Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को अपने पद से सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्ति से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके उत्तराधिकारी के रूप में जनरल धीरज सेठ आज भारतीय सेना के 31वें प्रमुख (चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) का कार्यभार संभालेंगे। करीब चार दशक के सैन्य अनुभव वाले जनरल सेठ ने दिसंबर 1986 में भारतीय सेना में सेवा शुरू की थी। सेवानिवृत्ति के अवसर पर जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि जनरल धीरज सेठ के नेतृत्व में भारतीय सेना अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए नई उपलब्धियां हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में सेना ने उत्तरी सीमाओं पर ऑपरेशन स्नो लेपर्ड और पश्चिमी मोर्चे पर ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों के दौरान पूरी सतर्कता और संतुलन के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। साथ ही तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त कार्यशैली को भी उन्होंने बड़ी उपलब्धि बताया। जनरल धीरज सेठ सैन्य परंपरा वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट जनरल कृष्ण मोहन सेठ भारतीय सेना में एडजुटेंट जनरल रह चुके हैं और 1997 में सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने सेना की XXI स्ट्राइक कोर और III कोर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य इकाइयों का नेतृत्व किया था। जनरल धीरज सेठ को सैन्य सेवा के साथ-साथ टेनिस और गोल्फ का भी शौक है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम बंगाल के हल्दिया में सोमवार देर रात नेफ्था सप्लाई करने वाली पाइपलाइन में धमाके के बाद भीषण आग लग गई। आग हल्दिया नगर पालिका के वार्ड-13 स्थित चिरंजीबपुर इलाके तक फैल गई, जिससे कई घर इसकी चपेट में आ गए। हादसे में 15 लोग झुलस गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों का इलाज हल्दिया सब-डिविजनल अस्पताल और तमलुक मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। आग पर काबू पाने के लिए 12 से अधिक दमकल गाड़ियां मौके पर तैनात हैं। आग की वजह से पास से गुजरने वाली रेलवे लाइन और ओवरहेड बिजली उपकरण भी प्रभावित हुए, जिसके चलते रेल यातायात अस्थायी रूप से रोक दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि पाइपलाइन में विस्फोट कैसे हुआ। हादसे पर हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी प्रशासन और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध करा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार घटना पाइपलाइन से नेफ्था चोरी की आशंका वाले क्षेत्र के आसपास हुई हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारणों की जांच जारी है। कंपनी ने बताया कि नेफ्था अत्यधिक ज्वलनशील पेट्रोलियम उत्पाद है और इसके अवैध उपयोग या छेड़छाड़ से गंभीर हादसे हो सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
केरल के मुख्यमंत्री ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वरिष्ठ पत्रकार और द टेलीग्राफ के पूर्व संपादक आर. राजगोपाल के पासपोर्ट नवीनीकरण मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद पुलिस की नकारात्मक सत्यापन रिपोर्ट के कारण पासपोर्ट नवीनीकरण की प्रक्रिया अटक गई है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक मुद्दा बताते हुए जल्द समाधान की आवश्यकता जताई। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी पत्र साझा किया गया है। मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि आर. राजगोपाल पिछले तीन दशकों से कोलकाता में रह रहे हैं और देश के प्रतिष्ठित पत्रकारों में शामिल रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राजगोपाल के पिता प्रोफेसर वी. रामदास सामाजिक सेवा और गांधीवादी विचारधारा के लिए सम्मानित व्यक्तित्व थे। इस बीच सांसद शशि थरूर ने भी मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप का समर्थन करते हुए कहा कि मामले का निष्पक्ष समाधान होना चाहिए, भले ही पासपोर्ट का विषय केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता हो। आर. राजगोपाल का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया, क्योंकि वर्ष 2002 की वोटर लिस्ट में उनका या उनके पिता का नाम उपलब्ध नहीं मिला। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 2010 से मतदाता हैं और लंबे समय तक कोलकाता में रहकर पत्रकारिता कर चुके हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची से नाम हटने के कारण पुलिस सत्यापन प्रभावित हुआ, जिससे पासपोर्ट नवीनीकरण की प्रक्रिया भी फिलहाल रुकी हुई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
