भोजशाला विवाद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन के सामने सुरक्षा और व्यवस्था की बड़ी चुनौती
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर को लेकर एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके तहत शुक्रवार की नमाज अब परिसर के अंदर नहीं, बल्कि बाहर किसी खुली जगह पर आयोजित की जाएगी। कोर्ट के इस फैसले ने स्थानीय प्रशासन के सामने सुरक्षा और प्रबंधन की एक नई दीवार खड़ी कर दी है, क्योंकि इस ऐतिहासिक इमारत में आवाजाही के लिए केवल एक ही मुख्य प्रवेश द्वार है। एक ही रास्ते से नियमित दर्शनार्थियों की भीड़ को संभालना और साथ ही नमाज के समय कानून-व्यवस्था को बनाए रखना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगा, खासकर तब जब संवेदनशील धार्मिक अवसरों पर दोनों पक्षों की भावनाएं चरम पर होती हैं।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती आगामी बसंत पंचमी और शुक्रवार के संयोग को लेकर है, जब परंपरा के अनुसार परिसर में सूर्योदय से सूर्यास्त तक विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बाहर नमाज के इंतजाम के दौरान भोजशाला के भीतर मां वाग्देवी की पूजा में किसी भी तरह का व्यवधान नहीं आना चाहिए। इसके अलावा, एएसआई (ASI) को कोर्ट की अनुमति के बिना परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के निर्माण या संरचनात्मक बदलाव पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब पुलिस और स्थानीय अधिकारियों को बेहद सतर्कता के साथ ऐसी रणनीति तैयार करनी होगी जिससे अदालती आदेश का पालन भी हो और क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द भी पूरी तरह सुरक्षित रहे।