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दिवाली से पहले इंदौर में घरों की सफाई का तरीका बदल रहा है। पहले जहां त्योहार की तैयारी में परिवार के सभी सदस्य मिलकर अलमारियों, पंखों, फर्श और खिड़की-दरवाजों की सफाई करते थे, वहीं अब पेशेवर क्लीनिंग सेवाओं का विकल्प भी तेजी से सामने आ रहा है। इन सेवाओं के जरिए बाथरूम की टाइल्स, किचन में जमी चिकनाई, सोफा, गद्दे और कालीन की सफाई ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से कराई जा सकती है। इससे लोगों को अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग सफाई सेवाएं चुनने की सुविधा मिल रही है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक कंपनी की वेबसाइट पर बाथरूम की इंटेंसिव क्लीनिंग और सोफा क्लीनिंग की शुरुआती कीमत 499 रुपये, जबकि पूरी किचन की सफाई की शुरुआती कीमत 2,099 रुपये बताई गई है। हालांकि, घर के आकार, गंदगी और सफाई के दायरे के अनुसार वास्तविक खर्च अलग हो सकता है। आधुनिक सफाई सेवाओं में टाइल्स और फर्श के लिए स्क्रबिंग मशीन, सोफे से धूल निकालने के लिए वैक्यूम क्लीनर और दाग हटाने के लिए वेट शैंपूइंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जरूरत के मुताबिक दीवारों की मरम्मत, पुट्टी और वॉटरप्रूफिंग जैसी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। पहले दिवाली की सफाई में घर के लोग मिलकर काम करते थे और ज्यादा जरूरत पड़ने पर स्थानीय सफाईकर्मी या पेंटर की मदद लेते थे। अब ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरे घर की सफाई के बजाय केवल किचन, बाथरूम, सोफा या गद्दों की सफाई भी कराई जा सकती है। इससे लोगों को समय बचाने और अपनी जरूरत के अनुसार सेवा चुनने का विकल्प मिलता है। हालांकि, पेशेवर सफाई सेवाओं के लिए अलग से भुगतान करना पड़ता है, इसलिए इन्हें चुनने से पहले कीमतों और काम के दायरे की तुलना करना जरूरी है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी को लेकर कहा कि अगले 30 साल तक उनका सत्ता में आने का नंबर नहीं लगने वाला। दिल्ली के द्वारका में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव हारने के बाद चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है, जबकि जीत मिलने पर उसकी कार्यप्रणाली पर कोई आपत्ति नहीं करती। अमित शाह ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे वोट चोरी के मुद्दे के जरिए कथित घुसपैठियों के वोट बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता से बाहर है और यह स्थिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से पहले से बनी हुई है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए शाह ने कहा कि दिल्ली लौटने पर उनकी बात याद रखिएगा, अगले 30 साल तक आपका नंबर नहीं आने वाला। शाह ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार ने बुनियादी सुविधाओं के बजाय धरना-प्रदर्शन की राजनीति पर ज्यादा ध्यान दिया। शाह ने पंजाब में भी AAP की सरकार को सत्ता से हटने की चेतावनी दी। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की लैंडफिल साइटों और कूड़े के ढेरों का जिक्र करते हुए कहा कि इन्हें साफ करने के लिए काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में इन जगहों को सुंदर सार्वजनिक उद्यानों में बदला जाएगा।
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मध्य प्रदेश भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी के भीतर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। बैठक में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया लगातार दूसरी बार शामिल नहीं हुए, जबकि पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस बार आमंत्रित नहीं किया गया। इससे नरोत्तम मिश्रा के कोर ग्रुप से बाहर होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इससे पहले 1 अक्टूबर को हुई बैठक में भी नरोत्तम मिश्रा शामिल नहीं हुए थे। उस समय उन्होंने कहा था कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं थी। सूत्रों के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा को बुलाने के मुद्दे पर प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा की थी, लेकिन सहमति नहीं मिलने के बाद उन्हें निमंत्रण नहीं भेजा गया। हालांकि, भाजपा संगठन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं, सिंधिया की गैरमौजूदगी का कारण दिल्ली में उनकी व्यस्तता बताया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव, संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। बैठक में राज्य सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और मंत्रियों, विधायकों व सांसदों के कार्यों को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई। इसके अलावा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर प्रदेशभर में होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा और केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने पर भी मंथन किया गया। बैठक में केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इसके तहत केंद्र सरकार के प्रत्येक मंत्रालय के साथ एक सांसद को जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि मंत्री, सांसद और अधिकारी मिलकर योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी ला सकें। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी के खिलाफ भाजपा कोर कमेटी ने निंदा प्रस्ताव पारित किया। बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
