UNSC में भारत का पाकिस्तान को दोटूक जवाब, सिंधु जल संधि पर आतंकवाद को बताया सबसे बड़ा अवरोध
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में प्राकृतिक संसाधन शासन पर आयोजित उच्चस्तरीय बहस के दौरान भारत ने पाकिस्तान के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पारवतननेनी ने कहा कि राज्य प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद ने दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की बुनियाद को खत्म कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपसी भरोसे और सद्भावना के बिना सिंधु जल संधि के तहत सामान्य सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। भारत ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल झूठा नैरेटिव फैलाने के लिए किया है।
भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा तथा इस संवैधानिक और कानूनी तथ्य को पाकिस्तान जानबूझकर नजरअंदाज करता है। साथ ही भारत ने कहा कि वह मानवीय आधार पर पाकिस्तान को बाढ़ संबंधी चेतावनियां देता रहेगा, लेकिन अपने हिस्से के जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए जलविद्युत परियोजनाओं को भी तेजी से आगे बढ़ाएगा।