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इंदौर में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के मुकाबले सत्ता में रहते हुए ज्यादा मेहनत करने की अपील की। विट्ठल रुक्मिणी गार्डन में ‘लोकतंत्र बचाओ-भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान को लेकर आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि देश को बचाने की चिंता भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अलावा कौन कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें भारत की तरक्की को रोकना चाहती हैं और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने की कोशिश कर रही हैं। विजयवर्गीय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई CJP से नहीं है। साथ ही, एक नवंबर को इंदौर में प्रस्तावित पैदल यात्रा को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को दोगुनी मेहनत करने का संदेश दिया।
बैठक में विजयवर्गीय ने विधायकों और जनप्रतिनिधियों को पैदल यात्रा में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी सौंपी। उन्होंने विधायक रमेश मेंदोला से खेल जगत से जुड़े लोगों, गोलू शुक्ला से सनातनी और भगवा वस्त्रधारी लोगों, मधु वर्मा से सिख समाज तथा महापौर पुष्यमित्र भार्गव से वकीलों को जोड़ने की बात कही। वहीं, टीनू जैन और अक्षय कांति बम को जैन समाज और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की जिम्मेदारी देने की बात सामने आई। विजयवर्गीय ने कहा कि विपक्ष भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है, जिसका जवाब देने के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहना होगा। बैठक में नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने 2003 से पहले कांग्रेस सरकार के दौरान हुए आंदोलनों का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से पूछा कि कितने लोगों ने पुलिस की लाठियां खाई थीं। इस सवाल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाए। इसके बाद मंत्री तुलसीराम सिलावट को लेकर की गई टिप्पणी पर बैठक में ठहाके भी लगे।
बैठक का निर्धारित समय शाम 5:30 बजे था, लेकिन कैलाश विजयवर्गीय रात करीब 8 बजे पहुंचे। उन्होंने देरी की वजह दशहरे के दौरान लोगों से मुलाकात में व्यस्तता बताई। इस बीच, विधायक मालिनी गौड़ बैठक से रवाना हो चुकी थीं और लंबे इंतजार के कारण कुछ कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी दिखाई दी। वहीं, विजयवर्गीय के इस बयान कि सत्ता में रहते हुए विपक्ष से ज्यादा मेहनत करनी होगी, को लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गईं। खबर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ उनके कथित मतभेदों और कैबिनेट बैठकों में शामिल नहीं होने जैसी बातों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, बैठक में विजयवर्गीय ने अपने बयान को किसी व्यक्तिगत या आंतरिक राजनीतिक विवाद से जोड़कर स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा। उनका मुख्य संदेश संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और आगामी पैदल यात्रा को सफल बनाने पर केंद्रित रहा।
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