Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। तीन दिन चली बैठक के बाद RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने घोषणा की कि रेपो रेट 5.25% पर ही बरकरार रहेगा। इसका सीधा असर यह होगा कि फिलहाल होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में कमी आने की संभावना नहीं है और मौजूदा कर्जदारों की EMI भी पहले जैसी ही रहेगी। हालांकि, यह फैसला फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों के लिए राहतभरा माना जा रहा है, क्योंकि जमा पर मिलने वाले ब्याज में तत्काल कटौती की संभावना कम है।
RBI ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के पीछे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े जोखिमों को प्रमुख वजह बताया है। केंद्रीय बैंक का मानना है कि ऐसे हालात में ब्याज दर घटाने से बाजार में नकदी बढ़ सकती है, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ने का खतरा रहेगा। RBI ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ब्याज दरों पर फैसला महंगाई, घरेलू आर्थिक गतिविधियों और वैश्विक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। ऐसे में फिलहाल अगले कुछ महीनों तक सस्ते लोन और EMI में राहत मिलने की संभावना कम दिखाई दे रही है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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