Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमेरिका में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा पाना अब भारतीय छात्रों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है। क्रॉनिकल ऑफ हायर एजुकेशन की स्टडी के अनुसार, पिछले साल विदेशी छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आई है। मई से अगस्त 2025 के बीच अमेरिका ने 97,000 कम F-1 वीजा जारी किए, जो 2024 के मुकाबले 36 प्रतिशत कम हैं। इस गिरावट का सीधा असर नए छात्रों के एडमिशन पर भी पड़ा।
अमेरिकी दूतावासों ने फॉल इनटेक के दौरान केवल लगभग 22,000 स्टूडेंट वीजा भारतीय छात्रों को दिए, जो पिछले साल की तुलना में 60 प्रतिशत से अधिक कम हैं। भारतीय छात्रों को हमेशा अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए प्रमुख विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन हालिया आंकड़े दिखाते हैं कि उन्हें वीजा पाने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कम वीजा मिलने के कारण कई छात्र अमेरिका जाने से भी बच रहे हैं।
वीजा की कमी का मुख्य कारण अमेरिकी विदेश मंत्रालय की नीतियां और पिछली सरकार के निर्णय हैं, जिनमें स्टूडेंट वीजा इंटरव्यू पर रोक और कुछ छात्रों के वीजा रद्द करना शामिल है। इसके अलावा प्रस्तावित नीतियों, जैसे वीजा की अवधि सीमित करना और डिग्री के बाद काम पर रोक, ने छात्रों की रुचि भी घटाई है। विदेशी छात्रों की संख्या घटने से कॉलेजों को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है, क्योंकि ये छात्र अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 43 अरब डॉलर का योगदान देते हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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