Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारत के कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों और एग्री-ड्रोन के बढ़ते उपयोग ने फसलों की पैदावार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक नया मोड़ दिया है। 11 अगस्त 2026 को कृषि मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश के विभिन्न राज्यों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने वाले किसानों की लागत में औसतन 15 से 20 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि उनकी फसल उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है।
दखल क्यों: परंपरागत खेती में उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक व असंतुलित प्रयोग से न केवल मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम हो रही थी, बल्कि किसानों की लागत भी लगातार बढ़ रही थी। इसके अलावा, अप्रत्याशित मौसम और जलवायु परिवर्तन के कारण फसलों को होने वाला नुकसान एक बड़ी चुनौती था। आधुनिक एग्री-टेक और ड्रोन तकनीक से कीटनाशकों का सटीक छिड़काव संभव हुआ है, जिससे पानी, समय और पैसे तीनों की बड़ी बचत हो रही है।
इस तकनीकी क्रांति का सबसे बड़ा असर यह हुआ है कि ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षित युवा अब कृषि को एक फायदे के सौदे और आधुनिक व्यवसाय के रूप में देखने लगे हैं। एग्री-स्टार्टअप्स के माध्यम से गांवों में ही रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। यदि इस व्यवस्था को और अधिक विस्तार दिया जाए तो यह भारतीय कृषि को टिकाऊ और लाभदायक बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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