Dakhal News
Dakhal News
दिल्ली में 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को भरोसा दिया है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। यह प्रदर्शन कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में आयोजित करने का आह्वान किया गया है। मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन वासुदेव सांबरे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ ने की। पुलिस की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने अदालत को आश्वस्त किया कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम किए जाएंगे। हाईकोर्ट ने पुलिस के इस आश्वासन को अपने आदेश में दर्ज कर लिया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से कहा गया कि अदालत के आदेश का दायरा CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ पार्टी के पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों पर भी लागू होना चाहिए। अदालत ने इस बात को स्पष्ट किया। वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी ने सेंट्रल पार्क और कनॉट प्लेस जैसे गैर-निर्धारित स्थानों पर प्रदर्शन रोकने की मांग की। याचिका में आशंका जताई गई कि प्रदर्शन से कारोबारियों को नुकसान हो सकता है और इलाके में अव्यवस्था पैदा हो सकती है। याचिकाकर्ता अनिल कुमार गुप्ता कनॉट प्लेस स्थित पालिका बाजार में रेहड़ी लगाते हैं। उन्होंने सेंट्रल दिल्ली के अन्य इलाकों में भी ऐसे प्रदर्शनों पर रोक लगाने का अनुरोध किया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ सेंट्रल पार्क पहुंचने की अपील की है। यह प्रदर्शन पार्टी नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत के विरोध में आयोजित करने की बात कही गई है। दोनों को कथित तौर पर बिना अनुमति जंतर-मंतर में प्रवेश करने के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने आशंका जताई कि पहले जैसी अव्यवस्था दोबारा पैदा हो सकती है। हाईकोर्ट ने पुलिस के आश्वासन को दर्ज करते हुए कहा कि प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए कानून के मुताबिक जरूरी कदम उठाए जाएं।
Dakhal News
CJP ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया है कि अभिजीत दीपके मुंबई से दिल्ली पहुंच चुके हैं। पार्टी ने अपने आधिकारिक X अकाउंट पर लिखा, “कुछ बड़ा होने वाला है।” इस पोस्ट के बाद दिल्ली में उनकी अगली गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, CJP की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अभिजीत दीपके दिल्ली में किस कार्यक्रम में शामिल होंगे या आगे पार्टी की क्या रणनीति है। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या देश में तिरंगा फहराना अपराध है। दीपके ने दावा किया कि CJP के नेता अशुतोष और सौरव को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के कारण पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजों के शासनकाल से करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। ये आरोप अभिजीत दीपके की ओर से लगाए गए हैं। जानकारी के अनुसार, CJP के नेता सौरव दास और अशुतोष रांका को 13 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से जंतर-मंतर हटाए जाने के बावजूद वहां पहुंचकर बैरिकेड पार किए और नारेबाजी की। 14 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया, जबकि पार्टी के एक अन्य नेता अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। फिलहाल, अभिजीत दीपके के दिल्ली पहुंचने के बाद CJP की ओर से आगे की गतिविधियों को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
Dakhal News
Dakhal News
राजस्थान में पंचायती राज चुनावों की तैयारियों के बीच केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। कांग्रेस की चुनावी तैयारियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा, “मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं, देर आए दुरुस्त आए।” शेखावत ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस कम से कम चुनावी मैदान में उतर रही है, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी की प्रतिक्रिया क्या होगी, इसका अंदाजा अभी से लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों में कांग्रेस ने कभी ईवीएम के इस्तेमाल, कभी चुनाव आयोग और कभी परिसीमन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए थे। उनके मुताबिक, इस बार भी हार की स्थिति में कांग्रेस भाजपा पर प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग और चुनाव में धांधली के आरोप लगा सकती है। आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर भी शेखावत ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अदालत ने पहले से लागू व्यवस्था को स्पष्ट किया है और इस स्पष्टीकरण के लिए सुप्रीम कोर्ट की सराहना की जानी चाहिए। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के भारत में बांग्लादेश के छात्र आंदोलन जैसा आंदोलन खड़ा करने संबंधी बयान पर उन्होंने चिंता जताई। शेखावत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से जुड़े कुछ प्रयास देश के लोकतंत्र के लिए संकट पैदा करने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि भारत की परिस्थितियां बांग्लादेश से अलग हैं और यहां वैसा बदलाव होने की कल्पना नहीं की जा सकती। केंद्रीय मंत्री ने विपक्षी गठबंधन ‘INDI’ पर भी निशाना साधते हुए इसे अवसरवादियों का समूह बताया। शेखावत के अनुसार, गठबंधन में शामिल दल अपने-अपने राज्यों में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता दिखाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने अलग-अलग समय पर राफेल सौदे, संविधान और चुनाव आयोग जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन किए, जिनके पीछे एक समान राजनीतिक एजेंडा रहा है। शेखावत के इन बयानों के बीच राजस्थान में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती नजर आ रही है।
Dakhal News
केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की इच्छा ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। मुरुगन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मध्य प्रदेश से अपनी राज्यसभा सदस्यता छोड़ने की अनुमति भी मांगी है। वे भाजपा की ओर से मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए थे और उनका कार्यकाल 3 अप्रैल 2030 तक निर्धारित था। 20 फरवरी 2024 को वे निर्विरोध राज्यसभा पहुंचे थे। अब उनके इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश की खाली होने वाली संभावित राज्यसभा सीट और उस पर उपचुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। एल. मुरुगन केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय मामलों के राज्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने अब तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर सक्रिय राजनीति में लौटने की इच्छा जताई है। बताया जा रहा है कि उनका फोकस राज्य में भाजपा के संगठन को मजबूत करने और 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी की तैयारियों को आगे बढ़ाने पर रहेगा। राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहने के बाद अब वे अपने गृह राज्य में संगठनात्मक काम पर अधिक ध्यान देना चाहते हैं। यदि उनका राज्यसभा से इस्तीफा स्वीकार किया जाता है, तो मध्य प्रदेश की इस सीट पर उपचुनाव का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, सदस्यता छोड़ने की प्रक्रिया और सीट की स्थिति पर आगे की आधिकारिक जानकारी अहम होगी। एल. मुरुगन ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में अपने संघर्ष और पारिवारिक पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वे किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आते हैं। उनके माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते थे और मवेशी चराकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। तमिलनाडु के कोनूर गांव से आने वाले मुरुगन ने अपने राजनीतिक सफर का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भाजपा को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने कभी नहीं सोचा था कि उनका बेटा केंद्र सरकार में मंत्री बनेगा। मुरुगन ने यह भी उल्लेख किया कि भाजपा में जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। अब उनके इस्तीफे और राज्यसभा सदस्यता छोड़ने के अनुरोध पर आगे क्या निर्णय होता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।
Dakhal News
Dakhal News
दिल्ली में पिछले 10 से 15 दिनों से छात्र संगठनों और युवाओं के प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं को सड़कों पर घसीटा जा रहा है। दीपके ने कहा कि विपक्षी दलों के नेताओं को भी हिरासत में लिया गया, जिनमें लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल तथा पिनराई विजयन जैसे पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं। अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि 10 अक्टूबर के आह्वान के बाद रेलवे सेवाएं बंद की गईं, जबकि दिल्ली में मेट्रो सेवाओं और कई स्टेशनों को भी बंद कर दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से सुरक्षा बलों को बुलाया गया। दीपके ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था की तुलना भारत-पाकिस्तान सीमा जैसी स्थिति से करते हुए सवाल उठाया कि आखिर एक व्यक्ति की सुरक्षा के लिए इतने बड़े स्तर पर इंतजाम क्यों किए जा रहे हैं। उन्होंने तिरंगा फहराने को लेकर कानून के उल्लंघन संबंधी कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि ज्ञानेश कुमार को इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है और क्या वे चुनाव में प्रधानमंत्री की मदद कर रहे हैं। हालांकि, ये सवाल और आरोप दीपके की ओर से लगाए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और अन्य लोगों की मौजूदगी में हंगामा होने की बात भी सामने आई।
Dakhal News
ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की संपत्ति का विवाद एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब 1989 से चल रहे इस मामले में ग्वालियर के अतिरिक्त जिला न्यायालय में बुधवार को सुनवाई होनी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विवादित संपत्ति की कीमत करीब 40 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और परिवार के अन्य सदस्यों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर समझौते की बात सामने आई है, लेकिन प्रतिमा देवी की आपत्ति के चलते मामला अब तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है। बताया जा रहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने परिवार की प्रतिष्ठा बनाए रखने और लंबे समय से चले आ रहे विवाद को खत्म करने के लिए समझौते की पहल की। इस प्रस्ताव के तहत जिस सदस्य के पास वर्तमान में जो संपत्ति है, उसे उसी के हिस्से में रखने पर सहमति बनने की बात कही जा रही है। इसमें ग्वालियर का जयविलास पैलेस भी शामिल है, जिस पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का अधिकार बने रहने की जानकारी सामने आई है। परिवार की सदस्य वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे सहित अन्य पक्षों के बीच भी संपत्ति बंटवारे को लेकर सहमति बनने की बात कही गई है। हालांकि, प्रतिमा देवी ने समझौते पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया है कि उनसे धोखे से राजीनामे पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने मांग की है कि समझौते पर अंतिम निर्णय लेने से पहले विवादित मुद्दों पर सुनवाई हो और साक्ष्य दर्ज किए जाएं। ऐसे में अदालत के सामने अब यह तय करने का सवाल है कि समझौते के आधार पर डिक्री पारित की जाए या पहले प्रतिमा देवी की आपत्तियों पर सुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए। कोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दशकों पुराने संपत्ति विवाद के समाधान का रास्ता खुलता है या कानूनी लड़ाई आगे जारी रहती है।
Dakhal News
Dakhal News
मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 15 अक्टूबर को भोपाल स्थित मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में औद्योगिक विकास, स्कूल परिवहन व्यवस्था और शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार ने भोपाल, जबलपुर और इंदौर को जोड़ने वाले औद्योगिक कॉरिडोर के विकास का फैसला किया है। इसके लिए उद्योग विभाग के माध्यम से राज्य सरकार के स्वामित्व वाली नई कंपनी गठित की गई है और शुरुआती तौर पर 100 करोड़ रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस परियोजना का उद्देश्य महाकौशल समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवेश, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को गति देना है। औद्योगिक कॉरिडोर के पहले चरण में 3,000 से 10,000 एकड़ तक भूमि विकसित करने की योजना है। सरकार के अनुमान के मुताबिक, मार्च 2028 तक इस परियोजना के जरिए एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश आकर्षित किया जा सकता है, जिससे करीब एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। आगामी तीन वर्षों में तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश और छह लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाएं भी जताई गई हैं। इस क्षेत्र में पर्यटन, कृषि, खनन और भारी उद्योगों के विकास पर जोर दिया जाएगा। सड़क, बिजली, पानी और विमानन जैसी सुविधाओं का उपयोग कर उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की योजना है। कैबिनेट ने स्कूलों में परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए करीब 241 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत बसों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी जिला स्तर पर कलेक्टरों को सौंपने का निर्णय लिया गया है, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके। इसका लाभ जनजातीय और अन्य क्षेत्रों के विद्यार्थियों को देने का लक्ष्य है। इसके अलावा, सांदीपनि स्कूलों सहित शासकीय स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने की जानकारी दी गई। सरकार का लक्ष्य शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना और विद्यार्थियों को अधिक प्रभावी शैक्षणिक एवं परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
Dakhal News
