Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं में कुपोषण को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से 12 अगस्त 2026 को देश भर में 'राष्ट्रीय पोषण एवं बाल विकास सप्ताह' की शुरुआत की गई। इस विशेष अभियान के तहत देश के लाखों आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को फोर्टिफाइड पोषाहार, आवश्यक विटामिन्स और निशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को डिजिटल डिवाइस और ग्रोथ मॉनिटरिंग स्केल दिए गए हैं ताकि वे हर बच्चे के वजन और लंबाई की रियल-टाइम ट्रैकिंग 'पोषण ट्रैकर ऐप' पर दर्ज कर सकें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती 1,000 दिनों में बच्चों को संतुलित और पौष्टिक आहार मिलना उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है। योजना में स्थानीय मोटे अनाजों (श्री अन्न) के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सामाजिक संगठनों और स्थानीय निकायों के सहयोग से गांवों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जहां माताओं को स्तनपान, स्वच्छता और संतुलित आहार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य इस एकीकृत प्रयास के माध्यम से देश के ग्रामीण और पिछड़े जनजातीय क्षेत्रों में कुपोषण की दर में भारी कमी लाना है।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |