भरत तिवारी एनकाउंटर केस: आरोपी DSP की नई पोस्टिंग पर सरकार का बचाव, मंत्री अशोक चौधरी ने दी सफाई
बिहार के भोजपुर जिले में भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में आरोपी तत्कालीन जगदीशपुर डीएसपी राजेश कुमार शर्मा को मद्य निषेध विभाग में नई पोस्टिंग दिए जाने पर सियासी विवाद तेज हो गया है। विपक्ष ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जबकि राज्य सरकार ने इसे प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताया है। इस मामले में वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अधिकारी को फील्ड ड्यूटी से हटाया गया है, क्योंकि मामले की न्यायिक जांच अभी जारी है।
अशोक चौधरी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी अधिकारी को निलंबित करना या दोषी मान लेना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी को बिना जांच पूरी हुए निलंबित किया जाता, तो वह अदालत में यह तर्क दे सकता था कि सरकार ने जांच से पहले ही उसे दोषी मान लिया। मंत्री के अनुसार, इसी कारण उन्हें मद्य निषेध विभाग में पदस्थ किया गया है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर कोई सवाल न उठे।
वहीं, तेजस्वी यादव ने इस फैसले को दिखावटी कार्रवाई बताते हुए सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। इसके जवाब में अशोक चौधरी ने विपक्ष पर राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि मामले की न्यायिक जांच जारी है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा।