मध्यप्रदेश में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड स्कूटी, आत्मनिर्भर बनाने की पहल
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मध्यप्रदेश में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सक्षम संस्था के माध्यम से 125 दिव्यांगजनों को बैटरी चालित मोटराइज्ड स्कूटी प्रदान की जाएगी। इन स्कूटियों का वितरण अगले महीने Altius Infra के CSR फंड से किया जाएगा। इसी सिलसिले में स्टेट रिसोर्स सेंटर में दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकन शिविर आयोजित किया गया, जिसमें करीब 100 दिव्यांगजन शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दिव्यांगजन आयुक्तडॉ. अजय खेमारिया और संयुक्त संचालक सुचिता तिर्की ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

 

सक्षम संस्था के प्रदेश सचिव रवि कोपरगांवकर के अनुसार, इस योजना के तहत जापानी तकनीक से तैयार मोटराइज्ड व्हीकल दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे पहले भी मध्यप्रदेश में 356 दिव्यांगजनों को ऐसे व्हीकल दिए जा चुके हैं। हर व्हीकल की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये है और इनकी मदद से कई दिव्यांगजन डिलीवरी वॉय जैसे कार्य कर अपनी आजीविका कमा रहे हैं।

 

इन मोटराइज्ड स्कूटियों का डिजाइन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास द्वारा तैयार किया गया है और इन्हें नियोमोशन ने बनाया है। यह वाहन घर के अंदर व्हीलचेयर और बाहर स्कूटी के रूप में काम करता है। एक बार बैटरी चार्ज होने पर यह करीब 40 किलोमीटर तक चल सकता है, जिससे दिव्यांगजनों की आवाजाही आसान होगी और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।

Priyanshi Chaturvedi 13 March 2026

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