कमाने वाली पत्नी को नहीं मिलेगा गुजारा भत्ता: ग्वालियर हाईकोर्ट का अहम फैसला
Earning wife , maintenance: Gwalior High Court

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि पत्नी सरकारी नौकरी में है और उसकी आय स्वयं के भरण-पोषण के लिए पर्याप्त है, तो वह पति से अंतरिम गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं होगी। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मां के कमाने भर से पिता अपनी नाबालिग संतान के पालन-पोषण और शिक्षा की नैतिक व कानूनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने ग्वालियर फैमिली कोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए पति और पत्नी दोनों की पुनरीक्षण याचिकाएं खारिज कर दीं।

मामला प्रदीप और कल्याणी (परिवर्तित नाम) का है, जिनका विवाह 2010 में हुआ था और वे 2019 से अलग रह रहे हैं। पत्नी ने खुद और अपनी 12 वर्षीय बेटी के लिए अंतरिम गुजारा भत्ते की मांग की थी। फैमिली कोर्ट ने पाया कि पत्नी आयुर्वेदिक विभाग में कंपाउंडर के पद पर कार्यरत है और उसे ₹39,368 प्रतिमाह वेतन मिलता है, इसलिए उसकी अर्जी खारिज कर दी गई, जबकि बेटी के लिए पिता को ₹6,000 प्रतिमाह देने का आदेश दिया गया था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैमिली कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा और निचली अदालत को छह महीने के भीतर मुख्य मामले का अंतिम निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।

Priyanshi Chaturvedi 24 July 2026

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