तिरंगे में लिपटकर अंतिम विदाई: मेजर हमजा आरिफ को सैन्य सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक
राजस्थान के जैसलमेर में सड़क हादसे में शहीद हुए मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी मेजर हमजा आरिफ को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इमली बाजार स्थित शिया दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान में सेना ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर अधिकारी को अंतिम सलामी दी। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा शहर "वंदे मातरम्", "भारत माता की जय" और "मेजर हमजा आरिफ अमर रहें" के नारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में लोगों ने रास्तेभर पुष्पवर्षा कर वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित की और नम आंखों से उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया।
जनाजे की नमाज के बाद तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को अंतिम यात्रा के लिए ले जाया गया। सैन्य सम्मान के बाद सेना के अधिकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज उनकी पत्नी ज्योति अरोरा को सौंपा। तिरंगे को सीने से लगाकर उनकी पत्नी भावुक हो उठीं। दोनों की शादी को अभी महज एक महीना ही हुआ था। मेजर हमजा आरिफ अपने पीछे बुजुर्ग पिता, तीन बहनों और पत्नी को छोड़ गए हैं। उनकी अंतिम विदाई के दौरान देशभक्ति, सम्मान और अपनों के बिछड़ने का दर्द एक साथ दिखाई दिया।