बांकीपुर उपचुनाव में 'Gen Z' फैक्टर अहम, बीजेपी की प्रतिष्ठा और प्रशांत किशोर की साख दांव पर
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाला उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प मुकाबले में बदल गया है। भाजपा के पूर्व विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट को बचाना पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। वहीं, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने से यह मुकाबला उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और संगठन की ताकत की भी परीक्षा माना जा रहा है। इस बीच करीब 3.79 लाख मतदाताओं वाले बांकीपुर में 18 से 29 वर्ष आयु वर्ग के लगभग एक-तिहाई युवा मतदाता यानी 'Gen Z' वोटर चुनावी समीकरण तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
पटना यूनिवर्सिटी, एनआईटी पटना, बीएन कॉलेज, साइंस कॉलेज, एएन कॉलेज और चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों की मौजूदगी के कारण यह क्षेत्र छात्र राजनीति और युवा मुद्दों का केंद्र रहा है। हालिया NEET पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलनों के बाद शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता जैसे मुद्दे चुनावी बहस के केंद्र में आ गए हैं। राजनीतिक दल युवाओं को साधने की कोशिश में जुटे हैं, हालांकि जानकारों का मानना है कि छात्र आंदोलनों का असर मतदान में कितना दिखेगा, इसका फैसला अब मतदाता ही करेंगे।