पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर, लेकिन तेल कंपनियों पर बढ़ा भारी घाटा
Petrol ,diesel prices ,remain stable, but oil ,companies, facing huge, losses

देश में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद पेट्रोल और डीजल के दाम लंबे समय से स्थिर बने हुए हैं। यदि लागत का पूरा असर उपभोक्ताओं तक पहुंचता, तो पेट्रोल करीब 113 रुपये प्रति लीटर और डीजल लगभग 123 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकता था। फिलहाल तेल कंपनियां इस अंतर के कारण भारी घाटा झेल रही हैं, जो पेट्रोल पर करीब 18 रुपये और डीजल पर 35 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी तेल विपणन कंपनियां (IOC, BPCL और HPCL) प्रतिदिन लगभग 1,600 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। हाल के महीनों में यह घाटा कभी 2,400 करोड़ रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया था, हालांकि उत्पाद शुल्क में आंशिक कटौती के बाद इसमें थोड़ी कमी आई है। इसके बावजूद कंपनियों के लिए लागत और बिक्री मूल्य के बीच बड़ा अंतर बना हुआ है।

 

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। हालांकि देश में कीमतें फिलहाल स्थिर रखी गई हैं, लेकिन भविष्य में स्थिति और लागत के आधार पर ईंधन की दरों में बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 14 April 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.