव आयोग के दो महत्वूपूर्ण कार्यों में है। चुनाव आयोग इन दो कामों में लगातार चूक रहा है और चिट्ठी लिखने में उस्तादी दिखा रहा है। चिट्ठी लिखना और किसी पार्टी की छवि खराब करना (या बनाना) चुनाव आयोग का काम नहीं है। कुल मिलाकर, चुनाव आयोग अपने मूल काम में कमजोर दिख रहा है। अखबारों ने तारीख बदलने के कारण बताये हैं लेकिन इससे ज्यादा जरूरी यह बताना है कि पहले की तारीखें घोषित करने में इन बातों का ख्याल क्यों नहीं रखा गया या इन त्यौहारों के बावजूद चुनाव रखा ही क्यों गया था? अखबारों में इसके जवाब के बिना खबर अधूरी है। समाजवादी पार्टी ने उपचुनाव की तारीखों में बदलाव को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला बोला है। यह भी खबर है और इसलिए भी इसे पहले पन्ने पर होना चाहिये था। सपा प्रवक्ता आजम खान ने कहा, “चुनाव में हार के डर से चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ाया जा रहा है। आरोप है कि बीजेपी चुनावी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। कहा कि इसका असर चुनाव के नतीजों पर नहीं पड़ेगा। समाजवादी पार्टी उपचुनाव में जीत दर्ज करेगी।” चुनाव की तारीख में बदलाव को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी पर निशाना साधा, लिखा – “टालेंगे तो और भी बुरा हारेंगे! पहले मिल्कीपुर का उपचुनाव टाला, अब बाक़ी सीटों के उपचुनाव की तारीख़, भाजपा इतनी कमजोर कभी न थी। दरअसल बात ये है कि यूपी में ‘महा बेरोज़गारी’ से जो लोग पूरे देश में काम-रोज़गार के लिए जाते हैं। वो दिवाली और छठ की छुट्टी लेकर यूपी आए हुए हैं। उपचुनाव में भाजपा को हराने के लिए वोट डालनेवाले थे। जैसे ही भाजपा को इसकी भनक लगी, उसने उपचुनावों को आगे खिसका दिया। इससे लोगों की छुट्टी ख़त्म हो जाए और वो बिना वोट डाले ही वापस चले जाएं।” ऐसा नहीं है कि ये तर्क निराधार हैं और कांग्रेस ने भी मांग की थी इसलिए तारीख बदल दिया जाना जायज हो गया है। महाराष्ट्र और झारखंड चुनाव में भाजपा का मुद्दा हिन्दू-मुसलमान है और कल प्रधानमंत्री ने अपने भाषण से साबित कर दिया कि वे अपने मुख्यमंत्री हिमन्त बिश्व सरमा से अलग बिल्कुल नहीं हैं। ऐसे में आज कनाडा में मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों का हमला, शीर्षक लीड अमर उजाला में छह कॉलम में है। इसके बुलेट प्वाइंट से प्रधानमंत्री और सरकार की परेशानी का पता चलता है। पीएम मोदी का सख्त बयान : जानबूझकर किया गया हमला निन्दनीय …. भारतीय राजनयिकों को डराना कायरता। प्रदर्शनकारियों ने श्रद्धालुओं को लाठी-डंडों से पीटा। कनाडा पुलिस ने भी दिया हिसंक भीड़ का साथ : हमले के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे तीन लोगों को ही कर लिया गिरफ्तार। मैं इस खबर पर कुछ नहीं कहूंगा पर बताना चाहूंगा कि नवोदय टाइम्स में यह खबर लीड नहीं है। चार कॉलम की खबर जरूर है। कनाडा के मंदिर में हिंसा, भारत ने कड़ा विरोध जताया। इसमें कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की यह अपील भी है कि सरकार सख्ती से विरोध करे। मतलब कड़ा विरोध पर्याप्त नहीं है। जो भी हो, भारत में 10 साल से भाजपा के सत्ता में होने के बावजूद अगर हिन्दू खतरे में हैं और बंटेंगे तो कटेंगे तथा विपक्ष सत्ता में आ गया तो जो सब होने की जानकारी प्रधानमंत्री ने दी है और चुनाव आयोग ने चुप-चाप सुना है तो जाहिर है आरएसएस अभी पर्याप्त मजबूत और सक्षम नहीं हुआ है। खबर यह होनी चाहिये थी आरएसएस और भाजपा को अभी मजबूत किये जाने की जरूरत है और तब तक इन्हें सत्ता किसी और को सौंप देनी चाहिये जो इनसे बेहतर सरकार चलाते थे और भ्रष्टाचार किया भी तो पकड़ा नहीं गया न कि इलेक्टोरल बांड जैसा कुछ गैर कानूनी किया। सुप्रीम कोर्ट की हालत यह बना दी कि इसपर और कई अन्य मामलों में कार्रवाई तो नहीं ही हुई। आज मुख्य न्यायाधीश ने जो कहा है वह प्रचारक जैसा है। नवोदय टाइम्स में शीर्षक है, “भारतीय समाज मजबूत, संविधान पर कोई खतरा नहीं : सीजेआई। कहने की जरूरत नहीं है सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, सीबीआई की भूमिका, ईडी का दुरुपयोग आदि ही नहीं प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और राज्यपालों के चुनाव प्रचार भी बताते हैं कि संविधान खतरे में है। चुनावी पूर्वानुमान गलत होने लगे हैं, ईवीएम शक के घेरे में है और संतोषजनक जवाब नहीं हैं। एक समय ईवीएम का विरोध करने वाले अब सरकार के साथ हैं। ईवीएम पर चुप हैं और सरकार उनके समर्थन से टिकी हुई है। दूसरी ओर, एक साल पहले ईडी ने उन्हें जिस घोटाले में गिरफ्तार किया था अब उसके पास उसमें उनके शामिल होने का कोई संबंध नहीं है। आप समझ सकते हैं कि क्या कैसे हुआ होगा और क्या चल रहा है। उधर, अनुच्छेद 370 हटाने के बाद कश्मीर में चुनाव नहीं हुए, जब हुए तो भाजपा जीत नहीं पाई और अब तक सरकार बन गई है तो पीडीपी के सदस्य ने अनुच्छेद- 370 पर प्रस्ताव पेश किया। भाजपा सदस्यों ने इसका विरोध किया है। दि एशियन एज में यह खबर फोटो के साथ पांच कॉलम में छपी है। इंडियन एक्सप्रेस में दो कॉलम की खबर है और एक कॉलम की फोटो। संविधान पर हमले का एक और उदाहरण जेपीसी का काम और उसमें भाजपा सदस्यों की भूमिका है। इसका नतीजा यह है कि सेबी प्रमुख, माधवी पुरी बुच संसदीय समित के समझ उपस्थिति ही नहीं हुईं। आज इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक खबर के अनुसार संयुक्त संसदीय समिति के विपक्षी सदस्यों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष और भाजपा सांसद जगदंबिका पाल पर एकतरफा फैसलों का आरोप लगाया है और कहा है कि वे जेपीसी से अलग होने के लिये मजबूर हो सकते हैं। खबर है कि विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करने वाले हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के नाम लिखे पत्र में यह दावा भी किया कि समिति की कार्यवाही में उनको अनसुना किया गया। खबर है कि विपक्षी सांसद मंगलवार को इस मामले पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलेंगे। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष के नाम लिखे पत्र में यह दावा भी किया कि समिति की कार्यवाही में उनको अनसुना किया गया। इंडियन एक्सप्रेस में यह खबर पहले पन्ने पर एक कॉलम में है। दूसरे अखबार में यह खबर दिखी नहीं। तीन नंवंबर की तारीख वाले इस पत्र पर छह विपक्षी सांसदों के दस्तखत हैं। इनमें एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, कांग्रेस के मोहम्मद जावेद, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, द्रमुक के एमएम अब्दुल्ला और तृणणूल कांग्रेस के मोहम्मद नदीमूल हक शामिल हैं। आज इन और ऐसी खबरों के बीच, “पटाखों पर प्रतिबंध के निर्देशों पर अमल नहीं होने पर चिन्ता” कई अखबारों में लीड है। उदाहरण के लिए टाइम्स ऑफ इंडिया में यह पहले पन्ने से पहले के अधपन्ने पर लीड है जबकि हिन्दुस्तान टाइम्स में यह पहले पन्ने पर लीड है। शीर्षक है, वायु संकट के बीच पटाखों पर प्रतिबंध के उल्लंघन की सुप्रीम कोर्ट ने आलोचना की। टाइम्स ऑफ इंडिया का शीर्षक है, पटाखों पर प्रतिबंध का उल्लंघन कैसे हुआ? सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, सरकार को नोटिस भेजा। टाइम्स ऑफ इंडिया की लीड कनाडा के मंदिर और वहां हिन्दुओं पर हमले की प्रधानमंत्री ने आलोचना है। पर दिलचस्प खबर दि एशियन एज में है। इसके अनुसार प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया है – जेएमएम कांग्रेस घुसपैठियों का गठजोड़ है। मेरे लिये तो यह समझना मुश्किल है कि ऐसा कैसे कहा जा सकता है। इसका आधार या सिर पैर कहां -क्या होगा। पर प्रधानमंत्री हैं, कहा है तो खबर है ही। इसका फ्लैग शीर्षक है, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीत चरम पर। मैं यह समझ नहीं पा रहा हूं कि अपनी कमजोरी को स्वीकार करने का यह कौन सा तरीका है। अगर यह गलत है और भ्रष्टाचार तो गलत है ही, तो केंद्र में प्रधानमंत्री के पद पर बैठकर नरेन्द्र मोदी 10 साल से क्या कर रहे हैं? जनता को लगेगा कि राज्य सरकार भ्रष्ट है तो हटा ही देगी जैसे 2014 में केंद्र सरकार को हटाया था पर ना खाउंगा ना खाने दूंगा के बावजूद झारखंड की सरकार भ्रष्टाचार करती रही तो आप क्या कर रहे थे? स्थिति यह है कि वाशिंग मशीन में धुले सभी दलों के भाजपाई नेताओं और इलेक्टोरल बांड के रूप में मौजूद दस्तावेज भाजपा के बड़े भ्रष्टाचार की कहानी कहते हैं फिर भी प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार के ऐसे हल्के और हवाई आरोपों से क्या उम्मीद कर रहे हैं। वे ऐसे आरोप लगा रहे हैं और मीडिया कुछ कह-लिख या बता नहीं पा रहा है यह उसके शीघ्र पतन का लक्ष्ण है। आप जानते हैं कि आप आदमी पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल को इस बारे में पहले ही लिखा था अब दिल्ली सरकार से पूछा जा रहा है। आग जो होगा वह तो बाद में पता चलेगा पर सबको पता है कि पटाखों को हिन्दुओं के त्यौहार से जोड़ दिया गया था, पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और पिछली बार तो भाजपा के कई नेताओं ने खुलेआम प्रतिबंध का उल्लंघन किया। पटाखा समर्थकों को यह बताने-समझाने की कोई कशिश नहीं हुई कि इस धार्मिक उत्साह और प्रतिबंध के उल्लंघन का असर आम लोगों के साथ बच्चों-बुजर्गों और बीमारों पर होगा।
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BW बिजनेसवर्ल्ड ने हाल ही में अपनी नई अंक जारी किया है, जिसमें भारत में बदलती लग्जरी की परिभाषा और त्योहारी सीजन के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण पर गहराई से विचार किया गया है। इस अंक में विशेष रूप से उन तरीकों पर प्रकाश डाला गया है जिनसे लग्जरी ब्रैंड्स उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को ध्यान में रखते हुए खुद में बदलाव ला रहे हैं और टिकाऊ व तकनीकी समायोजन कर रहे हैं। इस अंक में लग्जरी क्षेत्र में बढ़ती टिकाऊपन और तकनीकी विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो आज के जागरूक उपभोक्ताओं की प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करता है। इस बदलाव से पता चलता है कि कैसे ब्रैंड्स उपभोक्ता की बदलती मांगों को पूरा करने के लिए अपने उत्पादों में बदलाव कर रहे हैं। इस अंक की कवर स्टोरी में बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना शामिल हैं, जिन्होंने स्टाइल, लग्जरी और दर्शकों के साथ सार्थक संबंधों पर अपने विचार साझा किए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लग्जरी ब्रैंड्स को अपने ग्राहकों के साथ ठोस और सार्थक जुड़ाव बनाना चाहिए। इस सोच को कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने भी समर्थन दिया है और आने वाले रुझानों पर अपने विचार साझा किए हैं। इस अंक में यह भी बताया गया है कि अत्याधुनिक तकनीक लग्जरी सेक्टर में कैसे बदलाव ला रही है। ग्राहक अनुभव को और अधिक निजीकरण की ओर ले जाते हुए, तकनीक न केवल उपभोक्ताओं के लिए विशेष अनुभव देने में मददगार है, बल्कि यह ब्रैंड्स को उनकी टिकाऊ यात्रा में भी सहायक सिद्ध हो रही है। डेटा-ड्रिवन इनसाइट्स का उपयोग करके, लग्जरी ब्रैंड्स ऐसे अनूठे अनुभव बना रहे हैं जो ग्राहकों की व्यक्तिगत पसंद के अनुकूल हों, जिससे उनकी सफलता सुनिश्चित होती है। इस अंक में एक और महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान दिया गया है, जो भारत के लग्जरी बाजार में बड़ा बदलाव ला रहा है- सेकेंड-हैंड लग्जरी मार्केट। एक अनुमान के अनुसार, यह सेक्टर 2032 तक 1,556.2 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। खासकर जागरूक उपभोक्ता अब अधिक टिकाऊ विकल्प के तौर पर प्री-ओन्ड लग्जरी वस्तुओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे कई बड़े लग्जरी ब्रैंड्स भी इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। इस विशेष अंक में भारत के त्योहारी सीजन, खासकर दीवाली का आर्थिक प्रभाव भी विश्लेषण किया गया है। Flipkart और Amazon जैसे बड़े रिटेल ब्रैंड्स ने अक्टूबर से दिसंबर के बीच बिक्री में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि की उम्मीद जताई है। इसी तरह, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में भी त्योहारी छूट, नए मॉडल्स की लॉन्चिंग और उपभोक्ता मांग के कारण 15-20 प्रतिशत तक की बिक्री वृद्धि का अनुमान है। ज्वेलरी बाजार में भी त्योहारी सीजन एक महत्वपूर्ण अवसर लेकर आता है, विशेष रूप से युवा ग्राहकों की बढ़ती रुचि के कारण। इस अवधि में सोने की खरीददारी को भी शुभ माना जाता है, जो समृद्धि का प्रतीक है। त्योहारी सीजन केवल आभूषण ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान और FMCG जैसे अन्य उद्योगों के लिए भी एक वरदान साबित होता है। खुदरा विक्रेता आकर्षक छूट और ऑफर्स के साथ उपभोक्ताओं को लुभाते हैं, जिससे बाजार में तेजी आती है। सांस्कृतिक उत्सवों और आर्थिक समृद्धि के बीच का यह गहरा संबंध आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस अवधि में स्टॉक मार्केट में भी वृद्धि देखी जाती है, जो समृद्धि और शुभता से जुड़ा हुआ है। BW Businessworld की यह नई अंक डिजिटल और प्रिंट दोनों प्रारूपों में उपलब्ध है। अधिक जानकारी और सभी खबरों को विस्तार से पढ़ने के लिए BW Businessworld की नवीनतम डिजिटल संस्करण पर क्लिक करें।
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प्रसार भारती में वेब डेवलपर के पदों पर वैकेंसी है. आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीटेक, एमसीए या एमएससी की डिग्री होनी अनिवार्य है. इसके अलावा उम्र सीमा 38 वर्ष और संबंधित क्षेत्र में करीब 6 वर्ष के कामकाज का अनुभव होना भी जरूरी है. वेब डेवलपर (PHP) के पद पर चयनित होने वाले उम्मीदवार को प्रति माह 1,20,000 रुपये वेतन दिया जाएगा. एग्जाम और इंटरव्यू के बाद पोस्टिंग दिल्ली में दी जाएगी. यह पद कांट्रैक्ट बेस पर हैं जिसकी अवधि दो वर्ष रहेगी और कुल तीन पद हैं. अधिक जानकारी व आवेदन करने के लिए https://prasarbharati.gov.in/pbvacancies/ पर जाये
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यूपी के गाजियाबाद में एक खबर प्रकाशित करने पर संपादक इमरान खान की गिरफ्तारी को लेकर पीसीआई (प्रेस क्लब ऑफ इंडिया) ने कड़ी निंदा की है। पीसीआई ने एक ट्वीट कर लिखा है कि- “हम यूपी के गाजियाबाद में पत्रकार इमरान खान की रिपोर्टिंग को लेकर हुई गिरफ्तारी से चिंतित हैं। उनकी रिपोर्टिंग लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान एक विपक्षी नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कवरेज पर आधारित थी। चुनाव के महीनों बाद स्थानीय सांसद की शिकायत पर यूपी पुलिस ने करीब एक महीने पहले एफआईआर दर्ज की और कल सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया। मैसेंजर को गोली मारना अब पूरे देश में एक नई सामान्य बात बन गई है। हम आग्रह करते हैं यूपी सरकार पत्रकारों की कार्यप्रणाली और कामकाज के संबंध में पुलिस कर्मियों को जागरूक करे।” बता दें कि गाजियाबाद में लोकसभा चुनाव के दौरान इमरान खान ने कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा के एक भाषण को लेकर सांसद व पूर्व मंत्री अतुल गर्ग को लेकर एक लेख प्रकाशित किया था, जिसके बाद अतुल गर्ग ने कविनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इमरान को इसी मामले में अब गिरफ्तार कर लिया गया है।
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अयोध्या नगरी 25 लाख से ज़्यादा दीपों के बीच जगमगायी। दीपोत्सव का दिव्य नज़ारा देखने को मिला। अय़ोध्या के 55 घाटों पर एक साथ 25 लाख 12 हजार 585 दीए जलाकर गिनीज़ बुक का विश्व रिकॉर्ड बनाया गया। सरयू के तट पर 1,121 वेदाचार्यों ने एक साथ सरयू की आरती की। ऐसा अयोध्या में पहली बार हुआ है। अयोध्या में सनातन धर्म की विरासत औऱ त्रेतायुग की दिवाली की झलक दिखाई दी। दीपोत्सव से पहले 1,121 संतों-महंतो ने सरयू घाट पर भव्य आरती की। योगी ने दीपोत्सव पर राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया। सनातन धर्म का विरोध करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। राम मंदिर के निर्माण पर योगी आदित्यनाथ ने डंके की चोट पर कहा कि हमने जो कहा वह करके दिखाया। अयोध्या में रिकॉर्ड दीये जलाने के उत्सव में कई संदेश छिपे हैं। एक तो ये कि रामलला के मंदिर में विराजमान होने के बाद ये दीपोत्सव का पहला उत्सव है, जो याद दिलाता है कि नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के निर्माण का वादा पूरा किया। इसलिए योगी ने याद दिलाया, जो कहा वह करके दिखाया है। दूसरा, दीपोत्सव के बहाने योगी ने हिंदू समाज को एक होने का आह्वान किया। सनातन पर हमला करने वालों को चेतावनी दी। तीसरी बात, राम मंदिर को लेकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने अपनी गलती दोहराई। उन्होंने एक बार फिर अयोध्या में दीपोत्सव का विरोध किया। एक ने भेदभाव का नाम लिया तो दूसरे ने दीयों के तेल से फैलने वाली गंदगी को बहाना बनाया। अयोध्या में दिवाली के अवसर पर दीपोत्सव के प्रति लोगों के उत्साह को देखते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का स्टैंड बचकाना लगता है। ये वही काम है जो उन्होंने प्राण प्रतिष्ठा के समय किया था । अयोध्या में राम का मंदिर बना है, रामलला विराजमान हुए हैं, इसके बाद पहली दीपावली है। सबको इसे मिलकर मनाना चाहिए। इसपर विवाद खड़ा करने का क्या फायदा? लेकिन विवाद सिर्फ अयोध्या के दीपोत्सव को लेकर नहीं हुआ, पटाखों और आतिशबाजी पर भी सवाल उठाए गए।
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हाल ही में सीएनएन के एक पत्रकार ने अल जज़ीरा के मुस्लिम पत्रकार मेहदी हसन के खिलाफ नस्लवादी बयानबाजी की थी. मामले में सीएनएन ने पत्रकार के अगेंस्ट सख्त कदम उठाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चैनल ने अपने पत्रकार रयान गिर्डुस्की को चैनल से बाहर कर दिया है. साथ ही सीएनएन ने अपने जर्नलिस्ट की इस हरकत पर माफी भी मांगी है. अमेरिका में रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रम्प की रैली को लेकर सीएनएन पर डिबेट चल रहा था. चर्चा में बैठे सीएनएन के पत्रकार रयान गिर्डुस्की ने पत्रकार मेहदी हसन से कहा कि- “आपका बीपर बंद नहीं होगा.” इससे पहले हसन ने कहा- “वे फिलिस्तीनी सपोर्टर हैं.” सीएनएन ने अपने बयान में कहा- चैनल में नस्लवाद के लिए कोई जगह नहीं है. रयान गिर्डुस्की को हमारे नेटवर्क में कभी दोबारा नहीं आने दिया जाएगा.
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फ्लिपकार्ट इंटरनेट (Flipkart Internet) ने 2023-24 में विज्ञापन से लगभग 5000 करोड़ रुपये कमाए, जो पिछले साल के 3324.7 करोड़ रुपये से अधिक है। बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म 'टॉफलर' (Tofler) की रिपोर्ट के अनुसार, फ्लिपकार्ट ने इस वित्त वर्ष में कुल 17,907.3 करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया, जो सालाना आधार पर लगभग 21% की वृद्धि है। इसके साथ ही, कंपनी का घाटा 41% घटकर 2,358 करोड़ रुपये पर आ गया। यह लगातार दूसरा साल है जब फ्लिपकार्ट इंटरनेट ने 20% से अधिक वृद्धि दर्ज की है और घाटे में कमी आई है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली इस कंपनी ने इस साल मार्केटप्लेस फीस से 3,734 करोड़ रुपये कमाए, जो पिछले वर्ष के 3,713.2 करोड़ रुपये से अधिक है। कलेक्शन सेवाओं से आय बढ़कर 1,225.8 करोड़ रुपये हो गई, जो पहले 1,114.3 करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञापन से हुई आय ने विभिन्न मार्केट फीस को भी पीछे छोड़ दिया है। फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति के मुनाफे पर ध्यान केंद्रित करने के लक्ष्य के साथ, कंपनी की आय बढ़ी है और घाटा घटा है। संगठनात्मक पुनर्गठन के कारण कंपनी के संचालन खर्च भी कम हुए हैं, जो इसके मुनाफे में योगदान दे रहे हैं। फ्लिपकार्ट का बाजार खंड मुख्य रूप से विक्रेताओं से कमीशन, विज्ञापन और अन्य सेवाओं की फीस से कमाई करता है।
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डिज्नी इंडिया में स्टूडियो के हेड विक्रम दुग्गल ने रिलायंस और डिज्नी के मर्जर के बाद बनी नई इकाई का हिस्सा न बनने का फैसला किया है, लेकिन वह डिज्नी के साथ जुड़े रहेंगे। स्टार में विक्रम दुग्गल ने डिज्नी, पिक्सर, मार्वल, लुकासफिल्म, 20th सेंचुरी स्टूडियोज और सर्चलाइट पिक्चर्स जैसे प्रतिष्ठित ब्रैंड्स की वैश्विक फिल्मों और फॉक्स स्टार स्टूडियोज के तहत स्थानीय प्रोडक्शंस का जिम्मा संभाला है। उन्होंने देश में इन ग्लोबल फिल्मों की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के अलावा, स्थानीय प्रोडक्शंस के लिए क्रिएटिव, मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन स्ट्रैटजी का नेतृत्व किया है। उनके नेतृत्व में स्टूडियो का कारोबार उपभोक्ता, रचनात्मकता और स्थानीयकरण पर केंद्रित रहकर तेजी से बढ़ा है। उनके मार्गदर्शन में 'एवेंजर्स: एंडगेम' (2019 में भारत में नंबर 1 फिल्म), 'एवेंजर्स: इनफिनिटी वॉर', 'थॉर रग्नारोक', 'ब्लैक पैंथर', 'द लॉयन किंग' और 'फ्रोजन 2' जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए। इससे पहले, विक्रम ने स्टूडियोज बिजनेस के लिए मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन का नेतृत्व किया था और डिज्नी इंडिया में कॉर्पोरेट रणनीति और बिजनेस ग्रोथ की जिम्मेदारियां भी संभाली थीं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मीडिया नेटवर्क्स बिजनेस के लिए मार्केटिंग और डिजिटल इनीशिएटिव्स का नेतृत्व किया और भारत में डिज्नी के टीवी बिजनेस के निर्माण में रचनात्मक सहयोग किया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और वॉल्ट डिज्नी कंपनी के स्टार इंडिया के बीच मर्जर नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे पहले डिज्नी स्टार के कंट्री मैनेजर और प्रेसिडेंट के. माधवन और डिज्नी + हॉटस्टार के प्रमुख सजीत सिवानंदन भी अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं
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इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म पर केंद्रित ऑनलाइन न्यूज पोर्टल ‘गोवा क्रॉनिकल’ (Goa Chronicle) के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ सावियो रोड्रिग्स ने हाल ही में अपने न्यूज पोर्टल को लेकर बड़ी घोषणा की। उन्होंने सोशल मीडिया पर संकेत दिए कि आर्थिक चुनौतियों और सच्चाई की पत्रकारिता के प्रति उनके समर्पण के चलते पोर्टल को जल्द ही बंद करने पर विचार किया जा सकता है। सावियो ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘गोवा क्रॉनिकल हमारी मेहनत, लगन और सच्ची पत्रकारिता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। पिछले 14 वर्षों से हम सच्चाई का साथ देने के लिए कई कुर्बानियां कर चुके हैं, लेकिन अब इसे जीवित रखना कठिन हो गया है क्योंकि सच्चाई की पत्रकारिता लाभदायक नहीं है और हम सच्चाई से इतर कुछ भी नहीं लिख सकते।’ उन्होंने आगे कहा कि आने वाले हफ्तों में टीम को कुछ कठोर निर्णय लेने होंगे कि क्या इस राह पर चलना जारी रखा जाए या नहीं। दिल तो टूटेगा, पर एक हद के बाद आपको छोड़कर आगे बढ़ना ही होता है। उन्होंने अपने पाठकों से उन्हें याद रखने की अपील करते हुए कहा, ‘हमने हमेशा देश और मानवता के हित के लिए कठिनाइयों का सामना किया है।’
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जानी-मानी न्यूज एंकर प्रतिमा मिश्रा एक बार फिर ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में शामिल हो गई हैं। उन्होंने यहां पर एंकर कम सीनियर स्पेशल करेसपॉन्डेंट के पद पर जॉइन किया है। इस बारे में प्रतिमा मिश्रा ने अपने ‘एक्स’ (X) हैंडल पर भी जानकारी शेयर की है। बता दें कि इससे पहले प्रतिमा मिश्रा करीब दो साल से 'टीवी9 भारतवर्ष' में स्पेशल कॉरेस्पोंडेंट व एंकर की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वह यहां ‘एबीपी न्यूज’ में अपनी करीब दस साल पुरानी पारी को विराम देकर आई थीं। उस समय वह एबीपी न्यूज में प्रिंसिपल कॉरेस्पोंडेंट व एंकर के पद पर कार्यरत थीं। मुंबई में जन्मी व दिल्ली-एनसीआर में पली-बढ़ी प्रतिमा मिश्रा ने ‘एबीपी न्यूज’ जून, 2012 में बतौर रिपोर्टर जॉइन किया था। उन्होंने अब तक देश में राजनीति, दंगे, अपराध, खेल, घोटाले और चुनावों पर रिपोर्टिंग की है। 2012 के दिल्ली गैंगरेप मामले में उन्होंने बड़े पैमाने पर रिपोर्ट की, जिसने देश को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने कश्मीर बाढ़, आईपीएल सीजन-8 और दिल्ली चुनावों को भी कवर किया है। इसके अलावा वर्ष 2020 में हुए हाथरस दुष्कर्म मामले में उन्होंने नॉनस्टॉप 27 घंटे रिपोर्टिंग की थी। प्रतिमा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में स्नातक किया और इसके बाद उन्होंने ‘सीएनएन-आबीएन’ में इंटर्नशिप की। प्रतिमा मिश्रा को 2017 में बहुप्रतिष्ठित अवॉर्ड रामनाथ गोयनका व 2021 में एक्सचेंज4मीडिया के बहुप्रतिष्ठित अवॉर्ड ‘enba’ से सम्मानित किया जा चुका है। Dakhal.Net की ओर से प्रतिमा मिश्रा को उनकी नई पारी के लिए ढेरों बधाई औऱ शुभकामनाएं
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भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने हाल ही में ग्राउंड-बेस्ड ब्रॉडकास्टर्स के लिए एक नियामक ढांचा विकसित करने के संबंध में एक परामर्श पत्र जारी किया है। यह पहल नॉन-सैटेलाइट ब्रॉडकास्टिंग तकनीकों के उपयोग और उनके नियमन पर स्टेकहोल्डर्स से प्रतिक्रियाएं प्राप्त करने के लिए की गई है। इस पत्र का उद्देश्य भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में नये विकास और अवसरों को सामने लाना है, खासकर ग्राउंड-बेस्ड टेरेस्ट्रियल ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र वर्तमान स्थिति वर्तमान में, भारत में ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत काम कर रही है। ये दिशा-निर्देश टेलीविजन चैनलों को सैटेलाइट आधारित अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग के माध्यम से कंटेंट वितरण प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों (DPOs) तक पहुंचाने की अनुमति देते हैं। यह प्रणाली लंबे समय से उद्योग का मुख्य आधार रही है। हालांकि, नई तकनीकों के आगमन ने ग्राउंड-बेस्ड टेरेस्ट्रियल तकनीकों का उपयोग संभव बना दिया है। इससे न केवल ब्रॉडकास्टर्स को अधिक विकल्प मिलते हैं, बल्कि DPOs को भी वितरण के नए तरीके उपलब्ध होते हैं। ग्राउंड-बेस्ड चैनल, सैटेलाइट चैनलों की तरह ही, कई DPO नेटवर्क के माध्यम से वितरित किए जा सकते हैं, और व्यावसायिक शर्तों पर ग्राहकों तक पुनः प्रसारित किए जा सकते हैं। TRAI का उद्देश्य इस तकनीकी बदलाव को ध्यान में रखते हुए, TRAI का उद्देश्य एक ऐसा नियामक ढांचा तैयार करना है जो टेरेस्ट्रियल ब्रॉडकास्टिंग तकनीकों के उपयोग को सुगम बनाए और उद्योग के मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करे। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि तकनीकी क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहा है, और ब्रॉडकास्टर्स को नए समाधान और तकनीकें अपनाने की आवश्यकता है। पूर्वी सिफारिशें TRAI ने पहले भी नवंबर 2014 में MIB को प्लेटफॉर्म सेवाओं के नियमन पर कुछ सिफारिशें दी थीं, जिसमें ग्राउंड-बेस्ड ब्रॉडकास्टिंग से संबंधित तत्व शामिल थे। हालांकि, MIB ने 22 मई, 2024 को एक पत्र के माध्यम से बताया कि 2014 से अब तक इस संदर्भ में कई महत्वपूर्ण बदलाव हो चुके हैं। इन परिवर्तनों की समीक्षा के बाद, MIB ने TRAI से अनुरोध किया है कि वह वर्तमान प्रसारण परिदृश्य के अनुसार नई सिफारिशें प्रदान करें। यह प्रक्रिया TRAI अधिनियम, 1997 की धारा 11(1)(a) के तहत की जा रही है, जो TRAI को अपने दायित्वों को निभाने का अधिकार देती है। ### परामर्श पत्र की प्रक्रिया TRAI ने इस प्रक्रिया के हिस्से के रूप में परामर्श पत्र जारी किया है और इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स से प्रतिक्रिया आमंत्रित की है। स्टेकहोल्डर्स को 15 नवंबर तक अपने लिखित सुझाव प्रस्तुत करने होंगे, जबकि काउंटर-कमेंट्स 29 नवंबर तक स्वीकार किए जाएंगे। यह प्रक्रिया विभिन्न खिलाड़ियों को अपनी आवाज उठाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, ताकि सभी संबंधित पक्षों की चिंताओं और सुझावों को ध्यान में रखा जा सके। संभावित लाभ TRAI का यह कदम भारतीय ब्रॉडकास्ट इंडस्ट्री में कई संभावित लाभ लेकर आ सकता है। सबसे पहले, यह ग्राउंड-बेस्ड ब्रॉडकास्टिंग के उपयोग को बढ़ावा देगा, जिससे दर्शकों को बेहतर और विविध सामग्री मिल सकेगी। इससे नई तकनीकों का विकास और अपनाना भी संभव होगा, जो कि इंडस्ट्री के लिए दीर्घकालिक लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इसके अलावा, इस कदम से न केवल ब्रॉडकास्टर्स के लिए बल्कि DPOs के लिए भी नए व्यापार मॉडल विकसित करने का अवसर मिलेगा। इससे वे अपने ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य प्रदान कर सकेंगे। चुनौतियाँ हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ चुनौतियाँ भी हो सकती हैं। विभिन्न तकनीकों और मानकों के बीच संतुलन बनाना एक कठिन कार्य होगा। इसके अलावा, पुराने सैटेलाइट सिस्टम और नए ग्राउंड-बेस्ड सिस्टम के बीच समन्वय स्थापित करना आवश्यक होगा। इंडस्ट्री के विभिन्न हितधारकों के बीच मतभेद भी एक समस्या हो सकती है। इसीलिए, TRAI को एक ऐसा ढांचा विकसित करने की आवश्यकता है जो सभी पक्षों की चिंताओं का समाधान कर सके और इंडस्ट्री के विकास में सहायक हो। समापन भारतीय ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री में चल रहे इस परिवर्तन का TRAI द्वारा जारी परामर्श पत्र के माध्यम से एक महत्वपूर्ण दिशा में कदम बढ़ाने की तैयारी है। यह न केवल तकनीकी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह स्टेकहोल्डर्स के लिए संवाद और सहयोग का एक मंच भी प्रदान करता है। TRAI का यह प्रयास इंडस्ट्री के सभी खिलाड़ियों को एक साथ लाने और एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी ब्रॉडकास्टिंग वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके द्वारा न केवल उद्योग के वर्तमान परिदृश्य को बेहतर बनाया जाएगा, बल्कि यह भविष्य में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा। इस संदर्भ में, सभी स्टेकहोल्डर्स को अपनी राय और सुझाव प्रस्तुत करने का अवसर मिला है, जो कि उद्योग की दिशा को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अब देखना यह है कि क्या TRAI और MIB इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक लागू कर पाते हैं और ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री को एक नई ऊंचाई पर ले जाने में सक्षम होते हैं।
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वरिष्ठ पत्रकार रजनीश आहूजा ने कुछ समय पहले ही देश के जाने-माने न्यूज नेटवर्क्स में शुमार ‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज एंड प्रॉडक्शन) के रूप में कार्यभार संभाला है। रजनीश आहूजा की पहचान पारंपरिक पत्रकारिता को आधुनिक डिजिटल तकनीक के साथ कुशलतापूर्वक जोड़ने के लिए की जाती है। इस महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिका में उनका विजन ‘एबीपी न्यूज’ को नए युग में अग्रणी बनाने का है, जहां पारंपरिक पत्रकारिता और डिजिटल प्लेटफार्म्स के बीच सामंजस्य बैठाया जाएगा। ‘Dakhal News के साथ खास बातचीत में उन्होंने मीडिया के तेजी से बदलते परिदृश्य में ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) को आगे बढ़ाने के अपने विजन को साझा किया। इस बातचीत में रजनीश आहूजा ने स्पष्ट रूप से अपनी सोच और प्राथमिकताओं को शेयर किया। प्रस्तुत हैं इस बातचीत के प्रमुख अंश: आपने कुछ समय पहले ही ‘एबीपी नेटवर्क’ में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट के रूप में पदभार संभाला है। इस जिम्मेदारी को संभालते समय आपको सबसे बड़ी चुनौती क्या लगी और आपकी मुख्य प्राथमिकताएं क्या हैं? इस जिम्मेदारी को संभालना मेरे लिए चुनौतीपूर्ण और रोमांचक दोनों रहा है। मीडिया परिदृश्य लगातार बदल रहा है और इन नए ट्रेंड्स के साथ तालमेल बिठाते हुए ‘एबीपी न्यूज’ की समृद्ध पारंपरिक विरासत को बनाए रखना मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती है। मेरी प्राथमिकता ‘एबीपी न्यूज’ को पुनः दर्शकों के बीच में अग्रणी स्थान दिलाना है। हमने हमेशा बड़े और महत्वपूर्ण समाचारों को सबसे पहले प्रस्तुत किया है और मेरी कोशिश रहेगी कि हम इस प्रतिष्ठा को पुनः हासिल करें। इसके लिए कई क्षेत्रों पर ध्यान देना जरूरी है। एक मुख्य बिंदु है हमारी पहुंच को और व्यापक बनाना, न केवल दर्शकों के मामले में बल्कि समाचार संकलन और प्रस्तुतिकरण के तरीकों में भी। पिछली बार जब मैंने यहां काम किया तो हमने डिजिटल और टीवी के एकीकरण की पूरी क्षमता का उपयोग नहीं किया था। अब एक मजबूत टीम और उचित साधनों के साथ मैं इस एकीकरण पर ध्यान केंद्रित करूंगा और सभी प्लेटफार्म्स पर अधिकतम कंटेंट प्रड्यूस करना सुनिश्चित करूंगा। इस बड़ी भूमिका में आपके नेतृत्व में ‘एबीपी न्यूज’ में संपादकीय स्तर पर क्या बदलाव या इनोवेशन देखने को मिल सकते हैं? चैनल की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से इसकी विश्वसनीयता और गहन रिपोर्टिंग रही है। हालांकि, हमें अपने संपादकीय दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण प्रगति करनी होगी ताकि हम दूसरों से आगे रह सकें। कंटेंट में भिन्नता एक प्रमुख क्षेत्र होगा, जहां हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम अन्य हिंदी न्यूज चैनल्स से अलग कैसे दिखें। टेक्नोलॉजी और कंटेंट दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हमें अपने दर्शकों की ज़रूरतों को समझते हुए उनके साथ मजबूत संबंध बनाना होगा। कंटेंट की गुणवत्ता के साथ-साथ दर्शकों से कैसे जुड़ें और उन्हें कैसे अपने साथ बनाए रखें, यह भी अहम है। मेरी दृष्टि में सिर्फ एक चीज पर ध्यान केंद्रित करना सही नहीं है। टेक्नोलॉजी, कंटेंट और दर्शकों से जुड़ाव, हमें तीनों को एक साथ लेकर चलना होगा। इसके साथ ही हमें नई प्रतिभाओं को तैयार करना है और उन्हें पारंपरिक समाचार प्रस्तुतिकरण से आगे सोचने के लिए प्रेरित करना है। हम पहले से ही नई प्रतिभाओं की पहचान कर रहे हैं और उन्हें आगे बढ़ने व इनोवेशन करने के लिए साधन और प्लेटफॉर्म प्रदान करेंगे। आप पारंपरिक टीवी पत्रकारिता की जरूरतों और डिजिटल पत्रकारिता की मांग में कैसे सामंजस्य स्थापित करेंगे? डिजिटल प्लेटफार्म्स की ग्रोथ को अनदेखा नहीं किया जा सकता। लेकिन, पारंपरिक टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की आवश्यकताओं के बीच संतुलन बनाना भी जरूरी है। हमें एक ऐसा मॉडल विकसित करना होगा जो दोनों प्लेटफार्म्स की ताकतों का लाभ उठाए। इसी वजह से मैंने ऐसे प्रतिभाशाली लोगों को टीम में शामिल किया है, जो टीवी और डिजिटल दोनों को समझते हैं, ताकि हम दोनों माध्यमों के बीच एक सेतु बना सकें और सभी प्लेटफार्म्स पर न्यूज कवरेज को सहज बना सकें। आज के दौर में प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए हमें खुद को ढालना होगा। हम अपनी न्यूज कलेक्शन टीमों को टीवी और डिजिटल दोनों के लिए एकीकृत कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, लखनऊ का एक रिपोर्टर, जो पहले सिर्फ डिजिटल कंटेंट पर काम करता था, अब टीवी और डिजिटल दोनों के लिए कंटेंट तैयार कर रहा है। हमारा उद्देश्य यह है कि हम अपनी विश्वसनीयता बनाए रखें और साथ ही अपनी पहुंच का विस्तार करें। आपने अपने करियर में बड़े नेटवर्क्स के साथ काम किया है। आपके अनुसार, हिंदी टीवी पत्रकारिता में पिछले वर्षों में क्या बदलाव हुए हैं और आपने कौन से मुख्य बदलाव देखे हैं? हिंदी टीवी पत्रकारिता का परिदृश्य, खासकर डिजिटल प्लेटफार्म्स के आगमन के साथ काफी बदल चुका है। एक बड़ा बदलाव है जिस गति से आज समाचार उपभोग (News Consumption) किए जाते हैं। लेकिन, गति के चलते सटीकता नहीं खोनी चाहिए। अब चुनौती यह है कि हम तेज़ी और सटीकता के बीच संतुलन बनाए रखें। हमें लगातार विकसित होना होगा, यह ध्यान में रखते हुए कि डिजिटल तेज़ है, लेकिन टीवी आज भी गहन और प्रमाणित न्यूज प्रदान करने में अपनी जगह बनाए हुए है। हिंदी टीवी पत्रकारिता को अक्सर सनसनीखेज बनाने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता है। आप कैसे प्रभावी न्यूज और सनसनीखेजी से बचने के बीच संतुलन बनाए रखने की योजना बना रहे हैं? खबरों में बेवजह सनसनी से दीर्घकालिक रूप से विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है। ‘एबीपी न्यूज’ में हम बिना सनसनीखेज़ी का सहारा लिए प्रभावी और सार्थक समाचारों पर ध्यान देंगे। हमारा फोकस हमेशा सच्चाई और गहराई पर रहेगा, ताकि दर्शकों को सही और जरूरी जानकारी मिले, न कि सिर्फ ध्यान खींचने वाली खबरें। आपके सबसे बड़े प्रेरणास्रोत कौन रहे हैं और क्या ऐसा कोई निर्णायक क्षण रहा है जिसने आपके पत्रकारिता के दृष्टिकोण को नया आकार दिया है? मैंने हमेशा अपने आस-पास के लोगों से सीखने में विश्वास किया है। ऐसा नहीं है कि किसी एक व्यक्ति या घटना ने मुझे प्रेरित किया हो, बल्कि हर अनुभव से मैंने कुछ न कुछ सीखा है। हर चुनौती ने मुझे निखारा है और हर निर्णय मैंने सीखे हुए पाठों को ध्यान में रखकर लिया है। नेतृत्व का अर्थ है विभिन्न क्षेत्रों से जितना हो सके उतना ज्ञान प्राप्त करना और उन सबकों को अपने सफर में लागू करना।
