Patrakar Priyanshi Chaturvedi
संयुक्त राज्य अमेरिका-ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है, जिसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं और आपूर्ति में रुकावट के चलते भारत को तेल, गैस और उर्वरक की कमी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में रूस ने भारत को अधिक तेल और एलएनजी सप्लाई करने की पेशकश की है।
यह प्रस्ताव रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव की भारत यात्रा के दौरान सामने आया। उन्होंने नरेंद्र मोदी औरएस जयशंकर से मुलाकात कर ऊर्जा, उर्वरक, व्यापार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। रूस ने भरोसा जताया कि उसकी कंपनियां भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हैं और उर्वरक आपूर्ति में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बैठक को भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम बताया, जबकि विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि बातचीत में ऊर्जा, उद्योग, तकनीक और वैश्विक मुद्दों पर नए अवसरों पर विचार हुआ। साथ ही, दोनों देश यूरिया उत्पादन की संयुक्त परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं। यह सहयोग ऐसे समय में और महत्वपूर्ण हो जाता है जब भारत ने रूस से S-400 वायु रक्षा प्रणाली की अतिरिक्त खरीद का भी फैसला लिया है, जिससे दोनों देशों के रणनीतिक रिश्ते और गहरे होते दिख रहे हैं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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