गुना प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की भाजपा नेताओं के साथ हुई बंद कमरे की बैठक में संगठन के भीतर की नाराजगी खुलकर सामने आ गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने के बजाय कई नेताओं ने उपेक्षा और आपसी मतभेदों को लेकर अपनी नाराजगी जताई। स्थिति को देखते हुए सिंधिया ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शिकायतों की राजनीति छोड़कर सभी नेताओं को पार्टी को मजबूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा राजमाता विजयाराजे सिंधिया और माधवराव सिंधिया के सिद्धांतों और प्रयासों से खड़ी हुई है, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का लक्ष्य संगठन की मजबूती होना चाहिए। बैठक का सबसे चर्चित पहलू कई प्रमुख नेताओं की अनुपस्थिति रही। गुना विधायक पन्नालाल शाक्य, विधायक प्रियंका मीना, पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा और राधेश्याम पारीख बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं, गुना नगर पालिका के कई भाजपा पार्षदों ने भी दूरी बनाए रखी। सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका अध्यक्ष की कार्यशैली और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से पार्षदों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बैठक में प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी भाजपा के भीतर बढ़ती गुटबाजी और खींचतान का संकेत है। उनका कहना है कि यदि संगठन स्तर पर मतभेदों को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो इसका असर भविष्य की राजनीतिक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है। फिलहाल सिंधिया की नसीहत के बाद पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखने की कोशिशों पर सबकी नजर रहेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ ने एक व्यक्ति को केवल एक बार प्रधानमंत्री और गृहमंत्री बनाए जाने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। आलीराजपुर निवासी 70 वर्षीय अधिवक्ता डॉ. शंकरलाल वागवान द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कानून मंत्रालय, चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री कार्यालय से 3 अगस्त तक जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि समानता के अधिकार के तहत सभी नागरिकों को शीर्ष संवैधानिक पदों पर पहुंचने का समान अवसर मिलना चाहिए। याचिका में 'वन नेशन, वन पोस्ट' व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है। इससे पहले इसी विषय पर दायर याचिका तकनीकी खामियों के कारण खारिज हो गई थी, जिसे दोबारा बहाल कराने के लिए यह नई याचिका दाखिल की गई है। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी करते हुए केंद्र से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की संख्या पर कोई सीमा निर्धारित नहीं है। लोकसभा में बहुमत का समर्थन मिलने पर कोई भी व्यक्ति कई बार प्रधानमंत्री बन सकता है। ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे संसदीय लोकतंत्र वाले देशों में भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की ऐसी कोई संवैधानिक सीमा नहीं है। यदि भारत में इस तरह का प्रावधान लागू करना हो, तो इसके लिए व्यापक संवैधानिक संशोधन और संसदीय प्रक्रिया आवश्यक होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए हस्तक्षेप से इनकार कर दिया। जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की वेकेशन बेंच ने याचिकाकर्ता को संबंधित हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी। यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विशाल तिवारी ने दायर की थी, जिसमें पूरे मामले की स्वतंत्र सीबीआई जांच और कथित दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि पुलिस मुठभेड़ से जुड़े मामलों में कानून के शासन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में एक स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति गठित कर जांच कराने की भी मांग की गई थी। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले से जुड़ी याचिकाएं पहले से ही हाई कोर्ट के समक्ष लंबित हैं, इसलिए वहीं उचित मंच है। गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान भरत तिवारी की मौत हुई थी। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। वहीं, परिजनों का आरोप है कि भरत ने पहले ही आत्मसमर्पण कर हथियार डाल दिया था और उसके बाद भी उसे गोली मारी गई। मामले में बिहार सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं, जबकि संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। इस बीच भरत तिवारी की श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सबसे अधिक चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। यदि आयोग 2.5 का फिटमेंट फैक्टर लागू करने की सिफारिश करता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। अनुमान के अनुसार, लेवल-1 के कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 45,000 रुपये हो सकता है, जबकि लेवल-13 का अधिकतम बेसिक पे 1,23,100 रुपये से बढ़कर 3,07,750 रुपये तक पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर में मामूली बदलाव भी सभी वेतन स्तरों पर व्यापक प्रभाव डालता है। बेसिक वेतन बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों को मिलने वाले भत्तों पर भी पड़ेगा। हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों की गणना बेसिक पे के आधार पर होती है, इसलिए संशोधित वेतन के साथ इनकी राशि भी बढ़ जाएगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का संशोधित बेसिक वेतन 51,000 रुपये होता है, तो मौजूदा HRA दरों के अनुसार X श्रेणी के शहरों में उसे लगभग 15,300 रुपये, Y श्रेणी में 10,200 रुपये और Z श्रेणी में 5,100 रुपये HRA मिल सकता है। हालांकि, अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था और वित्तीय बोझ को देखते हुए माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग भी इसी के आसपास की सिफारिश कर सकता है। दूसरी ओर, कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों ने 3.83 से 5 के बीच फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। आयोग विभिन्न राज्यों में कर्मचारी संगठनों से चर्चा के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भोपाल के बिजली उपभोक्ताओं के लिए टाइम ऑफ द डे (Time of Day) टैरिफ के तहत नए नियम लागू किए गए हैं। अब घरेलू और स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच बिजली उपयोग करने पर 20 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। वहीं, पहले रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिलने वाली छूट को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इस अवधि में अब सामान्य बिजली दरें ही लागू रहेंगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रस्ताव और उपभोक्ताओं की आपत्तियों पर विचार करने के बाद यह व्यवस्था लागू की है। नए प्रावधानों के तहत अलग-अलग श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए अलग नियम तय किए गए हैं। स्ट्रीट लाइट उपभोक्ताओं को सुबह 6 से 9 बजे और शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक बिजली उपयोग पर 10 प्रतिशत सरचार्ज देना होगा, जबकि सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उन्हें भी 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। आयोग का उद्देश्य दिन के समय बिजली खपत को बढ़ावा देना और लोड मैनेजमेंट को बेहतर बनाना है। इसके साथ ही बिजली बिलों में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए नया सुरक्षा प्रावधान भी लागू किया गया है। यदि किसी उपभोक्ता का बिल पिछले छह महीनों के औसत से पांच गुना अधिक बनता है, तो बिलिंग सॉफ्टवेयर स्वतः उसे 'रेड अलर्ट' के साथ रोक देगा। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर मीटर और बिल की जांच कर त्रुटि का निराकरण करना होगा। इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को गलत या अत्यधिक बिजली बिल मिलने की स्थिति में राहत मिलने की उम्मीद है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बॉलीवुड अभिनेत्री Sonakshi Sinha का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह पैपराजी के लगातार पीछा करने से नाराज नजर आ रही हैं। सोमवार रात वह अपने पति Zaheer Iqbal और पिता Shatrughan Sinha के साथ मुंबई के एक रेस्टोरेंट में डिनर के बाद बाहर निकली थीं। शुरुआत में उन्होंने मुस्कुराकर फोटोग्राफर्स का अभिवादन किया और तस्वीरों के लिए पोज भी दिए, लेकिन गाड़ी तक पहुंचने के दौरान लगातार कैमरे उनके पीछे चलते रहे। वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद जब रिकॉर्डिंग बंद नहीं हुई, तो सोनाक्षी ने शांत लेकिन सख्त लहजे में कहा, \"बस दोस्तों, धन्यवाद... गुड नाइट।\" इसके बाद भी जब फोटोग्राफर्स नहीं रुके, तो जहीर इकबाल बीच में आए और हाथ के इशारे से पैपराजी से शूटिंग बंद करने की अपील की। इसके बाद सोनाक्षी ने दोबारा कहा, \"दोस्तों... हो गया, बस। धन्यवाद।\" हालांकि, इसके बावजूद कैमरे तब तक चलते रहे, जब तक वे कार में बैठ नहीं गईं। गौरतलब है कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने करीब सात साल तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद वर्ष 2024 में कोर्ट मैरिज की थी। दोनों इससे पहले फिल्म Double XL में साथ नजर आए थे। उनकी शादी का रिसेप्शन भी काफी चर्चा में रहा था, जिसमें बॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट और शरवरी वाघ अपनी आगामी फिल्म ‘अल्फा’ के प्रमोशन में जुटी हैं। इस दौरान उन्होंने फिल्म की तैयारी और एक्शन सीक्वेंस को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। आलिया ने बताया कि फिल्म के लिए लगभग छह महीने तक विशेष एक्शन ट्रेनिंग ली गई। शूटिंग और रिहर्सल के दौरान ट्रेनर्स जानबूझकर एसी बंद कर