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भोपाल में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी के विरोध में सोमवार को भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। रेडक्रॉस अस्पताल के सामने शिवाजी नगर चौराहे पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। भाजपा का यह प्रदर्शन रेडक्रॉस अस्पताल के सामने से शुरू हुआ, जहां पार्टी के नेता और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। इसके बाद पैदल मार्च करते हुए सभी कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़े। प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक रामेश्वर शर्मा, भोपाल की महापौर मालती राय और भाजपा के शहर अध्यक्ष रविंद्र यति समेत कई नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी। प्रदर्शन के दौरान विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी सहित भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। बैरिकेड के एक तरफ कांग्रेस कार्यकर्ता हाथों में फूल और लाठियां लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए बैरिकेड पर चढ़े हुए थे। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर जारी विवाद पर विपक्ष को अदालत जाने की सलाह दी है। तिरुचिरापल्ली स्थित सीतालक्ष्मी रामास्वामी कॉलेज के 75वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल होने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि SIR से जुड़ी शिकायतों पर न्याय चाहिए तो विपक्ष अदालत का रुख कर सकता है। देश के कई हिस्सों में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राजद और आम आदमी पार्टी समेत विपक्षी दल इस प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर भी सुनवाई होनी है। याचिका में विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 में बदलाव और चुनाव आयोग के कुछ फैसलों की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ फैसले दूसरे चुनाव आयुक्तों की सहमति के बिना लिए गए। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत का फैसला आना बाकी है। SIR के विरोध में विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों ने दिल्ली समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग कार्यालय, जंतर-मंतर और अन्य स्थानों पर विरोध जताते हुए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की जांच और चुनाव आयोग की जवाबदेही की मांग की। वहीं, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन दिल्ली पुलिस से अनुमति नहीं मिलने के बावजूद प्रदर्शन की कोशिश की गई। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं और नेताओं को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई।
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छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज कराने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले करीब 20 दिनों से पोर्टल में तकनीकी समस्या और पुराने हितग्राहियों का रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण मरीजों के इलाज की मंजूरी अटक रही है। योजना के तहत पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलनी है, लेकिन पोर्टल की गड़बड़ी के चलते कई मरीजों को अपनी जेब से इलाज का खर्च उठाना पड़ रहा है। जिले के सरकारी और 19 निजी अस्पताल इस योजना के तहत सूचीबद्ध हैं। मरीजों के परिजनों के मुताबिक, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पोर्टल पर नाम नहीं दिखने और बीमा कंपनी से मंजूरी नहीं मिलने के कारण नगद भुगतान करना पड़ रहा है। कुछ मरीजों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भी क्लेम की स्वीकृति का इंतजार करना पड़ा। तकनीकी समस्या का असर नए आयुष्मान कार्ड बनाने पर भी पड़ा है। जिले में कुल 8 लाख 51 हजार 555 लोगों के कार्ड बनाने का लक्ष्य है, जिनमें से 8 लाख 8 हजार 908 कार्ड बन चुके हैं। अभी 42 हजार 647 लोगों के कार्ड बनना बाकी हैं। जांच में सामने आया कि नए डेटा में अलग मेंबर आईडी जनरेट होने के कारण पुराने कार्डधारियों की पहचान में दिक्कत आ रही है। आधार या राशन कार्ड नंबर से रिकॉर्ड खोजने पर पोर्टल पर ‘रिकॉर्ड नॉट फाउंड’ दिखाई दे रहा है, जिससे मरीजों का सत्यापन और इलाज की मंजूरी प्रभावित हो रही है। धमतरी के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके टोंडर के मुताबिक, आयुष्मान पोर्टल में सर्वर डाउन की समस्या आ रही है और इसके समाधान के लिए उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन लिया जाएगा। फिलहाल मरीजों को योजना का लाभ दिलाने के लिए पोर्टल की तकनीकी खामी दूर करना जरूरी है।
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मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अहम खबर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार ने अपने करीब पौने तीन साल के कार्यकाल में विभिन्न विभागों में 1 लाख 24 हजार नए पदों को मंजूरी दी है। इसके साथ ही सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों में विकास और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 14 बोर्ड, कंपनियों और संस्थाओं को भी मंजूरी दी है। इनमें से कुछ पर काम शुरू हो चुका है, जबकि कुछ के गठन की प्रक्रिया जारी है। सरकार पहले से खाली पड़े पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी चला रही है। सरकार की ओर से मंजूर की गई नई संस्थाओं में भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी, जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी, एमपी यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और नर्मदा संरक्षण के लिए प्रस्तावित नमन मिशन शामिल हैं। इसके अलावा पुलिस भर्ती के लिए एमपी पुलिस भर्ती बोर्ड और संभाग, जिले व तहसीलों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण के लिए प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग बनाने की पहल भी की गई है। संभागीय परिवहन कंपनियों को नए सिरे से विकसित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। इन संस्थाओं का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने, परिवहन सेवाओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय विकास को गति देना है। विभागवार नए स्वीकृत पदों में ऊर्जा विभाग के लिए सबसे ज्यादा 52 हजार पद मंजूर किए गए हैं। