Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश में गैस संकट का फायदा उठाते हुए कुछ एजेंसियों ने नियमों के खिलाफ उपभोक्ताओं से अतिरिक्त रकम वसूली। अंतरराष्ट्रीय तनाव और एलपीजी सिलेंडरों की कमी के बीच उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी शुल्क के नाम पर ठगी का सामना करना पड़ा। नियम के अनुसार, हर सिलेंडर की होम डिलीवरी के लिए एजेंसी को 35 रुपए मिलते हैं, लेकिन सिलेंडर स्वयं लेने पर यह राशि उपभोक्ता को लौटानी होती है। आरोप है कि एजेंसियों ने इसे उपभोक्ताओं से वसूल लिया, जिससे लगभग 28 लाख रुपए का गबन हुआ।
भोपाल के जनता नगर करोंद निवासी राजेश कुमार ने कलेक्टर को शिकायत दी, जिसमें बताया कि उनकी एजेंसी ने होम डिलीवरी से मना कर दिया और 35 रुपए वापस करने से इंकार कर दिया। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। नापतौल विभाग और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और तौल में गड़बड़ी व अवैध वसूली में सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
जिले में लगभग 50 गैस एजेंसियां संचालित हैं और रोजाना 3000 उपभोक्ता सिलेंडर लेने पहुंच रहे हैं, जबकि 12 हजार से अधिक बुकिंग होने के बावजूद सिर्फ 6–7 हजार डिलीवरी हो पा रही है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी और नियम उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाएगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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