Patrakar Priyanshi Chaturvedi
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक के फैसलों की घोषणा 11 अगस्त 2026 को की। रिजर्व बैंक के गवर्नर ने बताया कि मौजूदा वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू मुद्रास्फीति की स्थिति को ध्यान में रखते हुए मुख्य नीतिगत दर यानी रेपो रेट को अपरिवर्तित रखने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के बाद आम लोगों के लिए होम लोन, ऑटो लोन और अन्य व्यक्तिगत ऋणों की ईएमआई पर फिलहाल कोई नया बोझ नहीं बढ़ेगा।
रिजर्व बैंक ने देश की आर्थिक वृद्धि दर (GDP) के अनुमान को सकारात्मक बनाए रखा है और कहा है कि घरेलू मांग तथा बुनियादी ढांचे में निवेश से भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। हालांकि, खाद्य पदार्थों की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव और मानसून की चाल पर केंद्रीय बैंक लगातार कड़ी नजर रखे हुए है। समिति ने स्पष्ट किया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य महंगाई को निर्धारित लक्ष्य के भीतर रखते हुए विकास को गति देना है।
वित्तीय बाजार के विशेषज्ञों और उद्योग जगत ने रिजर्व बैंक के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि ब्याज दरों में स्थिरता बनाए रखने से व्यापारिक गतिविधियों और उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा मिलेगा। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे मौद्रिक नीति के फायदों को ग्राहकों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाना जारी रखें।
Patrakar Priyanshi Chaturvedi
|
All Rights Reserved © 2026 Dakhal News.
Created By:
Medha Innovation & Development |