Patrakar Priyanshi Chaturvedi
उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब ढाई दशक के लंबे इंतजार के बाद हकीकत बन रहा है। इसकी शुरुआत वर्ष 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री Rajnath Singh के प्रस्ताव से हुई थी, जिसे 2003 में केंद्र की Atal Bihari Vajpayee सरकार ने तकनीकी मंजूरी दी। हालांकि इसके बाद कई सालों तक स्थान और नीतिगत कारणों से परियोजना अटकी रही और अलग-अलग जगहों पर इसे शिफ्ट करने के प्रयास भी हुए।
वर्ष 2014 में केंद्र में Narendra Modi सरकार और 2017 में प्रदेश में Yogi Adityanath के सत्ता में आने के बाद परियोजना को गति मिली। 2018 में सैद्धांतिक मंजूरी, 2019 में ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी को ठेका, 2020 में जमीन अधिग्रहण और 2021 में शिलान्यास जैसे अहम कदम उठे। आखिरकार 2026 में इसे एयरोड्रम लाइसेंस मिल गया, जिससे इसके संचालन का रास्ता साफ हो गया।
यह एयरपोर्ट चरणबद्ध तरीके से विकसित होगा, जिसमें पांच रनवे और करोड़ों यात्रियों की क्षमता विकसित की जाएगी। पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता होगी, जो चौथे चरण तक 7.2 करोड़ तक पहुंच जाएगी। यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा यह एयरपोर्ट नोएडा, दिल्ली और आसपास के शहरों के लिए बड़ी सुविधा बनेगा और उत्तर प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होने की उम्मीद है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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