Patrakar Priyanshi Chaturvedi
झारखंड में 18 दिनों से चल रहा छात्र आंदोलन सिर्फ एक राज्य का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देशभर की सरकारी भर्ती परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितता को लेकर छात्रों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि आंदोलन ने राज्य विधानसभा तक का घेराव कर डाला और भाजपा को झारखंड बंद का आह्वान करना पड़ा।
यह आंदोलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश के अन्य राज्यों में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर उठ रहे सवालों से जुड़ता है। जब लाखों युवा वर्षों तक तैयारी करने के बाद भी परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा नहीं कर पाते, तो इसका सीधा असर बेरोजगारी, सामाजिक असंतोष और सरकार के प्रति युवाओं के विश्वास पर पड़ता है। यही वजह है कि यह मुद्दा राजनीतिक दलों के लिए भी संवेदनशील बन गया है।
आगे चलकर इस आंदोलन का असर झारखंड की भर्ती नीतियों में सुधार के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी परीक्षा प्रणाली की निगरानी बढ़ाने की मांग के रूप में सामने आ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, तो यह असंतोष आगामी चुनावों में युवा मतदाताओं के रुख को भी प्रभावित कर सकता है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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