पश्चिम एशिया संकट पर संसद में हंगामा, जयशंकर के बयान के बीच विपक्ष का प्रदर्शन
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर संसद में जोरदार बहस और हंगामा देखने को मिला। लोकसभा में विदेश मंत्री S. Jaishankar ने क्षेत्र की मौजूदा स्थिति पर सरकार का पक्ष रखा और बताया कि भारत प्रभावित देशों के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि इस संकट का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है। हालांकि उनके बयान के दौरान विपक्षी सांसदों ने “वी वॉन्ट डिस्कशन” के नारे लगाते हुए सदन में हंगामा जारी रखा, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद के बाहर समाजवादी पार्टी के नेता Akhilesh Yadav ने भारत की विदेश नीति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भारत पर यह दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है कि वह किस देश से तेल खरीदे। अखिलेश यादव ने कहा कि यह मुद्दा देश की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़ा है, इसलिए इस पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
वहीं केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने विपक्ष की नारेबाजी की आलोचना करते हुए इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया। भाजपा अध्यक्ष J. P. Nadda ने भी कहा कि सरकार राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge ने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया की अस्थिरता का भारत पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि देश अपनी लगभग 55% ऊर्जा जरूरतें इसी क्षेत्र से पूरी करता है और वहां करीब एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। इस मुद्दे पर Rahul Gandhi समेत विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया।