तीसरे दौर की वार्ता से पहले CJP सख्त, बोली- इस्तीफा नहीं तो बातचीत बेकार
केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच शनिवार को प्रस्तावित तीसरे दौर की बातचीत से पहले पार्टी ने अपना रुख और कड़ा कर दिया है। CJP ने स्पष्ट कहा है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी सबसे प्रमुख मांग है और यदि सरकार इस पर सहमत नहीं होती, तो आगे की बातचीत का कोई मतलब नहीं रहेगा। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार इस मांग पर केवल "हां" या "ना" में जवाब दे, क्योंकि इस मुद्दे पर किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
CJP ने सरकार से अन्य मांगों पर भी लिखित समझौते की मांग की है। पार्टी चाहती है कि आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन लिखित रूप में दिया जाए। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ दूसरे दौर की वार्ता के बाद सरकार ने तीसरी बैठक में अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही थी। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग नहीं मानी गई, तो आंदोलन को और तेज करते हुए देशव्यापी अभियान शुरू किया जाएगा।