Patrakar Priyanshi Chaturvedi
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Hormuz Strait को लेकर 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया है। इन देशों में United Kingdom, France, Germany, Japan और Australia समेत कई राष्ट्र शामिल हैं। बयान में Iran की हालिया गतिविधियों—जैसे व्यापारिक जहाजों पर हमले और समुद्री मार्ग में बाधा—पर गहरी चिंता जताई गई है।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता अंतरराष्ट्रीय कानून का मूल सिद्धांत है, और ईरान के कदम वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और शांति के लिए खतरा बन सकते हैं। देशों ने ईरान से ड्रोन और मिसाइल हमले रोकने, बारूदी सुरंगें न बिछाने और व्यापारिक जहाजों का रास्ता न रोकने की मांग की है। साथ ही, United Nations Security Council के प्रस्तावों का पालन करने पर भी जोर दिया गया है।
इन देशों ने चेतावनी दी है कि वे होर्मुज से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। वहीं International Energy Agency द्वारा आपातकालीन पेट्रोलियम भंडार जारी करने के फैसले का समर्थन किया गया है। ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए तेल उत्पादन बढ़ाने और प्रभावित देशों को आर्थिक सहायता देने की भी योजना बनाई गई है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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