Latest News
बाल यौन शोषण विज्ञापनों पर सरकार सख्त, इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी Meta को 7 दिन का नोटिस.   यूपी चुनाव में उतरेगी चिराग पासवान की पार्टी, सीट बंटवारे पर राज्य इकाई की राय होगी अहम.   खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप के खिलाफ भड़काऊ नारे, हत्या की अपील से बढ़ा विवाद.   ओंकारेश्वर में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किए ममलेश्वर महादेव के दर्शन, देश के लोकतंत्र की समृद्धि की कामना.   आमिर खान ने गौरी स्प्रैट से की तीसरी शादी, परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में हुई रजिस्टर्ड मैरिज.   दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा की दिल्ली यात्रा से बढ़ीं अटकलें, बीजेपी प्रत्याशी पर जल्द हो सकता है फैसला.  
EPF के 64 साल पुराने नियमों में बदलाव का विरोध, कर्मचारी संगठनों ने जताई नाराजगी
EPF protests changes, 64-year-old rules, employees

कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के 64 वर्ष पुराने नियमों में प्रस्तावित बदलावों को लेकर देशभर के कर्मचारी संगठनों ने विरोध तेज कर दिया है। संगठनों का आरोप है कि कर्मचारी भविष्य निधि योजना-2026 के नए प्रावधान कर्मचारियों की तुलना में उद्योगपतियों और नियोक्ताओं के हित में अधिक हैं। उनका कहना है कि इन बदलावों से करीब 8 करोड़ कर्मचारियों और कामगारों के सेवानिवृत्ति कोष पर असर पड़ेगा, जबकि इसका अप्रत्यक्ष प्रभाव लगभग 30 करोड़ लोगों पर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी भी शुरू हो गई है।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नई व्यवस्था में कर्मचारियों को भविष्य निधि में 12 प्रतिशत से कम अंशदान देने का विकल्प मिलने की बात कही जा रही है, जिससे तत्काल हाथ में अधिक वेतन मिलने का दावा किया जा रहा है। लेकिन उनका तर्क है कि इससे भविष्य निधि में जमा होने वाली राशि कम होगी और सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाला फंड भी घट जाएगा। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों 12-12 प्रतिशत अंशदान करते हैं, जिससे कर्मचारियों की दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

 

संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित बदलावों से कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा लाभ कमजोर होंगे और इसका फायदा मुख्य रूप से उद्योगों एवं नियोक्ताओं को मिलेगा। उनका कहना है कि वर्तमान ईपीएफ व्यवस्था वर्षों से कर्मचारियों के हितों की रक्षा करती आई है और इसमें किसी भी बदलाव से पहले सभी पक्षों से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। कर्मचारी संगठन जल्द ही इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा तय करने की बात भी कह रहे हैं।

Priyanshi Chaturvedi 5 July 2026

Comments

Be First To Comment....

Video
x
This website is using cookies. More info. Accept
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.