Patrakar Priyanshi Chaturvedi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोशल मीडिया वीडियो को हटाए जाने के मामले में मेटा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संसदीय समिति ने मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में माफी नहीं मांगी गई तो आईटी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट वापस लेने पर विचार किया जा सकता है। इसी मामले में आईटी मंत्रालय ने मेटा की ग्लोबल टीम को दिल्ली तलब किया है और भारतीय कानूनों के अनुपालन सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों के साथ बैठक शुरू की है।
विवाद की शुरुआत 23 जुलाई 2026 को हुई, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के मुद्दे पर साझा किया गया एक वीडियो फेसबुक से हट गया था। वीडियो में उन्होंने पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही थी। बाद में मेटा ने पोस्ट को बहाल करते हुए इसे तकनीकी गड़बड़ी बताया और खेद जताया, लेकिन आईटी मंत्रालय ने इस स्पष्टीकरण को अपर्याप्त माना। मंत्रालय अब वीआईपी अकाउंट सुरक्षा व्यवस्था, व्हाट्सऐप की यूजरनेम नीति और इंस्टाग्राम पर चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) से जुड़े मामलों पर भी कंपनी से जवाब मांग रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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