युवाओं की नाराज़गी और चुनावी रणनीति के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
Dharmendra Pradhan

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन समाप्त हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने आंदोलन की अन्य प्रमुख मांगों पर भी सहमति जताई, जिसके बाद प्रदर्शन वापस ले लिया गया। बताया जा रहा है कि सरकार ने लंबे मंथन के बाद यह फैसला लिया। शुरुआती दौर में सरकार सुधारों और जांच पर जोर देती रही, लेकिन लगातार बढ़ते छात्र आंदोलन, सामाजिक प्रभाव और आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अंततः इस्तीफा स्वीकार किया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के लिए सबसे बड़ी चिंता देश के युवाओं, खासकर Gen Z की बढ़ती नाराज़गी थी। माना गया कि यह आंदोलन जाति, धर्म और क्षेत्रीय सीमाओं से ऊपर उठकर छात्रों को एकजुट कर रहा था, जिससे इसका दायरा लगातार बढ़ रहा था। भाजपा नेताओं का कहना है कि सरकार ने पहले नीट दोबारा परीक्षा कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदम उठाए, लेकिन विपक्ष द्वारा आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने और छात्रों के विरोध के लगातार तेज होने के बीच अंततः धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिया गया।

 
 
Priyanshi Chaturvedi 26 July 2026

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