Patrakar Vandana Singh
सिंगरौली जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा सघन जांच और जन-जागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत तिनगुड़ी चौकी के पास चेक पॉइंट यूनिट ने सघन जांच करते हुए कई मालवाहक वाहनों को पकड़ा और नियमों के उल्लंघन पर चलानी कार्रवाई की। जांच के दौरान एक मालवाहक वाहन को नियमों का पालन न करने पर जप्त कर तिनगुड़ी चौकी में सुरक्षार्थ खड़ा किया गया। “हर यात्रा सुरक्षित, हर मुसाफिर संरक्षित” के संदेश के साथ चलाए जा रहे इस अभियान में परिवहन विभाग की टीमों ने जिले के विभिन्न मार्गों और चेकपोस्टों पर सैकड़ों वाहनों की जांच की और राजस्व संग्रहण भी किया। विभाग ने PUC, बीमा और वाहन दस्तावेजों की गहन जांच करते हुए बिना वैध कागजात चल रहे वाहनों पर सख्ती दिखाई। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, जागरूकता पर भी जोर अभियान के दौरान ओवरलोड वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालकों से जुर्माना वसूला गया और बिना सीट बेल्ट कार चालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इसके अलावा नाबालिग वाहन चालकों के वाहन जप्त किए गए और बिना बीमा, बिना लाइसेंस व बिना दस्तावेज चल रहे वाहनों पर सख्त कदम उठाए गए। वहीं, परिवहन विभाग द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, प्रमुख चौराहों और ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता शिविर भी लगाए जा रहे हैं। लोगों को बताया जा रहा है कि हेलमेट और सीट बेल्ट जीवन रक्षक हैं, शराब पीकर वाहन चलाना अपराध है और तेज गति दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बनती है। परिवहन अधिकारियों ने साफ कहा है कि यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
Patrakar Vandana Singh
मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद से जुड़े मामलों पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है। न्यायमूर्ति अवनीश कुमार सक्सैना की अदालत में लगभग 18 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई निर्धारित है। सूत्रों के अनुसार, हिंदू पक्ष अदालत से वाद बिंदु तय करने (Framing of Issues) की मांग करेगा, जिससे मुकदमे की आगे की प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ सके। दूसरी ओर, मुस्लिम पक्ष अदालत से अनुरोध करेगा कि विभिन्न पक्षों द्वारा दायर कई लंबित वादों को निरस्त किया जाए। सुनवाई के दौरान विशेष रूप से वाद संख्या 3 पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को अपना जवाब दाखिल करना है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि आगरा की जामा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे श्री कृष्ण का विग्रह दबा हुआ है, ऐसे में ASI की रिपोर्ट को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर जारी तनाव चौथे दिन भी कम नहीं हुआ। राठीखेड़ा गांव में निर्माणाधीन ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड प्लांट के विरोध में आंदोलन कर रहे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति नियंत्रित रखने के लिए शुक्रवार को भी इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं। कई परिवार अपने घरों में ताले लगाकर बाहर चले गए हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोग गुरुद्वारे में शरण लिए हुए हैं। यहां घायल ग्रामीणों का प्राथमिक उपचार भी किया जा रहा है। गुरुद्वारे में जुटे किसान नेताओं की कोर कमेटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक जिले के कलेक्टर और एसपी का ट्रांसफर नहीं होता, वे किसी तरह की बातचीत नहीं करेंगे। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि बवाल वाले दिन पुलिस ने गोलियां चलाईं और उन्होंने कथित कारतूस के खोल भी दिखाए। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस की सख्ती और डर के माहौल के कारण लगभग 30 से ज्यादा परिवारों ने घर खाली कर दिए। दूसरी ओर, प्रशासन ने पुलिस फायरिंग से इनकार किया है। एडीजी वीके सिंह ने दावा किया कि स्थिति बिगाड़ने में बाहरी तत्व शामिल थे, जबकि किसान नेता इसे प्रशासन की नाकामी बता रहे हैं। 10 दिसंबर की हिंसक झड़प ने हालात को और बिगाड़ दिया है। किसानों ने उस दिन फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल तोड़ दी थी और ऑफिस में आग लगा दी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें करीब 70 लोग घायल हुए। कई महिलाओं ने कहा कि फैक्ट्री शुरू हुई तो पानी और हवा प्रदूषित होगी—दमा, कैंसर और त्वचा रोग जैसे खतरे बढ़ेंगे। उधर कंपनी का कहना है कि 40 मेगावाट क्षमता वाला यह प्लांट एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल मिशन को बढ़ावा देगा और 700–800 लोगों को रोजगार मिलेगा। 17 दिसंबर को किसान संघर्ष समिति ने कलेक्ट्रेट घेराव की चेतावनी दी है, जिससे तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में जारी संकट के बीच DGCA ने कड़ा कदम उठाते हुए 4 फ्लाइट ऑपरेशन इंस्पेक्टर — रिषराज चटर्जी, सीमा झमनानी, अनिल कुमार पोखरियाल और प्रियम कौशिक — को सस्पेंड कर दिया है। ये सभी अधिकारी इंडिगो के सुरक्षा और ऑपरेशनल नियमों की निगरानी के लिए जिम्मेदार थे। इसी बीच DGCA की चार सदस्यीय टीम शुक्रवार को एक बार फिर इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स से मुलाकात कर हाल की बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन की वजहों पर सवाल-जवाब करेगी। इधर, भारत में लो-कॉस्ट एयरलाइन मॉडल की शुरुआत करने वाले कैप्टन आर. गोपीनाथ ने कहा कि इंडिगो का संकट उसकी अपनी ‘ओवरकॉन्फिडेंस’ और गलत आकलन का नतीजा है। उन्होंने बताया कि 1 नवंबर से लागू हुए नए FDTL नियमों की दूसरी फेज के लिए एयरलाइन ने पर्याप्त प्लानिंग नहीं की। नए नियमों के बाद इंडिगो के पास उड़ान संचालन के लिए पर्याप्त पायलट नहीं बचे। गोपीनाथ का मानना है कि जब एयरलाइनें मुनाफे और मार्केट वैल्यू पर ज्यादा ध्यान देती हैं, तो वे अपने क्रू और स्टाफ की बात सुनना बंद कर देती हैं, जिसके कारण ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं। इंडिगो पर संकट लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार को दिल्ली और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं। सरकार ने एयरलाइन को उसके कुल विंटर शेड्यूल में 10% कटौती करने का निर्देश भी दिया है। कैप्टन गोपीनाथ ने यहां तक कहा कि एयर डेक्कन को बर्बाद करने में इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन की भूमिका रही थी। बढ़ती कैंसलेशन और क्रू की कमी के चलते यात्रियों की परेशानी फिलहाल खत्म होती नहीं दिख रही।
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राज्यसभा में चुनाव सुधारों पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने 1952 के पहले आम चुनाव से जुड़ा एक ऐसा प्रसंग उठाया, जिसने सियासी हलचल तेज कर दी। उन्होंने दावा किया कि बॉम्बे नॉर्थ सीट से डॉ. भीमराव अंबेडकर की हार के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने एडविना माउंटबेटन को एक पत्र लिखकर कहा था—“बॉम्बे निर्वाचन क्षेत्र में हमारी जीत स्वीकार कर ली गई है और अंबेडकर ड्रॉप हो गए।” त्रिवेदी के मुताबिक नेहरू ने इस पत्र में यह भी लिखा कि अंबेडकर ‘हिंदू कम्युनिस्टों’ के साथ हाथ मिला रहे हैं। त्रिवेदी ने इसे कांग्रेस नेतृत्व की उस समय अंबेडकर प्रति सोच का संकेत बताया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि देश की पहली चुनाव याचिका भी खुद अंबेडकर ने अपनी हार पर संदेह जताते हुए दायर की थी। त्रिवेदी ने आगे कहा कि 1952 में अंबेडकर को कांग्रेस उम्मीदवार नारायण काजोलकर ने हराया था, जिसमें कथित तौर पर 34,000 वोट रद्द हुए और अंबेडकर लगभग 15,000 वोटों से हार गए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर क्यों एक संवैधानिक दिग्गज की हार पर उस समय इतनी सहज प्रतिक्रिया दिखाई गई। इस बहाने उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधा कि जो आज संविधान बचाने की बात करती है, वही अतीत में संविधान निर्माता के प्रति न्यायपूर्ण नहीं रही। चर्चा को आगे बढ़ाते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती पर वैश्विक तुलना भी रखी। उन्होंने कहा कि पूर्वी यूरोप से जापान तक केवल तीन ही वास्तविक लोकतंत्र हैं—भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान—जिनमें सबसे जीवंत लोकतंत्र भारत है। ईवीएम, वोटर आईडी, सीसीटीवी जैसी व्यवस्थाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पारदर्शिता बढ़ने के साथ कांग्रेस का राजनीतिक वर्चस्व घटा, क्योंकि बूथ कैप्चरिंग, मतपेटी लूट और हिंसा वाला दौर अब हमेशा के लिए इतिहास बन चुका है। उन्होंने कहा कि तकनीक, जागरूकता और निष्पक्ष संस्थानों ने लोकतंत्र को मजबूत किया और यही कांग्रेस के पतन की असली वजह बनी, न कि कोई मशीन।
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इंदौर के गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उनके समूह पर प्रदेश के इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स डिमांड जारी हुई है। सेंट्रल जीएसटी और एक्साइज कमिश्नरेट ने 2002 करोड़ रुपए का नोटिस भेजा है, जिसमें 1946 करोड़ की टैक्स चोरी और 75.67 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी शामिल है। यह कार्रवाई 2017 से 2020 के बीच की गई कथित टैक्स चोरी के आधार पर की गई। विभाग ने एलोरा टोबैको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन सहित वाधवानी से जुड़े कई प्रतिष्ठानों पर छापे मारकर अनियमितताएं पकड़ी थीं। नोटिस जारी होने के बाद वाधवानी और एलोरा ग्रुप ने अदालत में याचिकाएं दाखिल कीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें खारिज कर दिया। वहीं हाईकोर्ट ने मामले को बेवजह लंबा खींचने पर याचिकाकर्ताओं पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। विभाग की यह कार्रवाई प्रदेश में टैक्स चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
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छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जहां बकरकट्टा क्षेत्र में 12 हार्डकोर नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया, इनमें 1 करोड़ के इनामी और शीर्ष नेता रामधेर मज्जी भी शामिल है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 12 नक्सलियों ने पुलिस सामूहिक आत्मसमर्पण कर भारी मात्रा में AK-47, इंसास और अन्य हथियार पुलिस को सौंपे, इनमें 6 महिला नक्सली और सेंट्रल कमेटी मेंबर भी शामिल है। इस आत्मसमर्पण को नक्सली संगठन के लिए एक बड़ा झटका बताया जा रहा है। रामधेर मज्जी का आत्मसमर्पण खास तौर पर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में नक्सली नेटवर्क के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। राज्य के पुलिस महानिदेशक ने इसे ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए, सुरक्षा बलों को बधाई दी और कहा कि सरकार की पुनर्वास नीति प्रभावी साबित हो रही है, जिससे भटके लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव सुधार की बहस के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। लोकसभा में उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर यूपी में अंदरखाने NRC जैसा काम किया जा रहा है। अखिलेश ने उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि रामपुर में निष्पक्षता पूरी तरह गायब थी और पुलिस-प्रशासन की भूमिका वोटरों को घरों से बाहर निकलने से रोकने की थी। उन्होंने कहा कि सपा ने हर घटना की सूचना आयोग को दी, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव में हार-जीत चलती रहती है, लेकिन चुनाव आयोग की भूमिका निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने CEC की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव का समर्थन किया और बैलेट पेपर से मतदान कराने की वकालत की। जापान-जर्मनी का उदाहरण देते हुए बोले कि जब उन्नत देश बैलेट पेपर से वोटिंग करा सकते हैं, तो भारत में क्यों नहीं? फ्रीबिज और इलेक्टोरल बॉन्ड्स पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा लाभ BJP को मिला। SIR पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश ने आरोप लगाया कि यूपी में कई लोगों की जान जा चुकी है और अंदरखाने NRC जैसा काम चल रहा है।
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मध्यप्रदेश के सतना जिले में रामपुर बाघेलान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी और पंकज सिंह बघेल को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। यह कार्रवाई उस वक्त हुई जब हाल ही में यूपी पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के पांच सदस्यों को पकड़ा था, जिनमें अनिल बागरी और उनके बहनोई शैलेंद्र सिंह राजावत का नाम भी शामिल था। मरौहा में दबिश के दौरान पुलिस को टीन शेड से 46 किलो गांजा मिला जिसकी कीमत लगभग साढ़े 9 लाख रुपए बताई गई। खजुराहो से वायरल वीडियो में तब विवाद खड़ा हो गया, जब पत्रकारों ने मंत्री प्रतिमा बागरी से उनके भाई की गांजा तस्करी पर सवाल किया। इस पर उन्होंने गुस्से में प्रतिक्रिया देते हुए कहा—“जबरदस्ती की बात क्यों करते हो तुम लोग…” और वहां से चली गईं। पुलिस पूछताछ में पंकज सिंह बघेल ने बताया कि गांजा उसे अनिल बागरी ने दिया था, जो उसने शैलेंद्र सिंह राजावत से लाया था। पुलिस ने अनिल की कार भी जब्त कर ली है और अब तीसरे आरोपी शैलेंद्र सिंह राजावत उर्फ सोमू की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के सीहोर में प्याज के बेहद कम दाम मिलने से परेशान किसानों ने चंदेरी गांव में अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। मंडी में प्याज का भाव न मिलने पर किसानों ने 5-5 किलो की कट्टियां बनाकर बिलकिसगंज रोड हाईवे पर राहगीरों को मुफ्त में बांट दीं। किसान एमएस मेवाड़ा ने बताया कि मंडी में 10 कट्टियां प्याज सिर्फ 40 पैसे प्रति किलो के भाव में बिक रही थीं, जिससे मजबूरी में कई किसानों ने प्याज सड़क पर या गांव के बाहर फेंक दी। लेकिन चंदेरी के किसानों ने फेंकने की बजाय जनता को बांटकर अपना दर्द जाहिर किया। इस कदम की शहरवासियों ने भी जमकर सराहना की। किसानों ने सरकार से मांग की है कि प्याज को भावांतर योजना में शामिल कर खरीदी की व्यवस्था की जाए, ताकि उचित दाम मिल सके। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया कि जिन किसानों का प्याज फेंकने से नुकसान हुआ है, उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए।
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रामपुर में मतदाता सूची सुधार अभियान (SIR) के दौरान बड़ा घोटाला उजागर हुआ है। नूरजहां नामक महिला ने अपने दो बेटों—आमिर खान और दानिश खान—को भारत में निवासरत दिखाकर सर्वे फॉर्म में गलत जानकारी दर्ज कराई, जबकि दोनों कई वर्षों से दुबई और कुवैत में रह रहे हैं। अधिकारियों को शक होने पर सत्यापन कराया गया और मामला सामने आते ही पुलिस ने महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। फॉर्मों के मिलान में कई सूचनाएं वास्तविकता से मेल नहीं खा रहीं थीं, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सीधे जांच की गई। पता चला कि फॉर्म में न सिर्फ गलत जानकारी भरी गई, बल्कि फर्जी हस्ताक्षर भी किए गए थे। पुलिस ने इसे गंभीर अपराध माना है, क्योंकि यह लोक प्रतिनिधित्व से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर और गलत सूचना देने का मामला है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े में किसी और की भूमिका तो नहीं थी। देशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत घर-घर जाकर सत्यापन किया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में रामपुर का यह मामला सामने आया, जिसने प्रशासन और चुनाव आयोग को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची में गलत सूचना देना लोकतंत्र के लिए खतरा है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सही जानकारी दें और किसी भी तरह की फर्जीवाड़े से बचें, क्योंकि अब ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश में दो दशक पुराने फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। एसटीएफ ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज की है, जिसमें 34 शिक्षकों के फर्जी डीएड मार्कशीट के आधार पर भर्ती होने की पुष्टि हुई है। इनमें से 20 शिक्षक इंदौर और सांवेर में पदस्थ हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जिले में कुल 80 ऐसे शिक्षक हैं, जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी हासिल की। यह पूरा खेल एक संगठित गिरोह द्वारा वर्षों से चलाया जा रहा था, जो फर्जी अंकसूचियों के आधार पर संविदा शिक्षक की नियुक्ति कराता था और बाद में विभागीय संविलयन के जरिए इन्हें स्थायी पद दिलवाता था। व्हिसलब्लोअर गौरीशंकर राजपूत ने RTI के माध्यम से खुलासा किया कि कई शिक्षकों के एक ही रोल नंबर थे और उनकी मार्कशीट अन्य नामों की निकली। इसके बावजूद अफसरों ने नियुक्ति और संविलयन के समय दस्तावेजों की जांच नहीं की। लगभग छह महीने से मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन अब शिकायतकर्ता इसे हाईकोर्ट ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं शिक्षा विभाग का कहना है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल से अंकसूची की सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बालाघाट में सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और आरक्षण मुद्दे पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शासकीय शिक्षक सुनील मेश्राम के खिलाफ जनजाति कार्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। शिक्षक द्वारा फेसबुक पर की गई पोस्ट में न केवल अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक बातें लिखी गई थीं, बल्कि एससी/एसटी आरक्षण और बिहार चुनाव नतीजों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई। मामले की जानकारी मिलते ही विभाग ने शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिनों में जवाब मांगा है। जनजाति कार्य विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर ने पोस्ट की गंभीरता को देखते हुए उच्च श्रेणी के शिक्षक सुनील मेश्राम को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि शिक्षक ने फेसबुक पर सरकार और विशेष राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में राय प्रकट की, जो सरकारी सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके खिलाफ अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत कोई भी शासकीय सेवक मीडिया या सोशल प्लेटफॉर्म पर ऐसी टिप्पणी नहीं कर सकता, जो केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों की प्रतिकूल आलोचना करती हो या किसी राजनीतिक दल के पक्ष में राय व्यक्त करती हो। साथ ही, नियम 51 के अनुसार सरकारी कर्मचारी किसी राजनीतिक गतिविधि में भाग नहीं ले सकता। इन नियमों के उल्लंघन को ध्यान में रखते हुए शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है।
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सीधी जिले के मझौली प्रखंड में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मड़वास थाने पहुंचकर, मौलाना महमूद अरशद मदनी के कथित भड़काऊ भाषण को लेकर FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाषण सामाजिकसद्भावको प्रभावित करने वाला है। मौलाना महमूद अरशद मदनी के खिलाफ भड़काऊ भाषण के आरोप में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया कार्यकर्ताओं का कहना है कि मदनी द्वारा दिया गया भाषण भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओंके अंतर्गत दंडनीय है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण में जिहाद के लिए उकसाने जैसे वक्तव्य शामिल हैं, वहीं ज्ञापन में तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाईऔर आरोपी पर कानून के अनुसार कार्यवाही करने की मांग की गई..इस दौरान अंकित सोनी, रीतेश मिश्रा, कपिल केसरी, चंद्रेशनाथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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गैंगस्टर गोल्डी बराड़ का एक कथित ऑडियो सामने आया है, जिसमें उसने इंदरप्रीत पैरी हत्याकांड को लेकर चौंकाने वाले दावे किए हैं। ऑडियो में गोल्डी आरोप लगाता है कि लॉरेंस बिश्नोई ने पैरी को झांसा देकर चंडीगढ़ बुलवाया और वहीं उसकी हत्या की साजिश रची। बता दें, इस मर्डर की जिम्मेदारी पहले ही लॉरेंस बिश्नोई ले चुका है। कथित ऑडियो के अनुसार, पैरी ने लॉरेंस से हुई बातचीत रिकॉर्ड की थी। गोल्डी का दावा है कि विक्की टेले के जरिए लॉरेंस ने पैरी से संपर्क कराया और कहा कि “भाई बात करना चाहते हैं।” जैसे ही कॉल आया, पैरी ने रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। गोल्डी के मुताबिक, रिकॉर्डिंग से साफ है कि लॉरेंस ने उसे सेक्टर 10 या 26 में मिलने के बहाने बुलाया। पैरी, पुलिस की निगरानी के बावजूद, लॉरेंस की बातचीत पर भरोसा कर निहत्था वहां पहुंच गया। बराड़ के दावों के मुताबिक, तय स्थान पर पैरी को एक लड़का मिला जिसके साथ वह गाड़ी में बैठ गया और वहीं उसे करीब 5 गोलियां मारी गईं। बाहर निकलने पर दो और गोलियां दागी गईं। सामने आया 3 मिनट का कथित ऑडियो और फोन रिकॉर्डिंग अब पुलिस जांच का हिस्सा हैं, हालांकि अभी इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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सीधी जिले के मझौली प्रखंड में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता मड़वास थाने पहुंचकर, मौलाना महमूद अरशद मदनी के कथित भड़काऊ भाषण को लेकर FIR दर्ज कराने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्ताओं का कहना था कि भाषण सामाजिकसद्भावको प्रभावित करने वाला है। मौलाना महमूद अरशद मदनी के खिलाफ भड़काऊ भाषण के आरोप में थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा गया कार्यकर्ताओं का कहना है कि मदनी द्वारा दिया गया भाषण भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओंके अंतर्गत दंडनीय है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि भाषण में जिहाद के लिए उकसाने जैसे वक्तव्य शामिल हैं, वहीं ज्ञापन में तत्काल FIR दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाईऔर आरोपी पर कानून के अनुसार कार्यवाही करने की मांग की गई..इस दौरान अंकित सोनी, रीतेश मिश्रा, कपिल केसरी, चंद्रेशनाथ तिवारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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केंद्र सरकार ने पंजाब के फिरोजपुर में गंग नहर के 100 साल पूरे होने पर होने वाले समारोह को रद्द कर दिया। इसके साथ ही केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को दिल्ली वापस बुला लिया गया। इस फैसले के पीछे बीजेपी पंजाब यूनिट की चेतावनी मानी जा रही है कि आयोजन भावनात्मक रूप से संवेदनशील मुद्दा है और इससे स्थानीय किसानों में आक्रोश पैदा हो सकता है। समारोह में कांग्रेस से भाजपा में आए नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी भी शामिल होने वाले थे। बीजेपी पंजाब यूनिट ने हाईकमान को बताया था कि दूसरे राज्यों को पानी देने वाली गंग नहर का 100वां सालगिरह मनाना विवादित हो सकता है। पंजाब के किसानों ने पहले भी नहर के जरिए राजस्थान को पानी जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। ऐसे में आयोजन होने पर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल बढ़ सकती थी। पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि गंग नहर का जश्न मनाना “असंवेदनशील और भड़काने वाला” कदम था। उन्होंने बताया कि यह नहर अंग्रेजों ने बीकानेर रियासत के महाराजा गंगा सिंह को खुश करने के लिए बनाई थी और पंजाब के किसानों को लंबे समय तक इकोलॉजिकल और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। बाजवा ने कहा कि BJP पुराने जख्मों पर नमक छिड़क रही है, जबकि वास्तविक मुद्दे जैसे ग्राउंडवॉटर की कमी और खेती के संकट नजरअंदाज किए जा रहे हैं।
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पश्चिम बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने अपने ‘मिशन बंगाल’ को तेज़ कर दिया है। पार्टी आज से अपने बड़े अभियान की शुरुआत कर रही है। इस अभियान के तहत 5 दिसंबर से 5 जनवरी तक राज्यभर में 13,000 रैलियाँ आयोजित की जाएंगी। ये रैलियाँ ग्रामीण और शहरी इलाकों में चुनावी संदेश पहुंचाने और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से होंगी। बीजेपी बंगाल में ममता बनर्जी और टीएमसी पर व्यक्तिगत हमले के बजाय भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, वंशवाद और स्थानीय मुद्दों जैसे बेरोजगारी, प्रवासी मजदूरों की समस्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दों को केंद्र में रखकर चुनावी लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने राज्य के सभी बूथों पर संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने का भी फैसला किया है। बीजेपी को बंगाल में जीत दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चुनावी रैलियों में शामिल हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार पीएम मोदी इस अभियान के तहत राज्य में 7 चुनावी रैलियाँ कर सकते हैं, जिससे पार्टी की पैठ और जनसमर्थन बढ़ाने की उम्मीद है।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी करने वाले अंतर-राज्यीय नेटवर्क के खिलाफ गुरुवार को तीन राज्यों—बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा—में एक साथ 22 स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और बड़ी मात्रा में अवैध हथियार, गोला-बारूद, एक करोड़ रुपये से अधिक नकद, डिजिटल उपकरण और संदिग्ध पहचान-पत्र जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में शशि प्रकाश और रवि रंजन सिंह (बिहार) तथा विजय कालरा और कुश कालरा (हरियाणा) शामिल हैं। छापेमारी की जगहों में बिहार के पटना, नालंदा और शेखपुरा (7 ठिकाने), उत्तर प्रदेश के औरैया जिला (13 ठिकाने) और हरियाणा के कुरुक्षेत्र (2 ठिकाने) शामिल हैं। NIA सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क हरियाणा से हथियार लेकर उत्तर प्रदेश होते हुए बिहार और अन्य हिस्सों में सप्लाई करता था। एजेंसी को संदेह है कि यह गिरोह दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट से भी जुड़ा हो सकता है। पटना जोनल ऑफिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर यह कार्रवाई की गई, और दोनों मामलों की गहन जांच समानांतर रूप से जारी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
दिल्ली में प्रशासनिक ढांचे को दुरुस्त करने और जनता को तेज़ सेवाएं देने के लिए दो नए जिलों और छह नई तहसीलों के गठन की तैयारी तेज हो गई है। रेखा सरकार की कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के पास भेजा गया है। एलजी की स्वीकृति मिलते ही दिल्ली में जिलों की संख्या 11 से बढ़कर 13 और तहसीलों की संख्या 33 से बढ़कर 39 हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि नई संरचना से कामकाज में तेजी आए और सभी जरूरी विभागों को हर जिले में एक ही भवन—मिनी सचिवालय—से संचालित किया जा सके। दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में नगर निगम के 11 जोन को आधार बनाकर नई राजस्व सीमाएं तय की गई हैं। इसके तहत पुरानी दिल्ली, शाहदरा उत्तर, शाहदरा दक्षिण, सिविल लाइंस, नजफगढ़ और केशव पुरम जैसे नए जिलों की रूपरेखा तय की गई है। कई मौजूदा जिलों को पुनर्गठित कर अलग-अलग हिस्सों में बांटा जाएगा ताकि तेजी से बढ़ती आबादी वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक दबाव कम हो सके। प्रस्ताव में हर जिले के तहत शामिल इलाकों का विस्तृत उल्लेख है—जैसे पुरानी दिल्ली में चांदनी चौक-सदर बाज़ार, नजफगढ़ जिले में द्वारका-कापसहेड़ा और केशव पुरम में शालीमार बाग-मॉडल टाउन का क्षेत्र। इसी बीच केंद्र सरकार भी अपने पांच मंत्रालयों को नए कार्यालयों में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रही है। युवा और खेल मंत्रालय, सामाजिक न्याय मंत्रालय और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को शास्त्री भवन से नेताजी नगर स्थित नए जीपीओए ब्लॉक-3 में शिफ्ट किया जाएगा। वहीं जनजातीय मामले मंत्रालय और कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्रालय कर्तव्य पथ स्थित कर्तव्य भवन-01 में स्थानांतरित होंगे। सरकार ने सभी मंत्रालयों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्टाफ, फर्नीचर और आईटी सिस्टम का ट्रांजिशन बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
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ग्वालियर जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान छह विधानसभा क्षेत्रों में 1 लाख 23 हजार मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार तक 90% गणना पत्रक डिजिटल हो चुके हैं, जिससे मतदाता सूची की स्थिति लगभग स्पष्ट मानी जा रही है। सबसे अधिक शिफ्टेड मतदाता ग्वालियर पूर्व और ग्वालियर विधानसभा में मिले, जहां बड़ी संख्या में मतदाता अपने घरों पर नहीं मिले और न ही उन्होंने गणना पत्रक लौटाए। त्रुटिपूर्ण रिकॉर्डों में भी सुधार जारी है। डेढ़ लाख से अधिक मतदाताओं के डेटा में पुराने रिकॉर्ड से गलत लिंक जानकारी जुड़ी हुई मिली है। 2003 की मतदाता सूची में नामों की गलत पहचान के कारण कई प्रविष्टियां गलत दर्ज हो गईं, जिन्हें अब सही किया जा रहा है। ग्वालियर पूर्व में 33,282 और ग्वालियर विधानसभा में 24,628 मतदाता शिफ्टेड पाए गए हैं, जो राजनीतिक दृष्टि से भी अहम है। वहीं डबरा में सबसे कम 7,627 मतदाता शिफ्टेड मिले। SIR के दौरान 24,821 मृतक मतदाताओं की पहचान भी की गई है, जिनके नाम हटाए जाएंगे। 4 नवंबर से शुरू हुई यह प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। शिफ्टेड सूची में गए मतदाताओं को दोबारा नाम जोड़ने के लिए पूरी प्रक्रिया से गुजरना होगा और 2003 की सूची में अपना पुराना रिकॉर्ड बताना अनिवार्य होगा। ग्वालियर पूर्व जैसी नई विधानसभा में अन्य जिलों से आकर बसे लोगों की संख्या अधिक होने के कारण यहां गणना पत्रक जमा न करने वालों की संख्या सबसे ज्यादा रही।
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रीवा जिले में शिक्षक का वीडियो वायरल, नशे में धुत होकर स्कूल में सोने का आरोप; बच्चों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल मध्यप्रदेश के रीवा जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जवा ब्लॉक के खाझा गांव की एक स्कूल में शिक्षक दुर्गा प्रसाद का वीडियो वायरल हो गया, जिसमें वह कक्षा में डेस्क पर पैर फैलाकर सोते हुए नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिक्षक बच्चों को पढ़ाने की बजाय स्कूल को ही अपने आरामगाह की तरह इस्तेमाल करते हैं। शिकायतकर्ता प्रेमशंकर कोल ने यह वीडियो कलेक्टर को सौंपा, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। शिकायत में बताया गया है कि शिक्षक दुर्गा प्रसाद नियमित रूप से नशे की हालत में स्कूल पहुंचते हैं और घंटों सोए रहते हैं। इस वजह से बच्चे स्कूल छोड़कर नदी किनारे या जंगल की ओर चले जाते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडराता है। पहले संकुल केंद्र पनवार के प्राचार्य से शिकायत की गई थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर मामला कलेक्टर तक पहुंचाया गया। इससे पहले रीवा जिले ही के कुल्लू पूर्व माध्यमिक विद्यालय की हेडमास्टर पदमा शर्मा पर क्लासरूम को बेडरूम में बदलने का आरोप लगा था, जिसका वीडियो भी वायरल हुआ था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां बच्चों को पढ़ाने के लिए बनाई गई स्कूलें कुछ शिक्षकों के निजी आरामगाह में बदलती जा रही हैं।
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उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। सरकार ने प्रदेशभर में रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस संबंध में 17 नगर निकायों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके बाद प्रशासन एक्शन मोड में है। 17 नगर निकायों को सूची बनाने के आदेश सीएम योगी के निर्देश के अनुसार, सभी नगर निकायों को अपने क्षेत्रों में काम करने वाले संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों की विस्तृत सूची तैयार कर कमिश्नर और आईजी को सौंपनी होगी। इसमें सफाई, मजदूरी और अस्थायी काम करने वाले वे लोग भी शामिल होंगे जिनकी नागरिकता संदेह के घेरे में है। सरकार का लक्ष्य शहरी क्षेत्रों में मौजूद सभी अवैध विदेशी नागरिकों को ट्रैक करना है। डिटेंशन सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेज मुख्यमंत्री योगी ने कमिश्नर और आईजी को प्रथम चरण में सभी मंडलों में डिटेंशन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इन सेंटरों में पकड़े गए रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को रखा जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया यहीं से संचालित की जाएगी। आदेश जारी होते ही निकायों ने सूची तैयार करना शुरू कर दिया है, जबकि प्रशासन डिटेंशन सेंटर के लिए स्थान चिन्हित कर रहा है। आने वाले दिनों में प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की संभावना है।
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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर स्थित भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल जंगलों में आज सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच इलाके में तनाव बना हुआ है और ऑपरेशन लगातार आगे बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों का जवाब, 5 नक्सली ढेर सूत्रों के मुताबिक, DRG, STF और COBRA बटालियन की संयुक्त टीम सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान घात लगाए नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभालकर जवाबी कार्रवाई की, जिसमें अब तक 5 नक्सली मारे जा चुके हैं। संख्या बढ़ने की भी आशंका है क्योंकि जंगलों में गोलीबारी रुक-रुककर जारी है। नक्सल विरोधी अभियान तेज बताया जा रहा है कि क्षेत्र में सुरक्षाबलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली दबाव में हैं और कई आत्मसमर्पण भी कर चुके हैं। मौजूदा मुठभेड़ को उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है। सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया है और आसपास के ग्रामीणों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
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राजधानी दिल्ली में सराय काले खां और जंगपुरा इलाकों में ट्रैफिक जाम आम समस्या बन चुकी है। रैपिड रेल (RRTS) के संचालन के बाद इन इलाकों में जाम बढ़ने की आशंका थी, लेकिन सरकार ने पहले से तैयारी कर ली है। नए ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान के तहत एलिवेटेड रोड, अंडरपास और चौड़े मार्ग बनाए जाएंगे, जिससे जाम की समस्या लगभग खत्म हो जाएगी। सराय काले खां में दिल्ली मेट्रो, निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, अंतरराज्यीय बस अड्डा और जल्द ही RRTS स्टेशन मौजूद होने के कारण यहां भारी यातायात होता है। TOD नीति के तहत तैयार विशेष प्लान के तहत पुराने CNG स्टेशन के पास 30 मीटर चौड़ा नया रोड और 13 सुपरफास्ट CNG डिस्पेंसर लगाए जाएंगे, जबकि बारापूला नाले के दोनों ओर वन-वे रोड बनाए जाएंगे। जंगपुरा में बनेगा देश का सबसे बड़ा इंटरचेंज जंगपुरा RRTS स्टेशन पर दिल्ली–मेरठ, दिल्ली–अलवर और दिल्ली–पानीपत कॉरिडोर जुड़ेंगे, जिससे क्षेत्र में भारी ट्रैफिक की संभावना है। समस्या यह थी कि स्टेशन तीन दिशाओं से रेलवे लाइनों से घिरा है और मथुरा रोड से सीधा कनेक्शन नहीं था। इसे हल करने के लिए नया ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। मथुरा रोड से स्टेशन तक 206 मीटर लंबा एलिवेटेड रोड और 18 मीटर लंबा अंडरपास बनाया जाएगा, जिससे ट्रैफिक फ्लो सुचारू रहेगा। प्रस्तावित रिंग रोड से बारापूला फ्लाईओवर तक बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को फिलहाल PWD ने होल्ड पर रखा है। इन सुधारों के बाद जंगपुरा क्षेत्र में RRTS शुरू होने पर बढ़ने वाले ट्रैफिक को आसानी से मैनेज किया जा सकेगा।
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संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सोमवार को कांग्रेस सांसदरेणुका चौधरीएक छोटे कुत्ते के साथ संसद परिसर में पहुंच गईं। यह दृश्य देखकर बीजेपी सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। सांसदजगदंबिका पालने कहा कि रेणुका चौधरी का यह कदम गलत है और उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “विशेषाधिकार का मतलब दुरुपयोग नहीं होता।” रेणुका चौधरी का बयान जब उनसे पूछा गया कि वे कुत्ते को संसद क्यों लाई हैं, तो रेणुका चौधरी ने कहा, “सरकार को जानवर पसंद नहीं हैं, इसमें क्या हर्ज है? ये छोटा और बिल्कुल नुकसान न पहुंचाने वाला जानवर है। काटने वाले और डसने वाले संसद में हैं, कुत्ते नहीं।उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी। सिक्योरिटी नियमों के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी स्पष्ट प्रोटोकाल नहीं है। रास्ते में एक स्कूटर और कार की टक्कर के दौरान यह पिल्ला सड़क पर घूम रहा था। उन्होंने सोचा कि यह किसी वाहन के नीचे आ सकता है, इसलिए इसे उठाकर कार में रख लिया और सीधे संसद पहुंच गईं।उन्होंने कहा, मैंने इसे वापस भिजवा दिया। गाड़ी भी गई और कुत्ता भी। किस बात की चर्चा हो रही है? असली डसने वाले संसद में बैठे हैं। जानवर लाना संसद नियमों का उल्लंघन संसद भवन परिसर में पालतू जानवर लाना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। संसद भवन परिसर व्यवहार एवं आचरण नियमके अनुसार परिसर में केवल अधिकृत व्यक्ति, वाहन और सुरक्षा-क्लीयरेंस प्राप्त सामान लाया जा सकता है। पालतू जानवरों की अनुमति नहीं है। लोकसभा हैंडबुक फॉर मेंबर्समें भी स्पष्ट रूप से लिखा है कि ऐसी कोई वस्तु, जीव या सामग्री परिसर में नहीं लाई जा सकती जो सुरक्षा या मर्यादा को प्रभावित करे।
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पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कुख्यात तस्कर को गिरफ्तार किया हैं....हाईवे पर पुलिस को देखते ही उसके भागने पर.... टीम ने उसे घेराबंदी कर दबोच लिया....आरोपी अन्य मामलों में भी वांछित चल रहा था और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर...कार्रवाई शुरू कर दी गई है... एसएससी ऊधम सिंह नगर मणिकांत मिश्रा के निर्देशन में नानकमत्ता पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए...कुख्यात तस्कर सुखविंदर सिंह उर्फ सूखा को 36 लाख रुपए से अधिक की स्मैक के साथ गिरफ्तार किया...बता दें की रुद्रपुर हाईवे पर हरमन सीड्स राइस मिल के सामने गश्त के दौरान.. पुलिस ने सुखविंदर को गिरफ्तार कर लिया....पुलिस ने आरोपी के पास से स्मैक, अवैध हथियार और नगदी बरामद की....वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में बरामद माल की कीमत 36 लाख रुपए से अधिक आंकी गई है....पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है....जबकि वह अन्य मामलों में भी वांछित चल रहा था...
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केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ के लिए मस्जिद के इमाम और एक इलेक्ट्रीशियन को हिरासत में लिया था...पर पूछताछ और जांच के बाद उन्हें मस्जिद कमेटी के हवाले किया...बता दें की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच में कोई संदिग्ध जानकारी न मिलने पर दोनों को रिहा किया हैं..... हल्द्वानी में NIA और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बाद हिरासत में लिए गए....बिलाली मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद आसिम क़ासमी...और उजाला नगर के एक इलेक्ट्रीशियन को विस्तृत पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया....सूत्रों के अनुसार दोनों से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील पहलुओं पर गहन पूछताछ की गई..लेकिन किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि न मिलने पर उन्हें छोड़ दिया गया...वहीं रिहाई से पहले उनका मेडिकल टेस्ट भी कराया गया....और बाद में उन्हें मस्जिद कमेटी के हवाले कर दिया.....
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एसओजी और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में वनवसा वीट क्षेत्र में अवैध लकड़ी चिरान करते हुए अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया....कार्रवाई के दौरान वन दरोगा के मौके से गायब रहने और फोन स्विच ऑफ मिलने पर विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हुए.....वहीं संयुक्त टीम ने आगे की जांच शुरू कर दी गई है.... तराई पूर्वी वन प्रभाग हल्द्वानी के खटीमा उपप्रभाग के अंतर्गत वनवसा वीट क्षेत्र में एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर तीन व्यक्तियों को अवैध रूप से लकड़ी चिरान करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया.... एसओजी प्रभारी नवीन सिंह रैकवाल के अनुसार....उन्हें पिछले दो–तीन दिनों से इस क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी... जिसके आधार पर संयुक्त कार्रवाई की गई....हैरानी की बात यह रही कि चिरान फायर वॉचर के घर के सामने हो रहा था....और सूचना देने पर संबंधित वन दरोगा का फोन स्विच ऑफ मिला..वहीं पकड़ी गई लकड़ी को खटीमा रेंज के सुपुर्द कर दिया गया है,....जबकि वन विभाग की सक्रियता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि पहले मिली सूचना के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई....कार्रवाई में एसओजी व वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे....
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भोपाल। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक में दो दिनों के लिए मप्र की राजधानी भोपाल आए मौलाना महमूद मदनी ने जिहाद का जोरदार समर्थन किया है और कहा, “जब जब जुल्म होगा, तब तब जिहाद होगा।” मदनी का दावा किया कि जिहाद एक पवित्र कर्तव्य है और अन्याय के खिलाफ इस्लामिक आवाज है। इस्लाम के दुश्मनों ने जिहाद जैसे मुकद्दस शब्द को हिंसा और फसाद से जोड़ दिया है।मदनी ने कहा कि जिहाद जैसे “मुक़द्दस” शब्द को कुछ ताकतें जानबूझकर हिंसा और आतंक के साथ जोड़ रही हैं, जबकि इस्लाम में जिहाद का मूल अर्थ है बुराई, अन्याय और अपने भीतर की कमज़ोरियों के खिलाफ संघर्ष। उन्होंने लव जिहाद, लैंड जिहाद और थूक जिहाद जैसे शब्दों को राजनीतिक आविष्कार बताया, जिसका उद्देश्य मुसलमानों को शक और नफरत की निगाह से देखना है।देश का माहौल चिंताअपने संबोधन में मौलाना मदनी ने देश की मौजूदा परिस्थितियों को बेहद संवेदनशील और चिंताजनक बताते हुए कहा कि एक विशेष समुदाय को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूहों और शक्तियों द्वारा मुसलमानों को कानूनी, सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं।मदनी के अनुसार,मॉब लिंचिंग, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों की जब्ती, मजहबी संस्थानों पर प्रतिबंध और मदरसों के खिलाफ नकारात्मक अभियान- केये सब एक संगठित प्रयास के तौर पर सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान भारत के बराबरी के नागरिक हैं, लेकिन उनके पहनावे, धार्मिक तौर-तरीकों और पहचान पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। शिक्षा, रोजगार और सामाजिक बराबरी के अवसरों की बात संविधान में दर्ज है, पर व्यवहारिक जीवन में मुसलमानों के साथ भेदभाव देखा जा सकता है।अदालतें सरकार के दबाव में? न्यायपालिका पर गंभीर सवालमौलाना मदनी ने अपने भाषण के दौरान न्यायपालिका को भी कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और अन्य अदालतों को निष्पक्ष रहना चाहिए, लेकिन हाल के कुछ फैसलों ने संदेह पैदा किया है। उन्होंने बाबरी मस्जिद, तीन तलाक और ज्ञानवापी-मथुरा मामलों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि अदालतें सरकार के दबाव में काम करती प्रतीत हो रही हैं। उनका कहना था, “अगर न्यायपालिका संविधान और धर्मनिरपेक्ष ढांचे की रक्षा नहीं कर पाएगी, तो इसके ‘सुप्रीम’ होने का दावा भी अर्थहीन हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि न्याय का भरोसा कमजोर होगा तो देश के लोकतांत्रिक ढांचे को गहरी चोट पहुंचेगी।बुलडोजर, मॉब लिंचिंग और आर्थिक बहिष्कार ने मुसलमानों को असुरक्षित कियामदनी ने आरोप लगाया कि देश में एक खास तबके को एक सोची-समझी रणनीति के तहत टारगेट किया जा रहा है। बुलडोजर कार्रवाई को उन्होंने कानून के दायरे से बाहर की सजा बताया और कहा कि मॉब लिंचिंग की घटनाओं ने मुस्लिम समाज को भयभीत कर दिया है। उन्होंने कहा कि धर्मांतरण कानून का इस्तेमाल मुसलमानों के खिलाफ किया जा रहा है, जबकि ‘घर वापसी’ जैसे अभियानों को खुली छूट प्राप्त है। मदनी के अनुसार, “आज मुसलमान सड़कों पर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। उन्हें हर कदम पर हिकारत और भेदभाव झेलना पड़ता है।”वक्फ हमारी अमानत है, सरकार इससे दूर रहेवक्फ संपत्तियों पर हालिया सरकारी दखल को लेकर भी मदनी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि वक्फ मुसलमानों की मजहबी और सामाजिक विरासत है, जिसे किसी भी सूरत में बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो मुस्लिम समुदाय अपनी आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ने को तैयार है। उन्होंने इसे एक अनुचित दखल बताते हुए कहा कि सरकार का ऐसे मामलों में हस्तक्षेप अस्वीकार्य है।जिंदा कौम हक और पहचान पर समझौता नहीं करतीअपने भाषण के अंतिम हिस्से में मदनी ने मुसलमानों को हिम्मत, एकता और जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मायूसी एक जहर की तरह होती है और जब कौमें अपने हक की लड़ाई छोड़ देती हैं तब वे कमजोर और पराजित हो जाती हैं। मदनी ने कहा, “मुर्दा कौमें अत्याचार के आगे झुक जाती हैं, लेकिन जिंदा कौम हालात की तल्खियों से टूटती नहीं। वे अपने हक और अपनी पहचान की रक्षा के लिए संघर्ष करती हैं। हमारे नौजवानों को समझना होगा कि वे न तो कमजोर हैं, न डरे हुए। हम इस मुल्क के बराबर के नागरिक हैं और अपनी आवाज बुलंद रखना हमारा संवैधानिक अधिकार भी है और जिम्मेदारी भी।”
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इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मानव जीवन एवं पशु, पक्षियों की सुरक्षा को देखते हुए चायना के धागे के पतंगबाजी में उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है। साथ ही इसका भंडारण तथा विक्रय भी प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी शिवम वर्मा ने शनिवार को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश का उल्लंघन पाये जाने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मीडिया व अन्य जनसामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया है कि पतंगबाजी में उपयोग होने वाले चायना के धागे के उपयोग से पक्षियों व जनसामान्य को हानि पहुंच रही है। कई बार चायना के धागे से पतंग उड़ाते समय पक्षी इसमें उलझ कर फस जाते है और घायल हो जाते है। कई बार तो पक्षियों की मृत्यु तक हो जाती है। इस धागे से पतंगबाजी के दौरान रोड़ पर चलने वाले राहगीर भी कई बार घायल हो जाते है। चायना धागे की मजबूती इन हादसों का कारण है व इस धागे का उपयोग पतंगबाजी में किये जाने से पशु-पक्षियों व जनसामान्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। निकट भविष्य में मकर संक्रान्ति पर्व आने वाला है तथा इस त्यौहार पर बड़ी संख्या में पतंगबाजी की जाती है। इस प्रकार चायना के धागे का पतंगबाजी में उपयोग की गतिविधियों पर रोकथाम की दृष्टि से इसके उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है।
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जगदलपुर। छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का अब अंत करीब माना जा रहा है। इस निर्णायक जीत की बड़ी घोषणा अब तय की गई डेडलाइन से पहले कभी भी संभव हो सकती है। बस्तर रेंज के आईजी ने कहा कि बस्तर से लाल आतंक के खात्मे का स्पेशल मैप और कैंप स्थापित होने से बड़ा बदलाव शुरू हुआ, जिसका परिणाम सबके सामने आ रहा है। संपूर्ण भारत में पिछले छह दशकाें से नक्सल नेटवर्क 180 जिलों तक फैला था, इसमें सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित राज्य छत्तीसगढ था। इसमें भी केरल राज्य से बड़े भूभाग में विस्तारित बस्तर संभाग के वन आच्छदित इलाके देश भर के नक्सलियाें के सबसे सुरक्षित पनाहगाह थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2014 से पहले तक 125 जिले नक्सल प्रभावित थे, जो पिछले 11 साल में सिमटकर 11 जिलाें तक सीमित हो चुके हैं। यह आंकड़ा भी अब पुराना हाे चुका है, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अब मात्र तीन जिलाें तक नक्सवाद के सिमटने की बात कही जा रही है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने शनिवार को बताया कि अब पूरे बस्तर संभाग में हथियार बंद नक्सलियों की संख्या 120 से 150 के बीच ही शेष बची है। पिछले छह दशक से विस्तारित नक्सलवाद का अब अंत करीब दिख रहा है। अब देश निर्णायक जीत के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर खड़ा है। देश में सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिले छत्तीसगढ़ में अब लगभग सभी बड़े नक्सली कैडर खत्म हो चुके हैं। नक्सलियों के सुप्रीम लीडर बसवा राजू के मारे जाने के बाद से संगठन ताश के पत्तों की तरह बिखरता दिख रहा है। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश ओडिशा, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, और झारखंड के प्रभावित जिलों में शांति बहाली पर तेजी से काम हो रहा है। डेडलाइन से पहले भी बड़ी घोषणा संभव है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनवरी 2024 को छत्तीसगढ़ आकर एक डेडलाइन तय की थी और कहा था कि 31 मार्च 2026 से पहले देश से नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। उस वक्त सबने कहा था कि यह दावा बहुत बड़ा है, लेकिन बीते 23 महीने में केंद्र और देश के नक्सल प्रभावित राज्यों ने लाल आतंक को खत्म करने जिस दृढ़ता से काम किया उसका अब सुखद नतीजा सामने है। उन्होंने कहा कि केंद्र की घोषित समय सीमा जैसे-जैसे करीब आ रही है, वैसे-वैसे नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें गिन रहा है। नक्सल प्रभावित राज्यों के पराक्रमी जवानों ने लगातार आपरेशनों, साहस और रणनीति के दम पर इस हिंसक विचारधारा को घुटनों पर ला दिया है। आई ने कहा कि बस्तर में कभी नक्सली खुलेआम कई-कई दिनाें तक हजाराें ग्रामीणाें काे बुलाकर बड़ी-बड़ी आम सभा का आयाेजन करते थे, जिसमें बकायदा स्थानीय पत्रकाराें काे बुलाकर इसकी नुमाइश करते थे वहीं हजाराें की भीड़ बुलाकर रूह कपा देने वाली कथित जन-अदालत लगाकर ग्रामीणाें काे माैत की सजा दी जाती थी, यह सब अब अतीत का हिस्सा बन गया है। नक्सलियों का सबसे बड़ा लीडर बसवा राजू मई 2025 में अबूझमाड़ के जंगल में मारा गया। फोर्स को बसवा के पास से जो मिला उसने नक्सलियों का तिलिस्म तोड़ दिया। बसवा राजू के लैपटॉप ने ऐसे राज खोले कि नक्सलियों की घेराबंदी में मदद मिली। वहीं सबसे दुर्दात लीडर बस्तर के माड़वी हिड़मा को इसी महीने आंध्र प्रदेश में ढेर कर दिया गया। इसके बाद से नक्सलियों में दहशत और अफरा-तफरी है। उसके खात्मे के बाद से लगातार बस्तर समेत देशभर में नक्सलियों के आत्मसमर्पण हो रहे हैं। इसके साथ ही नक्सलियों को सपोर्ट करने वाले फाइनेंशियल नेटवर्क को बड़े ही व्यवस्थित तरीके से खत्म कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानि एनआईए की एक विशेष विंग ने देशभर में नक्सलियों की 40 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है, जबकि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी के ऑपरेशंस से इनकी करीब 12 करोड़ की जब्ती हुई है। राज्यों ने भी नक्सलियों के 40 करोड़ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से अर्बन नक्सलियों को तगड़ा झटका लगा है। बस्तर आईजी ने बताया कि नक्सलवाद से अगर किसी राज्य में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा, तो वह छत्तीसगढ़ है। छत्तीसगढ़ का बस्तर पिछले चार दशक से लाल आतंक के दंश का सामना कर रहा था। उन्हाेंने कहा कि मैं नक्सल ऑपरेशन को लंबे वक्त से बेहद करीब से देख रहा हूं। लगभग ढाई साल पहले हमने बस्तर से लाल आतंक के खात्मे का एक स्पेशल मैप तैयार किया। इस मैप में हमने यह दर्शाया कि नक्सलियों के प्रभाव वाला इलाका कौन सा है। यह मैप हमारे स्पेशल प्लान का बड़ा हिस्सा था। उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर हमने जनवरी 2024 के बाद से बस्तर में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों के कैंप स्थापित करना शुरू किए। जहां कभी कोई सरकारी कर्मी नहीं पहुंचे थे, ऐसे इलाकों में कैंप स्थापित होने से बड़ा बदलाव शुरू हुआ। ग्रामीणों का विश्वास हम जीतते गए। इस बीच नक्सलियों पर भी दबाव बढ़ता गया। यह कैंप सिर्फ सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि ग्रामीणो के स्वास्थ्य, शिक्षा समेत अन्य जरूरतों का केंद्र भी बने हैं। सरकार की पहुंच इन कैंपों की वजह से गांवो में तेजी से बढ़ी है। इसके साथ ही बीते 23 महीने में कई बड़े नक्सली कैडराें काे ढेर कर दिया, जिससे पूरा नक्सली संगठन बिखर गया। उन्हाेंने बताया कि अब पूरे बस्तर संभाग में हथियारबंद नक्सलियों की संख्या 120 से 150 के बीच ही शेष बची है। आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि ज्यादातर नक्सली या तो मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अभी जो थोड़े बहुत हथियार बंद नक्सली बचे हैं वह नक्सलियों के साउथ डिवीजन कमेटी के साथ हैं।
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नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में जनसामान्य खासकर गरीबों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए हर घर जल योजना के क्रियान्वयन में भारी गड़बड़ी और जालसाजी का खुलासा हुआ है। इसके बाद 280 एजेंसियों और 22 ठेकेदारों को काली सूची में डालने के अलावा संदिग्ध ठेके निरस्त कर दिये गये हैं और डेढ़ सौ से अधिक अधिकारियों को नोटिस देने के साथ ही मामले की जांच केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपा गया है। केंद्र सरकार के सहयोग से मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2020 से प्रदेश में जल जीवन मिशन की शुरूआत की थी, लेकिन लंबे समय से मिल रही भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद जांच शुरू हुई, जिसके बाद गड़बड़ी और जालसाजी करने वाली एजेंसियों, ठेकेदारों पर राज्य सरकार का चाबुक तो चला ही, इसमें संलिप्त पाए गए कई अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की गई है। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी. नरहरि ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में कहा कि विभाग ने पूरी पारदर्शिता के साथ सभी गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार की जांच कर ठोस कार्रवाई की है। उन्हें इस बात का पूरा संतोष और भरोसा है कि अब जल जीवन मिशन के लक्ष्य काे शत प्रतिशत प्राप्त किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले लंबे समय से जल जीवन मिशन को लेकर कई तरह की शिकायतें जिला स्तर से लेकर शासन तक पहुंच रही थीं, लेकिन इनकाे या तो नजरअंदाज कर दिया जाता था या फिर उन पर लीलापोती कर दी जाती थी लेकिन जब इन शिकायतों का पहाड़ खड़ा हो गया और ये सरकार तक पहुंचीं तो उसके कान खड़े हो गए। इसके बाद राज्य सरकार ने मंत्रालय के आला अधिकारियों को इसकी गहन जांच के निर्देश दिए। इस तरह प्रदेश के जल जीवन मिशन परियोजना की गहन जांच की गई, तो इसमें कई चौंकाने वाली बातें उजागर हुईं। इसमें परियोजना से जुडी एजेसियों, ठेकेदारों के साथ अधिकारियों की संलिप्तता उजागर हुई। पी नरहरि ने बताया कि पिछले दो वर्ष से जल जीवन में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। इसके मद्देनजर शासन ने इस परियोजना की हर स्तर पर व्यापक जांच कराई। इसमें जो भी जहां भी खामी, लापरवाही, मिलीभगत और भ्रष्टाचार पाया उस पर कड़ी कार्रवाई की गई है। इसमें परियोजना में लगी एजेंसियों, ठेकेादारों पर ना केवल ठोस और कड़ी कार्रवाई की गई अपितु उनका अनुबंध निरस्त कर जुर्माना भी लगाया गया। फर्जी खातों संबंधी मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। अधिकारियों पर भी कठोर कार्रवाई की गई है। इनको पोर्टल पर डाला गया है। उन्होंने बताया कि जल-जीवन मिशन के कार्यों में अनियमितता बरतने पर 280 एजेंसियों और 22 ठेकेदारों को काली सूची में डाला गया है। साथ ही उनके अनुबंध निरस्त किए गए हैं। गलत डीपीआर बनाने वाले 141 अधिकारियों और 187 एजेंसियों को नोटिस दिए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया का उल्लंघन करने वाले 10 अधिकारियों के विरूद्ध भी कार्रवाई की गई है। फर्जी बैंक गांरटी के मामले में ठेकेदारों को खत्म किया है। इन प्रकरण सीबीआई को सौंपा गया है। अब तक 30 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया है। पुनरीक्षण योजना परीक्षण समिति गठित की गई है। 8358 एकल ग्राम नल-जल योजना का परीक्षण कराया गया है। नरहरि ने बताया कि मुख्य सचिव के निर्देशानुसार पुनरीक्षित योजनाओं के योजनावार परीक्षण के लिए संबंधित मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में जिलेवार पुनरीक्षण योजना परीक्षण समिति का गठन किया गया था, जिसमें जल निगम के अधिकारियों को भी सम्मिलित किया गया। इस समिति द्वारा 8358 एकल ग्राम नल जल योजनाओं की पुनरीक्षित योजनाओं का योजनावार परीक्षण किया गया। समिति के प्रतिवेदन पर शासन ने जल जीवन मिशन जैसे जनजीवन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भी लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कठोर प्रशासनिक रूख अपनाया और उपयंत्री से लेकर कार्यपालन यंत्री स्तर तक के 141 अधिकारियों को ग्रामों की मूल योजनाओं की त्रुटिपूर्ण डीपीआर तैयार करने के कारण कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। इसके साथ ही डीपीआर तैयार करने वाली 187 एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर नल से जल के साथ खुशियां भी पहुंचाने के विजन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मिशन को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी पूरी तत्परता के साथ पूर्ण करने में सक्रिय हैं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जल जीवन मिशन की शेष योजनाओं में कार्य की गति तेज़ करते हुए हर ग्राम के हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाओं को मजबूती से लागू किया जाए। शासन की मंशा है कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि जल जीवन मिशन का कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण हों एवं किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता न हो। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने जल-जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करने के बाद कहा था कि प्रदेश के घरों में नल से जल कनेक्शन जल-जीवन मिशन में कोई लापरवाही या कोताही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जल जीवन मिशन की शेष योजनाओं में कार्य की गति तेज़ करते हुए हर ग्राम के हर घर तक स्वच्छ जल पहुंचाने के लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए। गुणवत्ता नियंत्रण एवं नियमित पुनरीक्षण की सभी प्रक्रियाओं को मजबूती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता रहे तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अख्तियार की जाए। उन्होंने अब तक 80 लाख 52 हजार 82 घरों तक नल कनेक्शन दिए जाने के कार्य पर संतुष्टि जतायी। उन्होंने बताया कि यह प्रगति 72 प्रतिशत से अधिक है और मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य बन रहा है। मुख्य सचिव ने मंत्रालय में जल जीवन मिशन के कार्यों की सूक्ष्मता से समीक्षा की है।उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में वर्ष 2020 से जल जीवन मिशन संचालित है, जिसके अंतर्गत प्रदेशभर में भू-जल स्रोत आधारित एकल ग्राम नल जल योजनाएं और सतही जल स्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण मिशन अंतर्गत कुछ एकल ग्राम नल जल योजनाओं में कुछ मजरे, पारे, टोलों के छूट जाने का मामला संज्ञान में आया था, जिसके फलस्वरूप कुछ ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन प्राप्त न होने की शिकायतें आ रही थीं।
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भद्रचलम । देशभर में नक्सलियों के खिलाफ सरकार की निर्णायक लड़ाई के नतीजे लगातर मिल रहे हैं। सरकार के नक्सल विरोधी अभियान के दौरान देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय रहे ज्यादातर बड़े नक्सली मारे गए हैं या आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इसी कड़ी में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) ने सरकार से बातचीत की पेशकश करते हुए 01 जनवरी से एक माह के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की है।संगठन का कहना है कि इसी दौरान सरकार अगर शांति वार्ता के लिए बुलाती है तो संगठन इसके लिए तैयार है।वार्ता सफल रहने पर संगठन ने सामूहिक आत्मसमर्पण का भी वायदा किया है। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (माओवादी) ने महाराष्ट्र-मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ (एमएमसी) स्पेशल जोनल कमेटी प्रतिनिधि अनंत के नाम से प्रेस बयान जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि तीन राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों को संगठन की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अगर सरकार बुलाती है तो वे शांति वार्ता के लिए तैयार हैं। माओवादियों ने 1 जनवरी, 2026 से एक महीने तक हत्या बंद (मारपीट बंद) और संघर्ष विराम लागू करने का फ़ैसला किया है। अगर सरकार इस दौरान बातचीत के लिए आगे आती है तो वे बात करने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्रियों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए, जिससे जंगल के इलाकों की समस्याओं का हल निकलेगा। एमसीसी की तरफ से कहा गया है कि उन्होंने पहले साल 2022 में भी सीज़फ़ायर की घोषणा की थी लेकिन उस समय की सरकारों ने कोई जवाब नहीं दिया। वे चाहते हैं कि सरकारें इस बार वह गलती न दोहराएं और बातचीत के लिए आएं। कमेटी ने इन सरकारों से खुली बहस और बातचीत की मांग की। माओवादियों ने मुठभेड़ में बेगुनाहों के मारे जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि शांति वार्ता तभी सार्थक होगी, जब ये घटनाएं बंद होंगी। संगठन ने तीनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे आधिकारिक तौर पर यह घोषणा करें कि बातचीत कब और कहां होगी। 1 दिसंबर से 1 जनवरी 2026 तक हर दिन सुबह 11 बजे से 11.15 बजे के बीच सलाह-मशविरा के लिए एक फोन नंबर ओपन लाइन के तौर पर जारी किया गया है। माओवादियों ने सभी से इस फैसले का सम्मान करने और संघर्ष विराम के दौरान कोई हमला या जवाबी हमला न करने को कहा।संगठन ने एक-एक कर आत्मसमर्पण करने के बजाय सामूहिक आत्मसमर्पण का वादा करते हुए कहा कि मल्लोजुला, असन्ना के आत्मसमर्पण और हिडमा एनकाउंटर से उनका संगठन कमज़ोर हुआ है। संगठन का कहना है कि केंद्र की नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील के बाद यह फैसला लिया गया है।चिट्ठी में कहा गया वे 1 जनवरी, 2026 से हथियारबंद लड़ाई छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि वे अपने हथियार सौंप देंगे और सरकार के पुनर्वास को मान लेंगे। उन्होंने कहा कि वे किसी भी राज्य में सरेंडर करने को तैयार हैं जो उनके साथ सहयोग करे। उन्होंने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सरकारों से कहा कि जब तक सभी आत्मसमर्पण नहीं कर देते, तब तक वे संयम बरतें। माओवादियों ने पिछले हफ़्ते एक चिट्ठी लिख कर आम ज़िंदगी और समाज की मुख्यधारा में शामिल होने के लिए कुछ समय मांगा था।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जिला अस्पताल विक्टोरिया में स्थित सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ रिकॉर्ड कीपर को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने ₹20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गुरूवार को द्वारका होटल के सामने से रंगे हाथों पकड़ा है।ज्वालामुखी वार्ड सिहोरा निवासी शिकायतकर्ता मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वह सिहोरा में ब्लड कलेक्शन का कार्य करता है और ब्लड कलेक्ट करके जबलपुर लैब में भेजता है। जहां आकाश गुप्ता के द्वारा लैब के संबंध में शिकायतों की जांच लंबित होने की बात कह कर जांच बंद करने के एवज में ₹60 हजार की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि लंबे समय से लिपिक आकाश गुप्ता और सुमित के द्वारा उसे प्रताड़ित किया जा रहा था और रिश्वत की मांग की जा रही थी। इस रिश्वत की मांग में एक दलाल सुमित नामक व्यक्ति को भी शामिल कर रखा था। जो कि जिला अस्पताल विक्टोरिया में दलाली का कार्य करता है।जिससे परेशान होकर उसने पूरे मामले की शिकायत ईओडब्लू से की थी। जिसके बाद गुरूवार को ईओडब्ल्यू की टीम के द्वारा कार्रवाई करते हुए बीस हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए लिपिक आकाश गुप्ता को पकड़ा है। आरोपी आकाश गुप्ता पद रिकॉर्ड कीपर एवं लीगल शाखा प्रभारी, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, विक्टोरिया अस्पताल, जबलपुर के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 संशोधन 2018 की धारा 7 (ए) के अंतर्गत मौते पर रंगे हाथो पकड़ा जाकर अपराध कायम किया गया है।
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नई दिल्ली । विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने सरकारी और अर्धसरकारी कंपनियों खासकर रेलवे में केवल हलाल नीति लागू करने पर गहरी आपत्ति जाहिर की है। विहिप का कहना है कि एक धर्म की आहार-परंपरा को प्राथमिकता देना संविधान की पंथनिरपेक्ष भावना के विपरीत है और भोजन-विकल्प की स्वतंत्रता भी सीमित करती है। इसके अलावा इससे परंपरागत रूप से मांस व्यापार से जुड़े गैर-मुस्लिम समुदायों की आजीविका प्रभावित होती है।उल्लेखनीय है कि कल राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इसी नीति के खिलाफ मिली शिकायतों के आधार पर रेलवे को नोटिस जारी किया था।विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि कुछ संस्थानों, सरकारी–अर्धसरकारी इकाइयों, पीएसयू और निजी प्रतिष्ठानों में ‘हलाल केवल’ नीति लागू होने पर यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या इससे परंपरागत रूप से मांस व्यापार से जुड़े गैर-मुस्लिम समुदायों की आजीविका प्रभावित नहीं होती?उन्होंने कहा कि हलाल प्रमाणन की कुछ धार्मिक शर्तें हैं – जैसे हलाल करने वाले का मुस्लिम होना, जानवर का मुख मक्का की दिशा में होना और विशेष धार्मिक वाक्य बोलना, सार्वजनिक संस्थानों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकतीं। ऐसे में भारतीय रेल में भी केवल हलाल-प्रक्रियायुक्त मांस उपलब्ध होना भी उचित नहीं है।
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मध्यप्रदेश शासन ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष कुमार वर्मा को….उनके विवादित और सामाजिक रूप से असंवेदनशील बयान के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है…यह कार्रवाई अखिल भारतीय सेवाएं नियम 1969 के तहत की गई है… इसके साथ ही वर्मा के कथित बयान को सामाजिक समरसता को चोट पहुँचाने वाला...और आईएएस सेवा आचार नियमों के उल्लंघन वाला बताया गया है...वहीं नोटिस में अधिकारी से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है...जबकि समय पर जवाब न मिलने पर एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.....
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राजगढ़ । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में आईएएस संतोष वर्मा द्वारा दिए गए विवादित बयान को लेकर ब्राहम्ण समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है। जिले के ब्यावरा शहर में बुधवार को ब्राहम्ण समाज ने पीपल चौराहा पर नारेबाजी करते हुए आईएएस संतोष वर्मा का पुतला दहन किया, उसके बाद बड़ी संख्या में समाज के लोग शहर ब्यावरा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने प्रदर्शन करते हुए आईएएस वर्मा को सेवा से बर्खास्त व उनके खिलाफ एफआईआर करने की मांग की। विवादित बयान से आक्रोशित ब्राहम्ण समाज ने स्थानीय पीपल चैराहा पर आईएएस संतोष वर्मा के पुतला का दहन किया। उल्लेखनीय है कि रविवार को भोपाल में आयोजित अजाक्स संगठन के कार्यक्रम में संबोधन के दौरान आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राहम्ण बेटियों को लेकर विवादित बयान दिया, जिसको लेकर ब्राहम्ण समाज में आक्रोश व्याप्त हो गया। पुतला दहन के बाद ब्राहम्ण समाज के लोग नारेबाजी करते हुए शहर ब्यावरा थाना पहुंचे, जहां उन्होंने एसडीएम गोविंद दुबे और एसडीओपी प्रकाश शर्मा को ज्ञापन सौंपा, जिसमें आईएएस वर्मा को सेवा से बर्खास्त करने व उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के मांग की गई। प्रकरण दर्ज करने की मांग को लेकर थाना में एकत्रित ब्राहम्ण समाज ने हनुमान चालीसा का पाठ करना शुरु कर दिया, जो भक्तिभाव के साथ लगभग सात से आठ बार किया गया। एसडीओपी प्रकाश शर्मा ने मामले में जांच करने के बाद कार्रवाई करने की बात कहकर ब्राहम्ण समाज को आश्वस्त किया तब जाकर विरोध प्रदर्शन खत्म किया गया। वहीं आईएएस के विवादित बयान को लेकर जिले के नरसिंहगढ़ में भी पुतला दहन किया गया है। प्रदर्शन के दौरान करणी सेना के कार्यकता भी मौजूद रहे, जिन्होंने विवादित बयान के विरोध का पूर्ण समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान ब्राहम्ण समाज सहित बड़ी तादाद में अन्य लोग मौजूद रहे।
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ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सभी विकासखंडों के विभिन्न सरकारी स्कूलों में बुधवार को एक साथ अलग-अलग अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता परखी गई। दरअसल, सरकारी स्कूलों के बच्चों को गुणवत्तायुक्त मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने के लिये कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर यह निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि बच्चों को मध्यान्ह भोजन परोसने से पहले शिक्षकगण निर्धारित मेन्यू के तहत तैयार कराए गए मध्यान्ह भोजन को चखकर गुणवत्ता परखें। साथ ही विद्यालय में हर दिन सेम्पल टिफिन 24 घंटे की अवधि के लिये अवश्य रखें। विकासखंड स्त्रोत समन्वयक मुरार, घाटीगाँव, डबरा व भितरवार एवं ग्वालियर शहरी क्षेत्र के स्त्रोत समन्वयकों एवं जन शिक्षकों द्वारा विभिन्न स्कूलों में अचानक पहुँचकर मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता परखी गई। बुधवार के लिए निर्धारित मेन्यू के अनुसार किसी स्कूल में मिक्स दाल व हरी सब्जी व किसी में आलू की सब्जी व दाल पकाई गई थी। जिन सरकारी स्कूलों का बुधवार को निरीक्षण किया गया उनमें पारसेन,घेंघोली, रिछारी खुर्द व लोंदूपुरा सहित अन्य गाँवों के सरकारी स्कूल शामिल हैं।
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धार। मध्य प्रदेश के धार जिले की सरदारपुर तहसील के लाबरिया गांव में आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था के प्रबंधक गोवर्धनलाल मारू के ठिकानों पर बुधवार को लोकायुक्त की टीम ने छापेमारी की। लोकायुक्त की टीम ने प्रबंधक के घर और फार्म हाउस पर छापा मारा। बताया जा रहा है कि, आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। छापे में आय से अधिक संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है।फिलहाल, दस्तावेजों की जांच पड़ताल की जा रही है। जानकारी के अनुसार कार्रवाई सुबह लगभग 5:30 बजे शुरू हुई, जो 9 घंटे से जारी है। लोकायुक्त की टीम लगभग 65 अधिकारियों और 18 गाड़ियों के काफिला के साथ बुधवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे लाबरिया पहुंची और तीन स्थानों पर एक साथ सर्चिंग शुरू की। टीम ने प्रबंधक के दो मंजिला मुख्य निवास और एक फार्म हाउस और निवास से लगभग 500 मीटर दूर स्थित संस्था कार्यालय में जांच की। फॉर्म हाउस में एक मंजिला मकान और बड़ा पशु तबेला बना हुआ है। मौके पर भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत पर छापेमार कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के दौरान इंदौर लोकायुक्त के डीएसपी सुनील तालान समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद है। लोकायुक्त की टीम दस्तावेजों की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। अब तक की सर्चिंग में 2 लाख 11 हजार रूपए नकद, 15 लाख का सोना और 1 लाख की चांदी बरामद हुई है। मारू साल 1984 में 300 रुपये प्रतिमाह वेतन पर सेल्समैन के रूप में नियुक्त हुए थे। लगभग 30 साल की सेवा अवधि में उनकी कुल आय लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा, उनकी पैतृक संपत्ति से करीब 40 लाख रुपए की वैध आय का अनुमान लगाया गया है। अबतक हुई दस्तावेज़ों की जांच में 4 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ है, जबकि अनुमानित वैध आय करीब 1 करोड़ 20 लाख के आसपास ही हुई है। फिलहाल, तलाशी अभियान जारी है। लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान ने बताया कि प्रबंधक के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत की जांच की गई थी, जो प्रारंभिक तौर पर सही पाई गई। इसके बाद ही यह संयुक्त कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि बरामद सामग्री और दस्तावेजों का पंचनामा तैयार किया जा रहा है। लोकायुक्त की टीमें अभी भी रिकॉर्ड की छानबीन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने तक कार्रवाई जारी रहेगी और सभी दस्तावेजों का नियम अनुसार संधारण किया जाएगा।
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रायपुर । भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने नक्सली हिड़मा के एनकाउंटर पर रूदालियों की तरह विलाप करने वालों पर तंज करते हुए कहा कि हिड़मा को लेकर उनके कथित फूफे ही परेशान हैं जो हिड़मा के मौत के बाद वातावरण बनाने में लगे हुए हैं। पाण्डेय ने कहा कि कोई भी देशद्रोही देश के लिए हितकर नहीं हो सकता और वह समाज का नायक भी नहीं हो सकता, लेकिन कांग्रेस की मानसिकता कुछ और ही है।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता पाण्डेय ने मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि हिड़मा का समर्थन कर कांग्रेस ने अपनी मानसिकता को प्रदर्शित किया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से लेकर कांग्रेस के युवा कार्यकर्ता तक हिड़मा को लेकर अलोकतांत्रिक बातें कर रहे हैं। पाण्डेय ने कहा कि इस देश में नक्सलवाद की समस्या को कांग्रेस ने उर्वरक देने का काम किया और यह काम आज भी जारी है। कांग्रेस हमेश नक्सलियों को अपनी बी टीम मानती है, इसलिए उनके खात्मे से कांग्रेस भी कमजोर हो रही है। यही कारण है कि लगातार कांग्रेसी अलोकतांत्रिक नक्सलियों के समर्थन में आकर अपनी खोई हुई जमींन को मजबूत करने में जुटे हैं, लेकिन इसमें वे सफल नहीं होंगे। पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस की ओर से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार कौन थे और उनकी सलवा जुड़ूम अभियान पर अंकुश लगाने में क्या भूमिका थी, कोई भूला नहीं है। इसके साथ ही नक्सल विरोधी अभियान को लेकर केन्द्र व राज्य की सरकार मजबूती से काम कर रही है इसी का नतीजा है कि हम लगातार सफल हो रहे हैं।भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता पाण्डेय ने कहा कि, नक्सली संगठनों के समर्थन में कथित तौर पर आर्थिक मदद लेने वालों पर अकुंश लगाने के लिए हमारी सरकार एफसीआरए का कानून लेकर आई है। जिससे नक्सली संगठन आर्थिक रूप से कमजोर हुए हैं। पाण्डेय ने कहा कि बस्तर नक्सलवाद से मुक्त हो रहा है और यह देश कांग्रेस से मुक्त होने जा रहा है, तब ऐसे में कांग्रेस अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए नक्सलियों के साथ खड़ी हो रही है। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है? इससे पूर्व भी कांग्रेस के प्रमुख राहुल गांधी भी झीरमघाटी घटना पर सवाल खड़े कर चुके हैं। उसी परिपाटी का पालन कांग्रेस के लोग कर रहे हैं। पाण्डेय ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए हिड़मा घर के भीतर ही छिपा एक दाऊद इब्राहिम जैसा आतंकी था। नक्सलवाद के सर्वनाश से हमारी आंतरिक सुरक्षा और मजबूत होगी।
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अशेाक नगर । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के सिटी प्लान के अंतर्गत संचालित प्रमुख विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की वर्चुअल समीक्षा की। इस बैठक में लगभग 6645.85 लाख रुपये लागत वाली विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। अशोकनगर कलेक्ट्रटे में हुई बैठक में कलेक्टर आदित्य सिंह, विधायकगण बृजेन्द्र सिंह यादव व जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, नगरपालिका अध्यक्ष नीरज मनोरिया, पूर्व विधायक जजपाल सिंह जज्जी, मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगरपालिका विनोद उन्नीतान ,जनप्रतिनिधि एवं संबंधित विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के सौन्दर्यीकरण के लिए सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन उच्च गुणवत्ता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि अशोकनगर का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित न रहे, बल्कि यह शहर संस्कृति, पर्यावरण और आमजनों की सुविधाओं के संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण बने। बैठक में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा प्राथमिकता वाले कार्यों पर अपने सुझाव साझा किए। शहर के सौंदर्यीकरण में नींव का पत्थर साबित होंगी मुख्य परियोजनाएं सिधिंया ने बैठक में अशोकनगर के सुनियोजित विकास के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी। बैठक में ग्राम मोहरीराय में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना को स्वीकृति दी गई, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 1660.23 लाख रुपये होगी। यह ट्रांसपोर्ट नगर नवीन मण्डी और स्वीकृत बाईपास रोड के पास बनाया जाएगा, जिसमें लगभग 6,21,303 वर्गफुट भूमि का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही सिंधिया ने 4.1 किलोमीटर लंबी थीम रोड परियोजना पर भी चर्चा की, जिसकी लागत 3055.30 लाख रुपये है। इस सड़क को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें 3डी वॉल आर्ट म्यूरल्स, सजावटी स्ट्रीट लाइटिंग, लैंडस्केपिंग, पार्किंग स्थल और ईवी चार्जिंग पॉइंट्स शामिल होंगे। सीमाओं पर चार थीम गेट्स करेंगे पर्यटकों का स्वागत सिंधिया ने बताया कि शहर की प्रवेश पॉइंट्स पर चार थीम द्वार भी बनाए जाएंगे, जो अशोकनगर की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को प्रदर्शित करेंगे। इन गेट्स का निर्माण लगभग 509 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। गुना रोड पर राजराजेश्वर मंदिर थीम गेट, ईसागढ़ रोड पर माता बीजासन कदवाया थीम गेट, विदिशा रोड पर मां जानकी करीला धाम थीम गेट और चंदेरी रोड पर थीम गेट स्थापित किए जाएंगे। बैठक में सुझाव दिए गए कि थीम रोड बनाने के लिए साबरमती और ग्वालियर थीम गेट का उदाहरण लिया जा सकता है। तुलसी सरोवर के सौंदर्यीकरण पर हुई गहन चर्चा बैठक में तुलसी सरोवर सौंदर्यीकरण परियोजना पर भी चर्चा हुई, जिसकी अनुमानित लागत 598 लाख रुपये हैं। इस योजना के तहत बोट क्लब, पार्क निर्माण, लाइटिंग, हॉर्टीकल्चर और पार्किंग जैसी सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। तुलसी सरोवर के सौंदर्यीकरण से शहर में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यह स्थानीय लोगों के लिए एक आकर्षक मनोरंजन स्थल बनेगा। इसी परिसर में हनुमान जी की 108 फीट ऊँची अष्टधातु प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी, जिसकी लागत 500 लाख रुपये है और इसका निर्माण जनभागीदारी मॉडल पर किया जाएगा। प्रतिमा का आधार ‘अष्ट सिद्धि’ की अवधारणा पर आधारित होगा, जो श्रद्धा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनेगा। सिंधिया ने बैठक में यातायात सुधार और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी। 88.32 लाख रुपये की लागत से शहर के प्रमुख मार्गों पर रेट्रो-रिफ्लेक्टराइज्ड साइन्स, रोड मार्किंग, रोड मार्कर्स और रंबल स्ट्रिप्स लगाई जाएंगी। नागरिक सुविधा के लिए गोपालगंज में स्ट्रीट वेंडर्स के लिए चौपाटी बनाई गई है, जबकि पुराने बाजार क्षेत्र में मल्टीलेवल पार्किंग और ऑटो स्टैंड पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन की योजना पर कार्य जारी है। जलभराव रोकने के लिए नालों से अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए हैं और स्थायी अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्य बस स्टैंड–कर्बला रोड, अंबेडकर भवन–मगरदा चौराहा और एचडीएफसी चौराहा–तारासदन स्कूल मार्ग पर किया जा रहा है। साथ ही अशोकनगर शहर के शौदर्यीकरण के विकास के लिए 235 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। आधुनिकता और सांस्कृतिक गौरव का संगम बने अशोकनगर बैठक के समापन पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि इन सभी परियोजनाओं के क्रियान्वयन से अशोकनगर को एक ऐसा शहर बनाने का लक्ष्य है, जो आधुनिकता, स्वच्छता और सांस्कृतिक पहचान तीनों का संगम हो। इन कार्यों का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी से एक जीवंत, सुंदर और आत्मनिर्भर अशोकनगर का निर्माण करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में, गुणवत्तापूर्ण तरीके से और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए, ताकि यह योजनाएँ जनकल्याण और क्षेत्रीय विकास के नए आयाम स्थापित कर सकें।
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नई दिल्ली । देश के 12 राज्यों में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) फेज–2 के तहत 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक देशभर में मतदाता-विशेष इनोमरेशन फॉर्म (ईएफ) के वितरण और डिजिटाइजेशन का डेटा देते हुए चुनाव आयोग ने बताया कि मंगलवार तक 50.54 करोड़ फॉर्म (99.16 फीसदी) वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 28.71 करोड़ फॉर्म का डिजिटाइजेशन पूरा हो चुका है, जो 56.34 फीसदी है। चुनाव आयोग के अनुसार अंडमान-निकोबार, गोवा और लक्षद्वीप में ईएफ वितरण शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है, जबकि मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल डिजिटाइजेशन के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल हैं। आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार लक्षद्वीप में डिजिटाइजेशन 99.33 फीसदी के साथ लगभग पूर्ण हो चुका है। गुजरात में ईएफ वितरण 99.73 फीसदी, मध्य प्रदेश में 99.85 फीसदी, राजस्थान में 99.53 फीसदी और उत्तर प्रदेश में 99.64 फीसदी दर्ज किया गया है। तमिलनाडु में यह आंकड़ा 96.65 फीसदी और केरल में 97.53 फीसदी रहा है। पुड्डुचेरी में वितरण 95.94 फीसदी तक पहुंचा है। डिजिटाइजेशन में मध्य प्रदेश 72.73 फीसदी, गुजरात 67.75 फीसदी, पश्चिम बंगाल 70.14 फीसदी, राजस्थान 78.39 फीसदी और गोवा 82.67 फीसदी के साथ अग्रणी राज्यों में है। उत्तर प्रदेश (34.03 फीसदी) और केरल (35.90 फीसदी) में डिजिटाइजेशन अपेक्षाकृत धीमा रहा है। चुनाव आयोग ने बताया कि देशभर में 5 लाख 32 हजार 8 सौ 28 बूथ लेवल अफसर (बीएलओ) और 11 लाख 40 हजार 5 सौ 98 बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात हैं।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश के सुनियोजित विकास के लिये शहरी क्षेत्र से जुड़ी ग्राम पंचायतों के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ग्राम पंचायतों की अवैध कॉलोनियाँ जनता के लिये समस्या बन जाती हैं। इन पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। मंत्री विजयवर्गीय सोमवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में पंचायत प्रतिनिधियों एवं राज्य स्तरीय पदाधिकारियों की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह भी मौजूद थी।मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 को लेकर विकसित भारत की कल्पना की है। हम उनकी कल्पना को प्रदेश में तभी सकार कर सकेंगे जब हम ग्रामीण और शहरी क्षेत्र का इंटीग्रेटेडप्लान तैयार करेंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी शहरों के साथ ही इनके आसपास की ग्राम पंचायतों को भी प्रभावित करती है। उन्होंने बताया कि एक अनुमान के अनुसार प्रदेश में 32 प्रतिशत शहरी आबादी है, जो आने वाले समय में बढ़ कर करीब 50 प्रतिशत तक हो जायेगी। इससे चुनौतियां और बढ़ेंगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की शहरी क्षेत्र से लगी ग्राम पंचायतों के अधिकारियों और नगरीय निकायों के अधिकारियों के बीच नियोजित विकास को लेकर समन्वय समिति की बैठक हो। इस बैठक में मास्टर प्लान से जुड़े विशेषज्ञों की भी सलाह ली जाये।निजी भागीदारी को करें प्रोत्साहितमंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि शहरी क्षेत्र से जुड़ी नगरीय निकायों में विकास कार्यों में प्रायवेट-पब्लिक पार्टनरशिप मॉडल को प्रोत्साहित किया जाये। इस प्रक्रिया में हम कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड (सीएसआर फंड) का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने पंचायत पदाधिकारियों को ग्राम पंचायत में स्वच्छ वातावरण के लिये ग्राम और शहर वन को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।सौर ऊर्जा का हो अधिक उपयोगमंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकारें सब्सिडी के साथ सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित कर रही है। हमें शत प्रतिशत सौर ग्राम, सौर नगर और सौर जिले कर तरफ बढ़ना होगा। इस प्रयास से हम मध्यप्रदेश को देश में अलग पहचान दे सकते है। बैठक में आश्रय निधि के उपयोग किये जाने पर भी जोर दिया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने पंचायत पदाधिकारियों को केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं के प्रति सजग रहने की बात कही। उन्होंने स्वामित्व योजना के तहत किये जा रहे कार्यों की जानकरी दी। सत्र में शहरी क्षेत्र से लगी ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम में बेहतर मास्टर प्लान के साथ आदर्श गांव के विकास के मॉडल की प्रस्तुति दी गई। सत्र में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास दीपाली रस्तोगी ने कार्यशाला के उद्देश्य की जानकारी दी।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटक नगरी अमरकंटक में नर्मदा लोक के निर्माण का इंतजार अब खत्म होने वाला है। परियोजना का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार हो गया है और जल्द ही इसका भूमि पूजन किया जाएगा। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने सोमवार को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के साथ बैठक कर इसे अंतिम रूप दिया है। ज्ञात हो कि जिले के लोगो को पिछले तीन वर्षों से नर्मदा लोक का बेसब्री से इंतजार था। तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगभग तीन साल पहले इसकी घोषणा की थी, जिससे अमरकंटक के धार्मिक महत्व को वैश्विक पहचान मिलने की उम्मीद जगी थी। नर्मदा लोक के निर्माण से विकास को नई गति मिलेगीविश्व प्रसिद्ध अमरकंटक में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन के लिए आते हैं। नर्मदा लोक का निर्माण यहां के विकास को नई गति प्रदान कर सकता है। उज्जैन में बाबा महाकाल लोक की तर्ज पर अमरकंटक में भी नर्मदा लोक बनाने की योजना पर विचार-विमर्श चल रहा था। स्थानीय संत मंडल और नर्मदा मंदिर के पुजारी बंधुओं ने इस परियोजना को लेकर लगातार प्रयास किए। उन्होंने अमरकंटक आने वाले नेताओं और मंत्रियों से बार-बार नर्मदा लोक के निर्माण पर चर्चा की, जिस पर उन्हें आश्वासन मिलता रहा। शांति कुटी आश्रम के महंत राम भूषण दास जी महाराज ने बताया कि नर्मदा लोक बनने से अमरकंटक के विकास को गति मिलेगी और लोग यहां की पौराणिक महत्ता को भव्य स्वरूप में समझ पाएंगे। संत मंडल और पुजारी मंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अमरकंटक नर्मदा लोक के निर्माण के लिए 3000 करोड़ रुपए की राशि की मांग करेंगे, ताकि इसे उज्जैन के महाकाल लोक की तर्ज पर भव्य रूप दिया जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पूर्व में 100 करोड़ रुपए की लागत से नर्मदा लोक बनाने और एक सैटेलाइट सिटी विकसित करने की बात कही थी, जिसमें अमरकंटक के बाहर होटल और उत्तम आवासीय व्यवस्थाएं शामिल थीं। कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि नर्मदा लोक के डीपीआर का कार्य पूर्ण हो चुका है शीघ्र ही निर्माण कार्यों का भूमि पूजन कार्यक्रम आयोजित होगा।
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नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह ड्रोन के जरिये पाकिस्तान से अत्याधुनिक विदेशी पिस्टल भारत में तस्करी कर रहा था। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े चार प्रमुख तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 हाई-एंड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इन हथियारों में पीएक्स -5.7 तुरकीये निर्मित पिस्टल भी शामिल है, जिसका उपयोग विशेष बलों द्वारा किया जाता है।क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त संजीव यादव ने शनिवार काे बताया कि क्राइम ब्रांच को 19 नवंबर को सूचना मिली थी कि अंतरराज्यीय हथियार तस्कर दिल्ली के रोहिणी इलाके में विदेशी हथियारों की खेप देने आने वाले हैं। जानकारी के आधार पर इंस्पेक्टर मन सिंह व इंस्पेक्टर सुंदर गौतम की टीम ने सेक्टर-28, रोहिणी स्थित खाटू श्याम मंदिर के पास जाल बिछाया। इसी दौरान सफेद स्विफ्ट डिज़ायर कार मौके पर पहुंची। तलाशी में कार के स्पीकर बॉक्स के अंदर छिपाया गया एक डफल बैग मिला, जिसमें आठ विदेशी पिस्टल और 84 कारतूस थे।पकड़े गए आराेपिताें की पहचान जालंधर निवासी मनीदीप सिंह, दलविंदर कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे विदेशी हैंडलरों के संपर्क में हैं और भारत भर में अलग-अलग गैंगों को हथियार सप्लाई करते हैं। उनकी निशानदेही पर गिरोह के दो और सदस्य रोहन तोमर और अजय उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो और पिस्टल व आठ कारतूस बरामद हुए।ड्रोन से होती थी पाकिस्तान से सप्लाईजांच में खुलासा हुआ कि हथियार पाकिस्तान से ड्रोन के जरिये रात के समय भारतीय सीमा में गिराए जाते थे। गिरोह जीपीएस लोकेशन के आधार पर पैकेट उठाता था। हथियारों को कार्बन पेपर में लपेटा जाता था ताकि जांच में पकड़ न आए। गिरोह का संचालन विदेश में बैठे गैंगस्टर सोनू खत्री उर्फ राजेश कुमार के इशारों पर होता था, जो इस समय अमेरिका में है। उसका सहयोगी जसप्रीत उर्फ जस आईएसआई समर्थित मॉड्यूल से हथियार मंगवाता था।गिरोह के सदस्यों का आपराधिक बैकग्राउंडमनीदीप सिंह हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस सहित कई मामलों में वांछित रहा है। जबकि दलविंदर आर्थिक तंगी के चलते हथियार तस्करी में शामिल हुआ। वहीं रोहन तोमर गोगी, भाऊ और नंदू गैंग को हथियार सप्लाई करता रहा है। इससे पहले उसके पास से 17 पिस्टल और 700 कारतूस भी बरामद हो चुके हैं। वहीं अजय उर्फ मोनू भी कई गैंगों को सप्लाई करता था और पहले चोरी के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है।
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नई दिल्ली । दिल्ली- एनसीआर में एयर क्वालिटी इंडेक्ट (एक्यूआई) लगातार बढ़ता जा रहा है। लोगों का सांस लेना दूभर होता जा रहा है। शनिवार को दिल्ली के कई स्थानों पर एक्यूआई 400 के पार है। इस बीच शुक्रवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग(सीएक्यूएम) ने बैठक कर ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) चरण 3 की पाबंदियों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही इसमें ग्रैप चार की पाबंदियों की कुछ उपाय सुझाए हैं। जिसमें सरकारी कर्मचारियों को घर से काम करने की भी बात कही गई है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से शनिवार को जारी बयान में बताया गया है कि ग्रैप-3 में ही ग्रैप-4 के कुछ प्रावधान जोड़े जा रहे हैं, जिसमें 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की बात कही गई है। इसमें दिल्ली-एनसीआर के तहत राज्य सरकारों और केंद्रीय कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह दी गई है। सरकार को 50 फीसदी कर्मचारियों को घर से काम करवाने की सलाह दी गई है। जिसके बाद अब जल्द सरकारें इस पर फैसला ले सकती हैं। इसके अलावा प्राइवेट कंपनियों में भी यही नियम लागू हो सकते है, फिलहाल इसे लेकर अभी सिर्फ सलाह दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदूषण कम करने के लिए सीएक्यूएम ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान(ग्रैप) के नियम लागू करती है। ग्रैप-3 तक ही ज्यादातर प्रतिबंध लागू हो जाते हैं, वहीं जब प्रदूषण का स्तर 451 तक या इससे ज्यादा हो जाता है तो ग्रैप-4 लागू किया जाता है। इसमें स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर चलाने, दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम देने की सलाह और कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगाया जाता है। स्कूलों और दफ्तरों को बंद रखने का फैसला सरकार के हाथ में होता है, सीएक्यूएम की तरफ से सिर्फ इसकी सलाह दी जाती है।
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भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित तनिष्क स्टेट कॉलोनी से एक विवादित मामला सामने आया है,... जहाँ आज सुबह लगभग 9 बजे भवानी संगठन के सदस्यों ने दानिश खान नाम के युवक को पकड़कर ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाया,.... संगठन का दावा है कि युवक दो हिंदू लड़कियों से संपर्क में था,... और उन्हें अपने जाल में फ़सा रहा था ,... बता दे की भवानी संगठन के पदाधिकारियों जिनमे शुभम पंचाल , दीपक कुशवाहा , जयदीप ठाकुर और रामू हिंदू ने दानिश खान नामक युवक को पकड़ा,... संगठन के सदस्यों का आरोप है कि युवक हिंदू लड़कियों से दोस्ती कर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा था,... हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह सिर्फ आरोप हैं और इनकी जांच की जाएगी,.... पुलिस ने लड़की से भी बयान लिए हैं और पूरे मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाने की बात कही है,... पुलिस ने कहा पूरे केस की निष्पक्ष जांच की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी,... ”
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ग्वालियर में होटल से एक मुस्लिम युवक को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने रंगे हाथ पकड़ा,,.... आरोप है कि वह एक हिंदू लड़की को ब्लैकमेल कर 35 हजार रुपये की मांग कर रहा था,... घटना के बाद आरोपी को पकड़कर सिविल लाइन थाना पुलिस को सौंपा गया,.... पुलिस ने युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है,.. दरअसल, यह मामला ग्वालियर के एक होटल से जुड़ा है, जहां बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने युवक को रंगे हाथ पकड़ लिया,... आरोप है कि युवक लड़की से 35 हजार रुपये की मांग कर ब्लैकमेल कर रहा था,... पकड़ने के दौरान मारपीट की गई, लेकिन CSP अरूण सोनी ने स्पष्ट किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है,... हिंदूवादी संगठन के उपाध्यक्ष सतेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई युवती की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए की गई,.. पुलिस ने आरोपी को सिविल लाइन थाना में हवाले कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है,..
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ग्वालियर जिला कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने 280 किलो गांजे के साथ जब्त किए गए 325 जीवित पौधों को वन विस्तार अधिकारी को सौप दिया है,... यह कार्रवाई अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा की मौजूदगी में तपोवन नर्सरी में पूरी की गई,... कोर्ट ने प्रकृति संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है और आगामी सुनवाई में पौधों के रोपित होने की स्थिति के फोटो व वीडियो पेश करने का निर्देश भी दिया है,.. दरअसल यह मामला थाना झांसी रोड क्षेत्र से जुड़े अपराध का है,.... जहां पुलिस ने 19 अक्टूबर को एक ट्रक से 280 किलो अवैध गांजे के साथ 1075 सोफ़ानी नर्सरी के पौधों को जप्त किया था,... न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि जांच अधिकारी उपनिरीक्षक आशीष शर्मा ने जप्त किए गए पौधों की सही देखभाल नहीं की थी,.... लगभग 20 दिन बाद कोर्ट से मार्गदर्शन मांगा गया और रिपोर्ट में 1075 पौधों में से केवल 325 पौधों की जानकारी दी गई,... कोर्ट ने पौधों की दुर्दशा देखी और जांच अधिकारी की उदासीनता पर नाराजगी जताई,... इसके बाद विशेष न्यायालय ने ग्वालियर एसपी और ग्वालियर जोन के आईजी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए,... शेष 325 पौधों की देखरेख का जिम्मा वन विस्तार अधिकारी को सौंपा गया,... जिन्हें तपोवन नर्सरी में सुपुर्द किया गया,... आगामी सुनवाई में इन पौधों के रोपण और स्थिति की फोटो व वीडियो रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी,...
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धमतरी ।छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र साहू के गिरफ्तारी के विरोध में गुरुवार को समिति के कर्मचारियों ने कर्मा चौक से पैदल रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक जेल भरो आंदोलन किया। इस दौरान पुलिस प्रशासन द्वारा बेरिकेड लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोका गया। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष को रिहा करने की मांग को लेकर सहकारी कर्मचारी जमीन पर बैठकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ एवं समर्थन मूल्य धान खरीदी आपरेटर संघ के संयुक्त तत्वावधान में चार सूत्री मांगों को लेकर तीन नवंबर से चार सूत्रीय मांगों को लेकर संभागों में अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। गुरुवार को समिति के कर्मचारियों ने शहर के कर्मा चौक से पैदल रैली निकालकर कलेक्ट्रेट तक जेल भरो आंदोलन किया। महासंघ के प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास एवं आपरेटर संघ के प्रदेश अध्यक्ष ऋषिकांत मोहरे ने बताया कि नरेंद्र कुमार साहू प्रदेश अध्यक्ष सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर को 18 नवंबर के रात 12 बजे तूता रायपुर बैस भवन से थाना कुरुद पुलिस के द्वारा सामान्य पूछताछ के लिए उठाकर लाया गया है। लेकिन आज तक नहीं छोड़ा गया है। संघ की मांग है कि उनको तत्काल रिहा किया जाए। चार सूत्री मांगों को लेकर दोनों संघ द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। इन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा आंदोलन को दबाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के ऊपर कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अन्य कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जारी है। नरेंद्र साहू को पहले ही बर्खास्त कर दिया गया है। अब तो वे समिति के कर्मचारी नहीं हैं। किस हिसाब से उनकी गिरफ्तारी हुई हैं समझ से परे है। शासन - प्रशासन द्वारा धान खरीद के लिए अन्य शासकीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई हैं। इसके बावजूद आंदोलनरत कर्मचारियों को काम पर वापस लौटने लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में सहकारी समिति के कर्मचारी उपस्थित थे।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुरूवार को एक संगठित साइबर ठगी का पर्दाफाश किया है। इस ठगी में करीब 9 करोड़ 84 लाख रुपये की हेराफेरी की गई थी। पुलिस और साइबर टीम द्वारा किए गए सूक्ष्म तकनीकी विश्लेषण, खातों की ट्रैकिंग, डिजिटल फॉरेंसिक तथा सतत मॉनिटरिंग ने इस ठगी नेटवर्क को उजागर करने में निर्णायक भूमिका निभाई। खेड़ी सावलीगढ़ निवासी मजदूर बिसराम इवने जब अपने जन-धन खाते का KYC अपडेट कराने बैंक पहुँचे तो उन्हें खाते में करोड़ों के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। बिसराम इवने ने अपने जन-धन खाते में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन की शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देश पर साइबर सेल और कोतवाली पुलिस की टीम को जांच में लगाया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जून 2025 से अब तक उसके खाते से लगभग 1 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध ट्रांज़ैक्शन किया गया था। जांच में संगठित साइबर लूट का पर्दाफाश हुआ जिसमें पुलिस ने पाया कि एक ही बैंक के 7 अलग-अलग व्यक्तियों के बैंक खातों को निशाना बनाते हुए गिरोह द्वारा 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपये की हेराफेरी की गई। सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि गिरोह ने मृत व्यक्ति राजेश बर्डे के बैंक खाते का भी इस्तेमाल किया। उसका मोबाइल नंबर बदला, ATM कार्ड जारी कराया, इंटरनेट बैंकिंग सक्रिय की और OTP पर पूरा नियंत्रण हासिल किया। जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा नेटवर्क बैंक के एक अस्थायी कर्मचारी की मिलीभगत से संचालित हो रहा था, जिसने खातों की गोपनीय जानकारी, दस्तावेजों में फेरबदल और ATM/पासबुक जारी कराने में गिरोह की मदद की। इसी सहयोग की वजह से अपराधियों को खातों तक आसानी से पहुँच मिली और करोड़ों की हेराफेरी अंजाम दी गई। सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर बैतूल पुलिस ने इंदौर शहर के दो स्थानों पर दबिश देकर राजा उर्फ आयुष चौहान, अंकित राजपूत और नरेंद्र सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर आरोपियों से 15 मोबाइल फोन (25 सिम सहित), 21 ATM कार्ड, 28 हजार रूपए नकद (काले बैग में), 11 बैंक पासबुक, 7 चेकबुक, 2 POS मशीन, 69 ATM जमा रसीदें (21 लाख जमा), 48 हजार रूपए की जमा पर्ची, 2 लैपटॉप, 1 Extreme Fiber राउटर, 4 रजिस्टर व डायरी (रिकॉर्ड) और अन्य सामग्री जप्त की। इस कार्रवाई में संबंधित थाना प्रभारी, साइबर सेल तथा पुलिस टीमों ने सतर्कता, तकनीकी दक्षता और त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने पुनः स्पष्ट किया है कि “जन सुरक्षा और साइबर सुरक्षा” प्रदेश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, तथा साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक और कठोर कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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राजगढ़ । सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नही मिलने से नाराज किसानों ने गुरुवार को खिलचीपुर में ग्राम हाइवे-52 स्थित ग्राम मांडाखेड़ा जोड़ पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने किसान एकता जिन्दाबाद, जय जवान-जय किसान के नारे लगाते हुए विरोध जताया। लगभग एक घंटे तक लगे जाम से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। सूचना पर पहुंचे विद्युत कंपनी के अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खत्म किया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि सतनखेड़ी, डालपुरा और सेमलापुरा ग्रिड से मिलने वाली विद्युत सप्लाई बहुत कम है, जिससे आसपास के करीब 50 गांव प्रभावित हो रहे है। दिन-रात मिलाकर बमुश्किल एक से दो घंटे बिजली मिल रही है, जिससे गेहूं, धनियां, चना और सरसों की फसल को पानी नही मिल रहा है, फसलें बर्बाद हो रही है। विभाग को इस समस्या से अवगत कराने के लिए फोन लगाते है तो वह उठाते ही नही है। सूचना मिलते ही तहसीलदार विनीत गोयल, खिलचीपुर थाना प्रभारी उमाशंकर मुकाती, भोजपुर थाना प्रभारी मनीष शर्मा, राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा, जीरापुर थाना प्रभारी रवि ठाकुर मौके पर पहुंचे, जिन्होंने समझाइश दी, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े रहे। विद्युत कंपनी के एई गोपाल मिश्रा, जेई पवन सिंह ने किसानों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान माने और चक्काजाम खत्म किया। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि अब बिजली की समस्या आई तो आंदोजन उग्र होगा।
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तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने आज खटीमा और तहसील क्षेत्र के CSC सेंटर्स का औचक निरीक्षण किया,.. निरीक्षण के दौरान कुछ सेंटर बंद पाए गए, जबकि कई सेंटर अपनी ID के विपरीत अन्य स्थान पर संचालित हो रहे थे,... अधिकारियों ने बताया कि गलत नाम और पते की भी जानकारी मिली है और यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी,.. खटीमा नगर पालिका और तहसील क्षेत्र में स्थापित कुछ CSC सेंटर्स में अनियमितता सामने आई है,.. तहसीलदार वीरेंद्र सजवान ने कहा कि हर सेंटर को अपनी आईडी वाले स्थान पर ही संचालन करना होगा और तीन साल का स्थाई प्रमाण पत्र भी निरीक्षण के अधीन है,.. यदि कोई सेंटर नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी,..
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सितारगंज के प्रहलाद पलासिया क्षेत्र में वर्षों से जारी जमीन विवाद और अन्याय के खिलाफ पीड़ित परिवार अपनी जमीन और सम्मान की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं,.... जहां शक्ति फार्म के परिवारों की महिलाओं ने भी इस लड़ाई में आवाज़ उठाई है,... महिलाओं का कहना है कि विधायक सौरभ बहुगुणा उनके लिए भगवान समान हैं,... लेकिन उनकी अनदेखी ने परिवारों को गहरी निराशा दी है,... वे कहती हैं कि विधायक उनके दर्द को नजरअंदाज कर रहे हैं,.... जो उनके लिए धोखा है,... इस कठिन दौर में सामाजिक और राजनीतिक नेता सुब्रत कुमार विश्वास लगातार परिवारों के बीच पहुंच कर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं,... वे साफ कहते हैं कि अखिल भारतीय बंगाली एकता मंच इन परिवारों के संघर्ष के साथ मजबूती से खड़ा है और न्याय मिलने तक इस लड़ाई को रोकने का कोई इरादा नहीं है,...
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खटीमा के ब्लॉक सभागार में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा महिला सम्मेलन का आयोजन किया गया,... जहां कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता प्रदेश महामंत्री भावना मेहरा उपस्थित रही ,... सम्मेलन में जिलाध्यक्ष विमला मुडेला ने मुख्य वक्ता भावना मेहरा का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया अपने संबोधन में भावना मेहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत की यात्रा में महिलाओं की भूमिका अब निर्णायक और अग्रणी हो चुकी है,.... नारी शक्ति की सक्रिय भागीदारी के बिना आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य अधूरा है,... उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी महिलाओं को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सशक्त बना रहे हैं,.... जिसके परिणामस्वरूप महिला उद्यमिता, शिक्षा, और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है,... इस दौरान राज्य कॉपरेटिव के पूर्व अध्यक्ष दान सिंह रावत और ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा ने भी महिलाओं से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की ,... और भविष्य के राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया,...
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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को चाणक्य डिफेंस डायलॉग में फिर एक बार ऑपरेशन 'सिंदूर' के बारे में कहा कि फिल्म तो अभी शुरू भी नहीं हुई है, ये तो बस 88 घंटे का ट्रेलर था। हम भविष्य में किसी भी परिस्थिति के लिए तैयार हैं। अगर पाकिस्तान हमें मौका दे, तो हम उन्हें सिखाएंगे कि एक पड़ोसी को कैसा व्यवहार करना चाहिए। जनरल द्विवेदी ने कहा कि हम आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के साथ एक जैसा व्यवहार करेंगे। हम उन लोगों को जवाब देंगे, जो आतंकवादियों को प्रोत्साहित करते हैं। जनरल द्विवेदी ने यहां मानेकशा सेंटर में आज चाणक्य डिफेंस डायलॉग में उभरती सुरक्षा चुनौतियों के प्रति सेना के दृष्टिकोण को रेखांकित करते हुए पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। ऑपरेशन सिंदूर पर थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि जब कोई देश राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो यह भारत के लिए चिंता का विषय बन जाता है। भारत प्रगति की बात करता है। अगर कोई हमारे रास्ते में बाधा डालता है, तो हमें उनके खिलाफ कुछ कार्रवाई करनी होगी। हमने कहा है कि बातचीत और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि हम केवल एक शांतिपूर्ण प्रक्रिया अपनाने के लिए कह रहे हैं, जिसमें हम सहयोग करेंगे। तब तक हम आतंकवादियों और उनके प्रायोजकों के साथ एक जैसा व्यवहार करेंगे। हम उन लोगों को जवाब देंगे, जो आतंकवादियों को प्रोत्साहित करते हैं। आज, भारत इतना कुशल है कि वह किसी भी ब्लैकमेल के प्रयासों से नहीं डरता। उन्होंने कहा कि आज के समय में लड़ाई कई क्षेत्रों में होती है। हम नहीं कह सकते कि यह कब तक चलेगी। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास लंबे समय तक चलने वाली रसद उपलब्ध रहे। हमारे पास राजनीतिक इच्छाशक्ति है, जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। आज के समय में हमारी प्रतिरोधक क्षमता बहुत मजबूत है। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर के हालात में बहुत बड़ा बदलाव आया है। इसके बाद राजनीतिक स्पष्टता आई है। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद में भारी कमी आई है। सेना प्रमुख ने कहा कि भारत राज्य समर्थित आतंकवाद का कड़ा जवाब देना जारी रखेगा। मणिपुर की स्थिति पर जनरल द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद से मणिपुर की स्थिति में सुधार हुआ है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बाद से चीजें बदल गई हैं। सरकार में लोगों का भरोसा और समुदायों के बीच आपसी विश्वास बढ़ा है। तब से महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। उन्होंने स्थिरता के संकेत के रूप में हाल के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डूरंड कप का आयोजन किया गया था और मैं वहां था। जब सितंबर में प्रधानमंत्री मोदी का दौरा हुआ, तो इससे भी जमीनी स्तर पर चीजों को बदलने में मदद मिली। अगर स्थिति में सुधार जारी रहा, तो राष्ट्रपति भी जल्द ही दौरा करेंगी, क्योंकि मणिपुर के लिए आशा भरे दिन वापस आ रहे हैं। भारत-चीन संबंधों और कूटनीति पर थल सेनाध्यक्ष जनरल द्विवेदी ने कहा कि सामान्य स्थिति लाने के लिए दोनों देशों के नेताओं के बीच बातचीत के बाद पिछले अक्टूबर से भारत और चीन संबंधों में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध के लिए दीर्घकालिक और बहु-क्षेत्रीय युद्ध योजना की आवश्यकता होती है। आज के समय में युद्ध बहु-क्षेत्रीय होते हैं। हम यह नहीं कह सकते कि यह कब तक चलेगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारे पास लंबे समय तक चलने वाली आपूर्ति हो।
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जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी को साेमवार काे बड़ी राहत मिली है। जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने भोपाल की एमपी–एमएलए कोर्ट से जारी गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगाते हुए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के पुत्र अमित विजयवर्गीय सहित अन्य पक्षों को नोटिस जारी किया है।हाईकोर्ट ने मामले को पहले भले ही हर्ड एंड रिजर्व रखा था, लेकिन अब जारी हुए आदेश से यह स्पष्ट हो गया है कि वारंट की कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। पूरा विवाद नवंबर 2020 के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता की एक सभा में भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और विधायक आकाश विजयवर्गीय को “गुंडा” कहा था। इस टिप्पणी के आधार पर आकाश विजयवर्गीय ने 2021 में मानहानि का मामला दर्ज कराया था, जिसकी सुनवाई भोपाल की एमपी एमएलए कोर्ट में जारी है।हाई कोर्ट में अभिषेक बनर्जी की ओर से दलील दी गई थी कि वे लोकसभा सांसद हैं और फरार होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने निचली अदालत में व्यक्तिगत उपस्थिति से राहत मांगी थी,लेकिन एमपी–एमएलए कोर्ट ने इस आवेदन पर विचार किए बिना ही वारंट जारी कर दिया। अभिषेक की अनुपस्थिति के चलते अदालत ने 26 अगस्त 2024 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश से रोकते हुए सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
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नई दिल्ली। रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष सोमवार को दूसरी बार पेश होने से इनकार कर दिया। यह जांच जयपुर-रींगस राजमार्ग परियोजना से संबंधित है। अनिल अंबानी ने पहली बार 14 नवंबर को समन पर पेश न होकर ईडी को बताया था कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या रिकॉर्डेड बयान के जरिए पूछताछ में शामिल होने को तैयार हैं। ईडी ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया और सोमवार को पेश होने के लिए नया समन जारी किया था। अब दूसरी बार भी वे ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए। अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने बताया कि अनिल डी. अंबानी ने वर्चुअल उपस्थिति या रिकॉर्डेड वीडियो के माध्यम से अपना बयान दर्ज कराने के लिए पेशकश की है। ईडी ने कुछ कथित हवाला डीलर सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिसके बाद उन्होंने (66) वर्षीय अनिल अंबानी को पूछताछ करने के तलब किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सूरत स्थित फर्जी कंपनियों के माध्यम से धन दुबई पहुंचाया गया। इससे 600 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापक अंतरराष्ट्रीय हवाला नेटवर्क का पता चला है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पहले जारी एक बयान में कहा था कि हाल ही में धनशोधन निरोधक कानून के तहत अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की 7,500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है। ईडी ने कहा था कि आर-इंफ्रा के खिलाफ (फेमा के तहत की गई) तलाशी कार्रवाई में पाया गया कि राजमार्ग परियोजना में कथित तौर पर 40 करोड़ रुपये की 'हेराफेरी' की गई थी।
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पटना। बिहार की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदगी किसी एक चुनावी उछाल की कहानी नहीं, बल्कि चार दशकों में जमीन से उठकर सत्ता की मुख्य धुरी बनने तक का सफर है। 2025 के विधानसभा चुनाव में मिली अभूतपूर्व सफलता ने यह साफ कर दिया है कि बिहार में भाजपा की पैठ अब स्थायी, संगठित और जनभावनाओं से गहराई तक जुड़ी हुई है। बिहार की राजनीति में भाजपा की उपस्थिति चार दशकों के संघर्ष, संगठन और वैचारिक प्रतिबद्धता की कहानी है। भाजपा अब बिहार की राजनीति में न केवल एक प्रमुख पार्टी है, बल्कि स्थिर सत्ता और जनविश्वास की एक केंद्रीय शक्ति भी है। संघर्ष से सत्ता की निर्णायक धुरी बनने तक का सफर बिहार में भाजपा की जड़ें 1980 के दशक की शुरुआत में लगनी शुरू हुई थीं, जब पार्टी का आधार जातीय समीकरणों से परे वैचारिक राजनीति और संगठनात्मक ढांचे पर खड़ा किया गया। उस दौर में भाजपा राज्य की राजनीति में हाशिए पर थी। कुछ सीटें, सीमित प्रभाव और बेहद कम संगठनात्मक ताकत, लेकिन 1990 का दशक आते-आते भाजपा ने जनसंघ की विरासत, राम आंदोलन की लहर और बदलती सामाजिक चेतना को साथ मिलाकर अपना आधार मजबूत करना शुरू किया। बिहार में राजग सरकार का सफर राजनीतिक विश्लेषक एवं वरिष्ठ पत्रकार लव कुमार मिश्र ने बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 में पहली बार राजग की सरकार बनी। भाजपा इस सरकार की मुख्य सहयोगी पार्टी थी। 2005 और 2010 दोनों चुनावों में गठबंधन ने भारी बहुमत प्राप्त किया और बिहार में विकास व सुशासन का नया अध्याय शुरू हुआ। 2013 में नीतीश कुमार ने भाजपा से नाता तोड़ा, लेकिन यह ब्रेकअप ज्यादा लंबा नहीं चला। 2017 में नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़कर फिर से भाजपा के साथ सरकार बनाई। यह वो दौर था जब भाजपा बिहार में अपने सबसे मजबूत रूप में दिखाई दी और 2020 में 74 सीटें जीतकर राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बन गई। 2022 में नीतीश कुमार ने एक बार फिर पलटी मारी और भाजपा विपक्ष में चली गई। मगर इस दौरान भाजपा का बूथ स्तर संगठन पहले से ज्यादा सक्रिय और जन-आधार और मजबूत होता गया। 2025 के चुनाव में भाजपा (राजग) प्रचंड जनादेश के साथ सरकार बनाने जा रही है। यह पहला मौका है जब बिहार में भाजपा न सिर्फ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, बल्कि सत्ता की धुरी भी बनी। बिहार में भाजपा की पैठ, कैसे बनी इतनी मजबूत? बिहार की राजनीतिक संस्कृति में भाजपा की जड़ें इसलिए गहरी हुईं, क्योंकि पार्टी ने विचार, संगठन और विकास को एक साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई। इसके साथ ही राष्ट्रीय नेतृत्व में भरोसा, पिछड़ों-अति पिछड़ों में बढ़ती स्वीकृति, महिला मतदाताओं में गहरी पैठ, युवाओं में राष्ट्रवाद और रोजगार की अपील, जाति से ऊपर उठता विकास आधारित समर्थन, हर बूथ पर मजबूत संरचना ने पार्टी को मजबूती प्रदान की। भाजपा ने दिखा दिया कि जब संगठन जमीन पर चलता है और नेतृत्व जनता से सीधा संवाद रखता है, तो जनता इतिहास लिखती है। भाजपा अब बिहार की राजनीति की केंद्रीय शक्ति राजनीतिक विश्लेषक चन्द्रमा तिवारी ने कहा कि 2025 के जनादेश के बाद यह स्पष्ट है कि बिहार में भाजपा-राजग का शासन अब किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि जनविश्वास का स्थायी मॉडल बन चुका है। बिहार ने एक बार फिर तय कर दिया कि यहां सत्ता की दहलीज वही पार करता है, जो जनता के दिल, राज्य की जमीन और वहां की संस्कृति से जुड़ा होता है।
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भोपाल। आसियान देशों के उच्च स्तरीय राजनयिकों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार, 18 नवंबर को मध्य प्रदेश के तीन दिवसीय पर आ रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल 20 नवंबर तक भोपाल में रहकर विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होगा। इसके साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुलाकात करेगा। इस भ्रमण का उद्देश्य मध्य प्रदेश और आसियान देशों के बीच आर्थिक, औद्योगिक, निवेश और सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ बनाना है। जनसम्पर्क अधिकारी बबीता मिश्रा ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि आसियान देशों का प्रतिनिधिमंडल 18 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट करेगा। बैठक राज्य सरकार के निवेश-अनुकूल वातावरण, औद्योगिक नीति और आसियान देशों के साथ साझेदारी को लेकर केंद्रित रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक परिदृश्य, आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-प्रोसेसिंग, पर्यटन और नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करेंगे। प्रतिनिधिमंडल प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित रात्रिभोज में शामिल होगा। जिसमें दोनों पक्षों के बीच आपसी सहयोग और आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने पर चर्चा भी होगी। राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट और निवेश संगोष्ठी में सहभागिता उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल 19 नवंबर को राज्यपाल मांगुभाई पटेल से शिष्टाचार भेंट करेगा। इसके बाद होटल कोर्टयार्ड मैरियट में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट सेमिनार में शिरकत करेंगे। सेमिनार में राज्य के उद्योगपति, चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि और प्रमुख निवेशक शामिल होंगे। इसमें मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक नेटवर्क और निवेश-अनुकूल नीतियों की प्रस्तुति दी जाएगी। मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि से होंगे रूबरू जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार प्रतिनिधिमंडल अपने भ्रमण के दूसरे दिन 19 नवंबर को साँची और भीमबेटका जैसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल विश्व प्रसिद्ध स्थलों का भ्रमण करेगा। इससे उन्हें मध्य प्रदेश की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा, बौद्ध कला और ऐतिहासिक धरोहरों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। भ्रमण के तीसरे दिन 20 नवंबर को प्रतिनिधिमंडल भोपाल स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय और जनजातीय संग्रहालय का भी अवलोकन करेगा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ के अनुरूप है, जिसके माध्यम से भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच आर्थिक, निवेश और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत किया जा रहा है। मध्यप्रदेश, अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, मजबूत औद्योगिक आधार, निवेश-अनुकूल नीतियों और तेजी से विकसित होते बुनियादी ढांचे से आसियान देशों के लिए आकर्षक निवेश गंतव्य बनकर उभर रहा है। यह दौरा मध्यप्रदेश और आसियान देशों के बीच दीर्घकालीन सहयोग की दिशा में ठोस कदम साबित होगा और दोनों पक्षों के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक साझेदारी को नई गति देगा। उल्लेखनीय है कि आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशन्स) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों का एक क्षेत्रीय संगठन है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, सुरक्षा, सांस्कृतिक संबंध और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना है। आसियान में 10 देश सदस्य हैं, जिनमें इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस, वियतनाम, म्यांमार, कम्बोडिया,लाओस और ब्रुनेई शामिल हैं।
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भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में गणना प्रपत्र वितरण का काम लगभग पूर्ण हो चुका है। कुल मतदाताओं के अनुपात में 98.64 प्रतिशत गणना फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं। शनिवार, 15 नवम्बर तक कुल मिलाकर 16 लाख 27 हजार 477 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुँच चुके हैं। बीएलओ द्वारा अपने-अपने क्षेत्र में घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए गए हैं। ज्ञात हो जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 49 हजार 943 है। ईएफएस डिजिटाइजेशन का काम तेजी से कराने के लिये बीएलओ को मास्टर ट्रेनर द्वारा विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रुचिका चौहान ने जिले के सभी रजिस्ट्रीकरण व सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को तेजी के साथ ईएफएस डिजिटाइजेशन का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। भारत निर्वाचन आयोग भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत ग्वालियर जिले में भी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्य जारी है। बीएलओ द्वारा गणना फॉर्म वितरण व प्राप्त करने के साथ-साथ ईएफएस डिजिटाइजेशन का कार्य भी किया जा रहा है। वर्ष 2003 में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मैपिंग का कार्य बीएलओ कर रहे हैं। बीएलओ फॉर्म डिजिटलाइजेशन और गणना पत्रक भरवाने का काम सही-सही करा सकें। इस उद्देश्य से उन्हें प्रशिक्षित भी किया जा रहा है। इस कड़ी में शनिवार को डबरा में मास्टर ट्रेनर द्वारा बीएलओ को प्रशिक्षित किया गया। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी रुचिका चौहान ने जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि बीएलओ द्वारा दिए जा रहे गणना पत्रक में सही-सही जानकारी भरें। यदि फॉर्म भरने में कोई समस्या आए तो अपने बीएलओ से सहयोग लें। बीएलओ द्वारा गणना फॉर्म का वितरण एवं भरे हुए फॉर्म का संग्रहण कार्य 4 दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। विधानसभा क्षेत्रवार गणना फॉर्म वितरण की स्थिति उप जिला निर्वाचन अधिकारी अनिल बनवारिया ने बताया कि जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 14 ग्वालियर ग्रामीण में अब तक 2 लाख 57 हजार 873 मतदाताओं में से 2 लाख 55 हजार 366 मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए जा चुके हैं। इसी तरह विधानसभा क्षेत्र 15-ग्वालियर में 3 लाख 6 हजार 123 मतदाताओं में से 02 लाख 93 हजार 547, विधानसभा क्षेत्र 16-ग्वालियर पूर्व में 3 लाख 28 हजार 461 मतदाताओं में से 3 लाख 25 हजार 07, विधानसभा क्षेत्र 17-ग्वालियर दक्षिण में 2 लाख 61 हजार 767 मतदाताओं में से 2 लाख 59 हजार 175, विधानसभा क्षेत्र 18-भितरवार के 2 लाख 49 हजार 61 मतदाताओं में से 2 लाख 47 हजार 952 एवं विधानसभा क्षेत्र 19-डबरा (अजा) के 2 लाख 46 हजार 658 मतदाताओं में से 2 लाख 46 हजार 430 मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुँच चुके हैं।
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ग्वालियर। मध्य प्रदेश ग्वालियर जिले की लश्कर कृषि उपज मंडी के प्रभारी सचिव एवं मंडी निरीक्षक महेन्द्र सिंह मीणा को इस दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा लिखे गए पत्र के आधार पर राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा शनिवार को इस आशय का आदेश जारी किया गया है। ज्ञात हो कि शुक्रवार को कलेक्टर रुचिका चौहान ने कृषि उपज मंडी लश्कर का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर में हो रही धान खरीदी एवं यहां की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया था। साथ ही धान बेचने आए किसानों से रूबरू होकर उनकी समस्यायें भी सुनीं थीं। कलेक्टर ने मंडी परिसर में मिली अव्यवस्थाओं व अनियमितताओं एवं किसानों के लिये मूलभूत सुविधाओं के अभाव का उल्लेख करते हुए प्रभारी मंडी सचिव महेन्द्र सिंह मीणा को हटाने के लिये राज्य कृषि विपणन बोर्ड को पत्र लिखा था। इस परिपालन में कृषि विपणन बोर्ड द्वारा त्वरित कार्रवाई की गई है। कृषि विपणन बोर्ड ने आंचलिक कार्यालय ग्वालियर में पदस्थ आलोक वर्मा को तात्कालिक रूप से कृषि उपज मंडी लश्कर के सचिव का दायित्व सौंपा है। “एक पेड़ शबरी माता के नाम” से कलेक्टर ने रोपा पौधा धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वी जयंती पर शनिवार को कलेक्टर रुचिका चौहान विकासखंड घाटीगांव के ग्राम पार के अंतर्गत शबरी माता मंदिर पहुँचीं। इस अवसर पर उन्होंने “एक पेड़ शबरी माता के नाम” से मंदिर परिसर में पौधा रोपा। साथ ही इस अवसर पर भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हुए कार्यक्रम में सहभागिता की।
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नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को मिली प्रचंड जीत कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने अविश्वसनीय बताते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया को ही संदिग्ध ठहरा दिया। वेणुगोपाल ने शनिवार को यहां मीडियाकर्मियों से कहा कि बिहार का यह चुनावी नतीजा हम सभी के लिए अविश्वसनीय है। 90 प्रतिशत का इस तरह का स्ट्राइक रेट भारतीय इतिहास में अभूतपूर्व है। कांग्रेस इस परिणाम का डाटा इकट्ठा कर रही है और गहन विश्लेषण कर रही है। एक-दो सप्ताह के भीतर पार्टी ठोस सबूत पेश करेगी। उन्होंने कहा कि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया ही संदिग्ध है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता नहीं है।
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बलरामपुर । छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होने जा रही है, लेकिन इससे पहले ही बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में प्रशासन ने मोर्चा संभाल लिया है। एसडीएम आनंद राम नेताम के नेतृत्व में ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। बिचौलियों में इतनी दहशत है कि एसडीएम की गाड़ी की आवाज सुनते ही वे खेत-खलिहानों से भाग खड़े हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार, झारखंड और उत्तर प्रदेश से सीमावर्ती इलाकों के बिचौलिए अवैध रूप से धान को छत्तीसगढ़ में खपाने की कोशिश कर रहे थे। इस पर रामानुजगंज एसडीएम आनंद राम नेताम ने सख्त रुख अपनाते हुए नौ जगहों पर नाकेबंदी करवा दी। अब तक कुल 23 प्रकरण दर्ज कर 6081 बोरी धान जब्त की गई है। एसडीएम नेताम ने बीते शाम हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि, “धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू हो रही है, ऐसे में बिचौलियों की सक्रियता बढ़ सकती है। लेकिन हमने तैयारी पूरी कर ली है, कोई भी अवैध गतिविधि बख्शी नहीं जाएगी।” उल्लेखनीय है कि, रामानुजगंज में एसडीएम की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने न केवल प्रशासन की सख्ती का संदेश दिया है, बल्कि धान तस्करी के नेटवर्क को भी हिला कर रख दिया है। अब बिचौलियों को साफ चेतावनी है अगर सीमाओं से धान लाने की कोशिश की तो सीधे जेल की हवा खानी पड़ेगी।
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कोलकाता । तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) और राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का दावा है कि यूआईडीएआई के अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के लगभग 32 से 34 लाख मृत नागरिकों के आधार नंबरों को निष्क्रिय कर दिया है। इस संबंध में राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को भी सूचित किया गया है। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि इन्हीं निष्क्रिय आधार नंबरों को आधार बनाकर बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर सूची से हटाने की योजना बनाई जा रही है। पोस्ट में तृणमूल कांग्रेस ने कहा है कि यूआईडीएआई ने स्वयं संसद में बताया था कि वे किसी भी आधार नंबर को “राजनीतिक, वार्षिक या प्रशासनिक कारणों” से निष्क्रिय नहीं करते हैं और न ही इस तरह की कोई सूची तैयार करते हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि अगर ऐसा है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में निष्क्रिय आधार नंबरों की सूची कैसे तैयार की गई? तृणमूल ने इसे “संविधान का खुला उल्लंघन” बताया है। पार्टी ने उदाहरण देते हुए कहा कि बिहार में चुनाव आयोग ने एक बार हजारों लोगों को “मृत मतदाता” घोषित कर दिया था, लेकिन बाद में यह पाया गया कि उनमें से कई लोग जीवित थे। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यदि ऐसी ही गलती बंगाल में होती है, तो यहां भी बड़ी संख्या में असली मतदाताओं के नाम सूची से हट सकते हैं। पोस्ट में पार्टी ने लिखा, “हमारा संदेह है कि बिना किसी पारदर्शी प्रक्रिया या निष्पक्ष जांच के यह पूरा आंकड़ा तैयार किया गया है। इससे हजारों वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश की जा सकती है।” तृणमूल कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम इस प्रक्रिया में हटाया जाता है और उसका कोई ठोस आधार नहीं होता, तो इसे केवल प्रशासनिक त्रुटि नहीं, बल्कि “राजनीतिक षड्यंत्र” माना जाएगा। पार्टी ने कहा है कि वह इस मुद्दे पर न केवल कानूनी कार्रवाई करेगी बल्कि जन आंदोलन भी शुरू करेगी। पोस्ट के अंत में तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि जो लोग इस साजिश में शामिल हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि बंगाल के मतदाता अपने अधिकारों की कीमत जानते हैं।
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लखनऊ । यूपी एटीएस ने जम्मू कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए आतंकी गतिविधियों में शामिल डॉक्टर शाहीन के भाई डॉ परवेज अंसारी को हिरासत में लिया है। इससे पहले एटीएस ने लखनऊ, सहारनपुर, शामली और कई जगह पर छापेमारी की थी। हिरासत में लिए गए परवेज अंसारी से पुलिस की टीम पूछताछ कर रही है।डॉ परवेज ने गुडंबा स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में वर्ष 2021 में सीनियर रेजिडेंट के तौर पर नौकरी शुरू की थी। 6 नवंबर को उसने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले एटीएस और जम्मू कश्मीर पुलिस ने मंगलवार सुबह मड़ियांव के मुत्तकीपुर में डॉ परवेज के घर पर छापा मारा था। घर पर तो कोई नहीं मिला था, लेकिन छापेमारी के दौरान घर से इलेक्ट्रानिक उपकरण , कार बाइक और कई अहम दस्तावेज बरामद हुए थे, जिन्हें टीम ने अपने कब्जे में ले लिया था।शाहीन का भाई है परवेजडॉ परवेज फरीदाबाद से गिरफ्तार की गई डॉक्टर शाहीन का भाई हैं। लखनऊ के अलावा सहारनपुर चौक में उसका क्लिनिक है। जांच में यह बात सामने आई है कि यह लोग एक दूसरे के संपर्क में रहते थे। कई कई घंटों दोनों में बातचीत होती थी। लेकिन 48 घंटे पहले परवेज ने अपना मोबाइल बंद कर लिया था।शाहीन के पिता से एटीएस ने की पूछताछआतंकी गतिविधियों में पकड़ी गई डॉक्टर शाहीन के लाल बाग वाले घर पर मंगलवार को एटीएस और जम्मू कश्मीर पुलिस ने छापा मारा। यहां पर उसके पिता सईद अंसारी ने नहीं बताया कि वह डेढ़ वर्षों से परिवार के संपर्क में नहीं थी। उन्हें अब विश्वास नहीं हो रहा है कि वह किसी गलत गतिविधियों में शामिल हो सकती है। शाहीन के बारे में पिता ने बताया कि प्रयागराज में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मैट्रिक कॉलेज से असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी है। वर्ष 2013 में बिना नोटिस दिए वहां से जाना बंद कर दिया था। अनुपस्थित होने के कारण 2021 में उसे हटा दिया गया था। उसकी शादी महाराष्ट्र के जफर हयात से हुई थी,लेकिन आपसे मन मुटाव के चलते करीब 15 सालों से अलग रह रहे हैं। इसके बाद वह फरीदाबाद चली गई थी।आतंकी संगठनों के संपर्क में थी शाहीनफरीदाबाद से गिरफ्तार की गई डॉक्टर शाहीन के बारे में जांच के दौरान कई खुलासे हुए हैं । वह आतंकी संगठन जैश - ए - मोहम्मद के संपर्क में थी। उसे महिला विंग, जमात उल मोमिनात के लिए नेटवर्क खड़ा करने की जिम्मेदारी मिली थी। इसलिए अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़कर शिक्षित लोगों को तैयार कर रही थी।आतंकी मुजम्मिल और शाहीन के बीच में थे प्रेम संबंधआतंकी गतिविधियों में शामिल मुजम्मिल को जब जम्मू कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके पास जो कार मिली थी वो शाहीन के नाम पर थी। उसकी कार से एके 47 और कारतूस मिले थे। अब सुरक्षा जांच एजेंसी और जम्मू कश्मीर पुलिस इस मामले शाहीन से पूछताछ कर रही है।
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मुंबई। वाराणसी से मुंबई आ रही महानगरी एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22178) में बुधवार को सुबह जैसे ही भुसावल स्टेशन पर पहुंची, ट्रेन में बम की अफवाह से खलबली मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे डिब्बे की तलाशी ली गई, लेकिन कहीं संदिग्ध वस्तु न मिलने से सुरक्षा एजेंसियों और मध्य रेलवे ने राहत की सांस ली। इसके बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। इस घटना के बाद महाराष्ट्र के सभी स्टेशनों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस घटना की छानबीन कर रहे अधिकारी ने बताया कि महानगरी एक्सप्रेस के जनरल डिब्बे के शौचालय में 'पाकिस्तान जिंदाबाद' और 'आईएसआई' और ट्रेन में बम होने का संदेश हाथ से लिखा गया था। भुसावल स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले एक यात्री ने यह संदेश देखा। उसने तुरंत गार्ड को सूचित किया। सुरक्षा विभाग को सूचित करने के बाद रेलवे सुरक्षा बल, रेलवे पुलिस और डॉग स्क्वायड तुरंत भुसावल स्टेशन पहुंचे। सुबह 8.30 बजे भुसावल स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही पूरी ट्रेन, कोच, सामान के डिब्बे और यात्रियों के बैग की जांच की गई। डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते ने गहन तलाशी ली। हालांकि, कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद, ट्रेन का निरीक्षण किया गया और सुबह करीब 9 बजे उसे मुंबई के लिए रवाना कर दिया गया। इस घटना के बाद भुसावल, जलगांव, नासिक, मनमाड और मुंबई मंडल के सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 'हाई अलर्ट' घोषित कर दिया गया है। यात्रियों में भय का माहौल है और रेल प्रशासन की सुरक्षा एजेंसियों ने किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। यह संदेश महज़ एक शरारत है या इसके पीछे कोई गंभीर साजिश है, इसकी जाँच जारी है और रेलवे व पुलिस विभाग ने साइबर विशेषज्ञों की मदद से जांच शुरू कर दी है।
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बीजापुर । जिले के नक्सल प्रभावित ग्राम नेन्द्रा में नक्सलियाें के कमजाेर पड़ने के साथ ही 20 साल बाद प्रथमिक शिक्षा से वंचित बच्चाें के लिए ग्रामीणाें की मांग पर सरकार ने एक स्कूल खोलकर शिक्षादूत कल्लू ताती काे यहां पढ़ाने के लिए नियुक्त किया गया, लेकिन बच्चाें की प्रथमिक शिक्षा से नक्सलियाें काे काेई लेना देना नहीं है। नक्सली चाहते हैं कि यहां के बच्चे निरक्षर ही रहे। जिसके बाद 29 अगस्त को शिक्षादूत कल्लू ताती की नक्सलियों ने हत्या कर दी। शिक्षादूत की हत्या के बाद यहां शिक्षा विभाग ने दो महीने से काेई दूसरा शिक्षादूत नियुक्त ही नहीं किया गया। नक्सलियों की दहशत के कारण अब स्कूल में सन्नाटा पसरा हुआ है। जिसके चलते अब बच्चे पुन: प्रथमिक शिक्षा से वंचित हाे गये हैं। शिक्षा विभाग से बुधवार को मिली जानकारी के अनुसार घटना के बाद से लगातार पहल किया जा रहा है, लेकिन शिक्षादूत कल्लू ताती की नक्सली हत्या की घटना से लोगों में दहशत है। शिक्षक की हत्या के बाद कोई भी युवा पढ़ाने के लिए तैयार नहीं है। एक युवा से बात हुई है, जो यहां पढ़ाने के लिए तैयार है, वे जल्द शिक्षण कार्य संभालेंगे।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिला मुख्यालय में शनिवार को जिले भर से आये सिंधु समाज के लोगो ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रवाल व सिंधी समाज के भगवान व धर्मगुरु के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में कोतवाली अनूपपुर में कानूनी कार्यवाही के लिए पत्र सौंपा। ज्ञात हो कि पखवाड़े भर पूर्व किसी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़ने पर छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल ने अग्रवाल व सिंधी समाज के भगवान व धर्मगुरु के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसे लेकर पूरे देश में बवाल मचा हुआ है। इसी कड़ी में अमित बघेल पर कार्यवाही की मांग को लेकर आज कोतमा, जैतहरी, चचाई और अनूपपुर क्षेत्र के सिंधी समाज के सदस्यों ने कानूनी कार्यवाही की मांग की हैं। जिसमे बताया गया हैं कि महाराजा अग्रसेन और सिंधी समाज पर दिए गए आपत्तिजनक बयानों को लेकर जिलेभर में रोष फैल गया है। आपत्तिजनक टिप्पणी पर अमित बघेल से सार्वजनिक माफी और स्पष्ट स्पष्टीकरण की मांग की हैं। आवेदन पत्र में कहा गया हैं कि अमित बघेल ने सार्वजनिक रूप से महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, एक अन्य बयान में कहा कि “सिंधी समाज को पाकिस्तान चले जाना चाहिए।” सिंधी समाज ने इन बयानों को निंदनीय, असंवेदनशील और सामाजिक सौहार्द के विरुद्ध बताया। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि विभाजन के समय सिंधी समाज ने अपना सब कुछ खोकर भी भारत को अपनी मातृभूमि के रूप में स्वीकार किया और आज भी देश की प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में इस तरह की टिप्पणी न केवल अपमानजनक है बल्कि समाज की देशभक्ति और अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाने वाली है। समाज के सदस्यों ने कहा कि महाराजा अग्रसेन केवल अग्रवाल समाज ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारतीय समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उनके आदर्श समरसता, सेवा और समानता के प्रतीक हैं। किसी भी प्रकार की अभद्र टिप्पणी चाहे सार्वजनिक मंच से हो या सोशल मीडिया पर समाज की एकता और आपसी विश्वास को कमजोर करती है। सिंधु समाज ने मांग की है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अमित बघेल कानूनी कार्यवाही कर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दे।
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भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन के नाम से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फर्जी अकाउंट बनाकर ठगी की कोशिश का मामला सामने आया है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी निकालकर वाट्सएप पर उनके नाम से रिश्तेदार और सहयोगियों से संदेश भेजे। पहले उनसे हालचाल जाना और फिर में उनको संदेश भेजकर अपने निजी काम के लिए पचास हजार रुपये की मांग की गई। भोपाल नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने शनिवार को स्वयं सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट बनाकर पैसे मांगने की जानकारी साझा की है। उन्होंने लोगों को भी अलर्ट किया है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सूचना दी है और लोगों को जागरूक करने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से सूचना चलवाकर जागरुक किया है। उन्होंने कहा है कि यदि कोई मेरे नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर और मेरी फोटोयुक्त डीपी लगाकर पैसे की मांग करता है तो उसे इग्नोर करें और मुझे अवगत भी कराएं। निगम आयुक्त संस्कृति जैन ने बताया कि उनके संज्ञान में आया कि किसी ने एक मोबाइल नंबर पर मेरी फोटो लगाकर फर्जी अकाउंट बनाया और स्वयं के मीटिंग में होने एवं बैंक अकाउंट में ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर में कुछ समस्या आने का हवाला देते हुए 50 हजार रुपये की राशि एचडीएफसी बैंक में रिया इकरोया नाम के व्यक्ति के अकाउंट में ट्रांसफर करने को कहा। सोशल मीडिया पर उक्त व्यक्ति ने एचडीएफसी बैंक की रोईंग शाखा का अकाउंट नंबर-50100553727629 एवं आईएफएससी कोड एचडीएफसी 0002245 भी दिया। इसके बाद निगम कमिश्नर ने लोगों से यह अपील की। गौरतलब है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी संस्कृति जैन इससे पहले सिवनी जिले की कलेक्टर रही हैं। पिछले महीने ही प्रशासनिक फेरबदल हुआ था, तब उनका ट्रांसफर करके भोपाल नगर निगम में आयुक्त बनाया गया था, तभी वे यह दायित्व संभाल रही हैं।
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मऊगंज । मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में लौर थाना क्षेत्र अंतर्गत एक 14 साल की नाबालिग छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। घटना शुक्रवार देर शाम तब हुई, जब वह घर से पानी भरने के लिए हैंडपंप पर गई थी। गांव के ही तीन युवकों ने उसे जबरन पास के सरकारी स्कूल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपित उसे छोड़कर भाग गए। पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। लौर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कक्षा नौवीं में पढ़ने वाली 14 वर्षीय छात्रा शुक्रवार शाम करीब 6 बजे घर से बाल्टी लेकर हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। तभी गांव के एक लड़के ने उसे पीछे से पकड़ लिया और जबरन स्कूल की बाउंड्री के अंदर ले गया। वहां उसके दो और साथी पहले से मौजूद थे। तीनों ने स्कूल के पीछे ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की। जब छात्रा काफी देर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। वह घर के पास ही धान के एक खेत में घायल और बेहोश हालत में मिली। होश में आने पर उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित छात्रा ने बताया कि आरोपियों के नाम प्रिंस पटेल (19), अतुल पटेल (22) और एक 15 वर्षीय नाबालिग है। पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई कर रही है। मऊगंज के पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए तीन टीमें बनाई गई थीं। तीनों आरोपियों को 10 घंटे में गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित का मेडिकल कराया गया है। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के सिहोरा तहसील के ग्राम नुंजी निवासी सतीश दाहिया और शशि दाहिया की तीन दिन की नवजात बच्ची का जीवन बचाने के लिए गुरुवार को पीएमश्री एयर एंबुलेंस से मुम्बई भेजा गया है, जहाँ नारायण हृदयालय में मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से उसके हृदय का ऑपरेशन किया जायेगा। यह प्रदेश का पहला ऐसा मामला है जिसमें मात्र तीन दिन की बच्ची को हृदय के उपचार के लिये राज्य शासन द्वारा पीएम श्री एयर एंबुलेंस से मुंबई भेजा गया है। बच्ची के हृदय की सर्जरी पर होने वाला पूरा खर्च भी राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से वहन किया जायेगा। बच्ची को उपचार के लिये मुम्बई ले जाने मध्य प्रदेश शासन द्वारा शुरू की गई पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा की एयर एंबुलेंस गुरुवार दोपहर लगभग एक बजे नई दिल्ली से डुमना एयरपोर्ट पहुँची। तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद बच्ची को रसल चौक स्थित निजी अस्पताल जबलपुर हॉस्पिटल से डुमना एयरपोर्ट ले जाया गया, जहाँ करीब ढाई बजे पीएम श्री एयर एम्बुलेंस ने मुंबई के लिये उड़ान भरी। इस मौके पर सिहोरा विधायक संतोष वरकड़े भी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। उन्होंने बच्ची के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की तथा बच्ची की क्रिटिकल स्थिति को देखते हुये एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिये प्रदेश के संवेदनशील मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आभार व्यक्त किया। ज्ञात हो कि शशि दाहिया ने दो दिन पहले जबलपुर हॉस्पिटल में दो जुड़वां बच्चों एक बेटा और एक बेटी को जन्म दिया था। इनमें से मेडिकल परीक्षण में चिकित्सकों द्वारा बेटी को हृदय रोग से पीड़ित बताया गया और उसकी क्रिटिकल स्थिति को देखते हुये उपचार के लिये तुरंत मुंबई के नारायण हृदयालय ले जाने की सलाह दी गई थी। जबलपुर हॉस्पिटल के चिकित्सकों द्वारा इसकी सूचना जिला अस्पताल को भी दी गई। बच्ची की नाजुक हालत और उसके पिता की आर्थिक स्थिति को देखते हुये सूचना मिलते ही बुधवार को गुरुनानक जयंती के अवकाश के बावजूद राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के कार्यालय को खोलने का निर्णय लिया गया तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा के नेतृत्व में एक घण्टे के भीतर तमाम दस्तावेज तैयार कर मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से मुंबई के नारायण हृदयालय में बच्ची के हृदय की सर्जरी की स्वीकृति प्रदान की गई। बच्ची के पिता और उसके परिवारजनों ने बच्ची के जीवन को बचाने एयर एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के लिये मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का धन्यवाद ज्ञापित किया है तथा अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर तत्परता से मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से हृदय की सर्जरी का प्रकरण स्वीकृत करने के लिये जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के व्यापार, उद्योग और एमएसएमई सेक्टर पर जीएसटी सुधारों का सकारात्मक प्रभाव नजर आने लगा है। इन सुधारों से राज्य के विभिन्न उत्पादों में 6 से 10 प्रतिशत तक कीमतों की कमी दर्ज की गई है। इससे न केवल उद्योगों की लागत घटी है, बल्कि रोजगार, विकास और आजीविका के नए अवसर भी तेजी से बढ़े हैं। राज्य ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के सितम्बर माह तक निर्धारित लक्ष्य 8,212 करोड़ रुपये के विरुद्ध 8,293.01 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया, जो लक्ष्य से 0.99 प्रतिशत अधिक है। वर्तमान वर्ष में सितम्बर 2025 तक प्राप्त राजस्व, गत वर्ष की तुलना में 16.88 प्रतिशत अधिक है। यह संकेत है कि जीएसटी सुधारों ने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को गति दी है। यह जानकारी शुक्रवार को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने मीडिया को जारी एक बयान में दी। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में किए गए जीएसटी सुधारों ने व्यापार जगत, उद्योगों और कारीगरों के लिए नई ऊर्जा दी है। कर दरों में की गई कमी से उत्पाद सस्ते हुए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को राहत और व्यापारियों को प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। इन सुधारों से आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में मध्य प्रदेश अग्रसर हो रहा है।” इंदौर नमकीन उद्योग जनसम्पर्क अधिकारी संतोष मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि इंदौर सेंव, लौंग सेंव, मिक्सचर और चिवड़ा जैसे उत्पादों का जीआई टैग प्राप्त केंद्र इंदौर, लगभग 01 लाख प्रत्यक्ष और 2.5 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार देता है। इसका निर्यात मध्य पूर्व, ब्रिटेन और अमेरिका तक होता है। नमकीन पर जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से उत्पादों में 6-7 फीसद तक सस्ती होने की प्रवृत्ति देखी गई है। इससे घरेलू बिक्री में वृद्धि और निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है। कृषि मशीनरी उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश भारत का दूसरा सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य होने के साथ कृषि-मशीनीकरण का प्रमुख केंद्र भी है। इंदौर, भोपाल, देवास, ग्वालियर, उज्जैन और विदिशा में एमएसएमई क्लस्टर द्वारा सीड ड्रिल, थ्रेशर, हार्वेस्टर और सिंचाई पंप बनाए जाते हैं। यहां लगभग 25,000 श्रमिक प्रत्यक्ष और 60,000 लोग अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हैं। ट्रैक्टर, पंप और उपकरणों पर जीएसटी 12/18 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से उपकरणों की लागत में 7 से 13 फीसद तक की गिरावट आने की उम्मीद है। माहेश्वरी साड़ियां जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, खरगोन जिले का महेश्वरी हथकरघा क्षेत्र 2,600 करघों पर लगभग 8,000 बुनकरों को रोजगार देता है, जिनमें महिलाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं। विशिष्ट उलटी किनारी (बुगड़ी) वाली माहेश्वरी साड़ियां 2010 से जीआई टैग प्राप्त हैं और यूरोप व अमेरिका तक निर्यात होती हैं। वस्त्र उत्पादों पर जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से ये साड़ियां लगभग 6% सस्ती होने की उम्मीद है, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों में मांग बढ़ेगी। गोंड चित्रकलाएं इसी तरह मंडला, डिंडोरी, उमरिया और सिवनी में बनने वाली गोंड चित्रकलाएं 2015 से जीआई टैग प्राप्त हैं। ये लोककथाओं और पौराणिक कथाओं पर आधारित होती हैं। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से इन कलाकृतियों में लगभग 6 फीसद कीमत कमी आई है, जिससे कलाकारों को ई-कॉमर्स और निर्यात बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिला है। लकड़ी के लाख के खिलौने जनसम्पर्क अधिकारी ने बताया कि मुख्य रूप से बुधनी (सीहोर), उज्जैन और ग्वालियर में तैयार यह पारंपरिक शिल्प 2,000-2,500 कारीगरों को रोजगार देता है। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से कीमतों में 6 फीसद तक कमी आई है, जिससे ये पर्यावरण-अनुकूल खिलौने प्लास्टिक के विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहे हैं। जापान और यूरोप जैसे निर्यात बाजारों में इनकी मांग बढ़ी है टेराकोटा और मिट्टी के शिल्प उन्होंने बताया कि मंडला, बैतूल, उज्जैन और टीकमगढ़ में 5,000-6,000 ग्रामीण कारीगर, ज्यादातर महिलाएं, टेराकोटा खिलौनों और सजावटी वस्तुओं का निर्माण करती हैं। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से ये उत्पाद लगभग 6 फीसद सस्ते हुए हैं, जिससे त्योहारी सीजन में बिक्री में वृद्धि हुई है। बेल मेटल और डोकरा शिल्प इसी तरह बैतूल और बालाघाट के आदिवासी क्षेत्रों में 5,000 कारीगर डोकरा कला में कार्यरत हैं। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से उत्पादों की कीमत में 6 फीसद की कमी आई है, जिससे मशीन निर्मित मूर्तियों के मुकाबले यह शिल्प फिर से लोकप्रिय हुआ है। टीकमगढ़, झाबुआ और अलीराजपुर में 5,000-6,000 कारीगर लाख के बर्तन और बेल धातु की वस्तुएं बनाते हैं। बेल धातु पर जीएसटी 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद और लाख के बर्तनों पर 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से कीमतों में 6-10 फीसद की कमी आई है, जिससे घरेलू मेलों में बिक्री और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है। बांस-बेंत के हस्तशिल्प और पीतल के बर्तन जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में हजारों जनजातीय परिवार बांस-बेंत के शिल्प में लगे हैं। लगभग 12,000 प्रत्यक्ष और 25,000 अप्रत्यक्ष महिला कारीगरों को काम मिला है। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से इन उत्पादों में 6 फीसद की कीमत कमी आई है, जिससे इको-फ्रेंडली उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिला है। टीकमगढ़, छतरपुर और बैतूल के पीतल उद्योगों में वंशानुगत कारीगर पारंपरिक बर्तन और दीपक बनाते हैं। जीएसटी 12 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से कीमतों में लगभग 6 फीसद की कमी आई है, जिससे कारीगरों को स्टील और एल्युमिनियम से प्रतिस्पर्धा में राहत मिली है। सीमेंट उद्योग और बलुआ पत्थर उद्योग सतना, कटनी, दमोह और रीवा जैसे केंद्रों के कारण मध्य प्रदेश भारत का सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक है। यहां लगभग 50,000 प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। जीएसटी 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद करने से प्रति 50 किलो बैग में ₹25-30 की कीमत कमी हुई है। इससे निर्माण और आवास क्षेत्र को बढ़ावा मिला है। वहीं, ग्वालियर, शिवपुरी और टीकमगढ़ के केंद्रों में 25,000-30,000 श्रमिक कार्यरत हैं। जीएसटी 28 फीसद से घटाकर 18 फीसद करने से स्लैब और टाइल्स 8 फीसद सस्ती हुई हैं, जिससे निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला है। देवास, इंदौर और ग्वालियर के क्लस्टर में 40,000 प्रत्यक्ष और 1.2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार हैं। ₹2,500 तक के जूतों पर जीएसटी 18 फीसद से घटाकर 5 फीसद करने से 11 फीसद कीमत कमी हुई है, जिससे कारीगरों की आमदनी बढ़ी है और जूता उद्योग को नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली है। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि जीएसटी सुव्यवस्थीकरण से मध्य प्रदेश को घरेलू स्नैक्स, साड़ियां, आदिवासी शिल्प, सीमेंट, बलुआ पत्थर और जूते-चप्पल तक हर क्षेत्र में व्यापक लाभ हुआ है। लागत घटने से कारीगरों को सहयोग, एमएसएमई को मजबूती और घरेलू व वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार हुआ है। महेश्वर के बुनकरों, मंडला के कलाकारों, सतना के सीमेंट कर्मियों और देवास के जूता निर्माताओं तक, यह सुधार ग्रामीण और शहरी आजीविका को नई दिशा दे रहा है।
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नई दिल्ली । दिल्ली के छतरपुर स्थित कात्यायनी शक्ति पीठ से शुक्रवार को बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025 शुरू हुई। यह पदयात्रा वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर तक जाएंगी। 10 दिन की यह पदयात्रा दिल्ली, हरियाणा से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के वृंदावन में 16 नवंबर को संपन्न होगी।बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने पदयात्रा प्रारंभ करते हुए कहा कि आज दिल्ली में लाखों सनातनी हिंदू एकता व हिंदू राष्ट्र के लिए सड़कों पर हैं, यह देश एक नया अध्याय लिख रहा है। यह एक वैचारिक यात्रा है। इसमें सनातनियों को एक करने के लिए, हिंदुओं को जगाने लिए, हिंदुओं को जागरूक करने व सामाजिक समरसता के लिए यह पदयात्रा निकाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, तब तक यह यात्राएं निकाली जाएंगी।धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना तभी पूर्ण होगी, जब आम जनमानस एकजुट होकर यही आवाज लगाए। हम कागजों पर हिंदू राष्ट्र नहीं बल्कि विचारों में हिंदू राष्ट्र चाहते हैं, इसलिए दिल्ली की शक्तिपीठ से वृन्दावन की भक्ति नगरी यह पदयात्रा निकल रही है।दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा इस यात्रा की शुभारंभ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने एक्स पर पोस्ट पर इसे साझा करते हुए कहा कि यह पदयात्रा सनातन संस्कृति की आत्मा को पुनः जाग्रत करते हुए पूरे देश में एकता, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देगी। उन्होंने कहा कि इस आध्यात्मिक यात्रा के माध्यम से हमारे आस्था और एकत्व के संस्कार पुनः पुष्ट हो रहे हैं। इसमें शामिल होना एक अत्यंत अलौकिक और भावनात्मक अनुभव रहा। मुख्यमंत्री ने श्री बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को दिल्ली से ब्रजभूमि तक इस पावन ‘सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा’ के सफल संपादन के लिए शुभकामनाएं दी।कपिल मिश्रा ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बाबा बागेश्वर धाम सरकार के पावन सानिध्य में दिल्ली से वृंदावन तक आरंभ हुई सनातन एकता पदयात्रा- यह केवल कदमों की चाल नहीं, आस्था और विश्वास की पुकार है, संस्कृति के संरक्षण और सनातन एकता के पुनर्जागरण का महायज्ञ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का इस पदयात्रा में सम्मिलित होना, यह प्रमाण है कि जब शासन और सनातन संस्कार एक पथ पर चलते हैं, तब संस्कृति अमर होती है, और राष्ट्र मजबूत बनता है।
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मुरैना । दबंगों ने ग्रामीण व किसानों का आवागमन बंद करने के लिये गांव का गंदा पानी दगरे (कच्चा रास्ता) में छोड़ दिया। इससे लगभग एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण व किसान को मरीजों के लाने-ले जाने के साथ-साथ स्वयं के आवागमन का संकट पैदा हो गया है। समस्या के निराकरण के लिये जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में गुहार लगाई गई है। स्थानीय प्रशासन व मौके की जांच के लिये राजस्व विभाग के प्रतिनिधि को गांव में भेजा है। वस्तुस्थिति का अवलोकन कर रास्ता सुगम बनाने का दावा प्रशासन द्वारा किया तो जा रहा है, लेकिन कब तक समस्या का निराकरण होगा यह कहा नहीं जा सकता है। जिले की ग्राम पंचायत हांसई मेवदा का मजरा श्रीचंद का पुरा क्वारी नदी के बीहड़ में है। ग्राम पंचायत मुख्यालय से लगभग 2 किलोमीटर दूर एक सैकड़ा से अधिक ग्रामीण श्रीचंद का पुरा में निवास करते हैं। कई दशक पूर्व से ग्रामीण व उनके पूर्वज ग्राम पंचायत मुख्यालय के लिये आवागमन करने के लिए जिस दगरे (कच्चा रास्ता) का उपयोग करते चले आ रहे हैं अब वह संभव दिखाई नहीं दे रहा है। ग्राम पंचायत हांसई मेवदा का गंदा पानी जिस रास्ते से बीहड़ों में 20 दिन पहले जा रहा था गांव के दबंग लोगों ने गंदे पानी का रास्ता बदलकर श्रीचंद का पुरा के ग्रामीणजन के आवागमन वाले दगरे (कच्चा रास्ता) की ओर कर दिया। जिससे दगरे (कच्चा रास्ता) में दो से ढाई फीट पानी लगभग 100 से डेढ़ सौ मीटर की लम्बाई में भर गया है। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणजन खेतों की मेड़ से होकर आवागमन कर रहे हैं। खेतों में बोई गई गेंहू की फसल के बड़े होते ही कुछ दिवस बाद इन मेड़ों से निकलना बंद हो जायेगा। खेत मालिक मेड़ का रास्ता बेरीकेड्स से बंद कर देंगे। इससे किसानों को आवागमन का संकट पैदा हो जायेगा। दल दल बना रास्ता ग्राम पंचायत मुख्यालय हांसई मेवदा से श्रीचंद का पुरा के लिये आवागमन करने के लिए दगरा (कच्चा रास्ता) में गंदा पानी भर जाने से दल-दल हो गया है। शिक्षा के लिये प्राथमिक, माध्यमिक कक्षाओं के विद्यार्थी अध्ययन के लिये स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं उच्च कक्षाओं के विद्यार्थियों को ही आवागमन का संकट हो गया है क्योंकि नाले के गंदे पानी को पार कर जाना पड़ रहा है। कुछ दिवस बाद खेत की मेड का रास्ता बंद होने पर विद्यार्थी अध्ययन के लिये नहीं निकल पायेंगे। इसी तरह गांव श्रीचंद का पुरा से कैंसर मरीज को इलाज के लिये लाना ले जाना संकटग्रस्त हो गया है। पटवारी को जांच के लिए भेजा ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन द्वारा मौके की जांच के लिये पटवारी को भेज तो दिया है, लेकिन ग्रामीण रास्ता सुगम हो जाने के लिये आशान्वित दिखाई नहीं दे रहे। किसान नहीं कर पा रहे बोवनी नाले का पानी दगरा (कच्चा रास्ता) में भर जाने से हांसई व श्रीचंद का पुरा के सैकड़ों किसान खेतों में बोबनी नहीं कर पा रहे हैं। डेढ़ सैकड़ा बीघा से अधिक कृषि भूमि में फसल न होना किसान बता रहे हैं। हांसई गांव के दलित किसान भी इस समस्या से पीडि़त हैं। कुछ किसानों द्वारा कड़े संघर्ष के बाद बोबनी तो कर दी है, लेकिन फसल की संभावना दिखाई नहीं दे रही। खरीफ के बाद रबी की फसल पर अतिवर्षा के कारण आई प्राकृतिक आपदा से बाहर निकलने का प्रयास कर रहे समस्याग्रस्त किसान अब संकट में दिखाई दे रहा है। इस संबंध में मुरैना एसडीएम भूपेन्द्र सिंह कुशवाह का कहना है कि मामला मेरी संज्ञान में आया है। जांच के लिए पटवारी को भेजा है। रास्ता खुलवाकर निर्माण भी कराया जाएगा।
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दमोह । सिंधी समाज के आराध्य भगवान झूलेलाल पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले को लेकर सिंधी समाज आक्रोशित दिखाई दे रहा है। मध्य प्रदेश के दमोह में गुरुवार को हजारों की संख्या में सिंधी समाज के लोगों ने एकत्रित होकर विरोध प्रकट किया। उन्होंने स्थानीय अंबेडकर चौक पर अमित बघेल का पुतला दहन भी किया। लगभग 4 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए यह सभी सिंधी समाज के लोग संयुक्त संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन पहुंचे एवं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपते हुए कार्रवाई की मांग की। दरअसल, भगवान झूलेलाल पर गत दिवस जोहार छत्तीसगढ़ क्रांति सेना प्रमुख अमित बघेल के द्वारा अभद्र एवं आधारहीन टिप्पणी करने का मामला सामने आया था। दमोह में सिंधी समाज द्वारा संचालित भगवान झूलेलाल मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने कहा कि अमित बघेल के द्वारा जानबूझकर सिंधी समाज के पूजनीय इष्ट देव भगवान झूलेलाल के विरुद्ध तथा सनातन धर्म व महापुरुषों पर अत्यंत हमारे आदित्य टिप्पणी करते हुए सिंधी समाज को पाकिस्तानी कहकर संबोधित किया है। जिसके कारण पूरा समाज आक्रोशित थे उनकी आस्था को ठेस पहुंची है। वहीं अनिल कोटवानी का कहना है कि आक्रोश की यह आग सिर्फ दो बातों से थम सकती है या तो अमित बघेल माफी मांगे या फिर सरकार अमित बघेल के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाई करे। हम सभी भारत के संविधान भारत के कानून में भरोसा रखते हैं और हमें भरोसा है कि अमित बघेल के विरुद्ध कार्यवाई अवश्य होगी। उन्होंने कहा कि जिस मर्यादित टिप्पणी का प्रयोग किया गया है वह निंदनीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर बृजेश सिंह ने प्राप्त किया। उनका कहना है कि ज्ञापन नियम अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय को भेज दिया जाएगा। इस अवसर पर हरीश नागदेव एवं जयरामदास नोतानी एवं विनोद अम्लानी ने कहा कि अमित बघेल के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही नहीं होती है तो सिंधी समाज देश भर में बड़ा आंदोलन करेगा क्योंकि हम सभी सनातन धर्म का ना तो अपमान सहेंगे और ना ही भगवान झूलेलाल पर टिप्पणी करने वाले को माफ करेंगे। सरकार को जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाई करना चाहिए। आज की इससे आक्रोश रैली में हजारों की संख्या में सिंधी समाज के लोगों की उपस्थिति रही।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने प्रदेश के मतदाताओं से स्पेशल इंटेसिव रीविमन (एसआईआर) में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मप्र में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। इस अभियान में बीएलओ 4 दिसम्बर 2025 तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन (House-to-House Enumeration) करेंगे। इस अवधि में प्रत्येक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) मतदाताओं के निवास पर जाकर उनके नाम, पता, आयु एवं अन्य विवरणों का भौतिक सत्यापन करेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा सभी मतदाताओं से इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी एवं पूर्ण सहयोग का आग्रह किया गया है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा ने मतदाताओं से अपील की है कि जब बीएलओ आपके घर आएँ, तो कृपया उन्हें आवश्यक सहयोग प्रदान करें। 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सदस्य का भी बनवाएं ईपीक बीएलओ के पास पहले से मतदाता सूची 2025 के विवरण के अनुसार आपके नाम, पता और BPIC नंबर सहित प्री-प्रिंटेड एन्यूमरेशन फॉर्म होगा। नागरिकों से अपेक्षा की जाती है कि वे इस फॉर्म में भरी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक जाँचे तथा पुष्टि करें। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में कोई नया सदस्य 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका है. उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए बीएलओ द्वारा फॉर्म-6 उपलब्ध कराया जाएगा। बीएलओ का अधिकृत पहचान पत्र देखकर ही जानकारी करें साझा सीईओ झा ने बताया कि यदि किसी परिवार सदस्य का निधन हो गया हो या वह अन्यत्र स्थानांतरित हो गया हो, तो उसकी जानकारी भी बीएलओ को दें ताकि सूची से नाम विलोपित किया जा सके। दस्तावेज़ केवल तभी आवश्यक होंगे जब किसी प्रविष्टि का सत्यापन पूर्ववर्ती रिकॉर्ड से मेल न खाए। ऐसी स्थिति में संबंधित निर्वाचन रजिस्ट्री अधिकारी (ERO) अलग से सूचना देकर आवश्यक दस्तावेज़ माँगेगा। बीएलओ आयोग द्वारा अधिकृत पहचान-पत्र लेकर आएँगे, अतः नागरिक उनसे पहचान-पत्र देखकर जानकारी साझा करें। अंतिम सूची का प्रकाशन होगा 7 फरवरी 2026 को घर-घर सत्यापन के बाद 9 दिसम्बर 2025 को प्रारूप (Draft) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। नागरिक 9 दिसम्बर 2025 से 8 जनवरी 2026 तक अपने नाम संबंधी दावा या आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2026 को किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य सभी पात्र मतदाता सूची में रहें निर्वाचन आयोग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि जब बीएलओ आपके घर पहुँचे, तो सटीक एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएँ। यह अभियान मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और समावेशिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। नागरिकों के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम सूची में सम्मिलित हो तथा कोई अपात्र प्रविष्टि मतदाता सूची में न रहे।
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जबलपुर/भोपाल । मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के लिए अनिवार्य ई-अटेंडेंस प्रणाली को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे इस नीति के बिना किसी न्यायिक बाधा के जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि यह मामला कार्यपालिका की नीति के अंतर्गत आता है और इसमें अदालती हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को ई-अटेंडेंस प्रणाली के माध्यम से ही अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। दरअसल, शिक्षकों द्वारा राज्य शासन की ई-अटेंडेंस व्यवस्था के खिलाफ जनहित याचिका दायर की थी। यह याचिका अतिथि शिक्षक समन्वय समिति अशोकनगर के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने 20 जून 2025 को राज्य सरकार द्वारा जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत 1 जुलाई 2025 से पूरे प्रदेश में शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई थी। उच्च न्यायालय की युगलपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि इस मामले में न्यायालय के हस्तक्षेप का कोई औचित्य नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि ग्रामीण और अंचल क्षेत्रों में डिजिटल ढांचा कमजोर है, जिससे मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी में गंभीर कठिनाइयां हैं। इसके अतिरिक्त, कई शिक्षक स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ हैं, जिससे उनके लिए ई-अटेंडेंस दर्ज करना व्यावहारिक रूप से कठिन हो जाता है। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता निलेश यादव ने पक्ष रखा और यह तर्क दिया कि ई-अटेंडेंस प्रणाली पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है और इसे लागू करने में कोई कानूनी बाधा नहीं है। यह प्लेटफॉर्म रीयल-टाइम निगरानी को बढ़ावा देता है, प्रॉक्सी शिक्षण पर अंकुश लगाता है, और डेटा-आधारित स्थानांतरणों और पदोन्नति में योगदान देता है। उन्होंने पीठ को आश्वस्त किया कि कम कवरेज वाले क्षेत्रों के लिए ऑफलाइन विकल्प मौजूद हैं। जिला अधिकारियों ने कर्मचारियों को जियो-टैग किए गए फोटो अपलोड से परिचित कराने के लिए व्यावहारिक सत्र आयोजित किए हैं। उच्च न्यायालय ने सभी तर्कों को सुनने के बाद याचिका को खारिज करते हुए सरकार के आदेश को वैध माना। इस फैसले के बाद अब शिक्षकों को अपनी दैनिक उपस्थिति केवल ई-अटेंडेंस पोर्टल या ऐप के माध्यम से दर्ज करनी होगी। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने फैसले का किया स्वागत अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, प्रशिक्षण में तेज़ी आने और दूर दराज के इलाकों तक सिग्नल बूस्टर पहुंचने के साथ ही अनुपालन दर 90 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गई है। राज्य के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यह 1.2 लाख स्कूलों के लाखों छात्रों को शिक्षा प्रदान करने वाले इस क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के प्रयासों को मान्यता देता है।
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इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस थाना पलासिया से मिली सूचना के आधार पर मंगलवार को खाद्य विभाग के अमले ने गवली मोहल्ला, बड़ी ग्वालटोली स्थित भोलेनाथ मंदिर के पास एक आवासीय मकान पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में की गई है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एम. एल. मारू ने बताया कि जांच के दौरान 14.2 किलोग्राम श्रेणी के घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के 21 नग अवैध रूप से भंडारित पाए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी अरुण फरकले इन सिलेंडरों का अवैध क्रय-विक्रय कर रहा था। खाद्य विभाग की टीम ने सभी सिलेंडरों को जब्त किया है।उक्त प्रकरण में अवैध भंडारण में पाए गए सिलिंडर को किस गैस एजेंसी के हॉकर द्वारा दिया जा रहा था, जांच की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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नैनीताल जिले की लालकुआं पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए...... दो तस्करों को गिरफ्तार किया है......पुलिस और SOG की टीम ने मिल कर सुभाष नगर पुलिस चेकपोस्ट के पास चेकिंग के दौरान...... 210 नशीले इंजेक्शन पकड़े हैं......बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई लगातार चल रहे...... पुलिस अभियान का हिस्सा है......जिसके तहत पुलिस को पिछले दस दिनों में ये तीसरी बड़ी सफलता मिली है......लालकुआं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बृजमोहन राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ले रहे थे......जिस दौरान दो युवक संदिग्ध हालत में दिखाई दिए......जिनके पास से भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन मिले...... पुलिस ने मौके पर ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया......पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो इन इंजेक्शनों को अवैध रूप से बेचने की योजना बना रहे थे......वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है......उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है...... और किसी भी कीमत पर इस अवैध व्यापार को पनपने नहीं दिया जाएगा......पुलिस टीम ने इस कार्रवाई को अपनी बड़ी सफलता बताया है ......और साथ ही आम जनता से भी अपील की है...... कि उन्हें किसी को नशे के अवैध कारोबार की जानकारी मिलती है......तो तुरंत पुलिस को सूचित करें......
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मैहर जिले के ताला थाना क्षेत्र के ग्राम सनेही में रीवा रेंज के आईजी गौरव राजपूत के निर्देश पर चल रहे......ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस ने एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश किया है...... जो पूरी तरह फिल्मी अंदाज़ में रची गई थी......आरोपी नंदकिशोर उर्फ छोटे भैया पटेल ने अपने घर के सामने रेत के ढेर में दो बोरियों में नशीली कफ सिरप की 286 शीशियां छिपा रखी थी......पुलिस की नजर से बचाने के लिए आरोपी ने रेत के ऊपर लौकी की बेल फैला दी थी......ताकि ऊपर से देखने पर सब कुछ सामान्य लगे...... लेकिन खुफिया जानकारी और पुलिस की चौकसी ने इस चाल को नाकाम कर दिया......जब जेसीबी से रेत हटाई गई......तो नीचे से मौत बाँटने वाली कफ सिरप की सैकड़ों शीशियां बरामद हुईं......इन कप सिरप की बाजार में कीमत करीब 57 हजार 629 बताई जा रही है......पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि...... आरोपी कुछ पैसों के लालच में युवाओं को नशे के दलदल में धकेल रहा था...... यह नेटवर्क बड़े पैमाने पर नशे की सप्लाई से जुड़ा हो सकता है......जिसको लेकर अब पुलिस सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है......आरोपी को गिरफ्तार कर एनडीपीएस एक्ट और ड्रग कंट्रोल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है......
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मैहर जिले के रामनगर विकासखंड के ग्राम जट्ठाहा टोला में विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है...... MPPCL द्वारा आवासीय क्षेत्र के बीचोंबीच विद्युत सबस्टेशन का भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू किया गया है......जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है......ग्रामीणों का कहना है कि उपकेंद्र का निर्माण घनी आबादी वाले इलाके में किया जा रहा है......जो भविष्य में सुरक्षा और स्वास्थ्य दोनों के लिए खतरा बन सकता है...... इसको लेकर ग्रामीण तहसील से लेकर जिला प्रशासन तक कई बार शिकायतें कर चुके हैं......लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है......जिससे परेशान हो कर अब ग्रामीण अनशन पर बैठ गए हैं...... और स्थान परिवर्तन की मांग कर रहे हैं..... आप को बता दे की उपकेंद्र जिस ज़मीन पर बनाया जा रहा है.....वो कुछ किसानों की निजी आराजी है.....जिनका ना तो मुआवजा दिया गया है..... और ना ही उनकी अनुमति ली गई है.....किसानों का कहना है कि उन्होंने मुआवजा लेने से इनकार कर दिया है..... और शासन से अपनी ज़मीन पर दर्ज विद्युत परियोजना का दर्जा हटाने की मांग की है.....ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उपकेंद्र का स्थान बदला नहीं जाता, उनका अनशन जारी रहेगा.....
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कानपुर । आईआईटी कानपुर के फाउंडेशन डे में रविवार को शामिल होने पहुंचे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हिंसा करने वालों पर नकेल कसी जा रही है। किसी भी व्यक्ति या दल को हिंसा या अराजकता नहीं करने दी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था अधिक सख्त की जा रही है और मतदाता निर्भय होकर मतदान करें। अब देशभर में एसआईआर चलेगा। बिहार चुनाव में हिंसा से जुड़े पत्रकाराें के सवाल पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। चुनाव आयोग के लिए न कोई पक्ष है, न विपक्ष सब समान हैं। हिंसा की कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर, दूसरे चरण का 11 नवंबर काे हाेगा और मतगणना 14 नवंबर को होगी। चुनाव आयोग ने 243 रिटर्निंग ऑफिसर, पर्यवेक्षक, जिलाधिकारी और पुलिस कप्तानों की टीम को पूरी तरह से तैयार किया है। उन्हाेंने बताया बिहार के बाद अब देशभर में 51 करोड़ मतदाताओं की सूची का शुद्धिकरण (एसआईआर) होगा। इसके लिए सभी जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। यह कार्य वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बनेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि वे बिहार चुनाव की व्यस्तता के कारण कानपुर आने की योजना छोड़ चुके थे, लेकिन अपनी माता की इच्छा का सम्मान करते हुए कानपुर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आईआईटी वालों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन मां की आज्ञा का पालन करने के लिए मैं यहां आया हूं। आईआईटी कानपुर में बिताए चार वर्ष उनके जीवन के सबसे ऊर्जावान साल रहे। आईआईटी कानपुर के फाउंडेशन डे में शिरकत करने से पहले उन्हाेंने आर्यनगर स्थित टीएसएच स्पोर्ट्स हब में आयोजित माथुर वैश्य समाज के कार्यक्रम में भी भाग लिया। कार्यक्रमों में उन्होंने आईआईटी के छात्र जीवन, कानपुर से जुड़ाव और चुनाव आयोग के अनुभवों को साझा किया।
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इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में शनिवार की रात हुई अग्नि दुर्घटना को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रशासन पूर्ण रूप से सजग और सतर्क है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिले में अग्नि सुरक्षा के मानकों की समीक्षा के लिए विशेष जांच अभियान प्रारंभ किया गया है। अभियान के अंतर्गत रविवार को जिले के सभी एसडीएम द्वारा विभिन्न औद्योगिक, व्यावसायिक और भंडारण प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा उपकरणों की अनुपलब्धता, अग्निशमन की तैयारी में कमी तथा अन्य अनियमितताएं पाई गईं। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 10 कारखानों, गोदामों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया गया है। राऊ क्षेत्र में एसडीएम गोपाल वर्मा के दल द्वारा रविवार को विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। फायर सेफ्टी से संबंधित मानक का उल्लंघन होने के अलावा अन्य अनियमितता पाए जाने पर कॉटन सीड ऑयल का उत्पादन करने वाली चार फैक्ट्रियों को सील किया गया। दल द्वारा राऊ क्षेत्र की हनुमान ऑयल मिल, श्याम ऑयल मिल, जय श्री नेचुरल प्राइवेट लिमिटेड और घीया ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड को मौके पर जाँच उपरांत सील किया गया। दल द्वारा ग्राम तेजपुर गड़बड़ी चोईथराम स्कूल के पीछे अवैध रूप से भण्डारित एसिड पर कार्यवाही करते हुए लगभग 45000 लीटर एसिड जप्ती की कार्यवाही की गई। साथ ही ग्राम पिगडम्बर में अवैध रूप से संचालित एक प्लास्टिक फैक्ट्री को सील करने की कार्यवाही व निर्धारित मानकों के अनुसार संचालन नहीं होने से तीन आईल फैक्ट्री को सील किया गया है। इसी तरह जूनी इंदौर, सांवेर, मल्हारगंज, महू, बिचौली तहसील क्षेत्र में भी एक-एक प्रतिष्ठानों को सील किया गया। जूनी इंदौर क्षेत्र में एसडीएम प्रदीप सोनी के दल द्वारा पालदा स्थित एस एम पेंट्स में अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने पर इकाई को सील किया गया। इसी प्रकार सांवेर क्षेत्र में एसडीएम घनश्याम धनगर की टीम द्वारा फायर सुरक्षा उपकरण न होने से डकाच्या क्षिप्रा स्थित अपोलो टायर में गोडाउन को सील किया गया। गोडाउन में लगभग 40 हज़ार टायर बिना सुरक्षा मानक का पालन किए रखे हुए थे। इसी तरह मल्हारगंज क्षेत्र में शांति नगर सेक्टर ई सांवेर रोड पर फेशियल नामक साबुन और क्रीम बनाने वाली रतन ऑर्गेनिक कंपनी पर एसडीएम मल्हारगंज निधि वर्मा और डीसी विभाग के संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया की रतन ऑर्गेनिक द्वारा अग्नि सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा था। इसके साथ ही यहां पर ज्वलनशील केमिकल एथेनॉल पाया गया। अग्नि सुरक्षा मानदंडों का पालन नहीं किए जाने के कारण फैक्ट्री को मौके पर सील किया गया। डॉ. अम्बेडकर नगर महू क्षेत्र में एसडीएम राकेश परमार और टीम द्वारा जाँच की कार्रवाई की गई। अग्नि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाये जाने पर ग्राम पिपलिया लोहार, तहसील महु स्थित कृष्णांगी एग्रो फूड प्रायवेट लिमिटेड की इकाई को सील किया गया। इसी प्रकार बिचौली क्षेत्र में केलौद करताल स्थित साँझ इंटरप्राइजेज द्वारा संचालित कमर्शियल एसिड तैयार करने की फैक्ट्री में अमानक स्थितियां पाई जाने पर एसडीएम अजय शुक्ला, तहसीलदार श्री बलबीर राजपूत और दल द्वारा निरीक्षण कर कार्रवाई करते हुए यूनिट को सील किया गया। इस तरह आज की गई कार्रवाई में 10 कारखाने/गोडाउन सील किये गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अग्नि सुरक्षा मानकों में लापरवाही को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर श्री वर्मा ने सभी उद्योगपतियों और व्यापारिक प्रतिष्ठान संचालकों से आग्रह किया है कि वे अपने संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करें।
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कटनी-सिंगरौली रेल मार्ग के देवरा ग्राम स्टेशन के पास पचोर जीरो पुल के नीचे जलभराव की समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं...... निर्माणाधीन THDC कोल कंपनी पानी सही ढंग से नहीं निकाल पा रही......पुल पार करने वाले लोग और स्कूल के बच्चे लगातार खतरे में हैं...... प्रशासन और कंपनी को कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है ...... सिंगरौली जिले के कटनी-चोपन रेल मार्ग पर देवरा ग्राम स्टेशन के पास पचोर जीरो के पास निर्माणाधीन टीएचडीसी कोल कंपनी के कार्य क्षेत्र में पुल के नीचे लगातार जलभराव की समस्या बनी हुई है......स्थानीय लोग कई बार जिला प्रशासन और कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक A K शर्मा को आवेदन देकर समस्या के बारे में बता चुके है ...... लेकिन कम्पनी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है ...... जलभराव की वजह से पुल पार करना खतरनाक हो गया है......और कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं......पुल के उस पार स्थित चाणक्य स्कूल एकेडमी के बच्चों का आवागमन भी बाधित हो रहा है...... स्कूल प्रबंधन ने रेल DRM जबलपुर को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि...... अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ......तो बच्चों की सुरक्षा खतरे में रहेगी और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा...... स्थानीय लोग अब कंपनी का काम बंद कराने के लिए मजबूर हो सकते हैं......
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खटीमा में किसानों ने गन्ने के रेट बढ़ाने की मांग को लेकर बैठक की..... किसानों का कहना है कि पिछले चार सालों से गन्ने का रेट नहीं बढ़ाया गया..... जबकि लागत काफी बढ़ गई है..... उन्होंने सरकार से गन्ने का समर्थन मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है..... ताकि उनकी आर्थिक स्थिति सुधर सके..... उधम सिंह नगर के खटीमा तहसील हाल में किसानों ने गन्ने के समर्थन मूल्य बढ़ाने को लेकर बैठक की..... किसानों का कहना है कि पिछले चार वर्षों से गन्ने का रेट स्थिर है..... जबकि खाद, कीटनाशक और मजदूरी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं..... किसान नेता मनजिंदर सिंह भुल्लर ने कहा कि गन्ने की लागत अब लगभग 350 रुपये प्रति क्विंटल पहुंच चुकी है..... इसलिए सरकार को इसका रेट बढ़ाकर 450 रुपये करना चाहिए..... वहीं किसान प्रकाश तिवारी ने बताया कि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति अलग है..... यहां नदियों और नालों की वजह से खेतों में नमी अधिक रहती है..... जिससे गन्ने की बुवाई और छिलाई की लागत बढ़ जाती है..... गन्ना समिति अध्यक्ष बलजिंदर सिंह ने कहा कि..... अब किसानों को तीन-तीन बार कीटनाशक स्प्रे करना पड़ता है..... जिससे खर्च बढ़ गया है..... किसानों ने धामी सरकार से जल्द गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की है.....
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पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए....... एक कार से 257 किलो गांजा बरामद किया है.......पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.......जिसके पास से लगभग 58 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई है.......यह कार्रवाई एसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे.......अभियान नशा मुक्ति एवं तस्करी विरोधी के तहत की गई है ....... रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाना पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए....... एक हुंडई कार से 257.5 किलो गांजा बरामद किया है.......पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर चलाए जा रहे.......अभियान के दौरान यह सफलता मिली है .......पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी.......की एक कार मे गांजा तस्करी की जा रही है ....... जिसके बाद ट्रैफिक डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू की टीम ने घरघोड़ा–लैलूंगा मार्ग पर घेराबंदी कर .......संदिग्ध कार को रोका.......जिसकी तलाशी करने पर पुलिस को 250 पैकेट गांजा मिला.......जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है.......पुलिस ने मौके से आरोपी संतोष दास को गिरफ्तार कर....... कार, मोबाइल और गांजा समेत कुल 58 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है....... पुलिस ने आरोपी पर धारा 20(बी) NTPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर....... न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है....... और अब तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है.......
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में यातायात पुलिस ने जिले भर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने और सड़कों पर अव्यवस्था रोकने के लिए एक नया कदम उठाया है। अब शहर में गलत या निषिद्ध स्थान पर गाड़ी पार्क करने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। पुलिस ने आधुनिक डिजिटल व्हील-लॉक प्रणाली लागू की है, जिसके तहत गलत पार्किंग करने वाले वाहनों पर तुरंत व्हील-लॉक लगाया जाएगा। वहीं जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों में एक भी पार्किग के लिए जगह नहीं होने से परेशानी का सामना करना पडे़गा। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि इस नई व्यवस्था में पुलिसकर्मी वाहन के पहिए पर विशेष व्हील-लॉक लगाएंगे, जिस पर एक क्यूआर कोड अंकित होगा। वाहन मालिक को लॉक पर लगे इस क्यूआर कोड को अपने मोबाइल से स्कैन करना होगा। स्कैन करते ही जानकारी सीधे ट्रैफिक विभाग के नियंत्रण कक्ष और संबंधित ट्रैफिक प्रभारी के मोबाइल पर पहुंच जाएगी। इसके बाद चालक को डिजिटल माध्यम से चालान या जुर्माना भरने के निर्देश मिलेंगे। भुगतान पूरा होने के बाद ट्रैफिक पुलिस का कर्मी मौके पर पहुंचकर राशि का सत्यापन करेगा और लॉक को हटाएगा। बताया गया है कि इस सिस्टम में पूरा प्रोसेस डिजिटल और सुरक्षित है, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना खत्म होगी और कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी रहेगी। क्यूआर कोड विशेष कोडिंग एप के जरिए जनरेट किया गया है, जिससे हर केस की जानकारी ट्रेस की जा सकेगी। यातायात प्रभारी का कहना है कि यह पहल शहर में अनुशासित पार्किंग संस्कृति को बढ़ावा देगी और सड़क पर अवरोध कम होंगे। इससे न सिर्फ यातायात का प्रवाह बेहतर होगा बल्कि दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी घटेंगी। यातायात पुलिस अनूपपुर ने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे अब से निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़ा करें। गलत पार्किंग करने पर तुरंत जुर्माना और व्हील-लॉक की कार्रवाई होगी। इस नई डिजिटल प्रणाली से न केवल जवाबदेही बढ़ेगी बल्कि ट्रैफिक व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के जरिए सुधार भी आएगा। उल्लेखनीय है कि अनूपपुर जिला मुख्यालय सहित अन्य स्थानों में एक भी पार्किंग के लिए स्थाकन नहीं होने से लोगों को असुविधा भी होगी।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले की ब्यावरा पुलिस ने साइबर अपराध एवं ऑनलाइन वित्तीय ठगी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता अर्जित की है। पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में ब्यावरा पुलिस टीम ने लगातार 72 घंटे की मेहनत के बाद 2200 किलोमीटर की यात्रा कर उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा से चार अंतरराज्यीय एटीएम ठगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के पास से 118 फर्जी एटीएम कार्ड तथा ठगी की संपूर्ण राशि बरामद की है। पुलिस मुख्यालय द्वारा गुरुवार को जानकारी दी गई कि गत 13 अक्टूबर को फरियादी नारायण मोंगिया, निवासी ब्यावरा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि जब वे एसबीआई एटीएम से पैसे निकाल रहे थे, तभी दो अज्ञात व्यक्ति आए और एटीएम कार्ड बदलकर 56,000 रुपये की राशि निकाल ली। थाना ब्यावरा में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस टीम ने इस प्रकरण में 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस किया। लगातार तकनीकी निगरानी, लोकेशन एनालिसिस व फील्ड इंटेलिजेंस के माध्यम से पुलिस टीम यूपी के शामली, गाजियाबाद और हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंची और वहां से गिरोह के चार सदस्य सारिक (30 वर्ष) पुत्र उमरदीन निवासी खेडा कुर्तान, थाना कांदला, जिला शामली उत्तरप्रदेश, नईम अल्वी (28 वर्ष) पुत्र मेहरवान निवासी संगम विहार, थाना लोनी जिला गाजियाबाद उत्तरप्रदेश, नियाज (27 वर्ष) पुत्र इजहार मोहम्मद निवासी गंगैरू थाना कांदला जिला शामली उत्तरप्रदेश तथा गौरव सरोवा (33 वर्ष) पुत्र त्रिलोकचंद सरोवा निवासी डवुआ कॉलोनी, जिला फरीदाबाद (हरियाणा) को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पुलिस टीम ने 118 फर्जी एटीएम कार्ड, स्विफ्ट डिज़ायर कार, ठगी की संपूर्ण राशि 56,000 रुपये शत-प्रतिशत बरामद की है। मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा हाल ही में कई अभियानों में भी उल्लेखनीय सफलताएं दर्ज की गई हैं। जिनमें नरसिंहगढ़ पुलिस ने 3500 किलोमीटर की यात्रा कर पश्चिम बंगाल के मालदा से आपराधिक विश्वासघात के आरोपी को गिरफ्तार किया और लगभग 10 लाख रुपये मूल्य का संपूर्ण मशरूका तथा मन्दसौर जिले की भानपुरा पुलिस ने अमानत में खयानत और धोखाधड़ी के मास्टरमाइंड आरोपी को गिरफ्तार कर 21 चार पहिया वाहन (करीब एक करोड़ रुपये मूल्य), दस्तावेज़ एवं मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इन सतत और प्रभावी कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि मध्य प्रदेश पुलिस ने साइबर और वित्तीय अपराधों पर सशक्त पकड़ बनाई है। पुलिस बल का यह प्रयास न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी है, बल्कि यह जनता के प्रति पुलिस की पारदर्शी, संवेदनशील और उत्तरदायी छवि को भी सुदृढ़ करता है। प्रदेश में चल रहे “साइबर सुरक्षा अभियान” के तहत, मध्य प्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा, उनकी आर्थिक संपत्ति की रक्षा और अपराध पर नियंत्रण के लिए निरंतर तत्पर है।
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भोपाल । मध्य प्रदेश में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया के निर्देशानुसार देव उठनी एकादशी पर बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह पहल प्रदेश को “बाल विवाह मुक्त मध्य प्रदेश” बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। विभाग द्वारा इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करते हुए निगरानी, जागरूकता और तत्पर कार्रवाई के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने गुरुवार को अपने संदेश में कहा कि “बाल विवाह न केवल एक कुप्रथा है, बल्कि यह बच्चियों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके उज्ज्वल भविष्य के साथ अन्याय है। सरकार, समाज और परिवार सभी को मिलकर इसे रोकने के लिए प्रयास करने होंगे ताकि ‘बाल विवाह मुक्त मध्यप्रदेश’ का संकल्प साकार हो सके।” उल्लेखनीय है कि देव उठनी एकादशी के बाद पारंपरिक रूप से विवाह समारोहों का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होता है, ऐसे समय में बाल विवाह की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रत्येक ग्राम और वार्ड में सूचना दलों का गठन किया जा रहा है, जिनमें शिक्षक, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह की सदस्य, शौर्यादल की अध्यक्ष, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, पंचायत प्रतिनिधि और समाज के जागरूक नागरिक शामिल हैं। ये दल विवाहों की जानकारी रखेंगे और किसी भी संदिग्ध बाल विवाह की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम या बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी को देंगे। राज्य के सभी जिलों में 24x7 कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं जिनके दूरभाष नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से किया जा रहा है। बाल विवाह की सूचना पर तत्काल कार्रवाई के लिए उड़न दस्ते भी तैनात किए गए हैं। विभाग ने परियोजना और आंगनवाड़ी स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं जिनमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और आम नागरिकों से बाल विवाह रोकथाम में सहयोग का आह्वान किया गया है। शासन द्वारा बालिकाओं के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी आम जनता तक पहुँचाई जा रही है और सही उम्र में विवाह के महत्व के साथ कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों—जैसे कम उम्र में गर्भधारण, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में वृद्धि, शिक्षा में बाधा और स्वास्थ्य समस्याओं—के बारे में जागरूक किया जा रहा है। विभाग ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल (stopchildmarriage.wcd.gov.in) के प्रचार पर विशेष बल दिया है ताकि किसी भी संदिग्ध विवाह की सूचना तुरंत प्राप्त हो सके। गौरतलब है कि भारत सरकार द्वारा 2025 तक बाल विवाह की दर को 23.3 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत करने और 2030 तक देश को पूरी तरह बाल विवाह मुक्त भारत बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 एवं मध्यप्रदेश बाल विवाह प्रतिषेध नियम, 2007 के अंतर्गत बाल विवाह करना या कराना दण्डनीय अपराध है, जिसमें दोषियों को सजा या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। इस वर्ष देव उठनी एकादशी 1 नवम्बर 2025 को मनाई जाएगी, और इसी अवसर पर प्रदेशभर में यह विशेष जागरूकता मुहिम संचालित की जा रही है।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल और जस्टिस एके सिंह की डिवीजन बेंच में हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के मामले पर दायर याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें आरोप लगाया गया कि एक विधायक और खनन कारोबारी राजनीतिक दबाव में रज्जाक के खिलाफ कार्रवाई करवा रहे हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि रज्जाक पर की जा रही कार्रवाई व्यावसायिक प्रतिद्वंद्विता और राजनीतिक दबाव का परिणाम है। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता मोहम्मद अली कर रहे हैं।इस दौरान उसके द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से पूछा कि क्या वे इस मौजूदा विधायक और खनन कारोबारी को इस मामले में पक्षकार बनाना चाहते हैं। अधिवक्ता ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि उन्हें याचिकाकर्ता से निर्देश प्राप्त करने के लिए कुछ समय चाहिए। कोर्ट ने स्वीकार करते हुए अगली सुनवाई 31 अक्टूबर के लिए तय कर दी है।याचिका में कहा गया है कि अब्दुल रज्जाक के खिलाफ लगातार नए प्रकरण दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि पहले से दर्ज मामलों में पुलिस द्वारा अंतिम रिपोर्ट तक दाखिल नहीं की गई है। जमानत मिलने के तुरंत बाद नए मुकदमों का दर्ज होना, याचिकाकर्ता के अनुसार, न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करता है। इस मामले में यह साफ आरोप लगाए गए हैं कि एक मौजूदा विधायक और एक खनन माफिया उन्हें लगातार परेशान कर रहा है और उनके ही आदेश पर उसके विरुद्ध लगातार मामले दर्ज किए जा रहे हैं।हाईकोर्ट ने इस याचिका को गंभीर माना है, क्योंकि इसमें न्यायिक प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं।◆ कौन है अब्दुल रज्जाकजबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र के नए मोहल्ले का निवासी रज्जाक शुरु में डेयरी व्यवसाय से जुड़ा था, लेकिन इसके बाद उसका नाम खनन,अवैध वसूली, जमीन कब्जा, और हथियारबंदी जैसे मामलों में चर्चित हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रज्जाक के खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, धमकी, जबरन वसूली और अवैध हथियार रखने के कई केस दर्ज हैं। उसके बेटों सरफराज और सरताज पर भी गंभीर आरोप हैं। वर्ष 2022 में दर्ज एक मामले में आईपीसी की धारा 308, 365, 386, 452, 342, 506, 120-बी और आर्म्स एक्ट की धाराएँ लगाई गई थीं। 1990 से अब्दुल रज्जाक अपराध की दुनिया मे चर्चित है।
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हैदराबाद । मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवात मोन्था के प्रभाव से तेलंगाना के 16 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा है। आदिलाबाद, निर्मल, निज़ामाबाद, जगतियाल, कामारेड्डी, करीमनगर, सिद्दीपेट, वारंगल, जनगामा, यादाद्री भुवनगिरी, हनुमाकोंडा, महबूबाबाद, मेडक, मेडचल मलकाजगिरी और पेड्डापल्ली जिलों में बाढ़ का खतरा है। इन तीन जिलों में सबसे ज़्यादा बारिश होगीमौसम विभाग ने वारंगल, हनुमाकोंडा और महबूबाबाद जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।कहा गया है कि अन्य जिलों में सबसे ज़्यादा बारिश होगी।आदिलाबाद, निर्मल, जगतियाल, मंचेरियल, राजन्ना सिरसिला, पेद्दापल्ली, करीमनगर, सिद्दीपेट, जनगामा, यदाद्री भुवनगिरि, जयशंकर भूपालपल्ली और सूर्यापेट जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी जारी की गई है. कुमुरम भीम आसिफाबाद, निज़ामाबाद, कामारेड्डी, मेडक, रंगारेड्डी, नलगोंडा, मुलुगु, भद्राद्रि कोठागुडेम और खम्मम जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इन जिलों के लिए पीली चेतावनी जारी की गई है.मोन्था चक्रवात और बारिश के कारण दक्षिण मध्य रेलवे ने कई ट्रेनें रद्द कर दी हैं. 127 ट्रेनों को अस्थायी तौर पर रद्द करने के अलावा 14 और ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है. फलकनुमा, ईस्ट कोस्ट, गोदावरी, विशाखापत्तनम, नरसापुर एक्सप्रेस रद्द कर दी गई हैं। बारिश के कारण विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर ट्रेनों को रोक दिया गया है। कोणार्क एक्सप्रेस को तेलंगाना के महबूबाबाद ज़िले के गुंड्रातिमादुगु में और गोलकुंडा एक्सप्रेस को दोर्नाकल में रोक दिया गया है। साईनगर शिरडी एक्सप्रेस को आंध्र प्रदेश के कृष्णा ज़िले के कोंडापल्ली में रोक दिया गया है। आंध्र प्रदेश के विभिन्न स्टेशनों पर 12 मालगाड़ियाँ रोकी गई हैं।भारी बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है। महबूबाबाद जिले में आज हुई बारिश के कारण बाढ़ का पानी रेल की पटरियों तक पहुँच गया है। इस वजह से दोर्नाकल रेलवे स्टेशन पर बाढ़ का पानी पटरियों के ऊपर से बह रहा है।पटरियों पर पानी भर जाने से ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया है। काजीपेट-विजयवाड़ा मार्ग पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो रहा है।चक्रवाती तूफ़ान मोन्था के प्रभाव से हैदराबाद में भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर सड़कों पर पानी जमा हो गया है। इसके कारण हाईटेक सिटी, माधापुर, आईटी कॉरिडोर, रायदुर्गम और अन्य इलाकों में ट्रैफ़िक जाम की स्थिति बन रही है। हैदराबाद के कुछ इलाकों में विद्युत आपूर्ति बंद कर दी गई ।
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नई दिल्ली । दिल्ली में कृत्रिम बारिश को लेकर बुधवार को होने वाली क्लाउड सीडिंग परीक्षण को बादलों में नमी कम होने की वजह से स्थगित कर दिया गया है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने क्लाउड सीडिंग पर आज कहा कि मंगलवार को एक सफल और ऐतिहासिक परीक्षण हुआ। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक अभी तक भी 10-15 फीसद नमी है और कल इसी पर परीक्षण किया गया। सिरसा ने कहा कि अगला परीक्षण बादलों में 20-25 फीसद नमी होने पर होगा और दिल्ली में ऐसे नौ से दस क्लाउड सीडिंग के परीक्षण किए जाएंगे। इससे कृत्रिम बारिश के लिए बादलों में आवश्यक नमी के स्तर की जानकारी प्राप्त होगी, जिससे सरकार दिल्ली में जरूरत पड़ने पर कृत्रिम बारिश करा पाएगी।सिरसा ने कहा कि पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार पिछले 10 वर्षों से इस पर चर्चा कर रही है, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में क्लाउड सीडिंग परीक्षण ने एक नया मुकाम हासिल किया है।आईआईटी कानपुर के मुताबिक, मंगलवार को बारिश नहीं हो सकी क्योंकि नमी का स्तर लगभग 15 से 20 फीसद था, लेकिन परीक्षण से अहम जानकारी मिली। दिल्ली भर में स्थापित निगरानी केंद्रों ने कणिकाओं और नमी के स्तर में वास्तविक समय में होने वाले बदलावों को दर्ज किया। आंकड़ों से पता चलता है कि पीएम2.5 और पीएम10 सांद्रता में 6 से 10 प्रतिशत की मापनीय कमी आई है, जो दर्शाता है कि सीमित नमी की स्थिति में भी क्लाउड सीडिंग वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में योगदान दे सकती है। उल्लेखनीय है कि क्लाउड सीडिंग बादलों में बदलाव कर वर्षा कराने वाली एक तकनीक है। इसमें एक विमान का उपयोग करके सिल्वर आयोडाइड या रासायनिक घोल जैसे कणों को बादलों में मिलाया जाता है, जो बीज के रूप में कार्य करते हैं और जिनके चारों ओर जल वाष्प संघनित होता है।
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नई दिल्ली । असम में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता के बांग्लादेश का राष्ट्रगान गाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है। भाजपा ने कांग्रेस पर 'बांग्लादेश-प्रेमी' होने का आरोप लगाया है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि इंडी गठबंधन की एक ही पहचान- जुबान पर संविधान, पर मन में वोटबैंक की दुकान और इसके बहुत सारे मिल चुके हैं प्रमाण। जो लोग कल तक कहते थे कि पाकिस्तान तू मेरा भाईजान, आज कांग्रेस बांग्लादेश की कद्रदान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की एक बैठक में उनके एक नेता बांग्लादेश का राष्ट्रगान 'आमार सोनार बांग्ला' गाते नज़र आए। बांग्लादेश द्वारा हाल ही में एक नक्शा जारी करने के बाद जिसमें भारत के पूर्वोत्तर के अधिकांश हिस्से को अपना हिस्सा दिखाया गया है, यह कृत्य और भी गंभीर हो जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस-नीत यूपीए के कालखंड में देश में करोड़ों घुसपैठियों को बसाने का काम किया गया था। केवल कांग्रेस ही नहीं, बल्कि ये जो घुसपैठिया प्रेम है, भारत विरोधी ताकतों के साथ मिल जाने का काम अब इंडी गठबंधन के बाकी दल भी कर रहे हैं। मानो की तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और डीएमके सभी में तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर एक रेस छिड़ी हुई है। पूनावाला ने कहा कि हाल ही में हमने टीएमसी विधायक निशीथ मलिक को यह कहते हुए सुना कि अगर इस एसआईआर के नाम पर भाजपा ने पश्चिम बंगाल में एक भी मतदाता को सचमुच नकार दिया, तो हम पार्टी कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से आग लगा देंगे। बंगाल के एक अन्य मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि अगर भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर सीएए लागू करने की कोशिश करेंगे, तो वह उनकी टांगें तोड़ देंगे। टीएमसी नेताओं द्वारा कई अन्य भड़काऊ चेतावनियां दी गई हैं। यह देखा जा सकता है कि एक के बाद एक टीएमसी नेता दंगे भड़काने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि वे एक ऐसी मतदाता सूची को रोकना चाहते हैं जिसमें केवल वैध और वैध मतदाता ही शामिल हों। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिंसा करने वाले, दंगा करने वाले और जंगलराज बनाने वाले लोगों को टीएमसी कैसे खुला संरक्षण देती है, ये हम सबने देखा है। इसलिए टीएमसी का मतलब अब तानाशाह सोच और संस्कृति बन चुका है, लेकिन इस पर संविधान बचाने की बात करने वाले राहुल गांधी बंगाल पर एक शब्द भी नहीं बोल पाते।
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राजगढ़ । जिले के विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस ब्यावरा में 30 अक्टूबर को आमसभा आयोजित करेगी, जिसमें किसान, मजदूर, व्यापारी सहित आम नागरिक शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में जनता की विभिन्न समस्याओं को उजागर किया जाएगा साथ ही प्रशासन को ज्ञापन सौंपा जाएगा। पूर्व केबिनेट मंत्री और कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रियवृतसिंह खींची ने मंगलवार को बताया कि सीएम के कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष का अपमान करना पंचायती राज व्यवस्था के खिलाफ है,कांग्रेस इसकी घोर निंदा करती है। भाजपा संस्कृति की बात करते हुए कहती है कि अतिथि देवो भवः, वहीं बतौर विशिष्ट अतिथि के रुप में आमंत्रित किए गए जिला पंचायत अध्यक्ष को सीएम के कार्यक्रम में मंच तक नही पहुंचने देती। यह प्रजातांत्रिक मूल्यों की हत्या है, जबकि कांग्रेस हमेशा से ही प्रजातांत्रिक मूल्यों का सम्मान करती आई है। उन्होंने बताया कि 18 अक्टूबर को ब्यावरा में आयोजित मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव के कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष चंदरसिंह सौंधिया को विशिष्ठ अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया, लेकिन प्रशासन व पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया साथ ही उन्हें उठाकर एक तरफ बैठा दिया गया। उनका कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह अपने कार्यकाल के दौरान जिले के पूर्व विधायक को अपने साथ हेलीकोप्टर में बैठाकर बाढ़ राहत कार्यक्रम में राजगढ़ पहुंचे थे। इस तरह कांग्रेस ने हमेशा से ही प्रजातांत्रिक मूल्यों का सम्मान किया है। भाजपा सरकार तानाशाह हो चुकी है,जो नियम, कानून और संविधान को न मानते हुए विपक्ष दल का लगातार अपमान कर रही है। श्री सिंह का कहना है कि नगर निकाय व पंचायतों में 20-30 प्रतिशत कमीशन का खेल चल रहा है, जो हर एक में प्रसाद की तरह वितरित होता है। 30 अक्टूबर को ब्यावरा में आयोजित होने वाली आमसभा में प्रशासन से जिला पंचायत अध्यक्ष का अपमान करने सहित अन्य मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा, वहीं जवाब नही मिलने पर निंदा प्रस्ताव पारित करंेगे। कांग्रेस जिला अध्यक्ष श्री खींची ने कहा कि 31 अक्टूबर को कांग्रेस के पदाधिकारी सहित कार्यकर्ता जिले की मंडियों में पहुंचेगे, जिसमें 15 सितम्बर से 25 अक्टूबर के बीच सोयाबीन खरीद की कीमत, जिन किसानों का भावांतर योजना के तहत पंजीयन नही हुआ है वह कैसे लाभांवित होंगे, इसके बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सीएम के कार्यक्रम में ऐसे विकास कार्यों का भी भूमिपूजन किया गया, जिनका पूर्व में भूमिपूजन हो चुका था।शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के तहत गरीबों को लाभ मिलना उनका अधिकार है, लेकिन चुनाव से तीन या छह माह पहले लाभ देना वोट चोरी के मामले में आता है।
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खैरागढ़ पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई सामने आई है...... पुलिस ने मुंबई के डोंबिवली और कल्याण से संचालित एक अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है...... पुलिस ने इस गैंग के मास्टरमाइंड के साथ आठ आरोपीयो को गिरफ्तार किया है ...... जो इंस्टाग्राम पर फर्जी साड़ी शॉपिंग साइट और 100 बुक नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी कर रहे थे...... पुलिस ने आरोपियों से भारी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामग्री जब्त की है...... छतीसगढ़ की खैरागढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश करते हुए...... एक बड़ी सफलता हासिल की है......ये गिरोह मुंबई के डोंबिवली और कल्याण से संचालित हो रहा था...... और 100 बुक नामक ऑनलाइन बेटिंग ऐप तथा इंस्टाग्राम पर फर्जी साड़ी शॉपिंग साइट चलाकर देशभर के लोगों से करोड़ों की ठगी कर रहा था......इस गिरो का भंडाफोड़ तब हुआ जांच खैरागढ़ की एक छात्रा वसुधा सिन्हा ने ऑनलाइन साड़ी ऑर्डर की ......और उसके साथ 64 हजार की ठगी हुई ......जिसकी शिकायत उसने थाने दर्ज कराई......जिसकी तकनीकी जांच से गिरोह का ठिकाना मुंबई में मिला......जिसके बाद पुलिस टीम ने सात दिन की सघन रैकी कर ...... मास्टरमाइंड गौतम परमानंद पंजाबी समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया......आरोपियों के पास से 5 लैपटॉप, 14 मोबाइल फोन, 51 बैंक पासबुक, 51 एटीएम कार्ड और 25 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं......पुलिस ने सभी को ट्रांजिट रिमांड पर खैरागढ़ लाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है......
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ग्वालियर जिले में आबकारी विभाग ने अवैध शराब की एक बड़ी फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है......फोरलेन हाईवे के पास बने एक निजी मकान में चल रही...... इस फैक्ट्री से 25 हजार लीटर शराब और सैकड़ों पेटियां बरामद की गई हैं...... दरअसल कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर चलाए जा रहे......विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग ने यह कार्रवाई की......घाटीगाँव इलाके में एक निजी घर में विदेशी और देसी दोनों तरह की शराब बनाई जा रही थी......छापेमारी के दौरान 25 हजार लीटर शराब ड्रमों में भरी हुई......429 पेटियां शराब बरामद की गईं......इनमें रॉयल चैलेंजर की 61 पेटियां और पावर व्हिस्की की 171 पेटियां शामिल हैं......इसी के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल की जाने वाली मशीनें और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है......आबकारी आयुक्त राकेश कुर्मी ने बताया है...... कि सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई की और मौके से चार लोगों को हिरासत में लिया है...... फैक्ट्री में विभिन्न ब्रांडों के नाम से नकली शराब तैयार की जा रही थी......आपको बता दे कि आबकारी विभाग के मुताबिक बरामद शराब से लगभग 5500 पेटियां तैयार की जा सकती थीं......विभाग का कहना है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा......
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ऑपरेशन सिंदूर में भारत से मुंह की खाने के बाद भी पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है......अब पाकिस्तान ने बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को आतंकवादी घोषित कर दिया है..... सऊदी अरब में आयोजित जॉय फोरम 2025 में सलमान खान ने अपने भाषण में कहा था.....ये बलूचिस्तान के लोग हैं.....अफगानिस्तान के लोग हैं.....पाकिस्तान के लोग हैं..... हर कोई सऊदी अरब में मेहनत से काम कर रहा है.....बस, बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग बताने पर शहबाज सरकार भड़क गई..... और सलमान खान का नाम फोर्थ शेड्यूल में डाल दिया.....जो एंटी-टेररिज्म एक्ट के तहत आतंकियों की सूची होती है.....पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है.....हालांकि सलमान खान या उनकी टीम की ओर से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.....लेकिन पाकिस्तान की यह हरकत एक बार फिर उसके दोहरे चरित्र को उजागर करती है.....जहां असली आतंकियों को पनाह मिलती है..... और सच बोलने वालों को आतंकी घोषित कर दिया जाता है.....
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नर्मदा परिक्रमा मार्ग जो श्रद्धा और आस्था का प्रतीक माना जाता है...... वो मार्ग आज श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है......सरकार जहाँ नर्मदा परिक्रमा मार्ग के विकास के दावे कर रही है......वहीं ज़मीनी सच्चाई कुछ और ही है......खरगोन जिले के सनावद क्षेत्र में परिक्रमा मार्ग की हालत इतनी खराब है......कि भक्तों को टूटी सड़कों और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ रहा है...... ग्राम अलीबुजुर्ग से टोंकसर के बीच नर्मदा परिक्रमा कर रहे...... संतों और श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों और खराब सड़कों का सामना करना पड़ रहा है...... भक्तों का कहना है कि सरकार विकास की बातें तो करती है...... लेकिन इस आस्था के मार्ग पर ध्यान नहीं देती......नर्मदा परिक्रमा मार्ग सिर्फ सड़क नहीं......बल्कि भक्तो के लिए श्रद्धा का प्रतीक भी है...... श्रद्धालु ने मुख्यमंत्री से मांग की है......कि मार्ग की तत्काल मरम्मत और विकास कार्य कराया जाए......ताकि माँ नर्मदा के भक्तों की परिक्रमा सुगम और सुरक्षित हो सके......
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रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सस्ती और गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उक्त बातें मुख्यमंत्री साय शनिवार की देर रात राजधानी के नवा रायपुर स्थित एक निजी होटल में दाे दिवसीय आयोजित क्रिटिकल केयर पर आधारित राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘क्रिटिकॉन रायपुर-2025’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम के पहले दिन कहा कि क्रिटिकॉन रायपुर-2025 चिकित्सा विज्ञान, विशेषकर क्रिटिकल केयर के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता का मंच है। यह देश और विदेश के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं को एक साथ लाकर इस क्षेत्र में नई दिशाएं तय करने का अवसर देता है। क्रिटिकल केयर मेडिसिन जीवन रक्षा की रीढ़ है, जो गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को नया जीवन देती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अस्पतालों, क्रिटिकल केयर इकाइयों और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवा रायपुर अटल नगर में मेडिसिटी और फार्मा हब का निर्माण किया जा रहा है, साथ ही प्रदेश के अन्य शहरों में भी लगातार नए अस्पतालों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि ये कदम छत्तीसगढ़ को स्वास्थ्य सुविधा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने रामकृष्ण केयर ग्रुप की पूरी टीम को इस राष्ट्रीय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ देशभर में एक चिकित्सा उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभर रहा है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि क्रिटिकल केयर जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस की मेजबानी रायपुर को मिलना गौरव की बात है। दो दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में विशेषज्ञों के विचार-विमर्श से निश्चित रूप से ऐसे उत्कृष्ट नवाचार सामने आएंगे, जो मानव स्वास्थ्य उपचार के लिए वरदान साबित होंगे। डॉ. सिंह ने कहा कि आज चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी के उपयोग से इलाज की नई संभावनाएं खुल रही हैं। यही नई तकनीक नए भारत की नई कहानी लिख रही है। उन्होंने चिकित्सकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जब घर में कोई आपात स्थिति होती है और मरीज को सही समय पर हॉस्पिटल पहुँचाया जाता है, तब परिवार के भय को मिटाने में क्रिटिकल केयर डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि आज समय की आवश्यकता है कि हर जिले और प्रत्येक बड़े अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट्स स्थापित हों। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आयुष्मान योजना के माध्यम से 5 लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार आम लोगों के लिए बड़ी राहत है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएँ प्रदान करने वाले देश-विदेश और प्रदेश के डॉक्टरों का मंच से सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल के संचालक डॉ. संदीप दवे, केयर ग्रुप के सीईओ वरुण खन्ना, तथा देश-विदेश और राज्य भर से आए 1300 से अधिक डॉक्टर उपस्थित थे।
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कोरबा/जांजगीर-चांपा । जिले में बीती रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई कोतवाली पुलिस ने रमन नगर क्षेत्र में की, जहां बंद कमरे में जुआ का फड़ संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ज्योतिष कुमार सार्वे सहित छह पटवारियों और एक निजी ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है।पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रमन नगर निवासी रवि राठौर के मकान में देर रात कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने छापेमारी की। जैसे ही पुलिस ने दरवाजा खोला, अंदर सभी आरोपित ताश की बाजी में लीन पाए गए। मौके से ताश की गड्डी, नकदी, मोबाइल फोन और वाहन सहित कई सामान बरामद किए गए।छापेमारी के दौरान पुलिस ने ज्योतिष कुमार सार्वे (पटवारी संघ के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष), हेमचंद तिवारी, रवि राठौर, उमेश कुमार पटेल, गोविंद कांवर, राहुल प्रताप सिंह, देवेश अंबष्ट और निजी ऑपरेटर हरीश सिंह को गिरफ्तार किया। सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।मौके से 40 हजार 200 रुपये नकद, 52 ताश की पत्तियां, छह मोबाइल फोन, दाे कारें, दाे स्कूटी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान जब्त किए गए। जब्त किए गए सभी वस्तुओं की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है।इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार, जिला कलेक्टर ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है और कहा है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की गई और किसी को भी उसके पद या प्रभाव के कारण छूट नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि “कानून सबके लिए समान है। जुआ-सट्टा जैसे अपराधों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि पुलिस किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को बख्शने के मूड में नहीं है और शहर में चल रहे अवैध जुआ-सट्टे के नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है।
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आजकल कम उम्र में बाल सफेद होने की समस्या तेजी से बढ़ रही है ,... बालों का समय से पहले सफेद होना अक्सर तनाव, खराब खानपान, प्रदूषण, हार्मोनल असंतुलन ,... या केमिकल प्रोडक्ट्स के अत्यधिक इस्तेमाल का नतीजा होता है ,... हालांकि हेयर डाई या कलर कुछ समय के लिए बालों को काला दिखा देते हैं ,... लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है ,... अगर आप नेचुरल तरीके से बालों को काला करना चाहते हैं ,... तो कुछ घरेलू नुस्खे चमत्कार कर सकते हैं ,.. बता दे की आंवला, जिसे बालों का अमृत कहा जाता है ,... और ये विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है ,... जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाता है और नैचुरल काला रंग वापस लाने में मदद करता है ,... इसके अलावा कड़ी पत्ता और नारियल तेल का मिश्रण बालों की रंगत को बरकरार रखता है और झड़ने से भी रोकता है ,... वहीं भृंगराज तेल बालों को काला, घना और मजबूत बनाने में बेहद कारगर माना जाता है ,.. इन प्राकृतिक नुस्खों का नियमित इस्तेमाल करने से न केवल सफेद बालों की समस्या कम होती है ,.. बल्कि बालों की चमक, मजबूती और हेल्थ भी बरकरार रहती है ,..
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विदेशों में भारतीयों की मौत और हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। यह अब केवल आंकड़ों या खबरों का विषय नहीं रह गया है, यह भारत की प्रवासी सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा का गंभीर प्रश्न बन चुका है। अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप जैसे विकसित देशों में भारतीय छात्रों और प्रवासियों पर हो रहे हमले इस सदी के सबसे दर्दनाक सामाजिक परिदृश्यों में से एक बन गए हैं।ताजा घटना अमेरिका के टेक्सास राज्य के डलास शहर की है, जहां 27 वर्षीय भारतीय छात्र चंद्रशेखर पोल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह हैदराबाद के रहने वाले थे और टेक्सास में डेंटल सर्जरी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे। वह गैस स्टेशन पर अपनी पार्ट-टाइम नौकरी में व्यस्त थे, तभी एक अज्ञात बंदूकधारी ने उन पर गोलियां दाग दीं। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।यह खबर जैसे ही भारत पहुंची, हैदराबाद में उनके घर पर कोहराम मच गया। माता-पिता, जिन्होंने बेटे की पढ़ाई के लिए घर गिरवी रख दिया था, अब उसके पार्थिव शरीर के लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पिता ने कहा, “वह डॉक्टर बनना चाहता था, लेकिन हमें अब सिर्फ उसका शव मिल रहा है।”तेलंगाना के बीआरएस विधायक सुधीर रेड्डी और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने परिवार से मुलाकात की और इसे “राज्य की सामूहिक त्रासदी” बताया। हरीश राव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जिस बेटे के ऊंचाइयों तक पहुंचने की उम्मीद थी, उसके लिए अब केवल शोक ही बचा है। राज्य सरकार को तुरंत कदम उठाकर शव को भारत लाना चाहिए।”पांच सालों में बढ़े विदेशी हमले: डर और असुरक्षा की रेखायह घटना किसी अपवाद की तरह नहीं आई। विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (2021–2025) में भारतीय नागरिकों पर कई हमले हुए हैं, जिनमें अनेक लोगों की हत्या तक कर दी गई।वर्षवार घटनाओं की संख्या2021- 292022- 572023- 862024- 912025 के आंकड़े अभी आंशिक हैं, लेकिन शुरुआती महीनों में ही कई गंभीर घटनाएं हिंसा की सामने आ चुकी हैं।) इन आंकड़ों में विशेष रूप से चिंताजनक बात यह है कि अकेले 2024 में 30 भारतीय छात्रों की हत्या हुई। इनमें से कनाडा में 16, अमेरिका में 12 और ब्रिटेन व सऊदी अरब में 10-10 मामलों की पुष्टि हुई। यह संख्या बताती है कि विदेशों में भारतीय छात्रों की सुरक्षा कितनी नाजुक हो चुकी है।विदेशों में हिंसा के नए केंद्रअमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में पिछले कुछ वर्षों में भारतीयों पर हुए हमले नस्ली भेदभाव और अपराध दोनों से जुड़े दिखे हैं।अमेरिका: डलास, इंडियाना, शिकागो, और ह्यूस्टन जैसे शहरों में भारतीय छात्रों और टैक्सी ड्राइवरों पर हमले हुए हैं। जनवरी 2025 में इंडियाना में एक भारतीय छात्रा पल्लवी राव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चंद्र मौली नागमल्लैया नामक भारतीय व्यक्ति की हत्या 10 सितंबर 2025 को डलास, टेक्सास (अमेरिका) में की गई ।कनाडा: 2024 में ही टोरंटो और ब्रैम्पटन में भारतीय युवकों की हत्याएं हुईं। कुछ मामलों में ‘गैंगवार’ का संदेह जताया गया।ब्रिटेन और यूरोप: आयरलैंड की राजधानी डबलिन में जुलाई 2025 में 40 वर्षीय भारतीय मूल के व्यक्ति को बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।ऑस्ट्रेलिया: मेलबर्न में एक 23 वर्षीय भारतीय छात्र पर नस्ली गालियां देते हुए हमला किया गया।मध्य-पूर्वी देशों में स्थिति अलग है, वहां हत्याओं से अधिक कानूनी जटिलताएं, श्रमिकों के शोषण और सजा-ए-मौत के मामलों ने भारतीयों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। यूएई में 29, सऊदी अरब और कुवैत में कई भारतीय नागरिकों को अब भी कठोर दंड का सामना करना पड़ रहा है।अर्थशास्त्र और असुरक्षा के बीच भारतीय प्रवासीहर वर्ष लगभग 15 लाख भारतीय विदेशों में रोजगार या शिक्षा के लिए जाते हैं। इनमें से सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा और तकनीकी नौकरियों के लिए जाता है। परंतु इस प्रवास के साथ एक मूक संकट भी चलता है, विदेशी समाजों में ‘असमान पहचान’, नस्लीय टिप्पणियां, और सुरक्षा का असंतुलन।भारतीय छात्र आमतौर पर कम लागत वाले क्षेत्रों में रहते हैं और खर्च पूरा करने के लिए रात में पार्ट-टाइम काम करते हैं, जैसे चंद्रशेखर गैस स्टेशन पर करते थे।सरकारी रुख और प्रवासी नीतिअप्रैल 2025 में भारतीय विदेश मंत्रालय ने संसद में बताया कि पिछले पांच वर्षों में भारतीय छात्रों पर हुए हिंसक हमलों में 30 छात्रों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह दूतावासों और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हरसंभव सहायता प्रदान कर रहा है। विदेश मंत्री ने हाल ही में एक बयान में कहा, “सरकार हर नागरिक की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। दूतावासों को अधिक संवेदनशील बनाया गया है और प्रभावित परिवारों को आर्थिक और कानूनी सहायता दी जा रही है।” हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि केवल सहायता से काम नहीं चलेगा, भारत को ‘प्रवासी सुरक्षा समझौते’ (Diaspora Safety Agreements) जैसी दीर्घकालिक नीति अपनानी होगी।कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय दबाव की जरूरतभारत आज वैश्विक स्तर पर बड़ी आर्थिक और रणनीतिक शक्ति है, परंतु जब उसके नागरिकों पर विदेशी धरती पर बार-बार हमले होते हैं, तो यह उसकी कूटनीतिक क्षमता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। क्या भारत इन देशों से औपचारिक रूप से सुरक्षा की गारंटी मांग सकता है? क्या नस्लीय हिंसा पर संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर दबाव बनाया जा सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार, अब भारत को केवल “मामले की जांच” या “दूतावास की निगरानी” से आगे जाकर इन देशों के साथ संयुक्त सुरक्षा पहल करनी चाहिए।विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों के लिए सुरक्षा ऑडिट, रात के कार्यस्थलों के लिए स्थानीय पुलिस की निगरानी और “इंडियन हेल्पलाइन” जैसी व्यवस्थाएं तत्काल आवश्यक हैं। यानी ऐसा कॉमन संपर्क नंबर कि दुनिया के किसी भी देश में भारतीय संकट की स्थिति में उस नंबर को डायल कर सकें और वहां से संबंधित देश के साथ समन्वय स्थापित कर तत्काल सहायता जरूरतमंद भारतीय तक पहुंचाई जा सके। हालांकि भारत ने हाल के वर्षों में MADAD पोर्टल, प्रवासी सहायता मिशन और हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं शुरू की हैं, लेकिन इनका प्रभाव सीमित रहा है। इसलिए जरूरत है, विदेशों में भारतीय छात्रों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल अनिवार्य बनाए जाएं।प्रत्येक विश्वविद्यालय में भारतीय छात्र समन्वयक (liaison officer) नियुक्त हों। रात्रिकालीन कार्यस्थलों की सुरक्षा जांच भारत और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से करें। मृतक परिवारों को समयबद्ध मुआवजा और पुनर्वास सहायता मिले।सपनों की कीमत इतनी महंगी क्यों?चंद्रशेखर पोल की मौत उस हकीकत की याद दिलाती है कि “विदेश जाना” केवल अवसर नहीं, बल्कि जोखिम भी है। पिछले पांच वर्षों में सैकड़ों भारतीयों की मौत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रवासी सुरक्षा को केवल कूटनीति का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाना होगा। हर लौटता हुआ ताबूत भारत के लिए एक संदेश है कि उसके नागरिक जहां भी जाएं, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी देश की भी है। जब तक भारत इस संकट को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर गंभीरता से नहीं उठाता, तब तक चंद्रशेखर जैसे युवाओं की बलि इसी तरह चढ़ती रहेगी। भारत को अब यह तय करना होगा कि वह अपने प्रवासियों के लिए केवल संवेदना भेजेगा या उनकी सुरक्षा के लिए ठोस वैश्विक व्यवस्था स्थापित करेगा ?
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पशुओं के कल्याण मानकों में सुधार को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 4 अक्तूबर को ‘विश्व पशु कल्याण दिवस’ मनाया जाता है। विश्व पशु दिवस पहली बार बर्लिन में 24 मार्च 1925 को पशु कल्याण के बारे में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया गया था। पशुओं की लुप्तप्राय प्रजातियों की दुर्दशा को उजागर करने के लिए इटली के फ्लोरेंस में 1931 में आयोजित पारिस्थितिकीविदों के एक सम्मेलन में विश्व पशु दिवस की शुरुआत की गई और तब असीसी के सेंट फ्रांसिस के पर्व के कारण यह दिवस मनाने के लिए प्रतिवर्ष 4 अक्तूबर को ही चुना गया। 2003 में पहली विश्व पशु दिवस वेबसाइट यूके स्थित पशु कल्याण चैरिटी ‘नेचर वॉच फाउंडेशन’ द्वारा लांच की गई थी। इस दिन पशु अधिकारों को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों एवं संगठनों का समर्थन करके जानवरों के प्रति प्यार, देखभाल, स्नेह और सुरक्षा को प्रोत्साहित करता है। पशुओं के अधिकारों के लिए यह एक ऐसी वैश्विक पहल है, जिसका प्रमुख उद्देश्य पशु कल्याण के लिए बेहतर मानक सुनिश्चित करना है। पशु प्रेम के बारे में महात्मा गांधी कहते थे कि किसी राष्ट्र की महानता और उसकी नैतिक प्रगति का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां जानवरों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता है। पशु मानव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो न केवल हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं बल्कि हमें बेहतर इंसान भी बनाते हैं। पारिस्थितिकी तंत्र में सभी जानवर प्रकृति की पारिस्थितिकी को संतुलित रखते हुए हमारे पर्यावरण की रक्षा करने और मानव स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में भी समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मनुष्य और पशु न केवल एक-दूसरे पर निर्भर हैं बल्कि एक-दूसरे के पूरक भी हैं। सही मायनों में दोनों का अस्तित्व ही खुशहाली का प्रतीक है और यदि जंगल से किसी एक जीव की प्रजाति भी लुप्त होती है तो उसका असर सम्पूर्ण पर्यावरण पर पड़ता है। विश्व पशु दिवस विश्वभर में कल्याण मानकों के मिशन के साथ जानवरों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए एक ऐसा सामाजिक आन्दोलन है, जो प्रतिवर्ष एक निर्धारित थीम के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष ‘विश्व पशु कल्याण दिवस’ की थीम है ‘जानवरों को बचाओ, ग्रह को बचाओ!’। भारत में करीब 70 फीसद आबादी कृषि तथा कृषि संबंधी व्यवसायों पर निर्भर है। प्राचीन काल से ही पशुपालन और कृषि व्यवसायों का आपस में गहरा संबंध रहा है। गरीबी से त्रस्त परिवारों के लिए तो पशुधन ग्रामीण मुद्राएं हैं, जो खासकर गरीब परिवारों के लिए बीमा विकल्प के रूप में भी कार्य करता है क्योंकि यह उनके लिए ऐसी सम्पत्ति है, जिसे संकट के समय बेचा जा सकता है। यही कारण है पालतू पशुओं को ‘पशुधन’ कहा जाता है। भारत के सकल घरेलू उत्पाद में भी पशुधन की बड़ी भागीदारी रही है। मानव और पशुओं के आपसी संबंध मानव जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं क्योंकि पशुओं का मानवीय समाज में विभिन्न रूपों में योगदान होता है। पशुओं के साथ रहने से हमें स्वभाविक संवेदनशीलता, प्यार, सहयोग और उन्नति का अनुभव होता है। बहुत से पशु-पक्षी तो ऐसे हैं, जो यदि धरती पर नहीं हों तो पृथ्वी पर मनुष्य का जीना ही मुश्किल हो जाएगा। अनेक मामलों में देखा जाता है कि मानवीय स्वार्थ के लिए कई जानवरों की निर्मम हत्या कर दी जाती है। दरअसल इन पशुओं के विभिन्न अंग तथा उनके मल-मूत्र इत्यादि दवाईयां बनाने से लेकर खेतीबाड़ी तक में काम आते हैं और इनके कंकाल उर्वरक का काम करते हैं। हाथियों को हाथी दांत और गैंडे को उसके सींगों के लिए बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया जाता है जबकि उनकी प्राकृतिक मौत होने पर ये चीजें वैसे ही मिल जानी होती हैं। हाथी और गैंडे कीचड़ में रहकर दूसरे जानवरों के पीने के लिए किनारे पर पानी का इंतजाम करते हैं और सूखा नहीं पड़ने देते। हाथी जमीन को उपजाऊ बना सकता है जबकि गैंडा कीचड़ में रहकर मिट्टी की अदला-बदली का काम करता है और प्रतिदिन करीब पचास किलो वनस्पति की खुराक होने से जंगल में कूड़ा-कर्कट नहीं होने देता। उसके शरीर पर फसल के लिए हानिकारक कीड़े जमा हो जाते हैं, जो पक्षियों का भोजन बनते हैं। इस प्रकार गैंडे प्राकृतिक संतुलन बनाए रखते हैं। वैसे तो सभी पशु-पक्षी मनुष्य के सहायक होते हैं लेकिन उनके व्यवहार को समझे बगैर यदि उनके रहने की जगहों को उजाड़ने के प्रयास किए जाते हैं तो वे हिंसक होकर विनाश कर सकते हैं। तुर्की के विख्यात नाटककार, उपन्यासकार और विचारक मेहमत मूरत इल्डन का कहना था कि दुनिया में वन्यजीवों की रक्षा केवल दयालु दिलों के प्यार से ही की जा सकती है। वाइल्ड हार्ट वाइल्ड लाइफ फाउंडेशन के संस्थापक पॉल ऑक्सटन कहते थे कि जब तक आपके भीतर प्रकृति के बीच रह रहे जंगली जीवों के प्रति ढ़ेर सारा प्यार, दया और लगाव नहीं रहेगा, तब तक आप सच्चा सुख हासिल नहीं कर पाएंगे। मानव जाति को यह समझना होगा कि पशुओं का जीवन किसी भी तरह से हमारे जीवन से कम कीमती नहीं है। ‘जैव विविधता के जनक’ के नाम से विख्यात आधुनिक काल के डार्विन कहे जाने वाले हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पूर्व जीवविज्ञानी और पुलित्जर पुरस्कार विजेता ईओ विल्सन के अनुसार पृथ्वी पर प्रत्येक प्रजाति अत्यधिक देखभाल एवं प्रतिभा के साथ बनाई गई रचना और एक उत्कृष्ट कृति है। वन्यजीव फोटोग्राफर, प्रकृतिवादी और ‘जॉय ऑफ बीयर्स’ सहित कुछ पुस्तकों की लेखिका सिल्विया डोल्सन कहती हैं कि हमारी ही तरह जानवर भी प्यार, खुशी, डर और दर्द महसूस करते हैं लेकिन वे बोले गए शब्द को समझ नहीं पाते, अतः यह हमारा दायित्व है कि हम उनकी ओर से बोलें और सुनिश्चित करें कि उनकी भलाई और जीवन का सम्मान एवं सुरक्षा हो। इसके लिए प्रकृति और पशुओं के साथ अपने संबंधों में मनुष्य को सभ्य बनाना आवश्यक है।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के घमापुर थाना अंतर्गत लालमाटी वल्दी कोरी की दफाई में शुक्रवार दोपहर हुए एक दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। वारदात इतनी नृशंस थी कि देखने वालों की रूह कांप उठी। मृतकों की पहचान संजय चौधरी और बबीता चौधरी के रूप में हुई है। दोनों की हत्या उनके ही छोटे भाई बबलू चौधरी ने की। संपत्ति विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई और भाभी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बबलू ने पहले घर के भीतर भाभी बबिता पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह मौके पर ही ढेर हो गईं। इसके बाद जब संजय ने भागने की कोशिश की, तो आरोपी ने सड़क पर दौड़ा-दौड़ाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आरोपी से मौके से भाग निकला। घटना के वक्त घर में मौजूद मृतक दंपत्ति का छोटा बेटा चीख-पुकार सुनकर बाहर आया, तो उसने अपनी मां को खून से लथपथ देखा और चाचा को पिता पर हमला करते देखा। डरे हुए बच्चे ने किसी तरह भागकर पड़ोसी के घर में शरण ली, जिससे उसकी जान बच गई।वारदात की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर घमापुर थाना प्रभारी प्रतिक्षा मार्को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचीं। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी बबलू चौधरी की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस जांच में सामने आया है कि भाइयों के बीच लंबे समय से मकान के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। परिवारवालों ने कई बार समझाने की कोशिश की थी। भाई दूज के दिन आई बहनों ने भी बैठक कर विवाद सुलझाने की बात कही थी, लेकिन दूसरे ही दिन सुबह अचानक स्थिति बिगड़ गई और बबलू ने गुस्से में आकर अपने ही भाई और भाभी के खून से अपने हाथ रंग लिए।
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नई दिल्ली । विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। भारतीय डाक विभाग ने इस स्मारक टिकट के डिज़ाइन के लिए एक खुली प्रतियोगिता का आयोजन किया था।विदेश मंत्री ने मंत्रालय में आयोजित कार्यक्रम में अपने वक्तव्य में वैश्विक दक्षिण की आशाओं और आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाले सुधारित बहुपक्षवाद की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के आदर्शों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।उन्होंने कहा, “हमें यह भी स्वीकार करना होगा कि संयुक्त राष्ट्र में सब कुछ ठीक नहीं है। इसकी निर्णय प्रक्रिया न तो इसके सदस्यों को प्रतिबिंबित करती है और न ही वैश्विक प्राथमिकताओं को संबोधित करती है।” उन्होंने कहा कि किसी भी सार्थक सुधार में प्रक्रिया के माध्यम से ही बाधा उत्पन्न होती है। अब वित्तीय बाधाएं एक अतिरिक्त चिंता का विषय बनकर उभरी हैं।संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली में खामियों का उदाहरण देते हुए जयशंकर ने आतंकवाद के प्रति प्रतिक्रिया का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा परिषद का एक वर्तमान सदस्य उसी संगठन का खुलेआम बचाव करता है जो पहलगाम जैसे बर्बर आतंकवादी हमले की ज़िम्मेदारी लेता है, तो इससे बहुपक्षवाद की विश्वसनीयता पर क्या असर पड़ता है? उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा केवल दिखावटी बातें बनकर रह गई हैं, विकास और सामाजिक-आर्थिक प्रगति की दुर्दशा और भी गंभीर है। सतत विकास लक्ष्य एजेंडा 2030 की धीमी गति वैश्विक दक्षिण के संकट को मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना है।जयशंकर ने साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भारत के विश्वास को दोहराया और कहा कि वास्तव में इसे नवीनीकृत किया जाना चाहिए। इसी भावना से हम सभी इस अवसर को मनाने और एक बेहतर दुनिया बनाने के लिए एकत्रित हुए हैं।
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इंदौर । मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप किसानों को उनकी सोयाबीन उपज का उचित दाम दिलाने के लिए शुक्रवार से राज्य सरकार द्वारा भावांतर योजना प्रारंभ की गई है। इंदौर जिले में मंडियों में किसानों की सुविधा के लिए माकूल इंतजाम किए गए हैं। इन इंतजामों का निरीक्षण करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा शुक्रवार को सांवेर मंडी भी पहुँचे। मंडी में विभिन्न तरह की लापरवाही पाये जाने तथा सौपे गये दायित्वों का निर्वहन नहीं करने पर दो अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी सचिव रमेशचंद्र सावदिया को कारण बताओ नोटिस देने तथा सहायक यंत्री मनोज चौधरी को निलंबित करने हेतु निर्देशित किया। कलेक्टर वर्मा ने मंडी में किसानों के लिए सुविधाओं को देखा, किसानों से चर्चा की और खरीदी कार्य का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी मंडियों में यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी तरह से किसानों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े। उनके लिए भोजन, पेयजल, शयन, पर्याप्त पार्किंग, समय पर खरीदी, समय पर तुलवाई, समय पर भुगतान आदि की व्यवस्था रहें। इस दौरान अपर कलेक्टर पंवार नवजीवन विजय, एसडीएम घनश्याम धनगर भी मौजूद थे।
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भोपाल । मध्य प्रदेश में वाहन चेकिंग की पारदर्शी व्यवस्था लागू करने तथा सुशासन के उद्देश्य से प्रदेश के समस्त परिवहन चेकपोस्टों को बंद कर दिया गया है। इनके स्थान पर परिवहन विभाग ने 45 "रोड सेफ्टी एण्ड एनफोर्समेंट चेकिंग प्वाइंट" प्रारम्भ कर दिए हैं। इन पर पदस्थ प्रवर्तन बल द्वारा बॉडीवोर्न कैमरों की निगरानी में पीओएस मशीन के माध्यम से वाहनों के विरुद्ध ऑनलाइन चालानी कार्यवाही की जा रही है।जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने गुरुवार को बताया कि "इज ऑफ डुइंग बिजनेस" के अंतर्गत इन प्वाइंट पर द्वारा अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश में प्रवेश करने वाले अन्य राज्यों के वाहनों द्वारा ई-चेकपोस्ट मॉड्यूल के माध्यम से ऑनलाइन मोटरयान कर जमा करने की सुविधा दी गई है। परिवहन विभाग ने इस वर्ष 5 हजार 693 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष 2024-25 में परिवहन विभाग ने करीब 4 हजार 875 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण किया था। यह राजस्व वर्ष 2023-24 के मुकाबले 5.83 प्रतिशत अधिक रहा है।प्रदेश में बनाये गये सुविधा केन्द्रपरिवहन विभाग की प्रक्रिया को सरल बनाने तथा आम जनता को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाहनों के रजिस्ट्रेशन, परमिट तथा ड्राइविंग लाइसेंस आदि से संबंधित अधिकतर सेवाओं को एनआईसी के पोर्टल "वाहन" तथा "सारथी" के माध्यम से फेसलेस प्रदान किया जाना प्रारम्भ किया गया है, जिसमें आवेदक को कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होती। आमजन को परिवहन विभाग की सेवाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में सहायता करने के लिए सीएससी सेंटर्स के अतिरिक्त एमपी ऑनलाइन सेंटर्स को भी राज्य सरकार द्वारा सुविधा केन्द्र के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। आम जनता की सुविधा के लिये वाहनों के पंजीयन प्रमाण पत्र एवं ड्राइविंग लाइसेंस डिजिटल रूप से रख सकने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा आवेदकों को ड्राइविंग लाईसेंस एवं पंजीयन प्रमाण पत्र इलेक्ट्रानिक रूप में जारी किया जाना प्रारंभ किया गया है।नकदी रहित उपचार सुविधासड़क दुर्घटना में घायलों के त्वरित उपचार के लिये "सड़क दुर्घटना पीडितों का नगदी रहित उपचार स्कीम-2025" सुचारू रूप से क्रियान्वित की गई है, जिसके तहत पीड़ित ऐसी दुर्घटना की तारीख से अधिकतम सात दिन की अवधि के लिये किसी भी नाम निर्दिष्ट अस्पताल में प्रति पीड़ित एक लाख पचास हजार रुपये तक की रकम के नकदी रहित उपचार करा सकता है। इसके अलावा सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को गोल्डल आवर के अंदर अस्पताल तक में जाकर उनकी सहायता करने वाले राह-वीरों को प्रोत्साहन स्वरूप 25 हजार रुपये एवं सर्टिफिकेट प्रदान किया जा रहा है।
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राजगढ़ । मध्य प्रदेश के ब्यावरा शहर के समीपस्थ ग्राम खुरी में पिछले तीन सप्ताह से गहराए जलसंकट को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को जयपुर-जबलपुर राजमार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण सड़क पर लेट गए। साथ ही महिलाएं मटके-बाल्टी लेकर सड़क पर उतरीं, जिससे हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। खबर लगते ही जनप्रतिनिधि व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत किया। दरअसल, नल-जल योजना के तहत जल आपूर्ति बंद होने से नाराज ग्रामीणों ने हाइवे पर लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन किया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर लेटकर व महिलाओं ने मटके-बाल्टी लेकर प्रदर्शन किया और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत गांव में दो पानी की टंकियां बनाई गई हैं, इसके बाद भी पिछले तीन सप्ताह से ग्रामवासियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इस समस्या से अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं की गई। सूचना मिलने पर देहात ब्यावरा थानाप्रभारी धर्मेन्द्र शर्मा और सरपंच राधेश्याम दांगी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने भरोसा दिलाया कि शुक्रवार से जल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। इस आश्वासन पर ग्रामीण माने और हाइवे से हटे।
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वेलिंगटन । न्यूजीलैंड में दक्षिणपंथी सरकार के खिलाफ आक्राेश प्रकट करते हुए एक लाख से अधिक कर्मचारी सार्वजनिक क्षेत्र में अधिक वेतन और संसाधनों की मांगाें के साथ नौकरी छोड़ गुरूवार काे सड़काें पर उतर आए। हड़ताल में शिक्षक, नर्स, डाक्टर, अग्निश्मन अधिकारी के साथ ही अन्य सरकारी कर्मचारी भी शामिल हुए। खबराें के मुताबिक, न्यूजीलैंड के विभिन्न शहरों में सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियाें ने तख्तियों और बैनरों के साथ मार्च निकाला और नारे लगाए। हालांकि, वेलिंगटन और क्राइस्ट चर्च में विरोध प्रदर्शन काे बेहद खराब मौसम के कारण रद्द करना पड़ा। इस बीच यूनियनों ने एक संयुक्त बयान में इस हड़ताल को दशकों की सबसे बड़ी हड़ताल बताते हुए कहा कि इसमें एक लाख से अधिक सार्वजनिक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। मिडलमोर अस्पताल के आपातकालीन डॉक्टर और 'एसोसिएशन ऑफ सैलरीड मेडिकल स्पेशलिस्ट्स' (एएसएमएस) के उपाध्यक्ष सिल्विया बॉयज ने ऑकलैंड के एओटिया स्क्वायर में लाेगाें काे संबाेधित करते हुए कहा कि सरकार को जीवनयापन की लागत कम करने और 'फ्रंटलाइन' सेवाओं को बनाए रखने के वादों पर चुना गया था लेकिन इन मुद्दों पर वह विफल है। एएसएमएस यूनियन ने साेशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक पर प्रकाशित अपने संदेश में कहा कि महंगाई बढ़ गई है। स्वास्थ्य और शिक्षा में कटाैती हाे रही है। हम पहले से कहीं अधिक प्रतिभाओं को खो रहे हैं। इस बीच सरकार ने विरोध प्रदर्शनों को यूनियनाें का एक ' राजनीतिक स्टंट' करार दिया है। सार्वजनिक सेवा मंत्री जुडिथ कोलिंस ने बुधवार को एक बयान में कहा कि प्रस्तावित हड़ताल अनुचित, अनुत्पादक और अनावश्यक है। उन्हाेंने कहा कि यह सरकार को निशाना बनाने वाला स्टंट है लेकिन इसकी कीमत चुकाने वाले लोग वे हजारों मरीज हैं जिनकी नियुक्तियां और सर्जरी रद्द हो गई हैं। हालांकि उन्हाेंने साफ किया कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। हाल के सर्वेक्षणों से पता चलता है कि सत्तारूढ़ गठबंधन का समर्थन गिरा है, हालांकि विपक्ष को अभी स्पष्ट बढ़त नहीं मिली है। 2023 में सत्ता में आने के बाद, रूढ़िवादी सरकार ने सरकारी खर्च में कटाैती की है ताकि बजट में संतुलन लाया जा सके। सरकार के अनुसार कटाैती सिर्फ बैंक और कार्यालयाें में हाेगी जिससे ब्याज दरे कम रहेंगी और निवेश के लिए बेहतर हालात बनेंगे। बावजूद इसके अर्थव्यवस्था पिछड़ रही है और काफी संख्या में देशवासी पलायन करने काे मजबूर हैं।
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भोपाल । मध्य प्रदेश में दीपावली पर रातभर आतिशबाजी हुई। इसके साथ एक बार फिर वायु गुणवत्ता पर संकट गहरा गया। प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में दिवाली की रात पटाखों की अधिकता, ठंडी हवा और कम वायु प्रवाह के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। जो हवा सोमवार की शाम 5 बजे तक सामान्य थी, वह कई शहरों में रात 9 बजे के बाद जहरीली हो गई। प्रदूषण से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, सागर और सिंगरौली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 300 के पार पहुंच गया है, जो खराब हवा की श्रेणी में आता है। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, दीपावली की रात पटाखों के विस्फोट से निकलने वाले सूक्ष्म कण में भारी वृद्धि देखी गई। इसके साथ ही रात के समय तापमान में गिरावट और वायु गति कम होने से ये प्रदूषक हवा में जमे रह गए और एकक्यूआई कई घंटों तक बहुत खराब और गंभीर श्रेणी में बना रहा। इंदौर की हवा सबसे ज्यादा खराब रही, जहां छोटी ग्वालटोली में एक्यूआई 361 पर पहुंच गया। भोपाल के कोहेफिजा में 336, ग्वालियर के महाराज बाड़ा में 333, सागर में 341 और सिंगरौली में 306 एक्यूआई रहा। इन शहरों में मंगलवार सुबह तक हवा इतनी खराब हो गई कि लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। दीपावली की शाम 5 बजे तक अधिकतर शहरों की हवा “संतोषजनक से मध्यम” श्रेणी में थी, लेकिन रात 9 बजे तक एक्यूआई तेजी से बढ़ा और अगली सुबह 9:30 बजे यह सभी बड़े शहरों में 300 के पार पहुंच गया। औसतन सिर्फ 16 घंटे में प्रदेश की हवा 150 से 250 एक्यूआई तक अधिक प्रदूषित हो गई। विशेषज्ञों के अनुसार, जब एक्यूआई 300 के पार पहुंचता है, तो वह बहुत खराब श्रेणी में आता है। ऐसे में हवा में मौजूद सूक्ष्म कण फेफड़ों तक पहुंचते हैं, जिससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस और अन्य श्वास संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। र्यावरण विशेषज्ञ कहते हैं कि यह समय सिर्फ उत्सव मनाने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी से पेश आने का है। हर साल दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता गिरती है, और इसका असर आने वाले हफ्तों तक रहता है। समाज को मिलकर प्रदूषण रोकने की दिशा में गंभीर कदम उठाने होंगे।मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस साल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अपील की थी, लेकिन इसका व्यापक असर देखने को नहीं मिला। आने वाले समय में सख्त निगरानी और जागरूकता अभियानों की आवश्यकता है, ताकि हवा में जहर घुलने से रोका जा सके। पर्यावरण विशेषज्ञ सुभाष सी पांडे का कहना है कि रातभर पटाखे चलने और ठंडी हवा से प्रदूषक तत्व जैसे हानिकारक गैसें और धूल के बारीक कण नीचे बैठ जाते हैं, जिससे कि हवा पहले की तुलना में और अधिक दूषित रहती है। उन्होंने कहा कि एयर क्वालिटी इंडेक्स 200 से 500 के बीच खतरनाक होता है। प्रदूषण से आंखों, गले और त्वचा में जलन, सांस लेने में दिक्कत, सिरदर्द और चक्कर आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, तेज पटाखों की आवाज से कानों में घंटी बजना, सुनने में कठिनाई और नींद में खलल जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
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अमरपाटन थाने में दो पुलिस कर्मियों पर .... सीएम हेल्पलाइन 181 पर फर्जी शिकायत करने का आरोप लगा है ... बताया जा रहा है कि प्रधान आरक्षक रवि सिंह और आरक्षक संतोष राय ने ... थाना की ग्रेडिंग में नंबर एक आने के लिए झूठी शिकायतें दर्ज करवाईं .. यह मामला अब चर्चा का केंद्र बन गया है, और सवाल उठ रहे हैं कि क्या इन दोनों पर कार्रवाई होगी..वीओ :मध्यप्रदेश के अमरपाटन थाने में पदस्थ दो पुलिस कर्मियों ने .... सीएम हेल्पलाइन की ग्रेडिंग में नम्बर 1 पर आने के लिए .... 181 सीएम हेल्पलाइन पर झूठी विवाद की शिकायत तक कर डाली .... वही सीएम हेल्पलाइन 181 पर काल करके फर्जी शिकायत दर्ज करवा दी .. ये पूरा खेल प्रधान आरक्षक रवि सिंह और आरक्षक संतोष राय द्वारा किया गया .. दरअसल अमरपाटन के लंका मैदान में लगी पटाखा दुकान पर... यह दोनों आरक्षक जाते हैं... और जो भी दुकानदार होता है उनसे मोबाइल लेकर ... सीएम हेल्पलाइन 181 पर काल करके इनके द्वारा उसी पटाखा दुकानदार से .... गाली गलौच और मारपीट की फर्जी शिकायत दर्ज करवाई .... और तो और कॉल सेण्टर पर मौजूद एग्जीक्यूटिव से यह तक कह डाला कि .... पुलिस शिकायत दर्ज नहीं कर रही ... ऐसा इन दोनों पुलिसकर्मियों ने करीबन 5 पटाखा दुकानदारो का मोबाइल लेकर किया ... साथ ही दोनों आरक्षक ने सीएम हेल्पलाइन शिकायत पर एक अपना दूसरा कांटेक्ट नम्बर भी डाल दिया .... जिससे वह शिकायत बंद करवाने ओटीपी प्राप्त कर सके .... जिससे उनका अमरपाटन थाना सीएम हेल्पलाइन बंद करवाने मैहर जिले के नंबर एक की ग्रेडिंग में आ सके ... वही फर्जी शिकायत करने वाले आरक्षक का एक आडियो भी सामने आया है .. यह पूरा मामला अब जांच के दायरे में है..
