Patrakar Priyanshi Chaturvedi
अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव के बीच मध्य पूर्व (Middle East) का संकट अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां इजरायल ने युद्धविराम की वार्ताओं के बीच गाजा पट्टी और दक्षिणी लेबनान (अल-मंसूरी व मजदल जून) पर एक साथ भारी हवाई हमले करके स्थिति को और गंभीर बना दिया है, वहीं दूसरी तरफ लाल सागर में यमन के हूती विद्रोही भी इस युद्ध में कूद पड़े हैं।
हूती संगठन ने बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन हमलों के जरिए सऊदी अरब के दो बड़े तेल टैंकरों ('ENCELIA' और 'LAYLA') को निशाना बनाने की जिम्मेदारी ली है। इस घटना के बाद वैश्विक तेल बाजारों में भारी उछाल आया और अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रांड कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगीं।
लाल सागर के इस बढ़ते संकट और जहाजों पर हो रहे हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हूती संगठन को ईरान का ही 'सरोगेट/प्रॉक्सी' मानता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों पर हमले बंद नहीं हुए, तो अमेरिका ईरान और हूती दोनों के खिलाफ 'भीषण सैन्य कार्रवाई' (Major Military Punishment) करेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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