सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जहां BSE Sensex 1,555 अंक टूटकर 72,977 के स्तर पर आ गया, जबकि NSE Nifty 50 भी करीब 480 अंक गिरकर 22,634 पर पहुंच गया। इसी के साथ रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.94 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। बाजार में गिरावट का असर बड़े शेयरों पर साफ दिखा, जहां टाटा स्टील, एसबीआई, बजाज फाइनेंस और अदानी पोर्ट्स जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली रही, जबकि एचसीएल टेक मामूली बढ़त के साथ एकमात्र राहत देने वाला शेयर रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस गिरावट के पीछे पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव बड़ी वजह है। अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान को दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है और वे जोखिम वाले निवेश से दूरी बना रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट Ajay Bagga के मुताबिक, निवेशक तेजी से सुरक्षित विकल्पों जैसे डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। एशियाई बाजारों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारतीय बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
वहीं, कमोडिटी बाजार में भी उथल-पुथल जारी है, जहां Brent Crude 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। सप्लाई बाधित होने की आशंका के चलते तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दिलचस्प बात यह रही कि आमतौर पर सुरक्षित माने जाने वाले सोने में भी गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक मार्जिन कॉल के चलते गोल्ड बेचकर अपने नुकसान की भरपाई कर रहे हैं। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता के चलते बाजार में दबाव बना हुआ है।