बांग्लादेश ने तीस्ता परियोजना चीन को सौंपी, भारत के प्रस्ताव को किया दरकिनार
बांग्लादेश ने तीस्ता रिवर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट (TRMP) के लिए भारत के निवेश प्रस्ताव को ठुकराते हुए चीन के साथ समझौता किया है। प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी पावर चाइना को करीब 9 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी है। समझौते के तहत चीन बांग्लादेश को लगभग 7 हजार करोड़ रुपये का सॉफ्ट लोन देगा, जिसे 50 वर्षों में चुकाना होगा। इससे पहले भारत ने वर्ष 2024 में तत्कालीन शेख हसीना सरकार को करीब 9 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया था, लेकिन सरकार बदलने के बाद उस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया।
समझौते के बाद चीन के इंजीनियरों की टीम तीस्ता नदी क्षेत्र का सर्वे शुरू कर चुकी है और मानसून के दौरान नदी के प्रवाह, बांध निर्माण तथा तलछट (सिल्ट) हटाने की योजना तैयार करेगी। परियोजना का क्षेत्र भारतीय सीमा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी कॉरिडोर के बेहद करीब होने के कारण इसे भारत की सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में इस परियोजना को दोनों देशों के बीच बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।