Patrakar Priyanshi Chaturvedi
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने पुणे में आयोजित लोकमान्य तिलक पुरस्कार समारोह में कहा कि आजादी का मतलब केवल अपनी मर्जी से कुछ भी करने की छूट नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह समझना होगा कि देश की स्वतंत्रता लंबे संघर्ष और अनगिनत बलिदानों के बाद मिली है, इसलिए इसका सही अर्थ जिम्मेदारी, अनुशासन और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण में निहित है। डोभाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्र के विकास और सुरक्षा को प्राथमिकता दें और अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करें।
इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक पुरस्कार से सम्मानित किया। शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के शुरुआती महत्वपूर्ण फैसलों में अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त करना शामिल था, जिसने भारत की रणनीतिक सोच और विदेश नीति को नई मजबूती दी। डोभाल का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और उसकी सीमाओं को लेकर देश में चर्चा जारी है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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