Patrakar Priyanshi Chaturvedi
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने प्रमुखता से कवर किया है। बीबीसी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद मोदी सरकार को पीछे हटना पड़ा। रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार ने शुरुआत में छात्र आंदोलन की गंभीरता का सही आकलन नहीं किया, लेकिन संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद देशभर में बढ़े दबाव के चलते सरकार को फैसला बदलना पड़ा। वहीं, द गार्डियन ने इसे पिछले 12 वर्षों में जनता के दबाव के बाद किसी केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे का पहला मामला बताया और धर्मेंद्र प्रधान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी मंत्रियों में से एक बताया।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को द न्यूयॉर्क टाइम्स, सीएनएन, अल जज़ीरा और डॉन सहित कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने भी प्रमुख खबर के रूप में प्रकाशित किया। विभिन्न रिपोर्टों में छात्र आंदोलन, नीट पेपर लीक विवाद और सरकार की प्रतिक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। कई विश्लेषणों में इस घटनाक्रम को छात्रों के लंबे विरोध प्रदर्शन और बढ़ते सार्वजनिक दबाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा गया।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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