गलघोंटू टीकाकरण में देरी से बढ़ी चिंता, 3.50 लाख पशु अब भी टीके से वंचित
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पशु चिकित्सा विभाग की धीमी कार्यप्रणाली के कारण जिले में दुधारू पशुओं पर मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बारिश शुरू होने से पहले लगाया जाने वाला गलघोंटू (एचएस) का टीका अब तक अधिकांश पशुओं तक नहीं पहुंच सका है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 3.85 लाख पशुओं में से केवल करीब 30 हजार को ही टीका लगाया गया है, जबकि लगभग 3.50 लाख पशु अभी भी टीकाकरण से वंचित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर टीकाकरण नहीं होने से गाय, भैंस, भेड़ और बकरियों में संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका बढ़ जाती है।

वहीं, खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) टीकाकरण में विभाग ने बेहतर प्रगति का दावा किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जिले के करीब 91 प्रतिशत यानी 3.30 लाख पशुओं को एफएमडी का टीका लगाया जा चुका है। उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं छतर सिंह डावर ने बताया कि फिलहाल विभाग का फोकस दुग्ध समृद्धि योजना पर है और जल्द ही गलघोंटू टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी क्षेत्र से बीमारी फैलने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन बचाव के लिए टीकाकरण कार्य जारी रखा जाएगा।

 
 
Priyanshi Chaturvedi 19 July 2026

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