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'स्पोर्ट्स फॉर ऑल' (SFA) ने देश में युवा फुटबॉल प्रतिभाओं को खोजने और उन्हें निखारने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 'टीवी9 नेटवर्क' (TV9 नेटवर्क) के साथ करार किया है। इस पहल के तहत ‘Indian Tigers and Tigresses’ कैंपेन चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 14 साल से कम उम्र के लड़के और लड़कियों के बीच फुटबॉल प्रतिभाओं की खोज करना है। 'SFA चैंपियनशिप्स', जो इस समय हैदराबाद में चल रही हैं और देश की सबसे बड़ी स्कूल-स्तरीय खेल प्रतियोगिता मानी जाती हैं, में युवा फुटबॉल खिलाड़ी ‘Indian Tigers and Tigresses’ कैंपेंस के लिए उपलब्ध कियोस्क पर अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। हैदराबाद SFA चैंपियनशिप्स में करीब 400 स्कूलों के 23,000 से अधिक छात्र हिस्सा ले रहे हैं। 2024 का संस्करण 15 अक्टूबर को शुरू हुआ और 28 अक्टूबर को समाप्त होगा। SFA चैंपियनशिप्स का आयोजन स्पोर्ट्स फॉर ऑल (SFA) के उस बड़े प्रयास का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारत में ग्रासरूट स्तर पर खेलों को प्रोफेशनल, संगठित और लाभदायक बनाना है। इस पहल का लक्ष्य देश में एक मजबूत खेल संस्कृति का निर्माण करना और युवाओं को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना है। 2024-25 की चैंपियनशिप्स 10 भारतीय शहरों में आयोजित की जाएंगी, जिसमें 7000 से अधिक स्कूलों के 150,000 छात्र 31 खेलों में भाग लेंगे। SFA चैंपियनशिप्स की लोकप्रियता हर साल बढ़ती जा रही है और यह नई-नई शहरों और प्रतिभागियों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है। TV9 नेटवर्क के साथ हुई यह साझेदारी SFA चैंपियनशिप्स के जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। ‘Indian Tigers and Tigresses’ कैंपेंस की शुरुआत अप्रैल 2024 में TV9 और प्रमुख फुटबॉल संगठनों जैसे Deutscher Fußball-Bund (DFB), Bundesliga (DFL Deutsche Fußball Liga), बोरुसिया डॉर्टमुंड (BVB) और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ साझेदारी में की गई थी। इस साझेदारी पर बोलते हुए, SFA के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर दर्पण कुमार ने कहा, “हमें TV9 और ‘Indian Tigers and Tigresses’ के साथ हैदराबाद में SFA चैंपियनशिप्स में साझेदारी करके बेहद खुशी हो रही है। यह सहयोग हमें युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने और भारत में ग्रासरूट स्तर पर खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में मदद करेगा, जिससे भविष्य की खेल प्रतिभाएं उभरेंगी।” TV9 नेटवर्क के एमडी व सीईओ बरुण दास ने ‘Indian Tigers and Tigresses’ पहल पर टिप्पणी करते हुए कहा, “यह पहल हमारे लिए गर्व की बात है, क्योंकि यह भारत में फुटबॉल को एक नई दिशा में ले जाती है। हम एक ऐसे भविष्य की कल्पना करते हैं, जहां भारतीय फुटबॉलरों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी, जैसे पश्चिमी देशों के बड़े फुटबॉल खिलाड़ी। इसका उद्देश्य इन प्रतिभाशाली युवाओं को एक समान अवसर देना और उन्हें विश्व स्तरीय खिलाड़ी बनाने के लिए कम उम्र से ही प्रशिक्षण देना है।” SFA चैंपियनशिप्स के सभी फुटबॉल मैचों के साथ-साथ 25 अन्य खेलों का लाइव प्रसारण Sfaplay.com/live वेबसाइट पर किया जाएगा, जिससे दर्शक इन प्रतियोगिताओं को देख सकेंगे। इस साझेदारी और पहल से भारत में फुटबॉल और अन्य खेलों के विकास को नई दिशा मिलेगी, जिससे युवाओं के सपनों को पूरा करने का मौका मिलेगा।
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देश की प्रमुख न्यूज एजेंसियों में शुमार ‘प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ (PTI) में नौकरी का शानदार मौका है। दरअसल, यहां असाइनमेंट डेस्क पर वैकेंसी है। इसके लिए योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। एजेंसी की ओर से सोशल मीडिया पर शेयर की गई पोस्ट के अनुसार, यह पद दिल्ली के लिए है। इस पद पर नियुक्ति के लिए आवेदक के पास दो से पांच साल का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही अंग्रेजी और हिंदी भाषा पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए।
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गुंजन फाउंडेशन ने आज शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए अपनी 20 साल की सेवा पर हुए 'दस्तक ए दिल' कार्यक्रम में ‘भारत एक्सप्रेस’ के सीएमडी और एडिटर-इन-चीफ उपेंद्र राय को पत्रकारिता और अन्य सामाजिक कार्यों में उनके अहम योगदान के लिए सम्मानित किया। यह कार्यक्रम दिल्ली के सिरीफोर्ट ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। इसमें देश के पूर्व चीफ जस्टिस आर.एम. लोढ़ा, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस जे.एस. खेहर और पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर अहमद जावेद समेत कई जाने-माने लोग शामिल हुए। शिक्षा के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन का समर्थन करने आए तमाम समाजसेवी, शिक्षाविद और अन्य क्षेत्र के लोगों की मौजूदगी में हुए इस समारोह में प्रसिद्ध गायक व संगीतकार शंकर महादेवन ने अपने गानों की प्रस्तुति से वहां मौजूद सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भारतीय और ग्लोबल मीडिया में उपेंद्र राय को उनकी अहम भूमिका के लिए जाना जाता है। उनके नेतृत्व में भारत एक्सप्रेस ने प्रभावशाली रिपोर्टिंग के नए मानक स्थापित किए हैं और उनका दूसरा मीडिया वेंचर द प्रिंटलाइन्स मीडिया ग्रुप भी विश्व स्तर पर आगे की ओर बढ़ रहा है।
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भारतीय न्यूज मीडिया का जाना-पहचाना व भरोसेमंद चेहरा बन चुकीं चित्रा त्रिपाठी ने ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में अपनी धमाकेदार वापसी करने के बाद चैनल पर दो नए शो शुरू किए हैं। हालांकि उनका पहला शो ‘जनहित’ प्राइम टाइम स्लॉट में पहले ही लॉन्च हो चुका है, जो रात 9 बजे प्रसारित हो रहा है। लेकिन अब वह अपना दूसरा शो ‘महादंगल’ लेकर आयी हैं, जो 19 अक्टूबर यानी आज शाम 5 बजे से प्रसारित किया जाएगा। बता दें कि चित्रा त्रिपाठी ने हाल ही में ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) में न्यूज एंड प्रोग्रामिंग का वाइस प्रेसिडेंट के तौर पर वापसी की है। ‘एबीपी न्यूज’ में चित्रा की तीसरी पारी है। इससे पहले, उन्होंने चैनल के कई प्रमुख कार्यक्रमों को होस्ट किया था, जिनमें ‘मास्टर स्ट्रोक’ और ‘2019 कौन जीतेगा’ जैसे शो शामिल थे। इसके साथ ही, चित्रा ने ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस’ जैसे बड़े वीकली शो को भी होस्ट कर चुकी हैं। उनके बेहतरीन पत्रकारिता कौशल के कारण उन्हें सियाचिन से रिपोर्टिंग करने पर ‘बेस्ट रिपोर्टर अवॉर्ड’ से भी सम्मानित किया जा चुका है। चित्रा त्रिपाठी ने अपने करियर के दौरान कई फ्लैगशिप शो किए हैं, जिनमें ‘कौन बनेगा मुख्यमंत्री?’, ‘मोदी के चार साल’, और ‘बिहार का नेता कैसा हो?’ जैसे चर्चित शो शामिल हैं, जिनसे उन्हें देशभर में बड़ी पहचान मिली। ‘एबीपी न्यूज’ में अपनी पहली पारी के दौरान उन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया था और अब उनकी तीसरी पारी भी चैनल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। हालांकि दूसरी पारी उनकी बहुत ही संक्षिप्त रही थी। चित्रा त्रिपाठी का पत्रकारिता सफर बहुत ही प्रतिष्ठित और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपनी बेहतरीन पॉलिटिकल एंकरिंग और चुनाव के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग के लिए एक अलग पहचान बनाई है। चित्रा की वापसी ‘एबीपी न्यूज’ के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है और उनके नए शो ‘जनहित’ को भी दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। अब देखना यह होगा कि वह अपनी नई भूमिका में क्या नया रंग लाती हैं और कैसे चैनल के दर्शकों को और अधिक आकर्षित करती हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 24 घंटे सिंधी भाषा में दूरदर्शन चैनल शुरू करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। एनजीओ 'सिंधी संगत' द्वारा दायर इस याचिका में सिंधी भाषा के संरक्षण के लिए एक समर्पित चैनल शुरू करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने अपने फैसले में केंद्र सरकार को भी ऐसा कोई निर्देश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भाषा को संरक्षित करने के अन्य भी कई उपाय हो सकते हैं और इस तरह की मांग को लेकर सरकार पर कोई आदेश नहीं थोपा जा सकता। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे, ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को अस्वीकार कर दिया। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया था। नीतिगत मामला है, कोर्ट का हस्तक्षेप संभव नहीं सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि यह मामला नीतिगत है और न्यायालय का इसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने दूरदर्शन की ओर से दिए गए बयान का भी हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि सिंधी भाषा के कार्यक्रम पहले से ही तीन चैनलों– 'डीडी गिरनार', 'डीडी सह्याद्री' और 'डीडी राजस्थान' पर प्रसारित हो रहे हैं। ये चैनल्स उन क्षेत्रों में विशेष रूप से सिंधी समुदाय की सेवा कर रहे हैं जहां उनकी आबादी अधिक है। सिंधी भाषा के संरक्षण पर अदालत की राय कोर्ट ने कहा कि भाषा को संरक्षित करने के कई अन्य तरीके हो सकते हैं, जैसे कि शिक्षा, साहित्यिक कार्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से। कोरट ने यह भी कहा कि संविधान के अनुच्छेद 29 के तहत यह दावा नहीं किया जा सकता कि किसी विशेष भाषा के लिए सरकार को एक अलग चैनल शुरू करना चाहिए। सरकार के फैसले पर सवाल नहीं उठाया जा सकता दूरदर्शन द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, लगभग 26 लाख सिंधी बोलने वालों के लिए एक अलग चैनल की वार्षिक लागत 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है, जो एक आर्थिक चुनौती हो सकती है। अदालत ने सरकार के इस दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि यह नीतिगत निर्णय है और इसमें हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं है। इस फैसले के बाद, यह स्पष्ट है कि सिंधी भाषा के संरक्षण के लिए केवल एक चैनल की मांग को लेकर अदालत का सहारा लेना उचित नहीं माना जाएगा, बल्कि इसके लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा सकता है।
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पावेल चोपड़ा को जी मीडिया कॉर्पोरेशन लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों के लिए चीफ ह्यूमन रिसोर्सेस ऑफिसर (CHRO) के रूप में नियुक्त किया गया है। पावेल जी मीडिया के नोएडा स्थित कार्यालय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इस नई भूमिका में, पावेल चोपड़ा जी मीडिया की मानव संसाधन रणनीतियों को आगे बढ़ाएंगे, ताकि कंपनी की नीतियां, संस्कृति और काम करने की प्रणाली उच्च प्रदर्शन और संगठनों की क्षमता को बढ़ावा दे सकें। वे संगठनात्मक विकास के प्रमुख होंगे, परिवर्तन के पहलुओं को लागू करेंगे, और कंपनी के दीर्घकालिक व्यावसायिक और मानव संसाधन लक्ष्यों को प्राप्त करने में योगदान देंगे। पावेल के पास मानव संसाधन नेतृत्व का दो दशकों से अधिक का अनुभव है और उन्होंने कई प्रमुख उद्योगों जैसे लॉजिस्टिक्स, हेल्थकेयर, फाइनेंशियल सर्विसेज और मीडिया में काम किया है। उन्होंने Genpact, Sony Pictures और भारतीय समूहों जैसे- आदित्य बिड़ला कैपिटल और Allcargo के साथ भी काम किया है। Zee में शामिल होने से पहले, पावेल ने एक टेक-लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप OxyZEN Express की सह-स्थापना की थी। उनका विशेषज्ञता क्षेत्र मानव संसाधन, प्रोक्योरमेंट, टेक्नोलॉजी डिवेलपमेंट, संगठनात्मक क्षमता निर्माण और परिवर्तन प्रबंधन में फैला हुआ है। इस व्यापक अनुभव ने उन्हें ग्रोथ और ट्रांसफॉर्मेशन को प्रभावी ढंग से लागू करने की गहरी समझ दी है। पावेल की इस नियुक्ति से जी मीडिया के विकास और मानव संसाधन प्रबंधन में नए आयाम जुड़ने की उम्मीद है, जिससे कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों को मजबूती मिलेगी।
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उत्तराखंड में मिलावटी मसलों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा. और गलत ब्रांडिंग वाले मसाला कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने मसालों के संदर्भ में एक विशेष अभियान चलाया. इस अभियान के दौरान मिली रिपोर्टों के आधार पर अब विभाग असुरक्षित और गलत ब्रांडिंग वाले मसालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रहा है. एफडीए के कुमाऊँ डिप्टी कमिश्नर अनुज थपलियाल ने बताया कि कई मसाले और उत्पाद ऐसे हैं जिनमें भारी धातुओं और कीटनाशकों की मात्रा असुरक्षित स्तर पर पाई गई है. संबंधित जिलों के अधिकारियों द्वारा इन मामलों की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ संबंधित अदालतों में मामलों को प्रस्तुत किया जाएगा.
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हाल ही में 'आजतक' को छोड़कर 'एबीपी समूह' से जुड़ी एंकर चित्रा त्रिपाठी की छवि को सोशल मीडिया के माध्यम से धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है। एक्स पर निगार परवीन नाम की एक यूजर ने लिखा कि चित्रा त्रिपाठी को 'आजतक' से टीआरपी न लाने के लिए निकाला गया था और 'एबीपी न्यूज' में भी उन पर वही दबाब है। निगार की इस पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए चित्रा त्रिपाठी ने इसका जवाब दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा, बीते 18 सालों में चित्रा त्रिपाठी ने हर जगह अपनी शर्तों पर नौकरी की है। लोगों का प्यार मिला और उन्होंने मुझे देश का बड़ा पत्रकार बना दिया। एक छोटे से शहर की बेहद सामान्य परिवार की लड़की एबीपी न्यूज़ जैसे चैनल में वाइस प्रेसिंडेट कैसे बन गई? ये बात लोगों को हज़म नहीं हो रही है। जिस दिन आजतक छोड़ा था उस दिन सुबह से रात तक 10 घंटे की एक ही दिन में एंकरिंग की थी, जो मेरा पैशन है। मेरा शो लगातार TRP का नंबर 1 शो रहा है। आजतक के लोग मेरा बहुत सम्मान और प्यार करते हैं। जीवन में किसी भी व्यक्ति को बड़े मौक़े हमेशा नहीं मिलते, जब मिलें तो अपनी क़ाबिलियत पर भरोसा रखकर उसे स्वीकार करना चाहिये। आप एक महिला है, दूसरी महिला से जलें मत, बल्कि बराबरी करने के लिये मेहनत करे। इस ट्वीट की शुरू की दो लाइन आप हटा दें, वरना एक बड़े चैनल की एंकर की छवि ख़राब करने के लिये मैं आप पर लीगल कारवाई करूंगी। मुझे नौकरी से कहां से निकाला गया है? मेरे बारे में इस तरह की बातें करके किसके इशारे पर आप मुझे बदनाम कर रही हैं? माफ़ी मांगे, ट्वीट डिलीट करें, वरना अपने उपर लीगल कारवाई के लिये तैयार रहें।
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जी मीडिया कॉरपोरेशन (ZMCL) ने एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव की घोषणा की है। इस नए ढांचे के अनुसार, सभी डिजिटल हेड्स अब सीईओ करण अभिषेक सिंह को रिपोर्ट करेंगे। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को सूचित किया है कि फैक्टशीट्स और अन्य संबंधित दस्तावेजों की स्वीकृति अब करण अभिषेक सिंह के माध्यम से होगी। सभी दस्तावेजों की समीक्षा और स्वीकृति सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा, ताकि प्रक्रिया में कोई देरी न हो। यह कदम संगठन के भीतर एक समन्वित और सुचारु बदलाव लाने के उद्देश्य से उठाया गया है। नया ढांचा संगठनात्मक संरचना को और अधिक प्रभावी और कुशल बनाने पर केंद्रित है। कंपनी ने इस बदलाव में सभी कर्मचारियों के सहयोग की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि यह बदलाव सफलतापूर्वक लागू होगा।
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सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 57 नए सामुदायिक रेडियो (Community Radio) स्टेशनों को मंजूरी दी है। मंत्रालय ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि 31 मार्च 2024 तक देश में कुल 494 सामुदायिक रेडियो स्टेशन काम कर रहे हैं। इनमें से 283 गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) द्वारा, 191 शैक्षणिक संस्थानों द्वारा और 20 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार सामुदायिक रेडियो क्षेत्र को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके तहत "भारत में सामुदायिक रेडियो आंदोलन को समर्थन" (Supporting Community Radio Movement in India) नामक एक केंद्रीय योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत नए और मौजूदा रेडियो स्टेशनों को उपकरण खरीदने या बदलने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अलावा, क्षमतावर्धन, जागरूकता कार्यक्रम, क्षेत्रीय सम्मेलनों और वार्षिक सामुदायिक रेडियो पुरस्कारों को भी इस योजना के तहत प्रोत्साहित किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, सामुदायिक रेडियो आंदोलन की शुरुआत से अब तक कुल 680 संस्थानों को सामुदायिक रेडियो स्टेशनों के लिए इच्छापत्र (LoI) जारी किए गए हैं, जिनमें से 603 संस्थाओं ने अनुमति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 31 मार्च 2024 तक 494 सामुदायिक रेडियो स्टेशन सक्रिय हो चुके हैं। इसके अलावा, रिपोर्ट में निजी एफएम रेडियो स्टेशनों की जानकारी भी दी गई है। 31 मार्च 2024 तक 113 शहरों में 388 निजी एफएम चैनल सक्रिय हैं, जो 26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। वर्ष 2000 में निजी एफएम रेडियो की शुरुआत के बाद से सरकार ने विभिन्न शुल्कों के माध्यम से 6,647.77 करोड़ रुपये की कमाई की है, जिसमें एक बार की प्रवेश शुल्क, लाइसेंस शुल्क और टॉवर किराया शामिल हैं।
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देश के प्रमुख DTH प्लेटफॉर्म्स जैसे- Tata Play और Dish TV ने ट्राई (भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण) से अपनी वित्तीय समस्याओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन पर लगाई गई ऊंची लाइसेंस फीस के कारण उन्हें भारी आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। लाइसेंस फीस का मुद्दा DTH ऑपरेटर्स को उनकी Adjusted Gross Revenue (AGR) यानी समायोजित सकल राजस्व पर 8% लाइसेंस फीस चुकानी होती है, जो सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा तय की गई है। हालांकि, ट्राई ने पिछले साल अगस्त में सिफारिश की थी कि इसे घटाकर 3% किया जाए, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है। Tata Play ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि DTH ऑपरेटर्स पर अत्यधिक लाइसेंस फीस का बोझ है, और कई बार सरकार से राहत की अपील करने के बावजूद कोई रियायत नहीं दी गई है। कंपनी ने कहा, "DTH प्लेटफॉर्म्स पर ही लाइसेंस फीस का बोझ डाला गया है, जबकि अन्य कंटेंट डिलीवरी सेवाओं को ऐसी कोई फीस नहीं देनी होती।" Dish TV ने भी इसी प्रकार की शिकायत करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय से सभी ऑपरेटर्स के लिए समान नियमों की मांग की है। Dish TV ने कहा, "हम बराबरी का अवसर चाहते हैं, क्योंकि DTH ऑपरेटर्स ने कई सालों तक लाइसेंस फीस के रूप में भारी रकम चुकाई है, जबकि अन्य ऑपरेटर्स को इसका फायदा मिला है।" ट्राई की सिफारिशों की सराहना हालांकि, DTH ऑपरेटर्स ने ट्राई की सिफारिशों की सराहना की है, जिसमें लाइसेंस फीस को घटाकर 3% करने और 2026-27 तक इसे पूरी तरह से समाप्त करने का प्रस्ताव है। DTH ऑपरेटर्स ने उम्मीद जताई कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय इन सिफारिशों को जल्द लागू करेगा। लाइसेंस फीस का भार वित्तीय वर्ष 2023-24 में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चार प्रमुख DTH ऑपरेटर्स से 692 करोड़ रुपये लाइसेंस फीस के रूप में वसूले। यह फीस 8% AGR पर आधारित थी, जिसमें GST को बाहर रखा गया था। DTH सेवाओं के नियम 2022 में जारी किए गए दिशा-निर्देशों के तहत, DTH ऑपरेटर्स को AGR का 8% लाइसेंस फीस के रूप में हर तिमाही चुकाना होता है। इसके अलावा, प्लेटफॉर्म सेवा (PS) चैनलों के लिए DTH ऑपरेटर्स को कुल चैनल कैपेसिटी का 5% तक PS चैनल्स ऑपरेट करने की अनुमति है, और प्रत्येक PS चैनल के लिए 10,000 रुपये की एकमुश्त नॉन-रिफंडेबल पंजीकरण फीस भी चुकानी होती है। DTH सेवाएं सेटेलाइट आधारित टीवी प्रोग्राम डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम हैं, जो भारत भर में ग्राहकों तक पहुंचती हैं। Tata Play, Bharti Telemedia, Dish TV और Sun Direct जैसे ऑपरेटर्स वर्तमान में देश में DTH सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इस पूरी प्रक्रिया में DTH ऑपरेटर्स का कहना है कि यदि लाइसेंस फीस कम की जाती है, तो यह उद्योग के लिए राहत लेकर आएगा और यह क्षेत्र और तेजी से विकास कर सकेगा।
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जानी-मानी टीवी पत्रकार और सीनियर न्यूज एंकर चित्रा त्रिपाठी ने 'आजतक' से इस्तीफा देने के बाद एक बार फिर हिंदी न्यूज चैनल ‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) जॉइन कर लिया है। उन्होंने यहां पर वाइस प्रेजिडेंट (न्यूज एंड प्रोग्रामिंग) जॉइन किया है। वह यहां रात नौ बजे का प्राइम टाइम शो होस्ट करेंगी। ‘एबीपी न्यूज’ में चित्रा त्रिपाठी की वापसी चैनल के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि चैनल अपनी प्राइम टाइम प्रोग्रामिंग को मजबूत करने का लक्ष्य बना रहा है। विभिन्न प्रमुख न्यूज आउटलेट्स में काम करने के कारण चित्रा त्रिपाठी की गहरी विशेषज्ञता और ऑन-स्क्रीन उपस्थिति उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक न्यूज परिदृश्य में नेटवर्क की लीडरशिप टीम के लिए उपयुक्त बनाती है। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि चित्रा के जुड़ने और नए एडिटर रजनीश आहूजा द्वारा किए जा रहे संपादकीय पुनर्गठन के बाद 'एबीपी न्यूज' की व्युअरशिप और रेटिंग में कितना सुधार होता है। आपको बता दें कि चित्रा त्रिपाठी की ‘आजतक’ में यह दूसरी पारी थी। पहली पारी करीब पौने चार साल तक निभाने के बाद चित्रा ने 2022 में 'आजतक' से इस्तीफा देकर ‘एबीपी न्यूज’ जॉइन कर लिया था। लेकिन कुछ ही समय बाद उन्होंने दोबारा से ‘आजतक’ में बतौर सीनियर एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) जॉइन कर लिया था, तब से वह इसी पद पर कार्यरत थीं। अपनी पहली पारी में वह ‘आजतक’ में एडिटर व सीनियर एंकर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। चित्रा त्रिपाठी का पत्रकारिता सफर बहुत ही प्रतिष्ठित और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने अपनी बेहतरीन पॉलिटिकल एंकरिंग और चुनाव के दौरान फील्ड रिपोर्टिंग के लिए एक अलग पहचान बनाई है। चित्रा ‘आजतक’ पर शाम पांच बजे का डिबेट शो ‘दंगल’ कर रही थीं। इसके अलावा चित्रा शाम सात बजे न्यूज बुलेटिन ‘शंखनाद’ में नजर आती थीं। चित्रा त्रिपाठी को कश्मीर में आई बाढ़ पर रिपोर्टिंग के लिए प्रतिष्ठित ‘रामनाथ गोयनका’ अवॉर्ड भी मिल चुका है। इसके अलावा वह समाचार4मीडिया पत्रकारिता 40अंडर40 के पहले एडिशन के विजेताओं की लिस्ट में भी शामिल रह चुकी हैं। ‘आजतक’ से पहले भी चित्रा त्रिपाठी ‘एबीपी न्यूज’ से जुड़ी हुई थीं। वह ‘एबीपी न्यूज’ में ‘2019 कौन जीतेगा’ शो करती थीं, साथ ही उनके पास 'प्रेस कॉन्फ्रेंस' जैसा बड़ा वीकली प्रोग्राम भी था। ‘एबीपी’ में उन्हें सियाचिन में की गई रिपोर्टिंग के लिए बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड भी मिल चुका है, जबकि #कौनबनेगामुख्यमंत्री, #मोदीकेचारसाल और #बिहारकानेता कैसा हो, जैसे फ्लैगशिप शो जो लोगों के बीच जाकर किए गए, के जरिये उन्हें बड़ी पहचान मिली और एबीपी प्रबंधन ने उन्हें सम्मानित किया। चित्रा त्रिपाठी इंडस्ट्री में अपनी पॉलिटिकल एंकरिंग/रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं। चुनाव के दौरान उनका फील्ड में उतरना उनकी यूएसपी (USP) मानी जाती है। कई-कई घंटों तक नॉनस्टॉप काम करके चित्रा ने अपनी अलग पहचान बनाई है। । यूपी के एक गांव में आधी रात को की गई उनकी एक बड़ी स्टोरी, जिसमें बीजेपी विधायक के घर बिजली और पूरे गांव में अंधेरे पर रिपोर्टिंग थी, जिसके बाद यूपी सरकार के बिजली मंत्री ने तीन दिन के अंदर गांव में खंभे लगवाए और आजादी के बाद वहां पहली बार लोगों के घरों में बिजली आई। सपा सरकार के बिजली मंत्री के गांव में भी उन्होंने बिजली पर रात के अंधेरे में रिपोर्टिंग की तो पता चला मंत्रीजी ने अपने धर्म के लोगों के घरों में बिजली पहुंचाई और दूसरे घरों में अंधेरा-कार्यक्रम का नाम था हिंदुओं के घर में अंधेरा। जहां बाद में बिजली पहुंची। फेसबुक के माध्यम से अयोध्या की एक बूढ़ी अम्मा के साथ भोजपुरी में की गई राम मंदिर पर उनकी बातचीत को तीन करोड़ से ज्यादा लोगों ने देखा था। ‘एबीपी न्यूज’ के पहले चित्रा ‘इंडिया न्यूज’ चैनल में एसोसिएट एडिटर/प्राइम टाइम न्यूज एंकर थीं। चित्रा ने खास उपलब्धि हासिल करने वाली भारतीय युवा महिलाओं पर आधारित शो ‘बेटियां’ का भी सफलतापूर्वक संचालन किया था। उनका ये शो चैनल के फ्लैगशिप शो में गिना जाता था, जिसके 65 एपिसोड्स प्रसारित हुये थे और उनके द्वारा फेसबुक के माध्यम से भानुमति नाम की यूपी के एक गांव की महिला को राष्ट्रपति पुरस्कार के लिये नॉमिनेट किया गया था, जिसे तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दिल्ली में सम्मानित किया था। इसके अलावा चित्रा को उनकी स्टोरी ‘हिन्दुस्तान का मिशन जय हिन्द’ के लिए भारतीय सेना की ओर से प्रशंसा पत्र भी मिल चुका है। ‘इंडिया न्यूज’ से पहले ‘सहारा समय’ (Sahara Samay) में न्यूज एंकर/प्रड्यूसर के पद पर कार्यरत थीं। उत्तर प्रदेश में गोरखपुर से रहने वाली चित्रा त्रिपाठी को मीडिया में काम करने का करीब डेढ़ दशक का अनुभव है। उन्होंने अपना करियर गोरखपुर दूरदर्शन से शुरू किया था। इसके बाद वह विभिन्न चैनल जैसे ‘ETV’ उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड और ‘न्यूज 24’ में भी काम कर चुकी हैं। चित्रा ने गोरखपुर विश्वविद्यालय से ‘डिफेंस स्टडीज’ में स्नातकोत्तर किया है और इसमें उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला था। एनसीसी सी सर्टिफिकेट प्राप्त चित्रा को वर्ष 2001 में रिपब्लिक डे गॉर्ड ऑफ ऑनर में कमांड करने के लिये गोल्ड मेडल मिल चुका है और उन्हें इसी उपलब्धि के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से भी उनके आवास जाकर मिलने का मौका मिला था।
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जिन उम्मीदवीरों को पीएम इंटर्नशिप स्कीम के लिए अप्लाई करना है उन सभी के लिए एक शानदार खबर है। कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने पीएम इंटर्नशिप योजना 2024 के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। जो उम्मीदवार इंटर्नशिप योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे पीएम इंटर्नशिप योजना की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कैसे करें अप्लाई? पीएम इंटर्नशिप योजना 2024 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन कर सकते हैं। -सबसे पहले कैंडिडेट्स पीएम इंटर्नशिप योजना की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in पर जाएं। -इसके बाद रजिस्टर लिंक पर क्लिक करें, और एक नया पेज खुलेगा। -फिर पंजीकरण विवरण भरें और सबमिट पर क्लिक करें। -अब उम्मीदवारों द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर, पोर्टल द्वारा एक रिज्यूमे तैयार किया जाएगा। -इसके बाद वरीयताओं- स्थान, क्षेत्र, कार्यात्मक भूमिका और योग्यता के आधार पर 5 इंटर्नशिप अवसरों के लिए आवेदन करें। -एक बार हो जाने के बाद, सबमिट पर क्लिक करें और पुष्टिकरण पृष्ठ डाउनलोड करें। -आखिरी में आगे की ज़रूरत के लिए उसी की हार्ड कॉपी रखें। क्या है अप्लाई करने की योग्यता? इसके लिए कौन अप्लाई करने वाले आवेदक भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए। आवेदक की आयु 21 से 24 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक पूर्णकालिक रोजगार में संलग्न नहीं होना चाहिए। उम्मीदवारों ने अपना माध्यमिक विद्यालय प्रमाणपत्र (एसएससी) या इसके समकक्ष, उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (एचएससी) या इसके समकक्ष पूरा किया होगा, या औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) से प्रमाणपत्र, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा या बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए या बी.फार्मा जैसी स्नातक डिग्री प्राप्त की होगी। जानकारी दे दें कि इस इंटर्नशिप स्कीम के माध्यम से युवाओं को 12 महीने तक विभिन्न व्यवसायों और रोजगार के अवसरों के वास्तविक कारोबारी माहौल का अनुभव प्राप्त होगा। इसमें भाग लेने वाली 500 कंपनियों में अडानी ग्रुप, कोका-कोला, डेलोइट, महिंद्रा ग्रुप, मारुति सुजुकी, पेप्सिको, विप्रो, आईसीआईसीआई और हिंदुस्तान यूनिलीवर शामिल हैं। ये कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों में इंटर्नशिप के विविध अवसर प्रदान करेंगी।
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यूट्यूब अपने क्रिएटर्स और व्यूअरशिप को लेकर तरह-तरह के बदलाव करता रहता है. अब एक बार फिर यूट्यूब ने कुछ ऐसा ही फैसला लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से स्पैम, फेक और धोखाधड़ी नियमों के उल्लंघन के कारण कई चैनलों को रिमूव कर दिया गया है. इसका असर उन यूजर्स पर भी पड़ा है जिन्होंने कभी वीडियो ही अपलोड नहीं किए थे. इसके अलावा यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्राइबर्स भी प्रभावित हुए, ऐसी खबरें सामने आई हैं. यूजर्स को उनके अकाउंट पर बैन और चैनल हटाए जाने की जानकारी ईमेल के माध्यम से दी गई और कई यूजर्स ने विशेष रूप से अपनी सहेजी हुई प्लेलिस्ट और म्यूजिक लाइब्रेरी तक पहुंच खोने पर निराशा व्यक्त की है. कुछ उपयोगकर्ताओं ने प्रतिबंधों के खिलाफ अपील करने में सफलता पाई, जिससे उनकी अकाउंट पहुंच बहाल हो गई है. हालांकि कुछ यूजर्स ने अपील के बाद भी अपनी प्लेलिस्ट नहीं देखी है, जबकि अन्य को पूरी तरह से अपनी रीच वापस मिल गई है. यूट्यूब ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए चैनलों को फिर से बहाल करने और यूट्यूब टीवी, यूट्यूब प्रीमियम और यूट्यूब म्यूजिक की सशुल्क सदस्यताओं तक पहुंच को फिर से शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. जिनका खाता बहाल हो गया है लेकिन प्लेलिस्ट गायब है, उन्हें जल्द ही उनकी सामग्री मिल जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके अलावा यूट्यूब की तरफ से एक बड़ा बदलाव भी किया गया है. इसमें अब आप शार्ट में लंबी वीडियो को भी अपलोड कर सकते हैं. यानी कोई लंबी वीडियो है तो इसे आप यूट्यूब शार्ट के रूप में अपलोड कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए तीन मिनट की सीमा तय की गई है. यानी इससे लंबी को आप यूट्यूब पर अपलोड तो कर सकते हैं, लेकिन वह नॉर्मल वीडियो सेक्शन में ही अपलोड होंगी.
