विशेष

  मध्यप्रदेश में अक्टूबर के खत्म होते ही ठंड ने दस्तक देना शुरू कर दिया है। बीते दो दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। भोपाल में भी सोमवार सुबह न्यूनतम तापमान नीचे आया। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे चक्रवाती सिस्टम के कारण अगले दो दिनों में मौसम फिर बदल सकता है। इस दौरान आसमान में हल्के बादल छाने और तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, नवंबर में ठंड धीरे-धीरे बढ़ेगी। महीने के पहले सप्ताह में बादलों की आवाजाही के चलते रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं होने की संभावना है। दूसरे सप्ताह से मौसम शुष्क हो सकता है और रातें ठंडी होने लगेंगी। तीसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान करीब 15 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है। इस दौरान दिन का तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि हल्के बादल भी दिखाई दे सकते हैं। नवंबर के आखिरी सप्ताह में ठंड का असर और तेज होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के आसपास पहुंच सकता है और दिन में भी हल्की ठंड महसूस होने लगेगी। कुछ इलाकों में एक-दो दिन कोहरा और कुहासा छाने की स्थिति बन सकती है। पिछले दस वर्षों में तीन बार नवंबर के दौरान न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे गया है। वहीं, 17 नवंबर 2025 को भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री दर्ज किया गया था, जो इस अवधि का रिकॉर्ड बताया गया है।  

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Dakhal News 2 November 2026

 जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है। वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान के साथ शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने अपने जीवन की नई शुरुआत की जानकारी दी है। दोनों ने 30 अक्टूबर को एक निजी समारोह में विवाह किया। उमर अब्दुल्ला ने तस्वीरों के साथ नई यात्रा शुरू होने की बात कही, वहीं निधि राजदान ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस रिश्ते की जानकारी साझा की। यह शादी उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी पायल अब्दुल्ला से तलाक होने के करीब तीन महीने बाद हुई है। उमर और पायल की शादी वर्ष 1994 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। इस नए रिश्ते के सामने आने के बाद राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पत्रकारिता और राजनीति से जुड़े चर्चित चेहरों के विवाह के उदाहरण भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इससे पहले एनडीटीवी की पत्रकार सोनिया सिंह ने वरिष्ठ राजनेता आर.पी.एन. सिंह से विवाह किया था। आर.पी.एन. सिंह यूपीए सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वहीं, एनडीटीवी की पूर्व एंकर अमृता राय ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से सितंबर 2015 में शादी की थी। उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के विवाह के बाद पत्रकारिता और राजनीति से जुड़े इन रिश्तों की चर्चा फिर शुरू हो गई है।

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Dakhal News 31 October 2026

राजनीति

  दिल्ली के रामलीला मैदान में एसआईआर (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन की रैली आयोजित की गई। रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष चुप नहीं बैठेगा। खरगे ने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार के साथ महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी कथित तौर पर वोटों की चोरी के जरिए सत्ता में आई हैं। खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाएंगे और विपक्ष पूरी एकजुटता और संकल्प के साथ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि सभी दल मिलकर संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र को मजबूत बनाएंगे और देश को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे। इस दौरान उन्होंने ‘मोदी हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ का नारा भी दिया। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष को डराने के लिए ईडी जैसी सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है, लेकिन विपक्ष इससे डरने वाला नहीं है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि उन्हें हटाए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। रैली में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी और उसके सहयोगी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने उत्तर प्रदेश की राजनीति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में जनता बीजेपी और उसके सहयोगियों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता स्वागत के साथ विदाई देना भी जानती है। उन्होंने रामलीला मैदान को लोकतंत्र की ‘हल्दीघाटी’ बताते हुए कहा कि यहां जुटी भीड़ और बदलाव के नारे इस बात का संकेत हैं कि राजनीतिक बदलाव कभी भी आ सकता है।  

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Dakhal News 2 November 2026

  दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित मुहिम और रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लगातार बारिश के चलते विपक्ष ने सार्वजनिक महाभियोग कार्यक्रम को एक दिन के लिए स्थगित करने का फैसला किया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बताया कि बारिश के कारण वरिष्ठ नेताओं और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों को परेशानी हो सकती थी, इसलिए सभी की सहमति से तारीख आगे बढ़ाई गई है। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि कार्यक्रम केवल एक दिन के लिए टाला गया है और आंदोलन की रणनीति में कोई बदलाव नहीं होगा। राहुल गांधी के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्तावित कार्यक्रम अगले दिन उसी समय आयोजित किया जाएगा। रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर राहुल गांधी ने कहा कि इसमें राजनीतिक दलों के साथ सामाजिक संगठन, नागरिक समाज, पत्रकार और आम लोग भी शामिल हो सकते हैं। उन्होंने इसे किसी एक पार्टी का आंदोलन न बताते हुए संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा साझा प्रयास बताया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, तेलंगाना और पंजाब से दिल्ली आने वाले लोगों को रोकने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि रामलीला मैदान में जुटने वाली भीड़ और लोगों को दिल्ली पहुंचने से रोकने की कथित कोशिशें इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीर सामने रखेंगी। ये आरोप राहुल गांधी की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है। विपक्ष के इस आंदोलन का मुख्य मुद्दा वोट देने के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता है। राहुल गांधी ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और हर नागरिक के वोट देने के अधिकार की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, उद्योगपति गौतम अडानी और मुकेश अंबानी के साथ-साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए राजनीतिक और कारोबारी गठजोड़ के आरोप लगाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है, जिसकी जिम्मेदारी स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। ऐसे में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष की प्रस्तावित कार्रवाई और रामलीला मैदान की रैली से चुनावी पारदर्शिता तथा आयोग की जवाबदेही को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।  

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Dakhal News 30 October 2026

मीडिया

  जनगणना 2027 को लेकर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। इसके तहत प्रगणक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी दर्ज करेंगे। वहीं, नागरिकों को भी पहली बार स्मार्टफोन या वेब पोर्टल के माध्यम से घर बैठे अपने परिवार का विवरण खुद भरने यानी स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। हालांकि, नागरिकों की ओर से दर्ज की गई जानकारी का सत्यापन पर्यवेक्षकों द्वारा किया जाएगा। इस नई व्यवस्था को व्यवस्थित तरीके से लागू करने के लिए रायपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रॉस सभाकक्ष में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य एवं नागरिक पंजीकरण के निदेशक कार्तिकेय गोयल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए। चार दिवसीय प्रशिक्षण के पहले दो दिन ग्रामीण क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया और जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई, जबकि अगले दो दिन शहरी क्षेत्रों के अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान डिजिटल माध्यम से आंकड़े जुटाने, मोबाइल एप के इस्तेमाल और स्व-गणना से जुड़ी व्यवस्थाओं पर जानकारी दी गई। जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना में प्रत्येक व्यक्ति से जुड़ी जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक जानकारियां एकत्र की जाएंगी। इसके साथ ही प्रवासन और प्रजनन से संबंधित पहलुओं को भी शामिल किया जाएगा। इन आंकड़ों का इस्तेमाल केवल देश की आबादी का आकलन करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण में भी किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं को तैयार करने में जनगणना के आंकड़े महत्वपूर्ण आधार बनेंगे।

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Dakhal News 2 November 2026

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में पुलिस ने अवैध गांजे की खेती का खुलासा करते हुए 88 पौधे जब्त किए हैं। मामला बलकवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पोखर का है, जहां कपास की फसल के बीच गांजे के पौधे उगाए जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक, मुखबिर से सूचना मिलने के बाद टीम ने खेत में दबिश दी। तलाशी के दौरान कपास के पौधों के बीच अलग-अलग जगहों पर गांजे के हरे पौधे मिले। पुलिस ने सभी पौधों को जब्त किया, जिनका कुल वजन 102 किलो 250 ग्राम बताया गया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में खेत मालिक मोहन पिता गुलाब सिंह सिसोदिया, उम्र 58 वर्ष, निवासी ग्राम पोखर को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, खलटाका चौकी पुलिस को सूचना मिली थी कि मोहन सिसोदिया अपने कपास के खेत में अवैध रूप से गांजे की खेती कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मौजूदगी में खेत की तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान गांजे के पौधों को जब्त करने के साथ पुलिस ने जरूरी नमूने और अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए। जब्त किए गए पौधों को वजन और पहचान के लिए छह श्रेणियों में बांटा गया था। पुलिस के अनुसार, सभी श्रेणियों के पौधों का कुल वजन 102.250 किलोग्राम पाया गया। मामले में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस ने मामला विवेचना में लेते हुए आगे की जांच शुरू कर दी है।  

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Dakhal News 31 October 2026

समाज

  मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट से सरकार को राहत मिली है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने योजना के वित्तीय प्रबंधन और बजट पर पड़ने वाले असर को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की पीठ ने स्पष्ट किया कि मुफ्त योजनाओं के वित्तीय प्रभाव से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में उसी मुद्दे पर हाईकोर्ट में समानांतर सुनवाई करना उचित नहीं होगा। यह याचिका चंद्रशेखर साहू ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत दायर की थी। याचिकाकर्ता ने अदालत में तर्क दिया था कि लाड़ली बहना जैसी नियमित नकद हस्तांतरण योजनाओं को लागू करने या उनमें राशि बढ़ाने से पहले मध्य प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों का पालन किया जाना जरूरी है। याचिका में मांग की गई थी कि सरकार योजना पर अगले पांच वर्षों में होने वाले खर्च का आकलन सार्वजनिक करे। इसके साथ ही राजस्व घाटे, राजकोषीय घाटे, सरकारी कर्ज और पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण पर पड़ने वाले प्रभाव का भी पूरा ब्योरा सामने रखने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने योजना का पारदर्शी ऑडिट कराने और उसकी नियमित समीक्षा के लिए एक व्यवस्था बनाने की अपील भी अदालत से की थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि मुफ्त योजनाओं के वित्तीय प्रभाव से जुड़ा व्यापक मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अश्विनी कुमार उपाध्याय विरुद्ध भारत संघ सहित कई मामलों में इस मुद्दे पर विचार किया जा रहा है, इसलिए हाईकोर्ट ने अलग से हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। हालांकि, लाड़ली बहना योजना को लेकर सुधा दुबे की ओर से दायर एक अन्य जनहित याचिका पर हाईकोर्ट पहले ही नोटिस जारी कर चुका है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उनके स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार के उद्देश्य से यह योजना शुरू की थी। इसके तहत पात्र महिलाओं के आधार-लिंक और डीबीटी सक्रिय बैंक खातों में हर महीने 1,500 रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाती है।

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Dakhal News 3 November 2026

    TI Dilip Puri’s wife to receive a compassionate appointment to the post of SI     देवास जिले के खातेगांव में शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना के बाद उनके गृह ग्राम बरमंड सहित पूरे इलाके में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक, दिलीप पुरी कर्तव्यनिष्ठ और समर्पित पुलिस अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2007 में पुलिस विभाग में सेवाएं शुरू की थीं। बताया जा रहा है कि शराब तस्करों को रोकने के दौरान टीआई ने ट्रक चालक को नीचे उतरने के लिए कहा, लेकिन चालक ने वाहन को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ा दिया, जिसकी चपेट में आने से उनकी जान चली गई।   घटना पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताते हुए दिवंगत टीआई को श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। मुख्यमंत्री ने दिलीप पुरी की पत्नी को पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक यानी SI के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।   उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने भी दिलीप पुरी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी निष्ठा और बहादुरी के साथ पुलिस सेवा में अपना योगदान दिया। उन्होंने देवास कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से चर्चा कर घटना की जांच के संबंध में जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मामले की गहन जांच होगी और घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की बात कही 

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Dakhal News 2 November 2026

पेज 3

  बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन ने सोमवार को सोशल मीडिया पर एक लंबी पोस्ट लिखकर मीडिया की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके शब्दों को संदर्भ से अलग करके पेश किया जाता है और धार्मिक भावनाओं से जुड़ी बातों का भी गलत अर्थ निकाला जाता है। बिग बी के मुताबिक, उन्होंने भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए ‘हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की’ पंक्ति लिखी थी, लेकिन एक न्यूज वेबसाइट ने इसे उनके विरोधियों को दी गई चुनौती के तौर पर प्रकाशित कर दिया। इसी पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने मीडिया को चेतावनी भरे अंदाज में लिखा कि उनके 5 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हैं और अगर वे इशारा कर दें तो उनमें से 10 प्रतिशत लोग भी उनके समर्थन में खड़े हो सकते हैं। अमिताभ बच्चन ने अपनी पोस्ट में 30 अक्टूबर को प्रकाशित एक खबर की हेडलाइन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी धार्मिक अभिव्यक्ति को विरोधियों के खिलाफ बयान बताकर पेश करना गलत और हास्यास्पद है। बिग बी ने मीडिया को देश का पांचवां स्तंभ बताते हुए उसके कामकाज और जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मीडिया उनके शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश करता है और इस तरह उनकी बातों का गलत अर्थ निकाला जाता है। उन्होंने यह भी लिखा कि अगर उनसे कोई गलती होती है तो वे उसे स्वीकार कर माफी मांगने और सुधार करने की कोशिश करते हैं, लेकिन मीडिया से भी जिम्मेदारी और जवाबदेही की अपेक्षा की जानी चाहिए। दरअसल, अमिताभ बच्चन ने 29 अक्टूबर को अपने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखा था, ‘ले आओ अपने हाथी घोड़े, हम भी ले आएंगे- हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की।’ इसके बाद उन्होंने अंदेशा जताया था कि मीडिया इस पंक्ति को किस तरह पेश करेगा। इसी बीच रविवार को वे हमेशा की तरह मुंबई स्थित अपने घर जलसा के बाहर प्रशंसकों से मिलने पहुंचे। खबरों के मुताबिक, हाल में मिली धमकियों को देखते हुए इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी और वे बुलेटप्रूफ शील्ड के पीछे खड़े नजर आए। उनके बेटे अभिषेक बच्चन भी इस दौरान उनके साथ मौजूद थे।

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Dakhal News 2 November 2026

 जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की निजी जिंदगी एक बार फिर चर्चा में है। वरिष्ठ पत्रकार निधि राजदान के साथ शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने अपने जीवन की नई शुरुआत की जानकारी दी है। दोनों ने 30 अक्टूबर को एक निजी समारोह में विवाह किया। उमर अब्दुल्ला ने तस्वीरों के साथ नई यात्रा शुरू होने की बात कही, वहीं निधि राजदान ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस रिश्ते की जानकारी साझा की। यह शादी उमर अब्दुल्ला का अपनी पहली पत्नी पायल अब्दुल्ला से तलाक होने के करीब तीन महीने बाद हुई है। उमर और पायल की शादी वर्ष 1994 में हुई थी और उनके दो बेटे हैं। इस नए रिश्ते के सामने आने के बाद राजनीतिक और मीडिया जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। पत्रकारिता और राजनीति से जुड़े चर्चित चेहरों के विवाह के उदाहरण भी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इससे पहले एनडीटीवी की पत्रकार सोनिया सिंह ने वरिष्ठ राजनेता आर.पी.एन. सिंह से विवाह किया था। आर.पी.एन. सिंह यूपीए सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रह चुके हैं और बाद में भाजपा में शामिल हो गए। वहीं, एनडीटीवी की पूर्व एंकर अमृता राय ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से सितंबर 2015 में शादी की थी। उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान के विवाह के बाद पत्रकारिता और राजनीति से जुड़े इन रिश्तों की चर्चा फिर शुरू हो गई है।

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Dakhal News 31 October 2026

दखल क्यों

मध्यप्रदेश में राज्यसभा उपचुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा की ओर से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद अब कांग्रेस ने निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी को समर्थन दे दिया है। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता लोहानी ने सोमवार को विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और भोपाल उत्तर से विधायक आतिफ अकील भी मौजूद रहे। वर्ष 1959 में भोपाल में जन्मे राजकुमार लोहानी हायर सेकंडरी तक शिक्षित हैं और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय बताए जाते हैं। मध्यप्रदेश की राज्यसभा की यह सीट केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। मुरुगन ने केंद्रीय मंत्री पद के साथ राज्यसभा सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया था, जबकि उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। इसके बाद भाजपा ने इस सीट से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है। अब कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार लोहानी के मैदान में उतरने से मुकाबला चर्चा में आ गया है। इससे करीब पांच महीने पहले हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीनों उम्मीदवार रजनीश अग्रवाल, महेश केवट और तरुण चुग निर्वाचित हुए थे। इस उपचुनाव में हरदीप सिंह पुरी और राजकुमार लोहानी के अलावा अन्य नाम भी सामने आए हैं। बैतूल के अतिथि शिक्षक हरिपाल बिहारे ने भी चुनाव लड़ने की घोषणा करते हुए नामांकन पत्र खरीदा था, जबकि हैदराबाद के समाजसेवी कांते सैयान्ना ने भोपाल पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में राज्यसभा की एक सीट के लिए मुकाबले में कई प्रत्याशियों की मौजूदगी से चुनावी प्रक्रिया दिलचस्प हो गई है।

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Dakhal News 2 November 2026

  मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता जनवरी 2026 से देय होगा। जनवरी से सितंबर तक के नौ महीनों के एरियर्स का भुगतान तीन समान मासिक किस्तों में किया जाएगा। वहीं, अक्टूबर महीने के वेतन के साथ यानी नवंबर में कर्मचारियों को बढ़े हुए महंगाई भत्ते का नकद भुगतान मिलेगा। केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों की ओर से महंगाई भत्ते में वृद्धि के बाद मध्य प्रदेश में भी कर्मचारी संगठनों की ओर से लगातार इसकी मांग की जा रही थी। मुख्यमंत्री ने पेंशनर्स के लिए भी महंगाई राहत में 2 प्रतिशत वृद्धि करने का ऐलान किया है। यह बढ़ोतरी जुलाई 2026 से लागू होगी। इससे पहले पेंशनर्स संगठनों ने लंबित महंगाई राहत और एरियर्स का भुगतान करने की मांग उठाई थी। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वित्त विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर जनवरी 2026 से लंबित 2 प्रतिशत और जुलाई 2026 से 3 प्रतिशत सहित कुल 5 प्रतिशत महंगाई राहत देने का आग्रह किया था। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा था कि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत आर्थिक सहारा है और दोनों अवधियों का एरियर्स भी दिया जाना चाहिए। कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर्स संगठनों की मांगों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बढ़ोतरी की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के हितों के साथ खड़ी है। नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों को जनवरी से सितंबर तक का एरियर तीन किस्तों में मिलेगा, जबकि अक्टूबर के वेतन से बढ़े हुए भत्ते का भुगतान शुरू हो जाएगा। वहीं, पेंशनर्स को जुलाई 2026 से बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।  

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Dakhal News 30 October 2026

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