Patrakar Priyanshi Chaturvedi
मार्च 2026 में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में उत्पन्न संकट के बाद भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार मध्य प्रदेश के बीना और राजस्थान के बीकानेर में नए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) विकसित करने की तैयारी कर रही है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद देश की रणनीतिक कच्चे तेल भंडारण क्षमता मौजूदा 9.5 दिन से बढ़कर करीब 40 दिन तक पहुंच सकती है। वर्तमान में भारत के पास तीन भूमिगत रणनीतिक तेल भंडार हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मानकों के अनुसार 90 दिनों का भंडार होना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, बीना और बीकानेर के नए भंडार उत्तर भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि मौजूदा सभी रणनीतिक रिजर्व दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में स्थित हैं। फिलहाल चीन के पास लगभग 140 दिनों और जापान के पास 254 दिनों का रणनीतिक तेल भंडार है। हालांकि, बीना और बीकानेर परियोजनाओं की फिजिबिलिटी रिपोर्ट अभी तैयार हो रही है और मंजूरी मिलने के बाद इनके निर्माण में 7 से 10 वर्ष लग सकते हैं। इसके बावजूद, इन परियोजनाओं को भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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