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फर्जी खबरों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी सम्बंधी स्थायी समिति ओटीटी प्लेटफॉर्म से जुड़े मुद्दों पर भी निगरानी करेगी. समिति की अध्यक्षता भाजपा सांसद निशिकांत दुबे करेंगे. इस समिति को सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी व संचार मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा करने का अधिकार है.
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देश की प्रमुख न्यूज एजेंसियों में शुमार ‘एशियन न्यूज इंटरनेशनल’ (ANI) को अपने एडिटोरियल डिपार्टमेंट के लिए कॉपी एडिटर की जरूरत है। इसके लिए एजेंसी की ओर से योग्य व इच्छुक आवेदकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस बारे में सोशल मीडिया पर शेयर जानकारी के अनुसार, यह नियुक्ति साउथ दिल्ली स्थित ऑफिस के लिए होनी है। इस पद पर नियुक्ति के इच्छुक आवेदकों की अंग्रेजी पर मजबूत पकड़ होनी चाहिए। आवेदकों के पास किसी प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी में काम करने का पांच साल से ज्यादा का अनुभव होना चाहिए। चुने गए आवेदक को विभिन्न शिफ्टों (Rotational Shifts) में काम करना होगा। आवेदन तभी करें जब वह इस तरह काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार और सहज हों। इच्छुक आवेदक अपना अपडेटेड रिज्युमे amanpreet.k@aniin.com पर भेज सकते हैं।
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इसमें दो राय नहीं कि हरियाणा में नरेंद्र मोदी की जीत बीजेपी के लिए संजीवनी का काम करेगी। बीजेपी के जिन नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपनी पार्टी की क्षमता पर शक होने लगा था, उनमें नई हिम्मत का संचार होगा। जिन लोगों के मन में ये सवाल था कि क्या मोदी की लोकप्रियता कम हुई है, उनको जवाब मिल गया होगा। जैसे बीजेपी को इस जीत की उम्मीद नहीं थी, वैसे ही कांग्रेस को इस हार की ज़रा भी आशंका नहीं थी। ये हार कांग्रेस के उन नेताओं का मनोबल गिराएगी जिन्हें ये भरोसा हो चला था कि राहुल गांधी को कोई ऐसी शक्ति मिल गई है जिससे वो कांग्रेस को पुनर्जीवित कर देंगे। अब उन्हें लग रहा होगा कि राहुल की जड़ी-बूटी तो फेक निकली। हरियाणा में कांग्रेस ने सारी ताकत झोंक दी थी। लड़ाई इस बात के लिए नहीं हो रही थी कि पार्टी कितनी सीटें जीतेगी। संघर्ष इस बात पर होने लगा था कि जीत के बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा? जो राहुल गांधी सोच रहे थे कि अब वो एक के बाद एक प्रदेश जीतते जाएंगे और मोदी को हरा देंगे, उन्हें झटका लगेगा। जिन राहुल गांधी को मोदी के कंधे झुके हुए लगने लगे थे, उन्हें सपने में अब 56 इंच की छाती दिखाई देगी। हरियाणा की ये जीत नरेंद्र मोदी में भी नई ऊर्जा का संचार करेगी और अब बीजेपी झारखंड और महाराष्ट्र में नए जोश के साथ लड़ेगी। महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस की bargaining power कम हो जाएगी। अब एक हरियाणा की जीत INDI अलायंस में राहुल गांधी की ताकत को कम कर देगी। मंगलवार को ही अलायंस के पार्टनर्स ने ये कहना शुरू कर दिया कि जहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर होती है, वहां कांग्रेस का जीतना मुश्किल हो जाता है। लेकिन सवाल ये है कि कांग्रेस की हार की वजह क्या है? इस सवाल का जवाब खोजने में कांग्रेस के नेताओं को वक्त लगेगा क्योंकि अभी वो हार के सदमे से ही नहीं उबरे हैं। मोदी की ये बात सही है कि कांग्रेस जब-जब चुनाव हारती है तो EVM पर सवाल उठाती है, चुनाव आयोग पर इल्जाम लगाती है, ये ठीक नहीं है। केजरीवाल की ये बात सही है कि हरियाणा में कांग्रेस को अति आत्मविश्वास ले डूबा। कांग्रेस के नेता जीत पक्की मान चुके थे। राहुल को ये समझा दिया गया कि किसान बीजेपी के खिलाफ हैं, विनेश फोगाट के आने से जाटों और महिलाओं का वोट पक्का है, अग्निवीर स्कीम के कारण नौजवान भी बीजेपी के खिलाफ हैं, इसलिए अब बीजेपी की लुटिया डूबनी तय है। माहौल ऐसा बनाया गया मानो कांग्रेस की वापसी पक्की है। इसका असर ये हुआ कि कुर्सी का झगड़ा शुरू हो गया। रणदीप सुरजेवाला कैथल से बाहर नहीं निकले और कुमारी सैलजा घर बैठ गईं। इसका कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ। इस बार हरियाणा की जनता ने स्पष्ट संदेश दे दिया कि जो जमीन पर काम करेगा, जनता उसका साथ देगी। दूसरी बात, अब क्षेत्रीय और छोटी-छोटी परिवारवादी पार्टियों का दौर खत्म हो गया। जनता ने चौटाला परिवार को घर बिठा दिया। BSP और केजरीवाल को भी भाव नहीं दिया। ये सही है कि शुरू में ऐसा लग रहा था कि हवा बीजेपी के खिलाफ है, दस साल की anti-incumbency थी लेकिन नरेन्द्र मोदी ने चुपचाप, खामोशी से रणनीति बनाई। सारा फोकस इस बात पर शिफ्ट कर दिया कि चुनाव सिर्फ हरियाणा का नहीं है, ये चुनाव बीजेपी और कांग्रेस के बीच किसी एक को चुनने का है, परिवारवाद और जातिवाद के खिलाफ चुनाव है, चुनाव नामदार और कामदार के बीच है। मोदी का फॉर्मूला काम आया और हरियाणा ने इतिहास रच दिया।
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देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने 86 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उम्र से जुड़ी बीमारी के चलते उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनकी मृत्यु से पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। बॉलीवुड के सितारों ने दी श्रद्धांजलि सुष्मिता सेन ने रतन टाटा के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, "कितने सम्मानित व्यक्ति थे। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे।" तारा सुतारिया और अनन्या पांडे** ने भी अपनी स्टोरी पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अनुष्का शर्मा ने साझा की गई स्टोरी में लिखा, "रतन टाटा जी के बारे में दुखद खबर सुनकर बहुत दुखी हूं।" करण जौहर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "आज दुनिया ने एक दूरदृष्टि और अतुलनीय विजन रखने वाले दिग्गज को खो दिया।" वहीं, संजय दत्त ने कहा, "भारत ने आज सच्चा दूरदर्शी खो दिया, जिनका योगदान अनगिनत जिंदगियों तक था। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।" प्रियंका चोपड़ा ने भी अपने आधिकारिक अकाउंट पर रतन टाटा को नमन किया। अजय देवगन ने लिखा, "दुनिया एक दूरदर्शी व्यक्ति के निधन पर शोक मना रही है। रतन टाटा की विरासत हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।" रणवीर सिंह ने इंस्टाग्राम पर रतन टाटा की फोटो साझा की और उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। सलमान खान और रितेश देशमुखने भी अपने-अपने सोशल मीडिया पर शोक व्यक्त किया। नयनतारा ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, "आपने हम सभी को प्रेरित किया है।" निष्कर्ष:रतन टाटा का निधन केवल एक उद्योगपति की नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी और इंसानियत के प्रतीक की हानि है। उनकी विरासत हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।
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इंडिया टुडे ग्रुप ने सोशल मीडिया प्रोफेशनल्स के लिए भर्तियां शुरू की हैं। इन पदों के लिए वे उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं, जिनका पत्रकारिता में बैकग्राउंड हो और सोशल मीडिया (विशेष रूप से मीडिया इंडस्ट्री) में 1-2 साल का अनुभव हो। इस पद के लिए प्रमुख योग्यताएं निम्नलिखित हैं: - इंस्टाग्राम, फेसबुक और X (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर काम करने की जानकारी। - कंटेंट राइटिंग में दक्षता। - अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में लेखन में निपुणता (बाइलिंगुअल)। - प्रूफरीडिंग और एडिटिंग की योग्यता। - अच्छा डिजाइन और क्रिएटिव सेंस होना अनिवार्य। - CANVA पर काम करने में दक्षता आवश्यक। - वीडियो मेकिंग और एडिटिंग का ज्ञान एक अतिरिक्त योग्यता के रूप में देखा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवारों से आग्रह है कि वे तुरंत आवेदन करें। आवेदन भेजने के लिए ईमेल: itsocialmedia16@gmail.com यह अवसर उन प्रोफेशनल्स के लिए है जो मीडिया के तेजी से बढ़ते डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी दक्षता साबित करना चाहते हैं।
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हरियाणा विधानसभा चुनाव में कवरेज के दौरान पत्रकार-यूट्यूबर अजीत अंजुम एक्स पर टीवी चैनलों व अन्य प्लेटफॉर्मों को पछाड़कर सबसे आगे निकल गए हैं. एक्स पर अजीत के चैनल पर सबसे ज्यादा लोगों ने हरियाणा कवरेज को पसंद किया है. उन्होंने एक्स पर साझा किए गए आंकड़ों के साथ लिखा है- “X पर सबसे अधिक देखा जाने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म- नंबर वन.”
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पंजाब | कैलगरी के समाचार संपादक ऋषि नागर पर खालिस्तानी समर्थकों द्वारा किए गए हमले के बाद अब टोरंटो के रेडियो होस्ट और प्रतिनिधि जोगिंदर सिंह बस्सी को जान से मारने की धमकी दी गई है. जोगिंदर ने इस धमकी को लेकर ओंटारियो पुलिस के अलावा भारत में भी पुलिस अधिकारियों को जानकारी दी है. पुलिस ने जोगिंदर बस्सी को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है. दरअसल, बस्सी पर पहले भी कनाडा में हमला हो चुका है और सितंबर, 2021 में हमलावरों ने उनके घर पर गोलियां चलाई थीं. बस्सी साल में कुछ महीने भारत में रहते हैं और उनका परिवार भी पंजाब में रहता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में जोगिंदर बस्सी ने अपने रेडियो शो के दौरान भारतीय झंडे की बेअदबी करने वालों को फटकार लगाई थी. उन्होंने कहा था- भारत से आकर जो लोग कनाडा में बस गए उनकी मातृभूमि भारत ही है और तिरंगे का अपमान करना उनके लिए मातृभूमि का अपमान करने के बराबर है. इसके अलावा उन्होंने अपने रेडियो पर हाल ही में कनाडा में फिरौती मांगने वाले खालिस्तानी समर्थक गुरसेवक सिंह को लेकर भी खबर प्रसारित की थी. इस खबरों से बौखलाए खालिस्तानी समर्थकों द्वारा अब जोगिंदर बस्सी को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं.
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ग़ाजियाबाद | यूपी के गाजियाबाद से खबर है कि यहां के थाना कवि नगर में फैक्ट चेकर पत्रकार मोहम्मद जुबैर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है. जुबैर पर भड़काऊ स्पीच पोस्ट करने का आरोप है. ALT न्यूज के को–फाउंडर मोहम्मद जुबैर पर BJP नेत्री उदिता त्यागी ने गाजियाबाद, यूपी में FIR दर्ज कराई है. बीजेपी नेत्री का आरोप है कि जुबैर ने यति नरसिंहानंद गिरी की वीडियो काट–छांटकर पोस्ट की. जिससे भड़के मुस्लिमों ने डासना देवी मंदिर पर हमला किया. अब, इस मुकदमे को लेकर सोशल मीडिया पर अलग तरह का विवाद छिड़ गया है. वरिष्ठ पत्रकार और फिल्म डायरेक्टर विनोद कापड़ी ने जुबैर को तुरंत सुप्रीम कोर्ट पहुंचने की सलाह दी है. पत्रकार जाकिर त्यागी ने ट्वीट कर लिखा है- पुलिस में यति के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है इसलिए पत्रकार और फैक्ट चेकर के खिलाफ 5 धाराओं में कार्रवाई की गई है.
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जाने-माने लेखक और पत्रकार खुशवंत सिंह की याद में 13वें लिटरेचर फेस्टिवल (लिटफेस्ट) का आयोजन 18 से 20 अक्तूबर तक किए जाने की घोषणा हो चुकी है. कार्यक्रम में अमिताभ कांत, निर्माता निर्देशक इम्तियाज अली, मनीष तिवारी समेत विभिन्न हस्तियों के शामिल होने की बात सामने आई है. इस आयोजन में द हिंदू समूह के निदेशक अनंत कृष्णन की किताब द कॉमरेड्स एंड द मुल्लाज और पूर्व सेना नायक प्रोबल दासगुप्ता की कैमोफ्लेज्ड- फॉरगॉटन स्टोरीज फ्रॉम बैटलफील्ड्स सहित कई किताबों पर भी चर्चा की जाएगी. कार्यक्रम के 37 वक्ताओं की लिस्ट फाइनल हो चुकी है. जिनमें मुंबई के पॉडकास्टर अमित वर्मा, पूर्व पत्रकार बच्ची करकारिया, लेखक बालाजी विट्ठल, लेखक और चित्रकार देवदत्त पटनायक, पत्रकार धीरेंद्र के. झा, मॉडल फिरोज गुजराल, न्यूज एंकर गार्गी रावत, सेना वीरता पदक से सम्मानित जनरल इयान कार्डोजो, लेखक जेनीता सिंह, द ट्रिब्यून की प्रधान संपादक ज्योति मल्होत्रा का नाम शामिल है. इनके अलावा, न्यूक्लियर फिजिसिस्ट डॉ कल्पना शंकर, सिंगापुर नेशनल यूनिवर्सिटी के ली कुआन यू स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में एशियाई अध्ययन के विल्मर प्रोफेसर और रिसर्च के वाइस डीन कांति बाजपेयी, पूर्व आईपीएस मीरन चड्ढा, पूर्व आईएएस और वानकानेर के शाही परिवार से एमके रंजीत सिंह, लेखिका नमिता देवीदयाल, सेक्स और ट्रॉमा थेरेपिस्ट नेहा भट्ट, पूर्व पत्रकार और लेखिका निरुपमा दत्त, आईआरएस अधिकारी निरुपमा कोटरू, सिनेमाटोग्राफर नुसरत एफ. जाफरी, प्रसिद्ध विज्ञापन फिल्म निर्माता प्रह्लाद कक्कड़, सर्वोच्च न्यायालय के नॉन बाइनरी वकील रोहिन भट्ट, पत्रकार सारा जैकब, लेखक सरबप्रीत सिंह, सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट सौरभ किरपाल, द हिंदू की पॉलिटिकल एडिटर सुहासिनी हैदर, पद्मश्री सैय्यद सैय्यदैन हमीद, कला संस्कृति से जुड़ीं तस्नीम जकारिया मेहता, शोधकार वीरांगना कुमारी सोलंकी और इतिहासकार विलियम डेलरिम्पल का नाम है. आयोजन में अभिनेता और हिमाचल निवासी अनुपम खेर ने भी सोशल मीडिया पर लिटफेस्ट का जिक्र किया है, साथ ही उन्होंने आयोजकों को बधाई भी दी है. हालांकि उनके आने न आने पर अभी संशय की स्थिति बनी हुई है. बता दें कि खुशवंत सिंह के साहित्य में दिए गए योगदान और कसौली के प्रति लगाव को देखते हुए उनके बेटे राहुल सिंह ने वर्ष 2012 में लिटफेस्ट का आयोजन शुरू किया था. तब से प्रतिवर्ष इसे आयोजित किया जाता है.
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यूट्यूब अपने क्रिएटर्स और व्यूअरशिप को लेकर तरह-तरह के बदलाव करता रहता है. अब एक बार फिर यूट्यूब ने कुछ ऐसा ही फैसला लिया है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से स्पैम, फेक और धोखाधड़ी नियमों के उल्लंघन के कारण कई चैनलों को रिमूव कर दिया गया है. इसका असर उन यूजर्स पर भी पड़ा है जिन्होंने कभी वीडियो ही अपलोड नहीं किए थे. इसके अलावा यूट्यूब प्रीमियम सब्सक्राइबर्स भी प्रभावित हुए, ऐसी खबरें सामने आई हैं. यूजर्स को उनके अकाउंट पर बैन और चैनल हटाए जाने की जानकारी ईमेल के माध्यम से दी गई और कई यूजर्स ने विशेष रूप से अपनी सहेजी हुई प्लेलिस्ट और म्यूजिक लाइब्रेरी तक पहुंच खोने पर निराशा व्यक्त की है. कुछ उपयोगकर्ताओं ने प्रतिबंधों के खिलाफ अपील करने में सफलता पाई, जिससे उनकी अकाउंट पहुंच बहाल हो गई है. हालांकि कुछ यूजर्स ने अपील के बाद भी अपनी प्लेलिस्ट नहीं देखी है, जबकि अन्य को पूरी तरह से अपनी रीच वापस मिल गई है. यूट्यूब ने इस समस्या को स्वीकार करते हुए चैनलों को फिर से बहाल करने और यूट्यूब टीवी, यूट्यूब प्रीमियम और यूट्यूब म्यूजिक की सशुल्क सदस्यताओं तक पहुंच को फिर से शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है. जिनका खाता बहाल हो गया है लेकिन प्लेलिस्ट गायब है, उन्हें जल्द ही उनकी सामग्री मिल जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके अलावा यूट्यूब की तरफ से एक बड़ा बदलाव भी किया गया है. इसमें अब आप शार्ट में लंबी वीडियो को भी अपलोड कर सकते हैं. यानी कोई लंबी वीडियो है तो इसे आप यूट्यूब शार्ट के रूप में अपलोड कर सकते हैं. लेकिन इसके लिए तीन मिनट की सीमा तय की गई है. यानी इससे लंबी को आप यूट्यूब पर अपलोड तो कर सकते हैं, लेकिन वह नॉर्मल वीडियो सेक्शन में ही अपलोड होंगी.
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अयोध्या । रामनगरी के दीपोत्सव ने अयोध्या के कुम्हारों का जीवन बदल दिया है। कभी रोजी-रोटी के लिए परेशान दिखने वाले कुम्हार अब दीपोत्सव के दौरान ही एक-एक लाख रुपये कमा लेते हैं। दीपोत्सव शुरू होने के बाद कुम्हार परिवार के युवा बाहर जाने के बजाय अब इलेक्ट्रिक चाक घुमाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इस बीच जयसिंहपुर गांव में दीपोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू हो गई हैं। वर्ष 2017 में प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही सर्वप्रथम अयोध्या को सजाने-संवारने का बीड़ा उठाया गया। इसके बाद भगवान राम के वनवास से लौटकर आने की खुशी में मनाई जाने वाली दिवाली पर दीपोत्सव मनाने का ऐलान कर दिया। हर वर्ष राम की पैड़ी पर इसका आयोजन होता है। इस दौरान लाखों की संख्या में दीप प्रज्ज्वलित होते हैं। दीयों की खरीदारी के लिए भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिले के कुम्हारों को वरीयता दी। नतीजा यह है कि इस वर्ष दीपोत्सव का आठवां संस्करण होने जा रहा है। कुम्हारों ने बड़ी संख्या में दीयों को बनाने का काम शुरू कर दिया है। इस बार रामलला भव्य मंदिर में विराजमान हो गए हैं इसलिए कहा जा रहा है कि आठवां दीपोत्सव और भी भव्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने 25 लाख दीपों को जलाने का ऐलान किया है। जलने हैं 25 लाख दीये, जुटा हुआ है परिवार अयोध्या के विद्याकुण्ड के निकट स्थित जयसिंहपुर गांव में बड़े स्तर पर कुम्हार दीयों को बनाने में जुटे हुए हैं। यहां का 40 परिवार दीपोत्सव के लिए दीप बना रहा है। उनका मानना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका जीवन बदल दिया। दीपोत्सव में बिक्री होती ही है, लेकिन स्थानीय कुम्हारों के लिए की गई अपील के बाद लोग मिट्टी के दीयों को प्राथमिकता दे रहे हैं। 30 से 35 हजार दीये बेच देते हैं: लक्ष्मी जयसिंहपुर गांव की लक्ष्मी प्रजापति बताती हैं कि योगी सरकार की योजना ने हमारे घर को रोशन कर दिया है। दीपोत्सव में दीये बनाने का ऑर्डर मिलते ही पूरा परिवार जुट जाता है। 30 से 35 हजार दीये बनाकर बेचे जाते हैं। मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद बढ़ी आमदनी: राकेश जयसिंहपुर गांव के राकेश प्रजापति बताते हैं कि अभी हमें ठेका नहीं मिला है, लेकिन विगत वर्षों में मिले ऑर्डर को देखते हुए हम लोगों ने दीये बनाने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री के ऐलान के बाद हमारी आमदनी बढ़ी है। पहले लोग चाइनीज झालरों से सजाते थे घर: आशा गांव की आशा बताती हैं कि हम लोग हर वर्ष 20 से 25 हजार दीये बनाकर दीपोत्सव के लिए देते हैं। दीपोत्सव शुरू होने के बाद शहर के लोग दीयों से अपना घर सजाते हैं, नहीं तो लोग पहले चाइनीज झालरों का प्रयोग करते थे। मुख्यमंत्री योगी ने दिलाई पहचान: राजेश गांव के राजेश प्रजापति ने बताया कि ये मुख्यमंत्री योगी की ही देन है कि दीपोत्सव के बाद से प्रजापति की भी पहचान हो गई है। नहीं तो हमें कोई पहचानता नहीं था। अभी टेंडर नहीं हुआ है, लेकिन हम लोगों ने अब तक 2 लाख से अधिक दीप तैयार कर लिए हैं। शुरू हो चुका है दीपोत्सव का काउंटडाउन आठवें दीपोत्सव का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। अब सिर्फ कुछ ही दिन बचे हैं। उसके बाद अयोध्या नगरी एक नया कीर्तिमान रच देगी। दीपोत्सव को लेकर प्रशासनिक तौयारियां शुरू हो गई हैं। प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा अवध विश्वविद्यालय प्रशासन और वहां के छात्र भी जुट गए हैं। दीपोत्सव में कब कितने दीप जले वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीप, वर्ष 2018 में 3.01 लाख दीप, वर्ष 2019 में 4.04 लाख दीप, वर्ष 2020 में 6.06 लाख दीप, वर्ष 2021 में 9.41 लाख दीप, वर्ष 2022 में 15.76 लाख दीप, वर्ष में 2023 में 22.23 लाख दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
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चुनावों का एग्जिट पोल बताने वाली संस्था एक्सिस माई इंडिया समूह और इंडिया टुडे के बीच करार समाप्त हो जाने की खबर सामने आई है. ये पार्टनरशिप हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में मतदान समाप्त होने से ठीक पहले समाप्त हो गई है. बता दें कि एक्सिस माई इंडिया और इंडिया टुडे समूह के बीच पिछले 9 वर्षों से यह पार्टनरशिप चल रही थी. जो 5 अक्तूबर को दोनों राज्यों के मतदान सम्पन्न होने के बाद एक्सिस माई इंडिया-इंडिया टुडे के साथ एग्जिट पोल के नतीजे नहीं बताएगी. माना जा रहा है कि एक्सिस माई इंडिया किसी दूसरी कंपनी के साथ पार्टनरशिप कर सकती है. हालांकि प्रदीप गुप्ता की तरफ से किए एक ट्वीट में बताया गया कि 5 अक्तूबर को शाम 6 बजे एक्सिस माई इंडिया रेड माइक नामक यूट्यूब चैनल पर एग्जिट पोल दिखाएगी. गौरतलब है कि एक्सिस माई इंडिया का अपना खुद का भी यूट्यूब चैनल है.
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रायपुर | भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष व जनतंत्र टीवी के छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ नितिन चौबे (49) का निधन हो जाने की जानकारी सामने आई है. उनकी अंतिम यात्रा महावीर नगर निवास से आज शनिवार सुबह 11 बजे न्यू राजेंद्र नगर मुक्ति धाम के लिए निकलेगी. चौबे के निधन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दु:ख जताया है. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार श्री नितिन चौबे जी के निधन का समाचार बहुत दु:खद है. ईश्वर परिवार को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करे. बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार अपने पीछे पत्नी शिवांगी, दो पुत्र आस और आरिस चौबे को छोड़ गए हैं.
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बीते सालों की तरह इस बार भी सारे देश ने 5 सितंबर को गर्मजोशी से अध्यापक दिवस मनाया। सोशल मीडिया पर तो अध्यापकों का उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान के लिए विशेष रूप से आभार व्यक्त किया जा रहा था। पर अब सुधी अध्यापकों, मनोचिकित्सकों और अन्य जागरूक नागरिकों को यह भी सोचना होगा कि नौजवानों का एक बड़ा वर्ग निराशा और नाकामयाबी की स्थितियों में अपनी जीवनलीला खत्म करने पर क्यों आमादा है। अब शायद ही कोई दिन ऐसा गुजरता हो जब अखबारों में किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवा के खुदकुशी करने संबंधी दिल दहलाने वाला समाचार ना छपता हो। यह बेहद गंभीर मसला है और इस पर सारे देश को सोचना होगा। इसी तरह आजकल बिजनेस में घाटा होने के कारण भी आत्महत्या करने वालों की तादाद लगातार बढ़ रही है। अभी कुछ दिन पहले एक साइकिल बनाने वाली मशहूर कंपनी के अरबपति मालिक ने भी खुदकुशी कर ली थी। पिछले साल 6 दिसंबर को लोकसभा में बताया गया था कि देश में 2019 से 2021 के बीच 35,000 से ज़्यादा छात्रों ने आत्महत्या की। छात्रों के खुदकुशी करने के मामले 2019 में 10,335 से बढ़कर 2020 में 12,526 और 2021 में 13,089 हो गए। इसमें कोई शक नहीं है किसी भी हालत में किसी खास परीक्षा में सफल होने के लिए माता-पिता, अध्यापकों और समाज का भारी दबाव और अपेक्षाएं छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव डाल रही हैं। राजस्थान का एक शहर है कोटा। यहां हर साल एक अनुमान के मुताबिक, हजारों नहीं लाखों छात्र-छात्राएँ देश के शीर्ष कॉलेजों में से एक में प्रवेश पाने की उम्मीद में कोटा पहुंचते हैं। इनके जीवन का एक ही लक्ष्य होता है कि किसी तरह आईआईटी/एनआईटी या मेडिकल की प्रवेश परीक्षा को क्रैक कर लिया जाए। आप कोटा या फिर देश के किसी भी अन्य शहर में चले जाइये जहां मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ-साथ सिविल सेवाओं वगैरह के लिए कोचिंग संस्थान चल रहे हैं। वहां पर छात्र अत्यधिक दबाव और असफलता के डर से मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत कष्ट की स्थिति में हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. विनय अग्रवाल कहते हैं कि हमें खुदकुशी के बढ़ते मामलों पर सिर्फ चिंता ही व्यक्त नहीं करनी। हमें इसे रोकना ही होगा। हमने युवाओं, कारोबारियों और अन्य लोगों के आत्महत्या करने के कारणों और इस समस्या के हल तलाशने के लिए विश्व आत्महत्या निवारण दिवस (12 सितंबर) को राजधानी दिल्ली में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का भी आयोजन किया है, जहां पर मनोचिकित्सक, पत्रकार और सोशल वर्कर अपने अनुभवों के आधार पर अपने पेपर पढ़ेंगे। उन निष्कर्षों के बाद हम आगे की रणनीति बनाएँगे। कुछ कोचिंग सेंटर चलाने वाले भी इस तरह के प्रयास तो कर रहे हैं ताकि छात्र बहुत दबाव में न रहें। राजधानी के एक कोचिंग सेंटर के प्रमुख ने बताया कि हम छात्रों की लगातार काउंसलिंग करते रहते हैं। उनके अभिभावकों के भी संपर्क में रहते हैं। कहा जाता है कि भारत में दुनिया भर में सबसे अधिक युवा आत्महत्या दर है। इस बीच, राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, 2020 में हर 42 मिनट में एक छात्र ने अपनी जान दे दी। यह आंकड़ा सच में डराता है। देखिए, नौजवानों को बिल्कुल रीलेक्स माहौल देना होगा माता-पिता और उनके अध्यापकों को, ताकि वे बिना किसी दबाव में पढ़ें या जो भी करना चाहते हैं, करें। हरियाणा के सोनीपत में सेंट स्टीफंस कैम्ब्रिज स्कूल चलाने वाली दिल्ली ब्रदरहुड सोसायटी (डीबीएस) के अध्यक्ष और सोशल वर्कर ब्रदर सोलोमन जॉर्ज कहते हैं कि हम पूरी तरह से सुनिश्चित करते हैं कि हमारे स्कूल या सेंट स्टीफंस कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चे बिना किसी दबाव में पढ़े-लिखे। हम अपने अध्यापकों की भी क्लास लेते हैं कि किसी भी बच्चे के साथ कक्षा में उसकी जाति न पूछी जाए और न ही उसके पिता की आय। कुछ गैर-जिम्मेदार अध्यापक अपने विद्यार्थियों से इस तरह के गैर-जरूरी सवाल पूछते हैं। फिर वे एक ही कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों की एक-दूसरे से तुलना भी करने लगते हैं। इस कारण वे जाने-अनजाने एक बच्चे को बहुत सारे बच्चों को कमजोर साबित कर देते है। जाहिर है, इस वजह से उस छात्र पर बहुत नकारात्मक असर पड़ता है जो कमतर साबित कर दिया गया होता है। इसी तरह के बच्चे कई बार निराशा और अवसाद में डूब जाते हैं। देखिए बच्चे को पालना एक बीस वर्षीय प्लान है। कौन नहीं चाहता कि उसका बच्चा समाज में ऊंचा मुकाम हासिल करे, शोहरत-नाम कमाए? पर इन सबके लिए जरूरी है कि बच्चे को उसकी काबिलियत और पसंद के अनुसार मनचाहा करियर चुनने की आजादी भी दी जाए। यह एक कड़वा सच है कि हमारे समाज में सफलता का पैमाना अच्छी नौकरी, बड़ा घर और तमाम दूसरी सुख-सुविधाएं ही मानी जाती हैं।अफसोस कि हम भविष्य के चक्कर में अपने बच्चों को आत्महत्या जैसे कदम उठाने पर मजबूर करने लगे हैं। ब्रदर सोलोमन जॉर्ज कहते हैं कि हम अपने यहां बच्चों को इस बात के लिए तैयार करते हैं कि वे कठिन परिस्थितियों का भी सामना करें। असफलता से हार मान लेने से जीवन नहीं चलता। यह तो कायरता है। महान कवि पद्मभूषण डॉ. गोपाल दस नीरज की पंक्तियाँ याद आ रही हैं, “ छुप-छुप अश्रु बहाने वालों, जीवन व्यर्थ लुटाने वालों, इक सपने के मर जाने से, जीवन नहीं मरा करता है।” सफलता और असफलता का चक्र तो चला करता है, उसे स्वीकार करने में ही भला है। जैसा कि मैंने ऊपर जिक्र किया कि बीते दिनों एक अरबपति बिजनेसमैन ने राजधानी के अपने भव्य बंगले में गोली मारकर सुसाइड कर लिया। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। कहा जा रहा है कि बिजनेस में नुकसान होने के कारण ही साइकिल बनाने वाली कंपनी के मालिक ने आत्महत्या की। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों से पता चला है कि 2020 में जब कोविड की लहर ने व्यापार को तबाह कर दिया था। उस समय 11,716 व्यापारियों ने आत्महत्या की थी, जो 2019 की तुलना में 29% अधिक थी, जब 9,052 व्यापारियों ने अपनी जान ले ली थी। कर्नाटक में 2020 में व्यवसायियों द्वारा आत्महत्या से सबसे अधिक मौतें (1,772) दर्ज की गईं - जो 2019 से 103% अधिक है, जब राज्य में 875 व्यवसायियों ने अपनी जान ले ली थी। महाराष्ट्र में 1,610 व्यवसायियों ने आत्महत्या की, जो पिछले वर्ष से 25% अधिक है और तमिलनाडु में 1,447 व्यवसायियों ने अपनी जान ली, जो 2019 से 36% अधिक है। यह सबको पता है कि भारत के व्यवसायी समुदाय का बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों से जुड़ा है, जो बड़े झटकों को सहन नहीं कर पाता है। इसके चलते कई कारोबारियों ने कर्ज में डूबने या बिजनेस में नुकसान के कारण आत्महत्या कर ली। लब्बोलुबाव यह है कि भारत में युवाओं और कारोबारियों के साथ-साथ अन्य लोगों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को भी प्रभावी ढंग से रोकना होगा।
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मलयालम फिल्म उद्योग में यौन उत्पीड़न के मामले अबतक थम नहीं रहे। शोषण, अत्याचार के अनेक सनसनीखेज मामलों के सार्वजनिक होने से केरल की फिल्म इंडस्ट्री में भूचाल-सा आ गया है। मौलिवुड में मलयाली के एक और अभिनेता जयसूर्या के विरुद्ध एक अभिनेत्री ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी। इससे पूर्व मशहूर एक्टर सिद्दिकी को हाल ही में एक हीरोइन के साथ दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया। पहला मामला फ़िल्म निर्देशक रंजीत का आया, जिसमें बंगाल की एक्ट्रेस ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। उपरोक्त सभी मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला इतना गंभीर है कि सिद्दिकी को एसोसिएसन ऑफ़ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स के महासचिव के पद से हाथ धोना पड़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसे सभी मामलों की जाँच एसआईटी को सौंप दी गई है। जस्टिस के. हेमा कमिटी की रिपोर्ट को केरल की एलडीएफ सरकार ने जारी किया, जिसमें महिला अभिनेत्रियों के साथ हो रहे अत्याचार का ब्योरेवार वर्णन है। रिपोर्ट में साफ शब्दों में जिक्र है कि केरल फ़िल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के काम करने का उचित माहौल नहीं है। वर्ष 2017 में गठित कमिटी ने 2019 को राज्य सरकार को रिपोर्ट सौंपी किन्तु अगस्त, 2024 में राज्य सरकार ने इसे सार्वजनिक किया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि विजयन सरकार फ़िल्म इंडस्ट्री और सेक्स रैकेट माफिया के चंगुल में है। एफआईआर तो शोर को कम करने के लिए है। दागियों को जिस तरह सरकार बचा रही है, यह शर्मनाक है। रिपोर्ट में साफ-साफ उल्लेख है कि फ़िल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के साथ यौन शोषण के अतिरिक्त शारीरिक उत्पीड़न भी किया जाता है। उसी को एक्ट्रेस के रूप में मौका दिया जाता है जो शारीरिक सम्बन्ध बनाने को तैयार हो। ऐसी लड़कियों को अभिनेत्री बनाया जाता है। उसे बहुत कम धनराशि दी जाती है। इनकार करने पर स्थापित एक्ट्रेस को जान से मारने की धमकी के साथ ब्लैकमेलिंग भी की जाती है। इसके उलट जो “सहयोग” करने से इनकार करती है, उसे कभी अवसर नहीं दिया जाता। अश्लीलता को फिल्मों में खूब परोसा जा रहा है और उस आड़ में सेक्स रैकेट के साथ ड्रग्स का हजारों करोड़ का धंधा फल-फूल रहा है। अभिनेत्रियों से कम कपड़े और अश्लील हरकतों को शूटिंग में करने को कहा जाता है। सफल तारिका की अब यही पहचान बन गई है। आयोग की आंतरिक शिकायत समिति ने साफ शब्दों में कहा है कि फ़िल्म इंडस्ट्री में महिलाओं को कार्य नहीं करना चाहिए। आयोग ने चिंता जाहिर की है कि ऐसे अपराधों की थानों में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है और बहुत दबाव में शिकायत दर्ज कर ली गई तो गिरफ्त्तारी कभी होती नहीं है। फ़िल्म इंडस्ट्री की आड़ में सरकार की शह पर घिनौने धंधे चल रहे हैं। बढ़ती किरकिरी के कारण एसोसिएशन ऑफ़ मलयालम मूवी आर्टिस्ट के अध्यक्ष और मशहूर अभिनेता मोहनलाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। हालाँकि, उनका कार्यकाल 2027 तक था। जगदीश और आर. जयन सहित कई पदाधिकारियों को लोकलाज के कारण इस्तीफा देना पड़ा। विशेष जाँच टीम के राडार पर कई नामचीन फिल्मी हस्तियों के अतिरिक्त सत्तारूढ़ दल के पदाधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में “मैनेज” के चक्कर में गिरफ्तारी की हरी झंडी न मिलना लोकतंत्र को शर्मसार कर रहा है। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा कि किसी का कुछ नहीं बिगड़ेगा। यह जाँच दल, रिपोर्ट केवल भरमाने का तरीका है। जनरोष को मद्देनजर रखते हुए भाजपा और कांग्रेस ने माकपा विधायक सह अभिनेता एम. मुकेश के इस्तीफे की मांग की है। उल्लेखनीय है कि 17 फरवरी 2017 को कोच्चि में एक सुप्रसिद्ध नायिका का पहले अपहरण हुआ, फिर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म हुआ। पीड़िता की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद मुख्यमंत्री पिनार्याई विजयन ने केरल हाई कोर्ट की सेवानिवृत जज के. हेमा की अध्यक्षता में कमिटी का गठन कर दिया। रिपोर्ट तो आ गई, किन्तु दोषी कौन? सजा किस-किस को मिलेगी? इत्यादि प्रश्न तो अनुत्तरित हैं। सात वर्षों बाद आई रिपोर्ट भी लगता है मामले को शांत करने और लीपापोती के लिये है। तभी तो फ़िल्म इंडस्ट्री पोर्न इंडस्ट्री के रूप में तब्दील हो गया। सरकार के कई मंत्री-विधायक इस काले धंधे में संलिप्त हैं, इसलिये यह रिपोर्ट शो-पीस बन कर रह गया। आश्चर्यजनक तथ्य है कि 31 दिसंबर,2019 को कमिटी ने सरकार को रिपोर्ट सौंपी, किन्तु इसे लगभग पांच वर्षों तक जानबूझ कर रोके रखा। इसे जारी कराने के लिये जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो संस्कृति विभाग ने गोपनीयता का हनन होना बता कर इसे देने से इनकार कर दिया। हाई कोर्ट में भी याचिकाओं के जरिये रोकने का प्रयास किया गया। अंततः राज्य सूचना आयोग के हस्तक्षेप और कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जा सका। कास्टिंग काउच साफ-साफ दिखता है। अनेक गवाहों के कैमरे पर आने, ऑडियो क्लिप्स, वीडियो क्लिप्स, स्क्रिन शॉट्स, इंटरव्यू, गवाहों के बयान आदि से इसकी साफ-साफ पुष्टि होती है। समिति के समक्ष कुछ महिलाओं ने यहाँ तक कहा कि रात में पुरुष उनके दरवाजे को जोर-जोर से पीटते हैं. कई महिलाओं ने यह भी बयान में कहा कि सच बोलने से उन्हें पुलिस का भय है कि कहीं उनके रिश्तेदारों पर झूठे मुकदमे न लाद दिये जायें। एक सुप्रसिद्ध अभिनेता ने बयान में कहा कि पूरी फ़िल्म इंडस्ट्री को माफिया चला रहा है, जिसमें पुरुष प्रोड्यूसर, निर्देशक, अभिनेता शामिल हैं। सिनेमा के तकनीकी सेक्शन में महिला कर्मी नाममात्र की है। फ़िल्म इंस्टीट्यूट के. आर. नारायणन नेशनल इंस्टीटूट ऑफ़ विजुअल साइंस एंड आर्ट्स में 44 में केवल दो छात्राएं हैं। विपक्ष की मांग है कि पूरे मामले की जाँच वरिष्ठ पुलिस महिला अधिकारियों के द्वारा कराई जाये। मौलिवुड में महिलाओं को दो शब्द समझौते और समायोजन के इर्द-गिर्द घूमना होता है। केवल एक ही सन्देश दिया जाता है- अपने को मांग के अनुसार सेक्स के लिये तैयार रहना है। न बोलने पर काम से बाहर का रास्ता दिखाया जाता है। दिलचस्प तथ्य है कि दृश्य में महिला-पुरुष या पति-पत्नी के एक शॉट के 17 री-टेक होते थे। यह पहले से मान लिया जाता था कि अभिनेता तो अभिनेत्री से दुर्व्यवहार करेंगे। इच्छा के विपरीत महिलाकर्मियों को काम करना पड़ता था। 10 से 15 केवल पुरुष ही मोलिवुड में हैं जो अत्यंत धनी हैं और फ़िल्म इंडस्ट्री में इन्हीं का आधिपत्य है। जूनियर कलाकारों को कलाकार के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता है। साहस कर बयान दे चुके कुछ कलाकारों के अनुसार उन्हें शारीरिक यातनाएं दी जाती हैं। काम करने के बाद रुपये नहीं दिए जाते हैं। हालाँकि, जब इसकी भनक माफिया को लगी तो परिवारवालों को धमकियां दी जाने लगी। इसकी शिकायतें भी थाने में की गई, किन्तु कार्रवाई तो दूर पुलिस उलटे जूनियर कलाकारों को ही केस वापस करने को कह रही है। भोजन और पानी भी नहीं उपलब्ध कराना बड़ी शिकायत है। जूनियर कलाकार गवाहों ने बताया कि सबसे ज्यादा अत्याचार जूनियर महिला कलाकारों पर होता है। उनके साथ यौन शोषण के साथ कार्यावधि ज्यादा किन्तु पारिश्रमिक काफी कम मिलता है। केरल में जन्मी और पली-बढ़ी गीथा जे. जो अब न्यू कैस्टल यूनिवर्सिटी, ग्रेट ब्रिटेन में फ़िल्म प्रैक्टिस पढ़ाती हैं, उसने साफ शब्दों में कहा कि केरल का पूरा फ़िल्म उद्योग सड़ चुका है। अप्रैल, 2010 में ख्याति को चूम रहे थिलाकन को “सच” बोलने की सजा मिल गई थी। फिल्में मिलनी बंद हो गई थी। 2022 में एक्टर- प्रोड्यूसर विजय बाबू पर महिला अभिनेत्री से दुष्कर्म का आरोप लगने के बाद आंतरिक शिकायत कमिटी का गठन भी दिखावा साबित हुआ। निराश होकर तीन महिला सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया। विरोध प्रदर्शन हुए, किन्तु परिणाम शून्य। वाम सरकार के समर्थन से यह माफिया उद्योग में तब्दील हो गया। हेमा कमिटी की रिपोर्ट बहुत देर से ही सही सार्वजनिक होने के बाद भी दोषियों को बचाने की जी-तोड़ कोशिश के कारण केरल की फ़िल्म इंडस्ट्री ध्वस्त हो गई।
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कोरबा | वरिष्ठ पत्रकार और जिले से निकलने वाले दैनिक ब्लैकआउट के पूर्व संपादक प्रदीप महतो के निधन की सूचना है. आज शुक्रवार सुबह 5 बजे एक निजी अस्पताल में उनका निधन होने की जानकारी सामने आई है. महतो, कोरबा के बरपाली गांव के रहने वाले थे और पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान रखते थे. बरपाली में प्रेस क्लब की स्थापना करवाने में भी उनका अहम योगदान था. उनके निधन से कोरबा के पत्रकारिता जगत में शोक की लहर है.
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देहरा | हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला स्थित देहरा में तैनात एसडीएम शिल्पी बेक्टा की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने हंगामा खड़ा कर दिया है. एसडीएम ने एक पत्रकार पर सीधा आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत भी दी है. एसडीएम ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि, “ब्लैकमेल करने वाले और प्रेस एवं पत्रकार होने का गलत फायदा उठाने वालों पर कार्यवाही होनी चाहिए.” इसके अलावा एसडीएम ने देहरा पुलिस स्टेशन में शिकायत भी दर्ज कराई है. शिकायत में उन्होंने एक अज्ञात नंबर से उन्हें धमकाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि फोन करने वाला शख्स द्वारा खुद को पत्रकार बताते हुए बदतमीजी करने के साथ ही धमकी भी दी गई. शिल्पी बेक्टा के अनुसार, शख्स ने फोन पर उनसे कहा – “आपको पता नहीं मैं क्या कर सकता हूं?” एसडीएम ने इस फोन कॉल के बाद अपनी जान को खतरा बताया है. इस मामले में डीएसपी देहरा अनिल ठाकुर ने बताया कि एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने एक लिखित शिकायत दी है और मामले की छानबीन की जा रही है. बता दें कि एसडीएम शिल्पी बेक्टा मूलरूप से शिमला की रहने वाली है, देहरा से पहले वह कांगड़ा में एसडीएम के पद पर कार्यरत थीं.
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सूचना प्रसारण मंत्रालय की ओर से ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म पर दिखाई जाने वाली फिल्मों और सीरीज को लेकर नई गाइडलाइन जारी की जाएगी. नई गाइडलाइन के अनुसार अब ओटीटी प्लेटफॉर्म गाली-गलौज या अश्लील भाषा का कंटेंट प्रसारित नहीं कर सकेंगे. सूत्रों की माने तो सूचना प्रसारण मंत्रालय इस संबंध में मंत्रालय से जुड़ी कंपनियों, एक्सपर्ट्स और हिस्सेदारों से विचार विमर्श भी कर रहा है. इसमें महिलाओं से जुड़े कुछ कानूनों के उल्लंघन से बचने का रास्ता भी तलाशा जाएगा. कहा जा रहा है कि इन नियमों से ये सुनिश्चित किया जाएगा कि बिना किसी उल्लंघन के फिल्मों की कहानी को अभिव्यक्त किया जाए. ये प्रमुख बदलाव हो सकते हैं हिन्दी अख़बार अमर उजाला की वेबसाइट में प्रकाशित रिपोर्ट बताती है कि नए गाइडलाइंस में गाली-गलौज को बीप करने, अश्लील दृश्यों को धुंधला करने के निर्देश होंगे. वहीं किसी डायलॉग में गाली-गलौज अनिवार्य है तो उसे तोड़ मरोड़कर दिखाने की बात हो सकती है. इसके अलावा कपड़े बदलने या अंतरंग संबंधों वाले सीन के अन्य विकल्प तलाशने के निर्देश हो सकते हैं. कंटेंट पर रहेगी नजर ओटीटी कंटेंट और प्लेटफॉर्म पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय नजर रखेगा. मंत्रालय यह भी अपेक्षा रख सकता है कि निर्माता ऐसे लोगों को अपनी टीम में जोड़ें जो जरूरत के अनुसार वैकल्पिक शब्द गढ़ सकें. इसके अलावा निर्माताओं को ओटीटी सीरीज पर सेंसर बोर्ड और मंत्रालय को शपथ पत्र भी देना होगा.
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दि प्रिंट की टीम एडिटोरियली पुअर है। इंग्लिश मीडियम एजुकेशन ने भारत में मानसिक गुलामों की पूरी फौज खड़ी कर दी है। ऐसा न होता तो यहाँ हर दूसरे दिन कोई न कोई नया नीरद सी चौधरी अपनी हीनता ग्रन्थि यूँ उजागर न करता। चलिए लेखक वैशाखनन्दन है कोई बात नहीं मगर क्या दि प्रिन्ट के एडिटर सो रहे थे जो ऐसी अहमकाना हेडिंग दे दी। कुछ और नहीं कर सकते थे तो प्रश्नवाचक या विस्मयादिबोधक चिह्न ही लगा देते। कल ही मैं कोक स्टूडियो के पहले छह अंक के प्रोड्यूसर रोहेल हयात का साल 2015 का एक संवाद सुन रहा था। रोहेल बता रहे थे कि किस तरह पश्चिमी संगीत में पगे उनके जेहन पर हिन्दुस्तानी संगीत का रंग चढ़ा था। मैं संगीत का जानकार नहीं हूँ, श्रोता भर हूँ। रोहेल जानकार हैं। उन्होंने पश्चिमी नोट और आक्टेव की हिन्दुस्तानी संगीत के सुरों से तुलना करके बताया कि शुरू में उन्हें हिन्दुस्तानी संगीत के नोट ग्रहण करने में क्या दिक्कत हुई। यह ठीक बात है कि आर्थिक और मानसिक गुलामी ने भारत को बहुत से मामलों में गरीब कर दिया है मगर गुलामी के दौर में भी हिन्दुस्तानी संगीत ऐसे जीनियस पैदा करती रही है जिनको दुनिया के किसी अन्य महान संगीतकार के बराबर रखा जा सकता है। हालाँकि भारत के आजाद होने के बाद हर उस चीज पर ग्रहण लग गया जिसमें हिन्दुस्तानी परम्परा झलकती है। दि प्रिन्ट का लेख पढ़कर आपको पता चलेगा कि बन्दे का असल दर्द संगीत नहीं है बल्कि विदेशी बैण्डबाजा वालों के लिए भारत में पर्याप्त मार्केट न तैयार होना है। बन्दे का दुख ये है कि एक ब्रिटिश बैण्ड की टिकट भारत में नहीं बिकी। भाई तुम्हारा दुख हम समझ सकते हैं मगर इंग्लिश म्यूजिक की मानसिक गुलामी को लेकर निराश होने की जरूरत नहीं है। चाहो तो एक बार “के पॉप” के नौनिहालों को भारत में बुलाकर देख लो। माँ-बाप से तलाक लेकर बच्चे-बच्चियाँ बम्बई या दिल्ली जाम कर देंगे! ऐसा भी नहीं है कि इंग्लिश गवैयों से कोई दिक्कत है। भारत के सबसे अमीर लोग उन्हीं के गाने सुनते हैं। गरीब लोग मनोरंजन के लिए शाहरुख खान के गाने सुनते हैं और शाहरुख खान एड शीरन के गाने सुनते हैं। सीधा समीकरण है। अब अमीरों का क्राउड तो होता नहीं है। आज भी वे कुल आबादी के दो प्रतिशत ही हैं तो इतने थोड़े से लोग किस-किस का और कितना टिकट खरीदेंगे। अमीरों की आबादी में मिडिल क्लास को भी जोड़ दो तो कुल 10-20 प्रतिशत होते हैं। मगर मिडिल क्लास की दिक्कत ये है कि वह इतना अमीर भी नहीं होता कि ब्रिटेन से बैण्ड आने की खबर सुनकर टिकट लेने दौड़ पड़े! उसके पास पैसे हैं, मगर इतने नहीं कि हर किसी पर लुटा सके। बाबा कार्ल मार्क्स ने भाषा को मनुष्य की व्यावहारिक चेतना कहा है। भाषा बदलने से मनुष्य की व्यावहारिक चेतना बदल जाती है। यह बात अरब और ब्रिटिश भलीभांति समझते थे। युद्ध के मैदान में हारने के बावजूद ईरानियों ने कल्चर के मैदान पर अरब को बैकफुट पर धकेल दिया। ब्रिटिश इस मामले में ज्यादा होशियार निकले। उन्होंने अरबों से अलग लम्बा मगर ठोस रास्ता चुना। इंग्लिश मीडियम मनुष्य की चेतना बदल सकती है इसका उन्हें विश्वास था और यह सच साबित हुआ मगर इसमें थोड़ा सा पेंच ये आ गया कि वह बदली हुई चेतना अपनी जड़ों से कटकर हवा में लटकेगी तो उसका मुँह कब किधर घूम जाएगा, यह जानना किसी के वश की बात नहीं है। अब ये जरूरी नहीं है कि जड़ों से कटे मानसिक गुलाम का सांस्कृतिक आस्वाद ब्रिटेन या ब्रिटिश कॉलोनियों की तरफ ही घूमे। वह फ्रांस, स्पेन, इटली, जर्मनी या कोरिया की तरफ भी घूम सकता है। आजकल कोरिया की तरफ ज्यादा घूमा हुआ है। मगर ऐसा भी नहीं है कि भूरे अंग्रेज ब्रिटिश संगीत से भेदभाव करते हैं। बीटल्स के कई गाने मेरे भी फेवरेट गानों में हैं। एड शीरन का शेप मुझे भी पसन्द आया था। बाकी देश में उनके चाहने वाले लाखों में होंगे। भारत अपने मूल दर्शन में अतिथि को देव समझने वाला देश रहा है। संगीत के मामले में भी यह परमसत्य है मगर संगीत में भारतीय उपमहाद्वीप इतना धनी है कि उसके पास नई दुकान से पकवान खरीदने की उतनी जरूरत नहीं है। पकवान पसन्द भी हो तो ब्रिटेन द्वारा 200 साल तक लूटे जाने कारण हर टिकट खरीदने के पैसे नहीं हैं। अगर बात कटिंग-एज टेक्नोलॉजी से बने वाद्ययंत्रों की करें तो इस मामले में भी भारतीय उपमहाद्वीप के लोग खुले विचार के रहे हैं। इसका सर्वोत्तम उदाहरण हिन्दी फिल्म संगीत और ताजा उदाहरण कोक स्टूडियो है। अमीर देशों में बने कथित कटिंग-एज ढोल, ताशे, हारमोनियम, संतूर इत्यादि का इस्तेमाल करके हिन्दी सिनेमा का संगीत और कोक स्टूडियो का संगीत सुनकर जड़कटी इंग्लिश मीडियम टाइप पीढ़ी भी ब्रिटेन से बेवफा हो जाती है। फ्लुएंट इंग्लिश वाली पीढ़ी भी पसूरी गा रही है। हर दम आपकी महँगी टिकट कब तक खरीदेंगे! कुछ चीजों में भारतीय उपमहाद्वीप जीनियस रहा है, उनमें एक है, संगीत। हो सकता है कि ब्रिटेन वालों के खून में केवल आरबीसी और डब्ल्यूबीसी होता हो मगर इस खित्ते वालों के ब्लड में संगीत भी होता है। यही कारण है कि भारत में संगीत सीखने वाले आते रहे हैं, मगर किसी भारतीय को संगीत सीखने कहीं बाहर नहीं जाना पड़ता। कटिंग-एज वाद्ययंत्र सीखना और उसका इस्तेमाल करना एक बात है, संगीत सीखना दूसरी बात है। यूरोप घूमने के बाद रविशंकर को संगीत सीखने बाबा अल्लाउद्दीन खाँ के पास मैहर जाना पड़ा था। यूरोप ने महान संगीतकार दिये हैं मगर उनके 12 नोट और हमारे सात सुर के बीच अमीरी-गरीबी का कोई भेद नहीं है। न हमारी जनता में संगीत के कद्रदानों की कमी रही है। यह कहने की बात नहीं है कि हमारा संगीत पर्याप्त अमीर है। अब अगर कोई सऊदी अरब को पेट्रोल बेचना चाहता है तो उसे उसमें कुछ अतिरिक्त प्रस्तुत करना होगा। जिन ब्रिटिश संगीतकारों ने कुछ अतिरिक्त पेश किया, उनका भारत में स्वागत हुआ। मगर वो यहाँ टिक न सके क्योंकि हर पौधे की अपनी प्रिय मिट्टी, अपनी प्रिय आबोहवा होती है। मिट्टी से उपजा संगीत इकतारे पर मन मोह सकता है। मिट्टी से कटा संगीत मौसम की तरह आता है, चला जाता है। अगर किसी को टेक्नोलॉजी और संगीत में फर्क नहीं समझ आ रहा है, तो उसे इन विषयों पर लिखने से परहेज करना चाहिए मगर जब फूफा सम्पादक हों तो फिर ऐसे लेख छपने से कौन रोक सकता है!
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आपसी संबंधों में दरार का नया कारण सोशल मीडिया का नया चलन बनता जा रहा है। सोशल मीडिया पर कुछ समय से फ्लैगिंग का नया ट्रैंड चल रहा है। पहली बात तो यह कि सोशल मीडिया की तरफ लोगों का रुझान तेजी से बढ़ा है और कोढ़ में खाज यह कि सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया का दौर भी तेजी से चल रहा है। सोशल मीडिया पर रिएक्शन नहीं आना भी डिप्रेशन का कारण बन रहा है तो सोशल मीडिया पर कुछ अप्रिय रिएक्शन भी तनाव का कारण बनती जा रही है। इन दिनों फ्लैगिंग का दौर चल पड़ा है पर इसमें भी अधिक तो यह कि बेज फ्लैगिंग का नया ट्रेंड साथी को अधिक प्रताड़ित करने लगा है। प्रताड़ना का मतलब तनाव का प्रमुख कारण होने से है। देखा जाए तो सोशल मीडिया पर पिछले साल से चल रहे ट्रेंड से आपसी संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। वहीं सोशल मीडिया से जुड़े लोगों में नकारात्मकता और डिप्रेशन का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। नए ट्रेंड को भले ही सोशल मीडिया के उपयोगकर्ता गंभीरता से नहीं ले रहे हो पर जिस किसी पर नए ट्रेंड के अनुसार फ्लैगिंग के माध्यम से कमेंट्स किये जा रहे हैं उसका असर अंदर तक पहुच रहा है। दरअसल पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया में इशारों-इशारों में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने का नया चलन तेजी से चला है। एक और जहां इमोजी का प्रयोग आम है तो फ्लैगिंग का नया चलन उससे भी अधिक गंभीर है। सोशल मीडिया पर इन दिनों बेज फ्लैग का चलन कुछ ज्यादा ही चला है। बेज फ्लैग का सीधा मतलब यह निकाला जा रहा है कि इस तरह का व्यवहार जो ना तो अच्छा है और ना ही बुरा, लेकिन इस तरह की प्रतिक्रिया संबंधित को सोचने को मजबूर कर देती है। खासतौर से इसका चलन आपसी रिश्तों को लेकर किया जा रहा है। इससे संबंधित में एक तरह की हीन भावना आती है और उसका दुष्परिणाम हम सब जानते ही हैं। इससे पहले साथियों को रेड फ्लैग और ग्रीन फ्लैग का लेबल दिया जाता रहा है। हालांकि यह भी नकारात्मक ही है। रेड फ्लैग जहां समस्या से ग्रसित व्यवहार को दर्शाता है तो ग्रीन फ्लैग को अच्छे व्यवहार के रूप में देखा जाता रहा है। यानी आप अपने साथी को लेबल दे रहे हैं और वह लेबल ही साथी का आपके प्रति और आपका साथी के प्रति व्यवहार को दर्शाता है। दरअसल, बेज फ्लैग जैसे रिमार्क से रिश्तों में कड़वाहट आती ही आती है। शिकागो की चिकित्सक मिशेल हर्जोंग तो चेतावनी देते हुए कहती है कि ऐसे लेबलिंग से रिश्तों में खटास तय हैं। बेज फ्लैग जैसे लेबल जहां कोई समस्या नहीं हैं वहां भी संभावित समस्या पैदा कर देते हैं। हालाकि यह नए नए ट्रेंड सोशियल मीडिया पर अपने फालोअर्स बढ़ाने और इंफ्लूएसर मार्केटिंग के किये जाते हैं पर इनका असर काफी गहरा देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर साइबर बूलिंग आम होती जा रही है। साइबर बूलिंग में डराने धमकाने के मैसेजों के माध्यम से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से टार्चर किया जाता है। संबंधित व्यक्ति अपने आत्म सम्मान पर ठेस समझता है और इसके कारण अत्यधिक सेंसेटिव व्यक्ति तो तनाव में चला जाता है। इससे उसकी दिनचर्या बुरी तरह से प्रभावित होने लगती है। देखा जाए तो सोशल मीडिया आपसी जुड़ाव का माध्यम होना चाहिए पर जिस तरह का ट्रेंड चल रहा है वह जुड़ाव के स्थान पर विलगाव का अधिक कारण बन रहा है। जाने-अनजाने सामने वाले को गहरी ठेस लगती है। भले हमारी प्रतिक्रिया मजाक में हो रही हो पर सोशल मीडिया पर हमारी प्रतिक्रिया पर प्रतिक्रियाओें का सिलसिला किस दिशा और हद तक चल निकले इसकी कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए हमें सामने वाले की भावनाओं का भी ध्यान रखना होगा। अन्यथा और कुछ नहीं तो संबंधों में अलगाव तय है। ऐसे में सोशल मीडिया को हमें सकारात्मक दिशा में ले जाना होगा। अनपेक्षित प्रतिक्रियाओं से बचना होगा। सोशल मीडिया दरअसल समय काटने या दूसरे को बुली करने का माध्यम नहीं है और ना ही होना चाहिए। बल्कि होना तो यह चाहिए कि सोशल मीडिया के माध्यम से सकारात्मकता का विस्तार और मोटिवेशन का माध्यम बनना चाहिए ताकि सामाजिक सरोकारों को मजबूती प्रदान की जा सके। इस भागदौड़, ईर्ष्या व प्रतिस्पर्धा की जिंदगी मेें लोगों को निराशा व तनाव से बाहर लाया जा सके। हमारी प्रतिक्रिया किसी को मोटिवेट करने का माध्यम बने तभी प्रतिक्रिया की सार्थकता है। ऐसे में सोशल मीडिया में नित नए प्रयोग करते समय कुछ अधिक ही गंभीर होना होगा। खासतौर से समाज विज्ञानियों और मनोविश्लेषकों को गंभीरता से ध्यान देना ही होगा।