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वाशिंगटन । अमेरिका में सरकारी शटडाउन पर गतिरोध बरकरार है। शटडाउन के 21वें दिन सीनेट के रिपब्लिकन सदस्यों ने व्हाइट हाउस में दोपहर के भोजन पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान रिपब्लिकन सीनेटरों ने एक बार फिर डेमोक्रेट्स से फंडिंग बढ़ाने के लिए वोट करने की अपील की।सीबीएस न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार, इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि रिपब्लिकन किसी भी कीमत पर डेमोक्रेट्स की मांगों के आगे दबाव में नहीं झुकेंगे। सीबीएस का मानना है कि यह इस बात का संकेत है कि शटडाउन का अंत अभी दूर है। डेमोक्रेटिक नेताओं ने इस लंच डिप्लोमेसी को "महत्वपूर्ण मिलन" की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि रिपब्लिकन सीनेटरों ने स्वास्थ्य सेवा कर क्रेडिट बढ़ाने के संभावित समझौते पर बातचीत शुरू करने की उम्मीद में राष्ट्रपति से संपर्क किया।सीनेट इससे पहले सोमवार को 21 नवंबर तक सरकार को वित्त पोषित करने के लिए सदन से पारित प्रस्ताव को आगे बढ़ाने में 11वीं बार विफल रही। सदन के अध्यक्ष माइक जॉनसन और सीनेट के बहुमत नेता जॉन थून ने मंगलवार सुबह कहा कि अगर शटडाउन लंबा खिंचता है तो रिपब्लिकन पार्टी के विधेयक में 21 नवंबर की फंडिंग की समय-सीमा बढ़ानी पड़ सकती है। जॉनसन ने कहा कि डेमोक्रेट "समय गंवा रहे हैं।"सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले ओरेगन के डेमोक्रेटिक सीनेटर जेफ मर्कले रात को सीनेट में तीन घंटे से ज्यादा समय तक बोले। मर्कले ने पूर्वी समयानुसार शाम 6:24 बजे अपना भाषण शुरू किया। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के विश्वविद्यालयों के लिए अनुसंधान अनुदान रोकने के साथ-साथ राष्ट्रपति के कई राजनीतिक विरोधियों पर हाल ही में लगाए गए अभियोगों और पोर्टलैंड में नेशनल गार्ड सैनिकों की तैनाती का जिक्र करते हुए तंज कसा।मर्कले ने कहा, "राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि हम यह मान लें कि ओरेगन अराजकता और दंगों से घिरा हुा है। ट्रंप कह सकते हैं कि ओरेगन में विद्रोह हो रहा है।" सीएनएन के अनुसार, सीनेटर की टिप्पणी डेमोक्रेटिक प्रतिरोध का प्रतीक है। पार्टी ने स्वास्थ्य सेवा सब्सिडी को लेकर आक्रामक रुख अपनाते हुए गतिरोध खत्म करने के रिपब्लिकन प्रयासों को 11वीं बार अवरुद्ध किया है। यह गतिरोध चौथे सप्ताह में प्रवेश कर गया है। यह अमेरिकी इतिहास में दूसरा सबसे लंबा गतिरोध है।
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छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार दवा निर्माण करने वाली कंपनी 'सीरीज एंड फर्म' के मालिक रंगनाथन गोविंदन को सोमवार को जेल भेज दिया गया है। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद उसे परासिया सिविल कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेजने का आदेश दिया। दरअसल, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा और बैतूल में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन के बा किड़नी फेल होने से बीते एक माह में 24 बच्चों की मौत हो चुकी है। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने रंगनाथन को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर 10 अक्टूबर को पेश किया था, जहां से उसे 10 दिन की पुलिस रिमांड में भेजा गया था। छिंदवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अजय पांडे ने बताया कि किडनी फेल होने और बच्चों की मौत के मामलों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। इसी टीम ने 10 अक्टूबर को रंगनाथन को तमिलनाडु से गिरफ्तार कर छिंदवाड़ा लाया था। कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद 12 अक्टूबर को एसआईटी जांच के लिए उसे वापस तमिलनाडु लेकर गई थी। तमिलनाडु में जांच के दौरान सिरप की लैब टेस्टिंग में गंभीर लापरवाही सामने आई थी। इसी मामले में कंपनी की केमिकल एनालिस्ट के. महेश्वरी को भी गिरफ्तार किया गया था। तीन दिन की रिमांड पर रखकर पूछताछ करने के बाद महेश्वरी को भी न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा चुका है। सोमवार को रंगनाथन की रिमांड अवधि पूरी होने पर उसे परासिया सिविल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश के बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। जरूरत पड़ने पर और नए तथ्य सामने आने पर आरोपी को दोबारा रिमांड पर लेने की मांग की जा सकती है। 24 मासूमों की मौत का रंगनाथन को कोई गम नहीं, मीडिया को देख किया अभिवादन कोल्ड्रिफ कफ सिरप कंपनी श्रीशन फार्मास्यूटिकल' के मालिक जी. रंगनाथन गोविंदन को सोमवार को जब परासिया के न्यायालय में पेश किया गया और बाद में जिला जेल भेजा गया, तो उसकी भाव भंगिमा नगर में चर्चा का विषय बन गई। आरोपित रंगनाथन पर जिस दूषित सिरप से 24 मासूम बच्चों की मौत का आरोप है, उसने मीडिया और मौके पर मौजूद भीड़ को देखकर बेहद अजीब प्रतिक्रिया दी। आरोपित मीडिया कैमरों को देखकर इस प्रकार हाथ हिला रहा था, जैसे वह कोई लोकप्रिय नेता या सेलिब्रिटी हो। पुलिस हिरासत में होने और इतने गंभीर अपराध का आरोपित होने के बावजूद, उसके चेहरे पर बच्चों की मौत का कोई पछतावा या शिकन तक दिखाई नहीं दी। आरोपित का यह गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह व्यवहार बच्चों के शोकसंतप्त परिवारों और स्थानीय लोगों के बीच और अधिक आक्रोश पैदा कर रहा है।
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राजगढ़ । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कालीपीठ थाना क्षेत्र के ग्राम डेड़िया में सोमवार सुबह अंतिम संस्कार में शामिल होने गए ग्रामीणों पर मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें छह लोग घायल हो गए, जिनका जिला चिकित्सालय में उपचार किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार ग्राम डेडिया में अंतिम संस्कार में शामिल होने गए ग्रामीणों पर मधुमक्खी के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें रामलखन (30) पुत्र कमलसिंह सौंधिया निवासी लहरची, रामबाबू (25) पुत्र बनेसिंह सौंधिया निवासी हासरोद, दरयावसिंह (60)पुत्र कनीराम सौंधिया निवासी हासरोद, महेश (50)पुत्र कुमेरसिंह सौंधिया निवासी लहरची, रामकैलाश (40) पुत्र कुमेरसिंह सौंधिया निवासी लहरची और राजू (35)पुत्र प्यारजी सौंधिया निवासी लहरची घायल हो गए, जिन्हें एम्बूलेंस वाहन की मदद से जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस ने मामले में जांच शुरु की।
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अशोकनगर । मध्य प्रदेश के अशोकनगर में सिटी कोतवाली में पदस्थ चर्चित सब इंस्पेक्टर ने खरगौन की एक होटल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली गई। जानकारी के अनुसार सिटी कोतवाली में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अक्षय कुशवाह खरगौन वारंटी कार्य से गए थे। बताया गया कि खरगौन में उन्होंने शुक्रवार को होटल गोपाल में कमरा नम्बर 202 किराये पर लिया था। शनिवार सुबह जब कमरा नहीं खुला तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। खरगौन पुलिस ने अक्षय कुशवाह को कपड़े से फांसी के फंदे पर बंधा हुआ पाया, पुलिस ने प्रथम दृष्टिया मामला खुदकुशी का माना है। खरगौन पुलिस द्वारा अशोकनगर पुलिस एवं उनके परिजनों को सूचित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कंवर ने बताया कि अक्षय कुशवाह सिटी कोतवाली में पदस्थ थे एवं गुना के रहने वाले थे। जानकारी में बताया गया कि परिजनों के पहुंचने के बाद आगामी कार्रवाई जारी रहेगी। उनकी यहां पुलिस कार्रवाईयां चर्चाओं में रहीं। वहीं अपुष्ट जानकारी अनुसार घटनाक्रम प्रेम-प्रसंग का बताया जा रहा है। पूर्ण खुलासा की आगामी कार्रवाई के बाद ही पता चल सकेगा।
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जबलपुर । घमापुर थानांतर्गत कुछ दिनों पहले ननद द्वारा भाभी को भगाकर ले जाने के आरोप का विचित्र मामला सामने आया था। जिसको लेकर पुलिस ने विस्तृत जांच की। जिसमें यह पूरा मामला झूठा निकला। थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को ने शनिवार को बताया कि आशुतोष बंसल ने अपनी बहन पर भाभी को भगाने का आरोप लगाया था, परंतु जांच में यह आरोप पूर्णत: निराधार साबित हुए। दरअसल, आशुतोष बंसल की पत्नी का अपने पति से घरेलू विवाद चल रहा था। इसी तनाव के चलते पत्नी खुद ही घर छोड़कर चली गई थी। उसके बाद पति आशुतोष ने 17 अगस्त को थाना घमापुर में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी और संदेह जताया था कि उसकी मामा की बेटी ने संध्या को भगा लिया है। पुलिस ने इस मामले को लेकर गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और गायब पत्नी को बरामद किया गया। पूछताछ में पत्नी ने बताया कि वह पति के उत्पीडऩ से परेशान होकर घर छोड़कर गई थी और अब वह पति के साथ नहीं रहना चाहती। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद पत्नी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। बरहाल जो भी हो परंतु जो आरोप लगाए गए थे उसको लेकर यह खबर सुर्खियों में रही।
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नई दिल्ली । त्योहारों के इस व्यस्त मौसम में सोशल मीडिया पर रेलवे से जुड़ी पुरानी या भ्रामक वीडियो साझा कर यात्रियों में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।रेलवे ने शनिवार को बताया कि ऐसे 20 से अधिक सोशल मीडिया हैंडल्स की पहचान की गई है, जो पुराने या झूठे वीडियो प्रसारित कर रहे थे। इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी तरह की गलत सूचना या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।रेलवे ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी वीडियो या सूचना को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे केवल रेलवे के आधिकारिक नोटिफिकेशन और एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा यूट्यूब जैसे आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स पर ही भरोसा करें। रेलवे ने साफ किया है कि गलत सूचना फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन द्वारा शनिवार को बड़ी कार्रवाई की गई है। लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और सुरक्षात्मक उपायों में लापरवाही पाए जाने पर मोरोद स्थित फटाखो के आठ गोदाम सील किए गए हैं। एसडीएम अजय भूषण शुक्ला ने बताया कि आज जिन फटाखा गोदामों में कार्रवाई की गई है, उनमें भागचंद बोदोमल, बालाजी एजेंसी, क्लासिक फायर वर्क्स, प्रभु प्रकाश, नरेश चावला, जयप्रकाश सुखियानी, सतनाम फायर वर्क्स तथा राजकुमार ईश्वर दास के गोदाम शामिल है। उन्होंने बताया कि उक्त संस्थाओं को बार-बार सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश दिए गए थे। इनके द्वारा निर्देशों की अवहेलना की गई जिसके कारण आज यह कार्रवाई की गई। दीपावली पर्व के दौरान पेट्रोलियम डिपो के आसपास आतिशबाजी प्रतिबंधित दीपावली पर्व के दौरान जनसामान्य की सुरक्षा को देखते हुए मांगलिया सड़क स्थित पेट्रोलियम डिपो और उसके आसपास की 500 मीटर की सीमा में आतिशबाजी को पूर्णरूप से प्रतिबंधित किया गया है। इस संबंध में एसडीएम घनश्याम धनगर ने शनिवार को नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये हैं। यह आदेश 18 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक लागू होगा। आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई की जायेगी।
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मोरवा के रिहायशी इलाके में पटाखा बेच रहे एक व्यवसायी पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है......कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम , तहसीलदार और प्रशासनिक टीम ने छापा मारकर...... करीब 2 लाख रुपये के पटाखे जब्त किए है ...... और अवैध रूप से चल रही दुकान को बंद कराया गया...... अधिकारियों ने कहा कि बिना लाइसेंस पटाखों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी...... ताकि आगजनी और हादसों से बचा जा सके...... सिंगरौली जिले के मोरवा में प्रशासन ने दीपावली से पहले पटाखा व्यवसायियों पर बड़ी कार्रवाई की है...... कलेक्टर गौरव बैनल द्वारा नगरीय क्षेत्र में पटाखों की बिक्री...... और भंडारण पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद...... एसडीएम सुरेश जाधव, तहसीलदार अभिषेक यादव, अनुविभागीय अधिकारी गौरव पांडे और मोरवा पुलिस की टीम ने गायत्री मंदिर रोड पर छापा मारा...... यहाँ शक्तिमान गुप्ता नामक व्यवसायी की दुकान में भारी मात्रा में पटाखे पाए गए...... जिसे अवैध घोषित करते हुए...... प्रशासन ने दुकान बंद करा दी...... करीब 21 कार्टूनों में भरे दो लाख रुपए मूल्य के पटाखे जब्त किए गए...... एसडीएम सुरेश जाधव ने बताया कि रिहायशी क्षेत्रों में पटाखों की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है...... और आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी...... उन्होंने कहा कि शासन से लाइसेंस मिलने के बाद ही निर्धारित स्थानों पर पटाखा विक्रय की अनुमति दी जाएगी...... प्रशासन ने लोगों से भी सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की है......
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बीजिंग । चीन ने अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार विवाद के बीच साफ शब्दाें में कहा है कि उसका रूसी तेल खरीदना पूरी तरह से "वैध" है और वह अमेरिका के राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रंप की हाल की "एकतरफा धमकियाें" की कड़ी निंदा करता है। चीन का यह बयान अमेरिेकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा बुधवार को की गई उस टिप्पणी के बाद गुरुवार काे आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी तेल खरीदना बंद करने का वादा किया है और वह चीन से भी ऐसा ही करने को कहेंगे। गाैरतलब है कि ट्रंप ने चीन और भारत पर इस खरीद के ज़रिए तीन साल से चल रहे यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित करने का आरोप लगाया है और यह भी मांग की है कि यूरोपीय सहयोगी देश रूस से तेल खरीदना तुरंत बंद कर दें। भारत ने इस बाबत अपनी नीति में इस बाबत किसी बदलाव की न तो पुष्टि की और न ही इनकार किया है। इस बीच रूसी तेल ना खरीदने के बारे में चीन पर और दबाव बनाने के ट्रंप के इरादे पर चीन के विदेश मंत्रालय ने गुरूवार काे "रूस सहित दुनिया भर के देशों के साथ अपने सामान्य, वैध आर्थिक, व्यापारिक और ऊर्जा सहयोग" का बचाव किया। मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "अमेरिका की कार्रवाई एकतरफा धमकाने और आर्थिक दबाव बढ़ाने का एक विशिष्ट उदाहरण है।" उन्होंने चेतावनी दी कि अगर चीन के हितों को नुकसान पहुँचाया गया, तो वह "कड़े जवाबी कदम उठाएगा और अपनी संप्रभुता की दृढ़ता से रक्षा करेगा"। चीन ने गुरुवार को निर्यात नियंत्रण बढ़ाने और चीनी जहाजों पर नए बंदरगाह शुल्क लगाने के अमेरिका के हालिया कदमों की भी आलोचना की और कहा कि इन उपायों का दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापार वार्ता पर "बेहद हानिकारक" प्रभाव पड़ा है। हालाँकि अमेरिका और चीन के बीच तनाव अभी कुछ कम हुआ है लेकिन इस बाबत अभी तक काेई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। चीन और रूस प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं, और चीन ने कभी भी यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के दाैरान रूस की निंदा नहीं की है, न ही उससे अपने सैनिकों को वापस बुलाने का आह्वान किया है। हालांकि यूक्रेन और पश्चिमी सरकारें लंबे समय से चीन पर रूस को राजनीतिक और आर्थिक समर्थन देने का आरोप लगाती रही हैं। इस बीच चीन द्वारा दुर्लभ खनन प्रौद्योगिकियों और खनिजाें के निर्यात पर नए नियंत्रण लगाए जाने के बाद, ट्रम्प ने कहा था कि वह एक नवंबर से चीन के उत्पादों पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाएंगे। अमेरिका ने अप्रैल में भी "धारा 301" के तहत उद्योग में चीन के प्रभुत्व को अनुचित पाए जाने के बाद, उसके यहां आने वाले चीन निर्मित और संचालित जहाजों पर शुल्क लगाने की घाेषणा की थी। अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301, अमेरिका को उन देशों पर व्यापार दंड लगाने का अधिकार देती है जिनकी प्रथाओं को अमेरिकी वाणिज्य के लिए अनुचित या हानिकारक माना जाता है। उधर इसके जवाब में चीन ने पिछले सप्ताह चीनी बंदरगाहों पर आने वाले अमेरिकी जहाजों पर "विशेष बंदरगाह शुल्क" की घोषणा की । दोनों शुल्क मंगलवार से लागू हो गए। इस बीच चीनी वाणिज्य मंत्रालय की प्रवक्ता ही योंगकियान ने कहा है कि अमेरिका ने " चीन की ईमानदारी की अनदेखी" करते हुए इन कदमाें काे आगे बढ़ाया, जाे "चीन के हितों के लिए बेहद गंभीर और हानिकारक रहे है। चीन के वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ ने भी बीजिंग में एप्पल के सीईओ टिम कुक के साथ बैठक के दौरान अमेरिका पर नवीनतम व्यापार विवाद को भड़काने का आरोप लगाया। मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, वांग ने अमेरिकी सीईओ से कहा, "चीन-अमेरिका व्यापार संबंधों की समग्र स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को एक साथ मिलकर काम करना
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हजीरा सिविल अस्पताल का पूरा सिस्टम ठप हो गया है..... ओपीडी में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने दो महीने से वेतन नहीं मिलने के चलते हड़ताल शुरू कर दी..... जिसके कारण अस्पताल में इलाज पूरी तरह रुक गया..... स्थिति बिगड़ते ही SDM और CMHO मौके पर पहुंचे .....और कर्मचारियों से चर्चा कर समाधान निकाला..... प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की गृह विधानसभा क्षेत्र में आने वाला हजीरा सिविल अस्पताल ग्वालियर का एक प्रमुख सरकारी अस्पताल है.....जहां रोज़ाना हजारों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं.....लेकिन आज ओपीडी में काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य आउटसोर्सिंग कर्मचारी हड़ताल पर चले गए.....वेतन न मिलने से नाराज़ कर्मचारियों के हड़ताल पर जाते ही..... अस्पताल का पूरा सिस्टम चरमरा गया.....पर्चे बनना बंद हो गया..... इलाज रुका और मरीज घंटों तक परेशान होते रहे.....मामले की जानकारी लगते ही SDM प्रदीप शर्मा और CMHO डॉ. सचिन श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे..... कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें दो महीने से वेतन नहीं मिला है.....और त्योहारों के समय यह स्थिति और कठिन हो गई है.....अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए..... विशेष फंड से वेतन जारी कराया.....और लापरवाही बरतने पर आउटसोर्सिंग कंपनी विज़न एंटरप्राइजेज को ब्लैकलिस्ट कर दिया.....
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काठमांडू । नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी एमाले के अधिकांश वरिष्ठ और केंद्रीय नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली पर अपने पद से इस्तीफा देने के लिए दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी की 10वीं केंद्रीय समिति की बैठक में ओली के राजनीतिक प्रस्ताव का विरोध करते हुए अधिकांश नेताओं ने ओली का इस्तीफा मांगा है। काठमांडू में बुधवार से शुरू हुई बैठक में आज गुरुवार को दूसरे दिन सदस्यों ने नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा का उदाहरण देते हुए ओली से भी पार्टी अध्यक्ष का पद छोड़ने और दूसरे नेता को जिम्मेदारी सौंपने की मांग की है। बैठक में ओली के इस्तीफे की मांग बढ़ने के बाद उनके समर्थकों के हंगामा के बाद बैठक को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा। आज की बैठक में ओली से इस्तीफा देने की मांग करने वालों में पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष ईश्वर पोखरेल, उपाध्यक्ष राम बहादुर थापा, उपाध्यक्ष अष्टलक्ष्मी शाक्य, उपाध्यक्ष युवराज खड़का, सचिव योगेश भट्टराई हैं। इन सभी ने लिखित प्रस्ताव रखते हुए इस्तीफे की मांग की है।
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खटीमा में गन्ना क्रय से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई...... बैठक तहसील सभागार में हुई......जिसकी अध्यक्षता किसान नेता प्रकाश तिवारी ने की......बैठक में गन्ना क्रय केंद्रों की अनियमितताओं से लेकर किराया भुगतान और गन्ने की गुणवत्ता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई...... खटीमा तहसील सभागार में आयोजित इस बैठक में गन्ना क्रय केंद्रों पर...... जलभराव, डबल डिस्प्ले बोर्ड लगाने, गन्ने की तुरंत तौल, किराया भुगतान और अनियमितताओं जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई......गन्ना समिति अध्यक्ष बलविंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि बैठक में गन्ने के भार, पर्ची वितरण और विभिन्न प्रजातियों के बीज की उपलब्धता जैसे मुद्दों पर बात रखी गई...... ताकि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो......वहीं गन्ना चीनी मिल के महाप्रबंधक रविंद्र ग्रेवल ने आश्वासन दिया...... कि पेराई सत्र के दौरान किसानों की सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा......बैठक के अंत में किसान प्रतिनिधियों ने अधिकारियों ......और मिल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया...... और उम्मीद जताई कि इस बार गन्ना किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा......
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छतरपुर में बाबा साहेब डॉ.भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित किए जाने को लेकर.......बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.......बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर की शासकीय भूमि पर रातों-रात प्रतिमा स्थापित की गई.......जिसके बाद मामला गरमा गया और प्रशासन तथा भीम आर्मी आमने-सामने आ गए है....... घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम बड़ामलहरा, एसडीओपी और क्षेत्र के सभी थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया.......देर शाम तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही.......प्रशासन ने लोगों को समझाइश देकर किसी तरह स्थिति को नियंत्रण में लिया.......लेकिन पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा.......एसडीएम ने बताया कि जिस भूमि पर प्रतिमा स्थापित की जा रही थी.......वह बमनौरा बस स्टैंड के पास की शासकीय भूमि है.......इस जमीन पर प्रतिमा स्थापना को लेकर पहले भी विवाद चल रहा था.......भीम आर्मी ने जनसुनवाई में आवेदन दिया था.......लेकिन भूमि का विधिवत आवंटन न होने के कारण प्रशासन ने स्टे ऑर्डर जारी किया था.......प्रशासन की समझाइश और सहमति के बाद भीम आर्मी के नेताओं ने बाबा साहेब की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक अपने पास सुरक्षित रख लिया है.......प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है.......अधिकारियों का कहना है कि....... भूमि और अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.......
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मुंबई । गढ़चिरौली जिला पुलिस मुख्यालय में बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य और पोलित ब्यूरो के सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ भूपति उर्फ सोनू उर्फ अभय सहित 60 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया है। भूपति पर विभिन्न राज्यों में लगभग 6 करोड़ रुपये का इनाम था। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य की पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, पुलिस महानिरीक्षक (नक्सल) संदीप पाटिल, पुलिस महानिदेशक (विशेष कार्रवाई) शेरिंग दोरजे उपस्थित थे।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "गढ़चिरौली जिला, जिसने 40 से ज़्यादा वर्षों तक माओवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ी, विकास से काफी हद तक वंचित रहा है। उस समय इस आंदोलन में कई युवाओं ने हिस्सा लिया था। हालांकि, विकास कार्यों के जरिए नए नक्सलियों की भर्ती रोक दी गई।" मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह सफाया करने का संकल्प लिया है। इसी क्रम में, इसी साल 21 मई को छत्तीसगढ़ में हुई एक मुठभेड़ में देश के शीर्ष नक्सली नेता और माओवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ़ बसवा राजू समेत 27 नक्सली मारे गए थे। इसके बाद भूपति को राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने की चर्चा थी। हालांकि, केंद्रीय समिति ने सितंबर में पोलित ब्यूरो सदस्य थिप्पारी तिरुपति उर्फ़ देवजी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया। इस बीच, भूपति ने एक पर्चा जारी कर केंद्र सरकार से शांति वार्ता का आह्वान किया था और हथियार त्यागने की घोषणा की थी। भूपति ने अपनी तस्वीर के साथ निरस्त्रीकरण की घोषणा करते हुए एक पर्चा प्रकाशित किया था। तभी भूपति पुलिस के संपर्क में आया और यह अनुमान लगाया जाने लगा कि वह आत्मसमर्पण कर देगा। यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति के कारण नक्सल आंदोलन कमजोर पड़ रहा है। पिछले दो दशकों में गढ़चिरौली जिले में 700 से अधिक नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं और भूपति जैसे केंद्रीय नेता के आत्मसमर्पण ने नक्सल आंदोलन को कमजोर किया है।
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छतरपुर में हुई जनसुनवाई के दौरान नौगांव ब्लॉक के....... सिंगरावन कला स्कूल के दर्जनों छात्र-छात्राएं अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे.......छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक पढ़ाने की बजाय मोबाइल चलाते हुए....... सो जाते हैं....... और मिड-डे मील की गुणवत्ता भी बेहद खराब है....... छतरपुर जनसुनवाई में नौगांव ब्लॉक के सिंगरावन कला शासकीय स्कूल के....... छात्र-छात्राएं अपने परिजनों के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे .......छात्रों ने शिकायत की कि स्कूल के शिक्षक पढ़ाई पर ध्यान नहीं देते.......मोबाइल चलाते हैं और कई बार कक्षा में ही सो जाते हैं.......वहीं छात्राओं ने मिड-डे मील की घटिया गुणवत्ता को लेकर भी नाराजगी जताई है .......अभिभावकों ने सभी शिक्षकों को हटाने की मांग की है.......छात्रों का कहना है कि स्कूल में शिक्षा का माहौल पूरी तरह खत्म हो गया है.......जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.......शिकायत सुनने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने गंभीरता दिखाते हुए....... जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने....... और समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए.......
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लोकायुक्त ने बड़ी करवाई करते हुए.......पूर्व आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के....... ओल्ड पलासिया स्थित फ्लैट पर छापेमारी की है....... कार्रवाई में ढाई किलो सोना और 75 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी सामने आई है.......बताया जा रहा है लोकायुक्त टीम को तीन लॉकरों की भी जानकारी मिली है.......जांच फिलहाल जारी है....... इंदौर के ओल्ड पलासिया इलाके में लोकायुक्त टीम ने सुबह सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के फ्लैट पर छापा मारा.......ये करवाई भदौरिया के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत दर्ज होने के बाद की गई.......बताया जा रहा है कि लोकायुक्त को छापे के दौरान करीब ढाई किलो सोना .......और 75 लाख रुपये नकद मिले हैं.......साथ ही तीन बैंक लॉकरों की जानकारी भी सामने आई है.......आप को बता दे की धर्मेंद्र सिंह भदौरिया एक महीने पहले ही रिटायर्ड हुए हैं.......कार्रवाई इंदौर और ग्वालियर दोनों जगहों पर एक साथ चल रही है.......लोकायुक्त की टीम अब संपत्ति और आय के स्रोतों की जांच में जुट गई है.......शुरुआती जांच में कई अहम दस्तावेज और संपत्ति के कागजात भी मिले हैं.......माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस कार्रवाई से बड़े खुलासे हो सकते हैं.......
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खंडवा जिले के मांधाता थाना पुलिस ने अंतरराज्यीय मोटरसाइकिल चोरी के गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए...... चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है......पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 15 मोटरसाइकिल जब्त की ...... जिनकी कीमत लगभग 8.5 लाख रुपये बताई जा रही है......यह कार्रवाई विकास और गजेश समेत अन्य पीड़ितों की चोरी की शिकायतों पर की गई......टीम ने आरोपी अनिल उर्फ गोलू को हरदा से गिरफ्तार किया है......जिसने पूछताछ में बताया कि वह कई वर्षों से भोपाल, खरगोन, हरदा, बैतूल, खंडवा और महाराष्ट्र के धारणी तहसील में चोरी कर मोटरसाइकिल बेचता था...... पुलिस ने आरोपी के पास से कई मोटरसाइकिल बरामद की है......सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जिला जेल खंडवा में दाखिल कराया गया है...... इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह सिंधिया और अन्य पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही......पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी और लोगों के वाहनों की सुरक्षा बढ़ेगी......
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ओंकारेश्वर स्थित एकात्म धाम परियोजना से जुड़ी कीमती धातु चोरी होने से....... प्रशासन में हड़कंप मच गया है....... बताया जा रहा है कि आद्य गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण के लिए....... एकत्र की गई तांबा, पीतल और कांस्य मिश्रित धातुएं लाखों रुपये मूल्य की थी.......जो एकात्म धाम कार्यालय के पीछे बने स्टोर रूम से चोरी हो गई है....... ओंकारेश्वर के ऐतिहासिक एकात्म धाम से कीमती धातु चोरी की घटना ने प्रशासन....... और स्थानीय समुदाय को चिंता में दाल दिया है.......आद्य गुरु शंकराचार्य की 108 फीट ऊंची मूर्ति निर्माण के लिए जुटाई गई करोड़ों रुपये मूल्य की तांबा, पीतल और कांस्य मिश्रित धातु....... एकात्म धाम कार्यालय के पीछे स्टोर रूम में रखी गई थी....... जिसे अज्ञात चोरों ने रात में दरवाजे का ताला तोड़ कर चुरा लिया है....... चोरी का प्रारंभिक अनुमान लाखों रुपये बताया जा रहा है.......स्थानीय संत महंत मंगलदास और अखिल भारतीय हिंदू महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने घटना को गंभीर बताते हुए....... पारदर्शी जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है .......
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पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए..ट्रिपल ITM कॉलेज के पीछे से एक युवक को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है...पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 350 क्वार्टर शराब जब्त की है.... बाजार में जिसकी कीमत लगभग 12 हजार 600 रुपये बताई जा रही है...पुलिस ने बताया कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में अवैध शराब की बिक्री और मादक पदार्थों पर रोक लगाना है.... ग्वालियर जिले में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है.....हजीरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली..... कि ट्रिपल ITM कॉलेज के पीछे एक युवक अवैध शराब बेचने की नियत से खड़ा है.....सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अशोक सिंह तोमर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे..... और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया.....पूछताछ में युवक की पहचान विशाल पाल के रूप में हुई है ..... तलाशी के दौरान उसके पास से 4 क्वार्टर देशी शराब और 560 रुपये नगद मिले है.....इसके साथ ही पुलिस ने आरोपी द्वारा छिपाई गई..... 350 क्वार्टर देसी शराब भी बरामद कर ली है......जब्त शराब की कुल कीमत 12 जहर 600 रुपये बताई जा रही है......
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अवैध रूप से बिक रही कच्ची शराब के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है .....देवास में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने जन आक्रोश रैली निकालकर थाने का घेराव किया......और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा.....ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब बिक्री से गांव में लोगों को काफी परेशानी हो रही है..... देवास जिले के ग्राम कमलपुर में अवैध कच्ची शराब की बिक्री को लेकर..... ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.....गांव के महिला ,पुरुष और बच्चे ने मां अंबिका चौक से जन आक्रोश रैली निकली..... और नशा मुक्ति के नारे लगाते हुए थाने पहुंचे.....ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए..... मांग की कि गांव में कच्ची शराब के विक्रय पर तुरंत रोक लगाई जाए.....ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों खुलेआम अवैध शराब बेच रहे है.....जिससे युवा पीढ़ी बर्बादी की ओर जा रही है..... प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं..... और गांव में आए दिन झगड़े और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं..... ज्ञापन का वाचन एडवोकेट प्रवीण चौधरी ने किया और इसे प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश मिश्रा को सौंपा गया.....
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देवास जिले के खातेगांव तहसील के नेमावर से कुंडगांव खुर्द तक जाने वाला रास्ता के हालत ख़राब है......करीब 5 किलोमीटर लंबे इस रस्ते से रोजाना स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को कीचड़ के बीच से गुजरना पड़ता है......बरसात में इस रास्ते की हालत इतनी खराब हो जाती है...... की गाड़ियां फंस जाती हैं...... और बच्चे गिर पड़ते हैं..... देवास जिले के खातेगांव तहसील में नेमावर से कुंडगाव खुर्द तक ......जाने वाली लगभग 5 किलोमीटर लंबा रास्ता आज भी पक्का नहीं बन पाया है......यह मार्ग नर्मदा परिक्रमा पथ का भी हिस्सा है...... लेकिन बरसात में यह सड़क दलदल में बदल जाती है...... स्कूल जाने वाले बच्चे कीचड़ से होकर ...... बड़ी मुश्किल से निकलते हैं......कई बार साइकिल फिसल जाती है...... यूनिफॉर्म मिट्टी से भर जाती है और स्कूल पहुँचने में घंटों लग जाते हैं...... ग्रामीणों ने बताया कि इस रास्ते से रोजाना 25 से अधिक छात्र और कई किसान गुजरते हैं...... लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया...... हर सरकार ने वादे तो किए...... , पर सड़क अब भी कच्ची ही है...... ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी दोनों प्रभावित हो रही हैं...... अब लोगों की निगाहें प्रशासन पर हैं कि कब यह रास्ता विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा......
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जबलपुर । मप्र हाईकोर्ट की जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए एक डॉक्टर के क्लिनिक में पुलिस द्वारा ताला तोड़कर जबरदस्ती घुसने के मामले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सख्त रुख अपनाया है। दरअसल, भोपाल जेल में निरुद्ध डॉ. अभिजीत पाण्डेय की मां अलका पाण्डेय की ओर से दायर याचिका में आवेदक का कहना है कि पत्नी को आत्महत्या के उकसाने के आरोप में 25 मार्च 2025 से वह न्यायिक अभिरक्षा में है। उक्त मामला शहपुरा थाने में दर्ज था। याचिका में आरोप है कि अभिजीत की पत्नी के मामा प्रकाश चंद्र पाण्डेय भोपाल के डिप्टी कलेक्टर हैं। उन्ही के प्रभाव में आकर ससुराल पक्ष ने दूसरी एफआईआर एमपी नगर थाने में दर्ज करा दी। 3 से 9 अप्रैल के बीच डॉ. अभिजीत के क्लीनिक में प्रशासन की टीम संयुक्त निरीक्षण के नाम पर बिना वारंट के पहुंची और चाबी न होने के नाम पर पीछे के दरवाजे से उन्होंने प्रवेश किया। इतना ही नहीं, एसडीएम के चपरासी की शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ जुलाई में तीसरी एफआईआर दर्ज करा दी गई। मामले पर सुनवाई के दौरान आवेदक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर व अधिवक्ता हिमान्शु मिश्रा हाजिर हुए।सुनवाई के दौरान बेंच ने पाया कि सीएमएचओ डॉ. अश्विनी भनवाल और एक सीताराम शर्मा ताला तोड़कर डॉ. अभिजीत के क्लीनिक में घुसे थे। इस कार्रवाई को जबरदस्ती की श्रेणी में पाते हुए अदालत ने सीएमएचओ और एसडीओ को हाजिर होने के निर्देश दिए। मामले पर अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी। जानकारी के अनुसार उक्त प्रकरण में शुक्रवार काे न्यायालय ने ये निर्णय लिया है।
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नई दिल्ली । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2024 के हथियार तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बिहार के वैशाली जिले में एक आरोपित के घर से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। एजेंसी ने बुधवार को आरोपित संदीप कुमार सिन्हा उर्फ छोटू लाल के घर पर तलाशी ली, जिसमें एक 9 एमएम पिस्तौल, 18 जिंदा कारतूस, दो पिस्तौल मैगजीन, एक डबल बैरल 12 बोर बंदूक, 35 जिंदा कारतूस और 4.21 लाख रुपये नकद जब्त किए गए। एनआईए के अनुसार, संदीप मुख्य आरोपित विकास कुमार का करीबी सहयोगी है और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले नेटवर्क का सक्रिय सदस्य है। यह मामला मूल रूप से बिहार पुलिस ने दर्ज किया था, जब एके-47 राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। अगस्त 2024 में एनआईए ने मामले की जांच अपने हाथ में ली थी। यह केस नागालैंड से बिहार के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियारों की तस्करी से जुड़ा है। अब तक इस मामले में विकास कुमार, सत्यंम कुमार, देवमणि राय उर्फ अनीश और मोहम्मद अहमद अंसारी को गिरफ्तार कर आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। हाल ही में एक अन्य आरोपित मंजूर खान को भी गिरफ्तार किया गया है, जो वर्तमान में पटना की बेउर जेल में बंद है। एनआईए ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
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छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में डॉक्टर सोनी की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ते जा रहा है......इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, डेंटल एसोसिएशन, औषधि विक्रेता संघ और सवर्ण समाज के सदस्यों ने संयुक्त रूप से नगर में रैली निकाली..... और एसडीएम सहित जिला SP को ज्ञापन सौंपा..... संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर डॉक्टर प्रवीण सोनी को जल्द रिहा नहीं किया गया.....तो अस्पताल और मेडिकल स्टोर अनिश्चितकालीन बंद किए जाएंगे..... छिंदवाड़ा किडनी संक्रमण प्रकरण में हिरासत में लिए गए..... डॉक्टर प्रवीण सोनी की रिहाई की मांग अब जन आंदोलन का रूप लेती नजर आ रही है.....परासिया में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, इंडियन डेंटल एसोसिएशन, औषधि विक्रेता संघ और सवर्ण समाज के सदस्यों ने संयुक्त रूप से विशाल रैली निकाली..... रैली के बाद सभी प्रतिनिधियों ने एसडीएम और जिला एसपी को ज्ञापन सौंपा.....जिसमें डॉक्टर सोनी को निर्दोष बताते हुए..... उनकी तत्काल रिहाई की मांग की गई.....संगठनों ने कहा कि बच्चों की मौत दुखद है.....लेकिन बिना ठोस सबूत डॉक्टर को दोषी ठहराना न्याय के खिलाफ है.....उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई.....तो प्रदेशभर के अस्पताल और मेडिकल स्टोर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे.....जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी.....इस बीच औषधि विक्रेता संघ परासिया ने प्रेस वार्ता कर कहा कि दवा की खरीद-बिक्री की जिम्मेदारी मेडिकल संचालकों की होती है..... जबकि उसकी अनुमति देना औषधि विभाग का काम है.....संघ का आरोप है कि असली दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय निर्दोष डॉक्टर को जेल भेजना अन्याय है.....अब देखना यह होगा कि सरकार इस बढ़ते विरोध को शांत करने के लिए क्या कदम उठाती है.....
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सिंगरौली पुलिस ने पालतू पशुओं की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए......पुलिस ने गश्त के दौरान 6 पिकप वाहनों में लदी 36 भैंसों को ले जाने से रोक कर जब्त किया है ......वाहन चालक मौके से फरार हो गए...... पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी के निर्देश पर भैंसों को सुरक्षित थाना परिसर में रखा गया है ...... सिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री और एसडीओपी देवसर गायत्री तिवारी के निर्देश पर..... थाना जियावन की टीम ने पिकप वाहनों में भैंसों को ले जाने वाले 6 वाहनों को जप्त किया है..... रात्रि गश्त के दौरान ग्राम उमरहर लोहरा बांध में मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए..... 36 भैंसों को पिकअप सहित मुक्त कराया गया है..... पुलिस को देख कर वाहन चालक मौके से फरार हो गए..... जप्त वाहनों और भैंसों के साथ अज्ञात चालकों के खिलाफ धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज कर..... विवेचना शुरू की गई है ..... इससे पहले अगस्त और सितंबर में अलग-अलग वाहनों से कुल 10 भैंसें जप्त की जा चुकी थीं..... 7 अक्टूबर को जब्त 6 पिकप वाहनों और 36 भैंसों को सुरक्षार्थ थाना परिसर में रखा गया और उनका चारा-पानी कराया गया.....यह कार्रवाई पशु क्रूरता रोकने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है.....
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छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से हुई...... बच्चों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में जांच तेज हो गई है......इसी क्रम में खंडवा में ड्रग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बारह मेडिकल स्टोर्स...... और दवा गोदामों पर छापामार कार्यवाही की है...... टीम ने सभी दुकानों से सिरप के नमूने जांचे...... राहत की बात यह रही कि किसी भी मेडिकल पर संदिग्ध या प्रतिबंधित सिरप नहीं मिला...... छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 12 से अधिक बच्चों की मौत के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है......जांच में सामने आया कि Coldrif नामक सिरप में खतरनाक केमिकल मिला था...... जिससे बच्चों की किडनी फेल हो गई......इस घटना के बाद सरकार ने तुरंत इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है ...... और सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए है ......इसी के चलते खंडवा जिला प्रशासन भी एक्शन मोड में आ गया है ......ड्रग इंस्पेक्टर मंजीत जामले के नेतृत्व में ड्रग विभाग की टीम ने जिलेभर में एक साथ करीब 12 मेडिकल स्टोर्स और दवा गोदामों पर छापामार कार्रवाई की......टीम ने स्टॉक रजिस्टर, बिल, बैच नंबर और कंपनी के दस्तावेजों की गहन जांच की...... विशेष रूप से बच्चों की सर्दी-जुकाम की सिरप दवाओं पर फोकस किया गया......हालांकि जांच के दौरान किसी भी मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित या संदिग्ध सिरप नहीं मिला......विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह एहतियात के तौर पर की गई है...... ताकि छिंदवाड़ा जैसी त्रासदी कहीं और ना दोहराई जाए......मेडिकल संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि...... बिना वैध बिल और लाइसेंस के किसी भी दवा की बिक्री ना करें...... स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि...... बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें......
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प्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.....आए दिन कोई ना कोई कर्मचारी या अधिकारी रिश्वत लेते लोकायुक्त के हत्थे चढ़ रहा है.....ऐसा ही मामला छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से सामने आया है.....जहां महिला एवं बाल विकास विभाग की एक अधिकारी 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार की गई..... जुन्नारदेव के महिला एवं बाल विकास विभाग में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है ..... विभाग अधिकारी सीमा पटेल और अन्य कर्मचारियों पर कार्यकर्ता की भर्ती के दौरान रिश्वत लेने का आरोप लगा है..... शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर ने मामले की जांच कर योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की.....अधिकारी को पहली किश्त के रूप में 20 हजार रुपये लेते हुए..... लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है ..... इस कार्रवाई से विभाग कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.....लोकायुक्त टीम ने आरोपी अधिकारी से पूछताछ की और कार्यालय से संबंधित दस्तावेज और मोबाइल रिकॉर्ड भी जब्त किए.....अब आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है.....यह घटना फिर से यह सवाल खड़ा कर रही है..... कि सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी का जाल कितनी गहराई तक फैला हुआ है..... और इसे रोकने के लिए कितनी कड़ी निगरानी की जरूरत है.....
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अमरपाटन में अधिवक्ता संघ ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है...... अधिवक्ता ग्राम धतूरा में नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण को लेकर विरोध कर रहे है ......उनका कहना है कि कलेक्ट्रेट अगर अमरपाटन के आसपास बनाया जाए...... तो जिले के सभी ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिलेगी......अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी सात सूत्रीय मांगें नहीं मानी गईं......तो यह आंदोलन जिले से प्रदेश स्तर तक जारी रहेगा...... सतना जिले में नए कलेक्ट्रेट भवन के निर्माण को लेकर विवाद तेज हो गया है......मैहर में आयोजित गौरव दिवस के अवसर पर सांसद गणेश सिंह और प्रभारी मंत्री राधा सिंह ने ग्राम धतूरा में नए कलेक्ट्रेट भवन का शिलान्यास किया था...... लेकिन अब अमरपाटन के अधिवक्ता संघ ने इसका विरोध करते हुए...... न्यायालय परिसर में भूख हड़ताल शुरू कर दी है......अधिवक्ताओं का कहना है कि धतूरा, मैहर से 10 किलोमीटर की दूरी पर है......जबकि अमरपाटन क्षेत्र के कई गांव 80 से 90 किलोमीटर दूर है......जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी होगी......उनका कहना है कि नया कलेक्ट्रेट और मुख्य कार्यालय अमरपाटन के आसपास बनाया जाए...... ताकि जिले के सभी क्षेत्रों के लोगों को समान सुविधा मिले......अधिवक्ता संघ ने सात सूत्रीय मांग रखी है और चेतावनी दी है कि...... यदि प्रशासन ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन जिले से प्रदेश स्तर तक जारी रहेगा
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भोपाल । मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि सागर जिले में प्रारंभ की गई फ्रूट फॉरेस्ट योजना एक अभिनव योजना है। इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ होगा। आगामी तीन वर्षों में लगभग 10 लाख पौधों के रोपण से महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा। उनके जीवन में बदलाव आयेगा और वे सशक्त होंगी। राज्यपाल पटेल सोमवार को सागर जिले के रहली विकासखंड के ग्राम पंचायत कड़ता में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जनजातीय वीरों के संग्रहालय का अवलोकन किया और आम का पौधा भी रोपा।राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदाय के लिए प्रारंभ की गई पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना अभूतपूर्व योजनाएं हैं। केन्द्र सरकार द्वारा जनजातीय परिवारों के सर्वांगीण विकास के लिए जनमन योजना में लगभग 24 हजार करोड़ रुपए और धरती आबा उत्कृष्ट ग्राम योजना में लगभग 80 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इन योजनाओं का प्रभावी और परिणाम मूलक क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। यह जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने वाली योजना है।सिकल सेल बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता जरूरीराज्यपाल पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया एक गंभीर और आनुवांशिक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय जागरूकता ही है। सबको सिकल सेल एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के बारे में आमजन को लगातार जागरूक करना होगा। सिकल सेल रोगियों को सही समय और सही उपचार लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश के शहडोल से ही सिकल सेल उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय मिशन लाँच किया है। हम सभी संकल्प लें कि वर्ष 2047 तक देश को सिकल सेल एनीमिया मुक्त बनाएंगें। राज्यपाल पटेल ने टी.बी. रोग के ईलाज और समुचित उपाय की चर्चा कर जन सामान्य को जागरूक किया।जनजातीय महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखेंराज्यपाल पटेल ने कहा कि आज हम गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना रानी दुर्गावती की कर्मभूमि में हैं। जिन्होंने अपने अदम्य शौर्य, साहस और बलिदान से मातृ भूमि की रक्षा की। गोंडवाना साम्राज्य के ही राजा शंकरशाह, राजा रघुनाथ शाह जैसे वीरों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि हमें जनजातीय समाज के महानायकों के बलिदान का सदैव स्मरण रखना चाहिए और उनके देश प्रेम समर्पण से प्रेरणा लेना चाहिए।जनसंवाद कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक गोपाल भार्गव ने कहा कि प्रदेश सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री कन्यादान योजना रहली विधानसभा क्षेत्र के कड़ता ग्राम से ही शुरू हुई थी। उन्होंने प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जनता के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी। जनजातीय कल्याण के सरकारी कार्यक्रमों का जिक्र भी किया।पीएम आवास हितग्राही राजेश के निवास पर किया भोजनराज्यपाल पटेल ने कड़ता के ही जनजाति समुदाय के राजेश गौंड़ के घर पहुंचकर भोजन किया। उन्होंने पीएम आवास हितग्राही राजेश और उनके परिजनों से आत्मीय चर्चा करते हुए अन्य शासकीय योजनाओं के लाभ संबंधी जानकारी भी ली।उड़ान योजना का किया शुभारंभराज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में कलेक्टर संदीप जी आर के मार्गदर्शन में तैयार की गई ‘उड़ान योजना’ का शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल को कलेक्टर ने बताया कि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सभी अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग के छात्रावासों में निवासरत विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा समय-समय पर विशेष मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। राज्यपाल पटेल ने योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि उड़ान योजना से अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी अवश्य ही लाभान्वित होंगे।राज्यपाल ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणेश की प्रतिमा पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्हें ग्राम की सरपंच श्रीमती वंदना यादव द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के अंतर्गत तैयार की गई ग्राम एक्शन प्लान पुस्तिका की प्रति भेंट की गई। राज्यपाल पटेल को कलेक्टर द्वारा आदि कर्मयोगी योजना के संबंध में सागर विकासखंड के 73 ग्रामों की ग्राम एक्शन प्लान की जानकारी दी गई। राज्यपाल पटेल ने जन संवाद कार्यक्रम में केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित हितग्राहियों को हितलाभ प्रदान किए। उन्होंने आयुष्मान निरामय भारत योजना आदि विभिन्न योजनाओं के हितलाभ सहित टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट प्रदान किए।इस अवसर पर विधायक ब्रजबिहारी पटैरिया, विधायक वीरेन्द्र लोधी, जिला अध्यक्ष श्रीमती रानी कुशवाहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
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खटीमा में सरकार के निर्धारित समय अनुसार धान खरीद केंद्र शुरू कर दिए गए हैं...... उपजिलाधिकारी और SMI ने अपनी टीम के साथ कृषि मंडी समिति का निरीक्षण किया...... खटीमा में सरकार के निर्धारित समय अनुसार धान खरीद केंद्र आज से चालू कर दिए गए हैं...... उपजिलाधिकारी तुषार सैनी और SMI ने अपनी टीम के साथ मिलकर कृषि मंडी समिति का निरीक्षण किया...... पहले दिन कुछ सुविधाएं जरूर रही......लेकिन मंडी में आए सभी किसानों के धान को तौलकर सही तरीके से मिलों में भेज दिया गया...... किसानों ने भी माना कि शुरुआत में थोड़ी परेशानी हुई...... लेकिन सरकार के निर्देशानुसार प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और व्यवस्थित रही...... उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने बताया कि केंद्र में किसानों और अधिकारियों के बीच सामंजस्य स्थापित किया जाएगा...... ताकि धान क्रय केंद्र का कार्य बिना किसी रुकावट के किया जा सके...... और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी ना हो......उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सभी कार्य सुचारू रूप से संपन्न होंगे......
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खंडवा में जीआरपी और आरपीएफ पुलिस ने बड़ी चोरी का खुलासा करते हुए...... एक करोड़ 82 लाख रुपए का सोना जब्त किया है ......जांच में पता चला कि फरियादी ने फर्जी लूट का मामला रचकर...... अपने दोस्त के साथ मिलकर सोना और इंश्योरेंस का पैसा हड़पने की योजना बनाई थी...... पुलिस ने चोरी मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है...... और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है...... खंडवा रेलवे थाने में हुई एक जांच ने बड़े सिक्योरिटी घोटाले का खुलासा किया है ......फरियादी ने ही पहले अपने साथियों को एक करोड़ 82 लाख रुपए का सोना सौंपा...... और फिर बाद फर्जी लूट की छूटी कहानी रची......पुलिस ने जब जांच शुरू की तो ...... फरियादी को ही मास्टरमाइंड पाया ...... यह पूरा मामला फर्जी FIR पर आधारित था......जिसे फरियादी ने इंश्योरेंस के करोड़ों रुपए हड़पने के लिए दर्ज कराया था......जीआरपी और आरपीएफ पुलिस ने सोना जब्त कर...... आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया......पुलिस ने मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है......और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है......अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे...... -----------
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भोपाल। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में परासिया विकासखंड में किडनी फेल होने से शनिवार को दोपहर में एक और बच्ची की मौत हो गई है। ग्राम बड़कुई निवासी डेढ़ साल की योगिता ठाकरे नाम की बच्ची का नागपुर में पिछले एक सप्ताह से का इलाज चल रहा था। वह भी आज जिंदगी की जंग हार गई। जिले में पिछले एक महीने के अंदर अब तक किडनी फेलियर से जान गंवाने वाले मासूमों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है। जांच में इन बच्चों की मौत की वजह कोल्ड्रिफ कफ सिरप पाया गया है। इसके बाद मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को कहा कि छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कप सिरप के कारण बच्चों की हुई मृत्यु अत्यंत दुखद है। कोल्ड्रिफ कप सिरप की जाँच रिपोर्ट आने पर मध्य प्रदेश में इस सिरप की बिक्री को पूर्णता प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रदेश में अभियान के तौर पर छापामारी कर कोल्ड्रिफ सिरप को जप्त किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा में इस सिरप के कारण जिन बच्चों को मृत्यु हुई है, उनके परिजन को 4-4 लाख रुपये आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। साथ ही उपचाररत बच्चों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। जाँच नमूने पाये गये अमान्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कफ सिरप बनाने वाली फैक्टरी तमिलनाडु के कांचीपुरम में है, इसलिए घटना के संज्ञान में आने के बाद राज्य सरकार ने तमिलनाडु सरकार को कोल्ड्रिफ सिरप के सैम्पल जाँच के लिए भेज गये थे। शनिवार सुबह ही जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई। रिपोर्ट में पाया गया कि जाँच नमूने अमान्य पाये गये हैं। रिपोर्ट के आधार पर कड़ा एक्शन लिया गया है। त्वरित कार्यवाही करते हुए कोल्ड्रिफ सिरप के विक्रय को पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि बच्चों की दुखद मृत्यु के बाद स्थानीय स्तर पर कार्रवाई चल रही थी। राज्य स्तर पर भी इस मामले में जांच के लिए टीम बनाई गई है। जाँच में पाई गई 48.6 फीसद डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा राज्य सरकार को आज प्राप्त हुई रिपोर्ट में बताया गया है कि तमिलनाडु के औषधि नियंत्रक द्वारा कोल्ड्रिफ सिरप को “नॉट ऑफ़ स्टैण्डर्ड क्वालिटी(एनएसक्यू)” घोषित किया गया है। शासकीय औषधि विश्लेषक, औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, चेन्नई के परीक्षण अनुसार इस सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा पाई गई 48.6 फीसद पाई गई है, जो एक जहरीला तत्व है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। जिला छिंदवाड़ा से बच्चों की मृत्यु की घटनाओं की पृष्ठभूमि में इस औषधि की संदिग्ध भूमिका को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में कठोर कदम उठाए गए हैं। मध्य प्रदेश के खाद्य एवं औषधि प्रशासन नियंत्रक डॉ. दिनेश कुमार मौर्य ने प्रदेश के समस्त वरिष्ठ औषधि निरीक्षक एवं औषधि निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि उक्त दवा का विक्रय एवं वितरण तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। यदि यह दवा उपलब्ध हो तो इसे तुरंत सील कर लिया जाए तथा नष्ट नहीं किया जाए, जैसा कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 और नियमों में प्रावधान है। संबंधित औषधि के नमूने संकलित कर परीक्षण के लिए शासकीय औषधि प्रयोगशालाओं को भेजे जाएं। कोल्ड्रिफ सिरप के अन्य बैचेज भी यदि उपलब्ध हों तो उन्हें भी सील कर नमूने परीक्षण के लिए भेजे जाएं। जनहित को देखते हुए मेसर्स स्रेसन (Sresan) फार्मास्यूटिकल द्वारा निर्मित सभी अन्य औषधियों की बिक्री एवं उपयोग भी तत्काल प्रभाव से रोक दी गई है और इनके नमूने कानूनी परीक्षण के लिए संकलित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में इस दवा की आवाजाही पर सख्त निगरानी के निर्देश हैं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया ब्लॉक में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने के बाद पिछले 20 दिन में 10 बच्चों की किडनी फेल होने से मौत हो चुकी है। इनमें दिव्यांश चंद्रवंशी (7 वर्ष), अदनान खान (5 वर्ष), हेतांश सोनी (5), उसैद (4), श्रेया यादव (18 माह), विकास यदुवंशी (4), योगिता विश्वकर्मा (5 वर्ष), संध्या भोसोम (सवा साल), चंचलेश यदुवंशी (एक साल) और योगिता ठाकरे (एक साल) हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चों ने नागपुर के निजी अस्पतालों में दम तोड़ा। इनमें एक बच्ची की मौत शनिवार को ही हुई है। अभी भी कई बच्चे अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार, 5 अक्टूबर को असम के गुवाहटी में पूर्वोत्तर राज्यों के निवेशकों सहित भूटान के प्रतिनिधियों से वन टू वन चर्चा करेंगे। सेशन को रॉयल भूटान काउन्सलेट के काउंसिल जनरल जिग्मे थिनायल नामग्याल भी संबोधित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश के निवेश के प्रमुख सेक्टर और उद्योग-अनुकूल नीतियों की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश तथा पूर्वोत्तर भारत के बीच परस्पर सहयोग एवं साझेदारी को अभूतपूर्व विस्तार मिलने जा रहा है। असम के गुवाहाटी में मध्य प्रदेश में निवेश का नया अध्याय लिखा जाएगा। मध्य प्रदेश निवेश के लिए सर्वाधिक अनुकूल है। गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित इंटरेक्टिव सेशन में मध्य प्रदेश में निवेशकों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन, सुदृढ़ इन्फ्रास्ट्रक्चर, उद्योग हितैषी नीतियों और सुविधाओं पर चर्चा होगी। इससे मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के बीच सहयोग एवं साझेदारी को विस्तार मिलेगा। जनसम्पर्क अधिकारी अशोक मनवानी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की संकल्पबद्धता और राज्य की मजबूत नीतियां निवेशकों को भरोसा देती हैं कि उनके व्यवसाय के लिए प्रदेश में हर तरह के संसाधन और अवसर उपलब्ध हैं। यह अवसर पूर्वोत्तर और मध्य प्रदेश के उद्योगों के लिए साझी संभावनाओं का नया मार्ग खोलेगा। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश की केन्द्रीय भौगोलिक स्थिति, विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचा और बाजार तक आसान पहुंच इसे निवेशकों के लिए सर्वाधिक अनुकूल और एक अनूठा केंद्र बनाती है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश ने उद्योग-अनुकूल नीतियां और क्लस्टर आधारित विकास मॉडल तैयार किए हैं, जिससे निवेशक अपनी नए उद्योग की योजना को तेजी से क्रियान्वित कर सकते हैं। राज्य के एग्रो और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेशकों को कृषि उत्पादन और प्रोसेसिंग क्षमताओं का लाभ मिलता है। टेक्सटाइल्स और अपैरल सेक्टर राज्य की परंपरागत और आधुनिक क्षमता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है, जिससे निर्यात और रोजगार दोनों में वृद्धि संभव होती है। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मध्यप्रदेश की ताकत निवेशकों को कच्चे माल, अनुसंधान एवं विकास और उत्पादन के अवसर प्रदान करती है। सीमेंट, मिनरल्स और इंजीनियरिंग, पेट्रोकेमिकल्स और केमिकल्स, टूरिज्म और वेलनेस, रिन्यूएबल एनर्जी और एनर्जी इक्विपमेंट तथा प्लास्टिक्स और पॉलिमर्स जैसे सेक्टर राज्य को निवेश के लिए बहुआयामी विकल्प प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल से इन क्षेत्र में निवेश केवल व्यवसाय ही नहीं बल्कि आर्थिक विकास और स्थायी अवसरों का रास्ता बन रहा है। मध्य प्रदेश पूर्वोत्तर के उद्योगपतियों के लिए निवेश का आदर्श स्थल है। असम और अन्य राज्यों में फैले फार्मा हब, सीमेंट यूनिट्स, टी-रिसर्च और प्लांटेशन, लॉजिस्टिक केंद्र और पेट्रोकेमिकल्स जैसी सुविधाओं के साथ मध्यप्रदेश निवेशकों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक और भरोसेमंद वातावरण प्रदान करता है।
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परासिया में किडनी संक्रमण तेजी से फैल रहा है...... जिससे बच्चों की जान को खतरा बढ़ गया है...... इस मामले को लेकर एसडीएम शुभम यादव ने प्रेस वार्ता कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है...... एसडीएम शुभम यादव ने बताया कि नागपुर में इलाज के दौरान अब तक 9 बच्चों की मौत हो चुकी है......अधिकारियों ने जानकारी दी है ..... कि जांच के दौरान कुछ कोल्ड सिरप पर प्रतिबंध लगाया गया है.....प्रशासन ने माता-पिता से अपील की है..... कि अपने बच्चों का इलाज केवल सरकारी अस्पतालों में कराएँ .....और उन्हें किसी भी प्रकार का अनधिकृत कोल्ड सिरप ना पिलाएँ.....साथ ही बच्चों की सेहत पर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है..... ताकि संक्रमण पर नियंत्रण पाया जा सके.....
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प्रदेश में नाम बदलकर हिंदू लड़कियों को फंसाने का सिलसिला लगातार जारी है......ऐसा ही मामला हबीबगंज सामने आया है...... जहाँ एक मुस्लिम जिम ट्रेनर ने नाम बदलकर एक हिंदू युवती से दोस्ती की और उसे होटल में ले गया......इस पूरी घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के लोग होटल पहुंचे ...... और जिम ट्रेनर की जमकर पिटाई की...... जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया......अब इस घटना पर सांसद आलोक शर्मा का बयान सामने आया है...... भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में लव जिहाद का मामला सामने आया है......जिसमें एक मुस्लिम जिम ट्रेनर मजहर ने अपनी असली पहचान छुपाकर एक हिंदू युवती से दोस्ती की और उसे बहला फुसला कर होटल ले गया......युवती के होटल में मौजूद होने की जानकारी मिलते ही स्थानीय हिंदू संगठनों ने तत्काल कार्रवाई की और होटल पहुंचकर...... जिम ट्रेनर की जमकर पिटाई की......इसके बाद युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया......हिंदू संगठनों का आरोप है कि युवक ने नाम बदलकर और छुपी पहचान का सहारा लेकर युवती को फंसाने की कोशिश की है ......संघटन ने घटना के बाद होटल के बाहर प्रदर्शन भी किया गया......इस पूरे मामले पर सांसद आलोक शर्मा ने प्रतिक्रिया दी है ......उन्होंने कहा कि जिम ट्रेनर जैसे कई लोग समाज के लिए रावण की तरह हैं......जो धर्म और संस्कृति के खिलाफ काम कर रहे हैं......उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए...... और किसी को भी बक्शा नहीं जाएगा......
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दशहरे के पावन पर्व पर सभी जगह रावण के पुतले का दहन किया जाता है......लेकिन राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर में प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत शर्मा के नेतृत्व में आतंकवाद का पुतला दहन किया......इस दौरान कार्यकर्ता ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए गए...... ग्वालियर में दशहरे के मौके पर राष्ट्रीय सनातन सेना ने रावण के पुतले की जगह आतंकवाद का पुतला फूंका......प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत शर्मा ने बताया कि विधर्मी लोग हमारे धार्मिक त्योहारों और आयोजनों पर अत्याचार कर रहे हैं......उन्होंने हिंदू धर्म के लोगों से अपील की कि ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाए..... इस दौरान अन्य कार्यकर्ताओ ने कहा की हम राष्ट्रीय सनातन सेना के तत्वाधान में इसे बिधर्मी लोग जो हिंदू धर्म के स्थान पर आई लव मोहम्मद के पोस्टर चिपका रहे हैं..... या गरबा डांडिया महोत्सव के बारे में गलत प्रतिक्रिया कर रहे हैं..... ऐसे लोगों को सबक सिखाने के लिए राष्ट्रीय सनातन सेना ने आज आतंकवाद का पुतला जला रहे है ......राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निशांत शर्मा, गोविंद शुक्ला और प्रदेश संगठन मंत्री अनुज गुर्जर भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे......कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों पर किसी भी प्रकार की गलत प्रतिक्रिया बर्दाश्त नहीं की जाएगी......इस मौके पर राष्ट्रभक्ति और हिंदू धर्म के प्रति आस्था के नारे गूंजते रहे......
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साइबर ठगी से बचाव को लेकर पुलिस की पहल सामने आई है.....थाना झनकइया परिसर में पुलिस क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी की मौजूदगी में ग्राम प्रधानों व सभासदों की गोष्ठी आयोजित की गई..... इस दौरान साइबर ठगों के अलग-अलग तरीकों की जानकारी देकर उनसे बचने के उपाय बताए गए..... और जनप्रतिनिधियों से गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया गया..... उधमसिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव के लिए विशेष अभियान चलाया है ..... थाना झनकइया परिसर में पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल रावत और थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक गोष्ठी आयोजित की गई.....जिसमें थाना क्षेत्र के सभी ग्राम प्रधानों और वार्ड सांसदों को बुलाया गया.....बैठक में जनप्रतिनिधियों को विस्तार से बताया गया कि साइबर ठग किस तरह लोगों को निशाना बनाकर धोखाधड़ी करते हैं.....और इससे बचने के क्या उपाय हो सकते हैं.....पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों तक जागरूकता पहुंचना बेहद जरूरी है.....क्योंकि सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है.....पुलिस क्षेत्राधिकारी विमल रावत ने ग्राम प्रधानों से आग्रह किया कि..... जब वे खुली बैठकों का आयोजन करें तो उसमें ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के बारे में जरूर जानकारी दें.....इस पहल का उद्देश्य है कि कोई भी ग्रामीण साइबर ठगों का शिकार न बने.....
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर बड़ा बयान दिया है......शास्त्री ने कहा कि “सर तन से जुदा” जैसी धमकी देने वाले हिंदुओं के त्योहारों को निशाना बना रहे हैं...... जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा......उन्होंने हिंदू समाज को जागरूक होने की नसीहत दी और ऐलान किया कि...... वो जल्द ही दिल्ली से मथुरा-वृंदावन तक एक यात्रा निकालकर समाज को एकजुट करेंगे...... प्रसिद्ध कथावाचक और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कड़ा बयान दिया है......उन्होंने कहा कि “सर तन से जुदा” की धमकी देने वाले लोग हिंदुओं के त्योहारों और परंपराओं को टारगेट कर रहे हैं...... जिसे किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जाएगा......शास्त्री ने अपने संबोधन में हिंदू समाज को भी आड़े हाथों लिया...... और कहा कि आज हिंदू अपने धर्म और त्योहारों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े नहीं हो रहे हैं......उन्होंने हिंदू समाज को चेताया कि यदि समय रहते जागरूक नहीं हुए तो नुकसान झेलना पड़ेगा......उन्होंने घोषणा की..... कि हिंदुओं को जागरूक और एकजुट करने के लिए वह जल्द ही राजधानी दिल्ली से लेकर मथुरा और वृंदावन तक एक यात्रा निकालेंगे......इस यात्रा का उद्देश्य हिंदू समाज को अपनी शक्ति का एहसास कराना होगा......
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पुलिस ने बड़ी करवाई करते हुए...... रेलवे स्टेशन पर बाइक चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले...... तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है...... पुलिस ने आरोपियों के पास से दो चोरी की बाइक भी बरामद की है......ग्वालियर पुलिस ने बताया की गैंग का बाइक चोरी करने का तरीका शातिराना था......पहले गैंग के दो सदस्य घटनास्थल और बाइक की रेकी करते थे...... और फिर तीसरा सदस्य बाइक के ताले तोड़ देता था...... पिछले दिनों गोपाल शर्मा नमक युवा की बाइक चोरी के बाद जीआरपी ने कार्रवाई करते हुए...... 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले थे......जांच में यह सामने आया कि पकड़े गए...... आरोपियों पर पहले से ही 6 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं...... इस कार्रवाई के बाद रेलवे स्टेशन पर लगातार हो रही...... बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही हैं......
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रुड़की में मारपीट के मुकदमे को लेकर कलियर विधायक फुरकान अहमद के बेटे सलमान अहमद ने बड़ा बयान दिया है....विधायक के बेटे ने आरोप लगाने वाले युवक आरिफ कादरी को ही धोखेबाज करार दिया है.....और कहा है की उस पर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है ..... रुड़की में मारपीट के मुकदमे को लेकर कलियर विधायक फुरकान अहमद के पुत्र सलमान अहमद ने प्रेस वार्ता में बड़ा बयान दिया है .....सलमान ने आरोप लगाया कि पश्चिमी अंबर तालाब निवासी आरिफ कादरी ने उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है .....उनका कहना है कि आरिफ पहले भी कई बार जेल जा चुका है .....और हरियाणा पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो चुका है .....सलमान अहमद ने बताया कि आरिफ ने उनके जानकार अय्यूब से करीब तीस लाख रुपये का सामान और लेबर लिया ..... जिसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है .....पैसे की मांग पर आरिफ ने झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रची ..... सलमान ने कहा कि आरिफ खुद कैंप कार्यालय आया .....और उनसे लिखित में बकाया रकम चुकाने का वादा किया था ..... लेकिन बाद में उसने झूठे आरोप लगाए है .....इस मामले में अय्यूब ने भी पुष्टि की कि आरिफ अपनी मर्जी से कार्यालय आया था .....और किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई .....सलमान का यह बयान विवादित मुकदमे की सच्चाई उजागर करने की दिशा में अहम माना जा रहा है .....
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7 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा पखवाड़ा अभियान के तहत खटीमा में दिव्यांग सम्मान और सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया.....जिसमें दस दिव्यांग जनों को उनकी आवश्यकता अनुसार इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा, ट्राई-साइकिल, बैसाखी और श्रवण यंत्र वितरण किए गए.....कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने की ..... खटीमा में डिग्री कॉलेज रोड स्थित सक्सेना प्ले हाउस में सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत दिव्यांग सम्मान और सामग्री वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया ..... इस कार्यक्रम में दस दिव्यांगजन अपनी आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न सामग्री से लाभान्वित हुए ..... उनके लिए एक इलेक्ट्रॉनिक रिक्शा, चार ट्राई-साइकिल, दो बैसाखी और तीन श्रवण यंत्र वितरित किए गए.....कार्यक्रम संयोजिका डॉ. विनीत सक्सेना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से समाज के अति वंचित दिव्यांगों को इस प्रकार के सहयोग से आत्मनिर्भर बनाना सर्वोत्तम सेवा कार्य है.....कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या ने कहा कि भविष्य में भी दिव्यांगजनों के लिए इस तरह के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे.....कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने की.....और बताया कि सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में इस तरह के वितरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं....अति विशिष्ट अतिथि सहकारी बैंकों के पूर्व अध्यक्ष दान सिंह रावत ने संकल्प पत्र पढ़कर.....सभी कार्यकर्ताओं को स्वदेशी अपनाने की शपथ दिलाई....
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चेन्नई । तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की रैली के दौरान भगदड़ में 40 लोगों की मौत के बाद उनकी चुनावी रैली पर रोक लगाने की मांग करते हुए मद्रास उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि भगदड़ में हुई मौत की जांच पूरी होने तक अभिनेता विजय के राजनीतिक अभियान की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। तमिलनाडु के करूर में हुई भगदड़ के मामले पर मद्रास उच्च न्यायालय में आज सुनवाई होगी। एक पीड़ित ने याचिका दायर कर तमिलगा वेत्त्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैलियों पर रोक लगाने की मांग की है, क्योंकि करूर में विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ के दौरान 40 लोगों की मौत हो गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रैलियों पर रोक लगानी चाहिए। अदालत में दायर याचिका में पीड़ित ने कहा है कि भगदड़ को दौरान उन्हें चोट आईं हैं और यह घटना मात्र दुर्घटना नहीं हैं, बल्कि लापरवाही, घोर कुप्रंधन और सार्वजनिक सुरक्षा के प्रति पूरी तरह उपेक्षा का प्रत्यक्ष प्रमाण है। करूर में विजय की रैली में हुई भगदड़ के दौरान 40 लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए हैं। याचिका में कहा गया है कि विजय की सभा में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों के आने के बावजूद, पुलिस ने पर्याप्त प्रतिबंध नहीं लगाए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई अवरोधक नहीं लगाए गए। परिणामस्वरूप, बच्चों, महिलाओं और वयस्कों सहित 40 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई। इस जनहानि का कारण पर्याप्त तैयारियों का अभाव और प्रशासनिक अक्षमता है। याचिका में यह भी कहा गया कि पुलिस को इस मामले के आरोपितों और कार्यक्रम के आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भगदड़ में हुई मौत की जांच पूरी होने तक पुलिस को अभिनेता विजय के राजनीतिक अभियान की अनुमति नहीं देनी चाहिए। यह मामला आज न्यायाधीश सेंथिलकुमार के समक्ष सुनवाई के लिए आ सकता है। इसी तरह, विजय के वकीलों ने भी आज करूर में हुई घटना के संबंध में मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश दंडपाणि से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की है। न्यायाधीश के समक्ष उन्होंने कई माँगें रखी हैं, जिनमें मद्रास उच्च न्यायालय द्वारा स्वयं आगे आकर घटना की जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आदेश देना भी शामिल है। वकील अरिवझगन ने न्यायमूर्ति दंडपाणि से मुलाकात की है और अनुरोध किया है कि मद्रास उच्च न्यायालय जांच की पहल करे। यह मामला कल दोपहर (29 सितंबर) उच्च न्यायालय के मदुरै सत्र में सुनवाई के लिए आएगा। उल्लेखनीय है कि करूर घटना को लेकर पुलिस ने चार धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है। घटना की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगतीसन की अध्यक्षता में एक सदस्यीय आयोग का गठन भी किया गया है। विजय ने इस दुखद घटना में मारे गए लोगों के परिवारों को 20 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की है।
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बरेली में हाल ही में हुई हिंसा के बाद सुरक्षा की जिम्मेदारी SSP अनुराग आर्य ने खुद संभाली है ..... देर रात उन्होंने घोड़े पर सवार होकर इलाके का निरीक्षण किया.....यह अलग तरह की गश्त थी.....जिसमें सिर्फ पैदल या वाहन पर नहीं बल्कि घोड़े पर सवार होकर शहर की निगरानी की गई.....और स्थानीय तनाव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी गई.....इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने मौलाना तौकीर रजक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया.....SSP अनुराग आर्य ने बताया कि इस प्रकार की गश्त से तनाव को नियंत्रण में रखने में मदद मिली.....और आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.....
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देवास पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत अवैध मादक पदार्थ तस्करी पर बड़ी कार्रवाई की है......खातेगांव, सतवास और कांटाफोड़ थानों की संयुक्त टीम ने पांच तस्करों को गिरफ्तार कर...... 10 किलो 400 ग्राम गांजा जब्त किया है ......इस गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 3 लाख रुपये ज्यादा की है ...... देवास पुलिस के ऑपरेशन प्रहार के तहत लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है......मुखबिर से सूचना मिलने पर खातेगांव, सतवास और कांटाफोड़ पुलिस की संयुक्त टीम ने 2 आरोपी कैलाश और अमित को घेराबंदी कर पकड़ा है ......पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो कांटाफोड़ में भी गांजा की तस्करी करते हैं......इसके बाद पुलिस ने 3 आरोपी मोहन, करम सिंह और गितेन्द्र को भी गिरफ्तार किया है ......पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 10 किलो 400 ग्राम गांजा और एक बाइक जब्त की है ......जिसका मूल्य लगभग 3.14 लाख रुपये है......गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है......पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन प्रहार लगातार जारी रहेगा......और अवैध मादक पदार्थ तस्करी को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई की जाएगी...... जनता से अपील की गई है...... कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना पुलिस को दें......इस कार्रवाई से जिले में मादक पदार्थ तस्करी पर प्रभावी शिकंजा कसने में मदद मिलेगी......
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रुड़की के मंगलौर क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गैस चोरी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है .... पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत रात के समय कार्रवाई करते हुए .... गैस चोरी के एक बड़े कैप्सूल और 23 सिलेंडरों को जब्त किया ... पुलिस का कहना है कि यह अवैध नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और अब दोषियों को पकड़ने की पूरी कोशिश जारी है... पुलिस ने बताया कि पकड़ा गया कैप्सूल अवैध तरीके से गैस ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल हो रहा था ...... और यह लंबे समय से चल रहे .....गैस चोरी के नेटवर्क का हिस्सा था .... कुछ दिन पहले प्रशासनिक टीम गैस प्लांट इलाके में कार्रवाई की थी .... लेकिन अब कोतवाली पुलिस ने इस पूरी प्रक्रिया को रोकने और दोषियों को सजा दिलाने में अहम सफलता हासिल की है ... पुलिस ने बताया कि मौके से तीन आरोपी फरार हो गए हैं ... जबकि अन्य संदिग्धों की पहचान और छानबीन की जा रही है .... अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं... जो अवैध गैस की सप्लाई और रिफिलिंग में सक्रिय हैं....... इस बड़ी कार्रवाई से न केवल इलाके में अवैध कारोबार पर अंकुश लगा है.... बल्कि जनता के लिए सुरक्षित और कानूनी आपूर्ति सुनिश्चित करने का संदेश भी गया है ... पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत कोतवाली को दें और सुरक्षा में सहयोग करें ...
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दंतेवाड़ा जिले के 16-17 प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने कोत्तागुडेम-किरन्दुल रेल परियोजना के सर्वेक्षण कार्य पर रोक लगाने की मांग की है....... ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए...... कहा कि परियोजना पेसा एक्ट और पांचवीं अनुसूची के नियमों का उल्लंघन कर रही है......उनका कहना है कि स्थानीय ग्राम सभा की सहमति के बिना कोई भी सर्वे या भूमि उपयोग किया जाना गलत है...... छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा के बचेली और आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने कोत्तागुडेम-किरन्दुल रेल परियोजना के सर्वे कार्य पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है..... ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि पेसा एक्ट और पांचवीं अनुसूची का उल्लंघन किया जा रहा है..... कांग्रेस नेता छविंद्र कर्मा, जिला पंचायत सदस्य तूलिका कर्मा, सरपंच और स्थानीय नेता भी ज्ञापन सौंपने के दौरान मौजूद रहे..... उन्होंने कहा कि ग्राम सभा की अनुमति के बिना किसी औद्योगिक या आधारभूत परियोजना को लागू नहीं किया जा सकता है ..... बताया जा रहा है कि यह परियोजना तेलंगाना के कोत्तागुडेम से छत्तीसगढ़ के किरन्दुल तक ..... 160 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की है..... जो सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर को जोड़ती है..... जून में स्थानीय विरोध के कारण सर्वे बाधित हो चुका है..... ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वैधानिक बिंदुओं पर विचार करते हुए..... तत्काल सर्वे कार्य रोका जाए..... नहीं तो वो आंदोलन तेज करेंगे..... परियोजना के विरोध में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता और स्थानीय प्रतिनिधि भी मौजूद थे.....
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दाल बाजार में एक किराना व्यापारी पर नकाबपोश बदमाश ने कट्टे की नोक पर लूट की कोशिश की......लेकिन व्यापारी की हिम्मत के आगे बदमाश भाग खड़ा हुआ......पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है...... पुलिस ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ मामला दर्ज कर...... तलाश शुरू कर दी है....... ग्वालियर के इंदरगंज थाना अंतर्गत दाल बाजार की अलंकार होटल वाली गली में ......देर रात धर्मेंद्र गुप्ता की किराना दुकान में नकाबपोश बदमाश ने रुपए निकालने के लिए लूट की कोशिश की...... कट्टे की नोक पर धमकाने के बावजूद धर्मेंद्र ने हिम्मत दिखाई......और पीछे रखी बाल्टी उठाकर बदमाश को डराया...... जिससे वह उल्टे पैर भाग निकला......घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है......मौके पर पहुंची पुलिस आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ......और प्रारंभिक पड़ताल में पता चला कि बदमाश पैदल आया था.....पुलिस तस्वीरों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है...... घटना के बाद सीएसपी और थाना प्रभारी ने खुद मौके पहुंचे और जांच की है..... धर्मेंद्र गुप्ता की शिकायत पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दिया गया है
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मध्यप्रदेश में गोमांस पर जीएसटी शून्य किए जाने की अधिसूचना को लेकर.... राजनीतिक और सामाजिक विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है ..... पहले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसका विरोध किया ... वहीं अब भाजपा के हिंदूवादी संगठनों ने भी इस फैसले के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है .... बता दे की आज बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने राजधानी में प्रदर्शन करते हुए...... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन सरकार को ज्ञापन सौंपकर मांग की है की ..... गौमांस पर जीएसटी शून्य करने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए ..... संगठनों का कहना है कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे .....
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महाराष्ट्र के चंद्रपुर का 19 साल का अनुराग बोरकर : होनहार, मेहनती और उज्ज्वल भविष्य वाला छात्र :उसने लगातार दो साल NEET की तैयारी की और इस बार 99.99% अंक लाकर 1475वीं रैंक हासिल की : गोरखपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट भी मिल गई थी : परिवार खुश था, रिश्तेदारों में गर्व की लहर थी : लेकिन जिस दिन उसे एडमिशन के लिए जाना था : उसी सुबह अनुराग ने अपनी जिंदगी खत्म कर ली : और सुसाइड नोट ने सबको अंदर तक हिला गया : उसमें लिखा था : मुझे डॉक्टर नहीं बनना है : पांच साल की पढ़ाई : उसके बाद MD : ये सब मुझे नहीं करना है :जितना एक डॉक्टर कमाता है, उतना एक बिज़नेसमैन भी कमा सकता है : सोचिए, वो बच्चा जिसने इतनी मेहनत कर के टॉप रैंक लाई : उसकी असली इच्छा ही डॉक्टर बनने की नहीं थी : लेकिन परिवार की उम्मीदों और समाज के दबाव ने उसे वो रास्ता चुनने पर मजबूर कर दिया, जो उसके दिल का रास्ता ही नहीं था : यही दबाव उसकी जान ले गया : ये सिर्फ अनुराग की कहानी नहीं है : ये हर उस बच्चे की कहानी है जिसे अपने सपनों के बजाय दूसरों की उम्मीदों का बोझ उठाना पड़ता है : माँ-बाप का सपना ज़रूरी है, लेकिन उससे ज़्यादा ज़रूरी है बच्चों के दिल की आवाज़ सुनना : उन्हें वो बनने देना जो वो सच में बनना चाहते हैं : और युवाओं को भी ये समझना होगा ; जिंदगी आसान नहीं है : संघर्ष आएंगे, कठिनाइयाँ आएंगी : लेकिन आत्महत्या कभी समाधान नहीं है : हार मानना विकल्प नहीं है : अगर रास्ता पसंद न आए, तो नया रास्ता चुनो : लेकिन जिंदगी मत छोड़ो : अनुराग का जाना हमें यही सिखाता है : कि बच्चों की पढ़ाई, करियर और सपनों में दबाव नहीं, समझदारी और सहारा होना चाहिए : और जिंदगी चाहे जितनी कठिन क्यों न लगे उसे जीना ही सबसे बड़ी जीत है
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खंडवा में बीते दिनों महिलाओं की कब्रों से छेड़छाड़ का सनसनीखेज मामला सामने आया था .... जिसमें पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोपी को धर दबोचा है...... लेकिन जब शहर की कोतवाली थाना आरोपी अय्यूब को लेकर मौका मुआयना करने पहुंची ....तभी बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग बड़ा कब्रस्तान पहुंच गए..... और आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करने लगे ... पुलिस किसी तरह आरोपी को भीड़ से बचाकर साथ ले जाने लगी तब भीड़ ने पुलिस को घेरकर नारेबाजी शुरू कर दी ...... . आक्रोशित लोगों की मांग थी कि उनके परिजनों की कब्रों के साथ आरोपी ने गलत किया है ..... इसलिए वे खुद उसे सजा देंगे .......बता दें कि आरोपी अय्यूब पिता इस्माईल ने तीन अलग अलग समय कब्रस्तान में महिलाओं की शव से छेड़छाड़ कर तंत्र क्रिया को अंजाम दिया था ....... बताया जा रहा है की आरोपी अय्यूब पहले महिलाओं की कब्रों की तलाश करता था ..... फिर लाश के बालों पर तंत्र क्रिया कर खुद की शक्ति को बढ़ाना चाहता था ..... बता दे की आरोपी ने अपनी दो पत्नियों की हत्या की थी जिसकी सजा में वो पिछले 15 साल से जेल में बंद था ..... इसके साथ ही आरोपी पर 11 मामले और भी दर्ज है .... कुछ समय पहले ही आरोपी जेल से बहार आया था ...... और बहार आते ही उसने इस घटना को अंजाम दिया ..... वहीं परिजन ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई की भी सराहना करते हुए खंडवा पुलिस का धन्यवाद किया है. ......
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समाजवादी पार्टी के आजम खान एक ऐसा नेता जिसका कभी रामपुर में डंका बजा करता था..... आपने दौरे में क्राइम करना उसके लिए आम बात थी...जिसमे फर्जी दस्तावेज, अवैध संपत्ति कब्जा, किडनैपिंग और भ्रष्टाचार जैसे काले काम शामिल है...लेकिन इन भष्टाचारी को रोकने वाला कोई नहीं था.... क्योंकि समाजवादी सरकार भी आज़म खान से डारती थी.... लोगो को ब्लैकमेलेल करना हो या लड़की उठवानाऔर जमीन पर कब्ज़ा करना ये आजम खान के लिए आम बात थी.......क्योकि समाजवादी सरकार ने उसे खुल छूट दे रखी थी.......आज़म खान पार्टी के लिया फंड कलेक्ट था.... जिस वजह से सपा उसके आगे झुकती है .......आजम खान क्राइम और राजनीति को बैलेंस कर के चलता था..... लेकिन फिर 2017 में सरकार बदली और योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद की शपथ ली,....फिर यूपी में क्राइम और क्राइम करने वालो पर लगाम लगनी शुरू हुई...जो अभी भी चल रही है..... योगी सीएम बनने के बाद विधान सभा में कहा था..... कि इस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे..... फिर यूपी में गुंडों को लाइन से एक एक कर के ऊपर पहुंचाया गया जिसकी शुरआत विकास दुबे से हुई.....जिसके बाद मुख़्तार अनसारी और आतिक अहमद को भी सबक सिख्या गया ..... क्राइम फ्री प्रदेश के तहत आजम खान पर भी यूपी सरकार ने कार्यवाही करना शुरू की.... जिसके बाद उसे 23 महीने की सजा हुई...... जिसे पूरा कर के वो 23 सितंबर 2025 को जेल से रिहा हुआ है ..... यूपी SIT ने आज क्राइम ब्रांच के साथ मीटिंग की जिसके बाद यह अनुमान लगाया जा रहा है... आज़म खान के खिलाफ और भी केस ओपन किया जा सकते है.....आपको बता दे की आज़म खान के खिलाफ सबसे चर्चित केस बकरी चोरी का है..... जो अभी भी चल रहा है
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ॐ शांति शांति शांति ॐ” : यह शब्द बोले है दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने : न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में : ये सिर्फ शब्द नहीं : बल्कि यह एक संदेश था : शांति, सद्भाव और इंसानियत का : प्रोबोवो ने अपने भाषण में कहा कि डर, घृणा और नस्लवाद हमारे साझा भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं : उन्होंने इजरायल और फिलिस्तीन के लिए द्वि-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया : सबसे दिलचस्प बात : अपने भाषण के दौरान उन्होंने ‘नमो बुद्धाय’ और ‘शालोम’ भी कहा, :यह दिखाने के लिए कि शांति और सद्भाव का संदेश किसी धर्म या सीमा तक सीमित नहीं होता : सोचिए, सबसे बड़े मुस्लिम देश का राष्ट्रपति संयुक्त राष्ट्र महासभा में ॐ बोलता है : और पूरी दुनिया उसे देखती है: यह पल हमें याद दिलाता है कि शांति का संदेश हर जगह, हर धर्म, हर दिल तक पहुँच सकता है : आप भी देखिये ये वीडियो
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दिल्ली के वसंत कुंज नॉर्थ थाने में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी के खिलाफ कई छात्राओं ने यौन शोषण और धोखाधड़ी के मामले दर्ज करवाए गए हैं : पुलिस की जांच में सामने आया कि कई छात्राओं ने सीधे आरोप लगाए हैं कि स्वामी उन्हें अश्लील मैसेज, गंदी भाषा और शारीरिक छेड़छाड़ करता था ; 4 अगस्त 2025 को श्री शृंगेरी मठ के एडमिनिस्ट्रेटर पी.ए. मुरली ने शिकायत दर्ज कराई थी कि स्वामी ने शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट की EWS स्कॉलरशिप पर PGDM कर रहीं छात्राओं के साथ गलत हरकतें की : छात्राओं ने यह भी बताया कि कुछ महिला फैकल्टी और एडमिन कर्मचारी उन्हें दबाव डालकर स्वामी की गलत मांगें मानने को कहते थे : पुलिस ने जब जांच शुरू की तो 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, जिनमें से 17 ने सीधे-सीधे आरोप लगाए कि स्वामी उन्हें अश्लील मैसेज, गंदी भाषा और शारीरिक छेड़छाड़ करता था ; लेकिन यह पहली बार नहीं है जब स्वामी पर ऐसे आरोप लगे हैं : दिल्ली पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी 2009 और 2016 में यौन शोषण और जालसाजी के मामले दर्ज हो चुके हैं: उड़ीसा में भी उसके खिलाफ दो मामले दर्ज हो चुके हैं : आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी मूल रूप से उड़ीसा का रहने वाला है : वो पिछले 12 साल से दिल्ली में आश्रम में रह रहा था : पुलिस के मुताबिक वह लगातार लोकेशन बदल रहा है और मोबाइल का इस्तेमाल बहुत कम करता है : आश्रम के CCTV फुटेज और हार्डडिस्क जब्त कर लिए गए हैं: उसकी आखिरी लोकेशन यूपी के आगरा के आसपास मिली थी : यह मामला सिर्फ आश्रम या एक इंस्टीट्यूट तक सीमित नहीं है : बल्कि छात्राओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए बेहद गंभीर चेतावनी भी है
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भोपाल और ग्वालियर में सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया ..... यातायात पुलिस ने वाहन चालकों को हेलमेट वितरित कर...... उनके उपयोगिता को लेकर लोगों को जागरूक किया.... और ट्रैफिक नियमों की शपथ दिलाई .... यह अभियान 08 सितंबर से 22 सितंबर तक पुलिस मुख्यालय के ...... दिशा-निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया ..... यातायात पुलिस ग्वालियर के तत्वावधान में ...... गोला का मंदिर चौराहे पर हेलमेट वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया ..... जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विदिता डागर .... उप पुलिस अधीक्षक यातायात अजीत चौहान .... और यातायात थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी सहित ........ अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.... इस विशेष अभियान के तहत वाहन चालकों को प्रिंट मीडिया,सोशल मीडिया ,पम्पलेट और अनाउंसमेंट के माध्यम से ट्रैफिक नियमों को लेकर.... जागरूक किया गया .... ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा दिया जा सके ....
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खबर जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा से है ....... जहां खटीमा में UKSSSC भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर ... युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा.... क्षेत्रीय विधायक भुवन चंद्र कापडी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ युवाओं ने ..... सरकार का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया .... और सीबीआई जांच की मांग की..... 21 सितंबर को प्रदेश में आयोजित UKSSSC भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से ..... खटीमा के बेरोजगार युवाओं में भारी आक्रोश देखा गया ... नारों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे युवाओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की .... और परीक्षा रद्द करने ,आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और सीबीआई जांच की मांग की ..... क्षेत्रीय विधायक भुवन चंद्र कापडी ने कहा कि .... इस प्रकार के पेपर लीक होने से सरकार असफल साबित होती है ... और नकल माफिया पर सरकार नियंत्रण नहीं रख पाई .... इस दौरान दैनिक क्लासिक कोचिंग सेंटर के विशाल मौर्य के नेतृत्व में ..... खटीमा मुख्य चौक से तहसील तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई ... जिसमें युवाओं ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा उग्र आंदोलन करेंगे .... खटीमा एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि ज्ञापन आज ही राज्यपाल को भेज दिया जाएगा ... वहीं, राजपाल सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि नकल में संलिप्त हाकिम सिंह को पकड़ा जा चुका है ..... और मुख्यमंत्री धामी द्वारा बनाए गए नकल विरोधी कानून के तहत ..... दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी...
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अमेरिका के टेक्सास में स्थापित 90 फुट ऊंची भगवान हनुमान की मूर्ति पर विवाद खड़ा हो गया है...... टेक्सास रिपब्लिकन नेता अलेक्जेंडर डंकन ने इस मूर्ति पर आपत्ति जताते हुए कहा कि...... अमेरिका एक ईसाई राष्ट्र है और यहां झूठे देवता की मूर्ति की कोई जगह नहीं है...... डंकन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भारी विरोध देखने को मिल रहा है.....हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने इस बयान को हिंदू विरोधी और भड़काऊ करार देते हुए...... रिपब्लिकन पार्टी से औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है..... और सवाल उठाया कि क्या टेक्सास GOP खुलेआम भेदभावपूर्ण बयान देने वाले उम्मीदवार पर कार्रवाई करेगा......नेटिजन्स ने भी डंकन को अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन के तहत सभी धर्मों के पालन और सम्मान की स्वतंत्रता याद दिलाई......यह मूर्ति, जिसे 2024 में अनावरण किया गया और 'स्टैच्यू ऑफ यूनियन' कहा जाता है, अमेरिका की तीसरी सबसे ऊंची प्रतिमा है और टेक्सास के श्री अष्टलक्ष्मी मंदिर में स्थापित है....
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उधम सिंह नगर में स्थानीय युवाओं और मात्र शक्ति के सदस्यों ने नन्ही परी कशिश के लिए न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला.....पीसी रजवार और रेखा मेहरा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आग्रह किया.....कि सुप्रीम कोर्ट केस को रीओपन कर कशिश के हत्यारे को फांसी दी जाए.....ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा ना हो ...... खटीमा में युवा और सामाजिक संगठन ने नन्ही कशिश के लिए न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला......एल केमिस्ट रोड से मुख्य चौराहा तक शांतिपूर्ण मार्च में सैकड़ों लोग शामिल हुए...... और न्यायिक कार्रवाई की अपील की.....इस दौरान पीसी रजवार और रेखा मेहरा ने कहा कि अपराधियों को फांसी दिलाना न्याय की आवश्यकता है......और जब तक यह नहीं होता......आंदोलन जारी रहेगा...... उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विशेष अनुरोध किया कि सुप्रीम कोर्ट केस को रीओपन कर अपराधियों को सजा दिलाई जाए...... इस दौरान पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरी व्यवस्था बनाए रखी ताकि मार्च शांतिपूर्वक संपन्न हो सके......
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सनावद में सोशल मीडिया पोस्ट के चलते विवाद ने भयंकर रूप ले लिया...... एक युवक के इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद पहले अंजुमन कमेटी और मुस्लिम समुदाय ने थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया .....वहीं मुस्लिम समुदाय के प्रदर्शन के विरोध में हिंदू संगठनों ने अगले दिन करीब 5 घंटे तक प्रदर्शन किया .....पुलिस ने मामले में कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है.....लेकिन इन दो समुदायों के प्रदर्शन के कारण नगर में तनाव का माहौल बन गया है..... खरगोन जिले सनावद में रोहित सावले के इंस्टाग्राम पर पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ाता नजर आ रहा है..... मुस्लिम अंजुमन कमेटी ने पोस्ट को आपत्तिजनक मानते हुए..... पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.....और मुस्लिम समाज के हजारों लोगों ने थाने का घेराव कर..... आरोपी युवक रोहित सांवले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.....पुलिस ने जांच और कार्रवाई का भरोसा दिलाने के बाद भी मुस्लिम समाज के युवाओं ने थाने के प्रांगण में करीब 4 घंटे तक धरना दिया.....इस प्रदर्शन के अगले दिन रोहित सावले की बाइक अज्ञात लोगों ने जला दी..... जिससे गुस्साए दलित महासंघ और विहिप बजरंग दल के नेतृत्व में सकल हिंदू समाज ने मोरटक्का चौराहे पर करीब 5 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया.....प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की, हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया और बाइक जलाने वाले आरोपियों पर FIR दर्ज करने की मांग की.....इस दौरान SDM , SDOP, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहे.....जिससे हालात को नियंत्रित किया .....
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आबकारी विभाग ने कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ बड़े अभियान के तहत कार्रवाई की है.......सहायक आबकारी आयुक्त प्रतिमन कन्याल के नेतृत्व में खटीमा क्षेत्र के चादा गांव के जंगलों में छापेमारी की गई.......इस दौरान लगभग 210 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई और 6 हजार किलो लाहन नष्ट किया गया है .......और चार जलती हुई भाटियो को भी नष्ट किया गया ....... उधम सिंह नगर जिले में आबकारी विभाग ने कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है.......यह अभियान संयुक्त आबकारी आयुक्त कुमाऊं के. के. कांडपाल के आदेश पर 11 सितंबर से 20 सितंबर तक पूरे जिले में चलाया गया.......अभियान के आखर दिन सहायक आबकारी आयुक्त प्रतिमन कन्याल के नेतृत्व में खटीमा क्षेत्र 2 की टीम ने चादा गांव के सटे जंगलों में जगह-जगह छापेमारी की.......इस दौरान टीम ने चार जलती हुई भाटिया नष्ट की.......जिसमें से लगभग 210 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई .......इसके साथ ही 6 हजार किलो लाहन नष्ट किया गया....... सहायक आबकारी आयुक्त प्रतिमन कन्याल ने बताया कि आबकारी आयुक्त आराधना पाल के निर्देशन में टास्क फोर्स बनाई गई थी.......जो जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कच्ची शराब माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही थी....... इस कार्रवाई से अवैध शराब निर्माण पर रोक लगेगी,.......और आबकारी विभाग भविष्य में ऐसे अभियान लगातार जारी रखेगा .......
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डोंगरगांव से 10 किलोमीटर की दूर स्थित ...... ग्राम कुमरदा की बुनकर समिति कभी स्थानीय .... रोजगार का मुख्य आधार हुआ करती थी ..... लेकिन आज यह समिति बदहाली की कगार पर है .... समिति के भवन की हालत जर्जर हो चुकी है .... और महिला बुनकरों को मिलने वाली मजदूरी बहुत कम है ......बुनकर समिति के राम भरोसा ने बताया कि ..... विगत कुछ वर्षों से शासन प्रशासन की अनदेखी के चलते ...... बुनकर समितियों की स्थिति सही नहीं है ..... जहां बुनकर समिति संचालित हो रही है..... वह भवन काफी जर्जर है ...... वहीं कुछ महिलाओं ने बताया कि उन्हें मजदूरी दर बेहद कम दिया जा रहा है ..... जिससे बढ़ाया जाना चाहिए साथ ही ..... रॉ - मटेरियल की भी व्यवस्था सरकार को करनी चाहिए ...... ताकि कुटीर उद्योग को बढ़ावा मिल सके..... वहीं दूसरी ओर बुनकर समितियों को छत्तीसगढ़ के विष्णु देव साय सरकार से ..... बेहद उम्मीद है कि वह बुनकर समितियां को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराएँगे .....
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छतरपुर में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है......कलेक्टर के निर्देश पर बाजना में नायब तहसीलदार और कृषि विभाग की टीम ने अचानक निरीक्षण किया तो पता चला की......मधुवन खाद एजेंसी और जनता कृषि केंद्र पर निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेची जा रही है...... जिस पर कार्रवाई करते हुए......कृषि विभाग की टीम ने दोनों दुकानों को मौके पर ही सील कर दिया ......छतरपुर में किसानों की शिकायत पर नायब तहसीलदार और कृषि विभाग की टीम ने बाजना में निरीक्षण किया......जिसमें पाया गया की मधुवन खाद एजेंसी और जनता कृषि केंद्र निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेच रहे हैं...... और उचित मूल्य मांगने पर किसानों को बोरी देने से इनकार किया जा रहा है...... हाल ही में इन दुकानों से खाद ट्रक में लोड होते हुए...... एक वीडियो भी वायरल हुआ था......जिसके बारे में किसानों ने शिकायत की थी ......निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में काफी गड़बड़ियां मिलीं......दोनों दुकानों पर पी.ओ.एस. मशीन भी नहीं थी ......और निर्धारित मूल्य का पालन नहीं किया जा रहा था.....अनियमितताओं के सामने आने पर नायब तहसीलदार ने मौके पर ही दोनों दुकानों को सील कर दिया.....जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है.....नायब तहसीलदार ने बताया कि जांच में किसानों की शिकायतें सही पाई गई हैं.....और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ी निगरानी जारी रहेगी.....
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ग्वालियर में हाईवे पर हुई सनसनीखेज लूट की वारदात में ..... पुलिस को बड़ी सफलता मिली है ..... पनिहार और घाटीगांव के बीच पुलिस के जवान प्रमोद त्यागी के साथ हुए लूट और फायरिंग के मामले में ....... पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए लुटेरों के ...... मास्टरमाइंड धर्मेंद्र गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है..... ग्वालियर में पनिहार और घाटीगांव के बीच हाईवे पर ...... इंदौर से मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्वालियर आ रहे ..... इंदौर पुलिस के जवान प्रमोद त्यागी को गोली मारकर ...... उससे मोटरसाइकिल, मोबाइल और 30 हज़ार कैश लूटने वाले ...... लुटेरों के मास्टरमाइंड धर्मेंद्र गुर्जर को पकड़ने में पुलिस ने सफलता हासिल की है ..... पुलिस को बदमाशों का सुराग पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी से लगा ..... बता दे की ग्वालियर पुलिस ने ऑपरेशन परश्युड चलाकर ..... 24 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज लूट की वारदात का खुलासा किया है.... पुलिस के मुताबिक सभी लुटेरे शिवपुरी जिले के नरवर इलाके के रहने वाले हैं..... इस ऑपरेशन में क्राइम ब्रांच के अलावा ..... कई थानों की पुलिस भी शामिल रही ..... ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के मुताबिक ....... इस वारदात को पुलिस ने एक चैलेंज के रूप में लिया था ,..... पुलिस अधीक्षक की ओर से ..... इन बदमाशों के ऊपर 10 हज़ार का नगद इनाम भी घोषित किया गया था ...... पुलिस ने बदमाश के कब्जे से लूटी गई ...... मोटरसाइकिल , मोबाइल और कैश बरामद कर लिए हैं ..... पुलिस को अभी आरोपी के तीन साथियों की तलाश है..... पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गिरोह के फरार 3 साथियों ...... जिनमें रिंकू गुर्जर,उर्फ शैंकी ,अंकेश गुर्जर,लाखन आदिवासी शामिल है ..... उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा ...... फिलहाल पुलिस पकड़े गए बदमाश धर्मेंद्र गुर्जर से लगातार पूछताछ कर रही है .....
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छतरपुर से सामने आ रही खबर हर किसी को झकझोर देने वाली है : एक ही परिवार के दो लोगों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है और दो की हालत नाज़ुक बनी हुई है : परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है : परिजन आरोप लगा रहे हैं कि परिवार को पहले से ही धमकियाँ मिल रही थीं : परिवार वालों को शक है कि किसी ने ज़हर जैसी कोई चीज़ खिलाई है छतरपुर के देरी गाँव से आई इस दर्दनाक खबर ने हर किसी को हिला कर रख दिया है : किसान ओमप्रकाश अहिरवार और उनका चार साल का मासूम बेटा रियान्स : पेट और सीने में उठे तेज़ दर्द से तड़पते-तड़पते मौत के आगोश में समा गए : वहीं पत्नी नंदनी और बड़ा बेटा आदेश अब भी ज़िंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं : दोनों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है : घटना के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है : मृतक की बहन ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ लोग ओमप्रकाश को धमकाते थे और शक है कि उन्हीं लोगों ने कुछ खिलाकर ये हालात पैदा किए छतरपुर की इस दिल दहला देने वाली घटना पर पुलिस भी हरकत में है : सीएसपी अरुण कुमार सोनी का कहना है कि मौत की वजह फिलहाल साफ नहीं है : जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही असली कारण सामने आ पाएगा : पुलिस की मानें तो सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच हो रही है
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बागेश्वर धाम के बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने हाल ही में ..... युवा पीढ़ी यानी जेन ज़ी को लेकर एक बड़ा बयान दिया है ..... उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए ...... भारतीय संस्कारों और गीता के ज्ञान का होना बहुत ज़रूरी है ....... क्योंकि 2050 तक यही पीढ़ी देश की बागडोर संभालेगी .......धीरेंद्र शास्त्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ..... जेन ज़ी को अपनी जड़ों, भारतीय परंपराओं और सनातन धर्म के बारे में पता होना चाहिए .... उन्होंने कहा कि यदि युवा संस्कारित नहीं होंगे .... तो वे एक मजबूत और आदर्श समाज का निर्माण नहीं कर सकते ....धीरेंद्र शास्त्री ने एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ..... सरकारी नियंत्रण से मठ-मंदिरों को आज़ाद किया जाना चाहिए.... उनका मानना है कि मंदिरों को सिर्फ पूजा स्थल नहीं.... बल्कि गुरुकुल में बदला जाना चाहिए ...... जहाँ युवाओं को धार्मिक ज्ञान के साथ-साथ नैतिक और सामाजिक संस्कार भी दिए जाएँ ....... इससे हमारी संस्कृति जीवित रहेगी और एक बेहतर भविष्य का निर्माण होगा......
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छतरपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है : जहाँ बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने धर्मांतरण पर जोरदार हमला बोला है : पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने चेतावनी दी है कि : मध्यप्रदेश में बालाघाट और मंडला के बाद छतरपुर तीसरे नंबर पर है : जहाँ धर्मांतरण सबसे ज्यादा हो रहा है : उन्होंने कहा कि हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं हैं : लेकिन हमारी अपनी ही खेती उजड़ रही है छतरपुर : जहाँ से उठी बाबा बागेश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की ललकार ने धर्मांतरण की बहस को और भी तेज़ कर दिया है : बाबा ने मंच से साफ-साफ कहा : हम किसी मजहब के विरोधी नहीं हैं : न मुसलमानों से लड़ाई है, न ईसाइयों से : हमें दूसरों की खेती से क्या लेना-देना : हमें तो अपनी ही खेती सँभालनी है : लेकिन हमारी अपनी खेती उजड़ रही है : हमारे अपने हिंदू धर्मांतरण में फँस रहे हैं : पंडित धीरेन्द्र शास्त्री की इस गूंज ने माहौल गर्मा दिया है : सवाल बड़ा है : आखिर कब तक चलता रहेगा ये धर्मांतरण का खेल?
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भोपाल में नवरात्रि के मौके पर घर वापसी अभियान चर्चा में है.......अब इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है .......विधायक ने कहा है कि ईसाई या मुस्लिम धर्म अपनाने वाले लोग भी अगर सनातन धर्म में लौटना चाहें तो उनका स्वागत है....... सिर्फ उन्हें गंगा जल पीना होगा और तिलक लगा कर जय श्री राम बोलना होगा....... भोपाल में नवरात्रि के अवसर पर घर वापसी अभियान काफी सुर्खियां बटोर रहा है....... इस पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार अब तेजी से हो रहा है.......उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान गरबा और अन्य आयोजनों में सभी का स्वागत किया जाएगा....... चाहे वो किसी भी धर्म से क्यों ना हों.......रामेश्वर शर्मा ने विशेष रूप से कहा कि जो लोग ईसाई या मुस्लिम बन गए हैं.......अगर वो अब सनातन धर्म में वापस आना चाहते हैं.......तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है.......जिसमे सिर्फ उन्हें गंगा जल पीना होगा , तिलक लगाना होगा और जय श्री राम बोलना होगा .......इसका उद्देश्य लोगों को सनातन धर्म और संस्कृति से जोड़ना और एकजुट करना है.......विधायक ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति कितने समय तक अलग धर्म में रहा हो...... उसे हमेशा सनातन धर्म में लौटने का अवसर मिलेगा...
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प्रदेश में में खाद की किल्लत ने अन्नदाताओं को परेशान कर दिया है...... किसान नौगांव रोड पर बने किसान केंद्र पर खाद लेने पहुंचे थे .....लेकिन वहा खाद नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने चक्का जाम कर दिया.....जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में तहसीलदार खुद किसानों को खाद बांटते नजर आए.... छतरपुर में किसान खाद की किल्लत से परेशान हैं....नौगांव रोड पर बने किसान केंद्र पर खाद लेने आए.... किसानों को वहां खाद नहीं मिली .... जिसके बाद किसानों ने चक्का जाम कर दिया....पुलिस की समझाइश के बाद जाम खोला गया.... और फिर पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण शुरू किया गया .... तहसीलदार ने खुद किसानों को खाद बांटी ....किसानों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खाद ना मिलने के कारण उन्हें मुख्यालय तक आना पड़ रहा है.... लेकिन वहां भी खाद नहीं मिल रही है....दूसरी ओर कृषि विभाग का दावा है.... कि उनके पास पर्याप्त खाद उपलब्ध है.... प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की मौजूदगी में अब खाद का वितरण किया जा रहा है....
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बीते दिनों भारी बारिश से सितारगंज के लौका गोठा ग्रामसभा में तबाही का मंजर देखने को मिला था......जहां बाढ़ से कच्चे घरों में रह रहे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा......इसी मुआवजे की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी, भीम आर्मी और ग्रामीणों ने मिल कर तहसील में धरना प्रदर्शन किया...... और प्रशासन से पुनः सर्वे कराने और सभी प्रभावितों को मुआवजा राशि देने की अपील की...... सितारगंज विधानसभा क्षेत्र के लौका गोठा ग्राम सभा में बीते दिनों आई बाढ़ ने ग्रामीणों की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित किया है...... जिससे कच्चे घरों में रह रहे ग्रामीणों को भारी नुकसान हुआ था...... इस आपदा के बाद आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ मिल कर .....तहसील में धरना देकर मुआवजे मांग रखी..... प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार हिमांशु जोशी को ज्ञापन सौंपा.....जिसमें क्षेत्र का पुनः सर्वे और छूटे हुए..... प्रभावितों व पात्रों को मुआवजा देने की अपील की गई.....साथ ही प्रशासन से आपदा प्रभावितों की लिस्ट प्रदान करने की भी मांग की गई.....तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि तहसील स्तर से टीम बनाकर सर्वे कराया गया है..... और नियमो के अनुसार पत्रों पर मुआवजा वितरित किया गया है.....उन्होंने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है..... तो प्रार्थना पत्र के आधार पर पुनः जांच कराई जा सकती है.....
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क्षेत्र में में खाद की किल्लत को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है......अमरपाटन उपज मंडी में निरीक्षण के लिए पहुंची ...... मैहर कलेक्टर रानी बाटढ़ की गाड़ी को किसानों ने घेर कर विरोध प्रदर्शन किया......किसानों का आरोप है कि रबी सीजन होने के बावजूद समय पर खाद नहीं मिल रही है. ......जिससे उन्हें फसल बोने देरी हो रही है...... किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगते ...लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें खाद नहीं मिल पाती है..... अमरपाटन में रबी सीजन में खाद की लगातार बढ़ती किल्लत ने किसानों में आक्रोश पैदा कर दिया है...... मैहर कलेक्टर रानी बाटढ़ उपज मंडी में निरीक्षण के लिए पहुंची थी......लेकिन गुस्साए किसानों ने कलेक्टर की गाड़ी को घेर लिया......इस विरोध प्रदर्शन में सबसे आगे महिला किसान थीं...... जिन्होंने कलेक्टर की गाड़ी रोक दी...... किसानों का आरोप है कि समय पर खाद नहीं मिलने के कारण फसल बोने में देरी हो रही है...... और खेत में लगी खड़ी फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है......किसान सुबह से खाद के टोकन पाने के लिए मंडी में लाइन में लगते हैं......लेकिन देर शाम तक नंबर आने पर केवल दो बोरी खाद मिल पाती है......मौके पर कलेक्टर के साथ SDM और तहसीलदार भी मौजूद थे......स्थिति बिगड़ने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने तुरंत किसानों से बातचीत की और खाद वितरण की व्यवस्था जल्द करने का आश्वासन दिया......इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई......जिसका का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है...... प्रशासन ने किसानों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है...... और कहा कि खाद आपूर्ति जल्द ही सामान्य कर दी जाएगी..
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एक महिला ने भाजपा नेता और सोना-चांदी कारोबारी मुक्तेश जैन पर लिव-इन रिलेशनशिप के गंभीर आरोप लगाए हैं......पीड़िता का कहना है कि मुक्तेश जैन पिछले छह साल से उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ पत्नी की तरह रखे हुए है .....लेकिन अब अचानक मुक्तेश ने साथ रहने और शादी से इंकार कर दिया है...... जिससे परेशान हो कर महिला ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है......ग्वालियर की इस महिला का कहना है कि वह बीते 5 से 6 साल से मुक्तेश के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी...... मुक्तेश ने उसे शादी का भरोसा भी दिलाया था...... महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस रिश्ते से उसका एक बच्चा भी है.....और अब मुक्तेश जैन अचानक अपने वादे से मुकर गए है ...... नेता ने साथ रहने से इंकार कर दिया है ......पीड़ित महिला ने ये भी आरोप लगाया है की मुक्तेश जैन उस पर दबाव बना रहे हैं...... कि वह 3 लाख रुपए लेकर यह रिश्ता खत्म कर दे......लेकिन पीड़िता का कहना है कि वह किसी कीमत पर रिश्ता खत्म नहीं करना चाहती......क्योंकि यह उसके और उसके बच्चे के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा..... जिसके बाद अब पीड़िता न्याय की गुहार लगाते हुए महिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची है...... और कार्यालय में लिखित शिकायत सौंपी है ..... इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने जांच शुरू करने और उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है.......
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राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और इंदिरा सागर विस्थापित संघ के संयुक्त के निर्देशन में...... किसानों और विस्थापितों ने अपनी समस्याओं को लेकर पुरानी अनाज मंडी में विरोध प्रदर्शन किया .....इस महासभा में करीब 50 से अधिक गांवों के लोग शामिल हुए.....इस दौरानप्रांत संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने प्रशासन को चेतावनी दी कि..... अगर किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ.....तो संघ दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेगा..... खंडवा में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ और इंदिरा सागर स्थापित संघ के संयुक्त निर्देशन में किसानों और विस्थापितों ने अपनी समस्याओं को लेकर रैली निकाली.....जिसमे हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए.....और एक ट्रैक्टर-ट्राली भरकर खराब फसल लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे..... इस दौरान किसानों ने अधिकारियों को अपनी समस्याएं बताई ..... और राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय कृषि मंत्री और किसान आयोग के नाम ज्ञापन सौंपा..... प्रांत संगठन मंत्री गोपाल पाटीदार ने कहा कि इंदिरा सागर बांध पीड़ितों के धैर्य की परीक्षा ना ले..... और इस चिंगारी को आग न बनने दें..... वरना राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ दिल्ली में बड़ा आंदोलन करेगा..... और किसानों के हक के लिए संघर्ष करेगा.....
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जबलपुर । मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मंगलवार काे प्रमोशन में आरक्षण मामले पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि पहले रद्द किए प्रमोशन पर नई पॉलिसी कैसे काम करेगी। इस बाबत राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया। हाईकोर्ट ने कहा कि जब पुरानी पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, तो फिर नई पॉलिसी आखिर क्यों लागू की जा रही है। पदोन्नति पर आरक्षण मामले पर सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता की ओर से कहा गया कि अपने सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए सरकार ये क्लियरीफिकेशन जारी कर देगी। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट से नई प्रमोशन पॉलिसी के तहत प्रमोशन शुरू करने की राहत भी चाही, लेकिन कोर्ट ने ऐसा आदेश देने से फिलहाल इंकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार का स्पष्टीकरण आने पर वो 25 सितंबर को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगी। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश सरकार की प्रमोशन पॉलिसी को जबलपुर हाईकोर्ट ने साल 2016 में असंवैधानिक पाते हुए रद्द कर दिया था, जिसके खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी जहां सुप्रीम कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। इधर 9 साल से प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण ना मिलने पर सरकार इसी साल 2025 में नई प्रमोशन पॉलिसी ले आई थी, जिसे सपाक्स सहित कई याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। याचिकाओं में कहा गया था कि सरकार पुरानी प्रमोशन पॉलिसी के अदालत में विचाराधीन रहते नई पॉलिसी लाई है जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को ओवररुल करने जैसा है।हाईकोर्ट ने सरकार का स्पष्टीकरण आने तक सुनवाई टाल दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार को ये बताने कहा है कि जब उसकी पुरानी प्रमोशन पॉलिसी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और अगर उस पर सुप्रीम कोर्ट का कोई फैसला आता है तो उसे सरकार नई पॉलिसी के रहते कैसे लागू करेगी। हाईकोर्ट ने सरकार से ये भी पूछा है कि जब पुरानी प्रमोशन पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट से यथास्थिति बनाए रखने के आदेश हैं और पुरानी पॉलिसी से हुए प्रमोशन रद्द भी किए गए हैं और नई पॉलिसी में सरकार रद्द हुए प्रमोशन्स को कैसे डील करेगी। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की डिवीजन बैंच ने तब तक के लिए सुनवाई को टाल दिया है। एडवोकेट अमोल श्रीवास्तव ने बताया कि इसी मामले पर सुनीता जौहरी की भी याचिका लगी हुई है उसे भी शामिल करते हुए अब 25 सिंतबर को सुनवाई होगी।
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ओंकारेश्वर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है .....जहां दो-दो हत्याओं को अंजाम देने वाले ..... साइको किलर को पुलिस ने दबोच लिया है...... आरोपी के पास से पुलिस को एक डायरी मिली ..... जिससे तीन और लोगों के नाम दर्ज थे.... आरोपी जिनकी हत्या की प्लानिंग कर रहा था ....... 26 जून को ओंकारेश्वर थाना अंतर्गत मोरटक्का चौकी क्षेत्र में एक लाश मिली थी .... शुरुआत में पुलिस ने इसे नदी में डूबने का मामला माना ..... लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पुलिस को पता चला की मौत डूबने से नही गला घोंटने से हुई थी ....जिसके बाद 18 जुलाई को पुलिस को खंडवा इंदौर इच्छापुर सड़क मार्ग सनावद रोड के फॉरेस्ट नाके के पास एक और लाश मिली थी ........ मृतक की पहचान प्रकाश गायकवाड़ निवासी बडूद के रूप में हुई थी ...... इस बार किलर ने हत्या करने का नया तरीका अपनाया....... और इस मर्डर को एक्सीडेंट का रूप दे दिया ...... जिसके बाद पुलिस को पोस्टमॉर्टम से पता चला कि प्रकाश की भी हत्या की गई है ......इस घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे खंगाले और गवाहों से पूछताछ की ..... सबूत सीधे-सीधे एक नाम पर जाकर टिक्की ..... धनिया उर्फ धर्मेंद्र ग्राम बडूद थाना सनावद जिला खरगोन पर ..... जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ शरू की .....और आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने ही दोनों मर्डर किये है ...... इसके अलावा पहले भी गांव के एक युवक की हत्या की थी .... और आगे तीन और हत्याओं की प्लानिंग कर रखी थी....... आरोपी ने बताया कि वह क्राइम सीरियल देखने का शौकीन है ...... और उसी से आइडिया लेकर वारदात को अंजाम देता था .... अगर पुलिस समय पर आरोपी को नहीं पकड़ती तो .... आने वाले दिनों में और हत्याएं हो सकती थीं ....फिलहाल आरोपी सलाखों के पीछे है . ... लेकिन उसकी डायरी में दर्ज नामों को लेकर पुलिस अलर्ट पर है.....
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शेयर बाजार में रुपया दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी करने वाले..... आरोपी को पुलिस ने आखिरकार पकड़ लिया है.....आरोपी पिछले एक साल से फरार चल रहा था.....जिसे पुलिस ने गिरफ्तार किया है...... .इस मामले में पुलिस अब आरोपी की एक महिला साथी की तलाश कर रही है..... शेयर मार्केट में कम समय में दोगुना पैसा कमाने का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी करने वाला...... शातिर आरोपी हर्षवर्धन सिंह परमार आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है......आरोपी पिछले एक साल से फरार था......लेकिन पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी...... और अब पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली है...... हर्षवर्धन सिंह परमार के खिलाफ सिविल लाइन और कोतवाली थाने में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं...... गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से 90 हज़ार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया है...... पुलिस अब इस केस में शामिल एक महिला सह-आरोपी की भी तलाश में जुटी हुई है......
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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर में नशे के खिलाफ एक बड़ी मुहिम छेड़ी गई है ..... नशे के खिलाफ चल रहे इस विशेष अभियान में ग्रामीणों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया ......एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि यह .... अभियान पूरे उत्तराखंड में चलाया जा रहा है..... एसएसपी मणिकांत मिश्रा के नेतृत्व में ,..... पुलिस प्रशासन ने नशे के सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए.... विशेष रणनीति तैयार की है...... इस अभियान के तहत शहरी और ग्रामीण इलाकों में ... जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए..... जहां पुलिस ने आम जनता से संवाद कर उन्हें नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया... सीओ विमल कुमार रावत, एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी और एसएसपी मणिकांत मिश्रा के प्रयासों की ... ग्रामीणों ने सराहना की...... एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने बताया कि यह अभियान पूरे उत्तराखंड में चलाया जा रहा है..... जिसमें जनता की भागीदारी से नशे पर पूरी तरह से काबू पाने का लक्ष्य है...... पुलिस और ग्रामीणों के इस संयुक्त प्रयास से..... समाज को नशा मुक्त बनाने की दिशा में... एक मजबूत कदम उठाया गया है....
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ग्वालियर में पीतल, तांबे के बर्तन साफ करने की आड़ में दो बदमाश बुजुर्ग दंपती के पांच लाख रुपए के गहने चुरा लिए....... खुद को वॉशिंग पाउडर कंपनी का सेल्समैन बनकर आए..... बदमाश ने पाउडर से गहने साफ करने का झांसा दिया......जिसके बाद गहने लेकर फरार हो गया ....... ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित चेतकपुरी कॉलोनी में बुजुर्ग दंपति के साथ ठगी का मामला सामने आया है.......72 वर्षीय कंवरराम होतवानी जो बैंक से रिटायर्ड हैं....... अपनी पत्नी रजनी और भाई धनराज के साथ रहते हैं....... दोपहर करीब 12 बजे एक युवक उजाला कंपनी का सेल्समैन बनकर उनके घर आया.......जिसने दावा किया कि उनका नया पावडर तांबे, पीतल और चांदी के बर्तन को चमका देता है....... झांसे में आकर रजनी ने तांबे का लोटा और चांदी का छत्र साफ करने को दिया.......चोर ने जिसे पाउडर से उनकी आंखों के सामने चमका दिया.......फिर बदमाश ने खुद की सोने की अंगूठी पावडर में डालकर दिखाने के बहाने पानी मांगा .......और रजनी जब पानी देने.....रसोई में गई तो चोर भी रसोई में घुस गया.......उसने रजनी से उनके गले की चेन और हाथ की चूड़ियां उतरवाकर गर्म पानी में डलवा दीं.......और उन्हें पोंछने के लिए कागज माँगा..... रजनी जैसे ही कागज देने के लिए घूमीं.......बदमाश गहने निकालकर बाहर खड़े अपने साथी के साथ फरार हो गया....... घटना के बाद दंपती ने पुलिस को सूचना दी.......कॉलोनी के सीसीटीवी फुटेज में दोनों आरोपी बाइक से भागते नजर आए है ....... पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.......
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कहते हैं अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता कदम चूम ही लेती है..... कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मैहर की बेटी वर्षा पटेल ने .... जो गर्भावस्था और डिलीवरी जैसी शारीरिक चुनौतियों से गुजरते हुए भी...... अपने सपनों से पीछे नहीं हटीं .... आज वे अपनी मेहनत और हौसले के दम पर...... MP PSC परीक्षा में टॉप कर डीएसपी बन गई हैं..... दमोह की रहने वाली वर्षा पटेल की कहानी संघर्ष, साहस और संकल्प की मिसाल है .... उन्होंने बायोलॉजी विषय में स्नातक की पढ़ाई पूरी कर लोक सेवा आयोग की तैयारी शुरू की ..... पिता के निधन के बाद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी..... वर्ष की शादी 2017 में रामनगर निवासी संजय पटेल से हुआ था ,,...... शादी के बाद पति का सहयोग मिला और पांच बार उन्होंने MPPSC की परीक्षा दी...... ..... पांचवीं बार में उन्होंने परीक्षा पास की जब वो गर्भवती थी ..... 22 जुलाई 2025 को बेटी श्रीजा का जन्म हुआ .... और 18 अगस्त को वो अपनी नवजात बच्ची को गोद में लेकर इंटरव्यू देने गई ......और सफलता हासिल की ...... बता दे की वर्षा पहले से ही रीवा दुग्ध संघ में डेली डाक सहायक पद पर कार्यरत थीं...... अब MPPSC 2022 परीक्षा परिणाम घोषित होते ही ,..... उनका चयन Dsp पद पर हुआ है ..... मीडिया से बातचीत करते हुए वर्षा ने बताया की...... उनके परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया .... और शादी के बाद उनके पति ने उन्हें पढ़ाई के लिए और प्रोत्साहित किया...... उन्होंने आगे बताया की उनके पति ने उनका सपना साकार करने के लिए .... वाराणसी में मैनेजर की नौकरी तक छोड़ दी ...... आज जब मेरा चयन Dsp पद पर हुआ है....... तो यह मेरे लिए ही नहीं..... बल्कि मेरे पूरे परिवार और मैहर के लिए गर्व का क्षण है.....
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सिंगरौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए...... किडनैप हुई 7 वर्षीय बच्ची को सिर्फ 8 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर.....परिजनों को सौंप दिया...... इस सराहनीय कार्य पर पुलिस अधीक्षक ने टीम की प्रशंसा करते हुए...... 10 हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की है...... सिंगरौली जिले के विन्ध्यनगर थाना अंतर्गत जयंत पुलिस चौकी क्षेत्र में एक 7 वर्षीय बच्ची के लापता होने की सूचना पर..... चौकी प्रभारी उप निरीक्षक सुधाकर सिंह परिहार के नेतृत्व में त्वरित और प्रभावी खोज अभियान चलाया गया..... फरियादिया अनीता सिंह के रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद पुलिस ने पूरे शहर में फैले करीब 50 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले..... और साइबर सेल की मदद से बच्ची की लोकेशन का पता लगाया.....जांच में यह सामने आया कि बच्ची अपनी सहेली पिया रावत के साथ गई थी.....जिसके बाद उसे उसकी सहेली के घर से सकुशल बरामद कर लिया गया.....इस करवाई के लिए पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने पूरी टीम को बधाई दी .....और 10 हजार रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की...... अधीक्षक ने नागरिकों से अपील की कि वो अपने घरों और दुकानों में सीसीटीवी कैमरे अवश्य लगवाएं..... क्योंकि ये सुरक्षा का मजबूत साधन है,.....
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खंडवा शहर और ग्रामीण इलाकों में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान पाकिस्तान आर्मी के गाने बजाए गए थे...... जिस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताते हुए केस दर्ज कराया है......जिस पर करवाई करते हुए......पुलिस ने कादरी पर धार्मिक भावनाएं भड़काने और कलेक्टर आदेश उल्लंघन का केस दर्ज किया है......और इसके साथ ही गुड़ीखेड़ा के जुलूस में भगवा ध्वज के अपमान मामले में भी कार्रवाई की है...... खंडवा में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर निकाला गया जुलूस विवादों में घिर गया है......शहर और ग्रामीण थाना क्षेत्र के कई गांवों में जुलूस के दौरान पाकिस्तान आर्मी के गाने बजाने पर हिंदू जागरण मंच और अन्य संगठनों ने आपत्ति जताई......मामले की जांच के बाद पुलिस ने गुल्लू कादरी नामक युवक के खिलाफ धार्मिक भावना भड़काने और कलेक्टर के आदेश के उल्लंघन का केस दर्ज किया है......सिर्फ यही नहीं गुड़ीखेड़ा गांव में जुलूस के दौरान भगवा ध्वज का अपमान करने की घटना पर भी पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की है.....वहीं खारकला गांव में चक्का जाम करने और जुलूस में शामिल एक व्यक्ति द्वारा धमकी देने के मामले में भी FIR दर्ज की है......
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नेपाल में आंदोलन से भड़की आग के बाद भारत नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है..... जिसका जायजा लेने कुमाऊं आईजी खटीमा पहुंची..... जहां उन्होंने जनता दरबार लगाकर ..... स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं..... और अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए..... कुमाऊं आईजी रिद्धिम अग्रवाल के इस जनता दरबार में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे.....आईजी अग्रवाल ने लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए.....इस दौरान सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी चर्चा हुई..... जिसमें लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अपने सुझाव दिए..... आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने कहा कि नेपाल के वर्तमान हालात को देखते हुए..... भारतीय सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है.....सभी सीमांत पुलिस चौकियां हाई अलर्ट पर हैं..... और हालात सामान्य होने तक यह सतर्कता बनी रहेगी.....
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सिंगरौली से धर्मांतरण का मामला सामने आया है......जहा कुछ लोगों पर धर्मांतरण कराने के गंभीर आरोप लगे हैं...... निगाही बस्ती में कुछ लोग हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहकर...... 50 लोगों को बहलाने, फुसलाने और पैसे का लालच देकर धर्म बदलने के लिए उकसा रहे थे ...... पुलिस ने इस मामले की शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.... यह घटना 9 सितंबर की शाम करीब 7 बजे की है.....जब निगाही मोड़ के पास प्रताप सिंह वर्मा नामक युवक ने कुछ लोगों को ईसाई धर्म का प्रचार करते हुए देखा.....आरोप है कि गंगा नायक, मीना नायक, और नंदन शाह अपने साथियों के साथ मिल कर........ प्रार्थना सभाओं के जरिए लगातार लोगों पर हिंदू धर्म छोड़ने का दबाव बनाते है ..... और हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां भी करते है.....ये सब मिल कर लोगों को आर्थिक सहायता और बेहतर जीवन का लालच देकर धर्मांतरण के लिए उकसाते है..... और जब प्रताप सिंह वर्मा ने इसका विरोध किया..... तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई.....जिसकी शिकायत उसने थाने में की...... पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 और 5 के तहत मामला दर्ज कर लिया है..... साथ ही अवैध रूप से एनसीएल की जमीन पर बने उनके मकानों की पहचान कर..... गिराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है.....
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दतिया से एक बड़ी खबर सामने आ रही है..... जहाँ कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने अचानक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे ... निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई..... अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, अव्यवस्थित संसाधन और लापरवाही देखकर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की.. कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि एक महीने के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाए.... निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अस्पताल में उपचार सुविधाओं, सफाई और उपकरणों की गंभीर खामियों पर चिंता व्यक्त की.... उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि रोगियों को बेहतर सुविधा देने के लिए वेटिंग रूम का नया निर्माण कराया जाए...... पुराने टीएमसी का सुधार कराया जाए और इनवर्टर जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ..... निरीक्षण के बाद रोगी कल्याण समिति की बैठक भी बुलाई गई... जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर विस्तार से चर्चा हुई.... कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए...... ताकि आमजन को बेहतर उपचार और सुविधा मिल सके....
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ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 4 के लोग महीनों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या से जूझ रहे हैं....... हालात इतने बिगड़ गए हैं कि गंदा पानी घरों के बाहर तक भर जाता है.......जिससे सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वालों को हो रही है....... बच्चे बीमारियों का शिकार बन रहे हैं ....... और महिलाएं ना तो बाजार जा पा रही है ना ही मंदिर.......कई बार शिकायतों के बावजूद भी इस समस्या का अब तक कोई समाधान नहीं मिल पाया है ....... ग्वालियर शहर के वार्ड नंबर 4, विनय नगर और ओम नगर की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है.......यहां के लोग पिछले कई महीनों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या से परेशान हैं....... गलियों और घरों के बाहर तक गंदा पानी भरने से लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है....... इस गंदे पानी से बच्चे बीमार हो रहे है .......महिलाएं ना तो बाजार जा पा रही है ना ही मंदिर जा पा रही है .......स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वो बार-बार अपनी समस्या को पार्षद, विधायक और नगर निगम के सामने रख चुके हैं.......लेकिन उन्हें हर बार केवल आश्वासन मिला है.......कोई समाधान नहीं.......दूसरी ओर जनप्रतिनिधि और नगर निगम दावा करते हैं.......कि शहर में सीवर की समस्या का समाधान कर दिया गया है.......लेकिन वास्तविक सच्चाई बिल्कुल अलग है......
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बरवाई खेड़ा टोल प्लाजा पर टोल वसूली के पहले ही दिन विरोध की आग भड़क उठी...... अधूरे हाईवे पर टोल वसूली के खिलाफ खातेगांव और कन्नौद के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा ....... जिसके बाद ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टोल प्लाजा पर जोरदार प्रदर्शन किया ........ प्रदर्शनकारियों ने रोड नहीं तो टोल नहीं के नारे लगाए .....जिस दौरान टोल कर्मियों और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस भी हुई...... लेकिन सवाल ये उठता है की जब सड़क पूरी नहीं बनी तो किस बात की टोल वसूली की जा रही है ..... इंदौर-बैतूल हाईवे 47 पर स्थित बरवाई खेड़ा टोल प्लाजा पर टोल वसूली शुरू कर दी गई है ..... जिसका पहले ही दिन खातेगांव-कन्नौद के लोगो ने जोरदार विरोध किया.... लोगों के विरोध का मुख्य कारण हाईवे का अधूरा निर्माण है..... 45 किमी के इस मार्ग में लोगो से 36.77 किमी पर टोल वसूला जा रहा है.....बाकी 10 किमी मार्ग को टोल से बाहर रखा गया है.... लेकिन NHAI और टोल कंपनी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस हिस्सा का टोल नहीं लिया जा रहा है..... विधायक आशीष शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था...... कि ननासा-नेमावर रोड के पूरा होने तक खातेगांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों को पहचान पत्र दिखाने पर टोल में छूट मिलेगी.......जब अगले दिन कई स्थानीय लोगों को पहचान पत्र दिखाने के बावजूद भी टोल देना पड़ा ...... तो कुछ लोगो ने इन रसीदों को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जिसके बाद विरोध और बढ़ा गया ..... विधायक आशीष शर्मा के कुछ समर्थक टोल पर पहुंचे और उनकी मौजूदगी में लोगों से टोल नहीं लिया गया लेकिन जैसे ही वो लोग वापस लौट गए .... टोल वसूली फिर शुरू हो गई .... देवास जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष मनीष चौधरी ने कहा कि रोड नहीं तो टोल नहीं ....उन्होंने लोकल लोगों से टोल नहीं लेने की मांग की .......तो वही SDM प्रवीण प्रजापति ने भी इसके खिलाफ आवाज़ उठाई है ..... दो घंटे चले इस प्रदर्शन के बाद टोल प्रबंधन ने स्थानीय लोगों से टोल नहीं लेने का मौखिक आश्वासन दिया है ...लेकिन अधिकारियों ने लिखित आश्वासन देने से इंकार किया है .... एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष कुमार मीणा का कहना है कि टोल प्लाजा से जो भी वाहन क्रॉस होंगे उन्हें नियम अनुसार जो तो निधारित टोल है वो देना होगा ....
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जबलपुर । साल का पहला खग्रास-चंद्रग्रहण पूरे देश सहित मध्य प्रदेश व जबलपुर में भी देखा गया। इस खग्रास ग्रहण का स्पर्श 9 बजकर 57 मिनिट रात्रि में और मोक्ष मध्य रात्रि के बाद 1 बजकर 26 मिनिट पर हुआ। शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि वालों के लिए ग्रहण अशुभ रहा।ग्रहण का सूतक दोपहर 12 बजकर 57 मिनिट पर शुरू हुआ, इस दौरान मंदिरों के पट बंद रहे तथा खुले स्थान पर रखी हुई मूर्तियां ढकी रही। ग्रहणकाल में मूर्ति स्पर्श और दर्शन दोनो नहीं किये जाते। ग्रहण मोक्ष रात्रि 1 बजकर 26 मिनिट के बाद मंदिरों में साफ सफाई और पूजन अर्चन प्रारंभ हो गया।ग्रहण काल बीतते ही नर्मदा तटों पर स्नान करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसको लेकर घाटों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सुबह से लेकर जारी स्नान आज देर रात तक जारी रहेगा। पंडित आशीष दुबे के अनुसार चूंकि ग्रहण पितृदिवस में पड़ा है इसलिए इसके पश्चात स्नान दान के साथ तर्पण भी करना चाहिए। इस दौरान किये धार्मिक कृत्यों से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आ रही है........जहां लालपुर गांव में गणेश प्रतिमा दर्शन के लिए निकली महिलाओं को बाइक सवार बदमाशों ने अपना निशाना बनाया..... चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम देने वाले बाइक सवार दो बदमाश आए और पता पूछने के बहाने महिला की गले से मंगलसूत्र खींच कर ले गाए घटना ग्राम लालपुर की है जहां तीन महिलाएं पंडाल की ओर जा रही थीं...... तभी दो बाइक सवार बदमाशों ने पता पूछने के बहाने एक महिला का मंगलसूत्र झपट लिया और फरार हो गए ..... महिलाओं के शोर मचाने पर कुछ युवकों ने बदमाशों का पीछा किया ..... लेकिन बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें धमकाया और भाग निकले ..... पीड़ित महिला रोशनी अशोक पटेल ने अमरपाटन थाने में शिकायत दर्ज कराई है......पीड़ित महिला की शिकायत पर अमरपाटन थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.....सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है.....
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जहाँ एक ओर पंजाब के कई गांव बाढ़ की तबाही से जूझ रहे हैं..... वहीं इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए उत्तराखंड के सितारगंज से एक दिल छू लेने वाली खबर सामने आई है .... यहाँ के मुस्लिम समाज ने एकजुट होकर राहत सामग्री और जरूरी सामान को बाढ़ पीड़ितों के लिए पंजाब रवाना किया है..... पंजाब की बाढ़ ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है..... लोग बेघर हैं, परेशान हैं और ज़िंदगी एक बार फिर से शुरु करने की राह तक रहे है....इस भीषण बाढ़ में घर ,इंसान और मवेशी पानी में बह रहे है .....पंजाब में आई इस आपदा ने पंजाब जी कमर तोड़ दी है .... ऐसे में सितारगंज के मुस्लिम समाज ने जो किया, वह सराहनीय ही नहीं, बल्कि प्रेरणादायक भी है..... मुस्लिम समाज ने राहत सामग्री से भरी गाड़ियां पंजाब भेजी....मुस्लिम समाज की इस पहल ने सामाजिक एकता का संदेश दिया है ....
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छतरपुर के जिला अस्पताल से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है..... जहाँ चूहों का आतंक इतना बढ़ गया है की लोगो का वहां रहना मुश्किल हो चूका है.......बच्चों के वार्ड से लेकर प्रसूता वार्ड तक चूहों का आतंक इतना बढ़ गया है कि महिलाएं अपने नवजातों को हर वक्त आंचल में छुपाकर रखने को मजबूर हैं... ये तस्वीरें अस्पताल की भयावह हकीकत बयां कर रही हैं..... जहां इलाज के लिए रखी गई दवाओं की अलमारियों में चूहों का आतंक साफ देखा जा सकता है...... रिकॉर्ड रूम के दस्तावेज हों या ज़रूरी दवाइयाँ हर जगह चूहों ने तबाही मचा रखी है...... हैरानी की बात ये है कि डेढ़ साल पहले चूहों को भगाने के लिए अस्पताल प्रशासन ने 1.5 लाख रुपये खर्च कर एक कंपनी को ठेका दिया.... लेकिन ना तो कोई असर दिखा और ना ही कोई रिकॉर्ड है कि कितने चूहे मारे गए..... अब जब स्थिति बेकाबू हो गई है, तब जाकर प्रशासन नींद से जागा है और सिविल सर्जन ने नया टेंडर जारी कर फिर से सफाई का अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं.....लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आम लोग, खासकर बीमार और गर्भवती महिलाएं जिनका सहारा यही अस्पताल है..... वो ऐसी गंदगी और लापरवाही के बीच कैसे सुरक्षित इलाज पा सकेंगी .... आखिरकार, अस्पताल प्रशासन की इस घोर लापरवाही का खामियाजा आम जनता को क्यों भुगतना पड़ रहा है......
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टीम इंडिया के पूर्व ओपनर शिखर धवन ईडी के शिकंजे में आ गए हैं.....अवैध सट्टेबाजी एप 13 Bet और 1xBet से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने धवन से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की ..... सुबह 11 बजे दिल्ली स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे धवन से शाम 7 बजे तक पूछ ताछ चली.....बताया जा रहा है कि धवन ने इन बेटिंग एप्स के प्रमोशन और विज्ञापनों के जरिए जुड़ाव रखा था.....ED यह समझने की कोशिश कर रही है..... कि इन प्लेटफार्म से उनकी डीलिंग कितनी गहरी रही है..... बता दें इस मामले में ईडी पहले ही सुरेश रैना, युवराज सिंह और हरभजन सिंह जैसे दिग्गजों से पूछताछ कर चुकी है.....आप को बता दे की .....ऑनलाइन बेटिंग का यह नेटवर्क करीब 100 अरब डॉलर का है..... और भारत में इसके 22 करोड़ यूजर हैं.....कंपनी का हेडक्वार्टर साइप्रस में है....जो कई बड़े इवेंट को भी स्पॉन्सर कर चुकी है.....लेकिन फाइनेंशियल गड़बड़ियों के चलते इसे ब्रिटेन, अमेरिका और रूस जैसे देशों से बैन कर दिया गया है.....
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राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सनातन धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सभी सनातनियों से एकजुट होने की अपील की है...... पदाधिकारियों ने कहा कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर धर्म की सेवा कर सकता है......चाहे वह आवाज से हो, लेखन से या सामाजिक मंचों पर समर्थन से हो एक सनातनी किसी भी प्रकार से संस्कृति की रक्षा कर सकता है ...... ग्वालियर में राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सनातन धर्म के समर्थन में आवाज बुलंद की है ...... सेना के पदाधिकारियों ने कहा कि आज समय की मांग है...... कि हर सनातनी एकजुट होकर अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा करे......उनका कहना था कि जो लोग खुलकर सामने नहीं आ सकते......वो अपनी कलम से, अपने विचारों से और सामाजिक मंचों के जरिए सनातन धर्म की सेवा कर सकते हैं......प्रेस कॉन्फ्रेंस में पदाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा मैं सनातन के लिए जीऊंगा...... सनातन के लिए लड़ूंगा और ज़रूरत पड़ी तो सनातन के लिए मरने से भी पीछे नहीं हटूंगा......सेना ने यह भी ऐलान किया कि आने वाले समय में ग्वालियर सहित पूरे प्रदेश में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे......और लव जिहाद के खिलाफ सनातन सेना लड़ रही है ......इस अभियान का मकसद होगा युवाओं को सनातन धर्म की जड़ों से जोड़ना और उन्हें उसकी रक्षा के लिए प्रेरित करना है......इस दौरान सेना ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की अपील की......
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मैहर जिले के रामनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए...... शराब तस्करी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है......चौंकाने वाली बात यह रही कि पकड़े गए आरोपियों में सतना जिले के कोठी से भाजपा युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष अभिनव गौतम भी शामिल है...... इस कार्रवाई के बाद स्थानीय राजनीति में हलचल मच गई है......वहीं कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा पर सीधा हमला बोला है...... मैहर जिले के रामनगर थाना पुलिस ने चार लोगों को शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है ...... पकड़े गए आरोपियों में सतना जिले के कोठी से भाजपा युवा मोर्चा का मंडल अध्यक्ष अभिनव गौतम भी शामिल है......बताया जा रहा है की अभिनव गौतम भाजपा नेत्री मधु गौतम का बेटा है...... और संगठन में मंडल अध्यक्ष पद पर कार्यरत है..... पुलिस ने बताया कि आरोपियों से आठ पेटी अवैध शराब और एक कार जब्त की गई है..... चारों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है..... और आगे की जांच जारी है..... इस पूरे मामले ने भाजपा संगठन पर सवाल खड़े कर दिए हैं..... वहीं कांग्रेस नेता कौशलेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि..... प्रदेश में न जाने कितने नशे के सौदागर भाजपा के संरक्षण में पनप रहे हैं.....अधिकारी को और गहन जांच करने की जरूरत है.....
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तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं….... कई गांव जलभराव से प्रभावित हो गए….. हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए….... राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है…आपदा पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है….. और उनके भोजन पानी की भी व्यवस्था की गई….... जनपद उधम सिंह नगर के खटीमा में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है…....निचले इलाकों में जलभराव के चलते लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा…....बारिश के बढ़ते खतरे को देखते हुए….... प्रशासन ने नानक सागर डैम के सभी फाटक खोल दिए हैं ….... जिससे बिस्टी, दाह ढ़ाकी समेत दर्जनों गांव प्रभावित हुए है…...खटीमा शहर के राजीव नगर, अमाऊ, पकड़िया बंगाली कॉलोनी वार्ड नंबर-16, प्रतापपुर, तराई नगला, और नौसर सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति बन गई…..प्रशासन ने राहत -बचाव कार्य शुरू कर दिए है ….... इस दौरान तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को रेस्क्यू कर रहने और खाने की व्यवस्था की गई है…....साथ ही प्रभावित परिवारों का सर्वे भी किया जा रहा है….. ताकि प्रशासनिक सहायता जल्द उपलब्ध कराई जा सके…..तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश ने लोगों को जरूर परेशान किया है …..लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है…...
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खंडवा पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन सिमी से जुड़े एक युवक को गिरफ्तार किया है....... पुलिस ने युवक के पास से एक देशी पिस्तौल और सात कारतूस बरामद किए है.......पकड़ा गया युवक पूर्व में सिमी के जिला अध्यक्ष रह चुके अकील खिलजी का बेटा है.......अकील खिलजी सिमी का सक्रिय सदस्य था.......और जेल तोड़कर भागने के मामले में भोपाल पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया था.......पकड़े गए युवक पर भी पहले से ही तीन अपराध दर्ज है.......खंडवा पुलिस ने रेलवे माल गोदाम के पास से जलील खिलजी नमक युवक को पकड़ा है...... जलील के साथ उसके दो और दोस्तों को भी पुलिस ने पकड़ा था......जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है ......खंडवा पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार राय ने बताया कि खंडवा में गणेश विसर्जन और ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार...... एक दिन आगे पीछे आने के कारण पुलिस संदिग्ध और अपराध में शामिल लोगों की तलाशी और पूछताछ का अभियान चला रही है......इस अभियान में पुलिस की नजर खलील खिलजी पर पड़ी ......जब पुलिस ने उसे रेलवे माल गोदाम क्षेत्र से पकड़ा तो उसके पास एक देशी पिस्तौल और सात कारतूस बरामद हुए......जलील के ऊपर पहले भी मारपीट करने और धमकाने जैसे अपराध दर्ज हैं......मामला प्रतिबंध संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया(सिमी) से जुड़े होने के कारण महाराष्ट्र ATS भी जांच के लिए खंडवा पहुंची थी......जो युवक से पूछताछ कर वापस लौट गई है......सूत्रों के अनुसार ATS ने इसके अलावा कुछ लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था......जिन्हें पूछताछ के बाद छोट दिया गया है......और खंडवा पुलिस ने अवैध हथियार रखने के मामले में जलील खिलजी के खिलाफ मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया......जहां से उसे जेल भेज दिया गया है......
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छतरपुर से एक शर्मनाक खबर सामने आई है..... जहाँ एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को सुरक्षित रखने के बजाय आरोपी पक्ष को सौंप दिया गया..... इस गंभीर लापरवाही के बाद, ..... आरोपी ने जमानत पर छूटते ही बच्ची के साथ फिर से दुष्कर्म किया..... अब इस मामले में पन्ना की बाल कल्याण समिति,..... महिला बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के नौ कर्मचारियों सहित कई लोगों पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है..... पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है..... छतरपुर और पन्ना से जुड़ी इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं..... एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता, जिसे वन स्टॉप सेंटर में सुरक्षित रखा गया था, ..... उसे लापरवाही से आरोपी की रिश्तेदार के हवाले कर दिया गया..... इसी दौरान आरोपी को जमानत मिल गई और उसने दोबारा बच्ची के साथ दुष्कर्म किया..... पुलिस ने अब आरोपी को फिर से गिरफ्तार कर लिया है..... इस मामले में बड़ी चूक सामने आने के बाद, बाल कल्याण समिति के पांच पदाधिकारियों, ..... महिला बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के तीन कर्मचारियों पर पॉक्सो एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है..... जांच एसडीओपी लवकुशनगर को सौंपी गई है..... , और पुलिस का कहना है कि आरोपी की मदद करने वाले सभी लोगों पर कड़ी कार्रवाई होगी.....
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खरगोन के ग्राम जिल्हार में राजस्व भूमि पर VVIP गेस्ट हाउस निर्माण के लिए...... PWT को जमीन आवंटन किये जाने के खिलाफ जयस संगठन ने विरोध जताया है .....संगठन ने तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर आवंटन रद्द करने की मांग की...... खरगोन जिले के ग्राम जिल्हार में राजस्व भूमि पर वीवीआईपी गेस्ट हाउस निर्माण के लिए पीडब्ल्यूडी को आवंटन के खिलाफ आदिवासी संगठन जयस ने विरोध जताया है......आदिवासी समाज का कहना है कि वो 80 वर्षों से इस भूमि पर खेती कर रहे हैं......भील समाज के परिवार जिनमें 100 वर्षीय नकलीबाई, 80 वर्षीय बिगुलबाई और अन्य शामिल हैं......उनका दावा है कि यह भूमि उनकी आजीविका का आधार है......जयस के संरक्षक सुरेश मुजाल्दे और तहसील उपाध्यक्ष राकेश अजनारे के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ओंकारेश्वर तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल को ज्ञापन सौंपा...... ज्ञापन में भूमि आवंटन रद्द करने की मांग की गई...... क्योंकि आदिवासियों के पास खेती के अलावा कोई रोजगार नहीं है......नायब तहसीलदार ने कहा कि रिकॉर्ड में यह राजस्व भूमि है...... और विधिवत प्रक्रिया के बाद आवंटन हुआ है...... और कब्जे का कोई सबूत नहीं मिला है ......ज्ञापन वरिष्ठ अधिकारियों को भेजा जाएगा और उनके निर्देश पर कार्रवाई होगी.....
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सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र की मुख्य सड़कें भारी बारिश के कारण उखड़ गई हैं......जिससे आवागमन में परेशानी हो रही है....... इस संबंध में महापौर ने बताया कि बारिश थमते ही सड़कों की जांच कर मरम्मत शुरू होगी......पिछले साल की पंचिंग की गुणवत्ता जांच कर गारंटी अवधि में मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया..... .....सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र की सड़कें भारी बारिश के कारण खराब हो चुकी हैं.....नगर निगम महापौर ने बताया कि बारिश रुकते ही सड़कों की जांच कर मरम्मत शुरू होगी......पिछले साल हुए पंचिंग कार्य की गुणवत्ता की जांच होगी......और यदि सड़कें गारंटी में हैं......तो ठेकेदार के खर्चे पर मरम्मत होगी...... माजन मोड़ राजीव चौक से नवजीवन विहार और इंदिरा चौक तक नए डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार है......टेंडर के बाद काम जल्द शुरू होकर पूरा किया जाएगा......वहीं परसौना से निगाही-जयंत मार्ग जो एमपीआरडीसी के अधीन है......उसकी हालत भी खराब है......ठेकेदार के भाग जाने से समस्या बढ़ी है......जिसके लिए कलेक्टर और संबंधित विभाग को पत्र लिखा गया है...... सड़कों पर आवारा मवेशियों के कारण दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं......जिसमें लोग और पशु घायल हो रहे हैं......गौशाला की कम क्षमता इस समस्या को बढ़ा रही है......महापौर ने बताया कि इन मुद्दों के समाधान के लिए बैठकों और पत्राचार के जरिए जल्द कदम उठाए जाएंगे......प्रशासन गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए प्रतिबद्ध है......
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कांकेर । जिला शिक्षा विभाग में पदोन्नति व पदस्थापना के नाम की गई गड़बड़ी का पर्दाफाश होने के बाद 94 प्रधान पाठकाें की पोस्टिंग रद्द कर दी गई थी। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है, जांच रिपोर्ट में तीन से चार लोगों को संलिप्त पाया गया है। सबसे पहले पोस्टिंग आदेश जारी करने वाले जिला शिक्षा कार्यालय में पदस्थापना शाखा प्रभारी सहायक ग्रेड दो प्रकाश तिवारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर कर दिया गया है । जांच में पाया गया कि पदोन्नति व पदस्थापना से संबंधित सभी नोटशीट व फाईल इन्हीं के माध्यम से आगे बढ़ती थी। बड़ी त्रुटि होने के बावजूद नोटशीट व फाइल बिना आपत्ति के आगे बढ़ाते रहे। मामले की जांच व कार्रवाई जारी है। जल्द ही अन्य संलिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई व एफआईआर होने की संभावना है। कांकेर के जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद ने आज बताया कि बिना अनुमोदन सिंगल आदेश से 94 प्रधान पाठकों के पोस्टिंग आदेश मामले में पहली कार्रवाई करते हुए कार्यालय के सहायक ग्रेड दो प्रकाश तिवारी को निलंबित कर चारामा बीईओ कार्यालय में अटैच किया गया है।
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नई दिल्ली । उच्चतम न्यायालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) कार्यकर्ताओं के बारे में आपत्तिजनक कार्टून सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामले में कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को अग्रिम जमानत दे दी है। जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मध्यप्रदेश पुलिस को इस बात की छूट दी कि अगर हेमंत मालवीय जमानत की शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें मिली अग्रिम जमानत रद्द कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।कोर्ट ने इस बात पर गौर किया कि हेमंत मालवीय ने अपने फेसबुक और इंस्टाग्राम पेज पर माफीनामा अपलोड किया है। हेमंत मालवीय की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें कोई समन जारी नहीं किया गया है। तब मध्यप्रदेश पुलिस की ओर से पेश एएसजी केएम नटराज ने कहा कि जब सभी साक्ष्य एकत्र हो जाएंगे, तो समन जारी किया जाएगा।न्यायालय ने 19 अगस्त को मालवीय के वकील से कहा था कि याचिकाकर्ता अपना माफीनामा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करें। मालवीय ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई को अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ये अभिव्यक्ति की आजादी का घोर दुरुपयोग है। सुनवाई के दौरान मालवीय की ओर से पेश वकील वृंदा ग्रोवर ने न्यायालय से कहा था कि मालवीय का कार्टून 2021 का कोरोना के समय का है। उन्होंने कहा था कि उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अर्नेश कुमार और इमरान प्रतापगढ़ी वाले उच्चतम न्यायालय के फैसले लागू नहीं होंगे। ग्रोवर ने कहा था कि उच्च न्यायालय ने कार्टूनिस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि इस अपराध के तहत भारतीय न्याय संहिता में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है।मालवीय के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया पुलिस थाने में संघ के स्थानीय कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने एफआईआर दर्ज करवायी थी। एफआईआर में मालवीय के खिलाफ हिन्दुओं की भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
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आज देश अमृता प्रीतम को याद कर रहा है : भारतीय उपन्यासकार, निबंधकार और पंजाबी की पहली प्रमुख महिला कवयित्री : जिन्होंने मोहब्बत, जुदाई और औरत की आज़ादी को अपनी कलम से अमर कर दिया : आज उनकी जयंती है : 31 अगस्त 1919 में गुजरांवाला, पकिस्तान में जन्मीं अमृता प्रीतम ने बंटवारे का दर्द अपनी रचनाओं में दर्ज किया : उनकी मशहूर कविता अज्ज आखां वारिस शाह नूं आज भी भारत-पाकिस्तान की सरहदों पर बिखरे दर्द को बयां करती है : विभाजन के वक़्त अमृता और उनका परिवार दिल्ली में आ बसा था ; अमृता प्रीतम सिर्फ कवयित्री ही नहीं : बल्कि एक आवाज़ थीं समाज की रूढ़ियों के खिलाफ, महिलाओं की स्वतंत्रता के लिए और इंसानियत के हक़ में ; उनके शब्द : मैं तैनूं फ़िर मिलांगी ; आज भी मोहब्बत के सबसे खूबसूरत इज़हार माने जाते हैं : अमृता प्रीतम ने लम्बी बीमारी के बाद 31 अक्टूबर 2005 को अपने प्राण त्यागे थे : वे 86 साल की थीं और दक्षिणी दिल्ली के हौज़ ख़ास इलाक़े में रहती थीं : अमृता प्रीतम को पद्म विभूषण और ज्ञानपीठ जैसे सम्मान मिले : लेकिन असली पहचान उन्हें पाठकों के दिलों में मिली : आज उनकी जयंती पर साहित्य जगत कह रहा है : अमृता सिर्फ कवयित्री नहीं थीं वो एक एहसास थी : और रहेंगी
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अगर आपने ऊँची आवाज़ में गाना गाया तो अब अब खैर नहीं : जी हाँ : ये कोई मजाक नहीं है, ये है कानून की हकीकत : भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 कहती है कि अगर आप किसी सार्वजनिक जगह पर जोर-जोर से अश्लील गाना गाते हैं : गाली-गलौज करते हैं : या ऐसी हरकत करते हैं जिससे आसपास के लोगों को आपत्ति हो : तो आप इस धारा में फँस सकते हैं : और फिर आपको सजा मिलेगी : तीन महीने तक की जेल, या जुर्माना, और कभी-कभी दोनों भी : तप सोच लीजिये आप तो निकलेंगे लोगों को इंप्रेस करने : सड़क पर गाना गाने, रील बनाने और पहुंच जायेंगे सीधे थाने : आपकी आवाज़ वायरल होगी या आपकी FIR ये तय करेगा कानून : असल में धारा 296 पुलिस को ये अधिकार देती है कि अगर किसी की हरकत से पब्लिक डिस्टर्ब होती है तो पुलिस आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है : तो अगली बार जब भी आप पब्लिक प्लेस पर जोर-जोर से अश्लील गाना गाएँ या गाली-गलौज करें : थोड़ा संभलकर रहिएगा : वरना आपकी रील नहीं, आपकी चार्जशीट वायरल हो जाएगी : तो ये खबर शेयर कर दीजिये उन सभी लोगों के साथ जिन्हे पब्लिक प्लेस में गाने का शौक है या जो पब्लिक के बीच में खुलेआम गाली देता हो
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जाते हो या थप्पड़ मारु : ये अल्फ़ाज़ किसी गली-मोहल्ले के झगड़े के नहीं हैं : बल्कि मुरैना के सबलगढ़ एसडीएम ऑफिस से निकले हैं : जनसुनवाई के दौरान जब समाजसेवी ने पेयजल संकट और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए : तो अधिकारी और शिकायतकर्ता आमने-सामने आ गए : बहस इतनी बढ़ी कि एसडीएम अरविंद माहौर खुद जज्बाती हो बैठे : और ये विवादित लहजा सबके सामने गूंज उठा : माहौल गरमाया : लोग सकते में आ गए : और वहां मौजूद समाजसेवी ने भी पलटकर कह दिया : आप लोकसेवक हैं : गलत नहीं करेंगे : देखिये ये वीडियो
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत और जापान के संबंधों ने एक नई ऊंचाई हासिल की है..... जहाँ दोनों देशों की साझेदारी अब केवल निवेश तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक भविष्य की मजबूत नींव भी रखी गई है...... मेक इन इंडिया से लेकर मेक फॉर द वर्ल्ड तक की यह यात्रा भारत को वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है...... बीते दो वर्षों में 170 से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जिससे 13 अरब डॉलर से अधिक का जापानी निवेश भारत में आया..... यह आंकड़ा भारत के आर्थिक विकास की दिशा में जापान के अटूट विश्वास का प्रतीक है..... जापान का यह निवेश इस्पात, ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में फैला है...... निप्पॉन स्टील, सुजुकी मोटर और टोयोटा किर्लोस्कर जैसी कंपनियों ने विभिन्न राज्यों में अपने विस्तार की योजनाओं से न केवल हजारों रोजगार सृजित किए हैं, बल्कि भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत स्तंभ भी बनाया है..... साथ ही अब भारत के चंद्रयान-5 मिशन में जापान का भी सहयोगी होगा .... बता दें कि भारत और जापान ने शुक्रवार को चंद्रयान-5 मिशन के लिए एक महत्वपूर्ण समझौते पर हस्ताक्षर किया ..... जिसमे दोनों देशों की अंतरिक्ष एजेंसियों ISRO और JAXA अब चंद्रयान-5 के लिए एक साथ काम करेगी
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(प्रवीण कक्कड़) "कमजोर कभी माफ नहीं कर सकता, क्षमा करना तो ताकतवर की निशानी है।" यह केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन का वह शक्तिशाली सूत्र है जो हमें साधारण से असाधारण बनाता है। क्षमा वह दिव्य शक्ति है जो टूटे हुए धागों को सिर्फ जोड़ती नहीं, बल्कि उन्हें पहले से कहीं अधिक मजबूत बना देती है। जैन समाज में पर्युषण के दौरान मनाया जाने वाला क्षमा पर्व संपूर्ण मानवता के लिये एक संदेश है कि मन का बोझ उतार फेंको, क्षमा मांगो-क्षमा करो और आगे बढ़ो। चलो मिलकर मैं को नहीं हम को जिताएं। जब हम किसी से क्षमा मांगते हैं, तो हमारा हृदय अहंकार के बोझ से मुक्त होकर निर्मल हो जाता है। और जब हम किसी को माफ करते हैं, तो हम उसे नहीं, बल्कि स्वयं को घृणा के अंधकार से निकालकर प्रेम के प्रकाश में लाते हैं। यह केवल एक धार्मिक औपचारिकता नहीं, बल्कि स्वयं को अतीत की बेड़ियों से आजाद करने का सबसे बड़ा उत्सव है। जैन धर्म और क्षमा का अमर संदेश जैन धर्म का कण-कण 'अहिंसा परमो धर्मः' के सिद्धांत पर आधारित है। यह केवल शारीरिक हिंसा की बात नहीं करता, बल्कि मानसिक हिंसा—क्रोध, घृणा और द्वेष—को सबसे बड़ा शत्रु मानता है। शस्त्रों से पाई गई विजय अस्थायी होती है और अपने पीछे नफरत की खाई छोड़ जाती है। लेकिन क्षमा वह अस्त्र है जो शत्रुता को जड़ से समाप्त कर प्रेम के बीज अंकुरित करती है। भगवान महावीर स्वामी का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है: "स्वयं पर विजय प्राप्त करो, क्योंकि यही सबसे बड़ी विजय है।" और क्षमा करना अपने क्रोध और अहंकार पर विजय पाने का सबसे सुंदर मार्ग है। आत्मा के शुद्धिकरण का महापर्व यह केवल एक त्योहार नहीं, यह आत्मा के मैल को धोकर उसे फिर से पवित्र बनाने का एक वार्षिक महायज्ञ है। श्वेतांबर जैन समाज: पर्युषण पर्व आत्म-चिंतन और तपस्या का स्वर्णिम अवसर है। इसका शिखर “संवत्सरी” का दिन है, जब “मिच्छामी-दुक्कड़म” का दिव्य मंत्र हर दिशा में गूँजता है और दिलों को एक कर देता है। जो गत दिनों पूर्ण हुआ है। दिगंबर जैन समाज: दशलक्षण पर्व (28 अगस्त 2025 से 6 सितंबर 2025 तक) धर्म के दस लक्षणों को जीवन में उतारने की प्रेरणा देता है। इसका समापन 8 सितंबर 2025 को “क्षमावाणी” दिवस के रूप में होता है, जो हमें याद दिलाता है कि समस्त धर्मों का अंतिम सार क्षमा ही है। क्षमा पर्व: एक संदेश पूरी मानवता के लिए भले ही इस पर्व की जड़ें जैन धर्म में हैं, लेकिन इसकी शाखाएं पूरी मानवता को शीतल छाया देती हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि: गलतियां जीवन का हिस्सा हैं, लेकिन उन्हें पकड़कर बैठना एक चुनाव है। क्षमा हमें सही चुनाव करने की आंतरिक शक्ति देती है। रिश्ते कांच के नहीं होते कि टूट जाएं, वे तो प्रेम और विश्वास की मिट्टी से बने होते हैं, जिन्हें क्षमा के जल से बार-बार संवारा जा सकता है। 'सॉरी' (Sorry) कहना एक शब्द हो सकता है, लेकिन “मिच्छामी-दुक्कड़म” कहना आत्मा की स्वीकृति है कि ‘मेरे मन, वचन या कर्म से हुई किसी भी भूल के लिए मुझे क्षमा करें।’ यह भाव हमें विनम्र और महान बनाता है। आज ही करें एक नई शुरुआत तो आइए, इस क्षमा पर्व को केवल एक परंपरा न समझकर, इसे अपने जीवन को बदलने का एक सुनहरा अवसर बनाएं। आज ही उस फोन को उठाएं, जिससे आप बात करने में हिचक रहे हैं। आज ही उस व्यक्ति को हृदय से माफ करें, जिसकी वजह से आपको पीड़ा हुई थी। अपने मन के बोझ को उतार फेंकें और असीम शांति को अपनाएं। क्योंकि क्षमा करके आप किसी और को उपहार नहीं देते, आप स्वयं को शांति और स्वतंत्रता का सबसे बड़ा उपहार देते हैं। चलिए, इस पर्व को सार्थक बनाएं और प्रेम, सद्भाव और एक नई ऊर्जा के साथ जीवन की एक नई शुरुआत करें।
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1 सितंबर को शहीद दिवस के अवसर पर खटीमा में राज्य आंदोलनकारियों को प्रशासन की ओर से आमंत्रण पत्र दिए जाने पर खुशी जताई गई है...... तहसील सभागार में हुई बैठक में तीन सूत्रीय कार्यक्रम पर हस्ताक्षर अभियान चलाने की बात कही गई......वहीं शहीद स्मारक के पीछे गंदगी को लेकर नाराजगी जताए जाने पर.....तहसीलदार ने 1 सितंबर से पहले सफाई का आश्वासन दिया...... शहीद दिवस के आयोजन को लेकर खटीमा में तैयारियां तेज हो गई हैं.....आगामी 1 सितंबर को आयोजित होने वाले इस विशेष दिन के लिए प्रशासन ने राज्य आंदोलनकारियों को आमंत्रण पत्र भेजे गए.....जिसे लेकर आंदोलनकारियों ने खुशी जाहिर की और प्रशासन का आभार जताया..... खटीमा तहसील सभागार में राज्य निर्माण सेनानी संगठन के बैनर तले एक बैठक आयोजित हुई.....जिसमें आंदोलनकारियों ने तीन सूत्रीय कार्यक्रम को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय लिया.....इस दौरान शहीद स्मारक के पीछे की गंदगी को लेकर नाराजगी भी जाहिर की गई.....आंदोलनकारियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल सफाई कराने की मांग की.....इस विषय में वो तहसीलदार वीरेंद्र सजवान से मिले और अपनी चिंता से अवगत कराया.....तहसीलदार ने भरोसा दिलाया कि 1 सितंबर से पहले नगर पालिका से स्मारक स्थल की पूरी तरह से सफाई करवा दी जाएगी.....
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बिलासपुर । बिलासपुर - छत्तीसगढ़ में भाजपा विष्णुदेव साय सरकार बिनेट में 11 से बढ़कर 14 होने पर इसे संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता बासदेव चक्रवर्ती चक्रवर्ती ने इस मामले में मुख्यमंत्री सहित सभी 14 मंत्रियों को पक्षकार बनाया गया है।इस मामले में आज(शुक्रवार )मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से शपथपत्र मांगा है।अदालत ने आज हुई सुनवाई में जनहित याचिका की गंभीरता परखने के लिए याचिकाकर्ता से उनके सामाजिक कार्यों और पृष्ठभूमि का विवरण पेश करने को कहा है। अदालत ने याचिका लगाने वाले से पूछा कि, आप 80 साल के हैं, आपने कितने सामाजिक कार्य अपने जीवन में किए हैं। उच्च न्यायालय ने उनके वकील से उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्य का डेटा प्रस्तुत करने को कहा है। डेटा प्रस्तुत करने के लिये मंगलवार तक का समय हाईकोर्ट ने दिया है। साथ ही राज्य शासन को भी इस मामले में पक्ष रखने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी।उल्लेखनीय कि बीते 20 अगस्त को छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया है, जिसमें गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब और राजेश अग्रवाल को शामिल किया गया. मंत्रिपरिषद में अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कुल 14 सदस्य हो गये हैं।याचिकाकर्ता का कहना कि मंत्रियों की संख्या विधानसभा में कुल सीटों के 15 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। छत्तीसगढ़ विधानसभा की 90 सीटों के हिसाब से यह संख्या अधिकतम 13.50 यानी 13 मंत्री होनी चाहिए।लेकिन 20 अगस्त को तीन नए मंत्री बनाए जाने के बाद कैबिनेट में अब 14 सदस्य हो गए हैं, जो इस सीमा से अधिक है।कांग्रेस का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 164 (1 क) का उल्लंघन है।जबकि भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया है, और मंत्रियों की संख्या को लेकर हरियाणा में लागू फार्मूले का उदाहरण पेश किया है ।
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ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र से ठगी का अनोखा मामला सामने आया है...... जहां ठगों ने दो युवकों से रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपए की ठगी कर ली..... ठगो ने बाकायदा युवकों की ट्रेनिंग कराई और रेलवे का फर्जी जॉइनिंग लेटर और आईडी कार्ड भी दिया .... लेकिन जब युवकों को शक हुआ तो उन्होंने ठग से अपने पैसे मांगे.... जिससे पूरा राज खुला और मामला पुलिस तक पहुंचा ....... बता दें कि डबरा निवासी मनीष रावत की मुलाकात शहर की लक्ष्मी कॉलोनी में रहने वाले शिवम बंजारा से हुई...... उसने मनीष को रेलवे ग्रुप डी में 6 लाख रुपए में नौकरी लगवाने की बात कही..... बाद में 5 लाख में डील फाइनल हुई .... 21 दिसंबर 2024 को शिवम बंजारा मनीष रावत को अपने साथ झांसी ले गया....जिसके बाद उसके द्वारा दिए गए खाते में मनीष ने 70 हजार रुपए ट्रांसफर किए..... इसके बाद बाकायदा मनीष से ऑनलाइन नौकरी का फॉर्म भरवाया गया......और बाद में उसे झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां डॉक्टरों द्वारा उसका मेडिकल भी किया गया ..... आसानी से मेडिकल होने पर मनीष का ठगो पर विश्वास बढ़ गया गया और उसने 26 दिसंबर को 60 हज़ार दीपक कुमार के खाते में और 35 हज़ार शुभम के खाते में ट्रांसफर कर दिए.......उसके बाद मनीष को उत्तर रेलवे में ग्रुप डी का जोइनिंग लेटर दिया गया.... जिसकी बाद मनीष को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के ग्रुप डी का आईडी कार्ड दिया गया ........ जिसे देखकर मनीष को पूरा भरोसा हो गया कि उसकी नौकरी लग गई है..... इस पूरे मामले में फर्जी लोगों का नेटवर्क इतना बड़ा था कि उसे बबीना स्टेशन पर ट्रेनिंग के लिए बुला लिया गया...... मगर साइलेंट रूप से हो रही ट्रेनिंग पर मनीष को शक हुआ जिसके बाद उसने अपने पैसे वापस मांगे ..... तो उन्होंने मनीष को दिल्ली स्थित बड़ोदरा हाउस में बुलाया.... वहां मनीष से उसका आईडी कार्ड वापस लिया और बोले नया आईडी कार्ड डाक द्वारा उसके पास आएगा.... जिसके बाद मनीष शक और बढ़ गया और उसने लगातार अपने पैसे मांगने शरू कर दिए.... मगर पैसे न मिलने पर वह डबरा एसडीओपी सौरभ कुमार के पास पहुंचा और शिकायत दर्ज करवाई.... और पुलिस की जांच में दो लोगों के नाम सामने आए जिसमें सिद्धांत यादव और राहुल उर्फ भोलू चौहान का शामिल है.....
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ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के मुख्यालय पर एक अनोखा विरोध देखने को मिला है.....मेला मैदान की दुकानों को पहली बार ई-टेंडरिंग के जरिए नीलाम करने की योजना से नाराज़..... सैकड़ों मेला व्यापारियों ने ढोल-ताशों के साथ पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी ...... व्यापारियों का कहना है कि यह परंपरा और रोजगार दोनों पर चोट है..... ग्वालियर मेला व्यापारियों को आशंका है....कि इस ई टेंडरिंग की प्रक्रिया से पीढ़ी दर पीढ़ी दुकानें लगाते आ रहे.... पारंपरिक छोटे मझौले व्यापारियों के हाथों से मेले की दुकानें छिन जाएंगी.... और अमीर लोग ऊंची बोली लगाकर उनके हक की दुकानें छीन लेंगे....इसी को लेकर ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ अनोखे अंदाज़ में प्रदर्शन किया.... मेला व्यापारियों ने सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर डेढ़ बजे तक प्राधिकरण के दफ्तर के बाहर ढोल, मजीरे और ताशे बजाकर अपना विरोध जताया ....और प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा....व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया तुरंत वापस नहीं ली गई....तो जल्द ही उग्र आंदोलन किया जाएगा....
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संभल दंगे पर बनी जांच कमेटी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है : और इस रिपोर्ट में जो खुलासे हुए हैं वो चौंकाने वाले हैं :रिपोर्ट बताती है कि आज़ादी के समय यानि 1947 में संभल में हिंदू आबादी 45 फ़ीसदी थी : लेकिन अब घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत ही रह गई है : यानी संभल की डेमोग्राफी पूरी तरह बदल चुकी है : कमेटी के मुताबिक, आज़ादी के बाद से संभल में अब तक 15 बड़े दंगे हो चुके हैं : इस बीच तुष्टिकरण और सियासत ने हालात को और बिगाड़ा है : रिपोर्ट ये भी कहती है कि संभल कई आतंकवादी संगठनों का गढ़ बन गया : वहीं, अवैध हथियार और नारकोटिक्स गैंग का जाल भी यहां गहराई तक फैला हुआ है : सबसे बड़ा आरोप यह कि हिंदुओं को निशाना बनाने की पूरी साजिश रची गई थी : बाहर से दंगाई बुलाए गए थे : लेकिन हिंदू मोहल्लों में पुलिस की मौजूदगी ने हालात को संभाल लिया, वरना स्थिति और भयावह हो सकती थी : रिपोर्ट में 22 नवंबर 2024 का जिक्र है… जब सांसद जिया-उर-रहमान बर्क ने नमाजियों को सम्बोधित करते हुए कहा था : हम इस देश के मालिक हैं, नौकर नहीं… मस्जिद थी, है और रहेगी : अयोध्या जैसा यहां नहीं होने देंगे ; जिसके बाद संघर्ष भड़क उठा था जिसमें 4 लोगों की मौत हुई थी : कमेटी का दावा है कि इस पूरे षड्यंत्र के पीछे सांसद जिया-उर-रहमान बर्क, विधायक के बेटे सुहैल इकबाल और इंतेजामिया कमेटी के पदाधिकारी शामिल थे : यानी साफ है… संभल दंगे कोई अचानक हुई घटना नहीं थे, बल्कि ये एक संगठित और योजनाबद्ध हिंसा थी
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कांग्रेस ने छतरपुर जिले में धारा 144 का खुला उल्लंघन किया है कांग्रेस कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर लगे बैरिकेड्स को हटाकर अंदर घुस गए....और जमकर नारेबाजी करने लगे.....कलेक्टर कार्यालय परिसर में धारा 144 लागू है.....प्रशासन ने इस कार्रवाई को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी..... कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर धारा 144 के उल्लंघन का मामला सामने आया है.....कलेक्टर परिसर के बाहर लगे बैरिकेट्स हटाकर अंदर प्रवेश किया..... और जोरदार नारेबाजी की.....OBC आरक्षण के विरोध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष गगन यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से रैली निकालकर..... कलेक्ट्रेट कार्यालय की ओर कूच किया.....धारा 144 लागू होने के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाले गेट के बैरिकेट्स पार करते हुए..... राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा.....इस दौरान प्रशासन ने साफ कहा है.....कि नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.....वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष गगन यादव ने जवाब देते हुए कहा.....जो धारा लगाना हो लगा लो, हम OBC आरक्षण की लड़ाई जारी रखेंगे.....
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19 माह से अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर धरने पर बैठी भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी ने एक बार फिर सरकार को घेरा है...... पार्टी ने धरना स्थल पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सड़कों पर घूम रही आवारा गौ माताओं की वजह से हो रही......दुर्घटनाओं पर नाराज़गी जाहिर की है......और कहा की अगर सरकार ने गाय को गौ माता का दर्जा दिया है......तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार की बनती है...... सड़कों पर घूमती गाय और उनसे लगातार हो रही दुर्घटनाओं के मुद्दे पर...... भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार मास्टर ने सरकार पर सवाल उठाये है......उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि अगर सरकार ने गाय को गौ माता का दर्जा दिया है......तो फिर सरकार उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी से पीछे क्यों हट रही है......सत्येंद्र मास्टर ने मांग की है .....कि सभी आवारा गायों को जल्द से जल्द गौशालाओं में भेजा जाए......उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं किया गया.... तो पूरा संगठन सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगा......उन्होंने यह भी बताया कि वो पिछले 19 महीनों से अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर धरने पर बैठे हैं......लेकिन सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है......
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ग्वालियर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है......जहां एक इंजीनियरिंग छात्रा ने अपने प्रेमी और दोस्त के साथ मिलकर होटल के कमरे में बल्ब होल्डर में कैमरा फिट कर युवक-युवती का अश्लील वीडियो बनाया......और उन्हें ब्लैकमेल कर एक लाख रुपये की मांग की......पीड़ित युवक की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है......और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है...... ग्वालियर देहात चीनोर निवासी 27 साल के युवक ने विश्वविद्यालय थाना में ...... शिकायत कर बताया कि उसने 26 जुलाई को गर्लफ्रेंड के साथ थाना क्षेत्र के होटल विराट इन सिटी सेंटर के कमरा नंबर 203 में गया था......और दोनों करीब 5 घंटे तक वहां रुके थे......छह दिन बाद उसे एक अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर वीडियो भेजकर एक लाख रुपये की मांग की गई......नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दी गई......घबराकर युवक ने पहले पांच हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए......लेकिन ब्लैकमेलिंग का सिलसिला नहीं रुका......आखिरकार परेशान होकर युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई......जांच में पता चला कि यह पूरी साजिश उसकी गर्लफ्रेंड की सहेली राधा चौबे ने रची थी......जो एक इंजीनियरिंग छात्रा है......राधा ने अपने प्रेमी भूपेन्द्र धाकड़ और उसके दोस्त बृजेश धाकड़ के साथ मिलकर होटल के बल्ब होल्डर में स्पाई कैमरा फिट कर वीडियो रिकॉर्ड किया...... और फिर ब्लैकमेल करने लगे......राधा ने नाटक किया कि वह पीड़ित को उधार देकर मदद कर रही है......जबकि असल में वह ब्लैकमेलिंग की मुख्य साजिशकर्ता थी......पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है......
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ऑपरेशन कालनेमी के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है ...पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है..... जो फर्जी पहचान के सहारे रुड़की में रह रहे थे ... हरिद्वार के एसएसपी परमेंद्र सिंह डोबाल ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि .... ऑपरेशन कालनेमि के तहत अब तक 413 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.... रुड़की के पिरान कलियर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है..... जो अपनी पहचान छुपाकर यहां रह रहे थे .... यह गिरफ्तारी उर्स के दौरान हुई है .... हरिद्वार के एसएसपी परमेंद्र सिंह डोबाल ने सिविल लाइन कोतवाली में प्रेस वार्ता कर बताया की ..... ऑपरेशन कालनेमि के तहत अब तक 130 से अधिक लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है ........ एसएसपी डोबाल ने यह भी बताया कि अब तक हरिद्वार जिले में ऑपरेशन कालनेमि के अंतर्गत 413 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है,... जो पहचान छुपाकर यहां डेरा जमाए हुए थे..... उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी, खासकर उर्स के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की नज़र रहेगी... बता दें कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चल रहा ऑपरेशन कालनेमि ढोंगी बाबाओं और फर्जी पहचान वाले लोगों पर कड़ा प्रहार है..... इसी अभियान के अंतर्गत जिलेभर में लगातार छापेमारी और गिरफ्तारी हो रही है..... बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी को पुलिस ने संवेदनशील विषय बताते हुए कहा है कि पूछताछ जारी है.... और पूछताछ के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी....
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बलरामपुर । छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में फर्जी अंकसूची बनवाकर आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल करने के मामले में जिले के शंकरगढ़ पुलिस ने अजीजी पब्लिक स्कूल के संचालक और प्रिंसिपल सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। बलरामपुर पुलिस से आज मंगलवार काे मिली जानकारी अनुसार, फर्जी अंकसूची तैयार कर नौकरी हासिल करने के मामले में कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने संज्ञान लिया था और जांच टीम गठित कर जांच के आदेश दिए थे। जांच में पाया गया कि, सभी चारों आरोपितों ने अजीजी स्कूल से फर्जी कक्षा आठवीं की अंकसूची तैयार कर आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल की थी। जांच टीम ने शंकरगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बीते सोमवार को सभी चार आंगनबाड़ी सहायिकाओ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस की जांच में समसुद्दीन अंसारी (उम्र 50 वर्ष) अजीजी स्कूल का संचालक, आबिद अंसारी (उम्र 22 वर्ष) अजीजी स्कूल का प्रिंसिपल, उमाशंकर पैकरा (उम्र 30 वर्ष) पूर्व में गिरफ्तार आंगनबाड़ी सहायिका सुशीला पैकरा का पति, शिवनारायण रवि (उम्र 30 वर्ष) सभी शंकरगढ़ निवासी प्रकरण में संलिप्त पाए गए। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब तक इस मामले में पुलिस ने आठ आरोपितों को जेल दाखिल कर दिया है।
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रायपुर । सुप्रीम कोर्ट के कालेजियम की तरफ से जजों के ताबदले का आदेश भी जारी किया गया है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के जस्टिस संजय अग्रवाल का इलाहाबाद उच्च न्यायालय में तबादला किया गया है। वहीं मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस अतुल श्रीधरन का छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में तबादला किया गया है। जिन न्यायाधीशों का तबादला हुआ है वे सभी जल्द ही अपने-अपने नवनियुक्त उच्च न्यायालयों में कार्यभार ग्रहण करेंगे। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम द्वारा सोमवार को स्वीकृत इस निर्णय का उद्देश्य न्यायिक कार्यप्रणाली को सुव्यवस्थित करना और विभिन्न हाईकोर्ट्स में जजों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करना है।
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रुड़की में चल रहे सालाना उर्स को मद्देनज़र रखते हुए आईजी गढ़वाल सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे.....आईजी ने दरगाह क्षेत्र का दौरा कर निरीक्षण किया....इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर.... सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.... आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने कहा कि उर्स में देशभर से आने वाले जायरीन की सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है....जिसमे किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.... उन्होंने संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने ....और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए....इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने, भीड़ प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय पर विशेष जोर दिया....उन्होंने कहा कि उर्स सकुशल सपन्न करना उनकी प्राथमिकता में है....
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रुड़की में मूसलाधार बारिश के बाद रामपुर दांडी के लोग को भारी परेशानि उठानी पड़ रही हैं.....जलभराव से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.....इस पूरी स्थिति में लोगों ने तीन बार से विधायक रहे हाजी फुरकान पर नाराजगी जताई है......लोगो ने कहा कि इतने वर्षों तक विधायक रहने के बावजूद उन्होंने अपने क्षेत्र के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया....जिससे कारन इन्हे आज इतनी परेशानी उठानी पड़ रही है.... लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद रामपुर दांडी के हालात बेहद खराब हो गए हैं......सड़कों ने तालाब का रूप ले लिया है......और लोगों के घरों का सामान खराब हो गया है......लोग खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा हैं......नाराज ग्रामीणों ने तीन बार से विधायक रहे हाजी फुरकान पर क्षेत्र में विकास नहीं करने का आरोप लगाया है...... इस मामले में विधायक से तो बात नहीं पाई ......लेकिन उनके बेटे सलमान अहमद ने कहा कि विकास के प्रयास किए जा रहे हैं......पर भाजपा सरकार उनके प्रस्तावों को रोक रही है......जलभराव को लेकर उन्होंने बताया कि एक निजी कॉलोनी में नाले पर दीवार खड़ी कर देने से पानी भर गया है......जिसका समाधान जल्द कराया जाएगा......
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ग्वालियर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है.... जहां जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष आसिफ तहसीन पठान पर गंभीर आरोप लगे हैं ... बोहडापुर मस्जिद कमेटी ने उन पर अवैध वसूली और पदाधिकारियों की छवि धूमिल करने का आरोप लगाया है... अब मस्जिद कमेटी ने इस मामले में वक्फ बोर्ड भोपाल से सख्त कार्रवाई की मांग की है..... बता दे की ग्वालियर जिला वक्फ कमेटी अध्यक्ष आसिफ तहसीन पठान पर..... बोहडापुर मस्जिद कमेटी के पदाधिकारियों की छवि धूमिल करने के आरोप लगे हैं..... यह आरोप बोहडापुर मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष शाकिब खान ने लगाए हैं..... उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि जिला वक्फ कमेटी के अध्यक्ष 22 तारीख को कुछ बाहर के लोगों के साथ मस्जिद में आए और बगैर दस्तावेजों के अवैध वसूली की..... और मस्जिद के दुकानदारों से भी गलत तरीके से पूछताछ की साथ ही एक यूट्यूब चैनल पर भी अपने बयान दिए .... जिससे बोहडापुर मस्जिद कमेटी के सभी पदाधिकारियों की छबि धूमिल हुई है..... वही मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष ने वक्फ बोर्ड भोपाल चेयरमैन डॉक्टर सनवर पटेल से गुजारिश की है कि..... ऐसे व्यक्तियों को अध्यक्ष न बनाया जाए जो वक्फ कमेटियों की मदद की वजह अभद्रता करते हैं.....
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भारत ने हवाई सुरक्षा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाई है..... ओडिशा के चांदीपुर टेस्ट रेंज से DRDO ने इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस वेपन सिस्टम (IADWS) का पहला सफल परीक्षण किया..... यह पूरी तरह स्वदेशी प्रणाली है, .....जिसे भारतीय वैज्ञानिकों और उद्योग जगत ने मिलकर विकसित किया है.....इसकी खासियत यह है..... कि यह दुश्मन के हवाई हमलों को अलग-अलग ऊँचाई और दूरी पर रोकने की क्षमता रखती है.....इस आधुनिक वायु रक्षा प्रणाली में तीन घातक हथियार शामिल हैं..... क्विक रिएक्शन सरफेस-टू-एयर मिसाइल (QRSAM), वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम (VSHORADS) और हाई पावर लेज़र बेस्ड डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW)..... इन्हें एक केंद्रीकृत कमांड सेंटर से संचालित किया जाता है..... परीक्षण के दौरान तीन अलग-अलग टारगेट्स – दो हाई-स्पीड ड्रोन और एक मल्टीकॉप्टर – पर एक साथ निशाना साधा गया .....और पलक झपकते ही तीनों को मार गिराया गया..... सभी सिस्टम ने बिना किसी रुकावट के बेहतरीन प्रदर्शन किया.....इस ऐतिहासिक सफलता को DRDO के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और सेना के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष रूप से देखा..... रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, भारतीय सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को बधाई दी..... उन्होंने कहा कि IADWS न सिर्फ भारत की हवाई सुरक्षा को नई ऊँचाई देगा, .....बल्कि यह मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की असली ताक़त का प्रमाण है.....
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चिकित्सालय एक बार फिर सवालों के घेरे में है......एक परिवार ने अस्पताल की नर्स पर डिलीवरी के दौरान पैसों की मांग करने का गंभीर आरोप लगाया है.......परिवार का कहना है कि सरकारी अस्पताल होने के बावजूद उन्हें इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है....... ग्वालियर के मुरार स्थित जिला चिकित्सालय में स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई है.......फरियादी परिवार का आरोप है..... कि डिलीवरी के नाम पर अस्पताल की एक नर्स ने उसने पैसे मांगे की....... परिवार का कहना है.... कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज का दावा तो किया जाता है.......लेकिन सुविधाओं के लिए उन्हें लगातार जद्दोजहद करनी पड़ रही है.......इस पूरे मामले में परिवार ने अस्पताल प्रबंधन को लिखित शिकायत सौंपी है....... वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है .....कि जैसे ही शिकायत मिली.......जांच शुरू कर दी गई है....... और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.......
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बिलासपुर । छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने बिलासपुर शहर के तालापारा घोड़ादाना स्कूल परिसर हादसे को स्वत: संज्ञान में लेते हुए शुक्रवार को सुनवाई की। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस विभू दत्त गुरु की डिवीजन बेंच ने तीन साल की बच्ची की मौत को बेहद गंभीर मामला बताया। अदालत ने तीखे अंदाज में सवाल उठाया कि, आंगनबाड़ी परिसर में डीजे का सामान क्यों रखा गया, क्या वहां नाच-गाना होता है। इस पर शासन की ओर से बताया गया कि एक आंगनबाड़ी कर्मचारी का रिश्तेदार डीजे संचालक है और उसी का सामान वहां रखा गया था। चीफ जस्टिस ने इस जवाब पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मासूम की मौत हुई है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। वहीं इस मामले में कलेक्टर बिलासपुर से व्यक्तिगत जवाब-तलब कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि पीड़ित परिवार को अब तक क्या मुआवजा और सहायता दी गई..? अदालत ने साफ कहा कि हमारी नजर में आया तो किसी को नहीं छोड़ेंगे। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी। यह है पूरा मामला- 14 अगस्त की सुबह करीब 11:15 बजे तीन साल की मुस्कान महिलांगे तालापारा घोड़ादाना स्कूल परिसर में बने आंगनबाड़ी के आसपास में बच्चों के साथ खेल रही थी। तभी डीजे संचालक रोहित देवांगन द्वारा लापरवाही से दीवार पर टिकाकर रखे गए लोहे के पाइपों में से एक अचानक उसके सिर पर गिर गया। गंभीर चोट लगने पर उसे जिला अस्पताल और फिर सिम्स रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि यह हादसा पूरी तरह लापरवाही से हुआ है। पुलिस ने आरोपित डीजे संचालक रोहित देवांगन और उसके सहयोगियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 106, 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया है।
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जबलपुर शहर को आज एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है......मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाईओवर ब्रिज का लोकार्पण किया जा रहा है......केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मेगा प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे......11 सौ करोड़ की लागत से तैयार हुआ यह फ्लाईओवर ना सिर्फ ट्रैफिक की भीड़ को कम करेगा......बल्कि जबलपुर की रफ्तार को नई दिशा भी देगा...... ये फ्लाईओवर ब्रिज मदन महल से दमोह नाका तक 7 किलोमीटर लंबा है......जहा जाने में लोगों को पहले 45 मिनट लगते थे.....अब इस ब्रिज से सिर्फ 7 मिनट लगेंगे......करीब 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बने..... इस मेगा प्रोजेक्ट से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है......बड़े वाहनों को वैकल्पिक रूट मिलेगे.... जिससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा ...इससे सिर्फ आम जनता ही नहीं, व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी ......क्योंकि अब मालवाहक गाड़ियां फ्लाईओवर के जरिए सीधे गुजरेंगी......इस ब्रिज का भूमिपूजन साल 2019 में हुआ था...... और 6 साल की मेहनत के बाद अब जबलपुर को ये ऐतिहासिक सौगात मिल रही है...... जिसका शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह दिख रहा है......क्योंकि ये सिर्फ एक फ्लाईओवर नहीं......बल्कि विकास की ओर एक नई उड़ान है......
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दतिया से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई यही......जहां 16 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप किया गया ..... पीड़िता ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई .... आरोप है कि पीड़िता के साथ पांच युवकों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया और घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी ... पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.... छात्रा ने पुलिस को बताया कि वह शुक्रवार सुबह कपड़े खरीदने दतिया आई थी .... इसी दौरान उसे उसकी मौसी के ननंद का लड़का बलदेव अहिरवार और उसका दोस्त सचिन अहिरवार मिला... दोनों ने उसे अपनी स्कूटी पर बिठाया और उड़नू की टोरिया इलाके के जंगल ले गया .. जहां तीन युवक करण, हरगोविंद पाल और पंकज पहले से ही मौजूद थे.... छात्रा ने बताया की तीनों ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया ...जिसके बाद बलदेव अहिरवार और सचिन अहिरवार ने भी धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया ...... पीड़िता ने बताया कि एक युवक ने पूरी घटना का वीडियो बनाया...और बाद में आरोपियों ने कहा कि अगर उसने शिकायत की तो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगे .... घटना के बाद छात्रा अपनी मां, पिता और मौसी के साथ थाने पहुंची और पूरी जानकारी पुलिस को दी ... पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर गंभीर धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है ... दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन ने बताया कि आरोपी हरगोविंद पाल को गिरफ्तार कर लिया गया है.... और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है
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नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की बोर्ड बैठक संघ के प्रशासनिक भवन में आयोजित की गई.....जिसमें दुग्ध उत्पादकों और कर्मचारियों के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए..... नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की बोर्ड बैठक में 32 अहम बिंदुओं पर निर्णय लिए गए.....अध्यक्ष मुकेश बोरा ने बताया कि कारखाने में अब सरकार से सीधी भर्ती कराई जाएगी.....और संविदा पर कार्यरत कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर नियमित करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा..... इसी क्रम में लगभग 80 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने जा रहे....... डेढ़ लाख लीटर क्षमता वाले अत्याधुनिक प्लांट का उद्घाटन किया जाएगा.....साथ ही 1 हजार लोगों की क्षमता वाले आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल और किसानों के लिए गेस्ट हाउस निर्माण को भी मंजूरी दी गई है.....वहीं एक फर्म द्वारा ईपीएफओ में हुई लाखों रुपये की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई.....
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देश में सरकार साइबर ठगी की जागरूकता के लिए कई अभियान चला रही है......इसके बावजूद भी आये दिन लोग साइबर फ्रॉड का शिकार होते रहते है......ऐसा ही एक मामल खड़वा से सामने आया है.....जहा एक बुजुर्ग दंपत्ति को ठगो ने 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर उनसे 50 लाख से ज्यादा की ठगी कर ली...... खंडवा जिले के पंधाना थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपति के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है...... ठगों ने दंपति को 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 50 लाख रुपये ठग लिए...... ठगों ने मुंबई के कोलाबा थाने के पुलिस अधिकारी बनकर दंपति को डराया...... और उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट तुड़वाकर रकम ट्रांसफर करवा ली...... साथ ही ऑनलाइन जमानत के नाम पर 70 हजार रुपये भी ऐंठे...... खंडवा एसपी मनोज राय ने बताया की पीड़ित दंपति पंधाना में बर्तनों की दुकान चलाते हैं...... और उनकी कोई संतान नहीं है...... 18 जुलाई को ठगों ने फोन कर दंपति को धमकाया कि उनकी सिम हत्या और फर्जीवाड़े में शामिल है...... वीडियो कॉल पर थाने जैसा सेटअप दिखाकर ठगों ने पहने उनका विश्वास जीता...... जिसके बाद उनसे 21 जुलाई को 30 लाख, 25 जुलाई को 19.5 लाख, 27 जुलाई को 50 हजार और 31 जुलाई को 20 हजार रुपये ठग लिए......इस पुरे मामले का खुलासा तब हुआ.....जब जन्माष्टमी पर बुजुर्ग महिला अपने भाई के घर गई......जहां उसने पूरी घटना अपने भतीजे को बताई......भतीजे तुरंत पुलिस में शिकायत की.......फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है......
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1 सितंबर को खटीमा में शहीद दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि देने पहुचेगे......और तय कार्यक्रम के अनुसार आंदोलनकारियों को सम्मानित करेंगे......जिसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं......लेकिन नगर पालिका की लापरवाही से स्मारक के पीछे कूड़े का ढेर जमा है......जो चिंता का विषय है.....स्थानीय लोगों का आरोप है की नगर पालिका की लापरवाही उन्हें बरी पड़ रही है..... और शहीद स्मारक पर सफाई सिर्फ कार्यक्रम के लिए की जा रही है 1 सितंबर को खटीमा में शहीद दिवस मनाया जाएगा......जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित करेंगे......इस आयोजन को लेकर प्रशासन ने बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है......उप जिलाधिकारी ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं...... और स्मारक की सफाई सुनिश्चित की जाएगी......लेकिन स्थानीय नागरिकों की चिंता यह है कि शहीद स्मारक की नियमित सफाई नहीं होती...... सिर्फ कार्यक्रमों के दिन ही नगर पालिका सक्रिय दिखाई देती है......स्मारक के पीछे नगर पालिका कूड़ा डालती है.....जिससे आसपास बदबू फैल रही है..... और बीमारी का खतरा बना हुआ है.....जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य ने भरोसा दिलाया है..... कि सफाई की व्यवस्था की जा रही है..... और कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन देख ली गई है..... वहीं उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी परिषद के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर भाटिया ने मांग की है..... कि शहीद स्मारक और उसके आसपास की जगह को पूरी तरह से साफ किया जाए.....ताकि 1 सितंबर को आने वाले अतिथियों को कोई असुविधा ना हो .....अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या नगर पालिका प्रशासन इस बार सिर्फ कार्यक्रम के लिए सफाई करता है..... या फिर स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठाता है.....
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सिंगरौली में आईफोन के नाम पर नकली मोबाइल बेचने का बड़ा मामला सामने आया है....जहा एक मोबाइल शॉप में नकली मोबाइल बेचे जा रहे है ...हेरान करने वाली बता तो ये है की ये दुकान भाजपा मंडल बैढ़न के महामंत्री की हैं.... सिंगरौली जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के कॉलेज मोड़ पर संचालित क्लासिक मोबाइल शॉप पर नकली आईफोन बेचने का मामला सामने आया है.....युवती के शिकायत करने पर पता चला कि यहां ग्राहकों को असली आईफोन के नाम पर नकली फोन बेचे जा रहे हैं.....दुकान के मालिक जय प्रकाश साहू भाजपा मंडल बैढ़न के महामंत्री हैं..... और साथ ही मोबाइल संचालक सार्थक कालेज भी चलाता है.....इस मामले में पुलिस ने जय प्रकाश साहू और मोबाइल संचालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है.....यह मामला न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का है.....बल्कि राजनीतिक पार्टी भाजपा के नाम का गलत इस्तेमाल कर आर्थिक फायदा उठाने का भी है.....पुलिस इस गंभीर मामले की गहन जांच कर रही है.....
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देवास जिले के सतवास में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसान सभा को संबोधित किया......उन्होंने सरकार पर उद्योगपतियों के पक्ष में काम करने का आरोप लगाते हुए...... एमएसपी गारंटी कानून की मांग की...... सभा के बाद टिकैत ने तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा निकाली......जिसमें हजारों किसान शामिल हुए......अंत में किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंप ..... देवास जिले के सतवास में किसान महासभा को संबोधित करते हुए...... भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सरकार पर तीखा हमला बोला......उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उद्योगपतियों और व्यापारियों के हित में काम कर रही है......इसलिए आज तक किसानों को एमएसपी की गारंटी नहीं दी गई है..... उन्होंने अमेरिका के भारत पर लगाए गए टैरिफ का ज़िक्र करते हुए...... विदेशी उत्पादों के बहिष्कार की भी अपील की......सभा से पहले टिकैत पुनर्वास स्थल पर मंदिर दर्शन और पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल हुए...... सभा के बाद उन्होंने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर एक भव्य तिरंगा ट्रैक्टर यात्रा की अगुवाई की......जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टर और हजारों किसान शामिल हुए......यात्रा के समापन पर किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा......जिसमें कर्ज माफी, फसल खरीदी, बीमा दावों का भुगतान और बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर समाधान की मांग की गई...... टिकैत ने चेतावनी दी कि अगर मांगें नहीं मानी गईं......तो आंदोलन और तेज किया जाएगा......
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भोपाल में अवैध संपत्ति के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है.... मछली परिवार की 3 मंजिला कोठी पर आज जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलवा दिया......प्रशासन का ये एक्शन सीधे उस गैंग पर है......जिस पर ड्रग्स, ब्लैकमेलिंग और शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे हैं......तेज बारिश के बावजूद कार्रवाई जारी रही......और अब मछली परिवार हाईकोर्ट का रुख कर चुका है...... भोपाल के कुख्यात मछली गैंग का साम्राज्य अब एक-एक कर खत्म किया जा रहा है......कोकता हथाईखेड़ा स्थित वार्ड नंबर 62 में शारिक अहमद उर्फ मछली की आलीशान तिमंजिला कोठी पर जिला प्रशासन का बुलडोजर चल रहा है......इससे पहले 30 जुलाई को मछली परिवार की 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति पर भी कार्रवाई की गई थी ...... शारिक, सोहेल और शफीक अहमद तीनों पर न सिर्फ अवैध निर्माण, बल्कि नशा तस्करी, ब्लैकमेलिंग, और युवतियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप हैं.....क्राइम ब्रांच की जांच में कॉलेज छात्राओं से जुड़े मामलों में कई खुलासे हुए थे ......जिसके बाद यासीन और शाहवर मछली को गिरफ्तार किया गया था......अब इसी कार्रवाई को लेकर मछली परिवार हाईकोर्ट पहुंचा है...... और दावा कर रहा है कि उनके बंगले को बिना नोटिस के तोड़ा गया है......
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मैहर के ग्राम बिगौड़ी में हाल ही में हुई हत्या के बाद तनाव अब और गहराता जा रहा है.....आरोपी के घर में आगजनी की घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है..... और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है..... हर के ग्राम बिगौड़ी में 11 जुलाई को शिवनारायण तिवारी की हत्या के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है.....हत्या के आरोपी साहिल खान की गिरफ्तारी के बावजूद गांव में न्याय की मांग को लेकर हिंदू महापंचायत का आयोजन किया गया.....लेकिन इस महापंचायत के दौरान भीड़ में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने कानून अपने हाथ में लेते हुए..... आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया.....आगजनी की इस घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई.....पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए..... ताला थाना क्षेत्र में 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है.....वीडियो फुटेज और मोबाइल रिकॉर्डिंग के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है.....प्रशासन ने साफ कर दिया है..... कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा.....फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है..... और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.....
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बिन्दुखत्ता में गौला नदी के तटबंधों के टूटने और भू-कटाव से हुए....... नुकसान को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है .......बिन्दुखत्ता कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया.......प्रदर्शनकारियों ने उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा....... उत्तराखंड के बिन्दुखत्ता में गौला नदी के तटबंधों के टूटने से भू-कटाव की समस्या ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.......बिन्दुखत्ता कांग्रेस कमेटी के बैनर तले सैकड़ों आक्रोशित ग्रामीणों ने शहीद स्मारक से तहसील तक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया....... और उपजिलाधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा.......इस दौरान पूर्व सैनिक और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कुन्दन सिंह मेहता ने कहा कि सरकार ने बरसात शुरू होने के बाद करोड़ों की लागत से बनाए ....... तटबंध बारिश के पानी में बह गए.......जिससे उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं....... तटबंध टूटने से किसानों की कृषि भूमि लगातार गौला नदी में समा रही है.......लेकिन शासन-प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा.......ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है.......
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राजनांदगांव में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने मिलकर अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है....... कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने 8 हजार 395 लीटर से अधिक अवैध शराब का जेसीबी से नष्टीकरण किया....... राजनांदगांव के रक्षित केंद्र के पीछे मैदान अवैध शराब के खिलाफ कार्यवाही को अंजाम दिया गया है.......जहां कुल 257 प्रकरणों में जप्त 36 लाख से अधिक कीमत की अवैध शराब को जेसीबी से कुचल कर नष्ट किया गया.......इस कार्रवाई में 3 हजार 883 लीटर अंग्रेजी शराब, 4 हजार 363 लीटर देशी शराब, 28 लीटर बीयर और 120 लीटर महुआ शराब शामिल थी.......जिन्हें पूरी तरह से नष्ट किया गया.......यह शराब अलग-अलग थानों और चौकियों में वर्ष 2012 से 2025 तक जप्त की गई थी....... शराब नष्टीकरण की इस पूरी प्रक्रिया में कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे, पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.......
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मैहर जिले के अमरपाटन में पिछले कई दिनों से किसान खाद की किल्लत से काफी परेशान हैं.......किसानों ने नेशनल हाईवे नंबर 30 पर जाम लगा कर....... प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया.....किसानों की परेशानी दूर करने के लिए मैहर कलेक्टर रानी बाटढ और पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल समेत पूरा प्रशासन अब खाद की किल्लत और किसानों को दिए जाने वाले टोकन की परेशानी से निजात दिलाने के लिए....... देर रात अमरपाटन के कृषि उपज मंडी पंहुचा.......जहां उन्होंने किसानों को टोकन वितरण करने की व्यवस्था निरीक्षण किया ....... साथ ही किसानों को समय पर खाद मिल जाए और उनकी फैसले बर्बाद ना हो ....... इसलिए किसानों को कल से कृषि उपज मंडी में टोकन वितरण किया जाएगा .......और खाद वितरण केंद्र ग्राम पर्सवाहि नर्सरी खाद गोदाम से उन्हें खाद दी जाएगी.......जिसके चलते अब किस को ज्यादा देर लाइन में नहीं लगना पड़ेगा .......और समय पर उन्हें टोकन के साथ-साथ खाद भी उपलब्ध होगी.......
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छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर जिला प्रशासन और पुलिस ने ई-सतर्कता और स्मार्ट बनो, स्कैम से बचो अभियान के तहत.... वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा पर जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया.....इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को साइबर क्राइम के खिलाफ जागरूक करना है.... छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर बलौदा बाजार जिला प्रशासन और पुलिस के चलाए जा रहे ई-सतर्कता – स्मार्ट बनो, स्कैम से बचो अभियान के तहत..... जिला ऑडिटोरियम में वित्तीय साक्षरता और साइबर सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया .....जिसमें जिले के सरपंच, सचिव और स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया.....कलेक्टर दीपक सोनी ने जिला वासियों से अपील की कि हर महीने आयोजित होने वाली ऐसी कार्यशालाओं में सभी भाग लें..... उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिले में एक फाइनेंस लैब खोली जाएगी.....जहां लोगों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, शेयर मार्केट और साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा.....ताकि लोगों डिजिटल दुनिया में सशक्त बन सकें.....
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पीयूष बबेले मध्य प्रदेश आज भी एक कृषि प्रधान राज्य है, जहां करीब 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है। इसके बावजूद प्रदेश में किसानों की चुनौतियां बढ़ती जा रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि सत्ताधारी भाजपा ने किसानों से जो भी वादे किये वे निभाए नहीं। न तो वादे के मुताबिक 2022 में किसानों की आमदनी दुगनी हुई और न ही 2023 के विधानसभा चुनाव में गेहूं और धान का वह न्यूनतम समर्थन मूल्य दिया गया, जिसका वादा भाजपा ने किया था। जबकि इस दौरान कृषि लागत लगातार बढ़ती गई है। ऐसे में जरूरी है कि पलटकर देखा जाए कि प्रदेश के किसानों के हित के लिए अतीत में कौन से बढि़या काम हुए थे और क्या उन्हें दुहराया जा सकता है। पाठकों को याद होगा कि दिसंबर 2018 में मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ ने सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी के आदेश पर दस्तखत किये थे। कर्ज में फंसे किसानों का पूरा अध्ययन करने के बाद कमलनाथ सरकार ने वर्ष 2019 में किसानों का कर्ज माफ कर दिया था। प्रदेश के इतिहास में यह सबसे बड़ी कर्ज माफी योजना थी। कमलनाथ सरकार ने दो चरणों में करीब 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया था, जो प्रदेश के लिये अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस योजना के पहले चरण में 20 लाख 23 हजार 136 किसानों का कर्ज माफ किया था और दूसरे चरण में 6 लाख 72 हजार 245 किसानों का कर्ज माफ किया गया। इस तरह करीब 27 लाख किसानों का कर्ज माफ किया गया। कमलनाथ अगले चरण में और भी किसानों का कर्ज माफ करने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन इस बीच उनकी सरकार गिरा दी गई। इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि कमलनाथ ने किसानों का कर्ज तो माफ किया लेकिन राजकोष पर इसका ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया। कर्जमाफी के पहले चरण में 7108.96 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 4538.03 करोड़ रुपये यानी कुल मिलाकर 11,646.96 करोड़ रुपये के किसान कर्ज माफ किये गए। देवास, खरगौन, मंदसौर, सीहोर और विदिशा जिलों में तो एक-एक लाख से अधिक किसानों का कर्ज माफ किया गया। छिंदवाड़ा में करीब 75 हजार किसानों का कर्ज माफ किया गया। मध्य प्रदेश जैसे राज्य के लिये यह काफी बड़ी संख्या है और खासकर कमलनाथ सरकार को जिस तरह का खाली खजाना मिला था, उसमें तो यह और बड़ी चुनौती थी। लेकिन इस चुनौती से निपटने में कमलनाथ का अनुभव काम आया था। छिंदवाड़ा से 40 साल तक सांसद रहने के कारण वे किसानों की जरूरतों को बखूबी जानते थे, तो दूसरी तरफ देश के वाणिज्य मंत्री के रूप में उनका अनुभव बैंकों पर नकेल कसने में काम आया। कमलनाथ ने बैंकों से कहा कि वे उसी तरह किसानों का कर्ज माफ करें जिस तरह वे कॉरपोरेट का कर्ज माफ करते हैं। इसका मतलब यह था कि संपूर्ण बकाया राशि की जगह बैंक एक ऐसी राशि पर समझौता करें तो बैंक और राज्य सरकार दोनों को मंजूर हो। कमलनाथ के बैंकिंग, मौद्रिक नीति और अर्थशास्त्र के बारीक ज्ञान के सामने बैंकों की दलीलें नहीं टिकीं और 11,646.96 करोड़ का कर्ज किसानों के सिर से उतर गया। अब जरा आज की तस्वीर पर गौर करें। आज स्थिति यह कि किसान पिछले एक महीने से यूरिया न मिल पाने के कारण प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन कर रहे हैं। नकली खाद और बीज किसानों के लिये दूसरा बड़ा संकट हैं। तीसरी समस्या यह आ गई है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के नाम पर किसानों से खिलवाड़ किया जा रहा है। सरकार और किसानों ने मिलकर खरीब 2024 में करीब 1792 करोड़ रुपये फसल बीमा का प्रीमियम दिया। उसके बाद राज्य सरकार के अधिकारियों ने माना कि सोयाबीन की फसल को 50 से 70 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। लेकिन बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्वे का बहाना बनाकर इसे खारिज कर दिया और किसानों को बीमा क्लेम के नाम पर 100-200 रुपये पकड़ा दिये। 2020 में कमलनाथ सरकार गिरने के बाद से किसानों के साथ लगातार यही हो रहा है। ऐसे में जरूरत इस बात की है किसानों को आर्थिक संकट से उबारने के लिये मौजूदा सरकार सबसे पहले किसानों की कर्जमाफी करे और इसके लिये कमलनाथ मॉडल को अपनाए। इसी तरह बीमा कंपनियों पर भी कमलनाथ के अनुभव का लाभ लेते हुए लगाम कसे। सरकार को यह समझना होगा कि जब किसान का कर्ज माफ किया जाएगा तो किसान के पास कुछ पैसा बचेगा। इसी पैसे को किसान बाजार में खर्च करेगा और इससे आर्थिक गतिविधि का पहिया घूमेगा। आर्थिक गतिविधि के लिये पूंजी का गतिमान होना बहुत जरूरी है। अगर एक 10 का नोट एक व्यक्ति की जेब में है तो वह सिर्फ 10 रुपये हैं। लेकिन अगर किसान ने 10 रुपये ऑटो वाले को दिये, ऑटो वाले ने परचून वाले को दिये, परचून वाले बच्चे की स्कूल फीस में दिये, स्कूल वालों ने ऐसे स्टेशनरी वाले को दिये और स्टेशनरी वाले किसान से गेहूं खरीदा तो पांच हाथों से गुजरकर यह 10 रुपये 50 रुपये की आर्थिक गतिविधि कर देते हैं। इसी को वेलोसिटी ऑफ रुपी कहते हैं। इसलिये बेहतर होगा कि मध्य प्रदेश सरकार हर महीने 5000 करोड़ रुपये का कर्ज लेने के बजाय किसानों का कर्ज माफ करे और किसानों की जेब में पैसा पहुंचाकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तेज करे। मुझे लगता है कि सरकार अगर इस संबंध में कमलनाथ जी से कोई सलाह मांगेगी तो वे प्रदेश हित में जरूर सलाह देंगे।
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गंगनहर कोतवाली क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आई है.... जहाँ सालियर से पनियाला जाने वाले मार्ग पर पुलिस चेकिंग कर रही थी..... तभी चेकिंग के दौरान एक युवक ने पुलिस पर फायरिंग कर दी.... जिसके जवाब में पुलिस की कार्रवाई में बदमाश घायल हो गया.. और उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है .... बता दे की रुड़की के गंगनहर कोतवाली पुलिस सालियर से पनियाला जाने वाले रास्ते पर चेकिंग कर रही थी.... इस दौरान पुलिस को एक बुलट सवार युवक पर संदेह हुआ और जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो.... युवक ने पुलिस पर गोली चला दी जिसके बाद पुलिस ने बदमाश का पीछा किया .... और सालियर बाईपास पर पुलिस ने बदमाश को घेर लिया...और दोनों के बीच मुठभेड़ शरू हो गई .... जिस दौरान पुलिस की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पांव में गोली लग गई और वो घायल हो गया .... पुलिस ने बदमाश को रुड़की के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया .. बदमाश की पहचान उमेश निवासी रुड़की के रूप हुई हैं.... बताया जा रहा आरोपी उमेश पर एक सप्ताह पहले पुलिस ने कुकर्म का मामला दर्ज किया था ..... और आरोपी उमेश का नाम हिस्ट्रीशीटर में भी दर्ज है .....कोतवाली प्रभारी आरके सकलानी ने बताया कि पुलिस आरोपी की तलाश पहले से ही कर रही थी ... और अब आरपी पकड़ा गया है...
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गौरिहार मे बीते दिनों हुए एटीएम कैश लूट कांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है ....पुलिस ने इस कांड में शमिल 30 हज़ार के इनामी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है .... . जिन्होंने एटीएम से 61 लाख से ज्यादा की लूट को अंजाम दिया था .... छतरपुर के गौरिहार में हुई एटीएम कैश लूट कांड के फरियादी मनीष अहिरवार ही लूट कांड का प्रमुख आरोपी निकला ....मनीष अहिरवार ने अपने भाई की मदद से लूट की साजिश रची थी..... और एटीएम से करीब 61 लाख 17 हजार रुपये लूटे थे .... पुलिस ने जब आरोपी मनीष अहिरवार के घर छापेमारी की तो उन्हें आरोपी के घर से लूट के पैसे मिले .... पुलिस ने इस घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.... बताया जा रहा है की आरोपी मनीष अहिरवार पर 53 लाख का कर्जा था .... और कर्ज चुकाने के लिये उसने अपने भाई के साथ मिलकर लूट की घटना को अंजाम दिया .... तो वही पकडे गए मनीष के भाई पर यूपी में आधे दर्जन से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज है .... पुलिस ने आरोपियों के पास से कट्टा -कारतूस सहित बाइक और कार जब्त की है ....
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देहरादून । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रिमंडल की बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया।राज्य में ‘उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण’ की स्थापना करने के प्रस्ताव काे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव काे देवभूमि उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है।दरअसल, उत्तराखंड में 452 पंजीकृत मदरसे हैं। इसके अलावा पांच सौ से अधिक मदरसे गैरकानूनी रूप से चल रहे थे, जिनमें से 237 पर सरकार ने ताला डाल दिया है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों उत्तराखंड के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मदरसों के छात्रों को मिलने वाली केंद्रीय छात्रवृत्ति में भी भारी अनियमितताएं पकड़ी गई थीं और मिड डे मील को लेकर भी गड़बड़ियां मिली थीं। इन्हीं विषयों के मद्देनजर धामी सरकार ने मदरसा व्यवस्था को अपने अधीन रखने के लिए कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कराया है। माना जा रहा है कि भविष्य में उत्तराखंड में मदरसा शिक्षा व्यवस्था समाप्त हो जा सकती और इसका स्थान उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था ले ले। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक- 2025 के मुख्य बिंदुउत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक गंभीर विचार मंथन किया जा रहा है। इस विधेयक का उद्देश्य उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना करना है। यह प्राधिकरण अल्पसंख्यक समुदायों की ओर से स्थापित और प्रशासित शैक्षणिक संस्थानों को मान्यता देने, शैक्षिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और उनसे संबंधित सभी मामलों का प्रबंधन करने के लिए जिम्मेदार होगा। मुख्य प्रावधान:* प्राधिकरण का गठन: विधेयक के तहत, एक उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। इसमें एक अध्यक्ष और ग्यारह सदस्य होंगे, जिन्हें राज्य सरकार नामित करेगी। अध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय का एक शिक्षाविद् होगा, जिसे 15 वर्ष या उससे अधिक का शिक्षण अनुभव हो। * मदरसों की मान्यता: इस अधिनियम के लागू होने के बाद, पूर्व में उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से धार्मिक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्राधिकरण से पुनः मान्यता प्राप्त करना आवश्यक होगा। 1 जुलाई, 2026 से, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम, 2016 और उत्तराखंड अशासकीय अरबी एवं फारसी मदरसा मान्यता विनियमावली, 2019 निरस्त मानी जाएगी।* मान्यता के लिए शर्तें: अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए, संस्थानों को कुछ अनिवार्य शर्तें पूरी करनी होंगी। इनमें यह सुनिश्चित करना शामिल है कि संस्थान किसी अल्पसंख्यक समुदाय की ओस से स्थापित और संचालित हो, परिषद से संबद्ध हो और इसका प्रबंधन एक पंजीकृत निकाय (सोसायटी, न्यास, या कंपनी) की ओर से किया जा रहा हो। इसके अतिरिक्त, गैर-अल्पसंख्यक समुदाय के छात्रों का नामांकन 15 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।* पाठ्यक्रम और परीक्षाएं: प्राधिकरण अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मों और भाषाओं से संबंधित विषयों के लिए पाठ्यक्रम विकसित करेगा और अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों को अतिरिक्त विषयों से संबंधित परीक्षाएं आयोजित करने, छात्रों का मूल्यांकन करने और प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए मार्गदर्शन देगा।यह विधेयक राज्य में अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तराखंड में पहली बार इस तरह की व्यवस्था बनाई गई है जिसमें सभी अल्पसंख्यक समुदायों के संविधानिक अधिकारों की रक्षा करते हुए सभी अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों को मान्यता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है । उल्लेखनीय है कि सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन, मुस्लिम और पारसी समुदाय इसमें सम्मिलित हैं, यह सब अल्पसंख्यक समुदाय में गिने जाते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में सिर्फ़ मुस्लिम समुदाय के धार्मिक शिक्षा संस्थान को मान्यता देने की ही व्यवस्था थी। अल्पसंख्यक समुदाय के धार्मिक शिक्षा व्यवस्था के साथ साथ मूलभूत शिक्षा बच्चों को देने के लिए उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के माध्यम से अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की क़वायद की गई है ।
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ग्वालियर में गैंगस्टर भोला सिकरवार हत्याकांड मामले में फरार दो और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.... अब तक पुलिस इस हत्याकांड में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.... जबकि चार आरोपी अभी भी फरार है...जिनकी तलाश जारी है बता दे की यह मामला हजीरा थाना क्षेत्र के लाइन नंबर दो का है ....जहा 2 जून 2025 को अजय उर्फ बंटी भदोरिया ने ... अपने साथियों के साथ मिलकर गैंगस्टर भोला सिकरवार की हत्या कर दी थी.... इस घटना में शामिल पांच आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है.. जबकि 6 आरोपी फरार थे जिनकी तलाश पुलिस कर रही थी..... तभी पुलिस को सूचना मिली कि हत्या में शामिल दो आरोपी चंदनपुर आए हुए हैं.... जिसके बाद पुलिस ने दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया ..... और तलाशी लेने पर पुलिस को आरोपियों के पास से एक कट्टा बरामद हुआ ..... पूछताछ में दोनों आरोपियों ने गैंगस्टर भोला सिकरवार की हत्याकांड में शामिल होने की बात कबूल करते हुए बताया कि.... आरोपी वीर सिंह राठौर ने ही वारदात के लिए हथियार मुहैया कराए थे.... जिसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों का जुलूस निकाला और उन्हें घटनास्थल पर ले गई ... जहां उनसे घटना का सीन रीक्रिएट करवाया गया... बता दे की अभी भी इस घटना में शामिल चार आरोपी फरार हैं.... पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को जेल भेज दिया है.....
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अमरपाटन थाना क्षेत्र से बड़ी खबर सामने आ रही है....जहां थाना में पदस्थ आरक्षक संजय यादव ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है..... घटना के बाद पुलिस विभागों में हड़कंप मच गया है... घटना मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र का है .... जहां थाना में पदस्थ आरक्षक संजय यादव ने रामनगर थाना परिसर स्थित शासकीय आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.... घटना से पुलिस विभागों में हड़कंप मच गया है... हालांकि संजय यादव के ऐसा कदम उठाने के पीछे क्या कारण रहा होगा यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है.... प्राथमिक जांच में आत्महत्या की वजह पारिवारिक मतभेद बताया जा रहा है.... फिलहाल सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस मौके पर पहुँची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.... अचानक हुई इस घटना से सहकर्मियों और परिजनों में शोक की लहर है.... प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है.... पुलिस ने संजय यादव का मोबाइल जब्त कर जांच के लिए भेज दिया है ...
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रायपुर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीन से राष्ट्र को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम सुनते ही नक्सलवाद और हिंसा की याद आती थी, लेकिन आज यह तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। उन्हाेंने कहा कि अब यहां आतंक नहीं बल्कि खेलों से इसकी पहचान हाे रही है। प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज बस्तर के नौजवान बंदूक़ पकड़ने की जगह खेलों के मैदान में उतर रहे हैं। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और उत्साह का जीवंत प्रतीक बन चुके हैं। उन्होंने इस ऐतिहासिक बदलाव को सुरक्षा, विकास और जनसहभागिता के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कभी देश के अनेक हिस्सों को नक्सलवाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था। हिंसा और भय के माहौल ने दशकों तक विकास की गति को जकड़ रखा था, जिससे प्रगति के रास्ते थम से गए थे। उन्होंने कहा कि अब यह स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। नक्सलवाद आज देश में केवल कुछ ही जिलों तक सीमित रह गया है। उन्हाेंने कहा कि पिछले 11 वर्षों में नक्सलवाद 125 से अधिक जिलों से घटकर मात्र 20 जिलों तक सीमित हो गया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में खेलकूद, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।उन्हाेंने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर की यह नई पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत बनेगी और यह क्षेत्र अब शांति, प्रगति और गौरव की राह पर निरंतर आगे बढ़ता रहेगा।
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नई दिल्ली । लाल किले की प्राचीर से देश के मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ-साथ पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य बलों के ऑपरेशन 'सिंदूर' की सफलता का खास जश्न मनाया गया। फूलों की सजावट में भी इसी ऑपरेशन के आधार पर की गई। वायु सेना के दो हेलीकॉप्टरों से की गई पुष्प वर्षा के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में भी ऑपरेशन 'सिंदूर' के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों में 'आत्मनिर्भर भारत' का जिक्र किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह सबसे पहले राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को नमन किया। इसके बाद उनका काफिला लाल किला पर पहुंचा, जहां उनका स्वागत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने किया। इसके बाद रक्षा सचिव ने दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार का परिचय प्रधानमंत्री से कराया। दिल्ली क्षेत्र के जीओसी प्रधानमंत्री को समारोह के सलामी मंच तक ले गए, जहां अंतर-सेवा और दिल्ली पुलिस गार्ड की संयुक्त टुकड़ी ने प्रधानमंत्री को सलामी दी। प्रधानमंत्री के लिए गार्ड ऑफ ऑनर दस्ते में सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के 24-24 जवान थे। भारतीय वायु सेना ने इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का समन्वय किया। गार्ड ऑफ ऑनर की कमान विंग कमांडर एएस सेखों ने संभाली। प्रधानमंत्री के गार्ड में सेना दस्ते की कमान मेजर अर्जुन सिंह, नौसेना दस्ते की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर कोमलदीप सिंह और वायु सेना दस्ते की कमान स्क्वाड्रन लीडर राजन अरोड़ा ने संभाली। दिल्ली पुलिस दस्ते की कमान अतिरिक्त डीसीपी रोहित राजबीर सिंह के हाथ में रही। सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर की ओर गए, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और वायु सेनाध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद दिल्ली क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार प्रधानमंत्री को राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्राचीर पर स्थित मंच तक ले गए। वहां मौजूद फ्लाइंग ऑफिसर रशिका शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने में प्रधानमंत्री को सहयोग दिया। इसी समय 1721 फील्ड बैटरी (सेरेमोनियल) के वीर तोपचियों ने 21 तोपों की सलामी दी। स्वदेशी 105 मिमी लाइट फील्ड गन का उपयोग करने वाली इस औपचारिक बैटरी की कमान मेजर पवन सिंह शेखावत ने संभाली। ध्वजारोहण के बाद थल सेना, नौसेना, वायु सेना और दिल्ली पुलिस के 128 कर्मियों ने तिरंगे को 'राष्ट्रीय सलामी' दी। विंग कमांडर तरुण डागर ने इस अंतर-सेवा रक्षक और पुलिस रक्षक दल की कमान संभाली। राष्ट्रीय ध्वज रक्षक दल में थल सेना की टुकड़ी की कमान मेजर प्रकाश सिंह, नौसेना की टुकड़ी की कमान लेफ्टिनेंट कमांडर मोहम्मद परवेज और वायु सेना की टुकड़ी की कमान स्क्वाड्रन लीडर वीवी शरवन के हाथों में रही। दिल्ली पुलिस की टुकड़ी की कमान अतिरिक्त डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल ने संभाली। 'राष्ट्रीय सलामी' देने के दौरान वायु सेना के बैंड ने राष्ट्रगान की धुन बजाई, जिसका संचालन जूनियर वारंट ऑफिसर एम डेका ने किया। ऐसा पहली बार हुआ, जब 11 अग्निवीर वायु संगीतकार भी राष्ट्रगान बजाने वाले बैंड का हिस्सा बने। प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय ध्वज फहराते ही भारतीय वायु सेना के दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर एक राष्ट्रीय ध्वज के साथ आयोजन स्थल पर फूलों की वर्षा की। विंग कमांडर विनय पूनिया और विंग कमांडर आदित्य जायसवाल इन हेलीकॉप्टरों के कैप्टन थे।
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भोपाल । मध्य प्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश का लक्ष्य वैश्विक सोर्सिंग डेस्टिनेशन के रूप में निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराना है। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा के लिए मध्य प्रदेश पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य ने उद्योग केंद्रित 18 से अधिक नीतियों के माध्यम से पूंजी निवेश प्रोत्साहन, ब्याज व बिजली शुल्क में रियायत, स्टाम्प ड्यूटी/एसजीएसटी रिफंड, एम्प्लॉयमेंट-लिंक्ड इंसेंटिव, कौशल प्रशिक्षण व क्लस्टर विकास जैसे व्यापक प्रावधान सुनिश्चित किए हैं। सिंगल-विंडो सिस्टम, अनुमतियों की संख्या में युक्तियुक्त कटौती और 30 दिन की समय-सीमा से ‘स्पीड ऑफ डूइंग बिज़नेस’ मध्य प्रदेश की विशिष्ट पहचान बन चुका है।उक्त बातें प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह ने गुरुवार को भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास समत्व भवन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित बीएसएल के अंतराष्ट्रीय सोर्सिंग लीडर्स के साथ राउण्ड टेबल बैठक में कही। इस दौरान प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि पीएम मित्रा पार्क (धार) में प्लग-एंड-प्ले फेसीलिटी, कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट, डिजाइन/टेस्टिंग लैब्स, लॉजिस्टिक हब, आधुनिक वेयरहाउसिंग तथा मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य में सुदृढ़ सड़क–रेल–हवाई नेटवर्क, सूझबूझ से विकसित औद्योगिक क्षेत्रों और ड्राई पोर्ट/एयर-कार्गो सुविधाओं के साथ निर्यात-उन्मुख इकाइयों को त्वरित, विश्वसनीय सप्लाई-चेन सपोर्ट मिलता है।उन्होंने कहा कि राज्य ग्रीन एनर्जी सरप्लस है, सौर और पवन परियोजनाओं के तीव्र विस्तार से उद्योगों को विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धी लागत पर स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने प्रदेश में सरकार द्वारा टेक्सटाइल एवं गारमेंट्स सेक्टर में किए जा रहे प्रयासों, निर्यात संवर्धन के लिए राज्य-स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन, ब्रांडिंग–मार्केटिंग सहायता, विदेशी बाजारों में बीटूबी कनेक्ट और ‘डिजाइन से डिलीवरी’ तक समर्थन तंत्र का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि ऑर्गेनिक कॉटन के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स, रिसाइक्लिंग–सर्कुलेरिटी, वाटर रीयूज़ और कार्बन-न्यूट्रल प्रोडक्शन जैसी पहलों को नीति-स्तर पर प्राथमिकता दी गई है, जिससे मध्यप्रदेश को ‘मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में स्थापित किया जा सके।‘मेड इन एमपी’ को वैश्विक ब्रांड बनाने बीएसएल के सदस्यों ने दिये सुझावबैठक में बीएसएल के प्रतिनिधियों ने उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक सुझाव दिए। बीएसएल के संस्थापक सदस्य रमन ने बताया कि बीएसएल संगठन एक नॉन-प्रॉफिट प्लेटफॉर्म है, जिसमें 4,507 से अधिक सदस्य जुड़े हैं। इसके 13 अंतर्राष्ट्रीय चैप्टर्स यूरोप, जापान सहित कई प्रमुख देशों में हैं। बीएसएल की प्राथमिकता भारतीय उद्योग को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप सशक्त बनाना और ब्रांड–सोर्सिंग–प्रोडक्शन के बीच मजबूत सेतु तैयार करना है।नीरज नागपाल ने कहा कि मध्यप्रदेश पायलट राज्य बनकर तत्काल समाधान लागू कर सकता है, जिससे नीति-स्तर के सुधारों का लाभ उद्योग इकाइयों तक तेज़ी से पहुँचे। उन्होंने ‘डिजाइन-टू-डिलीवरी’ मॉडल को संस्थागत रूप देने और ‘सर्कुलैरिटी ऑफ फैशन’ के लिए राज्य-समर्थित फ्रेमवर्क की आवश्यकता रेखांकित की।तेजस (पीवीएच, ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी) ने कहा कि राज्य में सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग के लिए ईकोसिस्टम परिपक्व है। रीसाइक्लिंग, वाटर रीयूज़ और नवकरणीय ऊर्जा आधारित उत्पादन को नीतिगत प्रोत्साहन के साथ ‘एमपी– मोस्ट सस्टेनेबल टेक्सटाइल हब’ के रूप में म.प्र. को ब्रांड किया जा सकता है।तपन बंसल (मदरकेयर) ने सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन, तेज़ अनुमतियों और टेस्टिंग–क्वालिटी सर्टिफिकेशन लैब्स के विस्तार पर जोर दिया, जिससे शिशु/बच्चों के परिधान जैसे संवेदनशील सेगमेंट्स में वैश्विक मानकों का पालन और तेज़ निर्यात संभव हो।डॉ. किरुबा देवी ने आर्टिजन–हैंडलूम क्लस्टर्स के साथ आधुनिक गारमेंटिंग यूनिट्स को ‘डिजाइन और मार्केटिंग सपोर्ट’ से जोड़ने का सुझाव दिया, जिससे पारंपरिक कौशल का आधुनिक फैशन से समन्वय हो और वैश्विक प्रीमियम सेगमेंट्स में ‘मेड इन एमपी’ की पहचान बने।श्रेयस्कर ने ऑर्गेनिक रॉ कॉटन पर कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर का पुनरावलोकन और रेडी गारमेंट के ड्यूटी-फ्री एक्सेस का लाभ उठाने के लिये ‘रॉ–टू–रैक’ तेज़-मार्ग (फास्ट ट्रैक) का प्रस्ताव रखा।बीएसएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि संगठन के सदस्य ‘ब्रांड हेड्स, सोर्सिंग हेड्स और प्रोडक्शन हेड्स’ के रूप में वैश्विक स्तर पर कार्यरत हैं। मध्यप्रदेश में स्पेशलाइज्ड टेक्सटाइल पार्क्स, हाई-टेक गारमेंटिंग यूनिट्स, डिजाइन–इननोवेशन सेंटर और ग्लोबल मार्केटिंग कैंपेन के समेकित खाके से ‘मेड इन एमपी’ को प्रमुख फैशन एवं रिटेल बाजारों में तेज़ी से स्थापित किया जा सकता है।बैठक में हनेसब्रांड्स, पीवीएच कोर्प, केयर फोर एशिया लिमिटेड., पूमा, मदरकेयर, जिवामे सहित 15 से अधिक शीर्ष वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रदेश के प्रमुख टेक्सटाइल व गारमेंट उद्योगपतियों ने भी विचार साझा किए। यह सर्वसम्मति भी बनी कि मध्यप्रदेश में कच्चे माल से लेकर तैयार परिधान तक का संपूर्ण उत्पादन-चक्र, ग्रीन एनर्जी, किफायती लागत और तेज़ अनुमति मिलकर वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बढ़त प्रदान करती हैं।बैठक में प्रदेश के परिधान और वस्त्र क्षेत्र से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों एवं ब्रांड प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इनमें वर्धमान टेक्सटाइल्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक नीरज जैन, बैस्ट लाइफस्टाइल अपैरल प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक आर. राजकुमार, सागर मैन्युफैक्चरर्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ अग्रवाल, मराल ओवरसीज लिमिटेड के प्रेसिडेंट तरुण बलदुआ, भास्कर इंडस्ट्रीज प्रा. लि. के निदेशक अखिलेश राठी, न्यू ज़ील फैशन वियर प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक रोहित त्रिवेदी, लायन फैब्रिक्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक हिमांशु ठकराल, सेफफ्लेक्स इंटरनेशनल लि. के वाइस प्रेसिडेंट (वाणिज्य) जी.के. सिंह, प्रतिभा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयास्कर चौधरी, गोकलदास एक्सपोर्ट्स आचारपुरा प्रा. लि. के कार्यकारी निदेशक प्रभात कुमार सिंह, कशीदा अपैरल्स प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ बिंद्रा, नाहर स्पिनिंग मिल्स लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट डी.के. मुंद्रा, ट्राइडेंट लिमिटेड (ट्राइडेंट ग्रुप) के वाईस प्रेसिडेंट अजातशत्रु शर्मा, ग्रासिम इंडस्ट्रीज लि. (एक्सेल फाइबर डिवीजन) के राज्य प्रमुख संदीप जैन, लक्ष्मीपती ग्रुप के प्रबंध निदेशक राकेश सरावगी और पैरागन अपैरल्स के प्रबंध निदेशक रोशन बैंड शामिल हैं।
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जबलपुर । एमपी डीपीआई कमिश्नर शिल्पा गुप्ता की कार्यशैली को लेकर मप्र हाईकोर्ट ने नाराजगी व्यक्त की है एवं डीपीआई सहित राज्य सरकार, ट्राईबल वेलफेयर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, शिल्पा गुप्ता, ट्राईबल वेलफेयर डिपार्टमेंट के कमिश्नर और कई जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद, आरक्षित वर्ग के मेरिट में आने वाले और 3 साल का अनुभव रखने वाले शिक्षकों को 90% वेतन के बजाय 70% वेतन पर नई नियुक्ति देकर उन्होंने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।इसको लेकर हाईकोर्ट में फिर से मामला पहुंच गया है। सीधी निवासी संध्या शुक्ला, कटनी निवासी शुभम उरमलिया, मंडला निवासी आरती सेन, सागर निवासी उमाकांत साहू, राहुल सिंह चाडार, सरस्वती कोरी, आकांक्षा बाजपेयी और विदिशा निवासी शिवानी शर्मा ने रिट पिटीशन दाखिल की है। जस्टिस एम.एस. भट्टी ने इस पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए सरकार सहित कई अधिकारियों को हाइकोर्ट से नोटिस जारी हुए हैं।उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने 23 अक्टूबर 2024 को आदेश दिया था कि आरक्षित वर्ग के प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को उनकी प्रथम वरीयता के अनुसार डीपीआई के अधीन स्कूलों में 20 दिनों के भीतर पदस्थापना दी जाए। निर्धारित समय सीमा में डीपीआई कमिश्नर ने आदेश का पालन नहीं किया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं ने शिल्पा गुप्ता के खिलाफ अवमानना याचिकाएं दायर कर दीं। हाईकोर्ट के नोटिस मिलने के बाद भी न तो उन्होंने कोर्ट में वकील नियुक्त किया, न ही कंप्लायंस रिपोर्ट दाख़िल की। इसके बाद डिविजन बेंच ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 25 अप्रैल 2025 को प्रारंभिक सुनवाई में ही यह याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेशों की पुष्टि कर दी। इसके बावजूद भी शिल्पा गुप्ता ने आदेशों का पालन नहीं किया।18 मई 2025 को हाईकोर्ट ने सख्त लहजे में अल्टीमेटम दिया कि अगर 18 जून 2025 तक आदेशों का पालन नहीं किया गया तो उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाएगा और गैर-जमानती गिरफ्तारी का आदेश लागू होगा। इसके बाद 12 जून 2025 को शिल्पा गुप्ता ने खुद कंप्लायंस दाखिल करने के बजाय जिला शिक्षा अधिकारियों (सागर, सीधी, कटनी, गुना आदि) को निर्देश देकर याचिकाकर्ताओं के नए सिरे से नियुक्ति आदेश जारी करा दिए। याचिकाकर्ताओं ने इस आदेश पर लिखित आपत्ति दी । आरोप है कि शिल्पा गुप्ता ने साफ कह दिया कि "आप लोगों के कारण मेरी बहुत बदनामी हुई है, इसलिए यह आदेश जारी किया है। चाहें तो फिर हाईकोर्ट चले जाएं।" इस बयान की जानकारी याचिकाकर्ताओं के द्वारा हाईकोर्ट में भी दी गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ एडवोकेट रामेश्वर सिंह ठाकुर और अधिवक्ता अभिलाषा सिंह लोधी ने पैरवी की।
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अनूपपुर । मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के नगर पारिषद डोला क्षेत्र में गुरुवार को रिहायशी क्षेत्र में भालू के घूमने का वीडियो सामने आया है। इससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। ज्ञात हो कि अनूपपुर जिला छत्तीसगढ़ से सटे होने के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में जंगली जानवरों का आवागमन लगातार जारी है। डोला क्षेत्र के कई वार्डों में भालू अक्सर घरों के भीतर घुस जाते हैं। एक महीने पहले भी एक भालू ने घर में घुसकर खाद्य सामान को नुकसान पहुंचाया था। गस्ती दल भालू की कर रहा निगरानीकोतमा रेंजर हरीश कुमार तिवारी ने बताया कि नगर पारिषद डोला के पास छत्तीसगढ़ की सीमा पर केरहा धाम स्थित है। भालू वहां भंडारा के दौरान पूड़ी खाने आते हैं। डोला नगर पालिका केरहा धाम से सटी होने के कारण भालू का विचरण इस क्षेत्र में होता है। वन विभाग का गस्ती दल भालू पर निगरानी रख रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के उचित इंतजाम करने की मांग की है।
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देवास के नेमावर में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस के हाथ बड़ी सफलता लगी..... बाइक चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया ..... और 11 चोरी की बाइक बरामद की गईं..... पुलिस फरार एक अन्य आरोपी की तलाश में जुटी है..... देवास जिले के नेमावर थाना पुलिस को वाहन चेकिंग के दौरान बड़ी सफलता मिली… पिपलिया नानकार से बाइक चुराकर भाग रहे आरोपी को पुलिस ने रोककर कागजात मांगे, तो वह घबरा गया… जांच में पता चला कि बाइक चोरी की है, जिसके बाद सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने 10 और बाइक चोरी की वारदात कबूल की… पुलिस ने आरोपी सूरज यदुवंशी और प्रदुम सिंह यदुवंशी को गिरफ्तार कर मकड़ाई के जंगल से 11 बाइक बरामद कीं… तीसरा आरोपी अब भी फरार है… पकड़े गए आरोपी नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं… मामले की जानकारी एसडीओपी आदित्य तिवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
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नर्मदा नदी क्षेत्र में प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब का धंधा जारी है..... नेमावर पुलिस ने कार्रवाई कर बाइक से शराब ले जा रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया..... नर्मदा नदी के 5 किलोमीटर क्षेत्र में शराब बिक्री पर रोक के बावजूद अवैध कारोबार जारी है..... sdop आदित्य तिवारी ने मामले की जानकारी पत्रकार वार्ता में दी..... नेमावर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गुराडिया फाटे के सात तलाई मार्ग पर बाइक से शराब ले जा रहे ..... रवि और राहुल, निवासी कांकरिया, को पकड़ लिया..... उनके पास से 304 क्वार्टर अवैध शराब बरामद हुई..... जिसकी कीमत लगभग 24 हजार रुपए है..... पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.....
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रुड़की के मानक मजरा गांव से शर्मसार करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं… यहां कीचड़ और गंदे पानी के बीच से ग्रामीणों को अर्थी ले जानी पड़ रही है… जनप्रतिनिधियों की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं… रुड़की के मानक मजरा गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाला नज़ारा सामने आया,… जहां अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को कीचड़ और गंदे पानी से भरे रास्ते को पार कर अर्थी ले जानी पड़ती है… । बरसात में यह रास्ता दलदल बन जाता है… , जिस कारण शव यात्रा में सिर्फ परिवार के लोग ही शामिल हो पाते हैं, … बाकी लोग दूर ही रुक जाते हैं… हालात ऐसे हैं कि बुजुर्ग को भी कंधे पर उठाकर इस कीचड़ भरे पानी से गुज़रना पड़ रहा है… टूटी-फूटी सड़कें और जर्जर श्मशान की छतरी प्रशासनिक लापरवाही की गवाही दे रही हैं… ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान से लेकर विधायक और जिला पंचायत सदस्य तक पर कड़ी नाराज़गी जताई है… । लोगों की मांग है कि कम से कम श्मशान तक का रास्ता तो सही किया जाए… , ताकि किसी की अंतिम यात्रा इस तरह की मुश्किल में न गुज़रे…
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हल्द्वानी जेल में रक्षाबंधन का पर्व इस बार खास तरीके से मनाया गया....जहां कुमाऊं कमिश्नर ने महिला बंदियों से राखी बंधवाकर उनकी खुशियों में भागीदारी की....इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याएं भी सुनीं और हरसंभव मदद का भरोसा दिया.... देशभर में रक्षाबंधन मनाया गया.... इसी क्रम में हल्द्वानी में भी भाई-बहन के अटूट स्नेह का त्यौहार रक्षाबंधन हर्षोल्लास के साथ मनाया .... हल्द्वानी जेल में भी रक्षाबंधन का आयोजन हुआ.... जिसमें कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत ने महिला बंदियों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया ....इस दौरान कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत की पत्नी विजेता रावत...., जेल के अधीक्षक प्रमोद पांडेय समेत जेल के सभी स्टाफ मौजूद रहे....कमिश्नर रावत ने जाने-अनजाने अपराध में बंद महिला बंदियों से राखी बंधवाई और उनको आशीर्वाद दिया....इस दौरान उन्होंने उनकी समस्याओं पर भी चर्चा की.... उन्होंने बताया कि कई महिला बंदियों के भाई इस बार राखी पर उनसे मिलने नहीं आ सके,.... ऐसे में उनकी भावनाओं को समझते हुए उन्होंने जेल आकर उनके साथ यह पावन पर्व मनाने का निर्णय लिया ....और सभी को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं....
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पुलिस ने नशे के खिलाफ एक और बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए...... अंतर जिला शराब तस्करी के सक्रिय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है......तस्करों की गांव-गांव में देशी शराब की खेप पहुंचाने की योजना को पुलिस ने नाकाम कर दिया ...... अमरपाटन पुलिस ने SDOP ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते और उनकी टीम ने सतना से लाई जा रही.... अवैध देशी शराब की खेप को गांव-गांव में खपाने की साजिश को नाकाम कर दिया....गुप्त सूचना के आधार पर की गई घेराबंदी के दौरान एक अर्टिगा कार से 90 लीटर अवैध देशी शराब बरामद की गई....आरोपियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर कार को सुनसान जगह पर छोड़ दिया और फरार हो गए....पुलिस ने कार और शराब को जब्त कर लिया है....साथ ही आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है....
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मनोज मीक कुछ फैसले विचारों की चुपचाप चलती रेखाओं से जन्म लेते हैं। भोपाल राजधानी क्षेत्र में हो रही सुखद सरकारी घोषणाएँ, एक दीर्घकालिक नागरिक सोच का प्रतिफल हैं। राजधानी क्षेत्र में ग्रीन डेटा सेंटर, टेक नवाचार पार्क, रेल कोच कारख़ाना, तामोट औद्योगिक हब, विश्वस्तरीय विद्यालय ये सब परियोजनाएँ उस ऐतिहासिक उत्तरदायित्व की पुनःस्थापना है जो भोपाल ने वर्षों से ओढ़े रखा है। कुछ समय पहले तक यह कहना कि राजधानी क्षेत्र में अति आधुनिक डेटा केंद्र स्थापित होंगे, मेट्रो कोच बनेंगे, या यहाँ वैश्विक विद्यालय और शायद एक भावुक स्वप्न लगता। पर आज जब यह सब वास्तव में घट रहा है, तो यह मानना होगा कि कल्पना और क्रियान्वयन के बीच की दूरी बहुत कुछ नागरिकों की आस्था और सरकार की सक्रियता से तय होती है। एक साथ जागते हुए कई सूरज: ताज़ा घटनाएँ कई दिशाओं से राजधानी क्षेत्र को प्रकाशित कर रही हैं: = राजधानी में नवाचार, सेमीचालक, ड्रोन और इलेक्ट्रॉनिकी क्षेत्र की इकाइयाँ जिनके बारे में अभी तक हम केवल हैदराबाद या बेंगलुरु की चर्चा करते थे। = तामोट में रेल कोच निर्माण कारख़ाना जिसमें मेट्रो और वंदे भारत जैसे अति आधुनिक डिब्बे बनाए जाएँगे। = ब्रिटेन की सदियों पुरानी शैक्षिक संस्था का पहला भारतीय परिसर जो शिक्षा और सांस्कृतिक साझेदारी की एक नई कहानी रच रहा है। यह सब उन मानचित्रों की पुष्टि है, जो ‘कमाल का भोपाल’ जैसी नागरिक पहलों ने विगत वर्ष प्रस्तुत किए थे। क्रेडाई ने कहा था भोपाल राजधानी क्षेत्र नीति, नवाचार और नागरिक ऊर्जा का केंद्र बन सकता है और आज वह साकार होता दिख रहा है। ये परियोजनाएँ आत्मनिर्भरता की भाषा है: इस समय जबकि दुनिया व्यापारिक अवरोधों, टैरिफ़ नीति की लड़ाइयों और रणनीतिक निर्भरता से जूझ रही है, भोपाल जैसे शहरों का स्थान एक नये प्रकार के राष्ट्रीय स्वराज्य में बन रहा है डेटा स्वराज्य, उत्पादन स्वराज्य, और निर्णय स्वराज्य। एआई आधारित सेमीकंडक्टर और ड्रोन निर्माण भविष्य के उद्योग है, सुरक्षा और वैज्ञानिक संप्रभुता के औज़ार हैं। मेट्रो डिब्बों का निर्माण तकनीकी उत्पादन के साथ, आयात पर निर्भरता से मुक्ति का प्रतीक है। और नवाचार आधारित वैश्विक शिक्षा, मानव पूंजी का जागरण है। भोपाल में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का बिग बैंग: •हाइपरस्केल डेटा सेंटर, फिनटेक ग्रीन क्लस्टर •ड्रोन व यूएवी चिप्स, सेमीकंडक्टर यूनिट्स, पीसीबी निर्माण •इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पार्क •एआई पार्क स्टार्टअप हब, स्मार्ट अर्बन इंफ्रा यह सब सीधे ‘कमाल का भोपाल’ रिपोर्ट के “क्लीन कंप्यूट कैपिटल”, “एआई लाइटहाउस सिटी”, और “कैपिटल इनोवेशन बेल्ट” प्रस्ताव से मेल खाता है। भविष्य की पाँच सीढ़ियाँ: अब जबकि ‘कमाल का भोपाल’ अभियान नीति की ज़ुबान बन चुका है, अगला चरण है इस गति को दिशा देना। 1. राजधानी के नवाचार क्षेत्र के लिए एक पृथक प्रशासनिक इकाई जिससे तकनीकी निवेश और नीति एक ही मंच पर हों। 2. राजधानी विशेष क्षेत्र में विस्तारित लॉजिस्टिक्स और उत्पादन विंग बनाना। 3. क्लीन डेटा सैंडबॉक्स की शुरुआत से योजना, भूमि, मूल्यांकन जैसे कार्य अब साक्ष्य आधारित हों। 4. शिक्षा, तकनीक और विरासत का त्रिकोणीय उत्सव जो भोपाल को भारत के सांस्कृतिक–विज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित करे। 5. नगर और नागरिक के बीच संवाद का नया प्रारूप जिसमें निर्णय और भागीदारी एक-दूसरे से जुड़े हों। राजधानी की भाषा अब बदल चुकी है: यह ज़रूरी नहीं कि परिवर्तन के लिए कोई क्रांति हो, कई बार संवाद, साझेदारी और संकल्प ही पर्याप्त होते हैं। आज जब मुख्यमंत्री से लेकर नीति नियंता राजधानी क्षेत्र को डेटा, ड्रोन, ट्रेन और शिक्षा का केंद्र घोषित कर रहे हैं, तो यह समझना होगा कि उनकी नीति, हमारी साझा आकांक्षा का परिणाम है। ये महज़ इत्तेफाक़ नहीं… ये उन नीतिगत परतों का प्रकट होना है, जो एक वर्ष पूर्व क्रेडाई द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में दर्ज की गई थीं। एक दृढ़ नागरिक अभियान ‘कमाल का भोपाल’ अब एक मूल्य, दृष्टि और उत्तरदायित्व बन चुका है। अंत में: हर शहर का भविष्य केवल ईंट-पत्थर से नहीं बनता। वह बनता है उसकी भाषा से, उसके स्वप्न से, और उन लोगों से जो इन दोनों को जोड़ना जानते हैं। भोपाल अब स्वयं से संवाद कर रहा है और यही सबसे बड़ा संकेत है कि आने वाले समय का रंग ‘कमाल’ का है। (लेखक मनोज मीक, फाउंडर ‘कमाल का भोपाल’ अभियान तथा क्रेडाई भोपाल के अध्यक्ष हैं)
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अमरपाटन के पवन तिवारी नमक युवक का एक विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है..... जिसमें पवन तिवारी हथियार का खुलेआम प्रदर्शन करता नजर आ रहा है.....पवन ने रायफल के साथ इंस्टाग्राम रील बनाई और उसे आजाद परिंदे नामक अकाउंट से पोस्ट कर दिया ..... वीडियो में आप देख सकते है की पवन हथियार का खुलेआम प्रदर्शन कर रहा है .....जो कानून का उल्लंघन है ..... ये रील सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है..... बताया जा रहा है कि पवन को कुछ दिन पहले नशीली कफ सिरप की ओवरडोज के चलते सिविल अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था..... और वो संदिग्ध गतिविधियों में भी लिप्त है .....
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शराब बिक्री को लेकर आक्रोशित महिलाएं अब सड़क पर उतर आई है .... गांव में हो रहे अवैध शराब निर्माण और खुलेआम बिक्री के खिलाफ महिलाओं ने प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगाई है.... खबर ओंकारेश्वर के जनपद पंचायत खंडवा के ग्राम पंचायत भानगढ़ और ग्राम अम्लानी से है ..... जहां की सड़कों पर अब नारी शक्ति की आवाज गूंज रही है.... बता दे की गांव में अवैध शराब निर्माण और उसकी खुलेआम बिक्री से परेशान महिलाएं अब खुलकर इसका विरोध कर रही हैं.... महिलाओं का आरोप है कि शराब माफिया न सिर्फ गांव में गैरकानूनी धंधा चला रहे हैं... बल्कि विरोध करने पर उन्हें गालियां और जान से मारने की धमकी भी देते है .... गांव के मर्द शराब पीकर गांव में अशांति फैलाते हैं..... जिससे महिलाओं का घर से निकलना मुश्किल हो गया है.... और बच्चों ,बुजुर्गों की सुरक्षा भी खतरे में है... ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री शराबबंदी की बात तो करते हैं.... लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है.... ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि ग्राम अम्लानी में अवैध शराब निर्माण और बिक्री पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए.... ताकि गांव में फिर से शांति लौट सके....
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बक्सवाहा नगर परिषद की अध्यक्ष किरण सोनी के बेटे शुभांशु सोनी को अवैध हीरा उत्खनन के मामले में गिरफ्तार किया है..... शुभांशु जो कि एक अतिथि शिक्षक है.....अपने साथी के साथ वन क्षेत्र में गैरकानूनी हीरे की खुदाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है ..... गिरफ्तारी के बाद शुभांशु ने खुद को पत्रकार बताकर वन विभाग की टीम को धमकाया था..... छतरपुर के बक्सवाहा नगर परिषद की अध्यक्ष किरण सोनी के बेटे शुभांशु सोनी को अवैध हीरा उत्खनन के मामले में गिरफ्तार किया है....शुभांशु अपने साथी शिवम सिसोदिया के साथ वन क्षेत्र में गैरकानूनी खुदाई करते पकड़ा गया है....पकड़े जाने पर शुभांशु ने खुद को पत्रकार बताकर वन विभाग की टीम को धमकाने की कोशिश की.... लेकिन जांच में सामने आया कि वह एक फर्जी पत्रकार है....मौके से तीन सुतली बम और दो मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं.... दोनों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया है....
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ग्वालियर शहर में दिनदहाड़े शराब कारोबारी के मुनीम के साथ नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने हथियार की नोक पर 30 लाख रुपए की लूट की वारदात को अंजाम दिया है.... लूट की खबर लगते ही मौके पर SSP, DIG और IG भरी पुलिस बल के साथ पहुंचे.... दरअसल शराब कारोबारी विनोद शिवहरे के घर से उनके मुनीम आसाराम कुशवाहा 30 लाख रुपए लेकर अपनी एक्टिवा से निकले थे ... तभी विनय नगर सेक्टर 2 कोटेश्वर मंदिर के पास कुछ मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश बदमाशों ने हथियार की नोक पर उन्हें रोक लिया ... और रुपयों से भरा बैग छीनकर भाग गए .. तत्काल मुनीम आसाराम कुशवाहा ने पुलिस और शराब ठेकेदार विनोद शिवहरे को लूट की घटना की जानकारी दी ...मौके पर पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ पहुंचे.... लेकिन तब तक बदमाश फरार हो चुके थे.... लूट की घटना को लेकर ग्वालियर रेंज के IG अरविंद सक्सेना का कहना है कि शहर में बदमाशों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कर दी गई है..... और घटना का वीडियो CCTV कैमरों में कैद हुई है.... जिसके आधार पर बदमाशों की पहचान की जा रही है ....
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जगदलपुर । छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल तीन दिवसीय बस्तर संभाग के प्रवास पर हैं, स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेंगे। इस दाैरान उन्हाेने दावा किया कि बस्तर की स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टिकोण से मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बस्तर के लिए अच्छा से अच्छा करने का प्रयास करने का दावा कर रहे हैं । इसी बीच बीते मंगलवार काे एक मामाला बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक के बड़े बोदेनार गांव से सामने आया जहां ग्रामीणों ने बांस-कपड़ों से जुगाड़ बनाकर गर्भवती महिला को एंबुलेंस तक पहुंचाया । यह तस्वीर पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करती है। शासन-प्रशासन द्वारा चाहे जितने भी दावे किए जाये लेकिन बस्तर में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की असलियत तब सामने आती है, जब अंदरूनी ग्रामाें में कोई महिला प्रसव पीड़ा में होती है और समय पर एंबुलेंस भी सड़क के अभाव में गांव तक नहीं पहुंच पाती। बड़े बोदेनार की लच्छो नाम की गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई, परिवार ने तत्काल 102 महतारी एक्सप्रेस को कॉल किया। एंबुलेंस समय पर रवाना भी हुई, लेकिन रास्ते में उफनती नदी ने उसे गांव तक पहुंचने से रोक दिया। ग्रामीणों ने तत्काल बांस और कपड़ों से जुगाड़ बनाई, लच्छो को उसमें बैठाया और जान जोखिम में डालकर कंघाें में उठाकर उफनती नदी काे पार किया, गनीमत रही कि नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक नहीं था। किसी तरह ग्रामीण एंबुलेंस तक पहुंचे फिर लच्छो को बड़ेकिलेपाल सीएचसी ले जाया गया, जहां उसने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। यह घटना सिर्फ एक गांव की नहीं है, बल्कि पूरे बस्तर के अंदरूनी पंहुच विहीन ग्रामाें की हकीकत है। लच्छो को समय पर उपचार मिलने पर सफल प्रसव हुआ। महिला ने स्वस्थ बच्ची को को जन्म दिया, इस खुशी के मौके पर परिजनों ने 102 महतारी एक्सप्रेस के कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। आज बुधवार काे इस मामले की जानकारी मिलने पर जगदलपुर के महापौर संजय पांडे ने कहा कि बस्तर की तस्वीर अब बदल रही है, चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां महिला ने बच्ची को जन्म दिया। चालक की जितनी प्रशंसा की जाए कम है।
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बीजापुर/रायपुर । छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के गंगालूर इलाके में बुधवार सुबह से चल रही मुठभेड़ में जवानों ने एक नक्सली को मार गिराया है। जवानों ने मारे गए नक्सली के शव के साथ हथियार भी बरामद किया है। वहीं इलाके में दोनों ओर से फायरिंग जारी है। हालांकि अभी इसकी विस्तृत रिपोर्ट आनी बाकी है। वहीं, मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर जिला के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गंगालूर थाना क्षेत्र के ग्राम इतावार के पास मुठभेड़ जारी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि डीआरजी और एसटीएफ की संयुक्त टीम इस ऑपरेशन को अंजाम दे रही है। अब तक एक माओवादी का शव बरामद किया गया है, साथ ही मौके से हथियार भी मिले हैं। ऑपरेशन पूरा होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट अलग से साझा की जाएगी।
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देश में बढ़ती साइबर ठगी चिंता का विषय बन चुका है......आए दिन लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं......सरकार लगातार लोगों को जागरूक करने के लिए कॉलर ट्यून से लेकर अखबारों में विज्ञापन तक दे रही है...... फिर भी ठग नए-नए तरीकों से लोगों को जाल में फंसा ही लेते हैं...... ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला देवास जिले से सामने आया है......जहां पुलिस ने ऑपरेशन साइबर के तहत अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है......पुलिस ने 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है...... जो खुद को CBI अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए लोगों को डिजिटल अरेस्ट करने का डर दिखाते थे...... और मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी देकर करोड़ों रुपये ठग लेते थे...... देवास जिले की सतवास पुलिस ने एक बड़ी साइबर ठगी का भंडाफोड़ करते हुए ......ऑपरेशन साइबर के तहत 6 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है......जो खुद को CBI अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये ठगते थे......शिकायतकर्ता प्रमोद गौर से 20 लाख से ज्यादा की ठगी के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए...... साइबर सेल और ASP सौम्या जैन के नेतृत्व में टीम गठित की गई ..... जिसने दिल्ली, महाराष्ट्र, इंदौर और पंचकुला जैसे शहरों में 2100 किलोमीटर का सफर तय कर आरोपियों को गिरफ्तार किया......आरोपी फर्जी वीडियो कॉल, नकली दस्तावेज और व्हाट्सएप के जरिए पीड़ितों को विश्वास में लेते थे... और सुप्रीम कोर्ट वेरिफिकेशन के नाम पर बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे......पूछताछ में पता चला कि ये आरोपी टेलीग्राम पर ग्रुप बनाकर लोगों को अच्छा कमीशन देने का झांसा देकर बैंक खाते किराए पर लेते थे...... और हवाई यात्रा कर बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे......पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल, एक टैबलेट, एक लैपटॉप, पासबुक और चार एटीएम कार्ड बरामद किए हैं......साथ ही देश के कई हिस्सों में इनके खिलाफ करीब 37 शिकायतें पहले से दर्ज हैं.......
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इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध क्रय-विक्रय, भण्डारण और अवैध उपयोग करने वालों के विरूद्ध कलेक्टर आशीष सिंह के निर्देशन में विशेष अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी सिलसिले में मंगलवार को शहर के द्रविड़ नगर रिहायशी क्षेत्र में अवैध रिफिलिंग का मामला पकड़ा गया है। खाद्य विभाग के अमले द्वारा की गई इस कार्रवाई में 14 गैस सिलेंडर सहित मोटर और अन्य उपकरण जब्त किये गए हैं। संबंधित आरोपी के विरूद्ध प्रकरण भी दर्ज कर लिया गया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया कि घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग एवं अवैध भंडारण, रिफिलिंग बिक्री पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को इस अभियान के तहत संयुक्त निरीक्षण दल के सदस्यों सहायक आपूर्ति अधिकारी शिव सुंदर व्यास, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी महादेव मुवेल, राहुल शर्मा एवं सुचिता दुबे द्वारा द्रविड़ नगर स्थित मकान नंबर 42 की जांच की गई। जांच के दौरान उक्त घर के प्रथम तल में 4 घरेलू गैस सिलेंडर (क्षमता 14.2 किलो, कंपनी BPCL) सीलबंद एवं घर के द्वितीय तल में 03 घरेलू गैस सिलेंडर (क्षमता 14.2 किलो कंपनी BPCL) खाली , 05 व्यवसायिक गैस सिलेंडर (क्षमता 19 किलो कंपनी BPCL खाली) , 02 व्यवसायिक गैस सिलेंडर (क्षमता 19 किलो) सीलबंद पाए गए। मौके पर घरेलू गैस सिलेंडर से व्यावसायिक गैस सिलेंडर में गैस अंतरण का कार्य किया जाना पाया गया। इस प्रकार कुल 07 घरेलू गैस सिलेंडर एवं 07 व्यवसायिक गैस सिलेंडर, 01 इलेक्ट्रिक मोटर, 01 तौल कांटा एवं 01 गैस रिफिलिंग पाइप विनीत केतके से जप्त किये गए। द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस प्रदाय एवं वितरण विनियमन आदेश 2000 की कंडिकाओं का उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किया गया है।
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उत्तराखंड के खटीमा खंड शिक्षा कार्यालय में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने शिक्षा अधिकारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया..... शिक्षकों का आरोप है की विभाग ने उनका वेतन रोक दिया.....जिससे शिक्षक संघ में भारी आक्रोश फैल गया..... खंड शिक्षा कार्यालय परिसर में जुटे आक्रोशित शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए..... वेतन रोकने के आदेश को अन्यायपूर्ण बताया..... प्रदर्शन कर रहे शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि चुनावी ड्यूटी के दौरान उनसे SMS की अपेक्षा रखना गलत है..... शिक्षकों ने बताया कि पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों से SMS भेजना अनिवार्य होता है..... लेकिन चुनावी व्यस्तता होने के कारण शिक्षक SMS नहीं भेज पाए..... इस मामले पर खंड शिक्षा अधिकारी ने कहा कि पीएम पोषण योजना का SMS शिक्षकों को भेजना जरूरी होता है..... लेकिन शिक्षकों ने SMS नहीं भेजे है..... इसी लिए उनके वेतन रोके गए है ..... पर अब चुनाव के मद्देनजर रखते हुए शिक्षकों मांगों मान लि गई है..... और उन्हें जल्द ही उनके वेतन दे दिया जाएगा.....
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एक बार फिर रियल एस्टेट फ्रॉड का मामला सामने आया है.....जहाँ जैतल कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक और एसबीआई के तत्कालीन मैनेजर पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है.....जानकारी के मुताबिक फरियादी से साल 2016 में 17 लाख रुपये लेकर फ्लैट देने का वादा किया गया था..... लेकिन जो फ्लैट दिखाया गया वह पहले से ही बैंक में बंधक था.....जब रकम वापस मांगी गई, तो कंपनी संचालक ने साफ इनकार कर दिया..... ठगी से परेशान होकर फरियादी ने अब कोर्ट की शरण ली है..... झांसी रोड थाना क्षेत्र के हरिशंकर पुरम स्थित जैतल कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है..... कंपनी संचालक वीरेंद्र गुप्ता पर आरोप है..... कि उन्होंने 2016 में बिरला नगर न्यू कॉलोनी निवासी भूपेश कुमार वर्मा से 17 लाख रुपये लेकर फ्लैट देने का वादा किया..... लेकिन ना तो रजिस्ट्री कराई गई और ना ही कब्जा दिया गया..... जब फरियादी भूपेश ने पैसे वापस मांगे.....तो उसे पता चला कि जिस फ्लैट को उसने बुक किया था..... वह पहले से ही एसबीआई बैंक में गिरवी रखा हुआ है..... और उसी फ्लैट पर दोबारा लोन भी पास कराया गया है .....मामले में जब कोई समाधान नहीं मिला.....तो पीड़ित ने कोर्ट का रुख किया.....जहाँ से आदेश मिलने के बाद पुलिस ने वीरेंद्र गुप्ता और तत्कालीन बैंक मैनेजर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर .....जांच शुरू की..... पुलिस की जांच में हैरान करने वाली बात ये सामने आए की ...... इसी कंपनी के खिलाफ पहले से ही 15 से ज्यादा फ्रॉड के मामले उसी थाने में दर्ज हैं.....जिससे इस पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है.....
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प्रदेश सरकार की सुदूर सड़क योजना ग्रामीणों के लिए राहत नहीं, बल्कि मुसीबत बन गई है...... अधूरी बनी सड़के बरसात के मौसम में दलदल का रूप ले चुकी है...... स्कूली बच्चों से लेकर मरीजों तक......हर किसी को इस कीचड़ भरी राह से गुजरना पड़ रहा है......सवाल ये उठता है ...... कि आखिर कब तक ठेकेदारों की लापरवाही और विभागीय अनदेखी का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा...... परासिया जनपद की ग्राम पंचायत लिखावाड़ी में वर्ष 2022 से बन रही सड़क अब ग्रामीणों की मुसीबत बन चुकी है......सरकार का उद्देश्य था कि गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ा जाए...... लेकिन ठेकेदार की लापरवाही ने इस योजना को मजाक बना दिया......मुरम की जगह काली मिट्टी बिछाकर अधूरी छोड़ी गई सड़क..... अब बारिश में कीचड़ में बदल चुकी है......इससे स्कूली बच्चों का आना-जाना में परेशानी हो रही है...... और बीमार लोगों को इलाज के लिए बाहर जाना तक मुश्किल हो गया है......इस सड़को पर मोटरसाइकिलें फिसल रही हैं...... और पैदल चलना भी एक चुनौती बन गया है...... परेशान ग्रामीणों ने जनपद पंचायत और जिला प्रशासन से ..... इसके लिए दोषी ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई और जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त की मांग की है .....
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पंचायत चुनाव में लगी आदर्श आचार संहिता के हटते ही..... सितारगंज में बदमाशों की गुंडागर्दी शुरू हो गई है.......डैम के किनारे मछली पकड़ने गए ग्रामीणों पर अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग की......जिसने में छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए .......घटना के खिलाफ ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.......और वो पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है....... बीती रात सितारगंज के ग्राम गोठा में कुछ ग्रामीण बरसात के बाद.... डैम किनारे मछली पकड़ रहे थे....... तभी 7 से 8 लोगों का एक गिरोह वहां पहुंचा....... और बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी....... छर्रे लगने से छह ग्रामीण घायल हो गए.......सभी को आनन-फानन में सितारगंज उप-जिला चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया है.......जहां उनका इलाज चल रहा है....... इस पूरी घटना को किसान नेता योगेंद्र यादव ने तानाशाही और गुंडागर्दी करार दिया है ....... और डैम ठेकेदार के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है....... घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है.......
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ज़मीन विवादों को लेकर आए दिन झगड़े-फसाद की खबरें सामने आती रहती हैं.....कहीं भाई अपने ही भाई के खून का प्यासा बन जाता है.....तो कहीं पड़ोसी पड़ोसी का दुश्मन बन बैठता है..... ऐसी ही एक घटना लालपुर से सामने आई है.....जहां जमीन के पुराने विवाद ने हिंसक रूप ले लिया.....दो पक्षों के बीच शुरू हुआ ..... विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया..... लाठी-डंडों से हुई मारपीट में एक पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए..... मैहर जिले के अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर में दोनों पक्ष के बीच चल रहे.....पुराने जमीन विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया ....दोनों पक्ष जो केवट समाज से जुड़े बताए जा रहे हैं आमने-सामने आ गए ...... और लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की..... इस खूनी संघर्ष में एक पक्ष के करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए..... घटना की सूचना मिलते ही अमरपाटन पुलिस मौके पर पहुँची .....और हालात को नियंत्रण में लिया..... घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया.....जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है ..... बताया जा रहा है कि यह विवाद काफी समय से चला आ रहा था..... पुलिस मामले की जांच कर रही है.....
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उत्तराखंड बोर्ड की सुधार परीक्षा 4 अगस्त से 11 अगस्त तक आयोजित की जा रही है .....जिसमें नैनीताल जनपद के आठ परीक्षा केंद्रों पर 2 हजार छात्र-छात्राएं शामिल होंगे.....परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी..... शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं..... परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी.....हल्द्वानी ब्लॉक के पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को परीक्षा का केंद्र बनाया गया है..... उत्तराखंड बोर्ड की सुधार परीक्षाएं 4 अगस्त से शुरू होकर 11 अगस्त तक चलेंगी.....जिसमें नैनीताल जनपद के विभिन्न ब्लॉकों से छात्र-छात्राएं शामिल होंगे.....हल्द्वानी खंड की शिक्षा अधिकारी तारा सिंह ने बताया कि हल्द्वानी ब्लॉक से हाईस्कूल के 444 और इंटरमीडिएट के 357 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे.....यानी कुल 801 विद्यार्थी परीक्षा देंगे.....जिले में आठ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.....प्रत्येक ब्लॉक में एक केंद्र है ..... और हल्द्वानी का परीक्षा केंद्र पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को बनाया गया है..... परीक्षा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक तय किया गया है..... शिक्षा विभाग ने परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी निगरानी के पुख्ता इंतजाम किए हैं..... ताकि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष परीक्षा सम्पन्न हो सके.....
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रुड़की के झबरेड़ा थाना क्षेत्र से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है.... जहां उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब कुछ अज्ञात बदमाशों ने एक घर पर धावा बोल दिया और अंधाधुंध फायरिंग कर दी.... इस घटना में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं.... घटना के बाद से ही गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है.... घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे की है जब हथियारबंद हमलावरों ने कोटवाल आलमपुर गांव के डॉ. तेजपाल के घर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की ... जिसमे वंश और सुशील नाम के दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए.... घायल युवकों को पहले सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया..... घर की ही एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि गांव के कुछ लोग उनके घर पर हथियार लेकर आये और कई राउंड फायर की.... जिसमे उनके घर के वंश और सुशील घायल हो .. फायरिंग की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है... फिलहाल पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है ....
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एक दर्दनाक घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है.... जब अंधविश्वास का असर इस कदर बढ़ जाए कि.... रिश्तों की हदें भी टूट जाए ... एक ऐसी ही घटना सिंगरौली से आई है.... जहा युवक ने अंधविश्वास और शक की वजह से अपनी चाची की हत्या कर दी.... गोविंद सिंह ने शक के चलते अपनी चाची मानवती सिंह की गला दबाकर हत्या कर दी.... उसे लगता था कि चाची जादू-टोना करती थीं.... वारदात के बाद उसने खुद जाकर थाने में सरेंडर कर दिया.... देवसर की एसडीओपी गायत्री तिवारी ने मामले की जांच शुरू कर दी है.... शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.... समाज को अब इस सोच से बाहर निकलना होगा...., ताकि फिर कोई अंधविश्वास की आग में अपना सब कुछ न गंवाए। ....
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पुलिस ने अमरपाटन थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 पेटी अवैध शराब बरामद की है ..... बरामद शराब में 10 पेटी देशी प्लेन और 4 पेटी अंग्रेजी शराब शामिल है .... पुलिस ने यह करवाई मुखबिर की सूचना पर की और अवैध शराब को जब्त कर लिया है ...... अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम मढ़ी नाले के पास से पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तस्करी के लिए लाई जा रही 14 पेटी अवैध शराब बरामद की है ... जब पुलिस मौके पर पहुंची तो तीन लोग शराब की पेटियां ले जाते दिखे ... जिनमें से एक आरोपी अमित उर्फ अमृतलाल पटेल को गिरफ्तार कर लिया गया .. जबकि दो आरोपी विकास पटेल और गौरव सिंह मौके से फरार हो गए .. .. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है .......
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सिंगरौली कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया ..... जिसमे विभिन्न अंचलों से आए हुए नागरिकों की समस्याओं से संबंधित आवेदनों को कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने खुद सुना और समस्याओं का समाधान किया बता दे की सिंगरौली कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में रामलला वैश्य अपने बेटे आदित्य सिंह वैश्य को ले कर जनसुनवाई में पहुंचे .... जहां उन्होंने कलेक्टर को आवेदन दिया और कलेक्टर से कहा कि मेरा बेटा आदित्य बचपन से ही बोलने और सुनने में असमर्थ है ... जिसके इलाज के लिए इसका ऑपरेशन किया गया था ... और 12 जनवरी 2024 को कान की मशीन भी उपलब्ध कराई गई थी ... जिसकी गारंटी 1 साल की थी जो पूरी हो गई .. और अब मशीन का सेल खराब हो जाने के चलते मशीन काम नहीं कर रही है ... मशीन में लगने वाले सेल का कीमत अधिक होने के कारण हम इसे नहीं ले पा रहे है ...लेकिन मशीन की बैटरी लेना जरूरी है ... और उन्होंने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा की मुझे आर्थिक सहायता प्रदान कराई जाए ताकि मेरे बेटे के लिए श्रवण यंत्र बैटरी ली जा सके... कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने पीड़ित बालक के अभिभावक के आवेदन को गंभीरता से सुनते हुए जनसुनवाई में ही बैटरी हेतु 17 हज़ार रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान की.... उनके इस कार्य की क्षेत्र में प्रशंसा की जा रही है.....
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भोपाल और इंदौर वालों ध्यान दें......आप लोगों के लिए एक जरूरी खबर है.....अब बिना हेलमेट घर से निकले तो गाड़ी चला नहीं पाएंगे..... क्योंकि दोनों शहरों में बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं मिलेगा..... इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह और भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने सख्त आदेश जारी किए हैं ....कि हेलमेट नहीं पहनने वालों को पेट्रोल और सीएनजी नहीं दिया जाये .....प्रशासन ने चेकिंग के लिए टीमें भी बना दी हैं ..... जो अचानक निरीक्षण करेंगी और नियम तोड़ने पर कार्रवाई भी होगी ..... अब चाहे ऑफिस जाना हो या बाजार ..... हेलमेट पहनकर ही निकलें .....वरना बीच रास्ते में पेट्रोल की किल्लत झेलनी पड़ सकती है .....
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खबर ग्वालियर से है जहां भूतेश्वर मंदिर के पास सड़क में अचानक डंपर का पिछला पहिया धंस गया..... हादसा उस वक्त हुआ जब गिट्टी से भरा डंपर उरवाई गेट की ओर जा रहा था ... तभी अचानक से डंपर का पहिया सड़क में धंसा गया ... लेकिन गनीमत रही कि डंपर नहीं पलटा ......घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी करते हुए ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया ... स्थानीय लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है.....
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मालेगांव मे हुए बम ब्लास्ट केस में कोर्ट ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर सहित सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है.. ..जिस पर संत समाज ने ख़ुशी जताई है ....वही महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरि महाराज ने काग्रेंस नेता दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा है ..... 2008 के मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में NIA की विशेष अदालत ने 17 साल बाद अपना फैसला सुनाया है ...... इस मामले में अदालत ने अपना फैसला देते हुए सभी सात आरोपियों को बरी कर दिया है ........जिस पर जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी आत्मानंद गिरि महाराज ने काग्रेंस नेता दिग्विजय सिंह पर आरोप लगते हुए कहा की .... उन्होंने उस समय इस मामले में हिंदुओं को पानी पी पीकर कोसा था ... हम सनातनी कभी हिंसा और हत्या पर विश्वास नही करते है .... इसलिए सत्य की जीत हुई है ..
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मध्यप्रदेश में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए अब सरकार हेल्थ और मेडिकल टूरिज्म पर भी खास फोकस कर रही है...... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यटन, स्वास्थ्य और आयुष विभागों के समन्वय से प्रदेश में 100 करोड़ रुपये के हेल्थ टूरिज्म क्षेत्र को विकसित करने की बात कही है...... रीवा में हुए क्षेत्रीय पर्यटन कॉन्क्लेव से लेकर मंत्रालय की समीक्षा बैठक तक......अब प्रदेश की राजनीति साफ है......धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ वेलनेस सेंटर स्थापित कर स्वास्थ्य, संस्कृति और रोजगार को जोड़ना...... इससे प्रदेश स्वास्थ्य पर्यटन का नया हब बनकर उभरने को तैयार है...... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश तेजी से हेल्थ टूरिज्म की दिशा में कदम बढ़ा रहा है...... हाल ही में हुई आयुष विभाग की समीक्षा बैठक में सीएम ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं...... और इसे 100 करोड़ रुपये के आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा सकता है...... पर्यटन को आर्थिक, सांस्कृतिक और रोजगार के आधार पर स्थापित करने के लक्ष्य के साथ..... राज्य सरकार अब धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों के समीप वेलनेस सेंटर खोलने की योजना पर काम कर रही है...... जहां आयुष विभाग की पंचकर्म और प्राकृतिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी...... यह न केवल घरेलू बल्कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र होगा...... मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत नए आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना में तेजी लाई जा रही है...... रोजगार के लिए शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयुष विभाग में सैकड़ों पदों पर नियुक्तियाँ भी की गई हैं...... साथ ही, झोलाछाप डॉक्टरों पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए..... उन्होंने ग्रामीण स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही...... गंगा से नर्मदा पर्यटन कॉरिडोर जैसी योजनाओं और हेलीकॉप्टर सेवाओं की शुरुआत से प्रदेश.... पर्यटन और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्रों में राष्ट्रीय पहचान की ओर अग्रसर है......
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27 जुलाई की सुबह जब पुरे देश के लोग अपने काम पर निकल रहे थे .... तब मैहर की बेटी अंजना सिंह यूरोप की सबसे ऊँची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर देश का तिरंगा लहरा रही थीं.... 18 हज़ार 510 फीट की ऊंचाई ,शून्य से नीचे का तापमान और ऑक्सीजन की कमी के बीच अंजना ने वो कर दिखाया ... जो लाखों का सपना होता है.... एक किसान परिवार से आने वाली 26 वर्षीय अंजना सिंह ने साबित कर दिया कि संघर्ष और संकल्प से हर सपना साकार किया जा सकता है... उनके पिता राजेश सिंह ग्राम बेंदुरा कला में एक छोटे किसान हैं .... अंजना ने बताया कि उनका यह सपना केवल उनका नहीं था... बल्कि पूरे गांव, जिले और देश का भी था ... उन्होंने कहाँ की चोटी के निकट पहुंचते समय उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी .... लेकिन इस कठिन घड़ी में भी अंजना ने हार नहीं मानी .... और अपनी यात्रा पूरी की ..... उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने गुरु को दिया है ... अंजना की इस सफलता ने न केवल उनके गांव को नहीं बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गौरवान्वित किया है.... उन्होंने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे... नशामुक्ति अभियान को लेकर लोगों को जागरूक करने, और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की ...... और साथ ही बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ने की बात कही हैं .... माउंट एल्ब्रुस रूस और यूरोप का दो शिखर वाला सबसे ऊँचा पर्वत है ....ये यह पर्वत समुद्र तल से 5 हज़ार 642 मीटर ऊँचा है और यह एक सुप्त स्ट्रैटोज्वालामुखी है ... ये पर्वत दुनिया की दसवीं सबसे प्रमुख चोटी भी है। एल्ब्रुस के पूर्वी शिखर पर सबसे पहले चढ़ाई 10 जुलाई 1829 को खिल्लर खशीरोव नामक एक सर्कसियन व्यक्ति द्वारा की गई थी .. और पश्चिमी शिखर पर 1874 में एफ. क्रॉफर्ड ग्रोव के नेतृत्व में एक ब्रिटिश अभियान दल द्वारा चढ़ाई की गई थी ...
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है...... सुबह 8 बजे से शुरू हुए मतदान में अब तक लगभग 40 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके हैं...... प्रशासन ने निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं...... चंपावत जनपद के टनकपुर क्षेत्र में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान आज सुबह 8 बजे से शुरू हुआ......जहां लोकतंत्र के इस महापर्व में लोगों की भागीदारी उत्साह जनक रूप से देखी जा रही है......अब तक करीब 40 प्रतिशत मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो चुका है...... टनकपुर के उपजिलाधिकारी आकाश जोशी ने खुद मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया...... और बताया कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई है...... अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं...... ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न हो...जिला प्रशासन और राज्य निर्वाचन आयोग ने आम जनता से अपील की है......कि वे अपने मताधिकार का उपयोग करें और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें......
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रायपुर । राज्य शासन ने 2 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जांजगीर चांपा जिले के स्कूलों में मरम्मत, जीर्णाेद्धार और आवश्यक निर्माण कार्यों की मंजूरी प्रदान की है। शासन की इस स्वीकृति से विद्यार्थियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधायुक्त अध्ययन वातावरण मिलेगा, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार देखने को मिलेगा। वहीं जिला खनिज संस्थान न्यास से 12 स्कूल में अतिरिक्त कक्ष एवं नौनिहालों को 8 आंगनबाड़ी भवन के लिए 2 करोड़ 9 लाख 56 हजार की स्वीकृति दी गई है। जिले में कुल 4 करोड़ 9 लाख से अधिक रूपए की स्वीकृति विभिन्न कार्यों के लिए दी गई है।जिले के 94 प्राथमिक शालाएं और 53 माध्यमिक विद्यालय में 77 लाख 86 हजार रुपये की लागत से अतिआवश्यक मरम्मत कार्य किए जाएंगे। हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल में 49 लाख 77 हजार रुपये ी स्वीकृति दी गई है। जिसमे छत मरम्मत, दीवार, फर्श, खिड़की-दरवाजे, पेयजल, शाला में जल भराव निकासी को दुरुस्त करने का कार्य किया जाएगा। 114 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओ में 47 लाख रुपये की लागत से एवं 38 हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूल 27 लाख रुपये नवीन शौचालय निर्माण एवं पुराने शौचालयों का जीर्णाेद्धार होगा। इसके साथ ही जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि से 12 स्कूल भवन में अतिरिक्त कक्ष की सौगात स्कूली बच्चों को मिलेगी। इसके लिए 96 लाख 84 हजार की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं जिले के नौनिहालों के लिए आठ आंगनबाड़ी भवन तैयार किये जाएंगे, इसके लिए 1 करोड़ 12 लाख 72,000 रुपये स्वीकृत प्रदान की गई है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में एवं गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिले। इस स्वीकृति से विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों के छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा। प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे कार्य, न सिर्फ स्कूलों की स्थिति को बेहतर कर रहे हैं, बल्कि विद्यार्थियों के आत्मविश्वास, उपस्थिति और प्रदर्शन को भी नया आयाम दे रहे हैं।
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एक चोर ने ट्रैन में ऐसा ड्रामा किया कि सोशल मीडिया पर छा गया...दरअसल ये वायरल वीडियो बिहार के मुंगेर का है ...बताया जा रहा है कि एक चोर ट्रैन में मोबाइल चोरी करते पकड़ा गया..पकड़ने के बाद चोर को लगा कि उसकी अब पिटाई होगी...गुस्से में लोग पीट देंगे...तो चोर ने आव देखा न ताव देखा ...और चलती ट्रैन में पायदान पर लटक गया... इतना ही चलती ट्रैन में गेट पर लटका तो लटका चोर उल्टा लोगों को धमकाने भी लगा... कहने लगा अगर किसी ने भी मुझे मारा तो उसे पकड़ के नीचे खींच लूंगा...किसी ने लात मारा तो पैर ही खींच ही लूंगा...अब बताइये एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी...अब चोर तो बन गया स्टंटमैन...और उसका ये वीडियो हो गया सोशल मीडिया पर वायरल...अब रेल पुलिस करेगी जाँच इसकी...पर चोर का ये कारनामा वायरल खूब हो रहा है...आप भी वीडियो देख के बताइये इस स्पाइडर मेन चोर को और क्या नाम दें..
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जहां एक तरफ देशभर से लाखों की संख्या में भक्त ... ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए घंटों कतार में खड़े रहते हैं ... तो वहीं प्रोटोकॉल की आड़ में कुछ विशेष लोग बिना पंक्ति में लगे सीधे गर्भगृह तक पहुँच रहे है ... बता दे की उत्तर प्रदेश के कुंडा विधायक राजा भैया उर्फ रघुराज प्रताप सिंह ओंकारेश्वर धाम पहुंचे ... और प्रोटोकॉल के जरिए बिना लम्बी कतार में लगे आसानी से दर्शन किया ... वही दूसरी तरफ घंटों कतार में खड़े रहकर आम श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन का इंतज़ार करते रहे ... इस दौरान विधायक राजा भैया के साथ उनके कई समर्थक और सुरक्षा कर्मियों का भारी दल भी मौजूद था ... जिस कारण आम श्रद्धालुओं को दर्शन करने मे असुविधा का सामना करना पड़ा ... यह पहली बार नहीं है जब ओंकारेश्वर धाम में vip कल्चर देखने को मिला ... वीआईपी दर्शन के लिए मंदिर में दर्जनों कर्मचारी दिनभर तैनात रहते है ... जिसके जरिये बिना लम्बी कतारों मे लगे वीआईपी आसानी से दर्शन कर पाते है ... यह व्यवस्था आम भक्तों के दर्शन के लिए भी असुविधा का कारण बन गयी है ... इस प्रकार की वीआईपी संस्कृति मंदिर की मर्यादा और सनातन भावनाओं पर आघात है ...
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भूमि विवाद की खबरें आए दिन सुर्खियों में रहती है ... जिसके समाधान को लेकर सिंगरौली पुलिस ने एक अनोखी पहल की है .... जिले में कलेक्टर और एसपी के निर्देशन पर भूमि विवादों के समाधान को लेकर विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया गया ... जिसमें 313 प्रकरणों की सुनवाई कर 70 का मौके पर निराकरण किया गया .. सिंगरौली जिले में कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला और पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देशानुसार.... भूमि विवादों के तुरंत समाधान को लेकर राजस्व और पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त जनसुनवाई का आयोजित किया गया .... इस विशेष अभियान में कुल 313 प्रकरणों की सुनवाई की गई.... जिनमें से 70 प्रकरणों का मौके पर ही निवारण कर दिया गया ... जनसुनवाई के दौरान उपखण्ड सिंगरौली में 52, देवसर में 37, सरई में 70, चितरंगी में 89, माड़ा में 37, दुधमनिया में 5 और बरगवा में 23 प्रकरण प्राप्त हुए थे .... जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की उपस्थिति में अधिकारियों ने ... आवेदनों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए तत्काल निर्णय लिए.... और माड़ा से मिले 37 प्रकरणो में से 12 और.... दुधमनिया से मिले 5 प्रकरणो मे से 2 का निवारण तुरंत किया गया .... जनसुनवाई के दौरान एसडीएम, पुलिस विभाग के एसडीओपी सहित राजस्व और पुलिस उपस्थित रहे ... जिससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ....
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आज 26 जुलाई है ... जिसे हम कारगिल विजय दिवस के रूप में मानते है .. और इस साल देश अपना 26वां कारगिल विजय दिवस मना रहा है .... इस दिन देश ने कारगिल युद्ध में विजय तो हासिल की ही थी .. लेकिन अपने कई साहसी और बहादुर जवानों को भी खो दिया था ... ये दिन भारतीय सैनिकों के बलिदान साहस और शहादत की याद दिलाता है... कारगिल युद्ध साल 1999 में मई से जुलाई तक चला था... ये युद्ध 1999 में तब शुरू हुआ .. जब पाकिस्तानी सेना ने जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में... एलओसी को पार करके भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसपैठ की थी ... तब भारतीय सेना ने ,पाकिस्तानी सैनिकों को करारा ज़बाब देने के लिए .. ऑपरेशन विजय .. और भारतीय वायुसेना ने भी ऑपरेशन सफेद सागर शुरू किया था ...इस युद्ध में कैप्टन विक्रम बत्रा ... और लेफ्टिनेंट मनोज कुमार पांडे ... सहित अनगिनत वीरों ने अपने साहस के बल पर.... पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था ... और भारत मां के लिए शहीद हो गए थे .... आज इस अवसर पर पूरा देश उनके साहस को याद कर .... उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है ....
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आज कारगिल विजय दिवस है दर्शकों... 26 जुलाई वो तारिख है जब 1999 में पाकिस्तान को भारत की सेना ने घुटनो पर ला दिया था लगभग 60 दिनों तक चले युद्ध में पकिस्तान थर थर थर थर काँप रहा था और आज भी पकिस्तान और उसकी सेना के पसीने छूट रहे है दर्शकों क्योंकि आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर भारत के आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने साफ़ कहा है कि... ऑपरेशन सिन्दूर में भारत की सेना ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को तबाह किया ... सरकार से खुली छूट के चलते सटीक टारगेट को हिट किया गया ...पाकिस्तान को उसी की भाषा में समझाया गया .. आतंकियों के अड्डे तहस-नहस किए...आर्मी प्रमुख ने ये नए भारत का संकल्प है.... दुश्मन अब आंख उठाकर नहीं देख सकता... जो भारत के खिलाफ किसी भी साजिश को अंजाम देगा, उस पर आगे भी ऐसी कार्रवाई होगी...तो दर्शकों कही वो कारगिल युद्ध हो या ऑपरेशन सिन्दूर हमारी सेना के शौर्य की गाथा दुनिया को सुनते रहेंगे और पाकिस्तान को भी करारा जबाव देते रहेंगे आप देखते रहिये दखल न्यूज़
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भारत में आज भी लाखों बच्चे अपने बचपन की मासूमियत से दूर है ... गरीबी और अशिक्षा की वजह से बच्चे अपना बचपन मजदूरी करने में बिता देते है ... लेकिन क्या आप जानते है ... भारतीय संविधान का अनुछेद 24 ऐसे किसी भी काम को स्पष्ट रूप से निषेध करता है ... अनुच्छेद 24 बताता है की 14 साल से कम आयु का कोई भी बच्चा कारखानों , खदानों में या किसी भी खतरनाक काम मे नियोजित नहीं किया जाएगा ... इसका उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना और उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करना है ... यह सिर्फ एक कानून नहीं , बच्चों के लिए एक संवैधानिक सुरक्षा कवच भी है ... बाल श्रम केवल कानूनी अपराध नहीं है ... यह एक नैतिक अपराध है , जो उनके बचपन , शिक्षा और भविष्य को छीन लेता है ... इसमें कठोर दंड का भी प्रावधान किया गया है ... संविधान के इस अनुच्छेद के आधार पर सरकार ने बाल श्रम निषेध अधिनियम 1986 लागू किया ... इसके बाद भी कई जगहों पर बच्चे बाल मजदूरी करते हुए नज़र आते है ... तो ऐसे मे हमें इसे नज़रअंदाज़ न करते हुए चाइल्ड लाइन नंबर 1098 पर तुरंत कॉल करके इसकी जानकारी देना है ... क्योंकि बदलाव हमसे ही शुरू होता है ... केवल कानून बनाना काफी नहीं है ... ज़रुरत है समाज को भी जागरूक बनाने की ...
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एक दो तीन चार पांच...और गिनती आगे बढ़ती ही चली गई ...एक के बाद एक इ रिक्शा आता रहा रिक्शा चालक स्कूली बच्चों को इ रिक्शा में बिठाता रहा और आगे बढ़ता रहा ...ना आँखों में प्रसाशन का खौफ ना किसी कार्रवाई का डर और न ही स्कूल के इन बच्चों की कोई फ़िक्र...भोपाल की सड़कों में दौड़ते ये इ रिक्शा बता रहे हैं कि जिला प्रशासन का आदेश सिर्फ कागजी बन कर रह गया है ... प्रशासन का आदेश तो ये था कि 21 जुलाई से कोई इ रिक्शा चालक किसी स्कूली छात्र छात्रा को इ रिक्शा में नहीं बिठाएगा वरना कार्रवाई होगी।... कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने खुद कहा था कि इ रिक्शा का डिज़ाइन कुछ ऐसा है कि कभी भी दुर्घटना हो सकती है और स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के लिए ये बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है...बात सही भी है इ रिक्शा का ढांचा कमजोर ही इतना होता है कि एक छोटा सा गड्डा या मोड़ इसका संतुलन बिगाड़ सकता है और हादसा हो सकता है... न बेल्ट न दुसरे सेफ्टी फीचर ऊपर से तय सीमा से अधिक सवारी बिठाना आम बात हो गई है... आज आप इन तस्वीरों को गौर से देख लीजिये कि कैसे इन मासूम बच्चो की सुरक्षा से खिलवाड़ हो रहा है और कोई भी समझाइश देता दूर दूर तक नज़र नहीं आ रहा है...दखल न्यूज़ के कैमरा में कैद ये तस्वीरें बता रही है कि प्रशासन के आदेश की धज्जिया भोपाल में उड़ रही है..आज चाहे प्रशासन हो या इ रिक्शा चालक हो उन्हें बच्चो के मां बाप की बातें ज़रूर सुन्ना चाहिए कि कैसे उन्हें अपने बच्चों की फ़िक्र होती है...तो कोई कह रहा है प्रशासन फ़ैल हो रहा है ... तो किसी का कहना कि क्या बड़े अधिकारीयों के बच्चे भी इ रिक्सा में सफर करेंगे... ये कहना अब सही ही होगा कि भोपाल की सड़को में इ रिक्सा कलेक्टर के आर्डर से भी तेज भाग रहा है राजधानी के जिन 12 रुट पर इ रिक्सा को बैन कर दिया गया है उन रुट पर भी ई रिक्सा धड्ड्ले से दौड़ रहे हैं ... ना कोई रोक टोक न कोई समझाइश न ही कोई कार्रवाई... जिला प्रशासन का आदेश महज कुछ दिनों में ही दम तोड़ता नजर आ रहा है ... राजभवन से पॉलीटेक्निक चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहे से स्टेट हेंगर, बोट क्लब, हमीदिया रोड अल्पना से भोपाल टॉकीज, अपैक्स बैंक से रोशनपुरा, लिंक रोड 1 बोर्ड ऑफिस से अपैक्स बैंक तक , काटजू अस्पताल से रंगमहल तिराहा तक , वनदे मातरम से 10 नंबर स्टॉप तक, 10 नंबर से नेशनल अस्पताल तक, 10 से साढ़े 10 नंबर तक, सेंटर पॉइंट से रोशनपुरा तक , जीजी फ्लाईओवर, ये वो रुट है जहां इ रिक्सा को प्रतिबधित किया गया है, लोगों को लगा था कि इससे ट्रैफिक से निजात मिलेगी ...बिन लाइसेंस वाले इ रिक्शा चालकों पर करवाई होगी, नियम की धज्जियाँ उड़ने वालो को प्रशासन ,का डर लगेगा हालाकिं हमारे कैमरा की नज़रों में ऐसा कुछ भी नहीं नज़र आया ... बैन हुए रुट पर कई इ रिक्सा दौड़ते ही नज़र आये... अब देखना है कि प्रशासन कब तक समझाइश ही देता रहता है और कब नियम तोड़ने वाले इ रिक्सा चालकों पर कार्रवाई करेगा ...कार्रवाई जल्द करनी होगी इससे पहले कि कोई दुर्घटना हो जाये... पर हम आपको ज़मीनी हकीकत दिखाते रहेंगे और जरुरी सवाल भी करते रहेंगे...क्योंकि ज़रूरी है आपको वो सच दिखाया जाये जो कागज पर नहीं जमीन पर है...
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सतना जिले के मैहर में BSNL की जर्जर दीवार गिरने से एक 16 साल की लड़की की दर्दनाक मौत हो गई....हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क पर उतरकर इंसाफ की मांग की है। मैहर नगर के वार्ड नंबर 14 में BSNL ऑफिस की पुरानी बाउंड्रीवाल अचानक गिर गई.... मलबे के नीचे दबकर 16 साल की मुस्कान वासुदेव की मौके पर ही मौत हो गई.... साथ ही एक गाय भी इस हादसे में मारी गई.... इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा....परिजनों ने पोस्टमार्टम से साफ इनकार कर दिया.... और कहा कि जब तक FIR दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता.... तब तक शव नहीं उठेगा.... विधायक और कांग्रेस के कई नेता मौके पर पहुंचे, ....लेकिन जनता ने साफ कहा कि मुआवज़े से नहीं.... सज़ा से मिलेगा इंसाफ.... प्रशासन की लापरवाही और अफसरों की गैरमौजूदगी ने लोगों का भरोसा तोड़ा है.... अब सवाल यही है ....कि क्या मुस्कान को इंसाफ मिलेगा या ये मामला भी दबा दिया जाएगा....
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ओंकारेश्वर की धरती…. जो भक्ति और अध्यात्म की प्रतीक मानी जाती है….वहां से एक ऐसी घटना सामने आई है…. जिसने सबको हैरान कर दिया…. पुलिस की छापेमारी में सांसद प्रतिनिधि…. भाजपा पार्षद का पति और युवा मोर्चा अध्यक्ष सहित कई लोग जुआ खेलते पकड़े गए…., जहां मौके से लाखों रुपये का सामान और नकदी बरामद की गई….अब सवाल ये है कि जो पार्टी खुद को मर्यादा और अनुशासन की मिसाल बताती है, …. अगर उसके ही नेता इस तरह की गतिविधियों में शामिल पाए जाएं…., तो जनता किस पर भरोसा करे…. क्या ये वही "सबका साथ, सबका विकास" है, ….या सत्ता की आड़ में नैतिकता को दरकिनार करने का नया तरीका है
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थाना गोदन में पदस्थ ASI ने थाना परिसर में बने ........ शासकीय क्वाटर में मंगलवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ........ दरअसल मामला दतिया जिले के गोंदन थाना में पदस्थ ......... ASI प्रमोद पावन से जुड़ा हुआ है .........उन्होंने मंगलवार सुबह फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली ..... उनका शव कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया .........ASI ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो भी जारी किया .......... जिसमे उन्होंने थाना प्रभारी अरविंद भदौरिया, थरेट थाना प्रभारी अनफासुल हसन, .......... गोदन थाने के ड्राइवर रूपनारायण यादव और रेत माफिया बबलू यादव पर .......... मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं...........वीडियो में प्रमोद ने कहा कि उन्हें पिछले 15 दिनों से........... थाने से बाहर नहीं जाने दिया गया और ..........लगातार जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया जा रहा था ..........मौके पर पहुँची पुलिस व एफएसएल टीम ने जांच शुरू कर दी ..........वही परिजनों ने वरिष्ठ अधिकारियों से दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.......
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बरसात के मौसम में नदी नालों का जलस्तर बढ़ने से .......मगरमच्छ नदी नालों से निकल कर .......आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच रहे हैं....... इसके चलते वन विभाग द्वारा लोगो को सतर्क रहने के लिए कहा गया है ....... खटीमा में लगातार हो रही बारिश और नदी नालों के उफान पर होने से ...... जगह-जगह मगरमच्छ निकलने की घटनाएं बढ़ती जा रही है.........जिससे वहा रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है ........ वे घरों से निकलने से डर रहे है... लोगों में मगरमच्छ द्वारा जनहानि होने का भय बना हुआ है ......... इसी बीच आई टी आई के समीप नाले के किनारे भी ..... कई मगरमच्छ है जिन्हें पकड़ कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ने की मांग की गई ........ तो वही शनिवार देर शाम इस्लामनगर में ........ नाले के समीप लगी आबादी के पास ........ मगरमच्छ निकलने से हड़कंप मच गया........ वन विभाग को इसकी सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू चलाया गया और ....... मगरमछ को पकड़कर उसके प्राकृतिक आवास मे छोड़ दिया गया .... इस दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई थी ......
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मध्यप्रदेश की राजधानी से सटा हुआ एक गावं ऐसा भी हैं जहाँ सड़क नहीं हैं ..... बार – बार ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारी व नेताओं से मिन्नते भी करते हैं मगर इन ग्रामीणों की कही सुनवाई नहीं हुई .... सड़क की गुहार लगते हुए ग्राम खेड़ापूरा के ग्रामीणों का गुस्सा फुट पड़ा .... और vo धरने पर बैठ गए .... चार दिन से गांव के धरना दे रहे थे .... चार दिन बाद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारीयों ने सुध ली और गांव पहुंचे मगर सिवाए आश्वासन के कुछ नहीं दिया .... सड़क अभी भी कोसों दूर है .... शासकीय अधिकारियों को ज्ञापन भी दिए क्षेत्रीय विधायक को भी अवगत कराया लेकिन विडंबना ये हैं की आजादी के बाद से आज तक गांव खेड़ा पूरा के लोगों को आज तक पक्की सड़क नहीं मिल पाई हैं .... गांव के लोगों का कहना है कि हमारे गांव को आज तक गांव का दर्जा भी नहीं दिया गया है .... नगर परिषद जावर के पूर्व अध्यक्ष शैलेश कुमार वैद्य को यह बात पता चली तो वहां गांव के लोगों के बीच पहुंचे एवं गांव के लोगों से चर्चा की तथा गांव के लोगों के साथ ही धरने पर बैठे गए .... सभी ग्राम वासियों ने गांव पदयात्रा निकाली और जावर तहसील पहुंचें ... पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेश ने नेतृत्व किया ग्रामीणों के साथ युवा नेता जीवन राज द्रविड़ ने मोर्चा संभाला .... गांव के लोगों का दर्द बताने पैदल निकल पड़े .... जैसे ही यह बात विभिन्न पार्टियों एवं संगठनों को पता चली तो कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष कमल सिंह पहलवान, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद सिंह ठाकुर युवा नेता शैलेंद्र बावड़ी करणी सेना अध्यक्ष अंकुश ठाकुर समाजसेवी राजेंद् टगर भी विरोध प्रदर्शन में जुड़ गए .... सड़क न होने के मामले को सभी ने मुखर होकर प्रशासन को अवगत करया .... यात्रा के दौरान रोचका नजारा देखने को मिला जहाँ .... तहसील कार्यालय के रास्ते में आष्टा जनपद सीईओ एवं पंचायत सेक्रेटरी गांव के लोगों से आग्रह करते दिखे .... की हम जल्दी ही रोड पर चुरी और मोरम डलवाएंगे परंतु ग्रामीण बहुत भारी संख्या में थे गांव के महिला बुजुर्ग के साथ-साथ छोटे बच्चे भी पैदल चल रहे थे उन सभी ने अधिकारियों को तहसील आने का कहा .... और वहीं पर निराकरण करने की बात कही .... नारे लगाते हुए सभी लोग तहसील कार्यालय जावर पहुंचे .... तहसील के बाहर इतनी भारी संख्या में ग्रामीणों को देखकर तहसीलदार जावर ओम प्रकाश चोरमा ने उनके दर्द को समझा तथा प्रधानमंत्री सड़क योजना की अधिकारी अवस्थी को तत्काल टेंडर करवा कर सड़क कार्य प्रारंभ करवाने का कहा .... एसडीएम आष्टा नितिन टाले ने बहुत ही सख्त लहजे में जिम्मेदार अधिकारियों को मोबाइल पर फटकार लगाई और खेड़ापुरा के ग्रामीणों को वादा किया कि 2 दिन के अंदर अंदर ग्राम खेड़ापूरा मै मोरम तथा गिट्टी चुरी का कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा .... एसडीएम आष्टा के आश्वासन पर 2 दिन के लिए धरने को स्थगित किया गया .... ग्रामीणों ने कहा कि यदि दो दिन के अंदर कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो वह दो दिन बाद गुरुवार को पुनः तहसील जावर के सामने आकर बैठ जाएंगे
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कुमाऊं डेयरी नाम से चल रही......मिठाई की दुकान में एक्सपायरी मिठाई बेचने का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया......लोगों ने इसकी शिकायत खाद्य सुरक्षा विभाग से की......जिसके बाद विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की और बड़ी मात्रा में एक्सपायरी मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री जब्त की है ...... खटीमा नगर की मिठाई की दुकान में उस समय हड़कंप मच गया जब एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा कुमाऊं स्वीट्स से खरीदी गई मिठाई में फबूंदी और बदबू पाई गई...... जैसे ही व्यक्ति ने मिठाई का डब्बा घर पर खोला, उसमें से तेज दुर्गंध आई... और जब वह शिकायत लेकर दुकान पर पहुँचा .. .. तो मिठाई में फफूंदी देखकर विवाद शुरू हो गया.... दुकानदार एक समुदाय विशेष से संबंधित बताया जा रहा है... जिसकी खटीमा में कुमाऊं डेयरी नाम से कई दुकानें हैं.... मौके पर पहुँची खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने जांच के दौरान बड़ी मात्रा में कई खाद्य पदार्थ एक्सपायरी पाए..... बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए दुकानदार पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.... तहसीलदार और खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि सैंपल लिए गए हैं और जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
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उत्तर प्रदेश के आगरा से अवैध धर्मांतरण के बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है..... पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है..... आरोपी से मिली चौंकाने वाली जानकारी ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है..... दिल्ली के मुस्तफाबाद से पकड़े गए अब्दुल रहमान के पास से धर्मांतरण से जुड़ी कई आपत्तिजनक किताबें बरामद की गई हैं..... पुलिस को उसी घर से एक युवती भी मिली है, .....जो नवंबर में हरियाणा के रोहतक से लापता हुई थी.....अब्दुल रहमान यूपी के चर्चित धर्मांतरण गैंग की कमान कलीम सिद्दिकी के जेल जाने के बाद संभाल रहा था.....उसके यूट्यूब चैनल ‘द सुन्नाह’ पर 1.69 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, .....और इस चैनल के जरिए वह इंग्लिश में कट्टर विचारधाराएं फैला रहा था..... पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हिंदू लड़कियों को इस्लामिक वीडियो दिखाकर प्रभावित किया जाता था..... चैनल पर 1500 से अधिक वीडियो अपलोड हैं....., जिनमें धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने वाला कंटेंट शामिल है..... आरोपी सिर्फ 12वीं फेल है, लेकिन अंग्रेजी में धाराप्रवाह भाषण देकर युवाओं को बहकाता था.....आगरा में जूता कारोबारी की दो पढ़ी-लिखी बहनों को फंसाकर उनके नाम बदलवा दिए..... चार महीने की छानबीन के बाद पुलिस ने इन दोनों बहनों को भी सकुशल बरामद कर लिया..... अब तक इस गैंग के 11 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और जांच का दायरा कई राज्यों तक फैल गया है.....
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संत शरीर आश्रम के प्रमुख संत कमलेश बब्बा जू के निधन के बाद उनकी समाधि बनाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया..... महावीर मंदिर समिति ने समाधी बनाने को लेकर आपत्ति जताई है छतरपुर के संत शरीर आश्रम के प्रमुख संत कमलेश बब्बा जू का निधन हो गया.... संत के निधन के बाद जब उनकी समाधि आश्रम में बनाने की बात सामने आई..... तो पास के महावीर मंदिर समिति ने इस पर आपत्ति जताई ...जिस कारण समाधि को लेकर विवाद खड़ा हो गया..... विवाद की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन, पुलिस, साधु-संतों के साथ स्थानीय विधायक ललिता यादव मौके पर पहुंचीं..... लंबी बातचीत के बाद बैठक में तय हुआ कि संत कमलेश बब्बा जू का समाधी आश्रम में ही बनेगी
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जबलपुर । मणिपुर-त्रिपुरा कैडर के 2001 बैच के आईएएस अधिकारी मोहनलाल मीणा की याचिका पर जबलपुर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार के निर्णय को यथावत रखा। कोर्ट ने उनकी मणिपुर में जान को खतरा बताने वाली याचिका को खारिज कर दिया। 2020 की इंटेलिजेंस रिपोर्ट के आधार पर स्थायी ट्रांसफर की मांग को स्वीकार नहीं किया गया। मणिपुर में जान के खतरे के चलते मध्य प्रदेश अस्थाई नियुक्ति पर एमपी भेजे गए आईएएस मीणा को कोर्ट ने कहा कि 18 साल बाद हालात बदल चुके हैं और बिना अनुमति मध्य प्रदेश में बने रहना अनुशासनहीनता है।याचिकाकर्ता का आरोप था कि 28 और 30 जनवरी 2006 को उन पर जानलेवा हमला हुआ, जिसके बाद उन्होंने 15 फरवरी 2006 को केंद्र सरकार से मणिपुर छोड़कर किसी अन्य राज्य में ट्रांसफर की मांग की। उन्होंने नागालैंड को छोड़कर किसी भी राज्य में नौकरी स्वीकार्य करना बताया था।उल्लेखनीय है कि 2006 में केंद्र सरकार ने सुरक्षा एजेंसियों से रिपोर्ट मंगाई थी, जिसमें यह माना गया कि मीणा को मणिपुर में खतरा है, लेकिन यह भी कहा गया कि ऐसे सामान्य खतरों को आधार बनाकर कैडर ट्रांसफर की अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बावजूद, 2010 में उन्हें तीन साल के लिए मध्य प्रदेश कैडर में प्रतिनियुक्त किया गया। यह प्रतिनियुक्ति 2013 में समाप्त हो गई, लेकिन मीणा कैट (सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल) और हाईकोर्ट के विभिन्न आदेशों के सहारे मध्य प्रदेश में बने रहे।केंद्र सरकार ने जुलाई 2020 को स्पष्ट रूप से उनके ट्रांसफर अनुरोध को खारिज कर दिया। इस आदेश को भी मीणा ने कैट में चुनौती दी, जिसे 2021 में खारिज कर दिया गया। इसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।कोर्ट ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि 2021 में कैट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद भी मीणा चार साल से बिना किसी कानूनी या प्रशासनिक आदेश के मध्य प्रदेश में जमे हुए हैं। उन्हें न तो निलंबित किया गया और न ही अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई, जो यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार में उनके "ऊंचे संपर्क" हैं। यह स्थिति प्रशासनिक अराजकता को जन्म देती है।याचिकाकर्ता को किसी भी प्रकार की स्थगन या अंतरिम राहत नहीं मिली है इसलिए अब आईएएस मीणा को मणिपुर वापस लौटना होगा।
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रामनगर में संदीपनी स्कूल के भवन निर्माण को लेकर स्थानीय लोग प्रदर्शन कर रहे है ... लोगों का कहना है की अगर उनकी बात नहीं सुनी गई तो वो प्रदर्शन और तेज़ करेंगे मैहर के रामनगर में संदीपनी स्कूल के भवन निर्माण को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है ... स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया...... उनका कहना है कि पहले से बने दो करोड़ की लागत वाले भवन को गिराकर उसी जगह पर दूसरा भवन बनाया जा रहा है .. जबकि प्रशासन के पास विकल्प के तौर पर और भी जमीन मौजूद है..... जहाँ छात्रों की जरूरतों के मुताबिक खेल स्टेडियम जैसी सुविधाएं बनाई जा सकती हैं ... जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से 15 दिन का समय मांगा है ... उनका कहना है की वो लोग मुख्यमंत्री से इस विषय पर बात करेंगे ...और अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई.... तो वो प्रदर्शन तेज़ करंगे
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छतरपुर के सीएम राइज स्कूल से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया था.....जहां कुछ दिन पहले स्कूल के शौचालयों में सीसीटीवी कैमरे लगे होने का वीडियो वायरल हुआ था .....जिसके बाद प्रशासन ने प्राचार्य राजेंद्र ताम्रकार को निलंबित कर..... जांच के आदेश दिए थे..... जांच में खुलासा हुआ कि ग्राउंड फ्लोर और फ़ास्ट फ्लोर के टॉयलेट्स में कैमरे लगे थे.....लेकिन एक की वायरिंग टूटी हुई थी.....जबकि दूसरा कैमरा चल रहा था .....प्राचार्य कक्ष में लगी एलसीडी स्क्रीन पर स्कूल के 16 कैमरों की फीड चल रही थी.....पर टॉयलेट के कैमरों की फीड नहीं दिखाई जा रही थी.....अब अपने बचाव में प्राचार्य ने कहा है कि कैमरे केवल छात्र-छात्राओं को डराने के लिए लगाए गए थे.....और शौचालय के कमरे में रिकॉर्डर भी अटैच नहीं था....
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ग्वालियर में चल रहे नशे से दूरी है ज़रूरी अभियान के तहत ..... कोतवाली थाना पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए.....नया बाजार स्थित किड्स कॉर्नर स्कूल में नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया.....थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा और उनकी टीम ने छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों पर आधारित शॉर्ट फिल्म दिखाई..... और बच्चों को हेल्पलाइन नंबर 14446 की जानकारी दी..... कार्यक्रम में सभी को नशा न करने और दूसरों को भी रोकने की शपथ दिलाई गई..... इस मौके पर पुलिस टीम के साथ स्कूल स्टाफ और लगभग 100 छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.....ये पहल नशा मुक्त समाज की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है.....
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प्रदेश में एक के बाद एक घोटालों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.....शहडोल के ड्राई फ्रूट घोटाले की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि.... मऊगंज से गद्दा-चद्दर घोटाला सामने आया है.....जल गंगा संवर्धन अभियान के नाम पर महज़ 40 मिनट के कार्यक्रम में 10 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है ..... सबसे हैरान करने वाली बात तो ये है की गद्दे और चादरें बिजली की दुकान से किराए पर ली गईं....... मऊगंज जनपद के खैरा ग्राम में 17 अप्रैल को आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के कार्यक्रम में भ्रष्टाचार की परतें एक-एक कर खुल रही हैं.....प्रशासनिक दस्तावेजों के मुताबिक पूरे आयोजन का भुगतान प्रदीप इंटरप्राइजेज नाम की एक दुकान को किया गया है ..... बिजली की दुकान के नाम पर किराना, टेंट, मिठाई, लाइट, चाय-नाश्ता और पानी तक के बिल बना दिए गए है ..... पर क्षेत्र में इस नाम की कोई दुकान मौजूद ही नहीं है..... कार्यक्रम में मौजूद जनपद अध्यक्ष नीलम सिंह ने बताया की उन्हें बैठने के लिए ना तो मंच मिला.....ना ही पीने का पानी..... ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें टैंकर का गंदा पानी दिया गया..... और नाश्ता तो हुआ ही नहीं..... फिर लाखों के बिल आखिर किसके लिए बने..... यह पूरा मामला एक सुनियोजित घोटाले की तरफ साफ इशारा करता है.....
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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और आरएसएस कार्यकर्ताओं के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कार्टून अपलोड करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय के खिलाफ कोई भी निरोधात्मक कार्रवाई करने पर रोक लगा दी है। जस्टिस सुधांशु धुलिया की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि अगर हेमंत मालवीय आगे कोई अपमानजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर अपलोड करेंगे तो पुलिस कानून के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगी।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि लोग किसी को भी कुछ भी कह देते हैं। 14 जुलाई को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हेमंत मालवीय को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हेमंत मालवीय से पूछा था कि आप ये सब क्यों करते हैं। तब हेमंत के वकील वृंदा ग्रोवर ने कहा था कि ये कार्टून 2021 में कोरोना काल के दौरान की है। उन्होंने कहा था कि भले ही इस कार्टून को सही नहीं ठहराया जा सकता है लेकिन क्या ये एक अपराध है। कोर्ट कह चुका है कि कार्टून भले आक्रामक हो लेकिन ये अपराध नहीं हो सकता। कोर्ट को कानून के मुताबिक काम करना है। तब मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश एएसजी केएम नटराज ने कहा था कि ऐसी चीजें लगातार हो रही हैं। तब ग्रोवर ने कहा था कि कार्टून से कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति कभी नहीं आई। सवाल निजी स्वतंत्रता का है कि क्या इसमें गिरफ्तार करने और हिरासत में रखने की जरुरत है।मालवीय ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 3 जुलाई को अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि ये अभिव्यक्ति की आजादी का घोर दुरुपयोग है। ग्रोवर ने कोर्ट से कहा था कि मालवीय का कार्टून 2021 का कोरोना के समय का है। ग्रोवर ने कहा था कि हाई कोर्ट ने कार्टूनिस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि इस अपराध के तहत भारतीय न्याय संहिता में अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है।मालवीय के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया पुलिस थाने में आरएसएस के स्थानीय कार्यकर्ता और वकील विनय जोशी ने एफआईआर दर्ज करवायी थी। एफआईआर में मालवीय के खिलाफ हिन्दुओं की भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश का आरोप लगाया गया है।
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नई दिल्ली/मुंबई । मुंबई में भारी बारिश के कारण इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर ने कई उड़ानों में अस्थायी व्यवधान के कारण यात्रा परामर्श जारी किया है। मुंबई में भारी बारिश के चलते मौसम विभाग (आईएमडी) ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर ने मंगलवार को जारी बयान में भारी बारिश के बीच उड़ानें बाधित होने के कारण यात्रा परामर्श जारी किया है। मौसम विभाग ने मुंबई में भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया हुआ है। आईएमडी के मुताबिक अगले कुछ घंटों में मुंबई और ठाणे में मध्यम बारिश के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है। एयरलाइंस कंपनियों ने भारी बारिश की संभावना के बीच यात्रियों को उड़ानों में देरी की चेतावनी और यात्रा संबंधी सलाह जारी की है। इंडिगो ने जारी बयान में बताया है कि मुंबई में भारी बारिश के कारण कई उड़ानों में अस्थायी व्यवधान के कारण यात्रा संबंधी अपनी सलाह जारी की गई है। एयरलाइन ने कहा है कि आज, 15 जुलाई को उड़ान भरने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे संभावित देरी का अनुमान लगाएं और अपनी यात्रा के लिए अतिरिक्त समय का ध्यान रखें, क्योंकि खराब मौसम के कारण सड़क यातायात सामान्य से धीमी गति से चल रहा है। इंडिगो ने बताया कि वे स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि उड़ानें जल्द से जल्द सामान्य रूप से फिर से शुरू हो जाएं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे पर जाने से पहले इंडिगो एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर अपनी उड़ान की स्थिति की जांच जरूर कर लें।
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रायपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को जल जीवन मिशन को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। विपक्षी विधायकों ने मंत्री अरुण साव के जवाब से असंतुष्ट होकर नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट भी किया ।प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योजना के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार केवल आंकड़ों का भ्रम फैलाकर असल तस्वीर छुपा रही है।पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने योजना के क्रियान्वयन को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछे और खर्च की गई राशि व लक्ष्यों की उपलब्धि पर संदेह जताया।भूपेश बघेल ने पूछा कि वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के दौरान जल जीवन मिशन के तहत कितनी राशि खर्च की गई और कितने घरों तक वास्तव में नल से जल पहुंचाया गया? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई जिलों में योजना के तहत बहुत कम खर्च हुआ और अपेक्षाकृत कम घरों में पानी पहुंच पाया है।डिप्टी सीएम और जल संसाधन मंत्री अरुण साव ने पलटवार करते हुए कहा कि अब तक ₹15,045 करोड़ यानी कुल 57फीसदी राशि खर्च की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि राज्य के 31,16,398 घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है, और 3,836 गांवों में शत-प्रतिशत जलापूर्ति की गई है। साव ने यह भी जोड़ा कि राशि का वितरण जिलों की प्रगति के आधार पर किया जाता है।मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भूपेश बघेल ने कटाक्ष करते हुए कहा कि “डबल इंजन की सरकार” ने अब तक केवल 10 लाख घरों में ही नल से जल पहुंचाया है, जबकि केवल आंकड़े दिखाकर उपलब्धियों का भ्रम पैदा किया जा रहा है।मंत्री के जवाब से असंतुष्ट भूपेश बघेल ने तंज कसते हुए कहा, “हमारी सरकार ने 21 लाख घरों में जल पहुंचाया था, जबकि डबल इंजन की सरकार दो साल में केवल 10 लाख जोड़ पाई है। क्या यही गति है?” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार बिना पानी के नल लगाकर सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है।इस बहस के दौरान विपक्षी विधायकों ने सरकार पर “आंकड़ों की बाजीगरी” करने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 74 प्रतिशत कार्य पूरा किया गया था, जबकि वर्तमान सरकार ने 20 महीनों में केवल 7 प्रतिशत कार्य किया है।जल जीवन मिशन मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी हुई।भारी हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा. डॉ. रमन सिंह ने कहा, प्रश्नकाल को बाधित नहीं किया जाता।आसंदी की मर्यादा का ध्यान रखें। प्रश्नकाल में हंगामा करना उचित नहीं है. पूरा देश छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही को देखता है। सदस्यों को आपस में देखकर बात नहीं करनी चाहिए. आसंदी की ओर देख कर बात करनी चाहिए। आसंदी की मर्यादाओं का पालन हम सभी को करना होगा।नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में योजना का 74प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, जबकि मौजूदा सरकार ने 20 महीनों में महज 7 प्रतिशत प्रगति दिखाई है। उन्होंने कहा कि मंत्री का जवाब भ्रामक और तथ्यों से परे है। इसके बाद विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन का वॉकआउट कर दिया।
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रायपुर । विधानसभा में सोमवार को मानसून सत्र में प्रश्नकाल के दौरान पूर्व मंत्री एवं भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने यूजीसी के नियमों को दरकिनार कर बस्तर के महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों में हुई गड़बड़ियों का मामला उठाया। जिसका लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव ने कहा कि, मामले की जांच चल रही है इसके लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है समिति की रिपोर्ट आने पर कार्यवाही की जाएगी । उल्लेखनीय है कि वर्तमान में उच्च शिक्षा मंत्री का प्रभार मुख्यमंत्री के पास ही है।प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर के प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि, विभाग में 59 शैक्षणिक पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। दौरान यूजीसी नियमावली -2018 में उल्लेखित नियमों के तहत भर्ती के नियमों को रखा गया है। यह भी बताया कि विज्ञापित 10 में से 8 विभागों में भर्ती की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। शेष दो विभागों में आवेदन न आने और उपयुक्त अभ्यर्थी न मिलने के कारण भर्ती नहीं की गई है।इसकेलिए समय सीमा बतायाजाना संभव नहीं है। पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा कि, भर्ती में न तो आरक्षण का पालन किया गया है और न ही यूजीसी के नियमों को ध्यान में रखा गया है ।मनमानी भर्ती हुई है।उन्होंने कहा कि 40 साल, 54 साल, 48 साल और एक 42 साल के उत्तर प्रदेश के आदमी को नौकरी पर रखा गया है ।उन्होंने कहा कि शहीद महेंद्र कर्मा राजकीय विश्वविद्यालय है वहां आरक्षण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि अतिरिक्त संचालक डॉ एस पी खैरवार की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। रिपोर्ट आने के बाद इस पर कार्यवाही की जाएगी।
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दो राज्यों को जोड़ने वाली सड़को की हालत दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है..... लेकिन प्रशासन है कि आखा बंद कर बैठा है.... बारिश से सड़कों पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं कि सड़क और गड्ढे का फर्क समझना मुश्किल हो गया है...... पर NH विभाग को कोई चिंता नहीं है.... जबकि इस सड़क दुरुस्ती की जिम्मेदारी दो साल पहले ही नेशनल हाईवे को सौंप दी गई थी.... उधम सिंह नगर के सीमांत खटीमा से गुजरने वाला खटीमा-मझोला और खटीमा-पीलीभीत मार्ग इन दिनों बदहाली का शिकार है.... जहाँ हर दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है.... सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव ने स्थिति को और भी खतरनाक बना दिया है.... यह सड़क दो राज्यों को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क है.... जिसकी जिम्मेदारी करीब दो साल पहले नेशनल हाईवे विभाग को सौंपी गई थी .... लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के चलते आज तक कोई ठोस मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है.... स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश के दौरान सड़क और गड्ढों का फर्क करना मुश्किल हो जाता है....जिससे लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं....इस पूरे मामले पर क्षेत्रीय विधायक भुवन कापड़ी ने बताया कि NH विभाग को सड़क की स्थिति से अवगत कराया गया है.... और करीब 35 करोड़ का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है.... साथ ही उन्होंने अधिकारियों से यह भी आग्रह किया है.... की बरसात के दौरान गड्ढों को अस्थायी रूप से भरवाया जाए ताकि लोगों को आवाजाही में परेशानी न हो....
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करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर की गिरफ्तारी के विरोध की आग अब पूरे मालवा क्षेत्र में फैल चुकी है..... इसके खिलाफ करणी सेना कार्यकर्ताओं ने कई प्रमुख मार्गों पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया है.....हालात बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.....वहीं तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए देवास एसपी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है..... हरदा में करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर पर हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी के बाद मालवा क्षेत्र में आक्रोश की लहर दौड़ गई है..... इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग, देवास-भोपाल मार्ग, खातेगांव-सतवास और अजनास रोड जैसे प्रमुख रास्तों पर करणी सेना कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया..... प्रदर्शन के उग्र होते ही देवास में पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए..... लाठीचार्ज करना पड़ा..... कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हरदा में न्याय की मांग करने पर पहले सुनील सिंह राजपूत को पीटा गया..... और जब जीवन सिंह शेरपुर समर्थन में पहुंचे तो उनके साथ भी बर्बरता हुई.....पुलिस ने उन पर आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठियों का इस्तेमाल कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.....वहीं देवास एसपी ने तनावपूर्ण माहौल में जनता से शांति बनाए रखने की अपील की है.....
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ऐसी क्या वजह रही होगी की युवक अपने हसते खेलते परिवार में बीवी और छोटे से बच्चें को छोड़ कर ट्रांसजेंडर बनाने का फैसला लिया और वो इसके लिए अपनी बीवी को तलत देने के लिए तैयार हो गया कुछ साल पहले ग्वालियर की युवती की शादी राजस्थान के युवक से हुई थी ...... शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया.... 2021 में पत्नी ने बेटे को जन्म दिया था ... लेकिन बढ़ते तनाव के कारण वह अपने मायके ग्वालियर लौट आई .... और पति से अलग रहने लगी ... अब दोनों ने आपसी सहमति से तलाक का फैसला लिया है.... सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पति तलाक के बाद मेडिकल ट्रीटमेंट से ट्रांसजेंडर बनना चाहता है.... और समलैंगिक जीवन जीने की इच्छा रखता है... आपको बता दे की भारत में ट्रांसजेंडर बनने के लिए.... आपको ट्रांसजेंडर अधिनियम 2019 के तहत पहचान प्रमाण पत्र बनवाना होगा ..... इसके लिए आपको जिला मजिस्ट्रेट के पास आवेदन करना पड़ेगा ... जिसमें लिखित बयान ,आवेदन पत्र और मनोवैज्ञानिक रिपोर्ट शामिल होगी ...मेडिकल एक्सपर्ट का मानना है कि अचानक से किसी व्यक्ति के मन में ट्रांसजेंडर बनने से जुड़ी ख्याल का जन्म लेना.... जेंडर आईडेंटिटी डिसऑर्डर हो सकता है..... जो की एक मानसिक बीमारी होती है.... इसमें शरीर तो आदमी का होता है लेकिन मन महिलाओं जैसा हो जाता है.....
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नगर निगम प्रशासन ने आखिरकार सड़कों पर बढ़ते अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है… बार-बार चेतावनी के बावजूद ठेले और वाहन खड़े करने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए..... नगर निगम और यातायात विभाग ने वाहन और ठेलो को जब्त किया … अब ये कार्रवाई शहरभर में चर्चा का विषय बनी हुई है… सिंगरौली के माजन मोड़ से लेकर विंध्यनगर तक नगर निगम आयुक्त डीके शर्मा और यातायात प्रभारी दीपेंद्र सिंह कुशवाहा ने मिलकर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है.....दरअसल स्थानीय लोगों की ओर से प्रशासन को लगातार शिकायत मिल रही थी..... कि सड़क किनारे खड़ी बड़ी गाड़ियों के कारण यातायात बाधित हो रहा है..... और आम जनता को परेशानी हो रही है.....शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए..... प्रशासन हरकत में आया और मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण को हटवाया गया.....हालांकि अब बड़ा सवाल ये है कि जिन लोगों ने अतिक्रमण किया था..... अगर वो दोबारा कब्जा करते हैं..... तो प्रशासन क्या कार्रवाई करता है....
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शक ऐसी बीमारी है जो इंसान को हैवान बना देती है...... लेकिन क्या कोई सोच सकता है की इसी शक के कारण पति अपनी पत्नी को तलवार से मारने की कोशिश करेगा ....और इतनी बेरहमी से हमला किया की तलवार उसके पैर मे फ़स गयी ग्वालियर से दिल दहला देना वाली घटना सामने आयी है.......जहाँ पति ने बड़ी ही क्रूरता से पत्नी पर.... एक नहीं पांच से छह बार तलवार से जानलेवा हमला कर दिया.......हमला इतना घातक था की तलवार सीधे उसके पैर मे घुस गयी........14 साल पहले हुई थी दोनों की शादी पर आये दिन दोनों के बीच बहस होती थी......... जिसके चलते अपने बच्चो के साथ पिछले छह महीने से सपना अलग किराये के कमरे में रहती थी......पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला की सपना का अलग रहकर आसानी से बच्चों का पालन पोषण करने पर ...... पति को उसके चरित्र पर शक था.......फिलहाल पत्नी की हालत गंभीर बताई जा रही है साथ ही पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। ....
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मध्य प्रदेश से लव जिहाद का मामला सामने आया है.... जहाँ एक युवक ने अपनी असली पहचान छुपाकर युवती से दोस्ती की, फिर शादी का झांसा देकर दो साल तक उसका दैहिक शोषण करता रहा। ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में युवक ने पहचान छुपाकर युवती से दोस्ती की और शादी का झांसा देकर दो साल तक उसका शोषण करता रहा.... आरोपी शान खान ने खुद को शान शर्मा बताया और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आया था.... दोनों लिव-इन में रह रहे थे, लेकिन शादी का दबाव बढ़ने पर आरोपी मारपीट करने लगा.... जब युवती को शान के शादीशुदा होने का पता चला.... , तो उसने विरोध किया, जिस पर आरोपी ने धर्म परिवर्तन की शर्त रखी.... पीड़िता ने बजरंग दल से मदद ली.... , जिसके बाद थाने में विरोध हुआ और पुलिस ने आरोपी पर बलात्कार और SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया.... आरोपी फिलहाल फरार है पुलिस तलाश कर रही है
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अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भदवा में हरिजन बस्ती के लोगों को... बारिश के पानी के करना परेशानी का सामना कारण पड़ रहा है .... हरिजन बस्ती में पानी निकलने का रास्ता राजमणि मिश्रा ने रोक दिया था ... इस वजह से साकेत समाज के कई परिवारों के घरों में बारिश का पानी भर गया ... पीड़ित परिवारों ने तुरंत इस घटना की जानकारी सरपंच और सचिव को दी, इसके अलावा 181 और 100 नंबर पर कॉल कर मदद की गुहार लगाई... , लेकिन कोई भी प्रशासनिक मदद नहीं पहुंची... पीड़ितों ने जब पानी निकासी के लिए खुद नाली बनाने की कोशिश की ... तो गांव के ही कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और धमकाया . ..... सुबह जब सरपंच श्यामवती रावत मौके पर पहुंचीं, ... तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा की मैं अंगूठा छाप हूं, और मेरे लिए काला अक्षर भैंस बराबर है... और बिना किसी समाधान के वो वापस लौट गईं..... पीड़ित परिवारों में काफी आक्रोश में है ....
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हल्द्वानी में हुई बैठक में ब्रिटिश कालीन नक्शों और अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों को.........अब डिजिटल रूप में संरक्षित करने के निर्देश दिए गए ...... कुमाऊँ मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने हल्द्वानी स्थित अपने कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक में कहा..........की ये नक्शे और दस्तावेज केवल ऐतिहासिक धरोहर ही नहीं है........ बल्कि वर्तमान शहरी नियोजन, भू-स्वामित्व, सीमा निर्धारण और विकास के कार्यो में भी आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करते है........इस बैठक के दौरान उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेजों के संरक्षण को लेकर भी आदेश दिए.........साथ ही उन्होंने इन दस्तावेजों को डिजिटल रूप में संरक्षित करने के निर्देश दिए जिससे की इनका लम्बे समय तक उपयोग हो सके..........दीपक रावत ने यह भी कहा कि कई पुराने नक्से जो वर्षों से अभिलेखागारों में धूल खा रहे हैं.......इनकी सूची तैयार करके शासन को भेजने के लिए कहा गया ....
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हरदा । हरदा जिले के आदिवासी बाहुल्य टिमरनी ब्लॉक अंतर्गत कॉलेज में पढ़ने वाली अनुसूचित जाति जन जाति की लड़कियों के लिए छात्रावास की सुविधा नहीं है। जिसके कारण किराये के मकान में रहकर उच्च शिक्षा की पढ़ाई करनी पड़ रही है। जयस शिक्षा प्रभरी रोहित कुमरे ने कहा कि गरीब और निर्धन आदिवासी दो से ढाई हजार रुपये में किराये से कमरे लेकर पढ़ने को मजबूर हैं। किराया देने में काफी दिक्कत होती है। खेती मजदूरी करके पालक बच्चों को पढ़ाते हैं। छात्रावास की सुविधा नहीं होने के कारण 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद होशियार लड़कियां तो पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। उच्च शिक्षा लेने की इच्छा तो रहती है किंतु किराया भड़ा सहित अन्य खर्चे को लेकर पढ़ाई करने की जो मन बनाती है उसको पीछे हटाना पड़ता है। लंबे समय से हो रही मांग - टिमरनी में पोस्ट मैट्रिक एससीएसटी छात्रावास खोलने की लंबे समय से मांग की जा रही है और कई दफे आश्वासन भी मिला किंतु उसे पर अमल नहीं किया गया जिसके कारण यह समस्या आज ही बनी हुई है। छात्रावास में रहने में किराया-भड़ा नहीं लगता है। कम खर्चे में आवास सुविधा और ट्यूशन आदि की सुविधा मिल जाती है। जिसके कारण गरीब पालकों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ता है। आसानी से पढ़ाई कर अपना भविष्य उज्ज्वल बना सकती हैं। पढ़ाई के साथ खेलने में आगे - आदिवासी क्षेत्र में तमाम प्रतिभएं छिपी हुई है। कबड्डी, खोखो, वॉलीबॉल, फुटबॉल आदि आउटडोर, इंडोर खेल में यहां लड़कियां आगे है। राज्य और राष्ट्रीय खेलों में भग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करके अपना तथा जिले का नाम रोशन कर चुकी है। बावजूद इसके छात्रावास खोलने में अनदेखी की जा रही है। जिसके कारण आज तक इस समस्या का समाधान नहीं हो पाया है । छात्रावास खुलने से पढ़ाई नहीं छोड़ेगी लड़कियां - कचनार निवासी छात्रा ने बताया कि छात्रावास खुलने से पढ़ाई में मदद मिलेगी। आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा। रंजना अनुसूईया कायदा और बोरपानी की निवासी है। कॉलेज में पढ़ने के लिए टिमरनी में किराये से कमरा लेना पड़ता है। दो ढाई हजार रुपये तक किराया लगता है। जिसको देना •ाारी पड़ता है। पिताजी कर्ज लेकर कभी-कभी किराया देते हैं। मजदूरी का काम नियमित नहीं मिल पाता है। जिसके कारण तमाम दिक्कतें होती है। जिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसके कारण यह समस्या लंबे समय से विद्यमान है। छात्रावास से पढ़ाई का स्तर और बेहतर होगा - छात्रावास खुलने से उच्च शिक्षा में पढ़ाई के स्तर में और बेहतर सुधार होगा। यह आवश्यकता सभी महसूस कर रहे हैं। इसलिए मांग की गई फिर भी उस तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नवागत जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, विधायक, सांसद से मांग की गई है कि कॉलेज में छात्रावास की समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्यवाही की जाये। विधायक, डॉ. आर.के. दोगने, का कहना है कि छात्रावास खुलवाने के संबंध में लगातार मांग की जा रही है, फिर भी इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है जो बेहद दुर्ग्यभा पूर्ण है ।विधानसभा सत्र के दौरान इस ज्वलन्त समस्या को उठाया जाएगा और कॉलेज की लड़कियों को छात्रावास की सुविधा दिलाने का प्रयास जारी रहेगा । हरदा जिला कलेक्टर, सिद्धार्थ जैन, का कहना है कि टिमरनी तहसील मुख्यालय में कॉलेज की लड़कियों को छात्रावास की सुविधा दिलाने की पहल की जाएगी।
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अंबिकापुर । मानसून के अनुकूल होने के साथ झमाझम वर्षा से उत्तर छत्तीसगढ़ में मक्का की बुआई में किसान पिछड़ गए है, वहीं टमाटर की नर्सरी भी गल कर नष्ट हो गई है। जानकारी अनुसार, मौजूदा समय में मक्का का लगभग 75 फीसदी रकबा खाली है। मक्का की बोनी के लिए उचित समय के निकल जाने के बाद किसान अब आशंकित है कि यदि इस समय मक्के की बोनी की जाए तो उपज होगी या नहीं। हालांकि अभी भी किसान इस उम्मीद में रिस्क उठा रहे हैं कि संभवतः 75 फीसदी भी उपज हो तो परिवार के लिए कुछ तो सहारा बनेगा। बताया जा रहा है कि, सरगुजा जिले में मक्का का लक्ष्य 23 हजार 315 हेक्टेयर है। जबकि अभी तक मात्र 8 हजार 112 हेक्टेयर में मक्का की बोनी हुई है। जबकि अभी भी 25 हजार 203 हेक्टेयर रकबा खाली है। किसानों ने कहा-इस बार आय होगी प्रभावित धौरपुर क्षेत्र के किसान मंगलुराम ने कहा कि, मक्का बुआई के सीजन में मूसलाधार वर्षा हो रही थी। बाड़ी में भी पानी भरा हुआ था। जिसके चलते मक्का की बुआई के लिए अनुकूल मौसम नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि वे एक सीजन में कम से कम डेढ़ लाख रुपये तक की मक्के से आय अर्जित कर लेते थे। यह आय सीधे तौर पर प्रभावित होगी। लोधिमा के किसान जयकुमार राजवाड़े ने कहा कि, उनका भी मक्के का रकबा खाली है। मंहगा बीज आने के चलते मौसम बीतने के बाद बुआई की हिम्मत नहीं हो रही है। हालांकि कई किसान अभी भी मक्के की बाेनी कर रहे हैं। टमाटर के पौधे गल गए किसानों ने कहा कि लगभग एक माह तक लगातार बारिश होने के चलते लगभग 80 फीसदी टमाटर के पौधे गल गए जिससे किसानों को सीधे नुकसान उठाना पड़ा। किसानों का कहना है कि उनके द्वारा टमाटर की नर्सरी तैयार करने के बाद मेड़ बनाते हुए बुआई की गई थी, मगर अत्यधीक बारिश होने के चलते यह मेड़ भी डूब जाने के चलते फसल बर्बाद हो गया। प्रभावितों के द्वारा शासन से मुआवजा की भी मांग की गई है। सरगुजा में सामान्य से 150 मिर्मी अधिक हुई बारिश मौसम विज्ञान केंद्र प्रभारी सुशांत कुमार मंडल ने आज शुक्रवार को बताया कि, सरगुजा में एक जून से दस जुलाई की अवधि में सामान्य तौर पर 400 मिमी की वर्षों होनी चाहिए, मगर इस बार 542 मिमी वर्षा हो चुका है। वर्तमान समय में मानसून का प्रभाव उत्तर छत्तीसगढ़ में कम होने के साथ दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में अधिक प्रभावित है। हालांकि सरगुजा सहित उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में अभी भी एक दो दिनों तक मध्यम से भारी वर्षा की भी संभावना है।
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भोपाल । राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी इलाके में चौरसिया ढाबे के सामने युवक की गुरुवार देर रात खून से लथपथ लाश मिली है। पुलिस शुरुआती जांच में एक्सीडेंट से मौत होना मानकर चल रही है। वहीं मृतक के परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताया है। उनका कहना है कि मौत की सूचना एक अनजान महिला ने दी और वह मौके पर भी मौजूद थी। शुक्रवार काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह दांगी पुत्र किशन लाल दांगी (38) लांबाखेड़ा शारदा नगर वाइन शॉप पर काम करता था। मृतक के भतीजे रवि दांगी ने बताया कि गुरुवार रात काे एक महिला ने चाचा की मौत की सूचना फाेन पर दी। परिजन जब माैके पर पहुंचे तो वहां महिला मौजूद थी। परिजनाें के मुताबिक महिला ने ही बताया कि उसे महेंद्र ने उन्हें लिफ्ट दी थी। तभी बाइक बेकाबू होकर एक गढ्ढे में गिरी। इससे चाचा की मौत हो गई। रवि का कहना है, एक्सीडेंट के समय जब गाड़ी पर महिला मौजूद थी तो चोटें उसे क्यों नहीं आई, जबकि उसके चाखा की माैत हाे गई। मामले की बारीकी से जांच जोना चाहिए। वहीं इस पूरे मामले पर एडिशनल एसपी नीरज चौरसिया ने बताया कि घटना स्थल पर मौजूद चश्मदीदों ने महेंद्र का एक्सीडेंट होने की पुष्टि की है। एक्सीडेंट में ही उसकी जान गई है। चोटों से अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी भारी वाहन ने उन्हें टक्कर मारी है। परिजनों के आरोपों की तस्दीक कराएंगे कि उनके साथ मौजूद महिला कौन थी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू की है।
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चित्तौरगढ़ की 200 एकड़ गौचर भूमि पर कब्ज़े के विरोध मे संत समाज मे भारी आक्रोश है .... इसके कारण गौशाला के संचालन मे बहुत सी रुकावटे आ रही है ओंमकारेश्वर समेत मध्य प्रदेश से हज़ारों की संख्या मे संत समाज चित्तौरगड़ मे जुटने वाले है। ...... ओंकारेश्वर संत मंडल के अध्यक्ष ने इसकी जानकारी देते हुए बताया। ..... की वहाँ पर लगभग २०० एकड़ की गौचर भूमि पर अतिक्रमणकारियों ने कब्ज़ा जमाकर रखा है...... और इसके संचालन मे भी रूकावट डाली जा रही है। ..... संत राघवनाथ इन गोशालाओ को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रहे है.... जिसके कारण उन्हें धमकियां मिल रही है........ साथ ही कोई भी प्रशासनिक सहयोग नहीं मिल रहा है....इसी कारण उन्होंने देश भर के संतो से मांग की है की देशभर में जहां भी गौचर भूमि है उन्हें मुक्त कराकर गौशालाएं बनाई जाये। .... इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने कहा की........ जल्द ही सेकड़ो कार्यकर्ता और संत चित्तौरगड़ मे गौशाला निर्माण और गोचर भूमि को मुक्त कराओ आंदोलन मे सैकड़ो की तादाद मे शामिल होंगे। ...
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर नजर आया.....देवसर और चितरंगी के कार्यकर्ताओं ने माकपा के बैनर तले अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा.....और तत्काल कार्रवाई की मांग की.... सिंगरौली जिले के देवसर और चितरंगी क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बैनर तले कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा ..... कार्यकर्ताओ ने बताया की लॉकडाउन के बाद बिना तैयारी के पोषण ट्रैकर ऐप और डिजिटल रिपोर्टिंग थोपे जाने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ..... और लाखों लाभार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है .... जिससे कामकाज कठिन हो गया है .....और पोषण आपूर्ति भी बाधित हो रही है.....जिसको लेकर कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे है....उन्होंने बजट के मुताबिक पूरक पोषण की आपूर्ति के लिए लागत मानकों में तत्काल वृद्धि की मांग की है .....
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युनिवर्सिटी के छात्रावास मे कर्मचारियों की शर्मनाक हरकत सामने आयी है... जहा छात्रावास को अब शराब पीने की जगह बना ली गयी है बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के लैब टेक्नीशियन के पद पर पदस्थ .... कर्मचारी की शराब पीते हुए वीडियो सोशल मीडिया मे काफी वायरल हो रही है..... जिसमे वह यूनिवर्सिटी के छात्रावास के कमरे मे देर रात शराब पीते नज़र आये ....... ये घटना करीब रात 1 बजे की बताई जा रही है.......वहा के कुछ छात्रों ने शराब पीते हुए उन्हें उनके दोस्तों के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया...जब छात्रों ने उन्हें देखा तो वह शराब की बोतलों को छुपाते नज़र आये.... मौके पर छात्रों ने उनका वीडियो बना लिया और वायरल कर दिया साथ ही इस घटना की जानकारी कुलगुर तक पंहुचा दी.......
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सीएम राइज स्कूल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है .... जहां बालक शौचालय के अंदर cctv कैमरा लगा हुआ मिला .... इस पूरी घटना को लेकर अभिवावको ने कड़ी नाराज़गी जताई है छतरपुर के बकस्वाहा से चिंताजनक खबर सामने आई है..... जहा वहाँ के शासकीय सांदीपनी स्कूल के बालक शौचालय के अंदर cctv कैमरा लगा मिलने से हड़कंप मच गया.... इस मामले का वीडियो भी सामने आया है..... जिसके बाद सागर कमिश्नर के निर्देश अनुसार.....तहसीलदार के द्वारा मामले की जांच कराइ गयी......जांच मे वहाँ कैमरे लगे हुए पाए गए... हलाकि वहाँ के प्राचार्य ने सफाई देते हुए कहा है की जो कैमरा लगे है वो डमी कैमरे है......और उनके वायर काट दिए गए है..... इस घटना से अभिवावकों मे भारी आक्रोश देखने को मिला है.... साथ ही उन्होंने प्राचार्य के निलंबन और आपराधिक जांच करने की मांग की है.... इस पूरी घटना को लेकर शिक्षा अधिकारी ने साफ़ कह दिया है की .... अगर जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो सख्त कार्यवाही की जाएगी ..... ये पूरी घटना शिक्षा व्यवस्था की बड़ी लापरवाही को दर्शाती है......
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बागेश्वर धाम दर्शन करने जा रहे लोगो साथ हुए दुर्घटना के बाद.... अब प्रशाशन एक्शन ले रहा है ... और ढाबों पर करवाई कर रहा है गढ़ा में बागेश्वर धाम दर्शन करने जा रहे भक्तों पर बारिश के कारण दीवार गिरने से...... एक महिल की जान चली गई वही 10 से ज्यादा लोग घायल है ..... इस घटना के बाद प्रशासन एक्शन मे आ गई है ,.... सुरक्षा व्यवस्था और अतिक्रमण पर ध्यान देते हुए.... कलेक्टर और एसपी सहित पुरे टीम ने दिन भर क्षेत्र का निरीक्षण किया ...... प्रशासन ने प्लास्टिक शीट और अस्थाई दीवार वाले ढाबों को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं....... ऐसे ढाबों को सील किया गया है जहाँ क्षमता से अधिक लोग पाए गए.... इसके साथ ही कई होमस्टे की चेकिंग की गई.... चेकिंग कर उन्हें गिराया गया.. खाद्य विभाग टीम ने मिठाई की दुकान पर छापा मारा .... जहा तीन गैस सिलेंडर जब्त किए गए... यह कार्रवाई बारिश के मौसम में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया है ....
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बागेश्वर धाम से एक चौकाने वाली खबर सामने आई .... जहा पहाड़ी के पीछे पेड़ से लटके युवक और युवती के शव मिले है ... खबर मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच कर शव को नीचे उतारा...... मृतकों की पहचान सतना के राजा बंसल और युवती बिहार की रानी कुमारी के रूप में हुई..... पुलिस ने दोनों के शव को पोस्टमार्टम के लिये भेजा था .....जिसके बाद एडिशनल एसपी विदिता डांगर ने बताया की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है की ... दोनो ने सुसाइड किया था .....अब पुलिस यह पता लगाने में लगी है की इन दोनो की आपस मे पहचान कब और कैसे हुई थी
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नगर निगम आयुक्त डी.के. शर्मा ने शहर की जर्जर सड़कों का निरीक्षण किया ......और सड़कों की बदहाल हालत पर नाराजगी जताते हुए..... सड़कों पर जमा कीचड़ को जेसीबी मशीन से तुरंत साफ करने के निर्देश दिए ...... सिंगरौली नगर पालिक निगम आयुक्त डी.के. शर्मा ने शहर के विभिन्न वार्डों और मोहल्लों का दौरा कर सड़कों और नालियों की हालत का जायजा लिया...... निरीक्षण के दौरान उन्होंने गनियारी क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान खुदी हुई सड़कों की हालत देखी...... और ठेकेदार पर नाराजगी जताई है ......उन्होंने तत्काल जेसीबी से कीचड़ हटवाकर मुरुम और गिट्टी डालकर सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए...... निगमायुक्त ने कहा कि यह कार्य दो दिनों के भीतर पूरा होना चाहिए...... साथ ही उन्होंने नालियों की सफाई को तेज करने और जलजमाव की स्थिति न बनने देने के निर्देश दिए......और सड़कों की मरम्मत की लगातार मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए वार्ड के इंजीनियर को ज़िम्मेदारी सौंपी गई है......
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बिजली विभाग की लापरवाही के चलते एक किसान पिछले दो साल से परेशान हो रहा है ... वो लगातार बिजली विभाग कार्यालय का चक्कर लगा रहा है ....लेकिन आज तक किसान की सुनवाई नहीं हुई.... मामला अमरपाटन का है ... जहां बिजली विभाग के जेई गणेश प्रसाद गुप्ता की लापरवाही के चलते किसान कमलेश सोनी पिछले दो सालों से परेशान है .... किसान ने कहा की पुराने मीटर की तार निकल कर जमीन पर गिर गई थी..... जिसकी जानकारी उन्होंने बिजली विभाग को दी ... किसान के घर में बिजली कनेक्शन के बाद भी बिजली विभाग उन्हें लगातार अनुमानित बिल भेजते रहे .. किसान ने बताया की शिकायत करने बाद जेई ने घर पर नया मीटर लगा कर 10 हजार रुपये भी जमा करवा लिए ... और 40 हजार की बकाया राशि किसान के ऊपर विभाग ने बना दिया ..... जब पीड़ित ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत की तो ... जेई शिकायत बंद करवाने के लिए दूसरे कर्मचारियों से किसान पर दबाव बनाने लगे ... ... जिसके बाद किसान बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता कार्यालय जा कर शिकायत की है
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मैहर । मध्य प्रदेश के मैहर जिले में साेमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हाे गया। यहां अमरपाटन थाना क्षेत्र के बायपास पर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में पीछे से आ रहे दूसरे ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में चालक और क्लीनर की माैत हाे गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार पीछे से टक्कर मारने वाले ट्रक क्रमांक एमएच 48 बीएम 1483 के चालक को संभवतः झपकी आ गई थी, जिससे नियंत्रण खो बैठा और यह दर्दनाक हादसा हुआ। मृतक क्लीनर की पहचान गुलाम अली (50 वर्ष), निवासी आजमगढ़, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। जबकि चालक इंद्रपाल यादव (58 वर्ष), निवासी जौनपुर, यूपी, गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायल चालक इंद्रपाल को तत्काल रीवा के संजय गांधी अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी स्थिति बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना प्रभारी के.पी. त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन और जेसीबी मशीन की सहायता से ट्रक में फंसे शवों को बाहर निकलवाया। दोनों मृतक उत्तर प्रदेश के निवासी थे। पुलिस ने ट्रक नंबर के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
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भोपाल । प्रदेश के आठ नगरीय निकायों में सोमवार को एक-एक पार्षद के उप निर्वाचन के लिये मतदान संपन्न हुआ। शाम 5 बजे तक प्राप्त जानकारी के अनुसार कुल 69.68 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। इसमें 73.01 प्रतिशत पुरूष और 66.36 प्रतिशत महिला मतदाता हैं। मतगणना और निर्वाचन परिणामों की घोषणा 10 जुलाई को सुबह 9 बजे से होगी।राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव अभिषेक सिंह ने जानकारी दी है कि भोपाल जिले के नगर पालिका परिषद बैरसिया के वार्ड 7 में 65.8, नगरपालिका परिषद सिवनी के वार्ड 11 में 57.1, इंदौर जिले के नगर परिषद सांवेर के वार्ड 7 में 77.2 और गौतमपुरा के वार्ड 15 में 85.9, मंडला जिले के बिछिया के वार्ड 13 में 80.4, शहडोल जिले के खांड के वार्ड 8 में 63.5, छिंदवाड़ा जिले के न्यूटन चिखली के वार्ड 4 में 82.6 और खरगोन जिले के नगरपरिषद भीकनगांव के वार्ड 5 में 68.1 प्रतिशत मतदान हुआ। पन्ना जिले के ककरहटी के वार्ड 13 में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
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भोपाल । भोपाल के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में साेमवार सुबह एक 11 साल के मासूम बच्चे की करंट की चपेट में आने से माैत हाे गई। दाेपहर काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें काे साैंप दिया गया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ओम अहिरवार (11 वर्ष) ईटखेड़ी लांबाखेड़ा का रहने वाला था। वह एक प्राइवेट स्कूल में तीसरी कक्षा की पढ़ाई करता था। उसके पिता एक प्राइवेट हॉस्पिटल में हाउस कीपिंग का काम करते है। परिवार में मां-पिता के अलावा उसका एक भाई था। सोमवार की सुबह ओम घर में खेल रहा था। तभी एक गेट की लोहे की चौखट में करंट उतरा हुआ था। जैसे ही बच्चे ने इस चौखट को छुआ तो करंट लगने के बाद बेसुध हो गया। तत्काल परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दाेपहर काे पाेस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। बच्चे की माैत के बाद परिजनाें का राे राे कर बुरा हाल है। मासूम की माैत से माेहल्ले में भी मातम पसरा हुआ है।
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बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद गहराता जा रहा है....समर्थकों ने सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाए हुए.... सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया है.... ग्वालियर में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के समर्थकों का आरोप है कि सरकार और RSS के कुछ वकील जानबूझकर इस मुद्दे को विवादित बना रहे हैं.... समर्थकों का कहना है की प्रतिमा जब पूर्व चीफ जस्टिस के निर्देशन के अनुसार लगाई जा रही थी.... तब आरएसएस और भाजपा से जुड़े लोगों ने कोर्ट परिसर में दर्जनों लठ्ठ लटकाकर विरोध किया था .... यह न केवल बाबा साहब का अपमान है....बल्कि सामाजिक समरसता की बात करने वालों की सच्चाई को भी उजागर करता है.... समर्थकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाते हुए.... सरकार की चुप्पी और पक्षपात करने वाले रवैये पर सवाल उठाए हैं.... बाबा साहेब प्रतिमा लगाने का समर्थन करने वाली टीम ने ऐलान किया है.... कि जब तक प्रतिमा की सम्मानपूर्वक स्थापना नहीं की जाएगी .... तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा....
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छतरपुर में मोहर्रम के ताजिया विसर्जन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. ....हिंदूवादी संगठनों ने तालाब में ताजिया विसर्जन पर आपत्ति जताते हुए. .... प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है. .... छतरपुर में मुसलमानों के त्यौहार मोहर्रम में निकलने वाले ताजिया के तालाब मे विसर्जन पर हिंदूवादी संगठनों ने आपत्ति उठाई है....विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की है.... कि जैसे नवरात्रि और गणेश उत्सव के दौरान मूर्ति विसर्जन पर प्रशासन गाइडलाइन लागू करता है....वैसे ही मोहर्रम के दौरान भी ताजिया विसर्जन पर सख्ती हो.... संगठनों ने सवाल उठाया कि हिंदू त्योहारों में तालाबों में मूर्तियों के विसर्जन पर रोक होती है.... लेकिन मुस्लिम त्योहारों पर प्रशासन कैसे छूट दे सकता है.... उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस बार ताजिया का तालाबों में विसर्जन नहीं होने देंगे और इसके लिए वे लगातार निगरानी भी करेंगे....
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प्रसिद्ध जैन तीर्थ नैनागिरि में एक बार फिर चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है... जहाँ अज्ञात चोरों ने धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाते हुए... जिनालय मे चोरी की... छतरपुर के नैनागिरि जैन तीर्थ में अज्ञात बदमाशों ने चौबीसी जिनालय में ग्राइंडर मशीन से ताले काटकर दानपात्र से करीब 2 से 3 लाख रुपये चुरा लिए... चोरों ने अन्य जिनालयों और गुप्त भंडार के ताले भी तोड़ने की कोशिश की...लेकिन तीर्थ कर्मचारियों को ग्राइंडर की आवाज आई और उन्होंने हूटर बजाया और शोर मचाया... जिससे चोर घबरा कर भाग गए ... ये चोरी की पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है... पुलिस की टीम जांच में जुटी है... बता दें कि 2012 से लेकर अब तक इस तीर्थ में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी है... मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया.....
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भोपाल/मंदसौर । मंदसौर जिले के भावगढ़ क्षेत्र में दर्ज एक एफआईआर के विरोध में करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर शनिवार को अपने हजारों समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। पुलिस द्वारा दर्ज मामले को वापस लेने की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाज़ी की और अनशन पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एसपी अभिषेक आनंद स्वयं कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है, जिसे लागू करना उनकी कानूनी जिम्मेदारी है।दरअसल, मंदसौर में करणी सेना परिवार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर पर एक गंभीर मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि उनके साथियों ने शराब ठेके पर पहुंचकर ठेका कर्मचारियों से 1 लाख रुपए महीना देने की फिरौती मांगी। मना करने पर मारपीट की गई और जातिसूचक गालियां दी गईं। मामला एससी-एसटी एक्ट, फिरौती और मारपीट की धाराओं में दर्ज हुआ है। यह घटना 26 जून को भावगढ़ थाना क्षेत्र के बेहपुर गांव की है। उसी दिन एफआईआर भी दर्ज हुई थी। मारपीट का वीडियो भी सामने आया। इसके बाद मंदसौर कोर्ट ने जीवन सिंह की गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।वहीं, एफआईआर के विरोध में शनिवार को जीवन सिंह शेरपुर अपने हजारों समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और करणी सेना के कार्यकर्ताओं की पुलिस से धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। वहीं, जीवन सिंह ने चेतावनी दी कि जब तक एफआईआर से उनका नाम नहीं हटाया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।जीवन सिंह शेरपुर का कहना है कि जब तक उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द नहीं की जाती और इस मामले में शामिल पुलिसकर्मियों को निलंबित नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हमें जानबूझकर झूठे केस में फंसाया जा रहा है। पुलिस ऐसे मुकदमे तैयार कर रही है जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं। जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, मैं उन्हें जानता ज़रूर हूँ, लेकिन उन घटनाओं से मेरा कोई संबंध नहीं है। प्रशासन हमें अपराधी साबित करने की कोशिश कर रहा है।"पीड़ित कर्मचारी ऋतिक ने बताया कि 26 जून को वह अपने कुछ साथियों के साथ ऑफिस में मौजूद था, तभी पुष्पेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह और नागेंद्र सिंह वहां पहुंचे। उन्होंने कथित रूप से हर महीने 1 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और कहा कि "इतना दोगे तभी ठेका चलने देंगे।" जब इस मांग को मानने से इनकार किया गया, तो आरोपिताें ने मारपीट शुरू कर दी। ऋतिक के अनुसार, मारपीट के दौरान उन्होंने धमकी दी कि वे जीवन सिंह शेरपुर के आदमी हैं। इस हमले में कर्मचारी पुष्कर गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही, पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि हमले के दौरान जातिसूचक गालियों का भी इस्तेमाल किया गया।इस मामले में एसपी अभिषेक आनंद ने जानकारी दी कि पुलिस ने 7 आरोपिताें के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन आरोपिताें में जीवन सिंह शेरपुर, पुष्पेंद्र सिंह, इंद्रपाल सिंह, नागेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, सचिन और देवी सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ मंदसौर, रतलाम और नीमच ज़िलों में पहले से 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मंदसौर कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर दिया है। एसपी आनंद ने कहा कि किसी भी स्थिति में जीवन सिंह शेरपुर की गिरफ्तारी की जाएगी।
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हरदा । जिला सहकारी केंद्रीय बैंक नर्मदापुरम अंतर्गत टिमरनी, रहटगांव, सिराली, खिरकिया सहित जिले की कुल 52 आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों में 2006 से 2025 के बीच करोड़ों का भ्रष्टाचार हुआ है। इस अंतराल में ऋण माफी और अनुदान की राशि समेत उपार्जन से मिलने वाली कमीशन राशि जो किसानों के हक की है उसे बंदरबांट कर हजम किया गया है। सूचना के अधिकार के तहत वासूदेव भदौरिया सहायक आयुक्त सहकारिता हरदा से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने यह कहकर जानकारी देने से इन्कार कर दिया कि यह निजी मामला है। संस्था की जानकारी को निजी बताकर जानकारी न देकर सूचना के अधिकार के तहत जारी प्रावधानों का खुलेआम उल्लंघन किया गया है। जिसे कोई देखने व सुनने वाला नहीं है। गंगाराम गुर्जर विधायक प्रतिनिधि कृषि उपज मंडी टिमरनी ने एक पखवाड़ा पहले जिला कलेक्टर को शिकायत कर हुये 100 से 300 करोड़ के भ्रष्टाचार को जगजाहिर कर जांच कराने की मांग की किंतु 25 दिन से अधिक का लंबा समय व्यतीत हो गया किंतु जांच में अभी कोई प्रगति पारुल नहीं हो रही है। 2006 में सभी समितियां हानि मुक्त - श्री गुर्जर ने जिला कलेक्टर और संयुक्त आयोग सहकारिता नर्मदापुरम संभाग को दिये शिकायत पत्र में बताया कि 2006-07 में सभी समितियों को वैधनाथन की रिपोर्ट के आधार पर हानि मुक्त करने के लिए करोड़ों का बजट उपलब्ध कराया गया। सभी ने मिलकर भारी भरकम बजट को इधर-उधर में खर्च कर दिया। इसके बाद भी सभी समितियों पर कर्जा बना हुआ है। टिमरनी की नौ समितियों रहटगांव की छ: समितियों में 2023-24 में 48 करोड़ की हानि आडिट रिपोर्ट में पाई गई है। इसी तरह अन्य समितियों में व्यापक पैमाने पर भ्रष्टाचार किया गया है। 52 समितियों की आडिट रिपोर्ट 2006 से देखा जाय तो करीब 300 करोड़ का भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ हो जायेगा। दो बार ऋण माफी की राशि का गबन - श्री गुर्जर ने बताया कि 2008 एवं 2018 में ऋण माफी योजना आई थी इसके तहत मिले बजट को बंदरबांट कर हजम किया गया है। जिसकी निष्पक्षता और पारदर्शिता से जांच होगी तो चौंकाने वाला भ्रष्टाचार सामने आ जायेगा। समर्थन मूल्य उपार्जन में करोड़ों का कमीशन - हर वर्ष समर्थन मूल्य उपार्जन में करोड़ों का कमीशन मिलता है। जिसे किसानों पर खर्च करने की बजाय उसे कर्ज के ब्याज में खर्च किया जा रहा है और जो बचता है अधिकारी-कर्मचारी इधर-उधर में खर्च कर रहे हैं। अनाप-शनाप बिल लगाकर कमीशन की राशि हजम की जा रही है। समिति प्रबंधक, सेल्समैन, सुपरवाइजर आदि भ्रष्टाचार करके करोड़पति बन गये हैं। आय से अधिक संपत्ति अर्पित करके धन कुबेर बन गये हैं। उनकी संपत्ति का छापा मारकर पता लगाया जाये तो चौंकाने वाला भ्रष्टाचार सामने आ जायेगा। खातेदारों को नहीं मिलता पैसा - किसानों को अपना पैसा भी जरूरत पड़ने पर नहीं मिल पाता है। बैंक में पैसा नहीं होने का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है। अपना पैसा निकालने के लिए काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऋण माफी समर्थन उपार्जन कमीशन की जांच करायी जाय - ऋण माफी और समर्थन उपार्जन कमीशन की जांच कराई जाय। इस संबंध में कई दफे मांग की गई जिसे दबाया जा रहा है। 2006 से लेकर 2025 तक के अभिलेखों की जांच की जाय। प्रत्येक समिति को लाखों का कमीशन मिलता है जो कहां खर्च हो रहा है। यह यक्ष प्रश्न बना हुआ है! ब्याज भरने और ऐशो आराम में किसानों के कमीशन की राशि खर्च की जा रही है। विधानसभा में उठेगा 52 समितियों का भ्रष्टाचार - श्री गुर्जर ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान 2006 से 2025 तक हुये भ्रष्टाचार के मुद्दे को विधानसभे में उठाकर सारे मामले की जांच करवाई जायेगी। इस संबंध में हरदा और टिमरनी विधायक को सारे भ्रष्टाचार से अवगत कराकर विधान सत्र में प्रश्न उठाने की मांग की गई है। हरदा जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, का कहना है कि आपके द्वारा जानकारी संज्ञान में लाई गई, इस संदर्भ में जानकारी हासिल कर कार्यवाही करते हैं ।
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मैहर से एक खबर सामने आ रही है ,जहां नायब तहसीलदार को मारने की कोशिश की गई ... ये कोशिश रेत माफ़ियों ने की... मामला रामनगर थाना के कुबरी का है... जब रेत कारोबार का निरीक्षण ,नायब तहसीलदार रोशन लाल रावत कर रहे थे .... और उन्होंने अवैध रेत से लोड ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया .. , जिसके बाद ट्रैक्टर चालक ने तहसीलदार पर गाड़ी चढ़ाने की कोसिस की .. लेकिन तहसीलदार बाल बाल बचे ... इसमें रेत माफिया रावेंद्र उर्फ नेपाली का नाम सामने आ रहा है.....सूचना के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंची और जांच कर रही है..
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भोपाल । पुख्ता सुरक्षा उपायों और विशेष नियम एवं शर्तों को लागू करने की अनिवार्यता के साथ मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं को दुकानों, वाणिज्यिक संस्थानों और कारखानों में रात की पाली (नाइट शिफ्ट) में काम करने की अनुमति दी है। संस्थानों में महिला श्रमिकों को सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण दिया जाएगा।जनसंपर्क अधिकारी सोनिया परिहार ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश दुकान एवं स्थापना अधिनियम, 1958 एवं कारखाना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत महिला श्रमिकों को कुछ शर्तों के साथ कार्य करने की अनुमति दी है। इस संबंध में श्रम विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गए है।दुकानों एवं वाणिज्यिक स्थापनाओं के लिए जरूरी निर्देशदुकानों एवं वाणिज्यिक स्थापनाओं में रात्रि पाली में 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कार्य करने के लियेनियोजकों को महिला श्रमिकों की लिखित सहमति लेना अनिवार्य होगा। कम से कम 5 महिला श्रमिक के समूह में ही उन्हें कार्य पर लगाया जाएगा। कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण, शौचालय, वॉशरूम, पेयजल और विश्राम कक्ष जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इन सुविधाओं तक आगागमन का मार्ग अच्छी तरह से प्रकाशित तथा सीसीटीवी की निगरानी में होगा। जहां 10 या अधिक महिलाएं कार्यरत हों, वहां महिला सुरक्षाकर्मियों (गार्डस) की व्यवस्था करनी होगी एवं विश्राम कक्ष भी उपलब्ध कराया जायेगा। सभी प्रतिष्ठानों को लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना होगा।कारखानों के लिए विशेष शर्तेंकारखानों में रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक महिला श्रमिकों को कार्य करने की अनुमति सुरक्षा उपायों के साथ प्रदान की गई है। रात की पाली में कार्य करने के लिये महिला श्रमिकों की लिखित सहमति अनिवार्य होगी और उन्हें पांच से अधिक समूह में नियोजित किया जाएगा। महिला कर्मचारियों के लिए घर से लाने और ले जाने की परिवहन सुविधा देना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। कार्यस्थल पर प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, शौचालय, भोजन व विश्राम कक्ष उपलब्ध होंगे। कार्य स्थल के प्रवेश एवं निकास पर महिला सुरक्षाकर्मी (गार्डस) उपलब्ध होगी। ठहरने की व्यवस्था महिला वार्डन अथवा सुपरवाइजर के नियंत्रण में होगी। रात्रि पाली में सुपरवाइजरी स्टाफ का एक-तिहाई हिस्सा महिलाएं होंगी। पाली परिवर्तन के दौरान कम से कम 12 घंटे का अंतराल जरूरी होगा। कारखानों में लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के प्रावधानों का पूर्ण पालन करना अनिवार्य होगा।
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छतरपुर से एक शर्मनाक मामला सामने आया है...जहां एक युवक ने लड़की के साथ छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने की कोशिश की... लेकिन लड़की के शोर मचाने पर स्थानीय लोग ने तुरंत मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ कर....पुलिस के हवाले कर दिया... छतरपुर निवासी साहिल खान ने छतरपुर के ही कॉलेज में पढ़ने वाली युवती से पहले जान-पहचान बढ़ाई और फिर उसका मोबाइल नंबर लिया....इसके बाद आरोपी ने उसे बड़ामलहरा के मंडी रोड पर मिलने बुलाया.....जैसे ही लड़की वहां पहुंची तो साहिल ने उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की.... और उसे जान से मारने की धमकी भी दी... पीड़िता के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और साहिल को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया....पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया है....और आगे की करवाई कर रही है.....
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हरिद्वार जा रहे स्वामी यशवीर महाराज को पुलिस ने नारसन बॉर्डर एंट्री नहीं दी ...पुलिस ने उनके काफिले को बॉर्डर के अंदर जाने से रोक दिया... इस दौरान स्वामी ने कांवड़ यात्रा के नाम पर धर्म के साथ हो रहे छल को लेकर चिंता जाहिर की... और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता पर निशाना साधा मुजफ्फरनगर से हरिद्वार जा रहे स्वामी यशवीर महाराज को मंगलौर पुलिस ने नारसन बॉर्डर पर रोक दिया... वहीं मीडिया से बातचीत में उन्होंने उत्तराखंड की धामी सरकार की कांवड़ यात्रा को लेकर किए गए फैसलों की जमकर सराहना की... उन्होंने कहा कि जो लोग नाम बदलकर कांवड़ यात्रा में दुकानें लगाते हैं..... वे सनातन धर्म को बदनाम करने का काम कर रहे हैं... उन्होंने थूक जिहाद और मूत्र जिहाद जैसे मामलों को गंभीर बताते हुए... कहा कि ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए... साथ ही भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता पर भी उन्होंने निशाना साधा और कहा कि कांवड़ यात्रा पर उनके बयान उचित नहीं है... स्वामी यशवीर ने मुजफ्फरनगर की घटना में मीडिया पर सच्चाई को तोड़ मरोड़ कर दिखाने के आरोप लगाए ...
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एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है....दो दरिंदों ने एक मंदबुद्धि नाबालिग किशोरी के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है.... इस अपराध का खुलासा पीड़िता के गर्भवती होने पर हुआ..... रीवा जिले के जवा थाना क्षेत्र में एक मंदबुद्धि नाबालिग बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आया है.... 6 महीने पहले पीड़िता की मानसिक हालत का फायदा उठाकर भनिगवां निवासी राहुल और दीपक ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया था......इसका खुलासा पीड़िता के गर्भवती होने की बात सामने पर हुआ..... किशोरी की बीमारी के कारण वह न तो घटना को समझ सकी और न ही परिजनों को बता पाई....परिजनों ने बच्ची से पूछताछ की तो उसने दोनों आरोपियों का नाम लिया है..... शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है..... और फरार आरोपियों की तलाश में कर रही है..... पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चलेगा की यह शोषण कब से चल रहा था.....
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भारत के सभी नागरिकों को वोट देने का अधिकार है .. लेकिन देश में अभी कुछ जगह है जहां के लोग मतदान के अधिकार से वंचित है ... 2 ग्राम पंचायत की आधी जनसंख्या ना तो नगर निकाय चुनाव में वोट दे पाई और ना ही इस बार होने वाले पंचायत चुनाव में वोट कर पाएगी ... यह पूरा मामला मुंडली और उम्रखुर्द ग्राम पंचायत का है.. .यहां की आधी जनसंख्या को प्रशासन ने खटीमा नगर पालिका में शामिल तो कर दिया था ...लेकिन मुंडली में लगभग 500 मतदाता और उम्रखुर्द में लगभग 700 मतदाता को इस बार भी नगर निकाय चुनाव में वोट करने से वंचित रखा गया है ... ग्रामीण इस बात से परेशान है कि अगर उन्हें परिवार रजिस्टर,जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की जरुरत पड़ेगी तो वह किस अधिकारी के पास जाएंगे ... इस पर खटीमा उप जिला अधिकारी तुषार सैनी का कहना है कि रिपोर्ट ऊपर भेज दी गई है... लेकिन ये दो गांव शहरी क्षेत्र के अनुकूल नहीं है.. ये ग्रामीण क्षेत्र में आते है..... इसलिए इन्हे शहर में शामिल नहीं किया गया है .... इस पूरे मामले पर एडवोकेट पूनम राणा का कहना है कि ग्रामीण इस वक्त अपने आप को भारत का नागरिक ही नहीं समझ रहे हैं... क्योंकि उन्हें वोट देना का अधिकार नहीं दिया जा रहा है ..
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बिजली कटौती से परेशान वार्ड वासियों का गुस्सा फूटा है... नगर परिषद अध्यक्ष समर सिंह के नेतृत्व में लोगों ने बिजली विभाग कार्यालय के सामने ज़मीन पर बैठकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया... विरोध इतना बढ़ा कि विभागीय कार्यालय में तालाबंदी कर दी गई और जमकर नारेबाजी भी हुई मैहर जिले के अमरपाटन में बिजली कटौती और अनियमित सप्लाई से परेशान हो कर… नगर परिषद अध्यक्ष समर सिंह ने वार्डवासियों के साथ मिलकर बिजली विभाग कार्यालय के बाहर ज़मीन पर बैठकर जोरदार धरना प्रदर्शन किया… प्रदर्शनकारियों ने बताया की नादन टोला क्षेत्र में हल्की सी बारिश या हवा में बिजली गुल हो जाती है… जिससे ना सिर्फ घरेलू जनजीवन प्रभावित हो रहा है… बल्कि किसानों की फसलें भी बर्बाद हो रही हैं… बिजली बिल भी भारी आ रहे हैं… यही नहीं नादन टोला से ही पूरे नगर परिषद में पानी की सप्लाई होता है… ऐसे में बिजली कटौती का असर सीधे पीने के पानी पर पड़ रहा है… वार्ड वासियों का कहना है कि उन्हें ठीक से बिजली नहीं मिल पा रही है… प्रदर्शन के दौरान अधिकारियों की गैरमौजूदगी में लोगों ने कार्यालय में तालाबंदी कर दी …और जमकर नारेबाजी की… बाद में चीफ इंजीनियर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए… 11 जुलाई तक समस्याएं हल करने की मांग की …
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भोपाल । राजधानी भोपाल में विशेष शाखा प्रशिक्षण केन्द्र में मंगलवार को एंटी सबोटेज चेक कोर्स का शुभारंभ पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा द्वारा किया गया। इस तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न जिलों के 48 उप पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य सुरक्षा बलों को आपातकालीन गतिविधियों की समय रहते पहचान, बम एवं विस्फोटकों की जांच तथा तत्काल कार्रवाई की तकनीकों में दक्ष बनाना है।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ आधुनिक उपकरणों के उपयोग, संदिग्ध वस्तुओं की पहचान एवं स्थल सुरक्षा जांच प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इस अवसर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता ए.साईं मनोहर एवं पुलिस महानिरीक्षक अंशुमान सिंह उपस्थित रहें।प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर पुलिस महानिदेशक मकवाणा ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कोर्स विशिष्ट रूप से एंटी-सबोटाज चेकिंग के लिए डिजाइन किया गया है। आपको प्रशिक्षित करने का उद्देश्य है कि आप फील्ड में सक्रिय रूप से संभावित खतरों को पहचानें, उन्हें निष्क्रिय करें और वीवीआईपी सुरक्षा के लिए सर्वोत्तम उपाय अपनाएं। आज देश की आंतरिक सुरक्षा को कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के शीर्षस्थ राजनैतिक स्तर से नक्सलवाद के सफाए एवं राष्ट्रविरोधी तत्वों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के संदेश वीवीआईपी सुरक्षा को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। नतीजतन, अब हमें हर पहलू पर और अधिक चौकसी बरतनी है।उन्होंने कहा कि आपका मुख्य कार्य संभावित आइईडी (बम) या एक्सप्लोसिव थ्रेट की पहचान करना, उन्हें डिटेक्ट करना, निष्क्रिय कराना और यह सुनिश्चित करना कि कोई भी खतरा कार्यक्रम या व्यक्ति विशेष तक न पहुंचे। इस प्रशिक्षण में आपको स्निफर डॉग्स, मेटल डिटेक्टर, बम डिफ्यूजिंग किट आदि के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। मैं आग्रह करता हूँ कि आप इसे केवल एक ड्यूटी न समझें, बल्कि एक गंभीर जिम्मेदारी समझें।मकवाणा ने कहा कि दुश्मन हमेशा नए तरीके खोज रहा है। इसलिए आपका अलर्ट रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने कहा कि हमें भी फील्ड में "हैंड्स-ऑन प्रैक्टिस" पर जोर देना होगा। सिर्फ क्लासरूम लैक्चर से काम नहीं चलेगा। इसके लिए जरूरी है, जिन अधिकारियों ने पहले यह कोर्स किया है, उनके साथ इंटरेक्शन हो। सबसे अहम, हर वीवीआईपी ड्यूटी को गंभीरता से लिया जाए। क्योंकि खतरा केवल वीवीआईपी को नहीं, बल्कि पुलिस स्टाफ, आम नागरिक और आपको खुद को भी होता है। आपकी डिटेक्शन क्षमता, सक्रिय भागीदारी और सजगता ही सुरक्षा की सबसे पहली और सबसे मजबूत दीवार है।एडीजीपी मनोहर ने कहा कि वीवीआईपी ड्यूटी के दौरान आपको अनेक प्रकार की जिम्मेदारियां निभानी होती हैं, जैसे हेलीपैड, एयरपोर्ट, रूट इंतजाम, कार्यक्रम स्थल, कैंप व्यवस्था, और सेफ हाउस आदि। वीआईपी के भ्रमण की संभावना वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखनी होती है। वहां उपकरणों के साथ सघन चेकिंग की आवश्यकता होती है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद बनी रहे। इस कारण, वहां पूर्ण सतर्कता और समर्पण अपेक्षित होता है।
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उधम सिंह नगर में मानसून से पहले जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन को लेकर एक्शन में देखा है ... खटीमा में जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बाढ़ चौकियों और तटबंधों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया... और आपदा प्रबंधन के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए.... उधम सिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने खटीमा की बाढ़ चौकियों और आपदा नियंत्रण तैयारियों का निरीक्षण किया... निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेलाघाट, सिसईयां और जंगलजोठी बाढ़ चौकियों का जायजा लिया... और अधिकारियों को निर्देश दिए कि चौकियों पर 24 घंटे कर्मियों की तैनाती किया जाये ... उन्होंने नदी-नालों के जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को देने को कहा... जिलाधिकारी ने प्रत्येक बाढ़ चौकी के लिए 2-2 लाख रुपये शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए... इसके साथ ही नगला तराई शारदा नहर के टूटे हुए... तटबंधों का भी निरीक्षण कर निर्माण काम को करने को कहा ...निरीक्षण में नगर पालिका अध्यक्ष और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे...
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दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में एक भावुक क्षण देखने को मिला... जहां वर्षों से सेवा दे रहे कारखाना प्रबंधक हरीश चंद्र आर्या को उनके सेवानिवृत्त होने पर सम्मान पूर्वक विदाई दी गई... समारोह में पूरे दुग्ध संघ परिवार ने उन्हें विदा किया ... नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ में कारखाना प्रबंधक हरीश चंद्र आर्या के सेवानिवृत्त होने... पर सहकारी डेयरी प्रशिक्षण संस्थान परिसर में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया...समारोह में पूरे दुग्ध संघ परिवार ने उन्हें शॉल, पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और मोमेंटो भेंट कर विदाई दी...वक्ताओं ने उन्हें दुग्ध संघ की रीढ़ बताते हुए... उनकी कार्यकुशलता, अनुशासन और निष्ठा को सराहना की...हरीश चंद्र आर्या पिथौरागढ़ दुग्ध संघ के जनरल मैनेजर रह चुके हैं... जहां उन्होंने 14 वर्ष सेवाएं दी... वहाँ उनके नेतृत्व में कनार ब्रांड के अंतर्गत घी उत्पादन की शुरुआत हुई...जो आज भी संस्था की उपलब्धियों में एक स्वर्णिम अध्याय माना जाता है...
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बाइक से नेपाल से भारत लौट रहे दो युवक शारदा नहर में डूब गए....हादसा बाइक के डिवाइडर से टकराने से हुआ.....जिसमे एक युवक को नहर से बाहर निकाल लिया गया है.....लेकिन दूसरा युवक लापता है.....जिसे तलाश पुलिस की टीमें लगातार कर रही हैं..... नेपाल से भारत लौट रहे शमशाद और फरियाद की बाइक खटीमा के एसएसबी कालापुल के पास अचानक अनियंत्रित होकर पुल की दीवार से टकरा गई..... टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सड़क पर गिर गई.... और दोनों युवक उछल कर सीधे शारदा नहर में जा गिरे..... हादसे के बाद राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी..... शमशाद किसी तरह तैरकर बाहर आ गया.....और उसे घायल अवस्था में नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है..... जबकि फरियाद अब भी नहर में लापता है..... पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं.....
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कांवड़ यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं, लेकिन इस बीच एक ढाबे की पहचान को लेकर नया विवाद सामने आया है। मुजफ्फरनगर में ढाबा मालिक के धर्म को लेकर हुआ हंगामा।" सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई कमी न हो.... वहीं, कांवड़ मार्ग पर कुछ हिंदू संगठनों ने 'पहचान सत्यापन अभियान' शुरू किया है..... मुजफ्फरनगर के दिल्ली-देहरादून हाईवे पर स्थित एक ढाबे पर संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे और वहां काम कर रहे कर्मचारियों से आधार कार्ड मांगा....।बताया जा रहा है कि जब आधार देने से इनकार किया गया, तो संगठन के कार्यकर्ताओं ने पेमेंट स्कैनर चेक किया....स्कैनर से जो नाम सामने आया, वह मुस्लिम समुदाय से संबंधित था....इसके बाद वहां तनाव का माहौल बन गया....ढाबा मालिक को कथित तौर पर चेतावनी दी गई कि वह अपने ढाबे का नाम बदलें और सही पहचान के साथ व्यवसाय करें, वरना विरोध का सामना करना पड़ सकता है....
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सरकार लगातार साइबर ठगी के प्रति लोगो को जागरूक कर रही है....लेकिन इसके बावजूद लोग इसमें फस जाते हैं....बरेली से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है.....जहां साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक पूर्व साइंटिस्ट को ठगी का शिकार बना लिया है..... व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर डर का माहौल बनाकर ठगों ने पूर्व साइंटिस्ट को डिजिटल अरेस्ट में रखा....और 1 करोड़ 29 लाख से ज्यादा पैसे ठग लिए.... बरेली में साइबर ठगी का एक केस सामने आया है..... भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान IVRI में कार्यरत रहे..... पूर्व साइंटिस्ट डॉ. शुखदेव नंदी से फर्जी सीबीआई अधिकारी बनकर साइबर ठगों ने 1 करोड़ 29 लाख रुपये की ठगी कर ली है..... ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल कर उन्हें बताया कि उनके आधार कार्ड से फर्जी सिम कार्ड लिए गए हैं..... जिनका इस्तेमाल ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मामलों में हुआ है.....अपराधियों ने डॉ. नंदी को डरा कर डिजिटल अरेस्ट में रखा..... उन्हें किसी से बात नहीं करने दी..... और 5 दिन तक उनसे लगातार पैसे ट्रांसफर कराए गए..... पुलिस जांच में खुलासा हुआ..... कि ये पैसे 75 अलग-अलग खातों में भेजे गए..... जो देश के अलग -अलग राज्यों में जैसे केरल,कर्नाटक,महाराष्ट्र और तमिलनाडु में स्थित हैं..... पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए..... कई खातों को फ्रीज कर दिया है..... साइबर पुलिस की टीम अब इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है.....
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ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंगों मंदिर एक बार फिर विवादों में घिर गया है..... मंदिर में टेंडर प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है..... विकास कार्यों के लिए जारी टेंडर में पारदर्शिता नहीं होने कारण ठेकेदारों में असंतोष फैल गया है....ठेकेदार ने सीधे मंदिर ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं..... मंदिर ट्रस्ट के जारी की गई टेंडर में भारी भ्रष्टाचार सामने आया हैं... ठेकेदारों ने टेंडर की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं.... खंडवा निवासी ठेकेदार दीपेश सुंगत का आरोप है.... कि उन्होंने 1.40 करोड़ की न्यूनतम दर पर समतलीकरण का टेंडर भरा था.... लेकिन उके टेंडर को हटा कर 3.65 करोड़ वाले महंगे टेंडर को मंजूरी दी गई है.... इस पर जब उन्होंने कार्यपालक अधिकारी से बात की तो..... उन्हें जवाब मिला कि उनकी कार्य योजना संतोषजनक नहीं थी.... दीपेश ने इसे दान की राशि का दुरुपयोग और खुला भ्रष्टाचार बताते हुए.... कलेक्टर से शिकायत करने और अदालत का रुख करने की बात कही है....दीपेश ने आरोप लगाए है.... की जिस व्यक्ति को टेंडर दिया गया है... वो बीजेपी का कार्यकर्ता है... इसी लिए उसे टेंडर मिला है....
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रुड़की में नकली दवाइयों के कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है.... औषधि विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में मिथ्या छाप दवाएं और कच्चा माल बरामद किया गया है.... पुलिस ने तीन आरोपी को गिरफ्तार किया है.... बाकी की जांच जारी है.... रुड़की के रामनगर क्षेत्र में सूचना के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनिता भारती और औषधि निरीक्षक ने एसटीएफ देहरादून की टीम के साथ मिलकर चार ठिकानों पर छापेमारी की है....इस दौरान 300 किलो कच्चा माल और 16 हजार 200 टेबलेट्स बरामद की गईं.... जो संदिग्ध मिथ्या छाप दवाइयाँ है .... मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया गया हैं .... जांच में पता चला कि ये गिरोह लंबे समय से अवैध रूप से नकली दवाओं का निर्माण और बिक्री कर रहा था.... दवाएं उत्तर प्रदेश से बनवा कर उत्तराखंड में सप्लाई की जा रही थीं ....पुलिस ने आशंका जताई हैं .....की गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं .... दवाइयो के सैंपल लैब भेज दिए गए हैं .... और रिपोर्ट आने के बाद ड्रग्स एंड के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी....
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फिर बोले ट्रंपट्रंप ने करवाया समझौता डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर सुर्खियों में हैं..... ट्रंप का दावा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता उन्होंने ही करवाया था..... ट्रंप ने कहा जब मैं ये समझौता करवा रहा था.....तो अपने वित्त मंत्री और कॉमर्स सेक्रेटरी से साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के साथ सभी डील्स तुरंत रद्द कर दो.....इसके बाद दोनों देशों के नेताओं के कॉल आए..... उन्होंने मुझसे पूछा अब क्या करें? तो मैंने कहा अगर युद्ध करोगे तो, व्यापार नहीं होगा.....और दोनों देशों ने मेरी बात मान ली..... ट्रंप का ये बड़ा दावा अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गया है।.....
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भिण्ड। आंतरिक संबंध के वीडियो बनाने से मना करने पर पत्नि की हत्या करने वाला जबरसिंह जाटव को नशा उतरने के बाद अपनी करनी पर पछतावा हो रहा है। पत्नी की हत्या करने के बाद से वो बेहद दुखी नजर आ रहा है। शुक्रवार को पुलिस ने उसे गिरप्तार कर उसे लॉकअप में बंद कर दिया था। शाम को उसे खाना दिया तो उसने मना कर दिया । रात भर रोता रहा है। बोला कि सब कुछ शराब के नशे में हुआ है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने वारदात को स्वीकार किया और बताया कि उसने रात तीन बजे तक शराब पी थी। नशे की हालत में होने के कारण वह दिन में स्पष्ट बयान नहीं दे सका। शनिवार सुबह पुलिस आरोपी को घटनास्थल पर लेकर पहुंची, जहां उसके बेडरूम से खून से सना चाकू बरामद किया गया। माना जा रहा है कि यह चाकू घटना के दौरान उपयोग में लाया गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार अपने बयान बदलता रहा, जिससे जांच प्रभावित हुई। शनिवार दोपहर में पुलिस ने उसका मेडिकल कराया और फिर उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह राजावत ने बताया कि आरोपी जबर सिंह से हत्या के संबंध में पूछताछ की जा रही है। उसने वारदात कबूल की है, लेकिन बार-बार बयान बदलने से वह पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा।
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देवास के खातेगांव में वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे, और बड़ी रैली निकाली गई। 23 जून को खातेगांव के खिवनी खुर्द गांव में वन विभाग ने 70 से ज्यादा आदिवासी मकानों पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार को हजारों आदिवासी डाक बंगला मैदान पर जुटे। महिलाओं और बच्चों के रोने के वीडियो वायरल होने के बाद, आंदोलन तेज़ हो गया। पूर्व मंत्री कांतिलाल भूरिया सहित कई नेताओं ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। प्रशासन ने मांगें मानने का भरोसा दिया, तब जाकर आंदोलन खत्म हुआ।
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बुंमहाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में रिजल्ट की अनियमितताओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जोरदार प्रदर्शन किया... छात्रों ने तालाबंदी और धरना प्रदर्शन किया । महाराजा छत्रसाल देलखंड विश्वविद्यालय में रिजल्ट को लेकर बड़ा बवाल हुआ है । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कई छात्रों के इतिहास के पेपर में ज़ीरो अंक आने पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। जिसमे छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच झड़प भी हुई। गुस्साए छात्रों ने तालाबंदी कर धरना दिया और रिजल्ट सुधार की मांग की। वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने जांच कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
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साप्ताहिक बाजार के दौरान दो पक्षों में मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक झड़प का रूप ले लिया.....इस झगड़े में आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए...और अब मामला फायरिंग के आरोप-प्रत्यारोप तक पहुँच गया है.....दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाते हुए..... पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की हैं.... रुड़की के रामपुर चुंगी मेन बाजार मार्ग पर साप्ताहिक बाजार के दौरान शुरू हुआ....मामूली विवाद कुछ ही देर में खूनी झड़प में बदल गया....इस झड़प में दोनों पक्षों के कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए..... घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया....और भारी पुलिस बल की तैनाती करवाया गया.....अब इस मामले इस्लामनगर और भारतनगर के कुछ लोगों ने रामपुर के रहने वाले दूसरे पक्ष पर फायरिंग करने का आरोप लगाया है....वहीं दूसरे पक्ष ने इन आरोपों को झूठा बताया है.....समीर उर्फ़ सेटू और सलमान लाखा ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप पूरी तरह झूठे हैं.....और इसे साबित करने के लिए उनके पास सीसीटीवी फुटेज भी है..... जो उसने पुलिस को सौंप दी है..... सलमान ने पुलिस प्रशासन से मांग की है..... कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए.....
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पुलिस ने चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है....बावरिया गिरोह के दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है ....आरोपियों के पास से चोरी की ज्वेलरी और नगदी बरामद की है.... गंगनहर कोतवाली पुलिस ने चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.... एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि 10 जून को प्रीत विहार निवासी एकता मुयाल ने शिकायत दर्ज की थी.... कि उनके घर से नकदी और लाखों की ज्वैलरी चोरी हो गई....एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर अंकुश और काले नामक दो आरोपियों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है....इनके पास से चोरी की ज्वेलरी और नगदी बरामद की गई है....दो अन्य आरोपी अमित और नरेंद्र अभी फरार हैं....जिनकी तलाश जारी है....
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पुलिस के हाथो बड़ी कामयाबी लगी है....पुलिस ने अपहरण, गैंगरेप और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर अपराध में लिप्त आरोपियों को सिर्फ 24 घंटे में गिरफ्तार कर लिया है.... पुलिस ने न सिर्फ अपहृत युवक को छुड़ाया...बल्कि घटना में लूटे गए जेवर और मोबाइल भी बरामद कर लिए हैं.... मैहर के अमरपाटन थाना पुलिस को सूचना मिली कि कुम्हारी गांव से अरविंद लोनी नामक युवक को कुछ लोग जबरन स्कॉर्पियो में बिठाकर ले गए हैं.... सूचना मिलते ही पुलिस पाँच थाना क्षेत्रों की टीमें गठित की.... और कुछ ही घंटों में अपहृत अरविंद को सकुशल को बरामद कर लिया... वही तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया... पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बंटी सिंह और उसके साथियों ने पपरा पहाड़ के जंगल में एक युवती के साथ गैंगरेप किया था....वीडियो बना कर उसे ब्लैकमेल किया था..... इसी वीडियो और लूटपाट के सामान को वापस लेने के लिए आरोपियों ने अरविंद का अपहरण किया था....पुलिस ने युवती को धुंद लिया है....और गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई है.... पुलिस आगे की जांच कर रही है....
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लखीमपुर से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है.... इस बहादुरी और खतरे से भरे वीडियो ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है....विडिओ में ईंट भट्टे में घुसे तेंदुए से युवक फ़िल्मी स्टाइल में अकेला भिड़ गया..... युवक काफी देर तक तेंदुए को काबू में करने की कोशिश करता रहा... जबकि मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीण तेंदुए पर ईंट-पत्थर बरसाए रहे..... बावजूद इसके तेंदुआ उठा और युवक पर दोबारा हमला कर दिया...घायल युवक को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है.....वहीं वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ लिया है.... लेकिन इस वीडियो ने सभी का ध्यान खींच लिया है....
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आदिवासी अंचल से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है.....जहां वन विभाग ने करीब 30 से ज्यादा आदिवासियों के मकानों पर बुलडोजर चला दिया....महिलाएं-बच्चे बिलखते रहे....लेकिन किसी ने नहीं सुनी....सवाल ये है कि कब तक जंगल की जमीन बचाने के नाम पर आदिवासियों के घरों को तोडा जायेगा.... देवास जिले के खिवनी खुर्द गांव में आदिवासी परिवारों के घरों को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया....प्रशासन ने दावा किया कि यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई थी....लेकिन जिन घरों पर बुलडोजर चला.... वे वहां पिछले 25-30 सालों से रह रहे थे....बारिश में महिलाएं अपने टूटे घरों को देख फूट-फूटकर रोती रहीं...कई परिवार अपना जरूरी सामान तक नहीं निकाल पाए....आदिवासी परिवारों का आरोप है कि कार्रवाई की सूचना उन्हें पूर्व में नहीं दी गई थी....
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बीते कई दिनों से चला रहे.... धर्मांतरण के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है....बुजुर्ग महिला पर लगाए गए धर्मांतरण के आरोप झूठे पाए गए हैं.....पुलिस जांच में सामने आया कि कांग्रेस नेता ने संपत्ति विवाद को लेकर यह पूरा षड्यंत्र रचा था..... छतरपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बुजुर्ग महिला पर लगाए गए... धर्मांतरण के आरोप अब झूठे साबित हुए हैं....पुलिस जांच में सामने आया हैं....कि यह पूरा षड्यंत्र महिला की जमीन को कब्जा करने के लिए किया गया था....कांग्रेस नेता मुहम्मद अली और उनके साथी देव सिंह बुंदेला ने इस विवाद में महिला को फंसाने के लिए साजिश रची थी... कांग्रेस नेता और उनके साथी ने दलित युवक भैय्यन बंसल के जरिया महिला के खिलाफ धर्मांतरण की झूठी शिकायत दर्ज करवाई गई थी.... पुलिस की जांच में सामने आया की है....कि यह एक सोची-समझी झूठी शिकायत थी....अब गुमराह करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.....विश्व हिंदू परिषद ने भी स्पष्ट किया है...कि उनका संगठन इस झूठे प्रकरण से पूरी तरह से अलग है..... और वे भी दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हैं....
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हितानंद शर्मा आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर 25 जून 1975 की आधी रात को देश पर थोपे गए ‘आपातकाल’को 50 वर्ष पूरे हो रहे हैं। भारत की जनता ने तब तानाशाही के विरुद्ध स्वतंत्रता की एक और लड़ाई लड़ी थी। इस बार लड़ाई अपने ही दिग्भ्रमित सत्तालोलुप नेताओं से थी, जिसमें देश एक बार फिर विजेता बनकर उभरा था। पिछले कुछ वर्षों से कुछ विपक्षी नेता संविधान की प्रति हाथ में लिए भाषण देते दिखाई देते रहे हैं। बात-बात में संविधान की दुहाई देने का क्रम चल रहा है। भारत के स्वस्थ और मजबूत लोकतांत्रिक वातावरण में भी ‘लोकतंत्र व संविधान बचाने’ के लिए सभाओं के प्रहसन चल रहे हैं। आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर यह अवसर है जब मुड़कर इतिहास को फिर से देखने की आवश्यकता है। आपातकाल का निर्णय किसी युद्ध या आंतरिक विद्रोह के कारण नहीं बल्कि एक प्रधानमंत्री के लोकसभा चुनाव रद्द होने और अपनी सत्ता बचाने की हताशा में लिया गया राष्ट्र विरोधी निर्णय था। कांग्रेस पार्टी ने आपातकाल के इस क्रूरकाल में न केवल संवैधानिक ढांचे को कुचला बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को भी भंग किया। 1971 के आम चुनावों में इंदिरा गांधी ने रायबरेली से जीत तो हासिल की लेकिन उनके निकटतम उम्मीदवार राजनारायण ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनाव में भ्रष्टाचार और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के आरोप लगाए। इधर देश की अर्थव्यवस्था खराब स्थिति में थी। आर्थिक विकास दर केवल 1.2% थी। देश का विदेशी मुद्रा भंडार मात्र 1.3 बिलियन डॉलर था (आज 640 बिलियन है)। महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर था। 50% से ज्यादा जनता गरीबी रेखा के नीचे थी। बिहार और गुजरात में छात्रों के नेतृत्व में नवनिर्माण आंदोलन चल रहा था। 8 मई 1974 को जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्च में देशव्यापी रेल हड़ताल हो चुकी थी। बिहार, गुजरात में राष्ट्रपति शासन के बाद कांग्रेस चुनाव हार चुकी थी। इस सबसे कांग्रेस की केंद्र सरकार परेशान हो चुकी थी।12 जून 1975 को न्यायमूर्ति जगमोहनलाल सिन्हा ने अपने निर्णय में इंदिरा गांधी की जीत को अवैध करार दिया और 6 साल तक चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया। इस ऐतिहासिक निर्णय के बाद इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री नहीं रह सकती थीं। उनकी कुर्सी को गंभीर राजनीतिक संकट खड़ा हो गया। इससे घबराकर इंदिरा गांधी ने आंतरिक अशांति का बहाना बनाकर मंत्रिपरिषद् की अनुशंसा के बगैर ही राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से अनुच्छेद 352 के तहत देश में आपातकाल लगाने की सिफारिश की, जिसे राष्ट्रपति ने 25 जून 1975 की आधी रात को मंजूरी दे दी। आज संविधान की प्रतियां हाथ में लहराने का नाटक करने वालों को यह स्मरण रखना ही होगा कि आपातकाल वास्तव में भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को कुचलने का प्रयास था। यह संविधान की हत्या की सोची-समझी रणनीति थी। इंदिरा गांधी ने ‘आंतरिक अशांति’ की आड़ लेकर संविधान के अनुच्छेद 352 का दुरुपयोग किया जबकि न तो उस समय बाहरी आक्रमण या युद्ध की स्थिति थी, न विद्रोह ही हुआ था। आपातकाल किसी राष्ट्रीय संकट का परिणाम नहीं था, बल्कि यह एक डरी हुई प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की जिद थी। संविधान की शपथ लेकर इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बनी थीं, किन्तु उसी संविधान की आत्मा को कुचलते हुए एक झटके में उन्होंने लोकतंत्र को तानाशाही में बदलकर रख दिया और पूरी शासन व्यवस्था को कठपुतली की तरह उपयोग किया। कांग्रेस सरकार ने विधायिका और न्यायपालिका को बंधक बनाकर सत्ता के आगे घुटने टेकने को विवश कर दिया था। प्रेस की स्वतंत्रता पर कुठाराघात किया गया। बड़े-बड़े समाचार पत्र संस्थानों की बिजली काट दी गई। समाचार पत्रों के प्रकाशन पर सेंसरशिप लगा दी गई और पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया। 21 महीने के आपातकाल का क्रूर समय नागरिकों पर हुए अत्याचारों की दारुण गाथा है। जहां विरोध में स्वर उठे वहां क्रूरता के साथ दमन किया गया। लोकतंत्र में आस्था रखने वाली हर आवाज को दबाया गया। मीसा जैसे काले कानून में लगभग एक लाख लोगों को बिना किसी सुनवाई के जेलों में डाला गया। जयप्रकाश नारायण, अटलबिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, राजनाथ सिंह जैसे अनेक वरिष्ठ विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों यहां तक कि छात्रों तक को जेल में बंद करा दिया। जेलों में अमानवीय यातनाएं दी गईं। बीमार होने पर दवाएं तक नहीं दी गईं। महिला बंदियों के साथ असम्मानजनक और अमानवीय व्यवहार किया गया।लोकतंत्र की रक्षा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका और संघर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण है। डरी हुई सरकार ने आपातकाल लगाने के पांच दिन बाद ही सरसंघचालक श्री बालासाहब देवरस को गिरफ्तार कर लिया। जयप्रकाश नारायण ने अपनी गिरफ्तारी से पहले लोक संघर्ष समिति का नेतृत्व संघ के पूर्णकालिक नानाजी देशमुख को सौंप दिया था, बाद में उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। आरएसएस, जनसंघ, एवीबीपी और कई अन्य संगठनों पर प्रतिबंध लगाकर कांग्रेस द्वारा कठोर दमन चक्र चलाया गया। एक लाख स्वयंसेवक एवं विचार परिचार के कार्यकर्ताओं ने सत्याग्रह किया। 25 हजार कार्यकर्ताओं को मीसा में बंदी बना लिया गया। 100 कार्यकर्ता इस संघर्ष में बलिदान हो गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस समय साधारण कार्यकर्ता हुआ करते थे और उन्हीं की तरह लाखों स्वयंसेवकों ने आपातकाल विरोधी आंदोलन जारी रखा। रातों-रात रेलों में आपातकाल विरोधी पर्चे बांटे, मीसाबंदियों के परिवारों की देखरेख की, भूमिगत रहते हुए आंदोलन की गति बनाए रखी और कांग्रेस की सच्चाई घर-घर तक पहुंचाई। अंततः जनाक्रोश और नागरिकों के बढ़ते दबाव के कारण जनवरी 1977 में चुनावों की घोषणा हुई और मार्च 1977 में हुए चुनावोंमें जनता पार्टी को जबरदस्त समर्थन मिला। इंदिरा गांधी स्वयं रायबरेली से चुनाव हार गईं। लोकतंत्र फिर प्रतिष्ठित हुहु आ‘इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा’ जैसे नारों से आपातकाल के समय में कांग्रेस ने देश को व्यक्ति पूजा और परिवारवाद की प्रयोगशाला बना दिया। बिना किसी संवैधानिक दायित्व के संजय गांधी देश की नीतियों पर निर्णय ले रहे थे। वह आपातकाल में सत्ता का वास्तविक केंद्र थे। देश के नागरिकों पर आपातकाल थोपने वाली कांग्रेस आज भी इसी परिवारवाद के सीमित सांचे में सिमटकर रह गई है। इंदिरा गांधी की तानाशाही का सबसे भयावह चेहरा यह था कि उन्होंने अपने पुत्र के माध्यम से सत्ता को वंशवाद की जकड़ में पूरी तरह से कैद कर लिया था। सत्ता लोलुपता में कांग्रेस ने लोकसभा का कार्यकाल 5 से बढ़ाकर 6 वर्ष कर दिया। आपातकाल इतिहास की एक राजनीतिक घटना मात्र नहीं हैं, बल्कि उस दूषित मानसिकता का प्रमाण है, जो संविधान और लोकतंत्र को केवल अपनी सत्ता पाने और बचाए रखने के लिए इस्तेमाल करती है। लोकतंत्र के साथ विश्वासघात करने के बाद भी कांग्रेस ने न तो कभी माफी मांगी और न ही कोई पश्चाताप ही प्रकट किया। बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने जनता को अधिकार देने के लिए जिस संविधान का निर्माण किया, कांग्रेस ने उसी की गलत व्याख्या कर जनता के अधिकारों को छीना। स्वतंत्रता के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब सरकार ने राष्ट्र के शत्रु नहीं राष्ट्र की जनता को ही बंदी बना लिया। आपातकाल लोकतंत्र का काला अध्याय है। आपातकाल का स्मरण रखना इसलिए आवश्यक है, ताकि भविष्य में संविधान और लोकतंत्र को सुरक्षित रखा जा सके, क्योंकि यह प्रत्येक भारतीय का नैतिक दायित्व भी है। (लेखक, भारतीय जनता पार्टी मध्य प्रदेश के प्रदेश संगठन महामंत्री हैं।)
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इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड रोज एक नया मोड़ ले रहा है....इसमें अब एक बड़ी अपडेट सामने आई है.... ग्वालियर पुलिस ने गांधी नगर से लोकेंद्र तोमर नाम के के युवक को हिरासत में लिया है....लोकेंद्र के पास से पुलिस को सोनम रघुवंशी का बैग मिली है....जिसमें 5 लाख रुपये और एक पिस्टल थी.... इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में शिलांग पुलिस की जांच अब ग्वालियर तक पहुंच गई है... पुलिस ने गांधी नगर के एमके प्लाजा से प्रॉपर्टी डीलर लोकेंद्र तोमर को गिरफ्तार किया है... लोकेंद्र पर सोनम रघुवंशी के बैग को छिपाने का आरोप है..... जिसमें 5 लाख रुपये और एक पिस्टल थी.... ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र को शिलांग पुलिस को सौंप दिया है.....
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प्रदेश में थाने में सुरक्षित नहीं फरियादी....सतना थाने में न्याय मांगने गई एक बुजुर्ग महिला के साथ पुलिस की शर्मनाक हरकत का वीडियो वायरल हो रहा है....वीडियो में साफ दिख रहा है की पुलिसवाला आया और बिना कुछ कहे बुजुर्ग महिला को थप्पड़ जड़ दिया.... यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग सवाल उठा रहे हैं.... की जब थाने में ही फरियादी ही सुरक्षित नहीं है....
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1990 के दशक के मुंबई पर आधारित मुनव्वर फारूकी की डेब्यू वेब सीरीज फर्स्ट कॉपी रिलीज हो चुकी है.... मुनव्वर लीड रोल में है..... बॉलीवुड में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है.....जो फैंस को काफी पसंद आ रहा है....रिलीज में मुनव्वर को एक प्रोडक्शन कंपनी में काम मिलने के बावजूद.....उसे अपमान और निराशा का सामना करना पड़ता है..... हताशा में, वह वीडियो पायरेसी के अवैध रास्ते पर चल पड़ता है..... और धीरे-धीरे एक विशाल भूमिगत साम्राज्य खड़ा करता है.....रिलीज में 90 के दशक की जीवंतता, पुरानी वीएचएस टेप्स और पायरेसी के खतरनाक खेल को बखूबी दर्शाया गया है.....मगर, जैसे-जैसे उसका कारोबार बढ़ता है.....एक कठोर पुलिसवाला उसकी दुनिया को तहस-नहस करने की ठान लेता है..... मेयांग चांग, गुलशन ग्रोवर, रजा मुराद और क्रिस्टल डिसूजा जैसे कलाकारों से सजी यह सीरीज अपराध की रोमांचक कहानी है.....
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एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है....जिसमे तिरपाल में महिला का अंतिम संस्कार किया जा रहा है...इस वायरल हो रहे एक वीडियो ने प्रशासन की पोल खोल दी है....एक हजार की आबादी वाला इस गांव आज भी मुक्तिधाम जैसी मूलभूत सुविधा नहीं है.... जो प्रशासन पर सवाल खड़े कारता है दतिया जिले की भांडेर जनपद पंचायत के मुरिया गांव में भारी बारिश के बीच अवध कुंवर नामक महिला का अंतिम संस्कार तिरपाल के सहारे करना पड़ा....वायरल वीडियो में ग्रामीण बारिश से बचने के लिए तिरपाल तान के अंतिम संस्कार करते दिख रहे हैं.... करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव में आज भी मुक्तिधाम जैसी बुनियादी सुविधा नहीं है.... ग्रामीणों ने बताया कि बारिश में अंतिम संस्कार के लिए कोई पक्की व्यवस्था न होने से उन्हें मजबूरी में तिरपाल का सहारा लेना पड़ा....ग्रामीणों ने कहा भगवान करे बारिश में किसी का देहांत न हो ....यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है....जो प्रशासन पर सवाल खड़े करता है
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23 मई को उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना के विवाद को लेकर...लठमार घटना ने सामाजिक तनाव को बढ़ा दिया है....सामाजिक न्याय सम्मेलन ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए.... गांधीवादी तरीके से विरोध जारी रखने का ऐलान किया है.... ग्वालियर उच्च न्यायालय परिसर में हुए... लठमार कांड को लेकर विरोध तेज हो गया है.... सामाजिक न्याय सम्मेलन की ओर से कहा गया कि ओबीसी, एससी और एसटी समाज के लोग डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे थे.... लेकिन आधी रात को न्यायालय में लठ्ठ रखना न्याय व्यवस्था पर हमला है.... प्रदर्शनकारियों का आरोप है... कि इस घटना में कुछ वकीलों की मानसिकता भाजपा और आरएसएस की विचारधारा से प्रेरित है....संस्था ने मांग की है कि दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए....
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स्विस बैंकों में भारतीयों का जमा धन 2023 की तुलना में 2024 में तीन गुना बढ़कर 3.5 अरब स्विस फ्रैंक (लगभग 37,600 करोड़ रुपये) हो गया। स्थानीय शाखाओं और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से स्विस बैंकों में रखे गए धन में भारी वृद्धि के कारण यह बढ़ोतरी हुई। 2023 में यह रकम चार वर्ष के निम्नतम स्तर 1.04 अरब स्विस फ्रैंक हो गई थी। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) के आधिकारिक आंकड़ों में स्विटजरलैंड में भारतीयों द्वारा रखे गए कथित काले धन के बारे में नहीं बताया गया है। स्विट्जरलैंड भारतीयों के धन को काला धन नहीं मानता। स्विट्जरलैंड कहता रहा है कि वह कर चोरी के खिलाफ लड़ाई में भारत का समर्थन करता है। स्विट्जरलैंड के केंद्रीय बैंक द्वारा गुरुवार को जारी वार्षिक आंकड़ों के अनुसार इस दौरान भारतीयों के कस्टमर अकाउंट का रकम केवल 11 प्रतिशत बढ़कर 34.6 करोड़ स्विस फ्रैंक (लगभग 3,675 करोड़ रुपये) हो गया, जो कुल धन का केवल एक-तिहाई है।
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जबलपुर । मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में नर्सिंग घोटाले की सुनवाई अब जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिविजनल बेंच करेगी। 37 याचिकाओं पर सुनवाई जारी है, जिसमें कॉलेजों से संबंधित मामले शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं ने घोटाले की जानकारी दी, जिसे सुनकर न्यायाधीश भी आश्चर्यचकित हो गए। लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के द्वारा दायर की गई इस जनहित याचिका के साथ अन्य याचिकाएं भी सुनवाई के लिए लिस्टेड थी।अधिवक्ता विशाल बघेल के अनुसार नर्सिंग फर्जीवाड़े को उजागर करने वाली लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की याचिका क्रमांक 1080/2020 को जस्टिस अतुल श्रीधरन ने आदेश देते हुए मुख्य याचिका बनाया है और नर्सिंग मामलों से जुड़े अन्य सभी मामले अब इसके साथ ही लिंक किए जाएंगे।जनहित याचिका 1080/2020 के बारे में जानकारी देते हुए अधिवक्ता आलोक बगरेचा और अधिवक्ता विशाल बघेल ने कोर्ट को इस मामले की ब्रीफ करते हुए जानकारी दी। एक कमरे में चल रहे कॉलेज सहित फर्जी दस्तावेजों पर रजिस्टर्ड कॉलेज और सीबीआई की जांच के बाद रिश्वत लेते पकडे गए सीबीआई अधिकारियों सहित नर्सिंग काउंसिल के द्वारा सीसीटीवी तक गायब कर देने की जानकारी जब कोर्ट को मिली तो इसके तथ्य और सबूत देखकर न्यायालय भी हैरान हो गया। इस मामले में हुई पिछली सुनवाई में जस्टिस संजय द्विवेदी की डिविजनल बेंच ने एमपी नर्सिंग काउंसिल के डायरेक्टर और रजिस्टर सहित इंडियन नर्सिंग काउंसिल के सचिव को भी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहने का आदेश दिया था। जब जस्टिस अतुल श्रीधरन ने इस बारे में नर्सिंग काउंसिल की ओर से पेश हुए वकील से पूछा तो उन्होंने उपस्थिति में छूट के आवेदन की बात की, जिस पर कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा कि ऐसे लोगों को सख्ती से लेकर आए। अब इस मामले की विस्तृत सुनवाई 3 जुलाई 2025 को तय की गई है। कोर्ट के आदेश के अनुसार इस मामले को टॉप ऑफ द लिस्ट रखा गया है।
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हरदा । जिले में विद्युत मंडल द्वारा बकाया वसूली में मनमानी की जा रही है। जहां एक और काफी बड़ा चढ़ाकर बिल भेजा गया है वहीं दूसरी ओर बकाया वसूली का नोटिस अंग्रेजी में दिया जा रहा है। अधिकांश किसान कम पढे-लिखे हैं। उन्हें अंग्रेजी भाषा में दिया गया नोटिस समझ में नहीं आ रहा है। आसपास के लोगों को दिखाते हैं तो अंग्रेजी भाषा समझ में नहीं आ रही है। स्थानीय लोगों की मांग है कि मप्र का जब शासकीय कार्य हिन्दी में होता है, तब फिर ये अंग्रेजी में नोटिस क्यों थमाया जा रहा है। कम से कम गांव वालों को तो अंग्रेजी में इस तरह से नोटिस देने की परंपरा खत्म कर दी जाए, हमें हिन्दी आती है, अंग्रेजी नहीं समझ आती, ऐसे में हमें पता तो होना चाहिए आखिर जो नोटिस आया है, उसमें लिखा क्या है। अंग्रेजी के बजाय हिंदी में भेजा जाये नोटिस – राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास खोरे ने विद्युत मंडल के उच्चाधिकारी का ध्यान इस और आकृष्ट करते हुए बिल संबंधी नोटिस हिंदी भाषा में देने की मांग की है। अंग्रेजी भाषा में दिया गया नोटिस कम पढ़े-लिखे किसान समझ नहीं पाते हैं और उन्हें इधर-उधर परेशान होना पड़ता है। किसानों को बिल संबंधी सही सटीक जानकारी नहीं मिल पाती है। बिल पेनाल्टी आदि समझ में नहीं आती है। इस लिहाज से नोटिस देने की कार्यवाही हिंदी भाषा में देने की पहल की जाय। उन्होंने कहा है कि किसानों की मांग आवश्यकता और समस्या को ध्यान में रखते हुए इस तरह का कदम उठाये जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। किंतु उस पर अमल नहीं किया जा रहा है। जिसके कारण समस्या आज भी बनी हुई है। हिंदी पखवाड़ा में लिया गया संकल्प महज दिखावा – 1 सितंबर से 14 सितंबर तक हर वर्ष हिंदी पखवाड़ा और 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का संकल्प तो लिया जाता है किंतु उस पर अमल नहीं किया जाता है। मुकेश भसीन का कहना है कि हिंदी की बात तो सभी करते हैं किंतु कामकाज हिंदी के बजाय अंग्रेजी में करते हैं। कार्यालय के कर्मचारी नहीं दे पाते जानकारी - अंग्रेजी में किसानों को दिया जा रहा बकाया बिल वसूली के नोटिस के संबंध में किसानों को कार्यालय के ही अधिकांश कर्मचारी नहीं दे पाते हैं। अंग्रेजी का अच्छा ज्ञान विद्युत मंडल के ही अधिकांश कर्मचारियों में नहीं है। अंग्रेजी के नोटिस को हिंदी में अनुवाद सही-सही नहीं कर पाते हैं। ऐसे में किसानों को अंग्रेजी में दिया जा रहा नोटिस किस हद तक उचित है। किसान नेता रामजीवन वाष्ट का कहना है कि किसानों को बकाया बिल वसूली के संबंध में अंग्रेजी में नोटिस देने से किसान खफा है। नोटिस समझने में आ रही समस्या को गंभीरता से लेते हुए अभिलंब समुचित कार्यवाही नहीं की गई तो खफा किसान इसका विरोध करने पर मजबूर हो जायेंगे । इस संबंध में हरदा जिला कलेक्टर सिद्धार्थ जैन से जब बात की गई तो उनका कहना यही रहा कि 5 एचपी तक पंप कनेक्शन, बीपीएल कार्डधारी और एक कनेक्शन माफ होने का प्रावधान है। ऐसे किसानों को बिल माफ किया जायेगा और बकाया बिल नोटिस को हिंदी में भेजने की कार्यवाही की जायेगी । हिन्दुस्थान समाचार/प्रमोद सोमानी
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स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर आरटीओ विभाग सख्त हो गया है । कलेक्टर के निर्देश पर स्कूल और यात्री वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है । नियम उल्लंघन पर नोटिस भी जारी किये गए है साथ ही कई गाड़ियों पर भी रोक लगाई गई है । स्कूल सत्र शुरू होने से पहले देवास आरटीओ विभाग ने सख्ती तेज़ कर दी है। कलेक्टर के निर्देश पर स्कूली और यात्री वाहनों की जांच की जा रही है।आरटीओ अधिकारी निशा चौहान ने बताया कि सतवास, कन्नौद और खातेगांव क्षेत्रों में स्कूल बसों की जांच की गई जिसमे कई स्कूलों और कॉलेजों के वाहनों की भी जांच हुई। जाँच में चैम्पियन स्कूल की छह बसें नियमों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इनका संचालन रोका गया है और 15 दिन में पंजीयन निरस्त करने की चेतावनी दी गई है। वहीं अन्य स्कूलों को भी नियमों का पालन न करने पर नोटिस थमाए गए हैं। जिन स्कूलों ने जांच में सहयोग नहीं किया, उनके वाहनों पर नोटिस दिए गए है साथ ही 7 दिनों में दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान फिटनेस, बीमा और परमिट जैसे दस्तावेजों की जांच की गई। आरटीओ ने स्पष्ट किया कि सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद ही वाहन सड़क पर दौड़ सकेंगे। आरटीओ अधिकारी निशा चौहान ने कहा कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
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कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं..... महाराष्ट्र के बीड़ में शिव पुराण कथा के दौरान कायस्थ समाज के आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त पर की गई.... उनकी कथित अभद्र टिप्पणी से कायस्थ समाज में आक्रोश फैल गया है....समाज के लोग ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर मांग की है.... कि पंडित मिश्रा वृंदावन के चित्रगुप्त मंदिर में जाकर माफी मांगें..... कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने 14 जून को महाराष्ट्र के बीड़ में कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त और यमराज पर की गई कथित अभद्र टिप्पणी से कायस्थ समाज में भारी रोष देखने को मिल रहा है.... समाज ने इसे अपने आराध्य का अपमान बताते हुए.... सीहोर, भोपाल, रायसेन और मुरादाबाद जैसे शहरों में विरोध-प्रदर्शन किया है .... कायस्थ समाज ने कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर ....ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि प्रदीप मिश्रा वृंदावन के चित्रगुप्त मंदिर में जाकर माफी मांगें.... प्रदीप मिश्रा ने कायस्थ समाज से सीहोर के कुबेरेश्वर धाम पर प्रेस वार्ता कर माफी मांगी थी .... लेकिन समाज का कहना है कि यह पर्याप्त नहीं है....कई संगठनों ने कानूनी कार्रवाई और पुतला दहन की चेतावनी दी है...
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पानी के लिए तरस रहा पाकिस्तान....इस्लामाबाद और रावलपिंडी में गंभीर जल संकट छाया हुआ है....क्योंकि उनका प्रमुख जलस्रोत खानपुर डैम पूरी तरह सूख चुका है..... इस क्षेत्र की 80% से ज्यादा फसलें बर्बाद हो चुकी हैं.....जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है.....पीने के पानी की भारी कमी ने लाखों लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है.....
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रायपुर । मोहला -मानपुर जिला में लम्बे समय से सक्रिय इनामी नक्सली दंपत्ति ने बुधवार काे जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन पर 13 लाख का इनाम घोषित है, जो कई सालों से नक्सली गतिविधियों में शामिल थे। जिला पुलिस और सुरक्षा बलों को लंबे समय से इनकी तलाश थी।राजनांदगाव रेंज पुलिस महानिर्देशक अभिषेक शांडिल्य ने बताया कि मोहला मानपुर पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे माओवादी उन्मुलन अभियान के तहत नक्सली जीवन उर्फ़ राम तुलावी व अगासा उर्फ़ आरती कोर्राम ने बुधवार काे आत्म समर्पण किया।नक्सली दंपत्ति 13 लाख के इनामी नक्सली थे। आईजी ने बताया कि डीव्हीसीएम जीवन 8 लाख और उसकी पत्नी एसीएम अगासा 5 लाख के इनामी नक्सली थे। नक्सली दंपत्ति जीवन मोहला थाना के परवीडीह व अगसा ग्राम तेलीटोला की निवासी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नक्सल दंपत्ति 25 साल से माओवादी संगठन मे सक्रिय रहे है। 12वीं पास जीवन, माड़ क्षेत्र में सक्रिय डिवीसीएम व अगासा एसीएम पद के सक्रिय सदस्य थे। जीवन माड़ में नक्सलियों द्वारा संचालित स्कूल में पढ़ाने का काम करता था। जिसका उदेश्य माड़ क्षेत्र के गावों में घूम-घूम कर नक्सली संगठन के सदस्यों को नक्सली विचारधारा से जोड़ना था। वही उसकी पत्नी 10वीं तक पढ़ी अगासा (38 वर्ष) नक्सलियों के चेतना नाट्य मंच की अध्यक्ष थी।आईजी ने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों को शासन की नीति के तहत घोषित प्रोत्साहन राशि 50-50 हजार तत्काल दिया गया। वही आईजी ने कहा कि हमारा प्रयास है कि शासन कि नीति के तहत नक्सली समर्पण करें या जो आपरेशन चल रहा है उसका सामना करें। नक्सली दम्पतियों का यह आत्मसमर्पण उन नक्सलियों के लिए है जो वापस मुख्य धारा से जुड़ना चाहते है।आत्मसमर्पण किए नक्सली ने कहा कि वह बस्तर सहित अन्य जिलों में सुरक्षा बल द्वारा लगातार प्रहार के डर व छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एसपी के सामने हमने हथियार छोड़ आत्मसमर्पण किया हैं।
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देवास जिले के कन्नौद क्षेत्र में रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध थमने का नाम ही नहीं ले रहा है... आठ गांवों के किसानों ने सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है... इस बीच पुलिस का किसानों को घसीटते हुए हटाने का एक वीडियो वायरल हो गया है... इस मामले में अब कांग्रेस ने कांटाफोड़ थाने पर धरना देकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं... देवास जिले में इंदौर-बुधनी नई रेल लाइन के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण का विरोध तेज हो गया है....कन्नौद क्षेत्र के आठ गांवों के किसान मुआवजे की दरों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं.... जब प्रशासनिक टीम अधिग्रहण कार्य के लिए पहुंची....तो विरोध ने उग्र रूप ले लिया.... पुलिस और किसानों के बीच जमकर झूमाझटकी हो गई ....वहीं कई महिला किसान बुलडोजर के सामने आकर बैठ गईं....इस दौरान पुलिस ने महिलाओं को घसीटते हुए ले जाने का एक वीडियो वायरल हो गया....जिसके बाद अब कांग्रेस मैदान में उतर आई....कांग्रेस नेताओं ने कांटाफोड़ थाने पर धरना देते हुए.... पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए है .... मामला शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र से जुड़ा होने के चलते उन्होंने भी इस मामले में हस्तक्षेप किया है .... खातेगांव विधायक आशीष शर्मा के अनुसार शिवराज सिंह ने रेल मंत्री से बात की और भूमि अधिग्रहण पर फिलहाल रोक लगवा दी गई है....
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प्रदेश में बढ़ती मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए... एक तस्कर को गिरफ्तार किया है... पकड़े गए आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल और भारी मात्रा में गांजा बरामद किया गया है... पुलिस इस तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है... और अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है... देवास जिले की सतवास पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में तुफैल नाम के तस्कर को 10 किलो 200 ग्राम गांजे और एक मोटरसाइकिल के साथ गिरफ्तार किया है...आरोपी के पास से जब्त किये गए.... गांजे की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 10 लाख रुपये है...थाना प्रभारी बीरा ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी...कि सीहोर जिले के दौलतपुर गांव से शाकिर और तुफैल अवैध गांजा लेकर खातेगांव होते हुए सतवास आ रहे हैं... पुलिस ने पीपलकोटा नाले के पास घेराबंदी की....जहां एक आरोपी तुफैल पकड़ा गया... लेकिन दूसरा आरोपी शाकिर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया...पुलिस ने तुफैल को मेडिकल जांच के बाद उसे कोर्ट में पेश किया है...और अब फरार शाकिर की तलाश में जुटी है...
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एक दिल दहलाने वाली खबर ने फिर इंसानियत पर सवाल खड़े कर दिए हैं... देवास में एक 15 वर्षीय किशोरी ने अपने पिता पर यौन शोषण और अश्लील हरकत करने के गंभीर आरोप लगाए है... देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र के एक गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी ने अपने 45 वर्षीय पिता पर यौन शोषण और अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप लगाए हैं... किशोरी ने पुलिस को बताया कि उसका पिता कई महीनों से रात में कमरे में आ कर गंदे इशारे करता था...और आपत्तिजनक हरकतें करता था...जब पिता की इस हरकत का माँ ने विरोध किया तो ... आरोपी ने उसके माँ के साथ मारपीट की... किशोरी ने घटना का वीडियो भी पुलिस को सौंपा है...कन्नौद था
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अमराेहा । उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक गांव के जंगल में संचालित अवैध पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने इमारत ढह गई। इमारत के मलबे में दबकर चार महिलाओं की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। सूचना पर पाकर अग्निशमन विभाग के अधिकारी व पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घटना की जानकारी पर जिलाधिकारी निधि गुप्ता और पुलिस अधीक्षक अमित आनंद भी मौके पर पहुंचे हैं।रजबपुर थाना क्षेत्र, अतरासी गांव के जंगल में अवैध तरीके से एक पटाखा फैक्टरी संचालित हो रही थी। रोजाना की तरह यह पर लोग काम कर रहे थे, इसी दौरान फैक्टरी में विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि बिल्डिंग की टीनशेड और दीवारें गिर गई। इमारत के मलबे में कई लोग दब गए। इस घटना से पूर इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर फायर बिग्रेड, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंची और मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। पुलिस अधीक्षक अमित आनंद ने बताया कि हादसे में चार महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल है। टीमें राहत बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। पुलिस शवों की शिनाख्त के प्रयास कर रही है।
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श्रीहरिकोटा । आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। तमिलनाडु कमांड कंट्रोल सेंटर को रविवार आधी रात केंद्र में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में फोन कॉल मिली।इसके बाद श्रीहरिकोटा में सुरक्षाकर्मियों को अलर्ट कर दिया गया है। फोन कॉल में बताया गया कि आतंकवादियों ने समुद्र तट के ओर से केंद्र में घुसपैठ कर उसे बम से उड़ाने की धमकी दी है। इस पर आज सुबह केंद्र के आसपास तलाशी अभियान शुरू किया गया है। इसमें सीआईएसएफ की टीमें और पुलिस बल शामिल हैं। तटरक्षक बलों ने भी समुद्री मार्गों पर तलाशी अभियान शुरू किया है।नायडूपेटा डीएसपी चेंचू बाबू के नेतृत्व में पुलिस ने इसमें हिस्सा लिया। तलाशी अभियान के बाद सुरक्षा बलों ने निष्कर्ष निकाला कि यह धमकी भरा फोन कॉल बदमाशों का काम है। बावजूद इसके सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
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मध्य प्रदेश में उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 के वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों का आंदोलन तेज हो गया है.....भोपाल के नीलम पार्क में अभ्यर्थियों ने झाड़ू लगाकर और धरना देकर नियुक्ति की मांग को लेकर विरोध जताया है .....प्रदर्शनकारियों ने जहांगीराबाद टीआई को ज्ञापन सौंपकर मुख्यमंत्री से मिलने की मांग की है ..... उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 के वेटिंग लिस्ट अभ्यर्थियों ने भोपाल के नीलम पार्क में धरना देकर..... अपनी मांगों को बुलंद किया है....झाड़ू लगाकर विरोध जताते हुए..... अभ्यर्थियों ने सरकार पर नियुक्ति में देरी का आरोप लगाए है..... अभ्यर्थियों ने जहांगीराबाद टीआई आशुतोष उपाध्याय को ज्ञापन सौंपा और ..... अभ्यर्थी दीपिका बागोरा ने कहा हमने सारी योग्यताएं पूरी की हैं..... फिर भी फरवरी 2024 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं..... प्रदर्शनकारी चेतावनी दे रहे हैं..... कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं..... आंदोलन जारी रहेगा.....
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इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी प्रकरण के बाद अब युवाओं में शादी को लेकर डर बढ़ता जा रहा है। ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है छतरपुर से, जहां एक युवक ने खुद को एक युवती से खतरा बताया है और एसपी ऑफिस पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। छतरपुर के नौगांव निवासी लकी विकास पटेरिया ने एसपी ऑफिस में एक आवेदन देकर एक युवती से खुद को बचाने की अपील की है। लकी का दावा है कि इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद युवती ने शादी का दबाव बनाया, जबकि वह पहले से ही शादीशुदा है और कई पुरुषों से संबंध रख चुकी है। लकी ने युवती पर ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने के आरोप लगाए हैं। वहीं, दूसरी ओर युवती ने भी पुलिस को एक आवेदन दिया है, जिसमें उसने लकी पर शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण का आरोप लगाया है। उसने न्याय की मांग की है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि युवती पर पहले भी ब्लैकमेल और मारपीट के आरोप दर्ज हैं, और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
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परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा के लिए अपनी सख्ती दिखाई है....परिवहन अधिकारी और चेक पोस्ट प्रभारी की उड़न दस्ता टीम ने नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए.... कुल 3 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना वसूल किया है....इस अभियान का मकसद सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करना है.... सिंगरौली में परिवहन विभाग के अधिकारी विक्रम सिंह राठौर और चेक पोस्ट प्रभारी टीएसआई विभा उइके की उड़नदस्ता टीम ने नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है.... इस अभियान में POS मशीन के जरिए 2 लाख 90 हजार रुपये और 60 हजार रुपये नगद वसूल कर..... कुल 3 लाख 50 हजार रुपये का राजस्व जमा किया गया.... करवाई के चलते टीम ने दो मालवाहक वाहन UP66T2334 और UP66DT7479, नियम उल्लंघन के चलते शासन चौकी में खड़े किए .... और उन पर 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाकर रिलीज किया....अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे.... इसलिए वाहन चालकों को अपने दस्तावेज पूर्ण और नियमों का पालन करना होगा....
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अवैध रेत खनन को लेकर हुए गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए.... तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है....इससे पहले दो आरोपी जेसीबी चालक और संजय रजक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.... राजनांदगांव में गांव मोहर नदी के किनारे अवैध रेत खनन के लिए जेसीबी से रैम्प बनाया जा रहा था....इसका विरोध करने पहुंचे ग्रामीणों पर रेत माफियाओं ने हमला कर गोलियां चला दी थी .... इस मामले में पुलिस ने पहले दो आरोपी JCB चालक भगवती निषाद संजय रजक को गिरफ्तार किया था....और अब अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए.... पुलिस ने तीसरे आरोपी अभिनव तिवारी उर्फ चिनू को गिरफ्तार किया है.... अभिनव ने पूछताछ में JCB और हाईवा वाहन का मालिक होने की बात कबूली है.... पुलिस ने BNSS की धाराओं, आर्म्स एक्ट और माइनिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर....उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है....और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही हैं....
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बिजावर जनपद पंचायत की सीईओ अंजना नागर के शासकीय वाहन ने चाट के ठेले को जोरदार टक्कर मार दी...हादसा इतना भीषण था कि चाट का ठेला उछल कर पलट गया... और गरीब ठेले वाले का सारा सामान सड़क पर बिखर गया... सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है... कि टक्कर शासकीय वाहन से से हुई है ... हादसे में चाट वाले को चोटें आईं है...और मदद के बजाय वहां मौजूद सीईओ के परिचित लोग उल्टा ठेले वाले को धमकाते नजर आए... यह पूरी घटना बिजावर थाना क्षेत्र के केशव पेट्रोल पंप के पास की है... अब सवाल उठता है कि जब शासकीय वाहन से हादसे हों और पीड़ित को इंसाफ मिलने की जगह धमकी दी जाए... तो आम आदमी कहां जाएगा?
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उधम सिंह नगर के खटीमा से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है... जहाँ खनन माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं... कि अब वो किसानों की जमीन तक नहीं छोड़ रहे... मामला खटीमा की टेढ़ाघाट बरीअंजनिया ग्राम सभा का है... जहां एक किसान की जमीन से बिना उसकी अनुमति के मिट्टी खनन किया... उधम सिंह नगर के सीमांत क्षेत्र खटीमा से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं... जहां टेढ़ा घाट में खनन माफिया ने एक किसान की तीन बीघा उपजाऊ ज़मीन को तीन से चार फीट तक खोद डाला... बिना किसी अनुमति के खेत से मिट्टी निकाल कर खुलेआम बेच दी ... हैरानी की बात ये है ...कि न तो प्रशासन का डर और न ही खेत मालिक की इजाज़त... किसान जब मौके पर पहुंचा तो उसे धमकाया गया...जिसके बाद आरोपी जेसीबी छोड़ कर मौके से फरार हो गए... पीड़ित किसान अपनी शिकायत लेकर उपजिलाधिकारी रविंद्र बिष्ट के पास पहुंचा है...
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डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ाता जा रहा है....15 सालों से जर्जर सड़क की मरम्मत की मांग कर रहे ग्रामीणों ने आखिरकार नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया है.... सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर बैठकर 5 घंटे तक धरना प्रदर्शन किया.... राजनांदगांव जिले के तुमड़ीबोड़ इलाके में ग्रामीणों का गुस्सा उस समय चरम पर पहुंच गया... जब 15 वर्षों से लंबित डामरीकरण कार्य पर कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला.... ग्रामीण अपनी मांग को लेकर कोपेडीह, आलीखूंटा, आरगांव और बोदेला के सड़क पर दरी बिछाकर पांच घंटे तक चक्का जाम कर दिया.... और लोक निर्माण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की....महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन में भाग लिया...धरने पर पहुंचे एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस प्रशासन के बार-बार समझाने के बाद ग्रामीण धीरे-धीरे सड़क को खाली कि....अधिकारियों ने ग्रामीणों को लिखित आश्वासन दिया है... कि वो जल्द ही काम शुरू करवाएंगे....ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर 2025-26 के बजट सत्र में डामरीकरण की स्वीकृति नहीं मिली....तो वो अगला बार इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे ....
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छिन्दवाडा। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन और जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के नेतृत्व में प्रारंभ की गई “स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स सेवा” नवाचारों की मिसाल बनती जा रही है और लगातार उपलब्धियों को छू रही है। यह पहल अब राष्ट्रीय स्तर पर ISC-FICCI सैनिटेशन अवार्ड्स 2025 की दो महत्त्वपूर्ण श्रेणियों, पहली वॉश प्रणालियों के सतत संचालन एवं सामुदायिक प्रबंधन में उत्कृष्टता एवं दूसरी वॉश क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कौशल विकास पहल में चयनित होकर अंतिम सूची में शामिल की गई है। इन दोनों श्रेणियों में नामांकित होने के उपरांत जिला छिंदवाड़ा की यह अभिनव पहल अब देश के प्रतिष्ठित मंच पर अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करवा रही है। बुधवार को जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यकारी निर्णायक समिति के समक्ष जिले के इस नवाचार की प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि यह सेवा केवल स्वच्छता का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका, जागरूकता और सम्मान से जुड़ी एक समग्र पहल है। यह अभिनव पहल कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन और मुख्य कार्यपालन अधिकारी अग्रिम कुमार के नेतृत्व में प्रारंभ की गई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक शौचालयों की नियमित और वैज्ञानिक सफाई सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर बन गई है। इस नवाचार की शुरुआत 26 सितंबर 2024 को ग्राम पंचायत छिंदी से प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल के करकमलों से की गई थी। भोपाल के जंबूरी मैदान में 31 मई 2025 को लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जन्म जयंती पर आयोजित महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने छिंदवाड़ा जिले के इस नवाचार की खुले मन से प्रशंसा की थी। कार्यक्रम में इस नवाचार को प्रस्तुत किया गया, जिसमें छिंदवाड़ा की स्वच्छता साथी अनामिका बेलवंशी ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्रीजी स्वयं संवाद कर, उनके कार्य के प्रति उत्साह और समर्पण की सराहना की थी। अब तक इस नवाचार के अंतर्गत 27,228 शौचालयों की सफाई की जा चुकी है, जिसमें 19,331 व्यक्तिगत शौचालय शामिल हैं। इस सेवा से जुड़ी स्वच्छता साथियों की कुल आय 25 लाख 60 हजार रुपये से अधिक हो गई है तथा एक स्वच्छता साथी की औसत मासिक आय 25,000 रुपये तक पहुंच चुकी है। इस नवाचार को प्रदेश में विस्तार देने के लिए एक समन्वित समिति गठित की गई है, जिसकी अध्यक्षता स्वयं सीईओ अग्रिम कुमार कर रहे हैं। यह समिति “वॉश ऑन व्हील्स” की कार्यप्रणाली एवं इससे जुड़ी ऑनलाइन एप्लिकेशन की कार्यक्षमता का विश्लेषण करेगी। इस उपलब्धि में जिला परियोजना समन्वयक सुधीर कृषक सहित स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) छिंदवाड़ा की टीम का विशेष योगदान रहा है। इस टीम में विकासखंड समन्वयक, तकनीकी सहयोगी, ग्राम पंचायत सचिव, प्रेरक तथा समर्पित स्वच्छता साथीगण सतत सेवा दे रहे हैं। उल्लेखनीय है कि फिक्की (भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ) भारत का प्रमुख औद्योगिक संगठन है, जो नीति निर्माण, नवाचार एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इंडिया सैनिटेशन कोइलेशन (ISC) के साथ मिलकर फिक्की द्वारा प्रतिवर्ष सैनिटेशन अवार्ड का आयोजन किया जाता है, जिसमें जल, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रभावी कार्य करने वाले संस्थानों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाता है।
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इंदौर । हिंसा पीड़ित महिलाओं को 24 घंटे सहायता प्रदान करने के लिए महिला बाल विकास विभाग द्वारा वन स्टॉप सेंटर संचालित किये जा रहे हैं। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार ने बुधवार को इंदौर के मुराई मोहल्ला छावनी स्थित वन स्टॉप सेंटर का दौरा किया। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के लाभार्थियों से समक्ष में चर्चा की। इस दौरान परामर्श एवं कथन की कार्यवाही चल रही थी, उन्होंने प्रकरण को समझा और उस पर आगामी कार्यवाही हेतु निर्देश दिए। अर्चना मजूमदार ने समस्त पंजीयों का अवलोकन भी किया तथा मिशन शक्ति के समस्त घटकों की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने जागरूकता कार्यक्रम हेतु अनेक सुझाव दिए। उन्होंने वन स्टॉप सेंटर के सुचारू संचालन एवं व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। समस्त स्टॉफ से चर्चा उपरांत सभी को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा, सहायक संचालक जय श्रीवास्तव, वन स्टॉप सेंटर प्रशासक डॉ. वंचना सिंह परिहार, सामाजिक कार्यकर्ता साइकोलॉजिस्ट नीलम सिन्हा एवं वन स्टॉप सेंटर की टीम उपस्थित थी।
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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के किसान अब ऊर्जादाता बनेंगे। "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से प्रदेश के किसानों और छोटे निवेशकों को लाभ होगा। योजना का लाभ लेकर किसान बिजली उत्पादक बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि नेट जीरो का लक्ष्य पाने में मध्य प्रदेश के किसान बड़ी भूमिका निभाएंगे। ऊर्जा समिट में एक ही मंच पर निवेशक, किसान, विशेषज्ञ और नीति-निर्माताओं ने उपस्थित होकर समृद्धि के नये द्वार पर दस्तक दी है। प्रदेश में अब तक 80 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं स्थापित की जा चुकी हैं, जिससे 16 हजार से अधिक कृषि पम्पों को सौर उर्जा से उर्जीकृत किया जा चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार कृषकों को आत्मनिर्भर बनाने, उनकी आय में बढ़ोतरी एवं आर्थिक विकास के लिये संकल्पित है। मध्यप्रदेश अब देश की सोलर कैपिटल ऊर्जाधानी बनने के मार्ग पर अग्रसर हैं। प्रदेश के रीवा, नीमच और ओंकारेश्वर सौर ऊर्जा का सशक्त हस्ताक्षर बन रहे हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा प्रदेश के लिए वरदान है। अब हमारी सरकार छोटे निवेशकों और किसान भाइयों को भी बिजली उत्पादन का अवसर मुहैया कराने जा रही है। अब हमारे अन्नदाता, ऊर्जादाता बनने के पथ पर अग्रसर होंगे। उन्होंने बताया कि "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से छोटे निवेशकों के साथ किसानों को भी लाभ मिलेगा। इस योजना से वोकल फॉर लोकल के अंतर्गत स्थानीय स्तर पर उद्यमियों को निवेश एवं रोजगार के अवसर मिलेंगे। निवेशकों के साथ सरकार 25 साल तक बिजली खरीदने का समझौता करेगी। निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन के साथ सस्ती ज़मीन और तय बिजली रेट मिलेगा। उन्होंने बताया कि "सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना" से किसानों को भी अत्यधिक फायदा होगा। योजना से किसानों को दिन में भी सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी। अन्नदाताओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। किसानों को रात में बिजली का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दिन में 8 घंटे तक लगातार बिजली मिलेगी। किसान बिना रुकावट सिंचाई कर सकेंगे। कुसुम-सी योजना का विस्तार मुख्यमंत्री ने बताया कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना, प्रधानमंत्री कुसुम-सी योजना का विस्तार है। इस योजना में हर गाँव के पास जो कृषि फीडर (जहाँ से किसानों को बिजली मिलती है) है, उसको सौर ऊर्जा से चलाने की तैयारी हो रही है। किसानों को आवश्यक बिजली की आपूर्ति सौर ऊर्जा से हो इसके लिए सम्पूर्ण फीडर और विद्युत सब-स्टेशन का सोलराइज़ेशन किया जाएगा। सरकार ने अलग से लगभग 8 हजार कृषि फीडर्स लगाए हैं, जिन पर करीब 35 लाख कृषि पम्प जुड़े हुए हैं। अब जल्द ही इन सभी फीडर्स पर सोलर पॉवर प्लांट लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि किसान भाई खेती के लिये अनुपयोगी या बंजर जमीन पर सोलर पैनल लगवाकर बिजली बना सकते हैं और सरकार को बेच सकते हैं। किसानों को बैंकों से समन्वय करते हुए एग्रीकल्चर इन्फ्रा फंड के तहत 7 वर्षों तक 3% ब्याज में छूट भी मिलेगी। 240 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। मध्यप्रदेश मना रहा उद्योग और रोजगार वर्ष मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में फरवरी माह में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन किया गया। इसमें 30.77 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले। इससे 21.40 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे जो प्रदेश के युवाओं के साथ अन्य लोगों को भी आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेंगे। उन्होंने बताया कि मंदसौर और नरसिंहपुर में कृषि उद्योग समागम हुआ, इंदौर में IT कॉन्क्लेव हुआ। उज्जैन में स्पिरिचुअल एंड वेलनेस समिट- 2025 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, इसमें 1900 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। प्रदेश के हर वर्ग को रोजगार से जोड़ने के साथ ही निवेशकों को प्रोत्साहित करने के लिये औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के लिए 18 उद्योग फ्रैन्डली नीतियां जारी की गईं। सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार क्लीन और ग्रीन एनर्जी के विकल्पों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में नवकरणीय ऊर्जा समिट का भी आयोजन किया गया, जिसमें निवेशकों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। वर्ष 2012 में प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा की क्षमता 500 मेगावाट से भी कम थी। हमने अलग से विभाग का गठन करके सौर, पवन, बायोमास और लघु जल ऊर्जा की क्षमता को बढ़ाने के लिए नीतियां बनाईं हैं। उन्होंने कहा कि नीतियों और विभिन्न प्रोत्साहन के फलस्वरूप पिछले 12 वर्षों में राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता में 15 गुना वृद्धि हुई है। सौर ऊर्जा में 48% और पवन ऊर्जा में 19% वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में राज्य में 9 हजार 300 मेगावाट से अधिक नवकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित हो चुकी है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर प्रोजेक्ट को विश्व बैंक और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्रशंसा मिली है। यह प्रोजेक्ट एक केस स्टडी बन चुका है। ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट, जो दुनिया के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट्स में से एक है, का पहला चरण पूरा कर लिया गया है और इसमें ऊर्जा उत्पादन शुरू हो गया है। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना और ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की सफलता बता रही है कि मध्य प्रदेश न केवल नवाचार में अग्रणी है, बल्कि इसे साकार करने में भी सक्षम है। नीमच सोलर पार्क 500 मेगावाट की क्षमता वाला है। यह परियोजना 2.15 रुपए प्रति यूनिट की दर पर देश की सबसे किफायती सौर ऊर्जा परियोजनाओं में एक है। सांची देश की पहली सोलर सिटी बनी है। हम 2025 तक सभी शासकीय भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश की ये परियोजनाएं भारत सरकार के 500 गीगावाट नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। नवकरणीय ऊर्जा में भविष्य के लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ रहा मध्य प्रदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश "हार्ट ऑफ इंडिया" है और अब नवकरणीय ऊर्जा के उत्पादन में रोल मॉडल बनकर हमने "लंग्स ऑफ इंडिया" बनने का विजन रखा है। हम न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता रखते हैं। हम सिर्फ आज पर नहीं, बल्कि भविष्य पर भी ध्यान दे रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में हम 20 हजार मेगावाट से ज्यादा नवकरणीय ऊर्जा का उत्पादन करें। वर्ष 2030 तक प्रदेश की 50% ऊर्जा नवकरणीय स्रोतों से प्राप्त करने की हमारी योजना है। इसके लिए ऊर्जा वितरण और संरक्षण में कुशलता पाने के लिए हमने स्मार्ट ग्रिड और माइक्रो ग्रिड तकनीकों पर भी काम शुरू किया है। सोलर पार्क, पवन ऊर्जा पार्क, फ्लोटिंग सोलर और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है।
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अब कचरा फैलाना भरी पड़ेगा .... जबलपुर नगर निगम ने शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है....प्रशासन अब गंदगी फैलाने वालों पर अब 1 हजार से 50 हजार तक का जुर्माना लगाएगी .... सदन की बैठक में सिर्फ 18 मिनट में 18 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए है .... जिसमें मुआवजा राशि, महापुरुषों के नाम पर सड़कों का नामकरण, आउटसोर्स श्रमिकों को समय वृद्धि और एक राष्ट्र एक चुनाव जैसे अहम मुद्दे शामिल थे...प्रशासन ने बार-बार शहर की व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कड़ा एक्शन लेने का फैसला लिया गया....
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ग्वालियर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर विवाद अब चरम पर पहुंच गया है....ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर के अरावली में अंबेडकर महापंचायत का आयोजन होने जा रहा है.... जिसमें भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी और कई शहरों से दलित संगठनों के लोग शामिल होंगे....जिला प्रशासन ने इस आयोजन की अनुमति नहीं दी है....तनाव को देखते हुए ग्वालियर-मुरैना बॉर्डर को सील कर दिया है....सुरक्षा के लिए 29 चौराहों पर 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किये गए है
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खटीमा में प्रशासन की बड़ी लापरवाही देखने को मिली है.... राज्य आंदोलन में शहीद सलीम के परिवार को प्रशासन की ओर से लगातार उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है..... शहीद सलीम के पिता ने कई बार प्रशासन से गुहार लगाई है....लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली... खटीमा के राज्य आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद सलीम के परिवार को प्रशासन की ओर से निरंतर उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है..... चार महीने पहले सलीम के घर का लिंटर क्षतिग्रस्त हो गया था....इसकी सूचना प्रशासन को देने के बावजूद अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है..... सलीम के पिता अब्दुल रशीद ने उप जिलाधिकारी के पास कई बार गुहार लगाई है..... लेकिन उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं..... इस समय शहीद का पूरा परिवार बरामदे में गुजर कर रहा है..... और बरसात के मौसम में उनकी स्थिति और भी गंभीर हो सकती है..... यह घटना उत्तराखंड सरकार की राज्य आंदोलनकारियों के प्रति उपेक्षा का खुलासा करता है..... मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शहीदों के प्रति मदद के दावे के बावजूद.... शहीद के परिवार की हालत इस बात का प्रमाण है....कि सरकार का शहीदों के प्रति कितना सम्मान है
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सड़क निर्माण की लापरवाही ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है...इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे 59ए के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए ....लेकिन एक महीना बीतने के बाद भी काम अधूरा पड़ा है...जिससे स्थानीय नागरिकों काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है... खातेगांव के मुख्य मार्ग पर सड़क निर्माण की धीमी गति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं....दाना बाबा से बागलदी नदी तक 4 किलोमीटर के सड़क मार्ग का काम करोडों की लागत से शुरू हुआ था ....लेकिन एक महीने बाद भी अधूरा पड़ा है....इसकी वजह से वाहन चालक परेशान हैं....और बार-बार जाम लग रहा है....शिकायत के बाद भी सड़क कंपनी के ठेकेदार और इंजीनियरों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे ....ऐसे में स्थानीय लोग रोजमर्रा की परेशानियों से त्रस्त हैं.... लेकिन जिम्मेदार अब तक बेखबर बने हुए हैं....
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हम ब्रह्मा, विष्णु, महेश को ईश्वर नहीं मानेंगे और ना ही उनकी पूजा करेंगे....भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं हैं.... हिंदू देवी-देवताओं को न मानने की शपथ भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगो को दिलाई है.... जिससे भदंत अब विवादों में फंसते नजर आ रहे है.... धाकड़ खिरिया बुद्ध विहार में बौद्ध धर्म के तीन दिवसीय सम्मेलन में भदंत शाक्यपुत्र सागर महाथेरो ने लोगों को शपथ दिलाई कि वे ब्रह्मा, विष्णु, महेश को ईश्वर नहीं मानेंगे और न ही उनकी पूजा करेंगे....और ये भी कहा कि भगवान बुद्ध विष्णु के अवतार नहीं हैं.... इस शपथ में ब्राह्मणों से कोई कार्य न करवाने और पुराने धर्म को त्याग कर बौद्ध धर्म अपनाने की बात भी शामिल थी.... इस आयोजन की तैयारियां 96 गांव जाटव समाज सुधार समिति ने की थी.... विवाद के बाद समिति के अध्यक्ष रूपेंद्र वर्मा ने सफाई दी कि आयोजन का मकसद कुरीतियों को दूर करना था.... न कि किसी धर्म का अनादर करना....उन्होंने सोशल मीडिया पर फेल रही डेढ़ लाख लोगों के धर्म परिवर्तन की खबर को भी गलत बताया...इस पूरे मामले पर एसडीओपी जितेंद्र नगाइच ने कहा कि अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है.... लेकिन शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी....
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किसानों ने सरकार के खिलाफ आक्रोश जताते हुए ....कृषि उपज मंडी में एक बड़ी बैठक की.... इस बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों किसान शामिल हुए.... खातेगांव कृषि उपज मंडी में किसानों ने मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं होने के विरोध में एक बड़ी बैठक की....इस बैठक में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सैकड़ों किसान शामिल हुए....किसान नेताओं ने कहा कि केवल एमएसपी की घोषणा करना काफी नहीं....जब तक खरीदी शुरू नहीं होती....यह घोषणा बेअसर है.... किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द खरीदी शुरू नहीं हुई तो.... हम गांव-गांव ऐसी बैठक कर के किसानों को इकट्ठा करेंगे और भोपाल में सरकार का घेराव कर उन्हें मजबूर करेंगे.... और पूर्व कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर मूंग खरीदी शुरू करने की मांग की है.... ताकि किसानों की आय बढ़ सके...लेकिन अब अंतिम निर्णय सरकार को लेना होगा....
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मध्य प्रदेश की सरकार अब में सड़क हादसों में घायलों की मदद करने वालों को सम्मान और प्रोत्साहन देगी..... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई राहवीर योजना को प्रदेश में लागू कर दिया गया है..... इसके तहत मोहन सरकार गोल्डन-ऑवर में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25,000 रुपये का इनाम मिलेगा...मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना मानवीय संवेदनाओं को बढ़ावा देगी और हर जान को कीमती बनाने की भावना को मजबूत करेगी..... मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में घायलों की जान बचाने वालों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है..... प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई राहवीर योजना को अब प्रदेश में लागू कर दिया गया है.....योजना के तहत यदि कोई नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन-ऑवर यानी पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है..... और उसकी जान बच जाती है..... तो उसे 25,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा..... पहले यह राशि 5,000 रुपये थी.... जिसे अब बढ़ाकर 25,000 कर दिया गया है..... घायल को अस्पताल पहुंचाने पर अस्पताल पुलिस को सूचित करेगा और पुलिस कलेक्टर को पत्र लिखेगी..... इसके बाद परिवहन विभाग द्वारा मददगार के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी..... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस योजना को मानवता केंद्रित पहल बताते हुए कहा कि यह न केवल समय पर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी....बल्कि लोगों में 'हर जान कीमती है' की भावना को भी मजबूत करेगी..... उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे घायलों की मदद के लिए आगे आएं.....क्योंकि सरकार अब उनकी सहायता और सम्मान दोनों करेगी। जिला कलेक्टरों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं.....
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मध्य प्रदेश में महिलाओं के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं.... बेटियों की पढ़ाई से लेकर बुजुर्ग महिलाओं को पेंशन तक कई तरह की स्कीम महिलाओं के कल्याण के लिए लागू की गई है.... मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना इन्हीं में से एक खास योजना है... इस योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में आर्थिक सहायता देना है.... ताकि उनके माता-पिता पर वित्तीय बोझ न पड़े और बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से हो सके.... प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की कन्याओं के विवाह के लिये मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना प्रारंभ की गयी ... मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब एक विवाह के लिये 55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी रही है ... इसमें 49 हजार रुपये का अकाउंट पेयी चेक वधु के नाम से तथा 6 हजार रुपये आयोजन करने वाले निकाय को दिया जाता है .. बीते वर्ष इस योजना में 60 हजार से ज्यादा निर्धन कन्याओं के विवाह करवाए गए ... मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत, जरूरतमंद परिवारों के साथ सामूहिक विवाह आयोजित करने वाले निकायों को भी आर्थिक सहायता दी जा रही है... यह सहायता सामूहिक विवाह में इस शर्त के साथ दी जाती है कि लड़की की 18 वर्ष की आयु पूर्ण हो गई हो... इसके लिए कन्या का मध्यप्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है... पिछले वर्ष प्रदेश में मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के तहत 62 हजार 84 विवाह कराये गये हैं.... इसमें 341 करोड़ 46 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गयी... चालू वित्त वर्ष में एक अप्रैल, 2024 से अभी तक 12 हजार 979 कन्याओं के विवाह/निकाह के लिये 73 करोड़ 22 लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी है...
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ग्वालियर के सराफा बाजार से एक दम्पत्ति ने सोने की झुमकी चोरी करने का मामला सामने आया है..... सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने दंपति को गिरफ्तार किया है..... और पुलिस को दम्पत्ति के पास से चोरी किए गए जेवरात भी मिले हैं.... ग्वालियर के डबरा सराफा बाजार के प्रेम नारायण बालकृष्ण सोनी ज्वेलर्स पर चोरी हो गई....दो महिला और एक पुरुष ने खरीदारी के बहाने सोने की झुमकी चुरा ली....सीसीटीवी फुटेज के आधार पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने शिवपुरी के मिहाबरा गांव के रहने वाले दंपति को गिरफ्तार किया है .... और पुलिस ने आरोपियों से 98 हजार रुपये कीमत के चोरी हुए झुमके बरामद किए हैं....
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भांडेर में बकरीद के अवसर पर ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज अदा की गई....नमाज से पहले नमाजियों ने हाथ में काली पट्टी बांधकर पुराने बस स्टैंड के पास कब्रिस्तान पर अतिक्रमण के खिलाफ विरोध जताया .... भांडेर में बकरीद के मोके पर ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा की गई....शहर के काजी अहतशाम उददीन ने बताया की सभी नमाजियों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की शुभकामनाएं दीं और देश में अमन-चैन की दुआ मांगी ....नमाज के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही .... जिसमें तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे .... इस बीच नमाजियों ने दाएं हाथ में काली पट्टी बांधकर पुराने बस स्टैंड के पास कब्रिस्तान पर अतिक्रमण के खिलाफ विरोध जताया .... पूर्व पार्षद हीरू सिद्दकी ने बताया कि कुछ लोगों ने कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा कर उस पर मिट्टी डालकर समतल कर दिया है .... जिससे मुस्लिम समुदाय की भावनाएं आहत हुई है....उन्होंने कहा कि सैकड़ों वर्षों से उनके हमारे पूर्वज दफन हैं ..
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- विश्व पर्यावरण दिवस 2025 पर विशेष (प्रवीण कक्कड़) पौधे लगाने, पानी बचाने और अन्य पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों के लिये हम काफी बातें करते हैं लेकिन क्या वाकई में हम अपने इस पृथ्वी को बचाना चाहते हैं। अगर आपका जवाब हां है तो हमें चिंतित होने की जरूरत है क्योंकि पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमारे प्रयास नाकाफी हैं। पर्यावरण के लिए आज सबसे बड़ा खतरा बन चुका है प्लास्टिक प्रदूषण। 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस है। इस साल के विश्व पर्यावरण दिवस की थीम 'प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना' है, जो इस गंभीर मुद्दे की अहमियत को दर्शाती है। प्लास्टिक बेशक हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन गया है, लेकिन अब यही प्लास्टिक हमारे अस्तित्व के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बन गया है। अगर हमने समय रहते प्लास्टिक के ख़िलाफ़ कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो शायद बहुत देर हो जाएगी। प्लास्टिक प्रदूषण: एक साइलेंट किलर 1. प्लास्टिक क्यों है खतरनाक? - अपघटन में सैकड़ों साल: एक प्लास्टिक बैग को गलने में 450 से 1000 साल लगते हैं । - समुद्रों का दुश्मन: हर साल 11 मिलियन टन प्लास्टिक समुद्र में जाता है, जो लगभग 2,200 एफिल टावर्स के वजन के बराबर है । - माइक्रोप्लास्टिक का खतरा: यह छोटे-छोटे कण हमारे भोजन, पानी और यहाँ तक कि हमारे खून में भी पाए जा चुके हैं । 2. हमारी लापरवाही के परिणाम - जीव-जंतुओं की मौत: समुद्री कछुए, व्हेल और पक्षी प्लास्टिक को भोजन समझकर खा लेते हैं, जिससे उनकी मौत हो जाती है । - मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्लास्टिक में मौजूद केमिकल्स कैंसर, हार्मोनल असंतुलन और प्रजनन संबंधी समस्याएँ पैदा कर सकते हैं । हम क्या कर सकते हैं? 1. प्लास्टिक का उपयोग कम करें - रीयूजेबल बैग और बोतलें इस्तेमाल करें: हर साल 500 अरब प्लास्टिक बैग्स का उपयोग होता है, जिनमें से अधिकांश एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाते हैं । - सिंगल-यूज प्लास्टिक से बचें: प्लास्टिक स्ट्रॉ, कटलरी और कप का विकल्प चुनें । 2. रीसाइक्लिंग को अपनाएँ - प्लास्टिक वेस्ट को अलग करें: भारत में केवल 60% प्लास्टिक कचरा ही रीसाइकिल हो पाता है । - इनोवेटिव आइडियाज़ को सपोर्ट करें: प्लास्टिक से टाइल्स, थर्माकोल और अन्य उपयोगी चीजें बनाने की तकनीकें विकसित हो रही हैं । 3. जागरूकता फैलाएँ - सोशल मीडिया का उपयोग करें: #BeatPlasticPollution जैसे हैशटैग के साथ अपने अनुभव शेयर करें । - स्कूल और कम्युनिटी में कार्यक्रम आयोजित करें: नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिताएँ और स्वच्छता अभियान चलाएँ । आपका एक कदम, पृथ्वी के लिए वरदान हम सभी को यह समझना होगा कि प्लास्टिक प्रदूषण कोई दूर की समस्या नहीं है, यह हमारे दरवाज़े तक पहुँच चुकी है। लेकिन अगर सार्थक पहल की जाए तो इसे रोका जा सकता है! इस विश्व पर्यावरण दिवस पर, आइए संकल्प लें कि हम अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव करेंगे। क्योंकि जब सभी मिलकर चलेंगे, तो प्लास्टिक प्रदूषण को हराना कोई मुश्किल काम नहीं होगा।
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छतरपुर जिले के प्रकाश बम्होरी में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शव संदिग्ध हालत में पाया गया...जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी... मौके पर पहुंची टीम ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.... प्रकाश बम्होरी थाना क्षेत्र में एक मोरा का शव संदिग्ध हालत में मिला है ....जिसकी सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी...जिसके बाद घटना स्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया ...वन विभाग के एसडीओ ने बताया की पोस्टमार्टम में मोर की मौत का कारण अभी पता नहीं चल पाया है...जिसके बाद मोर का अंतिम संस्कार कर दिया गया....
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर तराई पूर्वी वन प्रभाग ने खटीमा क्षेत्र के सरपुड़ा अनुभाग के बग्गा चौकी में फलदार वृक्ष लगाए .... इसके साथ ही वन सफाई अभियान भी चलाया .... इस कार्यक्रम से उद्देश्य लोगों को अपने आसपास के वृक्षों की रक्षा करने के लिए प्रेरित करना है .... खटीमा के उप वन प्रभागीय अधिकारी सचीता वर्मा ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण किया गया....साथ ही मेलाघाट रोड पर वन सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है.... और लोगों से अपील की जा रही है.... कि वनों को सुरक्षित रखने के लिए वनों में कुड़ा न डाले और अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखें... इस पहल का उद्देश्य न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था .... बल्कि स्थानीय समुदाय में वृक्षों की महत्ता और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना भी था....
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर खटीमा में उपजिलाधिकारी रविन्द्र बिष्ट ने राजस्व टीम के साथ मिलकर बाजार में पॉलीथिन के उपयोग के खिलाफ एक अभियान चलाया... इस अभियान के तहत दर्जनों दुकानदारों के पास से पॉलीथिन बैग जब्त किए गए ...क्योंकि प्लास्टिक पर्यावरण के लिए हानिकारक हैं... उपजिलाधिकारी रविन्द्र बिष्ट का यह कदम विश्व पर्यावरण दिवस की थीम प्लास्टिक प्रदूषण को हराएं के अनुरूप था.....अभियान का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्लास्टिक के उपयोग को कम करना ....और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देना था.... दुकानदारों को पॉलीथिन के बजाय कपड़े के थैले जैसे विकल्प अपनाने के लिए जागरूक किया गया....इस कार्रवाई से खटीमा में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संदेश गया....
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इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान खातेगांव कन्नौद विधानसभा क्षेत्र के मालजीपुरा, बिजवाड़ और सुन्द्रेल गांवों में किसानों और प्रशासन के बीच काफी नोक झोक हुई ...राजस्व और रेलवे अधिकारियों की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची...... जिसके बाद विरोध जताया रहे किसानों की गिरफ्तारियां हुईं...... गिरफ्तारी के दौरान कन्नौद तहसीलदार अंजली गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है..... जिसमें वे किसानों से अभद्रता करती नजर आ रही हैं....किसानों के परिजन गिरफ्तारी के विरोध में पुलिस वाहनों के सामने बैठ गए....जिसके बाद प्रशासन को उन्हें वाहन से उतारना पड़ा.... इंदौर-बुधनी रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान किसानों और प्रशासन के बीच तीव्र टकराव हुआ....किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिल रहा है.... और उनकी भूमि का अधिग्रहण जबरन किया जा रहा है.... गिरफ्तारी के दौरान कन्नौद तहसीलदार अंजली गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है....जिसमें वे किसानों से अभद्रता करती नजर आ रही हैं.... किसानों के परिजनों ने पुलिस वाहनों के सामने बैठकर विरोध जताया जिसके बाद प्रशासन को उन्हें वाहन से उतारना पड़ा....किसानों का कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं मिलता....वे अपना विरोध जारी रखेंगे....
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देवास जिले के खातेगांव कृषि उपज मंडी में स्थित 33 केवी विद्युत लाइन का पोल पूरी तरह से सड़ चुका है....और झुककर मंडी प्रांगण में पहुंच गया है....जिससे किसानों, हम्मालों और कर्मचारियों के लिए खतरा बन गया है...स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पोल को नहीं बदला गया....तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है.... खातेगांव कृषि उपज मंडी में स्थित विद्युत पोल की हालत जर्जर हो चुकी है....यह पोल नीचे से पूरी तरह से सड़ चुका है....स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पोल को नहीं बदला गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है....मंडी सचिव रघुनाथ सिंह लोहिया ने बताया कि उन्होंने और लेखापाल गुरप्रीत सिंह चावला ने विद्युत विभाग के अधिकारियों से इस पोल को बदलने के लिए लिखित आवेदन दिया है....लेकिन अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है....
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छतरपुर में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है... जिसमें ग्रेनाइट पत्थर से लदा ट्राला बाइक सवारों को रौंदते हुए... लगभग 500 मीटर तक घसीटता ले गया... इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई... और दूसरे की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई...घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने नायरा पेट्रोल पंप के पास चक्का जाम कर दिया... महाराजपुर थाना क्षेत्र के डुमरा तिराहे के समीप एक तेज रफ्तार ट्राला ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी.... हादसा इतना खतरनाक था कि घटना स्थल पर मृतक आजुद्दी अहिरवार का शव आधा ट्राला के पहिए में फंसा हुआ था..... जिसे चालक लगभग 500 मीटर तक घसीटते हुए ले गया ....और फिर मौके से फरार हो गया.... घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने नायरा पेट्रोल पंप के पास चक्का जाम कर दिया....जिससे रास्ता बंद हो गया...पुलिस ने मौके पर पहुंचकर.... परिजनों को समझाया और दो घंटे बाद चक्का जाम खोला गया.... स्थानीय लोगों ने ट्राला चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.... और प्रशासन से उचित मुआवजे की भी अपील की है....
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झाबुआ । जिले के मेघनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सजेली फाटक और थांदला रोड़ रेलवे स्टेशन के बीच बीती मध्य रात्रि करीब एक बजे हुई भयावह सड़क दुघर्टना में नौ लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं। दुर्घटना में हताहत हुए लोग एक विवाह समारोह से अपने घरों की ओर लौट रहे थे, तभी अंधाधुंध गति से आ रहे ट्राले ने ईको वाहन को टक्कर मार दी। दूर्घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, तथा मृतकों के शव और घायलों को थांदला एवं मेघनगर के अस्पतालों में पहुंचाया गया। दुर्घटना के बाद ट्राले का चालक मौके से फरार हो गया। उक्त हृदय विदारक दुर्घटना मंगलवार एवं बुधवार की दरमियानी रात में करीब एक बजे घटित हुई, जब मेघनगर जनपद क्षेत्र के कल्याणपुरा के समीप ग्राम भावपुरा में आयोजित एक विवाह समारोह से अपने घरों की तरफ लौट रहे थे। दुर्घटना में मरने वाले लोग मेघनगर जनपद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम शिवगढ़ और दैवीगढ के है और ये सब दो परिवारों से संबद्ध हैं। तेज गति से जा रहे ट्राले ने ईको वाहन को अपनी चपेट में ले लिया, परिणामस्वरूप ईको यात्री वाहन के परखच्चे उड़ गए। वाहन को अपनी चपेट में लेने के बाद ट्राले के चालक ने यात्री वाहन को बचाने का कोई प्रयास नहीं किया, और वाहन काफी दूर तक घसीटा जाने के बाद चकनाचूर हो गया। वाहन में बैठे अधिकांश लोग बुरी तरह काल कलवित हो गए। थाना मेघनगर पुलिस पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना में मुकेश पुत्र गोपाल खपेड़,(40) सांवली बाई पति मुकेश खपेड़(35), विनोद पुत्र मुकेश खपेड़(16), एवं पायल पुत्री मुकेश खपेड़(12), मड़ीबाई पति भारूलाल बामनिया38, विजय पुत्र भारूलाल बामनिया(14), रागिनी पुत्री रामचंद्र बामनिया(14),अकेली पति सोमला परमार(35), की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि आशु पुत्र रामचंद्र बामनिया(19), पायल पुत्री सोमला परमार(9), निवासी ग्राम दैवीगढ़ को गंभीर अवस्था में मेघनगर एवं थांदला के सिविल अस्पताल में इलाज हेतु एडमिट कराया गया हैं, जहां से एक घायल को दाहोद रैफर किया गया है। दुर्घटना में मृतक एवं घायल दो परिवारों से संबंधित होकर मेघनगर जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिवगढ़ मऊड़ा के रहने वाले हैं।
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नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल के यूनियन कार्बाइड के खतरनाक कचरे को मध्यप्रदेश के पीथमपुर में जलाने पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। जस्टिस संजय करोल की अध्यक्षता वाली वेकेशन बेंच ने कहा कि इस याचिका पर ग्रीष्मावकाश की छुट्टियों के बाद सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने 27 फरवरी को भी मध्यप्रदेश हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने के मामले पर इलाके के लोगों से सलाह नहीं ली गई थी। याचिका में आशंका जताई गई है कि अगर ये कचरा पीथमपुर में जलाया गया तो वहां के लोगों को रेडिएशन का खतरा हो सकता है। अगर रेडिएशन फैलता है तो उससे प्रभावित लोगों की चिकित्सा की सुविधा भी इस इलाके में नहीं है।यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 2 और 3 दिसंबर, 1984 की मध्यरात्रि को जहरीली मिथाइल आइसोसाइनेट गैस का रिसाव हुआ था, जिसमें तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए थे। 3 दिसंबर, 2024 को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने यूनियन कार्बाइड का कचरा भोपाल से डिस्पोजल साइट पर पहुंचाने का आदेश दिया था।
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जनपद पंचायत परासिया में लगातार छुट्टी के दिन मीटिंग से कर्मचारियों नाराज़ है..... 31 मई को देर शाम बैठक के बाद मोरडोंगरी क्लस्टर प्रभारी मेहुल डेहरिया की हादसे में मौत हो गई..... इसके विरोध में कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा... छुट्टी के दिन मीटिंग बंद करने की मांग की.... जनपद पंचायत परासिया में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत लगातार अवकाश के दिनों में बैठक आयोजित की जा रही हैं.... जिससे जनपद, क्लस्टर और ग्राम पंचायत स्तर के अधिकारी-कर्मचारी शासन के घोषित अवकाश का लाभ नहीं ले पा रहे हैं....हाल ही में 29 मई को और 31 मई को छुट्टी होने के बावजूद जनपद पंचायत परासिया में 91 ग्राम पंचायतों के सचिवों रोजगार सहायकों और क्लस्टर अधिकारियों को बैठक थी ... बैठक के बाद मोरडोंगरी क्लस्टर प्रभारी मेहुल डेहरिया जब लौट रहे थे....तब उनकी सड़क दुर्घटना मौत हो गई..... इस घटना के बाद पूरे जनपद के अधिकारी और कर्मचारी आक्रोशित हैं.....उन सभी की मांग है कि शासन के घोषित अवकाश के दिन बैठक पूरी तरह बंद की जाए....इसके साथ ही अगर अवकाश के दिन किसी प्रकार की अनहोनी होती है...तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन ले..... इन्हीं मांगों को लेकर कर्मचारी संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है
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छतरपुर में सीएम हेल्पलाइन पर इलाज में लापरवाही की शिकायत करना एक प्रसूता और उसके परिजनों को भारी पड़ गया....शिकायत से नाराज़ डॉक्टर ने इलाज करने से ही मना कर दिया....और प्रसूता को अस्पताल से बाहर निकाल दिया.... चंदला विधानसभा क्षेत्र के एक अस्पताल में प्रसूता को समय पर सही इलाज नहीं मिलने पर परिजनों ने 181 सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी.... लेकिन शिकायत करना परिजनों को ही भारी पड़ गया.... जैसे ही डॉ. राहुल अहिरवार को इसकी जानकारी मिली.... डॉक्टर ने परिजनों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया ... जब परिजन नहीं माने तो डॉक्टर ने नर्स की मदद से बिना रेफर और बिना कागज दिए प्रसूता को अस्पताल से निकाल दिया.... मजबूरी में परिजन नवजात बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे...सीएमएचओ ने कहा कि इस मामले की जांच होगी....
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मैहर जिले के रामचुआ गांव में एक पिता ने अपनी बेटी के शादी की विरोध किया... तो बेटी के सनकी आशिक ने पिता को गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया...पुलिस ने आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर..... उसकी तलाश शुरू कर दी है.... महेंद्र सिंह की बेटी रीवा में रहकर पढ़ाई करती थी....इसी दौरान इसकी दोस्ती ध्रुव कुमार नाम के युवक से हुई... सन 2023 में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ी.... लेकिन महेंद्र सिंह ने इस रिश्ते के विरोध में था... कुछ दिन पहले महेंद्र सिंह ने ध्रुव की पिटाई भी की थी.... जिसके बाद गुस्से में... ध्रुव ने अपने दोस्त के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है.... घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है..और आरोपियों की तलाश में जुट गई है.....
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बिलासपुर । छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार को बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का आगमन हुआ। इस दौरान उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा धर्मांतरण का खतरा बस्तर में है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में वे जशपुर में कथा करेंगे। वे एशिया के दूसरे सबसे बड़े चर्च के ठीक सामने कथा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत हिन्दू राष्ट्र बनकर रहेगा। हमने प्लान बना दिया है। उन्होंने कहा,"नक्सलियों को मुख्य धारा में शामिल हो जाना चाहिए और भारत को भारत रहने देना चाहिए"। सोमवार को एक दिवसीय प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र शास्त्री ने छत्तीसगढ़ सहित देश के गंभीर मुद्दों पर पत्रकारों के सामने अपनी बात मुखरता से रखी है। उन्होंने नक्सलवाद से लेकर धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त की। मीडिया से मुखातिब होते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने नक्सलियों से अपील की कि वे भारत की एकता बनाए रखें और मूलधारा में आकर देश की परंपराओं के साथ कदम मिलाएं ताकि विदेशी ताकतों के खिलाफ हम एकजुट होकर लड़ सकें। वहीं धर्मांतरण जैसे मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत में इसको लेकर सबसे ज्यादा खतरा बस्तर क्षेत्र में है। आने वाले समय में वे जशपुर में एशिया की दूसरी सबसे बड़ी चर्च के ठीक सामने कथा करेंगे। भारत हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा। हमने प्लान बना दिया है। संतों का कमंडल और बागेश्वर धाम का मंडल हिंदू राष्ट्र है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भूमि अद्भुत है। यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल है, यहां आकर प्रसन्नता हुई। हम आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे। लेकिन पहले 7 नवंबर से दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा करेंगे। उन्होंने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ बस्तर क्षेत्र में जो अभियान चला, उसके लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा और केंद्रीय गृहमंत्री को साधुवाद। नक्सलियों से आग्रह है कि भारत को भारत रहने दें, मूलधारा में आकर भारत की परंपरा के साथ कदम मिलाकर चलें, ताकि हम विदेशी ताकतों से लड़ सकें और भारत को अखंड बनाया जा सके।
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नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लालकुआँ द्वारा विश्व दुग्ध दिवस के अवसर पर एक समारोह का आयोजन किया गया..... इस अवसर पर हल्द्वानी के मेयर, पूर्व विधायक और दुग्ध संघ के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की.... विश्व दुग्ध दिवस के कार्यक्रम में नैनीताल दुग्ध संघ के अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि आँचल दुग्ध सहकारिता में महिला भागीदारी 70 प्रतिशत तक पहुँच गई है..... महिलाओं की आर्थिक मजबूती को ध्यान में रखते हुए चार दिवसीय विपणन उपभोक्ता संतुष्टि अभियान शुरू किया गया है..... इस अभियान में 65 टीमें हल्द्वानी के घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से जुड़ेंगी....ताकि आँचल उत्पादों की पहुँच और संतुष्टि सुनिश्चित की जा सके....साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने और आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं....
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अखिल भारत हिंदू महासभा ने तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी घाट पर जीवन बचाओ अभियान की शुरुआत की गई जिसमें तीर्थ यात्रियों के साथ छोटे-छोटे बच्चों को सेफ्टी उपकरण जैसे ट्यूब के सहारे तैरना सिखाया गया... जीवन बचाओ जन जागृति अभियान के अंतर्गत सिखाया जा रहा है कि गहरे पानी में जाने एवं डूबने जैसी घटनाओं से भी बचा जा सकता है...अखिल भारत हिंदू महासभा के उपाध्यक्ष प्रदीप ठाकुर एवं दिलीप वर्मा और मिश्रीलाल कोहरे ने तीर्थ यात्रियों के डूबने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जीवन बचाओ जन जागृति अभियान की शुरुआत की...
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति खातेगांव ने न्यायालय परिसर में एक जागरूकता कार्यक्रम और विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया.... कार्यक्रम में सभी को भारत को नशा मुक्त करने के लिए शपथ दिलाई गई.... खातेगांव न्यायालय परिसर में तंबाकू निषेध दिवस कार्यक्रम में विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष विवेक शिवहरे ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और उनके सामाजिक और कानूनी दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.... उन्होंने स्वापक और मनःप्रभावी औषधि अधिनियम 1985 के महत्वपूर्ण प्रावधानों के बारे में कहा कि पीड़ितों की सहायता के लिए कानूनी और पुनर्वास योजनाएं चलाई जा रही हैं..... इस अवसर पर मौजूद सभी अधिकारियों और नागरिकों को न्यायाधीश ने भारत को नशा मुक्त करने के लिए शपथ दिलाई .... और समाज को नशामुक्त करने के प्रयास पर बल दिया....
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भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के अभियान के चलते बाबा बागेश्वर ने अपने शिष्य मंडल की बैठक ली..जिसमें उन्होंने कहा कि देश को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिये रोजाना लोगों मे हिंदुत्व को जाग्रत करने उनके बीच क्रांति आये इसके लिये देश में साधुओं का मंडल और देश भर के पदाधिकारी मिलकर अभियान चलाएंगे बैठक के दौरान 6 प्रदेशों के पदाधिकारियों के साथ निर्णय लिया गया कि भारत के सभी जिलों में बागेश्वर धाम सुंदरकांड मण्डल का गठन होगा...जिसका संचालन बागेश्वर धाम कार्यालय से होगा...जो चौबीसों घंटे हिंदुओं की रक्षा के लिए तत्पर रहेगा... ,साधुओं का कमण्डल और सुन्दरकाण्ड मण्डल ही हिंदू राष्ट्र बनाने का उपाय है... छूआछूत ,जात पात, भेदभाव मुक्त भारत को बनाने के लिए घर-घर सुंदरकांड का पाठ कराओ...हिंदू राष्ट्र बनाओ...
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मध्य प्रदेश के खातेगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर हंगामा मच गया...प्रशासन भारी पुलिस बल, बृज वाहन और जेसीबी मशीनों के साथ किसानों के खेतों में पहुँचा...किसानों की आपत्ति के बावजूद, जबरन नाली खोदकर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई...किसानों का कहना है कि मुआवजे को लेकर भारी अनियमितता और भेदभाव बरता गया है खातेगांव में इंदौर-बुधनी रेलवे लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ खातेगांव के सनोद और तिवड़िया मार्ग पर स्थित खेतों में पहुँचा... किसानों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा दिए प्रशासन ने जबरन जेसीबी से खेतों में नाली खोदकर कब्जा कर लिया...कई किसानों का कहना है कि उनके मुआवजे का अभी तक न तो अवार्ड पारित हुआ है और न ही उन्हें एक रुपये की राशि मिली है...वहीं कुछ किसानों को अधिक और कुछ को बहुत कम मुआवजा दिया गया...जिससे गहरा असंतोष है...घटनास्थल पर कई किसान रोते-बिलखते नजर आए तो कुछ ने अपने आप को परिवार सहित खत्म करने की चेतावनी देकर प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए...किसानों का कहना है कि एकतरफा और मनमानी पूर्ण कार्यवाही है...
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सतना । सतना एयरपोर्ट पर लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित महिला सशक्तीकरण के कार्यक्रम में केन्द्रीय विमानन राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल और प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने सतना जिले की विभिन्न की सेवाओं में उल्लेखनीय कार्य के लिए छह महिलाओं को सम्मानित किया। इनमें नागौद जनपद की सितपुरा निवासी नीतू सिंह को स्व सहायता समूह के माध्यम से 500 से भी अधिक महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण देने, सोहावल विकासखण्ड की करही कोठार गांव की कमला चौधरी को बैंक सखी के रूप में कार्य करने तथा महिलाओं को स्वरोजगार प्रशिक्षण देने, रामपुर बघेलान की खैरा निवासी आशा अहिरवार को वित्तीय वर्ष 2024-25 में 57 स्व-सहायता समूह को एक करोड 93 लाख की राशि बैंक के माध्यम से दिलाने के उल्लेखनीय कार्य हेतु सम्मानित किया गया। इसी प्रकार से उचेहरा विकासखण्ड की गडौली निवासी अर्चना दुबे को आचार, बडी, पापड, मुरब्बा, बर्फी का स्वरोजगार शुरू कर अन्य महिलाओं को रोजगार देने, नागौद विकासखण्ड की सरपंच जसो निशा कुशवाहा को स्वच्छ भारत मिशन और वृक्षारोपण के कार्यक्रम में उल्लेखनीय कार्य के लिए तथा नगर निगम क्षेत्र की नुसरत सीरी को 150 समूहों का गठन कर शहरी पथ विक्रेताओं के आर्थिक संवर्धन के लिए 4370 हितग्राहियों को बैंकों के माध्यम से 13 करोड 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद के लिए सम्मानित किया गया
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ग्वालियर शहर की लक्ष्मीगंज अनाज मंडी में किसानों ने धान की फसल बेचने के बाद भी किसानों को अब तक उनका भुगतान नहीं मिला है...अब इस के विरोध में किसानों ने स्टेशन चौराहे से पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पदयात्रा निकली और नारेबाजी करते हुए अपना विरोध प्रदर्शन किया.... कुछ समय पूर्व किसानों ने अपनी धान की फसल आढ़तिया को दी थीं.... पर बदले में पेमेंट के बजाय उन किसानों को चेक प्रदान किए गए... जिसका भुगतान अभी तक किसानों को नहीं किया गया है... इससे परेशान किसानों इसकी शिकायत मंडी प्रबंधन से की ....तो उन्होंने इस मामले की शिकायत जनकगंज थाने में की....इसके बाद भी न तो किसानों को मुआवजा मिला है... और न ही आरोपी गिरफ्तार किया गया है.... अब इस मामले का विरोध करते हुए किसान यूनियन संघ के नेतृत्व में किसान पैदल एसपी ऑफिस पहुंचे और एडिशनल एसपी को ज्ञापन सौंपा... एडिशनल एसपी ने मामले में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है...
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रेल संरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए.... इज्जतनगर-लालकुआँ-हल्दी रोड रेल खंड का अन्तर रेलवे संरक्षा ऑडिट मेट्रो रेलवे कोलकाता की टीम ने किया ... ऑडिट टीम ने इज्जतनगर और लालकुआँ रेलवे स्टेशन सहित कई महत्वपूर्ण संरचनाओं का गहन निरीक्षण किया..... रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेट्रो रेलवे कोलकाता की संरक्षा ऑडिट टीम ने इज्जतनगर मंडल के इज्जतनगर-लालकुआँ-हल्दी रोड रेल खंड का निरीक्षण किया..... प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी मनीष जैन के नेतृत्व में टीम ने स्टेशन यार्ड, रिले रूम, कोचिंग डिपो, क्रू लॉबी, रनिंग रूम, समपारों और दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन की गहन जांच की.... निरीक्षण के दौरान टीम ने इज्जतनगर मंडल द्वारा सुरक्षा मानकों को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर संतोष जताया... निरीक्षण के समय अपर मंडल रेल प्रबंधक और वरिष्ठ मंडल के कई अधिकारी मौजूद रहे....
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सिंगरौली जिले के ग्राम साजापानी में खाद्यान्न वितरण न होने से नाराज ग्रामीणों ने सरकारी राशन दुकान में ताला लगा दिया... मामला सामने आते ही तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया.... और ग्रामीणों की उपस्थिति में दुकान का ताला खुलवाया.... साजापानी गांव में लंबे समय से राशन वितरण में हो रही गड़बड़ियों के चलते ग्रामीणों ने दुकान में तालाबंदी कर दी थी.... जिससे बाद तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर नाराज ग्रामीणों को समझाया और उनकी मौजूदगी में दुकान का ताला खुलवाया.... उन्होंने विक्रेता को फटकार लगाते हुए....खाद्यान्न भंडारण की जांच करवाई....जिसमें मई, जून और जुलाई का खाद्यान्न मौजूद पाया गया....चंद्रशेखर मिश्रा ने वितरण में पाई गई अनियमितताओं पर रिपोर्ट मांगी है.... और ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि अब कोई भी पात्र हितग्राही राशन से वंचित नहीं रहेगा...
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ग्वालियर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है.... LIC हाउसिंग फाइनेंस से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है.... क्राइम ब्रांच पुलिस ने इस घोटाले में शामिल एक महिला सहित सात जालसाजों को गिरफ्तार किया है...पुलिस ने बताया की ये पूरा रैकेट LIC के ही कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा था...फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 86 लाख रुपए के चार लोन पास कराए गए है... हजीरा निवासी संजीव शर्मा ने जब LIC से लोन के लिए आवेदन दिया तो उन्हें बताया गया कि लोन नहीं मिल सकता...क्युकी उनके नाम पर पहले से ही 28 लाख रुपये का लोन चल रहा है....शक होने पर संजीव ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई....जिसके बाद जांच में सामने आया कि LIC हाउसिंग फाइनेंस में एक पूरा फर्जीवाड़ा गैंग सक्रिय है...इस गैंग का सरगना प्रवीण अग्रवाल बताया गया है.... जो पहले लोन एजेंट रह चुका है...प्रवीण ने लोन दिलाने के दौरान कई लोगों के मूल दस्तावेज चोरी से अपने पास जमा कर रखे थे.... हाउसिंग फाइनेंस के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर इन्हीं दस्तावेजों के जरिए फर्जी लोगों के नाम से लोन कराता था ... पुलिस के मुताबिक प्रवीण के पास से कई संस्थानों की सील फर्जी दस्तावेज, लैपटॉप, स्कैनर और प्रिंटर बरामद किए गए हैं.... फिलहाल मुख्य आरोपी हितेंद्र सोनी फरार है.... पुलिस उसकी तलाश कर रही है....
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उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय पेयजल अनुश्रवण परिषद उपाध्यक्ष दिनेश आर्य नगर पंचायत लालकुआं सभागार में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली...इस बैठक में विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट भी शामिल हुए..क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भी बैठक में पेयजल की विभिन्न समस्याओं को राज्य मंत्री और अधिकारियों के समक्ष रखा.... इस दौरान राज्यमंत्री दिनेश आर्य ने लालकुआँ शहरी क्षेत्र में पेयजल निगम द्वारा कराये जा रहे.... उच्च जलाशय, ट्यूबवेल, पाईप लाईन और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं की समीक्षा करते हुए... निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये... इसके साथ ही बरसात से पूर्व नहर और नालों की साफ-सफाई किये जाने के निर्देश दिये... वही राज्यमंत्री ने अधिकारियों को पेयजल निर्माण कार्य को एक माह में पूरा करने को निर्देशित किया....
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मुंबई । देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में आज भी महानगर और उपनगरों में मध्यम से भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में गरज के साथ बारिश, आसमानी बिजली गिरने और तेज हवा चलने की संभावना है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि दिनभर सामान्य रूप से बादल छाए रहेंगे। महाराष्ट्र की राजधानी मंगलवार को पानी-पानी रही। उपनगर खार के कई इलाकों में जलभराव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कल कहा था कि देश में इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून की बारिश दीर्घावधि औसत का 106 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। यह अनुमान अप्रैल के 105 फीसदी के अनुमान से अधिक है। वैसे देश में दीर्घावधि औसत वर्षा 868.6 मिलीमीटर है। आईएमडी ने कहा कि मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान पूरे देश में सामान्य से ज्यादा के अलावा उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
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राजगढ़ । सुठालिया थाना क्षेत्र के ग्राम मानकी में 13 दिन पहले 25 वर्षीय युवक का शव पेड़ पर लटका मिला था, परिजन इसे आत्महत्या न मानते हुए, हत्या करना बता रहे है। परिजनों सहित ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर पहुंचकर एसपी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग के लिए एक ज्ञापन सौंपा। परिजनों का आरोप है कि युवक का गांव की किसी युवती से प्रेमप्रसंग था, इस बात को लेकर युवती का चचेरा भाई और परिजन उसे जान से मारने की धमकी दे रहे थे। घटना के एक दिन पहले वह घर से बिना बताए कहीं चला गया था, अगले दिन गांव से कुछ दूरी पर स्थित खेत में खेजड़ा के पेड़ पर उसका शव लटका मिला। परिजनों का कहना है कि शव के हालात आत्महत्या जैसे नहीं बल्कि हत्या जैसे प्रतीत हो रहे थे। परिजनों का कहना है कि युवक के हाथ-पैर में चोट के निशान थे और फंदा की रस्सी बांधने का तरीका भी कुछ अलग था, इससे शक होता है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और बाद में शव को फंदे पर लटका दिया। परिजन सहित ग्रामीणों ने एसपी आदित्य मिश्रा से मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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सूर्यकुमार यादव ने मुंबई इंडियंस के 2 रिकॉर्ड तोड़े। पहले सूर्या ने सचिन तेंदुलकर के 14 साल पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। वे MI के लिए एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले प्लेयर बने। इसके बाद सूर्या ने सनथ जयसूर्या के रिकॉर्ड को तोड़ा। वे किसी सीजन में मुंबई के लिए सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज भी बने। IPL-18 के 69वें मैच में पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस को 7 विकेट से हरा दिया। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मुंबई ने 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 184 रन बनाए। जवाब में पंजाब ने जीत का टारगेट 18.3 ओवर में 3 विकेट पर हासिल कर लिया। मुंबई इंडियंस के लिए किसी एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सूर्यकुमार यादव टॉप पर पहुंच गए। उन्होंने अब तक 14 मैचों में 640 रन बना लिए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था ... IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 25 या उससे अधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अब सूर्यकुमार यादव के नाम है। उन्होंने 2025 सीजन में अब तक 14 बार 25+ रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड केन विलियमसन के नाम था, जिन्होंने 2018 में 13 बार यह कारनामा किया था। इसी आंकड़े तक शुभमन गिल भी पहुंचे थे, जब उन्होंने 2023 सीजन में 13 बार 25+ रन बनाए थे।
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तेल अवीव । इजराइल ने गाजा में फिलिस्तीनी आतंकी समूह हमास के साथ बंधकों के बदले युद्ध विराम प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया। इजराइल के इस आक्रामक रुख से अमेरिका को तगड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रयासों से यह नया प्रस्ताव इजराइल के सामने रखा गया था। इजराइल के प्रमुख न्यूज पोर्टल वाईनेट और अखबार द टाइम्स ऑफ इजराइल की खबरों के अनुसार इजराइल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इजराइल ने नए प्रस्तावित बंधक-युद्ध विराम समझौते को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि सोमवार को अमेरिका और फिलिस्तीनी मध्यस्थों के माध्यम से यह प्रस्ताव प्राप्त हुआ। इसकी शर्तों को स्वीकार करना असंभव है। ऐसी शर्तें इजराइल के उद्देश्य और बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने की रणनीति को कमजोर कर देंगी। ऐसी शर्तों को स्वीकार करने का मतलब हमास के समक्ष आत्मसमर्पण करने जैसा होगा।इस अधिकारी ने कहा कि फिलिस्तीनी-अमेरिकी व्यवसायी बशारा बहबाह ने रातों-रात इस तरह के प्रस्ताव की रूपरेखा अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के साथ तैयार की। शर्तों में कहा गया कि पहले दिन केवल पांच जीवित बंधकों की चरणबद्ध रिहाई होगी। 60 दिन बाद पांच और बंधकों को छोड़ा जाएगा। यह सब अमेरिकी मध्यस्था में जारी वार्ता पर निर्भर होगा। इसमें यह भी कहा गया कि हमास के वरिष्ठ अधिकारी खलील अल-हय्या और विटकॉफ के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होंगे। इजराइली अधिकारी ने कहा कि यह अकल्पनीय है कि हमास यह तय करे कि इजराइल को अब से दो महीने बाद पांच और बंधकों को प्राप्त करना है या नहीं।वाईनेट के अनुसार हिजबुल्लाह से संबद्ध लेबनानी आउटलेट अल-मायादीन ने फिलिस्तीनी स्रोतों ने कहा कि हमास ने मूल रूप से 90 दिन के युद्ध विराम का प्रस्ताव रखा। अमेरिका ने इसे 60 दिन कर दिया। मिस्र के नेटवर्क अल-राड ने भी रविवार को बताया था कि इस प्रस्ताव में 10 जीवित बंधकों और 16 अन्य के अवशेषों की रिहाई शामिल होगी।इस बीच इजराइली अधिकारियों ने कहा कि गाजा के लोगों के लिए सोमवार को राफाह के तेल अल-सुल्तान क्षेत्र में एक खाद्य वितरण केंद्र खोला गया है। आने वाले हफ्तों में धीरे-धीरे तीन और केंद्र शुरू होने की उम्मीद है। इनमें से दो दक्षिणी गाजा पट्टी में और एक नेत्जारिम गलियारे के पास खोला जाएगा। ये केंद्र मानवीय संकट से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता समूहों और स्थानीय भागीदारों के साथ समन्वित प्रयास का हिस्सा होंगे।इजराइल ने खाद्य वितरण केंद्र खोलने की घोषणा गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (जीएचएफ) में आंतरिक उथल-पुथल के बीच की है। फाउंडेशन के सीईओ जेक वुड मानवीय सिद्धांतों के अनुरूप काम करने की क्षमता के बारे में चिंताओं का हवाला देते हुए रातोंरात इस्तीफा दे चुके हैं। वुड पूर्व अमेरिकी मरीन और मानवीय अभियान के नेता हैं। दो माह पहले ही उन्होंने फाउंडेशन का नेतृत्व करना शुरू किया था। उन्होंने इस्तीफा देने का कारण लिखा था, "गाजा में अकाल संकट से मेरा दिल टूट गया है और मुझे पीड़ा को कम करने के लिए ऐसा करना पड़ रहा है।"इस बीच इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने कहा कि सात अक्टूबर के नरसंहार में हिस्सा लेने वाले यूसुफ कादी ने हमास की स्नाइपर यूनिट के कमांडर मोहम्मद जाराब के साथ राफाह में आत्मसमर्पण कर दिया। आईडीएफ ने कहा कि शिन बेट को पूछताछ में महत्वपूर्ण आतंकी बुनियादी ढांचे के बारे में खुफिया जानकारी मिली है। आईडीएफ ने इनके आत्मसमर्पण के वीडियो फुटेज भी जारी किए हैं।
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प्रयागराज । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उप्र के बेसिक स्कूलों में ग्रीष्म कालीन रामायण एवं वेद कार्यशाला आयोजन के सम्बन्ध में निदेशक अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान, संस्कृति विभाग उप्र तुलसी स्मारक भवन अयोध्या के पत्र 5 मई 2025 के खिलाफ दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। यह आदेश चीफ जस्टिस अरूण भंसाली एवं जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ ने डॉ चतुरानन ओझा की तरफ से दाखिल जनहित याचिका को खारिज करते हुए दिया है। निदेशक अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर उनसे अनुरोध किया है कि अंतरराष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान अयोध्या की ओर से ग्रीष्म कालीन रामायण एवं वेद अभिरूचि कार्यशाला का आयोजन प्रदेश के सभी 75 जिलों में किया जाना प्रस्तावित है। इसके अन्तर्गत रामलीला कार्यशाला, रामायण क्ले माडलिंग कार्यशाला, रामायण मुख सज्जा एवं हैंडप्राब्स, मुखौटा कार्यशाला, वेदगान एवं वेद सामान्य ज्ञान कार्यशाला का आयोजन किया जाना है। जिसकी अवधि 5 से 10 दिनों की होगी। पत्र के माध्यम से बेसिक शिक्षा अधिकारियों से अनुरोध किया गया है कि बच्चों में अपनी संस्कृति के संस्कार पिरोने और कला के प्रति रूचि विकास के लिए विद्यालयों में कार्यशाला आयोजन में समन्वयक समेत प्रबंधकीय सहयोग प्रदान करने के लिए निर्देश दिया जाय। निदेशक के इस निर्देश को जनहित याचिका में चुनौती दी गई थी तथा कहा गया था कि निदेशक का यह पत्र धर्म विशेष को बढ़ावा देने वाला है। कहा गया था कि यह पत्र संविधान के अनुच्छेद 14, 15 एवं 16 के विपरित है। तर्क दिया गया था कि इस पत्र के माध्यम से धर्म विशेष को बढ़ावा देना गलत है। याचिका में बीएसए महराजगंज को पक्षकार बनाया गया था। जनहित याचिका का प्रदेश सरकार की तरफ से स्थाई अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह ने विरोध किया। कहा गया कि याचिका दुर्भावना से प्रेरित होकर दाखिल किया गया है। हाईकोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याची ने याचिका में अपनी व्यक्तिगत जानकारी (साख) बताने में विफल रहा। कोर्ट ने कहा कि याची अन्य जिले का है और वह यह नहीं बता सका कि उसे निदेशक का पत्र कैसे प्राप्त हुआ।
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जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने नीट यूजी परीक्षा के दौरान सीकर के परीक्षा केन्द्र में बिजली गुल होने पर भी अभ्यर्थियों को बोनस अंकों का लाभ नहीं देने पर एनटीए, एसीएस चिकित्सा, सीकर कलेक्टर और परीक्षा समन्वयक से जवाब तलब किया है। वहीं अदालत ने परीक्षा परिणाम को याचिका के निर्णयाधीन रखा है। जस्टिस समीर जैन ने यह आदेश अनुष्का चौधरी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता प्रदीप कलवानिया ने अदालत को बताया कि गत चार मई को नीट यूजी परीक्षा के दौरान सीकर के एक परीक्षा केन्द्र की बिजली गुल हो गई थी। जिसके चलते परीक्षार्थियों को निर्धारित समय तक परीक्षा देने का अवसर नहीं मिला और उनके कई प्रश्न छूट गए। जिससे कई छात्रों का भविष्य प्रभावित होने की आशंका है। याचिका में कहा गया कि मौसम विभाग ने परीक्षा के दिन मौसम खराब होने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद भी एजेंसियों ने परीक्षा केन्द्रों पर प्रकाश और बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं की। ऐसे में याचिकाकर्ताओं की परीक्षा पुन: ली जाए या उन्हें बोनस अंक दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए परीक्षा परिणाम को याचिका के निर्णयाधीन रखा है।
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गुना के मक्सूदनगढ़ नगर में अतिक्रमण पर कार्रवाई से बहुप्रतीक्षित बस स्टैंड की मांग पूरी होने जा रही है...लेकिन भोपाल रोड पर चिन्हित स्थल से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति ने थाना प्रभारी पर त्रिशूल से हमला कर दिया और एक महिला ने ज़हर खाने की कोशिश की... दोनों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है... मक्सूदनगढ़ में वर्षों से लोग बस स्टैंड की मांग कर रहे थे...जिसके चलते प्रशासन ने भोपाल रोड पर चिन्हित स्थान से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की...लेकिन कार्रवाई के दौरान एक व्यक्ति ने त्रिशूल से थाना प्रभारी सुरेश कुशवाहा पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए...वहीं एक महिला ने ज़हरीला पदार्थ खाने की कोशिश की...पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है...भारी पुलिस बल और प्रशासन की निगरानी में अतिक्रमण हटाने का काम जारी है, जिससे जल्द ही नगर को उसका अपना बस स्टैंड मिल सके...
