सुप्रीम कोर्ट: वोटर लिस्ट से नाम हटने से नागरिकता खत्म नहीं होती, EC और बंगाल सरकार से जवाब तलब
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वोटर लिस्ट से किसी व्यक्ति का नाम हटने भर से उसकी नागरिकता समाप्त नहीं हो जाती। पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान वोटर सूची से नाम हटाए गए लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ जारी रखने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका में मांग की गई है कि नागरिकता पर अंतिम निर्णय होने तक प्रभावित लोगों को राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित न किया जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि नागरिकता से जुड़े लाखों मामले अभी लंबित हैं और वोटर सूची से नाम हटने के कारण कई लोगों को सरकारी योजनाओं तथा प्रमाणपत्रों का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पश्चिम बंगाल में SIR की ड्राफ्ट वोटर सूची से 58.20 लाख नाम हटाए गए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल बताए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में संबंधित पक्षों के जवाब के बाद आगे सुनवाई करेगा।