Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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केंद्र सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को 20 फीसदी से बढ़ाकर 85 फीसदी और 100 फीसदी तक ले जाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन के लिए ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इसके तहत भविष्य में E85 और E100 ईंधन को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे वाहन लगभग पेट्रोल के बिना भी चल सकेंगे। सरकार इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता और कच्चे तेल के आयात में कमी की दिशा में अहम पहल मान रही है। इस प्रस्ताव के तहत डीजल में भी बायोडीजल मिश्रण B10 से बढ़ाकर B100 तक करने की बात कही गई है। साथ ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों का चलन बढ़ सकता है, जो पेट्रोल और एथेनॉल के अलग-अलग मिश्रण पर चलने में सक्षम होते हैं। हालांकि, इससे नई गाड़ियों की कीमत बढ़ने और पेट्रोल पंपों पर अलग स्टोरेज व डिस्पेंसिंग सिस्टम लगाने जैसी चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। दूसरी ओर विशेषज्ञों ने एथेनॉल उत्पादन में भारी जल खपत को लेकर चिंता जताई है। आंकड़ों के अनुसार, एक लीटर एथेनॉल बनाने में करीब 10,000 लीटर से अधिक पानी खर्च हो सकता है। गन्ना, मक्का और चावल जैसी फसलों पर आधारित उत्पादन से भूजल स्तर पर दबाव बढ़ने और जल संकट गहराने की आशंका है। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा और जल संरक्षण के बीच संतुलन बड़ी चुनौती बन सकता है।
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने अग्नि-VI बैलिस्टिक मिसाइल परियोजना को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। डीआरडीओ प्रमुख समीर वी कामत ने कहा कि यह कार्यक्रम पूरी तरह केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही सरकार से हरी झंडी मिलेगी, एजेंसी अग्नि-6 के विकास कार्य को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है। अग्नि-VI को भारत की अग्नि श्रृंखला की सबसे उन्नत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल माना जा रहा है। इसकी मारक क्षमता मौजूदा अग्नि प्रणालियों से अधिक होने की संभावना है, साथ ही इसमें आधुनिक तकनीकी क्षमताएं भी जोड़ी जाएंगी। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, यह मिसाइल चीन और पाकिस्तान जैसे दुश्मन देशों के लिए भारत की रणनीतिक ताकत को और मजबूत करेगी। समीर कामत ने बताया कि भारत हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल, दोनों परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इनमें ग्लाइड मिसाइल विकास के अधिक उन्नत चरण में है और इसका पहला परीक्षण जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक मिसाइल शक्ति को मजबूत करने के लिए अलग-अलग श्रेणियों और रणनीतिक जरूरतों के हिसाब से नई प्रणालियां विकसित की जा रही हैं।
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असम के मुख्यमंत्रीHimanta Biswa Sarma की हालिया टिप्पणी परBangladesh ने कड़ी नाराजगी जताई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बांग्लादेश ने कार्यवाहक भारतीय उच्चायुक्तPawan Badhe को तलब कर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई। बांग्लादेशी अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के सार्वजनिक बयान द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं। विवाद की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई, जब हिमंत सरमा ने कहा था कि असम में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और बाद में उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया गया। इस बयान के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने संवेदनशील मुद्दों पर संयम और जिम्मेदारी के साथ टिप्पणी करने की जरूरत पर जोर दिया। हाल ही में एक इंटरव्यू में हिमंत सरमा ने भारत-बांग्लादेश संबंधों और सीमा सुरक्षा को लेकर भी बयान दिए थे। उन्होंने कथित घुसपैठ और सीमा पर सख्ती का मुद्दा उठाते हुए कहा था कि मौजूदा स्थिति असम के हित में है। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों देशों के रिश्तों में नया राजनयिक तनाव पैदा कर दिया है।
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उत्तर प्रदेश केDeoria जिले के बरहज क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया। इनमें पूर्व मंत्रीBrahmashankar Tripathi और सपा जिलाध्यक्षVyas Yadav प्रमुख रूप से शामिल रहे। पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी। यह प्रदर्शन अधिवक्ता की मौत से जुड़े मामले में ग्राम प्रधानों के खिलाफ दर्ज FIR के विरोध में प्रस्तावित था। सपा नेताओं का आरोप है कि लक्ष्मीपुर और दुबौली गांव के प्रधानों को गलत तरीके से फंसाया गया है। पार्टी कार्यकर्ता इसी मुद्दे पर धरना-प्रदर्शन की तैयारी कर रहे थे, लेकिन प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन से कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी, इसलिए एहतियाती कार्रवाई की गई। वहीं सपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। इस घटनाक्रम के बाद देवरिया की राजनीति गरमा गई है।