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भारत में होने वाले कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की टिकट की बड़े स्तर पर कालाबाजारी हो रही है। हमने स्टिंग ऑपरेशन में 3500 का टिकट 70 हजार में खरीदा था। इस खुलासे के बाद ब्रिटिश रॉक बैंड कोल्डप्ले के मुंबई कॉन्सर्ट के ऑफिशियल टिकट पार्टनर बुक माय शो ने कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की नकली टिकट बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थीं। वहीं दूसरी तरफ बुक माय शो के खिलाफ एक वकील ने टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग करने की भी शिकायत दर्ज कराई थी। अब इसी शिकायत के आधार पर मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बुक माय शो के CEO और को-फाउंडर आशीष हेमराजानी को समन जारी किया। उनके अलावा कंपनी के CTO को समन जारी किया गया है। मुंबई पुलिस के अधिकारी के मुताबिक, वकील की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई है। पुलिस ने शनिवार को कंपनी के CEO और CTO को बयान दर्ज करने के लिए बुलाया था। हालांकि CEO और CTO बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचे। इसे लेकर पुलिस ने कहा कि हम दोनों के नाम नया समन जारी करेंगे। बुक माय शो ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई इससे पहले 25 सितंबर को बुक माय शो ने कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की नकली टिकट बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए एक बयान जारी कर कहा था- बुक माय शो भारत में कोल्डप्ले के म्यूजिक ऑफ द स्फीयर्स वर्ल्ड टूर 2025 के टिकट सेल और रीसेल के लिए Viagogo और Gigsberg और किसी भी थर्ड पार्टी से नहीं जुड़ा है। कंपनी ने कहा था कि हम भारत में स्केलिंग की सख्त निंदा करते हैं। ऐसा करने पर सजा का कानून है। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच में पूरा सहयोग देंगे। बुक माय शो ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे घोटाले से बचें। अगर कोई अनअथॉराइज्ड सोर्स से टिकट खरीदता है कि तो सारा जोखिम उसका होगा। खरीदा गया टिकट नकली हो सकता है। बुक माय शो ऐप पर भी 500 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप BYJM (भारतीय जनता युवा मोर्चा) ने भी बुक माय शो पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए EOW में शिकायत रजिस्टर करवाई है। बुक माय शो पर आरोप है कि इसके मैनेजमेंट ने टिकट सेलिंग के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग और 500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। पार्टी के सदस्य तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा है कि बुक माय शो को पहले ऐप पर आने वाले लोगों को पहले टिकट देनी थी, हालांकि ऐप ने ब्लैकमार्केटिंक करने वाले एजेंट के लिए स्पेशल लिंक तैयार की, जिससे वे टिकट खरीदकर उसे महंगे दामों में बेच सकें। वहीं टिकट खरीदने वालों को वर्चुअल क्यू में डाल दिया गया, जिससे वो टिकट बुक नहीं कर सके। इस धांधली से बुक माय शो ऐप ने 500 करोड़ रुपए की कमाई की है। उन्होंने ये भी कहा है कि टिकट ब्लैकमार्केटिंग का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ल्डकप और IPL के टाइम भी टिकट की ब्लैकमार्केटिंग हुई है। विआगोगो जैसी साइट्स पर 12500 रुपए की टिकट को 3 लाख रुपए में बेचा जा रहा था। क्या होती है स्केलिंग स्केलिंग का मतलब है कि किसी प्रोग्राम और म्यूजिक कॉन्सर्ट के टिकटों को थोक में खरीदना। इसके बाद जब टिकट लोगों को नहीं मिलते तो उन्हें वही टिकट महंगी कीमत पर बेचे जाते हैं। जो टिकट ब्लैक में खरीदे या बेचे जाते हैं, उनका कोई डेटा नहीं होता। यह सीधे-सीधे टैक्स में चोरी है। सरकार को इससे काफी नुकसान होता है। सरकार को कम रेट में टिकट बिक्री दिखाई जाती है, जबकि बाहर उसे काफी ज्यादा पैसों में बेचा जाता है। इसके अलावा जो साधारण लोग हैं, उन्हें कभी भी ऐसे इवेंट के टिकट नहीं मिल पाते, क्योंकि पहले से ही ब्लैक में टिकट बेच दिए जाते हैं। जिनके पास पैसे होते हैं, वे तो आसानी से ऊंचे दामों पर टिकट खरीद लेते हैं, लेकिन साधारण लोग इससे वंचित रह जाते हैं। भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई विशेष कानून नहीं क्या भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई कानून है? दैनिक भास्कर ने इसका जवाब जानने के लिए हमने वकील अली काशिफ खान देशमुख से संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘सिनेमा के टिकटों के अलावा मनोरंजन के साधनों के टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग पर प्रतिबंध के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। फिलहाल, सिर्फ IPC की धारा 406, 420 या BNS और IT एक्ट के प्रावधान ही इस मामले में लागू होते हैं। इसलिए सरकार को इस तरह के गैरकानूनी कामों पर रोक लगाने के लिए एक ठोस कानून बनाना चाहिए।’ पूर्व ACP मुंबई वसंत ढोबले ने कहा कि बुक माय शो के खिलाफ अगर जालसाज ऐसी बातें कर रहे हैं तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उनकी शिकायत को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई हो सकती है। भारत में 9 साल बाद कोल्डप्ले की परफॉर्मेंस कोल्डप्ले बैंड ने 2016 में मुंबई में आयोजित गोल्डन सिटिजन फेस्टिवल में परफॉर्म किया था। 80 हजार लोग इस शो का हिस्सा बने थे, जिनमें कई बॉलीवुड सेलेब्स भी शामिल थे। अब 9 साल बाद बैंड फिर भारत में आ रहा है। भारत में कोल्डप्ले के गाने हाय्म फॉर द वीकेंड, यलो, फिक्स यू बेहद पॉपुलर हैं। लंदन में शुरुआत, 7 बार ग्रैमी अवॉर्ड जीते कोल्डप्ले बैंड की शुरुआत साल 1997 में लंदन में हुई थी। क्रिस मार्टिन, जॉनी बकलैंड, गाय बैरीमैन, विल चैम्पियन और फिल हार्वे इस बैंड के मेंबर हैं। 39 नॉमिनेशन में कोल्डप्ले 7 बार ग्रैमी अवॉर्ड हासिल कर चुका है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने निष्क्रिय इच्छामृत्यु यानी गंभीर रूप से बीमार मरीजों का लाइफ सपोर्ट हटाने को लेकर नई गाइडलाइन का ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें कहा गया है कि डॉक्टरों को कुछ शर्तों को ध्यान में रखकर बेहद सोच-समझकर ये फैसला लेना होगा कि मरीज का लाइफ सपोर्ट हटाया जाना चाहिए या नहीं। गाइडलाइन्स में चार शर्तें तय की गई हैं, जिनके आधार पर यह फैसला लिया जाएगा कि लाइफ सपोर्ट को रोकना मरीज के हित में उचित है। यह तब किया जाएगा जब यह साफ हो कि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज को लाइफ सपोर्ट से कोई फायदा होने की संभावना नहीं है, या लाइफ सपोर्ट पर रखने से मरीज की तकलीफ बढ़ने और गरिमा को नुकसान पहुंचने की संभावना हो। IMA अध्यक्ष बोले- इन गाइडलाइन से डॉक्टर तनाव में आएंगे सरकार की इन गाइडलाइन्स को लेकर मेडिकल फ्रेटरनिटी में असंतोष देखा जा रहा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रेसिडेंट डॉ. आर.वी. अशोकन ने कहा कि ये दिशा-निर्देश डॉक्टरों को कानूनी जांच के दायरे में लाएंगे और उन पर तनाव डालेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे क्लिनिकल फैसले डॉक्टर्स नेक-नीयत से लेते हैं। ऐसे हर केस में मरीज के परिजन को स्थिति समझाई जाती है और पूरी जानकारी दी जाती है। हर पहलू पर अच्छे से गौर करने के बाद ही फैसला लिया जाता है। ऐसी गाइडलाइन बनाना और कथित तौर से ऐसा दावा करना कि डॉक्टर गलत फैसले लेते हैं या फैसले लेने में देर करते हैं, ये हालात को गलत तरीके से दिखाने की बात है। पहले यह नजरिया और धारणा ही गलत है कि बिना मलतब के ही मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है और इससे जिंदगी को बढ़ाया जाता है। इससे डॉक्टर कानूनी जांच के दायरे में आ जाएंगे। डॉक्टर-मरीज के रिश्ते में जो कुछ भी बचा है, उसे काले-सफेद दस्तावेजों के चार कोनों में परिभाषित करना, जिसे बाद में कानूनी तौर पर जांच परखा जाएगा, इससे डॉक्टर स्ट्रेस में आ जाएंगे। डॉ. आर वी अशोकन बोले- कुछ चीजों को विज्ञान और परिस्थिति के हिसाब से परिजन, पेशेंट्स और डॉक्टरों पर छोड़ देना चाहिए। डॉ. अशोकन ने कहा कि IMA इस डॉक्यूमेंट को पढ़ेगा और ड्राफ्ट गाइडलाइन्स के रिव्यू की मांग करते हुए अपने विचार शेयर करेगा। क्या हैं टर्मिनल बीमारी स्वास्थ्य मंत्रालय के ड्राफ्ट के मुताबिक टर्मिनल बीमारी को ऐसी अपरिवर्तनीय या लाइलाज स्थिति के रूप में परिभाषित किया गया है, जिसमें निकट भविष्य में मृत्यु की बड़ी संभावना रहती है। इसमें वे गंभीर मस्तिष्क चोटें (traumatic brain injury) भी शामिल हैं, जिनमें 72 घंटे या उससे अधिक समय तक कोई सुधार नहीं दिखता। ड्राफ्ट के मुताबिक, ICU में कई मरीज टर्मिनली बीमार होते हैं और उनके लिए लाइफ सस्टेनिंग ट्रीटमेंट (LST) जैसे मैकेनिकल वेंटिलेशन, वासोप्रेसर्स, डायलिसिस, सर्जिकल प्रोसीजर्स, ट्रांसफ्यूजन, पैरेंट्रल न्यूट्रीशन या एक्स्ट्रा-कॉर्पोरियल मेम्ब्रेन ऑक्सीजन थेरेपी से कोई लाभ होने की संभावना नहीं होती। गंभीर बीमारी में लाइफ सपोर्ट सिस्टम मरीज की तकलीफ बढ़ाते हैं ड्राफ्ट के मुताबिक ऐसे हालात में LST मरीज को फायदा नहीं पहुंचाते हैं, बल्कि उनकी तकलीफ ही बढ़ाते हैं। इसलिए उन्हें ठीक नहीं माना जाता है। इसके अलावा ये ट्रीटमेंट मरीज के परिवार का इमोशनल स्ट्रेस बढ़ाते हैं और प्रोफेशनल केयरगिवर्स के लिए नैतिक संकट खड़ा करते हैं। ऐसे मरीजों के लिए LST हटाना दुनियाभर में ICU केयर का स्टैंडर्ड माना जाता है और इसे कई जगह कानूनी मान्यता भी दी गई है। ऐसे फैसले मेडिकल, एथिकल और लीगल पहलुओं को देखने के बाद ही लिए जाते हैं। ये माना जा सकता है कि किसी मरीज को लाइफ सपोर्ट ट्रीटमेंट पर रखने से पहले भी इन बातों का खयाल रखना जरूरी है।
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कोलकाता में 8-9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर मामले के बाद 42 दिन तक हड़ताल करने वाले जूनियर डॉक्टर्स फिर से हड़ताल कर सकते हैं। डॉक्टरों ने शनिवार रात को कहा कि सोमवार यानी 31 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान राज्य सरकार वर्कप्लेस पर सेफ्टी और सिक्योरिटी को लेकर जवाब दाखिल करेगी। राज्य सरकार के जवाब के बाद हम हड़ताल फिर से शुरू करने फैसला ले सकते हैं। दरअसल, कोलकाता के सागोर दत्ता हॉस्पिटल में 27 सितंबर को एक मरीज की मौत के बाद 3 डॉक्टरों और 3 नर्सों से पिटाई का मामला सामने आया था। इसी घटना से जूनियर डॉक्टर्स नाराज हैं। उन्होंने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया। इस मामले में 4 प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है। 42 दिन तक हड़ताल करने के बाद जूनियर डॉक्टर्स ने राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुख्यालय से साल्ट लेक स्थित CBI कार्यालय तक (लगभग 4 KM) मार्च निकालने के बाद 21 सितंबर को काम पर लौटे थे। डॉक्टर बोले- सरकार के साथ हमारी बैठक को गंभीरता से नहीं लिया गया शनिवार को एक डॉक्टर ने कहा कि राज्य सरकार हमें सुरक्षा देने पूरी तरह से विफल रही है। इसलिए शुक्रवार को सगोर दत्ता हॉस्पिटल में हमला हुआ। हम ममता सरकार को कुछ समय दे रहे हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद शाम 5 बजे हम फैसला लेंगे। ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के साथ हमारी बैठकों को गंभीरता से नहीं लिया गया। मरीजों के परिवार के सदस्य हमारी एक महिला सहकर्मी को धमका रहे हैं। वे कह रहे हैं कि आरजी कर अस्पताल में जो हुआ, वही दोहराएंगे। ये लोग ऐसी धमकी कैसे दे सकते हैं। ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें। डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए। 19 सितंबर को डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया था। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है।
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दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट के नाश्ते में एक कॉकरोच मिला। घटना 17 सितंबर की है। एक महिला ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करके मामले की जानकारी दी। पैसेंजर महिला ने बताया कि उन्हें और उनके 2 साल एक बेटे को फूड पॉइजनिंग हुई। अब वे एअर इंडिया की फ्लाइट में सफर नहीं करेंगी। एअर इंडिया ने कहा कि वे मामले की जांच करेंगे। साथ ही खाना परोसने वाली एजेंसी से भी बात करेंगे। महिला की शिकायत 2 पॉइंट्स में पढ़ें… 1. फूड पॉइजनिंग के शिकार हो गए मां-बेटे सुयशा सावंत नाम की एक महिला अपने दो साल के बच्चे के साथ दिल्ली से न्यूयॉर्क जा रही थी। इस दौरान नाश्ते में ऑमलेट मिला। उन्होंने अपने बेटे के साथ नाश्ता किया। हम नाश्ता ही कर रहे थे कि मुझे कॉकरोच दिख गया। मैं घबरा गई। थोड़ी ही देर में पेट दर्द होने लगा। महिला ने बताया कि इसके बाद उन्हें और उनके बेटे को फूड पॉइजनिंग हो गई। 2. एअर इंडिया की फ्लाइट में सफर करने में डर लग रहा महिला ने बताया कि उनकी फैमिली ज्यादातर एअर इंडिया में ही सफर करते हैं। कई बार बहुत परेशानी झेली है, लेकिन अब कॉकरोच का मिलना कुछ ज्यादा ही बड़ी घटना है। अब हमें एअर इंडिया के साथ सफर करने में डर लग रहा है। एअर इंडिया इंटरनेशनल फ्लाइट में खाने में ब्लेड मिली थी इसी साल 16 जून को एअर इंडिया की इंटरनेशनल फ्लाइट में एक पैसेंजर के खाने में ब्लेड मिली थी। इसके बाद एअर इंडिया ने माफी मांगी थी। दरअसल, मैथुरेस पॉल नाम का पैसेंजर एअर इंडिया की फ्लाइट से बेंगलुरु से सैन फ्रांसिस्को जा रहा था। जब उसे खाने में ब्लेड मिली तो उसने सोशल मीडिया पर दो फोटो शेयर कीं। पॉल ने लिखा, 'एअर इंडिया का खाना चाकू की तरह काट सकता है। भुने हुए शकरकंद और अंजीर चाट में एक मेटल का टुकड़ा मिला, जो ब्लेड जैसा दिख रहा था। मुझे इसका एहसास कुछ सेकेंड तक खाना चबाने के बाद ही हुआ। शुक्र है, मुझे कोई नुकसान नहीं हुआ। बेशक, इसका दोष पूरी तरह से एअर इंडिया की कैटरिंग सर्विस पर है। क्या होता अगर मेटल का टुकड़ा किसी बच्चे को परोसे गए खाने में होता? पहली फोटो में वह मेटल का टुकड़ा दिखाया गया है, जिसे मैंने थूक दिया और दूसरी तस्वीर में वह खाना दिखाया गया है, जो मुझे सर्व किया गया था।'
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इजराइली हमले में हिजबुल्लाह का चीफ हसन नसरल्लाह मारा गया है। इजराइल डिफेंस फोर्स ने शनिवार को यह दावा किया है। यरुशलम पोस्ट के मुताबिक, IDF ने 27 सितंबर को लेबनान की राजधानी बेरूत में हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर 80 टन बंकर बस्टर बम से हवाई हमला किया था। तब नसरल्लाह भी यहीं मौजूद था। IDF ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि अब दुनिया को नसरल्लाह से डरने की जरूरत नहीं है। वह आतंक नहीं फैला पाएगा। हालांकि हिजबुल्लाह की तरफ से अब तक नसरल्लाह की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को UN में भाषण देने के बाद अपने होटल रूम से हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर हमले की इजाजत दी थी। अटैक के बाद इजराइली PM ऑफिस ने नेतन्याहू की एक तस्वीर जारी की थी, जिसमें वे लैंडलाइन फोन से लेबनान में हमले का आदेश दे रहे हैं। दूसरी तरफ, नसरल्लाह की मौत के बाद ईरान में सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को सुरक्षित जगह शिफ्ट कर दिया गया है। बेरूत की सड़कों पर रह रहे हजारों लेबनानी BBC के मुताबिक, इजराइल और हिजबुल्लाह में 11 दिन से जारी टकराव के बीच हजारों लेबनानी बेघर हो गए हैं। UN एजेंसी ने लेबनान में लोगों को शरण देने के लिए 500 शेल्टर बनाए हैं। बमबारी के बीच साउथ लेबनान में बेघर हुए हजारों लोग सड़कों, कारों और पार्क में सो रहे हैं। लेबनान में सेना भेजने की तैयारी में ईरान ईरान में विदेश मंत्रालय के अधिकारी आयतुल्लाह मोहम्मद अखतारी ने कहा है कि ईरान आने वाले कुछ दिनों में लेबनान और सीरिया में सैनिकों की तैनाती की तैयारी में है। इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया गया है। अखतारी ने कहा, "वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही गोलन हाइट्स में सैनिकों को तैनात करने की इजाजत दे देंगे। हम लेबनान में इजराइल से लड़ाई के लिए 1981 की तरह ही सेना भी भेज सकते हैं।" खामेनेई बोले- हिजबुल्लाह के लिए साथ आएं सभी मुस्लिम ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई ने कहा, "सभी मुस्लिमों को इस वक्त लेबनान और हिजबुल्लाह के साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्हें साथ आकर दुष्ट इजराइल से लड़ाई लड़नी होगी। इस क्षेत्र का भविष्य अब इस बात पर टिका है कि हम कितनी ताकत से इजराइल को रोक सकते हैं। हिजबुल्लाह इस अभियान में हमारा नेतृत्व कर रहा है।" नसरल्लाह को मारने के लिए इजराइल ने चलाया था 'न्यू ऑर्डर' ऑपरेशन इजराइली सेना ने बताया कि नसरल्लाह को मारने के लिए जो ऑपरेशन चलाया गया था उसे 'न्यू ऑर्डर' नाम दिया गया था। बेरूत पर हमले के दौरान इजराइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट और IDF के चीफ ऑफ स्टाफ कमांड सेंटर से ऑपरेशन पर नजर बनाए हुए थे।
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केरल में मंकीपॉक्स (MPox) का दूसरा मरीज मिला है। भारत में मंकीपॉक्स का यह तीसरा मामला है। 29 साल का युवक UAE से केरल के एर्नाकुलम लौटा था। उसे तेज बुखार था। जांच में MPox की पुष्टि हुई। अभी स्ट्रेन का पता नहीं चला है। केरल हेल्थ डिपार्टमेंट ने बताया कि मरीज का कोच्चि के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके सैंपल पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जीनोमिक सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। जांच के बाद पता चलेगा कि मरीज MPox के खतरनाक और तेजी से फैलने वाले क्लैड-1बी स्ट्रेन से संक्रमित है या नहीं। 18 सितंबर को भारत में MPox का दूसरा और क्लेड-1बी स्ट्रेन का पहला मरीज मिला था। 38 साल का संक्रमित मरीज UAE से केरल के मलप्पुरम लौटा था। उसने 17 सितंबर को खुद को क्वारंटीन कर लिया था। हरियाणा में मिला था भारत का पहला MPox मरीज 9 सितंबर को देश में मंकीपॉक्स के पहले मरीज मिलने की पुष्टि हुई थी। हरियाणा के हिसार में एक 26 साल के युवक में पुराना स्ट्रेन क्लैड-2 पाया गया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया था कि व्यक्ति विदेश से लौटा था। उसे 8 सितंबर को आइसोलेशन में रखा गया था। सैंपल लेकर जांच कराई गई, जिसमें मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई थी। क्या है मंकीपॉक्स मंकीपॉक्स वायरस से फैलने वाली बीमारी है। आमतौर इस वायरस से संक्रमण के ज्यादा दुष्प्रभाव नहीं होते, लेकिन कुछ मामलों में यह घातक हो सकता है। इसके चलते फ्लू जैसे लक्षण दिखते हैं और शरीर पर मवाद से भरे घाव हो जाते हैं। यह वायरस ऑर्थोपॉक्सवायरस जीनस फैमिली का ही मेंबर है, जो चेचक (स्मालपॉक्स) के लिए भी जिम्मेदार है। वायरस के दो अलग-अलग ग्रुप हैं: क्लैड-1 (सब क्लैड 1ए और 1बी) और क्लैड-2 (सब क्लैड 2ए और 2बी)। क्लेड-1बी स्ट्रेन को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर चुका है। क्लैड-2 के मुकाबले क्लेड-1 ज्यादा घातक है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की राज्यों को एडवाइजरी 9 सितंबर को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव अपूर्व चंद्रा ने मंकीपॉक्स को लेकर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एडवाइजरी जारी की थी। चंद्रा ने कहा था कि मंकीपॉक्स के खतरे को रोकने के लिए सभी राज्यों को हेल्थ एक्शन लेना चाहिए। राज्यों को मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) के मंकीपॉक्स पर जारी कम्युनिकेबल डिजीज अलर्ट (सीडी अलर्ट) पर एक्शन लेना चाहिए। इसके अलावा राज्यों को अपनी स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारियों की समीक्षा करनी चाहिए। सीनियर अधिकारियों को जिलों की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेना चाहिए। WHO की एडवाइजरी- मंकीपॉक्स के ज्यादातर मामले युवा पुरुषों में सामने आए हैं, जिनकी औसत आयु 34 वर्ष (सीमा 18-44 वर्ष) है। सबसे ज्यादा मामले सेक्शुअल कॉन्टैक्ट से संक्रमण के हैं। इसके बाद पर्सन-टू-पर्सन नॉन सेक्शुअल कॉन्टैक्ट के मामले हैं। WHO ने मंकीपॉक्स को हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 14 अगस्त को मंकीपॉक्स को ग्लोबल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। भारत ने 20 अगस्त को देश के सभी पोर्ट्स, एयरपोर्ट के साथ पाकिस्तान और बांग्लादेश से सटे बॉर्डर पर अलर्ट जारी किया था। यह दो साल में दूसरी बार है, जब WHO ने मंकीपॉक्स को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया है। WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, मंकीपॉक्स की शुरुआत अफ्रीकी देश कांगो से हुई थी। अफ्रीका के दस देश इसकी गंभीर चपेट में हैं। इसके बाद यह दुनिया के बाकी देशों में फैला। कोरोना की तरह मंकीपॉक्स विमान यात्रा और ट्रैवलिंग के अन्य साधनों के जरिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में फैल रहा है। WHO इसलिए भी चिंतित है, क्योंकि मंकीपॉक्स के अलग-अलग मामलों में मृत्यु दर भी अलग-अलग देखी गई है। कई बार तो यह 10% से भी ज्यादा रही है।
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बेंगलुरु में 29 साल की महालक्ष्मी के 59 टुकड़े करने वाले आरोपी मुक्ति रंजन राय का सुसाइड नोट सामने आया है। उसके शव के पास से डायरी मिली थी। उसमें उसने लिखा, 'उसने शादी के लिए राजी नहीं होने पर मेरे साथ कई बार मारपीट की थी। मैं उसके टॉर्चर से तंग आ चुका था। इसलिए उसे मार डाला।' आरोपी के परिवार ने आरोप लगाया कि महालक्ष्मी मारपीट के अलावा मुक्ति रंजन से पैसे और कीमती सामान भी वसूलती थी। महिला ने उसे एक सोने की अंगूठी, एक महंगा मोबाइल फोन और एक नेकलेस देने के लिए मजबूर किया था। महालक्ष्मी ने एक बार मुक्ति रंजन को पुलिस से गिरफ्तार भी करवाया था। बेंगलुरु के व्यालिकावल इलाके में बसप्पा गार्डन के पास तीन मंजिला मकान के वन बेडरूम अपार्टमेंट में 20 सितंबर को महालक्ष्मी की लाश मिली थी। उसके शव के 59 टुकड़े फ्रिज में रखे थे। महालक्ष्मी वहां अकेले रहती थी। महालक्ष्मी और मुक्ति रंजन रिलेशनशिप में थे। दोनों एक मॉल में काम करते थे। मुक्ति रंजन ने 25 सितंबर को ओडिशा के भद्रक जिले में अपने गांव के पास सुसाइड कर लिया था। उसका शव एक पेड़ पर लटकता मिला। पास से उसकी बाइक और एक डायरी मिली थी। आरोपी का भाई बोला- 3 सिंतबर को हत्या की थी, घर आकर मुझे बताया आरोपी के छोटे भाई सत्या ने पुलिस को बताया कि मुक्ति रंजन ने 3 सितंबर को ही महालक्ष्मी की हत्या की थी। दोनों रिलेशनशिप में थे। महालक्ष्मी शादी की जिद करती थी, जिससे दोनों के बीच मनमुटाव पैदा हो गया। सत्या के मुताबिक, 3 सितंबर को इसी बात पर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद मुक्ति रंजन ने महालक्ष्मी की गला घोंटकर हत्या कर दी। रात में उसने कुल्हाड़ी से उसके शरीर के टुकड़े किए और रेफ्रिजरेटर में छिपा दिया। इसके बाद वह बेंगलुरु से घर आ गया। सत्या ने बताया, 'मेरा भाई पिछले नौ-दस दिनों से मेरे साथ था। मेरे साथ तीन दिन रहने के बाद उसने महालक्ष्मी की हत्या करने की बात कबूल कर ली। वह दो-तीन महीने के बाद महालक्ष्मी के शव के टुकड़े फेंकने की प्लानिंग में था।' त्या का आरोप है कि एक बार मुक्ति रंजन केरल जा रहा था। तब महालक्ष्मी ने उसकी बाइक को रोका और किडनैपिंग की बात कहकर उसकी पिटाई करवा दी थी। वहां मौजूद लोगों ने उसे बहुत मारा और पुलिस के हवाले कर दिया। मुक्तिरंजन पुलिस को 1 हजार रुपए देकर छूटा था। महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह और उसके दोस्तों ने भी मुक्तिरंजन को धमकाया था। उसकी पिटाई की थी। कहा था कि जैसा महालक्ष्मी बोल रही है, वैसा ही करो। अगर नहीं किया तुम्हें और तुम्हारे भाइयों को मार डालेंगे। मुक्तिरंजन के भाई के बयान पर अब पुलिस उक्कम से पूछताछ कर रही है। घर से बदबू आने पर हुआ था मर्डर का खुलासा 20 सितंबर तो महालक्ष्मी के मर्डर का खुलासा तब हुआ जब उसकी बिल्डिंग में रहने वाले जीवन प्रकाश को तेज बदबू का एहसास हुआ। बदबू मकान के टॉप फ्लोर से आ रही है, जहां महालक्ष्मी रहती थी। जीवन महालक्ष्मी के दरवाजे पर पहुंचे तो बदबू इतनी बढ़ गई कि खड़ा होना मुश्किल हो गया था। दरवाजे बाहर से लॉक लगा था। जीवन ने तुरंत महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह और बहन को फोन लगाया। देर रात करीब 12.30 बजे महालक्ष्मी की फैमिली पहुंची। इसके बाद दरवाजे का लॉक तोड़ा गया था। कमरे में खून बिखरा पड़ा था और जमीन पर कीड़े रेंग रहे थे। घर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। महालक्ष्मी की मां ने फ्रिज खोला तो अंदर बेटी का कटा सिर, पैर और डेडबॉडी के 59 से ज्यादा टुकड़े थे। पुलिस ने महालक्ष्मी के परिवार को बताया था कि CCTV फुटेज में मर्डर की रात 2 लोग स्कूटी से महालक्ष्मी के घर आए थे। पुलिस ने इस मामले में अशरफ नाम के हेयर ड्रेयर से पूछताछ की थी। महालक्ष्मी 4 साल से पति से अकेले रहती थी महालक्ष्मी के भाई उक्कम सिंह ने बताया था कि उनका परिवार नेपाल के कठंद राज्य के टीकापुर गांव का रहने वाला है। 30 साल पहले मम्मी-पापा काम के लिए बेंगलुरु आए और यहीं बस गए। महालक्ष्मी की शादी नेलमंगला में रहने वाले हेमंत दास से हुई थी। हेमंत मोबाइल एसेसरीज की शॉप में काम करता है। महालक्ष्मी एक मॉल में काम करती थी। उनकी 4 साल की एक बेटी भी है।महालक्ष्मी और हेमंत करीब 4 साल से अलग-अलग रह रहे थे। हालांकि, दोनों का अभी तलाक नहीं हुआ था। बेटी हेमंत के साथ रहती थी। उक्कम ने बताया कि महालक्ष्मी अक्टूबर 2023 से व्यालिकावल में किराए के मकान में रह रही थी। वह इंडिपेंडेंट महिला थी। घर में मौजूद सारा सामान उसने अपने पैसों से खरीदा था। सोफा, अलमारी समेत घर का सारा सामान खुद लाई थी। जिस फ्रिज में उसकी लाश मिली है, वो भी उसने कुछ ही दिन पहले खरीदा था।
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जगन मोहन रेड्डी कल यानी 28 सितंबर को तिरुपति के भगवान वेंकटेश्वर मंदिर में विशेष अनुष्ठान करने वाले हैं। इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को YSR कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस अधिनियम की धारा 30 का उल्लंघन न करने का नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी के मुताबिक, पुलिस पूर्व मुख्यमंत्री को तिरुमाला जाने से पहले रेनिगुंटा एयरपोर्ट पर उतरने के बाद नोटिस भी जारी कर सकती है। इसमें यह मांग की जाएगी कि वे भीड़ न जुटाएं। इधर, आंध्र प्रदेश सरकार की बनाई हुई 9 सदस्यों वाली SIT ने तिरुपति के प्रसादम में एनिमल फैट पाए जाने के मामले की जांच शुरू कर दी है। SIT को गुंटूर रेंज के IG सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी लीड कर रहे हैं। लड्डू विवाद तब शुरू हुआ, जब CM चंद्रबाबू नायडू ने 18 सितंबर को यह आरोप लगाया कि YSR कांग्रेस सरकार में तिरुपति मंदिर के लड्डू में जानवरों की चर्बी वाला वनस्पति तेल और फिश ऑयल मिलाया गया था। ऐसा है जगन का तिरुपति मंदिर विजिट का शेड्यूल पूर्व CM रेड्डी गन्नवरम एयरपोर्ट (कृष्णा जिला) से शुक्रवार शाम 4 बजे रेनिगुंटा जाएंगे और वहां से वे तिरुमाला जाएंगे, जहां वे शाम 7 बजे पहुंच सकते हैं। जगन यहां रात में रुक सकते हैं। शनिवार 28 सितंबर सुबह 10.20 बजे वे तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर की पूजा करने के लिए गेस्ट हाउस से निकलेंगे। पुलिस के मुताबिक जिले में पुलिस अधिनियम की धारा 30 लागू है, जो सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों पर पाबंदी लगाती है। पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों से तिरुपति में इकट्ठा होने की अपील वाली कई पोस्ट देखी हैं। इसलिए जगन को भी धारा 30 के तहत नोटिस दिया जा सकता है YSR के कई नेताओं को पुलिस का नोटिस तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष करुणाकर रेड्डी ने कहा कि उन्हें और पार्टी के कई नेताओं को पुलिस ने आधी रात को नोटिस जारी किया है कि वे घर के बाहर न आएं। हालांकि, रेड्डी ने कहा कि TTD के पूर्व अध्यक्ष के रूप में वे 7 सदस्यों के साथ दर्शन के हकदार हैं। दरअसल, जगन के 28 सितंबर को पूजा के ऐलान के बाद TDP ने कहा है कि उन्हें एंट्री तभी मिलेगी, जब वे मंदिर के उस घोषणापत्र पर साइन करेंगे, जिसमें लिखा हो कि उन्हें भगवान बालाजी पर विश्वास है। पार्टी का आरोप है कि इतने साल से वे साइन किए बिना ही मंदिर में गए हैं। 2012 से तिरुपति मंदिर जा रहे हैं जगन मोहन रेड्डी मई 2012- जगन तब कडप्पा से सांसद और YSR कांग्रेस के अध्यक्ष थे। उनके साथ कई कार्यकर्ता मंदिर पहुंचे थे। किसी ने भी घोषणापत्र साइन नहीं किया था। सितंबर 2019 - मुख्यमंत्री बनने के बाद जगनमोहन तिरुपति मंदिर गए थे। इस दौरान उन्होंने भगवान वेंकटेश्वर को पट्टू वस्त्रम भेंट किए थे। रेड्डी परिवार में पिता के बाद ऐसा करने वाले वे दूसरे CM थे। सितंबर 2020- मंदिर के सालाना ब्रह्मोत्सव में शामिल होने पहुंचे। इससे पहले मंदिर प्रशासन पर आरोप लगा था कि CM जगन की यात्रा के लिए उसने घोषणा पत्र फॉर्म रद्द कर दिए। सितंबर 2022- कोरोना काल के बाद जगन तिरुपति मंदिर गए। इस बार उनकी पत्नी भारती के सरकारी विमान से निजी यात्रा करने पर विवाद हुआ। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ने 24 सितंबर को यह भी साफ कर दिया कि लड्डू प्रसादम में तंबाकू की थैली होने की बात झूठ है। TTD के CPRO के मुताबिक, तिरुमाला में लड्डू श्री वैष्णव ब्राह्मण बनाते हैं। इसके लिए नियमों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। हर दिन लाखों लड्डू तैयार होते हैं। इस सिस्टम के बारे में गलत खबर फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पांच सप्लायर में से एक का घी जांच में फेल कर्नाटक कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) पिछले 50 साल से रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। तिरुपति मंदिर में हर छह महीने में 1400 टन घी लगता है। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद जगन सरकार (YSRCP) ने 5 फर्म को सप्लाई का काम दिया था। इनमें से एक तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स भी है। इसके प्रोडक्ट में इसी साल जुलाई में गड़बड़ी मिली थी। TDP सरकार आई, जुलाई में सैंपल की जांच, चर्बी की पुष्टि TDP सरकार ने जून 2024 में सीनियर IAS अधिकारी जे श्यामला राव को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का नया एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अपॉइंट किया था। उन्होंने प्रसादम (लड्डू) की क्वॉलिटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एक कमेटी बनाई। प्रसाद के टेस्ट और क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने कई सुझाव दिए। साथ ही घी की जांच के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB), गुजरात में सैंपल भेजे। जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में फैट का जिक्र था। इसके बाद TTD ने तमिलनाडु के डिंडीगुल की एआर डेयरी फूड्स की तरफ से भेजे गए घी के स्टॉक को वापस कर दिया और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद TTD ने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से घी खरीदना शुरू कर दिया। पुराने सप्लायर से घी 320 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से खरीदा जाता था। अब तिरुपति ट्रस्ट कर्नाटक को-ऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) से 475 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से घी खरीद रहा है। घी की शुद्धता जांचने वाली लैब NDDB CALF (आणंद, गुजरात) ने तिरुपति को घी की शुद्धता की जांच करने के लिए एक मशीन दान करने पर सहमति दी है। इसकी लागत 75 लाख रुपए है। CM नायडू ने लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की, विवाद बढ़ा जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में लड्डुओं में चर्बी की पुष्टि हो गई थी। हालांकि, टीडीपी ने दो महीने बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की। CM नायडू ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि पूर्व जगन सरकार में तिरुपति मंदिर के लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी में जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल मिलाया गया था। TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा भी किया। नायडू ने कहा, जब बाजार में 500 रुपए किलो घी मिल रहा था, तब जगन सरकार ने 320 रु. किलो घी खरीदा। ऐसे में घी में सप्लायर की ओर से मिलावट होनी ही थी। जगन सरकार द्वारा कम दाम वाले घी को खरीदने की जांच हाेगी। पशु चर्बी वाले घी से बने लड्डुओं से तिरुपति मंदिर की पवित्रता पर दाग लगाया है।
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बर्खास्त ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई फिर टल गई। मामले से जुड़े वकीलों कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए और समय मांगा है। अब इस केस की सुनवाई 4 अक्टूबर को होगी, तब तक पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से भी मिली छूट भी जारी रहेगी। इससे पहले 5 सितंबर को हुई सुनवाई में पूजा ने कोर्ट से कहा था कि वह अपनी विकलांगता की जांच AIIMS में कराने को तैयार हैं। दरअसल, 4 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को दी स्टेटस रिपोर्ट में कहा था कि पूजा की तरफ से UPSC में जमा कराए गए दो डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट में से एक फर्जी होने का शक है। सुनवाई के बाद जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि पुलिस ने मामले में और जांच करने के लिए 10 दिन का समय मांगा है, इसलिए सुनवाई स्थगित की जा रही है। इस बीच, 19 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने UPSC की तरफ से दाखिल की गई याचिका पर नोटिस जारी कर पूजा से 26 सितंबर तक जवाब दाखिल करने को कहा। UPSC ने पूजा खेडकर पर झूठे दस्तावेज देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। बुधवार को पुलिस ने हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की दिल्ली पुलिस ने पूजा खेडकर मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार (4 सितंबर) को नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर जानकारी दी कि सस्पेंड की गई ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने दो डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट जमा कराए थे, इसमें से एक सर्टिफिकेट फर्जी होने का शक है। दिल्ली पुलिस ने इस स्टेटस रिपोर्ट में कहा कि हमने UPSC की तरफ से जमा कराए गए डॉक्यूमेंट की जांच की। इसमें सामने आया कि पूजा खेडकर ने सिविल सर्विसेज एक्जामिनेशन- 2022 और 2023 के दौरान दो डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट (मल्टीपल डिसेबिलिटी) जमा कराए थे, जो उनके (पूजा के) मुताबिक महाराष्ट्र के अहमदनगर की मेडिकल अथॉरिटी की तरफ से जारी किए गए थे। पुलिस ने अहमदनगर मेडिकल अथॉरिटी ने इन दोनों सर्टिफिकेट की जांच कराई। अथॉरिटी ने बताया- ‘हमारे सिविल सर्जन के ऑफिस रिकॉर्ड के मुताबिक डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट (मल्टीपल डिसेबिलिटी) नंबर MH2610119900342407 को इस अथॉरिटी ने जारी नहीं किया। लिहाजा इस बात की संभावना है कि इस डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट को जाली तरीके से बनाया गया है।’ पूजा बोलीं- UPSC को मेरे खिलाफ एक्शन लेने का अधिकार नहीं UPSC ने 31 जुलाई को पूजा का सिलेक्शन रद्द किया था और भविष्य में कोई एग्जाम देने पर भी रोक लगाई थी। UPSC ने दस्तावेजों की जांच के बाद पूजा को CSE-2022 नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया था। आयोग ने दिल्ली पुलिस में केस भी दर्ज कराया था। पूजा ने 28 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट में कहा था कि UPSC के पास उनके खिलाफ कार्रवाई करने का कोई अधिकार नहीं है। पूजा ने कहा कि UPSC ने 2019, 2021 और 2022 के पर्सनैलिटी टेस्ट के दौरान कलेक्ट किए बायोमेट्रिक डेटा (सिर और उंगलियों के निशान) के जरिए मेरी पहचान वैरिफाई की है। मेरे सारे डॉक्यूमेंट को 26 मई 2022 को पर्सनैलिटी टेस्ट में आयोग ने वैरिफाई किया था। इस सुनवाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व IAS अफसर पूजा खेडकर को गिरफ्तारी से अंतरिम जमानत दी थी। जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद ने कहा था कि दिल्ली पुलिस इस मामले में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करना चाहती है, इसलिए खेडकर की अंतरिम जमानत याचिका की सुनवाई 5 सितंबर तक के लिए टाली जाती है। पूजा पर तय सीमा से ज्यादा बार एग्जाम देने का आरोप दिव्यांग कैटेगरी से कोई कैंडिडेट 9 बार परीक्षा दे सकता है। जनरल कैटेगरी से 6 अटेम्प्ट्स देने की इजाजत होती है। पूजा पर गलत उम्र, सरनेम बदलने, माता-पिता की गलत जानकारी, गलत तरीके से आरक्षण का फायदा लेने और तय सीमा से ज्यादा बार सिविल सर्विसेज का एग्जाम देने का आरोप है। पूजा को CSE-2022 में 841वीं रैंक मिली थी। 2023 बैच की ट्रेनी IAS पूजा जून 2024 से पुणे में ट्रेनिंग कर रही थीं। पूजा ने हाईकोर्ट को बताया था- मैं 47% दिव्यांग हूं 30 अगस्त को पूजा ने दिल्ली हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया था कि था कि UPSC की परीक्षा में आरक्षण के लिए कैंडिडेट का 40% दिव्यांग होना जरूरी है। मैं 47% दिव्यांग हूं। इसलिए UPSC परीक्षा में मेरे सिर्फ दिव्यांग कैटेगरी वाले अटेम्प्टस को गिना जाए। उन्होंने कहा कि उनके पास महाराष्ट्र के हॉस्पिटल का सर्टिफिकेट है, जिसमें उन्हें ओल्ड ACL (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) के फटने और बाएं घुटने में अस्थिरता की पुष्टि की गई है। पूजा ने बताया कि उन्होंने सिविल सर्विसेज एग्जाम के 12 अटेम्प्ट्स दिए हैं। इनमें 7 अटेम्प्ट्स जनरल कैटेगरी से दिए हैं। पूजा ने जनरल कैटेगरी के सातों अटेम्प्ट्स नजरअंदाज करने की अपील की। पूजा के विकलांगता सर्टिफिकेट से जुड़े विवाद विकलांगता सर्टिफिकेट में पूजा खेडकर का एड्रेस ‘प्लॉट नंबर 53, देहू अलंदी रोड, तलावडे, पिंपरी चिंचवाड़, पुणे’ लिखा गया था। जबकि इस एड्रेस पर कोई घर नहीं, बल्कि थर्मोवर्टा इंजीनियरिंग कंपनी नाम की एक फैक्ट्री है। पूजा की जिस ऑडी को जब्त किया गया था, वह इसी कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। सरकारी नियमों के तहत विकलांगता सर्टिफिकेट बनाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है, लेकिन पूजा के सर्टिफिकेट में राशन कार्ड लगाया गया था। विकलांग कोटे से UPSC में सिलेक्शन होने के बाद से पूजा के कई विकलांगता सर्टिफिकेट सामने आ चुके हैं। पूजा खेडकर ने 2018 और 2021 में अहमदनगर डिस्ट्रिक्ट सिविल हॉस्पिटल की ओर से जारी 2 विकलांग सर्टिफिकेट UPSC को सौंपे थे। पूजा ने अपनी विकलांगता सर्टिफिकेट की पुष्टि के लिए दिल्ली में मेडिकल जांच के लिए कई बार अपॉइंटमेंट लिया था, लेकिन बाद में उन्होंने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बनी रिपोर्ट को UPSC में जमा कर दिया। यशवंत राव चह्वाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल ने साफ कर दिया है कि पूजा खेडकर का लोकोमीटर सर्टिफिकेट बनाने में कोई गलती नहीं हुई। सर्टिफिकेट में पूजा को 7% लोकोमीटर डिसेबिलिटी बताई गई थी। अस्पताल को पिंपरी चिंचवाड नगर निगम संचालित करता है। पूजा ने UPSC को दिए एक हलफनामे में दावा किया था कि वह मानसिक रूप से अक्षम हैं और उन्हें देखने में भी दिक्कत होती है। पूजा ने मेडिकल टेस्ट देने से 6 बार मना किया था, जबकि मेडिकल टेस्ट देना जरूरी होता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूजा का पहला मेडिकल टेस्ट दिल्ली AIIMS में अप्रैल 2022 में शेड्यूल हुआ था। उन्होंने कोविड पॉजिटिव होने का हवाला देकर इसमें शामिल होने से मना कर दिया था।