मध्य प्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए नवरात्रि के मौके पर खुशखबरी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अक्टूबर को उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही गांव में आयोजित कार्यक्रम से लाड़ली बहना योजना की 41वीं किस्त जारी करेंगे। सिंगल क्लिक के जरिए प्रदेश की करीब 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपए ट्रांसफर किए जाएंगे। यह राशि महिलाओं को आर्थिक सहायता देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से दी जा रही है। लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। सितंबर 2026 तक योजना की 40 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब 41वीं किस्त के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपए मिलेंगे। यह राशि आधार से जुड़े और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में सीधे भेजी जाएगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ उनके स्वास्थ्य, पोषण और परिवार के फैसलों में भागीदारी को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री उमरिया जिले को 144 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात भी देंगे। कुल 14,415.93 लाख रुपए की लागत के 136 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन प्रस्तावित है। इनमें 8,731.55 लाख रुपए के 68 कार्यों का लोकार्पण और 5,684.41 लाख रुपए के 68 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन परियोजनाओं में बांधवगढ़ और मानपुर विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्य भी शामिल हैं।
Dakhal News
Dakhal News
एक्टर इमरान खान को मुंबई पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिए जाने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इमरान अमेरिकी नागरिक हैं और भारत में ओवरसीज सिटीजनशिप ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड के आधार पर रह रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इमिग्रेशन से जुड़े नियमों के तहत की गई है। इमरान 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इससे पहले वे जुलाई में नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। इमरान खान का जन्म अमेरिका के विस्कॉन्सिन में हुआ था और उनके पास अमेरिकी नागरिकता है। भारत में विदेशी नागरिकों के प्रवेश और रहने से जुड़े नियमों के तहत उनकी गतिविधियों और प्रवास पर शर्तें लागू हो सकती हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, 10 अक्टूबर को प्रदर्शन के दौरान मुंबई पुलिस ने इमरान को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्होंने पुलिस वैन के अंदर से अपनी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की थी। इमरान ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि उन्हें बिना किसी वजह के सड़क से उठाकर पुलिस वैन में बैठाया गया। हिरासत के दौरान उनकी कजिन जैन ने उनसे जेल जाने को लेकर सवाल किया था, जिस पर इमरान ने मौजूदा हालात को देखते हुए इसकी आशंका जताई थी। रिहाई के बाद इमरान खान और उनके साथ मौजूद लोगों को घर लौटने में भी परेशानी होने की बात सामने आई थी। लेखा वाशिंगटन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर दावा किया था कि पुलिस ने रिहाई के बाद उनके लिए कार या कैब की व्यवस्था नहीं करने दी और उनका मोबाइल फोन भी जमा करा लिया गया था। इसके बाद इमरान, लेखा और जैन पैदल ही घर की ओर निकले। इमरान ने यह भी बताया था कि रिहाई से पहले उन्हें और अन्य लोगों को करीब दो घंटे तक पुलिस वैन में घुमाया गया। अब भारत छोड़ने के नोटिस की खबर के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है।
Dakhal News
अजय देवगन की क्राइम थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3’ ने दुनियाभर के बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर ली है। फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 501.80 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस आंकड़े के साथ यह अजय देवगन के करियर की बतौर लीड एक्टर 500 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली पहली फिल्म बन गई है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, भारत में फिल्म का नेट कलेक्शन 323.50 करोड़ रुपए हो चुका है और यह 2026 की देश में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली दूसरी फिल्म बन गई है। रिलीज के 12वें दिन यानी दूसरे मंगलवार को फिल्म ने भारत में 8.50 करोड़ रुपए कमाए। सोमवार के 6 करोड़ रुपए के मुकाबले मंगलवार की कमाई में करीब 41.7 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। टिकटों की कीमतों में कमी और लगभग 1,000 नई स्क्रीन जुड़ने से फिल्म को फायदा मिला। रिलीज के पहले हफ्ते में फिल्म ने 245.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था, जबकि 2 अक्टूबर को रिलीज होने के बाद पहले वीकेंड में 176.50 करोड़ रुपए की कमाई दर्ज की गई। दूसरे हफ्ते में बड़ी फिल्मों की कमी का फायदा भी इसे मिल रहा है। वर्ल्डवाइड कमाई के मामले में ‘दृश्यम 3’ ने ‘बॉर्डर 2’ के 464.50 करोड़ और ‘हनुमान अंश’ के 436.75 करोड़ रुपए के कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया है। इस सूची में अब यह ‘धुरंधर 2’ से पीछे है, जिसने 1,852.44 करोड़ रुपए की कमाई की है। ‘दृश्यम 3’ ने अजय देवगन की पिछली सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘सिंघम अगेन’ के 389 करोड़ रुपए के कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है। हालांकि, सबसे ज्यादा कमाई करने वाले बॉलीवुड सितारों की सूची में अजय देवगन अब भी रणवीर सिंह, रणबीर कपूर, आमिर खान और शाहरुख खान जैसे कलाकारों से पीछे हैं।
Dakhal News
Dakhal News
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में इस बार कम बारिश के कारण जलसंकट की आशंका बढ़ गई है। शहर में सामान्य तौर पर करीब 37 इंच बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक लगभग 23 इंच पानी ही बरसा है। स्थिति को देखते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जल प्रबंधन के लिए 50 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है। गुरुवार को नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने नगर निगम तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जलसंकट से निपटने के उपायों पर चर्चा की। बैठक में लोगों से पानी की बचत करने की अपील की गई। साथ ही, पानी की बर्बादी करने वालों पर चालान की कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर निजी बोरवेल को प्रशासन के अधीन लेने की संभावना पर भी चर्चा हुई। करीब 40 लाख की आबादी वाले इंदौर में घरेलू जरूरतों के लिए रोजाना लगभग 620 एमएलडी पानी चाहिए, जबकि औद्योगिक, व्यावसायिक और अन्य जरूरतों को मिलाकर मांग 750 से 800 एमएलडी तक पहुंच जाती है। शहर की बड़ी आबादी नर्मदा जलापूर्ति पर निर्भर है, जिससे रोज करीब 440 एमएलडी पानी मिलता है। वहीं, लीकेज और अन्य कारणों से लगभग 22 प्रतिशत पानी बर्बाद होने का अनुमान है। शहर में एक लाख से अधिक निजी बोरवेल और नगर निगम के करीब 6,500 बोरवेल व हाइड्रेंट हैं। केंद्रीय भूजल बोर्ड की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों को क्रिटिकल जोन में रखा गया है और भूजल दोहन का स्तर करीब 90 प्रतिशत बताया गया है। ऐसे में भूजल का लगातार इस्तेमाल और सप्लाई नेटवर्क में पानी की बर्बादी चिंता बढ़ा रही है। जलसंकट की आशंकाओं के बीच गुरुवार सुबह बंगाली चौराहे से बायपास के बीच डीमार्ट के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूट गई। इससे पानी का तेज फव्वारा निकला, सड़क पर जाम लगा और पानी भरने के कारण अंडरपास बंद करना पड़ा। इससे पहले पिछली गर्मियों में भी शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत हुई थी और आपूर्ति के लिए करीब 700 टैंकर लगाने पड़े थे। इस बार कम बारिश, तालाबों में कम जलभराव, भूजल पर बढ़ती निर्भरता और पाइपलाइन लीकेज जैसी समस्याएं चुनौती बन सकती हैं। प्रशासन और नगर निगम के सामने अब पानी की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ उसकी बर्बादी रोकने और जरूरतमंद इलाकों तक नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
Dakhal News
मध्य प्रदेश में फिलहाल अक्टूबर की तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान हैं, लेकिन आने वाले महीनों में मौसम का मिजाज बदलने का अनुमान जताया गया है। ग्वालियर के माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर अरुण कुमार वाधवानी ने एआई आधारित एक कोल्ड इंडेक्स मॉडल तैयार किया है। इस अध्ययन के मुताबिक, 17 नवंबर से ठंड की शुरुआत महसूस हो सकती है और दिसंबर में इसकी तीव्रता बढ़ने लगेगी। मॉडल में 29 दिसंबर से कड़ाके की ठंड पड़ने का अनुमान जताया गया है, जबकि जनवरी को सर्दी का सबसे ठंडा दौर बताया गया है। अध्ययन में 31 अक्टूबर को हल्की गुलाबी ठंड, 5 दिसंबर से ठंड बढ़ने के संकेत और 16 दिसंबर के बाद सर्दी में तेजी आने का अनुमान दिया गया है। मॉडल के अनुसार, 22 दिसंबर से ठंड का असर और बढ़ सकता है तथा 29 दिसंबर को कोल्ड इंडेक्स 0.8 तक पहुंचने की संभावना है। जनवरी में यह स्तर 0.85 से 0.88 तक रहने का अनुमान है। इसके बाद फरवरी के दौरान ठंड धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है और महीने के मध्य से इसकी विदाई शुरू होने की संभावना जताई गई है। अध्ययन में 9 मार्च से तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का भी अनुमान है। हालांकि, ये तारीखें एआई आधारित मॉडल के अनुमान हैं, इन्हें मौसम विभाग की आधिकारिक भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। प्रोफेसर वाधवानी के इस मॉडल में वर्ष 1900 से 2026 तक के शीतकालीन चक्रों का विश्लेषण किया गया है। इसमें भीषण ठंड वाले 13 चुनिंदा वर्षों के आंकड़ों को प्रशिक्षण के लिए इस्तेमाल करने और विभिन्न खगोलीय पिंडों की स्थितियों को एआई न्यूरल नेटवर्क में इनपुट देने की बात कही गई है। दूसरी ओर, अक्टूबर में अभी गर्मी का असर बना हुआ है और पिछले कई दिनों से दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 18.2 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विज्ञानी वीएस यादव के अनुसार, फिलहाल मौसम शुष्क है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 15 अक्टूबर के आसपास ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में बादल छाने और हल्की बौछारें पड़ने की संभावना बन सकती है।
Dakhal News
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |