Patrakar Priyanshi Chaturvedi
छतरपुर जिले के पन्ना नेशनल पार्क क्षेत्र में चल रही केन-बेतवा लिंक परियोजना के खिलाफ विस्थापितों का आंदोलन नौवें दिन भी जारी रहा। ढोड़न बांध पर आदिवासियों ने ‘मिट्टी सत्याग्रह’ करते हुए केन नदी की गीली मिट्टी अपने शरीर पर लगाई और “जल, जंगल, जमीन” के नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोग इस आंदोलन में शामिल रहे।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वे इस भूमि के मूल निवासी हैं और बिना न्यायपूर्ण पुनर्वास के उन्हें हटाया जाना स्वीकार नहीं है। कुछ बुजुर्गों ने भावुक होते हुए कहा कि अगर उन्हें उनकी जमीन से बेदखल किया गया तो वे इसी मिट्टी में समा जाना पसंद करेंगे। इसके साथ ही कई लोगों ने खुले आसमान के नीचे बिना भोजन के लेटकर ‘आकाश सत्याग्रह’ भी जारी रखा।
वहीं प्रशासन ने बीते दिनों प्रदर्शनकारियों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए तीन दिन में मुआवजा दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है। विस्थापितों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, तब तक उनका विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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