नहाय-खाय से शुरू हुआ चैत्र छठ: जानिए चार दिनों का पूरा विधान
Chaitra Chhath begins with Nahay-Khaay: Know the complete rituals of the four days

लोक आस्था का महापर्व Chhath Puja आज नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। Patna समेत पूरे बिहार में श्रद्धालु बड़ी संख्या में घाटों पर पहुंच रहे हैं। यह पर्व Surya और छठी मैया की आराधना का प्रतीक है, जिसमें व्रती अपनी संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। यह व्रत बेहद कठिन माना जाता है, क्योंकि इसमें 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखा जाता है।

चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व की शुरुआत पहले दिन ‘नहाय-खाय’ से होती है, जिसमें व्रती पवित्र स्नान कर शुद्ध भोजन ग्रहण करते हैं। दूसरे दिन ‘खरना’ मनाया जाता है, जहां पूरे दिन व्रत रखने के बाद रात में गुड़ की खीर का प्रसाद ग्रहण कर 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है। तीसरे दिन षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, जिसे इस पर्व की मुख्य पूजा माना जाता है। चौथे और अंतिम दिन सप्तमी तिथि पर उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होता है।

 

इस वर्ष तिथियां इस प्रकार हैं—22 मार्च: नहाय-खाय, 23 मार्च: खरना, 24 मार्च: संध्या अर्घ्य और 25 मार्च: प्रातः अर्घ्य व पारण। छठ पर्व प्रकृति, सूर्य उपासना और अनुशासन का प्रतीक है, जो यह संदेश देता है कि हर अंत के बाद एक नई शुरुआत होती है। प्रशासन की ओर से घाटों पर सुरक्षा, सफाई, मेडिकल और अन्य सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुचारु रूप से पूजा कर सकें।

Priyanshi Chaturvedi 22 March 2026

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