Patrakar Priyanshi Chaturvedi
दिल्ली हाई कोर्ट ने पहलवान विनेश फोगाट को राहत देते हुए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) को निर्देश दिया है कि वह 9 मई को जारी किए गए कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला ले। न्यायमूर्ति स्वराना कांत शर्मा की एकल पीठ ने कहा कि अंतिम निर्णय लेने से पहले विनेश फोगाट को व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाए। सुनवाई के दौरान WFI ने अदालत को बताया कि एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भागीदारी से जुड़ा विवाद अब अप्रासंगिक हो चुका है, जिसके बाद अदालत ने केवल शो-कॉज नोटिस पर समयबद्ध निर्णय का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान विनेश फोगाट की ओर से दलील दी गई कि उनकी याचिका केवल चयन ट्रायल तक सीमित नहीं है, बल्कि WFI की चयन नीति से जुड़े व्यापक मुद्दे भी इसमें शामिल हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे विषयों को नई रिट याचिका के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है। उल्लेखनीय है कि WFI ने 9 मई को जारी नोटिस के बाद विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अयोग्य घोषित किया था। महासंघ का तर्क था कि संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों पर एंटी-डोपिंग नियमों के तहत छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि लागू होती है, जबकि विनेश ने अपनी याचिका में चयन नीति को मनमाना और भेदभावपूर्ण बताते हुए कहा कि गर्भावस्था और प्रसव के बाद स्वास्थ्य लाभ की अवधि के कारण वह निर्धारित पात्रता मानदंड पूरा नहीं कर सकीं।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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