Patrakar Priyanshi Chaturvedi
दिल्ली के जंतर-मंतर से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाने और प्रदर्शनकारियों को हटाए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाना तानाशाही का संकेत है। वहीं, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आंदोलनकारियों की मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन अस्पताल भेजा गया।
वांगचुक के साथ AISA के तीन छात्र-छात्राएं नेहा, आमीन और मनीष भी पिछले 21 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं, जिनमें नेहा को हाइपोग्लाइसीमिया के चलते अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी गई है। इस बीच, प्रदर्शन से जुड़े अभिजीत दीपके ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा और 20 जुलाई को संसद मार्च कर प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी।
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