Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पुरी के गजपति महाराज एवं श्रीजगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति (SJTMC) के अध्यक्ष दिव्यसिंह देव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर ISKCON द्वारा अलग-अलग तिथियों पर रथयात्रा और स्नान यात्रा आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह परंपरागत धार्मिक मान्यताओं और शास्त्रों के विरुद्ध है तथा इससे भगवान जगन्नाथ की प्राचीन परंपरा प्रभावित होगी। गजपति महाराज ने केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। वहीं ISKCON का कहना है कि विदेशों में मौसम, स्थानीय परिस्थितियों और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर रथयात्रा की तिथियां तय की जाती हैं ताकि अधिक से अधिक लोग उत्सव में शामिल हो सकें। गजपति महाराज ने मध्य प्रदेश में प्रस्तावित रथयात्राओं पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रथयात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से शुरू होने वाला नौ दिवसीय उत्सव है और इसका आयोजन निर्धारित तिथियों पर ही होना चाहिए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में वीआईपी दर्शन के नाम पर प्रति श्रद्धालु 1,100 रुपये शुल्क लेकर करीब 1.63 करोड़ रुपये वसूले जाने का मामला विवादों में आ गया है। बद्री-केदार मंदिर समिति (BKTC) के उपाध्यक्ष और कुछ बोर्ड सदस्यों ने आरोप लगाया है कि यह शुल्क बोर्ड की मंजूरी के बिना लागू किया गया, जो समिति के नियमों के विपरीत है। वहीं समिति के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) का कहना है कि भीड़ नियंत्रण, दलालों पर रोक और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया तथा पूरी राशि आधिकारिक खाते में जमा की गई है। इस विवाद के बीच मंदिर प्रबंधन पर चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ी, सीसीटीवी कैमरों के बदलाव और वीआईपी मेहमानों के नाम पर संदिग्ध बिल पास करने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। इन मामलों को लेकर जांच जारी है, जबकि बोर्ड सदस्यों ने पूरे प्रकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1977 में उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़ा था, लेकिन गठबंधन की रणनीति के कारण यह चुनाव भारतीय राजनीति का एक अनोखा उदाहरण बन गया। जनसंघ ने बाद में यह सीट लोकदल के लिए छोड़ दी और फकीर अली अंसारी को उम्मीदवार बनाया। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण राजनाथ सिंह का नाम मतपत्र पर बना रहा, लेकिन उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए अपने समर्थकों से उन्हें वोट न देने की अपील की। मतदान से पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि यदि उन्हें एक भी वोट मिला तो वह इसे अपना अपमान मानेंगे। उनके समर्थकों ने उनकी अपील का पूरी तरह पालन किया और मतगणना में उनके खाते में एक भी वोट दर्ज नहीं हुआ। इस घटना को भारतीय चुनावी इतिहास के सबसे अनोखे उदाहरणों में गिना जाता है, जहां मतपत्र पर नाम होने के बावजूद एक प्रमुख राजनीतिक दल के उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का छह दिन पुराना बयान फिर चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कांग्रेस नेता राकेश सिंह यादव के बारे में पूछे जाने पर कहा था, \"कौन है राकेश सिंह?\" अब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राकेश सिंह यादव को पार्टी ने सदस्यता देने के साथ ही प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है। इसके बाद विजयवर्गीय का पुराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गईं। राकेश सिंह यादव ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफा देकर जीतू पटवारी और पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए थे। इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया। प्रदेश भाजपा ने उन्हें तत्काल प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंप दी। पार्टी नेताओं का मानना है कि कांग्रेस संगठन और उसके अंदरूनी मामलों की जानकारी रखने वाले राकेश सिंह यादव भविष्य में भाजपा की ओर से कांग्रेस पर तथ्यात्मक तरीके से हमला करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
डोंबिवली के केडीएमसी अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों से मारपीट के मामले में शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को बड़ा झटका लगा है। कल्याण कोर्ट ने म्हात्रे समेत चार आरोपियों को सोमवार तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, गर्भवती महिला के इलाज में कथित देरी और NICU बेड उपलब्ध नहीं होने की जानकारी मिलने पर आरोपी अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई। मामले में अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तारी के बाद रमेश म्हात्रे ने घटना पर अफसोस जताते हुए महिला डॉक्टर पर हाथ उठाने से इनकार किया। उनका कहना है कि उन्होंने केवल डॉक्टर का ध्यान आकर्षित करने के लिए हाथ थपथपाया था। वहीं, घटना के बाद डॉक्टरों में भारी आक्रोश है। एक महिला डॉक्टर ने इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जांच कर रही है, जबकि विपक्ष ने इस मामले को लेकर शिवसेना पर निशाना साधते हुए स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 1996 में श्रीनगर में आतंकी हिलाल अहमद बेग के जनाजे के दौरान हुई हिंसा और पुलिस पर फायरिंग के मामले में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के छह वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में शब्बीर अहमद शाह, सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन, मोहम्मद याकूब वकील, जावेद अहमद मीर और शकील अहमद बख्शी के नाम शामिल हैं। हालांकि, सैयद अली शाह गिलानी, अब्दुल गनी लोन और मोहम्मद याकूब वकील के निधन के कारण उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई समाप्त हो गई है। एनआईए का आरोप है कि इन नेताओं ने जनाजे में मौजूद भीड़ को भड़काया, भारत विरोधी और पाकिस्तान समर्थक नारे लगवाए तथा अलगाववाद को बढ़ावा देने की साजिश रची। जांच एजेंसी के मुताबिक, आतंकवादी के अंतिम संस्कार का इस्तेमाल कानून-व्यवस्था बिगाड़ने, सुरक्षा बलों के खिलाफ हिंसा भड़काने और जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी एजेंडा फैलाने के लिए किया गया। एनआईए ने इस मामले की जांच अप्रैल 2026 में अपने हाथ में ली थी और एजेंसी के अनुसार जांच अभी भी जारी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
सरदार सरोवर परियोजना को लेकर हुए अंतरराज्यीय समझौते पर मध्य प्रदेश में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राज्य सरकार का दावा है कि समझौते के तहत गुजरात को देय राशि 1,500 करोड़ रुपये से घटकर 231.80 करोड़ रुपये रह गई, जिससे प्रदेश के 1,268 करोड़ रुपये की बचत हुई है। हालांकि, कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंत्री चेतन्य कश्यप ने देय राशि 217 करोड़ रुपये बताई, जबकि बाद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे 231.80 करोड़ रुपये बताया। दोनों आंकड़ों में अंतर आने से भ्रम की स्थिति भी बनी। वहीं, कांग्रेस ने इस समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरदार सरोवर परियोजना में सबसे अधिक जमीन और विस्थापन का नुकसान मध्य प्रदेश ने झेला, फिर भी सरकार गुजरात के पक्ष में झुक गई। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सरकार का बचाव करते हुए कहा कि समझौते से प्रदेश को 85 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली और 31 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने कांग्रेस से इस मुद्दे पर राजनीति नहीं करने की अपील की।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
इंदौर के लवकुश चौराहे पर करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मध्य प्रदेश के पहले डबल डेकर फ्लाईओवर का लोड टेस्ट शुरू हो गया है। ब्रिज की मजबूती और भार वहन क्षमता जांचने के लिए उस पर 14 डंपर खड़े कर संरचनात्मक परीक्षण किया जा रहा है। यदि सभी तकनीकी मानक संतोषजनक पाए गए तो अगले सप्ताह ट्रायल के तौर पर फ्लाईओवर को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा, जिसके बाद इसका औपचारिक लोकार्पण होगा। इंदौर विकास प्राधिकरण (आईडीए) की निगरानी में चल रहे इस परीक्षण के दौरान इंजीनियर विशेष उपकरणों की मदद से ब्रिज के झुकाव (डिफ्लेक्शन) और संरचनात्मक स्थिरता की लगातार निगरानी कर रहे हैं। डंपरों को गुरुवार तक पुल पर ही रखा जाएगा ताकि विभिन्न चरणों में परीक्षण पूरा किया जा सके। करीब 70 फीट ऊंचा यह डबल डेकर फ्लाईओवर प्रतिदिन लगभग एक लाख वाहनों के यातायात का दबाव संभालने के लिए तैयार किया गया