Patrakar Priyanshi Chaturvedi
नागौर में बन रहा सरकारी मेडिकल कॉलेज अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया है। ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य बीच में रोक दिए जाने से एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल और लैब अधूरी पड़ी हैं। इसका सीधा असर यहां पढ़ रहे मेडिकल छात्रों पर पड़ रहा है। कॉलेज में दो बैच का प्रवेश हो चुका है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
करीब 325 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस कॉलेज का शिलान्यास 2022 में हुआ था और इसे 18 माह में पूरा किया जाना था। लेकिन 48 महीने बीतने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा है। कॉलेज प्राचार्य ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
निर्माण में देरी के साथ-साथ शिक्षकों की कमी भी बड़ी समस्या बनी हुई है। राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी द्वारा पर्याप्त फैकल्टी की नियुक्ति नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। अधूरी लैब के कारण द्वितीय वर्ष के छात्रों को जरूरी प्रैक्टिकल प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है और उन्हें प्रथम वर्ष की लैब में ही काम चलाना पड़ रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई और भविष्य दोनों पर असर पड़ रहा है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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