Patrakar Priyanshi Chaturvedi
कटनी जिले के रीठी क्षेत्र के ग्राम मोहास में स्थित हनुमान मंदिर को स्थानीय लोग ‘हड्डी जोड़ने वाले हनुमान’ या ‘आर्थोपेडिक हनुमान’ कहते हैं। यह मंदिर आस्था और रहस्य का एक अनोखा केंद्र है, जहां श्रद्धालु अपने टूटे हड्डियों के इलाज की आस लेकर पहुंचते हैं। कटनी शहर से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित इस मंदिर में हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं, और यहां का दृश्य किसी बड़े अस्पताल से कम नहीं लगता। श्रद्धालु मानते हैं कि हनुमानजी की कृपा से फ्रैक्चर अपने आप ठीक हो जाता है।
मंदिर में इलाज का तरीका भी अनूठा है। पंडा सरमन पटेल श्रद्धालुओं से आंखें बंद कर ‘राम नाम’ का जाप करवाते हैं और जड़ी-बूटियों से बनी विशेष औषधि चबाकर खाने की सलाह देते हैं। इसके बाद मरीज को अन्य उपचार के बिना घर भेज दिया जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि इस औषधि और हनुमानजी के आशीर्वाद से हड्डियां स्वयं जुड़ जाती हैं। शनिवार और मंगलवार को हजारों श्रद्धालु दर्शन और उपचार के लिए मंदिर पहुंचते हैं।
मंदिर की ख्याति अब देशभर में फैल चुकी है। दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों से लोग यहां आते हैं। श्रद्धालु दान पेटी में अपनी श्रद्धा अनुसार योगदान करते हैं, जबकि उपचार के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। हालांकि चिकित्सकीय विशेषज्ञ हड्डी टूटने पर डॉक्टर की सलाह लेने की सलाह देते हैं। जिला अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र ठाकुर कहते हैं कि मंदिर आस्था का केंद्र हो सकता है, लेकिन चिकित्सा उपचार आवश्यक है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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