है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाते हुए 7.35 करोड़ रुपये का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। मामला वर्ष 2010 का है, जब अभिनेता ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। बकाया राशि वापस नहीं करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद अदालत पहुंचा, जिस पर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, यदि राजपाल यादव जुर्माना जमा नहीं करते हैं तो उनकी सजा बढ़कर छह महीने हो सकती है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राजपाल यादव के रवैये पर गंभीर टिप्पणी करते हुए उसे संदिग्ध बताया और राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद अभिनेता ने बकाया रकम का भुगतान नहीं किया। इसके बाद कोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें दोबारा जेल भेजने के निर्देश दिए। इस फैसले के बाद अभिनेता की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अर्जुन कपूर की बहन अंशुला कपूर और स्क्रीनराइटर रोहन ठक्कर के वेडिंग रिसेप्शन में बॉलीवुड सितारों का जमावड़ा देखने को मिला। समारोह की सबसे खास झलक रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर की रही, जिन्होंने अपनी फिल्म गुंडे के लोकप्रिय गाने 'तूने मारी एंट्रियां' पर स्टेज पर साथ डांस कर महफिल लूट ली। दोनों की परफॉर्मेंस ने फिल्म में निभाए गए उनके किरदारों की यादें भी ताजा कर दीं। इसके अलावा दोनों हालिया फिल्म धुरंधर के गाने पर भी जमकर झूमते नजर आए। रिसेप्शन में सिंगर हिमेश रेशमिया ने लाइव परफॉर्मेंस दी, जिसमें रणवीर सिंह और अर्जुन कपूर भी स्टेज पर उनके साथ शामिल हुए। दोनों ने 'मुझको याद सताए तेरी' समेत कई हिट गानों पर गाते और डांस करते हुए मेहमानों का मनोरंजन किया। समारोह में बोनी कपूर, जाह्नवी कपूर, शनाया कपूर, रेखा, बॉबी देओल, चंकी पांडे और रितेश देशमुख सहित फिल्म इंडस्ट्री की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर न्यास की करीब 10 हेक्टेयर (24.70 एकड़) बहुमूल्य भूमि के आवंटन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि ग्राम मोरघड़ी स्थित लगभग 200 करोड़ रुपये मूल्य की इस भूमि को एक निजी संस्था को देने की प्रक्रिया में गंभीर विधिक अनियमितताएं बरती गई हैं। मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष एवं मंदिर न्यास की पदेन न्यासी पिंकी सुदेश वानखेड़े ने मध्य प्रदेश शासन और खंडवा कलेक्टर को पत्र लिखकर भूमि आवंटन से जुड़े चलित प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने और पूरे मामले की विधिक जांच कराने की मांग की है। पिंकी वानखेड़े ने अपने पत्र में कहा है कि भूमि आवंटन के लिए जारी चलित प्रस्ताव (क्रमांक ओ/2025/54) नियमों के अनुरूप नहीं है और इसे अवैध बताते हुए रद्द किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि मंदिर न्यास की बहुमूल्य संपत्ति से जुड़े इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी स्पष्ट की जाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। जमीयत उलेमा-ए-मध्यप्रदेश के सदर मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने सरकार के फैसले पर आपत्ति जताते हुए कहा कि जो लोग अपनी धार्मिक संस्थाओं और मंदिरों से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से नहीं संभाल पा रहे हैं, वे वक्फ की धार्मिक संपत्तियों और संस्थाओं की सुरक्षा कैसे करेंगे। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह अपनी धार्मिक संस्थाओं का प्रबंधन स्वयं संभाले और वक्फ से जुड़े मामलों को मुस्लिम समुदाय पर छोड़ दे। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वक्फ बोर्ड में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत कलेक्टर रैंक के सीईओ की नियुक्ति पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। मुफ्ती मोहम्मद अहमद ने यह भी कहा कि यदि सरकार पारदर्शिता के नाम पर वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल कर रही है, तो यही सिद्धांत मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थाओं की समितियों पर भी समान रूप से लागू होना चाहिए। उनके अनुसार, किसी एक समुदाय की धार्मिक संस्था में दूसरे धर्म के लोगों को शामिल करना तभी उचित माना जा सकता है, जब सभी धार्मिक संस्थाओं में समान व्यवस्था अपनाई जाए।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |