Patrakar Priyanshi Chaturvedi
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से 11 अगस्त 2026 को 'राष्ट्रीय पोषण एवं बाल विकास अभियान' के नए चरण की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत देश भर के लाखों आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से फोर्टिफाइड पौष्टिक आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच और बाल देखभाल संबंधी सेवाएं प्रदान की जाएंगी। योजना में ग्रामीण और जनजातीय बहुल क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
अभियान के अंतर्गत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को आधुनिक डिजिटल डिवाइस और ट्रेनिंग दी जा रही है, जिससे वे बच्चों के वजन, ऊंचाई और स्वास्थ्य संकेतकों की रीयल-टाइम ट्रैकिंग कर सकें। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती उम्र में सही पोषण मिलने से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर मोटे अनाज (श्री अन्न) के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संगठनों ने इस अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए कम्युनिटी पार्टिसिपेशन यानी जन-भागीदारी पर बल दिया है। माताओं को पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए गांवों में स्वास्थ्य शिविरों और परामर्श सत्रों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे कुपोषण मुक्त भारत के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
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