धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब में सियासत तेज, AAP सरकार पर बढ़ा दबाव
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भाजपा ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में बार-बार सामने आए कथित पेपर लीक मामलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को पद छोड़ना चाहिए। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी का आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने भी शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए दावा किया कि पिछले चार वर्षों में नायब तहसीलदार भर्ती, पीटीईटी, 12वीं अंग्रेजी परीक्षा, कृषि विकास अधिकारी भर्ती, पीएसएसएसबी और फार्मेसी अधिकारी भर्ती समेत कई परीक्षाओं में कथित पेपर लीक से पांच लाख से अधिक अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। विपक्ष का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब पंजाब सरकार को भी जवाबदेही तय करनी चाहिए, जबकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यह मुद्दा राज्य की राजनीति में और गर्माने के संकेत दे रहा है।