देते थे, ताकि शरीर गर्म रहे और चोट लगने का खतरा कम हो। उन्होंने कहा कि कई बार लगातार तीन घंटे तक बिना एसी के ट्रेनिंग और शूटिंग करनी पड़ती थी, लेकिन पूरी टीम सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहती थी। आलिया ने बताया कि फिल्म के एक्शन दृश्यों में निर्देशक चाहते थे कि कैमरा कलाकारों के बेहद करीब रहे, ताकि स्टंट के साथ चेहरे के भाव भी दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि मुश्किल स्टंट से पहले पूरी तैयारी कराई जाती थी और पूरी टीम का सहयोग मिलने से डर कम और उत्साह ज्यादा महसूस होता था। वहीं शरवरी वाघ ने बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान दोनों के बीच अच्छी दोस्ती हो गई और उनकी कई पसंद-नापसंद भी एक जैसी हो गईं। जयपुर दौरे के दौरान दोनों अभिनेत्रियों ने कहा कि फिल्म से जुड़ी कई अहम बातें जानबूझकर गोपनीय रखी गई हैं, ताकि दर्शकों को सिनेमाघर में नया और रोमांचक अनुभव मिल सके। आलिया ने कहा कि दर्शक फिल्म को बड़े पर्दे पर शानदार साउंड और विजुअल इफेक्ट्स के साथ देखें, यही उनकी पूरी टीम की कोशिश है। उन्होंने अभिनेता Bobby Deol की भी तारीफ करते हुए उन्हें \"जेंटल जाइंट\" बताया। फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्यप्रदेश सरकार ने शासकीय कर्मचारियों की लंबे समय से रुकी पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए मप्र लोकसेवा पदोन्नति नियम-2025 के तहत नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने विभागाध्यक्षों को एक सप्ताह के भीतर कैडरवार और एकमुश्त वरिष्ठता सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का अनुमान है कि पदोन्नति प्रक्रिया पूरी होने से करीब 4.50 लाख शासकीय कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और उनके पदोन्नत होने से खाली होने वाले लगभग 2 लाख पदों पर नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा। नई व्यवस्था के तहत पदोन्नति में केवल वरिष्ठता ही नहीं, बल्कि मेरिट (योग्यता) और सेवा अभिलेख को भी महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा। अधिकारियों के लिए मेरिट-कम-सीनियरिटी, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए सीनियरिटी-कम-मैरिट का सिद्धांत लागू होगा। पदोन्नति के लिए गोपनीय प्रतिवेदन (ACR/APAR) अहम रहेगा, हालांकि यदि रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की जिम्मेदारी विभाग की होगी तो कर्मचारी को इसका नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। केवल कारण बताओ नोटिस के आधार पर पदोन्नति नहीं रोकी जाएगी और प्रतिनियुक्ति पर गए कर्मचारियों के कारण भी पदोन्नति प्रक्रिया नहीं रुकेगी। पदोन्नति प्रक्रिया में आरक्षण नियमों का भी पालन किया जाएगा। रिक्त पदों में 16 प्रतिशत अनुसूचित जाति (SC) और 20 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए आरक्षित होंगे, जबकि शेष पदों पर सभी पात्र कर्मचारी, जिनमें आरक्षित वर्ग के कर्मचारी भी शामिल होंगे, प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। हालांकि नए नियमों को लेकर कुछ कर्मचारी संगठनों ने विरोध भी दर्ज कराया है और आरक्षण व्यवस्था को लेकर आपत्तियां उठाई हैं। सरकार का कहना है कि संभावित कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब 1 जुलाई 2026 से नए स्वरूप में लागू होगी। योजना का नया नाम 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAMJI)' रखा गया है। इसके तहत पंचायतों में 318 प्रकार के विकास कार्यों का एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार, टिकाऊ बुनियादी ढांचा और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। योजना को रोजगार गारंटी, टिकाऊ अधोसंरचना, आय विविधीकरण तथा पारदर्शिता एवं डिजिटल प्रबंधन जैसी चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है। नई योजना के तहत अब ग्रामीणों को 100 दिनों के बजाय 125 दिन रोजगार मिलेगा। यदि 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रहेगा। मजदूरी भुगतान को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा। जल संरक्षण, चेक डैम, तालाब, ग्रामीण सड़कें, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल अधोसंरचना, ग्रामीण हाट, कोल्ड स्टोरेज, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट इकाइयों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को भी योजना में प्राथमिकता दी गई है। जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी निकिता मंडलोई ने बताया कि राज्य सरकार की गाइडलाइन के अनुसार पंचायत स्तर पर विकास कार्यों के एक्शन प्लान तैयार किए जा रहे हैं। योजना के शुभारंभ के अवसर पर 2 जुलाई से जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इस नई व्यवस्था के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ स्थायी विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |