Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश में आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत इस साल प्रवेश प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। सबसे अहम बदलाव यह है कि अब नर्सरी और केजी-1 कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सीधे कक्षा पहली में ही छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिलेगा। इस बदलाव के कारण स्कूलों में सीटों की संख्या घट सकती है। इस साल आरटीई के तहत स्कूल प्रोफाइल अपडेट करने की प्रक्रिया 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चली, जिसके बाद जिला शिक्षा विभाग में नोडल प्राचार्य और डीईओ द्वारा सत्यापन किया गया। सीटों का प्रकटीकरण 7 फरवरी को किया जाएगा।
आरटीई अधिकारी सूर्यकांत सोनवानी के अनुसार, छात्र पंजीयन के लिए पोर्टल 16 फरवरी से खुल जाएगा और 31 मार्च तक पंजीयन कराया जा सकेगा। इस दौरान नोडल वेरिफिकेशन भी किया जाएगा। 13 अप्रैल से 17 अप्रैल तक लॉटरी निकाली जाएगी और सीटें आबंटित की जाएंगी। आरटीई प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी। दूसरे चरण में 8 जून से 20 जून तक न्यू स्कूल का रजिस्ट्रेशन होगा, इसके बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई तक छात्रों का ऑनलाइन पंजीयन किया जाएगा। लॉटरी और सीट आबंटन 27 जुलाई से 31 जुलाई तक किया जाएगा, और 3 अगस्त से 17 अगस्त तक चयनित छात्रों को स्कूलों में प्रवेश मिलेगा।
धमतरी जिले में 221 मान्यता प्राप्त निजी स्कूल हैं, जिनमें से 30 स्कूलों में आरटीई योजना नहीं चलती। इस वर्ष नर्सरी और केजी-1 कक्षा हट जाने के कारण केवल 191 स्कूलों में ही आरटीई के तहत सीटें निर्धारित होंगी। प्रवेश के लिए पालक या परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का नाम 2011 की सर्वे सूची में होना अनिवार्य है। साथ ही बीपीएल राशन कार्ड, गरीबी रेखा प्रमाण पत्र और बच्चे का डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करना जरूरी है। नोडल अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद दस्तावेजों की फोटो कॉपी पालकों को संबंधित नोडल कार्यालय में जमा करानी होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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