मोटापे की नई स्क्रीनिंग: अब कमर-कूल्हे की माप से होगी जांच, घर-घर जाएंगी आशा कार्यकर्ता
देश में बढ़ते मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों पर नियंत्रण के लिए सरकारी अस्पतालों में अब केवल बॉडी मास इंडेक्स (BMI) नहीं, बल्कि कमर और कूल्हे के अनुपात (Waist-Hip Ratio) की भी जांच की जाएगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सामान्य वजन वाले लोगों में भी पेट की अंदरूनी चर्बी (विसरल फैट) की समय रहते पहचान करना है, जो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बन सकती है। स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ताओं को मेजरिंग टेप और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम से लैस कर घर-घर सर्वे कराएगा तथा लोगों को स्वस्थ खान-पान और नियमित व्यायाम के प्रति जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, केवल BMI से स्वास्थ्य जोखिमों का सही आकलन नहीं हो पाता, इसलिए कमर और कूल्हे की माप को भी स्क्रीनिंग में शामिल किया जा रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के मुताबिक, मध्य प्रदेश में शहरी महिलाओं और पुरुषों का एक बड़ा वर्ग पेट के मोटापे से प्रभावित है, जबकि बच्चों और किशोरों में भी मोटापे के मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को जंक फूड, अधिक चीनी और रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से बचने, प्रोटीन व फाइबरयुक्त आहार लेने, रोज 30–45 मिनट व्यायाम करने, पर्याप्त नींद लेने और भरपूर पानी पीने की सलाह दी है।