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दिवाली से पहले इंदौर में घरों की सफाई का तरीका बदल रहा है। पहले जहां त्योहार की तैयारी में परिवार के सभी सदस्य मिलकर अलमारियों, पंखों, फर्श और खिड़की-दरवाजों की सफाई करते थे, वहीं अब पेशेवर क्लीनिंग सेवाओं का विकल्प भी तेजी से सामने आ रहा है। इन सेवाओं के जरिए बाथरूम की टाइल्स, किचन में जमी चिकनाई, सोफा, गद्दे और कालीन की सफाई ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से कराई जा सकती है। इससे लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग सफाई सेवाएं चुनने की सुविधा मिल रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक कंपनी की वेबसाइट पर बाथरूम की इंटेंसिव क्लीनिंग और सोफा क्लीनिंग की शुरुआती कीमत 499 रुपये, जबकि पूरी किचन की सफाई की शुरुआती कीमत 2,099 रुपये बताई गई है। हालांकि, घर के आकार, गंदगी और सफाई के दायरे के अनुसार वास्तविक खर्च अलग हो सकता है। आधुनिक सफाई सेवाओं में टाइल्स और फर्श के लिए स्क्रबिंग मशीन, सोफे से धूल निकालने के लिए वैक्यूम क्लीनर और दाग हटाने के लिए वेट शैंपूइंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जरूरत के मुताबिक दीवारों की मरम्मत, पुट्टी और वॉटरप्रूफिंग जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पहले दिवाली की सफाई में घर के लोग मिलकर काम करते थे और ज्यादा जरूरत पड़ने पर स्थानीय सफाईकर्मी या पेंटर की मदद लेते थे। अब ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरे घर की सफाई के बजाय केवल किचन, बाथरूम, सोफा या गद्दों की सफाई भी कराई जा सकती है। इससे लोगों को समय बचाने और अपनी जरूरत के अनुसार सेवा चुनने का विकल्प मिलता है। हालांकि, पेशेवर सफाई सेवाओं के लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है, इसलिए इन्हें चुनने से पहले कीमतों और काम के दायरे की तुलना करना जरूरी है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को लेकर कहा कि अगले 30 साल तक उनका सत्ता में आने का नंबर नहीं लगने वाला। दिल्ली के द्वारका में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, जबकि जीत मिलने पर उसकी कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति नहीं करती। अमित शाह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे वोट चोरी के मुद्दे के जरिए कथित घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और यह स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले से बनी हुई है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली लौटने पर उनकी बात याद रखिएगा, अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं आने वाला। शाह ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के बजाय धरना-प्रदर्शन की राजनीति पर ज्यादा ध्यान दिया। शाह ने पंजाब में भी AAP की सरकार को सत्ता से हटने की चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की लैंडफिल साइटों और कूड़े के ढेरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें साफ करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इन जगहों को सुंदर सार्वजनिक उद्यानों में बदला जाएगा।
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बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में शामिल होने पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादित बयान दिया। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए खड़गे प्रधानमंत्री मोदी के वादों और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बीजेपी नेताओं को जेल भेजे जाने की बात कही। सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने जब कहा कि मोदी कहीं नहीं जाएंगे, तो खड़गे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी तो क्या, मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद सभा में हंगामे की स्थिति बन गई। खड़गे के इस बयान को लेकर अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। खड़गे के बयान पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष की भाषा और राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए। बीजेपी ने कहा कि जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कभी गुंडे-मवालियों से जोड़कर देखा जाता था, उसी तरह की भाषा अब कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष इस्तेमाल कर रहे हैं। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता हताशा और खीझ में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। पार्टी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और उनके व्यवहार को लेकर सवाल उठाए। बीजेपी का आरोप है कि राहुल गांधी की कार्यशैली भी राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। इन बयानों के जरिए बीजेपी ने कांग्रेस नेतृत्व को घेरने की कोशिश की। बीजेपी ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में वापसी के लिए कांग्रेस ने लंबे समय तक कई राजनीतिक प्रयास किए, लेकिन जनता ने उसे सत्ता से बाहर रखा। पार्टी ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर भी तंज कसा और आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व सत्ता में लौटने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। खड़गे के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। अब इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस के बीच दोनों दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं चर्चा में हैं।
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बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली की तारीख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने 1984 के सिख नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए संवेदनशील है और इस तारीख पर बड़ी रैली आयोजित करने से लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। रविशंकर प्रसाद ने सवाल किया कि राहुल गांधी इसी दिन रैली क्यों करना चाहते हैं और इससे क्या संदेश देना चाहते हैं। रविशंकर प्रसाद ने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन के कुछ सहयोगी दल भी रैली की तारीख से सहमत नहीं हैं। उनके मुताबिक, इस मुद्दे पर चर्चा के लिए 22 अक्टूबर को वर्चुअल बैठक बुलाए जाने की जानकारी थी, लेकिन कई सहयोगियों के शामिल नहीं होने के कारण बैठक स्थगित कर दी गई। बीजेपी नेता ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे अपने फैसलों पर अड़े रहते हैं और दूसरों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं देते। हालांकि, ये आरोप रविशंकर प्रसाद ने लगाए हैं। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को इंडिया ब्लॉक की महारैली प्रस्तावित है, जिसके लिए कांग्रेस ने 10 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा है। इस बीच व्यापारियों और उद्यमियों के संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर रैली की तारीख पर पुनर्विचार करने और इसे दिवाली के त्योहार तक स्थगित करने की मांग की है। इस तरह रैली की तारीख को लेकर राजनीतिक बयानबाजी के साथ व्यापारिक संगठनों की चिंता भी सामने आई है।
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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले करीब 20 दिनों से पोर्टल में तकनीकी समस्या और पुराने हितग्राहियों का रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण मरीजों के इलाज की मंजूरी अटक रही है। योजना के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी है, लेकिन पोर्टल की गड़बड़ी के चलते कई मरीजों को अपनी जेब से इलाज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले के सरकारी और 19 निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। मरीजों के परिजनों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पोर्टल पर नाम नहीं दिखने और बीमा कंपनी से मंजूरी नहीं मिलने के कारण नगद भुगतान करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी क्लेम की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ा। तकनीकी समस्या का असर नए आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी पड़ा है। जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 555 लोगों के कार्ड बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 8 लाख 8 हजार 908 कार्ड बन चुके हैं। अभी 42 हजार 647 लोगों के कार्ड बनना बाकी हैं। जांच में सामने आया कि नए डेटा में अलग मेंबर आईडी जनरेट होने के कारण पुराने कार्डधारियों की पहचान में दिक्कत आ रही है। आधार या राशन कार्ड नंबर से रिकॉर्ड खोजने पर पोर्टल पर ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ दिखाई दे रहा है, जिससे मरीजों का सत्यापन और इलाज की मंजूरी प्रभावित हो रही है। धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके टोंडर के मुताबिक, आयुष्मान पोर्टल में सर्वर डाउन की समस्या आ रही है और इसके समाधान के लिए उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। फिलहाल मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए पोर्टल की तकनीकी खामी दूर करना जरूरी है।
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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सीजन से पहले किसानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अब खरीदी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसान या उनके अधिकृत नॉमिनी का फिंगरप्रिंट के जरिए बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। इस बार केवल ओटीपी के माध्यम से खरीदी की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकेगी। ऐसे में किसानों को खरीदी केंद्र जाने से पहले सत्यापन की व्यवस्था सुनिश्चित करने और संबंधित सहकारी समिति से नियमों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है। नए नियमों के मुताबिक, यदि किसी किसान के लिए एक से अधिक टोकन जारी किए जाते हैं, तो प्रत्येक टोकन में धान की मात्रा समान रखी जाएगी। उदाहरण के तौर पर, 120 क्विंटल धान के लिए दो टोकन जारी होने पर प्रत्येक में 60-60 क्विंटल की मात्रा दर्ज होगी। इसी तरह, 300 क्विंटल धान के लिए तीन टोकन बनने पर हर टोकन में 100 क्विंटल धान की मात्रा निर्धारित की जाएगी। इसलिए किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा और खरीदी की तारीख की पहले से जांच करने की सलाह दी गई है। दिशा-निर्देशों के अनुसार, टोकन में निर्धारित मात्रा से कम धान बेचने पर बची हुई मात्रा स्वतः निरस्त हो जाएगी और उसे अगले टोकन में जोड़ने का प्रावधान नहीं होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि टोकन में 100 क्विंटल धान दर्ज है और किसान केवल 80 क्विंटल बेचता है, तो शेष 20 क्विंटल की मात्रा निरस्त हो जाएगी। ऐसे में किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के अनुसार उपज तैयार रखने, बायोमेट्रिक सत्यापन सुनिश्चित करने और खरीदी केंद्र जाने से पहले संबंधित समिति से नियमों की पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
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भोपाल में रसोई गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी और इंस्पेक्शन के नाम पर पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार और तेल कंपनियों के निर्देशों के मुताबिक, एलपीजी कनेक्शन की आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी तरह मुफ्त है। इसके बावजूद कुछ गैस एजेंसियों के कर्मचारियों पर इंस्पेक्शन और अन्य बहानों से 236 रुपये तक सर्विस चार्ज लेने के आरोप लगे हैं। कोलार क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने भी बिना मांग के इंस्पेक्शन की रसीद थमाने और पैसे वसूलने की शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ एजेंसियों के कर्मचारी घर पहुंचकर गैस चूल्हे और पाइप की जांच के नाम पर उपभोक्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, एक गैस एजेंसी संचालक का कहना है कि नियमों के तहत अनिवार्य जांच कराई जा रही है और इसके लिए रसीद भी दी जा रही है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यदि एजेंसियां दूसरे बहानों से अवैध वसूली कर रही हैं, तो उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराएं, कार्रवाई की जाएगी। गैस उपभोक्ता स्मार्टफोन के जरिए भी घर बैठे ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित ऐप में आधार ई-केवाईसी का विकल्प चुनकर आधार फेसआरडी ऐप की मदद से चेहरे का सत्यापन किया जा सकता है। यदि कोई गैस एजेंसी ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगती है, तो उपभोक्ता भुगतान करने से पहले नियमों की जानकारी लें और शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की साझा टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-2333-555 पर संपर्क किया जा सकता है।
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मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का शुभारंभ हुआ। समिट का उद्देश्य प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देना, निवेश आकर्षित करना और तकनीकी अधोसंरचना विकसित करना है। तेजी से बढ़ते तकनीकी क्षेत्र में सेमीकंडक्टर की अहम भूमिका को देखते हुए राज्य सरकार इस सेक्टर को भविष्य के रोजगार और औद्योगिक विकास के प्रमुख अवसर के रूप में देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, समिट के दौरान 5,800 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 10 हजार से ज्यादा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। आयोजन में देश-विदेश की कंपनियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय समिट में निवेश, तकनीकी सहयोग, अनुसंधान और नवाचार पर चर्चा के साथ 8 पैनल चर्चाएं, 5 राउंडटेबल बैठकें और 2 मुख्य व्याख्यान आयोजित किए जा रहे हैं। वहीं, 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमताओं, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन कर रही हैं। प्रदेश में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग, टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देने की योजना है। इसके तहत सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और फोटोनिक्स एवं क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर में भी हाई-टेक उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर है। सरकार का लक्ष्य निवेश प्रस्तावों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलकर मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख तकनीकी केंद्रों में शामिल करना और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
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अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं। शाह ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन से जवाब मांगने पर छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का आदेश दिए जाने पर भी सवाल उठाए। SRFTI में छात्र पिछले 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने, अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने और कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने और छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट सहित अनुशासनहीनता के आरोप हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश का विरोध किया है। इससे पहले जुलाई में नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय छात्रों के साथ कथित मारपीट की आलोचना करते हुए युवाओं से हिम्मत नहीं हारने और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाते रहने की अपील की थी। शाह ने सरकार से भी छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर विचार करने को कहा था। अब SRFTI के छात्रों के समर्थन में उनका बयान सामने आने के बाद एक बार फिर बीजेपी और सरकार की नीतियों को लेकर उनकी आलोचना चर्चा में है।
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आयुष्मान खुराना की फिल्म ‘उड़ता तीर’ 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म आतंकवाद और जासूसी जैसे गंभीर विषय को कॉमेडी के अंदाज में पेश करती है। कहानी पाकिस्तानी जासूस बिलाल अहमद (आयुष्मान खुराना) और उसके दोस्त अशफाक (सुहैल नैय्यर) की है, जो भारत के खिलाफ साजिश रचने आते हैं। दोनों भारतीय काउंटर टेररिज्म स्क्वॉड में घुसपैठ कर लेते हैं। बिलाल डिफेंस मिनिस्ट्री में काम करने वाली यामिनी (सारा अली खान) के करीब आता है, लेकिन एक हादसे के बाद उसकी याददाश्त चली जाती है। वह खुद को भारतीय अफसर विक्रांत समझने लगता है और आतंकियों को पकड़वाने में जुट जाता है। अब अशफाक के सामने अपने ही दोस्त को रोकने की चुनौती है, क्योंकि बिलाल अनजाने में उनके मिशन को नाकाम करने लगता है। आयुष्मान खुराना अपनी कॉमिक टाइमिंग और बॉडी लैंग्वेज से प्रभावित करते हैं। अपनी असली पहचान भूलकर भारतीय अफसर बने बिलाल का किरदार कई मजेदार सीन पैदा करता है। सुहैल नैय्यर ने अशफाक की बेबसी को अच्छी तरह निभाया है, जबकि राहुल बोस CTS चीफ बर्मन के रूप में अपने एक्सप्रेशंस से हंसाते हैं। दिवंगत मुकुल देव, राम कपूर और गुलशन ग्रोवर भी अपने किरदारों में नजर आते हैं। हालांकि, सारा अली खान के किरदार को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकता था। निर्देशक आकाश कौशिक का आइडिया दिलचस्प है। पहला हाफ कॉमेडी और गलतफहमियों के कारण मनोरंजक है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी थ्रिलर की ओर बढ़ती है और कॉमेडी की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। कुछ ट्विस्ट भी पहले ही समझ आने लगते हैं। सचिन-जिगर का संगीत अच्छा है और अरिजीत सिंह की आवाज में ‘चन्न’ सुकून देता है। कुल मिलाकर, ‘उड़ता तीर’ की ताकत इसका अनोखा कॉन्सेप्ट और कलाकारों की कॉमिक टाइमिंग है। जहां ‘धुरंधर’ जासूसी और आतंकवाद को गंभीर अंदाज में दिखाती है, वहीं यह फिल्म इसी विषय को हास्य के जरिए पेश करती है। दूसरे हाफ की कमजोर रफ्तार के बावजूद आयुष्मान और सुहैल की जुगलबंदी मनोरंजन करती है। हल्की-फुल्की कॉमेडी पसंद करने वाले दर्शकों को फिल्म पसंद आ सकती है। फिल्म की अवधि लगभग 2 घंटे 20 मिनट है और इसे 3.5/5 की रेटिंग दी गई है।
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भारत और रूस ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ओम बिरला ने रूसी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत को रूस के समर्थन की सराहना भी की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एकजुट प्रयासों की जरूरत पर बल दिया। ओम बिरला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ मिलकर काम करना जरूरी है। इसके साथ ही वैश्विक मंचों पर भारत और रूस के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी का भी जिक्र किया। वर्ष 2027 में भारत और रूस के राजनयिक संबंधों के 80 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसी बीच, भारत की संसद 26 अक्टूबर 2026 से 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी करेगी। दो दिवसीय इस आयोजन में ब्रिक्स सदस्य देशों के संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। मंच के माध्यम से सदस्य देशों के बीच संसदीय संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। इस आयोजन से पहले ओम बिरला और व्याचेस्लाव वोलोदीन के बीच हुई बैठक को भारत-रूस संसदीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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मध्य प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ने लगी है। सीजन में पहली बार अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री तापमान रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट आ सकती है। शुक्रवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहे और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी भी हुई। इंदौर और उज्जैन संभाग में चक्रवाती सिस्टम का असर ज्यादा देखने को मिला, जबकि भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में भी बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में एक बार फिर नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बारिश हो सकती है। ऐसे में महीने के अंतिम दिनों में बारिश के साथ रात की ठंडक भी बढ़ने की संभावना है। इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान कुल 908.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर से करीब 4 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने और मानसून के बीच-बीच में कमजोर पड़ने के कारण पूरे सीजन में बारिश का आंकड़ा कम रहा। हालांकि, प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
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