जंतर-मंतर प्रदर्शन मामला: सरकार ने कहा- छात्रों पर कार्रवाई नहीं होगी, सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस की भूमिका पर जताई सख्ती
नीट पेपर लीक के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि सरकार छात्रों से किए गए अपने वादे पर कायम है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर कानूनी प्रक्रिया के तहत उचित कदम उठाए जाएंगे। यह आश्वासन उन प्रमुख मांगों में शामिल था, जिन्हें कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 36 दिन लंबे आंदोलन के बाद सरकार ने स्वीकार किया था।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई के संसद मार्च में पुलिस की कथित कार्रवाई पर भी गंभीर टिप्पणी की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि यदि किसी पुलिस अधिकारी ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया है तो उसे बेवजह संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि छात्र आंदोलन की आड़ में किसी असामाजिक या आपराधिक तत्व को भी बचाया नहीं जाना चाहिए। अदालत अब प्रदर्शनकारियों और पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में एसआईटी गठित करने तथा हिंसा में शामिल लोगों की भूमिका की जांच पर भी विचार कर सकती है।