सतना में करंट से बाघ की मौत का मामला, दो माह बाद जंगल में दफन शव का खुलासा
मध्यप्रदेश के सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के सरभंगा क्षेत्र में एक बाघ की करंट लगने से मौत का मामला सामने आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए बिजली के तार की चपेट में आने से बाघ की मौत हो गई थी। आरोप है कि घटना के बाद शव को जंगल में गड्ढा खोदकर दफना दिया गया, जिससे मामला करीब दो महीने तक छिपा रहा। मुखबिर की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और अब दफनाए गए अवशेषों की तलाश के लिए खुदाई कराई जा रही है।
वन विभाग ने बताया कि सूचना मिलने के बाद डॉग स्क्वॉड और विशेष टीम के साथ सघन तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान वन विभाग के एक चौकीदार पर भी संदेह जताया गया। पूछताछ में कुछ लोगों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि करंट से बाघ की मौत होने के बाद शव को जंगल में दफनाया गया था। अधिकारियों ने संबंधित स्थान की पहचान कर खुदाई शुरू कर दी है और अवशेष मिलने के बाद उनका परीक्षण कराया जाएगा।
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि बिजली का तार किसने बिछाया, घटना में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे। दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद सरभंगा क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा और लंबे समय से लंबित टाइगर सेंचुरी की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।