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गुना से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहाँ लोकतंत्र का बुनियादी ढांचा पंचायत को ही गिरवी रख दिया...यहां 20 लाख रुपए के कर्ज के बदले करोद ग्राम पंचायत को एक दबंग के पास गिरवी रख दिया गया...महिला सरपंच, पंच और उसके पति के बीच एक एग्रीमेंट हुआ जिसमें पंचायत की चेकबुक से लेकर सरकारी योजनाओं के पैसों तक पर तीसरे व्यक्ति का हक तय कर दिया गया...जब मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा, तो हड़कंप मच गया और सरपंच समेत पंच को तुरंत बर्खास्त कर दिया गया... ऐसा ही एक मामला चाचौड़ा के रामनगर पंचायत में भी सामने आया है... गुना जिले की करोंद पंचायत चर्चा में है...क्योंकि इसे रखा गया है गिरवी...यहां की महिला सरपंच लक्ष्मीबाई ने पंचायत का चुनाव लड़ने के लिए गांव के दबंग हेमराज सिंह धाकड़ से 20 लाख रुपए उधार लिए थे जिसमें गारंटी बने पंचायत के पंच रणवीर सिंह कुशवाह एक एग्रीमेंट साइन हुआ...100 रुपए के स्टांप पेपर पर शर्तें लिखी गईं थीं कि पंचायत में होने वाले विकास कार्यों का 5% कमीशन सरपंच को मिलेगा, सभी कामों की निगरानी दबंग के प्रतिनिधि द्वारा होगी, और सरकारी योजनाओं के पैसों से दबंग का कर्ज चुकाया जाएगा...इसमें पंचायत की सील, चेकबुक, दस्तावेज सब कुछ गिरवी रख दिया गया...वहीं लक्ष्मीबाई का कहना है कि वो पढ़ी-लिखी नहीं है...किराए के मकान में रहती हैं, निर्विरोध चुनी गई थीं ऐसे में पैसे लेकर चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता...किसी ने धोखे से साइन कराए होंगे...ऐसा ही एक मामला चाचौड़ा के रामनगर पंचायत में भी सामने आया है जहां आदिवासी महिला सरपंच मुन्नीबाई सहरिया ने रामसेवक मीना नामक व्यक्ति से पैसे लेकर पंचायत जीतने का सौदा किया शर्त थी, पंचायत की कमान दबंग के हाथ में रहेगी, और बदले में सरपंच को सालाना 1 लाख रुपये मिलेंगे...
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सिंगरौली जिले के स्थापना दिवस पर 27 मई तक चलने वाले चार दिवसीय सिंगरौली महोत्सव में बॉलीवुड के नामचीन गायक – आदित्य नारायण, रुपाली जग्गा, अभिजीत सावंत और अरुणिमा काँजीलाल – अपने बैंड के साथ सुरों की बरसात करेंगे, वहीं देश के ख्यातिप्राप्त कवि अपनी रचनाओं से महोत्सव में चार चाँद लगाएंगे.... सिंगरौली के स्थापना दिवस पर चार दिवसीय सिंगरौली महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है...जिसमें बॉलीवुड कलाकार आदित्य नारायण, रुपाली जग्गा, अभिजीत सावंत और अरुणिमा काँजीलाल अपने बैंड के साथ मधुर संगीत का जादू बिखेरेंगे तो वहीं प्रख्यात कवि भी अपनी कविताओं से जिले की जनता को ओतप्रोत करेंगे,साथ ही स्थानीय कलाकारों के द्वारा भी अपनी प्रस्तुति दी जाएगी...आयोजन में मध्यप्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, और कई मंत्रीगण के पहुंचने की संभावना है...जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं तक की व्यस्था की है... स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविरों में आमजन का परीक्षण और उपचार किया जा रहा है।इसके साथ ही महोत्सव स्थल पर अनेक स्टॉल भी लगाए गए हैं, जो स्थानीय उत्पादों और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित कर रहे हैं....
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देवास जिले में सतवास के ग्राम धासड़, खारिया, रोनिया, टप्पर, पोखर सहित अन्य गांवों में पानी पुरी खाने के बाद फूड पॉइजनिंग की घटना सामने आई है... जिसमें बच्चों सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतवास में भर्ती किए गए... फूड पॉइजनिंग के बाद भर्ती किए गए सभी मरीजों का स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ द्वारा तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू किया गया, और सभी मरीज अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं...सभी का उपचार जारी है....सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतवास के ड्यूटी डॉक्टर धीरज बारवाल ने बताया कि मरीजों में एक जैसे लक्षण पाए गए हैं...सभी ने पानी पूरी खाई थी और एक ही स्रोत का पानी पिया था...इसी कॉमन वाटर डिस्ट्रीब्यूशन के कारण फूड पॉइजनिंग की यह स्थिति बनी है...
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मानसून ने शनिवार को केरल में दस्तक दे दी है। यह अपने तय समय 1 जून से 8 दिन पहले पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक,16 साल में ऐसा पहली बार हुआ, जब मानसून इतनी जल्दी आया। 2024 में यह 30 मई को केरल पहुंचा था। मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून चार दिन से देश से करीब 40-50 किलोमीटर दूर अटका हुआ था।। शुक्रवार शाम आगे बढ़ा। इसके आज ही तमिलनाडु और कर्नाटक के कई इलाकों में पहुंचने की संभावना है। वहीं, एक हफ्ते में देश के दक्षिणी और पूर्वोत्तर राज्यों को कवर कर सकता है। 4 जून तक मध्य और पूर्वी भारत तक पहुंचेगा ... मौसम विभाग ने दो तरह के रेड अलर्ट जारी किए हैं। पहला भारी बारिश और दूसरा भीषण गर्मी का है। गुजरात, गोवा, महाराष्ट्र कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में 200 mm तक बारिश हो सकती है। इन राज्यों में अगले सात दिन तक भारी बारिश हो सकती है। देश के कुल 28 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। जबकि, राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में 27 मई तक गर्म हवाओं के चलते रेड अलर्ट है। जैसलमेर में शुक्रवार को सबसे ज्यादा 48 डिग्री तापमान रहा। इसमें आज और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
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हुगली । तकरीबन 22 दिनों तक पाक रेंजर्स की हिरासत में रहने के बाद शुक्रवार शाम अपने रिषड़ा स्थित घर लौटे बीएसएफ जवान पूर्णम कुमार साव ने शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि दस दिन पाक रेंजर्स की हिरासत में बिताने के बाद उन्होंने घर लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी। उन्होंने इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़े रहने के लिए देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। पूर्णम का मानना है कि अपने परिवार में लौट कर उनका पुनर्जन्म हुआ है। पूर्णम को पाक रेंजर्स ने 22 दिनों तक बंदी बनाकर रखा था। जब उनसे पूछा गया कि उस समय वे क्या सोच रहे थे, तो उन्होंने कहा, "जब मुझे पहली बार हिरासत में लिया गया था, तो मैंने सोचा था कि मैं तीन या चार दिनों में रिहा हो जाऊंगा। लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ, दस दिन बीत जाने के बाद, मैंने सोचा कि मैं कभी घर वापस नहीं लौटूंगा। जो भी होगा, वहीं होगा।" पूर्णम के पाक रेंजर्स की हिरासत में रहने के दौरान ही भारत ने पहलगांव आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस बारे में पूछे जाने पर पूर्णम ने कहा, "जब मैं वहां था तो मुझे कुछ भी पता नहीं था। जब मैं घर लौटा और समाचार देखा तो पता चला कि ऑपरेशन चल रहा था।" क्या पाक रेंजर्स ने उन पर कोई अत्याचार किया? इस प्रश्न के जवाब में पूर्णम ने कोई टिप्पणी नहीं की। बहरहाल, शनिवार सुबह भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल पूर्णम के घर गया। उन्होंने पूर्णम का अभिनंदन किया। पूर्णम ने नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी से वीडियो कॉल पर बात की। उल्लेखनीय है कि गत 23 अप्रैल को पूर्णम ने ड्यूटी के दौरान गलती से भारत की सीमा पार कर ली थी। इसके बाद पाकिस्तानी रेंजर्स ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके बाद 14 मई को पूर्णम को रिहा किया था। इसके नौ दिनों बाद शुक्रवार को पूर्णम रिषड़ा स्थित अपने घर लौटे।
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अमरपाटन के ताला थाना क्षेत्र में लूट की घटना को अंजाम देने वाले नकाबपोश बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया जिसमें एक नाबालिक भी शामिल है...पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया... एसडीओपी प्रतिभा मिश्रा ने बताया कि बीते दिनों ताला थाना क्षेत्र में इन आरोपियों मोबाइल लूट की घटना को अंजाम दिया था साथ ही धोबहट में नहर किनारे खेत जा रही महिला से पता पूछने के बहाने सोने का मंगलसूत्र छीन लिया था...शिकायत पर मुकुंदपुर चौकी में मामला दर्ज किया गया था...जिसके बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी...पकड़े गए सभी अरोपी आपस मे रिश्तेदार हैं...पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर उन्हें जेल भेज दिया...
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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को धार्मिक कट्टरपंथी बताते ... एक इंटरव्यू में एस जयशंकर में कहा कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के विचारों और व्यवहार में धार्मिक कट्टरता साफ नजर आती है ... मुनीर यह दिखावा न करें कि वे आतंकवाद से पीड़ित हैं। पाकिस्तान सरकार और सेना सीमा पार आतंकवाद में पूरी तरह शामिल है ... जयशंकर ने असीम मुनीर के भाषण का भी जिक्र किया ... इसमें उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान के लिए गले की नस बताया था। मुनीर ने कहा था कि पाकिस्तान के लोग कभी भी यह नहीं भूल सकते कि वे हिंदुओं से अलग हैं।मुनीर ने बच्चों को जिन्ना के दो-राष्ट्र सिद्धांत की कहानी सुनाने की वकालत की थी, ताकि वे समझ सकें कि बंटवारा क्यों हुआ था। इस घटना के 5 दिन बाद ही पहलगाम आतंकी हमला हुआ।जयशंकर ने कहा- पहलगाम में हुआ हमला एक बर्बर कृत्य था, जिसका मकसद कश्मीर में टूरिज्म को नुकसान पहुंचाना और धार्मिक विवाद को भड़काना था। जयशंकर ने पाकिस्तान को आतंकवाद का केंद्र बताया। उन्होंने कहा वहां एक्टिव आतंकी गुटों को पाकिस्तानी सरकार से सपोर्ट मिलता है। Add reaction
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भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के कई ठिकाने नेस्तनाबूद कर दिए थे.... जिससे पाकिस्तान ने हार मानते हुए सीजफायर कर दिया था...लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है....सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल के मुताबिक करीब तीन दर्जन संदिग्ध जिनमें 25 से अधिक पाकिस्तानी और 10 बांग्लादेशी शामिल हैं.... वो नेपाल के रास्ते उत्तर प्रदेश की खुली सीमा से भारत में घुसपैठ की फिराक में हैं...सीमा सुरक्षा बल (SSB) ने अलर्ट जारी कर बहराइच-नेपाल बॉर्डर पर चेकिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है...सेना की कोशिश है कि कोई भी घुसपेड़िये भारत में प्रवेश न करने पाए...
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कोलकाता । दिल्ली से श्रीनगर जा रहे इंडिगो के एक विमान में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विमान श्रीनगर के करीब तेज आंधी और भारी ओलावृष्टि की चपेट में आ गया। इसी विमान में तृणमूल कांग्रेस का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी सवार था। गनीमत रही कि पायलट की सूझबूझ से सभी यात्री सुरक्षित बच निकले, लेकिन इस दौरान विमान के आगे का कुछ हिस्सा टूट गया। इस घटना ने विमान में सवार यात्रियों को भयभीत कर दिया। विमान की खिड़कियों पर बड़े-बड़े ओले गिरते देख यात्री बुरी तरह डर गए। वीडियो फुटेज में भी देखा जा सकता है कि किस तरह विमान जोर-जोर से हिल रहा था। ऐसी परिस्थिति में पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क कर इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। पायलट ने शाम लगभग 6:30 बजे विमान को श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। विमान में मौजूद तृणमूल प्रतिनिधिमंडल में बंगाल के मंत्री मानस भुइयां, राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन, ममता बाला ठाकुर, नादिमुल हक और सागरिका घोष शामिल थीं। विमान हादसे से बाल-बाल बचने के बाद सागरिका घोष ने कहा, “ऐसा लगा जैसे जीवन समाप्त होने वाला है। पायलट को सैल्यूट, जिन्होंने हमें ज़मीन पर सुरक्षित उतारा। उतरने के बाद देखा कि विमान की नाक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है।” उन्होंने गुरुवार को कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर कश्मीर का दौरा करने आए हैं और यह पूरा करके ही लौटेंगे। तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के निर्देश पर यह प्रतिनिधिमंडल कश्मीर में पाकिस्तान की गोलीबारी से प्रभावित इलाकों का दौरा करने गया है। श्रीनगर पहुंचने के बाद बुधवार शाम को प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला से मुलाकात की। बैठक में उमर अब्दुल्ला ने ममता बनर्जी को पीड़ित कश्मीरी नागरिकों के प्रति संवेदनशीलता दिखाने के लिए धन्यवाद दिया। गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर से सड़क मार्ग से लगभग चार घंटे की दूरी पर स्थित पुंछ के लिए रवाना हो गया। दौरा पूरा करने के बाद प्रतिनिधिमंडल ममता बनर्जी को रिपोर्ट सौंपेगा।
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प्रदेश की मोहन सरकार ने राजधानी भोपाल और औद्योगिक केंद्र इंदौर को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है.... दिल्ली और हैदराबाद की तरह अब भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों का विस्तार किया जाएगा.... जिससे इन शहरों से जुड़े छोटे नगरों जैसे सीहोर, रायसेन, विदिशा, उज्जैन, देवास और धार में भी तेजी से औद्योगीकरण और शहरीकरण होगा... इस योजना के तहत सड़क, मेट्रो और रेल परिवहन को एकीकृत कर इकोनॉमिक कॉरिडोर तैयार किया जाएगा... जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे... मोहन सरकार का लक्ष्य है की प्रदेश विकास के नए आयामों पर ले जाया जाये.... इसी के तहत प्रदेश सरकार दो सबसे बड़े शहर भोपाल और इंदौर विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने जा रही है...नगरीय विकास विभाग ने मेट्रोपॉलिटन एक्ट का ड्राफ्ट तैयार किया गया है... जिसके तहत इन शहरों से जुड़े पांच-पांच छोटे नगरों में भी तेजी से विकास होगा... मेट्रो रेल, एकीकृत परिवहन, सुरक्षा व्यवस्था, और औद्योगिक जोन के माध्यम से इन क्षेत्रों को स्मार्ट सिटी के स्तर पर लाया जाएगा... आने वाले वर्षों में भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में मुंबई मेट्रो जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी... जिससे नागरिकों को बेहतर जीवन गुणवत्ता और अधिक अवसर प्राप्त होंगे...
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कुछ दिनों पहले एकतरफा प्यार करने वाले एक सनकी युवक ने एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल का अपहरण कर लिया था ... उसे जबरन जंगल में ले जाकर शादी कर ली थी .... जिसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी...पुलिस को इस मामले में अब बड़ी कामयाबी मिली है.... पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है...राजनांदगांव डोंगरगांव थाना क्षेत्र की एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल का एक सरफिरे आशिक़ ने अपहरण कर उससे जबरदस्ती शादी कर ली थी ...पुलिस उस सरफिरे आशिक़ और उसके साथियो को गिरफ्तार कर लिया है...साइबर सेल और डोंगरगांव पुलिस की संयुक्त टीम उसकी तलाश कर रही थी.... इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि आरोपी अनूप चंद्राकर ट्रेन से रेलवे स्टेशन दिल्ली पहुंचने वाला है.... सूचना मिलते ही डोंगरगांव थाना की टीम ने स्थानीय जीआरपी और साइबर सेल के सहयोग से घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया...आरोपी दिल्ली से गोवा भाग रहा था... जिससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया.... आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है....
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चंडीगढ़ । पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इस साल में अब तक सीमा पार से घुसपैठ के लिए आए सौ ड्रोन पकड़े हैं। साथ ही बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किया गया है। बीएसएफ की ओर से दी गई जानकारी में यह बताया गया है। बीएसएफ प्रवक्ता ने बताया कि इस वर्ष 18 मई को बल ने भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाले 100वें पाकिस्तानी ड्रोन को बरामद किया है। इस वर्ष अभी तक 111 किलोग्राम हेरोइन, 60 हथियार, 14 हथगोले और 10 किलोग्राम से अधिक उच्च विस्फोटक बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि तीन पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया है, जबकि 66 भारतीय तस्करों और तीन पाकिस्तानी नागरिकों को पकड़ा गया है। बीएसएफ के अनुसार ड्रोन का खतरा एक बड़ी चुनौती थी। बीएसएफ की त्वरित और रणनीतिक कार्रवाइयों के माध्यम से प्रभावी ढंग से मुकाबला किया गया है। प्रत्येक ड्रोन घुसपैठ को सावधानीपूर्वक ट्रैक किया जा रहा है, रोका जा रहा है और बरामद किया जा रहा है। अथक समर्पण और परिचालन उत्कृष्टता के साथ, बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर देश की सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है और यह सुनिश्चित करता रहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने के किसी भी प्रयास को तुरंत विफल कर दिया जाए।
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छतरपुर के खजुराहो स्थित पश्चिमी मंदिर समूह में जिला प्रशासन के निर्देश पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया... इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी करना था...जिसमें पुलिस विभाग द्वारा सभी कर्मचारियों को विभिन्न आपदा परिस्थितियों में सही एक्शन लेने का प्रशिक्षण दिया गया.... छतरपुर के खजुराहो स्थित पश्चिमी मंदिर समूह में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया... जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों ने सामूहिक रूप से भाग लिया.... इस में राजस्व विभाग, पुलिस विभाग , पुरातत्व विभाग , नगर परिषद खजुराहो, स्वास्थ्य विभाग , होम गार्ड , एस डी आर एफ, विधुत विभाग के कर्मचारियों ने भाग लिया... मॉक ड्रिल के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने.... आग पर कंट्रोल पाने और मरीजो को हॉस्पिटल्स पहुंचाने की ट्रेनिंग दी गई....
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तेज रफ्तार कार चलती बस से टकरा गई जिससे कार सवार दो लोगों की मौत हो गई...कार और बस में हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया...पुलिस मामले की जांच कर रही है... झांसी-खजुराहो नेशनल हाईवे 39 पर कार और बस में टक्कर हो गई...मारुति 800 कार ने पीछे से पाठक टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी की बस को टक्कर मार दी...हादसा बमीठा थाना क्षेत्र के गंज बसारी के पास हुआ...दोनों वाहन छतरपुर से पन्ना की ओर जा रहे थे...कार की रफ्तार ज्यादा होने के कारण टक्कर के बाद वह बस में फंस गई.. बस आगे की तरफ चलती रही और कार उसमें फंसी रही...हादसे में कार में सवार दो लोगों की मौत हो गई....पुलिस मामले की जांच कर रही है....
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बड़ी मुश्किल से 17 साल बाद हिमाचल प्रदेश सरकार जागी, तो वन विभाग नाहक ही चिंता ग्रस्त हो गया। वन अधिकार कानून 2006 दो साल बाद दो हजार आठ में अधिसूचित होने के बाबजूद आज तक लागू किए जाने को तरस रहा था। यह कानून संसद द्वारा वनवासी और अन्य वननिर्भर समुदायों के प्रति ब्रिटिश हुकूमत में किए गए ऐतिहासिक अन्याय को दूर करने के लिए इन समुदायों की वनों पर निर्भरता को ध्यान में रखते हुए वनों पर कानूनी रूप में कुछ अधिकार देने की बात करता है, जिसमें 2005 की 13 जनवरी से पहले यदि आजीविका के लिए वन भूमि का प्रयोग किया जा रहा है या आवास और पशुशाला आदि बनाई है तो उतनी वन भूमि पर, आदिवासी और अन्य वन निर्भर समुदायों को इस्तेमाल का हक प्रदान करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सामुदायिक रूप से वनों में जो बरतनदारी ह्क, परंपरा से इन समुदायों को छूट के रूप में प्राप्त है, उन्हें कानूनी अधिकार के रूप में दिए जाने का प्रावधान है। बरतनदारी में वनों के प्रबंधन की जिम्मेदारी देने के साथ इनके संरक्षण संवर्धन का कर्तव्य भी निर्धारित किया गया है। स्थानीय विकास के लिए जरूरी वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया भी वन संरक्षण अधिनियम की लंबी प्रक्रिया से बाहर निकाल कर इस कानून के तहत आसान की गई है, जिसके लिए दिल्ली की ओर देखने की जरूरत नहीं बल्कि वन अधिकार समिति की संस्तुति से वन मण्डल अधिकारी के स्तर पर ही एक हेक्टेयर तक भूमि का स्थानीय विकास की 13 मदों के लिए हस्तांतरण किया जा सकता है बशर्ते उसमें 75 से ज्यादा पेड़ न आते हों। इस तरह यह कानून न केवल आदिवासी और अन्य वन निर्भर समुदायों की आजीविका का संरक्षण करता है बल्कि वन संरक्षण कार्य में स्थानीय जन सहयोग को बढ़ा कर वन संरक्षण कार्य को भी मजबूत करता है। स्वयं वन विभाग भी वन संरक्षण में जन सहयोग के लिए साझा वन योजना जैसे प्रयोग सफलता पूर्वक कर चुका है। हालांकि यह प्रयोग अनमने भाव से ही किए गए थे फिर भी परिणाम उत्साह वर्धक रहे हैं। इसलिए कोई कारण नहीं है कि उक्त अधिनियम के अंतर्गत कानूनी तौर पर प्रबंधन के अधिकार मिलने पर, समुदाय कामयाब नहीं होगा। बल्कि कानूनी तौर पर पूर्ण सशक्त होने पर सामुदायिक प्रबन्धन बहुत सफल होगा। आखिर पंचायतों को भी जब संवैधानिक संस्था का दर्जा दिया गया तो सारा कार्य सफलता पूर्वक संभाल ही रही हैं। फिर किसी को खुली छूट भी तो दी नहीं जा रही है। बल्कि वन प्रबंधन समितियों को नियम कानूनों के प्रति जवाबदेह बनाने की व्यवस्था है।पिछले दिनों जब हिमाचल प्रदेश सरकार ने जनजाति विकासमंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में वन अधिकार कानून को लागू करने के लिए मिशन मोड में कार्य शुरू किया तो वन विभाग सकते में आ गया। एक पत्र जिलाधीशों, मुख्य अरण्यपालों, और वन मंडल अधिकारियों को जारी किया गया, जिसमें तथाकथित दिशा-निर्देशों की बात की गई है, जबकि कानून को लागू करने का काम वन अधिकार अधिनियम के तहत जनजातीय विभाग को सौंपा गया है। वन विभाग का काम केवल साझा निरीक्षण में हाजिर होना है या उपमंडल समितियों और जिला स्तरीय समितियों में सहयोग देना है। दिशा-निर्देश तो पहले ही एक्ट, नियम और केन्द्रीय दिशा निर्देशों के रूप में आ चुके हैं। अब सवाल यह पैदा होता है कि इस समय, जब सरकार इस कानून को लागू करने के प्रति गंभीरता से काम करने जा रही है तो विभाग की ओर से यह पत्र क्यों जारी किया गया। सत्रह साल तक विभाग को यह याद क्यों नहीं आई। फिर वीडियोग्राफी करने और सैटेलाइट फोटो का प्रयोग करने के सुझाव क्यों दिए गए जबकि एक्ट में उनका कोई जिक्र नहीं है। इससे साफ यह शक जाहिर होता है कि वन विभाग अब फिर इस कानून को लागू करने के काम में अड़ंगा लगाना चाहता है। पत्र में कोनिफर पेड़ों की ही चिंता जाहिर की गई है, यानि टिंबर देने वाले पेड़ ही इनके लिए पेड़ हैं। ऊंचाई पर भी क्लाइमेक्स जंगल में तो बान, बुरांस, खरशु, मोहरू, चिरन्दी जैसे अनेक वृक्ष प्रजातियां हैं। उनको तो ये लोग कोयला जलाने के लिए काट कर खुद नष्ट करते रहे हैं और उनके रोपण की भी कोई कोशिश नहीं की जाती थी। अभी कुछ वर्षों से ही ये प्रयास शुरू हुए हैं। अभी भी कितना सफल होते हैं पता नहीं। शिवालिक के सघन मिश्रित वनों को गर्डलिंग करके सुखाया गया और चीड़ के वनों में बदल दिया गया। यह काम सुधार वानिकी के नाम पर किया गया। इसी कारण वन्य प्राणी जंगली फलों और चारे के अभाव में खेतों में अत्यधिक नुकसान करने लग गए हैं, जिससे स्थानीय आजीविका का कितना नुकसान हुआ इसका आकलन तक नहीं किया गया है। असल में ये लोग अभी तक भी उपनिवेशवादी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। जंगल पोलिसिंग से नहीं बचे हैं लोगों के सहयोग और जागरुकता से बचे हैं। उपनिवेशवादी प्रबंधन ने ही लोगों को वनों से दूर किया था। उनको फिर से वनों के साथ जोड़ने का यह कानून मौका देता है, जिसका लाभ होगा। डरने की जरूरत नहीं बल्कि मिलकर बेहतर वन प्रबंधन विकसित करने पर ध्यान देने की जरूरत है। वन विभाग यदि अपनी विशेषज्ञता का उपयोग आने वाले समय में आजीविका वानिकी की ओर करे तो बेहतर होगा. ऐसे वन जो बिना काटे रोजी रोटी दे सकें, वही संरक्षित पर्यावरण की गारंटी हैं। टिंबर देने वाले पेड़ तो कट कर ही कुछ दे सकते हैं। इसलिए मिश्रित जंगल लगाने की ओर ध्यान दिया जाए और वन अधिनियम को लागू करने में सहयोग देकर ग्राम समुदायों को वन संरक्षण और विकास के काम में जोड़ने की दिशा में काम किया जाए।
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भारत में हिन्दुओं पर सामुदायिक हिंसा की बढ़ती घटनाओं ने सरकार और देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। अपने ही देश में बहुसंख्य हिन्दू हिंसक घटनाओं का शिकार हो रहा है। वैसे सामुदायिक और नस्लीय हिंसा पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। लेकिन भारत के आसपास पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं के खिलाफ हमले और हिंसा बढ़ गई हैं। नेपाल जैसे देश में भी रामनवमी जुलूस पर हिंसा को अंजाम दिया गया। भारत के पड़ोसी इस्लामिक देश में हिन्दुओं की स्थिति बद से बदतर है, जबकि ये कभी भारत के हिस्सा थे। यहाँ हिन्दुओं पर लगातार धार्मिक उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं भारत की चिंता को बढ़ा दिया है। आतंकवाद से लड़ रहे भारत के सामने सामुदायिक हिंसा की घटनाएं बड़ी चुनौती बन रहीं हैं। सबसे अहम मुद्दा यह है कि अपने देश में ही हिन्दू बाहुल्य होने के बाद भी वह सामुदायिक हिंसा का शिकार बन रहा है। जबकि चीन में उइगर मुसमानों का दमन किसी से छुपा नहीं है, लेकिन चीन के खिलाफ पाकिस्तान, बांग्लादेश खामोश हैं। कश्मीर के पहलगाम में हुआ नरसंहार इसका ताज़ा उदाहरण है। भारत में इस तरह की हिंसा के पीछे वोट बैंक के लिए राजनीतिक तुष्टिकरण सबसे बड़ी समस्या है। भारत में हिन्दुओं पर हिंसक हमले इस्लामिक आतंकवाद की एक सोची समझी रणनीति है। पाकिस्तान, बांग्लादेश में हिंदुओं का सफाया हो रहा है, जबकि अफगानिस्तान में हिन्दुओं की आबादी गिनती पर आ गईं है। भारत में इस तरह के सामुदायिक और धार्मिक दंगे भड़काने के लिए पाकिस्तान मूल रूप से जिम्मेदार है। लेकिन हम इस तरह की बात कर अपनी जिम्मेदारी से बच भी नहीं सकते हैं। भारत इस्लामिक आतंकवाद से तो हमेशा से पीड़ित रहा है। लेकिन हाल के वर्षों में राजनैतिक कारणों और उसके फैसलों से देश में सामुदायिक हिंसा, प्रदर्शन और पत्थरबाजी की घटनाएं बढ़ गईं हैं। दोनों समुदायों में एक दूसरे के प्रति नफरत और डर का माहौल पैदा हुआ है। इस तरह की सामुदायिक हिंसा के पीछे सामाजिक, आर्थिक, राजनीति, सोशलमीडिया और धार्मिक कारण मुख्य हैं, जिसकी वजह से ऐसी घटनाएं देश के धार्मिक और सांप्रदायिक तानेबाने को विभाजित करती दिखती हैं। जम्मू -कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को पाकिस्तानी आतंकवादियों ने जिस तरह निर्दोष पर्यटकों का नरसंहार किया, वह मानवता के खिलाफ है। इस हिंसा में 26 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। आतंकवादियों ने सिर्फ हिन्दुओं को निशाना बनाया और उनका धर्म पूछ कर उन्हें गोली मारीं । हालांकि की कश्मीर में इस नरसंहार को लेकर काफी गुस्सा देखा जा रहा है। इस बात पर भी गुस्सा है कि हमले में सिर्फ हिन्दू मारे गए। लोगों का कहना है कि पर्यटकों की जान बचाने के लिए एक मुस्लिम भी मारा गया। अब पूरा कश्मीर पीड़ित परिवारों के साथ है। देश के कई हिस्सों में मुस्लिम संस्थाओं ने प्रदर्शन कर पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी भी की है। इस साजिश के पीछे हाल में पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल कियानी की तरफ दिया गया वह उकसाऊ बयान भी अहम माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने भारत व हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने वाला बयान दिया था। कियानी के बयान के ठीक कुछ दिन बात पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है, जिसमें पर्यटकों का धर्म पूँछ कर नरसंहार किया गया। यह पाकिस्तान की सोची समझी रणनीति है, क्योंकि वह भारत से सीधी जंग में कभी नहीं जीत सकता है। ऐसी स्थिति में वह हिन्दुओं को निशाना बनाकर भारतीय मुसलमानों का मसीहा बनना चाहता है। खैबर पख्तून में बलोच आर्मी की तरफ से किए ट्रेन हाईजैक के पीछे वह भारत का हाथ मानता है। जिसकी वजह से वह बौखलाया था और बदले के लिए बेताब था। उधर कश्मीर में धारा 370 खत्म होने के बाद कश्मीर आहिस्ता-आहिस्ता विकास की मुख्यधारा में लौट रहा है। आतंकी घटनाएं कम हुईं हैं। पर्यटकों की आमद बढ़ने लगी है। सेबों की खेती लहलाहने लगी है। यह सब देख पाकिस्तानी फ़ौज में बौखलाहट है जिसकी वजह से वह इस तरह की सामुदायिक हिंसा की साजिश रच रहा है। कश्मीर में सामुदायिक हिंसा की यह पहली घटना नहीं है। आतंकवादियों ने पुलवामा जैसी घटनाओं को अंजाम दिया है। कश्मीर में साल 2019 के बाद धारा 370 लागू होने के बाद यह पहली सबसे बड़ी आतंकी नरसंहार की घटना है। दूसरा अहम कारण ये कि कश्मीर के राजनैतिक और अलगाववादी कभी शान्ति और विकास नहीं चाहते हैं। क्योंकि धारा 370 खत्म होने के बाद उनकी तमाम स्वतंत्रता जहाँ बाधित हुईं, वहीं आर्थिक नुकसान हुआ है। वहां के राजनेताओं और अलगाववादियों का पाकिस्तान प्रेम दुनिया में जगजाहिर है। इसके बावजूद धारा 370 का खात्मा, तीन तलाक कानून और वक्फ संशोधन जैसे राजनैतिक फैसले इस आग में घी का काम किया है। हालांकि यह आम मुसलमानों और कश्मीरियों की सोच नहीं है। यह सिर्फ अलगाववादियों की सोच है। इस घटना में केंद्र और राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकतीं। जब वहां काफी तादात में पर्यटकों की आमद हो रहीं थी तो पर्यटकों की सुरक्षा के लिए सेना और राज्य पुलिस के जवानों की तैनाती क्यों नहीं की गईं। कियानी के विभाजनकारी संदेश को हमारी सरकार, ख़ुफ़िया एजेंसिया और सुरक्षा एजेंसिया नहीं समझ पाईं। ऐसे संवेदनशील पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम होने चाहिए थे। राज्य में इस तरह की घटनाएं पर्यटन उद्योग और उसकी संभावनाओं पर पानी फेरती हैं। हम अपनी चूक और नाकामियों से नहीं बच सकते। यह गंभीर मंथन का विषय है। कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर हमें सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखना होगा। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। यह हमला भारत की आत्मा पर है यह राजनीति का वक्त नहीं है। सारा देश गुस्से में है। रणनीति बनाकर पाकिस्तान और आतंकवाद को सबक सिखाने की जरूरत है। कश्मीर के पूर्व बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन कानून के विरोध में हिन्दुओं को जिस तरह निशाना बनाया गया, वह किसी से छुपा नहीं है। इसके अलावा रामनवमी जुलूस पर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश भी सुनियोजित तरीके से हिन्दुओं पर हमले हुए। उत्तर प्रदेश में संभल किसी से छुपा नहीं है। वहां किस तरह हिन्दुओं का उत्पीड़न हुआ, उसे कौन नहीं जानता। हिंसक हमलों में उनकी संपत्तियों और मंदिरों को नष्ट किया गया। पश्चिम बंगाल राज्य में हिन्दुओं को पलायित होना पड़ा। पीड़ित हिन्दू बंगाल पुलिस की मदत के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई सुरक्षा नहीं मिली। बाद में बंगाल उच्च न्यायालय के आदेश के बाद हिंसा प्रभावित इलाके में केंद्रीय बल पंहुचा। यही हाल बांग्लादेश का है। भारत ने पाकिस्तान से अलग कराया उसी बांग्लादेश में पाकिस्तान की सह पर अतिवाद पांव पसार रहा है। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद हिन्दुओं के घरों, व्यवसायों और मंदिरों पर बड़े पैमाने पर हमले हुए। यूएन की एक रिपोर्ट में बताया गया कि हिन्दुओं को लक्षित कर हमले किए, जिसमें 1400 लोगों की मौत हुईं। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश में साल 2024 की हिंदुओं के खिलाफ 2200 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं। भारत -पाकिस्तान के विभाजन के बाद पाकिस्तान में हिन्दुओं की आबादी 23 फीसदी थी, अब 3.7 फीसदी रह गईं। लगातार वहां हिंदुओं की आबादी घट रहीं है। हालांकि भारत में मुसलमानों के खिलाफ कुछ लिंचिंग की घटनाएं हुईं, लेकिन जैसा हिन्दुस्थान में हिन्दुओं के साथ हो रहा है, वैसा नहीं हुआ। वैसे अमेरिका में भी हिन्दुओं और सिखों के खिलाफ नस्लीय हिंसा हुईं है। हिंदुओं के मंदिरों को भी निशाना बनाया गया है। नस्लीय टिप्पणीयां हुईं हैं, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसी नहीं। हमें इस तरह की सामुदायिक हिंसा से बचना होगा। राजनैतिक लाभ लेने के लिए देश को हिंदू -मुसलमान में बांटना ठीक नहीं। इससे देश की एकता, अखंडता कमजोर होगी। साम्प्रदायिक हिंसा को किसी भी तरीके का राजनैतिक संरक्षण नहीं मिलाना चाहिए। नफ़रती बयानबाजी और सोशलमीडिया पर फ़ैलते भड़काऊ वीडियो और संदेश पर कड़ाई से प्रतिबन्ध लागू होना चाहिए। देश, संसद और उसकी संवैधानिक संस्थाएं जाति, धर्म और समुदाय से सर्वोपरि हैं। हमें उनका सम्मान करना होगा। हमें किसी कानून या बिल से असहमति है तो देश में अदालत और कानून भी है। हिंसा और अपनी ताकत दिखाने के बजाय हमें ऐसी संस्थाओ का सम्मान करना होगा। हमारे लिए देश सर्वोपरि है।
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भौतिकवादी दुनिया ने विकास, खुशी, प्राकृतिक अवलोकन, रिश्तों, देखभाल, अपनापन और सामाजिक संबंधों के आयामों को बदल दिया है। हालाँकि दुनिया प्रौद्योगिकी और विज्ञान के उपयोग के माध्यम से जीवन के हर भौतिक क्षेत्र में तेज़ी से विस्तार कर रही है, जो सराहनीय है लेकिन क्या हम वास्तव में खुश, आनंदित, प्रकृति के प्रति जागरूक और वास्तव में सही जीवन जी रहे हैं या हमने अपने जीवन को मशीनीकृत कर दिया है, प्रेम, बंधन और सामाजिक आदर्शों को भूल गए हैं। हम 2047 में स्वतंत्रता के 100 साल मनाएंगे; हमें आने वाले दशकों में भारत को फिर से महान बनाने के लिए कैसे प्रयास और ध्यान केंद्रित करना चाहिए, शांति, आनंद और बढ़ी हुई सामाजिक आर्थिक ताकत के साथ? आइए देखें कि हम इस शानदार राष्ट्र के भाग्य को बदलने के लिए कैसे मिलकर काम कर सकते हैं। भारत को महाशक्ति क्यों नहीं बनना चाहिएजब हमने "अमृत काल" में प्रवेश किया और 2047 तक भारत के "विश्वगुरु" बनने की कामना की। इसका क्या मतलब है? क्या यह संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस या चीन जैसी महाशक्ति को संदर्भित करता है? बिल्कुल नहीं। हम महाशक्ति नहीं बनना चाहते, जिसका अर्थ है अहंकार, लालच, अनैतिकता, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन, विकासशील और अविकसित राष्ट्रों को नियंत्रित करने के लिए संघर्ष और युद्ध की संस्कृति, आर्थिक अनियमितताएं इत्यादि। तो, 2047 में भारत कैसा दिखना चाहिए, जब हमारे पास 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, सबसे बड़ी रक्षा सेना और विशाल कार्यबल होगा? "विश्वगुरु" का वास्तव में क्या अर्थ है?हमें एक ऐसा राष्ट्र बनाना चाहिए जिसमें प्रत्येक नागरिक व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र का विकास करे। राष्ट्रीय लोकाचार और राष्ट्र-प्रथम मानसिकता स्वार्थी व्यवहार पर वरीयता लेगी। जब ऐसी मानसिकता विकसित होती है तो मजबूत सामाजिक बंधन वाला राष्ट्र बड़े पैमाने पर सामाजिक-आर्थिक प्रगति का अनुभव करता है, साथ ही पर्यावरण की रक्षा और प्रबंधन भी करता है। जब ऐसा विश्व दृष्टिकोण उभरता है तो न केवल व्यक्ति, समाज और राष्ट्र समृद्ध हो सकते हैं बल्कि संपूर्ण विश्व सामाजिक, आर्थिक और आध्यात्मिक रूप से लाभान्वित होता है। किसी भी राष्ट्र का स्वार्थी कारणों से शोषण या वर्चस्व नहीं किया जाएगा; इसके बजाय, विकासशील और अविकसित राष्ट्रों को राष्ट्र निर्माण के सभी पहलुओं में प्रोत्साहित किया जाएगा। यही विश्वगुरु का सही अर्थ है। हम "जीवंत राष्ट्र" इसलिए कहते हैं क्योंकि अगर ऐसा नहीं है तो यह सिर्फ जमीन का एक टुकड़ा है जहाँ हिंसा, अपराध, अन्याय, घृणा और असमानता सभी समाज का हिस्सा हैं। दीनदयाल उपाध्याय जी ने इसे इस तरह से कहा: "हम एक राष्ट्र हैं, देश नहीं और हम अतीत के जीवंत उदाहरण रहे हैं। अगर हम अपने ऐतिहासिक तथ्यों का अध्ययन करें तो हम एक जीवंत राष्ट्र के रूप में अपनी महान विरासत को जान पाएंगे।" जब नागरिकों में यह मानसिकता जागृत होती है तो लोग और समाज सद्भाव से रहते हैं, जीवन जीने का बंधन बनाते हैं और एक साथ बाधाओं को पार करते हैं, खुशी बढ़ती है। हम सिर्फ आर्थिक स्तर बढ़ाने में विश्वास नहीं करते हैं। यह समझना महत्वपूर्ण है कि जीडीपी या किसी अन्य आर्थिक मीट्रिक के संदर्भ में आर्थिक विकास व्यक्तिगत शारीरिक, मानसिक और सामाजिक स्वास्थ्य को खतरे में डालकर समाज को कमजोर करने की कीमत पर नहीं होना चाहिए, जो अंततः समाज और राष्ट्र को कमजोर करेगा। जब हम दुनिया की वर्तमान आर्थिक स्थिति को देखते हैं, तो हम देख सकते हैं कि शराब, कई रूपों में नशीले पदार्थ, दवाइयां और चिकित्सा आवश्यकताएं, प्राकृतिक संसाधनों का दोहन और पर्यावरण और प्राकृतिक आवासों का विनाश, सभी जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। यदि राष्ट्र को इन अप्राकृतिक, अनैतिक कार्यों के परिणामस्वरूप अधिक धन प्राप्त होता है, तो ऐसा जीडीपी सराहनीय नहीं है। भारत राष्ट्र के रूप में हमें यह सोचना चाहिए कि हम सनातन धर्म के सिद्धांतों को आधार बनाकर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक स्वास्थ्य के मामले में एक स्वस्थ व्यक्ति और समाज बनाने के लिए काम करेंगे। हमें ऐसे किसी भी आर्थिक विस्तार को त्याग देना चाहिए जो व्यक्तियों, समाज और राष्ट्र के स्वास्थ्य को खतरे में डालता हो। याद रखें कि एक कमजोर समाज एक कमजोर राष्ट्र को जन्म देता है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि हम दुनिया को आर्थिक ताकत दिखाने के लिए व्यक्तिगत या सामाजिक स्वास्थ्य का त्याग न करें। सनातन धर्म जीवन के सभी पहलुओं में जीवन को अधिक सार्थक बनाता है। वास्तविक जीवन में सनातन सिद्धांतों का ज्ञान और कार्यान्वयन जीवन कौशल और ज्ञान को बढ़ाता है, जिससे समाज और राष्ट्र की मजबूती में योगदान मिलता है। उज्ज्वल भविष्य के लिए आत्मनिर्भर भारतआत्मनिर्भरता राष्ट्र को मजबूत बनाने की कुंजी है। आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित करने से रोजगार के अवसर पैदा करने, उद्यमियों को आगे बढ़ाने, वैश्विक बाजारों का विस्तार करने, प्रौद्योगिकी को उन्नत करने और कौशल और ज्ञान का निर्माण करके राष्ट्र को लाभ होता है। मोदी सरकार ने आत्मनिर्भर भारत की शुरुआत की और हम राष्ट्रीय शक्ति के संदर्भ में इसके परिणाम देख रहे हैं। सरकारों, उद्योगपतियों और समाज को सेमीकंडक्टर, रक्षा, विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि उपज, खाद्य प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, स्वास्थ्य सेवा, डिजिटल दुनिया और पर्यावरण प्रबंधन सहित हर क्षेत्र को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। यह आत्मनिर्भरता पर्यावरण को नुकसान पहुँचाए बिना या प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किए बिना हासिल की जानी चाहिए। आर्थिक विकास के लिए अनुसंधान और विकासकोई भी राष्ट्र सामाजिक-आर्थिक रूप से विकसित नहीं हो सकता है यदि वह अनुसंधान और विकास, नवीन विचारों और रचनात्मकता के लिए पर्याप्त संसाधन समर्पित नहीं करता है। अनुसंधान किसी भी राष्ट्र की प्रगति के लिए आधार का काम करता है। भारत में अनुसंधान और नवाचार का एक लंबा इतिहास है, ऋषि कणाद, भास्कराचार्य द्वितीय और आचार्य सुश्रुत, सूची लंबी है लेकिन जब मुगलों और फिर अंग्रेजों ने हम पर आक्रमण किया, तो हमने अपना अनुसंधान-उन्मुख दृष्टिकोण खो दिया और मैकाले की शिक्षा प्रणाली ने हमें गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया। इस दृष्टिकोण में मोदी सरकार के प्रयास कई क्षेत्रों में शानदार परिणाम दे रहे हैं, जिनमें स्टार्ट-अप और यूनिकॉर्न शामिल हैं। स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है, विशेष रूप से आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक उपचारों में। रक्षा, शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, सॉफ्टवेयर और कृषि सभी को विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चाहिए। नई शिक्षा प्रणाली पर जोरअंग्रेजों द्वारा महान भारत, जिसकी सांस्कृतिक विरासत बहुत बड़ी है और जो तमाम बाधाओं के बावजूद महान राष्ट्र है, उसके खिलाफ सबसे खतरनाक खेल खेला गया, वह था सबसे बेहतरीन शिक्षा प्रणाली से मैकाले की सबसे खराब शिक्षा प्रणाली पर स्विच करना, जिसने हमें कमजोर बना दिया और गुलाम मानसिकता को स्थापित किया। स्वतंत्रता के बाद भी, हमारी औपनिवेशिक मानसिकता कायम रही, जिसने हमें अपनी पूरी क्षमता तक बढ़ने और विकसित होने से रोका। शिक्षा वह नींव है जिस पर एक बच्चे का मासूम दिमाग विकसित होता है, जो एक ऐसे युवा को जन्म देता है जो देश के भाग्य को आकार देता है। यहाँ, हमारे राजनीतिक दलों ने हमारी पीढ़ियों के लिए सबसे बुरा काम किया है, जिसके परिणामस्वरूप सभी मोर्चों पर कमजोर विकास हुआ है और भारत की मौलिक पहचान को नुकसान पहुँचा है। मोदी सरकार ने आवश्यक बदलावों को लागू करने के लिए एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पेश की है। भारत को तोड़ने वाली ताकतें नई शिक्षा नीति का कड़ा विरोध कर रही हैं; लेकिन, हर माता-पिता, स्कूल, विश्वविद्यालय और समुदाय को आगे आकर इस नीति का समर्थन करना चाहिए, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों में सकारात्मक बदलाव लाएगी। आधुनिक और प्राचीन शिक्षा हमारी आने वाली पीढ़ियों को जीवन, समाज और राष्ट्र के सभी तत्वों के लिए तैयार करेगी। व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र से ही ऐसे युवा का निर्माण होगा जो शोध-उन्मुख, नवोन्मेषी और सृजनशील होगा, जिसमें उद्यमशीलता की महान क्षमता होगी, जो समानता और समभाव को महत्व देगा तथा परोपकारी प्रवृत्ति विकसित करेगा। इस तरह हम भारत को फिर से महान बनाने के अपने सपने को साकार कर सकते हैं। सनातन सिद्धांतों पर आधारित सही शिक्षा हमें फिर से विश्वगुरु बना देगी। ग्रामीण विकास पर ध्यान देंहमारे देश में 6 लाख से ज़्यादा गाँव हैं और कृषि और उससे जुड़ी क्रियाकलापों का हमारी अर्थव्यवस्था में 70% से ज़्यादा हिस्सा है। इसलिए, उनकी सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करते हुए प्राथमिक ध्यान ग्रामीण विकास पर होना चाहिए। ग्रामीण विकास बेहतर कृषि तकनीकों, कृषि उपज से जुड़े व्यवसायों और पर्यावरण को प्रभावित किए बिना आवश्यकताओं पर ध्यान केंद्रित करता है। विकास को संतुलित तरीके से आधुनिक और पारंपरिक दोनों रीति-रिवाजों को बढ़ावा देना चाहिए। सांस्कृतिक विरासत, जीवनशैली और जीवन शैली पर ज़ोर देने वाले ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। प्रतिस्पर्धा करने के लिए आधुनिक रणनीति के साथ डेयरी और डेयरी उत्पाद, मधुमक्खी पालन आदि जैसे छोटे उद्यमों को तकनीकी और वित्तीय रूप से समर्थन दिया जाना चाहिए। यदि ग्रामीण विकास सफल होता है, तो 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हासिल करना अवास्तविक नहीं है। शांति और शक्ति दोनों एक-दूसरे से जुड़े हैंसैन्य शक्ति, आर्थिक शक्ति और राजनीतिक शक्ति का उद्देश्य किसी राष्ट्र का शोषण करना नहीं है लेकिन इनका शांति से महत्वपूर्ण संबंध है। यदि किसी देश के पास मजबूत सैन्य और आर्थिक शक्ति है, साथ ही उचित मानसिकता है तो कोई भी अन्य देश उस पर आक्रमण करने के बारे में नहीं सोचेगा। हमने अतीत में देखा है कि जब हम कमजोर थे तो पाकिस्तान हमें रोजाना धमकाता था और हमारी सीमाओं पर अक्सर गोलीबारी करता था। चीन ने प्रधानमंत्री नेहरू के कार्यकाल में हमारे देश के एक हिस्से पर कब्जा कर लिया और अपने कब्जे का विस्तार करने के लिए विभिन्न साधनों का उपयोग किया लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जैसे-जैसे हमारी सैन्य, आर्थिक और राजनीतिक शक्ति बढ़ी है, पाकिस्तान और चीन अधिक मूक होते गए हैं। भारत की अवधारणा सभी देशों के लिए समृद्धि और शांति को प्राथमिकता देती है, जिससे एक लाभकारी और स्वस्थ वैश्विक वातावरण बनता है। हमारी शिक्षा प्रणाली में एक विशिष्ट आयु के सभी विद्यार्थियों के लिए दोनों प्रकार के प्रशिक्षण, एक तकनीकी कौशल और दूसरा सैन्य कौशल शामिल होना चाहिए। यह औपनिवेशिक दृष्टिकोण को राष्ट्रवादी मानसिकता में बदल देता है। यदि ग्लोब भारत और भारतीयत्व के नक्शेकदम पर चलना चाहता है, तो हमें सही दिशा में तेजी से आगे बढ़ना चाहिए। विश्व ने यूरोपीय विचारधारा के साथ-साथ अमेरिकी, रूसी और चीनी शासन और वैचारिक पद्धतियों के तरीकों को भी देखा है; फिर भी, प्रत्येक विचारधारा और शासन पद्धति विफल रही है। प्राचीन भारत में सनातन धर्म के सिद्ध सिद्धांत और तरीकों की तत्काल आवश्यकता है और दुनिया कठिनाइयों को हल करने और शांति एवं सद्भाव बनाने के लिए हमारी ओर रुख कर रही है। यह हर भारतीय के लिए जागने और खुद को, अपने समुदायों, अपने राष्ट्र और दुनिया को बेहतर बनाने के लिए काम करने का समय है।
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गुना । प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और गुना जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने रविवार को गुना पहुंचकर जिले की कानून व्यवस्था, सामाजिक समरसता, जल संकट और मजदूर कल्याण से जुड़े मुद्दों पर समीक्षा की। उन्होंने प्रशासनिक अमले को निर्देशित किया कि जिले में किसी भी हाल में शांति व्यवस्था भंग न हो। सर्किट हाउस में बंद कमरे में कलेक्टर और एसपी से चर्चा के बाद उन्होंने कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें आगामी त्योहारों, सांप्रदायिक सौहार्द और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक के शुरुआत में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने प्रभारी मंत्री को पौधा भेंट कर स्वागत किया और जिले की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हाल ही में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए 9 प्रकार के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, जिनमें सोशल मीडिया, भूसा भंडारण और निर्यात जैसे मुद्दे शामिल हैं। साथ ही आपदा प्रबंधन से जुड़े तैयारियों की भी जानकारी दी गई। हनुमान जयंती पर पथराव के बाद सख्ती: प्रभारी मंत्री ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। विशेषकर हनुमान जयंती पर हुए पथराव की घटना को देखते हुए निर्णय लिया गया कि जिले के मंदिरों और मस्जिदों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे ताकि किसी भी घटना पर त्वरित निगरानी रखी जा सके। इसके साथ ही छतों पर पत्थरों की जांच कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। बैठक में चांचौड़ा क्षेत्र में हाल ही में मुक्त कराए गए 50 से अधिक मानसिक रूप से विक्षिप्त मजदूरों का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बताया कि इन मजदूरों को मुक्त कराकर उनका पुनर्वास किया गया है और आगे भी ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर प्रभारी मंत्री ने एसपी को निर्देश दिए कि प्रमुख मार्गों पर वन वे व्यवस्था लागू की जाए और यातायात सुधारने के ठोस उपाय किए जाएं। इसके अलावा हर किरायेदार का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए, बिना वेरिफिकेशन कोई भी मकान मालिक किराया न दे। ग्रीष्म में जल संकट पर भी चिंता धुलाई सेंटर होंगे बंद गर्मी के चलते जिले में उत्पन्न हो रहे जल संकट पर मंत्री राजपूत ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि गाड़ियों के धुलाई सेंटरों को तत्काल बंद कराया जाए ताकि पानी की बर्बादी रोकी जा सके। साथ ही नगर पालिका द्वारा टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और समय पर सुनिश्चित किया जाए। खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं को लेकर उन्होंने कृषि विभाग को जागरूकता अभियान चलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। प्रभारी मंत्री ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि बिना हेलमेट वाले व्यक्तियों को पेट्रोल न दें और डिब्बे या बोतलों में पेट्रोल न बेचें। सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम आवश्यक बताया गया। बैठक के दौरान चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची ने मंदिर-मस्जिदों में लगाए जाने वाले कैमरों के डेटा के लिए क्लाउड स्टोरेज की व्यवस्था की बात रखी, जिस पर विधायक निधि और जनभागीदारी से फंड एकत्र करने का प्रस्ताव सामने आया। इसी बीच गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने चुटकी लेते हुए पूछा कि "हमने एम्बुलेंस के लिए जो पैसे दिए थे, वह अभी तक कहां हैं?"—इस पर हॉल में उपस्थित सभी लोग मुस्कुरा दिए। बैठकों में भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, चांचौड़ा विधायक प्रियंका पेंची, जिला पंचायत अध्यक्ष अरविंद धाकड़, नगरपालिका अध्यक्ष सविता गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि सुमेर सिंह, कलेक्टर किशोर कन्याल, एसपी अंकित सोनी और जिले के अन्य अधिकारी एवं शांति समिति के सदस्य शामिल रहे
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अमरेली । अमरेली जिले के जाफराबाद के निकट समुद्री सीमा में रविवार को संदिग्ध बोट की हलचल देखी गयी। जाफराबाद बंदरगाह से करीब 22 नॉटिकल माइल दूर बोट दिखने के बाद मछुआरों ने इसकी सूचना मरीन पुलिस थाने और कोस्टगार्ड को दी। कोस्टगार्ड की त्वरित कार्रवाई के बाद बोट तेजी से भाग निकला। कोस्टगार्ड हेलिकॉप्टर से जांच कर रही है।जानकारी के अनुसार अमरेली जिले के जाफराबाद बंदरगाह से करीब 22 नॉटिकल माइल दूर एक संदिग्ध बोट की हलचल दिखने पर वहां मौजूद मछुआरों ने इसकी सूचना तुरंत कोस्टगार्ड और मरीन पुलिस को दी। कोस्टगार्ड तुरंत हरकत में आया और संदिग्ध बोट के स्थान की ओर रवाना हो गया। जानकारी के अनुसार भारतीय कोस्टगार्ड की बोट देखकर संदिग्ध बोट तेजी से भाग निकला। कोस्टगार्ड हेलिकॉप्टर से इसकी जांच में जुट गया है। जाफराबाद बोट एसोसिएशन के प्रमुख कन्हैयालाल सोलंकी ने कहा कि बोट में कई लोग थे। मछुआरों ने उनके साथ बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन बोट कहीं रुका नहीं। मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक हीरा सोलंकी भी बंदरगाह पहुंचे और वायरलेस के जरिए समुद्र में मौजूद मछुआरों से बातचीत की। अंदर की स्थिति और संदिग्ध बोट के बारे में जानकारी प्राप्त की। विधायक हीराभाई ने कहा कि सुबह 11.30 बजे मछुआरों के जरिए संदिग्ध बोट के संबंध में जानकारी मिली थी। मामले की जानकारी जिला कलक्टर को सूचना दी गई। कोस्टगार्ड पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रहा है। दूसरी ओर भारत और पाकिस्तान के बीच मौजूदा हालात को देखकर सभी बंदरगाहों पर अलर्ट जारी किया गया है। पीपावाव मरीन पुलिस की बोट भी पेट्रोलिंग कर रही है। सभी लैंडिंग प्वॉइंट पर पुलिस वॉच रखा गया है। कोस्टगार्ड की बोट संदिग्ध बोट की तलाश में जुटी है।
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गुना । जिले के गादेर के पास शुक्रवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। यहां शादी समारोह से लौट रहे दो युवकों की बाइक और कंटेनर की टक्कर हाे गई। हादसे में दाेनाें युवकाें की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद बाइक में आग लग गई, जिससे कंटेनर भी चपेट में आ गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, कान्हा पुत्र श्यामलाल केवट (उम्र 28 वर्ष), निवासी गणेशपुरा थाना राघौगढ़ और वीरेंद्र पुत्र मूलचंद्र केवट (उम्र 26 वर्ष), निवासी रामपुरा चाचौड़ा, गुना में अपनी बहन की शादी में शामिल होकर देर रात बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इस दाैरान जैसे ही वे गादेर के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रहे कंटेनर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक कंटेनर के नीचे घिसटती चली गई और करीब 100 मीटर तक सड़क पर घिसटने से उसमें आग लग गई। जिससे कंटेनर भी जलने लगा। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाया गया और दोनों शवों को जिला अस्पताल भेजा गया। इस दुखद घटना से मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। कंटेनर चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रीवा। रीवा-प्रयागराज हाईवे स्थित सोहागी घाटी पर शनिवार सुबह एक बार फिर सड़क हादसा हुआ है। यहां पुट्टी से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक क्लीनर की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि ड्राइवर गंभीर रूप से घायल है। हादसे के कारण घाटी मार्ग पर कुछ देर के लिए आवाजाही बाधित रही। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे सूचना मिली कि रीवा से प्रयागराज जा रहा ट्रेलर ट्रक घाटी में पलट गया है। मौके पर पहुंचने पर ट्रक की केबिन में दो लोग फंसे हुए मिले। जेसीबी की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। मृतक की पहचान मोनू राय (30 वर्ष), निवासी मऊ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। वहीं चालक गंभीर घायल है और उसका उपचार अस्पताल में चल रहा है। ट्रक पलटने से सड़क पर पुट्टी बिखर गई। ट्रक को हटाने के लिए मौके पर जेसीबी और क्रेन की मदद ली गई। हादसे का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि चालक ट्रक पर से नियंत्रण खो बैठा, जिससे वाहन डिवाइडर से टकराकर पलट गया। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच की जा रही है।
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सिवनी । सिवनी जिले के घंसौर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक आठ साल के बच्चे का शव मिला है। मृतक बीती शाम से लापता था। परिजनाें की शिकातय के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस काे आशंका है कि खेतले हुए बच्चा नाले में डूब गया हाेगा। फिलहाल पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी अनुसार बिनेकी गांव में नाले में 8 वर्षीय बच्चे संस्कार नेमा पुत्र मनाेज नेमा का शव शनिवार सुबह घर के पास नाले में मिला है। बच्चा शुक्रवार शाम 4 बजे से लापता था। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस बच्चे की तलाश कर रही थी। शनिवार सुबह लगभग 7 बजे बच्चे का शव घर के पास स्थित नाले में मिला। सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। पाेस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेंगा। प्रारंभिक जांच में अनुमान लगाया जा रहा है कि बच्चा खेलते समय नाले के पास चला गया होगा। वहां पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
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मुंबई । देश का विदेशी मुद्रा भंडार नौ मई को समाप्त हफ्ते में 4.55 अरब डॉलर बढ़कर 690.62 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। इससे पिछले हफ्ते में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.06 अरब डॉलर घटकर 686.06 अरब डॉलर रह गया था। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक मुख्य रूप से स्वर्ण भंडार बढ़ने से देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार नौ मई को समाप्त हफ्ते में 4.55 अरब डॉलर बढ़कर 690.62 अरब डॉलर रहा है। इससे पिछले हफ्ते में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 2.06 अरब डॉलर घटकर 686.06 अरब डॉलर रहा था। आंकड़ों के मुताबिक नौ मई को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का अहम घटक विदेशी मुद्रा आस्तियां 19.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 581.37 अरब डॉलर हो गईं। आरबीआई के मुताबिक स्वर्ण भंडार का मूल्य 4.52 अरब डॉलर बढ़कर 86.34 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। हालांकि, इस दौरान विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 2.6 करोड़ डॉलर घटकर 18.53 अरब डॉलर रहा। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास भारत का आरक्षित भंडार भी 13.4 करोड़ डॉलर घटकर 4.37 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले सितंबर, 2024 के अंत में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 704.89 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था।
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जबलपुर । पूर्व विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर निर्माण में हो रही लेट लतीफी को लेकर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। यह फ्लाईओवर अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक प्रस्तावित किया गया था। पहले यह 3.2 किलोमीटर के लिए प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 5.1 का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसके बाद फंड की कमी के चलते यह फ्लाईओवर का निर्माणकार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है। इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए साल 2020 में किए गए सर्वेक्षण के बाद जो बजट प्रस्ताव बनाया गया था वह 186 करोड रुपए का था। इसके बाद साल 2022 में 5.01 किलोमीटर तक की लबाई बढ़ाते हुए जब दोबारा प्रस्ताव बनाया गया तो वह प्रस्ताव 269 करोड रुपए का था।शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिविजनल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता के निवेदन पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया जिसका विरोध सरकारी अधिवक्ता के द्वारा किया गया और उन्होंने कहा कि इसका निर्माण राज्य सरकार जल्द शुरु करेगी। हाईकोर्ट में सरकार की ओर से अधिवक्ता ने इस याचिका का विरोध करते हुए यह कहा कि याचिकाकर्ता लखन घनघोरिया कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं और यह याचिका राजनीति से प्रेरित है। सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस फ्लाईओवर के लिए बजट का प्रस्ताव दिसंबर 2024 में ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इस पर बजट का आवंटन होते ही यह निर्माण शुरु होगा। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में सरकार से पूछा कि आप हमें यह बताएं कि क्या आपके पास फंड हैं जो आप यह निर्माण कर सकेंगे या आपको केंद्र सरकार से फंड सैंक्शन कराना है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से फंड आवंटन का जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 जून के बाद होगी।उल्लेखनीय है कि शहर से कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया ने फ्लाईओवर निर्माण में हो रहे विलंब को देखते हुए कई बार विरोध किया तथा संकल्प पदयात्रा तक की थी, इतना ही नहीं यह मामला सदन में भी उठाया गया था। आरोप है कि शहर में अन्य जगहों पर फ्लाईओवर का निर्माण हो चुका है परंतु पूर्व विधानसभा क्षेत्र में जिसमें जनसंख्या का दबाव ज्यादा है वहां पर विभिन्न कारणों से इसको टाला जा रहा है।
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शहडोल । प्रयागराज महाकुंभ के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर मध्य प्रदेश के शहडोल जिला न्यायालय ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को नोटिस जारी किया है, उन्हें 20 मई को सुबह 11 बजे कोर्ट में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने 27 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में बयान दिया था कि ‘महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए। जो नहीं आएगा, वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान के बाद शहडोल के वरिष्ठ अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने 3 मार्च 2025 को जिला न्यायालय में परिवाद दायर किया था। प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट सीताशरण यादव की कोर्ट ने पंडित धीरेन्द्र शास्त्री को गुरुवार को नोटिस जारी किया है। अधिवक्ता संदीप कुमार तिवारी ने शुक्रवार को मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पंडित धीरेन्द्र शास्त्री का बयान संविधान की मूल भावना और धर्मनिरपेक्षता के विरुद्ध है। कोर्ट में लगाए परिवाद में सवाल उठाया गया कि क्या सीमा पर तैनात सैनिक, डॉक्टर, पुलिसकर्मी या अन्य कर्तव्यरत नागरिक जो कुंभ में नहीं आ पाते, उन्हें देशद्रोही कहा जा सकता है? उन्होंने तर्क दिया कि जब सोशल मीडिया पर अमर्यादित टिप्पणी पर एफआईआर हो सकती है, तो सार्वजनिक मंच से भड़काऊ बयान देने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती? अधिवक्ता तिवारी ने बताया कि चार फरवरी को शहडोल के सोहागपुर थाने में शिकायत दी थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने पर पुलिस अधीक्षक को शिकायत भेजी गई। कार्रवाई नहीं होने पर 3 मार्च 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया। उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्णा पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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छतरपुर के एक मोहल्ले में पानी भरने को लेकर विवाद हो गया...जिसमें महिलाओं में भयंकर मारापीटी हो गई...महिलाओं के बीच मारपीट का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है...वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे ये महिलाएं...एक दूसरे के बाल खींचकर और मार मार कर लड़ रही हैं साथ ही कुत्ता भी उनकी लड़ाई का हिस्सा बन रहा है...
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मणिपुर के चंदेल जिले में असम राइफल्स और उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई...न्यू समतल गांव, खेगजॉय तहसील के पास भारत-म्यांमार सीमा पर खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने एक सटीक ऑपरेशन शुरू किया... इस दौरान उग्रवादियों ने सैनिकों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन जवाबी कार्रवाई में असम राइफल्स ने 10 उग्रवादियों को मार गिराया... यह अभियान स्पीयर कोर के अंतर्गत आने वाली इकाई द्वारा संचालित किया गया था...
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केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान काजीरंगा से नागालैंड के जलुकी जाते समय खटखटी गांव में किसान रणदीप से मिले... जो बिना रासायनिक खाद के उगाए जैविक और शुद्ध खीरे बेचते हैं...कृषि मंत्री ने कहा पूर्वोत्तर न सिर्फ सुंदर है, बल्कि आत्मीयता और स्वाद से भी समृद्ध है...हमारे मेहनतकश किसान और उनका परिश्रम देश की असली ताकत है...
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अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में मंगलवार को एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब “मोर आवास मोर अधिकार” कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 51 हजार नव निर्मित आवासों का गृह प्रवेश समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने मंच से हितग्राहियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश का हर गरीब अपना पक्का मकान पाकर गरिमा से जीवन जीए। आज सरगुजा की धरती पर यह सपना साकार हो रहा है।” इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने आवास प्रारंभ करने वाले हितग्राहियों का भूमिपूजन किया और उन्हें आवास स्वीकृति पत्र भी सौंपे। इसके साथ ही सरगुजा संभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन सड़कों का वर्चुअल लोकार्पण भी किया गया, जिससे आदिवासी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और विकास को नई रफ्तार मिलेगी। केंद्रीय कृषि मंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख किया और छत्तीसगढ़ में विकास को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, और केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी मंच साझा कर इस जनकल्याणकारी योजना को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
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नई दिल्ली । महंगाई के मोर्चे पर लोगों को राहत देने वाली खबर है। खुदरा महंगाई दर अप्रैल में घटकर 3.16 फीसदी पर आ गई है, जो करीब 6 साल का सबसे निचला स्तर है। इस गिरावट की मुख्य वजह सब्जियों, फलों, दालों और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आना है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर अप्रैल में सलाना आधार पर घटकर 3.16 फीसदी पर आ गई है, जो करीब 6 साल का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले मार्च, 2025 में खुदरा महंगाई की दर 3.34 फीसदी रही थी। अप्रैल 2024 में यह 4.83 फीसदी थी, जबकि जुलाई 2019 में यह दर 3.15 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल में खाद्य महंगाई केवल 1.78 फीसदी रही, जो मार्च में 2.69 फीसदी और पिछले साल अप्रैल में 8.7 फीसदी रही थी। वहीं, अप्रैल में ग्रामीण महंगाई दर 3.25 फीसदी से घटकर 2.92 फीसदी हो गई है, जबकि शहरी महंगाई 3.43 फीसदी से घटकर 3.36 फीसदी पर आ गई है। इस तरह यह दर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की तय सीमा के भीतर है, जो 4 फीसदी के आसपास रहती है। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सीपीआई आधारित खुदरा महंगाई दर को 4 फीसदी के आसपास बनाए रखने का अनुमान जताया है। पहली तिमाही में महंगाई 3.6 फीसदी, दूसरी तिमाही में 3.9 फीसदी, तीसरी तिमाही में 3.8 फीसदी और चौथी तिमाही में 4.4 फीसदी रहने की संभावना है।
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मंदसौर । कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अदिती गर्ग द्वारा सुरक्षा के मद्देनजर मंदसौर जिले के सामरिक, धार्मिक महत्व के स्थानों में गाँधीसागर बाँध एवं गाँधीसागर हाईड्रल पावर स्टेशन, श्री पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर एवं सोलर प्लांट सुवासरा पर ड्रोन संचालन के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। दरअसल, ड्रोन नियम 2021 तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत यह प्रतिबंधात्मक आदेश कलेक्टर द्वारा जारी किया गया है। वर्तमान में भारतीय सेना द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत की गई कार्रवाई से उदभुत परिस्थतियों के परिप्रेक्ष्य में संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय सामने आया है। अब जिला मंदसौर सीमा क्षेत्र में उपरोक्त स्थानों पर ड्रोन नियम 2021 के तहत किसी भी प्रकार की ड्रोन संचालन करने की गतिविधि प्रतिबंधित रहेगी। वहीं, इसमें यह भी कहा गया है कि उक्त आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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नाबार्ड की इस साल मार्च में जारी रिपोर्ट से जहां संतोष होता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में संस्थागत ऋण प्रवाह का दायरा बढ़ा है, वहीं यह चिंता की बात है कि जरूरत के समय गैर संस्थागत स्रोतों से कर्ज लेने वाले ग्रामीणों में करीब साढ़े सात फीसदी लोगों को 50 फीसदी से भी अधिक ब्याज दर से कर्ज चुकाना पड़ रहा है। इससे साफ है कि एक बार गैर संस्थागत स्रोत से कर्जदार बने तो फिर कर्ज के मकड़जाल से निकलना असंभव नहीं तो बहुत मुश्किल जरूर है। नाबार्ड की रिपोर्ट को आधार मानकर चलें तो पिछले साल सितंबर में जुटाये गए आंकड़ों के अनुसार 17.6 फीसदी लोग अपनी तात्कालिक आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए गैर संस्थागत स्रोतों पर निर्भर हैं। हालांकि इसमें करीब साढ़े तीन फीसदी का सुधार है। पहले 21.1 प्रतिशत ग्रामीण अपनी ऋण जरूरतों को पूरा करने के लिए गैर संस्थागत स्रोतों पर निर्भर थे। हमारी ग्रामीण संस्कृति की इस खूबी की सराहना करनी पड़ेगी कि आज भी 31.7 प्रतिशत रिश्तेदार या परिचित ऐसे हैं जो दुःख-दर्द में भागीदार बनते हैं और ऐसे समय में उपलब्ध कराये गये धन पर किसी तरह का ब्याज नहीं लेते। रिश्तेदारों या परिचितों से इस तरह की धन की आवश्यकता कुछ समय के लिए ही होती है और समय पर लौटा दिया जाता है। यह तथ्य भी नाबार्ड द्वारा जारी रिपोर्ट से ही उभर कर आया है। चाहे ग्रामीण हों या शहरी ऐसी आवश्यकताएं आ ही जाती हैं, जिनके लिए तत्काल धन की जरूरत होती है। अन्य कोई सहारा नहीं देखकर व्यक्ति इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए रिश्तेदार, परिचित, साहूकार, दोस्त, कमीशन एजेंट या रुपये उधार देने वाले लोगों के सामने हाथ पसारते हैं। अब इनमें से बहुत बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो व्यक्ति की मजबूरी का फायदा उठाने में किसी तरह का गुरेज नहीं करते और मजबूरी का फायदा उठाते हुए 50 से 60 प्रतिशत तक ब्याज लेने में भी हिचकिचाहट नहीं दिखाते। रिपोर्ट के अनुसार ऋण लेने वाले करीब 40 फीसदी ग्रामीणों को 15 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक का ब्याज देना पड़ता है। 0.9 प्रतिशत को 60 प्रतिशत या 6.6 फीसदी को 50 प्रतिशत से अधिक की ब्याज दर पर ऋण को चुकाना पड़ता है। साफ है कि आजादी के 75 साल बाद भी सूदखोरों का बोलबाला बना हुआ है। संस्थागत ऋणों में भी यदि हम पर्सनल लोन की बात करें तो वह भी करीब 15 से 20 प्रतिशत पर बैठता है और यदि किसी कारण से कोई किस्त बकाया रह गई तो पेनल्टी दर पेनल्टी का सिलसिला काफी गंभीर व कर्ज के मकड़जाल में फंसाने वाला हो जाता है। एक बात और, शहरों और ग्रामीण इलाकों में कुछ लोगों या संस्थाओं द्वारा दैनिक आधार पर पैसा कलेक्शन करने और दैनिक आधार पर ऋण देने का कार्य किया जाता है। इस तरह के लोगों या संस्थाओं द्वारा भले दैनिक आधार पर दस रुपये के ग्यारह रुपये शाम को देना आसान लगता हो पर इस किस्त का चूकना और मासिक आधार पर गणना की जाये तो यह बहुत मंहगा होने के साथ जरूरतमंद लोगों की मजबूरी का फायदा उठाने से कम नहीं है। रोजमर्रा का काम करने वाले वेण्डर्स इस तरह की श्रेणी में आते हैं। कहने को चाहे 40 प्रतिशत ही हो पर इनके द्वारा 20 प्रतिशत से 60 प्रतिशत की ब्याजदर से ब्याज राशि वसूलना किसी भी तरह से सभ्य समाज के लिए उचित नहीं कहा जा सकता। देश में संस्थागत ऋण उपलब्धता बढ़ी है पर ताजा रिपोर्ट के अनुसार 17.6 प्रतिशत ग्रामीणों का साहूकारों या अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना उचित नहीं माना जा सकता। यदि ब्याज दर 20, 30, 40 या 50 प्रतिशत होगी तो प्रेमचंद के गोदान या इसी तरह की साहूकारी व्यवस्था व आज की व्यवस्था में क्या अंतर रह जाएगा। इतना जरूर है कि रिश्तों की डोर आज भी मजबूत है और इसकी पुष्टि नाबार्ड की रिपोर्ट करती है कि ग्रामीण क्षेत्र में 31.7 प्रतिशत कर्जदार रिश्तेदारों और परिचितों पर निर्भर हैं। ये लोग रिश्तों का लिहाज करते हुए जरूरत के समय एक-दूसरे का आर्थिक सहयोग करते हैं और बदले में किसी तरह का ब्याज नहीं लेते। आने वाले समय में भी हमें रिश्तों की इस डोर को मजबूत बनाये रखना होगा और सरकार को आगे आकर एक सीमा से अधिक ब्याज वसूलने वालों पर सख्ती दिखानी होगी।
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वर्तमान में उच्च शिक्षा प्रणाली उद्योग की तेजी से बदलती आवश्यकताओं से मेल नहीं खाती, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश स्नातक रोजगार के लिए अयोग्य माने जातेे हैं।एक रिपोर्ट के अनुसार केवल 45.9% स्नातक ही रोजगार योग्य हैं, जबकि तकनीकी क्षेत्र में भी यह आंकड़ा बहुत कम है। विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रमों को नियमित रूप से उद्योग के विशेषज्ञों से समीक्षा कराना चाहिए, ताकि छात्रों को भविष्य की नौकरी के लिए तैयार किया जा सके। इसके अलावा, शिक्षा में मानवीय मूल्यों, सॉफ्ट स्किल्स और सामाजिक उत्तरदायित्व के पहलुओं को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिससे छात्रों को न केवल पेशेवर, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी तैयार किया जा सके। विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच अधिक समन्वय से भारत को एक अधिक सक्षम, समावेशी और प्रतिस्पर्धी कार्यबल मिल सकता है जो देश को 2047 तक एक विकासशील राष्ट्र बनने में मदद करेगा। भारत आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा जनसंख्या वाला देश है। यह जनसांख्यिकीय लाभांश एक वरदान बन सकता है, यदि हम इसे कुशलता, योग्यता और आधुनिक ज़रूरतों के मुताबिक तैयार करें। परंतु अफसोस कि हमारी उच्च शिक्षा प्रणाली आज एक गहरे संकट से जूझ रही है। विश्वविद्यालयों में जो पढ़ाया जा रहा है और उद्योगों को जो चाहिए, इन दोनों के बीच की खाई लगातार चौड़ी होती जा रही है। यह खाई केवल छात्रों की रोजगार क्षमता को ही नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी गंभीर रूप से बाधित कर रही है। इंडिया स्किल्स रिपोर्ट- 2024 के अनुसार, भारत में केवल 45.9% स्नातक ही रोजगार के योग्य पाए गए। इसका अर्थ यह है कि हर दो में से एक छात्र, जिसने उच्च शिक्षा प्राप्त की है, वह नौकरी के लायक कौशल से लैस नहीं है। तकनीकी संस्थानों की स्थिति भी निराशाजनक है। नैसकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, केवल 25% इंजीनियरिंग स्नातक ही आईटी सेक्टर में कार्य के लिए उपयुक्त पाए गए। यह स्थिति न केवल शिक्षा प्रणाली की विफलता है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के सपनों के टूटने की त्रासदी भी है। इस समस्या की जड़ है, सैद्धांतिक और अकादमिक दृष्टिकोण वाली शिक्षा प्रणाली जो व्यावहारिक दुनिया की ज़रूरतों से कटी हुई है। विश्वविद्यालयों का पाठ्यक्रम दशकों पुराना है, जो आज के डेटा-संचालित, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-प्रेरित, नवाचार-प्रधान उद्योग की ज़रूरतों से मेल नहीं खाता। आज की नौकरियाँ पहले जैसी नहीं रहीं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, ब्लॉकचेन, साइबर सुरक्षा और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र तेज़ी से बढ़ रहे हैं। लेकिन इन उभरते क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रमों में ज़रूरी बदलाव नहीं हो पा रहा है। उदाहरणस्वरूप, आईआईटी हैदराबाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बीटेक प्रोग्राम शुरू किया है, जो कि एक दूरदर्शी कदम है। लेकिन अधिकांश विश्वविद्यालय अब भी पुरानी पाठ्य पुस्तकों और व्याख्यानों पर निर्भर हैं। यह स्थिति केवल तकनीकी पाठ्यक्रमों की नहीं है। वाणिज्य, मानविकी, समाजशास्त्र, मीडिया, कानून और अन्य विषयों में भी छात्रों को भविष्य की ज़रूरतों से लैस नहीं किया जा रहा है। परिणामस्वरूप वह न तो नौकरी के लिए तैयार होते हैं, न ही नवाचार या उद्यमिता की दिशा में सोच पाते हैं। इस संकट का समाधान केवल एक तरफ़ा नहीं हो सकता। इसके लिए नीति, संस्थान और उद्योग, इन तीनों को एक साथ आगे आना होगा। हर 2-3 वर्षों में उद्योग विशेषज्ञों की मदद से पाठ्यक्रम का पुनरीक्षण किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि विषयवस्तु समय के साथ प्रासंगिक बनी रहे। शिक्षकों को उद्योगों में इंटर्नशिप या एक्सपोज़र दिया जाए ताकि वे छात्रों को वर्तमान परिदृश्य के अनुरूप शिक्षा दे सकें। सभी विश्वविद्यालयों को अपने पाठ्यक्रम में औद्योगिक इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स और केस स्टडी आधारित मूल्यांकन शामिल करना चाहिए। तकनीकी और मानवीय विषयों का समावेश: केवल तकनीकी कौशल नहीं, बल्कि सॉफ्ट स्किल्स, संवाद क्षमता, टीमवर्क, सहानुभूति और नेतृत्व जैसे तत्वों का भी विकास किया जाना जरूरी है। कंपनियाँ विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर रिसर्च लैब्स, इनोवेशन हब और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करें, जैसा कि आईआईटी मद्रास का रिसर्च पार्क इसका उदाहरण है। भारत को यह समझना होगा कि अकेले तकनीकी शिक्षा से संपूर्ण विकास संभव नहीं। हमें वैश्विक मॉडलों से सीखना चाहिए। जर्मनी का "ड्यूल एजुकेशन सिस्टम" एक शानदार उदाहरण है, जहाँ सिद्धांत और व्यवहार का समन्वय छात्रों को उद्योग के लिए तैयार करता है। इसी प्रकार, अमेरिका में सामुदायिक कॉलेजेज़ और स्टार्टअप एक्सेलरेटर शिक्षा को उद्योग से जोड़ते हैं। सिंगापुर जैसे देश में हर तीन साल में कौशल समीक्षा होती है और शिक्षा उद्योग के सहयोग से चलती है। भारत को भी एक ऐसा ही "डायनामिक करिकुलम फ्रेमवर्क" अपनाने की ज़रूरत है। हालांकि इस दिशा में कदम उठाने के अपने खतरे भी हैं। यदि हम शिक्षा को केवल उद्योग की आवश्यकता तक सीमित कर दें तो हम भविष्य के नागरिक नहीं, केवल कर्मचारी तैयार करेंगे। यह एक खतरनाक प्रवृत्ति हो सकती है। अत्यधिक व्यावसायिकता छात्रों की रचनात्मकता और नैतिक सोच को कुंद कर सकती है। साहित्य, दर्शन, समाजशास्त्र जैसे विषयों को अगर 'गैर-उपयोगी' मानकर नज़रअंदाज़ किया गया तो शिक्षा अपने मूल उद्देश्य से भटक जाएगी। लगातार पाठ्यक्रमों में बदलाव, तकनीकी उन्नयन और उद्योग सहभागिता विश्वविद्यालयों के लिए महंगा साबित हो सकता है, जिससे ग्रामीण और वंचित तबकों की पहुंच सीमित हो सकती है। भारत सरकार ने स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, ‘मेक इन इंडिया और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसी योजनाएँ चलाई हैं। इन अभियानों की सफलता तभी संभव है, जब उच्च शिक्षा प्रणाली कुशल, समावेशी और उद्यमशील मानव संसाधन तैयार करें। यह तभी हो सकेगा जब विश्वविद्यालय शिक्षा को उद्योग की ज़रूरतों से जोड़ने की रणनीति राष्ट्रीय प्राथमिकता बने। राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 ने इस दिशा में कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं, जैसे लचीलापन, मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण और स्किल आधारित शिक्षा की बात। लेकिन ज़मीनी स्तर पर इन सुधारों को पूरी तरह लागू करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति, वित्तीय निवेश और संस्थागत समन्वय की आवश्यकता है। भारत अगर 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का सपना देख रहा है तो हमें अपने विश्वविद्यालयों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना होगा। इसका अर्थ है कि शिक्षा प्रणाली को उद्योग की आवश्यकताओं से इस प्रकार जोड़ना कि वह केवल नौकरी के लिए नहीं, नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक नेतृत्व के लिए भी तैयार करे। यह संरेखण केवल तकनीकी प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसमें नैतिकता, सहानुभूति, संवाद और जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी सम्मिलित करना होगा। तभी हम एक ऐसा भारत बना पाएँगे जो केवल आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं, बल्कि बौद्धिक रूप से भी सक्षम, सामाजिक रूप से समावेशी और सांस्कृतिक रूप से सशक्त होगा।
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भारत और पाकिस्तान के मध्य यह पांचवा युद्ध है। इसके अलावा पाकिस्तान द्वारा समय-समय पर भेजे गए आतंकवादियों द्वारा की गई सैकड़ों हत्याएं भी इसी तरह के युद्ध का हिस्सा रही हैं। पाकिस्तान ने कोई विकल्प नहीं छोड़ा, तो भी भारत ने पहले दिन केवल आतंकवादी शिविरों पर ही हमला किया। पाकिस्तान की सेना या जनता पर नहीं, लेकिन पाकिस्तान ने धुआंधार युद्ध की कार्रवाई की। इन पंक्तियों के लिखे जाने के समय तक भारत की तरफ से पाकिस्तान के 13 से ज्यादा शहरों पर जवाबी कार्रवाई की गई। पूरा राष्ट्र भारतीय नेतृत्व और सेना की कार्रवाई के समर्थन में मन, वचन, कर्म और संकल्प के साथ एकजुट है। दुनिया का कोई भी देश इस युद्ध में पाकिस्तान के पक्ष में नहीं बोला । भारत की प्रारम्भिक कार्रवाई का समर्थन भी कई देशों द्वारा किया गया है। पाकिस्तान वस्तुतः स्वाभाविक मुल्क/राष्ट्र नहीं है। इसका जन्म मुस्लिम लीग द्वारा ’डायरेक्ट एक्शन’ नाम से कराए गए नरसंहार और रक्तपात के बीच हुआ था। देश विभाजन की त्रासदी जिन्हें याद है, वे आज भी कांप उठते हैं। किसी राष्ट्र के गठन के लिए एक सुनिश्चित भूमि अनिवार्य होती है। उसी भूमि पर संकल्पबद्ध रहने वाले लोग जन्मभूमि को प्यार करते हैं। इन अभिजनों की साझा संस्कृति होती है। भूमि, जन और संस्कृति तीनों मिलकर राष्ट्र बनते हैं। भारत ऐसा ही प्राचीन राष्ट्र है। भारतीय संस्कृति विश्ववरेण्य है। भारत के लोग भारत भूमि को प्यार करते हैं। उसे मां जानते हैं। पृथ्वी को मां कहने की यह अनुभूति हजारों वर्ष पहले अथर्ववेद के भूमि सूक्त में गायी गई है। इस सूक्त के कवि अथर्वा कहते हैं, ''यह पृथ्वी हमारी माता है और हम इसके पुत्र। इस पृथ्वी पर उत्सव होते हैं। सम्मिलन होते हैं। गांव परस्पर मिलते हैं। अनेक तरह की भाषा बोली बोलने वाले लोग और अनेक तरह के रीति नीति से सम्बद्ध लोग पृथ्वी माता का संरक्षण पाते हैं।'' कहते हैं, ''हे माता, हम आप पर लेटते हैं, बैठते हैं। हमारे किसी पैर हाथ से आपको चोट न पहुंचे।'' यहां भाव प्रवणता का चरम है। अथर्वा कहते हैं, ''उत्सवों के आयोजनों के लिए, हे माता, हम आपको खोदते हैं। बांस की लकड़ी आदि गाड़ते हैं। माता आपको कष्ट हो, तो क्षमा करें।'' अमेरिकी विद्वान ब्लूमफील्ड ने इस सूक्त के अनुवाद में कहा है, ''ऋषि अथर्वा ने उत्कृष्ट काव्य की रचना की है।'' हजारों वर्ष पहले अथर्वा केवल बांस गाड़ने के लिए खोदी गई धरती से क्षमा याचना करते हैं। तमाम नदियों की घाटियों में और समतल जमीन वाले मैदानों में भी पुलिस और खनन माफियाओं के चलते तमाम जमीनें खोदी जाती हैं। प्राचीन भारतीय संस्कृति में पृथ्वी माता रही हैं और हैं। अथर्ववेद से चली यह परंपरा बंकिम चन्द्र के उपन्यास 'आनंद मठ' में 'वन्दे मातरम' कविता में विस्तार पाती है। बंटवारे के समय भारत छोड़कर पाकिस्तान चले गए लोग संस्कृति छोड़ गए। उन्होंने मजहब के आधार पर देश को बांट दिया। पाकिस्तानी भूमि 1947 में भारत से अलग हुई। इसी भूमि में वैदिक काल के ऋषियों की नदीतमा सरस्वती प्रवाहमान रही है। इसी के तट पर तमाम वैदिक साहित्य गाया गया गया। सिन्धु नदी भी ऋग्वेद के ऋषियों की प्रिय नदी है। इसी के नाम पर प्राचीन भारतीय संस्कृति को सिन्धु घाटी सभ्यता भी कहते हैं। वैदिक काल में हिमालय से निकली सिन्धु, झेलम, सतलज, रवि, व्यास आदि सात नदियां वैदिक ऋषियों की प्रिय रही हैं। ऋग्वैदिक ऋषियों ने इन्द्रदेव को धन्यवाद दिया है कि वह सात नदियों के क्षेत्र में जल वर्षा करते हैं। पुलास्कर ने लिखा है, ''सात नदियों के इस क्षेत्र को देश कहना ज्यादा ठीक होगा।'' ऐसे प्राचीन राष्ट्र को तोड़कर केवल मजहब आधारित अप्राकृतिक देश बनाया गया है पाकिस्तान। पाकिस्तान भारत से अलग हो गया। कट्टरपंथी तत्वों ने भारतीय संस्कृति का विरोध किया। उन्होंने देश गठन का आधार केवल मजहब माना और मजहब आधारित देश बनाया। अब पाकिस्तानी सेना के प्रमुख पाकिस्तान के गठन का औचित्य समझा रहे हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी आतंकवाद के साक्ष्य के रूप में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर के ताजा बयान को उद्धृत किया है। जनरल मुनीर ने हिन्दुओं का जिक्र करते हुए कहा, ''हमारे पूर्वजों ने सोचा कि हम जीवन के हर संभव क्षेत्र में हिन्दुओं से अलग हैं। हमारा धर्म अलग है, हमारे रीति-रिवाज अलग हैं। हमारी संस्कृति अलग हैं और हमारी सोच अलग है। हमारी महत्वकांक्षाएं अलग हैं। यह दो राष्ट्र के सिद्धांत की नींव थी।'' जनरल मुनीर जानबूझकर शरारत कर रहे हैं। बेशक आपकी सोच अलग है, लेकिन पूर्वज साझे हैं। फिर पाकिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र होने से किसने रोका है। देश तो आप उसी दिन हो गए थे जिस दिन ब्रिटिश पार्लियामेंट ने कानून बनाकर आजादी देने की घोषणा की। विभाजन का प्रस्ताव उसमें शामिल था। दोनों देशों ने अलग-अलग जीवन यात्रा की। संप्रति भारत में सभी मत, पंथ, मजहब फल-फूल रहे हैं। यहां अल्पसंख्यक समुदाय तमाम विशेषाधिकार का आनंद उठा रहे हैं, लेकिन आपके यहां पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिन्दू असुरक्षित हैं। उनके उपासना स्थल मंदिर गिराए जा रहे हैं। सेना चुनी हुई सरकारों को काबू में रखती है। काबू न कर पाने पर गिरा देती है। राजनीतिक बयानबाजी का काम निर्वाचित सरकारों को करना चाहिए था, लेकिन आप चुनी हुई सरकारों का काम खुद कर रहे हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि सेना के नेतृत्व में आतंकवादी यूनिवर्सिटी चल रही है। पाकिस्तान के संविधान में इसे इस्लामिक गणराज्य कहा गया। पाकिस्तान की अलग से कोई स्वतंत्र तहजीब नहीं है। न संस्कृति है, न सभ्यता है। इसलिए पाकिस्तान के राष्ट्र होने का सवाल ही नहीं होता। केवल सरकार बना लेने से राष्ट्र नहीं बनते। पाकिस्तान वास्तविक स्वाभाविक राष्ट्र नहीं है। इसीलिए पाकिस्तान के जन्म के समय से ही रक्तपात जारी है। जन्म के दो-तीन महीने के भीतर ही उसने कबायली हमला बोला। भारत की सेना से पराजित हुआ। 1965 में फिर युद्ध हुआ। वह फिर पराजित हुआ। 1971 में भारत से युद्ध हुआ। आमने-सामने के युद्ध में 93000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया। पूर्वी पाकिस्तान के नाम से अभिज्ञात हिस्सा बांग्लादेश बन गया। बलोचिस्तान के लोग अपनी आजादी की लड़ाई लड़ रहे हैं। पाकिस्तान की नियति यही है। वह जन्म के समय से ही खण्ड-खण्ड होने के लिए अभिशप्त है।पाकिस्तान के गर्भ में विघटन के जीवाणु कुलबुलाया करते हैं। ऐसा घटित होना सही भी है। इस्लामी विद्वान दुर्रानी ने पाकिस्तान के जन्म के समय अपनी प्रतिक्रिया में कहा था, ''पाकिस्तान एक सैनिक छावनी होगा और यहीं से हम भारत का इस्लामीकरण करेंगे।'' उनकी आधी बात सच निकली। पाकिस्तान की सेना सरकार चलाती है। सेना को मौलवी/उलेमा चलाते हैं। पाकिस्तान वाकई सैनिक छावनी बन गया। इसीलिए वह प्रशिक्षित आतंकी भेजता रहा है। छावनी की कोई उम्र नहीं होती। राष्ट्र की उम्र होती है। भारत हजारों वर्ष पुराना राष्ट्र है और पाकिस्तान सैनिक छावनी है। अब तो संघर्ष रुक गया है और यह दोबारा शुरू हुआ तो तय मानिए भारत की ओर से यह युद्ध निर्णायक होगा। पूरा भारत जानता है कि विजय भारत की ही होगी।
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कैंसर बीमारियों का एक जटिल समूह है जिसकी विशेषता असामान्य कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि और प्रसार है । इसमें 100 से अधिक विभिन्न रोग शामिल हैं जो शरीर के विभिन्न अंगों को प्रभावित करते है। ये कोशिकाएं ट्यूमर नामक द्रव्यमान का निर्माण कर सकती हैं। जो शरीर के सामान्य कामकाज में हस्तक्षेप कर सकती हैं। जबकि कैंसर किसी को भी प्रभावित कर सकता है। इन्हें कार्सिनोमा, सारकोमा, ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसे प्रकारों में वर्गीकृत किया जाता है। इसके कारणों में आनुवंशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली कारक शामिल हैं, जिनमें अस्पष्टीकृत वजन घटाने से लेकर लगातार थकान तक के लक्षण शामिल हैं। कैंसर की रोकथाम में जीवनशैली में बदलाव जैसे कि तंबाकू से परहेज, स्वस्थ आहार और टीकाकरण शामिल हैं। प्रभावी प्रबंधन और शुरुआती पहचान के लिए जागरूकता और ज्ञान महत्वपूर्ण है। कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसकी रोकथाम, पहचान और उपचार को प्रोत्साहित करने के लिए 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। विश्व कैंसर दिवस की स्थापना 4 फरवरी 2000 को पेरिस में न्यू मिलेनियम के लिए कैंसर के खिलाफ विश्व शिखर सम्मेलन की गई थी। विश्व कैंसर दिवस का प्राथमिक लक्ष्य कैंसर और बीमारी के कारण होने वाली मौतों को कम करना है। कैंसर ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही घबराहट होने लगती है। कैंसर से पीड़ित व्यक्ति बीमारी से अधिक तो कैंसर के नाम से डर जाता है। जिस व्यक्ति को कैंसर होता है वह तो गंभीर यातना से गुजरता ही है उसके साथ ही उसका परिवार को भी बहुत कष्टमय स्थिति में गुजरना पड़ता है। जानलेवा होने के साथ कैंसर की बीमारी में मरीज को बहुत अधिक शारीरिक पीड़ा भी झेलनी पड़ती है। कैंसर की बीमारी इतनी भयावह होती है जिसमें मरीज की मौत सुनिश्चित मानी जाती है। बीमारी की पीड़ा व मौत के डर से मैरिज घुट-घुट कर मरता है। इस दिन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने, लोगों को शिक्षित करने, इस रोग के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दुनिया भर में सरकारों और व्यक्तियों को समझाने तथा हर साल लाखों लोगों को मरने से बचाने के लिए मनाया जाता है। नई दिल्ली स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के मुताबिक देश के अधिकांश क्षेत्रों में कैंसर की सही निगरानी नहीं हो पा रही है। जिस कारण अधिकांश मामलों में बीमारी का देरी से पता चल रहा है। देश के सभी शोध केंद्रों को पत्र लिख आईसीएमआर ने कैंसर की जांच और निगरानी को आसान बनाने के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। देश के सभी जिलों में कैंसर निगरानी और जांच को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान के तहत नई नीति बनाने के लिए आईसीएमआर को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए अलग-अलग शोध टीमें गठित होंगी और भौगोलिक व स्वास्थ्य सेवाओं की मौजूदा स्थिति के आधार पर वैज्ञानिक तथ्य एकत्रित किए जाएंगे। दुनिया भर में हर साल एक करोड़ से अधिक लोग कैंसर की बीमारी से दम तोड़ते हैं। जिनमें से 40 लाख लोगों की समय से पहले (30-69 वर्ष आयु वर्ग) मौत हो जाती है। इसलिए समय की मांग है कि इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ कैंसर से निपटने की व्यावहारिक रणनीति विकसित करनी चाहिये। 2025 तक कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों के बढ़कर प्रति वर्ष एक करोड़ से अधिक होने की आशंका है। यदि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2025 तक कैंसर के कारण समय से पहले होने वाली मौतों में 25 प्रतिशत कमी के लक्ष्य को हासिल किया जाए तो हर साल 15 लाख जीवन बचाए जा सकते हैं। अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में सबसे ज्यादा कैंसर मरीज भारत में है। 2020 में 1.93 करोड़ नए कैंसर मरीज सामने आए हैं। जिनमें 14 लाख से अधिक भारतीय हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के राष्ट्रीय कैंसर रजिस्ट्री कार्यक्रम के अनुसार देश में कैंसर के मामलों की संख्या 2022 में 14.6 लाख से बढ़कर 2025 में 15.7 लाख होने का अनुमान है। जिसके लिए सरकार को चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की जरूरत है। तभी समय पर कैंसर मरीजों की जांच से पहचान कर सही उपचार कर देकर उनकी जान बचाई जा सकती है। भारत में कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की नैशनल कैंसर रजिस्ट्री के आंकड़े बताते हैं कि देश में 2023 में कैंसर के मामले 15 लाख तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा ऐसे हजारों केस भी होंगे जिनका आंकड़ा नहीं मिल पाता होगा। भारत में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं। 2040 तक भारत में कैंसर के मामले 2020 की तुलना में 57.5% बढ़कर 20लाख 80हजार हो जाएंगे। (आईसीएमआर) के मुताबिक भारत में हर साल 1.3 मिलियन से ज़्यादा नए कैंसर के मामले सामने आते हैं। कैंसर रोग का इलाज करने वाले डॉक्टरों का भी मानना है कि यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कैंसर रोग की शुरुआती पहचान, जोखिम में कमी और प्रबंधन जैसे उपाय जरूरी हैं। आईसीएमआर के आंकड़ों को देखें तो 2021 में कैंसर के 1426447 मामले नैशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम में दर्ज किए गए। 2022 में यह संख्या बढ़कर 1461427 हो गई और 2023 में 1496972 केस सामने आए। हर 9 में से से एक व्यक्ति को अपने जीवनकाल में कैंसर होने की संभावना है। पुरुषों में फेफड़े और महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के काफी मामले सामने आ रहे हैं। 14 वर्ष तक की आयु में लिम्फोइड ल्यूकेमिया का खतरा बढ़ा है। 2020 की तुलना में 2025 में कैंसर के मामलों में 10 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी का अनुमान है। आंकड़े बताते हैं कि भारत में कैंसर से साल 2020 में 7,70,230, 2021 में 7,89,202 और 2022 में 8,08,558 लोगों की मौत हुई है। विश्व कैंसर दिवस 2025 की थीम यूनाइटेड बाय यूनिक है, जो कैंसर के खिलाफ लड़ाई में व्यक्तिगत, रोगी-केंद्रित देखभाल की महत्वपूर्ण भूमिका को परिभाषित करती है। कैंसर का पता लगाने, कैंसर के प्रकार और कारण, डायग्नोस और उपचार में काफी प्रगति हुई है। लेकिन अफसोस की बात है कि दुनिया की ज्यादातर आबादी के पास अभी भी बुनियादी स्वास्थ्य सेवायें नहीं पहुंच पायी है। जिसमें गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की देखभाल, रेगुलर टीकाकरण, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं और पुरानी बीमारी का इलाज शामिल है। कैंसर की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाकर, हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग देकर, इफेक्टिव कम्यूनिटी बेस्ड प्लान को लागू करके, हम इस बीमारी से बचाव कर सकते हैं। विश्व कैंसर दिवस दुनिया पर कैंसर के प्रभाव को कम करने के लिए सभी के लिए मिलकर काम करने का एक अवसर है। जागरूकता बढ़ाकर, शिक्षा को बढ़ावा देकर, दूसरों को नैतिक रूप से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करके और कैंसर के खिलाफ लड़ाई में समर्थन देकर ऐसे लोगों का जीवन बचाना है जिसे रोका और ठीक किया जा सकता है। एकजुट होकर और कार्म करके हम इस बीमारी से हमारे स्वास्थ्य, हमारी अर्थव्यवस्था और एक समाज के रूप में हमारी आत्माओं पर पड़ने वाले असर को कम कर सकते हैं।कैंसर दुनियाभर में मौत का प्रमुख कारण बना हुआ है। विश्व स्वस्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार 2023 में लगभग एक करोड़ लोगों की मौत कैंसर से हुइ थी। जिसमें ब्रेस्ट और लंग कैंसर के सबसे अधिक मामले सामने आए थे। डब्लूएचओ के अनुसार दुनिया भर में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने से कैंसर के कारण होने वाली मौतों की संख्या को 30-50 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिल सकती है। कैंसर की चुनौती से निपटने का सबसे अच्छा तरीका इस मुद्दे के बारे में लोगों से बातचीत शुरू कर के जागरूकता बढ़ायी जाये। तभी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लोगों की जीवन रक्षा की जा सकेगी।
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शिक्षा की प्रक्रिया समाज को योग्य और समर्थ बनाने की दिशा में कितनी महत्वपूर्ण है यह किसी से छिपा नहीं है। शिक्षा के परिसर एक परिपक्व और सृजनशील मनुष्य बनाने की प्रयोगशाला सरीखे होते हैं। वहाँ रह कर विद्यार्थी जीवन मूल्यों की दीक्षा पाता है। उनके व्यक्तित्व की बुनावट भी बहुत हद तक वहीं होती है।भारत में शिक्षा ऐतिहासिक रूप से अनेक चुनौतियों से घिरी रही है इसलिए इसकी समस्याएँ इकट्ठी होती गई हैं। भारतीय राजनीति शिक्षा के प्रति अलग-अलग नजरिए से संवेदनशील रही है। फलतः शिक्षा में प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से राजनीतिक प्रयोग होते रहे हैं। चूँकि शिक्षा समाज के वर्तमान और भविष्य दोनों से जुड़ी रहती है उसमें राजनैतिक दिलचस्पी भी रहनी स्वाभाविक है और देश के इतिहास, अस्मिता और गौरव-बोध से भी इसका ख़ास रिश्ता बन जाता है। इसलिए सेकुलर, वैश्विक और तथाकथित वैज्ञानिक दृष्टि शिक्षा की आधारशिला बनी जिसने बहुत कुछ जो भारतीय था उसे भुला दिया, बहिष्कृत कर दिया या घटा-बढ़ा कर विकृत रूप में शामिल किया। भारत बोध या भारतीय संस्कृति से उसका रिश्ता कमजोर या फिर अधूरा, असंतुलित और ग़ैर समावेशी होता गया। दूसरी ओर भारतीय ज्ञान परम्परा समृद्ध, सुदृढ़ और बहु आयामी होने के बावजूद भी बिना जाँचे-समझे संशय और संदेह के चलते ओझल ही बनी रही। आज अपनी विरासत से आज युवा वर्ग अपरिचित हैं। भारतीय बौद्धिक और सांस्कृतिक यात्रा से विद्यार्थियों की अनभिज्ञता बढ़ती गई। विषयवस्तु और संदर्भ दोनों ही तरह से भारतीय छात्र-छात्राएँ तटस्थ रुख़ अपनाते हैं। शिक्षा की प्रक्रिया को पश्चिमी दुनिया के अनुकूल बनाने और उसी के पैमाने पर चलाने का तरह-तरह का उद्यम ज़ोरों पर चलता रहा। पश्चिमी ज्ञान पर बिना जाने-समझे भी अतिरिक्त भरोसा अनुकरणमूलक ज्ञान को अपनाने के लिए आधार तैयार करता रहा। पाश्चात्यीकरण को सार्वभौमिक रूप से उपादेय मान लिया गया।औपनिवेशिक काल में ज्ञान और संस्कृति के एकल प्रतिमान के रूप में जो अंग्रेजियत स्थापित हुई वह छाती चली गई। इस सीमित दृष्टि वाली शिक्षा को विकसित होने की शर्त बना लिया गया। स्वतंत्र भारत में अपनाई गई शिक्षा की नीतियां , योजनाएँ, प्रावधान और उनका कार्यान्वयन प्रायः पुरानी लीक पर ही होता रहा। स्वतंत्र होने के बाद भी पश्चिमी मॉडल आच्छादित किए रहा और आज भी हम उससे उबर नहीं पाये हैं और थोड़ा बहुत हेरफेर लाकर काम चलाते रहे। पाश्चात्य दृष्टि को सार्वभौमिक मानते हुए उसे आरोपित किया जाता रहा। परिणाम यह हुआ कि भारतीय शिक्षा के समग्र , समावेशी और स्वायत्त स्वरूप विकसित करने की बात धरी की धरी रह गई। संरचनात्मक बदलाव, विषयवस्तु, छात्र पर शैक्षिक भार, और अध्यापक-प्रशिक्षण आदि गंभीर विषयों को लेकर भी गंभीर असमंजस बना रहा। हाँ, इस अर्थ में प्रजातंत्र ज़रूर बना रहा कि आज पूर्व प्राथमिक (प्रिप्राइमरी) से लेकर उच्च स्तर तक शिक्षा तक क़िस्म-क़िस्म के सरकारी और निजी क्षेत्र के माडेल और पैमाने उनकी गुणवत्ता की पहचान के बिना चलते रहे । सरकारी और अर्ध सरकारी शिक्षा संस्थाएँ भौतिक संसाधनों और अध्यापकों की कमी बनी रही। साधनसम्पन्न लोग ज़रूर अपने बच्चों को विदेश पढ़ने को भेज रहे हैं और आज लाखों छात्र विदेश में पढ़ रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है।अमृत काल में भारत ने वर्ष 2047 में देश को विकसित करने का संकल्प लिया है ताकि आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और जीवन की गुणवत्ता की दृष्टि से देश की सामर्थ्य में अभिवृद्धि हो और वह विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में जाय। आठ ट्रिलियन की अर्थ व्यवस्था निश्चय ही एक बड़ा आकर्षक लक्ष्य है । जनसंख्या वृद्धि को देखते हए शिक्षार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है । इस दृष्टि से योजना बनानी होगी और बजट में शिक्षा के लिए प्रावधान बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता स्थापित की जा सके । कई सालों से शिक्षा पर देश के बजट में छह प्रतिशत खर्च करने की बात दुहराई जाती रही है परंतु वास्तविक व्यय तीन प्रतिशत भी बमुश्किल हो पाता है । तथाकथित लचीली, बहु अनुशासनात्मक, कौशल आधृत, जीवनोपयोगी और दक्षता पर बल देने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के महत्वाकांक्षी प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए वित्त की आवश्यकता को स्वीकार करना होगा। विकास के पहिए की धुरी शिक्षा होती है । इसलिए यह राष्ट्रीय नियोजन में उचित महत्व की हक़दार है।ज्ञान प्रकृति से ही नैतिक है जिसका कर्णधार अध्यापक है जो मूल्यों को प्रतिष्ठित करने वाला होता है। परंतु आज शैक्षिक परिवेश अध्यापकों की कमी और उनकी ग़ैर अकादमिक आकांक्षाओं से प्रदूषित हो रहा है। पेपर लीक होने की घटनाएँ, शोध में साहित्य चोरी (प्लैगरिज़म) आदि का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है। ज्ञान में वृद्धि और नवोन्मेष की जगह दुहराव और पिष्ट-पेषण की प्रवृत्ति तेज़ी से फैल रही है। ज्ञान की क़वायद (ड्रिल) तो हो रही है पढ़ाई की गुणवत्ता घट रही है। ख़स्ताहाल विद्यालय, महाविद्यालय और विश्वविद्यालय की पढ़ाई नाकाफ़ी हो रही है। उसकी भरपाई करते कोचिंग संस्थान लोकप्रिय और नफ़े वाला व्यापार बन चुका है। इसके दबाव में विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रहा है। लोकहित के व्यापक लक्ष्यों के लिए समानता और समता ज़रूरी है पर भारत में शिक्षा कई तरह से विभेदनकारी होती जा रही है। आज शिक्षा संस्थाओं की अनेक जातियाँ और उपजातियाँ खड़ी हो गई हैं और उनमें अवसर मिलने की संभावना सबको उपलब्ध नहीं है । आज सरकारी, अर्ध सरकारी और स्ववित्तपोषित संस्थाएँ चल रही है । इनमें फ़ीस, प्रवेश, पढ़ाई और परीक्षा के तौर-तरीक़े भी बेमेल हैं । बच्चे को पढ़ाना अभिभावकों के लिए बरसों बरस चलने वाले संघर्ष का सबब बन चुका है।केन्द्रीय बजट में शिक्षा के मद का नम्बर बहुत बाद में आता है और बचाखुचा उसके हिस्से आता है। दुनिया के अन्य देशों के सापेक्ष शिक्षा के लिए 6 प्रतिशत आवंटन की वकालत कई सालों से की जा रही है। अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षा के अन्य लाभार्थी जनों की दृष्टि से गुणवत्तायुक्त शिक्षा की संभावना अभी भी दूर की कौड़ी बनी हुई है। व्यावहारिक स्तर पर शिक्षा के औपचारिक तंत्र का रोजगार से रिश्ता एक भुलावा बनता जा रहा है। लोग शिक्षा द्वारा रोजगार के अन्य रास्तों को खोलने की घोषणाओं में सुनहरा भविष्य तलाशते हैं पर गुणवत्ता के अभाव में शिक्षित बेरोज़गारों की संख्या बढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के बाद से कुछ पहलें हुई हैं। विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए सरकारी निवेश को बढ़ाना, आधारभूत ढांचे का विस्तार, नए संस्थानों के विकास के साथ-साथ शैक्षिक प्रौद्योगिकी के लिए आधारभूत संसाधनों का विकास सरकारी योजनाओं के लक्ष्य रहे हैं। परंतु शैक्षिक व्यवस्थाओं के विकास एवं पोषण हेतु समुचित बजट का आवंटन प्राथमिकता होनी चाहिए। निःसंदेह गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक अवसरों का प्रसार और उपलब्धता भारत के सामाजिक एवं आर्थिक विकास की अनिवार्य कड़ी है। भारत के 14.72 लाख विद्यालयों में 98 लाख शिक्षक 24.8 करोड़ छात्राओं को शिक्षा प्रदान करते हैं। वित्त मंत्री ने ताजे बजट में सभी बच्चों को 100 प्रतिशत स्कूल भेजने का लक्ष्य तय किया है, तकनीकी शिक्षा और शोध विशेषतः कृत्रिम मेधा पर विशेष ध्यान दिया गया है। उसके हित 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था है। उसके लिए उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना होगी। डिजिटल इंडिया ई लर्निंग के लिए 681 करोड़ का आबँटन है। मेडिकल कॉलेजों में 10 हजार अतिरिक्त सीटें होंगी । स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए डिजिटल किताबें देने की तैयारी है । आईआईटी का विस्तार करते हुए 5 आईआईटी के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। स्कूली शिक्षा की चुनौती बहुत बड़ी है। नवोदय विद्यालय का बजट कटा है और केंद्रीय विद्यालय , एनसीआरटी, यूजीसी, केंद्रीय विश्वविद्यालय का बढ़ा है। कुल मिला कर उच्च शिक्षा के लिए 7.74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। शिक्षा के क्षेत्र में आबंटन में 6.65 प्रतिशत का इज़ाफ़ा हुआ है। कुल बजट का 2.5 प्रतिशत आबंटन शिक्षा के लिए है।आज जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व में प्रथम हो चुका है पर संसाधन सीमित हैं। शैक्षिक नेटवर्क और आधार संरचना को बढ़ाने की आवश्यकता है। विश्व में युवा देश के रूप में भारत से आशा बंधती है परंतु इस युवा शक्ति को नियोजित करना ज़रूरी है। ख़ासतौर पर पारस्परिक हिंसा, अविश्वास, प्रकृति-विनाश और छल प्रपंच के दौर ऐसे में ये प्रश्न महत्वपूर्ण हो गए हैं कि कौन-सा ज्ञान लिया जाय और किस तरह से लिया जाय ? ज्ञान का उद्देश्य क्या हो? विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प के साथ ज्ञान की दुनिया को सहेजना संवारना भी ज़रूरी है। “विश्व-गुरु “ बनने की उत्कट इच्छा भी व्यक़्त की जाती है। ‘विकसित देश’ और तीसरी बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने के लिए उद्यत भारत के युवा वर्ग को सभ्य, सुशिक्षित और दक्ष बना कर ही हम आगे बढ़ सकेंगे। शिक्षा को देश–काल के अनुकूल एक नैतिक और मानवीय उपक्रम बना कर ही यह किया जा सकेगा। मानवता को तकनीकी विशेषज्ञों के भरोसे छोड़ना भूल होगी। डिजिटल, वर्चुअल और एआई की ओर झुकाव और मानविकी की उपेक्षा असंतुलन को जन्म देने वाला है। मानविकी, साहित्य, दर्शन और इतिहास भी महत्वपूर्ण हैं विशेषतः नैतिक और सामाजिक दृष्टि से समृद्ध करने के लिए। आशा है भारतीय शिक्षा को इन सभी दृष्टियों से सुदृढ़ करने का पराविधान किया जाएगा।
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हरियाणा में एक कहावत है, "बेटी नहीं बचाओगे, तो बहू कहाँ से लाओगे?" हालांकि यह मान लेना गलत है कि सभी बेटियाँ भावी दुल्हन हैं, फिर भी यह मुहावरा एक ऐसे राज्य में लिंग-चयनात्मक गर्भपात के गंभीर परिणामों की ओर ध्यान आकर्षित करने में प्रभावी है, जो दशकों से "बेटियों की कमी" से जूझ रहा है। स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आय में प्रगति के बावजूद भारत का जन्म के समय लिंग अनुपात (एसआरबी) कम बना हुआ है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5, 2019-21) द्वारा एसआरबी को प्रति 1,000 लड़कों पर 929 लड़कियाँ बताया गया। यह एनएफएचएस-4 (2015-16: प्रति 1,000 लड़कों पर 919 लड़कियाँ) की तुलना में थोड़ा सुधार है, लेकिन यह अभी भी एक निरंतर लिंग पूर्वाग्रह दिखाता है। ऐतिहासिक रूप से कुछ राज्यों में, विशेष रूप से उत्तरी और पश्चिमी भारत में अधिक विषम अनुपात रहे हैं।1994 के गर्भाधान पूर्व और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (पीसीपीएनडीटी) अधिनियम के बावजूद, जन्मपूर्व लिंग निर्धारण तकनीकों द्वारा लिंग-पक्षपाती लिंग चयन संभव हो गया है। धनी आर्थिक समूहों और उच्च जातियों में पुरुषों के प्रति झुकाव वाली एसआरबी की दर अधिक है, जो यह दर्शाता है कि मौद्रिक प्रोत्साहन अकेले पर्याप्त निवारक नहीं हो सकते हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के लागू होने के बाद से हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में एसआरबी में सुधार हुआ है। दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में एसआरबी में गिरावट आ रही है, जिन्हें आमतौर पर बेहतर लिंग अनुपात के लिए जाना जाता है। यह एक चिंताजनक प्रवृत्ति है। हालाँकि दिल्ली के आसपास के राज्यों में सुधार हुआ है, लेकिन दिल्ली में भी एसआरबी में गिरावट देखी गई है। जबकि यहाँ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के लिए बुनियादी लक्ष्य और रणनीतियाँ थीं।पीसीपीएनडीटी अधिनियम को और अधिक सख्ती से लागू करके लिंग के आधार पर लिंग चयन को प्रतिबंधित करना होगा। लड़कियों की शिक्षा, सुरक्षा और जीवन रक्षा को बढ़ाना होगा। बाल विवाह में देरी करना और महिलाओं की शैक्षिक प्राप्ति को बढ़ाना जरूरी है। पितृसत्तात्मक मान्यताओं से निपटने के लिए राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास करने होंगे। लिंग-चयनात्मक गर्भपात को रोकने के लिए, पीसीपीएनडीटी अधिनियम को मजबूत किया जाना चाहिए। वित्तीय प्रोत्साहन जैसे कि हरियाणा के लाडली और आपकी बेटी हमारी बेटी जैसे कार्यक्रम परिवारों को लड़कियों की मदद करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। शैक्षिक सशक्तिकरण, छात्रवृत्ति और बुनियादी ढांचे के समर्थन के माध्यम से लड़कियों की शिक्षा के लिए धन मुहैया कराना प्रभावी कदम है। उच्च विषमता वाले क्षेत्रों के बाहर सीमित प्रभावशीलता बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का प्रभाव अलग-अलग है; कुछ दक्षिणी और पूर्वी राज्यों में एसआरबी में गिरावट देखी जा रही है। इसका मतलब है कि उच्च विषमता वाले राज्यों में केंद्रित हस्तक्षेप पर्याप्त नहीं हैं।बेटे को प्राथमिकता देने वाले सामाजिक मानदंडों में यह कथन शामिल है कि "बेटी की परवरिश पड़ोसी के बगीचे में पानी देने जैसा है।" दृष्टिकोण बदलने के लिए सिर्फ़ वित्तीय प्रोत्साहन से ज़्यादा की ज़रूरत है। कम महिला श्रम शक्ति भागीदारी अभी भी दुनिया में सबसे कम है, यहाँ तक कि बेहतर शैक्षिक मानकों के साथ भी। आर्थिक असुरक्षा का अनुभव करने वाली महिलाएँ पितृसत्तात्मक व्यवस्थाओं का विरोध करने में कम सक्षम हैं। ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2024 के अनुसार, भारत वेतन समानता के मामले में वैश्विक स्तर पर 127वें स्थान पर है, जहाँ पुरुषों द्वारा अर्जित प्रत्येक 100 रुपये के लिए महिलाएँ केवल 39.8 रुपये कमाती हैं। सशर्त नकद प्रोत्साहन (जैसे, सशर्त नकद हस्तांतरण) प्रणालीगत परिवर्तन के बजाय नीति का केंद्र बिंदु हैं। लाडली योजना द्वारा लैंगिक पूर्वाग्रह के अंतर्निहित कारणों को दूर नहीं किया गया है। रोजगार, संपत्ति के अधिकार और वित्तीय स्वायत्तता के क्षेत्रों में संरचनात्मक परिवर्तन प्राप्त करने के लिए, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को कैचफ्रेज़ से आगे बढ़ना चाहिए।लिंग-संवेदनशील नीतियों को मजबूत किया जा रहा है। "लड़कियों को बचाने" के बजाय, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को नेतृत्व, वित्तीय समावेशन और रोजगार में "महिलाओं को सशक्त बनाने" पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है। प्रोत्साहन देकर अधिक महिलाओं को उद्यमिता और करियर को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। रोजगार अंतराल और वेतन असमानताओं को संबोधित करें लैंगिक वेतन अंतर को कम करने के लिए समान वेतन कानून लागू करें। मातृत्व लाभ, लचीले कार्य कार्यक्रम और चाइल्डकैअर सहायता प्रदान करके अधिक लोगों को काम करने के लिए प्रोत्साहित करें। पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रवर्तन को बढ़ाना, डायग्नोस्टिक क्लीनिकों की निगरानी करना और अवैध लिंग निर्धारण के खिलाफ सख्त कदम उठाना कानूनी और सामाजिक सुधारों को मजबूत करने के सभी तरीके हैं। सरकार के स्थानीय स्तर पर जवाबदेही प्रणाली को मजबूत करें। संपत्ति और विरासत पर महिलाओं के अधिकार सुनिश्चित करें।उत्तराधिकार अधिकारों को न्यायसंगत बनाए रखें, खास तौर पर उन क्षेत्रों में जहाँ बेटियों को अभी भी समान संपत्ति का स्वामित्व नहीं दिया जाता है। महिलाओं को परिवारों में एक साथ संपत्ति रखने के लिए प्रोत्साहित करें। समुदाय द्वारा संचालित व्यवहार और जुड़ाव में बदलाव लाएं। स्थानीय नेताओं के माध्यम से जमीनी स्तर पर भागीदारी बढे। शिक्षकों, धार्मिक नेताओं और समुदाय के प्रभावशाली सदस्यों को पितृसत्तात्मक परंपराओं का विरोध करने के लिए प्रोत्साहित करें। लैंगिक समानता के बारे में बातचीत में अधिक पुरुषों को शामिल करें। बेटियों के मूल्य की कहानी को बदलने वाले अभियानों को अपना ध्यान "बालिकाओं की सुरक्षा" से बदलकर "बालिकाओं को सशक्त बनाने" पर केंद्रित करने की आवश्यकता है। परिवार की सफलता के लिए बेटियों को संपत्ति के रूप में उत्थानकारी संदेशों को प्रोत्साहित करें। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम ने बेटे को प्राथमिकता देने के मुद्दे पर सफलतापूर्वक जागरूकता बढ़ाई है, लेकिन अपर्याप्त कार्यान्वयन और निगरानी के कारण, यह अपने वर्तमान स्वरूप में अपने मुख्य लक्ष्य को प्राप्त करने में विफल रहा है।जिला और राज्य स्तर की बैठकों की कमी के कारण योजना पिछले कुछ वर्षों में बनी गति खो रही है। इसलिए जिला और राज्य स्तर पर कार्य समितियों का प्रतिनिधित्व समुदाय स्तर के कार्यकर्ताओं द्वारा किया जाना चाहिए, महिला छात्राओं द्वारा सामना की जाने वाली कठिनाइयों, जैसे शौचालयों की कमी, के बारे में जागरूक होना चाहिए और प्रभावी निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली होनी चाहिए, जो यह दिखाए कि योजनाएँ अपने लक्ष्यों की दिशा में कितनी अच्छी तरह काम कर रही हैं। भारत में, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ लिंग आधारित भेदभाव को दूर करने के लिए एक उल्लेखनीय नीतिगत हस्तक्षेप रहा है। हालाँकि इसने कुछ क्षेत्रों में एसआरबी के सुधार में योगदान दिया है, लेकिन महिलाओं की आर्थिक उन्नति में निहित पितृसत्तात्मक मान्यताओं और संरचनात्मक बाधाओं के कारण इसका प्रभाव अभी भी सीमित है।यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं को पुरुषों के समान आर्थिक, सामाजिक और कानूनी अवसरों तक समान पहुँच हो, बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को अपनी संरक्षणवादी रणनीति को अधिकार-आधारित सशक्तिकरण पर केंद्रित रणनीति से बदलना होगा। तभी हम सशर्त प्रोत्साहनों से आगे बढ़ पाएंगे और स्थायी समानता प्राप्त कर पाएंगे, जिससे लिंग अंतर कम हो जाएगा। सांस्कृतिक मान्यताओं में गहराई तक समाए होने के कारण अक्सर महिलाओं को सशक्त बनाने वाले कानूनों को लागू करना मुश्किल हो जाता है, जैसे संपत्ति के स्वामित्व का अधिकार, स्थानीय नेताओं और प्रभावशाली लोगों के नेतृत्व में समुदाय की भागीदारी की आवश्यकता होती है ताकि पितृसत्तात्मक मानदंडों पर सवाल उठाया जा सके और उन्हें बदला जा सके। हालाँकि इसके लिए नारेबाज़ी और सशर्त नकद प्रोत्साहनों की तुलना में अधिक सूक्ष्म प्रयासों की आवश्यकता होती है, लेकिन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना निश्चित रूप से एक सकारात्मक कदम रही है। पितृसत्तात्मक मानदंडों के तहत लैंगिक समानता के लिए बातचीत करने से शायद कोई फ़ायदा न हो। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से, हमें अपना दृष्टिकोण बदलना होगा।
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जब भी परीक्षाओं के रिजल्ट आते हैं तो अमूमन सरकारी स्कूलों के मुकाबले प्राइवेट स्कूलों के परिणाम बेहतर होते हैं।इसके पीछे इन स्कूलों के शिक्षकों की कड़ी मेहनत होती है। प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों से उम्मीदें तो आसमान छूती हैं, लेकिन उन्हें न तो उचित वेतन मिलता है, न सम्मान, न छुट्टी और न ही सुरक्षा। महिला शिक्षक दोहरी ज़िम्मेदारियाँ उठाती हैं, वहीं शिक्षक दिवस के दिन सिर्फ प्रतीकात्मक सम्मान मिलता है, जबकि सालभर उनका कथित तौर पर शोषण जारी रहता है। अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और सरकार तीनों ही इस शोषण को नजरअंदाज़ करते हैं। शिक्षक के अधिकारों की कोई बात नहीं करता, न ही कोई नियामक संस्था है जो उनके हितों की रक्षा करे। शिक्षकों को कानूनी संरक्षण, संगठित मंच और सामाजिक सम्मान मिलना चाहिए ताकि शिक्षा प्रणाली सच में समावेशी और न्यायपूर्ण बन सके। यदि राष्ट्र को शिक्षित और सशक्त बनाना है तो सबसे पहले शिक्षक को शोषण से मुक्त करना होगा, क्योंकि चॉक से लिखा हर अक्षर, देश का भविष्य गढ़ता है। एक समय था जब “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय” जैसे दोहे बच्चों की जुबान पर होते थे। आज हाल ये है कि अगर मास्टर मोबाइल पकड़ लें तो कहा जाता है कि इतनी फुर्सत है तो बच्चों को क्यों नहीं संभालते। ज़माना बदल गया है, अब 'शिक्षक' शब्द पवित्रता नहीं, सहनशीलता का प्रतीक बन गया है। इस सहनशीलता का सबसे क्रूर रूप दिखता है प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों की दुनिया में। बाहर से देखिए तो प्राइवेट स्कूल किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं लगते। एसी क्लासरूम, हाईटेक बोर्ड, इंग्लिश बोलते बच्चे और व्हाइट-ग्लव्स पहने बस अटेंडेंट्स। लेकिन अंदर झाँकिए, वहाँ एक मास्टर साहब बैठे हैं, जो न वक्त पर चाय पी सकते हैं, न लंच कर सकते हैं। जो बच्चा होमवर्क न करे, उसकी शिकायत आए तो मास्टर की क्लास लगती है। जो बच्चा एग्ज़ाम में फेल हो जाए तो मैनेजमेंट पूछता है "क्यों पढ़ाया नहीं ढंग से"। प्राइवेट स्कूलों में सैलरी का सिस्टम इतना गोपनीय है कि सीक्रेट एजेंसियाँ भी शर्मा जाएं। अपॉइंटमेंट लेटर पर 25,000 रुपये लिखा होता है, लेकिन बैंक में महज 8,000 रुपये ही ट्रांसफर होते हैं। बाकी कैश में मिलते हैं या कभी नहीं मिलते। मजे की बात देखिए कि टीचर जब सैलरी का हिसाब माँगता है तो जवाब होता है, नौकरी चाहिए या नहीं। यदि शिक्षक महिला है तो फिर दिक्कतों की भरमार है। घर में बहू, माँ और पत्नी। स्कूल में मैडम, टीचर और दीदी। महिला शिक्षकों को दोहरी ज़िम्मेदारी के साथ जीना पड़ता है। सुबह पांच बजे से घर संभालो, फिर स्कूल जाओ और वहाँ 40 बच्चों की जिम्मेदारी उठाओ। ऊपर से अगर पति भी प्राइवेट सेक्टर में हो तो महीने की सैलरी से पहले ही घर का बजट गिरवी रख देना पड़ता है। प्राइवेट शिक्षक की दुश्वारियां यहीं खत्म नहीं होतीं। सरकारी कैलेंडर कहता है कि 15 अगस्त और 26 जनवरी की छुट्टी हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूल कहता है कि आओ, झंडा फहराओ, भाषण दो, फिर हाजिरी लगाओ और जाओ। छुट्टी के दिन भी हाज़िरी की मजबूरी। अगर बीमार पड़ गए तो प्रबंधन कहेगा कि छुट्टी नहीं है, डिडक्शन लगेगा। शिक्षक का गला बैठ जाए, तब भी कहा जाता है कि क्लास तो लेनी ही होगी और कोई नहीं है। आज शिक्षक सिर्फ पढ़ाता ही नहीं है, बल्कि वह क्लास टीचर है, परीक्षा नियंत्रक है, अभिभावक संवाद अधिकारी है, व्हाट्सएप ग्रुप एडमिन है, स्पोर्ट्स डे का आयोजक है और हर हफ्ते सेल्फी वाले वीडियो का संपादक भी। लेकिन जब सैलरी की बात आए तो कहा जाता है कि आप तो सिर्फ दो पीरियड पढ़ाते हैं। बच्चा अगर टॉप करे तो प्रिंसिपल प्रेस कॉन्फ्रेंस करता है कि हमारे स्कूल का वातावरण ही ऐसा है। यदि बच्चा फेल हो जाए तो मास्टर की जवाबदेही तय होती है। कहा जाता है कि आपने ठीक से पढ़ाया नहीं। जीत स्कूल की, हार शिक्षक की। फोटो बैनर पर प्रिंसिपल की, मेहनत मास्टर की। आजकल अभिभावक चाहते हैं कि शिक्षक तीन महीने में उनके बच्चे को आईएएस बना दे। अगर ऐसा न हो पाए तो कहते है कि हम तो सरकारी स्कूल में डाल देते तो भी क्या फर्क पड़ता। बच्चे की गलती भी अब मास्टर की जिम्मेदारी है। पैरेंट्स मीटिंग में सबसे ज़्यादा डांट शिक्षक ही खाता है। पांच सितंबर को बच्चों से "हैप्पी टीचर्स डे" के फूल मिलते हैं। बच्चे गाना गाते हैं "सर आप महान हैं" और अगले ही दिन वही बच्चा होमवर्क न करने पर कहता है कि टीचर का क्या है, कुछ भी बोल देते हैं। साल भर की जिल्लत को एक दिन की इज़्ज़त से ढकना, अब आदत बन गई है। नई शिक्षा नीति- 2020 कहती है कि शिक्षक की स्थिति मज़बूत होनी चाहिए। लेकिन ज़मीनी हकीकत ये है कि न कोई रेगुलेशन है, न कोई निगरानी। जिला शिक्षा अधिकारी सिर्फ सरकारी स्कूलों की जांच करते हैं, प्राइवेट स्कूलों को छूट मिली हुई है कि वह अपना नियम खुद बनाएं, खुद चलाएं। आज छात्र अधिकारों की बात करता है, जैसे मार नहीं खाना, होमवर्क कम मिलना, रिजल्ट अच्छा आना। लेकिन शिक्षक के अधिकारों की बात कौन करे? क्या कोई आटीआई लगा सकता है कि मास्टर को उचित सैलरी मिल रही है या नहीं। क्योंकि शिक्षक अधिकारों की बात करना आज भी असहनीय माना जाता है। अब वक़्त आ गया है कि शिक्षक चुप्पी तोड़े। सरकार को चाहिए कि एक रेगुलेटरी बॉडी बनाए जो प्राइवेट स्कूलों की सैलरी, काम के घंटे, छुट्टियाँ और काम का बोझ तय करे। हर जिले में निजी शिक्षकों की यूनियन बने जो एक स्वर में बोले। अभिभावकों को भी समझना होगा कि शिक्षक सिर्फ एक वेतनभोगी कर्मचारी नहीं, बल्कि उनके बच्चे के भविष्य का निर्माता है। देश को अगर आगे बढ़ना चाहते हो तो सबसे पहले उस हाथ को संभालना होगा जो ब्लैकबोर्ड पर चॉक से भविष्य रचता है। उस आवाज़ को सुनना होगा जो हर दिन "गुड मॉर्निंग" कहकर बच्चे को दिन की शुरुआत सिखाता है। शिक्षक की मुस्कान में देश की मुस्कान छिपी है, लेकिन उस मुस्कान के पीछे कितना दर्द है, ये जानने वाला कोई नहीं।
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नई दिल्ली: भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने सभी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, मीडिया स्ट्रीमिंग सेवाओं और इंटरमीडियरीज़ को एक सख्त एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पाकिस्तान से उत्पन्न किसी भी प्रकार के वेब सीरीज़, फिल्म, गीत, पॉडकास्ट या अन्य स्ट्रीमिंग कंटेंट को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में भारत में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तान आधारित राज्य और गैर-राज्य तत्वों का हाथ पाया गया है। विशेष रूप से, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का हवाला देते हुए कहा गया कि इसमें कई भारतीयों और एक नेपाली नागरिक की जान गई तथा कई लोग घायल हुए। एडवाइजरी के अनुसार, सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया नैतिक संहिता) नियम, 2021 के तहत, ओटीटी कंटेंट पब्लिशर्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका कंटेंट भारत की संप्रभुता, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और विदेशों से मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रभावित न करे। मंत्रालय ने यह भी कहा कि ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर कोई भी कंटेंट जो पाकिस्तान में निर्मित हुआ है, या जिसकी उत्पत्ति वहीं से हुई है, चाहे वह सब्सक्रिप्शन मॉडल पर हो या निःशुल्क, उसे बंद किया जाए। यह आदेश मंत्रालय के सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति से जारी किया गया है।
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क्या पाकिस्तान ये जंग हार सकता है? ये इस पर निर्भर करता है कि हम “हारने” से क्या समझते हैं. अगर इंडिया की मंशा पाकिस्तान की फ़ौज को पूरी तरह तबाह करने की है, तो एटमी जंग का ख़तरा खड़ा हो जाता है. एक बार न्यूक्लियर हथियार सामने आ गए तो नतीजे किसी के कंट्रोल में नहीं रहेंगे—ना इंडिया के, ना पाकिस्तान के, और शायद ना ही पूरे रीजन के. क्या इंडिया पाकिस्तान की ज़मीन पर क़ब्ज़ा कर सकता है? अगर इंडिया की कोशिश पाकिस्तान के इलाक़े पर क़ब्ज़ा करने की है तो उसे बहुत बड़ी तादाद में फ़ौज भेजनी होगी. इसमें भारी जान-माल का नुक़सान होगा. सवाल ये है: क्या इंडिया इतना बड़ा रिस्क लेने को तैयार है? और बग़ैर ज़मीनी फ़ौज के किसी की ज़मीन छीनकर क़ब्ज़ा कर लेना नामुमकिन है. सीमा के पास के सुनसान इलाक़ों में भी इंडिया को सख़्त मुश्किलें आएंगी. घने आबादी वाले हिस्सों में इंडिया की फ़ौज को सख़्त मुख़ालिफ़त का सामना करना पड़ेगा. अमेरिका का मिलिटरी बजट इंडिया से दस गुना बड़ा है फिर भी उसे इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में जबरदस्त मुख़ालिफ़त झेलनी पड़ी थी. वहाँ 7,000 से ज़्यादा अमेरिकी सिपाही मारे गए थे. पाकिस्तान की ज़मीन पर क़ब्ज़ा करना कुछ महीनों के लिए ही सरदर्द बन जाएगा. क्या इंडिया ये जंग जीत सकता है? सवाल ये है कि “जीतना” किसे कहते हैं. इंडिया की फ़ौज और आर्थिक ताक़त पाकिस्तान से बहुत ज़्यादा है. लेकिन पाकिस्तान की फ़ौज भी काबिल है और पिछले कई दशकों से लड़ाई के मैदान में है, ख़ासकर 1979 से अफ़ग़ानिस्तान के बॉर्डर वाले इलाक़े में. पाकिस्तान की आबादी और क्षेत्रफल दोनों ज़्यादा हैं. इसलिए पूरी तरह से पाकिस्तान पर फ़तह नामुमकिन है. अगर इंडिया ना तो पाकिस्तान की कोई बड़ी ज़मीन ले पाता है, ना ही उसकी फ़ौजी सलाहियत को ख़त्म करता है, तो जीत सिर्फ़ नाम की होगी. इंडिया ने पाकिस्तान को 1965 और 1971 में हराया था. 1971 में तो मुल्क को दो टुकड़ों में बाँट दिया. फिर 1999 में कारगिल में भी इंडिया ने उसे पीछे हटने पर मजबूर कर दिया. लेकिन आज भी पाकिस्तान की फ़ौज एक बड़ा ख़तरा बनी हुई है. अगर इंडिया ये लड़ाई जीत भी जाए और पाकिस्तान से अपनी शर्तें मनवा ले, तो क्या इससे अमन क़ायम हो जाएगा? शायद नहीं. जब पाकिस्तान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं थे तब भी वो 1965 और 1971 की शिकस्त से नहीं सुधरा. अब तो उसकी मिलिटरी पॉलिसी, उसकी क़ौमी पहचान और जियोपॉलिटिक्स का रवैय्या और ज़्यादा सख़्त हो चुका है. ऐसे में ये उम्मीद करना कि एक और हार सब कुछ बदल देगी संभव नहीं है. क्या चीन इस झगड़े में दख़ल दे सकता है? अगर इंडिया पाकिस्तान की ज़मीन पर क़ब्ज़े के क़रीब पहुंचा, तो चीन ज़रूर कोई न कोई क़दम उठाएगा—आर्थिक, सियासी, या शायद फ़ौजी भी. चीन नहीं चाहेगा कि इंडिया और ज़्यादा असर वाला मुल्क बने. यही दुनिया की हक़ीक़त है—जो ताक़तवर मुल्क होते हैं वो अपने पड़ोसी को बग़ैर रोकटोक मज़बूत नहीं होने देते.
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भारत में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी अधिकार आज निजी संस्थानों के लिए मुनाफे का जरिया बन चुके हैं। प्राइवेट स्कूल सुविधाओं की आड़ में अभिभावकों से मनमाने शुल्क वसूलते हैं। ड्रेस, किताबें, यूनिफॉर्म, कोचिंग...सब कुछ महँगा और अनिवार्य बना दिया गयाहै। वहीं, प्राइवेट हॉस्पिटल डर और भ्रम का माहौल बनाकर मरीजों से मोटी रकम वसूलते हैं। सामान्य बीमारी को गंभीर बताकर महंगी जांच, दवाइयाँ और भर्ती का दबाव बनाया जाता है। इन संस्थानों के पीछे कथित तौर पर राजनीतिक संरक्षण है, जिस कारण कोई कठोर कार्रवाई नहीं होती। सबसे अधिक संकट में मध्यम वर्ग पर है, जिसे न सरकारी सेवाओं पर भरोसा है, न प्राइवेट सिस्टम से राहत। यह एक चेतावनी है कि यदि जनता ने अब भी आवाज़ नहीं उठाई तो शिक्षा और स्वास्थ्य सिर्फ विशेषाधिकार बनकर रह जाएंगे। भारत एक ऐसा देश है जहाँ शिक्षा और स्वास्थ्य को बुनियादी अधिकार माना जाता है। लेकिन जब यही अधिकार एक व्यापार का रूप ले ले तो आम आदमी की जिंदगी में यह अधिकार बोझ बन जाते हैं। आज के दौर में प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट हॉस्पिटल सुविधाओं के नाम पर ऐसी व्यवस्था खड़ी कर चुके हैं जो आम नागरिक की जेब पर सीधा हमला करती है। यह हमला सिर्फ आर्थिक नहीं, मानसिक और सामाजिक भी है। शिक्षा या व्यापार? प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो अब ये शिक्षण संस्थान कम और फाइव स्टार होटल ज्यादा लगते हैं। स्कूल में दाखिले के लिए लाखों की डोनेशन, एडमिशन फीस, एनुअल चार्जेस, ड्रेस, किताबें, जूते, बस फीस आदि। हर चीज में अलग-अलग मदों के नाम पर वसूली होती है। किताबें स्कूल के किसी ‘अधिकृत वेंडर’ से ही खरीदनी होती हैं, जिनका मूल्य बाज़ार दर से दोगुना होता है, क्योंकि उसमें स्कूल का कमीशन जुड़ा होता है। स्कूल यूनिफॉर्म भी उन्हीं से लेनी पड़ती है, जो आम बाजार में मिलती ही नहीं। यह सब इसलिए नहीं कि अभिभावक इन सुविधाओं की मांग करते हैं, बल्कि इसलिए क्योंकि स्कूलों ने इसे ‘अनिवार्य’ बना दिया है। पढ़ाई नाम की चीज अब कक्षा में कम और कोचिंग संस्थानों में ज्यादा होती है। दिलचस्प बात ये है कि उन कोचिंग संस्थानों के मालिक भी कई बार उन्हीं स्कूल संचालकों से जुड़े होते हैं। बच्चा दिनभर स्कूल, फिर कोचिंग, फिर होमवर्क और फिर ट्यूशन। ऐसे में बच्चे के लिए खुद के लिए ना समय, ना सोच, ना बचपन। इन सबका उद्देश्य एक ही होता है – '99% लाओ'। जब ये नंबर नहीं आते तो बच्चे हीन भावना से ग्रस्त हो जाते हैं। अभिभावक दूसरों के बच्चों से तुलना करने लगते हैं और ये पूरी प्रक्रिया मानसिक उत्पीड़न में बदल जाती है। स्वास्थ्य का नाम, व्यापार का काम अब अगर शिक्षा में ये स्थिति है, तो स्वास्थ्य क्षेत्र उससे भी भयावह है। प्राइवेट हॉस्पिटल्स का ढांचा अब इलाज से ज्यादा ‘कमाई’ पर केंद्रित हो गया है। अस्पताल में घुसते ही ‘पर्ची’ कटती है, फिर तरह-तरह की जाँचें, महंगी दवाइयाँ, आईसीयू और ‘एडवांस पेमेंट’ की माँग और वो भी बिना यह बताए कि मरीज़ की स्थिति क्या है। सामान्य सर्दी-खांसी या बुखार को भी डॉक्टर ऐसा बताते हैं, मानो जीवन संकट में हो। डर दिखाकर लोगों को लंबी दवाओं और भर्ती की सलाह दी जाती है। मरीज़ ठीक भी हो जाए, तब भी बिल देखकर परिवार बीमार हो जाता है। जो दवा बाहर 10 रुपए में मिलती है, वही अस्पताल के बिल में 200 से 300 रुपए की होती है। यहाँ तक कि मौत के बाद भी लाश को एक-दो दिन रोककर 'मोर्चरी चार्जेस', 'फ्रीजर चार्जेस' आदि के नाम पर अंतिम सांस तक पैसा वसूला जाता है। यह एक क्रूर मजाक है उस परिवार के साथ जो पहले ही अपनों को खो चुका होता है। सरकार की चुप्पी – क्यों? इस लूट का सबसे दुखद पहलू यह है कि यह सब किसी को छिपकर नहीं करना पड़ता। सब कुछ खुलेआम होता है। अखबार, सोशल मीडिया, न्यूज चैनल, हर जगह यह मुद्दा उठता है। हर साल प्राइवेट स्कूलों की फीस बढ़ोतरी और हॉस्पिटल बिलों पर शोर होता है, लेकिन हर बार यह शोर धीरे-धीरे दबा दिया जाता है। आखिर ऐसा क्यों? क्योंकि अधिकतर प्राइवेट स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटल, इन सबके पीछे किसी ना किसी नेता का हाथ होता है। चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या विपक्ष का। सिस्टम में बैठे अधिकतर लोग कहीं ना कहीं इस खेल में हिस्सेदार होते हैं। नियम-कानून बनते हैं, लेकिन उन पर अमल नहीं होता। आरटीई (शिक्षा का अधिकार कानून), सीजीएचएस (स्वास्थ्य सुविधा योजना), नैशनल मेडिकल काउंसिल – ये सब नाम भर हैं, जिनका प्रयोग प्रचार में होता है, न कि आम आदमी को राहत देने में। मध्यम वर्ग की त्रासदी गरीबों के लिए सरकार कभी-कभी योजनाएँ बना देती है, अमीरों को कोई चिंता नहीं, लेकिन सबसे ज्यादा पिसता है मध्यम वर्ग। न उसे सरकारी स्कूल में भेजना गवारा होता है, न सरकारी अस्पताल में जाना। मजबूरी में वह प्राइवेट विकल्प चुनता है और फिर उसी जाल में फँस जाता है। एक ऐसा जाल जिसमें न कोई नियंत्रण है, न कोई जवाबदेही। मध्यम वर्ग न तो सड़क पर उतरता है, न ही आंदोलन करता है। वह हर महीने अपनी जेब काटकर ईएमआई देता है, स्कूल की फीस चुकाता है, हॉस्पिटल के बिल भरता है। बस यही सोचता है “और कोई रास्ता भी तो नहीं है।” समाधान की संभावनाएँ अगर वास्तव में इस समस्या से निपटना है तो कुछ ठोस कदम उठाने होंगे। निजी संस्थानों की पारदर्शिता, स्कूलों और अस्पतालों को अपने शुल्क और सेवाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लगानी चाहिए। एक स्वतंत्र नियामक संस्था होनी चाहिए जो फीस और सेवा की गुणवत्ता की निगरानी करे। एक ऐसी प्रणाली जहां आम नागरिक अपनी शिकायत दर्ज कर सके और उसका समाधान समयबद्ध तरीके से हो। यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति या उनके परिवार का हित इन संस्थानों से ना जुड़ा हो। जब तक आम जनता एकजुट होकर आवाज नहीं उठाएगी, तब तक यह लूट का सिलसिला चलता रहेगा। शिक्षा और स्वास्थ्य कोई ‘सेवा’ नहीं रह गई है। यह अब एक ‘सर्विस’ है, जिसका मूल्य तय होता है आपकी जेब देखकर। यह स्थिति किसी भी संवेदनशील और लोकतांत्रिक समाज के लिए शर्मनाक है। जब तक हम खुद नहीं जागेंगे, आवाज नहीं उठाएंगे, और सिस्टम से जवाबदेही नहीं माँगेंगे। तब तक यह प्राइवेट सिस्टम हमें ऐसे ही लूटता रहेग। हमें यह भी समझना होगा कि दिखावे की दौड़ में शामिल होकर हम अपने बच्चों का बचपन, अपने परिवार की शांति और अपने भविष्य की स्थिरता दाँव पर लगा रहे हैं। यह समय है सवाल पूछने का, व्यवस्था को आईना दिखाने का, वरना जेब तो जाएगी ही, आत्मसम्मान भी खो जाएगा।
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आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। स्टेटस, प्रोफाइल और पोस्ट के ज़रिये लोग अपनी ज़िंदगी का चमकदार पक्ष दिखाते हैं, जिससे दूसरों में असंतोष, ईर्ष्या और आत्म-संदेह पैदा होता है। यह तुलना और जिज्ञासा धीरे-धीरे मानसिक अशांति का कारण बन जाती है। सोशल मीडिया के इस्तेमाल में अनुशासन अपनाना ज़रूरी है, जैसे सीमित समय देना, जरूरी चीजें ही देखना और अपनी निजी सीमाएं तय करना। मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए डिजिटल डिटॉक्स, आत्मचिंतन और वास्तविक जीवन के अनुभवों पर ध्यान देने की ज़रूरत है। चैन और शांति बाहरी दुनिया से नहीं, बल्कि आंतरिक अनुशासन और सोच से मिलती है। सोशल मीडिया एक उपकरण है, इसका इस्तेमाल समझदारी से किया जाए तो यह जोड़ता है, वरना तोड़ भी सकता है। आज का युग तकनीक और सूचना का युग है। हम एक क्लिक में दुनिया की हर खबर, हर चेहरे और हर भावना से जुड़ जाते हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से हम अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और यहाँ तक कि अजनबियों की ज़िंदगियों का हिस्सा भी बनते जा रहे हैं। यह सुनने में जितना सुखद लगता है, असलियत में उतना ही बोझिल और मानसिक रूप से थकाने वाला हो सकता है। अब सवाल पैदा होता है कि सोशल मीडिया जुड़ाव या जाल? जब फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म बने थे, तो उद्देश्य था कि लोगों को जोड़ना, संवाद बढ़ाना और दुनिया को करीब लाना। लेकिन धीरे-धीरे यह जुड़ाव एक आभासी होड़ में बदल गया। अब पोस्ट, स्टेटस और प्रोफाइल पिक्चर के पीछे छिपा होता है एक दिखावे का संसार। हम अपने जीवन के सबसे सुंदर पल ही दूसरों को दिखाते हैं, जैसे हँसी, सैर, सफलता, रिश्ते। लेकिन दुख, तनाव, विफलता, अकेलापन, यह सब छिपा लेते हैं। दिक्कत तब शुरू होती है जब एक आम व्यक्ति, जो एक सामान्य ज़िंदगी जी रहा है, इन 'परफेक्ट ज़िंदगी' वाले स्टेटस और पोस्ट्स को देखकर अपने जीवन को छोटा, अधूरा और असफल समझने लगता है। वह तुलना करने लगता है – 'उसे इतनी सफलता मिल रही है, मैं कहाँ हूँ?' 'वो घूमने गया, मेरे पास तो वक्त भी नहीं है।' 'उसकी लाइफ कितनी परफेक्ट है, मेरी क्यों नहीं?' यही तुलना धीरे-धीरे मानसिक तनाव, ईर्ष्या, आत्म-संदेह और यहां तक कि अवसाद (डिप्रेशन) का कारण बन जाती है। सुख की चोरी: दूर बैठा इंसान भी छीन सकता है चैन यह एक कड़वी सच्चाई है कि आज कोई इंसान आपको बिना एक शब्द बोले, बिना संपर्क किए, सिर्फ एक स्टेटस लगाकर आपकी नींद उड़ा सकता है। लोग अपनी ज़िंदगी के सबसे चमकदार हिस्से पोस्ट करते हैं, जिससे दूसरों को लगता है कि वो हमेशा खुश हैं। यह आभासी दिखावा हमारे मन को बेचैन कर देता है। हमें लगता है कि हम कुछ पीछे रह गए हैं, हम ‘अपर्याप्त’ हैं। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो जानबूझकर स्टेटस, फोटो या स्टोरी इस अंदाज़ में लगाते हैं कि दूसरों को चुभे। यह डिजिटल दुनिया का 'पैसिव एग्रेसन' है, जहाँ न तो कोई सीधे कुछ कहता है, न ही सीधे हमला करता है – लेकिन फिर भी मन में गहराई तक असर करता है। जिज्ञासा या आत्म-प्रवंचना? हमें अक्सर आदत हो जाती है, हर रोज़ चेक करना कि किसने क्या पोस्ट किया, किसकी ज़िंदगी में क्या चल रहा है, कौन कहाँ घूम रहा है, किसकी शादी हुई, किसको प्रमोशन मिला। यह जिज्ञासा धीरे-धीरे एक व्यसन बन जाती है । एक ऐसा नशा जो हमारी मानसिक ऊर्जा को चूसने लगता है। हम हर किसी की प्रोफाइल में झाँकते हैं, उनके फॉलोअर्स गिनते हैं, उनके रिश्तों का अंदाज़ा लगाते हैं और कई बार बिना ज़रूरत के अपने मन को अशांत करते हैं। यह आदत न तो हमें कोई ज्ञान देती है, न कोई वास्तविक खुशी । उल्टा हमारी आत्म-संतुष्टि को मार देती है। मन की शांति के लिए डिजिटल अनुशासन ज़रूरी इस समय सबसे बड़ा आत्म-संयम यही है कि हम सोशल मीडिया का प्रयोग एक मर्यादा में करें। ज़रूरत है कि हम 'डिजिटल डिटॉक्स' को अपनाएँ, यानी एक तय समय पर फोन, सोशल मीडिया ऐप्स से दूरी बनाएँ। अपने लिए कुछ नियम बनाएं। सुबह उठते ही सबसे पहले सोशल मीडिया चेक न करें। दिन में सिर्फ 2 या 3 बार ही सोशल मीडिया ओपन करें। स्टेटस, प्रोफाइल या पोस्ट देखकर प्रतिक्रिया देने से पहले सोचें- क्या ये जानकारी मेरे लिए ज़रूरी है? हर बार दूसरों से तुलना करने की बजाय, अपने छोटे-छोटे प्रयासों की सराहना करें। कुछ चीजें निजी रखें, कुछ दूरी ज़रूरी है हम अक्सर यह भूल जाते हैं कि ज़िंदगी का हर पहलू शेयर करने लायक नहीं होता। अगर हम खुद हर चीज साझा करते हैं तो दूसरों की भी उम्मीद बन जाती है कि वे हमें जज करें। इसीलिए जीवन के कुछ हिस्से को सिर्फ अपने लिए रखें जैसे अपनी सोच, अपनी उपलब्धियाँ, अपने संघर्ष। दूसरों के जीवन में भी बिना चाहे न घुसें। किसी की प्रोफाइल या स्टेटस में झाँकने से पहले सोचें- क्या यह जिज्ञासा है या एक तरह की आत्म-प्रवंचना? क्या यह मुझे ज्ञान दे रही है या बस एक आंतरिक असंतोष? अपने मन को तरोताजा रखें हर दिन कुछ समय सिर्फ अपने लिए निकालिए, चाहे वह किताब पढ़ना हो, संगीत सुनना, टहलना, योग, ध्यान या अपने किसी शौक को समय देना। यह सब आपके मन को सुकून देगा और आपको भीतर से संतुलित बनाएं। यह दौर बहुत तेज़ है। हर कोई कुछ साबित करने की दौड़ में है। लेकिन इस दौड़ में अपने मन की शांति को गिरवी रखना बुद्धिमानी नहीं। हमें यह समझना होगा कि मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही ज़रूरी है जितना शारीरिक स्वास्थ्य। यह ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया एक औज़ार है । वह हमें जोड़ भी सकता है और तोड़ भी सकता है। यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसे कैसे प्रयोग करते हैं। अपनी सोच को सीमित लोगों से प्रेरणा लेने तक सीमित रखिए और बाकी को 'स्क्रॉल' कर दीजिए – शांति, चैन और सुकून खुद-ब-खुद लौट आएगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों द्वारा क्लासरूम और प्रिंसिपल के घर पर गोबर लीपने की घटना केवल अनुशासनहीनता नहीं, बल्कि एक गहरी असंतोष की प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति थी। इस विरोध ने सत्ता और शिक्षा व्यवस्था के पाखंड को उजागर किया। जहां एक ओर गोबर को सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है, वहीं जब छात्र उसी प्रतीक का इस्तेमाल विरोध में करते हैं, तो उसे ‘असभ्य’ करार दिया जाता है। विश्वविद्यालय अब संवाद के नहीं, सत्ता के मंच बनते जा रहे हैं, जहां छात्रों की असहमति को दबाया जाता है। इस असामान्य विरोध ने न केवल व्यवस्था की संवेदनहीनता पर सवाल खड़े किए, बल्कि यह भी बताया कि प्रतीकों के ज़रिए भी तीखा प्रतिरोध संभव है। जब असहमति की जगह छिन जाती है, तो गुस्सा प्रतीकों के ज़रिए बोलता है, कभी-कभी गोबर से भी। दिल्ली विश्वविद्यालय जिसे भारत के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में गिना जाता है, हाल ही में एक अजीबोगरीब और प्रतीकात्मक विरोध का केंद्र बना। कुछ छात्रों ने क्लास रूम की दीवारों पर गोबर लीप दिया और प्रिंसिपल के घर के बाहर भी गोबर फेंक दिया। यह कोई फिल्मी सीन नहीं था, न ही कोई ग्रामीण उत्सव। यह था एक गुस्से से भरा राजनीतिक वक्तव्य। यह घटना न केवल ध्यान खींचती है, बल्कि कई गहरे और असहज सवाल भी खड़े करती है। क्या विश्वविद्यालय अब सिर्फ सत्ता का विस्तार बन चुके हैं? क्या छात्र आंदोलन केवल ‘विचारों’ से नहीं, अब ‘गंध’ से भी संवाद करने लगे हैं? यह विरोध दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस स्थित एक कॉलेज में हुआ, जहां छात्रों ने गोबर लिपकर क्लासरूम को ‘पवित्र’ करने की कोशिश की। दरअसल, यह 'पवित्रता' का तंज था, एक ऐसे सिस्टम पर, जिसे छात्र ‘अपवित्र’ मानते हैं। कहा गया कि यह विरोध जातिगत भेदभाव, एक दलित प्रोफेसर के साथ अन्याय और प्रशासन की असंवेदनशीलता के खिलाफ था। छात्रों ने न सिर्फ कक्षाओं को गोबर से लीपा, बल्कि प्रिंसिपल के घर तक जाकर वहां भी प्रदर्शन किया। दरअसल भारत में गोबर का उपयोग सदियों से पवित्रता, शुद्धता और स्वदेशी जीवनशैली के प्रतीक के रूप में होता आया है। लेकिन इस मामले में इसका प्रयोग गहराई से व्यंग्यात्मक था। यह एक ऐसा प्रतीक था जो न केवल सत्ता की 'पवित्रता' को उलट देता है, बल्कि यह दिखाता है कि छात्र अब विरोध के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर, सत्ता की भाषा को उसके ही प्रतीकों से जवाब दे रहे हैं। भारतीय विश्वविद्यालय धीरे-धीरे उस विचारभूमि से हटते जा रहे हैं जहां असहमति को प्रोत्साहन मिलता था। आज यदि कोई छात्र या प्रोफेसर सत्ता के खिलाफ बोलता है तो उसे 'राष्ट्रविरोधी', या 'विकास-विरोधी' कहा जाने लगता है। कैंपस अब लोकतांत्रिक संवाद के केंद्र नहीं, बल्कि अनुशासन और डर के घेरे बनते जा रहे हैं। छात्रों के इस कदम को केवल ‘असभ्यता’ कहकर खारिज करना आसान है, लेकिन यह भूलना नहीं चाहिए कि यह घटना उस निराशा और हताशा की उपज है जो वर्षों से भीतर ही भीतर सुलग रही है। जब संवाद के सारे रास्ते बंद कर दिए जाते हैं तो प्रतीकात्मक और चौंकाने वाले कदम ही एकमात्र विकल्प बनते हैं। निश्चित रूप से गोबर से दीवारें लीपना किसी भी संस्थान के लिए एक अनुशासनहीन हरकत मानी जाएगी लेकिन यह भी सोचना होगा कि जब छात्र अपनी बात कहने के लिए इतना असामान्य तरीका अपनाते हैं तो समस्या केवल छात्रों में नहीं, व्यवस्था में भी है। वे किस हद तक खुद को असहाय और अनसुना समझते हैं, यह इस घटना से ज़ाहिर होता है। यह विरोध न तो हिंसक था, न ही शारीरिक नुकसान पहुंचाने वाला लेकिन यह मानसिक और सांस्कृतिक असहजता पैदा करने वाला जरूर था। शायद यही इसका उद्देश्य भी था, लोगों को हिलाकर रख देना, ध्यान खींचना, और एक झटके में सत्ता की नकली गरिमा को धूल-गोबर में मिला देना। छात्रों का प्रदर्शन प्रिंसिपल के निजी घर तक पहुंचना न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि यह दर्शाता है कि छात्रों को अब संस्थागत दायरे में न्याय की उम्मीद नहीं रही। जब कॉलेज के भीतर के मंच निष्क्रिय हो जाते हैं, तो विरोध निजी दायरे तक पहुंच जाता है। यह खतरनाक संकेत हैं, न केवल शिक्षा व्यवस्था के लिए, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए भी लेकिन दुर्भाग्यवश किसी ने यह नहीं पूछा कि छात्र ऐसा क्यों कर रहे हैं? किस घटना ने उन्हें इस हद तक पहुंचाया? किसने संवाद के रास्ते बंद किए? मीडिया अक्सर लक्षणों पर बहस करता है, लेकिन बीमारी की जड़ तक नहीं जाता। सत्ता का दोहरापन सत्ता जब गाय और गोबर को संस्कृति का हिस्सा मानकर उन्हें नीतियों में शामिल करती हैं, जैसे गोबर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना, पंचगव्य को चिकित्सा बताना। तब वह ‘धर्म-सम्मत’ होता है लेकिन जब यही प्रतीक छात्रों के विरोध में आते हैं तो वे 'अश्लील' और 'असभ्य' बन जाते हैं। यही सत्ता का दोहरापन है। छात्रों का यह विरोध सत्ता के इस पाखंड की पोल खोलता है। यह दिखाता है कि सांस्कृतिक प्रतीकों का प्रयोग केवल सत्ता के लिए सुरक्षित नहीं है, बल्कि आम जनता भी उन्हें विरोध के औजार बना सकती है। मान लीजिए अगली बार छात्र प्रशासनिक आदेश को पवित्र मानकर उस पर गंगाजल छिड़क दें, तो क्या तब भी यह ‘असभ्यता’ मानी जाएगी, या यह ‘संस्कृति’ के सम्मान में गिना जाएगा? जब प्रतीकों की राजनीति हो, तो प्रतीकों से ही जवाब देना सबसे तीखा व्यंग्य होता है और यही छात्रों ने किया। क्या है समाधान इस घटना के बहाने यह जरूरी हो गया है कि विश्वविद्यालयों में संवाद की संस्कृति को फिर से मजबूत किया जाए। छात्रों की आवाज़ को सुनने, समझने और मान्यता देने की प्रक्रिया को संस्थागत रूप दिया जाना चाहिए। प्रोफेसरों और छात्रों के बीच विश्वास और सम्मान की नींव फिर से खड़ी की जानी चाहिए। किसी भी असहमति को देशद्रोह या अनुशासनहीनता बताने की प्रवृत्ति पर लगाम लगानी होगी। छात्रों को यह समझाना भी जरूरी है कि विरोध का तरीका ऐसा हो जो व्यापक समाज में उनकी बात को सही तरीके से पहुँचाए न कि केवल क्षणिक ध्यान आकर्षित करे। यह घटना एक प्रतीकात्मक चेतावनी है कि शिक्षा का मंदिर यदि सत्ता की चौकी बन जाए तो छात्र वहीं पर 'शुद्धि यज्ञ' करने लगते हैं। गोबर का यह विरोध हमें यह याद दिलाता है कि लोकतंत्र में असहमति की गुंजाइश बनी रहनी चाहिए, वरना दीवारें ही नहीं, सोच भी गंधाने लगती है।
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रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में चल रहा सुशासन तिहार जनता की समस्याओं के त्वरित निराकरण और शासकीय योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक प्रभावी माध्यम बन रहा है। 8 अप्रैल से 31 मई 2025 तक तीन चरणों में आयोजित यह अभियान पारदर्शिता, जवाबदेही और जनसंवाद को बढ़ावा दे रहा है, जिसका उद्देश्य शासन को जन-केंद्रित बनाना, जन सरोकार, जन विश्वास को मजबूत करना और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन करना है।पहले चरण में जनता जनार्दन से उनकी समस्याओं और मांगों के संबंध में 8 से 11 अप्रैल तक समाधान पेटी, ऑनलाइन पोर्टल और शिविर के माध्यम से आवेदन एकत्र प्राप्त किये गए। सुशासन तिहार के पहले चरण में मिले 40 लाख 94 हजार 495 आवेदनों का तेजी से निराकरण किया जा रहा है, जिसमें मांग से संबंधित 40 लाख 12 हजार 746 आवेदन और शिकायत से संबंधित मात्र 81 हजार 749 आवेदन शामिल हैं। द्वितीय चरण में इन आवेदनों का जिला प्रशासन द्वारा तत्परता से निराकरण किया जा रहा है, जबकि तृतीय चरण में 5 से 31 मई तक समाधान शिविरों में मुख्यमंत्री, मंत्री और जनप्रतिनिधि जनता से रूबरू होंगे। यह अभियान न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि राज्य के मैदानी इलाके से लेकर बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी जनता का विश्वास जीत रहा है।इस अभियान का उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हैं। जनता की शिकायतों का समयबद्ध निराकरण, शासकीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करना और जनता-शासन के बीच संवाद का सेतु बनाना। विशेष रूप से सुकमा, बीजापुर नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के सुदूर क्षेत्रों में, जहां प्रशासन की पहुंच सीमित थी, यह अभियान जनता की आवाज को न केवल सुन रहा है, बल्कि त्वरित कार्रवाई के माध्यम से उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।नारायणपुर के मुरियापारा में जीवन राम साहू की मांग पर वहां का वार्ड क्रमांक 10 स्ट्रीट लाइट्स से जगमगाने लगा है, जिससे रात में सुरक्षा और सुविधा बढ़ी है। बिलासपुर के कोटा ब्लॉक में मंगल सिंह बैगा को 24 घंटे में ट्राइसाइकिल मिली और दिव्यांग पेंशन की पात्रता सुनिश्चित हुई है। मोहला-मानपुर चौकी जिले केे तेलीटोला में जर्जर स्कूल भवन के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर की निर्मला जोगी को राशन कार्ड मिला, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया। बस्तर के शम्भूनाथ कश्यप के राशन कार्ड में एक सप्ताह में पत्नी और बेटे का नाम जोड़ा गया, जिससे उनके परिवार को राशन की पूरी सुविधा मिल गई है।सुशासन तिहार के सकारात्मक परिणाम समाज के हर वर्ग तक पहुंच रहा है। यह अभियान न केवल व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि सामुदायिक विकास को भी गति दे रहा है। राज्य के मैदानी इलाकों से लेकर बस्तर जैसे क्षेत्रों में फौती नामांतरण, निःशक्तजनों ट्राइसायकिल, पात्र लोगों को जॉब कार्ड, श्रमिक कार्ड, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड जैसे दस्तावेजों का वितरण इस बात का प्रतीक है कि सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों से लाभान्वित करने के लिए संकल्पित है। यह अभियान प्रशासन की तत्परता और संवेदनशीलता का प्रतीक है, जिसने जनता में यह विश्वास जगाया है कि उनकी छोटी-बड़ी हर मांग सुनी जाएगी। जनता में उत्साह है, खासकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में, जहां समाधान पेटी ने ग्रामीणों की आवाज को प्रशासन तक पहुंचाया है। जनता की प्रतिक्रिया कि हमारी समस्याएं सुनी गईं, इसकी सफलता को रेखांकित करती हैं। सुशासन तिहार वास्तव में छत्तीसगढ़ के विकास, जन सरोकार और जनकल्याण का नया आयाम स्थापित कर रहा है।
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मुझे यह सोचकर पीड़ा होती है कि आज भी हमारे बच्चों को इतिहास के नाम पर मुग़ल शासकों की गाथाएँ पढ़ाई जाती हैं, जबकि चाणक्य, चित्रगुप्त और छत्रपति शिवाजी जैसे हमारे महान विचारकों और योद्धाओं को पाठ्यक्रम में पर्याप्त स्थान नहीं मिलता। मेरा मानना है कि इतिहास केवल जानने का विषय नहीं, बल्कि आत्मगौरव और पहचान का आधार है। हमारी आने वाली पीढ़ियाँ अपने गौरवशाली अतीत से जुड़ें और उन्हें वह शिक्षा मिले जो उनके भीतर आत्मविश्वास और राष्ट्रभक्ति जगाए। “जय सनातन”केवल नारा नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक संकल्प है। इतिहास केवल अतीत का आईना नहीं होता, वह आने वाली पीढ़ियों की दृष्टि का आधार भी होता है। अफसोस है कि भारत के वर्तमान शैक्षणिक ढाँचे में यह आईना धुंधला कर दिया गया है। मुग़ल दरबारों की चमक, विदेशी आक्रांताओं की वीरता और गुलामी के प्रतीकों को जिस तरह से भारतीय इतिहास के केन्द्र में रखा गया है, वह न केवल बौद्धिक अन्याय है, बल्कि सांस्कृतिक आत्महीनता का भी बीज है। आख़िर कब तक हमारे बच्चों पर मुग़ल शासकों का बोझ लादा जाएगा। कब तक हमारी नई पीढ़ी औरंगज़ेब, बाबर, खिलजी की तलवारों को आदर्श समझेगी और अपने महान पूर्वजों की गाथाओं से अनजान रहेगी। यह प्रश्न केवल शिक्षा व्यवस्था का नहीं है, यह हमारी आत्मा और पहचान का भी प्रश्न है। चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, कोई साधारण राजपुरुष नहीं थे। वे राजनीति, अर्थशास्त्र और कूटनीति के मनीषी थे। ‘अर्थशास्त्र’ जैसा ग्रंथ लिखने वाला यह विचारक, केवल एक राजा का गुरु नहीं था। वह सम्राटों को राष्ट्रधर्म का बोध कराने वाला मार्गदर्शक था। पर क्या हमारे पाठ्यक्रम में चाणक्य के सिद्धांतों को वह स्थान मिला है, जो वह वास्तव में इसके हकदार थे ? किसी भी राष्ट्र की नीतिगत समझ अपने विचारशील नेताओं के दर्शन से बनती है। चाणक्य के सिद्धांत आज भी शासन, कूटनीति और प्रशासन के क्षेत्र में प्रासंगिक हैं। लेकिन जब इतिहास की किताबों में चाणक्य के नाम पर केवल 2-3 पंक्तियाँ मिलती हैं, तब समझ आता है कि ज्ञान के सूर्य को कितनी कृत्रिम छाया से ढक दिया गया है। इसी तरह चित्रगुप्त, एक ऐसा नाम जो केवल धार्मिक आस्थाओं तक सीमित कर दिया गया है। परन्तु उनका महत्व एक अत्यंत उच्च कोटि के सामाजिक व्यवस्थापक का भी था। वे कर्म का लेखा-जोखा रखने वाले देवता माने जाते हैं, पर इसका व्यापक आशय आज की पीढ़ी को नहीं सिखाया जाता। चित्रगुप्त न्याय और दायित्व की उस परंपरा का प्रतीक हैं, जो भारतीय दर्शन की रीढ़ है। अगर हम अपने बच्चों को यह नहीं बताएँगे कि हमारे पूर्वजों ने न्याय, विवेक और उत्तरदायित्व को कितनी ऊँचाई दी थी तो वे विदेशी न्यायशास्त्रों को ही 'आधुनिक' और 'सर्वोत्तम' मानते रहेंगे। छत्रपति शिवाजी महाराज केवल योद्धा नहीं थे, वे भारतीय राष्ट्रवाद की जीवंत प्रतिमा थे। उनकी युद्धनीति, उनकी प्रशासनिक सूझबूझ और उनके धर्मनिरपेक्ष व्यवहार ने उस दौर में भी हिन्दुस्तान की अस्मिता को एक नई परिभाषा दी, जब भारत टुकड़ों में बँटा हुआ था। हैरत की बात है कि आज भी कई राज्यों के स्कूली पाठ्यक्रमों में शिवाजी का नाम केवल एक ‘मराठा योद्धा’ तक सीमित कर दिया गया है। क्या यही है हमारी ऐतिहासिक दृष्टि? क्या यह न्याय है उस नायक के साथ, जिसने 'हिंदवी स्वराज्य' की कल्पना को तलवार की धार पर जिया? इतिहास सिर्फ़ वो नहीं होता जो घटित हुआ, इतिहास वो होता है, जिसे बताया गया, पढ़ाया गया और दोहराया गया। जब पाठ्य-पुस्तकों में तैमूर, ग़ोरी को विस्तार से पढ़ाया जाए और पृथ्वीराज चौहान, राणा प्रताप, गुरुगोबिंद सिंह, झाँसी की रानी, नेताजी सुभाषचंद्र बोस को हाशिये पर डाल दिया जाए तो पीढ़ियाँ गुलाम मानसिकता की पाठशाला से ही निकलेंगी। भारत का इतिहास वेदों में है, उपनिषदों में है, रामायण और महाभारत में है, नालंदा और तक्षशिला में है, आर्यभट्ट, वराहमिहिर और भास्कराचार्य के विज्ञान में है। पर अफ़सोस कि बच्चों को इनकी जगह सिखाया जाता है कि कौन सा विदेशी ने भारत में रेल लाया, डाकघर लाया और किसने क़ानून सिखाया। यह विषय केवल पाठ्यक्रम में नाम जोड़ने और हटाने का नहीं है। यह एक गहरी वैचारिक लड़ाई है–हमारे आत्मबोध, आत्मगौरव और सांस्कृतिक अस्तित्व की। अगर हमारी पीढ़ियाँ लगातार वही इतिहास पढ़ेंगी, जिसमें वे पराजित, गुलाम और निरीह चित्रित किए गए हैं तो वे स्वाभिमान और स्वतंत्र सोच कैसे विकसित करेंगी? हम यह नहीं कहते कि मुग़ल इतिहास को हटाया जाए। हम यह कहते हैं कि उसे भी उसी आलोचनात्मक दृष्टि से पढ़ाया जाए, जैसे किसी भी अन्य युग को। उसके साथ-साथ हमारे नायकों को भी वह सम्मान मिले जो वे पात्र हैं, दया नहीं। जय सनातन का अर्थ केवल धार्मिक जयघोष नहीं है। यह उस मूल चेतना का आह्वान है जो भारत को भारत बनाती है जैसे सहिष्णुता, विज्ञान, दर्शन, आत्मानुशासन और कर्म। सनातन भारत की आत्मा में चाणक्य की नीति, शिवाजी की शौर्यता, चित्रगुप्त की न्याय भावना, विदुर की नैतिकता और महर्षि पतंजलि की योगमय सोच शामिल है। जब तक यह आत्मा पाठ्यक्रमों में नहीं झलकेगी, तब तक हमारी चेतना अधूरी ही रहेगी। आज आवश्यकता है एक नए भारत के निर्माण की। ऐसा भारत जो अपने अतीत से शर्मिंदा न हो, बल्कि उस पर गर्व करे। हमें अपने इतिहास का पुनर्लेखन नहीं, पुनर्जागरण करना है। हमारे पूर्वजों की गाथाएँ, उनके सिद्धांत, उनके मूल्यों को नई पीढ़ी तक ले जाना कोई साम्प्रदायिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व है। अब समय है कि हमारी शिक्षा नीति, पाठ्यपुस्तक समितियाँ और बौद्धिक संस्थान यह सोचें कि क्या हम एक आत्मनिर्भर, आत्मगौरव से युक्त भारत की नींव रख रहे हैं या गुलामी के रंग से रंगी हुई इमारतें बना रहे हैं? क्योंकि जो राष्ट्र अपने नायकों को भूलता है, वह अंततः स्वयं को भी खो देता है।
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दुनियाभर में प्रतिवर्ष 8 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जाता है, जो सही मायनों में महिलाओं की सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक उपलब्धियों का जश्न मनाने वाला एक वैश्विक दिवस है। यह दिन लैंगिक समानता में तेजी लाने के लिए कार्रवाई के आह्वान का भी प्रतीक है। हालांकि चिंता का विषय यही है कि जिस ‘आधी दुनिया’ के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है, उसी आधी दुनिया को जीवन के हर मोड़ पर भेदभाव या अपराधों का सामना करना पड़ता है। यदि इसे भारत के ही संदर्भ में देखें तो शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो, जब ‘आधी दुनिया’ से जुड़े अपराधों के मामले देश के कोने-कोने से सामने न आते हों। होता सिर्फ यही है कि जब भी कोई बड़ा मामला सामने आता है तो हम सिर्फ पुलिस-प्रशासन को कोसने और संसद से लेकर सड़क तक कैंडल मार्च निकालने या अन्य किसी प्रकार से विरोध प्रदर्शन करने की रस्म अदायगी करके शांत हो जाते हैं और पुनः तभी जागते हैं, जब ऐसा ही कोई बड़ा मामला पुनः सुर्खियां बनता है, अन्यथा ऐसी छोटी-मोटी घटनाएं तो आए दिन होती ही रहती हैं। देश में कानूनों में सख्ती, महिला सुरक्षा के नाम पर बीते कुछ वर्षों में कई तरह के कदम उठाने और समाज में ‘आधी दुनिया’ के आत्मसम्मान को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता के बावजूद आखिर ऐसे क्या कारण हैं कि बलात्कार के मामले हों या छेड़छाड़ अथवा मर्यादा हनन या फिर अपहरण अथवा क्रूरता, ‘आधी दुनिया’ के प्रति अपराधों का सिलसिला थम नहीं रहा है? इसका एक बड़ा कारण तो यही है कि कड़े कानूनों के बावजूद असामाजिक तत्वों पर वो कड़ी कार्रवाई नहीं हो रही है, जिसके वो हकदार हैं और इसके अभाव में हम ऐसे अपराधियों के मन में भय पैदा करने में असफल हो रहे हैं। कहना गलत नहीं होगा कि महज कानून कड़े कर देने से ही महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध थमने से रहे, जब तक उनका ईमानदारीपूर्वक कड़ाई से पालन न किया जाए। ऐसे मामलों में पुलिस-प्रशासन की भूमिका भी अनेक अवसरों पर संदिग्ध रहती है। पुलिस किस प्रकार ऐसे अनेक मामलों में पीडि़ताओं को ही परेशान करके उनके जले पर नमक छिड़कने का कार्य करती है, ऐसे उदाहरण अक्सर सामने आते रहे हैं। ऐसी परिस्थितियों के मद्देनजर अपराधियों के मन में पुलिस और कानून का भय कैसे उत्पन्न होगा और कैसे महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों में कमी की उम्मीद की जाए? जरूरत इस बात की महसूस की जाने लगी है कि पुलिस को लैंगिक दृष्टि से संवदेनशील बनाया जाए ताकि पुलिस पीड़ित पक्ष को पर्याप्त संबल प्रदान करे और पीडिताएं अपराधियों के खिलाफ खुलकर खड़ा होने की हिम्मत जुटा सकें, साथ ही जांच एजेंसियों और न्यायिक तंत्र से भी ऐसे मामलों में तत्परता से कार्रवाई की अपेक्षा की जानी चाहिए। ऐसी घटनाओं पर अंकुश के लिए समय की मांग यही है कि सरकारें मशीनरी को चुस्त-दुरूस्त बनाने के साथ-साथ प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करें कि यदि उनके क्षेत्र में महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों के मामलों में कानून का अनुपालन सुनिश्चित नहीं हुआ तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। सामने आती दिनदहाड़े छेड़छाड़, अपहरण, बलात्कार या सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं सभ्य समाज के माथे पर बदनुमा दाग के समान हैं और यह कहना असंगत नहीं होगा कि महज कड़े कानून बना देने से ही महिला उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश नहीं लगने वाला। आए दिन देशभर में हो रही इस तरह की घटनाएं हमारी सभ्यता की पोल खोलने के लिए पर्याप्त हैं। इस तथ्य को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि बलात्कार और छेड़छाड़ के जो मामले सामने आ रहे हैं, उनमें बहुत से ऐसे भी होते हैं, जिनमें पीड़िता के परिजन, निकट संबंधी या परिचित ही आरोपी होते हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों में तो यहां तक कहा जा चुका है कि करीब 97 फीसदी मामलों में महिलाएं अपनों की ही शिकार होती हैं और यह समस्या सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं है बल्कि महिला अपराधों के मामले में पूरी दुनिया की यही तस्वीर है। जहां देश में हर 53 मिनट में एक महिला यौन शोषण की शिकार होती है और हर 28 मिनट में अपहरण का मामला सामने आता है, वहीं संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में प्रत्येक तीन में से एक महिला का कभी न कभी शारीरिक शोषण होता है। दुनिया में करीब 71 फीसदी महिलाएं शारीरिक मानसिक प्रताड़ना अथवा यौन शोषण व हिंसा की शिकार होती हैं, दक्षिण अफ्रीका में हर छह घंटे में एक महिला को उसके साथी द्वारा ही मौत के घाट उतार दिया जाता है और अमेरिका में भी इसी प्रकार कई महिलाएं हर साल अपने ही परिचितों द्वारा मार दी जाती हैं। जहां तक पीड़िताओं को न्याय दिलाने की बात है तो इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग काफी समय से उठती रही है किन्तु हमारा सिस्टम कछुआ चाल से रेंग रहा है। ऐसे मामलों में कठोरता बरतने के साथ-साथ त्वरित न्याय प्रणाली की भी सख्त जरूरत है ताकि महिला अपराधों पर अंकुश लग सके। आज अगर समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार के बावजूद महिलाओं के प्रति अपराध और संवेदनहीनता के मामले बढ़ रहे हैं तो हमें यह जानने के प्रयास करने होंगे कि कमी हमारी शिक्षा प्रणाली में है या कारण कुछ और हैं। ऐसे कृत्यों में लिप्त रहने वाले लोगों की कुंठित मानसिकता के कारणों की पड़ताल करना भी बहुत जरूरी है, साथ ही सामाजिक मूल्यों का विकास करने के लिए विद्यालयों में नैतिक शिक्षा को लागू करना और छात्रों को अच्छा साहित्य पढ़ने के लिए प्रेरित करना समय की मांग है ताकि युवाओं की नकारात्मक सोच को परिवर्तित करने में मदद मिल सके, जिससे स्थिति में सुधार की उम्मीद की जा सके।
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रायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने आज शनिवार को रायपुर से कांकेर जाते समय अभनपुर में निर्माणाधीन रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अभनपुर में ओवरब्रिज निर्माण की प्रगति का अवलोकन किया। श्री साव ने वहां मौजूद विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से ओवरब्रिज निर्माण में उपयोग हो रही सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता के बारे में पूछा। उन्होंने सड़क और ओवरब्रिज के निर्माण में अच्छी गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्धारित समयावधि में सभी कार्यों को पूर्ण करने को कहा।अभनपुर में निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निरीक्षण के बाद उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ग्राम भेलवाडीह पहुंचकर रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के सड़क निर्माण कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से गुणवत्ता के सभी मापदंडों और सड़क सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि निर्माण में सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।रायपुर से धमतरी, कांकेर, कोंडागांव, कोरापुट और सब्बावरम होते हुए 464 किलोमीटर लंबा यह सिक्स-लेन एक्सप्रेस-वे विशाखापट्टनम बंदरगाह तक जाएगा। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे इस एक्सप्रेस-वे का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है। श्री साव द्वारा सड़क और ओवरब्रिज के कार्यों के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी सहित भारतमाला परियोजना, लोक निर्माण विभाग और निर्माण एजेंसी के अधिकारी भी मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ से गुजर रहे भारतमाला परियोजना के कार्यों के निरीक्षण के बाद कहा कि यह भारत सरकार की बहुत महत्वाकांक्षी परियोजना है जो छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी होगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी कम होगी। यह विशाखापट्टनम बंदरगाह तक जाने वाली राज्य के हित में अहम परियोजना है। आर्थिक गलियारे के रूप में यह छत्तीसगढ़ और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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रुड़की में पुलिस ने वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए...तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है... पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की आठ मोटरसाइकिल बरामद की हैं... लक्सर पुलिस ने कप्तान प्रमेन्द्र सिंह डोबाल के नेतृत्व में एक बड़ी सफलता हासिल की है....क्षेत्र में बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं के बाद पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया था.. ग्राम अकबरपुर मार्ग पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया...आरोपियों ने कबूल किया कि वे नशे की लत और आवारागर्दी के चलते मोटरसाइकिल चुराकर सस्ते दामों में बेचते थे...पुलिस ने चोरी की 8 मोटरसाइकिल बरामद की है...
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महिला बाल विकास के द्वारा सिंगरौली के डिग्री कॉलेज में लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया गया...कार्यक्रम में सरकार द्वारा चलाई जा रही लाडली बहना योजना पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया.. कार्यक्रम में माताओ बहनों ने प्रदेश सरकार की उपलब्धि की जमकर तारीफ की... कार्यक्रम में सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह और कई विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे... सिंगरौली में महिला बाल विकास ने लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया...सिंगरौली विधायक रामनिवास शाह और कई विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में उपस्थित रहे...कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सिंगरौली विधायक सहित मंच पर विराजमान अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया गया... सिंगरौली विधायक ने कहा की लाडली बहनों को आज हर क्षेत्र में चाहे वह खेलकूद हो चाहे पढ़ाई लिखाई हो या व्यापार हो हर क्षेत्र में माताओ बहनों को प्रदेश सरकार के द्वारा 50% का आरक्षण दिया जा रहा है....
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सिंगरौली नगर निगम के सफाई कर्मियों ने नियमितिकरण सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन के बैनर तले नगर निगम निगमायुक्त को ज्ञापन सौंपा और अपनी मांगें पूरी करने की मांग की ... सफाई कर्मियों ने नगर निगम आयुक्त डी के शर्मा से मांग की है कि नगर पालिक निगम सिंगरौली में कार्यरत 177 दैनिक वेतन भोगी सफाई कर्मचारियों को स्थायीकर्मी में विनियमित घोषित किया जाये तथा 70 विनियमित सफाई कर्मचारियों को रिक्त चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियमित किया जाये। साथ ही सफाई कर्मियों हेतु तीन सौ आवासी भवन का निर्माण कराया जाये तथा मस्टर रोल पर सौ सफाई कर्मियों की नियुक्ति की जाये ... निगम आयुक्त के 10 दिन के आश्वासन के बाद निगम कर्मी काम पर लौटे ... सफाई कर्मचारियों ने बताया की 10 दिन में मांग पूरी नही होती है तो हम सभी सफाई कर्मी मोरबा नवजीवन विहार और बैढ़न तीनो जोनो के मिलाकर लगभग तीन सौ से जादा कर्मचारी पुनः हड़ताल पर जाएंगे ...
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श्रीनगर । पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान की फौज लगातार नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन कर भारतीय सेना को उकसाने की हरकत करने से बाज नहीं आ रही। भारतीय सेना के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान सेना की चौकियों की गोलीबारी का माकूल जवाब दिया गया। इस अधिकारी के अनुसार, 01-02 मई की रात पाकिस्तान की सेना ने नियंत्रण रेखा के पार जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश के कुपवाड़ा, बारामूला, पुंछ, नौशेरा और अखनूर क्षेत्रों में बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी की। भारतीय सेना के जवानों ने संयमित और उचित तरीके से जवाब दिया।भारतीय सेना के अनुसार, 30 अप्रैल और 01 मई की रात को भी पाकिस्तान सेना की चौकियों ने जम्मू और कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश के कुपवाड़ा, उरी और अखनूर के सामने नियंत्रण रेखा के पार बिना उकसावे के छोटे हथियारों से गोलीबारी शुरू की। भारतीय सेना ने तत्काल उचित जवाब दिया। 29-30 अप्रैल की रात भी पाकिस्तान के सैनिकों ने नौशेरा, सुंदरबनी और अखनूर सेक्टरों में छोटे हथियारों से अकारण गोलीबारी कर भारत की सेना को उकसाया। पाकिस्तान की तरफ से गोलीबारी की घटनाएं कश्मीर घाटी के बारामूला और कुपवाड़ा जिलों में एलओसी पर भी सामने आई हैं। जम्मू जिले के परगवाल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भी फायरिंग की गई।प्रारंभ में गोलीबारी कुपवाड़ा और बारामूला से शुरू हुई, जो बाद में पुंछ और अखनूर, फिर सुंदरबनी और नौशेरा तक फैल गई। इसके साथ ही परगवाल सेक्टर में भी गोलीबारी की खबरें आईं, जो पिछले सप्ताह के बाद अंतरराष्टीय सीमा पर पहली घटना मानी जा रही है। उल्लेखनीय है कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है। तब से पाकिस्तान एलओसी पर लगातार अकारण गोलीबारी कर रहा है। इसके मद्देनजर सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। इन क्षेत्रों के नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। तनावपूर्ण माहौल के बीच सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है।
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अब उत्तराखंड से लव जिहाद में प्रमिका की जान लेने का मामला सामने आया है ...जहाँ मुश्ताक अहमद ने पूजा विश्वास को अपने प्रेम जाल में फंसाया उसका इस्तेमाल किया और फिर उसे मौत के घाट उतार दिया ... उत्तराखंड के जनपद उधम सिंह नगर में भारत नेपाल सीमा से सटे खटीमा क्षेत्र में युवती की सर कटी लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया .. जाँच हुई तो मामला लव जिहाद का निकला ... लव जिहाद के इस मामले में पुलिस मुद्दे की बात को रफा दफा करने में लगी हैं ... सितारगंज के गौरीखेड़ा निवासी मुश्ताक अहमद ने नानकमत्ता निवासी 32 वर्षीय पूजा विश्वास को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसका दैहिक शोषण किया ... और हरियाणा में लिव इन रिलेशनशिप में उसके साथ रहने लगा ... इसी बीच मुस्ताक अपने घर आया और नवंबर 2024 में उसने दूसरी महिला से शादी कर ली। लिव इन रिलेशनशिप में रह रही पूजा को जब पता चला कि मुस्ताक ने दूसरी शादी कर ली है तो वह उसके घर पहुंची और उसने शादी का विरोध किया तो मामले में पंचायत भी हुई ... इसके बाद लव जिहादी को पूजा आपने रास्ते का कांटा लगने लगी तो उसने उसे मारने का प्लान बनाया और 16 नवंबर 2024 को मुश्ताक ने पूजा की गला काटकर हत्या कर दी और धड़ को चादर में लपेट कर तथा सिर को कट्टे में डालकर नहर में फेंक दिया। पूजा के परिजनों ने सितारगंज कोतवाली में पुत्री के लापता होने की सूचना दी, लेकिन पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज नहीं की ... पूजा की बहन पूर्मिला ने 19 दिसंबर 2024 को गुड़गांव सेक्टर तीन थाने में बहन की गुमशुदगी दर्ज कराई। हरियाणा पुलिस ने मामले की जांच करते हुए लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे मुश्ताक को पकड़ा तो बुधवार को लव जिहाद के इस मामले का खुलासा हुआ ...
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परासिया जनपद की मोठार गांव में लोग पीने के पानी की समस्या से काफी परेशान हैं इसको लेकर ग्रामीणों ने पंचायत मे जमकर हंगामा किया...जिसके बाद पंचायत में बैठकर पानी की समस्या को हल करने के लिए सरपंच के साथ बैठक हुई...जब सचिव को बुलाया गया तो सचिव ने आने के लिए मना कर दिया... मोठार ग्राम पंचायत में पम्पर एक महिला है...महिला ने सरपंच व सचिव को पाइप लाइन फूटने की शिकायत की थी पर सरपंच व सचिव की लापरवाही से ग्रामीणों को पानी नहीं मिल नहीं पा रहा...जिससे हंगामा किया गया...ग्रामीणों ने मोठार सचिव राजेश कुशवाहा को पंद्रह दिन का समय दिया है यदि पंद्रह दिन में पानी की समस्या हल नहीं हुई तो ग्राम पंचायत मोठार में ताला लगा दिया जाएगा...जिसकी जिम्मेदारी सरपंच व सचिव की होगी..
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ग्वालियर में एक 24 वर्षीय युवती के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है... पीड़िता का आरोप है की एक युवक ने उसके घर आकर उसके साथ जबरन संबंध बनाए...और उसकी मां को जान से मारने की धमकी दी..जिस पर पीड़ित खामोश रही...हाल ही में उसे पता लगा कि वह एक महीने की गर्भवती है...जिसके बाद उसने युवक के खिलाफ थाने में शिकायत की है... पीड़िता ग्वालियर की निवासी है...और वो एक इवेंट मैनेजर है...डेढ़ साल पहले वह उत्तर प्रदेश झांसी में एक इवेंट के लिए गई थी...वहां उसकी मुलाकात इवेंट कंपनी में काम करने वाले सरफराज खान से हुई...जो बिहार का है पर अभी ग्वालियर में रह रहा है.... दोनों ने कई इवेंट्स में एक साथ काम किया है...ऐसे में युवक का उसके घर पर आना-जाना था...पीड़िता का आरोप है की वह एक दिन घर पर अकेली थी तभी सरफराज उनके घर पहुंचा...और उसके साथ जबजस्ती की...बदनामी के डर से इवेंट मैनेजर चुप रही...कुछ दिन पहले जब उसे पता चला कि वह गर्भवती है....तो वो अपनी मां के साथ हजीरा थाना पहुंची और युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई...सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि युवती की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है....
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ग्वालियर जिला न्यायालय में पेशी पर आया वारंट और गिरफ्तारी पत्रक आरोपी कोर्ट कार्रवाई के दौरान मौक़े का लाभ उठा कर फरार हो गया...यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है.... सीएसपी यूनिवर्सिटी हिना खान ने बताया कि बहोड़ा पुर थाना पुलिस ने सुसेरा कोठी के रहने वाले स्थाई वारंटी आरोपी सोनू राठौर को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था...कोर्ट कार्रवाई के दौरान आरोपी मौका देखकर भाग निकला... जिस पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 262 के तहत मामला दर्ज कर लिया है... और आरोपी की तलाश कर दी है...
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ग्वालियर । बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में जन जागरूकता कार्यक्रम जारी है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने इस अभियान के तहत प्रभावी ढंग से जिलेभर में जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इस कड़ी में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला व बाल विकास विभाग एवं सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट संस्था द्वारा विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली निकाली गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र सिंह जादौन ने मंगलवार को बताया कि यह रैली ग्राम झंडापुरा, तिघरा रोड ग्वालियर में आयोजित हुई। जिसमें समुदाय की महिलाओं, आंगनबाडी कार्यकर्ता, सहायिका, स्वसहायता समूह की दीदियाँ व युवाओं ने भाग लिया। रैली के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही बाल विवाह की रोकथाम में अपनी भागीदारी निभाने की सभी प्रतिभागियों ने शपथ ली। रैली की शुरुआत के अवसर पर बाल विवाह के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया। साथ ही जानकारी दी गई कि बाल विवाह करना या कराना बाल विवाह निषेध अधिनियम (पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर, हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। साथ ही अपील की यदि किसी बालिका जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम एवं बालक जिसकी उम्र 21 वर्ष से कम हो और उनके विवाह की जानकारी मिले तो टोल फ्री नंबर 1098 व 100 नंबर पर सूचना दे सकते है साथ ही सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रखा जाता है। रैली में सेंटर फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट संस्था के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर राजेन्द्र सोनी, ब्लॉक समन्वयक, सफल युवा मण्डल के अध्यक्ष अरविन्द कुशवाह, महिला बाल विकास विभाग से संदीप श्रीवास्तव शामिल हुए।
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सागर । कलेक्टर संदीप जी आर के निर्देश पर एसडीएम अदिति यादव, तहसीलदार सुनील शर्मा, तहसीलदार हरीश लालवानी, एसडीओपी प्रकाश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में मंगलवार को सानौधा ग्राम पंचायत में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत तालाब किनारे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर संदीप जी आर ने बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सागर जिले के सभी तालाबों का सीमांकन किया जा रहा है एवं अतिक्रमण न हो इसके लिए पक्के मुनारे भी बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तालाबों के अतिक्रमण हटाने के साथ सीमांकन का कार्य एक साथ किया जा रहा है। एसडीएम अदिति यादव ने बताया कि कलेक्टर के निर्देश पर जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत सानौधा के तालाब के किनारे से अतिक्रमण हटाया गया इसी प्रकार सानौधा किला एवं मुख्य सड़क के आसपास से भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। आज की कार्यवाही में 15000 स्क्वायर फीट से अधिक की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया जिसकी शासकीय कीमत करीब एक करोड़ रुपये से अधिक की है।
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नरसिहंपुर । भारत सरकार की प्राईस सपोर्ट स्कीम के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2024 (विपणन वर्ष 2024- 25) के अंतर्गत फसल के लिए नीति जारी की है। जारी निर्देशों के अनुसार जिले में पंजीकृत किसानों से तुअर फसल का उपार्जन का कार्य 10 अप्रैल से प्रारंभ हो गया है, जो 10 जून तक की अवधि में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा तुअर फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7550 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। मध्य प्रदेश में पहली बार तुअर फसल उपार्जन का कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश में पहली तुअर खरीदी सेवा सहकारी समिति गाडरवारा द्वारा ग्राम चिरिया-कौंड़िया के कृषक निमेष बरुओले से की गई। उपार्जन केन्द्रों में अपनी तुअर उपज बेचने के लिए आने वाले किसानों का फूल- माला पहनाकर उनका स्वागत किया जा रहा है। जनसम्पर्क अधिकारी राहुल वासनिक ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि कृषि विभाग ने जिले के पंजीकृत किसान किसानों अपील की है कि वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ई- उपार्जन पोर्टल www.mpeuparjan.nic.in पर स्लॉट बुक कर अपनी तुअर फसल उपज का विक्रय कर सकते हैं। किसानों से अधिक से अधिक तुअर फसल उपार्जन के लिए पंजीयन करायें। जिले में अद्यतन स्थिति तक 907 किसानों द्वारा अपना पंजीयन कराया गया है। जिले में समर्थन मूल्य पर पंजीकृत किसानों से तुअर उपार्जन कार्य के लिए उपार्जन केन्द्र निर्धारित किये हैं। तहसील नरसिंहपुर के अंतर्गत सेन्ट्रल वेयर हाउस- सीडब्ल्यूसी कृषि उपज मंडी नरसिंहपुर सेवा सहकारी समिति धमना, तहसील करेली के अंतर्गत सेन्ट्रल वेयर हाउस- सीडब्ल्यूसी कठौतिया- सेवा सहकारी समिति लिंगा व कोशी वेयर हाउस बरमान- सेवा सहकारी समिति केरपानी, तहसील तेंदूखेड़ा के अंतर्गत कान्हा वेयरहाउस उमरपानी- सेवा सहकारी समिति ढिलवार, तहसील गोटेगांव के अंतर्गत सांई श्रृद्धा वेयरहाउस गोटेगांव- 8- सेवा सहकारी समिति जमुनिया, तहसील गाडरवारा के अंतर्गत एमपी डब्ल्यूएलसी कैम्पस गाडरवारा- सेवा सहकारी समिति गाडरवारा, प्रतीक वेयरहाउस पिठहेरा- सेवा सहकारी समिति कामती गोदाम के उपार्जन केन्द्रों में तुअर फसल का उपार्जन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
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हरियाणा के ढाणी बीरन गांव ने ऐतिहासिक पहल करते हुए बहू-बेटियों को घूंघट प्रथा से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है। गांव के बुजुर्ग धर्मपाल की अगुवाई में पंचायत ने यह निर्णय लिया कि अब किसी महिला पर घूंघट डालने का दबाव नहीं डाला जाएगा। जो भी इसका विरोध करेगा, उसके खिलाफ पंचायत में कार्रवाई होगी। सरपंच कविता देवी ने खुद घूंघट हटाकर इस बदलाव की अगुवाई की। इस पहल ने गांव में महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन में भागीदारी के लिए प्रेरित किया है। विरोध की कुछ आवाजों के बावजूद ढाणी बीरन ने सोच और परंपरा के बीच संतुलन बनाते हुए एक मिसाल कायम की है। यह कदम न केवल गांव, बल्कि पूरे प्रदेश में महिला सशक्तीकरण की दिशा में उम्मीद की किरण बना है।पिछले दिनों की एक रात। करीब रात आठ बजे का वक्त। ढाणी बीरन गांव की चौपाल पर बड़ी संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे इकट्ठा थे। धीमी हवाओं के बीच चारों तरफ टिमटिमाते दीयों और लालटेन की रोशनी के बीच माहौल में एक अजीब सी उत्तेजना थी। तभी बुजुर्ग धर्मपाल उठे और भारी आवाज में बोले, ''बेटी वह है जो हमारे घर को बढ़ाती है। हमारी बेटी भी किसी और के आंगन में रोशनी फैलाएगी। आज से हम प्रण लेते हैं कि किसी बहू-बेटी को यह नहीं कहेंगे कि घूंघट क्यों उतार रखा है। अगर कोई इसका विरोध करेगा तो पंचायत में उसके खिलाफ उचित निर्णय लिया जाएगा।''चौपाल में बैठे तमाम लोगों ने एक साथ दोनों हाथ उठाकर इस संकल्प का समर्थन किया। यह महज समर्थन नहीं था, यह सदियों पुरानी एक मानसिकता की बेड़ियों को तोड़ने का सामूहिक निर्णय था।कविता ने दिखाई राहः गांव की सरपंच कविता देवी अब तक की परंपरा के चलते घूंघट में थीं। पंचायत के फैसले के बाद धीमे-धीमे आगे बढ़ीं। फिर सबकी नजरों के सामने उन्होंने घूंघट को सिर से पीछे सरका दिया। वह सिर ऊंचा किए, गर्व से मुस्कुराती रहीं। मानो सदियों का एक बोझ उनकी मुस्कान के नीचे झरता जा रहा हो। कविता देवी के इस साहसिक कदम ने बाकी महिलाओं के भीतर भी ऊर्जा फूंकी। धीरे-धीरे कई और महिलाएं, जो सिर से पल्लू हटाने से झिझकती थीं, चौपाल में खड़ी होकर बिना घूंघट के सामने आईं। ढाणी बीरन में एक नई कहानी लिखी गई। वह है घूंघट से आजादी की कहानी।परंपरा या बंधन? ःहरियाणा जैसे राज्य में, जहां घूंघट को लंबे समय तक सम्मान और संस्कार की निशानी माना गया, वहीं दूसरी तरफ इस परंपरा ने महिलाओं की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास पर अक्सर अनदेखे पहरे भी लगाए। बहू-बेटियों को घरों में सीमित करना, सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी कम करना -ये सब पर्दा प्रथा के अदृश्य दुष्परिणाम रहे हैं। लेकिन ढाणी बीरन ने यह तय किया कि सम्मान का असली अर्थ नियंत्रण में नहीं, बल्कि बराबरी में है।बदलाव एक दिन में नहीं आताः गांव के बुजुर्ग धर्मपाल मानते हैं कि बदलाव अचानक नहीं आता। समझदारी से काम लेना होता है। अगर हम अपनी बहू-बेटियों को शिक्षा, रोजगार और निर्णय लेने का अवसर देना चाहते हैं, तो सबसे पहले हमें अपने सोच के पर्दे हटाने होंगे। इसी सोच ने पूरे गांव को एक नई दिशा दी। आज ढाणी बीरन के लोग न सिर्फ घूंघट उतारने की बात कर रहे हैं, बल्कि लड़कियों की पढ़ाई, महिलाओं की पंचायत में भागीदारी और आर्थिक आज़ादी को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।छोटी पहल, बड़ा असर ः सरपंच कविता देवी बताती हैं, ''पहले महिलाएं पंचायत की बैठक में भी परदे के पीछे से बोलती थीं। अब हम चाहती हैं कि बहनें-बहुएं खुलकर अपनी बात रखें। बेटी सिर्फ घर में चूल्हा जलाने के लिए नहीं है, वह गांव का भविष्य संवारने के लिए भी है।'' गांव में लड़कियों की स्कूल उपस्थिति बढ़ाने के लिए भी प्रयास हो रहे हैं। साक्षरता अभियान, स्वास्थ्य शिविर, और महिला सशक्तिकरण पर जागरूकता कार्यक्रमों की योजना भी बनाई जा रही है।विरोध की आहटः बेशक हर बदलाव का कुछ विरोध भी होता है। गांव के कुछ पुराने विचारों के लोग आज भी पर्दा प्रथा को छोड़ने में हिचकिचा रहे हैं। लेकिन जब धर्मपाल जैसे बुजुर्ग, जिनकी आवाज गांव में सम्मान के साथ सुनी जाती है, खुले मंच से इस पहल का समर्थन करते हैं, तो विरोध स्वतः कमजोर पड़ने लगता है। धर्मपाल मुस्कुराते हुए कहते हैं, ''अगर घर की लक्ष्मी खुद को बांधकर रखेगी तो घर कैसे समृद्ध होगा? उड़ने दीजिए बेटियों को, वे नया आकाश रचेंगी।''दूर तक जाएगी रोशनीः ढाणी बीरन की चौपाल पर जो दीप जलाया गया है, उसकी रोशनी सिर्फ इस गांव तक सीमित नहीं रहेगी। यह बदलाव दूसरे गांवों, कस्बों और जिलों के लिए भी एक मिसाल बनेगा। यह कहानी बताती है कि जब गांव का एक बुजुर्ग अपनी सोच बदलता है, जब सरपंच घूंघट उतारती है, जब महिलाएं डर छोड़कर मुस्कुराती हैं -तब असली क्रांति होती है। और शायद आने वाले वर्षों में कोई बच्ची ढाणी बीरन के चौपाल पर खड़े होकर यह कहेगी, ''मेरे गांव ने मुझे घूंघट नहीं, हौसला दिया था।''ढाणी बीरन का संकल्पः हम प्रण लेते हैं-किसी बहू-बेटी से घूंघट ना करने की आजादी छीनेंगे नहीं। महिलाओं को पंचायत, शिक्षा और रोजगार में बराबरी का अवसर देंगे। जो विरोध करेगा, उसके खिलाफ पंचायत में उचित निर्णय लिया जाएगा। ढाणी बीरन ने घूंघट नहीं, सोच का पर्दा हटाया है।
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'विमानन को कभी कुछ चुनिंदा लोगों का क्षेत्र माना जाता था, लेकिन उड़ान के आगमन के बाद अब यह बदल गया है। मेरा सपना है कि मैं हवाई चप्पल पहने हुए व्यक्ति को हवाई जहाज में उड़ते हुए देखूं।''-नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्रीइसी सत्ताईस अप्रैल को केंद्र सरकार की क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस)-'उड़ान' (उड़े देश का आम नागरिक) के आठ साल पूरे हुए हैं। मोदी सरकार ने 21 अक्टूबर 2016 को देश के आम नागरिकों के लिए उड़ान योजना की घोषणा की थी। इसकी पहली उड़ान 27 अप्रैल, 2017 को शिमला और दिल्ली के बीच संचालित हुई थी। तब से अब तक 625 उड़ान मार्ग चालू किए गए हैं। यह योजना पूरे भारत में 90 हवाई अड्डों (दो जल हवाई अड्डों और 15 हेलीपोर्ट सहित) को जोड़ती है। अब तक 1.49 करोड़ से अधिक यात्री किफायती क्षेत्रीय हवाई यात्रा से लाभान्वित हुए हैं। यही नहीं देश का हवाई अड्डा नेटवर्क 2014 में 74 हवाई अड्डों से बढ़कर 2024 में 159 हवाई अड्डों तक पहुंच गया। यह एक दशक में दोगुने से भी अधिक है। वंचित एवं दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण के रूप में 4,023.37 करोड़ रुपये वितरित किए गए। उड़ान ने क्षेत्रीय पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और व्यापार को मजबूत किया। इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिला।यह आंकड़े भारत सरकार के पत्र एवं सूचना कार्यालय (पीआईबी) से लिए गए हैं। पीआईबी ने 26 अप्रैल की विज्ञप्ति में उड़ान योजना पर विस्तार से चर्चा की है। विज्ञप्ति में कहा गया कि लंबे समय से आकांक्षाओं के प्रतीक के रूप में देखा जाने वाला आकाश कभी भारत में कई लोगों के लिए एक अप्राप्य सपना रहा है। इस अंतर को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने 21 अक्टूबर, 2016 को क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस)-उड़ान का शुभारंभ किया। यह प्रधानमंत्री के इस विजन पर आधारित है कि हवाई चप्पल पहनने वाला एक आम आदमी भी हवाई यात्रा करने में सक्षम होना चाहिए। उड़ान का उद्देश्य सभी के लिए उड़ान को सुलभ और किफायती बनाकर विमानन को बढ़ावा देना है। नागर विमानन मंत्रालय के माध्यम से इस प्रमुख योजना ने तब से भारत के क्षेत्रीय संपर्क परिदृश्य को बदल दिया है। आम नागरिक के लिए किफायती हवाई यात्रा का सपना 27 अप्रैल, 2017 को पहली उड़ान के साथ साकार हुआ। यह ऐतिहासिक उड़ान ने शिमला की शांत पहाड़ियों को दिल्ली के हलचल भरे महानगर से जोड़ा। भारतीय विमानन क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी यात्रा के साथ यह मील का पत्थर है।उड़ान की परिकल्पना राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति 2016 के तहत की गई थी। इसका लक्ष्य 10 साल तय किया गया, ताकि टियर-2 और टियर-3 शहरों को बाजार संचालित लेकिन वित्तीय रूप से समर्थित मॉडल के माध्यम से जोड़ा जा सके। सरकार की इस योजना ने एयरलाइनों को रियायतों और व्यवहार्यता अंतर निधि के माध्यम से क्षेत्रीय मार्गों पर परिचालन करने के लिए प्रोत्साहित किया। इससे किफायती किराया और बेहतर पहुंच सुनिश्चित हुई। इन उड़ानों का लैंडिंग और पार्किंग शुल्क माफ किया गया है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण इन उड़ानों पर टर्मिनल नेविगेशन लैंडिंग शुल्क नहीं लगाता है। केंद्र सरकार ने पहले तीन वर्ष तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल (पर उत्पाद शुल्क 2 प्रतिशत तक सीमित किया। राज्य सरकारों ने दस वर्षों के लिए आवश्यक सेवाएं कम दरों पर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दोहराई।इन आठ वर्षों में यह योजना कई चरणों से गुजरी है। पहली उड़ान के बाद पांच एयरलाइन संचालकों को 70 हवाई अड्डों के लिए 128 मार्ग आवंटित किए गए। इनमें 36 नए हवाई अड्डे भी शामिल हैं। 2018 में उड़ान 2.0 के तहत इसमें 73 कम जुड़ाव वाले और ऐसे क्षेत्र जिनसे जुड़ाव नहीं था उन हवाई अड्डों को शामिल किया गया। पहली बार हेलीपैड को भी उड़ान नेटवर्क से जोड़ा गया। अगले साल 2019 में उड़ान 3.0 के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय के समन्वय से पर्यटन मार्ग शुरू किए गए। जल हवाई अड्डों को जोड़ने के लिए समुद्री विमान परिचालन को शामिल किया गया । पूर्वोत्तर क्षेत्र के कई मार्गों को इस योजना से जोड़ा गया। 2020 में उड़ान 4.0 में पहाड़ी क्षेत्रों, पूर्वोत्तर राज्यों और द्वीप क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया। हेलीकॉप्टर और समुद्री विमान सेवा पर अधिक जोर दिया गया।अक्टूबर 2025 में उड़ान ने अपने 9वें वर्ष के प्रवेश में इस योजना ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की। इस यात्रा को अधिक समावेशी बनाने के दृष्टिकोण के अनुरूप कोलकाता और चेन्नई हवाई अड्डों पर किफायती यात्री कैफे शुरू किए गए। यहां 10 रुपये में चाय और 20 रुपये में समोसा मिलता है। इसमें कृषि उड़ान योजना से चार चांद जड़े। किसानों को सहायता प्रदान करने और कृषि-उत्पादों के लिए मूल्य प्राप्ति में सुधार करने के लिए बनाई गई कृषि उड़ान विशेष रूप से पूर्वोत्तर, पहाड़ी तथा आदिवासी क्षेत्रों से समय पर और लागत प्रभावी हवाई रसद की सुविधा प्रदान करती है। यह बहु-मंत्रालय योजना वर्तमान में 58 हवाई अड्डों को कवर करती है। केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 नए हवाई अड्डे विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसमें बिहार में नए ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे, पटना हवाई अड्डे का विस्तार और बिहटा में ब्राउनफील्ड हवाई अड्डे का विकास शामिल है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा और क्षेत्रीय विकास की भविष्य की मांग को पूरा करना है। सरकार का मानना है कि उड़ान नीति भर नहीं है। यह एक परिवर्तनकारी आंदोलन है। उड़ान ने भारत और इंडिया के बीच दूरी को समाप्त कर लाखों लोगों के लिए सस्ती हवाई यात्रा के सपने को साकार किया है। इसने न केवल दूरदराज के क्षेत्रों को राष्ट्रीय विमानन मानचित्र पर ला दिया है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दिया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ पूरे देश में रोजगार का सृजन किया है।
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कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था बड़ा दी गई है....भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं.... और सीमावर्ती क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है....भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल ने सुरक्षा की दृष्टि से गश्त तेज कर दी है.... कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद नेपाल से भारत आने-जाने वाले लोगों की गहन तलाशी ली जा रही है.... बिना पहचान पत्र के किसी को भी सीमा पार करने की अनुमति नहीं दी जा रही...कुछ स्थानो पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती कर दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है....नेपाल से लगती खुली सीमा का फायदा उठाकर आतंकियों के भारत में प्रवेश की आशंका को देखते हुए....सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं....स्थानीय प्रशासन भी सतर्क है और सीमावर्ती गांवों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है...वहीं खुफिया एजेंसियां भी नेपाल के रास्ते संभावित घुसपैठ को लेकर निगरानी बनाए हुए हैं...
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भोपाल । संस्कृति बचाओ मंच ने अमरनाथ यात्रा के बहिष्कार की अपील की है, जिससे सनातन धर्मियों से अगले तीन वर्षों तक इस यात्रा से दूर रहने की अपील की जा रही है। मंच का तर्क है कि कुछ कश्मीरी लोग जो यात्रा के दौरान रोजगार पाते हैं, वे आतंकवाद में शामिल हैं और सनातन धर्मियों के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। इसलिए यात्रा बंद कर देनी चाहिए। एक तरफ वे यात्रा बंद करने की बात कह रहे हैं, तो दूसरी ओर उनकी इस बात का विरोध संत समाज एवं हिन्दू विद्वानों किया है। उनका कहना है कि सदियों से अपने आराध्य भगवान महादेव के हिमशिव लिंग के दर्शन के लिए हमारे पूर्वजों ने अनेकों कष्ट सहे, पर यात्रा सदैव होती रही है, ऐसे में आतंकवाद से डर कर यह यात्रा बंद नहीं होनी चाहिए, बल्कि पहले से अधिक यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाए जाना चाहिए। दरअसल, मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने रविवार काे एक बयान जारी कर कहा कि सनातन धर्मियों को अगले तीन वर्षों तक अमरनाथ यात्रा से दूरी बनानी चाहिए, ताकि उन कश्मीरी लोगों का रोजगार छीना जा सके, जो हमारी आस्था के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। जिन कश्मीरियों को श्रद्धालुओं की सेवा से रोजगार मिलता है, वही कुछ लोग आतंकवादियों का सहयोग कर रहे हैं। उन्हाेंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान जिन लोगों को घोड़े, पिट्ठू और सेवा प्रदाता जैसे रोजगार मिलते हैं, उनमें से कुछ ने आपात स्थिति में सनातन धर्मियों की मदद करने के बजाय आतंकवादियों का समर्थन किया है। मंच का मानना है कि यात्रा का बहिष्कार करके, वे इन लोगों को उनके कार्यों का एहसास करा सकते हैं और आतंकवाद को समर्थन देने वालों को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। चंद्रशेखर तिवारी ने तीखे शब्दों में कहा कि "हमारे धर्म में हर कण में भगवान का वास है। अमरनाथ यात्रा के नाम पर उन लोगों को रोजी-रोटी देना, जो आतंकियों के साथ मिलकर हिंदुओं की हत्या में मदद कर रहे हैं, यह अक्षम्य है। अब समय आ गया है कि हम उनका रोजगार छीनकर उन्हें उनकी करतूतों का अहसास कराएं।" वहीं, पंडित शिवराज शास्त्री ने भी मंच का समर्थन करते हुए कहा, "वहां का पूरा अर्थतंत्र अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा पर निर्भर है। अगर हम यात्रा रोक देंगे, तो आतंकवाद को छिपकर समर्थन देने वालों को सबसे बड़ा झटका लगेगा। हमने अपनी तरफ से 15 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है और अन्य सनातनियों से भी ऐसा करने की अपील करते हैं। इसके बाद जब संतों एवं अन्य हिन्दू समाज संगठन से इस बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि यात्रा हमारे ऋषियों ने कभी बंद नहीं की तो हम यह कैसे करने के बारे में सोच सकते हैं? रामानंदी संप्रदाय के संत एवं प्राचीन हनुमान मंदिर छोटा तालाब के महंत श्रीरामदास त्यागी एवं प्रदेश अध्यक्ष हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस के प्रदेश अध्यक्ष एवं धारा भोजशाला के मुख्यवादी आशीष जनक ने कहा कि ये बेकार की बातें करनेवालों को चुप करा देना चाहिए। बाबा अमरनाथ हमारी आस्था हैंं, उस आस्था के मुख्य केंद्र हैं। विधर्मी इस्लामिक जिहादी तो चाहते ही यही हैं, तो क्या हमें उनकी मंशा पूरी करनी चाहिए? उन्होंने कहा, जिस प्रकार धर्म पूछकर गोली मारी गई, वैसे ही सरकार को चाहिए कि अमरनाथ यात्रा में या फिर वैष्णोदेवी यात्रा में सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रदेश दिया जाए जो हिन्दू सनातनी हैं। इसके अलावा अन्य विधर्मियों को उससे दूर रखा जाए, आशीष जनक का तर्क है कि जब उनकी आस्था ही भगवान पर, हमारे देवताओं पर नहीं है, तब फिर उनका हमारी धार्मिक यात्राओं में क्या काम ? व्यापार के नाम पर जो इन्हें प्रवेश दे दिया जाता है अब समय आ गया है उससे इन्हें दूर किया जाए। उनका कहना है कि अभी जितने रजिस्ट्रेशन बाबा अमरनाथ गुुुफा के लिए हुए हैं, आतंकी घटना होने के बाद उस रजिस्ट्रेशन में अब कई गुना वृद्धि हो जानी चाहिए, आतंकवादियों को यह संदेश जाना चाहिए कि हिन्दू सनातन समाज इस्लामिक आतंकियों से डरता नहीं है। आचार्य भरत दुबे, पं. राकेश शास्त्री, भागवत एवं ज्योतिषाचार्य पं. ब्रजेश दुबे से जब इस संबंध में जानना चाहा तो उनका कहना भी यही था कि अधिक से अधिक हिन्दू श्रद्धालुओं को बाबा अमरनाथ के दर्शन करने जाना चाहिए, इनका कहना यह भी था कि जब आत्मा अजर-अमर अविनाशी है, फिर हिन्दू धर्म में पैदा होने से मरने से क्या डरना। मृत्यु तो किसी भी रूप में कभी भी आ सकती है। इसलिए हिन्दू समाज को बड़ी संख्या में अमरनाथ यात्रा में पहुंचकर आतंंकवादियों को यह कड़ा संदेश देना चाहिए कि वह अपने मंसूबो में कभी सफल नहीं होनेवाले हैं।
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आलीराजपुर । मध्य प्रदेश के आदिवासी बहुल जिले अलीराजपुर के जिला चिकित्सालय शनिवार को महकमे का अमानवीय चेहरा सामने आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरझर से जिला अस्पताल रेफर की गई एक प्रसूता को नवजात के साथ करीब तीन घंटे तक जमीन पर लेटना पड़ा। दरअसल, यहां मौजूद चिकित्सक और कर्मचारियों ने बेड खाली न होने की बात कही थी, जिस पर महिला भीषण गर्मी में मासूम बेटी के साथ बरामदे में ही फर्श पर ही लेटी रही। बाद में सीएमएचओ देवेंद्र सुनहरे को जानकारी मिली तो उन्होंने प्रसूता को भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार, अंजुड़ी पत्नी वनसिंह की शनिवार सुबह बरझर के शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति हुई थी। यहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों ने बताया कि नवजात की सेहत ठीक न होने पर प्रसूता व बच्चे को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। दोपहर करीब तीन बजे वे प्रसूता व बच्चे को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। बच्चे की स्थिति खराब होने पर भी यहां मौजूद अमले ने बेड खाली न होने की बात कहकर तत्काल भर्ती करने में असमर्थता जता दी। परिजनों बताया कि कोई सुनवाई न होने पर बेड खाली होने तक महिला को जमीन पर ही लिटा दिया गया। मामले में सीएमएचओ देवेन्द्र सुनहरे ने बताया कि जिला अस्पताल में बेड की कमी है। इस कारण यह स्थिति बनी है। महिला को भर्ती कर लिया गया है। जिला अस्पताल फिलहाल 100 बिस्तरीय है। शासन ने 100 बेड की और स्वीकृति दी है, जिसके भवन का काम परिसर में चल रहा है।
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देवास के कांटाफोड़ से अस्पताल की लापरवाही का मामला सामने आया है...यहां जब एक्सीडेंट में घायल दो युवतियों और एक बॉडी को लाया गया तो अस्पताल में कोई डॉक्टर ही नहीं थे...जिसके बाद एक लोहरदा में पदस्थ एक वॉर्ड बॉय और एक नर्स के भरोसे प्राथमिक उपचार किया गया... देवास के कांटाफोड़ में एक अज्ञात चार पहिया वाहन की टक्कर से एक व्यक्ति की मौत हो गई वहीं अन्य दो युवतियां घायल हो गईं तीनों को जब कांटाफोड़ अस्पताल ले जा गया तो डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिले...जिसके बाद लोहारदा में पदस्थ एक वार्ड बॉय को बुलाया गया उसके साथ ही एक नर्स के भरोसे इलाज करना पड़ा साथ ही घायलों को इलाज के लिए 100 किलोमीटर दूर देवास हॉस्पिटल रेफर करना पड़ा...जब डॉ पीयूष नागौर से इस विषय में बात की गई तो उन्होंने बताया गया कि आज मेरा डे ऑफ है....
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सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी के पेंच टाइगर रिजर्व के के रूखड़ परिक्षेत्र में गश्ती दल को शनिवार सुबह एक बाघिन का शव मिला है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति में अंतिम संस्कार की कार्यवाही की गई। शव परीक्षण के दौरान बाधिन के चारों पंजे व तीन केनाइन दांत नहीं पाये गए। वही पेंच पार्क प्रबंधन इस मामले में जांच में जुट गया है। पेच टाइगर रिजर्व के उपसंचालक रजनीश सिंह ने बताया कि पार्क के वफर क्षेत्र के परिक्षेत्र रुखड में गश्ती दल को शनिवार सुबह मासूरनाला नामक नाले में किसी प्राणी के शव की बदबू आई। बदबू के स्थान की ओर बढ़ते हुए पाया की बदबू जिस जगह से आ रही थी वह एक गहरी खाई के जैसी जगह थी। उस खाई के नीचे पहुंचने पर नाले की रेत में दबा हुआ बाघ का शव दिखा। शव का लगभग एक तिहाई हिस्सा रेत के बाहर था एवं शेष दो तिहाई रेत के अंदर था। मृत बाघ के शव का टाइगर रिजर्व के फोटो डेटाबेस से मिलान से ज्ञात हुआ है कि यह मादा बाघ है और पहली बार वर्ष 2016 में वयस्क बाघिन के रूप में कैमरा ट्रैप में पहचानी गई थी एवं हमारे डेटाबेस में इसे पीएन 42 क्रमांक दिया गया था। वर्ष 2016 में इसकी उम्र लगभग 2 से 3 साल थी इस अनुमान से यह वर्तमान में 12 या अधिक वर्ष आयु की थी। वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अखिलेश मिश्रा के नेतृत्व में दल द्वारा एनटीसीए एसओपी अनुरूप ने उक्त बाघिन के शव का परीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान किसी भी प्रकार के जहर खुरानी, करंट या गोली लगने के साक्ष्य शरीर पर नहीं पाए गए। प्रथम दृष्टया बाघिन की मृत्यु प्राकृतिक रूप से हुई होगी किंतु मृत बाघिन के शव को देखकर वन क्षेत्र में प्रवेश करने वाले कतिपय व्यक्तियों ने उसके चारों पंजे कुल्हाड़ी या अन्य धारदार हथियार से काट लिए एवं तीन केनाइन दांत भी उखाड़ लिए। पोस्टमार्टम के उपरांत एनटीसीए के प्रोटोकॉल के अनुसार क्षेत्र संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व, उपसंचालक, पेंच टाइगर रिजर्व एवं भस्मीकरण समिति के अन्य सदस्यों के समक्ष शव का दाह संस्कार किया गया। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है। पार्क प्रबंधन ने की दस हजार रूपये इनाम की घोषणा क्षेत्र संचालक, पेंच टाइगर रिजर्व देवप्रसाद ने उक्त बाघिन के पंजों को काटने वाले और दांत निकलने वाले आरोपियों के बारे में पुख्ता सूचना देने पर 10000 रूपये के इनाम की घोषणा की है। यदि किसी भी व्यक्ति को इस बाबत पुख्ता सूचना हो तो वह मोवाईल नंबर 7447443015 पर उक्त आरोपियों के बारे में सूचना दें सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद गृह मंत्रालय के आदेश पर....पाकिस्तान वीजा डिप्लोमेटिक वीजा, लॉन्ग टर्म वीजा और ऑफिशियल वीजा को छोड़कर बाकी अन्य तरीके के वीजा 27 अप्रैल के बाद निरस्त माने जाएंगे...इसके चलते देश भर में पाकिस्तानियों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई भोपाल में भी कार्रवाई जारी है... भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने जानकारी देते हुए बताया कि...पाकिस्तानी वीजा के सम्बन्ध में गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद भोपाल में भी तत्काल प्रभाव लागू किया गया है... जिनका शॉर्ट टर्म वीजा है उन्हें 27 अप्रैल तक हर हालत में देश छोड़ना पड़ेगा... मेडिकल वीजा वालों को 29 अप्रैल तक का समय दिया गया है....अगर 27 अप्रैल के बाद भी देश नहीं छोड़ा तो पासपोर्ट अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी....
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नई दिल्ली । देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का सितम जारी है। शुक्रवार को ब्रह्मपुरी (विदर्भ) में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार जम्मू, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वोत्तर और पश्चिमी राजस्थान, उत्तरी मध्य प्रदेश, विदर्भ, समीपवर्ती मराठवाड़ा, पूर्वोत्तर झारखंड, पश्चिमी गंगा के तटीय क्षेत्र, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 3-5 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया। विदर्भ में कुछ स्थानों पर लू की स्थिति बनी हुई है। उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली में भी कुछ स्थानों पर लू चली है। मौसम विभाग के अऩुसार अगले तीन दिनों तक गर्मी का सितम इसी तरह जारी रहेगा। शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 41.9 दर्ज किया और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री दर्ज किया गया। शनिवार को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल के साथ 30 किमी प्रति घंटा रफ्तार से हवाए चल सकती है। दिल्ली के कुछ स्थानों पर हीट वेव की संभावना है। दिल्ली का अधिकतम तापमान 41 से 43°C और न्यूनतम तापमान 23 से 25°C के बीच रहने की संभावना है। इसी तरह रविवार को भी कमोवेश ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अरुणाचल प्रदेश, उत्तर-पूर्व असम, निकोबार द्वीप समूह में अधिकतम तापमान 3-5 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है। उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में 1-2 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है और देश के बाकी हिस्सों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है।
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नई दिल्ली ।इंडियन प्रीमियर लीग 2025 (आईपीएल) में गुरुवार को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और राजस्थान रॉयल्स के बीच हुए मुक़ाबले के बाद सर्वाधिक रन बनाने वालों और विकेट लेने वालों की सूची में कई बदलाव हुए। साई सुदर्शन शीर्ष पर कायम, कोहली दूसरे स्थान पर पहुंचे गुजरात टाइटंस के युवा बल्लेबाज बी. साई सुदर्शन 417 रन बनाकर अब भी पहले स्थान पर बने हुए हैं। उन्होंने आठ मैचों में 52.12 की औसत और 152.18 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। वहीं, विराट कोहली ने लगातार दूसरा अर्धशतक जमाते हुए ऑरेंज कैप की दौड़ में लंबी छलांग लगाई है। राजस्थान के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 70 रन बनाए और अब उनके नाम नौ पारियों में 392 रन हो गए हैं। निकोलस पूरन खिसके, सूर्यकुमार चौथे नंबर पर लखनऊ सुपर जायंट्स के निकोलस पूरन ने प्रतियोगिता की शुरुआत धमाकेदार अंदाज़ में की थी और काफी मैचों तक सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने रहे। लेकिन हाल के मुकाबलों में खराब फॉर्म की वजह से अब वह तीसरे स्थान पर खिसक गए हैं। उनके नाम 377 रन हैं। मुंबई इंडियंस के सूर्यकुमार यादव इस सत्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने हर मैच में उपयोगी योगदान दिया है और अब 373 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं। पर्पल कैप की दौड़: हेज़लवुड ने पकड़ी रफ्तार गुजरात टाइटंस के तेज़ गेंदबाज़ प्रसिद्ध कृष्णा अब भी सर्वाधिक विकेट लेकर पर्पल कैप धारक हैं। उन्होंने आठ मैचों में 16 विकेट लिए हैं। लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के जोश हेज़लवुड ने राजस्थान के खिलाफ 4 विकेट लेकर 16 विकेट पूरे कर लिए हैं। हालांकि उनकी रनगति (इकोनॉमी रेट) अधिक होने के कारण वह दूसरे स्थान पर हैं। 12 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की होड़ प्रसिद्ध कृष्णा और जोश हेज़लवुड के बाद सात गेंदबाज ऐसे हैं जिनके नाम 12-12 विकेट हैं। इनमें आरसीबी के क्रुणाल पांड्या (2 विकेट बनाम राजस्थान) नया नाम हैं। अन्य गेंदबाजों में गुजरात टाइटंस के आर. साई किशोर और मोहम्मद सिराज, चेन्नई सुपर किंग्स के नूर अहमद, दिल्ली कैपिटल्स के कुलदीप यादव, मुंबई इंडियंस के हार्दिक पांड्या और लखनऊ सुपर जायंट्स के शार्दुल ठाकुर शामिल हैं। इनमें सबसे किफायती गेंदबाज़ कुलदीप यादव हैं – 6.50 की रनगति के साथ, जबकि नूर अहमद 7.66 के रनगति के साथ दूसरे स्थान पर हैं।
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रायसेन । बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में नागरिकों को बाल विवाह नहीं कराने के प्रति जागरूक करने के लिए शुक्रवार को कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक पंकज पाण्डे तथा जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र बघेल द्वारा जागरूकता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। एक्सेस टू जस्टिस प्रोग्राम की जिले में सहयोगी संस्था कृषक सहयोग संस्थान द्वारा तैयार कराया गया यह जागरूकता रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर नागरिकों को बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बाल विवाह कराने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। कलेक्टर विश्वकर्मा ने कहा कि बाल विवाह अब सिर्फ सामाजिक बुराई नहीं कानूनन अपराध भी है। यह रथ बाल विवाह के कानूनी और सामाजिक दुष्परिणामों की जानकारियां देकर लोगों को जागरूक करेगा। पुलिस अधीक्षक पंकज पाण्डे ने कहा कि बाल विवाह कराने या बाल विवाह में शामिल होने पर दो साल की सजा या एक लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। यदि कहीं बाल विवाह होने की संभावना या सूचना प्राप्त हो तो प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस या चाईल्ड लाइन नम्बर पर जानकारी दी जा सकती है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार, कृषक सहयोग संस्थान के निदेशक डॉ एचबी सेन भी उपस्थित रहे।
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इटावा । उत्तर प्रदेश के इटावा जनपद में स्थित सफारी पार्क में बब्बर शेरनी रूपा ने तीन शावकों को जन्म दिया है। नवजात तीनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ्य है। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से शेरनी रूपा और नवजात शावकों के स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर पशुपालन विभाग और सफारी पार्क के अधिकारी निगरानी रख रहे हैं। इटावा सफारी पार्क में बब्बर शेरो की संख्या 21 हो गई है।सफारी पार्क के निदेशक डॉक्टर अनिल पटेल ने सोमवार को बताया कि सफारी पार्क के बब्बर शेर प्रजनन केंद्र में बीते 26 जून 2019 को जन्मी बब्बर शेरनी रूपा ने आज तीसरी बार तीन शावकों जन्म दिया है। उन्होंने बताया कि बब्बर शेरनी रूपा की मीटिंग गुजरात से आए बब्बर शेर कान्हा से 5 जनवरी को हुई थी। उन्होंने बताया कि शेरनी रूपा के प्रसव की सम्भावित तिथि 17 से 21 अप्रैल होने के कारण सफारी प्रशासन उस नजर रख रहा था। शेरनी रूपा ने देर रात पहले शावक को 12.35 पर, दूसरे शावक काे 1.42 पर तथा तीसरे शावक को सुबह 5.59 मिनट पर जन्म दिया है। शेरनी रूपा और तीनों नवजात शावक स्वस्थ्य है। शेरनी रूपा शावकों की पूर्ण रूप से देखभाल की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व 3 सितंबर 2023 को शेरनी रूपा ने एक शावक को जन्म दिया था, जिसे शेरनी के दूध न पिलाए जाने के कारण कीपर एवं वन्यजीव चिकित्सकों ने हैण्ड फीडिंग कराई गई थी, जो अब डेढ़ वर्ष का हो गया है। इससे पूर्व सफारी पार्क की एक अन्य शेरनी रूपा की मां जेसिका ने वर्ष 2016 में दो नर शावक सिम्बा व सुल्तान, वर्ष 2017 में नर शावक बाहुबली, वर्ष 2019 में दो मादा व एक नर शावक रूपा, सोना और भारत तथा वर्ष 2020 में दो मादा शावक गार्गी व नीरजा को जन्म दिया था। इसके अतिरिक्त सफारी पार्क की दिवंगत शेरनी जेनिफर जो 25 सितंबर 2020 को गुजरात से लाई गई थी तथा जिसकी मां जेसिका है, ने वर्ष 2020 में नर शावक केसरी तथा अगस्त 2022 में एक नर शावक विश्वा को जन्म दिया। निदेशक ने बताया कि यहां पर पैदा हुई बब्बर शेरनी नीरजा ने भी मार्च 2025 में तीन शावकों को जन्म दिया था। जो वर्तमान में एक माह से अधिक के हो चुके है। इस प्रकार सफारी में तीनों नवजात शावकों के अतिरिक्त कुल 16 शावकों ने जन्म लिया है। उन्होंने बताया कि तीनों नवजात शावकों और बब्बर शेरनी रूपा की विशेष देखभाल पशु चिकित्सकों की टीम के द्वारा की जा रही है। सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से शेरनी रूपा एवं नवजात तीनों शावकों के स्वास्थ्य एवं व्यवहार पर पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश के डॉक्टर आरके सिंह, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सफारी पार्क के वन्यजीव चिकित्सक डॉक्टर रॉबिन यादव और डॉक्टर शैलेन्द्र सिंह के द्वारा सतत निगरानी रखी जा रही है।
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आलीराजपुर/ सिंगराैली । मध्य प्रदेश में साेमवार का दिन सड़क हादसाें के नाम रहा। रायसेन और नीमच के बाद अलीराजपुर और सिंगराैली में हुए दाे अलग-अलग सड़क हादसाें में दाे लाेगाें की माैत हाे गई, जबकि करीब 20 लाेग घायल हुए हैं। आलीराजपुर में सड़क किनारे खड़ी ईको कार को एक क्रेटा कार ने टक्कर मार दी। हादसे में ईको कार सवार दो लोगों की मौत हो गई और छह लोग घायल हैं। वहीं सिंगराैली में छतकर्म गांव के पास बारातियों से भरी पिकअप गाड़ी पलट गई। हादसे में 14 लोग घायल हो गए। दाेनाें ही माममाें में पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार पहला मामला अलीराजपुर जिले का है। यहां धार जिले के आली गांव में रहने वाले कुछ लोग साेमवार सुबह शादी समारोह से लौट रहे थे। इस दाैरान सुबह करीब आठ बजे उमराली चौकी क्षेत्र में प्यास लगने पर उन्होंने अपनी ईको कार को सड़क किनारे रोका। इसी दौरान सामने से तेज गति से आ रही गुजरात नंबर की क्रेटा कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ईको कार पलटकर खेत में जा गिरी। क्रेटा कार के भी परखच्चे उड़ गए। हादसे में 50 वर्षीय प्रताप नानला और 40 वर्षीय निर्मला अजय की माैत हाे गई। चौकी प्रभारी शिव तोमर ने घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस को बुलाया। सभी घायलों को आलीराजपुर के जिला अस्पताल भेजा। यहां उनका इलाज जारी है। मृतक और घायल सभी धार जिले की कुक्षी तहसील के रहने वाले हैं। बारातियों से भरी पिकअप पलटी, 14 लोग घायल वहीं दूसरा मामला सिंगरौली जिले का है। यहां सोमवार सुबह 11 बजे छतकर्म गांव के पास बारातियों से भरी पिकअप गाड़ी पलट गई। हादसे में 14 लोग घायल हो गए। माडा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा के अनुसार, करीब 30 बाराती करकोसा गांव से धनहरा गए थे। वापसी के दौरान वाहन अनियंत्रित हो गया, जिससे हादसा हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को एंबुलेंस और निजी वाहनों से बैढ़न के ट्रॉमा सेंटर भेजा। घायलों में से दो की स्थिति गंभीर है। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।
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रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सेमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरदुआ में एक तेज रफ्तार बस बाइक को टक्कर मारने के बाद अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार पांच यात्री घायल हो गए। सूचना मिलते पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य करते हुए बस में फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया है। जानकारी के अनुसार, रीवा से यात्रियों को लेकर बस सेमरिया जा रही थी। रविवार शाम करीब चार बजे ग्राम हरदुआ के पास ओवरटेक करने के चक्कर में बाइक को टक्कर मारने के बाद बस पलट गई और यह हादसा हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर सेमरिया थाना पुलिस पहुंची। पुलिस ने बस में फंसे हुए यात्रियों को बाहर निकाला और घायलों को एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि तेज रफ्तार के कारण यह हादसा हुआ। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
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जबलपुर । भारतीय रेलवे के समर्पित लोको पायलट भारतीय रेल परिचालन व्यवस्था की रीढ़ हैं, जो देशभर में यात्री एवं मालगाड़ियों को सुरक्षित, समयबद्ध एवं कुशलता से उनके गंतव्य तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके कार्य वातावरण को और अधिक सहज, सुरक्षित और सुविधा युक्त बनाने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन द्वारा अनेक पहलें की जा रही हैं, जिसमें पश्चिम मध्य रेलवे अग्रणी भूमिका निभा रहा है। रेलवे द्वारा लोकोमोटिव्स की केबिनों को एर्गोनोमिक सीटों और आधुनिक तकनीकों से युक्त कर उन्हें "क्रू फ्रेंडली" बनाया जा रहा है। पश्चिम मध्य रेलवे के तहत 858 लोकोमोटिव्स को क्रू-फ्रेंडली कैबिन के रूप में विकसित करने की दिशा में सतत कार्य जारी है। लोको पायलटों की दक्षता और प्रतिक्रिया समय को बेहतर बनाने के लिए सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। रनिंग स्टाफ के लिए विशेष सुरक्षा सेमिनार, परिवारों के साथ संवाद और परामर्श शिविर आयोजित किए जा रहे हैं ताकि उनके मानसिक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और सतर्कता में सुधार हो सके।भारतीय रेलवे के सभी नए लोकोमोटिव्स में शौचालय की सुविधा सुनिश्चित की जा रही है और पुराने इंजनों में रेट्रोफिटिंग के माध्यम से यह सुविधा जोड़ी जा रही है। डिज़ाइन में आवश्यक संशोधन कर इन्हें अधिक उपयोगी बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, भारी ट्रैफिक वाले मार्गों पर नए रनिंग रूम स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे रनिंग स्टाफ को विश्राम के लिए पर्याप्त समय मिल सके और उनकी कार्य अवधि में भी संतुलन बना रहे।वर्तमान तकनीकी प्रगति के अनुरूप, फॉग सेफ्टी उपकरण, ड्राइवर अलर्ट सिस्टम, ‘कवच’ तकनीक और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम जैसी सुविधाओं से लोको पायलटों को कोहरे या विषम परिस्थितियों में भी सुरक्षित संचालन में सहायता मिल रही है। इसके अलावा, ऑनबोर्ड सुविधाओं, वॉकी-टॉकी संचार व्यवस्था और स्टेशनों पर नाश्ते तथा टॉयलेट ब्रेक की सहूलियत ने लोको पायलटों की कार्य संतुष्टि में वृद्धि की है। विभिन्न श्रेणियों की ट्रेनों — जैसे मालगाड़ी, पैसेंजर, मेल,एक्सप्रेस एवं मेट्रो,सबअर्बन सेवाओं, में कार्यरत लोको पायलटों को शेड्यूल के अनुसार विश्राम और सुविधा का ध्यान रखा जाता है। स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव के समय वे शौचालय एवं नाश्ते की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं और इस दौरान स्टेशन स्टाफ भी पूरा सहयोग प्रदान करता है।
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ग्वालियर । अक्षय तृतीया एवं अन्य मुहूर्त पर आयोजित होने वाले सामूहिक विवाह एवं एकल विवाह समारोह में बाल विवाह रोकने एवं जागरूक करने तथा होने वाले बाल विवाह को रोकने के लिये कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा उड़नदस्ते गठित किए हैं। उन्होंने रविवार को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत कानूनी कार्यवाही करने के उद्देश्य से विकासखण्ड स्तर से लेकर ग्राम स्तर तक बाल विवाह रोको "उडन दस्तों" का गठन किया है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि उड़नदस्तों में शामिल अधिकारी एवं कर्मचारियों को पूरी गंभीरता के साथ सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए हैं। ये सभी दल परस्पर समन्वय स्थापित कर संबंधित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित होने वाले एकल विवाह व सामूहिक विवाह साम्मेलनों में निगरानी करेगें। यदि बाल विवाह का कोई भी प्रकरण पाया जाता है तो तत्काल कार्यवाही कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करेंगे। जिसकी एक प्रति जिला कार्यकम अधिकारी महिला एवं बाल विकास को देना होगी। बाल विवाह रोको उडनदस्ता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस), तहसीलदार, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं महिला बाल विकास विभाग के संबंधित सेक्टर पर्यवेक्षक शामिल किए गए हैं। वहीं, ग्राम स्तर पर बाल विवाह रोकने के लिए गठित उड़नदस्ता में शासकीय हायर सेकेण्डरी व हाई स्कूल के प्राचार्य, माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक, ग्राम पंचायत के सरपंच, पंच व सचिव, आगनवाडी व कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता, स्वसहायता समूह व शौर्यादल के सदस्य एवं संबंधित क्षेत्र के पुलिस बीट प्रभारी शामिल किए गए हैं।
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रीवा में बाणसागर परियोजना के तहत कंप्यूटर ऑपरेटर की पोस्ट पर नियुक्त एक महिला की जगह उसका पति सालों से नौकरी कर रहा था... जिससे विभाग को 55 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ....जांच में घोटाला साबित होने पर पुलिस ने पति-पत्नी दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है... बाणसागर परियोजना के क्योंटी नहर संभाग में निविदा प्रणाली के माध्यम से दुर्गेश गुप्ता को कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया था.... लेकिन दुर्गेश गुप्ता की जगह उसका पति संतोष गुप्ता सालों से विभाग में काम करता रहा था .... इस दौरान विभाग को करीब 55 लाख रुपए का नुकसान हुआ....जांच में पता चला कि मृत कर्मचारी गिरीश मिश्रा के खाते में 35 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए गए.... वो रकम अपने निजी खाते में ट्रांसफर कराई गई... मामला अधिकारियों की नजर में आया....जिसके बाद रीवा कलेक्टर के आदेश पर जांच समिति का गठन किया गया... जांच में घोटाले की पुष्टि होने पर थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई... पुलिस ने संतोष गुप्ता और उसकी पत्नी दुर्गेश गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है... सीएसपी शिवाली चतुर्वेदी ने बताया कि नहर परियोजना और नईगढ़ी परियोजना के अधिकारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है....आरोपी संतोष गुप्ता और दुर्गेश गुप्ता दोनों ने लाखो रुपयो का गबन किया है ..
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भांडेर के पंडोखर धाम पर 29 वा वार्षिक महोत्सव चल रहा है... राजस्थानी कलाकार छोटू सिंह रावणा अपनी टीम के साथ धाम पहुंचे... उन्होंने अपने लोकप्रिय गीत तीन बाण के धारी की प्रस्तुति दी...जिसने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया... पंडोखर धाम के 29वें वार्षिक महोत्सव और श्रीराम महायज्ञ में राजस्थानी कलाकार छोटू सिंह रावणा और उनकी टीम ने प्रस्तुति दी....पंडोखर धाम ट्रस्ट के संस्थापक मुकेश गुप्ता ने बताया की....इस दौरान छोटू सिंह रावणा ने अपनी लोकप्रिय गीत तीन बाण के धारी तीनों बाण चलाओ की प्रस्तुति दी... जो श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर गई...वहा उपस्थित एक छोटी बच्ची ने जब छोटू सिंह से हनुमान चालीसा गाने का आग्रह किया... तो उन्होंने मंच पर से ही बच्ची के साथ मिलकर हनुमान चालीसा का वाचन किया...पंडोखर धाम में वार्षिक महोत्सव 30 अप्रैल तक चलने वाले है... महोत्सव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात है...
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दतिया । दतिया से लगभग 20 किलोमीटर दूर ग्राम हिनोतिया, डंगरा कुआ के मोजा के खेत में शनिवार को गेंहू की फसल आग लगने से जलकर खाक हो गई। जिससे किसान को लाखों का नुकसान होने का अनुमान है। बताया जा रहा है जब हार्वेस्टर से फसल काटी जा रही थी, तभी अचानक आग लग गई। जिसने देखते ही देखते पूरे खेत में खड़ी गेंहू की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। खेत में खड़ी फसल एवं कटी हुई फसल गेंहू दोनों पड़े थे। आग की सूचना प्रशासन को दी गई, परन्तु काफी समय बाद तक दमकल की कोई गाड़ी नहीं पहुँची। ऐसे में सब कुछ जलकर नष्ट हो गया। इस संबंध में उक्त किसान ने बताया कि करीब 200 बीघा फसल जलकर नष्ट हुई है। लाखों का नुकसान हो गया। आग का कारण हार्वेस्टर से चिंगारी निकलर आग लगना बताया जा रहा है। समय पर प्रशासन की व्यवस्था नहीं मिलने से नाराज किसान प्रशासन को कोस रहा है।
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जलवायु परिवर्तन का असर खेती किसानी पर साफ दिखाई देने लगा है। कहा जा रहा था कि 2024 की फरवरी सर्वाधिक गर्मी वाला माह रहा है पर 2025 में जनवरी में जिस तरह तापमान में बढ़ोतरी देखी गई है और फरवरी में ही देश के अधिकांश हिस्सों खासकर उत्तरी भारत में तापमान में लगातार तेजी देखी जा रही है वह चिंतनीय है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान सहित अनेक प्रदेशों में फरवरी में अधिकतम तापमान का आंकड़ा 30 डिग्री को छूने की तरफ अग्रसर है। देश के कई हिस्सों में दिन का तापमान 29 डिग्री को पार कर रहा है। यह कोई हमारे देश के ही हालात नहीं हैं अपितु दुनिया के अधिकांश देशों में जलवायु परिवर्तन का असर साफ-साफ दिखाई देने लगा है। बढ़ता तापमान बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। बढ़ते तापमान के कारण परिस्थिति तंत्र प्रभावित हो रहा है। बीमारियां तो फैल ही रही हैं, संपूर्ण तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। चिंता की बात यह है कि एक ओर हम निरंतर घटते भूजल स्तर से प्रभावित हो रहे हैं तो ग्लेसियरों के तेजी से पिघलने का असर दिखाई दे रहा है। असमय अतिवृष्टि, अनावृष्टि, तूफान, जंगलों में आग आदि के रूप में इसका सीधा असर दिखाई दे रहा है। जहां तक खेती-किसानी का प्रश्न है मौसम के अप्रत्याशित बदलाव से फसल चक्र पर नकारात्मक असर दिखने लगा है। फसल वपन का एक सिस्टम होता है। बुवाई से लेकर फसल के पक कर तैयार होने का चक्र होता है। दरअसल हो यह रहा है कि जिस समय फसल में फल-फूल आने का समय होता है उस समय तापमान बढ़ने से फल-फूल का विकास रुक जाता है और फसल पकने लगती है, इससे फसल में खराबी और उत्पादन में कमी स्वाभाविक है। दिसंबर, जनवरी की सर्दी और फरवरी में औसत तापमान से फसलों का सही ढंग से विकास संभव हो पाता है। एक अन्य चिंतनीय कारण यह भी बनता जा रहा है कि मावठ के समय मावठ नहीं होती, सर्दियों की बरसात के समय बरसात नहीं होती और जिस समय तापमान में बढ़ोतरी होनी चाहिए उस समय आंधी, तूफान और बरसात आकर फसल को चौपट करने में कोई कमी नहीं छोड़ती। इसका सीधा असर खाद्यान्न संकट के रुप में देखा जा सकता है। प्रायः देखा जाने लगा है कि जब फसल की कटाई का समय होता है उस समय आंधी-तूफान या ओला-बरसात होकर फसल को चौपट करने में कमी नहीं छोड़ती। इसी तरह से जनवरी-फरवरी में जब तापमान में गिरावट की आवश्यकता होती है उस समय तापमान में बढ़ोतरी चिंता का विषय बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जलवायु परिवर्तन के हालात यही रहे तो कुछ खाद्य वस्तुओं के भावों में कई गुणा तक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आलू, टमाटर, दालों, तिलहनों और अनाज के भावों में बढ़ोतरी साफ तौर से देखी जा सकती है। कृषि और आर्थिक क्षेत्र के विशेषज्ञों को मानना है कि तापमान की असामयिक उतार-चढ़ाव के चलते कृषि पैदावार पर सीधा नकारात्मक असर पड़ रहा है। कृषि उत्पादन प्रभावित हो रहा है। कृषि उत्पादों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। इससे साफ हो जाता है कि खाद्य वस्तुओं के भाव बढ़ेंगे ही और उसका सीधा असर हमें महंगाई के रूप में देखने को मिलेगा। मजे की बात यह है कि जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया के देशों में तेजी से बंजर होती भूमि को लेकर चिंता तो जताई जा रही है पर अभी तक इन हालातों से निपटने का ठोस आधार तैयार नहीं किया जा सका है। आज दुनिया के देश आसन्न खाद्यान्न संकट को लेकर चिंतित है। इसके लिए बड़े सम्मेलनों में चिंतन मनन हो रहा है। विश्व खाद्य संगठन सहित दुनिया की संस्थाएं इससे आसन्न संकट को लेकर तो परेशान है ही उनकी चिंता का कारण यह भी होता जा रहा है कि पौष्टिक भोजन नहीं मिलने से करोड़ों लोग कुपोषण के शिकार हैं। खाद्यान्नों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। दुनिया के देश खेती किसानी के महत्व को कोरोना काल में अच्छी तरह से समझ चुके हैं। कोरोना में मानवता को संबल देने में खेती किसानी ने प्रमुख भूमिका निभाई और सबकुछ बंद होने पर खेती किसानी ही लोगों का पेट भरने में सहायक रही। जलवायु परिवर्तन का असर जब साफ साफ सामने आने लगा है तो उस हालात में मौसम विज्ञानियों और कृषि विज्ञानियों के सामने बड़ी चुनौती आ गई है। एक और जलवायु परिवर्तन को सर्वाधिक प्रभावित करने वाले कारकों का कोई ना कोई विकल्प खोजना ही होगा। होता यह है कि हम जिसे आज बेहतर विकल्प बताते हैं कुछ समय बाद ही उसमें भी खामियां नजर आने लगती है। जलवायु को नियंत्रित करने वाले जंगलों का स्थान कंक्रीट के जंगल लेते जा रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों व नई-नई खोजों ने हमारा जीवन आसान बनाया है पर उसके साइड इफेक्ट तेजी से असर दिखाने लगे हैं। रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग ने भूमि की उर्वरा शक्ति को प्रभावित किया है। अत्यधिक जल दोहन से भूजल का स्तर साल दर साल नीचे जाता जा रहा है। भूक्षरण होने लगा है। भूमि तेजी से बंजर होती जा रही है। खैर हालात हमारे सामने हैं। ऐसे कृषि विज्ञानियों को ऐसी किस्में विकसित करनी होगी जो बदलते मौसम के अनुकूल हो। शुष्क भूमि में खेती की किस्में खोजनी होगी। इसी तरह से कम जल में विकसित होने वाली फसलों की किस्मों पर ध्यान देना होगा। कंजरवेशन खेती को बढ़ावा देना होगा। परंपरागत खेती को चरणबद्ध तरीके से अपनाना होगा। प्रयास यह करना होगा कि जलवायु परिवर्तन के कारण हो रहे मौसक चक्र के बदलाव के अनुकूल फसलों की किस्में तैयार हो। क्योंकि प्रकृति से छेड़छाड़ करने में हमने कोई कमी नहीं छोड़ी और उसका खामियाजा हमें आज भुगतना पड़ रहा है। तेज सर्दी के समय गर्मी से दो-चार होना पड़ रहा है। इस सबके साथ धरती के बढ़ते तापमान को नियंत्रित करने के उपायों पर ध्यान देना होगा। हालात गंभीर चिंतनीय होते जा रहे हैं और यही हालात रहे तो विशेषज्ञ कहने लगे हैं कि कृषि उत्पादन में कमी का असर सारी दुनिया को भुगतना होगा। हालात और भी गंभीर हो उससे पहले ठोस प्रयास करने होंगे। बदलते हालात में खेती किसानी के लिए गंभीर प्रयास करने होंगे नहीं तो महंगाई तो है ही, दुनिया के कई देशों में भुखमरी के गंभीर हालात होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार फिर परीक्षाओं से पहले देश के परीक्षार्थी बच्चों, अध्यापकों और अभिभावकों से मन की बात के माध्यम से संवाद कायम कर मोटिवेट करने की बड़ी पहल की है। मन की बात में परीक्षा पर चर्चा के आठवें संस्करण का महत्व इसलिए महत्वपूर्ण और सामयिक हो जाता है कि आने वाले दिनों में सीबीएसई और राज्यों के बोर्डों की परीक्षाएं होने जा रही है। प्रधानमंत्री की संपूर्ण परीक्षा व्यवस्था और इसके साइड इफेक्ट को समझते हुए संवाद कायम करना अपने आप में महत्व रखता है। देश के लगभग सभी कोनों से तनाव, शिक्षकों और अभिभावकों की अति महत्वाकांक्षा के चलते बच्चों द्वारा डिप्रेशन में जाने और अपनी जीवनलीला समाप्त करने के समाचार आम होते जा रहे हैं। कोचिंग हब कोटा बच्चों की आत्महत्या के लिए बदनाम है पर कोटा से अधिक आत्महत्या देश के अन्य हिस्सों में भी हो रही है। कोटा को आत्महत्याओं के दाग को धोने के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे। खैर, प्रधानमंत्री मोदी ने जिम्मेदार अभिभावक की भूमिका निभाते हुये ना केवल परीक्षार्थियों की हौसला अफजाई की है अपितु अध्यापकों को भी स्पष्ट संदेश दिया है। इसमें दो राय नहीं होनी चाहिए कि बच्चों के कोमल मन को प्रतिस्पर्धा के बोझ तले दबाने में आज घर, परिवार, समाज, शिक्षा केन्द्र और सोशल मीडिया प्रमुखता से नकारात्मक भूमिका निभा रहे हैं। पता नहीं शिक्षा व्यवस्था में भी यह किस तरह का बदलाव है कि कुछ दशक पहले तक दसवीं पास करना बड़ी बात माना जाता था तो परीक्षा देने वाले लाखों बच्चों में से फर्स्ट डिविजन कुछ हजार तक रहते थे, उसके बाद लगभग दोगुने द्वितीय श्रेणी व बाकी तीसरी श्रेणी पाकर संतोष कर लेते थे। आज हालात यह है कि परीक्षा देने वाले अधिकांश बच्चों के मार्क्स तो 90 प्रतिशत या इससे अधिक ही होते हैं। यहां सवाल परीक्षा प्रणाली को लेकर हो जाता है तो दूसरी और प्रतिस्पर्धा की यह खिचड़ी 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले बच्चों और खासतौर से उनके पैरेंटस में होने लगी है। अब तो हो यह गया है कि पैरेंट्स की प्रतिष्ठा के लिए बच्चों की बलि चढ़ाई जाने लगी है। प्रधानमंत्री मोदी ने सही कहा है कि कूकर के प्रेशर की तरह बच्चों को प्रेशर में रखना ही अभिभावकों और शिक्षकों की भूमिका में आ गया है। अब अभिभावक दिशा देने वाले के स्थान पर अपनी कुंठा को बच्चों से पूरा कराने में जुटे हैं। यह वास्तविकता है। बच्चे की लगन किसी और दिशा में होती है और उससे अपेक्षा कुछ और करने या बनाने की होने लगती है। कुछ बच्चों का कोमल मन यह प्रेशर सहन नहीं कर पाता है और डिप्रेशन या मौत को गले लगा लेते हैं और फिर पैरेंट्स आंसू पूछते रह जाते हैं। परीक्षा पर चर्चा की अच्छी बात यह है कि देश के 3.30 करोड़ बच्चों, 20 लाख शिक्षकों और साढ़े पांच लाख से अधिक अभिभावक इससे जुड़े। मोदी जी ने बच्चों को मोटिवेट करते हुए क्रिकेट का उदाहरण देते हुए बैटिंग करने वाले खिलाड़ी की भूमिका निभाने का संदेश दिया तो टाइम मैेनेजमेंट पर फोकस करने, लिखने की आदत डालने, खुल कर अपनी बात कहने, मन को शांत रखने, केवल किताबी कीड़ा नहीं बनने, रोबोट नहीं इंसान बनने और पूरी नींद लेने के लिए मोटिवेट किया। सबसे खास बात यह कि बच्चों को स्वयं से प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया। हमें दूसरे के स्थान पर स्वयं से प्रतिस्पर्धा करनी है। स्वयं से प्रतिस्पर्धा करेंगे तो आत्मविश्वास बढ़ेगा। दरअसल होता यह है कि दूसरे से प्रतिस्पर्धा के चक्कर में नकारात्मकता अधिक आती है। होना यह चाहिए कि अपनी कमियों को ही सबक बनाकर बहुत कुछ सीखा जा सकता है। आज बच्चों को खुला आसमान चाहिए। जहां वह अपनी क्षमता का बेहतर प्रदर्शन कर सकें। मोदीजी ने बच्चों को मोटिवेट करते हुए कहा है कि विफलताओं से निराश न होकर उससे सबक लेना चाहिए। जीवन में सफल होने के लिए बहुत कुछ होता है। मोदीजी ने मन की बात में बच्चों, परिजनों और टीचर्स तीनों को संदेश देने का प्रयास किया है। होता यह है कि जो बच्चे होशियार होते हैं या प्रभावशाली परिवार के हैं, उनपर टीचर्स का विशेष ध्यान होता है और जो बच्चे कमजोर होते उनके मामले में पीटी मीटिंग के माध्यम से पैरेंट्स को नीचा दिखा कर इतिश्री कर लेते हैं। बच्चों की नाकामी पर कभी किसी स्कूल या टीचर ने जिम्मेदारी ली हो, यह आज तो लगभग असंभव है। चाहे आप पढ़ाई के नाम पर स्कूल को कितनी ही फीस देते हो आप पर बच्चे को ट्यूशन कराने का दबाव आ ही जाता है। यदि शिक्षण संस्थानों में कमजोर और औसत बच्चों पर अधिक ध्यान दिया जाए तो तस्वीर बदल भी सकती है। इसी तरह से पैरेंट्स को भी नसीहत देने में मोदी जी पीछे नहीं रहे। पैरेंट्स को बच्चों की लगन, रुचि को समझना होगा। अपनी अपेक्षाएं उस पर लादने के स्थान पर दिशा देने के प्रयास करने होंगे। बच्चों के साथ बैठकर खुलकर बात करें। उनकी इच्छा, लगन और कोई परेशानी है तो उसे समझने का प्रयास करें। बच्चों में परस्पर तुलना कर बालक मन को कुंठित नहीं करना चाहिए। बच्चों को निराश करने के स्थान पर मोटिवेट करने के समग्र प्रयास की आवश्यकता है। बच्चों को मशीन नहीं बनाया जाना चाहिए। बच्चों को समझाया यह जाना चाहिए कि 24 घंटे का समय सभी के पास होता है, इस समय को किस प्रकार से उपयोग करना है इस पर फोकस हो तो निश्चित रूप से अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। कहने का अर्थ यह है कि बच्चों का मनोबल बढ़ाने उनमें सकारात्मकता विकसित करने की दिशा में हमें काम करना होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने परीक्षाओं से पहले अपने प्रधानमंत्री काल में 8 वीं बार परीक्षा पर चर्चा करते हुए बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों को संदेश देने का सार्थक प्रयास किया है। अब सबका दायित्व है कि इन सकारात्मक पक्षों को बच्चों तक पहुंचाया जाए। बच्चों को समझाना होगा कि बड़ी बात जीवन में सफल होना है।
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एआई यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और उपयोग की दिशा में वैज्ञानिकों और तकनीकविदों ने कमाल की बढ़त हासिल की है और उनके अभियान का क्रम लगातार जारी है। एआई बड़ा संक्रामक है और देश-काल की सीमाओं को तोड़ते-फ़लांघते वह जल, थल और अंतरिक्ष हर कहीं मनुष्य की अप्रत्याशित रूप से त्वरित पहुँच का विस्तार करता जा रहा है। वैसे तो एआई भी एक नैसर्गिक यानी स्वाभाविक मानवीय बुद्धि का ही करिश्मा है परंतु आज जिस गति से सबकुछ में निर्बाध दखल देते हुए इसके ज़रिए जो बदलाव लाए जा रहे हैं वे दुनिया का नक़्शा ही बदल रहे हैं। निर्माण अपने निर्माता की नियति तय करता दिख रहा है। आज वर्चुअल और डिजिटल को इस तरह स्थापित किया जा रहा है कि उनके आगे सत्य और यथार्थ हिलने-काँपने लगा है। मनुष्य सत्य और असत्य (झूठ) पर भरोसा करता आ रहा है। सत्य अर्थात् वह जिसका अस्तित्व है (सत्) परन्तु अब नाना प्रकार के सत्य अस्तित्ववान हो रहे हैं जिनमे अपनी पसंद से चुनना होता है पर जिस भी संस्करण के सत्य उभर रहे हैं उनके पीछे आ आई का हाथ ज़रूर होता है। वैसे तो किसी भी तरह के चुनाव का आधार मुख्य नियामक होता है ताकि होड़ लेते विभिन्न सत्यों के कई प्रत्याशियों के बीच असली या उपयोगी सत्य को खोज कर पहचाना जा सके। सत्य के साथ स्थिरता, निरंतरता और सातत्य या फिर अपरिवर्तनशीलता और विश्वसनीयता जैसे मानक भी स्वाभाविक रूप से जोड़ दिए जाते रहे हैं। परम और नित्य सत्य की परिकल्पना हमें ईश्वर के क़रीब पहुँचा देती है।आज जब सत्य के निर्माण की छूट मिल रही है तो उसके कई परिणाम सामने आ रहे हैं। सारी क़ानूनी मशीनरी सत्य का बाजार चला रही है। वह प्रमाण और साक्ष्य के माध्यम से मुकदमा चलने के दौरान मुल्तबी सत्य को अपने बल पर सत्य के खाँचे में फिट कर देती है। वकील और गवाह मिल कर सत्य रचते और तय करते हैं और वह जज के सत्यबोध से मेल खा जाए तो वह सुच्चा या निखालिस सच बन जाता है। यह दृष्टि सत्य की अस्थिरता या सापेक्षिकता और अन्तत: बहुलता की तरफ़ ले जाती है जिसके अच्छे-बुरे दोनों तरह के परिणाम हैं।कृत्रिम बुद्धिमत्ता बहुत आगे जा रही है। वह वास्तविक बुद्धिमत्ता के उपयोग के अवसरों और अभ्यासों को जिस तरह बदल रही है उससे हमारी आदतें, व्यवहार शैली और जीने का अंदाज़ सबकुछ बदलता जा रहा है। इस तरह का व्यापक नवाचार हमारी अपने बारे में समझ को भी बदल रहा है। मनुष्यता के स्वभाव, बच्चों के पालन-पोषण, पढ़ाई-लिखाई आदि मनुष्य के रूप में निर्माण जैसे जरूरी उपायों के स्वरूप को प्रभावित कर रहा है। जीवन में एआई प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से हर तरफ़ उपस्थित है। पिछले कुछ दिनों में डीप फेक और साइबर अरेस्ट जैसी घटनाओं ने एआई के उपयोग के अतिरेक से पैदा हो रही तमाम मुश्किलों की ओर ध्यान आकर्षित किया है जिनका संबंध जीवन की गुणवत्ता से है। एआई की पहुंच का विस्तार या रेंज बढ़ता ही जा रहा है। निजी जीवन में उसकी दखल दुरभिसंधि, भयादोहन, अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, आर्थिक घोटाले और व्यापार जगत सबको संत्रस्त करने वाला साबित हो रहा है।एआई के उपयोग से काम में सुभीता, शीघ्रता और मात्रा को ध्यान में रखते हुए आज विभिन्न देशों में अपनी एआई की क्षमता बढ़ाने के लिए होड़ मची हुई है। भारत भी इसमें शामिल हो रहा है। औद्योगिक क्रांति जैसी क्रांति का लाभ न पाकर हम अब यह सोच रहे हैं कि एआई क्रांति से बड़ी लम्बी छलांग लगा लेंगे-यह आकर्षक पर ख़तरनाक हो सकता है। कुछ दिन पहले भारतीय मूल के नोबल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक वेंकी रामकृष्णन ने जयपुर में बोलते हुए स्पष्ट रूप से एआई की संभावनाओं के साथ इससे जुड़े बड़े ख़तरों की ओर ध्यान खींचा, शायद उससे निपटने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता काफ़ी न होगी। उसके किए समानुभूति, इतिहास और संस्कृति की समझ की भी दरकार होगी। बिना उस व्यापक संदर्भ के हमारे समाधान छिछले, संकुचित और नुक़सानदेह हो सकते हैं। सबकुछ तकनीक विशारदों पर नहीं छोड़ा जा सकता। एआई के नैतिक और सामाजिक आयाम भी हैं। शिक्षा में वे मानविकी और विज्ञान परौद्योगिकी दोनों को महत्व देने की वकालत कर रहे थे। तकनीकी और मानविकी के बीच की खाई पाटी जानी चाहिए। एआई का नियंत्रित उपयोग वहां हितकारी हो सकता है वहां कार्य क्षमता, उत्पादकता आदि ज़रूरी हों। हमें पूरा सच देखना होगा। प्राचीन ऋषियों ने ऐसे ही नहीं कहा था कि स्वर्ण के ढक्कन से सत्य का मुख ढंका हुआ है- हिरण्मयेन पात्रेण सत्यस्यासपिहितम् मुखम। अतीत से विच्छिन्न, मूलहीन सभ्यता की नई इबारत लिखने वाली सोच अधूरी है। उसके हिसाब से हम सब एक डाटा प्वाइंट होते जा रहे हैं। समाज और संस्कृति की स्मृति को मिटा देना बड़ी त्रासदी है। हमें इसके प्रति आगाह रहते हुए एआई के उपयोग को सीमित करना होगा। इसी में मनुष्य के भविष्य की गुंजाइश होगी।
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ग्वालियर में पड़ोसी के साथ बेटी के प्रेम विवाह से नाराज एक पिता के अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर सुसाइड करने के मामले में...मृतक की पत्नी अपने बच्चों के साथ जनसुनवाई में न्याय मांगने पहुंची...पीड़ित परिवार का आरोप है कि पड़ोसी युवक ने पहले उनकी बेटी छीनी.. सदमे में परिवार के मुखिया ने सुसाइड कर लिया अब हमें जान से मारने की धमकी दे रहा है... कुछ दिन पहले ग्वालियर शहर के नाका चंद्रवदनी पर रहने वाले ऋषिराज जायसवाल ने बेटी के प्रेम विवाह से नाराज होकर खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया था...इसी मामले को लेकर पुलिस जन सुनवाई में पहुंचे मृतक ऋषिराज के परिजनों ने उनकी बेटी के पति आनंद प्रजापति पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अब सभी को जान से मारने की धमकी दे रहा है.. लेकिन स्थानीय पुलिस आनंद के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है..शिकायत पर वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी साथ ही दूसरे पक्ष को बुलवाकर उससे भी बातचीत की जाएगी...
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छतरपुर के अतरार गांव मे जमीनी विवाद पर दो दलित परिवारों मे विवाद हो गया...इस विवाद में जमकर लाठी डंडे चले और पथराव हुआ...घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है... वायरल हुई वीडियो मे दोनों पक्ष एक दूसरे पर पथराव कर रहे हैं...और एक दूसरे पर लाठी डंडों से हमले कर रहे हैं...दोनों पक्षों की महिलाओं और बच्चे भी लड़ाई में शामिल दिख रहे हैं....घटना में दो लोग घायल हो गए...सटई थाना पुलिस ने दोनों पक्षों पर मामला दर्ज कर लिया....
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ग्वालियर में रामकृष्ण मिशन आश्रम के सचिव स्वामी सुप्रदिप्तानंद बड़े साइबर फ्रॉड का शिकार हो गए....ठगों ने खुद को नासिक पुलिस का अधिकारी बताकर स्वामी जी को 26 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखा स्वामी सुप्रदिप्तानंद से करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई.... 17 मार्च को स्वामी को एक फोन कॉल आया जिसमें ठगों ने खुद को नासिक पुलिस का अफसर बताया और कहा कि स्वामी सुप्रदिप्तानंद का नाम नरेश गोयल मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल है...जिसके बाद डर और भ्रम फैलाकर उन्हें वीडियो कॉल पर रखा गया और लगातार दबाव बनाकर अलग-अलग बैंक खातों में करीब ढाई करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए...मामले में ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है...
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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य में 13 अप्रैल को राज्य सरकार तथा नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के मध्य सहकारिता अनुबंध हुआ। इससे प्रदेश के पशुपालकों को सीधा लाभ होगा। पशुपालकों द्वारा उत्पादित दूध एवं इससे जुड़े अन्य उत्पाद अब सीधे एनडीडीबी के माध्यम से खरीदे जायेंगे। इससे प्रदेश के पशुपालकों की माली हालत तेजी से सुधरेगी और वे आत्मनिर्भर हो सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद् की बैठक के पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री शाह ने प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कुल दुग्ध उत्पादन की तुलना में दुग्ध संकलन बड़े पैमाने पर बढ़ाया जाये। साथ ही प्रदेश के शेष्ज्ञ आधे ग्रामों से दूध का संकलन करने की कार्रवाई में भी गति लायें। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा पांच रुपये प्रति लीटर बोनस के रूप में प्रोत्साहन राशि देने सहित "डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना" का प्रचार-प्रसार एवं मप्र के दूध की प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक मार्केटिंग एंव ब्रांडिंग भी की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एनडीबीबी द्वारा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति के लिए कॉम्प्रिहेंसिव प्लान म.प्र. सरकार के साथ मिलकर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल को केन्द्रीय मंत्री से मिले निर्देशों में नये लक्ष्य शामिल कर एनडीडीबी के साथ हुये अनुबंध में आवश्यक संशोधन करने के लिये भी कहा। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य बढ़ाएं मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रदेश में अगले 5 साल में 2 करोड़ लीटर प्रतिदिन दुग्ध उत्पादन क्षमता का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ें। इस दिशा में एनडीडीबी से भी मार्गदर्शन लें। उन्होंने कहा कि अभी प्रदेश के दुग्ध संघों द्वारा मात्र 10 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध संकलन किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में दूध उत्पादन और संकलन में तेजी से वृद्धि करने के निर्देश दिये। 16 अप्रैल को मंडला से होगी लाड़ली बहनों के खातों में राशि अंतरित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 16 अप्रैल को मंडला जिले के ग्राम टिकरवारा से लाड़ली बहनों के खाते में राशि का अंतरित की जायेगी। उन्होंने कहा कि राशि अंतरण की तारीख में सदैव एकरूपता लाने के लिए अब राज्य सरकार द्वारा प्रतिमाह 15 तारीख के आसपास यह राशि लाड़ली बहनों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल (बुधवार) को मंडला जिले से प्रदेश की एक करोड़ 27 लाख लाडली बहनाओं के खाते में 1552.38 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जाएगी। प्रदेश को मिली 10 राजमार्गों की सौगात मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 10 अप्रैल को प्रदेश को 10 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के भूमि-पूजन एवं लोकार्पण कर सौगात दी गई है। उन्होंने इस सौगात के लिए केन्द्रीय मंत्री गडकरी का आभार जताया। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री गडकरी द्वारा 2330 करोड रुपये के कार्यों का भूमि-पूजन तथा 3502 करोड रुपए के कार्यों का लोकार्पण किया गया है। मुख्यमंत्री ने मध्य प्रदेश को मिली इस सौगात के लिए मंत्रि-परिषद के सदस्यों को भी बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि केन्द्रीय मंत्री गडकरी द्वारा एनएचएआई के माध्यम से मध्य प्रदेश में अगले दो साल में राष्ट्रीय राजमार्गों का जाल बिछाने की घोषणा की गई है। केन्द्रीय मंत्री द्वारा सिंहस्थ-2028 के सफल आयोजन के लिए श्रद्धालुओं के सहज और सरल आवागमन के लिये सभी आवश्यक राजमार्गों के उन्नयन की स्वीकृति देने की सहमति भी दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि केन्द्रीय मंत्री गडकरी द्वारा धार के बदनावर से झाबुआ के थांदला से टिमकवाली तक 1900 करोड़ रुपए की लागत से 81 किलोमीटर लंबी फोरलेन रोड, उज्जैन से झालावाड़ तक 2500 करोड रुपए की लागत से 133 किलोमीटर लंबी फोर लेन रोड और 3500 करोड रुपए की लागत से 77 किलोमीटर लंबे इंदौर पूर्वी सिक्स लेन बायपास रोड की स्वीकृति देने की सहमति व्यक्त की गई है। अंबेडकर जयंती पर नई ट्रेन के लिए दी बधाई मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद को भारत रत्न बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर 13 अप्रैल से डॉ. भीमराव अंबेडकर नगर (महू) से नई दिल्ली के मध्य सीधी रेल सेवा प्रारंभ होने की जानकारी देकर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इससे महू अब दिल्ली से हमेशा के लिए सीधी रेल सेवा से जुड़ गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य बना सागर में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सागर जिले में आरक्षित वन के 258.64 वर्ग किलोमीटर वनक्षेत्र को अभयारण्य घोषित किया गया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। यह प्रदेश का 25 वां अभयारण्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस नए अभयारण्य का नाम डॉ. भीमराव अंबेडकर अभयारण्य रखे जाने की जानकारी देकर कहा कि यह बाबा साहेब को पर्यावरण संरक्षण के लिए उनके द्वारा किये गये कार्यों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि इस अभयारण्य के गठन से वन एवं वन्य प्राणियों का संरक्षण एवं संवर्धन होगा, साथ ही इस क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विक्रमादित्य महानाट्य को सभी ने सराहा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद् को बताया कि विक्रमोत्सव-2025 अंतर्गत दिल्ली में सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का 12 से 14 अप्रैल तक सफल मंचन किया गया। इस महामंचन में सम्राट विक्रमादित्य के शासनकाल को कलाकारों ने अपने बेहतरीन अभिनय से जीवंत किया। विक्रमादित्य महानाट्य का शुभारंभ उप राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने किया। उन्होंने कहा कि विक्रमादित्य महानाट्य को दिल्ली की जनता ने बड़े ही आनंद और जिज्ञासा के साथ देखा और मध्यप्रदेश सरकार के इस आयोजन की सराहना की। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी शुभकामना संदेश देकर इस आयोजन की सराहना की है। मुख्यमंत्री ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को भी सरकार के इस सफल आयोजन की बधाई दी।
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भोपाल । मध्य प्रदेश की कैबिनेट बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए अन्नदाता मिशन को मंजूरी प्रदान करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया गया है। कहा गया, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा लागू किए जा रहा अन्नदाता मिशन किसानों की आय बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा।दरअसल, भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने भाजपा की ओर से कहा कि प्रधानमंत्री मोदीजी के नेतृत्व में भाजपा की डबल इंजन सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। हाल ही में नेशनल डेयरी डेवलमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के साथ मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के मध्य हुए अनुबंध से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों और पशुपालकों व गौपालकों की आय भी बढ़ेगी।अब किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करेगी सरकारइसके साथ ही चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए मिशन मोड पर कार्य करेगी। प्रधानमंत्री मोदी की बताई चार जातियों गरीब, युवा, नारी और अन्नदाता के कल्याण और आर्थिक विकास के लिए भाजपा सरकार लगातार कार्य कर रही है। अन्नदाता मिशन में किसानों व कृषि से संबंधित विभागों जैसे कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता, खाद्य-प्रसंस्करण, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की किसानों से संबंधित योजनाओं को समेकित कर किसानों को लाभ दिलाने का कार्य किया जाएगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और संबंधित विभाग के मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। इसी तरह की समिति जिलों में बनाई जाएगी, ताकि किसानों को उनसे जुड़ी किसी भी योजना का लाभ लेने में कोई परेशान न आए। अन्नदाता मिशन किसानों को अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ परंपरागत खेती को बढ़ावा मिलेगादर्शन सिंह चौधरी ने साथ ही कहा कि एनडीडीबी और मध्यप्रदेश डेयरी फेडरेशन के मध्य हुए हुए एमओयू से मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बहुत बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. न यादव ने डॉ. अंबेडकर पशुधन योजना भी लागू की है, जिसमें गौशाला खोलने के लिए अनुदान मिलेगा, इससे गौशाला संचालित कर किसान दूध का उत्पादन भी करेंगे जिससे प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा ही किसानों की आय भी तेजी से बढ़ेगी। मध्यप्रदेश सरकार किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटा बिजली और पर्याप्त पानी की व्यवस्था कर रही है। साथ ही परंपरागत खेती को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, इसके लिए प्रदेश सरकार पहले से किसानों के लिए श्री अन्न के लिए बोनस दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है। भोपाल की गांधी मेडिकल कॉलेज में पीडियाट्रिक्स न्यूरोलॉजी की स्थापना की जाएगी। प्रदेश में पहली बार बच्चों के न्यूरोलॉजी के इलाज की बेहतर सुविधा मिलेगी। सतना मेडिकल कॉलेज के लिए भी 383 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं। किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए मध्यप्रदेश की कैबिनेट द्वारा अन्नदाता मिशन को मंजूरी प्रदान करने के लिए मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बार फिर आभार प्रकट करता हूं।
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भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वनों के संरक्षण और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये प्रदेश में निरंतर प्रभावी कदम उठाये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभिन्न विभागों द्वारा इस दिशा में सकारात्मक प्रयास किये जा रहे हैं। वन विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी तकनीकों के उपयोग से वनों की सुरक्षा एवं संरक्षण में गतिशीलता लाने के लिये जीआईएस तकनीक का प्रयोग वन क्षेत्रों के नक्शों के निर्माण एवं संधारण के लिये किया जा रहा है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि वन विभाग द्वारा वनों का वैज्ञानिक दृष्टि से इस तरह प्रबंधन करना, जिससे न सिर्फ ग्रामवासियों को वनों से जीविकोपार्जन का स्रोत निरंतर बना रहे, बल्कि प्रबंधन में भी उनकी भागीदारी सशक्त करने का सार्थक प्रयास है। साथ ही इससे यह भी सुनिश्चित करना है कि वन एक प्राकृतिक धरोहर के रूप में संवहनीय, संरक्षित एवं संवर्धित संसाधन के रूप में विकसित होता रहे। मध्यप्रदेश वन एवं वन्य-जीव संरक्षण एवं संवर्धन में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में अपना स्थान रखता है।वनखण्डों के मानचित्रों का डिजिटाइजेशनजनसंपर्क अधिकारी के.के. जोशी ने मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया कि वन विभाग में वनखण्डों के मूल मानचित्रों एवं राजस्व विभाग के खसरेवार उपलब्ध जीआईएस डेटा का उपयोग कर नक्शे तैयार किये गये हैं। अभी तक 64 वन मण्डल में से 40 के परिष्कृत मानचित्र तैयार किये गये हैं एवं 23 वन मण्डलों के वन क्षेत्रों के मानचित्रों का सुधार कार्य प्रगति पर है, इसे शीघ्र पूर्ण किया जायेगा। मेप आईटी से अन्य शासकीय संस्थाओं को भी डेटा प्रदाय किया गया है। इससे वनों के संरक्षण में मदद मिल रही है।प्रदेश के सभी वन मण्डलों के फायर नक्शों का निर्माण सेटेलाइट डेटा के उपयोग से किया गया है, जिसे http://www.mpforest.gov.in/Publicdomain/atlas/FireAtlas.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। सेटेलाइट डेटा कम्पाटमेंट में पिछले पांच वर्षों से कोई वन अग्नि की घटना नहीं होने को हरे रंग से दर्शाया गया है तथा वन अग्नि की घटनाओं वाले क्षेत्रों को लाल रंग से दर्शाया गया है। इससे जंगलों में अग्नि की घटनाओं में कमी आयी है।जल स्रोतों के मानचित्र का एटलसमध्यप्रदेश देश का टाइगर स्टेट है। हमारे वन विविध प्रकार के जीव-जंतुओं से परिपूर्ण हैं। ग्रीष्म ऋतु में वन्य-जीवों के लिये पीने के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना वन्य-जीव प्रबंधन के लिये आवश्यक रहता है। इसके लिये सतही जल-स्रोतों की पहचान कर उनको सूचीबद्ध कर प्रबंधन योजना में सम्मिलित किया जाता है। सूचना प्रौद्योगिकी द्वारा मध्यप्रदेश के समस्त वन मण्डलों के सतही जल-स्रोतों का मानचित्रिकरण कर उन्हें http://www.mpforest.gov.in/publicdomain/atlas_MNDWI.pdf पर उपलब्ध कराया गया है। इन मानचित्रों को ग्रीष्म ऋतु के सेटेलाइट रिमोट सेंसिंग डेटा के उपयोग से बनाया गया है। इससे वनों में जल-स्रोतों में बढ़ोत्तरी हुई है।वनों के भीतर विभिन्न वानिकी गतिविधियों के लिये क्षेत्र चयन के लिये सूचना प्रौद्योगिकी शाखा द्वारा डिजिटल एलीवेशन मॉडल की आधुनिक तकनीक के उपयोग से विभिन्न संरक्षित क्षेत्रों तथा वन मण्डलों के थ्री-डी मानचित्रों /decision support system का निर्माण कर http://www.mpforest.gov.in/Public domain/atlas/index.html पर उपलब्ध कराया गया है।
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ग्वालियर की 90 फीसदी आबादी के लिए जल सप्लाई को लेकर खुशखबरी....प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पानी संकट को लेकर बुलाई गई बैठक में फैसला लिया है....शहर में 1 मई से लोगो को रोज पानी सप्लाई होगा ... और भविष्य में पानी की किल्लत नही आएगी गर्मी शुरू होते ही ग्वालियर के कई इलाकों में पानी की किल्लत होने लगती है.... शहर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है....जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है...लेकिन अब लोगों को पानी की समस्या से राहत मिलने वाली है...पिछले साल अच्छी बारिश होने के कारण तिघरा डैम का जलस्तर 739 फीट तक बढ़ गया था....जिसे स्टोर करके रखा गया....वो पानी अब लोगों को सप्लाई किया जायेगा... प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने पानी की क्राइसिस को लेकर बुलाई गई कलेक्ट्रेट की बैठक में फैसला लिया है की .... १ मई से रोज पानी की सप्लाई होगी और पानी संकट वाले इलाकों में 110 टैंकरों के जरिए पानी सप्लाई किया जाएगा... जिसके लिए टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं....और ग्रामीण इलाकों में खनन के आदेश दिए गए हैं.... ताकि पानी की किल्लत दूर की जा सके....सिलावट ने कहा कि भविष्य में ग्वालियर जिले में पानी की किल्लत नही आने देंगे...
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गुना जिले में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस में डीजे बजाने पर पथराव और फायरिंग की गई... हिंसा में कई लोग घायल हुए साथ ही वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया...जुलूस के साथ वाले लोगों ने हनुमान चौराहे पर आकर चक्काजाम शुरू कर दिया... गुना में हनुमान जन्मोत्सव के जुलूस पर अचानक पथराव और फायरिंग की गई...जुलूस शाह के कोल्हू पुरा से निकलकर रपटा, हाट रोड तरफ आ रहा था...हालांकि जुलूस को परमिशन नहीं थी...बिना अनुमति के जुलूस निकाला जा रहा था...शाम लगभग 7:30 बजे जुलूस कर्नलगंज स्थित मस्जिद के सामने पहुंचा...यहां जुलूस को आगे बढ़ाने को लेकर एक पार्षद की किसी से कहासुनी हो गई। इसी दौरान जुलूस पर कहीं से पत्थर फेंका गया जिसके बाद भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया...जुलूस में शामिल वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया...घटना में कई लोग घायल हुए...मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया...साथ ही कई लोगों पर मामला दर्ज किया...प्रशासन ने जनता से अपील की है..... कि वे शांति बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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रीवा के समान थाना क्षेत्र स्थित सेंगर ट्रॉमा सेंटर में एक महिला की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई...जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया...आक्रोशित परिजनों ने नर्सिंग होम में तोड़फोड़ और स्टाफ से मारपीट की कोशिश की... रीवा के बेला गांव निवासी सविता के फैक्चर पैर का सेंगर ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन किया गया जिसके कुछ घंटों बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ गई और सांस लेने में दिक्कत होने लगी..महिला के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया जिसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची...पुलिस मामले की जांच कर रही है...
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ज्ञान की भारतीय परम्परा के स्रोत के रूप में संस्कृत भाषा और साहित्य प्रेरणा और गौरव का विषय है। ज्ञान की साधना को जीवन के क्लेशों से छुटकारा दिलाने के उपाय के रूप में स्थापित करते हुए पुरुषार्थों से मनुष्य जीवन को समग्रता में जीने का प्राविधान किया गया है। इसी से लिए ज्ञान को पवित्र माना गया है न कि दूसरों पर नियंत्रण का ज़रिया। संस्कृत विद्या के विस्तृत प्रांगण में सृष्टि और मनुष्य जीवन से जुड़े सभी पक्षों को शामिल किया गया है। वेद, वेदांग, उपनिषद, स्मृतियों, पुराणों, महाकाव्यों ही नहीं गणित, ज्योतिष, व्याकरण, योग, आयुर्वेद, वृक्षायुर्वेद, धातु विज्ञान तथा नाना विद्याओं जैसे व्यावहारिक विषयों का विकास विपरीत परिस्थितियों में भी होता रहा। इस ज्ञान-कोष को आक्रांताओं के विद्वेष का सामना करना पड़ा और नालंदा जैसे विश्वविख्यात ज्ञान केंद्र को नष्ट कर दिया गया। वाचिक पद्धति अध्ययन अध्यापन से बहुत कुछ बच गया और उसे अगली पीढ़ी अनेक विषयों के प्रतिपादन में संक्षिप्त, सांकेतिक तथा संयत सूत्र पद्धति का उपयोग किया गया। बादरायण का ब्रह्म सूत्र,आपस्तम्ब का धर्म सूत्र, वात्स्यायन का काम सूत्र, गौतम का न्याय सूत्र, पतंजलि का योग सूत्र और पाणिनिरचित व्याकरण का मानव मेधा का अप्रतिम प्रमाण ‘अष्टाध्यायी’ विविध विषयों का व्यवस्थित प्रतिपादन करते हैं। थोड़े से अक्षरों में निबद्ध सूत्र की विशद व्याख्या की जाती है। भाष्य और टीका की परम्परा शुरू हुई। पाणिनि के अष्टाध्यायी के सूत्रों पर कात्यायन ने वार्तिक लिखे। अष्टाध्यायी के अनेकानेक विस्तार हुए और वरदराजाचार्य की लघुकौमुदी, भट्टोजिदीक्षित की सिद्धांतकौमुदी, पतंजलि का महाभाष्य, भर्तृहरि का वाक्यपदीय, नागेश भट्ट का शब्देन्दुशेखर और परिभाषेन्दुशेखर आदि व्याख्या ग्रंथ रचे गए। विश्लेषण की गहनता और विचार की स्वाधीनता के ये निकष आज भी स्पृहणीय हैं।दुर्भाग्य से संस्कृत विद्या पर संकुंचित होने का आरोप लगाया जाता है। सत्य यह है भारत के विविध मतों की प्रचुरता है। वह वैचारिक उदारता और सहनशीलता का अनोखा उदाहरण है। अद्वैत, द्वैत, विशिष्टाद्वैत, द्वैताद्वैत, भेदाभेद, शुद्धाद्वैत, अचिंत्य भेदाभेद जैसे विभिन्न रूपों शंकराचार्य, निम्बार्काचार्य, मध्वाचार्य, रामानुजाचार्य और वल्लभाचार्य आदि के द्वारा वेदांत का प्रतिपादन सृष्टि, जीवन और जगत की समग्र विविध व्याख्याओं को उपस्थित करते हैं। भारतीय ज्ञान परम्परा के बौद्धिक परिवेश में प्रवेश करने पर ज्ञान के प्रति निश्छल उत्सुकता और अदम्य साहस के प्रमाण पग-पग पर मिलते हैं। इसमें आलोचना और परिष्कार का कार्य भी सतत होता रहा है । सैद्धांतिक अमूर्तन , खंडन-मण्डन की एक पारदर्शी एवं सार्वजनिक विमर्श की व्यवस्था को दर्शाती है । प्रत्येक शास्त्र की विषय वस्तु, उद्देश्य, प्रासंगिकता और इसके जिज्ञासु को सुनिश्चित किया गया था। ज्ञान अबाधित होना चाहिए और छल प्रपंच से रहित होना चाहिए । उसे प्रत्यक्ष, अनुमान, शब्द आदि विभिन्न स्वीकृत प्रमाणों पर जाँच परख कर स्वीकार करना चाहिए। ज्ञानार्जन में श्रवण, मनन और निदिध्यासन का अवलम्बन किया जाता है । संस्कृति के जीवित प्रवाह स्वरूप संस्कृत में उपलब्ध भारतीय मनीषा को प्रतिष्ठित करना मानव कल्याण के लिए आवश्यक है। दुर्भाग्य से संस्कृत को अनुष्ठानों के लिए आरक्षित कर जीवन- संस्कार, पूजन और उद्घाटन से जोड़ दिया गया। हम इस अमूल्य विरासत का मूल्य भूल गए। शिक्षा, परिवार, राज नय , व्यवसाय, वाणिज्य, स्वास्थ्य , प्रकृति, जीवन, जगत और ईश्वर को ले कर उपलब्ध चिन्तन बेमानी रहा । हम नाम तो सुनते रहे पर बिना श्रद्धा के क्योंकि मन में संदेह और दुविधा थी। पश्चिमी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक घुसपैठ ने हमारी विश्व दृष्टि को ही बदलना शुरू किया। आज अतिशय भौतिकता और उपभोक्तावाद से सभी त्रस्त हो रहे हैं।भारत में अकादमिक समाजीकरण की जो धारा बही उसमें हमारी सोच परमुखापेक्षी होती गई और हमारे लिये ज्ञान का संदर्भविन्दु पश्चिमी चिन्तन होता गया। ज्ञान के लिये हम परोपजीवी होते गए । हम उन्हीं के सोच का अनुगमन करते रहे । ज्ञान की राजनीति से बेखबर हम नए उन्मेष से वंचित होते गए । पश्चिम के अनुधावन से मौलिकता जाती रही । भारत के शास्त्रीय चिन्तन को समझना और उसका उपयोग सैद्धांतिक विकास व्यावहारिक समाधान में लाभकारी होगा। योग और आयुर्वेद को ले कर ज़रूर उत्सुकता बढ़ी है पर अन्य क्षेत्र अभी भी उपेक्षित हैं। संस्कृत के लिये अवसर से न केवल ज्ञान के नए आयाम उभरेंगे बल्कि संस्कृति से अपरिचय काम होगा, भ्रम भागेगा और हम स्वयं को पहचान सकेंगे।
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ये बात सही है कि लोगों की जिंदगी में स्मार्टफोन क्या आया जैसे उनका संसार ही बदल गया। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके लिए ये सिर्फ फोन नहीं, उससे बढ़कर है। स्मार्टफोन से आप ना सिर्फ किसी से बात कर सकते हैं बल्कि इंटरनेट के संसार को उंगलियों में नचा सकते हैं। लेकिन तस्वीर का एक दूसरा पहलू भी है और वो ये है कि फोन में आने वाली अनचाही या अनजानी कॉल्स। जो वक्त बेवक्त कभी भी आकर आपको परेशान कर सकती हैं और आप चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते। आप फोन उठाने से पहले इतना भी नहीं जान पाते कि आपको ये फोन कॉल कौन कर रहा है। वक्त-बेवक्त मोबाइल फोन पर आने वाले अनचाहे कॉल्स सभी के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। टेलीमार्केटिंग यानी कॉल्स के जरिये सामान, बैंक लोन, क्रेडिट कार्ड समेत अन्य उत्पाद खरीदने के लिए लोगों को दिन में कई बार किए जाने वाले कॉल्स से मध्य प्रदेश के बाशिंदे भी जूझ रहे हैं। अधिकतर मोबाइल फोन उपभोक्ता तो इन नंबरों को ब्लॉक कर देते हैं, पर टेलीमार्केटिंग कंपनियां अन्य नंबरों से फोन करती हैं। मोबाइल फोन पर अनचाही कॉल से परेशान लोगों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं ने डू नॉट कॉल में अपने फोन का नंबर रजिस्टर कराया है। अगर उनके फोन पर कोई कॉल आती है तो उस कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तमाम कंपनियां अपने प्रोडक्ट के लिए जब चाहे कॉल करके लोगों को परेशान करती रहती हैं। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर सरकार को कड़ा निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि जिन उपभोक्ताओं ने अपने मोबाइल फोन नंबर को डू नॉट काल में रजिस्टर कराया है। उनके फोन पर कोई भी अनचाही कॉल नहीं आनी चाहिए। इसके साथ ही उन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने को भी कहा है जो टेलीसर्विस करती हैं। लेकिन उन्होंने संचार मंत्रालय में इसके लिए अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। अनचाही कॉल्स और मैसेज से परेशान लोग इन पर रोक लगने की उम्मीद को एक बार फिर अपने भीतर जिंदा कर सकते हैं। दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने इसे लेकर नए नियम बनाए हैं, जिनके मुताबिक किसी भी व्यावसायिक, टेलिमार्केटिंग या उनके लिए काम करने वाली कंपनी को कॉल या संदेश भेजने से पहले उपभोक्ता की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। टेलीफोन रेगुलेटरी ऑफ इंडिया (ट्राई) की सख्ती के बाद भी लोगों के मोबाइल पर अनचाहे कॉल और एसएमएस धड़ल्ले से आ रहे हैं। ट्राई ने डू नॉट डिस्टर्ब (डीएनडी) सुविधा की शुरुआत 27 सितंबर 2011 से की थी। इसका उद्देश्य लोगों को अनचाहे कॉल और मैसेज से राहत दिलाना था। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिल रही है। इस सेवा के तहत लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इसके बाद भी कॉल कर उपभोक्ताओं को डिस्टर्ब करने का सिलसिला जारी है। टेलीकॉम अधिकारियों के अनुसार, सेवा शुरू होने से लोगों को थोड़ी राहत अवश्य मिली है। रजिस्ट्रेशन के बाद भी अनचाहे कॉल आ रहे हैं, तो इसकी शिकायत ट्राई से की जा सकती है। इसके बाद ट्राई मोबाइल कंपनियों से जुर्माना वसूल कर उसे ब्लैक लिस्ट कर सकती है। उपभोक्ताओं को अनचाहे कॉल या मैसेज आने की शिकायत हो, तो वे इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। आप अपने सेल फोन पर आने वाली अनचाही कॉल्स से परेशान हैं तो यह खबर आपको थोड़ा सुकून देगी। अंत्येष्टि कार्यक्रम के दौरान एक शख्स के पास लोन का कॉल पहुंचा, उपभोक्ता अदालत ने कंपनी और कॉलर को पीड़ितों को मुआवजा देने का फैसला सुनाया। वडोदरा के उपभोक्ता फोरम ने टेलीकॉलर कंपनी आई-क्यूब और कॉलर कन्हैयालाल ठक्कर को अनचाही कॉल कर ग्राहक को परेशान करने की एवज में 20,000 रुपये मुआवजा अदा करने का फैसला सुनाया है। कॉलर सिटी बैंक का क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन बेच रहा था। जब कॉलर फोन के जरिए लोन की पेशकश कर रहा था तब शिकायतकर्ता अपने रिश्तेदार की अंत्येष्टि में व्यस्त था। कोर्ट के इस फैसले के मुताबिक, कंपनी और कॉलर, दोनों को 10-10 हजार रुपये का मुआवजा देना होगा। इतना ही नहीं, आई-क्यूब और वोडाफोन एस्सार गुजरात लिमिटेड को कन्ज्यूमर वेलफेयर फंड को 10,000 रुपयों की पेमेंट करने के लिए भी कहा गया क्योंकि शिकायतकर्ता ने टेलीकॉलर कंपनी के साथ उनका नाम, नंबर और व्यक्तिगत जानकारी शेयर करने का भी आरोप लगाया था, जो उनकी निजता का हनन है। मामला साल 2007 का है। सुनवाई के बाद कन्ज्यूमर कोर्ट ने आई-क्यूब और कॉलर ठक्कर को दोषी पाते हुए मुआवजे का फैसला सुनाया। मोबाइल फोन यूजर्स की एक बड़ी समस्या होती है अनचाहे और बेवक्त पर आए कॉल्स। ये कॉल कभी भी बिना अनुमति के आ जाते हैं। कभी आप जरूरी मीटिंग में हो, आराम कर रहे हो या फिर ड्राइविंग कर रहे हों। यह कॉल आपको परेशान कर देते हैं। वहीं नियमित अंतराल पर आने वाले यह कॉल खीझ भी पैदा करते हैं। कभी-कभार तो ट्रूकालर से आपको इस बारे में जानकारी मिल जाती है कि यह टेलीमार्केटिंग कॉल है लेकिन कभी यह बात पता नहीं चल पाती है। ऐसे में इन कॉल से छुटकारा पाने के लिए जरूरी है कि इन्हें ब्लॉक करें। साथ ही डू नॉट डिस्टर्ब ऑप्शन का इस्तेमाल करें। भारतीय अदालतों और भारतीय रिजर्व बैंक ने टेलीमार्केटिंग कंपनियों को विज्ञापन, मार्केटिंग और उत्पादों की सीधी बिक्री विशेष रूप से क्रेडिट कार्ड और बैंक ऋण के लिए अवांछित कॉल करके व्यक्तियों की गोपनीयता पर आक्रमण करने से प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि, ये प्रतिबंध भारत में टेलीमार्केटिंग को समाप्त नहीं करेंगे क्योंकि कंपनियां संभावित ग्राहकों के साथ भी संचार करना जारी रखती हैं। संशोधित बैंकिंग लोकपाल योजना के तहत, एक पीड़ित ग्राहक क्रेडिट कार्ड पर आरबीआई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए बैंक/एनबीएफसी के खिलाफ संबंधित लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कर सकता है। सरकार को टेलीमार्केटिंग को विनियमित करने के लिए एक कानून बनाकर सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों और उपभोक्ता अदालत के फैसले की भावना को पूरा करने की आवश्यकता है ताकि टेलीमार्केटर्स व्यक्तिगत गोपनीयता पर आक्रमण किए बिना और भारत के संविधान में निहित नागरिकों के मौलिक अधिकारों को प्रभावित किए बिना अपना व्यवसाय संचालित करें।
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आज पानी पाताल में जा रहा है और हम आसमान में। दुनिया पानी-पानी चिल्ला रही है और हम पानी की बरबादी कर रहे हैं। नतीजा सामने है। अब तो गले ही नहीं सूखे, धरती तक प्यासी है। वह चाहे बुंदेलखंड का कोई क्षेत्र हो या महाराष्ट्र का दुर्गम इलाका। बंजर खेत हकीकत बयां कर रहे हैं। एक समय उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के अधिकांश किसानों के खेत में कुआं होता था। किसान कुओं से सिंचाई करते थे। कुओं में पारंपरिक सिंचाई की विधि रेहट होती थी। इस रेहट को बैल खींचते थे। रेहट से निलकता पानी नालियों के माध्यम से खेतों को सींच देता था। आज अब न तो उस तरह के जीवट किसान रहे और न ही पुराने संसाधन। करीब चार दशक पहले रेहट में काफी बदलाव किए गए। लकड़ी की जगह लोहे के रेहट बाजार में आ गए। यहीं गच्चा खा गए लोग। सिंचाई के नवीन विज्ञान के ज्ञान ने श्रम की जल शक्ति को यंत्र की शक्ति ने मात दे दी है। पहले के रेहट में एक भी लोहे की कील नहीं लगती थी। मिट्टी के घड़े तथा जामुन की लकड़ी, छिवल (छियूल) की रस्सी का प्रयोग होता था। इसमें एक पैसे का खर्च नहीं था। सब प्राकृतिक था। अफसोस नवीन ज्ञान ने कुआं, तालाब, गांव के सामूहिक परंपरा जल स्रोत खत्म कर दिए। बाकी जो बचे हैं वो भी खत्म होने वाले हैं। अगर हम अभी नहीं चेते तो फिर पछताने के सिवा कुछ नहीं बचेगा। जल चर्चा, विचार गोष्ठी, पानी की पाठशाला, तालाब पूजन जैसे तमाम उपक्रमों के बावजूद सूखा जैसी विभीषिका का सामना करना चिंतानजक है। दरअसल जलक्रांति बिना जनांदोलन के असंभव है। आम आदमी चिंतित तो है पर वह भी क्या करे। शाम की दाल-रोटी का इंतजाम करने में ही सारा दिन खप जाता है। अगली सुबह यही सब फिर उसकी दिनचर्या का हिस्सा होता है। तीसरा विश्व युद्ध पानी को लेकर लड़े जाने की भविष्यवाणी तक हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने जल संकट से संभावित जिलों में जल कोष यात्रा शुरू कर नेक काम किया है। यह सबसे बड़ा अकाट्य सत्य है कि सब कुछ बनाया जा सकता है पर पानी बनाया नहीं जा सकता। उसे केवल बचाया जा सकता है। और हम वही नहीं कर पा रहे। जल के बिना सामाजिक आर्थिक ताना-बाना टूटता नजर आता है। जल का बाजारीकरण जल समस्या का समाधान नहीं है। अन्नदाता किसान ने यदि पानी के अभाव में खेती करना छोड़ दिया तो क्या होगा, यह सोचकर आत्मा रोने लगती है। आत्मनिर्भरता स्वावलंबी बने इस दिशा में जमीनी प्रयास होने चाहिए। सामुदायिक प्रयास भी जरूरी हैं। जिस तरह हम साल भर के लिए अपने घर का बजट बनाते हैं उसी प्रकार पानी का बजट भी बनाएं तो जल संकट से काफी हद तक बचा जा सकता है। जल में सिद्धि होती है। जल में समृद्धि है। जल में अमृत है। जल में ऊर्जा है। नदियों को तप से पृथ्वी पर लाया गया। जलाशय हमारे लिए सदैव पूजनीय हैं। इसलिए जल संरक्षण रचनात्मक और सामाजिक दायित्व है। यह कार्य अकेले नहीं होते। इसमें पूरे समुदाय और समाज का वर्षों का श्रम अनुभव समाहित होता है। सब कहते हैं जल जीवन का आधार है। जल ही जीवन है। जल अनमोल है। जल विलक्षण है। जल सर्वव्यापी है। जल असाधारण है। जल राष्ट्रीय संपदा है। जल परमेश्वर है। जल शिव है। जल शंकर है। जल अमृत है। जल शक्ति है। जल ऊर्जा है। धर्म के आधार पर केवल पानी ही पवित्र करता है। भारतीय संस्कृति पूजा प्रधान है। पूजा पवित्रता के लिए जल आवश्यक है। जल में आध्यात्मिक शक्तियां होती हैं। दुनिया की सभी पुरानी सभ्यताओं का जन्म जल के समीप अर्थात नदियों के किनारे हुआ है। दुनिया के जितने पुराने नगर हैं वे सब नदियों किनारे बसे हैं। जल पाने के मुख्यतः चार स्रोत हैं नदियां, झीलें, तालाब, कुआं। हर मर्ज की दवा पानी है। दुनिया के सामने जल संकट है। इस समस्या से कैसे निपटा जाए। क्या रणनीति बने। सबको सोचना होगा। मनुष्य को प्रतिदिन तीन लीटर पानी पीने के लिए चाहिए। जीव, जीवन और जल तीनों का आपस में अंतरंग गहरा संबंध है। जल चक्र को बनाए रखने के लिए कोहरे (ओला, बर्फ और पाला) की भूमिका महत्वपूर्ण है। पानी में यदि भाप बनने का गुण ना होता तो दुनिया को पानी ही ना मिलता। पानी को छोड़कर दुनिया की सभी चीजें सर्दी में सिकुड़ती है लेकिन सर्दी में पानी फैलता है। दुनिया के हर चीज का तापमान पानी के तापमान के मानक से नापा जाता है। दुनिया की अर्थव्यवस्था में जल का बहुत बड़ा योगदान है। पानी सदैव नीचे की ओर बहता है। वह अपना रास्ता बना स्वयं बना लेता है। हमारे वेदों और धर्म शास्त्रों में जल संरक्षण के बारे में पहले ही सचेत किया जा चुका है। पृथ्वी में जितने भी जीव हैं उनका जीवन जल पर निर्भर है। पेड़ में, फलों में, अनाज में, पत्तों में और जड़ों में जो स्वाद और रस है, वह सब जल के कारण है। यानी पानी के बिना सब सून है। गोस्वामी तुलसीदास महाराज ने रामचरितमानस में कहा है-क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा, पांच तत्व मिल रचा शरीरा।। कबीर ने कहा है- पानी केरा बुदबुदा अस मानुस की जात।। रहीम कह गए हैं-रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून।। वेदों में कहा गया है कि जल देवता की भक्ति और सेवा से सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। प्राचीन काल से हम स्तुति प्रार्थना करते चले आ रहे हैं। जल को स्वच्छ बनाए रखना भी जल देवता की पूजा है। जन्म से लेकर मृत्यु तक पानी का हमारे जीवन में सबसे बड़ा स्थान है। पानी में ही सारे देवता रहते हैं। इसलिए जब कोई धार्मिक अनुष्ठान होता है तब उसमें सबसे पहले कलश की पूजा होती है या कलश यात्रा निकलती है। हमारे पूर्वज, माता-पिता जब चारोंधाम की यात्रा अथवा गंगा-जमुना दर्शन जाते थे तो कुछ लाएं या ना लाएं लेकिन तीर्थ से जल जरूर लाते थे। आज भी ऐसा होता है। अर्थात जल सबसे पवित्र है। पानी को आदर देना होगा। सरकार के साथ हर व्यक्ति को अपने स्तर पर पानी बचाने की कोशिश करनी होगी। पानी को हम चाहे जो मानें मगर वह पानी ही है जिसकी पतली सी लकीर नई आशा की किरण देती है। प्रकृति ने जो पानी हमें मुफ्त में दिया है हमने उसे बाजार में बिक्री की चीज बना दिया है। हमने अपनी जल सभ्यता और जल संस्कृति का सत्यानाश कर दिया है।
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भारत की खाद्य संस्कृति वैश्वीकरण, शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण बदल रही है। यह प्रमुख सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का भी कारण बन रही है। भारत में युवा पीढ़ी तेजी से फास्ट फूड का सेवन कर रही है, जिसके कारण मोटापा, टाइप 2 मधुमेह और हृदय सम्बंधी विकार जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो रही हैं। फास्ट फूड में अक्सर बड़ी मात्रा में कैलोरी, चीनी, सोडियम और खराब वसा होती है, जो खराब खाने की आदतों और पोषण सम्बंधी कमियों को जन्म दे सकती है। इसका परिणाम एक गतिहीन जीवन शैली भी हो सकता है, जो किसी के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ाएगा। फास्ट फूड का सेवन बच्चों के स्वास्थ्य और खाने की आदतों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। फास्ट फूड, जिसमें कैलोरी, चीनी और खराब वसा अधिक होती है, मधुमेह और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के विकास के जोखिम और वज़न बढ़ाता है। फास्ट फूड के लगातार सेवन से बच्चे स्वस्थ खाद्य पदार्थों की तुलना में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे संतुलित आहार और पौष्टिक भोजन चुनने की उनकी संभावना कम हो जाती है। आजकल, बहुत से युवा फास्ट फूड पसंद करते हैं क्योंकि यह सुविधाजनक, स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाला होता है। इसके नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जानते हुए भी वे इसे खाना जारी रखते हैं। व्यस्त जीवन शैली में, फास्ट फूड को जल्दी से जल्दी खाना सुविधाजनक है। वे भीड़ का अनुसरण करते हैं क्योंकि उनके दोस्त भी इसे पसंद कर सकते हैं। स्वाद के लिए स्वास्थ्य का जोखिमः फास्ट फूड जल्दी से जल्दी खाने और स्वाद के लिए बनाया जाता है और यह ज़्यादा पका हुआ, अत्यधिक प्रोसेस्ड होता है। मानव शरीर बिना प्रोसेस्ड, अत्यधिक रेशेदार और कम से कम पके हुए खाद्य पदार्थों के लिए बना है इसलिए वे पूरी तरह से अनुपयुक्त हैं। फास्ट फूड से शुगर स्पाइक्स इंसुलिन प्रतिरोध, वज़न बढ़ने, वसा संश्लेषण और मधुमेह में पैदा करते हैं। भारत में फैलते फास्ट फूड उद्योग में बर्गर, पिज्जा, पानी-पूरी व चाट मसाला कियोस्क और पावभाजी-समोसा के ठेले शामिल हैं। बढ़ता मोटापा, मधुमेह की समस्याः मोटापा और मधुमेह दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे शरीर को स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है, जिसे मक्खन, दूध और अंडे जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है। हमारे शरीर को खराब कोलेस्ट्रॉल से नुकसान होता है। सड़क पर फास्ट फूड तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खाना पकाने के तेल में उच्च ट्राइग्लिसराइड (खराब कोलेस्ट्रॉल) सामग्री होती है, जिसे खाने से खतरनाक बीमारियाँ हो सकती हैं। सात्विक आहार जो हिंदू रीति-रिवाजों का प्रमुख हिस्सा है, उनकी जगह आधुनिक आहार ले रहे हैं। पारंपरिक खानपान की प्रथाएँ, पारिवारिक भोजन और सामाजिक बंधन सभी फास्ट-फ़ूड संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। अकेले खाने और स्विगी और ज़ोमैटो जैसी ऑनलाइन भोजन वितरण सेवाओं के बढ़ने के परिणामस्वरूप लोगों के साथ मिलकर खाने का तरीक़ा बदल गया है। विज्ञापन का मायाजालः फास्ट फूड कंपनियाँ अपने उत्पादों को कूल और मनोरंजक दिखाने के लिए भ्रामक विज्ञापन का उपयोग करती हैं, जो इसके विस्तार की एक और वजह है लोगों और खासकर युवाओं को आकर्षित करने के लिए इसके प्रचार के लिए दुनिया के नामीगिरामी हस्तियों का चेहरा इस्तेमाल होता है और आकर्षक नारों व टैगलाइन का सम्मोहन अलग होता है। अपनी बुद्धिमत्ता और शिक्षा के बावजूद लोग कभी-कभी अपने स्वास्थ्य पर संभावित हानिकारक प्रभावों पर विचार करने के बजाय फास्ट फूड खाने को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें भी पता है कि यह अच्छा विकल्प नहीं है लेकिन वे इसे चुनते हैं क्योंकि यह बहुत सरल और स्वादिष्ट है। चूँकि लोग घर के बने खाने की जगह सुविधाजनक भोजन चुन रहे हैं, इसलिए खानपान की आदतें बदल रही हैं। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमालः राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में युवा लोग ज़्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खा रहे हैं। बाजरा जैसे पारंपरिक अनाज की जगह रिफ़ाइंड अनाज और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ ले रहे हैं। बाजरा की खपत को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष की शुरुआत की थी। प्रोसेस्ड, उच्च वसा, उच्च चीनी वाले पश्चिमी आहार की बढ़ती संख्या पारंपरिक संतुलित भोजन की जगह ले रही है। मैकडॉनल्ड्स, केएफसी और डोमिनोज़ के तेज़ी से बढ़ने के कारण भारत में शहरी खानपान की आदतें बदल गई हैं।संकट में खानपान से जुड़ी हमारी विशिष्टताः वैश्वीकरण के कारण क्षेत्रीय व्यंजन अपनी विशिष्टता खो रहे हैं। पूर्वोत्तर भारत में किण्वन-आधारित आहार और अन्य पारंपरिक खाना पकाने की तकनीकें लोकप्रिय नहीं हो रही हैं। खानपान की बदलती आदतों के कारण त्योहारों और धर्मों से जुड़ी खास पाक परंपराएँ अपना महत्त्व खो रही हैं। पारंपरिक खानपान की प्रथाएँ, पारिवारिक भोजन और सामाजिक बंधन सभी फास्ट-फ़ूड संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। वैश्विक खाद्य श्रृंखलाओं के कारण स्ट्रीट वेंडर और स्वदेशी खाद्य सामग्री के व्यापार चुनौतियों का सामना करते हैं। कुपोषण और स्वास्थ्य प्रभाव: अधिक प्रसंस्कृत भोजन खाने के परिणामस्वरूप हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे के शिकार लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। आहार सम्बंधी आदतों में आए इस बदलाव के कारण भारत में 101 मिलियन मधुमेह रोगी हो गए हैं। खपत के पैटर्न में बदलाव के कारण पारंपरिक फसलों की मांग में कमी आई है, जिसका असर किसानों के मुनाफे पर पड़ा है। नीति आयोग (2022) के अनुसार, ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था बनाए रखने के लिए फ़सल विविधीकरण महत्त्वपूर्ण है। छोटे पैमाने के खाद्य व्यवसाय, पारंपरिक भोजनालय और पड़ोस के खाद्य विक्रेता सभी वैश्विक खाद्य श्रृंखलाओं से प्रभावित हैं। अपनी नींव को बनाए रखते हुए, भारत की विविध पाक संस्कृति को बदलना होगा। टिकाऊ खाद्य नीतियों, देशी फसलों के समर्थन और संतुलित आहार जागरूकता के कार्यान्वयन के माध्यम से आधुनिकीकरण द्वारा पारंपरिक खाद्य विविधता और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ाया जा सकता है। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कभी-कभार फास्ट फूड खाने से आपके सामान्य स्वास्थ्य पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है। नियमित रूप से फास्ट फूड खाने से अंततः कई स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इसे सीमित करना लक्ष्य है।
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मानव जीवन को विज्ञान ने काफी आसान और सुविधाजनक बना दिया है। विज्ञान के प्रति युवाओं की कितनी रुचि है, इसी पर देश का भविष्य निर्भर करता है। युवाओं के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग में विज्ञान के प्रति अधिकाधिक रुचि जागृत करने के लिए प्रतिवर्ष 28 फरवरी को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है। दरअसल, इस दिवस के जरिये बच्चों को विज्ञान को बतौर कैरियर चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि देश की आने वाली पीढ़ी विज्ञान के क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय योगदान दे सके और देश प्रगति के मार्ग पर निरन्तर अग्रसर रहे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित करने के लिए वर्ष 1986 में भारत सरकार को कहा गया था और सरकार द्वारा इसे स्वीकृति प्रदान किए जाने के बाद से 28 फरवरी 1987 से प्रतिवर्ष इसी दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता रहा है। यह दिवस भारत के महान वैज्ञानिक भौतिक शास्त्री सर सीवी रमन की खोज ‘रमन प्रभाव’ को सदैव याद रखने और विश्व पटल पर विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने वाले इस वैज्ञानिक की स्मृति में मनाया जाता है। सर सीवी रमन भौतिकी विज्ञान के क्षेत्र में पहले ऐसे भारतीय थे, जिन्होंने भारत में ऐसे आविष्कार पर शोध किया था। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस में 1907 से 1933 तक सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन ने कार्य किया था। उस दौरान उन्होंने भौतिकी के कई बिन्दुओं पर शोध किया था, जिसमें से ‘रमन प्रभाव’ (प्रकाश के फैलने पर प्रभाव, जब विभिन्न वस्तुओं द्वारा उसे गुजारा जाता है) उनकी महान खोज बनी, जो न केवल विज्ञान जगत में लोकप्रिय हुआ बल्कि पूरी दुनिया ने उनकी इस खोज को सराहा। सर सीवी रमन की यह खोज 28 फरवरी 1928 को दुनिया के सामने आई थी। उनके लिए वर्ष 1930 में उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा माना जाने वाला ‘नोबेल पुरस्कार’ दिया गया था। वे एशिया के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने का गौरव हासिल हुआ था। ‘रमन प्रभाव’ की खोज के लिए उन्हें अनेक दूसरे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने के पश्चात् भारत लौटने पर उन्होंने कहा था कि ‘मेरे जैसे न जाने कितने रमन सुविधाओं और अवसरों के अभाव में यूं ही अपनी प्रतिभा गंवा देते हैं, जिससे केवल उनका ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का नुकसान है, जिसे हमें रोकना होगा।’ वर्ष 2013 से अमेरिकन केमिकल सोसायटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय ऐतिहासिक केमिकल लैंडमार्क के रूप में ‘रमन प्रभाव’ को नामित किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है। 2025 के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम है ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना।’ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों को हमारे दैनिक जीवन में विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कारों की महत्ता से परिचित कराना होता है, इसके अलावा वैज्ञानिक सोच रखने वाले लोगों को अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके कार्य के लिए प्रोत्साहित करना भी इसका अहम उद्देश्य है। विज्ञान के विकास के लिए नई तकनीकों को लागू कर विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने जैसे उद्देश्य राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन में निहित हैं। विज्ञान के जरिये ही वैज्ञानिकों ने नई-नई तरह की तकनीकों का आविष्कार किया है और वैज्ञानिकों ने इन खोजों के जरिये मानव जीवन को निरंतर बेहतर बनाया है। इसी विज्ञान के जरिये हम रोबोट, कम्प्यूटर इत्यादि बनाने में सफलता प्राप्त करने के अलावा अंतरिक्ष तक में पहुंच गए हैं। असंभव दिखने वाले कार्यों को भी विज्ञान की मदद से ही संभव बनाते रहे हैं। विज्ञान की मदद से ही बनाई गई प्रतिदिन बहुत सारी तकनीकों और वस्तुओं का इस्तेमाल हम अपने दैनिक क्रियाकलापों में करते हैं। ऐसे में हम सभी के लिए हमारे जीवन में विज्ञान के महत्व को समझना जरूरी है। हमारा समाज 21वीं सदी में जिस प्रकार अंधविश्वासों के साये में जीता है, ऐसे में विज्ञान की महत्ता समझते हुए समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हुए इन अंधविश्वासों के निर्मूलन की जिम्मेदार हम सबकी है।
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हीरो मोटोकॉर्प ने गुरुवार 100CC सेगमेंट में अपनी पॉपुलर बाइक पैशन प्लस को अपडेटेड OBD2B कम्प्लायंट इंजन के साथ नए अवतार में लॉन्च कर दिया है। बाइक कम्बाइंड ब्रेकिंग सिस्टम के साथ के साथ आती है। 2025 हीरो पैशन प्लस की एक्स-शोरूम, कीमत 81,651 रुपए है, जो कि 2024 नॉन OBD2B वर्जन के मुकाबले 1750 रुपए ज्यादा है। 2024 हीरो पैशन प्लस की कीमत 79,901 रुपए थी। 2025 हीरो पैशन प्लस बाइक का मुकाबला होंडा शाइन 100, बजाज प्लेटिना 100, टीवीएस स्पोर्ट, हीरो स्प्लेंडर प्लस और HF डीलक्स से है। नई कम्यूटर बाइक के कलर ऑप्शन में बदलाव किए गए हैं, लेकिन इसके डायमेंशन पहले की तरह ही हैं ... 2025 हीरो पैशन के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसमें ब्लैक कलर के 18-इंच 5-स्पोक अलॉय व्हील्स और डुअल-टोन कलर थीम दी गई है। पैशन का मौजूदा मॉडल 4 कलर ऑप्शन के साथ आता था, जबकि 2025 मॉडल दो कलर ऑप्शन- ब्लैक नेक्सस ब्लू और ब्लैक हैवी ग्रे कलर में अवेलेबल है।
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रीवा नगर निगम में टैम्पो टैक्सी चालकों से अवैध वसूली की जा रही है। यहां नगर निगम के नाम पर प्राइवेट कर्मचारी वाहन चालकों से मनमाना पैसा वसूल रहे हैं...और उन्हें दी जा रही रसीदों में वसूली की राशि भी नहीं लिखी है... रीवा के अस्पताल चौराहे पर टैम्पो टैक्सी चालकों से अवैध वसूली की जा रही है...नगर निगम के नाम पर कुछ प्राइवेट कर्मचारी 5 की जगह 10₹ प्रति वाहन वसूल कर रहे हैं...रसीदों पर कोई पैसे दर्ज नहीं हैं...यहां कोई स्पष्टता नहीं है कि ये वसूली किस आधार पर की जा रही है...मीडिया का कैमरा देखते ही वसूली कर रहे युवक ने रसीद तुरंत निगम कर्मचारी मोहम्मद अहमद को सौंप दी... लेकिन जब सवाल किया गया, तो अहमद ने उस युवक को पहचानने से मना कर दिया...अब देखना होगा कि निगम प्रशासन खुलेआम हो रही इस अवैध वसूली पर क्या कदम उठाता है...
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परासिया जनपद की उमरेठ ग्राम पंचायत में ग्रामीणों को धमकाने का मामला सामने आया है... ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने खराब सड़क की शिकायत की, तो सचिव तुलाराम साहू ने उन्हें धमकी दी कि राशन पानी बंद कर दिया जाएगा...धमकी के बाद ग्रामीणों ने परासिया जनपद पहुंचकर जनपद उपाध्यक्ष से शिकायत की... उमरेठ ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर एक, हेठी में सड़क की स्थिति बहुत ही खराब है। बरसात के मौसम में यहां के लोग दलदल जैसे कच्चे रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ, इसके बाद सचिव द्वारा दी गई धमकी ने मामला और गंभीर कर दिया। अब, परासिया जनपद उपाध्यक्ष जमील खान ने ग्रामीणों को सड़क निर्माण और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने का आश्वासन दिया...साथ ही सचिव को फटकार लगाई....
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तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में आने वाले भक्तों के लिए भोजन प्रसादलय के समय में विस्तार किया गया है..... ज्योतिर्लिंग ओंकारेश्वर मंदिर संस्थान के ओमकार भोजन प्रसादलय में अब सुबह से दोपहर तक और शाम से रात 9:00 बजे तक भोजन मिलेगा। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं एसडीएम शिवम प्रजापति ने भक्तों की सुविधाओं को बढ़ाने के उद्देश्य से भोजन प्रसादी व्यवस्था के समय में अब विस्तार किया गया है.ज्योतिर्लिंग भगवान के दर्शन के लिए देश के विभिन्न प्रांतो से भक्त सुबह 5:00 बजे से मंदिर पहुंचने लगते हैं. दर्शन के बाद कई भक्त को निर्धारित समय के कारण प्रसाद नहीं मिल पता ... प्रजापति ने कहा कि भक्तों को सुगम सुविधा मंदिर संस्थान की ओर से मिले इसी उद्देश्य से ओमकार भोजन प्रसादालय की पूर्व में निर्धारित समय सारणी में बदलाव करते हुए अब भोजन का समय और अधिक बढ़ाया गया है।पहले दोपहर 12:30 से 3:00 तक भक्तों को भोजन मिलता था। साथ ही शाम का भोजन 7:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक रहता था.अब वक्त सुबह 10:00 बजे शाम 4:00 और शाम का भोजन शाम 5:00 बजे रात्रि 9:00 बजे तक ले सकेंगे। और इसी के साथ ओंकार भोजन प्रसादालय में मां नर्मदा की पैदल परिक्रमा करके आने वाले भक्तों के लिए निशुल्क भोजन की व्यवस्था और ठहरने की व्यवस्था भी संस्थान की ओर से रहेगी।
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सिंगरौली जिले के बंधा नार्थ कोल ब्लॉक को लेकर कलेक्टर के पचौर और अन्य संबंधित ग्रामों में लगाए गए भू अर्जन अधिनियम के विरुद्ध नामांकन और निर्माण पर प्रतिबंध को लेकर स्थानीय लोगों ने अपर कलेक्टर पी के सेन गुप्ता को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा... ज्ञापन में स्थानीय लोगों ने पचौर गांव की भूमि का मूल्यांकन कलेक्टर दर के बजाय वर्तमान बाजार दर के अनुसार करने की मांग की है, क्योंकि पचौर की भूमि की कलेक्टर दर 3 लाख 80 हजार प्रति एकड़ है, जबकि वर्तमान में इसे 56 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से बेचा जा रहा है...इस ज्ञापन में जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार पाठक, जनपद अध्यक्ष सविता सिंह सहित सैकड़ों स्थानीय लोग शामिल हुए...अपर कलेक्टर ने इस मुद्दे को उचित मंच पर रखने का आश्वासन दिया...
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रुड़की के भगवानपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की बदमाशों के साथ मुठभेड़ हो गई, जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जबकि उसका साथी मौके से फरार होने में कामयाब हो गया, पुलिस फरार बदमाश की तलाश कर रही है, वहीं घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है ... भगवानपुर थाना क्षेत्र के नन्हेड़ा गांव में फरवरी माह में लूट की घटना को अंजाम दिया गया था, पुलिस उसी समय से लूट में शामिल बदमाशों की तलाश कर रही थी, देर रात पुलिस को सूचना मिली कि नन्हेड़ा गांव में लूट की वारदात को अंजाम देने वाले दो बदमाश बाइक से फरार हो रहे है, इस सूचना पर भगवानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक सूर्य भूषण नेगी ने तत्काल पुलिस टीम के साथ मिलकर बदमाशों की घेराबंदी करते हुए बदमाशों को रुकने के लिए कहा तो उन्होंने पुलिस पर गोली चला दी, जिस पर पुलिस ने भी बदमाशों के ऊपर जवाबी फायरिंग कर दी, इसी बीच एक बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह घायल हो गया, जबकि उसका दूसरा साथी मौका पाकर फरार हो गया, वहीं पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम अंशुल निवासी हरचंदपुर कोतवाली मंगलौर बताया है, इसी के साथ उसने मौके से फरार होने वाले अपने साथी का नाम शिवम बताया है ...
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अमरपाटन के एक व्यापारी के बेटे ने अपने सिर पर पिस्टल से अपने आप को गोली मार कर आत्महत्या करने का असफल प्रयास किया...घटना के बाद युवक की हालत गंभीर है जिसका इलाज बिरला हॉस्पिटल में चल रहा है... दरअसल मामला अमरपाटन थाना क्षेत्र के ग्राम लालपुर का हैं। जहाँ एक अनाज व्यापारी के बेटे शिवम गुप्ता ने अपने सर पर पिस्टल से फायर कर आत्महत्या करने की कोशिश की...जब परिजनों को जानकारी लग तो उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल अमरपाटन लेकर पहुंचे वहां से प्राथमिक उपचार के बाद उसे इलाज के लिए बिरला हॉस्पिटल सतना लेक जाया गया...यहां व्यापारी के बेटे के सिर का ऑपरेशन कर गोली निकाली गई...युवक का इलाज जारी है...
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अमरपाटन वन विभाग परिक्षेत्र के गोरसरी पहाड़ के जंगल में अज्ञात कारणों से भीषण आग लग गई...हवा के साथ फैली इस आग से लगभग 7 एकड़ का जंगल जलकर खाक हो गया... जंगल में लगी आग से वन सम्पदा जलकर खाक हो रही है...वहीं वनस्पति और सूखी घास के कारण आग लगातार विकराल रूप ले रही है...सूचना मिलने पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुँचा...जहाँ फायर ब्लोअर मशीन की मदद से आग बुझाने की कोशिश की जा रही है...
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सतवास तहसील में 18 करोड़ की लागत से बन रही नहर सिर्फ दो दिन में ही टूटने लगी है, जिससे घटिया निर्माण सामग्री के आरोप सामने आ रहे हैं। 81 किलोमीटर लंबी नहर की दीवारें उखड़ चुकी हैं, और सीमेंट की परतें भी झड़ने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों को पहले ही चेताया गया था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। वहीं, ठेकेदार के इंजीनियर का कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट में थोड़ी बहुत समस्याएं आती हैं, लेकिन निर्माण में कोई कमी नहीं है।" देवास जिले की सतवास तहसील में 18 करोड़ की लागत से बनाई जा रही चंदकेशर डेम से जोड़ने वाली नहर, अब सवालों के घेरे में है...केवल दो दिन के अंदर ही नहर की दीवारें उखड़ गईं और गिट्टी-बजरी बाहर आ गई...स्थानीय किसानों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ है...वहीं, ठेकेदार और अधिकारियों का कहना है कि निर्माण मापदंडों के अनुसार हो रहा है, और सुधार कार्य किया जा रहा है...लेकिन यह लापरवाही किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है....
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इंदौर से नागपुर महाराष्ट्र हरदा जाने वाली माल वाहकों से हो रही चोरी की लगातार शिकायतों के बाद पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की...अज्ञात आरोपियों द्वारा ट्रकों पर चढ़कर सामान चोरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है... आरोपी मोटरसाइकिलों से चलते हुए ट्रकों का पीछा कर उन पर चढ़कर तिरपाल काटकर ट्रक के अंदर रखा सामान चोरी करते थे...देवास पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से इन चोरों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया और मुखबिर की सूचना पर आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया...पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई शराब की पेटियां और हथियार भी बरामद किए हैं...पुलिस अब इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है...
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ग्वालियर के राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में बड़ा विवाद सामने आया है...विश्वविद्यालय के प्रोफेसर साजन कुरियन मैथ्यु पर छात्राओं से छेड़छाड़ करने के आरोप में झांसी रोड थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है... छात्राओं के आरोपों के बाद विश्वविद्यालय में हंगामा और प्रदर्शन हुआ... जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी... राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय में कुछ दिनों पहले छात्राओं ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर मैथ्यु अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं साथ ही रात में मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं...इस आरोप के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विरोध प्रदर्शन किया और एफआईआर की मांग की...शनिवार को छात्रों ने एसपी ऑफिस के बाहर भी धरना दिया। एबीवीपी के छात्रों के इस प्रदर्शन के बाद पुलिस ने प्रोफेसर मैथ्यू के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है...अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा का कहना है कि प्रोफेसर मैथ्यु के खिलाफ छात्राओं से छेड़छाड़ करने को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है....पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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ग्वालियर में कई जगह अपराधियों ने घरों से ही शराब का अवैध कारोबार चला रखा है ... पुलिस ने ऐसे ही एक घर पर दविश दी और शराब का अवैध कारोबार करने वाले को पकड़ा ... पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह के निर्देश पर ग्वालियर पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थो, अवैध शराब तथा अवैध हथियार की खरीद-फरोख्त करने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में हजीरा पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि लाइन नंबर 03 हजीरा में स्थित एक मकान में दो व्यक्ति मिलकर अवैध शराब का धंधा कर रहे हैं ... जिस पर से एडिशनल एसपी ने सीएसपी महाराजपुरा नागेन्द्र सिंह सिकरवार ने पुलिस टीम के साथ दविश दी ... तो एक व्यक्ति घर के गेट के पास बीयर की कैन का पैकेट लिये दिखा ... जो पुलिस को देखते ही डिब्बे को फैंककर घर के अंदर की तरफ भाग गया ... पुलिस टीम ने उसका पीछा किया तो उक्त व्यक्ति सीडियों से ऊपर चढ़कर मकान के पीछे की तरफ छत से कूदकर गलियों में फरार हो गया ... पुलिस टीम ने घर में रह रहे अन्य किरायेदारों से पूछताछ की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि भागने वाले व्यक्ति को यह मकान उसके दोस्त ने शराब बेचने के लिये दे रखा है और उसने किचिन में अवैध शराब का भंडारण करके रखा हुआ है। पुलिस टीम ने किचिन में जाकर देखा उसमें तीन प्लास्टिक के कट्टे में 330 क्वाटर प्लेन देशी शराब के रखे मिले। किचिन में रखे फ्रिज को खोलकर देखा तो उसमें किंग फिशर के 25 कैन, बोल्ट बीयर के 56, ब्लैक फोर्ट बीयर की 21 कैन भरी हुई मिली तथा किचिन के पटिये पर अंग्रेजी शराब रायल चेलेंज शराब की बोतलें मिलीं ...
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सिंगरौली में तमाम सामाजिक संस्थाओं को पानी बचाने और स्वच्छता बनाये रखने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी गई ... सरकार इस समय प्रदेश में जल गंगा अभियान चलाये हुए है ... जिला पंचायत सभागार में समस्त सामाजिक संस्थाओं मप्र जन अभियान परिषद, आशा कार्यकर्ताओं एम एस डब्लू , बी एस डब्लू , नावांकुर संस्थाओं को बैठक में बुलाकर जल संरक्षण के साथ स्वच्छता बनाए रखने को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई ... कार्यक्रम में लगभग सैकड़ो की संख्या में सिंगरौली देवसर चितरंगी से आकर लोग हुए शामिल ...
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छिंदवाड़ा में तमाम सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को लुटेरों को पकड़ने में कामयाबी मिली ... एक ग्रामीण इन लुटेरों के लिए रैकी किया करता था .. जिसके बाद लुटेरे वारदात को अंजाम देते थे ... पुलिस अधीक्षक अजय पांडे व आई.पी.एस. आयुष गुप्ता व अनुविभागीय अधिकारी जितेंद्र जाट के मार्गदर्शन पे लूट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा ... मामला उमरेठ थाने के अंतर्गत कुछ माह पहले ही एक लूट का था .. जिसमे लाखो रु एक युवक से लूट लिया गया था ... पुलिस को शिकायत मिलने पर सीसी टीवी फुटेज के जरिये कई माह से पुलिस ने कड़ी मेहनत कर हर एक फुटेज को खंगाला ... तब कुछ सुराग मिलने से धीरे धीरे आरोपियों को धर दबोचा गया ... लूट के लिए एक ग्रामीण व्यक्ति रेकी करते मिला ... पुलिस ने पांचो आरोपी को धर दबोचा और हिरासत मे लेकर जेल भेज दिया ...
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ग्वालियर में इन दोनों चाबी बनाने के नाम पर लोगों के घरों में चोरी करने वाली गैंग सक्रिय हैं… सरदार की वेशभूषा में घूमने वाले ये बदमाश अलमारी का लॉक ठीक करने के लिए गली-गली में आवाज लगाते हैं...ताजा मामला थाटीपुर क्षेत्र का है...जहां इन बदमाशों ने एक घर में लॉक ठीक करने के नाम पर अलमारी से 10 तोला सोना चुरा लिया... पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर लिया है...और आरोपियों की तलाश कर रही है सोना चुराने की वारदात थाटीपुर क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर की है जहां राम प्रकाश अपने परिवार के साथ रहते हैं... इनके घर की अलमारी की चाबी खो गई थी... उनकी गली में सरदार वेश में दो लोग चाबी बनवाने की आवाज लगाते निकले....तो उन्होंने दोनों को अपने घर की अलमारी की चाबी बनवाने बुला लिया... उन्होंने चाबी बनाना शुरू कर दिया... एक सरदार चाबी बना रहा था तो दूसरा लॉक चेक कर रहा था... कुछ देर बाद एक सरदार ने रामप्रकाश को चाबी दी और गर्म कर लाने को कहा... रामप्रकाश चाबी गर्म करने के लिए चले गए और इसी बीच शातिर युवकों ने लॉकर में रखे सोने के गहने चोरी कर लिए... जब रामप्रकाश चाबी लेकर आए तो सरदार ने उसे अलमारी में लगा कर तोड़ दिया... जिससे उसका गेट जाम हो गया गेट जाम होने के बाद सरदार शाम को ड्रिल मशीन लाने की कहकर चले गए.... जब मिस्त्री ने अलमारी को खोला तो उनके पैरों तले जमीन निकल गई... क्योंकि लॉकर का गेट खुला हुआ था.... लॉकर में रखे गहनों के डिब्बे में से दस तोले की चूड़ी, दो सोने की चेन, सात अंगूठी, कान के बाले, झुमकी और पैंडल गायब थे
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मध्यप्रदेश के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल पूर्व राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल के अमरपाटन निवास पहुंचे... उन्होंने रामखेलावन पटेल के स्वर्गीय पिता भैया लाल पटेल के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि देते हुए परिवारजन से मुलाकात की.... इस दौरान उपमुख्यमंत्री ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल में हो रहे मुस्लिम समाज के लोगों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा... धीरे धीरे सब ठीक हो जाएगा राष्ट्रहित में चुनौती पूर्ण निर्णय लेना सरकार की इच्छा शक्ति का परिचायक है... अमरपाटन पहुंचने पर डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर हो रहे विरोध प्रदर्शन पर कहा कई उलझे हुए मामले मोदी सरकार ने सुलझाए हैं ...धारा 370 का विरोध हो रहा था... अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बना उसका भी विरोध हो रहा था....कई ऐसे मामले हैं जो देश के विकास के लिए देश के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है....उसी कड़ी में वक्फ बोर्ड संशोधन बिल सोझ समझ कर लाया गया हैं.... इसका यह परिणाम हैं कि लोकसभा और राज्यसभा में दोनो जगह सांसदों ने बहुमत से इसको पारित किया हैं....विरोध करने वाले इसका विरोध करेंगे लेकिन मोदी जी की सरकार इस प्रकार के दबाव में झुकेगी नहीं ...
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अमरपाटन में जनपद सदस्य और जनपद पंचायत सीईओ के बीच का झगड़ा अपने चरम पर है ... जहां एक तरफ जनपद सदस्यों ने हंगामा करते हुए सीईओ के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर निंदा प्रस्ताव पारित कर सीईओ ओ पी अस्थाना की शिकायत कलेक्टर से की तो दूसरी तरफ इस मसले पर जनपद पंचायत सीईओ ओ पी अस्थाना सभी अधिकारी और कर्मचारियों के साथ मिलकर अमरपाटन थाने पहुँचें... जहां लिखित आवेदन देते हुए जनपद सदस्यों के पति और अध्यक्ष उपाध्यक्ष के खिलाफ अमरपाटन थाने में शासकीय कार्य में बाधा की शिकायत की ... अमरपाटन में जनपद सदस्यों और सीईओ ओ पी अस्थाना का मामला इतना तूल पकड़ गया कि... सीईओ ओ पी अस्थाना द्वारा जनपद की बैठक में अनाधिकृत तरीका से शामिल होने वाले जनपद सदस्यों के पति के खिलाफ.... शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने की और उनके साथ बदतमीजी करने की शिकायत थाने में दर्ज करवाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया है.... और सभी जनपद सदस्यों के पतियों पर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने का मामला दर्ज करने की मांग की है....साथ ही जनपद सीईओ ने अपने आप को भी असुरक्षित बताया है ... अमरपाटन जनपद पंचायत सभाकक्ष में सामान्य सभा की मीटिंग चल रही थी... इस दौरान अचानक से नाराज जनपद सदस्य जनपद पंचायत सीईओ के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे... और नाराजगी जताते हुए गंभीर आरोप लगाए...हालांकि सीईओ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है .. जनपद सदस्यों का आरोप है कि जनपद सीईओ ओपी अस्थाना के द्वारा महिलाओं और अध्यक्ष से अभद्रता की.... इतना नही बीच बैठक को छोड़कर सीईओ चले गए... जिससे बैठक में सीईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित हुआ...
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जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित केंद्रीय सुरक्षा संस्थान आयुध निर्माणी खमरिया से लगे रांझी क्षेत्र के आमा नाला में शुक्रवार सुबह सफाई के दौरान एक कुएं से भारी मात्रा में खाली कारतूस और हैंड ग्रेनेड के खोखे मिले हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और कुएं से निकले सभी खाली खोखे और हैंड ग्रेनेड को जप्त कर लिया है। बड़ी मात्रा में कारतूस मिलने की वजह से पुलिस अधिकारियों को भी सूचना दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बता दें कि नगर निगम द्वारा गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले कुओं की सफाई करवाई जाती है। शुक्रवार को सुबह रांझी थाना क्षेत्र के आमा नाला में मजदूरों से कुएं की सफाई कराई जा रही थी। इसी दौरान कुएं से बड़ी संख्या में खाली कारतूस निकले। इसके बाद ग्रामीणों ने इसकी जानकारी रांझी सीएसपी सतीश साहू को दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सभी कारतूसों को जप्त कर जांच शुरू की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि स्थानीय लोगों से कुएं में कारतूस होने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद रांझी थाना पुलिस को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान करीब 50 खाली कारतूस और हैंड ग्रेनेड के खोखे बरामद किए गए हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि ये खोखे काफी पुराने हैं और संभवतः कबाड़ियों द्वारा बीनकर यहां तक लाए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ जारी है कि आखिर ये खोखे यहां तक कैसे पहुंचे।
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रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सगरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक घर में अचानक आग लग गई। देखते ही देखने आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे गृहस्थी का सामान पूरी तरह जल गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम सगरा निवासी लवकुश मिश्रा के घर से शुक्रवार दोपहर में स्थानीय लोगों ने धुआं निकलते देखा। इसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों से बाल्टियां लाकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना की सूचना मिलते ही सगरा थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचना दी, लेकिन जब तक दमकल की टीम मौके पर पहुंची, तब तक घर में रखा गृहस्थी का सामान जल चुका था। थाना प्रभारी अंकिता मिश्रा ने बताया कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
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ताहिर अली मध्यप्रदेश के धार जिले का छोटा सा कस्बा "बाग" केवल भौगोलिक पहचान नहीं, बल्कि एक समृद्ध हस्तकला का केंद्र है। यहां विकसित हुई "बाग प्रिंट" की कला सदियों पुरानी विरासत को जीवित रखते हुए वैश्विक मंचों पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। यह हस्तशिल्प कला प्राकृतिक रंगों और हाथ से तराशे गए लकड़ी के ब्लॉकों के माध्यम से कपड़ों पर एक अनोखी छाप छोड़ती है। इस कला को पुनर्जीवित करने और इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मोहम्मद यूसुफ खत्री और उनका परिवार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके अथक प्रयासों ने बाग प्रिंट को भारत और वैश्विक मंच में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। बाग प्रिंट: ऐतिहासिक धरोहर का पुनर्जागरण बाग प्रिंट की परंपरा सदियों पुरानी है और यह मूल रूप से खत्री समुदाय द्वारा संरक्षित और संवर्धित की गई। पहले यह कला केवल स्थानीय जरूरतों तक सीमित थी, लेकिन समय के साथ आधुनिक तकनीकों और मिलावट भरे रंगों के चलते इसकी पारंपरिक पहचान खतरे में पड़ने लगी। बाग प्रिंट को विलुप्त होने से बचाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका स्वर्गीय इस्माईल खत्री की रही। उन्होंने इस कला को पुनर्जीवित करने के लिए परंपरागत तकनीकों में नवाचार किए और प्राकृतिक रंगों के उपयोग को बढ़ावा दिया। बाग प्रिंट के जनक स्वर्गीय इस्माईल खत्री द्वारा स्थापित इस कला की विरासत को आज भी उनके परिवार के सदस्य पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। बाग प्रिंट की इस समृद्ध परंपरा को जीवित रखने में मो. यूसुफ़ खत्री, स्व. मो. अब्दुल क़ादर खत्री, श्रीमती रशीदा बी खत्री, बिलाल खत्री, मो. रफ़ीक खत्री, उमर मो. फारूख खत्री, मो. काज़ीम खत्री, मो. आरिफ खत्री, अब्दुल करीम खत्री, गुलाम मो. खत्री, कासिम खत्री, अहमद खत्री और मोहम्मद अली खत्री जैसे शिल्पकारों का उल्लेखनीय योगदान है।यह परिवार कला, नवाचार और परंपरा के संतुलन को बनाए रखते हुए, बाग प्रिंट को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। बाग प्रिंट को जीवंत रखने और वैश्विक पहचान दिलाने में खत्री परिवार दशकों से दे रहा है योगदान बाग प्रिंट को आज के दौर में जीवित रखने और आगे बढ़ाने में खत्री परिवार की कई पीढ़ियों का योगदान रहा है। उनके परिश्रम और समर्पण ने इस कला को एक नए मुकाम तक पहुंचाया है। एक समय था जब बाग प्रिंट की चमक धीरे-धीरे फीकी पड़ने लगी थी। आधुनिकता के प्रभाव में हस्तशिल्प उद्योग सिकुड़ने लगा था, लेकिन स्वर्गीय इस्माईल खत्री ने इसे पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया। उन्होंने पारंपरिक तकनीकों को संरक्षित रखते हुए, नए प्रयोग किए, जिससे बाग प्रिंट को नया जीवन मिला। स्वर्गीय अब्दुल कादर खत्री और मोहम्मद यूसुफ खत्री ने इस यात्रा को आगे बढ़ाया और इस कला को वैश्विक मंचों तक पहुंचाया। उनके प्रयासों से यह प्रिंटिंग तकनीक सिर्फ धार जिले तक सीमित नहीं रही, बल्कि भारत और विदेशों में भी प्रसिद्ध हो गई। कलाकारों का दृष्टिकोण - बाग प्रिंट को संजोने और वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में खत्री परिवार की कई पीढ़ियों का योगदान रहा है। जब इस कला के संरक्षण और भविष्य को लेकर खत्री परिवार के सदस्यों और अन्य कलाकारों से चर्चा की गई, तो उनके विचारों से पता चला कि यह केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आंदोलन है। मो. यूसुफ़ खत्री का कहना है कि - "हमारे पिता ने हमें सिखाया कि कला केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्मा की अभिव्यक्ति है। स्वर्गीय अब्दुल कादर भाई ने इस सीख को आत्मसात किया और बाग प्रिंट को नई ऊंचाइयों तक ले गए। हमें गर्व है कि हमारी कला आज एक पहचान बन चुकी है। हमारी आने वाली पीढ़ियाँ भी इस कला को जीवित रखने में लगी हुई हैं।" श्री बिलाल खत्री (मो. यूसुफ़ खत्री के बेटे) कहते हैं: "पिता जी का सपना था कि बाग प्रिंट को एक ब्रांड के रूप में पहचाना जाए। आज, जब हम इसे वैश्विक स्तर पर देख रहे हैं, तो हमें गर्व महसूस होता है। लेकिन हमारी जिम्मेदारी यहीं खत्म नहीं होती, हमें इसे और आगे ले जाना है।" श्रीमती रशीदा बी खत्री (स्वर्गीय श्री अब्दुल कादर खत्री की पत्नी) कहती हैं कि: "हम सब इस कला के लिए एकजुट हैं। यह सिर्फ हमारा व्यवसाय नहीं, बल्कि हमारी परंपरा और पहचान है। जब हम किसी कपड़े पर हाथ से छपाई करते हैं, तो उसमें हमारी आत्मा झलकती है।" एक अमूल्य धरोहर की यात्रा बाग प्रिंट केवल एक हस्तशिल्प नहीं, बल्कि यह संस्कृति, परंपरा और आत्म-अभिव्यक्ति का संगम है। यह एक ऐसी कला है, जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है और आधुनिकता की चुनौतियों के बावजूद अपनी मौलिकता बनाए रखने में सफल रही है। इस यात्रा को करीब से देखने के बाद, यह स्पष्ट होता है कि बाग प्रिंट को जिंदा रखना केवल एक परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। यह एक ऐसी धरोहर है, जिसे अगर समय रहते संरक्षित नहीं किया गया, तो यह केवल संग्रहालयों की वस्तु बनकर रह जाएगी। खत्री परिवार इस कला को जीवित रखने के लिए जिस जुनून और समर्पण के साथ काम कर रहे हैं, वह काबिले-तारीफ है। लेकिन यह भी जरूरी है कि सरकार और समाज मिलकर इस कला को और अधिक समर्थन दें। आर्ट फंडिंग, डिज़ाइन इनोवेशन और डिजिटल मार्केटिंग जैसी नई रणनीतियों को अपनाकर इसे और अधिक व्यापक रूप से प्रचारित किया जा सकता है। बाग प्रिंट को लेकर उनका क्या अनुभव रहा? श्री उमर फ़ारूख़ खत्री इस सवाल के जवाब में कहते हैं, "शुरुआत में लोगों को समझाना बहुत मुश्किल था कि यह केवल एक परंपरागत कला नहीं, बल्कि एक जीवंत धरोहर है। धीरे-धीरे जब हमारे डिज़ाइनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली, तो हमें लगा कि हम सही दिशा में जा रहे हैं। आज, जब विदेशों में लोग हमारे प्रिंट पहने हुए दिखते हैं, तो खुशी का अहसास होता है।" भविष्य की संभावनाएं बाग प्रिंट आज दुनिया के कई देशों में अपनी पहचान बना चुका है। स्पेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, अमेरिका, कोलंबिया, थाईलैंड, रूस, चीन, अर्जेंटीना और बहरीन में इस कला का प्रदर्शन किया जा चुका है। श्री आरिफ़ खत्री कहते हैं: "हमारी अगली पीढ़ी को बाग प्रिंट को केवल संरक्षित नहीं, बल्कि इसे और अधिक वैश्विक बनाना होगा। नई तकनीकों और डिजाइनों से इसे आधुनिक फैशन उद्योग से जोड़ना हमारा लक्ष्य है। इससे न केवल इस कला को नया जीवन मिलेगा, बल्कि हमारे शिल्पकारों को भी अधिक अवसर प्राप्त होंगे।" यूसुफ खत्री भी इस बात पर सहमति जताते हैं। उनका मानना है कि बाग प्रिंट को सिर्फ पारंपरिक कपड़ों तक सीमित न रखते हुए, इसे होम डेकोर, एक्सेसरीज़ और आधुनिक फैशन ब्रांड्स के साथ जोड़ना होगा। श्री बिलाल खत्री इस दिशा में कई नवाचार कर रहे हैं। वे कहते हैं, "आज, जब दुनिया सस्टेनेबल फैशन और इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रही है, बाग प्रिंट की प्राकृतिक रंगाई और हस्तनिर्मित छपाई इसे एक अनोखी और टिकाऊ कला बनाती है। हमें इसे बड़े डिज़ाइन हाउस और फैशन ब्रांड्स तक पहुंचाने का प्रयास करना होगा।" युवा पीढ़ी की भूमिका बाग प्रिंट को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में युवा कलाकारों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। बिलाल खत्री जैसे युवा कलाकार अब इस कला को डिजिटल युग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के साथ जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। "हमारी अगली पीढ़ी को बाग प्रिंट को केवल संरक्षित नहीं, बल्कि इसे और अधिक वैश्विक बनाना होगा। नई तकनीकों और डिजाइनों से इसे आधुनिक फैशन उद्योग से जोड़ना हमारा लक्ष्य है।" — श्री आरिफ खत्री (स्वर्गीय अब्दुल कादर खत्री के बेटे) हमारा लक्ष्य सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि हमारी परंपरा को जीवित रखना है यूसुफ खत्री और उनका परिवार इस दिशा में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। अगर इसी गति से नवाचार और विस्तार जारी रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब बाग प्रिंट वैश्विक फैशन और आर्ट इंडस्ट्री का अभिन्न हिस्सा बन जाएगा। स्वर्गीय श्री अब्दुल कादर खत्री कहते थे कि "हमारा लक्ष्य सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि हमारी परंपरा को जीवित रखना है। जब कोई युवा इसे सीखता है और अपनी आजीविका बनाता है, तो हमें सबसे ज्यादा खुशी होती है।" बाग प्रिंट सिर्फ एक कला नहीं, बल्कि यह भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। यह एक ऐसी विधा है, जिसने समय के साथ खुद को ढालते हुए भी अपनी मौलिकता नहीं खोई है। लेखक के रूप में इस यात्रा को समझने के बाद, यह स्पष्ट होता है कि बाग प्रिंट का भविष्य तभी उज्ज्वल रहेगा जब यह केवल एक पारंपरिक कला नहीं, बल्कि एक विकसित और व्यावसायिक रूप से सफल ब्रांड बने। इसके लिए सरकार, समाज, और शिल्पकारों को मिलकर काम करना होगा। परंपरागत बाग प्रिंट कार्य-विधि (संक्षिप्त विवरण) बाग प्रिंट की पूरी प्रक्रिया को विभिन्न चरणों में विभाजित किया जाता है, जिसमें कपड़े की तैयारी, रंगाई, छपाई, और अंतिम परिष्करण शामिल हैं। 1. खारा विधि - कपड़े को धोकर सुखाया जाता है और बकरी की मेंगनी व अरंडी तेल के घोल में डुबोया जाता है। फिर इसे भूमिगत तापमान पर रखा जाता है और बहते पानी में धोया जाता है। यह प्रक्रिया कपड़े को मुलायम बनाती है और रंगों को बेहतर अवशोषित करने में मदद करती है। 2. पीला विधि - कपड़े को हरड़ के घोल में डुबोकर धूप में सुखाया जाता है, जिससे यह पीले रंग का हो जाता है। इसे ही "बेस" कहा जाता है, जो छपाई के लिए कपड़े को तैयार करता है। 3. लाल और काला रंग निर्माण •लाल रंग: फिटकरी, गोंद और इमली के बीज से तैयार किया जाता है। •काला रंग: लोहे की जंग, गुड़, गेहूं का आटा और चूने के मिश्रण को 8-10 दिन तक सड़ाकर बनाया जाता है। 4. ब्लॉक प्रिंटिंग - लकड़ी के ब्लॉकों (भांतों) की मदद से हाथों से छपाई की जाती है। संतुलित दबाव और कोनों की सटीक छपाई से उत्कृष्ट डिज़ाइन उभरते हैं। 5. विछलियाँ विधि - छपे हुए कपड़े को नदी के बहते पानी में धोकर अतिरिक्त रंग हटाया जाता है। 6. भट्टी विधि -कपड़े को प्राकृतिक रंगों के घोल में उबाला जाता है, जिससे लाल, काले और सफेद रंगों में निखार आता है। 7. तपाई विधि -कपड़े को पत्थरों पर सुखाया जाता है, जिससे यह स्वाभाविक रूप से सफेद और चमकदार हो जाता है। 8. अन्य रंग निर्माण - •खाकी रंग: धावड़े के पत्तों और अनार के छिलकों से बनाया जाता है। •नीला रंग: इंडिगो पौधे के पत्तों से तैयार किया जाता है। •हरा रंग: इंडिगो से रंगे कपड़े को अनार के छिलकों या धावड़े के पत्तों के घोल में डुबोकर बनाया जाता है। बाग प्रिंट की यह पारंपरिक विधि पूरी तरह से प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल है, जो इसे एक अनोखी और टिकाऊ कला बनाती है। बाग प्रिंट में खत्री परिवार के प्रमुख शिल्पकारों का योगदान बाग प्रिंट भारत की एक प्राचीन हस्तकला है, जिसमें प्राकृतिक रंगों और हाथ से बने लकड़ी के ब्लॉकों का उपयोग कर कपड़ों पर सुंदर और जटिल डिज़ाइन उकेरे जाते हैं। मध्य प्रदेश के धार जिले के बाग कस्बे में इस कला को जीवित और विकसित करने में कई प्रमुख शिल्पकारों का योगदान रहा है। इनमें से कुछ प्रमुख नाम इस प्रकार हैं: श्री इसमाईल सुलेमानजी खत्री - श्री इसमाईल सुलेमानजी खत्री बाग प्रिंट ठप्पा छपाई कला के जनक और संरक्षक थे, जिन्होंने इस परंपरागत कला को वैश्विक पहचान दिलाई। मध्यप्रदेश के मनावर में जन्मे, उन्होंने अपने पिता से इस विरासत को अपनाया और इसके संरक्षण व विकास में जीवन समर्पित कर दिया। 1946 में गांधीवादी आंदोलन के दौरान हाथ की छपाई को बढ़ावा मिला, जिससे उन्होंने नान्दना प्रिंट और अलिजरीन प्रिंट जैसी नई तकनीकों को विकसित किया। उन्होंने आदिवासी और पारंपरिक लोक कलाओं को बाग प्रिंट में समाहित कर इसे नया आयाम दिया। 1977-78 में उन्हें राज्य स्तरीय पुरस्कार और 1984 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समाजसेवा की भावना से प्रेरित होकर, उन्होंने गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन करने वाले 2500 से अधिक युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण दिया, जिससे कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित हुए। उनके शिष्य, विशेष रूप से मोहम्मद यूसुफ खत्री, इस कला को आगे बढ़ा रहे हैं और बाग प्रिंट को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। श्री इसमाईल सुलेमानजी खत्री का योगदान न केवल इस कला के संरक्षण में है बल्कि इसके भविष्य को भी सुनिश्चित करने में अहम रहा है। श्रीमती जैतून बी (पत्नी स्व. इस्माईल खत्री) - श्रीमती जैतून बी बाग प्रिंट की वयोवृद्ध शिल्पकार थीं, जिन्होंने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। उनके पिता श्री इलियास खत्री ने गुजरात के दाहोद में इस कला को जीवित रखा था, जिससे उन्होंने इसे सीखा। विवाह के बाद वे मध्य प्रदेश आईं और अपने पति, स्व. इस्माईल खत्री, जो बाग प्रिंट के जनक माने जाते हैं, के साथ मिलकर इस कला को विकसित किया। उन्होंने गुजरात की लोक कला और मध्य प्रदेश की आदिवासी लोक कला को मिलाकर बाग प्रिंट को विशिष्ट पहचान दी। उनके प्रयासों से कई महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण मिला, जिससे यह कला रोजगार का माध्यम बनी। स्व. अब्दुल कादिर खत्री - स्वर्गीय अब्दुल कादिर खत्री, इस्माईल खत्री के पुत्र, बाग प्रिंट के एक अनुभवी शिल्पकार थे, जिन्होंने इस हस्तकला को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाया। उन्होंने पारंपरिक डिज़ाइनों में आधुनिकता जोड़ते हुए इसे नया रूप दिया और इसे व्यावसायिक रूप से स्थापित करने में मदद की। वे निफ्ट (नई दिल्ली, अहमदाबाद) जैसे प्रमुख फैशन संस्थानों में छात्रों को प्रशिक्षण देते थे। उन्हें भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार, यूनेस्को और वर्ल्ड क्राफ्ट्स काउंसिल द्वारा अंतरराष्ट्रीय अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस मिला। रशीदा बी खत्री (पत्नी स्व. अब्दुल कादिर खत्री) - रशीदा बी खत्री ने अपने ससुर इस्माईल खत्री और पति अब्दुल कादिर से बाग प्रिंट की कला सीखी और उनके निधन के बाद भी इसे आगे बढ़ाया। उन्होंने बैम्बू मैट, लैदर और जूट पर बाग प्रिंट के प्रयोग किए, जिससे इस कला का विस्तार हुआ। उन्हें राष्ट्रीय मेरिट पुरस्कार और मध्य प्रदेश सरकार द्वारा विशिष्ट राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शिल्प गुरु मोहम्मद युसूफ खत्री - मोहम्मद युसूफ खत्री बाग प्रिंट के शिल्प गुरु माने जाते हैं और उनके पास 47 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने नए वेजिटेबल डाई (प्राकृतिक रंग) विकसित किए, जिससे बाग प्रिंट की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ी। वे दो राष्ट्रीय पुरस्कार, सात अंतरराष्ट्रीय यूनेस्को पुरस्कार और "शिल्प गुरु" पुरस्कार से सम्मानित हैं। उन्होंने सैकड़ों जनजातीय, पिछड़े वर्ग और निर्धन युवाओं को प्रशिक्षित किया और जर्मनी, फ्रांस, इटली, अमेरिका, स्पेन, अर्जेंटीना जैसे देशों में भारतीय शिल्प को बढ़ावा दिया। श्रीमती हसीना खत्री (पत्नी मोहम्मद युसूफ खत्री) - हसीना खत्री ने अपने पति और ससुराल में रहते हुए बाग प्रिंट सीखा और इस कला में योगदान दिया। उन्होंने परंपरागत तकनीकों को नई डिज़ाइनों के साथ जोड़कर विकसित किया और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों में भाग लिया। उन्हें मध्य प्रदेश सरकार द्वारा "विश्वकर्मा पुरस्कार" से सम्मानित किया गया। श्री मोहम्मद रफीक खत्री - मोहम्मद रफीक खत्री, इस्माईल सुलेमानजी खत्री के पुत्र, बाग प्रिंट के कुशल शिल्पकारों में से एक हैं। उन्होंने बहुत कम उम्र में यह कला सीखी और नए डिज़ाइनों तथा रंग संयोजन का प्रयोग किया। वे स्पेन, पुर्तगाल, इजराइल जैसी जगहों पर अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग ले चुके हैं और कई राष्ट्रीय तथा राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। श्री मोहम्मद दाऊद खत्री - मोहम्मद दाऊद खत्री पारंपरिक बाग प्रिंट शिल्पी हैं, जिन्होंने बचपन में ही इस कला को सीख लिया था। वे मध्य प्रदेश सरकार के सिल्क फैडरेशन और खादी ग्रामोद्योग के लिए बाग प्रिंट की साड़ियों, सूट, दुपट्टे, स्टोल और अन्य कपड़ों की आपूर्ति कर चुके हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं और बाग प्रिंट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। श्री उमर फारूक खत्री - उमर फारूक खत्री, इस्माईल सुलेमानजी खत्री के पुत्र, बाग प्रिंट में नये प्रयोग करने वाले कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने इंडिगो डाई (नील) के प्रयोग को पुनर्जीवित किया और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त किए। श्री मोहम्मद बिलाल खत्री - मोहम्मद बिलाल खत्री बाग प्रिंट की नई पीढ़ी के उभरते हुए कलाकारों में से एक हैं। उन्होंने पारंपरिक डिज़ाइनों में आधुनिक तकनीकों का समावेश किया और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों में भाग लेकर बाग प्रिंट को नई पहचान दिलाई। श्री अरिफ खत्री - अरिफ खत्री बाग प्रिंट के समर्पित शिल्पकारों में से एक हैं, जो इस कला को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में जुटे हैं। उन्होंने अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए बाग प्रिंट में नवीन प्रयोग किए और प्राकृतिक रंगों के साथ आधुनिक डिज़ाइन विकसित किए। उनकी कलाकृतियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास पहचान बनाई है। वे युवा शिल्पकारों को प्रशिक्षित कर इस पारंपरिक कला को संजोने का कार्य कर रहे हैं। बाग प्रिंट कला को जीवित रखने और विकसित करने में इन शिल्पकारों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उनकी मेहनत और नवाचारों के कारण यह कला भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मान प्राप्त कर चुकी है। 1.स्व. श्री ईस्माइल खत्री बाग प्रिंट के जनक 2.स्व. श्रीमती जैतून बी खत्री बाग प्रिंट शिल्पी 3.स्व. श्री अब्बदुल कादर खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 4.श्रीमती राशीदा बी खत्री बाग प्रिंट शिल्पी 5.श्री युसूफ खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 6.श्रीमती हसीना खत्री बाग प्रिंट शिल्पी 7.श्री मोहम्मद रफीक खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 8.श्री मोहम्मद दाऊद खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 9.श्री उमर फारूख खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 10.श्री मोहम्मद बिलाल खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार 11.श्री आरिफ खत्री बाग प्रिंट शिल्पकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में बाग प्रिंट कला को सराहा खुद बाग प्रिंट का ठप्पा लगाकर पारंपरिक कला को किया प्रोत्साहित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ग्लोबल इन्वेस्टर समिट भोपाल में एमपी पवेलियन का अवलोकन किया। जहां मध्यप्रदेश के हस्तशिल्प, टेक्सटाइल और स्थानीय उद्योगों का प्रदर्शन किया गया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बाग प्रिंट के युवा शिल्पकार मोहम्मद आरिफ खत्री के स्टॉल का अवलोकन किया और खुद बाग प्रिंट का ठप्पा लगाकर इस पारंपरिक कला की महत्ता को रेखांकित किया। इस अवसर पर राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित थे। भोपाल में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 60 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें 13 राजदूत, 6 उच्चायुक्त और कई महावाणिज्यदूत मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि आरिफ खत्री, जो 15 वर्षों से इस कला में सक्रिय हैं, ने बाग प्रिंटिंग को आधुनिक डिजाइनों और तकनीकों से जोड़ते हुए इसे वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्हें 2021 में यूनेस्को एवं विश्व शिल्प परिषद द्वारा अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस से सम्मानित किया गया था। उनके परिवार ने अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, जापान, रूस, स्पेन सहित कई देशों में बाग प्रिंट का प्रदर्शन कर भारत और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया है। (लेखक सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक जनसम्पर्क हैं)
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रूड़की में पत्नी को तीन तलाक देना पति को भारी पड़ गया.... तीन तलाक के बाद पत्नी डिप्रेशन में आ गई और उसने गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली... अब पुलिस महिला की तलाश के लिए गंगनहर में सर्च अभियान चला रही है... पुलिस ने इस मामले में महिला के पति समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है जानकारी के मुताबिक रूड़की के सफ़रपुर गांव के खुशनूद युवक ने सहारनपुर की साजिया नाम की एक युवती को धोखा देकर 9 साल पूर्व निकाह किया था... आरोप है कि युवती का पति खुशनूद पहले से ही शादीशुदा था और इस बात की जानकारी खुशनूद ने साजिया से छिपाई थी...जब साजिया को इस बात की जानकारी लगी तो उसने इस बात का विरोध किया तो पति खुशनूद ने साजिया के साथ मारपीट कर उसे घर से निकाल कर तीन तलाक दे दिया... साजिया पति से तीन तलाक मिलने पर डिप्रेशन में आ गई और परेशान होकर गंगनहर में कूदकर आत्महत्या कर ली
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छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल की सराहनीय पहल देखने मिली...कलेक्टर जैसवाल उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचे....जहां उन्होंने भविष्य से भेंट के कार्यक्रम में छात्र छात्राओं से बातचीत की...इस दौरान कलेक्टर ने उत्कृष्ट विद्यालय में कक्षा 12 के छात्र छात्राओं की क्लास भी ली कलेक्टर पार्थ जैसवाल का एक अलग और निराला अंदाज उस समय नजर आया जब वो उत्कृष्ट विद्यालय पहुंचे....जहां उन्होंने भविष्य से भेंट के कार्यक्रम में छात्र छात्राओं से बातचीत की...साथ ही कक्षा 12 के छात्र छात्राओं की क्लास भी ली...और विद्यार्थियों से भविष्य में हॉबी को लेकर जानकारी ली.... ओर लक्ष्य को भी जाना....वहीं विद्यार्थियों को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह भी दी
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नया शिक्षण सत्र आरम्भ हो गया है और निजी विद्यालयों के सँछालक मनमानी पर उतर आये हैं .. परेशान अभिभावकों ने इस मामले में प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है ... सुलभ शिक्षा अभियान संगठन के बैनर तले अभिभावको नें निजी विद्यालयों की मनमानी के विरोध में नारे बाजी करते हुए तहसील परिसर स्थित एसडीएम ऑफिस पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप अधिकारी रविन्द्र जुवाठा को सौपा ... अभिभावकों का कहना है कि एक नए शैक्षिक सत्र प्रारंभ के साथ निजी विद्यालयों की मनमानी भी प्रारंभ हो गई है ... जहां सरकार द्वारा आदेशित किया गया है कि सभी विद्यालय एनसीईआरटी का पाठ्यक्रम लागू करेंगे तथा कोई भी विद्यालय अभिभावकों पर यह दबाव नहीं बनाएगा की वह विद्यालय से या किसी चिन्हित दुकान से कापी किताबें स्टेशनरी व अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदे ... उसके बावजूद निजी विद्यालयों ने मनमाने तरीके से स्कूल की फीस बढ़ा दी है और पाठ्यक्रम में परिवर्तन कर एनसीईआरटी के स्थान पर निजी प्रकाशकोण की पुस्तक लागू कर या तो विद्यालय से ही पुस्तक या शैक्षिक सामग्री दे रहे हैं ...
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कहने को एक अप्रेल से धर्मिक नगर ओंकारेश्वर शराबबंदी के साथ ही पॉलीथिन मुक्त हो गया है ... लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हुआ है ... चोरी छुपे जम के शराब भी बिक रही है और जगह -जगह पॉलीथिन के कारण गंदगी के ढेर भी नजर आ रहे हैं ... बाबा ओंकारे की नगरी में शराबबंदी के पहले ही दिन शराबियों ने जमकर उत्पात मचाया और परिक्रमा मार्ग स्थित एक बाबा जी की कुटिया पर पत्थर बरसाए ... इससे बाबा बुरी तरह घायल हो गए ... वे थाने में एफआईआर दर्ज करने पहुंचे तो एक शराबी कुल्हाड़ी लेकर मारने आया ... खून से लथपथ लाल बाबा पुलिस थाने रिपोर्ट लिखाने पहुंचे ... पहले सुनिए इन बाबा जी की बात .. मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने ओंकारेश्वर समिति 17 तीर्थ स्थान पर 1 अप्रैल से शराबबंदी तो लागू कर दी ... लेकिन चोरी छुपे शराब की बिक्री चल रही है ... लोग भी जगह जगह नशे में नजर आ रहे हैं ... ये लोग भी मानते हैं शराब बंदी होना चाहिए .. परंतु धरातल पर आबकारी विभाग पुख्ता कार्रवाई नहीं कर रहा है ... वहीं थाना प्रभारी आलोक सिंधिया ने बताया की थाने में पुलिस बल की कमी होने के कारण और मंदिर में वीआईपी ड्यूटी होने के कारण हमारे पास पुलिस बल की कमी है और शराब बंद करवाना आबकारी विभाग का कार्य है ... मामला जो भी अभी तो इस धर्म नगरी में शराब जमकर बिक रही है ... तीर्थ नगरी ओमकारेश्वर को पॉलीथिन मुक्त भी कर दिया गया है ... लेकिन अब भी लोगों को सामान पॉलीथिन में दिया जा रहा है ... जगह जगह गंदगी के ढेर हैं जहाँ कचरे में पड़ी पन्नी की थैलियां सिस्टम को मुँह चिढ़ा रही हैं ... ओंकारेश्वर में सभी वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है नगर पंचायत कर्मचारी द्वारा सभी दुकानों पर जा जाकर यह बताया जा रहा है कि प्लास्टिक पन्नी का उपयोग नहीं करना है। .. लेकिन इसके बावजूद फिलहाल कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है ...
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बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री अब कट्टर हिन्दु बनाने का काम शुरू करेंगे ... इसके लिए उन्होंने हिन्दू क्रांति अभियान चलाने की घोषणा की ... बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र अभियान के तहत अब देशभर में हिंदू क्रांति अभियान चालाने की बात कही है ... उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने से पहले हर घर और गांव-गांव में कट्टर हिंदू बनाने का काम शुरू होगा। अभियान इसी महीने से शुरू होगा। इस काम के लिए बागेश्वर धाम से टीमें रवाना हो गई हैं।,सोशल मीडिया पर बाबा बागेश्र्वर ने कहा, 'जहां बरसात नहीं होती है, वहां की फसलें खराब हो जाती हैं। जहां सनातन के संस्कार नहीं होते हैं, वो नस्लें खराब हो जाती हैं।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1992 में हर वर्ष 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस के रूप में मनाने घोषणा की गयी। इसका उद्देश्य समाज के सभी क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को बढ़ावा देना और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में दिव्यांग लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। मगर आज भी लोगों को तो इस बात का भी पता ही नहीं होता है कि हमारे आस-पास कितने दिव्यांग रहते हैं। उन्हे समाज में बराबरी का अधिकार मिल रहा है कि नहीं। किसी को इस बात की कोई फिक्र नहीं है। समाज में दिव्यांगता को एक सामाजिक कलंक के रूप में देखा जाता है। जिसे सुधारने की आवश्यकता है। इस वर्ष का विषय "समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व को बढ़ावा देना" विकलांग व्यक्तियों को अपने भाग्य को आकार देने और समाज में योगदान देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाने के महत्व को रेखांकित करता है। सरकार द्वारा देश में दिव्यांगों के लिए कई नीतियां बनायी गयी हैं। उन्हें सरकारी नौकरियों, अस्पताल, रेल, बस सभी जगह आरक्षण प्राप्त है। दिव्यांगों के लिए सरकार ने पेशन की योजना भी चला रखी है। लेकिन ये सभी सरकारी योजनाएं उन दिव्यांगों के लिए महज एक मजाक बनकर रह गयी हैं। जब इनके पास इन सुविधाओं को हासिल करने के लिए दिव्यांगता का प्रमाणपत्र ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के पास एक ‘दिव्य क्षमता’ है और उनके लिए ‘विकलांग’ शब्द की जगह दिव्यांग शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विकलांगों को दिव्यांग कहने की अपील की थी। जिसके पीछे उनका तर्क था कि शरीर के किसी अंग से लाचार व्यक्तियों में ईश्वर प्रदत्त कुछ खास विशेषताएं होती हैं। विकलांग शब्द उन्हे हतोत्साहित करता है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर देश के लोगों ने विकलांगो को दिव्यांग तो कहना शुरू कर दिया लेकिन लोगों का उनके प्रति नजरिया आज भी नहीं बदल पाया है। आज भी समाज के लोगों द्धारा दिव्यांगों को दयनीय दृष्टि से ही देखा जाता है। भले ही देश में अनेको दिव्यांगों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो मगर लोगों का उनके प्रति वहीं पुराना नजरिया बरकरार है। दुनिया में अनेकों ऐसे उदाहरण मिलेंगे जो बताते हैं कि सही राह मिल जाये तो अभाव एक विशेषता बनकर सबको चमत्कृत कर देती है। भारत में दिव्यांगों की मदद के लिए बहुत सी सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं। लेकिन इतने वर्षो बाद भी देश में आज तक आधे दिव्यांगों को ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र मुहैया कराया जा सका है। ऐसे में दिव्यांगों के लिए सरकारी सुविधाएं हासिल करना महज मजाक बनकर रह गया है। दुनिया में बहुत से ऐसे दिव्यांग हुए हैं जिन्होंने अपने साहस संकल्प और उत्साह से विश्व के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अपना नाम लिखवाया है। तैमूरलंग हाथ और पैर से शक्तिहीन था। मेवाड़ के राणा सांगा तो बचपन में ही एक आंख गंवाने तथा युद्ध में एक हाथ एक पैर तथा 80 घावों के बावजूद कई युद्धों में विजेता रहे थे। सिख राज्य की स्थापना करने वाले महाराजा रणजीत सिंह की एक आंख बचपन से खराब थी। सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सुधाचंद्रन का दायां पैर नहीं है। फिल्मी गीतकार कृष्ण चंद्र डे तथा संगीतकार रविंद्र जैन देख नहीं सकते थे। पूर्व क्रिकेटर अंजन भट्टाचार्य मूक-बधिर थे। वर्ल्ड पैरा चैम्पियनशिप खेलों में झुंझुनू जिले के दिव्यांग खिलाड़ी संदीप कुमार व जयपुर के सुन्दर गुर्जर ने भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर भारत का मान बढ़ाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के अनुसार विश्व स्तर पर 15 प्रतिशत आबादी किसी न किसी प्रकार की विकलांगता के साथ रहती है। जबकि उसमें से 80 प्रतिशत से अधिक लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। जबकि भारत में 140 करोड़ से अधिक लोग है। इस आबादी का 2.2 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी रूप में गंभीर मानसिक या शारीरिक विकलांगता से पीड़ित हैं। आज के प्रगतिशील युग में जहाँ सभी लोगों के एकीकरण और समावेशन पर सतत विकास के प्रवेश द्वार के रूप में जोर दिया जाता है। भारत में विकलांग लोगों को वर्गीकृत करने वाले मानदंडों की सूची को 2016 में नया रूप दिया गया था। 2016 के आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम पर आधारित संशोधित परिभाषा में एसिड हमलों से संबंधित शारीरिक विकृति और चोटों को विकलांगता के रूप में मान्यता देना भी शामिल है। जो इन पीड़ितों को विभिन्न प्रकार की सरकारी सहायता और समर्थन का हकदार बनाता है । दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे संगठन नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइटस ऑफ डिसएबल्ड ने प्रधानमंत्री मोदी के दिव्यांग शब्द पर उनको पत्र लिखकर कहा कि था कि केवल शब्द बदलने मात्र से ही विकलांगों के साथ होने वाले व्यवहार के तौर-तरीके में कोई बदलाव नहीं आएगा। सबसे बड़ी जरूरत है विकलांगों से जुड़े अपयश, भेदभाव और हाशिए पर डालने के मुद्दों पर ध्यान देने की है। ताकि वो देश की राजनीति के साथ साथ आर्थिक, सामाजिक विकास में बेहतर भागीदारी कर सकें। भारत में आज भी दिव्यांगता प्रमाण पत्र हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों के कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को मायूस होना पड़ता है। हालांकि सरकारी दावे कहते हैं कि इस प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है, लेकिन हकीकत इससे काफी दूर नजर आती है। दिव्यांगता का प्रमाणपत्र जारी करने के सरकार ने जो मापदण्ड बनाये हैं। अधिकांश सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक उनके अनुसार दिव्यांगो को दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र जारी ही नहीं करते है। जिसके चलते दिव्यांग व्यक्ति सरकारी सुविधाएं पाने से वंचित रह जाते हैं। देश में दिव्यांगों को दी जाने वाली सुविधाएं कागजों तक सिमटी हुई हैं। अन्य देशों की तुलना में हमारे यहां दिव्यांगों को एक चौथाई सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है। केन्द्र सरकार ने देशभर के दिव्यांग युवाओं को केन्द्र सरकार में सीधी भर्ती वाली सेवाओं के मामले में दृष्टि बाधित, बधिर और चलने-फिरने में दिव्यांगता या सेरेब्रल पल्सी के शिकार लोगों को उम्र में 10 साल की छूट देकर एक सकारात्मक कदम उठाया है। दिव्यांगता शारीरिक अथवा मानसिक हो सकती है किन्तु सबसे बड़ी दिव्यांगता हमारे समाज की उस सोच में है जो दिव्यांग जनों से हीन भाव रखती है। जिसके कारण एक असक्षम व्यक्ति असहज महसूस करता है। आधुनिक होने का दावा करने वाला हमारा समाज अब तक दिव्यांगों के प्रति अपनी बुनियादी सोच में कोई खास परिवर्तन नहीं ला पाया है। अधिकतर लोगों के मन में दिव्यांगों के प्रति तिरस्कार या दया भाव ही रहता है। ऐसे भाव दिव्यांगों के स्वाभिमान पर चोट करते हैं। भारत में दिव्यांगों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद इनकी परेशानियों को समझने और उन्हें जरूरी सहयोग देने में सरकार और समाज दोनों नाकाम दिखाई देते हैं। अब दिव्यांग लोगों के प्रति अपनी सोच को बदलने का समय आ गया है। दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में तभी शामिल किया जा सकता है जब समाज इन्हें अपना हिस्सा समझे। इसके लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान की जरूरत है। हाल के वर्षों में दिव्यांगों के प्रति सरकार की कोशिशों में तेजी आयी है। दिव्यांगों को कुछ न्यूनतम सुविधाएं देने के लिए प्रयास हो रहे हैं। हालांकि योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। पिछले दिनों क्रियान्वयन की सुस्त चाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार भी लगायी थी। दिव्यांगों को शिक्षा से जोड़ना बहुत जरूरी है। मूक-बधिरों के लिए विशेष स्कूलों का अभाव है। जिसकी वजह से अधिकांश विकलांग ठीक से पढ़-लिखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन पाते हैं।
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जब वैवाहिक कलह के कारण घरेलू विवाद उत्पन्न होते हैं, तो अक्सर पति के परिवार के सभी सदस्यों को फंसाने की कोशिश की जाती है। अदालतों को दहेज उत्पीड़न के मामलों में कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें सतर्क रहना होगा कि कहीं कानून का दुरुपयोग कर पति के रिश्तेदारों को फंसया तो नहीं जा रहा। अदालतों को निर्दोष परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना चाहिए।पुरुषों के अधिकारों से तात्पर्य कानूनी और सामाजिक अधिकारों से है, जो ख़ासतौर पर पुरुषों के सामने आने वाली समस्याओं को सम्बोधित करते हैं। भारत में, जबकि महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना जरूरी है, पुरुषों की चुनौतियों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है, जैसे धारा 498ए आईपीसी के तहत घरेलू हिंसा के मामलों में झूठे आरोप, मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी और सीमित पैतृक अधिकार। साझा पालन-पोषण कानूनों के इर्द-गिर्द हाल की बहसें लैंगिक न्याय के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता को उजागर करती हैं। भारत में पुरुषों के अधिकारों को अक्सर लैंगिक समानता पर व्यापक चर्चा में कम ध्यान दिया जाता है। घरेलू दुर्व्यवहार के शिकार के रूप में पुरुषों को कानूनी मान्यता नहीं मिलती है, जिससे सुरक्षा की मांग करना या दुर्व्यवहार के मामलों की रिपोर्ट करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जीवनसाथी द्वारा भावनात्मक, वित्तीय या शारीरिक शोषण के शिकार पुरुषों को सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 जैसे मौजूदा ढाँचों के तहत कानूनी सहारा नहीं मिलता है। पुरुषों से भावनाओं को दबाने की सामाजिक अपेक्षाएँ उनके मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा करती हैं, जिससे आत्महत्या की दर और अनुपचारित मनोवैज्ञानिक समस्याएँ बढ़ती हैं। 2022 के एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि आत्महत्या के 72.5% मामले पुरुषों के हैं, जो लिंग-संवेदनशील मानसिक स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता पर बल देता है। तलाक या अलगाव कानून मातृ हिरासत का पक्ष लेते हैं, पिता की भूमिका को हाशिए पर डालते हैं और बच्चे के पालन-पोषण में उन्हें समान अधिकारों से वंचित करते हैं। अभिभावक और वार्ड अधिनियम, 1890, मातृ हिरासत को प्राथमिकता देता है जब तक कि माँ को अयोग्य नहीं माना जाता है, जिससे माता-पिता की भागीदारी के लिए पिता के अवसर सीमित हो जाते हैं। धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न) जैसे लिंग-विशिष्ट कानूनों का कभी-कभी दुरुपयोग किया जाता है, जिससे निर्दोष पुरुषों को प्रतिष्ठा, वित्तीय और भावनात्मक नुक़सान होता है। राजेश शर्मा बनाम यूपी राज्य (2017) में, सुप्रीम कोर्ट ने धारा 498ए के दुरुपयोग को नोट किया और झूठे आरोपों के खिलाफ सुरक्षा उपाय पेश किए। पुरुषों के पास शिकायतों को दूर करने के लिए समर्पित संस्थान या हेल्पलाइन का अभाव है सामाजिक रूढ़िवादिता पुरुषों को अपराधी के रूप में चित्रित करती है, संस्थागत दृष्टिकोण को प्रभावित करती है और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में उचित उपचार को सीमित करती है। विशाखा दिशा-निर्देश केवल महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर उत्पीड़न को कवर करते हैं, जिससे पुरुष पीड़ितों को भारतीय कानून के तहत समान सुरक्षा नहीं मिलती है। यौन शोषण के वयस्क पुरुष उत्तरजीवी कानूनी ढांचे में अपरिचित रहते हैं, जिससे उन्हें वैधानिक उपचार या संस्थागत सहायता से वंचित रखा जाता है। उदाहरण के लिए, आईपीसी की धारा 375 बलात्कार को केवल एक महिला के दृष्टिकोण से परिभाषित करती है, जिससे यौन उत्पीड़न के पुरुष उत्तरजीवी बिना किसी सहारे के रह जाते हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम और आईपीसी की धारा 498ए जैसे मौजूदा कानूनों को संशोधित करके उन्हें लिंग-तटस्थ बनाया जाए, जिससे घरेलू हिंसा और झूठे आरोपों के खिलाफ पुरुषों के लिए समान सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कनाडा और यूके जैसे देशों में घरेलू हिंसा कानून लिंग-तटस्थ हैं। साझा पालन-पोषण की अवधारणा ऑस्ट्रेलिया में अच्छी तरह से स्थापित है, जो हिरासत के निर्णयों में दोनों माता-पिता के लिए समान विचार को अनिवार्य बनाती है। जापान ने तनाव कम करने को लक्षित करते हुए कार्यस्थल मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन्हें लिंग-विशिष्ट चिंताओं को शामिल करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। केरल में पुलिस के लिए नियमित संवेदीकरण कार्यशालाओं के परिणामस्वरूप लिंग-आधारित शिकायतों का अधिक संतुलित संचालन हुआ है। संगठनों को समावेशी कार्यस्थल नीतियों को बाध्यकारी किया जा सकता है जो पितृत्व अवकाश, पुरुषों द्वारा सामना किए जाने वाले यौन उत्पीड़न और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दों को सम्बोधित करती हैं। स्वीडन की पैतृक अवकाश नीति पिता को समान अवकाश प्रदान करती है, जो घर पर साझा पालन-पोषण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है। लैंगिक न्याय के लिए संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए पुरुषों के अधिकारों को समान ईमानदारी से सम्बोधित करने की आवश्यकता है। लैंगिक-तटस्थ कानून, मानसिक स्वास्थ्य सहायता में वृद्धि और सामाजिक रूढ़ियों को ख़त्म करने के लिए जागरूकता अभियान महत्त्वपूर्ण क़दम हैं। जैसा कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था, "किसी भी जगह अन्याय हर जगह न्याय के लिए ख़तरा है।"
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भारतीय नव वर्ष के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने पथ संचलन निकाला और नए वर्ष का स्वागत किया ... खटीमा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों ने महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में एकत्रित होकर पथ संचलन निकाला ... पथ संचलन विभिन्न चौराहे से होते हुए मुख्य चौराहे पर पहुंचा ... योग इत्यादि का आयोजन किया गया ... स्वयंसेवकों का कहना था की चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन से हमारा भारतीय नव वर्ष प्रारंभ होता है ... आने वाली जो पीढ़ियां भारत की संस्कृति को पहचाने इसीलिए यह पथ संचलन किया गया ...
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सिंगरौली में एक बार फिर नगर निगम का बुलडोजर चला ... अतिक्रमण हटाने की यह कार्यवाही नगर निगम के अदालत के आदेश पर की ... सिंगरौली के वार्ड 31 में जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए उच्च न्यायालय जबलपुर ने नगर निगम आयुक्त डीके शर्मा को निर्देशित किया गया था ... निगम द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही म.प्र. नगरपालिक निगम अधिनियम के प्रावधान के अनुसार की ... यह इस सप्ताह में अतिक्रमण को लेकर दूसरी बड़ी कार्यवाही है ... जिला प्रशासन ,नगरपालिका निगम एवं पुलिस बल द्वारा अतिक्रमण हटाया गया। इसका नेतृत्व एसडीएम सृजन वर्मा, आयुक्त डी के शर्मा द्वारा किया गया।
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भारतीय नव वर्ष का धूमधाम से स्वागत किया गया ... इस अवसर पर एक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई जिसका जगह -जगह स्वागत किया गया ... हिंदू उत्सव समिति ने भारतीय नव वर्ष के अवसर पर एक शोभायात्रा निकाली ... इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव विशेष रूप से मौजूद रहे ... लोगों ने जगह-जगह पर हर फूल और साफा बांधकर शोभायात्रा में चल रहे अतिथितियों का स्वागत किया ... बैंड बाजे के साथ चैत्र नवरात्र गुड़ी पड़वा के शुभ अवसर पर इस शोभा यात्रा का आयोजन किया गया था ... शोभायात्रा बस स्टैंड दुर्गा मंदिर से प्रारंभ हो कर छोटा बाजार बड़ा बाजार हनुमान मंदिर , चमन चौराहा होते हुए वापस बस स्टैंड पर पहुंची जहां पर प्रसादी वितरण की गई ...
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मौसम विभाग ने कहा है पश्चिम बंगाल और गुजरात के बड़े हिस्से में अब लू चलेगी । वहीं महाराष्ट्र, गोवा, केरल समेत 6 राज्यों में तेज बारिश की संभावना है।नॉर्थ ईस्ट के कुछ राज्यों में भी बारिश होने का अनुमान है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्के बादल छाए रहेंगे। यहां 20-30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इससे सुबह-शाम के वक्त तापमान में गिरावट हो सकती है। राजस्थान में 2 अप्रैल को 7 जिलों और 3 अप्रैल को 11 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और वेस्ट बंगाल के कई इलाकों में गर्म हवा चली। रविवार को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया। हरियाणा के तापमान में 2.5 डिग्री का इजाफा देखा गया। 31 मार्च से 3 अप्रैल तक मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में आंधी के साथ हल्की बारिश का अनुमान है। इधर गुजरात और बिहार में गर्म हवाओं की वजह से 2-3 डिग्री सेल्सियस पारा बढ़ सकता है। Add reaction
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बहुत-सी सिजेरियन डिलीवरी, गर्भावस्था की कुछ जटिलताओं या अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण की जाती है। सी-सेक्शन प्रक्रिया ज़्यादातर महिलाओं के लिए चुनौतीपूर्ण और अप्रिय हो सकती है और यह मानसिक और शारीरिक रूप से थका देने वाली हो सकती है। प्रक्रिया से उबरने के लिए माँ को भरपूर आराम और सख्त आहार की आवश्यकता होती है। सी-सेक्शन के बाद पहले कुछ हफ़्तों के दौरान, माँ की पूरी तरह से निगरानी की जानी चाहिए और प्रसव के तनाव से मानसिक और शारीरिक रूप से उबरने में उसकी सहायता की जानी चाहिए। इसलिए सी-सेक्शन के बाद उसे उचित भोजन दिया जाना चाहिए।चूंकि पहले कुछ महीनों के दौरान बच्चे के पोषण का मुख्य स्रोत स्तन का दूध होता है, इसलिए सीजेरियन सेक्शन के बाद माँ को अच्छा आहार लेना चाहिए। पर्याप्त आराम के साथ-साथ अच्छा आहार पेट की दीवार और गर्भाशय की उपचार प्रक्रिया को भी तेज कर सकता है, जो सी-सेक्शन के दौरान फट गए थे। उचित आहार माँ को गर्भावस्था के दौरान बढ़े हुए वज़न को कम करने में भी मदद कर सकता है। सिजेरियन सेक्शन के बाद सही भोजन कुछ कारणों से महत्त्वपूर्ण है-उपचार को बढ़ावा देता है: विटामिन, खनिज और प्रोटीन से भरपूर संतुलित आहार आपके शरीर को तेजी से ठीक होने और सर्जरी से उबरने में मदद करता है।रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है: स्वस्थ आहार खाने से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और संक्रमण को रोकने में मदद मिलती है।ऊर्जा प्रदान करता है: सी-सेक्शन के बाद, आपके शरीर को ठीक होने और अपने नवजात शिशु की देखभाल करने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा की आवश्यकता होती है। एक स्वस्थ आहार सुनिश्चित करता है कि आपके पास दोनों के लिए आवश्यक ऊर्जा है।स्तनपान में सहायता: उच्च गुणवत्ता वाला स्तन दूध उपलब्ध कराने के लिए स्वस्थ आहार आवश्यक है, जो आपके बच्चे के विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक है।जटिलताओं को कम करता है: एक अच्छा आहार वज़न को नियंत्रित करने, कब्ज के जोखिम को कम करने और बेहतर पाचन को बढ़ावा देने में मदद करता है, जो सर्जरी के बाद महत्त्वपूर्ण है।मनोदशा में सुधार: संतुलित भोजन से आपकी मनोदशा स्थिर रहती है और मानसिक स्पष्टता मिलती है, जिससे प्रसव के बाद भावनात्मक सुधार में सहायता मिलती है।ऊतकों की मरम्मत में सहायक: प्रोटीन, विटामिन-सी और जिंक जैसे पोषक तत्व ऊतकों की मरम्मत और पुनर्जनन के लिए आवश्यक हैं, जो आपके सर्जिकल घाव को अधिक प्रभावी ढंग से ठीक करने में मदद करते हैं।सिजेरियन के बाद क्या खाना चाहिए?सिजेरियन के बाद खाने योग्य खाद्य पदार्थों की सूची इस प्रकार है-प्रोटीन और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ: प्रोटीन नए ऊतक कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं, जिससे उपचार प्रक्रिया में तेजी आती है। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ सर्जरी के बाद ऊतकों को ठीक करने और मांसपेशियों की शक्ति को बनाए रखने में मदद करे। दूसरी ओर, कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मज़बूत बनाता है, मांसपेशियों को आराम देता है, रक्त के थक्के को बढ़ावा देता है और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाता है। सी-सेक्शन के बाद अपने आहार में फलियाँ, अंडे आदि शामिल करें और ख़ुद को ठीक होते और मज़बूत होते देखें।साबुत अनाज: ब्राउन ब्रेड, पास्ता और ब्राउन राइस सहित साबुत अनाज वाले खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल किया जाना चाहिए क्योंकि इनमें कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है। यह ऊर्जा के रखरखाव और स्तन दूध उत्पादन में सहायता करता है। आयरन, फाइबर और फोलिक एसिड सभी शिशुओं के लिए उनके शुरुआती विकास चरणों में महत्त्वपूर्ण पोषक तत्व हैं।विटामिन और खनिज: विटामिन में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है और ये ऊतक की मरम्मत में सहायता करते हैं। इसलिए, सीजेरियन सेक्शन के बाद आहार में इनका बहुत अच्छा समावेश हो सकता है। ये शरीर को कोलेजन बनाने में मदद करते हैं, जो स्नायुबंधन, नए निशान ऊतकों और त्वचा के निर्माण में सहायता करता है। पालक, ब्रोकली और मेथी के पत्तों जैसी सब्ज़ियों में आहार कैल्शियम और आयरन के अलावा विटामिन ए और-सी की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा, संतरा, पपीता, तरबूज, स्ट्रॉबेरी और अंगूर जैसे फलों में विटामिन-सी की मात्रा अधिक होती है और-सी सेक्शन के बाद खाने के लिए ये सबसे अच्छा भोजन है। ये फल और सब्ज़ियाँ संक्रमण की रोकथाम और प्रतिरक्षा निर्माण में सहायता करती हैं।आयरन: आयरन प्रतिरक्षा प्रणाली को ठीक से काम करने में मदद करता है। आयरन युक्त खाद्य पदार्थों में अंडे की जर्दी, सीप, लाल मांस और सूखे मेवे शामिल हैं। लेकिन, यह सलाह दी जाती है कि अधिक आयरन न लें क्योंकि इससे कब्ज हो सकता है। इसलिए, आयरन के सेवन के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।सब्जियाँ: सिजेरियन के बाद खाने के लिए सब्जियाँ एक बेहतरीन विकल्प हैं। हरी सब्जियाँ नई माताओं के लिए फायदेमंद होती हैं क्योंकि उनमें आयरन, विटामिन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। पालक, बीन्स, कमल के तने, ब्रोकली और मेथी जैसी हरी सब्जियाँ डाइट प्लान में शामिल की जानी चाहिए। आप मशरूम और गाजर से पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं।सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद की अवधि जटिल और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। उपचार में तेज़ी लाने के लिए भोजन पर नियंत्रण बनाए रखना महत्त्वपूर्ण है। सी-सेक्शन के बाद संतुलित आहार आपको सर्जरी से उबरने और आपको और आपके बच्चे को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। डॉक्टर आमतौर पर सी-सेक्शन डिलीवरी के बाद डाइट चार्ट तैयार करते हैं। डाइट चार्ट का सख्ती से पालन करने के अलावा, आपको अपने खाने की आदतों पर भी नज़र रखनी चाहिए। ऐसा करने से आपको सिजेरियन सेक्शन के बाद ठीक होने और पहले से ज़्यादा स्वस्थ बनने में मदद करेगी।
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प्रतिवर्ष 25 नवम्बर को महिलाओं पर होने वाली हिंसा को रोकने के लिए विश्वभर में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन महिलाओं के विरुद्ध हिंसा रोकने के ज्यादा से ज्यादा प्रयास करने की आवश्यकता को रेखांकित करने वाले कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। तीन बहनों पैट्रिया मर्सिडीज मिराबैल, मारिया अर्जेंटीना मिनेर्वा मिराबैल तथा एंटोनिया मारिया टेरेसा मिराबैल द्वारा डोमिनिक शासक रैफेल ट्रुजिलो की तानाशाही का कड़ा विरोध किए जाने पर उस क्रूर शासक के आदेश पर 25 नवम्बर 1960 को उन तीनों की हत्या कर दी गई थी। वर्ष 1981 से उस दिन को महिला अधिकारों के समर्थक और कार्यकर्ता उन्हीं तीनों बहनों की मृत्यु की पुण्यतिथि के रूप में मनाते आए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 17 दिसम्बर 1999 को एकमत से हर साल 25 नवम्बर का दिन ही महिलाओं के विरुद्ध अंतरराष्ट्रीय हिंसा उन्मूलन दिवस के रूप में मनाने के लिए निर्धारित किया गया। सरकारों, निजी क्षेत्र और प्रबुद्ध समाज से यौन हिंसा और महिलाओं के उत्पीड़न के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाने का आग्रह करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतारेस का कहना है कि महिलाओं के प्रति हिंसा विश्व में सबसे भयंकर, निरन्तर और व्यापक मानव अधिकार उल्लंघनों में शामिल है, जिसका दंश विश्व में हर तीन में से एक महिला को भोगना पड़ता है। महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में कार्य करने के लिए वर्ष 2010 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा ‘संयुक्त राष्ट्र महिला’ का गठन किया गया था। संयुक्त राष्ट्र महिला के आंकड़ों के अनुसार विश्वभर में 15-19 आयु वर्ग की करीब डेढ़ करोड़ किशोर लडकियां जीवन में कभी न कभी यौन उत्पीड़न का शिकार होती हैं, करीब 35 फीसदी महिलाओं और लड़कियों को अपने जीवनकाल में शारीरिक एवं यौन हिंसा का सामना करना पड़ता है, हिंसा की शिकार 50 फीसदी से अधिक महिलाओं की हत्या उनके परिजनों द्वारा ही की जाती है, वैश्विक स्तर पर मानव तस्करी के शिकार लोगों में 50 फीसदी व्यस्क महिलाएं हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन तीन में से एक महिला किसी न किसी प्रकार की शारीरिक हिंसा का शिकार होती है। महिलाओं को हिंसा और दुर्व्यवहार की भारी कीमत चुकानी पड़ती है, जो जीवन के सभी क्षेत्रों में महिलाओं और लड़कियों की भागीदारी के अधिकार को बाधित करता है, उन्हें उनके बुनियादी अधिकारों और स्वतंत्रता से वंचित करता है। इससे आर्थिक सुधार और सतत विकास में खलल पड़ता है। भारत के संदर्भ में महिला हिंसा को लेकर आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया कांड के बाद देशभर में सड़कों पर महिलाओं के आत्मसम्मान के प्रति जिस तरह की जन-भावना और युवाओं का तीखा आक्रोश देखा गया था, यौन हिंसा रोकने के लिए जिस प्रकार कानून सख्त किए गए थे, उसके बाद लगने लगा था कि समाज में इससे संवदेनशीलता बढ़ेगी और ऐसे कृत्यों में लिप्त असामाजिक तत्वों के हौंसले पस्त होंगे किन्तु विड़म्बना है कि समूचे तंत्र को झकझोर देने वाले निर्भया कांड और उसके बाद के वर्षों में सामने आ चुके महिला अपराधों के कई अन्य जघन्य मामलों के बाद भी हालात यह हैं कि कोई दिन ऐसा नहीं बीतता, जब महिला हिंसा से जुड़े अपराधों के मामले देश के कोने-कोने से सामने न आते हों। होता सिर्फ यही है कि जब भी कोई बड़ा मामला सामने आता है तो हम पुलिस-प्रशासन को कोसते हुए संसद से लेकर सड़क तक कैंडल मार्च निकालकर या अन्य किसी प्रकार से विरोध प्रदर्शन कर रस्म अदायगी करके शांत हो जाते हैं और पुनः तभी जागते हैं, जब ऐसा ही कोई बड़ा मामला पुनः सुर्खियां बनता है, अन्यथा महिला हिंसा की छोटी-बड़ी घटनाएं तो बदस्तूर होती ही रहती हैं। ऐसे अधिकांश मामलों में प्रायः पुलिस-प्रशासन का भी गैरजिम्मेदाराना और लापरवाही भरा रवैया ही सामने आता रहा है। प्रश्न यही है कि निर्भया कांड के बाद कानूनों में सख्ती, महिला सुरक्षा के नाम पर कई तरह के कदम उठाने और समाज में आधी दुनिया के आत्मसम्मान को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता के बावजूद आखिर ऐसे क्या कारण हैं कि बलात्कार के मामले हों या छेड़छाड़ अथवा मर्यादा हनन या फिर अपहरण अथवा क्रूरता, ‘आधी दुनिया’ के प्रति अपराधों का सिलसिला थम नहीं रहा है? इसका एक बड़ा कारण तो यही है कि कड़े कानूनों के बावजूद असामाजिक तत्वों पर वो कड़ी कार्रवाई नहीं होती, जिसके वे हकदार हैं और इसके अभाव में हम ऐसे अपराधियों के मन में भय पैदा करने में असफल हो रहे हैं। कोलकाता की महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और नृशंस हत्या का मामला हो या हैदराबाद की बेटी दिशा का या उन्नाव पीड़िता का अथवा हाथरस या बुलंदशहर की बेटियों का, लगातार सामने आते ऐसे तमाम मामलों से स्पष्ट है कि केवल कानून कड़े कर देने से ही महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध थमने वाले नहीं हैं। इसके लिए सबसे जरूरी है कि तमाम सरकारें प्रशासनिक मशीनरी को चुस्त-दुरूस्त करने के साथ ऐसे अपराधों के लिए प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करें और ऐसे मामलों में कोताही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
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उच्च प्रदर्शन सामग्री के रूप में तकनीकी वस्त्र आयात पर निर्भरता को कम करके और स्वदेशी क्षमताओं को बढ़ावा देकर रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढाँचे जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक हैं। तकनीकी वस्त्र, जैसे कि जियो टेक्सटाइल, बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं की स्थायित्व और दक्षता को बढ़ाने के लिए महत्त्वपूर्ण हैं, खासकर प्राकृतिक आपदाओं से ग्रस्त क्षेत्रों में। तकनीकी वस्त्र क्षेत्र एक नए युग का वस्त्र है, जिसका उपयोग अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में होता है। तकनीकी वस्त्र ऐसा कपड़ा उत्पाद है, जो गैर-सौंदर्य प्रयोजनों के लिए निर्मित होता है, जहाँ कार्य प्राथमिक मानदंड होता है।तकनीकी वस्त्रों में ऑटोमोटिव अनुप्रयोगों के लिए वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र, भू-वस्त्र, कृषि-वस्त्र और सुरक्षात्मक कपड़े शामिल हैं। सरकार ने तकनीकी वस्त्रों और उनके अनुप्रयोगों में अनुसंधान एवं विकास प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन भी शुरू किया है। पूर्वोत्तर भारत के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में सड़कों को स्थिर करने के लिए जियो टेक्सटाइल का उपयोग किया जाता है, जिससे विदेशी समाधानों पर निर्भरता कम होती है। रक्षा और एयरोस्पेस के लिए उन्नत वस्त्र यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत अपनी रणनीतिक आवश्यकताओं को स्वतंत्र रूप से पूरा करे।डीआरडीओ द्वारा सैन्य उपयोग के लिए स्वदेशी अरामिड-आधारित सुरक्षात्मक गियर विकसित किया गया था, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता कम हुई। सर्जिकल मास्क, पीपीई और बायोडिग्रेडेबल मेडिकल फैब्रिक जैसे मेडिकल टेक्सटाइल स्वास्थ्य सेवा में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करते हैं, जो आपातकालीन प्रतिक्रियाओं के लिए महत्त्वपूर्ण है। महामारी के दौरान भारत ने पीपीई किट के घरेलू उत्पादन को बढ़ाया और कुछ ही महीनों में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली। एग्रोटेक फैब्रिक्स जैसे तकनीकी वस्त्र कृषि उत्पादकता में सुधार करते हैं, ग्रामीण विकास का समर्थन करते हैं और आयातित कृषि-समाधानों पर निर्भरता कम करते हैं। पॉलीहाउस कवर और फ़सल सुरक्षा जाल सालभर खेती के लिए नियंत्रित वातावरण बनाकर पैदावार बढ़ाते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी वस्त्र इकाइयाँ स्थापित करने से रोजगार सर्जन को बढ़ावा मिल सकता है, स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बढ़ने में मदद मिल सकती है और स्थायी आजीविका का समर्थन हो सकता है। ग्रामीण महाराष्ट्र में तकनीकी वस्त्र निर्माण के विकास ने स्थानीय समुदायों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्रदान किया है। चूंकि तकनीकी वस्त्र आयात-निर्भर संसाधनों की आवश्यकता को कम करते हैं इसलिए वे भारत की अर्थव्यवस्था को जलवायु-संचालित वैश्विक आपूर्ति झटकों के प्रति कम संवेदनशील बनाते हैं।बायोडिग्रेडेबल टेक्सटाइल सामग्री का स्वदेशी उत्पादन पर्यावरणीय प्रभाव को कम करता है और आयात निर्भरता को कम करता है। स्मार्ट, टिकाऊ और मिश्रित वस्त्रों में अनुसंधान के लिए मिशन का वित्तपोषण ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देता है जो घरेलू स्तर पर क्षेत्र-विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। नमी सोखने वाले कपड़ों पर आईआईटी दिल्ली में शोध रक्षा कर्मियों के लिए सुरक्षात्मक गियर को बढ़ाता है। मिशन अनुसंधान संस्थानों और उद्योग के बीच साझेदारी की सुविधा प्रदान करता है, जिससे नई तकनीकों के तेजी से व्यावसायीकरण को बढ़ावा मिलता है। उन्नत चिकित्सा वस्त्रों के उत्पादन के लिए एसएमई को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण ने घरेलू आपूर्ति शृंखला को मजबूत किया है। मानकों और गुणवत्ता में सुधार करके, मिशन वैश्विक बाजारों में उच्च मूल्य वाले तकनीकी वस्त्रों का निर्यात करने की भारत की क्षमता को बढ़ाता है, जिससे आर्थिक विकास को समर्थन मिलता है। मिशन द्वारा समर्थित गुणवत्ता प्रमाणन के कारण यूरोप को भारत के तकनीकी वस्त्रों के निर्यात में वृद्धि हुई है। समर्पित परीक्षण प्रयोगशालाओं की स्थापना वैश्विक मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करती है, जिससे उत्पाद की विश्वसनीयता में सुधार होता है।दिल्ली में राष्ट्रीय वस्त्र परीक्षण प्रयोगशालाएँ यूरोपीय मानकों को पूरा करने वाले प्रमाणपत्र प्रदान करती हैं, जिससे निर्यात क्षमता में वृद्धि होती है। नए आईपीआर दिशा-निर्देश स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास और संरक्षण को प्रोत्साहित करते हैं, जिससे भारत के तकनीकी वस्त्र क्षेत्र के बौद्धिक संपदा आधार को मजबूती मिलती है। स्मार्ट टेक्सटाइल के लिए आईआईटी मद्रास जैसे संस्थानों द्वारा दायर आईपीआर पेटेंट यह सुनिश्चित करते हैं कि मालिकाना तकनीक भारत के भीतर ही रहे। मिशन के तहत विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम उन्नत वस्त्र निर्माण के लिए तकनीकी कौशल को बढ़ाते हैं, उत्पादकता और नवाचार को बढ़ाते हैं। कपड़ा क्षेत्र कौशल परिषद के साथ सहयोग ने तकनीकी वस्त्र उद्योग में हजारों लोगों को प्रशिक्षित किया है। राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन महत्त्वपूर्ण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक नवाचार को बढ़ावा देता है, जिससे आयात निर्भरता के खिलाफ भारत की लचीलापन बढ़ता है। मिशन के तहत अनुसंधान एवं विकास तथा कौशल निर्माण में निरंतर निवेश से उच्च प्रदर्शन वाले वस्त्रों में भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और मजबूत होगी।
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शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम फाइनेंस के खिलाफ उप जिला अधिकारी खटीमा को जिला अधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा...उनका कहना है कि खटीमा पीलीभीत मार्ग पर श्रीराम फाइनेंस कंपनी फर्स्ट फ्लोर पर स्थित है...ऑफिस में चढ़ने वाली सीढ़ियों पर श्रीराम फाइनेंस लिखा है जिससे हिंदुओं की भावना को ठेस पहुंचती है... शिवसेना और भवानी सेना के कार्यकर्ताओं ने श्रीराम फाइनेंस कंपनी पर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की... वहीं तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान का कहना है कि शिवसेना और भवानी सेवा ने श्रीराम फाइनेंस के द्वारा सीडियो में श्री राम लिखने में आपत्ति जताई है...जिस पर उचित कार्रवाई की जाएगी...वहीं श्रीराम फाइनेंस के प्रबंधक का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को इस पर आपत्ति है तो जो श्री राम लिखा है उस पर स्टीकर लगा दिया जाएगा...
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सिंगरौली के एनसीएल मुख्यालय के जयंत परियोजना में काम कर रहे कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक लिमिटेड कंपनी के सैकड़ों श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर शोषण के आरोप लगाया...श्रमिकों का कहना है कि छोटी-मोटी गलतियों के लिए उन्हें ड्यूटी से हटा दिया जाता है...इसके अलावा उन्हें लीव पेमेंट भी नहीं दिया जा रहा है और एक साल बीत जाने के बाद भी कई श्रमिकों का ए-फॉर्म नहीं भरा गया है... सैकड़ों श्रमिक कैलिबर माइनिंग एंड लॉजिस्टिक लिमिटेड के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे उनका कहना था कि कंपनी द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है और विभिन्न समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। पूर्व विधायक राम लल्लू वैश्य ने श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लिया और अधिकारियों से इस मुद्दे पर शीघ्र बैठक का आश्वासन दिया।
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एन सी एल जयंत परियोजना सुरक्षा विभाग ने अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए दो निर्माणों को ध्वस्त कर दिया...सुरक्षा विभाग ने इन निर्माणों को तोड़ने के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया है... एन सी एल जयंत परियोजना के सुरक्षा विभाग द्वारा की गई इस कार्यवाही में अवैध निर्माण को तुरंत तोड़ दिया गया...इनमें से पहला निर्माण जयंत गोलाई बस्ती जाने वाले मेन रोड के पास स्थित फारूक मटन दुकान के पीछे था...और दूसरा निर्माण जयंत मेन रोड यातायात के पास नया सी टाईप कॉलोनी के बगल में था...सुरक्षा विभाग ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा है...
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सतवास से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां आपसी विवाद के चलते एक युवक ने अपनी पत्नी की लाठी-डंडों से पीट पीट कर बेरहमी से हत्या कर दी घटना के बाद मृतिका के परिजनों में भारी आक्रोश है... सतवास थाना अंतर्गत ग्राम बड़ौदा टप्पर में दरम्यानी रात सचिन नामक युवक ने अपनी 24 साल की पत्नी रिंकी को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई...घटना की सूचना मिलते ही सतवास थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर शासकीय अस्पताल भेजा...वहां परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराया गया...परिजनों ने आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग की है...सतवास थाना प्रभारी बी.डी. बीरा ने बताया कि रिंकी और सचिन के बीच पहले भी विवाद होते रहते थे...इस बार आरोपी ने रिंकी पर इतनी बेरहमी से हमला किया कि रिंकी की मौत हो गई...पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है...उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया...पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है....
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मध्य प्रदेश में 5वीं और 8वीं बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 28 मार्च यानि आज घोषित किए जाएंगे...राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग यह परिणाम शुक्रवार को दोपहर 1 बजे जारी करेंगे... विद्यार्थी, अभिभावक और शिक्षक...राज्य शिक्षा केंद्र के आधिकारिक पोर्टल पर अपने रोल नंबर/समग्र आईडी के माध्यम से परिणाम देख सकेंगे...शिक्षकों और संस्था प्रमुखों के लिए शाला-स्तरीय परिणाम भी इसी पोर्टल पर उपलब्ध रहेंगे...
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रीवा नगर निगम की बजट बैठक में बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों के बीच जमकर हंगामा हो गया...महापुरुषों की प्रतिमा लगाने के मुद्दे पर दोनों दलों के पार्षद आपस में भिड़ गए...बीजेपी पार्षदों ने नाम के आगे सम्मानित संबोधन न होने का विरोध किया, जबकि महापौर का कहना था कि उचित शब्दों का उपयोग किया गया है.... रीवा नगर निगम की परिषद की बैठक विवादों में घिरी रही... बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी और कांग्रेस पार्षदों के बीच शब्दों को लेकर बहस हो गई...दरअसल शहर में महापुरुषों की प्रतिमा लगनी है...लेकिन भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों का कहना था महापुरुषों के नाम के आगे सम्मानित उद्बोधन नहीं है...विवाद के बीच बीजेपी पार्षदों ने बजट की अर्थी निकाली तो वहीं कांग्रेस पार्षद सब पर गंगाजल का छिड़काव करने लगे...अंत में अध्यक्ष व महापौर ने हस्तक्षेप कर सभी को शांत कराया...और कार्यवाही एक दिन के लिए स्थगित कर दी गई...
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ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति लगाने का काम किया जा रहा हैं .... मूर्ति के समर्थन में सभी वकीलों ने मिलकर रजिस्ट्रार को ज्ञापन दिया और कहा कि हम बाबा साहब की इस मूर्ति के समर्थन में इस ऐतिहासिक फैसले के लिए आपकी सराहना करते हैं .... ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब भीम राव आंबेडकर की मूर्ति लगाई जानी हैं .... यह मूर्ति 14 अप्रैल से पहले इस मूर्ति को स्थापित किया जाए और 14 अप्रैल तक इस मूर्ति का उद्घाटन भी कर लिया जाए इस मांग को लेकर 1500 से ज़्यादा वकीलों के हस्ताक्षर के साथ ज्ञापन रजिस्ट्रार के माध्यम से मध्य प्रदेश के चीफ जस्टिस के नाम दिया गया .... इस ज्ञापन के माध्यम से 1500 से ज़्यादा वकीलों ने एकमत होकर यह कहा कि हम बाबा साहब की इस मूर्ति के समर्थन में इस ऐतिहासिक फैसले के लिए आपकी सराहना करते हैं .... हाईकोर्ट चीफ जस्टिस महोदय को हम धन्यवाद ज्ञापित करते हैं और निवेदन करते हैं कि इस मूर्ति का काम और तेज गति से संचालित किया जाए और 14 अप्रैल तक इस मूर्ति का उद्घाटन भी कर लिया जाए .... चूंकि बाबा साहब देश में समानता के प्रतीक एवं संविधान निर्माता और देश के प्रथम कानून मंत्री के तौर पर प्रमुख भूमिका रखते हैं बाबा साहब ने जिस तरीके से इस देश के आधुनिक भारत निर्माण के लिए काम किया महिलाओं के उद्धार के लिए काम किया बेमनस्था के खिलाफ काम किया भाईचारे के लिए नफरत के खिलाफ काम किया इसलिए इस भाईचारे के लिए नफरत के खिलाफ समानता के प्रतीक और न्याय की भावना को जन जन तक स्थापित करने के उद्देश्य से यह जरूरी है ....
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सोनकच्छ में ब्राह्मण समाज ने कांग्रेस नेत्री रेखा जैन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया...भगवान परशुराम के प्रति अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में बजरंग चौराहे पर रेखा जैन का पुतला दहन किया गया...पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा के नेतृत्व में रेखा जैन के खिलाफ नारेबाजी हुई... ब्राह्मण समाज ने कहा कि वे अपने आराध्य भगवान परशुराम के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेंगे साथ ही कांग्रेस पार्टी से रेखा जैन को निष्कासित करने की मांग की... देवास जिले के सोनकच्छ में बड़ी संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग बजरंग चौराहे पर इकट्ठे हुए और रेखा जैन के खिलाफ विरोध जताया...लोगों ने रेखा जैन मुर्दाबाद और 'रेखा जैन होश में आओ' के नारे लगाए...ब्राह्मण समाज के लोगों ने कहा कि उनकी विवादित टिप्पणी से ब्राह्मण समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है...उन्होंने रेखा जैन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की... साथ ही उम्मीद जताई कि भगवान परशुराम रेखा को सद्बुद्धि प्रदान करेंगे जिससे वे अपनी वाणी में संयम रखेंगी....
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महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु शुभ्रा तिवारी का माता सीता पर की गई टिप्पणी का लगातार विरोध हो रहा है....छतरपुर में हिंदू समाज ने सड़क पर उतरकर उनका विरोध प्रदर्शन किया और उन्हें पद से हटाने एवं मामला दर्ज करने की मांग की वहीं विश्वविद्यालय में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कुलगुरु की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड का पाठ किया.... छतरपुर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की कुलगुरु शुभ्रा तिवारी 17 मार्च को ओरछा में माता सीता के ऊपर विवादित बयान दिया था जिसके बाद से लगातार उनका विरोध जारी है अब हिंदू समाज उनके विरोध में सड़कों पर उतर आई है...हिंदू समाज ने कुलगुरु के विरोध में प्रदर्शन किया साथ ही कलेक्टर कार्यालय में राज्यपाल के नाम आवेदन दिया...वहीं दूसरी तरफ विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के पास कुलगुरु की सद्बुद्धि के लिए सुंदरकांड का पाठ किया...
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शिवपुरी । शिवपुरी में मंगलवार को समाजवादी पार्टी के सांसद रामजी लाल सुमन के महाराणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान का देशभर में विरोध हो रहा है। इसी क्रम में शिवपुरी में राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महाराणा प्रताप चौक पर एकत्र हुए और सांसद रामजी लाल सुमन के पुतले को चप्पलों से पीटा। प्रदर्शनकारियों ने राणा सांगा अमर रहें और रामजी लाल सुमन माफी मांगो के नारे लगाए। राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा के नेताओं ने सांसद के संसद से निष्कासन और सार्वजनिक माफी की मांग की। महासभा के वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सांसद ने जल्द ही माफी नहीं मांगी तो विरोध प्रदर्शन और उग्र होगा।वक्ताओं ने कहा कि इतिहास के महान योद्धा का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी बयानबाजी हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई।
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भोपाल । मध्य प्रदेश में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 का कार्य लगातार जारी है। इस संबंध में नगरीय निकायों को समय-समय पर निर्देश जारी किये जा रहे हैं। केन्द्रीय शहरी कार्य मंत्रालय स्वच्छता को लेकर नागरिकों से सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म वोट फॉर योर सिटी वेब, वोट फॉर योर सिटी ऐप और स्वच्छता ऐप पर प्रतिक्रिया ले रहा है। यह प्रतिक्रियाएं स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के परिणामों एवं रैंकिंग को प्रभावित करेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने नगरीय निकायों को इस संबंध में जागरूक करने के लिये कहा है। नगरीय निकायों से अपने शहर में विभिन्न गतिविधियों को करने के लिये कहा गया है।जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने मंगलवार को बताया कि जारी निर्देशों में कहा गया है कि व्हाटसएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर आकर्षक बैनर, वीडियो और पोस्ट का उपयोग कर फीडबैक माध्यमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। नगरीय निकाय के प्रयासों की जानकारी भी नागरिकों को दी जाये। व्हाटसएप ग्रुप पर नगरपालिका और अन्य नागरिक संगठनों के व्हाटसएप ग्रुप पर निकायों के प्रयास के साथ फीडबैक देने के लिये लिंक नागरिकों को दी जाये। सामुदायिक बैठक, सांस्कृतिक और अन्य आयोजन के दौरान नागरिकों को स्वच्छता पर जागरूक किया जाये और उन्हें सकारात्मक फीडबैक के बारे में प्रोत्साहित किया जाये।निर्देशों में कहा गया है कि नगरीय निकाय की टीम मोहल्लों के दौरे में प्रत्येक घर में जाकर स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 की जानकारी और प्रयासों के बारे में बताये। टीम में ब्राण्ड एम्बेसडर, स्वच्छताग्राही स्वयं सेवकों को भी शामिल किया जाये। सार्वजनिक स्थानों जैसे बाजार, स्कूल, अस्पताल, बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर लिंक क्यूआर कोड सहित पोस्टर प्रदर्शित किये जायें। नागरिकों को स्वच्छता के महत्व को प्रदर्शित करने वाले पर्चे वितरित किये जायें। सर्वेक्षण में नगरीय निकाय को शहर की जनसंख्या के कम से कम 10 प्रतिशत सिटीजन फीडबैक प्राप्त किया जाना अनिवार्य किया गया है। संचालनालय ने नगरीय निकायों द्वारा इस दिशा में किये गये प्रयासों की जानकारी भी नियमित रूप से भेजने के लिये कहा है।
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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लगातार अनुपस्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शिकायत की थी कि विद्यालय के हेड मास्टर और अन्य शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं आ रहे हैं... जिससे बच्चों का भविष्य संकट में पड़ रहा है...खंड शिक्षा अधिकारी ने इस पर संज्ञान लिया और तुरंत एक जांच टीम भेजी...जिसने हेड मास्टर की अनुपस्थिति की पुष्टि की... राजकीय प्राथमिक विद्यालय उलानी में कई मास्टर स्कूल से गायब रहते हैं ... ग्राम प्रधान प्रीति राना ने बताया कि यह घटना बच्चों के भविष्य के लिए बेहद चिंताजनक है...वहीं, हेड मास्टर सुरेंद्र कुमार ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे नियमित रूप से विद्यालय आते हैं पर कुछ लोग उनके खिलाफ व्यक्तिगत कारणों से शिकायत कर रहे हैं... लेकिन शिक्षा विभाग को ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है, ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके
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सिंगरौली जिले में भू अर्जन एक्ट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया…ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने बिना सही आदेश के, ड्रोन सर्वे और भवन निर्माण पर रोक लगाने का दबाव डाला है...ग्रामीणों का कहना है कि ये आदेश 2013 भू अर्जन एक्ट के तहत जारी नहीं किया गया और ना ही इसे सही तरीके से लागू किया गया है... ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन ने जबरदस्ती पुलिस की मदद से ड्रोन सर्वे के खिलाफ कार्रवाई की जो कि अवैध है...इस मामले में गांव वालों ने अपने जन प्रतिनिधियों से मदद की अपील की है... उनका कहना है कि अगर सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और विधायक डॉ. राजेंद्र मेश्राम ने उनकी मदद नहीं की, तो वे दोनों नेताओं का क्षेत्र में बहिष्कार करेंगे...वहीं, कुछ पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह आदेश पूरी तरह से गलत है और ग्रामीणों को हाई कोर्ट में जाकर रिलीफ मिलेगा...
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खबर छतरपुर से है...जहां कुख्यात अपराधी लक्खू को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर कर गिरफ्तार कर लिया है...आपको बता दें लक्खू ने 9 साल की बच्ची को गोली मारी थी...इलाज के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया था गौरिहार थाना इलाके में पुलिस ने 9 साल की बच्ची की गोली मारकर हत्या के आरोपी को शॉर्ट एनकाउंटर कर गिरफ्तार किया है...कुख्यात अपराधी लक्खू उर्फ महेश्वरी दीन राजपूत ने पैरोल पर छूटने के बाद बच्ची को गोली मारी थी...इलाज के दौरान बच्ची दम तोड़ दिया था...वहीं आरोपी लक्खू की तलाश में पहुंची पुलिस पर बदमाश ने फायरिंग कर दी...जिसके जवाब में पुलिस ने गोली चलाई तो बदमाश के दाए पैर में गोली लगने से वो गिर गया...पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लेकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया है...आपको बता दे कि कितपुरा निवासी लक्खू राजपूत पर हत्या और हत्या के प्रयास समेत 21 आपराधिक मामले दर्ज हैं...वह 15 दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था
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छतरपुर जिले के लवकुश नगर थाना क्षेत्र के ग्राम बेड़ी में दलित उत्पीड़न का मामला सामने आया है। दलित परिवार का आरोप है कि 12 साल के अंशु अहिरवार ने गांव के ही रामा शुक्ला को छू लिया तो उसने जाति सूचक गाली देते हुए मारपीट कर दी...घटना से आहत नाबालिग ने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली... मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बयान नहीं लिखे और न ही कार्रवाई की... जबकि बच्चे के शरीर में गंभीर चोट के निशान हैं...परिजनों ने पोस्टमार्टम के दौरान वीडियोग्राफी कराने और निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है...कार्रवाई की मांग को लेकर भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष संतोष रैदास, पूर्व विधायक आर डी प्रजापति सहित बड़ी संख्या में लोग छत्रसाल चौक पर एकत्र हुए और विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया...सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सीएसपी अमन मिश्रा ने आक्रोशित लोगों को कार्रवाई का आश्वासन और समझाइश देते हुए जाम खुलवाया...
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संसार प्रत्यक्ष है। संसार समझने के लिए प्रकृति-प्रदत्त पाँच इन्द्रियाँ हैं। आँख से देखते हैं, कानों से सुनते हैं। त्वचा से स्पर्श करते हैं। जीभ से स्वाद लेते हैं और नाक से सूंघते हैं। संक्षेप में रूप, रस, गंध, ध्वनि और स्वाद ही संसार समझने के उपकरण हैं। मन को इनका स्वामी बताया गया है। दृश्य पर मन न लगे तो देखना व्यर्थ हो जाता है। गीत-संगीत में मन न लगे तो सुनना बेकार। यही बात सभी इन्द्रियों पर लागू होती है। पढ़ता-सुनता आया हूँ कि इन्द्रियों से प्राप्त सूचना मस्तिष्क तक जाती है। मस्तिष्क निर्णय लेता है। मस्तिष्क में लाखों कोष हैं। इसमें अध्ययन-अनुभव के संग्रह हैं। प्रकृति सुंदर संरचना है। इसके रहस्य जटिल हैं। मनुष्य की आंतरिक संरचना और भी जटिल है। मैं विद्यार्थी की तरह सत्य जानने का प्रयास करता हूँ लेकिन निष्कर्षों के प्रति संशय बना रहता है। जीवन की लम्बाई व गहराई से अनुभव बढ़े हैं। लोभ घटे हैं। यश-लिप्सा बढ़ी है। राग बढ़ा है। द्वेष घटा है। क्या इसका कारण अनुभूतियाँ हैं? इसपर संशय है। मैं इस संशय का कारण जानना चाहता हूँ। प्रत्येक कार्य का कारण होता है। संशय का भी कारण होना चाहिए। संशय के कारण अनेक हैं लेकिन मुख्य कारण सत्य के अनुसंधान में संशय का सदुपयोग करना है। संभवतः बढ़ी उम्र के कारण जीवन-वीणा के सुर गहन हुए हैं। गीत-संगीत आकर्षित करते हैं। संसार के प्रति आसक्ति घटी है। सुखद स्मृतियाँ न सोने देती हैं, न जागने। मन ही मन अपनी ही वाह-वाह करते हैं। कुछ मित्र हमारे लेख की प्रशंसा करते हैं। हम आनंदित होते हैं। इस लिप्सा का कारण समझ में नहीं आता। लाखों बार छपने के बाद भी यह तृष्णा वैसी ही क्यों है? मैं संशयी हूँ। अपना मत प्रसारित करने की इच्छा सब लोगों में होती है। रेने डेकार्ट (1596-1650) प्रतिष्ठित बुद्धिवादी दार्शनिक थे। वे इन्द्रियों से प्राप्त अनुभव को वास्तविक ज्ञान नहीं मानते थे। उनके मतानुसार वास्तविक ज्ञान बुद्धि-प्रत्ययों (कंसेप्ट) से ही संभव है। मनुष्य की बुद्धि को कुछ सत्यों की जानकारी जन्म के साथ ही मिलती है। ऐसा कम या ज्यादा सभी मनुष्यों में होता है। जनचर्चा में इसे गॉड-गिफ्टेड कहा जाता है। डेकार्ट दर्शन में प्रभुत्व और परंपरा के विरोधी थे। उन्होंने दो धारणाओं की स्थापना की। पहली धारणा के अनुसार ”बुद्धि में यथार्थ-ज्ञान प्राप्त करने की अपूर्व क्षमता” है। दूसरी धारणा के अनुसार ”मनुष्य की बुद्धि में यथार्थ-ज्ञान को अयथार्थ से पृथक करने की कसौटी” भी है। उन्होंने बुद्धि की इन दोनों क्षमताओं को ”बुद्धि का स्वाभाविक प्रकाश” कहा है। डेकार्ट के अनुसार बुद्धि के दो कार्य हैं। उन्होंने पहले को ‘इन्ट्यूशन‘ कहा है। प्रयाग विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जगदीश श्रीवास्तव ने ‘इनट्यूशन‘ को हिन्दी में प्रतिभान कहा है। यह शब्द उचित भी है। भान आंतरिक अनुभव से प्राप्त ज्ञान है। उन्होंने प्रातिभान की परिभाषा भी की है, ”प्रतिभान से हमारा तात्पर्य इन्द्रियों के अस्थिर साक्ष्य से नहीं है और भ्रामक निर्णय से भी नहीं। प्रतिभान-धारणा विशुद्ध और सजग बुद्धि से प्राप्त होती है। तब संशय या अनिश्चितता नहीं रह जाती।” उन्होंने बुद्धि का दूसरा कार्य निगमन बताया है। बुद्धि द्वारा किसी विषय पर खण्डशः विचार-निगमन होता है। यह शुद्ध बुद्धि से ही संभव है। बुद्धि विभिन्न कारणों से दोषपूर्ण भी हो सकती है। अंधविश्वास में बुद्धि शुद्ध नहीं रहती, तब बुद्धि निगमन का कार्य नहीं कर पाती। डेकार्ट के अनुसार बुद्धि को शुद्ध रखना, भ्रमों और पूर्वाग्रहों से मुक्त रखना निगमन के लिए आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने ‘सुव्यवस्थित‘ संशय की जरूरत बताई है कि ”हमें अपने सभी मतों पर तब तक संशय करना चाहिए जब तक हम उनकी प्रामाणिकता के प्रति आश्वस्त न हों।” डेकार्ट का ‘संशय‘ ज्ञान का साधन है। ब्रिटिश दार्शनिक फ्रांसिस बेकन ने भी चिंतन को पूर्वाग्रहों से मुक्त रखने का विचार दिया है। अब मेरे मन में अपने संशय को लेकर भी संशय है कि विद्यार्थी-जीवन में ही मेरे चित्त में संशय का जन्म क्यों हुआ था? पाश्चात्य दर्शन में बुद्धिवाद है। भारतीय चिंतन में बुद्धि की महत्ता है। यहाँ बुद्धि, साध्य नहीं है, ज्ञान-प्राप्ति का साधन है। गीता (2.39) में श्रीकृष्ण, अर्जुन से कहते हैं, ”मैंने सांख्य (दर्शन) के अनुसार ज्ञान का विवेचन किया है, अब बुद्धि-योग बताता हूँ। सुनो। ऐसे ज्ञान से तुम कर्म बंधन से मुक्त हो जाओगे।” इस श्लोक में सांख्य का अर्थ ज्ञान-प्राप्ति की विश्लेषण पद्धति है। गीता का बुद्धियोग, डेकार्ट, स्पिनोजा आदि दार्शनिकों के बुद्धिवाद से उच्चतर है। गीता (10.10) में प्रसंग भक्ति का है। भक्ति में आस्था और विश्वास अपरिहार्य है। माना जाता है कि भक्ति की पूर्णता में आराध्य ईश्वर या भगवान की प्राप्ति संभव है। लेकिन गीता के इस श्लोक में प्रीतिपूर्वक सतत् भक्ति करने वाले को बुद्धि-योग की प्राप्ति होती है। ”सतत् युक्तानां भजतां प्रीतिपूर्वम्।” यह श्लोक काफी रोचक है। यहाँ भक्ति का परिणाम भगवान का दर्शन नहीं, बुद्धि-योग है और बुद्धि-योग की यात्रा में तर्क-संशय की उपयोगिता है। प्रकृति को ध्यान से देखने का अपना आनंद है लेकिन देखने और दर्शन करने में आधारभूत अंतर है। देखने का सामान्य उपकरण आँखें हैं। हम आँख से देखने के साथ सुनना, सूँघना, स्पर्श और स्वाद भी जोड़ सकते हैं लेकिन दर्शन में ज्ञान-मीमांसा है, बुद्धि है। सोच-विचार की आगमन-निगमन-प्रणाली है। विवेचन है। तर्क-पद्धति है। अनुभवों से प्राप्त सत्य है और तथ्य भी है। विज्ञान द्वारा खोजे गए सूत्र व आविष्कार हैं। वैज्ञानिक सत्य प्रयोगसिद्ध भी हैं। दर्शन और विज्ञान, जिज्ञासा और तर्क को महत्व देते हैं। भारत में तीर्थ-यात्राएँ होती हैं। मंदिर और मूर्तियों के दर्शन की परंपरा है। हम मूर्ति और मंदिर देखते हैं लेकिन इस आस्तिक कर्म को दर्शन करना कहते हैं। मूर्ति को देखने और दर्शन करने में अंतर है। देखने में मूर्ति पत्थर या धातु है। लेकिन मूर्ति के भीतर देव का दर्शन करते हैं। भौतिक विज्ञान के पास ऐसी आस्तिकता का औचित्य नहीं है। दर्शन में भी इसका उत्तर नहीं है। यह भक्तिभाव का प्रभाव है और यह प्रभाव कमजोर नहीं होता। कमजोर होता तो प्रभावित कैसे करता? संशयी विद्यार्थी ऐसे प्रभावों का भी विवेचन करते हैं। बुद्धि, ज्ञान का उपकरण है। बुद्धि के प्रयोग में समग्र दृष्टि का ही उपयोग है। ज्ञान-प्राप्ति के लिए अखण्ड और कुशाग्र बुद्धि जरूरी है। कुशाग्र का अर्थ कुश का अग्र या नुकीला भाग होता है। खंडित बुद्धि संसार को खण्डित, विभाजित देखती है। अखण्ड बुद्धि से प्राप्त ज्ञान भी अखण्ड होता है। अखण्ड और कुशाग्र बुद्धि के लिए गीता (2.41) में ‘व्यवसायात्मिका‘ और खण्डित बुद्धि के लिए ‘अव्यावसायिक‘ शब्द प्रयोग हुआ है, ”व्यवसाय-आत्मिक बुद्धि है। संसार में अनेक रूप हैं लेकिन अस्तित्व एक अखण्ड है। कुछ लोग रूपों में विभाजित अस्तित्व को विभक्त देखते हैं और शुद्ध बुद्धि वाले विभाजित प्रतीत होने वाले अस्तित्व को अखण्ड अविभाजित देखते हैं। गीता में अविभाजित देखने वाले को सही बताया गया है-यः पश्यति, सः पश्यति।
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जब वैवाहिक कलह के कारण घरेलू विवाद उत्पन्न होते हैं, तो अक्सर पति के परिवार के सभी सदस्यों को फंसाने की कोशिश की जाती है। अदालतों को दहेज उत्पीड़न के मामलों में कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें सतर्क रहना होगा कि कहीं कानून का दुरुपयोग कर पति के रिश्तेदारों को फंसया तो नहीं जा रहा। अदालतों को निर्दोष परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना चाहिए।पुरुषों के अधिकारों से तात्पर्य कानूनी और सामाजिक अधिकारों से है, जो ख़ासतौर पर पुरुषों के सामने आने वाली समस्याओं को सम्बोधित करते हैं। भारत में, जबकि महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना जरूरी है, पुरुषों की चुनौतियों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है, जैसे धारा 498ए आईपीसी के तहत घरेलू हिंसा के मामलों में झूठे आरोप, मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी और सीमित पैतृक अधिकार। साझा पालन-पोषण कानूनों के इर्द-गिर्द हाल की बहसें लैंगिक न्याय के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता को उजागर करती हैं। भारत में पुरुषों के अधिकारों को अक्सर लैंगिक समानता पर व्यापक चर्चा में कम ध्यान दिया जाता है। घरेलू दुर्व्यवहार के शिकार के रूप में पुरुषों को कानूनी मान्यता नहीं मिलती है, जिससे सुरक्षा की मांग करना या दुर्व्यवहार के मामलों की रिपोर्ट करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जीवनसाथी द्वारा भावनात्मक, वित्तीय या शारीरिक शोषण के शिकार पुरुषों को सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 जैसे मौजूदा ढाँचों के तहत कानूनी सहारा नहीं मिलता है। पुरुषों से भावनाओं को दबाने की सामाजिक अपेक्षाएँ उनके मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा करती हैं, जिससे आत्महत्या की दर और अनुपचारित मनोवैज्ञानिक समस्याएँ बढ़ती हैं। 2022 के एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि आत्महत्या के 72.5% मामले पुरुषों के हैं, जो लिंग-संवेदनशील मानसिक स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता पर बल देता है। तलाक या अलगाव कानून मातृ हिरासत का पक्ष लेते हैं, पिता की भूमिका को हाशिए पर डालते हैं और बच्चे के पालन-पोषण में उन्हें समान अधिकारों से वंचित करते हैं। अभिभावक और वार्ड अधिनियम, 1890, मातृ हिरासत को प्राथमिकता देता है जब तक कि माँ को अयोग्य नहीं माना जाता है, जिससे माता-पिता की भागीदारी के लिए पिता के अवसर सीमित हो जाते हैं। धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न) जैसे लिंग-विशिष्ट कानूनों का कभी-कभी दुरुपयोग किया जाता है, जिससे निर्दोष पुरुषों को प्रतिष्ठा, वित्तीय और भावनात्मक नुक़सान होता है। राजेश शर्मा बनाम यूपी राज्य (2017) में, सुप्रीम कोर्ट ने धारा 498ए के दुरुपयोग को नोट किया और झूठे आरोपों के खिलाफ सुरक्षा उपाय पेश किए। पुरुषों के पास शिकायतों को दूर करने के लिए समर्पित संस्थान या हेल्पलाइन का अभाव है सामाजिक रूढ़िवादिता पुरुषों को अपराधी के रूप में चित्रित करती है, संस्थागत दृष्टिकोण को प्रभावित करती है और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में उचित उपचार को सीमित करती है। विशाखा दिशा-निर्देश केवल महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर उत्पीड़न को कवर करते हैं, जिससे पुरुष पीड़ितों को भारतीय कानून के तहत समान सुरक्षा नहीं मिलती है। यौन शोषण के वयस्क पुरुष उत्तरजीवी कानूनी ढांचे में अपरिचित रहते हैं, जिससे उन्हें वैधानिक उपचार या संस्थागत सहायता से वंचित रखा जाता है। उदाहरण के लिए, आईपीसी की धारा 375 बलात्कार को केवल एक महिला के दृष्टिकोण से परिभाषित करती है, जिससे यौन उत्पीड़न के पुरुष उत्तरजीवी बिना किसी सहारे के रह जाते हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम और आईपीसी की धारा 498ए जैसे मौजूदा कानूनों को संशोधित करके उन्हें लिंग-तटस्थ बनाया जाए, जिससे घरेलू हिंसा और झूठे आरोपों के खिलाफ पुरुषों के लिए समान सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कनाडा और यूके जैसे देशों में घरेलू हिंसा कानून लिंग-तटस्थ हैं। साझा पालन-पोषण की अवधारणा ऑस्ट्रेलिया में अच्छी तरह से स्थापित है, जो हिरासत के निर्णयों में दोनों माता-पिता के लिए समान विचार को अनिवार्य बनाती है। जापान ने तनाव कम करने को लक्षित करते हुए कार्यस्थल मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन्हें लिंग-विशिष्ट चिंताओं को शामिल करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। केरल में पुलिस के लिए नियमित संवेदीकरण कार्यशालाओं के परिणामस्वरूप लिंग-आधारित शिकायतों का अधिक संतुलित संचालन हुआ है। संगठनों को समावेशी कार्यस्थल नीतियों को बाध्यकारी किया जा सकता है जो पितृत्व अवकाश, पुरुषों द्वारा सामना किए जाने वाले यौन उत्पीड़न और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दों को सम्बोधित करती हैं। स्वीडन की पैतृक अवकाश नीति पिता को समान अवकाश प्रदान करती है, जो घर पर साझा पालन-पोषण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है। लैंगिक न्याय के लिए संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए पुरुषों के अधिकारों को समान ईमानदारी से सम्बोधित करने की आवश्यकता है। लैंगिक-तटस्थ कानून, मानसिक स्वास्थ्य सहायता में वृद्धि और सामाजिक रूढ़ियों को ख़त्म करने के लिए जागरूकता अभियान महत्त्वपूर्ण क़दम हैं। जैसा कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था, "किसी भी जगह अन्याय हर जगह न्याय के लिए ख़तरा है।"
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महात्मा गांधी के पसंदीदा भजन- वैष्णव जन तो तेने कहिये जे पीड़ परायी जाणे रे अर्थात दूसरों की पीड़ा समझने वाला ईश्वर के समान होता है- इसे भारत सही अर्थों में चरितार्थ कर रहा है। भारत हमेशा से विश्व बंधुत्व की भावना के सिद्धांत को अपनाकर उसी मार्ग पर चलाता आ रहा है। भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जो हमेशा से सभी को साथ लेकर चलने का प्रयास करता रहा है। दुनिया के किसी भी देश में कैसा भी संकट आया हो भारत उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा नजर आता है। इसी को कहते हैं विश्व बंधुत्व की भावना। वैश्विक परिवार दिवस यदि दुनिया का कोई देश सही मायने में मनाता है तो वह भारत ही हैं। भारत में आज भी अतिथि देवो भव की भावना जिंदा है। यहां के लोग स्वयं भूखे रहकर अतिथियों को भोजन करवाना अपना परम धर्म समझते रहे हैं। वैश्विक परिवार का अर्थ है वसुधैव कुटुम्बकम इसका मूल सिद्धांत यह है कि संपूर्ण मानवता एक परिवार है। इस विचारधारा के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह किसी भी राष्ट्र, जाति, या धर्म से हो, एक ही व्यापक परिवार का हिस्सा है। इस सिद्धांत के अनुसार, विश्व में सभी का समान महत्व है और हर किसी को समान सम्मान मिलना चाहिए। दुनिया भर में लोग नए साल की पहली सुबह का आनंद उठाते हैं। लोग अपने दोस्तों, परिवार और करीबी लोगों के इस खास दिन का जश्न मनाते हैं। नए साल के साथ ही साल के पहले दिन यानी एक जनवरी को वैश्विक परिवार दिवस भी मनाया जाता है। हर साल एक जनवरी को मनाए जाने वाले इस दिवस के जरिए परिवारों के माध्यम से राष्ट्रों और संस्कृतियों में एकता, समुदाय और भाईचारे की भावना पैदा करता है। दुनिया में शांति बनाए रखने के लिए जरूरी है कि एक परिवार का निर्माण हो। ताकि विश्व में शांति की स्थापना होने के साथ ही हिंसा भी कम की जा सकें। जब पूरी दुनिया नए साल का जश्न मनाती है। उसी दिन पूरे विश्व में वैश्विक परिवार दिवस मनाया जाता है। ताकि विश्व में रहने वाले सभी लोग एक परिवार की तरह रहें। इस तरह विश्व के सभी राष्ट्रों और समुदाय में भाईचारे की भावना पैदा हो सके। वैश्विक परिवार दिवस जिसे विश्व शांति दिवस के रूप में भी जाना जाता है। दुनिया में सद्भाव और एकता की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए हर साल मनाया जाता है। यह दुनिया के एक वैश्विक गांव के विचार पर जोर देता है। जिसमें नागरिकता, सीमा या नस्ल की परवाह किए बिना हम सभी एक परिवार हैं। एक खुशहाल परिवार वह परिवार नहीं है जिसमें हर कोई एक दूसरे के जैसा सोचता, काम करता, महसूस करता या व्यवहार करता हो। एक खुशहाल परिवार की एक पहचान यह है कि पूरा परिवार एक दूसरे को वैसे ही स्वीकार करता हैं। यह दिन पूरे विश्व को एक परिवार मानता है। वैश्विक परिवार दिवस को शांति और साझाकरण के वैश्विक दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य बहुसंस्कृतिवाद, बहुलवाद को बढ़ावा देना और शांति और सद्भाव के साथ एक-दूसरे के साथ रहना सिखाना है। यह दिन विश्व के एक वैश्विक परिवार होने के विचार को बढ़ावा देता है। इसका उद्देश्य एकजुट होना और इस विचार को बढ़ावा देकर शांति का संदेश फैलाना है कि पृथ्वी एक वैश्विक परिवार है। ताकि दुनिया को सभी के लिए रहने के लिए एक बेहतर जगह बनाया जा सके। वैश्विक परिवार दिवस की उत्पत्ति दो पुस्तकों में हुई थी। पहली 1996 में अमेरिकी लेखकों स्टीव डायमंड और रॉबर्ट एलन सिल्वरस्टीन द्वारा लिखित वन डे इन पीस 1 जनवरी 2000 नामक बच्चों की किताब थी। वहीं दूसरी किताब अमेरिकी शांति कार्यकर्ता और लेखक लिंडा ग्रोवर का 1998 का यूटोपियन उपन्यास ट्री आइलैंडरू ए नॉवेल फॉर द न्यू मिलेनियम थी। विशेष रूप से ग्रोवर ने 1 जनवरी को शांति के वैश्विक दिवस के रूप में स्थापित करने काफी अहम भूमिका निभाई थी। इन किताबों के विचारों के आधार पर ही 1997 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1 जनवरी को शांति का एक दिन मनाने की घोषणा की। बाद में 1999 में संयुक्त राष्ट्र और इसके सदस्य देशों ने पहली बार वैश्विक परिवार दिवस मनाया गया। इस दिवस की सफलता को देखते हुए साल 2001 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इस दिन को एक वार्षिक कार्यक्रम के रूप में स्थापित किया। इसके बाद से हर साल एक जनवरी को वैश्विक परिवार दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। नए साल की शुरुआत के साथ ही इस दिन को मनाने का मकसद एक ऐसे समाज की स्थापना करने का प्रयास है जहां सिर्फ शांति हो। हालांकि यह एक नई शांतिपूर्ण दुनिया की शुरुआत थी और 1999 में सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों को शांति निर्माण की दिशा में रणनीति विकसित करने के लिए उस विशेष वर्ष के पहले दिन को औपचारिक रूप से समर्पित करने का निमंत्रण मिला। इस दिन के सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए 2001 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक परिवार दिवस को एक वार्षिक कार्यक्रम घोषित किया गया। पहला वैश्विक परिवार दिवस पहली बार वर्ष 2000 में एक जनवरी को देखा गया था। तब से हर साल नए साल के पहले दिन को वैश्विक परिवार दिवस के रूप में मनाया जाता है। नए साल के आगाज साथ ही वैश्विक परिवार दिवस भी मनाया जाता है। वैश्विक परिवार दिवस को हर साल एक जनवरी को मनाने का मुख्य उद्देश्य दुनिया के सभी देशों, धर्मों के बीच शांति की स्थापना करते हुए युद्ध और अहिंसा को टालना है। साथ ही यह भी कोशिश है कि आपसी मतभेदों को बात-चीत के जरिए से निपटाया जाए और एक शांतिपूर्ण समाज की स्थापना की जा सके। इस दिन के लिए परिवार को काफी अहम माना गया है। क्योंकि परिवार के जरिए ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। वैश्विक परिवार दिवस मनाने का सबसे अच्छा तरीका अपने परिवार के साथ दिन बिताना है। इस दिन लोग एक साथ रात्रिभोज की योजना बनाते हैं और अन्य पारिवारिक गतिविधियों का आनंद लेते हैं जो उनके बंधन को मजबूत करते हैं और शांति को बढ़ावा देते हैं। परिवार के साथ मनोरंजक गतिविधियों में एक साथ शिविर लगाना या एक साथ खाना बनाना, पिकनिक पर जाना, ट्रेक और बहुत कुछ शामिल हो सकता है। इस दिन को समुदाय के हिस्से के रूप में मनाने के लिए आप उन संगठनों के लिए स्वयंसेवक बन सकते हैं जो समुदाय का निर्माण करते हैं, हिंसा को कम करते हैं और अपने परिवार के साथ सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं। आप वैश्विक शांति की दिशा में प्रयासों के बारे में कोई भी फिल्म देख सकते हैं। आज पूरी दुनिया में युद्ध का वातावरण है। कई देशों में युद्ध छिड़ा हुआ है तो कई देश युद्ध के मुहाने पर खड़े हुए हैं। तीसरे विश्व युद्ध की आशंका व्यक्त की जा रही है। लोग एक- दूसरे के दुश्मन बनते जा रहे हैं। जरा-सी बात पर लड़ाई झगड़ा होने लगता है। ऐसे में वैश्विक परिवार दिवस हमारे लिए आशा की एक नई किरण लेकर आता है। इस दिवस से हमें पूरे विश्व को एक परिवार के रूप में बनाने की प्रेरणा मिलती है। यदि हम वैश्विक परिवार दिवस की अवधारणा के अनुरूप एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना अपना कर काम करे तो दुनिया शांति के पथ पर चलने लगेगी और सही मायने में इस दिवस की सार्थकता भी सिद्ध हो सकेगी।
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प्रियंका सौरभपृथ्वी की जलवायु को नियंत्रित करने वाला महत्त्वपूर्ण कारक ध्रुवीय क्षेत्रों में तैरती समुद्री बर्फ की मात्रा है। हालांकि, बदलते वायुमंडलीय पैटर्न और बढ़ते तापमान के कारण, यह घटकर 15-76 मिलियन वर्ग किमी के रिकॉर्ड निम्न स्तर पर आ गया है। वैश्विक तापमान में वृद्धि हो रही है, समुद्री धाराएँ अशांत हो रही हैं तथा इस गिरावट के कारण चरम मौसम की घटनाएँ और भी बदतर हो गई हैं। दुनिया भर में चरम मौसम की घटनाएँ पृथ्वी की जलवायु में परिवर्तन से प्रभावित हो रही हैं। भीषण वन्य आग, वर्षों तक चलने वाला सूखा, भारी वर्षा, भयंकर बाढ़, भूमि और समुद्र में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की लहरें तथा तूफानों के दौरान व्यापक बाढ़ की आवृत्ति और तीव्रता सभी बढ़ रही है। औद्योगिक क्रांति के बाद से मानवीय गतिविधियों विशेष रूप से जीवाश्म ईंधनों के जलने के कारण ग्रीनहाउस गैसों की वायुमंडलीय सांद्रता में तीव्र वृद्धि हुई है। मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसें गर्मी को रोक लेती हैं और जैसे-जैसे उनकी सांद्रता बढ़ती है, पृथ्वी को गर्म करती हैं। परिणामस्वरूप पृथ्वी पर हवा और महासागर गर्म हो जाते हैं। भूमि पर बर्फ पिघलती है, मौसम का पैटर्न बदलता है तथा जलचक्र इस तापमान वृद्धि से प्रभावित होता है, जिससे चरम मौसम की स्थिति और खराब हो जाती है। जलवायु परिवर्तन हमारे समाज को अनेक तरीकों से प्रभावित करता है।सूखे से मानव स्वास्थ्य और खाद्य उत्पादन पर असर पड़ सकता है। बाढ़ से बुनियादी ढांचे और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँच सकता है और बीमारी फैल सकती है। खाद्य उपलब्धता में परिवर्तन और श्रमिक उत्पादकता को सीमित करने के अलावा सूखा, बाढ़ और अन्य मौसम सम्बंधी घटनाओं के कारण उत्पन्न मानव स्वास्थ्य समस्याएँ भी मृत्यु दर को बढ़ाती हैं। हमारी परिवहन और संचार प्रणालियों के भौतिक बुनियादी ढांचे में सड़कें, पुल, बंदरगाह, विद्युत ग्रिड, ब्रॉडबैंड इंटरनेट और अन्य घटक शामिल हैं, इन्हें अक्सर कई वर्षों तक चलने के लिए डिजाइन किया जाता है। खास बात यह है कि बुनियादी ढांचे का निर्माण जलवायु परिवर्तन पर विचार किए बिना किया गया था। वर्तमान बुनियादी ढांचा हवा, बर्फ, बाढ़, भारी बारिश या तापमान में उतार-चढ़ाव जैसी मौसम की गंभीर स्थितियों को संभालने में सक्षम नहीं हो सकता। इन घटनाओं के प्रभाव कई अलग-अलग रूप ले सकते हैं। उदाहरण के लिए, उच्च तापमान के कारण घर के अन्दर अधिक ठंडक की आवश्यकता होती है, जिससे ऊर्जा ग्रिड पर दबाव पड़ सकता है। अप्रत्याशित रूप से अत्यधिक वर्षा के कारण आने वाली बाढ़, जो तूफानी जल निकासी क्षमता से अधिक होती है, प्रमुख मार्गों, व्यवसायों और राजमार्गों को बंद कर सकती है।समुद्र स्तर में वृद्धि के कारण तटीय अवसंरचना, जैसे जल आपूर्ति, सड़कें, पुल और बहुत कुछ, खतरे में हैं। चूंकि बहुत-सी आबादी तटीय क्षेत्रों में रहती है, अतः इससे होने वाले जोखिम से लाखों लोग प्रभावित होते हैं। इसके अलावा, समुद्र स्तर में वृद्धि से तटीय कटाव और उच्च ज्वार के कारण बाढ़ आ सकती है। शोध से पता चलता है कि कुछ समुदाय वर्ष 2100 तक समुद्र तल पर या उससे नीचे पहुँच जाएंगे। अब यह उन पर निर्भर करेगा कि वे क्या करें। प्रबंधित वापसी नामक प्रक्रिया के दौरान, समुदाय संभवतः तटरेखा से दूर चले जाएंगे और अपने बुनियादी ढांचे में बदलाव करेंगे। समुद्री बर्फ में वैश्विक गिरावट के लिए मुख्य रूप से महासागरीय ऊष्मा परिवहन ज़िम्मेदार है। जब गर्म महासागरीय धाराएँ ध्रुवीय क्षेत्रों में प्रवेश करती हैं तो समुद्री बर्फ आधार पर तेजी से पिघलती है। अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (एएमओसी) द्वारा गर्म पानी आर्कटिक में लाया जाता है, जो बर्फ की स्थिरता को कम करता है। ये जलवायु पैटर्न समुद्री और वायुमंडलीय स्थितियों के साथ-साथ बर्फ के निर्माण और पिघलने की दर को भी प्रभावित करते हैं। 2015-2016 की अल नीनो घटना ने समुद्र के तापमान में वृद्धि करके अंटार्कटिका के समुद्री बर्फ को रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुँचा दिया। बड़े ज्वालामुखी विस्फोटों से एरोसोल निकलते हैं, जिनमें अस्थायी रूप से वायुमंडल को ठंडा करने की क्षमता होती है, लेकिन वे दीर्घकालिक रूप से महासागरों के गर्म होने में भी योगदान देने वाले कारक हो सकते हैं।2022 के हंगा टोंगा विस्फोट से जल वाष्प समताप मंडल में छोड़ा गया, जिससे समय के साथ वार्मिंग प्रभाव में संभावित रूप से वृद्धि हुई। अधिक शक्तिशाली तूफानों के कारण नाजुक समुद्री बर्फ टूट जाती है, जिससे पिघलने और समुद्री धाराओं के कारण उसके प्रभावित होने की संभावना बढ़ जाती है। 2024 में बेरेंट्स और बेरिंग सागर में तूफानों के कारण बर्फ टूट जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप आर्कटिक सागर में बर्फ का आवरण रिकॉर्ड निम्न स्तर पर पहुँच जाएगा। मीथेन और कार्बन डाईऑक्साइड वायुमंडल में ऊष्मा को रोकते हैं, जिससे वैश्विक तापमान बढ़ता है और ध्रुवीय बर्फ पिघलने की प्रक्रिया तेज हो जाती है। औद्योगिक क्रांति के कारण कार्बन डाईऑक्साइड के स्तर में नाटकीय वृद्धि के कारण आर्कटिक समुद्री बर्फ 1981 से प्रति दशक 12-2% की दर से घट रही है। महासागर का अम्लीकरण और वायुमंडलीय तापमान में वृद्धि कोयला, तेल और गैस के जलने से निकलने वाले प्रदूषकों के कारण होती है। आर्कटिक प्रवर्धन वह प्रक्रिया है जिसके तहत औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न ऊष्मा-अवशोषित उत्सर्जन के कारण आर्कटिक वैश्विक औसत से चार गुना अधिक तेजी से गर्म हो जाता है। जब वन नष्ट होते हैं तो कम कार्बन अवशोषित होता है और जब शहर बढ़ते हैं तो अधिक गर्मी बरकरार रहती है, जो वायुमंडलीय परिसंचरण को प्रभावित करती है। समुद्री बर्फ का क्षरण और वैश्विक तापमान वृद्धि अप्रत्यक्ष रूप से अमेज़न में वनों की कटाई के कारण होती है, जिससे कार्बन अवशोषण में कमी आती है। आर्कटिक क्षेत्र में ड्रिलिंग और बढ़ती समुद्री गतिविधियाँ समुद्री बर्फ के पारिस्थितिकी तंत्र को बाधित करती हैं और प्रदूषण तथा गर्मी पैदा करती हैं, जो स्थानीय तापमान में वृद्धि में योगदान करती हैं। इस क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों की खोज के बाद आर्कटिक क्षेत्र में हुई तीव्र गति से इस तंत्र को और अधिक बल मिलने के परिणामस्वरूप ध्रुवीय बर्फ को अधिक क्षति पहुँची है।पृथ्वी पर समुद्री बर्फ कम होने पर महासागर अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं, जिससे एल्बिडो या परावर्तकता कम हो जाती है, तथा तापमान और भी अधिक बढ़ जाता है। आर्कटिक के घटते एल्बिडो प्रभाव के कारण जलवायु परिवर्तन में तेजी आई है, जिसके कारण ध्रुवीय क्षेत्र शेष विश्व की तुलना में दोगुनी तेजी से गर्म हो रहे हैं। बर्फ पिघलने से निकलने वाला ताज़ा पानी लवणता को कम करता है और गहरे समुद्र में परिसंचरण को धीमा कर देता है, जिसका जलवायु विनियमन पर प्रभाव पड़ता है। कमजोर हो रहे अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (एएमओसी) से हिंद महासागर क्षेत्र, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में मौसम के पैटर्न में बदलाव आने की संभावना है। अप्रत्यक्ष रूप से, समुद्री बर्फ पिघलने से भूमि आधारित बर्फ की चादरों के पिघलने की गति बढ़ जाती है, जिससे दुनिया भर में समुद्र का स्तर बढ़ जाता है। जब सारी बर्फ पिघल जाएगी, तो ग्रीनलैंड की बर्फ की चादर समुद्र के स्तर को लगभग 23 फीट तक बढ़ा देगी। तापमान में परिवर्तन के कारण तूफान, सूखा और गर्म लहरें बढ़ रही हैं, जिससे वायुमंडलीय परिसंचरण प्रभावित हो रहा है। जेट स्ट्रीम आर्कटिक बर्फ के पिघलने से प्रभावित होती है, जिसके कारण उत्तरी अमेरिका और यूरोप में लंबे समय तक गर्म लहरें चलती हैं। समुद्री बर्फ के पिघलने से खाद्य श्रृंखलाएँ गड़बड़ा जाती हैं, जिससे मत्स्य पालन और समुद्री जीवन खतरे में पड़ जाता है, जो ठंडे पानी के आवासों पर निर्भर रहते हैं। संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है, क्योंकि अंटार्कटिका में क्रिल की आबादी घट रही है तथा ध्रुवीय भालू और सील अपने शिकार के मैदान खो रहे हैं।जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए तैयारी का अभाव है। वैज्ञानिक इस बात पर शोध कर रहे हैं कि वर्तमान और भविष्य में जलवायु परिवर्तन से समुदायों पर किस प्रकार प्रभाव पड़ रहा है तथा वे सर्वोत्तम तरीकों का सुझाव दे सकते हैं। भविष्य में जलवायु सम्बंधी जोखिमों को झेल सकने वाले लचीले बुनियादी ढांचे में निवेश महत्त्वपूर्ण है। इसे लेकर सामाजिक जागरूकता जरूरी है। पर्यावरणीय शिक्षा के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीख सकता है कि जलवायु परिवर्तन के लिए कैसे तैयार रहा जाए।
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योगेश कुमार गोयल मानव जीवन को विज्ञान ने काफी आसान और सुविधाजनक बना दिया है। विज्ञान के प्रति युवाओं की कितनी रुचि है, इसी पर देश का भविष्य निर्भर करता है। युवाओं के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग में विज्ञान के प्रति अधिकाधिक रुचि जागृत करने के लिए प्रतिवर्ष 28 फरवरी को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ मनाया जाता है। दरअसल, इस दिवस के जरिये बच्चों को विज्ञान को बतौर कैरियर चुनने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है ताकि देश की आने वाली पीढ़ी विज्ञान के क्षेत्र में अपना उल्लेखनीय योगदान दे सके और देश प्रगति के मार्ग पर निरन्तर अग्रसर रहे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार के लिए राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् द्वारा भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में नामित करने के लिए वर्ष 1986 में भारत सरकार को कहा गया था और सरकार द्वारा इसे स्वीकृति प्रदान किए जाने के बाद से 28 फरवरी 1987 से प्रतिवर्ष इसी दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता रहा है। यह दिवस भारत के महान वैज्ञानिक भौतिक शास्त्री सर सीवी रमन की खोज ‘रमन प्रभाव’ को सदैव याद रखने और विश्व पटल पर विज्ञान के क्षेत्र में भारत का नाम रोशन करने वाले इस वैज्ञानिक की स्मृति में मनाया जाता है। सर सीवी रमन भौतिकी विज्ञान के क्षेत्र में पहले ऐसे भारतीय थे, जिन्होंने भारत में ऐसे आविष्कार पर शोध किया था। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में इंडियन एसोसिएशन फॉर द कल्टीवेशन ऑफ साइंस में 1907 से 1933 तक सर चन्द्रशेखर वेंकट रमन ने कार्य किया था। उस दौरान उन्होंने भौतिकी के कई बिन्दुओं पर शोध किया था, जिसमें से ‘रमन प्रभाव’ (प्रकाश के फैलने पर प्रभाव, जब विभिन्न वस्तुओं द्वारा उसे गुजारा जाता है) उनकी महान खोज बनी, जो न केवल विज्ञान जगत में लोकप्रिय हुआ बल्कि पूरी दुनिया ने उनकी इस खोज को सराहा। सर सीवी रमन की यह खोज 28 फरवरी 1928 को दुनिया के सामने आई थी। उनके लिए वर्ष 1930 में उन्हें भौतिकी के क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा माना जाने वाला ‘नोबेल पुरस्कार’ दिया गया था। वे एशिया के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित होने का गौरव हासिल हुआ था। ‘रमन प्रभाव’ की खोज के लिए उन्हें अनेक दूसरे पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने के पश्चात् भारत लौटने पर उन्होंने कहा था कि ‘मेरे जैसे न जाने कितने रमन सुविधाओं और अवसरों के अभाव में यूं ही अपनी प्रतिभा गंवा देते हैं, जिससे केवल उनका ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष का नुकसान है, जिसे हमें रोकना होगा।’ वर्ष 2013 से अमेरिकन केमिकल सोसायटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय ऐतिहासिक केमिकल लैंडमार्क के रूप में ‘रमन प्रभाव’ को नामित किया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस प्रतिवर्ष एक निर्धारित थीम के तहत मनाया जाता है। 2025 के राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम है ‘विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना।’ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का सबसे बड़ा उद्देश्य लोगों को हमारे दैनिक जीवन में विभिन्न वैज्ञानिक आविष्कारों की महत्ता से परिचित कराना होता है, इसके अलावा वैज्ञानिक सोच रखने वाले लोगों को अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें उनके कार्य के लिए प्रोत्साहित करना भी इसका अहम उद्देश्य है। विज्ञान के विकास के लिए नई तकनीकों को लागू कर विज्ञान और प्रौद्योगिकी को लोकप्रिय बनाने जैसे उद्देश्य राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के आयोजन में निहित हैं। विज्ञान के जरिये ही वैज्ञानिकों ने नई-नई तरह की तकनीकों का आविष्कार किया है और वैज्ञानिकों ने इन खोजों के जरिये मानव जीवन को निरंतर बेहतर बनाया है। इसी विज्ञान के जरिये हम रोबोट, कम्प्यूटर इत्यादि बनाने में सफलता प्राप्त करने के अलावा अंतरिक्ष तक में पहुंच गए हैं। असंभव दिखने वाले कार्यों को भी विज्ञान की मदद से ही संभव बनाते रहे हैं। विज्ञान की मदद से ही बनाई गई प्रतिदिन बहुत सारी तकनीकों और वस्तुओं का इस्तेमाल हम अपने दैनिक क्रियाकलापों में करते हैं। ऐसे में हम सभी के लिए हमारे जीवन में विज्ञान के महत्व को समझना जरूरी है। हमारा समाज 21वीं सदी में जिस प्रकार अंधविश्वासों के साये में जीता है, ऐसे में विज्ञान की महत्ता समझते हुए समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करते हुए इन अंधविश्वासों के निर्मूलन की जिम्मेदार हम सबकी है।
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डॉ. सत्यवान सौरभदेश में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) का उदय परिवर्तनकारी रहा है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के अनुसार, वित्त वर्ष 2023-24 में यूपीआई लेनदेन 11.5 बिलियन (( 26.9 लाख करोड़) से अधिक हो गया। दो थर्ड पार्टी ऐप प्रोवाइडर्स फोन-पे और गूगल-पे के बीच बाजार का संकेन्द्रण यूपीआई लेनदेन के 80 फीसद से अधिक को नियंत्रित करता है।यह चिंता का विषय है। निश्चिततौर पर यूपीआई के चलन ने डिजिटली भुगतान में क्रांति ला दी है। अगस्त 2024 में यूपीआई के माध्यम से 20.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। यह भारत के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इसके व्यापक महत्व को दर्शाता है। इसकी खास बात यह है कि यूपीआई यूजर को इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ा। यही बात इसके पक्ष में जाती है।यूपीआई का लागत मुक्त मॉडल ग्रामीण भारत तक पहुंच गया है। इसने छोटे विक्रेताओं, व्यवसायों और उद्यमियों को सशक्त बनाया है। स्ट्रीट वेंडर, छोटे व्यापारी और किराना स्टोर भी अब डिजिटली भुगतान स्वीकार करने के लिए यूपीआई का उपयोग करते हैं। यूपीआई ने पहले से बैंकिंग सेवाओं से वंचित आबादी को औपचारिक वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र में प्रभावी रूप से लाकर वित्तीय समावेशन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लाखों ग्रामीण और वंचित भारतीय यूपीआई के माध्यम से महत्वपूर्ण डिजिटली वित्तीय सेवाओं तक पहुंचने में सक्षम हुए हैं। यूपीआई ने सरकारी सेवाओं के साथ एकीकृत एक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक प्लेटफार्म प्रदान करके निश्चिततौर पर महत्वपूर्ण काम किया है पर दो थर्ड पार्टी ऐप प्रदाताओं के बीच बाजार एकाग्रता महत्वपूर्ण जोखिम पैदा करती है। कुछ खिलाड़ियों की उच्च बाजार एकाग्रता महत्वपूर्ण प्रणालीगत जोखिम पैदा करती है।उदाहरण के लिए अगर फोन-पे या गूगल-पे में अचानक कोई तकनीकी खराबी आ जाती है तो इससे 80 फीसदी तक यूपीआई लेनदेन बाधित हो सकता है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर व्यवधान और घबराहट पैदा हो सकती है।दो प्रमुख खिलाड़ियों के वर्चस्व वाला बाजार स्वस्थ प्रतिस्पर्धा में बाधा डालता है। यह नवाचार भुगतान सेवाओं के विकास को हतोत्साहित करता है। फोन-पे और गूगल-पे की बाजार में जबरदस्त मौजूदगी ने पेटीएम के छक्के छुड़ा दिए हैं।विदेशी स्वामित्व वाले टीपीएपी का प्रभुत्व डेटा सुरक्षा, उपयोगकर्ता गोपनीयता और भारतीय नागरिकों की संवेदनशील वित्तीय जानकारी तक संभावित पिछले दरवाजे से पहुंच से संबंधित जोखिम पेश करता है। वॉलमार्ट द्वारा फोन-पे और गूगल द्वारा गूगल-पे का विदेशी स्वामित्व व्यक्तिगत वित्तीय डेटा की सुरक्षा और विदेशी संस्थाओं की अनाधिकृत पहुंच की संभावना पर चिंता बढ़ाता है। क्षेत्रीय भाषाओं या स्थानीय व्यावसायिक जरूरतों के लिए तैयार किए गए यूपीआई ऐप अकसर गूगल-पे और फोन-पे जैसे स्थापित बाजार नेताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए संघर्ष करते हैं। पेटीएम और एक्सिस बैंक थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर के लिए बाजार हिस्सेदारी पर सीमा निर्धारित करने से बेहतर प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित हो सकती है और प्रणालीगत जोखिम कम हो सकते हैं। फोन-पे और गूगल-पे की बाजार हिस्सेदारी को 30 फीसद तक सीमित करने के भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के पहले के प्रयास बाजार प्रभुत्व को संतुलित कर सकते हैं। भारतीय स्वामित्व वाले पेटीएम और एक्सिस बैंक थर्ड पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर का समर्थन करने से विदेशी खिलाड़ियों पर निर्भरता कम हो सकती है और नियामक निगरानी में सुधार हो सकता है। यूपीआई ऐप्स के लिए बैकअप सर्वर बनाने से आउटेज या तकनीकी कठिनाइयों के दौरान सेवा में रुकावट को रोका जा सकता है। छोटे खिलाड़ियों को अनुदान या सब्सिडी प्रदान करने से नए विचारों को बढ़ावा मिल सकता है और दी जाने वाली सेवाओं की सीमा बढ़ सकती है। सरकार के नेतृत्व वाली नवाचार चुनौतियां छोटे डेवलपर्स को नए भुगतान समाधान पेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती हैं। मजबूत डेटा गोपनीयता कानून लागू करने से उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी को संभावित दुरुपयोग से बचाया जा सकेगा।
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खटीमा में भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष कमल जिंदल का जोरदार स्वागत किया गया...विकासखंड सभागार में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उन्हें सम्मानित किया...वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता भुवन भट्ट ने इस कार्यक्रम का संचालन किया... कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष कमल जिंदल ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की...उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य वार्ड नंबर से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष तक भाजपा के प्रत्याशियों की जीत है...जो जिम्मेदारी उन्हें दी गई है, वे उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे...इसके अलावा, मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में सरकार की नीतियों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विभिन्न शिविरों का आयोजन किया जाएगा....
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खबर सिंगरौली से है...जहाँ एनटीपीसी विंध्याचल ने प्रेस मीट का आयोजन किया...जिसमे एनटीपीसी विंध्याचल के शानदार प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण, और समाज कल्याण कार्यों को प्रमुखता से साझा किया गया एनटीपीसी विंध्याचल ने परियोजना के उमंग भवन सभागार में भव्य प्रेस मीट का आयोजन किया... जिसमें राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और स्थानीय मीडिया से जुड़े 80 पत्रकारों शामिल हुए...प्रेस मीट में एनटीपीसी विंध्याचल के शानदार प्रदर्शन, पर्यावरण संरक्षण, और समाज कल्याण कार्यों को प्रमुखता से साझा किया गया...इस दौरान एनटीपीसी के कार्बन-टू-मेथनॉल प्लांट पर एक प्रेरणादायक कॉर्पोरेट फिल्म और वीडियो भी दिखाई गई...महाप्रबंधक राजेशेखर पाला ने कहा कि ये प्रेस मीट एनटीपीसी विंध्याचल की पारदर्शिता को और सशक्त बनाते हुए, इसकी स्थिरता, संचालन उत्कृष्टता, और समाज कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को और दृढ़ करता है
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ग्वालियर में ऋषि सेवा समिति श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कर रही है...कथा का शुभारंभ करौली मंदिर नयाबाजार से भव्य कलश यात्रा से हुआ जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल माधव मंगलम गार्डन पहुंची...इस दौरान बैंडबाजों और 21 ढोल की धूम रही... कथा व्यास राघव ऋषि ने इस आयोजन की जानकारी दी और बताया कि इस साल ये 25वां आयोजन है...28 तारीख तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान अलग-अलग दिन विशेष कथाएं सुनाई जाएंगी...जैसे कि ध्रुव चरित्र, जड़ भरत, श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और गोवर्धन पूजा...कथा में बनारस से आए कथा व्यास राघव ऋषि के साथ कई अन्य प्रमुख लोग भी मौजूद रहेंगे...
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22 मार्च से इंडियन प्रीमियर लीग का 18वां सीजन शुरू हो रहा है। यह कई मायनों में अलग होगा। इस सीजन से प्लेयर्स को हर मुकाबले में फीस मिलेगी, जो नीलामी में मिली राशि से अलग होगी। IPL इतिहास में पहली बार प्लेयर्स को सैलरी के अलावा मैच फीस मिलने जा रही है। BCCI क्रिकेटर्स को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 17 साल के इतिहास में पहली बार मैच फीस देगा। भारत के साथ विदेशी प्लेयर्स को भी मैच खेलने की फीस दी जाएगी। मान लीजिये मुंबई इंडियंस ने रॉबिन मिंज को 65 लाख रुपए में खरीदा है। एक मैच खेलने के लिए 7.50 लाख रुपए मिलेंगे, अगर वे 14 मैच खेलते हैं तो मैच फीस से उनकी कमाई 1.05 करोड़ रुपए हो जाएगी। यानी एक सीजन के लिए उन्हें 1.70 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इस बार 5 टीमें नए कप्तान के साथ उतर रही हैं। 10 में से 9 के कप्तान भारतीय हैं। 2019 के बाद पहला मौका है, जब सिर्फ एक टीम का कप्तान विदेशी है। सिर्फ हैदराबाद की कप्तानी ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस के पास है। बाकी 9 टीमों ने भारतीय कप्तान रखे हैं। 10 टीमों के कप्तानों की औसत उम्र 30 साल है। गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल (25 साल) सबसे युवा हैं, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स के अजिंक्य रहाणे (36 साल) सबसे उम्रदराज कप्तान हैं।
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रीवा से दिल दुखाने वाली खबर सामने आई है...जहां दो बेटों ने अपने बूढ़े मां-बाप का साथ छोड़ दिया... जब बूढ़े मां बाप कमजोर और असहाय हो गए....तब उनके बेटों ने उन्हें भरण पोषण देने दे भी इंकार कर दिया ..जानकारी मिलते ही एसडीएम ने दोनों बेटों को सलाखों के पीछे भेज दिया ...जिसके बाद बेटों ने तुरंत अपने पिता के नाम 28-28 हजार रुपए का चेक दिया रीवा जिले के जनपद पंचायत सिरमौर अंतर्गत ग्राम पंचायत महरी में श्रीनिवास द्विवेदी अपनी पत्नी के साथ गांव में ही रहते हैं... उनके बेटे विजय कुमार द्विवेदी और विनय द्विवेदी एवं उनकी बहू संध्या द्विवेदी उन्हें भरण पोषण नहीं दे रहे थे....दोनों बेटे को दो-दो हजार रुपये और बहु को 500 रुपये हर माह वृद्ध दंपति को भरण पोषण के लिए देना था... लेकिन तीनों लोगों के द्वारा आदेश की अवहेलना की गई थी...जिसकी शिकायत लेकर वृद्ध दंपत्ति एसडीएम आर के सिन्हा के पास पहुचें... वृद्ध दंपति की शिकायत सुनने के बाद आर के सिन्हा ने तत्काल दोनों बेटों को तलब किया और उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया...हालाकि इस दौरान दोनों बेटों ने 28 28 हजार रुपये के चेक एसडीएम को दिए हैं जो वृद्ध दंपति के भरण पोषण को दिया जाएगा... बहू को भी नोटिस जारी कर तलब किया गया है... वहीं एसडीएम सिरमौर ने वृद्ध श्रीनिवास द्विवेदी और उनकी पत्नी को धोती-कुर्ता, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया
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खबर छतरपुर से है... जहां पुलिस ने स्पा सेंटर पर ताबड़तोड़ छापे मारे है...पुलिस को स्पा सेंटर की आड़ में सेक्स रैकेट संचालित होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं..जिसके बाद पुलिस ने ये कार्रवाई की है सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम ने स्पा सेंटर में संदिग्ध गतिविधियां होने की शिकायत पर छतरपुर शहर के सागर रोड, देरी रोड और पन्ना रोड पर स्थित... 7 अलग अलग स्थानों पर एक के बाद एक छापे मारे... पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कुछ स्पा सेंटर संचालकों ने तो अपने स्पा सेंटर पर ताले भी लगा दिए... पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 4 लड़कियों और 2 लड़कों को पकड़ा है... जिनसे पूछताछ की जा रही है
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क्रिकेट में नो बॉल को एक पाप की तरह माना जाता है और टी20 क्रिकेट में तो ये और भी ज्यादा भारी पड़ता है...पर क्या आप जानते हैं आईपीएल के अभी तक के इतिहास में सबसे ज्यादा नो बॉल किस गेंदबाज ने फेंका है...नाम जानकर हैरान हो जाएंगे आप...चलिए बता देते हैं...इस शर्मनाक रिकॉर्ड बनाने वाले गेंदबाज का नाम है जसप्रीत बुमराह...जी हाँ बिलकुल सही सुना आपने ... बुमराह अभी तक आईपीएल के 133 मुकाबले खेल चुके हैं और इस दौरान वो 32 नो बॉल डाल चुके हैं.... इतने बड़े गेंदबाज से आप इस तरह की उम्मीद तो नहीं करते हैं...लेकिन अक्सर देखा जाता है कि तेज गेंदबाज ही नो बॉल ज्यादा डालते हैं... इस लिस्ट में दूसरा नंबर उमेश यादव का आता है...उमेश यादव ने 147 आईपीएल मैच खेलकर 24 नो बॉल डाली हैं...वहीं इशांत शर्मा अब तक 110 आईपीएल मैच खेलकर 23 नो बॉल डाल चुके हैं....एस श्रीसंत ने तो 44 आईपीएल मैच खेलकर ही 23 नो बॉल डाल दी हैं... स्पिनर अमित मिश्रा ने 162 आईपीएल मैच खेलकर 21 नो बॉल डाली हैं...महान गेंदबाज लसिथ मलिंगा भी ज्यादा पीछे नहीं हैं...मलिंगा ने 122 मैच खेलकर आईपीएल में 18 नो बॉल डाली हैं...इस लिस्ट को देखकर तो यही लगता है इस साल तो कम से कम जसप्रीत बुमराह का ये नो बॉल का रिकॉर्ड नहीं टूटने वाला...बुमराह के इस शर्मनाक रिकॉर्ड पर आपका क्या कहना है ज़रूर बताएं...
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सिंगरौली जिले में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद ने कलेक्टर के प्रतिनिधि को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा...यह ज्ञापन ब्राह्मण नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा... ज्ञापन में प्रदेश में ब्राह्मणों पर हो रहे हमलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई... ज्ञापन सौंपने के दौरान अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के जिला अध्यक्ष आनंद चतुर्वेदी के नेतृत्व में सैकड़ों लोग उपस्थित रहे...ब्राह्मण नेताओं ने मऊगंज में हुई शनि द्विवेदी और एक एएसआई की हत्या का मामला उठाया, साथ ही प्रदेश सरकार से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की...ब्राह्मण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं तो वे प्रदेशभर में आंदोलन करेंगे...
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रुड़की में तीन मार्च को नगर निगम बोर्ड बैठक के दौरान विधायक और मेयर की पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता के विरोध में पत्रकारों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा...इस दौरान उन्होंने काली पट्टी बांधकर और तख्तियां लेकर जमकर नारेबाजी की... रुड़की में पत्रकारों ने विरोध प्रदर्शन किया...जिसमें उन्होंने विधायक प्रदीप बत्रा के खिलाफ नारेबाजी की और ज्ञापन सौंपा...इस प्रदर्शन में पत्रकारों ने मीडिया की स्वतंत्रता बनाए रखने और सीतापुर में पत्रकार राघवेंद्र वाजपेयी की हत्या के विरोध में भी आवाज उठाई...पत्रकारों का कहना था कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे अपने दायित्वों को बिना किसी डर के निभा सकें...ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आशीष मिश्रा ने आश्वासन दिया कि उनका ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा और उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा...
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मऊगंज में डबल मर्डर की घटना के बाद रीवा सहित मऊगंज को बंद किया गया है व्यापारियों ने भी बंद का समर्थ किया जिसके चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा है और दुकानों में बड़े बड़े ताले लटक रहे हैं... लगातार बिगड़ती कानून व्यवस्था और हत्या जैसी घटनाओं के बाद अब लोग विरोध करने सड़क पर उतर आए हैं...रीवा और मऊगंज जिले को विभिन्न संगठनों ने बंद कराया है... दुकानों में ताला लग हुआ है और बाजारों में सन्नाटा फैला है...दरअसल हाल ही में मऊगंज में आदिवासियों ने एक युवक को बंधक बना कर पीट पीट कर उसकी हत्या कर दी और जब पुलिस उसे बचाने पहुंची तो उन्होंने पुलिस वालों पर भी हमला कर दिया जिसमें एक एएसआई की मौत हो गई और तहसीलदार सहित 10 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए...घटना के बाद से ही लोगों में आक्रोश है...विभिन्न संगठनों के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग कर रहे हैं...वहीं इस दौरान कोई अप्रिय घटना न घटे और शांति व्यवस्था कायम रहे इसके लिए पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था बनाई है...लगातार पुलिस की टीम पूरे शहर में भ्रमण कर रही है।
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शासकीय भूमि पर अवैध निर्माण का मामला सामने आया है...ग्रामीणों ने पुलिस सहित राजस्व विभाग से इसकी शिकायत की...लेकिन कोई निराकरण नहीं हुआ और शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा शुरू हो गया... रीवा में अतिक्रमणकारियों के हौसले कुछ इस कदर बुलंद हैं कि कभी शासकीय भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लेते हैं तो कहीं अवैध रूप से घर का निर्माण कार्य शुरू हो जाता है... अभी शहर से लगभग 5 किलोमीटर दूर सिलपरा कुठुलिया में शासकीय सड़क पर मकान मालिक सड़क की तरफ छज्जा निकालकर मकान का निर्माण कर रहा है जिससे सैकड़ों लोगों का आवागमन बाधित हो जाएगा...जिसकी शिकायत पुलिस के साथ-साथ राजस्व विभाग से भी की गई...लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई...पहले पेट्रोल पंप संचालक ने शासकीय जमीन पर बाउंड्री बना दी जिससे रास्ता बंद हो गया...और अब जो रास्ता खाली है उस पर मकान बनाया जा रहा है...
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सिंगरौली जिले से धर्मांतरण के मामला सामने आया जिस पर कार्रवाई करते हुए माड़ा थाना प्रभारी शिव पूजन मिश्रा ने एक सरकारी स्कूल के शिक्षक समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया...आरोपियों पर लोगों को पैसे का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है... पुलिस को जानकारी मिली थी कि करसुआ राजा गांव में धार्मिक सभा का आयोजन करके लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है...पुलिस जब कार्रवाई करने मौके पर पहुंची तो वहां 50 से ज्यादा लोग मौजूद थे...पुलिस ने मुख्य आरोपी सरकारी टीचर कमलेश साकेत और अरविंद साकेत को गिरफ्तार किया...साथ ही ईसाई धर्म से जुड़ा साहित्य भी जब्त किया... अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग कब तक कमलेश को बर्खास्त करने की कार्रवाई करता है...
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सिंगरौली भाजपा कार्यालय में होली का जश्न मनाया गया...इस अवसर पर बीजेपी जिला अध्यक्ष सुंदर शाह ने सिंगरौली की जनता को होली की शुभकामनाएं दी भाजपा जिला कार्यालय में होली का का जश्न धूमधाम से मनाया... बीजेपी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली की बधाई दी...इस अवसर पर जिले के कोने कोने से भाजपा नेता और कार्यकर्ता होली के जश्न में शामिल हुए...भाजपा जिला अध्यक्ष सुंदर शाह ने भी सिंगरौली की जनता को होली की बधाई और शुभकामनाएं दी
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गेहूं के खेतों में लगी आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड खराब हो गई...इस दौरान फायर ब्रिगेड कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया ... जिसके बाद दोनों तरफ से पुलिस में केस दर्ज करवाया गया है ... नेमावर के पास गुराड़िया में खेत में आग बुझाने गई फायर ब्रिगेड खराब हो गई ... इसके बाद फायर अमले और ग्रामीणों में भिडंत हो गई ...इस कार्रवाई से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों के साथ एसडीओपी आदित्य तिवारी को एसपी के नाम ज्ञापन सौंपा...जिसमें कहा गया कि ग्रामीण सिर्फ मदद करना चाहते थे...उन्होंने फायर ब्रिगेड को जलने से बचाने के लिए धक्का देकर बाहर निकाला था...कांग्रेसियों ने फायर ब्रिगेड की खराब फिटनेस नगर परिषद की बड़ी लापरवाही बताई...और ग्रामीणों पर दर्ज एफआईआर रद्द करने के साथ नगर परिषद सीएमओ और अध्यक्ष पर कार्रवाई की मांग की...
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छतरपुर से हैरान परेशान करने वाली खबर सामने आई है...जहां एक युवक ने ऑनलाइन आर्डर देकर फोर सीजन होटल से खाना मंगाया...युवक ने खाना खाया उसी दौरान उस खाने में कॉकरोच निकल आया ...यह देख कर युवक की हालत बिगड़ गई है और उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा ... 34 वर्षीय राहुल बिंदुआ ने बताया कि उसने रविवार रात काे स्विगी एप के जरिए सागर रोड स्थित फोर सीजन होटल से खाना मंगवाया था...थाली में मिक्स वेज, दाल, चावल, रोटी, रायता और बटर पनीर शामिल था...आधा खाना खाने के बाद जब राहुल दाल-चावल खा रहा था तभी उसे दाल में कॉकरोच दिखा...खाने के बाद राहुल को घबराहट हुई और उल्टियां होने लगी...ज्यादा तबियत बिगड़ने पर राहुल को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है...जहाँ उसका इलाज चल रहा है...राहुल ने फोर सीजन होटल पर कार्रवाई की मांग की है
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छतरपुर के शिक्षा विभाग से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है...जहां विभाग ने एक दिवंगत प्राचार्य को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की जिम्मेदारी सौंपी है...ये मामला विभाग के साथ-साथ पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है... अक्सर लापरवाही के लिए सुर्खियों में रहने वाले छतरपुर के शिक्षा विभाग ने एक दिवंगत प्राचार्य को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का जिम्मा सौंपा है...मामला उजागर होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने गलती स्वीकारते हुए दिवंगत प्राचार्य का नाम ड्यूटी से हटाने की बात कही है लेकिन इसका आदेश अभी तक सामने नहीं आया है...मामला सामने तब आया जब 2024 में दिवंगत हुए चंद्रप्रकाश तिवारी को प्रशिक्षण के लिए आमंत्रित किया गया...वहीं प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. प्रजापति ने बताया कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में कितने शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है इसकी सही संख्या उन्हें नहीं पता पर एक दिवंगत प्राचार्य की ड्यूटी लगाए जाने का मामला संज्ञान में आया है...
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सिंगरौली से जबलपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस दो हिस्सों में बंट गई... जिससे यात्रियों में हड़कंप मच गया...गनीमत रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुई हादसा सुबह 7 बजकर 40 मिनट पर शहडोल जिले के ब्यौहारी रेलवे स्टेशन से 2 किलोमीटर आगे एक रेलवे पुल पर हुआ...हादसे के दौरान ट्रेन के 5 से 6 डिब्बे इंजन के साथ रहे तो वहीँ थर्ड एसी के बाद के चार डिब्बे पीछे ही छूट गए... ट्रेन के अलग होते ही चालक दल ने तुरंत ट्रेन रोक दी जिससे यात्रियों को तेज झटका लगा... राहत की बात यह है कि ट्रेन में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं... हादसे के बाद ट्रेन के स्टाफ और ट्रेन में मौजूद गार्ड ने मिलकर इंजन वाले हिस्से को पीछे किया.... और पीछे छूटे डिब्बों को वापस जोड़ा जिसमें तकरीबन 30 मिनट का समय लगा...करीब 8 बजकर 15 मिनट पर ट्रेन वापस से रवाना हुई
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ग्वालियर में डीआरपी लाइन में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने जमकर होली खेली...इस दौरान ग्वालियर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह, ग्वालियर रेंज के आईजी अरविंद सक्सेना सहित तमाम पुलिस अधिकारी और कर्मचारी होली के रंग में रंगे हुए नजर आए... ग्वालियर कलेक्टर रुचिका सिंह चौहान भी होली के रंग में रंगी नजर आईं...सभी ने एक दूसरे को रंग, गुलाल, अबीर लगाया और होली की शुभकामनाएं दी...ग्वालियर में होली का त्यौहार बड़े शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ...आपको बता दें कि शहर की होली खत्म होने के बाद पुलिस और प्रशासन की होली शुरू होती है...होली के दूसरे दिन डीआरपी लाइन में परंपरागत रूप से होली का त्यौहार मनाया जाता है...
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मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना मध्यप्रदेश के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही...इस योजना के तहत मोहन सरकार से किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है...साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी 6 हजार रूपये प्रति वर्ष की सहायता दी जाती है ....इस तरह प्रदेश से मध्यप्रदेश के किसानों को साल में 12 हजार रुपए प्राप्त हो रहे हैं ... मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हर हाल में किसानों की आमदानी दोगुना करने का बीड़ा उठाया है ... मध्यप्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही किसान कल्याण योजना से प्रदेश के किसानों को आर्थिक मजबूती मिली है...किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है...साथ ही किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी 6 हजार रूपये प्रति वर्ष सीधे बैंक खाते में पहुंच रहे है...मुख्यमंत्री मोहन यादव किसानों और प्रदेश की जनता के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है
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औरत-मर्द और बच्चे के एकल परिवारों के चलन ने समय के साथ विभिन्न सामाजिक समूहों को बेहद प्रभावित किया है। इसके साथ सामाजिक नैतिकता और भारतीय परिवारों की पारंपरिक मूल्य भी छिन्न-भिन्न हो रहे हैं। शहरीकरण, वित्तीय दबाव और व्यक्तिवादी जीवन शैली के कारण हुए इस बदलाव ने मूल्यों को हस्तांतरित करने के तरीके को बदल दिया है। हालांकि एकल परिवार स्वतंत्रता और निजी विकास को प्रोत्साहित करते हैं लेकिन उन्हें सांस्कृतिक और नैतिक मूल्य बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सामाजिक मूल्यों को विकसित कर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक उसे पहुंचाने में परिवार नामक संस्था की भूमिका सीमित कर दी गई है।पारंपरिक संयुक्त परिवारों में दादा-दादी, चाचा और चाची ने कहानी सुनाने, सलाह देने, पहचान देने और सामूहिक भावना जैसे मूल्यों को लागू करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। एकल परिवारों के साथ, यह अंतर-पीढ़ीगत सम्बंध कमजोर हो गया है, जिससे बच्चों के विभिन्न दृष्टिकोणों के संपर्क में आने पर रोक लग गई है। कन्फ्यूशियस ने सद्गुण की पहली क्षमता के रूप में अपने परिवार के सदस्यों पर जोर दिया। बहु-पीढ़ीगत जीवन की गिरावट भी इस नैतिक शिक्षा को कमजोर कर सकती है। एकल परिवारों में, माता-पिता मूल्यों की आपूर्ति का पूरा बोझ उठाते हैं, नियमित रूप से पेशेवर प्रतिबद्धताओं के साथ इसे जोड़ते हैं। इससे समय की कमी या तनाव के कारण कमी आ सकती है। शहरी एकल परिवार सहानुभूति या धैर्य की कोचिंग पर शैक्षिक पूर्ति को प्राथमिकता दे सकते हैं, जिससे बच्चों में व्यक्तिवादी दृष्टिकोण पैदा होता है।एकल परिवार स्वायत्तता, निर्णय लेने और व्यक्तिगत जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को बढ़ावा देते हैं, जो वर्तमान सामाजिक मांगों के साथ संरेखित होते हैं। जॉन स्टुअर्ट मिल ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को व्यक्तिगत और सामाजिक प्रगति के लिए आवश्यक गुणों के रूप में महत्त्व दिया, जिसे एकल परिवार प्रभावी रूप से बेचते हैं। एकल परिवार अक्सर अपने परिवार की ज़रूरतों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे निःस्संदेह सामूहिक मूल्यों जैसे साझा करना, त्याग करना और आपसी सहायता के प्रति जागरूकता कम हो जाती है, जो संयुक्त परिवार व्यवस्था के लिए आवश्यक थे। त्योहार, जो कभी संयुक्त परिवारों में सांस्कृतिक बंधन को मजबूत करते थे, अब एकांत में मनाए जाने लगे हैं। जबकि पारंपरिक व्यवस्थाएँ कमजोर होती जा रही हैं, एकल परिवार शिक्षा के लिए स्कूलों, साथियों के समूहों और आभासी प्रणालियों पर अधिक से अधिक निर्भर होते जा रहे हैं।हालाँकि, निजी सलाह की कमी से नैतिक विकास में भी कमी आ सकती है। एकल परिवारों में, एक से अधिक पदों के मॉडल की अनुपस्थिति बच्चों की कई गुणों को देखने और उनका अध्ययन करने की क्षमता को भी सीमित कर सकती है। एकल परिवारों के बढ़ते जोर ने मूल्यों को विकसित करने में परिवार की स्थिति को नया रूप दिया है। स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हुए, यह अक्सर विस्तारित परिवारों द्वारा प्रदान की गई सामूहिक जानकारी और सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति जागरूकता को कम करता है। इस अंतर को पाटने के लिए एकल परिवारों को सुखद पालन-पोषण, नेटवर्क कनेक्शन को बढ़ावा देने और जिम्मेदारी से आधुनिक उपकरणों का लाभ उठाने पर जोर देते हुए सचेत रूप से अनुकूलन करना चाहिए। जैसा कि कन्फ्यूशियस ने कहा, "राज्य की ऊर्जा घर की अखंडता से प्राप्त होती है," इस बात पर प्रकाश डालते हुए कि परिवार, चाहे किसी भी संरचना में हों, नैतिक नागरिकों को आकार देने के लिए मूल्यवान बने रहते हैं।एकल परिवार-परिवार प्राइमेट मानव समाज की "जैविक" घटना है। यह मानव विकास के विकासवादी संग्रह में एक अनुकूल रूप नहीं है और न ही आर्थिक समाज की उपयोगी चीज है। बल्कि यह मानव समय और सामाजिक स्थान में लगभग प्रथागत है। इसका केंद्र पति-पत्नी और माता-पिता-बच्चों की एक इकाई है। इसका सामान्य रूप अक्सर मृत्यु या परित्याग या संतान की हानि के कारण ग़लत हो जाता है, लेकिन इसका मॉडल रूप अधिकतम स्थिर होता है। सभी परिस्थितियों में परिवार के भीतर पति या पत्नी के बुज़ुर्ग माता-पिता और कभी-कभी अतिरिक्त दूरस्थ परिवार होने की प्रवृत्ति होती है, हालांकि वे अर्ध-बाहरी कारक किसी अन्य कारण से नहीं बल्कि आवश्यकता और पितृभक्ति से अधिक होते हैं। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों में एकल परिवार "कुलों", जातियों, गांवों और सार्वजनिक विनियमन के माध्यम से विभिन्न तरीकों का उपयोग करके बाहरी समाज में एकजुट होते हैं।पश्चिमी समाज में परमाणु इकाई नैतिक प्रबंधन के लिए आध्यात्मिक नौकरशाही और शासन उद्देश्यों के लिए नागरिक विनियमन के लिए अधिक से अधिक कठिनाई बन गई है। रिश्तेदारों ने, प्रियजनों के अलावा, शक्ति खो दी है। इसने अपने स्वयं के परिवार को अत्यधिक नैतिकता के अपने पूर्व राज्य की तुलना में अधिक "तथ्यात्मक" बना दिया है। परिणामस्वरूप परमाणु परिवार कमजोर हो गया है क्योंकि यह काफ़ी हद तक धर्म का संगठन है और अब मुकदमेबाजी और सार्वजनिक विनियमन की सहायता से बहुत अधिक नियंत्रणीय नहीं है। इसलिए यह पश्चिमी देशों में ठीक से नहीं चल रहा है, जिससे मौलिक प्राइमेट मूल्यों को आम तौर पर नुक़सान होता है। यह परिवार निगमों के सुधार की ओर ले जाता है जो "सहज" नैतिक दबावों को फिर से तस्वीर में लाते हैं। परमाणु परिवार के परिवार का भाग्य, जिसे यहाँ "प्रतिक्रांति" कहा जाता है, संभवतः अगली पीढ़ी में रिश्तेदारों की सहायता से बढ़ती सहायता में से एक होगा।सामाजिक ढांचे में इतना अधिक परिवर्तन आ चुका है कि अब लिव इन रिलेशनशिप और वैवाहिक मामलों में थोड़ा बहुत ही अंतर रह गया होगा जिसके परिणामस्वरूप महिलाएं और पुरुष वैवाहिक संबंधों में रुचि ना लेकर एकल रहने को वरीयता देने लगे हैं। गलती इसमें किसी भी परिजन की ना होकर पश्चिमी मूल्यों को तरजीह दिए जाने की है। हम हिन्दुस्तानी अब ज़िम्मेदारियों को निभाने की तुलना में उससे अलग हो जाना बेहतर समझने लगे हैं। अब पश्चिम में अपने ही परिवार के लोग कई पीढ़ियों के छोटे अंतराल पर चक्रीय रूप से स्थानांतरित होने की प्रवृत्ति रखते हैं। 55,000 परिवारों का एक अध्ययन इस सुझाए गए उलटफेर को दर्शाता है।
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सामाजिक ताने-बाने में बदलाव को इस तरह से आसानी से समझा जा सकता है कि सोशियोट्रॉपी आज बीते जमाने की बात होती जा रही है। कोरोना के बाद तो हालात में और भी अधिक बदलाव आया है। आज की पीढ़ी में सामाजिकता का स्थान वैयक्तिकता लेती जा रही है। एक समय था जब सामाजिकता को वैयक्तिकता के स्थान पर अधिक तरजीह दी जाती थी। परिवार, मोहल्लों और आसपास कोई ना कोई ऐसे अवश्य मिल जाते थे जो जगत मामा तो कोई जगत काका तो कोई जगत दादा होते थे। छोटा हो या बड़ा, दादी हो या पोती, सास हो या बहू सब उन्हें प्रसिद्ध नाम से ही पुकारते थे। यह था एक तरह का अपनत्व। इस तरह के व्यक्तित्व वाले व्यक्ति सभी के चहेते होते थे तो जान-पहचान हो या ना हो, वे जरूरत के समय पहुंच जाते थे। सुख-दुख खासतौर से मुसीबत के समय ऐसे व्यक्ति आगे रहते थे। हालांकि आज इस तरह के व्यक्तित्व को ढूंढ़ना लगभग असंभव सा है। दरअसल, हमारी परंपरा व्यष्टि का ना होकर समष्टि की रही है। बच्चों को पहले सामाजिकता का पाठ पढ़ाया जाता था। बच्चे मोहल्ले के सभी घरों को अपना ही घर मानकर चलते थे तो मोहल्ले में रहने वाले किसी का भी बच्चा हो उसे अपने बच्चे जितना ही प्यार और दुलार देते थे। दुख-दर्द में पूरा मोहल्ला साथ हो जाता था। मोहल्ले में किसी घर में मौत हो जाती थी तो पड़ोसी उस परिवार को संभालने और देखभाल की जिम्मेदारी स्वयं अपने हाथ में ले लेते थे। शादी-विवाह में काम बंट जाता था, आज तो कैटरिंग का जमाना आ गया नहीं तो सैकड़ों लोगों को परिवार और मोहल्ले के युवा ही भोजन कराने की जिम्मेदारी निभा लेते थे। हलवाई के काम शुरू करते ही मोहल्ले के लोग बारी-बारी से देखरेख व सहयोग के लिए तैयार रहते थे। आज यह सब बदल गया है। गगनचुंबी इमारतों में कई परिवार रहते हैं और हालात यहां तक हो गए हैं कि एक ही कॉम्पलेक्स या अपार्टमेंट में रहने वाले एक-दूसरे को पहचानते नहीं। ऐसे में आपसी सहयोग और मेल-मिलाप की बात करना बेमानी होगा। सोशियोट्रापी मनोविज्ञान में प्रयोग होता है। इसे सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही अर्थाें में लिया जाता है। दूसरों को खुश रखने की खुशी में अपने खुशी को भूल जाना वाली मनोस्थिति को भी सोशियोट्रापी के रूप में देखा जाता है। यही कारण है कि इस एकांगिग अर्थ को लेने के चक्कर में सोशियोट्रोपी मानसिकता वाले लोगों के अवसादग्रस्त, तनाव पीड़ित और हमेशा चिंतित रहने की मनोदशा को साइड इफेक्ट के रूप में देखा जाता है। जबकि सोशियोट्रापी यहीं तक सीमित नहीं है। दूसरे के दुख-दर्द में भागीदार होना, आवश्यकता के समय निःस्वार्थ सहयोग व सहायता करना, दूसरे की परेशानी को समझना और उसे दूर करने में यथासंभव सहयोग करना यह सोशियोट्रापी का ही एक रूप है। हमारी परंपरा में जो व्यक्ति केवल अपने आप के बारे में सोचता है उसे एकलखोर या स्वार्थी कहा जाता रहा है। हमारी परंपरा वसुधैव कुटुम्बकम की रही है। हमारी परंपरा में दूसरे की उन्नति देखकर प्रसन्न होने की भावना रही है। खुशी के मौके पर मिठाई बांटना खुशी में सभी को भागीदार बनाना है। इसी तरह से जरूरत के समय खड़े हो जाना जरूरतमंद के लिए संबल होता है। देखा जाए तो बदलते सामाजिक ताना-बाना से सबकुछ बदल कर रख दिया है। एकल परिवार की संस्कृति समाज में अपना प्रभुत्व जमा चुकी है। परिवार पति-पत्नी और बच्चों तक सीमित होता जा रहा है। जो भावनात्मकता संबंधों को तरोताजा रखती थी वह भावनात्मकता कहीं खो गई है। अवकाश के दिनों का उपयोग दादा-दादी या नाना-नानी के पास गुजारने के स्थान पर कहीं घूमने में जाया होने लगा है। एक समय था जब गांव से यात्रा पर भी जाते थे तो गांव के कई परिवार के लोग उस भ्रमण दल में होते थे। हालात तो यहां तक होने लगे हैं कि घर के बुजुर्ग सदस्य को जिसे साथ की अधिक आवश्यकता है, घर की देखभाल के लिए छोड़ना आज आम होता जा रहा है। खुशी के पल को साझा करने का तरीका भी बदल गया है। जिस तरह की प्राथमिकताएं बदली हैं वह पीपल प्लीजर के स्थान पर सेल्फ प्लेजर होती जा रही है। दरअसल सामाजिकता के जो मायने एक समय होते थे उसमें कोई क्या कहेगा महत्वपूर्ण होता था, सामाजिक प्रतिक्रिया का बड़ा भय होता था, आज हालात यह है कि मां-बाप क्या कहेंगे इसकी भी परवाह नहीं रही है। दरअसल न्यूक्लियर फैमेली के यह साइड इफैक्ट है जो लोगों को सोशियोट्रापी से दूर ले जाते हैं। पाश्चात्य देशों द्वारा अब इसकी अहमियत सामने आने लगी है। ब्रिटेन में पिछले दिनों एक अध्ययन में सामने आया है कि अब बच्चों का जब भी मौका मिलता है परिवार यानी दादा-दादी या नाना-नानी का साथ जरूरी माना जाने लगा है। क्योंकि सामाजिक ताना-बाना में बिखराव के कारण ही आज की पीढ़ी रिश्तों की अहमियत भूलती जा रही है। दादा-दादी या नाना-नानी में से एक तो पराया होता जा रहा है। जब खास रिश्तों के ही यह हालात होते जा रहे हैं, परिवार के मायने ही बदलते जा रहे हैं तो फिर अड़ोस-पड़ोस, मोहल्ले या शहर-गांव के रिश्तों की बात करना ही बेमानी होगा। आज की पीढ़ी के सामाजिकता से दूर होने के नकारात्मक प्रभाव समाज के सामने आने लगे हैं। पाश्चात्य देश अब रिश्तों की अहमियत को समझने की दिशा में आगे बढ़ने लगे हैं वहीं हम रिश्तों की अहमियत और सामाजिकता खोते जा रहे हैं। यह अपने आप में गंभीर चिंता का विषय है। समाज और समाज विज्ञानियों व मनो विज्ञानियों को हालात की गंभीरता को समझते हुए समय रहते हालात को सुधारने के प्रयास करने होंगे।
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प्रशस्ति और सम्मान स्वाभाविक इच्छा हैं। यश अभिलाषा स्वाभाविक ही है। यश स्मृति आनन्दित करती है। जीवन में अपमान और अपयश भी होते हैं लेकिन अपयश के प्रमाण पत्र या स्मृति ग्रंथ नहीं होते। यश सम्मान के प्रमाण पत्र होते हैं। ऐसे पदधारक प्रशस्ति पत्र या पुरस्कार प्रमाण पत्र अपने कमरे में सजाते हैं। चाहते हैं कि आगंतुक उन्हें देखें, पढ़ें, हमको प्रतिष्ठित जानें। सम्मान पत्र प्रायः इतने भर के लिए ही उपयोगी हैं। कुछ प्रतिष्ठित सम्मानीय उन्हें लौटा कर एक दफा और यश याचक हो जाते हैं। ऐसा कई दफा हुआ है। पुरस्कार, प्रशस्ति या सम्मान पत्र लोकहित के प्रेरक हैं। सर्जक पुरस्कार के लिए ही सृजन नहीं करते। वे अपनी मस्ती और अनुभूति में सृजन करते हैं। सम्बन्धित संस्थाएँ या राजव्यवस्थाएँ उन्हें पुरस्कृत करती हैं। बेशक खेल आदि के प्रतियोगी पुरस्कार या मेडल को ध्यान में रखकर भी तैयारी करते हैं लेकिन कवि, सर्जक या कला के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय लोगों के मन में समाज को प्रेमपूर्ण बनाने की इच्छा होती है। ऐसी प्रवृत्ति स्पष्ट दिखाई पड़ती है। पुरस्कार और प्रशस्ति का सामाजिक महत्व है। ‘सर्वभूत हित‘ से जुड़े कर्म संस्कृति हैं। लोकमंगल सामूहिक अभिलाषा है। भारत का राष्ट्रभाव सांस्कृतिक है। लोकमंगल में सबको आश्वस्ति है। वैदिक परम्परा में स्वस्तिवाचन का महत्व है। इन्द्र से स्वस्ति की प्रार्थना है-स्वस्ति नो इन्द्रः। इन्द्र कल्याण करते हैं। इन्द्र सहित सारे देव कल्याण करते हैं। कल्याण करने वाले की प्रशस्ति स्वाभाविक है। यहाँ देव शब्द हटा दें तो समाज के सुख, स्वस्ति में कर्मरत मनुष्यों की प्रशंसा होनी चाहिए, होती रही है। लोकमंगल समाज की स्वाभाविक अभिलाषा है। सुख स्वस्ति मुद-मोद-प्रमोद देने वाले महानुभावों की प्रशस्ति सामाजिक कर्तव्य है। जल जीवन है। ऋग्वेद में जल की प्रशस्ति है, “जल में अमृत है, औषधियाँ हैं।“ ऋषि चाहते हैं कि देवों द्वारा भी जल की प्रशंसा हो। स्तुति है कि, “हे देवों जल की प्रशंसा के लिए उत्साही बनो।“ पृथ्वी माता है और आकाश पिता है। ऋषि स्तुति है कि, “दोनों प्रशस्ति सुनने के लिए हमारे पास आएँ।“ मुझे भारत का पद्मश्री सम्मान घोषित किया गया है। हजारों मित्र बुके लेकर आ रहे हैं। अपरिचित और परिचित मित्र फोन से बधाई दे रहे हैं। प्रशंसा सबको अच्छी लगती है। जान पड़ता है कि ऋग्वेद के देवता प्रशस्ति सुनते हैं लेकिन वे भी ‘द्यावा पृथ्वी‘ की प्रशंसा करते हैं। प्रशस्ति का क्षेत्र समाज है। प्रशंसा से मैं भी प्रसन्न होता हूँ। मेरे 5000 आलेख प्रकाशित हो चुके हैं और 2 दर्जन पुस्तकें भी। मेरा मुख्य कार्यक्षेत्र समाज है। मैंने अनजाने में ही अहैतुक आन्दोलन संगठित किए थे। संवेदनशीलता प्रेरित करती थी। प्रशंसा से उत्साह बढ़ता था। कवि होने की क्षमता होती तो विक्षुब्ध काव्य सृजन होता। मैं लिख सकता था, सो लिखा, लिखता रहा। जो किया सो लिखा और जो लिखा सो कर गुजरा। फिर राजनैतिक दलतन्त्र का भाग बना। राजनैतिक कार्यकर्ता के पुरस्कार दलतन्त्र की कोख से आते हैं। जनता ने तरुणाई में ही पुरस्कृत किया। मैं निर्दलीय विधायक चुना गया। दलतन्त्र में पुरस्कार और तिरस्कार साथ-साथ चलते हैं लेकिन स्तम्भकारिता के चलते अनेक सरकारी-गैरसरकारी प्रशस्ति पत्र, पुरस्कार मिले। मैंने भी कुछ पुरस्कारों के प्रमाणपत्र दीवार में टांग रखे हैं। लेकिन इधर कुछ वर्षों से यह काम बंद है। ऐसे अवसरों के चित्र भी हैं। एक युवा पत्रकार ने मेरे लिखे पर पीएचडी भी की। इस प्रशस्ति ने मुझे आत्ममुग्ध किया था लेकिन अब दीवार पर टंगे ऐसे चित्र उल्लास नहीं देते। कभी-कभी लगता है कि इन चित्रों में मैं स्वयं दीवार पर टंगा हूँ। व्यतीत। चुका हुआ। दिनांक सहित होकर भी दिनांक रहित। प्रशस्ति निःस्सन्देह प्रेरक है। यह आत्मनिरीक्षण का भी अवसर होती हैं। व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसके अपने कर्म का ही परिणाम नहीं होती। समाज के आदर्श और परम्परा व्यक्ति पर प्रभाव डालते हैं। सूर्य चन्द्र भी प्रसाद देते हैं। ऐसे सैकड़ों कारक तत्व हैं। मुझे घोषित सम्मान व्यक्तिगत प्रयत्नों का परिणाम नहीं है। सौभाग्यशाली अपने जीवनकाल में ही यश और प्रशंसा पाते हैं लेकिन अनेक महानुभाव जीवनकाल में प्रशंसा का सुख नहीं पाते। जीवन के बाद उन पर काव्य रचे जाते हैं, वे इतिहास का उल्लेखनीय भाग बनते हैं। तुलसी, वाल्मीकि आदि सर्जक जीवन न रहने के बाद यशस्वी हुए। सूर्यकान्त त्रिपाठी ‘निराला‘ प्रशंसा का सुख नहीं पा सके। मृत्यु के बाद वे अंतरराष्ट्रीय ख्याति के कवि जाने गए। मरणोपरांत सम्मान की भी परम्परा है। यहाँ प्रश्न उठता है कि हमारा समाज अपने समकालीन महानुभावों की गतिविधि का शिव तत्व देर में क्यों पहचानता है? लगता है कि प्रशस्ति में समाज का अपना स्वार्थ होता है। सर्जक प्रायः परिवर्तनकामी होते हैं। वे समाज के बड़े और शक्तिशाली हिस्से के निहित स्वार्थ निर्वस्त्र करते हैं। शक्तिशाली वर्ग उन्हें मान्यता नहीं देता। समय के साथ सामाजिक परिवर्तन आते हैं। सर्जक के कथन सही सिद्ध होते हैं। समाज उनकी प्रशस्ति करता है। गतिशील समाज प्रेरकों की गतिविधि की प्रशंसा करते हैं लेकिन बहुधा ऐसा नहीं होता। राजनीति में प्रशस्ति का चलन व्यापक है। हम राजनैतिक कार्यकर्ता के रूप में सम्मान कराने के लिए लम्बी यात्राएँ करते हैं। प्रशस्ति सुनते हैं, मुग्ध होते हैं। लेकिन जानता हूँ कि राजनैतिक कार्यकर्ता की प्रशस्ति अल्पकालिक होती है। पद गया तो प्रशस्ति भी गई। मंच, माला, माइक की स्मृतियाँ बचती हैं। सम्मान पत्र दीवार की जगह ही छेंकते हैं तो भी वास्तविक प्रशंसा की उपयोगिता है। वास्तविक प्रशंसा से समाज में सत्य, शिव और सुन्दर बढ़ता है। परिवार के भीतर भी ऐसी प्रशंसा का महत्व है। ऋग्वेद के एक मन्त्र में, “पत्नी की प्रशंसा‘ को सुन्दर बताया गया है। यहाँ पुत्र पिता का यश बढ़ाने वाला है।“ हरेक समाज अपनी सुगतिशीलता के लिए करणीय, अकरणीय और अनुकरणीय कार्यों की अलिखित सूची चलाता है। किए जाने योग्य स्वाभाविक कार्य ‘करणीय‘ होते हैं। समाज या व्यक्ति विरोधी कार्य अकरणीय कहे जाते हैं और ‘सर्वमंगल मांगल्ये‘ साधने वाले कार्य अनुकरणीय। अनुकरणीय प्रशंसनीय भी होते हैं। प्रशंसनीय कर्ता की प्रशंसा होती है। लोक उनका प्रशस्ति गायन करता है। समाज का सत्य, शिव और सुन्दर करणीय और अनुकरणीय कार्यों में ही खिलता है और बढ़ता है। गीता दर्शन ग्रन्थ है। गीता दर्शन के दूसरे अध्याय में विषादग्रस्त अर्जुन से श्रीकृष्ण ने कहा कि कर्तव्य पालन न करने से तुम अपना यश खो दोगे-‘कीर्ति च हित्वा‘। सम्मानित व्यक्ति के लिए अपयश तो मृत्यु से भी बड़ा है-‘अकीर्तिर्मरणात् अतिरिच्यते‘। यश सौभाग्य है। अपयश मृत्यु से भी भयंकर है। अध्यात्म विश्वासी चौकेंगे। श्रीकृष्ण ने यश को महत्वपूर्ण बताया है। यशस्वी के लिए कर्तव्य-पालन जरूरी है। कर्तव्यपालन से यश बढ़ता है। आशावादी सक्रिय रहते हैं। विपरीत परिस्थितियों में निराशा भी आती है। जैसे आशावादी और यशस्वी के लिए कर्तव्य निर्वहन जरूरी है, वैसे ही निराशा के दौरान भी कर्तव्य पालन की महत्ता है। निराशा के भी कर्तव्य हैं। निराशी को सक्रिय कर्म से अलग नहीं हटना चाहिए। एक काम में मन न लगे तो दूसरा, दूसरे में भी चित्त केन्द्रीभूत न हो तो तीसरा। सतत् सक्रियता या रजस गुण का ऊर्ध्वगमन सत् में होता है। सत् का स्वभाव सतत् खिलता है। जीवन रहस्यपूर्ण है। हरेक काल या मुहूर्त की कार्यविधि का ज्ञान या विश्लेषण अभी भी अधूरा है लेकिन कर्तव्यपालन में आत्मसन्तोष मिलता ही है। सम्मान, यश, प्रशस्ति के अपने सामाजिक उपयोग हैं।
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रंगों के त्योहार होली पर भला कौन ऐसा व्यक्ति होगा, जो आपसी द्वेषभाव भुलाकर रंग-बिरंगे रंगों में रंग जाना नहीं चाहेगा। लोग एक-दूसरे पर रंग डालकर, गुलाल लगाकर अपनी खुशी का इजहार करते हैं लेकिन होली के दिन प्राकृतिक रंगों के बजाय चटकीले रासायनिक रंगों का बढ़ता उपयोग चिंता का सबब बनने लगा है। ज्यादातर रंग अम्लीय अथवा क्षारीय होते हैं, जो व्यावसायिक उद्देश्य से ही तैयार किए जाते हैं और थोड़ी सी मात्रा में पानी में मिलाने पर भी बहुत चटक रंग देते हैं, जिससे होली पर इनका उपयोग अंधाधुंध होता है। ऐसे रंगों का त्वचा पर बहुत हानिकारक प्रभाव पड़ता है। शुष्क त्वचा वाले लोगों और खासकर महिलाओं व बच्चों की कोमल त्वचा पर तो इन रंगों का सर्वाधिक दुष्प्रभाव पड़ता है। अम्ल तथा क्षार के प्रभाव से त्वचा पर खुजलाहट होने लगती है और कुछ समय बाद छोटे-छोटे सफेद रंग के दाने त्वचा पर उभरने शुरू हो जाते हैं, जिनमें मवाद भरा होता है। यदि तुरंत इसका सही उपचार कर लिया जाए तो ठीक, अन्यथा त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां भी पनप सकती हैं। घटिया क्वालिटी के बाजारू रंगों से एलर्जी, चर्म रोग, जलन, आंखों को नुकसान, सिरदर्द इत्यादि विभिन्न हानियां हो सकती हैं। कई बार होली पर बरती जाने वाली छोटी-छोटी असावधानियां भी जिंदगी भर का दर्द दे जाती हैं। इसलिए अगर आप अपनी होली को होली को खुशनुमा और यादगार बनाना चाहते हैं तो इन बातों पर अवश्य ध्यान दें-- रासायनिक रंगों के स्थान पर प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल करें। ज्यादातर बाजारू रंगों में इंजन ऑयल तथा विभिन्न घातक केमिकल मिले होते हैं, जिनका त्वचा पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है।- होली खेलने से पहले चेहरे तथा पूरे शरीर पर सरसों अथवा नारियल का तेल या कोल्ड क्रीम अथवा सनस्क्रीन क्रीम लगा लें ताकि रोम छिद्र बंद हो जाएं और रंग त्वचा के ऊपरी हिस्से पर ही रह जाएं। इससे होली खेलने के बाद त्वचा से रंग छुड़ाने में भी आसानी होगी।- होली खेलने से पहले बालों में अच्छी तरह तेल लगा लें और नाखूनों पर कैस्टर आयल लगाएं ताकि बाद में रंग आसानी से छुड़ाया जा सके।- होली खेलने जाने से पूर्व आंखों में गुलाब जल डालें और जहां तक संभव हो, आंखों पर चश्मा लगाकर होली खेलें ताकि रंगों का असर आंखों पर न पड़ सके।- महिलाएं होली खेलते समय मोटे और ढ़ीले सूती तथा गहरे रंग के वस्त्र पहनें। सफेद अथवा हल्के रंग के वस्त्र पानी में भीगकर शरीर से चिपक जाते हैं, जिससे सार्वजनिक रूप से महिला को शर्मिन्दगी का सामना करना पड़ सकता है।- आप ऐसा व्यवहार हरगिज न करें, जिससे आपके रिश्तेदारों, पति के मित्रों अथवा अन्य पुरुषों को आपसे छेड़छाड़ करने का अनुचित अवसर मिल सके। अपना व्यवहार पूर्णतः संयमित, शालीन और मर्यादित रखें और सामने वाले की कोई गलत हरकत देखने के बाद भी उस पर मौन साधकर उसे और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित न करें।- होली खेलने के तुरंत बाद स्नान अवश्य करें लेकिन त्वचा से रंग छुड़ाने के लिए कपड़े धोने के साबुन, मिट्टी के तेल, चूने के पानी, दही, हल्दी इत्यादि का प्रयोग हानिकारक है। चेहरे पर लगे गुलाल को सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें और रंग लगा हो तो नारियल तेल में रूई डुबोकर अथवा क्लींजिंग मिल्क से हल्के हाथ से त्वचा पर लगा रंग साफ करें। रंग छुड़ाने के लिए नहाने के पानी में थोड़ी सी फिटकरी डाल लें और ठंडे पानी से ही स्नान करें। गर्म पानी से रंग और भी पक्के हो जाते हैं। डिटर्जेंट साबुन के बजाय नहाने के अच्छी क्वालिटी के साबुन का उपयोग किया जा सकता है।- स्नान के बाद भी त्वचा पर खुजली या जलन महसूस हो तो गुलाब जल में ग्लीसरीन मिलाकर लगाएं।- बालों से रंग छुड़ाने के लिए बालों को शैम्पू करें।- स्नान के बाद आंखों में गुलाब जल डालें। होली खेलते समय यदि आंखों में रंग चला जाए अथवा आंखों में जलन महसूस हो तो आंखों को मलें नहीं बल्कि तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से मिलें।
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सोशल मीडिया आज संचार की दुनिया में एक बड़ी ताक़त के रूप में उभर रहा है। उसकी साक्रिय उपस्थिति से आबालबृद्ध सभी प्रभावित हो रहे हैं। उसकी अपरिहार्य, तीव्र और लुभावनी और सुगम उपस्थिति आज समाज में सबको अपने आगोश में लेती जा रही है। सूचना की दुनिया से आगे बढ़ कर सोशल मीडिया हमारी निजी उपस्थिति और उसकी सार्थकता के आशय और जीवन के सरोकार सबको प्रभावित कर रहा है। हमारी अस्मिता को रचता हुआ वह किसी दुनिया या सत्य का प्रतिनिधित्व या प्रस्तुति से आगे बढ़ कर अपनी एक स्वायत्त दुनिया बना चुका है। उसका अपना वजूद वास्तविक दुनिया को भी गढ़ रहा है। ख़ास तौर पर संचार प्रौद्योगिकी की दुनिया में ‘मोबाइल’ के ज़रिए सोशल मीडिया ने आम आदमी की ज़िंदगी में जिस तरह की ज़बरदस्त सेंधमारी की है उसका निकट इतिहास में कोई जोड़ नहीं दिखता। इसकी लोकप्रियता कितनी है इसका अंदाज़ा लगाना बेहद मुश्किल है। लोग जीवन में बिताए जाने वाले समय में घंटों इससे चिपके रहते हैं। सोते समय स्वोपन के मिथ्या जगत में तो हम रहते हैं परंतु आज की सच्चाई यह है कि जाग्रत अवस्था में वर्चुअल या आभासी दुनिया में हमारी आवाजाही वास्तविक दुनिया में जीने की तुलना में बढती जा रही है। आज सबके मन में अपने को रचने, प्रस्तुत करने और एक बड़े विस्तृत फलक पर उपस्थित करने की प्रबल इच्छा जाग रही है। दर्शक को प्रतिभागिता का अवसर देने वाली अंत:क्रियात्मक सोशल मीडिया दर्शक या पाठक को बेहिसाब शक्ति का अहसास कराती है। इसकी लोकप्रियता का गणित ऐसा है कि 'इंफलुएंसर ' (यू ट्यूबर!) गण देश के सामाजिक-सांस्कृतिक नेता की तरह अभिनंदित होते हैं और अच्छी ख़ासी आर्थिक कमाई भी करते हैं। यानी वर्चुअल दुनिया मुख्य होती जा रही है और वास्तविक दुनिया के दिलो-दिमाग को संचालित कर रही है। वह रंगीन, गतिशील और अत्यंत व्यापक है और इसलिए उसके स्पर्श में आकर आदमी आसानी से बदल जाता है। अब दैनिक जीवन के जीने के सामान्य अभ्यास में ‘स्क्रीन टाइम’ (संचार और संवाद के गैजेट से जुड़ा रहने में बिताने वाला समय) एक ख़ास मद हो गया है। यह आभासी दुनिया लोगों को अपने अनुभव-संसार को गढ़ने के लिए कई विकल्पों के साथ असीमित लगने वाली छूट दे रही है और वास्तविक दुनिया में होने वाली गतिविधियों को निर्धारित कर रही है। दर्शक को अपनी निजी स्वतंत्रता के विस्तार का अहसास होता है। इस तरह का यह आभासी दायरा अब इंटरनेट के सहयोग से अपरिमित-सा होता जा रहा है। यह अब मन मस्तिष्क पर छाता हुआ यह आभासी हस्तक्षेप हमारे भाव-जगत को आकार देने लगा है। इस तरह वह जाने अनजाने हमारे स्वभाव को भी बनाते-बिगाड़ते हुए प्रभावित कर रहा है। हमारा स्वाद बदल रहा है। हम क्या हैं और क्या होना चाहते हैं यह सबकुछ मीडिया पर टिकने लगा है। ठीक से कहें तो यह सबको अपनी गिरफ्त में लेता जा रहा है। आदमी के मनो-जगत में प्रवेश कर यह चुपके-चुपके हमारी आकांक्षा, अभिरुचि, गतिविधि और व्यक्तित्व सबको गढ़ने वाला एक अचूक औंजार साबित हो रहा है।ताजा घटनाक्रम में एक महानगर की प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से आने वाले सुपठित युवा द्वारा की गई अश्लील प्रस्तुति चर्चा का विषय बनी है। वर्चुअल प्लेटफार्म पर अभद्रता की हदें पार करने की इस शिकायत पर सबकी नज़रें गई हैं। यह सब है तो पुराना धंधा परंतु इस बार बात सुप्रीम कोर्ट तक औपचारिक रूप से पहुंच गई। पहुँची ही नहीं बल्कि सर्वोच्च अदालत ने उसका तत्काल संज्ञान भी लिया और पेशी पर आरोपी को अच्छी तरह डांट भी लगाई। पर गौरतलब है कि इसके पहले भी उच्छृंखल रूप से सोशल मीडिया का दुरुपयोग जोर पकड़े हुए था और इसके बाद अभी भी चालू है। सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर के रूप में ऐसे महानुभावों को आदर और धन संपदा भी मिलती है। वे रसूखदार लोगों में शुमार होते हैं। इस तरह सोशल मीडिया मनोरंजन, व्यापार, शिक्षा और संस्कार सबको प्रभावित कर रहा है।सोशल मीडिया में विशेष चिंता वाली उपस्थिति आज सेक्स और हिंसा की व्यापक उपस्थिति है। इसका एक से एक विद्रूप रूप मोबाइल में हर दिन हर घड़ी परोसा जा रहा है । अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र में मूल अधिकार है। परंतु इसके तहत कुछ भी करने की छूट लेने की आज़ादी अधिकार में नहीं है। इस समय सोशल मीडिया और ख़ासतौर पर ‘वेब सिरीज़’, ‘फ़ेसबुक पोस्ट’ और ‘रील’ आदि में आ रही बहुसंख्यक प्रस्तुतियों में भोंडे सेक्स के निर्लज्ज प्रचार का ही बाहुल्य है। इन तक पहुँच पर कोई रोक-छेंक न होने से जवान, बच्चे और बूढ़े सभी इसकी तरफ़ अपनी सुविधानुसार मुखातिब होते हैं। विविध प्रकार की पोर्नोग्राफ़ी का यह दुरन्त विस्तार हर आयु वर्ग, हर धर्म और जाति तथा प्रत्येक आय वर्ग के लोगों को लुभा रहा है। अब यह निजी और गोपनीय नहीं रहा। इसका नशा हर वर्ग में बढ़ रहा है। स्वतंत्रता की इस मुहिम में नग्न और अर्धनग्न, मांसल स्त्री (और पुरुष) शरीर को, छिपाने-दिखाने की सुनियोजित योजना के साथ, विज्ञापित और प्रदर्शित किया जा रहा है। यह अलग बात है कि इनमें कितने पात्र असली हैं और कितने डीपफ़ेक जैसी तकनीक के सौजन्य से बने हुए हैं। इनमें अवैध और अनैतिक देह-संबंध को खोजते-उघाड़ते और साझा करने की यात्रा शुरू हो गई है। पहले जिसे वेश्यावृत्ति कहते थे उसके नाना रूप उत्तेजक कहानियों और घटनाओं में पिरो कर प्रस्तुत करती प्रचुर सामग्री धड़ल्ले से फैलाए जा रहे हैं। पब्लिक डोमेन में डंप की जा रही इन सामग्रियों में रुपया-पैसा, वासना, सेक्स कारोबार और व्यापार आदि मसलों को जोड़-जाड़ कर एक आकर्षक और कामोत्तेजक दुनिया रच कर दिखाई जाती है। इनमें बहुत-सा बाहर के देशों से उठाई सामग्री भी होती है। वैध और नाजायज संबंधों की सारी हदों को पार करती इस कल्पित वर्चुअल दुनिया में कुछ भी संभव होता है। इनमें दर्शकों को लुभाने और उनको आकर्षित करने के हर नुस्खे आजमाये जाते हैं। यह क्षणिक सुख का आभास या अहसास करा देती है। इसके चलते लोग इसमें फँस जाते हैं। शब्द, भाषा और चित्रों के माध्यम से अश्लीलता का वीभत्स रूप बेरोक-टोक निर्द्वंद भाव से सब लोगों को मुहैया कराया जा रहा है। इन सबके सम्मिलित प्रभाव कार्य के प्रति अन्यमनस्कता, अव्यवस्थित काल-बोध और अमर्यादित सामाजिक आचरण में प्रतिफलित होता है। एक भयावह बीमारी की तरह इसकी लत लगने पर इसका परिणाम दुर्व्यसन (एडिक्शन) के मर्ज़ में भी तब्दील हो जाता है।सांस्कृतिक मर्यादाओं की सभी हदों को पार करते हुए विभिन्न प्रकार की प्रकट, सांकेतिक और अप्रत्यक्ष अश्लीलताओं को लगातार परोसते दृश्यों में बाँध कर हर किसी की उत्सुकता को जगाने के लिए प्रत्यक्ष और छद्म तरीकों से भरपूर सामग्री अनियंत्रित रूप से प्रस्तुत की जा रही है। उदारता का युग बाजार में आया, राजनीति में आया और अब घर की चारदीवारी में पहुँच कर लोगों के दिलो-दिमाग़ में खलबली मचा रहा है। इसने समाज की सोच या वैचारिकी में अनियंत्रित खुलेपन का न्योता दिया। इस तरह के बदलाव के पीछे नगरीकरण, सामाजिक गतिशीलता, नौकरी पेशे के जीवन की दुश्वारियाँ मुख्य रही हैं। इस परिवर्तन के केंद्र में भोग और राग की अतुलित बलवती इच्छा वेगवान होती गई। चरित्र, आचार-विचार , शील और सदाचार और इंद्रियों का निग्रह जैसे विचार दकियानूसी और प्रगति के मार्ग में रोड़े की तरह जाने समझे जाने लगे। इस रोग की लपेट में किशोर, युवा और प्रौढ़ सभी आ रहे हैं। “गर्लफ्रैंड “और “ब्वॉय फ्रैंड “अब एक स्वीकृत और प्रचलित प्रत्यय और सामाजिक अभ्यास हो चला है। इस तरह की मित्रता की सीमा और परिधि किस तरह चलेगी यह इसमें शामिल किरदारों की भलमनसाहत पर निर्भर करता है। इसमें क्या वर्जित और क्या विहित है, यह मित्रों की अपनी मर्जी पर निर्भर करता है। सेक्स जीवन में नवाचार अब सामाजिक जीवन का हिस्सा हो रहा है। लिव इन रिलेशनशिप और आपसी रजामंदी से प्रौढ़ जनों को सेक्स की वैधानिक स्वीकृति सामाजिक आचरण के नये मानदंड स्थापित कर रही है। सामाजिक जीवन की नई पैमाइश में व्यक्ति ही प्रथम और अंतिम निर्णायक होता जा रहा है। व्यक्ति की चेतना का उत्कर्ष सदा से वांछित रहा है। काम की गणना पुरुषार्थ में की गई है। श्रीकृष्ण गीता में कहते हैं ‘मैं धर्म के अविरुद्ध काम हूँ।’ आज भी प्रश्न यही है कि जीवन में मर्यादा कैसे लाई जाए ? धर्म अर्थात् विवेकसम्मत और संतुलित आचरण का मार्ग कैसे प्रशस्त हो? इस दृष्टि से घर, स्कूल, मीडिया सभी को अपनी ज़िम्मेदारी पहचाननी और निभानी होगी। क़ानून दांव-पेंच का मामला है और वह अपना काम करेगा पर उसका परिणाम भी तभी मिलेगा जब हम मर्यादा में विश्वास करें, वह मर्यादा जो अपने और सबके हित को ध्यान में रख कर स्वीकार की जाती है। सोशल मीडिया को नियमित करने और अमर्यादित उपयोग को रोकना सरकार की वरीयताओं में आना चाहिए। इस तरह के अनर्गल संचार के नकारात्मक प्रभावों से समाज को बचाना आवश्यक है।
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रमेश सर्राफ धमोरा रामकृष्ण परमहंस भारत के एक महान संत, आध्यात्मिक गुरु एवं विचारक थे। इन्होंने सभी धर्मों की एकता पर जोर दिया। उन्हें बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं। अतः ईश्वर की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठोर साधना और भक्ति का जीवन बिताया। स्वामी रामकृष्ण मानवता के पुजारी थे। साधना के फलस्वरूप वह इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि संसार के सभी धर्म सच्चे हैं और उनमें कोई भिन्नता नहीं। वे ईश्वर तक पहुँचने के भिन्न-भिन्न साधन मात्र हैं। 19 वीं शताब्दी में श्री रामकृष्ण परमहंस एक रहस्यमयी और महान योगी पुरुष थे। जिन्होंने काफी सरल शब्दों में अध्यात्मिक बातों को सामान्य लोगों के सामने रखा। जिस समय हिन्दू धर्म बड़े संकट में फंसा हुआ था उस समय श्री रामकृष्ण परमहंस ने हिन्दू धर्मं में एक नयी उम्मीद जगाई। रामकृष्ण के जीवन में अनेक गुरु आये पर अन्तिम गुरुओं का उनके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा। एक थी भैरवी जिन्होंने उन्हें अपने कापालिक तंत्र की साधना करायी और दूसरे थे श्री तोतापुरी उनके अन्तिम गुरु। गंगा के तट पर दक्षिणेश्वर के प्रसिद्व मंदिर में रहकर रामकृष्ण मां काली की पूजा किया करते थे। गंगा नदी के दूसरे किनारे रहने वाली भैरवी को अनुभूति हुई कि एक महान संस्कारी व्यक्ति रामकृष्ण को उसकी दीक्षा की आवश्यकता है। गंगा पार कर वो रामकृष्ण के पास आयी तथा उन्हें कापालिक दीक्षा लेने को कहा। रामकृष्ण ने भैरवी द्वारा बतायी पद्धति से लगातार साधना कर मात्र तीन दिनों में ही सम्पूर्ण क्रिया में निपुण हो गये। रामकृष्ण के अन्तिम गुरु तोतापुरी थे जो सिद्ध तांत्रिक तथा हठ योगी थे। उन्होने रामकृष्ण को दीक्षा दी। रामकृष्ण को दीक्षा दी गई परमशिव के निराकार रुप के साथ पूर्ण संयोग की। पर आजीवन तो उन्होने मां काली की आराधना की थी। वे जब भी ध्यान करते तो मां काली उनके ध्यान में आ जाती और वे भावविभोर हो जाते। जिससे निराकार का ध्यान उनसे नहीं हो पाता था। तोतापुरी ध्यान सिद्ध योगी थे। उनको अनुभव हुआ कि रामकृष्ण के ध्यान में मां काली प्रतिष्ठित हैं। उन्होने शक्ति सम्पात के द्वारा रामकृष्ण को निराकार ध्यान में प्रतिष्ठित करने के लिये बगल में पड़े एक शीशे के टुकड़े को उठाया और उसका रामकृष्ण के आज्ञाचक्र पर आघात किया जिससे रामकृष्ण को अनुभव हुआ कि उनके ध्यान की मां काली चूर्ण-विचूर्ण हो गई हैं और वे निराकार परमशिव में पूरी तरह समाहित हो चुके हैं। वे समाधिस्थ हो गये। ये उनकी पहली समाधि थी जो तीन दिन चली। तोतापुरी ने रामकृष्ण की समाधी टूटने पर कहा। मैं पिछले 40 वर्षो से समाधि पर बैठा हूं पर इतनी लम्बी समाधी मुझे कभी नही लगी। श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में कामारपुकुर नामक गांव में 18 फरवरी 1836 को एक निर्धन निष्ठावान ब्राहमण परिवार में हुआ था। इनके जन्म पर ही ज्योतिषियों ने रामकृष्ण के महान भविष्य की घोषणा कर दी थी। ज्योतिषियों की भविष्यवाणी सुन इनकी माता चन्द्रा देवी तथा पिता खुदिराम अत्यन्त प्रसन्न हुए। इनको बचपन में गदाधर नाम से पुकारा जाता था। पांच वर्ष की उम्र में ही वो अदभुत प्रतिभा और स्मरणशक्ति का परिचय देने लगे। अपने पूर्वजों के नाम व देवी- देवताओं की स्तुतियां, रामायण, महाभारत की कथायें इन्हे कंठस्थ याद हो गई थी। 1843 में इनके पिता का देहांत हो गया तो परिवार का पूरा भार इनके बड़े भाई रामकुमार पर आ पड़ा था। रामकृष्ण जब नौ वर्ष के हुए इनके यज्ञोपवीत संस्कार का समय निकट आया। उस समय एक विचित्र घटना हुई। ब्राह्मण परिवार की परम्परा थी कि नवदिक्षित को इस संस्कार के पश्चात अपने किसी सम्बंधी या किसी ब्राह्मण से पहली शिक्षा प्राप्त करनी होती थी। एक लुहारिन जिसने रामकृष्ण की जन्म से ही परिचर्या की थी। बहुत पहले ही उनसे प्रार्थना कर रखी थी कि वह अपनी पहली भिक्षा उसके पास से प्राप्त करे। लुहारिन के सच्चे प्रेम से प्रेरित हो बालक रामकृष्ण ने वचन दे दिया था। अतः यज्ञोपवीत के पश्चात घर वालों के लगातार विरोध के बावजूद इन्होंने ब्राह्मण परिवार में प्रचलित प्रथा का उल्लंघन कर अपना वचन पूरा किया और अपनी पहली भिक्षा उस लुहारिन से प्राप्त की। यह घटना सामान्य नहीं थी। सत्य के प्रति प्रेम तथा इतनी कम उम्र में सामाजिक प्रथा के इस प्रकार उपर उठ जाना रामकृष्ण की आध्यात्मिक क्षमता और दूरदर्शिता को ही प्रकट करता है। रामकृष्ण का मन पढ़ाई में न लगता देख इनके बड़े भाई इन्हे अपने साथ कलकत्ता ले आये और अपने पास दक्षिणेश्वर में रख लिया। यहां का शांत एवं सुरम्य वातावरण रामकृष्ण को अपने अनुकूल लगा। 1858 में इनका विवाह शारदा देवी नामक पांच वर्षीय कन्या के साथ सम्पन्न हुआ। जब शारदा देवी ने अपने अठारहवें वर्ष मे पदार्पण किया तब श्री रामकृष्ण ने दक्षिणेश्वर के अपने कमरे में उनकी षोड़शी देवी के रूप में आराधना की। यही शारदा देवी रामकृष्ण संघ में माताजी के नाम से परिचित हैं। रामकृष्ण परमहंस के पास जो कोई भी जाता वह उनकी सरलता, निश्चलता, भोलेपन और त्याग से इतना अभिभूत हो जाता कि अपना सारा पांडित्य भूलकर उनके पैरों पर गिर पड़ता था। गहन से गहन दार्शनिक सवालों के जवाब भी वे अपनी सरल भाषा में इस तरह देते कि सुनने वाला तत्काल ही उनका मुरीद हो जाता। इसलिए दुनियाभर की तमाम आधुनिक विद्या, विज्ञान और दर्शनशास्त्र पढ़े महान लोग भी जब दक्षिणेश्वर के इस निरक्षर परमहंस के पास आते तो अपनी सारी विद्वता भूलकर उसे अपना गुरू मान लेते थे।इनके प्रमुख शिष्यों में स्वामी विवेकानन्द, दुर्गाचरण नाग, स्वामी अद्भुतानंद, स्वामी ब्रह्मानंदन, स्वामी अद्यतानन्द, स्वामी शिवानन्द, स्वामी प्रेमानन्द, स्वामी योगानन्द थे। श्री रामकृष्ण के जीवन के अन्तिम वर्ष कारुण रस से भरे थे। 15 अगस्त 1886 को अपने भक्तों और स्नेहितों को दुख के सागर में डुबाकर वे इस लोक में महाप्रयाण कर गये। रामकृष्ण परमहंस महान योगी, उच्चकोटि के साधक व विचारक थे। सेवा पथ को ईश्वरीय, प्रशस्त मानकर अनेकता में एकता का दर्शन करते थे। सेवा से समाज की सुरक्षा चाहते थे। रामकृष्ण का सारा जीवन अध्यात्म-साधना के प्रयोगों में बीता। वे लगातार कई घंटों तक समाधि में लीन हो जाते थे। चौबीस घंटे में बीस-बीस घंटों तक वे उनसे मिलनेवाले लोगों का दुख-दर्द सुनते और उसका समाधान भी बताते। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के भोले प्रयोगवाद में वेदांत, इस्लाम और ईसाइयत सब एक रूप हो गए थे। निरक्षर और पागल तक कहे जाने वाले रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन से दिखाया था कि धर्म किसी मंदिर, गिरजाघर, विचारधारा, ग्रंथ या पंथ का बंधक नहीं है। रामकृष्ण परमहंस मुख्यतः आध्यात्मिक आंदोलन के प्रणेता थे। जिन्होंने देश में राष्ट्रवाद की भावना को आगे बढ़ाया। उनकी शिक्षा जातिवाद एवं धार्मिक पक्षपात को नकारती हैं। विभिन्न धर्मों के माध्यम से रामकृष्ण के रहस्यमय अनुभवों ने उन्हें यह सिखाने के लिए प्रेरित किया कि विभिन्न धर्म पूर्ण ज्ञान और आनंद तक पहुँचने के अलग-अलग साधन हैं और विभिन्न धर्म पूर्ण सत्य की समग्रता को व्यक्त नहीं कर सकते हैं लेकिन इसके पहलुओं को व्यक्त कर सकते हैं। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिये उनके परम् शिष्य स्वामी विवेकानन्द ने एक मई 1897 को बेलुड़ में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। इस मिशन की स्थापना के केंद्र में वेदान्त दर्शन का प्रचार-प्रसार है। रामकृष्ण मिशन के उद्देश्य मानवता के सर्वांगीण कल्याण के लिए काम करना, विशेष रूप से गरीबों और दलितों के उत्थान के लिए।
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खबर सिंगरौली से है...जहां सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन अधिकारी ...वाहन चालकों को लगातार जागरूक कर रहे हैं...इस दौरान नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी हो रही है सिंगरौली परिवहन अधिकारी विक्रम सिंह राठौर और चेकप्वाइंट प्रभारी अनिमेष जैन सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए वाहन चालकों को लगातारजागरूक कर रहे हैं ...इस दौरान वाहन चालकों को अपना यूनिफार्म पहनने, वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स रखने और क्षमता से ज्यादा सवारी न बिठालने के नियम का भी पालन करने के निर्देश दिए गए है ...वहीं नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई भी गई
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कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन सामने आया है....लोग शासन,प्रशासन,नेता,व्यवस्थापकों को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते हैं लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने पहुंच गए बजरंगबली के चरणों में... जी हां...संजय गांधी हॉस्पिटल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता रैली निकालते हुए संजय गांधी अस्पताल पहुंचे...जहां उन्होंने अस्पताल परिसर में बने मंदिर में बजरंगबली के चरणों में ज्ञापन सौंपते हुए जनता की रक्षा और अस्पताल की व्यवस्थाओं को दूर करने की मांग की...रीवा का संजय गांधी अस्पताल हमेशा सुर्खियों में रहता है जिसकी वजह अस्पताल के स्टाफ व चिकित्सकों द्वारा इलाज के लिए आने वाले मरीजों व परिजनों के साथ की जाने वाली अभद्रता एवं मारपीट है...यहां रीवा सहित अन्य जिले से मरीज ईलाज कराने आते हैं...लेकिन लचर व्यवस्था का शिकार हो जाते हैं...जिसके विरोध में कांग्रेसी इकट्ठे होकर अस्पताल पहुंचे... जहां उन्होंने बजरंगबली को ज्ञापन सौंपा...कार्यकर्ताओं ने कहा कि अस्पताल में अमानक दवाओं पर रोक लगे...मरीजों के साथ मारपीट और अभद्रता बंद हो...अवैध वसूली और मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में रेफर करना बंद किया जाए...उन्होंने जनता की सुरक्षा के लिए भगवान बजरंगबली को ज्ञापन सौंपा....
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कांटाफोड़ पुलिस ने 24 घंटे के अंदर एक अंधे कत्ल का पर्दाफाश किया...पुलिस ने जादू टोने की शंका में अपनी मौसी की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया...पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी मुकेश लोंगरे को गिरफ्तार किया... जिसने अपनी मौसी की हत्या की बात कबूल की... दरअसल 9 मार्च को कांटाफोड़ पुलिस को सूचना मिली थी कि कालापाठा के पास जंगल में एक महिला का शव सड़ी गली हालत में पड़ा है...पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर शव की शिनाख्त अमंता पति गोरेलाल के रूप में की... जांच में पता चला कि आरोपी मुकेश लोंगरे ने अपनी मौसी अमंता की हत्या करने की योजना बनाई थी...आरोपी अपनी पत्नी के साथ इंदौर में मजदूरी करता था...और संतान न होने के कारण उसे शक था कि उसकी मौसी ने कोई जादू टोना किया है...आरोपी ने अपनी मौसी को कालापाठा के जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी और शव को वहीं छुपा दिया...पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है...
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तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित पोलाची में तमिल समर्थकों ने 23 फरवरी को रेलवे स्टेशन के बोर्ड पर हिन्दी में लिखे नाम पर कालिख पोतकर भाषा विवाद को और गरमा दिया। रेलवे सुरक्षा बल ने इन लोगों की पहचान कर मामला दर्ज किया है। सच पूछिए तो यह घटना एक बड़े विवाद का हिस्सा है, जिसमें तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक ने केंद्र सरकार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के माध्यम से हिन्दी थोपने का आरोप लगाया है। द्रमुक इस आरोप से इनकार करते हुए भाजपा के साथ वाक युद्ध में लगी हुई है। तमिलनाडु में हिन्दी विरोध की जड़ें 20वीं सदी की शुरुआत से हैं। विरोध प्रदर्शन तमिल संस्कृति और भाषा की रक्षा की इच्छा से प्रेरित है। अधिकांश तमिल आज भी हिन्दी को अपनी पहचान के लिए खतरा मानते हैं। इतिहास के पन्ने को पलटने पर ज्ञात होता है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 1937 में स्कूलों में अनिवार्य हिन्दी शिक्षण की शुरुआत की। तमिलनाडु में इसका व्यापक विरोध हआ। विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व पेरियार ई.वी. रामासामी और जस्टिस पार्टी ने किया। 1937-1940 के आंदोलन के दौरान 1,198 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया और 1,179 को दोषी ठहराया गया। सबसे बड़ा हिन्दी विरोधी आंदोलन 1948-1950 के बीच हुआ। इस दौरानहड़तालें हुईं। वर्ष 1965 में मदुरै में हिन्दी विरोधी दंगे भड़क उठे जिसके परिणामस्वरूप लगभग 70 लोग मारे गए। आज भी तमिलनाडु में हिंदी विरोध विवादास्पद मुद्दा बना हुआ है। द्रमुक और अन्य दल गैर-हिन्दी भाषी राज्यों पर हिंदी थोपने का विरोध कर रहे हैं। जबकि भारत सरकार हिन्दी को आधिकारिक भाषा के रूप में बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। वर्तमान विरोध ने यह स्वीकार करना आरंभ कर दिया है कि हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी भी आधिकारिक भाषा बनी रहे। वर्तमान विरोध सिर्फ राजनीतिक क्रियाकलाप है। वैसे, तमिलनाडु में हिन्दी विरोध की वास्तविकता जटिल है। इसमें राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों कारक शामिल हैं। कुछ लोग तर्क देते हैं कि वर्तमान विरोध तमिल संस्कृति और भाषा की रक्षा करने की वास्तविक इच्छा से प्रेरित है। बुद्धिजीवी और आम आदमी इसे राजनीतिक दलों द्वारा लाभ प्राप्त करने के साधन के रूप में देखता है। सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 18-25 आयु वर्ग के 71 प्रतिशत लोगो ने बिना समझे-बूझे हिन्दी थोपने का विरोध किया। यूगऊ के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 18-24 वर्ष की आयु के तमिलनाडु के 63 प्रतिशत निवासियों का मानना था कि स्कूलों में हिन्दी को जरूर पढ़ाया जाए लेकिन इसे अनिवार्य नहीं बनाया जाना चाहिए। कुछ लोग तर्क देते हैं कि हिन्दी जानने से नौकरी के अवसर बढ़ सकते हैं और व्यापार और व्यापार संबंधों को सुविधाजनक बनाया जा सकता है। तमिलनाडु में भी मनोरंजन की दुनिया का लुफ्त उठाने के लिए हिन्दी भाषा को व्यावसायिक भाषा माना जाता है। लेकिन राजनीतिक के संवर्ग के लोग इसे तमिल संस्कृति और भाषा के लिए खतरा मानते हैं। नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत की 60 फीसदी आबादी हिन्दी बोलती है। भाषा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान परिदृश्य में तमिलनाडु की 40 फीसद आबादी को हिन्दी का कुछ ज्ञान है और धीरे-धीरे लोग हिन्दी को सीख रहे हैं। तमिलनाडु के स्कूलों में हिन्दी पढ़ने की गति तेज हुई है। लोग प्रदेश से बाहर जाकर अपने व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं और देशभर में सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा हिन्दी का लाभ उठाना चाहते हैं। इस कार्य में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा का बहुमूल्य योगदान है। सन् 1964 में सभा को संसद ने इसे 'राष्ट्रीय महत्व की संस्था' घोषित किया था। देखा जाए तो डुओलिंगो, इटालकी और प्रीप्ली जैसे कई ऐप और ऑनलाइन प्लेटफार्म हिन्दी भाषा के पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं और तमिलनाडु सहित भारत के तमाम हिस्सों में इन्हें काफी डाउनलोड और उपयोग किया गया है। इसके अतिरिक्त, लिंग और ड्रॉप्स जैसे कुछ ऐप हिन्दी सीखने के लिए इंटरैक्टिव और गेमीफाइड पाठ प्रदान करते हैं, जो तमिलनाडु की युवा आबादी को आकर्षित कर सकते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार, दक्षिण भारत में लगभग 30 फीसद लोग हिन्दी गाने सुनते हैं। एक अन्य अध्ययन में पाया गया कि तमिलनाडु में लगभग 70 फीसद छात्र हिन्दी की अज्ञानता के कारण केंद्रीय नौकरी में नहीं जा पाते हैं। इन बातों को स्वीकार करते हुए तमिलनाडु सरकार ने 1968 में हिन्दी को एक वैकल्पिक विषय के रूप में शामिल किया था। अंततः, तमिलनाडु पर हिन्दी थोपने या न थोपने का निर्णय एक जटिल मुद्दा है। इसमें कई कारक शामिल हैं। एक बात बहुत स्पष्ट है कि तमिलनाडु के लोग विशेष रूप से युवा पीढ़ी भाषा की राजनीति में रुचि नहीं रखती। वह हिन्दी सीखने के लिए उत्सुक हैं।
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भारत की खाद्य संस्कृति वैश्वीकरण, शहरीकरण और बदलती जीवनशैली के कारण बदल रही है। यह प्रमुख सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों का भी कारण बन रही है। भारत में युवा पीढ़ी तेजी से फास्ट फूड का सेवन कर रही है, जिसके कारण मोटापा, टाइप 2 मधुमेह और हृदय सम्बंधी विकार जैसी कई स्वास्थ्य समस्याएँ पैदा हो रही हैं। फास्ट फूड में अक्सर बड़ी मात्रा में कैलोरी, चीनी, सोडियम और खराब वसा होती है, जो खराब खाने की आदतों और पोषण सम्बंधी कमियों को जन्म दे सकती है। इसका परिणाम एक गतिहीन जीवन शैली भी हो सकता है, जो किसी के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बढ़ाएगा। फास्ट फूड का सेवन बच्चों के स्वास्थ्य और खाने की आदतों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। फास्ट फूड, जिसमें कैलोरी, चीनी और खराब वसा अधिक होती है, मधुमेह और हृदय रोग जैसी पुरानी बीमारियों के विकास के जोखिम और वज़न बढ़ाता है। फास्ट फूड के लगातार सेवन से बच्चे स्वस्थ खाद्य पदार्थों की तुलना में प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देते हैं, जिससे संतुलित आहार और पौष्टिक भोजन चुनने की उनकी संभावना कम हो जाती है। आजकल, बहुत से युवा फास्ट फूड पसंद करते हैं क्योंकि यह सुविधाजनक, स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाला होता है। इसके नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों के बारे में जानते हुए भी वे इसे खाना जारी रखते हैं। व्यस्त जीवन शैली में, फास्ट फूड को जल्दी से जल्दी खाना सुविधाजनक है। वे भीड़ का अनुसरण करते हैं क्योंकि उनके दोस्त भी इसे पसंद कर सकते हैं। स्वाद के लिए स्वास्थ्य का जोखिमः फास्ट फूड जल्दी से जल्दी खाने और स्वाद के लिए बनाया जाता है और यह ज़्यादा पका हुआ, अत्यधिक प्रोसेस्ड होता है। मानव शरीर बिना प्रोसेस्ड, अत्यधिक रेशेदार और कम से कम पके हुए खाद्य पदार्थों के लिए बना है इसलिए वे पूरी तरह से अनुपयुक्त हैं। फास्ट फूड से शुगर स्पाइक्स इंसुलिन प्रतिरोध, वज़न बढ़ने, वसा संश्लेषण और मधुमेह में पैदा करते हैं। भारत में फैलते फास्ट फूड उद्योग में बर्गर, पिज्जा, पानी-पूरी व चाट मसाला कियोस्क और पावभाजी-समोसा के ठेले शामिल हैं। बढ़ता मोटापा, मधुमेह की समस्याः मोटापा और मधुमेह दोनों तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारे शरीर को स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल की आवश्यकता होती है, जिसे मक्खन, दूध और अंडे जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है। हमारे शरीर को खराब कोलेस्ट्रॉल से नुकसान होता है। सड़क पर फास्ट फूड तैयार करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले खाना पकाने के तेल में उच्च ट्राइग्लिसराइड (खराब कोलेस्ट्रॉल) सामग्री होती है, जिसे खाने से खतरनाक बीमारियाँ हो सकती हैं। सात्विक आहार जो हिंदू रीति-रिवाजों का प्रमुख हिस्सा है, उनकी जगह आधुनिक आहार ले रहे हैं। पारंपरिक खानपान की प्रथाएँ, पारिवारिक भोजन और सामाजिक बंधन सभी फास्ट-फ़ूड संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। अकेले खाने और स्विगी और ज़ोमैटो जैसी ऑनलाइन भोजन वितरण सेवाओं के बढ़ने के परिणामस्वरूप लोगों के साथ मिलकर खाने का तरीक़ा बदल गया है। विज्ञापन का मायाजालः फास्ट फूड कंपनियाँ अपने उत्पादों को कूल और मनोरंजक दिखाने के लिए भ्रामक विज्ञापन का उपयोग करती हैं, जो इसके विस्तार की एक और वजह है लोगों और खासकर युवाओं को आकर्षित करने के लिए इसके प्रचार के लिए दुनिया के नामीगिरामी हस्तियों का चेहरा इस्तेमाल होता है और आकर्षक नारों व टैगलाइन का सम्मोहन अलग होता है। अपनी बुद्धिमत्ता और शिक्षा के बावजूद लोग कभी-कभी अपने स्वास्थ्य पर संभावित हानिकारक प्रभावों पर विचार करने के बजाय फास्ट फूड खाने को प्राथमिकता देते हैं। उन्हें भी पता है कि यह अच्छा विकल्प नहीं है लेकिन वे इसे चुनते हैं क्योंकि यह बहुत सरल और स्वादिष्ट है। चूँकि लोग घर के बने खाने की जगह सुविधाजनक भोजन चुन रहे हैं, इसलिए खानपान की आदतें बदल रही हैं। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमालः राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में युवा लोग ज़्यादा प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ खा रहे हैं। बाजरा जैसे पारंपरिक अनाज की जगह रिफ़ाइंड अनाज और पैकेज्ड खाद्य पदार्थ ले रहे हैं। बाजरा की खपत को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने 2023 में अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष की शुरुआत की थी। प्रोसेस्ड, उच्च वसा, उच्च चीनी वाले पश्चिमी आहार की बढ़ती संख्या पारंपरिक संतुलित भोजन की जगह ले रही है। मैकडॉनल्ड्स, केएफसी और डोमिनोज़ के तेज़ी से बढ़ने के कारण भारत में शहरी खानपान की आदतें बदल गई हैं।संकट में खानपान से जुड़ी हमारी विशिष्टताः वैश्वीकरण के कारण क्षेत्रीय व्यंजन अपनी विशिष्टता खो रहे हैं। पूर्वोत्तर भारत में किण्वन-आधारित आहार और अन्य पारंपरिक खाना पकाने की तकनीकें लोकप्रिय नहीं हो रही हैं। खानपान की बदलती आदतों के कारण त्योहारों और धर्मों से जुड़ी खास पाक परंपराएँ अपना महत्त्व खो रही हैं। पारंपरिक खानपान की प्रथाएँ, पारिवारिक भोजन और सामाजिक बंधन सभी फास्ट-फ़ूड संस्कृति से प्रभावित हो रहे हैं। वैश्विक खाद्य श्रृंखलाओं के कारण स्ट्रीट वेंडर और स्वदेशी खाद्य सामग्री के व्यापार चुनौतियों का सामना करते हैं। कुपोषण और स्वास्थ्य प्रभाव: अधिक प्रसंस्कृत भोजन खाने के परिणामस्वरूप हृदय रोग, मधुमेह और मोटापे के शिकार लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। आहार सम्बंधी आदतों में आए इस बदलाव के कारण भारत में 101 मिलियन मधुमेह रोगी हो गए हैं। खपत के पैटर्न में बदलाव के कारण पारंपरिक फसलों की मांग में कमी आई है, जिसका असर किसानों के मुनाफे पर पड़ा है। नीति आयोग (2022) के अनुसार, ग्रामीण कृषि अर्थव्यवस्था बनाए रखने के लिए फ़सल विविधीकरण महत्त्वपूर्ण है। छोटे पैमाने के खाद्य व्यवसाय, पारंपरिक भोजनालय और पड़ोस के खाद्य विक्रेता सभी वैश्विक खाद्य श्रृंखलाओं से प्रभावित हैं। अपनी नींव को बनाए रखते हुए, भारत की विविध पाक संस्कृति को बदलना होगा। टिकाऊ खाद्य नीतियों, देशी फसलों के समर्थन और संतुलित आहार जागरूकता के कार्यान्वयन के माध्यम से आधुनिकीकरण द्वारा पारंपरिक खाद्य विविधता और सांस्कृतिक पहचान को बढ़ाया जा सकता है। महत्त्वपूर्ण बात यह है कि कभी-कभार फास्ट फूड खाने से आपके सामान्य स्वास्थ्य पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है। नियमित रूप से फास्ट फूड खाने से अंततः कई स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं। अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए इसे सीमित करना लक्ष्य है।
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भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में वर्षों से रैगिंग एक गंभीर बदमाशी और उत्पीड़न की समस्या रही है, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर मनोवैज्ञानिक आघात, आत्महत्या और यहाँ तक कि हत्या जैसे हिंसक अपराध भी होते हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और 2009 से यूजीसी के एंटी-रैगिंग नियमों के बावजूद घटनाएँ जारी हैं। 2012 और 2023 के बीच रैगिंग के कारण 78 छात्रों की मौत इस समस्या के भयावह चेहरे को सामने रखती है। भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों में मुख्य रूप से सामाजिक-सांस्कृतिक कारकों की वजह से रैगिंग होती है। भारतीय सामाजिक संरचनाओं द्वारा सुदृढ़ कठोर पदानुक्रम में वरिष्ठ छात्र कनिष्ठों पर अपना प्रभुत्व जताते हैं। यह इंजीनियरिंग कॉलेजों में शक्ति-आधारित सामाजिक व्यवस्था को मज़बूत करता है जब वरिष्ठ जूनियर से अपमानजनक कार्य करवाते हैं। आक्रामकता का महिमामंडन करने वाली अति-पुरुषवादी संस्कृति छात्रों को रैगिंग की परंपराओं का पालन करने के लिए मजबूर करती है। मेडिकल संस्थानों में छात्रों को "लचीला बनाने" के नाम पर धीरज-आधारित असाइनमेंट पूरा करने के लिए मजबूर किया जाता है। कई उच्च शिक्षा संस्थान अत्यधिक हिंसा होने तक हस्तक्षेप को हतोत्साहित करते हैं क्योंकि वे रैगिंग को दीक्षा अनुष्ठान की तरह देखते हैं। साल 2023 में जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग को "बॉन्डिंग प्रक्रिया" के रूप में लिखा गया था, जिसके परिणामस्वरूप एक छात्र की असामयिक मृत्यु हो गई। प्रतिशोध का डर, प्रभावी गवाह सुरक्षा की कमी और सामाजिक कलंक, पीड़ितों को रैगिंग की रिपोर्ट करने से अनिच्छुक बनाते हैं। रैगिंग को प्रभावी ढंग से खत्म करने के लिए सख्त और त्वरित दंड आवश्यक है। संभावित रैगर्स को हतोत्साहित करने के लिए सुनिश्चित करें कि तत्काल निष्कासन, कानूनी मुकदमा और उसे ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जाए। खुली निगरानी के साथ एक निजी ऑनलाइन शिकायत पोर्टल स्थापित करने की जरूरत है। पारदर्शी जवाबदेही के साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग हेल्पलाइन का नया संस्करण आवश्यक है क्योंकि वर्तमान हेल्पलाइन पर्याप्त तेज़ी से प्रतिक्रिया नहीं देती है। अनिवार्य कार्यशालाओं, संवेदनशीलता अभियानों और मेंटरशिप कार्यक्रमों को लागू करके सकारात्मक वरिष्ठ-जूनियर सम्बंधों को प्रोत्साहित करें। एम्स दिल्ली रैगिंग के मामलों को नियंत्रित रखता है और नए छात्रों को परामर्श सत्र देकर एक सहायक संस्कृति को बढ़ावा देता है। संभावित मुद्दों को अधिक गंभीर होने से पहले पहचानने के लिए व्यवहार ट्रैकिंग, सरप्राइज चेक और छात्रावासों में सीसीटीवी लगाने का उपयोग करें। आईआईटी मद्रास ने सीसीटीवी निगरानी और छात्र प्रोफ़ाइलिंग का उपयोग करके रैगिंग की घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी की है। रैगिंग की समस्या का कोई एकल, सार्वभौमिक रूप से लागू समाधान नहीं है। शैक्षणिक संस्थानों, छात्रों और बड़े पैमाने पर समाज के लिए एक सुरक्षित और देखभाल करने वाला वातावरण स्थापित करने के लिए मिलकर काम करना महत्त्वपूर्ण है। रैगिंग ख़त्म करने के लिए बहुआयामी रणनीति, कठोर कानूनी सुरक्षा और त्वरित दंडात्मक कार्रवाई की जरूरत है। संस्थागत जवाबदेही और प्रौद्योगिकी-संचालित निगरानी यह गारंटी देगी कि उच्च शिक्षा संस्थान भय के बजाय सुरक्षा, समावेशिता और समग्र विकास के स्थान हैं। यूजीसी को उन संस्थानों के खिलाफ खंड 9.4 का उपयोग करना चाहिए जो इससे संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन नहीं करते। अपराधियों को कड़ी सज़ा मिले, इसकी गारंटी के लिए फास्ट-ट्रैक ट्रायल और पुलिस सत्यापन ज़रूरी है। छात्रावासों में सीसीटीवी लगाए जाने चाहिए जो एआई-आधारित चेहरे की पहचान का उपयोग करते हैं। पीड़ितों की सुरक्षा के लिए एक डिजिटल आईडी-आधारित ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जाना चाहिए। मनोवैज्ञानिक परामर्श और एंटी-रैगिंग कार्यशालाओं को लागू करना अनिवार्य होना चाहिए। छात्र मेंटरशिप कार्यक्रमों द्वारा एक समावेशी संस्कृति को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। यूजीसी हेल्पलाइन की प्रतिक्रिया समय और पहुँच में सुधार की आवश्यकता है। ऐसे डिजिटल शिकायत पोर्टल होने चाहिए जो गुमनाम हों और सीधे पुलिस अलर्ट प्रदान करें।
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संजय गांधी अस्पताल से गुंडागर्दी का मामला सामने आया है जहां अपनी मां का इलाज कराने गए बेटे और बेटी को रेडियोलॉजी विभाग के एक्स-रे रूम में बंद करके उनके साथ अस्पताल कर्मचारियों ने जमकर मारपीट की...जिससे बेटे की हालत गंभीर हो गई...और बेटी को भी चोटें आई हैं.... वहीं विभागाध्यक्ष ने मारपीट करने वालो पर कार्रवाई करने की बात कही है... रीवा के संजय गांधी अस्पताल में अपनी बूढ़ी मां का पैर टूट जाने के बाद एक्सरे कराने गए एक युवक को मामूली विवाद के दौरान इस तरह पीटा गया कि उसकी हालत खराब हो गई...जिसके बाद घायल युवक को बेहोशी हालत में सिटी स्कैन के लिए भेजा गया...युवक की मां फूलमती शुक्ला ने बताया कि वह अपने बेटे देवेंद्र नाथ शुक्ला और बेटी शशि मिश्रा के साथ अस्पताल के एक्स-रे कराने आई थी...एक्सरे के बाद बेटे के एक्सरे रिपोर्ट मांगने पर विवाद हो गया जिसके बाद उसे अंदर खींचकर बंद दरवाजे के अंदर मारपीट की गई...अपने भाई को बचाने के लिए जब बहन दरवाजा पीट रही थी तो बहन के साथ भी मारपीट कर उसे बाहर कर दिया गया...वहीं इस पूरे मामले को लेकर रेडियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर संजीव शर्मा ने कहा कि मारपीट की जानकारी मिली है एक कमेटी बनाकर पूरे मामले की जांच करेंगे और कार्रवाई करेंगे...
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खबर छतरपुर से है..जहाँ कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर खुदकुशी मामले में पुलिस फरार चल रही टीआई की कथित प्रेमिका आशी सिंह और उसके साथी सोनू सिंह परमार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर कर रही है...पुलिस ने कहा है ... सभी एंगल से इस मामले की जांच हो रही है टीआई अरविंद कुजूर खुदकुशी मामले में पुलिस ने फरार चल रही आशी सिंह और उसके सहयोगी सोनू सिंह परमार को हिरासत में ले लिया है...और लगातार पूछताछ कर रही है...सीएसपी अमन मिश्रा ने बताया कि कुजूर खुदकुशी मामले में अब तक दस से पंद्रह लोगों से पूछताछ हो चुकी है...अलग अलग टीम लगातार संदिग्धों से पूछताछ कर रही है...बहुत जल्द पुलिस मामले का खुलासा करेगी...गौरतलब है कि बीते 6 मार्च को कोतवाली टीआई अरविंद कुजूर ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी
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गुना के अभ्युदय हत्याकांड मामले में अब एक नया मोड़ आया है...पुलिस ने सबूतों के आधार अभ्युदय की मां को गिरफ्तार कर लिया है...पूछताछ में अभ्युदय की मां के बयानों में कई विरोधाभासी तथ्य सामने आये है गुना के चर्चित अभ्युदय हत्याकांड की गुत्थी और भी ज्यादा उलझ गई है...अब पुलिस ने अभ्युदय की मां अलका जैन को गिरफ्तार किया है ... थाना प्रभारी बृजमोहन सिंह भदौरिया का कहना है कि पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अलका जैन को गिरफ्तार किया है...हालाँकि अभ्युदय की मां ने हत्या करने की बात नहीं स्वीकारी है...पूछताछ के दौरान अभ्युदय की मां के बयानों में काफी विरोधाभास देखने को मिले है...आपको बता दें कि चौधरन कॉलोनी में किराए के मकान में रहने वाले 15 साल के अभ्युदय जैन की लाश 14 फरवरी को बाथरूम में मिली थी...अभ्युदय का शव सबसे पहले उसकी मां अलका जैन ने ही देखा था
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छतरपुर कोतवाली में तैनात टीआई अरविंद कुजूर की आत्महत्या के मामले में पुलिस जांच मे जुटी है...मृतक टीआई की मौत के बाद उनका पोस्टमार्टम किया गया...जिसके बाद छतरपुर में उनको श्रद्धांजलि देकर उनका शव उनके गृहनगर सागर को रवाना कर दिया... छतरपुर कोतवाली में तैनात टीआई अरविंद कुजूर ने अपने आवास पर सर्विस रिवॉल्वर से गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी...खबर पाते ही आलाधिकारियों ने उनके आवास पर जाकर जांच की...देर रात टीआई के परिजन सागर से छतरपुर आये...मृतक टीआई का जिला अस्पताल मे डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया जिसके बाद पुलिस लाइन मे डीआईजी ,एसपी ,विधायक सहित पुलिस के आलाधिकारी और आम नागरिकों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी...इसके बाद मृतक टीआई का शव उनके परिजनों को सौंपकर गृहनगर सागर रवाना कर दिया...जहां उनका अंतिम संस्कार किया जायेगा...टीआई की आत्महत्या को लेकर पुलिस गहनता से जांच कर रही है...
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देवास से एक संवेदनशील मामला सामने आया है...जहां नगर निगम की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के दौरान गरीब परिवारों के आशियाने उजाड़ दिए गए...जब निगम का बुलडोज़र इन झुग्गियों को तोड़ रहा था, तब परिवार खाना खा रहे थे...घटना ने संवेदनशीलता और प्रशासन की कार्रवाई पर नई बहस छेड़ दी है... देवास शहर के उज्जैन रोड ब्रिज के नीचे और मुख्य मार्ग के पास की कई झुग्गी-झोपड़ियों को नगर निगम ने अवैध कब्जे के नाम पर तोड़ दिया...पीड़ित परिवारों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई नोटिस नहीं दिया गया था और ना ही उनके पुनर्वास की कोई व्यवस्था की गई... वहीं निगम अधिकारियों का कहना है कि ये कब्जे अवैध थे और पहले ही नोटिस जारी कर दिया गया था...इस कार्रवाई के बाद अब सवाल उठता है कि ये गरीब परिवार अब कहां रहेंगे...
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सिंगरौली में उस वक़्त हड़कंप मच गया जब एक 18 साल का स्कूल छात्र बिजली के पोल पर चढ़ गया और आत्महत्या कर लेने की धमकी देने लगा...ये देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया...यातायात पुलिस की कार्रवाई से नाराज होकर छात्र ने गुस्से में ये कदम उठाया सिंगरौली के जयंत चौकी क्षेत्र मुख्य मार्ग पर उस वक़्त हड़कंप मच गया जब...एक स्कूल छात्र बिजली के पोल में चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा... बताया जा रहा है की छात्र अपने भाई के साथ बाइक से स्कूल परीक्षा देने जा रहा था.... जब पुलिस ने उसे रोककर बाइक के कागज और लाइसेंस माँगा तब छात्र ने बताया कि उसके पास लाइसेंस नहीं है...उसने पुलिस से कहा कि वह सिर्फ परीक्षा देने जा रहा है... लेकिन जब पुलिस ने छात्र की बाइक जब्त कर ली तो वो बिजली के पोल में चढ़कर ड्रामा करने लगा और आत्महत्या की धमकी भी देने लगा ... पुलिस के बार बार समझाने के बाद छात्र पोल से नीचे उतरा
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नैनीताल जिले के लालकुआं कोतवाली में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक हरेंद्र सिंह नेगी को पदोन्नति मिलने के बाद एसपी सिटी प्रकाश चंद्र ने लालकुआँ पहुँकर उन्हें तीसरा स्टार लगाकर शुभकामनाएं दी… शासन ने प्रदेश भर में 27 उपनिरीक्षकों को पदोन्नत करते हुए इंस्पेक्टर बनाया है जिसके तहत हरेंद्र सिंह नेगी को एसपी सिटी ने तीसरा स्टार लगाकर शुभकामनाएं दी और कहा कि पदोन्नति होना अपने आप में एक गर्व का पल होता है इसलिए उन्होंने कोतवाली पहुंचकर हरेंद्र नेगी को स्टार लगाया..
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सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई…हाई कोर्ट के निर्देश पर नगर निगम ने कई बिल्डिंगों और दुकानों को ध्वस्त किया…कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों का विरोध भी सामने आया, लेकिन अभियान निर्विवाद रूप से संपन्न हुआ… सिंगरौली नगर निगम क्षेत्र में हाई कोर्ट के आदेश पर नगर निगम ने सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए कार्रवाई की...इस दौरान उपखंड अधिकारी सृजन वर्मा और नगर निगम आयुक्त दया किशन शर्मा के नेतृत्व में कई अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त किया गया...अभियान में शहर पुलिस भी तैनात रही...हालांकि, वार्ड पार्षद संतोष उर्फ ददोली साह ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को बिल्डिंग परमिशन मिली हुई थी, फिर भी उनके निर्माणों को गिराया गया। इस मुद्दे पर उठे सवालों के बावजूद, अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई निर्विवाद पूरी हो गई....
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फ्लाई ऐश परिवहन करने वाले वाहनों में टू वे कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है ... कैमरे लगाने से इन वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी ... कलेक्टर चन्द्र शेखर शुक्ला कि अध्यक्षता में एनटीपीसी से फ्लाई ऐश का परिवहन करने वाले हाईवा वाहनो के संचालन के संबंध में आवश्यक बैठक आयोजित की गई ... बैठक में कलेक्टर ने सभी विंदुओं पर विस्तृत जानकारी लेने के पश्चात निर्देश दिए गए कि राखड़ का परिवहन करने वाले समस्त वाहनों पर सात दिवस के अंदर टू वे कैमरे लागए जाये ... साथ यह सुनिश्चित किया जाये वाहनों के आगे निर्धारित गति सीमा में एक स्कार्ट वाहन चले ताकि सड़क पर होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं को शून्य किया जा सके।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राखड़ परिवहन करने वाले वाहन निर्धारित मार्गो से परिवहन कराना सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि यदि वाहनो के द्वारा वैकल्पिक मार्गो का उपयोग किया जाता है तो उन मार्गो पर वन वे ट्राफिक के साथ साथ मार्गो के संभावित स्थलो का चौड़ीकरण कराये जाने के साथ मार्ग पर उचित प्रकाश व्यवस्था भी कराया जाना सुनिश्चित किया जायें। उन्होंने निर्देश दिए कि वैकल्पिक मार्गो में राखड़ परिवहन करने वाले वाहन दस-दस के कान्वाय के रूप में स्कार्ट वाहन के द्वारा निर्धारित गति सीमा पर वाहन को चलाया जायें तथा यह सुनिश्चित किया जाये कि वाहन की गति सीमा 20 किलोमीटर प्रति घण्टे से अधिक न हो ...
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जबलपुर । जैसे-जैसे मार्च क्लोजिंग आ रही है वैसे-वैसे जबलपुर नगर निगम की वसूली अभियान में तेजी आ रही है। न केवल नागरिकों से बल्कि सरकारी संस्थानों से भी वसूली का क्रम जारी है। इसी सिलसिले में शुक्रवार काे जबलपुर विकास प्राधिकरण से बकाया रकम वसूली गई। निगमायुक्त प्रीति यादव ने बताया कि आज जबलपुर विकास प्राधिकरण के द्वारा संपत्तिकर बकाया राशि 68 लाख 33 हजार 2 सौ 90 रुपये का चेक निगम खजाने में जमा किया गया है। इसके लिए संभाग क्रमांक 13 मुख्यालय के राजस्व वसूली टीम के सदस्य अपर आयुक्त अंजू सिंह, राजस्व एवं संभागीय अधिकारी राकेश तिवारी की मेहनत रंग लाई है। टीम के सदस्यों को जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दीपक वैद्य के द्वारा उक्त धनराशि का चेक प्रदान किया गया। टीम के सदस्यों ने एक सप्ताह से बकाया करों की राशि की गणना की और उन्हें अवगत कराया तथा लगातार एक सप्ताह तक उनसे सम्पर्क स्थापित कर आज उक्त धनराशि का चेक निगम खजाने में जमा कराया। जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ दीपक वैद्य के द्वारा धनराशि का चेक प्रदान किया गया।
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ललितपुर सिंगरौली रेल परियोजना के अंतर्गत भूमि अधिग्रहण और मुआवजे के मामले में लेकर एक नया मोड़ सामने आया है...उच्च न्यायालय ने सिंगल बेंच के आदेश को पलटते हुए कलेक्टर सिंगरौली द्वारा जारी कुर्की आदेश को निरस्त कर दिया...इस फैसले से कई लाभार्थियों को राहत मिली है... चित्रसेन और उनके रिश्तेदार दुर्गाशंकर के बीच भूमि मुआवजे को लेकर विवाद था, जिसके बाद सिंगल बेंच के आदेश पर कलेक्टर ने कुर्की का आदेश जारी किया गया था...लेकिन डबल बेंच के न्यायाधीशों ने इसे निरस्त करते हुए मामला उचित प्राधिकरण को सौंपने का निर्देश दिया... बेंच के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद कई प्रभावित लोगों को राहत मिली...
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परासिया विधानसभा में कोसमी सिद्ध मंदिर प्राचीन काल से हनुमान जी का मंदिर है...यहां राधेश्याम सिकंदरपुरे लोगों ने जमीन दान दी थी लेकिन अब जमीन के दाम बढ़ने से उनके मन में लालच आ गया और उन्होंने उस पर कब्जा कर लिया जिसका विश्व हिन्दू परिषद ने विरोध किया है... दानदाताओं के मन में लालच आने से वे मंदिर की खाली जमीन पे अपना अधिकार बताकर कब्जा करने लगे...इस कब्जे को हटाने के लिए कोसमी मंदिर समिति ने बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद के साथ sdm पुष्पेंद्र निगम को इसके खिलाफ ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द ऐसे लोगों पर कार्यवाही कर अतिक्रमण हटाए जाने की मांग की है...परिषद का कहना है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो हिन्दू समाज सड़क पे उतरकर आंदोलन करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होंगी....
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भोपाल । मध्य प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके।संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशिनगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।
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भोपाल । आगामी 8 मार्च, शनिवार को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें।जनसंपर्क अधिकारी राजेश पाण्डेय ने गुरुवार को बताया कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी।प्रि-लिटिगेशन स्तर परकंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।लिटिगेशन स्तर परकंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगीआवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता व उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन व संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा।नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी व अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी व अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत व अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता व उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी। नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।
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टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा ने दुबई में हुए प्रैक्टिस सेशन में भाग नहीं लिया, हालांकि वह टीम के साथ मैदान पर मौजूद रहे। वहीं, वाइस कैप्टन शुभमन गिल की तबियत ठीक नहीं होने के कारण ग्राउंड पर नहीं आए। हालांकि, टीम इंडिया की ओर से रोहित और गिल को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है। भारत को चैंपियंस ट्रॉफी में आखिरी लीग मैच रविवार यानी 2 मार्च को दुबई के इंटरनेशनल स्टेडियम में खेलना है। टीम इंडिया ने बुधवार रात को ICC अकादमी में फ्लड लाइट में तीन घंटे अभ्यास किया। विराट कोहली ने नेट्स में जमकर प्रैक्टिस की, वहीं मोहम्मद शमी भी पूरी लय में गेंदबाजी करते नजर आए। रोहित शर्मा को 23 फरवरी को पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे लीग मैच में चोट लग गई थी। रोहित प्रैक्टिस सेशन के दौरान बाहर से अन्य खिलाड़ियों को बल्लेबाजी करते हुए देखते रहे। ऐसा माना जा रहा है कि वह सावधानी बरत रहे हैं, ताकि 2 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के तीसरे लीग मैच से पहले उनकी चोट और न बढ़ जाए। साथ ही वे 4 मार्च को सेमीफाइनल में खेल सकें। अगर भारत फाइनल में पहुंचता है तो इसमें भी खेल सकें।
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जब वैवाहिक कलह के कारण घरेलू विवाद उत्पन्न होते हैं, तो अक्सर पति के परिवार के सभी सदस्यों को फंसाने की कोशिश की जाती है। अदालतों को दहेज उत्पीड़न के मामलों में कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें सतर्क रहना होगा कि कहीं कानून का दुरुपयोग कर पति के रिश्तेदारों को फंसया तो नहीं जा रहा। अदालतों को निर्दोष परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना चाहिए।पुरुषों के अधिकारों से तात्पर्य कानूनी और सामाजिक अधिकारों से है, जो ख़ासतौर पर पुरुषों के सामने आने वाली समस्याओं को सम्बोधित करते हैं। भारत में, जबकि महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना जरूरी है, पुरुषों की चुनौतियों पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता है, जैसे धारा 498ए आईपीसी के तहत घरेलू हिंसा के मामलों में झूठे आरोप, मानसिक स्वास्थ्य सहायता की कमी और सीमित पैतृक अधिकार। साझा पालन-पोषण कानूनों के इर्द-गिर्द हाल की बहसें लैंगिक न्याय के लिए एक संतुलित दृष्टिकोण की आवश्यकता को उजागर करती हैं। भारत में पुरुषों के अधिकारों को अक्सर लैंगिक समानता पर व्यापक चर्चा में कम ध्यान दिया जाता है। घरेलू दुर्व्यवहार के शिकार के रूप में पुरुषों को कानूनी मान्यता नहीं मिलती है, जिससे सुरक्षा की मांग करना या दुर्व्यवहार के मामलों की रिपोर्ट करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। जीवनसाथी द्वारा भावनात्मक, वित्तीय या शारीरिक शोषण के शिकार पुरुषों को सामाजिक कलंक का सामना करना पड़ता है और घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम, 2005 जैसे मौजूदा ढाँचों के तहत कानूनी सहारा नहीं मिलता है। पुरुषों से भावनाओं को दबाने की सामाजिक अपेक्षाएँ उनके मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा करती हैं, जिससे आत्महत्या की दर और अनुपचारित मनोवैज्ञानिक समस्याएँ बढ़ती हैं। 2022 के एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चलता है कि आत्महत्या के 72.5% मामले पुरुषों के हैं, जो लिंग-संवेदनशील मानसिक स्वास्थ्य नीतियों की आवश्यकता पर बल देता है। तलाक या अलगाव कानून मातृ हिरासत का पक्ष लेते हैं, पिता की भूमिका को हाशिए पर डालते हैं और बच्चे के पालन-पोषण में उन्हें समान अधिकारों से वंचित करते हैं। अभिभावक और वार्ड अधिनियम, 1890, मातृ हिरासत को प्राथमिकता देता है जब तक कि माँ को अयोग्य नहीं माना जाता है, जिससे माता-पिता की भागीदारी के लिए पिता के अवसर सीमित हो जाते हैं। धारा 498ए (दहेज उत्पीड़न) जैसे लिंग-विशिष्ट कानूनों का कभी-कभी दुरुपयोग किया जाता है, जिससे निर्दोष पुरुषों को प्रतिष्ठा, वित्तीय और भावनात्मक नुक़सान होता है। राजेश शर्मा बनाम यूपी राज्य (2017) में, सुप्रीम कोर्ट ने धारा 498ए के दुरुपयोग को नोट किया और झूठे आरोपों के खिलाफ सुरक्षा उपाय पेश किए। पुरुषों के पास शिकायतों को दूर करने के लिए समर्पित संस्थान या हेल्पलाइन का अभाव है सामाजिक रूढ़िवादिता पुरुषों को अपराधी के रूप में चित्रित करती है, संस्थागत दृष्टिकोण को प्रभावित करती है और कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार या यौन उत्पीड़न जैसे मामलों में उचित उपचार को सीमित करती है। विशाखा दिशा-निर्देश केवल महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर उत्पीड़न को कवर करते हैं, जिससे पुरुष पीड़ितों को भारतीय कानून के तहत समान सुरक्षा नहीं मिलती है। यौन शोषण के वयस्क पुरुष उत्तरजीवी कानूनी ढांचे में अपरिचित रहते हैं, जिससे उन्हें वैधानिक उपचार या संस्थागत सहायता से वंचित रखा जाता है। उदाहरण के लिए, आईपीसी की धारा 375 बलात्कार को केवल एक महिला के दृष्टिकोण से परिभाषित करती है, जिससे यौन उत्पीड़न के पुरुष उत्तरजीवी बिना किसी सहारे के रह जाते हैं। घरेलू हिंसा अधिनियम और आईपीसी की धारा 498ए जैसे मौजूदा कानूनों को संशोधित करके उन्हें लिंग-तटस्थ बनाया जाए, जिससे घरेलू हिंसा और झूठे आरोपों के खिलाफ पुरुषों के लिए समान सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कनाडा और यूके जैसे देशों में घरेलू हिंसा कानून लिंग-तटस्थ हैं। साझा पालन-पोषण की अवधारणा ऑस्ट्रेलिया में अच्छी तरह से स्थापित है, जो हिरासत के निर्णयों में दोनों माता-पिता के लिए समान विचार को अनिवार्य बनाती है। जापान ने तनाव कम करने को लक्षित करते हुए कार्यस्थल मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन्हें लिंग-विशिष्ट चिंताओं को शामिल करने के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। केरल में पुलिस के लिए नियमित संवेदीकरण कार्यशालाओं के परिणामस्वरूप लिंग-आधारित शिकायतों का अधिक संतुलित संचालन हुआ है। संगठनों को समावेशी कार्यस्थल नीतियों को बाध्यकारी किया जा सकता है जो पितृत्व अवकाश, पुरुषों द्वारा सामना किए जाने वाले यौन उत्पीड़न और मानसिक स्वास्थ्य सहायता जैसे मुद्दों को सम्बोधित करती हैं। स्वीडन की पैतृक अवकाश नीति पिता को समान अवकाश प्रदान करती है, जो घर पर साझा पालन-पोषण और लैंगिक समानता को बढ़ावा देती है। लैंगिक न्याय के लिए संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित करने के लिए पुरुषों के अधिकारों को समान ईमानदारी से सम्बोधित करने की आवश्यकता है। लैंगिक-तटस्थ कानून, मानसिक स्वास्थ्य सहायता में वृद्धि और सामाजिक रूढ़ियों को ख़त्म करने के लिए जागरूकता अभियान महत्त्वपूर्ण क़दम हैं। जैसा कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था, "किसी भी जगह अन्याय हर जगह न्याय के लिए ख़तरा है।"
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संसार प्रत्यक्ष है। संसार समझने के लिए प्रकृति-प्रदत्त पाँच इन्द्रियाँ हैं। आँख से देखते हैं, कानों से सुनते हैं। त्वचा से स्पर्श करते हैं। जीभ से स्वाद लेते हैं और नाक से सूंघते हैं। संक्षेप में रूप, रस, गंध, ध्वनि और स्वाद ही संसार समझने के उपकरण हैं। मन को इनका स्वामी बताया गया है। दृश्य पर मन न लगे तो देखना व्यर्थ हो जाता है। गीत-संगीत में मन न लगे तो सुनना बेकार। यही बात सभी इन्द्रियों पर लागू होती है। पढ़ता-सुनता आया हूँ कि इन्द्रियों से प्राप्त सूचना मस्तिष्क तक जाती है। मस्तिष्क निर्णय लेता है। मस्तिष्क में लाखों कोष हैं। इसमें अध्ययन-अनुभव के संग्रह हैं। प्रकृति सुंदर संरचना है। इसके रहस्य जटिल हैं। मनुष्य की आंतरिक संरचना और भी जटिल है। मैं विद्यार्थी की तरह सत्य जानने का प्रयास करता हूँ लेकिन निष्कर्षों के प्रति संशय बना रहता है। जीवन की लम्बाई व गहराई से अनुभव बढ़े हैं। लोभ घटे हैं। यश-लिप्सा बढ़ी है। राग बढ़ा है। द्वेष घटा है। क्या इसका कारण अनुभूतियाँ हैं? इसपर संशय है। मैं इस संशय का कारण जानना चाहता हूँ। प्रत्येक कार्य का कारण होता है। संशय का भी कारण होना चाहिए। संशय के कारण अनेक हैं लेकिन मुख्य कारण सत्य के अनुसंधान में संशय का सदुपयोग करना है। संभवतः बढ़ी उम्र के कारण जीवन-वीणा के सुर गहन हुए हैं। गीत-संगीत आकर्षित करते हैं। संसार के प्रति आसक्ति घटी है। सुखद स्मृतियाँ न सोने देती हैं, न जागने। मन ही मन अपनी ही वाह-वाह करते हैं। कुछ मित्र हमारे लेख की प्रशंसा करते हैं। हम आनंदित होते हैं। इस लिप्सा का कारण समझ में नहीं आता। लाखों बार छपने के बाद भी यह तृष्णा वैसी ही क्यों है? मैं संशयी हूँ। अपना मत प्रसारित करने की इच्छा सब लोगों में होती है। रेने डेकार्ट (1596-1650) प्रतिष्ठित बुद्धिवादी दार्शनिक थे। वे इन्द्रियों से प्राप्त अनुभव को वास्तविक ज्ञान नहीं मानते थे। उनके मतानुसार वास्तविक ज्ञान बुद्धि-प्रत्ययों (कंसेप्ट) से ही संभव है। मनुष्य की बुद्धि को कुछ सत्यों की जानकारी जन्म के साथ ही मिलती है। ऐसा कम या ज्यादा सभी मनुष्यों में होता है। जनचर्चा में इसे गॉड-गिफ्टेड कहा जाता है। डेकार्ट दर्शन में प्रभुत्व और परंपरा के विरोधी थे। उन्होंने दो धारणाओं की स्थापना की। पहली धारणा के अनुसार ”बुद्धि में यथार्थ-ज्ञान प्राप्त करने की अपूर्व क्षमता” है। दूसरी धारणा के अनुसार ”मनुष्य की बुद्धि में यथार्थ-ज्ञान को अयथार्थ से पृथक करने की कसौटी” भी है। उन्होंने बुद्धि की इन दोनों क्षमताओं को ”बुद्धि का स्वाभाविक प्रकाश” कहा है। डेकार्ट के अनुसार बुद्धि के दो कार्य हैं। उन्होंने पहले को ‘इन्ट्यूशन‘ कहा है। प्रयाग विश्वविद्यालय के दर्शन विभाग के अध्यक्ष डॉ. जगदीश श्रीवास्तव ने ‘इनट्यूशन‘ को हिन्दी में प्रतिभान कहा है। यह शब्द उचित भी है। भान आंतरिक अनुभव से प्राप्त ज्ञान है। उन्होंने प्रातिभान की परिभाषा भी की है, ”प्रतिभान से हमारा तात्पर्य इन्द्रियों के अस्थिर साक्ष्य से नहीं है और भ्रामक निर्णय से भी नहीं। प्रतिभान-धारणा विशुद्ध और सजग बुद्धि से प्राप्त होती है। तब संशय या अनिश्चितता नहीं रह जाती।” उन्होंने बुद्धि का दूसरा कार्य निगमन बताया है। बुद्धि द्वारा किसी विषय पर खण्डशः विचार-निगमन होता है। यह शुद्ध बुद्धि से ही संभव है। बुद्धि विभिन्न कारणों से दोषपूर्ण भी हो सकती है। अंधविश्वास में बुद्धि शुद्ध नहीं रहती, तब बुद्धि निगमन का कार्य नहीं कर पाती। डेकार्ट के अनुसार बुद्धि को शुद्ध रखना, भ्रमों और पूर्वाग्रहों से मुक्त रखना निगमन के लिए आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने ‘सुव्यवस्थित‘ संशय की जरूरत बताई है कि ”हमें अपने सभी मतों पर तब तक संशय करना चाहिए जब तक हम उनकी प्रामाणिकता के प्रति आश्वस्त न हों।” डेकार्ट का ‘संशय‘ ज्ञान का साधन है। ब्रिटिश दार्शनिक फ्रांसिस बेकन ने भी चिंतन को पूर्वाग्रहों से मुक्त रखने का विचार दिया है। अब मेरे मन में अपने संशय को लेकर भी संशय है कि विद्यार्थी-जीवन में ही मेरे चित्त में संशय का जन्म क्यों हुआ था? पाश्चात्य दर्शन में बुद्धिवाद है। भारतीय चिंतन में बुद्धि की महत्ता है। यहाँ बुद्धि, साध्य नहीं है, ज्ञान-प्राप्ति का साधन है। गीता (2.39) में श्रीकृष्ण, अर्जुन से कहते हैं, ”मैंने सांख्य (दर्शन) के अनुसार ज्ञान का विवेचन किया है, अब बुद्धि-योग बताता हूँ। सुनो। ऐसे ज्ञान से तुम कर्म बंधन से मुक्त हो जाओगे।” इस श्लोक में सांख्य का अर्थ ज्ञान-प्राप्ति की विश्लेषण पद्धति है। गीता का बुद्धियोग, डेकार्ट, स्पिनोजा आदि दार्शनिकों के बुद्धिवाद से उच्चतर है। गीता (10.10) में प्रसंग भक्ति का है। भक्ति में आस्था और विश्वास अपरिहार्य है। माना जाता है कि भक्ति की पूर्णता में आराध्य ईश्वर या भगवान की प्राप्ति संभव है। लेकिन गीता के इस श्लोक में प्रीतिपूर्वक सतत् भक्ति करने वाले को बुद्धि-योग की प्राप्ति होती है। ”सतत् युक्तानां भजतां प्रीतिपूर्वम्।” यह श्लोक काफी रोचक है। यहाँ भक्ति का परिणाम भगवान का दर्शन नहीं, बुद्धि-योग है और बुद्धि-योग की यात्रा में तर्क-संशय की उपयोगिता है। प्रकृति को ध्यान से देखने का अपना आनंद है लेकिन देखने और दर्शन करने में आधारभूत अंतर है। देखने का सामान्य उपकरण आँखें हैं। हम आँख से देखने के साथ सुनना, सूँघना, स्पर्श और स्वाद भी जोड़ सकते हैं लेकिन दर्शन में ज्ञान-मीमांसा है, बुद्धि है। सोच-विचार की आगमन-निगमन-प्रणाली है। विवेचन है। तर्क-पद्धति है। अनुभवों से प्राप्त सत्य है और तथ्य भी है। विज्ञान द्वारा खोजे गए सूत्र व आविष्कार हैं। वैज्ञानिक सत्य प्रयोगसिद्ध भी हैं। दर्शन और विज्ञान, जिज्ञासा और तर्क को महत्व देते हैं। भारत में तीर्थ-यात्राएँ होती हैं। मंदिर और मूर्तियों के दर्शन की परंपरा है। हम मूर्ति और मंदिर देखते हैं लेकिन इस आस्तिक कर्म को दर्शन करना कहते हैं। मूर्ति को देखने और दर्शन करने में अंतर है। देखने में मूर्ति पत्थर या धातु है। लेकिन मूर्ति के भीतर देव का दर्शन करते हैं। भौतिक विज्ञान के पास ऐसी आस्तिकता का औचित्य नहीं है। दर्शन में भी इसका उत्तर नहीं है। यह भक्तिभाव का प्रभाव है और यह प्रभाव कमजोर नहीं होता। कमजोर होता तो प्रभावित कैसे करता? संशयी विद्यार्थी ऐसे प्रभावों का भी विवेचन करते हैं। बुद्धि, ज्ञान का उपकरण है। बुद्धि के प्रयोग में समग्र दृष्टि का ही उपयोग है। ज्ञान-प्राप्ति के लिए अखण्ड और कुशाग्र बुद्धि जरूरी है। कुशाग्र का अर्थ कुश का अग्र या नुकीला भाग होता है। खंडित बुद्धि संसार को खण्डित, विभाजित देखती है। अखण्ड बुद्धि से प्राप्त ज्ञान भी अखण्ड होता है। अखण्ड और कुशाग्र बुद्धि के लिए गीता (2.41) में ‘व्यवसायात्मिका‘ और खण्डित बुद्धि के लिए ‘अव्यावसायिक‘ शब्द प्रयोग हुआ है, ”व्यवसाय-आत्मिक बुद्धि है। संसार में अनेक रूप हैं लेकिन अस्तित्व एक अखण्ड है। कुछ लोग रूपों में विभाजित अस्तित्व को विभक्त देखते हैं और शुद्ध बुद्धि वाले विभाजित प्रतीत होने वाले अस्तित्व को अखण्ड अविभाजित देखते हैं। गीता में अविभाजित देखने वाले को सही बताया गया है-यः पश्यति, सः पश्यति।
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ऊर्जा मंत्रालय के अधीनस्थ ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा ऊर्जा दक्षता तथा संरक्षण में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए प्रतिवर्ष 14 दिसम्बर को ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस’ का आयोजन विशेष थीम के साथ किया जाता है। राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस की इस वर्ष की थीम है ‘स्थायित्व को बढ़ावा देना: हर वाट मायने रखता है।’ ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा वर्ष 2001 में देश में ऊर्जा संरक्षण अधिनियम लागू किया गया था। दरअसल, दुनियाभर में पिछले कुछ दशकों में जनसंख्या तेजी से बढ़ी है और उसी के अनुरूप ऊर्जा की खपत भी निरन्तर बढ़ रही है लेकिन दूसरी ओर जिस तेजी से ऊर्जा की मांग बढ़ रही है, उससे भविष्य में परम्परागत ऊर्जा संसाधनों के नष्ट होने की आशंका बढ़ने लगी है। अगर ऐसा होता है तो मानव सभ्यता के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। यही कारण है कि भविष्य में उपयोग हेतु ऊर्जा के स्रोतों को बचाने के लिए विश्वभर में ऊर्जा संरक्षण की ओर विशेष ध्यान देते हुए इसके प्रतिस्थापन के लिए अन्य संसाधनों को विकसित करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है। ऊर्जा के अपव्यय को कम करने, ऊर्जा बचाने और इसके संरक्षण के महत्व के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए ही देश में राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस मनाया जाता है। यह दिवस प्रतिवर्ष एक खास विषय के साथ कुछ लक्ष्यों तथा उद्देश्यों को मद्देनजर रखते हुए लोगों के बीच इन्हें अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए मनाया जाता है। वास्तव में इस दिवस के आयोजन का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा के अनावश्यक उपयोग को न्यूनतम करते हुए लोगों को मानवता के सुखद भविष्य के लिए ऊर्जा की बचत के लिए प्रेरित करना ही है। विद्युत मंत्रालय द्वारा देश में ऊर्जा संरक्षण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए शुरू किया गया ‘राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण अभियान’ एक राष्ट्रीय जागरूकता अभियान है। देश में ऊर्जा संरक्षण तथा कुशलता को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 1977 में केन्द्र सरकार द्वारा पैट्रोलियम संरक्षण अनुसंधान एसोसिएशन का गठन किया गया था। ऊर्जा दक्षता और ऊर्जा संरक्षण के महत्व के बारे में आम जनता में जागरूकता बढ़ाने के लिए वर्ष 2001 में एक अन्य संगठन ‘ऊर्जा दक्षता ब्यूरो’ स्थापित किया गया। ब्यूरो का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति छोटे-छोटे कदम उठाकर अपने घर अथवा कार्यालय में लाइट, पंखे, हीटर, कूलर, एसी तथा बिजली के अन्य किसी भी उपकरण के अनावश्यक उपयोग पर नियंत्रण करते हुए ऊर्जा की बचत कर सकता है। कुछ छोटे उपायों का उल्लेख किया जाए तो पुराने बल्वों के स्थान पर सीएफएल या एलईडी बल्वों का इस्तेमाल किया जाए। आईएसआई चिन्हित विद्युत उपकरणों का ही उपयोग करें। यथासंभव दिन के समय सूर्य की रोशनी का अधिकतम उपयोग किया जाए और जरूरत न होने पर लाइटें, पंखे, कूलर, एसी, हीटर, गीजर इत्यादि विद्युत उपकरण बंद रखें। खाना पकाने के लिए बिजली के उपकरणों के बजाय सोलर कुकर और पानी गर्म करने के लिए बिजली के गीजर के बजाय सोलर वाटर हीटर के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। भवन निर्माण के समय प्लाट के चारों ओर वृक्ष लगाए जाएं तो प्रचण्ड गर्मी में भी भवन गर्म होने से बचेंगे और कूलर, एसी इत्यादि की जरूरत कम होगी। मकानों या कार्यालयों में दीवारों पर हल्के रंगों के प्रयोग से कम रोशनी वाले बल्बों से भी कमरे में पर्याप्त रोशनी हो सकती है। इससे न केवल ऊर्जा संरक्षण अभियान में सहभागी बनकर हम भविष्य के लिए ऊर्जा बचाने में मददगार बनेंगे बल्कि अपना बिजली बिल भी सीमित रख सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर सौर लाइटों की व्यवस्था होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार कार्यस्थल पर दिन के समय प्राकृतिक रोशनी में कार्य करने वाले लोगों की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है और ऊर्जा की खपत में अपेक्षित कमी आती है। वहीं, तेज कृत्रिम रोशनी वाले स्थानों पर काम करने से कर्मियों में तनाव, सिरदर्द, रक्तचाप, थकान जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं देखी जाती हैं और उनकी कार्यकुशलता पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए ऑफिस में यदि पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी का व्यवस्था हो तो इससे ऊर्जा संरक्षण होने के साथ-साथ कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है। प्रतिवर्ष देश में हजारों गैलन पानी बर्बाद होता है, इसलिए ऊर्जा संरक्षण की बात करते समय जल की बर्बादी को रोकने पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना भी बेहद जरूरी है। न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया के समक्ष बिजली जैसी ऊर्जा की महत्वपूर्ण जरूरतें पूरी करने के लिए सीमित प्राकृतिक संसाधन हैं, साथ ही पर्यावरण असंतुलन और विस्थापन जैसी गंभीर चुनौतियां भी हैं। ऐसी गंभीर समस्याओं और चुनौतियों से निपटने के लिए अक्षय ऊर्जा ऐसा बेहतरीन विकल्प है, जो पर्यावरणीय समस्याओं से निपटने के साथ-साथ ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने में भी कारगर साबित होगा लेकिन ऊर्जा के संसाधन गैर-अक्षय हों या अक्षय, हमें अपने जीवन में ऊर्जा के महत्व को समझते हुए ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूक होना ही होगा।
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देश में दवाओं की कीमत सरकार नहीं डॉक्टर खुद तय कर रहे हैं। डॉक्टर अपने मुताबिक ब्रांड बनवाते हैं, कीमतें फिक्स करते हैं। 38 रुपए की दवा की एमआरपी 1200 रुपए कर दी जा रही है। यह महज उदाहरण है, तमाम दवाइयों में ऐसा किया जा रहा है। एक्सपर्ट मानते हैं कि 20 साल में 40 हजार करोड़ से दवा का कारोबार 2 लाख करोड़ के करीब पहुँच गया है। इसका बड़ा कारण वह एमआरपी में बड़े खेल को मानते हैं। 2005 से 2009 तक 50 प्रतिशत एमआरपी पर दवाएँ बिक रही थी। अगर 1200 रुपए की एमआरपी है तो डीलर को 600 रुपए में दी जाती थी। अब डॉक्टर अपने हिसाब से एमआरपी तय करवा रहे हैं। जबकि नियमों के अनुसार दवाओं की कीमतें डॉक्टर नहीं बल्कि दवा बनाने वाली कंपनियाँ तय करती हैं। दवाओं के रेट तय करने में कई कारक शामिल होते हैं। दवाओं पर व्यापारियों को खासा मुनाफा होता है। ब्रांडेड दवाओं पर रिटेलर ज्यादा से ज्यादा 20-25 प्रतिशत तक की छूट देते हैं। जेनेरिक दवाओं पर 50-70 प्रतिशत तक की छूट मिलती है। जेनेरिक दवाएँ सस्ती होती हैं क्योंकि उन्हें महंगी जांचों से नहीं गुजरना पड़ता। दवा खरीदते समय, दवा के रैपर पर क्यूआर कोड होना चाहिए। दवा के रैपर पर क्यूआर कोड से दवा का नाम, ब्रैंड का नाम, मैन्युफैक्चरर की जानकारी, मैन्युफैक्चरिंग की तारीख और एक्सपायरी की तारीख मिलती है। दवाओं या उनके अवयवों के बारे में जानकारी के लिए डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछा जा सकता है। मगर जो दवाएँ सरकार के कंट्रोल से बाहर हैं, उनमें मनमानी दवा की क्वालिटी और एमआरपी की निगरानी के लिए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन नेशनल फार्मास्युटिकल प्राइस अथॉरिटी काम करती है। सरकार ड्रग्स प्राइस कंट्रोल ऑर्डर के माध्यम से दवा की एमआरपी पर नियंत्रण रखती है। आवश्यक और जीवनरक्षक दवाओं के लिए अधिकतम मूल्य निर्धारित करने के साथ डीपीसीओ की जिम्मेदारी मरीजों के लिए दवाएँ सस्ती और सुलभ कराने की भी है। सरकार जिन दवा को डीपीसीओ के अंतर्गत लाती है, उनकी एमआरपी तो कंट्रोल में होती है लेकिन सैकड़ों फॉर्मूले की दवाएँ आज भी सरकार के कंट्रोल से बाहर हैं, जिसकी एमआरपी में मनमानी चल रही है। दवाओं की कीमतों में इजाफे को लेकर सरकार की गाइडलाइन है कि एक साल में 10 प्रतिशत ही एमआरपी बढ़ाई जा सकती है। लेकिन कंपनियाँ प्रोडक्ट्स का नाम बदल कर हर साल डॉक्टरों की डिमांड वाली एमआरपी बना रही हैं। कंपनियाँ अलग डिवीजन और ब्रांड बदल कर एमआरपी अपने हिसाब से फिक्स कर देती हैं। फार्मा फैक्ट्रियों से ही देश में दवाएँ सप्लाई की जाती हैं। कंपनियों और डॉक्टरों के इस खेल में कंपनियाँ अपने मुनाफे के लिए नियमों को ताक पर रखकर डॉक्टरों के हिसाब से न सिर्फ दवाएँ बनाने के लिए तैयार हो जाती हैं, बल्कि मनमानी कीमत तय कर देती हैं। तभी तो देशभर में डॉक्टर और हॉस्पिटल खुद अपनी दवाएँ बनवा रहे हैं और मनमाफिक मूल्य पर बेच रहे हैं। डॉक्टर और हॉस्पिटल खुद अपनी दवाएँ बनवा रहे हैं और माइक्रो पायलट का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे ही एक्सपायरी निर्धारित होती है। अगर दवा में माइक्रो पायलट की क्वालिटी थोड़ी डाउन कर दी जाए तो मार्जिन बढ़ जाएगा लेकिन एक्सपायरी का समय कम हो जाएगा। इसके पीछे कारण यह कि मटेरियल और एक्सपायरी को लेकर सरकार की कोई गाइडलाइन नहीं है। एक्सपायरी की डेट भी कंपनियाँ तय करती हैं। सरकार के कंट्रोल में जो दवाएँ हैं, इसे लेकर थोड़ी सख्ती है। बाकी मेडिसिन पर कोई खास निगरानी नहीं है। ये गंभीर विषय है कि दवा का निर्माण, आयात या बिक्री करने वाली कंपनियाँ ही दवा की कीमतें निर्धारित करती हैं। नियमों में कहा गया है कि केवल प्रिस्क्रिप्शन वाली दवा और ओवर-द-काउंटर दवा के प्रकार जो केवल फार्मेसियों में बेचे जा सकते हैं, उन्हें सभी फार्मेसियों में बिल्कुल एक ही कीमत पर बेचा जाना चाहिए। इसलिए क्योंकि दवाओं की कीमतें फार्मेसियों के बीच उतार-चढ़ाव नहीं करती हैं, जिसका अर्थ है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप अपना प्रिस्क्रिप्शन भरने के लिए किस फार्मेसी को चुनते हैं। यही नहीं, दवा बनाने वाली कंपनियों पर ये नियम सख्ती से लागू किये जाएं कि वह हर साल्ट का मूल्य भारत सरकार के नियमानुसार एक जैसा निर्धारित करे, चाहे ब्रांड कोई भी हो। मूल्य ब्रांड पर न होकर साल्ट पर हो ताकि डॉक्टरों और कंपनियों के काले धंधे पर लगाम लगे और मरीज को 300 रुपये का इंजेक्शन बारह सौ में न खरीदना पड़े। हर्बल दवाइयों और ओवर-द-काउंटर दवाइयों के प्रकार जो फार्मेसी के अलावा सुपरमार्केट और कियोस्क जैसी अन्य दुकानों में बेची जा सकती हैं, उनकी भी कीमतों में बदलाव की अनुमति सरकार की तरफ से हो। ये कीमतें पूरी तरह स्टोर द्वारा निर्धारित की जाती हैं इसलिए ग्राहक को एक स्टोर से दूसरे स्टोर में कीमतों में अंतर का अनुभव होता है।
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वैसे तो इस दौर में पूरी युवा पीढ़ी ही भयावह मानसिक व्याधि से विचलित है, इनमें विशेषत: छात्र विचलन गंभीर चिंता का विषय है। हमारे देश में प्रति 100 में 15 से अधिक छात्र अवसाद, चिंता और आत्मघात से पीड़ित पाए जा रहे हैं। कठिन प्रतिस्पर्धा और पढ़ाई-लिखाई में अनुशासन आदि को लेकर तनाव बढ़ रहा है, उससे न सिर्फ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों बल्कि पूरे समाज की चिंता बढ़ती गई है। पारिवारिक दबाव, शैक्षिक तनाव और पढ़ाई में अव्वल आने की महत्वाकांक्षा ने छात्रों के एक बड़े वर्ग को गहरे मानसिक अवसाद में डाल दिया है। अभिभावकों की उम्मीदों पर खरा नही उतर पाने वाले, परीक्षा में खराब प्रदर्शन करने वाले बच्चों को घर पर पिटना पड़ता है। परीक्षा और नतीजों के दबाव में छात्रों की आत्महत्याएँ आम होती जा रही हैं। छात्र आत्महत्याओं में बेतहाशा वृद्धि के पीछे मानसिक तनाव सबसे आम कारक बन चुका है। तनावग्रस्त छात्रों की आत्महत्याओं का ग्राफ बढ़ रहा है। जैसे-जैसे परीक्षा के दिन निकट आते हैं, छात्रों का तनाव हद से गुजरने लगता है। पूरी युवा पीढ़ी का परीक्षा के दिनों में ऐसे हालात से दो-चार होना देश और समाज, अभिभावकों और शिक्षाविदों, सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शिक्षा क्षेत्र में दशकों से व्याप्त कई बुनियादी गंभीर समस्याओं और चुनौतियों पर अभी तक पार पाने में कामयाबी नहीं मिली है।व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं को अनिवार्य कर दिए जाने के बाद से छात्रों को प्रतिस्पर्धा करने और प्रदर्शन करने के लिए भारी तनाव का सामना करना पड़ता है। प्रदर्शन के दबाव को संभालने, माता-पिता की अपेक्षाओं को पूरा करने और आकांक्षाओं को प्राप्त करने में असमर्थता मनोवैज्ञानिक संकट और बाद में अवसाद का कारण बन सकती है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली में अकादमिक उत्कृष्टता की निरंतर खोज ने अनजाने में छात्रों के बीच तीव्र दबाव और प्रतिस्पर्धा का माहौल पैदा कर दिया है। शैक्षणिक उपलब्धियों पर अत्यधिक ध्यान देने के साथ-साथ सामाजिक अपेक्षाओं और असफलता के डर ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर महत्त्वपूर्ण प्रभाव डाला है। इसने चिंता, अवसाद और तनाव की वृद्धि में योगदान दिया है। बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए कई बार छात्रों पर अच्छा प्रदर्शन करने का लगातार दबाव रहता है। वे अपनी तुलना दूसरों से करते हैं। यह अंतर्निहित दबाव मानसिक परेशानी के विभिन्न रूपों में प्रकट हो सकता है, जिसमें चिंता, विफलता का डर और कम आत्मसम्मान शामिल है। गंभीर मामलों में, मानसिक स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याएँ आत्म-नुकसान का कारण बन सकती हैं और यहाँ तक कि आत्महत्या के प्रयासों के विचार को भी जन्म दे सकती हैं।प्रतियोगी पाठ्यक्रम के भारी-भरकम बोझ से बच्चों का मानसिक विकास अवरुद्ध हो रहा है। इससे बच्चों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बच्चों के जीवन में तनाव के पौध की बड़ी वजह यह भी है कि लंबे समय तक स्कूल के घंटों के बाद बच्चे घर लौटते ही होमवर्क निपटाने में जुट जाते हैं। इसके बाद ट्यूशन के लिए दौड़ पड़ते हैं। खाना-पीना, सोना, खेलकूद, सब हराम हो जाता है। आराम करने और अन्य पाठ्येतर गतिविधियाँ करने का उन्हें समय ही नहीं मिलता है। ऐसे में छात्रों के लिए कम नींद और अवसाद की स्थिति या गंभीर तनाव का सबब बनी रहती है। वर्तमान प्रतियोगी दौर में छात्रों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। परीक्षा केंद्रित शिक्षा से भारत में छात्रों की आत्महत्याओं में अंक, अध्ययन और प्रदर्शन के दबाव के साथ अकादमिक उत्कृष्टता की तुलना करना इस अवसाद के पीछे महत्त्वपूर्ण कारक हैं। भारत में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे किसी भी छात्र के साथ एक साधारण साक्षात्कार, चाहे वह जेईई, एनईईटी या सीएलएटी हो, यह प्रकट करेगा कि छात्रों के बीच मानसिक संकट का प्रमुख स्रोत उन पर दबाव की असहनीय मात्रा है जो लगभग हर एक द्वारा डाला जाता है। हर शिक्षक, हर रिश्तेदार कठिन अध्ययन और एक अच्छे कॉलेज में प्रवेश पाने के महत्त्व को दोहराते हैं। जबकि छात्र स्नातक होने के बाद क्या करने की आकांक्षा रखता है या जहाँ उसकी रुचियाँ हैं, उसके बारे में सहज पूछताछ बहुत कम की जाती है।इन सभी परीक्षाओं की अत्यधिक जटिल प्रकृति (सभी नहीं) का अनिवार्य रूप से मतलब है कि उन्हें पास करने के लिए माता-पिता को अपने बच्चों को प्रतिष्ठित कोचिंग सेंटरों में दाखिला दिलाने का सपना पूरा करना होगा, इससे छात्र के लिए एक से अधिक तरीकों से समस्या बढ़ जाती है क्योंकि वह कोचिंग पर माता-पिता द्वारा खर्च किए गए पैसे को चुकाने के लिए अब परीक्षा को पास करने का दबाव बढ़ गया है और उसे कोचिंग संस्थान के अतिरिक्त दबावों का भी सामना करना पड़ता है। जब तक देश की परीक्षा संस्कृति से इस कुत्सित व्यवस्था को समाप्त नहीं किया जाता है, तब तक छात्रों में आत्महत्या की दर को रोकने के मामले में कोई प्रत्यक्ष परिवर्तन नहीं देखा जाएगा। सरकार को इस मुद्दे पर संज्ञान लेना चाहिए, अगर वास्तव में हम सोचते है कि आज के बच्चे कल के भविष्य हैं। जबरन करियर विकल्प देने से कई छात्र बहुत अधिक मात्रा में दबाव के आगे झुक जाते हैं, खासकर उनके परिवार और शिक्षकों से उनके करियर विकल्पों और पढ़ाई के मामले में। शैक्षिक संस्थानों से समर्थन की कमी के चलते बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों से निपटने के लिए सुसज्जित नहीं है और मार्गदर्शन और परामर्श के लिए केंद्रों और प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी है।ऐसे कठिन दौर में आज छात्रों में आत्महत्या की प्रकृति और प्रवृत्ति का नए सिरे से अध्ययन करने की भी बहुत जरूरत है, क्योंकि देश की पूरी युवा बौद्धिक संपदा दांव पर लगी हुई है, जिसके दूरगामी गंभीर नतीजे पूरे राष्ट्र के माथे पर गहरा शिकन ला सकते हैं। युवाओं के कंधे पर स्थापित विकासशील प्रगति का पूरा ढांचा ही भरभरा कर गिर सकता है। छात्रों को इसे चुनौती के रूप में लेते हुए पूरी क्षमता के साथ इसका सामना करना चाहिए। परीक्षा जीवन-मृत्यु का प्रश्न नहीं है। परीक्षा परिणामों को जीवन का अंतिम आधार न मानकर अपनी सफलता की राह स्वयं बनानी होती है। बिना श्रम के जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता नहीं मिलती। अभिभावकों को यह समझना है कि उन्हें अपने बच्चों के साथ कैसा बर्ताव करना है। छात्रों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों की बढ़ती व्यापकता से निपटने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है जिसमें व्यक्ति, संस्थान और समग्र रूप से समाज शामिल हो। सफलता को फिर से परिभाषित करना और छात्रों को अपने जुनून और रुचियों को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना उनके मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। केवल शैक्षणिक उपलब्धियों पर आधारित सफलता की संकीर्ण परिभाषा से आगे बढ़ने से छात्रों को अपनी अद्वितीय प्रतिभा का पता लगाने और अपने चुने हुए रास्ते में पूर्णता पाने का मौका मिलता है।आत्महत्या के जोखिम कारकों को कम करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित करना और परीक्षा के नवीन तरीकों को अपनाया जाना चाहिए। छात्रों की सराहना करने की आवश्यकता है और यह बदलना महत्त्वपूर्ण है कि भारतीय समाज शिक्षा को कैसे देखता है। प्रयासों का उत्सव होना चाहिए न कि अंकों का। छात्रों की चिंताओं, अवसाद और अन्य मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों को दूर करने के लिए सभी स्कूलों/कॉलेजों/कोचिंग केंद्रों में प्रभावी परामर्श केंद्र स्थापित किए जाने चाहिए। बढ़ते संकट को दूर करने के लिए अतीत की विफलताओं से सीखना और छात्रों, अभिभावकों, शिक्षकों, संस्थानों और नीति निर्माताओं सभी हितधारकों को शामिल करने वाले तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है।
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देश में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ का आज 17 संस्करण मनाया जा रहा है। इस महत्वपूर्ण दिवस की शुरुआत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा सन-2008 से हुई। इसी दिन यानी 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने पहली बार बतौर प्रधानमंत्री कार्यभार संभाला था। राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर पूरे भारत में विभिन्न स्तरीय कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिनमें ‘सेव द गर्ल चाइल्ड’, ‘चाइल्ड सेक्स रेशियो’ व ‘चाइल्ड क्राइम प्रोटेक्शन’ अभियानों के अलावा बालिकाओं के स्वास्थ्य और उन्हें सुरक्षित वातावरण देने सहित तमाम तरह की जागरूकता मुहिम चलाई जाती है। इसमें सामाजिक और सरकारी संस्थानों की भागीदारी होती है।अफसोस, ऐसी तमाम कोशिशों के बावजूद बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले जुल्म और अपराध कम नहीं हो रहे। किशोरियों की तस्करी सबसे बड़ा चिंता का विषय है। कई राज्यों में बच्चियां अपने घरों में बंदिशों की बेड़ियों में जकड़ी हुई हैं। केंद्र सरकार ने हाल ही में संपन्न हुए संसद के शीतकालीन सत्र में आंकड़ा पेश कर बताया कि पूरे देश में अभी लाखों की संख्या में बच्चियों को उनके अभिभावक स्कूलों में नहीं भेजते। ये हाल तब है जब बच्चियों की शिक्षा पर केंद्र व राज्य सरकारें सजगता से लगी हुई हैं। यहां सरकारों को दोष नहीं दे सकते। बच्चियों से जुड़ी मौजूदा समय की सबसे विकराल समस्या ‘बाल तस्करी’ ही है। इस विकट समस्या का कैसे समाधान हो, इसे लेकर जनमानस कैसे जागरूक हों आदि विषय को ध्यान में रखकर ही सालाना 24 जनवरी को पूरे भारत में ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ मनाया जाता है।बेटियों के सम्मान में केंद्र सरकार का ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का नारा जबरदस्त सफल रहा है। इससे बालिका लिंगानुपात में भी इजाफा हुआ है। 2014 में बेटियों के जन्मानुपात का आंकड़ा 918 था, तो वहीं 2022-23 में 15 अंकों की छलांग लगाकर ये आंकड़ा 933 तक जा पहुंचा। इस आंकड़े में हरियाणा अभी भी पिछड़ा हुआ है। देश की तरक्की में बेटियों को उड़ने की आजादी मिलनी चाहिए। उनकी शिक्षा-दीक्षा में कोई कोर-कसर नहीं छोड़नी चाहिए। हालांकि किशोरियों के लिए जबसे माहौल बदला है, उन्होंने अपनी काबीलियत साबित कर दी है। रक्षा से लेकर खेल तक कोई ऐसा क्षेत्र नहीं हैं जहां बेटियां परचम न फहरा रही हों। लड़कियों के प्रति रुढ़िवादी सोच से लोग अब किनारा करने लगे हैं। कुछ लोग जो इस सोच से बाहर नहीं निकल रहे, वे अपनी लड़की को उनके अधिकारों से वंचित रखते हैं, इससे उनका करियर बन ही नहीं पाता। बच्चियों के भविष्य को अंधकार में धकेलने में परिवारों की भी बड़ी भूमिका होती हैं। परिवार ऐसा न करें, उनको समझाने के लिए ही आज का ये खास दिवस मनाया जाता है।बच्चियों पर जुल्म समाज का सबसे बड़ा कलंक माना जाता है। इस कलंक को मिलकर मिटाना होगा। एनसीआरबी की मानें तो भारत में सालाना हजारों की संख्या में बच्चियां लापता होती हैं, जिनमें से अधिकांश बच्चियों उम्र महज 8-10 वर्ष होती हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, साल 2019 से 2021 में 13.13 लाख गायब महिलाओं में ज़्यादातर लड़कियां की संख्या रही। वहीं, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार बीते 5 सालों में 2.75 लाख बच्चे गुम हुए जिनमें से 2.12 लाख सिर्फ लड़कियां थीं। लापता बच्चों के मामले में पश्चिम बंगाल अव्वल है जहां साल-2022 में 12,546 लड़कियां गुम हुईं। मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर है जहां 11,161 किशोरियां गायब हुईं। बाकी प्रदेशों के हाल भी अच्छे नहीं हैं। इसके अलावा बाल तस्करी, बाल विवाह और नाबालिगों के साथ यौन शोषण की घटनाएं भी कम होने के जगह बढ़ी हैं। इन्हें सामूहिक प्रयासों से रोकना होगा।निश्चित रूप से ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ समूचे भारत में बच्चियों के समक्ष आने वाली चुनौतियों की शिनाख्त कर उन चुनौतियों से जूझने की तरफ ध्यान आकर्षित करता है। हमारी सामाजिक जिम्मेदारी ये बनती है कि बच्चियों के विरुद्ध घटित अपराधों और संभावित खतरों से मुंह नहीं फेरना चाहिए। सबसे पहले बालिकाओं की तस्करी पर अंकुश लगना चाहिए क्योंकि यह किसी भी देश के लिए घोर कलंक जैसा है।
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श्योपुर । रेत से भरे ट्रैक्टर ने एक बाइक सवार युवक को कुचला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर को लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका अंत: परीक्षण करवाया और अज्ञात ट्रैक्टर चालक पर मामला दर्ज किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आकाश पुत्र पप्पू आदिवासी उम्र 18 साल निवासी गोवर्धा किसी काम से कराहल आया था। जब वह सोमवार की शाम 5 बजे अपनी बाइक से अपने गांव गोवर्धा जा रहा था, तभी गायत्री माता मंदिर के पास करियादेह तिराहा पर तेज रफ्तार में आ रहा रेत से भरा ट्रैक्टर ने बाइक सवार आकाश आदिवासी को कुचला दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाया, जहां अंत: परीक्षण करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस मामले में कराहल थाना प्रभारी भारत सिंह गुर्जर का कहना है कि, पुलिस ने अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है।
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राजगढ़ । ब्यावरा नगर के श्रीअंजनीलाल मंदिर धाम पर इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष आयोजन होने जा रहा है। जिसमें 51 हजार रूद्राक्ष से निर्मित 21 फीट ऊंचाई के शिवलिंग का विद्वान पंडितों द्वारा प्रातः रूद्राभिषेक किया जाएगा, साथ ही रात्रि को विशाल भजन संध्या का अयोजन होगा। महाशिवरात्रि के दूसरे दिन अभिमंत्रित रूद्राक्ष का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट परिवार ने बताया कि श्री अंजनीलाल मंदिर धाम पर महाशिवरात्रि पर्व पर विशेष आयोजन होने जा रहा है। 26 फरवरी बुधवार को प्रातः 7.30 बजे 51 हजार रूद्राक्ष से निर्मित 21 फीट ऊंचाई के विशाल शिवलिंग का रूद्राभिषेक किया जाएगा। कार्यक्रम की व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही है। मंदिर ट्रस्ट के अनुसार रूद्राभिषेक में आम भक्तजन श्रद्धाभाव के साथ अभिषेक में शामिल हो सकते है, जिसमें किसी को कोई सामग्री लाने की जरूरत नही है और न ही कोई शुल्क अपेक्षित है। आम श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजन में शामिल होकर रूद्राभिषेक का पुण्य लाभ ले सकता है। इस दिन सायंकाल को विशाल भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें प्रख्यात भजन गायक शानू विश्वकर्मा, शाजापुर और बबलू राव, सारंगपुर की टीम द्वारा सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। अगले दिन गुरूवार 27 तारीख को प्रातः 10 बजे से अभिमंत्रित रूद्राक्ष का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। मंदिर ट्रस्ट परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने का आग्रह किया है।
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ग्वालियर । स्कूली बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यूनीफॉर्म व स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिये ग्वालियर में तीन दिवसीय मेला लगाया जायेगा। अगले माह यानि मार्च में लगने जा रहे इस मेले में जिले में संचालित सीबीएसई, आईएसई एवं एमपी बोर्ड से संबद्ध सभी प्रायवेट स्कूलों के पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकें व यूनीफार्म उपलब्ध रहेंगीं। कलेक्टर रुचिका चौहान ने सोमवार को अंतरविभागीय समन्वय बैठक में इस मेले की तैयारियां करने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। कलेक्ट्रेट के सभागार में हुई बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी प्रायवेट स्कूलों से उनके पोर्टल पर निर्धारित शुल्क व पाठ्यक्रम अपलोड कराएं। साथ ही पाठ्यक्रम के अनुसार मेले में पुस्तकें लाने के लिये दुकानदारों को सूचित कर दें। उन्होंने मेला की तिथि व आयोजन स्थल जल्द से जल्द निर्धारित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, समर्थन मूल्य पर गेहूँ व सरसों के उपार्जन के लिये किसानों का पंजीयन, जिला सड़क सुरक्षा व यातायात समितियों की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार ब्लैक स्पॉट को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिये आवश्यक सुधार कार्य, हाईरिस्क गर्भवती माताओं के सुरक्षित प्रसव की व्यवस्था, गौशालाओं की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराना, सीएम हैल्पलाइन, स्कूली बच्चों की अपार आईडी बनाने का काम, बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारी व वेट लैंड सर्वे सहित शासन के अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विवेक कुमार, अपर कलेक्टर कुमार सत्यम व टी एन सिंह सहित जिले के सभी एसडीएम व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे। हाईरिस्क गर्भवती माताओं को प्रसव से पाँच से छह दिन पहले भर्ती कराएँ कलेक्टर रुचिका चौहान ने बैठक में सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र के चिन्हित अस्पतालों में हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं की जाँच के लिये सुव्यवस्थित ढंग से क्लीनिक संचालित कराएँ। इस दौरान हाईरिस्क वाली गर्भवती माताओं का चिन्हांकन कराएँ। साथ ही उनकी सोनोग्राफी, हीमोग्लोबिन व यूरिन की जाँच भी कराई जाए। ज्ञात हो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह 9 व 25 तारीख को चिन्हित अस्पतालों में एचआरपी क्लीनिक का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में 25 फरवरी को जिले के 23 अस्पतालों में एचआरपी क्लीनिक लगेंगे और हाईरिस्क गर्भवती माताओं की नि:शुल्क जाँचें की जायेंगीं। किसानों को बताएँ कि बिना पंजीयन के समर्थन मूल्य पर नहीं बेच पायेंगे उपज कलेक्टर ने समर्थन मूल्य पर गेहूँ व सरसों के उपार्जन के लिये किसानों के पंजीयन में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को बतायें कि वे अपना पंजीयन अवश्य करवा लें, यदि पंजीयन नहीं करायेंगे तो मंडी में भाव कम होने पर उपार्जन केन्द्र पर अपना अनाज नहीं बेच पायेंगे। जिले में किसानों के पंजीयन के लिये वर्तमान में 37 खरीदी सह केन्द्र संचालित हैं। कलेक्टर ने फार्मर आईडी व ईकेवायसी के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि सभी खरीदी केन्द्रों पर छाया, पेयजल व शौचालय इत्यादि की पुख्ता वयवस्था की जाए। जिले में चिन्हित हर ब्लैक स्पॉट को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिये करें पुख्ता उपाय कलेक्टर ने जिले के सभी सड़क मार्गों पर दुर्घटना के लिहाज से चिन्हित सभी ब्लैक स्पॉट को दुर्घटना मुक्त बनाने के लिये आवश्यक उपाय करने के निर्देश सड़क निर्माण से जुड़े विभागों को दिए। उन्होंने इस दिशा में अब तक हुए कार्य का प्रजेंटेशन देखा और अगली बैठक से पहले सभी ब्लैक स्पॉट पर आवश्यक कार्य कराकर फोटोग्राफ सहित प्रजेंटेशन देने के निर्देश दिए। गौशालाओं को चारागाह के लिये चरनोई भूमि उपलब्ध कराएँ बैठक में कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि गौशालाओं से जुड़ी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराएँ। यदि गौशाला के पास जमीन उपलब्ध न हो तो गाँव की चरनोई भूमि को गौशाला के चारागाह के लिये आवंटित करने की कार्रवाई की जाए। हर गाँव में कम से कम दो प्रतिशत जमीन चरनोई के लिये होना चाहिए।
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भोपाल । इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में 24 एवं 25 फरवरी को आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में शामिल हो रहे अतिथियों के वाहनों के लिये पहले ही पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की गई है। साथ ही आयोजन स्थल से वाहनों के निकास की व्यवस्था भी दुरुस्त की गई है। वाहनों की पार्किंग जारी किए गए पास के मुताबिक की गई है। अतिथियों के वाहन पार्किंग में रोक दिए जाएंगे और वहां से आयोजन स्थल तक जाने के लिए ई-बस और कार की व्यवस्था की गई है। तीन प्रकार की ई-बस के अतिरिक्त 973 कार भी इसमें शामिल हैं। यह जानकारी रविवार को जनसंपर्क अधिकारी अलूने ने दी।पार्किंग व्यवस्था इस प्रकार होगी- गवर्नमेंट ऑफिशियल्स : स्मार्ट सिटी पार्किंग और वीआईपी पार्किंग नंबर 2 में व्यवस्था होगी। अधिकारी अपने वाहन से आयोजन स्थल तक जा सकेंगे।- गेस्ट ऑफ़ ऑनर (फाइव स्टार कैटेगरी) : वीआईपी पार्किंग नंबर वन। यहां से एमपीआईडीसी द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।- गेस्ट ऑफ़ ऑनर (अन्य): 23वीं बटालियन ग्राउंड। अपने वाहन से जा सकेंगे।- स्पेशल इनवाइटीः रीजनल कॉलेज, डेमोंसट्रेशन स्कूल और पुलिस रेडियो ग्राउंड (स्मार्ट सिटी पार्क के पास) यहां से ई-बस और ट्रैवलर से आयोजन स्थल तक पहुंचाया जाएगा।- मीडियाः पुलिस रेडियो ग्राउंड (स्मार्ट सिटी पार्क के पास) और मैरिज गार्डन (पुलिस रेडियो ग्राउंड के पास)। यहां से ई-बस और ट्रैवलर से आयोजन स्थल तक पहुंचाया जाएगा।- फॉरेन डेलीगेटः सैर सपाटा में पार्किंग, फिर यहां से एमपीआईडीसी द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।- एनआरआई/ओसीआई / पीआईओ / एमपी डायस्पोराः पुलिस रेडियो ग्राउंड (स्मार्ट सिटी पार्क के पास)। यहां से एमपीआईडीसी द्वारा वाहन की व्यवस्था की जाएगी।- डेलिगेट्स (जो होटल में ठहरे हैं या स्थानीय) दशहरा मैदान की पार्किंग में परिवर्तन कर टीटी नगर मल्टी लेवल कार पार्किंग एवं राम मंदिर अटल पथ पर डेलीगेट्स के वाहनों की पार्किंग व्यवस्था की गयी है। यहां से ट्रैवलर एवं अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों द्वारा डेलिगेट्स को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट - (इंदिरा गाँधी मानव संग्रहालय) तक ले जाया जाएगा। डेलीगेट्स जो कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के लिये आमंत्रित हैं, उन्हें सुबह 8:30 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर पहुंचना होगा।- ऑर्गेनाइजर के लिए डीटीई पार्किंग, इवेंट टीम, सर्विस प्रोवाइडर और वॉलिंटियर के लिए दशहरा मैदान और स्मार्ट सिटी गवर्नमेंट हाउसिंग पार्किंग में व्यवस्था होगी।- सभी को पार्किंग में सुबह 6:30 बजे तक पहुंचना होगा, जहां से आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए सुबह 7:30 बजे तक का समय निर्धारित है।- प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के लिये मुख्य सभागार में गेस्ट ऑफ़ ऑनर (फाइव स्टार कैटेगरी) मुख्य हाल के द्वार क्रमांक 1 से प्रवेश करेंगे एवं अन्य गेस्ट ऑफ़ ऑनर, फॉरेन डेलीगेट, गवर्नमेंट आफिशियल्स एवं ऑर्गेनाइजर को द्वार क्रमांक-2 से प्रवेश दिया जायेगा।- स्पेशल इन्वाइटीस, मीडिया एवं एनआरआई (डायस्पोरा) के प्रवेश की व्यवस्था द्वार क्रमांक 3 एवं 4 से की गई है। डेलिगेट्स (सुबह 7:30 बजे ) के प्रवेश की व्यवस्था द्वार क्रमांक 5 एवं 6 से की गई है। सम्मानित अतिथिगणों से अनुरोध किया गया है कि उच्च सुरक्षा मानकों के अनुपालन में कृपया कम से कम सामान लेकर चलें। सुरक्षा और सुविधा के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है।
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श्रीमद्भगवद गीता अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है। भगवद् गीता का प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या है। संसार की समस्याओं और मनुष्य की व्यथाओं का समाधान है। “गीता” की महिमा का शाब्दिक वर्णन करना कठिन काम है। पाठकों के सुलभ संदर्भ के लिए श्रीमद्भगवद् गीता पर विश्व के महापुरुषों, महान वैज्ञानिकों, विद्वतजनों और दार्शनिकों के विचारों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। “भगवान श्रीकृष्ण की कही हुई श्रीमद् भगवद् गीता के समान छोटे वपु (काया, शरीर) में इतना विपुल ज्ञानपूर्ण कोई दूसरा ग्रंथ नहीं है’’- महामना पं. मदनमोहन मालवीय। “जब कभी संदेह मुझे घेरते हैं और मेरे चेहरे पर निराशा छाने लगती है; मैं क्षितिज पर गीता रूपी एक ही उम्मीद की किरण देखता हूं। इसमें मुझे अवश्य ही एक छन्द मिल जाता है, जो मुझे सांत्वना देता है। तब मैं कष्टों के बीच मुस्कुराने लगता हूँ’’- महात्मा गांधी। “गीता हमारे ग्रंथों में अत्यन्त तेजस्वी और निर्मल हीरा है’’- लोकमान्य बालगंगाधर तिलक। मशहूर जर्मन कवि, उपन्यासकार और पेंटर हरमन हेस के जीवन पर भी गीता का विशेष प्रभाव था। उनकी कालजयी रचना 'सिद्धार्थ' में यह स्पष्ट होता है। उनका कहना था 'गीता की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यह जीवन के सही मायनों को पूरी वास्तविकता के साथ सामने रखती है।' उन्नीसवीं सदी के मशहूर दर्शनशास्त्री और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता अल्बर्ट श्विट्ज़र मानते थे - 'श्रीमद भगवद् गीता मनुष्य के जीवन पर बहुत गहरा असर डालती है। यह कर्मों के माध्यम से ईश्वर प्राप्ति का संदेश देती है।' स्विस मनोवैज्ञानिक कार्ल जुंग को विश्लेषणात्मक मनोविज्ञान के लिए जाना जाता है। वे न सिर्फ मनोविज्ञान बल्कि दर्शन, साहित्य और धार्मिक अध्ययन में भी विशेषज्ञता रखते थे। उनका मानना था कि “मनुष्य को उल्टे वृक्ष के रूप में प्रदर्शन की अवधारणा बहुत पहले से ही मौजूद थी, जिसे बाद में सामने लाया गया। अपने वक्तव्यों में कही गई प्लेटो की वह बात कि “मनुष्य सांसारिक नहीं बल्कि स्वर्गीय पौधा है, जो ब्रह्माण्ड से सिंचित होता है। यह वैदिक अवधारणा है और गीता के 15वें अध्याय में इसे स्पष्ट तौर पर कहा गया है।“ उन्नीसवीं सदी के ही मशहूर अंग्रेजी साहित्यकार आल्डस हक्सले ने कहा था – “मनुष्य में मानव मूल्यों की समझ पैदा करने के लिए गीता सर्वाधिक व्यवस्थित ग्रंथ है। शाश्वत दर्शन के विषय में यह अब तक की सबसे स्पष्ट और व्यापक प्रस्तुति है। यह सिर्फ भारत के लिए नहीं है बल्कि इसका जुड़ाव पूरी मानवता से है।’’ उन्नीसवीं सदी के विख्यात अमेरिकी निबंधकार और साहित्यिक हस्ती इमर्सन के जीवन पर गीता का बड़ा प्रभाव था। उनका मानना था, “श्रीमद भगवद् गीता के साथ मेरा दिन शानदार बीता। यह अपने तरह की पहली पुस्तक है। यह किसी और समय और परिस्थितियों में लिखी गई, लेकिन यह हमारे आज के सवालों और समस्याओं के भी जवाब पूरी स्पष्टता के साथ देती है।“ ऑस्ट्रियाई दार्शनिक और साहित्यकार रुडॉल्फ स्टीनर के जीवन को गीता ने व्यापक रूप से प्रभावित किया था। उनका मानना था कि भगवद् गीता जैसी अप्रतिम रचना को समझने के लिए बस हमें स्वयं को उसके साथ लय बिठाने की जरूरत है।' मशहूर अमेरिकी दार्शनिक और साहित्यकार हेनरी डेविड थोरो पर गीता का प्रभाव उनके साहित्य और सामाजिक कार्यों में परिलक्षित होता है। वे कहते थे कि "प्राचीन भारत की सभी स्मरणीय वस्तुओं में गीता से श्रेष्ठ कोई भी दूसरी वस्तु नहीं है। गीता में वर्णित ज्ञान ऐसा उत्तम व सर्वकालिक है, जिसकी उपयोगिता कभी भी कम नहीं हो सकती।" भारतीय मनीषियों के अलावा कई विदेशी विद्वानों ने भी गीता के महत्व को समझा और अपने जीवन में इसके सिद्धांतों को लागू किया। यह महान पवित्र ग्रंथ गीता का ही असर था कि ईसाई मत मानने वाले कनाडा के प्रधानमंत्री मिस्टर पियर ट्रूडो गीता पढ़कर भारत आये। उन्होंने कहा था कि जीवन की शाम हो जाए और देह को दफनाया जाए, उससे पहले अज्ञानता को दफनाना जरूरी है। ओपेनहाइमर : भगवद् गीता से कैसे प्रभावित हुए? रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने परमाणु बम विकसित करने में अग्रणी भूमिका निभाई थी, जिसने द्वितीय विश्व युद्ध की दिशा बदल दी। ओपेनहाइमर ने संस्कृत भाषा सीखी और श्रीमद् भगवद गीता को अपनी पसंदीदा पुस्तकों में से एक माना। जब द क्रिश्चियन सेंचुरी के संपादकों ने उनसे पूछा कि वे कौन-सी किताबें हैं, जिन्होंने उनके दार्शनिक दृष्टिकोण को सबसे ज्यादा प्रभावित किया, तो चार्ल्स बौडेलेयर की पुस्तक "लेस फ्लेर्स डू माल" को पहला और “श्री भगवद गीता’’ को दूसरा स्थान मिला। सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी ओपेनहाइमर को बर्कले में संस्कृत के प्रोफेसर आर्थर डब्ल्यू राइडर ने संस्कृत से परिचित कराया था। उसके बाद उन्हें गीता से परिचित कराया गया था। जुलाई 1945 में न्यू मैक्सिको के रेगिस्तान में पहले परमाणु बम के विस्फोट से दो दिन पहले रॉबर्ट ओपेनहाइमर ने गीता का एक श्लोक सुनाया। इतिहास बदलने वाली घटना से कुछ घंटे पहले, "परमाणु बम के जनक" ने संस्कृत से अनुवादित एक श्लोक को पढ़कर अपना तनाव दूर किया, जिसका हिंदी अनुवाद इस प्रकार है - "युद्ध में, जंगल में, पहाड़ों की चोटी पर अन्धकारमय महान सागर पर, भालों और बाणों के बीच, नींद में, उलझन में, शर्म की गहराई में, मनुष्य द्वारा पहले किये गए अच्छे कर्म ही उसकी रक्षा करते हैं।“ श्रीमद् भगवद् गीता ने पश्चिम की दुनिया को गहरा प्रभावित किया है। गीता दर्शन को जानने के बाद पश्चिम के विद्वानों ने गीता के जीवन दर्शन को अपनाने के लिए अपनी बौद्धिक ऊर्जा लगा दी। दरअसल वे किसी वैज्ञानिक उपलब्धि की खोज में नहीं थे। वे इससे भी आगे विकारों से रहित मानव मन और आत्मिक शांति की खोज में थे। इसका समाधान उन्होंने श्रीमद् भगवद् गीता में पाया। इन विद्वानों में दार्शनिक इमैन्युअल (1724-1804), हर्डर (1744-1805) फिटश (1762-1814), हीगल (1770-1831), श्लेगल (1772-1829) शिलर (1759-1805) और गोएथे (1749-1832) प्रमुख हैं। फ्रेडरिक वान श्लेगल ने गीता का अनुवाद किया। जर्मन के अग्रणी विद्वान बेरन विल्हेल्म ने 1821 में संस्कृत का अध्ययन शुरू किया। गीता पढ़ने के बाद उन्होंने भगवान का आभार माना कि उन्हें लंबा जीवन दिया, ताकि वे सर्वाधिक प्रेरणादायी पुस्तक को आत्मसात कर पाए। उन्होंने 1825 में अकादमी ऑफ सिएंस के समक्ष गीता पर अपना प्रसिद्ध व्याख्यान दिया था। वर्ष 1820 में ओ फ्रेंक विद्वान ने गीता का पहला लैटिन अनुवाद प्रकाशित किया। इसके बाद 1822 में ए.डब्ल्यू. वान श्लेगल ने पहली बार लैटिन में सम्पूर्ण अनुवाद प्रकाशित किया। सर विलियम जोन्स (1756-1794) भारत में 10 साल रहे। वे पहले अंग्रेज अधिकारी थे, जिन्हें संस्कृत का सम्पूर्ण ज्ञान था। उन्होंने गीता, रामायण, महाभारत और संस्कृत के अन्य क्लासिकल साहित्य जैसे कालिदास का अभिज्ञान शाकुंतलम, ऋतुसंहार और जयदेव के “गीत गोविंदम्” से इंग्लैंड के लोगों को परिचित कराया। वे एशियाटिक सोसाइटी के पहले अध्यक्ष बने और चार्ल्स विलकिंस को संस्कृत पढ़ने बनारस भेजा। उन्होंने चार्ल्स विलकिंस द्वारा अनुवादित गीता – “भगवद गीता - डायलॉग ऑफ श्रीकृष्णा एंड अर्जुन” का प्रकाशन कराया। इसकी भूमिका उन्होंने खुद लिखी थी। यह 1783 का वर्ष था। सर एडविन अर्नाल्ड ने 1885 में गीता का अनुवाद किया, जिसका शीर्षक था “द सॉन्ग सेलेशल”। इसी को पढ़कर महात्मा गांधी ने गीता के महत्व को समझा। पश्चिम के कई महान कवि लेखक भगवद् गीता से प्रेरित हुए हैं। इनमें एस टी कोलरिज, पी.बी. शैली, थॉमस कार्लाइल, अमेरिकन कवि एमर्सन, रॉबर्ट ब्राउनिंग, अलफ्रेड टेनिसन, विलियम ब्लैक, टी एस इलियट और डब्ल्यू.बी. यीटस और भी बहुत कवि दार्शनिक हैं, जिनकी एक लंबी सूची है। डॉ. एस. राधाकृष्णन ने गीता की व्याख्या कर स्टालिन का मन बदल दिया था। विनोबा भावे ने कहा था "गीता प्रवचन मेरी जीवन की गाथा है और वही मेरा संदेश है। (लेखक, मध्य प्रदेश शासन जनसम्पर्क विभाग में उप संचालक हैं।)
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भारत में वाहन पार्किंग की समस्या महत्त्वपूर्ण शहरी चुनौती है, जो न केवल यातायात के प्रवाह को प्रभावित करती है, बल्कि शहरी जीवन के मूल ढांचे को भी प्रभावित करती है। यह समस्या तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बढ़ते वाहन स्वामित्व और पुराने शहरी नियोजन के घालमेल से पैदा होती है, जो महानगरीय क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन के लिए जटिल दुविधा पैदा करती है। शहरों के विस्तार और वाहनों के स्वामित्व के अधिक सुलभ होने के साथ भारतीय शहरी केन्द्रों को वाहनों की बढ़ती संख्या को समायोजित करने में संघर्ष करना पड़ रहा है। पर्याप्त पार्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और आज के समय में वाहनों की संख्या के हिसाब से शहरों को डिज़ाइन न किए जाने के कारण बड़े पैमाने पर अवैध पार्किंग होती है। इससे न केवल सड़कें जाम होती हैं बल्कि पैदल चलने वालों के लिए बनी जगह भी कम पड़ जाती है। कई भारतीय शहरों की स्थापना प्राचीन या औपनिवेशिक काल में हुई थी और उनकी योजना आधुनिक यातायात की मांग को ध्यान में रखकर नहीं बनाई गई थी। संकरी गलियाँ और मिश्रित भूमि उपयोग के कारण पार्क किए गए और चलते वाहनों के भार से दबाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त, पार्किंग नियमों का ढीला-ढाला क्रियान्वयन तथा गैर-अनुपालन के प्रति सांस्कृतिक प्रवृत्ति स्थिति को और बिगाड़ देती है, जिससे शहरी स्थान अव्यवस्थित हो जाते हैं।पार्किंग की समस्या का सीधा कई क्षेत्रों पर पड़ता है। बेशुमार गाड़ियों के जाम से यात्रा का समय बढ़ जाता है, प्रदूषण स्तर बढ़ता है तथा शहरी जीवन की गुणवत्ता में गिरावट आती है। पैदल चलने वालों को विशेष रूप से परेशानी होती है क्योंकि पार्क किए गए वाहन अक्सर पैदल चलने के रास्तों पर अतिक्रमण कर लेते हैं। उन्हें मजबूरन सड़कों पर आना पड़ता है और उनकी सुरक्षा से समझौता होता है। आर्थिक दृष्टि से पार्किंग की कमी स्थानीय व्यवसायों को भी प्रभावित करती है क्योंकि भीड़भाड़ वाली सड़कें ग्राहकों को आकर्षित नहीं करती। पार्किंग स्थल की उच्च मांग से अचल संपत्ति की लागत भी बढ़ जाती है, जिससे हरित स्थलों की क़ीमत पर पार्किंग अवसंरचना के विकास को बढ़ावा मिलने से शहरी विस्तार और पर्यावरण क्षरण को बढ़ावा मिलता है। भारत में मोटर वाहनों से सम्बंधित मामले केंद्र और राज्य दोनों के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। हालांकि भारत के शहरों के लिए वाहनों की बढ़ती भीड़ एक बड़ी समस्या है लेकिन ऑटोमोबाइल उद्योग पर प्रतिबंध लगने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि इसकी आर्थिक और रोज़गार देने की क्षमता काफ़ी ठीक है जो भारत के लिए महत्त्वपूर्ण है। सभी पांच शहरों की पार्किंग नीतियाँ कुछ महत्त्वपूर्ण पहलुओं पर सहमत होती दिखती हैं। वे इस बात पर एकमत हैं कि पार्किंग मुफ़्त नहीं हो सकती और जहाँ भी सार्वजनिक स्थान का उपयोग किया जाता है, वहाँ शुल्क लिया जाना चाहिए क्योंकि 'मुफ़्त पार्किंग' की अवधारणा टिकाऊ नहीं है।पार्किंग समस्या के समाधान के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता है जिसमें पर्याप्त पार्किंग अवसंरचना का विकास, स्मार्ट पार्किंग प्रौद्योगिकियों को अपनाना और पार्किंग विनियमों का प्रवर्तन शामिल हो। उदाहरण के लिए, पार्किंग क्षेत्रों को परिभाषित करना और वाहन पहचान सेंसर और स्वचालित लाइसेंस प्लेट पहचान जैसी तकनीक का उपयोग करके पार्किंग प्रबंधन को सुव्यवस्थित किया जा सकता है। इसके अलावा, भूमि मूल्य और भीड़भाड़ के आधार पर पार्किंग शुल्क को समायोजित करके भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में अनावश्यक वाहन उपयोग को हतोत्साहित किया जा सकता है। बुनियादी ढांचे के समाधान के अलावा, सार्वजनिक परिवहन और टिकाऊ शहरी गतिशीलता प्रथाओं को बढ़ावा देने से पार्किंग दबाव कम हो सकता है। सार्वजनिक परिवहन, साइकिल और पैदल चलने के उपयोग को प्रोत्साहित करने से निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है, जिससे पार्किंग स्थलों की मांग कम हो सकती है।यह जरूरी नहीं है कि अच्छा सार्वजनिक परिवहन यातायात की भीड़ को काफी कम कर दे। भीड़भाड़ की स्थिति में सुधार करने के लिए, शहरों को निजी कारों के स्वामित्व और उपयोग के कार्यात्मक, मनोवैज्ञानिक और सांस्कृतिक मूल्यों को लक्षित करने वाली गतिविधियों के साथ ही अपनी सार्वजनिक परिवहन प्रणालियों को बेहतर बनाने के प्रयासों को मिलाकर काम करना होगा।भारत में वाहन पार्किंग की समस्या जटिल मुद्दा है जिसके लिए बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है। इसमें शहरी नियोजन, नीति सुधार, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक परिवर्तन शामिल हैं। इस चुनौती से सीधे निबटकर भारत अपनी शहरी गतिशीलता को बढ़ा सकता है, अपने नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकता है और टिकाऊ शहरी विकास के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है। आगे का रास्ता सरकार, निजी क्षेत्र और जनता के बीच बेहतर शहरी स्थानों की पुनर्कल्पना और पुनर्निर्माण के लिए सहयोगात्मक प्रयासों में निहित है।
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भारतीय संस्थानों से निकले एसटीईएम स्नातकों की एक बड़ी संख्या ऐसी है जिनमें आवश्यक कौशल का अभाव है। यह उद्योग और अनुसंधान प्रगति में बाधा डालता है। संस्थागत रैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए अनुसंधान आउटपुट पर ध्यान केंद्रित करने से कई शिक्षण-केंद्रित संस्थानों ने अक्सर निम्न-गुणवत्ता वाले आउटलेट में प्रकाशन पत्र और पेटेंट को प्राथमिकता दी है, कई संस्थानों में संकाय पर अत्यधिक बोझ है, पेशेवर विकास के लिए बहुत कम समय या प्रोत्साहन है। संकाय भर्ती अक्सर स्थानीयकृत होती है, जिससे शैक्षणिक प्रदर्शन और दृष्टिकोण की विविधता सीमित हो जाती है। क्वांटम कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी पहलों के लिए कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होती है लेकिन सीमित योग्य कर्मियों और अपर्याप्त प्रशिक्षण बुनियादी ढांचे के कारण इन पहलों का उपयोग कम होने का खतरा है। वर्तमान संरचना संसाधनों, पाठ्यक्रम या संकाय के आदान-प्रदान की सुविधा नहीं देती है, जिससे शिक्षा और अनुसंधान के बीच विभाजन मजबूत होता है, विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी में योगदान के अपने समृद्ध इतिहास के साथ, भारत अब एक ऐसे महत्त्वपूर्ण मोड़ पर है जहाँ देश में (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित) शिक्षा के भविष्य को आकार देने में प्रौद्योगिकी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। जैसे-जैसे दुनिया तेजी से डिजिटल होती जा रही है, शिक्षा में प्रौद्योगिकी का समावेश केवल चलन नहीं बल्कि एक आवश्यकता है।प्रौद्योगिकी छात्रों और शिक्षकों के बीच सहयोग को सुगम बनाती है। ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म और उपकरण परियोजनाओं पर वास्तविक समय में सहयोग को सक्षम करते हैं, टीमवर्क और संचार कौशल को प्रोत्साहित करते हैं। ये सहयोगात्मक अनुभव पेशेवर दुनिया में वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति की सहयोगात्मक प्रकृति को दर्शाते हैं। शिक्षा में प्रौद्योगिकी का एकीकरण कई लाभ लाता है, यह चुनौतियों को भी सामने लाता है जिन्हें व्यापक परिवर्तन के लिए सम्बोधित करने की आवश्यकता है। डिजिटल डिवाइड एक महत्त्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है, जिसमें प्रौद्योगिकी और इंटरनेट तक पहुँच में असमानताएँ हैं। इस अंतर को पाटना यह सुनिश्चित करने के लिए महत्त्वपूर्ण है कि सभी छात्रों को, उनकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना, प्रौद्योगिकी के उपयोग से लाभ उठाने के समान अवसर मिलें। शिक्षकों को भी अपने शिक्षण विधियों में प्रौद्योगिकी को प्रभावी ढंग से एकीकृत करने के लिए पर्याप्त प्रशिक्षण की आवश्यकता है। शिक्षकों के लिए निरंतर व्यावसायिक विकास के अवसर प्रदान करना सुनिश्चित करता है कि वे प्रौद्योगिकी के उपयोग को समझने के लिए अच्छी तरह से सुसज्जित हैं। इसके अतिरिक्त, शिक्षा में प्रौद्योगिकी के नैतिक उपयोग, जिसमें डेटा गोपनीयता और सुरक्षा शामिल है, जिसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करना और शिक्षा प्रौद्योगिकी उपकरणों के विकास में नैतिक प्रथाओं को सुनिश्चित करना महत्त्वपूर्ण कदम हैं।शिक्षण-केंद्रित संस्थानों के मूल्यांकन को अनुसंधान मेट्रिक्स से अलग करके, रैंकिंग अनुसंधान आउटपुट पर शिक्षण गुणवत्ता को प्रतिबिंबित कर सकती है, जिससे इन संस्थानों पर निम्न-गुणवत्ता वाले अनुसंधान को आगे बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है। शिक्षण संस्थानों को मूलभूत कौशल को मज़बूत करने के लिए विशेष रूप से प्रारंभिक वर्षों में, अनुसंधान पर शिक्षाशास्त्र को प्राथमिकता देनी चाहिए। एक समर्पित "शिक्षण ट्रैक" शुरू किया जा सकता है, जिससे शिक्षाशास्त्र में रुचि रखने वाले संकाय सदस्यों को अकेले अनुसंधान आउटपुट के बजाय अपने शिक्षण कौशल के आधार पर आगे बढ़ने की अनुमति मिल सके। अनुसंधान संस्थान संयुक्त डिग्री कार्यक्रम बनाने के लिए शिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी कर सकते हैं, जिससे उच्च प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अपना काम पूरा करने में मदद मिलेगी अनुसंधान-केंद्रित संस्थानों में अध्ययन। इस दृष्टिकोण का एक उदाहरण एनआईटी सूरत और आईआईटी बॉम्बे के बीच सहयोग है, जो छात्रों को एक प्रमुख संस्थान में उन्नत अध्ययन पूरा करने की अनुमति देता है। सरकारी फंडिंग को शिक्षण संस्थानों के भीतर शिक्षाशास्त्र में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की दिशा में निर्देशित किया जाना चाहिए। ये केंद्र शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यक्रम विकास और एसटीईएम शिक्षा में सर्वोत्तम प्रथाओं के केंद्र के रूप में काम करेंगे, जिससे बड़े अतिरिक्त संसाधनों की आवश्यकता के बिना प्रणालीगत सुधार होंगे।भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों के सामने आने वाली चुनौतियाँ एक बहुआयामी दृष्टिकोण की मांग करती हैं जिसमें पाठ्यक्रम आधुनिकीकरण, अनुसंधान वित्त पोषण, संकाय विकास और विविधता पहल शामिल हैं। सरकार और उद्योग के सहयोग में वृद्धि से समर्थित नीतिगत सुधार, अधिक गतिशील, उद्योग-संरेखित और समावेशी एसटीईएम पारिस्थितिकी तंत्र बना सकते हैं। भारत में शिक्षा प्रणाली को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिनमें शिक्षा तक असमान पहुँच, पुराना पाठ्यक्रम और अपर्याप्त धन शामिल है। हालाँकि, इन चुनौतियों के बावजूद, देश में सम्मानित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की संख्या बढ़ रही है और सरकार ने शिक्षा प्रणाली के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। शिक्षा में निरंतर निवेश के साथ भारत में सीखने और ज्ञान का एक अग्रणी केंद्र बनने और अपने सभी नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की क्षमता है।
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कुछ लोग ह्यूमर के नाम पर समाज में गंदगी फैला रहे हैं। ऐसा कंटेट प्रसारित कर रहे हैं जो चिंता का विषय है। विवाद बढ़ने के बाद ये अश्लील इंफ्लूएंसर अपनी करतूत पर माफ़ी मांग लेते हैं। सवाल यह है कि क्या इनकी शर्मनाक हरकत पर इनका माफ़ी मांग लेना काफ़ी है या बड़ा एक्शन होना चाहिये? सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर रणवीर इलाहाबादिया की 'इंडियाज गॉट लैटेंट' पर 'आपत्तिजनक' टिप्पणियों की निंदा की। ऐसे लोगों को कानूनी तौर पर तो सजा मिलनी ही चाहिए, अगर जनता गंदगी परोसने वाले ऐसे चैनलों और मंचों का बहिष्कार करना शुरू कर दे तो यह उनके लिए सबसे बड़ी सजा होगी। गंदगी परोसने वाले ऐसे सारे कार्यक्रम जो ओटीटी, टीवी आदि पर हैं, सब बंद होना चाहिए। ऐसा वल्गर कंटेंट हमारे देश की संस्कृति को तबाह कर देगी। यह निंदनीय है और सभ्य समाज के लिए ग़लत भी। ऐसे लोग सनातन धर्म और हिंद संस्कृति का बेड़ागर्क कर रहे हैं। ऐसी घिनौनी मानसिकता वाले लोगों को देखना व सुनना, आज के समाज का भी कसूर है। ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय ने रणवीर इलाहाबादिया के शब्दों के पीछे छिपे गहरे मुद्दों को उजागर करते हुए इसे "उनके दिमाग़ की गंदगी" कहा। इलाहाबादिया के शब्दों की निंदा करते हुए कहा कि उसकी भाषा से माता-पिता और बहनों को शर्म आएगी। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, इलाहाबादिया की टिप्पणियों की विकृत प्रकृति से "पूरा समाज शर्मिंदा महसूस करेगा।" यह मामला डिजिटल युग में प्रभावशाली व्यक्तियों और सामग्री निर्माताओं की जिम्मेदारी के बारे में व्यापक चर्चा को जन्म देता है। वैसे भी सार्वजनिक हस्तियों को अपनी भाषा के प्रयोग के प्रति सचेत रहना चाहिए क्योंकि इससे सामाजिक मूल्यों पर असर पड़ता है। समाज पर ऐसे युवा प्रतीकों के प्रभाव को कम आंकना मूर्खतापूर्ण होगा, विशेषकर युवा मस्तिष्कों और स्वस्थ समाज की बुनियादी संस्कृति पर। क्या यह काफ़ी बड़ा नहीं है? यह पूछना कि शो का कोई प्रतियोगी किस चीज के लिए कितना शुल्क लेगा, क्या इससे युवाओं की एक पूरी पीढ़ी भ्रष्ट नहीं होगी? तर्कहीन ढंग से और समाज के प्रति किसी जिम्मेदारी के बिना कही गई बातें। क्या आपके बच्चे नहीं हैं और न ही आपको उनकी परवाह है। सच तो यह है कि 'मजाक' के माध्यम से ऐसी अश्लीलता को सामान्य बनाना उसी मानसिकता को बढ़ावा देता है जो वास्तविक अपराधों को बढ़ावा देती है। समाज रातोंरात नहीं तबाह होता -इसकी शुरुआत असहनीय को सहन करने, घृणित को "सिर्फ हास्य" के रूप में नजरअंदाज करने और धीरे-धीरे नैतिक सीमाओं को ख़त्म करने से होती है। कानूनी कार्यवाही का मतलब सिर्फ़ व्यक्तियों को दंडित करना नहीं है। इसका उद्देश्य एक मिसाल क़ायम करना है कि कुछ चीजें स्वीकार्य नहीं हैं, चाहे लोग उन्हें कितना भी हास्यपूर्ण बताने की कोशिश करें। यदि वे सचमुच समाज को बेहतर बनाने के बारे में चिंतित हैं, तो उन्हें यह समझना चाहिए कि सांस्कृतिक पतन से लड़ना भी बड़े अपराधों से निपटने जितना ही महत्त्वपूर्ण है। यदि आप सोचते हैं कि हमें ऐसे घृणित 'मजाक' को नजरअंदाज कर देना चाहिए और केवल 'वास्तविक अपराधों' पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, तो आप यह समझने में विफल हैं कि समाज कैसे काम करता है। विकृत और अपमानजनक हास्य को सामान्य मानने से नैतिक सीमाएँ कमजोर होती हैं और लोग अस्वीकार्य चीजों के प्रति असंवेदनशील हो जाते हैं। कॉमेडी में बिना किसी परिणाम के कुछ भी कहने की छूट नहीं है। खासकर तब जब यह बहुत ही विचलित करने वाले क्षेत्र में प्रवेश कर जाए। कानून गरिमा को बनाए रखने और बुनियादी शालीनता के क्षरण को रोकने के लिए मौजूद हैं। अगर आप 'यह सिर्फ़ एक मज़ाक है' के नाम पर इसका बचाव कर रहे हैं, तो शायद असली मुद्दा यह है कि आप इस तरह की सामग्री के प्रभाव के प्रति बेपरवाह हो गए हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई बहुत ज़रूरी है। आपका यह तर्क कि हमें 'मजाक के बजाय वास्तविक अपराधों और समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए' मूर्खतापूर्ण और अपरिपक्व दोनों है। हास्य में शक्ति होती है और शक्ति के साथ जिम्मेदारी भी आती है। 'मजाक' कहलाने वाली हर बात हानिरहित नहीं होती। कुछ हास्य हानिकारक व्यवहार को सामान्य बना देता है। यदि कोई मज़ाक अनादर, असंवेदनशीलता या नैतिक सीमाओं को लांघने पर आधारित है, तो यह सवाल उठाना उचित है कि क्या यह समाज का उत्थान करता है या पतन करता है। आलोचना का मतलब 'घटिया मानसिकता' रखना नहीं है; यह संस्कृति पर विषय-वस्तु के प्रभाव को पहचानने के बारे में है। यदि कॉमेडी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता तो फिर वास्तव में संवेदनशील कौन है? अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर ऐसी सामग्री का बचाव करना केवल यह साबित करता है कि समाज में क्या स्वीकार्य है, इसके प्रति लोग कितने असंवेदनशील हो गए हैं। स्वतंत्रता का अभिप्राय है, सही समय पर सही यानी नैतिक कार्य करने की स्वतंत्रता। इसी प्रकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अभिप्राय है-उचित समय पर उचित बात कहने की स्वतंत्रता। इसके विपरीत कुछ भी, कभी भी कह देने की स्वतंत्रता, स्वच्छंदता है। स्वच्छंदता को ही अराजकता कहा जाता है। अतः स्वतंत्रता एक कानूनी प्रक्रिया है, इसके विपरीत स्वच्छंदता गैरकानूनी है। अभिव्यक्ति की स्वच्छंदता को प्रश्रय, सोशल मीडिया की गुणवत्ता की जगह मात्रा को अहमियत देने की व्यवस्था ने दिया है। लोग ज़्यादा व्यूज के लिए सस्ती लोकप्रियता हासिल करना चाहते हैं। लोग किसी भी तरह से पैसा और शोहरत हासिल करना चाहते हैं और इस तरह की उत्तेजना पैदा करने वाली बातें युवा वर्ग को आकर्षित करती हैं। इसलिए लोग भद्दी भाषा का प्रयोग करते हैं। अगर यूट्यूब, मात्रा की अपेक्षा गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करे तो ऐसे ओछे प्रयास बंद हो जायेंगे।
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संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 1992 में हर वर्ष 3 दिसम्बर को अंतर्राष्ट्रीय विकलांग दिवस के रूप में मनाने घोषणा की गयी। इसका उद्देश्य समाज के सभी क्षेत्रों में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को बढ़ावा देना और राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में दिव्यांग लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। मगर आज भी लोगों को तो इस बात का भी पता ही नहीं होता है कि हमारे आस-पास कितने दिव्यांग रहते हैं। उन्हे समाज में बराबरी का अधिकार मिल रहा है कि नहीं। किसी को इस बात की कोई फिक्र नहीं है। समाज में दिव्यांगता को एक सामाजिक कलंक के रूप में देखा जाता है। जिसे सुधारने की आवश्यकता है। इस वर्ष का विषय "समावेशी और टिकाऊ भविष्य के लिए विकलांग व्यक्तियों के नेतृत्व को बढ़ावा देना" विकलांग व्यक्तियों को अपने भाग्य को आकार देने और समाज में योगदान देने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए सशक्त बनाने के महत्व को रेखांकित करता है। सरकार द्वारा देश में दिव्यांगों के लिए कई नीतियां बनायी गयी हैं। उन्हें सरकारी नौकरियों, अस्पताल, रेल, बस सभी जगह आरक्षण प्राप्त है। दिव्यांगों के लिए सरकार ने पेशन की योजना भी चला रखी है। लेकिन ये सभी सरकारी योजनाएं उन दिव्यांगों के लिए महज एक मजाक बनकर रह गयी हैं। जब इनके पास इन सुविधाओं को हासिल करने के लिए दिव्यांगता का प्रमाणपत्र ही नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि शारीरिक रूप से अशक्त लोगों के पास एक ‘दिव्य क्षमता’ है और उनके लिए ‘विकलांग’ शब्द की जगह दिव्यांग शब्द का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने विकलांगों को दिव्यांग कहने की अपील की थी। जिसके पीछे उनका तर्क था कि शरीर के किसी अंग से लाचार व्यक्तियों में ईश्वर प्रदत्त कुछ खास विशेषताएं होती हैं। विकलांग शब्द उन्हे हतोत्साहित करता है। प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर देश के लोगों ने विकलांगो को दिव्यांग तो कहना शुरू कर दिया लेकिन लोगों का उनके प्रति नजरिया आज भी नहीं बदल पाया है। आज भी समाज के लोगों द्धारा दिव्यांगों को दयनीय दृष्टि से ही देखा जाता है। भले ही देश में अनेको दिव्यांगों ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया हो मगर लोगों का उनके प्रति वहीं पुराना नजरिया बरकरार है। दुनिया में अनेकों ऐसे उदाहरण मिलेंगे जो बताते हैं कि सही राह मिल जाये तो अभाव एक विशेषता बनकर सबको चमत्कृत कर देती है। भारत में दिव्यांगों की मदद के लिए बहुत सी सरकारी योजनाएं संचालित हो रही हैं। लेकिन इतने वर्षो बाद भी देश में आज तक आधे दिव्यांगों को ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र मुहैया कराया जा सका है। ऐसे में दिव्यांगों के लिए सरकारी सुविधाएं हासिल करना महज मजाक बनकर रह गया है। दुनिया में बहुत से ऐसे दिव्यांग हुए हैं जिन्होंने अपने साहस संकल्प और उत्साह से विश्व के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अपना नाम लिखवाया है। तैमूरलंग हाथ और पैर से शक्तिहीन था। मेवाड़ के राणा सांगा तो बचपन में ही एक आंख गंवाने तथा युद्ध में एक हाथ एक पैर तथा 80 घावों के बावजूद कई युद्धों में विजेता रहे थे। सिख राज्य की स्थापना करने वाले महाराजा रणजीत सिंह की एक आंख बचपन से खराब थी। सुप्रसिद्ध नृत्यांगना सुधाचंद्रन का दायां पैर नहीं है। फिल्मी गीतकार कृष्ण चंद्र डे तथा संगीतकार रविंद्र जैन देख नहीं सकते थे। पूर्व क्रिकेटर अंजन भट्टाचार्य मूक-बधिर थे। वर्ल्ड पैरा चैम्पियनशिप खेलों में झुंझुनू जिले के दिव्यांग खिलाड़ी संदीप कुमार व जयपुर के सुन्दर गुर्जर ने भाला फेंक प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीत कर भारत का मान बढ़ाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के अनुसार विश्व स्तर पर 15 प्रतिशत आबादी किसी न किसी प्रकार की विकलांगता के साथ रहती है। जबकि उसमें से 80 प्रतिशत से अधिक लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते हैं। जबकि भारत में 140 करोड़ से अधिक लोग है। इस आबादी का 2.2 प्रतिशत से अधिक लोग किसी न किसी रूप में गंभीर मानसिक या शारीरिक विकलांगता से पीड़ित हैं। आज के प्रगतिशील युग में जहाँ सभी लोगों के एकीकरण और समावेशन पर सतत विकास के प्रवेश द्वार के रूप में जोर दिया जाता है। भारत में विकलांग लोगों को वर्गीकृत करने वाले मानदंडों की सूची को 2016 में नया रूप दिया गया था। 2016 के आरपीडब्ल्यूडी अधिनियम पर आधारित संशोधित परिभाषा में एसिड हमलों से संबंधित शारीरिक विकृति और चोटों को विकलांगता के रूप में मान्यता देना भी शामिल है। जो इन पीड़ितों को विभिन्न प्रकार की सरकारी सहायता और समर्थन का हकदार बनाता है । दिव्यांगों के अधिकारों के लिए काम कर रहे संगठन नेशनल प्लेटफॉर्म फॉर द राइटस ऑफ डिसएबल्ड ने प्रधानमंत्री मोदी के दिव्यांग शब्द पर उनको पत्र लिखकर कहा कि था कि केवल शब्द बदलने मात्र से ही विकलांगों के साथ होने वाले व्यवहार के तौर-तरीके में कोई बदलाव नहीं आएगा। सबसे बड़ी जरूरत है विकलांगों से जुड़े अपयश, भेदभाव और हाशिए पर डालने के मुद्दों पर ध्यान देने की है। ताकि वो देश की राजनीति के साथ साथ आर्थिक, सामाजिक विकास में बेहतर भागीदारी कर सकें। भारत में आज भी दिव्यांगता प्रमाण पत्र हासिल करना किसी चुनौती से कम नहीं है। सरकारी कार्यालयों और अस्पतालों के कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी लोगों को मायूस होना पड़ता है। हालांकि सरकारी दावे कहते हैं कि इस प्रक्रिया को काफी सरल बनाया गया है, लेकिन हकीकत इससे काफी दूर नजर आती है। दिव्यांगता का प्रमाणपत्र जारी करने के सरकार ने जो मापदण्ड बनाये हैं। अधिकांश सरकारी अस्पतालों के चिकित्सक उनके अनुसार दिव्यांगो को दिव्यांग होने का प्रमाण पत्र जारी ही नहीं करते है। जिसके चलते दिव्यांग व्यक्ति सरकारी सुविधाएं पाने से वंचित रह जाते हैं। देश में दिव्यांगों को दी जाने वाली सुविधाएं कागजों तक सिमटी हुई हैं। अन्य देशों की तुलना में हमारे यहां दिव्यांगों को एक चौथाई सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही है। केन्द्र सरकार ने देशभर के दिव्यांग युवाओं को केन्द्र सरकार में सीधी भर्ती वाली सेवाओं के मामले में दृष्टि बाधित, बधिर और चलने-फिरने में दिव्यांगता या सेरेब्रल पल्सी के शिकार लोगों को उम्र में 10 साल की छूट देकर एक सकारात्मक कदम उठाया है। दिव्यांगता शारीरिक अथवा मानसिक हो सकती है किन्तु सबसे बड़ी दिव्यांगता हमारे समाज की उस सोच में है जो दिव्यांग जनों से हीन भाव रखती है। जिसके कारण एक असक्षम व्यक्ति असहज महसूस करता है। आधुनिक होने का दावा करने वाला हमारा समाज अब तक दिव्यांगों के प्रति अपनी बुनियादी सोच में कोई खास परिवर्तन नहीं ला पाया है। अधिकतर लोगों के मन में दिव्यांगों के प्रति तिरस्कार या दया भाव ही रहता है। ऐसे भाव दिव्यांगों के स्वाभिमान पर चोट करते हैं। भारत में दिव्यांगों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद इनकी परेशानियों को समझने और उन्हें जरूरी सहयोग देने में सरकार और समाज दोनों नाकाम दिखाई देते हैं। अब दिव्यांग लोगों के प्रति अपनी सोच को बदलने का समय आ गया है। दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में तभी शामिल किया जा सकता है जब समाज इन्हें अपना हिस्सा समझे। इसके लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान की जरूरत है। हाल के वर्षों में दिव्यांगों के प्रति सरकार की कोशिशों में तेजी आयी है। दिव्यांगों को कुछ न्यूनतम सुविधाएं देने के लिए प्रयास हो रहे हैं। हालांकि योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सरकार पर सवाल उठते रहे हैं। पिछले दिनों क्रियान्वयन की सुस्त चाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार भी लगायी थी। दिव्यांगों को शिक्षा से जोड़ना बहुत जरूरी है। मूक-बधिरों के लिए विशेष स्कूलों का अभाव है। जिसकी वजह से अधिकांश विकलांग ठीक से पढ़-लिखकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं बन पाते हैं।
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रामकृष्ण परमहंस भारत के एक महान संत, आध्यात्मिक गुरु एवं विचारक थे। इन्होंने सभी धर्मों की एकता पर जोर दिया। उन्हें बचपन से ही विश्वास था कि ईश्वर के दर्शन हो सकते हैं। अतः ईश्वर की प्राप्ति के लिए उन्होंने कठोर साधना और भक्ति का जीवन बिताया। स्वामी रामकृष्ण मानवता के पुजारी थे। साधना के फलस्वरूप वह इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि संसार के सभी धर्म सच्चे हैं और उनमें कोई भिन्नता नहीं। वे ईश्वर तक पहुँचने के भिन्न-भिन्न साधन मात्र हैं। 19 वीं शताब्दी में श्री रामकृष्ण परमहंस एक रहस्यमयी और महान योगी पुरुष थे। जिन्होंने काफी सरल शब्दों में अध्यात्मिक बातों को सामान्य लोगों के सामने रखा। जिस समय हिन्दू धर्म बड़े संकट में फंसा हुआ था उस समय श्री रामकृष्ण परमहंस ने हिन्दू धर्मं में एक नयी उम्मीद जगाई। रामकृष्ण के जीवन में अनेक गुरु आये पर अन्तिम गुरुओं का उनके जीवन पर बहुत प्रभाव पड़ा। एक थी भैरवी जिन्होंने उन्हें अपने कापालिक तंत्र की साधना करायी और दूसरे थे श्री तोतापुरी उनके अन्तिम गुरु। गंगा के तट पर दक्षिणेश्वर के प्रसिद्व मंदिर में रहकर रामकृष्ण मां काली की पूजा किया करते थे। गंगा नदी के दूसरे किनारे रहने वाली भैरवी को अनुभूति हुई कि एक महान संस्कारी व्यक्ति रामकृष्ण को उसकी दीक्षा की आवश्यकता है। गंगा पार कर वो रामकृष्ण के पास आयी तथा उन्हें कापालिक दीक्षा लेने को कहा। रामकृष्ण ने भैरवी द्वारा बतायी पद्धति से लगातार साधना कर मात्र तीन दिनों में ही सम्पूर्ण क्रिया में निपुण हो गये। रामकृष्ण के अन्तिम गुरु तोतापुरी थे जो सिद्ध तांत्रिक तथा हठ योगी थे। उन्होने रामकृष्ण को दीक्षा दी। रामकृष्ण को दीक्षा दी गई परमशिव के निराकार रुप के साथ पूर्ण संयोग की। पर आजीवन तो उन्होने मां काली की आराधना की थी। वे जब भी ध्यान करते तो मां काली उनके ध्यान में आ जाती और वे भावविभोर हो जाते। जिससे निराकार का ध्यान उनसे नहीं हो पाता था। तोतापुरी ध्यान सिद्ध योगी थे। उनको अनुभव हुआ कि रामकृष्ण के ध्यान में मां काली प्रतिष्ठित हैं। उन्होने शक्ति सम्पात के द्वारा रामकृष्ण को निराकार ध्यान में प्रतिष्ठित करने के लिये बगल में पड़े एक शीशे के टुकड़े को उठाया और उसका रामकृष्ण के आज्ञाचक्र पर आघात किया जिससे रामकृष्ण को अनुभव हुआ कि उनके ध्यान की मां काली चूर्ण-विचूर्ण हो गई हैं और वे निराकार परमशिव में पूरी तरह समाहित हो चुके हैं। वे समाधिस्थ हो गये। ये उनकी पहली समाधि थी जो तीन दिन चली। तोतापुरी ने रामकृष्ण की समाधी टूटने पर कहा। मैं पिछले 40 वर्षो से समाधि पर बैठा हूं पर इतनी लम्बी समाधी मुझे कभी नही लगी। श्री रामकृष्ण परमहंस का जन्म पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में कामारपुकुर नामक गांव में 18 फरवरी 1836 को एक निर्धन निष्ठावान ब्राहमण परिवार में हुआ था। इनके जन्म पर ही ज्योतिषियों ने रामकृष्ण के महान भविष्य की घोषणा कर दी थी। ज्योतिषियों की भविष्यवाणी सुन इनकी माता चन्द्रा देवी तथा पिता खुदिराम अत्यन्त प्रसन्न हुए। इनको बचपन में गदाधर नाम से पुकारा जाता था। पांच वर्ष की उम्र में ही वो अदभुत प्रतिभा और स्मरणशक्ति का परिचय देने लगे। अपने पूर्वजों के नाम व देवी- देवताओं की स्तुतियां, रामायण, महाभारत की कथायें इन्हे कंठस्थ याद हो गई थी। 1843 में इनके पिता का देहांत हो गया तो परिवार का पूरा भार इनके बड़े भाई रामकुमार पर आ पड़ा था। रामकृष्ण जब नौ वर्ष के हुए इनके यज्ञोपवीत संस्कार का समय निकट आया। उस समय एक विचित्र घटना हुई। ब्राह्मण परिवार की परम्परा थी कि नवदिक्षित को इस संस्कार के पश्चात अपने किसी सम्बंधी या किसी ब्राह्मण से पहली शिक्षा प्राप्त करनी होती थी। एक लुहारिन जिसने रामकृष्ण की जन्म से ही परिचर्या की थी। बहुत पहले ही उनसे प्रार्थना कर रखी थी कि वह अपनी पहली भिक्षा उसके पास से प्राप्त करे। लुहारिन के सच्चे प्रेम से प्रेरित हो बालक रामकृष्ण ने वचन दे दिया था। अतः यज्ञोपवीत के पश्चात घर वालों के लगातार विरोध के बावजूद इन्होंने ब्राह्मण परिवार में प्रचलित प्रथा का उल्लंघन कर अपना वचन पूरा किया और अपनी पहली भिक्षा उस लुहारिन से प्राप्त की। यह घटना सामान्य नहीं थी। सत्य के प्रति प्रेम तथा इतनी कम उम्र में सामाजिक प्रथा के इस प्रकार उपर उठ जाना रामकृष्ण की आध्यात्मिक क्षमता और दूरदर्शिता को ही प्रकट करता है। रामकृष्ण का मन पढ़ाई में न लगता देख इनके बड़े भाई इन्हे अपने साथ कलकत्ता ले आये और अपने पास दक्षिणेश्वर में रख लिया। यहां का शांत एवं सुरम्य वातावरण रामकृष्ण को अपने अनुकूल लगा। 1858 में इनका विवाह शारदा देवी नामक पांच वर्षीय कन्या के साथ सम्पन्न हुआ। जब शारदा देवी ने अपने अठारहवें वर्ष मे पदार्पण किया तब श्री रामकृष्ण ने दक्षिणेश्वर के अपने कमरे में उनकी षोड़शी देवी के रूप में आराधना की। यही शारदा देवी रामकृष्ण संघ में माताजी के नाम से परिचित हैं। रामकृष्ण परमहंस के पास जो कोई भी जाता वह उनकी सरलता, निश्चलता, भोलेपन और त्याग से इतना अभिभूत हो जाता कि अपना सारा पांडित्य भूलकर उनके पैरों पर गिर पड़ता था। गहन से गहन दार्शनिक सवालों के जवाब भी वे अपनी सरल भाषा में इस तरह देते कि सुनने वाला तत्काल ही उनका मुरीद हो जाता। इसलिए दुनियाभर की तमाम आधुनिक विद्या, विज्ञान और दर्शनशास्त्र पढ़े महान लोग भी जब दक्षिणेश्वर के इस निरक्षर परमहंस के पास आते तो अपनी सारी विद्वता भूलकर उसे अपना गुरू मान लेते थे।इनके प्रमुख शिष्यों में स्वामी विवेकानन्द, दुर्गाचरण नाग, स्वामी अद्भुतानंद, स्वामी ब्रह्मानंदन, स्वामी अद्यतानन्द, स्वामी शिवानन्द, स्वामी प्रेमानन्द, स्वामी योगानन्द थे। श्री रामकृष्ण के जीवन के अन्तिम वर्ष कारुण रस से भरे थे। 15 अगस्त 1886 को अपने भक्तों और स्नेहितों को दुख के सागर में डुबाकर वे इस लोक में महाप्रयाण कर गये। रामकृष्ण परमहंस महान योगी, उच्चकोटि के साधक व विचारक थे। सेवा पथ को ईश्वरीय, प्रशस्त मानकर अनेकता में एकता का दर्शन करते थे। सेवा से समाज की सुरक्षा चाहते थे। रामकृष्ण का सारा जीवन अध्यात्म-साधना के प्रयोगों में बीता। वे लगातार कई घंटों तक समाधि में लीन हो जाते थे। चौबीस घंटे में बीस-बीस घंटों तक वे उनसे मिलनेवाले लोगों का दुख-दर्द सुनते और उसका समाधान भी बताते। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के भोले प्रयोगवाद में वेदांत, इस्लाम और ईसाइयत सब एक रूप हो गए थे। निरक्षर और पागल तक कहे जाने वाले रामकृष्ण परमहंस ने अपने जीवन से दिखाया था कि धर्म किसी मंदिर, गिरजाघर, विचारधारा, ग्रंथ या पंथ का बंधक नहीं है। रामकृष्ण परमहंस मुख्यतः आध्यात्मिक आंदोलन के प्रणेता थे। जिन्होंने देश में राष्ट्रवाद की भावना को आगे बढ़ाया। उनकी शिक्षा जातिवाद एवं धार्मिक पक्षपात को नकारती हैं। विभिन्न धर्मों के माध्यम से रामकृष्ण के रहस्यमय अनुभवों ने उन्हें यह सिखाने के लिए प्रेरित किया कि विभिन्न धर्म पूर्ण ज्ञान और आनंद तक पहुँचने के अलग-अलग साधन हैं और विभिन्न धर्म पूर्ण सत्य की समग्रता को व्यक्त नहीं कर सकते हैं लेकिन इसके पहलुओं को व्यक्त कर सकते हैं। स्वामी रामकृष्ण परमहंस के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिये उनके परम् शिष्य स्वामी विवेकानन्द ने एक मई 1897 को बेलुड़ में रामकृष्ण मिशन की स्थापना की। इस मिशन की स्थापना के केंद्र में वेदान्त दर्शन का प्रचार-प्रसार है। रामकृष्ण मिशन के उद्देश्य मानवता के सर्वांगीण कल्याण के लिए काम करना, विशेष रूप से गरीबों और दलितों के उत्थान के लिए।
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हृदयनारायण दीक्षित भारतीय संस्कृति अति प्राचीन है। यूरोप की सभ्यता पर यूनानी प्रभाव है। यूनान जर्मनी से पहले सभ्य हुआ। भारत यूनान से पहले। यूनानी दर्शन ईसा के 500-600 वर्ष पहले शुरू हुआ। इसके सैकड़ों बरस पहले भारत का वैदिक दर्शन प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका था। यूनानी सभ्यता की विकास भूमि क्रीट द्वीप है। क्रीट की कला के विश्लेषक रैनोल्ड हिगिंस के अनुसार ईसा के 2800 बरस पहले लघु एशिया के प्रवासी वहां सभ्यता ले गए। क्रीट के क्रोसोस नगर के प्रथम शासक मिनोस के नाम पर इसे ‘मिनोअन सभ्यता‘ कहा गया। मिकनी नगर यूनानी सभ्यता का केन्द्र बना। यह सभ्यता मखदूनिया, साइप्रस और इटली तक फैली। मिस्र से निकाले गए हुक्सोस मिकनी के शासक थे। टायनबी ने इन्हें आर्य व हिगिंस ने इन्हें भारतीय कहा। भाषा वैज्ञानिक वामपंथी विद्वान डॉ. रामविलास शर्मा ने बताया कि, ‘‘आर्य भाषा बोलने वाले भारतीय मिनोअन-मिकीनियन राज्यों के संस्थापक थे।‘‘ यूनानी सभ्यता, संस्कृति और दर्शन का विकास भारतीय सम्बंधों से हुआ। ऋग्वेद के मनु, मिस्र के प्रथम राजा मेनस और यूनान (क्रीट) के प्रथम शासक मिनोस भाषा की दृष्टि से संस्कृत के और संस्कृति की दृष्टि से भारतीय तत्व हैं। इंग्लैंड की सभ्यता यूनान से प्रेरित है। उन्होंने लैटिन, ग्रीक, मिस्र से संस्कृति और सभ्यता के तत्व पाए। भारतीय संपर्क से उन्हें पुष्ट किया। अंग्रेजी स्वयं में व्यवस्थित भाषा नहीं है। संस्कृत के तमाम शब्द अंग्रेजी में हैं। संस्कृत का दिव्य ही अंग्रेजी का डिवाइन है। अंग्रेजी का ब्रदर संस्कृत का भ्रात है, फादर संस्कृत का पितृ है और मदर संस्कृत की मातृ है। गोदाम अंग्रेजी में गोडाउन है। पी.जी. सुब्बाराव ने ‘इंडियन वर्ड्स इन इंग्लिश‘ में ऐसे सैकड़ों दिलचस्प शब्दों की सूची दी है। अंग्रेजों ने जर्मन, फ्रेंच से भाषा के संस्कार पाए, रोमन लिपि अपनाई। भाषा विज्ञानी अलब्राइट व लैम्बिडन ने सुमेरी को प्राचीनतम लिखित भाषा बताया। इनके मुताबिक पश्चिम को सुमेरी ने प्रभावित किया। उन्होंने बताया अंग्रेजी ‘ऐबिस‘ सुमेरी का अब्ज (पृथ्वी के नीचे का जल) है। यूनानी में वह अबुस्सास है। बेबीलोन में इसे अप्सु कहते हैं। लेकिन ऋग्वेद (1.23.19, 9.43.9 और 9.30.5 आदि) में जलवाची अप और अप्सु शब्द भरे पड़े हैं। मिस्त्री, सुमेरी और संस्कृत में भूतल जल पर एक शब्दावली है। ऋग्वेद पुराना है, जाहिर है कि संस्कृत ही सबसे पहले सृष्टि के आदि तत्व ‘जल‘ की बोली बनी। विलियम जोन्स ने कहा कि, ‘‘संस्कृत ग्रीक से अधिक निर्दोष, लैटिन से अधिक समृद्ध और इनमें किसी से भी अधिक उत्कृष्ट है। इसके बावजूद धातुओं और व्याकरणिक रूपों में यह इन दोनों से प्रगाढ़ सम्बंध रखती है, इतना प्रगाढ़ कि कोई भाषाविद् इनका एक ही स्रोत माने बिना छानबीन नहीं कर सकता।‘‘ संस्कृत जाने बिना विश्व भाषा विज्ञान, विश्व भाषा परिवार, सृष्टि संरचना और विश्व सांस्कृतिक सम्बंधों का अध्ययन विश्लेषण संभव नहीं। भारत सांस्कृतिक तत्वों का भी निर्यातक था। पश्चिम एशिया में रूद्र-शिव की उपासना थी। गूर्ने ने ‘दि हिटटाइटस‘ (पृष्ठ 134) में बताया कि वे हित्तियों के विशेष देवता थे, उनके अनेक रूप थे। सीरिया के शिल्प में वह परशु चलाते हुए बिजली कौँधने के प्रतीक हैं। यूनानी (मिनोअन) संस्कृति में भी परशु खास प्रतीक हैं। इबान्स के मुताबिक यह परशु मिनोअन देवी और उसके पुरुष देवता का चिन्ह था। इसी परशु का उल्लेख ऋग्वेद में है। पश्चिमी भारत से दक्षिणी यूरोप, फिर उत्तरी यूरोप होते हुए परशु नाम का देव प्रतीक इंग्लैंड तक पहुंचा। अंग्रेजी विद्वान सम्भवतः नहीं मानते कि रुद्र का शिवत्व प्रागैतिहासिक काल में भी है। ऋग्वेद में वे अरुण-रूद्र हैं। वे जटाधारी भी हैं। यजुर्वेद में वे नमः शम्भवाय-नमः शिवाय भी हैं। जैसे सीरिया में वे बिजली कौँधने के प्रतीक हैं वैसे ही उसके बहुत पहले ऋग्वेद (7.46.3) में वे आकाश से बिजली गिराते हैं। यहां उनसे अमृत्व की महामृत्युंजय स्तुति (7.59.12) है। सभ्यता, संस्कृति, देवतंत्र, दर्शन, भौतिकी और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान का आदि केन्द्र भारत है। यूरोपीय विद्वान एच.एस. मेन ने लिखा था, ‘‘बीजगणित, अंकगणित में पश्चिमी सहायता के बिना ही ऊंचे दर्जे की दक्षता है। दशमलव प्रणाली के अविष्कार का हम पर ऋण है। अरबों ने अंक हिन्दुओं से पाए, यूरोप में फैलाए। यूरोपीय चिकित्सा पद्धति 17वीं सदी तक अरबी चिकित्सा थी।‘‘ विलियम हंटर ने लिखा था कि, ‘‘पश्चिम के विद्वान जब भाषा विज्ञान का विवेचन आकस्मिक समानताओं के आधार पर कर रहे थे, उस समय भारत में व्याकरण को मूल सिद्धांतों का रूप मिल चुका था।‘‘ सारा ज्ञान विज्ञान, संस्कृति दर्शन संस्कृत में है, हिन्दी में भी है। बावजूद इसके अंग्रेजी पर जोर है, अंग्रेजी का शोर है। सवाल यह है कि जो संस्कृत और हिन्दी काव्य, साहित्य, दर्शन, विज्ञान, प्रीति और प्रेम की सहज अभिव्यक्ति है, वही विज्ञान और व्यापार की सशक्त भाषा क्यों नहीं है? भारत प्राचीनतम व अद्वितीय राष्ट्र है। मैक्समूलर ने लिखा, ‘‘भारत के मानवी-मस्तिष्क ने कुछ सर्वोत्तम गुणों का पूर्ण विकास किया है। जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं पर भारत द्वारा प्राप्त हल प्लेटो और कांट के दर्शन का अध्ययन किए हुए लोगों के लिए (भी) विचार करने योग्य है। यूनानी, रोमन और एक सेमेटिक जाति यहूदी के विचार मात्र पर पालित-पोषित यूरोप के हम लोग जीवन को अधिक परिपक्व, अधिक व्यापक, अधिक सार्वलौकिक, दरअसल सच्चे मानवीय बनाने के लिए भारत की ओर ही देखते हैं।‘‘ भारतीय संस्कृति दर्शन की ऐसी प्रतिष्ठा पर गर्व करना चाहिए। स्वाधीनता संग्राम की भाषा मातृभाषा हिंदी थी लेकिन नए प्रभुवर्ग अंग्रेजी को वरीयता देते रहे हैं। गांधीजी ने कहा था, ‘‘अंग्रेजी ने हिंदुस्तानी राजनीतिज्ञों के मन में घर कर लिया है। मैं इसे अपने देश और मनुष्यत्व के प्रति अपराध मानता हूं।‘‘ (संपूर्ण गांधी वांगमय 29-312) संस्कृति, सृजन और संवाद की भाषा हिंदी है। बावजूद इसके अंग्रेजी का मोह बढ़ा, अंग्रेजी स्कूल बढ़े, अंग्रेजी प्रभुवर्ग की भाषा बनी। हिंदी का अंग्रेजीकरण भी हुआ। टीवी सिनेमा ने नई ‘संकर भाषा‘ को गले लगाया। हिंदी सौंदर्य और कला में व्यक्त करने का माध्यम थी-है। अंग्रेजीकृत हिंदी-हिंगलिश-मिश्रित बोली ने भारतीय सौंदर्यबोध को विकृत किया। अंग्रेजी मिश्रित हिंदी शैंपू और दाद खाज की दवा बेचने का माध्यम हो सकती है लेकिन सृजन और संवाद की भाषा नहीं हो सकती। स्वभाषा के बिना संस्कृति निष्प्राण होती है। लॉर्ड मैकाले ने ब्रिटिश संसद में कहा था, ‘‘उच्चतर जीवन मूल्य और उत्कृष्ट क्षमताओं को देखते हुए भारतीयों पर तब तक विजय प्राप्त नहीं की जा सकती, जब तक वहां की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक परंपरा की सशक्त रीढ़ नहीं तोड़ी जाती। इसलिए मेरा प्रस्ताव है कि भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति, संस्कृति को विस्थापित करें कि भारतवासी विदेशी और अंग्रेजी को श्रेष्ठ समझते हुए स्वसंस्कृति और स्वाभिमान खोकर हमारी इच्छा अनुरूप शासित राष्ट्र हो जाएं।‘‘ वे असफल हुए। इसका कारण भारत की सांस्कृतिक निरंतरता है। (लेखक, उत्तर प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हैं।)
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स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध एक वैश्विक बहस का विषय बन गया है। जबकि कुछ देशों ने स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, अन्य देशों ने इसके उपयोग को कानूनी दायरे में लाने का फैसला किया है। यूनेस्को की ग्लोबल एजुकेशन मॉनिटरिंग (जेम) टीम के अनुसार, कम से कम 79 शिक्षा प्रणालियों ने स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो बच्चों के शिक्षा और गोपनीयता पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं।फ्रांस में वर्ष 2018 में स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया था जो छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षिक प्रदर्शन पर इसके प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त करता था। इसी तरह, कुछ ऑस्ट्रेलियाई और ब्रिटिश स्कूलों ने भी स्कूल घंटों के दौरान स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो विचलित होने और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव के बारे में चिंता व्यक्त करते हैं।अन्य देशों ने भी स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए हैं। चीन के झेंगझओए शहर में, माता-पिता को अपने बच्चों को प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में स्मार्टफोन का उपयोग करने के लिए लिखित सहमति देनी होती है। इसके अलावा, कुछ देशों ने गोपनीयता की चिंताओं के कारण शैक्षिक सेटिंग्स से विशिष्ट अनुप्रयोगों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। डेनमार्क और फ्रांस ने दोनों ने गूगल वर्कस्पेस पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि जर्मनी के कुछ राज्यों ने माइक्रोसॉफ्ट उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है।इसके विपरीत, कुछ देशों ने स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को विनियमित करने का फैसला किया है, इसके बजाय प्रतिबंध लगाने के। यह दृष्टिकोण शैक्षिक सेटिंग्स में स्मार्टफोन के संभावित लाभों को स्वीकार करता है, जैसे कि ऑनलाइन संसाधनों तक पहुंच और छात्रों और शिक्षकों के बीच संचार को सुविधाजनक बनाने की क्षमता। भारत में, उदाहरण के लिए, सरकार ने स्कूलों में स्मार्टफोन के जिम्मेदार उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो शिक्षकों को इन उपकरणों को शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले तरीके से अपने शिक्षण प्रथाओं में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।सिंगापुर ने भी स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग को विनियमित करने के लिए कई पहल शुरू की हैं, जिनमें मोबाइल डिवाइस प्रबंधन सॉफ्टवेयर का उपयोग शामिल है ताकि स्मार्टफोन के उपयोग पर निगरानी और नियंत्रण किया जा सके। इसी तरह, कुछ कनाडाई स्कूलों ने स्कूल घंटों के दौरान स्मार्टफोन के उपयोग को विनियमित करने के लिए नीतियां लागू की हैं, जिनमें निर्दिष्ट "टेक-फ्री" क्षेत्रों का उपयोग शामिल है।स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने या इसके उपयोग को विनियमित करने का निर्णय शैक्षिक समुदाय की विशिष्ट आवश्यकताओं और चिंताओं सहित विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है। इसके बजाय एक समग्र प्रतिबंध लगाने के बजाय, स्कूलों और सरकारों को एक संतुलन खोजने का प्रयास करना चाहिए जो छात्रों को स्मार्टफोन के लाभों का लाभ उठाने की अनुमति देता है जबकि जोखिमों को कम करता है।स्पष्ट नीतियों को लागू करके, छात्रों और शिक्षकों को शिक्षित करके, और स्मार्टफोन के उपयोग पर निगरानी करके, स्कूल स्मार्टफोन के उपयोग को विनियमित करने में मदद कर सकते हैं जो शिक्षा, सुरक्षा और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देता है। इसके अलावा, स्कूल स्मार्टफोन की लत और संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने के लिए शारीरिक गतिविधि और आउटडोर प्ले को बढ़ावा दे सकते हैं।भारत सरकार ने स्कूली छात्रों में स्मार्टफोन की लत के मुद्दे को हल करने के लिए कई कदम उठाए हैं। मुख्य उपायों में से एक स्कूलों में जिम्मेदार स्मार्टफोन उपयोग के लिए दिशानिर्देश जारी करना है। ये दिशानिर्देश शिक्षकों को अपने शिक्षण प्रथाओं में स्मार्टफोन को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं जो शिक्षा और सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं।स्मार्टफोन के उपयोग को विनियमित करने के लिए, कुछ भारतीय स्कूलों ने परिसर के आसपास मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अन्य लोग दिन के विशिष्ट समय या स्कूल के क्षेत्रों में फोन के उपयोग को प्रतिबंधित करने की सिफारिश करते हैं। यह दृष्टिकोण विचलित होने को कम करता है और एक स्वस्थ शिक्षा वातावरण को बढ़ावा देता है।स्मार्टफोन की लत बच्चों पर कई नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है, जिनमें ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी, साइबर बुलिंग का खतरा बढ़ना और शारीरिक गतिविधि में कमी शामिल है। इसके अलावा, अत्यधिक स्मार्टफोन के उपयोग को कई नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य परिणामों से जोड़ा गया है, जिनमें चिंता, अवसाद और अकेलापन शामिल हैं। इन जोखिमों को कम करने के लिए, स्कूल और माता-पिता कई कदम उठा सकते हैं, जिनमें स्मार्टफोन के उपयोग पर सीमाएं निर्धारित करना, शारीरिक गतिविधि और आउटडोर प्ले को प्रोत्साहित करना और डिजिटल साक्षरता और जिम्मेदार प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना शामिल है।स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर बहस जटिल और बहुआयामी है। जबकि कुछ देशों ने स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है, अन्य देशों ने इसके उपयोग को विनियमित करने का फैसला किया है। स्मार्टफोन के लाभों का लाभ उठाने की अनुमति देते हुए छात्रों को जोखिमों को कम करने के लिए एक संतुलन खोजने से, स्कूल और सरकारें छात्रों के लिए एक स्वस्थ और समर्थनकारी शिक्षा वातावरण बनाने में मदद कर सकती हैं।अंततः, स्कूलों में स्मार्टफोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने या इसके उपयोग को विनियमित करने का निर्णय कई कारकों पर निर्भर करता है, जिनमें शैक्षिक समुदाय की विशिष्ट आवश्यकताओं और चिंताओं शामिल हैं। स्कूल, सरकारें और माता-पिता मिलकर काम करके यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि छात्र स्मार्टफोन का उपयोग शिक्षा, सुरक्षा और जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा देने वाले तरीके से करते हैं।
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भोपाल । प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था में रिक्त पदों के विरूद्ध सत्र 2024-25 में अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली गई हैं। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस शैक्षणिक वर्ष में विद्यालय में व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित करने के लिये अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 30 अप्रैल 2025 तक बढ़ा दी हैं।जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मोदी ने गुरुवार को बताया कि इस संबंध में संचालनालय ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, संकूल प्राचार्य और शाला प्रभारियों को निर्देश जारी किये गये हैं।
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देवास । बिना रेलिंग के तालाब में एक कार गिरने की घटना सामने आई है...घटना के समय कार में एक दम्पत्ति सवार था...जिसने जैसे तैसे कार का गेट खोलकर लोगों की मदद से अपनी जान बचाई गाड़ी के जिस से एक बड़ा हादसा होते होते बच गया... खातेगांव में एक दंपति सवार कार मोड़ने के दौरान बिना रेलिंग के तालाब में जा गिरी...बड़ी मुश्किल से कार का गेट खोलकर लोगों की मदद से दम्पत्ति ने अपनी जान बचाई...जिस जगह वह तालाब है...उसके पास प्राइवेट अस्पताल और रेस्टोरेंट है...जहाँ अक्सर भीड़ देखी जाती है...बिना रेलिंग के तालाब में आए दिन ऐसी घटनाएं सामने आती है...फिलहाल हुई घटना में कोई जनहानि तो नहीं हुई...लेकिन तालाब में रेलिंग लगाने की आवाज उठी है...
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हल्द्वानी । नगर निगम मेयर गजराज सिंह बिष्ट लगातार ताबड़तोड़ एक्शन में जुटे हैं...गजराज बिष्ट ने नगर निगम की खाली पड़ी जमीनों का स्थलीय निरीक्षण किया...और जनहित के कार्यों को करने के निर्देश दिए...इस दौरान नगर आयुक्त ऋचा सिंह और सहायक नगर आयुक्त गणेश भट्ट सहित नगर निगम की टीम मौजूद रही... मंगल पड़ाव, मछली बाजार और वर्कशॉप लाइन में नगर निगम क्षेत्र में खाली पड़ी जमीनों के निरीक्षण के दौरान नगर निगम मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने फड़ बाजार, पार्किंग और गोदाम सहित अन्य जनहित के कार्यों को करने के निर्देश दिए....उन्होंने बताया कि नगर निगम की आय बढ़ाने और जनता को सुविधा पहुंचाने की दृष्टि से लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं साथ ही हल्द्वानी को सुंदर और सुसज्जित बनाने के लिए अतिक्रमण हटाने का अभियान भी लगातार जारी है...