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24 सितंबर को दैनिक भास्कर ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर खुलासा किया था कि भारत में होने वाले कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की टिकट की बड़े स्तर पर कालाबाजारी हो रही है। हमने स्टिंग ऑपरेशन में 3500 का टिकट 70 हजार में खरीदा था। खुलासे के बाद अब बुक माय शो ने कोल्डप्ले कॉन्सर्ट की नकली टिकट बेचने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। ऑनलाइन टिकट एग्रीगेटर बुक माय शो कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट का ऑफिशियल टिकटिंग पार्टनर है। बुक माय शो की तरफ से जारी बयान में स्पष्ट रूप से कहा गया कि बुक माय शो भारत में कोल्डप्ले के म्यूजिक ऑफ द स्फीयर्स वर्ल्ड टूर 2025 के टिकट सेल और रीसेल के लिए Viagogo और Gigsberg और किसी भी थर्ड पार्टी से नहीं जुड़ा है। कंपनी ने कहा- हम भारत में स्केलिंग की सख्त निंदा करते हैं। ऐसा करने पर सजा का कानून है। हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मामले की जांच में पूरा सहयोग देंगे। बुक माय शो ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे घोटाले से बचें। अगर कोई अनअथॉराइज्ड सोर्स से टिकट खरीदता है कि तो सारा जोखिम उसका होगा। खरीदा गया टिकट नकली हो सकता है। बुक माय शो एप पर भी 500 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप BYJM (भारतीय जनता युवा मोर्चा) ने भी बुक माय शो पर धोखाधड़ी के आरोप लगाते हुए EOW (इकोनॉमिक्स ऑफेंस विंग) में शिकायत रजिस्टर करवाई है। बुक माय शो पर आरोप है कि इसके मैनेजमेंट ने टिकट सेलिंग के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग और 500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की है। पार्टी के सदस्य तेजिंदर सिंह तिवाना ने कहा है कि बुक माय शो को पहले एप पर आने वाले लोगों को पहले टिकट देनी थी, हालांकि एप ने ब्लैकमार्केटिंक करने वाले एजेंट के लिए स्पेशल लिंक तैयार की, जिससे वो टिकट खरीदकर उसे महंगे दामों में बेच सकें। वहीं टिकट खरीदने वालों को वर्चुअल क्यू में डाल दिया गया, जिससे वो टिकट बुक नहीं कर सके। इस धांधली से बुक माय शो एप ने 500 करोड़ रुपए की कमाई की है। उन्होंने ये भी कहा है कि टिकट ब्लैकमार्केटिंग का ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ल्डकप और आईपीएल के टाइम भी टिकट की ब्लैकमार्केटिंग हुई है। विआगोगो जैसी साइट्स पर 12500 रुपए की टिकट को 3 लाख रुपए में बेचा जा रहा था। क्या होती है स्केलिंग स्केलिंग का मतलब है कि किसी प्रोग्राम और म्यूजिक कॉन्सर्ट के टिकटों को थोक में खरीदना। इसके बाद जब टिकट लोगों को नहीं मिलते तो उन्हें वही टिकट महंगी कीमत पर बेचे जाते हैं। जो टिकट ब्लैक में खरीदे या बेचे जाते हैं, उनका कोई डेटा नहीं होता। यह सीधे-सीधे टैक्स में चोरी है। सरकार को इससे काफी नुकसान होता है। सरकार को कम रेट में टिकट बिक्री दिखाई जाता है, जबकि बाहर उसे काफी ज्यादा पैसों में बेचा जाता है। इसके अलावा जो साधारण लोग हैं, उन्हें कभी भी ऐसे इवेंट के टिकट नहीं मिल पाते, क्योंकि पहले से ही ब्लैक में टिकट बेच दिए जाते हैं। जिनके पास पैसे होते हैं, वे तो आसानी से ऊंचे दामों पर टिकट खरीद लेते हैं, लेकिन साधारण लोग इससे वंचित रह जाते हैं। भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई विशेष कानून नहीं क्या भारत में टिकटों की जालसाजी को लेकर कोई कानून है? दैनिक भास्कर ने इसका जवाब जानने के लिए हमने वकील अली काशिफ खान देशमुख से संपर्क किया। उन्होंने कहा, ‘सिनेमा के टिकटों के अलावा मनोरंजन के साधनों के टिकटों की ब्लैक मार्केटिंग पर प्रतिबंध के लिए कोई विशेष कानून नहीं है। फिलहाल, सिर्फ IPC की धारा 406, 420 या BNS और IT एक्ट के प्रावधान ही इस मामले में लागू होते हैं। इसलिए सरकार को इस तरह के गैरकानूनी कामों पर रोक लगाने के लिए एक ठोस कानून बनाना चाहिए।’ पूर्व ACP मुंबई वसंत ढोबले ने कहा कि बुक माय शो के खिलाफ अगर जालसाज ऐसी बातें कर रहे हैं तो उन्हें सामने आकर सफाई देनी चाहिए। उनकी शिकायत को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई हो सकती है। भारत में 9 साल बाद कोल्डप्ले की परफॉर्मेंस कोल्डप्ले बैंड ने 2016 में मुंबई में आयोजित गोल्डन सिटिजन फेस्टिवल में परफॉर्म किया था। 80 हजार लोग इस शो का हिस्सा बने थे, जिनमें कई बॉलीवुड सेलेब्स भी शामिल थे। अब 9 साल बाद बैंड फिर भारत में आ रहा है। भारत में कोल्डप्ले के गाने हाय्म फॉर द वीकेंड, यलो, फिक्स यू बेहद पॉपुलर हैं। लंदन में शुरुआत, 7 बार ग्रैमी अवॉर्ड जीते कोल्डप्ले बैंड की शुरुआत साल 1997 में लंदन में हुई थी। क्रिस मार्टिन, जॉनी बकलैंड, गाय बैरीमैन, विल चैम्पियन और फिल हार्वे इस बैंड के मेंबर हैं। 39 नॉमिनेशन में कोल्डप्ले 7 बार ग्रैमी अवॉर्ड हासिल कर चुका है।
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भारत का पहला शुक्र मिशन मार्च 2028 में लॉन्च किया जाएगा। केंद्र सरकार ने 19 सितंबर को इस मिशन की मंजूरी दी। यह मिशन चार साल का होगा। वीनस यानी शुक्र ग्रह धरती से करीब 4 करोड़ किमी दूर है। वीनस को पृथ्वी का जुड़वां ग्रह भी कहा जाता है। हालांकि, यहां का दिन-रात पृथ्वी की तुलना में काफी लंबा होता है। दरअसल वीनस अपनी धुरी पर बहुत धीमे घूमता है। इसकी वजह से वीनस का एक दिन पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर होता है। मिशन वीनस क्या है भारत का यह मिशन वीनस के ऑर्बिट का अध्ययन करेगा। ग्रह की सतह, वायुमंडल, ऑयनोस्फियर (वायुमंडल का बाहरी हिस्सा) की जानकारी जुटाएगा। वीनस सूर्य के नजदीक (करीब 11 करोड़ किलोमीटर) है। ऐसे में सूर्य का इस पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसका भी पता लगाएगा। वीनस की स्टडी क्यों जरूरी है, इसके 3 कारण वीनस ग्रह को अक्सर पृथ्वी का जुड़वां कहा जाता है क्योंकि यह आकार और डेंसिटी (घनत्व) के मामले में पृथ्वी जैसा है। इसलिए, वीनस के अध्ययन से पृथ्वी के विकास को समझने में मदद मिल सकती है। माना जाता है कि वीनस पर भी कभी पानी था, लेकिन अब यह सूखा और धूल भरा ग्रह बन गया है। 1. यहां टेंपरेचर 462 डिग्री सेल्सियस वीनस की सतह का तापमान लगभग 462 डिग्री सेल्सियस है। यह बुध से भी ज्यादा गर्म है, जबकि बुध सूर्य के सबसे नजदीकी ग्रह है। वीनस के ज्यादा गर्म होने की वजह ग्रीनहाउस इफेक्ट है। इसमें सूर्य की गर्मी वायुमंडल में आती है तो वहीं कैद हो जाती है और वायुमंडल से बाहर नहीं जाती। इससे ग्रह की सतह ज्यादा गर्म हो जाती है। 2. लैंडर 2 घंटे से ज्यादा काम नहीं कर पाया वीनस की गर्मी के कारण यहां अब तक भेजे गए लैंडर दो घंटे से ज्यादा काम नहीं कर पाए हैं। इसके वायुमंडल का दबाव भी पृथ्वी से बहुत ज्यादा है। आसान भाषा में समझें तो, यहां इतना प्रेशर है, जितना पृथ्वी में समंदर के नीचे महसूस होता है। 3. वीनस का एक चक्कर पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर शुक्र पृथ्वी की तुलना में अपनी धुरी पर बहुत धीरे घूमता है। शुक्र का एक चक्कर लगभग पृथ्वी के 243 दिनों के बराबर होता है। वीनस अन्य ग्रहों की तुलना में अपनी धुरी पर उल्टा (पूर्व से पश्चिम) घूमता है। इसका मतलब है कि शुक्र ग्रह पर सूर्य पश्चिम में उगता है और पूर्व में अस्त होता है। भारत वीनस ग्रह पर कैसे जाएगा भारत मार्च 2028 में वीनस मिशन लॉन्च करेगा। तब यह सूर्य से सबसे दूर और पृथ्वी से सबसे करीब होगा। अगर इस समय लॉन्चिंग टली तो अगला मौका 2031में मिलेगा, क्योंकि तब यह फिर पृथ्वी के सबसे नजदीक होगा। सैटेलाइट को पृथ्वी से लॉन्च किया जाएगा। अर्थ ऑर्बिट में पहुंचते यह तेजी से शुक्र ग्रह की तरफ बढ़ेगा। सैटेलाइट के अर्थ ऑर्बिट से बाहर निकलने के बाद, शुक्र तक पहुंचने में लगभग 140 दिन लगेंगे। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) अपने पहले मानव अंतरिक्ष मिशन की पहली टेस्ट फ्लाइट इस साल दिसंबर में लॉन्च करेगा। इसमें इंसान को नहीं भेजा जाएगा। मिशन की दूसरी फ्लाइट में रोबोट व्योम मित्र और तीसरी उड़ान में चार अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा जाएगा। ISRO ने अभी दूसरी और तीसरी उड़ान का समय नहीं बताया है। चार साल तक करेगा शुक्र ग्रह की स्टडी वीनस मिशन की लाइफ चार साल की होगी। उम्मीद है कि शुक्रयान को GSLV मार्क-2 रॉकेट से लॉन्च किया जाएगा। शुक्रयान का वजन करीब 2500 किलोग्राम होगा। इसमें 100 किलोग्राम के पेलोड्स होंगे। कितने पेलोड्स जाएंगे, इस पर बाद में फैसला लिया जाएगा। हालांकि जर्मनी, स्वीडन, फ्रांस और रूस के पेलोड्स भी लगाए जा सकते हैं।
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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने वक्फ बिल पर मिले एक करोड़ से ज्यादा फीडबैक पर चिंता जताई है। दरअसल, संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त को लोकसभा में वक्फ बिल 2024 पेश किया था। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने इस बिल को मुस्लिम विरोधी बताया था। विपक्ष के विरोध के बीच ये बिल लोकसभा में बिना किसी चर्चा के जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) को भेज दिया गया था। JPC ने बिल में सुधार के लिए फीडबैक मांगा था। अब तक 1.25 करोड़ सुझाव आएं हैं। हालांकि, निशिकांत दुबे ने फीडबैक की संख्या पर सवाल उठाए। दुबे का आरोप है कि, ये आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसमें ISI और चीन का हाथ हो सकता है। उधर अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी आंकड़ों पर हैरानी जताई थी। दुबे बोले- यह कट्टरपंथी संगठनों, ISI और चीन की साजिश निशिकांत दुबे 31 सदस्यीय JPC का हिस्सा हैं। उन्होंने कमेटी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल को लेटर लिखकर इस मामले की जांच की मांग की है। दुबे ने लेटर में लिखा, करोड़ों की संख्या में आए फीडबैक में साजिश नजर आ रही है। ये कट्टरपंथी संगठनों, जाकिर नाइक जैसे व्यक्तियों, ISI और चीन की साजिश लगती है। दुबे का दावा है कि, यह असंभव है कि अकेले भारत से 1.25 करोड़ रिएक्शन मिलें। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि JPC कमेटी को हमारी विधायी प्रक्रिया की अखंडता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करनी चाहिए।' JPC में लोकसभा से 21 सदस्य- भाजपा के 7, कांग्रेस के 3 सांसद 1. जगदंबिका पाल (भाजपा) 2. निशिकांत दुबे (भाजपा) 3. तेजस्वी सूर्या (भाजपा) 4. अपराजिता सारंगी (भाजपा) 5. संजय जायसवाल (भाजपा) 6. दिलीप सैकिया (भाजपा) 7. अभिजीत गंगोपाध्याय (भाजपा) 8. श्रीमती डीके अरुणा (YSRCP) 9. गौरव गोगोई (कांग्रेस) 10. इमरान मसूद (कांग्रेस) 11. मोहम्मद जावेद (कांग्रेस) 12. मौलाना मोहिबुल्ला (सपा) 13. कल्याण बनर्जी (TMC) 14. ए राजा (DMK) 15. एलएस देवरायलु (TDP) 16. दिनेश्वर कामत (JDU) 17. अरविंत सावंत (शिवसेना, उद्धव गुट) 18. सुरेश गोपीनाथ (NCP, शरद पवार) 19. नरेश गणपत म्हास्के (शिवसेना, शिंदे गुट) 20. अरुण भारती (LJP-R) 21. असदुद्दीन ओवैसी (AIMIM) JPC में राज्यसभा से 10 सदस्य- भाजपा के 4, कांग्रेस का एक सांसद 1. बृज लाल (भाजपा) 2. डॉ. मेधा विश्राम कुलकर्णी (भाजपा) 3. गुलाम अली (भाजपा) 4. डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल (भाजपा) 5. सैयद नसीर हुसैन (कांग्रेस) 6. मोहम्मद नदीम उल हक (TMC) 7. वी विजयसाई रेड्डी (YSRCP) 8. एम मोहम्मद अब्दुल्ला (DMK) 9. संजय सिंह (AAP) 10. डॉ. धर्मस्थल वीरेंद्र हेगड़े (राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत) 5 सितंबर, तीसरी बैठक: वक्फ बिल का प्रेजेंटेशन दिया गया वक्फ बिल में संशोधन के लिए जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की तीसरी बैठक में मंत्रालयों के अधिकारियों ने कमेटी को वक्फ बिल के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रेजेंटेशन के दौरान सरकारी अधिकारी कमेटी को बिल के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे रहे। साथ ही कहा कि मिनिस्ट्री के अधिकारी अपना स्वतंत्र दृष्टिकोण नहीं अपना रहे। वे बिना किसी विचार-विमर्श के सरकार के रुख को ही बढ़ावा दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा विरोध AAP सांसद संजय सिंह और TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने किया।
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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जजों को हिदायत दी कि वे किसी समुदाय पर कमेंट करते वक्त लापरवाही ना बरतें। CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच कर्नाटक हाईकोर्ट के जज के विवादित कमेंट का मामला सुन रही थी। जिसमें जज ने बेंगलुरु के एक हिस्से को पाकिस्तान कह दिया था। CJI ने कहा कि आप देश के किसी हिस्से को पाकिस्तान नहीं कह सकते हैं। यह देश की एकता के मौलिक सिद्धांत के खिलाफ है। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस वी श्रीशनंदा के इस कमेंट का वीडियो वायरल हो गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने खुद इस मामले की सुनवाई शुरू की। वीडियो के वायरल होने के बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने बिना परमिशन के कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगा दी थी। इस पर CJI ने कहा, 'कोर्ट की प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता लाने के लिए उसे ज्यादा से ज्यादा प्रकाश में लाने की जरूरत है। कोर्ट में जो कुछ भी होता है उसे दबाना नहीं चाहिए। सब कुछ बंद कर देना नहीं है।" इसके बाद जस्टिस श्रीशनंदा ने सुप्रीम कोर्ट से माफी मांग ली। CJI की बेंच ने माफी मंजूर करते हुए केस बंद कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जजों की 3 सलाह लापरवाह तरीके से किए गए कमेंट किसी व्यक्ति का पक्षपात पूर्ण नजरिया बताते हैं, खासतौर से तब जब वे किसी जेंडर या कम्युनिटी पर किए गए हों। सुनवाई के दौरान जज ऐसे कमेंट से बचें, जो किसी समुदाय के खिलाफ हों या उसे नुकसान पहुंचाने वाला हो। इस केस को हम बंद कर रहे हैं, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक एज के दौर में न्यायधीशों और वकीलों को उचित कमेंट करना चाहिए और अपने व्यवहार को इस दौर के मुताबिक ढालना चाहिए। यूट्यूब चैनल से वीडियो क्लिप वायरल होने के एक दिन बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी अदालती कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू करने से आधा घंटे पहले एक डिस्क्लेमर दिया। इसमें बिना परमिशन वीडियो रिकॉर्ड करने पर रोक लगा दी गई थी। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई थी। मैसेज में कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति, संस्था, प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लाइव-स्ट्रीम की गई कार्यवाही को रिकॉर्ड, शेयर या पब्लिश नहीं करेगा। इसके लिए पहले से परमिशन लेनी होगी। कोर्ट में मौजूद लोगों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी- लाइव स्ट्रीमिंग पर SC सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आए एक मैसेज का जिक्र किया। SG ने इस मैसेज को बहुत कठोर बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया को कंट्रोल नहीं किया जा सकता है और यह बहुत खतरनाक है। इस पर CJI ने कहा, "इसका उत्तर यह नहीं है कि दरवाजे बंद कर दिए जाएं, सबकुछ बंद कर दिया जाए। कोर्ट में जो कुछ हो रहा है, उसे दबाना नहीं चाहिए। बेंच ने कहा, "सोशल मीडिया की पहुंच व्यापक है, इसमें कोर्ट की कार्यवाही की रिपोर्टिंग भी शामिल है। ऐसे में अब ज्यादातर हाईकोर्ट्स ने लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नए नियम अपना लिए हैं। कोविड के समय इसकी जरूरत थी। न्याय देने के लिए अदालतों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और लाइव स्ट्रीमिंग को अपनाया था, ये तब अदालतों के लिए न्याय दिलाने का अहम जरिया थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- न्यायिक व्यवस्था से जुड़े हर व्यक्ति जज, वकील और पक्षकारों को इस बात को लेकर सतर्क रहना होगा कि कोर्ट की कार्यवाही सिर्फ कोर्ट में मौजूद लोगों सीमित नहीं है, इसे देखने वाले भी हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्याय की आत्मा ही निष्पक्ष और न्यायसंगत होना है। हर जज को अपने झुकाव का ध्यान होना चाहिए। इसी जागरूकता के आधार पर हम ईमानदारी से निष्पक्ष और न्याय संगत फैसला दे सकते हैं। हम इस बात पर इसलिए जोर दे रहे हैं, क्योंकि हर किसी को यह समझना जरूरी है कि फैसला सुनाने के पीछे सिर्फ वही मूल्य होने चाहिए, जिनका जिक्र भारतीय संविधान में किया गया है।
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देश में पिछले 6 साल में कामकाजी महिलाएं 18% और पुरुष 5% बढ़ गए। 2023-24 में महिलाओं का वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (डब्ल्यूपीआर) 40% पर पहुंच गया, जो 2017-18 में 22% ही था। यानी 18% का इजाफा हुआ। वहीं, पुरुषों में यह 76% हो गया, जो 71% था यानी 5% की बढ़ोतरी हुई। इस हिसाब से कामकाजी महिलाएं पुरुषों से 3 गुना तेजी से बढ़ीं। मगर, 6 साल में पुरुषों की बेरोजगारी दर 2.9% घटी, जबकि महिलाओं की 2.4% ही कम हुई। पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) की जुलाई 23 से जून 24 की रिपोर्ट में ये आंकड़े सामने आए हैं। कामकाजी लोगों में सबसे ज्यादा 58.4% लोग स्वरोजगार वाले आंकड़े के मुताबिक, कामकाजी लोगों में सबसे ज्यादा 58.4% लोग स्वरोजगार, 21.7% नियमित नौकरी और 19.8% दिहाड़ी मजदूरी में हैं। 2022-23 के मुकाबले स्वरोजगार वाले 1.1% और नौकरीपेशा 0.8% बढ़े, जबकि दिहाड़ी मजदूरी वाले 2% तक घट गए। काम करने वालों में सबसे ज्यादा 46% लोग कृषि, 12.2% ट्रेड, होटल और रेस्टोरेंट, 12% निर्माण और 11.4% मैन्युफैक्चरिंग में लगे हैं। 2022-23 के मुकाबले निर्माण में काम करने वाले सबसे ज्यादा 1% कम हुए। 15-29 साल वालों में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा 10.2% रही है देश में 15 से 29 वर्ष के आयु वर्ग की बेरोजगारी दर में एक साल के दौरान मामूली इजाफा हुआ है। जुलाई 2022- जून 23 में 10% की तुलना में जुलाई 2023- जून 24 में यह 10.2% हो गई है। शहरी इलाकों में यह दर 15.7% से घटकर 14.7% हो गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में 8% से बढ़कर 8.5% हो गई है। नौकरीपेशा की औसत मासिक आय स्वरोजगार वालों से 7203 रुपए ज्यादा अप्रैल से जून-2024 के दौरान स्वरोजगार के जरिए देश में औसतन मासिक आय 13,900 रुपए रही। वेतनभोगी कर्मियों का औसत मासिक वेतन सबसे ज्यादा 21,103 रु. है। दिहाड़ी मजदूर औसतन 433 रुपए रोजाना कमा रहे हैं। इस हिसाब से देखें तो नौकरीपेशा लोग स्वरोजगार वालों से हर महीने 7203 रुपए ज्यादा कमा रहे। जबकि जुलाई-सितंबर 2023 में स्वरोजगार में मासिक आय 12,685 रुपए और वेतनभोगी में 20,095 रुपए थी। दिहाड़ी मजदूर 404 रुपए रोजाना कमा रहे थे। 61.1% नियमित वेतनभोगी कर्मी बिना किसी लिखित कांट्रैक्ट के काम करते हैं, 52.2% को पेड लीव नहीं मिलती और 58.8% कर्मचारियों को पीएफ, ग्रेच्युटी, पेंशन और मैटरनिटी लीव जैसी सुविधाएं नहीं हैं। आईफोन बनाने वाली कंपनी एपल भारत में अगले साल मार्च तक 2 लाख डायरेक्ट जॉब देगी। इनमें से 70% जॉब महिलाओं के लिए होंगे। एपल और भारत में उसके सप्लायर्स ने ये आंकड़े केंद्र सरकार को दिए हैं। दरअसल, एपल प्रोडक्शन के मामले में चीन पर निर्भरता कम कर भारत पर फोकस करना चाहता है। एपल के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स फॉक्सकॉन, विस्ट्रॉन (अब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स) और पेगाट्रॉन ने भारत में पहले 80,872 लोगों को सीधी नौकरियां दी हुई हैं।
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बदलापुर रेप केस में एनकाउंटर की जांच मंगलवार को CID को सौंप दी गई। ठाणे क्राइम ब्रांच ने 23 सिंतबर को केस के आरोपी अक्षय शिंदे का ठाणे में एनकाउंटर कर दिया था। क्राइम ब्रांच अक्षय को तलोजा जेल से बदलापुर लेकर गई थी। शाम करीब 6:15 बजे उसका एनकाउंटर कर दिया गया। सरकार ने कहा था कि अक्षय ने पुलिस की रिवॉल्वर छीनकर फायर किए, सेल्फ डिफेंस में पुलिस ने गोली चलाई और अक्षय मारा गया। फैमिली ने कहा कि अक्षय को कस्टडी में जमकर पीटा गया था। उसके बाद मामले को दबाने के लिए एनकाउंटर कर दिया गया। उसका शव भी नहीं देखने दिया। विपक्ष ने एनकाउंटर पर सवाल किया- अक्षय हथकड़ी में था, वो फायरिंग कैसे कर सकता है। संजय शिंदे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की टीम में रह चुके आरोपी पर गोली चलाने वाले इंस्पेक्टर संजय शिंदे ठाणे क्राइम ब्रांच के एंटी-एक्सटॉर्शन सेल के हेड रह चुके हैं। वे एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा की टीम में भी थे। 2017 में इस टीम ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद के भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 19 मार्च को एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा को आजीवन जेल की सजा सुनाई थी। उन्हें 2006 में गैंगस्टर छोटा राजन के करीबी के फर्जी एनकाउंटर मामले में दोषी माना गया था। प्रदीप शर्मा की टीम के एनकाउंटर की कहानी पर डॉक्युमेंट्री सीरीज भी बन चुकी है। संजय शिंदे के खिलाफ 2012 में इन्क्वायरी भी हुई थी। 2012 में दो हत्या मामलों का आरोपी विजय पलांडे पुलिस हिरासत से भाग निकला था। वह जिस SUV से भागा था, उसमें संजय की वर्दी मिली थी। साल 2000 में भी किडनैपिंग केस में वे विवादों में आए थे। आरोपी की मां बोलीं- हम शव नहीं लेंगे उधर, आरोपी शिंदे की मां ने कहा है कि पुलिसवालों ने हमें अक्षय का शव भी देखने नहीं दिया था। हम अस्पताल में घंटों इंतजार करते रह गए। अक्षय के खिलाफ यौन शोषण के आरोप साबित नहीं हुए थे। वह पटाखे फोड़ने से डरता था। पुलिस पर गोली कैसे चला सकता है। एनकाउंटर एक साजिश है। हम अब उसका शव नहीं लेंगे। अक्षय ने बताया था कि पुलिस वाले उसे पीटते थे। दबाव डालकर बयान भी लिखवाते थे। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे: अक्षय शिंदे की पूर्व पत्नी ने उस पर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया है। पुलिस उसे जांच के लिए ले गई थी। इस दौरान उसने एक पुलिसकर्मी नीलेश मोरे पर गोली चलाई, जो घायल हो गया। पुलिस ने सेल्फ डिफेंस में यह कार्रवाई की। जांच के बाद और जानकारी सामने आएगी। डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस: पुलिस वारंट के साथ अक्षय शिंदे को जांच के लिए ले जा रही थी। उसने पुलिस की पिस्टल छीन ली। उसने पुलिस कर्मियों पर गोली चलाई और हवाई फायरिंग भी की। पुलिस ने आत्मरक्षा में उस पर गोली चलाई। विपक्ष हर बात पर सवाल उठाता है। वही विपक्ष आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहा था। आरोपी की मौत पर विपक्ष ने क्या कहा NCP (शरद गुट) सांसद सुप्रिया सुले- बदलापुर में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न मामले में महायुति सरकार का रवैया चौंकाने वाला है। पहले FIR दर्ज करने में देरी हुई और अब मुख्य आरोपी की हिरासत में हत्या कर दी गई। यह कानून प्रवर्तन और न्याय प्रणाली का पूरी तरह से पतन है। शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी- आरोपी मर चुका है, और POCSO के तहत अन्य सह-आरोपी, जो स्कूल बोर्ड का सदस्य और भाजपा पदाधिकारी था, वह अभी भी फरार है। अयोग्य सरकार की गोली मारो और भाग जाओ रणनीति बहुत किताबी केस है। जल्द सुनने में आएगा कि किसी ने भी 6 साल के बच्चियों का यौन उत्पीड़न किया ही नहीं। रीटेन, स्पॉन्सर्ड एंड एग्जीक्यूटेड बाय स्टेट गवर्नमेंट। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले- इस घटना ने कुछ गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बदलापुर अत्याचार मामले में स्कूल ट्रस्टी अभी भी गिरफ्तार नहीं हुए हैं, वे फरार हैं उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है? क्या इस मामले में फरार आरोपियों को बचाने के लिए मुख्य आरोपी का एनकाउंटर कर मामले को खत्म करने की कोशिश की जा रही है? क्या पूरे मामले को दबाने की कोशिश के तहत पुलिस ने आरोपी का एनकाउंटर किया है? इस मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए हाईकोर्ट के जजों से जांच कराई जानी चाहिए। 1 अगस्त को अक्षय ने स्कूल जॉइन किया था, 12-13 अगस्त को यौन शोषण किया बच्चियों से रेप का आरोपी अक्षय शिंदे स्कूल में स्वीपर का काम करता था। वह 1 अगस्त को ही कॉन्ट्रैक्ट पर नियुक्त हुआ था। 12 और 13 अगस्त को उसने स्कूल के गर्ल्स वॉशरूम में किंडरगार्टन में पढ़ने वाली 3 और 4 साल की दो बच्चियों का यौन शोषण किया। घटना के बाद दोनों बच्चियां स्कूल जाने से डर रही थीं। एक बच्ची के माता-पिता को शक हुआ तो उन्होंने बेटी से पूछताछ की। इसके बाद बच्ची ने सारी बात बताई। फिर उस बच्ची के माता-पिता ने दूसरी बच्ची के पेरेंट से बात की। इसके बाद दोनों बच्चियों का मेडिकल टेस्ट हुआ, जिसमें यौन शोषण का खुलासा हुआ। आरोपी को दादा बोलती थीं बच्चियां, 17 अगस्त को गिरफ्तार हुआ था पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि बच्ची आरोपी शिंदे को दादा (बड़े भाई के लिए मराठी शब्द) कहकर बुलाती थी। बच्ची के मुताबिक, ‘दादा’ ने उसके कपड़े खोले और गलत तरीके से छुआ। स्कूल में जहां घटना हुई थी, वहां महिला कर्मचारी नहीं थी। दोनों बच्चियों का परिवार जब केस दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचा, तो पुलिस ने भी FIR दर्ज करने में टालमटोल की। पीड़ित परिवारों ने सामाजिक कार्यकर्ताओं से मदद मांगी। दो दिन बाद 16 अगस्त की देर रात पुलिस ने शिकायत दर्ज की। पुलिस ने 17 अगस्त को आरोपी को गिरफ्तार किया था।
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आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति मंदिर) के लड्डू में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने के आरोपों के बीच अब तंबाकू मिलने का दावा किया गया है। तेलंगाना की एक महिला ने प्रसादम को लेकर आरोप लगाया है कि उसे लड्डू के अंदर कागज में लिपटे तंबाकू के टुकड़े मिले हैं। उसने इसका वीडियो जारी किया है। आरोप लगाने वाली डोंथु पद्मावती खम्मम जिले के गोल्लागुडेम की रहने वाली हैं। 19 सितंबर को वे तिरुमाला मंदिर गई थीं। वे वहां से लड्डृ लाई थीं। लड्डू में कागज मिलने का वीडियो इंडिया टुडे, ABP नाडु समेत कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर शेयर किया गया है। हालांकि, दैनिक भास्कर इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। इससे पहले 18 सितंबर को आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया था कि राज्य में YSR कांग्रेस सरकार में तिरुपति मंदिर के लड्डू (प्रसादम्) में जानवरों की चर्बी वाला वनस्पति तेल और फिश ऑयल मिलाया गया था। इसके अगले दिन TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा किया था। प्रसादम विवाद पर अब तक के अपडेट्स केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4 कंपनियों के घी सैंपल मंगवाए। इनमें से एक कंपनी एआर डेयरी फूड्स का घी क्वालिटी टेस्ट में फेल हो गया। उसमें सरकार ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। स्वामी ने प्रसादम में एनिमल फैट के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। राज्यसभा के सदस्य और देवस्थानम (TTD) के पूर्व अध्यक्ष वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने भी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति से मामले की जांच करने की मांग की है। श्री ललिता पीठम में विश्व हिंदू परिषद की बैठक हुई। विहिप ने सुप्रीम कोर्ट से तिरुपति लड्डू में मिलावट के आरोपों पर एक्शन लेने और दोषियों की पहचान के लिए जांच शुरू करने की अपील की है। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हैदराबाद के सैदाबाद पुलिस स्टेशन में एक वकील ने यह शिकायत दर्ज कराई है। YSR कांग्रेस पार्टी ने लड्डू में चर्बी विवाद पर आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, सुनवाई 25 सितंबर को होगी। तिरुपति मंदिर की शुद्धि के लिए महाशांति यज्ञ तिरुपति मंदिर की शुद्धि के लिए महाशांति यज्ञ किया गया। 23 सितंबर को सुबह 6 से 10 बजे तक चले पंचगव्य प्रोक्षण (शुद्धिकरण) में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड के अधिकारी समेत 20 पुजारी शामिल हुए। अनुष्ठान में लड्डू और अन्नप्रसादम रसोई की शुद्धि की गई। मंदिर के मुख्य पुजारियों में से एक कृष्ण शेषाचल दीक्षितुलु ने कहा, 'सरकार एक प्रस्ताव लेकर आई कि मंदिर को शुद्ध करने के लिए क्या किया जाए। इसलिए हम शांति होम करने के प्रस्ताव के साथ प्रबंधन के पास गए। सुबह 6 बजे हम सभी भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद और अनुमति लेने के लिए गर्भगृह में गए। अब सब कुछ शुद्ध हो गया है, मैं सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि उन्हें अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। भगवान बालाजी के दर्शन करें और प्रसाद घर ले जाएं।" यह विवाद कैसे सामने आया कर्नाटक कोऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) पिछले 50 साल से रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। तिरुपति मंदिर में हर छह महीने में 1400 टन घी लगता है। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद जगन सरकार (YSRCP) ने 5 फर्म को सप्लाई का काम दिया था। इनमें से एक तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स भी है। इसके प्रोडक्ट में इसी साल जुलाई में गड़बड़ी मिली थी। TDP सरकार आई, जुलाई में सैंपल की जांच, चर्बी की पुष्टि TDP सरकार ने जून 2024 में सीनियर IAS अधिकारी जे श्यामला राव को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का नया एग्जीक्यूटिव ऑफिसर अपॉइंट किया था। उन्होंने प्रसादम (लड्डू) की क्वॉलिटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एक कमेटी बनाई। प्रसाद के टेस्ट और क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने कई सुझाव दिए। साथ ही घी की जांच के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB), गुजरात में सैंपल भेजे। जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में फैट का जिक्र था। इसके बाद TTD ने तमिलनाडु के डिंडीगुल की एआर डेयरी फूड्स की तरफ से भेजे गए घी के स्टॉक को वापस कर दिया और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद TTD ने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से घी खरीदना शुरू कर दिया। पुराने सप्लायर से घी 320 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से खरीदा जाता था। अब तिरुपति ट्रस्ट कर्नाटक को-ऑपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) से 475 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से घी खरीद रहा है। घी की शुद्धता जांचने वाली लैब NDDB CALF (आणंद, गुजरात) ने तिरुपति को घी की शुद्धता की जांच करने के लिए एक मशीन दान करने पर सहमति दी है। इसकी लागत 75 लाख रुपए है। CM नायडू ने लैब रिपोर्ट सार्वजनिक की, विवाद बढ़ा जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में लड्डुओं में चर्बी की पुष्टि हो गई थी। हालांकि, टीडीपी ने दो महीने बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की। CM नायडू ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि पूर्व जगन सरकार में तिरुपति मंदिर के लड्डू में इस्तेमाल होने वाले घी में जानवरों की चर्बी और फिश ऑयल मिलाया गया था। TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा भी किया। नायडू ने कहा, जब बाजार में 500 रुपए किलो घी मिल रहा था, तब जगन सरकार ने 320 रु. किलो घी खरीदा। ऐसे में घी में सप्लायर की ओर से मिलावट होनी ही थी। जगन सरकार द्वारा कम दाम वाले घी को खरीदने की जांच हाेगी। पशु चर्बी वाले घी से बने लड्डुओं से तिरुपति मंदिर की पवित्रता पर दाग लगाया है। तिरुपति मंदिर दुनिया के सबसे लोकप्रिय और अमीर धर्मस्थलों में से है। यहां हर दिन करीब 70 हजार श्रद्धालु भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करते हैं। इसका प्रशासन तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम (TTD) संभालता है। मंदिर परिसर में बनी 300 साल पुराने किचन ‘पोटू’ में शुद्ध देसी घी के रोज 3.50 लाख लड्डू बनते हैं। यह मंदिर का मुख्य प्रसाद है, जिसे करीब 200 ब्राह्मण बनाते हैं। लड्डू में शुद्ध बेसन, बूंदी, चीनी, काजू और शुद्ध घी होता है। ट्रस्ट ने करीब एक लाख लड्डू जनवरी 2024 में हुई राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के वक्त अयोध्या भेजे थे।
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पत्नी के साथ जबरन संबंध बनाने पर पति के खिलाफ केस चलना चाहिए या नहीं, इस पर मंगलवार (24 सितंबर) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI)डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी पारदीवाला की बेंच इस पर सुनवाई करेगी। कर्नाटक हाईकोर्ट और दिल्ली हाईकोर्ट के दो फैसलों के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। इसके अलावा कई और जनहित याचिकाएं दायर की गईं थीं। इन सभी को एक साथ मर्ज करके सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63 (बलात्कार) के अपवाद 2 के मुताबिक मैरिटल रेप को अपराध नहीं माना गया है। हालांकि इस मामले पर केंद्र सरकार को भी जवाब दाखिल करना है। केंद्र का कहना है, कानूनों में बदलाव के लिए विचार-विमर्श की जरूरत है। ल्ली हाईेकोर्ट और कर्नाटक हाईकोट का फैसला आने के बाद इसकी मांग और तेज हो गई। सुप्रीम कोर्ट में दो मुख्य याचिकाएं हैं, जिन पर सुनवाई होगी। एक याचिका पति की तरफ से लगाई गई, तो दूसरी अन्य मामले में एक महिला ने याचिका दायर की थी। दिल्ली हाईकोर्ट का मामला: साल 2022 में एक महिला ने पति द्वारा जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई। 11 मई 2022 को दिल्ली हाईकोर्ट के 2 जजों ने अलग-अलग फैसला दिया था। जस्टिस राजीव शकधर ने वैवाहिक बलात्कार के अपवाद को रद्द करने का समर्थन किया था। वहीं, जस्टिस सी हरि शंकर ने कहा कि पति को मिली छूट असंवैधानिक नहीं है और एक समझदार अंतर पर आधारित है। कर्नाटक हाईकोर्ट का मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट में एक पति ने पत्नी की तरफ से लगाए रेप के आरोपों पर हाईकोर्ट का रुख किया था। 23 मार्च 2023 को कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति पर लगाए गए रेप के आरोपों को समाप्त करने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने इस मामले में अपवाद को मानने से इनकार कर दिया। कर्नाटक हाईकोर्ट के जस्टिस एम नागप्रसन्ना की सिंगल बेंच ने इस मामले में कहा था कि तथ्यों के आधार पर इस तरह के यौन हमले/दुष्कर्म के लिए पति को पूरी छूट नहीं दी जा सकती है। मैरिटल रेप को अपराध मानने से इनकार कर चुकी है भारत सरकार 2016 में मोदी सरकार ने मैरिटल रेप के विचार को खारिज कर दिया था। सरकार ने कहा था कि देश में अशिक्षा, गरीबी, ढेरों सामाजिक रीति-रिवाजों, मूल्यों, धार्मिक विश्वासों और विवाह को एक संस्कार के रूप में मानने की समाज की मानसिकता जैसे विभिन्न कारणों से इसे भारतीय संदर्भ में लागू नहीं किया जा सकता है। 2017 में, सरकार ने मैरिटल रेप को अपराध न मानने के कानूनी अपवाद को हटाने का विरोध किया था। सरकार ने तर्क दिया था कि मैरिटल रेप को अपराध घोषित करने से विवाह की संस्था अस्थिर हो जाएगी और इसका इस्तेमाल पत्नियों द्वारा अपने पतियों को सजा देने के लिए किया जाएगा। केंद्र ने पिछले साल दिल्ली हाई कोर्ट में मैरिटल रेप पर चल रही सुनवाई के दौरान कहा था कि केवल इसलिए कि अन्य देशों ने मैरिटल रेप को अपराध घोषित कर दिया है, भारत को भी ऐसा करने की जरूरत नहीं है। 19वीं सदी में इंग्लैंड के कानून ने माना कि मैरिटल रेप होता है जोनाथन हेरिंग की किताब फैमिली लॉ (2014) के मुताबिक, ऐतिहासिक रूप से दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में ये धारणा थी कि पति पत्नी का रेप नहीं कर सकता, क्योंकि पत्नी को पति की संपत्ति माना जाता था। 20वीं सदी तक अमेरिका और इंग्लैंड के कानून मानते थे कि शादी के बाद पत्नी के अधिकार पति के अधिकारों में समाहित हो जाते हैं। 19वीं सदी की शुरुआत में नारीवादी आंदोलनों के उदय के साथ ही इस विचार ने भी जन्म लिया कि शादी के बाद पति-पत्नी के सेक्स संबंधों में महिलाओं की सहमति का अधिकार उनका मौलिक अधिकार है।
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आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति मंदिर) की शुद्धि के लिए महाशांति यज्ञ किया गया। सोमवार सुबह 6 से 10 बजे तक चले पंचगव्य प्रोक्षण (शुद्धिकरण) में तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) बोर्ड के अधिकारी समेत 20 पुजारी शामिल हुए। अनुष्ठान में लड्डू और अन्नप्रसादम रसोई की शुद्धि की गई। आंध्र के सीएम CM चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP ने 18 सितंबर को आरोप लगाया था कि राज्य में YSR कांग्रेस सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू (प्रसादम्) में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया गया था। इसके अगले दिन TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा किया। राज्य सरकार ने तिरुपति मंदिर के लड्डुओं की जांच के लिए SIT बना दी है। सीएम चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि SIT की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। प्रसादम विवाद से जुड़े 3 अपडेट्स... भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। स्वामी ने प्रसादम में एनिमल फैट के इस्तेमाल के खिलाफ कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की है। राज्यसभा के सदस्य और देवस्थानम (टीटीडी) के पूर्व अध्यक्ष वाई.वी. सुब्बा रेड्डी ने भी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता वाली समिति से मामले की जांच करने की मांग की है। श्री ललिता पीठम में विश्व हिंदू परिषद बैठक हुई। विहिप ने सुप्रीम कोर्ट से तिरुपति लड्डू में मिलावट के आरोपों पर एक्शन लेने और दोषियों की पहचान के लिए जांच शुरू करने की अपील की है। पुजारी बोले- अब मंदिर पूरी तरह शुद्ध, प्रसाद घर ले जा सकते हैं मंदिर के मुख्य पुजारियों में से एक कृष्ण शेषाचल दीक्षितुलु कहते हैं, "सरकार एक प्रस्ताव लेकर आई कि मंदिर को शुद्ध करने के लिए क्या किया जाए। इसलिए हम शांति होम करने के प्रस्ताव के साथ प्रबंधन के पास गए। सुबह 6 बजे हम सभी भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद और अनुमति लेने के लिए गर्भगृह में गए। अब सब कुछ शुद्ध हो गया है, मैं सभी भक्तों से अनुरोध करता हूं कि उन्हें अब चिंता करने की जरूरत नहीं है। भगवान बालाजी के दर्शन करें और प्रसाद घर ले जाएं।" विहिप ने कहा- प्रसादम में जानवरों की चर्बी मिलाना, भक्तों का अपमान बैठक के बाद विहिप ने कहा कि इस घटना ने दुनिया भर में श्री बालाजी के करोड़ों भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, क्योंकि लड्डू प्रसादम आस्था और दिव्य आशीर्वाद के रूप में माना और खाया जाता है। लड्डू में मिलावट के आरोपों ने भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के भक्तों का घोर अपमान किया है। इस मामले में लापरवाही और देरी की कोई गुंजाइश नहीं है क्योंकि ऐसा होने पर हिंदू समुदाय राष्ट्रव्यापी आंदोलन कर सकता है। डिप्टी सीएम बोले- भगवान से क्षमा मांगी, उपवास रख रहा आंध्र प्रदेश के डिप्टी CM पवन कल्याण ने कहा- जब हिंदू मंदिरों को अपवित्र किया जाता है तो हमें चुप नहीं रहना चाहिए। अगर ऐसा मस्जिदों या चर्चों में होता तो देश में गुस्सा भड़क उठता। पवन कल्याण ने रविवार (22 सितंबर) से 11 दिनों की प्रायश्चित दीक्षा की शुरुआत की। इस दौरान वह उपवास करेंगे। पवन ने कहा- मुझे अफसोस है कि मैं मिलावट के बारे में पहले क्यों नहीं पता लगा पाया। मुझे दुख हो रहा है। इसके लिए प्रायश्चित करूंगा।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करना और देखना POCSO और IT एक्ट के तहत अपराध है। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर कोई ऐसा कंटेंट डाउनलोड करता और देखता है, तो यह अपराध नहीं, जब तक कि नीयत इसे प्रसारित करने की न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे कंटेंट का स्टोरेज, इसे डिलीट ना करना और इसकी शिकायत ना करना बताता है कि इसे प्रसारित करने की नीयत से स्टोर किया गया है। हाईकोर्ट ने ये केस खारिज करके अपने फैसले में गंभीर गलती की है। हम उसका फैसला रद्द करते हैं और केस को वापस सेशन कोर्ट भेजते हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा- चाइल्ड पोर्नोग्राफी की जगह 'चाइल्ड सेक्शुअल एक्सप्लॉएटेटिव एंड एब्यूसिव मटेरियल' शब्द का इस्तेमाल किया जाए। केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर बदलाव करे। अदालतें भी इस शब्द का इस्तेमाल न करें। सुप्रीम कोर्ट के 2 कमेंट हम संसद को सुझाव देते हैं कि POCSO एक्ट में बदलाव करें और इसके बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द की जगह चाइल्ड सेक्शुअली एब्यूसिव एंड एक्सप्लॉइटेटिव मटेरियल (CSEAM) का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है। CSEAM शब्द सही तरीके से बताएगा कि यह महज अश्लील कंटेंट नहीं, बच्चे के साथ हुई घटना का एक रिकॉर्ड है। वो घटना जिसमें बच्चे का यौन शोषण हुआ या फिर ऐसे शोषण को विजुअली दिखाया गया हो। बच्चों के खिलाफ अपराध सिर्फ यौन शोषण तक ही सीमित नहीं रहते हैं। उनके वीडियो, फोटोग्राफ और रिकॉर्डिंग के जरिए ये शोषण आगे भी चलता है। ये कंटेंट साइबर स्पेस में मौजूद रहते हैं, आसानी से किसी को भी मिल जाते हैं। ऐसे मटेरियल अनिश्चितकाल तक नुकसान पहुंचाते हैं। ये यौन शोषण पर ही खत्म नहीं होता है, जब-जब ये कंटेंट शेयर किया जाता है और देखा जाता है, तब-तब बच्चे की मर्यादा और अधिकारों का उल्लंघन होता है। हमें एक समाज के तौर पर गंभीरता से इस विषय पर विचार करना होगा। केरल हाईकोर्ट ने भी मद्रास HC जैसा फैसला सुनाया था केरल हाईकोर्ट ने 13 सितंबर 2023 को कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अश्लील फोटो या वीडियो देख रहा है तो यह अपराध नहीं है, लेकिन अगर दूसरे को दिखा रहा है तो यह गैरकानूनी होगा। इसी फैसले के आधार पर मद्रास हाईकोर्ट ने 11 जनवरी को एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंचा था NGO मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद NGO जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस और नई दिल्ली के NGO बचपन बचाओ आंदोलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस ने कहा था कि हाईकोर्ट का आदेश चाइल्ड पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दे सकता है। फैसले से ऐसा लगेगा कि ऐसा कंटेंट डाउनलोड करने और रखने वाले लोगों पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। हाईकोर्ट के फैसले 1. केरल हाईकोर्ट- पोर्नोग्राफी सदियों से प्रचलित, यह निजी पसंद केरल हाईकोर्ट के जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन की बेंच ने यह फैसला दिया था। जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने कहा था, पोर्नोग्राफी सदियों से प्रचलित है। आज डिजिटल युग में इस तक आसानी से पहुंच हो गई। बच्चों और बड़ों की उंगलियों पर ये मौजूद है। 2. मद्रास हाईकोर्ट- फोन में चाइल्ड पोर्न डाउनलोड करना अपराध नहीं केरल हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को आधार बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने 11 जनवरी 2024 को पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी के खिलाफ केस को रद्द कर दिया था। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि अपनी डिवाइस पर ऐसा कंटेंट देखना या डाउनलोड करना अपराध के दायरे में नहीं आता है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इसी फैसले को खारिज किया और नए सिरे से केस सेशन कोर्ट को सौंप दिया है। भारत में अश्लील वीडियो पर 3 कानून भारत में ऑनलाइन पोर्न देखना गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 में पोर्न वीडियो बनाने, पब्लिश करने और सर्कुलेट करने पर बैन है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 67 और 67A में इस तरह के अपराध करने वालों को 3 साल की जेल के साथ 5 लाख तक जुर्माना देने का भी प्रावधान है। IPC के सेक्शन-292, 293, 500, 506 में भी इससे जुड़े अपराध को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं। POCSO कानून के तहत कार्रवाई होती है।
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी डाउनलोड करना और देखना POCSO और IT एक्ट के तहत अपराध है। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने मद्रास हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए फैसला सुनाया। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि अगर कोई ऐसा कंटेंट डाउनलोड करता और देखता है, तो यह अपराध नहीं, जब तक कि नीयत इसे प्रसारित करने की न हो। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसे कंटेंट का स्टोरेज, इसे डिलीट ना करना और इसकी शिकायत ना करना बताता है कि इसे प्रसारित करने की नीयत से स्टोर किया गया है। हाईकोर्ट ने ये केस खारिज करके अपने फैसले में गंभीर गलती की है। हम उसका फैसला रद्द करते हैं और केस को वापस सेशन कोर्ट भेजते हैं। जस्टिस जेबी पारदीवाला ने कहा- चाइल्ड पोर्नोग्राफी की जगह 'चाइल्ड सेक्शुअल एक्सप्लॉएटेटिव एंड एब्यूसिव मटेरियल' शब्द का इस्तेमाल किया जाए। केंद्र सरकार अध्यादेश लाकर बदलाव करे। अदालतें भी इस शब्द का इस्तेमाल न करें। सुप्रीम कोर्ट के 2 कमेंट हम संसद को सुझाव देते हैं कि POCSO एक्ट में बदलाव करें और इसके बाद चाइल्ड पोर्नोग्राफी शब्द की जगह चाइल्ड सेक्शुअली एब्यूसिव एंड एक्सप्लॉइटेटिव मटेरियल (CSEAM) का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए अध्यादेश भी लाया जा सकता है। CSEAM शब्द सही तरीके से बताएगा कि यह महज अश्लील कंटेंट नहीं, बच्चे के साथ हुई घटना का एक रिकॉर्ड है। वो घटना जिसमें बच्चे का यौन शोषण हुआ या फिर ऐसे शोषण को विजुअली दिखाया गया हो। बच्चों के खिलाफ अपराध सिर्फ यौन शोषण तक ही सीमित नहीं रहते हैं। उनके वीडियो, फोटोग्राफ और रिकॉर्डिंग के जरिए ये शोषण आगे भी चलता है। ये कंटेंट साइबर स्पेस में मौजूद रहते हैं, आसानी से किसी को भी मिल जाते हैं। ऐसे मटेरियल अनिश्चितकाल तक नुकसान पहुंचाते हैं। ये यौन शोषण पर ही खत्म नहीं होता है, जब-जब ये कंटेंट शेयर किया जाता है और देखा जाता है, तब-तब बच्चे की मर्यादा और अधिकारों का उल्लंघन होता है। हमें एक समाज के तौर पर गंभीरता से इस विषय पर विचार करना होगा। केरल हाईकोर्ट ने भी मद्रास HC जैसा फैसला सुनाया था केरल हाईकोर्ट ने 13 सितंबर 2023 को कहा था कि अगर कोई व्यक्ति अश्लील फोटो या वीडियो देख रहा है तो यह अपराध नहीं है, लेकिन अगर दूसरे को दिखा रहा है तो यह गैरकानूनी होगा। इसी फैसले के आधार पर मद्रास हाईकोर्ट ने 11 जनवरी को एक आरोपी को दोषमुक्त कर दिया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ SC पहुंचा था NGO मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के बाद NGO जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस और नई दिल्ली के NGO बचपन बचाओ आंदोलन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने 12 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन अलायंस ने कहा था कि हाईकोर्ट का आदेश चाइल्ड पोर्नोग्राफी को बढ़ावा दे सकता है। फैसले से ऐसा लगेगा कि ऐसा कंटेंट डाउनलोड करने और रखने वाले लोगों पर मुकदमा नहीं चलाया जाएगा। हाईकोर्ट के फैसले 1. केरल हाईकोर्ट- पोर्नोग्राफी सदियों से प्रचलित, यह निजी पसंद केरल हाईकोर्ट के जस्टिस पीवी कुन्हीकृष्णन की बेंच ने यह फैसला दिया था। जस्टिस कुन्हीकृष्णन ने कहा था, पोर्नोग्राफी सदियों से प्रचलित है। आज डिजिटल युग में इस तक आसानी से पहुंच हो गई। बच्चों और बड़ों की उंगलियों पर ये मौजूद है। 2. मद्रास हाईकोर्ट- फोन में चाइल्ड पोर्न डाउनलोड करना अपराध नहीं केरल हाईकोर्ट की इस टिप्पणी को आधार बताते हुए मद्रास हाईकोर्ट ने 11 जनवरी 2024 को पॉक्सो एक्ट के एक आरोपी के खिलाफ केस को रद्द कर दिया था। मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि अपनी डिवाइस पर ऐसा कंटेंट देखना या डाउनलोड करना अपराध के दायरे में नहीं आता है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इसी फैसले को खारिज किया और नए सिरे से केस सेशन कोर्ट को सौंप दिया है। भारत में अश्लील वीडियो पर 3 कानून भारत में ऑनलाइन पोर्न देखना गैर-कानूनी नहीं है, लेकिन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 में पोर्न वीडियो बनाने, पब्लिश करने और सर्कुलेट करने पर बैन है। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 के सेक्शन 67 और 67A में इस तरह के अपराध करने वालों को 3 साल की जेल के साथ 5 लाख तक जुर्माना देने का भी प्रावधान है। IPC के सेक्शन-292, 293, 500, 506 में भी इससे जुड़े अपराध को रोकने के लिए कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं। POCSO कानून के तहत कार्रवाई होती है।
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बृह्मनमुंबई नगर निगम (BMC) के अधिकारियों की एक टीम शनिवार सुबह धारावी पहुंची। यहां महबूब-ए-सुभानी मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराया जाना था। टीम सुबह 9 बजे धारावी की 90 फीट रोड पर पहुंची। खबर लगते ही मुस्लिम समाज समेत बस्ती के लोग इकट्ठा हो गए और टीम को रोक दिया। बाद में प्रदर्शनकारियों ने BMC की दो गाड़ियों में तोड़-फोड़ कर दी। हालात संभालने के लिए बड़ी तादाद में पुलिस को तैनात किया गया है। प्रदर्शनकारियों को एक दल पुलिस और BMC से चर्चा करने गया। इसके बाद BMC ने आज डिमोलिशन की कार्यवाही को रोक दिया है। साथ ही मस्जिद कमेटी को 8 दिन का समय दिया है। हालांकि मुस्लिम पक्ष ने BMC के खिलाफ कोर्ट जाने का फैसला किया है। पुलिस स्टेशन से 100 मीटर दूर है मस्जिद धारावी की जिस 90 फीट रोड पर यह मस्जिद बनी है, वह पुलिस स्टेशन महज 100 मीटर दूर है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि BMC ने पिछले साल भी मस्जिद कमेटी को नोटिस भेजा था। लेकिन तब भी कोई हल नहीं निकला था। इधर, कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड ने भी इस कार्यवाही के खिलाफ CM मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। गायकवाड का दावा किया कि मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया की कार्यवाही पर रोक लगा दी जाएगी। 1882 में अंग्रेजों ने बसाई थी धारावी बस्ती, फिल्मों से बढ़ी लोकप्रियता एशिया की सबसे बड़ी बस्ती धारावी को 1882 में अंग्रेजों ने बसाया था। मजदूरों को किफायती ठिकाना देने के मकसद से इसे बसाया गया था। धीरे-धीरे यहां लोग बढ़ने लगे और झुग्गी-बस्तियां बन गईं। यहां की जमीन सरकारी है, लेकिन लोगों ने झुग्गी-बस्ती बना ली है। धारावी में कितने लोग रहते हैं, इसका कोई डेटा नहीं है। सिर्फ अनुमान है कि यहां की छोटी-छोटी झुग्गियों में करीब 10 लाख लोग रहते हैं। इन्हीं झुग्गियों में 13 हजार से ज्यादा छोटे-मोटे कारोबार चलते हैं। गलियां इतनी संकरी हैं कि अगर कोई बीमार हो जाए, तो अंदर स्ट्रेचर भी नहीं जा सकता है। धारावी के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर करीब 23 हजार करोड़ खर्च होने हैं। जुलाई, 2023 में ये प्रोजेक्ट अडाणी ग्रुप को मिला था। इसमें 60 हजार से ज्यादा परिवारों को फ्री में नए घर मिलेंगे। शर्त ये है कि परिवार 1 जनवरी 2000 से पहले धारावी में रहता आया हो। साल 2008 में 'स्लमडॉग मिलियनेयर' फिल्म के रिलीज होने के बाद इस क्षेत्र को लोकप्रियता मिली। फिल्म ने कई अवॉर्ड भी जीते। इसके बाद फिल्म गली बॉय में ये देखने को मिली थी। कई टूरिस्ट यहां भारत की बस्ती में रहने वालों के जीवन की झलक देखने आते हैं।
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गुजरात के सूरत में शुक्रवार रात किम रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक के साथ छेड़छाड़ की गई। कुछ अनजान लोगों ने अप लाइन की पटरी से फिश प्लेट और कीज हटा दी थी। उन्हें उसी पटरी पर रख दिया था। साथ ही रेलवे पटरियों को जोड़ने वाले 71 ताले भी हटा दिए थे। स्थानीय लोगों से मामले की जानकारी मिलने पर अप स्टेशन सुपरिटेंडेंट ने की-मैन सुभाष कुमार को सतर्क कर दिया। ट्रैक की जांच की गई तो पता चला कि किसी ने ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश रची थी। इसके बाद रूट को बंद कर दिया गया। हालांकि थोड़ी ही देर में नई फिश प्लेट लगने के बाद रेलवे सेवा फिर से शुरू कर दी। भारत में लगातार ट्रेन को नुकसान पहुंचाने की साजिशें सामने आ रही हैं। 9 सितंबर को यूपी के कानपुर में रेलवे ट्रैक पर एक लोहे का खंभा पड़ा हुआ मिला था। इससे साफ पता चलता है कि किसी ने ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की, हालांकि पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया। ट्रेनों की निगरानी मुश्किल, इसलिए ये सबसे सॉफ्ट टारगेट ट्रेन का नेटवर्क इतना बड़ा है कि उसकी 24x7 निगरानी मुश्किल है। भारत में टेरर ऑर्गनाइजेशन का अगला बड़ा टारगेट ट्रेन ही हैं। वे इसके सहारे सबसे आसानी से और सबसे बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं। पाकिस्तानी आतंकी फरहतुल्लाह गौरी का वीडियो इसकी पुष्टि करता है। वह भारत में मौजूद अपने स्लीपर सेल को एक्टिव कर रहा है और उन्हें ट्रेन डिरेलकरने की कोशिश के लिए कह रहा है।
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आंध्र प्रदेश के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर (तिरुपति मंदिर) के लड्डूओं की पवित्रता विवाद के बीच मंदिर प्रबंधन तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने कहा कि प्रसादम अब पूरी तरह से शुद्ध और पवित्र है। इसे आगे भी रखने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उधर TTD के कार्यकारी अधिकारी जे श्यामला राव ने घी में जानवरों की चर्बी इस्तेमाल होने की बात मानी। शुक्रवार, 20 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि लड्डू जिस घी से बनाए जा रहे थे, उसके सैंपल्स के 4 लैब रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि हुई है। राव ने कहा कि मंदिर प्रबंधन के पास अपना लैब नहीं था। घी सप्लायर एआर डेयरी फूड्स ने इसका फायदा उठाया। इस बीच शनिवार को केंद्र और राज्य सरकार में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारी तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स की फैक्ट्री में जांच करने पहुंचे। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने वाराणसी में कहा- 'कल रात मेरे कुछ सहयोगी बाबा विश्वनाथ धाम गए थे। रात में मुझे बाबा का प्रसादम दिया, तो मेरे मन में तिरुमाला की घटना याद आई। मेरे मन में थोड़ा खटका। हर तीर्थ स्थल में ऐसी घटिया मिलावट हो सकती है। हिंदू धर्म के अनुसार ये बहुत बड़ा पाप है। इसकी ढंग से जांच हो।' प्रसादम विवाद कहां पहुंचा... सुप्रीम कोर्ट: वकील सत्यम सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। कहा, यह हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के मूल सिद्वांतों का उल्लंघन है। इस पर कोर्ट को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। हाईकोर्ट: YSR ने लड्डू में चर्बी विवाद पर हाईकोर्ट का रुख किया। जगन रेड्डी की पार्टी ने इस मामले में मौजूदा जज की निगरानी में जांच का अनुरोध किया है। मामले में अगली सुनवाई 25 सितंबर का होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय: स्वास्थ्य मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश सरकार से रिपोर्ट मांगी है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, मैंने CM चंद्रबाबू नायडू से बात की है। मंदिर के प्रसाद (लड्डू) की जांच कराई जाएगी। CBI जांच की मांग: TDP, कांग्रेस और भाजपा ने इस मामले में CBI जांच की मांग की है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी यह केस जांच एजेंसी को नहीं सौंपा है। यह विवाद कैसे सामने आया... कर्नाटक कोआपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) पिछले 50 साल से रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। हर छह महीने में 1400 टन घी मंदिर में लगता है। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद जगन सरकार (YSRCP) ने 5 फर्म को सप्लाई का काम दिया था। इनमें से एक तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स भी है। जिसके प्रोडक्ट में इसी साल जुलाई में गड़बड़ी मिली थी। TDP सरकार आई, जुलाई में सैंपल की जांच, चर्बी की पुष्टि TDP सरकार ने जून 2024 में सीनियर IAS अधिकारी जे श्यामला राव को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का नया एक्जीक्यूटिव ऑफिसर अपॉइंट किया था। उन्होंने प्रसादम (लड्डू) की क्वॉलिटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एक कमेटी बनाई। प्रसाद के टेस्ट और क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने कई सुझाव दिए। साथ ही घी की जांच के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB), गुजरात में सैंपल भेजे। जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में फैट का जिक्र था। इसके बाद TTD ने तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स की तरफ से भेजे गए घी के स्टॉक को वापस कर दिया और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद TTD ने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से घी खरीदना शुरू कर दिया। पुराने सप्लॉयर से घी 320 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से खरीदा जाता था। जबकि तिरुपति ट्रस्ट अब कर्नाटक कोआपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) से 475 रुपए प्रति किलोग्राम के रेट से घी खरीद रहा है। घी की शुद्धता का परीक्षण करने वाली प्रयोगशाला NDDB CALF ने तिरुपति को घी की शुद्धता की जांच करने के लिए एक मशीन दान करने पर सहमति दी है। इसकी लागत 75 लाख रुपए है। अमूल बोला- तिरुपति मंदिर में कभी घी सप्लाई नहीं किया इस बीच तिरुपति लड्डू में मिलावट को लेकर विवाद के बीच डेयरी कंपनी अमूल ने भी सफाई दी। कंपनी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बयान जारी कर बताया कि उसने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को कभी घी नहीं दिया।
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पश्चिम बंगाल के जूनियर डॉक्टर्स आज कोलकाता में साल्ट लेक स्थित स्वास्थ्य भवन के बाहर 10 सितंबर से जारी धरना-प्रदर्शन खत्म कर देंगे। धरना खत्म करने से पहले वे स्वास्थ्य भवन से सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित CBI ऑफिस तक मार्च करेंगे। जूनियर डॉक्टरों ने 19 सितंबर की देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि वे शनिवार, 21 सितंबर से काम पर लौटेंगे। आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर के बाद डॉक्टर्स पिछले 41 दिनों से हड़ताल पर हैं। डॉक्टरों ने कहा कि उनकी हड़ताल आंशिक रूप से जारी रहेगी। वे अभी इमरजेंसी और जरूरी सेवाएं देंगे। बाढ़ प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप भी लगाएंगे। हालांकि, OPD और कोल्ड ऑपरेटिंग थिएटरों के कामकाज में वे शामिल नहीं होंगे। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि न्याय के लिए हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई है। हम बंगाल सरकार को एक हफ्ते का समय दे रहे हैं। अगर इस दौरान सरकार अपने सभी वादों को लागू नहीं करती है तो हम फिर से हड़ताल शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारियों में शामिल डॉ. अकीब ने न्यूज एजेंसी ANI को कहा कि पश्चिम बंगाल में बाढ़ की स्थिति और हमारी कुछ मांगों पर राज्य सरकार की सहमत के कारण हमने आंशिक रूप से काम पर लौटने का फैसला किया है। जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि हमारी मांग पर कोलकाता पुलिस कमिश्नर, मेडिकल एजुकेशन के डायरेक्टर और हेल्थ सर्विसेज के डायरेक्टर को हटाया गया है। हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि आंदोलन खत्म हो गया है। राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने और अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की हमारी मांग अभी भी जारी है। बंगाल सरकार ने विनीत गोयल को पुलिस कमिश्नर पद से हटाया था मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 16 सितंबर को डॉक्टरों के साथ मीटिंग की थी। मीटिंग के बाद ममता ने कहा कि हमने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मान ली हैं। CM ने डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा था वे प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ एक्शन नहीं लेंगी। डॉक्टरों की मांग पर बंगाल सरकार ने कोलकाता के पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटा दिया था। उनकी जगह मनोज वर्मा ने पद संभाला। स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है। ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन टकराव चला डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें। डॉक्टरों और CM की 16 सितंबर की मीटिंग के बाद स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर डॉ. कौस्तुव नायक को स्वास्थ्य-परिवार कल्याण का डायरेक्टर बनाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर डॉ. देबाशीष हलदर को पब्लिक हेल्थ का OSD बनाया गया है। त्रिपुरारी अथर्व को DEO का डायरेक्टर चुना गया। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए। जावेद शमीम ADG कानून व्यवस्था, विनीत गोयल ADG और IG स्पेशल टास्क फोर्स, ज्ञानवंत सिंह ADG और IG इंटेलिजेंस ब्यूरो, दीपक सरकार नॉर्थ कलेक्टर, अभिषेक गुप्ता CO EFR सेकंड बटालियन का नाम शामिल है।
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सुप्रीम कोर्ट का यूट्यूब चैनल शुक्रवार (20 सितंबर) को हैक हो गया है। शीर्ष अदालत के यूट्यूब चैनल पर US बेस्ड क्रिप्टोकरेंसी XRP को बढ़ावा देने वाले वीडियो दिखाई दे रहा था, जिसे रिपल लैब्स ने डेवलप किया है। हैक किए गए चैनल पर "ब्रैड गार्लिंगहाउस: रिपल ने SEC के $2 बिलियन जुर्माने पर प्रतिक्रिया दी! XRP मूल्य भविष्यवाणी" शीर्षक वाला एक खाली वीडियो लाइव था। इससे पहले हैकर्स ने चैनल का नाम बदला और पहले की सुनवाई के वीडियो प्राइवेट किए। अब कम्युनिटी गाइडलाइन वायलेंस के कारण चैनल को यूट्यूब ने हटा दिया है। इस चैनल पर शीर्ष अदालत की संविधान पीठ के सामने आने वाले मामलों और जनहित से जुड़े मामलों की सुनवाई को लाइव स्ट्रीम किया जाता है। हाल ही में आरजी कर मेडिकल कॉलेज, रेप और हत्या के मामले की सुनवाई को लाइव स्ट्रीम किया गया था। सुप्रीम कोर्ट की IT टीम ने NIC से मदद मांगी सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम इस बारे में निश्चित नहीं हैं कि वास्तव में क्या हुआ है। लेकिन ऐसा लगता है कि चैनल से छेड़छाड़ की गई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक यूट्यूब चैनल में समस्या के बारे में शुक्रवार सुबह पता चला और सुप्रीम कोर्ट की IT टीम ने इसे ठीक करने के लिए नेशनल इनफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) से मदद मांगी है। रिपल ने खुद यूट्यूब पर मुकदमा दायर किया रिपल ने खुद अपने CEO ब्रैड गारलिंगहाउस का फर्जी अकाउंट बनाने से हैकर्स को रोकने में विफल रहने के लिए यूट्यूब पर मुकदमा दायर किया है। 27 सितंबर 2022 को पहली बार सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव स्ट्रीमिंग हुई थी पूर्व CJI यूयू ललित की अध्यक्षता में कोर्ट की मीटिंग में प्रमुख सुनवाइयों की लाइव स्ट्रीमिंग करने को लेकर सर्वसम्मत निर्णय लिया गया था। इसके तहत सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में तय किया कि सभी संविधान पीठों की सुनवाई यूट्यूब चैनल पर लाइव-स्ट्रीम की जाएगी। पहली बार 27 सितंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही लाइव स्ट्रीमिंग हुई थी, जिसमें तब के CJI एनवी रमना ने अपने रिटायरमेंट वाले दिन 5 मामलों में फैसला सुनाया था।
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तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम की पवित्रता और शुद्धता को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने 2 दिन के अंदर दो दावे किए। नायडू सरकार ने नया आरोप लगाते हुए कहा कि प्रसाद में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया गया था। TDP ने ये आरोप एक लैब रिपोर्ट के हवाले से लगाए। उधर,YSR कांग्रेस ने इस विवाद पर हाईकोर्ट का रुख किया। पार्टी ने हाईकोर्ट से नायडू के आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी बनाने की मांग की। कोर्ट 25 सितंबर को सुनवाई करेगा। इससे पहले 18 सितंबर को आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने कहा था कि पिछले 5 साल में जगन मोहन सरकार और YSRCP के नेताओं ने तिरुमाला की पवित्रता को धूमिल किया। तिरुपति मंदिर के 300 साल पुराने किचन में रोजाना 3.50 लाख लड्डू बनते हैं। तिरुमाला ट्रस्ट हर साल प्रसादम से सालाना 500 करोड़ रुपए कमाता है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने मंदिर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, घी की गुणवत्ता की निगरानी के लिए चार सदस्यीय विशेष समिति बना दी है। लैब रिपोर्ट 17 जुलाई को मिली थी। तभी से ही यह रिपोर्ट पब्लिक डोमेन में है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में ना तो जारी करने वाली संस्था का नाम लिखा है और ना ही किस जगह के सैंपल की जांच की गई है, उसका जिक्र है। सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने इस मामले में जगन मोहन रेड्डी, ठेकेदार और टीटीडी के अफसरों के खिलाफ शिकायत की है। इसमें कहा कि इन्होंने प्रसादम में जानवरों की चर्बी वाला घी मिलाकर लोगों की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उन्होंने कहा कि इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और सख्त कार्रवाई हो। उधर केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रसाद में शामिल घी में मिलावट, YSRCP-TDP सरकार के अलग-अलग सप्लॉयर YSRCP ने पिछले साल घी सप्लॉयर बदला था, मिली थी गड़बड़ी दरअसल पिछले 50 साल से कर्नाटक KMF रियायती दरों पर ट्रस्ट को घी दे रहा था। हर छह महीने में 1400 टन घी मंदिर में लगता है। जुलाई 2023 में कंपनी ने कम रेट में सप्लाई देने से मना कर दिया, जिसके बाद जगन सरकार (YSRCP) ने 5 फर्म को सप्लाई का काम दिया था। इनमें से एक तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स भी है। जिसके प्रोडक्ट में इसी साल जुलाई में गड़बड़ी मिली थी। TDP सरकार ने इसी साल जुलाई में घी बेचने वालों को ब्लैक लिस्ट किया टीडीपी सरकार ने इस साल जून में सीनियर IAS अधिकारी जे श्यामला राव को तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) का नया एक्जीक्यूटिव ऑफिसर अपॉइंट किया था। उन्होंने प्रसादम (लड्डू) की क्वॉलिटी जांच का आदेश दिया। इसके लिए एक कमेटी बनाई। प्रसाद के टेस्ट और क्वॉलिटी को बेहतर बनाने के लिए कमेटी ने कई सुझाव दिए। साथ ही घी की जांच के लिए नेशनल डेयरी डेवलेपमेंट बोर्ड (NDDB), गुजरात में सैंपल भेजे। जुलाई में सामने आई रिपोर्ट में फैट का जिक्र था। इसके बाद TTD ने तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित एआर डेयरी फूड्स की तरफ से भेजे गए घी के स्टॉक को वापस कर दिया और ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। इसके बाद TTD ने कर्नाटक मिल्क फेडरेशन से घी खरीदना शुरु कर दिया। पुराने सप्लॉयर से घी 320 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से खरीदा जाता था। जबकि तिरुपति ट्रस्ट अब कर्नाटक कॉपरेटिव मिल्क फेडरेशन (KMF) से 475 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट से घी खरीद रहा है।
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हिंसा से जूझ रहे मणिपुर की राजधानी इंफाल में आम लोगों को सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की कैंटीन से सामान मिलने लगा। इसकी शुरुआत बुधवार से से हुई। कैंटीन में सामान पर 30 से 40% डिस्काउंट भी होगा। यहां CRPF के 21 भंडार पहले से थे, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्लान पर 16 आउटलेट और खोले गए हैं। जरूरत का सामान खरीदने के लिए लांगजिंग इलाके की CRPF कैंटीन में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कैंटीन पर पहुंचे स्थानीय व्यक्ति ने कहा- यहां चीजें बहुत सस्ते दाम पर मिल रही है। मार्केट से सामान खरीदने में कठिनाई आ रही थी, क्योंकि सड़कें ब्लाक है, साथ ही सामान महंगा भी है। वहां जाने में रिस्क भी है। CRPF कैंटीन में सामान सस्ता भी है और यहां सुरक्षा की गारंटी भी है। जनता के लिए साढ़े चार घंटे खुलेगा स्टोर CRPF कैंटीन में आम लोगों के लिए सुबह 9.30 से दोपहर 1 बजे तक सामान दिया जाएगा। हफ्ते में चार दिन- सोमवार, मंगलवार, बुधावार और शुक्रवार को यह सुविधा मुहैया रहेगी। गुरुवार, शनिवार और रविवार को ये स्टोर आम लोगों के लिए बंद रहेंगे। CRPF के IG विपुल कुमार ने ANI को बताया- मिनिस्टरी ऑफ होम अफेयर्स की गाइडलाइन के तहत हमारे सभी ऑफिसर काम पर हैं। वह यह देख रहें हैं कि स्टोर में सभी सामान उपलब्ध हो। घाटी के जिलों में 16 और पहाड़ी जिलों में 8 स्टोर खोले गए हैं। हिंसा के बाद से अब तक 6,523 FIR दर्ज हुई मणिपुर में हिंसा की वजह से 120 से ज्यादा गांव, 3,500 घर, 220 चर्च, और 15 मंदिर जल गए। हिंसा के चलते स्कूल और खेत भी बर्बाद हो गए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मणिपुर में कानून-व्यवस्था बिल्कुल ध्वस्त हो चुकी है। राज्य में जातीय हिंसा के दौरान करीब तीन महीने तक FIR ही दर्ज नहीं की गई। मणिपुर में महिलाओं के साथ बर्बर बर्ताव के शर्मनाक वीडियो भी जारी हुए थे। स्नाइपर से सब इंस्पेक्टर की हत्या हो गई थी। मणिपुर के मुख्यमंत्री ने एडिटर्स गिल्ड के खिलाफ FIR कराई थी। मणिपुर में 67 हजार लोग विस्थापित हुए जिनेवा के इंटरनल डिस्प्लेसमेंट मॉनिटरिंग सेंटर (IDMC) ने 11 मई 2023 को रिपोर्ट जारी की। जिसमें कहा है कि साल 2023 में साउथ एशिया में 69 हजार लोग विस्थापित हुए। इनमें से 97 फीसदी यानी 67 हजार लोग मणिपुर हिंसा के कारण विस्थापित हुए थे। रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत में साल 2018 के बाद हिंसा के कारण पहली बार इतनी बड़ी संख्या में विस्थापन देखने को मिला। इस हिंसा में करीब 200 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। साथ ही लगभग 67 हजार लोगों को अपना घर छोड़कर राहत शिविर या दूसरी जगहों पर आसरा लेना पड़ा था। 4 पॉइंट्स में - मणिपुर हिंसा की वजह मणिपुर की आबादी करीब 38 लाख है। यहां तीन प्रमुख समुदाय हैं- मैतेई, नगा और कुकी। मैतई ज्यादातर हिंदू हैं। नगा-कुकी ईसाई धर्म को मानते हैं। ST केटेगरी में आते हैं। इनकी आबादी करीब 50% है। राज्य के करीब 10% इलाके में फैली इंफाल घाटी मैतेई समुदाय बहुल है। नगा-कुकी की आबादी करीब 34 प्रतिशत है। ये लोग राज्य के करीब 90% इलाके में रहते हैं। कैसे शुरू हुआ विवाद: मैतेई समुदाय की मांग है कि उन्हें भी जनजाति का दर्जा दिया जाए। समुदाय ने इसके लिए मणिपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई। समुदाय की दलील थी कि 1949 में मणिपुर का भारत में विलय हुआ था। उससे पहले उन्हें जनजाति का ही दर्जा मिला हुआ था। इसके बाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से सिफारिश की कि मैतेई को अनुसूचित जनजाति (ST) में शामिल किया जाए। मैतेई का तर्क क्या है: मैतेई जनजाति वाले मानते हैं कि सालों पहले उनके राजाओं ने म्यांमार से कुकी काे युद्ध लड़ने के लिए बुलाया था। उसके बाद ये स्थायी निवासी हो गए। इन लोगों ने रोजगार के लिए जंगल काटे और अफीम की खेती करने लगे। इससे मणिपुर ड्रग तस्करी का ट्राएंगल बन गया है। यह सब खुलेआम हो रहा है। इन्होंने नागा लोगों से लड़ने के लिए आर्म्स ग्रुप बनाया। नगा-कुकी विरोध में क्यों हैं: बाकी दोनों जनजाति मैतेई समुदाय को आरक्षण देने के विरोध में हैं। इनका कहना है कि राज्य की 60 में से 40 विधानसभा सीट पहले से मैतेई बहुल इंफाल घाटी में हैं। ऐसे में ST वर्ग में मैतेई को आरक्षण मिलने से उनके अधिकारों का बंटवारा होगा। सियासी समीकरण क्या हैं: मणिपुर के 60 विधायकों में से 40 विधायक मैतेई और 20 विधायक नगा-कुकी जनजाति से हैं। अब तक 12 CM में से दो ही जनजाति से रहे हैं।
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वक्फ बिल में संशोधन के लिए गुरुवार (19 सितंबर) को जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) की चौथी बैठक जारी है। बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई। पिछले 28 दिनों में JPC की तीन बैठकें हो चुकी हैं। जिसमें चर्चा के दौरान काफी हंगामा भी हुआ। दरअसल, संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने 8 अगस्त को लोकसभा में वक्फ बिल 2024 पेश किया था। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने इस बिल को मुस्लिम विरोधी बताया था। विपक्ष के विरोध के बीच ये बिल लोकसभा में बिना किसी चर्चा के JPC को भेज दिया गया था। 5 सितंबर, तीसरी बैठक: वक्फ बिल का प्रेजेंटेशन दिया गया वक्फ बिल में संशोधन के लिए जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी की तीसरी बैठक में मंत्रालयों के अधिकारियों ने कमेटी को वक्फ बिल के बारे में प्रेजेंटेशन दिया। विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि प्रेजेंटेशन के दौरान सरकारी अधिकारी कमेटी को बिल के बारे में पूरी जानकारी नहीं दे रहे। साथ ही कहा कि मिनिस्ट्री के अधिकारी अपना स्वतंत्र दृष्टिकोण नहीं अपना रहे। वे बिना किसी विचार-विमर्श के सरकार के रुख को ही बढ़ावा दे रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा विरोध AAP सांसद संजय सिंह और TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने किया। JPC की दूसरी बैठक में विपक्षी सदस्यों ने कुछ देर के लिए बैठक से वॉक आउट किया। यह बैठक करीब 8 घंटे तक चली बैठक में ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलेमा और इंडियन मुस्लिम्स फॉर सिविल राइट्स, राजस्थान मुस्लिम वक्फ, दिल्ली और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड के विचारों को सुना। सूत्रों के अनुसार, मुस्लिम संगठनों ने बिल के कई प्रावधानों पर कहा कि यह मुसलमानों के लिए चिंता का विषय हैं। बैठक में 'वक्फ बाय यूजर्स' पर सबसे ज्यादा चर्चा हुई। मुस्लिम पक्ष ने कहा कि यह धार्मिक आस्था और व्यवहार का मामला है। इसलिए सरकार को इसमें दखल नहीं देना चाहिए। 22 अगस्त को 31 सदस्यीय JPC की पहली बैठक हुई थी। इसमें समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने बताया था कि बिल पर विचार करने के दौरान सभी 44 बदलावों (अमेंडमेंट्स) पर चर्चा होगी। सभी हिस्सेदारों की बात सुनी जाएगी। मुस्लिम जानकारों से भी राय ली जाएगी। अल्पसंख्यक मामलों और कानून मंत्रालय के अधिकारी ने समिति को ड्राफ्ट कानून में जो बदलाव किये गए हैं, उसके बारे में बताया।
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कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के रेप-मर्डर केस को लेकर प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों और बंगाल सरकार के बीच बुधवार को दूसरे दौर की बातचीत हुई। डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर बंगाल के चीफ सेक्रेटरी मनोज पंत के साथ ढाई घंटे बैठक की, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। डॉक्टरों ने कहा कि वे सरकार से हुई बातचीत से असंतुष्ट हैं और अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। डॉक्टरों ने यह आरोप लगाया कि बैठक में डॉक्टरों राज्य सरकार ने बैठक की लिखित कार्यवाही (मिनट्स ऑफ मीटिंग) मांगे थे, जिसे देने से सरकार ने इनकार कर दिया। इस बीच पश्चिम बंगाल मेडिकल काउंसिल ने आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष का पंजीकरण रद्द कर दिया है। संदीप से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन 13 दिन से ज्यादा निकलने के बाद भी कोई स्पष्टीकरण न मिलने पर काउंसिल ने यह कदम उठाया। उधर, नए कमिश्नर मनोज वर्मा, गुरुवार को आरजी कर कॉलेज और हॉस्पिटल का दौरा करने पहुंचे। इसी घटना के विरोध में TMC से राज्यसभा सांसद जवाहर सरकार ने संसद सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले 16 सितंबर को जूनियर डॉक्टर और ममता के बीच मीटिंग हुई थी। इसमें ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मान ली थीं। उन्होंने मंगलवार को पुलिस कमिश्नर विनीत गोयल को पद से हटाया था। उनकी जगह मनोज वर्मा को कमिश्नर बनाया गया। लेकिन डॉक्टर राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी एनएस निगम को हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं। साथ ही अस्पतालों में थ्रेट कल्चर खत्म करने की मांग कर रहे हैं। इन मांगों पर चर्चा करने को लेकर डॉक्टरों ने मनोज पंत को ईमेल भेजकर एक और मीटिंग की मांग की थी। इस पर पंत ने 30 डॉक्टरों को शाम 6:30 बजे मिलने के लिए बुलाया था। बैठक 7:30 बजे शुरू हुई और 10 बजे तक चली। डॉक्टर आज भी अपने साथ स्टेनोग्राफर को ले गए थे, ताकि बैठक की डिटेल रिकॉर्ड की जा सके। डॉक्टर बोले- हमें प्रदर्शन जारी रखने के लिए मजबूर किया जा रहा एक डॉक्टर ने बताया कि जब हमने बैठक की मांग की, तो हमें बताया गया कि हमें अपनी सभी जरूरतें ईमेल के जरिए भेजनी होंगी। सरकार हमारी मांगों की जांच करेगी और फिर हमसे संपर्क करेगी। जब हम बैठक में गए थे, तो हमें बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन अब हम बेहद निराश हैं। हम भी चाहते हैं कि यह प्रदर्शन खत्म हो, लेकिन हमें इसे जारी रखने के लिए मजबूर किया जा रहा है। प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं ममता-डॉक्टरों की मीटिंग को लेकर 7 दिन तक टकराव डॉक्टरों और ममता की मीटिंग को लेकर कोलकाता में 7 दिन तक टकराव चला था। 4 कोशिशें नाकाम होने के बाद 16 सितंबर को ममता और डॉक्टरों के डेलिगेशन की CM हाउस में बैठक हुई। इस बैठक में ममता ने डॉक्टरों की 5 में से 3 मांगें मानी थीं और कहा था कि काम पर वापस लौटें। डॉक्टरों और CM की 16 सितंबर की मीटिंग के बाद स्वास्थ्य विभाग के भी 4 और अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। मेडिकल एजुकेशन डायरेक्टर डॉ. कौस्तुव नायक को स्वास्थ्य-परिवार कल्याण का डायरेक्टर बनाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं के डायरेक्टर डॉ. देबाशीष हलदर को पब्लिक हेल्थ का OSD बनाया गया है। त्रिपुरारी अथर्व को DEO का डायरेक्टर चुना गया। इसके अलावा 5 और पुलिस अधिकारियों के पद भी बदले गए। जावेद शमीम ADG कानून व्यवस्था, विनीत गोयल ADG और IG स्पेशल टास्क फोर्स, ज्ञानवंत सिंह ADG और IG इंटेलिजेंस ब्यूरो, दीपक सरकार नॉर्थ कलेक्टर, अभिषेक गुप्ता CO EFR सेकंड बटालियन का नाम शामिल है। CBI बोली- पुलिस ने 2 दिन तक अहम सबूत जब्त नहीं किए CBI ने बुधवार सुबह बताया कि कोलकाता पुलिस ने आरोपी संजय कपड़े समेत अन्य चीजों को जब्त करने में दो दिन लगा दिए। ये सबूत केस के लिए अहम हो सकते थे। दरअसल, रॉय को पुलिस ने 10 अगस्त को CCTV फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किया था। इसके बाद CBI ने पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष और ताला पुलिस के SHO अभिजित मोंडल को गिरफ्तार किया था। CBI संजय और घोष-मोंडल के कनेक्शन की जांच कर रही CBI ने बताया कि घोष और मोंडल पर दुर्भावनापूर्ण इरादे से केस के सबूतों को नष्ट करने का आरोप है। अब दोनों के बीच कनेक्शन के बारे में पता लगाया जा रहा है। साथ ही घोष-मोंडल और संजय के बीच आपराधिक साजिश थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। इसके लिए तीनों के फोन रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। CBI ने बताया कि घोष और मोंडल ने ट्रेनी डॉक्टर का अंतिम संस्कार कराने में भी जल्दी की थी, जबकि ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने दूसरी ऑटोप्सी कराने की मांग रखी थी। विक्टिम के पिता बोले- ममता ने 2021 में संदीप घोष पर एक्शन लिया होता, तो बेटी जिंदा होती विक्टिम ट्रेनी डॉक्टर के पिता ने ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अगर ममता ने 2021 में कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ एक्शन लिया होता तो आज उनकी बेटी जिंदा होती। विक्टिम के पिता बोले- 'CBI अपना काम कर रही है। जो लोग इस मर्डर से किसी भी तरह जुड़े हैं, या जो सबूतों की छेड़छाड़ में शामिल हो सकते हैं, उन सबकी जांच हो रही है। जो जूनियर डॉक्टर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, वे तकलीफ में हैं। वे मेरे बच्चों जैसे हैं। उन्हें ऐसे देखकर हमें भी तकलीफ होती है। जिस दिन आरोपियों को सजा दी जाएगी, उस दिन हमारी जीत होगी। साल 2021 में भी कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, अगर मुख्यमंत्री ने तब संदीप घोष के खिलाफ कार्रवाई की होती तो मेरी बेटी जिंदा होती।'
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वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव को बुधवार को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, शीतकालीन सत्र में बिल पेश किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में वन नेशनल वन इलेक्शन का वादा किया था। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दी गई स्पीच में भी प्रधानमंत्री ने वन नेशन-वन इलेक्शन की वकालत की थी। उन्होंने कहा था कि बार-बार चुनाव देश की प्रगति में बाधा पैदा कर रहे हैं। वन नेशन वन इलेक्शन पर विचार के लिए बनाई गई पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली कमेटी ने 14 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। रिपोर्ट 18 हजार 626 पन्नों की है। पैनल का गठन 2 सितंबर 2023 को किया गया था। यह रिपोर्ट स्टेकहोल्डर्स-एक्सपर्ट्स से चर्चा के बाद 191 दिन की रिसर्च का नतीजा है। कमेटी ने सभी विधानसभाओं का कार्यकाल 2029 तक करने का सुझाव दिया है। पैनल के 5 सुझाव... सभी राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल अगले लोकसभा चुनाव यानी 2029 तक बढ़ाया जाए। हंग असेंबली (किसी को बहुमत नहीं), नो कॉन्फिडेंस मोशन होने पर बाकी 5 साल के कार्यकाल के लिए नए सिरे से चुनाव कराए जा सकते हैं। पहले फेज में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एकसाथ कराए जा सकते हैं, उसके बाद दूसरे फेज में 100 दिनों के भीतर लोकल बॉडी के इलेक्शन कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग लोकसभा, विधानसभा, स्थानीय निकाय चुनावों के लिए राज्य चुनाव अधिकारियों के परामर्श से सिंगल वोटर लिस्ट और वोटर आई कार्ड तैयार करेगा। कोविंद पैनल ने एकसाथ चुनाव कराने के लिए उपकरणों, जनशक्ति और सुरक्षा बलों की एडवांस प्लानिंग की सिफारिश की है। कमेटी में 8 सदस्य, सितंबर 2023 में बनी थी पूर्व राष्ट्रपति कोविंद की अगुआई में 8 मेंबर की कमेटी पिछले साल 2 सितंबर को बनी थी। 23 सितंबर 2023 को दिल्ली के जोधपुर ऑफिसर्स हॉस्टल में वन नेशन वन इलेक्शन कमेटी की पहली बैठक हुई थी। इसमें पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व सांसद गुलाम नबी आजाद समेत 8 मेंबर हैं। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल कमेटी के स्पेशल मेंबर बनाए गए हैं। अभी ऐसी है वन नेशन-वन इलेक्शन की संभावना एक देश-एक चुनाव लागू करने के लिए कई राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल घटेगा। जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव 2023 के आखिर में हुए हैं, उनका कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग के प्रस्ताव पर सभी दल सहमत हुए तो यह 2029 से ही लागू होगा। साथ ही इसके लिए दिसंबर 2026 तक 25 राज्यों में विधानसभा चुनाव कराने होंगे। पहला चरणः 6 राज्य, वोटिंगः नवंबर 2025 में बिहारः मौजूदा कार्यकाल पूरा होगा। बाद का साढ़े तीन साल ही रहेगा। असम, केरल, तमिलनाडु, प. बंगाल और पुडुचेरी मौजूदा कार्यकाल 3 साल 7 महीने घटेगा। उसके बाद का कार्यकाल भी साढ़े 3 साल होगा। दूसरा चरणः 11 राज्य, वोटिंगः दिसंबर 2026 में उत्तर प्रदेश, गोवा, मणिपुर, पंजाब व उत्तराखंडः मौजूदा कार्यकाल 3 से 5 महीने घटेगा। उसके बाद सवा दो साल रहेगा। गुजरात, कर्नाटक, हिमाचल, मेघालय, नगालैंड, त्रिपुराः मौजूदा कार्यकाल 13 से 17 माह घटेगा। बाद का सवा दो साल रहेगा। इन दो चरणों के बाद देश की सभी विधानसभाओं का कार्यकाल जून 2029 में समाप्त होगा। सूत्रों के अनुसार, कोविंद कमेटी विधि आयोग से एक और प्रस्ताव मांगेगी, जिसमें स्थानीय निकायों के चुनावों को भी शामिल करने की बात कही जाएगी। क्या है वन नेशन वन इलेक्शन भारत में फिलहाल राज्यों के विधानसभा और देश के लोकसभा चुनाव अलग-अलग समय पर होते हैं। वन नेशन वन इलेक्शन का मतलब है कि पूरे देश में एक साथ ही लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव हों। यानी मतदाता लोकसभा और राज्य के विधानसभाओं के सदस्यों को चुनने के लिए एक ही दिन, एक ही समय पर या चरणबद्ध तरीके से अपना वोट डालेंगे। आजादी के बाद 1952, 1957, 1962 और 1967 में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ ही हुए थे, लेकिन 1968 और 1969 में कई विधानसभाएं समय से पहले ही भंग कर दी गईं। उसके बाद 1970 में लोकसभा भी भंग कर दी गई। इस वजह से एक देश-एक चुनाव की परंपरा टूट गई।
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दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना ने बुधवार को अरविंद केजरीवाल का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को मंजूरी के लिए भेज दिया है। साथ ही उन्होंने नई मुख्यमंत्री आतिशी के शपथ ग्रहण के लिए 21 सितंबर की तारीख का प्रस्ताव भी राष्ट्रपति को भेजा है। इधर, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुके अरविंद केजरीवाल अपना सरकारी आवास छोड़ेंगे। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को कहा कि हमने सुरक्षा को लेकर उनसे कहा कि सरकारी आवास ना छोड़ें, लेकिन वे नहीं माने। एक दिन पहले 17 सितंबर को AAP विधायक दल की मीटिंग में आतिशी को मुख्यमंत्री चुना गया था। इसके बाद केजरीवाल ने शाम को LG विनय सक्सेना को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। केजरीवाल पर कई बार हमले हुए, हमें चिंता-AAP संजय सिंह ने कहा, "केजरीवाल अपनी सभी सरकारी सुविधाएं छोड़ने जा रहे हैं। हम लोगों को चिंता है। केजरीवाल पर कई बार हमले हो चुके हैं। जब उनके माता-पिता घर में थे, तब भी उन पर हमला हुआ है। अभी यह तय नहीं हुआ है कि केजरीवाल कहां रहेंगे। उन्होंने कहा है कि वे जनता के बीच रहेंगे, जगह अभी तय नहीं है।" बंगले का रिनोवेशन हुआ था, 52.71 करोड़ खर्च हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बंगले और इसके कैम्पस में बने ऑफिस के रिनोवेशन किया गया था। इस पर 52.71 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। उपराज्यपाल विनय सक्सेना को भेजी गई फैक्चुअल रिपोर्ट में यह जानकारी आई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि बंगले पर 33.49 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, वहीं 19.22 करोड़ रुपए उनके कैंप ऑफिस पर खर्च हुए। उनके पुराने बंगले को गिराकर नया बंगला बनाया गया था। आतिशी ने LG से शपथ ग्रहण की तारीख मांगी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने 17 सितंबर शाम को उपराज्यपाल (LG) विनय सक्सेना को CM पद से इस्तीफा सौंपा था। उनके साथ आतिशी और 4 मंत्री मौजूद थे। इसके बाद आतिशी ने नई सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया। उपराज्यपाल से शपथ ग्रहण की तारीख तय करने की भी मांग की है। दिल्ली सरकार ने 26 और 27 सितंबर को 2 दिन का विधानसभा सत्र बुलाया है। 26-27 सितंबर को विधानसभा सत्र, आतिशी बोलीं- केजरीवाल को CM बनाना लक्ष्य इसी दिन सुबह AAP की विधायक दल की बैठक में केजरीवाल ने आतिशी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का प्रस्ताव रखा था। इस पर विधायकों ने सहमति जताई। CM चुने जाने के बाद आतिशी ने कहा था कि अगले चुनाव तक मेरे पास सिर्फ दो काम हैं। पहला- दिल्ली के लोगों की भाजपा के षड्यंत्र से रक्षा करना। दूसरा- केजरीवाल को फिर से CM बनाना। आतिशी के दो बड़े बयान... 1. ये हमारे लिए दुख का क्षण केजरीवाल के खिलाफ केंद्र सरकार ने दुष्प्रचार किया, फर्जी आरोप लगाए। 6 महीने जेल में रखा। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहा किया। कोई और व्यक्ति होता तो वह तुरंत CM की कुर्सी पर बैठ गया होता। केजरीवाल ने कहा कि मैं दिल्ली की जनता का फैसला मानूंगा। ये हमारे लिए दुख का क्षण है। दिल्ली के लोग इस बात का प्रण ले रहे हैं कि अगले चुनाव में वे केजरीवाल को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाएंगे। 2. दिल्ली की जनता गुस्से में है दिल्ली आज गुस्से में है। उन्हें पता है कि केजरीवाल CM नहीं रहे तो फ्री बिजली नहीं मिलेगी, सरकारी स्कूल बदहाल हो जाएंगे, अस्पतालों में अच्छा इलाज नहीं मिलेगा, मोहल्ला क्लिनिक बंद हो जाएगी, महिलाओं की फ्री बस यात्रा, बुजुर्गों की तीर्थ यात्रा बंद हो जाएगी। उन्होंने देखा है कि 22 राज्यों में भाजपा की सरकार है। किसी एक में भी फ्री बिजली, बस यात्रा नहीं दे पा रहे।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जयपुर मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के दीक्षांत समारोह में 1300 से ज्यादा स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान कीं। राष्ट्रपति ने कहा कि आज 20 गोल्ड मेडल में से 12 बेटियों को मिले हैं, ये अनुपात प्रमाण है कि उन्हें समान अवसर मिले तो वे सफलता हासिल कर सकती हैं। इस साल का सबसे बड़ा प्लेसमेंट भी एक बेटी को ही मिला है। बुधवार को हुए कॉलेज के 18वें दीक्षांत समारोह में स्टूडेंट्स को ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचईडी व एमबीए की डिग्रियां प्रदान गईं। समारोह में पहुंचीं राष्ट्रपति का मंत्रोच्चार के साथ स्वागत हुआ। कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल ने कहा कि यह दौर सूचना और प्रौद्योगिकी का है। इस क्षेत्र में एमएनआईटी ने काफी अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले दौर में AI काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल ने कहा कि समारोह को संबोधित करते मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा के प्रदेश के युवाओं के लिए युवा नीति लाई जाएगी। सरकार अगले 5 साल में 4 लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती की जाएगी। राष्ट्रपति के संबोधन की बड़ी बातें आपकी सफलता में शिक्षकों और अभिभावकों का अहम योगदान है। रिसर्च और डेवलपमेंट में महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। एमएनआईटी की फैकल्टी में एक तिहाई महिलाएं हैं। यह भी सराहनीय है। एमएनआईटी स्थानीय प्रतिभा को अवसर देता है। तो वहीं भारत की विविधता को भी दिखाता है। एमएनआईटी के 125 स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। सुपरविजन पर विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है एमएनआईटी जयपुर को भविष्य में आप टॉप टेन में जगह दिलाएंगे। एनआईटी के स्टूडेंट देश विदेश की प्रतिष्ठित संस्थानों में जुड़े हैं। यहां कैंपस ग्रीन और एक मेगावाट का सोलर प्लांट लगा हुआ है। पर्यावरण संरक्षण में आप लोगों ने अपने नाम से पेड़ लगाए हैं। यह काफी महत्वपूर्ण है। आप जो भी कार्य करें वह तटस्थता और निष्ठा के साथ करें। नेशन फर्स्ट की भावना से काम करने की आप से प्रेरणा है। आपको अपने देश को आगे बढ़ाना है।
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (17 सितंबर) को मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद मामले में मुस्लिम पक्ष की याचिका पर स्टे नहीं दिया। मुस्लिम पक्ष ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें हिंदू पक्ष की 18 याचिकाएं एक साथ सुनने का फैसला सुनाया था। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा- मुस्लिम पक्ष गलत तरीके से सुप्रीम कोर्ट गया। हमारी तरफ से ऑब्जेक्शन दाखिल किया गया था। पहले इनको (मुस्लिम पक्ष) हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दाखिल करनी चाहिए थी। सुप्रीम कोर्ट में 4 नवंबर को मामले में सुनवाई होगी। कोर्ट ने कहा- इस दौरान मुस्लिम पक्ष चाहे तो हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दाखिल कर सकता है। दरअसल, 1 अगस्त को हाईकोर्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद से जुड़ी हिंदू पक्ष की 18 याचिकाएं एक साथ सुनने का फैसला सुनाया था। कोर्ट का कहना था कि सभी याचिकाएं एक नेचर की हैं। एक साथ सुनी जाएंगी। हालांकि, मुस्लिम पक्ष का तर्क था कि हिंदू पक्ष की याचिकाएं सुनने योग्य नहीं है। ऐसे में मुस्लिम पक्ष ने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इसके बाद 6 अगस्त को हिंदू पक्ष ने कैविएट दाखिल की थी। कहा था- हमें सुने बिना मुस्लिम पक्ष की अर्जी पर एकतरफा आदेश न दें। आज याचिका पर पहली बार सुनवाई हुई। हिंदू पक्षकारों के 11 तर्क ढाई एकड़ में बनी शाही ईदगाह कोई मस्जिद नहीं है। ईदगाह में केवल सालभर में 2 बार नमाज पढ़ी जाती है। ईदगाह का पूरा ढाई एकड़ एरिया भगवान कृष्ण का गर्भगृह है। सियासी षड्यंत्र के तहत ईदगाह का निर्माण कराया गया था। प्रतिवादी के पास कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है। मंदिर तोड़कर मस्जिद का अवैध निर्माण किया गया है। जमीन का स्वामित्व कटरा केशव देव का है। बिना स्वामित्व अधिकार के वक्फ बोर्ड ने बिना किसी वैध प्रक्रिया के वक्फ संपत्ति घोषित कर दी। भवन पुरातत्व विभाग से संरक्षित घोषित है। पुरातत्व विभाग (ASI) ने नजूल भूमि माना है। इसे वक्फ संपत्ति नहीं कह सकते। मुस्लिम पक्षकारों की दलीलें समझौता 1968 का है। 60 साल बाद समझौते को गलत बताना ठीक नहीं। मुकदमा सुनवाई लायक नहीं। प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट 1991 के तहत मुकदमा आगे ले जाने के काबिल नहीं है। 15 अगस्त 1947 वाले नियम के तहत जो धार्मिक स्थल जैसा है वैसा रहे, उसकी प्रकृति नहीं बदल सकते। लिमिटेशन एक्ट, वक्फ अधिनियम के तहत इस मामले को देखा जाए। वक्फ ट्रिब्यूनल में सुनवाई हो, यह सिविल कोर्ट में सुना जाने वाला मामला नहीं।
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कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार (17 सितंबर) को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने रातिरेर साथी योजना के तहत महिला डॉक्टरों की नाइट ड्यूटी खत्म करने के फैसले पर बंगाल सरकार को फटकार लगाई। CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने कहा कि आप कैसे कह सकते हैं कि महिलाएं रात में काम नहीं कर सकतीं? उन्हें कोई रियायत नहीं चाहिए। सरकार का काम उन्हें सुरक्षा देना है। पायलट, सेना जैसे सभी प्रोफेशन में महिलाएं रात में काम करती हैं। कोर्ट ने विकिपीडिया को मृत ट्रेनी डॉक्टर का नाम और तस्वीर हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि रेप पीड़ित की पहचान का खुलासा नहीं किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई स्थगित कर दी और कहा कि वह एक हफ्ते के बाद अगली सुनवाई करेगा। CJI बोले- अस्पतालों में 18-23 साल की डॉक्टर्स काम कर रहीं, वहां पुलिस होनी चाहिए सुप्रीम कोर्ट ने अस्पतालों में डॉक्टरों और अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए कॉन्ट्रैक्ट पर प्राइवेट एजेंसियों के सुरक्षाकर्मियों की नियुक्त पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम रहे लोगों को 7 दिन की ट्रेनिंग दी जाती है और वे पूरे अस्पताल में घूमते हैं। इनके जरिए सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि रेप-मर्डर मामले का मुख्य आरोपी भी एक सिविक वॉलंटियर ही है। बंगाल में 28 सरकारी अस्पताल हैं। वहां 18-23 साल की युवा डॉक्टर काम कर रही हैं। राज्य के 45 मेडिकल कॉलेजों में लड़कियां 12वीं कक्षा के बाद आती हैं। वे बहुत छोटी हैं। उनमें इंटर्न भी हैं। ऐसे में कॉन्ट्रैक्ट पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पूरी तरह से असुरक्षित है। CJI ने कहा कि राज्य सरकार को सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पुलिस बल तैनात करना चाहिए। आरजी कर मेडिकल कॉलेज में भी प्रोग्रेस काफी स्लो है। वहां 415 अतिरिक्त CCTV कैमरे लगाने की मंजूरी मिली है, लेकिन अब तक सिर्फ 36 लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट में इन 4 मुद्दों पर भी चर्चा हुई... 1. जूनियर डॉक्टर्स बोले- हम हड़ताल खत्म करना चाहते हैं: वकील इंदिरा जयसिंह ने जूनियर डॉक्टरों का पक्ष रखते हुए कहा कि डॉक्टर्स हड़ताल खत्म करना चाहते हैं। बंगाल सरकार ने डॉक्टरों के काम पर लौटने की तारीख पूछी। जयसिंह ने कहा कि जब तक डॉक्टर अपने एसोसिएशन की बैठक नहीं कर लेते, तब तक कोई तारीख नहीं दी जा सकती। बंगाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि प्रदर्शनकारी डॉक्टरों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। 2. कोर्ट बोला- CBI पीड़ित के माता-पिता से मिले इनपुट की जांच करे: CJI ने कहा कि बेंच खुली अदालत में CBI की जांच पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। इससे आगे की जांच खतरे में पड़ जाएगी। बेंच ने CBI को 24 सितंबर को रेप-मर्डर और वित्तीय अनियमितता की जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने CBI को पीड़ित के माता-पिता से मिले इनपुट की जांच करने का निर्देश दिया। CJI ने कहा कि पीड़ित के पिता ने 12 सितंबर को एक लेटर लिखा था, जिसमें कई चिंताएं व्यक्त की गई थीं। CBI को इन सुरागों की जांच करनी चाहिए। 3. कोर्ट का सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग से इनकार: पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग पर रोक लगाने की मांग की। सिब्बल ने कहा कि बंगाल सरकार का पक्ष रखने वाले वकीलों को सोशल मीडिया पर रेप और एसिड अटैक की धमकियां मिल रही हैं। हालांकि, CJI ने कहा कि कोर्ट लाइव स्ट्रीमिंग बंद नहीं करेगा, क्योंकि यह जनहित का मुद्दा है। अगर किसी को ऐसा कोई खतरा है तो हम कदम उठाएंगे। 4. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पद से हटाने की मांग वाली याचिका खारिज: सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता वकील से कहा कि यह कोई राजनीतिक मंच नहीं है। आप बार के सदस्य हैं। हम जो कहते हैं उस पर हमें आपकी वैधता की जरूरत नहीं है। कोर्ट रूम लाइव... CJI चंद्रचूड़: जांच पूरी होने में अभी वक्त है। हमें CBI को पर्याप्त समय देना होगा, वे सोते नहीं रहेंगे। उन्हें सच्चाई सामने लाने के लिए समय दिया जाना जरूरी है। वकील (डॉक्टरों की तरफ से): क्राइम सीन पर कई लोग मौजूद थे। हम उन लोगों के नाम सीलबंद कवर में CBI को सौंपने को तैयार हैं। मैं अदालत में सार्वजनिक नहीं कर रही हूं। CJI चंद्रचूड़: जांच में कुछ जरूरी सुराग मिलने को लेकर मृतक के पिता की ओर से चिंता जताई गई है। हम उनके लेटर का खुलासा नहीं करेंगे, यह गोपनीय है। हम कहेंगे कि CBI के लिए ये बहुत अहम इनपुट है। सॉलिसिटर जनरल: एक चिंता की बात है, विकिपीडिया में लड़की का नाम और फोटो अभी भी मौजूद है। CJI चंद्रचूड़: हम आदेश पारित करेंगे, नाम और फोटो नहीं हो सकता। वकील: विकीपीडिया से इसे हटाने के लिए कहा गया है। उसने कहा कि इसे सेंसर नहीं किया जा सकता। सॉलिसिटर जनरल: यह सेंसरिंग नहीं है, यह अपराध न करने के लिए कहना है। CJI चंद्रचूड़: ठीक है हम इससे निपटेंगे, हम एक आदेश पारित करेंगे। वकील: कोलकाता पुलिस ने केवल 27 मिनट की CCTV फुटेज दी। पूरी फुटेज नहीं दी। CBI को पूरी फुटेज जब्त करनी होगी। सिब्बल: ये सच नहीं है। 7-8 घंटे की फुटेज दी गई है। CJI चंद्रचूड़ (सॉलिसिटर जनरल से): क्या आप पुलिस से आपको फुटेज सौंपने के लिए नहीं कह सकते? आपने ब्लॉकर डिवाइस का इस्तेमाल किया है या नहीं? हमें उम्मीद है कि CBI पूरी डीवीआर और फुटेज जब्त करेगी। वकील: जिस जगह पर कैमरा लगाया गया था वह प्रवेश कक्ष में नहीं था। वहां और कैमरे भी लगे हैं। इसमें कोई विवाद नहीं है कि कोई शव चालान भी नहीं है। CJI चंद्रचूड़ (सॉलिसिटर जनरल से): क्या आप यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आपका वकील पता लगाए कि हाई कोर्ट में क्या हुआ था, जब जहां चालान दिखाया गया था। सॉलिसिटर जनरल: जब कलकत्ता पुलिस ने दस्तावेज दिए थे तो शव चालान नहीं दिया गया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को 1 अक्टूबर तक बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई तक देश में एक भी बुलडोजर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अदालत ने कहा कि हम स्पष्ट कर दें कि इस ऑर्डर में सड़कों, फुटपाथों, रेलवे लाइंस के अवैध अतिक्रमण नहीं शामिल हैं। केंद्र ने इस ऑर्डर पर सवाल उठाया। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के हाथ इस तरह नहीं बांधे जा सकते हैं। इस पर जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने कहा- अगर कार्रवाई दो हफ्ते रोक दी तो आसमान नहीं फट पड़ेगा। आप इसे रोक दीजिए, 15 दिन में क्या होगा? कोर्ट रूम लाइव... सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह: हर दिन तोड़फोड़ हो रही है। एसजी तुषार मेहता: 2022 में नोटिस दिए गए और उसके बाद कार्रवाई की गई। इस बीच अपराध किए। जस्टिस गवई: राज्य सरकार को खबर दी जानी चाहिए। 2024 में इतनी जल्दबाजी क्यों हो रही है, जब नोटिस 2022 में जारी किए गए थे तो। जस्टिस विश्वनाथन: मैं साफ कर दूं कि अगली तारीख तक, अदालत की अनुमति के बिना डिमोलिशन पर रोक होनी चाहिए। एसजी मेहता: एक नैरेटिव बनाया जा रहा है। जस्टिस विश्वनाथन: हमें कोई प्रभावित नहीं कर रहा है। हम इस स