मतपत्र पर नाम रहा, लेकिन एक भी वोट नहीं मिला; राजनाथ सिंह के पहले चुनाव की अनोखी कहानी
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 1977 में उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से अपना पहला चुनाव लड़ा था, लेकिन गठबंधन की रणनीति के कारण यह चुनाव भारतीय राजनीति का एक अनोखा उदाहरण बन गया। जनसंघ ने बाद में यह सीट लोकदल के लिए छोड़ दी और फकीर अली अंसारी को उम्मीदवार बनाया। नामांकन वापस लेने की समय सीमा समाप्त हो जाने के कारण राजनाथ सिंह का नाम मतपत्र पर बना रहा, लेकिन उन्होंने पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए अपने समर्थकों से उन्हें वोट न देने की अपील की।

 

मतदान से पहले राजनाथ सिंह ने कहा था कि यदि उन्हें एक भी वोट मिला तो वह इसे अपना अपमान मानेंगे। उनके समर्थकों ने उनकी अपील का पूरी तरह पालन किया और मतगणना में उनके खाते में एक भी वोट दर्ज नहीं हुआ। इस घटना को भारतीय चुनावी इतिहास के सबसे अनोखे उदाहरणों में गिना जाता है, जहां मतपत्र पर नाम होने के बावजूद एक प्रमुख राजनीतिक दल के उम्मीदवार को एक भी वोट नहीं मिला।

Priyanshi Chaturvedi 10 July 2026

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