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ग्वालियर: ग्वालियर का 118 साल पुराना ऐतिहासिक व्यापार मेला इस साल अपेक्षाकृत कम सैलानियों के आने से मायूस नजर आ रहा है। जहां पहले सालों तक व्यापारियों के लिए यह मेला एक अच्छा अवसर बनता था, वहीं इस वर्ष दुकानदारों के चेहरे पर निराशा छाई हुई है। महाकुंभ को बताया कारण, लेकिन अन्य समस्याएं भी हैं कपड़े के दुकानदारों ने बताया कि पहले की तरह मेला इस साल नहीं चल पा रहा है। उनके मुताबिक, खर्च भी पूरा नहीं हो पा रहा है, और इसका मुख्य कारण प्रयागराज में चल रहा महाकुंभ है। लेकिन यह केवल एक कारण नहीं है, बल्कि मेला परिसर की अन्य समस्याएं भी बड़ी वजह बन रही हैं। मेला दुकानदार कल्याण संघ के अध्यक्ष बलवीर सिंह ने बताया कि सैलानियों की कमी के अलावा, मेला परिसर में गंदगी, सुलभ शौचालयों की कमी और सड़क पर हाथ ठेले वाले फुटपाथी व्यापारियों की समस्याएं भी अहम कारण हैं। चाट व्यापारी ने कहा – घाटे में जा रही दुकानें चाट के व्यापारी ने भी अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष उनकी दुकान घाटे में जा रही है। उन्हें अपनी पूंजी वापस निकालने में भी कठिनाई हो रही है, क्योंकि सैलानी कम आने के कारण ग्राहक भी नहीं मिल रहे हैं।
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मध्य प्रदेश में गौ संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने कई योजनाएं चलाई हैं, लेकिन धरातल पर इन योजनाओं का प्रभाव नदारद है। सिंगरौली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां सरकारी योजनाओं की असलियत उजागर हो रही है। गौशाला में भूसा और चारे की भारी कमी नगर पालिक निगम सिंगरौली देवरा में एक गौशाला संचालित की जा रही है, जिसमें लगभग 50 गोवंश मौजूद हैं। लेकिन यहां इन गायों को खिलाने के लिए आवश्यक भूसा और चारा उपलब्ध नहीं है। स्थिति इतनी गंभीर है कि पांच दिन से ज्यादा समय से गायें भूखी हैं। इस लापरवाही ने गौशाला के संचालन पर सवाल उठाए हैं और इसे जांच का विषय बना दिया है। लापरवाही पर उठे सवाल गायों के प्रति इस तरह की लापरवाही ने स्थानीय लोगों और पशुपालकों को चिंतित कर दिया है। जब गौशाला में भोजन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, तो यह सरकारी नीतियों और योजनाओं की असफलता को दिखाता है। गायों के संरक्षण के लिए बनाई गई योजनाएं अगर कागजों तक सीमित रहती हैं और उनका पालन सही तरीके से नहीं होता, तो इसका नकारात्मक प्रभाव पूरे संरक्षण अभियान पर पड़ता है। क्या सरकार इस मुद्दे पर ध्यान देगी? इस मामले में अब यह देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए गायों के संरक्षण और उनकी देखभाल के लिए जरूरी कदम उठाते हैं या नहीं। फिलहाल, यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन चुका है, और गौवंश की देखभाल में सुधार की आवश्यकता महसूस हो रही है।
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गुना, मध्य प्रदेश: गुना जिले के बजरंगगढ़ इलाके में एक युवक के साथ हुई अमानवीय घटना ने सभी को चौंका दिया है। पारदी गैंग के सदस्यों ने युवक का अपहरण कर उसे नग्न अवस्था में बेरहमी से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया गया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना का विवरण यह मामला लगभग 24 दिन पुराना है, लेकिन हाल ही में सामने आए वीडियो ने इस घटना की बर्बरता को उजागर किया है। पीड़ित युवक का आरोप है कि पारदी गैंग के सदस्यों ने उसे जबरन अगवा किया और गढ़ला गांव ले जाकर उसके कपड़े उतरवाए। इसके बाद उसे जूते से पीटा गया और कड़ाकड़ाती सर्दी में उसके ऊपर ठंडा पानी भी डाला गया। पुलिस की कार्रवाई घटना के बाद, पीड़ित युवक किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा और उसने अपने परिवार को इस घटना के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। हालांकि, इस घटना में शामिल आरोपी अभी भी फरार हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या पुलिस अपराधियों को पकड़ने में सक्षम होगी। समाज पर प्रभाव इस तरह की घटनाएं यह दर्शाती हैं कि अपराधियों के हौंसले किस कदर बुलंद हैं। समाज में इस प्रकार की बर्बरता के खिलाफ आवाज उठाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे अपराधियों को सख्त सजा मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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ग्वालियर, 12 फरवरी : ग्वालियर के डबरा शहर में एक मोमोज विक्रेता के साथ मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। घटना उस समय हुई जब विक्रेता ने अपने ग्राहकों से पैसे मांगे, जिसके बाद दो व्यक्तियों ने उसकी बर्बरता से पिटाई की। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मोमोज विक्रेता के साथ मारपीट की घटनाग्वालियर के डबरा शहर में एक मोमोज विक्रेता के साथ दो लोगों ने पैसे मांगने के मुद्दे पर मारपीट की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज किया। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। व्यापार मेले में आग का तांडव, करोड़ों का नुकसानग्वालियर व्यापार मेले में एक अन्य गंभीर घटना घटी, जब छतरी नंबर 14 के पास भीषण आग लग गई। आग ने 8 से 10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 8 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और एक घंटे के अंदर आग पर काबू पाया गया। हालांकि, व्यापारी अध्यक्ष ने प्रशासन की लापरवाही की ओर इशारा किया है और कहा कि आग लगने से पहले ही सुरक्षा इंतजामों को दुरुस्त किया जाना चाहिए था। आग लगने के बाद व्यापारी वर्ग में प्रशासन की ओर से लापरवाही को लेकर निराशा का माहौल है।
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सिंगरौली में 21.89 लाख रुपये की लागत से WBM सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया गया है, जिससे क्षेत्र के निवासियों को बरसात में राहत मिलेगी। इस सड़क का निर्माण बृजेश शुक्ला के घर से अरुण सिंह चंदेल और मारुति नगर मुख्य मार्ग तक किया जाएगा। सड़क निर्माण के साथ-साथ, सिंगरौली में किसानों के लिए एक पशुपालन शिविर का आयोजन भी किया गया है, जिसमें उन्हें पशुपालन योजनाओं की जानकारी दी गई। सिंगरौली के 38 तुलसी वार्ड ढोटी में इस सड़क का भूमि पूजन वार्ड पार्षद अनिल कुमार वैश्य ने किया। उन्होंने बताया कि यह सड़क बरसात के दौरान लोगों के लिए राहत का कारण बनेगी और बच्चों को स्कूल जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। सड़क और नाली की लगातार जरूरतों का ध्यान रखा जा रहा है ताकि वार्ड की सुविधाओं में सुधार हो सके। सिंगरौली के पशु चिकित्सालय में आयोजित शिविर में मुख्य अतिथि सीमा जायसवाल ने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. पंकज सिंह और डॉ. शिल्पा पटेल भी शिविर में शामिल हुए। इस शिविर का उद्देश्य किसानों को पशुपालन से जुड़े जानकारी और प्रशिक्षण देना था, ताकि उन्हें नए रोजगार के अवसर मिल सकें।
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छतरपुर से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां एक पांच साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। यह घटना हरपालपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक ने मासूम बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने कमरे में बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने अपने परिजनों को इस घटना के बारे में बताया, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी विनोद अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने समाज में सुरक्षा के सवाल को एक बार फिर से उठाया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। यह घटना न केवल पीड़िता के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि हमें बच्चों की सुरक्षा के प्रति और अधिक सतर्क रहना होगा।
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देवास पुलिस ने इंदौर के खजराना क्षेत्र में ठगी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है, जिसने पिछले दो वर्षों में 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। आरोपी, शकील लौहार, छोटे-छोटे कियोस्क दुकानदारों को निशाना बनाकर ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। वह दुकानदारों से कहता था कि "मैं आपको 2000 रुपये ऑनलाइन आपके मोबाइल नंबर पर भेज दूंगा, और आप मुझे 2000 रुपये नगद दे देना।" इसके बाद वह दुकानदारों से उनका मोबाइल नंबर लेकर गूगल पे ऐप के माध्यम से 2000 रुपये की रिक्वेस्ट भेजता था। दुकानदार, मैसेज का नोटिफिकेशन देखकर बिना पूरी जानकारी देखे, यह मान लेते थे कि पैसे उनके खाते में आ गए हैं और आरोपी को नगद राशि दे देते थे। इस प्रकार, आरोपी ने पिछले दो वर्षों में 20 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है। पुलिस ने इस मामले में "सेफ क्लिक अभियान" के तहत कार्रवाई की है। थाना प्रभारी शुभम परिहार ने बताया कि इस तरह की ठगी के मामलों को रोकने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है और लोगों को जागरूक करने का कार्य भी किया जा रहा है। वहीं, नेमावर में एक और गंभीर घटना सामने आई है, जहां जगदीश नामक युवक ने एक 11 साल की बच्ची को बहला-फुसलाकर लाल माई की कुटिया के पास ले जाकर उसके साथ छेड़छाड़ की। जब बच्ची ने विरोध किया, तो आरोपी ने आसपास के लोगों पर पत्थर फेंककर भागने की कोशिश की। पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। यह घटना समाज में सुरक्षा और जागरूकता की आवश्यकता को और भी महत्वपूर्ण बनाती है।
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भोपाल/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे भव्य महाकुंभ मेला के कारण लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए पहुंच रहे हैं। इस दौरान प्रदेश के कुछ जिलों में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या उत्पन्न हो गई है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रद्धालुओं से अगले कुछ दिनों तक प्रयागराज न जाने की अपील की है, ताकि यातायात व्यवस्था को सहज बनाया जा सके और जाम से बचा जा सके। भीषण ट्रैफिक जाम से प्रभावित रास्तेप्रयागराज महाकुंभ के मद्देनजर मध्य प्रदेश के कई जिलों जैसे जबलपुर, सिवनी, कटनी, मैहर, सतना, और रीवा में भारी ट्रैफिक जाम देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु वाहनों से प्रयागराज की ओर जा रहे हैं, जिसके कारण इन जिलों के प्रमुख रास्तों पर भारी दबाव बन रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "प्रयागराज से सटे राज्य के क्षेत्रों, खासकर रीवा जिले के आसपास यातायात दबाव बढ़ गया है, क्योंकि अन्य राज्यों से भी लोग इसी रास्ते से यात्रा कर रहे हैं। मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि अगले कुछ दिन इस रास्ते पर आगे न बढ़ें।" प्रयागराज प्रशासन से संपर्क में सरकारसीएम मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रयागराज प्रशासन के संपर्क में है और वहां यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "हम सौभाग्यशाली हैं कि महाकुंभ के लिए इतने श्रद्धालु प्रयागराज पहुंच रहे हैं, लेकिन साथ ही हम उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंतित भी हैं। राज्य सरकार ने इन मार्गों पर तीर्थयात्रियों के लिए भोजन, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं।" रास्ता साफ हो तभी बढ़ें आगेमुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे गूगल पर रास्ते की स्थिति चेक करें और यदि रास्ता साफ हो तभी आगे बढ़ें। यदि रास्ते में कोई व्यवधान हो, तो किसी उपयुक्त स्थान पर रुककर इंतजार करें। उन्होंने कहा, "कृपया रास्ते की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करें।" सोशल मीडिया पर रीवा जिले की अंतरराज्यीय सीमा और अन्य जिलों में भारी ट्रैफिक जाम के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें यातायात के दबाव को साफ देखा जा सकता है। 44 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने किया स्नानउत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ मेला 26 फरवरी तक महाशिवरात्रि तक जारी रहेगा। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 9 फरवरी तक 44 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में स्नान किया है। अकेले 10 फरवरी को सुबह 10 बजे तक 63 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
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धमौरा स्थित शासकीय विद्यालय में एक 8वीं कक्षा के छात्र के पास अवैध कट्टा मिलने से हड़कंप मच गया। छात्र ने स्कूल में कट्टा लेकर प्रवेश किया, जिसे प्रिंसिपल ने गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस को सूचित किया और हथियार को जब्त कराया। पुलिस ने किया छात्र को गिरफ्तार, जांच जारीसिविल लाइन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कट्टा जब्त किया और छात्र को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्र ने यह अवैध हथियार कहां से प्राप्त किया। यह घटना विद्यालय में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाती है, और पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है। स्कूल प्रशासन का तत्परता से कदमविद्यालय के प्रिंसिपल ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्परता से कार्रवाई की, जिससे बड़ा हादसा टल गया। स्कूल में अवैध हथियारों के प्रवेश को लेकर शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन से सख्त कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
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शिवपुरी जिले के रावनवाड़ा थाना क्षेत्र में अवैध कोयला तस्करी को रोकने की कोशिश कर रहे विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री गोलू सूर्यवंशी को धमकी दी गई है। आरोपी राजा कुरैशी ने गोलू सूर्यवंशी के घर जाकर उनके भाई को धमकाया और गोलू को जान से मारने की चेतावनी दी। यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चिंता का विषय बन गई है और अब तक पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रशासन से कार्रवाई की मांगविश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने इस घटना के खिलाफ प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की है। इन संगठनों ने इस मुद्दे पर प्रशासन को चेतावनी देते हुए ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने अवैध तस्करी और इस तरह की धमकियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। इन संगठनों का आरोप है कि अवैध कार्यों की बढ़ती संख्या इलाके में सुरक्षा की समस्या उत्पन्न कर रही है। अवैध कोयला तस्करी पर रोक की आवश्यकतागोलू सूर्यवंशी और उनके संगठन के सदस्य लंबे समय से अवैध कोयला तस्करी के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं। यह तस्करी क्षेत्र में न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि इससे अपराधों में भी इजाफा हो रहा है। स्थानीय लोग अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं ताकि इलाके में शांति और सुरक्षा बनी रहे। संगठनों द्वारा प्रशासन को चेतावनीविश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अवैध तस्करी पर रोक नहीं लगाई गई और धमकियां देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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प्रधानमंत्री PVTG मिशन योजना के तहत रोजगार के अवसरों पर चर्चा दतिया, मध्यप्रदेश: प्रधानमंत्री PVTG मिशन योजना के अंतर्गत वन विभाग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें वन संपदा से जुड़े रोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यशाला में जनजातीय समूह के लगभग 150 लोगों ने हिस्सा लिया और योजना के लाभों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यशाला में दतिया के जिला अधिकारी मोहम्मद माज और एसडीओ प्रीति शाक्य ने भाग लिया। उन्होंने वन संपदा पर आश्रित जनजातीय परिवारों को रोजगार और अत्याधुनिक मशीनरी के उपयोग से संबंधित जानकारी प्रदान की। इस योजना के जरिए जनजातीय समूहों को वन संपदा के संरक्षण और उपयोग से जुड़ी नई संभावनाओं और रोजगार के अवसरों का लाभ मिल सकेगा। कार्यशाला के दौरान, जनजातीय समूह ने प्रधानमंत्री PVTG मिशन योजना की सराहना की और कहा कि इस योजना से उन्हें नई दिशा और रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही, उन्होंने प्रदेश और देश सरकार के प्रयासों की तारीफ भी की। एसडीओ प्रीति शाक्य ने योजना की महत्वपूर्ण भूमिका को स्पष्ट करते हुए इसे रोजगार के क्षेत्र में सहायक बताया। आशा और उम्मीद:इस कार्यक्रम के बाद, लगभग 150 जनजातीय लोग इस योजना से लाभान्वित होने की उम्मीद जताते हुए इसे एक सकारात्मक कदम माना। प्रधानमंत्री PVTG मिशन योजना से उन परिवारों को खासा लाभ मिलने की संभावना है जो वन संपदा पर निर्भर रहते हैं। इस कार्यशाला का आयोजन जनजातीय समूहों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
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नौगांव थाना क्षेत्र में एक दुकानदार को खाने-पीने के लिए ₹1000 ना देना महंगा पड़ गया। दबंग सद्दाम कुरैशी ने दुकानदार शरीफ अंसारी के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में दबंग मारपीट करता हुआ दिख रहा है, और जब एक युवक ने वीडियो बनाने की कोशिश की तो दबंग ने उसका मोबाइल भी तोड़ दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना नौगांव थाना क्षेत्र में हुई। पीड़ित दुकानदार शरीफ अंसारी ने बताया कि दबंग सद्दाम कुरैशी उनके दुकान पर आया और खाना खाया। जब उसने पैसे मांगे तो वह गाली-गलौज करने लगा और मारपीट करने लगा। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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दतिया में जनसुनवाई के दौरान अचानक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कलेक्टर के पास पहुंच गए। ये छात्र-छात्राएं खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों से थे, जिन्हें अपनी परीक्षा केंद्रों के स्थानांतरण के बाद बड़ी असुविधा हो रही थी। उनका कहना था कि उनके परीक्षा केंद्रों को दतिया स्थानांतरित कर दिया गया है, और इससे उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण छात्रों का प्रशासन से आग्रह बडोनी और जिगना के हायर सेकंडरी विद्यालयों के परीक्षा केंद्रों को दतिया स्थानांतरित करने के बाद ग्रामीण विद्यार्थियों में नाराजगी फैल गई है। छात्रों ने प्रशासन से अपनी समस्या साझा करते हुए कलेक्टर से यह अनुरोध किया कि पुराने परीक्षा केंद्रों को यथावत रखा जाए, ताकि वे किसी प्रकार की असुविधा से बच सकें। परीक्षा केंद्र बदलने से होने वाली असुविधाएं ग्रामीण छात्रों का कहना था कि नए परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में उन्हें समय और संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। अधिकतर विद्यार्थियों के लिए दतिया तक का रास्ता लंबा और कठिन है, जो परीक्षा केंद्र बदलने से उनकी परेशानियों को और बढ़ा सकता है। छात्र-छात्राओं ने यह भी कहा कि पहले के परीक्षा केंद्रों में उन्हें परीक्षा देने में कोई कठिनाई नहीं होती थी, लेकिन अब स्थान परिवर्तन से उनकी तैयारियों पर असर पड़ सकता है। कलेक्टर को आवेदन इन समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राएं सीधे कलेक्टर के पास पहुंचे और आवेदन दिया। उन्होंने कलेक्टर से मांग की कि प्रशासन उनके पुराने परीक्षा केंद्रों को फिर से बहाल करे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी परीक्षा दे सकें। छात्रों का कहना था कि प्रशासन को उनकी समस्याओं का संज्ञान लेना चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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खटीमा तहसील में आयोजित तहसील दिवस के मौके पर जनता ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उठाया, जिन्हें तत्काल समाधान किया गया। इस अवसर पर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए। तहसील दिवस पर जनसमस्याओं का समाधान तहसील दिवस के दौरान, खटीमा तहसील सभागार में कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें प्रमुख रूप से विभिन्न प्रमाण पत्रों, सड़क, सीसी मार्ग, बिजली जैसी समस्याएं शामिल थीं। इन शिकायतों पर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान ने कार्रवाई की और 7 समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर दिया। सरकार की प्राथमिकता: जनसमस्याओं का त्वरित निस्तारण तहसीलदार वीरेंद्र सिंह सजवान ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि लोगों की समस्याओं को त्वरित और प्रभावी तरीके से हल किया जाए। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि छोटी समस्याओं का समाधान उनके स्तर पर ही किया जाएगा, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। स्थानीय प्रशासन की सक्रियता तहसील दिवस पर जनसमस्याओं का समाधान करते हुए स्थानीय प्रशासन ने यह साबित कर दिया कि वे लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नागरिकों ने प्रशासन की इस सक्रियता की सराहना की और कहा कि इस तरह के कदम से आम जनता को सीधे लाभ मिलेगा।
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चितरंगी पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 453 पेटी विदेशी शराब और एक वाहन को जब्त किया है, जो तस्करी के प्रयास में थे। गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाईसिंगरौली पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री के निर्देश पर चितरंगी थाना प्रभारी सुरेन्द्र यादव ने अपनी टीम के साथ अवैध शराब तस्करी का पर्दाफाश किया। 31 जनवरी को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक टीपर वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए वाहन को पकड़ लिया। शराब की खेप का था अवैध ट्रांजिट परमिटजांच के दौरान यह पता चला कि वाहन में 36 पेटी शराब रखी थी, जो ट्रांजिट परमिट से मेल नहीं खा रही थी। शराब की पूरी खेप अलग-अलग बैच की थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह अवैध शराब तस्करी की जा रही थी। वाहन चालक की गिरफ्तारीवाहन चालक अंकित मल्लाह को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध शराब की तस्करी के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है।
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छतरपुर: छतरपुर पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही निरंतर मुहिम के तहत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना महाराजपुर पुलिस द्वारा की गई, जिसमें आरोपियों से अवैध हथियार बरामद किए गए। पहला आरोपी: आशीष अवस्थी पहले आरोपी आशीष अवस्थी को ग्राम कुसमा तालाब के किनारे से 315 बोर का देसी कट्टा और कारतूस के साथ पकड़ा गया। दूसरा आरोपी: धीरज यादव दूसरे आरोपी धीरज यादव को यात्री प्रतीक्षालय पुर तिराहा के पास से अवैध धारदार हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया। कानूनी कार्रवाई दोनों आरोपियों के खिलाफ आयुध अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है, और उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। पुलिस की सक्रियता इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में एसडीओपी शशांक जैन और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत सेन की अहम भूमिका रही, जिन्होंने अवैध हथियारों के खिलाफ निरंतर अभियान में अपना योगदान दिया। पुलिस प्रशासन का यह कदम क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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दतिया के बड़ौनी कस्बे में एक बर्थडे पार्टी के दौरान युवकों का अवैध हथियार लहराते हुए नाचते-गाते हुए वीडियो सामने आया है। यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखी कानून की धज्जियांवायरल वीडियो में चार युवक फिल्मी गाने "शाम है धुंआ-धुंआ" पर नाचते हुए अवैध हथियारों के साथ डांस करते हुए नजर आ रहे हैं। इन युवकों ने अपनी हाथों में अवैध हथियार लिए हुए थे और वीडियो में सिगरेट के छल्ले उड़ाते हुए मस्ती करते दिख रहे हैं। यह वीडियो बड़ौनी कस्बे में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी का बताया जा रहा है, जहां ये युवक खुलेआम कानून का उल्लंघन करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई शुरूमामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ौनी थाना प्रभारी दिलीप समाधिया ने वीडियो की पुष्टि की और कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने बताया कि वीडियो की प्रामाणिकता जांचने और इसमें दिखाई दे रहे युवकों की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस जल्द ही आरोपियों पर कार्रवाई करने के लिए कदम उठाएगी। यह घटना कानून व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है, और पुलिस द्वारा शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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छतरपुर के चौक बाजार क्षेत्र में स्थित प्रभात ज्वेलर्स में दिनदहाड़े चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। चोरी करने के लिए चोर ग्राहक बनकर दुकान में घुसे और दुकानदार की आंखों में धूल झोंकते हुए सोने के लॉकेट को चुरा कर फरार हो गए। घटना दोपहर के समय, जब चौक बाजार क्षेत्र काफी व्यस्त था, उस दौरान हुई। दुकान में मौजूद दोनों युवकों ने बड़ी ही चतुराई से 40 ग्राम सोने का ॐ नाम का लॉकेट चुरा लिया। इस पूरी घटना को दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे ने कैद कर लिया, जिससे अब पुलिस को आरोपियों की पहचान करने में मदद मिल रही है। पीड़ित दुकानदार ने इस चोरी की घटना की रिपोर्ट कोतवाली थाने में दर्ज कराई है, और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में भी खलबली मच गई है, क्योंकि दिनदहाड़े चोरी जैसी वारदात ने सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। पुलिस अब इस मामले में त्वरित कार्रवाई कर रही है और आरोपियों को जल्द पकड़े जाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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सिंगरौली नगर पालिक निगम द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई, जिसमें रिलायंस चौराहे के पास के अतिक्रमण को हटाया गया। इस कार्रवाई के दौरान निगम के अतिक्रमण दस्ते ने अवैध दुकानों और बस्तियों को हटाकर चौराहे को साफ किया, जिससे राहगीरों को हो रही परेशानियों का समाधान हुआ। रिलायंस चौराहे पर हाल के दिनों में अतिक्रमणकारियों ने खाली जगह पर दुकाने और अवैध बस्तियाँ बना ली थीं, जिससे सड़क पर आवाजाही करने वाले लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर गाड़ी और पैदल यात्रियों का निकलना मुश्किल हो गया था, जिससे यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। निगम के अतिक्रमण अमले ने अवैध निर्माण को हटाने के साथ-साथ अतिक्रमणकारियों को एक अलग स्थान पर विस्थापित किया। इसके बाद, उन्हें यह सख्त हिदायत दी गई कि यदि भविष्य में वे फिर से अतिक्रमण करने की कोशिश करते हैं, तो उनके सामान को जब्त कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान निगम के अधिकारी और कर्मचारी साथ ही बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद थे, ताकि कार्रवाई शांति और सुरक्षा के साथ पूरी हो सके। इस कदम से न केवल चौराहे की सूरत बदली, बल्कि शहर की सफाई और व्यवस्था को भी बढ़ावा मिला। निगम द्वारा की गई इस कार्रवाई को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि अब चौराहे पर सड़क और यातायात व्यवस्था में सुधार हुआ है।
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सिंगरौली, 30 जनवरी 2025 - सिंगरौली में यातायात व्यवस्था को सुचारू और दुर्घटना रहित बनाने के लिए थाना यातायात परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और सीएसपी, विन्ध्यनगर के निर्देश पर थाना प्रभारी यातायात दीपेंद्र सिंह कुशवाह ने आयोजित की। बैठक का उद्देश्यबैठक का उद्देश्य शहर में यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना, जाम की स्थिति से निपटना और दुर्घटनाओं की रोकथाम करना था। इस बैठक में बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने अपनी समस्याएं पुलिस के समक्ष रखी, वहीं यातायात पुलिस ने बस संचालन से संबंधित आवश्यक निर्देश दिए। समस्याएं और समाधानबैठक में यह भी सामने आया कि शहर में अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसके अलावा ऑटो और रिक्शा चालकों के साथ बस संचालकों की बहसें होती रहती हैं, जिससे यातायात व्यवस्था में बाधाएं आती हैं। अब देखना होगा कि इस बैठक के बाद सिंगरौली में यातायात सुधार के लिए किस तरह के कदम उठाए जाते हैं और क्या परिणाम सामने आते हैं।
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छतरपुर, 30 जनवरी 2025 - प्रदेश में ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है और कई लोग इस ठगी के शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला छतरपुर से सामने आया है, जहां दो आरोपियों ने एक ग्रामीण को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की थी। पुलिस ने पकड़े दोनों आरोपियों कोपुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी कर रहे थे। आरोपी ग्रामीण से अवैध तरीके से पैसे और निजी जानकारी निकालने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों से बरामदगीगिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों से 4 मोबाइल, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नगद राशि बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों से और भी खुलासे हो सकते हैं और इस मामले में आगे जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि ऑनलाइन ठगी के मामले कितने गंभीर होते जा रहे हैं और पुलिस साइबर अपराधियों पर कड़ी नजर रख रही है।
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छतरपुर, 30 जनवरी 2025 - प्रदेश में ऑनलाइन साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आम जनता परेशान है और कई लोग इस ठगी के शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला छतरपुर से सामने आया है, जहां दो आरोपियों ने एक ग्रामीण को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की थी। पुलिस ने पकड़े दोनों आरोपियों कोपुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। ये आरोपी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी कर रहे थे। आरोपी ग्रामीण से अवैध तरीके से पैसे और निजी जानकारी निकालने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों से बरामदगीगिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों से 4 मोबाइल, सिम कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नगद राशि बरामद की है। पुलिस का कहना है कि इन आरोपियों से और भी खुलासे हो सकते हैं और इस मामले में आगे जांच जारी है। यह घटना एक बार फिर यह सिद्ध करती है कि ऑनलाइन ठगी के मामले कितने गंभीर होते जा रहे हैं और पुलिस साइबर अपराधियों पर कड़ी नजर रख रही है।
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छतरपुर, 30 जनवरी 2025 - छतरपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पांच करोड़ रुपये की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो आरोपी अभी भी फरार हैं। यह चोरी छतरपुर के लवकुश नगर स्थित चंद्रोदय सोनी ज्वेलर्स की दुकान में हुई थी। चोरी की घटना का खुलासाइस मामले का खुलासा करने के लिए एसपी ने 25 सदस्यीय एक विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस ने कड़ी मेहनत और जांच के बाद आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब पौने दो करोड़ रुपये के सोने और चांदी के जेवरात बरामद किए गए हैं। ये आरोपी पहले ज्वेलरी की दुकानों की रेकी करते थे और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासीसभी आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, और पुलिस ने उनकी पहचान के बाद उन्हें गिरफ्तार किया। हालांकि, दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। सुरक्षात्मक कदम और पुलिस की सराहनाइस बड़ी सफलता को लेकर डीजीपी द्वारा पुलिस टीम को सम्मानित करने की घोषणा की गई है। पुलिस की इस मुस्तैदी और कड़ी मेहनत के चलते छतरपुर क्षेत्र में अपराधियों पर कड़ा प्रहार हुआ है। मामला लवकुशनगर थाना क्षेत्र कायह पूरा मामला लवकुशनगर थाना क्षेत्र का है, जहां ज्वेलरी की दुकान से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया था। पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई दिनों तक कड़ी जांच और निगरानी की थी। छतरपुर पुलिस की इस सफलता ने स्थानीय समुदाय में सुरक्षा का एक नया अहसास जागरूक किया है और यह दर्शाता है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने में कितनी सक्षम है।
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ग्वालियर में आवारा और कटखने कुत्तों की बढ़ती समस्या ने शहरवासियों को परेशान कर दिया है। सड़कों पर स्वच्छंद घूमते ये कुत्ते राहगीरों के लिए खतरा बन गए हैं। हाल ही में एक 7 वर्षीय बच्चे पर कुत्तों के हमले की घटना ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है। इसके बाद अब प्रशासन डॉग बाइट मामलों पर अंकुश लगाने के लिए शहर की हर विधानसभा क्षेत्र में एबीसी सेंटर (एबोर्ट, कैस्ट्रेट, और कैच) खोलने की योजना बना रहा है। कुत्तों के हमले की दिल दहलाने वाली घटना बीते दिन ग्वालियर के राम कृष्ण आश्रम में पढ़ाई कर रहे एलकेजी के छात्र, 7 वर्षीय रवि पर कुत्तों ने हमला कर दिया था। रवि के शरीर पर 17 गहरे जख्म थे और उसे बचाने के लिए डॉक्टर्स को 6 घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इलाज के दौरान रवि के जख्मों पर 107 टांके लगाए गए। इस दिल दहलाने वाली घटना ने न केवल परिवार को, बल्कि पूरे शहर को हिला दिया। सांसद का बयान और प्रशासन की प्रतिक्रिया इस मामले पर सांसद भारत सिंह कुशवाह ने भी प्रशासन से त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की बात की और कहा, "लोग छड़ी लेकर चलें, अपनी सुरक्षा अब अपने हाथ में है।" वहीं, ग्वालियर कलेक्टर ने कहा कि कुत्तों को पकड़ने और नसबंदी करने के लिए शहर के हर विधानसभा क्षेत्र में एबीसी सेंटर स्थापित किए जाएंगे।
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छतरपुर जिले में पुलिस ने पांच युवतियों को अवैध रूप से चंदा वसूलने के आरोप में हिरासत में लिया है। ये पांचों युवतियां हाईवे पर राह चलते राहगीरों से अवैध रूप से चंदा वसूल रही थीं। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने इस गंभीर मामले पर त्वरित कार्रवाई करते हुए युवतियों को गिरफ्तार किया। कौन थीं ये युवतियां? गिरफ्तार युवतियां गुजरात राज्य की रहने वाली हैं। वे बागेश्वर धाम दर्शन के लिए छतरपुर आई थीं। हालांकि, उनके यहां आने का उद्देश्य धार्मिक था, लेकिन वे अपने धार्मिक कर्तव्यों के बजाय हाईवे पर राहगीरों से अवैध चंदा वसूलने में जुटी हुई थीं। यह घटना तब उजागर हुई जब वसूली का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शुरू की पूछताछ वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांचों युवतियों को हिरासत में लिया। अब पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है और इस मामले में आगे की कार्रवाई की योजना बना रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि क्या ये युवतियां किसी बड़े गिरोह का हिस्सा हैं, या फिर व्यक्तिगत तौर पर वसूली कर रही थीं। फिलहाल क्या हो रहा है? पुलिस द्वारा की जा रही पूछताछ और वसूली से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच के बाद युवतियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय प्रशासन इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मामले की पूरी जानकारी प्राप्त करने में जुटा हुआ है।
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वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर चर्चा कर रही संसद की संयुक्त समिति (JPC) ने सत्तारूढ़ भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित सभी संशोधनों को सोमवार को स्वीकार कर लिया और विपक्षी सदस्यों के संशोधन प्रस्तावों को खारिज कर दिया। समिति के अध्यक्ष जगदम्बिका पाल ने बैठक के बाद बताया कि समिति द्वारा स्वीकार किए गए संशोधनों से कानून बेहतर और प्रभावी होगा। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने बैठक की कार्यवाही की निंदा की और पाल पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को ‘पलटने’ का आरोप लगाया।
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आरटीओ कांस्टबेल सौरभ शर्मा ने सरेंडर के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने जिला कोर्ट में ये आवेदन दिया है। इसके बाद आज ही पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा ने सरेंडर कर दिया है। 17 दिसंबर को आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के घर पर लोकायुक्त की रेड पड़ी थी। सोने और चांदी के मिले थे बिस्किट सौरभ के घर और ऑफिस से करोड़ों रुपए की चांदी और सोने के बिस्किट सहित नगदी जब्त हुई थी। इसके साथ ही सुनसान जंगल से 54 किलोग्राम सोना और 10 करोड रुपए का कैश भी बरामद हुआ था। लोकायुक्त की छापेमारी के बाद से सौरभ शर्मा फरार चल रहा था।
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रीवा स्थित APS यूनिवर्सिटी की एक MBA छात्रा पर इंस्टाग्राम पर भड़काऊ रील पोस्ट करने का आरोप लगा है, जिससे समाज में तनाव और वैमनस्य फैलने का खतरा बढ़ गया। छात्रा ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता ओवैसी के भाई के भाषण पर आधारित एक रील बनाई, जिसे सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके साथ ही, छात्रा ने अन्य जातिवाद फैलाने वाली रील्स भी पोस्ट की थीं। इन वीडियोज ने लोगों के बीच विवाद पैदा किया और मामला पुलिस तक पहुंच गया। हालांकि, वायरल होने के बाद छात्रा ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और विवादित पोस्ट को डिलीट कर दिया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नगर मंत्री हर्ष साहू ने इस मामले की शिकायत विश्वविद्यालय थाने में की और जांच की मांग की। फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन छात्रा के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से जांच जारी है।
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बॉलीवु़ड स्टार सैफ अली खान पर हुए हमले की कहानी लगातार उलझती जा रही है। पुलिस ने सैफ पर हमले के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन उनके घर से मिले 19 फिंगरप्रिंट आरोपी के नहीं हैं। इसके बाद असली हमलावर को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सैफ अली खान के घर में 15 जनवरी को देर रात एक व्यक्ति घुसा था, जिसकी मेड के साथ बहस हुई और सैफ कमरे में पहुंचे तो आरोपी ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में सैफ को गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने सर्जरी के बाद सैफ को घर भेज दिया है और एक सप्ताह तक बेड रेस्ट की सलाह दी है।
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मध्य प्रदेश के इंदौर के जिला कोर्ट से शनिवार को एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। दरअसल, इंदौर के सिमरोल में कुछ दिन पहले बीजेपी नेत्री से दुष्कर्म के आरोप में सरपंच के पति के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। आरोपी भी बीजेपी सदस्य है। शनिवार को सिमरोल पुलिस आरोपी लेखराज डाबी को इंदौर कोर्ट लेकर पहुंची। पीड़िता को इस बात की भनक लग गई और वो भी इंदौर जिला कोर्ट पहुंच गई। पीड़िता ने कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच ही आरोपी की पिटाई कर दी।
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गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस का विशेष आयोजन भोपाल में कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने तिरंगा फहराया और देशवासियों को इस ऐतिहासिक दिन की शुभकामनाएं दीं। संविधान के प्रति आदर और सम्मान की अपीलइस मौके पर जीतू पटवारी ने कहा, "गणतंत्र दिवस हर भारतीय के लिए गर्व का दिन है, क्योंकि इसी दिन हमारे संविधान का निर्माण हुआ था।" उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, संविधान के प्रति सम्मान और आदर की भावना को बनाए रखने की बात कही। देशवासियों को बधाई और प्रेरणा का संदेशप्रदेश अध्यक्ष ने अपने संबोधन में देशवासियों से संविधान की रक्षा और देश की एकता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दिन को हमें लोकतंत्र और संविधान की महत्ता को याद करने और उन्हें सुदृढ़ करने के रूप में मनाना चाहिए। मुख्य बिंदु: कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर तिरंगा फहराया गया। जीतू पटवारी ने संविधान की अहमियत पर जोर दिया। बाबा साहब अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संदेश दिया। गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस की अपीलकांग्रेस प्रदेश कार्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम ने संविधान, लोकतंत्र और देश की एकता को मजबूत करने का संदेश दिया। जीतू पटवारी ने इस मौके पर सभी भारतीयों से देश की प्रगति और संविधान के आदर्शों को अपनाने की अपील की।
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महेश्वर: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने शराबबंदी के मुद्दे पर बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि राज्य में शराबबंदी की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। पहले चरण में मध्यप्रदेश के 17 प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पूर्ण शराबबंदी लागू की जाएगी। यह कदम महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है, और इसके बाद धीरे-धीरे राज्य के अन्य हिस्सों में भी शराबबंदी लागू करने का विचार है। शराबबंदी की दिशा में पहला कदम: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि यह निर्णय समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए लिया गया है और इस निर्णय से महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की प्रक्रिया राज्यभर में धीरे-धीरे विस्तारित की जाएगी, जिससे मध्यप्रदेश शराबबंदी की दिशा में एक मजबूत कदम आगे बढ़ाएगा। भोपाल को मिलेगा नया ओवर ब्रिज: इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने भोपाल को एक नए ओवर ब्रिज की सौगात देने का भी ऐलान किया। यह ओवर ब्रिज बावड़िया कला में बनाया जाएगा और इसकी लागत लगभग 180 करोड़ रुपये होगी। यह परियोजना राजधानी भोपाल के यातायात सुधार में मदद करेगी और ट्रैफिक की समस्या को हल करने में अहम भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश में बदलाव की उम्मीद: यह निर्णय मध्यप्रदेश में शराबबंदी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य में महिलाओं की स्थिति में सुधार और सामाजिक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। अब देखना होगा कि आने वाले समय में इस पहल का राज्यभर में क्या असर पड़ता है।
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भोपाल, 24 जनवरी 2025: पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि वह साहसी नेता हैं और प्रदेश में पूरी तरह से शराबबंदी लागू करने का फैसला लेंगे। यह बयान उमा भारती ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान शराबबंदी के मुद्दे पर बात करते हुए दिया। उमा भारती ने कहा, "भारत में गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां शराबबंदी पूरी तरह से सफलतापूर्वक लागू की गई है। हालांकि, वहां विशेष लाइसेंस के तहत कुछ लोगों को शराब लेने की अनुमति है।" इसके बाद, उन्होंने बिहार का उदाहरण भी दिया, जहां शराबबंदी लागू की गई थी, लेकिन कुछ मंत्री शराब पीते हुए पकड़े गए थे, जिससे नीतियों की गंभीरता पर सवाल उठे थे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान, उमा भारती ने डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए कहा, "डॉ. मोहन यादव एक साहसी व्यक्ति हैं। उनके एक साल के कार्यकाल में उन्होंने कई साहसिक निर्णय लिए हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि वह मध्य प्रदेश में पूरी तरह से शराबबंदी लागू करने का फैसला लेंगे।" उमा भारती के इस बयान ने राज्य में शराबबंदी को लेकर होने वाली संभावित चर्चाओं को और भी तेज कर दिया है। उमा भारती खुद भी शराबबंदी के बड़े समर्थक रही हैं और उनके इस बयान से यह प्रतीत होता है कि वह मध्य प्रदेश में शराबबंदी की दिशा में मुख्यमंत्री यादव का समर्थन करती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी कई बार शराबबंदी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है, और यह देखना होगा कि आगामी दिनों में इस दिशा में क्या कदम उठाए जाते हैं।
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ग्वालियर के जनकगंज थाना क्षेत्र में एक बार फिर शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़िता एक 32 वर्षीय महिला है, जिसके पति से साल 2021 से अनबन चल रही थी। इस दौरान उसके देवर ने सहानुभूति दिखाते हुए उसका विश्वास जीता और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। कुछ समय बाद पीड़िता गर्भवती हुई और उसने एक बेटी को जन्म दिया। लेकिन बेटी के जन्म के बाद आरोपी शादी से मुकर गया और पीड़िता और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी देने लगा। पीड़िता ने जब इस मामले की शिकायत पुलिस में की तो पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश की जा रही है।
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खातेगांव में इंदौर-बैतूल फोरलेन बायपास के निर्माण ने स्थानीय किसानों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। अपनी जमीन तक पहुंचने के लिए सर्विस रोड की मांग को लेकर किसान अब अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तो वे चक्का जाम और आमरण अनशन की शुरुआत करेंगे। किसानों की बढ़ती समस्याएं: इंदौर-बैतूल फोरलेन बायपास का निर्माण स्थानीय किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। पहले जो मार्ग उनके खेतों तक पहुंचने के लिए महज 1 किलोमीटर दूर था, अब वह बढ़कर 11 किलोमीटर दूर हो गया है। करीब 250 एकड़ भूमि के मालिक 40 किसान इससे प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा, पाड़ियादेह, बरवई और भटासा के ग्रामीण भी इस रास्ते का उपयोग करते थे, जो अब काफी दूर हो गया है। सर्विस रोड का वादा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं: किसानों का आरोप है कि बाईपास निर्माण के दौरान उन्हें सर्विस रोड का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जून 2022 से किसान लगातार इस मुद्दे को लेकर अधिकारियों से आवेदन कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसान अब इसे प्रशासन की अनदेखी मानते हुए आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे हैं। उनका कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे बाईपास पर चक्का जाम और आमरण अनशन करेंगे। किसानों की मांग: किसानों का कहना है कि उन्हें खेतों तक पहुंचने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता चाहिए। बिना सर्विस रोड के उनकी रोजमर्रा की ज़िन्दगी प्रभावित हो रही है, और उनकी कृषि कार्यों में भी कठिनाइयां बढ़ रही हैं। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी गर्मा गया है, और अगर जल्द ही कोई समाधान नहीं निकला, तो किसानों का आंदोलन और तेज हो सकता है।
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ग्वालियर: शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उमरी में रिश्वतखोरी का एक नया मामला सामने आया है, जहां ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने स्कूल के प्राचार्य उमाशंकर जोशी और उच्च माध्यमिक शिक्षक उमेश बैरागी को 2 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कैसे हुआ खुलासा? मामला बाल दिवस कार्यक्रम के आयोजन से जुड़ा था। स्पोर्ट्स टीचर नवल किशोर कुशवाह ने कार्यक्रम के लिए आवश्यक सामान खरीदने और सफाई के काम में कुल 5 हजार रुपये खर्च किए थे। जब उन्होंने इन खर्चों का बिल पास कराने के लिए प्राचार्य उमाशंकर जोशी से संपर्क किया, तो उन्होंने आधे पैसे यानी 2500 रुपये की रिश्वत की मांग की। नवल किशोर ने इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त से की, और जैसे ही उन्हें प्राचार्य से पैसे देने का अवसर मिला, उन्होंने 2 हजार रुपये देने का तय किया। जब नवल किशोर ने यह राशि शिक्षक उमेश बैरागी को दी, तब लोकायुक्त पुलिस ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त की कार्रवाई यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त निरीक्षक कवींद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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अमरपाटन शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय में घंटों तक ताला बंद रहा, जिससे छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हुई। हालांकि, महाविद्यालय प्रशासन द्वारा समझाइश दिए जाने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। 10 सूत्रीय मांगों में क्या है खास? ABVP के छात्र नेताओं का कहना है कि इस प्रदर्शन का कारण पिछले वर्ष के परीक्षा परिणामों में गलतियां थीं, जिनके लिए वे जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, महाविद्यालय में असामाजिक तत्वों के आना-जाना भी एक अन्य प्रमुख मुद्दा था, जिसे रोका जाने की आवश्यकता बताई गई। प्रदर्शन के बाद प्रशासन से मिला आश्वासन प्रदर्शन के दौरान, छात्रों ने महाविद्यालय प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उनके 10 प्रमुख मुद्दे थे। ज्ञापन में प्रमुख तौर पर पिछली साल के परीक्षा परिणामों को फिर से सही करने, महाविद्यालय में असामाजिक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने, और छात्रवृत्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई। महाविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया। ABVP नेता की चेतावनी ABVP के नेता अमर सिंह बघेल ने कहा कि विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में यह आंदोलन किया गया है और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे एक बार फिर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी इन मुद्दों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसके लिए संघर्ष जारी रहेगा।
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छतरपुर, 22 जनवरी 2025: छतरपुर में भाजपा नेता समेत 150 से अधिक लोगों को काटने वाला खौफनाक कुत्ता आखिरकार नगर निगम की टीम द्वारा पकड़ा गया। इस कुत्ते ने शहर में काफी दहशत फैला रखी थी, और इसे पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर निगम की टीम ने चौक बाजार के नजदीक इस खूंखार कुत्ते को फंदा लगाकर पकड़ा। टीम को तीन दिन से इस पागल कुत्ते की तलाश थी। इस पागल कुत्ते के कारण पूरे शहर में दहशत का माहौल था। नगर निगम की टीम ने अपनी कड़ी मेहनत और चौकसी से अंततः इस कुत्ते को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या यह वही पागल कुत्ता है जिसकी शहर में दहशत थी। हालांकि, नगर निगम की इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों को राहत पहुंचाई है और उनकी सुरक्षा की भावना को बढ़ावा दिया है।
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मैहर, 22 जनवरी 2025: मैहर पुलिस ने ताला थाना क्षेत्र में एक सप्ताह पहले हुई लूट की वारदात का सफलतापूर्वक खुलासा किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने लूटी गई बाइक और नगदी भी बरामद कर ली है। पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि 09 जनवरी को ताला निवासी तेजभान नट से बाइक और नगदी लूटी गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही मुकुंदपुर चौकी में शिकायत दर्ज कराई गई और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली। चेकिंग के दौरान तीन आरोपियों से लूटी गई बाइक बरामद की गई। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की वारदात का खुलासा किया। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई पुलिस की सख्त चौकसी और प्रभावी जांच का परिणाम है, जो स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा की भावना को बढ़ावा देती है।
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विश्व प्रसिद्ध ग्वालियर व्यापार मेले में श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड ने सड़क सुरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में ‘उड़ान रंगमंच’ के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। जिला न्यायाधीश ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर जिला न्यायाधीश आशीष दबांडे मौजूद थे, जिन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूक सप्ताह के कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने लोगों को मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के बारे में बताया और जोर देते हुए कहा कि अगर वाहन चालकों द्वारा सावधानी बरती जाए और वे नियमों का पालन करें तो 50% दुर्घटनाओं को आसानी से रोका जा सकता है। नए कानून और प्रावधानों पर चर्चा कार्यक्रम में जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक ने नए मोटर व्हीकल एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन नए नियमों के लागू होने से सड़क पर सुरक्षा में सुधार होगा और दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी। श्रीराम फाइनेंस की भूमिका श्रीराम फाइनेंस के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के प्रमुख सचिन सिंह शेखावत ने कंपनी द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न वित्तीय सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। इसके अलावा, उन्होंने अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कंपनी की ओर से सड़क सुरक्षा के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उन्हें नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करना था, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके और सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
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इंदौर में कलेक्टर जनसुनवाई के दौरान एक युवक ने अपनी शिकायत का समाधान न होने पर शिकायत पत्र अपने शरीर पर चिपकाकर कलेक्टर आशीष सिंह से मुलाकात की। युवक ने कलेक्टर से अपनी सालों से लंबित समस्या का समाधान मांगा। दो साल से लंबित समस्या का समाधान नहीं हुआ इंदौर में एक शख्स पिछले दो साल से अपनी समस्या का समाधान नहीं होने से परेशान था। युवक का कहना है कि वह लगातार जनसुनवाई में अपनी शिकायत लेकर आता है, लेकिन हर बार उसकी समस्या का समाधान नहीं होता। वह हमेशा शिकायतों को व्यवस्थित फाइल में लेकर आता है, लेकिन वे ठंडे बस्ते में चली जाती हैं। इसलिए, युवक ने इस बार अपने शरीर पर शिकायतों का पुलिंदा चिपकाकर कलेक्टर से मुलाकात की, ताकि उसकी समस्या का समाधान हो सके।
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अमरपाटन: 43वें अखिल भारतीय स्व. कैप्टन लाल प्रताप सिंह फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन अमरपाटन के कप्तान लाल प्रताप सिंह स्टेडियम में धूमधाम से हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार रहे। फाइनल मुकाबले में राजस्थान ने केरला को हराकर टूर्नामेंट जीत लिया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने विजेता और उपविजेता टीमों को पुरस्कार प्रदान करते हुए उन्हें बधाई दी। इस मौके पर विधायक विक्रम सिंह, श्रीकांत चतुर्वेदी, सिद्धार्थ कुशवाहा, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमा सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उमंग सिंघार ने स्टेडियम के बेहतर निर्माण के लिए सभी विधायकों की ओर से पांच लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने इस टूर्नामेंट के आयोजन को बेहद सफल बताते हुए कहा कि यह खेलों के प्रति युवाओं के उत्साह को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
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शल्यकर्णी, एक दुर्लभ औषधीय पौधा है, जिसका इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। यह पौधा खास तौर पर युद्ध के दौरान सैनिकों के घावों को जल्दी भरने के लिए उपयोग किया जाता था। इसके पत्तों और छाल का रस घावों पर लगाने से सैनिकों के घाव जल्दी ठीक हो जाते थे। आजकल यह पौधा केवल रीवा क्षेत्र में ही पाया जाता है, और इसके संरक्षण के लिए वन विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आयुर्वेदिक ग्रंथों में शल्यकर्णी का उल्लेख मिलता है। विशेष रूप से चरक संहिता में इसे शल्यक्रिया में सहायक माना गया है। इस पौधे का उपयोग आयुर्वेद में भी औषधि के रूप में किया जाता था। हालांकि, समय के साथ यह पौधा लुप्त हो गया था, लेकिन अब वन विभाग इसके संरक्षण और पुनर्विकास पर काम कर रहा है, ताकि भविष्य में इसे औषधि के रूप में पुनः उपयोग किया जा सके। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शल्यकर्णी की पुन: उपस्थिति न केवल ऐतिहासिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इस पौधे की महत्ता को देखते हुए इसे संरक्षित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। "शल्यकर्णी का आयुर्वेदिक महत्व बहुत ज्यादा है और इसके संरक्षण से हम पुरानी आयुर्वेदिक पद्धतियों को फिर से जीवन दे सकते हैं। इसके औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से अध्ययन किया जा सकता है।" वन विभाग के निरंतर प्रयासों से यह पौधा न केवल इतिहास को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि भविष्य में एक महत्वपूर्ण औषधि स्रोत के रूप में उभर सकता है।
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छतरपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। चार अज्ञात हमलावरों ने गढ़ीमलेहरा थाना क्षेत्र के पिड़पा गांव के पास एक बाइक सवार युवक को रास्ते में रोककर गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक युवक दो साल पहले हुए एक हत्याकांड का गवाह था। आरोप है कि हत्यारे युवक से अपनी गलती कबूल करवाना चाहते थे और इसी रंजिश को लेकर उन्होंने युवक की हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, "हमने हत्या के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। हम इस मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।" इस घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
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कटनी प्रवास पर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को लेकर तीखी टिप्पणी की। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के गुलाम अधिकारियों को RSS की चड्डी पहननी चाहिए। उनके इस बयान ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। सिंघार ने अधिकारियों पर निशाना साधते हुए कहा उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा नेताओं के गुलाम अधिकारी जनता के लिए निष्पक्ष होकर काम करने की बजाय उनके इशारों पर चलते हैं। उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी केवल सरकार की नीतियों को ही नहीं, बल्कि उनकी दिशा को भी अनुसरण करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सरकार की जन कल्याण योजनाओं पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि इन योजनाओं का लाभ सिर्फ मंत्रियों को मिल रहा है और सोने की तरह निकला जा रहा है।
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गुना जिले के चाचौड़ा तहसील में वन विभाग ने 900 बीघा वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया। मुख्यमंत्री मोहन यादव और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के सख्त निर्देशों पर यह अभियान भू-माफियाओं के खिलाफ चलाया गया। इस कार्रवाई में 60 बुलडोजर और 600 अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टीम शामिल थी, जिन्होंने मिलकर यह कार्रवाई सफल बनाई। 60 बुलडोजर और 600 अधिकारियों की टीम ने की कार्रवाई गुरुवार को हुए इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर 900 बीघा वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त किया। 16 जनवरी को त्वरित कदम उठाते हुए, पुलिस ने 250 पुलिसकर्मियों के साथ वज्र वाहन, अग्निशमन वाहन, एंबुलेंस और अश्रु गैस दल की तैनाती की। इसके अलावा, गुना, राजगढ़, ब्यावरा, सुठालिया, राघोगढ़ और राजस्थान के मनोहरथाना से मशीनरी और मानव संसाधन जुटाए गए, ताकि अवैध कब्जों को पूरी तरह से हटाया जा सके। भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई यह कार्रवाई भू-माफियाओं के खिलाफ एक बड़ी जीत मानी जा रही है, जिसमें वन भूमि पर अवैध कब्जे को समाप्त किया गया। इस अभियान को सफल बनाने में पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की कड़ी मेहनत और सटीक योजना का अहम योगदान रहा। मुख्यमंत्री और सांसद के नेतृत्व में यह कार्रवाई राज्य की वन संपत्ति की सुरक्षा और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
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छतरपुर जिले के नौगांव से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कलेक्टर और एसपी के आदेशों का खुलेआम उल्लंघन होता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में दो लाइसेंसी शस्त्र धारक एक घर में हो रहे कार्यक्रम के दौरान जमकर हर्ष फायरिंग करते हुए नजर आ रहे हैं। यह वीडियो इस घटना के दौरान शूट किया गया है, जब दो व्यक्ति बिना किसी रोक-टोक के लगातार फायरिंग कर रहे थे। फायरिंग के दौरान बच्चों और भीड़ की सुरक्षा की अनदेखी वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि दोनों बंदूकधारी लगातार गोली चला रहे हैं, और न तो पास खड़े छोटे बच्चों को कोई परवाह है, न ही आसपास मौजूद भीड़ की सुरक्षा की कोई चिंता है। वे बस धांय-धांय करते हुए फायरिंग कर रहे हैं। यह घटना तब हुई जब नौगांव में एक बच्चे के जन्म के बाद चौक समारोह आयोजित किया गया था। इसके बावजूद कलेक्टर और एसपी के आदेशों का उल्लंघन कर यह खतरनाक गतिविधि जारी रखी गई। कलेक्टर और एसपी के आदेशों का उल्लंघन, सवाल उठते हैं सुरक्षा पर इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब कलेक्टर और एसपी ने हर्ष फायरिंग पर रोक लगा दी है, तो फिर यह आदेश क्यों नहीं लागू हो रहे हैं। इस वीडियो ने अधिकारियों की कार्यवाही पर भी सवाल उठाए हैं, और अब तक कोई ठोस कदम उठाने की जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा के लिहाज से यह एक गंभीर मुद्दा बन चुका है।
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अमरपाटन के लाल प्रताप सिंह स्टेडियम में चल रहे फुटबॉल टूर्नामेंट में दर्शकों को रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। दूसरे मैच में दोनों टीमों ने गोल करने के लिए कड़ी मेहनत की, लेकिन समय खत्म होने तक कोई भी टीम गोल करने में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद पेनाल्टी शूट के दौरान बैंगलोर ने अपनी जीत दर्ज की, जबकि पहले मैच में नीमच ने श्रीनगर को 2-0 से हराकर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह बनाई। टूर्नामेंट का पहला मैच नीमच और श्रीनगर के बीच हुआ, जिसमें नीमच की टीम ने श्रीनगर को 2-0 से हराया और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। वहीं, दूसरे मैच में बालाघाट और बैंगलोर के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें पेनाल्टी शूट के दौरान बैंगलोर ने जीत हासिल कर क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित की। इस रोमांचक टूर्नामेंट के दौरान मैच देखने के लिए हजारों दर्शक स्टेडियम में मौजूद थे, जिन्होंने हर पल का लुत्फ उठाया और खिलाड़ियों को उत्साहवर्धन किया।
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मध्यप्रदेश के सरकारी कर्मचारियों ने अपनी लंबित पदोन्नतियों को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि 9 साल से उनकी पदोन्नति नहीं हुई है, और अब सरकार सीधी भर्ती की तैयारी कर रही है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारी नेताओं ने मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और अपनी मांगें उठाई। कर्मचारी नेता सुधीर नायक ने कहा कि मध्यप्रदेश एकमात्र राज्य है जहां पिछले नौ वर्षों से पदोन्नतियां रुकी हुई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की वर्षों से लंबित पदोन्नतियों की बजाय सीधी भर्ती का प्रस्ताव तैयार कर रही है, जिसका सभी कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। कर्मचारियों का यह विरोध प्रदर्शन सरकार की नीतियों के प्रति असंतोष को दर्शाता है, और वे अपनी लंबित पदोन्नतियों को लेकर सरकार से शीघ्र समाधान की मांग कर रहे हैं।
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राजनगर पुलिस ने हनी ट्रैप के आरोप में एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो यूपी के चरखारी के एक युवक को फंसाकर उसे एफआईआर कराने की धमकी दे रही थी। महिला की पहचान सुंदरी उर्फ सोनाली रैकवार के रूप में हुई है, जो पहले भी इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों में शामिल रही है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर महिला को गिरफ्तार कर लिया। इस महिला पर निवाड़ी जिले के ओरछा में भी इसी प्रकार के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, महिला छतरपुर के ओरछा रोड थाना में भी एक झूठे गैंगरेप केस में पहले गिरफ्तार हो चुकी है। पुलिस अब उसके साथी पंकज शर्मा की तलाश कर रही है, जो फिलहाल फरार है। यह मामला एक बार फिर हनी ट्रैप जैसी धोखाधड़ी की घटनाओं की गंभीरता को उजागर करता है, और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
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ग्वालियर: मध्य प्रदेश शासन द्वारा शराब की दुकानों के अंतर्गत अहातों के संचालन पर रोक लगाने के बाद भी ग्वालियर में इन निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इस समय ग्वालियर में शराब की दुकानों के बगल में धड़ल्ले से अहातों का संचालन किया जा रहा है, जिससे शासन के आदेशों की कोई परवाह नहीं की जा रही। आबकारी विभाग की लापरवाहीग्वालियर में शराब की दुकानों के पास अहातों का संचालन आबकारी विभाग के संरक्षण में हो रहा है। यह गंभीर स्थिति तब उत्पन्न हो रही है जब प्रदेश शासन ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि शराब की दुकानों के साथ किसी भी प्रकार के अहातों का संचालन नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, ग्वालियर में शराबखोरी और अहातों की अवैध गतिविधियां बिना किसी रोक-टोक के चल रही हैं। इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की लापरवाही साफ तौर पर नजर आ रही है, क्योंकि विभाग शराब ठेकेदारों से राजस्व वसूलने के चक्कर में इन उल्लंघनों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। नागरिकों और महिलाओं को हो रही परेशानीइस अव्यवस्था से न केवल नागरिकों बल्कि विशेष रूप से महिलाओं को भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब के सेवन के बाद सड़कों पर हो रही सार्वजनिक शराबखोरी से आसपास के लोग प्रभावित हो रहे हैं। यह स्थिति ग्वालियर के शहरी क्षेत्र में लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनता में असंतोष और भय का माहौल उत्पन्न हो रहा है। राजस्व के लिए नियमों की अनदेखीआबकारी विभाग का ध्यान केवल राजस्व एकत्रित करने पर है, जबकि जनता की सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। ठेकेदारों द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने के बावजूद विभाग द्वारा कार्रवाई न करना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। यदि यही स्थिति बनी रही तो यह नगरवासियों के लिए और भी बड़े समस्याओं का कारण बन सकता है, और शासन के आदेशों की कोई अहमियत नहीं रह जाएगी।
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ग्वालियर में लखनऊ से बिजनेस टूर पर आए एक युवक की अचानक मौत हो गई। युवक मैक्सन होटल में ठहरा हुआ था, जहां उसकी हालत अचानक बिगड़ी और उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। युवक की हालत बिगड़ी, अस्पताल में हुई मौत लखनऊ का निवासी दिव्यांशु ग्वालियर में एक निजी कंपनी में अधिकारी था और बिजनेस टूर पर आया था। जानकारी के अनुसार, दिव्यांशु ने अपनी गर्लफ्रेंड को दिल्ली से ग्वालियर बुलाया था और दोनों मैक्सन होटल में ठहरे हुए थे। गर्लफ्रेंड के आने के कुछ देर बाद ही दिव्यांशु की तबियत अचानक बिगड़ने लगी। होटल स्टाफ ने तुरंत पुलिस और अस्पताल को सूचित किया। दिव्यांशु को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। शराब और दवा के रैपर मिले मृतक के कमरे से शराब की बोतल और सेक्स पावर बढ़ाने वाली दवा के रैपर भी मिले हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नशे के साथ दवा का ओवरडोज युवक की मौत का कारण हो सकता है। पुलिस ने मृतक की गर्लफ्रेंड से भी पूछताछ की है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही किया जा सकेगा। पुलिस की जांच जारी पुलिस इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रही है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है ताकि मौत के असली कारण का पता चल सके। इस घटना ने एक बार फिर नशे के खतरों और दवाओं के ओवरडोज के मुद्दे को उजागर किया है।
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रीवा: मध्य प्रदेश के रीवा जिले में पुलिस के अमानवीय व्यवहार का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सिटी कोतवाली थाना के पुलिसकर्मियों ने सड़क पर बैठे एक बेजुबान कुत्ते पर गाड़ी चढ़ा दी। इस घटना में कुत्ता दर्द से कराहता रहा, लेकिन पुलिसकर्मी गाड़ी से नीचे नहीं उतरे और कुत्ते को रौंदते हुए आगे बढ़ गए। सीसीटीवी फुटेज में दिखी अमानवीयता यह घटना थाना क्षेत्र के दूध मंडी के पास की है, जहां सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि पुलिस की गाड़ी कुत्ते के ऊपर चढ़ जाती है। गाड़ी के नीचे दबे कुत्ते को देख अन्य कुत्ते उसकी मदद के लिए पहुंचे, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी मदद की बजाय बिना कोई मानवता दिखाए गाड़ी आगे बढ़ा दी। इस घटना के बाद कुत्ते का दर्दनाक कराहना और उसके साथी जानवरों का उसपर खड़े होना दृश्य को और भी दिल दहलाने वाला बना दिया। यह सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और पुलिस के अमानवीय रवैये की कड़ी आलोचना हो रही है। पुलिस की कड़ी आलोचना इस घटना ने पुलिस विभाग को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जहां एक ओर कानून और मानवाधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह के अमानवीय कृत्य से सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों और पशु प्रेमियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि रीवा पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और क्या इस अमानवीय कार्रवाई के खिलाफ पुलिसकर्मियों पर कोई कार्यवाही होती है।
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कांग्रेस ने नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी डॉ अस्मिता मिश्रा के समर्थन में शक्ति प्रदर्शन करते हुए नगर में विशाल जुलूस निकाला। इस दौरान उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या समेत कई दिग्गज कांग्रेस नेता मौजूद रहे, जिन्होंने डॉ अस्मिता मिश्रा के पक्ष में मतदान की अपील की। नुक्कड़ सभा और शक्ति प्रदर्शन नगर पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी डॉ अस्मिता मिश्रा ने लालकुआँ के वार्ड नंबर एक में नुक्कड़ सभा आयोजित की, जहां उन्होंने अपनी जीत के बाद की विकास योजनाओं को जनता के सामने रखा। इसके बाद, नगर में शक्ति प्रदर्शन करते हुए एक भव्य जुलूस निकाला गया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान उत्तराखंड के नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल जैसे दिग्गज नेताओं ने डॉ अस्मिता मिश्रा के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पूर्व उपाध्यक्ष की कांग्रेस में प्रवेश जुलूस के दौरान पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष गीता शर्मा को कांग्रेस पार्टी में शामिल किया गया, जिसे कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस शक्ति प्रदर्शन से कांग्रेस पार्टी ने अपनी ताकत और संगठनात्मक एकता का प्रदर्शन किया और आगामी चुनावों में अपनी जीत का विश्वास जताया।
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पीतांबरा पीठ मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। मंदिर परिसर के अंदर मां धूमावती मंदिर के आंगन में एक लड़की ने मोबाइल से रील बनाई और इसे इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। इस घटना के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल दतिया स्थित पीतांबरा पीठ मंदिर में यह घटना उस समय हुई जब एक लड़की ने मां धूमावती मंदिर के आंगन में मोबाइल फोन से रील बनाई और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। हालांकि मंदिर प्रबंधन का दावा है कि प्रमुख स्थानों पर 8-8 घंटे की ड्यूटी पर सिक्योरिटी गार्ड और स्थानीय पुलिस बल तैनात रहते हैं। इसके अलावा, प्रमुख द्वारों पर दर्शनार्थियों से मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था है, जिसके बदले उन्हें 5 रुपये दिए जाते हैं। सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही इसके बावजूद यह घटना सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही का ठोस प्रमाण है। यह रील चीची शर्मा नामक लड़की के इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई थी। मंदिर प्रबंधन ने पहले ही सख्त हिदायत दी थी कि सुरक्षा में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा, लेकिन फिर भी इस प्रकार की चूक हुई है। यह घटना मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है और इसके बाद मंदिर प्रशासन को अपनी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
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मकर संक्रांति के पावन अवसर पर नेमावर स्थित पेढ़ी घाट, सिद्धनाथ घाट और नागर घाट पर भक्तों का तांता लगा रहा। देवास, हरदा, सीहोर और आसपास के जिलों से आए श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। ठंड में भी श्रद्धालुओं का जोश कायम कड़कड़ाती ठंड के बावजूद, नेमावर में सुबह से लेकर शाम तक स्नान का सिलसिला जारी रहा। श्रद्धालुओं ने नाभि कुंड और सिद्धनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और साथ ही अनाज, कपड़े और अन्य सामग्रियों का दान किया। खासकर नदी किनारे बैठे बुजुर्गों को श्रद्धालुओं ने खिचड़ी परोसी, जो इस दिन का एक महत्वपूर्ण रिवाज है। इस अवसर पर पंडित मदन मोहन व्यास ने मकर संक्रांति के महत्व को बताते हुए कहा कि यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का प्रतीक है, जो हमारे जीवन में समृद्धि और सुख-शांति लाने वाला होता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। घाटों पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत लगा दी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई समस्या न हो। इस प्रकार, मकर संक्रांति का पर्व नेमावर में धूमधाम से मनाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और श्रद्धा से इस पवित्र दिन को और भी विशेष बना दिया।
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ग्वालियर में मसाज पार्लर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के धंधे में पुलिस की संलिप्तता का मामला सामने आया है। पुलिस की दबिश में पकड़े गए आरोपी पार्लर के मैनेजर ने खुलासा किया कि विश्वविद्यालय थाना का हवलदार हर महीने उससे 15 हजार रुपये की वसूली करता था। आरोपी ने यह भी बताया कि पुलिस की ओर से पैसे देने के बाद उन्हें अपने कारोबार के बारे में कोई चिंता नहीं होती थी, और पुलिस कभी उनके धंधे की ओर आंख उठाकर भी नहीं देखती थी। पार्लर के अलावा, आरोपी ने होटल और अन्य ठिकानों पर भी लड़कियों की सप्लाई का काम शुरू किया था। देह व्यापार में पुलिस की कथित सांठगांठ के सामने आने के बाद एसपी धर्मवीर सिंह यादव ने हवलदार मनोज शर्मा को सस्पेंड कर दिया है, साथ ही विश्वविद्यालय थाना प्रभारी उपेन्द्र छारी को लाइन हाजिर कर दिया है। विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस की कार्रवाई में विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के पटेल नगर स्थित "द हीलिंग हैंड मसाज थेरेपी" नामक मसाज पार्लर को पकड़ा गया, जो दरअसल देह व्यापार का अड्डा था। पार्लर में 6 युवतियां और दो ग्राहक, जितेन्द्र राजपूत और संकेत बंसल, गिरफ्तार किए गए। इसके अलावा, पार्लर के मालिक प्रीतेश चौरसिया और मैनेजर देवेन्द्र शर्मा भी गिरफ्तार हुए। जब पुलिस ने पार्लर पर छापा मारा, तो आरोपी ने यह खुलासा किया कि मसाज का काम केवल एक ढोंग था, जबकि असली कारोबार वेश्यावृत्ति का था। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय थाने के हवलदार मनोज शर्मा ने उनसे हफ्ता वसूली शुरू की थी और हर महीने 15 हजार रुपये लेता था। यह राशि देने के बाद वे निश्चिंत रहते थे कि पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस खुलासे के बाद एसपी यादव ने हवलदार मनोज शर्मा को सस्पेंड और थाना प्रभारी उपेन्द्र छारी को लाइन हाजिर कर दिया। एएसपी श्रीकृष्ण लालचंदानी की जांच में हवलदार की सांठगांठ और थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो गया है। अब पुलिस विभाग ने मामले की गहरी जांच शुरू कर दी है।
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छतरपुर जिले के खजुराहो में क्यूआर कोड बदलकर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी का नाम छोटू तिवारी है, जबकि इस घटना में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। यह मामला व्यापारियों और दुकानदारों को क्यूआर कोड बदलकर ठगने वाले गैंग से जुड़ा है। गिरफ्तार आरोपी छोटू तिवारी ने पुलिस पूछताछ में खुलासा किया कि वह और उसके दो साथी यूपी के सहारनपुर में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करते थे। वहीं पर उन्हें क्यूआर कोड से ठगी करने का आइडिया मिला। इसके बाद तीनों ने मिलकर खजुराहो में क्यूआर कोड स्कैनर बनवाए और उसे स्थानीय दुकानों और पेट्रोल पंपों पर लगा दिया। लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनका यह कदम उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा देगा। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान की और अब बैंक डिटेल्स के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि ठगी से कमाए गए पैसों का क्या हुआ। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि ठगी और साइबर अपराध के मामलों में नए-नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिनसे बचाव के लिए लोगों को जागरूक रहना जरूरी है। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है और ठगी के मामले में आगे की जांच कर रही है।
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छतरपुर पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी अगम जैन के नेतृत्व में चल रही कॉम्बिंग गश्त के दौरान अब तक 175 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें स्थायी वारंट वाले अपराधी, अवैध हथियार तस्कर और इनामी बदमाश शामिल हैं। हाल ही में, एसपी ने बमीठा थाने का दौरा कर ज्वेलर्स की दुकान में हुई चोरी की घटना की जानकारी ली और थानों में जमानत पर चल रहे आरोपियों की परेड कराई। छात्रा ने लगाई छलांग, मौत छतरपुर में एक दुखद घटना में, एक बीएससी की छात्रा ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। राठ की रहने वाली दीक्षा गुप्ता छतरपुर में किराए के मकान में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रही थी। उसकी मां उससे मिलने आई थी, तभी उसने अज्ञात कारणों से यह कदम उठाया।
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छतरपुर में पुलिस अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसपी के नेतृत्व में चल रही कॉम्बिंग गश्त के दौरान 175 से अधिक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें स्थायी वारंट वाले अपराधी, अवैध हथियार तस्कर और इनामी बदमाश शामिल हैं। यह पुलिस की सख्ती का एक उदाहरण है और इससे अपराधियों में खौफ का माहौल पैदा होगा। दूसरी ओर, छतरपुर में ही एक दुखद घटना में बीएससी की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। आत्महत्या के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।
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खजुराहो, 14 जनवरी 2025: छतरपुर जिले के खजुराहो में ATM एक्सचेंज के बाद अब ऑनलाइन ठगी का एक नया मामला सामने आया है। यहां करीब आधा दर्जन व्यापारियों की दुकानों और संस्थानों के बाहर लगे ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर्स को बदलकर ठगों ने ठगी को अंजाम दिया। ठगों की हरकत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, और पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। इन ठगों ने रातों-रात दुकानों और पेट्रोल पंप के बाहर लगे ऑनलाइन पेमेंट स्कैनर्स को बदल दिया, जिसके बाद दुकानदारों को किए जा रहे भुगतान ठगों के खातों में जाने लगे। इस घटना का खुलासा एक मेडिकल स्टोर की संचालक ओमवती गुप्ता की सतर्कता से हुआ। जब एक ग्राहक ने उनसे पूछा कि उनके क्यूआर स्कैन का नाम क्यों बदलकर "छोटू तिवारी" लिखा आ रहा है, तो उन्होंने तुरंत दूसरा कोड दिया और उस स्कैनर को हटा दिया। सीसीटीवी में जब उन्होंने घटना को देखा, तो यह जानकारी उन्होंने अन्य दुकानदारों को भी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
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बरेली कचहरी में आज दिनदहाड़े एक वकील पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस घटना में वकील बाल-बाल बच गए। घटना के तुरंत बाद मौके पर पहुंचे अन्य वकीलों ने चार आरोपियों को दबोचकर उनकी जमकर पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही एसपी सिटी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और आरोपियों को हिरासत में लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, बरेली के सुभाष नगर निवासी वकील राजाराम सोलंकी अपने कचहरी स्थित चैंबर में बैठे थे। तभी मोटरसाइकिल सवार कुछ लोगों ने उन पर तमंचे से फायर कर दिया। गनीमत रही कि गोली वकील को नहीं लगी। गोली की आवाज सुनकर अन्य वकील उनके चैंबर में पहुंचे और चारों आरोपियों को पकड़कर उनकी पिटाई कर दी। एसपी सिटी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शायद अधिवक्ता के बेटे से फायरिंग करने वाले युवकों की पहले से कोई रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते उन्होंने यह घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने मौके से एक तमंचा बरामद किया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इस घटना के बाद कचहरी में हड़कंप मच गया। वकीलों ने इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
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ग्वालियर, 14 जनवरी 2025: ग्वालियर शहर में हाल ही में हुए एटीएम लूट के मामले में पुलिस की कार्रवाई के दौरान बैंकों की लापरवाही और सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आई हैं। बीते दिनों डबरा और बहोड़ापुर में बदमाशों ने एटीएम काटकर लाखों रुपए लूट लिए थे, जिसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें लगाकर जांच की। जांच के दौरान पता चला कि जिन एटीएम से चोरी की गई थी, उनकी सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियां थीं। एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि बैंकों के अधिकारियों, सिक्योरिटी एजेंसी और एटीएम में कैश जमा करने वाली कंपनी के साथ एक बैठक की गई। इसमें एएसपी ने जानकारी दी कि जिस एटीएम में चोरी हुई थी, वहां पिछले दो साल से कैमरा बंद था और पिछले दो महीने से सुरक्षा सिस्टम भी काम नहीं कर रहे थे, जिसके कारण कोई अलर्ट नहीं हुआ। इसके अलावा, कैश वैन की सुरक्षा व्यवस्था भी कमजोर पाई गई, और गार्डों से इस मुद्दे पर बातचीत की गई। बैंक अधिकारियों ने एटीएम सिक्योरिटी सिस्टम का ठेका लेने वाली कंपनी का ठेका निरस्त कर दिया है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सीहोर, 14 जनवरी 2025: स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन पर देशभर में युवा दिवस मनाया गया, और इस अवसर पर सीहोर के पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिद्दीकगंज में सामूहिक सूर्य नमस्कार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कैबिनेट राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा की अध्यक्षता में सूर्य नमस्कार किया गया, और इसमें छात्रों, छात्राओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, समस्त स्टाफ सदस्य और छात्रों की सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य गौरी शंकर वर्मा, सरपंच महेंद्र सिंह काजल सहित गांव के वरिष्ठ लोग भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्वामी विवेकानंद के विचारों और योगदान को सम्मानित करना था, बल्कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली और शारीरिक फिटनेस के महत्व के बारे में जागरूक करना भी था।
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के युवाओं को सक्षम और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के पदों में वृद्धि करने का बड़ा संकल्प लिया है, ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें। नई दिशा में तेज़ी से काम शुरू मध्य प्रदेश सरकार ने युवा पीढ़ी के लिए एक नई दिशा तय की है, और इस दिशा में कार्य तेज़ी से शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि आगामी पांच वर्षों में राज्य सरकार दो लाख सत्तर हजार सरकारी पदों पर भर्ती करेगी। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगी, क्योंकि इन पदों के लिए लगभग एक लाख विज्ञापन इस साल ही जारी किए जाएंगे। रोजगार और विकास के नए अवसर यह कदम न केवल रोजगार के अवसरों को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य में युवा शक्ति को अपने हुनर को साबित करने का मौका भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस भर्ती प्रक्रिया से राज्य के युवाओं को अपनी क्षमताओं को निखारने और विकास में सक्रिय रूप से भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा, सरकार ने विभिन्न क्षेत्रों में मिशन मोड में काम करते हुए विकास के नए आयाम तय किए हैं, जिससे हर युवा को आगे बढ़ने और अपनी क्षमताओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस संकल्प से मध्य प्रदेश के युवाओं को उम्मीद की नई किरण मिली है, और वे अब आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक मजबूत कदम उठा सकते हैं।
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बीते एक साल में, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के विकास में लगातार योगदान दिया है। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए योजनाएं शुरू करने, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कई अहम कदम उठाए हैं, जिसके परिणामस्वरूप प्रदेश चारों ओर से विकास की राह पर बढ़ रहा है। प्रदेशवासियों के लिए ऐतिहासिक कदम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य के विकास के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इस एक वर्ष में, राज्य की आय में निरंतर वृद्धि देखने को मिली है, और ‘लाडली बहना योजना’ जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता मिल रही है। इसके अलावा, आहार योजना के माध्यम से जरूरतमंदों को भोजन की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में भी सुधार किए हैं, जहां सभी जिलों में पीएम एक्सीलेंस कॉलेज खोले गए हैं, और छात्रों को मात्र 1 रुपये में परिवहन सुविधा दी जा रही है, जिससे शिक्षा का विस्तार हो रहा है और छात्रों को सुविधाएं मिल रही हैं। उद्योग वर्ष और राज्य के अन्य महत्वपूर्ण कदम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2025 को ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत, उद्योगों को बढ़ावा देकर प्रदेश में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नदी जोड़ो अभियान के तहत 11 जिलों की तस्वीर बदलने का प्रयास किया जाएगा, जिससे जल संकट को हल किया जा सके। इसके अतिरिक्त, प्रदेश में मेडिकल और साइबर थानों की स्थापना को बड़ी उपलब्धि मानते हुए, मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के सुरक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बताया। पशुपालन और एयर एंबुलेंस सेवा पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए, मुख्यमंत्री ने किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इसके साथ ही, प्रदेश में एयर एंबुलेंस सेवा को 24 घंटे चालू रखा गया है, जिससे मरीजों को बिना किसी शुल्क के त्वरित सहायता प्रदान की जा रही है। रातापानी टाइगर रिजर्व: भोपाल की नई पहचान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रातापानी टाइगर रिजर्व की स्थापना को भी प्रदेश की एक बड़ी उपलब्धि बताया। इसके बाद, भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी बन गई है, जो टाइगर रिजर्व के इतने पास स्थित है, जिससे पर्यावरण और पर्यटन दोनों के क्षेत्र में एक नई दिशा मिली है। इन सभी कदमों के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश के विकास को और गति दी है और प्रदेश को प्रगति की राह पर अग्रसर किया है।
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छतरपुर: छतरपुर जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है, जहाँ एक प्राइवेट नर्सिंग होम में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक महिला की जान चली गई। प्रेम रूपा नर्सिंग होम में डिलीवरी के दौरान डॉक्टर दंपति और अन्य कर्मचारियों की लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने नर्सिंग होम पर हंगामा किया। यह घटना छह महीने पहले की है, जब प्रसूता की डिलीवरी के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम पर गंभीर आरोप लगाए और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉक्टर दंपति, बहू और नर्स के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। वर्तमान में पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यह घटना न केवल चिकित्सकीय लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता को भी उजागर करती है।
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रुड़की: नगर निकाय चुनाव को लेकर रुड़की में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़े कदम उठाए हैं। एसपी देहात, शेखर सुयाल की अगुवाई में पुलिस टीम पूरी सक्रियता से क्षेत्र में काम कर रही है। फ्लैग मार्च के माध्यम से पुलिस उपद्रवियों पर कड़ी नजर रखे हुए है और पोलिंग बूथों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी प्रकार का व्यवधान न हो। एसपी शेखर सुयाल ने बताया कि पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नगर निकाय चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रूप से संपन्न हो। इसके लिए सभी सुरक्षा उपायों को लागू किया गया है और पूरी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। फ्लैग मार्च और पोलिंग बूथों के निरीक्षण के जरिए पुलिस प्रशासन उपद्रवियों को हर कदम पर नियंत्रित करने के लिए तैयार है। इस कदम से न केवल चुनाव की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि मतदाताओं को भी यह विश्वास मिलेगा कि वे शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकते हैं।
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दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया जिले के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर में हुई चोरी का मामला अब राज्य स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मंदिर से हुई इस चोरी ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है, और पुलिस इस मामले के खुलासे के लिए जुटी हुई है। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र मिश्रा ने दखल न्यूज़ से बात करते हुए बताया कि इस चोरी की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच टीम लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अगले 4-5 दिनों में इस चोरी का खुलासा कर दिया जाएगा और दोषियों को पकड़ लिया जाएगा। पुलिस की पूरी टीम इस मामले की तह तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है और इस पर उनकी पूरी नजर है। इस चोरी ने न केवल दतिया जिले, बल्कि राज्य भर में भी गंभीर चिंता पैदा की है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले इस मंदिर की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं, और पुलिस प्रशासन ने इसे अपनी प्राथमिकता में रखा है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में सफलता मिल जाएगी और मंदिर से संबंधित सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जाएगा।
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दतिया जिले में पुरानी रंजिश के चलते महिला उपाध्यक्ष को गोली मारने की सनसनीखेज घटना सामने आई है हमले में उपाध्यक्ष के पैर पर गोली लगी है उपाध्यक्ष को अस्पताल में भर्ती कराया गया पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है दतिया जिले के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र में बदमाशों की बेखौफ वारदात ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं रतनगढ़ मंदिर जा रही महिला उपाध्यक्ष नीतू पर पांच आरोपियों ने हमला किया हमले में उपाध्यक्ष को पैरो में गोली लगी है जिससे वह घायल हो गई जिसके बाद परिजनों ने तत्काल नीतू को अस्पताल पहुंचाया शुरुआती जांच में मामला पुरानी रंजिश का बताया जा रहा है दतिया पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस घटना ने दतिया जिले में लॉ एंड ऑर्डर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें दो युवकों की जान चली गई। इन युवकों ने ठंड से बचने के लिए एक बंद कमरे में जलती हुई सिगड़ी रख ली थी, जिससे कमरे में फैलने वाली जहरीली गैस ने उनकी जान ले ली। सिगड़ी से फैलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड ने घेराघटना गोंद वाली में स्थित केजीएफ ढाबे पर काम करने वाले 16 वर्षीय बबुंदर बैगा और 18 वर्षीय मिथुन बैगा के साथ घटी। दोनों युवक रात को खाना खाने के बाद ढाबे की छत पर बने बंद कमरे में सोने चले गए। ठंड से बचने के लिए उन्होंने जलती हुई सिगड़ी कमरे में रख ली, जिससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस फैलने लगी। इस जहरीली गैस के प्रभाव से दोनों की दम घुटने से मौत हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त कीपुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि दोनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम कर लिया गया है, और मामले की जांच जारी है। पुलिस ने इस हादसे के कारणों का खुलासा किया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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छतरपुर जिले के नौगांव में एक युवक का सरेआम अपहरण करने का मामला सामने आया है। घटना उस समय हुई जब युवक मेले में दुकान लगा रहा था। चार अज्ञात हमलावरों ने पैसे के लेनदेन को लेकर युवक को बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की। पीड़ित युवक कुलदीप पटेरिया ने बताया कि हमलावरों ने उसे मेले के परिसर से जबरन उठा लिया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर मारा पीटा। घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और युवक को हमलावरों के चंगुल से छुड़ाया। पीड़ित और बजरंग दल के कार्यकर्ता तुरंत सिविल लाइन थाने पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपहरण और मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बजरंग दल की भूमिका: बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने समय रहते पहुंचकर पीड़ित युवक को बचाया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे ऐसे किसी भी अपराध के खिलाफ खड़े रहेंगे और पीड़ितों की मदद करेंगे। स्थानीय लोगों में दहशत: इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। लोग प्रशासन से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
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झांसी रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक अन्तर्राज्यीय शराब तस्कर को गिरफ्तार किया गया। तस्कर हरियाणा से अवैध अंग्रेजी शराब लाकर झांसी में बेचने का काम कर रहा था। पुलिस ने तस्कर से शराब के कई बोतल बरामद किए हैं, जिनसे शराब तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। शराब तस्कर का पर्दाफाश और गिरफ्तारीझांसी रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने 6 फुल और 20 हाफ बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की। गिरफ्तार तस्कर रविन्द्र कुशवाहा दतिया जिले के गोरा गांव का निवासी है। वह हरियाणा से शराब लाकर झांसी में बेचता था। तस्कर के खिलाफ धारा 63 आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस की आगे की जांचपुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके और इसके अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके। यह कार्रवाई झांसी में अवैध शराब व्यापार को रोकने और तस्करी के खिलाफ पुलिस की मुहिम को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस ने हाल ही में ‘यंग इंडिया के बोल’ कार्यक्रम के 5वें सीजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर युवा कांग्रेस अध्यक्ष मितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम का पोस्टर लॉन्च किया और प्रदेश भर के युवाओं से कार्यक्रम में जुड़ने की अपील की। ‘यंग इंडिया के बोल’ का 5वां सीजन: प्रमुख मुद्दे और उद्देश्ययुवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मितेंद्र सिंह, ग्वालियर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा, युवा कांग्रेस मीडिया चेयरमैन अभिज्ञान शुक्ला, और कार्यकारी जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष राघव कौशल ने मिलकर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का पोस्टर जारी किया और इसके 5वें सीजन की शुरुआत की। इस अवसर पर मितेंद्र सिंह ने कहा कि इस वर्ष ‘यंग इंडिया के बोल’ कार्यक्रम का फोकस दो सबसे गंभीर और चिंताजनक समस्याओं पर रहेगा - बेरोजगारी की बढ़ती दर और नशे की अनियंत्रित समस्या। उन्होंने कहा, "बेरोजगारी और नशे की विकराल समस्या हमारे समाज की जड़ों को खोखला कर रही हैं। हमें इन चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना होगा।" मितेंद्र सिंह ने यह भी उल्लेख किया कि इन मुद्दों को लेकर युवाओं को जागरूक करना और उनके समाधान के लिए विचार-विमर्श करना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है। युवाओं को एकजुट करने की पहल‘यंग इंडिया के बोल’ कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल बेरोजगारी और नशे की समस्या पर चर्चा करना है, बल्कि युवाओं को एकजुट करके समाज की चुनौतियों का समाधान ढूंढने का प्रयास भी है। युवा कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को इस मंच पर आने और इन गंभीर मुद्दों पर अपने विचार साझा करने के लिए प्रेरित किया है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश के युवा समुदाय के बीच जागरूकता फैलाने और उनकी आवाज़ को सही दिशा में लाने का एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रगति हो सके
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सिंगरौली जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां दो नाबालिग किशोरों के शव ढाबे के बंद कमरे में मिले। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। घटना का विवरण यह घटना सिंगरौली जिले के बरगवां थाना अंतर्गत गोंदवाली क्षेत्र में स्थित एक ढाबे की है। जानकारी के अनुसार, दो किशोर—18 वर्षीय मिथुन बैगा और 16 वर्षीय उसका साथी चितरंगी निवासी—ढाबे में काम करते थे। दोनों के शव ढाबे के एक बंद कमरे में पाए गए। दोनों रात को खाना खाने के बाद उसी कमरे में सो गए थे, जहां उनका शव मिला। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलने के बाद बरगवां निरीक्षक शिव पूजन मिश्रा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक सिगड़ी भी बरामद की है, जो घटनास्थल से संबंधित हो सकती है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस की विवेचना जारी पुलिस का कहना है कि वे मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही मामले की पूरी जानकारी सामने आएगी।
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सिंगरौली जिले से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां दो नाबालिग किशोरों के शव ढाबे के बंद कमरे में मिले। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। घटना का विवरण यह घटना सिंगरौली जिले के बरगवां थाना अंतर्गत गोंदवाली क्षेत्र में स्थित एक ढाबे की है। जानकारी के अनुसार, दो किशोर—18 वर्षीय मिथुन बैगा और 16 वर्षीय उसका साथी चितरंगी निवासी—ढाबे में काम करते थे। दोनों के शव ढाबे के एक बंद कमरे में पाए गए। दोनों रात को खाना खाने के बाद उसी कमरे में सो गए थे, जहां उनका शव मिला। पुलिस की कार्रवाई सूचना मिलने के बाद बरगवां निरीक्षक शिव पूजन मिश्रा ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक सिगड़ी भी बरामद की है, जो घटनास्थल से संबंधित हो सकती है। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस की विवेचना जारी पुलिस का कहना है कि वे मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही मामले की पूरी जानकारी सामने आएगी।
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छतरपुर और महोबा जिलों की सीमा से जुड़े थानों के बीच अब कोई सीमा विवाद नहीं होगा। दोनों क्षेत्रों के अधिकारियों ने मिलकर सड़क की नपाई कर सीमा का निर्धारण किया है, और अब जल्द ही इन सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में सीमा बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे विवादों से बचा जा सके। सीमा विवाद का इतिहास और समाधान हाल ही में छतरपुर जिले के हरपालपुर थाना और महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र के बीच सीमा विवाद ने एक सड़क हादसे के दौरान गंभीर रूप ले लिया था। इस हादसे में युवक का शव ढाई घंटे तक सड़क पर पड़ा रहा, क्योंकि दोनों थाने इसे अपनी सीमा में नहीं मान रहे थे। घटना के बाद पुलिस के आलाधिकारियों के दखल के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अब इस तरह की स्थिति से बचने के लिए छतरपुर एसपी और महोबा एसपी ने मिलकर यह निर्णय लिया कि भविष्य में ऐसी कोई समस्या नहीं होगी। इसके तहत हरपालपुर थाना पुलिस और नौगांव तहसील के राजस्व अमले ने झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर सड़क की नपाई कर सीमा का निर्धारण किया है। जल्द ही इन सीमावर्ती थाना क्षेत्रों में सीमा बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे इन क्षेत्रों की सीमाएं स्पष्ट रूप से चिन्हित हो सकेंगी और भविष्य में कोई विवाद न हो।
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फतेहपुर जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब कानपुर से प्रयागराज स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरी डीसीएम गाड़ी का टायर फटने के कारण वह अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में 12 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं। 12 से अधिक श्रद्धालु घायल घटना थरियांव इलाके की है, जहां 40 से अधिक श्रद्धालु वाहन में सवार थे। टायर फटने के बाद गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। इस दुर्घटना में 12 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए, जिनमें पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को त्वरित उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की तत्परता घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। साथ ही, दुर्घटना के कारण बाधित यातायात को भी शीघ्र बहाल किया गया। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की अहमियत को उजागर किया है, खासकर उन वाहनों में जो श्रद्धालुओं को यात्रा करवा रहे होते हैं।
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शहर में निर्माण कार्य के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। विराशा हाइट दानिश कुंज पुल के पास सड़क निर्माण कार्य चल रहा था, तभी कोलार के दानिश कुंज फोर लेन निर्माण एजेंसी के जीएम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। मामूली विवाद के चलते बदमाशों ने जीएम पर पत्थर से हमला कर दिया और उनके सिर को कुचलने की कोशिश की। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह बदमाश बेरहमी से जीएम पर हमला कर रहे हैं। घटनास्थल पर तनाव का माहौल घटना के बाद मौके पर तनाव का माहौल हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल जीएम को अस्पताल पहुंचाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने क्या कहा? पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि, "हमें सूचना मिली थी कि विराशा हाइट दानिश कुंज पुल के पास निर्माण कार्य के दौरान एक जीएम पर हमला हुआ है। हमने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। हम जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।" क्षेत्र में बढ़ रही अपराध घटनाएं यह घटना एक बार फिर शहर में बढ़ रही अपराध घटनाओं की ओर इशारा करती है। हाल ही में इस तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें लोगों पर हमले और लूटपाट के मामले शामिल हैं। लोग सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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ग्वालियर: ग्वालियर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां बीएसएफ का एक इंस्पेक्टर 32 दिन तक अपने ही घर में कैद रहा और इस दौरान उसे फर्जी साइबर और क्राइम ब्रांच अफसरों ने ठगकर 71.25 लाख रुपये की रकम हड़प ली। यह मामला अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल अरेस्ट का मामला माना जा रहा है। फर्जी अफसरों ने किया ठगी: ग्वालियर के टेकनपुर स्थित बीएसएफ में पदस्थ इंस्पेक्टर अवसार अहमद को खुद को मुंबई साइबर और क्राइम ब्रांच के अफसर बताने वाले बदमाशों ने ठग लिया। यह बदमाश उसे लगातार दबाव में डालते रहे और उसे विश्वास दिलाया कि वह किसी बड़े साइबर अपराध में फंसा हुआ है। इस डर और दबाव के कारण इंस्पेक्टर ने अपनी जमीन तक बेच दी और पैसे देने के लिए कई ट्रांजैक्शन किए। 2 दिसंबर 2024 से 2 जनवरी 2025 तक वह पूरी तरह से डिजिटल अरेस्ट रहा और बदमाशों के झांसे में आकर पैसे भेजता रहा। बेटे से हुई बात के बाद खुला सच: इंस्पेक्टर का बेटा जब उनसे संपर्क किया, तो उसने बताया कि उनके पिता साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद इंस्पेक्टर ने तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत की और फिर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव से अपनी पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस कार्रवाई: एसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अब पुलिस डिजिटल माध्यम से इस पूरे मामले की जांच कर रही है और ठगों को पकड़ने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। यह घटना डिजिटल ठगी की गंभीरता को उजागर करती है, जहां साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। इंस्पेक्टर के मामले में पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की है, और उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
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ग्वालियर: ग्वालियर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शादी के दौरान दूल्हे ने मंडप में सात फेरे लेने से पहले दहेज की मांग रख दी, जिससे पूरी शादी का माहौल बदल गया। दूल्हे ने शादी के दिन दस लाख रुपए और एक प्लॉट की मांग की, जिसे दुल्हन के परिवार के लिए पूरा करना संभव नहीं था। दहेज की यह मांग पूरी न होने पर दूल्हे ने शादी तोड़ दी और बिना फेरे लिए बारात वापस लेकर चला गया। दहेज की मांग और शादी का टूटना: ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में यह अजीबो-गरीब घटना घटी, जहां डॉक्टर बने दूल्हे ने शादी के दिन अपने पक्ष से दहेज में दस लाख रुपए और एक प्लॉट की मांग की। दुल्हन के परिवार के लिए यह राशि और संपत्ति देना संभव नहीं था, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। मांग पूरी न होने पर दूल्हे ने बिना सात फेरे लिए बारात वापस ले ली, और शादी टूट गई। दुल्हन का महिला थाना में शिकायत दर्ज कराना: गुस्साई दुल्हन ने इस घटनाक्रम के बाद महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दोनों पक्षों की काउंसलिंग करने का प्रयास किया, लेकिन काउंसलिंग के बाद भी मामला सुलझा नहीं। अब पुलिस ने दूल्हे और उसके परिवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। यह घटना दहेज प्रथा की गंभीर समस्या को उजागर करती है, और पुलिस अब इस मामले में उचित कार्रवाई करने की दिशा में कदम उठा रही है।
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छतरपुर: छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने ई रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे ई रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे से गुस्साए मृतक के परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसके कारण चंदला-बछौन-खजुराहो रोड पर जाम लग गया। हादसा और विरोध प्रदर्शन: यह दर्दनाक घटना उस समय घटी जब तेज रफ्तार बोलेरो ने ई रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ई रिक्शा चालक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने शव को सड़क पर रखकर चंदला-बछौन-खजुराहो रोड को जाम कर दिया। परिजनों ने बोलेरो चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की और न्याय की गुहार लगाई। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई: गुस्साए परिजनों को समझाने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा। दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को सख्त कर रहा है। यह हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करता है और साथ ही इस मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
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बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। कुटरू-बेदरे रोड पर किए गए आईईडी ब्लास्ट में डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के 8 जवान शहीद हो गए, जबकि वाहन के ड्राइवर की भी मौत हो गई। यह हमला सुरक्षाबलों के सर्चिंग ऑपरेशन के बाद उनकी गाड़ी पर हुआ था। आईईडी ब्लास्ट में बख्तरबंद गाड़ी की चपेट में आई सुरक्षा बलों की वाहन बीजापुर जिले के कुटरू इलाके में सुरक्षाबलों की बख्तरबंद गाड़ी आईईडी ब्लास्ट के चपेट में आ गई। ब्लास्ट के कारण कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, और कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। सुरक्षा बलों का दल बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंड़ागांव और जगदलपुर क्षेत्रों में सर्च अभियान चला रहा था। इस दौरान मुठभेड़ में 5 माओवादी ढेर हुए थे और एक जवान शहीद हो गया था। नक्सलियों का हमले के बाद सर्च ऑपरेशन पर हमला सर्च ऑपरेशन के बाद जब सुरक्षा बलों का दल वापस लौट रहा था, तब नक्सलियों ने सुरक्षा बलों की गाड़ी पर आईईडी ब्लास्ट कर दिया, जिससे यह बड़ा हमला हुआ। हमले की कड़ी निंदा, उच्च अधिकारियों की टीम घटनास्थल पर रवाना इस हमले के बाद राज्य सरकार और सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। घटनास्थल पर उच्च अधिकारियों की एक टीम रवाना की गई है ताकि मामले की गहन जांच की जा सके। साथ ही घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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सिंगरौली में दखल न्यूज़ पर प्रसारित खबर का सकारात्मक असर देखने को मिला है। पिछले कई दिनों से विस्थापित एवं पीड़ित महेंद्र दुबे के रोजगार के संकट का मामला सुर्खियों में था। अब, इस खबर के प्रसारण के बाद महेंद्र दुबे को रोजगार मिल गया है और कई लोग उनकी मदद के लिए सामने आए हैं। सहयोग से रोजगार की पुन: प्राप्ति खबर प्रसारित होने के बाद एनटीपीसी विंध्याचल महाप्रबंधक मानव संसाधन और उप महाप्रबंधक मानव संसाधन ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने महेंद्र दुबे के मामले में सदाशयता दिखाई और समस्या का समाधान करने के लिए त्वरित कदम उठाए। साथ ही, सिंगरौली शिवसेना के जिला अध्यक्ष रामदयाल पांडेय और फौजी सेवा संगठन के अध्यक्ष सुरेश पांडेय ने भी महेंद्र दुबे के लिए मदद की पेशकश की। कुशवाहा इंटरप्राइजेज ने जिम्मेदारी उठाई कुशवाहा इंटरप्राइजेज ने इस मामले को गंभीरता से लिया और महेंद्र दुबे को वापस काम पर रखने की शर्त मान ली। अब, उन्हें फिर से रोजगार मिल गया है, जिससे उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव आया है। यह घटना दर्शाती है कि मीडिया की भूमिका और समाज के सहयोग से लोगों की समस्याओं का समाधान संभव है
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मध्यप्रदेश की बालिका जूनियर कबड्डी टीम ने उत्तराखंड के हरिद्वार में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता के लिए अपनी यात्रा शुरू कर दी है। इस प्रतियोगिता का आयोजन 9 से 12 जनवरी तक होगा, और इसमें देश भर की उत्कृष्ट कबड्डी टीमें भाग लेंगी। खातेगांव में हुआ था राज्य स्तरीय चयन खातेगांव में 22 से 25 दिसंबर तक आयोजित मध्य प्रदेश बालिका जूनियर कबड्डी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले 13 सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया था। इन खिलाड़ियों को हरिद्वार भेजा गया है, जहां वे अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। टीम को शुभकामनाएं और गाजे-बाजे के साथ रवाना किया गया खातेगांव से टीम को गाजे-बाजे के साथ रवाना किया गया। टीम को शुभकामनाएं दी गईं और उनके जीतने की अग्रिम बधाई दी गई। कबड्डी अकादमी देवास के अध्यक्ष दिनेश बिश्नोई ने टीम को प्रेरित किया और उत्साहवर्धन किया। टीम के कोच और मेंनेजर टीम के कोच राजेश बिश्नोई और मेंनेजर खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ब्लॉक समन्वयक रीमा बछानीया और योगिता साहू हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश कबड्डी फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक जोशी, सचिव जे सी शर्मा, उपाध्यक्ष राम जीवन गोदारा, चयन समिति के मंगल यादव और राष्ट्रीय अंपायर जगदीश शर्मा प्रतियोगिता के दौरान टीम के साथ मौजूद रहेंगे। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश की टीम से सभी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और टीम के उत्साह के साथ राज्य का नाम रोशन करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
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छतरपुर में तीन युवकों को सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना महंगा पड़ गया। इन युवकों ने सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर अपनी दबंगई दिखाई थी, जिसके बाद पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया और उनका सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला। तीनों युवकों को गिरफ्तार किया गया कोतवाली पुलिस ने इन तीनों युवकों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से दो अवैध कट्टे और एक चाकू बरामद किया गया। पुलिस ने इन युवकों की गिरफ्तारी के बाद उनका जुलूस कोतवाली थाना से महल रोड तक निकाला, जहां उन्हें सार्वजनिक रूप से शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। पुलिस का कड़ा संदेश पुलिस द्वारा यह कदम उठाने से यह साफ संदेश दिया गया कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना और कानून को चुनौती देना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बढ़ी सतर्कता और सख्ती पुलिस अब ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने का मन बना चुकी है और सोशल मीडिया पर अवैध हथियारों के प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ निगरानी बढ़ा दी गई है। छतरपुर पुलिस की यह कार्रवाई अन्य युवकों के लिए एक चेतावनी है कि वे सोशल मीडिया का गलत उपयोग न करें और कानून का पालन करें। इस मामले में पुलिस की सक्रियता से यह भी जाहिर होता है कि अब सोशल मीडिया के माध्यम से अपराध को बढ़ावा देने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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भारत के विभिन्न राज्यों में बीते कुछ समय से लोगों को एक के बाद एक भूकंप के झटकों का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण लोगों के बीच खौफ बढ़ता जा रहा है। अब भारत के बड़े राज्य महाराष्ट्र में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह में महाराष्ट्र राज्य के पालघर जिले में भूकंप के झटकों से धरती हिल उठी है। आइए जानते हैं कि कितनी रही है इस भूकंप की तीव्रता। कितनी थी भूकंप की तीव्रता? सोमवार की सुबह महाराष्ट्र के पालघर जिले में आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई है। पालघर जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख ने सोमवार को आए भूकंप के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने आधिकारिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि जिले के डहाणू तालुका तड़के सुबह 4 बजकर 35 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। नुकसान की सूचना नहीं अधिकारी ने बताया है कि पालघर के डहाणू तालुका में बोर्डी, दापचरी और तलासरी इलाकों के लोगों ने सुबह-सुबह भूकंप के झटके महसूस किए हैं। अधिकारियों की ओर से दी गई सूचना के मुताबिक, पालघर में आए भूकंप के कारण अब तक ने किसी के हताहत होने या किसी संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना सामने नहीं आई है। क्यों आते हैं भूकंप? भारत समेत पूरी दुनिया में भूकंप की घटनाएं हाल के दिनों में काफी बढ़ गई हैं। दरअसल, हमारी धरती के भीतर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार अपने स्थान पर घूमते रहती हैं। हालांकि, कभी-कभी इनमें टकराव या घर्षण भी होता है। इसी कारण धरती पर भूकंप की घटनाएं देखने को मिलती हैं
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मध्यप्रदेश में मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। रविवार को प्रदेश में अच्छी खासी गर्मी महसूस की गई, जबकि मौसम में हो रहे इस बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। इस समय बदलाव के कारण कई लोग बुखार, सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश से सटे क्षेत्रों में फॉग (कोहरा) रहने के साथ-साथ तेज ठंड पड़ने की संभावना है। वहीं, भोपाल में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री और अधिकतम तापमान 29 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान है। स्वास्थ्य संबंधी सलाह बदलते मौसम के दौरान लोगों को अपनी स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सर्दी, बुखार, और फ्लू जैसी बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए खुद को सुरक्षित रखने के लिए गर्म कपड़े पहनने और अच्छी खुराक लेने की जरूरत है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, ताकि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या से बच सकें।
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ग्वालियर: बिना पुलिस को जानकारी दिए विदेशी महिला को होटल में ठहराने का मामला सामने आया है। सिरोल थाना क्षेत्र के होटल साक्षी इन में रुकने वाली एक रूसी महिला के कारण होटल के मैनेजर और एक कर्मचारी पर कार्रवाई हुई है। क्या है मामला? पुलिस को सूचना मिली थी कि होटल साक्षी इन में एक विदेशी महिला ठहरी हुई है। इस सूचना पर पुलिस ने होटल में सर्च अभियान चलाया। सर्च के दौरान पुलिस को रूसी नागरिक लूलिया क्रुग्लाइक वहां ठहरी हुई मिली। नियमों का उल्लंघन जांच में पाया गया कि होटल प्रबंधन ने विदेशी महिला के ठहरने की जानकारी फॉर्म सी के माध्यम से पुलिस को नहीं दी थी। यह विदेशी विषयक अधिनियम का उल्लंघन है, जो भारत में विदेशी नागरिकों की निगरानी के लिए आवश्यक होता है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पुलिस ने होटल मैनेजर योगेश गुप्ता और कर्मचारी कुनाल घैघट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। क्या है फॉर्म सी? फॉर्म सी एक ऐसा फॉर्म है जिसे विदेशी नागरिकों की जानकारी पुलिस और स्थानीय प्रशासन को देने के लिए भरा जाता है। इसे सुनिश्चित करने के लिए होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी होती है कि उनके यहां रुकने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी समय पर अधिकारियों को दी जाए। आगे की कार्रवाई पुलिस अब होटल स्टाफ से इस मामले में विस्तृत पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस तरह के अन्य मामले तो नहीं हुए हैं। सावधानी की अपील पुलिस ने सभी होटल प्रबंधकों और स्टाफ से अपील की है कि वे विदेशी नागरिकों के रुकने की जानकारी समय पर पुलिस को दें, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। ग्वालियर पुलिस की इस कार्रवाई ने विदेशी नागरिकों को लेकर नियमों की अनदेखी पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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सिंगरौली जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां एक मकान के पीछे स्थित सेफ्टी टैंक से चार शव बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में इन शवों की हत्या की आशंका जताई जा रही है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया है, और पुलिस मामले की जांच कर रही है। सिंगरौली जिले के बरगवां क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। हिंडाल्को गेट नंबर 3 के पास, मुख्य सड़क के किनारे स्थित एक मकान के पीछे सेफ्टी टैंक से चार अज्ञात शव बरामद किए गए। इस घटना की सूचना पड़ोसी और रिश्तेदार बिहारी प्रजापति ने पुलिस को दी। इसके बाद बरगवां निरीक्षक शिव पूजन मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित कर उन्होंने आगे की कार्रवाई शुरू की। इस बड़ी घटना को लेकर प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, वहीं मुख्यालय से एफएसएल की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर बैढ़न भेज दिया है। पुलिस ने प्रथम दृष्टया हत्या मानते हुए जांच शुरू कर दी है। तीन शवों की पहचान करण शाह, पप्पू और सुरेश प्रजापति के रूप में की गई, जबकि चौथे शव की पहचान नहीं हो पाई है। सभी शव जयंत पुलिस चौकी क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
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खजुराहो से धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है, जहां ठगों ने पुरातत्व विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी का एटीएम कार्ड बदलकर 40 हजार रुपये निकाल लिए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें ठगों की करतूत साफ दिखाई दे रही है। पुरातत्व विभाग से रिटायर्ड कर्मचारी हरिदास ढीमर के साथ यह धोखाधड़ी हुई। ठगों ने उनका एटीएम कार्ड बदलकर उनके खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए। धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित कर्मचारी ने खजुराहो थाने में घटना की लिखित शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने इस शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सिंगरौली (4 जनवरी, 2025): सिंगरौली जिले में 63 जोड़ों का सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीण और शहरी इलाकों के दूल्हे-दुल्हन शामिल हुए। हालांकि, इस विवाह समारोह के बाद हिंदू संगठनों में आक्रोश देखा जा रहा है। इन संगठनों का कहना है कि यह विवाह हिंदू मान्यताओं के खिलाफ है, क्योंकि खरमास में विवाह करना परंपरागत रूप से मना है। खरमास में विवाह पर सवालहिंदू धर्म में खरमास का महीना विशेष रूप से वर्जित माना जाता है, और इस दौरान शादी विवाह के आयोजन को निषेध समझा जाता है। यही कारण है कि 63 जोड़ों के सामूहिक विवाह समारोह पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हिंदू संगठनों का मानना है कि यह विवाह हिंदू परंपराओं के खिलाफ है और इसके परिणामस्वरूप इन जोड़ों को परेशानियां हो सकती हैं। उनका कहना है कि इस समय किए गए विवाहों का भविष्य संदेहास्पद हो सकता है और इन जोड़ों का तलाक हो सकता है, जैसा कि उनके अनुसार इस तरह की गलत तारीखों पर विवाह तय करने का परिणाम हो सकता है। हिंदू संगठनों का आक्रोशहिंदू संगठनों का कहना है कि यह विवाह समारोह विशेष रूप से सनातनी मान्यताओं के खिलाफ था। संगठन यह सवाल उठाते हैं कि इस सामूहिक विवाह समारोह की तारीख जानबूझकर खरमास में क्यों तय की गई। कुछ का आरोप है कि यह काम कुछ बौद्ध धर्म से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जानबूझकर किया गया। इसके अलावा, भाजपा के जनप्रतिनिधियों की इस कार्यक्रम में उपस्थिति पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि इसे हिंदू परंपराओं पर कुठाराघात माना जा रहा है। आखिर क्या होगी कार्रवाई?अब यह देखना होगा कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। हिंदू संगठनों और जनता के बीच बढ़ते आक्रोश को देखते हुए, मुख्यमंत्री के लिए यह एक महत्वपूर्ण निर्णय होगा कि वे इस विवाद पर किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करते हैं।
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मुस्तरा (ब्यूरो): मुस्तरा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां पांच साल के मासूम आर्यन का शव गांव के मंदिर के पीछे मिला है। गुरुवार शाम से लापता हुए बच्चे की हत्या की आशंका जताई जा रही है। क्या है पूरा मामला? मुस्तरा गांव निवासी मंगल सिंह राजपूत का पांच साल का बेटा आर्यन गुरुवार शाम से घर से लापता था। परिजन और ग्रामीण बच्चे की तलाश में जुटे हुए थे। शुक्रवार को बच्चे का शव गांव के मंदिर के पीछे मिला। बच्चे के गले पर चोट के निशान थे। पुलिस ने मामला दर्ज किया परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। एसडीओपी कर्णिक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रथम दृष्टया लग रहा है कि बच्चे की हत्या गला दबाकर की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा होगा। ग्रामीणों में आक्रोश इस घटना से पूरे गांव में सनसनी
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पीथमपुर (ब्यूरो): भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने के सरकार के फैसले के खिलाफ लोगों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इस मुद्दे पर दो लोगों ने आत्मदाह का प्रयास किया और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। बढ़ते विरोध के मद्देनजर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आपात बैठक बुलाई और इस फैसले पर रोक लगाने का ऐलान किया है। क्या है पूरा मामला? भोपाल गैस त्रासदी के बाद से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा एक बड़ी समस्या बना हुआ था। सरकार ने इस कचरे को निपटाने के लिए पीथमपुर में जलाने का फैसला किया था। लेकिन इस फैसले के खिलाफ पीथमपुर के लोगों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन और हिंसा प्रदर्शनकारियों ने गुडलक चौराहे पर चक्काजाम कर दिया, जिससे हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान दो युवकों ने आत्मदाह का प्रयास किया। सरकार का यू-टर्न बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रात को भोपाल में आपात बैठक बुलाई। बैठक में उन्होंने कहा कि सरकार जनता के साथ है और जनता के हित में कोई भी निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाएगा और अदालत के आदेश के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभिन्न संगठनों का विरोध इस प्रदर्शन में पीथमपुर बचाओ समिति, पीथमपुर रक्षा मंच, कांग्रेस, भाजपा, राठौर समाज, क्षत्रिय समाज, सेन समाज, आदिवासी समाज और कई अन्य संगठनों ने भाग लिया। सभी संगठनों ने जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने के फैसले का विरोध किया।
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दतिया जिले के ऐतिहासिक सूर्य मंदिर में अज्ञात चोरों ने बड़ी साज़िश को अंजाम देते हुए गर्भ गृह से भगवान का छत्र और गुल्लक से नकदी चुरा ली। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। चोरी का खुलासा और स्थानीय आक्रोश स्थानीय लोगों का कहना है कि इस चोरी में चोरों ने करीब 3 से 4 किलो चांदी और लगभग 10 लाख रुपये की नकदी चुरा ली। दतिया कलेक्टर, जो मंदिर के अध्यक्ष भी हैं, ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। जब स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी कैमरों के खराब होने की शिकायत की थी, तो कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कलेक्टर की अनदेखी के कारण ही चोरों ने इस ऐतिहासिक सूर्य मंदिर को निशाना बनाया और चोरी की घटना को अंजाम दिया। इस घटना के बाद आक्रोशित जनता ने सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। हालांकि, पुलिस ने तीन दिन के अंदर इस चोरी का खुलासा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जनता ने जाम खोला। सीसीटीवी की अनदेखी और पुलिस की कार्यवाही सीसीटीवी कैमरे के खराब होने और प्रशासनिक अनदेखी के कारण इस चोरी की घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अब देखना यह है कि पुलिस अपनी तीन दिनों की तय समयसीमा में इस मामले का खुलासा करती है या नहीं। यह घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करती है और मंदिरों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत को उजागर करती है।
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सिंगरौली नगर निगम के वार्ड क्रमांक 20 के पिपरा लाल क्षेत्र में एनसीएल दुधिचुआ परियोजना की खाली पड़ी जमीन पर अवैध निर्माण का सिलसिला लगातार जारी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह अवैध निर्माण नगर निगम और एनसीएल दुधिचुआ परियोजना के सुरक्षा विभाग की मिलीभगत से हो रहा है। शिकायत और कार्रवाई पिपरा लाल क्षेत्र के रहवासियों ने एनसीएल दुधिचुआ परियोजना और नगर निगम को लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद सुरक्षा विभाग ने एक दिन के लिए अवैध निर्माण पर रोक लगाई थी। हालांकि, स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध निर्माण करने वाले व्यक्ति और सुरक्षा विभाग के बीच लाखों रुपए का लेनदेन हुआ है, जिससे यह मामला और भी संदेहास्पद बन गया है। स्थानीय लोगों का गुस्सा स्थानीय रहवासी इस अवैध निर्माण पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और उनके मुताबिक सुरक्षा विभाग की मिलीभगत के बिना इस प्रकार के निर्माण संभव नहीं हो सकते। इस मामले ने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है कि क्या स्थानीय प्रशासन और एनसीएल दुधिचुआ परियोजना के सुरक्षा विभाग के बीच कोई गहरी सांठगांठ है? यह मामला जांच और कार्रवाई की मांग कर रहा है, ताकि अवैध निर्माण की घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम हो सके और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाए जा सकें।
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छतरपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जहां तेज रफ्तार दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। हादसे का विवरण यह घटना बडामलेहरा थाना क्षेत्र के सड़वा गांव में घटी, जहां दो मोटरसाइकिल तेज रफ्तार से आ रही थीं और आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही तीन युवकों की मौत हो गई। मृतकों में से दो युवक धनगुंवा के निवासी थे, जबकि एक युवक दमोह का रहने वाला था। घायल दो युवकों को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यह दर्दनाक हादसा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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इंदौर नगर निगम अब जलकर के बकायादारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगा। इसके लिए छह जनवरी से विशेष मुहिम शुरू की जा रही है। जिन बकायादारों ने बार-बार नोटिस देने के बावजूद जलकर जमा नहीं किया है, ऐसे बड़े बकायादारों की सूची भी तैयार कर ली गई है। अब इनके खिलाफ निगम पुलिस कार्रवाई करेगा। इंदौर निगम सीमा में करीब एक लाख 89 हजार जल कनेक्शन हैं। लगभग 60 हजार कनेक्शन ऐसे हैं जो अनियमित हैं। यानी इन कनेक्शनधारियों ने सालों से नगर निगम में जलकर जमा ही नहीं किया है। यही वजह है कि बकाया राशि करोड़ों रुपये में पहुंच गई। वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की थी इंदौर नगर निगम ने ऐसे कनेक्शनधारियों को राहत देते हुए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की थी। इसके तहत बकायादारों को बकाया राशि का 50 प्रतिशत भुगतान करके अपना खाता नियमित करवाने की सुविधा दी गई थी। निगम को बकायादारों से जलकर के रूप में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा वसूलने हैं। निगम को उम्मीद थी कि वन टाइम सेटलमेंट योजना को अच्छा प्रतिसाद मिलेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सिर्फ 45 करोड़ रुपये ही निगम के खाते में पहुंचे। शिविर लगाकर जलकर जमा करवाएंगे इसके बाद भी निगम ने बकायादारों को कई अवसर दिए ताकि वे अपना जलकर खाता नियमित करवा सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब निगम ने सख्ती बरतते हुए जलकर बकायादारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर ली है। निगम छह जनवरी से इसके लिए विशेष अभियान भी शुरू करेगा। नगर निगम अलग-अलग क्षेत्रों में शिविर लगाकर जलकर जमा कराएगा।
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सिंगरौली: भीषण ठंड को देखते हुए नगर निगम सिंगरौली के आयुक्त डी.के. शर्मा ने निगम के वाहन चालकों को ठंड से बचने के लिए ट्रैक सूट वितरित किए। इस पहल से वाहन चालकों में खुशी का माहौल देखा गया और उन्होंने इस कदम की सराहना की। सिंगरौली नगर पालिक निगम क्षेत्र में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए नगर निगम आयुक्त डी.के. शर्मा के नेतृत्व में, नए साल के पहले दिन लगभग 115 वाहन चालकों को ठंड से बचने के लिए ट्रैक सूट दिए गए। इस पहल ने वाहन चालकों को राहत प्रदान की और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभाने के लिए उत्साहित किया। कार्यक्रम के दौरान वाहन अधिकारी एस.एन. द्विवेदी, समाजसेवी अवनीश दुबे, उपयंत्री अमिताभ यादव, आशीष पांडेय और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। यह कदम कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया, ताकि वे सर्दी के मौसम में भी अपनी ड्यूटी को पूरी निष्ठा से निभा सकें।
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छतरपुर जिले के किशनगढ़ थाना इलाके में नए साल के मौके पर एक अजीब और खौफनाक घटना सामने आई। खेत से लौट रहे बच्चों पर एक तेंदुए ने हमला कर दिया। हालांकि, बच्चों के शोर मचाने और भगदड़ मचने से तेंदुआ डर कर भाग निकला, लेकिन इस हमले में एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के अनुसार, कुछ बच्चे अपने खेत में नए साल का जश्न मना रहे थे और पार्टी के बाद घर लौट रहे थे। तभी एक तेंदुआ अचानक से उन पर हमला कर बैठा। तेंदुआ ने एक बच्चे को पकड़ने की पूरी कोशिश की, लेकिन बच्चों ने शोर मचाया और एक-दूसरे की मदद से तेंदुए से भागने में सफल रहे। हालांकि, भागते वक्त एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे सिर और पैरों में चोटें आई हैं। घायल बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। यह घटना जंगलों से सटे इलाकों में जानवरों के हमलों की बढ़ती घटनाओं को उजागर करती है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि जंगलों से लगे इलाकों में सुरक्षा इंतजामों को और सख्त किया जाएगा ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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छात्र उन विषयों और सिलेबस की जानकारी रखें। जिसकी प्रैक्टिकल परीक्षाएं आयोजित होने वाली है। बोर्ड ने छात्रों को सही समय पर प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने की सलाह दी है। सीबीएसई द्वारा उन्हें दूसरा कोई अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। यदि प्रैक्टिकल परीक्षा के दौरान छात्रों को किसी प्रकार की समस्या होती है तो वह स्कूल को संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड में दिसंबर महीने की शुरुआत में ही सभी स्कूलों को सही समय पर प्रैक्टिकल परीक्षा का सिलेबस पूरा करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा तैयारी को लेकर भी कुछ गाइडलाइंस जारी की थी। स्कूलों से प्रायोगिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सूची ऑनलाइन प्रणाली से जाँचने की सलाह दी थी। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके की ऑनलाइन प्रणाली में सही विषय और विद्यार्थियों की श्रेणी दिखाई गई है। कक्षा 12वीं के लिए प्रैक्टिकल परीक्षा बोर्ड द्वारा नियुक्त एक्सटर्नल परीक्षकों द्वारा आयोजित की जाएगी।
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वर्ष 2024 में भारतीय रिजर्व बैंकों 11 बैंकों लाइसेंस रद्द कर चुका है। अब इस लिस्ट में एक और बैंक शामिल हो चुका है। 27 दिसंबर के आदेश के तहतआरबीआई ने बिहार के वैशाली शहरी विकास सहकारी बैंक लिमिटेड हाजीपुर का लाइसेंस रद्द कर दिया है। बैंकिंग व्यवसाय 30 दिसंबर से बंद करने का आदेश जारी गया है। आरबीआई ने बिहार से बैंक को बंद करने और बैंक के लिए एक परीसमापक नियुक्त करने से संबंधित आदेश जारी करने का अनुरोध भी किया है। लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक को न जमा स्वीकार करने और ना ही जमा का पुनर्भुगतान की अनुमति नहीं होगी। केंद्रीय बैंक ने बताया कि इस बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं है। ऐसे में बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 56 के साथ धारा 11(1) और धारा 22 (3)(डी) के प्रावधानों का अनुपालन नहीं होता। बैंक का चालू रहना इसके जमाकर्ताओं के लिए हानिकारक है। अपनी स्थिति में वर्तमान जमाकर्ताओं को पुनर्भुगतान भी नहीं कर सकता। यदि इस कारोबार को आगे रखने की अनुमति दी जाती है तो इसका प्रभाव जनहित पर पड़ेगा।
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मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में 31 दिसंबर की रात होटल रायल ऑर्बिट पर यूटूबर और बिग बाॅस विजेता रहे एल्विश यादव का होना है, जिसका विरोध शुरू हो गया है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर एल्विश यादव के कार्यक्रम हुआ तो ठीक नहीं होगा। आरोप है कि एल्विश यादव की पार्टी में न सिर्फ जमकर शराब खोरी होगी, बल्कि अफीम और ड्रग्स का भी सेवन होगा। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर कार्यक्रम के रोक की मांग की है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद की महाकौशल प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष प्रीति धनधारिया ने बताया कि एल्विश यादव कौन है ये सब जानते है, लोग इसे यू-टूयबर मानते है, पर असल में ये नशे का सौदागर है, और जब इसका कार्यक्रम होगा तो लोग न सिर्फ जमकर नशा करेंगे बल्कि जब घर जाएंगे तो दुर्घटना का अंदेशा भी रहेगा। प्रीति धनधारिया ने बताया कि जिस आर्बिट होटल में यह प्रोग्राम हो रहा है, वो नर्मदा तट से 5 किलोमीटर के दायरे में है, और इसी होटल में 31 तारीख की रात जमकर शराबखोरी भी होगी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए ऑर्बिट होटल में शराब पार्टी की जा रही है। एल्विश यादव जिसे कि रेव पार्टियों के लिए एवं सांपो के जहर की सप्लाई केस में जेल जा चुका है। ऐसे व्यक्ति को संस्कारधानी में बुलाकर शराबखोरी करवाना सही नहीं है।
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छतरपुर के जानराय टौरिया स्थित धनुषधारी मंदिर के महंत को बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मिलने का एक गंभीर मामला सामने आया है। महंत ने इस धमकी की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। धनुषधारी मंदिर में विवाद जानराय टौरिया में स्थित धनुषधारी मंदिर में विवाद अब गहराता जा रहा है। महंत ने पुलिस को बताया कि पुजारी परमात्मा दास ने उन्हें बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी दी। शिकायत के अनुसार, पुजारी मंदिर की दुकान से 40 हजार रुपये और रजिस्टर लेकर फरार हो गया है। इस घटना से मंदिर परिसर में तनाव का माहौल पैदा हो गया है। पुलिस कार्रवाई पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया है और कोतवाली थाने में पुजारी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और पुलिस ने जल्द ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा जताया है। यह घटना मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय बन चुकी है, और इसने मंदिर परिसर में सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं। अब पुलिस की कार्रवाई पर सभी की नजरें हैं।
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नई साल के मौके पर छतरपुर पुलिस ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है, जिससे लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे। पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश कर उन्हें उनके असली मालिकों तक पहुंचाया। इस पहल से लोगों को ना केवल अपने खोए हुए मोबाइल मिले, बल्कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास का एक मजबूत संदेश भी गया। 6 लाख रुपये मूल्य के मोबाइल मिले छतरपुर पुलिस ने गुम हुए मोबाइलों को खोजने की मुहिम में सफलता प्राप्त की और 6 लाख रुपये मूल्य के विभिन्न कंपनियों के मोबाइलों को ढूंढ निकाला। इन मोबाइलों को एसपी अगम जैन ने एक विशेष समारोह में प्रेस कॉन्फ्रेंस हॉल में शिकायतकर्ताओं को लौटाए। एसपी अगम जैन ने बताया कि यह सफलता साइबर टीम की तत्परता और तकनीकी कुशलता से संभव हो पाई है। आभार और विश्वास का संदेश इस मौके पर एसपी और उनकी टीम का आभार व्यक्त करने के लिए कई राज्यों से लोग अपने खोए हुए मोबाइल लेने पहुंचे। खोई हुई चीज वापस मिलने पर सभी ने एसपी अगम जैन और उनकी टीम का धन्यवाद किया। एसपी ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को और भी मजबूत करना है, ताकि भविष्य में भी लोग पुलिस से सहायक और समर्थ महसूस करें। यह कदम पुलिस द्वारा दिखाए गए ईमानदारी और सेवा की भावना को दर्शाता है, और यह साबित करता है कि जनता की सुरक्षा और सहायता के लिए पुलिस हर कदम पर तत्पर रहती है।
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रुड़की के मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक जैन मंदिर में चोरों ने रात के अंधेरे में लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मंदिर के पुजारी ने सुबह मंदिर खोलने पर देखा कि मंदिर का ताला टूटा हुआ है और अंदर का सामान बिखरा पड़ा है। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, चोरों ने मंदिर से लगभग 40 से 50 लाख रुपये का सामान चुराया है। इसमें नकदी के साथ-साथ मंदिर में रखे कीमती जेवर और अन्य धार्मिक सामग्री शामिल है। पुलिस ने बताया कि वे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान करने का प्रयास कर रहे हैं।
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सिंगरौली (ब्यूरो): सिंगरौली जिले के विंध्यनगर थाना क्षेत्र में हुई चार बड़ी चोरियों का पुलिस ने खुलासा किया है। इस मामले में दो नाबालिगों सहित चोर गिरोह के सरगना को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री ने बताया कि गहन जांच के बाद गिरोह के सरगना कादर उर्फ रोहित शाह और दो नाबालिग चोरों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 145 ग्राम सोने के जेवर और 1 किलो चांदी, जिसकी कीमत लगभग 11 लाख रुपए से ज्यादा है, बरामद हुई है। यह चोरियां 18 दिसंबर को हुई थीं जब सतीश प्रसाद के घर से सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर इस गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन आरोपी अभी भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
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रीवा में पुलिस की वर्दी पहनकर वसूली करने वाली दो नकली पुलिसवालियों को असली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दो महिला पुलिसकर्मी शहर में जबरन लोगों से पैसे वसूल रही हैं, जिसके बाद पुलिस ने स्पेशल टीम बनाकर इन आरोपियों को धर दबोचा। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के लाडली लक्ष्मी पथ पर यह घटना हुई, जहां इन फर्जी महिला पुलिसकर्मियों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुलिस को जानकारी मिली। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया। इन महिलाओं ने पुलिस की ड्रेस पहनी हुई थी और इसी वर्दी का रौब झाड़ते हुए वे लोगों से वसूली कर रही थीं। बताया जा रहा है कि ये महिलाएं पिछले तीन-चार दिनों से शहर में घूम रही थीं। पुलिस अब इन महिलाओं से पूछताछ कर रही है। सिविल लाइन थाना में इन महिलाओं के खिलाफ बीएनएस (बदसलूकी और गैरकानूनी कार्यों) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की पूरी जांच कर रही है और आरोपी महिलाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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रीवा में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां एक युवती के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी ने भीड़भाड़ वाले इलाके में एक मैजिक गाड़ी में युवती के साथ यह घिनौना कृत्य किया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की रहने वाली है और वह अपनी सहेली के साथ घूमने के लिए मुकुंदपुर गई थी। वहां उसकी मुलाकात मैजिक चालक राकेश रावत से हुई। राकेश ने युवती को अपनी मां को डॉक्टर दिखाने में मदद करने का झांसा दिया और उसे बुलाया। राकेश ने युवती को गुढ़ चौराहे के समीप सड़क किनारे खड़ी अपनी मैजिक गाड़ी में बैठा लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपी ने उसे धमकाया और फरार हो गया। डरी हुई युवती काफी दिनों तक थाने में शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाई। अंततः सोमवार को उसने बिछिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेंगे। यह घटना समाज के लिए एक कलंक है। ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।
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देवास जिले के नेमावर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक युवती के साथ उसके ही चाचा, सौतेले भाई और एक 60 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति ने मिलकर दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे लगातार परेशान करते थे और उसके साथ दुष्कर्म करते थे। आरोपियों ने पीड़िता को धमकाया था कि अगर उसने किसी को कुछ बताया तो उसे जान से मार देंगे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों के खिलाफ एसटी एक्ट के तहत दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। यह घटना समाज के लिए एक कलंक है। ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।
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इंदौर के युग पुरुष धाम आश्रम की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। यह फैसला उस समय लिया गया जब 6 महीने पहले इस आश्रम में 10 बच्चों की मौत हो गई थी और लगभग 60 से अधिक बच्चे बीमार हो गए थे। कलेक्टर आशीष सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले में आश्रम को पहले ही नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद आश्रम की मान्यता को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रबंधन में भी बदलाव किया गया था। गुरुवार को सहमति के बाद, आश्रम के 86 दिव्यांग बच्चों को उज्जैन स्थित सेवाधाम आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया। यह कदम बच्चों की सुरक्षा और देखभाल की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
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मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने पैसे की कमी के कारण ट्रेन के पहिए के पास बैठकर 250 किमी का सफर तय किया। यह घटना इटारसी से जबलपुर के बीच हुई, जिसकी दूरी करीब 250 किलोमीटर है। घटना का खुलासा तब हुआ जब ट्रेन जबलपुर स्टेशन के आउटर पर पहुंची। रेल कर्मचारी जब नियमित जांच कर रहे थे, तो उनकी नजर कोच के नीचे लेटे एक व्यक्ति पर पड़ी। पूछताछ में युवक ने बताया कि उसके पास सफर करने के लिए पैसे नहीं थे, इस कारण उसने यह जोखिम भरा कदम उठाया। इस अजीबोगरीब घटना ने रेल कर्मचारियों को भी चौंका दिया, क्योंकि ट्रेन के पहिए के पास बैठकर सफर करना बेहद खतरनाक था।
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खातेगांव मंडी, जो अब ए ग्रेड होने के साथ प्रदेश की हाईटेक मंडियों में शामिल है, किसानों के लिए कई सुविधाएं प्रदान कर रही है। यहां का मंडी स्टाफ 24 घंटे किसानों की सहायता के लिए तैयार रहता है, ताकि किसानों को मंडी प्रांगण में किसी भी प्रकार की तकलीफ या शिकायत का सामना न करना पड़े। अगर कोई शिकायत होती है, तो उसका तुरंत समाधान किया जाता है। मंडी सचिव रघुनाथ सिंह लोहिया ने बताया कि शीतलहर से बचने के लिए मंडी प्रांगण में अलाव की व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को ठंड से राहत मिल सके। इसके अलावा, मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग प्वाइंट और स्मार्ट टीवी भी लगाए गए हैं। टोकन व्यवस्था के तहत किसान अपने निर्धारित स्थान टीन शेड में पहुंचकर ट्रैक्टर ट्राली लगा सकते हैं। मंडी में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। यहां किसानों की मदद के लिए किसान सहायता केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कक्ष भी स्थापित किए गए हैं। किसानों को शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है, और कैंटीन में मात्र 5 रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर कोई किसान किसी भी प्रकार की शिकायत लेकर आता है, तो उसे तुरंत सुना जाता है और समाधान किया जाता है। मंडी सचिव ने यह भी बताया कि उपसंचालक महोदय उज्जैन, कलेक्टर देवास, एसडीएम खातेगांव और विधायक खातेगांव के निर्देशन में सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे किसानों को अधिकतम लाभ मिल रहा है।
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने गृह जिले खटीमा पहुंचे, जहां उन्होंने जनता और जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री का स्वागत और जनसंपर्क हल्द्वानी कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री देर शाम अपने गृह क्षेत्र खटीमा नगला स्थित आवास पहुंचे। यहां लोहिया हेड स्थित गेस्ट हाउस में एकत्र जनसमूह ने मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद स्थानीय जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को समझा। समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस दौरान समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाएगा, ताकि उनके जीवन में सुधार लाया जा सके। मुख्यमंत्री धामी ने यह भी भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार हमेशा जनता के साथ खड़ी रहेगी और उनकी समस्याओं के समाधान में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
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उत्तराखंड को 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी मिली है, और इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में पहुंचकर खेलों की मशाल और प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राष्ट्रीय खेलों का आयोजन हल्द्वानी स्थित गौलापार अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में किया जाएगा। मुख्यमंत्री का संकल्प: "आम जनता के सहयोग से खेलों को उत्सव बनाएंगे" इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य के लिए एक बड़ा सम्मान है कि उसे 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी का अवसर मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन को एक उत्सव बनाने के लिए आम जनता का सहयोग जरूरी है। "संकल्प से शिखर तक" के मंत्र के तहत, उन्होंने कहा कि इस आयोजन में आम जनता की सक्रिय सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि इन खेलों से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलने में मदद मिलेगी। खेल मंत्री और विधायकगण का समर्थन इस मौके पर खेल मंत्री रेखा आर्य, लालकुआँ विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट, भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा और खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। इन सभी ने इस ऐतिहासिक अवसर को राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया और खेलों के सफल आयोजन के लिए सहयोग देने का संकल्प लिया। राष्ट्रीय खेलों का महत्व 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेज़बानी से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को एक नई दिशा मिलेगी, और यह राज्य में खेलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए मशाल को उनके हाथ में सौंपा, ताकि वे खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।
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मध्य प्रदेश के वन विभाग के अधिकारियों द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में इंसान और हाथियों के बीच समन्वय स्थापित करने के उपायों पर मंथन किया गया। इस कार्यशाला में अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए, जो उन्होंने दक्षिण भारत के तमिलनाडु और कर्नाटक में हाथियों के प्रबंधन के विषय में सीखा। मानव हाथी द्वंद को रोकने की कवायदउमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आयोजित इस कार्यशाला में PCCF वाइल्ड लाइफ, शुभरंजन सेन ने बताया कि मध्य प्रदेश में हाथियों की आमद एक नया और महत्वपूर्ण मामला है, जिसे सही तरीके से समझने और प्रबंधित करने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं। उनका उद्देश्य मानव और हाथी के बीच द्वंद को रोकना और हाथियों का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। दक्षिण भारत से मिली अहम जानकारीशुभरंजन सेन ने बताया कि हाथियों के प्रबंधन के लिए एक दल को दक्षिण भारत भेजा गया था, जहां इन राज्यों में हाथियों की संख्या अधिक है और उनका प्रबंधन अच्छा किया जा रहा है। वहां के अनुभवों को मध्य प्रदेश में लागू करने के लिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया था। कार्यशाला में हाथियों के व्यवहार को समझने पर ध्यान केंद्रित किया गयाकार्यशाला के दौरान, अधिकारियों ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश में आने वाले हाथियों और उनके इंसान के साथ रिश्तों को लेकर चर्चा की। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जंगली हाथियों के व्यवहार को समझना और उनका बेहतर प्रबंधन करना था ताकि भविष्य में जान-माल का नुकसान रोका जा सके।
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एक युवक ने रीवा पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है पीड़ित की माने तो बिना किसी मुकदमे व अपराध के पुलिस ने उसे घर से पकड़ा और थाने ले कर पिटाई लगाईं पुलिस वाले ने सिगरेट सेउनकी आंख तक जलाई पीड़ित ने बताया की पुलिस वाले उसे फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी भी दे रहे थे। जवा थाना क्षेत्र का है जहां के रहने वाले रोहित सिंह आज एसपी ऑफिस पहुंचे और जवा पुलिस की प्रताड़ना की शिकायत दर्ज कराई पेशे से किसान पीड़ित ने बताया की 24 दिसम्बर की शाम पुलिस वाले घर पहुंचे और मुझे पकड़ कर जबरन पुलिस गाड़ी में बैठकर थाने ले गए और बिना किसी अपराध के वहां डंडा और बेल्ट से मारपीट करने लगे पीड़ित ने बताया की सुराज सिंह और वेद प्रकाश शर्मा दोनों पुलिस कर्मी गाली गलौच करते हुए फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी दे रहे थे उन्होंने सिगरेट से दाहिने आंख को भी जला दिया.
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उत्तराखंड के खटीमा में जामा मस्जिद की दुकानों के स्थानांतरण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। शिकायतकर्ता सलीम रिज़वी ने आरोप लगाया है कि बिना वक्फ बोर्ड की अनुमति के तीन दुकानों को नियमों के खिलाफ स्थानांतरित कर दिया गया है, जिससे विवाद गहरा गया है। आरोप और प्रशासन की प्रतिक्रिया सलीम रिज़वी का कहना है कि वक्फ बोर्ड की मंजूरी के बिना दुकानों का हस्तांतरण किया गया, और इस पर प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है। उनका आरोप है कि वर्तमान में कोई वक्फ बोर्ड कमेटी नहीं है, इसलिए प्रशासन को इस तरह के फैसले लेने का अधिकार नहीं था। उन्होंने इस मामले को लेकर एसडीएम के माध्यम से सहायक कार्यपालक वक्फ बोर्ड को ज्ञापन सौंपा है, ताकि मामले की जांच की जा सके। दूसरी ओर, खटीमा प्रशासन के कामिल खान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे निराधार बताया है। उनका कहना है कि ये आरोप गलत हैं और इस तरह की स्थिति पर प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है।
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सिंगरौली (ब्यूरो)। सिंगरौली में हुई एक महिला की हत्या का रहस्य पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतका के प्रेमी को गिरफ्तार किया है। बता दें कि एक महीने पहले पुलिस को झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव मिला था। पुलिस ने मृतका की शिनाख्त रीता के रूप में की थी। रीता के पति ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने इस मामले में गहनता से जांच शुरू की। पुलिस और साइबर टीम की जांच में पता चला कि रीता दीपक नाम के व्यक्ति से लगातार संपर्क में थी। पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह पिछले एक साल से रीता के साथ प्रेम संबंध में था। रीता उस पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। एक दिन जब रीता उससे मिलने आई और उसे अपने साथ ले जाने की जिद करने लगी तो आरोपी ने गुस्से में आकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दीपक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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देवास के हरणगांव स्थित शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में बाउंड्री वाल के निर्माण का भूमि पूजन विधायक आशीष शर्मा ने किया। इस परियोजना के तहत 13 लाख 50 हजार की लागत से बाउंड्री वाल का निर्माण किया जाएगा, जो स्कूल परिसर की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाएगा। भूमि पूजन के अवसर पर विधायक का संबोधन भूमि पूजन के मौके पर विधायक आशीष शर्मा ने कहा कि यह राशि देवास जिला प्रशासन के खनिज मद से प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि बाउंड्री वाल बनने के बाद स्कूल परिसर में लगे पेड़-पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, साथ ही असामाजिक तत्वों का प्रवेश भी रुक सकेगा। विधायक ने प्रदेश सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में की जा रही महत्वपूर्ण पहल पर भी प्रकाश डाला और बच्चों से आगामी परीक्षाओं में पूरी मेहनत और मन लगाकर पढ़ाई करने की अपील की। इस परियोजना से स्कूल की सुरक्षा और बच्चों के लिए बेहतर वातावरण सुनिश्चित होगा, जिससे उनका शैक्षिक स्तर और भी ऊंचा होगा।
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बरेली फास्ट ट्रैक फर्स्ट कोर्ट ने 16 बीघा जमीन के विवाद में हत्या करने के आरोप में सगे भाई और भतीजे को फांसी की सजा सुनाई है। यह सजा 2014 में हुई एक हत्याकांड के मामले में सुनाई गई। सजा सुनाते वक्त जज ने रामचरित मानस का उदाहरण देते हुए फैसले को और भी प्रभावी बना दिया। हत्याकांड की पूरी कहानी नवंबर 2014 में जमीन के विवाद को लेकर एक भाई ने अपने बेटे के साथ मिलकर अपने ही भाई की गोली मारकर और गला काटकर हत्या कर दी थी। पहले इस हत्या के मामले में सौतेले भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन बाद में जब परिवार के अन्य सदस्य को शक हुआ कि सौतेले भाई ने इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया, तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत दर्ज कराई। इस शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की पुनः जांच की, और सच सामने आया कि सगे भाई और भतीजे ने हत्या को अंजाम दिया था। जज ने रामचरित मानस का दिया उदाहरण इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज रवि कुमार दिवाकर ने दोनों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनाते हुए जज ने रामचरित मानस का उल्लेख करते हुए कहा कि एक तरफ श्रीराम और उनके भाई भरत थे, जो प्रेम के कारण अपना राजपाट एक-दूसरे को देने के लिए तैयार थे, जबकि दूसरी ओर इन आरोपियों ने सिर्फ संपत्ति के लिए अपने ही भाई की हत्या कर दी। इस उदाहरण से जज ने परिवार में प्रेम और रिश्तों के महत्व को उजागर किया और अपराध की गंभीरता को रेखांकित किया।
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मध्य प्रदेश के किसानों को आए दिन विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कभी खाद की कमी तो कभी बीमा की राशि न मिलने की समस्याएं। ऐसा ही एक मामला सिद्धि गंज क्षेत्र से सामने आया है, जहां किसानों की 2022 की खरीफ फसल की प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि अभी तक उनके खातों में नहीं पहुंची है। किसानों को नहीं मिली फसल बीमा राशि आष्टा के सिद्धि गंज क्षेत्र के किसानों के खातों में 2022 की प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि नहीं डाली गई। किसानों ने इस बारे में संबंधित बैंक और सेवा सहकारी समितियों से संपर्क किया, लेकिन उन्हें बताया गया कि बीमा राशि अब तक जारी नहीं की गई है। इसके बाद जब किसान कृषि विभाग कार्यालय सीहोर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि 23 अगस्त 2023 को उनके क्षेत्र की प्रधानमंत्री फसल बीमा राशि किसानों के खातों में डाल दी गई थी। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि किसान जहां पर फसल बीमा करवाए थे, वहां जाकर पूछताछ करें। किसानों का कहना – "बीमा राशि कहां गई?" किसानों ने बताया कि 2022 की खरीफ फसल में सोयाबीन खराब हो गई थी, जिसके लिए उन्होंने सर्वे कराया था, लेकिन बीमा राशि के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। किसानों ने 181 पर भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन फिर भी उनकी बीमा राशि का कोई पता नहीं चल रहा है। इस मामले को लेकर किसानों ने कलेक्टर सीहोर, एसडीएम आष्टा, क्षेत्रीय विधायक और इंजीनियर को भी आवेदन दिया है, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
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मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के द्वारा आज दमोह नाका से अपनी शौर्य यात्रा निकल रहे थे लेकिन उनकी यात्रा को हितकारिणी स्कूल में ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। करीब आधे घंटे तक पुलिस और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच बात चलती रही। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिस रोड पर शौर्य यात्रा निकली जा रही है उसकी अनुमति नहीं ली गई है वहीं बजरंग दल ने पुलिस प्रशासन के आदेश को मानने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि सालों से शौर्य यात्रा निकाली जा रही है लेकिन कभी अनुमति की जरूरत नहीं पड़ी। बता दें कि यात्रा को रोकने के लिए शहर और देहात से करीब एक दर्जन से अधिक थानों की पुलिस सहित तीन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे। 12 दिनों पहले बजरंग दल ऑफिस हिंदू परिषद ने शौर्य यात्रा निकालने के लिए जिला प्रशासन से कही थी लेकिन किसी कारणवश उन्हें रोक दिया गया। कार्यक्रम में बजरंग दल के सैकड़ों कार्यकर्ता हितकारिणी स्कूल शौर्य यात्रा के लिए निकले पर पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। करीब आधे घंटे तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प हितकारिणी स्कूल के अंदर जैसे ही विश्व हिंदू परिषद् और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका तो, विवाद की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने जबरन बैरिकेड को तोड़ते हुए बाहर निकलने की काफी कोशिश की मगर पुलिस ने उन्हें हठ पूर्वक रोक दिया। इस दौरान पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प भी हुई। कार्यकर्ता की जबरन शौर्य यात्रा निकालने की कोशिश कर रहे थे तो वही पुलिस होने बलपूर्वक रोकते रही। करीब आधे घंटे तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच झड़प होती रही। जानकारी लगते ही एसडीएम पंकज मिश्रा, एएसपी आनंद कलादगी, एएसपी सूर्यकांत शर्मा मौके पर पहुंचे और बजरंग दल के पदाधिकारी से बात की। चर्चा होने के बाद विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने रूट बदलने को तैयार हुए और फिर पुलिस के साए में शौर्य यात्रा शुरू हुई।
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अमरपाटन थाना परिसर में पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार हर मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में इस बार भी कई हितग्राहियों ने अपनी समस्याएं रखीं। इस अवसर पर पुलिस प्रशासन ने नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया और दोनों पक्षों को समझाइश दी, जिससे शांति और न्याय सुनिश्चित किया जा सके। राजस्व से संबंधित शिकायतों का समाधान, सुशासन दिवस पर शपथ ग्रहण जनसुनवाई के दौरान, राजस्व से संबंधित कुछ शिकायतें भी आईं, जिन्हें अमरपाटन की SDM आरती यादव और तहसीलदार आर डी साकेत ने पुलिस स्टाफ के साथ मिलकर समाधान किया। इसके बाद, थाना परिसर में सुशासन दिवस के मौके पर सुशासन की शपथ भी ली गई। इस अवसर पर एसडीओपी शिव कुमार सिंह, थाना प्रभारी के पी त्रिपाठी और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे।
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मैहर (ब्यूरो)। बदेरा थाना क्षेत्र में हुई एक नवयुवती की हत्या का रहस्य पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को राजकोट, गुजरात से गिरफ्तार किया है। बता दें कि कुछ दिन पहले बदेरा थाना क्षेत्र में एक किशोरी का शव मिला था। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मृतिका आठ महीने की गर्भवती थी। शुरूआत में यह मामला आत्महत्या का लग रहा था, लेकिन पुलिस की गहनता से हुई जांच में कई अहम खुलासे हुए। पुलिस के अनुसार, मृतिका के आरोपी से संबंध थे। दोनों के बीच डेढ़ साल से प्रेम संबंध चल रहा था। मृतिका गर्भवती होने के बाद आरोपी पर शादी के लिए दबाव बना रही थी। इसी बात से परेशान होकर आरोपी ने मृतिका की हत्या कर दी और उसके शव को पानी में फेंक दिया था। आरोपी ने मृतिका का मोबाइल भी नाले में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी को राजकोट से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
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रीवा रेंज के डीआईजी साकेत पांडेय ने हाल ही में अमरपाटन में स्थित SDOP कार्यालय का दौरा किया, जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ लंबित अपराधों और CM हेल्पलाइन से संबंधित मामलों पर बैठक की। इस बैठक में डीआईजी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रकरणों का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए। पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में डीआईजी ने अपराध पर भी चर्चा की बैठक में एसपी मैहर सुधीर अग्रवाल, एडिशनल एसपी मुकेश वैश्य, CSP राजीव पाठक, SDOP शिव कुमार सिंह और थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। डीआईजी ने न केवल लंबित मामलों के समाधान पर जोर दिया, बल्कि क्षेत्र में अपराधों के नियंत्रण और पुलिस की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
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23 दिसंबर को भोपाल के जीवीएन द ग्लोबल स्कूल में सतना जिले के पड़रौत गांव के युवा कवि दिनेश गुप्ता मकरंद की दूसरी पुस्तक 'रवि और कवि का प्रताप' का लोकार्पण हुआ। इस पुस्तक में 43 कविताएं और 93 मुक्तक हैं। यह दिनेश गुप्ता मकरंद का दूसरा काव्य संग्रह है, जो उनके साहित्यिक यात्रा की एक नई दिशा को दर्शाता है। लोकार्पण समारोह में प्रमुख साहित्यकारों की उपस्थिति, गोकुल सोनी और अशोक व्यग्र ने किया पुस्तक की समीक्षा लोकार्पण समारोह में महापौर मालती राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं, जबकि वरिष्ठ साहित्यकार और व्यंग्यकार गोकुल सोनी और अशोक व्यग्र विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। गोकुल सोनी ने अपनी समीक्षा में कहा कि दिनेश गुप्ता मकरंद की कविताओं में धार्मिक आस्था, लोक मंगल का भाव और राष्ट्र चेतना की गहरी छाप देखने को मिलती है। वहीं, अशोक व्यग्र ने मातृभाषा की महत्वता को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल एक भाषा नहीं, बल्कि एक संस्कार और संस्कृति है, जिसे दिनेश अपने लेखन के माध्यम से समाज में प्रसारित कर रहे हैं। दिनेश गुप्ता मकरंद के साहित्यिक योगदान को सराहा, आभार व्यक्त किया कार्यक्रम के अंत में, दिनेश गुप्ता मकरंद ने अपने सभी अतिथियों और साहित्यकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने हाल ही में संपूर्ण श्रीरामचरितमानस का हस्तलेखन किया है और हिंदुस्तान चालीसा की तर्ज पर हनुमान चालीसा को मात्र तीन दिन में लिखा है। उनके इन साहित्यिक योगदानों को भी समारोह में विशेष रूप से सराहा गया।
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सिंगरौली से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां पिपरा झाँपी सरकारी स्कूल के 11 छात्र अचानक से बीमार हो गए। इन छात्रों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल में छात्रों के बीमार होने पर अधिकारियों ने लिया तत्काल एक्शन बीमार छात्रों को अस्पताल पहुंचाने के लिए मौके पर एसडीएम सृजन वर्मा, आईएएस चंद्रशेखर शुक्ला और डीईओ एसबी सिंह स्कूल पहुंचे। उन्होंने अपनी गाड़ियों से छात्रों को अस्पताल भेजा, जबकि कुछ छात्रों को एम्बुलेंस द्वारा भी अस्पताल लाया गया। अस्पताल के ट्रामा विभाग में सभी छात्रों का इलाज जारी है। इस घटना से कुछ दिन पहले भी पिपरा झाँपी स्कूल के कई छात्र बीमार हो गए थे, जिससे स्कूल के स्वास्थ्य पर सवाल उठ रहे हैं।
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आज, रीवा से अमरपाटन पहुंचे चार विभागों के संयुक्त संचालकों ने सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के डिलीवरी वार्ड से लेकर नवनिर्मित बिल्डिंग तक का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद, उन्होंने नगर परिषद के वार्ड नंबर 5 में आयोजित जनकल्याण शिविर में हिस्सा लिया। इस शिविर में चारों संयुक्त संचालकों ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य योजना समेत कई अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए। शिविर के दौरान उन्होंने लाभार्थियों से मुलाकात की, उनकी समस्याएं सुनीं और विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही, जनकल्याण शिविर में कई योजनाओं के लाभार्थियों से फीडबैक लिया गया। इस आयोजन के बाद, सभी विभागों की एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें योजनाओं की प्रगति और आने वाले कार्यों पर चर्चा की गई। इस औचक निरीक्षण और जनकल्याण शिविर ने क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है और विभागीय योजनाओं के बारे में जागरूकता बढ़ रही है।
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आज राष्ट्रीय किसान दिवस है। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर ये दिन मनाया जाता है। ये दिन भारतीय अर्थव्यवस्था में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार करने और उनके योगदान के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। आज के दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुभकामनाएं देते हुए लिखा है कि ‘पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न, चौधरी चरण सिंह जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। अन्नदाता भाई-बहनों को किसान दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। चौधरी जी ने किसानों, गरीबों एवं वंचितों के हितों के संरक्षण एवं उनके समग्र विकास हेतु अपना सर्वस्व जीवन समर्पित कर दिया। आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपके समर्पण और किसान कल्याण व कृषि विकास के आपके प्रयास सदैव हमें प्रेरित करते रहेंगे।’ राष्ट्रीय किसान दिवस भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहाँ की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर है। लगभग 70% भारतीय किसान हैं जो खाद्य फसलों, तिलहन, और वाणिज्यिक फसलों का उत्पादन करते हैं। वे उद्योगों के लिए कच्चे माल की आपूर्ति भी करते हैं, जिससे वे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। भारत गेहूं, चावल, दालें, गन्ना और कपास जैसी फ़सलों के प्रमुख उत्पादकों में से एक है। राष्ट्रीय किसान दिवस हर साल 23 दिसंबर को भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह भारतीय राजनीति में किसानों की आवाज़ बनने वाले अग्रणी नेताओं में से एक थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में किसानों की समस्याओं को समझा, उनके अधिकारों की लड़ाई लड़ी और उनकी स्थिति को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण नीतियों और कार्यक्रमों की शुरुआत की। आज के दिन का महत्व ये दिन किसानों के योगदान को सराहने और उनके प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। किसान दिवस पर कृषि और किसानों की समस्याओं पर चर्चा की जाती है और उनकी बेहतरी के लिए समाधान ढूंढे जाते हैं। इस दिन किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, नई पद्धतियों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया जाता है। किसान दिवस लोगों को यह याद दिलाने का अवसर है कि किसान न सिर्फ अन्नदाता हैं, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ बनाने में भी उनका अहम योगदान है।
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रुड़की: रुड़की के कई गांवों और आसपास के जंगलों में इन दिनों गुलदार (तेंदुए) का आतंक मचा हुआ है। इस गुलदार के डर से किसान अपने खेतों में जाने से भी कतराने लगे हैं। किसान लगातार वन विभाग को सूचना दे रहे हैं, लेकिन विभाग की ओर से अभी तक इस गुलदार को पकड़ने के कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे किसानों में गुस्सा और डर का माहौल बना हुआ है। इस मुद्दे को लेकर भाकियू टिकैत के गढ़वाल मंडल उपाध्यक्ष सोमवीर सिंह के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने रुड़की वन विभाग के कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई दिन पहले वन विभाग को जंगल में गुलदार की मौजूदगी के बारे में सूचित किया गया था, लेकिन अब तक विभाग ने इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। किसानों का कहना है कि गुलदार का डर इतना बढ़ चुका है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। इस पर वन दरोगा नरेंद्र कुमार ने कहा कि गुलदार को पकड़ने के लिए शासन को लिखा गया है और जल्द ही पिंजरे लगाकर गुलदार को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। किसानों ने वन विभाग से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है, ताकि उनका जीवन सुरक्षित हो सके और वे अपने खेतों में काम कर सकें।
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सिंगरौली: तेज रफ्तार के कारण सड़क पर एक भीषण हादसा हो गया, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र के पास मुख्य सड़क पर हुई। हादसा उस समय हुआ जब कोयले से लोड एक भारी वाहन और एक मालवाहक वाहन की जोरदार भिड़ंत हो गई। घटनास्थल पर मौजूद स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज रफ्तार के चलते दोनों वाहनों की टक्कर इतनी जोरदार थी कि मालवाहक वाहन के चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, भारी वाहन चालक और एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। यह हादसा सिंगरौली जिले के मुख्य मार्ग पर हुआ, जिससे सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और हादसे की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से दोनों वाहनों को हटाकर यातायात को सामान्य किया गया। सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए, विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार पर कड़ी निगरानी और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल बैढ़न में एनुअल स्पोर्ट्स मीट का आयोजन धूमधाम से किया गया, जिसमें बच्चों ने खेलकूद के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी शानदार प्रस्तुति दी। यह कार्यक्रम डॉक्टर अभिषेक सिंह के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ, जिनका विद्यालय परिवार ने गर्मजोशी से स्वागत किया। सांस्कृतिक और खेलकूद के कार्यक्रमों का आयोजन एनुअल स्पोर्ट्स मीट के दौरान बच्चों ने अपनी विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में खेलकूद के विभिन्न आयोजन भी हुए, जिनमें बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि डॉक्टर अभिषेक सिंह ने अपने उद्बोधन में विद्यालय के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि इस स्कूल से प्राप्त शिक्षा के कारण ही वह शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सक के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद में भी भाग लेकर अपने माता-पिता, शिक्षकों, और समाज का नाम रोशन करें। मुख्य अतिथि ने दी बच्चों को प्रेरणा मुख्य अतिथि डॉक्टर अभिषेक सिंह ने बच्चों से यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय रहना जरूरी है, ताकि वे जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें और समाज में अपना योगदान दे सकें। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने इसे और भी खास बना दिया।
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खातेगांव के सुषमा स्वराज स्टेडियम में जूनियर बालिका वर्ग की राज्य स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता 'अटल चैम्पियंस ट्रॉफी' का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से 40 टीमों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। यह आयोजन कबड्डी के प्रति उत्साह को बढ़ावा देने और राज्य के युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। 550 से अधिक खिलाड़ी और अधिकारियों की भागीदारी मध्यप्रदेश एमेच्योर कबड्डी एसोसिएशन और देवास कबड्डी एसोसिएशन एकेडमी के सहयोग से आयोजित इस प्रतियोगिता में 550 से अधिक खिलाड़ी, कोच, रेफरी और अन्य अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता के लिए स्टेडियम में तीन कोर्ट बनाए गए हैं ताकि खेलों का आयोजन सुचारू रूप से किया जा सके। विधायक आशीष शर्मा ने प्रतियोगिता के उद्घाटन के दौरान कहा कि 'अटल चैम्पियंस ट्रॉफी' में 40 टीमें भाग लेंगी, जिनमें 20 साल तक की आयु और 65 किलोग्राम वजन तक की बालिकाएं शामिल हो सकती हैं। विजेता टीम का नेशनल चैंपियन ट्रॉफी में होगा प्रतिनिधित्व विधायक आशीष शर्मा ने यह भी बताया कि इस प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ी जनवरी में हरिद्वार में होने वाली नेशनल चैंपियन ट्रॉफी में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह आयोजन प्रदेश के कबड्डी खेल को नई दिशा देने और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगियों को तैयार करने में मदद करेगा।
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खटीमा के मजगांव क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां 65 वर्षीय शकुंतला देवी का शव जंगल में क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। महिला जंगल में लकड़ी और कड़ी पत्ता लेने गई थी, लेकिन उसके बाद से वह लापता हो गई थी। परिजनों ने उसकी लगातार तलाश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला था। अब शव का मिलना पूरे इलाके में सनसनी का कारण बन गया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई मजगांव के धनुष पुल के पास महिला का शव जंगल में पाया गया। पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग की एसडीओ संचिता वर्मा ने बताया कि घटना स्थल पर ट्रैकिंग कैमरे लगाए गए हैं और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गश्त को भी बढ़ा दिया गया है। इस घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अकेले जंगल में न जाएं और यदि कोई जंगली जानवर दिखे तो तुरंत सूचना दें। वन विभाग की सुरक्षा संबंधी अपील वन विभाग ने जंगल में अकेले जाने से बचने और सुरक्षा उपायों को बढ़ाने की सलाह दी है। इस घटना ने इलाके में भय का माहौल बना दिया है, और लोगों को आगाह किया गया है कि वे जंगल में सुरक्षित तरीके से जाएं और जंगली जानवरों से सतर्क रहें।
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नेमावर में प्रशासन ने रैन बसेरा और अस्पताल परिसर के आसपास अवैध कब्जों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। कई सालों से चल रहे अवैध कब्जों को बुलडोजर से हटाया गया। यह कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई, और प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान से बचने के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की थी। अतिक्रमण हटाने के दौरान गहमागहमी का माहौल नेमावर स्थित रैन बसेरा और अस्पताल परिसर के आसपास पिछले कई सालों से कच्ची और पक्की दुकानों का संचालन किया जा रहा था। प्रशासन ने इन दुकानों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार अरविंद दिवाकर ने बताया कि नगर परिषद से दुकानों का निर्माण कराया जाएगा और ये दुकानें नीलामी प्रक्रिया के तहत आवंटित की जाएंगी। हालांकि, अतिक्रमण हटाने के दौरान गहमागहमी का माहौल बना, लेकिन पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कोई व्यवधान उत्पन्न नहीं हुआ। पीड़ितों का आरोप, बिना सूचना के हुई कार्रवाई इस कार्रवाई के बाद, अतिक्रमण हटाए गए दुकानदारों ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि उन्हें पहले से कोई सूचना या पंचनामा नहीं दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे 15 साल से यहां रह रहे थे और अब प्रशासन द्वारा बिना पूर्व सूचना के उनकी दुकानों को हटाया गया है। इस मामले को लेकर अब स्थानीय लोग और पीड़ित इसकी कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।
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छतरपुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लुटेरी दुल्हन के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया है और उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला ने शादी के नाम पर कई लोगों को ठगा, और अब तक आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपने झांसे में लेकर उनकी संपत्ति हड़प ली थी। पुलिस ने उसे महोबा से गिरफ्तार किया, और साथ ही मामले में शामिल एक अन्य आरोपी को भी हिरासत में लिया। शादी के बहाने ठगी करने वाली दुल्हन का धोखा सूत्रों के अनुसार, लुटेरी दुल्हन ने नौगांव थाना क्षेत्र के एक युवक से शादी की थी। शादी के बाद सुहागरात के बहाने उसने दूल्हे को नशीला दूध पिलाया, जिसके बाद वह 25,000 रुपये नकद, 10 तोला सोने के जेवर और मोबाइल लेकर फरार हो गई। पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू की और साइबर सेल की मदद से आरोपी बिट्टू रैकवार को महोबा में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस महिला ने कई अन्य लोगों को भी इसी तरह से ठगा है। अभय प्रताप सिंह भी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने वाले अभय प्रताप सिंह को भी हिरासत में लिया है। छतरपुर पुलिस का कहना है कि इस लुटेरी दुल्हन के खिलाफ ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं, और अब वह कानून के शिकंजे में है। पुलिस द्वारा की गई यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक चेतावनी है जो इस तरह के धोखाधड़ी के मामलों का शिकार होते हैं।
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रुड़की में एक मांस व्यापारी की गाड़ी पर हमले से इलाके में सनसनी फैल गई है। हरोड़ा से मंगलौर जा रही गाड़ी को रोककर कुछ अज्ञात बदमाशों ने ड्राइवर और कंडक्टर से मारपीट की और नकदी छीनकर फरार हो गए। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि बदमाशों ने व्यापारी के कर्मचारियों के साथ मारपीट की। मांस व्यापारी शमशुल कुरैशी ने आरोप लगाया है कि इस हमले के पीछे एक कांग्रेस नेता और उनके पड़ोसी का हाथ है, जो उसकी जान के दुश्मन बने हुए हैं। व्यापारी ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, पुलिस अभी तक मामले की जांच कर रही है और कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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सिंगरौली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पति की हत्या करने वाली मास्टरमाइंड पत्नी और उसके प्रेमी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना सिंगरौली जिले के गढ़वा थाना क्षेत्र के बगदरा चौकी कसदा पुलिया के पास हुई, जहां पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। हत्या के बाद पत्नी ने अपनी करतूत छुपाने के लिए पति के शव को कसदा पुलिया के नीचे फेंक दिया। पुलिस को जब घटना की सूचना मिली, तो उन्होंने मामले की जांच शुरू की और सच्चाई का खुलासा हुआ। पुलिस ने बताया कि मृतक बिंदु सिंह गोड़ की पत्नी ने अपने अवैध संबंधों के कारण इस हत्या को अंजाम दिया। इस मामले में पुलिस ने पत्नी, उसके प्रेमी और दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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देवास के नयापुरा इलाके में एक दुखद घटना सामने आई, जहां अज्ञात कारणों से एक घर में आग लग गई। आग ने परिवार की खुशियों को राख में बदल दिया, जिससे चार लोगों की जान चली गई। मृतकों में 35 वर्षीय दिनेश कारपेंटर, उनकी पत्नी गायत्री और उनके दो छोटे बच्चे, 10 साल की इशिका और 7 साल के चिराग शामिल हैं। घटना के बाद दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और परिवार के चारों सदस्य जलकर अपनी जान गवां चुके थे। पुलिस ने घटना की जानकारी मिलने के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना नाहर दरवाजा थाना क्षेत्र के नयापुरा इलाके में हुई है, जहां स्थानीय लोग इस दुखद घटना से शोकसंतप्त हैं।
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मैहर जिले में भ्रष्टाचार को लेकर लोकायुक्त ने एक बड़ी कार्रवाई की है, जिसमें नगर पालिका सीएमओ लाल जी ताम्रकार को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। ठेकेदार शिवेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि बकाया बिलों के भुगतान के लिए सीएमओ ने 30000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिवेंद्र सिंह ने पहले 10000 रुपये की रकम दे दी थी, और बाकी 20000 रुपये की रिश्वत लेने पर लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई की। प्रभारी पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में लोकायुक्त टीम ने सीएमओ को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले की आगे की जांच की जा रही है, और यह लोकायुक्त द्वारा हाल ही में की गई तीसरी कार्रवाई है।
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छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़ेरी में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है। दिनदहाड़े पांच लोगों ने एक किसान पर हमला कर दिया और गोली मारकर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान खेत में काम कर रहा था तभी हमलावरों ने उस पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने किसान के साथ जमकर मारपीट की और फिर गोली चला दी। घायल किसान ने आरोप लगाया है कि अरविंद मिश्रा, शंकर मिश्रा, गणेश मिश्रा, भूरा सिंह और छुट्टी मिश्रा नामक लोगों ने मिलकर उस पर हमला किया। गोली किसान के पैर में लगी जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल किसान को लवकुशनगर अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, किसान की हालत अब स्थिर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बढ़ती हिंसा की ओर इशारा करती है। पुरानी रंजिश के चलते इस तरह की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो।
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भोपाल में आयकर विभाग की तीन दिन से चल रही बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मेंडोरी के जंगल में गुरुवार देर रात एक कार से 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। सोने की कीमत करीब 40 करोड़ 47 लाख रुपये आंकी गई है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह सोना और कैश किसका है। आयकर विभाग ने पूरी सावधानी बरतते हुए 100 पुलिसकर्मियों और 30 गाड़ियों के काफिले के साथ रेड की। सोने से लदी गाड़ी रात के समय में भागने की कोशिश कर रही थी, लेकिन पहले ही उसे पकड़ लिया गया। अभी यह जांच की जा रही है कि यह सोना और कैश बिल्डर्स और RTO के एक पूर्व कॉन्स्टेबल से जुड़ा हुआ तो नहीं है। जानकारी के मुताबिक, यह सब एक पूर्व मुख्य सचिव और मंत्री के करीबी लोगों से भी जुड़ा हो सकता है।
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भोपाल में मेडी स्कैन सेंटर में जांच कराने आने वाली महिलाओं के कपड़े बदलते वक्त वीडियो बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेंटर के संचालक महिलाओं को चेंजिंग रूम में भेजते थे, जहां फॉल सीलिंग में छिपाकर मोबाइल से वीडियो बनाए जाते थे। जब एक महिला के पति ने चेंजिंग रूम में मोबाइल देखा, तो उसने वीडियो में अपनी पत्नी और एक अन्य महिला को कपड़े बदलते हुए पाया। जब पीड़ित ने स्टाफ से पूछताछ की, तो उन्होंने गुंडागर्दी करते हुए मारपीट की और मोबाइल छीनने की कोशिश की। पुलिस को सूचना मिलने पर अरेरा हिल्स पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी युवक पिछले तीन महीनों से सेंटर में काम कर रहा था, और पुलिस ने उसके मोबाइल से कई वीडियो बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।
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प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने अपनी 8 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन का कहना है कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा फीस अधिनियम के तहत जो फीस निर्धारित की गई है, उससे स्कूल संचालकों को लगातार नुकसान हो रहा है। अमरपाटन प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एसडीएम आरती यादव को ज्ञापन सौंपा और इन समस्याओं का समाधान करने की मांग की। संगठन का आरोप है कि गरीब बच्चों के लिए शासन की ओर से कोई सहायता राशि नहीं मिल रही है। एसोसिएशन ने राज्य सरकार से इन मुद्दों का समाधान शीघ्र करने की अपील की है, ताकि प्राइवेट स्कूलों को होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का समाधान हो सके और विद्यार्थियों की शिक्षा पर कोई प्रभाव न पड़े।
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। पति से पत्नी को बेटी को खिलाने के लिए घी मांगना महंगा पड़ गया। घी मांगने पर पति ने पत्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला (Husband Attacks Wife With Axe) कर घायल कर दिया। घायल पत्नी का आरोप है कि बेटी होने की वजह से पति उसे और उसकी 3 साल की बेटी को घी खाने के लिए नहीं देता और घी को ताले में बंद कर रखता है। पीड़ित महिला अपनी बेटी के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। घी के लिए पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के किशनबाग में रहने वाली सीमा शाक्य अपने पति वीरेंद्र शाक्य के साथ रहती है। उनकी 3 साल की बेटी भी है। दोनों पति-पत्नी मजदूरी (Gwalior Crime News) करने का काम करते हैं। सीमा शाक्य घायल हालत में पुलिस अधीक्षक कार्यालय सिटी सेंटर पर पहुंची, जहां उसने पुलिस अधिकारियों से शिकायत कर पति के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधिकारी ने उसकी शिकायत पर जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है। पीड़ित महिला का क्या है आरोप? वहीं, इस पूरे मामले में पीड़ित महिला सीमा शाक्य का कहना है, "पति वीरेंद्र रात के वक्त घी से रोटी लगाकर खाना खा रहा था और खाना खाने के बाद उस घी के डिब्बे में ताला लगा कर रख दिया। जब मैंने अपनी 3 साल की बेटी को घी से रोटी खिलाने के लिए घी मांगा तो उसने गुस्से में आकर पहले गाली गलौज की फिर सिर में कुल्हाड़ी से हमला कर उसे घायल कर दिया। पति ताना मरता है कि घी अपने मायके से लेकर आई है क्या। बेटी होने की वजह से वह ऐसा अत्याचार उस पर और उसकी बेटी पर करता रहता है।" आरोपी पति के खिलाफ मामला दर्ज ASP ग्वालियर निरंजन शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, "घी को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ। आरोपी पति ने महिला के सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। पति के अत्याचार से परेशान होकर महिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अपनी फरियाद लेकर आई थी। पुलिस अधिकारी ने उसकी बात को सुनकर उसके पति के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन उसे दिया है। फिलहाल इस पूरे मामले में आगामी तफ्तीश जारी है।"
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दमोह। दमोह शहर के पीजी कॉलेज में गुरुवार को एलएलबी थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा देने एक मुन्ना भाई पहुंच गया। वह अपने दोस्त के नाम पर एग्जाम दे रहा था। एग्जाम के दौरान चेकिंग कर रही कॉलेज प्रबंधन की टीम को जब युवक पर संदेह हुआ तो उससे पूछताछ शुरू की। उसने अपना और पिता का नाम तो प्रवेश पत्र में देख कर बता दिया, लेकिन जैसे ही उससे मां का नाम पूछा, वह नहीं बता सका। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन में उसे पुलिस में देने की धमकी दी तो उसने पूरा राज खोल दिया। इसलिए दोस्त की जगह दे रहा था परीक्षा परीक्षा देने आए इस फर्जी छात्र हिमांशु नेमा ने बताया कि उसका दोस्त विपुल सिंघई एलएलबी में 3 साल से फेल हो रहा है। उसकी अंग्रेजी कमजोर है और मेरी अंग्रेजी बहुत अच्छी है इसलिए मैं उसकी एवज में यहां पर अंग्रेजी का पेपर हल करने के लिए आया था। केंद्र अध्यक्ष हरप्रीत कौर ने उस युवक को पुलिस के हवाले कर दिया और कोतवाली जाकर उसकी शिकायत (Damoh City News) दर्ज कराई है। अब कोतवाली में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने उस दूसरे छात्र को भी पकड़ लिया है जिसके नाम पर यह फर्जी छात्र परीक्षा दे रहा था। ऐसे पकड़ा गया मुन्ना भाई कॉलेज में सर्चिंग ड्यूटी कर रहे धर्मेंद्र राय ने बताया कि वह बाजू वाले कमरे में सर्चिंग कर रहे थे। तभी दूसरे कमरे से एक प्रोफेसर हरप्रीत कौर ने आवाज लगाकर बताया की एक छात्र संदिग्ध लग रहा है। पहले पूछताछ करने पर उसने खुद को विपुल सिंघई बताया। प्रवेश पत्र में देखकर पिता का नाम भी सही बताया। केंद्र अध्यक्ष पहले गढ़ाकोटा में रह चुकी है और विपुल सिंघई को कुछ हद तक जानती थी इसलिए उन्हें शक हुआ। जब उन्होंने उससे विपुल की मां का नाम पूछा तो वह नहीं बता पाया। पैसों के लालच में पकड़ा गया इस पर कॉलेज प्रबंधन ने उसे पुलिस में देने की धमकी दी तो डर के मारे उसने सब कुछ सच बता दिया। उसने बताया कि उसका नाम हिमांशु नेमा है और वह विपुल के नाम पर एग्जाम दे रहा है। उसने बताया कि मेरा दोस्त पहले तीन बार फेल हो चुका है इसलिए अंग्रेजी का पेपर देने मैं आ गया था। मुझे विपुल ने कुछ रुपए देने का भी वादा किया था। कॉलेज प्रबंधन से जुड़े धर्मेंद्र राय ने बताया कि असली छात्र को भी पुलिस ने पकड़ लिया है और दोनों को कोतवाली में ले जाया गया है। कॉलेज प्रबंधन की शिकायत (Damoh City News) पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा रही है।
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इंदौर। शहर में फर्जी डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ऐसे में एक ताजा मामला टीसीएस में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को तीन दिनों तक साइबर अपराधियों द्वारा डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से प्रताड़ित करने का मामला आया, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुक्त करवाया। तीन दिन से कर रहे डिजिटल अरेस्ट पूरा मामले में जानकारी देते हुए एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया द्वारा बताया गया कि थाने स्तर पर साइबर अपराध को रोकने के लिए टीम गठित की गई है और एक प्रभारी को नियुक्त किया गया है। इन्हीं के पास में फरियादी के परिचित वकील अक्षय तिवारी द्वारा फोन लगाया गया था कि उनके मित्र को ऑनलाइन अरेस्ट किया गया है। पीड़ित मोहित मौर्य को एक ऑनलाइन कॉल आया था, जिसमें उन्हें कहा गया था कि डिजिटल करियर में ड्रग्स और कई संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं। इसके कारण आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। अब फरियादी का कॉल सीधे तौर पर बताया गया कि दिल्ली में साइबर क्राइम ट्रांसफर किया गया और इसी तरह पर कई घंटे तक उसे डराया-धमकाया जाता रहा। पुलिस की तत्परता से पीड़ित हुआ मुक्त इसके बाद मौके पर पुलिस पहुंची और फरियादी मोहित मौर्य को साइबर अपराधियों से मुक्त करवाया गया। पूरा मामले में बताया जा रहा है कि पुलिस पहुंचती जब तक साइबर अपराधी द्वारा फरियादी से एक लाख रुपए के करीब राशि वसूल चुके थे। फरियादी ने ऑनलाइन लॉन लेकर साइबर अपराधियों को यह राशि दी थी। साइबर अपराधियों ने फरियादी का ऑनलाइन दस्तावेज भी मंगवाए थे और तमाम जो बैंक अकाउंट हैं, उनको भी साइबर अपराधी खंगालते रहे। कहीं ना कहीं साइबर अपराधियों की जागरूकता ना होने के कारण 3 दिनों तक फरियादी को फर्जी तरीके से डिजिटल अरेस्ट किया गया। पूरा मामले में साइबर अपराधी पर पुलिस द्वारा 30, हजार रूपए का इनाम भी घोषित किया गया।
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पार्किंग को लेकर हुए विवाद में दो लोगों ने बाइक सवारों पर कुल्हाड़ी से हमला करने की कोशिश की। यह घटना शहर में तनाव का कारण बनी, लेकिन सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना उस समय हुई जब दो लोग पार्किंग को लेकर बाइक सवारों से भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने अपनी बाइक से उतर कर कुल्हाड़ी से हमला करने का प्रयास किया। इस हमले के दौरान बाइक सवारों ने अपनी जान बचाने के लिए भागने का प्रयास किया। हालांकि, वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को पकड़ लिया। टीआई अरविंद कुजूर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कदम उठाया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा, "हमने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस तरह की घटना फिर से न हो।" सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में आरोपियों को बाइक सवारों पर हमला करते हुए देखा जा सकता है, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है, और आगे की जांच जारी है। यह घटना पार्किंग विवादों से संबंधित बढ़ते तनाव को उजागर करती है और पुलिस की तत्परता को भी दर्शाती है, जो इस मामले में त्वरित रूप से सक्रिय हुई।
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भोपाल: मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने लाडली लक्ष्मी बहन योजना की राशि बढ़ाने के संबंध में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा सकती है। मंत्री भूरिया ने कहा, "लाडली लक्ष्मी बहन योजना की राशि बढ़ाई जाएगी या नहीं, इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यह एक वैश्विक प्रश्न है, और जब भी कोई फैसला होगा, जनता को सूचित किया जाएगा।" इस दौरान उन्होंने राज्य में कुपोषण खत्म करने के प्रयासों पर भी बात की। मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा, "हमारा विभाग मध्य प्रदेश से कुपोषण खत्म करने की दिशा में पूरी तरह से प्रयासरत है, लेकिन इसके लिए जनता का सहयोग भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब तक लोग इस मिशन में साथ नहीं देंगे, कुपोषण का मुद्दा पूरी तरह से हल नहीं हो सकता।" मंत्री ने आगे कहा कि महिला विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले जर्जर भवनों को भी जल्द सुधारने और बनवाने का काम किया जाएगा, ताकि महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। लाडली लक्ष्मी बहन योजना के तहत प्रदेश में लाखों बेटियों को सहायता दी जाती है, लेकिन योजना की राशि बढ़ाने को लेकर कोई निर्णायक कदम अब तक नहीं उठाया गया है। इससे जुड़ी चर्चा अब तक प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में रही है। कुपोषण की समस्या को लेकर मंत्री ने जो बयान दिया, वह राज्य में होने वाली सरकारी योजनाओं और उनके क्रियान्वयन को लेकर जनता से बेहतर सहयोग की अपील करता है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार के तहत मध्य प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए कई प्रयास कर रही है, लेकिन कुपोषण जैसे जटिल मुद्दे पर कई बार सवाल उठ चुके हैं। इस मुद्दे पर आगे क्या निर्णय लिया जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन कुपोषण और महिला कल्याण के मुद्दे पर चर्चा और प्रयास लगातार जारी रहने की उम्मीद है।
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खटीमा: नगर पालिका खटीमा के सफाई कर्मचारी पिछले दो दिनों से कार्य बहिष्कार पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे 21 सूत्रीय मांगों को लेकर लगातार दो महीने से संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। इसके चलते सफाई कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया है और अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। आज, सफाई कर्मचारियों को उपजिला अधिकारी खटीमा रविंद्र सिंह बिष्ट ने बातचीत के लिए बुलाया। बातचीत के दौरान सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष संतोष गौरव ने बताया कि उनकी 21 सूत्रीय मांगों पर नगर पालिका प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। कर्मचारियों ने यह स्पष्ट किया है कि जब तक नगर पालिका लिखित रूप से आश्वासन नहीं देती, वे काम पर नहीं लौटेंगे। संतोष गौरव ने कहा, "हमारी कई मांगें पूरी नहीं हो रही हैं, जिनमें वेतन में वृद्धि, कार्य की बेहतर स्थिति, और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं। हम अधिकारियों से बार-बार अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन हमारी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा।" उपजिला अधिकारी रविंद्र सिंह बिष्ट ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "सफाई कर्मचारियों की मांगें जायज हैं, और उन्हें शीघ्र समाधान देने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। हम उनकी समस्याओं का समाधान जल्द ही करेंगे ताकि उनका काम बहाल हो सके।" सफाई कर्मचारियों का कहना है कि वे केवल लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही काम पर लौटेंगे, अन्यथा अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। कर्मचारियों का यह आंदोलन नगर पालिका प्रशासन के लिए एक बड़ा चुनौती बन गया है, क्योंकि सफाई कर्मचारियों के बहिष्कार के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह तो आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करना नगर पालिका प्रशासन के लिए अनिवार्य हो गया है।
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परासिया के दबक ग्राम पंचायत में ताला बंद रहने से ग्रामीणों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सचिव और रोजगार सहायक की लापरवाही के कारण पंचायत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सीईओ ने इस मामले की जांच का आश्वासन दिया है। मध्यप्रदेश शासन ने ग्राम पंचायतों का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया है, लेकिन सचिव और रोजगार सहायक इस समय का पालन नहीं कर रहे हैं। नतीजतन, ग्रामीण पंचायत में कोई भी काम समय पर नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें समस्याओं का समाधान पाने के लिए बार-बार पंचायत के चक्कर लगाने पड़ते हैं। दबक ग्राम पंचायत में ताला लटकने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। परासिया जनपद के सीईओ ने इस मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है, जिससे उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और पंचायत कार्य सुचारू रूप से चल सकेंगे।
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जिले के नंदकुमार सिंह चौहान जिला अस्पताल से एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। दरअसल, यहां अस्पताल प्रबंधन को कंबल चोरी होने का डर सता रहा है। इससे सरकारी अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुलकर सामने आ गई। बता दें कि जिला अस्पताल में कंबलों को पलंग से बांध दिया गया। इस कारनामे के बाद अस्पताल प्रबंधन के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कंबल चोरी या फिर कुछ और मरीजों के परिजनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि चोरी के डर से अस्पताल प्रबंधन ने ऐसा कदम उठाया। लेकिन, यह पूरी तरह से अनुचित है। मरीज यहां इलाज कराने आते हैं, कंबल चोरी करने के लिए नहीं। इस मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO डॉ. राजेश सिसोदिया ने भी इसे गलत माना। उन्होंने कहा कि सिविल सर्जन से बात की जाएगी। जबकि, वार्डों में निगरानी के लिए सुरक्षा गॉर्ड, नर्सिंग स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई। यह है पूरा मामला ज्ञात हो कि जिला अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाव के लिए कंबल वितरण किए गए। अस्पताल प्रबंधन को सरकारी कंबल चोरी न हो जाएं, अब यह डर भी सता रहा है। इसलिए हर वार्ड में मरीजों को दिए गए कंबलों कों पलंग पर रस्सियों के सहारे बांधा गया। जिससे कि कोई मरीज एवं अटेंडर अपने साथ कंबल नहीं ले जा सके। कर्मचारियों का कहना है कि कई बार रात्रि के समय बेड से कंबल चोरी भी होते हैं। इसे रोकने के लिए इस साल अस्पताल प्रबंधन ने अजब-गजब तरीका अपनाया। अस्पताल के हर वार्ड में बेड पर मरीजों को कंबल तो दिए। साथ ही सभी कंबलों को रस्सियों के सहारे बांध दिया गया, ताकि कंबल को कोई अपने साथ नहीं ले जाए। मरीजों होती है परेशानी इस तरह से कंबलों को बांधने से कई बार मरीजों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्हें अपने घर से भी अतिरिक्त कंबल या चादर लानी पड़ रही है। इस कंबल की लंबाई कम हो गई। ऐसे में मरीजों के शरीर खुला रहता है। इससे उन्हें ठंड का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मरीज व अटेंडर साथ में अन्य गर्म कपड़े लाने को विवश हो गए।
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मध्य प्रदेश के अनूपपुर में एक दामाद ने पीट-पीटकर सास की हत्या कर दी। वारदात के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दामाद (Son-in-law Murder mother-in-law) मौके से फरार हो गया, लेकिन घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और तफ्तीश के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आखिर क्या है पूरा मामला दामाद ने सास को मौत के घाट क्यों उतार दिया आइए विस्तार से जानते हैं। जादू-टोना के शक में बुआ सास की हत्या पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अनूपपुर जिले के बिजुरी थाना क्षेत्र के ग्राम बेलगांव से बिजुरी थाना में सूचना मिली कि मंगल पाव उम्र- 35 वर्ष निवासी पतेरा टोला बेलागांव ने अपनी बुआ सास (Anuppur Woman Murder) बूटी बाई उम्र करीब 70 वर्ष की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने जादू-टोना के शक में पैर से कुचल-कुचलकर अपनी सास की बेरहमी से हत्या कर दी। वारदात के बाद से आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बिजुरी थाना प्रभारी विकास सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि जादू टोना के शक में आरोपी ने अपनी बुआ सास की हत्या कर दी थी। वारदात के बाद से हत्या का आरोपी फरार चल रहा था। बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध संख्या 302/24 धारा 103(1 ) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया। (मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मोती उर्र रहमान ने विशेष टीम गठित कर आरोपी को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार करने का आदेश दिए। जिसके बाद आरोपी की तलाश में जुटी विशेष टीम ने 16 दिसंबर को लोहसरा बिजुरी के पास के नर्सरी जंगल से धर दबोचा। फिलहाल इस पूरे मामले में आगामी तफ्तीश जारी है।
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने आगामी शैक्षिक सत्र के लिए 210 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति योजना की घोषणा की है, जो आर्थिक रूप से कमजोर, लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करेगी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के कैंपस में दाखिला लेने वाले छात्र, जो चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CUCET) में उत्तीर्ण होंगे, वे इस छात्रवृत्ति का लाभ उठा सकते हैं। इस बजट में 170 करोड़ रुपये का आवंटन चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के मोहाली कैंपस के लिए है, जबकि 40 करोड़ रुपये का बजट लखनऊ कैंपस के लिए निर्धारित किया गया है। यह योजना आर्थिक रूप से वंचित छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए एक सुनहरा मौका चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है, जिनके पास उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं। छात्रवृत्ति का मुख्य उद्देश्य उन विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है, जो उत्कृष्टता की ओर अग्रसर हैं, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के इस कदम से उन्हें अपनी पसंदीदा शैक्षिक धाराओं में प्रवेश और सफलता पाने का एक सुनहरा मौका मिलेगा, जिससे वे अपने सपनों को साकार कर सकेंगे। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर का संदेश चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर के सलाहकार, प्रोफेसर डॉ. आर एस बावा ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि "देश की सर्वोत्तम विश्वविद्यालयों से शिक्षा प्राप्त करना हर छात्र का सपना होता है, लेकिन कई बार आर्थिक संकट के कारण वे अपनी शिक्षा पूरी नहीं कर पाते।" उन्होंने यह भी बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी का उद्देश्य ऐसे हजारों होनहार छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अपने सपनों को साकार करने का अवसर प्रदान करना है। आगामी CUCET 2025 के माध्यम से 210 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति उन छात्रों तक पहुंचेगी, जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं, और उन्हें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगी।
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पिरान कलियर: सोशल मीडिया पर फॉलोवर्स और लाइक्स बढ़ाने की चाहत में कुछ युवाओं ने हदें पार कर दीं। अश्लील वीडियो और खतरनाक स्टंट के जरिए फॉलोवर जुटाने वाले इन युवाओं को अब हवालात की हवा खानी पड़ी है। पिरान कलियर पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए दो युवतियों समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अश्लील वीडियो और खतरनाक स्टंट से फैलाया गलत संदेश इन युवाओं ने हाल ही में गंगनहर में अर्धनग्न होकर अश्लील वीडियो बनाए, जिससे उन्होंने 528K फॉलोवर तो जुटा लिए, लेकिन साथ ही अपनी जान को भी खतरे में डाल लिया और समाज में गलत संदेश फैलाया। एसएसपी हरिद्वार के निर्देशन में प्रचलित सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के तहत पिरान कलियर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और इन युवाओं को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, ये लोग माफी मांगते नजर आए, लेकिन पुलिस ने उन्हें कड़ा संदेश दिया कि ऐसे हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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बिन्दुखत्ता: शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम पर मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य 10 वर्षों बाद भी शुरू नहीं होने से लोग सरकार के खिलाफ आक्रोशित हैं। कांग्रेसियों ने इस मुद्दे पर तीन दिवसीय पदयात्रा निकालकर तत्काल स्टेडियम निर्माण की मांग की है। कांग्रेसियों ने निकाली तीन दिवसीय पदयात्रा 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अशोक चक्र विजेता लांस नायक शहीद मोहन नाथ गोस्वामी के नाम पर मिनी स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी। हालांकि, भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 9 साल बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। इस देरी के खिलाफ कांग्रेसियों ने तीन दिवसीय पदयात्रा शुरू की, जिसमें स्थानीय पूर्व सैनिकों ने भी अपना समर्थन जताया। सभी ने एकजुट होकर मांग की कि शहीद गोस्वामी के सम्मान में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाए।
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छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक दूल्हा लुटेरी दुल्हन का शिकार बन गया। यह घटना 13 दिसंबर को नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कुलवारा में हुई, जहां एक युवक ने हिंदू रीति-रिवाज से शादी की थी, लेकिन शादी की रात ही उसकी पत्नी ने उसे नशीला दूध पिलाकर लाखों के जेवरात लूट लिए और फरार हो गई। किस तरह हुई घटना? दूल्हे राजदीप का विवाह नैगुवां निवासी सुकन पाठक के माध्यम से चरखारी उत्तर प्रदेश की खुशी तिवारी से तय हुआ था। शादी के बाद खुशी तिवारी ने दूल्हे को दूध में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिससे दूल्हा बेहोश हो गया। इसके बाद खुशी तिवारी ने मौके का फायदा उठाते हुए दूल्हे के लाखों के जेवर, पैसे और उसका मोबाइल फोन लेकर चुपके से फरार हो गई। जब दूल्हे को होश आया, तो उसने खुद को लुटा हुआ पाया और घटना की जानकारी पुलिस को दी। पहले भी किए हैं कई शिकार? इस मामले में पुलिस का कहना है कि लुटेरी दुल्हन संभवतः एक गिरोह का हिस्सा हो सकती है, जो पहले भी कई युवकों को अपना शिकार बना चुका है। खबरों के मुताबिक, खुशी तिवारी ने अपने साथी के साथ मिलकर पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया होगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपित महिला की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह घटना स्थानीय समाज में चर्चा का विषय बन गई है और पुलिस ने इस मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
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सीहोर में 7वीं के छात्रा से रेप का मामला सामने आया है। एक युवक ने छात्रा को बहाने से अपने दोस्त के घर ले जाकर गलत काम किया। आरोपी का एक दोस्त निगरानी करता रहा और दूसरे ने इसका वीडियो बनाया। इसके बाद तीनों वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 2 नवंबर की है। दो दिन पहले आरोपियों ने ये वीडियो पीड़िता के चचेरे भाई को दिखा दिया। इसके बाद डरी सहमी छात्रा ने मां को पूरा घटनाक्रम बताया। बुधवार देर रात पीड़िता मां के साथ कोतवाली थाने पहुंची और आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। धमकी दी- वीडियो वायरल कर देंगे पीड़िता ने पुलिस को बताया कि मैं 2 नवंबर को दोपहर करीब 1 बजे घर के पास बनी किराना दुकान पर चिप्स लेने गई थी। इसी समय तीनों आरोपी रास्ते में खड़े थे। उन्होंने मुझे इशारे से पास बुलाया और गली में ही अपने एक दोस्त के घर ले गए। यहां एक कमरे में मेरे साथ जबरन गलत काम किया। इसके बाद मुझे धमकी दी कि किसी को बताया तो ये वीडियो वायरल कर देंगे। मैं घर आ गई। लेकिन दो दिन पहले यह वीडियो रिश्ते में लगने वाले भाई को दिखा दिया। मैं बहुत डर और सहम गई थी। इसके बाद मैंने अपनी मां को पूरा घटनाक्रम बताया। तीन में से दो आरोपी नाबालिग कोतवाली थाना प्रभारी मनोज मालवीय ने बताया, गुरुवार दोपहर में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से वह मोबाइल भी बरामद हुआ है, जिसमें वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। तीनों आरोपी पीड़िता के घर के पास रहने वाले हैं। सीएसपी निरंजन राजपूत के अनुसार, तीनों आरोपी भी स्कूल स्टूडेंट्स हैं और इनमें से दो नाबालिग हैं। मकान मालिक से भी होगी पूछताछ जानकारी के अनुसार, पुलिस पड़ताल कर रही है कि जिस मकान में गलत काम हुआ उसके मालिक को घटना के बारे में मालूम था या नहीं। इस आधार पर मकान मालिक को भी आरोपी बनाया जा सकता है।
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छतरपुर में लगातार फायरिंग की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस की दुकानों की चेकिंग की और स्टॉक की जांच की। पुलिस ने दुकानों में मिली कमियों को ठीक करने के निर्देश भी दिए हैं। अभियान के दौरान पुलिस ने अवैध हथियारों और कारतूस की सुराग लगाने का काम शुरू किया है। पुलिस की टीम सक्रिय रूप से काम कर रही है और जिले में पांच दिनों के भीतर 70 से ज्यादा अवैध कट्टे जब्त किए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य जिले में फायरिंग की घटनाओं को रोकना और अवैध हथियारों पर लगाम लगाना है। पुलिस के इस अभियान से स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है और पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। शस्त्र लाइसेंस की दुकानों की जांच और अवैध हथियारों की जब्ती से क्षेत्र में कानून व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। पुलिस ने यह स्पष्ट किया है कि इस तरह के अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे।
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देश में किस साल कितने नोट छापे जाएंगे इस बात का फैसला हमेशा भारत सरकार करती है। देश में चलने वाले नए सिक्के और नोट छापने का अधिकार आरबीआई के पास होता है। यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होती है जब आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार को नोट और सिक्के छापने का प्रस्ताव दिया जाता है। इसके बाद केंद्र सरकार आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों और अर्थशास्त्रियों के साथ मिलकर निर्णय लेती है और सिक्के तथा नोट छापने का अधिकार आरबीआई को दे दिया जाता है। इसी तरह का प्रोसेस जब किसी नोट और सिक्के को बंद करना होता है, तब भी अपनाया जाता है। अब तक देश में कई बार यह देखने को मिला है, जब सिक्के और नोट बंद किए गए। साल 2016 में 500 और 1000 के नोट चलन से बाहर कर दिए गए थे। बीते साल 2000 के नोट भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा बंद कर दिए गए। इसी तरह से 5 रुपए के सिक्के को लेकर भी बैंक ने बड़ा निर्णय लिया है। बंद हुए 5 के सिक्के भारत की करेंसी में हमेशा से ही नोट के साथ सिक्के का चलन रहा है। अभी भी 100, 200 और 500 के नोट के साथ 5, 10 और 20 के सिक्के चल रहे हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में यह देखने में आया है की पांच के सिक्के मार्केट से गायब हो रहे हैं। पांच का सिक्का हम सभी ने उपयोग किया है और यह देखने में जरूर आया होगा कि यह अन्य सिक्कों से अलग मोटा हुआ करता था। हालांकि, अब यह सिक्के धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं और इनकी जगह 5 रुपए के पतले सुनहरे सिक्के ने ले ली है। मार्केट में अब वही पुराने सिक्के दिखाई दे रहे हैं जो रोटेट हो रहे हैं। इसके अलावा हर जगह सुनहरे पतले सिक्के दिख रहे हैं। लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि आखिरकार ऐसा क्यों हुआ है और आरबीआई ने पुराने सिक्कों को क्यों बंद कर दिया है। अगर नहीं तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आखिरकार इसके पीछे का कारण क्या है। सर्फेस वैल्यू से ज्यादा मैटल वैल्यू जो भी सिक्के बनते हैं उनकी दो तरह की वैल्यू होती है जिसमें से एक सरफेस वैल्यू कहलाती है और दूसरी मेटल वैल्यू कहलाती है। सिक्के पर जो 5 रुपए अंकित होता है, वह उसकी सरफेस वैल्यू होती है और जिस मेटल से उसे निर्मित किया जाता है वह पिघलाने पर आने वाली वैल्यू मेटल वैल्यू कहलाती है। 5 के पुराने सिक्के की मेटल वैल्यू सरफेस वैल्यू से ज्यादा आ रही थी, जिसका लोगों ने दुरुपयोग शुरू कर दिया था। यही कारण रहा कि आरबीआई ने पांच के पुराने सिक्के को बंद करने का फैसला किया और मार्केट में नए सिक्के लाए गए। बनाई जा रही थी ब्लेड 5 रूपये के पुराने सिक्के को बनाने में जिस मेटल का उपयोग होता था। उसी मेटल से दाढ़ी बनाने वाली ब्लेड बनाई जाती है। जब लोगों को इस बार में मालूम हुआ तो उन्होंने सिक्के पिघलाकर ब्लेड बनाना शुरू कर दिए। इन सिक्कों को अवैध रूप से बांग्लादेश भेजा जाने लगा। जहां एक सिक्के से 6 ब्लेड बनती थी। एक ब्लेड को 2 रुपए में बेचा जाता था। इस हिसाब से 5 रूपये के सिक्के से 12 रुपए कमाए जा रहे थे। RBI ने लिया निर्णय 5 रूपये के सिक्के के हो रहे अवैध इस्तेमाल के बारे में जब सरकार को पता चला उसके बाद जांच की गई। मामला पकड़ में आने के बाद रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 5 रुपए के सिक्के में बदलाव किया। इसके बाद पुराने सिक्के की धातु को बदलने के साथ इसकी मोटाई को भी कम कर दिया गया।
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सीहोर जिले के आष्टा में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां पति-पत्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि ईडी की कार्यवाही से प्रताड़ित किए जाने के कारण दंपत्ति ने अपनी जीवन लीला समाप्त की है। इस बयान पर भाजपा विधायक भगवानदास सबनानी ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है। भगवानदास सबनानी ने कहा कि किसी की भी आत्महत्या या मृत्यु अत्यंत दुखद होती है और यह पीड़ित परिवार पर वज्रपात की तरह है। भारतीय जनता पार्टी इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार तथा बच्चों के साथ है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह अपनी घृणित राजनीति के लिए किसी की मृत्यु या आपदा में अवसर तलाशती है और कूटरचित स्वांग रचती है, जो अत्यंत निंदनीय है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए सबनानी ने कहा कि पटवारी पीड़ित परिवार के भोले-भाले बच्चे को पहले अलग ले जाकर बरगलाते हैं और फिर उससे तथ्यहीन, सत्यहीन, अनर्गल आरोप लगवाते हैं। सबनानी ने कहा कि पटवारी का यह कृत्य कांग्रेस के नकारा नेतृत्व को छिपाने और सुर्खियां बटोरने के प्रयास के अलावा कुछ भी नहीं है। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
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कन्नौद में 8 दिसंबर की रात एक दिल दहला देने वाली लूट की घटना सामने आई, जब हरदा के एक परिवार की कार को सिया घाट पर पंचर कर लूटपाट और मारपीट की गई। घटना के तुरंत बाद कन्नौद पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए महज 72 घंटे में इस गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। देवास एसपी पुनीत गहलोत ने बताया कि हरदा का एक परिवार आष्टा से अपने घर हरदा लौट रहा था, तभी यह घटना घटित हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। एसपी पुनीत गहलोत के नेतृत्व में एसडीओपी द्वारा पुलिस टीम का गठन किया गया, जो इस गिरोह को पकड़ने में सफल रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर बदमाशों की घेराबंदी की और उन्हें गिरफ्तार किया। कन्नौद पुलिस ने अपराधियों से पंचर करने के औजार, तीन मोबाइल फोन, दो बैग, पर्स और 5000 रुपये नकद बरामद किए। इस कार्रवाई में कन्नौद पुलिस की भूमिका सराहनीय रही, जिसने कम समय में अपराधियों का पर्दाफाश किया। इस घटना के बाद पुलिस द्वारा किए गए त्वरित कार्यवाही की काफी सराहना की जा रही है। कन्नौद पुलिस की समर्पण और मेहनत ने यह साबित कर दिया कि कानून के हाथ अपराधियों तक जल्द ही पहुंचते हैं, चाहे वह कहीं भी हों। पुलिस की मुस्तैदी और तत्परता के कारण इलाके में लोगों का विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
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देवास में इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे 59ए पर नेमावर नर्मदा ब्रिज के पास एक गंभीर हादसा हो गया। इंदौर से छिंदवाड़ा जा रहा नमक से भरा ट्राला, गाय को बचाने की कोशिश में रिवर्स होकर नाले में गिर गया। इस दुर्घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर नाले में फंसे ट्राला के ड्राइवर को बाहर निकाला और उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, ड्राइवर घायल हो गया है लेकिन किसी अन्य को कोई चोट नहीं आई है। इस क्षेत्र में पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और स्थानीय प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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दिसंबर का महीना शुरू होते ही ठंड काफी ज्यादा बढ़ने लगती है। तापमान में भारी गिरावट के कारण कोहरे की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिस कारण विजिबिलिटी भी जीरो हो जाती है। इन दिनों पूरे उत्तर भारत में ठंड का प्रकोप जारी है, जिसे मद्देनजर रखते हुए मध्य प्रदेश के सतना जिले में प्रशासन द्वारा स्कूली बच्चों को राहत दी गई है। दरअसल, कलेक्टर ने गवर्नमेंट और प्राइवेट स्कूलों के संचालन समय में बदलाव कर दिया है। इससे छात्रों और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। सतना कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अनुराग वर्मा ने बढ़ती ठंड को देखते हुए जिले के सभी स्कूलों के समय के संचालन में परिवर्तन किया है। बता दें कि जिले का तापमान काफी तेजी से गिरा है, जिसके कारण सर्द हवाओं का असर बढ़ रहा है। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा स्कूल के समय में परिवर्तन को लेकर आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत, सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के संचालन का समय बदलकर सुबह 9:00 बजे कर दिया गया है। जिसका पालन केंद्रीय विद्यालय, जवाहरलाल नवोदय विद्यालय, एमपी बोर्ड, आईसीएसई सहित सीबीएसई बोर्ड को करना है। यदि कोई बोर्ड इस आदेश का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उचित कार्रवाई भी की जाएगी।
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छतरपुर में कुछ युवकों ने फिल्मी गानों पर अवैध हथियार के साथ रील बनाई, जिसमें वे फायर करते भी नजर आए। यह रील सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए युवकों को गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने इस मामले में आरोपियों की चाल-ढाल बिगाड़ दी और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक अवैध हथियार के साथ रील बना रहे हैं और इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि युवकों का यह शौक उन्हें जेल पहुंचा दिया और अब उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने समाज में अवैध हथियारों के उपयोग और सोशल मीडिया पर गैरकानूनी गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगेगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज पहुंचकर संगम तट पर पूजा की। इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ की 5,500 करोड़ की 167 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इन परियोजनाओं में हनुमान मंदिर, भरद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम कॉरिडोर, 29 मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने प्रयागराज आने से पहले एक्स पर लिखा कि आस्था के महाकुंभ को दिव्य-भव्य बनाने के साथ ही श्रद्धालुओं को हर सुविधा देने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ से जुड़े विकास कार्यों का जायजा लेंगे और कई प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए लिखा कि महाकुंभ भारत की समेकित आस्था, सर्व समावेशी संस्कृति और अटूट एकता की जीवंत अभिव्यक्ति है. प्रधानमंत्री मोदी ने महाकुंभ की 5,500 करोड़ की 167 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया, जिसमें हनुमान मंदिर, भरद्वाज आश्रम और श्रृंगवेरपुर धाम कॉरिडोर, 29 मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ कई अन्य परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि महाकुंभ-2025 के भव्य-दिव्य आयोजन हेतु हम संकल्पित हैं और यह आयोजन स्वच्छ, सुरक्षित, सुव्यवस्थित और डिजिटल होगा.
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छतरपुर के बगौता क्षेत्र के पटवारी अभिषेक गोस्वामी को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। नामांतरण के प्रकरण को लेकर दो लोगों ने पटवारी के ऑफिस में झूमाझटकी की, जिसके बाद पटवारी ने सिविल लाइन थाने में लिखित आवेदन दिया। पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि इस घटना के बाद पटवारी की हत्या की सुपारी 20 लाख रुपए में दी गई थी। पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में आरोपी आकाश दीक्षित और संतोष शुक्ला पर मामला दर्ज किया है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग को सतर्क कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। इस घटना ने छतरपुर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों में भय का माहौल है और वे प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कदम उठाती है और आरोपियों को कब तक गिरफ्तार किया जाता है।
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सिंगरौली के कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला ने बड़ी दरियादिली दिखाते हुए एक पढ़ने के लिए परेशान बच्ची को आगे पढ़ाने का भरोसा दिलाया। बच्ची के परिजनों ने आर्थिक तंगी की वजह से उसे पढ़ाने से मना कर दिया था, जिसके बाद बच्ची रोते हुए मदद मांगने कलेक्टर के पास पहुंची थी। माड़ा तहसील के बधौरा गांव की इस लड़की ने कलेक्टर से मिलकर अपनी परेशानी बताई और जोर-जोर से रोने लगी। कलेक्टर ने जिले के प्रशासनिक मुखिया का फर्ज निभाते हुए परिजनों से बात की और उन्हें कलेक्ट्रेट बुलाया। उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि बच्ची की पढ़ाई की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन करेगा। महिला तहसीलदार सविता यादव और महिला काउंसलर ने भी परिजनों को समझाया, जिसके बाद परिजन राजी हो गए। कलेक्टर ने छात्रा को गर्ल्स हॉस्टल भिजवाया और परिजनों ने खुशी-खुशी कलेक्टर को धन्यवाद दिया। तहसीलदार की गाड़ी से परिजनों को गांव तक छोड़ा गया। कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला की इस मानवीय पहल की चारों तरफ जमकर सराहना हो रही है। इस घटना ने प्रशासन की संवेदनशीलता और मानवता को उजागर किया है।
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मैहर में धान दराई के दौरान दो पक्षों के बीच विवाद हो गया, जिसमें दोनों पक्षों के लोगों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान एक युवती सहित दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। घटना अमरपाटन थाना क्षेत्र के भीषमपुर में मंगलवार की देर रात की है, जब कुशवाहा परिवार के घर ट्रैक्टर में लगे मिल में धान से चावल निकालने का काम हो रहा था। इस दौरान धान की भूसी सड़क पर उड़ रही थी, जिससे कोल परिवार के कुछ लोग नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। स्थिति विवाद में बदल गई और एक पक्ष ने मशीन चला रहे युवक पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। वही मशीन चला रहे अन्य कर्मचारी भी मारपीट पर उतर आए। इस घटना में बीच-बचाव करने आई युवती भी हमले का शिकार हो गई। इस संघर्ष में तीन लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना ने इलाके में तनाव का माहौल बना दिया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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मैहर के रामनगर थाने में रेत परिवहन विवाद को लेकर ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता सहित कई लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इससे पहले दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज की गई थी। अमरपाटन में मैहर और शहडोल सीमा पर ब्यौहारी लोडिंग कंपनी और सहकार ग्लोबल कंपनी के बीच शनिवार को विवाद हुआ था। इस विवाद में अध्यक्ष राजन गुप्ता पर गोली चलाने और मारपीट करने का आरोप लगा था। महाकाल ग्लोबल कंपनी की शिकायत पर रामनगर थाना में 12 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई थी। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन गुप्ता और ठेकेदार शिवेंद्र सिंह अपने गुर्गों के साथ ग्लोबल कंपनी में घुस कर मारपीट करते नजर आए। इसी साक्ष्य के आधार पर रामनगर थाना पुलिस ने महाकाल ठेका कंपनी के गुर्गों सहित राजन गुप्ता और अन्य कई लोगों पर मामला दर्ज किया। मैहर जिले में रेत का ठेका न होने के बावजूद भी कुबरी खदान से रेत निकाल कर परिवहन किया जाता है। इस घटना ने रेत माफिया और प्रशासन के बीच संघर्ष को उजागर किया है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब प्रशासन मामले की जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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मध्यप्रदेश में एक बार फिर सरकारी बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो जनवरी 2025 से ही यात्री परिवहन सेवा की शुरुआत हो सकती है। बुधवार को इस मुद्दे पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने बस सेवा शुरू करने संबंधी प्रस्ताव अगली कैबिनेट बैठक में प्रस्तुत करने को कहा है। केबिनेट द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी के बाद जल्द ही सरकारी बसें चालू हो जाने की उम्मीद जताई जा रही है। एमपी में 19 साल बाद फिर सरकारी बसें चलने की प्रक्रिया और तेज हो गई है। इस मुद्दे पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने वरिष्ठ अफसरों की बैठक ली। समत्व भवन में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, परिवहन विभाग के एसीएस एसएनस मिश्रा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों से प्रदेश में नई यात्री बस सेवा के संचालन में यात्री सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने बस संचालन में ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों की आवश्यकता और इंटरसिटी मार्गों के महत्व को ध्यान में रखने की हिदायत दी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने टिकट बुकिंग, बस ट्रैकिंग जैसे टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के लाभ यात्रियों को सरलता से प्राप्त हों, इसके निर्देश दिए। उन्होंने बस सेवा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए समयसीमा पर जोर दिया। सीएम ने नई परिवहन सेवा जल्द से जल्द शुरु करने को कहा। बता दें कि जून में कैबिनेट बैठक के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने सरकारी परिवहन सेवा दोबारा शुरू करने को लेकर रिपोर्ट बनाने को कहा था। प्रदेश में सन 2005 में सड़क परिवहन निगम को बंद कर दिया था। इस प्रकार करीब 19 साल बाद राज्य सरकार नए सिरे से यात्री परिवहन सेवा शुरू करने की कवायद कर रही है। शहरी, ग्रामीण परिवहन सेवा के साथ-साथ अंतर शहरी अन्तर्राज्यीय नई यात्री परिवहन सेवा का प्रबंधन राज्यस्तरीय होल्डिंग कंपनी द्वारा किया जाएगा। क्षेत्रीय स्तर पर कंपनियां होंगी और जिलास्तर पर निगरानी के लिए भी परिवहन समितियां बनेंगी। राज्यस्तरीय और संभागस्तरीय कंट्रोल और कमांड सेंटर स्थापित किए जाएंगे। नोटिफाईड रूटस पर निविदा प्रक्रिया से ऑपरेटर चुने जाएंगे। आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल यात्रियों की सुविधा और बेहतर बस सेवा संचालन के लिए आईटी टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का इस्तेमाल किया जाएगा। ई-टिकट, मोबाइल एप, बस ट्रैकिंग, ऑक्युपेंसी देखने और भुगतान की सरलतम सुविधा उपलब्ध होगी।
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एमपी के एक मुस्लिम विधायक दुर्गा मंदिर बनवाएंगे। भोपाल के विधायक आरिफ मसूद माता का मंदिर बनवाकर उसमें मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराएंगे। भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को माता मंदिर में हुई टूट फूट के बाद विधायक ने यह घोषणा की। यहां जो महिला मंदिर के देखरेख का काम करती है उसके बेटे ने पत्नी से झगड़े के दौरान माता की प्रतिमा को तोड़ दिया था। इसके बाद विधायक आरिफ मसूद मंदिर पहुंचे और यहां जयपुर से दुर्गाजी की नई मूर्ति मंगवाकर प्राण प्रतिष्ठा कराने की बात कही। राजधानी भोपाल के कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सर्वधर्म समभाव की मिसाल पेश करते हुए टूटे दुर्गा मंदिर का पुनर्निर्माण का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि माता रानी की टूटी प्रतिमा के स्थान पर नई मूर्ति बुलवाकर बाकायदा प्राण प्रतिष्ठा कराएंगे। माता के मंदिर में पति-पत्नी के झगड़े के दौरान पति ने दुर्गा प्रतिमा को तोड़ दिया था। शराब के नशे में धुत्त युवक ने फिर शराब पीने के लिए पत्नी से पैसे मांगे। दोनों में झगड़ा हुए जिसमें युवक ने दुर्गा प्रतिमा तोड़ दी। मामले में आरोपी युवक विजय बाथम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस वारदात के बाद कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद मंदिर पहुंचे। उन्होंने घटना पर अफसोस जताते हुए मूर्ति को तोड़ने की निंदा की। विधायक आरिफ मसूद ने लोगों से बात की और कहा कि वे फिर से यहां माता रानी की प्राण प्रतिष्ठा करवाएंगे। इसके लिए जयपुर से मूर्ति मंगवाएंगे। भोपाल के वार्ड 45 स्थित दुर्गा मंदिर में शराब के नशे में जमकर लड़ाई के बाद आरोपी विजय बॉथम ने पत्थर से दुर्गा मूर्ति तोड़ दी थी। हबीबगंज पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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छतरपुर: छतरपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झमटुली में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतक युवक की पहचान गयाप्रसाद उर्फ बॉस के रूप में हुई है। वह स्कूल के समीप ही रहता था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल, युवक ने आत्महत्या क्यों की, इसके कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह मामला बमीठा थाना क्षेत्र के झमटुली गांव का है।
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अमरपाटन थाने में जनसुनवाई के दौरान एक अनोखी घटना घटी जब बंदर जनसुनवाई में ही पहुंच गए। आपने बंदरों को लोगों से सामान लेते या छीनते देखा होगा, लेकिन इस बार बंदरों ने थाना प्रभारी की टेबल पर अपना कब्जा जमा लिया। इस मस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी थानों में जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। इसी कड़ी में अमरपाटन थाने में भी जनसुनवाई हो रही थी। इस दौरान दो बंदर थाना प्रभारी की टेबल पर आकर बैठ गए और मस्ती करने लगे। थाना प्रभारी केपी त्रिपाठी ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए केला मंगा कर बंदरों को खिलाया। करीब आधे घंटे तक बंदरों की मस्ती को पुलिसकर्मी और जनसुनवाई में पहुंचे फरियादी देखते रहे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिससे यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
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छतरपुर में लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के लिए बुरी खबर है। लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग और हथियारों का प्रदर्शन करने वालों के लाइसेंस निरस्त किए जाएंगे। छतरपुर एसपी अगम जैन ने सख्त रुख अपनाते हुए कलेक्टर को लाइसेंस निरस्त करने के प्रतिवेदन भेजे हैं। दरअसल, छतरपुर में प्रिंसिपल की छात्र द्वारा हत्या के मामले के बाद अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 48 घंटे में 40 अवैध हथियार जब्त किए गए और हथियार रखने वालों पर कार्यवाही की गई। लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन करने वालों पर भी एसपी अगम जैन सख्त हो गए हैं। अब लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग और उनका प्रदर्शन करने वालों के लाइसेंस निरस्त होंगे। इसके लिए कलेक्टर पार्थ जैसवाल को प्रतिवेदन भेजे गए हैं।
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बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने अपने पिछले बयान को लेकर सफाई दी है। उनका कहना है कि उन्होंने जो पहले वीडियो जारी किया था, वह गलत था और उनका ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था. बीती शाम शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उन्होंने बागेश्वर बाबा से सभी पारिवारिक संबंध खत्म करने की बात कही थी और इसके बारे में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जानकारी देने का भी उल्लेख किया था. लेकिन अब, शालिग्राम ने एक नया वीडियो जारी कर अपने पहले वीडियो को गलत बताया और कहा कि उनका उद्देश्य बागेश्वर धाम और सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचाना नहीं था. सफाई देते हुए कहा कि यह वीडियो उन्होंने अपनी हरकतों से धाम की छवि को खराब होने से बचाने के लिए जारी किया था. अब सवाल यह उठता है कि ऐसा क्या हुआ रात भर में, जिससे शालिग्राम को अपने बयान से पलटना पड़ा.
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अमरपाटन के महाविद्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ABVP के छात्र-छात्राओं और एक प्रोफेसर के बीच तीखी बहस देखी जा सकती है। वीडियो में दिखाया गया है कि प्रोफेसर का गुस्सा एक छात्र के मोबाइल पर उतर गया और उन्होंने गुस्से में मोबाइल जमीन पर फेंक दिया। इस घटना की शुरुआत तब हुई जब अमरपाटन कॉलेज के खराब रिजल्ट को लेकर ABVP के छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने अपनी बात रखने के लिए ज्ञापन दिया और इस प्रक्रिया को वीडिओ में कैद कर रहे थे। तभी एक छात्र के हाथ से गुस्साए प्रोफेसर ने मोबाइल छीनकर जमीन पर फेंक दिया। इस घटना के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
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हर साल की तरह इस साल भी बच्चों को सर्दी की छुट्टियों का बड़ी बेसब्री से इंतजार है। बता दें कि मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने अपने जारी आदेश में बतया है कि इस बार प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से शुरू होंगे। सर्दियों की ये छुट्टी(School Holiday) 5 दिनों के लिए है लेकिन बच्चों को 6 दिन तक मौज-मस्ती करने का मौका मिलेगा। बता दें कि शिक्षा विभाग ने एमपी के स्कूलों में 31 दिसंबर से लेकर 4 जनवरी तक ठंडी की छुट्टी(School Holiday) घोषित की है। 31 दिसंबर को मंगलवार है और 4 जनवरी को शनिवार है। 5 जनवरी का दिन रविवार होने के चलते ये छुट्टियां(School Holiday) 5 नहीं बल्कि 6 दिन की हो गई हैं। बच्चों को रविवार का भी फायदा मिलेगा।
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सिंगरौली: साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, और हालांकि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए जागरूकता अभियान जारी हैं, फिर भी कुछ पढ़े-लिखे लोग भी ठगी का शिकार हो रहे हैं। ऐसा ही एक मामला सिंगरौली जिले के डॉक्टर दंपति से सामने आया, जहां साइबर ठगों ने 4 लाख रुपये ठग लिए। हालांकि पुलिस की तत्परता से दंपत्ति को उनके पैसे वापस मिल गए। घटना विन्ध्यनगर पुलिस थाना क्षेत्र की है, जहां डॉक्टर राजीव चौधरी और उनकी पत्नी डॉक्टर हेमलता चौधरी को एक अनजान व्यक्ति ने कॉल किया। कॉल करने वाले ने खुद को सैनिक स्कूल का कैप्टन सतीश बताकर बताया कि उन्हें सैनिक स्कूल में प्रवेश से पहले 40 छात्रों का मेडिकल परीक्षण करना है। इस पर डील तय हो गई और साइबर ठग ने पेमेंट के लिए I-MOBILE ऐप का उपयोग करने की सलाह दी। जब डॉक्टर ने पेमेंट के लिए ऐप का इस्तेमाल किया, तो ठग ने कहा कि वे वीडियो कॉल पर उनके द्वारा बताए गए तरीके से कार्रवाई करने के लिए कह रहे थे। डॉक्टर ने ठग के कहे अनुसार काम किया और दो बार में उनके खाते से 4 लाख रुपये कट गए। इसके बाद डॉक्टर दंपत्ति को एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। इस मामले की सूचना उन्होंने तुरंत पुलिस को दी, और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शिकायत दर्ज की और 1930 की हेल्पलाइन के माध्यम से डॉक्टर दंपत्ति के 4 लाख रुपये वापस कराए। डॉक्टर दंपत्ति ने सिंगरौली पुलिस की सराहना की और सभी से साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सतर्क रहने की अपील की।
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हल्द्वानी: जंगल के समीप स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के छात्र दिव्यांशु पांडे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। दिव्यांशु पांडे हल्दूचौड़ दौलिया निवासी थे। परिजनों ने पुलिस से इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए तहरीर दी है। परिजनों का कहना है कि दिव्यांशु की हत्या की गई है, और इसे आत्महत्या के रूप में पेश करने की कोशिश की गई। इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस क्षेत्राधिकारी नितिन लोहनी ने बताया कि युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई के बारे में पूरी जानकारी दे दी है और जांच जारी है। यह मामला हल्द्वानी में एक नई चिंता का विषय बन गया है, जहां परिजनों का आरोप है कि दिव्यांशु की मौत सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या हो सकती है।
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खजुराहो फिल्म फेस्टिवल के आयोजक और प्रयास प्रोडक्शन के संस्थापक अभिनेता राजा बुंदेला अब विवादों में हैं। राजा बुंदेला पर 33 लाख रुपए डकारने का आरोप एक व्यापारी ने लगाया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस मामले को लेकर नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हंगामा हुआ। अभिनेता राजा बुंदेला के ऊपर खजुराहो थाने में शिकायत दर्ज हुई है। खजुराहो टूर्स एंड ट्रेवल्स कंपनी के मालिक साकेत गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। साकेत गुप्ता के मुताबिक, टिकट और ट्रांसपोर्टेशन का काम कराकर 33 लाख का भुगतान नहीं किया गया है। साकेत गुप्ता का कहना है कि पेमेंट मांगने पर राजा बुंदेला धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने कहा कि यदि भुगतान नहीं हुआ तो, 11 तारीख को सीएम के सामने आत्मदाह करेंगे। इस मामले में आयोजक राजा बुंदेला ने इनकार किया है। वहीं एसपी ने कहा कि शिकायत मिली है तो जांच कर रहे हैं। इस मामले को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की खजुराहो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी हंगामा हुआ। आरोप लगाने वाले व्यापारी का आरोप है कि रुपये मांगने पर राजा बुंदेला धमकी दे रहे हैं। व्यापारी ने मंत्री के सामने कहा कि यदि पेमेंट नहीं मिला तो 11 तारीख को सीएम के सामने आत्मदाह कर लेगा।
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सिंगरौली जिले के पिपरा झाँपी शासकीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहे छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एक-एक कर 16 बच्चे बीमार हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि कुछ बच्चों ने हाथ-पैर में दर्द होने की शिकायत की, जिसके बाद 16 बच्चों को फौरन इलाज के लिए जिला अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में इन बच्चों का इलाज जारी है और डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को कोई मनोवैज्ञानिक परेशानी हो गई है। हालांकि, फिलहाल बच्चे स्वस्थ हैं और कोई खतरा नहीं है। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में कलेक्टर चंद्रशेखर शुक्ला और विधायक राजेंद्र मेश्राम के साथ अन्य नेता भी पहुंचे। शिक्षकों और अभिभावकों ने डॉक्टरों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी की और सुनिश्चित किया कि बच्चों को सही समय पर उचित इलाज मिल सके। स्थानीय प्रशासन ने बच्चों के स्वास्थ्य पर नज़र बनाए रखने की बात कही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
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देवास जिले के नेमावर बेल्ट से लगी रेत खदानों पर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध उत्खनन और परिवहन करते हुए पांच ट्रैक्टर ट्राली रेत जब्त की गई है। माइनिंग विभाग की इस कार्रवाई के बाद रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन करने वाले रेत माफिया में हड़कंप मच गया है। देवास में लंबे समय से नेमावर बेल्ट से लगी रेत खदानों पर धड़ल्ले से अवैध उत्खनन किया जा रहा था। खनिज विभाग को इसकी खबर मिली, जिसके बाद डीएम देवास ऋषभ गुप्ता और माइनिंग अधिकारी रश्मि पांडे के निर्देशन में कार्रवाई शुरू की गई। माइनिंग इंस्पेक्टर राजकुमार और खनिज टीम ने छापा मारकर पांच ट्रैक्टरों को जब्त कर नेमावर थाने में खड़ा कर दिया। माइनिंग विभाग की इस कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान रेत माफिया ट्रैक्टर लेकर इधर-उधर भागते नजर आए। माइनिंग इंस्पेक्टर राजकुमार बरेठा के अनुसार, खनिज विभाग के अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखने का संदेश जाएगा।
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अमरपाटन की एक ज्वेलरी शॉप पर चोरी का मामला सामने आया है। दुकान पर सामान खरीदने आई महिलाओं ने दिनदहाड़े चोरी की घटना को अंजाम दिया, जो पूरी तरह से सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मैहर जिले के अमरपाटन स्थित गायत्री ज्वैलरी की दुकान में दो महिलाएं ज्वैलरी की दुकान में पहुँचीं और दुकानदार से पायल दिखाने के लिए कहा। महिलाओं ने शातिर तरीके से चाँदी की 3-4 जोड़ी पायलों को पार कर दिया। जब दुकानदार को शक हुआ, तो उन्होंने सीसीटीवी फुटेज चेक किया, तब घटना का खुलासा हुआ। पूरे मामले को लेकर पीड़ित थाना अमरपाटन पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। वहीं, पुलिस ने सीसीटीवी के आधार पर एक महिला को हिरासत में लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन में एक अज्ञात कारण से सब्जी व्यापारी की चलती बाइक में आग लग गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। यह घटना रामनगर रोड की है, जहां एक सब्जी व्यापारी सुबह अपने घर से मंडी के लिए निकला था। अचानक उसकी बाइक में आग लग गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत आग बुझाने की कोशिश की और पानी डालकर आग को बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि बाइक पूरी तरह से जलकर राख हो गई। घटना के दौरान किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, और संबंधित अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने सुरक्षा के प्रति सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है।
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दिल्ली के शाहदरा इलाके से एक बेहद खौफनाक खबर आ रही है। शनिवार सुबह एक बर्तन के कारोबारी को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के मुताबिक, 52 वर्षीय सुनील जैन सुबह की सैर से लौट रहे थे, तभी फर्श बाजार इलाके में दो बाइक सवार बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। घटनास्थल से पुलिस ने 5-6 खोखे बरामद किए हैं। गंभीर रूप से घायल सुनील जैन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। शुरुआती जांच में परिवार वालों ने किसी तरह की दुश्मनी या धमकी मिलने से इनकार किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है
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छतरपुर जिले के धमोरा हायर सेकेंडरी स्कूल में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई है। स्कूल के ही एक 12वीं कक्षा के छात्र, सुरेंद्र यादव ने प्रिंसिपल एस के सक्सेना की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना स्कूल के बाथरूम में हुई जब प्रिंसिपल वहां गए थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल एस के सक्सेना स्कूल स्टाफ और छात्रों के बीच काफी लोकप्रिय थे। उन्हें एक अच्छे और मिलनसार व्यक्ति के रूप में जाना जाता था। वह पिछले 5 साल से इस स्कूल में पदस्थ थे और उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। घटना की सूचना मिलते ही शिक्षा अधिकारी आर पी प्रजापति और एसपी अगम जाएं मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत घटनास्थल को घेर लिया और स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगालना शुरू कर दिया। पुलिस अभी तक इस हत्या के कारणों का पता नहीं लगा पाई है और आरोपी छात्र सुरेंद्र यादव की तलाश में जुटी हुई है। क्या है इस घटना के पीछे का कारण? फिलहाल, इस घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी छात्र ने ऐसा क्यों किया। क्या कोई व्यक्तिगत दुश्मनी थी या फिर कोई और कारण था। शिक्षा जगत में छाया मातम इस घटना ने शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ा दी है। लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं और आरोपी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। यह घटना एक बार फिर शिक्षकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है
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मध्य प्रदेश के दमोह जिले के पथरिया थाना अंतर्गत एक नाबालिग से गैंगरेप का मामला सामने आया। घटना के बाद पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। इस संबंध में दमोह जिले के पथरिया थाना प्रभारी सुधीर बेगी ने बताया कि गुरुवार की शाम को पीड़िता के पिता द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ गैंग रेप किया गया है। इसका वीडियो भी बनाया गया। जिसके बाद नाबालिक पीड़िता ने घर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस पर पुलिस द्वारा मामला दर्ज कर पोस्टमार्टम कराया गया है। पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी से रवि सेन और राकेश कुर्मी उसे स्कूल से पहाड़ी के पास ले गए। जहां पर इन दोनों के अलावा दो अन्य लोगों द्वारा गैंगरेप किया गया। गैंगरेप के दौरान वीडियो भी बनाया गया। इस घटना के बाद वो काफी दुखी थी और उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। जिस पर उसके पिता ने जब इस बात की जानकारी ली, तो पीड़िता की मां ने बताया कि उसके साथ ऐसी घटना घटित हो गई है। जब तक इस मामले में वह रिपोर्ट करते तब तक पीड़िता ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है। पथरिया थाने में दो आरोपियों रवि सेन और राकेश कुर्मी के विरुद्ध पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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शहर में न्यूड वीडियो बनाकर वायरल करने के नाम पर पैसे की ठगी करने का मामला सामने आया है। उक्त मामले में कोतवाली थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी, जिस पर कोर्ट ने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर रुपये की वसूली करने वाले दो जालसाजों को चार साल की सजा सुनाई है. जानकारी के अनुसार बिजेंद्र कुमार यादव (72 वर्ष), निवासी जूनापारा, वार्ड क्रमांक 19 ने तीन जुलाई 2023 को शिकायत दर्ज कराई थी. उसने बताया था कि 21 मई 2023 की रात्रि आठ बजे मोबाइल नंबर पर व्हाट्सएप वीडियो कॉल आया, जिसे उन्होंने परिचित का समझकर उठाया. वीडियो कॉल में एक युवती नग्न अवस्था में दिखी. प्रार्थी ने तुरंत कॉल बंद कर दिया, लेकिन इसके बाद उस युवती ने स्क्रीनशॉट लेकर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया. युवती ने उनसे 50,000 रुपये की मांग की. प्रार्थी ने पैसे नहीं भेजे, परंतु बाद में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से धमकी भरे कॉल और संदेश मिलने लगे.इन धमकियों से भयभीत होकर उसने कुल 31,24,514 रुपये विभिन्न बैंक खातों में स्थानांतरित किए। रिपोर्ट पर थाना बैकुंठपुर में अपराध की धारा 388, 420 भा.द.वि. एवं धारा 66(ग) आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया. केस की जांच के दौरान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से आरोपियों की पहचान की गई. पुलिस ने आरोपी किशन कुमार (32 वर्ष), निवासी बल्लभगढ़, फरीदाबाद, हरियाणा और नीरज कुमार (34 वर्ष), निवासी लालकुआं, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश को 20 अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया.दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया. मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोग पत्र के आधार पर न्यायालय ने 30 नवंबर 2024 को आरोपित किशन कुमार और नीरज कुमार को दोषी ठहराया है, जिसमे न्यायालय द्वारा आरोपियों को कारावास एवं अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया है. यह मामला साइबर अपराध और ब्लैकमेलिंग के गंभीर परिणामों को उजागर करता है. एसपी सूरज सिंह परिहार ने आम जनता को धोखाधड़ी से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना पुलिस को देने की अपील की है.
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30 नवंबर की देर रात दंपती को रोककर 50 हजार रुपये लूटने और व्यापारी को डंडे से पीटकर हत्या करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। व्यापारी की पत्नी ने ही उसे अपने प्रेमी से मरवा दिया, इसके बाद वारदात को लूट बताने की कोशिश की। पत्नी और अन्य लोगों के बयानों में अंतर से ये पकड़ में आ गए। व्यापारी की पत्नी ने प्रेमी और उसके चार साथियों के संग मिलकर अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से मौत के घाट उतार दिया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर ने मामले का खुलासा करने के लिए विशेष पुलिस टीम का गठन किया। थाना प्रभारी दिनेशसिंह कुशवाह को अज्ञात आरोपितों का पता कर शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। एसपी के दिशा निर्देश, एएसपी, एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी के नेतृत्व मे प्रकरण की विवेचना करते हुए घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया। व्यापरी की पत्नी के बयान और साक्षीगणों के कथन के आधार पर बताए गए क्रम में काफी विरोधाभास होने से परिस्थिति जन्य साक्ष्य, तकनीकी साक्ष्य एवं मनोवैज्ञानिक साक्ष्य के आधार पर फरियादिया सारिका भी संदेह के घेरे में होने से उससे पुन: सख्ती से पूछताछ की। सारिका ने स्वीकार कर लिया अपराध जिसमें सारिका ने अपराध स्वीकार किया। इस मामले का पर्दाफाश बुधवार दोपहर 12 बजे एसपी कार्यालय में एसपी डावर ने किया। इस दौरान एएसपी अनिल पाटीदार, एसडीओपी दिनेशसिंह चौहान, टीआई दिनेशसिंह कुशवाह सहित पुलिस अमला मौजूद रहा। आठ दिन पहले बनाई थी हत्या की योजना पुलिस पूछताछ में आरोपी सारिका ने बताया कि उसके पति मोहन काग को उसके और नवीन बर्फा के प्रेम संबंध के बारे मे पता चल गया था। इसके बाद नवीन को यह बात बताई और मोहन को रास्ते से हटाने के लिए आठ दिन पहले उसकी हत्या करने के लिए योजना बनाई। फिर 30 नवंबर की रात्रि उसने आशाग्राम रोड बायपास चौराहा के पास जहां अंधेरा रहता है, सारिका अपने पति मोहन के साथ बाइक पर बैठकर गई और फिर नवीन ने उसके साथियों को वहां बुलवाकर सारिका के पति मोहन की हत्या कर घटना को अंजाम दिया। दो आरोपितों की तलाश जारी उक्त प्रकरण में पुलिस ने व्यापारी की पत्नी सारिका सहित उसके प्रेमी आरोपित नवीन पुत्र सुरेश बर्फा निवासी न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी बड़वानी और कपिल पुत्र देवसिंह डोडवे निवासी गोदडपुरा थाना गंधवानी धार, करण पुत्र प्रभात नर्गेश निवासी ग्राम मलहरा स्कूल पुरा थाना गंधवानी धार को गिरफ्तार किया। वहीं इस मामले में दो और आरोपितों की तलाश जारी है। अवैध संबंध के खुलासे के डर में हत्या की एसपी डावर ने बताया कि उक्त हत्याकांड के पीछे व्यापारी की पत्नी के प्रेमी से अवैध संबंध होना और उक्त अवैध संबंध के खुलासे के डर के चलते पत्नी ने ही अपने पति को रास्ते से हटाने के लिए यह योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया। साथ ही उक्त घटना को लूट में परिवर्तित करने की कोशिश की। मृतक बायपास पर किराना दुकान संचालित करता था। जहां वो अपनी पत्नी व बच्चों के साथ रहता था। उसके पास ही धार जिले के गंधवानी का निवासी ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व बेकरी का व्यवसाय शुरू किया था और अपने गांव से मजदूरों को बुलाकर काम पर लगाया था। इस दौरान आरोपित का व्यापारी के परिवार में मेल मिलाप बढ़ता गया। इसके बाद आरोपित और व्यापारी की पत्नी को अवैध संबंध का डर सताने लगा। जिसके बाद दोनों ने मिलकर मजदूरों के साथ मिलकर हत्याकांड को अंजाम देकर उसे लूट की घटना में परिवर्तित कर प्रदर्शित करने की कोशिश की थी। पुलिस टीम को 10 हजार का इनाम एसपी ने उक्त मामले का पर्दाफाश करते हुए पुलिस टीम को 10 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की। साथ ही फरार दो आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की बात कही। उक्त कार्रवाई में शहर टीआई दिनेशसिंह कुशवाह, वैज्ञानिक अधिकारी सुनिल मकवाना, उपनिरीक्षक रविन्द्र चौकले, रविन कन्नौज, राजीवसिंह ओसाल, ललिता चौहान, सहायक उपनिरीक्षक दीपक ठाकुर, निसार एहमद, प्रधान आरक्षक जगजोधसिंह चौहान, संदेश पांचाल, शैलेंद्रसिंह परिहार, भारतसिंह, सतीश पाटीदार आदि का सहयोग रहा।
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गढ़ीमलहरा, दिसंबर 2024— मध्य प्रदेश के गढ़ीमलहरा थाना क्षेत्र में शराब कंपनी के कर्मचारियों और अवैध शराब बेचने वालों के बीच मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई है। पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों पर मामला दर्ज किया है, जिनमें से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है और तीन फरार हैं। घटना के दौरान, शराब कंपनी के कर्मचारियों और अवैध शराब विक्रेताओं के बीच खुलेआम फायरिंग और मारपीट हुई। बताया जा रहा है कि घटना से पहले शराब कंपनी के गुंडों ने अवैध शराब बेचने वालों पर हमला किया था, जिसका बदला लेने के लिए यह हमला किया गया। पुलिस ने शराब कंपनी के कर्मचारियों की शिकायत पर मामला दर्ज किया है, लेकिन पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप भी लगाया जा रहा है। मीडिया से बात करते हुए एसपी ने कहा कि जांच अभी चल रही है और जितने भी लोग फरार हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा
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भोपाल, दिसंबर 2024— भोपाल में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल जल्द ही अपने दरवाजे खोलने जा रहा है। यह प्रतिष्ठित शिक्षा ब्रांड पहले से ही भारत के छह राज्यों में अपनी पहचान बना चुका है और अब भोपाल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रहा है। जयपुरिया ग्रुप के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने बताया कि सेठ एम.आर. जयपुरिया स्कूल का उद्देश्य हमेशा से समग्र शिक्षा प्रदान करना रहा है, जिसमें छात्रों को जीवन जीने के लिए आवश्यक सभी कौशल सिखाए जाते हैं। उन्होंने कहा, "हम अपने स्कूल में जड़ों को मजबूती से पकड़कर, अंतरराष्ट्रीय मानसिकता को बढ़ावा देते हैं। आज के युग में यह महत्वपूर्ण है क्योंकि हम 21वीं सदी के विश्व स्तर पर जिम्मेदार नागरिक बनने वाले व्यक्तियों के साथ काम करते हैं।" जयपुरिया स्कूल नेटवर्क वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश के 51 शहरों में 60 से अधिक स्कूलों का संचालन करता है। उनके स्कूलों को क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर 99% प्रथम श्रेणी के साथ भारत के शीर्ष 10 स्कूलों में गिना जाता है। भोपाल में इस नए स्कूल का उद्घाटन, शहर के शिक्षा जगत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का वादा करता है। सभी अभिभावकों और छात्रों को इस सम्मानित शिक्षा ब्रांड के हिस्से बनने के लिए आमंत्रित किया गया है।
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छतरपुर, दिसंबर 2024— छतरपुर में एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसमें लगभग 3 करोड़ रुपये के सोने और चांदी के आभूषण चोरी हो गए हैं। यह घटना नगर के प्रतिष्ठित बीजेपी नेता चंद्रोदय सोनी के प्रतिष्ठान नीलम ज्वेलर्स में हुई है। घटना के दौरान, चोरों ने घर के सदस्यों को बेडरूम में बंद कर दिया और सोने के कीमती आभूषणों को ले गए। इस बड़ी चोरी के बाद, पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर लिया है और एसपी के निर्देश पर चोरी के खुलासे के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है। लवकुश नगर थाना पुलिस इस घटना की छानबीन में जुटी हुई है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, चोरी की यह घटना बहुत ही योजनाबद्ध तरीके से की गई है, जिसमें चोरों ने दुकान के सुरक्षा उपायों को भी पार कर लिया। पुलिस की टीम इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही चोरों को पकड़ने का प्रयास कर रही है। इस घटना ने नगर के व्यापारियों और आम जनता के बीच चिंता की लहर दौड़ा दी है। सभी से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की गई है।
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मध्य प्रदेश के देवास जिले में जल निगम द्वारा पाइप लाइन डालने के दौरान लापरवाही बरती जा रही है। सड़कों का डामर उखाड़ दिया गया है और शोल्डर की मिट्टी सड़कों पर फैला दी गई है, जिससे आये दिन हादसे हो रहे हैं। कन्नौद-खातेगांव क्षेत्र में जल निगम के द्वारा डाली जा रही पाइप लाइन में लापरवाही बरती जा रही है। ग्राम पंचायत गनोरा के सरपंच नरेन्द्र विश्वकर्मा ने बताया कि खुदाई में सड़कों का डामर उखाड़ दिया गया और शोल्डर की मिट्टी सड़कों पर फैला दी गई, जिससे आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। वहीं जनपद सदस्य गोलू तिवारी ने बताया कि पाइपलाइन सड़क से 6 फीट दूर खुदाई कर के डालना था, लेकिन ठेकेदार की मनमानी और जल निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से शोल्डर की मिट्टी हटाकर पाइप लाइन डाली जा रही है। जल निगम के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इस लापरवाही के चलते स्थानीय लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या ने लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय प्रशासन और जल निगम को इस समस्या का समाधान निकालने के लिए तुरंत कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि जनहानि से बचा जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस घटना से यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्यों में सावधानी और गुणवत्ता का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है। प्रशासन को इस मुद्दे पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ उचित कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही और हादसों से बचा जा सके।
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उत्तर प्रदेश के बरेली में एक बार फिर गूगल मैप की वजह से हादसा हो गया। गूगल मैप की वजह से एक कार नहर में गिर गई। हालांकि, इस हादसे में किसी को ज्यादा चोट नहीं आई। घटना बरेली के इज्जत नगर थाना क्षेत्र के पीलीभीत रोड पर हुई। बताया जा रहा है कि तीन युवक कानपुर से पीलीभीत जा रहे थे और रास्ता तलाशने के लिए गूगल मैप की मदद ली। लेकिन गूगल मैप के बताए निर्देश पर जा रही कार कलापुर की सूखी पड़ी नहर में पलट गई। एसपी सिटी लाल बहादुर ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से कार को नहर से बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में कोई भी जन हानि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में इस तरह के हादसे न हों, इसके लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
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मध्य प्रदेश के गढीमलहरा थाना क्षेत्र में एक बड़ा विवाद सामने आया है। यहां अवैध दारू बेचने को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट और फायरिंग हुई। जब यह घटना हुई, तो पुलिस भी वहां मौजूद थी। घटना निवारी के बस स्टॉप के सामने सागर-कानपुर नेशनल हाईवे पर हुई। बताया जा रहा है कि अवैध दारू बेचने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। एक पक्ष निवारी और आसपास के क्षेत्र में दारू बेचने वाला था, जबकि दूसरा पक्ष दारू कंपनी के गुंडे थे। विवाद के दौरान एक पक्ष ने पुलिस और डायल हंड्रेड की मौजूदगी में फायरिंग की और गाड़ी रोककर तोड़फोड़ भी की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले की गहनता से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने स्थानीय लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग चाहते हैं कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध दारू बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस विवाद ने एक बार फिर से अवैध दारू के कारोबार और उससे जुड़े अपराधों की गंभीरता को उजागर किया है। यह आवश्यक है कि प्रशासन और पुलिस मिलकर इस समस्या का समाधान करें और अवैध दारू के कारोबार को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं।
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आजकल ठगों के पैंतरों के सामने पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी हार रहे हैं। अधिकांश ठग सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग के अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों के खाते खाली कर रहे हैं। वहीं, कई बार ज्यादा मुनाफे के फेर में लोगों की जीवनभर की कमाई लूटी जा रही है। ऐसा ही एक मामला भोपाल के रिटायर्ड कर्नल डॉ. आलोक कुलश्रेष्ठ के साथ हुआ। शेयर बाजार में निवेश के लिए मुफ्त ट्रेनिंग का झांसा देकर उनसे 1.77 करोड़ रुपए ठग लिए गए। रिटायर्ड कर्नल की जुबानी ठगी की कहानी डॉ. आलोक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि जीवन में मुफ्त में कुछ नहीं मिलता, कीमत चुकानी होती है। ठगों ने मुफ्त में शेयर बाजार की ट्रेनिंग देने की बात कही और वह झांसे में आ गए। जीवन के ढलते पड़ाव पर जब ज्यादा आर्थिक मजबूती की जरूरत थी, तब 1.77 करोड़ लुटा बैठे। रिटायरमेंट का पैसा गया, बचत पूंजी चली गई। झटके में सब बिखर गया। वह लोगों को जागरूक करना चाहते हैं, ताकि किसी और के साथ ऐसा न हो। पीड़ित की कहानी, उनकी ही जुबानी डॉ. आलोक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वह रिटायर होकर बेफिक्र थे। बच्चे अपने पैरों पर खड़े थे, इसलिए अपनी ऊर्जा समाज के लिए सकारात्मक कार्यों में लगाना चाहते थे। वक्त बहुत था, इसलिए शौकिया शेयर बाजार की दुनिया सीखना चाहते थे। यूट्यूब पर इससे जुड़े वीडियो देखते और अपनी समझ से शेयरों में छोटे-मोटे निवेश करते थे। 8 जुलाई 2024 का दिन था। फोन की घंटी बजी। अनजान नंबर से किसी शालिनी त्रिवेदी ने कहा, आप शेयर बाजार में अच्छा कर रहे हैं, एक्सपर्ट की क्लास लेंगे तो और बेहतर करेंगे। वह प्रभावित हुए। ट्रेनिंग के पैसे पूछे तो शालिनी ने कहा कि यह मुफ्त है। वह तैयार हो गए। अगले दिन से ट्रेनिंग शुरू हुई। देशभर से 80 लोगों का ग्रुप वीडियो कॉल पर ट्रेनिंग ले रहा था। ट्रेनिंग देने वाले का चेहरा नहीं था। कभी घरेलू काम से यदि वह कक्षा मिस कर देते तो शालिनी फोन लगाकर कहती थी कि आप बहुत अच्छा कर रहे हैं, लेकिन क्लास मत छोड़िए। उन्हें सही-गलत का पता नहीं चल रहा था। पहले दो लाख से निवेश शुरू हुआ। अच्छा मुनाफा मिला। निवेश और मुनाफा मिलाकर रकम 35 लाख हो गई। जब उन्होंने पैसे निकालने की बात कही तो ठगों ने और पैसा लगाने को कहा। जब उन्होंने कहा कि पैसे खत्म हो गए तो ठग लोन देने को तैयार हो गए। उन्होंने 30 लाख लोन लिए और शेयर बाजार में लगाया। लोन से पहले एफडी व जमा पूंजी 1.77 करोड़ रुपए ठगों के निजी खाते में डाले थे। जब जरूरत हुई और रुपए निकालने की कोशिश की तो ठग आनाकानी करने लगे। कई चार्ज और मेंबरशिप फीस मांगने लगे। तब उन्हें यकीन हो गया कि वह सब गंवा चुके हैं। अगस्त की शुरुआत में उन्हें अनजान कॉल आया। जलगांव से आए कॉल पर कहा गया कि आपसे ठगी हुई है। यह सुनते ही उनके सपने बिखर गए। वह डर गए कि जीवन कैसे गुजरेगा। ट्रेनिंग में वीडियो कॉल पर 80 का ग्रुप था। उसी से एक ने यह बताया। उसके भाई से भी ठगी हुई थी। उन्होंने साइबर क्राइम के हेल्पलाइन नंबर 1930 व थाने में शिकायत की।
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मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में ठंड का कहर बढ़ता जा रहा है। रविवार-सोमवार की रात नौगांव के बाद राजगढ़ का तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे यह प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला बन गया। कड़ाके की ठंड के कारण कलेक्टर ने कक्षा पहली से आठवीं तक के स्कूलों का समय सुबह 9 बजे से कर दिया है। जिले में पिछले तीन-चार दिनों से सर्द हवाएं चल रही हैं, जिससे न केवल दिन बल्कि रातें भी बेहद सर्द हो गई हैं।इस सीजन में दूसरी बार 8 डिग्री तक तापमान गिरा है। शनिवार-रविवार की रात सबसे कम 7 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। हालांकि रविवार-सोमवार की दरमियानी रात तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी हुई, फिर भी सर्दी शबाब पर रही। इस बार राजगढ़ मध्य प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा जिला रहा है। प्रदेश में सबसे कम तापमान नौगांव में 7.8 डिग्री दर्ज किया गया, इसके बाद राजगढ़ का 8.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया है। राजधानी भोपाल में दो दिन से पारा 11.5 डिग्री के करीब ठहरा हुआ है। वहीं, सागर में भी दो दिन से न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के पास ठहरा हुआ है। दिन और रात का तापमान सामान्य से कम होने के कारण ठंड का असर बढ़ गया है। दिन का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो सामान्य से 2 डिग्री कम है। रात का पारा 11.5 डिग्री पर लुढ़ककर आया है, जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम है। पारे में गिरावट आने से दिन और रात के समय कंपकंपा देने वाली सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश में अगले 48 घंटों में मौसम में परिवर्तन आने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो सकता है और बर्फीली हवाओं से पूरा प्रदेश ठिठुर सकता है। उत्तरी हिस्से में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है, जिसके कारण पहाड़ों में बर्फबारी होगी और उत्तरी हवाएं मध्य प्रदेश में तेजी से आएंगी। इससे प्रदेश में दिन और रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक रितेश कुमार के मुताबिक, वर्तमान में तमिलनाडु में चक्रवात सक्रिय है, जिसके प्रभाव से आसमान पर हल्के बादल छाए हुए हैं। इससे तापमान में बढ़ोतरी होनी थी, लेकिन जम्मू-कश्मीर में बारिश और बर्फबारी होने से उत्तरी हवाएं तेज हो गई हैं। इससे अगले तीन दिन तक तापमान में एक से दो डिग्री की मामूली गिरावट आएगी। इस ठंड के कारण लोगों को सावधान रहने की जरूरत है और ठंड से बचने के उपाय करने चाहिए। जैसे ही ठंड का प्रकोप बढ़ेगा, वैसे ही इससे बचने के लिए लोगों को अपने घरों में गर्म कपड़े पहनने और हीटर या अन्य साधनों का उपयोग करना चाहिए। इसके अलावा, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि वे सर्दी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
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मध्य प्रदेश के 2023 बैच के आईपीएस हर्षवर्धन की कर्नाटक में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। हर्षवर्धन अपना प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद जिला प्रशिक्षण के लिए हसन जा रहे थे। घटना का विवरण हर्षवर्धन कर्नाटक पुलिस अकादमी में अपना प्रशिक्षण समाप्त करने के बाद जिला प्रशिक्षण के लिए हसन जा रहे थे, तभी दुर्घटना का शिकार हो गए। उनके वाहन के चालक ने नियंत्रण खो दिया और वाहन सड़क के किनारे एक घर में जा घुसा। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। ड्राइवर की भी हालत गंभीर है। हर्षवर्धन के पिता अखिलेश सिंह सिंगरौली जिले के देवसर उपखंड क्षेत्र में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। इस दुखद घटना ने पूरे पुलिस विभाग और हर्षवर्धन के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हर्षवर्धन की असामयिक मृत्यु ने उनके सहकर्मियों और दोस्तों को भी स्तब्ध कर दिया है। उनके परिवार और दोस्तों को इस कठिन समय में संवेदनाएं और समर्थन की आवश्यकता है।
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दक्षिण राज्यों के बाद अब चक्रवात फेंगल का असर मध्य प्रदेश में भी दिखने वाला है। अगले 48 घंटों में राजधानी भोपाल समेत कई शहरों में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हो सकती है। इस दौरान दिन के समय तापमान में वृद्धि होगी, लेकिन रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। आने वाले दिनों में राज्य के ज्यादातर जिलों में शीतलहर और घने कोहरे का असर देखने को मिलेगा। एमपी मौसम विभाग की भविष्यवाणी एमपी मौसम विभाग की मानें तो फेंगल तूफान के असर से हवाओं का रुख बदलेगा और बादलों की आवाजाही शुरू होगी। इस दौरान छिंदवाड़ा, सिवनी और बैतूल में हल्की बारिश होने के आसार हैं, जबकि ग्वालियर, चंबल और उज्जैन में बर्फीली हवा चलेगी। राज्य में अगले 48 घंटों में दिन-रात में ठंड बढ़ने का अनुमान है। हालांकि, न्यूनतम तापमान में मामूली कमी आ सकती है। दिसंबर में तापमान का अनुमान मौसम विभाग की मानें तो दिसंबर में रात का पारा 3 से 4 डिग्री तक पहुंच सकता है। कड़ाके की सर्दी की शुरुआत अगले सप्ताह से हो जाएगी। उत्तर-पश्चिमी भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के असर से दिसंबर में प्रदेश में तापमान तेजी से गिरेगा और ठंड व कोहरे के साथ शीतलहर की स्थिति बनेगी। खासतौर से मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिलेगा। दिसंबर के अंत सप्ताह से लेकर जनवरी महीने में कड़ाके की ठंड पड़ेगी। शीतलहर चलने के साथ मालवांचल के कई जिलों में पाला पड़ने के आसार रहेंगे। मौसम प्रणालियाँ और वर्तमान स्थिति वर्तमान में देश के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में जेट स्ट्रीम, पाकिस्तान के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ द्रोणिका के रूप में और हवाओं का रुख उत्तरी एवं उत्तर-पूर्वी बना हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरा अवदाब का क्षेत्र पुड्डूचेरी के आसपास टकराने के आसार हैं। इन सभी मौसम प्रणालियों के असर से कहीं-कहीं बादल छा रहे हैं और न्यूनतम तापमान में कुछ बढ़ोतरी होने के आसार हैं। उधर, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और वर्षा होने की भी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने पर एक बार फिर तापमान में गिरावट होने की संभावना है। पिछले 24 घंटे का मौसम रविवार को शाजापुर में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि प्रदेश के दूसरे इलाकों में रात का तापमान 10 डिग्री से कम रहा। शाजापुर से जुड़े गिरवर में सबसे कम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजगढ़ में 7 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 7.2 डिग्री, शिवपुरी के पिपरसमा में 7.7 डिग्री, हिल स्टेशन पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, रायसेन-टीकमगढ़ में 9 डिग्री सेल्सियस, खंडवा-खजुराहो में 9.4 डिग्री, उमरिया-बैतूल में 9.5 डिग्री और गुना में तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
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सिंगरौली जिले के चितरंगी में पुरानी रंजिश को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। इस मामले में चितरंगी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना में पुरानी दुश्मनी विशम्भर सिंह गोड़ को भारी पड़ी। उसके विरोधी दो लोगों ने उसे घेरकर मारपीट की। गंभीर अवस्था में विशम्भर को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों रघुनाथ सिंह गोड़ और बसंतलाल सिंह गोड़ को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है और लोग इस प्रकार की हिंसा की निंदा कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को सख्त सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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देवास के सतवास वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव अपराध पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नीलगाय का शिकार करने वाले तीन शिकारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वन्यजीव संरक्षण के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। घटना का विवरण सतवास वन परिक्षेत्र में गश्ती के दौरान वन कर्मियों ने बाँईजगवाडा से नामनपुर मार्ग पर एक संदिग्ध मोटरसाइकिल सवार को खून से सने कट्टों के साथ जाते हुए देखा। वन कर्मियों ने तुरंत वाहन का पीछा किया, लेकिन आरोपी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए और अपनी मोटरसाइकिल छोड़ गए। जब्ती और जांच पुलिस ने मौके से लगभग 90 किलोग्राम नीलगाय के मांस से भरे कट्टे और एक कुल्हाड़ी जब्त की। यह तफ्तीश वन परिक्षेत्र अधिकारी विधि सिरोलिया के मार्गदर्शन में की गई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल कर तीनों शिकारियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने नीलगाय के अवशेषों को लेकर अपराध स्वीकार किया है। न्यायिक प्रक्रिया आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि वन विभाग वन्यजीव अपराधों के प्रति सख्त है और ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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अंबिकापुर- बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम गुमगा के पास रविवार की सुबह हुए सड़क हादसे में कार सवार पांच युवकों की मौत हो गई। युवक रायपुर के चंगोराभाटा के रहने वाले थे। स्कोडा रैपिड कार में सवार पांचों युवक मैनपाट जा रहे थे। इनके नाम दिनेश साहू, संजीव और राहुल हैं। युवकों की यु 25 से 30 वर्ष बताई जा रही है। दो युवकों के नाम का पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि उक्त तीनों युवक घर से जगदलपुर जाने के नाम पर निकले थे। रास्ते में कार में दो और युवक सवार हुए। उदयपुर से पहले गुमगा के पास सामने से आ रहे ट्रक से कार की जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त होग गई। चार युवकों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल एक युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) उदयपुर में भर्ती कराया गया। यहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायपुर रेफर किया गया था। अंबिकापुर पहुंचते ही चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे भी मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलते ही उदयपुर थाना प्रभारी कुमारी चंद्राकर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची थी। कार इतनी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी कि शवों को निकालने के लिए कटर का सहारा लेना पड़ा। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। दो लोग गाड़ी में फंस गए थे। उन्हें मुश्किल से बाहर निकाला जा सका। मृतकों के स्वजन को सूचना दे दी गई है। उनके आने के बाद युवकों के संबंध में विस्तृत जानकारी मिल सकेगी। तेज गति को दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है। घटना के बाद ट्रक का ड्राइवर वाहन छोड़कर भाग गया है। सुबह क्षेत्र में धुंध भी थी। जहां दुर्घटना हुई वहां मोड़ और ढलान है। दुर्घटनास्थल के अवलोकन के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि अंबिकापुर की ओर से जा रहे ट्रक सामने जा रहे किसी वाहन को ओवरटेक कर रहा होगा। ओवरटेक के दौरान ही सामने से आ रही कार की जोरदार टक्कर हो गई होगी।
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सिंगरौली का सरई बाजार लंबे समय से जाम की स्थिति से जूझ रहा था। इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त एक्शन लेते हुए बाजार को अतिक्रमण से मुक्त कर दिया। इस कार्यवाही का कुछ लोगों ने विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने जनहित में सभी अतिक्रमणों को हटा दिया। सरई बाजार में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सड़कों और नालियों से अतिक्रमण हटाया। तहसीलदार चंद्रशेखर मिश्रा और सीएमओ सुरेंद्र सिंह उइके के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में पुलिस बल भी मौजूद रहा। अभियान के दौरान कई अतिक्रमणकारियों ने स्वेच्छा से अपने निर्माण हटा लिए, जबकि कुछ ने विरोध किया। हालांकि, प्रशासन की कड़ी कार्रवाई के बाद बाजार को जाम मुक्त कर दिया गया है, जिससे आम जनता ने राहत की सांस ली। संपूर्ण कार्यवाही में राजस्व अमला सरई, नगर परिषद के कर्मचारी और थाना सरई का पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। इस कार्रवाई से सरई बाजार में यातायात की स्थिति में सुधार हुआ है और लोगों को जाम की समस्या से निजात मिली है। प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही से यह संदेश गया है कि जनहित में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इसे हटाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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अमरपाटन के नादन टोला ब्रिज के पास पुलिस ने एक ऑटो में लोड 6 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस इलाके में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है और पुलिस लगातार इस पर नज़र रख रही है। अमरपाटन थाना क्षेत्र के नेशनल हाईवे नंबर 30 के नादन टोला ब्रिज के पास पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ऑटो में दो युवक अवैध तरीके से अंग्रेजी शराब रीवा से मैहर की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी की और तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान एक ऑटो को रोका गया और उसमें से 6 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की गई। पुलिस ने ऑटो चालक शुभम पटेल और एक अन्य आरोपी लवकेश पटेल को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अवैध शराब के इस कारोबार पर सख्ती से नज़र रखने और इसे रोकने के लिए पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस मामले में पुलिस की तेज़ कार्रवाई से अवैध शराब के कारोबारियों को एक बड़ा झटका लगा है और यह संदेश गया है कि कानून के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे इस प्रकार की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके और समाज में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे। इस प्रकार की घटनाएं समाज को हानि पहुंचाती हैं और इन्हें रोकने के लिए समाज के हर व्यक्ति को सजग रहना आवश्यक है।
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इंदौर नगर निगम के पूर्व सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। वे 2019 के चर्चित हनी ट्रैप मामले में प्रमुख आरोपी के रूप में चर्चा में आए थे। उनका निधन मध्य प्रदेश के रीवा जिले स्थित उनके पैतृक निवास पर हुआ, जहां वे बेहोशी की हालत में पाए गए थे। पड़ोसियों ने उन्हें घर में गिरा हुआ पाया, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मौत हार्ट अटैक से होने की आशंका जताई जा रही है। हरभजन सिंह वह शख्स थे जिन्होंने इंदौर में हनी ट्रैप मामले की पहली FIR दर्ज कराई थी। उनके द्वारा की गई शिकायत के बाद, यह मामला सामने आया था जिसमें कुछ महिलाएं उन्हें अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर रही थीं। इस मामले ने न केवल इंदौर बल्कि पूरे देश में सुर्खियां बटोरीं, और कई गिरफ्तारियां भी हुईं। हालांकि, हनी ट्रैप मामले के बाद हरभजन सिंह के खिलाफ एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप भी लगाया था। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें सस्पेंड कर दिया गया और उनका तबादला रीवा कर दिया गया था। रीवा पुलिस इस समय उनके निधन से संबंधित मामलों की जांच कर रही है, और यह मामला पुलिस के ध्यान में है। हरभजन सिंह के निधन ने हनी ट्रैप मामले से जुड़ी कई चर्चाओं को फिर से ताजगी दे दी है, और अब इस घटना की जांच जारी है।
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रीवा में हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां महिलाओं के एक गिरोह ने नकली किन्नर बनकर लोगों के घरों में घुसकर चोरी की वारदातें कीं। असली किन्नर समुदाय ने इन नकली किन्नरों को रंगे हाथों पकड़ा और उनकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। यह घटना न केवल किन्नर समुदाय के लिए अपमानजनक है, बल्कि यह समाज में व्याप्त भेदभाव और अपराध को भी दर्शाती है। नकली किन्नरों के कारण किन्नर समुदाय की छवि खराब होती है और उन्हें अपराधियों के रूप में देखा जाता है। इस घटना से कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठते हैं: सामाजिक कलंक: किन्नर समुदाय को अभी भी समाज में बहुत सम्मान नहीं मिलता है। नकली किन्नरों के कारण किन्नर समुदाय की छवि खराब होती है और उन्हें अपराधियों के रूप में देखा जाता है। कानून और व्यवस्था: इन महिलाओं को नकली किन्नर बनकर अपराध करने में आसानी हो गई, जो कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को दर्शाता है। पीड़ितों का शोषण: इन अपराधों के शिकार अक्सर बुजुर्ग व्यक्ति या महिलाएं होते हैं, जो इस तरह के अनुभव से काफी आहत होते हैं। कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इस तरह की आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए और कमजोर समुदायों को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करनी चाहिए। इसके अलावा, लोगों को किन्नर समुदाय के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में जागरूक करना चाहिए और सहानुभूति और समझ को बढ़ावा देना चाहिए। यह घटना हमें याद दिलाती है कि हमें एक समावेशी, करुणामय और भेदभाव मुक्त समाज बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।
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अमरपाटन नगर परिषद में एक गंभीर मुद्दा उभरा है। बसपा की एक महिला पार्षद, वार्ड नंबर 5 की प्रतिनिधि, पिछले तीन दिनों से धरने पर हैं। उनका आरोप है कि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं और नगर परिषद के अधिकारी जातिगत भेदभाव कर रहे हैं। पार्षद का वार्ड मुख्य रूप से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों का निवास स्थान है। यहां पानी की किल्लत, सफाई की समस्या और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार नगर परिषद अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीएमओ) को लिखित शिकायतें दी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके अलावा, पार्षद ने सीएमओ पर जातिगत टिप्पणी करने का भी आरोप लगाया है। उनका आरोप है कि नगर परिषद के अधिकारी एससी और एसटी समुदाय के लोगों के विकास में बाधा डाल रहे हैं। स्थानीय लोग पार्षद के साथ खड़े हैं और नगर परिषद से मांग कर रहे हैं कि वे वार्ड में विकास कार्य शुरू करें। उनका मानना है कि सभी वार्डों का समान विकास होना चाहिए और किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। यह मामला कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाता है। सबसे पहले, यह विकास की असमानता को उजागर करता है। कुछ वार्डों में विकास कार्य तेजी से हो रहे हैं, जबकि अन्य वार्डों में विकास की गति बहुत धीमी है। दूसरा, यह जातिगत भेदभाव का एक गंभीर मामला है, जो भारतीय संविधान के विरुद्ध है। नगर परिषद को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और पार्षद की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। उन्हें वार्ड में विकास कार्य शुरू करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। साथ ही, उन्हें जातिगत भेदभाव के आरोपों की जांच करनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। यह मामला न केवल अमरपाटन के लिए बल्कि पूरे देश के लिए एक सबक है। हमें सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी लोगों को समान अधिकार और अवसर मिलें, चाहे उनकी जाति, धर्म या सामाजिक स्थिति कुछ भी हो।
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अमरपाटन: अमरपाटन थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर चौकी अंतर्गत एक दर्दनाक घटना सामने आई है। जहां जगन्नाथ मंदिर के पास रहने वाले मोहन यादव के कच्चे मकान में भीषण आग लग गई। इस आग में परिवार की पूरी गृहस्थी और करीब 10 बकरियां जलकर राख हो गईं। जानकारी के मुताबिक, शॉर्ट सर्किट के कारण देर रात आग लग गई। जब तक परिवार के लोग आग पर काबू पाते, तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था। कच्चे मकान होने के कारण आग तेजी से फैली और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। पीड़ित परिवार ने बताया कि वे सभी लोग दूसरे कमरे में सो रहे थे। जब उन्हें आग की लपटें दिखीं तो वे घर से बाहर निकल आए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया था कि कुछ बचा पाना संभव नहीं था। ग्रामीणों ने मिलकर आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। बताया जा रहा है कि इस घटना में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। प्रशासन की मदद: घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को राहत राशि देने की भी घोषणा की है। आग लगने के कारण: प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है। कच्चे मकानों का खतरा: यह घटना एक बार फिर कच्चे मकानों में रहने वाले लोगों के लिए खतरे की घंटी है। कच्चे मकान आग लगने की घटनाओं के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं। ऐसे में लोगों को पक्के मकान बनाने की दिशा में प्रयास करने चाहिए। सुरक्षा के उपाय: घर में बिजली के उपकरणों का सही तरीके से उपयोग करें। घर में लकड़ी या अन्य ज्वलनशील पदार्थों को न रखें। घर में फायर एक्सटिंग्विशर रखें। आग लगने की स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचित करें। निष्कर्ष: यह घटना एक दुखद घटना है। इस घटना से हमें सतर्क रहने और आग से बचाव के उपायों को अपनाने की जरूरत है। प्रशासन को भी लोगों को जागरूक करने के लिए कदम उठाने चाहिए। मुख्य बिंदु: अमरपाटन थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर में भीषण आग मोहन यादव के कच्चे मकान में लगी आग परिवार की पूरी गृहस्थी और 10 बकरियां जलकर राख शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग प्रशासन ने पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया
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ग्वालियर, 1 दिसंबर: ग्वालियर के जीवाजी क्लब में 1 दिसंबर को एक निशुल्क हृदय रोग शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर राहुल अरोड़ा अपनी टीम के साथ हृदय रोगियों की जांच करेंगे। यह शिविर विशेष रूप से उन लोगों के लिए है, जो दिल की बीमारियों से पीड़ित हैं या जिनमें इसका खतरा बढ़ सकता है। शिविर का आयोजन फेलिक्स हॉस्पिटल के डॉक्टर शैलेंद्र सिंह राठौड़ के द्वारा किया गया है। शिविर का उद्देश्य और सेवाएंइस शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्वालियर में हृदय रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए लोगों को सही समय पर जांच और उपचार की सुविधा प्रदान करना है। शिविर में उपस्थित डॉक्टर राहुल अरोड़ा और उनकी टीम हृदय रोगियों की पूरी जांच करेंगे। शिविर में शामिल होने वाले लोगों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर और ईसीजी की जांच निशुल्क रखी गई है। दिल की बीमारियों से बढ़ती मौतों का खतराडॉक्टर शैलेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि, "आजकल की खराब जीवनशैली, अनियमित खानपान, तनाव और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण दिल की बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। यह केवल पुरुषों के लिए ही नहीं, बल्कि महिलाओं और युवाओं के लिए भी एक गंभीर चिंता का विषय बन चुका है।" स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, दिल की बीमारियों के कारण हर साल देश में 28% मौतें होती हैं। यह आंकड़ा चिंताजनक है और इस समस्या से निपटने के लिए ऐसे शिविरों का आयोजन महत्वपूर्ण है। शिविर में भाग लेने के लिए प्रक्रियाशिविर में भाग लेने के लिए किसी प्रकार की पूर्व पंजीकरण की आवश्यकता नहीं है। लोगों को सिर्फ शिविर स्थल पर पहुंचकर अपनी जांच करानी है। डॉक्टर राहुल अरोड़ा और उनकी टीम सभी हृदय रोगियों की निशुल्क जांच करेंगे और उन्हें उचित सलाह देंगे।
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सिंगरौली जिले में रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज एक और सड़क हादसे में दो लोग दुर्घटना का शिकार हुए, जिसमें से एक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। इस दुर्घटना से जुड़ी घटनाओं की बढ़ती संख्या ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़ा कर दिया है। नागरिकों का कहना है कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर गंभीरता से कदम नहीं उठा रहा है और समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है। हादसे की जानकारीहादसा कोतवाली थाना क्षेत्र के हिर्वाह इलाके में हुआ, जब तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। वहीं, बरगवां थाना क्षेत्र के तेलदह इलाके में एक और दर्दनाक हादसा हुआ, जब एक राखड़ वाहन ने एक व्यक्ति को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में उस व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने सड़क पर जाम लगा कर मुआवजे की मांग की। उनका आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रशासन पर सवालपरिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन इस समस्या पर ध्यान देता और सही कदम उठाता तो शायद यह हादसा टल सकता था। उनका मानना है कि सड़क निर्माण, सुधार और सही ट्रैफिक नियमों का पालन करने से इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। लेकिन नेताओं और अधिकारियों की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं जा रही है। सवाल यह उठता है कि जब सड़क हादसों की संख्या लगातार बढ़ रही है, तो क्या प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा और कब तक इस समस्या को नजरअंदाज किया जाएगा? सिंगरौली जिले के लोग अब इस मुद्दे पर प्रशासन से ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
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राज्य ब्यूरो, दखल भोपाल:- कुछ दिनों से बड़ी संख्या में मंत्रालयीन अधिकारियों, कर्मचारियों के मोबाइल नंबरों पर फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल आ रहे हैं। इनमें मोबाइल सेवाएं बंद कर देने अन्यथा कोई लिंक का उपयोग करने की बात कही जा रही है।मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है और मामले में जांच कराने की मांग की है। जिन नंबरों पर उक्त कॉल आए हैं, उनकी सूची भी शासन को सौंपी गई है। शासन के पास सुरक्षित डाटा में सेंध लगना (यदि ऐसा हुआ है तो) गंभीर विषय है। उल्लेखनीय है कि ऐसे संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल केवल उन नंबरों पर आ रहे हैं जो नंबर सामान्य प्रशासन विभाग के पास रजिस्टर्ड हैं। जिन कर्मचारियों-अधिकारियों के पास एक से अधिक नंबर हैं, उनके केवल उस नंबर पर कॉल आए हैं जो नंबर शासन को दे रखा है। नायक ने कहा कि ऐसा संदेह होता है कि कहीं शासन के पास सुरक्षित अधिकारियों कर्मचारियों का डाटा फर्जीवाड़ा करने वालों को लीक तो नहीं हो गया है। प्रदेश में संगठित अपराध पर नियंत्रण और कार्रवाई के लिए गठित स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) में स्वीकृत बल के 25 प्रतिशत भी अधिकारी-कर्मचारी नहीं हैं। यहां के लिए कुल 390 अधिकारी-कर्मचारियों के पद स्वीकृत किए गए थे, पर अभी मात्र 87 ही पदस्थ हैं। एसटीएफ में एक तो पहले से ही बल की कमी थी। उसमें भी पहले से पदस्थ कुछ कर्मचारी-अधिकारी जिनमें आरक्षक से लेकर उप पुलिस अधीक्षक तक शामिल हैं, दूसरी जगह चले गए। उनकी जगह नए बहुत कम आए। इस कारण 87 ही बचे हैं। बल कम होने का एक कारण यह भी है कि जिला पुलिस बल से कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर एसटीएफ में आने के इच्छुक भी नहीं हैं।बल कम होने से संगठित अपराधों में अपराधियों को पकड़ने, प्रकरण की विवेचना, विश्लेषण आदि काम प्रभावित हो रहे हैं। एसटीएफ के गठन से लेकर अब तक करीब 25 हजार अपराध पंजीकृत किए गए हैं। व्यापम फर्जीवाड़े की जांच एसटीएफ ने की थी। इसके बाद ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार, मापदंडों की अनदेखी कर बीएड कालेजों की मान्यता, सतना में शस्त्र लाइसेंस देने में गड़बड़ी जैसे मामले एसटीएफ के पास हैं। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मुख्यालय से लेकर सातों जोन में बल की कमी है।विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के तीन-तीन नए जोन और बन रहे हैं, परंतु बल कम होने के कारण एसटीएफ के नए जोन का गठन नहीं हो पा रहा है। यही स्थित ईओडब्ल्यू की है। यहां स्वीकृत बल की तुलना में 40 प्रतिशत स्टाफ ही है। इस कारण शिकायतों की जांच और अभियोजन में देरी होती है।
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ऑडी ने अपनी एक लग्जरी एसयूवी Audi Q7 का फेसलिफ्ट वर्शन भारत में लॉन्च कर दिया है। इस नई ऑडी Q7 में आकर्षक डिज़ाइन, नई फीचर्स और दमदार इंजन के साथ कई अपडेट्स हैं। इसकी शुरुआत एक्स-शोरूम कीमत ₹88.66 लाख से हो रही है। इस नई एसयूवी के डिज़ाइन में कई बदलाव किए गए हैं, जिनमें वर्टिकल क्रोम ग्रिल, अपग्रेडेड एचडी मैट्रिक्स एलईडी हैडलाइट्स, और नई 19-इंच एलॉय व्हील्स शामिल हैं, जो इसे और भी स्टाइलिश बनाते हैं। इसे कुल पांच रंगों में उपलब्ध किया गया है - सखिर गोल्ड, वेटोमो ब्लू, माइथॉस ब्लैक, समुराई ग्रे और ग्लेशियर व्हाइट। इंटीरियर्स की बात करें तो इसमें ऑल-ब्लैक थीम के साथ ब्लैक लेदर सीट अपहोल्स्ट्री, और दो कलर ऑप्शन, सीडर ब्राउन और सैगा बेज दिए गए हैं। इसके साथ ही 10.1-इंच टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, 12.3-इंच डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और 19-स्पीकर बैंग एंड ओल्फसेन ऑडियो सिस्टम जैसे उन्नत फीचर्स भी शामिल हैं। पावर की बात करें तो इसमें 3.0-लीटर ट्विन-टर्बो V6 पेट्रोल इंजन है, जो 340 हॉर्सपावर और 500 Nm टॉर्क जनरेट करता है। यह एसयूवी सिर्फ 5.6 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है और इसकी टॉप स्पीड 250 किमी/घंटा है। ऑडी Q7 फेसलिफ्ट दो वेरिएंट्स में उपलब्ध है - प्रीमियम प्लस और टेक्नोलॉजी, जिनकी कीमत क्रमशः ₹88.66 लाख और ₹97.81 लाख (एक्स-शोरूम) है। इस लग्जरी एसयूवी का मुकाबला BMW X5, Mercedes GLE, और Volvo XC90 जैसी प्रीमियम एसयूवीज़ से है। ऑडी Q7 अपने स्टाइलिश लुक, दमदार इंजन और अत्याधुनिक फीचर्स के कारण इन सभी को कड़ी टक्कर देने के लिए तैयार है। कुल मिलाकर, नई ऑडी Q7 एक शानदार और प्रीमियम ड्राइविंग अनुभव देने के लिए बनी है, जो उन ग्राहकों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है जो लक्जरी और परफॉर्मेंस दोनों चाहते हैं।
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छोला मंदिर थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर उसके रिश्ते के देवर के खिलाफ घर में घुसकर ज्यादती करने का प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। छोला मंदिर थाना पुलिस के मुताबिक, क्षेत्र में रहने वाली 28 वर्षीय महिला गृहिणी है। उसका पति एक निजी फर्म में नौकरी करता है। महिला के घर के पास ही रहने वाला युवक रिश्ते में देवर लगता है। महिला ने शिकायत में पुलिस को बताया कि रोजाना की तरह 20 नवंबर को सुबह पति दफ्तर चले गए थे। दोपहर में देवर घर पहुंचा और डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर दिया। साथ ही घटना के बारे में किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दे दी। भयभीत होने के कारण महिला ने घटना के बारे में किसी को कुछ नहीं बताया। उधर देवर ने दोबारा संबंध बनाने के लिए दबाव बनाना शुरू किया तो महिला मानसिक रूप से परेशान हो गई। उसने पति को घटना की पूरी जानकारी दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज करा दी। रातीबड़ इलाके के बड़झिरी में एक युवक का शव पेड़ पर फंदे पर लटका मिला। शुरुआती जांच में पुलिस ने पाया है कि युवक मानसिक रूप से बीमार था। पुलिस के अनुसार 25 वर्षीय जगदीश सिंह बड़झिरी में अपने ताऊ के घर में मां और छोटी बहन के साथ रहता था। सोमवार को वह किसी काम से घर से निकला था, लेकिन देर रात तक नहीं पहुंचा। स्वजन ने उसकी आसपास खोजबीन भी की, लेकिन उसका पता नहीं चला। अगले दिन मंगलवार को जगदीश का शव घर के पीछे लगे आम के पेड़ पर मफलर से बनाए गए फंदे पर लटका मिला। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे फोरलेन पर ग्राम छोटी हरदा के पास हार्वेस्टर और ट्रक की भीषण टक्कर हो गई, जिसमें ट्रक सामने से क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बुधवार दोपहर करीब 1 बजे इंदौर बैतूल नेशनल हाईवे पर ग्राम छोटी हरदा के पास बैतूल की ओर से इंदौर की ओर जा रहे हार्वेस्टर ने चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिया। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रक क्रमांक एमपी 13 जेडपी 7357 हार्वेस्टर से टकरा गया। ट्रक का सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि दोनों वाहनों के चालक सुरक्षित हैं।
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बागसेवनिया इलाके में रहने वाले एक पुजारी से एजुकेशन काउंसलरों ने 20 लाख की धोखाधड़ी की है। उन्होंने पुजारी की बेटी को रूस की एक यूनिवर्सिटी से एमबीए करवाने के नाम पर 30 लाख रुपये ऐंठ लिए, लेकिन वहां सिर्फ 10 लाख ही जमा किए बाकि 20 लाख की राशि हड़प ली। पुजारी ने रुपयों की मांग की तो काउंसलरों ने धमकाना शुरू कर दिया। जिसके बाद उन्होंने बागसेवनिया पुलिस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत की। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की है। पुलिस के अनुसार राजबहादुर द्विवेदी रेलवे कालोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी बेटी एमबीबीएस करना चाहती थी, लेकिन उसका नीट में चयन नहीं हो सका था। जिसके बाद 2022 में राजबहादुर के परिचित एजुकेशन काउंसलर मो. नदीम खान और इरफान खान ने रूस की मारी यूनिवर्सिटी से उनकी बेटी को एमबीए करने की सलाह दी। उन्होंने एमबीए की पूरी पढ़ाई का खर्च 30 लाख रुपये बताया। राजबहादुर ने अलग-अलग किश्तों में उन्हें 30 लाख रुपये दिए, लेकिन नदीम और इरफान ने यूनिवर्सिटी में केवल 10 लाख रुपये ही जमा किए और बाकी 20 लाख हड़प लिए। यूनिवर्सिटी ने जब पुजारी और उनकी बेटी को फीस जमा करने का नोटिस दिया तब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। राजबहादुर ने एजुकेशन काउंसलरों से संपर्क कर फीस जमा करने की बात कही तो नदीम और इरफान ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया।
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मध्य प्रदेश में सक्रिय लगभग 75 नक्सलियों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं। यह जानकारी पुलिस की खुफिया रिपोर्ट में सामने आई है। ये सभी अलग-अलग समूह में पुरुषों के साथ काम कर रही हैं। यह भी पता चला है कि कुछ नक्सली प्रेमी-प्रेमिका की तरह रह रहे हैं। गांव के लोगों के साथ संवाद करने, उनकी समस्याएं जानने, पर्चा बांटने, लोगों को बरगलाने या किसी तरह की सहायता मांगने के लिए नक्सली महिलाओं को ही आगे करते हैं। महिलाएं गांव के लोगों के बीच आसानी से घुल-मिल जाती हैं। इससे उन्हें गांव में प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी भी मिलती रहती है। पुरुषों की तरह महिलाएं भी छत्तीसगढ़ या महाराष्ट्र से ही हैं। अधिकतर महिलाओं की उम्र 25 से 40 वर्ष की है। अभी तक ऐसा होता रहा कि नक्सली मुठभेड़ के दौरान अपने मांगों से जुड़ा पर्चा फेंक कर जाते थे। पिछले दिनों बालाघाट में हुई मुठभेड़ में उन्होंने ऐसा नहीं किया था। यह जरूर पता चला है कि इसके पहले कुछ गांवों में उन्होंने तेंदूपत्ता की राशि बढ़ाने, बांस कटाई की दर बढ़ाने और मजदूरी बढ़ाने के लिए पर्चे फेंके थे। गांव के लोगों का समर्थन पाने के लिए वह ऐसी मांग रखते हैं। पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने कहा कि हम उनकी मांग के हिसाब से नहीं बल्कि अन्य विभाग और एजेंसियों से मिलकर विकास की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देते रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में संचार सुविधाएं बढ़ाने के लिए मोबाइल टावर का निर्माण, सड़क निर्माण, सरकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए विशेष शिविर लगाने का काम करते हैं। निजी कंपनियों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसबिलिटी (सीएसआर) से भी काम कराए जा रहे हैं।
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छतरपुर जिले के कालापानी में नकली खाद की तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई में एक ट्रक से 460 बोरी डीएपी जब्त की गई, जिसे जांच के बाद नकली पाया गया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर तस्करी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना का विवरणदेर रात प्रशासन को सूचना मिली कि एक ट्रक से नकली डीएपी खाद की तस्करी की जा रही है। एसडीएम अखिल राठौर और कृषि विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रक को रोका और जांच की। जांच में पाया गया कि ट्रक में लाया गया डीएपी नकली था। यह खाद उत्तर प्रदेश से लाया गया था। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाईपुलिस ने इस मामले में नरेंद्र कुमार (अलीगढ़), प्रेमपाल जाट (अलीगढ़), सचिन गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता और पांडे बंधु सहित अन्य तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई ओरछा रोड थाने के अंतर्गत की गई। खाद की कमी और तस्करीछतरपुर में हाल के दिनों में खाद की कमी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में नकली खाद की तस्करी का यह मामला किसानों के लिए और भी चिंता का विषय बन गया है। प्रशासन ने नकली खाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और किसानों को सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन का सख्त रुखएसडीएम अखिल राठौर ने कहा कि नकली खाद की तस्करी से किसानों को नुकसान पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कृषि विभाग ने भी किसानों को जागरूक करने और नकली खाद की पहचान करने में मदद करने का वादा किया है। इस छापेमारी ने नकली खाद के कारोबार पर कड़ा प्रहार किया है और प्रशासन की तत्परता का परिचय दिया है।
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खातेगांव के न्यायालय परिसर में संविधान दिवस के अवसर पर विधिक सेवा समिति द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन किया गया और उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षणकार्यक्रम में जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल और न्यायिक मजिस्ट्रेट राजू पन्द्रे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने विधिक साक्षरता शिविर के माध्यम से लोगों को कानूनी जानकारी दी और भारतीय संविधान के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। संविधान के प्रति जागरूकतासंविधान दिवस के इस आयोजन का उद्देश्य आम नागरिकों को भारतीय संविधान के प्रति जागरूक करना और इसके महत्व को समझाना था। इस दौरान संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया, जिससे संविधान में निहित मूलभूत अधिकारों और कर्तव्यों की याद दिलाई गई। यह आयोजन संविधान के प्रति सम्मान प्रकट करने और लोगों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने का एक सफल प्रयास साबित हुआ।
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22 नवंबर को मध्य प्रदेश के देवास जिले के कन्नौद में हुए निसार अली के ब्लाइंड मर्डर का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला कि इस हत्या की साजिश निसार अली की पत्नी रुकसाना और बेटी सिमरन ने रची थी। मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रुकसाना और सिमरन भी शामिल हैं। घटना का विवरणनिसार अली को उनके घर के सामने सतवास रोड पर अज्ञात व्यक्तियों ने गोली मारी थी। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच का खुलासापुलिस ने महज चार दिनों में हत्या के आरोपियों का पता लगा लिया। तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया 12 बोर का कट्टा, एक खाली खोखा और मोबाइल फोन बरामद किया है। घरेलू विवाद बना हत्या की वजहपुलिस के अनुसार, इस हत्या की मुख्य साजिशकर्ता निसार अली की पत्नी रुकसाना और बेटी सिमरन थीं। इसे घरेलू विवाद से जुड़ा मामला बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पारिवारिक कलह के चलते यह हत्या की गई। पुलिस और साइबर सेल की भूमिकाइस मामले को सुलझाने में कन्नौद थाना प्रभारी तहजीब काजी और उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। साइबर सेल की सहायता से तकनीकी सबूत जुटाए गए, जो आरोपियों को पकड़ने में निर्णायक साबित हुए। यह घटना पारिवारिक विवादों के गंभीर परिणामों को उजागर करती है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की कुशलता का उदाहरण प्रस्तुत करती है।
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रीवा: रीवा जिले में खाद वितरण केंद्रों पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली है, जिससे किसान निराश होकर लौटने पर मजबूर हो गए हैं। कलेक्टर के आदेश के बावजूद रविवार को खाद वितरण केंद्र बंद मिले, जिससे किसानों को खाद प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। किसानों का कहना है कि कलेक्टर के आदेश के बाद उन्हें उम्मीद थी कि रविवार को भी खाद वितरण केंद्र खुले रहेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। खड्डा के शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि वह 40 किलोमीटर दूर से आए थे, लेकिन केंद्र बंद होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा। मोहरवा के किसान विकास पांडेय ने भी बताया कि उन्होंने गांव से ऑटो बुक कर करहिया मंडी पहुंचे, लेकिन खाद वितरण केंद्र बंद मिला। रीवा के रितिक सिंह ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि कलेक्टर का आदेश है कि किसानों को खाद उपलब्ध करवाई जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वहीं, सहायक कर्मचारी रामभजन कुशवाहा ने बताया कि वह खाद वितरण केंद्र में सहायक कर्मचारी हैं और पर्चियों के अनुसार खाद वितरण करते हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को खाद वितरण नहीं हो रहा है और इस बारे में वरिष्ठ अधिकारी ही सही जानकारी दे सकते हैं। इस अव्यवस्था के कारण किसान भारी परेशानी में हैं और उनका यह सवाल है कि कलेक्टर के आदेश के बावजूद खाद वितरण केंद्र क्यों बंद थे, और किस कारण से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
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लालकुआँ: सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल के स्थाई श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा निकालते हुए जमकर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में राज्य आंदोलनकारी हरीश पनेरू ने भी श्रमिकों का समर्थन किया और उनकी समस्याओं को उठाया। श्रमिकों ने बताया कि सेंचुरी मिल प्रबंधन ने फरवरी महीने में किए जाने वाले एग्रीमेंट को अब तक पूरा नहीं किया है, जिससे उनकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। इस असंतोष के चलते श्रमिकों ने प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया और नारेबाजी की। श्रमिकों का कहना है कि सेंचुरी प्रबंधन और यूनियन के बीच मिलीभगत के कारण उनका लगातार शोषण हो रहा है। स्टाफ वर्ग के कर्मचारियों का सालाना वेतन ₹6,000 बढ़ा दिया गया है, जबकि स्थाई श्रमिकों का वेतन तीन वर्षों में केवल ₹3,700 बढ़ाया गया है, जो उनके मुताबिक पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। स्थाई श्रमिकों का कहना है कि वे सबसे ज्यादा मेहनत करते हैं और उनकी जान को सबसे ज्यादा खतरा रहता है, फिर भी उन्हें सही वेतन और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। स्थाई श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि अगर 30 नवंबर तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो वे एक विशाल प्रदर्शन करेंगे।
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सिंगरौली: सिंगरौली के सरई थाना प्रभारी शेष मणि पटेल के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वे मध्य प्रदेश शासन के आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं और अपनी मनमर्जी से थाना संचालन कर रहे हैं। खासकर, शासन द्वारा प्रत्येक मंगलवार को निर्धारित जनसुनवाई के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार, शेष मणि पटेल समय पर थाने नहीं पहुंचते, और मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में देरी होती है। यह भी बताया जा रहा है कि थाना क्षेत्र में अवैध ट्रैक्टरों का संचालन हो रहा है, जिनसे प्रतिदिन ₹3000 की वसूली की जा रही है। इन अवैध गतिविधियों के बारे में स्थानीय लोगों ने शिकायत की है, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि नवागत पुलिस अधीक्षक मनीष खत्री इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या उचित कार्रवाई होती है। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों में असंतोष और आक्रोश पैदा किया है।
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युवती ने बताया कि गांव का शुभम उसे लंबे समय से परेशान कर रहा है। उसने यह बात अपने परिवार को बताई, इससे पहले भी उसके खिलाफ केस दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन उसने थाने में आकर युवती के परिवार से समझौता कर लिया था। थाने में उसने कहा था कि अब मैं कभी परेशान नहीं करूंगा। गांव का होने के नाते हमने उस समय उसे माफ कर दिया था। युवती ने बताया कि गांव का शुभम उसे लंबे समय से परेशान कर रहा है। उसने यह बात अपने परिवार को बताई, इससे पहले भी उसके खिलाफ केस दर्ज करवा चुके हैं। लेकिन उसने थाने में आकर युवती के परिवार से समझौता कर लिया था। थाने में उसने कहा था कि अब मैं कभी परेशान नहीं करूंगा। गांव का होने के नाते हमने उस समय उसे माफ कर दिया था। युवती के अनुसार उसकी मंगनी 12 अप्रैल को हुई थी। उसके बाद से शुभम उसे ज्यादा परेशान करने लगा। फोन पर धमकियां देता है। उसके फोटो सोशल मीडिया पर डाल रहा है। रात में कभी भी फोन लगाकर घर वालों को भी धमकाता है। युवती की शादी फरवरी माह में होना है। उसे अब डर सताने लगा है कि शुभम की इन हरकतों के कारण शादी में खलल न पड़ जाए। वो साफ तौर पर कह रहा है कि तेरी शादी नहीं होने दूंगा। युवती के मंगेतर को भी जान से मारने की धमकी दे रहा है। युवती की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपित मोबाइल पर युवती को धमकियां दे रहा है। आरोपित की तलाश जारी है। फिलहाल वो गांव में नहीं है। जल्द ही उसे गिरफ्तार करेंगे। - राधेश्याम मालवीय, जांच अधिकारी, थाना मूंदी
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बुरहानपुर: बुरहानपुर जिले का जंबूपानी गांव अब एक नई पहचान बना चुका है। यह आदिवासी बाहुल्य गांव ऐसा पहला गांव बन गया है, जहां ना कोई शराब बेचता है और ना ही इसका सेवन करता है। पंचायत ने शराब बिक्री पर 21 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है, जिससे गांव में शराब का कारोबार समाप्त करने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है। कुछ समय पहले तक, जंबूपानी ग्राम पंचायत के अधिकांश गांवों में कच्ची शराब बनाने का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा था। खासकर महुआ से कच्ची शराब बनाई जाती थी, और अवैध रूप से विदेशी शराब की बिक्री भी हो रही थी। इस स्थिति को बदलने के लिए पंचायत ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। पंचायत ने शराब कारोबार में लिप्त लोगों के घरों की तलाशी ली और शराब बनाने के लिए रखे गए महुआ और अन्य सामान को नष्ट कर दिया। इसके साथ ही, सभी शराब बनाने वालों को चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में कोई शराब बनाता या बेचता हुआ पाया गया, तो उस पर 21 हजार रुपये का जुर्माना और पुलिस कार्रवाई की जाएगी। इस निर्णय के बाद गांव की महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनका कहना है कि अब परिवार में शराब के कारण होने वाले विवादों में कमी आई है, जिससे पारिवारिक जीवन में सुधार हुआ है। इस पूरे मामले पर शाहपुर थाना प्रभारी अखिलेश मिश्रा ने सरपंच लाल सिंह पटेल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि "यह कदम न केवल शराब के अवैध कारोबार को समाप्त करने में मदद करेगा, बल्कि यह नशामुक्ति के लिए भी एक महत्वपूर्ण पहल है।" पुलिस विभाग ने नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान भी चलाया है, जिससे गांव के लोग नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक हो रहे हैं। जंबूपानी गांव की यह पहल अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्त्रोत बन सकती है, जिससे समाज में शराब की समस्या को खत्म करने में मदद मिलेगी।
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सूर्यनगरी: मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने आज सूर्यनगरी बालाजी धाम में भगवान सूर्य के दर्शन किए। इस अवसर पर उन्होंने महाराष्ट्र चुनावों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे "एक रहेंगे, सेफ रहेंगे" को जीत का आधार बताया। डॉ मिश्रा ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में भाजपा की जीत उन लोगों के लिए एक सख्त संदेश है जो बाटने वाले और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं। उन्होंने कहा, "यह जीत एकता और सुरक्षा की जीत है," और यह दर्शाती है कि जनता एकजुटता और विकास के मार्ग को पसंद कर रही है। मिश्रा ने इस जीत को एक नई शुरुआत के रूप में देखा और आशा जताई कि यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं को भी इस सफलता के लिए बधाई दी और आगामी चुनावों में और अधिक मेहनत करने का आह्वान किया। डॉ नरोत्तम मिश्रा का यह दौरा उनके धार्मिक आस्था के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टिकोण को भी दर्शाता है, जहां उन्होंने एकता और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भाजपा की नीतियों को बढ़ावा दिया।
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मध्यप्रदेश में तेज रफ्तार का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा। ताजा मामला शाजापुर जिले से सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। घायलों को सारंगपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, कार सवार लोग भोपाल से आगर की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। सड़क हादसे की सूचना मिलने के बाद, 108 एंबुलेंस की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में कार के चालक की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल व्यक्तियों को प्राथमिक उपचार के बाद सारंगपुर से शाजापुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। यह हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ, जिससे एक व्यक्ति की जान चली गई और अन्य घायल हुए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मध्यप्रदेश सरकार जहां स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक मध्याह्न भोजन देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं देवास जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सतवास के शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को दूषित भोजन परोसा जा रहा है। यह मामला कई दिनों से चल रहा है और बार-बार शिकायतें की जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बच्चों ने बताया कि भोजन में बाल और कीड़े निकलते हैं। इसके अलावा, बच्चों का यह भी कहना है कि भोजन परोसने वाले लोग पाउच खाकर भोजन परोसते हैं, जिससे साफ-सफाई पर सवाल उठते हैं। विद्यालय के स्टाफ ने भी इसकी पुष्टि की है और बताया कि कई बार घटिया भोजन दिया जा रहा है, जिसमें रोटी-चावल कच्चे आते हैं और मेन्यू के अनुसार भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। इंस्पेक्शन के दौरान जांच दल ने पाया कि चावल कच्चे थे और कड़ी में बदबू आ रही थी। इसके बाद, जिला पंचायत सीईओ ने दूषित भोजन के सैंपल को जांच के लिए भेजने का आदेश दिया है। वहीं, पालकों और पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि सीईओ ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे मंगलवार को जनसुनवाई में जाकर अपनी शिकायत जिलाधीश महोदय के सामने रखेंगे।
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इंदौर के संकट मोचन हनुमान मंदिर, छोटा अखाड़ा में 26 नवंबर से श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। इस कथा का समापन 3 दिसंबर को विशाल भंडारे के साथ होगा। इस धार्मिक आयोजन की शुरुआत 26 नवंबर को भव्य कलश यात्रा के साथ होगी, जो शहर के विभिन्न सिद्ध स्थलों से होती हुई हनुमान मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद, श्रीमद भागवत कथा का उद्घाटन होगा। 2 दिसंबर को विशेष हवन पूजन के साथ आस्था के साथ कार्यक्रम की आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कार्यक्रम की सम्पूर्ण जानकारी संकट मोचन हनुमान मंदिर के महंत पूज्य गंगा शरण महाराज ने प्रदान की। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य भगवान श्रीराम और भगवान कृष्ण के उपदेशों को जन-जन तक पहुँचाना है। साथ ही, यह आयोजन मंदिर के श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आस्था और धार्मिक समागम होगा। 3 दिसंबर को कथा के समापन के बाद एक विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
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अज्ञात व्यक्ति ने 45 वर्षीय दुकान संचालक को गोली मारकर हत्या कर दी जिसके बाद घटनास्थल पर भीड़ लग गई पुलिस घटना की जांच में जुटी हुई है हत्यारा मौके से फरार हो गया देवास जिले के कन्नौद में एक इलेक्ट्रिक वर्कशॉप के संचालक को अज्ञात व्यक्ति ने गोली मार दी जिसके बाद परिजनों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया घटना के बाद मृतक के निवास और अस्पताल के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई मृतक की पहचान निसार अली के रूप में हुई है...निसार अली के परिजनों ने पुलिस को घटना की सूचना दी जिसके बाद कन्नौद थाना प्रभारी ने मामले की प्रारंभिक जांच की पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली रही है.
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रानी माजरा: जबकि सरकार सरकारी स्कूलों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है, वहीं रानी माजरा गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में हालात कुछ और ही बयां कर रहे हैं। यहां छात्राओं से नॉनवेज भोजन बनवाने के साथ-साथ उन्हें झूठे बर्तन भी धुलवाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सच्चाई सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक वीडियो में छात्राएं चिकन को साफ करते हुए नजर आ रही हैं। जब दखल न्यूज की टीम ने इस मामले की पड़ताल के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का दौरा किया, तो वहां की वास्तविकता सामने आई। छात्राओं ने कैमरे के सामने अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि उन्हें विद्यालय में नॉनवेज भोजन बनाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, साथ ही उनसे बर्तन भी धुलवाए जा रहे हैं। वार्डन का बयान जब वायरल वीडियो पर विद्यालय की वार्डन तन्नू चौहान से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने शुरू में कुछ भी बोलने से मना कर दिया। बाद में कैमरे से बचते हुए उन्होंने कहा कि उनके विद्यालय में कोई चिकन नहीं बना, बल्कि पहले से बना हुआ चिकन मंगाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि यहां सिर्फ चिकन को गर्म किया गया है, जिसे वीडियो में देखा जा सकता है। वार्डन का कहना था कि बच्चों ने चिकन खाने के लिए कहा था, जिस पर उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी से अनुमति ली थी। छात्राओं की परेशानियां हालांकि, छात्राओं ने अपनी सच्चाई बताने की कोशिश की, लेकिन वार्डन ने उन्हें कैमरे के सामने से हटा दिया और कुछ भी बोलने से मना कर दिया। यह घटनाक्रम स्कूल के बदहाल हालात और छात्राओं की परेशानियों को उजागर करता है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने के सरकार के दावों के बीच इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन गई हैं। छात्राओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
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दतिया: दतिया में चोरों ने एक बार फिर से पुलिस को चुनौती देते हुए चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। पुलिस की गश्त के बावजूद चोरों के हौसले बुलंद हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में डर और चिंता फैल गई है। रातभर चली चोरी की घटनाएं बीती रात दतिया के बडोनी नगर पंचायत में चोरों ने डॉक्टर के क्लिनिक, मेडिकल स्टोर, और कीटनाशक तथा खाद की दुकानों के ताले तोड़ दिए। सूचना मिलते ही बडोनी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस ने एक अज्ञात पल्सर बाइक भी जब्त की, जो चोरों द्वारा उपयोग की गई हो सकती है। स्थानीय लोगों की चिंताएं स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस गश्त में लापरवाही बरत रही है, जिसके कारण चोरों को खुली छूट मिल रही है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि वे अपनी गश्त को सख्त करें और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएं। दतिया में बढ़ती चोरी की घटनाएं न केवल पुलिस की कार्यक्षमता पर सवाल उठाती हैं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को भी चुनौती देती हैं। पुलिस प्रशासन को इस समस्या का समाधान करने के लिए जल्द ही कार्रवाई करनी होगी, ताकि स्थानीय लोगों का भरोसा पुनः स्थापित हो सके।
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हिरखेड़ी में बुधवार रात एक महिला ने जहर खाकर खुदकुशी की कोशिश की। महिला को सूदखोर प्रताड़ित कर रहा था। 15 प्रतिशत ब्याज की मांग कर महिला और उसके बेटे को धमकाता था। बेटे के नाम से मोबाइल, एसी और वाटर प्यूरीफायर फायनेंस करवा लिए थे। द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक सुनंदा देवकुमार पाटिल ने बताया कि 3 महीने पहले छावनी के निलेश सिलावट से 3 लाख रुपये उधार लिए थे। कर्जा देते समय तय हुआ था कि 5 प्रतिशत ब्याज लेगा। एक महीने बाद ही निलेश ने 15 प्रतिशत ब्याज कर दिया। उन्होंने आगे जानकारी दि कि हमने जैसे-तैसे एक लाख रुपये की व्यवस्था करवा दी। निलेश ने धमका कर मेरे बेटे विवेक के नाम से एसी, प्यूरीफायर और मोबाइल फायनेंस करवा लिया। पिछले महीने निलेश बदमाशों के साथ घर पहुंचा। उसने गुंडागर्दी करते हुए जबरदस्ती मकान की लिखापढ़ी अपने नाम से करवा ली। सूदखोर निलेश की इस प्रताड़ना से तंग आकर सुनंदा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। महिला को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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भोपाल में राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) का 76वां स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से शौर्य स्मारक पर मनाया गया। इस खास मौके पर भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और सलामी दी गई, जिससे कार्यक्रम की शुरुआत की गई। मंत्री ने बच्चों से किया संवाद कार्यक्रम के दौरान, प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने NCC कैडेट्स को संबोधित करते हुए उनके योगदान और मेहनत की सराहना की। मंत्री ने कहा कि ये बच्चे बहुत भाग्यशाली हैं, क्योंकि उन्हें अपने माता-पिता और समाज का भरपूर सहयोग मिल रहा है। उनका मानना था कि इन बच्चों का NCC में भाग लेना उनके लिए एक अद्वितीय अनुभव है, जो उन्हें जीवन में नई दिशा और साहस देता है। रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन भोपाल में आयोजित इस कार्यक्रम में कई आकर्षक और रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जो उपस्थित दर्शकों का मन मोह गए। इनमें गार्ड ऑफ ऑनर, समूह गान, बैंड प्रदर्शन और NCC गीत जैसे कार्यक्रम शामिल थे। इन आयोजनों ने न केवल NCC कैडेट्स की शारीरिक और मानसिक दृढ़ता को दर्शाया, बल्कि उनके संस्कार, कर्तव्यनिष्ठा और समाज के प्रति योगदान को भी उजागर किया। NCC का महत्व और बच्चों के प्रति सम्मान मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आगे कहा कि NCC कार्यक्रम बच्चों को अनुशासन, एकता और राष्ट्र सेवा की भावना से लैस करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्लेटफॉर्म बच्चों को अपने हुनर को निखारने का अवसर देता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उन्हें प्रेरित करता है।
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हल्द्वानी में एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स), पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने मिलकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने कमलुवागांजा गणपति विहार इलाके में छापेमारी कर नकली शराब की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया और एक तस्कर को गिरफ्तार किया। मुखबिर की सूचना पर छापेमारी मुखबिर की सूचना पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने गणपति विहार के एक घर में छापेमारी की। यहां से नकली शराब बनाने का सामान और बड़ी मात्रा में नकली शराब बरामद की गई। टीम ने मौके से एल्कोमीटर, होलोग्राम, और अन्य सामग्री जब्त की, जो नकली शराब तैयार करने में उपयोग की जाती थीं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान विशाल मंडल के रूप में हुई है। आरोपी पहले भी ऐसे मामलों में संलिप्त रहा है और जेल जा चुका है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। एसटीएफ और पुलिस की बड़ी सफलता यह छापेमारी एसटीएफ और पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि नकली शराब का कारोबार इलाके में एक गंभीर समस्या बन चुका था। नकली शराब की बिक्री से न केवल स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह अवैध व्यापार संगठित अपराधों को भी बढ़ावा देता है। आगे की कार्रवाई आबकारी विभाग और पुलिस ने यह भी बताया कि वे इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह के कारोबार को जड़ से समाप्त किया जाए। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा हुआ है कि यह नकली शराब किस तरीके से बाजार में सप्लाई की जा रही थी, और इस गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हो सकते हैं।
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मऊगंज, रीवा में अतिक्रमण हटाने को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हो गया। भाजपा विधायक प्रदीप पटेल अपने कार्यकर्ताओं के साथ जेसीबी मशीन लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंचे, लेकिन जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, माहौल हिंसक हो गया। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और नारेबाजी होने से तीन लोग घायल हो गए। घटना का विवरण मऊगंज के खटखरी चौकी क्षेत्र स्थित देवरा महादेव मंदिर के पास जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए भाजपा विधायक प्रदीप पटेल ने अपनी टीम के साथ खुद कार्रवाई की। इस दौरान विशेष समुदाय के लोगों के साथ संघर्ष हुआ, जिसके बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में बल तैनात किया। पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई कलेक्टर अजय श्रीवास्तव और एसपी रचना ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने की कोशिश की और धारा 163 लागू कर दी। प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया नियमानुसार ही चलेगी, लेकिन भाजपा विधायक प्रदीप पटेल तत्काल कार्रवाई पर अड़े हुए थे। इसके बाद पुलिस ने विधायक को जबरन वाहन में बैठाकर मऊगंज भेज दिया। स्थिति घटनास्थल पर स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, लेकिन पुलिस ने समय रहते नियंत्रण स्थापित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
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भोपाल में एक व्यक्ति को फर्जी पुलिसकर्मी बनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी का नाम आनंद सेन है, जिसे पुलिस ने एमपी नगर थाने में पकड़ा। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। घटना का विवरण आनंद सेन पर आरोप है कि वह नकली पुलिसकर्मी बनकर शहर में घूम रहा था और लोगों को डरा-धमका कर पैसे की मांग करता था। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने इस मामले की जांच की पुष्टि की और बताया कि आरोपी ने खुद कबूल किया है कि वह असल में फर्जी पुलिस वाला था। जानकारी के अनुसार, छतरपुर में भी इस आरोपी के खिलाफ शिकायतें आई थीं, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। आरोपी के पास मिलीं कई पुलिस वर्दियां आरोपी के पास कई पुलिस वर्दियां मिली हैं, जिससे उसकी नकल करने की कोशिश और भी स्पष्ट हो गई है। वह अक्सर पुलिस की गाड़ी देखकर उसके आसपास खड़ा होकर फोटो खिंचवाता था और लोगों को यह बताकर धमकाता था कि वह पुलिसकर्मी है। इसके बाद वह उनसे पैसे की मांग करता था। पुलिस अब आरोपी के खातों की जांच भी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने और कौन-कौन से अपराध किए हैं। आरोपी अशोका गार्डन क्षेत्र में रह रहा था, और उसकी गिरफ्तारी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। यह मामला पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को उजागर करता है, जहां एक व्यक्ति ने फर्जी तरीके से पुलिस की वर्दी पहनकर आम जनता को परेशान किया।
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भोपाल पुलिस ने एक साइबर ठगी के गैंग के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, और गैंग के सरगना शशिकांत कुमार उर्फ मनीष को 20 नवंबर तक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल से कई संदिग्ध ऐप्स मिले हैं, जिनका इस्तेमाल अपराध में किया जाता था। पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस कमिश्नर का बयान भोपाल के पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि यह गिरोह फर्जी तरीके से बैंक खाते खोलकर उन्हें बेचता था और साइबर ठगी करता था। आरोपी सबसे पहले नाबालिग लड़के-लड़कियों के आधार कार्ड हासिल करते थे। फिर इन्हें एडिट कर उनकी तस्वीरें बदलते थे और उम्र बढ़ाकर लिख देते थे। इसके बाद इन फर्जी आधार कार्डों की मदद से पैन कार्ड बनवाया जाता था। इस पैन कार्ड और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके आरोपी बैंक खाते खुलवाते थे। गिरोह की गतिविधियाँ गिरोह के सात आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। ये आरोपियों का गिरोह बिहार का अंतरराज्यीय नेटवर्क है, जो भोपाल में किराए के मकान पर रहकर फर्जी दस्तावेज बनाते थे। पुलिस ने इब्राहिमपुरा में एक कमरे में कॉल सेंटर भी पकड़ा, जहां से ये लोग दस्तावेज तैयार करते थे। फर्जी दस्तावेज बनाने का नेटवर्क पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने देश के छह अलग-अलग शहरों में फर्जी दस्तावेज बनाने का काम किया। इनमें इंदौर, भोपाल, लखनऊ, मुंबई, अहमदाबाद जैसे बड़े शहर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से कई संदिग्ध दस्तावेज और उपकरण भी बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है, और पुलिस को उम्मीद है कि इससे देशभर में साइबर ठगी के मामलों में कमी आएगी।
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मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर बड़े दावे कर रही है, लेकिन सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। रीवा शहर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शिक्षक शराब के नशे में स्कूल पहुंचे और टीम द्वारा जांच के दौरान सोते हुए पाए गए। जांच टीम को शराब के नशे में मिला शिक्षक रीवा के प्राथमिक पाठशाला पोखरी टोला में जांच के दौरान शिक्षक रमाकांत वर्मा शराब के नशे में सोते हुए मिले। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें छात्र भी आरोप लगा रहे हैं कि शिक्षक पढ़ाने के बजाय क्लास में सोते रहते हैं। शहर के स्कूल में ऐसे हाल, तो ग्रामीण क्षेत्रों में क्या होगा? यह घटना शहर के बीचों-बीच स्थित सरकारी स्कूल की है, जो शिक्षा की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है। अगर शहर के स्कूल में ऐसी स्थिति है, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का हाल क्या होगा, इस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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आष्टा क्षेत्र के किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने इस साल रामपुरा डैम की नहर से केवल दो बार पानी छोड़ा जाएगा, जो उनकी फसलों के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके परिणामस्वरूप किसानों की फसल सूखने का खतरा है। कर्ज लेकर खरीदी थी बीज, अब संकट में किसान किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर गेहूं और चना की बुवाई के लिए बीज खरीदा था, लेकिन सिंचाई के लिए पानी न मिलने से उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। रामपुरा डैम में पर्याप्त पानी होने के बावजूद फसलों के लिए पानी नहीं छोड़ा जा रहा, जिससे किसानों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। किसानों का मुख्यमंत्री से समाधान की मांग इस समस्या को लेकर क्षेत्र के किसान भारी संख्या में रामपुरा डैम पहुंचे और ‘हमारा हक हम लेकर रहेंगे’ जैसे नारे लगाए। किसानों ने यह भी बताया कि वे मंगलवार को जनसुनवाई में मुख्यमंत्री के पास अपनी समस्या का समाधान मांगने के लिए पहुंचेंगे।
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खजुराहो में पश्चिमी मंदिर समूह के स्मारकों की साइड सीन करते समय एक विदेशी पर्यटक को अचानक हार्ट अटैक आ गया। 59 वर्षीय पोलिश नागरिक पीटर डिजिकन, जो टूरिस्ट ग्रुप के साथ खजुराहो आया था, लक्ष्मण टेम्पल परिसर में चक्कर खाकर गिर गया और बेहोश हो गया। तत्काल इलाज और अस्पताल रेफर घटना के बाद, पीटर को तुरंत ई-रिक्शा से एग्जिट गेट पर लाया गया, जहां से उसे एंबुलेंस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजुराहो पहुंचाया गया। यहां डॉक्टरों ने त्वरित प्राथमिक उपचार दिया और उसे गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय छतरपुर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, पीटर को हार्ट अटैक आया था और उसे पहले से कई बीमारियां थीं। खजुराहो पहुंचने पर पीटर का ब्लड प्रेशर बहुत कम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इलाज जारी अभी बीमार पर्यटक का इलाज जारी है, और डॉक्टरों की टीम उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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भोपाल के गुलाब उद्यान में बोनसाई एसोसिएशन द्वारा तीन दिवसीय बोनसाई प्रदर्शनी और कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस अनूठी प्रदर्शनी में 400 से अधिक बोनसाई पौधों की सुंदर और आकर्षक कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। इस प्रदर्शनी का उद्घाटन सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बोनसाई केवल पौधों की कला नहीं है, बल्कि यह प्रकृति से जोड़कर नई कलाकृतियां सृजित करने का प्रतीक है। मंत्री ने बोनसाई को सृजन का संदेश देने वाला और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को प्रेरित करने वाला बताया। कार्यशाला में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया, जिनमें इंडोनेशिया के ययात हिदायत और अधित्य आजी पमुनगकास, नई दिल्ली के सौमिक दास, बेंगलुरु की अनुपमा वडेचला, और हैदराबाद के गोविंद राज शामिल थे। इन विशेषज्ञों ने बोनसाई की बारीकियों और तकनीकों को साझा किया।
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छतरपुर में पुलिस और प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईशानगर में एक व्यापारी के गोदाम पर छापा मारकर 1500 बोरी अवैध खाद बरामद की गई। एसडीएम की टीम ने मौके पर पहुंचकर गोदाम को सील कर दिया। यह खाद ब्लैक में बेचने के लिए जमा की गई थी। छतरपुर में खाद की कालाबाजारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा घटना में ईशानगर के व्यापारी संतोष अग्रवाल के गोदाम पर पुलिस प्रशासन ने छापा मारा, जहां से 1500 बोरी अवैध खाद बरामद हुई। व्यापारी के पास खाद बेचने का कोई लाइसेंस नहीं था। एसडीएम अखिल राठौर ने मौके पर पहुंचकर गोदाम की जांच की और उसे सील कर दिया। यह सवाल उठता है कि जब किसान खाद की बोरी के लिए परेशान हैं, तो व्यापारी इतनी बड़ी मात्रा में खाद का भंडारण कैसे कर रहा था? और यह खाद आखिरकार कहां से आई?
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छतरपुर में शराब के नशे में धुत एक महिला ने कलेक्टर बंगले के सामने जमकर हंगामा किया। उसने सड़क पर गाड़ियों को रोकने, गाली-गलौज करने और तमाशा करने जैसी हरकतें की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। महिला की हरकतों से सड़क पर अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन महिला इतनी नशे में थी कि उसे संभालना मुश्किल हो गया। अंततः पुलिस ने थाने की टीम को बुलाया, जिसने महिला को टीआई की गाड़ी में बैठाकर वहां से ले जाया। महिला को जिला अस्पताल लाया गया, जहां मेडिकल परीक्षण के दौरान भी उसने डॉक्टरों और नर्सों को परेशान करना जारी रखा। एक घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे ने पूरे शहर में हलचल मचा दी।
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मैहर में खाद की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद विभाग की टीम ने दो दुकानों से 700 बोरे अवैध खाद जब्त किए। इस कार्रवाई के बाद से दोनों दुकानों के मालिक फरार हो गए हैं। अवैध व्यापार पर कार्रवाई मैहर में लंबे समय से खाद की कमी की शिकायतें मिल रही थीं। प्रशासन को किसानों से लगातार खाद की कालाबाजारी की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर खाद विभाग ने पवन ट्रेडर्स और न्यू चंचल ट्रेडर्स पर छापा मारा। मैहर रेस्ट हाउस के पास स्थित इन दुकानों से 700 बोरे अवैध खाद बरामद किए गए। इस कार्रवाई के दौरान पाया गया कि दुकानदार बिना वैध प्रक्रिया के अधिक कीमत पर खाद बेचने की कोशिश कर रहे थे। किसान की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार एक किसान ने शिकायत की थी कि पवन ट्रेडर्स ने उससे 1500 रुपए प्रति बोरे के हिसाब से तीन बोरे का पैसा ले लिया, लेकिन खाद देने में आनाकानी कर रहा था। इस शिकायत के बाद खाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से संग्रहित खाद जब्त की। दुकानदार फरार, जांच जारी कार्रवाई के बाद पवन ट्रेडर्स और न्यू चंचल ट्रेडर्स के मालिक फरार हो गए। पुलिस और प्रशासन अब इन दुकानदारों की तलाश कर रहे हैं। खाद विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस अवैध व्यापार में और कौन-कौन शामिल हो सकता है। किसानों को राहत की उम्मीद मैहर में इस कार्रवाई के बाद किसानों को उम्मीद है कि खाद की किल्लत पर जल्द काबू पाया जाएगा। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की सूचना तुरंत विभाग को दें। यह कार्रवाई मैहर में खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और किसानों के हितों की रक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।
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रीवा जिले में नशे के बढ़ते कारोबार पर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बैकुंठपुर क्षेत्र से 19 वर्षीय युवती को 146 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। युवती से पूछताछ के दौरान नशे की तस्करी से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई और जब्ती बैकुंठपुर पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर युवती को रिमांड पर लिया है। एसडीओपी सिरमौर उमेश प्रजापति के अनुसार, जब्त ब्राउन शुगर और अन्य नशीले पदार्थों की कीमत करीब 4 लाख 39 हजार रुपए आंकी गई है। युवती के पास से अन्य नशीला पदार्थ भी बरामद हुआ है, जिसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। साथियों की तलाश जारी इस मामले में पकड़ी गई युवती सोनम तिवारी के दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है और नशे के इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। रीवा में बढ़ता नशे का खतरा रीवा में कोरेक्स, गांजे के बाद अब ब्राउन शुगर और अन्य ड्रग्स का नशा भी तेजी से पैर पसार रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह युवाओं को अपनी चपेट में ले रहा है। इस मामले ने नशे के अवैध कारोबार को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। पुलिस की सख्ती और अपील पुलिस ने नशे के इस बढ़ते खतरे पर कार्रवाई तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि नशे के इस जाल को तोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। यह घटना रीवा में नशे के अवैध कारोबार के तेजी से बढ़ते प्रभाव को उजागर करती है और इस पर सख्त कदम उठाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
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छतरपुर जिले के बिजावर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एयरगन से निकला छर्रा 16 वर्षीय नाबालिग की जान ले गया। यह घटना बिजावर के जेल मोहल्ला में तालाब किनारे हुई, जहां दो युवक बगुलों का शिकार करने गए थे। बगुलों का शिकार बना नाबालिग तालाब के किनारे बैठे दो युवक एयरगन से बगुलों को मारने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी एयरगन से निकला छर्रा पास में बैठे एक नाबालिग के पेट में जा लगा। गंभीर रूप से घायल नाबालिग को तुरंत बिजावर के उप-स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सही इलाज के अभाव में मौत जिला अस्पताल से भी नाबालिग को एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। इस दौरान लगभग पांच घंटे तक उसे सही इलाज नहीं मिल सका, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। पुलिस जांच में जुटी घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना महज एक हादसा थी या इसमें किसी प्रकार की लापरवाही भी शामिल थी। परिवार में शोक की लहर इस घटना से मृतक के परिवार और इलाके में शोक का माहौल है। एक मासूम की जान जाने से लोग गहरे सदमे में हैं और इस घटना ने सुरक्षा उपायों और लापरवाह शिकार की ओर ध्यान आकर्षित किया है। यह हादसा असावधानी और लापरवाही के परिणामों को उजागर करता है और सभी के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसी गतिविधियों में अधिक सतर्कता बरती जाए।
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जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दिन को खास बनाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। बिरसा मुंडा जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय गौरव दिवस मनाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के खिलाफ बिहार-झारखंड की धरती पर खड़े होकर हमारे समाज का प्रबल प्रतिरोध स्थापित किया। उनके नेतृत्व में आदिवासी अंचल से जो आंदोलन शुरू हुआ, उसने अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भगवान बिरसा मुंडा अपने संघर्षों के कारण जीते जी भगवान का दर्जा प्राप्त कर गए। ऐसे महान नेता की जयंती को मध्यप्रदेश सरकार भी श्रद्धा और गौरव के साथ मना रही है।
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महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन की पार्किंग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ठेकेदार एक युवक के साथ मारपीट करते नजर आ रहा है। छतरपुर में ठेकेदार की गुंडागर्दी का एक वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन की पार्किंग का बताया जा रहा है। वीडियो में ठेकेदार रिक्शा चालक चालक के साथ मारपीट करते नजर आ रहा है। दरअसल पूरा मामला यह है कि- ई रिक्शा चालक ने पार्किंग के दौरान ठेकेदार से सही रसीद मांग ली। जिससे ठेकेदार ने गुस्से में आकर ई रिक्शा चालक को बेरहमी से मारपीट की। यह मामला सिविल लाईन थाना का है।
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दतिया: बदलते मौसम में संक्रमित बीमारियों की रोकथाम के लिए राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है। इस कड़ी में, दतिया जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनाव बालाजी में कोविड मॉकड्रिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने की संक्रमण रोकने की तैयारीइस मॉकड्रिल में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कोविड संक्रमित व्यक्ति को उपचार देने की प्रक्रिया का अभ्यास किया। यह मॉकड्रिल खास तौर पर यह सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई थी कि स्वास्थ्य कर्मचारी आपात स्थिति में सही तरीके से संक्रमित मरीजों का इलाज कर सकें और संक्रमण फैलने से बचा जा सके। डॉक्टरों की अपील- बदलते मौसम में रखें स्वास्थ्य का ध्यानकार्यक्रम के दौरान डॉक्टरों ने लोगों से अपील की कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें। डॉक्टरों ने कहा कि बदलते मौसम में वायरस के संक्रमण की रफ्तार बढ़ जाती है, जिससे लोग जल्दी संक्रमित हो सकते हैं। इसके अलावा, डॉक्टरों ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य विभाग निरंतर इस तरह की तैयारियों में लगा हुआ है ताकि किसी भी संभावित संकट से प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। यह मॉकड्रिल कार्यक्रम यह दर्शाता है कि स्वास्थ्य विभाग कोविड के संभावित पुनरुत्थान से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
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बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में तंत्र-मन्त्र के जरिए खजाना दिलाने के नाम पर एक बुजुर्ग दम्पति से पांच लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। कथित तांत्रिकों ने पहले बुजुर्ग दम्पति से दोस्ती की और फिर उन्हें खजाना दिलाने का झांसा देकर उनकी तामझाम से पूजा शुरू की। तंत्र-मन्त्र का लालच देकर शुरू किया धोखाधड़ी का खेलतांत्रिकों ने बुजुर्ग दम्पति को विश्वास में लिया और उन्हें बताया कि उनके घर के पास जमीन में खजाना दबा हुआ है। जब दम्पति खजाने के लालच में आ गए, तो तांत्रिकों ने पूजा-पाठ शुरू करने की बात की। इसके बाद शातिर तांत्रिकों ने इस पूजा के लिए जो सामान आवश्यक होगा, उसका खर्च पांच लाख रुपये से ज्यादा होने की बात कही। बुजुर्ग दम्पति जब इसके लिए तैयार हो गए, तो तांत्रिकों ने एक मिट्टी की हांडी में पांच लाख रुपये रखवाए और पूजा शुरू करने के लिए गहरा गड्डा खोदने का नाटक किया। बेहोश करने के बाद ठग फरारपुजा आरंभ करने के बाद, तांत्रिकों ने बुजुर्ग दम्पति पर सुगंधित पदार्थ डालकर उन्हें बेहोश कर दिया। इस बीच, तांत्रिकों ने मौके का फायदा उठाते हुए पांच लाख रुपये लेकर फरार हो गए। जब कुछ समय बाद दम्पति को होश आया, तो उन्हें अपनी ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तारमामला पुलिस तक पहुंचा और भमोरा पुलिस ने इस मामले में दो तांत्रिकों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस अब इस मामले की आगे जांच कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि तंत्र-मन्त्र के नाम पर लोग अक्सर धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं। पुलिस ने इस ठगी मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी तांत्रिकों को गिरफ्तार किया है।
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महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय पढ़ाई की बजाए लड़ाई का अखाड़ा बन गया है। हाल ही में यहाँ दो छात्राओं के बीच मारपीट का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। छतरपुर में महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में दो छात्राओं के बीच मारपीट हुई। वायरल वीडियो में दोनों छात्राएं एक दूसरे के साथ जमकर मारपीट करती नजर आ रही हैं। इससे पहले भी विश्वविद्यालय में कई बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि, इन लड़कियों के बीच मारामारी के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है।
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छतरपुर में अवैध रेत के कारोबार में लगे एक ट्रक के ड्राइवर की रेत में दबकर मौत हो गई। दुर्घटना के बाद जब लोगों ने ट्रक से रेत चुराई, तो ड्राइवर का शव रेत के नीचे दबा मिला। इस मामले में समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो ड्राइवर की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। अवैध रूप से रेत के कारोबार में लगा ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर नहीं मिला। पुलिस ने उसकी खोजबीन भी नहीं की, जबकि ट्रक ड्राइवर दो दिन तक रेत के नीचे दबा रहा और जिंदगी की जंग हार गया। पुलिस और प्रशासन ने दो दिन तक सिर्फ तमाशबीन बने रहे, जबकि रेत चोर दो दिन तक वहाँ से रेत चुराते रहे। अचानक ड्राइवर का शव रेत के नीचे दबा मिलने पर भगदड़ मच गई। ट्रक ड्राइवर का शव मिलने पर उसके परिजनों ने चक्का जाम किया, तब जाकर पुलिस की नींद टूटी और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अब पुलिस मामले की लीपापोती कर रही है। एक अन्य सड़क हादसे में, छतरपुर में अटरा सरकार मंदिर के सामने दो मोटरसाइकिल आमने-सामने तेज रफ्तार से टकरा गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, और 13 वर्षीय एक बालिका समेत तीन पुरुष घायल हो गए। मौके पर उपस्थित राहगीरों ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल भेजा। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक पुरुष की हालत गंभीर होने पर उसे ग्वालियर रेफर किया गया।
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भोपाल। मध्यप्रदेश के भोपाल स्थित सीएम राइज कांसेप्ट स्कूल में गर्ल्स और बॉयज टॉयलेट एक साथ बनाए जाने का मामला सामने आया है। इस निर्माण की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, और इसे लेकर प्रदेश की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। लोग इस मामले को लेकर कह रहे हैं कि "एमपी अजब है, सबसे गजब है।" वायरल तस्वीर के बारे में जानकारी देते हुए सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य के. डी. श्रीवास्तव ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि शासकीय कन्या सीएम राइज कांसेप्ट स्कूल पहले संस्कृत विद्यालय और हॉस्टल के भवन में था, और 2022-23 में नए भवन का कब्जा मिला है। दूसरी मंजिल में बने लेडीज टॉयलेट को बालकों को आवंटित किया गया है, जिसके ऊपर ही जेंट्स टॉयलेट बनाया गया है। प्राचार्य के अनुसार, यह अस्थायी व्यवस्था है और चालू सत्र में बिना पुराने निर्माण को तोड़े टेम्परेरी टॉयलेट बनाए गए हैं। जल्द ही नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोगों का मानना है कि यह अजीब निर्माण कार्य अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत का परिणाम है।
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छिंदवाड़ा। वेकोलि पेंच क्षेत्र के विजय साइडिंग और शिवपुरी के मुख्य मार्गों पर गड्ढों के कारण लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन दुर्घटनाओं का भय बना रहता है, क्योंकि इन सड़कों पर बड़े ट्रक कोयला लेकर गुजरते हैं, और इसी मार्ग से मोटरसाइकिल से लोग भी सफर करते हैं। परासिया के पूर्व जनपद अध्यक्ष रहीस खान और रावनवाड़ा के सरपंच अरुण नैवेध ने स्थानीय तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि 7 दिनों के अंदर सड़क के गड्ढों की मरम्मत की जाए। उन्होंने कहा कि यदि यह काम समय पर नहीं हुआ, तो वे जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
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इंदौर में तुकोगंज थाना इलाके में रेसकोर्स रोड के करीब एक इमारत की पार्किंग में लूट की बड़ी वारदात हो गई। यहां पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान बिजनेसमैन और उनके भतीजे सहित पड़ोसी के साथ लूट की वारदात हो गई। बदमाशों ने चाकू दिखाकर इनसे सोने की चेन और ब्रेसलेट उतरवा लिया। पड़ोसी वहां आए तो उन्हें भी बदमाशों ने लूट लिया। इसके बाद वे बाइक से भाग निकले। अब पुलिस आस-पास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरे के जरिए इनकी तलाश कर रही है। शहर के सबसे पॉश इलाकों में शुमार रेसकोर्स रोड पर लूट की बड़ी वारदात की घटना सामने आई है। दो बदमाशों ने यहां चाकू अड़ाकर लोगों से सोने के आभूषण लूट लिए। वारदात बिल्डर कमलेश अग्रवाल, सहित उनके रिश्तेदार दिशांत अग्रवाल और पास रहने वाले पिकेश शाह के साथ हुई।बदमाशों ने पहले कमलेश अग्रवाल और दिशांत को निशाना बनाया और उनकी सोने की चेन और ब्रेसलेट और अंगूठी छीन लिए। पड़ोसी पिकेश वहां पहुंचे तो उन्हें भी लूट लिया। सोने के आभूषण लाखों रुपये कीमत के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद तुकोगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस अब इस मामले में सीसीटीवी कैमरे खंगालकर बदमाशों की तलाश में जुट गई है। व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। बदमाश लोगों को धमका रहे थे कि अगर वे गहने नहीं देते तो उन्हें चाकू मार देंगे। घबराए लोगों ने अपने गहने उतारकर उन्हें दे दिए। जिसे लेकर वे फरार हो गए। रात्रि गश्त और नाकाबंदी के बाद भी नकाबपोश बदमाश सूने घरों में घुस गए। पाश कॉलोनियों से चोर लाखों रुपये कीमती आभूषण, नकदी, लेपटाप व अन्य सामान चुराकर ले गए। सीसीटीवी फुटेज में चोर अलग-अलग घरों में दस्तक देते नजर आ रहे हैं। वारदात की शुरुआत राऊ थाना अंतर्गत साईं रायल पाल्म कालोनी में हुई है। फरियादी राशी सोलंकी सात नवंबर को रात करीब आठ बजे पति नवनीतसिंह सोलंकी के साथ पैतृक निवास सुदामा नगर गई थीं। शनिवार सुबह सवा आठ बजे पड़ोसी जेके सोनी ने कॉल कर बताया घर का दरवाजा खुला हुआ है। राशी और नवनीत घर आए तो पता चला घर में चोरी हुई है। पांच अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। चोर सोने के आभूषण,नकदी और महंगी शराब की बोतलें चुरा कर ले गए। राशी और नवनीत सरकारी शिक्षक हैं। उन्होंने थाने में शिकायत की। सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट पहुंचे और चोरों के फिंगर प्रिंट जुटाए। पुलिस ने कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो चार चोर नजर आए दो दो-दो की टुकड़ी बनाकर चोरी कर रहे थे। चोरों ने कई घरों के दरवाजों पर दस्तक दी थी। जिन घरों में ताले नहीं लगे उनको छोड़ दिया। सीसीटीवी की जांच कर रहे हैं।
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सीबीआई और हाई कोर्ट द्वारा गठित उच्च स्तरीय जांच समिति के परीक्षण में भले ही लगभग 175 नर्सिंग कॉलेज मान्यता के योग्य पाए गए हैं, पर सख्ती के चलते कई कॉलेज संचालक हाथ खींच रहे हैं। उन्होंने मान्यता के लिए आवेदन ही नहीं किया है, मान्यता नवीनीकरण के लिए लगभग 300 आवेदन आए थे, जिनमें 125 के करीब ही मान्यता योग्य बताए जा रहे हैं। सीटों की बात करें तो इन 125 कॉलेजों में जीएनएम (डिप्लोमा पाठ्यक्रम) और बीएससी (नर्सिंग) मिलाकर लगभग छह हजार सीटें ही हैं, जबकि वर्ष 2020 के बाद एक समय ऐसी स्थिति थी कि प्रदेश में 670 नर्सिंग कॉलेजों में 45 हजार तक सीटें थीं। यह कॉलेजों और सीटों की अब तक की सर्वाधिक संख्या रही। सीटें कम होने का बड़ा नुकसान नर्सिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश की तैयारी कर रहे युवक-युवतियों का होगा। कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के अधिकारियों ने बताया कि एक-दो दिन के भीतर मान्यता जारी होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने तय किया है वर्ष 2023 की तरह इस वर्ष भी कोई नया कॉलेज नहीं खोला जाएगा, सिर्फ पहले से संचालित कॉलेजों को ही मान्यता दी जाएगी। नवीनीकरण के लिए कॉलेजों से आवेदन मांगे गए थे, जिनके परीक्षण का काम लगभग पूरा हो गया है। मान्यता नवीनीकरण सूची जारी होने के बाद एमपी ऑनलाइन से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो जाएगी। प्रवेश के लिए कर्मचारी चयन मंडल पहले ही प्रवेश परीक्षा आयोजित कर चुका है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बंद हो जाएंगे 350 कॉलेज बता दें, लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने नर्सिंग कॉलेजों के संचालन में मापदंड को लेकर हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। कुछ कॉलेजों का फर्जीवाड़ा मध्य प्रदेश नर्सिंग काउंसिल ने पकड़ा। हाई कोर्ट ने अपात्र कॉलेजों को बंद करने के निर्देश दिए। इस तरह लगभग 200 कॉलेज बंद हो गए। अभी 485 कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इनमें लगभग 350 बंद हो जाएंगे क्योंकि वे मान्यता के लिए जरूरी सुविधाओं के पैमाने पर खरे नहीं उतर रहे। आगे भी यही स्थिति रही तो प्रदेश की आवश्यकता के अनुसार नर्सिंग कर्मचारी निजी एवं सरकारी अस्पतालों को नहीं मिल पाएंगे।
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डबरा के इस्लामपुर में दहेज की मांग पूरी न होने पर बहन के ससुराल वालों ने जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। नीरज सेंगर अपनी बहन विनीता के निमंत्रण पर उनके घर पहुंचे थे। उनके साथ उनकी बहन विनीता सेंगर, नीलम, जूली राजोरिया, इंद्रजीत सेंगर और संजय जाटव भी थे। इस दौरान विनीता के ससुराल वालों ने दहेज को लेकर अपनी मांग रखी, लेकिन नीरज और उनके परिवार ने देने में असमर्थता जताई। इससे नाराज होकर विनीता के ससुराल वालों ने लाठी और फरसों से उन पर हमला कर दिया। इस हमले में नीलम गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनका न्यूरोलॉजी में इलाज चल रहा है। नीलम की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा, लेकिन डबरा थाना प्रभारी ने इसे दोनों पक्षों का झगड़ा बताया और क्रॉस केस दर्ज करने की बात कही।
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अमरपाटन सिविल अस्पताल को 10 डी फ्रीजर की सौगात मिली है। डॉक्टरों की मौजूदगी में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार सिंह ने ब्लॉक के अलग-अलग सीएचसी को यह फ्रीज सौंपे। मैहर जिले के अमरपाटन में मृत शवों को अंतिम संस्कार के लिए ज्यादा समय तक रखने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस समस्या को देखते हुए अमरपाटन विधायक व पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरपाटन और रामनगर ब्लॉक को 10 डी फ्रीजर की सौगात दी। डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में मृत शवों को अधिक समय तक सुरक्षित रखने में कई कठिनाइयाँ आ रही थीं। अमरपाटन सीएचसी में पहले एक ही डी फ्रीजर था, जिससे शवों को रखने की समस्या उत्पन्न हो रही थी। इस मुद्दे को ध्यान में रखते हुए, सभी डॉक्टरों की मौजूदगी में अमरपाटन और रामनगर ब्लॉक को 5-5 डी फ्रीजर की सौगात दी गई है। अब इस सुविधा से क्षेत्र के लोगों को काफी राहत मिलेगी, और शवों को अंतिम संस्कार से पहले सुरक्षित रखने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आएगी।
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देवास जिले के ग्राम बड़ी चुरलाय में अवैध रूप से शराब का धंधा चलने की सूचना पर आबकारी विभाग की टीम ने दविश दी, जिसके दौरान टीम पर हमला किया गया। आबकारी उप निरीक्षक निधि शर्मा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही थी। लेकिन, अवैध धंधे में लिप्त परिवारों ने टीम का विरोध किया और उन पर हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें महिलाओं द्वारा उप निरीक्षक पर हमला होते देखा जा सकता है। इस हमले में उप निरीक्षक का मोबाइल तोड़ दिया गया और उनकी ड्रेस भी फाड़ दी गई। इस दौरान कुछ लोग अवैध शराब लेकर भागने का भी प्रयास करते दिखाई दिए। गांव वालों ने इस अवैध शराब कारोबार से परेशान होकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कार्रवाई की जा रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस फोर्स भी मौके पर बुलाई गई। फिलहाल, पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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पाकिस्तान के क्वेटा रेलवे स्टेशन पर बड़ा बम धमाका हुआ है। इसमें 20 लोगों की मौत की खबर है। विस्फोट में 30 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, हताहतों की संख्या बढ़ भी सकती है। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिस वक्त धमके को अंजाम दिया गया, स्टेशन पर काफी भीड़ थी। एक ट्रेन पेशावर के लिए रवाना होने वाली थी। इसके अलावा भारी संख्या में यात्री दूसरी पैसेंजर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। धमाके के बाद क्वेटा रेलवे स्टेशन पर सनसनी फैल गई। लोग इधर-उधर भागने लगे। स्टेशन पर अफरा तफरी मच गई। बचाव और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। टीम घटनास्थल पर युद्धस्तर पर काम कर रही है। बम निरोधक दस्तों को भी मौके पर जांच करने के लिए बुलाया गया है। पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांच की जा रही है। दावा किया जा रहा है कि क्वेटा में एक के बाद एक दो बम धमाके हुए। पहले धमाके में चार लोगों की मौत हुई, जबकि दूसरे में करीब 15 से 26 लोगों की मौत हो गई। धमाकों में इससे कहीं ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। फिलहाल इसकी जिम्मेदारी किसी संगठन ने नहीं ली है। प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि विस्फोट रेलवे स्टेशन के बुकिंग कार्यालय में ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने से ठीक पहले हुआ। रेलवे अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि जाफर एक्सप्रेस सुबह 9 बजे पेशावर के लिए रवाना होने वाली थी। विस्फोट के समय ट्रेन अभी प्लेटफॉर्म पर नहीं पहुंची थी। स्टेशन पर हमेशा की तरह भीड़भाड़ को देखते हुए, बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका है।
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बैरागढ़ में एक कपडे की दूकान में आग लग गई बताया जा रहा है आगजनी की यह घटना शार्ट सर्किट के कारण हुई है समय रहते फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया बैरागढ़ की एक कपड़ा एक दुकान में आज सुबह तड़के आग लग गई बताया जा रहा है कि मोहिनी टेक्सटाइल में शॉर्ट सर्किट से लगी आग भड़क गई और उसने विकराल रूप ले लिया मॉर्निंग वॉक पर निकले व्यक्ति ने इसकी सूचना बैरागढ़ थाने में दी सूचना मिलते ही पुलिस ने दमकल की गाड़ियों को इस बारे में जानकारी दी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया इस इलाके में तमाम सारी कपडे की दुकानें हैं अगर समय रहते इस आग पर काबू नहीं पाया जाता तो यहाँ बड़ा हादसा हो सकता था.
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दतिया जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में जमीनी विवाद के चलते दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ते-बढ़ते फायरिंग तक पहुंच गया, जिसमें दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना खैरी माता मंदिर के पास हुई, जहां भाई दूज के दिन शुरू हुई कहासुनी ने बाद में हिंसक रूप ले लिया। मामले की जानकारी के अनुसार, पहले गुर्जर पक्ष ने राय परिवार के साथ मारपीट की थी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दोनों पक्षों में जमकर फायरिंग हुई, जिसमें दो युवक गोली लगने से घायल हो गए। स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। दतिया में इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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छतरपुर जिले के बक्सवाहा थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में एक युवक की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब एक तेज़ रफ्तार ट्रक ने एक चार पहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के लिए दमोह के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है, और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और यातायात नियमों की अनदेखी से होने वाली दुर्घटनाओं पर एक बार फिर सवाल खड़ा किया है। पुलिस द्वारा हादसे की जांच की जा रही है कि आखिर दुर्घटना किन कारणों से हुई।
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छतरपुर में आपसी विवाद के बाद पति पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाया और जहरीला पदार्थ खा कर दोनों ने जान दे दी वहीँ एक अन्य घटना में पत्थर खदान में डूबने से 16 वर्षीय किशोर की मौत हो गई. पति -पत्नी मे विवाद के बाद दोनो ने जहरीला पदार्थ खा लिया जिससे पति -पत्नी दोनो की मौत हो गई विवाद का कारण पति की शराब और जुआं खेलने की लत थी पति घर पर रखे पैसे शराब और जुए में उडाना चाहता था इसी वजह से दोनों में विवाद हुआ पुलिस इस मामले की जांच मे जुटी है ये घटना लवकुशनगर थाना के मिढ़का गांव की है. जिले की सबसे बड़ी मंडी क्रेशर से पत्थर का उत्खनन होता है लेकिन इन खदानों में कोई भी सुरक्षा के इंतजाम नहीं है उत्खनन करने के बाद खदानों को इसी तरह से छोड़ दिया जाता है इस खदान के पास से 16 वर्षीय महेश प्रजापति घर से खेत पर जा रहा था तभी पैर फिसलने से वह खदान में गिर गया और उसकी मौत हो गई.
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गुड़ा ग्राम में जंगली हाथी के बच्चे का रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ। जिसमें करीब 100 वन कर्मी शामिल थे। रेस्क्यू के बाद हाथी के बच्चे को बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान ले जाया गया । कटनी जिले के ग्राम गुड़ा से जंगली हाथी के बच्चे का रेस्क्यू ऑपरेशन हुआ। इस ऑपरेशन के वक्त जंगली हाथियों का दल खेत में मौजूद था। वही हाथी के बच्चे को खेत से निकलने के लिए करीब 100 वन कर्मी खेत में मौजूद रहे। यह बचाव कार्य रात भर चला । तब कही जाकर वन कर्मियों ने हाथी शावक को पिकअप वाहन के माध्यम से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान ले गए । इस ऑपरेशन में कटनी और उमरिया जिले के वन कर्मी शामिल हुए थे।
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चेकिंग के दौरान यातायात प्रभारी ने ओवरलोड टैक्सी चालक के साथ चलानी कार्यवाही करने के बजाए मारपीट शुरू कर दी इस मारपीट की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. छतरपुर में यातायात प्रभारी बृहस्पति साकेत ने वर्दी का रौब दिखाया यातायात प्रभारी ने चेकिंग के दौरान ओवरलोड टैक्सी चालक की कॉलर पकड़कर मारपीट की जबकि उन्हें तत्काल टैक्सी चालक का चालान काटना चाइये था जिसका वीडियो सोशल मीडिया मे वायरल हो गया है वीडियो में यातायात प्रभारी चेकिंग मे ओवरलोड टैक्सी का चालान करने की जगह मारपीट करते नजर आए।
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छतरपुर में एक बहु ने नया काण्ड कर दिया और अपने आशिक के साथ मिलकर सास की जघन्य हत्या कर दी पुलिस ने हत्यारी बहू और उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया है. छतरपुर के कुडेरी गांव से बेहद गंभीर मामला सामने आया है जहा पर एक बहु ने आशिक के साथ मिलकर सास की हत्या कर दी दरअसल बहु के पड़ोसी के साथ अवैध संबंध थे सास ने दोनों को रंगे हाथो पकड़ा लिया तो बहु ने सास को ईंटों और पत्थरों से पीटपीट कर मार डाला पुलिस ने हत्यारी बहू और उसके आशिक को गिरफ्तार कर लिया है यह मामला जुझार नगर थाना क्षेत्र का है.
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खातेगांव मंडी में शुभ मुहूर्त में नीलामी कार्य प्रारंभ हुआ। जिसमें कर्मचारियों, व्यापारी और किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया। साथ ही किसानो से गुजारिश की गई की किसान अपनी फसलों को साफ और स्वच्छ करके मंडी मे बेचने लाये । कृषि उपज मंडी समिति एवं व्यापारियो ने संयुक्त रूप से शुभ मुहूर्त में नालामी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि पुरुषोत्तम व्यास, मंडी सचिव रघुनाथ सिंह , लेखपाल गुरप्रीत सिंह और मंडी के सभी कर्मचारी के साथ समस्त मंडी व्यापारि मौजूद रहे। फसल नीलामी का कार्यक्रम शुभ मुहूर्त पर मंडी में मौजूद बालाजी मंदिर में पूजा अर्चना कर की गई । व्यापारियों ने किसानो, कर्मचारियों, हम्मालो, तुलावटियों के लिए नास्ते की व्यवस्था कराई । उसके बाद व्यापारियो को शॉल श्रीफल और साफा बांधकर मंडी कर्मचारियों ने सम्मानित किया। जिसके बाद कृषि उपज की नीलामी प्रारंभ हुई । साथ ही सचिव रघुनाथ सिंह लोहिया ने किसानो को व्यापारियों, हम्मालों तुलावटियों को आभार व्यक्त कर मंडी की व्यवस्था सुचारू रूप से संचालन रूप से करने की बात कही और किसान भाइयों से अपील की है कि वे अपनी फसलों को साफ और स्वच्छ करके मंडी मे विक्रय हेतु लावें।
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ड्राइवरो की समस्या को लेकर डाइवर संघ ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमे वाहन चालको की मौजूदगी में वाहन चालक कल्याण संगठन का गठन हुआ। अपनी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सैकड़ो की तादाद में वाहन चालक मौजूद रहें। मैहर में सरकार के बनाये गए वाहन संबंधी नियमों में बदलाव करवाने के लिये वाहन चालक कल्याण संघ ने कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें सभी ड्राइवरों को जागरूक करने का काम किया गया है। आपको बता दे कि, अमरपाटन के ग्राम पढहा में आयोजित कार्यक्रम में वाहन चालक कल्याण संगठन का गठन किया गया। जिसमें सभी ड्राइवरो को जागरूक कर उनको संघ से जोड़ने और उनकी समस्याऐ सुनी गई । कार्यक्रम के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि- वाहन चालक सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं, तो उनके परिवार को किसी भी तरह का मुआवजा नही दिया जाता है। इसके साथ ही जगह जगह एंट्री के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार किया जाता है। इन तमाम बिंदु को सरकार के सामने रखने के लिये सभी ड्राइवरों को एकजुट किया जा रहा है। सभी चालक एकत्रित होकर अपनी मांगो को पूरा करने का अनुरोध सरकार से करेंगे।
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देवास: देवास के खातेगांव में विधिक सेवा सप्ताह का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर द्वितीय जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 4 से 9 नवंबर तक विधिक सेवा सप्ताह का सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास और तहसील विधिक सेवा समितियों ने बाईक रैली निकाली। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने तेगांव में न्याय संकल्प यात्रा के तहत बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। बाइक रैली न्यायालय परिसर से रवाना होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई न्यायालय परिसर में ही रैली का समापन हुआ। रैली में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी के साथ ही बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता दी। विधिक सेवा सप्ताह के इस आयोजन का उद्देश्य समाज में कानूनी जागरूकता फैलाना और लोगों को न्याय से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। 9 नवंबर तक यह कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।
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देवास: देवास के खातेगांव में विधिक सेवा सप्ताह का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर द्वितीय जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 4 से 9 नवंबर तक विधिक सेवा सप्ताह का सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास और तहसील विधिक सेवा समितियों ने बाईक रैली निकाली। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने तेगांव में न्याय संकल्प यात्रा के तहत बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। बाइक रैली न्यायालय परिसर से रवाना होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई न्यायालय परिसर में ही रैली का समापन हुआ। रैली में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी के साथ ही बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता दी। विधिक सेवा सप्ताह के इस आयोजन का उद्देश्य समाज में कानूनी जागरूकता फैलाना और लोगों को न्याय से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। 9 नवंबर तक यह कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।
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देवास: देवास के खातेगांव में विधिक सेवा सप्ताह का शुभारंभ हो गया है। इस अवसर पर द्वितीय जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार 4 से 9 नवंबर तक विधिक सेवा सप्ताह का सम्पूर्ण प्रदेश में आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास और तहसील विधिक सेवा समितियों ने बाईक रैली निकाली। इस अवसर पर जिला न्यायाधीश सुशील कुमार अग्रवाल ने तेगांव में न्याय संकल्प यात्रा के तहत बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई। बाइक रैली न्यायालय परिसर से रवाना होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई न्यायालय परिसर में ही रैली का समापन हुआ। रैली में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी के साथ ही बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता दी। विधिक सेवा सप्ताह के इस आयोजन का उद्देश्य समाज में कानूनी जागरूकता फैलाना और लोगों को न्याय से जुड़े अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। 9 नवंबर तक यह कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाएगा।
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ड्राइवरो की समस्या को लेकर डाइवर संघ ने जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमे वाहन चालको की मौजूदगी में वाहन चालक कल्याण संगठन का गठन हुआ। अपनी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सैकड़ो की तादाद में वाहन चालक मौजूद रहें। मैहर में सरकार के बनाये गए वाहन संबंधी नियमों में बदलाव करवाने के लिये वाहन चालक कल्याण संघ ने कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें सभी ड्राइवरों को जागरूक करने का काम किया गया है। आपको बता दे कि, अमरपाटन के ग्राम पढहा में आयोजित कार्यक्रम में वाहन चालक कल्याण संगठन का गठन किया गया। जिसमें सभी ड्राइवरो को जागरूक कर उनको संघ से जोड़ने और उनकी समस्याऐ सुनी गई । कार्यक्रम के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि- वाहन चालक सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं, तो उनके परिवार को किसी भी तरह का मुआवजा नही दिया जाता है। इसके साथ ही जगह जगह एंट्री के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार किया जाता है। इन तमाम बिंदु को सरकार के सामने रखने के लिये सभी ड्राइवरों को एकजुट किया जा रहा है। सभी चालक एकत्रित होकर अपनी मांगो को पूरा करने का अनुरोध सरकार से करेंगे।
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ओरछा रोड थाना क्षेत्र में एक बदमाश और पुलिस के बीच फायरिंग हो गई फायरिंग करते हुए बदमाश पुलिस को चकमा देकर जंगल की ओर भाग गया पुलिस आरोपी के पीछे तलाश में जुटी हुई. ओरछा रोड थाना क्षेत्र ग्राम देरी में एक बदमाश और पुलिस के बीच फायरिंग हो गई। पुलिस 10 हजार के इनामी बदमाश रविंद्र सिंह का पीछा कर रही थी पीछा करने के दौरान पुलिस पर फायरिंग की गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायर किया। फायरिंग करते हुए आरोपी पुलिस को चकमा देकर जंगल की ओर भाग गया। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एसपी अगम जैन ने टीम बनाई थी। सीएसपी का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिये पांच थानों की पुलिस लगी है ,आरोपी के ऊपर 11 मामले दर्ज है। पुलिस आरोपी के पीछे तलाश में जुटी हुई है.
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दतिया में गोली चलने का सिलसिला लगातार जारी है बीती रात को दतिया में मातन के पहरे पर गोलीबारी के साथ पत्थर बाजी हुई पुलिस मामले की जांच कर रही है दतिया में आपसी रंजिश के चलते 2 गुटों में जमकर विवाद हो गया विवाद में ताबड़तोड़ फायरिंग की गई गोली चलने का सिलसिला यही खतम नही हुआ इसके बाद बीती आधी रात को गोलीबारी के साथ पत्थर बाजी भी की गई करीब 20 मिनट तक बीच सड़क पर तांडव हुआ इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया मौके पर कोतवाली पुलिस घटना स्थल पर पहुची और मामले की पड़ताल शुरू की.
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परासिया रेलवे पुल के नीचे एक बस का ब्रेक फेल हो गया। घटना स्थल पर मौजूद लोगो ने एम्बुलेंस बुलाई और घायलों को शासकीय अस्पताल ले जाया गया। छिंदवाड़ा के परासिया रेलवे पुल के नीचे एक बस का ब्रेक फेल हो गया। जिसमें 4 लोग घायल हो गये। इसकी खबर घटना स्थल पर मौजूद लोगो ने एम्बुलेंस को की। एम्बुलेंस से घायलों को शासकीय अस्पताल ले जाया गया। इसके पहले भी कुछ माह पहले इसी तरह घटना हुई थी। जिसमें वाहन का ब्रेक फेल होने से एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई थी।
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रिसोर्ट मे काम करने वाले कर्मचारी ने रिसोर्ट में ही फांसी लगा ली आत्महत्या की वजह पारिवारिक विवाद को बताया जा रहा है नौगांव के मनोआस रिसोर्ट मे काम करने वाले कर्मचारी ने फांसी लगा ली। रिसोर्ट के कमरा नंबर 10 मे कर्मचारी संदीप सोनी ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। रिसोर्ट के कमरे से सुबह कर्मचारी नही निकला, तो रिसोर्ट के स्टाफ ने कमरा खोला तो कर्मचारी फांसी से लटका हुआ मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव का पंचनामा बनाया पुलिस का कहना है कि पारिवारिक विवाद की वजह से मृतक ने फांसी लगाई है.
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दतिया के इंदरगढ़ में पानी के विवाद पर एक पड़ौसी ने दूसरे की पिटाई लगा दी. घायल लोग पुलिस के पास पहुंचे तो कुछ पुलिस वालों ने मामला दर्ज करने के लिए रुपयों की मांग कर दी मार पीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. दतिया के इंदरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम मुरगुवा में दो पक्षों में जमकर लाठी डंडे से मारपीट हुई. मारपीट में भूता जाटव और उनके बेटे मुरारी जाटव, इंद्रपाल जाटव घायल हो गये पीड़ित घायल अवस्था में ही थाने पहुंचेपीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने उनकी सही रिपोर्ट नहीं लिखी और रुपए भी मांग रहे थे महिला भूता जाटव ने रिपोर्ट लिखवाई की पड़ोस में रहने वाले सोनू कमरिया घर के बाहर पानी फैला रहा था. मना करने पर जातिगत गालियां देने लगा. तभी विनोद जाटव, छोटू जाटव, सूरज जाटव भी आ गए उन्होंने लाठी डंडे से मारपीट चालू कर दी मुझे बचाने आए मेरे बेटे मुरारी जाटव, इंद्रपाल जाटव के साथ भी लाठी डंडों से मारपीट की गई वही पीड़ित पक्ष ने कार्रवाई को लेकर इंदरगढ़ पुलिस पर पक्षपात एवं रुपए मांगने का आरोप लगाया हालांकि उक्त मामले पर पुलिस ने मेडिकल करा कर मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है.
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इन दिनों बुंदेलखंड इलाके में मोनिया नृत्य की धूम मची हुई है मोनिया नृत्य के आयोजन दीपावली के बाद किये जाते हैं इस लोक नृत्य में नर्तक हाथ में मोर पंख लेकर मोनिया नृत्य करते हैं. बुंदेलखंड इलाके में मोनिया नृत्य की परम्परा सदियों पुरानी है इस लोक नृत्य में नर्तक हाथ में मोर पंख लेकर मोनिया नृत्य करते हैं इन नृत्य दीपावली पर्व के पश्चात किया जाता है मोनिया नृत्य के माध्यम से सुख सम्रद्धि को लेकर कामना की जाती है इस बार खजुराहो में मोनिया नृत्य की धूम रही मतंगेश्वर मंदिर में मोनिया नृत्य देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे.
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इंदौर के छत्रीपुरा इलाके में पटाखा फोड़ने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया। दोपहर में कुछ बच्चे पटाखे फोड़ रहे थे, जिसे पास खड़े युवकों ने रोका। इस पर विवाद बढ़ा और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में पथराव भी हुआ। पथराव के दौरान एक दर्जन लोगों को चोट भी आई। लोगों ने चार से पांच वाहनों को पलट दिया और आग लगा दी। पुलिस बल छत्रीपुरा क्षेत्र में जमा रहा और इलाके को छावनी के रुप में तब्दील किया गया है।यह घटना छत्रीपुरा थाने से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर हुई। विवाद बढ़ने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी, हालात को संभालने के लिए आसपास के चार थानों का बल भी बुलाया गया, जिससे स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। लोग नारेबाजी कर रहे थे। तस्वीरों में देख सकते हैं, विवाद के दौरान पथराव में कई गाड़ियों के सीसे फूट गए, तो कुछ को पलटा दिया गया। एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। आग से गाड़ी पूरी तरह जल गई, हालांकि इस दौरान आस-पास आग को फैलने से रोक दिया गया।कई बाइक भी सड़क पर देख सकते हैं। विवाद के दौरान लोग नारेबाजी करने लगे। पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की।शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे छत्रीपुरा क्षेत्र में बच्चों द्वारा पटाखा फोड़ने पर दो पक्षों में विवाद हुआ। लोगों ने कुछ महिलाओं से अभद्रता की शिकायत भी की है। स्थानीय ने कहा कि, लोग आपस में मिल रहे थे, बच्चे पटाखे फोड़ रहे थे घरों के आगे, इस दौरान सामने कुछ मुस्लिम परिवार थे, जिन्होंने बच्चों को अपशब्द कहे और बच्ची का हाथ भी खीचा। इसका विरोध करने पर बच्चों के परिवार वालों के साथ भी मारपीट की और पथराव किया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि रविदासपुरा गली में दो अलग-अलग समुदाय के पड़ोसियों में आपस में विवाद हुआ, जिसमें बाद में कुछ और घरों के लोग भी शामिल हुए। अभी कई थानों के प्रभारी इलाकें में हैं, पूरी तरह शांति है, किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। पथराव की पुष्टि की है।
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लहार में घर में खाना बनाते समय युवक का मोबाइल गर्म तेल की कढ़ाही में गिर गया। युवक कढ़ाही से मोबाइल निकालने का प्रयास कर रहा था, तभी मोबाइल की बैटरी में ब्लास्ट हो गया। इससे युवक गंभीर रूप से झुलस गया। स्वजन तत्काल उपचार के लिए लहार सिविल अस्तपाल ले गए। यहां उपचार के बाद ग्वालियर रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में जाम लगने से एंबुलेंस को रास्ता नहीं मिला। इससे युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार लहार के वार्ड एक निवासी 40 वर्षीय चंद्रप्रकाश दौहरे बुधवार रात करीब आठ बजे घर में खाना बना रहे थे। उनका मोबाइल शर्ट की ऊपर की जेब में रखा था। चंद्रप्रकाश के झुकते ही मोबाइल गर्म तेल की कढ़ाही में गिर गया। चंद्रप्रकाश ने कढ़ाही से मोबाइल निकालने का प्रयास कर रहा था, तभी बैटरी तेज आवाज के साथ फट गई। इससे चंद्रप्रकाश गर्म तेल से बुरी तरह से झुलस गया। स्वजन उपचार के लिए अस्पताल ले गए। डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर के लिए रेफर कर दिया। स्वजन एंबुलेंस से चंद्रप्रकाश को ग्वालियर ले जा रहे थे। मौ-सेंवढ़ा के बीच सिंध नदी पर टूटे पुल पर जब एंबुलेंस पहुंची तो वहां जाम लगा हुआ था। इसके बाद एंबुलेंस को थरेट, इंदरगढ़, डबरा होते हुए करीब 80 किलोमीटर घुमाकर ग्वालियर ले गए। इससे एंबुलेंस को दो घंटे अस्पताल पहुंचने में लग गए। इस दौरान युवक की मौत हो गई।स्वजनों का कहना है, कि समय रहते प्रकाश ग्वालियर के अस्पताल पहुंच जाता तो उसकी जान बच जाती। जिस समय हादसा हुआ, तब उसकी चंद्रप्रकाश की पत्नी भैंस को चारा खिला रही थी। उशके दो भाई है। चंद्रकाश लहार के बुद्धपुरा के पास पंचर की दुकान है। इसी से उसके परिवार का भरण पोषण कर रहा था। मृतक की 18 साल पहले शादी हुई थी। मृतक अपने पीछे एक बेटा 14 और 8 साल का बेटा छोड़ गया है।
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नूराबाद थाना क्षेत्र के बित्तौली पुरा गांव में शुक्रवार की सुबह खेत जोतने गए एक ही परिवार के पांच लोगों पर लभनपुरा गांव के दूसरे पक्ष ने ताबड़तोड़ फायर की, इसके बाद कुल्हाड़ी फरसों से हमला कर दिया। इस हमले में तीन लोगों गोली लगी, वहीं दो कुल्हाड़ी-फरसे के हमले में घायल हो गए। गोली लगने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई, अन्य घायलों को इलाज के लिए ग्वालियर अस्पताल ले जाया गया है। विवाद के पीछे बित्तौलीपुरा व लभनपुरा गांव के बीच में स्थित पांच बीघा जमीन है। जिसको लेकर दोनों पक्षों में पूर्व से कहासुनी चली आ रही थी। पुलिस अब आरोपितों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक बित्तौलीपुरा निवासी श्रीकृष्णा गुर्जर के परिवार का लभनपुरा के पूर्व सरपंच बुलाखी गुर्जर के परिवार से दोनों गांव के बीच स्थित पांच बीघा जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। अब बोवनी का समय है, तो फिर से यह विवाद गर्मा गया और दो दिन से कहासुनी भी हो रही थी। शुक्रवार की सुबह आठ बजे श्रीकृष्णा गुर्जर उसके परिवार के देशराज गुर्जर , करतार सिंह , अंकुर, विशंभर सिंह इस खेत को जोतने के लिए गए थे। इसी बीच वहां बुलाखी गुर्जर अपने परिजनों के साथ लाठी फरसे और बंदूकों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। श्रीकृष्णा गुर्जर व उसके स्वजन को खेत जोतता देख बुलाखी व उसके स्वजन ने ताबड़ताेड़ फायरिंग कर दीं। गोलीबारी में एक गोली श्रीकृष्णा गुर्जर के सीने में लगी, देशराम के बांये कंधे पर लगी और अंकुर गुर्जर की पीठ में गोली लगी। वहीं करतार व विशंभर फरसों के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली लगने से श्रीकृष्णा गुर्जर ने मौके पर दम तोड़ दिया। बाकी घायलों को सीधे ही ग्वालियर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वारदात की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। पुलिस अभी इस मामले में आरोपितों पर मामला दर्ज कर रही है। बागचीनी थाना क्षेत्र के घुर्रा गांव में गुरूवार की शाम को विवाद के चलते एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में चार लोग घायल हुए। जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी के मुताबिक घुर्रा गांव निवासी शाहरूख खान का गांव के ही जफर खान से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसी कहासुनी पर जफर व उसके स्वजन ने शाहरूख पर हमला कर दिया। बचाव में शाहरूख के स्वजन इंतो खां, साबिर व उम्मेद खान आए तो उन पर भी आरोपितों ने धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने इस मामले में शाहरूख की फरियाद पर आरोपित जफर खान, हनीफ, पप्पन व सागीर खान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। BY सुमित गिरी
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चार दिवसीय मध्यप्रदेश स्थापना दिवस समारोह की शुरुवात भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की उन्होंने कहा मध्यप्रदेश अब मोदी के नेतृत्व में विकास के नए आयाम लिख कर उन्नति कर रहा है. भोपाल के लाल परेड ग्राउंड पर मध्य प्रदेश का 69 वां स्थापना दिवस धूमधाम से आरम्भ हुआ मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस समारोह 4 दिनों तक चलेगा आपको बता दें कि मध्य प्रदेश का स्थापना दिवस 1 नवंबर को मनाया जाता है इस मौके पर मध्य प्रदेश के 69 वे स्थापना दिवस की सीएम डॉ मोहन यादव ने सभी को बधाई दी है उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश उन्नति कर रहा है उन्होंने कहा कि- 5 दिन दिवाली का उत्सव और चार दिन का मध्य प्रदेश स्थापना दिवस का महोत्सव साथ में मनाया जाएगा, यह एक गौरव की बात है यह उत्सव 30 अक्टूबर से 2 नवंबर तक मनाया जाएगा.
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रेत के मामले में अब भी गुंडागर्दी चल रही है रेट ठेकेदार सहकार ग्लोबल के कर्मचारियों के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की पीड़ित लोगों की शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया है. सिंगरौली जिले में सहकार ग्लोबल के कर्मचारियों से दबंगों ने मारपीट की जिनके खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ है गुंडागर्दी करने वाले दबंगो के नाम अशोक सिंह परिहार व विक्रांत सिंह परिहार है सहकार ग्लोबल कंपनी को जिले में रेत का ठेका मिला जो जिले में रेत का व्यापार कर रही है इस कंपनी के कर्मचारी अजय कुमार जायसवाल व उनके साथियों के साथ मामूली कहा सुनी के बाद अशोक सिंह परिहार व विक्रांत सिंह परिहार ने मारपीट की पीड़ित ने बताया कि उसे इतनी चोट लगी है कि उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती होना पड़ा.
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मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वोकल फ़ॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए छोटे कामगारों को प्रोत्साहन की बात कही दीपोत्सव पर इन गरीब लोगों से तहबाजारी वसूल न करने की बात कही लेकिन इसके बावजूद अधिकारी अपनी से बाज नहीं आये लाइट की चकाचौंध में अब दीपावली की दीयों की पहले सी बिक्री भी नहीं रही है. दीवाली के पर्व मिट्टी के दीपक जलाने से सुख-समृद्धि आती है, लेकिन आधुनिकता के दौर में अधिकांश लोग मिट्टी के दीये के स्थान पर लाइट और मोमबत्तियां का प्रयोग कर रहे हीं अब सिर्फ पूजन के लिए गिनती के मिट्टी के दीये खरीदकर लोग शगुन कर लेते हैं अमरपाटन में दीपक बनाने वाले सोनू प्रजापति ने बताया कि पहले की तुलना में मिट्टी के दीये लोग कम खरीदते हैं पहले लोग पूजा-पाठ करने के साथ ही पूरे घर आंगन को रोशन करने के लिए मिट्टी के दीये खरीदा करते थे, लेकिन अब मिट्टी के दीयों में वो बात नहीं रह गई इसकी बिक्री कम हो गई है इस बार उन्होंने पिछले साल की आपेक्षा काफी कम दीये तैयार किये और उनकी भी बिक्री कम हुई प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने वोकल फ़ॉर लोकल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में प्रोत्साहन की बात कही , साथ ही मिट्टी के दिए बेचने बनाने वालों को करो से मुक्त करते हुए बैठकी शुक्ल से मुक्त किया परंतु अमरपाटन में इसके विपरीत हैं यहाँ मुख्यमंत्री का आदेश भी नही चलता नगर परिषद के ठेकेदार ने बैठकी शुल्क सबसे वसूल लिए और शुक्ल नहीं देने पर दीपक बेचने वाली महिलाओं को बैठने न देने व भगाने की धमकी तक दे दी.
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छतरपुर की एक मस्जिद में बम रखे होने की सूचना पुलिस को मिली जिसके बाद मस्जिद में बम की तलाश की गई लेकिन बम नहीं मिला बम की सूचना अफवाह निकली सिविल लाइन थाना के सुल्तानुल हिन्द मस्जिद में बम होने का खत मिला इसके बाद मस्जिद में बम होने की सूचना से हड़कंप मच गया अज्ञात ने मस्जिद में बम होने की सूचना का पत्र छोड़ा था इसके बाद बम निरोधक दस्ता मस्जिद परिसर में बम की तलाश में जुटा डॉग स्क्वायड की टीम भी बम खोजने में लगी रही बम की सूचना अफवाह निकली.
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एक झोलाछाप डॉक्टर का इलाज किसान पर भारी पड़ गया और किसानकी जान चली गई. इस घटना के बाद डॉक्टर अपना क्लिनिक बंद जार फरार हो गया है. मुरैना की पोरसा तहसील में झोलाछाप डाक्टर के इलाज से किसान की मौत हो गई, डॉक्टर ने किसान के पैर में दर्द होने पर दवा देने के साथ उसे इंजेक्शन लगाया. जिससे उसे खून की उल्टियां होने लगीं. किसान को पोरसा के शासकीय चिकित्सालय में ले जाने के दौरान मौत हो गई. धौर्रा गांव निवासी अनंगपाल सिंह तोमर पैर दर्द की दवा लेनेपहुंचे थे और गलत इलाज क कारण उनकी जान चली गई बताते हैं पोरसा सब्जी मण्डी में डाक्टर बघेल बिना डिग्री के मरीजों का इलाज कर रहा था किसान के परिजनों ने आरोप लगाया की डॉक्टर के इंग्जेक्शन लगाते ही किसान अनंगपाल की हालत बिगड़ गई इसके बाद डाक्टर क्लीनिक बंद कर फरार हो गया है.
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राशन दुकान आवंटन के दौरान मामूली विवाद इतना बढ़ गया कि एक पक्ष के साथ आये बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को पकड़ा है. लालकुआँ कोतवाली के हल्दूचौड़ पुलिस चौकी क्षेत्र में दिनदहाड़े फायरिंग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने पांच युवको को हिरासत में लिया है वही सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल हो रहा है दौलीया गांव में खाद्य पूर्ति निरीक्षक मोहित कठैत की अध्यक्षता में सरकारी सस्ता गल्ला दुकान के आवंटन को लेकर मीटिंग चल रही थी इस दौरान मामूली विवाद पर कुछ युवकों ने पूर्व सैनिक कैलाश चंद्र बिरखानी पर तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी गनीमत रही की घटना में किसी की जान नही गई सूचना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कारतूस के खोखे बरामद करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने हल्दूचौड़ चौकी पहुंचकर आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है.
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डोंगरगढ़ ब्लॉक के ग्राम अंडी में प्रधानमंत्री आवास योजना कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने देश में एक क्रांतिकारी बदलाव लाया है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से लोगों की आवास की समस्या का समाधान हुआ है। “भरत वर्मा ने इस कार्यक्रम के माध्यम से स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में इसी उद्देश्य के तहत कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लोगों को आवास मुहैया कराकर उनकी जीवनस्तर में सुधार लाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। यह कदम न केवल सामाजिक समृद्धि के लिए आवश्यक है, बल्कि गरीबों और जरूरतमंदों के लिए एक नई उम्मीद भी प्रदान करता है।”
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बजाज ऑटो लिमिटेड ने दिवाली के मौके पर मार्केट में नई पल्सर एन125 लॉन्च की है, जो कि फर्स्ट टाइम बाइक खरीदारों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। यह बाइक नए इंजन और चेसिस के साथ आई है, जिसमें आधुनिक स्टाइल और फीचर्स शामिल हैं। पल्सर एन125 दो वेरिएंट—एलईडी डिस्क ब्लूटूथ और एलईडी डिस्क—में उपलब्ध है, जिनकी एक्स शोरूम कीमत क्रमशः 98,707 रुपये और 94,707 रुपये है। इस नई बाइक को लाइट स्पोर्ट कैटिगरी में रखा गया है और इसका डिजाइन बिल्कुल नया है। पल्सर सीरीज में पहले से मौजूद पल्सर 125 क्लासिक और पल्सर एनएस125 की तुलना में, एन125 में नई तकनीक और आकर्षक लुक शामिल हैं। इसके एंगुलर बॉडीवर्क और स्पोर्टी अपील इसे युवा बाइकर्स के लिए और भी आकर्षक बनाते हैं। बजाज ने पल्सर एन125 के डिज़ाइन में हेडलैंप, फ्रंट फॉर्क्स के चारों ओर प्लास्टिक पार्ट्स, स्कल्पटेड फ्यूल टैंक, स्प्लिट सीट, और आकर्षक रियर व्यू मिरर्स का समावेश किया है। इसमें 17 इंच के टायर और 198 मिमी का ग्राउंड क्लियरेंस भी है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। इंजन की बात करें तो नई पल्सर एन125 में 124.58 सीसी का एयर-कूल्ड सिंगल सिलेंडर इंजन है, जो 12 पीएस की पावर और 11 न्यूटन मीटर का टॉर्क उत्पन्न करता है। कंपनी का दावा है कि यह बाइक एक लीटर पेट्रोल में 60 किलोमीटर (हाइवे) और 55 किलोमीटर (शहर) तक चल सकती है। इसकी टॉप स्पीड 97 किमी/घंटा है और 0-60 किमी/घंटा की स्पीड हासिल करने में इसे केवल 6 सेकंड लगते हैं। एक विशेषता है इसका आयडल स्टार्ट स्टॉप सिस्टम, जो ट्रैफिक में इंजन को ऑटोमैटिकली ऑफ कर देता है, जिससे माइलेज में सुधार होता है। बाइक में 5 स्पीड गियरबॉक्स, टेलिस्कोपिक फ्रंट फॉर्क और प्री-लोडेड अडजस्टेबल मोनोशॉक रियर सस्पेंशन है। ब्रेक्स के लिए फ्रंट में 240 मिमी का डिस्क और रियर में 130 मिमी का सीबीएस ड्रम ब्रेक दिया गया है। राइडिंग एक्सपीरियंस के बारे में बात करें तो एन125 की हैंडलिंग अच्छी है। ट्रैक और भारी ट्रैफिक में इसे चलाने में कोई परेशानी नहीं होती। इसकी सीट की ऊँचाई और डिज़ाइन इसे विभिन्न ऊँचाइयों के राइडर्स के लिए उपयुक्त बनाता है। बजाज ने इस बाइक में NVH (नॉइज़, वाइब्रेशंस और हार्शनेस) पर भी ध्यान दिया है। यह बाइक चलाने के दौरान शांति और आराम प्रदान करती है। पावर के साथ-साथ इसके फीचर्स और आरामदायक सीटिंग इसे एक बेहतरीन राइडिंग अनुभव प्रदान करते हैं। अंत में, अगर आप एक ऐसी बाइक की तलाश में हैं जो लुक, परफॉर्मेंस और मूल्य में संतुलन बनाए रखती हो, तो बजाज पल्सर एन125 एक अच्छा विकल्प है। यह टीवीएस रेडर और हीरो एक्सट्रीम 125आर जैसी बाइक्स को टक्कर दे सकती है और निश्चित रूप से पहली बार बाइक खरीदने वालों के लिए एक आकर्षक विकल्प है। दिवाली के इस मौके पर, नई पल्सर एन125 आपके लिए एक उत्कृष्ट चुनाव हो सकती है।
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जय गुरुदेव के अनुयायियों ने सिंगरौली में रैली निकली और कहा हम जयदेव के बच्चे हैं और सतयुग लाकर ही दम लेंगे रैली में बाबा उमाकांत ने कहा कहना है शाकाहारी रहकर नशे से दूर रहना है क्योंकि नशे से कई पीढ़ियां बर्बाद होती हैं. सिंगरौली हम जय गुरुदेव के बच्चे हैं सतयुग लाकर दम लेंगे नारों के साथ बैढ़न के माजन मोड़ से विंध्यनगर तक जय गुरुदेव के अनुयायियों द्वारा रैली निकाली गई बाबा उमाकांत का कहना है शाकाहारी रहना है लोग शाकाहार अपनाएं अपना जीवन बचाएं बाबा जी ने कहा है कि लोग किसी जीव की हत्या नहीं करें क्योंकि हम भी जीव हैं किसी जीव की हत्या होती है तो उसको कितना कष्ट होता है। जैसे अपने को छोटा सा कांटा भी लग जाता है तो कितना दर्द होता है ऐसे ही व्यक्ति दूसरे जीव की खाने के लिए यदि हत्या करता है तो उसे जीव के ऊपर कैसी गुजरती होगी.
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कांटाफोड़ पुलिस द्वारा ग्राम गोदना मे हुई डकैती के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर बडी घटना का खुलासा किया है. थाना प्रभारी हिना डाबर के नेतृत्व मे गठित टीम द्वारा विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर संतोष राठौर के घर 10 अक्टूबर की रात्रि हुई डकैती की घटना का खुलासा किया डकैती की घटना को अंजाम देने वाले 6 आरोपियों को अलग अलग राज्यों से पुलिस ने गिरफ्तार किया है अन्य आरोपियों की तलाश भी पुलिस द्वारा की जा रही है घटना मे देवास सहित अन्य जिलो के आरोपी पकडे गए है तथा उनसे डकैती का माल भी बरामद हुआ है.
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कुछ शरारती तत्वों ने कचरे के ढेर में आग लगा दीटचिंग ग्राउंड की यह आग भड़क गई जिसे बुझाने में समय लगेगा प्रशासन आग लगाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा. हल्द्वानी के टचिंग ग्राउंड में रखें लाखों टन कूड़े में आग लग गई अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाने के बाद पूरे इलाके में दुर्गंध और धुआं ही धुआं हो गया. जिससे कि आसपास के इलाकों में सांस लेना दूभर हो गया घटना की जानकारी नगर आयुक्त को मिलते ही वे मौके पर पहुंचे नगर आयुक्त ने आग बुझाने के लिए नगर निगम के वाहनों के अलावा फायर ब्रिगेड से भी मदद मांगी ली हल्द्वानी मुख्य नगर आयुक्त विशाल मिश्रा ने बताया कि जिन लोगों ने भी टचिंग ग्राउंड में आग लगाई है उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा इस आग पर काबू पाने में थोड़ा समय लगेगा.
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आइआईटी रुड़की के राधा कृष्ण मेस मे चूहे निकलने से आइआईटी प्रशासन मे हड़कम्प मच गया. इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आईआईटी रुड़की पहुंची और मेस के अंदर खाने और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे. आईआईटी रुड़की के राधा कृष्ण भवन की मेस में खाने के सामान में चूहों के वायरल वीडियो के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग हरकत में आ गया खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम आईआईटी रुड़की पहुंची टीम ने मेस के अंदर खाने और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए और साथ ही सैंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया इसके अलावा टीम ने संस्थान को चूहों से निपटने के लिए निर्देश दिए हैं IIT रुड़की के राधा-कृष्ण भवन की मेस में दोपहर का खाना बना हुआ था इस दौरान छात्र खाना खाने के लिए मेस पहुंचे थे तो उन्होंने किचन में जाकर देखा तो चूहे खाने में उछल-कूद कर रहे थे, इस दौरान छात्रों ने इसका वीडियो भी बना लिया और हंगामा शुरू कर दिया था छात्रों ने संस्थान के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की इस दौरान छात्रों की खाने बनाने वाले कर्मचारियो के साथ जमकर बहस हुई.
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अवैध रूप से रिहाइशी इलाकों में फटाके का भण्डार कर लोगों को मुसीबत डालने वाले व्यक्ति पर प्रशासन ने कार्यवाही की है और आतिशबाजी के अवैध भंडारण पर छापा मारा पटाखों को जप्त किया गया. सिविल लाइन थाना क्षेत्र के छत्रसाल नगर में प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की और आतिशबाजी के अवैध भंडारण पर छापा मारा यहाँ रिहायशी इलाके में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण कर लोगों को जोखिम में डालने का काम किया जा रहा था. यहाँ से लाखों की कीमत के पटाखे जप्त किये गए दीपावली को लेकर अवैध पटाखों का भंडारण किया गया था.
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राजगढ़: मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में डेंगू और अन्य गंभीर बीमारी के मरीज निकलने के बाद एक बार फिर से कोरोना ने दस्तक दी है. जिसकी पुष्टि जिला अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉक्टर सुधीर कलावत ने की है. साथ ही उन्होंने कहा कि, ''कोरोना की जांच पूरे एमपी में बंद है, लेकिन सीटी स्कैन के माध्यम से इसकी पुष्टि की गई है.'' आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में एक बार फिर कोरोना ने दस्तक दी है. बीते वर्षों में दुनिया भर में तबाही मचा रहे कोरोना का एक बार फिर से डरावना रूप नजर आ रहा है. कोरोना जांच मध्यप्रदेश में बंद मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में डेंगू, चिकनगुनिया के बीच एक मरीज में कोरोना के लक्षण दिखाई दिए हैं. पेशेंट का जिला अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है. डॉक्टर के मुताबिक कोरोना जांच मध्यप्रदेश में कहीं पर भी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह से कोविड है. वहीं राजगढ़ के जिला अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों की जांच की बात भी सामने आई है. युवक में मिले कोविड के लक्ष्ण राजगढ़ जिला चिकित्सालय में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉक्टर सुधीर कलावत ने कहा कि, ''राजगढ़ में निवास करने वाला एक मरीज लगभग दो दिन पहले आया था. उस समय वह ज्यादा गंभीर नहीं था, लेकिन उसके लंग्स में लगातार इंफेक्शन बढ़ रहा था. सीटी स्कैन के माध्यम से मरीज में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई है. फिलहाल मरीज राजगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती है, लेकिन आगामी दिनों में उसे भोपाल या इंदौर के किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया जा सकता है.'' कोरोना के पेशेन्ट मिलने से स्वास्थ महकमे में हड़कंप मचा हुआ है.
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शहर के होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में गंदगी के बीच भोजन बनाया जा रहा है। यह खुलासा लगातार खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा किए जा रहे निरीक्षण के दौरान हो रहा है। टीम ने शुक्रवार को आईएसबीटी परिसर में स्थित फ्रेशरूम कैफे एंड रेस्टारेंट के रसोईघर का निरीक्षण किया तो पाया कि गंदगी के बीच खाना बनाया जा रहा था। साथ ही रसोईघर में खाद्य सामग्रियों के आसपास कॉकरोच घूम रहे थे। इसके बाद प्रशासन ने रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार होटल, ढाबों, रेस्टोरेंट में स्वच्छता के बीच भोजन निर्माण किया जाना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विभाग की टीम ने शुक्रवार को आईएसबीटी स्थित छह रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया। इस दौरान फ्रेशरूम रेस्टोरेंट के रसोईघर सहित अन्य क्षेत्रों में कॉकरोच मिले थे। इस वजह से रेस्टोरेंट का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। वहीं अन्नपूर्णा रेस्टोरेंट से बेसन का नमूना लेकर जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। नमकीन निर्माण व विक्रय केंद्रों का किया निरीक्षण दीपावली के मद्देनजर खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को नमकीन कारखानों व विक्रय केंद्रों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान काली परेड स्थित कुंदन नमकीन, गणेश नमकीन बरखेड़ा पठानी, न्यू कबाड़खाना स्थित डीएसपी नमकीन पर पहुंचकर स्वच्छता सहित अन्य व्यवस्थाएं देखी। खाद्य निरीक्षक देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि कारखानों में उपयोग होने वाले घटक पदार्थों व उत्पादों की गुणवत्ता की जांच करने के लिए बेसन, खाद्य तेल, मसाले और नमकीनों के कुल 22 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हनुमानगंज में पकड़ाया डेढ़ क्विंटल चीज एनालॉग निकला शुद्ध उधर, हनुमानगंज थाना क्षेत्र में बीते शनिवार पकड़ाया डेढ़ क्विंटल चीज एनालॉग शुद्ध (पनीर का विकल्प) शुद्ध निकला है। खाद्य सुरक्ष प्रशासन ने बीते शुक्रवार और शनिवार को डेढ़- डेढ़ क्विंटल पनीर जब्त किया था। दरअसल दोनों ही पनीर का विकल्प चीज एनालॉग था लेकिन शुक्रवार को जो नमूने लिए गए थे, वे पनीर के नाम से लिए गए थे। बुधवार को आई जांच रिपोर्ट में यह अमानक साबित हुए थे। जबकि शनिवार को नमूने चीज एनालॉग के नाम से लिए गए थे, जांच भी इसके पैरामीटर से की गई, जिसमें यह पास हो गए हैं। अब जल्द ही व्यापारियों को यह चीज एनालॉग वापस किया जाएगा।
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बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष और छतरपुर विधायक ललिता यादव ने बुंदेलखंडी दशहरे की दस दिनी परम्परा निभाती नजर आईं. ललिता यादव कार्यकर्ताओं के साथ बाजार मे पान लेकर निकलीं और सभी को पान खिलाया. बुंदेलखंड की परंपरा में दशहरा का त्यौहार दस दिन तक मनाया जाता है ,ऐसी परंपरा का निर्वाह करने बीजेपी की प्रदेश उपाध्यक्ष और छतरपुर विधायक ललिता यादव निकल पडी बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ बाजार मे उनके हाथ मे था बुंदेलखंड का प्रसिद्ध पान जिसे उन्होंने दशहरा के उपलक्ष्य मे व्यापारियों और आम आदमियों को खिलाकर उनका मुंह मीठा करवाया ऐसा वह बषोँ से कर रही है. उनका कहना है ऐसा करने से लोगो को अपने जनप्रतिनिधि को अपने बीच पाकर ख़ुशी होती
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एक बच्ची को बचाने में एक बस दुर्घटना ग्रस्त हो गई. इस हादसे के बाद बच्ची सुरक्षित है लेकिन बस के पेड़ से टकरा जाने के कारण कई बस में सवार लोग घायल हो गए. महोबा से नौगांव आ रही थी शिवकुमार ट्रेवल्स की बस एक बच्ची को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित हो कर पेड़ से टकरा गई. इस घटना में बस में सवार यात्रियों को चोटें आई है. मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन ने एंबुलेंस की सहायता से घायलों को नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया. ये हादसा जीसीएम कॉन्वेंट स्कूल के पास बच्ची को बचाने के चक्कर में हुआ. बस में 55 यात्री सवार थे.
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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दुर्गा विसर्जन के दौरान डीजे की धुन पर नाच रहा एक 13 वर्षीय बालक अचानक बेसुध होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। घटना 14 अक्टूबर, सोमवार शाम की बताई जा रही है। बालक की पहचान समर बिल्लौरे के रूप में हुई है। वह सेंट जोसफ स्कूल में पांचवीं का छात्र था। बताया जा रहा है कि समर डीजे पर बज रहे गाने की धुन पर नाच रहा था। डीजे के तीव्र साउंड में डांस करते-करते अचानक वह बेसुध होकर गिर पड़ा। स्वजन तुरंत उसे नर्मदा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने चेक करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मां चिल्लाती रही, किसी ने नहीं सुना बच्चे के स्वजन ने पीएम करवाए बिना अगले दिन उसका अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में उन्होंने दावा किया कि समर की मौत डीजे की तेज आवाज से हुई है। उनका कहना है कि डीजे की आवाज पहले कम थी। जैसे ही उसका साउंड तेज हुआ, समर बेहोश हो गया। यह देख मां मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन डीजे वाले ने साउंड कम नहीं किया। स्वजन बच्चे को नजदीकी अस्पताल लेकर गए, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। समर के बड़े भाई अमर बिल्लौरे का कहना है कि उस दौरान डीजे में करंट फैलने की शिकायत भी आई थी। पुलिस तक नहीं पहुंचा मामला बहरहाल पुलिस ने बताया कि उन्हें अस्पताल और परिवार की ओर से बच्चे की मौत की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। वहीं इस मामले में डॉक्टर का कहना है कि बच्चे को जब अस्पताल लाया गया तो उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार वालों ने पोस्टमार्टम नहीं कराया है। इसलिए इस मामले में कुछ कहा नहीं जा सकता। मृतक की मां क्षमा बिल्लौरे का कहना है कि बच्चे को हृदय संबंधी समस्या थी, लेकिन फिलहाल वह पूरी तरह स्वस्थ था। डीजे की तेज आवाज की वजह से उसकी जान गई है।
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पुलिसकर्मि से मारपीट के मामले ने तूल पकड़ा लिया है, चौरसिया समाज ने निष्पक्ष जांच को लेकर एसपी को ज्ञापन सौपा है. पुलिसकर्मी पर नशे में होने का आरोप लगाया गया है. आपको बता दे की मैंहर में बीते दिनों चल समारोह के दौरान पुलिसकर्मी के साथ भाजपा नेता ने मारपीट की थी. जिसके बाद से पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे शहर में परेड निकाला था. आज इसी मामले पर निष्पक्ष जांच की मांग की लेकर मैहर के चौरसिया समाज ने आरोपी अरुण चौरसिया के पक्ष में मैहर एसपी सुधीर अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा। लोगो ने बताया कि पुलिसकर्मी नशे की हालत में धुत्त था. सामने से आमजन को गाली गलौज कर रहा था. जिस वजह से वहां हाथापाई हुई इस मामले पर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस वाले पर भी कार्यवाही की मांग की है।
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मंगलवार शाम को निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर एक यात्री ने शराब के नशे में आकर चिल्लाना शुरू कर दिया कि "ट्रेन में बम है," जिससे हड़कंप मच गया। सिवनी से फिरोजपुर कैंट जंक्शन जाने वाली 14623 पातालकोट एक्सप्रेस में इस सूचना के बाद सुरक्षा बलों ने तुरंत कार्रवाई की। यात्री की सूचना के बाद जीआरपी ने ट्रेन को रोका और पूरे ट्रेन की जांच की, लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला। बताया गया है कि यह यात्री शराब के नशे में था और अचानक बम की बात करने लगा। पातालकोट एक्सप्रेस प्रतिदिन शाम 6:10 बजे भोपाल स्टेशन पर पहुंचती है और मंगलवार को यह 6:19 बजे निशातपुरा स्टेशन पर पहुंची थी। जब टीसी को बम की सूचना मिली, तो उन्होंने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित किया और ट्रेन को रोक दिया। आरपीएफ की टीम के साथ मिलकर पूरी ट्रेन की सघन जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। जांच के बाद ट्रेन को भोपाल की ओर आगे बढ़ने की अनुमति दी गई, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली। इस घटना के चलते निशातपुरा से गुजरने वाली लगभग 19 ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ। इनमें डॉ. आंबेडकर नगर प्रयागराज एक्सप्रेस 10 मिनट, दक्षिण सुपरफास्ट एक्सप्रेस 31 मिनट, मुंबई एलटीटी अयोध्या एक्सप्रेस 75 मिनट, डॉ. आंबेडकर नगर श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल 15 मिनट, भोपाल जोधपुर एक्सप्रेस 60 मिनट, और जन साधारण एक्सप्रेस 92 मिनट लेट हुईं। आरपीएफ ने अफवाह फैलाने वाले यात्री को हिरासत में ले लिया है।
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अतिथि विद्वान शिक्षक अब अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने जा रहे हैं. सरकार से उनकी एक ही मांग है कि सरकार उन्हें नियमित करें. इसी भाजपा सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि विद्वानों से महापंचायत लगाकर यह वादा किया था कि उन्हें नियमित किया जाएगा. अपनी नियमिति कारण की मांग को लेकर अतिथि विद्वान लगातार सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.इसी कड़ी में आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन भोपाल के नीलम पार्क में किया गया. अतिथि विद्वान शिक्षकों के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह भदोरिया ने बताया कि.हमारी केवल एक मांग है कि हमें नियमित किया जाए और तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमसे पंचायत में है वादा किया था कि वह हमें नियमित कारण करेंगे. आज दिनांक तक हमें नियमित नहीं किया गया है. धरना प्रदर्शन कर हम सरकार को उनका वादा याद दिला रहे हैं.सुरजीत सिंह भदोरिया ने कहा कि अतिथि विद्वानों से सरकार ने वादा खिलाफी की है.अतः सरकार से अनुरोध करते हैं कि वह हमें नियमित करें क्योंकि मध्य प्रदेश के अतिथि विद्वानों का भविष्य अंधकार में है.
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एम पुजारी हनुमान जी की मूर्ति लेकर जनसुनवाई में पहुँच गए. पुजारी ने प्रशासन को बताया की मंदिर की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है. मंदिर की जमीन को कब्जे से मुक्त करवाया जाए. छतरपुर मे जनसुनवाई मे उस समय अजीब स्थिति बन गई ,जब एक पुजारी गोदी मे हनुमानजी की मूतिँ लेकर पहुंच गया. एसपी और कलेक्टर के पास आवेदन देकर उसने बताया कि नौगांव तहसील के कुलवारा गांव के मंदिर की जमीन पर दबंग लोग कब्जा करे है ,इसके लिये उसने सिविल न्यायालय मे कैस दायर किया ,जिसका फैसला 2022 मे आया था तब से अब तक सिविल न्यायालय के फैसला उसके पक्ष मे आने के बाद उसे उस जमीन पर कब्जा नही मिल पाया है. जिस मंदिर पर हनुमानजी की मूतिँ बिराजना है, इस लिये वह हनुमानजी को साथ लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, पुजारी के आवेदन पर एडीएम ने संबधित एसडीएम से बात कर इस मामले को तत्काल निराकरण करने का आदेश दिया है.
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छतरपुर से अपराध जगत से जुडी दो खबरे हैं. एक तो गुंडे बदमाश दहशत पैदा करने के लिए अवैध हथियारों के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं . ऐसा ही एक वीडियो फिर सामने आया है. दूसरा दबंगों ने अपने रसूख की दम पर कुछ लोगों की लाठी डंडों से पिटाई लगाईं. पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है . छतरपुर मे अवैध हथियारों के साथ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया मे जमकर वायरल हो रहा है. लोगो में दहशत फैलाने की मंशा से युवक सोशल मीडिया पर अवैध हथियार के साथ वीडियो पोस्ट कर लोगो में दहशत फैला रहा है. महाराजपुर क्षेत्र का युवक अवैध देशी कट्टा के साथ दिखाई दे रहा है छोटू पटैरिया नाम के युवक ने यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेट फार्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है. वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने जांच के आदेश दे दिये हैं. पुरानी रंजिश को लेकर लवकुश नगर थाना क्षेत्र के परसानिया में लाठी डंडे चले. हाथ में लाठी डंडा लिए मारपीट का वीडियो वायरल हो रहा है. पांच लोगों के साथ दबंगों ने जमकर मारपीट की. मारपीट करने वालों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. मारपीट में तीन लोगों की हालत गंभीर हो गई है. दबंगो पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पीड़ितों ने एसपी को आवेदन दिया है
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तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम का हिस्सा नहीं होंगे. भारतीय टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने तेज गेंदबाज की फिटनेस पर बड़ा अपडेट दिया है. रोहित ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट से पहले बेंगलुरु में कहा कि वे चोटिल शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं ले जा सकते हैं. 37 साल के भारतीय कप्तान ने शमी की फिटनेस पर पूछे गए सवाल पर कहा- 'ऑस्ट्रेलिया सीरीज के लिए शमी को लेकर फैसला करना मुश्किल है. उनके घुटनों में सूजन है, जिसके कारण वे थोड़ा पिछड़ गए हैं और उन्हें दोबारा शुरू करना होगा. हम शमी को ऑस्ट्रेलिया नहीं ले जाना चाहते. भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा, जिसे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के नाम से भी जाना जाता है, 22 नवंबर से शुरू हो रहा है. टीम इंडिया को इस बार ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 5 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है. मोहम्मद शमी पिछले साल भारत की मेजबानी में आयोजित वनडे वर्ल्ड कप 2023 के दौरान चोटिल हुए थे. उन्होंने आखिरी इंटरनेशनल मैच अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. यह वर्ल्ड कप कप फाइनल मुकाबला था.
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भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष और पार्षद पति अरुण चौरसिया ने नशे की हालत में एक पुलिस वाले से मारपीट की और पुलिस को सबक सिखाने की धमकी दी. इसके बाद पुलिस ने भाजपा नेता की हेकड़ी निकल दी और उसका जुलूस निकाल दिया. मध्य प्रदेश के मैहर में एक बार फिर खादी के आगे खाकी शर्म सार हो गई है. एक पार्षद पति व भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अरुण चौरसिया की गुंडागर्दी का एक ऐसा वीडियो सामने आया है जो भाजपा की रीती नीति से मेल ही नहीं खाता है. बताते हैं नशे में धुत्त पार्षद पति और बी जे पी मंडल के उपाध्यक्ष ने पुलिस कर्मी पर ही हांथ साफ कर दिया. दरसल मामला दुर्गा प्रतिमा के चल समारोह के दौरान का है. जब वार्ड नंबर 12 की निर्दलीय पार्षद अर्चना चौरसिया के पति को उस समय गुस्सा आ गया जब वो चल समारोह में मदहोश होकर नाच रहे थे तभी ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी गुड्डू यादव ने उन्हें चल समारोह आगे बढ़ाने को कहा तो पार्षद पति को यह बात नागवार लगी और वो भड़क गया उसने पुलिस कर्मी को थप्पड़ रसीद कर दिया. पूरे घटना क्रम पर पुलिस ने 24 घंटे बाद तब संज्ञान लिया जब घटना क्रम का वीडियो शोसल मीडिया पर वायरल हुआ. हालाकि पुलिस ने आनन फानन में आरोपी पार्षद पति एवम बी जे पी मंडल के उपाध्यक्ष अरुण चौरसिया को गिरफ्तार कर उसका जुलूस भी निकाला. इस घटना क्रम ने साबित कर दिया है कि मध्य प्रदेश में खादी के आगे जब खाकी अपनी सुरक्षा नहीं कर पा रही तो ऐसे नेता आम लोगों का क्या हाल करते होंगे.
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छतरपुर में एक पाइप बनाने वाले कारखाने पर लीगल एक्शन लिया गया. बताते हैं इस कम्पनी पर बड़े ब्रांड के पाइप का डुप्लीकेट पाइप बनाने का आरोप है पीवीसी पाईप बनाने की फैक्ट्री पर एक बड़े ब्रांड की कंपनी की लीगल टीम ने कार्यवाही की कोर्ट के आदेश पर यह कार्यवाही की गई. ब्रांडेड कंपनी के हुबहू पाईप बनाने पर कोर्ट ने रोक लगाईं है. फैक्ट्री मालिक का आरोप किसी तरह का कोई डुप्लीकेट पाईप नहीं बनाया जा रहा. मेरे पास पाईप बनाने के पूरे है दस्तावेज है. जबकि ब्रांडेड कंपनी की लीगल टीम ने कोर्ट के आदेश पर कथित पाईप बनाने पर रोक लगाईं है और स्टाक को भी सील करवा दिया है.
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यह खबर मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला को जरूर देखना चाहिए क्योंकि मध्यप्रदेश में गरीबों को मुक्त इलाज देने के सरकारी दावे खोखले साबित हो रहे हैं. मात्र 5 रुपए नहीं होने पर एक बीमार माँ - बेटी को अस्पताल से बिना इलाज के लौटना पड़ा. राजेंद्र शुक्ला जी आप स्वास्थ्य मंत्री होने के साथ मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी हैं इसलिए गरीब गुरबों से जुड़ी ये खबर आपको समर्पित है. गरीब आदिवासी वर्ग के लोगों को सरकारी अस्पतालों में निशुल्क इलाज देने का दावा करने वाली आपकी सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं. पर्ची बनवाने के बाद 5 रूपए कम होने पर एक मां बेटी को बगैर इलाज अस्पताल से वापस घर लौटना पड़ा. मंत्री जी आप और आपके जिम्मेदार लोग जांच कराने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं और स्वास्थ्य सेवाएं भगवान् भरोसे नजर आती हैं. यह मामला देवास जिले के नेमावर आयुष्मान आरोग्य केंद्र का है. जहां एक मां उसका ओर उसकी मासूम बेटी का इलाज करने के लिए 20 रूपए लेकर घर से सरकारी अस्पताल पहुंची थी. जहां मां ने अपनी ओर बेटी के नाम पर इलाज के लिए पर्ची काउंटर पर लाइन मैं लगकर पर्ची बनवाली, जब पैसे देने का नंबर आया तो उनके पास मात्र 15 रूपए ही निकले, ₹5 का सिक्का रास्ते में कहीं गिर गया था. 5 रूपए कम होने की बात पर काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने गरीबों का मजाक उड़ाते हुए मां को खरी खोटी बातें सुना कर उसको अपमानित किया. जिसके चलते मां अपनी बेटी के साथ सरकारी अस्पताल से वापस घर लौट गई. मंत्री जी आपके विभाग के क्या हाल है ये आप अच्छे से जानते हैं इस संबंध में जब अस्पताल के डॉ राहुल से बात की तो उनका कहना था कि पर्ची वाला मामला उनके संज्ञान में भी आया है. मंत्री जी आपके सरकारी अस्पतालों में रोगी कल्याण समिति के नाम पर पर्ची का खेल लंबे समय से चल रहा है जिस पर सरकार के नुमाइंदों का भी कोई ध्यान नहीं. जिसके चलते गरीब ,ग्रामीण आदिवासी लोगों को सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए ₹10 देकर इलाज करवाना पड़ रहा है. पैसे के अभाव में कई गरीब लोगों को बगैर इलाज ही अस्पताल से वापस घर भेज दिया जाता है.
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जबलपुर के कटंगी थाना क्षेत्र में एक युवक की हत्या के पीछे उसके गांव का एक अन्य युवक था, जिसने हत्या के लिए दोस्ती करके धोखे से युवक को मौत के घाट उतार दिया। आठ दिन तक खोजबीन करता रहा। पूछताछ करने पर आरोपित ने किया जुर्म कबूल पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और काल डिटेल की मदद से आरोपित की पहचान कर ली। पूछताछ करने पर आरोपित ने जुर्म भी कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपित युवक ने बताया कि बहन पर बुरी नजर रखने की वजह से ही उसने हत्या को अंजाम दिया। तालाब में अरूण लोधी 20 साल की लाश मिली थी कटंगी के थूहा पड़रिया गांव में 9 अक्टूबर को तालाब में अरूण लोधी 20 साल की लाश मिली थी। अरूण पिछले एक अक्टूबर से लापता था। पुलिस ने इस मामले में आनंद सिंह 19 साल को गिरफ्तार किया है। आनंद और अरूण दोस्त थे। दोस्ती कर ली तो वह उसके साथ घुल मिल गया आरोपित ने बताया कि अरूण लोधी उसकी बहन पर बुरी नजर रखता था। यह बात उसे पता लगी तो वह इसका बदला लेने के इरादे से अरूण लोधी से दोस्ती कर ली। वह उसके साथ घुल मिल गया। फ्री फायर गेम खेला, तीनों गांव में घूमने निकल गए एक अक्टूबर को फ्री फायर गेम खेलने के बहान आनंद ने अरूण को बुलाया। करीब आधा घंटा गेम खेलने के बाद तीन दोस्त आनंद, अरुण और राघवेंद्र रोज की तरह गांव के चबूतरे पर बैठे थे। आधा घंटा फ्री फायर गेम खेला। इसके बाद तीनों गांव में घूमने निकल गए। जबलपुर में गर्लफ्रेंड से फोन पर कुछ देर बात की रात 9.30 बजे तीनों उसी चबूतरे पर लौटे। राघवेंद्र और अरुण घर चले गए। जबकि आनंद ने जबलपुर निवासी अपनी गर्लफ्रेंड से फोन पर कुछ देर बात की। फिर अरुण को फोन किया। कहा- एक बार और फ्री फायर गेम खेल लेते हैं। रात 10 बजे चुके थे। सिर पर लोहे का पाना मारा, तालाब में धक्का दे दिया गेम खेलने के बाद दोनों टहलते हुए तालाब के पास पहुंचे। आसपास घना अंधेरा था। इसका फायदा उठाते हुए आनंद ने अचानक अरुण के सिर पर लोहे का पाना मार दिया। यह पाना आनंद ने पहले ही अपने पास रखा था। हमले के बाद उसे तालाब में धक्का दे दिया। हत्या करने के बाद आनंद घर आकर सो गया घटना के दूसरे दिन अरूण के स्वजन ने कटंगी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। आनंद भी स्वजन के साथ अपने दोस्त की तलाश में जुटा रहा। आठ दिन बाद 9 अक्टूबर को तालाब में अरूण का शव मिला। अरूण के गायब होने के बाद माेबाइल भी बंद पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि अरूण के गायब होने के बाद से उसका माेबाइल भी बंद है। पुलिस ने लोकेशन और काल डिटेल निकलवाई। जिसमें आनंद और अरूण के बीच बातचीत होना पाया गया। बहन के आने-जाने पर पीछा किया करता था पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो आरोपित टूट गया और उसने जुर्म कबूल कर लिया। आनंद ने बताया कि उसकी छोटी बहन पर अरूण की नजर थी वह उसके आने-जाने पर पीछा किया करता था। इस बात से नाराज होकर आनंद ने अरूण को ठिकाने लगाने का मन बनाया।
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कंचन नदी में दुर्गा प्रतिमा मूर्ति विसर्जन के दौरान हादसा हो गया इस हादसे में एक युवक की पानी में डूबने से मौत हो गई. मौके पर पहुंचे विधायक राजेंद्र मेश्राम ने पीड़ित परिवार को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया है. दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक युवक के पानी में डूबने की जानकारी देवसर विधानसभा के विधायक राजेंद्र मेश्राम को मिली तो उन्होंने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई, देवरी में कंचन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान चंद्रकांत दुबे अचानक पानी में डूब गया. विधायक ने एसपी सिंगरौली से आनन फानन में हर संभव मदद की बात कही. पुलिस एनडीआरएफ की टीम एवं विधायक देवसर तत्काल मौके पर पहुंचे. तब तक युवक की पानी में डूबने से हुई मौत हो गई थी. ऐसे में विधायक राजेंद्र मेश्राम पीड़ित परिजनों के साथ खड़े नहर आये और उन्हें हर सम्भव मदद का आश्वासन दिया.
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मैंहर में धारदार हथियार से एक युवक ने अपना ही गला रेत कर आत्महत्या करने की कोशिश की. ये युवक घरेलू विवाद से परेशान बताया जा रहा था. अमरपाटन थाना क्षेत्र में घरेलू कारणों से यूवक ने चाकू से अपना गला रेत लिया. आत्महत्या की कोशिश के बाद परीजन गंभीर अवस्था में युवक को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे. घटना की जानकारी लगते ही सिविल अस्पताल पुलिस ने युवक से पूछताछ की युवक हालाँकि अभी ज्याद कुछ नहीं बता पाया है ,लेकिन वो घरेलू विवादों से परेशान था.
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विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 9 रन से हरा दिया. इसी के साथ टीम इंडिया के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं. टीम 4 में से 2 ही मैच जीत सकी है. अब अगर पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हरा दिया, तभी टीम इंडिया सेमीफाइनल खेल पाएगी. शारजाह में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी. ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 151 रन बनाए. टीम से ताहलिया मैक्ग्रा ने 40 रन बनाए. जवाब में टीम इंडिया 9 विकेट खोकर 142 रन ही बना सकी. कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 47 गेंद पर 54 रन बनाए. बाकी बैटर्स कुछ खास नहीं कर सकीं. हरमनप्रीत कौर 20वें ओवर तक नॉटआउट रहीं, लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सकीं. आखिरी ओवर में भारत 14 रन चाहिए थे, टीम 6 गेंद पर 4 ही रन बना सकी और 4 विकेट गंवा दिए. एनाबेल सदरलैंड ने 2 विकेट लिए, जबकि 2 बैटर्स रनआउट हुईं. यहां दूसरी गेंद पर पूजा वस्त्राकर को एनाबेल सदरलैंड ने बोल्ड कर दिया. तीसरी गेंद पर अरुंधति रेड्डी रनआउट हो गईं. पांचवीं बॉल वाइड रही, इस पर श्रेयांका पाटिल रनआउट हो गईं. अगली बॉल पर राधा यादव LBW हो गईं. वस्त्राकर ने 9 रन बनाए, जबकि बाकी 3 बैटर्स खाता भी नहीं खोल सकी.
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सिंगरौली में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की मौजूदगी में रामलीला के मंचन के साथ रावण का वध किया गया. इसके बाद बुराई के प्रतीक रावण के पुतले का दहन किया गया. सिंगरौली में प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच राजमाता चुनकुमारी स्टेडियम में भगवान राम की पूजा अर्चना के बाद 45 फिट के रावण के पुतले का दहन किया गया. ऐसे में जय श्री राम के नारे से पूरा स्टेडियम गूंज उठा रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद शर्मा जो पेशे से एक पुलिस कर्मी है रावण का किरदार निभाने के लिए उन्होंने स्पेशली छुट्टी लेकर रावण का किरदार निभाया. उन्होंने जनता जनार्दन का आभार व्यक्त किया. संयुक्त व्यापार मंडल अध्यक्ष राजाराम केशरी ने जिला प्रशासन नगर निगम और यहाँ की जनता को आभार व्यक्त किया की सबने इस आयोजन में अपना योगदान दिया.
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छतरपुर के बडामलेहरा मे काग्रेस नेता के होटल में युवक की संदिग्ध मौत पर बबाल मच गया. यह युवक किसी युवती के साथ होटल में ठहरा था. युवक के परिजनों ने युवक की ह्त्या किये जाने का आरोप लगाया है. ब्लॉक कॉंग्रेस अध्यक्ष राजकुमार सिंह टिंकू चौहान के आयुष होटल में युवती के साथ ठहरे शादीशुदा युवक की संदिग्ध हालत मे मौत हो गई, जिसको लेकर मृतक के परिजनों ने हत्या के आरोप लगाते हुये लगभग दो घण्टे जाम भी लगाया. ग्राम सिरोंज निवासी अरविंद सिंह एक युवती के साथ बड़ामलहरा ब्लॉक कॉंग्रेस अध्यक्ष राजकुमार सिंह टिंकू चौहान के आयुष होटल के कमरा नंबर 3 में ठहरा था. जहाँ उसकी संदिग्ध हालत में मौत हो गयी. जिसे राजकुमार सिंह ने अस्पताल भेजा और वहाँ से भाग खड़ा हुआ. मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी लगते ही टिंकू चौहान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों ने अस्पताल के बाहर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया. पुलिस ने मर्ग कायम कर युवती के बयान पर मामले की तहकीकात शरू कर दी है.
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स्पा सेंटर के दो मैनजर पैसे के लेनदेन को लेकर आपस में भीड़ गए. इनका झगड़ा इतना बढ़ गया कि एक मैनेजर ने दूसरे को तवे से मार मार कर उसकी जान ले ली. पुलिस ने इस मामले का खुलासा किया है. बिलौंजी स्पा सेंटर में 12 घंटे पहले हुई मैनेजर की हत्या का पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता ने किया खुलासा कर दिया है. उन्होंने बताया मृतक व आरोपी दोनों अंजली स्पा सेंटर के अलग अलग सेंटरों बैढ़न व विंध्य नगर के मैनेजर है. अंजलि स्पा सेंटर के संचालक का फोन आया उसी बात को लेकर दोनों मैनेजरों के बीच पैसे के हिसाब किताब को लेकर विवाद इतना बढ़ा की आरोपी शिवम मिश्रा ने मृतक सिकंदर रविदास के ऊपर रोटी बनाने वाले तवे से ताबड़तोड़ प्रहार कर दिया. इस दौरान अंजलि स्पा सेंटर बिलौजी में कार्य कर रही लड़की ने बीच बचाव किया लेकिन आरोपी लगातार प्रहार करता रहा जिससे सिकंदर रविदास की मौत हो गई. इसके बाद आरोपी शिवम मिश्रा एक ऑटो से बैठकर बरगवां तरफ भागा जैसे ही पुलिस को सूचना मिली पुलिस ने चारों तरफ घेराबंदी की वही बरगवां से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
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अंततः खैरागढ़ रियासत के दिवंगत राजा देवव्रत सिह की पत्नी की मांग को छतीसगढ़ सरकार ने मान लिया और दशहरे से पूर्व उनके पति देवव्रत सिह की प्रतिमा का अनावरण करवा दिया. खैरागढ़ रियासत के राजा देवव्रत सिंह की प्रतिमा अनावरण के विवादित मामले को सरकार ने सुलझा दिया. दिवंगत राजा देवव्रत सिंह की पत्नी विभा सिंह ने मौजूदा सरकार से उनकी प्रतिमा की अनावरण की मांग की थी. अंतत सरकार ने उनकी मांग को मान लिया और दशहरा के पहले स्वर्गीय देवव्रत सिंह की मूर्ति का अनावरण किया गया. जिले के प्रभारी कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने राजा देवव्रत सिह की प्रतिमा का अनावरण किया ..इस दौरान सांसद संतोष पांडे एवं क्षेत्र के जनप्रतिनिधि मौजूद थे. विभा सिंह ने इस बात की खुशी जताई की उन्हें इस कार्यक्रम में सम्मान पूर्वक आमंत्रित किया गया। साथ ही उनकी बातों को महत्व देते हुए मौजूदा सरकार के द्वारा स्वर्गीय देवव्रत सिंह की मूर्ति का अनावरण किया गया.
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सिंगरौली पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता ने जयंत चौकी प्रभारी अभिषेक पांडे का दो महीने में ही तबादला कर दिया जिसकी खूब चर्चा है. एसपी का कहना है शिकायत के आधार पर एक्शन लिया गया है .लेकिन यह बात किसी के गले नहीं उतर रही. पुलिस अधीक्षक निवेदिता गुप्ता ने दो महीने में ही जयंत चौकी प्रभारी अभिषेक सिंह पांडे को हटा दिया. सोशल मीडिया में यह चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग तरह-तरह के सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर क्या वजह है जो पुलिस अधीक्षक ने इतनी जल्दी अभिषेक पांडे को जयंत चौकी से लाइन हाजिर कर दिया. इस बारे में पुलिस अधीक्षक से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी शिकायत थी. जन अन्य पुलिसवालों की शिकायत पर उनसे सवाल किया गया तो उनका कहना था. सबको हटाकर सभी थानों को थाना प्रभारी विहीन कर दें.
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छतरपुर में अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. एक बच्ची की कुए में फेंक कर ह्त्या कर दी गई. वहीँ पुलिस ने भेष बदलकर जुए की फड़ पर छापामार कार्यवाही कर जुआरियों को पकड़ा और शराब बनाने के एक अड्डे का भी खुलासा किया. छतरपुर से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. जहाँ 9 साल की नाबालिग बच्ची को गांव के ही एक व्यक्ति ने कुएं में फेंका कर उस पर तब तक पत्थर बरसाए जब तक बच्ची की मौत न हो गई. ये घटना राजनगर थाना क्षेत्र के देव कुलिया गांव की है. पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है. बच्ची नवरात्रि के मौके पर अपने चचेरे भाई के साथ देवी मंदिर दिया रखने जा रही थी. तब इस घटना को अंजाम दिया गाया. बच्ची के भाई ने आरोपी फांसी देने की मांग की है. इस वारदात के आरोपी गोवर्धन पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. छतरपुर जिले की नौगांव पुलिस ने जुआ की फड़ पर छापा मारा और आधा दर्जन से अधिक जुआरियों को गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसार झांसी खजुराहो नेशनल हाईवे पर भड़ार नदी के पुल के समीप एक जुआ के फड़ की सूचना पुलिस को मिली. पुलिस ने भेष बदलकर इस जुआ के फड़ की चारों तरफ से घेराबंदी की और दबिश दी. जहाँ 114000 नगद एक आल्टो कार दो मोटरसाइकिल समेत 6 लाख से अधिक का सामान जब्त कर पुलिस ने है 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया. बिजावर ब्लाक के ग्राम कंजरपुर, भरगावा में चल रहे शराब के अड्डे पर आबकारी पुलिस ने छापा मारा यहाँ से कच्ची शराब बनाने का जखीरा बरामद किया गया. 4000 kg महुआ लाहन और मदिरा निर्माण की भट्ठियों को मौके पर नष्ट किया गया. मदिरा निर्माण सामग्री की कीमत चार लाख रूपये से अधिक बताई गई है. यहाँ से कुछ शाराब तस्कर गायब हो गए और कुछ को पकड़ लिया गया है.
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नवरात्र में जगह-जगह पर विराजमान दुर्गा जी की प्रतिमाओं और पंडालों में श्रधालुओं की भीड़ है और जगह से माँ के जयकारे सुनाई दे रहे हैं. सिंगरौली विधायक राम निवास शाह दुर्गा पंडालो में पहुंचकर पूजा अर्चना की और सभी जिले वासियों से नवरात्रि पर्व की बधाई दी. विधायक शाह ने दुर्गा जी के प्रतिमा के समक्ष पहुंच कर पूजा अर्चना की तत्पश्चात प्रसाद वितरण का हुआ आयोजन हुआ. मां के दरबार में भंडारे का भी आयोजन किया गया.
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रॉयल एनफील्ड क्लासिक 650 को इसके लॉन्च से पहले कई बार देखा जा चुका है, और अब यह बाजार में आने के लिए तैयार है। इसे नवंबर 2024 में लॉन्च किया जा सकता है। इसका डिजाइन रेट्रो स्टाइल का होगा, जो इसे रॉयल एनफील्ड 650 ट्विन्स लाइनअप में एक नया सदस्य बनाता है। आइए जानते हैं कि Royal Enfield Classic 650 किन फीचर्स के साथ आ सकती है। Royal Enfield Classic 650: डिजाइन Classic 650 का डिज़ाइन काफी हद तक Classic 350 से मिलता-जुलता हो सकता है। इसमें गोल एलईडी हेडलाइट, टियरड्रॉप आकार का फ्यूल टैंक, त्रिकोणीय साइड पैनल और घुमावदार फेंडर शामिल होंगे। Royal Enfield Classic 650: कलर ऑप्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, रॉयल एनफील्ड क्लासिक 650 को दो कलर ऑप्शन में पेश किया जा सकता है: मैरून और क्रीम डुअल-टोन। ये कलर इसके विंटेज लुक को और भी बढ़ाएंगे। इसके अलावा, यह बाइक वायर स्पोक और अलॉय व्हील दोनों ऑप्शन में उपलब्ध हो सकती है, जो रेट्रो और आधुनिक डिजाइन का खूबसूरत संयोजन पेश करेंगे, जिसके लिए रॉयल एनफील्ड जानी जाती है।
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बीवाईडी ने 6 और 7 सीटर वर्जन के साथ नई इलेक्ट्रिक कार ईमैक्स 7 को लॉन्च कर दिया है. इंडिया में यह इलेक्ट्रिक कार दो वेरिएंट्स में खरीदने के लिए मिलेगी. परफॉर्मेंस की बात करें तो eMAX 7 महज 10.1 सेकेंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ सकती है. यहां जानें कि इसके स्पेसिफिकेशंस और फीचर्स कैसे हैं. वाईडी ने इंडिया में अपनी इलेक्ट्रिक कार लाइनअप को और मजबूत करते हुए eMAX 7 को लॉन्च किया है. यह एक नई इलेक्ट्रिक MPV कार है, जो खासतौर पर e6 का अपग्रेडेशन है. बीवाईडी ने लेटेस्ट इलेक्ट्रिक कार को दो वेरिएंट्स- प्रीमियम और सुपीरियर में पेश किया है. अगर आपकी फैमिली बड़ी है, तो ये इलेक्ट्रिक कार अच्छा ऑप्शन हो सकती है. इसमें 6 और 7 सीटर ऑप्शन मिलेंगे. eMAX 7 की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 26.9 लाख रुपये है, और इसकी सिंगल चार्ज 530 किलोमीटर है. भारत में इलेक्ट्रिक कार तो बहुत हैं, लेकिन eMAX 7 ज्यादा सीटों के साथ आती है. बिग फैमिली और ज्यादा पैसेंजर कैपेसिटी के साथ यह उन लोगों के लिए बेहतर ऑप्शन साबित हो सकती है, जो 5 से ज्यादा सीटों वाली इलेक्ट्रिक कार चाहते हैं. eMAX 7 इलेक्ट्रिक के फीचर्स, बैटरी और रेंज आदि के लिए जानकारी यहां पढ़ें. BYD eMAX 7: फीचर्स ईमैक्स7 एक थ्री-रो इलेक्ट्रिक एमपीवी है जिसे 6 या 7 सीटर ऑप्शन के साथ लॉन्च किया गया है. इसमें 12.8 इंच के इंफोटेनमेंट टचस्क्रीन के अलावा दो वायरलेस फोन चार्जिंग पैड, वेंटिलेटेड फीचर्स के साथ लेदरेट सीटें, नया ड्राइव नॉब, इलेक्ट्रिकली पावर्ड टेलगेट और 360 डिग्री कैमरा जैसे फीचर्स मिलते हैं. कार में हवा की बेहतर आवाजाही के के लिए पीछे की सीटों पर रूफ-माउंटेड वेंट्स हैं. BYD eMAX 7: बैटरी और रेंज eMAX7 दो बैटरी पैक ऑप्शन – 55.4 kWh और 71.8 kWh के साथ आती है. 71.8 kWh बैटरी पैक से लैस इलेक्ट्रिक कार एक बार फुल चार्ज होने पर 530 किलोमीटर की दूरी तय करेगी. इसमें डुअल मोटर सेट-अप है. 55.4 kWh बैटरी पैक वर्जन थोड़ा सस्ता है, जो एक बार फुल चार्ज होने पर 420 किलोमीटर की रेंज देगा. BYD eMAX 7: कीमत बीवाईडी ईमैक्स 7 इलेक्ट्रिक कार 8.6 सेकेंड में 0 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ सकती है. भारत में इस इलेक्ट्रिक कार की किसी दूसरी इलेक्ट्रिक कार से सीधा मुकाबला नहीं है. इसकी एक्स-शोरूम कीमत 26.9 लाख रुपये से शुरू होती है. ईमैक्स 7 के सबसे महंगे वर्जन की एक्स-शोरूम कीमत 29.9 लाख रुपये है.
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भोपाल: यूं तो पति-पत्नी में विवाद चल रहा है। यह विवाद इस कदर बढ़ा कि दोनों ने अलग-अलग होने के लिए कोर्ट में तलाक का केस लगा दिया। तलाक होता इससे पहले हुए एक कांड ने सनसनी फैला दी। यह मामला एमपी की राजधानी भोपाल से सामने आया है। भोपाल के अशोका गार्डन में एक पति ने अपनी ही पत्नी के साथ बलात्कार किया। जबकि दोनों के बीच तलाक का केस कोर्ट में चल रहा था। यही नहीं उसने पीड़िता को धमकाकर कई बार उसका शोषण भी किया। पुलिस ने एक्शन लेते हुए पति को पकड़ लिया है। हवसी पति ने नहीं छोड़ा पीछा घटना के बाद पीड़िता ने अशोका गार्डन पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है। 31 साल की पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति से अलग रह रही थी। पर वहां भी हवस के नशे में चूर उसके पति ने पीड़िता का पीछा नहीं छोड़ा। घर में अकेली थी उस दौरान आया हैवान 27 सितंबर को जब वह अपने घर में अकेली थी, तभी उसका पति अचानक आ धमका और उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपी पति ने उसके साथ कई बार जबरदस्ती की और लगातार उसका शारीरिक शोषण करता रहा। पुलिस आरोपी को पहुंचाया जेल महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।
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मैंहर में बिजली विभाग के अधिकारी को उपभोक्ता को धमकाना महंगा पड़ गया. जिसके बाद विभाग ने अधिकारी को निलंबित कर दिया गया. अधिकारी के निलंबन की वजह उपभोक्ता के साथ अभद्रता बताई जा रही है. जिले के अमरपाटन बिजली विभाग में पदस्थ अधिकारी प्रकाश चंद्र निगम का उपभोक्ता के साथ धमकी देने और गाली गलौज करने का एक ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. जिसके बाद विवादित अधिकारी को बिजली विभाग ने निलंबित कर दिया. आपको बता दे कि उपभोक्ता ने बिजली का बिल कम करने के लिए 10 हज़ार रूपए दिए थे. जब काम नहीं हुआ. तो उपभोक्ता बात करने पहुचा जिसके बाद साहब भड़क गए और धमकी सहित गाली दे लगे. हालांकि अब गालीबाज़ जेई को निलंबित कर दिया गया है. गौरतलब है. कि पहले भी जेई प्रकाश चंद्र निगम को वर्ष 2023 में लोकायुक्त ने 15 हज़ार की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था.
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भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड की टीम का ऐलान कर दिया है. 3 मैचों की सीरीज के लिए टॉम लैथम को कप्तान बनाया गया है. वे फुल टाइम कैप्टन बनने के बाद पहली बार टीम की कप्तानी करेंगे. टीम में मार्क चैपमैन को मौका दिया गया है, जबकि ईश सोढ़ी की दूसरे और तीसरे टेस्ट के लिए वापसी हुई है. वहीं, पूर्व कप्तान केन विलियमसन को चोटिल होने के बावजूद भी स्क्वॉड में शामिल किया गया है. इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच 3 टेस्ट की सीरीज 16 अक्टूबर से शुरू हो रही है. पहला मुकाबला बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा. गैरी स्टीड न्यूजीलैंड के कोचिंग स्टॉफ को लीड करेंगे. ल्यूक रोंची बैटिंग, जैकब ओरम बॉलिंग और रंगना हेराथ स्पिन बॉलिंग कोच हैं. ऑलराउंडर माइकल ब्रेसवेल को बेंगलुरु में 16 अक्टूबर से होने जा रहे पहले टेस्ट के लिए टीम का हिस्सा बनाया गया है.
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भारतीय बाजार में वाहनों की बिक्री में हर महीने उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे है और बीता सितंबर महीना अच्छा नहीं रहा। इसके बावजूद इस वित्त वर्ष, यानी 2024-25 की पहली छमाही में अप्रैल से लेकर सितंबर 2024 के दौरान वाहनों की बिक्री में ओवरऑव 6 फीसदी से ज्यादा की बिक्री हुई है। देश में वाहनों की खुदरा बिक्री सितंबर में कमजोर रहने के बावजूद मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 6 महीने में इसमें 6.55 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दरअसल, भारत के टियर 2 और टियर 3 सिटीज के साथ ही ग्रामीण इलाकों में वाहनों की मजबूत डिमांड की वजह से वाहनों की बिक्री में बीते 6 महीने में तेजी दिखी है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की हालिया रिपोर्ट देखें तो इस साल सितंबर में वाहनों की ओवरऑल बिक्री पिछले साल के समान महीने की तुलना में 9.26 फीसदी कम रही। सितंबर 2023 में कुल 18.99 लाख वाहन बिके थे, जबकि सितंबर 2024 में यह संख्या घटकर 17,23,330 यूनिट हो गई। बीते सितंबर में यात्री वाहनों में 18.81 फीसदी, कॉमर्शियल वाहनों में 10.45 फीसदी और दोपहिया वाहनों में 8.51 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। अप्रैल-सितंबर की अवधि में टू-व्हीलर्स की बिक्री में 9.08 फीसदी, थ्री-व्हीलर में 7.58 फीसदी और पैसेंजर वीइकल सेगमेंट 1.07 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, वाणिज्यिक वाहनों (CV) और ट्रैक्टर्स की बिक्री में क्रमशः 0.65 फीसदी और 8.82 फीसदी की गिरावट आई है। FADA के नए प्रेजिडेंट सी. एस. विग्नेश्वर का कहना है कि पितृपक्ष ने बिक्री को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया, जिससे अलग-अलग सेगमेंट में रिटेल सेल में सालाना रूप से गिरावट आई। उन्होंने कहा कि डिमांड बढ़ाने के लिए अलग-अलग सेगमेंट में डिस्काउंट और ऑफर पेश किए गए हैं, लेकिन इनसे बिक्री में अभी तक कोई सुधार नहीं हुआ है। आपको बता दें कि मॉनसून के दौरान सामान्य से 8 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई, जिससे कई क्षेत्रों में वाहनों की खुदरा बिक्री प्रभावित हुई। इसका मांग पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। फाडा की मानें तो ऑटोमोबाइल के खुदरा कारोबार के लिए आने वाला समय अच्छा है, क्योंकि नवरात्र और दिवाली दोनों एक ही महीने में पड़ते हैं और इससे वाहनों की बिक्री में तेजी की संभावना है। फेस्टिवल सीजन में दोपहिया, यात्री वाहनों, और ट्रैक्टरों की बिक्री में बढ़ोतरी की उम्मीद है। फाडा की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि डीलरशिप पर गाड़ियों का स्टॉक ज्यादा होने की वजह से पैसेंजर वीइकल सेगमेंट एक गंभीर स्थिति का सामना कर रहा है। अगर अक्टूबर में बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ती है तो डीलरों पर गोदामों में जमा हुए बिना बिके स्टॉक से वित्तीय दबाव बढ़ जाएगा। हालांकि डीलर और ओईएम त्योहार के मौसम में बिक्री तेज गोने की उम्मीद में हैं।
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आर्टिकल 34: भारतीय संविधान का सुरक्षा कवच भारत का संविधान विभिन्न आर्टिकल्स से बना है, जिनमें से आर्टिकल 34 महत्वपूर्ण है। यह आर्टिकल विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा और जनकल्याण से संबंधित है। "अगर कोई व्यक्ति किसी अधिनियम के अंतर्गत, किसी संवैधानिक या कानूनी प्रावधान के अनुसार, भारत के खिलाफ युद्ध करने या देश के किसी अन्य व्यक्ति के साथ घातक संलिप्तता में लिप्त होता है, तो उसे बिना किसी न्यायालय द्वारा बिना सुनवाई के मुआवजे के लिए उत्तरदायी ठहराया जाएगा।" आर्टिकल 34 का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। यह ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की अनुमति देता है, जहां समय की कमी होती है और तत्काल निर्णय आवश्यक होता है। इस आर्टिकल के तहत, सरकार आपातकालीन स्थितियों में कार्रवाई कर सकती है, जिससे जनहित सुरक्षित रहता है। यह आतंकवाद, दंगा या किसी अन्य आपातकालीन स्थिति में लागू किया जा सकता है। हालांकि, आर्टिकल 34 की आलोचना भी होती है। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन मानते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि इस प्रावधान का उपयोग केवल जनहित में किया जाए, न कि दुरुपयोग के लिए। आर्टिकल 34 भारतीय संविधान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और जनकल्याण की दृष्टि से आवश्यक है। इसका सही उपयोग ही इसे प्रभावी बनाता है।
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डॉ. आनंद सिंह राणा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की चर्चित मदरसा जामिया हबीबिया मस्जिदे आजम जाली नोट छाप जाने के मामले में जांच के दायरे में है। जांच के क्रम में मदरसा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। इस मदरसे में छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी कई किताबें मिली हैं। मदरसे के प्रिंसिपल मौलवी मोहम्मद तफसीरुल आरीफीन के कमरे में आरएसएस पर लिखी गई आपत्तिजनक किताबें और तस्वीरें मिलने पर मामला गंभीर हो गया है। मदरसे के प्रिंसिपल के कमरे से उर्दू भाषा में भड़काऊ साहित्य पाया गया। बरामद उर्दू साहित्य के अनुसार आरएसएस मुल्क में सबसे दहशतगर्द तंजीम है और बरामद किताब में आरएसएस के खिलाफ कई भड़काऊ लेख हैं, आरएसएस को किताब मे आतंकी संगठन बताया गया है। देश में हुए कई आतंकी घटनाओं का भी किताब में जिक्र किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस के रिटायर्ड मुस्लिम पुलिस आधिकारी ने इस भड़काऊ किताब को लिखा है। जांच एजेंसियां उर्दू साहित्य से जुड़ी किताब की भी पड़ताल कर रही हैं। इन किताबों के जरिए मदरसे के बच्चों का ब्रेनवॉश किया जाता था। यूपी में मदरसों के आतंकी कनेक्शन को लेकर अक्सर आरोप लगाते रहते हैं, लेकिन संगम नगरी प्रयागराज के एक मदरसे से ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जो हैरान कर देने वाला है। यह मदरसा नकली नोट छापने का कारखाना बना हुआ था। प्रयागराज पुलिस ने मदरसे से संचालित होने वाले नकली नोट छापने के गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। नकली नोट छापने का कारखाना बना यह मदरसा प्रयागराज शहर के अतरसुइया इलाके में स्थित है, मदरसे का नाम जामिया हबीबिया है,यहां बड़ी संख्या में छात्र तालीम हासिल करते हैं, मदरसे के एक हिस्से में मस्जिद भी है। दरअसल, मदरसे में 28 अगस्त को पुलिस ने छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान चौंकाने वाले खुलासे हुए, छापेमारी के दौरान पुलिस को सिर्फ जाली नोट और जाली नोट छापने की मशीन ही नहीं मिली थी, बल्कि पुलिस को कुछ आपत्तिजनक किताबें भी मिली हैं, न्यूज़ एजेंसियो को पुलिस छापेमारी के दौरान की एक्सक्लूसिव तस्वीरें मिली हैं।ऐसी ही एक किताब इस मदरसे में मिली, जिसमें आरएसएस के विरुद्ध बातें लिखी हुई हैं। ये किताब महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एसएम मुशर्रफ द्वारा लिखी गई है,जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र के रिटायर्ड आईजी मुशर्रफ ने मुंबई 26/11 को लेकर भी कई आपत्तिजनक किताबें लिखीं थीं, ये सभी किताबें ऑनलाइन भी बिक रही हैं। अब प्रश्न उठता है कि संघ को आतंकी संगठन बताते हुए लिखी इस किताब का मकसद क्या था? इसकी पुलिस जांच कर रही है, लेकिन सूत्रों की मानें तो इस मदरसे में पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार, झारखंड समेत कई राज्यों के नौजवान पढ़ने के लिए आते थे। ऐसे में संघ के विरुद्ध जहर घोलने वाले किताब की मदरसे से बरामदगी और मदरसे में जाली नोट की फैक्टरी का क्या कनेक्शन है, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, पुलिस ये जांच भी कर रही है कि क्या मदरसे में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स के दिमाग में संघ के विरुद्ध जहर तो नहीं भरा जा रहा था। पुलिस आरोपितों पर एनएसए लगाने की तैयारी में है। (लेखक, इतिहास के प्राध्यापक एवं इतिहास संकलन समिति के पदाधिकारी हैं।)
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इसे आप एक संयोग ही मान सकते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कहते हैं, "सुप्रीम कोर्ट ने सदैव राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। सुप्रीम कोर्ट के 75 वर्ष केवल एक संस्था की यात्रा नहीं है, यह भारत के संविधान और संवैधानिक मूल्यों की यात्रा है। इस यात्रा में संविधान निर्माताओं और न्यायपालिका के अनकों मनीषियों का महत्वपूर्ण योगदान है। इसमें उन करोड़ों देशवासियों का भी योगदान है, जिन्होंने हर परिस्थिति में न्यायपालिका पर अपना भरोसा अडिग रखा, इसलिए सुप्रीम कोर्ट के यह 75 वर्ष मदर ऑफ डेमोक्रेसी के गौरव को और बढ़ाते हैं। इसलिए इस अवसर में भी गर्व और प्रेरणा भी है। एक तरफ पीएम मोदी का यह उद्बोधन भारत के संविधान के प्रति विश्वास और अपनी न्यायप्रणाली विशेषकर उच्चतम न्यायालय एवं अन्य न्यायालयों के प्रति विश्वास व्यक्त कर रहा था तो दूसरी ओर बहुत समय बाद यह देखने में आया कि न्यायालय ने केंद्र की भाजपा सरकार के पिछले 10 वर्षों से किए जा रहे प्रयासों एवं मध्यप्रदेश सरकार समेत बाघ संरक्षण के लिये कार्य कर रहे अन्य राज्यों के प्रयासों और सफलता के लिये खुलकर उनकी सराहना की है। कहना होगा कि विश्व के 75 प्रतिशत बाघ भारत में हैं। देश में बाघों की संख्या वर्ष 2014 में 2226 से बढ़कर अब 3682 हो गई है। इसमें मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और महाराष्ट्र में बाघों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। बीच में जब बाघों की संख्या घट रही थी तो यह ना सिर्फ भारत के पर्यावरणविदों के लिए बल्कि दुनिया भर में जैव विविधता के प्रेमी और वैज्ञानिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गया था। उसके बाद जब 2014 में केंद्र में भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार आई, तब जिस तरह से विदेशी जैव वैज्ञानिकों के साथ भारत के वैज्ञानिकों ने मिलकर कार्य किया और वहीं राज्यों के स्तर पर जो कार्य वन विभागों के साथ मिलकर राज्यों के अन्य विभागों ने किया, यह उसी का परिणाम है जो आज एक अच्छी-खासी संख्या में भारत में बाघों की संख्या बढ़ सकी है। प्रधानमंत्री आज जब यह बोल रहे थे कि ‘‘आजादी के अमृतकाल में 140 करोड़ देशवासियों का एक ही सपना है- विकसित भारत, नया भारत। नया भारत यानी- सोच और संकल्प से एक आधुनिक भारत।’’ तब निश्चित ही उनके इस कथन में सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था, राजनीतिक तंत्र या प्रशासनिक व्यवस्था नहीं आती है। उसमें समग्रत से भारत का वह सभी कुछ समाहित हो जाता है, जिसके होने से भारत, भारत है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजीव खन्ना और पी वी संजय कुमार की बैंच का धन्यवाद है कि उन्होंने केन्द्र सरकार की सराहना करते हुए जैव विविधता की दृष्टि से बाघ संरक्षण, विकास और उनकी वृद्धि को "अच्छा कार्य" बताया है। वस्तुत: यह किसी सी छिपा नहीं है कि बाघों की पुनर्स्थापना का काम एक अत्यंत कठिन काम है, जोकि देश के अनेक राज्यों के बीच मध्य प्रदेश ने दिन-रात की मेहनत से किया जा रहा है । डॉ. मोहन यादव की सरकार इसके लिए हर संभव मदद अपने कर्मचारियों को उपलब्ध करा रही है। यदि महंगे से महंगे पशु चिकित्सक, बाघ विशेषज्ञ की जहां आवश्यकता होती है, उन्हें सरकार वहां पहुंचाने में जरा भी देरी नहीं करती। कहीं भी बाघ पर कोई संकट आता दिखता है, पूरा वन अमला उसकी सुरक्षा में जुटा हुआ दिखाई देता है । यही कारण है जो वर्ष 2006 से बाघों की संख्या का आंकड़ा बढ़ता दिखा, आगे यही वर्ष 2010 में बाघों की संख्या 257 तक पहुंच गया था । इसे बढ़ाने के लिए बाघों के उच्च स्तरीय संरक्षण और संवदेनशील प्रयास जरूरी थे। जिसके लिए मध्य प्रदेश में मानव और वन्यप्राणी संघर्ष के प्रभावी प्रबंधन के लिए 16 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड और हर जिले में जिला स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड बनाए गए। वन्यप्राणी अपराधों की जांच के लिए वन्यप्राणी अपराध की खोज में विशेषज्ञ 16 श्वान दलों का गठन किया गया। राज्य स्तरीय स्ट्राइक फोर्स ने पिछले आठ वर्षों में वन्यप्राणी अपराध करने वाले 550 अपराधियों को 14 राज्यों से गिरफ्तार किया गया । संरक्षित क्षेत्र के बाहर वन्यप्राणी प्रबंधन के लिए बजट की व्यवस्था की गई। वन्य प्राणी पर्यटन से होने वाली आय की स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी की एक नई शुरूआत हुई। प्रदेश में बाघों की संख्या बढ़ाने में राष्ट्रीय उदयानों के बेहतर प्रबंधन की मुख्य भूमिका है। राज्य शासन की सहायता से 50 से अधिक गाँवों का विस्थापन किया जाकर बहुत बड़ा भू-भाग जैविक दबाव से मुक्त कराया गया है। संरक्षित क्षेत्रों से गाँवों के विस्थापन के फलस्वरूप वन्य-प्राणियों के रहवास क्षेत्र का विस्तार हुआ है। कान्हा, पेंच, और कूनो पालपुर के कोर क्षेत्र से सभी गाँवों को विस्थापित किया जा चुका है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का 90 प्रतिशत से अधिक कोर क्षेत्र भी जैविक दबाव से मुक्त हो चुका है। मध्यप्रदेश ने टाइगर राज्य का दर्जा हासिल करने के साथ ही राष्ट्रीय उद्यानों और संरक्षित क्षेत्रों के प्रभावी प्रबंधन में भी देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। सतपुडा टाइगर रिजर्व को यूनेस्को की विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल किया गया है। वस्तुत: इस राज्य में बाघ प्रदेश बनने के चार मुख्य कारण आज ध्यान में आते हैं। पहला ग्रामों का वैज्ञानिक विस्थापन। वर्ष 2010 से 2022 तक टाइगर रिजर्व में बसे छोटे-छोटे 200 गांव को विस्थापित किया गया। सर्वाधिक 75 गांव सतपुड़ा टाइगर रिजर्व से बाहर किए गए। दूसरा है ट्रांसलोकेशन। कान्हा के बारहसिंगा, बायसन और वाइल्ड बोर का ट्रांसलोकेशन कर दूसरे टाइगर रिजर्व में उन्हें बसाया गया। इससे बाघ के लिए भोजन आधार बढ़ा। तीसरा है हैबिटेट विकास। जंगल के बीच में जो गांव और खेत खाली हुए वहां घास के मैदान और तालाब विकसित किए गए जिससे शाकाहारी जानवरों की संख्या बढ़ी और बाघ के लिए आहार भी उपलब्ध हुआ। सुरक्षा व्यवस्था में अभूतपूर्व बदलाव हुआ। पन्ना टाईगर रिज़र्व में ड्रोन से सर्वेक्षण और निगरानी रखी गई। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल कर अवैध शिकार को पूरी तरह से रोका गया। क्राइम इन्वेस्टीगेशन और पेट्रोलिंग में तकनीकी का इस्तेमाल बढ़ाया गया। इसका सबसे अच्छा उदाहरण पन्ना टाइगर रिजर्व है जिसका अपना ड्रोन स्क्वाड है। हर महीने इसके संचालन की मासिक कार्ययोजना तैयार की जाती है। इससे वन्य जीवों की लोकेशन खोजने, उनके बचाव करने, जंगल की आग का स्रोत पता लगाने और उसके प्रभाव की तत्काल जानकारी जुटाने, संभावित मानव और पशु संघर्ष के खतरे को टालने, वन्य जीव संरक्षण कानून का पालन करने में मदद मिल रही है। भारत सरकार की टाइगर रिज़र्व के प्रबंधन की प्रभावशीलता मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार पेंच टाइगर रिजर्व ने देश में सर्वोच्च रैंक हासिल की है। बांधवगढ़, कान्हा, संजय और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन वाले टाइगर रिजर्व माना गया है। इन राष्ट्रीय उद्यानों में अनुपम प्रबंधन योजनाओं और नवाचारी तरीकों को अपनाया गया है। अब यहां बाघ वृद्धि का सकारात्मक दृष्य देखकर कहना यही होगा कि देश के अन्य राज्यों के बीच मध्य प्रदेश के लिए सबसे अधिक खुशी की बात यह है कि यहां टाइगर रिजर्व के बाहर भी बाघों की संख्या बढ़ रही है और यह संख्या 526 से बढ़कर 785 तक जा पहुंची है जोकि देश के किसी भी राज्य की तुलना में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश के बाद कर्नाटक में 524 बाघों की संख्या है, वहीं, आज उत्तराखंड 442 बाघों के साथ तीसरे नंबर पर है । प्रदेश में चार-पांच सालों में 259 बाघ बढ़े हैं। इसके लिए पूर्व में मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान का तो धन्यवाद है ही साथ ही सबसे अधिक आभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का है, जिन्होंने पर्यावरण एवं जैववैविध्य को अपने अन्य कार्यों की प्राथमिकता की सूची में प्रमुखता से रखा है।
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फेमिनिस्टों और एमआरए (मेन्स राइट्स एक्टिविस्ट्स) के बीच टकराव विचारधाराओं के संघर्ष के कारण ही नहीं, बल्कि उचित कानूनों की कमी के कारण भी है। भारत में मैरिटल रेप (वैवाहिक-दुष्कर्म) के मुद्दे से ज्यादा इस बात को कोई और नहीं उजागर करता। मैरिटल रेप एक हकीकत हैं। पत्नी का पति द्वारा यौन-शोषण किया जा सकता है। क्या विवाह का मतलब पूर्ण और बिना शर्त सहमति है? नहीं। और ‘नहीं’ का मतलब हमेशा ‘नहीं’ होता है। विवाह सेक्स के लिए अनुबंध नहीं है। महिलाएं अपने पतियों की जागीर नहीं हैं, बल्कि कानून के तहत वे उन्हीं के समान एक स्वतंत्र-व्यक्ति हैं। यही कारण है कि जबरन बनाए जाने वाले शारीरिक सम्बंध दुष्कर्म की श्रेणी में आते हैं। वे सहमति के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं। क्या मैरिटल रेप कानून से परिवारों में टूट उत्पन्न हो जाएगी? नहीं। उलटे, एब्यूज़ से परिवार टूटते हैं, कानूनों से नहीं। फिर क्या कारण है कि सरकार मैरिटल रेप के अपराधीकरण को ‘अत्यधिक कठोर’ करार दे रही है? ऐसा इसलिए है क्योंकि हमारे कानून जेंडर-न्यूट्रल नहीं होते। कोई भी इससे इनकार नहीं कर सकता कि सत्ता की डायनैमिक्स स्वाभाविक रूप से महिलाओं के खिलाफ है, जिसका श्रेय हजारों सालों की पितृसत्ता को जाता है। जब महिलाओं को पुरुषों के हाथों हिंसा का सामना करना पड़ता है, तो वे इसका प्रतिकार करती हैं। लेकिन मुट्ठी भर महिलाओं ने अपनी सुरक्षा के लिए बनाए कानूनों का दुरुपयोग करके इस बात को बहुत आगे तक बढ़ा दिया है। ये 1% महिलाएं अन्य 99% को नुकसान पहुंचा रही हैं। इन 1% महिलाओं द्वारा कानूनी ब्लैकमेलिंग और झूठे मामलों के कारण, मैरिटल रेप जैसे कानूनों को दुर्भाग्य से ऐसा विशेषाधिकार माना जाने लगा है, जिन्हें महिलाएं अब गंवा चुकी हैं। फेमिनिस्टों का मानना है कि अगर कानून जेंडर-न्यूट्रल बनाए गए तो पुरुष इसका दुरुपयोग करेंगे। वहीं पुरुषों के अधिकारों के लिए काम करने वाले एक्टिविस्टों का मानना है कि अगर कानून महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए तो महिलाएं इसका दुरुपयोग करेंगी। दोनों अपने तरीके से सही हैं। यही कारण है कि हिंसा और एब्यूज़ को सभी के लिए मुद्दा माना जाना चाहिए, न कि केवल महिलाओं के लिए। कानूनों की पक्षपातपूर्ण व्याख्या (जैसे दहेज या घरेलू हिंसा कानून) को समाप्त किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए कानूनों को सुरक्षा-उपायों की आवश्यकता है कि आरोपों का इस्तेमाल व्यक्तिगत हिसाब बराबर करने के लिए न किया जाए। दुर्व्यवहार के मामलों में पुरुष-पीड़ितों की कानूनी मान्यता की कमी को समाप्त किया जाना चाहिए। पुरुषों को गलत तरीके से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए या पर्याप्त सबूतों के बिना दोषी नहीं माना जाना चाहिए। उचित प्रक्रिया और कानूनी-तंत्र को महिलाओं और पुरुषों को गलत आरोपों से बचाना चाहिए। एक जेंडर को दूसरे के खिलाफ खड़ा करने के बजाय हमारा लक्ष्य निष्पक्षता, कानूनों के दुरुपयोग को रोकना और जेंडर-न्यूट्रल सुरक्षा की वकालत करना हो। जब तक कानून समानतापूर्ण नहीं होंगे- कि हां, महिलाएं भी धोखा दे सकती हैं, झूठे आरोप लगा सकती हैं, हिंसा कर सकती हैं- हमारे देश के लोग समान नहीं हो सकते। ये सच है कि महिलाएं पुरुषों की तुलना में कहीं ज्यादा पीड़ित हैं- लेकिन यह समानतापूर्ण कानूनों के विरोध में दिया जाने वाला तर्क नहीं हो सकता। दुनिया के केवल 36 देश ऐसे हैं, जो मैरिटल रेप को अपराध नहीं मानते, और भारत उनमें से एक है। दुनिया की रेप-कैपिटल के रूप में पहले ही बदनाम भारत की प्रतिष्ठा को इससे मदद नहीं मिलती। इसमें आगे बढ़ने के लिए हम क्या कर सकते हैं? हर चीज का दस्तावेजीकरण करें। गलत संदेशों का स्क्रीनशॉट लें। अनुचित बातचीत का ऑडियो या वीडियो रिकॉर्ड करें। सीसीटीवी लगाएं। चाहे यौन उत्पीड़न हो या मैरिटल रेप, आपको अपने केस को मजबूत बनाना होगा। सबूत होंगे तो आपके पास न्याय के लिए लड़ने का मौका होगा। यह न भूलें कि यौन-हिंसा पहले ही घरेलू-हिंसा के अंतर्गत आती है। याद रखें , पुरुष और महिला एक-दूसरे के दुश्मन नहीं हैं। महिलाओं और पुरुषों- दोनों की लड़ाई पितृसत्ता से है, जो महिला-पुरुष दोनों के साथ अन्याय करती है। हमें इसी के लिए लड़ना चाहिए, मिलकर लड़ेंगे तो मजबूत बनेंगे।
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उत्तर प्रदेश में दुकानदारों के लिए मालिक का नाम लिखने को अनिवार्य क्या बना दिया गया, सेकुलर जमातों के बदन में आग लग गई। तरह-तरह के अनर्गल प्रलाप किए जाने लगे हैं। कोई यह कह रहा है कि यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हिन्दू-मुसलमान में विभेद पैदा करने की कोशिश है तो कोई यह कह रहा है कि योगी हिटलर के नाजीवाद की तरह हिन्दूवाद फैला रहे हैं। गोया यह कि पहली बार कोई देश में मुसलमानों को पहचान बताने के लिए कह रहा है। राशन कार्ड से लेकर आधार कार्ड तक। स्कूल से लेकर नौकरी तक हर जगह देश के नागरिक को अपना नाम और धर्म के बारे में लिखना अनिवार्य है। यह कानूनी बाध्यता भी है और सभी धर्मों में प्रचलन भी। जिस उत्तर प्रदेश की बात हो रही है उसी प्रदेश में मुसलमानों की बस्तियां और उनके संस्थानों के नाम भी मुस्लिम हैं। केवल प्रदेश के मुसलमान ही नहीं, पूरे भारत के मुसलमान अपनी पहचान को आगे रख कर तब हमेशा चलते हैं, जब उनको लाभ लेना होता है, जब उनको वोट देना होता है, जब उनको सरकार या समाज के खिलाफ आंदोलन या प्रदर्शन करना होता है। और छोड़िए, देश के किसी भी कोने में चले जाइए। सुबह हो शाम, मुहल्ले में हो बाजार में, अधिकतर मुसलमान अपनी पहचान जताने के लिए सिर पर गोल टोपी धारण किए हुए दिखते हैं। हां, कुछ सालों में कुछ मुसलमानों ने तब अपनी पहचान छुपाई, जब उनको कोई अपराध करना होता है। जब स्कूल-काॅलेज गोइंग लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फांसना होता है। कुछ मुसलमान तब अपना नाम बताने से गुरेज करते हैं जब उनको हिन्दू के मोहल्ले में जाकर सब्जियां, फल या कपड़े बेचने होते हैं। कुछ मुसलमान तब भी अपनी पहचान छिपाते हैं, जब उनको किसी हिन्दू लड़की से दूसरी या तीसरी शादी करनी होती है। ये कुछ उदाहरण नहीं हैं। बल्कि पिछले दिनों कई बार टेलीविजन स्क्रीन पर दिखाया जा चुका है कि किस तरह कोई मुसलिम रसोइया हिन्दू की शादियों या त्योहारों में खाना बनाने के बाद उसमें थूकते हैं। जावेद हबीब जैसे पढ़े-लिखे मशहूर लोग किसी के बाल संवारते वक्त उसके सिर में थूक की लेप लगाते हैं। ऐसा उत्तर प्रदेश में भी हुआ और देश के अन्य हिस्सों में। अब जो सेकुलर जमाती यह कह रहे हैं कि मुस्लिम दुकानदारों के नाम उजागर कर के उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा पाप कर दिया है, क्या वे लोग इससे इनकार कर सकते हैं कि दुनिया का कोई भी मुसलमान अपने मजहब या अपने पैगंबर के अलावा किसी और को दिल से नहीं मानता। उसके लिए पवित्रता या श्रद्धा सिर्फ उसके मजहब तक ही सीमित है किसी भी और धर्म या मजहब के लिए सेवा या श्रद्धा भाव ऊपरी मन या स्थानीय दबाव के अलावा कुछ नहीं होता। क्या कोई बड़ा सेकुलर वि़द्वान यह बता सकता है कि कब किसी मुसलमान ने मंदिर में आकर तिलक लगाया है, या कब किसी मुस्लिम ने किसी मंदिर में श्रद्धा के दीपक जलाए हैं। यह संभव ही नहीं है, क्योंकि इस्लाम उन्हें इस बात की इजाजत ही नहीं देता कि वह ऐसा कर सके। यदि इस सच्चाई के बाद कोई सरकार यह इंतजाम करती है कि कांवड़ तीर्थयात्रियों की भक्ति में विघ्न ना पड़े, उनके व्रत का खंडन न हो या फिर उनके प्रति कोई शैतानी न कर सके तो इसमें गलत क्या है। जिस मनोयोग से शिवभक्त उपासक कांवड़ लेकर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर शिव मंदिर में जल चढ़ाने जाते हैं, सोचिए (सोचना ही होगा), यदि उन्हें यह पता चलता है कि उनकी भक्ति दूषित हो गई है, उन्हें उन्हीं बर्तनों में किसी ने खाना खिला दिया है, जिन बर्तनों में वे हमेशा मांस पकाते या परोसते रहे हैं, तो उन पर क्या बीतेगी। यदि यही बात उन्हें कांवड़ के समय पता चलती है तो फिर माहौल क्या होगा। कांवड़ के दौरान दंगे-फसाद इसी उत्तर प्रदेश ने खूब देखे हैं, जिसे मुसलमान यूपी कहकर पुकारते हैं। हाय-तौबा मचा रहे सेकुलर जमातियों से यह सवाल जरूर पूछा जाना चाहिए कि यदि दुकानदार अपनी दुकानों पर अपना नाम लिखते हैं तो यह उनके व्यवसाय पर हमला कैसे हो गया? उनके साथ यह भेदभाव कैसे हो गया? जिन लोगों को उनके यहां खाना हो या जिनके यहां से फल या सब्जी लेना हो उनको कौन रोकेगा। स्थानीय मुस्लिम होटल या हिन्दू होटल के बारे में लोगों को आमतौर पर पहले ही पता होता है। ज्यादातर होटलों के अपने बंधे-बंधाए ग्राहक भी होते हैं। अरे, सेकुलरवादियो बताओ भी, फिर नाम लिखने से उनका धंधा कैसे चौपट हो जाएगा? यह सावधानी तो सिर्फ उनके लिए बरती जाएगी, जो स्थानीय नहीं है। वर्ष में एक या दो बार ये कांवड़ तीर्थयात्री उस क्षेत्र से होकर गुजरते हैं। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आने वाले श्रद्धालु केवल यूपी के नहीं होते, हरियाणा और राजस्थान के भी होते हैं। जो ज्यादातर सात्विक भोजन करने वाले होते हैं। उनको यूपी में पतित करने वालों से बचाने में किसी छिपे एजेंडे का काम कैसे हो सकता है। भारत में मुसलमानों की संख्या किसी भी मुस्लिम देश की जनसंख्या से ज्यादा है। इंडोनेशिया को छोड़ दें तो भारत में सबसे अधिक मुसलमान रहते हैं। इतनी बड़ी जनसंख्या को किसी हिन्दू त्यौहार से खतरा हो जाए यह संभव नहीं है। यह भी संभव नहीं है कि किसी के कहने से देश के हिन्दू मुसलमानों के साथ कारोबार करने से इनकार कर दे। उनके साथ व्यापारिक लेनदेन बंद कर दें। उत्तर प्रदेश का हर शहर मुसलमान व्यापारियों से पटा पड़ा है। अधिकतर कारीगर मुस्लिम हैं। ये खूब फल-फूल भी रहे हैं। किसी हिन्दू के यहां ना इनका आना जाना रुक सकता है और ना इनसे कोई सामान लेने से इनकार कर सकता है। फिर यह तर्क क्यों दिया जा रहा है कि मुसलमानों के रोजगार को टारगेट करने के लिए दुकानदारों के नाम लिखवाए जा रहे है। ऐसा हरगिज नहीं है। इसे इस तरह समझिए। जैसे मुसलमान साल के एक महीने पूरी तरह रोजा रखते हैं। उसमें किसी तरह की कोई कोताही या कोई चूक नहीं होने देना चाहते। वह इस पाक महीने में इस्लामिक नियमों का तसल्ली से पालन करते हैं। वे किसी और की दखल बर्दाश्त नहीं करते, उसी तरह हिन्दुओं के लिए भी सावन का एक ही महीना आता है जब वह सड़कों पर होते हैं। नये रूट से अपने मंदिरों की ओर जल भरकर लौटते हैं। उनको यह अधिकार है कि वह यह जानें कि वह जो भोजन कर रहे हैं, उनकी आस्था के अनुरूप है, जिनसे वह प्रसाद या पूजा की सामग्री खरीद रहे हैं, वह उन्हें उनकी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा हुआ है और उसका आदर करता है। यह भाव कोई हिन्दू दीपावली या होली में उतना आग्रह से नहीं रखता। उसे मालूम हो या ना हो कि दीपावली का दिया बेचने वाला उसके धर्म का है कि नहीं, वह खरीदता ही है। मगर शिव साधना या गायत्री पूजन में यह लापरवाही नहीं करना चाहता। सेकुलर जमातों को यह समझ में आना चाहिए।
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देश एक साथ चुनाव कराने की दिशा की ओर सार्थक कदम बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई उच्च स्तरीय समिति के अपनी रिपोर्ट सौपने के बाद अब केंद्र सरकार एक साथ चुनाव कराने के अभियान को गति देने का प्रयास कर रही है। इस समिति ने इस आधार पर एक साथ चुनाव कराने का समर्थन किया है, क्योंकि इसके लिए अधिकांश राजनीतिक दलों की राय एक साथ चुनाव कराने को लेकर सकारात्मक रही। राजनीतिक विद्वानों का मानना रहा कि एक साथ चुनाव से देश में विकास की धारा को गति मिलेगी। इसका मूल कारण यही है कि देश में चुनाव की प्रक्रिया बहुत जटिल-सी दिखाई देने लगी है। राजनीतिक दल हर समय किसी न किसी चुनाव की तैयारी में व्यस्त रहते हैं। बार-बार चुनाव होने के कारण सभी राजनीतिक दलों के नेता और प्रशासनिक अधिकारी जनता के काम करने में सीधा सरोकार नहीं रखते। जिसके कारण जन सामान्य के जुड़े ऐसे कार्य भी प्रभावित होते हैं, जो बहुत जरूरी होते हैं। ऐसे में एक साथ चुनाव कराया जाना एक सार्थक पहल कही जा सकती है। इससे बार-बार चुनाव में लगने वाले समय में कमी आएगी और आवश्यक कार्यों को तय समय सीमा में पूरा किया जा सकेगा। यह बात स्मरण करने वाली है कि वर्तमान केंद्र सरकार ने देश में कई परियोजनाओं को तय समय से पहले ही पूर्ण किया है। एक साथ चुनाव होने से इसमें और गति आएगी, यह तय है। वर्तमान में भारत में ऐसे कई कारण हैं, जो राष्ट्रीय विकास में बाधक बन रहे हैं। इसमें एक अति प्रमुख कारण बार-बार चुनाव होना है। देश में होने वाले चुनावों के दौरान लगने वाली आचार संहिता के चलते सरकार का कामकाज भी प्रभावित होता है। हमारे देश में किसी न किसी राज्य में हर वर्ष चुनाव के प्रक्रिया चलती रहती है। चुनाव के दौरान संबंधित सरकार कोई बड़ा निर्णय नहीं ले सकती। चुनाव होने के कारण राजनीतिक दल हर साल केवल चुनाव जीतने की योजना ही बनाते रहते हैं। इस कारण देश के उत्थान के बारे में योजना बनाने या सोचने का उतना समय भी नहीं मिल पाता, जितना सरकार का कार्यकाल होता है। इसलिए वर्तमान में जिस प्रकार से एक साथ चुनाव कराने की योजना पर मंथन चल रहा है, वह देश को उत्थान के मार्ग पर ले जाने का एक अभूतपूर्व कदम है। केंद्र सरकार ने इस बारे आवश्यक प्रावधान बनाने की दिशा में भी कार्य प्रारंभ कर दिया है। इससे पूर्व एक साथ चुनाव कराने क़े लिए बनाई गई समिति ने सभी से रायशुमारी की। अधिकांश राजनीतिक दलों ने एक साथ चुनाव का समर्थन किया। राजनीतिक दलों का यह सोच राष्ट्रीय दिशा की तस्वीर को और अधिक स्पष्ट करता है। इसे इसी दृष्टिकोण से देखेंगे तो हर किसी को यह कदम अच्छा ही लगेगा। प्रायः देखा जाता है कि देश में सरकार के हर कदम का विरोध करना फैशन बन गया है। कमी देखने में बुराई नहीं है लेकिन कुछ अच्छा भी होता है, उसे भी बिना राजनीति के देखने के प्रयास किए जाने चाहिए। एक साथ चुनाव कराना भी ऐसा ही कदम है। अगर इसे राष्ट्रीय राजनीति के तौर पर देखेंगे तो यह अच्छा दिखाई देगा। क्षेत्रीय राजनीतिक दलों की इस बारे में राय अलग हो सकती है, क्योंकि उनको चुनाव के लिए एक या दो राज्यों तक ही सीमित रहना होता है। हालांकि उनको भी विधानसभा, लोकसभा और स्थानीय निकाय चुनावों में भाग लेना होता है। एक साथ चुनाव कराए जाने को लेकर केंद्र सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द के नेतृत्व में समिति बनाई थी। उन्होंने राष्ट्रपति रहते हुए एक बार अपने अभिभाषण में भी एक साथ चुनाव कराए जाने पर जोर दिया था। पूर्व राष्ट्रपति ने स्पष्ट कहा था कि बार-बार होने वाले चुनावों से विकास में बाधा आती है, ऐसे में देश के सभी राजनीतिक दलों को एक साथ चुनाव कराने के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए। सच कहा जाए तो एक साथ चुनाव कराया जाना राष्ट्रीय चिंता का विषय है, जिसे सभी दलों को सकारात्मक दृष्टि से लेना होगा। हम यह भी जानते हैं कि देश के स्वतंत्र होने के पश्चात लम्बे समय तक एक साथ चुनाव की प्रक्रिया चली लेकिन कालांतर में कई राज्यों की सरकारें अपने कार्यकाल की अवधि को पूरा नहीं कर पाने के कारण हुए मध्यावधि चुनाव के बाद यह क्रम बिगड़ता चला गया और चुनाव अलग-अलग समय पर होने लगे। एक साथ चुनाव होने से देश में विकास की गति को समुचित दिशा मिलेगी, जो बहुत ही आवश्यक है। क्योंकि देश में बार-बार चुनाव होने से जहां राजनीतिक लय बाधित होती है, वहीं देश को आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ता है। दुनिया के कई देशों ने भी इस प्रकार की नीतियां बनाई हैं, जिसके अंतर्गत एक साथ चुनाव कराए जाते हैं और वे देश विकास के पथ पर निरंतर रूप से आगे बढ़ते जा रहे हैं, तब भारत ऐसा क्यों नहीं कर सकता। जब से देश में नरेन्द्र मोदी की सरकार आई है, राष्ट्रीय हित की दिशा में अनेक काम किए जा रहे हैं। इन कामों का वास्तविक स्वरूप भविष्य में सामने आएगा क्योंकि देश में लम्बे समय से एक मानसिकता बन गई थी कि अब भारत से समस्याओं का निदान संभव नहीं है। उस समय सरकारों के संकल्प में कमी दिखाई देती थी। सरकारें हमेशा इसी उधेड़बुन में लगी रहती थी कि हमारी सरकार कैसे बचे या हमारी सरकार कैसे फिर से बने। इसी कारण कई निर्णय ऐसे भी किए जाते रहे हैं, जिससे देश की विकास की गति बाधित होती गई और स्वतंत्रता के बाद देश को जिस रास्ते पर जाना चाहिए था, उस रास्ते पर न जाकर केवल स्वार्थी राजनीति के रास्ते पर चला गया। एक साथ चुनाव देश को सही रास्ते पर लाने की कड़ी का हिस्सा कहा जा सकता है। जनहित के साथ राष्ट्रीय हितों के प्रति सबको समर्थन देना ही चाहिए, क्योंकि राष्ट्रीय हित से बड़ा कुछ हो ही नहीं सकता।
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वैश्विक तनाव, रूस-यूक्रेन, इजराइल-हमास, सूडान गृहयुद्ध, दो अरब की भुखमरी और पर्यावरण असंतुलन की मार से संयुक्त राष्ट्रसंघ इन दिनों कैमरे में बंद है, इसके संरक्षक, मुखिया और चाहने वाले हाल-बेहाल हैं। ‘यूक्रेन-रूस’ युद्ध पर पश्चिमी तंज पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इतने क्रुद्ध हैं कि उनके राजनयिक प्रतिनिधि ने सुरक्षा परिषद में धमकी दे डाली कि ‘इस परम्परागत युद्ध में एक ने भी लंबी दूरी के प्रेक्षापास्त्र का प्रयोग किया तो उसके परिणाम घातक होंगे।‘ इधर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहु ने संयुक्त राष्ट्र में कड़े तेवर अपनाते हुए युद्ध विराम को नकारा और अपने कमांडरों का आह्वान किया कि युद्ध की गति को बढ़ा दें। इसके एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र में इस्लामिक देशों ने दो तिहाई देशों के साथ मिलकर इजराइल पर दबाव बनाने की पहल की थी। इसका त्वरित असर यह हुआ कि इजराइली वायुसेना ने चंद घंटों बाद लेबनान के दक्षिण में ईरान के ‘छद्म फ़्रंट’ हेज़्बुल्लाह ठिकानों को निशाना बना कर पाँच सौ से अधिक फ्रंट समर्थकों को ढेर कर दिया और हजारों को घायल कर दिया। इसके चंद दिन पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संयुक्त राष्ट्र में ‘युद्ध नहीं, शांति’ और विश्व बंधुत्व के संदेश की अनसुनी कर डाली। इज़राइल और फ़िलिस्तीन के दशकों से चले आ रहे ख़ूनी संघर्ष में भारत ‘दो राष्ट्र सिद्धांत’ को प्रश्रय देता आया है। इसके बावजूद अमेरिकी कंधे पर सवार इजराइल के कमांडो ने घने अंधेरे में हेलीकॉप्टर से उड़ान भरते हुए शुक्रवार को सीरिया के उत्तर पश्चिम में आधुनिकतम प्रेक्षापास्त्र शोध केंद्र’ को ध्वस्त किया है, एक चौंकाने वाली घटना है। यही नहीं, शनिवार रात इजराइल ने हिज्बुल्लाह के मुखिया हसन नसरुल्लाह को मार गिराने में बड़ी सफलता हासिल की है। हेज्बुल्लाह के बड़े कमांडरों में अब गिनती के कमांडर रह गये हैं। ग्लोबल फ़ायरपावर इंडेक्स की माने तो इजराइल और ईरान असल में बराबरी की टक्कर में हैं। ईरान 14वें नंबर पर है तो इजराइल 17वें पायदान पर है। ईरान के पास 551 तो इजराइल के पास 612 विमान हैं। ईरान के पास 186 लड़ाकू विमान हैं तो इजराइल के पास 241 लड़ाकू विमान हैं। टैंकों की स्थिति में ईरान आगे है। इजराइल का लक्ष्य ईरान क्यों है?: न्यूयॉर्क टाइम्स की मानें तो यह सीरियाई केंद्र ईरान की मदद से हिज्बुल्लाह संचालित कर रहा था। रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि इजराइल का लक्ष्य सीधे-सीधे ईरान को युद्ध में लपेटना है। ऐसा अगले चंद दिनों में संभव है। यहाँ हमास के हमसफ़र हिज्बुल्लाह ने इजराइल के उत्तरी सीमावर्ती क्षेत्र में एक साथ सैकड़ों रॉकेट लांचर से हमला किया, इजराइली आयरन डोम से हमला विफल हो गया, प्रशासन को आनन-फानन में अपने करीब पच्चास हजार यहूदियों को सुरक्षित क्षेत्र में पुनर्वासित करना पड़ा। अब इजराइली पैदल सेना गाजा पट्टी की तरह लेबनान में घुसेगी और भयंकर तबाही मचेगी तो यह युद्ध विकराल रूप लेता हुआ दिनों नहीं, महीनों और वर्षों तक चलेगा। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट है कि ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर मसूद पेजेशकियन ने संयुक्त राष्ट्र में अपने उद्बोधन में पश्चमी देशों के प्रतिबंधों से मुक्ति और मित्रता का हाथ बढ़ाए जाने की घोषणा जरूर की है, उसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। कहा जा रहा है कि ईरान के साये में पल रहे हिज्बुल्लाह, हमास और हैती संगठनों से निजात पाना संभव नहीं है। गत जुलाई में सत्तारूढ़ डॉक्टर पेजेशकियन ने यह भी कहा है, ‘हिज्बुल्लाह अकेले दम इजराइल से टक्कर लेने की स्थिति में नहीं है।‘ यह भी एक सच्चाई है, अमेरिका में लाखों यहूदी (12 %) व्यवसायी हैं, टेक्नोक्रेट और अधिकारी हैं। इन दिनों चुनाव का माहौल गरमाया हुआ है, डेमोक्रेट जो बाइडन हों या रिपब्लिकन डोनाल्ड ट्रंप, यहूदियों की अनदेखी नहीं कर पा रहे हैं। एक दिन पहले ही राष्ट्रपति बाइडन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के शुभारंभ पर अपने अंतिम संबोधन में दलील दी थी, ‘हमास सभी बंधक छोड़े फिर गाजा पट्टी से मुँह मोड़ कर चल दे, इससे युद्ध विराम और शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।‘ ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप चुनाव में विजयी होते हैं तो निःसंदेह खाड़ी में युद्ध विकराल रूप लेगा। पुतिन और उनके हमसफर चीन के राष्ट्रपति शी चिन्फ़िंग तो न्यूयॉर्क पहुँचे नहीं, नाटो के द्वार पर रूसी दुंदुभि से हताश निराश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के क़द्दावर, स्थायी सदस्य इंग्लैंड और फ़्रांस भी व्लोडोमीयर जेलेंस्की के स्वर में स्वर मिला रहे हैं, लेकिन जेलेंस्की के इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हैं कि उन्हें रूस के अंदरूनी हिस्सों में मार करने के लिए लंबी दूरी के प्रेक्षापास्त्र दिये जाएँ। यहाँ इंग्लैंड की नई सरकार के तेवर, ख़ासकर उसके विदेश मंत्री ने यूक्रेन-रूस युद्ध में पुतिन की हठधर्मिता को कोसते हुए माफिया कह डाला। जेलेंस्की लगे रहे कि रूस पर युद्ध विराम और शांति के लिए विवश किया जाए। वह न्यूयॉर्क स्थित ट्रंप टावर में डोनाल्ड ट्रंप से मिले। ट्रंप भी उन्हें पुतिन से अपनी दोस्ती और एक दिन में युद्ध समाप्ति किए जाने की घुट्टी पिलाते रहे। इस ऊहापोह में संयुक्त राष्ट्र भले 190 देशों और पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद की सीमाओं में बंधा हुआ है, सुरक्षा परिषद के विस्तार में अमेरिकी प्रस्ताव पर इंग्लैंड, फ़्रांस सहित अन्यान्य देश भारत, जर्मनी और ब्राज़ील सहित एक अफ़्रीकी देश को जोड़ने के लिए आगे आए हैं, लेकिन क्या इस प्रस्ताव को चीन स्वीकार करेगा? नरेन्द्र मोदी के शांति मार्ग के भी बहुत दीवाने हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र मंच से मोदी जब कहते हैं, ‘’युद्ध नहीं, शांति ही एकमात्र विकल्प है तो यूरोपीय देशों के साथ-साथ एशियाई और अफ्रीकी देश भी भारतीय दर्शन ‘विश्व बंधुत्व’ के तर्क से सम्मोहित हैं। संयुक्त राष्ट्र एक प्लेटफार्म है, साल में एक बार राष्ट्र नेता विश्व मंच पर अपनी-अपनी बात कहने न्यूयॉर्क आते हैं, दो विश्वयुद्ध की विभीषका के बाद 79 वर्ष पूर्व गठित इस साझा मंच पर अपनी व्यथा दोहराते हैं और फिर संयुक्त राष्ट्र की परिसीमाओं पर रोना रोकर चले जाते हैं। भारतीय दृष्टि से एक अच्छी बात यह कही जा सकती है कि यूक्रेन के युवा राष्ट्रपति ने मोदी को, जो पुतिन और बाइडन दोनों के मित्र भी हैं, स्वत: एक शांति दूत माना और साथ में आशीर्वाद भी लिया। मोदी दो महीने में दूसरी बार जेलेंस्की से मिले हैं, उन्होंने अपने रूस दौरे में दया अथवा दबाव में पुतिन को ‘अनुज’ रूप में यही संदेश दिया था, ‘युद्ध नहीं, शांति’ एकमात्र विकल्प है। उन्होंने यही संदेश संयुक्त राष्ट्र पहुँचे फ़िलिस्तीन के राष्ट्रपति को भी देते हुए कहा, ‘विश्व एक परिवार है, विश्व बंधुत्व भारतीय पहचान है। ईरानी राजनीति में ‘कठमुल्लेपन’ से हटकर राष्ट्रपति डाक्टर मसूद पेजेशकियन ने कहा, ‘वह पश्चिम से मित्रता का हाथ बढ़ाना चाहते हैं,’ उनके इस कथन का देश में ईरानी युवाओं ने जमकर स्वागत किया, पर देश की मिलिट्री पर कुंडली जमाए धर्मगुरु अयातुल्ला खुमाइनी ने सहज लिया होगा, जो पहले से आणविक शक्ति बनने के स्वप्न देख रहे हैं?
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गांधीजी का जन्म उन्नीसवीं सदी के उत्तरार्ध में हुआ था, आधी बीसवीं सदी तक के दौरान वे भारतीय समाज और राजनीति की धुरी बन गए और अब इक्कीसवीं सदी में हम सब उनके मिथक से रूबरू हो रहे हैं। विश्वव्यापी अंग्रेजी साम्राज्य से अहिंसक लड़ाई के साथ उनका स्वाधीन भारत का स्वप्न सत्य हुआ। देश में रचनात्मक बदलाव के लिए वे सबको साथ ले कर चलते रहे। उनकी स्वीकार्यता का दायरा आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक यानी जीवन के सभी क्षेत्रों में निरंतर बढ़ता गया। संयम और आत्म-बल के साथ कर्मवीर गांधी ने जो ठाना उसे पूरा करने के लिए सर्वस्व लगा दिया। समाज के स्तर पर मानव कर्तृत्व की विरल गाथा बना उनका निजी जीवन पीड़ा, संघर्ष और अनिश्चय से भरा था। देश के लिए समर्पण की मिसाल बने गांधीजी अंतिम जन की मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए की मोर्चों पर डटे रहे। वे देश के विभाजन और आजादी के साथ शुरू हुई हिंसा से क्षुब्ध और दुखी थे। बंगाल में नोआखाली से लौट दिल्ली में दंगापीड़ितों की सेवा सुश्रूशा में जुट गए। विभाजन की विभीषिका बड़ी दारुण थी और विचलित तथा हताश गांधीजी ने स्वतंत्र भारत में अपने पहले जन्मदिन यानी 2 अक्टूबर 1947 को दुखी हो कर कहा था कि वे अब जीना नहीं चाहते और विधि का विधान यह हुआ कि वह सचमुच उनका आखिरी जन्मदिन सिद्ध हुआ। पांच बार की असफल कोशिशों के बाद 30 जनवरी 1948 को दिल्ली के बिड़ला हाउस में उनकी हत्या हो गई। गौरतलब है कि गांधीजी स्वतंत्र भारत में करीब पांच महीने जीवित रहे थे और इस बीच यह बूढ़ा सेनानी स्वप्न-भंग से गुज़र रहा था। अब कोई उनकी सुन नहीं रहा था। ये दिन उनके लिए बड़े तकलीफ़देह थे। गांधीजी ने अपने जीवन की कथा को पारदर्शी बनाए रखा। ‘सत्य’ और ‘नैतिकता’ से जूझती इस कथा को उन्होंने ‘एक खुली किताब’ कहा। उनका साहस ही था कि वह कह सके कि ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है।’ प्रिय-अप्रिय, अच्छे-बुरे हर पहलू को वह सबसे साझा किए। वे सही अर्थों में सत्य के पुजारी थे और जो भी है वह सत्य है इसलिए उसे झूठ के सहारे छिपाना अपराध ही होता। सत्य पर उनका भरोसा बढ़ता गया और वे कथनी और करनी में एका लाने में लागातार जुटे रहे। तभी वह पहनावा, खानपान और मेलमिलाप आदि सब में सरल भारतीय जीवन शैली को अपना सके। वे प्रामाणिकता की कसौटी पर खरे उतरते रहे। विचार को कर्म में तब्दील करने पर जोर देने वाले गांधीजी परिवर्तन चाहने वाले को खुद अपने में बदलाव लाने के लिए कहते हैं। यह खुद उनकी अपनी जिन्दगी की सीख थी। बहुत हद तक प्रयासपूर्वक संयमित जीवन जीते हुए वह जगत की नियमबद्धता में प्रकट हो रहे परमात्मा में आस्था और विश्वास रखते थे। चूँकि नज़रिए स्वाभाविक रूप से भिन्न होते हैं विविधता सहज संभाव्य होती है। गैर-जानकारी में लोग अपने से अलग दूसरी दृष्टियों को ग़लत या हीन ठहराने लगते हैं। गांधीजी अपनी प्रार्थंना सभा में सभी प्रमुख धर्मों की प्रार्थनाओं को शामिल करते थे। वे मानते थे सभी एक ही तत्व से बने हैं इसलिए कोई अछूत नहीं और किसी का भी स्वामित्व नहीं। सभी ट्रस्टी हैं इसलिए (अपना हक़ न जमाते हुए) त्यागपूर्वक भोग करना चाहिए। गांधीजी धैर्य और दृढ़ता के साथ सत्य (ईश्वर), अहिंसा (प्रेम) और अपरिग्रह (जरूरत भर संग्रह) जैसे विचारों को अमली जामा पहनाते रहे और दैनन्दिन जीवन में शामिल करते रहे। इस दृष्टि से उनकी उर्वर मानसिकता और सृजनशीलता असंदिग्ध है। भारत और विदेश में हो रहे अनुभवों को समेटते और पचाते हुए गांधीजी खुले मन से मानवीय चेतना के आत्म-बोध को रचते रहे। वे कई अर्थों में समकालीनों से अलग हट कर गांधीजी ने अपना रास्ता बनाया और उस पर चलने की तैयारी की थी और जोखिम उठाकर भी उस पर चलते रहे। गांधीजी देश के लम्बे स्वतंत्रता-संग्राम में दो दशकों तक केंद्र-बिन्दु रहे। इसके पहले दाक्षिण अफ़्रीका में के दो दशक की अवधि में सामाजिक–राजनैतिक कार्यकलाप में बीती थी जिनमें नस्लवाद और साम्राज्यवाद का तीव्र विरोध शामिल था। वे भारतीय समुदाय के साथ काम करते हुए संघर्ष की शक्ति को जाना पहचाना। आत्मविश्वास से भरे गांधीजी ने अखबार निकालने के साथ सामाजिक चेतना के लिए प्रयास किए। उनका निजी अध्यवसाय भी चलता रहा और मानव स्वभाव की गहनता को समझते रहे। 1915 में भारत लौटने पर वे एक सजग-सशक्त सत्याग्रही और नेतृत्व के लिए प्रस्तुत थे। स्थानीयता पर जोर देते हुए वैश्विक मानव-बोध के पक्षधर गांधी जी अपनी सभ्यता की खूबियों के साथ उसकी कमियों को भी स्वीकार करते हैं। वे स्वदेश, स्वभाषा और स्वराज के ख़ास तौर पर हिमायती हैं। वे ऐसे स्वराज की कल्पना करते हैं जिसमें समाज के अंतिम जन की आवाज भी मायने रखती है। गांधीजी के सपनों के भारत में यहाँ का पूरा लोक-जीवन समाया था। उनकी सोच में एक विकेन्द्रीकृत सत्ता संरचना वाला भारत था। वे गावों को समर्थ और समृद्ध बनाने के लिए चिंतित थे। इसलिए वे स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, खेती और आर्थिक जीवन को सशक्त बनाने के पक्षधर थे। वे एक आदर्शवादी व्यावहारिक देश-सेवक की हैसियत से एक सर्वसमावेशी व्यवस्था को विकल्प के रूप में आगे बढ़ा रहे थे। गांधी होने का वास्तविक अर्थ आचरण और विचार का एक गतिशील पुंज है जो आज भी अंधेरे में दीपक की भाँति रोशनी बिखेरता है ।
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भारतीय पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक हैं। इनसे हमें ज्ञात होता है कि हमारी प्राचीन संस्कृति कितनी विशाल, संपन्न एवं समृद्ध है। यदि नवरात्रि की बात करें तो यह पर्व भी भारतीय संस्कृति की महानता को दर्शाता है। विगत कुछ दशकों से देश में महिला सशक्तीकरण की बात हो रही है। कुछ लोग विदेशों के उदाहरण देते हैं कि वहां की महिलाएं सशक्त हैं तथा उन्हें बहुत से अधिकार प्राप्त हैं। किंतु ये लोग अपने देश के इतिहास पर चिंतन एवं मनन नहीं करते हैं। वास्तव में भारत विश्व का एकमात्र ऐसा देश है, जहां महिलाओं को पुरुषों के समान माना गया है। उदाहरण के लिए भारत में देवियों की पूजा-अर्चना की जाती है। यहां पर उन्हें भी देवताओं के समान ही पूजा जाता है, अपितु देवियों का स्थान देवता से पहले आता है जैसे राधा-कृष्ण, सीता-राम आदि। भगवान शिव के साथ देवी पार्वती की भी पूजा की जाती है। भगवान राम के साथ देवी सीता की पूजा की जाती है। हमारी मान्यता के अनुसार शक्ति की देवी दुर्गा है। धन एवं समृद्धि की देवी लक्ष्मी है तथा ज्ञान की देवी सरस्वती है। कहने का अभिप्राय यह है कि मनुष्य को जीवन में जिन वस्तुओं की आवश्यकता होती है, वह सब उन्हें इन देवियों से ही तो प्राप्त होती हैं। मानव जीवन को अनुशासन में रखने एवं आदर्श जीवन को स्थापित करने के लिए भगवान हमारे विश्वास और श्रद्धा के केंद्र है। नवरात्रि देवी दुर्गा को समर्पित महत्वपूर्ण पर्व है। नवरात्रि का पर्व वर्ष में चार बार आता है अर्थात चैत्र, आषाढ़, अश्विन, माघ। इनमें से चैत्र एवं आश्विन माह में आने वाली नवरात्रि अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। माघ एवं आषाढ़ माह में आने वाली नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है, क्योंकि इनमें कोई सार्वजनिक उत्सव का आयोजन नहीं किया जाता है। आश्विन माह में आने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। इसका आरंभ अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रथम तिथि से होता है। इस दिवस पर शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना की जाती है। नवरात्रि में नौ दिन देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना:।। अर्थात देवी पहली शैलपुत्री, दूसरी ब्रह्मचारिणी, तीसरी चंद्रघंटा, चौथी कूष्मांडा, पांचवी स्कंध माता, छठी कात्यायिनी, सातवीं कालरात्रि, आठवीं महागौरी एवं नौवीं देवी सिद्धिदात्री है। शैलपुत्री नवरात्रि के प्रथम दिन देवी दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की जाती है। मां शैलपुत्री को सफेद वस्तुएं अत्यंत प्रिय हैं, इसलिए उन्हें सफेद मिष्ठान का भोग लगाया जाता है। यह प्रसाद गाय के शुद्ध घी से बनाया जाता है। सफेद रंग पवित्रता एवं शांति का प्रतीक माना जाता है। जीवन में सर्वाधिक पवित्रता एवं शांति का ही महत्व है। इनके बिना सब व्यर्थ है। देवी की साधना से सुख एवं समृद्धि में वृद्धि होती है। ब्रह्मचारिणी नवरात्रि के दूसरे दिन देवी देवी दुर्गा के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर एवं पंचामृत का भोग लगाया जाता है। शक्कर जीवन में मिठास का प्रतीक है। जिस प्रकार भोजन में मिष्ठान का महत्व है, उसी प्रकार जीवन में मधुर वाणी का महत्व है। मृदु भाषी व्यक्ति सबका मन मोह लेते हैं। देवी की साधना से भाग्य में वृद्धि होती है तथा आयु भी लम्बी होती है। चंद्रघंटा नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के तृतीय स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां चंद्रघंटा को दुग्ध से बने मिष्ठान एवं खीर का भोग लगाया जाता है। खीर भी दुग्ध से बनाई जाती है। दुग्ध समृद्धि एवं अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक है। देवी की साधना से व्यक्ति बुरी शक्तियों से सुरक्षित रहता है। कुष्मांडा नवरात्रि के चौथे दिन देवी दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप मां कुष्मांडा की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कुष्मांडा को मालपुये का भोग लगाया जाता है। देवी की साधना से मनुष्य की समस्त इच्छाएं पूर्ण होती हैं। स्कंदमाता नवरात्रि के पांचवें दिन देवी दुर्गा के पांचवे स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की जाती है। स्कंदमाता को फल विशेषकर केला अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें केले का भोग लगाया जाता है। देवी की साधना से सुख एवं एश्वर्य में वृद्धि होती है। कात्यायनी नवरात्रि के छठे दिन देवी दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कात्यायनी को मीठे पान एवं मधु का भोग लगाया जाता है। देवी की साधना से दुखों का नाश होता है तथा जीवन में सुख का आगमन होता है। कालरात्रि नवरात्रि के सातवें दिन देवी दुर्गा के सातवे स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कालरात्रि को गुड़ अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें गुड़ से बने व्यंजन का भोग लगाया जाता है। देवी की साधना से समस्त नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है तथा सकारात्मकता में वृद्धि होती है। जीवन सुखी हो जाता है। महागौरी नवरात्रि के आठवें दिन देवी दुर्गा के आठवे स्वरूप मां महागौरी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां महागौरी को नारियल अत्यंत प्रिय है, इसलिए उन्हें नारियल का भोग लगाया जाता है अर्थात नारियल अर्पित किया जाता है। देवी की साधना से व्यक्ति के रुके हुए कार्य पूर्ण होते हैं। सिद्धिदात्री नवरात्रि के अंतिम दिन देवी दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन कन्या पूजन का विधान है। कन्याओं की पूजा की जाती है। उन्हें भोजन ग्रहण कराया जाता है। इसके पश्चात उनके चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद लिया जाता है। कन्याओं को प्रसाद के साथ उपहार भेंट किए जाते हैं। तदुपरांत देवी को काले चने, हलवा पूड़ी एवं खीर का भोग लगाया जाता है। देवी की साधना से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है तथा उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। वास्तव में नवरात्रि का पर्व नारी शक्ति का उत्सव है। प्राचीन काल से ही यह पर्व भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति का प्रतीक रहा है। कन्या पूजन इस बात को सिद्ध करता है कि भारतीय समाज में कन्या का महत्वपूर्ण स्थान रहा है। कन्या भ्रूण हत्या तथा नवजात कन्याओं का वध कर देने जैसी बुराइयां हमारे समाज में कब और कैसे सम्मिलित हो गईं, ज्ञात ही नहीं हो पाया। निरंतर घटता लिंगानुपात अत्यंत चिंता का विषय बना हुआ है। विदेशों में भारत की जिन बुराइयों का उल्लेख कुछ लोग बड़े गर्व के साथ करते हैं, वे बुराइयों तो हमारे समाज में कभी नहीं थीं। जिस समय विश्व के अधिकांश देश अशिक्षित एवं असभ्य थे, उस समय हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी था। पुरुष ही नहीं, अपितु महिलाएं भी शिक्षित थीं। वे शास्त्रार्थ करती थीं, अस्त्र-शस्त्र चलाती थीं। देवियों ने कितने ही राक्षसों का अकेले वध किया है। नारी को ईश्वर ने श्रेष्ठ बनाया है। अनेक मामलों में वह पुरुष से उच्च स्थान पर है। वह जन्मदात्री है। जिस प्रकार एक स्त्री अपने बालकों का पालन-पोषण कर लेती है, उस प्रकार एक पुरुष उनका पालन-पोषण नहीं कर पाता। स्त्री पूरे परिवार का संचालन सुंदर तरीके से करती है। नारी संस्कार की जननी है उसके अंदर ममता, स्नेह, उदारता,आत्मीयता ,प्यार ,दुलार आदि गुण जीवन का हिस्सा है । ईश्वर ने नारी को अत्यंत सबल बनाया है। नारी प्रत्येक क्षेत्र में अपनी योग्यता एवं प्रतिभा का सफल प्रदर्शन कर रही है।
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भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान के माध्यम से सभी भारतीयों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और पोषक भोजन सुनिश्चित करने के लिए देश की खाद्य प्रणाली को बदलने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू किया है। खाने-पीने के शौकीन अथवा महानगरों में नौकरी आदि के चलते कम मूल्य लागत वाला भोजन तलाशने वाले भारतीयों के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि स्वाद एवं सस्ते के चक्कर में न पड़कर स्वच्छता मानकों एवं साफ-सफाई को अपनी सेहत के दृष्टिगत स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन को अपनी प्राथमिकता में रखें। भारत में बढ़ती आबादी के कारण और मांग एवं आपूर्ति में अंतर के चलते प्राय: खाद्य वस्तुओं की किल्लत और दामों में बढ़ोत्तरी होती ही रहती है और इसी किल्लत का फायदा जमाखोरों की टोलियां उठाने से नहीं चूकती हैं, तो वहीं घटिया एवं मिलावटी चीजें बेचने वालों की पौ-बारह हो जाती है। भारत में इन दोनों तिरुमला तिरुपति देवस्थानम द्वारा श्रद्धालुओं को दिए जाने वाले लड्डुओं को मिलावटी देसी घी से बनाने से भक्तों की धार्मिक आस्था आहत होने का मुद्दा चर्चा में है। देवस्थानम को देसी घी की आपूर्तिकर्ता कंपनी एआर डेयरी फूड प्राइवेट लिमिटेड से खाद्य नियामक ने पूछा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक विनियमन 2011 के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए उसका केंद्रीय लाइसेंस निलंबित क्यों न कर दिया जाए? आज भारत में मिलावट का कारोबार उस स्तर को पार कर चुका है जहां खाद्य उत्पादों में सस्ते और घटिया पदार्थ मिलाकर बेईमान व्यापारी व विक्रेता सामान की मात्रा को बढ़ा देते हैं और भारतीयों की जान की कीमत पर भारी मुनाफा कमाते हैं। ऐसा अनुमान है कि 60 करोड़ लोग अर्थात विश्व में लगभग 10 में से 1 व्यक्ति हर वर्ष दूषित भोजन खाने के कारण बीमार पड़ते हैं तथा 420000 लोग मरते हैं। भारत में दूध और डेयरी उत्पाद, वसा और तेल, फल और सब्जियां, अनाज, कॉफी, चाय, शहद और मसाले सहित लगभग हर खाद्य सामग्री में मिलावट का प्रतिशत अत्यधिक बढ़ गया है और स्वच्छता मानकों की बुरी तरह से अनदेखी हो रही है। इतना ही नहीं, भारत के कई क्षेत्रों से ऐसे भी वीडियो की सोशल मीडिया में भरमार है जिसमें समोसे, चाट, ब्रेड, कुल्फी, प्लास्टिक के चावल और गुलाब जामुन से भरी कड़ाही में पेशाब करते युवक और गोलगप्पे वाले जलजीरा पानी से ही हाथ मुंह धोने, गंदे हाथ व पैरों से आलू और आटा गूंथने जैसे कृत्यों द्वारा गंदगी से परिपूर्ण खाद्य सामग्री आम लोगों को परोसी जा रही है। ऐसे कृत्य न केवल निंदनीय हैं अपितु दोषी लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी करते हैं। सवाल उठता है कि आखिर ऐसी गतिविधियों में संलिप्त लोगों को तत्काल जेल की सलाखों के पीछे क्यों नहीं डाला जाता है? विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हानिकारक बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी या रासायनिक पदार्थों से युक्त असुरक्षित भोजन 200 से अधिक बीमारियों का कारण बनता है जिसमें डायरिया से लेकर कैंसर तक शामिल हैं। निम्न और मध्यम आय वाले देशों में असुरक्षित भोजन के कारण चिकित्सा व्यय में हर साल 110 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान होता है। संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन के महानिदेशक डा. कू डोंग्यू के अनुसार, ‘हमें अपने भोजन की पहचान, गुणवत्ता और सुरक्षा पर एक आम समझ की जरूरत है। लेकिन भारत में दूध में पानी मिलाने, नकली दूध, घी में केमिकल, दाल में सिंथेटिक रंग और वैक्स कोटिंग, सब्जियों में हॉर्मोन के इंजेक्शन तथा सिंथेटिक रंग, हर्बल उत्पादों में एलोपैथिक दवाइयां तथा केमिकल्स, सौंदर्य प्रसाधनों में और देसी घी बनाने में पशुओं की चर्बी होने की जानकारी किसी से छुपी हुई नहीं है। खाद्य अपमिश्रण से आखों की रोशनी जाना, हृदय संबंधित रोग, लीवर खराब होना, कुष्ठ रोग, आहार तंत्र के रोग, पक्षाघात व कैंसर जैसे असाध्य रोग हो सकते हैं। मिलावटी और बासी खाद्य पदार्थों से निपटने के लिए केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय से 37 लाख रुपे की मोबाइल फूड सेफ्टी वैन भी मिली है। खाद्य अपमिश्रण के परीक्षण के लिए मैसूर, पुणे, गाजियाबाद एवं कोलकाता में भारत सरकार द्वारा चार केन्द्रीय प्रयोगशालाएं व्यवस्थित रूप से स्थापित की गई हैं। खाद्य अपमिश्रण एवं रेहड़ी फड़ी वालों द्वारा लोगों को गंदा और घटिया खाने-पीने की वस्तुएं बेचने से आगाह करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा ‘ईट राइट इंडिया मूवमेंट’ की पहल की गई है। ईट राइट मूवमेंट अभियान तीन प्रमुख विषयों पर आधारित है- सुरक्षित खाएं, व्यक्तिगत और आसपास की स्वच्छता सुनिश्चित करें, स्वस्थ खाएं, आहार विविधता और संतुलित आहार को बढ़ावा दें एवं स्थानीय और मौसमी सब्जियों/भोजन को बढ़ावा दें, भोजन के नुकसान को रोकें। खाने-पीने के शौकीन अथवा महानगरों में नौकरी आदि के चलते कम मूल्य लागत वाला भोजन तलाशने वाले भारतीयों के लिए यह अनिवार्य हो जाता है कि स्वाद एवं सस्ते के चक्कर में न पड़कर स्वच्छता मानकों एवं साफ-सफाई को अपनी सेहत के दृष्टिगत स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन को अपनी प्राथमिकता में रखें। केवल अतिरिक्त सतर्कता और जागरूकता का पालन करने से ही हम अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित बना सकते हैं और अपमिश्रित एवं गंदी खाद्य सामग्री बेचने वालों के कुत्सित इरादों को परास्त कर सकते हैं।
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देश की समृद्धि के लिए अंत्योदय अत्यंत आवश्यक है। अंत्योदय का अर्थ है- समाज के अंतिम व्यक्ति का उदय। दूसरे शब्दों में- समाज के सबसे निचले स्तर के लोगों का विकास करना ही अंत्योदय है। अंत्योदय के बिना देश उन्नति नहीं कर सकता, क्योंकि जब तक देश के अति निर्धन वर्ग का उत्थान नहीं होता, तब तक वह मुख्यधारा में सम्मिलित नहीं हो सकता। ऐसी स्थिति में देश भी समृद्ध नहीं हो पाएगा। इसलिए अंत्योदय आवश्यक है। जनसंघ के संस्थापक दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय का नारा दिया था। अंत्योदय उनका सपना था। वे कहते थे कि आर्थिक योजनाओं तथा आर्थिक प्रगति का माप समाज के ऊपर की सीढ़ी पर पहुंचे हुए व्यक्ति नहीं, बल्कि सबसे नीचे के स्तर पर विद्यमान व्यक्ति से होगा। अंत्योदय के माध्यम से केवल भारत ही नहीं, अपितु समग्र विश्व का विकास हो सकता है। इसके सुनियोजित योजना एवं उत्तरदायित्व आवश्यक है। विश्व के बहुत से विकसित राष्ट्र हालांकि किसी भी योजना के बिना ही वर्तमान आर्थिक विकास की दर प्राप्त करने में सफल रहे हैं, जिससे कुछ लोगों को यह अनुभव हो रहा है कि योजनाएं न केवल अनावश्यक हैं, अपितु निहायत अवांछनीय भी हैं। इसके बावजूद आम सहमति इस बात पर भी है कि यदि अविकसित राष्ट्र थोड़े समय में वही हासिल करना चाहते हैं, जो विकसित देशों ने लगभग एक शताब्दी में प्राप्त किया है तो विकास को अपनी प्राकृतिक गति पर नहीं छोड़ा जा सकता। विकास की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी एक प्रयास करना पड़ेगा और यह प्रयास नियोजित ढंग से होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितंबर, 2014 को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 98वीं जयंती के अवसर पर अंत्योदय दिवस की घोषणा की थी, तभी से यह दिवस मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का प्रकाश पहुंचाना है, ताकि वे भी प्रगति करके समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित हो सकें। आर्थिक उन्नति के साथ-साथ यह दिवस समाज में व्याप्त असमानताओं के उन्मूलन के लिए कार्य करने की प्रोत्साहित करता है। इसके अतिरिक्त यह दिवस विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देता है, जिससे निर्धनों एवं वंचित वर्गों के लोगों को उनके कल्याण के लिए संचालित की जा रही योजनाओं की जानकारी प्राप्त हो सके तथा वे इसका लाभ उठा सकें। सरकार इन वर्गों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। दीनदयाल अंत्योदय योजना के कई घटक हैं, जिन्हें अलग-अलग समय पर प्रारंभ किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितंबर, 2014 को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना भी प्रारंभ की। इसका उद्देश्य निर्धन ग्रामीण युवाओं को नौकरियों में नियमित रूप से न्यूनतम पारिश्रमिक के समान या उससे अधिक मासिक पारिश्रमिक प्रदान करना है। यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने के लिए की क्रियान्वित की जा रही है। इससे पूर्व 24 सितंबर, 2013 को राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन प्रारंभ किया गया था। इसके अंतर्गत शहरी निर्धनों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने एवं उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाता है। इससे पूर्व 25 सितंबर, 2004 को दीनदयाल अंत्योदय उपचार योजना प्रारंभ की गई थी। इस योजना के अंतर्गत निर्धन रोगियों को एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की जाती है। उल्लेखनीय है कि सरकार अंत्योदय अन्न योजना संचालित कर रही है। यह योजना 25 दिसंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा प्रारंभ की गई थी। इसे केंद्रीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय द्वारा लागू किया गया था। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण परमाली द्वारा देश के सबसे निर्धन लोगों को रियायती दरों पर भोजन उपलब्ध करवाना है। इस योजना के अंतर्गत निर्धन परिवारों को 35 किलो राशन प्रदान किया जाता है। इसमें 20 किलो गेहूं और 15 किलो चावल सम्मिलित होता है। इसके अंतर्गत गेहूं तीन रुपये प्रति किलोग्राम और चावल दो रुपये प्रति किलोग्राम की दर से दिया जाता है। इसे सबसे पहले राजस्थान में लागू किया गया था। प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि कच्ची नौकरियों में निर्धन परिवारों के युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें वे परिवार सम्मिलित हैं, जिनकी वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम है। कोरोना काल से यह राशन नि:शुल्क कर दिया गया। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र एवं राज्य सरकारें अंत्योदय के सिद्धांत को लेकर शासन कर रही हैं। भाजपा के अनुसार एकात्म मानववाद और अंत्योदय का दर्शन पार्टी के मार्गदर्शक सिद्धांतों में से एक है। इस सिद्धांत को हम सबका साथ सबका विकास के साथ मिला हुआ देख सकते हैं जो गरीब, ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार द्वारा तय की गई नीतियों में भी नजर आता है। दीनदयाल जी और उनकी आर्थिक नीतियों ने हमेशा गरीबों की भलाई पर जोर देने की बात की है। उनके आर्थिक विचार में पंक्ति के अंतिम पड़ाव पर खड़ा व्यक्ति शामिल रहा है। उन्होंने कहा था कि ‘आर्थिक नीति निर्धारण और प्रगति की सफलता का पैमाना यह नहीं है कि समाज के सबसे शीर्ष पर मौजूद व्यक्ति को उससे कितना फायदा मिल रहा है बल्कि यह है कि समाज पर जो लोग सबसे नीचे हैं उन्हें उन नीतियों का कितना फायदा मिला है। अंत्योदय का मतलब समाज के सबसे निचले स्तर पर मौजूद व्यक्ति का कल्याण है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह हमारी सोच और हमारे सिद्धांत हैं कि ये गरीब और अशिक्षित लोग हमारे ईश्वर हैं, यही हमारा सामाजिक और मानवीय धर्म है। उनके इसी अंत्योदय के विचार से प्रेरित होकर केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मौजूद एनडीए सरकार और तमाम प्रदेशों में शासन करने वाली भाजपा सरकारें अंत्योदय के रास्ते पर बढ़ने की ओर अग्रसर हैं तथा गरीब, ग्रामीण एवं किसानों के लिए और समाज के सबसे शोषित वर्ग से आने वाले युवाओं और महिलाओं के कल्याण की ओर प्रतिबद्ध हैं। गरीब को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए औसत जीवन स्तर में बढ़ोतरी हुई है। मुद्रा, जनधन, उज्जवला, स्वच्छता मिशन, शौचालयों का निर्माण, दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना, आवास योजना, सस्ती दवाएं और इलाज, इन सभी योजनाओं पर कार्य को आगे बढ़ा दिया गया है। तकनीक के प्रयोग से कृषि में सुधार किया जा रहा है एवं किसानों की आय दुगनी करने के इरादे से सिंचाई तकनीकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। केंद्रीय बजट की सहायता से गांवों में भी कई निवेश किए जा रहे हैं। दीनदयाल जी के विचारों से प्रेरित भाजपा सरकार देश के संसाधनों का उपयोग केवल देश की उन्नति के लिए करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए यह सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने, कालाधन रोकने और जनता की कमाई की लूट रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है। एक भारत-श्रेष्ठ भारत का रास्ता गरीबी दूर करके ही मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अंत्योदय व सेवा के संकल्प को पूर्ण कर विकसित भारत के निर्माण के लिए भाजपा प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि मां भारती की सेवा में जीवनपर्यंत समर्पित रहे अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का व्यक्तित्व और कृतित्व देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बना रहेगा। वास्तव में दीनदयाल अंत्योदय योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि करती है। इसके अंतर्गत कृषि और गैर-कृषि दोनों प्रकार की आजीविकाओं में सहायता मिलती है। इससे महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सहायता मिलती है। महिला स्वयं सहायता समूहों को उनकी आजीविका बढ़ाने में सहायता मिलती है। इसके अंतर्गत महिलाओं को बैंकिंग संवाददाता सखियों के रूप में प्रशिक्षण दिया जाता है।
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB -PMJAY) की छठी वर्षगांठ गर्व और चिंतन का क्षण है। सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू की गई एबी-पीएमजेएवाई आज दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सेवा योजना में से एक बन चुकी है। यह योजना इस सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि सभी नागरिकों, विशेष रूप से सबसे कमजोर वर्गों, के लिए समान स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए। पिछले छह वर्षों में इस महत्वाकांक्षी योजना ने लाखों जिंदगियों को छुआ है, उन्हें आशा, उपचार और कई मामलों में जीवनरक्षक उपचार प्रदान किया है। एबी-पीएमजेएवाई की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि एक राष्ट्र जब अपने लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने के लक्ष्य के साथ एकजुट होता है तो क्या कुछ हासिल कर सकता है। आयुष्मान भारत का मुख्य मिशन यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी भारतीय अपनी वित्तीय स्थिति के कारण स्वास्थ्य सेवा से वंचित न रहे। माध्यमिक और तृतीयक अस्पताल देखभाल को कवर करने के लिए प्रति परिवार 5 लाख रुपये के वार्षिक कवरेज के साथ, एबी-पीएमजेएवाई ने आर्थिक रूप से वंचित परिवारों को देश के कुछ सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने का साधन प्रदान किया है। हाल ही में भारत सरकार द्वारा 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के आय वर्ग के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एबी-पीएमजेएवाई के लाभों का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है, जो हमारे देश में बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले, हमारे सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, जैसे आशा बहनों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी सहायकों के परिवारों को योजना के दायरे में लाया गया था। 55 करोड़ से अधिक लोग योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आज पात्र हैं। अभी तक 7.5 करोड़ से अधिक सफल उपचार प्रदान किए गए हैं जिस पर 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हुआ है। यह एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। जो परिवार स्वास्थ्य खर्च के कारण गरीबी में धकेल दिए जाते थे, उनके लिए अब यह योजना वित्तीय ढाल साबित हो रही है। योजना के तहत लाभार्थी किसानों से लेकर दैनिक मजदूरों तक के कथन इस बात का प्रमाण है कि यह योजना उन्हें आर्थिक परेशानी से बचा रही है। इस मायने में, आयुष्मान भारत ने वास्तव में अपने वादे को पूरा किया है। इस योजना में उपचार का दायरा बहुत व्यापक है, जो 1900 से अधिक चिकित्सा प्रक्रियाओं को कवर करता है, जिनमें हृदय बाईपास या ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी से लेकर कैंसर और गुर्दे की बीमारियों के उपचार तक शामिल हैं। ये ऐसे उपचार हैं जो पहले तमाम लोगों के लिए पहुंच से बाहर थे, लेकिन अब एबी-पीएमजेएवाई ने उन्हें सुलभ, किफायती और सभी के लिए उपलब्ध बना दिया है। विस्तृत नेटवर्क और मजबूत सिस्टम एबी-पीएमजेएवाई की एक विशेषता इसका मजबूत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता नेटवर्क तैयार करने की क्षमता रही है। आज, भारत भर के 29,000 से अधिक अस्पताल, जिनमें 13,000 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं, योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। यह नेटवर्क ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक फैला हुआ है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि देश के सबसे दूरस्थ हिस्सों में रहने वाले लोग भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त कर सकें। योजना की अद्वितीय पोर्टेबिलिटी सुविधा ने यह सुनिश्चित किया है कि लाभार्थी अपने राज्य के अलावा देश भर के अस्पतालों में इलाज करवा सकते हैं। इस विशाल नेटवर्क को एक मजबूत आईटी बुनियादी ढांचे द्वारा समर्थित किया गया है जो दावों के निपटान में पारदर्शिता, दक्षता और गति सुनिश्चित करता है। आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और पेपरलेस क्लेम प्रोसेसिंग के कार्यान्वयन ने धोखाधड़ी और अक्षमता को काफी हद तक कम किया है, जो अक्सर ऐसी बड़ी सार्वजनिक कल्याण योजनाओं में एक बड़ी चुनौती होती है। आयुष्मान भारत की सफलता ने स्वास्थ्य सेवा पारिस्थितिकी तंत्र के अन्य हिस्सों में भी सुधार को उत्प्रेरित किया है। योजना के गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पर जोर ने सार्वजनिक और निजी दोनों अस्पतालों को अपने बुनियादी ढांचे और सेवाओं को उन्नत करने के लिए प्रेरित किया है। इसके अतिरिक्त, इसने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण विकसित किया है, जो प्रदाताओं को रोगी कल्याण को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है। समग्र स्वास्थ्य सेवा आयुष्मान भारत सिर्फ माध्यमिक और तृतीयक स्तरीय अस्पताल चिकित्सा के बारे में नहीं है। एबी-पीएमजेएवाई के साथ-साथ, सरकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM) के निर्माण के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर भी काम कर रही है। ये स्वास्थ्य केंद्र सुरक्षात्मक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य जनसंख्या में कुल रोगों के भार को कम करना है। अब तक, पूरे भारत में 1.73 लाख से अधिक AAM स्थापित किए जा चुके हैं, जो सामान्य बीमारियों और मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी चिरकालिक परिस्थितियों के लिए मुफ्त स्क्रीनिंग, निदान और दवाएं प्रदान कर रहे हैं। ये केंद्र व्यापक और समग्र स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की ओर हमारे प्रयास के केंद्र में हैं। कल्याण (वेलनेस) और प्रारंभिक निदान को बढ़ावा देकर, हम अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता को कम करने और स्वास्थ्य सेवा की पहुंच को लंबे समय में और अधिक स्थाई बनाने की उम्मीद करते हैं। चुनौतियों को पार करके आगे बढ़ना आयुष्मान भारत की उपलब्धियों का हर्ष मनाते हुए हमें आगे आने वाली चुनौतियों को भी स्वीकार करना चाहिए। योजना का पैमाना विशाल है और इसके साथ इसे लगातार अनुकूलित, परिष्कृत और सुधारने की जिम्मेदारी आती है। हम योजना की पहुंच को बढ़ाने, अस्पतालों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और हर लाभार्थी को प्रदान की जाने वाली चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आगे बढ़ते हुए, हम आयुष्मान भारत को मजबूत करना जारी रखेंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि यह भारत की समग्र, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की यात्रा में सबसे आगे बना रहे। हम योजना के तहत कवर किए गए उपचारों की सूची का विस्तार करने, सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या बढ़ाने और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के सफल निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। स्वस्थ भारत का सपना केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के रूप में मेरा दृढ़ विश्वास है कि किसी भी राष्ट्र का स्वास्थ्य उसकी समृद्धि की नींव है। स्वस्थ जनता देश के विकास, उत्पादकता और नवाचार में योगदान करने में सक्षम होती है। आयुष्मान भारत इस स्वस्थ, मजबूत और विकसित भारत की संकल्पना का केंद्र है। अब तक की योजना की सफलता सरकार, स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं और लोगों के बीच की गई कड़ी मेहनत, समर्पण और सहयोग को दर्शाती है। हम प्रत्येक नागरिक के कल्याण और स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्ध हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की छठी वर्षगांठ पर आइए हम सभी नागरिकों के लिए एक समावेशी, सुलभ और सहानुभूतिपूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराएं। हम आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की यात्रा को जारी रखेंगे।
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अमेरिका में बसे लाखों भारतीय डोनाल्ड ट्रम्प के साथ हैं या कमला हैरिस के पक्ष में? अगर मीडिया पर आ रही खबरों पर यकीन करें तो कमला हैरिस को आज के दिन अधिक लोकप्रिय बताया जा रहा है। कमला की लोकप्रियता प्रतिदिन बढ़ती जा रही बताते हैं। भारत सरकार किसे विजयी देखना चाहती है? यह तय है कि जो भी जीतेगा भारत सरकार उसके साथ तालमेल बिठा कर काम करेगी ही! यह बात भारत-अमेरिका के गहरे द्विपक्षीय संबंधों की रोशनी में कही जा सकती है, जो लगातार मजबूत हो रहे हैं। एक बात जान लें कि अमेरिका में रहने वाले भारतीयों के एकमुश्त वोट कमला हैरिस को नहीं मिलेंगे, कुछ वोट तो बटेंगे ही! कुछ वोट ट्रम्प के खाते में भी जाएंगे। पर कमला हैरिस को भारतीय अपना तो मानते हैं। कमला हैरिस की मां श्यामला गोपालन, तमिलनाडु के एक कुलीन ब्राह्मण परिवार से थीं। यह समाज अपनी बेटियों की शिक्षा पर बहुत ध्यान देता है। इसलिए इस परिवार ने श्यामला गोपालन को अपने सपनों को पूरा करने के लिए नई दिल्ली जाने की अनुमति दी। जहां उन्होंने दिल्ली युनिवर्सिटी में पढ़ाई की। श्यामला के पिता पीवी गोपालन सरकारी सेवा में ही थे और मां सफल गृहणी थीं। गोपालन जी सरकारी दफ़्तर में टाइपिस्ट थे और अपनी लगन और ईमानदारी के सहारे पदोन्नति पाते रहे। वह अपनी नौकरी के सिलसिले में मद्रास, नई दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में रहे। डीयू से 19 साल की उम्र में डिग्री लेने के बाद कमला हैरिस की मां श्यामला ने उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अमेरिका का रुख किया। उन्होंने अमेरिका में एक अफ्रीकी मूल के शख्स से शादी की, जिसका परिवार कैरिबियाई देश जमैका में बस गया था। इस लिहाज से देखा जाए तो कमला हैरिस को भारतीय और अफ्रीकी कहीं ना कहीं अपने से जुड़ा मानते हैं। उधर, ट्रम्प का भी अपना ख़ास जनाधार है। वह 2016-2020 के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति रहे हैं। ट्रम्प वह व्यक्ति भी हैं जिन्होंने यूक्रेन और गाजा में संघर्षों को समाप्त करने का वादा किया है, जो लेबनान तक फैल गया है। वह इसे लेकर कितने गंभीर हैं या वे इसमें कितना सफल होंगे, यह अनुमान का विषय है लेकिन कम से कम उन्होंने वादा तो किया ही है। राष्ट्रपति जो बाइडेन के विदेश मंत्री एंथोनी ब्लिंकन भी गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए अपने ढंग से कुछ काम कर रहे हैं। उम्मीद है कि इससे डेमोक्रेटिक पार्टी को मदद मिलेगी। लेकिन न तो बाइडेन और न ही कमला हैरिस ने अब तक गाजा में शांति लाने का कोई ठोस इरादा दिखाया है। ऐसे में क्या ट्रम्प की जीत विश्व शांति के लिए भी मतदाता अच्छी मानेंगें? भारत-अमेरिका संबंध अब जरा बात भारत-अमेरिका संबंधों की। ज़्यादातर राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इससे भारत-अमेरिका संबंधों पर कोई ख़ास फर्क नहीं पड़ेगा कि व्हाइट हाऊस में ट्रम्प पहुंचते हैं या कमला हैरिस। भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध बेहतर होते रहेंगे, यही अंतरराष्ट्रीय संबंधों के विश्लेषक मानते हैं। दोनों देशों के संबंध उस दायरे से कहीं आगे जाते हैं, जब सत्ता परिवर्तन का असर संबंधों पर होता है। इन संबंधों में किसी पर्सनेल्टी का असर नहीं हो सकता। हां, दोनों देशों के नेताओं के निजी संबंधों से स्थिति और बेहतर हो सकती है। यह हमने नरेन्द्र मोदी और बराक ओबामा, फिर मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प और उसके बाद मोदी और बाइडेन के समय देखा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से अमेरिका के दो पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रम्प के साथ एक अलग पर्सनल केमिस्ट्री विकसित की थी, वैसी ही केमिस्ट्री उनकी राष्ट्रपति बाइडेन के साथ भी बनी। कुछ अस्वस्थ होने के बावजूद पिछले साल बाइडेन जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने नई दिल्ली आए। उसके बाद से उनकी भारतीय प्रधानमंत्री मोदी से आपसी और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर अक्सर बातचीत होती रहती है। एक बात और। अगर ट्रम्प फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति बन जाते हैं तो संसार के इस्लामिक देशों के साथ वे किस तरह का संबंध बनाकर रखना चाहेंगे? वह पहली बार जब राट्रपति का चुनाव जीते थे तब सारा इस्लामिक संसार दुखी था। वह अपनी कैंपेन के दौरान बार-बार इस्लाम को लेकर बयान दे रहे थे। उन्होंने इस्लाम को अमेरिका विरोधी बताते हुए उनके अपने देश में प्रवेश पर पाबंदी लगाने की मांग तक दोहराई थी। हालाकि उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई कट्टरपंथी मुसलमानों से है। लेकिन, इस बार वह संभल कर चल रहे हैं। डोनाल्ड ट्रम्प आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के पनपने के लिए बराक ओबामा और हिलेरी क्लिंटन को जिम्मेदार मानते हैं। ट्रम्प के इस तरह के बयानों पर उन्हें अमेरिका के गैर-मुसलमानों का समर्थन मिला। ट्रम्प के इस दावे से सनसनी पैदा हो गई थी कि 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद दुनिया भर के मुसलमान जश्न मनाने के लिए 'सड़कों पर उतर' आए थे। उन्होंने कहा था कि अरब और अमेरिकी मुसलमानों ने आतंकी हमलों का जश्न मनाया था। ट्रम्प ने अपने देश में मुसलमानों की निगरानी करने के लिए डाटा बेस बनाने का भी वादा किया था। ट्रम्प ने यह भी कहा था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए अमेरिका के मुस्लिमों पर तगड़ी निगरानी जरूरी होगी। तब अमेरिकी मीडिया ने उनकी तीखी आलोचना की थी लेकिन ट्रम्प अपने रुख पर कायम रहे थे। यह सच है कि अमेरिका में 9/11 की घटना के बाद औसत अमेरिकी मुसलमानों से डरने और सतर्क रहने लगा था। हालांकि 9/11 की घटना के बाद दुनिया बहुत बदल चुकी है। फिलहाल यह देखने वाली बात है कि अमेरिका का नया राष्ट्रपति कौन बनता है।
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वन्य जीव प्रकृति का उपहार ही नहीं, अमूल्य धरोहर से बढ़कर हैं। अफसोस कि वन्य जीवों की विभिन्न प्रजातियां दिनों दिन लुप्तप्राय हो रही हैं। हजारों प्रजातियों का तो अबतक नामोनिशान मिट चुका है। जंगल के बेजुबान जानवरों की संख्या विलुप्त होने से कैसे बचे, उनका संरक्षण कैसे किया जाए, इन्हीं को ध्यान में रखकर हर साल 4 सितंबर को पूरे देश में ‘राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस का प्रचलन वर्ष 2005 में ‘कोलीन पैगे’ नामक एक वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञ व परोपकारी व्यक्ति द्वारा की गई थी। वहीं, अगले साल यानी 2006 में वन्यजीव संरक्षणवादी ‘स्टीव इरविन’ के निधन के बाद उनकी स्मृति में यह खास दिवस मनाया जाता है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 48.5 फीसदी वन्य प्रजातियों की आबादी में कमी आ चुकी है। इन प्रजातियों की कुल संख्या 16,150 है जिनमें पक्षियों की 5412 प्रजातियां, उभयचरों की 3135, मछलियों की 2631 प्रजातियां, स्तनधारियों की 1885 और कीटों की 1622 प्रजातियां शामिल हैं। जबकि, सरीसृपों की 1465 प्रजातियां विलुप्त होने की कगार पर हैं। वन्यजीवों की संख्या घटने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। अव्वल, वनों का तेजी से कटना। दूसरा, उनके भोजन की उपलब्धता में कमी आना, जिस कारण उनका वनों से बाहर आना और शिकारियों द्वारा शिकार हो जाना। उचित आवास का न होना, अत्यधिक वन संपदा का दोहन, जंगलों में बढ़ता प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग की मार भी जंगली जीव झेल रहे हैं। पशु तस्कर अब चुन-चुनकर जंगली जानवरों का शिकार करने लगे हैं क्योंकि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जंगली जानवरों की खाल, दांत या उनके अन्य अंगों की भारी डिमांड है। ग्राहक तस्करों को मुंहमांगी कीमत देते हैं जिस कारण तस्कर वन्य जीवों का शिकार करने पर आमादा रहते हैं। लुप्तप्राय जीवों और उनके संरक्षण के लिए चल रहे प्रयासों में और तेजी लाना ही आज के खास दिन का मकसद है। वन्य जीव प्रजातियों के महत्व और उनकी रक्षा-सुरक्षा के लिए सभी को भागीदार होना चाहिए। आज पशुओं की सुंदरता और उनके मूल्यों को पहचानने का दिन है। कार्यक्रमों के जरिए जनमानस को याद दिलाना होता है कि मानव जीवन में वन प्रजातियों की क्या भूमिका होती है। दुख इस बात का है कि लाख कोशिशों के बावजूद मानवीय गतिविधियां नहीं रुकती और पर्यावरण में होते नित नए परिवर्तन ने भी वन्य पशु-पक्षियों का जीना मुहाल किया हुआ है। राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस का उद्देश्य व्यक्तिगत प्रयासों से लेकर वैश्विक पहलों तक, वन्यजीवों के संरक्षण में मदद करने वाले कार्यों को प्रोत्साहित करना होता है। ये दिन हमें अपने प्राकृतिक परिवेश के प्रति अपनी जिम्मेदारी की भी याद दिलाता है। वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों में भागीदारी को प्रोत्साहित करना और चिड़ियाघरों, अभयारण्यों और वन्यजीव संरक्षण के लिए समर्पित संगठनों के काम का समर्थन भी आज का दिन करता है। ‘राष्ट्रीय वन्यजीव दिवस’ के अलावा 3 मार्च को मनाया जाने वाला ‘विश्व वन्यजीव दिवस’ भी जंगली जानवरों की रक्षा के लिए लोगों को आह्वान करता है कि भावी पीढ़ियां पृथ्वी की जैव विविधता का आनंद ले सके, इसलिए वन्य जीवों को संरक्षित करना होगा। आज के खास दिन का मकसद, वैश्विक स्तर पर वन्यजीवों के सामने आने वाली प्राकृतिक आपदाएं, बीमारियों व अन्य गंभीर समस्याओं के प्रति जागरूकता को बढ़ाना भी होता है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि मानवीय गतिविधियां वन्य जीवों के लिए मौजूदा वक्त में सबसे बड़ा खतरा हैं। सरकारी स्तर पर जैव विविधता के महत्व और प्राकृतिक वन्य जीव संरक्षण पर अब और अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
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अभी कुछ दिन पहले एक खबर मीडिया की सुर्खियों में थी कि भारत की वित्तीय राजधानी मुंबई अब एशिया की 'अरबपतियों की राजधानी' बन गई है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2024 के अनुसार, मुंबई में चीन के राजधानी शहर बीजिंग से भी ज़्यादा अरबपति व्यक्ति रहने लगे हैं। भारत में मुंबई के बाद सबसे ज्यादा अरबपति अब दो और महानगरों नई दिल्ली और हैदराबाद में रहते हैं। उम्मीद करनी चाहिए कि देश में अरबपतियों की तादाद देश में विकास की रफ़्तार के साथ बढ़ती ही रहेगी। अरबपति छोटे शहरों और कस्बों में भी बने। पर भारत को फिलहाल सैकड़ों-हजारों दानवीर भी चाहिए। भारत, अपने युवा और विविध जनसंख्या के बावजूद , दुनिया की सबसे तेजी से विकसित होने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। हालांकि, फ़िलहाल इसकी समृद्धि असमान रूप से वितरित है। लाखों लोग गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा तक की पहुँच से वंचित हैं। इस असमानता को कम करने और भारत को एक समृद्ध और न्यायपूर्ण राष्ट्र बनाने के लिए अधिक से अधिक दानवीरों की आवश्यकता है। हमें इस तरह के दानवीर चाहिए जो हर साल बड़ी राशि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में खर्च करें। यह संतोष का विषय है कि बिल गेट्स ने अपनी समृद्धि का उपयोग मानवता की सेवा में किया है। उनके द्वारा स्थापित बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारत में स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में बड़ी चुनौतियाँ हैं, जिसमें गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुँच सीमित है। बेशक, दानवीर स्वास्थ्य सेवा में निवेश करके, नई तकनीकों और दवाओं को विकसित करने में मदद कर सकते हैं। वे गरीबों के लिए स्वास्थ्य सेवा की पहुँच को बढ़ावा देने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में अस्पतालों और क्लिनिकों का निर्माण कर सकते हैं। भारत में शिक्षा प्रणाली में भी सुधार की बड़ी आवश्यकता है। इस क्षेत्र में बहुत सारे दानवीरों को निवेश करना चाहिए। वे शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करके, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। समृद्ध दानवीर शिक्षकों के प्रशिक्षण, स्कूलों का आधुनिकीकरण और नए शिक्षण उपकरणों का विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं। यह कोई नहीं कह रहा है कि हमारे यहां दानवीर शिक्षा या हेल्थ सेक्टर में निवेश नहीं करते। पर इन दोनों क्षेत्रों में शत प्रतिशत सरकार के भरोसे भी तो नहीं रहा जा सकता। सरकार की भी अपनी सीमाएं हैं। इसके साथ ही भारत में गरीबी और असमानता को दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर चहुँमुखी सामाजिक विकास की आवश्यकता है। दानवीर गरीबों को रोजगार के अवसर प्रदान करने और उनकी आय बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वे ग्रामीण विकास, कृषि, स्वरोजगार और महिलाओं के सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में निवेश कर सकते हैं। भारत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहा है। इस स्थिति का सामना करने के लिए हमारे दानवीर नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों को विकसित करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए नवाचारों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वे जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए जल संरक्षण और ज़्यादा पानी अवशोषित करने वाले गेहूँ, धान और गन्ना के उत्पादन छोड़ कर या कम करके परंपरागत मोटे और छोटे अनाजों के उत्पादन को बढ़ावा देने का अभियान चला सकते हैं। एक किलो धान के उत्पादन में जहाँ 8000 लीटर , एक किलो गेहूँ उत्पादन में 10,000 लीटर पानी और एक किलो चीनी के उत्पादन में 28,000 लीटर पानी का व्यय होता है, वहीं एक किलो छोटे अनाज कोदो, कँगनी, कुटकी , साँवा और हरा सावाँ के उत्पादन में मात्र 100 से लेकर 300 तक ही पानी की आवश्यकता पड़ती है। इसी प्रकार, हर तरह के दूरगामी और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने के लिए भी दानवीर अरबपति पर्यावरणीय संगठनों को समर्थन दे सकते हैं। मैं अपना ख़ुद का उदाहरण देना चाहूँगा। मैं 1966 से लेकर 1975 में स्वर्गीय श्रीमती इंदिरा गाँधी द्वारा लगायी गई इमरजेंसी के पूर्व तक उस समय भारतवर्ष के दो बड़े मीडिया संस्थानों में से एक में विशेष संवाददाता था। तनख़्वाह थी मात्र 230 रुपए प्रतिमाह। संपादकीय पृष्ठ पर एक लेख लिखने पर प्रति लेख 10 रुपए अलग से मिल जाते थे। लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रेरणा और आशीर्वाद से भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास के लिये एक छोटा-सा सेवामूलक कार्य शुरू किया और तीन लाख भूतपूर्व सैनिकों और बेरोज़गार युवक-युवतियाँ को रोज़गार दिया। आज उन संस्थाओं का वार्षिक कारोबार लगभग 13,000 करोड़ का है। संतोषप्रद लाभ भी है। लेकिन, मैं अपने लाभाँश का लगभग 95% अपने पूज्य माता और पिताजी की स्मृति में स्थापित “अवसर ट्रस्ट“ के माध्यम से ज़रूरतमंद लोगों की शिक्षा, चिकित्सा, बिना दहेज विवाह, किसी भी तरह की समाज सेवा करने वाली संस्थाओं की सहायता में खर्च करता हूँ। इससे जो आत्मीय संतुष्टि मिलती है, उसका वर्णन करना संभव नहीं है। धन की गति या तो व्यभिचार के लिये होगी या सद्कार्यों के लिये! अरबपतियों को एक ही रास्ता चुनना होगा। नोटों की गड्डी पर न तो आज तक कोई जला है, न जलेगा। तब बुद्धिमत्तापूर्वक सबको यह सोचना चाहिये कि संचित धन का सदुपयोग करना है या दुरुपयोग ? नए-नए करोड़पतियों और अरबपतियों को अनुसंधान और विकास में भी निवेश करना चाहिए। ये दानवीर वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और नए क्षेत्रों में निवेश करके, भारत को वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र में नेता बनने में मदद कर सकते हैं। वे नए उद्यमों को शुरू करने और भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए निवेश कर सकते हैं। इंफोसिस टेक्नोलॉजीज के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि शिक्षा के क्षेत्र में बहुत दान देते हैं। उन्होंने कुछ समय पहले इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) बॉम्बे को 315 करोड़ रुपए दान किये। इससे पहले भी, उन्होंने आईआईटी बॉम्बे को 85 करोड़ रुपए दान किया था। यानी अब तक वो आईआईटी बॉम्बे को करीब 400 करोड़ रुपये का दान कर चुके हैं। दरअसल देश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्लायों के सफल छात्रों को अपने शिक्षण संस्थानों की आर्थिक मदद करनी चाहिए। इन संस्थानों को सरकार की मदद के सहारे पर नहीं छोड़ा जा सकता है। अमेरिका में पूर्व छात्र अपने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की भरपूर मदद करते हैं। पूर्व छात्रों की मदद से ही उनके शिक्षण संस्थानों में रिसर्च और दूसरी सुविधाएं बढ़ाई जा सकती हैं। नीलकेणी की सबसे बड़ी कामयाबी आधारकार्ड है। देश के हर नागरिक को एक विशिष्ठ पहचान संख्या या यूनिक आइडेंटिफिकेशन नम्बर को उपलब्ध करवाने का विचार उन्होंने ही सफलतापूर्वक चलाया था। इसमें दो राय नहीं कि भारत में नंदन नीलकेणी जैसे दानवीरों की संख्या को बढ़ाना होगा। अजीम प्रेमजी और शिव नाडर जैसे अरबपति दानवीर भी देश के युवाओं को सामाजिक उद्यमिता, सामुदायिक विकास और सामाजिक बदलाव के लिए प्रेरित कर सकते हैं। वे भारत के संसाधनों का प्रभावी उपयोग करके, गरीबी को दूर करने और मानवता की सेवा करने के लिए सहायता भी कर सकते हैं। कभी-कभी मन उदास हो जाता है कि भारत में दानवीरों की काफी कमी हैं। देखिए भारत में अब भी धनी लोग समाज के लिए धन देने से कतराते हैं। उन्हें लगता है कि उनका टैक्स देना ही काफी है। यह सोच बदलनी होगी। फिर भारत में भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिससे लोगों को दान करने के लिए प्रेरित करने में कठिनाई होती है। उन्हें डर लगता है कि उनके दान का गलत उपयोग किया जाएगा। कई मामलों में यह होता भी है। फिर कई लोग दान के बारे में जानकारी नहीं रखते हैं या वे यह नहीं जानते कि वे दान कैसे कर सकते हैं। इस बीच, यह कहना सही नहीं है कि यूरोप और अमेरिका में भारत से ज़्यादा दानवीर हैं। दानवीरता किसी भी देश या संस्कृति तक सीमित नहीं है। हर जगह अच्छे दिल वाले लोग होते हैं जो दूसरों की मदद करने को तैयार रहते हैं। हर देश के अपने-अपने दान करने के तरीके हैं और हर व्यक्ति की अपनी ज़रूरतें और सीमाएँ होती हैं। दानवीरता किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद और क्षमता पर निर्भर करती है, न कि किसी देश या संस्कृति पर। हमारे यहां बहुत से लोग मशहूर खिलाड़ियों और फिल्मी सितारों से शिकायत करते रहते हैं कि वे चैरिटी नहीं करते। हालांकि सच यह है कि कई सेलिब्रिटी अपने दानों के बारे में सार्वजनिक नहीं होने देना चाहते। उनका मानना हो सकता है कि दान करना निजी मामला है और इसे सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की जरूरत नहीं है। कुछ सेलिब्रिटी किसी विशिष्ट कारण के प्रति सहानुभूति महसूस नहीं करते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि सभी सेलिब्रिटी एक समान नहीं होते हैं। कुछ बहुत दानवीर होते हैं, जबकि कुछ नहीं भी करते हैं। इसलिए, यह मान लेना गलत होगा कि सभी सेलिब्रिटी दान नहीं करते हैं।
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एन. रघुरामन स्ना तकोत्तर के प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को इस हफ्ते संबोधित करते हुए मैंने उनसे एक गोल शीट बनाने के लिए कहा, जिसमें उन्हें यह बताना था कि यूनिवर्सिटी से अगले दो साल का कोर्स करने के बाद वे खुद को किस रूप में और कहां देखते हैं। मैंने उनकी शीट जमा कीं और उनमें कुछ लोगों के लक्ष्य थोड़ा तेज आवाज में पढ़े और उन्हें यह सलाह देते हुए रास्ता दिखाने में मदद की कि वे लक्ष्य तक कैसे पहुंच सकते हैं और इन दो सालों में अकादमिक लिखाई-पढ़ाई के अलावा यूनिवर्सिटी कैंपस में उन्हें क्या-क्या करना चाहिए। उन 45 विद्यार्थियों की शीट में से एक शीट ने मेरा ध्यान खींचा और मैं इसे जोर से नहीं पढ़ सका क्योंकि मुझे यकीन था कि पूरी क्लास की इसे सुनकर हंसी छूट पड़ती और वे शायद असहज हो सकते थे। उसने लिखा, ‘मैं कुछ नहीं करना चाहता हूं, पर पैसे कमाना चाहता हूं!’ मालूम चला कि उस लड़के ने दबाव में इस कोर्स में दाखिला ले लिया था क्योंकि उसके कॉलेज के ज्यादातर मित्रों ने ऐसा किया था। इससे मुझे एक किताब याद आ गई, जो कि मैंने इस साल की गर्मियों में अपने अमेरिका प्रवास के दौरान खरीदी थी। जनवरी 2024 में रिलीज हुई ‘रेंटल पर्सन हू डज़ नथिंग’ शीर्षक की यह किताब एक जापानी, शोजी मोरिमोटो की आत्मकथा है और डॉन नॉटिंग ने अंग्रेजी में इसका अनुवाद किया है। जीवन जीने के लिए शोजी जो करते हैं, वह जानना दिलचस्प है। वह वाकई कुछ नहीं करते हैं। यहां इसका उदाहरण है। कल्पना करें, आप किसी ऐसे सामाजिक कार्यक्रम में हैं, जहां जाना टाल नहीं सकते थे, लेकिन अब कुछ कारणों से उस जगह से जाना चाहते हैं- एक कारण ये हो सकता है कि आप वहां असहज हों। आप आयोजक से एक झूठ बोलते हैं कि मुझे लेने कोई आया है, क्योंकि दफ्तर में कोई जरूरी काम निपटाना है। आयोजक सहमत हो जाते हैं और वह आपको बाहर तक छोड़ने आते हैं और अगर वे पूछते हैं कि वो आदमी कहां है, तब आप वह आदमी कैसे दिखाएंगे? अगर आप जापान मेें हैं और बिल्कुल एेसा ही झूठ बोल रहे हैं, तो आप शोजी को बुला सकते हैं और वह वहां इंतजार करेगा, वो भी आपके बताए किसी भी नाम से। आप अपने मित्र, पड़ोसी या सहकर्मी के रूप में उसका परिचय दे सकते हैं और उस जगह से छुटकारा पा सकते हैं। शोजी मोरिमोटो, खुद को एक फोकट इंसान के रूप में किराए पर देते हैं, जो केवल आसान-से काम करेगा और कोई राय नहीं देगा। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने अपनी किताब का हवाला दिया है, जिसमें पेशेवर खाली व्यक्ति के रूप में बनने की अपनी पिछले पांच साल की यात्रा का वर्णन है, एक्स पर उनके चार लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और अच्छा-खासा पैसा कमाते हैं। शोजी अक्सर एक थैरेपिस्ट की भूमिका में रहते हैं, जैसे कि एक क्लाइंट ने माना कि उसे किसी का खून करने के लिए किशोरवस्था में जेल हो गई थी। इस तरह की स्थिति में वह सिर्फ ‘हम्मम्म्म...’ या ‘अच्छा’ में सिर हिलाते या बुदबुदाते हैं। लेकिन क्लाइंट्स के लिए यह भी काफी होता है, जो सिर्फ यह चाहते हैं कि कोई तटस्थ व्यक्ति उन्हें सुने। शोजी लिखते हैं कि ‘बातचीत में गहराई व रिश्तों में गहराई हमेशा से ही एक-दूसरे से नहीं जुड़ी होती। वह लिखते हैं, ‘सच में, निकटता अक्सर लोगों को उनके मुंह बंद रखने के लिए मजबूर करती है।’ शोजी अजनबी को नीचे रहने वाले पड़ोसी से बात करने में मदद करते हैं, ताकि छोड़ी गई लॉन्ड्री गुम होने से बच सके। वह किसी ऐसे के साथ स्टारबक्स फ्रैपुचीनो बांट लेते हैं, जिसे लगता है कि वह इसे अकेला खत्म नहीं कर पाएगा/ पाएगी। वह बैठते हैं और किसी को नॉवेल लिखते हुए देखते हैं। वह किसी के साथ अपॉइंटमेंट करते हैं, ताकि वे लोग झूठ पकड़ाए/ बोले बिना उस रिलेशनशिप से बाहर निकल सकें। फंडा यह है कि अगर आप कुछ नहीं करना चाहते, तो ठीक है, करिए, क्योंकि आपकी जिंदगी है। पर याद रखें, कुछ नहीं करने के लिए भी आपके पास प्लान होना चाहिए, ऐसा प्लेटफॉर्म बनाएं, लक्ष्य तय करें और लाखों फॉलोअर्स बनाएं। फिर खाने और किराए की जगह के पैसे कमाएं।
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थॉमस एल. फ्रीडमैन ‘वैसे में आप क्या करते?’ 7 अक्टूबर के बाद से इजराइल की सरकार ने दुनिया से बार-बार यही सवाल पूछा है। यह कि अगर हमास के आतंकवादी आपकी पश्चिमी सीमा पार करके सैकड़ों इजराइलियों को मार डालें, उनका अपहरण कर लें और अगले दिन उनके हिजबुल्ला सहयोगी आपकी उत्तरी सीमा पर रॉकेट दाग दें- और ईरान इसका समर्थन करे तो आप वैसी स्थिति में क्या करते? यह एक जरूरी सवाल है और इसे इजराइल के आलोचक अक्सर टालते रहते हैं। लेकिन वे अकेले नहीं हैं, जो इसे टालते हैं। बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली यह इजराइली सरकार चाहती है कि आप और मैं और हर इजराइली और इजराइल के सभी मित्र- यहां तक कि दुश्मन भी- इस पर विश्वास कर लें कि इस प्रश्न का हमेशा केवल एक ही सही उत्तर था : गाजा पर हमला बोलकर हमास को खत्म कर देना, इस प्रक्रिया में हताहत होने वाले नागरिकों से विचलित न होना, फिर लेबनान में हिजबुल्ला पर धावा बोलकर यही सब फिर से दोहराना- और युद्ध के इन दोनों मोर्चों में से किसी से भी बाहर निकलने की रणनीति बनाने में समय बर्बाद न करना। यह एक जाल है, और बाइडेन प्रशासन इजराइल को इसमें फंसने से रोकने के लिए पर्याप्त दृढ़ नहीं था। अब हालात संगीन हो चुके हैं। इजराइल का यहूदी-राष्ट्र गंभीर खतरे में है। और उसे यह खतरा ईरान के साथ ही उसके वर्तमान इजराइली सत्तातंत्र दोनों से है। मुझे इस युद्ध के प्रमुख कारणों के बारे में कभी कोई भ्रम नहीं रहा। यह यहूदी राष्ट्र को धीरे-धीरे नष्ट करने, अमेरिका के अरब सहयोगियों को कमजोर करने और क्षेत्र में अमेरिकी प्रभाव को कम करने की भव्य ईरानी रणनीति का खुलासा है। इसकी एक अन्य उपकथा है, इजराइल को ईरान की परमाणु-फेसिलिटीज़ पर हमला करने से रोकना और प्रॉक्सी का उपयोग करना। ईरान-हमास की रणनीति इजराइल के चारों ओर एक आग का घेरा बनाने की थी, जिसमें हमास, हिजबुल्ला, हूतियों, इराक की शिया मिलिशिया और वेस्ट-बैंक में जॉर्डन के माध्यम से तस्करी किए गए हथियारों से लैस उग्रवादियों का इस्तेमाल किया गया था। ईरान के अपने हितों के दृष्टिकोण से यह एक बेहतरीन रणनीति है : कि इजराइल को नुकसान पहुंचाने के लिए चाहे जितने फिलिस्तीनियों और लेबनानी लोगों की कुर्बानी देनी पड़े, लेकिन एक भी ईरानी जिंदगी जोखिम में न आए। इजराइल को खत्म करने के लिए ईरान हरेक लेबनानी, फिलिस्तीनी, सीरियाई और यमनी की जा