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उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर परिसर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच खुदाई के दौरान एक विशाल शिवलिंग मिलने से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल बन गया। मंदिर विस्तार परियोजना के तहत प्रीपेड बूथ के पास भूमि समतलीकरण का कार्य चल रहा था, तभी मजदूरों को मिट्टी के नीचे शिवलिंग जैसी संरचना दिखाई दी। इसके बाद निर्माण कार्य तत्काल धीमा कर दिया गया। मंदिर प्रशासन के सहायक प्रशासक आशीष फलवड़िया ने बताया कि खुदाई के दौरान शिवलिंग मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में सावधानी बरती जा रही है। यदि आसपास अन्य प्राचीन अवशेष मिलते हैं तो आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर शिवलिंग मिलने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचने लगे और पूजा-अर्चना शुरू कर दी। महाकाल मंदिर के पुजारी आकाश शर्मा ने इसे शुभ संकेत बताते हुए कहा कि भस्म आरती के समय शिवलिंग मिलना विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। प्रशासन ने पुरातत्व विभाग को सूचना दे दी है, जो इसकी प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व का परीक्षण करेगा।
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राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर Harbhajan Singh की सुरक्षा हटाए जाने का मामला Punjab and Haryana High Court पहुंच गया है। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई तय की है। हाई कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा हटाने से पहले संभावित खतरे का आकलन किया जाना जरूरी है। अदालत ने पंजाब सरकार से पूछा कि आखिर किस आधार पर अचानक सुरक्षा वापस ली गई। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब किसी व्यक्ति के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हों, तब सुरक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी बनती है। फिलहाल अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हरभजन सिंह की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि सुरक्षा हटने के बाद उनके और परिवार के लिए खतरा बढ़ गया है। हाल ही में उग्र भीड़ ने उनके घर के बाहर प्रदर्शन किया, हंगामा किया और दीवारों पर ‘गद्दार’ लिख दिया। याचिका में इसे परिवार की गरिमा, मानसिक शांति और व्यक्तिगत सुरक्षा पर हमला बताया गया है। साथ ही घर पर हमला करने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग भी की गई है।
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उत्तर प्रदेश के बांदा में 47.6°C तापमान दर्ज हुआ, जो इसे दुनिया का सबसे गर्म शहर बना देता है। राजस्थान के जैसलमेर (46.4°C) और मध्य प्रदेश के खजुराहो (46°C) समेत देश के कई शहरों में पारा 46°C के पार पहुंच गया। इस साल अप्रैल में कई बार तापमान 45°C से ऊपर दर्ज हुआ, जिससे यह महीना पिछले कुछ वर्षों में सबसे गर्म साबित हो रहा है। गर्मी से राहत देने के लिए दिल्ली में बस स्टॉप पर मुफ्त ठंडा पानी और ORS उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को अस्पतालों में हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। इन यूनिट्स का मुख्य उद्देश्य शरीर का तापमान तेजी से कम कर मरीज की जान बचाना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में हीटवेव के साथ आंधी-बारिश का भी अलर्ट जारी किया है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी। हालांकि मई के पहले हफ्ते से फिर गर्मी बढ़ने की आशंका है और कुछ क्षेत्रों में तापमान 48-50°C तक पहुंच सकता है।
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Madhya Pradesh में बाघों की लगातार हो रही मौतों ने वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।Kanha Tiger Reserve में एक ही बाघिन के तीन शावकों की छह दिनों के भीतर मौत हो गई, जिससे विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों में चिंता बढ़ गई है। प्रारंभिक जांच में कुछ मामलों में भुखमरी को कारण बताया गया है, जबकि अन्य की विस्तृत जांच जारी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अप्रैल के बीच प्रदेश में 23 बाघों की मौत दर्ज की गई है। इनमें टेरिटोरियल संघर्ष, बीमारी और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतें शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में भी यह आंकड़ा लगातार बढ़ता दिख रहा है, जिससे वन विभाग की निगरानी और प्रबंधन प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। भारत में सबसे अधिक बाघों वाला राज्य होने के बावजूदMadhya Pradesh अब संरक्षण चुनौतियों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह मौतों का सिलसिला जारी रहा तो ‘टाइगर स्टेट’ की पहचान कमजोर पड़ सकती है। वन विभाग ने सभी मामलों की जांच और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के पालन की बात कही है, लेकिन जमीनी स्तर पर निगरानी को लेकर सवाल अभी भी बने हुए हैं।
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राघव चड्ढा के राजनीतिक बदलाव के बाद उनकी पत्नी और एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा की एक इंस्टाग्राम स्टोरी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने अपनी स्टोरी में “For the win (जीत के लिए)” लिखा और क्राउन इमोजी के साथ एक तस्वीर शेयर की, जिसके बाद इंटरनेट पर यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। हालांकि यह पोस्ट सामान्य नजर आ रही थी, लेकिन इसे राघव चड्ढा के हालिया राजनीतिक कदम से जोड़कर देखा जाने लगा। इसी वजह से सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे उनका पहला रिएक्शन मानते हुए तरह-तरह की बातें शुरू कर दीं, जिससे मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया। इसके बाद कई यूजर्स ने परिणीति को ट्रोल करना शुरू कर दिया और आपत्तिजनक टिप्पणियां भी सामने आईं। कुछ लोगों ने तंज कसते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं, जबकि कुछ ने समर्थन में भी बात रखी। इस पूरे विवाद के बीच राघव चड्ढा के राजनीतिक फैसले को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लगातार रिएक्शंस सामने आ रहे हैं।
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धुरंधर: द रिवेंज’ का गाना ‘जाइये सजना’ इन दिनों सोशल मीडिया और म्यूजिक चार्ट्स पर जमकर छाया हुआ है। इस गाने में सतिंदर सरताज और जैस्मीन सैंडलस की आवाज ने श्रोताओं को खासा प्रभावित किया है, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा सरताज की उस लाइन की हो रही है, जो गाने की आत्मा बन गई। टी-सीरीज प्रमुख भूषण कुमार ने बताया कि सरताज की आवाज में जो आध्यात्मिक गहराई है, वह गाने को एक अलग ही स्तर पर ले जाती है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि फैंस की भारी मांग के चलते अब इस गाने का एक्सटेंडेड वर्जन भी जल्द रिलीज किया जाएगा, क्योंकि फिल्म रिलीज के बाद यह ट्रैक एल्बम का सबसे लोकप्रिय गाना बन गया है। सतिंदर सरताज ने इस गाने की क्रिएशन स्टोरी साझा करते हुए बताया कि उन्हें 15 मार्च को टीम का कॉल आया था। उस समय वे लुधियाना में एक शो की तैयारी कर रहे थे। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह एक सामान्य सहयोग है, लेकिन जब शाश्वत सचदेव भी कॉल पर जुड़े तो मामला गंभीर लगा और उन्हें फिल्म के लिए तुरंत काम करने को कहा गया। सरताज के मुताबिक, उन्होंने बिना ज्यादा सोचे-समझे करीब 15 मिनट में ट्रैक सुना, लाइन लिखी, संगीत तैयार किया और अपनी आवाज रिकॉर्ड करके भेज दिया। इसके बाद वे अपने कॉन्सर्ट के लिए निकल गए। बाद में जब गाना रिलीज हुआ तो उसे जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला और लोग उनकी लाइन को खासतौर पर पसंद करने लगे। सरताज ने कहा कि उन्होंने यह सब बिना किसी दबाव के किया और उनके लिए यह बस एक ईमानदार अभिव्यक्ति थी, जो अब वायरल हो गई है।
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सिंगरौली कलेक्टर गौरव बैनल के निर्देश पर जिले में अवैध उत्खनन और रेत के अवैध परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान का नेतृत्व खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल ने किया, जिसमें खनि निरीक्षक अशोक मिश्रा भी शामिल रहे। जांच के दौरान टीम ने पाया कि एक ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना वैध अभिवहन पास के रेत का परिवहन कर रही थी। नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर वाहन क्रमांक MP66ZD8068 को तत्काल जब्त कर लिया गया और उसे सुरक्षा के लिहाज से जयंत पुलिस चौकी में खड़ा कराया गया। खनिज विभाग के अनुसार, संबंधित वाहन के खिलाफ खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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देवास जिले के नेमावर में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। घटना के बाद दो समाज आमने-सामने आ गए हैं और माहौल में तनाव की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने बिना पूरी और निष्पक्ष प्रारंभिक जांच किए जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज कर दी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। इस कार्रवाई के विरोध में धनगर समाज ने सर्वसम्मति से नगर बंद का आह्वान किया, जिसे व्यापारिक वर्ग का भी समर्थन मिला। समाज के लोगों का कहना है कि जो लोग मौके पर सिर्फ घायलों की मदद कर रहे थे और बीच-बचाव कर रहे थे, उन्हें ही आरोपी बना दिया गया। इसके साथ ही एक नाबालिग के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर भी नाराजगी जताई गई। वहीं दूसरी ओर जाट समाज के लोगों ने भी थाने पहुंचकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि कुछ लोगों को बिना सही तथ्यों के गंभीर धाराओं में फंसाया गया है, जबकि वे केवल विवाद शांत कराने और अपने परिजनों की सुरक्षा के लिए वहां मौजूद थे। दोनों पक्षों का मानना है कि अगर पुलिस ने शुरुआत में ही सही तरीके से जांच की होती, तो स्थिति इस स्तर तक नहीं पहुंचती और नगर में तनाव तथा बंद जैसी परिस्थितियाँ पैदा नहीं होतीं।
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