Patrakar Priyanshi Chaturvedi
जैज सिटी की शुरुआत काफी मजबूत और आकर्षक है, जहां म्यूजिक, इतिहास और जासूसी का दिलचस्प मेल देखने को मिलता है। कहानी जिमी रॉय (अरिफिन शुभो) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक नई पहचान के साथ जिंदगी शुरू करता है, लेकिन हालात उसे फिर साजिशों और राजनीतिक उथल-पुथल में खींच लाते हैं। शुरुआती एपिसोड्स दर्शकों को बांधे रखते हैं, मगर जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, इसका फोकस कमजोर पड़ने लगता है और कई ट्रैक एक साथ चलने के कारण मुख्य कथा बिखरती नजर आती है।
अभिनय के मामले में सीरीज प्रभावित करती है। अरिफिन शुभो ने अपने किरदार को आत्मविश्वास और गहराई के साथ निभाया है। सौरसेनी मैत्रा और शताफ फिगार भी अपने रोल में प्रभावी हैं, जबकि संतनु घटक सीमित स्क्रीन टाइम में ध्यान खींचते हैं। हालांकि, कई अच्छे किरदार होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त स्पेस नहीं मिलता, जिससे उनका असर अधूरा रह जाता है।
निर्देशक सौमिक सेन ने माहौल रचने में मेहनत की है। जैज क्लब, म्यूजिक और सेट डिजाइन सीरीज को एक अलग पहचान देते हैं और उस दौर को जीवंत बनाते हैं। लेकिन निर्देशन कहानी को बांधे रखने में कमजोर पड़ता है। कई सीन जरूरत से ज्यादा लंबे लगते हैं और कुछ हिस्से कहानी से मेल नहीं खाते, जिससे सीरीज का टोन अस्थिर हो जाता है। कुल मिलाकर, दमदार कॉन्सेप्ट होने के बावजूद ‘जैज सिटी’ अपनी संभावनाओं पर पूरी तरह खरी नहीं उतर पाती।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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