राम मंदिर चढ़ावा चोरी नैतिक पतन की पराकाष्ठा, इलाहाबाद हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
 Ram Mandir ,height , moral degradation: Allahabad High Court

अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए इसे भारतीय समाज की ईमानदारी का सबसे निचला स्तर और नैतिक पतन की पराकाष्ठा बताया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुझाव दिया कि सरकार को 'भ्रष्टाचार निरोधक कानून-1988' में संशोधन कर ऐसे मामलों के दोषियों के लिए मृत्युदंड का प्रावधान करने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग इस घटना से विचलित या शर्मिंदा नहीं होते, उन्हें किसी भी बात से फर्क नहीं पड़ता।

'बुलडोजर न्याय' के मुद्दे पर अपने 51 पन्ने के खंडित फैसले में टिप्पणी करते हुए न्यायमूर्ति श्रीधरन ने तुरंत मकान गिराने की कार्रवाई को समाज की 'बुलडोजर न्याय' की आदत को संतुष्ट करने वाला कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि अनधिकृत निर्माण रातों-रात नहीं होते, बल्कि बेईमान अधिकारियों की मिलीभगत और रिश्वतखोरी के कारण बनते हैं। कोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि देश में भ्रष्टाचार इस कदर सामान्य मान लिया गया है कि लोग पकड़े जाने तक इसे गलत ही नहीं समझते, जो भारतीय संस्थानों को अंदर से खोखला कर रहा है।

Priyanshi Chaturvedi 22 July 2026

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