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में 47 हजार, महिला एवं बाल विकास विभाग में 13 हजार 200, गृह विभाग में 9 हजार 662 और परिवहन विभाग में 1 हजार 800 पद शामिल हैं। इसके अलावा तीन नए जिलों के लिए 1 हजार 240 पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों की मंजूरी से विभिन्न विभागों में कर्मचारियों की जरूरत पूरी करने और सरकारी सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, स्वीकृत पदों पर भर्ती की समय-सीमा और प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी अलग से महत्वपूर्ण होगी।
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भोपाल में रसोई गैस उपभोक्ताओं से ई-केवाईसी और इंस्पेक्शन के नाम पर पैसे वसूलने की शिकायतें सामने आई हैं। सरकार और तेल कंपनियों के निर्देशों के मुताबिक, एलपीजी कनेक्शन की आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी तरह मुफ्त है। इसके बावजूद कुछ गैस एजेंसियों के कर्मचारियों पर इंस्पेक्शन और अन्य बहानों से 236 रुपये तक सर्विस चार्ज लेने के आरोप लगे हैं। कोलार क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने भी बिना मांग के इंस्पेक्शन की रसीद थमाने और पैसे वसूलने की शिकायत की है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कुछ एजेंसियों के कर्मचारी घर पहुंचकर गैस चूल्हे और पाइप की जांच के नाम पर उपभोक्ताओं पर दबाव बना रहे हैं। वहीं, एक गैस एजेंसी संचालक का कहना है कि नियमों के तहत अनिवार्य जांच कराई जा रही है और इसके लिए रसीद भी दी जा रही है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। यदि एजेंसियां दूसरे बहानों से अवैध वसूली कर रही हैं, तो उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराएं, कार्रवाई की जाएगी। गैस उपभोक्ता स्मार्टफोन के जरिए भी घर बैठे ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित ऐप में आधार ई-केवाईसी का विकल्प चुनकर आधार फेसआरडी ऐप की मदद से चेहरे का सत्यापन किया जा सकता है। यदि कोई गैस एजेंसी ई-केवाईसी के नाम पर पैसे मांगती है, तो उपभोक्ता भुगतान करने से पहले नियमों की जानकारी लें और शिकायत दर्ज कराएं। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की साझा टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-2333-555 पर संपर्क किया जा सकता है।
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भारत में ताइवान के प्रतिनिधि मुमिन चेन ने रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर’ की जमकर तारीफ की है। दिल्ली में आयोजित ताइवान फिल्म फेस्टिवल के दौरान चेन ने कहा कि पिछले साल उन्होंने जितनी भारतीय फिल्में देखीं, उनमें ‘धुरंधर’ सबसे प्रभावशाली रही। उन्होंने आमिर खान, शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों की भी सराहना की। चेन ने बताया कि राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर होने और राजनयिक की भूमिका निभाने के कारण उन्हें राजनीतिक विषयों पर बनी भारतीय फिल्में देखना पसंद है। चेन ने आमिर खान की फिल्मों को भारतीय समाज और गंभीर मुद्दों को प्रभावी तरीके से सामने रखने वाला बताया। उन्होंने कहा कि आमिर को वह उनके शुरुआती दौर से देखते आ रहे हैं और अब निर्माता के तौर पर भी उनका काम प्रभावशाली है। चेन ने दीपिका पादुकोण और शाहरुख खान को अपने पसंदीदा भारतीय कलाकारों में शामिल किया और ‘बाहुबली’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ताइवान में भी भारतीय फिल्मों को पसंद किया जाता है, लेकिन वहां की फिल्मों और संस्कृति के बारे में भारत में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं है। ऐसे में फिल्म फेस्टिवल दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव बढ़ाने का अवसर है। दिल्ली में 24 और 25 अक्टूबर को आयोजित ताइवान फिल्म फेस्टिवल के बाद 31 अक्टूबर को मुंबई में भी इसका आयोजन होगा। फेस्टिवल में खेल, तकनीक और संस्कृति से जुड़ी ताइवानी फिल्मों के साथ रामायण पर आधारित डांस फ्यूजन ड्रामा भी पेश किया जाएगा। वहीं, ताइवान में आमिर खान की ‘दंगल’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’ और ‘3 इडियट्स’ जैसी फिल्मों को अच्छी लोकप्रियता मिली है। ‘दंगल’ ने ताइवान में करीब 16.7 करोड़ ताइवानी डॉलर की कमाई की थी। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय दर्शकों को ताइवान के सिनेमा से परिचित कराना और दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है।
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अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने शनिवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद बीजेपी उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जो उसकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं। शाह ने कोलकाता स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI) के छात्रों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रशासन से जवाब मांगने पर छात्रों को कारण बताओ नोटिस दिए गए, निगरानी में रखा गया और धमकियां दी गईं। उन्होंने छात्रों को हॉस्टल खाली करने का आदेश दिए जाने पर भी सवाल उठाए। SRFTI में छात्र पिछले 25 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन 27 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान हुई कथित झड़प के बाद शुरू हुआ था। छात्र कैंपस में सुरक्षा बढ़ाने, हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने, अपने खिलाफ जारी नोटिस वापस लेने और कुलपति संतोष अजमेरा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। संस्थान ने 16 अक्टूबर को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक पढ़ाई रोकने और छात्रों को 24 घंटे में हॉस्टल खाली करने का आदेश दिया था। प्रशासन ने 15 अक्टूबर को छह छात्रों को निलंबित भी किया था। इन पर शिक्षकों और सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट सहित अनुशासनहीनता के आरोप हैं। वहीं, प्रशासन का कहना है कि कुछ छात्र कोर्स पूरा होने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे थे और जूनियर छात्रों को कक्षाओं में जाने से रोक रहे थे। छात्रों ने हॉस्टल खाली करने के आदेश का विरोध किया है। इससे पहले जुलाई में नसीरुद्दीन शाह ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का समर्थन किया था। उन्होंने उस समय छात्रों के साथ कथित मारपीट की आलोचना करते हुए युवाओं से हिम्मत नहीं हारने और अपनी मांगों के लिए आवाज उठाते रहने की अपील की थी। शाह ने सरकार से भी छात्रों के साथ किए जा रहे व्यवहार पर विचार करने को कहा था। अब SRFTI के छात्रों के समर्थन में उनका बयान सामने आने के बाद एक बार फिर बीजेपी और सरकार की नीतियों को लेकर उनकी आलोचना चर्चा में है।
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में अहम बैठक की अध्यक्षता की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस बैठक में 2027 की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में पार्टी के मीडिया और आईटी विंग के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न राज्यों के पदाधिकारी भी शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर के विधानसभा चुनाव रहे। BJP उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर में सत्ता बरकरार रखने, जबकि पंजाब में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठे विवाद और विपक्ष की राजनीतिक गतिविधियों पर भी चर्चा होने की संभावना है। कांग्रेस और INDIA गठबंधन के अन्य दलों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। इसी मुद्दे पर विपक्षी गठबंधन ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने का आह्वान किया है। इससे पहले शनिवार को अमित शाह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित रैली से पहले राजधानी की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी। विपक्ष के विरोध के बीच BJP ने देशभर में 'सेव डेमोक्रेसी, रिमूव एनार्की' यानी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है। पार्टी के अनुसार, अभियान का पहला चरण 5 नवंबर तक और दूसरा चरण 11 से 30 नवंबर तक चलेगा। इसके तहत जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं आयोजित करने और प्रत्येक स्थान पर करीब 10 हजार लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, विधानसभा क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रमों के जरिए मतदाता सूची की सटीकता, SIR प्रक्रिया और संवैधानिक व्यवस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने की योजना है।
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भारत और रूस ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और रूस की संसद के निचले सदन स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदीन के बीच हुई बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने वैश्विक शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, ओम बिरला ने रूसी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए भारत और रूस के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत को रूस के समर्थन की सराहना भी की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एकजुट प्रयासों की जरूरत पर बल दिया। ओम बिरला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ मिलकर काम करना जरूरी है। इसके साथ ही वैश्विक मंचों पर भारत और रूस के बीच संसदीय सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। ओम बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच मजबूत हुई रणनीतिक साझेदारी का भी जिक्र किया। वर्ष 2027 में भारत और रूस के राजनयिक संबंधों के 80 साल पूरे होने जा रहे हैं। इसी बीच, भारत की संसद 26 अक्टूबर 2026 से 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी करेगी। दो दिवसीय इस आयोजन में ब्रिक्स सदस्य देशों के संसदीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। मंच के माध्यम से सदस्य देशों के बीच संसदीय संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। इस आयोजन से पहले ओम बिरला और व्याचेस्लाव वोलोदीन के बीच हुई बैठक को भारत-रूस संसदीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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